Teri tadap jaldi khatam nahi hogi - Page 15 - SexBaba
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Teri tadap jaldi khatam nahi hogi

अपडेट ..... 119

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

अर्जुनननननन

माआआआआ

अर्जुन बाइक चलते हुए अचानक ब्रेक लगा देता है

अचानक ब्रेक लगते hi राखी देवी खुद को संभल नहीं पति है आवर राखी देवी की इस वक़्त तानी हुई टाइट चुकी अर्जुन के पीठ मैं डाब जाती है जो राखी देवी बाइक पर बैठी हुई सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन को पकड़ लेती है



राखी देवी शर्माती हुई अर्जुन से अलग होती हुई अर्जुन के कमर पर चींटी काट देती है



कमर पे थोड़ा दर्द होते hi अर्जुन भी माँ पुकारता हुए उछाल पड़ता है

अर्जुन बाइक को वही रोक कर अपने कमर पे हाथ सहलाने लगता है तभी आगे से एक कुत्ता भोक्ता हुए भाग निकलता है जो राखी देवी की नज़र भी उस कुत्ते पे पद जाती है

अरे ये कुत्ता ... राखी देवी कुत्ते को भोकते हुए जाते देख कर मन मैं सोचती है

राखी देवी को ये भी अहसास हो जाती है अर्जुन ने उस कुत्ते को देख कर ब्रेक लगाया है जो मैंने कुछ आवर सोच कर अर्जुन को चींटी काट दिया

राखी देवी को ये अहसास होते है राखी देवी मन hi मन थोड़ी शर्मा भी जाती है

माँ मैंने क्या किया जो आप ने मुझे कान ...

अर्जुन आगे कुछ बोलता तभी राखी देवी अपना हाथ अर्जुन के हाथ पर रख देती है आवर वह भी अर्जुन के कमर को सहलाने लगती है जो अर्जुन आगे कुछ बोल भी नहीं पता है

वह मुझे लगा तुमने जान भुज कर ब्रेक लगया है ... दर्द हुआ क्या .... राखी देवी अपनी मुंह अर्जुन के कान के पास लेकर बड़े hi प्यार से बोलती है जो अर्जुन को अपनी माँ की आवाज़ मैं एक अलग hi अहसास महसूस होती है

Ahhhhhhhhhhhhhh

मैं जनता अगर इतना मज़ा आता तो मैं कई बार ऐसे ब्रेक लगा देता .... कितनी सख्त है आप की .... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है



वही अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी शर्माती हुई झट से अर्जुन से अलग हो जाती है



जो अभी भी अर्जुन के पीठ मैं अपनी तानी हुई टाइट चुकी दबाई हुई होती है

अर्जुन ननननननन

अर्जुन को शीशे मैं मुस्कुराते हुए देख कर राखी देवी सरम से पानी पानी हो जाती है आवर अपनी नज़र चुराती हुई एक बार फिर से अर्जुन के पीठ पर प्यार से मार देती है



माँ शर्माती हुई आवर भी कहर ध रही है ....





अपनी माँ को शरमाते हुए देख कर अर्जुन मन मैं सोचता है ..... आवर फिर से बाइक स्टार्ट कर देता है



राखी देवी इस बार अर्जुन से थोड़ी दूर बैठी हुई होती है ताकि उनकी बड़ी बड़ी चुकी अर्जुन के पीठ मैं न टाच हो लेकिन अर्जुन रस्ते मैं कभी कभी ब्रेक लगा hi रहा होता है जो राखी देवी की चुकी अर्जुन के पीठ मैं टाच हो रही होती है

अपनी माँ की गर्म तानी हुई टाइट चुकी को अहसास करते हुए अर्जुन का लैंड बार बार उठ खड़ा हो रहा होता है

वही राखी देवी को अब मज़ा आ रहा होता है जो राखी देवी अपनी चुकी को अर्जुन के पीठ से हटा नहीं रही होती

अर्जुन के पीठ मैं अपनी चुकी को दबाते हुए राखी देवी को एक अलग hi अहसास हो रही होती है जो राखी देवी उस अहसास हो अपनी छूट मैं महसूस कर रही होती है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह Aaaaaaaaaaa

हे भगवन क्या हो रही मेरी छूट मैं Ahhhhhhhhhhh

राखी देवी अपनी मुंह दूसरी तरफ कर के थोड़ी थोड़ी आहे भर रही होती आवर अपनी छूट मैं हो रही हलचल को बर्दास्त करती हुई मन सोचती है

माँ माँ

अर्जुन बाइक रोक कर अपनी माँ को आवाज़ देता है जो राखी देवी अपनी सोच से बहार आती हुई अर्जुन से अलग होकर बाइक से उतर जाती है

अर्जुन बीटा मुझे दर लग रहा है ... कोई हम दोनों को देख लेगा तो .... राखी देवी होटल के चरों तरफ देखती हुई दर कर बोलती है

माँ यह किसी को नहीं पता हम दोनों कौन है आप डरिये नहीं ...

