- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 84,650
अपडेट 8
कमरे में पहुंचते hi सुप्रिया ने अतुल से गुस्से में पुछा - आप मुझे यहाँ छोड़ कर चले जाने का सोच रहे हो?
अतुल - हाँ, तुम वहां जाकर क्या करोगी. यहाँ घर पर hi बेटर है. वहां कोई भी नहीं है, बोर हो जायेगी.
सुप्रिया - पर वहां आप तोह होंगे न…..
अतुल - सुप्रिया मैं तोह सुबह से रात तक काम में बिजी रहता हूँ. तुम अकेले कैसे मैनेज करोगी.
सुप्रिया - तोह आपने मुझे पहले क्यों नहीं बताया की आप मुझे वहां नहीं ले जाओगे.
सुप्रिया की आँखों से ासु बहने लगे थे. उसे लग रहा था की उसका पति उसे छोड़ कर जा रहा है और वह यहाँ कैसे रहेगी.
अतुल ने पास आ कर रहा - ाचा रो मत. सुनो मेरी बात. मैं अभी किसी के साथ शेयरिंग में रह रहा हूँ. मैं इसलिए भी तुम्हे नहीं ले जा सकता. मुझे 1-2 महीने का टाइम दो, मैं दूसरी जगह रेंट पर घर लेता हूँ और फिर तुम्हे यहाँ से ले जायूँगा.
सुप्रिया के अभी भी ासु बह रहे थे, और अतुल ने उसे हुग कर लिया.
अतुल - इस तरह से मम्मी का भी मैं रह जायेगा नयी बहु के साथ रहने का.
सुप्रिया धीरे धीरे चुप हुई और अपने ासु पोछे - ठीक है, पर सिर्फ 1-2 महीने, इससे ज्यादा नहीं. प्रॉमिस?
अतुल ने उसके माथे पर किश करते हुए बोलै - प्रॉमिस! तुमसे इससे ज्यादा मैं दूर रह भी नहीं पायूँगा. वैसे सुनो, पैकिंग छोडो, कुछ और करते है न अभी….
सुप्रिया उसका इशारा समझते हुए - नहीं, अभी नहीं. मुझे काफी सारे काम है. वैसे भी एहि आपकी सजा है मुझे यहाँ छोड़ के जाने की.
अतुल - ये तोह काफी बड़ी सजा है.
सुप्रिया के अतुल को हल्का सा पीछे धकेला - जो कर रहे हो उसी की हिसाब से hi सजा है. ाचा अब मुझे काम करने दो, आप जायो यहाँ से नहीं तोह आपके घरवाले क्या सोचेंगे.
अतुल - ाचा बाबा ठीक है, कह कर वह रूम से चला गया.
सुप्रिया उसके बाद अपने सूटकेस ओपन करके अपने कपडे निकल कर अलमारी में सेट करती गयी. उसने शादी के गिफ्ट्स वाला बैग भी निकल कर अलग रख दिया. 1-2 घंटो बाद वह गिफ्ट्स वाला भरी बैग लेकर नीचे की और चल पड़ी. उसे सीढ़ियों पर ऊपर आता हुआ ध्रुव दिखा. ध्रुव काफी यंग और हैंडसम था, शायद 19-20 साल को होगा. उसने एक स्टाइलिश सी t-shirt और जीन्स पहने हुई थी और उसके बाल थोड़े बिखरे हुए से थे पर फिर भी स्टाइलिश लग रहे थे.
सुप्रिया को भरी बैग उठाते देख ध्रुव ने बोलै - भाभी आप ये छोडो, मैं उठा लेता हूँ. कहाँ ले जाना है?
सुप्रिया - नहीं तुम रहने दो. तुम्हारे पेअर में लग गयी थी न.
ध्रुव ने अनजान बनते हुए कहा - कब? अच्छा वह… वह तोह कुछ भी नहीं था. बल्कि मुझे आपको सॉरी बोलना चाहिए. अर्पिता दीदी ने बताया की आपके पेअर पर निशाँ पद गया था.
