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भूरा ने छोटू को इशारा करा की वो गेट के बहार जाकर पहरा की कही कोई इधर आ न जाए अचानक से क्युकी वो समझ गया था की अब यहाँ मौजूद मर्दो में से कोई भी नेहा को अच्छे से रगड़ के चोदे बिना नहीं रुकने वाला और ये चुदाई का खेल काफी लुम्बा चलने वाला है, ऐसे में अगर कोई अंदर की आवाज़े सुनकर गलती से इधर आ गया तो उनकी खैर नहीं, क्युकी भले hi नेहा खुद से यहाँ आई और यहाँ जो भी हो रहा कही न कही उसकी खुद की मर्ज़ी से हो रहा पर है तो वो शादी में आई एक मेहमान और यहाँ सब नौकरो को hi गलत मानेगे इसलिए फॉर थे सेफ्टी भूरा ने छोटू को बहार पहरा देने के लिए भेज दिया. हलाकि छोटू का मन तो नहीं था पर वो उन्हें मन भी नहीं कर सकता था वर्ण नेहा के साथ साथ उसकी भी गांड मर ली जाती इसलिए मन मसोस कर चुपचाप बहार चला गया. अब अंदर कमरे में 10 लोग एक नेहा और 9 मर्द जिनमे जिसका नंबर पहला था और फिलहाल नेहा जिसका लुंड मसल रही थी वो थो पहलवान जोगिन्दर.
जोगिन्दर का झटके खता नंगा लुंड नेहा की छोटी छोटी हथेलियों में बड़ा आकर्षक लग रहा था. नेहा की हथेलियों उसके लुंड की नुस नुस को छूकर उत्तेजित कर रही थी. शायद नेहा खुद भी हद से ज्यादा उत्तेजित थी क्युकी उसने आज तक जितने भी लुंड अपने अंदर लिए उनमे ये सबसे बड़ा था.
जोगिन्दर के अंदर की हवस की आग भी पूरी तरह चरम भिण्डू पर पहुंच चुकी थी और फाइनली उसके अंदर का डोमिनेटिंग मर्द बहार आ hi गया जिसे औरत पर हावी होने में hi मज़ा अत है. जोगिन्दर ने नेहा के बालो को अपनी मुट्ठी में भींच लिया और उसके चेहरे को आगे करके अपने होठो को उसके होठो पर रख दिया और जानवरो की तरह उसके होंठो को चूमने लगा.
एक पहलवान से आप फ्रेंच किश की उम्मीद तो नहीं कर सकते उसकी किश में भी उसका पहलवानी स्वाभाव साफ़ नज़र आ रहा था. नीचे उसने नेहा की एक तंग उठाकर अपनी कमर में लपेट ली जिससे नेहा की छूट की दरार पूरी तरह खुल के सामने आ गई. जोगिन्दर का झटके खता लुंड नेहा की छूट की दरार में यहाँ वह टच कर रहा था जैसे अंदर घुसने का रास्ता खोज रहा हो. सब दिल थामे जोगिन्दर के लोडे के नेहा में बुर में दाखिल होने का इंतज़ार कर रहे थे. जोगिन्दर भी ज्यादा फोरप्ले करने वाला मर्द नहीं था उसे सेक्स में मज़ा लेना नहीं अत था उसे तो केवल औरत की बुर को अपने मूसल लुंड से पेलना hi अत था फिर चाहे वो गांव की कोई देहाती औरत हो या नेहा जैसी हाई क्लास शहरी मॉडर्न बेब. उसके लिए तो चुदाई का मतलब बस इतना था की बुर में लुंड पेल कर तब तक धक्के पे धक्के मरे जाए जब तक बुर का भोसड़ा न बन जाए.