माँ कोई जानने वाले भी हम दोनों को देख लेंगे तो वह एहि सोचेंगे किसी प्रॉब्लम के वजह से हम दोनों सायद होटल मैं आज रात रुक रहे है ... अर्जुन अपनी माँ को डरते हुए देख कर बोलता है

राखी देवी सच मैं थोड़ी दर रही होती है

राखी देवी अपनी साड़ी ठीक करती हुई पल्लू को अपने सर पे डालती है आवर अर्जुन के पीछे पीछे होटल मैं जाने लगती है

अर्जुन तू आवर इस होटल मैं ....

अर्जुन जैसे hi काउंटर पे जाता है एक लड़का अर्जुन को देख कर बड़ी hi हैरानी से बोलता है .....

क्यू मैं इस होटल मैं नहीं आ सकता क्या ... चल जल्दी से मुझे के दे जो मोहित ने रूम लिया है ...... अर्जुन उस लड़के को देख कर बोलता है

क्याआआआ .... अर्जुन की बात सुनते hi उस लड़के के मुंह खुला के खुला रह जाता है क्यू के मोहित ने जो रूम लिया होता है वह रूम बहुत hi हाई लेवल का होता है जो वह लड़का हैरान रह जाता है ये सुन कर के वह रूम अर्जुन ने बुक किया है आवर उससे भी बड़ा हैरान सामने औरत को देख कर होता है ...

क्यू के मोहित ने रूम बुक करते वक़्त कोई प्रूफ भी नहीं दिया होता है आवर ये लड़का पैसे की लालच मैं मोहित की बात भी मान गया होता है

अबे जयादा मत सोच . . आवर के दे ... अर्जुन उस लड़के को घूरते हुए बोलता है

लास्ट मंज़िल 57 रूम नंबर.... उधर से लिफ्ट है

वह लड़का भी कोई आवर बात न बोलते हुए के अर्जुन को दे देते हुए बोल पड़ता है

अर्जुन अपनी माँ को लेकर लिफ्ट मैं चला जाता है

साला अर्जुन कब से आंटी को छोड़ने .... ये तो लड़की से भी दूर रहता था ... आवर आज इतनी बड़ी आंटी को छोड़ने लेकर आया है

साला आंटी भी एटम बम फसाया है .... मन तो कर रहा है जाकर लिफ्ट मैं hi उस रंडी आंटी की गांड फाड् दूँ ....

अर्जुन आवर राखी देवी को जाते हुए देख कर वह लड़के राखी देवी की गांड को घूरते हुए देख कर अपने हाथ लैंड पर रख कर लैंड मसल देता है

Ahhhhhhhhhh

साला अर्जुन नहीं होता तो मैं भूल जाता उस मोहित ने मुझे कितने पैसे दिए है ...... वह लड़का अपना लैंड मसलते हुए मन सोचता है

लिफ्ट मैं राखी देवी गेट के पास कड़ी होती है आवर अर्जुन ठीक राखी देवी के पीछे खड़ा होता है लिफ्ट स्टार्ट होते hi राखी देवी थोड़ी पीछे की तरफ चली आती है आवर राखी देवी की बड़ी गांड अर्जुन के लैंड मैं टाच हो जाती है

राखी देवी की बड़ी गांड अर्जुन के लैंड मैं टाच होते hi अर्जुन का लैंड जोश मैं खड़ा होने लगता है

राखी देवी आगे होने को होती है तभी अर्जुन राखी देवी की कमर को पकड़ कर बाँहों मैं भर लेता है

huinnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन के बाँहों मैं जाते hi राखी देवी अपनी आँखें बंद करती हुई सिसक पड़ती है

अर्जुन अपनी माँ को बाँहों मैं भरे हुए अपनी कमर को राखी देवी की बड़ी गांड मैं दबाओ बनाने लगता है

Ahhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा अह्ह्ह्हह्हह

राखी देवी सरमाती हुई अर्जुन से दूर होने की कोशिश करने लगती है लेकिन अर्जुन आवर भी अपनी माँ को बाँहों मैं भरते hi चला जा रहा होता है

