- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 94,082
लुंड का सूपड़ा अब उसकी छूट की फैंको को हलके से चीरता हुआ अंदर जाता है पर मैं जल्दी से लुंड बहार खींच लेता हु. रति, अह्हह्ह्ह्ह.. करते हुए उसके चेहरे पर गुस्सा और फ़्रस्ट्रेशन अब साफ़ झलकने लगता है. मुझे भी यही चाहिए था... रति की सासे अब बढ़ चुकी थी और उसकी हवस आसमान छू रही थी. माय फिर से मु से एक बार फिर से ढेर सारा थूक निकल के फुले हुए सुपडे पे लगाया और अपना लुंड को रति की छूट पर रखता हु और इस बार जैसे hi रति को महसूस हुआ वो जोर से अपनी गांड को ऊपर उठती है और इधर माय भी एक धक्का रति की और मार देता हु और दोनों की टाइम कमल की थी जिसकी से मेरा मुसल कला लुंड सूपड़ा उसकी गीली और फूली हुई छूट की फैंको को चीरता हुआ लगभग 25% तक अंदर घुस जाता है. रति, दर्द से कराहते हुए अपनी दन्त को पिस्टे हुए आउह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम
मर गई मैं प्लीज बहार निकालो बहुत मोटा है जिजुओ आपका मैं आह्ह्ह्ह मर जाउंगी आअह्ह्ह्ह प्लीज जीजू निकल लो सशः ुउउइइइइइ.. मायआ.. ऊम्महहह.. हहहयययययय, रति के मुँह से एक चीख निकल जाती है, उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है और वो अपने दोनों हाथो से मु दबा लेती है. उसे दर था कही उसकी आवाज़ बहार तक न चली जाये और कोई न सुन ले, वो तड़प रही थी दर्द से मेरे फुला हुआ सूपड़ा hi अभी घुसा था जिससे रति को बेहद दर्द हो रहा था इधर उसकी इस हरकत से माय हैरान और खुश दोनों हो गया था.. अब माय फिर से अपना लुंड बहार निकलने hi वाला था की रति अपना हाथ मेरे लुंड पर रख कर अपनी छूट मेरे लुंड पर दबाने लगती हु. माय उसकी इस हरकत से एक्साइट होते हुए मैं, अरे वाह मेरी जान.. तुझे तो दर्द हो रहा था न अब ये हुई न बात.. अब ये ले.. माय रति की पतली कमर जो करीब 26 साइज की थी,
उसे पकड़ कर अब एक जोर दर झटका मरता हु जिससे मेरा कला मुसल लुंड उसकी कासी छूट को चीरता हुआ 50% अंदर चला जाता है.. अब मेरा आधा करीब 6 इंच घुस चूका था इधर रति अपनी चीख को अपने एक हाथो से दबा देती है. उसको काफी दर्द होने लगता है और उसके आँखों से लगातार आंसू बहने लगते है उसकी छूट के अंदर मुझे अपने लुंड पे कुछ गरमा गरम गिरता हुआ महसूस हुआ तो मैं चौकते हुए थोड़ा उठा और अपने लुंड की तरफ देखा तो पाया की मेरे लुंड के साइड से लाल लाल कुछ निकलता हुआ दिखा तो मैं हैरान होते हुए रति तुम कुमारी थी क्या मेरी आवाज़ सुन के रति जो अपने हांथो से अपना मुँह बंद की हुई थी और आंखे बंद थी वो मेरी आवाज़ सुन के अपनी फाल्के खोल के मेरी तरफ देखती है और मैं इसारे से कहा निचे देखो और वो थोड़ा उठ के अपनी छूट की तरफ देख
हैरान होते हुए जीजू अपने मेरी फाड् दी देखो कितना खून निकल रहा है, मैं उसकी बचपना और भोले पान को देख के अरे मेरी रानी ये तेरा कुमार पान आज भांग हुआ है जब की तेरी शादी को 4 साल हो गए अब कोई कपडा दे वर्ण सुबह बूढी काकी अपने बिस्तर पे खून देखेंगी तो क्या कहेंगी रति इधर उधर देखि तो बीएड के बगल में हम दोनों का बेग रखा हुआ था लेकिन उसका हाँथ वह तक नहीं पहुंच रहे थे तो मैं उठने लगा तो रति मेरी कमर में हाँथ दाल के जीजू अब मत निकालो अपना नहीं तो जब फिर से घुसाओ गए तो दर्द होगा फिर वो ये बोल के खुद hi थोड़ा बीएड से झुक के बेग के ऊपर राखी रति का दुपट्टा जो आज सुबह हॉस्पिटल जाने टाइम पहनी हुई थी उसी दुपाते को खींच के मेरी तरफ की और मैं रति को गांड उठाने को बोलै तो रति उठाई बिस्तर से लेकिन वो लुंड मेरा नहीं निकली और
थोड़ा उठ गई और मैं जल्दी से उसकी बड़ी गांड के निचे दुपट्टा रख दिया और रति फिर से लेट गई और वो मेरी और देखने लगी और मैं इस बार फिर से अपना लुंड थोड़ा पीछे कर के एक और तेज़ धक्का मरता हु पक्क की आवाज़ करते मेरा करीब 70% लुंड उसकी फूली हुई छूट की तित फैंको को फैलते हुए घुस चूका था और फिर से रति की चीख निकलते निकलते रह जाती है क्युकी वो खुद hi अपने मु पे हाँथ रख ली थी और दूसरे हाँथ से मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगती है उसकी छूट मेरे मुसल लुंड को ऐसे पकड़ी थी जैसे लोहे को मैगनेट इधर माय उसके दोनों चुचो को अपने दोनों हांथो से मसलते हुए अब अपनी कमर आगे पीछे करने लगता हु.. रति को मेरा कला मुसल लुंड काफी अंदर तक महसूस होने लगता है और वो अब अपने मुँह पर से हाथ हटा कर धीरे से मुझे को रिक्वेस्ट करती है.
