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अपडेट- 48 (बी) (मेघा अपडेट)
"aaaaaaahhhhhhhhhh............tumhari ऐसी बाटिओं को सुनकर तो लगता हैं मैं अभी जहर jawunga.....................waise तुम कितनी ऊँगली अपनी छूट में डालकर रगड़ रही ho...............tumhare छूट से निकलती हुई आवाज़ मुझे साफ़ सुनाई दे रही hain...................aur ये मुझे अब मदहोश करती जा रही hain...............aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh......meri jaan..................kaash मैं तुम्हार पास होता तो तुम्हें यु उँगलियों से काम न चलना पड़ता...................." और सैम की मज़े से आँखें बंद होने lagi.................wahin आसमा का गाला सूखने लगा tha...................wo अपनी एक बाहें हरी के गले में डालती हुई ....................अपनी गुर्दें पीछे की तरफ ले गयी और हरी के लबों को धीरे धीरे फिर चूसने और चटनी लगी.................
हौले से वो अपना जीभ हरी के कान पर ले गयी और उसके कान को भी चटनी lagi.............kaatney lagi................aur इस बार तेज़्ज़ आवाज़ में हरी के कान में कुछ बोली जिसे सुनकर हरी के चेहरे पर मुस्कान आ gayi.................wahin सैम के लुंड में खून कसा संचार बहुत हुड्ड तक बढ़ gaya..............aasma की बाटिओं को सुनकर सैम के लुंड से प्रेकम की कुछ बूँदें बिस्टेर पर गिर padi..............wo अपनी सांसों को संभालता हुआ ज़ोरों से इस बार सिसक पड़ा.............
" छोड़ो न mujhe....................aur मुझे इतना छोड़ो की .......तुमसे चढ़ते हुए मेरी बुर से मूट निकल jaye...................aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhssssssssssssssss............." और आसमा वहीँ बीएड पर पीठ के बल लेट गयी और हरी को अपने ऊपर आने का इशारा करने lagi.....................wahin हरी फ़ौरन आसमा के ऊपर चढ़ गया और उसकी बुर में एक hi झटके में पूरा अपना लुंड घुसता hua.......................uski चुदाई करने laga.........wahin आसमा की सिसकियाँ तेज़ी से बढ़ने lagi..............aasma की सिसकियाँ सुनकर उधर सैम के साबरा का बाँध टूट गया और वो ज़ोरों से सिसक पड़ा..................
उसके लुंड से ढेर सारा वीर्य निकल चूका था ........वो वहीँ ज़ोरों से हांफ रहा tha....................udher हरी आसमा के मोबाइल को काटता हुआ एक साइड में रख दिया और आसमा की चुदाई ज़ोर शोर से फिर शुरू हो gayi................hari पूरा अपना लुंड बहार की तरफ निकलता और एक hi झटके में उसे पूरा अंदर तक घुसा deta...............jissey आसमा की चीख निकल jati..................har रोज़ के मुकाबले अब हरी आसमा की पूरी बेरहमी से चुदाई कर रहा tha.................uska एक एक ढाका इतना तेज़्ज़ था की आसमा का सारा बदन हिल जाता और उसकी चीख निकल जाती...............
धीरे धीरे उसके ढाकों की रफ़्तार भी तेज़्ज़ होती चली गयी वहीँ आसमा की आहें भी बढ़ने lagi....................uski प्यासी छूट को अब सुकून मिल रहा tha....................aasma की ये प्यास कम होने के बजाये दिन बा दिन बढ़ती hi जा रही thi...................sam तो ये सोचकर खुस था की वो उसे अपनी बाटिओं से गरम करके आसमा को ठंडा किया tha....................magar वो ये नहीं जनता था की उसके ठंडा होने के बाद आसमा को उसकी बिस्टेर पर................ उसकी के बेगम ko..................us घर का नौकर अब छोड़ रहा tha.................waise भी आसमा जैसी गरम चीज़ को अब संभालना सैम के बस में था नहीं.................
हद कैमरा ों था और सब कुछ फिर से उसमें रिकॉर्ड हो रहा tha....................hari के लुंड पर आसमा की बुर से निकलने वाला प्रेकम अब साफ़ नज़र आ रहा था जो उस रोशनी में चमक रहा था..................
" तेरा गांडू पति तो ये नहीं जनता होगा की उस वक़्त मैं तेरी बुर में ऊँगली कर रहा tha..................wo तो समझ रहा होगा की तू अपनी बुर में ऊँगली कर रही thi...................aur उसके ठंडा होते hi मैं अब तेरी चुदाई कर रहा hoon......................waise जो भी कहो मुझे तो बड़ा मज़ा aaya...................aur वैसे तू क्या कह रही थी ussey.........ki तुम मुझे इतना छोड़ो की मेरी बुर से मूट निकल jaye.................to तू घबरा mutt.....................waise भी आज की रात मैं तुझे सोने देना वाला हूँ nahin.....................aaj पूरी रात तू सिर्फ मुझसे chudegi.................chahe मेरा लुंड तेरी बुर में ho.......ya फिर तेरी गांड में.....................