माँ आप की ये जिस्म मुझे पागल कर देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी को अर्जुन का लैंड जैसे hi अपनी गांड पे महसूस होती है राखी देवी की दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है आवर राखी देवी अपनी गांड इधर उधर करने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा प्लीज इधर नहीं

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन राखी देवी को बाँहों मैं भरे हुए गले को चूमने लगता है जो राखी देवी बेचैन होने लगती है आवर अर्जुन को लिफ्ट मैं कुछ न करने के मिन्नत नहीं करने लगती है

क्यू की अर्जुन की हरकत से राखी देवी की छूट मैं भी हलचल सी मचने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन राखी देवी को चूमते हुए अपना हाथ राखी देवी की चिकनी कमर पे फेरते हुए अपनी ऊँगली माँ की नेवल मैं दाल देते है जो राखी देवी अह्ह्ह भर्ती हुई लिफ्ट मैं hi घोड़ी बन जाती है

अपनी माँ को घोड़ी बनते हुए प् कर अर्जुन अपनी माँ की साड़ी ऊपर करने को होता है तभी लिफ्ट रुक जाती है आवर अर्जुन उसी झटके मैं अपनी माँ की साड़ी निचे कर देता है

वही राखी देवी भी झट से कड़ी होती हुई अपनी साड़ी ठीक करने लगती है

राखी देवी कड़ी होकर अपनी साड़ी को ठीक कर रही होती है तभी अर्जुन की नज़र अपनी माँ की चेहरे पे जाती है जो राखी देवी की आँखें बिलकुल लाल होती है आवर राखी देवी की माथे पे पसीना भी हो रही होती है

राखी देवी की नज़र जैसे hi अपने से मिलती है राखी देवी अपनी पल्लू को साइन पे डालती हुई अपनी नज़र निचे कर लेती है जो अपनी को सरमते हुए देख कर अर्जुन के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है

लिफ्ट से निकलने निकलने के बाद बस कुछ कदम चलने के बाद hi अर्जुन को रूम दिखाई दे देता है जो अर्जुन रूम खोल कर रूम मैं आ जाता है

वही राखी देवी अर्जुन के पीछे पीछे रूम मैं आ जाती है आवर राखी देवी रूम को लॉक कर देती है

राखी देवी रूम लॉक करने के बाद गेट पे hi कड़ी रह जाती है

वही अर्जुन बीएड पे बैठ कर अपनी माँ को देखने लगता है जो गेट के पास अभी भी सर निचे किये हुए कड़ी होती है

अर्जुन चलता हुए फिर से अपनी माँ के पास आ जाता है आवर राखी देवी के सामने खड़े होकर अपने एक हाथ ऊपर के के अपनी माँ की चेहरे को ऊपर करने लगता है

अर्जुन अपनी माँ की चेहरे को ऊपर करता है तो देखता है उसकी माँ की आँखों मैं एक अजीब सी नासा दिख रही होती है

राखी देवी जैसे hi अपनी नज़र उठा कर अर्जुन की तरफ देखती है राखी देवी की होंठ अपने आप hi एक दूसरे से खुल जाती है आवर राखी देवी अर्जुन की आँखों मैं देखती हुई अपनी नज़र निचे करती हुई अर्जुन के होंठ को देखने लगती है

अर्जुन अपनी माँ की गुलाबी होंठों को खुला देख कर अर्जुन धीरे धीरे अपना होंठ अपनी माँ की होंठों की करीब करने लगता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अभी अपनी माँ की होठों की करीब अपना होंठ कर hi रहा होता है के राखी देवी खुद hi अपनी होंठ अर्जुन के होंठ मैं सत्ता देती है आवर अर्जुन के होंठों को चूमने लगती है

अर्जुन भी अपनी माँ की गले को पकड़ कर किश करने लगता है

वही राखी देवी भी अर्जुन के सर को पकड़ कर अर्जुन के होंठों को चूसने लगती है

दोनों माँ बेटे एक दूसरे के होंठों को चूमते हुए बीएड के पास आ जाते है आवर राखी देवी किश करती हुई hi अर्जुन के ऊपर बीएड पर गिर पड़ती है लेकिन दोनों माँ बेटे की किश जारी रहती है

राखी देवी किश करती हुई अर्जुन के ऊपर hi बैठ गयी होती है जिससे राखी देवी की बड़ी गांड के निचे अर्जुन का मोटा लम्बा नाग फुंफकार मार रहा होता है राखी देवी की छोटी hi गुफा मैं जाने के लिए

