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जिसके एहसास से उसकी आँखे तुरंत लज़्ज़त से बंद हो जाती है, इधर मैं इत्मीनान से अपनी काली मोती ऊँगली से उसके अध् नग्गे स्थान के ऊपर वाले नरम हिस्से को छू रहा था इतना कोमल नरम एहसास मुझे महसूस हो रहा था की माय ख़ुशी से पागल होता जा रहा था और मुझे यकीं नहीं नहीं हो रहा था की कुछ देर पहले माय जिसके जिस्म को सोच कर मुठिया रहा था वही इस वक़्त मेरे सामने कड़ी है और माय उसके कोमल जिस्म को छू रहा था? सेहला रहा था? खैर अब मेरे ऐसे छूने से मीरा की भी हालत ख़राब होती जा रही थी उसके छूट में भी गीलापन बढ़ रहा था और वो भी नए एहसास में खोटी जा रही थी. इधर मैं, अब अपने ऊँगली को नीचे लाते हुए उसके नेट वाले डीप ब्लाउज के के ऊपर से फील कर रहा था ुर..
मीरा के मुँह से धीमे स्वर मई आह्ह्ह्हह्ह.. ुम्मःहःहः.. सशह्ह्हह्ह.. निकल जाता है. जिसे सुन के मेरा मुसल लुंड पंत में hi एक झटका मारता है और मैं, अपने मन में सोचता हु (उफ़ साला क्या मस्त माल हाट लगी है आज तक ऐसी फिगर वाली लड़की सपने में भी नहीं मिली थी ुर क्या कातिलाना फिगर ह इसका आज इसको तो छोड़ना hi पड़ेगा), वही माय जहा कैटचप लगा था वह देखा तो अब साफ़ हो गया था लेकिन उसका हल्का दाग उसके ब्लाउज़ और कुछ साड़ी के भाग पे अभी भी थे इधर साफ़ होते hi माय टॉवल को छोड़ देता हु और टॉवल नीचे फर्श पर गिर जाता है और अब माय दोनों हाथो को सीधा मीरा के ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूची पर रख देता हु और अपनी ऊँगली को उसके नंगे क्लीवेज पर रख कर अच्छे से सहलाने लगता हु..
अब माय आराम से मीरा के चूची के गोलाई पर अपनी ऊँगली को फिर रहा था जिसके एहसास से वो बहकती जा रही थी मदहोशी में उसकी आँखे बंद हो चुकी थी और उसे अब कोई होश नहीं था की वो इस वक़्त एक सर्वेंट क्वार्टर में किसी गैर मर्द के सामने अपना पल्लू गिरा कर खरी है और एक गैर मर्द उसके बूब्स के साथ खेल रहा है उसका दिल तो छह रहा था की ये गलत है लेकिन उसका सेक्सी जिस्म कह रहा था जो हो रहा है वो होने दे, वही मेरा मन कर रहा था की (माय जल्दी से इसके ब्लाउज को फाड़ कर इसकी चुके क निप्पल को अपने मुँह में लेकर दमभर चुसू पर माय जनता था की सबर का फल मीठा होता है इसलिए माय इत्मीनान से उसकी चुके को छू कर फील कर रहा था), खैर माय ब्लाउज़ के ऊपर स hi उसके ब्लाउज के ऊपरी भाग जहा मीरा की चुके आधे दिख रहे थे वह पर माय गोर चमड़ी को टच कर रहा था,
उधर मेरे ऐसे हरकत से मीरा की हालत ख़राब होती जा रही थी उसका सेक्सी बदन ने एक बार फिर उसको धोखा दे रहा था... उसकी बुर दोबारा उसकी पंतय को गीला कर रही थी अब माय उसके अध् नंगे चुके को सहलाते हुए उससे और ज्यादा करीब हो जाता हु इतना करीब की हम दोनों की सांसे एक दूसरे को साफ़ तौर प महसूस हो रहे थे वही मेरी मुँह से देसी दारू और सिग्रेटे की बदबू आ रही थी जिसकी वजह से वो बार दश्त नहीं कर प् रही थी और अपनी नाक मुँह सिकुड़ते हुए जो थोड़ी देर पहले आंख बंद थे अब आंख खोलती है ुर मुझे अपने इतने करीब देख कर उसका कलेजा एक बार तो काँप सा जाता है, मैं, उसे अपनी आँख खोलता देख हौले से स्माइल करते हुए, वह छोटी मालकिन क्या बनाया है आपको ऊपर वाले ने? और बहुत hi बारीकी से निरक्षण करके उपरवाले ने आपको गदा है ुर,
