Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife) - Page 12 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife)

अपडेट- 53(बी) (मेघा अपडेट)

कुछ देर की चुप्पी के बाद सामने बैठी डॉक्टर आसमा को अजीब सी नज़रियों से घूरती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी................

" तुम्हारी शादी को कितने दिन हो गए.................." और सामने बैठी डॉक्टर आसमा के चेहरे को घूरती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी वहीँ आसमा कुछ देर तक चुप रही फिर वो हौले से " 6 महीने " इतना कहकर चुप हो गयी वहीँ वो डॉक्टर उसे देखती रही.............

" क्या तुम्हारे हस्बैंड भी तुम्हारे साथ उतना hi सेक्स करते थे जितना की अब करते hain........................."aur वो डॉक्टर आसमा के चेहरे की तरफ बड़े गौर से देखती रही वहीँ आसमा उस डॉक्टर के मुँह से ऐसे सवाल सुनकर थोड़ी हड़बड़ा सी गयी और फिर कुछ नार्मल होती हुई आगे बोलने लगी..............

" सेक्स से इन सब का क्या मतलब हैं doctor.................husband हैं तो मेरे साथ सेक्स तो करेंगे hi..................." और आसमा धीरे से बोल पड़ी वहीँ वो डॉक्टर उसकी बाटिओं को सुनकर थोड़ी मुस्कुरा पड़ी..............

" सेक्स करना तो ठीक हैं मगर तुम्हारी वागिना और अनल को देखकर ये साफ़ पता चलता हैं की वो तुम्हारे साथ कुछ ज़्यादा hi सेक्स करते hain........................i मैं काफी देर tak.....aur लगातार कई baar...................bar बार...................." और वो डॉक्टर इतना कहकर चुप हो गयी वहीँ आसमा का कालेज ज़ोरों से धड़क utha...............wo जवाब में अपना सर नीचे की तरफ झुकाती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी.......................

" हाँ ................हमारे बीच सेक्स ज़्यादा होता hain..................jab उनका मुन्न होता हैं तब वो मेरे साथ सेक्स करते hain.................magar..............." और इतना कहकर आसमा चुप हो गयी वहीँ वो डॉक्टर गेहरति सांस छोड़ती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी.............

" सेक्स करना सेहत के लिए ाचा होता हैं magar........kisi भी चीज़ को ज़रूरत से ज़्यादा किये जाये to.........dikkatein बढ़ने lagengi...................jahan तक मुझे अंदाज़ा हैं की तुम्हारे हस्बैंड तुम्हारे साथ अनलिमिटेड सेक्स किये हैं और इसी का ये नतीजा हैं की तुम्हारे पीरियड इतने जल्दी आ gaye..................aur तुम्हारे वागिना में गहरा इन्फेक्शन भी हो चूका hain................iski वजह ये हैं की वो तुम्हारे साथ घंटों सेक्स करते रहते hain.................jiski वजह से तुम्हारे वागिना के साइड के स्किन्स पूरी तरह से फुर्र गए hain.................main तुम्हारे हस्बैंड से अभी कुछ बात करना चाहती हूँ................." और इतना कहकर वो डॉक्टर चुप हो गयी वहीँ आसमा के चेहरे का रंग पुरा फीका सा पढ़ गया...............

वो इस लिए नहीं की उसे सेक्स से जुडी बाटिओं से उसे कोई परेशानी thi.........dikkat तो ये थी की अगर सैम जान गया तो उसकी मुश्किलें और भी बढ़ jayengi..................kuch सोचकर वो फ़ौरन हरी के नंबर पर बात की और थोड़े देर बाद उधर से हरी धीरे से बोल पड़ा........................

"डॉक्टर तुमसे बात करना चाहती हैं....................." और आसमा इतना कहती हुई फ़ौरन अपने फ़ोन को उस डॉक्टर को थमा दी वहीँ वो डॉक्टर उस फ़ोन को लेती हुई हरी से फिर बातें करने लगी................

" तुम्हें इंसान हो या janwaar..................bhala कोई किसी के साथ ऐसा सेक्स भी करता hain...................tumne अपनी बीवी की क्या हाल बना रखा hain..................tumhein थोड़ी भी शर्म हैं की nahin.................tum अपनी हवस पूरी करने के लिए इससे शादी किये हो क्या............" और वो डॉक्टर हरी पर जैसे बरस पड़ी वहीँ हरी की रही सही बोलती भी बंद हो gayi.................wo बस जवाब में jeeee.e...............haan..............kehkar चुप हो गया वहीँ वो डॉक्टर आगे फिर कहना शुरू की................

" अगर तुम चाहते हो की तुम्हारी वाइफ सेफ रहे तो तुम्हें कुछ दिनों तक सेक्स को कण्ट्रोल करना hoga.............apni वाइफ के साथ तुम्हें सम्भन्ध कुछ दिनों के लिए बंद करना hoga......................aayi बात समझ mein.........agar आगे चलकर कोई दिक्कत होगी तो इसकी जवाबदारी मेरी नहीं................" और इतना कहकर वो डॉक्टर फ़ोन रख दी वहीँ उसकी नज़र मोबाइल के स्क्रीन पर जब गयी तो वो कुछ देर तक सोच में डूबी rahi......kyon की उसपर हरी नाम लिखा हुआ आ रहा था और पर्ची पर आसमा .......................इससे ये साफ़ पता चल रहा था की या तो इन दोनों का कोई लव मैरिज hain...................ya तो आसमा का किसी और से गैर सम्बन्ध हैं......................

वैसे तो वो डॉक्टर हरी से बात करके समझ hi चुकी थी की आसमा जिससे उसे बात कराई थी वो उसका पति नहीं हो सकता tha.......agar वो उसका हस्बैंड होता तो वो उससे सवाल जवाब ज़रूर karta....................magar वो बस चुप चाप से सुनता raha................aur कुछ पुछा भी नहीं..................

" मैं कुछ दवाइयां लिख देती हूँ इसे तुम टाइम पर लेती rehna..........aur एक हफ्ते तक तुम अपने मर्द से दूर rehna.................aur एक लिक्विड हैं जिसे तुम्हें अपनी वागिना में लगाना हैं जिससे उसके अंदर की इन्फेक्शन ठीक हो सके..............." और इतना कहकर वो डॉक्टर उस पर्ची को आसमा की तरफ थमती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ आसमा चुप चाप उठी और फ़ौरन बहार की तरफ आकर दवाई लेने lagi..................dawayi लेने के बाद वो बहार आयी तो कार के बहार हरी उसका hi आने का इंतज़ार कर रहा tha.................aasma को देखकर उसके दिल की घबराहट और भी ज़्यादा बढ़ गयी.................

" क्या कहा उस डॉक्टरनी ne.....................wo तो मुझपर बहुत गरम हो रही थी......................." और हरी इतना कहकर चुप हो गया वहीँ जवाब में आसमा मुस्कुराती हुई कार में आकर बैठ गयी और लुम्बी सी सांस छोड़ती हुई हरी के तरफ उस दवाई के पैकेट को देती हुई हरी के तरफ बड़े गौर से देखने lagi................wahin हरी अजीब इस नज़रियों से आसमा के चेहरे की तरफ बस देखता रहा.......................

" बस एहि कहा की तुम मेरे पति हो तो वो तुमसे बात करना चाहती thi...............keh रही थी की तुम्हें इन 7 दिनों तक मेरे साथ सेक्स बिलकुल भी नहीं करना hain.............wo क्या जानती हैं की अगर मैं सेक्स नहीं करुँगी तो खुद मुझे चैन नहीं aayega..................khair ये दवाई मुझे तुम्हारी वजह से hi कहानी पढ़ रही hain...............na तुम मुझे इतना रगड़ते और न मेरी ऐसी नौबत aati.................dekh लिया न ज़्यादा छोड़ने का natiza...................waise भी अब मैं पीरियड से हूँ तो मुझे ठीक होने में कम से कम 5 या 6 दिन तो लग hi जाएंगे तब तक मैं पूरी तरह से ठीक भी हो jawungi.................uske बाद तो वही होगा जो तुम और मैं चाहते hain..................aab घर चले..................." और आसमा मुस्कुराती हुई फ़ौरन गाड़ी चालू की और दोनों घर के लिए निकल पड़े....................

******************************************************************************************

रात का वक़्त था हरी भले hi आसमा के पास था मगर वो आज उसके साथ सेक्स नहीं करना चाहता tha.........................aur न hi उसका मूड tha...............magar आसमा तो हर वक़्त अपनी ठुकाई करवाने के मूड में रहती thi....................magar इस वक़्त उसकी मज़बूरी thi....................us रात दोनों ने खाना खाया और साथ में दोनों सू gaye.........................wahan से दूसरी taraf..........kahin बहुत दूर,.............................

" darling.......................meri जैसी को पाकर तो तुम्हारी किस्मत चमक gayi.................magar कहीं ऐसा तो नहीं की तुम मुझे इस्तेमाल करके मुझे फिर हमेशा हमेशा के लिए छोड़ दोगे........................" और पास में एक सूंदर सी औरत सैम के बाजु में अध्नंगी लेती हुई थी और सैम उसके बालों में अपनी ऊँगली को धीरे धीरे से फेर रहा tha........................uske जुल्फों से खेल रहा था साथ hi उसके गलों पर भी अपने हाथ फेर रहा tha.......................beech बीच में वो उसके चूचियों को मसल देता जिससे वो औरत ज़ोरों से सिसक पड़ती...................

" तुम मुझसे ऐसी बात क्यों करती हो darling.....................maine तुम्हें छोड़ने के लिए hi थोड़ी न तुमसे प्यार किया hain....................magar कमब्खत मेरी निकाह हो गयी हैं और मेरी ये मज़बूरी हैं की मैं अपनी वाइफ को कभी छोड़ नहीं sakta..................magar तुम्हें भी मैं अपनी ज़िन्दगी से कहीं दूर जाने नहीं doonga...................aab बातें भी करोगी या कुछ करने डौगी................" और सैम उस लड़की के सरे कपड़े धीरे धीरे उतरने लगा वहीँ वो लड़की मुस्कुराती हुई खुद बा खुद अपने सरे कपड़े उतरती चली gayi................aur देखते hi देखते वो सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी हो गयी..............

" सलमा jaan....................kaash मेरी शादी न हुई होती तो मैं तुमसे hi निकाह karta..................magar मेरी बीवी बहुत सूंदर हैं और मैं उसे छोड़ना नहीं chahta.................aur साथ hi साथ तुम्हें bhi................tum दोनों मेरी लाइफ में हमेशा hi rahogi.................mera प्यार कभी तुम्हारे लिए कम नहीं होगा................." और सैम अपने सरे कपड़े उतरने लगा और जब वो पूरा नंगा हो गया वो फ़ौरन सलमा के ऊपर चढ़ गया और अपने लुंड को उसकी छूट पर सेट करता हुआ तेज़्ज़ तेज़ ढ़ाके लगाने लगा वहीँ दो चार ढाकों के बाद उसका दम फूलने लगा और अगले hi पल वो वहीँ ज़ोरों से हांफता हुआ नीचे पड़ी उस लड़की पर बेसुध गिर पड़ा और ज़ोरों से हफ्ता हुआ पूरी तरह से ठंडा पढ़ gaya.............................wahin नीचे लेती लड़की ज़ोरों से चीख पड़ी मगर उसका सारा गुस्सा सैम को देखने के बाद खुद बा खुद ठंडा पढ़ गया..............

" तुम भी न sam.................kya करते ho......................humesha मुझे गरम करके ऐसे hi ठंडा कर देते ho.................tumhein अगर दिक्कत हैं तो क्यों नहीं तुम अपना सही से इलाज़ करा लेते हो....................." और वो लड़की चिढ़ते हुए बोल पड़ी और फ़ौरन उठकर बाथरूम की ओरे चल पड़ी वहीँ सैम चुप चाप से सलमा के मटकती हुई गांड को बस देखता raha................aab उसके लुंड में कोई भी हलचल नहीं हो रही thi................dekhna था आने वाला वक़्त कौन सा मोड़ लेकर उन सब की ज़िन्दगी में आने वाला था.......................

तो बे कॉन्टिनोएड...........................................................................
 
अपडेट- 54 (ा) (मेघा अपडेट)

" तुम भी न sam.................kya करते ho......................humesha मुझे गरम करके ऐसे hi ठंडा कर देते ho.................tumhein अगर दिक्कत हैं तो क्यों नहीं तुम अपना सही से इलाज़ करा लेते हो....................." और वो लड़की चिढ़ते हुए बोल पड़ी और फ़ौरन उठकर बाथरूम की ओरे चल पड़ी वहीँ सैम चुप चाप से सलमा के मटकती हुई गांड को बस देखता raha................aab उसके लुंड में कोई भी हलचल नहीं हो रही thi................dekhna था आने वाला वक़्त कौन सा मोड़ लेकर उन सब की ज़िन्दगी में आने वाला था.......................

अब आगे..............................................................................