सुप्रिया - मैं ठीक हूँ. एक्चुअली सॉरी तोह मैं हूँ, तुम्हे तोह तीन बार तेज़ की लगी थी न. इसलिए मैं तुमसे कुछ काम नहीं करवायुंगी आज. नहीं तोह तुम तोह मेरी कम्प्लेन कर डोज सबसे.
ध्रुव ने सुप्रिया के हाथ से बैग छीना और बोलै - आप मुझे जानते नहीं हो अभी. चलो ठीक है आज मुझे ये बैग उठाने दो, कभी मुझे हेल्प चाहिए होगी तोह आप हेल्प कर देना. दोने है?
सुप्रिया - पक्का, दोने है!
ध्रुव और सुप्रिया स्टैर्स से नीचे आ गए और सुप्रिया ने बैग अतुल की मम्मी को दे दिया. सुप्रिया फिर किचन में कड़ी हो कर उन्हें खाना बनाते देख रही थी और उनसे बातें कर रही थी. ध्रुव भी वहीँ पास में खड़ा बीच बीच में कमेंट मार कर सुप्रिया को चिड़ा रहा था. सुप्रिया भी काम नहीं थी और उसकी बातों का पूरा जवाब दे रही थी.
शाम को विनीत जीजू भी घर आ गए और सबकी मण्डली में शामिल हो गए. विनीत और ध्रुव मिलकर सुप्रिया की खिचाई करने की कोशिश कर रहे थे. सुप्रिया के सपोर्ट में पहले तोह चची और अर्पिता आ गयी पर फिर उन्होंने भी दाल बदल कर सुप्रिया को छेड़ना शुरू कर दिया. सुप्रिया ने अतुल की और सपोर्ट के लिए देखा पर वह तोह चुप चाप मुस्कुरा के किसी की साइड नहीं ले रहा था. बातों बातों में सुप्रिया को पता चला की ध्रुव के पापा दुबई में जॉब करते थे और चची और ध्रुव इसी घर में रहते थे. चची का कमरा नीचे था और ध्रुव का ऊपर सुप्रिया के बराबर वाला कमरा. सुप्रिया को जब पता चला तोह उसे ध्रुव की पिछले दिन वाली हसी का राज भी समझ आ गया था.
खाना खा कर आस पास के लोग घर चले गए. और सुप्रिया भी अतुल के साथ अपने कमरे में आ गयी. सुप्रिया को फिर से घबराहट होने लगी की आज रात को क्या होगा. वह शायद अभी दुबारा सेक्स के लिए तैयार नहीं थी.
सुप्रिया ने बीएड पर अपना तकिया बिलकुल कोने में किया और कम्बल में लेट गयी. अतुल भी लाइट ऑफ करके आ कर लेट गया. कम्बल में अतुल ने अपना हाथ बड़ा कर सुप्रिया का हाथ पकड़ा.
अतुल - ठण्ड हो रही है न.
सुप्रिया ने उसका हाथ पीछे करते हुआ कहा - मैंने कहा था दिन में, की आप मुझसे दूर रहेंगे.
सुप्रिया को दुसरे hi दिन अतुल के ऊपर कण्ट्रोल लेते हुए ाचा सा लग रहा था. उसने पहले कभी किसी से इतनी सख्ती से बात नहीं की थी. वह अतुल की और पीठ करके लेट गयी, और मुस्कुराने लगी. उसे लगा की अतुल उसे मानाने के लिए आएगा, पर अतुल ने चुप चाप मन मॉस कर आँखें बंद कर ली. 3-4 मिनट बाद जब सुप्रिया ने पलट कर देखा तोह अतुल सो चूका था. उसने गहरी सास ली और अपनी आँखें बंद करके सोने की कोशिश करि.
