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वही अर्जुन माँ को फ़ोन करने लगता है लेकिन रिंग होने के बाद भी राखी देवी अर्जुन का फ़ोन नहीं उठती है जो अर्जुन को आवर भी हैरानी होने लगती है
अर्जुन फ़ोन पर फ़ोन करने लगता है लेकिन राखी देवी फ़ोन उठती hi नहीं
Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
अचानक अर्जुन चीखते हुए फ़ोन को फेक देता है
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ज्योति आंटी किचेन मैं आकर खाना निकल hi रही होती है तभी अर्जुन के गुस्से मैं आवाज़ सुन कर जल्दी से भगति हुई अर्जुन के पास आ जाती है तो देखती है अर्जुन का फ़ोन सोफे पर गिरा हुआ है आवर अर्जुन गुस्से मैं कुछ बोल रहा होता है
अर्जुन बीटा क्या हो गया तुम इतना गुस्सा क्यू कर रहे हो आवर फ़ोन इस तरह फेक दिया अगर निचे गिरता तो इतना महंगा फ़ोन ख़राब हो जाता ...... ज्योति आंटी अर्जुन का फ़ोन उठा कर अर्जुन के पास आती हुई बोलती है
वही अर्जुन कुछ बोले बिना ज्योति आंटी के हाथ से फ़ोन ले लेता है आवर फिर से अपनी माँ को फ़ोन करने लगता है तभी राखी देवी का फ़ोन खुद hi अर्जुन के फ़ोन पर आ जाता है
अर्जुन सॉरी बीटा वह फ़ोन उठा रही थी के गलती से काट hi गयी
वह अर्जुन बीटा अभी अंजू आंटी का फ़ोन आया था उसकी बेटी की तबियत ठीक नहीं है तो मैं जल्दी मैं निकल गयी सॉरी बीटा ..... राखी देवी बोलती है
अपनी माँ की आवाज़ सुन कर अर्जुन थोड़ा संत होता है
कोई बात नहीं माँ ..... मैं अभी आ रहा हुईं ..... अर्जुन बोलता है
नहीं अर्जुन ज्योति आंटी के साथ रहो वह अकेली हो जाएगी .... कितने दिन के बाद तो वह इतनी खुश है अपनी बर्थडे पर
तुम ज्योति आंटी के साथ रहो मैं अंजू को घर छोड़ कर वही आती हुईं रेनू के साथ ...... राखी देवी बोलती है
अपनी माँ की बात सुन कर अर्जुन ठीक है बोलता है
वही राखी देवी फ़ोन काट दी होती है
राखी क्या बोलै अर्जुन वह घर जा रहा है ...... फ़ोन रखते hi पास मैं बैठी रेनू बोल पड़ती है जो इस वक़्त रेनू के चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान होती है
वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई न मैं सर हिला देती है
राखी तू सच मैं एक सच्ची सहेली है जो अपनी दोस्त के लिए अपने बेटे का प्यार बाँट रही है .... रेनू राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है
वही राखी देवी रेनू की बात सुन कर एक फिंका सा मुस्कान चेहरे पर ला देती है
अर्जुन हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आती है
अर्जुन बीटा चलो खाना कहते है बहुत ज़ोर की भूख लगी है मुझे ..... ज्योति आंटी बोलती है
ज्योति आंटी के बोलने पर अर्जुन सोफे से उठ कर दिंनिंग टेबल की तरफ चल पड़ता है
अर्जुन दिंनिंग टेबल पर बैठ जाता है वही ज्योति आंटी भी अर्जुन के बगल मैं बैठ जाती है आवर
अर्जुन के पलेट मैं खाना निकलने लगती है
वव आंटी आप ने चिकन बिरयानी बनाई है कितनी अच्छी खुसबू है .... बिरयानी की खुसबू लेते हुए अर्जुन बोलता है
अर्जुन के चेहरे पर ख़ुशी देख कर ज्योति आंटी भी मुस्कुरा पड़ती है
अर्जुन तुमेह बिरयानी पसन् है न तुम्हारे लिए hi बनाई है .... ज्योति आंटी मुस्कुरा कर बोलती है
हां आंटी मुझे बिरयानी बहुत पसंद है .... थैंक्स.... अर्जुन बोल कर बिरयानी खाने लगता है
खाओ बीटा आज तुमेह बहुत म्हणत करनी है .....
अर्जुन को कहते हुए देख कर ज्योति आंटी मन मैं सोच कर मुस्कुरा पड़ती है आवर खुद खाने लगती है
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वही राखी देवी रेनू के साथ रूम मैं बैठी हुई खाना खा रही होती है
क्या अर्जुन आज ज्योति के साथ सेक्स करेगा या मन कर देगा ..... अर्जुन मन कर देगा तो अच्छा होगा
नहीं नहीं अर्जुन ने मन कर दिया तो ... ज्योति बहुत दुखी हो जाएगी .....
कैसे बात करती हुई रोने लगी थी
ज्योति की मायुशि को देख कर hi तो मैं मान गयी हुईं
क्या मेरा अर्जुन ज्योति के साथ पहला सेक्स करेगा ......
ज्योति के इतने बड़े बड़े चुकी देख कर तो मेरा अर्जुन पागल hi हो जायेगा आवर ज्योति की बड़ी बड़ी चुकी को मसल मसल कर सारा रास निचोड़े लेगा मेरा बेटे साली को बहुत आग लगी है न उसकी छूट मैं आज उसकी साडी आग निकल देगा मेरा अर्जुन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन मेरे साथ पहला सेक्स करता तो कितना अच्छा होता
राखी देवी खाना काम खा रही होती है लेकिन मन मैं बहुत कुछ सोच रही होती है जो कहती हुई रेनू राखी देवी की चेहरे को देख कर समझने की कोशिश कर रही होती है के राखी इस वक़्त क्या सोच रही होगी लेकिन बोलती कुछ नहीं है
राखी देवी अचानक उठ कर उसी रूम के बाथरूम मैं चली जाती है .....
अर्जुन खाने के बाब हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आ जाती है
अर्जुन बीटा क्या देख रहे है .....
क क क कुछ नहीं आंटी
अर्जुन फ़ोन चलने मैं होता है के तभी उसके कानो मैं ज्योति आंटी की आवाज़ आ जाती है आवर अर्जुन जैसे hi नज़र उठा कर ज्योति आंटी को देखता है अर्जुन का दिल धड़क उठता है आवर अर्जुन बोलते हुए अर्जुन का जुबान लड़खड़ने लगता है
क्यू की ज्योति आंटी इस वक़्त साड़ी बदल कर नाईट ड्रेस पहना चुकी होती है आवर नाईट ड्रेस मैं ज्योति आंटी की पूरी गर्दै हुई जिस्म की बनावट अर्जुन देख रहा होता है जिससे ज्योति आंटी की जिस्म को देख कर अर्जुन के छोटे महाराज Jen's मैं क़ैद नाचने लगते है
अर्जुन इस वक़्त ज्योति आंटी की गर्दै हुई जिस्म को बड़े hi धयान से देख रहा होता है अर्जुन कभी ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को देख रहा होता है तो कभी ज्योति आंटी की जिस्म की बनावट को तो कभी अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की कमर के पास आकर रुक जा रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी कमर को देखते हुए वही बैठा हुआ अंदाज़ा लगाने लगता है के ज्योति आंटी की गांड कितनी बड़ी लग रही होगी इस नाईट ड्रेस मैं
वही अर्जुन को अपनी जिस्म को देखती हुई देख कर ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा रही होती है
अर्जुन क्या हुआ मैं अच्छी नहीं लग रही इस ड्रेस मैं ..... ज्योति आंटी मुस्कुराती हुई बोलती है आवर अपनी चुकी को आवर ऊपर की तरफ उठा देती है जिससे अर्जुन का के माथे पर पसीने आने लगते है
नाईट ड्रेस मैं फैली हुई ज्योति आंटी की गदराई जिस्म को देख कर अर्जुन पागल होने लगता है अर्जुन का दिल कर रहा होता है उठ कर जाए आवर ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को पकड़ कर मसल दे
आंटी मांफ करना मुझे ..... आंटी आप इस ड्रेस मैं बहुत बोल्ड सेक्सी लग रही हो
आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप पटक कर ...... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है लेकिन अर्जुन की नज़र अभी भी ज्योति आंटी की कमर पर hi होती है आवर अर्जुन का हाथ अब अपने Jen's के ऊपर लैंड पर होता है जो अर्जुन फ़ोन को अपने लैंड के ऊपर रख कर लैंड को सहला रहा होता है
क्या पटक कर अर्जुन ..... ज्योति आंटी फिर से शर्मीली मुस्कान के साथ पूछती है
वैसे ज्योति आंटी समझ तो गयी होती है अर्जुन क्या बोलना चाहता था लेकिन ज्योति आंटी अर्जुन के मुंह से सुनने के लिए पूछ लेती है लेकिन ज्योति आंटी पूछने के बाद खुद hi शर्मा भी गयी होती है
ज्योति आंटी के हस्ते हुए पूछने पर अर्जुन को थोड़ी हैरानी तो होती है के ज्योति आंटी समझ कर भी पूछ रही है जो अर्जुन भी सोच लेता है पूरी बात बोल hi देता हुईं .....