राखी देवी अर्जुन के ऊपर लेती हुई अर्जुन को किश करती hi जा रही होती है वही अर्जुन भी अपनी की किश करते हुए अपना हाथ अपनी माँ के चिकनी कमर पर फेर रहा होता है आवर फिर अर्जुन अपनी माँ की चिकनी कमर को मसल देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी किश तोड़ती हुई अर्जुन के ऊपर बैठ कर एक लम्बी सिसकियाँ ले लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अर्जुन के ऊपर बैठी हुई के तभी राखी देवी को अपनी स

हूत के ऊपर अर्जुन का लैंड महसूस होता है जिससे राखी देवी की मैं भी एक मीठा चुभन महसूस होने लगती है जो राखी देवी अपनी गांड हिला कर अपनी छूट को अर्जुन के ऊपर रगड़ देती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaa

अपनी माँ की हरकत से अर्जुन के जिस्म भी गंगना जाता है जो अर्जुन अपना कमर उठाते हुए माँ पुकार देता है

अर्जुन का लैंड फूल हार्ड खड़ा हो चूका होता है जिससे

अर्जुन को अपने लैंड मैं दर्द सा महसूस होने लगता है अर्जुन झटके मैं अपनी माँ को बीएड पर लेता कर खुद राखी देवी के ऊपर आ जाता है आवर राखी देवी की दोनों हाथ को पकड़ कर राखी देवी के ऊपर गिर जाता है



अर्जुन राखी देवी के ऊपर लेता कर अपने मुंह राखी देवी की होंठ मैं टाच करने लगता है जिससे राखी देवी अपनी दोनों होंठों को खोलती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

राखी देवी आँखें तो बंद कर ली होती है लेकिन राखी देवी की धड़कन तेज़्ज़ हो गयी होती है जिससे राखी देवी की बड़ी बड़ी पहाड़ की तरह उठी हुई चुकी की निप्पल अर्जुन के साइन मैं चुभ रही होती है

अर्जुन के साइन मैं निप्पल टाच होने से राखी देवी की जिस्म सिहर उठती है जिससे राखी देवी अपनी बड़ी गांड उठा कर अर्जुन को बाँहों मैं भर लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

वही अर्जुन भी अपना मुंह राखी देवी की होंठों पे ना रखते हुए राखी देवी की निप्पल को मुंह मैं भर लेते है जो राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई बीएड पे मचल जाती है

राखी देवी की छूट मैं भी हलचल सी मच उठती है

क्यू के अर्जुन का लैंड भी अपनी माँ की छूट की गर्मी से खड़ा होकर माँ की छूट मैं जाने के लिए बेचैन हो चूका होता है

अर्जुन अपना कमर कमर आउट भी दबा कर अपना लैंड अपनी माँ की छूट मैं दबाने लगता है

अर्जुन का मोटा हार्ड लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस करती हुई राखी देवी की छूट गर्म होकर पानी छोड़ने लगती है

राखी देवी भी अपनी गांड उठा कर अपनी छूट अर्जुन के लैंड मैं दबाने लगती है

ऊपर से अर्जुन राखी देवी की निप्पल को बार बार होंठों से खिंच रहा होता है जिससे राखी देवी अपने बेटे की हरकत से बीएड पर सिसकियाँ लेती हुई मचल रही होती है

अर्जुन अपनी माँ की निप्पल को खींचते हुए अपना हाथ निचे लेकर जाता है आवर अपनी माँ की साड़ी मैं हाथ डालते हुए पेंटी के ऊपर से hi छूट पे हाथ रख देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रूम मैं दोनों माँ बेटे की आठ गूंज जाती है वही अर्जुन तो अपनी माँ से अलग hi हो गया होता है आवर कभी अपन हाथ तो कभी अपनी माँ को देख रहा होता है

वही राखी देवी अर्जुन की अह्ह्ह्ह सुन कर अपनी आँखें खोल कर अर्जुन को देख कर शर्माती हुई आँखें निचे कर लेती है


माँ आप की छूट है या कोई धधकती हुई आग की कुवा .... माँ बोलो न

अर्जुन अपन हाथ देखते हुए पूछता है आवर अपनी माँ की आँखों मैं देखने लगता है

वही इस बार राखी देवी भी अर्जुन के आँखों मैं पलके झपकाए देख रही होतीअ है

माँ मुझे इस कुवे मैं मुझे कूदने है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन बोलता हुआ अपना हाथ फिर से साड़ी के ऊपर से hi राखी देवी की छूट पे रख देता है जिससे राखी देवी अर्जुन को देखती हुई अपनी मुंह खोल कर सिसकियाँ ले लेती है

