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दूसरी तरफ गाओ में रघु ठाकुर किसी औरत को पेल रहा था अपने हवेली के पीछे बने एक रूम में और जिस औरत को पेल रहा था वह वही नकाब पोज़ वाली औरत थी जो उसके फॅमिली को बर्बाद करने पे तुली हुई थी, लेकिन रघु के आँखों पे तो जैसे पर्दा पड़ा हुआ था जिसकी वजह से उसकी कोई चाल समझ नहीं प् रहा था वही नकाबौरात, रघु के धक्को से आह्हः.. मालिक उमठ.. सशह्ह्ह.. थोड़ा धीरे जी आप तो मेरी फाड़ के रख डोज आपका कितना मोटा और लुम्बा है जब भी मेरे अंदर जाता है ये मुस्टंडा मुझे दर्द दे hi देता है, ये कहके अपने मन में (सेल चुटिया तेरे लुंड में वो दम है hi नहीं जो एक औरत को कभी संतुस्ट कर पाए जब की तेरा बॉडीगार्ड रखा सिंह तेरे लुल्ली से दुगना बड़ा है ुर तेरे से दुगना टाइम लेके छोड़ता है फिर भी मेरी बुर की प्यास नहीं बुझ पता है), वही रघु, उस औरत के दोनों पैरो को अपने कांड हे पे लिए हुए पेले जा रहा था और उस औरत की बातो को सुन के अपने लुंड पे जैसे गर्व महसूस..
करता है और उसको जवाब देते हुए- है साली तेरी छूट भी बहुत तित है देख मेरे लुंड का दम घोट रही है माय अब ज्यादा देर टिक नहीं पाउँगा? तेरी छूट तो अन्नू के छूट से भी गरम है तभी तो तुझे यहाँ बुलाते रहता हु छोड़ने को?, इधर वो औरत जो चुदाई में उसे बिलकुल मज़ा नहीं आ रहा था वो रघु के बातो को सुन के अपनी सोच से जाएगी और रघु के मोठे कमर में हाँथ दाल के अपने ऊपर ले ली वही रघु 4 से 5 धक्के लगाने के बाद अपने लुंड का पानी उस औरत के छूट में भर के उसके ऊपर पूरा लेट के हाफने लगा वही वो औरत उसके पीठ को सहलाते हुए रघु जी मुझे कुछ पैसो की जरुरत है मेरा बीटा जिस कॉलेज में पढ़ रहा है उसकी फीस देनी है कोई 1 लाख रूप इस?, वही रघु, उस औरत के ऊपर से उठ के बगल में लेट के हफ्ते हुए ठीक है तेरे अकाउंट में ट्रांसफर करवा दूंगा और कुछ जरुरत हो बता देना?, नकाबौरात, जी ठीक है ये कहके वो बीएड से उठी ुर अपनी साड़ी पहने लगी, इधर रघु, उसे..
घूरते हुए अब कब मिलना है हमें तू एक दिन पहले बता दिया कर वैसे तेरे बच्चे तो अपने अपने कॉलेज चले गए होंगे और तेरा घर तो खली hi होगा फिर माय वही आ जाया करूँगा तू क्या कहती है?, नकाबौरात, है ये ठीक रहेगा वैसे भी हम यहाँ चुप.. चुप के मिलने आते है वह तो मेरे घर पे कोई डर भी नहीं होगा?, ये कहके वो तैयार हो गई और रघु कुछ देर आराम करके अपने कपडे पहना और उस औरत को ड्राइवर से बोल के उसके घर छोड़ने को बोल दिया और अपने हवेली में गया तो देखा उसकी पत्नी अन्नू सोफे पे बैठ के टीवी देख रही थी जिसे देख के वह जैसे डर सा गया क्युकी अन्नू हवेली पे नहीं थी वो सहर गई हुई थी अपने मयके वही रघु, अरे तुम कब ै?, अन्नू, जी बस 20 मिनट्स hi हुए है और कपडे बदल के बस यहाँ बैठी hi थी की आप आ गए?, रघु, उसकी बात सुन के मन में (चलो ये उस औरत को नहीं देखि वर्ण आज तो ये मेरी जान hi खा जाती),
करता है और उसको जवाब देते हुए- है साली तेरी छूट भी बहुत तित है देख मेरे लुंड का दम घोट रही है माय अब ज्यादा देर टिक नहीं पाउँगा? तेरी छूट तो अन्नू के छूट से भी गरम है तभी तो तुझे यहाँ बुलाते रहता हु छोड़ने को?, इधर वो औरत जो चुदाई में उसे बिलकुल मज़ा नहीं आ रहा था वो रघु के बातो को सुन के अपनी सोच से जाएगी और रघु के मोठे कमर में हाँथ दाल के अपने ऊपर ले ली वही रघु 4 से 5 धक्के लगाने के बाद अपने लुंड का पानी उस औरत के छूट में भर के उसके ऊपर पूरा लेट के हाफने लगा वही वो औरत उसके पीठ को सहलाते हुए रघु जी मुझे कुछ पैसो की जरुरत है मेरा बीटा जिस कॉलेज में पढ़ रहा है उसकी फीस देनी है कोई 1 लाख रूप इस?, वही रघु, उस औरत के ऊपर से उठ के बगल में लेट के हफ्ते हुए ठीक है तेरे अकाउंट में ट्रांसफर करवा दूंगा और कुछ जरुरत हो बता देना?, नकाबौरात, जी ठीक है ये कहके वो बीएड से उठी ुर अपनी साड़ी पहने लगी, इधर रघु, उसे..
घूरते हुए अब कब मिलना है हमें तू एक दिन पहले बता दिया कर वैसे तेरे बच्चे तो अपने अपने कॉलेज चले गए होंगे और तेरा घर तो खली hi होगा फिर माय वही आ जाया करूँगा तू क्या कहती है?, नकाबौरात, है ये ठीक रहेगा वैसे भी हम यहाँ चुप.. चुप के मिलने आते है वह तो मेरे घर पे कोई डर भी नहीं होगा?, ये कहके वो तैयार हो गई और रघु कुछ देर आराम करके अपने कपडे पहना और उस औरत को ड्राइवर से बोल के उसके घर छोड़ने को बोल दिया और अपने हवेली में गया तो देखा उसकी पत्नी अन्नू सोफे पे बैठ के टीवी देख रही थी जिसे देख के वह जैसे डर सा गया क्युकी अन्नू हवेली पे नहीं थी वो सहर गई हुई थी अपने मयके वही रघु, अरे तुम कब ै?, अन्नू, जी बस 20 मिनट्स hi हुए है और कपडे बदल के बस यहाँ बैठी hi थी की आप आ गए?, रघु, उसकी बात सुन के मन में (चलो ये उस औरत को नहीं देखि वर्ण आज तो ये मेरी जान hi खा जाती),