आंटी आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप को आप के घर मैं hi पटक कर आप की इस नाईट ड्रेस को पहाड़ कर आप की इस गर्दै हुई जिस्म को मसल कर रख देगा ..... अर्जुन बोलते हुए अपना लैंड ज़ोर से दबा देता है
वही अर्जुन की बात सुन कर ज्योति आंटी शर्मा जाती है आवर अर्जुन को घूरने लगती है जैसे ज्योति आंटी को अर्जुन की बात बुरी लगी हो लेकिन ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा भी रही होती है ......
मेरे जिस्म को कोई आवर क्यू मैलेगा ..... जब मेरे पास मेरे बेटे जैसा लड़का सामने है तो ....... ज्योति आंटी मुंह बना कर बोलती है
वही ज्योति आंटी की बात सुन कर अर्जुन के जिस्म मैं खून तेज़ी से दौड़ने लगती है
अर्जुन आँखें फाडे ज्योति आंटी को देखने लगता है ......
अर्जुन को यकीन नहीं हो रहा होता है के ज्योति आंटी खुल कर बोल रही है के अर्जुन तुम इस जिस्म को मसल सकते हो
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए खड़ा हो जाता है आवर ज्योति आंटी के बिलकुल करीब चला जाता है
वही ज्योति आंटी सरमाती हुई निचे देखती हुई अपनी पेअर की ऊँगली ज़मीन मैं रगड़ रही होती है
आंटी मैं तो खुसनसीब होंगे जो आप जैसी खूबसूरत अप्सरा का जिस्म को देख पाउँगा ....
लेकिन आंटी मैं इस जिस्म को मसलने के बजाये मैं इस जिस्म को सहला कर इसका सारा रास पि जाऊंगा
आंटी आप की इस जिस्म को देख कर तो मेरे मेरे खून उबाल मरी रही है
huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
आप की जिस्म की खुसबू कितनी प्यारी है
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन ज्योति आंटी की गर्दन को सूंघते हुए बोलता है आवर ज्योति आंटी की कमर पे हाथ रखते हुए हाथ निचे कर के ज्योति आंटी की गांड को दबा देता है जो ज्योति आंटी अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन के बाँहों मैं सिसकती हुई चली जाती है
ज्योति आंटी के बाँहों में आते hi अर्जुन को ज्योति आंटी की गर्म जिस्म महसूस होती है जिससे अर्जुन का लैंड एक बार झटका मार देता है जो अर्जुन आवर भी मज़बूती से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अह्ह्ह्हह्हह भर्ती हुई अपनी कमर को अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है जो ज्योति आंटी को अर्जुन का तना हुआ लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस होने लगती है
दोनों एक दूसरे के जिस्म से लिपट गए होते है ज्योति आंटी तो सिर्फ अर्जुन के जिस्म से लिपटी हुई होती है लेकिन अर्जुन बार बार ज्योति आंटी की गांड दबाते हुए ज्योति आंटी की गले को चुम रहा होता है
वही अर्जुन के बार बार गांड दबाने से ज्योति आंटी की जिस्म की गर्मी आवर भी बढ़ती hi जा रही होती है जिसका असर ज्योति आंटी अपनी छूट मैं महसूस कर रही होती है जो न जाने कई सल्ल से बस गर्मी मैं जलती हुई आ रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए ज्योति आंटी के होंठ के पास अपना मुंह ला देता है आवर ज्योति आंटी के सर को पकड़ कर ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है जो ज्योति आंटी अर्जुन के आँखों मैं देख कर अपनी पलकें निचे कर लेती है लेकिन ज्योति आंटी की दोनों होंठ खुल चुकी होती है
ज्योति आंटी की खुली हुई गुलाबी हो को देख कर अर्जुन बिना कुछ सोचे ज्योति आंटी के होंठ मैं होंठ सत्ता कर किश करने लगता है
वही अर्जुन के किश करते है ज्योति आंटी भी अपनी हाथ अर्जुन के सर पर रख कर किश करने मैं अर्जुन का साथ देने लगती है
दोनों एक दूसरे को किश करते हुए पास के सोफे पर गिर जाते है जो अर्जुन सोफे पर बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी अर्जुन के पेअर पर बैठ जाती है जो ज्योति आंटी की मोती गांड अर्जुन के पेअर पर होने के बाद भी बहार निकली हुई होती है
अर्जुन किश करते हुए अपना हाथ फिर से ज्योति आंटी की गांड पर रख कर दबाने लगता है जो ज्योति आंटी को अपनी गांड मैं दर्द महसूस होने लगती है जो ज्योति आंटी अचानक किश तोड़ती हुई उठ कड़ी होती है
वही अर्जुन पास कड़ी ज्योति आंटी को बड़े hi हैरानी से देखने लगता है जैसे पूछ रहा हो किश क्यू तोड़ दिया
ऐसे भी कोई दबाता है मुझे दर्द हो रही है अर्जुन प्लीज थोड़े धीरे दबाओ न ..... ज्योति आंटी अपनी गांड पर हाथ सहलाती हुई बोलती है
क्या करू आंटी आप की गांड इतनी बड़ी आवर सेक्सी है की मैं अपने हाथ पर काबू hi नहीं कर पा रहा हुईं .....
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की इ पीछे चला जाता है आवर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं दबाते हुए फिर से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है जो ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई घूम जाती है आवर अर्जुन से लिपट जाती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
तुम लड़कों को गांड इतनी क्यू पसन् आती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
जो औरत की अनमोल खजाने को छोड़ कर गांड मरने के लिए बेचैन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh रहते हो
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnn नननननन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी को बाँहों मैं आते hi अर्जुन बहुत hi तेज़ी मैं ज्योति आंटी की नाईट ड्रेस को ऊपर की तरफ उठा कर निकल फेकता है आवर ज्योति आंटी को सोफे पर हल्का धमकका देते हुए बैठा कर खुद ज्योति आंटी के के पास बैठ कर अपना हाथ ज्योति आंटी की छूट पर रख कर ज्योति आंटी की छूट को पेंटी के ऊपर से सहलाने लगता है जो ज्योति आंटी मचलती हुई अर्जुन के बालों को पकड़ कर आह्ह्ह्हह्ह भरने लगती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh आवर ज़ोर से Betaaaaaaaaaaaaaaaa
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बहुत Tanggggggggggggggggggg करती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन अचानक एक ऊँगली पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दाल देता है जो ज्योति आंटी तड़पती हुई सोफे पर लेट जाती है
वही अर्जुन अपनी ऊँगली को पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बनाते हुए अंदर करने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhh ार्जुउउउउउउउउन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
ज्योति आंटी अर्जुन की हरकत से खुद को आवर नहीं रोक पति है आवर सोफे पर लेती हुई hi छूट से पानी बहाने लगती है जो कुछ hi देर मैं ज्योति आंटी की पेंटी पूरी गीली हो जाती है आवर अर्जुन के ऊँगली मैं भी ज्योति आंटी की छूट का पानी आ जाता है
ज्योति आंटी कुछ देर तक सोफे पर लेती हुई गांड रही होती है आवर अर्जुन को देखती हुई शर्मा कर अपनी छूट पर हाथ रख देती है
ज्योति आंटी की छूट का पानी वाला ऊँगली अर्जुन ज्योति आंटी को दिखते हुए मुस्कुरा देता है
ज्योति आंटी अचानक कड़ी होती है आवर अर्जुन को देखती हुई निचे गिरी हुई नाईट ड्रेस को अपनी जिस्म पर रख लेती है
वही अर्जुन ज्योति आंटी की हरकत को देख कर मुस्कुरा देता है आवर अर्जुन अपना सरत आवर Jen's दोनों खोल कर अंडरवियर मैं हो जाता है
ज्योति आंटी अर्जुन को कपडे निकलते हुए देख कर शर्मा तो रही होती है लेकिन इस बार ज्योति आंटी की नज़र अर्जुन के अंडरवियर पर रुक गयी होती है आवर अर्जुन का टाइट खड़े लैंड को घर रही होती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
कितना बड़ा आवर मोटा है अर्जुन का लैंड जो अंडरवियर मैं होने के बाद भी इतना फुला हुआ है
