Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife) - Page 11 - SexBaba
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Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife)

अपडेट- 48 (बी) (मेघा अपडेट)

"aaaaaaahhhhhhhhhh............tumhari ऐसी बाटिओं को सुनकर तो लगता हैं मैं अभी जहर jawunga.....................waise तुम कितनी ऊँगली अपनी छूट में डालकर रगड़ रही ho...............tumhare छूट से निकलती हुई आवाज़ मुझे साफ़ सुनाई दे रही hain...................aur ये मुझे अब मदहोश करती जा रही hain...............aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh......meri jaan..................kaash मैं तुम्हार पास होता तो तुम्हें यु उँगलियों से काम न चलना पड़ता...................." और सैम की मज़े से आँखें बंद होने lagi.................wahin आसमा का गाला सूखने लगा tha...................wo अपनी एक बाहें हरी के गले में डालती हुई ....................अपनी गुर्दें पीछे की तरफ ले गयी और हरी के लबों को धीरे धीरे फिर चूसने और चटनी लगी.................

हौले से वो अपना जीभ हरी के कान पर ले गयी और उसके कान को भी चटनी lagi.............kaatney lagi................aur इस बार तेज़्ज़ आवाज़ में हरी के कान में कुछ बोली जिसे सुनकर हरी के चेहरे पर मुस्कान आ gayi.................wahin सैम के लुंड में खून कसा संचार बहुत हुड्ड तक बढ़ gaya..............aasma की बाटिओं को सुनकर सैम के लुंड से प्रेकम की कुछ बूँदें बिस्टेर पर गिर padi..............wo अपनी सांसों को संभालता हुआ ज़ोरों से इस बार सिसक पड़ा.............

" छोड़ो न mujhe....................aur मुझे इतना छोड़ो की .......तुमसे चढ़ते हुए मेरी बुर से मूट निकल jaye...................aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhssssssssssssssss............." और आसमा वहीँ बीएड पर पीठ के बल लेट गयी और हरी को अपने ऊपर आने का इशारा करने lagi.....................wahin हरी फ़ौरन आसमा के ऊपर चढ़ गया और उसकी बुर में एक hi झटके में पूरा अपना लुंड घुसता hua.......................uski चुदाई करने laga.........wahin आसमा की सिसकियाँ तेज़ी से बढ़ने lagi..............aasma की सिसकियाँ सुनकर उधर सैम के साबरा का बाँध टूट गया और वो ज़ोरों से सिसक पड़ा..................

उसके लुंड से ढेर सारा वीर्य निकल चूका था ........वो वहीँ ज़ोरों से हांफ रहा tha....................udher हरी आसमा के मोबाइल को काटता हुआ एक साइड में रख दिया और आसमा की चुदाई ज़ोर शोर से फिर शुरू हो gayi................hari पूरा अपना लुंड बहार की तरफ निकलता और एक hi झटके में उसे पूरा अंदर तक घुसा deta...............jissey आसमा की चीख निकल jati..................har रोज़ के मुकाबले अब हरी आसमा की पूरी बेरहमी से चुदाई कर रहा tha.................uska एक एक ढाका इतना तेज़्ज़ था की आसमा का सारा बदन हिल जाता और उसकी चीख निकल जाती...............

धीरे धीरे उसके ढाकों की रफ़्तार भी तेज़्ज़ होती चली गयी वहीँ आसमा की आहें भी बढ़ने lagi....................uski प्यासी छूट को अब सुकून मिल रहा tha....................aasma की ये प्यास कम होने के बजाये दिन बा दिन बढ़ती hi जा रही thi...................sam तो ये सोचकर खुस था की वो उसे अपनी बाटिओं से गरम करके आसमा को ठंडा किया tha....................magar वो ये नहीं जनता था की उसके ठंडा होने के बाद आसमा को उसकी बिस्टेर पर................ उसकी के बेगम ko..................us घर का नौकर अब छोड़ रहा tha.................waise भी आसमा जैसी गरम चीज़ को अब संभालना सैम के बस में था नहीं.................

हद कैमरा ों था और सब कुछ फिर से उसमें रिकॉर्ड हो रहा tha....................hari के लुंड पर आसमा की बुर से निकलने वाला प्रेकम अब साफ़ नज़र आ रहा था जो उस रोशनी में चमक रहा था..................

" तेरा गांडू पति तो ये नहीं जनता होगा की उस वक़्त मैं तेरी बुर में ऊँगली कर रहा tha..................wo तो समझ रहा होगा की तू अपनी बुर में ऊँगली कर रही thi...................aur उसके ठंडा होते hi मैं अब तेरी चुदाई कर रहा hoon......................waise जो भी कहो मुझे तो बड़ा मज़ा aaya...................aur वैसे तू क्या कह रही थी ussey.........ki तुम मुझे इतना छोड़ो की मेरी बुर से मूट निकल jaye.................to तू घबरा mutt.....................waise भी आज की रात मैं तुझे सोने देना वाला हूँ nahin.....................aaj पूरी रात तू सिर्फ मुझसे chudegi.................chahe मेरा लुंड तेरी बुर में ho.......ya फिर तेरी गांड में.....................

वैसे भी मैं तेरा वो हाल करूँगा की तू ठीक से चल फिर भी नहीं payegi..................aur न बैठने के लायक rahegi..............teri बुर और गांड के दोनों छेद आज के बाद हमेशा के लिए बड़े हो जाएंगे................" और हरी तेज़ी से झटके मरता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा की सांसें तेज़्ज़ तेज़्ज़ चलती rahi.............hari के हर ढाकों से वो बुरी तरह से मचल उठती.....................

"aaaaaaaaaaaaaaooooooooooooooooooooommmmmmmmmmmmmmmm..............to छोड़ो न hari.............sara din...............aur साडी raat.................tumhein रोका किसने hain....................tumhari ये दुल्हन हर तरह से तैयार हैं......................" और आसमा सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ इस बार हरी आसमा को गॉड में उठता hua...................apne पेट पर उसके दोनों टांगों को दोनों तरफ से फैलाकर बैठा दिया और फिर से अपना लुंड उसकी बुर में पूरा घुसता हुआ उसकी इसी पोजीशन में चुदाई करने laga....................wahin आसमा हरी के गले में अपनी दोनों बाहें डालती हुई उसका इस खेल में पूरा पूरा साथ देने lagi.....................aasma हरी के होंठों को चूसती हुई उससे अपनी चुदाई करवा रही thi.....................poorey कमरे में thhhaqapppppp.............ccchaaaaaappppppppppppppp ऊपर आसमा की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी जो उस माहोल को और भी कटीलानं बना रही थी...............

वक़्त बीतता गया और हरी आसमा को ब्राम्ही से रगड़ता raha.................wo उसपर बिलकुल भी दया नहीं कर रहा था और अपनी साडी भड़ास निकल रहा tha..............kuch देर छोड़ने के बाद हरी बिस्टेर पर पथ के बल लेट गया और आसमा को ऊपर चढ़कर कूदने का इशारा करने laga....................aasma को ाचे से पता था की इस पोजीशन में हरी का लुंड पूरा उसके बाछेदनी में जाकर चोट karega............magar उसे हर तरह का सुख चाहिए tha.................chahe उसमें कितना भी दर्द hi क्यों न हो...................

वो फ़ौरन हरी के ऊपर आयी और हरी का लुंड अपनी छूट के छेद पर सेट करती हुई .......उसपर धीरे धीरे बैठने lagi..........choot गीली होने की वजह से हरी का मोटा लुंड एक hi झटके में पूरा अंदर समां गया जिससे आसमा बुरी तरह से चीख padi...............hari उसकी कमर को पकड़ता हुआ तेज़ तेज़ झटके लगाने लगा जिससे आसमा की सिसकारियां और भी बढ़ने lagi...............hari कभी अपना एक हाथ आसमा की गांड पर फेर रहा था तो कभी उसके दोनों चूचियों par..............beech बीच में वो उसके गांड के दरारों को भी फैला रहा था जिससे आसमा ज़ोरों से सिसक रही थी...............

घंटों चुदाई के बाद हरी आसमा को घोड़ी बनता हुआ उसके ऊपर आ गया और ढेर सारा थूक आसमा की गांड के छेद पर घिरताता hua.........................wo अपने लुंड को उसकी गांड में धीरे धीरे फिर घुसने laga.................hari के इस हमले से आसमा ज़ोरों से सिसक पड़ी मगर हरी को मन नहीं ki............waise वो अब पूरी तरह से तैयार thi..................wo ाचे से जानती थी की आज की रात हरी इसी तरह से उसकी छूट और गांड की धाज्जियाँ उडाता rahega.................jis तरह से हरी उसकी छूट को छोड़ रहा था ठीक वैसे hi वो उसकी गांड भी मरने लगा....................

"aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh..........hari...........zara धीरे से पेलो naaa....................dard हो raha.................aur मैं नहीं चाहती की तुम्हारा माल जल्दी से गिरे.............." और आसमा अपनी गांड मरवाती हुई हौले से सिसकते हुए बोल padi.............wahin हरी आसमा की दोनों चूचियों को ब्राम्ही से मसता रहा और उसकी गांड में पूरा लुंड अंदर बहार करता raha...............aab उसकी गांड की छेद पूरी तरह से खुलकर बड़ी हो गयी थी.....................

" आज जी भरकर मार लेने दे न मुझे तेरी gand...................pehli बार तो ऐसा मौका मिला हैं जब मेरा लुंड किसी औरत के गांड में घुसा ho.................main बता नहीं सकता की मैं आज कितना खुस hoon...................bus मैं ऐसे hi तेरी गांड मरता रहूं............." और हरी अपने ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ करता हुआ आसमा की ब्राम्ही से फिर चुदाई करने laga............wahin आसमा की चीखें फिर से निकलने lagi................wo अपने क्लिटस को मसलती रही और हरी से खुलकर अपनी गांड मरवाती rahi................dard तो ुयसी हो रहा था मगर साथ hi साथ मज़ा भी आ रहा था..................

हरी आसमा को उल्टा करता hua.....uska सर नीचे की तरफ और दोनों पवन ऊपर की तरफ करके फिर से खड़ा होकर अपना लुंड आसमा की गांड में घुसने laga..................is तरह हरी का पूरा लुंड आसमा की गांड में उतर रहा tha................wo ढेर सारा तेल आसमा की गांड में डालता हुआ फिर से उसकी गांड मरने laga.........wahin आसमा ज़ोरों से अपने क्लिटस को रगड़ती rahi..................kafi देर तक इस पोजीशन में छोड़ने के बाद हरी आसमा को बीएड पर बैठता hua...............uske दोनों पवन को ऊपर की तरफ करके एक hi बार में अपना लुंड पूरा उसकी गांड में घुसने लगा................

आसमा अब हर पोजीशन में अपनी चुदाई करवा रही thi...................wo उससे चुदती rahi...aur हरी उसे छोड़ता raha.................hari बीच बीच में ढेर सारा थूक आसमा के मुँह के अंदर गिरता जिसे हर बार की तरह आसमा पूरे शौक से चाट कर खा जाती ..................जैसे वो कोई अमृत ho..........hari का जब लौड़ा पूरा अंदर जाता तब वो 10 सेकण्ड्स तक अपने लुंड को वैसे hi दबाव बनाये रखता जिससे आसमा बुरी तरह से सिसक padti..............hari के इस तरह झटके मरने से उसके अंदर की ब्लैडर अब फूल गयी थी जिससे उसे ज़ोरों की मूट आने लगी थी................

" hari.................aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhooooooooooooommmmmmmmmmmm............. ऐसा लग रहा हैं जैसे अभी मेरी मूट निकल jayegi....................aapne झटके थोड़ा कम करो ना.............." और आसमा ज़ोरों से सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा पड़ा...............

" तू तो चाहती hi थी की मैं तेरी चुदाई करते वक़्त तेरी मूट girwawun................aab तेरी मूट जब गिरने hi वाली हैं तो भी तुझे दिखात हो रही hain...............chal मूट मेरे सामने hi.................zara मैं भी तो देखूं की तेरी मूट कैसे निकलती hain......................"aur हरी अपने धक्खों की रफ़्तार और तेज़्ज़ कर दी जिससे हुआ ये की आसमा खुद को रोक न पायी और उसके साबरा का बाँध जैसे टूट gaya..................hari पूरा अपना लुंड आसमा की गांड में घुसता hua....................apne लुंड पर कुछ देर तक ऐसे hi दबाव बनाये रखा और उधर आसमा ज़ोरों से सिसकती हुई चीख पड़ी...........

अगले hi पल उसकी बुर से मूट की तेज़्ज़ धार निकल पड़ी जो सामने खड़े हरी के पेट पर गिरने lagi..................hari मुस्कुराता हुआ फ़ौरन अपना एक हाथ आसमा की बुर पर ले गया और उसकी बुर की छेद को पूरा फैलता hua..................usmein से निकलती तेज़्ज़ धार को बड़े गौर से देखता raha.....................aasma की मूट कुछ देर के लिए जैसे hi ruki...............hari दो चार और कसकर ढ़ाके लगाने लगा जिससे आसमा की मूट फिर से निकल padi..................sharam तो उसे बेहद आ रही थी मगर मज़ा भी उतना hi आ रहा tha...............aisa पहली बार था जब वो किसी गैर मर्द के सामने मूट रही थी................

वो अपनी आँखें बंद करती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही थी वहीँ उसके मूट से हरी का पेट का पूरा हिस्सा भीग गया था और आसमा का मूट बेहटा हुआ अब फर्श पर गिर रहा tha.................ye सब हरी के लुंड में आग लगा देने के लिए काफी tha.....................wo फ़ौरन अपना लुंड आसमा की गांड से निकलता हुआ उसकी बुर में पूरा घुसा दिया और बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके लगाने laga................wahin इस बार आसमा खुद को नहीं संभल पायी और ज़ोरों से चीख पड़ी.....................

करीब 5 मिनट बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके मरने के बाद आखिर हरी के साबरा का बाँध टूट गया और वो अपना सारा वीर्य आसमा की बुर में गिरता hua.................wahin आसमा भी फिराग हो gayi.....................hari उसे कसकर अपनी बाँहों में जकड liya...............aur तब तक वो उसे जकड़े रहा जब तक वो पूरी तरह से नार्मल नहीं हो gaya.......wahin आसमा भी ठंडी हो चुकी thi.................uski मूट की कुछ बूँदें अब तक नीचे टपक रही थी.....................

थोड़े देर बाद जब हरी नार्मल हुआ और जैसे hi उसने अपना लुंड बहार निकलना chaha...................aasma ने उसे फ़ौरन रोक diya...............wahin हरी बड़े गौर से आसमा के चेहरे की तरफ देखने लगा...........

"कहा जा रहे हो हरी.................." और आसमा हरी के कमर को अपनी बाँहों में कसकर जलकाड़ती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा.................

" लगता हैं मेरी जान की आग अब तक बुझी nahin...................sach में तू बहुत गरम चीज़ hain.............tujhe संभालना उस चुइटाये के बस की बात nahin.....................tere जैसे गरम माल को तो मैं hi बस संभल सकता hoon...............aur..........mujhe ज़ोरों की मूट आयी hain.................main मूट कर अभी आता हूँ.............." और हरी एक बार फिर से जाने लगा तो आसमा ने कसकर उसे अपनी बाँहों में दबोच लिया..................

" haan................meri ये प्यास अब कभी नहीं बुझने wali...............tumne ऐसा कर दिया हैं की मेरे अंदर की ये आग हमेशा धड़कती hi rahegi..................tum मुझे छोड़ छोड़कर थक जाओगे magar.....................main तुमसे चुड़ते चढ़ते कभी नहीं thakungi....................aur तुम कहीं नहीं जा rahe...................maine कहा था naa..................ki जब भी तुम्हें मूट लगेगी तुम मेरे अंदर hi मूटोगे................." और आसमा जैसे अपना फैसला सुनती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी अपने लुंड पर तेज़ी से प्रेशर बनाने laga...................uske तो वैसे भी मज़े hi थे..................

दो चार बार वो प्रेशर बनाया मगर उसके लुंड से मूट नहीं nikala....................fir वो आसमा को उल्टा करता हुआ उसके ऊपर चढ़ गया और उसी पोजीशन में अपने लुंड पर प्रेशर बनाये rakha................thodi मेहनत के बाद उसके लुंड से एक तेज़्ज़ धार निकल पड़ी और आसमा के तन बदन में एक तेज़्ज़ सनसनाहट hui....................wo वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ी और हरी के लुंड से मूट की धरा निकलती rahi................aur उसके उस छेद को भर्ती रही..................

थोड़े देर तक मूट का पानी आसमा के अंदर भरता रहा मगर जब पूरा भर गया तो उसके लुंड से मूट का पानी बहार की तरफ बहने लगा जो उसके पेट से होता हुआ उसके मुँह पर जाने लगा और.............. कुछ बिस्टेर par.....................hari मूतता रहा और आसमा की बुर को अपने मूट से भरता raha...................jaise hi वो अपना लुंड बहार निकला फाछहहहहहह की आवाज़ के साथ ढेर सारा मूट बेहटा हुआ नीचे की तरफ जाने लगा जो बेहद गरमा tha..................saath में हरी का वीर्य भी उसमें सना हुआ tha.................hari फ़ौरन अपना लुंड निकलता हुआ अपना भीगा हुआ लुंड आसमा के मुँह में दाल दिया और उसे उसी पोजीशन में अपना लुंड चूस्वाता रहा...............

साथ hi आसमा के बुर से ढेर सारा मूट बेहटा हुआ ऊके दोनों जांघों से नीचे की तरफ बह रहा tha.............lund चूसने से उसके लुंड पर लगे मूट के कुछ चींटी भी आसमा चाट रही थी जो उसे अजीब सा मज़ा दे रहा tha................thode देर बाद वो आसमा के दोनों पवन को फैलाकर वहीँ सामने बैठने का इशारा किया और आसमा बेशर्मों की तरह अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाकर बैठ gayi...................hari उसके पास गया और उसकी बुर के दोनों लिप्स को पूरी तरह से खोलता hua................bade गौर से उसकी बुर को देखता रहा..................

आसमा को पता था की उसे आगे क्या करना hain...............wo अपने बुर पर प्रेशर बनाने लगी और थोड़ी देर बाद उसकी बुर से मूट की धरा निकल पड़ी जिसे हरी बड़े गौर से देखता raha..............saath hi वो अपनी दो ऊँगली उसकी गांड में पूरा पेलता hua..................aasma की बुर से निकल रही उसकी मूट को अपने मुँह में रखकर पीने लगा .....................जैसे वो कोई अमृत पी रहा ho...............mooh जब उसका भर गया तो वो थोड़ा सा मूट अपने मुँह में अंदर की तरफ जातक गया और कुछ मूट अपने मुँह में रखकत वो फ़ौरन आसमा के चेहरे के पास गया और हौले से उसके लबों को चूमने लगा................

