Teri tadap jaldi khatam nahi hogi - Page 14 - SexBaba
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Teri tadap jaldi khatam nahi hogi

अपडेट ........ 112

वही अर्जुन माँ को फ़ोन करने लगता है लेकिन रिंग होने के बाद भी राखी देवी अर्जुन का फ़ोन नहीं उठती है जो अर्जुन को आवर भी हैरानी होने लगती है

अर्जुन फ़ोन पर फ़ोन करने लगता है लेकिन राखी देवी फ़ोन उठती hi नहीं

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अचानक अर्जुन चीखते हुए फ़ोन को फेक देता है

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ज्योति आंटी किचेन मैं आकर खाना निकल hi रही होती है तभी अर्जुन के गुस्से मैं आवाज़ सुन कर जल्दी से भगति हुई अर्जुन के पास आ जाती है तो देखती है अर्जुन का फ़ोन सोफे पर गिरा हुआ है आवर अर्जुन गुस्से मैं कुछ बोल रहा होता है

अर्जुन बीटा क्या हो गया तुम इतना गुस्सा क्यू कर रहे हो आवर फ़ोन इस तरह फेक दिया अगर निचे गिरता तो इतना महंगा फ़ोन ख़राब हो जाता ...... ज्योति आंटी अर्जुन का फ़ोन उठा कर अर्जुन के पास आती हुई बोलती है

वही अर्जुन कुछ बोले बिना ज्योति आंटी के हाथ से फ़ोन ले लेता है आवर फिर से अपनी माँ को फ़ोन करने लगता है तभी राखी देवी का फ़ोन खुद hi अर्जुन के फ़ोन पर आ जाता है

अर्जुन सॉरी बीटा वह फ़ोन उठा रही थी के गलती से काट hi गयी

वह अर्जुन बीटा अभी अंजू आंटी का फ़ोन आया था उसकी बेटी की तबियत ठीक नहीं है तो मैं जल्दी मैं निकल गयी सॉरी बीटा ..... राखी देवी बोलती है

अपनी माँ की आवाज़ सुन कर अर्जुन थोड़ा संत होता है

कोई बात नहीं माँ ..... मैं अभी आ रहा हुईं ..... अर्जुन बोलता है

नहीं अर्जुन ज्योति आंटी के साथ रहो वह अकेली हो जाएगी .... कितने दिन के बाद तो वह इतनी खुश है अपनी बर्थडे पर

तुम ज्योति आंटी के साथ रहो मैं अंजू को घर छोड़ कर वही आती हुईं रेनू के साथ ...... राखी देवी बोलती है

अपनी माँ की बात सुन कर अर्जुन ठीक है बोलता है

वही राखी देवी फ़ोन काट दी होती है

राखी क्या बोलै अर्जुन वह घर जा रहा है ...... फ़ोन रखते hi पास मैं बैठी रेनू बोल पड़ती है जो इस वक़्त रेनू के चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान होती है

वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई न मैं सर हिला देती है

राखी तू सच मैं एक सच्ची सहेली है जो अपनी दोस्त के लिए अपने बेटे का प्यार बाँट रही है .... रेनू राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है

वही राखी देवी रेनू की बात सुन कर एक फिंका सा मुस्कान चेहरे पर ला देती है

अर्जुन हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आती है

अर्जुन बीटा चलो खाना कहते है बहुत ज़ोर की भूख लगी है मुझे ..... ज्योति आंटी बोलती है


ज्योति आंटी के बोलने पर अर्जुन सोफे से उठ कर दिंनिंग टेबल की तरफ चल पड़ता है

अर्जुन दिंनिंग टेबल पर बैठ जाता है वही ज्योति आंटी भी अर्जुन के बगल मैं बैठ जाती है आवर


अर्जुन के पलेट मैं खाना निकलने लगती है

वव आंटी आप ने चिकन बिरयानी बनाई है कितनी अच्छी खुसबू है .... बिरयानी की खुसबू लेते हुए अर्जुन बोलता है

अर्जुन के चेहरे पर ख़ुशी देख कर ज्योति आंटी भी मुस्कुरा पड़ती है

अर्जुन तुमेह बिरयानी पसन् है न तुम्हारे लिए hi बनाई है .... ज्योति आंटी मुस्कुरा कर बोलती है


हां आंटी मुझे बिरयानी बहुत पसंद है .... थैंक्स.... अर्जुन बोल कर बिरयानी खाने लगता है

खाओ बीटा आज तुमेह बहुत म्हणत करनी है .....


अर्जुन को कहते हुए देख कर ज्योति आंटी मन मैं सोच कर मुस्कुरा पड़ती है आवर खुद खाने लगती है

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वही राखी देवी रेनू के साथ रूम मैं बैठी हुई खाना खा रही होती है

क्या अर्जुन आज ज्योति के साथ सेक्स करेगा या मन कर देगा ..... अर्जुन मन कर देगा तो अच्छा होगा

नहीं नहीं अर्जुन ने मन कर दिया तो ... ज्योति बहुत दुखी हो जाएगी .....

कैसे बात करती हुई रोने लगी थी

ज्योति की मायुशि को देख कर hi तो मैं मान गयी हुईं

क्या मेरा अर्जुन ज्योति के साथ पहला सेक्स करेगा ......

ज्योति के इतने बड़े बड़े चुकी देख कर तो मेरा अर्जुन पागल hi हो जायेगा आवर ज्योति की बड़ी बड़ी चुकी को मसल मसल कर सारा रास निचोड़े लेगा मेरा बेटे साली को बहुत आग लगी है न उसकी छूट मैं आज उसकी साडी आग निकल देगा मेरा अर्जुन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन मेरे साथ पहला सेक्स करता तो कितना अच्छा होता

राखी देवी खाना काम खा रही होती है लेकिन मन मैं बहुत कुछ सोच रही होती है जो कहती हुई रेनू राखी देवी की चेहरे को देख कर समझने की कोशिश कर रही होती है के राखी इस वक़्त क्या सोच रही होगी लेकिन बोलती कुछ नहीं है

राखी देवी अचानक उठ कर उसी रूम के बाथरूम मैं चली जाती है .....

अर्जुन खाने के बाब हॉल मैं बैठा हुआ होता है तभी वह ज्योति आंटी आ जाती है

अर्जुन बीटा क्या देख रहे है .....

क क क कुछ नहीं आंटी

अर्जुन फ़ोन चलने मैं होता है के तभी उसके कानो मैं ज्योति आंटी की आवाज़ आ जाती है आवर अर्जुन जैसे hi नज़र उठा कर ज्योति आंटी को देखता है अर्जुन का दिल धड़क उठता है आवर अर्जुन बोलते हुए अर्जुन का जुबान लड़खड़ने लगता है


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क्यू की ज्योति आंटी इस वक़्त साड़ी बदल कर नाईट ड्रेस पहना चुकी होती है आवर नाईट ड्रेस मैं ज्योति आंटी की पूरी गर्दै हुई जिस्म की बनावट अर्जुन देख रहा होता है जिससे ज्योति आंटी की जिस्म को देख कर अर्जुन के छोटे महाराज Jen's मैं क़ैद नाचने लगते है

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अर्जुन इस वक़्त ज्योति आंटी की गर्दै हुई जिस्म को बड़े hi धयान से देख रहा होता है अर्जुन कभी ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को देख रहा होता है तो कभी ज्योति आंटी की जिस्म की बनावट को तो कभी अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की कमर के पास आकर रुक जा रही होती है

अर्जुन ज्योति आंटी कमर को देखते हुए वही बैठा हुआ अंदाज़ा लगाने लगता है के ज्योति आंटी की गांड कितनी बड़ी लग रही होगी इस नाईट ड्रेस मैं

वही अर्जुन को अपनी जिस्म को देखती हुई देख कर ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा रही होती है


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अर्जुन क्या हुआ मैं अच्छी नहीं लग रही इस ड्रेस मैं ..... ज्योति आंटी मुस्कुराती हुई बोलती है आवर अपनी चुकी को आवर ऊपर की तरफ उठा देती है जिससे अर्जुन का के माथे पर पसीने आने लगते है

नाईट ड्रेस मैं फैली हुई ज्योति आंटी की गदराई जिस्म को देख कर अर्जुन पागल होने लगता है अर्जुन का दिल कर रहा होता है उठ कर जाए आवर ज्योति आंटी की तानी हुई चुकी को पकड़ कर मसल दे

आंटी मांफ करना मुझे ..... आंटी आप इस ड्रेस मैं बहुत बोल्ड सेक्सी लग रही हो

आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप पटक कर ...... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है लेकिन अर्जुन की नज़र अभी भी ज्योति आंटी की कमर पर hi होती है आवर अर्जुन का हाथ अब अपने Jen's के ऊपर लैंड पर होता है जो अर्जुन फ़ोन को अपने लैंड के ऊपर रख कर लैंड को सहला रहा होता है

क्या पटक कर अर्जुन ..... ज्योति आंटी फिर से शर्मीली मुस्कान के साथ पूछती है

वैसे ज्योति आंटी समझ तो गयी होती है अर्जुन क्या बोलना चाहता था लेकिन ज्योति आंटी अर्जुन के मुंह से सुनने के लिए पूछ लेती है लेकिन ज्योति आंटी पूछने के बाद खुद hi शर्मा भी गयी होती है

ज्योति आंटी के हस्ते हुए पूछने पर अर्जुन को थोड़ी हैरानी तो होती है के ज्योति आंटी समझ कर भी पूछ रही है जो अर्जुन भी सोच लेता है पूरी बात बोल hi देता हुईं .....

आंटी आप को इस ड्रेस मैं किसी ने देख लिया तो वह आप को आप के घर मैं hi पटक कर आप की इस नाईट ड्रेस को पहाड़ कर आप की इस गर्दै हुई जिस्म को मसल कर रख देगा ..... अर्जुन बोलते हुए अपना लैंड ज़ोर से दबा देता है

वही अर्जुन की बात सुन कर ज्योति आंटी शर्मा जाती है आवर अर्जुन को घूरने लगती है जैसे ज्योति आंटी को अर्जुन की बात बुरी लगी हो लेकिन ज्योति आंटी मन hi मन मुस्कुरा भी रही होती है ......

मेरे जिस्म को कोई आवर क्यू मैलेगा ..... जब मेरे पास मेरे बेटे जैसा लड़का सामने है तो ....... ज्योति आंटी मुंह बना कर बोलती है

वही ज्योति आंटी की बात सुन कर अर्जुन के जिस्म मैं खून तेज़ी से दौड़ने लगती है

अर्जुन आँखें फाडे ज्योति आंटी को देखने लगता है ......

अर्जुन को यकीन नहीं हो रहा होता है के ज्योति आंटी खुल कर बोल रही है के अर्जुन तुम इस जिस्म को मसल सकते हो

अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए खड़ा हो जाता है आवर ज्योति आंटी के बिलकुल करीब चला जाता है

वही ज्योति आंटी सरमाती हुई निचे देखती हुई अपनी पेअर की ऊँगली ज़मीन मैं रगड़ रही होती है

आंटी मैं तो खुसनसीब होंगे जो आप जैसी खूबसूरत अप्सरा का जिस्म को देख पाउँगा ....

लेकिन आंटी मैं इस जिस्म को मसलने के बजाये मैं इस जिस्म को सहला कर इसका सारा रास पि जाऊंगा

आंटी आप की इस जिस्म को देख कर तो मेरे मेरे खून उबाल मरी रही है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

आप की जिस्म की खुसबू कितनी प्यारी है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन ज्योति आंटी की गर्दन को सूंघते हुए बोलता है आवर ज्योति आंटी की कमर पे हाथ रखते हुए हाथ निचे कर के ज्योति आंटी की गांड को दबा देता है जो ज्योति आंटी अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन के बाँहों मैं सिसकती हुई चली जाती है

ज्योति आंटी के बाँहों में आते hi अर्जुन को ज्योति आंटी की गर्म जिस्म महसूस होती है जिससे अर्जुन का लैंड एक बार झटका मार देता है जो अर्जुन आवर भी मज़बूती से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति आंटी अह्ह्ह्हह्हह भर्ती हुई अपनी कमर को अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है जो ज्योति आंटी को अर्जुन का तना हुआ लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस होने लगती है

दोनों एक दूसरे के जिस्म से लिपट गए होते है ज्योति आंटी तो सिर्फ अर्जुन के जिस्म से लिपटी हुई होती है लेकिन अर्जुन बार बार ज्योति आंटी की गांड दबाते हुए ज्योति आंटी की गले को चुम रहा होता है

वही अर्जुन के बार बार गांड दबाने से ज्योति आंटी की जिस्म की गर्मी आवर भी बढ़ती hi जा रही होती है जिसका असर ज्योति आंटी अपनी छूट मैं महसूस कर रही होती है जो न जाने कई सल्ल से बस गर्मी मैं जलती हुई आ रही होती है

अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए ज्योति आंटी के होंठ के पास अपना मुंह ला देता है आवर ज्योति आंटी के सर को पकड़ कर ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है जो ज्योति आंटी अर्जुन के आँखों मैं देख कर अपनी पलकें निचे कर लेती है लेकिन ज्योति आंटी की दोनों होंठ खुल चुकी होती है

ज्योति आंटी की खुली हुई गुलाबी हो को देख कर अर्जुन बिना कुछ सोचे ज्योति आंटी के होंठ मैं होंठ सत्ता कर किश करने लगता है

वही अर्जुन के किश करते है ज्योति आंटी भी अपनी हाथ अर्जुन के सर पर रख कर किश करने मैं अर्जुन का साथ देने लगती है

दोनों एक दूसरे को किश करते हुए पास के सोफे पर गिर जाते है जो अर्जुन सोफे पर बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी अर्जुन के पेअर पर बैठ जाती है जो ज्योति आंटी की मोती गांड अर्जुन के पेअर पर होने के बाद भी बहार निकली हुई होती है

अर्जुन किश करते हुए अपना हाथ फिर से ज्योति आंटी की गांड पर रख कर दबाने लगता है जो ज्योति आंटी को अपनी गांड मैं दर्द महसूस होने लगती है जो ज्योति आंटी अचानक किश तोड़ती हुई उठ कड़ी होती है