मर गई मैं प्लीज बहार निकालो बहुत मोटा है जिजुओ आपका मैं आह्ह्ह्ह मर जाउंगी आअह्ह्ह्ह प्लीज जीजू निकल लो सशः ुउउइइइइइ.. मायआ.. ऊम्महहह.. हहहयययययय, रति के मुँह से एक चीख निकल जाती है, उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है और वो अपने दोनों हाथो से मु दबा लेती है. उसे दर था कही उसकी आवाज़ बहार तक न चली जाये और कोई न सुन ले, वो तड़प रही थी दर्द से मेरे फुला हुआ सूपड़ा hi अभी घुसा था जिससे रति को बेहद दर्द हो रहा था इधर उसकी इस हरकत से माय हैरान और खुश दोनों हो गया था.. अब माय फिर से अपना लुंड बहार निकलने hi वाला था की रति अपना हाथ मेरे लुंड पर रख कर अपनी छूट मेरे लुंड पर दबाने लगती हु. माय उसकी इस हरकत से एक्साइट होते हुए मैं, अरे वाह मेरी जान.. तुझे तो दर्द हो रहा था न अब ये हुई न बात.. अब ये ले.. माय रति की पतली कमर जो करीब 26 साइज की थी,
उसे पकड़ कर अब एक जोर दर झटका मरता हु जिससे मेरा कला मुसल लुंड उसकी कासी छूट को चीरता हुआ 50% अंदर चला जाता है.. अब मेरा आधा करीब 6 इंच घुस चूका था इधर रति अपनी चीख को अपने एक हाथो से दबा देती है. उसको काफी दर्द होने लगता है और उसके आँखों से लगातार आंसू बहने लगते है उसकी छूट के अंदर मुझे अपने लुंड पे कुछ गरमा गरम गिरता हुआ महसूस हुआ तो मैं चौकते हुए थोड़ा उठा और अपने लुंड की तरफ देखा तो पाया की मेरे लुंड के साइड से लाल लाल कुछ निकलता हुआ दिखा तो मैं हैरान होते हुए रति तुम कुमारी थी क्या मेरी आवाज़ सुन के रति जो अपने हांथो से अपना मुँह बंद की हुई थी और आंखे बंद थी वो मेरी आवाज़ सुन के अपनी फाल्के खोल के मेरी तरफ देखती है और मैं इसारे से कहा निचे देखो और वो थोड़ा उठ के अपनी छूट की तरफ देख
हैरान होते हुए जीजू अपने मेरी फाड् दी देखो कितना खून निकल रहा है, मैं उसकी बचपना और भोले पान को देख के अरे मेरी रानी ये तेरा कुमार पान आज भांग हुआ है जब की तेरी शादी को 4 साल हो गए अब कोई कपडा दे वर्ण सुबह बूढी काकी अपने बिस्तर पे खून देखेंगी तो क्या कहेंगी रति इधर उधर देखि तो बीएड के बगल में हम दोनों का बेग रखा हुआ था लेकिन उसका हाँथ वह तक नहीं पहुंच रहे थे तो मैं उठने लगा तो रति मेरी कमर में हाँथ दाल के जीजू अब मत निकालो अपना नहीं तो जब फिर से घुसाओ गए तो दर्द होगा फिर वो ये बोल के खुद hi थोड़ा बीएड से झुक के बेग के ऊपर राखी रति का दुपट्टा जो आज सुबह हॉस्पिटल जाने टाइम पहनी हुई थी उसी दुपाते को खींच के मेरी तरफ की और मैं रति को गांड उठाने को बोलै तो रति उठाई बिस्तर से लेकिन वो लुंड मेरा नहीं निकली और
थोड़ा उठ गई और मैं जल्दी से उसकी बड़ी गांड के निचे दुपट्टा रख दिया और रति फिर से लेट गई और वो मेरी और देखने लगी और मैं इस बार फिर से अपना लुंड थोड़ा पीछे कर के एक और तेज़ धक्का मरता हु पक्क की आवाज़ करते मेरा करीब 70% लुंड उसकी फूली हुई छूट की तित फैंको को फैलते हुए घुस चूका था और फिर से रति की चीख निकलते निकलते रह जाती है क्युकी वो खुद hi अपने मु पे हाँथ रख ली थी और दूसरे हाँथ से मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगती है उसकी छूट मेरे मुसल लुंड को ऐसे पकड़ी थी जैसे लोहे को मैगनेट इधर माय उसके दोनों चुचो को अपने दोनों हांथो से मसलते हुए अब अपनी कमर आगे पीछे करने लगता हु.. रति को मेरा कला मुसल लुंड काफी अंदर तक महसूस होने लगता है और वो अब अपने मुँह पर से हाथ हटा कर धीरे से मुझे को रिक्वेस्ट करती है.