अगले दिन सुबह घर में और काम लोग थे. ध्रुव कॉलेज गया हुआ था और बाकी बचे रिश्तेदार भी जा चुके थे. अर्पिता भी अपने ससुराल चली गयी थी पर वह ज्यादा दूर नहीं रहती थी और मम्मी जी ने सुप्रिया को बताया की शाम को फिर आएगी. अतुल टीवी में मैच देख रहा था और अतुल के पापा नेवसपपेर पड़ने में बिजी थे. सुप्रिया ने अपनी भाभी को फ़ोन करके अब तक की साड़ी बातें बताई. उसने ध्रुव के बारे में भी बताया की कैसे उसे एक शरारती देवर मिला है. और फिर परेशान होते हुए अतुल के अकेले जाने की बात भी बताई. भाभी ने सुप्रिया को समझाया की 1-2 महीनो की hi बात है और वह एडजस्ट कर ले.
शाम होते hi फिर से लोगो की चहल पहल हो गयी. सब लोग अंताक्षरी का गेम खेल रहे थे. सुप्रिया को तोह जैसे साड़ी फिल्मो के सारे गाने याद थे. और उसको जाता देख सब उसकी आवाज़ से काफी इम्प्रेस हो रहे थे. ध्रुव ने सुप्रिया की आवाज़ को कॉपी करने का नाटक करते हुए बेसुरा गाना गया तोह सुप्रिया ने मज़ाक में उसे थप्पड़ दिखाया.
सुप्रिया - फिरसे मार खाना चाहते हो मुझसे.
ध्रुव - कोई नहीं आप मार लो. आपके हाथ इतने सॉफ्ट है की लगेगी भी नहीं.
उधर अर्पिता और चची डबल मीनिंग गाने गए कर सुप्रिया को चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे.
चची - सरकै लो खटिया ज्यादा लगे, जेड में बलमा प्यारा लगे.…
अर्पिता - रुक्मणि रुकमणी, शादी के बाद क्या क्या हुआ, कौन हरा, कौन जीता….
उनको देख कर ध्रुव भी शुरू हो गया - इन थे नाईट, no कण्ट्रोल, क्या करून कुछ तोह बोल...
सुप्रिया के गाल अब तक शर्म से लाल हो चुके थे, पर ध्रुव के गाना शुरू करते hi, सुप्रिया ने उसके कंधे पर हलके से मारा और उसे चुप करने का इशारा किया. इस तरह काफी देर तक सबकी मीठी नोक झोक चलती रही.
खाना खाने के बाद जब सुप्रिया रूम में पहुंची तोह अतुल अपना आखरी बैग पैक कर रहा था. सुप्रिया को याद आया की कल तोह अतुल चला जायेगा और वह फिर से थोड़ी उदास हो गयी. बीएड पर लेटने के बाद अतुल ने खुद hi सुप्रिया से पीठ मोड़ ली. सुप्रिया को लगा की उसे अतुल को ऐसे नहीं जाने देना चाहिए.
वह सरक कर अतुल के पास आ गयी और उसे पीछे से हुग कर लिया. अतुल भी हुग से थोड़ा हैरान था पर वह भी मौका नहीं खोना चाहता था. उसने पलट कर सुप्रिया की प्यारी आँखों में देखा और उसके गालो को चूमने लगा. सुप्रिया कुछ बोली नहीं और उसने अपनी आँखें बंद कर ली.
अतुल इस सब के लिए इतना बेकरार था की उससे रुका hi नहीं जा रहा था. उसने फटाफट से सुप्रिया की साड़ी को खींच कर उतार दिया और उसका पेटीकोट ऊपर करके उसकी पंतय नीचे कर दी. दो दिन पहले उसने घबराहट और अँधेरे में गौर नहीं किया था पर सुप्रिया के नीचे जैसे बाल थे hi नहीं. शायद उसने शादी से पहले वैक्स करवाया होगा वहां पर. और उसकी गुलाबी छूट बिलकुल किसी अँगरेज़ लड़की की तरह लग रही थी.