आसमा बिना किसी झिझक के अपना मुँह खोलती हुई हरी के मुँह में रखा उसका मूट अपने मुँह के अंदर लेने लगी और एक एक करके वो अपने मूट को सारा पीती चली gayi..............is गंदे भरे एहसास से आसमा पूरी तरह से मस्त होती जा रही thi..................wahin उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha...............poora कमरा मूट...... थूक ली .........लार और वीर्य से महक रहा tha..................magar अभी तो आधी रात बाकि थी.....................

तो बे कॉन्टिनोएड...........................................................
 
अपडेट- 49 (ा) (मेघा अपडेट)

आसमा बिना किसी झिझक के अपना मुँह खोलती हुई हरी के मुँह में रखा उसका मूट अपने मुँह के अंदर लेने लगी और एक एक करके वो अपने मूट को सारा पीती चली gayi..............is गंदे भरे एहसास से आसमा पूरी तरह से मस्त होती जा रही thi..................wahin उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha...............poora कमरा मूट...... थूक .........लार और वीर्य से महक रहा tha..................magar अभी तो आधी रात बाकि थी.....................

अब आगे..................................................................

हरी बिस्टेर पर लेता हुआ बहुत कुछ सोच रहा tha...................aaj तक उसने जितनी भी लडकियां या रंडियां अब तक छोड़ी थी आसमा उन सब से बढ़कर thi......................aaj तक उसका पला इतनी गरम और कामुक औरत से कभी नहीं हुआ tha....................aaj उसे एहसास हुआ था की जब औरत अपने पर उतर आती हैं तो वो क्या कुछ कर सकती hain..................hari का तो आसमा जैसी माल पाकर जैसे उसकी चंडी हो गयी thi.....................aasma उसके लिए जैसे एक चुदाई की मशीन थी जितना भी वो उसे chodhey..................wo थकने वालों में से थी nahin..............jitni वो चुद रही थी उतना hi उसकी बुर में आग बढ़ता जा रहा था...............

दिन बा दिन आसमा गरम होती जा रही thi...................uske अंदर की प्यास कम होने के बजाये बढ़ती hi जा रही thi.......................aasma ठीक hi कह रही थी की वो उसे छोड़ते छोड़ते थक जायेगा मगर वो उससे छुड़वाते हुए कभी नहीं thakegi..............aab उसे आसमा की कही बाटिओं का एहसास हो रहा था.............

आसमा उसके साथ इतना कुछ कर चुकी थी जितना वो अपने शौहर के साथ कभी सोची भी नहीं thi..................sex क्या होता हैं ये उसे आज सही मायने में जाना tha.......................bhale hi उसकी छूट और गांड सूझ गयी थी मगर वो अब भी हरी के लुंड को अपने दोनों छेद में लेने को पूरी तरह से तैयार कड़ी thi....................aasma के अंदर शर्म लगभग ख़तम हो चूका tha..................yahan तक की हरी ने उसके शौहर को चुटिया भी कहा था तो भी उसे बुरा नहीं लगा था......................

हरी का बदन सुस्त होता जा रहा tha...........pichley 3 घंटों की चुदाई के दौरान उसका लुंड सूझ गया था और दर्द भी होने लगा tha......................wahin आसमा उसके होंठों को चूमती हुई फ़ौरन किचन में गयी और कुछ देर बाद जब वो वापस आयी तो उसके हाथ में एक दूध की भरी हुई गिलास थी जिसमें वो शिलाजीत फिर से मिलकर हरी के लिए लायी thi.................hari बिस्टेर से उठकर बैठ गया और आसमा मुस्कुराते हुए उस दूह से भरी हुई गिलास को हरी के हाथों में थमती hui..................uske बाजु में आकर उससे सत्कार बैठ गयी.................

" क्या हुआ मेरे शेर ko....................kya मेरा शेर अभी से कमज़ोर पढ़ gaya.......................tumne तो कहा था की तुम मेरी चुदाई पूरी रात भर karogey............dekho इस वक़्त घडी में रात के 1 बजे hain.....................waise भी सुबह होने में अभी 5 घंटे बाकि hain................aur मैं चाहती हूँ की तुम इन 5 घंटों तक मेरी चीखें निकलवाते raho............aur haan......................mujhe वाइल्ड सेक्स बेहद पसंद hain..................wild सेक्स समझते हो ना......................." और आसमा हौले से मुस्कुराने लगी वहीँ हरी अजीब सी नज़रियों से उसके चेहरे की तरफ देखने laga..............shayad उसे वाइल्ड का मतलब समझ में नहीं आया tha.................wahin आसमा मुस्कुराती हुई दुबारा से फिर बोल पड़ी...........

" तुम मुझे ऐसे क्या देख रहे ho...............jo तुम चाहते थे वही सब तो मैं तुम्हारे लिए कर रही hoon...................tumhari हर एक khwahish.................poori.................aur मेरे buddhu...............wild matlab...................jungli.................to मैं चाहती हूँ की तुम मुझे जंगलियों की तरह इसी बिस्टेर पर रगड़ते raho......................mere इस बदन को तुम जानवरों की तरह बस नोचते raho...........jaise जंगल में शेर अपने शिकार को नूच नॉच कर खता hain.........bilkul वैसे................" और आसमा एक ऐडा से मुस्कुराने लगी वहीँ हरी की आँखें बड़ी होती चली gayi................wo उस दूध की गिलास को अपने होंठों पर लगाकर फिर से पीने लगा और जैसे hi वो उस दूध को ख़तम किया वो आसमा को फिर से अपनी बाँहों में कसकर दबोच liya...........wahin आसमा उसकी बाँहों में खींची चली गयी.................

आसमा पास में रखे एक पूरी बोतल को अपने लबों पर रखकर उस पानी को धीरे धीरे पीने लगी और जब तक वो पानी पूरा ख़तम नहीं हो गया वो उस बोतल को अपने लबों पर लगाए rahi................wo जानती थी की शरीर में पानी की कमी उसके मज़े को ख़राब कर सकती hain.................wo उस पानी में वायग्रा मिला दी थी जिससे उसका भी जोश बना rahe.................aur चुदाई के इस खेल में मज़ा उसे भी भरपूर आये............

" तू फ़िक्र मुट्ठ कर मेरी jaan.........aaj मैं तेरी साडी गर्मी ाचे से उतर doonga....................tujhe मैं इतना रगडूंगा की तेरी बुर से मूट हर वक़्त टपकती hi rahegi...................usmein मैं लीकेज बना दूंगा.................." और हरी आसमा के चूचियों को कसकर मसलता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा दर्द और मज़े से दुबारा सिसक पड़ी...............

" aacha................to तुम इसमें लीकेज कर दोगे तो इसे ठीक भी तुम्हें hi करना hoga.........................waise भी तुम इन सब मामलों में एक्सपर्ट हो hi.................." और आसमा की सांसें फिर से भरी होने lagi......................ek बार फिर वो हरी से छोड़ने को पूरी तरह से तैयार thi.........................khel की शुरुवात फिर से हो चुकी thi..................hari एक झटके में अपना 10 इंच मोटा लुंड आसमा की बुर में पूरा घुसता hua..............uski ज़ोरों से चुदाई करने laga................waise भी वो छोड़ छोड़कर उसकी बुर और गांड की छेद को बड़ा और गहरा कर hi चूका tha..................aab आसमा को उसका मोटा लुंड लेने में ज़्यादा तकलीफ नहीं हो रही thi...............hari का लुंड सरसराता हुआ एक hi बार में पूरा अंदर चला गया और वो पिस्टन की तरह तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके लगाने laga...............jissey आसमा की आहें फिर से बढ़ती चली गयी..................

" कुछ चीज़ें अगर लीकेज हो तो उसे ठीक न करना ज़्यादा ाचा hain..................jaise की तेरी ये बुर................" और हरी तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके लगता हुआ लुम्बी लुम्बी सांस लेता हुआ बोल पड़ा ..................वहीँ आसमा जवाब में सिसकती रही.....................

आसमा बीएड पर पीठ के बल सोई हुई अपनी दोनों टांगें फैलाये hue..................hari का लुंड अपनी बुर में ले रही thi.................uska हर एक ढाका बहुत तेज़्ज़ tha.....................uske हर एक धक्के से उसका बदन बुरी तरह हिल रहा tha...............kamrey में एक बार फिर से आसमा की आहें और फ़फ़फ़फ़फ़ाआछःह फ़आछ्ह की मधुर आवाज़ें गूँज रही thi.................thode देर बाद आसमा की बुर पूरी तरह से पनिया गयी जिससे हरी का लुंड तेज़ी से अंदर बहार होने से फाच फाच की आवाज़ें और भी ज़्यादा गूँज रही thi......................hari का लुंड भी पूरा गिला हो गया था............

" अगर लीकेज तुम ठीक नहीं करोगे तो मेरी बुर से हर वक़्त मूट टपकती rahegi..........ye ाची बात थोड़ी न hain....................aaaaaassssssssshhhhhhhhhhhhhhhhh.............." और आसमा हरी से चुड़ते हुए धीरे से फिर बोल पड़ी वहीँ हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगता रहा.............

" वैसे एक बात पूछों मेरी jaan.........................main तेरी बुर और गांड को छोड़ छोड़ के उसका जो भोसड़ा बना रहा हूँ ............जब तेरा शौहर यहाँ आएगा और जब वो तुझे छोड़ेगा और जब उसे पता चलेगा की उसकी बेगम की बुर तो भोसड़ा बन चुकी हैं तब तू उससे क्या kahegi......................uska छोटा सा लुल्ली जब तेरी छूट में घुसेगा तो वो उसमें कहीं गायब hi हो jayega..................tujhe तो उससे छुड़वाने में अब ज़रा भी मज़ा नहीं aayega...................bata ना..............." और हरी ज़ोरों का ढाका लगते हुए धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में बस सिसकती rahi........................baat तो उसकी सही थी................

सैम जब कभी भी उसकी बुर में लुंड डालेगा उसे ज़रूर पता चल hi jayega....................ye बात आसमा भी भली भांति जानती थी मगर उसे अब इन सब चीज़ों की जैसे परवाह नहीं thi..............wo बात बनती हुई धीरे से बोल पड़ी............

" कह दूँगी की तुम्हारी गैर हज़ारी में मेरा छोड़ने का बहुत मुन्न किया तो मैं बाजार से एक मोटा सा खीरा या गाजर ले आयी और उसे पूरा अपने अंदर इस बुर में घुसा diya....................aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh............" और आसमा हरी के ऊपर चढ़कर बैठ गयी और उसके लुंड पर फिर धीरे धीरे उछलने lagi...........................aab हरी का लौड़ा पूरा उसकी बाछेदनी तक चोट कर रहा था जिससे आसमा का मुँह पूरा खुल jata.................dard और मज़े से उसका बुरा हाल tha.....................chudayi का ये खेल चलता रहा....................

हरी उसे गॉड में उठाकर उस राउंडिंग चेयर पर बैठा दिया और उसके दोनों पवन को ऊपर की तरफ हवा में karke................uski कमर को आगे की तरफ सरकते हुए अपना लौड़ा इस बार उसकी गांड की छेद पर सेट किया और एक करारा ढाका मारा जिससे उसका मोटा लुंड सरसराता हुआ पूरा अंदर चला gaya................aasma के मुँह से एक दर्द भरी aahhhhhhhhhhhhhh निकल गयी मगर वो अपनी टांगें ऐसे hi फैलाई हुई हरी को पूरा मज़ा देने lagi.............pehle के मुक़ाबले अब हरी आसमा को ब्राम्ही से छोड़ रहा tha.....................uska हर एक ढाका करारा था जिससे आसमा की चीखें निकलने के लिए काफी था................

खेल चलता रहा और आसमा हरी से खुलकर अपनी गांड मरवाती rahi................aab उसकी बुर और गांड की छेद पूरी तरह से खुल गयी thi.............is वजह से हरी का लुंड अंदर जाने में उसे कोई ख़ास दिक्कतें नहीं हो रही thi..................aab तो आसमा को भी ाँपी गांड मरवाने में बड़ा मज़ा आ रहा tha......................wo आज तक इस सुख से वंचित thi...............jab हरी का लुंड पूरी तरह से सूख जाता तब वो ढेर सारा थूक आसमा के गांड के छेद पर गिरा देता जिससे उसके लुंड में थोड़ा गीलापन बढ़ jata...................uske ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ होती जा रही थी.............

" asssssssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh..............sali तू कितना मज़ा देती hain......................aisa लग रहा जैसे अभी मेरा माल गिर jayega......................jee तो करता हैं की मैं तुझे बस ऐसे hi छोड़ता rahun...............aur तेरी बुर और गांड को छोड़ छोड़कर पूरा इसका भोसड़ा बना दूँ..................." और हरी तेज़्ज़ तेज़्ज़ ढ़ाके लगता रहा और आसमा की बुरी तरह से चुदाई करता raha................wahin आसमा जवाब में बस सिसकती rahi.....................sach तो ये था की उसकी बुर और गांड चुद छोड़कर पूरी तरह से फूल भी गयी थी aur...................soojan की वजह से लाल भी पढ़ गयी थी मगर आसमा की ये प्यास कम होने का नाम hi नहीं ले रही थी................

हरी को एक शरारत सूझी और वो अपना लुंड आसमा की गांड से एक hi बार पूरा निकलता hua.....................dubara से उसे फिर अंदर दाल diya...............fir वो अपना लुंड निकलता हुआ इस बार उसे आसमा की बुर में पूरा घुसा diya...................is तरह से वो बरी बरी कभी आसमा की बुर को छोड़ रहा tha...................to कभी उसकी गांड मार रहा tha.................aasma पूरी अपनी टांगें फैलाई बरी बरी से हरी के लुंड को अपनी दोनों छेद में डलवा रही thi.................ek अजीब सा नशा उसपर चाय हुआ tha..................aankhein एक दम मदहोश हो चुकी थी और पूरी नशे की हालत में वो नज़र आ रही थी...................
 
अपडेट- 49 (बी) (मेघा अपडेट)

खुमार उसपर ऐसा चाय था जो अब उतरने का नाम नहीं ले रहा tha....................aasma आज दिल खोलकर हरी से चुद रही thi..................wo अब सब कुछ भूल चुकी thi...............yaad था तो उसे बस अपनी अंदर की उस प्यास को bujhana..................jiske लिए वो अब किसी भी हुड्ड तक जा सकती थी..............

" aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh................tumhein मज़ा आ रहा हैं न hari.....................tum फ़िक्र मुट्ठ करो मैं तुम्हारे मज़े में कोई भी कमी आने नहीं doongi.................tumhein इतना मज़ा दूँगी की तुम सब कुछ भूल जाओगे........................" और आसमा की सांसें फिर से भरी होने lagi...............uske अंदर की बेचैन बहुत हुड्ड तक बढ़ गयी thi...................hari अपना लुंड कुछ देर तक आसमा की दोनों छेद में बरी बरी से डालता रहा फिर वो अपना लुंड आसमा की बुर में पूरा घुसता hua...............uski बुर की बेरहमी से चुदाई करने laga...............uska एक एक ढाका आसमा की बुर की गहरायी में उतर रहा tha................aur उसकी बाछेदनी तक चोट कर रहा था................

चुदाई का ये दौर कुछ देर तक चला और हरी के ढाकों की रफ़्तार कम नहीं hui...............wahin आसमा इस बार ज़ोरों से चीख पड़ी और उसके चीखते hi उसके बुर से ढेर सारा मूट बहार निकल पड़ा जो हरी के जांघों पर गिरने laga..............magar न hi हरी रुका और न hi उसके ढ़ाके ruke.................aasma की मूट निकलती रही और वो उसकी बुर से मूट निकलवाता raha..................hari बहुत बुरी तरह से थक गया tha..............aab उसके जिस्म में इतनी भी हिम्मत नहीं थी की वो अब और आसमा की ठुकाई कर sake...................pichley दो घंटे से वो लगातार उसकी बुर और गांड को छोड़ रहा tha...............jissey उसका लुंड दर्द से फटने लगा था......................

"aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh..............aur छोड़ो मुझे .......फाड़ दो मेरी बुर और गांड ko..........aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh.............nikal दो मेरी मूट ऐसे hi.....aaaaaaaaaaa" और आसमा इतना कहती हुई बुरी तरह से झरने लगी और फिर ज़ोरों से चीख padi..............wahin इस बार हरी भी अपना साबरा खो चूका था और अपना सारा माल आसमा की बुर के अंदर गिरता हुआ..................... उसपर किसी बेजुबान लाश की तरह एकदम से पसर gaya...............................wahin आसमा भी हांफती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेती हुई .................हरी के लबों को काफी देर तक चूमती रही और उसके चेहरे को बहुत देर तक निहारती रही.....................

इस वक़्त घडी में 3 बज रहे they.....................hari इतना थका था की अब वो सू चूका था मगर आसमा की आँखें लाल थी........... उसकी भी ये प्यास बुझ चुकी थी और वो इस वक़्त बहुत सुकून महसूस कर रही thi................aane वाले वक़्त को सोचकर वो थोड़ी परेशां ज़रूर thi..................wo हरी को साइड में करती हुई बिस्टेर से जैसे hi उठी उसे एक पल ऐसा लगा जैसे उसके टांगों में जान hi न बची हो.................

वो बिस्टेर का सहारा लेती हुई उठी और सामने का वीडियो रिकॉर्डर बंद कर di..................raat की साडी घटना अब उसमें रिकॉर्ड हो चुकी thi................wo अपने बदन पर एक चादर डालती हुई सामने के ालमिरह के पास गयी और उस वीडियो कैमरा को वहीँ अंदर लाकर में सेफ रख di................fir वो बाथरूम में गयी और जैसे hi वो मूतने के लिए टॉयलेट में बैठी उसकी बुर में एक तेज़्ज़ जलन हुई जिससे उसकी दर्द से aaaaahhhhhhhhhhhhhhh निकल गयी...............