आज तो उस दिन से भी बड़ा लग रहा है अर्जुन का लैंड .. नहीं नहीं ये लैंड नहीं मेरी जैसी प्यासी औरत के लिए एक प्यारा सा वरदान दिया है भगवन ने
ज्योति आंटी मन मैं सोचती है
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए ज्योति आंटी के करीब आने लगता है
अर्जुन को अपने करीब आते हुए देख कर ज्योति आंटी की गाला सूखने लगता है आवर ज्योति आंटी अपनी मुंह मैं जमा हो रही थूक को घोट जाती है आवर सरमाती हुई अपनी आँखें निचे कर लेती है
वही अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुए चार आँखें आवर भी देख रही थी जिनकी दिल की धड़कन तो ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह hhhhhhhhhhhhhhhhhh
छिनार साली कुट्टी क्या कर रही है
राखी देवी चिढ़ाती हुई बोलती है जो इस वक़्त ज्योति आंटी के रूम के खिड़की के पास कड़ी होकर हॉल मैं देख रही होती है आवर साथ मैं रेनू आंटी भी होती है
राखी आज तो ज्योति की अर्जुन का शिकार बन के hi रहेगी
देख कैसे अर्जुन ज्योति की जिस्म को देख रहा है
राखी अर्जुन ज्योति के पास जा रहा है लेकिन मेरी छूट मैं छुल मच रही है ..... रेनू आंटी राखी देवी से बोलती है आवर अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुआ देख कर अपनी हाथ साड़ी के ऊपर से छूट पर रख कर सहला रही होती है
वही रेनू आंटी की हरकत को देख कर राखी देवी अजीब से सकल बना कर रेनू आंटी को घूरती है जो रेनू आंटी अपनी हाथ छूट से हटा लेती है आवर बिना राखी देवी के तरफ देख खिड़की को थोड़ी आवर खोल कर बहार देखने लगती है
इधर अर्जुन ज्योति आंटी के पास आ चूका होता है आवर अपना हाथ ज्योति आंटी के चेहरे पर रख कर ज्योति आंटी का सर ऊपर कर देता है
आंटी आप की इस हुस्न को देख कर मैं खुद को रोक नहीं पा रहा हुईं
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की मोती मसल जांघ पर हाथ रखते हुए थोड़ा दबा देता है जिससे ज्योति आंटी आँखें बंद कीर्ति हुई सिसक पड़ती है आवर अपनी हाथ अर्जुन के हाथ पर रख कर पकड़ लेती है
ज्योति आंटी को हाथ पकड़ने से अर्जुन ज्योति आंटी को देखता है जो ज्योति आंटी भी अर्जुन को मदहोशी भरी आँखों से देख रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए अपनी एक ऊँगली ज्योति आंटी की गुलाबी होंठ पर रख कर उस ऊँगली को ज्योति आंटी की होंठ पर सहलाने लगता है
अर्जुन के ऊँगली सहलाने से ज्योति फिर से अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन का हाथ खुद hi अपनी जांघ पर दबा देती है
ज्योति आंटी को न रोकते हुए देख कर अर्जुन समझ जाता है ज्योति आंटी को मज़ा आ रहा है
अर्जुन को ये अहसास होते hi अर्जुन जांघ को सहलाते हुए उस हाथ को ऊपर की तरफ करते हुए छूट पर रख देता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन के छूट पर हाथ रखते hi ज्योति आंटी कनपटी हुई सोफे पर लेट जाती है आवर अपनी गांड उठती हुई सोफे पर मचल जाती है
अर्जुन ज्योति आंटी की फूली हुई छूट पर हाथ फेरते हुए अपना हाथ छूट से हटा लेता है आवर फिर ज्योति आंटी की पेंटी मैं ज्योति आंटी की दिख रही छूट की लकीरों पर ऊँगली फेरने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी हाथ से अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है लेकिन इस बार अर्जुन दूसरे हाथ से ज्योति आंटी का हाथ पकड़ लेता है आवर ऊँगली को ज्योति आंटी की छूट मैं पेंटी के ऊपर से दाल देती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
ज्योति आंटी मचलती हुई सोफे पर दूसरी तरफ घूम जाती है जो अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की मोती बड़ी गांड आ जाती
ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को देख कर अर्जुन का लैंड तो अंडरवियर मैं फनफना जाता है जो अर्जुन झट से ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को दोनों हाथ से पकड़ कर मसलने लगता है
अर्जुन के गांड मसलने से लेती हुई ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई सोफे को पकड़ लेती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलते हुए ज्योति आंटी के चिकनी पीठ को चुम लेते है
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
पीठ को चूमते hi ज्योति तड़प जाती है आवर फिर से घूम जाती है
ज्योति आंटी के अचानक घूमने से इस बार अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर hi रह जाता है आवर ज्योति आंटी के जिस्म पर लेता जाता है जो अर्जुन का साइन मैं ज्योति आंटी की चुकी डाब जाती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए निचे आता है आवर ज्योति आंटी की चुकी के लकीर मैं चूमने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अह्हह्ह्ह्ह भरी हुई अर्जुन का सर अपनी चुकी मैं दबा देती है अर्जुन भी ज्योति आंटी की चुकी को पकड़ कर दबाने लगता है
अर्जुन के चुकी दबाने से ज्योति आंटी को थोड़ी दर्द तो होती है लेकिन उससे कही जयादा ज्योति आंटी को मज़ा भी आती है जो ज्योति आंटी अपनी कमर उठा कर अपनी छूट को अर्जुन के लैंड मैं दबा देती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
वही अर्जुन ज्योति आंटी ब्रा को खोल कर ज्योति आंटी की चुकी मुंह मैं ले लेता है आवर निप्पल को चूसने लगता है
अर्जुन को अपनी चुकी को चूसते हुए पा कर ज्योति आंटी अर्जुन को बच्चे की तरह अपनी बाँहों मैं भर लेती है आवर अर्जुन के सर पर हाथ फेरने लगती है
अर्जुन ज्योति आंटी की बाँहों मैं लेता हुआ ज्योति आंटी की निप्पल चूस रहा होता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अह्ह्ह्ह की आवाज़ सुनते hi अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी से सर उठा कर ज्योति आंटी को देखने लगता है
वही आह्ह्ह्हह की आवाज़ सुनते hi ज्योति आंटी भी अर्जुन का सर अपनी चुकी पर दबती हुई सिसकियाँ लेने लगती है जो अर्जुन फिर से ज्योति आंटी की चुकी को चूसने लगता है
लेकिन अर्जुन को थोड़ी हैरानी ज़रूर होती है के इस वक़्त ज्योति आंटी की सिसकियाँ उसे सुनाई दिया या किसी आवर की लेकिन अर्जुन इस बात पर जयादा ध्यान नहीं देता है आवर ज्योति आंटी की चुकी को फिर से चूसने लगता है
ओह्ह गॉड साली रेनू hi होगी कुटिया ...... ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई मन मैं सोचती है
वही खिड़की के पास कड़ी राखी देवी आवर रेनू आंटी की बुरी हालत हो चुकी होती है दोनों का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रही होती है आवर दोनों अपनी ज़ोर ज़ोर से चलती हुई दिल की धड़कन को काबू कर रही होती है लेकिन दोनों की इस वक़्त ज्योति आंटी की तरह बुरी हालत होती है
रेनू आंटी का हाथ जहा राखी देवी की अनमोल रास से भरी चुकी पर होती है वही राखी देवी का हाथ खुद की hi छूट पर चली गयी होती है आवर राखी देवी अपनी छूट मैं ऊँगली डालती हुई अर्जुन आवर ज्योति आंटी की रास लीला देख रही होती है लेकिन अर्जुन को निप्पल चूसते हुए देख कर पता नहीं राखी देवी को क्या होती है जो राखी देवी छूट मैं ऊँगली को बस थोड़ी थोड़ी अंदर बहार कर रही होती है आवर उसी ऊँगली को पूरी छूट के अंदर दाल कर ज़ोर से सिसक पड़ती है
Ahhhhhhhhhhh क्या हो रही है मुझे मेरी छूट मैं इतनी आग क्यू लग रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaa
राखी देवी मन मैं सोचती हुई खिड़की के पास से हैट कर बीएड पर जाकर बैठ जाती है
Ahhhhhhhhhhhhhhh कैसे अपनी चुकी को चुसवा रही है साली कस ज्योति की जगह मैं होती .........
