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मुझे खली हाँथ लौटना पड़ा और जब इस घाटी से होक अपने गाओ की और जा hi रहा था की तभी मुझे रोड पे किसी लड़की की चीख मेरे कानो में पड़ी तब मैं रुक के पहले देखा की कहा से वो आवाज़ आ रही है फिर अपनी बाइक को एक झड़ी में छुपा के धीरे धीरे यहाँ आया और उन गुंडों ने जब आपके नग्गे बदन से खेल रहे थे तब देखा की कैसे वो अपने अधूरी अंग को चाट रहे थे और वो लोग अपने मोठे लुंड को आपके फूली हुई छूट की फैंको में घिस रहे थे सच पूछो तो बड़ी मालकिन मैं ये सब नहीं देखना छह रहा था लेकिन क्या करता वो गुंडों के पास रीफेल थी इस लिए मुझे मौके की तलाश थी की कब वो लोग अपने रीफेल से दूर होये लेकिन वो दूर नहीं हो रहा थे और जब वो गुंडे अपनी रीफेल से दूर हुए तब..
जेक मुझे मौका मिला और मैने हमला कर दिया उन गुंडों के ऊपर मुझे तो पता भी नहीं था की बड़ी मालकिन आप हो माय आपको तब देखा था जब बड़े मालिक मला का चुनाव लड़ रहे थे और आप दोनों वोट मांगने हमारे गाओ ए थे तब वही एक बार देखा था दूर से लेकिन कभी पास से नहीं देख पाया इसलिए लिए आज आपको नहीं पहचान पाया और आपको बता दू उस चुनाव में मैं बड़े मालिक को hi वोट किया था और आपके गाओ से मेरा गाओ लगभग 5 कम का अंतर है, वही मेरी बातो से दोनों शर्मा सी गई जब उन्हें पता चला की मैं सब कुछ देख लिया हु और उन्हें खुसी भी हुई की ये आदमी हमे वोट किया था, ये सब सुनाने के बाद अन्नू, लेकिन अपने अपना नाम नहीं बताये क्या नाम है आपका भाई साहेब?,
मैं, मालकिन मेरा नाम राधे शाह है अन्नू, तो फिर अपने क्या सोचा है सहर में hi काम करोगे या यही अपने गाओ में?, मैं, मालकिन माय तो यही काम करने की सोच रहा था क्युकी मेरी जवान बेटी है उसे अकेले छोड़ के नहीं जा सकता महल आज कल इस घाटी का ठीक नहीं लेकिन इस गाओ के लोग मुझे कोई काम देते hi नहीं वो मेरा सरीर और मेरे स्किन कलर कला देख के बोलते है तू इस घाटी का है hi नहीं सब मुझे हीं भावना से देखते है और यही वजह है मेरा इस गाओ में कोई काम न मिलना? अब आप hi बातो बड़ी मालकिन जब उपरवाले मुझे ऐसा बनाया और मेरे रूप को कला दिया है तो मेरी इसमें क्या गलती ये बोल के थोड़ा साद हो गया तो अन्नू, अरे भाई साहेब वो पागल है जो ऐसी बात करते है आप मन पे..
मत लो उन गाओ वाले की बातो को समझे?, तभी पिया, टपक से बोली मम्मी राधे काका जी को अपने घर hi काम पे रख लो न?, अन्नू, पिया ऐसे कैसे रख लू जब तेरे पापा मानेंगे तब न तू तो जानती है तेरे पापा मुझे अपनी पेअर की जुटी समझते है उन्हें तो परवाह hi नहीं है मेरी और मेरी कोई बात का वैल्यू नहीं है उस घर में?, पिया, है पता है मम्मी लेकिन माय आपसे बहुत प्यार करती हु ुर राधे काका, आप काम करोगे मेरे घर पे या नहीं?, मैं, छोटी मालकिन आपकी बात को माय कैसे ताल सकता हु आप का हुकम सर आँखों पे, पिया, तो ठीक है आप कल मेरे हवेली ाइयेगा तभी मेरे मोबाइल पे रिंग बजने लगी माय देखा तो अननोन no. था उसे रिसीव करके Hello बोलै तो उधर से थोड़ी कड़क आवाज़ में तू कौन है बे?,
(मैं समझ गया की ये रघु ठाकुर होगा जो थोड़ी देर पहले अन्नू ने कॉल किया था मेरे मोबाइल से) ये सोचने के बाद मैं, मालिक मेरे hi no. से बड़ी मालकिन कॉल की थी ये लो बात करो तभी अन्नू मोबाइल लेके है जी कहा पहुंचे तो उधर से पहुंच hi गया हु तुम लोग रोड पे औ?, फिर कॉल कट कर के पिया बेटी चलो रोड पे पापा हमें वा बुला रहे है तो मैं, मालकिन आप लोग यही बैठिये कहा ठण्ड में बहार रहोगे माय रोड पे जा रहा हु और मालिक को लेके यहाँ लता हु तभी अन्नू, सुनो राधे आज जो उन गुंडों ने मतलब वो सब जो कर रहे थे वो मत बताना बस इतना बताना की वो लोग लूट पात करने वाले थे और तुम आ गए तभी पिया, ऐसा क्यों बोलने को बोल रही है माँ?, अन्नू, बेटी अगर उन्हें पता चला की वो गुंडे.