उसकी बुर और गांड की सूराख एक 2 इंच मोठे पाइप जितनी नज़र आ रही thi.....................gand की छेद भी पूरी तरह से खुल गयी थी और बुर सूझकर लाल हो गयी thi..............aab उसमें इतना दर्द था की उसे अब चुवा भी नहीं जा रहा tha...................wo गीज़र ों की और थोड़े देर बाद जब पानी गरम हुआ वो उस पानी से अपने बुर और गांड को ाचे से धोनी लगी और ाचे से नहाने के बाद जब वो थोड़ी रिलैक्स हुई तो उस चद्दर को अपने बदन पर ाचे से लपेटकर फिर से अपने बैडरूम में आयी तो हरी गहरी नींद में सू रहा tha................uska लुंड मुरझाकर किसी छोटे बाचे का लुंड जैसा दिख रहा था....................

वो भी हरी के बाजु में आकर सू गयी और जब उसकी आँख खुली तो दिन के 11 बज चुके they...................hari अब तक सोया हुआ tha..............wo उसे जगाये बिना सीधा वाशरूम में गयी और फ्रेश होने के बाद एक ाची सी टॉप और लेहंगा पेनकार सीधा हरी के पास aayi.......................uske क़दमों की आहात सुनकर हरी की जैसे आँख खुल gayi.....................wo मुस्कुराता हुआ बड़े गौर से आसमा के खूबसूरत से चेहरे को देख रहा tha.................in तीन दिनों में आसमा के चेहरे पर निखार बहुत आया था जिससे उसका चेहरा और भी ज़्यादा चमक रहा था...................

" अब उठिये भी................11 बज गए hain............mujhe बिस्टेर भी सही करनी हैं और इस बेडशीट को धुप में भी सुखना hain...............nahin तो ये बेडशीट बदबू करने लगेगा.............." और आसमा आँखें गोल गोल नचाहति हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी उसके हाथों को पकड़ता हुआ अपनी तरफ खींचने लगा जिससे आसमा हरी के सीने पर गिरती चली gayi.........................aasma हरी के हाथों को चुदती हुई उससे दूर जाने लगी तो हरी उसके हाथों पर अपनी गिरफ्फत ऐसे hi बनाये रखा जिससे आसमा चाह कर भी छुड़ा न सकीय......................

" तुम्हारा मुन्न अभी तक नहीं bhara..................sari रात तुमनें मेरी जो कुटाई की hain.................ki मेरा चलना उठना बैठा सब दुश्वार हो गया hain................meri बुर गांड और मेरी ये दोनों चूचियां इतना दुःख रही जिसे मैं बता नहीं sakti..........kya कोई अपनी बीवी को बिस्टेर पर ऐसे रगड़ता हैं क्या....?????????????? "..............और आसमा मुँह बनती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुराता रहा.................

" और नहीं तो kya.....................biwi को बिस्टेर पर जितना hi रगड़ा जाये उतना कम hain.....................aur मेरा दिल तो कभी तुझसे नहीं भरने wala................aur अगर बीवी तेरी जैसी हो तो रगड़ने का दिल किसका नहीं करेगा.................." और हरी आसमा को फिर से अपनी बाँहों में लेता हुआ बोल पड़ा वहीँ इस बार आसमा उससे अपने आपको चुदती हुई धीरे से बोल पड़ी............

" पहले तुम फ्रेश हो जाओ और फिर नाहा lo...................nahane के बाद फिर naasta...................waise तुमने तो मेरी चाल hi ख़राब कर दी hain.................dekho कैसे मैं अपनी टांगें फैलाकर चल रही hoon...................raat का दर्द अब तक गया नहीं.............." और आसमा हरी से दूर होती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा रहा................

" वैसे तो मुझे भूख ज़ोरों की लगी hain......chalo मैं पहले फटाफट नाहा लेता हूँ फिर इतेमेनन के साथ नास्ता karunga...................waise आज नास्ते में क्या मिलेगा मुझे.............." और हरी आसमा के चूचियों को घूरता हुआ धीरे से मुस्कुरा पड़ा वहीँ आसमा हरी की तरफ टकटकी लगाए बस देखती रही...........

" अभी तो फिलहाल ब्रेड और ऑमलेट से काम चला lo.............asli नास्ता तो मैं तुम्हें आज शाम को karwaungi......................jo उस दिन तुम्हें ठीक से नहीं करा पायी thi.............aaj मैं तुम्हारी शिकयत को दूर कर दूँगी..................." और आसमा हौले से मुस्कुरा पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुराता हुआ आसमा के गले में लटक रहे सोने की लॉकेट को अपने हाथों में लेकर उसे बड़े गौर से देखने लगा....................

" अगर ये लॉकेट तेरा शौहर तुझसे पूछे to............tu क्या जवाब देगी usey.........................bata ना.................." और हरी एक तुक आसमा के चेहरे की तरफ देखता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा कुछ देर तक खामोश रही फिर वो भी धीरे से बोल पड़ी................

" कह दूँगी की ये मेरे प्यार की निशानी हैं............." और आसमा हरी की आँखों में देखती हुई धीरे से मुस्कुरा दी..........

" इस निशानी से कुछ नहीं होने wala.................main तुझे ऐसी निशानी देना चाहता हूँ जिसे तू ज़िन्दगी भर कभी भूल न sake....................bata naa.................tujhe और क्या chahiye................main तेरे क़दमों में सब कुछ बिछा doonga...............tere एक इशारे par.....................bus तू एक बार मुझसे कह के तो देख.............." और हरी बड़े गौर से आसमा के खूबसूरत से चेहरे की तरफ देखता रहा वहीँ जवाब में आसमा हरी के लबों को चूमती हुई फिर धीरे से मुस्कुरा दी..............

"निशानी तुम nahin..................main तुम्हें doongi..............main चाहती हूँ की मेरे पेट में जो बाचा पीला वो सिर्फ तुम्हारा ho.................na की सैम ka................bolo न hari............ye तोहफा दोगे मुझे.................." और आसमा की आँखें सुर्ख होती चली गयी और उसमें आंसूं के चाँद बूँद भी नज़ारे आने lage......................wahin हरी पूरी तरह से खामोश था वो कुछ देर तक चुप रहा और बिना कोई जवाब दिए आसमा को फ़ौरन अपने सीने से लगा लिया और उससे वो काफी देर तक ऐसे hi लिप्त raha....................dono के लैब फिर से खामोश they...................na जाने आने वाला वक़्त क्या सितम लेकर आने वाला था.............................

तो बे कॉन्टिनोएड..........................................
 
अपडेट- 50 (ा) (मेघा अपडेट)

"निशानी तुम nahin..................main तुम्हें doongi..............main चाहती हूँ की मेरे पेट में जो बाचा पीला वो सिर्फ तुम्हारा ho.................na की सैम ka................bolo न hari............ye तोहफा दोगे मुझे.................." और आसमा की आँखें सुर्ख होती चली गयी और उसमें आंसूं के चाँद बूँद भी नज़ारे आने lage......................wahin हरी पूरी तरह से खामोश था वो कुछ देर तक चुप रहा और बिना कोई जवाब दिए आसमा को फ़ौरन अपने सीने से लगा लिया और उससे वो काफी देर तक ऐसे hi लिप्त raha....................dono के लैब फिर से खामोश they...................na जाने आने वाला वक़्त क्या सितम लेकर आने वाला था.............................

अब आगे......................................................................

आसमा की बातें सुनकर हरी कुछ देर तक अपने सोच में डूबा raha............................kehtey हैं न जिससे एक बार जिस्मानी तालुकात बन जाये तो उससे दिल का रिश्ता अपने आप जुड़ जाता hain..................kuch ऐसा hi हाल अब हरी का भी tha.....................wo अंदर hi अंदर आसमा को दिल ो जान से चाहने लगा tha...................aur वो नहीं चाहता था की कोई अब उसे आँख उठाकर भी dekhey............aur न hi कोई chuyein.................yahan तक की उसका शौहर भी nahin.....................hari को ऐसे खामोश बैठा हुआ देखकर आसमा उसके लबों को हौले से चूमती हुई धीरे से फिर बोल पड़ी..................

" कहा खो gaye..........................kuch हुआ क्या......!!!!!!!!!!!!!...." और आसमा बड़े गौर से हरी के चेहरे पर बदलते हुए भावों को पढ़ने लगी वहीँ हरी जवाब में बनावटी मुस्कान अपने चेहरे पर लता हुआ बिस्टेर से फ़ौरन उठा और टकटकी लगाए आसमा के खूबसूरत से चेहरे की तरफ देखता रहा.................

" कुछ nahin.....bus ऐसे hi...................waise तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो..................." और हरी बिस्टेर से उठकर बैठ gaya................is वक़्त उसका लुंड अब तक दर्द कर रहा tha...............wahin जवाब में आसमा हरी की बाटिओं को सुनकर धीरे से मुस्कुराने लगी................

" अब ज़्यादा मस्का मुट्ठ लगावो और जल्दी से तुम फ्रेश हो jawo.................main तुम्हारे लिए नास्ता तैयार करती hoon.............waise.................tumhara जाना ज़रूरी हैं क्या ......!!!!!!!!!!!!!!." और आसमा अपने दोनों हाथ हरी के कन्धों पर रखती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा पड़ा..............

" haan...............zaroori नहीं रहता तो मैं जाता hi क्यों..........!!!!!!!! और वैसे भी रात अपनी hi hain................teri छूट की साडी गर्मी निकलने के लिए......................" अउ हरी बिस्टेर से उठकर फ़ौरन बाथ्रून में चला गया वहीँ जवाब में आसमा मुस्कुराती rahi..................wo फ़ौरन बाथरूम में गयी और जाकर हरी के लिए नास्ता बनाने lagi..................omlet और ब्रेड बनाकर वो हरी के पास आयी तो हरी उसे अपने गॉड में बैठा लिया और उसके होंठों और गलों को बेह्तषा चूमने लगा ये देखकर आसमा के चेहरे पर मुस्कान और भी गहरी हो गयी..............

" मेरी छूट की गर्मी के साथ साथ तुम अपनी साडी गर्मी भी मेरे अंदर निकल dena......................waise भी मेरे ये दोनों छेद तुम्हारे लिए हर वक़्त खुले hi hain....................main तुम्हारे लौटने का बेसब्री से इंतज़ार karungi...........aur ये लो कुछ rupiaye................tumhare काम aayengey...................waise भी ये सामान की कुछ लिस्ट हैं जब आना तो इसे भी साथ में लेते आना................." और आसमा कागज़ की एक छोटी सी पर्ची और 500 के 6 नोट हरी की जेब में डालती हुई उसके लबों को फिर से चूमने लगी वहीँ हरी बड़े अजीब नज़रियों से आसमा के चेहरे की तरफ देखता रहा...........

" magar...........mere पास तो पैसे हैं naa..............fir.............." और हरी टकटकी लगाए आसमा के तरफ देखता रहा वहीँ आसमा उसे हाँ में इशारा करती हुई उसके लबों को फिर से चूमने लगी..............

" रख लोगे तो कुछ बिगड़ जायेगा क्या..............!!!!!! और क्या मैं तुम्हें पैसे नहीं दे sakti...............aur ये पैसे सामान के हैं और उसमें से जो बचेगा वो तुम रख lena.............aur जो मेरा हैं वो तुम्हारा भी तो हैं............" और आसमा हरी के चेहरे को बड़े गौर से निहारने लगी वहीँ हरी जवाब में कुछ न बोल saka.............wo ब्रेड का पहला टुकड़ा आसमा को खिलता हुआ खुद खाने laga........khane के बाद जैसे hi हरी बहार जाने लगा आसमा उसे छोड़ने बहार तक आयी...............

" ये सरे सामान ज़रूर लेते आना hari...............waise भी ये सरे सामान तुम्हारे काम के hi हैं............" और आसमा हौले से मुस्कुरा पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुराता हुआ फ़ौरन बहार निकल gaya...............hari के जाते hi आसमा फ़ौरन अपने घर के कामों में जुट gayi..............jhadoo पुछा और बेडशीट बदलने के बाद वो फिर से खाना बनाने में लग gayi............is बीच वो अपने सास सौर और अपने शौहर के पास फ़ोन पर बात भी ki...................wo जानती थी की शाम को जब हरी आ जायेगा तो उसे बात करने का मौका नहीं मिलेगा................

घर के सरे काम ख़तम करने के बाद आसमा जाकर हाल में बैठ गयी और फिर t.v देखने lagi................is वक़्त घडी में शाम के 4 बज रहे they..............jaise जैसे वक़्त गुज़र रहा था आसमा के अंदर की बेचैनी फिर से बढ़ती जा रही thi..................wo अपने मोबाइल को बार बार चेक भी कर रही थी की कहीं हरी का कोई मश्ग या कॉल तो नहीं aaya...............wo हरी के पास कॉल लगाने की सोच hi रही थी तभी उसका फ़ोन बज utha...................phone हरी का hi था जिसे देखकर आसमा की आँखें ख़ुशी से चमक गयी.....................

" कैसी हो मेरी jaan...............tumne जो सामान लिखे थे वो सरे मैंने ले लिए hain.......................main एक घंटे में अपनी जान के पास आ jawunga.....................idher मौसम भी आज ख़राब hain...............aasman में आज काळा घने बदल छाए हुए हैं लगता हैं आज रात बहुत जमकर बारिश hogi...............waise भी इस मौसम को देखकर मेरी भूख और भी बढ़ गयी हैं................" और हरी के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान तैर गयी वहीँ जवाब में आसमा भी हौले से मुस्कुरा पड़ी.............

"aacha....................mera बाचा भूखा hain..............ghar आवोगे तभी तो मैं तुम्हारे भूख को शांत karungi.............aur अपने बाचे को जी भरकर नास्ता करवाउंगी......................." और आसमा का गाला फिर से सूखने लगा वो ाचे से जानती थी की हरी उससे कौन से नास्ते की बात कर रहा tha.................wahin जवाब में हरी धीरे से हंस पड़ा.............

" वो तो वक़्त hi बताएगा की तुम मेरे भूख को शांत कर पति हो या nahin................kahin कल की तरह बीच रास्ते में छोड़ गयी तो.............." और हरी आसमा को ताने मरता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा धीरे से फिर बोल पड़ी..............

" अगर ऐसा हुआ तो जो तुम सजा दोगे मुझे सब मंज़ूर होगा...................." और हरी के बीच दो चार बातें हुई और आसमा फिर फ़ोन रख di................uska कलेजा ज़ोरों से धड़क रहा tha...................aane वाले पल को सोच सोचकर वो अंदर hi अंदर रोमांचित होती जा रही thi....................uske अंदर की बेचैनी फिर से बढ़ने लगी thi.................wo अपनी छूट छुड़वाने के लिए फिर से पूरी तरह बेचैन हो उठी thi...................uski ये प्यास दिन बा दिन बढ़ती जा रही थी..............

वक़्त गुज़ारा और एक घंटे के बाद हरी भी वापस आ gaya.................is वक़्त बहार का मौसम बहुत सुहावना tha..................aasman में काळा घने बदल छाए हुए थे और बारिश कभी भी हो सकती thi............upar से हलकी हलकी हवा भी चल रही thi.................jo उस मौसम को और भी रंगीन बनती जा रही thi..............jaise hi हरी अंदर आया आसमा फ़ौरन उसके सीने से लिपट गयी वहीँ हरी अपना एक हाथ उसके गांड पर ले गया और कसकर उसकी गांड पे एक थप्पड़ मरता हुआ उसकी गांड के दरारों में अपनी ऊँगली धीरे धीरे फिर घुसने लगा.................. वहीँ उसका दूसरा हाथ इस वक़्त उसकी बायीं चूची पर था जिसे वो अपने कठोर हाथों से कसकर मसल रहा था जिससे आसमा की aaahhhhhhhhhhh निकल गयी....................

" क्या बात हैं तुम तो अभी से मूड में आ गए..................." और आसमा हरी के तरफ देखकर धीरे से मुस्कुरा दी वहीँ जवाब में हरी उसकी गांड पर कसकर एक और थप्पड़ मरता हुआ उसके दूसरे चूची को कसकर फिर से मसल दिया..............

" आज तो मौसम भी रंगीन हैं ऊपर से तेरे जैसी माल अगर साथ हो तो बात hi क्या hain..............waise भी मेरे मुन्न में बहुत सी ख्वाहिशें हैं जिन्हें मैं आज की रात सब तेरे साथ पूरा करना चाहता hoon..............bol.................degi न मेरा पूरा साथ....................." और हरी आसमा के लबों को चूमता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से हंस पड़ी...............

" मैंने तुम्हें अब तक क्या रोका हैं जो अब rokungi...................tum अपनी साडी ख्वाहिशें एक एक कर पूरी कर lo...............main तुम्हारे हर खेल में तुम्हारा पूरा पूरा साथ दूँगी..............." और आसमा हरी को हरी झंडी दिखती हुई धीरे से मुस्कुरा दी वहीँ हरी जवाब में खुस होता हुआ आसमा के होंटोनो को फिर से चूमने लगा.................

" waise...............aaj मैं तुझे अपनी बीवी बनाकर nahin.....................balki एक सस्ती दो टेक की रांड बनाकर छोड़ना चाहता hoon...................pata हैं न एक दो टेक की रांड पैसे के लिए क्या कुछ कर सकती hain............magar तू मेरे साथ पैसे के लिए नहीं बल्कि अपनी शौक और मज़े के लिए ये सब karegi....................bol.......tujhe मंज़ूर हैं............." और हरी आसमा के बालों को कसकर अपनी मुट्ठी में जकड़ता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा दर्द से सिसक padi.................aur जवाब में हाँ में अपना सर हिलती हुई हरी की आँखों में एक तुक देखने लगी...................
 
अपडेट- 50 (बी) (मेघा अपडेट)

" मैं तुम्हारी हूँ hari..........chahe तो तुम मुझे अपनी बीवी बनाकर rakho...............ya फिर अपनी raand.............mujhe फर्क नहीं पड़ता................" और आसमा का चेहरा सुर्ख लाल होता चला gaya...............uski छूट में तेज़्ज़ सेंसेशन होना फिर से शुरू हो गया tha..................wahin हरी के चेहरे पर एक कमीनी सी मुस्कान तैर गयी................

" शाबाश मेरी jaan.................mujhe तुझसे एहि उम्मीद थी......................." और हरी के चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ gayi...................wo अपने साथ लाये उस पैकेट में से एक एक कर सरे सामान निकलने laga...............jo आसमा ने उस पर्ची पर लिखी thi..................jismein एक बड़ी सी सेहद की शीशी thi..............ek दर्ज़न मोठे और बड़े केले और काळा angoor..................ek मलाई की पैकेट थी और दो लॉलीपॉप they...................aakhri में उसने एक पैकेट सस्ती वाली बीड़ी निकली और एक बड़ी सी वाइन की sheeshi..............jisey देखकर आसमा थोड़ी चौंक सी गयी मगर अगले hi पल वो पहले की तरफ फिर से नार्मल हो गयी................

