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- Dec 5, 2013
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अगले दिन मई उठ क्र देखता हु की अम्मी 4 स्टूडेंट्स को टूशन पढ़ा रही थी. मैंने अम्मी से पूछा रीना और नूर आंटी क बचे ेट न जल्दी टूशन पढ़ने कैसे आ गए. अम्मी बोली
अम्मी- शबाना इन पर ध्यान नहीं दे रही थी
असलम- अम्मी आप धीरे धीरे फेमस हो रही हो
अम्मी- ये तो ट्रेलर ह फिल्म तो एनुअल एग्जाम में दिखाउंगी
असलम- राजू पढ़ने नहीं आया
अम्मी- राजू की स्पेशल क्लास इवनिंग में लेती रहूंगी
मुझे अम्मी और गुस्सा ा रहा था क्योकि अब मेरी परेशानी बढ़ने वली ह. अम्मी सुबह शाम क्लास लेंगी घर पर शोर होता रहेगा. फिर मई त्यार हो क्र कॉलेज क लिए निकल जाता हु.
लंच में अम्मी राजू को मैसेज क्र क बुलाती ह उस क बाद कोई चाट नहीं थी. शाम को घर पर अम्मी और राजू बीएड पर बैठे हुवे पढ़ रहा था और अम्मी अपने फ़ोन में राजू को कुछ दिखते हुए कहती ह
अम्मी- किसी लग रही हु
राजू- आप तो हमेशा hi ज़हर लगती हो
अम्मी मुस्कुराते हुए उस क सर पे धीरे से मरती ह कहती ह
अम्मी- बेशर्म कहि का
तभी राजू का फ़ोन रिंग करता ह उसमे किसी का मैसेज आया हुवा था. अम्मी उसका फ़ोन तेजी से उठा लेती ह और बोल क्र मैसेज पढ़ने लगती ह
अम्मी- ये कोण मैसेज क्र रही ह 'फ्री हो क्र कॉल करना'
राजू- मैडम मेरा फ़ोन बापूस दो
अम्मी- तू प्रिय को अनब्लॉक क्यों किआ
राजू- उसने स्कूल में करवा दिए था
तभी फिर से रिंग होता ह और अम्मी फिर से पढ़ने लगती ह
अम्मी- देखो और मैसेज ा गया 'फरीदा को मत बताना'
अम्मी हैरान रह जाती ह की उनकी स्टूडेंट जो स्कूल में इतना रेस्पेक्ट करती ह और यह बीएस फरीदा कह रही ह.
अम्मी- इस हरामज़ादी को कल मर लगूंगी मेरा नाम ले क्र बात क्र रही ह
राजू- मम आपुस में सभी स्टूडेंट ऐसे करते ह शबनम मैडम को भी ऐसे hi बोलते ह
अम्मी- मुझे कुछ नहीं सुन न प्रिय शबनम की जासूस ह तुम्हे डिस्ट्रक्ट कना चाहती ह
राजू- मई आप क अलाबा किसी से बाटे नहीं करता
अम्मी- है दिख रहा ह
फिर राजू थोड़ी देर तक अम्मी को मनाता रहता ह अम्मी प्रिय को कुछ नहीं कहने की बात कहती ह पर अम्मी अभी भी नाराज़ थी क्योकि राजू उनकी ेट नई म्हणत क बावजूद भी एक सब्जेक्ट में hi अच्छा क्र प् रहा था बाकि में फ़ैल होने की कगार पर था. अम्मी उस से दूसरे सब्जेक्ट क क्वेश्चन पूछती ह पर राजू कुछ नहीं हटा पता. फिर अम्मी उसको एक chapter रेविसे करने को देती ह और कहती ह अगर ठीक से करोगे तब तुम जो कहोगे वो मिलेगा.
राजू अम्मी की बात सुन क्र खुस हो जाता ह खुसी खुसी बुक उठा क्र बोलता ह
राजू- सरप्राइज क लिए त्यार रहना मेरी खूबसूरत मैडम
अम्मी- दूसरी शर्त अगर फ़ैल हुए तो 2 घंटे तक मुर्गा बनाउंगी
फिर राजू घर चला जाता ह और अम्मी भी अपने काम में लग जाती ह.
अगली शाम राजू खुस था और अम्मी उस का टेस्ट लेती ह जिसमे राजू सभी क़ुएस्तिओन्स क्र देता ह. अम्मी हैरान थी राजू मर खा क्र भी ेट न नहीं सीख प् रहा जितना उस ने एक दिन में किआ. अम्मी उस से कहती ह
अम्मी- वह राजू आज तुमने कमल क्र दिए
राजू- आधी रत तक जगा हु अब आपको मेरी विश पूरी करनी होगी
अम्मी- क्या चाहिए तुम्हे
राजू पहले इधर उधर देखता ह की कोई अस पास तो नहीं ह फिर कहता ह
राजू- साडी पहन क्र दिखाना होगा
अम्मी क चेहरे की हवाइयां उड़ जाती ह और कहती ह
अम्मी- तुम पागल हो क्या मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात ह और वैसे भी मेरे पास कोई साड़ी नहीं ह
राजू- मई दिलाऊंगा आप पसंद करना
अम्मी- नहीं कुछ और मानगो मुझे नहीं करना
राजू- मैडम आप चीटिंग क्र रही हो
अम्मी- तुम डिमांड hi ऐसी क्र रहे हो हमे साड़ी पहना अल्लोवेद नहीं ह
राजू- जी नहीं मैंने म***** एक्ट्रेसेस को पहनते देखा ह
अम्मी- एक्ट्रेसेस का प्रोफेशन ह फैशनेबुल रहना उनको नहीं रोक सकता, कुछ और सोचो बीटा
राजू- नहीं मई बीएस आपको साड़ी ब्लाउज में देखना चाहता हु अपने लाइफ में कभी नहीं पहनी क्या
अम्मी दबी हुवी आवाज में जवाब देती ह
अम्मी- एक बार पहनी थी कॉलेज फेस्ट में
राजू- लड़के पागल हो गए होंगे
अम्मी- गर्ल्स कॉलेज था स्टुपिड तभी अल्लोवेद की थी अम्मी जान ने अब्बू से छिपा क्र
राजू अम्मी को देख रहा था और कुछ बोल नहीं रहा था फिर अम्मी कहती ह
अम्मी- खा खो गया बेशर्म
राजू- मई आपको साड़ी के इमेजिन क्र रहा था कितनी खूबसूरत लग रही थी आप दिल क्र रहा था आपको अपनी गॉड में........
राजू ेट न कहता ह अम्मी अपने हाथ में बुक लिए थी अम्मी बिना देरी किए उसको बुक से मरती ह और राजू पीछे झुक जाता ह और हसने लगता ह तभी अम्मी डट को दबाते हुवे बोलती ह
अम्मी- दिन व् दिन शैतान होते जा रहा ह बेशर्म
राजू- फरीदा तुम मेरी सबसे ब्यूटीफुल गर्लफ्रेंड हो
अम्मी- चुप क्र हरामज़ादे किसी ने सुन लिए तो न जाने क्या समझेगा
राजू- समझने दो मई डंके की चोट पर कहता हु तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो
अम्मी उसको अपनी फिंगर से चुप रहने का इशारा करती ह और इधर उधर देखने लगती ह. फिर बोलती ह
अम्मी- तुझे बहुत मर लगाउंगी आगे से ऐसा किआ तो
राजू- आप नाराज़ होती हुई हूर से भी खूबसूरत लगती हो
अम्मी- हूरो क पास hi भेज दूंगी बेशर्म
फिर अम्मी बुक खोल क्र राजू को दूसरा chapter करने क लिए देती ह और बोलती ह
अम्मी- कोई और विश सोच लेना और कल ये chapter पढ़ क्र आना
राजू- आपको क्या प्रॉब्लम ह साड़ी पहन ने में
अम्मी- मई नहीं चाहती तुम्हारी पैसे खर्च हो बीएस
राजू- रीना आंटी और आपका साइज आप जैसा hi ह उन से ले क्र अत हु
अम्मी- मई दुसरो क कपडे नहीं पहनती
राजू- आप कल मेरे सतह मॉल चलोगी बीएस
अम्मी- नहीं पहले पढाई करो बाद में बात करते ह
अम्मी राजू को धमका क्र चुप करा देती ह और टूशन पढ़ने लगती ह. मई भी एक्ससिटेड हो रहा था की क्या अम्मी राजू की डिमांड पूरी करती ह. अम्मी घर पर मॉडर्न निघ्त्य और सालभर कमीज पहन लेती ह पर बहार जाते वक़्त हमेशा बदन को पूरा ढकने वले लिबास पहन क्र रखती ह यह तक की कभी अपने हेयर्स को भी खुला नहीं रखती ह. देखने वली बात ये ह की क्या कल अम्मी साड़ी खरीद क्र अति ह. क्या अम्मी राजू की विश पूरी करेंगी.
फिर रत को राजू रत को मैसेज करता ह
राजू- मैडम ये chapter बहुत हार्ड ह प्रॉब्लम हो रही ह
अम्मी- मतलब मई जीत जाउंगी बहुत मजा आएगा तुम्हे मर लगाने में
राजू- कितनी खड़ूस हो आप
अम्मी- ः पिछले स्कूल में स्टूडेंट मुझे हंटर वली मम बुलाते थे
राजू- वो सभी स्टूडेंट थे और मई तुम्हारा बॉयफ्रेंड हु
अम्मी- लगता ह फिर से मर खाओगे
राजू- नहीं आपके होठो की लिपस्टिक
अम्मी- हरामज़ादे तेरे घर में आ क्र मरूंगी
राजू- आ जाओ न दिल क्र रहा ह
अम्मी- क्या दिल क्र रहा ह
राजू- आपको गॉड में बैठा क्र आपको 1 ऑवर तक किश करने का
अम्मी- चुप बेशर्म
राजू- आपके बर्थडे क दिन आप बहुत हॉट लग रही थी दिल क्र रहा था आप को ऊपर से निचे तक रगड़ दू
अम्मी कोई रिप्लाई नहीं देती. मई उनको देखता हु तब अम्मी अपना फ़ोन लिए खड़ी थी और अपने बूब्स पर हाथ रखे थी.