राखी देवी के जाते hi रेनू आंटी अपनी चुकी को मसलती हुई मन मैं सोचती है
इधर अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी को चूसते हुए अपना लैंड ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बना रहा होता है लेकिन अर्जुन का ज्योति आंटी की छूट मैं जा नहीं पा रहा होता है
क्यू के अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं क़ैद होता है आवर ज्योति आंटी की छूट पेंटी मैं क़ैद होती है
अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी की निप्पल पिटे हुए अपना एक हाथ निचे लेकर जाता है आवर तेज़ी से अपनी कमर उठा कर ज्योति आंटी की पेंटी को निचे कर देता है
वही ज्योति आंटी को जैसे hi समझ आती है वह झट से अपनी हाथ छूट पर रख कर अपनी छूट को छिपा लेती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन betaaaaaaaaaaaaaaa
अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर से उठ कर निचे बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी की हाथ को छूट से हटाने लगता है तो ज्योति आंटी बोलती हुई उठ कर बैठ जाती है लेकिन अपनी छूट से हाथ को नहीं हटती है
अर्जुन ज्योति आंटी की मोती जांघ को सहलाता हुआ अपना हाथ ज्योति आंटी की गांड की तरफ लेकर जाने लगता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देखती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है
अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की खुली जवानी होती है जिसको देख कर अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं उफान मार रहा होता है
अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलने लगता है जिससे ज्योति आंटी की सिसकियाँ फिर से हॉल मैं गूंज पड़ती है आवर ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी छूट से हाथ हटती हुई सोफे पर लेट पड़ती है
ज्योति आंटी के छूट से हाथ हटते hi अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की छूट पर जाती है आवर अर्जुन के लैंड अंडरवियर मैं फनफना कर बहार आने को बेचैन हो जाता है आवर अर्जुन के लैंड के साथ hi अर्जुन के मुंह मैं भी पानी आ जाता है
क्यू की ज्योति आंटी छूट इस वक़्त पानी छोड़ रही होती है आवर ज्योति आंटी की छूट से पानी बहती हुई गांड मैं जा रही होती है जो ज्योति आंटी की चिकनी छूट को देख कर अर्जुन के मुंह मैं पानी आ चूका होता है अर्जुन एक बार बस ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है है आवर ज्योति आंटी की छूट मैं अपना ऊँगली दाल कर ज्योति आंटी की छूट का पानी अपनी ऊँगली मैं ले लेता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन के छूट मैं ऊँगली डालते hi ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अचानक अर्जुन का लैंड पकड़ लेती है जो अर्जुन की भी अह्ह्ह निकल जाता है
अर्जुन के बार बार मसलने से ज्योति आंटी अब बहुत गर्म हो चुकी होती है जो ज्योति आंटी की आँखों मैं एक मदहोशी सी छ गयी होती है ज्योति आंटी छूट की गर्मी मैं जलती हुई अर्जुन का लैंड सीधा पकड़ ली होती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन बीटा प्लीज इसको मेरे अंदर दाल दो मैं खुद को आवर नहीं रोक सकती मेरी छूट बहुत जल रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी मचलती हुई बोलती है
क्या दाल दूँ आंटी आवर कहा .....
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन ज्योति आंटी की छूट मैं ऊँगली डालते हुए बोलता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देख कर शर्मा जाती है लेकिन जल्द hi खुद को संभल भी लेती है
अर्जुन बीटा इसको meeeeeeeeeeeeeee
ज्योति आंटी बोलती हुई अर्जुन का अंडरवियर निचे कर देती है जो अर्जुन का लैंड ज्योति आंटी की नज़र के सामने आ जाता है आवर अर्जुन का लम्बा मोटा लैंड देख कर ज्योति आंटी आगे कुछ बोल नहीं पति है आवर ज्योति आंटी की गाला भी सुख जाती है
हे भगवन ये लैंड है या किसी छोटी लड़की का हाथ है मेरी बरसो से बंद पड़ी छोटी सी छूट मैं कैसे जायेगा मेरी छूट तो पड़ेगा hi साथ मैं मेरी जान भी ले लेगा
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैं तो मर hi जाउंगी
ज्योति क्या सोच रही है ये वैसा hi लैंड है जैसा तू कभी सोच सोच कर अपनी पेंटी गीली कर देती थी
आज तो वैसा लैंड तेरे सामने है आवर मत सोच निगल जा अपनी छोटी सी बिल की गहराई मैं जयादा से जायदा क्या होगा एहि होगा सायद तू कल सुबह बीएड से नहीं उठेगी
साली राखी क्या खा कर इसे पैदा की है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
मेरी छूट भी लैंड मांग रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अर्जुन बड़ा मोटा लैंड देखती हुई मन मैं सोचती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
राखी देवी बीएड पर बैठी हुई किसी सोच मैं होती के रेनू आंटी की सिसकियाँ सुन कर रेनू आंटी को देखने लगती है आवर रेनू आंटी को देख कर राखी देवी हैरानी से रेनू आंटी को घूरने लगती है
क्यू की रेनू आंटी खिड़की के निचे बैठ गयी होती है आवर रेनू आंटी की साड़ी ऊपर उठी हुई होती है आवर रेनू आंटी की हाथ छूट मैं होती है जो रेनू आंटी की पेंटी राखी देवी के आँखों के सामने होती है जो पूरी तरह गीली होती है वही रेनू आंटी ज़ोर ज़ोर से हांफ रही होती है
रेनू आंटी की माथे पर पसीने देख कर राखी देवी जल्दी से रेनू आंटी के पास आ जाती है
रेनू तू ठीक है न ......तुझे इतनी गर्मी क्यू हो रही है ले पानी पि
राखी देवी पानी का गिलास रेनू आंटी को देती हुई बोलती है
वही रेनू आंटी पानी का गिलास एक साँस मैं पि जाती है
र आआआआ राखी ा आ अर्जुन का इतना बड़ा कैसे है ........
रेनू आंटी कुछ देर पहले देखि अर्जुन का लैंड याद करती हुई हिचकी लेती हुई बोलती है
क्या बोल रही मैं कुछ समझी नहीं ......
राखी देवी अनजान बनती हुई बोलती है
लेकिन रेनू आंटी की हालत आवर बातें सुन कर राखी देवी समझ चुकी होती है के रेनू ने उसके बेटे का मोटा लम्बा लैंड देख कर हालत ख़राब हो चुकी है रेनू की
लेकिन रेनू आंटी को क्या पता राखी देवी पहले hi अपने बेटे का लैंड कई बार देख चुकी होती है
लेकिन राखी देवी को हैरान होने का नाटक तो करना hi था रेनू आंटी के सामने इस लिए राखी देवी चौंकती हुई रेनू से बोलती है
राखी सॉरी मुझे मांफ करना लेकिन देख तो अर्जुन का लैंड कितना बड़ा है ....
इतना बड़ा लैंड तो हम दोनों सिर्फ पोर्न मैं देखा करती थी आवर कितनी गर्म हो जाती थी तुम मैं आवर ज्योति लेकिन आज हम तीनो के सामने वैसा hi लैंड है
राखी मुझे मांफ करना लेकिन क्या तू अर्जुन को मेरे साथ भी बाँट सकती है ज्योति की तरह
राखी मुझे भी वह दर्द फिर से महसूस करनी है जो पहली रात मुझे मेरे पति ने दिया था ......
रेनू आंटी राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है
वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई वह से पीछे हैट जाती है
ये क्या हो रहा है पहले ज्योति अब रेनू भी मेरे अर्जुन के साथ सेक्स करना चाहती है
मेरा दिल पहले hi घबरा रहा है ये सोच कर के जब अर्जुन को ये पता चलेगा के मैंने hi ज्योति को बोलै है सेक्स करने को तो वह क्या करेगा ..... ऊपर से ये रेनू भी
राखी इतना क्या सोच रही है .... अर्जुन ज्योति के साथ सेक्स करे या रेनू के साथ इसमें अर्जुन को मज़ा hi आएगा
तूने देख hi लिया है अर्जुन तेरी जैसी औरत का कितना बड़ा दीवाना है जो तेरी जैसी औरत को सामने देख कर उसका लैंड कैसे खड़ा हो जाता है
उसे जब पता चलेगा के तुमने उसके लिए अपनी जैसी औरत को उसे छोड़ने के लिए दे रही है तो वह खुश हो होगा
राखी तेरा बीटा इस लिए इस दुनिया मैं आया है के वह तुम तीनो सहेलियों की प्यास बुझा सके
राखी आखिर तू भी तो अपने बेटे का लैंड देख कर पागल हो hi गयी है तो इसमें रेनू कैसे पीछे रह सकती है आखिर है तो तेरी सहेली hi न
राखी रेनू को भी हां बोल दे .... बोल दे राखी बोल दे ......