वही अर्जुन पास कड़ी ज्योति आंटी को बड़े hi हैरानी से देखने लगता है जैसे पूछ रहा हो किश क्यू तोड़ दिया


ऐसे भी कोई दबाता है मुझे दर्द हो रही है अर्जुन प्लीज थोड़े धीरे दबाओ न ..... ज्योति आंटी अपनी गांड पर हाथ सहलाती हुई बोलती है

क्या करू आंटी आप की गांड इतनी बड़ी आवर सेक्सी है की मैं अपने हाथ पर काबू hi नहीं कर पा रहा हुईं .....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की इ पीछे चला जाता है आवर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं दबाते हुए फिर से ज्योति आंटी की गांड दबा देता है जो ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई घूम जाती है आवर अर्जुन से लिपट जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

तुम लड़कों को गांड इतनी क्यू पसन् आती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

जो औरत की अनमोल खजाने को छोड़ कर गांड मरने के लिए बेचैन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh रहते हो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnn नननननन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति आंटी को बाँहों मैं आते hi अर्जुन बहुत hi तेज़ी मैं ज्योति आंटी की नाईट ड्रेस को ऊपर की तरफ उठा कर निकल फेकता है आवर ज्योति आंटी को सोफे पर हल्का धमकका देते हुए बैठा कर खुद ज्योति आंटी के के पास बैठ कर अपना हाथ ज्योति आंटी की छूट पर रख कर ज्योति आंटी की छूट को पेंटी के ऊपर से सहलाने लगता है जो ज्योति आंटी मचलती हुई अर्जुन के बालों को पकड़ कर आह्ह्ह्हह्ह भरने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh आवर ज़ोर से Betaaaaaaaaaaaaaaaa

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बहुत Tanggggggggggggggggggg करती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अचानक एक ऊँगली पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दाल देता है जो ज्योति आंटी तड़पती हुई सोफे पर लेट जाती है

वही अर्जुन अपनी ऊँगली को पेंटी के ऊपर से hi ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बनाते हुए अंदर करने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhh ार्जुउउउउउउउउन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa


ज्योति आंटी अर्जुन की हरकत से खुद को आवर नहीं रोक पति है आवर सोफे पर लेती हुई hi छूट से पानी बहाने लगती है जो कुछ hi देर मैं ज्योति आंटी की पेंटी पूरी गीली हो जाती है आवर अर्जुन के ऊँगली मैं भी ज्योति आंटी की छूट का पानी आ जाता है

ज्योति आंटी कुछ देर तक सोफे पर लेती हुई गांड रही होती है आवर अर्जुन को देखती हुई शर्मा कर अपनी छूट पर हाथ रख देती है

ज्योति आंटी की छूट का पानी वाला ऊँगली अर्जुन ज्योति आंटी को दिखते हुए मुस्कुरा देता है

ज्योति आंटी अचानक कड़ी होती है आवर अर्जुन को देखती हुई निचे गिरी हुई नाईट ड्रेस को अपनी जिस्म पर रख लेती है

वही अर्जुन ज्योति आंटी की हरकत को देख कर मुस्कुरा देता है आवर अर्जुन अपना सरत आवर Jen's दोनों खोल कर अंडरवियर मैं हो जाता है

ज्योति आंटी अर्जुन को कपडे निकलते हुए देख कर शर्मा तो रही होती है लेकिन इस बार ज्योति आंटी की नज़र अर्जुन के अंडरवियर पर रुक गयी होती है आवर अर्जुन का टाइट खड़े लैंड को घर रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


कितना बड़ा आवर मोटा है अर्जुन का लैंड जो अंडरवियर मैं होने के बाद भी इतना फुला हुआ है

आज तो उस दिन से भी बड़ा लग रहा है अर्जुन का लैंड .. नहीं नहीं ये लैंड नहीं मेरी जैसी प्यासी औरत के लिए एक प्यारा सा वरदान दिया है भगवन ने

ज्योति आंटी मन मैं सोचती है

अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए ज्योति आंटी के करीब आने लगता है

अर्जुन को अपने करीब आते हुए देख कर ज्योति आंटी की गाला सूखने लगता है आवर ज्योति आंटी अपनी मुंह मैं जमा हो रही थूक को घोट जाती है आवर सरमाती हुई अपनी आँखें निचे कर लेती है

वही अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुए चार आँखें आवर भी देख रही थी जिनकी दिल की धड़कन तो ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह hhhhhhhhhhhhhhhhhh

छिनार साली कुट्टी क्या कर रही है

राखी देवी चिढ़ाती हुई बोलती है जो इस वक़्त ज्योति आंटी के रूम के खिड़की के पास कड़ी होकर हॉल मैं देख रही होती है आवर साथ मैं रेनू आंटी भी होती है

राखी आज तो ज्योति की अर्जुन का शिकार बन के hi रहेगी

देख कैसे अर्जुन ज्योति की जिस्म को देख रहा है

राखी अर्जुन ज्योति के पास जा रहा है लेकिन मेरी छूट मैं छुल मच रही है ..... रेनू आंटी राखी देवी से बोलती है आवर अर्जुन को ज्योति आंटी के करीब जाते हुआ देख कर अपनी हाथ साड़ी के ऊपर से छूट पर रख कर सहला रही होती है

वही रेनू आंटी की हरकत को देख कर राखी देवी अजीब से सकल बना कर रेनू आंटी को घूरती है जो रेनू आंटी अपनी हाथ छूट से हटा लेती है आवर बिना राखी देवी के तरफ देख खिड़की को थोड़ी आवर खोल कर बहार देखने लगती है

इधर अर्जुन ज्योति आंटी के पास आ चूका होता है आवर अपना हाथ ज्योति आंटी के चेहरे पर रख कर ज्योति आंटी का सर ऊपर कर देता है

आंटी आप की इस हुस्न को देख कर मैं खुद को रोक नहीं पा रहा हुईं

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की मोती मसल जांघ पर हाथ रखते हुए थोड़ा दबा देता है जिससे ज्योति आंटी आँखें बंद कीर्ति हुई सिसक पड़ती है आवर अपनी हाथ अर्जुन के हाथ पर रख कर पकड़ लेती है


ज्योति आंटी को हाथ पकड़ने से अर्जुन ज्योति आंटी को देखता है जो ज्योति आंटी भी अर्जुन को मदहोशी भरी आँखों से देख रही होती है

अर्जुन ज्योति आंटी को देखते हुए अपनी एक ऊँगली ज्योति आंटी की गुलाबी होंठ पर रख कर उस ऊँगली को ज्योति आंटी की होंठ पर सहलाने लगता है

अर्जुन के ऊँगली सहलाने से ज्योति फिर से अपनी आँखें बंद करती हुई अर्जुन का हाथ खुद hi अपनी जांघ पर दबा देती है

ज्योति आंटी को न रोकते हुए देख कर अर्जुन समझ जाता है ज्योति आंटी को मज़ा आ रहा है

अर्जुन को ये अहसास होते hi अर्जुन जांघ को सहलाते हुए उस हाथ को ऊपर की तरफ करते हुए छूट पर रख देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के छूट पर हाथ रखते hi ज्योति आंटी कनपटी हुई सोफे पर लेट जाती है आवर अपनी गांड उठती हुई सोफे पर मचल जाती है

अर्जुन ज्योति आंटी की फूली हुई छूट पर हाथ फेरते हुए अपना हाथ छूट से हटा लेता है आवर फिर ज्योति आंटी की पेंटी मैं ज्योति आंटी की दिख रही छूट की लकीरों पर ऊँगली फेरने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी हाथ से अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है लेकिन इस बार अर्जुन दूसरे हाथ से ज्योति आंटी का हाथ पकड़ लेता है आवर ऊँगली को ज्योति आंटी की छूट मैं पेंटी के ऊपर से दाल देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

ज्योति आंटी मचलती हुई सोफे पर दूसरी तरफ घूम जाती है जो अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की मोती बड़ी गांड आ जाती

ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को देख कर अर्जुन का लैंड तो अंडरवियर मैं फनफना जाता है जो अर्जुन झट से ज्योति आंटी की मोती मसल दार गांड को दोनों हाथ से पकड़ कर मसलने लगता है

अर्जुन के गांड मसलने से लेती हुई ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई सोफे को पकड़ लेती है

अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलते हुए ज्योति आंटी के चिकनी पीठ को चुम लेते है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

पीठ को चूमते hi ज्योति तड़प जाती है आवर फिर से घूम जाती है

ज्योति आंटी के अचानक घूमने से इस बार अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर hi रह जाता है आवर ज्योति आंटी के जिस्म पर लेता जाता है जो अर्जुन का साइन मैं ज्योति आंटी की चुकी डाब जाती है

अर्जुन ज्योति आंटी की गले को चूमते हुए निचे आता है आवर ज्योति आंटी की चुकी के लकीर मैं चूमने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति आंटी अह्हह्ह्ह्ह भरी हुई अर्जुन का सर अपनी चुकी मैं दबा देती है अर्जुन भी ज्योति आंटी की चुकी को पकड़ कर दबाने लगता है

अर्जुन के चुकी दबाने से ज्योति आंटी को थोड़ी दर्द तो होती है लेकिन उससे कही जयादा ज्योति आंटी को मज़ा भी आती है जो ज्योति आंटी अपनी कमर उठा कर अपनी छूट को अर्जुन के लैंड मैं दबा देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

वही अर्जुन ज्योति आंटी ब्रा को खोल कर ज्योति आंटी की चुकी मुंह मैं ले लेता है आवर निप्पल को चूसने लगता है

अर्जुन को अपनी चुकी को चूसते हुए पा कर ज्योति आंटी अर्जुन को बच्चे की तरह अपनी बाँहों मैं भर लेती है आवर अर्जुन के सर पर हाथ फेरने लगती है

अर्जुन ज्योति आंटी की बाँहों मैं लेता हुआ ज्योति आंटी की निप्पल चूस रहा होता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अह्ह्ह्ह की आवाज़ सुनते hi अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी से सर उठा कर ज्योति आंटी को देखने लगता है

वही आह्ह्ह्हह की आवाज़ सुनते hi ज्योति आंटी भी अर्जुन का सर अपनी चुकी पर दबती हुई सिसकियाँ लेने लगती है जो अर्जुन फिर से ज्योति आंटी की चुकी को चूसने लगता है

लेकिन अर्जुन को थोड़ी हैरानी ज़रूर होती है के इस वक़्त ज्योति आंटी की सिसकियाँ उसे सुनाई दिया या किसी आवर की लेकिन अर्जुन इस बात पर जयादा ध्यान नहीं देता है आवर ज्योति आंटी की चुकी को फिर से चूसने लगता है

ओह्ह गॉड साली रेनू hi होगी कुटिया ...... ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई मन मैं सोचती है

वही खिड़की के पास कड़ी राखी देवी आवर रेनू आंटी की बुरी हालत हो चुकी होती है दोनों का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रही होती है आवर दोनों अपनी ज़ोर ज़ोर से चलती हुई दिल की धड़कन को काबू कर रही होती है लेकिन दोनों की इस वक़्त ज्योति आंटी की तरह बुरी हालत होती है

रेनू आंटी का हाथ जहा राखी देवी की अनमोल रास से भरी चुकी पर होती है वही राखी देवी का हाथ खुद की hi छूट पर चली गयी होती है आवर राखी देवी अपनी छूट मैं ऊँगली डालती हुई अर्जुन आवर ज्योति आंटी की रास लीला देख रही होती है लेकिन अर्जुन को निप्पल चूसते हुए देख कर पता नहीं राखी देवी को क्या होती है जो राखी देवी छूट मैं ऊँगली को बस थोड़ी थोड़ी अंदर बहार कर रही होती है आवर उसी ऊँगली को पूरी छूट के अंदर दाल कर ज़ोर से सिसक पड़ती है

Ahhhhhhhhhhh क्या हो रही है मुझे मेरी छूट मैं इतनी आग क्यू लग रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी मन मैं सोचती हुई खिड़की के पास से हैट कर बीएड पर जाकर बैठ जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhh कैसे अपनी चुकी को चुसवा रही है साली कस ज्योति की जगह मैं होती .........