राजू फिर से मश्ग करता ह
राजू- क्या हुआ फरीदा बताओ न उस दिन तुम क्यों भाग गयी थी
अम्मी- उस दिन मुझे बहुत गुस्सा ा गया था तुम्हारी गन्दी हरकत पर
राजू- मई कण्ट्रोल नहीं क्र पाया था तुम बहुत सेक्सी लग रही थी
अम्मी- आज तक किसी की मुझ से ुचि आवाज में बात करने की हिम्मत भी नहीं हुवी और तुमने मुझे बहा हाथ लगा दिए
राजू- खा हाथ लगाया था बताओ न
अम्मी- भोले मत बनो
राजू- यर गलती से हो गया था
अम्मी- तू बेशर्म ह
राजू- नाराज़गी दूर करने का क्या लोगी
अम्मी- तेरी जान
राजू- मेरी जान तो आप hi हो
अम्मी- बाटे बनाने में हीरो और पढाई में जीरो कुत्ता कहि का
राजू- यर कितनी क्यूट लगती हो गुस्से में भी आपसे बाटे क्र के मजा अत ह
अम्मी- पूछो क्या पूछ रहे थे
राजू- आपका साइज कितना ह
अम्मी- chapter क बारे में हरामज़ादे
राजू- chapter कल करेंगे आप मेरी बात का जबाब दो न
अम्मी- मई निचे आ रही हु तेरी माँ को तेरी करतूत दिखानी पड़ेगी
राजू- सॉरी मैडम मई कुछ और समझ रहा था
अम्मी फिर कोई रिप्लाई नहीं करती. मई बहार जा क्र देखता हु अम्मी अपना गेट बंद क्र रही थी, मई सोचता हु की आज राजू की खेर नहीं साला बहुत मर कहने वला ह फिर अम्मी मुझ से बोली
अम्मी- असलम मई अभी अति हु राजू की हेल्प क्र क
असलम- जी अम्मी
मई अम्मी की बाटे सुन क्र हैरान था की राजू को मरने जाने वली थी फिर मुझ से झूट क्यों बोल रही ह. मई उनके पीछे जा क्र सदियों से छिप क्र देखने लगता हु.
राजू की माँ सुनीता गेट खोलती ह और अम्मी से कहती ह
सुनीता- क्या हुवा फरीदा ेट नई रात को यह
अम्मी- तुम्हारा बीटा ेट नई रत को कॉल क्र रहा ह की क्वेश्चन समझ नहीं आ रहे ह
सुनीता हसने लगती ह. ऐसा सुन क्र राजू के चेहरे का खौफ काम हो गया फिर राजू को डट ते हुवे बोलती ह
सुनीता- रत को तो चैन से सोने दे बेचारी को
अम्मी- इसरत से जयदा मार्क्स नहीं ए तब मजा चखाउंगी तुम्हारे सेहज़ादे को
सुनीता- तुमने न जाने क्या जादू किआ ह कल भी आधी रात तक पढता रहा
अम्मी ऐसा सुन क्र खिल खिला उठ टी ह और राजू क पास जा क्र उस की कमर पर हाथ रखती ह और थप थापती ह. राजू की अम्मी को देख क्र फटी हुवी थी. हर रत को अम्मी से मिलने को बोलता था आज अम्मी ा गयी तो सहमा बैठा ह. राजू सोच रहा था की अम्मी उसकी बात से नाराज़ हो क्र उसको मरने आयी ह और राजू सहमा हुआ था क्योकि उसकी माँ वही पर थी इस लिए राजू कुछ बोल भी नहीं रहा था. फिर अम्मी उस क हाथ से बुक लेती ह उसको समझने लगती ह. फिर सुनीता आंटी चाय बना लेने लगती ह और मुझे आवाज दे क्र बुलाती ह मई ऊपर जा क्र उनका जबाब देता हु ताकि उन्हें लगे की मई ऊपर हु. फिर हम चाय पिटे हुवे बाटे करने लगते ह. राजू और अम्मी एक दूसरे को देख क्र मुस्कुरा रहे थे. दोनों हम से नजरे बचा क्र इशारे क्र रहे थे थोड़ी देर बाद अम्मी अपना कप निचे रखती ह और राजू भी अपना कप निचे रख देता ह और अम्मी का कप उठा लेता ह. अम्मी चारो तरफ देखने लगती ह की उन्हें किसी ने नोटिस तो नहीं किआ. फिर अम्मी राजू को आंखे दिखने लगती ह और इशारे से नाराजगी जाहिर करते हुवे कप बापूस करने को बोल रही थी. और राजू अम्मी की आँखों में देखते हुवे उनके कप से अछि पिने लगता ह और सतह hi अम्मी को दिखा क्र कप पर किश क्र रहा था. अम्मी बहुत गुस्सा हो रही थी और जैसे hi मई और सुनीता आंटी उन्हें देखते अम्मी ऐसे जाहिर करती की जैसे कुछ नहीं हुआ.
तभी सुनीता आंटी अम्मी से कहती ह
सुनीता- फरीदा क्या हुआ चाय अछि नहीं ह क्या
फरीदा- अप्पा काबिल इ तारीफ ह आपकी चाय
सुनीता- फिर पि लो न कप क्यों रख दिए
फिर अम्मी कप उठा क्र चाय पिने लगती ह और राजू को गुस्से से देखती ह. राजू हसने लगता ह और उस क सतह hi अम्मी भी मुस्कुराने लगती ह अम्मी अपनी हसी रोक रही थी. फिर जैसे hi हम ऊपर आने वले होते ह अम्मी सभी से नजरे बचा क्र राजू को अपने पैर से मरती ह. राजू बीएड पर बेथ क्र अपना पैर सहलाने लगता ह पर उसके चेहरे पर खुसी बरकरार थी. रात को सोते वक़्त मई सोच रहा था की राजू ने मेरी अम्मी से कप एक्सचेंज क्र क जो हरकत की ह उसका राजू को सबक मिलना चाहिए. और मेरी घमंडी अम्मी इस बात का बदला राजू से ले क्र रहेगी.
फिर नेक्स्ट डे मई कॉलेज क लिए निकल जाता हु और अम्मी राजू क सतह कॉलेज चली जाती ह. लंच में राजू अम्मी को मैसेज करता ह
राजू- फरीदा हाफ डे क्र लो मॉल चलते ह
अम्मी- बेशर्म किसी ने देखा तो गलत समझेगा मेरा नाम मत लिए क्र
राजू- मोबाइल आपके पास hi तो रहता ह
अम्मी- सरिता मम क सतह बैठी थी
राजू- ाचा जल्दी हाफ डे क लिए बोलो प्रिंसिपल मैडम को
अम्मी- नहीं मुझे नहीं जाना
राजू- क्या हुआ यर तुम्हारे लिए साड़ी लेनी ह न
अम्मी- ब्लाउज एक दिन में कैसे बन जाएगा स्टुपिड तुम से जयदा तो मई जानती हु
राजू- आप क साइज का मिल जाएगा
अम्मी- नहीं बनवाना पड़ेगा
राजू- कितनी साइज ह आपका
अम्मी- तेरी जुबान खेच लुंगी हरामजादे, बेशर्म
राजू- बताओ न यर गालिया बाद में देना
अम्मी- नेक्स्ट क्लास मेरी ह त्यार रो आज तुम्हारी खेर नहीं
राजू- क्या मैडम आप अपनी प्रॉमिस नहीं निभा रही हो
अम्मी- कुछ और विश मांग लो साडी पहन न मुझ से नहीं होगा
राजू- आपको क्या प्रॉब्लम ह एक बार पहन ने में
अम्मी- तुम समझते क्यों नहीं हो साडी क लिए ब्लाउज बनवाना होता ह और मई बीएस तुम्हारी विश पूरी करने क लिए ब्लाउज नहीं सिलवाने वली
राजू- मैडम अब आप रूल ब्रेक क्र रही हो
अम्मी- है किआ रूल ब्रेक अब कुछ और विश मांग लेना
राजू- नहीं मुझे आपको साडी में hi देखना ह
अम्मी- या खुदा क्या हो गया ह इस लड़के को ेट न बेहया हो गया ह
राजू- प्लीज फरीदा
अम्मी- मई क्लास लेने आ रही हु इस बारे में मुझे कोई बात नहीं करनी
राजू अम्मी से रिक्वेस्ट किए जा रहा था पर अम्मी नखरे दिखाए जा रही थी. मुझे गुस्सा आ रहा था क्योकि राजू मेरी अम्मी जिस को मॉडर्न पोषक से नफरत ह उसको साड़ी और ब्लाउज पहना न छह रहा ह. अम्मी उसकी विश को कभी पूरा नहीं करने वली. फिर भी मेरे दिल में अजीब सी गुदगुदी हो रही थी की अगर राजू अम्मी को मॉडर्न साड़ी और डीप कट ब्लाउज पहने क लिए मना लेता ह तब अम्मी जैसी हॉट और पर्देदार औरत कैसी लगेगी ये सोच क्र मेरा लुंड झटके ले रहा था. सच कहु तो मई भी चाहता था की अम्मी राजू की बात मन ले. पर अम्मी ऐसा नहीं करने वली क्योकि राजू उनके उसूलो से दगा क्र क रेवेलिंग ड्रेस पहन ने बोल रहा था उस क इरादों को अम्मी पूरा नहीं होने देती.
शाम को कॉलेज से ा क्र देखता हु की अम्मी 4रो स्टूडेंट्स को पढ़ा रही थी और राजू छत पर पतंग उदा रहा था. मई ऊपर जा क्र ृक्षार से चाट करने लगता हु थोड़ी देर बाद अम्मी टूशन पढ़ा क्र अति और ऊपर चली जाती ह और तभी अम्मी क गुस्से से बोलने की आवाज अति ह मई ऊपर जा क्र देखता हु की अम्मी राजू को डट रही थी और राजू पीछे वली छत पर कूद जाता ह. पीछे वली छत लगभग बराबर थी लेकिन बिच में बाउंड्री थी जिस वजह से अम्मी उस तरफ नहीं जा सकती थी या अम्मी जोखिम नहीं उठाना चाहती थी. राजू अम्मी को दिखा क्र पतंग उदा रहा था और अम्मी गुस्सा हो रही थी पर अपने फेस पर फेक स्माइल शो क्र रही थी. तभी उस छत पर एक लड़की अति ह और राजू से बाटे करने लग जाती ह मुझे बाद में पता चला उसका नाम प्रिय ह. प्रिय भी काफी हॉट थी और राजू से थोड़ी बड़ी और मोती भी थी. उसको देख क्र मई समझ रहा था की राजू क्यों अम्मी क लाख मना करने पर भी प्रिय से बात करना क्यों नहीं छोड़ रहा ह.
