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जुबान फिर एक बार फेरता हु, थोड़ी देर पहले मेरी जुबान जब पिया के छूट पर थी तब वो झड़ते झड़ते बची थी क्युकी राधे उसे झड़ने नहीं दिया था, अब वही पर राधे का फिर एक बार गरम जुबान पा कर उसकी छूट को राश बहाने का मौका था, इधर मेरी जुबान अपनी फूली हुई छूट पर पाते hi पिया फिर एक बार मदहोश हो जाती है और उसके मुँह से आहे निकलने लगती है जैसे आईएईए.. ओह्ह काका.. आह्ह्ह्ह.. ूमम.. ामम.. फिर से आह्हः नहीं प्लीज हटा लो ऊम्मम.. अपने मुँह को वह से छ्हम्म.. प्लीज सशह्ह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. गॉड ुम्हह.. मेरी बड़ी और खुरदरी जुबान उसके पुरे शरीर मेनन मज़े की तरग दौड़ने लगती है और उसकी ऑंखें मज़े में बंद सी हो जाती है जिसे देखते हुए मैं खुश हो जाता हु और माय फिर दो तीन बार अपनी जुबान उसकी छूट के आस पास फेरता हु जिससे पिया फिर से सिसकारी निकलती है मेरे इस हमले से वो पागल हो रही थी इस तरह का मज़ा उसे कभी नहीं
लिया था आज तक इधर मैं अब उसकी छूट के आस पास पहले छत्ता हूँ, उसके बाद अब मैं, अछि तरह से उसके छोटी छूट की तित फैंको पे अपनी जुबान ले जाता हु ुर चाटने लगता हु, जिसकी वजह से पिया, आह्ह्ह्ह.. नाहीइ.. ओह्ह्ह.. काका.. वह आह्हः मत करूओ.. अष्ठ.. उगमम.. ये कहते हुए वो अपने हाथ से बेडशीट को कास के पकड़ लेती है मज़े से उसे अब दुगना मज़ा आ रहा था और वह अब्ब सब कुछ भूल कर अब मज़े ले रही थी, वो यह तक भूल गयी थी के वो एक काळा बदसूरत बॉडीगार्ड के साथ एन्जॉय कर रही है?, पिया की हालत ख़राब हो रही थी मेरी की हुई हरकत से और वो अपनी छूट न चाहते हुए वो राधे के मुँह पर हलके हलके से धकेलते हुए मस्ती से आह्ह्ह्ह.. उमठ.. आह्हः सष्ठ.. ूमम.. मम.. की सिसकारियां निकलती है, पिया धीरे धीरे आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी उसकी बदन अब उसका साथ नहीं दे रहा था जो थोड़े बहुत वो मन कर रही थी, अब्ब एक दम से खुद को मुझे
सौप दी थी क्युकी वो इतने दिनों बिना सेक्स के रही थी अब वही बता सकती है की वो कितने दिनों से चुदाई नहीं की थी लेकिन मुझे उसको देख के ऐसा लग रहा था जैसे वह कभी चुदाई की hi नहीं थी उसकी छूट की फांके पूरी तरह से तित थी उसे देख के ऐसा नहीं लग रहा रहा जैसे वो 5 महीने से शादी सुदा है उधर वो अपने सर को तकिये पे इधर उधर कर रही थी साथ में जो बीएड सीट पे गुलाब के देसी फूल के पंखुड़ी बिछी थी वह अपने छोटे हांथो में ले.. लेके खुद hi मसल रही थी साथ hi साथ उसकी सेक्सी सिसकारियां भी बाद रही थी इधर माय जनता था के पिया अब बहुत ज्यादा गरम हों चुकी है अब वह मेरे कण्ट्रोल में है, थोड़ी देर में पिया की सिसकारियां बहुत ज्यादा होते देख, मैं, अपने मान (लगता है साली झड़ने वाली है साली रंडी मादरचोद तेरी प्यास इतनी आसानी से मिटनी नहीं चाहिए इसे तोह माय अपने लुंड के लिए तरसाऊंगा),
लिया था आज तक इधर मैं अब उसकी छूट के आस पास पहले छत्ता हूँ, उसके बाद अब मैं, अछि तरह से उसके छोटी छूट की तित फैंको पे अपनी जुबान ले जाता हु ुर चाटने लगता हु, जिसकी वजह से पिया, आह्ह्ह्ह.. नाहीइ.. ओह्ह्ह.. काका.. वह आह्हः मत करूओ.. अष्ठ.. उगमम.. ये कहते हुए वो अपने हाथ से बेडशीट को कास के पकड़ लेती है मज़े से उसे अब दुगना मज़ा आ रहा था और वह अब्ब सब कुछ भूल कर अब मज़े ले रही थी, वो यह तक भूल गयी थी के वो एक काळा बदसूरत बॉडीगार्ड के साथ एन्जॉय कर रही है?, पिया की हालत ख़राब हो रही थी मेरी की हुई हरकत से और वो अपनी छूट न चाहते हुए वो राधे के मुँह पर हलके हलके से धकेलते हुए मस्ती से आह्ह्ह्ह.. उमठ.. आह्हः सष्ठ.. ूमम.. मम.. की सिसकारियां निकलती है, पिया धीरे धीरे आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी उसकी बदन अब उसका साथ नहीं दे रहा था जो थोड़े बहुत वो मन कर रही थी, अब्ब एक दम से खुद को मुझे
सौप दी थी क्युकी वो इतने दिनों बिना सेक्स के रही थी अब वही बता सकती है की वो कितने दिनों से चुदाई नहीं की थी लेकिन मुझे उसको देख के ऐसा लग रहा था जैसे वह कभी चुदाई की hi नहीं थी उसकी छूट की फांके पूरी तरह से तित थी उसे देख के ऐसा नहीं लग रहा रहा जैसे वो 5 महीने से शादी सुदा है उधर वो अपने सर को तकिये पे इधर उधर कर रही थी साथ में जो बीएड सीट पे गुलाब के देसी फूल के पंखुड़ी बिछी थी वह अपने छोटे हांथो में ले.. लेके खुद hi मसल रही थी साथ hi साथ उसकी सेक्सी सिसकारियां भी बाद रही थी इधर माय जनता था के पिया अब बहुत ज्यादा गरम हों चुकी है अब वह मेरे कण्ट्रोल में है, थोड़ी देर में पिया की सिसकारियां बहुत ज्यादा होते देख, मैं, अपने मान (लगता है साली झड़ने वाली है साली रंडी मादरचोद तेरी प्यास इतनी आसानी से मिटनी नहीं चाहिए इसे तोह माय अपने लुंड के लिए तरसाऊंगा),