The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 98 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

अब मैं, फिर एक बार उस तिल्ली को बोतल में दाल कर ढेर सारा सहद उस तिल्ली में लगा कर सबसे पहले माहि के छूट के ऊपरी भाग पर उसके बाद माहि के दोनों फैंको साथ में कुछ सहद उसके फैंको को थोड़ा फैला कर क्लाइटोरिस और छेद पर लगा देता हु वही फिर से बोतल में तिल्ली को दाल कर सहद उस तिल्ली पर इकठा करता हु उसके बाद उस तिल्ली को बोतल से निकल कर माहि के जांघो को पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठता हु जिसकी वजह से माहि की गांड बिस्तर से थोड़ी ऊपर उठ जाती है और मैं जल्दी से उसकी गांड के निचे एक मोती पिलो (तकिया) रख देता हु जिसकी वजह से उसकी छूट की छेद के साथ साथ उसकी गांड की भूरी छेद भी अब अचे से दिखने लगती है अब देर न करते हुए मैं, फिर से उस तीली को बोतल में ले जाता हु और इस बार फिर से कुछ Madhu-makkhi इकठा करता हु और इस बार मैं माहि के छूट की तरफ ले जाने लगता हु, पहले कुछ मधु-

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मक्खी माय उसकी छूट के उभरी हुई सतह के दोनों साइड पर रखता हु, फिर उसके दोनों फैंको पर और बाकि बचे मधुमक्खी मैं उसके क्लाइटोरिस पर और उसके छूट के अंदर उस गुलाबी सी छेद पर रख देता हु, मेरे ऐसा करते hi माहि बुरी तरह से मचलती है साथ में उसके मुँह से आईईए राधे ये क्या किया सशह्ह्ह प्लीज हटाओ ाशहठ वही मज़े के साथ साथ अब उसे थोड़ी सी अब जलन भी हो रही थी, वही राधे, जनता था की अब उसकी छूट बुरी तरह से सजाने वाली थी साथ में उसके चुके के अकार भी बदलने वाली थी, वही माहि, अपने दोनों पैरो को समेटना च रही थी लेकिन पेअर उसके ऐसे बंधे थे की वो अपने पेअर सत्ता hi नहीं सकती थी, इधर मैं उसकी बेबसी पर मुस्कुराता हु वही उसके पति की तरफ देखता हु तो वो सोफे पर बैठा हमें hi घर रहा था, वही राघव के मुँह पर बंधे कपडा खुला हुआ था वो चाहता तो अभी भी यह खेल रुकवा सकता था प्रॉपर्टी के पेपर पर..

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सिग्नेचर करके लेकिन उसका पति पूरी तरह से चुप था, इधर मैं, अब जो कुछ मधुमक्खी बची थी तिल्ली पर उसे माय उसकी गांड के भूरी छेद पर गिरता धीरे रखता हूँ और मधुमक्खी जैसे hi वह पर बैठती है वैसे hi अपना काम में लग जाती है उनका काम था की जहा सहद गिरा है वह पर मधुमक्खी पूरी टूट पड़े और पूरी सहद छत्त कर जाए? साथ में उसकी गांड की छेद पर काटे भी जिसके लिए मैं उन्हें लाया था, वही माहि, को जैसे hi मधुमक्खी डंकक उसकी गांड के छेद पर मरती है वैसे hi उसके छूट से पानी गिरने लगती है साथ hi वह कास मसते हुए ाम्म्म.. सशह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. नूवो.. फुककक.. मी.. ऊह्ह्ह्ह.. गोड्ढ.. करती है, उसका ये हाल देख के मन hi मन खुस हो रहा था, इधर मधुमक्खी ने अपना काम जैसे hi पूरा किया वैसे hi मैं उन सभी..

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मधुमक्खी को जल्दी से तिल्ली पर चढ़ा कर फिर से उस जाली वाली बोतल में ढाल कर कैद कर देता हु, उसके बाद बीएड के साइड के बगल में रखे टेबल पर रख देता हु, अब मैं, अपना हाथ हौले से बढ़ाते हुए माहि के बदन पर धीरे धीरे से फेरने लगता हु, वहीँ माहि का जी चाह रहा था की वो अपने निप्पल्स को कसकर रगड़े साथ hi अपने छूट को मसले और अपनी गांड में ऊँगली करे? मगर राधे नई उसके हांथो को भद्दे हुए था, इधर मैं, कुछ और करता तभी.. मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया और रिंग बजते hi हम तीनो की नज़र उधर गई जहा से रिंग सुनाई पद रही थी, वही मैं, कुछ दूर पर अपने पंत को रखा हुआ था वो रिंग वही से सुनाई पद रही थी इस लिए माय जल्दी से माहि के बगल से उठ कर वह गया और अपने पंत से मोबाइल निकल के जैसे hi स्क्रीन पर no. देखा वैसे hi मेरे चेहरे पर एक गन्दी वाली हाशि च जाती है.
 
Episode 32स,

इधर मैं, फ़ौरन माहि को अपनी बाँहों में समेत लेता हु और एक बार फिर से उसके नरम होंठों को चूसने लगता हु, साथ hi उसके नरम होंठो को अपने डेंटन से हलके से काटने लगता हु, अब मेरी भी बेकरारी पल पल बढ़ती जा रही थी, माय भी चाहता था की अपने अंदर की उठ रही उस प्यास को कैसे भी करके शांत करू जो कुछ घंटे से मेरे अंदर जल रही थी, ऊपर से मधुमक्खी के कटे जाने से माहि की छूट और गांड दोनों सूझ गयी थी जिससे मेरे दवारा वहां हाथ लगाने से माहि को काफी रहत मिल रही थी, वही मेरे लौड़े का भी हाल कुछ ाचा नहीं था मधुमक्खी के काटे जाने की वजह से लौड़े का सूपड़ा भी फूल कर काफी मोटा हो चूका था इस वक़्त?, इधर मैं, अब माहि के कान के पास फुसफुसाते हुए, मुझे भी प्यार करो न मेरी जान?, जैसा माय अब तक तुम्हारे साथ करता आया हु, सर से लेकर पवन तक, वही माहि, ये बात मेरी सुनते hi मेरी तरफ मुँह फेर के एक

नज़र देखती है और फिर वह धीरे से मुस्कुराते हुए इस बार मेरे होंठों को खुद hi चूसने लगती है, माहि के इस रूप को देख के मैं आचार्य चकित हुआ, क्यों की मेरे एक बार बोलने भर से माहि ऐसा कुछ करेगी यह माय नहीं सोचा था, सायद उसे भी अब इस खेल में मज़ा आने लगा हो, छूट म जो आग अब दहक रही थी, अब्ब वह उसे संभाले नहीं जा रही थी, वही माहि, कुछ देर मेरे काळा होंठो को चूसने के बाद अब मेरे गॉड से उठ के मेरे सामने आ जाती है और मुझे सोफे पर बैठा हुआ एक नज़र देखती है और फिर वह हुआ जिसकी न तो उसका पति और न hi मैंने कोई कल्पना की थी माहि, मेरे सामने थोड़ा झुक के अपनी जुबान को निकल कर मेरे गंदे काळा जिस्म पर धीरे धीरे से यहाँ वह फेरने लगती है साथ hi साथ मेरे होंटो से निचे छिन्न पर भी, जैसे जैसे माहि की जुबान मेरे जिस्म पर फिरते जा रहे थी. वैसे वैसे मेरे लुंड ुर भी ज्यादा सख्त होते जा रहा था.