वैसे भी मैं तेरा वो हाल करूँगा की तू ठीक से चल फिर भी नहीं payegi..................aur न बैठने के लायक rahegi..............teri बुर और गांड के दोनों छेद आज के बाद हमेशा के लिए बड़े हो जाएंगे................" और हरी तेज़ी से झटके मरता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा की सांसें तेज़्ज़ तेज़्ज़ चलती rahi.............hari के हर ढाकों से वो बुरी तरह से मचल उठती.....................
"aaaaaaaaaaaaaaooooooooooooooooooooommmmmmmmmmmmmmmm..............to छोड़ो न hari.............sara din...............aur साडी raat.................tumhein रोका किसने hain....................tumhari ये दुल्हन हर तरह से तैयार हैं......................" और आसमा सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ इस बार हरी आसमा को गॉड में उठता hua...................apne पेट पर उसके दोनों टांगों को दोनों तरफ से फैलाकर बैठा दिया और फिर से अपना लुंड उसकी बुर में पूरा घुसता हुआ उसकी इसी पोजीशन में चुदाई करने laga....................wahin आसमा हरी के गले में अपनी दोनों बाहें डालती हुई उसका इस खेल में पूरा पूरा साथ देने lagi.....................aasma हरी के होंठों को चूसती हुई उससे अपनी चुदाई करवा रही thi.....................poorey कमरे में thhhaqapppppp.............ccchaaaaaappppppppppppppp ऊपर आसमा की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी जो उस माहोल को और भी कटीलानं बना रही थी...............
वक़्त बीतता गया और हरी आसमा को ब्राम्ही से रगड़ता raha.................wo उसपर बिलकुल भी दया नहीं कर रहा था और अपनी साडी भड़ास निकल रहा tha..............kuch देर छोड़ने के बाद हरी बिस्टेर पर पथ के बल लेट गया और आसमा को ऊपर चढ़कर कूदने का इशारा करने laga....................aasma को ाचे से पता था की इस पोजीशन में हरी का लुंड पूरा उसके बाछेदनी में जाकर चोट karega............magar उसे हर तरह का सुख चाहिए tha.................chahe उसमें कितना भी दर्द hi क्यों न हो...................
वो फ़ौरन हरी के ऊपर आयी और हरी का लुंड अपनी छूट के छेद पर सेट करती हुई .......उसपर धीरे धीरे बैठने lagi..........choot गीली होने की वजह से हरी का मोटा लुंड एक hi झटके में पूरा अंदर समां गया जिससे आसमा बुरी तरह से चीख padi...............hari उसकी कमर को पकड़ता हुआ तेज़ तेज़ झटके लगाने लगा जिससे आसमा की सिसकारियां और भी बढ़ने lagi...............hari कभी अपना एक हाथ आसमा की गांड पर फेर रहा था तो कभी उसके दोनों चूचियों par..............beech बीच में वो उसके गांड के दरारों को भी फैला रहा था जिससे आसमा ज़ोरों से सिसक रही थी...............
घंटों चुदाई के बाद हरी आसमा को घोड़ी बनता हुआ उसके ऊपर आ गया और ढेर सारा थूक आसमा की गांड के छेद पर घिरताता hua.........................wo अपने लुंड को उसकी गांड में धीरे धीरे फिर घुसने laga.................hari के इस हमले से आसमा ज़ोरों से सिसक पड़ी मगर हरी को मन नहीं ki............waise वो अब पूरी तरह से तैयार thi..................wo ाचे से जानती थी की आज की रात हरी इसी तरह से उसकी छूट और गांड की धाज्जियाँ उडाता rahega.................jis तरह से हरी उसकी छूट को छोड़ रहा था ठीक वैसे hi वो उसकी गांड भी मरने लगा....................
"aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh..........hari...........zara धीरे से पेलो naaa....................dard हो raha.................aur मैं नहीं चाहती की तुम्हारा माल जल्दी से गिरे.............." और आसमा अपनी गांड मरवाती हुई हौले से सिसकते हुए बोल padi.............wahin हरी आसमा की दोनों चूचियों को ब्राम्ही से मसता रहा और उसकी गांड में पूरा लुंड अंदर बहार करता raha...............aab उसकी गांड की छेद पूरी तरह से खुलकर बड़ी हो गयी थी.....................
" आज जी भरकर मार लेने दे न मुझे तेरी gand...................pehli बार तो ऐसा मौका मिला हैं जब मेरा लुंड किसी औरत के गांड में घुसा ho.................main बता नहीं सकता की मैं आज कितना खुस hoon...................bus मैं ऐसे hi तेरी गांड मरता रहूं............." और हरी अपने ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ करता हुआ आसमा की ब्राम्ही से फिर चुदाई करने laga............wahin आसमा की चीखें फिर से निकलने lagi................wo अपने क्लिटस को मसलती रही और हरी से खुलकर अपनी गांड मरवाती rahi................dard तो ुयसी हो रहा था मगर साथ hi साथ मज़ा भी आ रहा था..................
