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इधर मैं, देख तेरा पति अपने गांड में पूरा लौड़ा लिए हुए कैसे चुद रहा है, माहि मेरी बात सुन कर एक बार अपने पति की चुदाई देखती है और अगले hi पल मेरे और देखती है, इधर मैं, मैडम जी अपने बताया नहीं माय एक झटके में आपकी क़यामत छूट में पेल दू अपना लौड़ा??, वही माहि, मेरे गंदे शब्द सुन कर बहुत ज्यादा शर्माती है क्युकी आज तक इतने गन्दी बाटे किसी से नहीं सुनी थी, लेकिन आज गरीब मामूली मर्द के मु से सुन कर उसकी छूट एक दम से तित हो जाती है वही मेरे सवाल पर माहि, धीरे आवाज़ में जो आपको सही लगे वो करिये राधे जी, माहि के मुँह से पहली बार इतने प्यार से जवाब देता सुन कर अंदर से खुसी होती है लेकिन अपने चेहरे पर कोई भाव नहीं लाता हूँ. अब मैं, माहि के दोनों चुके को पकड़ के एक mons-ter पावर वाला झटका देता हूँ उसकी छूट में, जिसकी वजह से माहि मेरे मजबूत हांथो को अपने दोनों नाजुक हांथो में पकड़ के ाहहीइए मर गई..
ऊम्मम प्लीज थोड़ा बहार निकल लो? ये कह hi रही थी की तभी उसकी पेशाब छूट जाती है और वह पेशाब किसी फौवारे की तरह ऊपर की और chhu-tne लगती है जिसकी वजह मेरे पेट, साइन पर गरमा गरम मूत का अहसास हुआ, वही बगल में भी माहि की मूत उसके पति की पीठ पर गिरी जिसकी वजह से वह सर घुमा के एक बार माहि को देखता है लेकिन इस वक़्त माहि दर्द को कण्ट्रोल करते हुए पलके बंद की हुई थी, इधर मैं, अब उसकी बिना सुने तेज तेज झटके दे कर चुदाई स्टार्ट कर देता हु साली मेरे लौड़ा घुसाने से तू तो फिर से मूत दी जैसे तेरी गांड में गया था तब मुक्ति थी, वही माहि, आह्हः.. ऊफ्फ.. सशः.. ूमम.. करते हुए मेरी बात सुन के एक बार के लिए वह शर्माती है, लेकिन कहती कुछ नहीं, क्युकी वह खुद hi नहीं सोच पा रही थी आज उसकी यूरिन कैसे इतना निकल रही है वह भी सेक्स के दौरान??, लेकिन कही न कही माहि समझ तो रही थी की आज इतने बड़े और मोठे लौड़े के वजह से
ऐसा हो रहा होगा, जितना उसे पेन हो रहा था राधे के लौड़े अपने छूट में ले कर उतना hi उसकी मूत कण्ट्रोल नहीं हो रही थी. इधर मैं, वह.. तेरी जैसे गांड तित थी वैसे hi छूट भी तित है, आज तो तुझे छोड़ के मज़ा hi आ गया, वही दूसरी तरफ राघव की गांड में रफीक, अपना लौड़ा पेलते हुए भाई एक बार मुझे भी माहि की किसी भी छेद में डालने की अनुमति दे दे, मैं, है है क्यों नहीं लेकिन तू तो राघव की गांड मार रहा है?? इस लिए पहले उससे पूछ ले की वह तेरी चुदाई से क्या संतुस्ट हुआ की नहीं अपना गांड मरवा के?, रफीक, इसी बिच कई झटके से दाना दान पेलते हुए, भाई इसकी गांड भी किसी औरत से काम नहीं है? मन तो कर रहा है बस ऐसे hi पेलता जाऊ, वही यह मेरे लुंड से खुश है और संतुस्ट भी लग रहा है??, तभी तो देखो खुद से अपने लुल्ली के निचे पिलो रख लिया है जिससे उसकी गांड कुछ ज्यादा hi उभरी हुई रहे, वैसे तुझे तरय करना है तो बोल इतना बोलते hi
वह अपने दांतो को पिस्टे हुए राघव की गांड में अपना कटा हुआ मुसल लौड़े से पेलने लगता है वही राघव, भी दर्द से नहीं?? मजे से अब आहे भरने लगता है आठ.. ूम.. की, इधर मैं, नहीं भाई मुझे लड़को की गांड में कोई रूचि नहीं है, चाहे जितना भी खूबसूरत गांड क्यों ना हो, रफीक, मेरी बात सुन कर मुस्कुराने लगता है. इधर माहि, का दर्द अब बहुत हुड्ड तक कम हो गया था मेरी थोड़ी देर की चुदाई से, वही मैं, अब माहि से, मैडम जी, माय चाहता हु की आप मेरे ऊपर आ जाइये और जब आप मेरी चुदाई करते हुए थक जाउंगी तो माय निचे से आपकी छूट में लुंड पेलता रहूँगा साथ hi साथ जब मेरा लुंड तेज़ी से आपकी छूट के अंदर बहार हो रहा हो तब उस वक़्त आपकी मूट भी निकलती रहे सोचिये मैडम क्या नज़ारा होगा मेरा लुंड आपकी छूट में होगा और आप बिस्टेर पर अपनी दोनों पवन फैलाये मूट रही होंगी, और इस बार माहि के जवाब का इंतज़ार किये बगैर अब अपने लौड़ा को उसकी फूली छूट से निकल देता हु.