वहीँ बगल में बैठा रफीक और उसका पति राघव किसी मूवी की तरह सब कुछ देख रहा थे मगर बड़े ध्यान से? सायद उन लोगो को इस सेक्सी मूवी देख कर कुछ सिखने को मिल रही थी वैसे hi वह दोनों आंखे फाड़े देखे जा रहे थे, इधर माहि, अपना जीभ मेरे गुर्दें पर ले जाती है और जहा पसीने और गन्दगी से काफी ज्यादा जमा मेल था वह अपनी जुबान से चाटने लगती है साथ hi मेरे जिस्म से निकलने वाले पसीने की एक एक बून्द को वह मेरे गंदे जिस्म से उतरने लगती है, अपने नाजुक जुबान के जरिये, अब सब कुछ उसे ाचा लग रहा था, जैसे कोई नशा सा उसपर चाय हो, एक अजीब सा खुमार था, वह फिर अपने हाथो को इस बार मेरे नंगे काळा साइन पर ले जाती है और वह दोनों कला काळा छोटे निप्पल्स को अपनी उँगलियों के बीच दबा कर खींचने और मसलने लगती है, अपने बड़े बड़े नाख़ून से मेरे निप्पल्स को कुरेदने लगती है, वही मैं, दर्द और मज़े से सिसक

उठता हु साथ hi माहि मेरे सामने झुकी होने के कारन उसके बड़े बड़े गोर चुके लटक रहे थे जिसे देखते hi मैं उसके चूचियों को फिर से थम लेता हु ुर इस बार कसकर उन्हें मसलने लगता हूँ, मनो माय उसे बदला निकल रहा हु उसके करतूत का, वहीँ माहि, कोई विरोध नहीं करती, बल्कि राधे का हाँथ तो उसे सुकून दे रहे थे खुजली से निजात पाने में?, उधर माहि, मेरे निप्पल्स पर अपने हाथ और नाखुनो से वॉर करती रहती है, फिर वो अपना जुबान मेरे राइट निप्पल्स पर ले जाती है, और उस निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगती है, वहीँ मैं, जैसे तड़प सा जाता हु, माहि के इस करतूत पर अब मैं, फ़ौरन उसके बालों को कसकर अपनी मुट्ठी में थम लेता हु और माहि के चेहरे को बड़े अजीब सी नज़रों से देखने लगता हु, कुछ सोचकर मैं अपने मुँह से गधा गधा थूक निकलता हु और इस बार माय अपने थूक को अपने निप्पल्स और साइन पर

गिराने लगता हु, उधर माहि, बड़े गौर से मेरे एक एक हरकतों को देख रही थी. उसको देख कर मैं, छतो न इन्हें मैडम जी ाचे से?, माय अपने थूक की तरफ धीरे से इशारा करता हु वहीँ माहि, एक नज़र मेरे चेहरे की तरफ देखती है ुर अगले hi पल बिना किसी विरोध के वह हौले से अपना जुबान निकलते हुए मेरे उस थूक को चाटने लगती है साथ hi अपने हलक के निचे उतरती चली जाती है, वही उसका पति राघव माहि के इस करतूत को देख के उसे घिन सी आती है साथ hi साथ उसके आँखों से हलकी आंसू भी निकल जाती है और मन hi मन माहि को कोसने के बजाये खुद को कोस्टा है लेकिन वह मजबूर था किसी बात से इस लिए राधे के लाये हुए पेपर पर सिग्नेचर नहीं कर रहा था, अब वो क्या मज़बूरी है यह तो वक़्त hi बताएगा फिलहाल आज उसकी और उसकी पत्नी की राधे बुरी हालत करने वाला है.
 
इधर मैं, अपने मुँह से ढेर सारा थूक मुँह से निकल निकल के अपने काळा साइन और निप्पल पर गिरता हु और माहि उस गंदे और बदबूदार थूक को छत्ते जा रही थी, ऐसे hi मैं दो से तीन बार करता हु और माहि हर बार मेरी गन्दी महकदार थूक चट्टी है, फिर माय कुछ थूक अपने लुंड पर भी गिरता हु, ये जानने के लिए माहि क्या करती है लेकिन मुझे अपने पर बिलीव था की माहि जैसी संस्कारी औरत एक बार लुंड चूस तो सकती है लेकिन दोबारा मुश्किल था क्युकी पहली बार माहि का लुंड चूसै का एक्सपीरियंस बहुत hi दर्द नाक हुई थी, इधर जैसे hi अपने काळा लौड़े पर थूक गिरता हूँ वैसे hi माहि एक बार मेरी तरफ देखती है और माय क्या देखता हूँ? की माहि के लाल लाल होंठो के किनारे पर थूक लगे हुए थे साथ hi उसके चेहरे पर पसीने के बुँदे दिख रहे थे,

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जो यह बता रहे थे की माहि काफी म्हणत कर रही थी इस पल को एन्जॉय करने के लिए. इधर माहि, एक नज़र मुझे देखने के बाद इस बार वो मेरे काले झांघो पर हाँथ रख बड़े hi सेक्सी अंदाज से अपनी बड़ी बड़ी गांड को झुकते हुए सोफे के निचे बैठ जाती है और काळा लौड़े पर मेरा बदबूदार थूक बड़े गौर से एक बार देखती है और अगले hi पल वो मेरे लौड़े को अपनी जुबान निकल कर मेरी आँखों में देखते हुए बड़े hi सेक्सी अंदाज से चाटने लगती है इधर माहि, के इस रण्डी वाले रूम को देख कर माय तो डांग्ग hi रह जाता हु?, उधर माहि, लुंड पर लगे ढेर सरे थूक को ाचे से चाटकर साफ़ कर देती है, ये मेरे लिए उन एक्सेप्टेड था कहा थोड़ी देर पहले माहि मेरा इतना विरोध कर रही थी और कहा अब देखो किसी रण्डी की तरह पेस आ रही थी.