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
राखी देवी जाकर बीएड पर बैठी हुई होती है आवर राखी देवी के दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है तभी राखी देवी की कानो मैं ज्योति आंटी की चीखे सुनाई देती है जो राखी देवी उठ कर खिड़की की तरफ भगति है
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वही अर्जुन माँ को फ़ोन करने लगता है लेकिन रिंग होने के बाद भी राखी देवी अर्जुन का फ़ोन नहीं उठती है जो अर्जुन को आवर भी हैरानी होने लगती है
अर्जुन फ़ोन पर फ़ोन करने लगता है लेकिन राखी देवी फ़ोन उठती hi नहीं
Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
अचानक अर्जुन चीखते हुए फ़ोन को फेक देता है
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ज्योति आंटी किचेन मैं आकर खाना निकल hi रही होती है तभी अर्जुन के गुस्से मैं आवाज़ सुन कर जल्दी से भगति हुई अर्जुन के पास आ जाती है तो देखती है अर्जुन का फ़ोन सोफे पर गिरा हुआ है आवर अर्जुन गुस्से मैं कुछ बोल रहा होता है
अर्जुन बीटा क्या हो गया तुम इतना गुस्सा क्यू कर रहे हो आवर फ़ोन इस तरह फेक दिया अगर निचे गिरता तो इतना महंगा फ़ोन ख़राब हो जाता ...... ज्योति आंटी अर्जुन का फ़ोन उठा कर अर्जुन के पास आती हुई बोलती है
वही अर्जुन कुछ बोले बिना ज्योति आंटी के हाथ से फ़ोन ले लेता है आवर फिर से अपनी माँ को फ़ोन करने लगता है तभी राखी देवी का फ़ोन खुद hi अर्जुन के फ़ोन पर आ जाता है
अर्जुन सॉरी बीटा वह फ़ोन उठा रही थी के गलती से काट hi गयी
वह अर्जुन बीटा अभी अंजू आंटी का फ़ोन आया था उसकी बेटी की तबियत ठीक नहीं है तो मैं जल्दी मैं निकल गयी सॉरी बीटा ..... राखी देवी बोलती है
अपनी माँ की आवाज़ सुन कर अर्जुन थोड़ा संत होता है
कोई बात नहीं माँ ..... मैं अभी आ रहा हुईं ..... अर्जुन बोलता है
नहीं अर्जुन ज्योति आंटी के साथ रहो वह अकेली हो जाएगी .... कितने दिन के बाद तो वह इतनी खुश है अपनी बर्थडे पर
तुम ज्योति आंटी के साथ रहो मैं अंजू को घर छोड़ कर वही आती हुईं रेनू के साथ ...... राखी देवी बोलती है
अपनी माँ की बात सुन कर अर्जुन ठीक है बोलता है
वही राखी देवी फ़ोन काट दी होती है
राखी क्या बोलै अर्जुन वह घर जा रहा है ...... फ़ोन रखते hi पास मैं बैठी रेनू बोल पड़ती है जो इस वक़्त रेनू के चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान होती है
वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई न मैं सर हिला देती है
राखी तू सच मैं एक सच्ची सहेली है जो अपनी दोस्त के लिए अपने बेटे का प्यार बाँट रही है .... रेनू राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है
वही राखी देवी रेनू की बात सुन कर एक फिंका सा मुस्कान चेहरे पर ला देती है
अर्जुन हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आती है
अर्जुन बीटा चलो खाना कहते है बहुत ज़ोर की भूख लगी है मुझे ..... ज्योति आंटी बोलती है
ज्योति आंटी के बोलने पर अर्जुन सोफे से उठ कर दिंनिंग टेबल की तरफ चल पड़ता है
अर्जुन दिंनिंग टेबल पर बैठ जाता है वही ज्योति आंटी भी अर्जुन के बगल मैं बैठ जाती है आवर
अर्जुन के पलेट मैं खाना निकलने लगती है
वव आंटी आप ने चिकन बिरयानी बनाई है कितनी अच्छी खुसबू है .... बिरयानी की खुसबू लेते हुए अर्जुन बोलता है
अर्जुन के चेहरे पर ख़ुशी देख कर ज्योति आंटी भी मुस्कुरा पड़ती है
अर्जुन तुमेह बिरयानी पसन् है न तुम्हारे लिए hi बनाई है .... ज्योति आंटी मुस्कुरा कर बोलती है
हां आंटी मुझे बिरयानी बहुत पसंद है .... थैंक्स.... अर्जुन बोल कर बिरयानी खाने लगता है
खाओ बीटा आज तुमेह बहुत म्हणत करनी है .....
अर्जुन को कहते हुए देख कर ज्योति आंटी मन मैं सोच कर मुस्कुरा पड़ती है आवर खुद खाने लगती है
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वही राखी देवी रेनू के साथ रूम मैं बैठी हुई खाना खा रही होती है
क्या अर्जुन आज ज्योति के साथ सेक्स करेगा या मन कर देगा ..... अर्जुन मन कर देगा तो अच्छा होगा
नहीं नहीं अर्जुन ने मन कर दिया तो ... ज्योति बहुत दुखी हो जाएगी .....
कैसे बात करती हुई रोने लगी थी
ज्योति की मायुशि को देख कर hi तो मैं मान गयी हुईं
क्या मेरा अर्जुन ज्योति के साथ पहला सेक्स करेगा ......
ज्योति के इतने बड़े बड़े चुकी देख कर तो मेरा अर्जुन पागल hi हो जायेगा आवर ज्योति की बड़ी बड़ी चुकी को मसल मसल कर सारा रास निचोड़े लेगा मेरा बेटे साली को बहुत आग लगी है न उसकी छूट मैं आज उसकी साडी आग निकल देगा मेरा अर्जुन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन मेरे साथ पहला सेक्स करता तो कितना अच्छा होता
राखी देवी खाना काम खा रही होती है लेकिन मन मैं बहुत कुछ सोच रही होती है जो कहती हुई रेनू राखी देवी की चेहरे को देख कर समझने की कोशिश कर रही होती है के राखी इस वक़्त क्या सोच रही होगी लेकिन बोलती कुछ नहीं है
राखी देवी अचानक उठ कर उसी रूम के बाथरूम मैं चली जाती है .....
अर्जुन खाने के बाब हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आ जाती है
अर्जुन बीटा क्या देख रहे है .....
क क क कुछ नहीं आंटी
अर्जुन फ़ोन चलने मैं होता है के तभी उसके कानो मैं ज्योति आंटी की आवाज़ आ जाती है आवर अर्जुन जैसे hi नज़र उठा कर ज्योति आंटी को देखता है अर्जुन का दिल धड़क उठता है आवर अर्जुन बोलते हुए अर्जुन का जुबान लड़खड़ने लगता है
क्यू की ज्योति आंटी इस वक़्त साड़ी बदल कर नाईट ड्रेस पहना चुकी होती है आवर नाईट ड्रेस मैं ज्योति आंटी की पूरी गर्दै हुई जिस्म की बनावट अर्जुन देख रहा होता है जिससे ज्योति आंटी की जिस्म को देख कर अर्जुन के छोटे महाराज Jen's मैं क़ैद नाचने लगते है
अर्जुन इस वक़्त ज्योति आंटी की गर्दै हुई जिस्म को बड़े hi धयान से देख रहा होता है अर्जुन कभी ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को देख रहा होता है तो कभी ज्योति आंटी की जिस्म की बनावट को तो कभी अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की कमर के पास आकर रुक जा रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी कमर को देखते हुए वही बैठा हुआ अंदाज़ा लगाने लगता है के ज्योति आंटी की गांड कितनी बड़ी लग रही होगी इस नाईट ड्रेस मैं
वही अर्जुन को अपनी जिस्म को देखती हुई देख कर ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा रही होती है
अर्जुन क्या हुआ मैं अच्छी नहीं लग रही इस ड्रेस मैं ..... ज्योति आंटी मुस्कुराती हुई बोलती है आवर अपनी चुकी को आवर ऊपर की तरफ उठा देती है जिससे अर्जुन का के माथे पर पसीने आने लगते है
नाईट ड्रेस मैं फैली हुई ज्योति आंटी की गदराई जिस्म को देख कर अर्जुन पागल होने लगता है अर्जुन का दिल कर रहा होता है उठ कर जाए आवर ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को पकड़ कर मसल दे
आंटी मांफ करना मुझे ..... आंटी आप इस ड्रेस मैं बहुत बोल्ड सेक्सी लग रही हो
आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप पटक कर ...... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है लेकिन अर्जुन की नज़र अभी भी ज्योति आंटी की कमर पर hi होती है आवर अर्जुन का हाथ अब अपने Jen's के ऊपर लैंड पर होता है जो अर्जुन फ़ोन को अपने लैंड के ऊपर रख कर लैंड को सहला रहा होता है
क्या पटक कर अर्जुन ..... ज्योति आंटी फिर से शर्मीली मुस्कान के साथ पूछती है
वैसे ज्योति आंटी समझ तो गयी होती है अर्जुन क्या बोलना चाहता था लेकिन ज्योति आंटी अर्जुन के मुंह से सुनने के लिए पूछ लेती है लेकिन ज्योति आंटी पूछने के बाद खुद hi शर्मा भी गयी होती है
ज्योति आंटी के हस्ते हुए पूछने पर अर्जुन को थोड़ी हैरानी तो होती है के ज्योति आंटी समझ कर भी पूछ रही है जो अर्जुन भी सोच लेता है पूरी बात बोल hi देता हुईं .....
