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इधर जूही, के कॉल काटते hi मैं, उसके सामने खड़ा हो जाता हु और जूही के फेस की नजदीक मोबाइल ले जा कर रिकॉर्डिंग ऑफ करते hi जो तूने अभी बात की अपने यार से वो सब मेरे मोबाइल में रिकॉर्ड हो चूका है अब चल सब तुझे खोज रहे है, पहले आप.. आप करके बात कर रहा था लेकिन अब तू तड़क पर आ जाता हु वही जूही, अपनी चोरी पकड़ी जाने से सदमे में थी वो मेरे आगे चलते हुए धीरे आवाज़ में राधे जी प्ल्ज़ ये वीडियो डिलीट कर दो नहीं तो मेरी ज़िन्दगी बर्वाद हो जायगी, मैं, साली जब तू दूसरे से छुड़वा रही थी तब तुझे ये बात नहीं पता थी की जब तेरे पति को बात पता चलेगी तब क्या होगा?, ऐसे hi बात करते हुए हम रेस्टोरेंट में आ गए रानी और रति कड़ी हो कर.. कहा थे आप दोनों कब से इंतजार कर रही हु, मैं, बात को सँभालते हुए वो जूही मॉल में भटक गई थी तभी रति, फिर यहाँ से अकेले क्यों गई थी, जूही, वह जय जी का फ़ोन आया था उन्ही से बात करते करते..
आगे निकल गई इस लिए रास्ता hi भूल गई जब राधे जी ए तब माय यहाँ आ पाई, रति मुझे और जूही को घर के देखती है इसके बाद हम सब वह से निकल कर सब लोग ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे और वह पहुंचते hi मैं अपने जेब से सामान का बिल दिया और काउंटर पर बैठे सेल्समेन ने हमरा सामान देख कर निकल दिया और हम सब वो ले कर पार्किंग में गए और फिर सामान को दिग्गी में दाल के कार स्टार्ट की ुर वह से अपने गाओ की और हम चल दिए, अब तक साम के 7 बज गए थे हमें 2 से 3 घंटे लग ससकते थे अगर ट्रैफिक नहीं हुआ तो क्युकी साम को बहुत ट्रैफिक होती है ुर वही हुआ हाईवे पर लुम्बी लाइन लगी थी और गाड़िया धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी ये देख के रानी, paresh-an होते हुए ओह गॉड अब कैसे घर पहुंचेंगे?, मैं, अरे बेटी हम सही सलामत पहुंच जायेंगे तू परेशां मत हो, मेरी बात पर वो चुप हो जाती है ुर वह पीछे जूही की कंधे में अपना सर
रख के बड़ी ममी से माय तो आज थक hi गई, जूही, है मैं भी थक गई हु एक काम कर सीट के एक साइड तू सो जा. फिर जूही थोड़ी किनारे होती है और रानी अपने पैरो को सीधा करके लेट जाट है और जूही मेरे सीट के पीछे बैठी थी वो एक दम किनारे हो जाती है जिससे रानी को पेअर फ़ैलाने में दिक्कत नहीं होती है और इधर मैं, रति जो बगल के सीट पर बैठी थी उसे भी नीद आने लगती है क्युकी हमारी कार धीरे धीरे चल रही थी, वही जूही, को अपने बैक मिरर से देखा तो वो गम शूम बैठी हुई मिरर स बहार देख रही थी उसे देख के लग रहा था जैसे वो गंभीर सोच में डुबो हुई थी (क्युकी जूही को डर था कही राधे जी ने रिकॉर्डिंग उसके पति को सुना दी तो पहले वो रिश्ता ख़तम करेगा उसके बाद जूही को धक्के मर के कही घर से hi न निकल दे वो अब किसी भी हाल म अपना राज छुपा न चाहती थी लेकिन उसका दिमाग अभी बिलकुल भी काम नहीं कर रहा था की क्या करे वह).
आगे निकल गई इस लिए रास्ता hi भूल गई जब राधे जी ए तब माय यहाँ आ पाई, रति मुझे और जूही को घर के देखती है इसके बाद हम सब वह से निकल कर सब लोग ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे और वह पहुंचते hi मैं अपने जेब से सामान का बिल दिया और काउंटर पर बैठे सेल्समेन ने हमरा सामान देख कर निकल दिया और हम सब वो ले कर पार्किंग में गए और फिर सामान को दिग्गी में दाल के कार स्टार्ट की ुर वह से अपने गाओ की और हम चल दिए, अब तक साम के 7 बज गए थे हमें 2 से 3 घंटे लग ससकते थे अगर ट्रैफिक नहीं हुआ तो क्युकी साम को बहुत ट्रैफिक होती है ुर वही हुआ हाईवे पर लुम्बी लाइन लगी थी और गाड़िया धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी ये देख के रानी, paresh-an होते हुए ओह गॉड अब कैसे घर पहुंचेंगे?, मैं, अरे बेटी हम सही सलामत पहुंच जायेंगे तू परेशां मत हो, मेरी बात पर वो चुप हो जाती है ुर वह पीछे जूही की कंधे में अपना सर
रख के बड़ी ममी से माय तो आज थक hi गई, जूही, है मैं भी थक गई हु एक काम कर सीट के एक साइड तू सो जा. फिर जूही थोड़ी किनारे होती है और रानी अपने पैरो को सीधा करके लेट जाट है और जूही मेरे सीट के पीछे बैठी थी वो एक दम किनारे हो जाती है जिससे रानी को पेअर फ़ैलाने में दिक्कत नहीं होती है और इधर मैं, रति जो बगल के सीट पर बैठी थी उसे भी नीद आने लगती है क्युकी हमारी कार धीरे धीरे चल रही थी, वही जूही, को अपने बैक मिरर से देखा तो वो गम शूम बैठी हुई मिरर स बहार देख रही थी उसे देख के लग रहा था जैसे वो गंभीर सोच में डुबो हुई थी (क्युकी जूही को डर था कही राधे जी ने रिकॉर्डिंग उसके पति को सुना दी तो पहले वो रिश्ता ख़तम करेगा उसके बाद जूही को धक्के मर के कही घर से hi न निकल दे वो अब किसी भी हाल म अपना राज छुपा न चाहती थी लेकिन उसका दिमाग अभी बिलकुल भी काम नहीं कर रहा था की क्या करे वह).