प्रिय- आज फरीदा का प्यारा बीटा पतंग उदा रहा ह
राजू की आंखे खुली रह जाती ह की प्रिय ने यह क्या बोल दिए उसने देखा नहीं की अम्मी दूसरी छत पर खड़ी हो क्र सुन रही ह. प्रिय भी राजू क चेहरे क उड़ते रंग को देख क्र समझ जाती ह की कुछ तो गड़बड़ ह पर उस क अंदर अपने बॉयफ्रेंड को खोने की भड़ास जयदा थी इस लिए प्रिय फिर से बोलती ह
प्रिय- बोल न....... उस चुड़ैल ने कैसे अल्लोव क्र दिए
राजू अपनी आँखों से प्रिय को इशारा करता ह तब प्रिय अम्मी की और देखती ह और उसके कदम बही रुक जाते ह. प्रिय क पैर कम्पनी लगते ह क्योकि उस क स्कूल की सब से स्ट्रिक्ट टीचर जिस से पूरा स्कूल डरता ह उस ने प्रिय क मुँह से उस को बुरा कहते सुन लिए था.
तभी अम्मी अपने दुपट्टे को उछाल क्र पतंग क मंझे को फसा क्र निचे खींच लेती ह राजू का ध्यान जैसे hi जाता ह बचने की कोसिस करता ह पर अम्मी उसका मांझा तोड़ देती ह और अपने हाथ में थोड़ी देर रखती ह. फिर राजू और प्रिय को गुस्से से देखने लगती ह. राजू भाग क्र ऊपर छत पर ऊपर चढ़ने लगता ह और अम्मी से पतंग पकड़े रहने ले लिए रिक्वेस्ट करता ह पर अम्मी उस क सामने hi पतंग की डोर छोड़ देती ह. फिर अम्मी प्रिय को गुस्से से देख क्र बोलती ह
अम्मी- प्रिय कल मॉर्निंग में स्टाफ रूम में मिलना
प्रिय- सॉरी मम
अम्मी उसकी नहीं सुन टी और निचे आने लगती ह मई ऐसे शो करता हु जैसे अभी अभी ऊपर जा रहा हु. अम्मी मुझे बिना कुछ कहे निचे आ जाती ह और मई ऊपर जा क्र देखता हु की राजू और प्रिय बाटे क्र रहे ह प्रिय को देख क्र लग रहा था की वो बीएस अभी रोने वली ह.
राजू- यर तू देखि hi नहीं बीएस कुछ भी बोलने लग जाती ह
प्रिय- तेरी वजह से कल मेरी सहमत आने वली ह चुड़ैल न जाने कल क्या करेगी
राजू- प्रिय समझा क्र फरीदा मैडम ेट नई बुरी नहीं ह जितना तुम सोचते हो एक बार उन से बात तो क्र
प्रिय- मुझे नहीं करनी स्टूडेंट की ज़िन्दगी हराम क्र रखो ह हरामज़ादी ने
राजू- प्रिय क्या बोले जा रही ह
प्रिय- तेरी चाहती ह तू तो हिमायत करेगा hi
राजू- तू फ़िक्र न क्र यर मई मना लूंगा मैडम को
प्रिय- तू उस की गुलामी करता ह उस का पालतू कुत्ता की तरह लगा रहता ह उस क पीछे, कल सब से पहले तू hi भागेगा
राजू- तू अभी मेरे सतह चल मैडम से मिलवाता हु
प्रिय- मुझे नहीं मिलना
राजू- चल न मेरी जान
फिर राजू प्रिय को ले क्र निचे चला जाता ह मई देखता हु की राजू की पतंग जिसकी डोर अम्मी ने तोड़ दी थी एक पेड़ में फास गए ह. फिर मई निचे अत हु और देखता हु की राजू और प्रिय दोनों सुनीता आंटी से गेट क पास खड़े हुवे बाटे क्र रहे ह और सुनीता आंटी उनकी बाटे सुन क्र है रही थी. थोड़ी देर बाद सुनीता आंटी अम्मी को आवाज देती ह और अम्मी निचे उन क पास जाती ह. प्रिय हाथ बंधे खड़ी थी और अपना फेस निचे किए हुई थी वही राजू मुस्कुरा रहा था.
अम्मी- क्या हुआ सुनीता दीदी
सुनीता- फरीदा क्या हुआ क्यों मर ने को बोल रही हो मेरी प्यारी बची प्रिय को
अम्मी सोक होते हुवे बोलती ह
अम्मी- मरने को..... मैंने कब कहा...... मैंने बीएस कल मिलने क लिए बोलै था
सुनीता- अरे फरीदा किसी टीचर क ेट न बोलने से hi स्टूडेंट्स क ज़हन खौफ बेथ जाता ह
अम्मी- इन क ज़हन में खौफ बैठना ज़रूरी ह दीदी इन की करतूत सुनोगी तो तुम्हे भी गुस्सा आ जाएगा
सुनीता- क्या क्र दिए दोनों ने
अम्मी- आपका शेह्ज़ादा पतंग उदा रहा था और प्रिय मुझे चुड़ैल बोल रही थी
सुनीता तभी राजू को धीरे से थप्पड़ लगाती ह और प्रिय की कमर पर धीरे से मरती ह और कहती ह
सुनीता- राजू क सतह रहने की वजह से प्रिय भी सरारती हो गयी, वर्ण बहुत साफ दिल ह मेरी प्रिय...... बेचारी को माफ़ क्र दो फरीदा
अम्मी प्रिय क पास अति ह प्रिय निचे फेस क्र क खड़ी थी अम्मी अभी भी गुस्से में थी तभी प्रिय बोलती ह
प्रिय- सॉरी मैडम
अम्मी- it's ok प्रिय बीटा
फिर प्रिय की आँखों से आँसू आने लग जाते ह अम्मी क आगे सभी स्टूडेंट्स का यही हल होता ह. अम्मी उसको रोटा देख मुस्कुराने लगती ह फिर अम्मी सुनीता आंटी को देखती ह और प्रिय को हुग करती ह और उसको पीछे से सहलाने लगती ह प्रिय क लिए पहली बार था जब कोई टीचर उसको ेट न प्यार से गले लगाए. प्रिय भी अम्मी को अपनी बहो से जकड लेती ह उसका फेस अम्मी क बूब्स पर दबा हुआ था और उनकी तारीफों क पल बांधने लगती ह.
प्रिय- सॉरी मम मैंने आप को गलत समझा, यू अरे थे बेस्ट
अम्मी- नाउ यू अंडरस्टैंड बीटा मई तुम्हारी भलाई क लिए ऐसा करती हु
तभी राजू भी अम्मी क पीछे से चिपक जाता ह वो अपने पैर क पंजो पर खड़ा था राजू अम्मी को ऐसे कास क पकडे था और बिच बिच में बहुत धीरे से अपने लुंड को उनकी गांड पर झटका लगा देता था, राजू बहुत धीरे से ऐसा क्र रहा था ताकि अम्मी को सक न हो. मुझे गुस्सा आने लगा की भें का तक राजू अम्मी को छेड़ने का कोई मौका नहीं जाने देता. अम्मी उसको नजरअंदाज क्र रही थी फिर राजू बोलता ह
राजू- ाचा हुआ आप दोनों में सुलह हो गयी
अम्मी पीछे मुद देखती ह पर दोनों ने उनको जकड़े हुवा था जिस वजह से अम्मी हिल भी नहीं प् रही थी. अम्मी हसने लग जाती ह फिर सुनीता आंटी उनको देख क्र बोलती ह
सुनीता- बीएस करो बचो फरीदा ने माफ़ तो क्र दिए अभी भी दर रहे हो की छोड़ ते hi मर पड़ेगी
सभी हसने लग जाते ह और अलग हो जाते ह. फिर अम्मी प्रिय क फेस को अपने हाथो में लेती ह और कहती ह
अम्मी- शबनम मम क स्टूडेंट्स ेट न जल्दी रोने लगते ह
प्रिय क चेहरे का दर भी मुस्कान में तब्दील हो जाता ह और सुनीता अम्मी से बोलती ह
सुनीता- बहुत hi होनहार बची ह प्रिय, कपड़े सी देती ह मुझे कहि और नहीं जाना पड़ता
अम्मी- प्रिय तू पढाई क सतह सतह कपड़े सील ने का काम भी करती ह
प्रिय- है मम
सुनीता राजू को धीरे से मरते हुए बोलती ह जिस से बचने क लिए राजू पीछे हैट जाता ह
सुनीता- एक मेरा नालायक ह पढ़ना भी नहीं अत
फिर राजू प्रिय को इशारा करता ह और कहता ह
राजू- मैडम ने माफ़ क्र दिए ह अब घर चलो कही मैडम को फिर से सनक न चढ़ जाए
अम्मी- हरामज़ादे पुरे मोहल्ले में तू hi सब से नालायक ह बद्तमीज़
सुनीता- निचे से जाओ ऊपर दिवार कूद ते हुए प्रिय की माँ ने देख लिए तो हंगामा क्र देगी
फिर राजू अपनी माँ को नजरअंदाज क्र हस्ते हुए ऊपर जाने लगता ह और प्रिय भी उसके पीछे चली जाती ह. मई बालकनी क पास खड़ा था. दोनों मुझे देखते ह और बिना कुछ बोले ऊपर चले जाते ह. दूसरी मंजिल पर जाने क बाद मई उनका पीछा करता हु और देखता हु की राजू प्रिय को दूसरी छत पर उतरने में मदद क्र रहा था. दोनों दूसरी तरफ उतर जाते ह. प्रिय की छत राजू की हमारी छत से थोड़ा निचे थी और उस पर बाउंड्री थी सदियों पर एक छोटा कमरा था जिस क दरवाजे और प्रिय खड़ी थी और राजू उसको रोके हुए था. तभी प्रिय कहती ह
प्रिय- ठनक गॉड बच गयी मई बहुत दर गयी थी
राजू- मई जनता हु फरीदा मैडम को उनका दिल बहुत बड़ा ह
प्रिय- है तुझे तो लगेगी hi तेरी मुँहबोली गर्लफ्रेंड जो ह
राजू- मेरा वो मतलब नहीं था यर
प्रिय- मई तेरी राग राग से वाक़िफ़ हु तेरी नजर हमेशा बूब्स पर hi होती ह
राजू- बड़े बड़े बूब्स देखते hi दबाने का मन करने लगता ह, तू ने नोटिस किआ फरीदा मैडम क कितने बड़े बड़े ह यर
प्रिय- है उनके जयदा hi बड़े ह
राजू- कैसा लगा मोठे बूब्स को हुग क्र क
प्रिय- सॉफ्ट सॉफ्ट फील हो रहे थे..... मई लेस्बियन नहीं हु कमीने गलत सोचने पर मज़बूरी क्र रहा ह
Raju(haste हुए)- पर मजे तो ले रही थी मैडम की गांड पर हाथ रख क्र
Priya(muskurate हुए)- मुझ से बच क रहना राजू तुझ से पहले तेरी गर्लफ्रेंड को चुरा लुंगी
राजू हैरान रह जाता ह प्रिय ये क्या बोल गयी. उस ने प्रिय को हाथ पकड़ क्र अपने सामने किआ और थोड़ी देर देखा. प्रिय ने जीन्स और टॉप पहना हुवा था जिसमे ध्यान से देखने पर उस क नुकीले निप्पल उभर क्र आ रहे थे.
