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एक घंटे के बाद रूम में रति ै दूध का गिलास लेके और गेट को सत्ता के मेरे बिस्तर के पास ै और धीरे से जीजू दूध पि लीजिए उसकी आवाज़ को सुन के मैं बिस्तर पे बैठा और उसे घूरने लगा वो अभी एक साड़ी ब्लाउज़ में थी और वो पल्लू के बिना मेरे सामने कड़ी थी उसकी ब्लाउज़ में कैद चुके बहार आने को बेताब दिख रही थे और पतली कमर जहा से मुझे उसकी गोरी बदन दिख रहा था? (माय समझ गया की अभी वो अपने बैडरूम में नहीं गई है सोने के लिए नहीं तो वो निघ्त्य में होती) वही मुझे ऐसा घूरता हुआ देख क रति, क्या हुआ जीजू आप ऐसे क्यों घर रहे है वो ये बोल के दूध गिलास को टेबल पे रखने के लिए गई तो मुझे उसकी बैक लेस ब्लाउज़ में गोरी नग्गी पीठ को देख अपना मुसल लुंड को जोर से मसलता हु और साड़ी पल्लू अपनी कमर न खोसे होने से उसकी गोरी नग्गी पतली कमर को
देख आह hi निकल जाती है और मान में (क्या गोरा जिसम है इस रण्डी के जैसे दूध हो इसके आगे तो गोरी मम भी फ़ैल हो जाउंगी और सबसे खास बात थी रति की लॉन्ग हेयर वो भी हल्के ब्राउन कलर के एक दम सीधा रेशमी हेयर जो उसकी बड़ी गांड से भी निचे तक जा रहे थे और उस के ब्लाउज के पीछे सिर्फ एक डोरी पर तिकी हुई थी और उसकी पूरी पीठ एक दम नग्गी थी इतनी ठण्ड में भी वो इतना खुले हुए ब्लाउज़ पहन के मेरा लुंड खड़ा करवने ै हुई थी जिसे उतरने के लिए माय बेताब हो रहा था), वैसे भी मैं नसे में था ज्यादा सोचना मुझे मुश्किल हो रही थी और हर औरत में मुझे उस टाइम अपनी मरी हुई पत्नी नज़र ा रही थी ुर अब माय ज्यादा वक़्त गवाए बिना बिस्तर से उठा ुर जहा रति टेबल के पास कड़ी थी मेरी और पीठ करके वह जेक उसको पीछे से पकड़ लेता हु और उसकी सुराही दर एक दम गोरी गर्दन
पर अपना कला होंठ रख के चूमने और चाटने लगता हु, जिससे रति अचानक हुए इस हमले से दर के हलके से एआईईईई.. ये क्या कर रहे हो जीजू छोड़ू मुझी?, मैं, क्या हुआ मेरी जान रम्भा?? क्यों छोड़ दू ुंहहा.. ुंहःहा उसके गले को लगभग चाटने hi लगा और अपना थूक के साथ लार भी उसकी चिकनी गोरी गर्दन पे छोड़ने लगा और अपना कला मुसल लुंड जो अभी एक पतली सी लुंगी में कैद था और उस लुंगी के निचे मैं अंडरवियर नहीं पहना था उसे जोरो से रति के साडी के ऊपर से hi उसके गांड पर रगड़ते हुए आह्हः.. क्या खुसबू आ रही है रम्भा तेरी जिस्म से मेरी jaan..uuummhhaaa?.. रति, ये सब सुन के उसे उनकंफर्टबले फील होता है और हद बढ़ाते देख हेय ओह जीजू माय रम्भा नहीं हु मैं आपकी सेल के बीवी रति hu?..chhoo..chodooo मुझे आह्हः क्या हो गया आपको छोडो.. ना,
ये बोल के वो अपने मान में (ये भगवन नन्दोई जी तो मुझे अपनी बीवी समझ के प्यार कर रहे है तभी जीजू को बोलती हु इतना नासा मत किया करो लेकिन मेरी सुनते hi कहा है) इधर मेरा एक बड़ा कला हाथ रति की नंगी गोरी कमर को जकड़े हुए थे, जिससे वो निकलने की नाकाम कोशिश कर रही थी इधर मैं उसकी आवाज़ न पहचानते हुए, रम्भा, मेरी जान क्यों नखरे कर रही है? आज बस एक बार छोड़ने दे तेरी फूली छूट बहुत दिन हो गए तुझे चोदे हुए? देख तेरा ये पसंदिता खिलौना कैसे मुँह फुलाए अकड़ा हुआ है अब इसकी अकड़ को तू hi संत कर सकती है जब ये तेरी फूली हुई छूट में जायगा ये देख तेरी छूट में जाने के लिए कैसे तड़प रहा है (मैं थोड़ा दूर होक उसे अपने लुंगी के एक बड़ा सा तम्बू दिखते हुए बोलै) उधर मेरी ये बात सुनकर रति डर जाती है उसे पिछले महीने का किस्सा याद आ जाता है, की
(कैसे जीजू ने मुझे बेवकूफ बना के मेरे बदन से खेला था और उसकी वजह से माय बी खो सी गई थी), ुर आज जब मेरे मुँह से चुदाई की बात सुनी तो उसको मेरे ऊपर घिन और गुस्सा दोनों एक साथ आ जाती है?, रति, गुस्से से छोड़ो मुझे जीजू नहीं तो मैं, चिल्ला दूंगी कमीने कही के और अपने सेल की बीवी के साथ ऐसे गन्दी हरकत करते हुए आपको कोई शर्म नहीं है मैं, मान में (अगर इस ने चिल्ला दिया तो सब गड बाद हो जाएँगी और कही सास ुर साली लोग यहाँ आ गई तो) इतना सोचकर माय उसको छोड़ देता हु और रति मेरी पकड़ से छूटते hi मेरी तरफ पलट के गुस्से से आप पागल हो गए हो क्या आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझे छूने की हां? माय आपकी कितनी इज्जत करती थी? लेकिन आज अपने मुझे ऐसे गन्दी तरीके से दूसरी बार छुआ है और एक बार भूल माफ़ कर दूंगी लेकिन ये आपकी दूसरी भूल माय कभी माफ़ नहीं करुँगी आप ने समझ क्या लिए है मुझे,
