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मैं, उसके नग्गी देख कर, लगता है मेरी जान पहले से hi छुड़वाने के मूड में ै थी देखो तो न ब्रा पहनी है और न hi पंतय, मेरी इस बात पर पिया, शर्म से अपने आप को उस सोफे पर समेत कर बैठ जाती है, लेकिन उसके बैठने से नग्गे बदन को नहीं छुपा पाती वही मैं, उसके पैरो को खींच के सिदा किया और उसके छूट को देखते हुए, मेरी परसो की चुदाई से कुछ तो फर्क हुआ देखो कैसे आज फूली हुई है, पिया, दत्त ऐसी गन्दी बाते न करे प्ल्ज़?, मैं, खुद hi आँख खोल कर देखिये अपनी छूट को फिर समझ आएगा की मैं जो बोल रहा हु वो सही है या गलत, पिया, एक बार आँख खोली और अपनी नग्गी छूट की और देखि और देखते hi उसकी आंखे बड़ी हो जाती है और जो माय बोल रहा था वो 100% सच थी उसकी छूट फूली हुई थी पहले की ape-ksha ये देख कर फिर से आंखे बंद कर लेती वही मैं, उसके छूट को सूंघते हुए आज आपके छूट से पहले की अपेक्षा ुर जायदा गंध छोड़ रही है
खास ऐसे hi आप रोज रोज छुड़वाए तो आपकी छूट खुश ज्यादा hi खूबसूरत हो जायगी?, यह कह कर मैं अब अपनी बड़ी नाक उसके फैंको पर जैसे hi टच करता हु वैसे hi उसके मुँह से आह्ह्ह्हह.. राधे?, मैं, उसे सिसकारियां निकलते देख के अरे मेरी जान अभी से ये हाल हो गया मैने तो कुछ किया भी नहीं पिया कुछ नहीं कहती, इधर मैं, उस की छूट पर एक दो बार हाँथ फेरने के बाद अपने सरे कपडे उतर कर उसे सोफे पर फिर से सुला देता हु पीठ के बल और उसकी दोनों पैरो को फैला कर देखने लगा उसकी छूट एक दम फूली हुई थी हलकी फांके भी खुली थी साथ hi उसकी छूट थोड़ी गीली naz-ar आ रही थी, यह सब देखने के बाद मेरा मन हुआ की छूट छाती जाये लेकिन आज उसकी छूट नहीं छाती क्युकी मेरे अंदर सदर नाम की कोई चीज नहीं बची थी अब मैं चाहता था जितना जल्दी हो उतना जल्दी माय अपने लौड़े को उसके छूट में दालु वही
पिया, मुझे कुछ न करता देख कर धीरे से अपनी आंख खोली तो देखि मैं अपना लौड़ा उसकी फूली हुई छूट को देख कर हिला रहा था पिया यह देख और ज्यादा शर्मा जाती है और अपनी छूट पर हाँथ रख लेती है इधर मैं, उसे ऐसा करते देख क उसके हाँथ हटते हुए, अरे मेरी जान क्यों शर्मा रही हो इसे तो माय पहले भी देख लिया है अब sharm-ane से क्या फायदा? ये कहते हुए मैं, अपनी एक तंग सोफे के निचे और दूसरा सोफे पर रख के उसके दोनों पैरो को फैला कर पोजीशन लेता हु और झुक कर अपने लौड़े को छूट के ऊपर सेट करता हु अब्ब पिया, अपनी आंख खोल कर मेरी और देखती है.. वही मैं, उसके आँखों में देखते हुए क्या मेरी जान अंदर दालु या नहीं? ये कह कर एक बार उसे फैंको के बिच रख कर अंदर डालने लगता हु की तभी पीछे खींच लेता हु ये कर के उसे तड़पने लगा वही पिया, जब मेरा लौड़ा उसके छूट के अंदर