आंटी आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप को आप के घर मैं hi पटक कर आप की इस नाईट ड्रेस को पहाड़ कर आप की इस गर्दै हुई जिस्म को मसल कर रख देगा ..... अर्जुन बोलते हुए अपना लैंड ज़ोर से दबा देता है
वही अर्जुन की बात सुन कर ज्योति आंटी शर्मा जाती है आवर अर्जुन को घूरने लगती है जैसे ज्योति आंटी को अर्जुन की बात बुरी लगी हो लेकिन ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा भी रही होती है ......
मेरे जिस्म को कोई आवर क्यू मैलेगा ..... जब मेरे पास मेरे बेटे जैसा लड़का सामने है तो ....... ज्योति आंटी मुंह बना कर बोलती है
वही ज्योति आंटी की बात सुन कर अर्जुन के जिस्म मैं खून तेज़ी से दौड़ने लगती है
अर्जुन आँखें फाडे ज्योति आंटी को देखने लगता है ......
अर्जुन को यकीन नहीं हो रहा होता है के ज्योति आंटी खुल कर बोल रही है के अर्जुन तुम इस जिस्म को मसल सकते हो
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए खड़ा हो जाता है आवर ज्योति आंटी के बिलकुल करीब चला जाता है
वही ज्योति आंटी सरमाती हुई निचे देखती हुई अपनी पेअर की ऊँगली ज़मीन मैं रगड़ रही होती है
आंटी मैं तो खुसनसीब होंगे जो आप जैसी खूबसूरत अप्सरा का जिस्म को देख पाउँगा ....
लेकिन आंटी मैं इस जिस्म को मसलने के बजाये मैं इस जिस्म को सहला कर इसका सारा रास पि जाऊंगा
आंटी आप की इस जिस्म को देख कर तो मेरे मेरे खून उबाल मरी रही है
huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
आप की जिस्म की खुसबू कितनी प्यारी है
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन ज्योति आंटी की गर्दन को सूंघते हुए बोलता है आवर ज्योति आंटी की कमर पे हाथ रखते हुए हाथ निचे कर के ज्योति आंटी की गांड को दबा देता है जो ज्योति आंटी अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन के बाँहों मैं सिसकती हुई चली जाती है
ज्योति आंटी के बाँहों में आते hi अर्जुन को ज्योति आंटी की गर्म जिस्म महसूस होती है जिससे अर्जुन का लैंड एक बार झटका मार देता है जो अर्जुन आवर भी मज़बूती से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अह्ह्ह्हह्हह भर्ती हुई अपनी कमर को अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है जो ज्योति आंटी को अर्जुन का तना हुआ लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस होने लगती है
दोनों एक दूसरे के जिस्म से लिपट गए होते है ज्योति आंटी तो सिर्फ अर्जुन के जिस्म से लिपटी हुई होती है लेकिन अर्जुन बार बार ज्योति आंटी की गांड दबाते हुए ज्योति आंटी की गले को चुम रहा होता है
वही अर्जुन के बार बार गांड दबाने से ज्योति आंटी की जिस्म की गर्मी आवर भी बढ़ती hi जा रही होती है जिसका असर ज्योति आंटी अपनी छूट मैं महसूस कर रही होती है जो न जाने कई सल्ल से बस गर्मी मैं जलती हुई आ रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए ज्योति आंटी के होंठ के पास अपना मुंह ला देता है आवर ज्योति आंटी के सर को पकड़ कर ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है जो ज्योति आंटी अर्जुन के आँखों मैं देख कर अपनी पलकें निचे कर लेती है लेकिन ज्योति आंटी की दोनों होंठ खुल चुकी होती है
ज्योति आंटी की खुली हुई गुलाबी हो को देख कर अर्जुन बिना कुछ सोचे ज्योति आंटी के होंठ मैं होंठ सत्ता कर किश करने लगता है
वही अर्जुन के किश करते है ज्योति आंटी भी अपनी हाथ अर्जुन के सर पर रख कर किश करने मैं अर्जुन का साथ देने लगती है
दोनों एक दूसरे को किश करते हुए पास के सोफे पर गिर जाते है जो अर्जुन सोफे पर बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी अर्जुन के पेअर पर बैठ जाती है जो ज्योति आंटी की मोती गांड अर्जुन के पेअर पर होने के बाद भी बहार निकली हुई होती है
अर्जुन किश करते हुए अपना हाथ फिर से ज्योति आंटी की गांड पर रख कर दबाने लगता है जो ज्योति आंटी को अपनी गांड मैं दर्द महसूस होने लगती है जो ज्योति आंटी अचानक किश तोड़ती हुई उठ कड़ी होती है
वही अर्जुन पास कड़ी ज्योति आंटी को बड़े hi हैरानी से देखने लगता है जैसे पूछ रहा हो किश क्यू तोड़ दिया
ऐसे भी कोई दबाता है मुझे दर्द हो रही है अर्जुन प्लीज थोड़े धीरे दबाओ न ..... ज्योति आंटी अपनी गांड पर हाथ सहलाती हुई बोलती है
क्या करू आंटी आप की गांड इतनी बड़ी आवर सेक्सी है की मैं अपने हाथ पर काबू hi नहीं कर पा रहा हुईं .....
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की इ पीछे चला जाता है आवर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं दबाते हुए फिर से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है जो ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई घूम जाती है आवर अर्जुन से लिपट जाती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
तुम लड़कों को गांड इतनी क्यू पसन् आती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
जो औरत की अनमोल खजाने को छोड़ कर गांड मरने के लिए बेचैन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh रहते हो
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnn नननननन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी को बाँहों मैं आते hi अर्जुन बहुत hi तेज़ी मैं ज्योति आंटी की नाईट ड्रेस को ऊपर की तरफ उठा कर निकल फेकता है आवर ज्योति आंटी को सोफे पर हल्का धमकका देते हुए बैठा कर खुद ज्योति आंटी के के पास बैठ कर अपना हाथ ज्योति आंटी की छूट पर रख कर ज्योति आंटी की छूट को पेंटी के ऊपर से सहलाने लगता है जो ज्योति आंटी मचलती हुई अर्जुन के बालों को पकड़ कर आह्ह्ह्हह्ह भरने लगती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh आवर ज़ोर से Betaaaaaaaaaaaaaaaa
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बहुत Tanggggggggggggggggggg करती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन अचानक एक ऊँगली पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दाल देता है जो ज्योति आंटी तड़पती हुई सोफे पर लेट जाती है
वही अर्जुन अपनी ऊँगली को पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बनाते हुए अंदर करने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhh ार्जुउउउउउउउउन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
ज्योति आंटी अर्जुन की हरकत से खुद को आवर नहीं रोक पति है आवर सोफे पर लेती हुई hi छूट से पानी बहाने लगती है जो कुछ hi देर मैं ज्योति आंटी की पेंटी पूरी गीली हो जाती है आवर अर्जुन के ऊँगली मैं भी ज्योति आंटी की छूट का पानी आ जाता है
ज्योति आंटी कुछ देर तक सोफे पर लेती हुई गांड रही होती है आवर अर्जुन को देखती हुई शर्मा कर अपनी छूट पर हाथ रख देती है
ज्योति आंटी की छूट का पानी वाला ऊँगली अर्जुन ज्योति आंटी को दिखते हुए मुस्कुरा देता है
ज्योति आंटी अचानक कड़ी होती है आवर अर्जुन को देखती हुई निचे गिरी हुई नाईट ड्रेस को अपनी जिस्म पर रख लेती है
वही अर्जुन ज्योति आंटी की हरकत को देख कर मुस्कुरा देता है आवर अर्जुन अपना सरत आवर Jen's दोनों खोल कर अंडरवियर मैं हो जाता है
ज्योति आंटी अर्जुन को कपडे निकलते हुए देख कर शर्मा तो रही होती है लेकिन इस बार ज्योति आंटी की नज़र अर्जुन के अंडरवियर पर रुक गयी होती है आवर अर्जुन का टाइट खड़े लैंड को घर रही होती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
कितना बड़ा आवर मोटा है अर्जुन का लैंड जो अंडरवियर मैं होने के बाद भी इतना फुला हुआ है