प्रिय उसको नखरे भरे अंदाज़ से देख रही थी और मुँह सिकोड़ क्र दूसरी तरफ क्र लेती ह. तभी राजू उसको अपने आगोश में लेता ह और उसके लिप्स चूसने लगता ह. मुझे उस रत की यद् आने लगती ह जब राजू ने छत पर अम्मी को फ्रेंच किश किआ था. प्रिय अम्मी से साइज में बहुत छोटी थी जिस वजह से राजू की गिरफ्त से निकल पाना उस क लिए मुश्किल हो रहा था. और राजू उसके मम्मी दबा रहा था उसका लुंड पंत में तम्बू बना हुआ था. प्रिय क मुँह से ummmhh...Umhhmmhh की आवाज निकल रही थी फिर राजू उसको छोड़ता ह और बोलता ह
राजू- आज ब्रा नहीं पहनी क्या निप्पल बहुत सख्त फील हो रहे ह
प्रिय- छोड़ मुझे जाने दे
राजू- मेरा लुंड खड़ा हो गया ह अभी मत जा मेरी रानी
प्रिय- थोड़ी देर और रुकी तो मम्मी ऊपर आ जाएँगी
राजू- बहाना मत बना यर आंटी को पता ह की हम मेरे घर पर गए ह
प्रिय- नहीं अपनी गर्लफ्रेंड फरीदा क सतह करो
राजू- उसको भी तेरे सतह छोडूंगा मेरी जान
राजू ऐसा सुन क्र और जयदा एक्ससिटेड हो जाता ह और प्रिय को देवर से शता देता ह और उनको किश करने लगता ह प्रिय भी अब एक्ससिटेड हो गयी थी और राजू क सर को अपनी और दबा रही थी राजू उसके होठो को पागलो की तरह चूस रहा था.
फिर उसने प्रिय की जीन्स में हाथ डाला और प्रिय ने धीरे से अह्ह्ह्हह..... की आवाज की और उसका मुँह खुला रह जाता ह और राजू उसको नैक पर किश क्र रहा था उसका दूसरा हाथ प्रिय क टॉप को उठा क्र अंदर घुसने की कोसिस क्र रहा था. फिर प्रिय कहती ह
प्रिय- यर कैसे क्र रहे हो मेरे लिप्स पर काटो मत रेड हो जाते ह
राजू- कण्ट्रोल नहीं हो रहा मेरी रानी
प्रिय- मैडम ने नहीं सिखाया क्या
राजू- अह्ह्ह...... अभी फालतू की बाटे न क्र मेरी जान
फिर राजू प्रिय का टॉप ऊपर उठा देता ह और उसके बूब्स चूसने लगता ह. प्रिय का चिकना बदन देख क्र मेरा लुंड खड़ा हो जाता ह और मई अपने लुंड को हाथ से सहलाने लगता हु. प्रिय राजू को उसके बूब्स चूसते हुए देख रही थी फिर राजू उसकी जीन्स का बटन खोल देता ह और बिना देरी किए उसकी जीन्स निचे जांघो तक क्र देता ह और अपना लुंड बहार निकल लेता ह राजू का लुंड लम्बा था ऊपर से पतला और पीछे को मोटाई में बढ़ता हुवा था उस ऊपर को मुद क्र खड़ा था जैसे आसमान को सलामी दे रहा हो. उस क लुंड की स्किन खड़ा होने की वजह से पीछे हो गयी थी
मई समझ गया की क्यों ेट नई लड़कीअ राजू क पीछे पागल ह. मगर प्रिय का छोड़ने का दिल नहीं था इस लिए प्रिय अपनी जीन्स को फिर से ऊपर क्र लेती ह और दबी हुवी आवाज में कहती ह
प्रिय- वो नहीं करना उसमे बहुत देर लगेगी
राजू- सीओ ऑपरेट तो क्र यर जल्दी हो जाएगा
प्रिय- नहीं मई जा रही हु
राजू अपने दोनों हाथो से प्रिय की जीन्स को ऊपर करने से रोक रहा था दोनों खड़े खड़े hi ऐसा क्र रहे थे उसका लुंड प्रिय की छूट क ठीक सामने था. राजू बिना देर लिए अपना लुंड प्रिय की छूट पर टिका देता ह और एक झटका देता ह. प्रिय क मुँह से सेक्स भरी आवाज में अह्ह्ह....... की आवाज अति ह और वो थोड़ा ऊपर हो जाती ह. राजू का लुंड प्रिय की छूट से फिसल जाता ह और उसकी जांघो के बिच में घुस जाता ह. प्रिय की छूट गेली थी उस को छोड़ने का दिल नहीं था और उसकी छूट साथ नहीं दे रही थी राजू का लुंड लेने को बेताब थी जिस वजह से उसकी छूट से पानी निकल क्र राजू क लुंड पर चिपक गया था. राजू फिर से धक्का मरता ह पर उसका लुंड प्रिय की जांघो क बिच से छूट पर फिसल रहा था. प्रिय आहे भर रही थी और राजू से मादक आवाज में बोल रही थी
प्रिय- राजू प्लस आज नहीं अह्ह्ह्हह्हह बीएस करो राजू
राजू- तेरी छूट गेली हो रही ह मेरी जान अभी छोड़ने दे, मेरा लुंड पागल हो रहा ह तेरी गरम छूट से रगड़ क्र
फिर राजू देवर से सात जाता ह और प्रिय को अपने हाथो से जकड़े हुए था मेरी पर प्रिय की गांड थी. प्रिय की गांड देख क्र मई तेजी से मुठ मरने लगता हु. अस पास कोई और घर ेट नई हाइट पर नहीं था इस लिए कोई देख नहीं सकता था. पर प्रिय बार बार राजू से कह रही थी की कोई आ जायेगा आज रहने दे और राजू उसको छोड़ने का मन बना चूका था. हर धक्के क सतह राजू का लुंड प्रिय की जांघो क बिच से रगड़ता हुआ उसकी गांड क निचे से दूसरी अत जिस से उनके लुंड का ऊपर का हिस्सा दिखाई दे रहा था.
मई हैरान था की राजू का ेट नई उम्र में hi ेट न बड़ा लुंड ह सिड ऐसी लिए उस से बड़ी दिखने वली प्रिय उस से छुड़वाने को त्यार ह. मुझे अम्मी की फ़िक्र होने लगती ह. अगर राजू ने अम्मी को इस हद तक काबू में क्र लिए की अम्मी उस से छुड़वाने को त्यार हो जाए तब अम्मी ेट ने बड़े लुंड से छुड़ेगी. अम्मी की ेट न बड़ा चंडीदर लुंड ले क्र छूट फैट जाएगी.
मई देखता हु की राजू प्रिय की छूट में फिर से लुंड सेट के ने लगता ह. प्रिय जोर से सिसकने लगती ह
प्रिय- अह्हह्ह्ह्ह....... उम्मम्मम्म....... बीएस करो राजू
Raju(Priya क बूब्स चूसते हुए)- साली तुझे अपने घर में पूरा दिन नंगी क्र छोडूंगा
राजू जोश में था और उसका लुंड प्रिय की छूट में घुस गया था और प्रिय अपने लेग्स क अंगूठो पर खड़ी थी सिड प्रिय चाहती थी राजू का लुंड पूरा अंदर न घुस. राजू उसको गांड से पकड़ क अपने लुंड पर दबा रहा था. प्रिय अपने मुँह पर भी हाथ रखे थी ताकि उसकी चीख न निकल पर और राजू उसके मम्मी अपने मुँह में लिए था झुक क्र उसको पेट और नैक पर किश क्र रहा था. फिर अचानक से किसी क आने की आहत होती ह और प्रिय राजू को धक्का दे क्र दूर हो जाती ह और अपना टॉप निचे क्र क अपनी जीन्स ऊपर क्र लेती ह. राजू भी जल्दी hi अपना पैजामा ऊपर क्र लेता ह पर उसका लुंड अभी भी खड़ा था जिसको छिपाना राजू क लिए मुश्किल हो रहा था. तभी प्रिय की माँ कमला ऊपर अति ह, मई भी पीछे हो जाता हु राजू की वजह से हम सभी को मर पद सकती थी. कमला बोलती ह
कमला- तू मैडम से मिलना बोल क्र गयी थी ऊपर क्या क्र रही ह
प्रिय- अभी आयी हु ऊपर से
कमला दूसरी तरफ राजू को देख क्र बोलती ह
कमला- हरामज़ादे तुझे मना किआ था मेरी छत पर मत आया क्र, रेलिंग तोड़ दी नमक हराम ने
राजू कुछ नहीं बोलता और मुस्कुराता हुआ अपनी छत पर चढ़ने लगता ह. कमला गुस्से से बोलती ह
कमला- निचे से आया क्र वर्ण तेरी टंगे तोड़ दूंगी
अपनी माँ को बिजी देख क्र प्रिय निचे चली जाती ह और राजू ऊपर चढ़ क्र निचे जाने लगता ह और मुझे देख क्र हड़बड़ा जाता ह. उसे दर था की मैंने उसको प्रिय क सतह चुदाई करते देखा तो नहीं. फिर मुझ से पूछता ह
राजू- असलम तुम ऊपर कब ए
असलम- मई निचे घूम रहा था अभी शोर सुन क्र आया हु
राजू ने रहत की सास ली और निचे चला गया उसका लुंड अभी भी खड़ा जिस को छिपाने क लिए राजू आगे हाथ रखे था. दूसरी तरफ कमला अपनी छत का मुआयना करने लगती ह. मई सोचने लगता हु की क्या कमला को बता देना चाहिए की अभी यही पर उसकी बेटी राजू से चुद रही थी. और मुझे ये सोच क्र हसी भी आ रही थी की कैसे कमला ने आ क्र राजू क खड़े लुंड पर चोट क्र दी. बेचारा राजू का छूट मरने का प्लान नाकाम हो गया. फिर कमला निचे चली जाती ह.