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वही माहि, धीरे धीरे अब मेरे घुटनों के निचे की तरफ आती है ुर मेरे गंदे पवन पर भी कुछ पल अपना जीभ फेरने लगती है, उसके बाद फिर से ऊपर आती है इस बार वह मेरे काळा लौड़े को अपने नाजुक दोनों हांथो में ले कर, एक बार बड़े गौर से देखती है और अपने उंगलियों की मदत से काळा लौड़े के खाल को धीरे धीरे से पीछे करती है उसका ऐसा करने से मेरे मुँह से आह्ह्ह्ह मेरी रैंड सष्ठ क्या कर रही है ऊम्मम.. उधर माहि, के फेस पे हलकी स्माइल आती है राधे के सिसकारियां सुन कर वही वो मुस्कुराते हुए अब खाल को पीछे करते hi उसे मेरा एक दम लाल टोपा चमकता है, मधुमक्खी के धौंक मरने से राधे का टोपा काफी सख्त और फूल सा गया था जिसे देख माहि हैरान होती है और मन में (आठ क्या हाल इसका कर दिए राधे ने? देखो कैसे इतना फूल गया है,

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तुम्हे दर्द नहीं हो रहा क्या? क्या जरुरत थी मधुमक्खी से कटवाने की अब देखो कैसा हो गया, ये तो मेरे आगे hi नहीं घुस सकता तो तुम पीछे डालने की बात कर रहे हो जब की मेरे पति का तुम्हारे ऊँगली जैसा पेनिस है फिर भी काफी दर्द हुआ था मुझे जब पहली बार उनके साथ सेक्स की थी? लेकिन यह तो मेरे पति से काफी मोटा और लुम्बा है माय इससे ले hi नहीं सकती?), यह सब सोचते हुए अब्ब माहि, मेरे गुलाबी नहीं अब लाल हो चूका था मधु मक्खी के धौंक मरने से उस पर माहि अपनी जुबान निकल कर चाटने लगती है, इधर माहि, की जुबान का एहसास मुझे काफी रहत दे रही थी, वही माहि, के अंदर एक अजीब सा प्यास धीरे धीरे पनपता जा रहा था, इधर माहि की छोटी जुबान मेरे मोठे से टोपे पर फिरते हुए फील करके ऐसा लग रहा था जैसे मैं कही झाड़ hi न जाऊ इस लिए..
 
मैं, अब अपने काळा लौड़े पर से माहि का मुँह हटा देता हु और माहि बड़े गौर से मुझे घूरने लगती hai,usko देख के ऐसा लग रहा था जैसे किसी छोटी बच्ची से उसका मनपसंद खिलौना चीन लिया हो?, वही बगल में बैठे उसका पति माहि के नग्गे गोर बदन को घर रहा था वही माहि का बड़ी गांड को रफीक देख2 अपना लौड़ा इतना तेजी से हिलने लगा की राघव अपने पत्नी की नग्गी बदन को घूरना छोड़ के रफीक के लौड़े की तरफ देख के मन में (हे भगवन रफीक का भी लुंड राधे के 2 से 3 इंच hi छोटा होगा और मोटाई भी राधे के लौड़े से थोड़ा hi काम होगा इन दोनों का लुंड इतना बड़ा और मोटा है फिर मेरा इतना छोटा क्यों है?), इधर मैं, ऐसे क्या देख रही है मेरी जान??, अगर तू ऐसे hi मेरा लौड़ा चट्टी रही तो माय तेरी गांड मर hi नहीं पाउँगा, अब्ब चल जल्दी से तेल ला कर दे मुझे?,

यह फिर अपनी बड़ी गांड सूखे लौड़े से मरवाना है तो बोल दे, मैं बिना तेल लगाए मर दूंगा? फिर मत बोलना दर्द हो रहा है, माहि, थोड़ा रुवासी आवाज़ में प्लीज राधे? पीछे करने की जिद्द छोड़ दो? यह कहते हुए वह एक बार पलट के अपने पति को भी देखि तो राघव बड़े hi मासूमियत से उसे देख रहा था ये देख के माहि गुस्से से क्या देख रहा है सेल, अपनी बीवी को गैर मर्दो के बिच नग्गा देख के अब तुझे खुसी मिल रही है न??, वैसे भी तेरे कहने पर मैने किसी और मर्द से सेक्स करवाई फिर भी तुझे शर्म नहीं ै सेल? तू मेरे पति है या भड़वे, या दल्ला? एक दिन जब तेरी बेटी बड़ी होगी तब तू उसे भी किसी और के सामने लेता देगा थोड़े से प्रॉपर्टी के लिए? यह कहते हुए वह दूसरी और चली जाती है उधर उसका पति राघव, महिमा की बाते सुन कर उसके आँखों में आंसू आ जाते है लेकिन

कहता कुछ नहीं, (आखिर इतना कुछ होने के बाद भी राघव चुप क्यों था? ऐसा क्या राज़ है की अपने बीवी को पहले अपने बहन पिया के पति रितेश के निचे लेटाया सिर्फ प्रॉपर्टी के लिए ुर अब उसी प्रॉपर्टी को बचने के लिए राधे का गन्दा खेल देखने पर मजबूर था?), इधर रफीक, अब लौड़ा हिलना बंद कर के राधे से, भाई कब तक माय लौड़ा अपना हिलाऊ यह साला सिग्नेचर कर hi नहीं रहा है और तू है मुझे ब्लू फिल्म दिखते जा रहा है जिसकी वजह से मेरा लुंड साला झुकने का नाम नहीं ले रहा है), मैं, शाबर रख भाई ये सिग्नेचर भी करेगा और तेरे लौड़े का इलाज भी होगा थोड़ी देर रुक जा क्यों राघव साहेब सिग्नेचर करोगे या फिर अपनी बीवी की गांड चुदाई देख के hi मानोगे क्या?, राघव मेरी बाते सुन कर दूसरी और मुँह फेर लेता है यह देख के रफीक, साले तू कैसा पति है तेरी बीवी की इज्जत जाने वाली है और तू चुप होकर बैठा है, क्या बीवी

की इजाज़त से बढ़ कर प्रॉपर्टी हो गई तेरे लिए, राघव, रफीक की बात उसके दिल पर लगी और वह एक बार रफीक की और देख के भाई कुछ मज़बूरी है मेरी तुम लोग नहीं समझ सकते ये सुन कर मैं, अरे साहेब बोलिये क्या मज़बूरी है आपकी?? हमें भी सुनाने के हक़ है, ये कह के उठा और टेबल पर से दारू की बोतल उठा के खड़े खड़े hi पिने लगा, वही हम तीन लोग hi इस वक़्त रूम में थे और महिमा जिसे तेल लेने भेजा तो वो वाशरूम में चली गई थी उसे ज्यादा देर लग रहा वाशरूम में, इधर मेरा लौड़ा झटके दे रहा था और कह रहा था जल्द से जल्द मेरी प्यास को बुझाओ, उधर राघव, के सामने मेरा नग्गा लुंड था और लुंड के झटके देख कर उसकी आंखे बड़ी बड़ी हो रही थी इधर मैं, उसको लौड़ा घूरता देख के रफीक की और देख के भाई इसे तो लौड़े की चाहत है, रफीक, खुस होते हुए मेरा भाई सच कह रहा है, क्यों चूतिये?, वो राघव से