राखी देवी के जाते hi रेनू आंटी अपनी चुकी को मसलती हुई मन मैं सोचती है

इधर अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी को चूसते हुए अपना लैंड ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बना रहा होता है लेकिन अर्जुन का ज्योति आंटी की छूट मैं जा नहीं पा रहा होता है

क्यू के अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं क़ैद होता है आवर ज्योति आंटी की छूट पेंटी मैं क़ैद होती है

अर्जुन ज्योति आंटी की चुकी की निप्पल पिटे हुए अपना एक हाथ निचे लेकर जाता है आवर तेज़ी से अपनी कमर उठा कर ज्योति आंटी की पेंटी को निचे कर देता है

वही ज्योति आंटी को जैसे hi समझ आती है वह झट से अपनी हाथ छूट पर रख कर अपनी छूट को छिपा लेती है


Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन betaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन ज्योति आंटी के ऊपर से उठ कर निचे बैठ जाता है आवर ज्योति आंटी की हाथ को छूट से हटाने लगता है तो ज्योति आंटी बोलती हुई उठ कर बैठ जाती है लेकिन अपनी छूट से हाथ को नहीं हटती है

अर्जुन ज्योति आंटी की मोती जांघ को सहलाता हुआ अपना हाथ ज्योति आंटी की गांड की तरफ लेकर जाने लगता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देखती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

अर्जुन के आँखों के सामने ज्योति आंटी की खुली जवानी होती है जिसको देख कर अर्जुन का लैंड अंडरवियर मैं उफान मार रहा होता है

अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को मसलने लगता है जिससे ज्योति आंटी की सिसकियाँ फिर से हॉल मैं गूंज पड़ती है आवर ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अपनी छूट से हाथ हटती हुई सोफे पर लेट पड़ती है


ज्योति आंटी के छूट से हाथ हटते hi अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की छूट पर जाती है आवर अर्जुन के लैंड अंडरवियर मैं फनफना कर बहार आने को बेचैन हो जाता है आवर अर्जुन के लैंड के साथ hi अर्जुन के मुंह मैं भी पानी आ जाता है

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क्यू की ज्योति आंटी छूट इस वक़्त पानी छोड़ रही होती है आवर ज्योति आंटी की छूट से पानी बहती हुई गांड मैं जा रही होती है जो ज्योति आंटी की चिकनी छूट को देख कर अर्जुन के मुंह मैं पानी आ चूका होता है अर्जुन एक बार बस ज्योति आंटी की आँखों मैं देखता है है आवर ज्योति आंटी की छूट मैं अपना ऊँगली दाल कर ज्योति आंटी की छूट का पानी अपनी ऊँगली मैं ले लेता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के छूट मैं ऊँगली डालते hi ज्योति आंटी सिसकियाँ लेती हुई अचानक अर्जुन का लैंड पकड़ लेती है जो अर्जुन की भी अह्ह्ह निकल जाता है


अर्जुन के बार बार मसलने से ज्योति आंटी अब बहुत गर्म हो चुकी होती है जो ज्योति आंटी की आँखों मैं एक मदहोशी सी छ गयी होती है ज्योति आंटी छूट की गर्मी मैं जलती हुई अर्जुन का लैंड सीधा पकड़ ली होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा प्लीज इसको मेरे अंदर दाल दो मैं खुद को आवर नहीं रोक सकती मेरी छूट बहुत जल रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति आंटी मचलती हुई बोलती है

क्या दाल दूँ आंटी आवर कहा .....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन ज्योति आंटी की छूट मैं ऊँगली डालते हुए बोलता है जो ज्योति आंटी अर्जुन को देख कर शर्मा जाती है लेकिन जल्द hi खुद को संभल भी लेती है

अर्जुन बीटा इसको meeeeeeeeeeeeeee


ज्योति आंटी बोलती हुई अर्जुन का अंडरवियर निचे कर देती है जो अर्जुन का लैंड ज्योति आंटी की नज़र के सामने आ जाता है आवर अर्जुन का लम्बा मोटा लैंड देख कर ज्योति आंटी आगे कुछ बोल नहीं पति है आवर ज्योति आंटी की गाला भी सुख जाती है

हे भगवन ये लैंड है या किसी छोटी लड़की का हाथ है मेरी बरसो से बंद पड़ी छोटी सी छूट मैं कैसे जायेगा मेरी छूट तो पड़ेगा hi साथ मैं मेरी जान भी ले लेगा

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैं तो मर hi जाउंगी

ज्योति क्या सोच रही है ये वैसा hi लैंड है जैसा तू कभी सोच सोच कर अपनी पेंटी गीली कर देती थी

आज तो वैसा लैंड तेरे सामने है आवर मत सोच निगल जा अपनी छोटी सी बिल की गहराई मैं जयादा से जायदा क्या होगा एहि होगा सायद तू कल सुबह बीएड से नहीं उठेगी

साली राखी क्या खा कर इसे पैदा की है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी छूट भी लैंड मांग रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति आंटी अर्जुन बड़ा मोटा लैंड देखती हुई मन मैं सोचती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी बीएड पर बैठी हुई किसी सोच मैं होती के रेनू आंटी की सिसकियाँ सुन कर रेनू आंटी को देखने लगती है आवर रेनू आंटी को देख कर राखी देवी हैरानी से रेनू आंटी को घूरने लगती है

क्यू की रेनू आंटी खिड़की के निचे बैठ गयी होती है आवर रेनू आंटी की साड़ी ऊपर उठी हुई होती है आवर रेनू आंटी की हाथ छूट मैं होती है जो रेनू आंटी की पेंटी राखी देवी के आँखों के सामने होती है जो पूरी तरह गीली होती है वही रेनू आंटी ज़ोर ज़ोर से हांफ रही होती है


रेनू आंटी की माथे पर पसीने देख कर राखी देवी जल्दी से रेनू आंटी के पास आ जाती है

रेनू तू ठीक है न ......तुझे इतनी गर्मी क्यू हो रही है ले पानी पि

राखी देवी पानी का गिलास रेनू आंटी को देती हुई बोलती है

वही रेनू आंटी पानी का गिलास एक साँस मैं पि जाती है

र आआआआ राखी ा आ अर्जुन का इतना बड़ा कैसे है ........

रेनू आंटी कुछ देर पहले देखि अर्जुन का लैंड याद करती हुई हिचकी लेती हुई बोलती है

क्या बोल रही मैं कुछ समझी नहीं ......

राखी देवी अनजान बनती हुई बोलती है

लेकिन रेनू आंटी की हालत आवर बातें सुन कर राखी देवी समझ चुकी होती है के रेनू ने उसके बेटे का मोटा लम्बा लैंड देख कर हालत ख़राब हो चुकी है रेनू की

लेकिन रेनू आंटी को क्या पता राखी देवी पहले hi अपने बेटे का लैंड कई बार देख चुकी होती है

लेकिन राखी देवी को हैरान होने का नाटक तो करना hi था रेनू आंटी के सामने इस लिए राखी देवी चौंकती हुई रेनू से बोलती है

राखी सॉरी मुझे मांफ करना लेकिन देख तो अर्जुन का लैंड कितना बड़ा है ....

इतना बड़ा लैंड तो हम दोनों सिर्फ पोर्न मैं देखा करती थी आवर कितनी गर्म हो जाती थी तुम मैं आवर ज्योति लेकिन आज हम तीनो के सामने वैसा hi लैंड है

राखी मुझे मांफ करना लेकिन क्या तू अर्जुन को मेरे साथ भी बाँट सकती है ज्योति की तरह

राखी मुझे भी वह दर्द फिर से महसूस करनी है जो पहली रात मुझे मेरे पति ने दिया था ......


रेनू आंटी राखी देवी की हाथ पकड़ कर बोलती है

वही रेनू की बात सुन कर राखी देवी रेनू को घूरती हुई वह से पीछे हैट जाती है

ये क्या हो रहा है पहले ज्योति अब रेनू भी मेरे अर्जुन के साथ सेक्स करना चाहती है

मेरा दिल पहले hi घबरा रहा है ये सोच कर के जब अर्जुन को ये पता चलेगा के मैंने hi ज्योति को बोलै है सेक्स करने को तो वह क्या करेगा ..... ऊपर से ये रेनू भी

राखी इतना क्या सोच रही है .... अर्जुन ज्योति के साथ सेक्स करे या रेनू के साथ इसमें अर्जुन को मज़ा hi आएगा

तूने देख hi लिया है अर्जुन तेरी जैसी औरत का कितना बड़ा दीवाना है जो तेरी जैसी औरत को सामने देख कर उसका लैंड कैसे खड़ा हो जाता है

उसे जब पता चलेगा के तुमने उसके लिए अपनी जैसी औरत को उसे छोड़ने के लिए दे रही है तो वह खुश हो होगा

राखी तेरा बीटा इस लिए इस दुनिया मैं आया है के वह तुम तीनो सहेलियों की प्यास बुझा सके


राखी आखिर तू भी तो अपने बेटे का लैंड देख कर पागल हो hi गयी है तो इसमें रेनू कैसे पीछे रह सकती है आखिर है तो तेरी सहेली hi न

राखी रेनू को भी हां बोल दे .... बोल दे राखी बोल दे ......

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

राखी देवी जाकर बीएड पर बैठी हुई होती है आवर राखी देवी के दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है तभी राखी देवी की कानो मैं ज्योति आंटी की चीखे सुनाई देती है जो राखी देवी उठ कर खिड़की की तरफ भगति है

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अपडेट ............ 113

राखी रेनू को भी हां बोल दे .... बोल दे राखी बोल दे ......

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

राखी देवी जाकर बीएड पर बैठी हुई होती है आवर राखी देवी के दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है तभी राखी देवी की कानो मैं ज्योति आंटी की चीखे सुनाई देती है जो राखी देवी उठ कर खिड़की की तरफ भगति है


राखी देवी खिड़की के पास जैसे hi आती है हॉल का नज़ारा देख कर राखी देवी की दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगती है आवर राखी देवी अपनी दिल की धड़कन को काबू मैं करने के ले लिया अपनी हाथ को अपनी दोनों अनमोल खजाना अपनी उठी हुई पहाड़ की तरह दोनों चुकी को पकड़ कर थोड़ी मसल देती है आवर राखी देवी खुद hi सिसक पड़ती है लेकिन राखी देवी की नज़र हॉल मैं चीख रही ज्योति आंटी पर होती है जो ज्योति आंटी उठने की कोशिश करती हुई अर्जुन को खुद से दूर कर रही होती है लेकिन अर्जुन ज्योति आंटी की कमर को पकड़ कर अपना जाग चूका लैंड को ज्योति आंटी की छूट मैं दबा रहा होता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन क्या कर रहा है बीटा ज्योति आंटी तेरा वह नाग अपनी छोटी से बिल मैं नहीं ले सकती है .............. देख बीटा उसकी आँखों मैं आंसू आ रहे है

ज्योति अब चीख क्यू रही है तुझे hi तो मेरे बेटे का लैंड चाहिए था न

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

Hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अभी मन में सोच hi रही होती है के ज्योति आंटी की चीख हॉल मैं गूंज पड़ती है

ज्योति आंटी की चीख सुनते hi राखी देवी की हाथ भी अचानक साड़ी के ऊपर से hi अपनी छूट पर चली जाती है जो राखी देवी भी सिसकती हुई खिड़की मैं सात जाती है

राखी देवी खिड़की मैं सात कर अपनी तेज़ चल रही दिल की धड़कन को काबू करने लगती है लेकिन राखी देवी की हाथ अभी भी छूट के ऊपर hi होती है

राखी देवी अपनी दिल की धड़कन को काबू कर hi रही होती है तभी राखी देवी की नज़र गेट के पास कड़ी रेनू आंटी पर जाती है जो राखी देवी को देख कर मुस्कुरा रही होती है

राखी एहि सही मक्का है चल तू भी अपने बीटा का मोटा अजगर अपनी छूट मैं ले ले तेरी भी प्यास बुझ जाएगी .....

तेरी इस वक़्त की हालत देख कर मुझे पता चल रही है ...तू हम दोनों से भी जयादा प्यासी है ........... आ जा राखी

Renuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu

रेनू इतना बोल कर रूम से बहार निकल जाती है

वही रेनू आंटी को बहार जाते हुए देख कर राखी देवी रेनू को पुकारती हुई रेनू आंटी को रोकने की कोशिश करती है लेकिन रेनू आंटी बिना राखी देवी को देखे रूम से भाग जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी छुट्ट्ट्ट

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन प्लीज बहार निकालो मुझे Ahhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaa

Renuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu प्लीज अर्जुन को मेरे ऊपर से

Ahhhhhhhhhhhhhhhh hattaaaaaaaaaa

hhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति आंटी की नज़र जैसे hi पीछे कड़ी रेनू आंटी पर नज़र जाती है है ज्योति आंटी दर्द मैं मचलती हुई बोल पड़ती है

वही अर्जुन ज्योति आंटी की मुंह से रेनू आंटी की नाम सुन कर एक वक़्त के लिए हड़बड़ा कर रुक जाता है आवर मुद कर पीछे देखता है तो सच मैं रेनू आंटी पीछे कड़ी होकर कर सरमाती हुई मुस्कुरा रही होती है

हे भगवन अर्जुन ज्योति की छूट तो पूरी फैट चुकी है कितनी खून निकल रही है ज्योति की छूट से

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति की इतनी बुरी चीख इस लिए निकली थी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन तो अपनी hi माँ की दोस्त की छूट फाड् दिया

AHhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आखिर कर ज्योति की छूट की आग आज ठंडी हो hi जाएगी

ज्योति आंटी की छूट से निकल कर सोफे पर गिर रही बलदे को देख कर रेनू आंटी मन मैं सोचती है

आवर रेनू आंटी खुद अपनी छूट मैं एक अलग hi आनद महसूस करने लगती है

ज्योति अब नखरे क्यू कर रही है कब से तो मरी जा रही थी अर्जुन का नाग अपनी बिल मैं लेने के लिए ..... आवर जब अर्जुन का नाग तेरी बिल मैं जा रहा है तो मन कर रही है

ज्योति बस थोड़ी से सह ले फिर देखना अर्जुन का नाग जब तेरी छोटी सी बिल को बड़ा कर देगा तो तू इस नाग को बहार भी नहीं निकलने देगी

क्यू सही बोल रही न ज्योति

देख तेरी आँखों मैं कितनी मस्ती भर रही है

अर्जुन बीटा तुम अपने नाग को ज्योति की बिल मैं अंदर करो मैं थोड़ी इसकी छोटी सी बिल को गिला कर देती हुईं

रेनू आंटी बोलती हुई अर्जुन के करीब आ जाती है आवर अपनी पीछे की हुई हाथ को आगे करती हुई भरी हुई तेल्ल की सीसी को ज्योति आंटी की छूट मैं जा रहा अर्जुन के लैंड पर तेल्ल गिराने लगती है अर्जुन पहले तो थोड़ा घबरा गया होता है लेकिन रेनू आंटी की बात सुन कर अर्जुन अंदर से बहुत खुश हो जाता है आवर रेनू आंटी को देखता हुआ ज्योति आंटी की कमर को फिर से पकड़ लेता है

अर्जुन बीटा कुछ मत सोचो ऐसी रेस से भरी छूट तुमेह कभी नहीं मिलने वाली

इस सुखी खेत की रखवाली ज्योति कई सल्ल से करती हुई आ रही है


लेकिन तुम आज इस सुखी हुई खेत पर तुम इतना हल चलाओ के ज्योति की खेत पूरी बरसात की मौसम की तरह हरी भरी हो जाए

रेनू आंटी बोलती हुई बिलकुल अर्जुन के करीब आ जाती है आवर ज्योति आंटी की छूट मैं जा रहा अर्जुन का लैंड को देख कर अपनी मुंह मैं ली हुई थूक को एक बार मैं hi घातक जाती है

हे मा अर्जुन का लैंड तो सच मैं बड़े के साथ बहुत मोटा भी है यकीनन ज्योति तो कई दिन तक घर से बहार नहीं जाने वाली है

रेनू आंटी अर्जुन का लैंड इतने करीब से देखती हुई मन मैं बोलती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