मीरा के मुँह से धीमे स्वर मई आह्ह्ह्हह्ह.. ुम्मःहःहः.. सशह्ह्हह्ह.. निकल जाता है. जिसे सुन के मेरा मुसल लुंड पंत में hi एक झटका मारता है और मैं, अपने मन में सोचता हु (उफ़ साला क्या मस्त माल हाट लगी है आज तक ऐसी फिगर वाली लड़की सपने में भी नहीं मिली थी ुर क्या कातिलाना फिगर ह इसका आज इसको तो छोड़ना hi पड़ेगा), वही माय जहा कैटचप लगा था वह देखा तो अब साफ़ हो गया था लेकिन उसका हल्का दाग उसके ब्लाउज़ और कुछ साड़ी के भाग पे अभी भी थे इधर साफ़ होते hi माय टॉवल को छोड़ देता हु और टॉवल नीचे फर्श पर गिर जाता है और अब माय दोनों हाथो को सीधा मीरा के ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूची पर रख देता हु और अपनी ऊँगली को उसके नंगे क्लीवेज पर रख कर अच्छे से सहलाने लगता हु..
अब माय आराम से मीरा के चूची के गोलाई पर अपनी ऊँगली को फिर रहा था जिसके एहसास से वो बहकती जा रही थी मदहोशी में उसकी आँखे बंद हो चुकी थी और उसे अब कोई होश नहीं था की वो इस वक़्त एक सर्वेंट क्वार्टर में किसी गैर मर्द के सामने अपना पल्लू गिरा कर खरी है और एक गैर मर्द उसके बूब्स के साथ खेल रहा है उसका दिल तो छह रहा था की ये गलत है लेकिन उसका सेक्सी जिस्म कह रहा था जो हो रहा है वो होने दे, वही मेरा मन कर रहा था की (माय जल्दी से इसके ब्लाउज को फाड़ कर इसकी चुके क निप्पल को अपने मुँह में लेकर दमभर चुसू पर माय जनता था की सबर का फल मीठा होता है इसलिए माय इत्मीनान से उसकी चुके को छू कर फील कर रहा था), खैर माय ब्लाउज़ के ऊपर स hi उसके ब्लाउज के ऊपरी भाग जहा मीरा की चुके आधे दिख रहे थे वह पर माय गोर चमड़ी को टच कर रहा था,
उधर मेरे ऐसे हरकत से मीरा की हालत ख़राब होती जा रही थी उसका सेक्सी बदन ने एक बार फिर उसको धोखा दे रहा था... उसकी बुर दोबारा उसकी पंतय को गीला कर रही थी अब माय उसके अध् नंगे चुके को सहलाते हुए उससे और ज्यादा करीब हो जाता हु इतना करीब की हम दोनों की सांसे एक दूसरे को साफ़ तौर प महसूस हो रहे थे वही मेरी मुँह से देसी दारू और सिग्रेटे की बदबू आ रही थी जिसकी वजह से वो बार दश्त नहीं कर प् रही थी और अपनी नाक मुँह सिकुड़ते हुए जो थोड़ी देर पहले आंख बंद थे अब आंख खोलती है ुर मुझे अपने इतने करीब देख कर उसका कलेजा एक बार तो काँप सा जाता है, मैं, उसे अपनी आँख खोलता देख हौले से स्माइल करते हुए, वह छोटी मालकिन क्या बनाया है आपको ऊपर वाले ने? और बहुत hi बारीकी से निरक्षण करके उपरवाले ने आपको गदा है ुर,