खुद जाऊं न अर्जुन .... ये आग तुम्हारी माँ को बहुत जलती है ..... मैं इस आग से जल जल कर कही मरररररररत

Maaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी की आँखें भी अब लाल होने लगती है आवर राखी देवी मदहोशी मैं बोल रही होती है तभी अर्जुन माँ बोलते हुए अपना हाथ राखी देवी की मुंह पे रख देता है

मैं आप को इस आग मैं आवर जलने नहीं दूंगा माँ .... अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं देखता हुआ बोलता है

वही राखी देवी अर्जुन को देखती हुई बस थोड़ी से शर्माती हुई मुस्कुरा देती है


Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अपनी माँ को शरमाते हुए देख कर अर्जुन के मन मैं कुछ चलने लगता है जो अर्जुन झट से अपनी माँ की साड़ी को पकड़ कर खींचने लगता है जो राखी देवी बीएड पे घूमने लगती है आवर अर्जुन अपनी माँ की साड़ी निकल कर बीएड के निचे फेक देता है

वही राखी देवी अपनी दोनों हाथ को चुकी पे रख कर अपनी पहाड़ जैसी चुकी को छुपाने लगती है

अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं देख कर मन hi मन मुस्कुरा रहा होता है

राखी देवी अर्जुन को देख कर सरमाती हुई अपनी पलके निचे करती है तभी अर्जुन झट से अपनी माँ की पेटीकोट की नाडा पकड़ कर खिंच देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अपना हाथ पेटीकोट पकड़ने को होती है तब तक अर्जुन पेटीकोट को निकल देता है जो राखी देवी झट से बीएड पे बैठ कर अपनी दोनों पेअर सत्ता कर अपनी हाथ से चुकी को छुपा लेती है

माँ मुझे आप की उस कुवे को देखना है है ....


अर्जुन राखी देवी की कानों मैं बहुत hi धीरे से बोलता है

अर्जुन के कहने का मतलब राखी देवी समझते hi राखी देवी की जिस्म सिहर जाती है


राखी देवी शर्माती हुई एक नज़र अर्जुन को देख कर अपनी सर दूसरी तरफ घुमा लेती है

माँ को शरमाते हुए नज़ारे चुराते देख कर अर्जुन मन hi मन मुस्कुरा देता है आवर अपनी माँ के चिकनी पीठ को चूमने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के चूमते hi राखी देवी अह्ह्ह भर्ती हुई बीएड पर लेट जाती है

wohhhhhhhhhhhh

अर्जुन की नज़र जैसे hi राखी देवी की छूट पर जाती है अर्जुन का मुंह खुला के खुला रह जाता है

क्यू के राखी देवी की छूट पेंटी मैं होने के बाद भी फूली हुई होती है आवर राखी देवी छूट की लकीर बिलकुल अर्जुन के आँखों के सामने दिखाई दे रही होती है जिसे देख कर अर्जुन का लैंड आवर भी उफान मरने लगता है

वही राखी देवी लेती हुई अपनी दोनों पहाड़ जैसी चुकी को छुपाने की कोशिश मैं अपनी छूट को छिपाना भूल गयी होती है अर्जुन को अपनी छूट को घूरते हुए देख कर राखी देवी की धड़कन तेज़ हो जाती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी अपनी चुकी को छोड़ कर छूट को छिपाने के लिए हाथ निचे करती है तभी अर्जुन अपना हाथ राखी देवी की छूट पर रख देता है जो राखी देवी अपनी माँ को
पुकारती हुई सिहर उठती है

वही अर्जुन राखी देवी की आँखों मैं देखते हुए पेंटी को निचे करने लगता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन के पेंटी पकड़ते hi राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई अपनी हाथ अर्जुन के हाथ पे रख देती है ताकि अर्जुन पेंटी को निचे न करे लेकिन अर्जुन पेंटी को अच्छे से पकड़ चूका होता है आवर थोड़ी पेंटी निचे कर चूका होता है

राखी देवी जैसे hi लगता है अर्जुन को अब मेरी छूट नज़र आने वाली है राखी देवी अपनी आँखें बंद कर लेती है

Wawwwwwwwwwww Maaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन की नज़र अपनी माँ की फूली हुई चिकनी छूट पे नज़र जाते hi अर्जुन के आँखों मैं एक अजीब सा नासा छड़ जाता है है

अर्जुन अपनी माँ की बिना एक भी बल की चिकनी छूट देख कर पागल होते हुए बोल पड़ता है

अर्जुन को अपनी छूट देख कर हैरान होते हुए देख कर राखी देवी की दिल की धड़कन बहुत hi तेज़ी से चलने लगती है

