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- Dec 5, 2013
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मेरा नाम असलम अख्तर ह और मेरी उम्र 20 साल ह. ये स्टोरी मेरी अम्मी क बारे में ह जिनको उनका स्टूडेंट हम बिस्तर बना लेता ह.
मेरी अम्मी का नाम फरीदा अख्तर ह एक टीचर ह, 12तह तक क बचो को इंग्लिश पद्धति ह. अब्बू मुंबई जॉब करते थे अभी ऊनि दुबई का वीजा लगा ह 2 साल का तो हम दोनों अम्मी और मई hi घर पर रहते ह. अम्मी काफी इंटेलीजेंट ह और उन्हें काम पढ़ने वले स्टूडेंट्स पसंद नहीं ह. उनसे स्कूल में सभी डरते ह उनके गुस्सैल होने की वजह से. उनके सतह क टीचर भी दूर दूर रहते ह क्योकि अम्मी बेधड़क बोल देती ह. और कुछ पढ़ाकू टाइप क स्टूडेंट्स उनको लिखे करते ह ज़्यदातर गर्ल्स. अम्मी गर्ल्स क मामले भी सुलझती ह अगर कोई लड़का किसी लड़की को छेड़ दे तो उसकी खैर नहीं, अम्मी मुर्गा बना क्र मरती ह.
अम्मी की खासियत ये ह की उन्हें ज़्यदातर डेन्ट रहना पसंद ह जैसे बाहिर जाते वक़्त बुरका पहनना और आबय हमेशा hi पहने रहना पर अम्मी जयदा पुराने ख्यालो वली भी नहीं ह जब भी उनका मन करता ह थोड़ी मॉडर्न कपडे भी पहन लेती ह. घर पर अम्मी निघ्त्य में रहना पसंद करती ह और सूट सालभर तो उनकी पसंदीदा ह. पर मॉडर्न कपड़ो में उनको अब थोड़ी झिजक होने लगी क्योकि हमारे रिस्तेदार और पडोसी बाटे बनाने लगते ह. हम से उन को जलन तो रहती hi ह क्योकि अम्मी भी पैसा कमा क्र अब्बू की हेल्प क्र रही ह. और अम्मी जहा भी जाती ह उनका कोई न कोई स्टूडेंट मिल जाता ह तो अम्मी की सभी जगह रिएक्ट होती ह. अम्मी की फिगर अचे से मेन्टेन ह उनकी फिगर को बीएस ज़रीने खान hi टक्कर दे सकती ह. उनके ब्रा का साइज 36दद ह हमारे में खातून ब्रा नहीं पहनती ह पर अम्मी को स्कूल पढ़ने जाना पड़ता ह तो अम्मी पहन लेती ह क्योकि उनके बड़े बड़े नोकदार निप्पल बुर्के में शेप बना लेते ह. जिस क डर से अम्मी ब्रा पहन क्र रहती ह. और अम्मी की पंतय का साइज 40 ह जो की बहुत बड़ी ह. जब भी अम्मी बाहिर जाती ह लोग उनकी गांड को hi घूरते रहते ह, शुरू शुरू में इस पर अम्मी गुस्सा भी हो जाती थी, मेरी खला इस पर अम्मी की तंग खेचती रहती थी, 'तू बिलकुल हीरोइन लगती ह तो लोग तो देखेंगे hi'. पर अब अम्मी को आदत हो गयी ह. और लोगो को भी पता चल गया ह की अम्मी कितनी गुस्से वली ह तो ज़्यदातर लोग उनसे नहीं उलझना चाहते.
अब एते ह मैं स्टोरी पर,
हम अपनी खला क सहर में शिफ्ट हुए जहा अम्मी की पद्धति थी क्योकि अम्मी को आने जाने में टाइम लगता था और लेट होने पर खला क घर hi रुकना पड़ता था. और मेरा खलु हमसे छोड़ा रहता था क्योकि खला ने लव मैरिज की थी जिस का अम्मी और हम सभी ने विरोध किआ था. तो अम्मी खला क घर काम जाती थी.