अतुल ये सब देख कर और उत्तेजित हो गया, और अपने सारे कपडे उतार दिए. सुप्रिया अपने हाथ नीचे ले आयी थी और अपने आपको ढकने की कोशिश कर रही थी. अतुल ने उसके हाथों को अपनी हाथों से पकड़ा और अपने पैरों से उसके पेअर खोलने लगा. वह सुप्रिया के ऊपर लेट गया और इस बार उसके लुंड ने छूट को आराम से खोज लिया. अतुल ने सुपिया के गले पर किश करते हुए अपना लुंड उसकी छूट में घुसा दिया.
सुप्रिया को पहली बार से काम डर लग रहा था और लुंड के अंदर जाते hi उसने अपनी कमर ऊपर उठा ली. वह हलके हलके सिकियाँ ले रही और उसने अपने हाथ छुड़ा कर अतुल की हुग कर लिया. अतुल उसको हुग करते हुए अंदर बहार झटके मार रहा था. सुप्रिया भी अपनी बॉडी को हिला रही थी. पर थोड़े hi झटको के बाद अतुल धीरे होता गया और उसने सुप्रिया के अंदर अपनी धार छोड़ दी.
सुप्रिया अभी भी उसको कसके पकड़ी हुई थी और अपनी बॉडी उसकी तरफ चला रही थी. जैसे hi उसे अंदर धार फील हुई उसको पता चल गया की अतुल का हो गया था. अतुल ने उसे किश करके हुए - ी लव यू बोलै.
सुप्रिया ने भी हलके से बोलै - में तू.
अतुल फिर हैट कर बाथरूम चला गया और सुप्रिया बीएड पर लेट गयी. वह सोचने लगी की शायद उस दिन से थोड़ा तोह ज्यादा देर हुआ था और उसे थोड़ा ाचा भी लगा था. पर वह अभी भी अधूरा फील कर रही थी. थोड़ी देर बाद दोनों गहरी नींद में सो गए.
कमरे में पहुंचते hi सुप्रिया ने अतुल से गुस्से में पुछा - आप मुझे यहाँ छोड़ कर चले जाने का सोच रहे हो?
अतुल - हाँ, तुम वहां जाकर क्या करोगी. यहाँ घर पर hi बेटर है. वहां कोई भी नहीं है, बोर हो जायेगी.
सुप्रिया - पर वहां आप तोह होंगे न…..
अतुल - सुप्रिया मैं तोह सुबह से रात तक काम में बिजी रहता हूँ. तुम अकेले कैसे मैनेज करोगी.
सुप्रिया - तोह आपने मुझे पहले क्यों नहीं बताया की आप मुझे वहां नहीं ले जाओगे.
सुप्रिया की आँखों से ासु बहने लगे थे. उसे लग रहा था की उसका पति उसे छोड़ कर जा रहा है और वह यहाँ कैसे रहेगी.
अतुल ने पास आ कर रहा - ाचा रो मत. सुनो मेरी बात. मैं अभी किसी के साथ शेयरिंग में रह रहा हूँ. मैं इसलिए भी तुम्हे नहीं ले जा सकता. मुझे 1-2 महीने का टाइम दो, मैं दूसरी जगह रेंट पर घर लेता हूँ और फिर तुम्हे यहाँ से ले जायूँगा.
सुप्रिया के अभी भी ासु बह रहे थे, और अतुल ने उसे हुग कर लिया.
अतुल - इस तरह से मम्मी का भी मैं रह जायेगा नयी बहु के साथ रहने का.
सुप्रिया धीरे धीरे चुप हुई और अपने ासु पोछे - ठीक है, पर सिर्फ 1-2 महीने, इससे ज्यादा नहीं. प्रॉमिस?
अतुल ने उसके माथे पर किश करते हुए बोलै - प्रॉमिस! तुमसे इससे ज्यादा मैं दूर रह भी नहीं पायूँगा. वैसे सुनो, पैकिंग छोडो, कुछ और करते है न अभी….