जाता तो वो अपने होंठो को काटती लेकिन जैसे hi अपने लौड़े को पीछे करता वैसे hi वो मुझे गुस्से से घूरने लगती पिया इस वक़्त नहीं चाहती थी की राधे अपने लौड़े को उसके छूट के बहार रखे, वो तो चाहती थी जितनी जल्दी हो राधे अपने लौड़ा उसके प्यासी ुर फूली हुई छूट में घुसे?, वही मैं, बोल न मेरी जान दालु अंदर की नहीं.. अब जब तक तू नहीं बोलेगी तब तक माय अपना लौड़ा तेरी छूट में नहीं डालूंगा पिया, भी समझ जाती है की उसके बिना बोले राधे उसकी छूट में अपना लुंड नहीं dal-ega? वह अब्ब अपनी छूट की प्यास के आगे जैसे मजबूर हो जाती है और मेरी और देख के डालिये न अपना लुंड मेरी प्यासी छूट म राधे जी? वो अपने होंठो को काटते हुए सेक्सी अंदाज में मेरे से कहती है वही मैं, यह सुन के जैसे पागल hi हो जाता हु और उसकी दोनों तंग को उठा देता हु अब मुझे उस की छूट ुर गांड की भूरी छेद आसानी से दिखती है,
खास ऐसे hi आप रोज रोज छुड़वाए तो आपकी छूट खुश ज्यादा hi खूबसूरत हो जायगी?, यह कह कर मैं अब अपनी बड़ी नाक उसके फैंको पर जैसे hi टच करता हु वैसे hi उसके मुँह से आह्ह्ह्हह.. राधे?, मैं, उसे सिसकारियां निकलते देख के अरे मेरी जान अभी से ये हाल हो गया मैने तो कुछ किया भी नहीं पिया कुछ नहीं कहती, इधर मैं, उस की छूट पर एक दो बार हाँथ फेरने के बाद अपने सरे कपडे उतर कर उसे सोफे पर फिर से सुला देता हु पीठ के बल और उसकी दोनों पैरो को फैला कर देखने लगा उसकी छूट एक दम फूली हुई थी हलकी फांके भी खुली थी साथ hi उसकी छूट थोड़ी गीली naz-ar आ रही थी, यह सब देखने के बाद मेरा मन हुआ की छूट छाती जाये लेकिन आज उसकी छूट नहीं छाती क्युकी मेरे अंदर सदर नाम की कोई चीज नहीं बची थी अब मैं चाहता था जितना जल्दी हो उतना जल्दी माय अपने लौड़े को उसके छूट में दालु वही
पिया, मुझे कुछ न करता देख कर धीरे से अपनी आंख खोली तो देखि मैं अपना लौड़ा उसकी फूली हुई छूट को देख कर हिला रहा था पिया यह देख और ज्यादा शर्मा जाती है और अपनी छूट पर हाँथ रख लेती है इधर मैं, उसे ऐसा करते देख क उसके हाँथ हटते हुए, अरे मेरी जान क्यों शर्मा रही हो इसे तो माय पहले भी देख लिया है अब sharm-ane से क्या फायदा? ये कहते हुए मैं, अपनी एक तंग सोफे के निचे और दूसरा सोफे पर रख के उसके दोनों पैरो को फैला कर पोजीशन लेता हु और झुक कर अपने लौड़े को छूट के ऊपर सेट करता हु अब्ब पिया, अपनी आंख खोल कर मेरी और देखती है.. वही मैं, उसके आँखों में देखते हुए क्या मेरी जान अंदर दालु या नहीं? ये कह कर एक बार उसे फैंको के बिच रख कर अंदर डालने लगता हु की तभी पीछे खींच लेता हु ये कर के उसे तड़पने लगा वही पिया, जब मेरा लौड़ा उसके छूट के अंदर
जाता तो वो अपने होंठो को काटती लेकिन जैसे hi अपने लौड़े को पीछे करता वैसे hi वो मुझे गुस्से से घूरने लगती पिया इस वक़्त नहीं चाहती थी की राधे अपने लौड़े को उसके छूट के बहार रखे, वो तो चाहती थी जितनी जल्दी हो राधे अपने लौड़ा उसके प्यासी ुर फूली हुई छूट में घुसे?, वही मैं, बोल न मेरी जान दालु अंदर की नहीं.. अब जब तक तू नहीं बोलेगी तब तक माय अपना लौड़ा तेरी छूट में नहीं डालूंगा पिया, भी समझ जाती है की उसके बिना बोले राधे उसकी छूट में अपना लुंड नहीं dal-ega? वह अब्ब अपनी छूट की प्यास के आगे जैसे मजबूर हो जाती है और मेरी और देख के डालिये न अपना लुंड मेरी प्यासी छूट म राधे जी? वो अपने होंठो को काटते हुए सेक्सी अंदाज में मेरे से कहती है वही मैं, यह सुन के जैसे पागल hi हो जाता हु और उसकी दोनों तंग को उठा देता हु अब मुझे उस की छूट ुर गांड की भूरी छेद आसानी से दिखती है,