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उधर अन्नू, को समझ नहीं आता की मैं, क्या करना छह रहा हु, पर जैसे hi उसको अपनी नंगी छूट पर मेरा गरम लौड़ा महसूस हुआ वह जोर से सिसकारती है और उसका मुँह खुलते hi मैं, अपनी काली ऊँगली को उसके मुँह के अंदर दाल देता हु.. अन्नू, उम्म्म.. गोऊ.. उम्म्म.. गोऊ मैं, अच्छे से चूस मेरी जान ऊँगली को.. अन्नू, को अपने मुँह में अजीब सा स्वाद आता है, जिससे उसको घिन सी आती है पर उसकी जुबान अब अपने आप से मेरी काली गन्दी ऊँगली को चूसने लगती है. उधर अन्नू, अब गौर करती है की मेरी काली ऊँगली काफी मोती और बड़ी थी. वो सोच hi रही थी की उसके आँखों के सामने एक पल के लिए अपने मरे हुए पति रघु की लुल्ली का याद आ जाती है और वो मेरी काली ऊँगली से अपने पति की लुल्ली का कपरिसों करती है. रघु की लुल्ली
बिलकुल मेरी ऊँगली जितनी hi बड़ी थी और ये एहसास होते hi अन्नू मन hi मन शर्मिंदा हो जाती है और इस सोच में उसको यह भी ख्याल नहीं रहता की राधे वही ऊँगली उसके मुँह में डाली थी जिससे उसकी छूट का रास साफ़ किया था. मैं, अब अपनी ऊँगली चुसवाने के थोड़ी देर बाद अन्नू की छूट पर हाथ रख कर उसको सहलाने लगता हु, वही अन्नू, मेरे हाथ पर हाथ रखती है ुर मुझे रोकते हुए, रा.. राधे.. रुकू.. अब बहुत हो गया? प्लीज ये सब बहुत गलत है, माय किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहूंगी तुम समझ क्यों नहीं रहे हो की माय अब एक विधवा हु प्लीज मेरे साथ ऐसा कुछ मत करो, मैं, तू विद्वा है तो क्या तेरी छूट भी विधवा हो गई कुछ भी बोलती है वैसे एक बात बता अगर तू अपने पति की जगह मरती तो तेरा पति क्या दूसरी..
शादी नहीं करता या शादी नहीं भी करता तो क्या वो किसी औरत की छूट नहीं मरता क्या?, अब बता इसका जवाब है तेरे पास? नहीं होगा क्युकी जब रघु की पहली पत्नी मरी थी उसके बाद वो तेरे से शादी किया भले hi वो जिस मकशद से किया हो लेकिन शादी किया न और तू कैसे कह सकती है की तेरे होते हुए भी रघु किसी और औरत को छोड़ता नहीं होगा क्या?, अन्नू, मेरी बात को गौर से सुनती है और मन hi मन (राधे तो सही कह रहा है रघु अगर सच्चा होता और अपने पहली पत्नी से प्यार करता तो वो किसी दूसरी औरत से शादी नहीं करता लेकिन पहली पत्नी के मरने के कुछ महीने बाद hi मेरे से शादी की), इधर मैं, अन्नू को सोचने पर मजबूर करते हुए देख कर गन्दी हसी के साथ अपनी ऊँगली अन्नू के छूट में घुसता हु जिससे वो अपने होंठ काटते हुए सिसकारती है.. ाहहीइए.. मम..
मम्मीयी.. पलासी.. ऐसा.. आह्ह्ह्हह.. मत.. कारु.. उम्म्म.. सशः मेरी गर्म, गीली ऊँगली अपनी छूट में घुसते hi अन्नू की छूट पानी छोड़ देती है वो इतनी एक्ससिटेड हो गयी थी की बस ऊँगली छूट में जाने भर से hi वो झाड़ गयी थी, अन्नू, आज पहली बार ऐसे छूट में ऊँगली जाते hi झरि थी, अन्नू, खुद भी सोक थी की कैसे एक नीच जाट के इंसान के गन्दी ऊँगली करते hi मैं कैसे जहर सकती हूँ.. इधर मैं, अब उसके मासूम से चेहरे को देखता हु, तो क्या देखता हु की अन्नू, का हाँथ अपने मुँह पर रख कर सांसो को कण्ट्रोल करने में लगी हुई थी और अन्नू शर्म के मारे आँखे नहीं मिला पा रही थी मेरे से, साथ hi उसके चुके तेज़ dhadka-ne की वजह से ऊपर नीचे हो रहे थे और मैं, उसको इस हालत में देख अपनी बिच वाली काली मोती ऊँगली को ुर अंदर तक घुसता हु, अन्नू आह्ह्ह्हह..
