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मैं, भी लगातार वही पर हमला कर रहा था ुर अपने दोनों हाथ उसके चुचो पर रख कर उनको सहलाने लगता हु मेरी इस हरकत से रति, के मुँह से आहे निकलने लगती है उसकी धड़कन तेज चलने लगती है वही वो अभी इस वक़्त एक गाओ के टूटी फूटी झोपड़े में कड़ी थी जहा पर एक बल्ब लगा हुआ था उस रौशनी में हम दोनों अच्छे से एक दूसरे को देख सकते थे और मैं उसके जवान जिस्म ऐसा कोई कोना नहीं था जहा माय अपने हांथो स नहीं सहलाया या यह कह लो उसके हर एक जिस्म पे मेरे हाँथ लगातार सहला रहे थे थोड़ी देर सहलाने के बाद माय उस के चेहरे को पकड़ कर उसकी आँखों में देखने लगता हु रति काफी गर्म हो चुकी थी और वह भी अब्ब मेरी आँखों में देख शर्माने लगती है और उसको समझ hi नहीं आ रहा था की इस वक़्त उसकी धड़कने इतनी तेज़ क्यों चल रही है, इधर मैं, अपना मुँह आगे
बढ़ता हु और रति भी बिना विरोध किये बस मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोल देती है और मैं उसका यह रिएक्शन देख जोश में आ जाता हु ुर अपने होंठ रति के गुलाबी होंठो पर रख कर प्यार से उन्हें चूमने चूसने लगता हु.. जिसकी वजह से रति के सेक्सी बदन में एक तेज़ बिजली सी दौड़ने लग जाती है और वह मेरी सफ़ेद शर्ट क कोलर को पकड़ लेती है, ुर माय उसके पतली गोरी कमर में हाथ दाल कर उसको थोड़ा ऊपर उठता हु क्युकी रति मेरे से बहुत छोटी थी कहा माय 6 फिट 5 इंच कहा वो 5 फिट 2 इंच की हम दोनों की हाइट में 1 फिट से भी ज्यादा का फर्क था?, इधर रति, के थोड़ा उठाने से अब उसके होंठो को अच्छे से चूमने ुर चूसने लगता हु उसके होंठ बहुत hi सॉफ्ट और एक दम रसीले थे वही रति के ऊपर उठाने के वजह से अब अपने दोनों हाथों को मेरे गले में दाल देती है उसके लार ुर
मेरे लार एक दूसरे को अदन प्रदान करने लगते है साथ में मेरे दोनों हाँथ कभी उसकी बड़ी गांड को मसलते तो कभी उसकी पतली कमर को तितली पकड़ के अपने और खींचता जिसकी वजह से मेरा लुंड उसके साड़ी के ऊपर से छूट पे लगता और ऐसे hi 2-4 मिनट्स तक हम दोनों एक दूसरे के होंठ अच्छे से चूसने के बाद अलग हो जाते है और माय रति को निचे उतर देता हु लेकिन रति के हाथ अभी भी मेरे गले में hi थे हम दोनों के होंठो पर एक दूसरे थूक लगा हुआ था और माय रति के बिखरे हुए लिपस्टिक को देख खुद पैर गर्व महसूस करता हु और अपने होंठो पर से जुबान फेरता हु और रति अपने हाँथ मेरे गले में से हटा देती है और अब उसको बहुत ज्यादा शर्म सी आने लगती है क्यों की उसने इस बार मेरा बिलकुल विरोध नहीं किया था ुर खुद hi राजी होकर अपने होंठ खोले थे मेरे साथ किश
करने के लिए वही वो कुछ और सोच पति इससे पहले hi माय फिर से उस के रसीले होंठो के तरफ बढ़ता हु इस बार उस की नज़र मेरे होंठो की तरफ जाती है जो लिपस्टिक की वजह से लाल हो चुके थे और मैं, फिर से अपने होंठ उसके होंठो पर रखने के लिए आगे बढ़ता हु इस बार रति के पास मौका था की वो कुछ विरोध जताये, लेकिन तब तक मेरे होंठ उसके होंठो से जुड़ चुके थे और अब्ब रति मेरी छाती पर हाथ रख कर मुझे पीछे धकेलने की नाकाम कोशिश में लग जाती है लेकिन मैं अपने दोनों हाँथ से उसकी बड़ी गांड के निचे रखता हु और फिर से उसको एक दम से अपनी बहो में उठा लेता हु, जिससे रति, डरते हुए वो अपने दोनों हाँथ मेरे गले में दाल देती है इधर मैं, अब उसके नरम और गुलाबी होंठ फिर से चूसने लगता हु रति, विरोद तोह नहीं कर रही थी लेकिन साथ भी