" ये अंग्रेजी दारू हैं जिसे आज मैं तेरे साथ पीने वाला hoon................bol पीयेगी न मेरे साथ.............." और हरी आसमा के तरफ टकटकी लगाए देखता रहा वहीँ आसमा हौले से हाँ में अपना सर हिलती हुई हरी के तरफ देखती रही..................

" वैसे मुझे बहुत ज़ोरों की भूख लगी हैं तू मेरे लिए सबसे पहले खाना लेकर aa................aur मेरे खाना ख़तम होने तक तू तैयार होकर जल्दी से मेरे पास चली aa..............yahin इस डाइनिंग टेबल par.............yaad हैं न तुझे तैयार कैसे होना hain.................jaise कल तू हुई thi..............poori nangi..................haan तेरे बदन पर वो ऊँची हील वाली सैंडिल रेहनी चाहिए bus..........uske अलावा तेरे जिस्म पर कपड़े का एक भी रेशा नहीं होना chahiye.................aur आना तो एक बड़ी सी थाली अपने साथ लेती आना जिसमें कुछ केले और अंगूर भी ho................aur एक केला तेरी बुर के अंदर पूरा घुसा होना चाहिए जिसे मैं बड़े आराम के साथ खा सकूँ..............." और हरी इतना कहकर खामोश हो गया वहीँ आसमा हाँ में अपना सर हिलती हुई फ़ौरन किचन में गयी और हरी के लिए खाना परोसने लगी..............

खाना निकलकर वो हरी के पास आयी और अपने साथ कुछ केले और अंगूर साथ में लेकर वापस चली gayi..............wahin हरी खाने पर टूट pada..................aasma का दिल ज़ोरों से धड़क utha...................uske छूट में अजीब सी सेंसेशन होनी शुरू हो गयी थी जिससे उसमें गीलापन भी बहुत हुड्ड तक बढ़ चूका tha..................wo ाचे से जानती थी की आज हरी उसके जिस्म का सारा पानी उसके छूट के रास्ते पूरा निचोड़ लेगा..................... आने वाले उस सुखद एहसास को सोच सोचकर वो बहुत रोमांचित होती जा रही thi...............waise भी आज हरी उसे एक बाज़ारू और सस्ती रंडी बनाकर छोड़ने जो वाला था....................

वो फ़ौरन अपने कमरे में गयी और एक एक कर अपने बदन से सरे कपड़े उतरने लगी...............10 मिनट के अंदर जैसे hi वो बहार आयी वो सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी thi.....................bus उसके पवन में दो बड़े हील्स वाली सैंडिल थी जिसे पहनकर चलने में उसकी गांड और भी ज़्यादा मटक रही thi...............thoda होंठों पर लिपस्टिक और मेकउप करके वो हरी के पास आयी थी वहीँ हरी अपना खाना लगभग ख़तम कर चूका tha...................aasma के क़दमों की आहात सुनकर वो पीछे की तरफ मुदा तो आसमा हाथ में एक थाली लिए धीरे धीरे उसके पास पूरी नंगी हालत में चलकर आ रही thi.....................jisey हरी कुछ देर तक निहारता raha................wo आसमा के तरफ देखकर गंदे तरीके से मुस्कुराने लगा...............

" आ गयी मेरी randi.................mujhe तेरा hi इंतज़ार tha......................aaj की रात मैं तेरा चाहनेवाला नहीं बल्कि मैं तेरा कस्टमर (ग्राहक) hoon.....................aur तुझे अपने इस ग्राहक को खुस करना हैं और उसे शिकायत का कोई भी मौका नहीं देना hain................maine तुझे आज की रात खरीद लिया हैं और अब से तू मेरी घुलम hain..............jo मैं बोलूंगा ..................जैसा मैं बोलूंगा तुझे वो सब कुछ करना hain.................aayi बात समझ में..............." और हरी का तूने पूरी तरह से चेंज हो gaya.................aab वो आसमा से किसी बाज़ारू रंडी की तरह उससे बात कर रहा था वहीँ आसमा जवाब में हाँ में अपना सर हिलती हुई चुप चाप से कड़ी रही................

" अब तू वहीँ पे चुप चाप से बस कड़ी hi रहेगी या आगे भी कुछ karegi.....................aur ये तूने कैसा हुलिया बनाया हुआ hain.................randiyaan इसी तरह से नहीं rehti..............wo लिपस्टिक बहुत hi गधा लगाती हैं और कानों में बड़े बड़े झूमके भी पहनन्ति hain.................jaa और उसी तरह से फिर से तैयार होकर aa................aur haan............is बोतल में का सारा पानी तुझे अभी ख़तम करना hain..................tujhe मालूम हैं न मैं तुझे पानी क्यों पीने को कहता hoon...............taki तू खुलकर मूट sake.................jitna तू म्यूटेगी तुझे छोड़ने में उतना hi ज़्यादा मज़ा आएगा........................" और हरी आसमा को जैसे आदेश देता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा हाँ में अपना सर हिलती हुई फ़ौरन रूम में गयी साथ में उस बोतल के पानी को भी लेती gayi.................aur कुछ देर बाद जब वो वापस आयी तो जैसा हरी ने कहा था बिलकुल वो उसी तरह से उसके सामने पूरी नंगी कड़ी thi..............dark लिपस्टिक और कानों में बड़े बड़े झूमके लटकाये हुए............

" इधर आ मेरे पास................" और हरी कसकर आसमा के दोनों चूचियों को बरी बरी से मसलता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से सिसक पड़ी.............

" बोल naa..................tu मुझे कैसे खुस karegi.................mujhe तो तेरे साथ पूरा पूरा मज़ा chahiye...................tujhe पता हैं सस्ती रंडियां चाँद पैसों के लिए क्या कुछ कर सकती hain..................agar उन्हें पैसों का थोड़ा और लालच दे तो वो कुछ भी कर सकती hain.....................choot मरवाने के साथ साथ वो अपनी गांड भी मरवा सकती hain..............mooh में मर्दों का माल पी सकती hain.................agar लौड़ा ठीक से खड़ा नहीं हो रहा तो वो गांड भी चाटती hain................mardon का मूट भी पीती hain................fir चाहे मर्द उसके छूट गांड और मुँह के अंदर मोटे या थूके उन्हें कोई फर्क नहीं padta.................bol मुझे खुस करने के लिए तू ये सब करेगी ना................." और हरी आसमा के चूचियों को बेरहमी से मसलता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हाँ में अपना सर हिलती हुई बोल पड़ी..............

" सर क्या हिला रही हैं मुँह से सा साफ़ bol...................jo मैंने अभी अभी तुझसे बोलै हैं...................." और हरी आसमा के तरफ गुस्से से घूरने लगा वहीँ आसमा हौले से बोल पड़ी..............

"haan............hari मैं तुम्हारे लिए सब कुछ करुँगी.............." इससे पहले आसमा कुछ और कहती हरी उसके बालों को कसकर जकड़ता हुआ उसे अपनी तरफ खींच लिया और उसके चेहरे की तरफ देखकर उसके चेहरे पर थूक दिया................

" अपने ग्राहक का नाम नहीं लिया jata..............aayi बात समझ mein.....................aagey से अगर गलती की तो मैं तेरी माँ छोड़ dunga....................waise मुझे भूख लगी हैं तू अपने ग्राहक को नास्ते में क्या khilayegi...................bata ना..............." और हरी आसमा के साथ पूरा मज़े लेता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा का गाला सूखने laga.................aabhi तक उसके चेहरे पर हरी की थूक लगी थी जिसे वो पूछी नहीं थी...............

" kela........aur अंगूर................." और आसमा की सांसें भरी होने लगी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा................

" कहा हैं केला और angoor...........mujhe तो दिखाई नहीं दे raha........kya इस थाली mein.............ya और kahin.................jo तू मुझसे छुपकर राखी हैं................" और हरी आसमा को डाइनिंग टेबल पर चढ़ने का इशारा करता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा डाइनिंग टेबल पर आयी और अपनी दोनों टांगें बेशर्मों की तरफ पूरी तरह से फैलाकर बैठ gayi...............wahin हरी भी डाइनिंग चेयर पर आकर बैठ गया .............अब आसमा की छूट और गांड हरी के आँखों के ठीक सामने थी जिसे वो बड़े गौर से देख रहा था................

" मेरी बुर mein.............rakha hain..........tum ......खा लो.............." और आसमा अपने छूट को हरी के सामने पूरी तरह से परोसती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा पड़ा..............

"uuuuuuuffffff.............mujhe थोड़ा भी रंडियों वाली फीलिंग नहीं आ raha..................randiyaan ऐसे प्यार से किसी ग्राहक से बात थोड़ी न करती hain.......wo तो गली देकर और खूब गंदे इशारे से बात करती हैं.............." और हरी आसमा को पूरी तरह से बेशरम बनता जा रहा था वहीँ आसमा के अंदर झिझक अभी बाकि thi.............na hi वो ऐसे माहोल में पाली बड़ी थी और न उसके अंदर की ये संस्कार उसके ऐसा करने दे रही thi...............magar उसे हरी की खुशियों के लिए सब मंज़ूर था..............

" yeee................mujhse नहीं hoga..............main तुम्हें गली नहीं दे sakti.......aur मुझे गली आती भी नहीं................." और आसमा का गाला सूखने लगा वहीँ हरी अपनी जगह से उठकर खड़ा हुआ और आसमा बुरी तरह से मचल उठी..............

"तुम मुझे इस हाल में छोड़कर मुट्ठ जाओ hari................ye मुझसे नहीं hoga................chahe तो तुम मुझसे और गंदे काम करवा लो मगर ..................." और आसमा बेचैन हो उठी वहीँ हरी कुछ दूर गया और जाकर चुप चाप से खड़ा हो गया...................

" पहले तू मुझे मादरचोद कहकर bula..............bhadwa keh............chahe तो हिज़ड़ा कह le....................jab तक तू मुझे रंडियों जैसे बर्ताव नहीं करेगी मैं तेरे पास नहीं आवूंगा................" और हरी जैसे अब ज़िद्द पर आ gaya............wahin आसमा भी समझ चुकी थी की हरी ऐसे आज नहीं manaega................waise भी इस कमरे में उसके अलावा और कोई और भी तो नहीं tha...............jo उसकी बाटिओं को sunta..............ye सोचकर वो फ़ौरन बोल पड़ी...............

" bbhaaadddvveee........................udher क्या देख raha.................tu na-mard हैं क्या ...............अगर मर्द हैं तो आकर मेरे सामने अपनी मर्दानगी दिखा............" और आसमा अचानक से बोल पड़ी वहीँ हरी के चेहरे पर एक गहरी मुस्कान आ gayi...............wo पीछे की तरफ पलटा और फ़ौरन आसमा के पास आया और उसके बालों को कसकर पकड़ता हुआ उसके चेहरे पर लगे थूक को अपने जीभ से फिर चटनी laga..................wahin आसमा इस बार ज़ोरों से सिसक पड़ी...............

" वो तो तुझे कुछ देर में पता चल hi जायेगा की मैं कितना बड़ा मर्द hoon......................jab घंटों मैं तेरी बुर और गांड को जब ाचे से फाड़ूंगा tab...................tu कितना भी चिल्लाये मैं तुझे छोडूंगा nahin...............teri बुर और गांड को छोड़ छोड़कर मैं उसका भोंसड़ा बना दूंगा.............." और हरी आसमा के गुर्दें और गलों को धीरे धीरे चटनी लगा वहीँ आसमा हौले से सिसक padi..................wo जानती थी की हरी जब उसे रगड़ेगा घंटों तक रगड़ा hi rahega...................aur इसी वजह से वो हरी के लिए हर वक़्त बेचैन रहने लगी thi..............har पल उसपर खुमार सा चाय रहता tha................har वक़्त वो अब मदहोश रहने लगी थी..............

" फाड़ dena...............main भी तो एहि चाहती हूँ की तुम मेरी बुर और गांड को छोड़ छोड़कर इसका भोंसड़ा बना do....................main कितना भी चीखों चिल्लावुन तुम मुझपर ज़रा भी रेहान मुट्ठ karna.................tumhari ये रांड तुमसे छोड़ने को अब पूरी तरह से तैयार hain...................aaj तुम्हारी ये रंडी तुम्हें किसी भी चीज़ के शिकायत का कोई मौका नहीं degi.............aur haan.......tum भूखे हो naa...................pehle तुम अपनी भूख को मिटा लो...............

तुम्हारा खाना मेरी आगे वाली छेद में रखा हुआ hain................tum अगर चाहो तो मेरे पीछे वाली छेद से अपना नास्ता कर सकते ho.................khana तुम्हें हैं चाहे जैसी मर्ज़ी khawo..............aur...........khilana मुझे हैं............" और आसमा की बुर पूरी तरह से पनिया gayi............uska गाला एक्ससिटेमेंट से सूखने laga.............wahin हरी का लुंड तेज़्ज़ झटके मरने laga...............aasma की ऐस गरम बातों को सुनकर उसके लुंड में जैसे आग लग गयी thi....................aasma अपने रंग में पूरी तरह से रंग गयी थी देखना था की हरी आसमा की गर्मी को कितने देर तक सेहन कर पता हैं....................



तो बे कॉन्टिनोएड....................................................
 
अपडेट- 51(ा) (मेघा अपडेट)

तुम्हारा नास्ता मेरी आगे वाली छेद में रखा हुआ hain................tum अगर चाहो तो मेरे पीछे वाली छेद से अपना नास्ता कर सकते ho.................khana तुम्हें हैं चाहे जैसी मर्ज़ी khawo..............aur...........khilana मुझे हैं............" और आसमा की बुर पूरी तरह से पनिया gayi............uska गाला एक्ससिटेमेंट से सूखने laga.............wahin हरी का लुंड तेज़्ज़ झटके मरने laga...............aasma की ऐसी गरम बातों को सुनकर उसके लुंड में जैसे आग लग गयी thi....................aasma अपने रंग में पूरी तरह से रंग गयी थी देखना था की हरी आसमा की गर्मी को कितने देर तक सेहन कर पता हैं....................

अब आगे.................................................................

आसमा के अंदर की आग अब पूरी तरह से भड़क चुकी thi......................wo इस वक़्त ये भूल चुकी थी की वो इस घर की मालकिन hain.................kisi की बीवी hain..................wo अपने बदन की इस गर्मी को बुझाने के लिए कुछ भी कर सकती thi..................kisi भी हुड्ड तक जा सकती thi....................aab उसे न इस दुनियादारी की परवाह thi......aur न hi इस समाज ki.................hari अपना एक हाथ उसके बालों पर रखता हुआ बड़े गौर से आसमा के खूबसूरत से चेहरे को देखता रहा...................

" मेरी jaan..........tum गुस्सा या बुरा मुट्ठ manana....................main तो बस तेरे साथ ये खेल खेल रहा हूँ ताकि मुझे इस खेल में तेरे साथ पूरा पूरा मज़ा मिल sake................aur मैं भी चाहता हूँ की तू भी पूरा मज़ा kare.............is लिए आज तू दिल खोलकर मेरे साथ मस्ती karna..................meri ये शाम यादगार बना देना की जीते जी कभी मैं इस शाम को भूल न पवन..................." और हरी ने एक hi शब्द में सब कुछ कह दिया था वहीँ आसमा कुछ देर तक खामोश रही फिर वो जवाब में धीरे से मुस्कुरा di...............wo समझ चुकी थी की हरी आज उसके साथ किस तरह का सेक्स करना चाहता हैं...............

" मुझे कोई फर्क नहीं पढता हरी की तुम मुझे अपनी रांड बनाकर chodogey...............ya फिर अपनी बीवी banakar...............waise भी तुम मुझे बीवी बनाकर दो रात छोड़ hi चुके ho.............to क्यों ना आज की रात तुम मुझे अपनी रांड hi बनाकर chodho..................aur तुम इस बात से निश्चिंत रहो............... मैं तुम्हारी ये शाम को यादगार बना doongi..............jisey तुम कभी भूल नहीं पावोगे..............

तुम तो रंडियों के पास कभी गए भी hoge......................wo कैसे क्या करती हैं क्या नहीं.............. ये सब तो मैं नहीं जानती........ magar.....................itna ज़रूर जानती हूँ की आज की रात तुम मेरे साथ साडी हदें पार करके वो सब कुछ करना जो एक पेशावर रंडी hi कर सकती hain................tum मुझे चाहो तो गली भी दे सकते ho.........maar भी सकते ho................aur अपनी अधूरी साडी फैंटसीज को पूरी भी कर सकते ho....................mere तरफ से तुम्हें पूरी चूत hain.................main तुम्हारे मज़े के लिए कुछ भी karungi...............aaj मैं तुम्हें दिखाउंगी की औरत अगर अपने ज़िद्द पे आ जाये तो वो क्या कुछ कर सकती हैं.............." और आसमा जैसे ग्रीन सिग्नल देती हुई बिलकुल चुप हो गयी वहीँ हरी की ख़ुशी से जैसे आँखें चमक gayi.....................wo मुन्न hi मुन्न झूम उठा.........

आसमा की ऐसी बाटिओं को सुनकर हरी का लुंड पूरी तरह से फड़क utha.................uske लुंड से प्रेकम की कुछ बूँदें उसके अंडरवियर पर गिर padi.................usney सब कुछ सोच रखा था की उसे आज आसमा के साथ क्या करना hain...............khel की शुरुवात एक बार फिर से हो चुकी thi..................aasma अपनी टांगें फैलाये हरी के सामने अपनी छूट परोसे हुए बैठी thi...............aaj वो sharam....haya........maan maryaada..........sab कुछ पीछे छोड़ चुकी thi............aaj वो सिर्फ और सिर्फ हरी की एक सस्ती रंडी thi...............issey ज़्यादा और कुछ नहीं...........

" अब तुम ऐसे देखते hi रहोगे या कुछ करोगे bhi...............main अपनी बुर फैलाये तुम्हारे सामने बेशर्मों की तरह बैठी हूँ और एक तुम हो की कुछ कर भी नहीं rahe.................main चाहती हूँ की तुम आज अपनी इस रंडी के साथ कुछ ऐसा करो जिससे मेरी बुर की पानी हर वक़्त टपकती रहे................ साथ hi साथ मेरी मूट भी निकलती rahe......................tum समजह रहे हो na..................main तुम्हसे क्या कहना चाहती हूँ.........." और आसमा का गाला एक्ससिटेमेंट से सूखने लगा वहीँ हरी के चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान आ gayi................wo वक़्त न जाय करते हुए फ़ौरन अपने काम में लग गया...............