सलमा khatoon..........................umar करीब 28 saal............dikhney में average...............na hi ज़्यादा सावली और न hi ज़्यादा gori.................magar उसका फिगर बहुत कातिलाना tha................khas कर उसकी gand..........jab वो मटक मटक कर चलती थी तो मर्दों के दिल पर बिजलियाँ गिर padti...............waise तो वो सैम की बुसिनेस्स पार्टनर thi...............magar रात में सिर्फ उसकी पर्सनल partner...............ya यु कहो की सेक्स partner.................aasma की कमी अब सलमा hi पूरा करती thi.................waise तो सैम का चाकर काफी दिनों से था मगर उसके जिस्मानी तालुकात इस बीच सलमा से बन गए थे............

सलमा नंगी hi वापस आयी और आकर सैम के बाजु में बैठ gayi................wahin सैम उसके चूचियों के साथ फिर से खेलने laga.................ye देखकर सलमा थोड़े गुस्से से उसपर चिल्ला पड़ी..........

"रहने दो sam................tumse कुछ नहीं hoga................tum सिर्फ मुझे गरम करना hi जानते हो.................. ठंडा nahin...................mera तो फिर भी ठीक हैं मगर सोचो अगर तुम अपनी बीवी के साथ ऐसा करते रहोगे तो वो यकीन मनो तुम्हें छोड़कर कहीं किसी और के साथ अपनी ठुकाई करवाने lagegi..................fir तुम जान कर भी उसे कुछ बोल नहीं pawogey...................waise भी तुम्हारी बीवी बेहद खूबसूरत hain.............uska तो कोई भी मर्द आसानी से दीवाना बन सकता hain................aur तुम इतने बड़े घर में उसे अकेला छोड़कर यहाँ रहते ho...............ye भी तो हो सकता हैं की घर का कोई नौकर hi उसे फंसा le...............fir तुम क्या करोगे................" और सलमा सैम को ताने मरती हुई बोल पड़ी वहीँ सैम ना में अपनी गुर्दें हिलता हुआ एक तुक सलमा के चेहरे की तरफ देखने लगा....................

उसे सलमा की बाटिओं पर गुस्सा तो बहुत आया था मगर वो गुस्से का घुट पीकर बस रह गया और अपने कपड़े पहनता हुआ करवट बदलकर वहीँ बिस्टेर पर सोने की कोशिश करने laga..............magar सलमा की बाटिओं ने उसकी नींद उदा दी thi..................wo अपनी आँखें खोले अपनी बीवी आसमा के बारे में hi सब कुछ सोच रहा tha........................wo जनता था की उसकी बीवी ऐसी नहीं हैं मगर वो ये भी जनता था की जब औरत जवानी के दहलीज़ पर कड़ी हो तो वो कब बदल जाये ये तो ऊपर वाला भी नहीं janta..................fir वो तो एक इंसान था...........

बहुत देर तक बिस्टेर पर इधर उधर करवट बदलने पर भी जब उसे नींद नहीं आयी तो वो सलमा की तरफ अपना चेहरा घूमता हुआ उसकी तरफ टकटकी लगाए देखता रहा वहीँ सलमा उसकी तरफ बिस्टेर पर लेती हुई उसे देखकर मुस्कुरा रही थी..............

" क्यों क्या hua...................neend नहीं आ rahi...................tension हो रही तुम्हें अपनी बीवी ki...................agar तुम्हें उसकी इतनी hi फ़िक्र हो रही हैं तो तुम एक बार उसे वीडियो कॉल करके क्यों नहीं देख lete......................issey पता चल जायेगा की वो इस समय वाकई में सू रही hain.........ya फिर किसी और के साथ कुछ और कर रही हैं.................." और सलमा इतना कहकर धीरे से हंसी लगी वहीँ सैम गुस्से से उठकर बैठ गया और सलमा की तरफ गुस्से से देखने laga............magar बोलै कुछ नहीं...............

" अगर आसमा सू रही होगी और .........अगर तेरी बात गलत निकली to..................main तेरी गांड में पूरा का पूरा अपना लुंड घुसा doonga...............aayi बात समझ में.............." और सैम सलमा को जैसे धमकाता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में सलमा उसके तरफ देखती हुई धीरे से हंस पड़ी...........

" मैं तो कब से तुम्हारा लुंड अपनी गांड में लेने को मरी जा रही हूँ मगर एक तुम हो की तुम मेरी गांड कभी मरते hi nahin................suna हैं गांड मरवाने में भी बड़ा मज़ा आता hain.............ye सब कसूर तो तुम्हारे इस छोटे से लुंड का hain.................agar ये और बड़ा और मोटा होता to................kasam से मज़ा आ जाता..............." और सलमा सैम के टांग खींचती हुई धीरे से हंस पड़ी वहीँ सैम जवाब में कुछ न बोल सका और अपने हाथों में मोबाइल लेता हुआ फ़ौरन आसमा के पास वीडियो कॉल करने लगा.....................

उधर आसमा गहरी नींद में सू रही thi.................uske बाजु में हरी भी सोया हुआ tha...................uska एक हाथ उसकी एक चूची पर था और दूसरा उसकी गांड par......................jab मोबाइल का रिंग बजा आसमा फ़ौरन हड़बड़ाती हुई बिस्टेर से उठकर बैठ गयी और जब घडी की तरफ देखि तो रात के 11 बज रहे they.................usey सैम पर बहुत गुस्सा तो आया मगर वो पूरी तरह से नार्मल होती हुई फ़ौरन बिस्टेर से उठ गयी और दूसरे कमरे में जाकर उसका फ़ोन रइवे ki....................dil में उसके थोड़ा दुर्र भी बढ़ गया tha................itni रात अचानक से फ़ोन आने की वजह से.................

" sam.......................are यो alright...................tum इस वक़्त वीडियो कॉल क्यों कर रहे ho................kuch हुआ क्या.......!!!!!!!!!!!! और आसमा सैम को गुस्से से देखने लगी वहीँ सैम आसमा के चेहरे से लेकर उसके सीने तक पहने हुए सूट को देखने लगा तो उसे रहत की सांस li..................wo धीरे से मुस्कुराता हुआ आसमा के खूबसूरत से चेहरे की तरफ देखता रहा....................

"बस ऐसे hi.........thode दिल में अजीब अजीब से खिलअत आ रहे थे इस लिए तुम्हारे पास मैंने वीडियो कॉल kiya........iam सॉरी jaan......tumhein तकलीफ देने के लिए...................." और सैम बात बनता हुआ फिर धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा गुस्से से उसे hi घूरती रही..................

" अब तो तुम खुस हो naa.......meri नींद ख़राब karke..................main सोने जा रही हूँ...................." और आसमा सैम के जवाब का इंतज़ार किये बगैर hi फ़ोन रख दी और लुम्बी सी सांस लेती हुई अपने सर अपर हाथ रखकर सब कुछ बड़े गौर से सोचने lagi....................usey तो यकीन नहीं हो रहा था की सैम ऐसे इतनी रात गए उसके पास ऐसे वीडियो कॉल भी कर सकता hain...............ho न हो उसे इस बात का यकीन हो गया था की वो ज़रूर उसक बारे में पता कर रहा hoga................ye तो शुक्र था की पीरियड आने की वजह से वो आज बच गयी थी नहीं तो हर रात इस वक़्त वो हरी से अपनी चुदाई में व्यस्त रहती.................

जैसे hi ो फ़ोन राखी हरी भी उसके पीछे पीछे वहां चला आया और आसमा को ऐसे सोच में डूबा हुआ देखकर वो अपना एक हाथ उसके कंधे पर रखता हुआ उसके ंबंगी पीठ को बड़े प्यार से चूमने लगा वहीँ आसमा फ़ौरन पीछे पलटकर हरी के तरफ देखने लगी और उसके लबों को चूमती हुई हौले से मुस्कुरा दी...............

" तुम्हारे शौहर ने इस वक़्त तुम्हारे पास फ़ोन क्यों kiya....................kya उस चूतिये को नींद नहीं आ रही थी जो तुम्हें वो इस वक़्त परेशां करने लगा...................." और हरी थोड़ा नाराज़गी ज़ाहिर करता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा भी उसके तरफ देखती हुई चुप सी हो गयी................

" haan............wahin तो मैं भी सोच रही हूँ .........khair.............aawo हरी चलकर सूती हैं................" और आसमा हरी का हाथ पकड़ती हुई उसे अपने बैडरूम में ले गयी और हरी भी उसके दोनों चूचियों को मसलता हुआ उसके बाजु में आकर लेट gaya.........................uska लुंड आसमा के गांड को टच कर रहा tha...................wahin आसमा अपनी गुर्दें पीछे की तरफ घूमती हुई हरी के चेहरे की तरफ बड़े प्यार से देखने lagi.....................wahin हरी मासूम सा चेहरा बनाये हुए आसमा के तरफ बस देखता रहा,.............
 
अपडेट- 54(बी) (मेघा अपडेट)

" मेरे बाचे को भूख लगी हैं क्या.................." और आसमा हरी के चेहे की तरफ टकटकी लगाए बस देखती रही वहीँ हरी कुछ न बोल और चुप चाप से आसमा के तरफ बस देखता raha...................aasma समझ चुकी थी की हरी उसे छोड़ना चाहता हैं और उसकी तबियत की वजह से वो कुछ बोल नहीं पा raha....................shayad झिझक raha...................wo फ़ौरन करवट बदलती हुई हरी के चेहरे की तरफ अपना मुँह करके लेट गयी और बड़े गौर से उसके चेहरे की तरफ बस देखती rahi......................kuch देर तक देखने के बाद वो फिर धीरे से बोल पड़ी...............

"आज की रात तुम्हें मेरे साथ जितने मज़े करने हैं कर lo....................fir पता नहीं ऐसा मौका कब आएगा......................." और आसमा हरी को हरी झंडी देती हुई धीरे से मुस्कुरा दी वहीँ हरी अजीब नज़रियों से आसमा के चेहरे की तरफ बस देखता रहा.....................

" magar....................doctor ने तुम्हें चुदाई करने से मन किया हैं to.....fir...................." और हरी थोड़ा हैरान होता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हरी के चेहरे की तरतफ देखती हुई धीरे से मुस्कुरा दी..................

"डॉक्टर ने मुझे आगे वाली छेद में लुंड डलवाने से मन किया hain...................na की पीछे वाली छेद mein...............tumhare लिए तो मेरी दो छेद अभी भी खुले हुए hain..................ek तो मेरा mooh.......aur दूसरी मेरी gand............................."aur आसमा भोलेपन से बोल पड़ी वहीँ हरी के चेहरे पर मुस्कान तैर gayi.....................wo आसमा से फ़ौरन लिपट गया और उसके होंठों को बेह्तषा चूमने laga...................wahin आसमा अपने कपड़े एक एक कर सरे उतरने लगी.................

" hari......................zara एक मिनट ruko.................main अभी आती हूँ................" और आसमा फ़ौरन बाथरूम की ओरे चल पड़ी वहीँ हरी अपने सरे कपड़े निकलता हुआ पूरा नंगा हो गया और आसमा के आने का इंतज़ार करने laga..................thode देर बाद जब आसमा वापस आयी तो हरी उसे सर से लेकर पवन तक बस देखता hi रह gaya...................kyon की आसमा हरी के सामने पूरी नंगी चलते हुए आयी thi..................jiski हरी को ज़रा भी उम्मीद नहीं thi................wo बड़े गौर से आसमा के बुर की तरफ देखे जा रहा था जहाँ उसे कोई पद नज़र नहीं आया ये देखकर वो थोड़ा हैरान ज़रूर हुआ...........

" तुम्हारा पद कहा हैं................." और हरी पास में रखे तेल की शीशी को अपने हाथों में उठता हुआ बिस्टेर पर उठकर बैठ गया वहीँ आसमा जवाब में बस मुस्कुराती रही..................

" पद पहनकर मैं तुम्हारे मज़े को ख़राब नहीं करना चाहती इस लिए मैंने अंदर ढेर साडी कॉटन की रुई दाल राखी हैं जिससे मेरे पीरियड का गन्दा खून बहार नहीं आएगा.................... और आज तेल की ज़रुरत नहीं hain.........................tum आज मेरी गांड ऐसे hi मरोगे....................." और आसमा आकर बिस्टेर पर पेट के बल नंगी hi लेट गयी और अपनी दोनों टांगें आपस में चिपकती हुई अपने दोनों हाथों को पीछे की तरफ ले गयी और अपने गांड को दोनों हाथों से हरी के सामने पूरा फैलाती हुई हरी के तरफ देखकर धीरे से मुस्कुरा दी.................

हरी फ़ौरन आसमा के ऊपर चढ़ गया और अपने लुंड को आसमा की गांड की छेद पर सेट करता हुआ धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव बनाने laga.................saath hi वो आसमा की दोनों चूचियों को कसकर मसलता हुआ उसके गुर्दें ुर गलों से लेकर पीठ तक चटनी laga.....................wahin आसमा बुरी तरह से मचल uthi..............hari वक़्त न जाया करते हुए अपना लुंड पर दबाव बनाये रखा और इस बाद आसमा बुरी तरह से चीख padi.................kyon गांड की सूराख पूरी तरह से सूखी होने की वजह se.................aur हरी का लुंड मोटा और सख्त होने के करम उसका लुंड बहुत hi मुश्किल से अंदर घुस रहा था जिससे आसमा की चीखें लगातार निकल रही thi...............thodi मेहनत के बाद आखिर हरी का पूरा लुंड आसमा की गांड में समां गया और उधर आसमा के आँखों से दर्द के आंसूं भी निकल पड़े......................