साली छिनार कुटिया Ahhhhhhhhhhhhhhhh तू ले ले न इसका लैंड

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी छूट

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रेनू आंटी के तेल्ल डालने से अर्जुन का लैंड आवर भी जोश मैं फुफकार मरने लगता है जो अर्जुन ज्योति आंटी की मोती गांड को मसलते हुए पाकर कर अपना लैंड ज्योति आंटी की छूट मैं दबाओ बनाने लगता है जिससे ज्योति आंटी दर्द आवर मस्ती मैं सिसकियाँ लेती हुई रेनू आंटी को बोल पड़ती है

ज्योति आंटी की बात सुन कर रेनू आंटी एक नज़र सरमाती हुई अर्जुन को देखती है आवर फिर से अर्जुन के लैंड को ज्योति आंटी की छूट मैं जाते हुए देखने लगती है

वही अर्जुन भी रेनू आंटी को देखता है लेकिन रेनू आंटी जल्द hi अपनी नज़र अर्जुन के ऊपर से हटा कर अर्जुन के लैंड को देखने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh थोड़ा धीरे बीटा

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मायआ Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन दर्द हो Rahiiiiiiiiii Hhhhhhhhhhhhhhhhh

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnn ननननननन

ज्योति आंटी मचलती हुई उठ कर अर्जुन को पूरी तरह बाँहों मैं भरी लेती है आवर बहुत hi मज़बूती से अर्जुन को पकड़ लेती है ताकि अर्जुन आवर धक्का न मार सके

लेकिन ज्योति आंटी की एक आवर सिसकियाँ उस हॉल मैं गूंज पड़ती है आवर ज्योति आंटी इस बार अपनी कमर अर्जुन के लैंड मैं दबा देती है

क्यू की ज्योति आंटी को बाँहों मैं आते hi अर्जुन भी ज्योति आंटी की मोती गांड को पकड़ कर अपने लैंड पर उठा लेता है आवर अपने लैंड को ज्योति आंटी की छूट मैं दबा देता है जिससे अर्जुन का मोटा फुल जोश मैं लैंड अपनी छूट के अंदर अहसास करती हुई ज्योति आंटी की पूरी जिस्म कैंप जाती है आवर ज्योति आंटी की छूट से पानी बहाने लगती है

ज्योति आंटी अर्जुन के बाँहों मैं छोटी बच्ची की तरह लिपटी हुई अपनी छूट से पानी के साथ छूट की खून भी बहा रही होती इस वक़्त ज्योति आंटी को अर्जुन के बाँहों मैं एक अलग hi सकूँ मिल रही होती है जो ज्योति आंटी अर्जुन को दोनों हाथों से पकड़ी हुई होती है

ज्योति आंटी की मोती मोती टाइट चुकी अर्जुन के साइन मैं दबी हुई होती है लेकिन अर्जुन इस वक़्त ज्योति आंटी की चुकी पर धयान न देकर खुद की गॉड मैं फैली हुई ज्योति आंटी की बड़ी बड़ी गांड को मसल रहा होता है जो रह रह कर ज्योति आंटी अर्जुन के बाँहों मैं सिसक रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा प्लीज थोड़ा धीरे करो मुझे दर हो रही है


ज्योति आंटी थोड़ी सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन के कान मैं बहुत सी कामुकता से बोलती है जो अर्जुन मन मैं मुस्कुरा पड़ता है आवर ज्योति आंटी की गांड को बड़े hi प्यार से सहलाने लगता है

आंटी आप की गांड देख कर मुझसे रहा नहीं गया आप की गांड बहुत टाइट है आंटी दिल कर रहा है बस आप की इस गांड को मसलता hi रहूं

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बोलते हुए फिर से ज्योति आंटी की गांड को थोड़ी ज़ोर से मसल देता है जिससे ज्योति आंटी सिसकती हुई अर्जुन के पीठ पर थोड़ी दन्त गदा देती है

अर्जुन आवर ज्योति आंटी आपस मैं धीरे धीरे एक दूसरे से बातें कर रहे होते है आवर पास कड़ी रेनू आंटी अर्जुन को बस घूरती hi जा रही होती है

हे भगवन अर्जुन कितना ताकतवर है जो इस मोती को एक बच्ची की तरह इतने देर से अपने मुसल पर बैठा हुआ है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मैं तो उससे काम hi मोती हुईं मुझे तो अर्जुन उस इंग्लिश मूवी की तरह उठा उठा कर अपना लैंड मेरी छूट मैं दाल सकता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

वैसे अर्जुन मुझे ने छोड़ा तो मेरी मेरी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

छूट की पूरी मुंह खोल कर Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी Chhutttttttttttttttttttttt

रेनू आंटी सोचती हुई वही बीएड पर बैठ जाती है आवर अपनी हाथ छूट के ऊपर रख कर मसलने लगती है जैसे रेनू आंटी की छूट मैं इस वक़्त चींटियां करने लगी है

वही खिड़की के पास कड़ी राखी देवी की आँखें बड़ी हो चुकी होती है राखी देवी कभी अर्जुन को देख रही होती है तो कभी टाइट चुकी को देख कर सहला रही होती है जो इस वक़्त राखी देवी की पल्लू निचे गिरी हुई होती है आवर राखी देवी की बलाउज की ऊपर की बटन भी खुली हुई होती है आवर राखी देवी की रेड ब्रा मैं आधी चुकी दिख रही होती है


मेरा अर्जुन कितना ताकतवर है जो इस मोती भैंस को अपने लैंड पर बैठाया हुए है आखिर मेरी छाती का दूध जो पिया है

राखी देवी अपनी चुकी को सहलाती हुई सोचती है आवर मन मैं मुस्कुरा पड़ती है

ज्योति आंटी अर्जुन के बाँहों मैं सिमटी हुई धीरे धीरे अपनी छूट को अर्जुन के लैंड मैं दबाओ बनाने लगती है आवर अपनी दोनों पेअर से अर्जुन के कमर को दबाने लगती है ताकि अर्जुन का ढीला पद चूका लैंड टाइट होकर फिर से छूट मैं जा सके

ज्योति आंटी की हरकत को देख कर अर्जुन मन मैं मुस्कुरा पड़ता है आवर ज्योति आंटी को उतर कर बाथरूम की तरफ जाने लगता है लेकिन ज्योति आंटी अर्जुन को पकड़ लेती है आवर फिर से अपनी छूट अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है

आंटी मुझे लेट हो रहा है घर जाना है

kyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa


ज्योति आंटी के कुछ बोलने से पहले hi रेनू आंटी अचानक बोल पड़ती है जो अर्जुन के साथ ज्योति आंटी भी रेनू आंटी को घूरने लगती है लेकिन रेनू आंटी की चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान होती है

क्या बोल रहे हो अर्जुन बीटा तुम आज कैसे जा सकते हो

अर्जुन बीटा तुमने जो आग अभी लगाई है ज्योति के अंदर वह तो अभी भड़कना सुरु हुई है जो तुमेह आज पूरी रात अपनी पानी से बुझानी है आवर इसकी अनादर लगी आग को बुझानी है

क्यू ज्योति सही बोल रही हुईं न ....... रेनू आंटी ज्योति आंटी के करीब आकर मुस्कुराती हुई बोलती है .....

वही ज्योति आंटी सरमाती हुई अर्जुन को देख कर अपनी छूट पर हाथ रख देती है क्यू की अर्जुन ज्योति आंटी की छूट को hi पलट कर देखने लगता है जो ज्योति आंटी आवर भी शर्मा जाती है

क्या बोल रही है रेनू आंटी .... ज्योति आंटी पहली hi बार मैं मन कर रही थी तो पूरी रात कैसे करेंगी ......

अर्जुन बोल कर ज्योति आंटी के पीछे चला आता है आवर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं सत्ता देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अपनी मोती गांड की दरार मैं अर्जुन का मोटा लम्बा लैंड का अहसास पते hi ज्योति आंटी की दिल की धड़कन तेज़ चलने लगती है जो ज्योति आंटी झट से आवर आगे की तरफ बढ़ जाती है आवर पलट कर अर्जुन को देखती है आवर शर्मा कर अर्जुन को न मैं इसरा करती है जो अर्जुन मुस्कुरा देता है

अर्जुन तू अभी ज्योति को जनता नहीं है ज्योति वह औरत है जो ठान लेती है वह कर के hi रहती है

अर्जुन बीटा तुम्हारे पास भले hi इतना लम्बा आवर मोटा नाग है लेकिन ज्योति के पास ऐसी गुफा है जो तुम्हारे नाग को अंदर लेकर हजम कर hi लेगी .....

आवर अर्जुन बीटा तुम जो चीज मांग रहे हो वह चीज तो ज्योति तुमेह कभी नहीं देने वाली ज्योति तो उसको कभी किसी को छूने भी नहीं देती है तुमको मसलने दे रही है वही काफी है

क्यू ज्योति मैं सही बोल रही हुईं न .... तू अर्जुन को अपनी इस खेत की जोताई तो कभी नहीं करने देगी .... रेनू आंटी बोल कर मुस्कुरा पड़ती है

वही ज्योति आंटी शर्मा कर निचे देख रही होती है के अर्जुन एक बार फिर से ज्योति आंटी के पीछे चला जाता है आवर पीछे से ज्योति आंटी को पकड़ लेता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn


अर्जुन के पकड़ने से ज्योति आंटी सिसकती हुई आगे जाने को होती है मगर अर्जुन के मज़बूती से पकड़ने से आगे जा नहीं पति है

रेनू आंटी मुझे यकीन है इस खेत की जोताई तो मुझे ज्योति आंटी ज़रूर करने देंगी .....

रेनू आंटी आप की भी पीछे की खेत ज्योति आंटी से काम नहीं है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

कहिये तो पहले इसपर hi जोताई कर देता हुईं

अर्जुन बोलता हुआ ज्योति आंटी को छोड़ कर पास कड़ी रेनू आंटी के पीछे चला जाता है आवर रेनू आंटी को बाँहों मैं भरते हुए अपना तना हुआ लैंड रेनू आंटी की गांड मैं दबाने लगता है

अर्जुन का लैंड अपनी गांड की दर्द मैं महसूस करती हुई रेनू आंटी की छूट मैं एक हलचल सी होती है आवर रेनू आंटी की चेहरे से मुस्कान भी चली जाती है Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

रेनू आंटी अर्जुन से दूर जाने को होती है के अर्जुन रेनू आंटी को मज़बूती से पकड़ कर अपना एक हाथ रेनू आंटी की चुकी पर रख देता है

अर्जुन के अचानक चुकी पर हाथ रखने से रेनू आंटी की दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है आवर रेनू आंटी सरमाती हुई दूर जाने की कोशिश कर रही होती है

अर्जुन बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh मुझे Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

मुझेईईईई कोई jotaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiii नहीं करवानी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


अर्जुन रेनू आंटी की चुकी की निप्पल को बार बार मिस रहा होता है जिससे रेनू आंटी को मीठा मीठा दर्द महसूस हो रही होती है आवर उस मीठी मीठी दर्द का मज़ा लेती हुई रेनू आंटी सिसकियाँ लेती हुई मचल रही होती है लेकिन अर्जुन को रेनू आंटी दूर होने को नहीं बोलती है

अर्जुन रेनू तो चाहती है कोई इसकी पीछे की खेत को ब्राह्मी से जोट कर गिला कर दे

रेनू आज सही मक्का है पीछे की खेत की जोताई करवा ले अर्जुन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Jyotiiiiiiiiiiiiiiiii

मक्का मिलते hi से इस बार ज्योति आंटी बोल पड़ती है जो रेनू आंटी ज्योति को घूरने लगती है वही ज्योति आंटी रेनू आंटी की करीब आकर रेनू आंटी की साइन से पल्लू को निचे गिरा देती है

अर्जुन देखों रेनू की चुकी कितनी गोल है ये सबसे जयादा धयान अपनी चुकी पर देती है अपनी पति को भी बहुत काम hi मसलने देती है


अर्जुन आज तुम इसकी चुकी को इतना मसलों की रेनू रेनू की छूट मैं आग लग जाये आवर रेनू तुम्हारा अजगर अपनी छूट आवर गांड मैं लेने के लिए तड़प जाये

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति आंटी के बोलते hi अर्जुन रेनू आंटी की गले को चूमता हुआ चुकी को मसल देता है जो रेनू आंटी सिसकियाँ लेती हुई घूम जाती है आवर अर्जुन से लिपट जाती है


रेनू आंटी घूम कर अर्जुन से लिपट तो जाती है लेकिन जैसे hi अर्जुन का लैंड रेनू आंटी को अपनी छूट के ऊपर तना हुआ महसूस होती है रेनू आंटी की पूरी जिस्म कैंप सी जाती है आवर रेनू आंटी कनपटी हुई अर्जुन से आवर भी लिपट जाती है

वही रेनू आंटी को अपनी बाँहों मैं आने से अर्जुन के जिस्म मैं एक गर्मी सी महसूस होती है जिससे अर्जुन का हाथ खुद hi रेनू आंटी की गांड पर चली जाती है आवर अर्जुन रेनू आंटी की गांड को बड़े hi प्यार से सहलाने लगता है

SSSSSSSSSSSS SSSSSSSSSSSSSS

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन रेनू आंटी की गांड सहला hi रहा होता है के ज्योति आंटी झट से रेनू आंटी की साड़ी को पकड़ कर नीचे गिरा देती है


अचानक साड़ी निचे गिरने से रेनू आंटी भी फिर से घूम कर साड़ी उठाने को होती है के ज्योति आंटी झट से रेनू आंटी की पेटीकोट को पकड़ कर ऊपर कर देती है आवर तभी अर्जुन की नज़र रेनू आंटी की रेड पंतय पर चली जाती है

अर्जुन अपना हाथ रेनू आंटी की गांड पर रखते hi झट से पेंटी को निचे कर के अपना लैंड रेनू आंटी की गांड को दरार मैं डालने लगता है जो रेनू आंटी झट से बैठ जाती है

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa


साली कुटिया हरामजादी रुक मैं तुझे नहीं छोड़ने वाली इस बार रेनू आंटी बोलती हुई झट से ज्योति आंटी को पाकर कर अपनी दो ऊँगली ज्योति आंटी की छूट मैं दाल देती है जो ज्योति आंटी दर्द मैं मचल जाती है