पूछता है, और राघव, मेरे लौड़े से अपनी नज़र हटा के धीरे से ऐसी कोई बात नहीं है, रफीक, चुप कर सेल मेरे भाई की नज़रों से कोई बच नहीं सकता अब सच सच बता तुझे गांड मरवाना पसंद है न, तभी माहि, वाशरूम से निकल के बहार ै और उसके हांथो में एक बोतल थी, इधर मैं, साली इतना देर तू अंदर क्या कर रही थी, माहि मेरे बगल में आ के कड़ी हुई और बोतल दिखा के वह आयल लेने गई थी न तुमने hi तो मंगाए थे और जोर की सुसु ै थी इस लिए थोड़ा लेट हो गई, मैं, दारू की दो से तीन पैक मार के रफीक को बॉटल दे कर, भाई तू पि ले और इस हिजड़े को भी पीला दे कब से यहाँ बैठा है इसका गाला सुख गया होगा अपनी बीवी की लाइव ब्लू फिल्म देख कर और मूतना होगा तो इसे वाशरूम में ले जा, रफीक शराब की 2 से 3 पैक खुद मारा, राघव को भी बोतल मुँह में लगा के 2 से 3 पांच मरवाया उसके बाद वह उसे वाशरूम ले गया.
 
इधर मैं, फिर से सोफे पर बैठ गया और माहि के हांथो से तेल की बोतल ले कर अपने लौड़े के ऊपर तेल गिराने लगता हु, जो तेल मेरे सुपडे से बेहटा हुआ बड़े बड़े गोते पर गिरने लगता है जिससे मेरा कला लुंड चमकदार के साथ साथ भयानक सा भी दिखने लगता है, अब मैं माहि को अपने ऊपर आने का इशारा करता हु, माहि किसी अछि रण्डी की तरह बिना कुछ बोले फ़ौरन आकर मेरे जांघों के बिच अपनी छूट सेट कर आराम से बैठ जाती है, वही मैं, माहि के तरफ बड़े प्यार से एक तुक देखते हुए, ाचा तो मेरी जान तैयार है क्या? अपनी गांड मरवाने के लिए, कहो तो पूरा अंदर दाल दू, माहि की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी, मेरी बात सुन के, ुर थोड़ा डर दिखते हुए प्लीज राधे? जोह तुमने कहा वह सब किया मैने? लेकिन तुम भी मेरी एक बात मान लो और पीछे सेक्स करने की जिद्द छोड़ दो?,

वहीँ मैं, उसकी एक न सुनते हुए अपने दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचियों को थम लेता हु जैसे माय उसी का सहारा लिए बैठा हु, बरी बरी से माय उसके दोनों निप्पल्स को मसल रहा था, दबा रहा था वही माहि, पल पल तड़प रही थी, इधर मैं, कुछ तेल की बुँदे अपने हाथों पर गिरता हु और उस तेल को अगले hi पल माहि जो मेरे टैंगो पर बैठी थी, माय अपना ऊँगली निचे ले जा कर उसकी गांड के टाइट सुराख़ पर रख देता हु, और आहिस्ता आहिस्ता से एक एक ऊँगली अंदर बहार करने लगता हूँ, और उस तेल को भी अंदर करता जाता हु, इस तरह हाँथ लगाने से माहि फिर से सिसक पड़ती है मगर मेरा विरोध नहीं करती, हाला के उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था लेकिन वह जानती थी राधे तो करेगा अपने मन की hi इसलिए उससे रिक्वेस्ट करना अब वो छोड़ देती है, इधर मैं, अपनी ऊँगली धीरे धीरे गांड की सुराख़ के अंदर

डाले जा रहा था वही माहि, की सांसे तेज चलने लगी थी वो बार बार अपनी गांड के चले को तित कर रही थी जिसकी वजह से उसे काफी दर्द सहना पद रहा था और मुँह से आहे निकलते हुए आईओईए.. ऊफ्फ सशह्ह्ह्ह.. ुम्हहठ.. राधे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज और अंदर नहीं प्लीज वहीँ मैं, साली अभी तो मेरा एक ऊँगली hi पूरी अंदर गई है तो तू इतना फाड् गदा रही है तो सोच जब मेरा लौड़ा अंदर जायगा तब तेरा क्या हाल होगा मेरी बड़ी मालकिन?, ये कहते हुए मैं लगातार अपने बीच की ऊँगली पर तेल चुपड़े माहि की गांड के अंदर बहार कर रहा था और उसके टाइट सूराख को लूसे भी करता जा रहा था, तेल लगने से अब माहि की गांड थोड़ी सी खुल गयी थी मगर दर्द उसे भी हो रहा था, कुछ देर माय तेज से ऊँगली अंदर बहार करता रहता हु?? अब आसानी से मेरी मोती ऊँगली गांड के अंदर बहार हो रही थी, की

तभी उसका पति और मेरा दोस्त रफीक वाशरूम से बहार आते है वही राघव क हाँथ अभी भी बंधे हुए थे वही जैसे hi मेरे सामने आया वैसे hi मैं, माहि की गांड में दो ऊँगली अंदर पुश करने की कोशिश करता हु, तभी माहि मेरे गॉड से उछाल hi पड़ती है, ुर मेरी ऊँगली बहार निकल जाती है इधर माहि, गुस्से से आठ राधे ये क्या किया तुमने आह्ह्ह्ह.. कितना दर्द दिया, मैं, फिर से एक ऊँगली गांड में दाल देता हूँ अब माहि को मेरी एक ऊँगली इतना दर्द नहीं देता है, माहि जो मेरे साइन पर अपनी पीठ सताए बैठी थी अब उसे मेरी एक ऊँगली अछि लगने लगी थी जिसकी वजह से उसकी आंखे बंद हो जाती है मज़े से वही मैं, अपने दूसरे हाँथ से उसके चुके पर ले जा कर कभी उसके छोटे निप्पल तो कभी उसके पुरे 34 साइज के चुके को पकड़ कर मसलने लगता हु, वही माहि, मज़े से आठ.. ओह्ह

राधे ूम.. सशः.. प्लीज ऐसे hi आठ.. मसलते रहो ूमम सुकून मिलता है, ये तो बोल गई लेकिन अगले hi पल उसे जब इस बात का रीलीज़ हुआ तो शर्मा गई, इधर मैं, आह्हः ऐसे मेरी जान बोलती जा धीरे धीरे खुलते जा रही है? बस तू अब एक रण्डी की तरह पेश आ फिर देख तुझे कितना मज़ा आएगा?, यह कहते हुए माय और जोर जोर से अपनी एक ऊँगली उसकी गांड में करने लगा, और करीब 5 मिनट्स तक मेरी ऊँगली माहि की गांड की सुराख़ को फैलाती रहती है.. फिर मैं, माहि को अपने ऊपर से उठा देता हु उसके बाद उसे लिए हुए उसके किंग साइज के बिस्तर पर ले जाता हु और अब उसका पेअर जमीं पर थे और आधा धड़ उसका बिस्तर पर, माहि का दिल अब डर से धड़कने लगा था साथ hi डर से उसके चेहरे पर पसीने साफ़ चालक रहे थे जानती थी वो भी बहुत ाचे से की आने वाला पल उसे कितनी तकलीफ देने वाला है.
 