आज तो उस दिन से भी बड़ा लग रहा है अर्जुन का लैंड .. नहीं नहीं ये लैंड नहीं मेरी जैसी प्यासी औरत के लिए एक प्यारा सा वरदान दिया है भगवन ने
ज्योति आंटी मन मैं सोचती है
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए ज्योति आंटी के करीब आने लगता है
अर्जुन को अपने करीब आते हुए देख कर ज्योति आंटी की गाला सूखने लगता है आवर ज्योति आंटी अपनी मुंह मैं जमा हो रही थूक को घोट जाती है आवर सरमाती हुई अपनी आँखें निचे कर लेती है
वही अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुए चार आँखें आवर भी देख रही थी जिनकी दिल की धड़कन तो ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह hhhhhhhhhhhhhhhhhh
छिनार साली कुट्टी क्या कर रही है
राखी देवी चिढ़ाती हुई बोलती है जो इस वक़्त ज्योति आंटी के रूम के खिड़की के पास कड़ी होकर हॉल मैं देख रही होती है आवर साथ मैं रेनू आंटी भी होती है
राखी आज तो ज्योति की अर्जुन का शिकार बन के hi रहेगी
देख कैसे अर्जुन ज्योति की जिस्म को देख रहा है
राखी अर्जुन ज्योति के पास जा रहा है लेकिन मेरी छूट मैं छुल मच रही है ..... रेनू आंटी राखी देवी से बोलती है आवर अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुआ देख कर अपनी हाथ साड़ी के ऊपर से छूट पर रख कर सहला रही होती है
वही रेनू आंटी की हरकत को देख कर राखी देवी अजीब से सकल बना कर रेनू आंटी को घूरती है जो रेनू आंटी अपनी हाथ छूट से हटा लेती है आवर बिना राखी देवी के तरफ देख खिड़की को थोड़ी आवर खोल कर बहार देखने लगती है
इधर अर्जुन ज्योति आंटी के पास आ चूका होता है आवर अपना हाथ ज्योति आंटी के चेहरे पर रख कर ज्योति आंटी का सर ऊपर कर देता है
आंटी आप की इस हुस्न को देख कर मैं खुद को रोक नहीं पा रहा हुईं
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की मोती मसल जांघ पर हाथ रखते हुए थोड़ा दबा देता है जिससे ज्योति आंटी आँखें बंद कीर्ति हुई सिसक पड़ती है आवर अपनी हाथ अर्जुन के हाथ पर रख कर पकड़ लेती है
ज्योति आंटी को हाथ पकड़ने से अर्जुन ज्योति आंटी को देखता है जो ज्योति आंटी भी अर्जुन को मदहोशी भरी आँखों से देख रही होती है
अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए अपनी एक ऊँगली ज्योति आंटी की गुलाबी होंठ पर रख कर उस ऊँगली को ज्योति आंटी की होंठ पर सहलाने लगता है
अर्जुन के ऊँगली सहलाने से ज्योति फिर से अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन का हाथ खुद hi अपनी जांघ पर दबा देती है
ज्योति आंटी को न रोकते हुए देख कर अर्जुन समझ जाता है ज्योति आंटी को मज़ा आ रहा है
अर्जुन को ये अहसास होते hi अर्जुन जांघ को सहलाते हुए उस हाथ को ऊपर की तरफ करते हुए छूट पर रख देता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन के छूट पर हाथ रखते hi ज्योति आंटी कनपटी हुई सोफे पर लेट जाती है आवर अपनी गांड उठती हुई सोफे पर मचल जाती है
अर्जुन ज्योति आंटी की फूली हुई छूट पर हाथ फेरते हुए अपना हाथ छूट से हटा लेता है आवर फिर ज्योति आंटी की पेंटी मैं ज्योति आंटी की दिख रही छूट की लकीरों पर ऊँगली फेरने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी हाथ से अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है लेकिन इस बार अर्जुन दूसरे हाथ से ज्योति आंटी का हाथ पकड़ लेता है आवर ऊँगली को ज्योति आंटी की छूट मैं पेंटी के ऊपर से दाल देती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
ज्योति आंटी मचलती हुई सोफे पर दूसरी तरफ घूम जाती है जो अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की मोती बड़ी गांड आ जाती
ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को देख कर अर्जुन का लैंड तो अंडरवियर मैं फनफना जाता है जो अर्जुन झट से ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को दोनों हाथ से पकड़ कर मसलने लगता है
अर्जुन के गांड मसलने से लेती हुई ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई सोफे को पकड़ लेती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलते हुए ज्योति आंटी के चिकनी पीठ को चुम लेते है
Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
पीठ को चूमते hi ज्योति तड़प जाती है आवर फिर से घूम जाती है
ज्योति आंटी के अचानक घूमने से इस बार अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर hi रह जाता है आवर ज्योति आंटी के जिस्म पर लेता जाता है जो अर्जुन का साइन मैं ज्योति आंटी की चुकी डाब जाती है
अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए निचे आता है आवर ज्योति आंटी की चुकी के लकीर मैं चूमने लगता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अह्हह्ह्ह्ह भरी हुई अर्जुन का सर अपनी चुकी मैं दबा देती है अर्जुन भी ज्योति आंटी की चुकी को पकड़ कर दबाने लगता है
अर्जुन के चुकी दबाने से ज्योति आंटी को थोड़ी दर्द तो होती है लेकिन उससे कही जयादा ज्योति आंटी को मज़ा भी आती है जो ज्योति आंटी अपनी कमर उठा कर अपनी छूट को अर्जुन के लैंड मैं दबा देती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
वही अर्जुन ज्योति आंटी ब्रा को खोल कर ज्योति आंटी की चुकी मुंह मैं ले लेता है आवर निप्पल को चूसने लगता है
अर्जुन को अपनी चुकी को चूसते हुए पा कर ज्योति आंटी अर्जुन को बच्चे की तरह अपनी बाँहों मैं भर लेती है आवर अर्जुन के सर पर हाथ फेरने लगती है
अर्जुन ज्योति आंटी की बाँहों मैं लेता हुआ ज्योति आंटी की निप्पल चूस रहा होता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अह्ह्ह्ह की आवाज़ सुनते hi अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी से सर उठा कर ज्योति आंटी को देखने लगता है
वही आह्ह्ह्हह की आवाज़ सुनते hi ज्योति आंटी भी अर्जुन का सर अपनी चुकी पर दबती हुई सिसकियाँ लेने लगती है जो अर्जुन फिर से ज्योति आंटी की चुकी को चूसने लगता है
लेकिन अर्जुन को थोड़ी हैरानी ज़रूर होती है के इस वक़्त ज्योति आंटी की सिसकियाँ उसे सुनाई दिया या किसी आवर की लेकिन अर्जुन इस बात पर जयादा ध्यान नहीं देता है आवर ज्योति आंटी की चुकी को फिर से चूसने लगता है
ओह्ह गॉड साली रेनू hi होगी कुटिया ...... ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई मन मैं सोचती है
वही खिड़की के पास कड़ी राखी देवी आवर रेनू आंटी की बुरी हालत हो चुकी होती है दोनों का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रही होती है आवर दोनों अपनी ज़ोर ज़ोर से चलती हुई दिल की धड़कन को काबू कर रही होती है लेकिन दोनों की इस वक़्त ज्योति आंटी की तरह बुरी हालत होती है
रेनू आंटी का हाथ जहा राखी देवी की अनमोल रास से भरी चुकी पर होती है वही राखी देवी का हाथ खुद की hi छूट पर चली गयी होती है आवर राखी देवी अपनी छूट मैं ऊँगली डालती हुई अर्जुन आवर ज्योति आंटी की रास लीला देख रही होती है लेकिन अर्जुन को निप्पल चूसते हुए देख कर पता नहीं राखी देवी को क्या होती है जो राखी देवी छूट मैं ऊँगली को बस थोड़ी थोड़ी अंदर बहार कर रही होती है आवर उसी ऊँगली को पूरी छूट के अंदर दाल कर ज़ोर से सिसक पड़ती है
Ahhhhhhhhhhh क्या हो रही है मुझे मेरी छूट मैं इतनी आग क्यू लग रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaa
राखी देवी मन मैं सोचती हुई खिड़की के पास से हैट कर बीएड पर जाकर बैठ जाती है
Ahhhhhhhhhhhhhhh कैसे अपनी चुकी को चुसवा रही है साली कस ज्योति की जगह मैं होती .........