जोगिन्दर ने अपना हाथ नीचे लेजाकर अपना मोटा लुंड नेहा की छोटी सी छूट की दरार के मुहाने पर सेट करा और अपनी कमर से आगे की तरफ एक इतना ज़ोरदार धक्का मारा की एक hi धक्के में उसका मूसल पहलवानी लुंड नेहा की बुर की दीवारों को चीरता हुआ आधे से ज्यादा अंदर चला गया. एक पल को तो नेहे भी दर्द से बिलबिला उठी पर वो जोगिन्दर की बहो में इस कदर जकड़ी हुई थी की और नशे में इस कदर सराबोर थी की धीमे धीमे उसका दिरद कम हो गया. इसके बाद जोगिन्दर ने एक और झटका मारा और बचा हुआ लुंड भी नेहा की छूट के अंदर दाखिल कर दिया. नेहा की कराह निकली पर वो कराह भी जोगिन्दर के मुँह के अंदर hi घुट कर रह गई. नीचे जोगिन्दर ने धक्के पे धक्के मरना शुरू कर दिया.
कमरे के बीचो बीच नेहा जोगिन्दर का चुदाई का खेल चालू हो चूका था. और इस खेल में बस वो दो hi शामिल नहीं थे बल्कि वह मौजूद बाकि मर्द भी शामिल हो चुके थे. सभी अपने लुंड को मसलने में लगे थे. किसी ने खुलेआम अपना लुंड बहार निकल लिया था जैसे भोला और भूरा तो पंत के ऊपर से hi उसके उत्तेजना को ठंडा करने में तल्लीन था तो कोई जो थोड़ा शर्म लिहाज वाला था वो चुपके से सबसे नज़र बचा कर पंत या धोती के अंदर हाथ डालकर अपने लुंड की गर्मी को शांत कर था. पर हालत सबकी एक सामान थी सभी अपने अपने खयालो में नेहा को छोड़ने में लगे थे.
नेहा पूरी तरह जोगिन्दर की बहो में झूल रही थी और जोगिन्दर की कमर लगातार आगे पीछे होते हुए तेज़ तेज़ धक्के मार रही थी, उसका लुंड नेहा की बुर की फको में रगड़ खता हुआ तेज़ तेज़ अंदर बहार हो रहा था. और उसके होंठ नेहा को होंठो को जकड़े हुए थे. जितनी तेज़ गति से जोगिन्दर की कमर चल रही थी उतनी hi तेज़ गति से वह कई लगो के हाथ चल रहे थे अब कहा चल रहे थे ये बताने की ज़रूरत नहीं वही जहा इस वक़्त आप सबके चल रहे है. कई लोग जो नेहा की छूट में झड़ना चाहते थे खुद पर काबू करे हुए थे पर कुछ लोग जिनके लिए सामने चल रही चुदाई काफी उत्तेजनापूर्ण थी उनके लुंड बिना मज़ा लिए hi झड़ने के करीब आ गए थे उन्हीमे से एक थे रामु काका और दुसरे थे घनश्याम उन्हें पता भी नहीं चल की कब उनकी धोती और पतलून आगे से गीली हो गई, वो इस इरोटिक चुदाई को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनके अपने हाथो ने hi मसल मसल कर उनके लुंड की स्खलित होने पर मजबूर कर दिया. पर अब अपना माल निकलने के बाद उन्हें संतुष्टि तो मिल गई उनकी हवस की आग भी शांत हो गई पर अब उन्हें अफ़सोस भी हो रहा था की जो माल वो नेहा की छूट के अंदर निकल सकते वो माल उनका यही बर्बाद चला गया और अब इस अधेड़ उम्र में दुबारा लुंड से खड़ा होने की उम्मीद करना बेमानी सा है. पर अब वो कुछ नहीं कर सकते थे उनके लुंड बिना नेहा को चोदे hi सुषुप्त अवस्था में जा चुके थे.