जेक मुझे मौका मिला और मैने हमला कर दिया उन गुंडों के ऊपर मुझे तो पता भी नहीं था की बड़ी मालकिन आप हो माय आपको तब देखा था जब बड़े मालिक मला का चुनाव लड़ रहे थे और आप दोनों वोट मांगने हमारे गाओ ए थे तब वही एक बार देखा था दूर से लेकिन कभी पास से नहीं देख पाया इसलिए लिए आज आपको नहीं पहचान पाया और आपको बता दू उस चुनाव में मैं बड़े मालिक को hi वोट किया था और आपके गाओ से मेरा गाओ लगभग 5 कम का अंतर है, वही मेरी बातो से दोनों शर्मा सी गई जब उन्हें पता चला की मैं सब कुछ देख लिया हु और उन्हें खुसी भी हुई की ये आदमी हमे वोट किया था, ये सब सुनाने के बाद अन्नू, लेकिन अपने अपना नाम नहीं बताये क्या नाम है आपका भाई साहेब?,
मैं, मालकिन मेरा नाम राधे शाह है अन्नू, तो फिर अपने क्या सोचा है सहर में hi काम करोगे या यही अपने गाओ में?, मैं, मालकिन माय तो यही काम करने की सोच रहा था क्युकी मेरी जवान बेटी है उसे अकेले छोड़ के नहीं जा सकता महल आज कल इस घाटी का ठीक नहीं लेकिन इस गाओ के लोग मुझे कोई काम देते hi नहीं वो मेरा सरीर और मेरे स्किन कलर कला देख के बोलते है तू इस घाटी का है hi नहीं सब मुझे हीं भावना से देखते है और यही वजह है मेरा इस गाओ में कोई काम न मिलना? अब आप hi बातो बड़ी मालकिन जब उपरवाले मुझे ऐसा बनाया और मेरे रूप को कला दिया है तो मेरी इसमें क्या गलती ये बोल के थोड़ा साद हो गया तो अन्नू, अरे भाई साहेब वो पागल है जो ऐसी बात करते है आप मन पे..
मत लो उन गाओ वाले की बातो को समझे?, तभी पिया, टपक से बोली मम्मी राधे काका जी को अपने घर hi काम पे रख लो न?, अन्नू, पिया ऐसे कैसे रख लू जब तेरे पापा मानेंगे तब न तू तो जानती है तेरे पापा मुझे अपनी पेअर की जुटी समझते है उन्हें तो परवाह hi नहीं है मेरी और मेरी कोई बात का वैल्यू नहीं है उस घर में?, पिया, है पता है मम्मी लेकिन माय आपसे बहुत प्यार करती हु ुर राधे काका, आप काम करोगे मेरे घर पे या नहीं?, मैं, छोटी मालकिन आपकी बात को माय कैसे ताल सकता हु आप का हुकम सर आँखों पे, पिया, तो ठीक है आप कल मेरे हवेली ाइयेगा तभी मेरे मोबाइल पे रिंग बजने लगी माय देखा तो अननोन no. था उसे रिसीव करके Hello बोलै तो उधर से थोड़ी कड़क आवाज़ में तू कौन है बे?,
(मैं समझ गया की ये रघु ठाकुर होगा जो थोड़ी देर पहले अन्नू ने कॉल किया था मेरे मोबाइल से) ये सोचने के बाद मैं, मालिक मेरे hi no. से बड़ी मालकिन कॉल की थी ये लो बात करो तभी अन्नू मोबाइल लेके है जी कहा पहुंचे तो उधर से पहुंच hi गया हु तुम लोग रोड पे औ?, फिर कॉल कट कर के पिया बेटी चलो रोड पे पापा हमें वा बुला रहे है तो मैं, मालकिन आप लोग यही बैठिये कहा ठण्ड में बहार रहोगे माय रोड पे जा रहा हु और मालिक को लेके यहाँ लता हु तभी अन्नू, सुनो राधे आज जो उन गुंडों ने मतलब वो सब जो कर रहे थे वो मत बताना बस इतना बताना की वो लोग लूट पात करने वाले थे और तुम आ गए तभी पिया, ऐसा क्यों बोलने को बोल रही है माँ?, अन्नू, बेटी अगर उन्हें पता चला की वो गुंडे.