सुप्रिया उसका इशारा समझते हुए - नहीं, अभी नहीं. मुझे काफी सारे काम है. वैसे भी एहि आपकी सजा है मुझे यहाँ छोड़ के जाने की.
अतुल - ये तोह काफी बड़ी सजा है.
सुप्रिया के अतुल को हल्का सा पीछे धकेला - जो कर रहे हो उसी की हिसाब से hi सजा है. ाचा अब मुझे काम करने दो, आप जायो यहाँ से नहीं तोह आपके घरवाले क्या सोचेंगे.
अतुल - ाचा बाबा ठीक है, कह कर वह रूम से चला गया.
सुप्रिया उसके बाद अपने सूटकेस ओपन करके अपने कपडे निकल कर अलमारी में सेट करती गयी. उसने शादी के गिफ्ट्स वाला बैग भी निकल कर अलग रख दिया. 1-2 घंटो बाद वह गिफ्ट्स वाला भरी बैग लेकर नीचे की और चल पड़ी. उसे सीढ़ियों पर ऊपर आता हुआ ध्रुव दिखा. ध्रुव काफी यंग और हैंडसम था, शायद 19-20 साल को होगा. उसने एक स्टाइलिश सी t-shirt और जीन्स पहने हुई थी और उसके बाल थोड़े बिखरे हुए से थे पर फिर भी स्टाइलिश लग रहे थे.
सुप्रिया को भरी बैग उठाते देख ध्रुव ने बोलै - भाभी आप ये छोडो, मैं उठा लेता हूँ. कहाँ ले जाना है?
सुप्रिया - नहीं तुम रहने दो. तुम्हारे पेअर में लग गयी थी न.
ध्रुव ने अनजान बनते हुए कहा - कब? अच्छा वह… वह तोह कुछ भी नहीं था. बल्कि मुझे आपको सॉरी बोलना चाहिए. अर्पिता दीदी ने बताया की आपके पेअर पर निशाँ पद गया था.
सुप्रिया - मैं ठीक हूँ. एक्चुअली सॉरी तोह मैं हूँ, तुम्हे तोह तीन बार तेज़ की लगी थी न. इसलिए मैं तुमसे कुछ काम नहीं करवायुंगी आज. नहीं तोह तुम तोह मेरी कम्प्लेन कर डोज सबसे.
ध्रुव ने सुप्रिया के हाथ से बैग छीना और बोलै - आप मुझे जानते नहीं हो अभी. चलो ठीक है आज मुझे ये बैग उठाने दो, कभी मुझे हेल्प चाहिए होगी तोह आप हेल्प कर देना. दोने है?
सुप्रिया - पक्का, दोने है!
ध्रुव और सुप्रिया स्टैर्स से नीचे आ गए और सुप्रिया ने बैग अतुल की मम्मी को दे दिया. सुप्रिया फिर किचन में कड़ी हो कर उन्हें खाना बनाते देख रही थी और उनसे बातें कर रही थी. ध्रुव भी वहीँ पास में खड़ा बीच बीच में कमेंट मार कर सुप्रिया को चिड़ा रहा था. सुप्रिया भी काम नहीं थी और उसकी बातों का पूरा जवाब दे रही थी.
शाम को विनीत जीजू भी घर आ गए और सबकी मण्डली में शामिल हो गए. विनीत और ध्रुव मिलकर सुप्रिया की खिचाई करने की कोशिश कर रहे थे. सुप्रिया के सपोर्ट में पहले तोह चची और अर्पिता आ गयी पर फिर उन्होंने भी दाल बदल कर सुप्रिया को छेड़ना शुरू कर दिया. सुप्रिया ने अतुल की और सपोर्ट के लिए देखा पर वह तोह चुप चाप मुस्कुरा के किसी की साइड नहीं ले रहा था. बातों बातों में सुप्रिया को पता चला की ध्रुव के पापा दुबई में जॉब करते थे और चची और ध्रुव इसी घर में रहते थे. चची का कमरा नीचे था और ध्रुव का ऊपर सुप्रिया के बराबर वाला कमरा. सुप्रिया को जब पता चला तोह उसे ध्रुव की पिछले दिन वाली हसी का राज भी समझ आ गया था.