इधर जोगिन्दर के धक्के लगातार बिना रुके जारी थे. नेहा भी जोगिन्दर के धक्को के साथ रीतुम मिलते हुए अपनी कमर हिला रही थी. जोगिन्दर के लुंड की नसे पूरी तरह फूल चुकी थी जो इस बात का संकेत था की उनके अंदर का वीर्य उसके लुंड के मुहाने तक पहुंच गया है. और अगले hi पल वो वीर्य जोगिन्दर के लुंड से निकल कर नेहा की छूट के आखिरी छेड़ से होता हुआ उसकी बच्चेदानी तक जाने लगा. नेहा और जोगिन्दर दोनों के शरीर शिथिल पद गए. जो गर्मी जो तूफ़ान उनके बदन में भरा हुआ था वो जोगिन्दर के गाड़े वीर्य के साथ साथ नेहा के अंदर समता चला गया. बाकि सब भी समझ गए थे की पहलवान ने इस लौंडिया को पूरी तरह पेल कर अपना माल उसके अंदर छोड़ दिया है और अब जल्द hi उन सबका नंबर भी आने वाला है. आज की चुदाई का ये पहला सेशन समाप्त होने के बाद जोगिन्दर ने नेहा को खुद से अलग करा और उसका लुंड भी सिकुड़ कर नेहा की छूट से बहार आ गया. पर सिकुड़ने मुरझाने के बाद भी उस पहलवान का लुंड अच्छे अच्छे मर्दो के उत्तेजित लुँडो से ज्यादा बड़ा था उस नेहा की छूट का पानी और जोगिन्दर के निकले माल का मिक्सचर लिस्ट हुआ था.
सब समझ रहे थे की शायद अब ये नेहा को हमारे लिए छोड़ कर पीछे हैट जाए पर अभी जोगिन्दर का मन पूरी तरह नहीं भरा था अभी एक चीज़ और थी जो इसे करनी थी जो वो उस दंगल वाले दिन विनीता के साथ नहीं कर पाया था जिस बात की खिसियाहट उसे अब भी थी और उसकी कसक वो आज नेहा के साथ पूरी करने वाला था. उसने नेहा को अपने सामने घुटनो के बल बिठा लिया, नेहा के सर को बालो से पकड़ कर खींचा और अपना वीर्य से सराबोर लुंड नेहा के होंठो पर रख दिया. नेहा भी कोई ऐसी लड़की तो थी नहीं जिसके लिए ये सब एकदम नया हो वो भी जोगिन्दर का इशारा समझ गई की वो क्या चाहता है. नेहा ने बड़ी ऐडा के साथ अपनी जीभ बहार निकली और जोगिन्दर के लुंड को ऊपर से नीचे तक चेतना शुरू कर दिया.
बाकि मर्दो को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था की नेहा अंदर से इतनी ठरकी है की लुंड पर लगी गंदगी चाटने में भी उसे मज़ा आ रहा है. रामु काका जो बेचारे नेहा को छोड़ने का अरमान लिए अपनी धोती में hi झाड़ गए थे उन्हें मन hi मन थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था की उस दिन किचन में इसने मेरा लुंड तो मुँह में लेने से साफ़ मन कर दिया था और यहाँ देखो कैसे इस पहलवान का लुंड चाट चाट कर साफ़ कर रही है.
नेहा ने जोगिन्दर का लुंड चाट चाट कर पूरी तरह साफ़ कर दिया था और सबको लगा की शायद अब जोगिन्दर पीछे हैट जाए पर नहीं जोगिन्दर ने नेहा के गलो को हलके से दबाया अपना लुंड नेहा के खुले होंठो के अंदर दाल दिया. नेहा को भी लगा की शायद ये पहलवान चाहता की मई इसका लुंड मुँह में लेकर चूसो. लुंड चूसने नेहा के लिए कोई नै बात तो थी नहीं इसलिए उसने भी जोगिन्दर के लुंड को चूसना शुरू कर दिया, पर उसे झटका तब लगा जब उसे अपने मुँह में कुछ गरम गरम पानी अपने हलक में नीचे उतरता हुआ महसूस हुआ. नेहा को ये समझने में ज़रा भी देर न लगी की ये क्या है, जोगिन्दर नेहा के मुँह के अंदर मूट रहा था. नेहा ने जोगिन्दर को पीछे धकेलने की कोशिश करि पर जोगिन्दर नेहा के इस तरह के रिएक्शन के लिए पहले से तैयार था उसने नेहा के सर कास कर अपने लुंड पर भींच दिया ताकि वो अपना मुँह पीछे न कर सके. नेहा जोगिन्दर को पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी पर कहा नेहा जैसी दुबली पतली लड़की और कहा जोगिन्दर जैसा हत्ता कट्टा पहलवान, इसलिए मजबूरन नेहा को उसकी पेशाब पीने को मजबूर होना पड़ा. वह मौजूद लोगो को भी यकीन नहीं हो रहा था की जोगिन्दर नेहा जैसी हाई क्लास लड़की को अपनी पेशाब पीला रहा है पर कही न कही ये उनकी हवस को और भड़का रहा था.