हरी फिर न रुका और ढ़ाके पे ढ़ाके लगता raha....................aur बुरी तरह से आसमा की गांड फाड़ता raha.................kuch देर छोड़ने के बाद वो अपना लुंड आसमा के मुँह के पास ले गया और उससे अपना लुंड जी भरकर चूस्वाता raha..............fir वो हर अलग अलग पोजीशन में उसकी गांड छोड़ता रहा और आसमा बस चीखती और चिल्लाती rahi.................waise भी आसमा को वाइल्ड सेक्स पसंद tha...................aur हरी के साथ उसे न सिर्फ मज़ा मिलता tha..................balki एक सुकून भी मिलता tha.........................hari उसे हर एक पोसिटिनो में चोधरा रहा और आसमा अपने क्लिटस को लगातार रगड़ती rahi.................i चुदाई के दौरान वो भी एक बार फिराग हो चुकी thi..............ghanton छुड़ाने के बाद आखिर हरी का सारा वीर्य उसकी गांड में गिरता हुआ वहीँ आसमा के ऊपर लेट गया और आसमा लुम्बी लुम्बी सांस लेती हुई अपने आपको नार्मल करती रही...............

उस रात हरी आसमा की दो बार गांड मरता रहा जब तक आसमा की गांड अंदर से छीलकर लाल नहीं हो gayi....................chodhtey छोड़ते सुबह के 4 बज गए थे तब हरी सुकून से सोया tha....................wahin आसमा बहुत देर तक हरी के चेहरे को बस निहारती rahi..................na जाने क्यों उसका प्यार हरी के तरफ और भी बढ़ गया tha......................subeh के 9 बजे जब वो सूकर उठी तो वो फ़ौरन बाथरूम गयी ........................सबसे पहले उसने वो बेडशीट बदली जिसपर उसके बुर से कुछ खून गिरा हुआ tha..............jiske दाग कहीं कहीं लगे हुए they...........fir वो नहाकर हरी के लिए नास्ता बनाने lagi.............aur नास्ता करने के बाद वो हरी के गॉड में आकर बैठ गयी...........

" आज से शांति भी आ जाएगी और दो दिन बाद सैम bhi....................aab हम पहले की तरह मिल नहीं sakte................magar मैं कोई भी मौका चूकूँगी nahin..............jab भी मुझे मौका मिलेगा मैं तुम्हारे पास खुद hi चली aawungi.................aab तुम अपने कमरे में चले jawo.....................shanti कभी भी आती hogi..................na जाने क्यों मुझे ऐसा लगता हैं की वो सब कुछ हमारे बारे में जानती hain..................magar मैं चाहती हूँ की तुम उसे कोई भी बात मुट्ठ शेयर karo.................nahin तो आगे चलकर हमारे लिए दिक्कतें और भी बढ़ जाएगी..............." और आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ हरी कुछ देर तक खामोश रहा फिर वो धीरे से हाँ में अपनी गुर्दें हिलता हुआ वहां से चुपचाप बहार जाने लगा तो आसमा ने उसे फिर से रोक दिया.................

" hari................ye रख लो कुछ paise......................aur मैं तुम्हारे लिए कुछ लायी hoon...............tum ठहरो मैं अभी आती हूँ.............." और आसमा फ़ौरन अपने कमरे में गयी और जब वो वापस आयी तो उसके हाथों में दो जोड़ी कपड़े थे जिसे वो हरी के लिए hi लायी thi...............hari नार्मल hi रहा क्यों की उसे पैसों और इन सब चीज़ों से प्यार नहीं tha................pyaar था तो उसे सिर्फ आसमा se..............jisey वो अब उससे दूर नहीं जाना चाहता tha...............magar जाना मज़बूरी भी thi...............waise भी तो वो हर वक़्त उसी के पास तो रहने वाला था...............

" इसकी क्या ज़रुरत thi......................aur ये पैसे मुझे नहीं चाहिए...................." और हरी अपने हाथ पीछे करता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में मुस्कुरा दी..............

" जो मेरा हैं वो तुम्हारा भी तो hain................isey रख लो तुम्हारे काम aayengey...............aur हाँ तुम कुछ भूल रहे हो.................." और आसमा अपने हाथों में सिन्दूर की डिब्बी हरी के सामने रखती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी आसमा के तरफ बड़े आस से देखने laga..........sach ओट ये था की उसका चेहरा पूरी तरह से मायूस हो गया tha..............usey आसमा से दूर जाना अब बिलकुल भी मंज़ूर नहीं tha..............hari उस सिन्दूर की डिब्बी को खोलता हुआ ................अपने ऊँगली से आसमा के मांग में उस सिन्दूर को लगाने लगा औरजब उसकी मांग उसके नाम के सिन्दूर से जब भर गयी तब आसमा फ़ौरन हरी के पैरों को छोटी हुई पूरी तरह से भावुक हो gayi...................sach तो ये था की आज उसकी आँखों में भी आंसूं चालक पड़े थे................

हरी उसे उठता हुआ एक तुक देखने लगा और आसमा फ़ौरन हरी के सीने से लिपटती चली gayi..................na जाने कितने देर तक वो दोनों बिना कुछ कहे ऐसे hi एक दुस्रारे से लिपटे रहे...............

" ी लव यो hari..................."aur आसमा हरी के सीने से लिपटी हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी बड़े प्यार से उसके सर पर अपना हाथ फेरता हुआ .........ी लव यू too............kehkar चुप हो गया और आसमा को अपने से थोड़ा दूर करता hua.....................ek तुक उसकी आँखों में बड़े गौर से फिर देखने लगा...........................

" एक बात bolun.........................kyon न हम कहीं भाग चलते hain....................in सब से बहुत door..........jahan हमें कोई दूर दूर तक पहचाने वाला कोई न ho....................na जानने वाला............" और हरी मायूस होता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा टकटकी लगाए हरी के चेहरे की तरफ बस देखती रही...............

" नहीं hari......................aisa नहीं हो payega..................meri अम्मी अब्बू को मुझसे बहुत सी उम्मीदें hain.......main उनका सर कभी नीचे होता हुआ नहीं देख sakti..................main तुम्हारे पास तो हूँ na............har waqt.......har घडी................." और आसमा के आँखों से आंसूं निकल पड़े वहीँ हरी अपना सर झुकता हुआ बिना कुछ बोले चुप चाप से बहार जाने लगा वहीँ आसमा टकटकी लगाए हरी को अपने से दूर जाता हुआ बस देखती rahi..................lab पूरी तरह से खामोश हो चुके थे मगर दिल में बहुत से तूफ़ान फिर से उठने लगे they.......................aasma फ़ौरन वहां से भगति हुई अपने बीएड पर आयी और फुट फुट कर रू padi........hari से यु दूर जाना उसे ज़रा भी ाचा नहीं लग रहा tha..................magar समय के आगे किसी की नहीं चलती................

कुछ देर बाद शांति भी आ गयी और जब वो अंदर आसमा से मिलने आयी तो वो उसके चेहरे पर ए निखार को देखकर दांग रह gayi.......................aasma इस वक़्त बाला सी ख़ूबसूरत लग रही thi...............wahin शांति के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान thi....................wo बहुत ाचे से जानती थी की इन 15 दिनों में हरी और उसके बीच क्या कुछ हुआ hoga..............magar वो अनजान बानी रही क्यों की उसे अपनी नौकरी भी प्यारी थी...............

" memsaheb................mera मरद तो ठीक हो गया magar...........aapne जो पैसे दिए थे वो सरे के सरे ख़तम हो gaye..................main उसे आपको बहुत जल्द लौटा दूँगी.............." और शांति धीरे से बोल पड़ी वहीँ आसमा जवाब में हौले से मुस्कुरा दी................

" कोई बात नहीं shanti...................tum इतने दूर से आयी हो तो थक गयी hogi.................jakar ारक कर lo...................main भी सूने जा रही हूँ................" और आसमा फ़ौरन अपने कमरे की तरफ चल पड़ी वहीँ शांति बड़े गौर से आसमा की मटकी हुई गांड को देख रही thi................waise पहले की मुकाबले आसमा की गांड थोड़ी बड़ी और भरी हुई नज़र आ रही थी जिससे साफ़ पता चल रहा था की इसमें हरी की कितनी मेहनत hain..................wo जैसे hi कमरे में गयी हरी बिस्टेर पर लेता हुआ आसमा के बारे में hi सोच रहा था...................

" क्यों कैसे कटे तेरे ये 15 din.....................tu बताये या न बताये मगर मैं ाचे से जानती हूँ की तेरे तो मज़े hongey.................waise तेरी म्हणत तो मेमसाहेब पर मुझे साफ़ दिख रही हैं..................." और शांति हरी को ताने देती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी थोड़ा सा चिढ़ता हुआ अपना मुँह दूसरी तरफ करके सू गया....................

" मुझे नींद आ रही hain..........aur तू अपनी ये बकवास बंद kar..........aur मुझे सूने दे................." और हरी अपना उह घूमता हुआ बोल पड़ा वहीँ शन्ति उसके तरफ देखती हुई धीरे से हंस पड़ी...................

" लगता हैं रात में काफी म्हणत हुई hain......is लिए उधर मेमसाहेब सोने जा रही hain......aur इधर tu............khair मेरी किस्मत तेरे जैसी कहाँ.................." और शानित ऐसे hi बड़बड़ करती रही और हरी नींद की आगोश में डूबता चला gaya..................dekhna था आगे वक़्त कौन सा करवट बदलने वाला था...........................

तो बे कॉन्टिनोएड.................................................................
 
मेरी कहानी सबसे हमर होती हैं रही बात क्लाइमेक्स की तो वो तो रहेगा hi और रही बात आसमा के रंडी होने की तो वो कभी बनेगी नहीं ...उसका सिर्फ हरी से रिश्ता हैं न की सबसे

थैंक यू

थैंक यू सो मच

बीआरओ मेरी कहानी सबसे हटके होती hain....aabhi क्लाइमेक्स आना बाकि हैं और रही बात आसमा की तो वो रंडी तो बनेगी नहीं क्यों की उसका और किसे से कोई अफेयर नहीं हैं...
 
अपडेट- 55 (ा) (मेघा अपडेट)

" लगता हैं रात में काफी म्हणत हुई hain.................is लिए उधर मेमसाहेब सोने जा रही hain................aur इधर tu............khair मेरी किस्मत तेरे जैसी कहाँ.................." और शांति ऐसे hi बड़बड़ करती रही और हरी नींद की आगोश में डूबता चला gaya..................dekhna था आगे वक़्त कौन सा करवट बदलने वाला था...........................

अब आगे.........................................................................

अब तक तो सबकी ज़िन्दगी बड़े मज़े और आराम से कुत्त रही थी मगर अब आसमा और हरी के ज़िन्दगी में कुछ ऐसा होने वाला था जिससे उनकी लाइफ हमेशा के लिए अब बदलने वाली thi........................do दिन जैसे तैसे बीत गए और न hi आसमा हरी से मिल पायी और न hi हरी ने आसमा से मिलने की कोशिश ki..................teen दिन बाद सैम भी वहां आ गया और आसमा की खूबसूरती को देखकर वो भी दांग रह gaya..................aasma की मासूमियत उसके अंदर बेचैनी को बड़ा दी thi....................wo फ़ौरन उसके गले लग गया मगर आसमा के अंदर अब पहले जैसी वो बात नहीं थी................

उसका प्यार बाँट चूका tha....................jitni शिद्दत से वो अब हरी को चाहने लगी थी उतनी शिद्दत अब सैम में कहीं नज़र नहीं आ रही thi..................sam तो उसे फ़ौरन बिस्टेर पर ले जाना चाहता था मगर आसमा नहीं चाहती थी की सैम उसके बदन को हाथ भी lagaye....................magar शौहर होने के नाते उसे ये सब करना उसकी ज़रुरत भी thi........aur आसमा की mazboori.......................wo मन भी तो नहीं कर सकती thi..................aakhir सैम का उसके जिस्म पर पूरा अधिकार जो था.....................

" sam.......iam sorry..........is वक़्त nahin...............main अभी पीरियड से hoon....................to मुझे कम से कम 5 या 6 दिन तो ठीक होने में लग hi jayega.............main कुछ नहीं कर सकती अभी............." और आसमा सैम के हाथों को अपने बदन से अलग करती हुई उससे दूर हो गयी वहीँ सैम के चेहरे पर आयी खुशियां थोड़ी मायूसी में बदल gayi..................uska चेहरा मुरझा सा गया मगर वो कुछ देर बाद मुस्कुराता हुआ आसमा को अपनी गॉड में उठाकर सीधा अपने कमरे में ले गया और उसके चूचियों को मसलता हुआ उसके लबों को चूमने laga...............wahin आसमा अपनी आँखें बंद करती हुई हरी के बारे में सब कुछ सोचती रही...............