राखी देवी आँखें बंद करि शर्माती हुई अपनी दोनों पेअर सत्ता कर अपनी छूट छुपाने की कोशिश करने लगती जिससे राखी देवी की फूली हुई छूट आवर ऊपर की तरफ उठ जाती है आवर राखी देवी की छूट की लकड़ी अर्जुन के आवर भी
दिखने लगती है

मा आप निचे से लेकर ऊपर तक बेमिसाल हो आप की हुसैन जैसी किसी की हुसैन नहीं होगी

माँ आप अभी खिलती हुई गुलाब की फुल जैसी लग रही है .... माँ आप आप की छह

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन छूट बोल भी नहीं पता है आवर अपना लैंड पकड़ लेता है जो Jen's के अंदर अर्जुन का लैंड दर्द करने लगता है

अर्जुन के दर्द भरी आवाज़ सुन कर राखी देवी भी उठ जाती है आवर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है जो इस वक़्त अर्जुन का हाथ अपने लैंड पे होता है

माँ मेरा लैंड दर्द कर रहा है Ahhhhhhhhhhhhhhhh

प्लीज कुछ कीजिये न

अर्जुन थोड़ा दर्द मैं बोलता है

वही अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी की हालत ख़राब होने लगती है

राखी देवी अपनी हाथ अर्जुन के लैंड के ऊपर राखी हुई तो होती है लेकिन अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी की हाथ कैंप रही होती है

राखी देवी इस वक़्त कभी अर्जुन को दर्द मैं देखती तो कभी अपने हाथ रखे हुए लैंड को देखती है जिससे राखी देवी की धड़कन बढ़ती hi जा रही होती है आवर राखी देवी की माथे पे पसीने भी आने लगती है

राखी देवी जयादा कुछ नहीं सोचती है आवर अर्जुन का Jen's का बटन खोल कर Jen's को निचे कर देती है

इस वक़्त राखी देवी की हाथ कैंप रही होती है राखी देवी किसी तरह अर्जुन का Jen's तो निचे कर चुकी होती है लेकिन अब राखी देवी की आँखों के सामने खुद के बेटे का लैंड आने वाला था जिसको राखी देवी कई बार देख तो चुकी होती है लेकिन इतने पास आवर करीब से नहीं देखि हुई होती है

राखी देवी अर्जुन का अंडरवियर पकड़ कर निचे करती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaaaaaa

लैंड बार निकलते hi अर्जुन माँ पुकारते हुए राखी देवी की सर पकड़ लेता है जो अर्जुन का लैंड सीधे राखी देवी की होंठों से टाच हो जाता है जो राखी देवी हड़बड़ा कर अर्जुन से दूर हो जाती है

राखी देवी दूर होती हुई अपनी आँखें खोल देती है

हे भगवन ये लैंड मेरे बेटे का है ये किसी घोड़े का .... राखी देवी सोचती हुई अपनी छूट पे हाथ रख देती है जैसे अर्जुन का लैंड उछाल कर राखी देवी की छूट मैं चला जायेगा

माँ Ahhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन माँ पुकारते हुए राखी देवी के करीब आ जाता है आवर राखी देवी की चुकी को पकड़ कर दबाने लगता है जिससे राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई बीएड पे लेट जाती है

अर्जुन अपनी माँ की चुकी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगता है जो राखी देवी बीएड पे सिसकियाँ लेती हुई मचलने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

betaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaa

Aaahhhhhhhhhhhhhhhh ार्जुउउउउउऊँणन्नन्नन्न अर्जुन राखी देवी की चुकी को दबाते हुए अपना लैंड भी माँ की छूट मैं डालने की कोशिश कर रहा होता है जो अर्जुन का लैंड छूट मैं न जाकर इधर उधर जा रहा होता है

वही राखी देवी अर्जुन के हरकत से गर्म होकर बीएड पे मचल रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Arjuuuuuuuuuuuuuuu

बीटा दाल दो न Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी मदहोशी मैं बोलती हुई अर्जुन का लैंड पकड़ कर अपनी छूट के पास रोक देती है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं महसूस करती हुई राखी देवी बीएड पर मचल जाती है

अर्जुन अपनी माँ की चुकी मसल रहा होता है लेकिन जैसे hi अपनी माँ की मदहोशी भरी आवाज़ सुनता है वह उठ कर बैठ जाता है तो देखता है उसकी माँ की आँखें पूरी तरह लाल हो गयी होती है आवर वह अर्जुन के लैंड को देख रही होती है