" फ़िक्र मुट्ठ कर मेरी randi....................teri बुर से मूट निकलती hi रहेगी इसकी गुरंटी मेरी hain...................jab तू इतना ज़ोर दे hi रही हैं तो चल मैं सबसे पहले अपना नास्ता करता hoon..............waise भी मुझे किसी बात की कोई जल्दी नहीं hain......................main बड़े आराम के साथ तेरी बुर में रखे उस केले को khawunga..................bur hi kyon..............main उस केले को तेरी गांड में भी डालकर khawunga................bol खिलाएगी न मुझे................" और हरी हौले से अपना एक हाथ आगे की तरफ ले गया और आसमा की बुर पर हौले से अपना एक हाथ रखता हुआ उसके दोनों फांकों को धीरे धीरे खोलने laga..................jissey अंदर की गुलाबी चमड़ी साफ़ नज़र आने lagi.....aur केले का कुछ हिस्सा जो छूट रूस में पूरी तरह से सना हुआ था वो भी अब साफ़ नज़र आने लगा जिसे हरी कुछ देर तक देखता hi रह गया.................

वो आसमा के दोनों टांगों को और फैलता हुआ ..............उसकी कमर को आगे की तरफ करता hua..............dining टेबल पर रखे थाली को उसके छूट के ठीक नीचे रख diya.....................fir वो दो बड़े बड़े केले को छीलने लगा और उसे भी उस थाली में रख diya..........fir वो ढेर सारा अंगूर के गुच्छों को अलग करता हुआ उस थाली में चरों तरफ से बिखेर diya.................aab उस थाली के बीचों बीच दो चीले हुए केले थे और साथ में कई सरे काळा अंगूर भी they....................hari ऐसा इस लिए किया था ताकि आसमा के छूट से निकलता हुआ सारा पानी सीधा उस थाली में gire.................jisey वो आगे चलकर खुद भी खाने वाला था और उसे भी खिलाने वाला tha...................aasma ाचे से जानती थी की हरी आज उसके साथ गंदे खेल जी भरकर खेलेगा...............

" हाँ खिलाऊंगी naa.................grahak को खुस करना तो मेरा पहला काम hain....................aab तुम इसे कैसे खाओगे ये तुम पर निर्भर करता हैं...................." और आसमा की सांसें भरी होने लगी वहीँ हरी अपना पूरा मुँह खोलता हुआ आसमा के बुर को पूरा अपने मुँह में भर लिया और उसे ज़ोरों से बहार की तरफ खींचने laga.................hari के इस हरकत पे आसमा बुरी तरह से उछला पड़ी और एक ज़ोरों की सिसकारी उसके मुँह से निकलती rahi.....................maze से उसकी आँखें बंद हो रही थी और वो अब हरी को जी भरकर नास्ता करवा रही थी..............

" बोल न मेरी raand......................agar तेरी बुर के अंदर रखा केला कहीं फंस गया to..............main उसे कैसे निकलूंगा....................." और हरी आसमा के बुर में और अंदर तक जीभ डालता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा की आहें और तेज़्ज़ होती चली gayi................uski बुर से पानी बहना शुरू हो गया था..............

"aaaaaaassssssssssssssssssss.............agar केला अंदर फंस गया to...............tum मेरी बुर के अंदर ऊँगली dalna.................agar उससे भी नहीं निकला तो तुम मेरी बुर को पूरा फैला dena................main धीरे धीरे ज़ोर लगूंगी............." और आसमा का गाला सूखने laga..............uski बेचैनी पल पल बढ़ती जा रही thi.............wahin हरी बड़े इतेमेनन के साथ बातें भी कर रहा था और आसमा की बुर के अंदर रखे उस केले को बहार की तरफ खींचता हुआ धीरे धीरे खा भी रहा tha................ek दो अंगूर भी उसके मुँह में अब जाने लगे थे वहीँ आसमा हर पल ज़ोरों से सिसक रही थी................

"अगर उससे भी न निकला to................janti हैं मैं तेरे साथ क्या karunga........................main तेरी गांड में पहले एक ऊँगली पूरा ghusawunga...............agar उससे भी नहीं निकला तो मैं एक साथ दो ऊँगली dalunga...........aur तेरी गांड को अपने उँगलियों से घोपता रहूँगा.................." और हरी अपना जीभ और अंदर डालता हुआ ज़ोरों से सांस बहार की तरफ खींचने लगा जिससे आसमा इस बार बुरी तरह से चिल्ला padi.......................ek पल तो उसे ऐसा लगा जैसे वो अभी जहर जाएगी मगर वो खुद को संभालती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi................bahar मौसम पूरी तरह से ख़राब हो चूका tha...................baarish होनी धीरे धीरे अब शुरू हो चुकी thi................wahin बीच बीच में बदल भी कड़क रहे they..................jo उस माहोल को और भी रंगीन बना रहे थे.................

" aaassssssssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.....to मेरी गांड में अपनी उंगलियां डालकर ाचे से घोंपो naa................shayad उससे अंदर फंसा केला निकल जाये............" और आसमा का अब बुरा हाल होने laga....................uski बुर पूरी तरह से पनिया गयी thi................lumbi लुम्बी सांसें लेती हुई वो बड़े मुश्किलों से खुद को संभल रही थी...............

" तू अगर कहती हैं तो मैं ये कोशिश भी करके देख लेता hoon.............agar उससे भी नहीं निकला to.................tu बता मैं तेरे साथ क्या karunga................."aur हरी आसमा का पूरा मज़े लेता हुआ उसकी बुर में रखे उस केले को धीरे धीरे खा रहा tha........................wahin आसमा की आहें लगातार निकल रही थी................

"ooooooooooooooooooooooofffffffffffffffffffffff.......aaaaaaaaaaaaaaa......................tum मेरी बुर के अंदर अपना लुंड पूरा घुसा देना और मेरे बुर में फिर mootna..................tumhare मूट के तेज़्ज़ प्रेशर से अंदर फंसा सारा केला आराम से बेहटा हुआ बहार निकल जायेगा...................." और आसमा का रोम रोम सिहर utha.............................uski बुर से पानी निकलना जारी रहा वहीँ हरी का भी लौड़ा पूरी तरह से आकद gaya...................uska दिल किया की वो अभी आसमा की बुर में पूरा अपना लुंड पेल दें मगर वो इस मज़े को ख़राब नहीं करना चाहता tha........................wo आसमा को आज इतना ज़्यादा गरम रखना चाहता था की उसकी बुर से पानी हर वक़्त टपटकि रहे.................

"अरे वाह मेरी raand.................ye तो मैंने सोचा hi नहीं था................" हरी अपनी दो ऊँगली एक साथ आसमा की गांड में पूरा अंदर तक पेलता हुआ उसकी बुर में अपनी जीभ और अंदर तक घुसकर बड़े आराम से चटनी लगा जिससे आसमा की आहें और तेज़्ज़ हो gayi...............uske पवन दोनों बुरी तरह से डगमगाने लगे they..............uska रोम रोम सिहर उठा tha.................gala पूरी तरह से सूखता जा रहा था वहीँ हरी अपने काम को बड़े इतेमेनन के साथ अंजाम दे रहा था. .....................आसमा अब छूटने के कगार पर थी.............

हरी अपनी दो उँगलियों को बड़े आराम से अंदर बहार करता हुआ आसमा की गांड को छोड़ रहा tha.........................aur साथ hi साथ जीभ से आसमा की बुर को चाट भी रहा tha...............is दोहरे हमले से आसमा की हालत पूरी तरह से पाश्त होती जा रही thi...................chand सेकण्ड्स और गुज़रते तो वो जहर गयी होती इससे पहले की आसमा झरती हरी फ़ौरन अपनी दोनों ऊँगली बहार निकल लिया और अपना मुँह भी हटा liya................wahin आसमा बुरी तरह से तड़प uthi.....................chand सेकण्ड्स और हरी रुक गया होता तो वो फिराग हो गयी होती ...........मगर nahin...............wo लुम्बी लुम्बी सांसें लेती हुई हरी के तरफ सवाल भरे नज़रियों से देख रही थी.............

"ये केला तो निकल नहीं raha...............tum थोड़ी बहार की तरफ ज़ोर lagawo...............aur मैं जीभ से बहार की तरफ kheenchuna...................aisa करने से केला बहार की तरफ निकलने लगेगा....................." और हरी अपना चेहरा आसमा के चेहरे की तरफ ले गया और आसमा के गलों पर थूकने laga...............pehle एक गाल pe........fir दूसरे गाल pe....................fir वो अपनी दोनों उँगलियों को उसके दोनों निप्पल्स पर रखता हुआ उसे ज़ोरों से मरोड़ने laga......uske दोनों निप्पल्स को मसलने लगा जिससे आसमा बुरी तरह से सिसक पड़ी...............

"आज मैं तुझे स्पेशल दारू पिलाने वाला hoon........bol पीयेगी naa.......................janti हैं ये दारू इतनी स्पेशल क्यों hain..............kyon की इसमें मैं पानी की जगह तेरी और अपनी मूट डालकर तुझे पिलाने वाला हूँ................" और हरी 5 या 6 अंगूर अपने हाथों में लेता हुआ उसे पहले अपने मुँह के अंदर डालकर एक एक कर चूसने लगा ..................जब वो अंगूर पूरी तरह से गिला हो गया तब वो उसे अपनी मुट्ठी में लेता हुआ आसमा की गांड के सूराख की तरफ ले गया और एक एक कर उसकी गांड के अंदर उस अंगूर को धीरे धीरे घुसने laga............kareeb 7 अंगूर गांड के अंदर डालने के बाद वो अपनी एक ऊँगली को गांड में घुसता हुआ उस अंगूर को अंदर की तरफ धकेलने लगा वहीँ आसमा की आहें बढ़ती जा रही थी...............

" haannnnnn..............aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh.......oooooooooooooooo..........sab कुछ पियूँगी जो तुम मुझे पिलाओगे.............." और हरी उस ऊँगली को धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा वहीँ आसमा की सिसकारी निकलती rahi................wo अपनी ऊँगली को अंदर डालकर धीरे धीरे उसे साइड से दबाता रहा जिससे अंदर रखा एक एक अंगूर धीरे धीरे फटने लगा और उसका रूस अब बहार की तरफ टपक रहा था जो उस थाली में गिर रहा tha............saath hi साथ हरी कभी आसमा की गांड के सूराख पर अपना जीभ भी फेर deta................hari फिर से आसमा के बुर पर अपना मुँह रखता हुआ उसके बुर को चटनी लगा और अंदर फंसे केले को अपने मुँह से ज़ोरों से खींचने laga................wahin आसमा की aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh निकल गयी.............
 
अपडेट- 51(बी) (मेघा अपडेट)

" आज मैं तुझे बताऊंगा की सस्ती रंडियां क्या कुछ कर सकती hain....................aab ज़ोर लगा ताकि अंदर फंस केला बहार आ जाये..................." और हरी बुरी तरह से आसमा की बुर को चटनी लगा वहीँ आसमा की बुर से पानी चूत pada................uski बुर पूरी तरह से फिर पनिया गयी thi..............wo अब पूरी तरह से मदहोश हो चुकी thi..............uska जिस्म आग के भाटी के सामान टप्प रहा था...................

आसमा के थोड़ा ज़ोर लगते hi अंदर फंसा केला एक बार फिर से बहार आने लगा और बाकि अंदर hi रह gaya............wo आसमा को और ज़ोर लगाने को कहता रहा वहीँ आसमा चीखती हुई ज़ोर लगाती rahi............magar इतनी कोशिहों के बावजूद केला थोड़ा सा hi बहार nikala...............ye देखकर हरी गुस्से से बोल पड़ा............

" साली अभी से तेरा ये हाल हैं जब तू बाचा पैदा करेगी तब तेरा क्या hoga.................agar बाचा बीच में फंस गया तब तो तू चीखती hi रहेगी..............." और हरी आसमा की गांड में तेज़ी से ऊँगली करता हुआ ......कभी उससे चाहता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा सिसकती हुई हरी के तरफ मुस्कुराती हुई देखने लगी..............

" अगर मेरा बाचा कहीं बीच में फंस गया तो तुम आ जाना उसे nikalney....................bolo निकलोगे naa..............main और थोड़ी ज़ोर लगाती हूँ शायद इस बार अंदर रखा वो केला बहार आ जाये................." और आसमा का गाला पूरी तरह से सूख gaya................wo पूरी ज़ोर लगाती रही और हरी उसके बुर पर अपना मुँह रखकर ज़ोरों से बहार की तरफ हवा खींचता raha................thodi कोशिशों के बाद आखिर वो बड़ा सा केले का हिस्सा बहार निकलने लगा वहीँ आसमा चीखती हुई इस बार खुद को नहीं संभल पायी और उसकी सांसें उखाड़ गयी.............

वो चीखती हुई ज़ोरों से झरने लगी ...................उसकी बुर से निकलता रूस कुछ हरी के मुँह में गया तो कुछ नीचे रखे थाली में गिरने laga............pleasure इतना तेज़्ज़ था की आसमा अपना मूट को नहीं रोक पायी और उसकी बुर से कुछ मूट बहार की तरफ चालक पड़ी जिसे हरी कुछ चाट गया और कुछ नीचे थाली में रखे केले और अंगूर पर गिरने laga...........kele का कुछ हिस्सा हरी खुद खाया और कुछ अपने मुँह में लेता हुआ उसे सीधा आसमा के लबों पर ले गया जहाँ आसमा हौले से अपना मुँह पूरा खोलती हुई उस केले को धीरे धीरे खाने lagi...................is गंदे खेल में एक अजीब सा नशा tha.............wo पूरी तरह से मदमस्त हो चुकी थी............

हरी एक एक कर अपने सरे कपड़े उतरने laga.................aur जब तक वो पूरा नंगा नहीं हो गया उसके हाथ नहीं ruke...................aab उसका 10 इंच का झूलता हुआ लौड़ा आसमा के आँखों के सामने tha............aasma के पवन थार थार काँप रहे थे वो कुछ देर के लिए वहीँ डाइनिंग टेबल पर लेट गयी thi...................hari पास में रखे दो लॉलीपॉप के पैकेट को छीलता हुआ उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और जब वो दोनों लॉलीपॉप को अपने थूक से जब गिला कर दिया तब वो आसमा को फिर से उसी पोजीशन में बैठने का इशारा करने लगा..............

आसमा धीरे धीरे दुबारा से उसी पोजीशन में बैठ gayi..................wo ाचे से जानती थी की आगे हरी उसके साथ क्या करने वाला hain......................hari उस लॉलीपॉप को आसमा के दोनों छेद पर फेरता हुआ उसे एक एक कर अंदर की तरफ घुसने laga........pehle उसकी बुर mein.....fir गांड mein...................jab दोनों लॉलीपॉप अंदर घुस गए तब हरी उस लॉलीपॉप को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू कर diya...............pehle धीरे धीरे फिर उसके हाथों की रफ़्तार भी तेज़्ज़ होती gayi..................aur जैसे जैसे रफ़्तार बढ़ी आसमा की चीखें और सिसकारियां भी बढ़ने lagi.................wo एक hi समय पर उसकी गांड और बुर को उस लॉलीपॉप से छोड़ रहा था जिससे आसमा की बुर के अंदर रखा केला और गांड में रखे अंगूर धीरे धीरे बहार आने लगे और उस थाली में उसके छोटे छोटे टुकड़े गिरने lage..................saath में उसके छूट से निकलता रूस भी उसमें गिर रहा था................

आसमा की बुर पूरी तरह से पनिया गयी थी जिससे फ़आछ्हःहः फाआछहः की आवाज़ उस लॉलीपॉप के अंदर बहार होने से हो रही thi...............uski बुर के अंदर से उसका गधा घड़ा छुम भी साथ में गिर रहा था जो उस लॉलीपॉप पर भी लगा हुआ tha.................jo अब सफ़ेद सा नज़र आ रहा tha.............na hi हरी के हाथों की स्पीड रुकी और न hi आसमा के सिसकारियों की आवाज़.................

5 मिनट hi गुज़ारे होंगे की आसमा फिर ज़ोरों से चीख padi......................uski सांसें तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही thi.............hari बिना रुके अपने हाथों की रफ़्तार को बढ़ाये हुआ tha...........................aur वहीँ हुआ जो आखिर हरी चाहता tha...............aasma खुद को नहीं संभल सकीय और एक बार फिर से उसकी बुर से कुछ छुम के साथ साथ इस बार उसका मूट भी निकल pada......................wo लगातार मूतति रही और हरी उसकी बुर और गांड में उस लॉलीपॉप को तेज़ी से अंदर बहार करता raha.............us मूट में लॉलीपॉप और केले का छोटा छोटा टुकड़ा और कुछ अंगूर का छोटा छोटा हिस्सा और आसमा का छुम............... सब कुछ उस थाली में गिर रहा tha...............jo अब उसके मूट और उसके माल से सब सं चूका tha................beech बीच में हरी उसके गांड और बुर को भी अपने जीभ से चाट लेता जिससे आसमा बुरी तरह से मचल jati............gand चटवाने में कितना मज़ा आता हैं उसे आज मालूम हुआ tha...............ek दो अंगूर आसमा की गांड से निकलकर वो खा भी चूका tha..............aur बीच बीच में उसे भी खिला रहा था...................

आसमा फिर से वहीँ टेबल पर पीठ के बल लेट गयी वहीँ हरी उसके पास आया और उस थाली में रखे एक केले और कुछ अंगूर के टुकड़े जो उसकी गांड और बुर से निकले थे वो सब कुछ उस केले में ाचे से लपेटकर उसे आसमा को धीरे धीरे फिर खिलाने laga......................saath में खुद भी खाने laga........aasma को अजीब सी घिन्न आयी मगर वो अब पीछे नहीं हटना चाहती hi चाहे हरी अब उससे कितने भी गंदे काम क्यों न करवा ले.............

कुछ केला हरी खाया और कुछ aasma.....aur उसमें का बचा पानी कुछ आसमा के मुँह में डालता हुआ वो खूब भी पी gaya..............gandagi भरा खेल शुरू हो चूका था..................