हरी आसमा को उल्टा करता hua.....uska सर नीचे की तरफ और दोनों पवन ऊपर की तरफ करके फिर से खड़ा होकर अपना लुंड आसमा की गांड में घुसने laga..................is तरह हरी का पूरा लुंड आसमा की गांड में उतर रहा tha................wo ढेर सारा तेल आसमा की गांड में डालता हुआ फिर से उसकी गांड मरने laga.........wahin आसमा ज़ोरों से अपने क्लिटस को रगड़ती rahi..................kafi देर तक इस पोजीशन में छोड़ने के बाद हरी आसमा को बीएड पर बैठता hua...............uske दोनों पवन को ऊपर की तरफ करके एक hi बार में अपना लुंड पूरा उसकी गांड में घुसने लगा................
आसमा अब हर पोजीशन में अपनी चुदाई करवा रही thi...................wo उससे चुदती rahi...aur हरी उसे छोड़ता raha.................hari बीच बीच में ढेर सारा थूक आसमा के मुँह के अंदर गिरता जिसे हर बार की तरह आसमा पूरे शौक से चाट कर खा जाती ..................जैसे वो कोई अमृत ho..........hari का जब लौड़ा पूरा अंदर जाता तब वो 10 सेकण्ड्स तक अपने लुंड को वैसे hi दबाव बनाये रखता जिससे आसमा बुरी तरह से सिसक padti..............hari के इस तरह झटके मरने से उसके अंदर की ब्लैडर अब फूल गयी थी जिससे उसे ज़ोरों की मूट आने लगी थी................
" hari.................aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhooooooooooooommmmmmmmmmmm............. ऐसा लग रहा हैं जैसे अभी मेरी मूट निकल jayegi....................aapne झटके थोड़ा कम करो ना.............." और आसमा ज़ोरों से सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा पड़ा...............
" तू तो चाहती hi थी की मैं तेरी चुदाई करते वक़्त तेरी मूट girwawun................aab तेरी मूट जब गिरने hi वाली हैं तो भी तुझे दिखात हो रही hain...............chal मूट मेरे सामने hi.................zara मैं भी तो देखूं की तेरी मूट कैसे निकलती hain......................"aur हरी अपने धक्खों की रफ़्तार और तेज़्ज़ कर दी जिससे हुआ ये की आसमा खुद को रोक न पायी और उसके साबरा का बाँध जैसे टूट gaya..................hari पूरा अपना लुंड आसमा की गांड में घुसता hua....................apne लुंड पर कुछ देर तक ऐसे hi दबाव बनाये रखा और उधर आसमा ज़ोरों से सिसकती हुई चीख पड़ी...........
अगले hi पल उसकी बुर से मूट की तेज़्ज़ धार निकल पड़ी जो सामने खड़े हरी के पेट पर गिरने lagi..................hari मुस्कुराता हुआ फ़ौरन अपना एक हाथ आसमा की बुर पर ले गया और उसकी बुर की छेद को पूरा फैलता hua..................usmein से निकलती तेज़्ज़ धार को बड़े गौर से देखता raha.....................aasma की मूट कुछ देर के लिए जैसे hi ruki...............hari दो चार और कसकर ढ़ाके लगाने लगा जिससे आसमा की मूट फिर से निकल padi..................sharam तो उसे बेहद आ रही थी मगर मज़ा भी उतना hi आ रहा tha...............aisa पहली बार था जब वो किसी गैर मर्द के सामने मूट रही थी................
वो अपनी आँखें बंद करती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही थी वहीँ उसके मूट से हरी का पेट का पूरा हिस्सा भीग गया था और आसमा का मूट बेहटा हुआ अब फर्श पर गिर रहा tha.................ye सब हरी के लुंड में आग लगा देने के लिए काफी tha.....................wo फ़ौरन अपना लुंड आसमा की गांड से निकलता हुआ उसकी बुर में पूरा घुसा दिया और बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके लगाने laga................wahin इस बार आसमा खुद को नहीं संभल पायी और ज़ोरों से चीख पड़ी.....................
करीब 5 मिनट बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके मरने के बाद आखिर हरी के साबरा का बाँध टूट गया और वो अपना सारा वीर्य आसमा की बुर में गिरता hua.................wahin आसमा भी फिराग हो gayi.....................hari उसे कसकर अपनी बाँहों में जकड liya...............aur तब तक वो उसे जकड़े रहा जब तक वो पूरी तरह से नार्मल नहीं हो gaya.......wahin आसमा भी ठंडी हो चुकी thi.................uski मूट की कुछ बूँदें अब तक नीचे टपक रही थी.....................
थोड़े देर बाद जब हरी नार्मल हुआ और जैसे hi उसने अपना लुंड बहार निकलना chaha...................aasma ने उसे फ़ौरन रोक diya...............wahin हरी बड़े गौर से आसमा के चेहरे की तरफ देखने लगा...........