खाना खा कर आस पास के लोग घर चले गए. और सुप्रिया भी अतुल के साथ अपने कमरे में आ गयी. सुप्रिया को फिर से घबराहट होने लगी की आज रात को क्या होगा. वह शायद अभी दुबारा सेक्स के लिए तैयार नहीं थी.
सुप्रिया ने बीएड पर अपना तकिया बिलकुल कोने में किया और कम्बल में लेट गयी. अतुल भी लाइट ऑफ करके आ कर लेट गया. कम्बल में अतुल ने अपना हाथ बड़ा कर सुप्रिया का हाथ पकड़ा.
अतुल - ठण्ड हो रही है न.
सुप्रिया ने उसका हाथ पीछे करते हुआ कहा - मैंने कहा था दिन में, की आप मुझसे दूर रहेंगे.
सुप्रिया को दुसरे hi दिन अतुल के ऊपर कण्ट्रोल लेते हुए ाचा सा लग रहा था. उसने पहले कभी किसी से इतनी सख्ती से बात नहीं की थी. वह अतुल की और पीठ करके लेट गयी, और मुस्कुराने लगी. उसे लगा की अतुल उसे मानाने के लिए आएगा, पर अतुल ने चुप चाप मन मॉस कर आँखें बंद कर ली. 3-4 मिनट बाद जब सुप्रिया ने पलट कर देखा तोह अतुल सो चूका था. उसने गहरी सास ली और अपनी आँखें बंद करके सोने की कोशिश करि.
अगले दिन सुबह घर में और काम लोग थे. ध्रुव कॉलेज गया हुआ था और बाकी बचे रिश्तेदार भी जा चुके थे. अर्पिता भी अपने ससुराल चली गयी थी पर वह ज्यादा दूर नहीं रहती थी और मम्मी जी ने सुप्रिया को बताया की शाम को फिर आएगी. अतुल टीवी में मैच देख रहा था और अतुल के पापा नेवसपपेर पड़ने में बिजी थे. सुप्रिया ने अपनी भाभी को फ़ोन करके अब तक की साड़ी बातें बताई. उसने ध्रुव के बारे में भी बताया की कैसे उसे एक शरारती देवर मिला है. और फिर परेशान होते हुए अतुल के अकेले जाने की बात भी बताई. भाभी ने सुप्रिया को समझाया की 1-2 महीनो की hi बात है और वह एडजस्ट कर ले.
शाम होते hi फिर से लोगो की चहल पहल हो गयी. सब लोग अंताक्षरी का गेम खेल रहे थे. सुप्रिया को तोह जैसे साड़ी फिल्मो के सारे गाने याद थे. और उसको जाता देख सब उसकी आवाज़ से काफी इम्प्रेस हो रहे थे. ध्रुव ने सुप्रिया की आवाज़ को कॉपी करने का नाटक करते हुए बेसुरा गाना गया तोह सुप्रिया ने मज़ाक में उसे थप्पड़ दिखाया.
सुप्रिया - फिरसे मार खाना चाहते हो मुझसे.
ध्रुव - कोई नहीं आप मार लो. आपके हाथ इतने सॉफ्ट है की लगेगी भी नहीं.
उधर अर्पिता और चची डबल मीनिंग गाने गए कर सुप्रिया को चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे.
चची - सरकै लो खटिया ज्यादा लगे, जेड में बलमा प्यारा लगे.…
अर्पिता - रुक्मणि रुकमणी, शादी के बाद क्या क्या हुआ, कौन हरा, कौन जीता….