" चल उठ मेरी jaan...................aj तू मेरे लिए दारू banayegi...........pata हैं न मैंने क्या कहा हैं इसमें मिलने को.............." और हरी गंदे तरीके से स्माइल करता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में हाँ में अपना सर धीरे से हिला दी.............

" चल जा और किचन में से दो शीशे की गिलास लेती आ................" और इतना कहकर हरी पास में रखे बीड़ी को निकलता हुआ जलाने लगा वहीँ आसमा अपनी कमर लचकती हुई किचन में गयी और थोड़े देर बाद वो शीशे की दो गिलास और साथ में एक जग भी लेती aayi................hari उसके पीछे गया और उसके दोनों चूचियों को मसलता हुआ अपना एक हाथ अपने मुँह में रखे उस बीड़ी को निकलता हुआ फ़ौरन आसमा के मुँह में दाल दिया और जैसे hi आसमा ज़ोरों से काश ली वो वहीँ ज़ोरों से खानसनी lagi.................kuch देर बाद जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो हरी फिर से ऐसा करने लगा मगर इस बार आसमा को खासी आयी मगर पहले से कुछ कम..................

ये सिलसिला चलता रहा और जब तक वो बीड़ी पूरी ख़तम नहीं हो गयी हरी आसमा को वो बीड़ी पिलाता raha...............aasma पर हल्का हल्का सा नशा चने लगा tha..................wo पास में रखे एक बोतल को आसमा की तरफ बढ़ता हुआ उसे फिर से पीने का इशारा किया वहीँ आसमा एक hi बार में पूरी बूटले का पानी पीती चली gayi....................halanki उसे और पानी नहीं पिया जा रहा था मगर वो जानती थी की पानी की कमी उसके मज़े को पूरा ख़राब कर सकती hain....................jaise तैसे वो उस पानी को ख़तम करती हुई वापस हरी के सामने कड़ी हो गयी...........

" चल जैसे तू अपनी टांगें फैलाकर बैठी थी ठीक वैसे hi बैठ jaa...............magar इस बार तेरे सामने एक सहीहै का खली गिलास रहेगा जिसमें तुझे मूतना hain...............us गिलास को अपनी मूट से भरना हैं............." और हरी आदेश देता हुआ वहीँ फिर से बैठ gaya...........wo अब आसमा को खुलकर मूतते हुए देखना चाहता था वहीँ आसमा अपनी टांगें फैलाती हुई उस गिलास के पास अपनी बुर को रखती हुई धीरे धीरे अपने बुर पर ज़ोर लगाती हुई मूतने lagi.................halanki उसे शर्म तो आ रही थी मगर इस काम में जितना बेशर्मी हो उतना hi मज़ा आता hain............ek तेज़्ज़ मूट की धार उसकी बुर से निकला जो थोड़ा बहार की तरफ गिरने लगा फिर वो थोड़ी अपने आपको एडजस्ट करती हुई उस गिलास में धीरे धीरे मूतने lagi...............aur तब तक मूतति रही जब तक वो गिलास पूरा भर नहीं gaya....................hari मुस्कुराता हुआ बड़े गौर से आसमा के बुर से निकल रहे उस मूट को देख रहा tha................aisa पहली बार था जब वो किसी औरत को मूतते हुए देख रहा tha...............uske तन बदन में आग लग गयी थी............

जब गिलास पूरा भरने को हुआ तो हरी अपना मुँह आसमा के बुर पर रखकर उसके बहते मूट को चटनी लगा जिससे आसमा ज़ोरों से सिसक padi........uski मूट अचानक से बंद हो गयी मगर कुछ मूट हरी के मुँह में भी चल gaya..............wo फ़ौरन दूसरा खली गिलास अपने हाथों में लेता हुआ उसे अपने लुंड पर ले गया और धीरे धीरे प्रेशर बनता हुआ वो उस गिलास में मूतने laga...............aur तब तक मूतता रहा जब तक वो गिलास पूरी भर नहीं gayi.................aab दो गिलास रखे थे एक में आसमा की मूट भरी थी और दूसरे में हरी ki..............hari का मूट ज़्यादा गधा और पीला था वहीँ आसमा बड़े अजीब नज़रियों से देख रही थी...........

वो ाचे से समझ चुकी थी की उसे हरी का मूट हर हाल में पीना hain.................usey ये सब सोचकर अजीब सी घिन्न आ रही थी मगर उसे हरी के लिए सब कुछ मंज़ूर था..............

हरी उसे गॉड में बैठता हुआ सोफे पर ले गया और एक बड़ी सी जग में कुछ अपना मूट और कुछ आसमा के मूट को मिलकर उसमें भरने laga............jab तक वो गिलास आधा नहीं हो gaya...........fir वो उस वाइन की शीशी को खोलता हुआ पहले उस गिलास को भरने लगा फिर दूसरे गिलास को भरने laga....................jismein आसमा की मूट भरी थी वो गिलास हरी उठकर पीने लगा और अपने मूट का भरा गिलास वो आसमा के तरफ बढ़ता हुआ उसे पीने का ऑफर करने लगा...............

आसमा कभी सपने में ये नहीं सोचती थी की उसे कभी किसी का मूट भी इस तरह से पीना padega..................wo मुन्न मरती हुई अपनी सांस रोककर उस शीशे की गिलास को अपने लबों पर रखती हुई उसे धीरे धीरे फिर पीने lagi................bade मुस्खिलों से वो उस वाइन और मूट को अपने गले के नीचे उतर रही thi........ek अजीब सा टास्ते उसके मुँह में घुल रहा tha...............magar वो हवस में इस कदर आंधी हो चुकी थी की उसे इस वक़्त कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा tha...................daru पीने का ये सिलसिला यु hi चलता रहा और देखते hi देखते वाइन पूरी ख़तम हो gayi......last में थोड़ा वाइन हरी आसमा को बिना पानी या मूट मिलाये नीट पालने लगा जिससे आसमा का गाला जलने laga...............jaise तैसे वो उसे भी पी गयी मगर उसके मुँह का जायका बदला हुआ सा नज़र आ रहा था..............

हरी एक एप्पल उसे देता हुआ खाने का इशारा किया वहीँ आसमा धीरे धीरे उस एप्पल को खाने lagi..................dheere धीरे उसपर शराब का नशा चढ़ने laga............wahin हरी आसमा को बहुत अजीब सी नज़रियों से देख रहा था............................

" मेरी जान ये सेहद को मेरे लुंड पर ाचे से गिरा के तू मेरे लौड़े और ाँद को चाटती reh...............saath में तुझे आज मेरी गांड भी चटनी hain.........................bol चाटेगी ना............." और हरी उस डाइनिंग टेबल पर चढ़कर बैठ गया जहाँ कुछ देर पहले आसमा वहां उस पोजीशन में बैठी thi..............apni दोनों टांगें फैलाये hue............aasma उस सेहद की शीशी का धाकन खोलती हुई थोड़ा थोड़ा सेहद उसके लुंड के टोपे पर गिरनाने लगी जो बेहटा हुआ उसके ाँद और गांड तक गिर रहा tha................uska लुंड उस सेहद में पूरी तरह से सं चूका tha..............hari अपने गांड को और ऊपर की तरफ उठता हुआ आसमा को वहीँ झुकार खड़ा करता hua...................uske दोनों हाथों को पीछे की तरफ बांधता हुआ................

अपने मोठे लुंड को आसमा की मुँह में धीरे धीरे पेलने laga...................wo आसमा के सर को और नीचे की तरफ दबाता जा रहा था जिससे उसका मोटा लुंड पूरा आसमा के मुँह में घुसता जा रहा tha................jaise जैसे उसका लुंड अंदर जा रहा था आसमा का मुँह पूरा खुलता जा रहा tha...............hari आज अपना पूरा लौड़ा उसकी हलक तक पूरा उतरना चाहता tha..............dheere धीरे वो उसके मुँह में अपना लुंड और अंदर तक घुसता रहा और आसमा के मुँह में उसके लुंड का और सेहद का स्वाद दोनों घुल रहा था................

जैसे जैसे लुंड और अंदर जा रहा था आसमा की सांसें फिर से उखाड़ने लगी thi..............wo पूरा अपना मुँह खोले हरी का लुंड अपने और अंदर लेना चाहती थी मगर हरी का लुंड इतना बड़ा और मोटा था जो उसके अंदर घुस नहीं रहा tha..................magar हरी आज अपना लुंड पूरा का पूरा आसमा के हलक में उतर देना चाहता tha.................wo उसके सर को और दबाता हुआ अपने लुंड पर प्रेशर बना रहा था और आसमा पुअर मुँह खोले हुए हरी का लुंड और अंदर लेती जा रही thi.........uski तकलीफें बढ़ने लगी थी..............

"aaah......................aur पूरा मुँह खोल ............madarchod........randi की aulaad.................aaj मैं तेरी माँ chodunga................tujhe आज मेरा पूरा लुंड अपने हलक़ में लेना hain.........samjhi..............." और हरी एक ज़ोर का थप्पड़ आसमा के गलों पर मरता हुआ उसके सर को और नीचे की तरफ दबाने लगा जिससे आसमा की सांसें उखाड़ने lagi.....................aab तक हरी का 8 इंच लुंड उसके हलक़ तक पहुँच गया tha.............jissey आसमा की हालत बिगड़ने लगी थी मगर वो हिम्मत करती हुई पूरा हरी का लुंड अपने मुँह में ले रही thi...........aaj हरी का ये गली देना उसे यु मरना उसे कुछ भी बुरा नहीं लग रहा था...............

हरी एक हाथ उसके चूची पर ले गया और उसके दोनों निप्पल्स को बरी बरी से कसकर मसलने लगा जिससे आसमा की आहें उसके मुँह के अंदर hi घुटकर रह gayi...........hari अपना लुंड बहार करता हुआ एक करारा ढाका मारा जिससे इस बार उसका पूरा लौड़ा आसमा के हलक़ तक समां गया वहीँ उसकी सांसें कुछ देर के लिए बंद हो गयी और आँखों से आंसूं की धरा फुट padi....................hari अपने लुंड को कुछ देर तक ऐसे hi अंदर फंसिए रहा वहीँ आसमा दर्द से तड़प uthi..............usey अब ठीक से सांस भी नहीं लिया जा रहा था ऐसा लग रहा था जैसे अभी उसका गाला फुट जाये.............

चाँद सेकण्ड्स अपने लुंड को अंदर फंसाये रखने के बाद हरी एक झटके में अपना लुंड पूरा बहार निकल दिया जिससे आसमा के मुँह से ढेर सारा थूक और लार बेहटा हुआ नीचे की तरफ गिरने laga...........ek लुम्बी सी लार जो उसके लुंड और मुँह के बीच एक डोर सी बानी हुई नज़र आ रही thi..........aasma ज़ोरों से खांसती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेने lagi................uske मुँह से निकलता थूक उसके सीने और पेट पर गिर रहा था...................

" चल जमीन पर पेट जा................." और हरी आसमा को पीठ के बल वहीँ फर्श पर लेता दिया और कुछ देर बाद वो खुद आसमा के मुँह पर अपनी गांड रखता हुआ धीरे धीरे उसके मुँह पर अपने गंदे गांड को रगड़ने laga..........ussey अपनी गांड चटवाने laga...............wahin आसमा अपनी जीभ निकलती हुई हरी के गांड के सूराख पर रखकर उसके गांड को चटनी lagi.......ek अजीब सा गन्दा सा स्वाद अब उसके मुँह में घुल रहा था ये तो ाचा था की उसपर सेहद लगा हुआ था नहीं तो आसमा ज़रूर उलटी कर देती..............

वो अपनी एक ऊँगली धीरे से सरकती हुई हरी के गांड की तरफ ले गयी और उसके गांड के सूराख को उस ऊँगली से खोदने lagi........aur साथ hi साथ उसपर अपनी जीभ भी फिरने lagi............wahin हरी मज़े से सिसक पड़ा...............

"haaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh..........aise hi चाट मेरी randi.................ashhhhhhhhhhhhhh बहुत मज़ा आ रहा हैं............." और हरी अपने गांड को आसमा के मुँह पर रगड़ने लगा वहीँ आसमा हरी के गांड को चाट चाट कर साफ़ करती rahi................jab आसमा इतना सब कुछ कर चुकी थी तो ये उसके लिए कौन सी बड़ी बात thi..................hari अपनी गांड थोड़ी पीछे की तरफ करता हुआ इस बार आसमा के मुँह के अंदर ढेर सारा थूक गिरने लगा और फिर से अपनी गांड उसके मुँह पर रखकर उससे अपनी गन्दी गांड चटवाने laga...............kareeb 10 मिनट तक ये दौर चला और फिर वो आसमा को वहीँ फर्श पर घुटनों के बल बैठता hua...................uske दोनों हाथ पीछे की तरफ करके फिर से अपना मोटा लुंड आसमा की मुँह में पूरा अंदर तक घुसने लगा...............

हरी आसमा के सर को कसकर पकड़ता हुआ ढ़ाके पे ढ़ाके लगता रहा और अपना लुंड तेज़ी से आसमा के हलक़ में घुसता raha................chand सेकण्ड्स बाद उसका लुंड आसमा के गले में पहुँच गया जहाँ एक बार उसे फिर से तकलीफ का सामना करना pada...............magar इस बार हरी उसे छोड़ने के मूड में था nahin.........wo लगातार अपने लुंड पर दबाव बनाये रहा और आसमा की बेचैनी बढ़ने lagi................ek पल तो उसे लगा की उसका गाला फुट jayega................uske आँखों से आंसूं फिर से निकल पड़े..............

"aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh और अंदर तक ले madarchod...................raaand.................aisa लग रहा हैं जैसे मेरा माल गिर jayega..................sali तू सच में बहुत मज़ा देती hain..............aaaaaaaaaahhhhhhhhhhh" और हरी अपने लुंड पर प्रेशर बनाये रखा वहीँ आसमा की हालत बिगड़ gayi..............uski सांस बंद हो चुकी थी जिससे वो पूरी तरह से तड़प उठी thi........wo अपने दोनों हाथों को हरी के पैरों पर ले गयी और उसके दोनों पैरों पर कसकर अपने हाथों से मरने lagi..............aasma कितनी बेचैन थी ये उसके हरकतों से साफ़ पता चल रहा था वहीँ दूसरी तरफ हरी एक अलग hi दुनिया में था..............

वो चटनी के बेहद करीब था जिस वजह से वो आसमा के सर को कसकर दबाये हुआ tha................hari का 10 इंच लुंड पूरा का पूरा आसमा के हलक़ में उतर चूका tha.............usey तो यकीन नहीं हो रहा था की कोई औरत उसका इतना बड़ा लुंड अपने मुँह में पूरा भी ले सकती hain...............magar आसमा बाकि औरतों से सबसे अलग thi..............chand सेकण्ड्स गुरते थे की आसमा की सांसें उखाड़ने lagi................wahin हरी ज़ोरों से चीख पड़ा और इस बार उसका सारा माल अस्मा के मुँह को पूरी तरह से भरता चला gaya..........kuch माल उसके गले के अंदर चला गया तो कुछ बहार उसके होंठों के साइड से बहने लगा................

हरी एक ज़ोर का झटका देता हुआ फ़ौरन अपना लुंड बहार निकल लिया वहीँ आसमा फर्श पर ज़ोरों से मूट padi..................pleasure इतना तेज़्ज़ था की वो खुद को संभल न सकीय और ज़ोरों से हांफती हुई सांस लेती rahi................uske मुँह से बेहटा छुम कुछ फर्श पर गिर रहा था तो कुछ उसके सीने और पेट par...............ek लुम्बी सी तार उसके मुँह से होते हुए हरी के लुंड तक जुडी thi..............wo ज़ोरों से खांसती हुई अपने सांसों को दुरुस्त करने लगी वहीँ हरी लुम्बी लुम्बी सांसें लेता रहा.............

नशा उसपर भी चाय हुआ था जिस वजह से उसे तकलीफ नहीं हो रही thi.................hosh में रहकर भी आसमा पूरी तरह से मदहोश thi..................farsh पर कुछ छुम और उसके मुँह के थूक और लार और कुछ मूट बहकर दूर तक बह रहा tha....................jo भी था वो वैसे भी हरी की आज रंडी थी देखना था हरी उसके प्यास को आज शांत कर पता हैं या नहीं..............

तो बे कॉन्टिनोएड......................................................
 
अपडेट- 52(ा) (मेघा अपडेट)

नशा उसपर भी चाय हुआ था जिस वजह से उसे तकलीफ नहीं हो रही thi.................hosh में रहकर भी आसमा पूरी तरह से मदहोश thi..................farsh पर कुछ छुम और उसके मुँह के थूक और लार और कुछ मूट बहकर दूर तक बह रहा tha....................jo भी था वो वैसे भी हरी की आज रंडी थी देखना था हरी उसके प्यास को आज शांत कर पता हैं या नहीं..............

अब आगे..................................................................

बहार बारिश ज़ोरों की होने लगी thi.............beeech बीच में बदल भी कड़क रहे they....................mausam धीरे धीरे ठंडा होता जा रहा tha...............wahin हरी कुछ देर तक अपने आपको नार्मल करता रहा और जब वो पूरी तरह से नार्मल हो गया तब वो आसमा को गॉड में उठता हुआ उसे बहार की तरफ ले जाने laga................wahin आसमा हरी के चेहरे की तरफ अजीब नज़रियों से देखने lagi............magar साथ hi साथ मुस्कुराती भी रही............

" हम बहार कहाँ जा रहे .............hari..................tumhein पता हैं की मैं इस वक़्त पूरी नंगी हूँ फिर ................"और आसमा थोड़ी परेशां होती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में धीरे से मुस्कुरा pada...............wo आसमा के लबों को धीरे से चूमता हुआ बड़े गौर से उसके चेहरे की तरफ देखता raha.............wahin आसमा अपनी दोनों बाहें उसके गले में डाली टकटकी लगाए उसके चेहरे की तरफ डेक्ठी रही.................

" आज हम बहार चुदाई karengey.........khuli बारिश mein.............main चाहता हूँ की आज घर के हर कोने में मैं तुम्हारी चुदाई karun................kyon.........tumhein कोई दिक्कत............." और हरी आसमा के तरफ देखता हुआ धीरे से मुस्कुरा दिया वहीँ जवाब में आसमा उसके तरफ देखती हुई धीरे से हंस दी..............