ज्योति आंटी को अपनी छूट मैं एक मीठी दर्द तो होती है लेकिन ज्योति आंटी जल्द hi खुद को संभल कर वह रेनू आंटी के ऊपर आ जाती है आवर रेनू आंटी की चुकी को पकड़ कर मसलने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

jyotiiiiiiiiiiiiiii

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

साली कुटिया इसको कभी ठीक से दबाने नहीं दिया मुझे आज मैं इसको मसल कर लाल कर दूंगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhbhhhhhh

ज्योति आंटी रेनू आंटी की चुकी को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगती है वही रेनू आंटी भी ज्योति आंटी की चुकी को पकड़ कर मसलने लगती है दोनों सहेली एक दूसरे की चुकी को बड़ी ज़ोर ज़ोर मसल रही होती है आवर दोनों मीठा मीठा दर्द महसूस करती हुई सिसक भी रही होती है

आवर फिर दोनों सहेली की नज़र एक दूसरे से मिलती है जो दोनों की हाथ चुकी पर रुक जाती है

रेनू आंटी ज्योति आंटी को देखती हुई अपनी होंठ पर जीभ फेरती है वही ज्योति आंटी रेनू आंटी की होठ को देखती है आवर फिर ज्योति आंटी झुक कर रेनू आंटी की होंठ पर अपनी होंठ रख देती है

वही रेनू आंटी भी ज्योति आंटी की सर पकड़ कर ज्योति आंटी को किश करने लगती है

दोनों सहेलिया एक दूसरे से लिपट कर एक दूसरे से किश कर रही होती वही अर्जुन दोनों की मस्ती को देख रहा होता है आवर अपना लैंड को मसल रहा होता तभी अर्जुन की नज़र ज्योति आंटी की मोती फैली हुई मोती गांड की छोटी सी बिल पर नज़र चली जाती है

ज्योति आंटी की छोटी सी बिल पर नज़र जाते hi अर्जुन का लैंड फुफकार मरने लगता है जो अर्जुन झट से ज्योति आंटी के करीब बैठ कर ज्योति आंटी की कमर को पकड़ लेता है आवर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं सत्ता देता है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn नननननन

ज्योति आंटी अर्जुन का लैंड अपनी गांड के बिल मैं अहसास करती हुई डर्टी हुई घबरा जाती है आवर किश तोड़ती हुई रेनू आंटी से अलग होने की कोशिश करती है के रेनू आंटी ज्योति को पकड़ लेती है जो ज्योति आंटी फिर से रेनू आंटी के ऊपर गिर जाती है Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुनंन Betaaaaaaaaaaaa नहीं बीटा मुझे बहुत दर्द होगा

अर्जुन बीटा तुम्हारा लैंड बहुत बड़ा आवर मोटा है मेरी गांड फैट जाएगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति आंटी होने वाली दर्द की अहसास करती हुई अर्जुन से बोलती है ज्योति आंटी की दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से चलने लगती है ज्योति आंटी रेनू आंटी की बाँहों से छूटने की कोशिश करने लगती है लेकिन रेनू आंटी ज्योति आंटी को बहुत hi मज़बूती से पकड़ ली होती है जो छूटने की कोशिश करती हुई ज्योति आंटी रेनू आंटी की चुकी को बहुत hi बेहरहमी से मसल देती है जो रेनू आंटी दर्द मैं तड़पती हुई ज्योति आंटी को छोड़ देती है लेकिन अर्जुन ज्योति आंटी की कमर को मज़बूती से पकड़ कर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड की बिल मैं दबाओ बनाना लगता है जो ज्योति आंटी अपनी गांड इधर उधर करने लगती लेकिन अर्जुन तो सोच लिया होता है वह अब ज्योति आंटी की कब से बंद पड़ी टेल को अपने चाभी से खोल कर hi रहेगा

अर्जुन ज्योति आंटी की कमर पकड़ कर अपना लैंड ज्योति आंटी की गांड मैं आवर भी दबाओ बनाने लगता है

बेचारी ज्योति आंटी अपनी गांड इधर उधर कर के अर्जुन का लैंड अपनी गांड मैं जाने से नाकाम कोशिश कर रही होती है वही निचे पड़ी रेनू आंटी भी ज्योति आंटी को पकड़ कर अपनी तरफ खिंच रही होती है ताकि आज अर्जुन उनकी सहेली की मोती मसल जैसे गांड को फाड् सके

वही हॉल के दिवार के पीछे छिपी हुई राखी देवी की नज़र अर्जुन के लैंड पर तिकी हुई होती है आवर राखी देवी देख रही होती है कैसे अर्जुन का मोटा लम्बा लैंड उनकी सहेली की गांड मैं जाने के लिए बेचैन है

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा क्या कर रहा है देख ज्योति की गांड की बिल कितनी छोटी है आवर तेरा ये सांप की तरह लैंड है कैसे जायेगा बीटा रुक जा बीटा

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ज्योति की क्या हालत हो रही होगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बीटा सोच कर मेरी हालत ख़राब हो रही है

राखी देवी जब देखती है उनकी दोनों सहेली उसके बेटे के साथ मस्ती कर रही है तो राखी देवी खुद को रोक नहीं पति है आवर वह छुपती हुई हॉल मैं आ चुकी होती है तभी अर्जुन उनकी सहेली की गांड मैं लैंड डालने वाला होता है जो राखी देवी की दिल की धड़कन बढ़ गयी होती है


राखी तू बेचैन क्यू हो रही है तेरे बेटे का लैंड तेरी गांड मैं थोड़ी जा रहा है तेरी सहेली की गांड मैं जा रहा है ज्योति कब से तो तड़प रही है अर्जुन का लैंड लेने के लिए अब चाहे अर्जुन का लैंड ज्योति की छूट मैं जाये या गांड मैं थोड़ी दर्द के बाद मज़ा तो ज्योति hi लेगी न

राखी मैं तो कहती हुईं तू भी अपनी साहिलों के साथ जाकर मिल जा आवर अपनी बेमिसाल जवानी अर्जुन को दिखा दे फिर देख कैसे अर्जुन उन दोनों को छोड़ कर तेरी जवानी को चूसने लगता है

राखी मैं दावे के साथ कहती हुईं तेरी भरी जवानी देख कर तो अर्जुन का लैंड पहली बार ऐसे hi पानी छोड़ देगा

राखी तेरी जिस्म नहीं एक आग है जिसको जवान लड़के देख कर खुद जलने लगते है

राखी सोच मत जाकर दिखा दे अपने बेटे को अपनी इस जवानी अर्जुन का वह मोटा लम्बा नाग जब तेरी छूट मैं जायेगा तो तेरी छूट की गर्मी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अचानक लम्बी सांसे लेती हुई वही दिवार के निचे बैठ जाती है

अर्जुन ज्योति आंटी की गांड मरने hi वाला होता है तभी अर्जुन के कानो मैं अपनी माँ की सिसकियाँ सुनाई दे देती है जो अर्जुन हड़बड़ा कर ज्योति आंटी को छोड़ कर पीछे देखने लगता है लेकिन पीछे कोई भी नहीं होता है

वही राखी देवी दिवार के पीछे बैठी हुई हांफ रही होती है राखी देवी की सांसे अभी भी ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है राखी देवी पूरी पसीने मैं भींग चुकी होती है

राखी देवी अपनी मुंह पर हाथ राखी हुई अपनी सिसकियाँ रोकने की कोशिश कर रही होती है राखी देवी को अहसास हो चुकी होती है के उन्होंने ने गलती करदी Ahhhhhhhhhhhh की आवाज़ निकल कर अर्जुन आवाज़ को ज़रूर सुन लिया होगा

ये सोच सोच कर राखी देवी की दिल की धड़कन आवर भी तेज़ी से चल रही होती है राखी देवी वह से उठ कर भाग जाना छह रही होती है लेकिन राखी देवी की जिस्म राखी देवी को उठने hi नहीं दे रही होती है

राखी देवी जैसे hi थोड़ी साँस लेना बंद करती है तभी उनकी नज़र सामने जाती है आवर राखी देवी की आँखें बड़ी हो जाती है आवर राखी देवी झट से अपनी पल्लू को साइन पर रखती हुई कड़ी हो जाती है लेकिन राखी देवी जैसे hi कड़ी होती है राखी देवी की पूरी साड़ी hi निचे गिर जाती है आवर तभी सामने खड़े हुए सख्त की नज़र राखी देवी की भरी हुई जवानी पर नज़र चली जाती है जो उसकी आँखों मैं एक चमक आ जाती है

ओह Goddddddddddddddddddddddd

सामने खड़े सख्त की मुंह से बस इतना hi निकलता है

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अपडेट ............... 114

राखी देवी जैसे hi थोड़ी साँस लेना बंद करती है तभी उनकी नज़र सामने जाती है आवर राखी देवी की आँखें बड़ी हो जाती है आवर राखी देवी झट से अपनी पल्लू को साइन पर रखती हुई कड़ी हो जाती है लेकिन राखी देवी जैसे hi कड़ी होती है राखी देवी की पूरी साड़ी hi निचे गिर जाती है आवर तभी सामने खड़े हुए सख्त की नज़र राखी देवी की भरी हुई जवानी पर नज़र चली जाती है जो उसकी आँखों मैं एक चमक आ जाती है

ओह Goddddddddddddddddddddddd

सामने खड़े सख्त की मुंह से बस इतना hi निकलता है

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सामने खड़ा सख्त कोई आवर नहीं अर्जुन hi होता है जो अपनी माँ की भरी हुई जवानी को देख कर अर्जुन के लैंड के साथ अर्जुन का पूरा जिस्म hi गर्म हो चूका होता है लेकिन उससे भी कही जयादा अर्जुन को हैरानी हो रही होती है ये सोच कर की उसकी माँ यह कैसे वह तो घर चली गयी थी

अर्जुन के दिमाग मैं बस थोड़ी देर के लिए ये सवाल तो आती है लेकिन अपनी की इस वक़्त आधी नंगी रास से भरी हुई गोरी फैली हुई जवानी देख कर उस बारे मैं जयादा कुछ सोच नहीं पता है आवर अपनी माँ की उठी हुई बड़ी बड़ी चुकी को देखने लगता है जिससे अर्जुन का लैंड उफान मरने लगता है

वाओ माँ की जिस्म तो किसी कुवारी लड़की से भी खूबसूरत है माँ की जिस्म इस ऊपर मैं भी बवाल है

माँ की जवानी इस ऊपर मैं ऐसी है तो फिर जवानी मैं माँ को जिस्म कितनी खूबसूरत होगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन मन मैं सोच रहा होता है आवर अर्जुन का लैंड हलचल करते हुए थोड़ा दर्द कर जाता है जो अर्जुन थोड़ा अह्ह्ह्हह भरते हुए अपनी माँ की आँखों मैं देखने लगता है

वही राखी देवी अर्जुन को अपनी जिस्म को घूरती हुई देख कर जल्दी से अपनी साड़ी को साइन पर रख लेती है लेकिन राखी देवी जल्दी बजी मैं साड़ी की पल्लू को एक तरफ कर दी होती है जिससे राखी देवी की बड़ी बड़ी मोती तानी हुई चुकी अर्जुन के आँखों के सामने अभी भी दिखाई दे रही होती है

माँ aaaaaaaaaaaaa

अपनी माँ की आँखों मैं देखते हुए अर्जुन के मुंह से बस इतना hi निकलता है लेकिन अर्जुन की नज़र अपनी माँ की भरी हुई जवानी से हटती नहीं है


वही राखी देवी जल्दी मैं अपनी भरी जवानी को छुपाती हुई अपनी साड़ी को जल्दी मैं अपनी जिस्म पर डालती हुई अर्जुन को देखने लगती है जो इस वक़्त राखी देवी की की आँखों मैं एक अलग hi मदहोशी सी दिख रही होती है

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राखी देवी जल्दी बाज़ी मैं अपनी साड़ी तो जिस्म पर दाल लेती है लेकिन राखी देवी की एक तरफ चली जाती है जो राखी देवी की तो खड़े हुए पहाड़ की छोटी की तरफ उनकी बड़ी बड़ी चुकी अर्जुन के आँखों के सामने दिखाई दे रही होती है जिसको देख कर अर्जुन के मन मैं बेचैनी सी मचने लगती है

अर्जुन कभी अपनी माँ की आँखों मैं देखता है तो कभी अपनी माँ की चिकनी कमर को देखता हुआ चुकी पर नज़र ला कर रोक दे रहा होता है

अर्जुन को अपनी जिस्म को घूरते हुए देख कर राखी देवी सरम से पूरी लाल पद जाती है


राखी देवी अपनी पल्लू को झट से अपनी साइन पर डालती हुई अपनी आँखें निचे कर लेती है

राखी क्या कर दिया तूने देख कैसे देख रहा है तेरा अर्जुन

राखी अर्जुन की आँखों मैं देख कर तुझे क्या लग रहा है

राखी मेरी बात मान तो अभी यह से निकल ले नहीं तो अर्जुन तेरी इस भरी जवानी को देख कर भूल जायेगा तू इस वक़्त कहा आवर किसके साथ है

राखी अर्जुन तेरी इस जिस्म के लिए पहले से hi पागल है कुछ देर आवर यह रही तो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी निचे देखती हुई मन मैं सोचती है तभी अर्जुन राखी देवी की बिलकुल करीब आकर राखी देवी की कमर पर हाथ रख देता है जो राखी देवी सिसकती हुई दिवार से सात जाती है

वही अर्जुन अपना मुंह राखी देवी की गले पर ले जाते हुए चूमने hi वाला होता है के राखी देवी अपना हाथ अर्जुन के मुंह पर रख देती है

अर्जुन बीटा प्लीज यह कुछ मत करो प्लीज .......