अम्मी- शबाना इन पर ध्यान नहीं दे रही थी
असलम- अम्मी आप धीरे धीरे फेमस हो रही हो
अम्मी- ये तो ट्रेलर ह फिल्म तो एनुअल एग्जाम में दिखाउंगी
असलम- राजू पढ़ने नहीं आया
अम्मी- राजू की स्पेशल क्लास इवनिंग में लेती रहूंगी
मुझे अम्मी और गुस्सा ा रहा था क्योकि अब मेरी परेशानी बढ़ने वली ह. अम्मी सुबह शाम क्लास लेंगी घर पर शोर होता रहेगा. फिर मई त्यार हो क्र कॉलेज क लिए निकल जाता हु.
लंच में अम्मी राजू को मैसेज क्र क बुलाती ह उस क बाद कोई चाट नहीं थी. शाम को घर पर अम्मी और राजू बीएड पर बैठे हुवे पढ़ रहा था और अम्मी अपने फ़ोन में राजू को कुछ दिखते हुए कहती ह
अम्मी- किसी लग रही हु
राजू- आप तो हमेशा hi ज़हर लगती हो
अम्मी मुस्कुराते हुए उस क सर पे धीरे से मरती ह कहती ह
अम्मी- बेशर्म कहि का
तभी राजू का फ़ोन रिंग करता ह उसमे किसी का मैसेज आया हुवा था. अम्मी उसका फ़ोन तेजी से उठा लेती ह और बोल क्र मैसेज पढ़ने लगती ह
अम्मी- ये कोण मैसेज क्र रही ह 'फ्री हो क्र कॉल करना'
राजू- मैडम मेरा फ़ोन बापूस दो
अम्मी- तू प्रिय को अनब्लॉक क्यों किआ
राजू- उसने स्कूल में करवा दिए था
तभी फिर से रिंग होता ह और अम्मी फिर से पढ़ने लगती ह
अम्मी- देखो और मैसेज ा गया 'फरीदा को मत बताना'
अम्मी हैरान रह जाती ह की उनकी स्टूडेंट जो स्कूल में इतना रेस्पेक्ट करती ह और यह बीएस फरीदा कह रही ह.
अम्मी- इस हरामज़ादी को कल मर लगूंगी मेरा नाम ले क्र बात क्र रही ह
राजू- मम आपुस में सभी स्टूडेंट ऐसे करते ह शबनम मैडम को भी ऐसे hi बोलते ह
अम्मी- मुझे कुछ नहीं सुन न प्रिय शबनम की जासूस ह तुम्हे डिस्ट्रक्ट कना चाहती ह
राजू- मई आप क अलाबा किसी से बाटे नहीं करता
अम्मी- है दिख रहा ह
फिर राजू थोड़ी देर तक अम्मी को मनाता रहता ह अम्मी प्रिय को कुछ नहीं कहने की बात कहती ह पर अम्मी अभी भी नाराज़ थी क्योकि राजू उनकी ेट नई म्हणत क बावजूद भी एक सब्जेक्ट में hi अच्छा क्र प् रहा था बाकि में फ़ैल होने की कगार पर था. अम्मी उस से दूसरे सब्जेक्ट क क्वेश्चन पूछती ह पर राजू कुछ नहीं हटा पता. फिर अम्मी उसको एक chapter रेविसे करने को देती ह और कहती ह अगर ठीक से करोगे तब तुम जो कहोगे वो मिलेगा.
राजू अम्मी की बात सुन क्र खुस हो जाता ह खुसी खुसी बुक उठा क्र बोलता ह
राजू- सरप्राइज क लिए त्यार रहना मेरी खूबसूरत मैडम
अम्मी- दूसरी शर्त अगर फ़ैल हुए तो 2 घंटे तक मुर्गा बनाउंगी
फिर राजू घर चला जाता ह और अम्मी भी अपने काम में लग जाती ह.
अगली शाम राजू खुस था और अम्मी उस का टेस्ट लेती ह जिसमे राजू सभी क़ुएस्तिओन्स क्र देता ह. अम्मी हैरान थी राजू मर खा क्र भी ेट न नहीं सीख प् रहा जितना उस ने एक दिन में किआ. अम्मी उस से कहती ह
अम्मी- वह राजू आज तुमने कमल क्र दिए
राजू- आधी रत तक जगा हु अब आपको मेरी विश पूरी करनी होगी
अम्मी- क्या चाहिए तुम्हे
राजू पहले इधर उधर देखता ह की कोई अस पास तो नहीं ह फिर कहता ह
राजू- साडी पहन क्र दिखाना होगा
अम्मी क चेहरे की हवाइयां उड़ जाती ह और कहती ह
अम्मी- तुम पागल हो क्या मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात ह और वैसे भी मेरे पास कोई साड़ी नहीं ह
राजू- मई दिलाऊंगा आप पसंद करना
अम्मी- नहीं कुछ और मानगो मुझे नहीं करना
राजू- मैडम आप चीटिंग क्र रही हो
अम्मी- तुम डिमांड hi ऐसी क्र रहे हो हमे साड़ी पहना अल्लोवेद नहीं ह
राजू- जी नहीं मैंने म***** एक्ट्रेसेस को पहनते देखा ह
अम्मी- एक्ट्रेसेस का प्रोफेशन ह फैशनेबुल रहना उनको नहीं रोक सकता, कुछ और सोचो बीटा
राजू- नहीं मई बीएस आपको साड़ी ब्लाउज में देखना चाहता हु अपने लाइफ में कभी नहीं पहनी क्या
अम्मी दबी हुवी आवाज में जवाब देती ह
अम्मी- एक बार पहनी थी कॉलेज फेस्ट में
राजू- लड़के पागल हो गए होंगे
अम्मी- गर्ल्स कॉलेज था स्टुपिड तभी अल्लोवेद की थी अम्मी जान ने अब्बू से छिपा क्र
राजू अम्मी को देख रहा था और कुछ बोल नहीं रहा था फिर अम्मी कहती ह
अम्मी- खा खो गया बेशर्म
राजू- मई आपको साड़ी के इमेजिन क्र रहा था कितनी खूबसूरत लग रही थी आप दिल क्र रहा था आपको अपनी गॉड में........
राजू ेट न कहता ह अम्मी अपने हाथ में बुक लिए थी अम्मी बिना देरी किए उसको बुक से मरती ह और राजू पीछे झुक जाता ह और हसने लगता ह तभी अम्मी डट को दबाते हुवे बोलती ह
अम्मी- दिन व् दिन शैतान होते जा रहा ह बेशर्म
राजू- फरीदा तुम मेरी सबसे ब्यूटीफुल गर्लफ्रेंड हो
अम्मी- चुप क्र हरामज़ादे किसी ने सुन लिए तो न जाने क्या समझेगा
राजू- समझने दो मई डंके की चोट पर कहता हु तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो
अम्मी उसको अपनी फिंगर से चुप रहने का इशारा करती ह और इधर उधर देखने लगती ह. फिर बोलती ह
अम्मी- तुझे बहुत मर लगाउंगी आगे से ऐसा किआ तो
राजू- आप नाराज़ होती हुई हूर से भी खूबसूरत लगती हो
अम्मी- हूरो क पास hi भेज दूंगी बेशर्म
फिर अम्मी बुक खोल क्र राजू को दूसरा chapter करने क लिए देती ह और बोलती ह
अम्मी- कोई और विश सोच लेना और कल ये chapter पढ़ क्र आना
राजू- आपको क्या प्रॉब्लम ह साड़ी पहन ने में
अम्मी- मई नहीं चाहती तुम्हारी पैसे खर्च हो बीएस
राजू- रीना आंटी और आपका साइज आप जैसा hi ह उन से ले क्र अत हु
अम्मी- मई दुसरो क कपडे नहीं पहनती
राजू- आप कल मेरे सतह मॉल चलोगी बीएस
अम्मी- नहीं पहले पढाई करो बाद में बात करते ह
अम्मी राजू को धमका क्र चुप करा देती ह और टूशन पढ़ने लगती ह. मई भी एक्ससिटेड हो रहा था की क्या अम्मी राजू की डिमांड पूरी करती ह. अम्मी घर पर मॉडर्न निघ्त्य और सालभर कमीज पहन लेती ह पर बहार जाते वक़्त हमेशा बदन को पूरा ढकने वले लिबास पहन क्र रखती ह यह तक की कभी अपने हेयर्स को भी खुला नहीं रखती ह. देखने वली बात ये ह की क्या कल अम्मी साड़ी खरीद क्र अति ह. क्या अम्मी राजू की विश पूरी करेंगी.
फिर रत को राजू रत को मैसेज करता ह
राजू- मैडम ये chapter बहुत हार्ड ह प्रॉब्लम हो रही ह
अम्मी- मतलब मई जीत जाउंगी बहुत मजा आएगा तुम्हे मर लगाने में
राजू- कितनी खड़ूस हो आप
अम्मी- ः पिछले स्कूल में स्टूडेंट मुझे हंटर वली मम बुलाते थे
राजू- वो सभी स्टूडेंट थे और मई तुम्हारा बॉयफ्रेंड हु
अम्मी- लगता ह फिर से मर खाओगे
राजू- नहीं आपके होठो की लिपस्टिक
अम्मी- हरामज़ादे तेरे घर में आ क्र मरूंगी
राजू- आ जाओ न दिल क्र रहा ह
अम्मी- क्या दिल क्र रहा ह
राजू- आपको गॉड में बैठा क्र आपको 1 ऑवर तक किश करने का
अम्मी- चुप बेशर्म
राजू- आपके बर्थडे क दिन आप बहुत हॉट लग रही थी दिल क्र रहा था आप को ऊपर से निचे तक रगड़ दू
अम्मी कोई रिप्लाई नहीं देती. मई उनको देखता हु तब अम्मी अपना फ़ोन लिए खड़ी थी और अपने बूब्स पर हाथ रखे थी.