" भला मुझे कैसी दिक्कत हो सकती hain,....................tumhara जहाँ मुन्न करे तुम मुझे वहां लेजाकर chodho..............mujhe तो बस तुमसे छोड़ने से मतलब हैं............." और आसमा हरी के गले में अपनी दोनों बाँहों का सिकंजा कस्ती hui...............uske लबों को फिर से चूमने लगी वहीँ हरी बहार का दूर आसमा से खुलवाता hua..............usey गॉड में उठाकर बहार बरामदे में ले गया जहाँ चरों तरफ अँधेरा था मगर एक लाइट जल रही थी जो उस बरामदे को पूरी तरह से उजाला की हुई थी...............

बारिश का पानी जब उन्दोनो पर पढ़े लगा हरी वहीँ अपने साथ कुछ अंगूर भी लाया tha...................fir वो उस अंगूर को एक एक कर आसमा के बुर में पूरा घुसने laga............uski छेद को उस अंगूर से भरने laga...................jab आसमा की बुर पूरी उस अंगूर से भर गयी तो बचा हुआ कुछ अंगूर वो आसमा की गांड में डालने लगा और उसके दूसरे वाले छेद को भी उस अंगूर से भरने laga................aab आसमा की दोनों छेद में कम से कम 15 से 20 अंगूर भरे हुए they..............ya उससे ज़्यादा भी...............

हरी आसमा को फर्श पर सुलाता हुआ खुद उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लुंड उसकी बुर में धीरे धीरे फिर घुसने लगा जिससे अंदर रखा अंगूर हरी के लुंड के तेज़्ज़ दबाव के कारन फटने laga......................wahin आसमा की आहें बढ़ने lagi.....................hari अपने लुंड पर ऐसे hi दबाव बनाये रखा और देखते hi देखते उसका पूरा लुंड आसमा की बुर में पूरा अंदर तक समां gaya.............fir वो बिना रुके झटके पे झटके मरता रहा जिससे आसमा की चीखें उन वादियों में गूँजनेय लगी...............

एक तो ऊपर से उसका जिस्म गरम था और बहार बारिश का ठंडा ठंडा pani...............uske तन बदन में आग को और भड़कती जा रही thi................aasma अपनी टांगें फैलाये पूरा हरी का लुंड अपने बुर में ले रही thi..........hari उसे हर एक पोजीशन में छोड़ता raha.................chudayi के दौरान आसमा की बुर से अंगूर का रूस और कुछ अंगूर के छोटे छोटे टुकड़े बहार की तरफ निकल रहे थे जो उस बारिश के पानी में घुल रहे they...................hari आसमा पर अब बिलकुल भी दया नहीं कर रहा था बल्कि वो आज उसे किसी सस्ती रांड की तरह छोड़ रहा tha..................wahin आसमा दर्द बर्दास्त करती हुई और मज़े लेती हुई हरी का पूरा पूरा साथ दे रही थी................

वैसे तो इतने बार छोड़ने की वजह से वो आसानी से हरी का लुंड अपने बुर और गांड में पूरा ले रही थी मगर अभी भी उसकी बुर में तिघटनेस पहले जैसे बरकरार थी जिससे हरी को बहुत मज़ा मिल रहा tha...................hari का एक एक ढाका उसे बहुत सुकून दे रहा था....................

"aaaaaaaasssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh छोड़ो hari.................aur कसकर मेरी बुर को faado...................mujhe इतना रगड़ो की मेरी मूट निकलती rahe....................bahut मज़ा आ रहा hain.....aaaaaaaoooooooooooooooohhhhhhhhhhhhh...." और आसमा की बुर से मूट निकल पड़ा मगर बारिश के पानी की वजह से कुछ भी पता नहीं चल रहा था मगर हरी के लुंड पर मूट का गरम पानी का एहसास उसे ज़रूर होने लगा tha..............ye एहसास होते hi वो ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ करता गया जिससे आसमा की चीखें निकल गयी................15 मिनट तक हरी उसे छोड़ता रहा और आसमा वहीँ छुड़वाते हुए मूतति रही..............

कुछ देर और छोड़ने के बाद हरी आसमा को पीठ के बल वहीँ सुलाता हुआ खुद उसके ऊपर आ गया और इस बार अपना लुंड उसकी गांड के सूराख पर रखता hua..................dheere धीरे अपने लुंड पर फिर से दबाव बनाने laga.............magar अंदर अंगूर भरे होने की वजह से उसका लुंड आसानी से अंदर नहीं घुस पा रहा था मगर हरी भी कहाँ पीछे रहने वालों में से tha.................wo अपने लुंड पर दबाव बनाये रखा और जैसे hi उसका मोटा सूपड़ा अंदर घुसा आसमा की aaaaaaahhhhhhhhhhhhhh निकल gayi.............magar हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगता रहा और देखते hi देखते उसका विशाल लुंड एक बार फिर पूरा आसमा की गांड में समां गया....................

आसमा सिसकती hui...............apni दोनों टांगें फैलाती hui...............apne छूट के डैनों को अपने हाथों से रगड़ रही थी और हरी से खुलकर अपनी गांड मरवा रही thi...............baarish में इस तरह भीगकर खुली चाट के नीचे छोड़ने का मज़ा hi कुछ और tha.................halanki इस वक़्त बहार कोई मौजूद नहीं था मगर कोई बहार होता तो उसे ये हसीं नज़ारा देखने को मिल जाता.................

कुछ देर बाद हरी आसमा को हर एक पोजीशन में उस बारिश में............ उसकी छूट और गांड मरता raha...........ander रखे अंगूर पूरी तरह से फुट गए थे और उनके छिलके अब हरी के लुंड के रास्ते बहार आ रहे they..................chudayi का ये दौर चलता रहा और हरी घंटों आसमा की चुदाई वहीँ बहार करता raha..............bina ruke.......bina thakey...............zyada देर भीग जाने की वजह से आसमा का जिस्म ठंडा पढ़ गया था और वो अब धीरे धीरे काँप रही thi...............wahin हरी उसे खड़ा करता हुआ खुद उसके पीछे आ गया और उसके दोनों चूचियों को कसकर अपने हाथों में मसलता hua.......................apna लुंड आसमा की गांड में पूरा पेल दिया..................

" अब तू ऐसे hi अंदर चलेगी..............." और हरी अपने लुंड पर फिर से दबाव बनता रहा वहीँ आसमा की चीख निकल gayi................is तरह खड़े होने सेउसकी गांड पूरी तरह से टाइट थी जिससे हरी का लुंड पूरी तरह से अंदर जकड़ा हुआ था................... वहीँ आसमा धीरे धीरे आगे की तरफ अपने कदम बढ़ाने lagi.......................jaise जैसे आसमा आगे चल रही थी हरी अपने लुंड पर दबाव बढ़ा देता जिससे उसका लुंड और अंदर घुस jata..................saath hi साथ वो उसके दोनों चूचियों को बुरी तरह से मसल रहा tha.........uske दोनों निप्पल्स को खींच रहा tha................marod रहा tha...............wahin आसमा की आहें बढ़ती जा रही thi..............maza तो उसे भी बहुत आ रहा था मगर इतना छोड़ने से उसकी बुर और गांड चिल गयी थी जो अब दर्द करने लगी थी..............

हरी उसे सीधा किचन में ले गया और उसे स्लैप पर बिठाता हुआ उसके दोनों पैरों को मोड़कर उसकी बुर में लुंड फिर से पेलने laga...............is तरह बैठने से आसमा की बुर और गांड की सूराख दोनों पूरी तरह खुलकर उसके आँखों के सामने आ गयी thi....................kuch देर बाद वो कभी उसकी गांड में लुंड घुसता ..............तो कभी उसकी बुर mein............wo उसकी गांड और बुर को छोड़ छोड़कर पूरी तरह से लूसे कर चूका tha..................jiissey उसका विशाल लुंड बड़ी आसानी से उसकी दोनों सूराख में अंदर बहार हो रहा tha................thode देर बाद वो उसे फिर से बाथरूम में ले गया और शावर के नीचे दोनों चुदाई के साथ साथ नहाने भी रहे............................

" मुझे ज़ोरों की मूट लगी हैं hari....................tum थोड़ी देर रुको मैं थोड़ी हल्की हो जाती हूँ............." और जैसे hi आसमा हरी से दूर हुई हरी फ़ौरन उसे फर्श पर बैठता hua..............uske दोनों टांगों को पूरी तरह से खोलकर उसके बुर के छेद को बड़े गौर से देखने laga................hari को ऐसे देखता हुआ पाकर आसमा समझ गयी की हरी क्या चाहता hain..................aasma थोड़ा सा ज़ोर लगाती हुई जैसे hi मूतना शुरू की हरी फ़ौरन अपना मुँह उसके बुर पर रख दिया और उसके बुर को आहिस्ता आहिस्ता से फिर चटनी laga................natiza ये हुआ की आसमा के बुर से निकल रहे मूट का सारा पानी हरी के मुँह में धीरे धीरे अब जाने लगा...................

कुछ मूट का पानी तो वो पी गया और बाकि बचा मूट वो अपने मुँह में रखता हुआ आसमा के चेहरे की तरफ ले गया और उसके लबों को चूमता hua................aasma के मूट का बचा पानी धीरे धीरे उसके मुँह के अंदर गिरने लगा .......................आज वो पहली बार खुद अपना मूट पी रही thi...........usey बहुत अजीब सा महसूस हो रहा tha.................usey ऐसा भी लगा की वो हवस में इस कदर गिर्र गयी हैं की उसे कुछ भी याद nahin...................wo आज सच में हरी के लिए एक सस्ती रांड बनकर बस रह गयी थी.............

हरी फ़ौरन उठा और जाकर किचन में से एक बड़ी सी प्लेट ले aaya...................fir वो नीचे फर्श पर पीठ के बल लेट गया और आसमा को ऊपर चढ़ने का इशारा kiya..............aasma अपनी दोनों टांगें फैलाती हुई हरी के लुंड पर बैठने लगी तो हरी इस बार अपना लुंड उसकी गांड पर रखकर उसे बैठने laga................aasma धीरे धीरे उसके लुंड पर बैठती चली gayi...............ek बार फिर हरी का लुंड पूरा उसकी गांड में समां चूका था.............................

हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगाने लगा वहीँ आसमा की आहें निकलती rahi.....................uski गांड से pppppppuuuuuuuuuuuuuchhhhhhhhhhh pppppppucccccccccccccccchhhhh की अव्वाज़ें निकलने लगी थी वहीँ हरी की रफ़्तार बढ़ती चली gayi...................wo कसकर आसमा की दोनों चूचियों को मसलता हुआ ज़ोरों से उसकी गांड मरता रहा और कुछ देर के बाद आखिर उसके साबरा का बाँध टूट pada..................aur वो अपना सारा माल आसमा की गांड के गहरायी में उतरता चला gaya.............................wahin आसमा अपनी बुर को तेज़ी से रगड़ती हुई एक बार फिर से जहर गयी thi.........................dono बुरी तरह से हांफ रहे they..................dono की सांसें उखड़ी हुई थी.............

कुछ देर के बाद हरी जब नार्मल हुआ तो वो फ़ौरन आसमा को अपनी गॉड में उठता hua...................usey उसी दिनिग टेबल पर................... उसकी दोनों टांगें फैलाकर उसे बतइहा दिया और उस खली प्लेट को आसमा के गांड के नीचे रखता हुआ वहीँ डाइनिंग चेयर पर आकर खुद बैठ gaya...................aab आसमा को पता था की आगे उसे क्या करना tha..................wo धीरे धीरे ज़ोर लगाने लगी तो उसके गांड के अंदर भरा वीर्य धीरे धीरे बहार आने लगा जो नीचे रखे उस थाली में बूँद बूँद कर गिरने laga..................jisey हरी बहुत गौर से देख रहा था...............

" तुम ऐसे क्या देख रहे हो hari....................meri गांड को दोनों हाथों से failawo...............tabhi तो तुम्हारा वीर्य मेरी गांड से बहार निकलेगा....................." और आसमा सिसकती हुई हौले से बोल पड़ी वहीँ हरी फ़ौरन अपने दोनों हाथों से आसमा की गांड को पकड़ लिया और उसके गांड के सूराख को फैलता hua...................uske गांड से निकल रहे उस वीर्य को बड़े ध्यान से देखने laga.................aasma थोड़ा ज़ोर लगाती हुई अपने गांड पर दबाव देती रही और धीरे धीरे हरी का वीर्य उसकी गांड से बहार आने laga...................jo नीचे रखे उस प्लेट में गिरता raha...........saath hi साथ कुछ अंगूर के छोटे छोटे टुकड़े भी उस प्लेट में गिर रहे थे...................
 
अपडेट -53 (बी) (मेघा अपडेट)

जब हरी का वीर्य पूरा निकल गया तो हरी अपनी एक ऊँगली आसमा की गांड में डालता हुआ उसकी गांड के सूराख को अपनी उस ऊँगली से ाचे से घोपने laga..............jissey कुछ वीर्य उसके ऊँगली पर भी लग gaya............................poora वीर्य निकल जाने के बाद हरी अपनी उस ऊँगली को आसमा के मुँह पर ले गया और उससे उस ऊँगली को बड़े आराम के साथ चटवाने laga.......fir वो उस थाली को उसके उसके चेहरे के पास ले गया और किसी कुटिया की तरह उससे झुकवाकर अपना वीर्य उससे चटवाने laga..................aasma बेझिझक अपने गांड से निकले उस वीर्य को चाटती चली gayi..............aur तब तक वो चाटती रही जब तक उस थाली में रखा सारा वीर्य पूरी तरह से साफ़ नहीं हो गया...................

आज आसमा अपनी हर चीज़ की लिमिट क्रॉस कर चुकी thi....................us रात हरी रात में फिर आसमा की चुदाई करता raha.................usey इतना रगड़ा की वो पूरी चुदाई के दुआरण सिर्फ मूतति rahi................jissey वहां का फर्श पूरा गिला हो चूका tha...................hari घर के हर कोने में उसे रगड़ता raha..................wo आसमा की जवानी का पूरा रूस निचोड़ चूका tha.......................aane वाले इन 15 दिनों में वो आसमा को अपनी पालतू कुटिया बना चूका tha...................wo आसमा से अपनी हर एक इच्छा पूरी करवा चूका था जो वो चाहता tha.................gand चटवाने से लेकर मूट पिलवाने tak...................bur और गांड में जो मुन्न करे वो डालकर खाने से लेकर बुर और गांड के अंदर मूतने तक...............

कोई आसमा को देखकर ये नहीं कह सकता था की वो इतने बड़े घरेने की बहु हैं या मालकिन hain..................wo तो बस हरी की एक सस्ती सी रांड बनकर रह गयी thi..................magar जो कुछ भी वो कर रही थी वो खुद अपनी मर्ज़ी से कर रही thi...............apni ख़ुशी se.................hari उसपर कोई दबाव नहीं dalta.....................din बा दिन उसकी ये प्यास बढ़ती जा रही थी वहीँ हरी अब परेशां रहने लगा tha..................wo छोड़ छोड़कर आसमा को थक जाता मगर आसमा छुड़वाते हुए बिलकुल भी नहीं thakati.................wo हर वक़्त अपनी बुर और गांड हरी के सामने फैलाये rakhti....................kabhi कभी हरी के अंदर चिड़चिड़ापन आ जाता जिससे वो आसमा को बुरी तरह से ragadta.............aur जानवरों की तरह घंटों बुरी तरह chodhta..............aasma दर्द बर्दास्त करते हुए भी उससे खुलकर चुदती रहती...............

वो उसके मुँह में थूकने के साथ अब अपना मूट भी पिलाने लगा tha...........shurtu शुरू में तो आसमा को ये अजीब सा लगता मगर अब उसे गुज़रते वक़्त के साथ सब कुछ ाचा लगने लगा tha.................................in 15 दिनों में हरी आसमा को अनगिनत बार छोड़ चूका था................ हर एक पोजीशन mein................khas कर उस पोजीशन में जिसमें आसमा को ज़्यादा तकलीफ hoti...............kyon की हरी को ज़्यादा मज़ा तब आता जब वो आसमा की चीखें nikalwata..................itne दिन छोड़ने के बाद आसमा की बुर और गांड की दोनों छेद पूरी तरह से खुल गयी thi..................jo छेद पहले एक छोटी सी नज़र आती थी अब वहीँ छेद इतनी बड़ी हो गयी थी की वो आसानी से उसमें कुछ भी ले सकती थी..........

जहाँ आसमा की हर वक़्त चुदाई हो रही थी वहीँ उसका फिगर भी दिन बा दिन कातिलाना होता जा रहा tha...............uske चेहरे पर निखार भी बढ़ता जा रहा tha..................uski गांड थोड़ी फैलने के साथ साथ बड़ी भी नज़र आ रही thi.................aaj 15 दिन हो चुके थे और कल शांति दुबारा से वापिस आने वाली थी तो उनकी मौज मस्ती पर अब लगाम लगने वाला tha...................halanki ये कोई बहुत बड़ी इशू नहीं थी ..................इशू तो इस बात की थी की दो दिन बाद सैम भी वापस आने वाला tha....................kuch दिन यहाँ रहने के लिए जिससे आसमा थोड़ी दुखी ज़रूर नज़र आ रही थी..............

" hari......................main तुम्हारी हर एक फंतासी को पूरी कर चुकी hoon..............jo तुम चाहते थे .................जैसा तुम चाहते they..................wo सब कुछ मैंने बेजिझक kiya................aur अपनी मर्ज़ी और ख़ुशी से kiya...............agar तुम्हारी और कोई भी फंतासी बच गयी हो तो वो भी तुम आज पूरी कर lo.......................aab मेरे और तुम्हारे बीच शर्म की दीवार ख़तम हो चुकी हैं..........................." और आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ हरी उसके चेहरे की तरफ देखकर मुस्कुराता raha..............wo फ़ौरन ना में अपनी गुर्दें हिलता हुआ फिर आसमा के तरफ बड़े गौर से देखने laga.................wahin आसमा कुछ देर तक चुप रही फिर उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान फिर से तैर गयी.................

"तुमने मेरी साडी ख्वाहिशें पूरी कर दी हैं मेरी jaan...................aab और पूरी करने को कुछ बचा नहीं...................." और हरी टकटकी लगाए आसमा के चेहरे की तरफ बस देखता रहा वहीँ आसमा के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान फिर से तैर gayi.................wo अपने हाथों में मोबाइल की एक वीडियो चलती हुई फ़ौरन हरी के सामने रख दी जिसे देखने के बाद हरी का मुँह पूरा खुला का खुला रह gaya...................usey कुछ पल तो समझ में नहीं आया और जब समझ में आया तो उसे अपनी आँखों पर ज़रा भी विशवास नहीं hua..............kyon की उस मोबाइल में वीडियो hi कुछ ऐसी थी जिसे देखकर हरी का मुँह पूरा खुल गया था..................