फिर हमने एक रूम किराये पर ले लिए जिसका रेंट काम था वो जगह मुझे अच्छी नहीं लगी थी बहा ज़्यदातर लेबर क्लास लोग रहते थे अम्मी को पहले से पैसे का गुरुर था और कभी भी लौ स्टेटस वली जगह पर कभी नहीं रही थी. पर वो घर अम्मी क स्कूल से पास था इस लिए हम बही रुक गए. बहा की ज़्यदातर पापुलेशन मुस.. थी पर उस घर की मालकिन सुनीता आंटी थी जो अपने छोटे बेटे क सतह रहती थी वो स्कूल में पढ़ता था और एक बार फ़ैल भी हो चूका था. आंटी क हस्बैंड की 2 साल पहले डेथ हो गयी थी. आंटी का बड़ा बीटा अपनी बीवी क सतह बहार रहता था और आंटी की बेटी की शादी हो चुकी थी वो कभी कभी मिलने आ जाती थी. घर में दो लोग hi रहते थे इस लिए उन्होंने ऊपर वले कमरे हमे रेंट पर दे दिए.
सुनीता आंटी की उम्र 58+ थी और उनके बूब्स बड़े और लटके हुए थे उनके ज़्यदातर हेयर्स भी सफ़ेद हो चुके थे पर जब भी आंटी बल कलर क्र लेती थी तो सुन्दर लगने लगती थी. अपने जवानी क दोनों में आंटी खूबसूरत रही होगी. पर आंटी मेरी अम्मी की खूबसूरती क सामने कुछ भी नहीं थी. आंटी पूरा दिन काम में लगी रहती थी और उनका छोटा बीटा ज़्यदातर बाहर hi खेलता रहता था दोस्तों क सतह. हर रोज वो कुछ न कुछ बवाल खड़ा क्र देता था कोई न कोई उसकी शिकायत ले क्र आ जाता था. और आंटी बस थोड़ा सा डट क्र ताल देती थी इस वजह से वो खुले आम गन्दी हरकते करता था. ज़्यदातर पेरेंट्स अपने बचो को उस से दूर रहने को बोलते थे. वो हर रोज छत पर अत और पड़ोस की लड़कियों को इशारे से बाटे करता. कुछ लड़कियों से वो फ़ोन पर बाटे भी करता था 2श्री मंजिल की छत पर छिप क्र बैठा रहता जब उसकी माँ आवाज लगाती तब hi निचे जाता या मुझे देख क्र भाग जाता था.
वो मेरी अम्मी से बहुत डरता था क्योकि अम्मी उसको डट दिए करती थी. वो छत पर आने से डरता था पर जब अम्मी स्कूल चली जाती वो छत पर hi खेलता रहता और पतंग उडाता कभी कभी स्कूल का काम करता तो भी छत पर बैठ क्र hi करता था.
एक दिन मई कॉलेज नहीं गया था और अपने कमरे में सो रहा था फिर राजू छत पर आया और मुझे लैपटॉप चलता देख मेरे कमरे में ा गया और बोलै भैया मोविदे देख रहे हो क्या मैंने मना क्र दिए और बोलै की मई काम क्र रहा हु तू जा बहार खेल. फिर राजू बहार दूसरी मंजिल की छत पर चढ़ गया थोड़ी देर बाद अम्मी स्कूल से जल्दी ा गयी. मैंने पूछा तो बोली की आज हाफ डे क्र दिए ह स्कूल में बचे काम ए थे. फिर अम्मी ने निघ्त्य उठायी और बहार बाथरूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद जब अम्मी निघ्त्य पहन क्र बहार निकली तब उनके मम्मी धीरे धीरे हिल रहे थे मई समझ गया उन्होंने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. तभी राजू छत से निचे