न जाने क्यों उसे अब सैम के साथ ये सब ाचा नहीं लग रहा tha................magar वो सैम को भी दुखी नहीं करना चाहती thi...................agar वो कुछ ऐसा वैसा उसे बोल देती तो उसे शक भी होने lagta............isi वजह से वो चुप रही और सैम को मनमानी करने देने lagi...................thode देर बाद सैम नहाने गया तो आसमा उसके लिए नास्ता और खाना बनाने lagi..................jab भी आसमा को मौका मिलता वो हरी से फ़ोन पर hi बात कर leti.................magar सैम के आ जाने से हरी ने फ़ोन करना भी बंद कर दिया ताकि सैम को उसके ऊपर शक न ho..................aur वो नहीं चाहता था की उसके वजह से आसमा को कभी कोई दिक्कत हो................

सैम जब नाहा रहा था तब सलमा का उसके मोबाइल पर फ़ोन aaya....................magar जैसे hi आसमा फ़ोन रइवे करने गयी वैसे hi फ़ोन कुत्त gaya...................aasma सैम का लॉक ाचे से जानती थी तो वो उसके मोबाइल का लॉक खोलने लगी तो सैम ने अपने फ़ोन का पैटर्न चेंज कर दिया tha.....................jiske वजह से उसका फ़ोन नहीं khula.................jaise hi आसमा जाने के लिए मुड़ी फिर से फ़ोन बज utha................is बार आसमा ने फ़ोन उठाया और बिना कुछ कहे hi चुप चाप उधर से आवाज़ सुनती रही.............

" darling..........tum तो बहुत गंदे ho............kahe थे की हम पहुंचकर फ़ोन करेंगे और तुमने फ़ोन भी करना ज़रूरी नहीं samjha.................aab तुम hi बताओ की मैं कैसे रहूंगी इतने दिन तुम्हारे बगैर.............." और इतना सुनते hi आसमा का कलेजा ज़ोरों से धड़क utha.....................wo चुप चाप फ़ोन को सुत्त करती हुई फ़ौरन किचन में चली गयी और जाकर खाना बनाने lagi.....................is वक़्त उसके दिमाग में हज़ारों बम जैसे धमकी हो रहे they....................magar वो सैम से कुछ पूछना इस लिए नहीं चाहती थी क्यों की वो खुद गलत राह पर कड़ी thi...................agar उसका हरी के साथ नाजायज़ सम्बन्ध नहीं होता तो वो अब तक सैम का मुँह नूच ली होती.................

मगर वो भी ाचे मौके की तलाश में चुप हो गयी और सैम पर निगरानी रखने lagi.....................wo नहीं चाहती थी की सैम को कभी कुछ पता भी chale...........sam नहाकर आया और फिर नास्ता करता हुआ आसमा के साथ उसके कमरे में आराम करने चला gaya..............fir वो कुछ देर बाद गहरी नींद में सू gaya..................jab उसकी नींद खुली तो शाम के 5 बज रहे they.................is बीच मौका पाकर आसमा हरी से बातें करती रही ......................शाम को जब सैम उठा तो आसमा का हाथ खींचता हुआ उसे अपने ऊपर ले आया और उसके गलों को बेहताशा चूमने लगा.............

" वैसे तुम तो और भी निखार गयी ho..................baat क्या hain.......................tum तो पहले से कहीं ज़्यादा सूंदर तो अब लग रही ho...................kahin मेरे दूर रहने से तो नहीं............." और सैम आसमा को चढ़ता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में हौले से मुस्कुरा दी..............

" तुम्हें तो हर लड़की सूंदर hi नज़र आती hain..................tumhara अगर बस चले तो तुम किसी भी लड़की के पीछे अपनी लार टपकते फिरते raho....................tumhara किसी एक लड़की से मुन्न थोड़ी न कभी भरने वाला hain....................tum मर्दों की एहि तो आदत हैं..............." और आसमा सैम के टांग खींचती हुई बोल पड़ी वहीँ सैम जवाब में हौले से मुस्कुराता रहा...................

आसमा को तो इस बात का भी दुर्र सत्ता रहा था की अगर सैम उसे बिस्टेर पर छोड़ेगा तो उसे कहीं पता तो नहीं चल jayega................kyon की उसकी छूट चुद छोड़कर पूरा भोंसड़ा बन चुकी thi..................hari उसे पिछले 15 दिनों से सिर्फ दिन रात छोड़ता hi तो रहता tha.....................us घर में ऐसी कोई जगह नहीं बची थी जहाँ हरी उसे छोड़ा न ho...............magar इन 6 दिनों में वो थोड़ी एक्ससरसीसे करके अपने ढीले छूट को टाइट करना चाहती थी ......................जैसे तैसे रात हुई और सैम बिस्टेर पर जाते hi पूरी तरह से बेचैन हो utha..................usey आसमा को छोड़ने का बहुत दिल कर रहा था और जिसकी बीवी इतनी मस्त चीज़ हो वो भला कैसे मान सकता hain..........kuch ऐसा hi हाल सैम का भी था...............

" darling.......................mera बहुत मुन्न कर raha......................kaash तुम्हारा ये पीरियड अगर नहीं आया होता to.................main तुम्हें इसी वक़्त यहीं इसी बिस्टेर पर लेटकर तुमपर चढ़ गया hota...................kuch करो न की मेरा माल निकल jaye......................mujhe बहुत बेचैनी हो रही हैं..............." और सैम तड़पते हुए बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से मुस्कुरा दी...........

" वहां तुम कैसे रहते थे जब तुम्हारा इतना मुन्न करता था to.......kyon नहीं बुला लिए किसी और ko..........wo तुम्हारे इस प्यास को बुझा देती................" और आसमा सैम को ताने मरती हुई बोल पड़ी वहीँ सैम बुरा सा मुँह बनता हुआ उसके सामने गिड़गिड़ाने लगा...................

"darling.................tum कैसे भी करके मेरे लुंड का पानी निकल दो bus.................mujhe नींद आ जाएगी....................." और सैम टकटकी लगाए आसमा के खूबसूरत से चेहरे को बस देखता रहा वहीँ आसमा जवाब में मुस्कुराती हुई सैम के पेण्ट को खोलने लगी तो सैम ने उसे रोक दिया..................

" ऐसे nahin...................tum सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी हो जाओ और फिर घुटनों के बल बैठकर मेरे लुंड को ाचे से chooso..............aur तब तक चूसती रहो जब तक मेरा सारा माल तुम्हारे मुँह के अंदर नहीं निकल jata...............pichley बार जैसा तुम की थी ...........बिलकुल वैसे hi............" और सैम इतना कहकर बिस्टेर पर अपने सरे कपड़े निकलने लगा वहीँ आसमा न चाहते हुए भी बाथरूम में गयी और पद को ाचे से बांधती हुई अपने सरे कपड़े पूरी उतरती हुई ऐसे hi नंगी चलकर सैम के पास आयी तो सैम भी पूरा नंगा होकर बिस्टेर पर पीठ के बल लेता हुआ tha....................aasma एक नज़र सैम के खड़े लुंड को टकटकी लगाए देखती रही................

जो नशा हरी के लुंड में था वो उसमें kahan.......aur सैम का लुंड हरी के सामने किसी छोटे बाचे सा नज़र आ रहा tha..................kareeb 5 इंच लुम्बा और 1 से 1-1/2 इंच mota............aasma वहीँ घुटन के बल बैठ गयी और सैम के लुंड को पूरा एक hi बार में अपने मुँह के अंदर डालती हुई पूरे उसके लुंड को एक hi बार में चूसने lagi................wo सैम के लुंड को बड़ी hi आसानी से ले रही thi..............kareeb 5 मिनट भी नहीं बीते सैम वहीँ ज़ोरों से सां लेने लगा और अपना एक हाथ आसमा की दोनों चूचियों पर फेरता हुआ उसे ज़ोरों से मसलता रहा.................

वैसे तो जितनी ताक़त से हरी उसके निप्पल्स और चूचियों को मसलता था अगर सैम भी उतने hi ज़ोरों से उसे मसलता तो आसमा की आहें निकल जाती मगर वो पूरी तरह से नार्मल thi..................chand सेकण्ड्स गुज़ारे थे की सैम का साबरा खो गया और वो अपना सारा माल आसमा के मुँह में गिरता चला गया जिसे आसमा पूरा पी gayi........magar जो टास्ते हरी के वीर्य में था उसे वो स्वाद नहीं मिल रहा tha................magar सैम का दिल रखने के लिए वो ऐसा कर रही thi..............aasma फिर बाथ्रून में गयी और अपने कपड़े पहकर वापस सैम के पास आकर सू गयी............
 
अपडेट- 55(बी) (मेघा अपडेट)

ऐसे hi 5 दिन गुज़र गए और आसमा पहले से काफी ठीक हो gayi................uske पीरियड्स भी अब ख़तम होने वाले they.....................hari और शांति रोज़ की तरह आते और अपना अपना काम ख़तम करके वहां से चुप चाप वापस चले jate..................magar हरी को ज़रा भी मौका मिलता या आसमा को मौका मिलता तो वो काम बताने के बहाने हरी के पास अक्सर अकेले जाती तो हरी उसके चूचियों ko........to कभी उसके गांड पर हाथ फेर deta.................aise hi एक हफ्ते गुज़र gaye......................udher सैम सलमा से चुप छुपकर बातें karta...............aur इधर आसमा हरी से......................

जब आसमा पूरी तरह से ठीक हो गयी तो उस रात सैम ने आसमा को बिस्टेर पर choda................magar जैसे hi उसने अपना लुंड आसमा की बुर में जब घुसाया तो उसे ऐसा लगा जैसे वो कोई बड़ी सी सुरंग में अपना छोटा सा लुंड दाल रहा hain...................usey एक पल तो झटका सा लगा मगर वो कुछ नहीं bola................usey पूरा यकीन था की उसकी बीवी ऐसी नहीं hain................wo उसकी गैर मौजूदगी में किसी और के साथ जिस्मानी रिश्ता कभी नहीं बना sakti.................magar इस बीच सैम का वहीँ हाल raha............wo 5 मिनट से ज़्यादा टिक नहीं पता जिससे आसमा बुरी तरह से चिढ भी जाती और हर वक़्त बेचैन भी rehti...............kyon की हरी ने उसकी आदत पूरी तरह से बिगड़ राखी थी.............

अब तो उसे घंटों छोड़ने की आदत सी हो गयी थी वो भी बड़ा और मोठे लुंड से............... तो भला 5 मिनट में उस छोटी सी लुल्ली से उसका क्या होने वाला tha.....................wo बिस्टेर पर पूरी रात बस बेचैन रही मगर सैम से कुछ न boli..............do तीन दिन ऐसे hi गुज़र gaye..................aasma के अंदर बेचैनी बढ़ती hi rahi.................sam अपनी प्यास को बुझा लेता और आसमा को ऐसे hi तड़पता हुआ छोड़ deta.....................jis वजह से आसमा के अंदर अब चिच्चिड़ापन भी बढ़ने लगा tha...............magar वो सैम को कुछ नहीं बोल रही thi............ek तो उसे इस बात का गुस्सा tha........uapr से सलमा नाम की किसी औरत से उसके नाजायज़ तालुकात थे इस वजह से वो अब उसके साथ जिस्मानी तालुकात भी नहीं बनाना चाहती thi....................jis वजह से वो अब सैम पर चिढ़ने लगी thi....................magar खुद गलत होने की वजह से वो सैम से कुछ भी नहीं बोल पा रही थी और साडी चीज़ें अपने अंदर hi समेटकर राखी रहती...............

ऐसे hi एक दिन शांति को कहीं जाना था जिस वजह से वो उस दिन काम पर नहीं aayi....................magar हरी उस दिन आया और ऊपर के कमरे में चला गया और जाकर साफ़ सफाई करने laga................thode देर बाद आसमा खुद चलती हुई ऊपर आयी तो हरी अपने काम में व्यस्त tha................wo कुछ उदास भी रहने लगा tha.....................shayad आसमा से दूर रहने की वजह se.................idher आसमा का भी कुछ ऐसा hi हाल tha...................aasma मौका पाकर आयी तो हरी उसे अपनी बाँहों में कसकर दबोच लिया वहीँ आसमा चरों तरफ देखती हुई हरी से खुद को आज़ाद करने lagi...............magar वो हरी से खुद को आज़ाद नहीं कर पायी................

" छोड़ो bhi...................aabhi सैम अगर ऊपर आ जायेगा तो दिक्कत हो जाएगी..................." और आसमा खुद को चुदती हुई हरी से दूर होने लगी तो हरी उसके गुर्दें को चाटता हुआ एक हाथ से उसके चूचियों को कसकर मसलने laga...............wahin आसमा ज़ोरों से सिसक पड़ी.............

" memsaheb...................main बहुत दिनों से प्यासा hoon.....................mere लुंड में आग लगी हुई hain...........aap इसे बुझा दो न ....................." और हरी तड़पते हुए बोल पड़ा वहीँ आसमा एक नज़र बहार की तरफ देखती हुई फिर हरी के चेहरे की तरफ देखने lagi..................uske दिल में दुर्र बढ़ता hi जा रहा था की कहीं सैम अचानक से ऊपर आ गया तो पता नहीं क्या होगा................

" aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh..........hari बात को समझा karo.......sam इस वक़्त घर पर hi hain..................agar वो कहीं आ गया to.................tumhein तो वो जान से मार dega..............aur साथ hi साथ मुझे bhi...............aur मैं कौन सा सुख भोग रही hoon................main भी तो इतने दिनों से प्यासी hoon..................inse तो कुछ होता nahin.....................ye मेरी प्यास को और सिर्फ भड़कते hain........bujhatey nahin.....................tum थोड़ा देर साबरा karo.......................main सैम को नहाने के लिए भेजती hoon..........wo जब नहाने जाता हैं तो उसे निकलने में 1/2 घंटे का वक़्त तो लगता hi hain.................itne देर में तुम चाहो तो................." और आसमा हरी से खुद को आज़ाद करती हुई उससे दूर हो गयी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा...................

" ठीक हैं मेरी jaan...................tab तुम अपने पति को नहाने के लिए bhejo........aur haan.......jab भी तुम इस कमरे में आना तुम अपने सरे कपड़े उतारकर hi aana..................aur haan.................tu उस दरवाज़े से मूतते हुई hi मेरे पास aayegi.......................agar ऐसा नहीं हुआ तो मैं तुझे छोड़ना तो door.............tujhe छूवूँगा भी नहीं.................." और हरी जैसे अपना फाइल्स सुनाता हुआ चुप हो गया वहीँ आसमा की रूनी जैसे सूरत हो gayi..................usey समझ में नहीं आ रहा था की हरी उसके साथ ये किस तरह का मज़ाक कर रहा hain................magar हरी पूरी तरह से सीरियस था.................

" तुम्हें पता भी हैं की तुम क्या बोल रहे ho...............mera शौहर जब घर पर नहीं था तो मैं तुम्हारे लिए वो सब कुछ करती थी जो तुम चाहते they........magar अब बात दूसरी hain............agar उसने मुझे इस हाल में तुम्हारे साथ देख लिया तो गज़ब हो जायेगा......................" और आसमा जैसे तड़प उठी वहीँ हरी जवाब में बस मुस्कुराता रहा..............

" अगर ऐसा कुछ हुआ तो तू सीधा सामने वाली बाथरूम में घुस jana.....................keh देना की नीचे वाली बाथरूम खली नहीं थी तो मैं ऊपर hi नहाने चली aayi.................aur हाँ अपने कपडे भी साथ लेती आना नहीं तो ऐसे hi नंगी निकलना मेरे samney............................aab फटाफट जा और भेज उसे नहाने को................" और हरी फिर से अपने काम में लग गया वहीँ आसमा धड़कते दिल से धीरे धीरे नीचे आने लगी तो सैम अपने मोबाइल में डूबा हुआ tha.........................aasma सैम के गले में अपनी बाहें डालती हुई उसके चेहरे के पास अपना चेहरे को ले गयी और बड़े गौर से उसे देखने लगी...................

" जब देखो तब आप मोबाइल में डूबे रहते hain..................aap जाकर नाहा lijiye......................main आपके लिए कुछ नास्ता बना देती हूँ................." और आसमा सैम को उठती हुई उसे ज़बरदस्ती बाथरूम में भेजने लगी वहीँ सैम मुस्कुराता हुआ अपनी जगह से उठ गया और आसमा के चेहरे की तरफ बड़े गौर से निहारता रहा.............

" क्या बात हैं आज से पहले तो तुमने इतनी ज़बरदस्ती नहीं की मेरे saath.................waise भी मुझे शेविंग बनाना हैं तो आज नहाने में टाइम तो लगेगा hi.........................agar तुम कहती हो तो मैं अभी चला जाता हूँ................" और सैम मुस्कुराते हुए फ़ौरन अपने शेविंग किट और टॉवल को लेता हुआ अंदर घुस गया और आसमा अपने कपड़े लेती हुई फ़ौरन ऊपर के कमरे की तरफ जाने lagi.................uski छूट में इस कदर आग लगी हुई थी की जब तक हरी उसे अपने लुंड से ठंडा नहीं करता उसे कहीं चैन नहीं मिलता......................

जैसे hi वो ऊपर के कमरे में आयी वो फ़ौरन उस कमरे का दूर बंद करती हुई अपने कपड़े लेकर बाथरूम में रख दी और बाथरूम के दरवाज़े के सामने कड़ी होकर हरी के तरफ बड़े गौर से देखने lagi..................hari उसे देखता हुआ फ़ौरन अपने लोअर और अंडरवियर को नीचे अपने पैरों तक सरका दिया और उसका फनफनाता हुआ लौड़ा एक बार फिर से आसमा के सामने झूलने लगा जिसे आसमा बड़े गौर से देख रही thi.................aasma के बुर में ये नज़ारा काफी था आग लगाने के liye...................wo पूरी तरह से मचल uthi.................hari फिर अपने हाथों से आसमा को अपने कपड़े उतरने का फिर इशारा करने लगा वहीँ आसमा बिना देर किये अपने दोनों हाथ अपने कंधे पर ले गयी और पहले वो अपनी सूट ऊपर करके उतरने लगी.........................

फिर वो अपनी लग्गी को नीचे की तरफ पूरा सरकती हुई उसे भी अपने जिस्म से अलग कर di.............kuch सेकण्ड्स वो रुकी फिर वो अपनी ब्रा की हुक खोलती हुई फिर अपनी पंतय भी धीरे से नीचे की तरफ सरका di.................ek बार फिर से वो हरी के सामने सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी थी मगर आज सिचुएशन दूसरा tha......................sam नीचे के बाथरूम में नाहा रहा था और ऊपर आसमा हरी के सामने नंगी होकर उससे अपनी चुदाई करवाने वाली thi.....................wo अपना एक हाथ अपने चूची पर ले गयी और अपने दायी वाली निप्पल्स को हौले हौले से मसलने lagi......................aur दूसरा हाथ वो अपने छूट पर ले गयी और उसके फांक को धीरे से फैलाती हुई हरी के खड़े लुंड को बड़े गौर से देखती रही...............

"तुम जितना देर करोगी तुम्हारी मुश्किलें और भी बढ़ेगी.................." और हरी अपने लुंड को हिलता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा अपनी टांगें खोलती हुई थोड़ी सी प्रेशर बनायीं तो अगले hi पल उसके बुर से मूट चूत pada...................jo उसके टांगों से होता हुआ नीचे फर्श पर बह रहा tha.................wo धीरे धीरे मूतति हुई ऐसे hi चलती ...................हरी के पास जब आयी तो हरी उसके बुर पर जैसे टूट pada...............wo अपना जीभ फ़ौरन आसमा के बुर पर रखता हुआ उकसे बुर से बहते उस मूट को धीरे धीरे चटनी लगा जिससे आसमा बुरी तरह से सिहर uthi....................badle में वो अपनी टांगें हरी के सामने पूरा फैला दी.................

कुछ देर तक वो अपनी बुर हरी से चतवती रही और हरी उसकी बुर को जी भरकर खता raha................kabhi उसमें अपनी मोती ऊँगली घुसता raha....................wo अपने सिसकारियों को पूरी तरह से दबा रही थी मगर सही से दबा भी नहीं पा रही thi...............hari कुछ देर बाद उससे अपना लुंड चूस्वाया और उसके हलक़ तक अपना लुंड घुसाए रखा जिससे आसमा फिर से तड़प uthi........................aaj हरी वैसे भी बड़ी जल्दी में tha..................hari के इस तरह लुंड अंदर डालने से आसमा के मुँह से गधा गधा थूक गिरने लगा जो उस फर्श को भिगो रहा tha..................aab उस फर्श पर ढेर सारा थूक और मूट दोनों फ़ैल गए थे...................

हरी उसे वहीँ उसी फर्श पर पीठ के बल सुलाता हुआ खुद उसके ऊपर आया और अपने लुंड को उसके बुर पर सेट करता हुआ एक ज़ोर का ढाका मारा और अपना एक हाथ लेजाकर आसमा के मुँह पर रखता हुआ उसकी ज़ोरों से चुदाई करने laga......................taki आसमा की सिसकारी बहार न निकल सके मगर वो सिसकती rahi...................sam को बाथरूम में घुसे हुए 15 मिनट हो चुके थे और इधर हरी आसमा को 15 मिनट से छोड़े जा रहा था....................

हरी इतने तेज़्ज़ तेज़्ज़ ढ़ाके मार रहा था जिससे आसमा की चीखें निकल जाती मगर वो उसके मुँह को ऐसे hi कसकर दबाये rakha..................kareeb 10 मिनट और छोड़ने के बाद आसमा अपने चरम पर पहुँच गयी और वो इस बार इतनी ज़ोर से झड़ी की उसकी बुर से ढेर सारा मूट बहार निकल गया वहीँ हरी भी ज़्यादा वक़्त न लेता हुआ अपना सारा माल आसमा के बुर के अंदर भर दिया ..................वहीँ आसमा लुम्बी लुम्बी सांस लेती हुई खुद को नार्मल करने लगी और हरी के लबों को चूमती हुई फ़ौरन अपनी जगह से जब उठी तो उसे सैम के कदम की आहात सुनाई di................jo शायद उसे ढूंढते हुए ऊपर hi आ रहा tha....................aasma के पीठ और पूरे जिस्म पर थूक और मूट लगे हुए they................uska गोरा बदन पूरी तरह से गांड हो चूका था......................

सैम के क़दमों की आहात सुनकर आसमा के चेहरे का रंग जैसे फीका सा पढ़ gaya...........wo अपने सरे कपड़े समेटती हुई फ़ौरन सामने के बाथरूम में घुस गयी मगर सवाल ये था की सामने का दरवाज़ा बंद था और सैम को पूरा डाउट हो jata.................kyon की दरवाज़ा बंद करने की कोई वजह भी तो नहीं thi...................aur आसमा भी इस वक़्त ऊपर hi thi....................hari फ़ौरन अपने अंडरवियर और लोअर को ऊपर की तरफ चढ़ाता hua...............tezi से उस दरवाज़े के पास पहुंचा और उस दरवाज़े को जैसे hi खोलकर पीछे की तरफ मुदा वैसे hi सैम ऊपर की तरफ आ चूका था.....................

हरी जैसे रहत की सांस लेता हुआ...................... जब उसकी नज़रें नीचे टाइल्स पर आसमा के मुँह से निकलने वाली थूक और लार और कुछ उसके गिरे वीर्य ........और उसकी मूट पर जब उसकी नज़र पड़ी तो उसके चेहरे का रंग जैसे फीका सा पढ़ gaya...................aab वो मुन्न hi मुन्न ये दवा करने लगा की सैम की नज़रें उसपर न पड़ी ho......................waise भी सैम आसमा को ढूढ़ते हुए ऊपर hi आया था और वो इस वक़्त नाहा चूका tha.....................dekhna था आज हरी की किस्मत कितनी बुलंद थी.........................

तो बे कॉन्टिनोएड..........................................................
 
अपडेट- 56(ा) (मेघा अपडेट) (फाइनल काउंटडाउन)

हरी जैसे रहत की सांस लेता हुआ...................... जब उसकी नज़रें नीचे टाइल्स पर आसमा के मुँह से निकलने वाली थूक और लार और कुछ उसके गिरे वीर्य ........और उसकी मूट पर जब उसकी नज़र पड़ी तो उसके चेहरे का रंग जैसे फीका सा पढ़ gaya...................aab वो मुन्न hi मुन्न ये दवा करने लगा की सैम की नज़रें उसपर न पड़ी ho......................waise भी सैम आसमा को ढूढ़ते हुए ऊपर hi आया था और वो इस वक़्त नाहा चूका tha.....................dekhna था आज हरी की किस्मत कितनी बुलंद थी.........................

अब आगे............................................................................

हरी की दुर्र से गांड फुट गयी थी उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या bole...................kya kahe......................kyon की सैम इतना भी बुद्धू नहीं था की वो टाइल्स पर गिरे थूक लार वीर्य को देखकर नहीं samjhta................samney पुछा की बाल्टी राखी हुई थी हरी फ़ौरन गया और उस बाल्टी में का सारा पानी फर्श पर गिरा दिया जिससे फर्श पर जमा सारा थूक लार वीर्य और मूट सब कुछ बहकर उस पानी में मिल gaya................ye देखकर सैम जैसे उसपर गुस्से से भड़क pada................usey फंसने से कहीं ाचा अपने मालिक से दांत सुनना मंज़ूर tha................kyon की वो आसमा पर कोई भी आंच आने नहीं दे सकता था..............................

" ये तुमने क्या किया ज़ाहिर गंवार कहीं ke.......................aacha खासा फर्श पर पानी गिराकर उसे और भी गन्दा कर दिया............................." और सैम जैसे हरी पर भड़क उठा वहीँ हरी मुन्न hi मुन्न मुस्कुराता raha...............wo जवाब में कुछ न बोलै और चुप चाप अपनी गुर्दें नीचे की तरफ झुकाये अपने मालिक की दांत सुनता raha...............jab सैम बोल लिया तो गुस्से से हरी की तरफ देखता हुआ आसमा के बारे में उससे पूछने लगा वहीँ हरी अपने हाथों से इशारा करते हुए सामने के बाथरूम की ओरे उसे बताने लगा वहीँ सैम बड़े गौर से उस बाथरूम की तरफ देखता रहा...............