राधे का लुंड जब उसकी छूट में पूरा जाता तो उसे तकलीफ होती तो उस छोटे से सुराख़ में जब उसका लुंड पूरा घुसेगा तो उसकी क्या हालत होगी यह वो आसानी से अंदाज़ा लगा रही थी, मगर न hi उसके अंदर अब राधे को रोकने की हिम्मत थी और न hi उसका विरोध कर पाने की ताक़त?? क्यों की मधु मक्खी के काटने से उसकी छूट और गांड के अंधूरिनि हिस्से में इतनी खुजली हो रही थी की अब वह न चाहते हुए भी राधे को रोकना नहीं चाहती थी, बस वह अब्ब राधे के बड़े लौड़े को अपने अंदर समां लेना चाहती थी, वही कब से राधे उसके बदन से खेल रहा था जिसकी वजह से उसकी छूट इतना आंसू बहा रही थी की जितना वह अब्ब तक कभी नहीं बहाई थी, इधर मैं, माहि को अपने सामने सोये हुए उसके नंगे बदन को बड़े गौर से देखता हु फिर माय अपना दोनों हाथ उसकी गांड के दोनों भागो पर रख देता हु और

उसके गांड को दोनों तरफ से फ़ैलाने लगता हु, गांड के दरार में जो छोटी सी सुराख़ थी, अब नज़र आने लगी थी जो की अभी भी पूरी तरह से बंद थी, वह पर अभी तेल लगा हुआ था जो कुछ देर पहले ऊँगली करने से लगी थी, मगर उसे कही ज्यादा तेल मेरे लुंड पर नज़र आ रहा था, वही माहि, बिस्टेर पर पेट के बल लेती हुई अपने दोनों बाँहों को फैलाये बेडशीट को कास कर पकडे हुई थी, डर से उसका कलेजा बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था, वहीँ कुछ दूर पर मेरा दोस्त पूरी तरह से नग्गी अवस्था के अपने हाथों में लुंड को लिए हुए हलके हलके से हिला रहा था, साथ hi कुछ दुरी पर बैठा सब कुछ बड़े गौर से देख रहा था, जैसे तैसे उसने खुद अपने आपको संभाला था.. अब मैं, उसकी बड़ी गांड को सहलाने और उसकी गांड की सुराख़ को सहलाने के बाद आठ क्या बड़ी गांड है तेरी बहनचोद,

देखा रफीक तूने इसकी नग्गी गांड, उधर रफीक, अपना नाम सुनते hi सोफे से खड़ा हो के है भाई बहुत hi सेक्सी गांड है क्या एक बार माय सेहला सकता हूँ, मैं, नेकी और पूछ पूछ आ जल्दी से, माहि, यह सुनते hi चौकते हुए उठने लगी लेकिन मैं, उसकी पीठ पर हाँथ रख के उसे फिर से बिस्तर पर लेता देता हु इधर रफीक, भी आ चूका था माहि के करीब और वो मेरे बगल में खड़े हो कर माँ कसम इतनी गोरी और बड़ी गांड अब तक किसी की नहीं देखि है? ये कहते हुए वो माहि की नग्गी गांड को सहलाते हुए आह्हः कितनी कोमल चमड़ी है इसकी?? ऐसा लग रहा है जैसे मैने किसी कॉटन (रोइ) पर हाँथ फेर रहा हूँ, इधर मैं, इसकी छूट पर भी हाँथ फेर देख कैसी छूट है इसकी?, मेरे कहने भर की देरी थी और रफीक तुरंत निचे बैठ कर अपना मुँह माहि की गोरी गांड में घुसा के आह्हः क्या सुगंध है इसकी

गांड और छूट की ये कहते हुए वह अपनी बड़ी जुबान निकल कर एक बार छूट और गांड के छेद पर फेरता है जिसकी वजह से माहि, की मज़े से सिसकारियां फुट पड़ती है जिसे सुन के मैं, आह्हः मेरी जान को मज़ा आये तेरा मुँह लगाने से?, रफीक यह सुनते हुए अपनी जुबान थोड़ी गोल करके माहि की गांड की सुराख़ में डालने लगता है जिससे माहि फील करते hi अपनी गांड की चले को कास लेती है ये देख के रफीक, साली अपनी गांड कस्ती है? यह कहते हुए एक जोर का थप्पड़ उसकी गोरी गांड पर मरता है और रूम में सतक्क.. सतक्क.. सतक्क.. सतक्क.. की जोर दार आवाज़ गूंज उठती है और माहि के मुँह से उफ़ आईओई.. माँ.. आह्हः.. की सिसकारियां फुट पड़ती है, वही मैं, अब माहि की पीठ से अपने हाँथ ढीला करके रफीक तू अब जा देख ली छूट और गांड न कैसी लगी इस रण्डी की छूट और गांड मैं एक आंख मरते हुए बोलता हु,

रफीक, ना चाहते हुए एक बार छूट और गांड को जोर जोर से अपने मुँह में भर के थोड़ी देर चूसने के बाद उठता है और मेरी और देखते हुए माँ कसम इसकी छूट तो बहुत hi तित है इसकी फांके एक दूसरे से ऐसी जुडी है जैसे कुमारी लड़की की हो??, मैं, माहि के पीछे खड़ा हो कर उसके गांड को सहलाते हुए छूट की फैंको पर ऊँगली ले जा कर उसे भी सहलाते हुए, है यार जब मैने इसकी छूट देखि तब मैने यही सोचा की इतनी तित छूट कैसे किसी शादी सुदा और एक बच्ची की माँ होने के बाद भी इतनी तित हो सकती है, ऑपरेशन से बच्ची हुई होगी इस लिए छूट ढीली नहीं हुई हो, लेकिन शादी के कई साल बीतने के बाद भी इतनी तित है, यह ऐसे हो सकता है की? जिस जिस से यह चूड़ी है? उन लोगो का लुंड हमारे महा लौड़े की तरह नहीं होंगे यह कह के हम दोनों हसने लगे.
 
फाइनली अस्स फूकिंग इन डोगग्य स्टाइल..