राखी देवी अर्जुन की आँखों मैं देखती हुई बहुत hi धीरे से बोलती है

वही अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं देखता है जो राखी देवी की आँखों मैं एक सरम सी होती है लेकिन अर्जुन को अपनी माँ की आँखों मैं एक मदहोशी सी नज़र आती है जिसे देख कर अर्जुन को यकीन hi जाता है उसकी माँ भी उसके साथ सेक्स करने के लिए सायद तैयार है लेकिन यह ज्योति आंटी आवर रेनू आंटी के साथ होने से वह मन कर रही है तभी तो यह कुछ न करने के लिए बोल रही है

अर्जुन का मन तो नहीं कर रहा होता है अपनी से दूर होने का लेकिन अर्जुन को अपनी माँ की आँखों मैं सरम देख कर दूर होना पड़ता है

अर्जुन को पीछे होते hi राखी देवी वह से जल्दी से निकल जाती है

वही अर्जुन की नज़र जाती हुई अपनी माँ की बड़ी गांड पर टिक जाती है












अपनी माँ को गेट के पास रुका हुआ देख कर अर्जुन के दिमाग मैं ये स्कैन आने लगता है की उसकी माँ गेट पे रुक कर अपनी पेटीकोट निचे कर रही है जो अर्जुन को अपनी माँ की गोरी दूध की तरह बड़ी गांड दिखाई देबे लगती है आवर अर्जुन का लैंड फूल टाइट होकर दर्द करने लगता है जो अर्जुन अपना लैंड पकड़ कर कहर उठता है

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वही राखी देवी अर्जुन की अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सुनते hi एक बार मुड़े कर पीछे देखती है रूम के अंदर चली जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन अपना लैंड पकड़ कर मसल hi रहा होता है तभी अर्जुन के कानो मैं रेनू आंटी की मदहोशी भरी आवाज़ आ जाती जो अर्जुन पीछे मुड़े कर देखता है तो पता है रेनू आंटी सोफे पर लेती हुई है आवर ज्योति आंटी रेनू आंटी की छूट छत रही है

रेनू आंटी मस्ती मैं सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन की तरफ hi देख रही होती है अर्जुन रेनू आंटी की नज़र की पीछा करता है तो पता है रेनू आंटी की नज़र उसके hi लैंड पर टिका हुए है जो अर्जुन के चेहरे पर मुस्कान आ जाता है

अर्जुन का लैंड इतना टाइट हो गया होता है की अर्जुन झट से रेनू आंटी के करीब आ जाता है आवर घोड़ी बानी रेनू आंटी की छूट चाट रही ज्योति आंटी की गांड मैं अपना लैंड एक बार फिर से अर्जुन से कर देता है आवर झटके मैं ज्योति आंटी की कमर को पकड़ कर अपना लैंड दबा देता है

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अचानक अपनी गांड मैं अर्जुन का मोटा लैंड जाते hi ज्योति आंटी की चीख उस हॉल मैं गूंज पड़ती है लेकिन साथ मैं रेनू आंटी भी उतनी hi दर्द मैं चीख पड़ती है

क्यू की अर्जुन को ज्योति आंटी की गांड मैं लैंड डालते हुए देख कर रेनू आंटी ज्योति आंटी की मुंह अपनी छूट मैं दबा देती है जो ज्योति आंटी की दांत रेनू आंटी की छूट मैं लग जाती है

दोनों सहेली हॉल मैं थोड़ी देर तक दर्द मैं तड़पती रह जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी Gaaandddddddddddddd

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी Gaandddddddddd Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh


अर्जुन nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

ज्योति आंटी दर्द मैं तड़पती हुए बोलती है

वही अर्जुन का लैंड जितना ज्योति आंटी के गांड मैं गया होता है ज्योति आंटी की चीख सुन कारवाही रुक गया होता


ज्योति आंटी की गांड मैं लैंड जाने से अर्जुन को एक अलग hi सकूँ मिल रहा होता है जो अर्जुन ज्योति आंटी की गांड को ऊपर से सहला भी रहा होता है

वही ज्योति आंटी चीखती तड़पती हुई अपनी दोनों पेअर निचे करती हुई ज़मीन पर लेट जाती है जो अर्जुन का लैंड भी ज्योति आंटी की गांड से निकल जाता है

ज्योति आंटी निचे लेती हुई दर्द मैं बस कहर रही होती है

अर्जुन का लैंड ज्योति आंटी की गांड से निकल कर अभी भी वैसा hi खड़ा हुआ होता है आवर अर्जुन के लैंड पर थोड़ी खून भी लगी हुई होती है जिससे पता चल रहा होता है अर्जुन का मोटा घाट ज्योति आंटी की बंद पड़ी बड़ी गांड की छोटी सी बिल की सैर कर आया है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति आंटी को थोड़ी आराम मिलते hi वह उठ कर बैठ जाती है लेकिन ज्योति आंटी जैसे hi बैठती है ज्योति आंटी को अपनी गांड मैं एक दर्द महसूस होती है जो ज्योति आंटी तड़प उठती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा भगवन के लिए मेरी गांड को छोड़ कर मेरी छूट मार लो मुझे जितना भी दर्द होगी मैं मन नहीं करुँगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा गांड मैं बहुत दर्द हो रही है

ज्योति आंटी थोड़ी नाम आँखों से बोलती है जो ज्योति आंटी की आँखों मैं आंसू की बून्द भी अर्जुन को दिखाई देती है

अर्जुन बिना कुछ बोले ज्योति आंटी के करीब जाता है आवर ज्योति आंटी को अपनी बाँहों मैं खिंच लेता है ज्योति आंटी किसी बच्ची की तरह अर्जुन की बाँहों मैं चली जाती है आवर अर्जुन के साइन पर अपनी मुंह छिपा लेती है

वही अर्जुन ज्योति आंटी की जिस्म पर हाथ फेरती हुए ज्योति आंटी की कमर पकड़ कर ज्योति आंटी की छूट मैं अपना लैंड सत्ता देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का टाइट लैंड अपनी छूट मैं जाते hi ज्योति आंटी सिसकती हुई अर्जुन की बाँहों मैं आवर भी चली जाती है

अर्जुन भी ज्योति की कमर को पकड़ कर वही खड़े खड़े हो ज्योति आंटी की छूट मैं अपना लैंड अंदर बहार करने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आंटी आप की छूट इतनी टाइट होगी मुझे पता नहीं था

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

आंटी आप की छूट मेरे लैंड को अंदर जाने से रोक रही है आंटी मुझे आप की मरने मैं बहुत मज़ा आ रहा है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बोलते हुए ज्योति आंटी की छूट मैं आवर भी तेज़ धक्का मरने लगता है जिससे ज्योति आंटी दर्द आवर मस्ती मैं सिसकियाँ लेने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी chutttttttttttttt

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन ज्योति आंटी को एक बार फिर से अपनी गॉड मैं उठा लेता है आवर जिससे अर्जुन का पूरा लैंड ज्योति आंटी की छूट मैं चला जाता है

अर्जुन का लैंड अपनी छूट के अंदर महसूस करती हुई ज्योति आंटी मस्ती मैं सिसकियाँ लेने लगती है

अर्जुन जैसे जैसे धक्का मार रहा होता है ज्योति आंटी आवर भी तेज़ तेज़ सिसकियाँ लेने लगती है ज्योति आंटी को अब अपनी छूट मैं दर्द काम आवर मज़ा जयादा आ रही होती है जो ज्योति आंटी भी खुद अपनी कमर अर्जुन के लैंड मैं सत्ता रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ज्योति आंटी की कामुकता भरी सिसकियाँ सुन अर्जुन आवर भी तेज़ी से ज्योति आंटी की छूट मैं लैंड डालने लगता है जिससे ज्योति आंटी की छूट मैं मीठा मीठा दर्द होने लगती है लेकिन ज्योति आंटी अर्जुन को रुकने के लिए नहीं बोलती है आवर अर्जुन के हर धक्के पर मस्ती मैं सिसक रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ज्योति आंटी की टाइट छूट की गर्मी मैं अर्जुन जयादा देर तक टिक नहीं पता है जो ज्योति आंटी की छूट से पानी निकलते hi अर्जुन भी अपना पानी ज्योति आंटी की छूट मैं निकलते हुए कहर जाता है

अर्जुन ज्योति आंटी की छूट मैं झड़ते hi ज्योति आंटी की अपने बाँहों से अलग कर देता है जो ज्योति आंटी वही ज़मीन पर गिर कर हाफने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

क्या हालत कर दिया मेरी छूट का

देखों कैसे अभी खड़ा है

आखिर मेरी छूट का दिवार तोड़ कर अंदर चला hi गया

ज्योति आंटी ज़मीन पर लेती हुई अर्जुन का लैंड देखती हुई मन मैं सोचती है

अर्जुन भी सोफे पर जाकर बैठ जाता है जो सामने hi सोफे पर बैठी रेनू आंटी कभी अर्जुन को देख रही होती है तो कभी अपनी सहेली को जो एक बार की चौड़ाई मैं hi ज़मीन पर लेती हुई हांफ रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

क्या हालत कर दिया अर्जुन ने ज्योति की

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

देखों सोते हुए भी कितना बड़ा लग रहा है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रेनू आंटी अर्जुन के लैंड को घूरती हुई मन मैं सोचती है आवर अपनी छूट मैं खुजली जैसी महसूस करती हुई सिसक भी रही होती है

अर्जुन भी रेनू आंटी के सामने सोफे पर बैठ कर रेनू आंटी की ब्रा मैं क़ैद उठी हुई चुकी को देख रहा होता है जो रेनू आंटी सरमाती हुई अपनी चुकी पर हाथ रखती हुई छिपा लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रेनू निकल ले अभी वर्ण अर्जुन तेरी भी हालत ज्योति जैसा कर देगा फिर कल तू घर भी नहीं जा पायेगी

अर्जुन को घूरता हुआ देख कर रेनू आंटी मन मैं सोचती है आवर वह से जल्दी मैं निकल जाती है

कककककक कौन है

इधर रूम मैं राखी देवी बीएड पर लेती हुई किसी सोच मैं गम होती है तभी गेट पर आवाज़ सुन कर राखी देवी एक पल के लिए घबराते हुए बोल पड़ती है

राखी मैं हुईं याररररर ....... रेनू आंटी बोलती है

रेनू आंटी की आवाज़ सुन कर राखी देवी अपनी साड़ी ठीक करती है आवर गेट खोल देती है

रेनू आंटी रूम मैं आते hi गेट बंद कर देती है रेनू आंटी को गेट लगते हुए देख कर राखी देवी को थोड़ा अजीब लगता है लेकिन राखी देवी कुछ बोलती नहीं है आवर बीएड पर जाकर लेट जाती है

रेनू आंटी भी राखी देवी के बगल मैं लेट जाती है आवर राखी देवी को एक तक घूरने लगती है जो इस बार राखी देवी को आवर भी अजीब लगती है रेनू आंटी की हरकत

रेनू तू मुझे इस तरह घर क्यू रही है ........... राखी देवी आखिर बोल hi देती है

राखी क्या खा कर अर्जुन को जनम दिया है तूने जो ज्योति जैसी औरत की हालत ख़राब कर दिया तेरे बेटे न .... ज्योति की हालत देख कर तो मेरी बिना लैंड गए hi गांड फैट रही है ....... रेनू आंटी बोलती है

वही राखी देवी रेनू आंटी की सकल देख कर मन hi मन मुस्कुरा रही होती है

रेनू तेरी गांड कैसे फैट गयी क्या अर्जुन ने तेरी भी गांड मैं अपना अजगर दाल दिया ......... मगर तू तो अपनी छूट मैं लैंड लेने को बोल रही थी फिर गांड क्यू दे दिया

राखी देवी बोल कर मुस्कुरा पड़ती है

राखी तुझे मजाक लग रही है मेरी बात ..... जब अर्जुन का लैंड तेरी गांड आवर फूली हुई तेरी छोटी सी बिल वाली छूट मैं जायेगा तब तुझे पता चलेगा ....

बेचारी ज्योति अभी वही लेती हुई है उसकी जिस्म मैं जैसे जान hi नहीं बची है ......

अच्छा हुआ मैं वह से चली आई वर्ण तेरे बीटा तो मेरी भी गांड फाड् देता

वही रेनू आंटी की बात सुन कर राखी देवी की छूट मैं एक मीठा सा अहसास होती है जो राखी देवी अपनी दोनों पेअर एक दूसरे मैं सत्ता कर अपनी छूट दबा देती है

राखी देवी अपनी छूट को ऐसी दबती गाओ की राखी देवी की जिस्म मैं एक अलग hi सकूँ मिलती है जो राखी देवी बीएड पर लेती हुई hi कैंप सी जाती है

क्यू तुझे पसंद नहीं आया मेरे बेटे का लैंड

कब से तो अपनी छूट रगड़ रही थी मेरे बेटे का लैंड देख देख कर ..... राखी देवी बोल कर रेनू आंटी को देखने लगती है

राखी अर्जुन का लैंड देख कर तो मेरी छूट अभी भी पानी छोड़ रही है लेकिन राखी तेरे बेटे का लैंड इतना बड़ा है की मेरी छूट मैं जाते hi मेरी छूट को फाड् कर रख देगा जो मैं अभी नहीं चाहती मेरी छूट फाटे आवर मैं कल पूरा दिन बीएड पर लेती रहूं

राखी मुझे कल घर भी जाना है तेरे जीजू आने वाले है ....... रेनू आंटी अपनी छूट को साड़ी के ऊपर से दबती हुई बोलती है

वही रेनू आंटी की हरकत देख कर राखी देवी रेनू को घूरने लगती है

साली कुटिया बड़ा हतियार देखि नहीं की इतने दिन का पतिव्रता धर्म को भूल गयी

राखी देवी मन मैं सोचती है

जैसे अर्जुन का लैंड लेने के लिए रेनू आंटी को बोलते हुए सुन कर राखी देवी को अच्छा न लगा हो

क्यू जीजू के आते hi उनको अपनी छूट देने वाली है क्या ...... इस ऊपर वह तेरी पानी भी निकल पते है या अपना पानी निकल कर तुझे ऊँगली करने के लिए बिस्तर पर छोड़ देता है ..... राखी देवी हस्ती हुई बोलती है

वही रेनू आंटी इस बार राखी देवी को घूरने लगती है

एक बार मेरे पति के निचे जाकर तो देख तेरी रात भर बिस्तर पर तड़पती रहेगी ..... अपनी छूट मैं ऊँगली करती हुई ...... राखी तूने सही कहा उनका तो मेरी गर्म छूट मैं लैंड जाते hi पानी छोड़ देता है