" तुमने तो अपनी साडी फैंटसीज पूरी कर ली और तुम बार बार ये कहते थे न मुझसे की....................... मैं तुम्हारी बुर का भोंसड़ा banawunga.....................to अब वक़्त आ गया हैं मेरी बुर का भोंसड़ा बनाने ka....................main खुद चाहती हूँ की तुम मेरी बुर को फाड़कर इसका भोसड़ा बना do................jaisa ये इस वीडियो में कर रहा हैं वैसा तुम भी अब मेरे साथ karo..................jaise ये अपना हाथ इस लड़की की बुर में पूरा घुसा रहा hain................theek waisa................waise भी मेरी बुर पूरी तरह से अब लूसे हो चुकी हैं तो मुझे नहीं लगता की तुम्हें कोई ज़्यादा दिक्कत या परेशानी hogi.......................tum मेरे चीखने चिल्लाने की परवाह मुट्ठ karna...................aur तुम बस मज़े करना.....................

तुम्हारे सामने ये तेल की शीशी राखी हुई हैं उसे तुम ाचे से अपने हाथों पर लगा लेना और फिर कुछ तेल तुम मेरी बुर पर भी लगाकर अपने हाथों को अंदर करते jana..................aur हाँ hari....................i लव you...................jiske लिए तुम न जाने कब से तरस गए they.........................aaj मैं खुद ये तीन वर्ड्स तुमसे कह रही hoon..............aur..............haan..............ek ख़ास बात तो मैं बताना तुम्हें भूल hi गयी..............." और आसमा इतना कहकर चुप हो गयी वहीँ उसका गाला एक्ससिटेमेंट की वजह से फिर सुखने laga.................wahin हरी का होश अब तक उदा हुआ tha...............wo आसमा के बारे में जितना सोचा था आसमा उसकी सोच से कहीं बढ़कर thi..............sach तो ये था की वो हरी के उस निस्वार्थ प्रेम की वजह से ये सब कुछ कर रही thi...............aur कहते हैं न इंसान को जिससे प्रेम होता हैं वो उसके साथ किसी भी हुड्ड से गुज़र जाता hain........................kuch ऐसा hi हाल अब आसमा का भी था................

" क्या.................!!!!!!!!!!!!!!!" और हरी थोड़ा चुनते हुए धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा हौले से मुस्कुराती हुई उसके चेहरे की तरफ देखने लगी..............

" तुम तो जानते hi हो की कल के बाद शांति भी यहाँ आ जाएगी तो हमारा मिलना जुलना कम हो jayega..................magar ये कोई बड़ी इशू नहीं hain....................issue ये हैं की दो दिन बाद सैम भी यहाँ आने वाला हैं और वो यहाँ कुछ दिन आकर rukega................mere paas.................aise में तुम्हारा और मेरा मिलना मुमकिन नहीं हो payega............magar मौका मिला तो मैं तुमसे ज़रूर आकर milungi..................to.....................main चाहती हूँ की आज जब तुम मेरी चुदाई करो तो तुम अपना सारा माल मेरे अंदर गिरा दो और मेरी बुर को अपने वीर्य से पूरी तरह भर do................taki कल को मेरा बाचा हो तो वो तुम्हारे वीर्य से ho...................kya तुम मुझे ये तोहफा दोगे..............." और इतना कहकर आसमा थोड़ी भावुक हो गयी वहीँ हरी फ़ौरन आसमा के करीब आया और उसके सीने से किसी छोटे बाचे की तरह उससे लिपट gaya....................wo काफी देर तक उससे बिना कुछ बोले यु hi लिप्त रहा......................

आसमा बड़े प्यार से उसके सर पर अपने हाथों को फेर रही थी वहीँ हरी खामोश उसकी आगोश में tha..................wo एक नज़र आसमा के चेहरे की तरफ देखने लगा और फिर उसके लबों को धीरे से चूमता हुआ उसके तरफ बड़े प्यार से फिर देखने लगा..............

"आप क्यों अपनी ज़िन्दगी तबाह करने पर तुली हुई हैं memsaheb....................main इस घर का एक मौंली सा नौकर hoon.........mana की मैं आपसे प्रेम करता हूँ इसका ये मतलब नहीं की मैं साहेब को और भी धोका देता rahun..................ye पाप मुझसे और नहीं हो पायेगा....................." और हरी का चेहरा उदास हो गया वहीँ आसमा बड़े गौर से उसके चेहरे की तरफ टकटकी लगाए देख रही thi...................kuch देर की छुपी के बाद वो फिर धीरे से बोल पड़ी..................

" जब तुम मेरे साथ इतने दिन रात थे तब तुम्हें धोके का ख्याल नहीं aaya........aur जब मैं कह रही की मैं तुम्हारे बाचे की माँ बनाना चाहती हूँ तब तुम्हें बड़ी दुनियादारी याद आ रही .......................क्यों....!!!!!!!!!!!!!!!!!" और आसमा बड़े गौर से हरी के चेहरे की तरफ देखती रही वहीँ हरी बिलकुल चुप हो gaya...............wo फ़ौरन आसमा के करीब आया और उसके होंठों को चूमता हुआ पास में रखे तेल को अपने हाथों में गिरने लगा जिससे उसकी हथेली पूरी तेल से सं gayi...............wahin आसमा अपने बदन पर ढके चादर को हटती हुई फ़ौरन नीचे फर्श पर गिरा दी और एक बार वो फिर सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी हो गयी................

वो फ़ौरन सामने के सोफे पर अपने दोनों पवन फैलाती हुई चढ़ गयी जिससे उसकी फटी हुई बुर पूरी तरह से फैलती चली gayi..................hari उस तेल की शीशी को आसमा के बुर में घुसता हुआ उस तेल की बोतल को दबाने लगा जिससे ढेर सारा तेल आसमा की बुर में गिरने लगा और कुछ तेल बहकर नीचे आने laga...................hari फिर अपना मोटा हाथ धीरे धीरे अस्मा की बुर में घुसने लगा और जैसे जैसे वो अपने हाथों पर दबाव बना रहा था वैसे वैसे आसमा की चीखें बढ़ती चली gayi...............badi मुश्किलों से हरी अपनी चार उँगलियों को अंदर घुसा पाया था मगर अब जैसे जैसे वो दबाव बढ़ता जा रहा था वैसे वैसे आसमा ज़ोरों से सांस लेती हुई हांफ रही थी................

हरी का हाथ तेल से पूरा सना हुआ था जिस वजह से उसका हाथ बड़ी आसानी से अंदर की तरफ सरकता जा रहा था .............................जैसे जैसे हरी का हाथ अंदर घुसता जा रहा था वैसे वैसे आसमा की बुर पूरी तरह से फैलाती जा रही थी और चीखने चिल्लाने का सिलसिला आसमा का जारी raha......................aakhir थोड़ी मेहनत के बाद हरी अपना पूरा हाथ अंदर घुसने में कामयाब हो गया वहीँ वो धीरे धीरे अपने हाथों को हरकत करता रहा वहीँ आसमा की आहें बढ़ती rahi..............uski छोटी सी बुर फटकार अब पूरी तरह से बांसड़ा बन चुकी thi...................hari का 6 इंच मोटा हाथ पूरा उसके बुर में घुस चूका था वहीँ आसमा चीख चिल्ला रही थी...............

कल तक जिस बुर में एक ऊँगली ठीक से नहीं जाती थी आज वो पूरा हाथ अपने उस छोटे से छेद में ले चुकी thi................hari कभी अपने हाथों को बहार निकलता तो कभी अंदर karta.................wo बार बार अपने हाथों पर ढेर सारा तेल लगता और उसे अंदर घुसता जिससे आसमा की बुर में उसका हाथ थोड़ी मस्सकत के बाद पूरा घुस jata.............kareeb 1/2 घने तक हरी आसमा की बुर का भोंसड़ा बनता रहा...................

कुछ देर तक हरी अपने हाथ को अंदर डेल रखा फिर वो अपना हाथ बहार निकलता हुआ आसमा की बुर में लुंड घुसकर उसकी बुर को फिर ाचे से छोड़ने लगा वहीँ आसमा पूरी तरह से हरी का साथ देती rahi..................ghanton छोड़ने के बाद आखिर हरी का वीर्य निकल गया और इस बार वो आसमा की बुर की गहरायिओं में पूरा गिरता चला gaya................aur उसकी कूख को अपने वीर्य से भरता चला gaya................wahin अब आसमा ी पिल्स को फेंक चुकी थी क्यों की अब वो हरी के बचीय को जनम देना चाहती thi....................kamrey में पूरा सनत्ता पसरा हुआ tha..............dono पसीने से भीगे हुए थे और दोनों के लैब पूरी तरह से खामोश they.....................haan सुकून उनके अंदर बहुत tha........dono पूरी तरह से अब तृप्त हो चुके थे.................

सब कुछ समय का खेल tha.........dekhna था आने वाले वक़्त को क्या मंज़ूर था.....................................



तो बे कॉन्टिनोएड....................................................
 
अपडेट- 53(ा) (मेघा अपडेट)

सब कुछ समय का खेल tha.........dekhna था आने वाले वक़्त को क्या मंज़ूर था.....................................



अब आगे.................................................................


आसमा अब पूरी तरह से तृप्त thi..........................aur होती भी क्यों naa....................usey हरी जैसा मर्द जो मिला tha......................jo उसे घंटों बिस्टेर पर रगड़ता रहता tha................usey इतना छोड़ता था की छोड़ छोड़कर उसकी बुर और गांड को पूरी तरह से सूजा देता tha....................jissey वो ठीक से चलने की हालत में भी नहीं रह पति thi.....................aankhon में हर पल उसकी मदहोशी छायी rehti....................in 15 दिनों में हरी उसकी आदत पूरी तरह से ख़राब कर चूका tha.....................aasma हर वक़्त अपनी टांगें हरी के सामने खोली रहती और उससे हर वक़्त छोड़ने को तैयार रहती..................

हरी भी जब मूड में रहता तो उसे घंटों बिस्टेर पर बुरी तरह से रगड़ता रहता और अपने लुंड की गर्मी को शांत karta........................wo उसकी बुर और गांड के साथ जी भरकर khelta...............kabhi उसमें अपनी ऊँगली घुसता तो कभी उसे failata...............kabhi उसे जीभ से चटनी लगता तो कभी उसके अंदर कुछ डालकर khata..................kabhi कभी तो आसमा अपनी बुर चतवती हुए हरी के मुँह में मूट भी देती थी जिसे हरी प्यार से पी jata...............badley में हरी भी अपना लुंड चूसवाने के बाद उसके मुँह में जी भारकत मूट deta.....................wo हर एक चीज़ आसमा के साथ कर चूका था और आसमा उसकी हर एक इच्छा को बड़े प्यार से पूरी करती....................

सुबह का वक़्त था और हरी इस वक़्त भी आसमा की बुर और गांड को फाड़ रहा tha......................pichley दो घंटों से वो उसकी लगातार चुदाई किये जा रहा था वहीँ आसमा की सिर्फ चीखें सुनाई दे रही thi...............uski बुर की नीचे की चमड़ी फुट चुकी थी और पूरी तरह सूजकर लाल पढ़ गयी thi..................magar आसमा हार मानने वालों में से नहीं thi...................hari उसे 1/2 घंटा और रगड़ता रहा और वो उससे खुलकर चुदवाती rahi.............aur आखिर में हरी अपना सारा वीर्य उसकी बुर की गहरायी में उतरता चला गया.................

पिछले दो दिनों से आसमा हरी का सारा वीर्य अपने अंदर गिरवा रही थी ............वो अब पूरी तरह से माँ बनाने को तैयार thi..............itni देर की चुदाई के बाद आखिर दोनों बुरी तरह से थक गए they..................aur आसमा का सारा बदन दुःख रहा tha...........khas कर उसकी दो बड़ी बड़ी चूचियां जिन्हें हरी बड़ी hi बेदर्दी के साथ हर वक़्त मसलता rehta...................aasma और हरी दोनों नंगे hi बिस्टेर पर सू गए और करीब 2 घंटे बाद जब आसमा की आँख खुली तो उसकी बुर पर चिपचिपा सा उसे कुछ महसूस होने लगा और जैसे hi वो अपना एक हाथ अपने बुर पर ले गयी और जो चिपचिपा सा चीज़ था जब उसकी हाथों पर लगा और जब उसकी नज़रें उसपर गयी उसके चेहरे का रंग जैसे फीका सा पढ़ गया...................

वो फ़ौरन बिस्टेर से उठ गयी और फिर से एक बार अपने ऊँगली को अपने छूट पर ले गयी और फिर से उसके ुंगियों पर खून की कुछ बूँदें नज़र आयी जिसे उसके चेहरे पर हैरानी के बदल उमड़ pade...............uska कलेजा ज़ोरों से धड़कने laga................dil में अजीब सा दुर्र जनम लेने laga...................wo इस लिए क्यों की उसकी पीरियड आ गयी thi.....................aur दिल में दुर्र इस लिए बढ़ गया क्यों की अभी 15 दिन पहले hi उसका पीरियड आया था तो इतनी जल्दी तो दुबारा से पीरियड आने का सवाल hi कहाँ उठता tha...................wo अपने सर पर दोनों हाथ रखती हुई हरी को फिर जगाने लगी तो कुछ देर में हरी भी आँख माल्टा हुआ बिस्टेर पर उठकर बैठ गया और आसमा के तरफ अजीब नज़रियों से देखने लगा.............

" क्या hua...................mujhe बहुत ज़ोरों की नींद आ रही thi...............tumne मुझे ऐसे क्यों उठाया................." और हरी थोड़ा चिड़चिटे हुए धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा अपनी ऊँगली को उसके तरफ दिखने लगी जिसे हरी एक नज़र देखता हुआ फिर से अपनी आँख दुबारा से बंद करने laga.......................hari ाचे से जनता था की पीरियड आना लड़कियों के लिए कोई बड़ी बात नहीं hain..................is लिए वो पूरी तरह से नार्मल hi रहा और टकटकी लगाए आसमा के चेहरे की तरफ बस देखता रहा..................

" मेरी पीरियड आ गयी हैं इस लिए मैं परेशां hoon..................magar तुम्हें तो लगता हैं जैसे कोई फर्क नहीं पढ़ रहा........................" और आसमा अपने सरे कपड़े एक एक कर पहनने लगी और एक पद उसे करती हुई हरी के तरफ फिर से सवाल भरे नज़रियों से देखती rahi................wahin हरी जवाब में धीरे से मुस्कुराता रहा...............

"तो इसमें नयी बात क्या हैं....................!!!!!!!!! पेरोइड तुम्हारे नहीं आएंगे तो क्या मेरे aayengey........................ismein इतना सोचना कैसा................." और हरी भी अपने सरे कपड़े एक एक कर पहनने लगा वहीँ आसमा अपने सरे कपड़े पहनती हुई हरी के पास दुबारा से आयी और उससे सत्कारत वहीँ बैठ गयी और हरी के चेहरे की तरफ बड़े गौर से देखती रही..............

" haan..................janti हूँ की पीरियड्स हम लड़कियों के आते हैं लड़कों को nahin.......................magar....................dikkat इस बात की हैं की अभी पिछले 15 दिन पहले hi मेरे पीरियड्स आये थे तो fir.......................itni जल्दी दुबारा आने का सवाल hi कहना पैदा होता hain..................is वजह से मैं थोड़ी परेशां हूँ....................." और आसमा थोड़ी चिंतित होती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी उसका माथा बड़े प्यार से चूमता हुआ उसे अपने सीने से लगा liya.....................aur फिर उसकी आँखों में देखता हुआ धीरे से बोल पड़ा....................

" अगर तुम्हें कोई दिक्कत लग रही हैं तो हम किसी लेडी डॉक्टर के पास चल चलते hain................tumhara दुर्र भी दूर हो जायेगा और अगर कोई दिक्कत होगी तो उसका इलाज़ भी हो jayega......................kya कहती हो.................." और हरी इतना कहकर चुप हो गया वहीँ आसमा कुछ देर तक सोचती रही फिर वो डॉक्टर के पास जाने का फैसला करती हुई हरी के बातों का पूरा समर्थन करने lagi................kuch देर बाद वो तैयार होने लगी और हरी हॉल में बैठा हुआ t.v देखता रहा..................1/2 घंटे बाद अब आसमा तैयार होकर आयी तो हरी उसके खूबसूरत से चेहरे को बस निहारता raha..................waise भी आसमा बहुत सूंदर लग रही थी उसके चेहरे पर निखार बहुत हुड्ड तक बढ़ गया था.................

ड्राइव करती हुई वो फ़ौरन हरी को लेकर किसी लेडी डॉक्टरों के पास चल padi..................kuch दूर जाने पर एक लेडी डॉक्टर का क्लिनिक नज़र aaya.........wo हरी को वहीँ कार में बैठने को बोलती हुई सीधा अंदर चली गयी और रेसपितिओं में जानकर फीस पेड करती हुई अपने नंबर का वेट करने lagi.......................kuch देर बाद उसका नंबर आया तो वो अंदर गयी तू सामने एक 45 साल की लेडी डॉक्टर बैठी हुई thi.......................jaise hi उसकी नज़र आसमा पर पड़ी वो उसी सर से लेकर पवन तक बड़े गौर से देखने लगी और उसे सामने वाली सीट पर आकर बैठने का इशारा किया..................

आसमा कुछ देर चुप रही फिर वो अपनी प्रॉब्लम सामने बैठी उस लेडी डॉक्टर को बताने lagi............jisey सुनने के बाद वो डॉक्टर कुछ देर तक चुप रही और फिर वो उसे बिस्टेर पर पीठ के बल लेटने को कहने lagi................aur जब आसमा लेट गयी तो वो उसके करीब आयी और उसके पति के बारे में सब कुछ डिटेल में पूछने लगी मगर आसमा सैम के बारे में न बताकर सब कुछ हरी के बारे में बताने lagi...............wo आसमा की साड़ी को ऊपर करती हुई उसके पंतय के साथ साथ उसके पद को नीचे की तरफ फिर सरकती हुई...................... उसके दोनों टांगों के बीच एक टोर्च जलती हुई बड़े गौर से उसके छूट को देखने lagi...................aur कुछ देर देखने के बाद वो फ़ौरन अपने कुर्सी पर आकर बैठ गयी और आसमा को भी वहीँ बैठने का इशारा करने लगी......................
 
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