वही मैं, अब अपना लुंड उसके उस छोटे से छेद पर सेट करता हु और आराम से माहि के पीठ पर लेटते हुए उसकी गोरी पीठ पर अपनी जुबान फिरने के बाद अपना एक हाथ उसके चूचियों और बिस्टेर के बिच डालता हु और अपने मजबूत हाथों से उसकी दोनों चूचियों को कास कर थम लेता हु, वही मैं, अपना दूसरा हाथ अपने लुंड पर ले जाता हूँ और इस बार अपना लुंड उसकी गांड के सुराख़ पर सेट करता हूँ और धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव डालना शुरू करता हु पहले तो मेरा लुंड कई बार इधर उधर फिसल जाता है मगर मैं, कहाँ इतनी आसानी से हार मानाने वालों में से था, इधर लुंड घुसता न देख के मैं, रफीक से भाई तेल तो लाना इस रण्डी के सभी छेद बहुत तित है ऐसे मेरा लौड़ा उसके गांड में नहीं घुसने वाला?, रफीक जो सोफे पर बैठा था वह तुरंत उठ के टेबल पर रखे आयल की बोतल

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उठा के लाता है और मैं तेल की बोतल को ले कर उसमे से कुछ बुँदे अपने लौड़े पर गिरता हूँ और कुछ तेल माहि की गांड के सुराख़ पर भी गिरता हु और फिर से माय कोशिश करता हूँ और इस बार जैसे मेरी कोशिशः रंग लाती है, मैं एक करारा झटका मरता हूँ और अगले hi पल मेरा 3 इंच लौड़ा महिमा की नाजुक सी छेद को भेदता हुआ सीधा अंदर घुस जाता है, जहाँ मुझे तो मज़े आ जाता है, माहि की उन छुई गांड की सुराख़ में दाल कर??, लेकिन माहि, मेरे इस वॉर से ऐसा चीखती है जैसे उसकी गांड में किसी ने गरमा गरम रोड दाल दिया हो, वह कसकर अपनी बिस्टेर को मुथियो के भींच कर मसलने लगती है और अपना सर इधर उधर करने लगती है दर्द से, वही कुछ आंसुओ की बुँदे उसके आँखों से चालक पड़ते है, प्लीज.. आह्हः.. ुम्हह.. मर्डर.. गयी.. ुम्हह.. आह्ह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. राधी..

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मुझसे.. आह्ह्ह्ह.. एहहह.. आह्हः.. ऊफ्फ नाहिंन.. होगा.. प्लीज.. आह्हः.. इसी.. आह्हः.. बहररर.. ूमम.. निकालो.. प्लीज.. माहि जैसे राधे के सामने अब फ़रियाद करने लगती है? मगर न राधे अपना लुंड एक पल के लिए भी बहार निकलता है ुर न माहि की चीखें बंद होती है, बल्कि माहि की ये चीखें उसके लुंड में जैसे एक नया जोश पैदा कर रही थी, एक अजीब सा सुकून उसे मिल रहा था माहि को ऐसे तड़पता हुआ देखकर, लेकिन कुछ सोच कर मैं, अब दिलाशा देने की सोची, कुछ नहीं होगा मेरी रानी को? बस थोड़ा सा और दर्द बर्दास्त कर ले? फिर देखना बाद म तुझे बहुत मज़ा आने वाला है, यु समझ ले की तेरा यह द्वार खुलते hi स्वर्ग के दरवाज़े भी खुलते चले जायेंगे, माहि बेडशीट को कास के पकडे हुए, आईओईए मुझे कोई स्वर्ग का दरवाजा नहीं सष्ठ.. खुलवाना आठ प्लीज मुझे छोड़ दो?.

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मैं, बस मेरी जान अभी तो थोड़ा सा hi गया है तो तू इतना चीला रही है, ऐसे चिलाओगी तो कैसे चलेगा, यह कहते हुए माय अपना एक हाँथ माहि की छूट की और ले गया और उसकी फूली हुई फंखुडी पर फरते हुए आह्हः कितना फूल गयी है तेरी ये छूट? देख तो साथ में कितना रश छोड़ रही है? ये कहते हुए माय अपने ऊँगली फैंको क बिच रख कर फेरने लगता हूँ वही माहि, राधे के इस कदम से थोड़ी रहत की साँस लेती है दर्द से, और उसे राधे की ऊँगली छूट की खुजली से थोड़ी सुकून भी देती है, वही माहि, को सुकून में देख कर राधे इस बार अपना लुंड बहार निकलता है और माहि थोड़ी और रहत की सांस लेती है, वहीँ दूसरी तरफ रफीक अपने लुंड को तेज़ी से हिला रहा था? मसल रहा था? अब उसका साबरा भी जवाब देता जा रहा था, साथ में माहि का पति राघव, चुप चाप राधे को तो कभी रफीक की हरकत को देख

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रहा था वही माहि को दर्द में देख कर भी उसको उस पर रेहम नहीं आ रहा था, इधर मैं, कुछ पल माहि को दर्द से निजात दिलाने के बाद अगले hi पल एक बार फिर से करारा झटका मरता हु और इस बार मेरा लुंड माहि की गांड के उस छोटे से छेद को चीरता हुआ पक्क की आवाज़ करते हुए उसके गांड के अंदर घुस जाता है, लगभग 5 इंच तक?, वहीँ माहि इस बार पूरी ताक़त से चीख पड़ती है, आईओईए मा.. मर.. गई? ूमम.. सष्ठ.. सेल हरामी कुत्ते निकल अपने कहते जैसा लुंड, एक मेरा हिजड़ा पति, देखो कैसे बैठे बैठे अपनी बीवी को किसी गैर मर्द से गांड मरवाता देख रहा है थोड़ी भी शर्म नहीं बची है उसमे, सेल हरामी जब तुझे मुझे रण्डी बनाना hi था तो शादी hi क्यों की, क्यों शादी में कस्मे खाये, जब तुझे पैसे और प्रॉपर्टी से hi प्यार था तो बिना शादी के रहता सेल भड़वे?.
 
माहि राधे के 5 इंच गांड में लुंड घुसते hi दर्द से बौखला गई थी ुर अपने पति को जितना अब से पहले नहीं बोली थी वो दर्द होते hi जो दिल में था वो बोल गई, वही उसका पति राघव, माहि की गाली और बाते सुन के दुखी तो हुआ लेकिन माहि के बातो का जवाब भी उसके पास नहीं था इधर मैं, माहि की खट्टी मीठी बाते सुन कर खुस हो रहा था, वही थोड़ी देर रुकने के बाद अब मैं, एक हल्का झटका देता हूँ, जिसकी वजह से मेरा 1 इंच और लुंड घुस जाता है और माहि, जोर से, उफ़ आह्हः.. आज माय उमठ.. मर गई सष्ठ.. ऊह्ह्ह्ह.. गॉड.. उसकी यह चीख इतनी तेज़ थी की उस पुरे बंगलो में चीख गूँज उठी थी, वही वह इस बार अपने हाथों को कसकर बेडशीट पर पटक रही थी वही फर्श पर जो उसकी टंगे थी वो थार था रही थी साथ hi वह अपने आप को राधे से छुड़ा के भागना चाहती थी मगर