आ रहा था उसने अम्मी को नहीं देखा था तभी अम्मी उसको डट ते बोली 'तू आज स्कूल क्यों नहीं गया' राजू हड़बड़ा गया और उसका पैर फिसल गया. अम्मी ने उसको पकड़ना चाहा तो अम्मी का भी बैलेंस बिगड़ गया और सब कुछ बहुत जल्दवाजी में हुआ, जब मई बाहिर आया तब राजू अम्मी क ऊपर पड़ा था राजू दुबला पतला ह और अम्मी से हाइट में छूटा ह ऐसा लग रहा जैसे कोई औरत अपने बेटे को ले क्र लेती हो उसके हाथ अम्मी क मम्मो पर थे और अम्मी ने उसकी कमीज पकड़ी हुई थी जो थोड़ी फैट गयी थी. मुझे ताज्जुब हुआ की अम्मी में इतनी ताकत ह राजू की शर्ट hi फाड् दी. राजू का फेस अम्मी क दोनों मम्मो क बिच में था और अम्मी ने जैसे hi अपना फेस ऊपर किआ उसको देखने को राजू ने अम्मी क ऊपर लेते लेते धीरे से एक झटका दिए जिस से अम्मी क बड़े बड़े बूब्स धीरे से हिले और राजू ने अपना मुँह अम्मी क बूब्स के बिच से हटा क्र उनके राइट बूब्स पर रख दिए. फिर उसने अम्मी को देखा की अम्मी उसको गुस्से से घूरे जा रही थी इस लिए उसने अपना मुँह बंद hi रखा और वो उठा और निचे भाग गया, मई सोचने लगा अगर अम्मी इसको गुस्सा नहीं करती तो आज राजू उनके बूब्स को निघ्त्य क ऊपर से hi अपने मुँह में भर लेता. अम्मी की निघ्त्य उनकी टैंगो क बिच में धस गयी थी मई समझ गया राजू क लुंड ने खड़ा होने क बाद अम्मी की छूट में घुसने की कोसिस की होगी. अम्मी उठी और बोली की बड़ा hi पागल लड़का ह मेरे स्कूल में होता तो इसको एक दिन में सुधर देती. अम्मी ने अपनी निघ्त्य उनकी झंगो क बिच से निकली और फिर बाथरूम में चली गयी. मई ये सब देख क्र हैरान था की ये क्या हुआ. उस रात मैंने 2 बार मुठ मरी और राजू ने काम से काम 3 बार मुठ मरी होगी. बहन के लोडे को फरीदा अम्मी के बूब्स पर हाथ रखने का मौका मिल गया मुझे ये सोच सोच क्र गुस्सा आ रहा था. दो कोड़ी क लड़के ने जिसकी कोई औकात नहीं ह अम्मी क ऊपर लेट क्र एक धक्का भी लगा दिए साला थोड़ी देर और रुक जाता तो अम्मी उसके गाल लाल क्र देती. ये सोच सोच क्र मुझे रत भर नींद नहीं आयी.
मेरी अम्मी का नाम फरीदा अख्तर ह एक टीचर ह, 12तह तक क बचो को इंग्लिश पद्धति ह. अब्बू मुंबई जॉब करते थे अभी ऊनि दुबई का वीजा लगा ह 2 साल का तो हम दोनों अम्मी और मई hi घर पर रहते ह. अम्मी काफी इंटेलीजेंट ह और उन्हें काम पढ़ने वले स्टूडेंट्स पसंद नहीं ह. उनसे स्कूल में सभी डरते ह उनके गुस्सैल होने की वजह से. उनके सतह क टीचर भी दूर दूर रहते ह क्योकि अम्मी बेधड़क बोल देती ह. और कुछ पढ़ाकू टाइप क स्टूडेंट्स उनको लिखे करते ह ज़्यदातर गर्ल्स. अम्मी गर्ल्स क मामले भी सुलझती ह अगर कोई लड़का किसी लड़की को छेड़ दे तो उसकी खैर नहीं, अम्मी मुर्गा बना क्र मरती ह.