" अब खड़े खड़े मेरा मुँह क्या देख रहे ho................saaf करो इस फर्श को जो तुमने अभी अभी गन्दा किया हैं..................." और सैम गुस्से से नीचे कमरे की ओरे जाने लगा वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा pada...............uske जाने के कुछ देर बाद आसमा नहाकर बहार निकली तो हरी उसे टकटकी लगाए देखता raha.................wo उसके पास गया और उसकी कमर में हाथ डालता हुआ उसके लबों को बड़े प्यार से चूसने लगा वहीँ आसमा उसे अपने से दूर करती हुई उससे दूर जाने लगी................

" hari.............aab छोड़ो bhi...................waise सैम तुमपर क्यों चिल्ला रहा था................." और आसमा हरी से दूर होती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुराता रहा............

" आपके चाकर में मुझे जो न करना pade.....................farsha पर आपका मूट वीर्य और थूक सब गिरा हुआ था अगर तुम्हारे शौहर ने ये देख लिया होता आज तो तुम इतने आराम से नहीं rehti................bus उसी को छुपाने के लिए मुझे पानी पूरे फर्श पर गिरना pada...................bachney का एक एहि रास्ता मुझे नज़र आया..............." और हरी फिर से आसमा के लबों को चूमता हुआ उससे दूर हो गया वहीँ आसमा जवाब में धीरे से मुस्कुराती हुई नीचे चल di...................aur जैसे hi वो नीचे गयी आसमा को देखर सैम फिर से हरी पर बडबडी laga............wahin आसमा कुछ देर तक सुनती रही हालाँकि सैम का हरी को ऐसे डांटा बिलकुल भी ाचा नहीं लग रहा था .....................फिर वो उसके करीब गयी और उसके पास जाकर कड़ी हो गयी..............

" हो गया na.......aab आप चुप भी हो jaiye..................waise भी घर का साफ़ सफाई वो hi तो करता hain............jab उसने फर्श गन्दा किया हैं तो साफ़ भी तो वहीँ karega..............ismein इतनी भड़कने की बात क्या हैं................" और आसमा के इस तरह कहने से सैम कुछ देर के लिए चुप हो गया फिर वो आसमा के तरफ अजीब नज़रियों से फिर देखने लगा.............

"तुम नीचे नहीं नाहा सकती thi...............upar नहाना ज़रूरी था kya................wo भी जब वो नौकर ऊपर hi था tab....................pata नहीं किसकी नज़र कैसी हैं ये तुम्हें हर चीज़ समझनी पड़ेगी..............." और सैम आसमा को गुस्से से घूरता हुआ जाकर t.v देखने लगा वहीँ आसमा भी अपने कमरे में चली गयी और जाकर अपने कपड़े चेंज करने lagi....................hari के जाने के बाद सैम का भी मूड ठीक हो गया और वो फिर से आसमा के साथ सेक्स करना चाहता था मगर इस बार आसमा ने उसे मूड नहीं हैं कहकर ताल दिया...............

वो अंदर hi अंदर इस बात को लेकर परेशां थी की हरी के वीर्य से वो माँ बनेगी या nahin...............wo अपने मुन्न में उठे उस दुविधा को दूर करना चाहती thi..................ye सोचकर वो शाम को बहाना बनाकर मार्किट गयी और एक प्रेगनेंसी किट मार्किट से लेती aayi.....................aasma ने उसे ये बताया की वो अपनी सहेली से मिलने जा रही hain.............wahin सैम भी जाने की ज़िद्द करने लगा मगर वो बहाना बनाकर ताल di.................wo उस किट को लेती हुई लेडीज टॉयलेट में गयी और वहां पर अपनी प्रेगनेंसी टेस्ट करने lagi..................aur जब उसके सामने रिजल्ट आया उसे देखकर उसके चेहरे पर खुशियां उमड़ padi................usmein रेड डबल डॉटेड लाइन थी जिससे ये कन्फर्म हो चूका था की उसका पीरियड अब रुक गया hain.............wo अब माँ बनाने वाली hain................aasma मुन्न hi मुन्न झूम उठी thi................usey ऐसा महसूस हो रहा था की जैसे उसने सरे जहाँ की खुशियां हासिल कर ली हो.................

मगर बहुत जल्द उसकी इन खुशियों पर ग्रहण लगने वाला tha................................kyon की जब वो घर से निकली थी तो सैम उस घर में कुछ ज़रूरी कागज़ात ढूढ़ने में व्यस्त tha....................tabhi टेबल पर उसे आसमा की कुछ दवाइयां मिली जिन्हें वो बड़े गौर से देखता raha..........................jab दवाइयां उसे समझ में नहीं आयी तो वो उसे नेट पर सर्च करके उसके बारे में पढ़ने लगा और जब उसे समझ में आया तो उसके पैरों टेल जमीन खिसक gayi...............halanki उसे ये तो पता चल गया की आसमा की पीरियड की ये साडी दवाइयां हैं मगर वो ये दवा क्यों ले रही थी ये उसे समझ में नहीं आया............

थोड़े देर बाद वो अल्मिराह में से कुछ कागज़ देखने लगा और जब उसकी निगाह नीचे रखे उस हद वीडियो रिकॉर्डर पर जब पड़ी...................... वो उसे अपने हाथों में लेता हुआ उसे फिर ों करने laga....................ye वहीँ रिकॉर्डर वीडियो था जो आसमा अपनी चुदाई की वीडियो इसमें रिकॉर्ड की थी जैसे hi कैमकॉडर ों हुआ और जो चीज़ सैम की नज़रियों के सामने जब आया उसके मनो होश उड़द gaye.................usey अपनी बुर और गांड में अंगूर और केला खिलाने से लेकर हरी से अपनी गांड मरवाने तक की साडी वीडियो उसमें राखी हुई थी जिसे देखने के बाद किसी भी मर्द का खून खौलना लाज़मी था.................

सैम तो गुस्से से जैसे पागल सा हो gaya................usney सपने में भी कभी नहीं सोचा था की उसकी बेगम ऐसा उसके साथ karegi....................aab उसे आज सुबह का भी माज़रा सब धीरे धीरे समझ में आने लगा tha.......................ki क्यों हरी ने फर्श पर जान बूझकर पानी गिराया tha...........usney एक नज़र वहां पर हरी का वीर्य और कुछ थूक देखा tha...............magar उसे ये बात उस वक़्त समझ में नहीं आयी thi.............magar अब उसे पूरा यकीन हो गया था की जब वो बाथरूम में नहाने घुसा था तब आसमा ऊपर उससे छुड़वा रही थी और चुदाई के दौरान ये वीर्य फर्श पर गिरा tha......................aur ये थूक शायद हरी का लुंड चूसने के दौरान गिरा हो.....................

सैम के हाथ पवन जैसे ठन्डे पढ़ गए they..................uske आँख से जैसे आंसूं निकल pade.......................usney सपने में भी नहीं सोचा था की उसकी बीवी उसके पीठ पीछे एक निहायती घटिया नौकर के साथ ये सब karegi.............upar से वो दूसरे जाट बिरदी का था ये सोचकर सैम का खून उसपर और खौल utha...............ek पल तो उसे इतना गुस्सा आया की वो अभी हरी के पास जाये और उसे गोली मार dein......uski जान ले le....................magar उसने थोड़ी समझदारी से काम लिया.......................

वो थोड़ा भी ज़ाहिर नहीं करना चाहता था की वो उनके बीच के रिलेशन को अब जान गया hain.....................wo उस कैमकॉडर को अपने पास किसी सेफ जगह पर रखकर आफ्गएय उस नौकर का क्या करना हैं उसके बारे में सब कुछ सोचने laga................waise तो उसके अंदर ये भी ख्याल आया की वो आसमा को फ़ौरन तलाक दे dein.......magar उससे पारिवारिक डिस्टर्बेंस होती जिससे उसकी बदनामी भी hoti..................ye ख्याल आते hi वो चुप हो गया और मुन्न hi मुन्न कुछ प्लान करने लगा............

थोडेर देर बाद जब आसमा आयी तो वो अंदर hi अंदर खुस थी मगर वो अपनी ख़ुशी ज़रा भी ज़ाहिर नहीं करना चाहती thi...............sam का तो मूड पहले से ऑफ tha......is लिए वो आसमा से ज़्यादा बात नहीं किया और रात को जल्दी hi बिस्टेर पर करवट बदलकर सूने की कोशिश करने laga................magar उसे नींद कहाँ आने वाली thi.......wo बिस्टेर पर साडी रात जगा रहा और जैसे hi सुबह हुई वो तैयार होकर बहार गया और अपने कुछ दोस्तों के पास फ़ोन करने लगा................

" क्या हुआ sam..........tum ठीक तो हो naa......................kal से देख रही हों तुम कुछ उखाडेय हुए से लग रहे ho..............baat क्या हैं..................." और आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ सैम बात बनता हुआ उससे दूर हो gaya...............wo अब आसमा से बात नहीं करना चाहता tha..............usey अब उससे नफरत सी हो गयी थी.....................

" मुझे एक ज़रूरी काम hain...................usey आज मैं निबटा कर आता हूँ फिर बाद में आराम से तुमसे बातें करूँगा........................" और सैम इतना कहकर फ़ौरन बहार चला गया और वो जैसे hi उस छोटे से कमरे की तरफ गया तो उसे हरी बहार बैठा हुआ mila..............wahin हरी सैम को देखकर चुप चाप से खड़ा हो गया वहीँ सैम उसकी तरफ मुस्कुराता हुआ उसकी तरफ बड़े गौर से देखने लगा.........

" hari..................tum मेरा एक काम karogey.....................mere साथ अभी चलोगे मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी काम हैं............." और सैम हरी के जवाब का इंतज़ार किये बगैर hi अपनी कार में जाकर बैठ गया वहीँ हरी भी उसके पीछे पीछे चल pada...............jab उसकी नज़रें सामने के दरवाज़े पर गयी तो उसे आसमा बड़े प्यार से देख रही thi..............magar न जाने क्यों उसका दिल बहुत बेचैन हो रहा tha................wo अंदर hi अंदर बहुत घबरा रही thi...............hari एक नज़र देखता हुआ फ़ौरन कार में बैठ गया और सैम बिना वक़्त गंवाए बहार चला gaya............kuch दूर जाने पर सैम उसकी तरफ गुस्से से देखता हुआ बोल पड़ा...................

" तुम्हें पता हैं मैं तुम्हें कहाँ ले जा रहा hoon..........tumse कोई मिलना चाहता hain.................hain कोई बहुत ख़ास ..................तुमने जग्गू दादा का नाम तो सुना hi hoga......................wo मरने की सुपारी लेता hain..................to मैंने उसे एक लाख रुपैये दिए hain...............tumhein मरवाने ko................kyon मैंने कुछ गलत तो नहीं किया ना..............." और सैम इतना कहकर अपनी कार रोक देता hain..............wo एक सुसान से इलाके में हरी को लेकर पहुँच चूका tha................wahan पर एक दो गाड़ी भी पहले से मौजूद थी जिसमें कुछ 5 या 10 गुंडे हाथ में हथियार लिए खड़े they..................jo की सैम के hi आने का इंतज़ार कर रहे थे..................

सैम के मुँह से ऐसी बातें सुनकर हरी के तो मनो होश उड़द गए they.....................wo कार से निकलता hua.....hari का कालर को तेज़ी से बहार की तरफ खींचता hua............uske गलों पर तीन चार झापड़ मरने laga................jissey हरी कुछ न बोल सका और उसे पूरा यकीन हो गया की उसकी साडी करतूत उसके आदमी को पता चल चुकी hain.......is लिए वो उसे यहाँ इन गुंडों के हाथों मरवाने लाया हैं.................

सैम फिर उस हद रिकॉर्डर को हरी के सामने दिखता हुआ उसकी तरफ गुस्से से देखने लगा वहीँ हरी का शक पूरे यकीन मैं बदल gaya...............uske पास कहने को कुछ भी नहीं बचा tha..............aaj आसमा की ये नादानी हरी के लिए मुसीबत बन गयी thi................aur उसके लिए bhi...............na hi वो कुछ ऐसा रिकॉर्ड करती और न hi किसी को कुछ पता chalta...................magar अब सब कुछ बिगड़ चूका था तो उसे कहाँ से सही किया जाता...................
 
अपडेट - 56 (मेघा अपडेट ) (फाइनल काउंटडाउन)

सैम हरी का कालर पकड़ता हुआ उसे जग्गा के पास ले गया और उसे उसके हवाले कर diya.................jaaga नमी बदमाश tha.......wo किसी को मरने का ठीक लेता tha..................pehle तो उसने हरी को अपने आदमियों से जीभरकर pityawa.................aur जब हरी की हालत बुरी हो गयी तब वो अपने पास रखे एक बड़े से चाकू को लेता hua...................wo सैम की तरफ बड़े गौर से फिर देखने laga........idher सैम सब कुछ अपने फ़ोन में रिकॉर्ड कर रहा tha................usney भी हाँ में अपना सर हिलता हुआ जगा को जैसे अनुमति दे दी.................

फिर क्या tha......................jagaa उस चाकू से एक के बाद कई वार करता चला गया और हरी के पेट में उस चाकू को पूरा धसता gaya.....................wahin हरी दर्द से चीखता raha.................jab हरी मरने की हालत में हो गया तब सैम उसके पास गया और फर्श पर गिरे हरी के सर के बल को कसकर पानी मुट्ठी में दबोचता हुआ उसे गुस्सी से फिर देखने laga.............wahin हरी उसके चेहरे की तरफ देखता हुआ मुस्कुराने लगा............