"कहा जा रहे हो हरी.................." और आसमा हरी के कमर को अपनी बाँहों में कसकर जलकाड़ती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा.................
" लगता हैं मेरी जान की आग अब तक बुझी nahin...................sach में तू बहुत गरम चीज़ hain.............tujhe संभालना उस चुइटाये के बस की बात nahin.....................tere जैसे गरम माल को तो मैं hi बस संभल सकता hoon...............aur..........mujhe ज़ोरों की मूट आयी hain.................main मूट कर अभी आता हूँ.............." और हरी एक बार फिर से जाने लगा तो आसमा ने कसकर उसे अपनी बाँहों में दबोच लिया..................
" haan................meri ये प्यास अब कभी नहीं बुझने wali...............tumne ऐसा कर दिया हैं की मेरे अंदर की ये आग हमेशा धड़कती hi rahegi..................tum मुझे छोड़ छोड़कर थक जाओगे magar.....................main तुमसे चुड़ते चढ़ते कभी नहीं thakungi....................aur तुम कहीं नहीं जा rahe...................maine कहा था naa..................ki जब भी तुम्हें मूट लगेगी तुम मेरे अंदर hi मूटोगे................." और आसमा जैसे अपना फैसला सुनती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी अपने लुंड पर तेज़ी से प्रेशर बनाने laga...................uske तो वैसे भी मज़े hi थे..................
दो चार बार वो प्रेशर बनाया मगर उसके लुंड से मूट नहीं nikala....................fir वो आसमा को उल्टा करता हुआ उसके ऊपर चढ़ गया और उसी पोजीशन में अपने लुंड पर प्रेशर बनाये rakha................thodi मेहनत के बाद उसके लुंड से एक तेज़्ज़ धार निकल पड़ी और आसमा के तन बदन में एक तेज़्ज़ सनसनाहट hui....................wo वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ी और हरी के लुंड से मूट की धरा निकलती rahi................aur उसके उस छेद को भर्ती रही..................
थोड़े देर तक मूट का पानी आसमा के अंदर भरता रहा मगर जब पूरा भर गया तो उसके लुंड से मूट का पानी बहार की तरफ बहने लगा जो उसके पेट से होता हुआ उसके मुँह पर जाने लगा और.............. कुछ बिस्टेर par.....................hari मूतता रहा और आसमा की बुर को अपने मूट से भरता raha...................jaise hi वो अपना लुंड बहार निकला फाछहहहहहह की आवाज़ के साथ ढेर सारा मूट बेहटा हुआ नीचे की तरफ जाने लगा जो बेहद गरमा tha..................saath में हरी का वीर्य भी उसमें सना हुआ tha.................hari फ़ौरन अपना लुंड निकलता हुआ अपना भीगा हुआ लुंड आसमा के मुँह में दाल दिया और उसे उसी पोजीशन में अपना लुंड चूस्वाता रहा...............
साथ hi आसमा के बुर से ढेर सारा मूट बेहटा हुआ ऊके दोनों जांघों से नीचे की तरफ बह रहा tha.............lund चूसने से उसके लुंड पर लगे मूट के कुछ चींटी भी आसमा चाट रही थी जो उसे अजीब सा मज़ा दे रहा tha................thode देर बाद वो आसमा के दोनों पवन को फैलाकर वहीँ सामने बैठने का इशारा किया और आसमा बेशर्मों की तरह अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाकर बैठ gayi...................hari उसके पास गया और उसकी बुर के दोनों लिप्स को पूरी तरह से खोलता hua................bade गौर से उसकी बुर को देखता रहा..................
आसमा को पता था की उसे आगे क्या करना hain...............wo अपने बुर पर प्रेशर बनाने लगी और थोड़ी देर बाद उसकी बुर से मूट की धरा निकल पड़ी जिसे हरी बड़े गौर से देखता raha..............saath hi वो अपनी दो ऊँगली उसकी गांड में पूरा पेलता hua..................aasma की बुर से निकल रही उसकी मूट को अपने मुँह में रखकर पीने लगा .....................जैसे वो कोई अमृत पी रहा ho...............mooh जब उसका भर गया तो वो थोड़ा सा मूट अपने मुँह में अंदर की तरफ जातक गया और कुछ मूट अपने मुँह में रखकत वो फ़ौरन आसमा के चेहरे के पास गया और हौले से उसके लबों को चूमने लगा................
आसमा बिना किसी झिझक के अपना मुँह खोलती हुई हरी के मुँह में रखा उसका मूट अपने मुँह के अंदर लेने लगी और एक एक करके वो अपने मूट को सारा पीती चली gayi..............is गंदे भरे एहसास से आसमा पूरी तरह से मस्त होती जा रही thi..................wahin उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha...............poora कमरा मूट...... थूक ली .........लार और वीर्य से महक रहा tha..................magar अभी तो आधी रात बाकि थी.....................