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राधे की चुंगल से भला वह कैसे इतनी आसानी से आज़ाद हो पाती, इधर राधे, उसकी पीठ पर अपने बड़े हथेली रख कर कसके उसे वही बिस्टेर पर दबोचा हुआ था, वही माहि, कसकर अपने हाथो को यहाँ वह चला रही थी और बार बार उठने की कोशिश कर रही थी, तभी राधे कसकर उसकी गांड पर एक जोर का चांटा मरता है चटककक.. ओह्ह्ह.. चटककक.. चटककक.. जिससे माहि दर्द से फिर तड़प उठती है वही उसकी गोरी गांड एक दम लाल हो जाती है राधे के थप्पड़ से, वही मैं, गांड ढीली कर नहीं तो ुर भी दुखेगी? बिलकुल आराम से लेती रह, देखना फिर यह लौड़ा पुरे आराम से चला जायेगा, उधर माहि, के आँखों से आंसू बहे जा रहे थे, उसे दर्द के सिवा अब कुछ नहीं सूझ रहा था, लेकिन राधे के कहने से वो अपने गांड को बिलकुल ढीला छोड़ देती है और राधे उसी पोजीशन में कुछ

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देर तक रुका रहता है, उधर माहि, की गांड इतनी ज़्यादा टाइट थी की अब मेरा लुंड भी जैसे दुखने लगा था मगर मज़े की कोई सीमा नहीं थी, माय तो चाहता था की अपना पूरा का पूरा लुंड उसके गांड में उतर दू? मगर यह सब माहि के लिए बार्ड ास्ट करना शायद उतना आसान नहीं था, आज माय माहि को सिर्फ दर्द hi तो देना चाहता था, ताकि उसे और उसके पति को भी पता चले की प्रॉपर्टी पेपर पर सिग्नेचर न करने की सजा कितनी भयानक हो सकती है, इधर मैं, फिर से अपना लुंड बहार की तरफ निकलता हु और इस बार अपने हाथों से माय उसके दोनों चूचियों को थम लेता हु और बरी बरी से उन्हें मसलने लगता हु साथ hi साथ माय अपना गन्दी सी जुबान अब माहि के गलों पर भी फेरता जा रहा था, मेरी यह हरकत माहि को थोड़ी रहत देती है वही मैं, जैसे देखा की माहि थोड़ी नार्मल हो गई है और अपने गांड

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के चले को ढीला कर चुकी है तब मैं उसके गोर 34 साइज के चुके को छोड़ कर माहि की गोरी पीठ पर से थोड़ा उठ जाता हु और फिर माय माहि के पतली कमर पर हाँथ रख के उसे कास कर थम लेता हु ुर अगले hi पल माय 1 ऐसा कसकर झटका मरता हु की, इस बार माहि की चीखे जैसे उसके अंदर hi घुटकर रह जाती है, क्यों की इस बार झटका इतना ज़बरदस्त था की उसकी चीख बहार नहीं निकल पायी थी बल्कि अंदर hi घुटकर रह गयी थी, आँखों से ांसो लगातार बहे जा रहे थे वही वो बस मेरी मजबूत बाँहों में चाट पता कर रह गयी थी, इधर मैं, थोड़ी देर के लिए उसकी गांड में घुसाए अपना लुंड पड़ा रहता हु और अब माहि, सिसकते हुए आह्हः.. मेरी अस्स ूमम.. फैट जायगी प्लीज उसे (लुंड) बहार निकालो? अब मुझे उमठ.. सष्ठ.. नहीं मारवणी अपनी अस्स? आह्हः.. प्लीज.. राधे इसे बहार निकालो नहीं तो माय मर्डर

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जाउंगी? अब मुझसे आह्ह्ह्ह एहहह दर्द बर्दास्त नहीं हो रहा? अब बहार निकालो इसे और (माहि रट हुए राधे से फ़रियाद करने लगती है), वहीँ राधे, आज कहाँ उसे इतनी आसानी से छोड़ने वाला था, आज तो वो अपनी पूरी मनमानी कर रहा था, वही माहि, की फ़रियाद सुन कर अब मैं, क्या फटेगी मेरी रानी? तेरी गांड जितनी फटनी थी वह तो फुट गयी है, अब तो बस मज़े hi मज़े है ये कहते हुए मैं हौले से हंस पड़ता हूँ और इस बार अपना लुंड थोड़ा सा बहार की तरफ निकलता हूँ और फिर से हल्का झटका देता हूँ इस बार माहि फिर से एक बार दर्द होता है लेकिन इस बार उसने अपने गांड के चले तित नहीं किये थे जिसकी वजह से उसे पहले जितना दर्द तो नहीं हुआ लेकिन इतना मोटा और लौड़ा गांड में ले कर एडजस्ट करना उसे मुश्किल होता है इसी लिए उसके मुँह से आह्हः मर गई राधी आठ..
 
और अंदर नहीं प्लीज? अंदर ऐसा लग रहा है जैसे कोई लाल मिर्च दाल दिया हो और मेरी अस्स के अंदर की स्किन पूरी तरह से जैसे जल रही हो? (माहि पेट के बल सोइ हुई थी उसका सर बिस्तर पर था वही उसके पेअर जमीं पर थे जो फिर एकबार जैसे काँप रहे थे वही जिस बिस्टेर पर माहि सोई हुई थी वह का आधा हिस्सा गिला हो गया था, शायद राधे के द्वारा इस तरह की ठुकाई से), अब मेरा करीब 8 इंच से भी ज़्यादा हिस्सा लुंड का माहि के गांड के अंदर था, वही मेरा अभी भी 4 इंच लौड़ा बहार था, साथ hi मेरा लुंड इस कदर माहि की गांड ने झकड़ा हुआ था जिससे माय अपना लुंड अंदर बहार नहीं कर पा रहा था, इसे देखते हुए मैं, साली फिर से अपनी गांड को कास ली बहन छोड़ लगता है फिर से तेरी गांड फडनी पड़ेगी? जितना प्यार से तेरी गांड मार रहा हु तू उतना hi मेरे प्यार का गलत मतलब निकल रही है.

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यह कहते हुए एक जोर का थपड माहि की गांड पर मरता हु और रूम में फिर से चटक्क.. सतक्क.. चटक्क की आवाज़े गूंज उठती है?, और मेरे थपेड़ो की वजह से माहि अपने गांड के चले ढीला कर देती है साथ में आह्हः राधे माय कर तो रही हूँ? जो तुम बोल रहे हो लेकिन तुम्हारा इतना बड़ा और मोटा है की मेरी जान hi जा रही है, (माहि राधे के गुस्से से डर गई थी इस लिए अपने आप को डिफेंड करते हुए यह बात राधे से कही) इधर मैं, उसके लाल गांड को सहलाते हुए बड़े प्यार से माहि मैडम माय तो आपकी गांड छोड़ना hi नहीं चाहता था लेकिन क्या करू आपके पति ने मुझे मजबूर किया, ऐसा करने पर? मैं तो पहले hi बोल दिया था की अगर आपके पति पावर ऑफ़ अटॉर्नी पेपर पर सिग्नेचर कर देते है तो माय आपको उसी पल छोड़ के इस घर से चला जाऊंगा, लेकिन आपके पति आपको नहीं अपने प्रॉपर्टी से प्यार करते है?