" सच कहती थी तेरी aurat.........ki तू na-mard hain............hizda hain................tere लौड़े में अगर दम होता तो .....aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh...................teri औरत ऐसे मेरे पास नहीं aati..............magar ये भी सच था की मैं उससे दिल्लगी करते करते अब सच में प्यार करने लगा tha................agar मैं उससे प्यार नहीं करता तो मैं यु तेरे इन भाड़े ( किराये) के टैटूओं के हाथों या न मार खाया hota..............magar मेरे हाथ आज उस प्यार ने बाँध रखे hain........aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,..jiske वजह से मैं मज़बूर hoon..........nahi तो यहाँ अब तक तेरी लाश बिछी hoti.....................aaaahhhh aur..........tu मुझे मरकर ये मुट्ठ सोचना की तू जीत gaya.......................waise भी तू कुछ भी करले ......................तू उसके दिल से मुझे कभी भी नहीं निकल payega.........................jeetey जी इस जनम में तो कभी nahin.........aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh................

गुनाह मुझसे हुआ मगर मुझे अपने किये का कोई पछतावा नहीं hain....................kum से कम मैं तो उसे इतने दिन सुकून की ज़िन्दगी तो दे gaya...........tu तो वो भी नहीं दे सकता usey................aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh..........pyaar करे वालों का शायद एहि अंजाम होता hain.........jo मेरा hua.............mujhe कोई हैरानी नहीं hain........main अपनी ज़िन्दगी जी चूका hhhhhhhhhhhoooooooooooooooooooooooooonnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn...........aaaaaaaaaaaaa....................." और हरी वहीँ जमीन पर बेहोश हो गया वहीँ सैम गुस्से से उसे घूरता रहा...............

" इसकी लाश को उठाकर इस नदी में फेंक do......................taki कोई मछली या जानवर इसकी बोटी बोटी को नूच खाये................." और सैम इतना कहकर अपना मोबाइल जेब में डालता hua.............us कैमकॉडर को सीट पर रखकर फ़ौरन वहां से निकल गया ....................वहीँ जगा के आदमी हरी को उठकर पास के नदी में फेंक दिए जो बेहटा हुआ कहीं दूर जाने laga........................uske फ़ौरन बाद जगा के आदमी भी वहां से निकल गए....................

सैम के कपड़ों पर खून के कुछ दाग लगे they.....................jaise hi वो अंदर आया आसमा अंदर hi अंदर पूरी तरह से बेचैन thi..................jab वो बस सैम को अकेले सीट से उतरती हुई देखती तो वो फ़ौरन सैम पर जैसे बायकला सी gayi...................wo दौड़ती हुई सैम के पास गयी और उसे गुस्से से घूरने lagi............aur जब उसकी नज़रें उसके कपड़े पर लगे उस खून पर पड़ी तो आसमा के जैसे मनो होशी hi उड़द गए..........................

" हरी कहा hain......................tum उसे अपने साथ कहाँ ले गए they.........................kya किया हैं तुमने उसके साथ................" और आसमा सैम का कालर गुस्से से खींचती हुई उसपर चिल्ला पड़ी वहीँ सैम एक ज़ोर का थप्पड़ उसके गलों पर मरता हुआ सीट पर रखे उस कैमकॉडर को उसके सामने रखता hua.......usey गुस्से से घूरने लगा.................

" तेरी शराफत की सबूत सब इसमें hain.......wo जो कल गलती से मेरे हाथ लग गयी thi....................mujhe नहीं पता था की तू इतनी बड़ी रांड niklegi..............tumne तो उसके साथ वो किया हैं जो एक पेशावर रंडी भी नहीं कर sakti......................jee तो करता हैं की मैं भी उस कामिनी के साथ तुझे अभी जान से मार doon.................magar इसमें मेरी hi बदनामी hogi.................teri एहि सजा हैं की तू ऐसे hi हर पल घुट घुटकर jiyegi.............aur उसकी याद में हर पल मारेगी..................

मैंने उसे जान से मरवा दिया hain..................ye देख सबूत.................." और सैम अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया हुआ वो वीडियो आसमा को दिखने लगा जिसे देखने के बाद उसके आँखों से आंसूं चालक pade.......wo पागल सी वहीँ फफक फफक कर रू padi......................usey एहसास हो चूका था की ज़रूर हरी के साथ कुछ गलत हो रहा हैं इस वजह से वो आज सुबह से hi बेचैन thi..........................ye दिल इस बात की गवाही नहीं दे रहा था की हरी अब इस दुनिया में नहीं hain.................magar................aab कुछ भी उसके हाथ में नहीं था.................

"साली kamini......................mere पीठ पीछे ये सब कर रही थी और मेरे सामने शरीफ बनाने का नाटक कर रही thi................bhale hi तू दुनिया की नज़र में मेरी बीवी हैं मगर मेरी नज़र में सिर्फ तू एक मेरी रंडी rahegi.....................jab मेरा मुन्न हुआ मैं तुझे इस बिस्टेर पर सिर्फ छोड़ा karunga.................aur तेरी मौजूदगी में मैं दूसरी औरतों के साथ भी जिस्मानी तालुकात rakhunga..................dekhta हूँ की तू मुझे अब कैसे रोकती hain.................teri ज़िन्दगी मैं बढ़त्तर बना दूंगा................." और सैम इतना कहकर चुप हो गया वहीँ आसमा उसके तरफ गुस्से से बस देखती रही...............

"इसमें नयी बात क्या hain....................salma हैं न तुम्हारी नयी begam....................wahan पर थे तो तुम भी एहि सब करते थे .............तो अब ये सब करोगे तो कौन सी हैरानी की बात hain.............mardon की तो आदत हैं कुत्तों की तरह इधर उधर मुँह मरने ki........................main तुम्हारे रिश्ते के बारे में पहले से जानती थी मगर मैं भी गलत थी इस वजह से चुप rahi...........main ये सब की तो तुमने हरी को जान से मरवा diya................aur तुमने किया हैं तो बोलो मैं किसी जान से marun.................tumhein या फिर उस सलमा को...................

मर्द करे तो sahi.....aur अगर औरत करे तो galat.......................ye कहाँ का इन्साफ hain...........................tumne बड़ी आसानी से कह दिया की तुम मुझे अपनी रंडी बनाकर rakhogey........................magar.......tumne ये नहीं सोचा की रंडी बनाकर रखने में भी मर्दानगी होनी chahiye...................tum तो 2 मिनट से ज़्यादा टिक नहीं पते तो तुम क्या मुझे रंडी banawogey.................tumhari रंडी बनाने से खिन ाचा हैं मैं उस हरी की रंडी बनकर rahun....................kum से कम वो मेरी ज़रुरत का ख्याल तो करता था................" और सैम इस बार गुस्से से आसमा के गलों पर लगातार तीन चार छाती लगता रहा और फिर अपना पेअर पटकता हुआ सीधा अपने कमरे में चला गया...................

सैम दो दिन तक वहां रुका मगर इस बीच वो न hi आसमा के तरफ dekhta......aur न hi उससे बात karta..................wahin आसमा भी अब बिलकुल चुप सी हो गयी thi......................wo अंदर hi अंदर पूरी तरह से टूट चुकी thi..............sam ने उस शांति को भी काम से हटा दिया था और अब वो इस घर में कोई भी नौकर नहीं रखना चाहता tha................ghar का सारा काम अब आसमा करती ......................वो पल भर के लिए भी हरी को भूल नहीं पा रही thi........wo कई बार हरी के नंबर पर कॉल करती मगर उसे बस एक hi जवाब milta.......................switch off.................jissey उसके चेहरे पर और भी मायूसी चा जाती.....................

इस बीच सैम जान बूझकर सलमा से बातें करता तो आसमा वह से हुत्त jati......................sach तो ये था की उसे अब सैम से प्यार रह नहीं गया tha.................bus वो उसका पति था इस नाते वो इस रिश्ते को कैसे भी करके निभा रही thi.............sam दो दिन बाद वह से चला गया मगर जाते वक़्त भी वो आसमा से कुछ न bola.........................aasma अब उस चार दीवारी के बीच अकेली घिरी rehti......................wahan और कोई नहीं था जो उसे संभालता या उसकी फ़िक्र karta.......................sam आसमा के पास फ़ोन करना भी बंद कर चूका tha...................magar वो उससे गुस्सा हैं वो इस बात को कहीं भी ज़ाहिर नहीं होने deta.....................na hi रिश्तेदारी में .............और न hi दोस्ती यारी में................

समय गुज़रता गया और आसमा का इंतज़ार भी फीका पढता चला gaya..............usey न जाने क्यों यकीन था की हरी ऐसे उसे छोड़कर इस दुनिया से जा नहीं sakta..........wo कभी न कभी तो आएगा उसे lene..............aur अगर ऐसा हुआ तो वो सब कुछ छोड़कर उसके साथ हमेशा हमेशा के लिए यहाँ से कहीं दूर चली jayegi.......................magar सवाल ये था की वो दिन आएगा कब.!!!!!!!!!!!!!! इस दुनिया में सब कुछ आसान हैं मगर किसी का इंतज़ार करना उतना hi मुश्किल.....................................

वक़्त गुज़रता गया और आसमा के पेट में पल रहा बाचा भी बड़ा होता चला gaya..............halanki सैम को इस बारे में पता चल चूका था की आसमा प्रेग्नेंट hain................magar वो इस बात को लेकर डाउट था की कहीं वो बाचा हरी का तो nahin........................aakhir वो दिन आ गया और आसमा के माँ बाप हॉस्पिटल लेकर पहुँच गए जहाँ आसमा ने एक खूबसूरत से बेबी को जनम दिया........................... जो दिकने में उसकी के जैसी खूबसूरत thi.................aur बहुत hi masoom.......aasma उसे बहुत देर तक अपने सीने से लगाए rakhi......aur उसके देखकर न जाने क्यों उसकी आँखों से आंसूं निकल pade.........................bahut देर तक वो अपने बाची को अपने सीने से लगाए रखे रही......................

एक हफ्ते बाद उसके माँ बाप भी वापस चले गए और आसमा फिर से अकेली हो gayi.....................magar उसने सैम से कोई बात नहीं ki......aur न hi सैम वहां aaya...............uske औरत के साथ तालुकात भी बढ़ते चले gaye..................salma के बाद उसने कोई ृक्षाणा नाम की लड़की से अपना अफैर chalaya................uske बाद फिर कोई teesari...................jab लडकियां जान गयी की सैम किस नेचर का हैं तो वो उसे खुद hi दूर रहने लगी................

वक़्त गुज़रता गया और देखते hi देखते 1 साल 7 महीने गुज़र gaye.....................hari का अब तक कोई पता नहीं tha...................aasma की लड़की भी पूरे 8 महीने की हो चुकी thi.......wo सारा दिन घर में काम में व्यस्त रहती और अपने बेबी में खोयी rehti.......................aise hi एक दिन जब उसके घर के बेल्ल बजा तो वो उस वक़्त अपने बाची को अपना दूध पिलाकर सुला रही थी......................

उसे इस बात की हैरानी हुई की इतने सैलून तक उसके घर पर कोई नहीं आया तो अचानक से इस वक़्त कौन आ gaya...............waise भी आसमा अब श्रृंगार करना छोड़ चुकी thi.................kyon की उसे सजने संवारने का मुन्न थोड़ा भी नहीं करता tha.....................jaise hi वो दरवाज़ा खोली सामने एक 48 साल का आदमी खड़ा हुआ tha.............jiske बदन पर एक गन्दी सी कामभाल thi......................chehrey पर बड़ी बड़ी दाढ़ी और मूछे ghani...................jo दिखने में किसी पागल जैसा नज़र आ रहा tha...................jab आसमा उसके चेहरे की तरफ देखि तो उससे ये पूछेँय लगी की तुम्हें क्या चाहिए और इतना कहकर वो चुप हो गयी वहीँ वो साक्ष बड़े गौर से उसके चेहरे को बस निहारता रहा...................

"aassmmmmmmmmmaaaaaaaaaaaa...................." और वो साक्ष इतना कहकर चुप हो गया वहीँ आसमा के हाथ में थमा वो डॉल उसके हाथों से जैसे चूत सा गया और अगले hi पल उसके आँखों से आंसूं किसी झरने के तरह बरस pade........................wo लगातार उस साक्ष को बड़े गौर से देखती रही और उससे ये पूछती रही की ..................तुमने आने में इतनी देर क्यों कर di..............wo साक्ष यकीनन और कोई नहीं बल्कि हरी tha...........................jisey देखकर आसमा खुद को नहीं रोक पायी और पागलों की तरह उसके सीने से लिपटती चली गयी......................
 
अपडेट- 56 (स) (मेघा अपडेट ) (फाइनल कुतड़ौन)

काफी देर तक उनके बीच ख़ामोशी rahi.........udher हरी रू रहा tha................idher aasma................na hi वो उससे दूर हुआ और न hi हरी ने उसे अपने से दूर kiya..................fir वो उससे दूर हुई और ग़ुस्सेट से हरी के तरफ देखती rahi...............fir आसमा एक दो झापड़ हरी के गलों पर लगाती hui.......kabhi उसके सीने पर मुक्के मरती रही और फुट फुट कर रोटी रही....................