तो बे कॉन्टिनोएड...........................................................
"aaaaaaahhhhhhhhhh............tumhari ऐसी बाटिओं को सुनकर तो लगता हैं मैं अभी जहर jawunga.....................waise तुम कितनी ऊँगली अपनी छूट में डालकर रगड़ रही ho...............tumhare छूट से निकलती हुई आवाज़ मुझे साफ़ सुनाई दे रही hain...................aur ये मुझे अब मदहोश करती जा रही hain...............aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh......meri jaan..................kaash मैं तुम्हार पास होता तो तुम्हें यु उँगलियों से काम न चलना पड़ता...................." और सैम की मज़े से आँखें बंद होने lagi.................wahin आसमा का गाला सूखने लगा tha...................wo अपनी एक बाहें हरी के गले में डालती हुई ....................अपनी गुर्दें पीछे की तरफ ले गयी और हरी के लबों को धीरे धीरे फिर चूसने और चटनी लगी.................
हौले से वो अपना जीभ हरी के कान पर ले गयी और उसके कान को भी चटनी lagi.............kaatney lagi................aur इस बार तेज़्ज़ आवाज़ में हरी के कान में कुछ बोली जिसे सुनकर हरी के चेहरे पर मुस्कान आ gayi.................wahin सैम के लुंड में खून कसा संचार बहुत हुड्ड तक बढ़ gaya..............aasma की बाटिओं को सुनकर सैम के लुंड से प्रेकम की कुछ बूँदें बिस्टेर पर गिर padi..............wo अपनी सांसों को संभालता हुआ ज़ोरों से इस बार सिसक पड़ा.............
" छोड़ो न mujhe....................aur मुझे इतना छोड़ो की .......तुमसे चढ़ते हुए मेरी बुर से मूट निकल jaye...................aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhssssssssssssssss............." और आसमा वहीँ बीएड पर पीठ के बल लेट गयी और हरी को अपने ऊपर आने का इशारा करने lagi.....................wahin हरी फ़ौरन आसमा के ऊपर चढ़ गया और उसकी बुर में एक hi झटके में पूरा अपना लुंड घुसता hua.......................uski चुदाई करने laga.........wahin आसमा की सिसकियाँ तेज़ी से बढ़ने lagi..............aasma की सिसकियाँ सुनकर उधर सैम के साबरा का बाँध टूट गया और वो ज़ोरों से सिसक पड़ा..................
उसके लुंड से ढेर सारा वीर्य निकल चूका था ........वो वहीँ ज़ोरों से हांफ रहा tha....................udher हरी आसमा के मोबाइल को काटता हुआ एक साइड में रख दिया और आसमा की चुदाई ज़ोर शोर से फिर शुरू हो gayi................hari पूरा अपना लुंड बहार की तरफ निकलता और एक hi झटके में उसे पूरा अंदर तक घुसा deta...............jissey आसमा की चीख निकल jati..................har रोज़ के मुकाबले अब हरी आसमा की पूरी बेरहमी से चुदाई कर रहा tha.................uska एक एक ढाका इतना तेज़्ज़ था की आसमा का सारा बदन हिल जाता और उसकी चीख निकल जाती...............
धीरे धीरे उसके ढाकों की रफ़्तार भी तेज़्ज़ होती चली गयी वहीँ आसमा की आहें भी बढ़ने lagi....................uski प्यासी छूट को अब सुकून मिल रहा tha....................aasma की ये प्यास कम होने के बजाये दिन बा दिन बढ़ती hi जा रही thi...................sam तो ये सोचकर खुस था की वो उसे अपनी बाटिओं से गरम करके आसमा को ठंडा किया tha....................magar वो ये नहीं जनता था की उसके ठंडा होने के बाद आसमा को उसकी बिस्टेर पर................ उसकी के बेगम ko..................us घर का नौकर अब छोड़ रहा tha.................waise भी आसमा जैसी गरम चीज़ को अब संभालना सैम के बस में था नहीं.................
हद कैमरा ों था और सब कुछ फिर से उसमें रिकॉर्ड हो रहा tha....................hari के लुंड पर आसमा की बुर से निकलने वाला प्रेकम अब साफ़ नज़र आ रहा था जो उस रोशनी में चमक रहा था..................
" तेरा गांडू पति तो ये नहीं जनता होगा की उस वक़्त मैं तेरी बुर में ऊँगली कर रहा tha..................wo तो समझ रहा होगा की तू अपनी बुर में ऊँगली कर रही thi...................aur उसके ठंडा होते hi मैं अब तेरी चुदाई कर रहा hoon......................waise जो भी कहो मुझे तो बड़ा मज़ा aaya...................aur वैसे तू क्या कह रही थी ussey.........ki तुम मुझे इतना छोड़ो की मेरी बुर से मूट निकल jaye.................to तू घबरा mutt.....................waise भी आज की रात मैं तुझे सोने देना वाला हूँ nahin.....................aaj पूरी रात तू सिर्फ मुझसे chudegi.................chahe मेरा लुंड तेरी बुर में ho.......ya फिर तेरी गांड में.....................