ऊम्मम प्लीज थोड़ा बहार निकल लो? ये कह hi रही थी की तभी उसकी पेशाब छूट जाती है और वह पेशाब किसी फौवारे की तरह ऊपर की और chhu-tne लगती है जिसकी वजह मेरे पेट, साइन पर गरमा गरम मूत का अहसास हुआ, वही बगल में भी माहि की मूत उसके पति की पीठ पर गिरी जिसकी वजह से वह सर घुमा के एक बार माहि को देखता है लेकिन इस वक़्त माहि दर्द को कण्ट्रोल करते हुए पलके बंद की हुई थी, इधर मैं, अब उसकी बिना सुने तेज तेज झटके दे कर चुदाई स्टार्ट कर देता हु साली मेरे लौड़ा घुसाने से तू तो फिर से मूत दी जैसे तेरी गांड में गया था तब मुक्ति थी, वही माहि, आह्हः.. ऊफ्फ.. सशः.. ूमम.. करते हुए मेरी बात सुन के एक बार के लिए वह शर्माती है, लेकिन कहती कुछ नहीं, क्युकी वह खुद hi नहीं सोच पा रही थी आज उसकी यूरिन कैसे इतना निकल रही है वह भी सेक्स के दौरान??, लेकिन कही न कही माहि समझ तो रही थी की आज इतने बड़े और मोठे लौड़े के वजह से
ऐसा हो रहा होगा, जितना उसे पेन हो रहा था राधे के लौड़े अपने छूट में ले कर उतना hi उसकी मूत कण्ट्रोल नहीं हो रही थी. इधर मैं, वह.. तेरी जैसे गांड तित थी वैसे hi छूट भी तित है, आज तो तुझे छोड़ के मज़ा hi आ गया, वही दूसरी तरफ राघव की गांड में रफीक, अपना लौड़ा पेलते हुए भाई एक बार मुझे भी माहि की किसी भी छेद में डालने की अनुमति दे दे, मैं, है है क्यों नहीं लेकिन तू तो राघव की गांड मार रहा है?? इस लिए पहले उससे पूछ ले की वह तेरी चुदाई से क्या संतुस्ट हुआ की नहीं अपना गांड मरवा के?, रफीक, इसी बिच कई झटके से दाना दान पेलते हुए, भाई इसकी गांड भी किसी औरत से काम नहीं है? मन तो कर रहा है बस ऐसे hi पेलता जाऊ, वही यह मेरे लुंड से खुश है और संतुस्ट भी लग रहा है??, तभी तो देखो खुद से अपने लुल्ली के निचे पिलो रख लिया है जिससे उसकी गांड कुछ ज्यादा hi उभरी हुई रहे, वैसे तुझे तरय करना है तो बोल इतना बोलते hi
वह अपने दांतो को पिस्टे हुए राघव की गांड में अपना कटा हुआ मुसल लौड़े से पेलने लगता है वही राघव, भी दर्द से नहीं?? मजे से अब आहे भरने लगता है आठ.. ूम.. की, इधर मैं, नहीं भाई मुझे लड़को की गांड में कोई रूचि नहीं है, चाहे जितना भी खूबसूरत गांड क्यों ना हो, रफीक, मेरी बात सुन कर मुस्कुराने लगता है. इधर माहि, का दर्द अब बहुत हुड्ड तक कम हो गया था मेरी थोड़ी देर की चुदाई से, वही मैं, अब माहि से, मैडम जी, माय चाहता हु की आप मेरे ऊपर आ जाइये और जब आप मेरी चुदाई करते हुए थक जाउंगी तो माय निचे से आपकी छूट में लुंड पेलता रहूँगा साथ hi साथ जब मेरा लुंड तेज़ी से आपकी छूट के अंदर बहार हो रहा हो तब उस वक़्त आपकी मूट भी निकलती रहे सोचिये मैडम क्या नज़ारा होगा मेरा लुंड आपकी छूट में होगा और आप बिस्टेर पर अपनी दोनों पवन फैलाये मूट रही होंगी, और इस बार माहि के जवाब का इंतज़ार किये बगैर अब अपने लौड़ा को उसकी फूली छूट से निकल देता हु.