उनको देख कर ध्रुव भी शुरू हो गया - इन थे नाईट, no कण्ट्रोल, क्या करून कुछ तोह बोल...
सुप्रिया के गाल अब तक शर्म से लाल हो चुके थे, पर ध्रुव के गाना शुरू करते hi, सुप्रिया ने उसके कंधे पर हलके से मारा और उसे चुप करने का इशारा किया. इस तरह काफी देर तक सबकी मीठी नोक झोक चलती रही.
खाना खाने के बाद जब सुप्रिया रूम में पहुंची तोह अतुल अपना आखरी बैग पैक कर रहा था. सुप्रिया को याद आया की कल तोह अतुल चला जायेगा और वह फिर से थोड़ी उदास हो गयी. बीएड पर लेटने के बाद अतुल ने खुद hi सुप्रिया से पीठ मोड़ ली. सुप्रिया को लगा की उसे अतुल को ऐसे नहीं जाने देना चाहिए.
वह सरक कर अतुल के पास आ गयी और उसे पीछे से हुग कर लिया. अतुल भी हुग से थोड़ा हैरान था पर वह भी मौका नहीं खोना चाहता था. उसने पलट कर सुप्रिया की प्यारी आँखों में देखा और उसके गालो को चूमने लगा. सुप्रिया कुछ बोली नहीं और उसने अपनी आँखें बंद कर ली.
अतुल इस सब के लिए इतना बेकरार था की उससे रुका hi नहीं जा रहा था. उसने फटाफट से सुप्रिया की साड़ी को खींच कर उतार दिया और उसका पेटीकोट ऊपर करके उसकी पंतय नीचे कर दी. दो दिन पहले उसने घबराहट और अँधेरे में गौर नहीं किया था पर सुप्रिया के नीचे जैसे बाल थे hi नहीं. शायद उसने शादी से पहले वैक्स करवाया होगा वहां पर. और उसकी गुलाबी छूट बिलकुल किसी अँगरेज़ लड़की की तरह लग रही थी.
अतुल ये सब देख कर और उत्तेजित हो गया, और अपने सारे कपडे उतार दिए. सुप्रिया अपने हाथ नीचे ले आयी थी और अपने आपको ढकने की कोशिश कर रही थी. अतुल ने उसके हाथों को अपनी हाथों से पकड़ा और अपने पैरों से उसके पेअर खोलने लगा. वह सुप्रिया के ऊपर लेट गया और इस बार उसके लुंड ने छूट को आराम से खोज लिया. अतुल ने सुपिया के गले पर किश करते हुए अपना लुंड उसकी छूट में घुसा दिया.
सुप्रिया को पहली बार से काम डर लग रहा था और लुंड के अंदर जाते hi उसने अपनी कमर ऊपर उठा ली. वह हलके हलके सिकियाँ ले रही और उसने अपने हाथ छुड़ा कर अतुल की हुग कर लिया. अतुल उसको हुग करते हुए अंदर बहार झटके मार रहा था. सुप्रिया भी अपनी बॉडी को हिला रही थी. पर थोड़े hi झटको के बाद अतुल धीरे होता गया और उसने सुप्रिया के अंदर अपनी धार छोड़ दी.
सुप्रिया अभी भी उसको कसके पकड़ी हुई थी और अपनी बॉडी उसकी तरफ चला रही थी. जैसे hi उसे अंदर धार फील हुई उसको पता चल गया की अतुल का हो गया था. अतुल ने उसे किश करके हुए - ी लव यू बोलै.
सुप्रिया ने भी हलके से बोलै - में तू.
अतुल फिर हैट कर बाथरूम चला गया और सुप्रिया बीएड पर लेट गयी. वह सोचने लगी की शायद उस दिन से थोड़ा तोह ज्यादा देर हुआ था और उसे थोड़ा ाचा भी लगा था. पर वह अभी भी अधूरा फील कर रही थी. थोड़ी देर बाद दोनों गहरी नींद में सो गए.