राजू फिर से मश्ग करता ह
राजू- क्या हुआ फरीदा बताओ न उस दिन तुम क्यों भाग गयी थी
अम्मी- उस दिन मुझे बहुत गुस्सा ा गया था तुम्हारी गन्दी हरकत पर
राजू- मई कण्ट्रोल नहीं क्र पाया था तुम बहुत सेक्सी लग रही थी
अम्मी- आज तक किसी की मुझ से ुचि आवाज में बात करने की हिम्मत भी नहीं हुवी और तुमने मुझे बहा हाथ लगा दिए
राजू- खा हाथ लगाया था बताओ न
अम्मी- भोले मत बनो
राजू- यर गलती से हो गया था
अम्मी- तू बेशर्म ह
राजू- नाराज़गी दूर करने का क्या लोगी
अम्मी- तेरी जान
राजू- मेरी जान तो आप hi हो
अम्मी- बाटे बनाने में हीरो और पढाई में जीरो कुत्ता कहि का
राजू- यर कितनी क्यूट लगती हो गुस्से में भी आपसे बाटे क्र के मजा अत ह
अम्मी- पूछो क्या पूछ रहे थे
राजू- आपका साइज कितना ह
अम्मी- chapter क बारे में हरामज़ादे
राजू- chapter कल करेंगे आप मेरी बात का जबाब दो न
अम्मी- मई निचे आ रही हु तेरी माँ को तेरी करतूत दिखानी पड़ेगी
राजू- सॉरी मैडम मई कुछ और समझ रहा था
अम्मी फिर कोई रिप्लाई नहीं करती. मई बहार जा क्र देखता हु अम्मी अपना गेट बंद क्र रही थी, मई सोचता हु की आज राजू की खेर नहीं साला बहुत मर कहने वला ह फिर अम्मी मुझ से बोली
अम्मी- असलम मई अभी अति हु राजू की हेल्प क्र क
असलम- जी अम्मी
मई अम्मी की बाटे सुन क्र हैरान था की राजू को मरने जाने वली थी फिर मुझ से झूट क्यों बोल रही ह. मई उनके पीछे जा क्र सदियों से छिप क्र देखने लगता हु.
राजू की माँ सुनीता गेट खोलती ह और अम्मी से कहती ह
सुनीता- क्या हुवा फरीदा ेट नई रात को यह
अम्मी- तुम्हारा बीटा ेट नई रत को कॉल क्र रहा ह की क्वेश्चन समझ नहीं आ रहे ह
सुनीता हसने लगती ह. ऐसा सुन क्र राजू के चेहरे का खौफ काम हो गया फिर राजू को डट ते हुवे बोलती ह
सुनीता- रत को तो चैन से सोने दे बेचारी को
अम्मी- इसरत से जयदा मार्क्स नहीं ए तब मजा चखाउंगी तुम्हारे सेहज़ादे को
सुनीता- तुमने न जाने क्या जादू किआ ह कल भी आधी रात तक पढता रहा
अम्मी ऐसा सुन क्र खिल खिला उठ टी ह और राजू क पास जा क्र उस की कमर पर हाथ रखती ह और थप थापती ह. राजू की अम्मी को देख क्र फटी हुवी थी. हर रत को अम्मी से मिलने को बोलता था आज अम्मी ा गयी तो सहमा बैठा ह. राजू सोच रहा था की अम्मी उसकी बात से नाराज़ हो क्र उसको मरने आयी ह और राजू सहमा हुआ था क्योकि उसकी माँ वही पर थी इस लिए राजू कुछ बोल भी नहीं रहा था. फिर अम्मी उस क हाथ से बुक लेती ह उसको समझने लगती ह. फिर सुनीता आंटी चाय बना लेने लगती ह और मुझे आवाज दे क्र बुलाती ह मई ऊपर जा क्र उनका जबाब देता हु ताकि उन्हें लगे की मई ऊपर हु. फिर हम चाय पिटे हुवे बाटे करने लगते ह. राजू और अम्मी एक दूसरे को देख क्र मुस्कुरा रहे थे. दोनों हम से नजरे बचा क्र इशारे क्र रहे थे थोड़ी देर बाद अम्मी अपना कप निचे रखती ह और राजू भी अपना कप निचे रख देता ह और अम्मी का कप उठा लेता ह. अम्मी चारो तरफ देखने लगती ह की उन्हें किसी ने नोटिस तो नहीं किआ. फिर अम्मी राजू को आंखे दिखने लगती ह और इशारे से नाराजगी जाहिर करते हुवे कप बापूस करने को बोल रही थी. और राजू अम्मी की आँखों में देखते हुवे उनके कप से अछि पिने लगता ह और सतह hi अम्मी को दिखा क्र कप पर किश क्र रहा था. अम्मी बहुत गुस्सा हो रही थी और जैसे hi मई और सुनीता आंटी उन्हें देखते अम्मी ऐसे जाहिर करती की जैसे कुछ नहीं हुआ.
तभी सुनीता आंटी अम्मी से कहती ह
सुनीता- फरीदा क्या हुआ चाय अछि नहीं ह क्या
फरीदा- अप्पा काबिल इ तारीफ ह आपकी चाय
सुनीता- फिर पि लो न कप क्यों रख दिए
फिर अम्मी कप उठा क्र चाय पिने लगती ह और राजू को गुस्से से देखती ह. राजू हसने लगता ह और उस क सतह hi अम्मी भी मुस्कुराने लगती ह अम्मी अपनी हसी रोक रही थी. फिर जैसे hi हम ऊपर आने वले होते ह अम्मी सभी से नजरे बचा क्र राजू को अपने पैर से मरती ह. राजू बीएड पर बेथ क्र अपना पैर सहलाने लगता ह पर उसके चेहरे पर खुसी बरकरार थी. रात को सोते वक़्त मई सोच रहा था की राजू ने मेरी अम्मी से कप एक्सचेंज क्र क जो हरकत की ह उसका राजू को सबक मिलना चाहिए. और मेरी घमंडी अम्मी इस बात का बदला राजू से ले क्र रहेगी.
फिर नेक्स्ट डे मई कॉलेज क लिए निकल जाता हु और अम्मी राजू क सतह कॉलेज चली जाती ह. लंच में राजू अम्मी को मैसेज करता ह
राजू- फरीदा हाफ डे क्र लो मॉल चलते ह
अम्मी- बेशर्म किसी ने देखा तो गलत समझेगा मेरा नाम मत लिए क्र
राजू- मोबाइल आपके पास hi तो रहता ह
अम्मी- सरिता मम क सतह बैठी थी
राजू- ाचा जल्दी हाफ डे क लिए बोलो प्रिंसिपल मैडम को
अम्मी- नहीं मुझे नहीं जाना
राजू- क्या हुआ यर तुम्हारे लिए साड़ी लेनी ह न
अम्मी- ब्लाउज एक दिन में कैसे बन जाएगा स्टुपिड तुम से जयदा तो मई जानती हु
राजू- आप क साइज का मिल जाएगा
अम्मी- नहीं बनवाना पड़ेगा
राजू- कितनी साइज ह आपका
अम्मी- तेरी जुबान खेच लुंगी हरामजादे, बेशर्म
राजू- बताओ न यर गालिया बाद में देना
अम्मी- नेक्स्ट क्लास मेरी ह त्यार रो आज तुम्हारी खेर नहीं
राजू- क्या मैडम आप अपनी प्रॉमिस नहीं निभा रही हो
अम्मी- कुछ और विश मांग लो साडी पहन न मुझ से नहीं होगा
राजू- आपको क्या प्रॉब्लम ह एक बार पहन ने में
अम्मी- तुम समझते क्यों नहीं हो साडी क लिए ब्लाउज बनवाना होता ह और मई बीएस तुम्हारी विश पूरी करने क लिए ब्लाउज नहीं सिलवाने वली
राजू- मैडम अब आप रूल ब्रेक क्र रही हो
अम्मी- है किआ रूल ब्रेक अब कुछ और विश मांग लेना
राजू- नहीं मुझे आपको साडी में hi देखना ह
अम्मी- या खुदा क्या हो गया ह इस लड़के को ेट न बेहया हो गया ह
राजू- प्लीज फरीदा
अम्मी- मई क्लास लेने आ रही हु इस बारे में मुझे कोई बात नहीं करनी
राजू अम्मी से रिक्वेस्ट किए जा रहा था पर अम्मी नखरे दिखाए जा रही थी. मुझे गुस्सा आ रहा था क्योकि राजू मेरी अम्मी जिस को मॉडर्न पोषक से नफरत ह उसको साड़ी और ब्लाउज पहना न छह रहा ह. अम्मी उसकी विश को कभी पूरा नहीं करने वली. फिर भी मेरे दिल में अजीब सी गुदगुदी हो रही थी की अगर राजू अम्मी को मॉडर्न साड़ी और डीप कट ब्लाउज पहने क लिए मना लेता ह तब अम्मी जैसी हॉट और पर्देदार औरत कैसी लगेगी ये सोच क्र मेरा लुंड झटके ले रहा था. सच कहु तो मई भी चाहता था की अम्मी राजू की बात मन ले. पर अम्मी ऐसा नहीं करने वली क्योकि राजू उनके उसूलो से दगा क्र क रेवेलिंग ड्रेस पहन ने बोल रहा था उस क इरादों को अम्मी पूरा नहीं होने देती.
शाम को कॉलेज से ा क्र देखता हु की अम्मी 4रो स्टूडेंट्स को पढ़ा रही थी और राजू छत पर पतंग उदा रहा था. मई ऊपर जा क्र ृक्षार से चाट करने लगता हु थोड़ी देर बाद अम्मी टूशन पढ़ा क्र अति और ऊपर चली जाती ह और तभी अम्मी क गुस्से से बोलने की आवाज अति ह मई ऊपर जा क्र देखता हु की अम्मी राजू को डट रही थी और राजू पीछे वली छत पर कूद जाता ह. पीछे वली छत लगभग बराबर थी लेकिन बिच में बाउंड्री थी जिस वजह से अम्मी उस तरफ नहीं जा सकती थी या अम्मी जोखिम नहीं उठाना चाहती थी. राजू अम्मी को दिखा क्र पतंग उदा रहा था और अम्मी गुस्सा हो रही थी पर अपने फेस पर फेक स्माइल शो क्र रही थी. तभी उस छत पर एक लड़की अति ह और राजू से बाटे करने लग जाती ह मुझे बाद में पता चला उसका नाम प्रिय ह. प्रिय भी काफी हॉट थी और राजू से थोड़ी बड़ी और मोती भी थी. उसको देख क्र मई समझ रहा था की राजू क्यों अम्मी क लाख मना करने पर भी प्रिय से बात करना क्यों नहीं छोड़ रहा ह.