इस बार उसकी अस्स.. आह्हः बड़े hi कामुक अंदाज़ में निकलती है, वही मेरी काली मोती ऊँगली अन्नू की छूट के अंदर घूम रही थी, गुदगुदी कर रही थी.. साथ hi साथ उस की गर्म छूट ने मेरी ऊँगली को जकड लिया था अब.. जिसके अहसास मुझे होता है की जो छूट मेरी ऊँगली को ऐसे जकड रही है.. तो मेरा मोठे लौड़े का वो क्या हाल करेगी.. और यह ख्याल आते hi मुझे अब इंतज़ार नहीं हो रहा था अन्नू को छोड़ने का.. लेकिन अभी वक़्त था माय कोई जल्दबाजी करने के पक्ष में नहीं था क्युकी औरतो को तड़पना मेरी आदत बन गई थी और अन्नू जैसी गदराई माल को माय अपने फोरप्ले से hi पागल करना चाहता था, ताकि वो खुद कहे मुझे अपनी छूट छोड़ने को, न भी कहे लेकिन मेरा विरोध भी न करे जब मैं उसके छूट में अपना लौड़ा दालु तो?,
बिलकुल मेरी ऊँगली जितनी hi बड़ी थी और ये एहसास होते hi अन्नू मन hi मन शर्मिंदा हो जाती है और इस सोच में उसको यह भी ख्याल नहीं रहता की राधे वही ऊँगली उसके मुँह में डाली थी जिससे उसकी छूट का रास साफ़ किया था. मैं, अब अपनी ऊँगली चुसवाने के थोड़ी देर बाद अन्नू की छूट पर हाथ रख कर उसको सहलाने लगता हु, वही अन्नू, मेरे हाथ पर हाथ रखती है ुर मुझे रोकते हुए, रा.. राधे.. रुकू.. अब बहुत हो गया? प्लीज ये सब बहुत गलत है, माय किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहूंगी तुम समझ क्यों नहीं रहे हो की माय अब एक विधवा हु प्लीज मेरे साथ ऐसा कुछ मत करो, मैं, तू विद्वा है तो क्या तेरी छूट भी विधवा हो गई कुछ भी बोलती है वैसे एक बात बता अगर तू अपने पति की जगह मरती तो तेरा पति क्या दूसरी..
शादी नहीं करता या शादी नहीं भी करता तो क्या वो किसी औरत की छूट नहीं मरता क्या?, अब बता इसका जवाब है तेरे पास? नहीं होगा क्युकी जब रघु की पहली पत्नी मरी थी उसके बाद वो तेरे से शादी किया भले hi वो जिस मकशद से किया हो लेकिन शादी किया न और तू कैसे कह सकती है की तेरे होते हुए भी रघु किसी और औरत को छोड़ता नहीं होगा क्या?, अन्नू, मेरी बात को गौर से सुनती है और मन hi मन (राधे तो सही कह रहा है रघु अगर सच्चा होता और अपने पहली पत्नी से प्यार करता तो वो किसी दूसरी औरत से शादी नहीं करता लेकिन पहली पत्नी के मरने के कुछ महीने बाद hi मेरे से शादी की), इधर मैं, अन्नू को सोचने पर मजबूर करते हुए देख कर गन्दी हसी के साथ अपनी ऊँगली अन्नू के छूट में घुसता हु जिससे वो अपने होंठ काटते हुए सिसकारती है.. ाहहीइए.. मम..
मम्मीयी.. पलासी.. ऐसा.. आह्ह्ह्हह.. मत.. कारु.. उम्म्म.. सशः मेरी गर्म, गीली ऊँगली अपनी छूट में घुसते hi अन्नू की छूट पानी छोड़ देती है वो इतनी एक्ससिटेड हो गयी थी की बस ऊँगली छूट में जाने भर से hi वो झाड़ गयी थी, अन्नू, आज पहली बार ऐसे छूट में ऊँगली जाते hi झरि थी, अन्नू, खुद भी सोक थी की कैसे एक नीच जाट के इंसान के गन्दी ऊँगली करते hi मैं कैसे जहर सकती हूँ.. इधर मैं, अब उसके मासूम से चेहरे को देखता हु, तो क्या देखता हु की अन्नू, का हाँथ अपने मुँह पर रख कर सांसो को कण्ट्रोल करने में लगी हुई थी और अन्नू शर्म के मारे आँखे नहीं मिला पा रही थी मेरे से, साथ hi उसके चुके तेज़ dhadka-ne की वजह से ऊपर नीचे हो रहे थे और मैं, उसको इस हालत में देख अपनी बिच वाली काली मोती ऊँगली को ुर अंदर तक घुसता हु, अन्नू आह्ह्ह्हह..
इस बार उसकी अस्स.. आह्हः बड़े hi कामुक अंदाज़ में निकलती है, वही मेरी काली मोती ऊँगली अन्नू की छूट के अंदर घूम रही थी, गुदगुदी कर रही थी.. साथ hi साथ उस की गर्म छूट ने मेरी ऊँगली को जकड लिया था अब.. जिसके अहसास मुझे होता है की जो छूट मेरी ऊँगली को ऐसे जकड रही है.. तो मेरा मोठे लौड़े का वो क्या हाल करेगी.. और यह ख्याल आते hi मुझे अब इंतज़ार नहीं हो रहा था अन्नू को छोड़ने का.. लेकिन अभी वक़्त था माय कोई जल्दबाजी करने के पक्ष में नहीं था क्युकी औरतो को तड़पना मेरी आदत बन गई थी और अन्नू जैसी गदराई माल को माय अपने फोरप्ले से hi पागल करना चाहता था, ताकि वो खुद कहे मुझे अपनी छूट छोड़ने को, न भी कहे लेकिन मेरा विरोध भी न करे जब मैं उसके छूट में अपना लौड़ा दालु तो?,