वैसे भी मैं तेरा वो हाल करूँगा की तू ठीक से चल फिर भी नहीं payegi..................aur न बैठने के लायक rahegi..............teri बुर और गांड के दोनों छेद आज के बाद हमेशा के लिए बड़े हो जाएंगे................" और हरी तेज़ी से झटके मरता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा की सांसें तेज़्ज़ तेज़्ज़ चलती rahi.............hari के हर ढाकों से वो बुरी तरह से मचल उठती.....................
"aaaaaaaaaaaaaaooooooooooooooooooooommmmmmmmmmmmmmmm..............to छोड़ो न hari.............sara din...............aur साडी raat.................tumhein रोका किसने hain....................tumhari ये दुल्हन हर तरह से तैयार हैं......................" और आसमा सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ इस बार हरी आसमा को गॉड में उठता hua...................apne पेट पर उसके दोनों टांगों को दोनों तरफ से फैलाकर बैठा दिया और फिर से अपना लुंड उसकी बुर में पूरा घुसता हुआ उसकी इसी पोजीशन में चुदाई करने laga....................wahin आसमा हरी के गले में अपनी दोनों बाहें डालती हुई उसका इस खेल में पूरा पूरा साथ देने lagi.....................aasma हरी के होंठों को चूसती हुई उससे अपनी चुदाई करवा रही thi.....................poorey कमरे में thhhaqapppppp.............ccchaaaaaappppppppppppppp ऊपर आसमा की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी जो उस माहोल को और भी कटीलानं बना रही थी...............
वक़्त बीतता गया और हरी आसमा को ब्राम्ही से रगड़ता raha.................wo उसपर बिलकुल भी दया नहीं कर रहा था और अपनी साडी भड़ास निकल रहा tha..............kuch देर छोड़ने के बाद हरी बिस्टेर पर पथ के बल लेट गया और आसमा को ऊपर चढ़कर कूदने का इशारा करने laga....................aasma को ाचे से पता था की इस पोजीशन में हरी का लुंड पूरा उसके बाछेदनी में जाकर चोट karega............magar उसे हर तरह का सुख चाहिए tha.................chahe उसमें कितना भी दर्द hi क्यों न हो...................
वो फ़ौरन हरी के ऊपर आयी और हरी का लुंड अपनी छूट के छेद पर सेट करती हुई .......उसपर धीरे धीरे बैठने lagi..........choot गीली होने की वजह से हरी का मोटा लुंड एक hi झटके में पूरा अंदर समां गया जिससे आसमा बुरी तरह से चीख padi...............hari उसकी कमर को पकड़ता हुआ तेज़ तेज़ झटके लगाने लगा जिससे आसमा की सिसकारियां और भी बढ़ने lagi...............hari कभी अपना एक हाथ आसमा की गांड पर फेर रहा था तो कभी उसके दोनों चूचियों par..............beech बीच में वो उसके गांड के दरारों को भी फैला रहा था जिससे आसमा ज़ोरों से सिसक रही थी...............
घंटों चुदाई के बाद हरी आसमा को घोड़ी बनता हुआ उसके ऊपर आ गया और ढेर सारा थूक आसमा की गांड के छेद पर घिरताता hua.........................wo अपने लुंड को उसकी गांड में धीरे धीरे फिर घुसने laga.................hari के इस हमले से आसमा ज़ोरों से सिसक पड़ी मगर हरी को मन नहीं ki............waise वो अब पूरी तरह से तैयार thi..................wo ाचे से जानती थी की आज की रात हरी इसी तरह से उसकी छूट और गांड की धाज्जियाँ उडाता rahega.................jis तरह से हरी उसकी छूट को छोड़ रहा था ठीक वैसे hi वो उसकी गांड भी मरने लगा....................
"aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh..........hari...........zara धीरे से पेलो naaa....................dard हो raha.................aur मैं नहीं चाहती की तुम्हारा माल जल्दी से गिरे.............." और आसमा अपनी गांड मरवाती हुई हौले से सिसकते हुए बोल padi.............wahin हरी आसमा की दोनों चूचियों को ब्राम्ही से मसता रहा और उसकी गांड में पूरा लुंड अंदर बहार करता raha...............aab उसकी गांड की छेद पूरी तरह से खुलकर बड़ी हो गयी थी.....................
" आज जी भरकर मार लेने दे न मुझे तेरी gand...................pehli बार तो ऐसा मौका मिला हैं जब मेरा लुंड किसी औरत के गांड में घुसा ho.................main बता नहीं सकता की मैं आज कितना खुस hoon...................bus मैं ऐसे hi तेरी गांड मरता रहूं............." और हरी अपने ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ करता हुआ आसमा की ब्राम्ही से फिर चुदाई करने laga............wahin आसमा की चीखें फिर से निकलने lagi................wo अपने क्लिटस को मसलती रही और हरी से खुलकर अपनी गांड मरवाती rahi................dard तो ुयसी हो रहा था मगर साथ hi साथ मज़ा भी आ रहा था..................