प्रिय- आज फरीदा का प्यारा बीटा पतंग उदा रहा ह
राजू की आंखे खुली रह जाती ह की प्रिय ने यह क्या बोल दिए उसने देखा नहीं की अम्मी दूसरी छत पर खड़ी हो क्र सुन रही ह. प्रिय भी राजू क चेहरे क उड़ते रंग को देख क्र समझ जाती ह की कुछ तो गड़बड़ ह पर उस क अंदर अपने बॉयफ्रेंड को खोने की भड़ास जयदा थी इस लिए प्रिय फिर से बोलती ह
प्रिय- बोल न....... उस चुड़ैल ने कैसे अल्लोव क्र दिए
राजू अपनी आँखों से प्रिय को इशारा करता ह तब प्रिय अम्मी की और देखती ह और उसके कदम बही रुक जाते ह. प्रिय क पैर कम्पनी लगते ह क्योकि उस क स्कूल की सब से स्ट्रिक्ट टीचर जिस से पूरा स्कूल डरता ह उस ने प्रिय क मुँह से उस को बुरा कहते सुन लिए था.
तभी अम्मी अपने दुपट्टे को उछाल क्र पतंग क मंझे को फसा क्र निचे खींच लेती ह राजू का ध्यान जैसे hi जाता ह बचने की कोसिस करता ह पर अम्मी उसका मांझा तोड़ देती ह और अपने हाथ में थोड़ी देर रखती ह. फिर राजू और प्रिय को गुस्से से देखने लगती ह. राजू भाग क्र ऊपर छत पर ऊपर चढ़ने लगता ह और अम्मी से पतंग पकड़े रहने ले लिए रिक्वेस्ट करता ह पर अम्मी उस क सामने hi पतंग की डोर छोड़ देती ह. फिर अम्मी प्रिय को गुस्से से देख क्र बोलती ह
अम्मी- प्रिय कल मॉर्निंग में स्टाफ रूम में मिलना
प्रिय- सॉरी मम
अम्मी उसकी नहीं सुन टी और निचे आने लगती ह मई ऐसे शो करता हु जैसे अभी अभी ऊपर जा रहा हु. अम्मी मुझे बिना कुछ कहे निचे आ जाती ह और मई ऊपर जा क्र देखता हु की राजू और प्रिय बाटे क्र रहे ह प्रिय को देख क्र लग रहा था की वो बीएस अभी रोने वली ह.
राजू- यर तू देखि hi नहीं बीएस कुछ भी बोलने लग जाती ह
प्रिय- तेरी वजह से कल मेरी सहमत आने वली ह चुड़ैल न जाने कल क्या करेगी
राजू- प्रिय समझा क्र फरीदा मैडम ेट नई बुरी नहीं ह जितना तुम सोचते हो एक बार उन से बात तो क्र
प्रिय- मुझे नहीं करनी स्टूडेंट की ज़िन्दगी हराम क्र रखो ह हरामज़ादी ने
राजू- प्रिय क्या बोले जा रही ह
प्रिय- तेरी चाहती ह तू तो हिमायत करेगा hi
राजू- तू फ़िक्र न क्र यर मई मना लूंगा मैडम को
प्रिय- तू उस की गुलामी करता ह उस का पालतू कुत्ता की तरह लगा रहता ह उस क पीछे, कल सब से पहले तू hi भागेगा
राजू- तू अभी मेरे सतह चल मैडम से मिलवाता हु
प्रिय- मुझे नहीं मिलना
राजू- चल न मेरी जान
फिर राजू प्रिय को ले क्र निचे चला जाता ह मई देखता हु की राजू की पतंग जिसकी डोर अम्मी ने तोड़ दी थी एक पेड़ में फास गए ह. फिर मई निचे अत हु और देखता हु की राजू और प्रिय दोनों सुनीता आंटी से गेट क पास खड़े हुवे बाटे क्र रहे ह और सुनीता आंटी उनकी बाटे सुन क्र है रही थी. थोड़ी देर बाद सुनीता आंटी अम्मी को आवाज देती ह और अम्मी निचे उन क पास जाती ह. प्रिय हाथ बंधे खड़ी थी और अपना फेस निचे किए हुई थी वही राजू मुस्कुरा रहा था.
अम्मी- क्या हुआ सुनीता दीदी
सुनीता- फरीदा क्या हुआ क्यों मर ने को बोल रही हो मेरी प्यारी बची प्रिय को
अम्मी सोक होते हुवे बोलती ह
अम्मी- मरने को..... मैंने कब कहा...... मैंने बीएस कल मिलने क लिए बोलै था
सुनीता- अरे फरीदा किसी टीचर क ेट न बोलने से hi स्टूडेंट्स क ज़हन खौफ बेथ जाता ह
अम्मी- इन क ज़हन में खौफ बैठना ज़रूरी ह दीदी इन की करतूत सुनोगी तो तुम्हे भी गुस्सा आ जाएगा
सुनीता- क्या क्र दिए दोनों ने
अम्मी- आपका शेह्ज़ादा पतंग उदा रहा था और प्रिय मुझे चुड़ैल बोल रही थी
सुनीता तभी राजू को धीरे से थप्पड़ लगाती ह और प्रिय की कमर पर धीरे से मरती ह और कहती ह
सुनीता- राजू क सतह रहने की वजह से प्रिय भी सरारती हो गयी, वर्ण बहुत साफ दिल ह मेरी प्रिय...... बेचारी को माफ़ क्र दो फरीदा
अम्मी प्रिय क पास अति ह प्रिय निचे फेस क्र क खड़ी थी अम्मी अभी भी गुस्से में थी तभी प्रिय बोलती ह
प्रिय- सॉरी मैडम
अम्मी- it's ok प्रिय बीटा
फिर प्रिय की आँखों से आँसू आने लग जाते ह अम्मी क आगे सभी स्टूडेंट्स का यही हल होता ह. अम्मी उसको रोटा देख मुस्कुराने लगती ह फिर अम्मी सुनीता आंटी को देखती ह और प्रिय को हुग करती ह और उसको पीछे से सहलाने लगती ह प्रिय क लिए पहली बार था जब कोई टीचर उसको ेट न प्यार से गले लगाए. प्रिय भी अम्मी को अपनी बहो से जकड लेती ह उसका फेस अम्मी क बूब्स पर दबा हुआ था और उनकी तारीफों क पल बांधने लगती ह.
प्रिय- सॉरी मम मैंने आप को गलत समझा, यू अरे थे बेस्ट
अम्मी- नाउ यू अंडरस्टैंड बीटा मई तुम्हारी भलाई क लिए ऐसा करती हु
तभी राजू भी अम्मी क पीछे से चिपक जाता ह वो अपने पैर क पंजो पर खड़ा था राजू अम्मी को ऐसे कास क पकडे था और बिच बिच में बहुत धीरे से अपने लुंड को उनकी गांड पर झटका लगा देता था, राजू बहुत धीरे से ऐसा क्र रहा था ताकि अम्मी को सक न हो. मुझे गुस्सा आने लगा की भें का तक राजू अम्मी को छेड़ने का कोई मौका नहीं जाने देता. अम्मी उसको नजरअंदाज क्र रही थी फिर राजू बोलता ह
राजू- ाचा हुआ आप दोनों में सुलह हो गयी
अम्मी पीछे मुद देखती ह पर दोनों ने उनको जकड़े हुवा था जिस वजह से अम्मी हिल भी नहीं प् रही थी. अम्मी हसने लग जाती ह फिर सुनीता आंटी उनको देख क्र बोलती ह
सुनीता- बीएस करो बचो फरीदा ने माफ़ तो क्र दिए अभी भी दर रहे हो की छोड़ ते hi मर पड़ेगी
सभी हसने लग जाते ह और अलग हो जाते ह. फिर अम्मी प्रिय क फेस को अपने हाथो में लेती ह और कहती ह
अम्मी- शबनम मम क स्टूडेंट्स ेट न जल्दी रोने लगते ह
प्रिय क चेहरे का दर भी मुस्कान में तब्दील हो जाता ह और सुनीता अम्मी से बोलती ह
सुनीता- बहुत hi होनहार बची ह प्रिय, कपड़े सी देती ह मुझे कहि और नहीं जाना पड़ता
अम्मी- प्रिय तू पढाई क सतह सतह कपड़े सील ने का काम भी करती ह
प्रिय- है मम
सुनीता राजू को धीरे से मरते हुए बोलती ह जिस से बचने क लिए राजू पीछे हैट जाता ह
सुनीता- एक मेरा नालायक ह पढ़ना भी नहीं अत
फिर राजू प्रिय को इशारा करता ह और कहता ह
राजू- मैडम ने माफ़ क्र दिए ह अब घर चलो कही मैडम को फिर से सनक न चढ़ जाए
अम्मी- हरामज़ादे पुरे मोहल्ले में तू hi सब से नालायक ह बद्तमीज़
सुनीता- निचे से जाओ ऊपर दिवार कूद ते हुए प्रिय की माँ ने देख लिए तो हंगामा क्र देगी
फिर राजू अपनी माँ को नजरअंदाज क्र हस्ते हुए ऊपर जाने लगता ह और प्रिय भी उसके पीछे चली जाती ह. मई बालकनी क पास खड़ा था. दोनों मुझे देखते ह और बिना कुछ बोले ऊपर चले जाते ह. दूसरी मंजिल पर जाने क बाद मई उनका पीछा करता हु और देखता हु की राजू प्रिय को दूसरी छत पर उतरने में मदद क्र रहा था. दोनों दूसरी तरफ उतर जाते ह. प्रिय की छत राजू की हमारी छत से थोड़ा निचे थी और उस पर बाउंड्री थी सदियों पर एक छोटा कमरा था जिस क दरवाजे और प्रिय खड़ी थी और राजू उसको रोके हुए था. तभी प्रिय कहती ह
प्रिय- ठनक गॉड बच गयी मई बहुत दर गयी थी
राजू- मई जनता हु फरीदा मैडम को उनका दिल बहुत बड़ा ह
प्रिय- है तुझे तो लगेगी hi तेरी मुँहबोली गर्लफ्रेंड जो ह
राजू- मेरा वो मतलब नहीं था यर
प्रिय- मई तेरी राग राग से वाक़िफ़ हु तेरी नजर हमेशा बूब्स पर hi होती ह
राजू- बड़े बड़े बूब्स देखते hi दबाने का मन करने लगता ह, तू ने नोटिस किआ फरीदा मैडम क कितने बड़े बड़े ह यर
प्रिय- है उनके जयदा hi बड़े ह
राजू- कैसा लगा मोठे बूब्स को हुग क्र क
प्रिय- सॉफ्ट सॉफ्ट फील हो रहे थे..... मई लेस्बियन नहीं हु कमीने गलत सोचने पर मज़बूरी क्र रहा ह
Raju(haste हुए)- पर मजे तो ले रही थी मैडम की गांड पर हाथ रख क्र
Priya(muskurate हुए)- मुझ से बच क रहना राजू तुझ से पहले तेरी गर्लफ्रेंड को चुरा लुंगी
राजू हैरान रह जाता ह प्रिय ये क्या बोल गयी. उस ने प्रिय को हाथ पकड़ क्र अपने सामने किआ और थोड़ी देर देखा. प्रिय ने जीन्स और टॉप पहना हुवा था जिसमे ध्यान से देखने पर उस क नुकीले निप्पल उभर क्र आ रहे थे.