अम्मी की खासियत ये ह की उन्हें ज़्यदातर डेन्ट रहना पसंद ह जैसे बाहिर जाते वक़्त बुरका पहनना और आबय हमेशा hi पहने रहना पर अम्मी जयदा पुराने ख्यालो वली भी नहीं ह जब भी उनका मन करता ह थोड़ी मॉडर्न कपडे भी पहन लेती ह. घर पर अम्मी निघ्त्य में रहना पसंद करती ह और सूट सालभर तो उनकी पसंदीदा ह. पर मॉडर्न कपड़ो में उनको अब थोड़ी झिजक होने लगी क्योकि हमारे रिस्तेदार और पडोसी बाटे बनाने लगते ह. हम से उन को जलन तो रहती hi ह क्योकि अम्मी भी पैसा कमा क्र अब्बू की हेल्प क्र रही ह. और अम्मी जहा भी जाती ह उनका कोई न कोई स्टूडेंट मिल जाता ह तो अम्मी की सभी जगह रिएक्ट होती ह. अम्मी की फिगर अचे से मेन्टेन ह उनकी फिगर को बीएस ज़रीने खान hi टक्कर दे सकती ह. उनके ब्रा का साइज 36दद ह हमारे में खातून ब्रा नहीं पहनती ह पर अम्मी को स्कूल पढ़ने जाना पड़ता ह तो अम्मी पहन लेती ह क्योकि उनके बड़े बड़े नोकदार निप्पल बुर्के में शेप बना लेते ह. जिस क डर से अम्मी ब्रा पहन क्र रहती ह. और अम्मी की पंतय का साइज 40 ह जो की बहुत बड़ी ह. जब भी अम्मी बाहिर जाती ह लोग उनकी गांड को hi घूरते रहते ह, शुरू शुरू में इस पर अम्मी गुस्सा भी हो जाती थी, मेरी खला इस पर अम्मी की तंग खेचती रहती थी, 'तू बिलकुल हीरोइन लगती ह तो लोग तो देखेंगे hi'. पर अब अम्मी को आदत हो गयी ह. और लोगो को भी पता चल गया ह की अम्मी कितनी गुस्से वली ह तो ज़्यदातर लोग उनसे नहीं उलझना चाहते.
अब एते ह मैं स्टोरी पर,
हम अपनी खला क सहर में शिफ्ट हुए जहा अम्मी की पद्धति थी क्योकि अम्मी को आने जाने में टाइम लगता था और लेट होने पर खला क घर hi रुकना पड़ता था. और मेरा खलु हमसे छोड़ा रहता था क्योकि खला ने लव मैरिज की थी जिस का अम्मी और हम सभी ने विरोध किआ था. तो अम्मी खला क घर काम जाती थी.
फिर हमने एक रूम किराये पर ले लिए जिसका रेंट काम था वो जगह मुझे अच्छी नहीं लगी थी बहा ज़्यदातर लेबर क्लास लोग रहते थे अम्मी को पहले से पैसे का गुरुर था और कभी भी लौ स्टेटस वली जगह पर कभी नहीं रही थी. पर वो घर अम्मी क स्कूल से पास था इस लिए हम बही रुक गए. बहा की ज़्यदातर पापुलेशन मुस.. थी पर उस घर की मालकिन सुनीता आंटी थी जो अपने छोटे बेटे क सतह रहती थी वो स्कूल में पढ़ता था और एक बार फ़ैल भी हो चूका था. आंटी क हस्बैंड की 2 साल पहले डेथ हो गयी थी. आंटी का बड़ा बीटा अपनी बीवी क सतह बहार रहता था और आंटी की बेटी की शादी हो चुकी थी वो कभी कभी मिलने आ जाती थी. घर में दो लोग hi रहते थे इस लिए उन्होंने ऊपर वले कमरे हमे रेंट पर दे दिए.
सुनीता आंटी की उम्र 58+ थी और उनके बूब्स बड़े और लटके हुए थे उनके ज़्यदातर हेयर्स भी सफ़ेद हो चुके थे पर जब भी आंटी बल कलर क्र लेती थी तो सुन्दर लगने लगती थी. अपने जवानी क दोनों में आंटी खूबसूरत रही होगी. पर आंटी मेरी अम्मी की खूबसूरती क सामने कुछ भी नहीं थी. आंटी पूरा दिन काम में लगी रहती थी और उनका छोटा बीटा ज़्यदातर बाहर hi खेलता रहता था दोस्तों क सतह. हर रोज वो कुछ न कुछ बवाल खड़ा क्र देता था कोई न कोई उसकी शिकायत ले क्र आ जाता था. और आंटी बस थोड़ा सा डट क्र ताल देती थी इस वजह से वो खुले आम गन्दी हरकते करता था. ज़्यदातर पेरेंट्स अपने बचो को उस से दूर रहने को बोलते थे. वो हर रोज छत पर अत और पड़ोस की लड़कियों को इशारे से बाटे करता. कुछ लड़कियों से वो फ़ोन पर बाटे भी करता था 2श्री मंजिल की छत पर छिप क्र बैठा रहता जब उसकी माँ आवाज लगाती तब hi निचे जाता या मुझे देख क्र भाग जाता था.