हरी आसमा को उल्टा करता hua.....uska सर नीचे की तरफ और दोनों पवन ऊपर की तरफ करके फिर से खड़ा होकर अपना लुंड आसमा की गांड में घुसने laga..................is तरह हरी का पूरा लुंड आसमा की गांड में उतर रहा tha................wo ढेर सारा तेल आसमा की गांड में डालता हुआ फिर से उसकी गांड मरने laga.........wahin आसमा ज़ोरों से अपने क्लिटस को रगड़ती rahi..................kafi देर तक इस पोजीशन में छोड़ने के बाद हरी आसमा को बीएड पर बैठता hua...............uske दोनों पवन को ऊपर की तरफ करके एक hi बार में अपना लुंड पूरा उसकी गांड में घुसने लगा................
आसमा अब हर पोजीशन में अपनी चुदाई करवा रही thi...................wo उससे चुदती rahi...aur हरी उसे छोड़ता raha.................hari बीच बीच में ढेर सारा थूक आसमा के मुँह के अंदर गिरता जिसे हर बार की तरह आसमा पूरे शौक से चाट कर खा जाती ..................जैसे वो कोई अमृत ho..........hari का जब लौड़ा पूरा अंदर जाता तब वो 10 सेकण्ड्स तक अपने लुंड को वैसे hi दबाव बनाये रखता जिससे आसमा बुरी तरह से सिसक padti..............hari के इस तरह झटके मरने से उसके अंदर की ब्लैडर अब फूल गयी थी जिससे उसे ज़ोरों की मूट आने लगी थी................
" hari.................aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhooooooooooooommmmmmmmmmmm............. ऐसा लग रहा हैं जैसे अभी मेरी मूट निकल jayegi....................aapne झटके थोड़ा कम करो ना.............." और आसमा ज़ोरों से सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा पड़ा...............
" तू तो चाहती hi थी की मैं तेरी चुदाई करते वक़्त तेरी मूट girwawun................aab तेरी मूट जब गिरने hi वाली हैं तो भी तुझे दिखात हो रही hain...............chal मूट मेरे सामने hi.................zara मैं भी तो देखूं की तेरी मूट कैसे निकलती hain......................"aur हरी अपने धक्खों की रफ़्तार और तेज़्ज़ कर दी जिससे हुआ ये की आसमा खुद को रोक न पायी और उसके साबरा का बाँध जैसे टूट gaya..................hari पूरा अपना लुंड आसमा की गांड में घुसता hua....................apne लुंड पर कुछ देर तक ऐसे hi दबाव बनाये रखा और उधर आसमा ज़ोरों से सिसकती हुई चीख पड़ी...........
अगले hi पल उसकी बुर से मूट की तेज़्ज़ धार निकल पड़ी जो सामने खड़े हरी के पेट पर गिरने lagi..................hari मुस्कुराता हुआ फ़ौरन अपना एक हाथ आसमा की बुर पर ले गया और उसकी बुर की छेद को पूरा फैलता hua..................usmein से निकलती तेज़्ज़ धार को बड़े गौर से देखता raha.....................aasma की मूट कुछ देर के लिए जैसे hi ruki...............hari दो चार और कसकर ढ़ाके लगाने लगा जिससे आसमा की मूट फिर से निकल padi..................sharam तो उसे बेहद आ रही थी मगर मज़ा भी उतना hi आ रहा tha...............aisa पहली बार था जब वो किसी गैर मर्द के सामने मूट रही थी................
वो अपनी आँखें बंद करती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही थी वहीँ उसके मूट से हरी का पेट का पूरा हिस्सा भीग गया था और आसमा का मूट बेहटा हुआ अब फर्श पर गिर रहा tha.................ye सब हरी के लुंड में आग लगा देने के लिए काफी tha.....................wo फ़ौरन अपना लुंड आसमा की गांड से निकलता हुआ उसकी बुर में पूरा घुसा दिया और बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके लगाने laga................wahin इस बार आसमा खुद को नहीं संभल पायी और ज़ोरों से चीख पड़ी.....................
करीब 5 मिनट बिना रुके तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके मरने के बाद आखिर हरी के साबरा का बाँध टूट गया और वो अपना सारा वीर्य आसमा की बुर में गिरता hua.................wahin आसमा भी फिराग हो gayi.....................hari उसे कसकर अपनी बाँहों में जकड liya...............aur तब तक वो उसे जकड़े रहा जब तक वो पूरी तरह से नार्मल नहीं हो gaya.......wahin आसमा भी ठंडी हो चुकी thi.................uski मूट की कुछ बूँदें अब तक नीचे टपक रही थी.....................
थोड़े देर बाद जब हरी नार्मल हुआ और जैसे hi उसने अपना लुंड बहार निकलना chaha...................aasma ने उसे फ़ौरन रोक diya...............wahin हरी बड़े गौर से आसमा के चेहरे की तरफ देखने लगा...........