राखी देवी के जाते hi रेनू आंटी अपनी चुकी को मसलती हुई मन मैं सोचती है
इधर अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी को चूसते हुए अपना लैंड ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बना रहा होता है लेकिन अर्जुन का ज्योति आंटी की छूट मैं जा नहीं पा रहा होता है
क्यू के अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं क़ैद होता है आवर ज्योति आंटी की छूट पेंटी मैं क़ैद होती है
अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी की निप्पल पिटे हुए अपना एक हाथ निचे लेकर जाता है आवर तेज़ी से अपनी कमर उठा कर ज्योति आंटी की पेंटी को निचे कर देता है
वही ज्योति आंटी को जैसे hi समझ आती है वह झट से अपनी हाथ छूट पर रख कर अपनी छूट को छिपा लेती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन betaaaaaaaaaaaaaaa
अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर से उठ कर निचे बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी की हाथ को छूट से हटाने लगता है तो ज्योति आंटी बोलती हुई उठ कर बैठ जाती है लेकिन अपनी छूट से हाथ को नहीं हटती है
अर्जुन ज्योति आंटी की मोती जांघ को सहलाता हुआ अपना हाथ ज्योति आंटी की गांड की तरफ लेकर जाने लगता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देखती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है
अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की खुली जवानी होती है जिसको देख कर अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं उफान मार रहा होता है
अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलने लगता है जिससे ज्योति आंटी की सिसकियाँ फिर से हॉल मैं गूंज पड़ती है आवर ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी छूट से हाथ हटती हुई सोफे पर लेट पड़ती है
ज्योति आंटी के छूट से हाथ हटते hi अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की छूट पर जाती है आवर अर्जुन के लैंड अंडरवियर मैं फनफना कर बहार आने को बेचैन हो जाता है आवर अर्जुन के लैंड के साथ hi अर्जुन के मुंह मैं भी पानी आ जाता है
क्यू की ज्योति आंटी छूट इस वक़्त पानी छोड़ रही होती है आवर ज्योति आंटी की छूट से पानी बहती हुई गांड मैं जा रही होती है जो ज्योति आंटी की चिकनी छूट को देख कर अर्जुन के मुंह मैं पानी आ चूका होता है अर्जुन एक बार बस ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है है आवर ज्योति आंटी की छूट मैं अपना ऊँगली दाल कर ज्योति आंटी की छूट का पानी अपनी ऊँगली मैं ले लेता है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन के छूट मैं ऊँगली डालते hi ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अचानक अर्जुन का लैंड पकड़ लेती है जो अर्जुन की भी अह्ह्ह निकल जाता है
अर्जुन के बार बार मसलने से ज्योति आंटी अब बहुत गर्म हो चुकी होती है जो ज्योति आंटी की आँखों मैं एक मदहोशी सी छ गयी होती है ज्योति आंटी छूट की गर्मी मैं जलती हुई अर्जुन का लैंड सीधा पकड़ ली होती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन बीटा प्लीज इसको मेरे अंदर दाल दो मैं खुद को आवर नहीं रोक सकती मेरी छूट बहुत जल रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी मचलती हुई बोलती है
क्या दाल दूँ आंटी आवर कहा .....
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
अर्जुन ज्योति आंटी की छूट मैं ऊँगली डालते हुए बोलता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देख कर शर्मा जाती है लेकिन जल्द hi खुद को संभल भी लेती है
अर्जुन बीटा इसको meeeeeeeeeeeeeee
ज्योति आंटी बोलती हुई अर्जुन का अंडरवियर निचे कर देती है जो अर्जुन का लैंड ज्योति आंटी की नज़र के सामने आ जाता है आवर अर्जुन का लम्बा मोटा लैंड देख कर ज्योति आंटी आगे कुछ बोल नहीं पति है आवर ज्योति आंटी की गाला भी सुख जाती है
हे भगवन ये लैंड है या किसी छोटी लड़की का हाथ है मेरी बरसो से बंद पड़ी छोटी सी छूट मैं कैसे जायेगा मेरी छूट तो पड़ेगा hi साथ मैं मेरी जान भी ले लेगा
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैं तो मर hi जाउंगी
ज्योति क्या सोच रही है ये वैसा hi लैंड है जैसा तू कभी सोच सोच कर अपनी पेंटी गीली कर देती थी
आज तो वैसा लैंड तेरे सामने है आवर मत सोच निगल जा अपनी छोटी सी बिल की गहराई मैं जयादा से जायदा क्या होगा एहि होगा सायद तू कल सुबह बीएड से नहीं उठेगी
साली राखी क्या खा कर इसे पैदा की है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
मेरी छूट भी लैंड मांग रही है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
ज्योति आंटी अर्जुन बड़ा मोटा लैंड देखती हुई मन मैं सोचती है
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
राखी देवी बीएड पर बैठी हुई किसी सोच मैं होती के रेनू आंटी की सिसकियाँ सुन कर रेनू आंटी को देखने लगती है आवर रेनू आंटी को देख कर राखी देवी हैरानी से रेनू आंटी को घूरने लगती है
क्यू की रेनू आंटी खिड़की के निचे बैठ गयी होती है आवर रेनू आंटी की साड़ी ऊपर उठी हुई होती है आवर रेनू आंटी की हाथ छूट मैं होती है जो रेनू आंटी की पेंटी राखी देवी के आँखों के सामने होती है जो पूरी तरह गीली होती है वही रेनू आंटी ज़ोर ज़ोर से हांफ रही होती है
रेनू आंटी की माथे पर पसीने देख कर राखी देवी जल्दी से रेनू आंटी के पास आ जाती है
रेनू तू ठीक है न ......तुझे इतनी गर्मी क्यू हो रही है ले पानी पि
राखी देवी पानी का गिलास रेनू आंटी को देती हुई बोलती है
वही रेनू आंटी पानी का गिलास एक साँस मैं पि जाती है
र आआआआ राखी ा आ अर्जुन का इतना बड़ा कैसे है ........
रेनू आंटी कुछ देर पहले देखि अर्जुन का लैंड याद करती हुई हिचकी लेती हुई बोलती है
क्या बोल रही मैं कुछ समझी नहीं ......
राखी देवी अनजान बनती हुई बोलती है
लेकिन रेनू आंटी की हालत आवर बातें सुन कर राखी देवी समझ चुकी होती है के रेनू ने उसके बेटे का मोटा लम्बा लैंड देख कर हालत ख़राब हो चुकी है रेनू की
लेकिन रेनू आंटी को क्या पता राखी देवी पहले hi अपने बेटे का लैंड कई बार देख चुकी होती है
लेकिन राखी देवी को हैरान होने का नाटक तो करना hi था रेनू आंटी के सामने इस लिए राखी देवी चौंकती हुई रेनू से बोलती है
राखी सॉरी मुझे मांफ करना लेकिन देख तो अर्जुन का लैंड कितना बड़ा है ....
इतना बड़ा लैंड तो हम दोनों सिर्फ पोर्न मैं देखा करती थी आवर कितनी गर्म हो जाती थी तुम मैं आवर ज्योति लेकिन आज हम तीनो के सामने वैसा hi लैंड है
राखी मुझे मांफ करना लेकिन क्या तू अर्जुन को मेरे साथ भी बाँट सकती है ज्योति की तरह
राखी मुझे भी वह दर्द फिर से महसूस करनी है जो पहली रात मुझे मेरे पति ने दिया था ......
रेनू आंटी राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है
वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई वह से पीछे हैट जाती है
ये क्या हो रहा है पहले ज्योति अब रेनू भी मेरे अर्जुन के साथ सेक्स करना चाहती है
मेरा दिल पहले hi घबरा रहा है ये सोच कर के जब अर्जुन को ये पता चलेगा के मैंने hi ज्योति को बोलै है सेक्स करने को तो वह क्या करेगा ..... ऊपर से ये रेनू भी
राखी इतना क्या सोच रही है .... अर्जुन ज्योति के साथ सेक्स करे या रेनू के साथ इसमें अर्जुन को मज़ा hi आएगा
तूने देख hi लिया है अर्जुन तेरी जैसी औरत का कितना बड़ा दीवाना है जो तेरी जैसी औरत को सामने देख कर उसका लैंड कैसे खड़ा हो जाता है
उसे जब पता चलेगा के तुमने उसके लिए अपनी जैसी औरत को उसे छोड़ने के लिए दे रही है तो वह खुश हो होगा
राखी तेरा बीटा इस लिए इस दुनिया मैं आया है के वह तुम तीनो सहेलियों की प्यास बुझा सके
राखी आखिर तू भी तो अपने बेटे का लैंड देख कर पागल हो hi गयी है तो इसमें रेनू कैसे पीछे रह सकती है आखिर है तो तेरी सहेली hi न
राखी रेनू को भी हां बोल दे .... बोल दे राखी बोल दे ......
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
राखी देवी जाकर बीएड पर बैठी हुई होती है आवर राखी देवी के दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है तभी राखी देवी की कानो मैं ज्योति आंटी की चीखे सुनाई देती है जो राखी देवी उठ कर खिड़की की तरफ भगति है
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