प्रिय उसको नखरे भरे अंदाज़ से देख रही थी और मुँह सिकोड़ क्र दूसरी तरफ क्र लेती ह. तभी राजू उसको अपने आगोश में लेता ह और उसके लिप्स चूसने लगता ह. मुझे उस रत की यद् आने लगती ह जब राजू ने छत पर अम्मी को फ्रेंच किश किआ था. प्रिय अम्मी से साइज में बहुत छोटी थी जिस वजह से राजू की गिरफ्त से निकल पाना उस क लिए मुश्किल हो रहा था. और राजू उसके मम्मी दबा रहा था उसका लुंड पंत में तम्बू बना हुआ था. प्रिय क मुँह से ummmhh...Umhhmmhh की आवाज निकल रही थी फिर राजू उसको छोड़ता ह और बोलता ह
राजू- आज ब्रा नहीं पहनी क्या निप्पल बहुत सख्त फील हो रहे ह
प्रिय- छोड़ मुझे जाने दे
राजू- मेरा लुंड खड़ा हो गया ह अभी मत जा मेरी रानी
प्रिय- थोड़ी देर और रुकी तो मम्मी ऊपर आ जाएँगी
राजू- बहाना मत बना यर आंटी को पता ह की हम मेरे घर पर गए ह
प्रिय- नहीं अपनी गर्लफ्रेंड फरीदा क सतह करो
राजू- उसको भी तेरे सतह छोडूंगा मेरी जान
राजू ऐसा सुन क्र और जयदा एक्ससिटेड हो जाता ह और प्रिय को देवर से शता देता ह और उनको किश करने लगता ह प्रिय भी अब एक्ससिटेड हो गयी थी और राजू क सर को अपनी और दबा रही थी राजू उसके होठो को पागलो की तरह चूस रहा था.
फिर उसने प्रिय की जीन्स में हाथ डाला और प्रिय ने धीरे से अह्ह्ह्हह..... की आवाज की और उसका मुँह खुला रह जाता ह और राजू उसको नैक पर किश क्र रहा था उसका दूसरा हाथ प्रिय क टॉप को उठा क्र अंदर घुसने की कोसिस क्र रहा था. फिर प्रिय कहती ह
प्रिय- यर कैसे क्र रहे हो मेरे लिप्स पर काटो मत रेड हो जाते ह
राजू- कण्ट्रोल नहीं हो रहा मेरी रानी
प्रिय- मैडम ने नहीं सिखाया क्या
राजू- अह्ह्ह...... अभी फालतू की बाटे न क्र मेरी जान
फिर राजू प्रिय का टॉप ऊपर उठा देता ह और उसके बूब्स चूसने लगता ह. प्रिय का चिकना बदन देख क्र मेरा लुंड खड़ा हो जाता ह और मई अपने लुंड को हाथ से सहलाने लगता हु. प्रिय राजू को उसके बूब्स चूसते हुए देख रही थी फिर राजू उसकी जीन्स का बटन खोल देता ह और बिना देरी किए उसकी जीन्स निचे जांघो तक क्र देता ह और अपना लुंड बहार निकल लेता ह राजू का लुंड लम्बा था ऊपर से पतला और पीछे को मोटाई में बढ़ता हुवा था उस ऊपर को मुद क्र खड़ा था जैसे आसमान को सलामी दे रहा हो. उस क लुंड की स्किन खड़ा होने की वजह से पीछे हो गयी थी
मई समझ गया की क्यों ेट नई लड़कीअ राजू क पीछे पागल ह. मगर प्रिय का छोड़ने का दिल नहीं था इस लिए प्रिय अपनी जीन्स को फिर से ऊपर क्र लेती ह और दबी हुवी आवाज में कहती ह
प्रिय- वो नहीं करना उसमे बहुत देर लगेगी
राजू- सीओ ऑपरेट तो क्र यर जल्दी हो जाएगा
प्रिय- नहीं मई जा रही हु
राजू अपने दोनों हाथो से प्रिय की जीन्स को ऊपर करने से रोक रहा था दोनों खड़े खड़े hi ऐसा क्र रहे थे उसका लुंड प्रिय की छूट क ठीक सामने था. राजू बिना देर लिए अपना लुंड प्रिय की छूट पर टिका देता ह और एक झटका देता ह. प्रिय क मुँह से सेक्स भरी आवाज में अह्ह्ह....... की आवाज अति ह और वो थोड़ा ऊपर हो जाती ह. राजू का लुंड प्रिय की छूट से फिसल जाता ह और उसकी जांघो के बिच में घुस जाता ह. प्रिय की छूट गेली थी उस को छोड़ने का दिल नहीं था और उसकी छूट साथ नहीं दे रही थी राजू का लुंड लेने को बेताब थी जिस वजह से उसकी छूट से पानी निकल क्र राजू क लुंड पर चिपक गया था. राजू फिर से धक्का मरता ह पर उसका लुंड प्रिय की जांघो क बिच से छूट पर फिसल रहा था. प्रिय आहे भर रही थी और राजू से मादक आवाज में बोल रही थी
प्रिय- राजू प्लस आज नहीं अह्ह्ह्हह्हह बीएस करो राजू
राजू- तेरी छूट गेली हो रही ह मेरी जान अभी छोड़ने दे, मेरा लुंड पागल हो रहा ह तेरी गरम छूट से रगड़ क्र
फिर राजू देवर से सात जाता ह और प्रिय को अपने हाथो से जकड़े हुए था मेरी पर प्रिय की गांड थी. प्रिय की गांड देख क्र मई तेजी से मुठ मरने लगता हु. अस पास कोई और घर ेट नई हाइट पर नहीं था इस लिए कोई देख नहीं सकता था. पर प्रिय बार बार राजू से कह रही थी की कोई आ जायेगा आज रहने दे और राजू उसको छोड़ने का मन बना चूका था. हर धक्के क सतह राजू का लुंड प्रिय की जांघो क बिच से रगड़ता हुआ उसकी गांड क निचे से दूसरी अत जिस से उनके लुंड का ऊपर का हिस्सा दिखाई दे रहा था.
मई हैरान था की राजू का ेट नई उम्र में hi ेट न बड़ा लुंड ह सिड ऐसी लिए उस से बड़ी दिखने वली प्रिय उस से छुड़वाने को त्यार ह. मुझे अम्मी की फ़िक्र होने लगती ह. अगर राजू ने अम्मी को इस हद तक काबू में क्र लिए की अम्मी उस से छुड़वाने को त्यार हो जाए तब अम्मी ेट ने बड़े लुंड से छुड़ेगी. अम्मी की ेट न बड़ा चंडीदर लुंड ले क्र छूट फैट जाएगी.
मई देखता हु की राजू प्रिय की छूट में फिर से लुंड सेट के ने लगता ह. प्रिय जोर से सिसकने लगती ह
प्रिय- अह्हह्ह्ह्ह....... उम्मम्मम्म....... बीएस करो राजू
Raju(Priya क बूब्स चूसते हुए)- साली तुझे अपने घर में पूरा दिन नंगी क्र छोडूंगा
राजू जोश में था और उसका लुंड प्रिय की छूट में घुस गया था और प्रिय अपने लेग्स क अंगूठो पर खड़ी थी सिड प्रिय चाहती थी राजू का लुंड पूरा अंदर न घुस. राजू उसको गांड से पकड़ क अपने लुंड पर दबा रहा था. प्रिय अपने मुँह पर भी हाथ रखे थी ताकि उसकी चीख न निकल पर और राजू उसके मम्मी अपने मुँह में लिए था झुक क्र उसको पेट और नैक पर किश क्र रहा था. फिर अचानक से किसी क आने की आहत होती ह और प्रिय राजू को धक्का दे क्र दूर हो जाती ह और अपना टॉप निचे क्र क अपनी जीन्स ऊपर क्र लेती ह. राजू भी जल्दी hi अपना पैजामा ऊपर क्र लेता ह पर उसका लुंड अभी भी खड़ा था जिसको छिपाना राजू क लिए मुश्किल हो रहा था. तभी प्रिय की माँ कमला ऊपर अति ह, मई भी पीछे हो जाता हु राजू की वजह से हम सभी को मर पद सकती थी. कमला बोलती ह
कमला- तू मैडम से मिलना बोल क्र गयी थी ऊपर क्या क्र रही ह
प्रिय- अभी आयी हु ऊपर से
कमला दूसरी तरफ राजू को देख क्र बोलती ह
कमला- हरामज़ादे तुझे मना किआ था मेरी छत पर मत आया क्र, रेलिंग तोड़ दी नमक हराम ने
राजू कुछ नहीं बोलता और मुस्कुराता हुआ अपनी छत पर चढ़ने लगता ह. कमला गुस्से से बोलती ह
कमला- निचे से आया क्र वर्ण तेरी टंगे तोड़ दूंगी
अपनी माँ को बिजी देख क्र प्रिय निचे चली जाती ह और राजू ऊपर चढ़ क्र निचे जाने लगता ह और मुझे देख क्र हड़बड़ा जाता ह. उसे दर था की मैंने उसको प्रिय क सतह चुदाई करते देखा तो नहीं. फिर मुझ से पूछता ह
राजू- असलम तुम ऊपर कब ए
असलम- मई निचे घूम रहा था अभी शोर सुन क्र आया हु
राजू ने रहत की सास ली और निचे चला गया उसका लुंड अभी भी खड़ा जिस को छिपाने क लिए राजू आगे हाथ रखे था. दूसरी तरफ कमला अपनी छत का मुआयना करने लगती ह. मई सोचने लगता हु की क्या कमला को बता देना चाहिए की अभी यही पर उसकी बेटी राजू से चुद रही थी. और मुझे ये सोच क्र हसी भी आ रही थी की कैसे कमला ने आ क्र राजू क खड़े लुंड पर चोट क्र दी. बेचारा राजू का छूट मरने का प्लान नाकाम हो गया. फिर कमला निचे चली जाती ह.