"कहा जा रहे हो हरी.................." और आसमा हरी के कमर को अपनी बाँहों में कसकर जलकाड़ती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा.................
" लगता हैं मेरी जान की आग अब तक बुझी nahin...................sach में तू बहुत गरम चीज़ hain.............tujhe संभालना उस चुइटाये के बस की बात nahin.....................tere जैसे गरम माल को तो मैं hi बस संभल सकता hoon...............aur..........mujhe ज़ोरों की मूट आयी hain.................main मूट कर अभी आता हूँ.............." और हरी एक बार फिर से जाने लगा तो आसमा ने कसकर उसे अपनी बाँहों में दबोच लिया..................
" haan................meri ये प्यास अब कभी नहीं बुझने wali...............tumne ऐसा कर दिया हैं की मेरे अंदर की ये आग हमेशा धड़कती hi rahegi..................tum मुझे छोड़ छोड़कर थक जाओगे magar.....................main तुमसे चुड़ते चढ़ते कभी नहीं thakungi....................aur तुम कहीं नहीं जा rahe...................maine कहा था naa..................ki जब भी तुम्हें मूट लगेगी तुम मेरे अंदर hi मूटोगे................." और आसमा जैसे अपना फैसला सुनती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी अपने लुंड पर तेज़ी से प्रेशर बनाने laga...................uske तो वैसे भी मज़े hi थे..................
दो चार बार वो प्रेशर बनाया मगर उसके लुंड से मूट नहीं nikala....................fir वो आसमा को उल्टा करता हुआ उसके ऊपर चढ़ गया और उसी पोजीशन में अपने लुंड पर प्रेशर बनाये rakha................thodi मेहनत के बाद उसके लुंड से एक तेज़्ज़ धार निकल पड़ी और आसमा के तन बदन में एक तेज़्ज़ सनसनाहट hui....................wo वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ी और हरी के लुंड से मूट की धरा निकलती rahi................aur उसके उस छेद को भर्ती रही..................
थोड़े देर तक मूट का पानी आसमा के अंदर भरता रहा मगर जब पूरा भर गया तो उसके लुंड से मूट का पानी बहार की तरफ बहने लगा जो उसके पेट से होता हुआ उसके मुँह पर जाने लगा और.............. कुछ बिस्टेर par.....................hari मूतता रहा और आसमा की बुर को अपने मूट से भरता raha...................jaise hi वो अपना लुंड बहार निकला फाछहहहहहह की आवाज़ के साथ ढेर सारा मूट बेहटा हुआ नीचे की तरफ जाने लगा जो बेहद गरमा tha..................saath में हरी का वीर्य भी उसमें सना हुआ tha.................hari फ़ौरन अपना लुंड निकलता हुआ अपना भीगा हुआ लुंड आसमा के मुँह में दाल दिया और उसे उसी पोजीशन में अपना लुंड चूस्वाता रहा...............
साथ hi आसमा के बुर से ढेर सारा मूट बेहटा हुआ ऊके दोनों जांघों से नीचे की तरफ बह रहा tha.............lund चूसने से उसके लुंड पर लगे मूट के कुछ चींटी भी आसमा चाट रही थी जो उसे अजीब सा मज़ा दे रहा tha................thode देर बाद वो आसमा के दोनों पवन को फैलाकर वहीँ सामने बैठने का इशारा किया और आसमा बेशर्मों की तरह अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाकर बैठ gayi...................hari उसके पास गया और उसकी बुर के दोनों लिप्स को पूरी तरह से खोलता hua................bade गौर से उसकी बुर को देखता रहा..................
आसमा को पता था की उसे आगे क्या करना hain...............wo अपने बुर पर प्रेशर बनाने लगी और थोड़ी देर बाद उसकी बुर से मूट की धरा निकल पड़ी जिसे हरी बड़े गौर से देखता raha..............saath hi वो अपनी दो ऊँगली उसकी गांड में पूरा पेलता hua..................aasma की बुर से निकल रही उसकी मूट को अपने मुँह में रखकर पीने लगा .....................जैसे वो कोई अमृत पी रहा ho...............mooh जब उसका भर गया तो वो थोड़ा सा मूट अपने मुँह में अंदर की तरफ जातक गया और कुछ मूट अपने मुँह में रखकत वो फ़ौरन आसमा के चेहरे के पास गया और हौले से उसके लबों को चूमने लगा................
आसमा बिना किसी झिझक के अपना मुँह खोलती हुई हरी के मुँह में रखा उसका मूट अपने मुँह के अंदर लेने लगी और एक एक करके वो अपने मूट को सारा पीती चली gayi..............is गंदे भरे एहसास से आसमा पूरी तरह से मस्त होती जा रही thi..................wahin उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha...............poora कमरा मूट...... थूक ली .........लार और वीर्य से महक रहा tha..................magar अभी तो आधी रात बाकि थी.....................
तो बे कॉन्टिनोएड...........................................................