माँ आप की छूट

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ...... अर्जुन

अर्जुन जब अपनी ऊँगली राखी देवी की छूट मैं डालते हुए बोल रहा होता है तभी राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है

हूंणननननन Arjunnnnnnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुननननननन betaaaaaaaaaaaaaaaaaaa Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ तो लेती है लेकिन अर्जुन बार बार अपनी ऊँगली राखी देवी की छूट मैं डालते hi जा रहा होता है जिससे राखी देवी को अपनी छूट मैं अजीब सी चुभन हो रही होती है

राखी देवी मदहोशी मैं आँखें बंद की हुई सिसकियाँ लेने लगती है

वही अर्जुन अपनी माँ की फूली हुई छूट मैं ऊँगली करता hi जा रहा होता है आवर अर्जुन को अपनी माँ की छूट मैं ऊँगली डालते हुए बड़ा मज़ा भी आ रहा होता है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माआआआ huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn Arjunnnnnnnnnnnnnnn

मत कर बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बीटा इससे अच्छा अपना Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सांप hi Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी छूट मैं दाल दे Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई बोलती है

अर्जुन की हरकत से राखी देवी की हालत ख़राब हो चुकी होती है राखी देवी रह रह कर अपनी गांड उठा उठा कर अर्जुन की ऊँगली अपनी छूट मैं ले रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा मेरी छूट जल रही है प्लीज कुछ करो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh प्लीज बीटा अपना लैंड मेरी छूट मैं दाल दो Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अचानक बीएड से उठ कर बैठ जाती है आवर अर्जुन के बाँहों मैं जाकर बहुत hi पैर भरी मदहोशी मैं कनपटी हुई अर्जुन से बोलती है

वही अर्जुन की ऊँगली अभी भी राखी देवी की छूट मैं होती है आवर राखी देवी की छूट से निकल रही पानी मैं भींग चुकी होती है

अपनी माँ की तड़प देख कर अर्जुन को समझ आ जाता है उसकी माँ हद से जयादा गर्म हो गयी है जो अर्जुन के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है

माँ आप की छूट की बिल इतनी छोटी है मेरा लैंड उसमे कैसे जायेगा .... चला भी गया तो आप को बहुत दर्द होगा .....

अर्जुन राखी देवी को बाँहों मैं भरे हुए बोलता है

huinnnnnnnnnnnn

देखिये बस ऊँगली डालने से आप इतनी कहर रही है ....... अर्जुन राखी की छूट मैं फिर से ऊँगली डालते हुए बोलता है जो राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई अर्जुन को पकड़ लेती है

Ahhhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा चला जायेगा Ahhhhhhhhhhhhh


तुम बस उसे दाल दो ..... फिर चाहे मेरी जान

मायआ ....... राखी देवी आगे कुछ बोलती उसके पहले hi अर्जुन माँ बोलते हुए राखी देवी को बीएड पर लेता देता है

माआआआ .... मैं दाल रहा हुईं ..... अर्जुन राखी देवी को देखते हुए बोलता है जो राखी देवी कुछ बोले बिना बस अर्जुन को देख रही होती है

अर्जुन अपनी माँ की लाल लाल आँखें देख कर अपना लैंड पकड़ता है आवर राखी देवी की छूट मैं सत्ता देता है

अर्जुन का लैंड पहले से खड़ा फुफकार मार रहा होता है आवर माँ की छूट मैं टाच होते hi छोटी सी छूट के गुफा मैं जाने के लिए बेचैन हो जाता है

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अपने लैंड को पकड़ कर माँ की छूट मैं टाच कर देता है जो राखी देवी थोड़ी डर्टी हुई अर्जुन के एक हाथ को पकड़ लेती है आवर अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं आवर दबाओ बनाने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा डालो न Ahhhhhhhhhhhhhhhh

दाल दो बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अपनी माँ की बेचैनी को देखते हुए अपना लैंड माँ की छूट मैं डालने लगता है ज

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन का लैंड छूट मैं अभी बस थोड़ा hi जाता है के राखी देवी बीएड को पकड़ कर मचल जाती

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन अपना लैंड अपनी माँ की छूट मैं दाल कर माँ पुकारते हुए राखी देवी की ऊपर गिर पड़ता है

अर्जुन betaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी को जैसे hi अपनी छूट मैं अर्जुन का पानी महसूस होती है राखी देवी मुंह बनती हुई बोल पड़ती है

वही अर्जुन भी अपनी माँ की जिस्म पे गिरा हुआ हैरान परेशां होकर हांफ रहा होता है

अर्जुन को समझ नहीं आ रहा होता है के उसका पानी इतने जल्दी कैसे निकल गया जब के वह गीता दीदी आवर ममी माँ के साथ कितने वक़्त के बाद निकला था