नहीं दे रही थी उसके मान में अभी भी झिजक थी के कैसे वह एक गैर मर्द के साथ ये सब कर सकती है लेकिन मैं, रति को ज्यादा कुछ सोचने का मौका hi नहीं दे रहा था क्युकी आज किसी भी हालत में रति को अपना बनाना था वो भी प्यार से न की कोई जोर जबरदस्ती से वही रति, भी मेरी जबरन चूमने के वजह से अपने होश में नहीं रह प् रही थी ुर माधोसे होने लगती है, इधर मैं, अब किश करते हुए अपनी बहो से उतर देता हु और रति के ब्लाउज को उतरने की कोशिश करने में लग जाता हु लेकिन चूमते हुए hi रति मेरे हाँथ वहां से हटा देती है और मुझे पता था के रति अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है लेकिन माय अब किसी भी किम्मत पर ये सुनहरा मौका नहीं गवाना चाहता था इस लिए अब मैं, ब्लाउज के ऊपर से उसके बड़े चुके अच्छे से मसलने लगता हु जिससे रति, की सासे तेज़ होने लगती है,
बढ़ता हु और रति भी बिना विरोध किये बस मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोल देती है और मैं उसका यह रिएक्शन देख जोश में आ जाता हु ुर अपने होंठ रति के गुलाबी होंठो पर रख कर प्यार से उन्हें चूमने चूसने लगता हु.. जिसकी वजह से रति के सेक्सी बदन में एक तेज़ बिजली सी दौड़ने लग जाती है और वह मेरी सफ़ेद शर्ट क कोलर को पकड़ लेती है, ुर माय उसके पतली गोरी कमर में हाथ दाल कर उसको थोड़ा ऊपर उठता हु क्युकी रति मेरे से बहुत छोटी थी कहा माय 6 फिट 5 इंच कहा वो 5 फिट 2 इंच की हम दोनों की हाइट में 1 फिट से भी ज्यादा का फर्क था?, इधर रति, के थोड़ा उठाने से अब उसके होंठो को अच्छे से चूमने ुर चूसने लगता हु उसके होंठ बहुत hi सॉफ्ट और एक दम रसीले थे वही रति के ऊपर उठाने के वजह से अब अपने दोनों हाथों को मेरे गले में दाल देती है उसके लार ुर
मेरे लार एक दूसरे को अदन प्रदान करने लगते है साथ में मेरे दोनों हाँथ कभी उसकी बड़ी गांड को मसलते तो कभी उसकी पतली कमर को तितली पकड़ के अपने और खींचता जिसकी वजह से मेरा लुंड उसके साड़ी के ऊपर से छूट पे लगता और ऐसे hi 2-4 मिनट्स तक हम दोनों एक दूसरे के होंठ अच्छे से चूसने के बाद अलग हो जाते है और माय रति को निचे उतर देता हु लेकिन रति के हाथ अभी भी मेरे गले में hi थे हम दोनों के होंठो पर एक दूसरे थूक लगा हुआ था और माय रति के बिखरे हुए लिपस्टिक को देख खुद पैर गर्व महसूस करता हु और अपने होंठो पर से जुबान फेरता हु और रति अपने हाँथ मेरे गले में से हटा देती है और अब उसको बहुत ज्यादा शर्म सी आने लगती है क्यों की उसने इस बार मेरा बिलकुल विरोध नहीं किया था ुर खुद hi राजी होकर अपने होंठ खोले थे मेरे साथ किश
करने के लिए वही वो कुछ और सोच पति इससे पहले hi माय फिर से उस के रसीले होंठो के तरफ बढ़ता हु इस बार उस की नज़र मेरे होंठो की तरफ जाती है जो लिपस्टिक की वजह से लाल हो चुके थे और मैं, फिर से अपने होंठ उसके होंठो पर रखने के लिए आगे बढ़ता हु इस बार रति के पास मौका था की वो कुछ विरोध जताये, लेकिन तब तक मेरे होंठ उसके होंठो से जुड़ चुके थे और अब्ब रति मेरी छाती पर हाथ रख कर मुझे पीछे धकेलने की नाकाम कोशिश में लग जाती है लेकिन मैं अपने दोनों हाँथ से उसकी बड़ी गांड के निचे रखता हु और फिर से उसको एक दम से अपनी बहो में उठा लेता हु, जिससे रति, डरते हुए वो अपने दोनों हाँथ मेरे गले में दाल देती है इधर मैं, अब उसके नरम और गुलाबी होंठ फिर से चूसने लगता हु रति, विरोद तोह नहीं कर रही थी लेकिन साथ भी
नहीं दे रही थी उसके मान में अभी भी झिजक थी के कैसे वह एक गैर मर्द के साथ ये सब कर सकती है लेकिन मैं, रति को ज्यादा कुछ सोचने का मौका hi नहीं दे रहा था क्युकी आज किसी भी हालत में रति को अपना बनाना था वो भी प्यार से न की कोई जोर जबरदस्ती से वही रति, भी मेरी जबरन चूमने के वजह से अपने होश में नहीं रह प् रही थी ुर माधोसे होने लगती है, इधर मैं, अब किश करते हुए अपनी बहो से उतर देता हु और रति के ब्लाउज को उतरने की कोशिश करने में लग जाता हु लेकिन चूमते हुए hi रति मेरे हाँथ वहां से हटा देती है और मुझे पता था के रति अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है लेकिन माय अब किसी भी किम्मत पर ये सुनहरा मौका नहीं गवाना चाहता था इस लिए अब मैं, ब्लाउज के ऊपर से उसके बड़े चुके अच्छे से मसलने लगता हु जिससे रति, की सासे तेज़ होने लगती है,