दूसरी तरफ जोगिन्दर दंगल वाले दिन लखन सिंह के ज़बरदस्त डाव पेंचो की वजह से विनीता को अपनी पेशाब नहीं पीला पाया था और अपने से ज्यादा उम्र के बुड्ढे आदमी से हार जाने की वजह से पुरे गांव के सामने उसकी बेज़्ज़ती भी हुई थी जिसका सारा बदला आज नेहा से ले रहा था उसे अपनी पेशाब पीला कर. कुछ देर नेहा ने भी विरोध करा पर फिर आखिरकार उसने भी हथियार दाल दिए. जोगिन्दर का बदबूदार मूट नेहा के हलक से होता हुआ नीचे जा रहा था. पता नहीं कितना पेशाब भरा था जो ख़तम होने का नाम hi नहीं ले रहा था. पर कुछ देर बाद नेहा के मुँह पेशाब आना बंद हो गया, जोगिन्दर ने भी उसके सर पर अपने हाथो की पकड़ ढीली कर दी. शायद उसका पेशाब ख़तम हो चूका था. नेहा ने गहरी सास लेते हुए हफ्ते हुए अपना चेहरा पीछे कर लिया उसके मुँह में अब भी जोगिन्दर का थोड़ा पेशाब भरा हुआ था जो उसके होंठो से बहकर बहार आ रहा था. उसे लगा की अब जो होना था हो गया पर नहीं जैसे hi उसने जोगिन्दर को देखने के लिए अपना चेहरा ऊपर करा जोगिन्दर के लुंड से पेशाब की एक तेज़ मोती धार नेहा के डायरेक्ट चेहरे पर पड़ी और उसके चेहरे को भिगोती हुई वो नीचे उसके बदन को भिगोने लगी.
नेहा को यकीन नहीं हुआ की अभी भी जोगिन्दर ने अपना पेशाब बचा कर रखा था उसे भिगोने के लिए. नेहा ने उठने की वह से हटने की कोशिश करि पर जोगिन्दर ने उसे कंधे से दबा कर उठने hi नहीं दिया और अपना लुंड हिला हिला कर अपने पेशाब की धार से नेहा के पुरे बदन को तर बतर कर दिया. नेहा जैसी हाई क्लासी मॉडर्न लड़की एक देहाती पहलवान की पेशाब से नाहा रही थी ये दृश्य अपने आप में बेहद कामुक और उत्तेजनापूर्ण था. नेहा ने अब अपने आप को पूरी तारा जोगिन्दर के हवाले कर दिया की बेवाज की माज़ीहत से कोई फायदा नहीं वो करेगा वही जो उसे करना है. जोगिन्दर ने अपने लुंड की पूरी पेशाब नेहा के बदन पर खली कर दी. नेहा जो कुछ देर पहले उस रेड ड्रेस और भड़कीले मेकअप में बड़ी हुस्नपरी सी लग रागी थी अब उस कमरे के बीचो बीच एक गवर देहाती पहलवान के पेशाब से नहीं हुई बैठी हुई थी. जोगिन्दर ने अपना पूरा मज़ा ले लिया उसे नेहा को फिलहाल जितना भोगना था जितना रगड़ना था उसने भोग और रगड़ लिया था इसलिए नेहा को छोड़ने उसे अपना मूट पिलाने और उससे नहलाने के बाद वो नेहा को वही फर्श पर बैठा छोड़कर अपने बिस्तर पर वापस चला गया और चद्दर ोड कर लेट गया जैसे एक ग्राहक किसी बाज़ारू रंडी को छोड़ने के बाद कमरे से बहार चला जाता है. मतलब काम ख़तम पैसा हज़म.
पर क्या वाकई काम ख़तम पैसा हज़म हो गया था जी नहीं ये तो तो नेहा के इस कनही के बिग्गेस्त फंतासी अपडेट की शुरुआत भर थी अभी तो सिर्फ एक मर्द ने नेहा को रगड़ा था अभी तो बाकि कई मर्द क़तर में खड़े थे और आज की रात नेहा के लिए बहुत लुम्बी होने वाली थी.