अर्जुन अपनी माँ के जिस्म पे लेता थोड़ा मायुश हो जाता है

माँ सॉरी वह पता नहीं कैसे इतनी जल्दी .... अर्जुन मुंह बनाते हुए बोलता है

राखी देवी पहले तो थोड़ी परेशां होती है ये सोच कर के अर्जुन कुछ किये बिना hi ठंडा हो गया लेकिन जब राखी देवी अर्जुन की मायुशि भरी आवाज़ सुनती है तो राखी देवी अपनी चेहरे पर एक मुस्कान ला देती है

कोई बात नहीं अर्जुन .... पहली बार मैं ऐसा हो जाता है .....

माँ वह

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ..... अर्जुन बोलते हुए गेट की आवाज़ सुन कर रुक जाता है आवर राखी देवी की ऊपर से उठ जाता है

वही राखी देवी बीएड की चादर अपनी जिस्म पे दाल लेती है

अर्जुन टावल लपेट कर गेट खोलता है तो देखता है गेट पे एक लड़की कड़ी होती है जो उसके हाथ मैं एक डब्बा होता है

हैप्पी बर्थडे सर .... ये लीजिये आप का केक ..... वह लड़की केक देती हुई बोलती है जो अर्जुन थैंक्स बोलते हुए लड़की से केक ले लेता है

अर्जुन गेट बस थोड़ा hi खोल कर उस लड़की से केक ले लेता है आवर जल्दी से गेट बंद कर देता है

अर्जुन खाना क्यू मंगवाया हम खाना खा कर तो आये है .... अर्जुन के हाथ मैं केक का डब्बा देख कर राखी देवी को लगता है खाना है तो पूछती है

माँ खाना नहीं ये केक है .... आप को पता नहीं कुछ वक़्त मैं आप का बर्थडे है ....

अर्जुन बिना अपनी माँ की तरफ देखे हुए बोलता है

क्या आज 10 मार्च है ...... राखी देवी सोचती हुई बोलती है वही अर्जुन बस हां मैं सर हिला देता है

राखी देख तू अपना बर्थडे भूल गयी थी लेकिन इतने दिन दूर होने के बाद भी अर्जुन को तेरा बर्थडे याद है

राखी अर्जुन भले hi तुझसे दूर होकर तुझसे नफरत करता था लेकिन अर्जुन तुझसे प्यार भी बहुत करता है

राखी अर्जुन सायद तेरे बर्थडे दिन तेरी चिपकी हुई छूट की दिवार गिराने वाला था लेकिन अभी जो कुछ भी हुआ उसके वजह से अर्जुन सायद थोड़ा सर्मिन्दा महसूस करने लगा है तभी तेरी तरफ देख भी नहीं रहा है

राखी कही अर्जुन जल्दी झरने की वजह से अब पहले जैसा सेक्स तेरे साथ न कर पाए इस लिए राखी अब तुझे hi कुछ ऐसा करना होगा जिससे अर्जुन तेरी छूट की गर्मी भी मिलता दे आवर वह खुल के तेरी छूट मैं धक्का मार सके ......

मैं अपने बर्थडे पे खुद अपने बेटे को ऐसी गिफ्ट दूंगी के मेरा बीटा हमेशा के लिए मेरा दीवाना हो जायेगा .....

राखी देवी अपने मन मैं पता नहीं क्या सोचती हुई मुस्कुरा पड़ती है


दोस्तों पूरा सेक्स लिखने वाला था लेकिन बिच मैं मेरा फोन ख़राब हो गया था जो लिख नहीं पाया .... अगला अपडेट जल्द देने की कोशिश करूँगा.. जो राखी देवी आवर अर्जुन का सिर्फ सेक्स hi होगा :फाइव:
 
दोस्तों सॉरी के किसी का रिप्लाई नहीं दिया ..... पहले तो मुझे टाइम नहीं मिल रहा है जो अपडेट नहीं दे पा रहा हुईं ... ऊपर से रमजान भी सुरु हो गया है जो अब अपडेट भी टाइप नहीं कर सकता ..... लेकिन दोस्तों रमजान ख़तम होते hi अपडेट देना सुरु कर दूंगा आवर इस स्टोरी को जल्द hi ख़तम करने की कोशिश करूँगा.... :फाइव:

आवर सबसे बड़ी बात कोई भी गांडू मेरी स्टोरी पे बकचोदी मत करो ...:बुटकिक:
 
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