" कहाँ चले गए थे तुम मुझे ऐसे छोड़ ke..............batawo........... mujhe.....meri क्या गलती thi..............sirf एहि naa.........ki मैंने तुमसे प्यार किया tha.........................shayad आज मुझे इसकी सजा मिली thi........................tum क्या जानो की मैंने कैसे ये पल काटे hain.............maut अगर आ जाती तो ठीक hi rehta...................magar मैं सिर्फ हर घडी तुम्हारा hi इंतज़ार करती rahi................chup क्यों हो बताओ मुझे............................" और आसमा हरी के सीने से लिपटकर फफक फफक कर रू पड़ी वहीँ हरी की भी आँखें नुम thi................wo कुछ देर तक चुप रहा फिर वो धीरे से बोल पड़ा.................

" मेरी बाची कहाँ hain..................main उसे देखना चाहता hoon.............usey अपने सीने से लगाना चाहता हूँ............................." और हरी ईटा कहकर चुप हो गया वहीँ आसमा उसके चेहरे की तरफ बस देखती रही...............

"magar....................tum कैसे जानते हो की मेरी बेटी हुई hain...............ye बात तो मैंने किसी से नहीं कही......................" और आसमा उसके कालर को पकड़ती हुई उसके तरफ अजीब सी नज़रियों से देखती रही वहीँ हरी कुछ देर चुप रहा और फिर धीरे से बोल पड़ा....................

" मुझे उसी ने बताया था जिसने मुझे मारा tha....................jagga नाम हैं uska.....................tumhare पति ने मुझे जान से मरने का उसे ठेका दिया tha........................magar उसके जाते hi उसने मुझे पानी से निकल दिया और अपने आदमियों से कहकर मुझे किसी ऐसे जगह पर इलाज़ के लिए भेज दिया जहाँ मैं कई महीनों तक बेहोश raha..........................aur जब मुझे होश आया तो मैं उस वक़्त चलने फिरने की हालत में नहीं tha...................usney मुझे 4 चाकू मारा था जिससे मैं काफी दिनों तक अपने बिस्टेर से उठ न saka................magar उसने मुझे क्यों बचाया ये जब मैंने उससे पुछा तो उसने बताया की मैंने उसकी जान एक बार बहुत पहले बचायी thi....................jane अनजाने में................

और मुझे बचे की वजह ये भी थी की उसने भी कभी प्यार किया था और वो अपनी प्रेमिका से कभी मिल न saka.................shayad इस जुदाई की तड़प वो ाचे से जनता hoga.......wajah जो भी ho.....magar मैं आज तुम्हारे सामने उसकी के बदौलत खड़ा हूँ...................." और हरी इतना कहकर चुप हो गया वहीँ आसमा के आँखों से आंसूं झरने की तरह बस बहते rahe..............wo हरी का हाथ पकड़ती हुई फ़ौरन उसे अपने कमरे में ले गयी जहाँ पालनी में उसकी छोटी सी बाची इस वक़्त सू रही thi....................hari बड़े गौर से उस मासूम के चेहरे को बस देखता रहा और फिर उसे अपने गॉड में उठता हुआ उसे अपने सीने से लगा लिया और बहुत देर तक उससे अपने सीने से लगाए रखा..................

" मुझे यहाँ से कहीं दूर ले चलो hari........humesha हमेशा के liye........................mera इस घर में अब दम घुटता hain..............mujhe ये शान ो शौकत नहीं chahiye..................bus तुम्हारा प्यार chahiye....................hum किसी नए जगह पर चलकर अपनी ज़िन्दगी की नयी शुरुवात करेंगे..................." और आसमा भी हरी से लिपट गयी वहीँ हरी उसे भी अपने सीने से लगाए रखा.............

" मैं तुम्हें यहाँ से ले जाने के लिए hi यहाँ आया hoon..........................hum मनाली jayengey..................wahan पर मैंने काम की बात कर ली hain................wo मुझे महीने के 20,000 देगा और घर भी रहने को dega.................humein वहां दूर दूर तक कोई नहीं पहनने वाला hain................hum कम से कम एक साथ तो रहेंगे....................." और हरी धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा भी मुस्कुरा padi...............wo अपने बाची को खिलता रहा और इस बीच आसमा अपने कीमती जेवर और कुछ पैसे अपने साथ रखती हुई उस घर को ाचे से लॉक करती hui..............apne मोबाइल को वहीँ फेंक दी और उसका सिम निकल di................taki उसका अब किसी से कभी कांटेक्ट न rahe...................fir वो अपने कपड़े लेकर उस घर को लॉक करती हुई उसकी चाभी भी कहीं फेंक di..............taki कभी वे लोग जब घर आये तो उन्हें सिवाए खली घर के और कुछ न मिले....................

न जाने क्यों ये आसमा के आँखों में ख़ुशी के आंसूं they..................ya गम ke...................ya शायद पता nahin...............magar वो हरी के साथ हर हाल में खुस thi....................wo ट्रैन में बैठ गयी और कुछ देर बाद वो ट्रैन अपने मंज़िल की तरफ बढ़ chali...............uske पीछे पीछे वो साडी यादें भी धुंदली सी होती चली gayi..................sab कुछ वो पीछे छोड़कर अपनी ज़िन्दगी नए सिरे से हरी के साथ बिताना चाहती thi...................hari अपनी बाची को अपने गॉड में सुलाए रखा tha..............aur बड़े प्यार से उसे देख रहा tha..................do दिन के सफर के बाद आखिर वे लोग मनाली pahunchey.............jahan हरी ने पहले hi सब कुछ तय कर रखा tha..............apna नया ghar.............aur नया काम....................

आसमा उन खूबसूरत वादियों में जैसे सब कुछ भूल सी गयी thi..............itne दिनों में उसका मुरझाया चेहरा पर आज हंसी आयी thi...............uska खोया हुआ प्यार मिल चूका tha...................shaam को जब हरी काम से जब लौटा तो वो उसके लिए पायल लेता आया................... और खुद उसे अपने हाथों से पहनने laga..................saath मेंअपनी बेटी के लिए एक जोड़ी कपड़े भी लेता aaya...............aasma उस छोटे से घर में खुस thi..........mehlon में पाली बड़ी थी मगर उसे उस घर में कहीं सुकून नहीं tha...............jo उसे यहाँ अब मिल रहा था............

शाम को आसमा अपने हाथों से उसे खाना खिलाई और अपना दूध पिलाती हुई अपनी बाची को फिर सुलाने lagi.................wahin हरी भी उसके बाजु में आया और आकर उससे सत्कार लेट गया और अपने लबों को उसकी गुर्दें पर हौले से रखता hua...............uske गलों को फिर किश करने laga............na जाने कितने आरसे बाद उसे ये एहसास हुआ था और बदन में एक अजीब सी सेंसेशन होनी शुरू हो गयी थी................

हरी अपने कपड़े निकलता हुआ आसमा को अपने पेट पर लगे उन ज़ख्मों को दिखने लगा जहाँ आसमा बड़े प्यार से उसपर अपने हाथ रखती hui..............kuch देर बाद वो वहां चूम li.........wahin हरी के अंदर शरारत सूझी और वो आसमा के चूचियों को कसकर मसल दिया जिससे उसके सीने में भरा कुछ दूध उसके निप्पल्स से बेहटा हुआ उसके कपड़े पर गिर pada...........wahin आसमा अजीब नज़रियों से हरी की तरफ देखती रही..................

" मुझे तुम्हारा ये दूध पीना hain............isi दूध को पीने के लिए तो मैं न जाने कब से तरस गया था........................" और हरी बड़े गौर से आसमा की तरफ देखता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा थोड़ी मायूस होती हुई फिर हरी के तरफ देखकर मुस्कुराने लगी................

" सब कुछ तो तुम्हारा hi हैं hari...................itne इंतज़ार के बाद hi सही मैं तुम्हारी हर ख्वाशीष पूरी करुँगी मगर................" और आसमा इतना कहकर चुप हो गयी वहीँ हरी बड़े गौर से आसमा के तरफ टकटकी लगाए देखता रहा.............

" मगर क्या ............." और हरी धीरे से बोल पड़ा.......................

" मैं थोड़ा वक़्त चाहती hoon..................main चाहती हूँ की मैं उस दिन की तरह आज भी तुम्हारे लिए साजन और sanwrun....................tum मुझे एक घंटे का वक़्त दो ..................ताकि मैं ाचे से तुम्हारे लिए तैयार हो sakun...............pata नहीं कितना वक़्त बीत गया और मैंने अब तक अपने अंदर कुछ लिया भी nahin..........tumhara ये मोटा लुंड अब मेरे अंदर पूरा घुस भी पायेगा या नहीं.............." और आसमा इतना कहकर फ़ौरन बाथरूम में चली गयी और पहले उसने अपने जिस्म के प्राइवेट पार्ट्स के सरे बाल ाचे से साफ़ किये जो की काफी बड़े और घने हो गए theey........................fir वो ाचे से नहायी और फिर ाचे से मकूप करती हुई एक बढ़िया सी साड़ी पहन li.................fir वो जब पूरी तरह से तैयार हुई तो हरी जब अंदर आया तो आसमा अपनी बाची को दूध पीला रही थी..................

कुछ देर तक वो वहीँ खामोश रहा और फिर जब उसकी बाची फिर से सू गयी तब आसमा अपनी बाहें उसकी तरफ फैलाती हुई हरी को फ़ौरन अपने सीने से लगा liya..............hari भी किसी छटते बाचे की तरह आसमा के आगोश में डूबता चला gaya........................fir गरम सांसें जब आपसे में मिली तो वहीँ हुआ जो एक मर्द और औरत के बीच होता हैं.................

धीरे धीरे आसमा के भी कपड़े उतने लगे और हरी के bhi.................fir हरी अपना लुंड आसमा के छूट पर रखता हुआ उसे अंदर की तरफ घुसने laga.................magar कई कोशिशों के बावजूद उसका लुंड अंदर नहीं जा रहा tha.............hari जब उठा और जब तेल लेने गया तो आसमा ने उसे फिर से रोक diya.................wo चाहती थी की हरी को आज उसे अपने कुंवारेपन का एहसास कराये जो उसे पहले नहीं करा पायी thi..............hari थोड़ा दर्द बर्दास्त करता हुआ जैसे तैसे अपना लुंड अंदर घुसाया तो आसमा की चीखें निकल padi..............saath में आंसूं की धरा भी...................

वो सिसकती हुई हरी को अपनी बाँहों में लेती हुई उसके चेहरे को बड़े प्यार से देखती और चूमती rahi...................wahin हरी भी उसके लबों को चूमता रहा ....................और आसमा फिर से हरी के लिए वहीँ पुराणी आसमा बनाना चाहती थी जिसकी ये प्यास हर वक़्त उसके लिए रहती थी जो कभी बुझती hi नहीं थी और जितना भी हरी उसे बुझाने की कोशिश करता उतनी ये प्यास और भी बढ़ती चली जाती thi....................ye प्यार hi तो था जिसका एहसास हर किसी को शायद इस दुनिया में नहीं होता tha..........................isi प्यार को पाने के लिए लोग न जाने क्या कुछ कर जाते they.................ye pyaas..........ye tadap....................ye mohabaat.........................ye aag............ye hawas......................ye deewangi.....................sab इसी का तो नाम hain................................................shayad एहि तो वो प्यार हैं............................................................................................................................................................

******************************************************थे एन्ड**************************************************************************
 
मैंने अपना वादा पूरा किया .............................एक और कहानी कम्पलीट karke...........................halanki मेरी ज़िन्दगी में कई उतार चढ़ाव आये मगर कुछ दिक्कत की वजह से मेरी कुछ कहानी अधूरी रह गयी थी जो आपके वलुब्ले सपोर्ट की वजह से आज पूरा हो गया................

कुछ रीडर्स का ये मानना हैं की इसमें केवल सेक्स हैंऔर न hi कहानी में कोई थीम hain..................aapki भी बात सच हैं ज़्यादातर रीडर्स यहाँ सेक्स hi पढ़ना पसंद करते हैं किसी को कहानी के थीम में कोई इंट्रेस्ट नहीं rehta.................magar मेरी हर कहानी एक थीम पर hi रहती hain..................mana की इसमें सेक्स हाई लेवल पर था जिससे रीडर्स को पड़ने में मज़ा तो बहुत आया होगा मगर सेक्स के पीछे जो फीलिंग रहती हैं उसे भी रीलीज़ करना चाहिए...............

ये कहानी मैं रीडर्स को ध्यान में रखकर लिखा था जिन्हें केवल सेक्स पसंद हैं मगर मेरा मोतिवे किसी को इसमें बढ़ावा देना नहीं hain.............magar ऐसी घटनाएं हमारे इस समाज में अक्सर होती रहती हैं मैं उन्ही पर थोड़ा सा पर्दा डाला hain.........................ye ज़रूरी नहीं की साडी घटनाएं इंटरफेथ ho.....................bus इसी तरह से हमेशा अपना सपोर्ट बनाये रखियेगा .......................आगे मैं लिखूंगा या नहीं ये तो वक़्त hi batayega.......................tab तक के लिए आप सब से अलविदा......................
 
Back
Top