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जो प्रॉपर्टी इनकी है भी नहीं, ये कहते हुए मैं, माहि की ऊपर झुक के उसके गोर गर्दन पर अपना बदबूदार थूक गिरा गिरा के छत्ता हूँ वही माहि, को इससे घिन तो आती है लेकिन कहती कुछ नहीं साथ में राधे के बातो को सुन के एक बार अपने सर को घुमा के अपने पति की और देखती है तो उसका पति उसे hi घर रहा था जिसे देख के माहि, वह अब मेरा पति नहीं, भादवा है? इस लिए उसे मेरा पति बोल बोल के मेरी इन्सर्ट मत करो अगर उसकी सच में पत्नी होती और वह मंटा तो मुझे इस हालत में लाने से पहले सौ बार सोचता लेकिन देखो तो अपने बीवी की सेक्स करते हुए किसी गैर मर्द से? उसे ाचा लग रहा है तभी तो उसके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा है, अब्ब मुझे उससे नफरत हो गई है? इस लिए तुम बार2 उसकी पत्नी बोलना बंद करो नहीं तो सच में माय कुछ कर लुंगी?, इधर

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मैं, माहि के ऊपर लेट कर धीरे धीरे लौड़ा आगे पीछे करते रहता हु वही माहि, बिस्तर पर आगे पीछे हो रही थी साथ में उसका किंग साइज बीएड छू.. छू कर रहा था, उधर उसका पति राघव, माहि की बाते सुन के उसके आँखों से आंसू निकल जाते है लेकिन वह अभी भी चुप था इधर मैं, खुस था की माहि आपने पति से नफरत करने लगी है, वही, कुछ देर पीछे से छोड़ने के बाद अब मैं अपना लौड़ा माहि के गांड से बहार निकल निकलता हु और लुंड निकलते hi माहि की गांड का छेद इंग्लिश के बड़े 'ो' शब्द जैसा हो गया था और उसके किनारो पर हल्का ब्लड भी लगी हुई थी, जो यह साबित कर रही थी की माहि की गांड सच में कुमारी थी, इधर मेरे लौड़े पर भी माहि की गांड के अंदर की गन्दगी और कुछ ब्लड भी लगा हुआ था जिसे देख के मैं जल्दी से माहि जो बिस्तर पर लुम्बी लुम्बी सांसे ले रही थी उसे उठा देता हूँ.
 
लेकिन उठाते hi उसकी गांड और पेट में तेज का दर्द उठता है जिससे माहि अपना पेट पकड़ के बिस्तर पर बैठने को कोशिश करती तो है, लेकिन उसे और दर्द होता है गांड में इस लिए वह इधर उधर देखने लगती है जिसे देख के मैं, क्या हुआ मेरी जान को?? ऐसे क्यों पागलो की तरह इधर उधर देख रही है, माहि, गुस्से से मेरी और घूरती है लेकिन कहती कुछ नहीं, इधर मैं, जनता तो था की वह किस वजह से न तो बीएड पर बैठ प् रही थी और न hi वह कड़ी हो पा रही थी, ये सोच hi रहा था की तभी मेरी नज़र जहा कुछ देर पहले माहि पेट के बल लेती अपनी गांड मरवा रही थी वह का बिस्तर कोई 10 इंच की एरिया पर पूरी तरह से भीगी हुई पड़ी थी जिसे देख मेरे चेहरे पर एक शरती स्माइल तैर जाती है और माहि के तरफ देखते हुए, मन में (ाचा अब समझा ये इधर उधर क्यों देख रही थी? साली यह तो मेरी चुदाई

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से मूत hi दी है), ये सब सोचने के बाद मैं, यह क्या मैडम जी आपकी तो मूट निकल गयी, की.. की.. की.. की आप तो किसी छोटे बच्ची की तरह इस बिस्टेर पर सुसु कर दी अब कोई देखेगा तो क्या सोचेगा आपके बारे में? लेकिन फ़िक्र मत कीजिये मेरा दोस्त रफीक किसी से कुछ नहीं कहेगा और न hi माय?, माहि, मेरे इस बात पर एक बार बिस्तर पर उसकी नज़र जाती है और जहा वह कुछ देर पहले लेती गांड छुड़वा रही थी वह का बिस्तर भीगा देख वह खुद hi शर्मशार हो जाती है, लेकिन वह जानती थी राधे के दुमदार लौड़े से कोई भी औरत का यह हाल होना स्वाभाविक है, इधर राधे, मैं चाहता हूँ की आप मेरी एक सपना ज़रूर पूरी करे, अगर आप करने का वादा करेंगी तो hi मैं आपको बताऊंगा, और मैं, अब माहि के करीब जाता हूँ वही माहि अब कोई भी विरोध नहीं करती है..

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राधे की? वह अब राधे के आँखों में देखने लगती है वही मैं, महिमा को निचे बैठने को इसरा करता हूँ और माहि, क्वेश्चन वाला एक्सप्रेशन देती है, जैसे पूछ रही हो की क्यों निचे बैठु? इधर मैं, थोड़े गुस्से से साली फिर नाटक करने लगी जो बोल रहा हूँ वो कर समझी, माहि, राधे के गुस्से को देख के वो किसी तरह धीरे धीरे फर्श पर बिछे कालीन पर बैठ जाती है जैसे अक्सर लोग हगने की पोजीशन में बैठते है, अब मेरे अगले आदेश सुनाने को बे करार थी इधर मैं, चल मेरा लौड़ा मुँह में ले कर साफ़ कर, माहि, ये सुनते hi गन्दा सा मुँह बनाते हुए ीवव चींईईई इस्पे तो पोट्टी लगी हुई है, मैं, साली बहनचोद मेरा आदेश को तो न कर रही है ये बोलते हुए उसके गाल पर एक जोर का तमाचा मर देता है, चटक्क सटककक.. चटककक.. सटककक.. चटककक.. कुछ इस तरह का आवाज़ वह गूंज उठती है,

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ुर माहि इतनी जोर से तमाचा कहते hi अपने गाल पर हाँथ रख के सिसकने लगती है क्युकी आज तक न उसे माँ बाप और न hi उसके पति ने कभी हाथ उठाया था, इधर मैं, उसे रोटा हुआ देख क मन में (कही माय ज्यादा तो नहीं कर दिया लेकिन अब जो हो गया सी हो गया), यह सोचते हुए माय, अब नार्मल टोन में मैडम जी अगर आप मेरी बात प्यार से मान जाती तो मुझे ये करने की जरुरत hi नहीं पड़ती न, अब चलो अचे बच्चे की तरह जो कहा है वो करो नहीं तो मुझे फिर से आप पर हाँथ उठाना पड़ेगा, उधर माहि, सिसकते हुए अपने गोर गाल से हाँथ हटाई तो उसके गाल पर मेरे उंगलियों के नीसाण छपे हुए थे, उधर माहि, एक बार लौड़े को देखि जो अब थोड़ा ढीला हो गया था कुछ देर के चुदाई के ब्रेक से वैसे राधे ऐसे चुदाई करता था रुक रुक के इससे उसकी चुदाई की टाइमिंग बढ़ जाती थी.
 
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