देख आह hi निकल जाती है और मान में (क्या गोरा जिसम है इस रण्डी के जैसे दूध हो इसके आगे तो गोरी मम भी फ़ैल हो जाउंगी और सबसे खास बात थी रति की लॉन्ग हेयर वो भी हल्के ब्राउन कलर के एक दम सीधा रेशमी हेयर जो उसकी बड़ी गांड से भी निचे तक जा रहे थे और उस के ब्लाउज के पीछे सिर्फ एक डोरी पर तिकी हुई थी और उसकी पूरी पीठ एक दम नग्गी थी इतनी ठण्ड में भी वो इतना खुले हुए ब्लाउज़ पहन के मेरा लुंड खड़ा करवने ै हुई थी जिसे उतरने के लिए माय बेताब हो रहा था), वैसे भी मैं नसे में था ज्यादा सोचना मुझे मुश्किल हो रही थी और हर औरत में मुझे उस टाइम अपनी मरी हुई पत्नी नज़र ा रही थी ुर अब माय ज्यादा वक़्त गवाए बिना बिस्तर से उठा ुर जहा रति टेबल के पास कड़ी थी मेरी और पीठ करके वह जेक उसको पीछे से पकड़ लेता हु और उसकी सुराही दर एक दम गोरी गर्दन
पर अपना कला होंठ रख के चूमने और चाटने लगता हु, जिससे रति अचानक हुए इस हमले से दर के हलके से एआईईईई.. ये क्या कर रहे हो जीजू छोड़ू मुझी?, मैं, क्या हुआ मेरी जान रम्भा?? क्यों छोड़ दू ुंहहा.. ुंहःहा उसके गले को लगभग चाटने hi लगा और अपना थूक के साथ लार भी उसकी चिकनी गोरी गर्दन पे छोड़ने लगा और अपना कला मुसल लुंड जो अभी एक पतली सी लुंगी में कैद था और उस लुंगी के निचे मैं अंडरवियर नहीं पहना था उसे जोरो से रति के साडी के ऊपर से hi उसके गांड पर रगड़ते हुए आह्हः.. क्या खुसबू आ रही है रम्भा तेरी जिस्म से मेरी jaan..uuummhhaaa?.. रति, ये सब सुन के उसे उनकंफर्टबले फील होता है और हद बढ़ाते देख हेय ओह जीजू माय रम्भा नहीं हु मैं आपकी सेल के बीवी रति hu?..chhoo..chodooo मुझे आह्हः क्या हो गया आपको छोडो.. ना,
ये बोल के वो अपने मान में (ये भगवन नन्दोई जी तो मुझे अपनी बीवी समझ के प्यार कर रहे है तभी जीजू को बोलती हु इतना नासा मत किया करो लेकिन मेरी सुनते hi कहा है) इधर मेरा एक बड़ा कला हाथ रति की नंगी गोरी कमर को जकड़े हुए थे, जिससे वो निकलने की नाकाम कोशिश कर रही थी इधर मैं उसकी आवाज़ न पहचानते हुए, रम्भा, मेरी जान क्यों नखरे कर रही है? आज बस एक बार छोड़ने दे तेरी फूली छूट बहुत दिन हो गए तुझे चोदे हुए? देख तेरा ये पसंदिता खिलौना कैसे मुँह फुलाए अकड़ा हुआ है अब इसकी अकड़ को तू hi संत कर सकती है जब ये तेरी फूली हुई छूट में जायगा ये देख तेरी छूट में जाने के लिए कैसे तड़प रहा है (मैं थोड़ा दूर होक उसे अपने लुंगी के एक बड़ा सा तम्बू दिखते हुए बोलै) उधर मेरी ये बात सुनकर रति डर जाती है उसे पिछले महीने का किस्सा याद आ जाता है, की
(कैसे जीजू ने मुझे बेवकूफ बना के मेरे बदन से खेला था और उसकी वजह से माय बी खो सी गई थी), ुर आज जब मेरे मुँह से चुदाई की बात सुनी तो उसको मेरे ऊपर घिन और गुस्सा दोनों एक साथ आ जाती है?, रति, गुस्से से छोड़ो मुझे जीजू नहीं तो मैं, चिल्ला दूंगी कमीने कही के और अपने सेल की बीवी के साथ ऐसे गन्दी हरकत करते हुए आपको कोई शर्म नहीं है मैं, मान में (अगर इस ने चिल्ला दिया तो सब गड बाद हो जाएँगी और कही सास ुर साली लोग यहाँ आ गई तो) इतना सोचकर माय उसको छोड़ देता हु और रति मेरी पकड़ से छूटते hi मेरी तरफ पलट के गुस्से से आप पागल हो गए हो क्या आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझे छूने की हां? माय आपकी कितनी इज्जत करती थी? लेकिन आज अपने मुझे ऐसे गन्दी तरीके से दूसरी बार छुआ है और एक बार भूल माफ़ कर दूंगी लेकिन ये आपकी दूसरी भूल माय कभी माफ़ नहीं करुँगी आप ने समझ क्या लिए है मुझे,