है हां हा हा हा हा रेनू आंटी बोल कर हसने लगती है वही रेनू आंटी की बात जैसे hi राखी देवी को समझ आती है राखी देवी भी रेनू आंटी के साथ हसने लगती है

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Ssssssssssssssssssss Ahhhhhhhhhhhhhhh ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaa ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह huinnnnnnnnnnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhh

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

आदि इस वक़्त हॉल मैं बैठा हुआ होता आवर आदि के चेहरे पर बेपनाह गुस्सा भरा हुआ होता है है आदि गुस्से मैं उठता है आवर सामने सोफे पर सिसकियाँ ले रही अपनी माँ की सर की बॉल पकड़ लेता है आवर चांदनी को धक्का दे देता है जो चांदनी थोड़ी दूर हो जाती है लेकिन जल्द hi वह आदि के पास आकर आदि का हाथ पकड़ लेती है

आदि के अचानक बॉल पकड़ने से रजनी देवी को दर्द तो होती है लेकिन रजनी देवी दर्द मैं भी मुस्कुरा कर आदि को घूरने लगती है

आदि क्या कर रहे हो छोड़ दो माँ को

एहि कर सकता है तू बस .. ..... तू हरामी मेरा बीटा हो hi नहीं सकता है

तुझे मेरी जिस्म चाहिए था न ..... लेकिन मैं अपनी जिस्म तुझे कभी नहीं देती ..... हां तू मेरा साथ ज़बरदस्ती ज़रूर कर सकता था लेकिन तूने कभी मेरे साथ ज़बरदस्ती किया hi नहीं कभी

करता भी कैसे तू पहले से नामर्द जो था कमीना कही का

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaa

आदि माँ को छोड़ दे वर्ण मैं ...... चांदनी हाथ मैं गन ली हुई आदि के ऊपर तान कर बोलती है जो आदि रजनी देवी का बॉल छोड़ देता है

साली कुटिया तुझे मैं

आदि इतना बोलते हुए वह से गुस्से मैं अपने रूम मैं चला जाता है

माँ आप ठीक है न

चांदनी रजनी देवी के पास आते हुए बोलती है

बेटी मैं ठीक हुईं ..... रजनी देवी अपनी आँखों से बहती हुई आंसू पोछती हुई बोलती है

माँ आप को बुरा लग रहा है तो हम एहि से सब बंद कर देते है ..... चांदनी बड़ी हो मशोमियत से बोलती है

नहीं बेटी मुझे इस हरामी को बताना है जब अपनी माँ किसी के साथ बिस्तर गरम करती है तो कैसा लगता है .... वह दिन दूर नहीं जब ये हरामी अपनी माँ को किसी के बाँहों से लिपटा हुए देखेगा

चलो बहुत रात हो गयी है अब सोते है रजनी देवी कुछ सोचती हुई बोलती है आवर चांदनी के साथ अपनी रूम मैं चली जाती है

मक फ़ोन उठा सेल कहा मर गया .... बस सभी उड़ने लगे है

Hello मैं आदि बोल रहा हुईं ...... फ़ोन उठाते hi आदि बोलता है

तो मैं क्या करू ..... फ़ोन किस लिए किया है ये बता ..... दूसरी तरफ से एक कड़क आवाज़ आदि के कानो मैं आती है

तेज़्ज़ आवाज़ सुन कर आदि के गुस्स्सा आवर भी बढ़ जाता है ......

बस .......

मक .... गली नहीं वर्ण तू कहा है मुझे पता है वह की खबर बाद मुझे देनी है आवर मुझे मुंह मांगी रकम मिल जाएगी ...... आवर बदले मैं मुझे तेरी वह आतम बोम की तरह तेरी माँ भी तो छिपा रह अपनी माँ की पेटीकोट मैं बच्चे

है है है है 🤣 🤣 🤣 है हां हां

आदि आगे कुछ बोल नहीं पता है आवर दूसरी तरफ से फ़ोन काट हो जाती है

आदि गुस्से मैं अपना फ़ोन भी दिवार पर दे मरता है

सेल हरामी मक बुरे समय आते hi सब अपने औकात पर आ गए ...... किसी को नहीं छोडूंगा .........

साली कुटिया रंडी तू यह आकर मेरी ज़िन्दगी आवर नर्क बना दिया है मैं तुम दोनों को रंडी बना कर रखूँगा बस मेरी ये बुरे दिन ख़तम हो जाये .........

आदि रूम मैं घूमता हुआ गुस्से मैं बोलता है

आदि का चेहरा गुस्से मैं पूरी तरह लाल होती है आदि अचानक बीएड पर बैठ कर अपना सर पकड़ लेता है

किसी को नहीं छोडूंगा किसी को नहीं ...... आदि बोलता हुआ बीएड पर गिर पड़ता है

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अपडेट ........... 15

साली कुटिया रंडी तू यह आकर मेरी ज़िन्दगी आवर नर्क बना दिया है मैं तुम दोनों को रंडी बना कर रखूँगा बस मेरी ये बुरे दिन ख़तम हो जाये .........

आदि रूम मैं घूमता हुआ गुस्से मैं बोलता है

आदि का चेहरा गुस्से मैं पूरी तरह लाल होती है आदि अचानक बीएड पर बैठ कर अपना सर पकड़ लेता है

किसी को नहीं छोडूंगा किसी को नहीं ...... आदि बोलता हुआ बीएड पर गिर पड़ता है

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ओह्ह्ह्ह माआआआ Gudiyaaaaaaaaaaaaaaaa ये क्या हरकत है

कोमल थोड़ी दर्द मैं आँखें खोलती हुई सामने कड़ी नैना को देख कर चीखती है

वही नैना बस मुस्कुरा रही होती है

डीई मैं तो कब से आप को उठा रही हुईं लेकिन आप तो उठ hi नहीं रही थी तो मैंने बस .......नैना बोल कर अपनी सर निचे कर लेती है

ok कोई बात नहीं आगे से ऐसी हरकत नहीं करनी .....

नैना के सर निचे करते हुआ देख कर कोमल अपनी गुस्से को काबू करती हुई बोलती है

डीई दर्द हुई ..... नैना सर ऊपर करती हुई पूछती है

नहीं


जा कॉफ़ी लेकर आ मैं बाथरूम से आती हुई

कोमल बीएड से उठ कर बोलती हुई बाथरूम मैं चली जाती है आवर बाथरूम का गेट लॉक कर देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh ह्ह्हह्ह्ह्ह

बाथरूम का गेट लॉक करते hi कोमल अपनी दाई वाली चुकी पकड़ कर सिसक पड़ती है आवर फिर अपनी निघ्त्य आवर ब्रा को निकल कर अपनी चुकी को देखने लगती है जो कोमल की चुकी गोरी होने की वजह से इस वक़्त लाल हो चुकी होती है

कोमल की चुकी अभी भी थोड़ी थोड़ी दर्द तो कर रही होती है

कोमल को उस वक़्त तो इतना दर्द हुई होती है के कोमल सोते हुए उठ कर बैठ गयी होती है आवर गुस्से मैं लाल हो चुकी होती है लेकिन सामने अपनी छोटी बहन को देख कर कोमल नैना को कुछ बोल नहीं पति है

नैना की जगह कोई आवर होती तो सायद आज कोमल उसकी कुछ भी कर जाती है

कोमल बाथरूम मैं अपनी चुकी को बहुत hi प्यार से सहला रही होती है

Ahhhhhhhhhh गुड़िया

कोमल एक अहह भर्ती हुई नैना को याद करती है आवर फिर अपनी सरे कपडे निकलने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

कोमल की क्या जिस्म होती है ........ कोमल की दूध की तरह चमकती हुई गोरी जिस्म देख कर तो किसी का भी ईमान ख़राब हो जाये आवर वह बिना अपनी जान की परवाह किये एक बार कोमल की कोमल जिस्म की राश तो पि कर hi रहता

ये तो अच्छा होता है कोमल इस वक़्त बाथरूम मैं नंगी हुई होती है जो इस वक़्त कोमल की दहकती हुई जवानी पर किसी की नज़र नहीं होती है कोमल नंगी हो जाकर झरने के निचे कड़ी हो जाती है आवर झरने से गिरती हुई पानी कोमल की भरी जवानी को छूने लगती है जो कोमल थोड़ी ठण्ड महसूस करती हुई सिसकियाँ लेकर अपनी एक हाथ अपनी जिस्म पर फेरने लगती है

डीईई कॉफ़ी ......... गुड़िया बस आइइइइइ

कोमल की कानो मैं नैना आवाज़ आती है तो कोमल जवाब देती है

वही नैना कॉफ़ी टेबल पर रख कर बीएड पर बैठ जाती है

वववववव डीईई की बूब्स कितनी टाइट थी उस वक़्त ऐसा लगा जैसे किसी मर्द का सीना है

डीई की बूब्स इतनी कैसे है मुझसे भी जयादा टाइट है दीदी की बूब्स


नैना बीएड पर बैठी हुई मन मैं सोच रही होती है आवर फिर ननिअ अपनी चुकी को देखने की कोशिश करती है तभी कोमल बाथरूम का गेट खोल देती है जो नैना अपनी छोटी छोटी चुकी को पकड़ती हुई रुक जाती है लेकिन कोमल की नज़र नैना की हरकत पर पद चुकी होती है

डीईई आप तैयार हो जाइये मैं बड़ी माँ से बोल देती हुईं आप आ रही है ...... कोमल को देख कर नैना बोलती है आवर उठ कर जाने लगती है

गुड़िया कहा जाना है ........ नैना को जाते हुए देख कर कोमल पूछती है

डीई वह मंदिर जाना है बड़ी माँ सभी को साथ चलने के लिए बोल रही थी

ठीक है गुड़िया मैं अभी आई ..... कोमल बोलती है तो नैना चली जाती है आवर नैना के जाते hi कोमल अपनी रूम का गेट लॉक कर देती है

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ममी माँ क्या हुआ आप किश सोच मैं डूबी हुई है कही अर्जुन के अजगर का याद तो नहीं आ रही ......

गीता किचेन मैं जब आती है तो देखती है आँचल किसी सोच मैं डूबी हुई है तो मुस्कुराती हुई बोलती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

गीता तू

आँचल अपनी चुकी पर हाथ पड़ते hi मचल जाती है आवर अपनी सोच से भी बहार आ जाती है जो गीता के बोलने के बाद भी कोई जवाब नहीं दी हुई होती है

है है हा हा

ममी माँ

आँचल की चेहरे को देख कर गीता ज़ोर ज़ोर से हसने लगती है वही आँचल गीता को घूरने लगती है

गीता कुछ देर हसने के बाद संत हो जाती है क्यू की आँचल के चेहरे पर अब एक उलझन सी महसूस दिखाई देने लगती है जो गीता को थोड़ी हैरानी भी होने लगती है

ममी माँ क्या हुआ ..... आप सच मैं किसी बात से परेशां है क्या ..... गीता भी थोड़ी परेशां होती हुई बोलती है

गीता बेटी मुझे मांफ करना .... आँचल इतना बोल कर चुप हो जाती है

ममी माँ बात क्या है आप मुझसे किस बात की मांफी मांग रही है ..... आप से कोई भूल भी हुई है तो आप को मुझसे मांफी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है .....

गीता बोलती हुई आँचल की हाथ पकड़ लेती है आवर अपनी चेहरे पर एक मुस्कान लती हुई आँचल को देखने लगती है

गीता बेटी मैं तुमेह आवर अर्जुन से प्यार करती हुईं लेकिन मैं गुड़िया से बस तुम दोनों से थोड़ी जयादा प्यार करती हुईं हो उसके जिस के आगे मैं मज़बूर हो जाती हुईं क्यू की उसकी नाराज़गी मुझसे बर्दाश्त नहीं होती है

या कह सकती हो मैं उसे नाराज़ नहीं देख सकती ......... गीता बेटी हमारी साडी बातें गुड़िया को पता है .......

क्याआआआ

गीता को जैसे hi अहसास होती है उसकी ममी माँ क्या बोल रही है गीता हैरानी परेशां होती हुई बोल पड़ती है

ममी माँ आप ने ये क्या कर दिया

ओह्ह्ह्ह गुड़िया कही माँ को न बता दे मुझे गुड़िया से बात करनी होगी .....

गीता बेटी

गीता परेशां होती हुई किचेन से अंजलि के रूम मैं जाने को होती है तभी ममी माँ की आवाज़ सुन कर रुक जाती है तो देखती है आँचल उसे घर रही है

ममी माआआ

गीता बेटी वह गुड़िया दीदी को कुछ नहीं बताने वाली मगर वह

आँचल इतना बोल कर फिर चुप हो जाती है जो गीता थोड़ी रहत की साँस लेती है

ममी माँ क्या बोली है गुड़िया ने .....

गीता ममी माँ की चेहरे को देख कर समझ जाती है कुछ तो गुड़िया ने ाएसि बात कही है जो ममी माँ इतनी सोच मैं डूबी हुई है तो पूछ लेती है

गीता वह गुड़िया भी चाहती है अर्जुन के साथ

Kyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ममी माँ आप ने क्या कहा उससे

गुड़िया अर्जुन के साथ ..... ममी माँ ये कैसे हो सकता है

नहीं नहीं ममी माँ ......

गीता थोड़ी बेचैन होती हुई बोलने लगती है जो आँचल गीता की लाल पिली हो रही चेहरे को घूरने लगती है

ममी माँ आप

माँ कॉफ़ी eeeeeeeeeeee

गीता कुछ बोलती उसके पहले hi अंजलि की आवाज़ सुनाई दे देती है जो गीता चुप हो जाती है तब तक अंजलि भी किचेन मैं आ जाती है

गुड मॉर्निंग माँ आवर दी ......

गुड मॉर्निंग गुड़िया

अंजलि किचेन मैं आकर बोलती है जो आँचल गुड मॉर्निंग तो बोलती है लेकिन गीता कुछ बोले hi किचेन से चली जाती है जो अपनी दीदी को जाते हुए देख कर अंजलि मुंह बना कर आँचल को देखने लगती है

मुझे मत देख बैठ मैं कॉफ़ी बना रही हुईं .....

अंजलि को खुद को घूरती हुई देख कर आँचल बोलती है जो अंजलि आवर भी मुंह बना लेती है ......