वो मेरी अम्मी से बहुत डरता था क्योकि अम्मी उसको डट दिए करती थी. वो छत पर आने से डरता था पर जब अम्मी स्कूल चली जाती वो छत पर hi खेलता रहता और पतंग उडाता कभी कभी स्कूल का काम करता तो भी छत पर बैठ क्र hi करता था.
एक दिन मई कॉलेज नहीं गया था और अपने कमरे में सो रहा था फिर राजू छत पर आया और मुझे लैपटॉप चलता देख मेरे कमरे में ा गया और बोलै भैया मोविदे देख रहे हो क्या मैंने मना क्र दिए और बोलै की मई काम क्र रहा हु तू जा बहार खेल. फिर राजू बहार दूसरी मंजिल की छत पर चढ़ गया थोड़ी देर बाद अम्मी स्कूल से जल्दी ा गयी. मैंने पूछा तो बोली की आज हाफ डे क्र दिए ह स्कूल में बचे काम ए थे. फिर अम्मी ने निघ्त्य उठायी और बहार बाथरूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद जब अम्मी निघ्त्य पहन क्र बहार निकली तब उनके मम्मी धीरे धीरे हिल रहे थे मई समझ गया उन्होंने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. तभी राजू छत से निचे आ रहा था उसने अम्मी को नहीं देखा था तभी अम्मी उसको डट ते बोली 'तू आज स्कूल क्यों नहीं गया' राजू हड़बड़ा गया और उसका पैर फिसल गया. अम्मी ने उसको पकड़ना चाहा तो अम्मी का भी बैलेंस बिगड़ गया और सब कुछ बहुत जल्दवाजी में हुआ, जब मई बाहिर आया तब राजू अम्मी क ऊपर पड़ा था राजू दुबला पतला ह और अम्मी से हाइट में छूटा ह ऐसा लग रहा जैसे कोई औरत अपने बेटे को ले क्र लेती हो उसके हाथ अम्मी क मम्मो पर थे और अम्मी ने उसकी कमीज पकड़ी हुई थी जो थोड़ी फैट गयी थी. मुझे ताज्जुब हुआ की अम्मी में इतनी ताकत ह राजू की शर्ट hi फाड् दी. राजू का फेस अम्मी क दोनों मम्मो क बिच में था और अम्मी ने जैसे hi अपना फेस ऊपर किआ उसको देखने को राजू ने अम्मी क ऊपर लेते लेते धीरे से एक झटका दिए जिस से अम्मी क बड़े बड़े बूब्स धीरे से हिले और राजू ने अपना मुँह अम्मी क बूब्स के बिच से हटा क्र उनके राइट बूब्स पर रख दिए. फिर उसने अम्मी को देखा की अम्मी उसको गुस्से से घूरे जा रही थी इस लिए उसने अपना मुँह बंद hi रखा और वो उठा और निचे भाग गया, मई सोचने लगा अगर अम्मी इसको गुस्सा नहीं करती तो आज राजू उनके बूब्स को निघ्त्य क ऊपर से hi अपने मुँह में भर लेता. अम्मी की निघ्त्य उनकी टैंगो क बिच में धस गयी थी मई समझ गया राजू क लुंड ने खड़ा होने क बाद अम्मी की छूट में घुसने की कोसिस की होगी. अम्मी उठी और बोली की बड़ा hi पागल लड़का ह मेरे स्कूल में होता तो इसको एक दिन में सुधर देती. अम्मी ने अपनी निघ्त्य उनकी झंगो क बिच से निकली और फिर बाथरूम में चली गयी. मई ये सब देख क्र हैरान था की ये क्या हुआ. उस रात मैंने 2 बार मुठ मरी और राजू ने काम से काम 3 बार मुठ मरी होगी. बहन के लोडे को फरीदा अम्मी के बूब्स पर हाथ रखने का मौका मिल गया मुझे ये सोच सोच क्र गुस्सा आ रहा था. दो कोड़ी क लड़के ने जिसकी कोई औकात नहीं ह अम्मी क ऊपर लेट क्र एक धक्का भी लगा दिए साला थोड़ी देर और रुक जाता तो अम्मी उसके गाल लाल क्र देती. ये सोच सोच क्र मुझे रत भर नींद नहीं आयी.