माँ क्या दीदी ......

गुड़िया मैं बात करती हुईं गीता से

गुड़िया प्लीज तू कुछ मत बोलना उससे .....

ठीक है माँ

अंजलि मुंह मन कर बोलती है

वही आँचल कॉफ़ी बनती हुई कभी अंजलि को देख रही होती है तो कभी कॉफ़ी को .......

पता नहीं क्या चल रही होगी गीता के मन मैं ..... ये मेरी माँ तो मेरी कुछ नहीं सुनने वाली है कस गीता बेटी मान जाये

भगवन जी कैसा खेल खेल रहे है ..... सभी के दिल मैं अर्जुन को hi बसा दिए है

आँचल परेशां होती हुई मन मैं सोचती है

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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आराम से कुटिया मेरी छूट नोच लेगी क्या ........ ज्योति आंटी दर्द मैं सिसकियाँ लेती हुई बोलती है ........ जो इस वक़्त रेनू आंटी ज्योति आंटी की छूट आवर गांड की गर्म पानी से सके कर रही होती है

साली कुटिया मुझे क्या बोल रही है .... रात मैं तो मस्ती मैं अर्जुन का मोटा लैंड लेकर उसके गोदी मैं खुद रही थी आवर अपनी छूट की गर्मी मिटा रही थी

रात मैं छूट की आग तूने ढंडी की तो अभी मुझसे गुस्सा क्यू कर रही है ......

देख तेरी छूट कैसे पूवे की तरह फुला दिया है अर्जुन ने ..... मुझे पूरा यकीन है तेरी छूट पहली चौड़ाई मैं भी नहीं फूली होगी

रेनू आंटी थोड़ी मुस्कुराती हुई बोलती है

सही कह रही है रेनू मुझे इतनी दर्द तो पहली रात मैं भी नहीं हुई थी जब की उस रात मैं लड़की से औरत बानी थी .... लेकिन कल रात तो अर्जुन ने मुझे इतना दर्द दिया के अभी भी उसका दर्द मुझे हो रही है .....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रेनू सच मैं मुझे आज अहसास हो रही है मैं भी एक औरत हुईं अर्जुन ने मुझे औरत होने का सुख दिया है


जिसको अपने के लिए मैं कब से तड़प रही थी

रेनू अर्जुन का लैंड मैं अपनी छूट मैं अभी भी अहसास कर रही हुईं

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रेनू ज्योति आंटी बोलती हुई मस्ती मैं सिसक पड़ती है

वही ज्योति आंटी की मुंह मदहोशी भरी गर्म सांसे निकलती हुई देख कर रेनू आंटी की जिस्म मैं एक सनसनाहट सी मच जाती है जो रेनू आंटी अपनी छूट मैं एक हलचल सी महसूस करने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ज्योति इतनी दर्द मैं होने के बाद भी अर्जुन की तारीफ

अर्जुन का लैंड भी कितना मोटा आवर लम्बा था जो ज्योति की छूट की ये हालत कर दिया है कैसी ज्योति की छूट फैट कर लाल दिख रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी भी छूट की ऐसी hi हालत होती अगर मैं अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं ले लेती

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी छूट मैं अर्जुन का मोटा लैंड कैसे जाता

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का लैंड मेरी छूट मैं जाते वक़्त मुझे कितना दर्द देता

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का आगे का मुकुट जब मेरी नरम छूट की छोटी सी बिल मैं जाता तो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

mainnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

mainnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn अर्जुन के बाँहों मैं जाती हुई अपनी छूट अर्जुन के लैंड मैं आवर दबा देती

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

रेनू आंटी सोचती हुई अचानक लड़खड़ा जाती है आवर वही ज्योति आंटी के बगल मैं लेट कर लम्बी लम्बी सांसे लेती हुई हांफने लगती है जो ज्योति आंटी रेनू आंटी को घूरने लगती है आवर तभी ज्योति आंटी की नज़र रेनू आंटी की कमर पर चली जाती है तो देखती है रेनू आंटी बार बार अपनी मोती गांड उठा रही है जो ज्योति आंटी को समझते देर नहीं लगती है के रेनू अपनी छूट की पानी बहा रही है

रेनू आंटी की कमर को देख कर ज्योति आंटी रेनू आंटी की चेहरे को देखती हुई मुस्कुरा देती है जो रेनू आंटी सरमाती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

साली कुटिया तेरी छूट मैं इतनी आग है की अर्जुन के लैंड को अहसास करते hi झड़ने लगी

वही रेनू आंटी बिना कुछ बोले अपनी साँसों की काबू करने लगती है


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अर्जुन इस वक़्त दोकान मैं बैठा हुआ होता है आवर सामने नीलू आंटी कुछ औरत को कपडे दिखा रही होती है तभी दोकान मैं राखी देवी आ जाती है

नीलू जा तुझे वर्ण लेट हो जाएगी ..... वैसे कल आ जाएगी क्या ...... राखी देवी नीलू आंटी से पूछती है

दीदी कल कैसे आ सकती हुईं शादी कल hi तो है ...... नीलू आंटी बोलती है

ओह्ह ठीक है नीलू अगले दिन आने की कोशिश करना ......


हआ दीदी

राखी देवी बोलती है जो नीलू आंटी हां बोलती है

नीलू आंटी इतना बोल कर चली जाती है वही राखी देवी अब उन औरतों को कपडे दिखने लगती है

वह बेटी तुम्हारी चोली किश साइज की आती है ........ एक बूढी औरत अचानक राखी देवी से पूछ लेती है

बूढी औरत की बात सुनते hi राखी देवी की चेहरा थोड़ी लाल पद जाती है आवर राखी देवी एक नज़र पीछे देख कर फिर उस बूढी औरत को देखती हुई

वही अर्जुन उस बूढी औरत की बात सुन कर मन hi मन मुस्कुरा पड़ता है आवर अपनी माँ की जवाब का इंतज़ार करने लगता है

वह अम्मा मेरी साइज से आप को क्या लेना है ..... आप को किश साइज की लेना है बताइये मैं निकल देती हुईं ....... राखी देवी सरमाती हुई बोलती है

अरे बेटी मेरी बहु ने बताया था लेकिन मैं भूल गयी ..... मैं कब से अपनी बहु की जैसे औरत को देख रही थी तभी तुम आ गयी

मेरी बहु की सरीर भी बिलकुल तुम्हारी तरह भरी हुई है .... तुम्हारी साइज की चोली मेरी बहु मैं आ जाएगी ..... वह बूढी औरत बोलती है

वही बूढी औरत की बात सुन कर राखी देवी आवर भी सरमने लगती है

बुद्धि तेरी बहु मेरी तरह क्यू है ..... कैसे बताऊँ .......... अर्जुन पीछे है

कितने लेना है अम्मा ...

बेटी साइज तो बता दे मुझे सायद तेरी साइज सुन कर मुझे याद आ जाये ..... राखी देवी के बोलते hi वह बुद्धि औरत फिर से पूछती है

अम्मा आप को कितने लाना है बोलिये मैं निकल देती हुईं ..... आप की बहु मेरी तरह है तो मैं अपने hi साइज की दे देती हुईं ....

राखी देवी उस बुद्धि औरत को घूरती हुई बोलती है क्यू की राखी देवी को अब उस बुद्धि औरत पर गुस्सा भी आ रही होती है लेकिन राखी देवी उस बुद्धि औरत को कुछ बोल भी नहीं पा रही होती है

अम्मा मेरी साइज 36 स है .... कितने लेने है आप को ..... हां बेटी 36 स hi बोली थी मेरी बहु ने 2 दे दो ......

राखी देवी बहुत hi धीरे से बोलती है लेकिन वह बुद्धि औरत ज़ोर से बोल पड़ती है जो अर्जुन भी सुन लेता है वही राखी देवी सरम के मरे पानी पानी हो जाती है आवर उस बुद्धि औरत को घूरती हुई अंदर से ब्रा निकलने लगती है लेकिन अर्जुन की तरफ देखती तक नहीं है


वही अपनी माँ की ब्रा की साइज सुन कर अर्जुन का लैंड एक बार फनफना जाता है लेकिन अपनी माँ को पलटते हुए देख कर अर्जुन अपना हाथ लैंड के ऊपर रख देता है लेकिन कोई फायदा नहीं होता है राखी देवी की एक नज़र अर्जुन के लैंड पर चली गयी होती है जो राखी देवी की छूट मैं एक हलचल सी हो जाती है

राखी देवी डब्बे से ब्रा निकल कर उस बुद्धि औरत के हाथों मैं दे देती है

राखी देवी के हाथ से ब्रा लेकर वह बुद्धि औरत ब्रा को देखने लगती है जो

हे भगवन ये अम्मा अब क्या देख रही है इस ब्रा मैं क्या कमी दिख रही है इनको ये कुछ आवर न बोले .......

राखी देवी उस बुद्धि औरत को ब्रा देखते हुए देख कर मन hi मन मैं सोचती है आवर भगवन से मिन्नत करने लगती है के वह कुछ आवर न बोले

वह बुद्धि औरत ब्रा को देखने के बाद वही टेबल पर रख देती है


अम्मा आवर कुछ चाहिए आप को ..... राखी देवी पूछती है

नहीं बेटी पैक कार्डो .... बुद्धि औरत बोलती है तो राखी देवी बुद्धि औरत के आवर भी लिए हुआ कपडे पैक करने लगती है आवर खुद hi हिसाब कर के लिस्ट उस औरत को दे देती है .....

वही अर्जुन भी एक औरत का हिसाब कर के लिस्ट दे देता है कुछ देर मैं दोकान से सभी औरत चली जाती है

सभी औरत के जाने के बाद राखी देवी वही अर्जुन के बगल मैं बैठ जाती है

अर्जुन फ़ोन चलते हुए अपना एक पेअर उठा कर अपनी माँ के टेबल पर रख देता है आवर फिर ऊँगली से राखी देवी की गांड को छूने लगता है

अपनी गांड पर अर्जुन के ऊँगली का अहसास पते hi राखी देवी पीछे घूम कर अर्जुन को देखती है आवर फिर अपनी गांड थोड़ी आगे की तरफ कर लेती है

वही अर्जुन इस बार अपनी टेबल आगे कर के अपनी माँ के करीब आ जाता है आवर फ़ोन को टेबल पर रखते हुए अपने उस हाथ को घूमते हुए राखी देवी की चुकी के बगल मैं टाच कर देता है जो राखी देवी अर्जुन को घर कर देखती है वही अर्जुन भी माँ को देखते हुए मुस्कुरा देता है

राखी देवी फिर बहार मार्किट की तरफ देखने लगती है

अर्जुन कुछ देर तक कोई हरकत नहीं करता है राखी देवी भी बहार देखती हुई अपनी फ़ोन उठा कर कुछ देखने लगती है तभी राखी देवी को अपनी चुकी के ऊपर अर्जुन का हाथ महसूस होती है

राखी देवी अर्जुन को फिर घर कर देखती है लेकिन कुछ बोलती नहीं है

अपनी को कुछ बोलते न देख कर अर्जुन की हिम्मत बढ़ जाती है आवर अर्जुन राखी देवी की चुकी को थोड़ी दबा देता है जो राखी देवी सिसक पड़ती है

अर्जुन बीटा हम दोकान पर है ...... राखी देवी इतना बोल कर फिर से फ़ोन चलने लगती है लेकिन अर्जुन का हाथ अपनी चुकी से हटती नहीं है

माँ आप की ये बहुत टाइट है .....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बोलते हुए राखी देवी की टाइट बड़ी हार्ड चुकी को मसल देता है जिससे राखी देवी इस बार सिसकती हुई थोड़ी मचल सी जाती है आवर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है आवर अर्जुन की आँखों मैं देखने लगती है

दोनों माँ बेटे इस वक़्त दोकान मैं एक दूसरे की आँखों मैं देख रहे होते है आवर अर्जुन का हाथ अभी भी अपनी माँ की चुकी पर hi होती है

ये तो अच्छा होता है दोकान थोड़ी गली से ऊपर होती है जो इस वक़्त किसी की नज़र दोनों के ऊपर नहीं पद रही होती है

माँ प्लीज थोड़ी दबाने दीजिये न ..... अर्जुन राखी देवी की आँखों मैं देखता हुआ बोलता है

अर्जुन

राखी .....

राखी देवी अर्जुन से बोलने hi वाली होती है तभी उनके कानो मैं अपनी माँ की आवाज़ सुनाई दे देती है ..... जो अपनी नानी की आवाज़ सुन कर अर्जुन भी अपना हाथ झट से हटा लेता है

माँ आप दोकान मैं क्यू आई ...... राखी देवी कड़ी होती हुई बोलती है आवर अपनी माँ को पकड़ लेती है वही अर्जुन भी जाकर अपनी नानी को पकड़ लेता है

राखी मैं ठीक हुईं बेटी तू परेशां न हो आवर कितने दिन मैं रूम मैं सोती रहूंगी ..... राखी देवी की माँ बोलती है

वही अर्जुन आवर राखी देवी उनको पकड़ कर टेबल पर बैठा देते है

नानी आप अकेली क्यू नहीं मुझे बोलती मैं आप को दोकान मैं ला देता ..... अर्जुन बोलता है जो अर्जुन की नानी मुस्कुरा देती है

ओह्ह मेरा बच्चा .... तू परेशां न हो मैं अब ठीक हुईं डरा भी नहीं हो रही है ..... अर्जुन की नानी मुस्कुराती हुई बोलती है

राखी बेटी कॉफ़ी पिने का मन हो रही है ज़रा बना कर ला .... अर्जुन की नानी बोलती है जो राखी देवी ठीक है बोलती हुई रूम मैं चली जाती है

वही अर्जुन कुछ देर तक अपनी नानी के साथ रहता है जो थोड़ी hi देर मैं राखी देवी कॉफ़ी बना कर ला देती आवर एक कॉफ़ी अपनी माँ को देती है आवर एक कॉफ़ी अर्जुन को दे देती है ......


अर्जुन कॉफ़ी लेते हुए राखी देवी का हाथ सहला देता है जो राखी देवी अर्जुन को घूरती हुई रूम मैं चली जाती है

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टिंकू देख गोरी गोरी छूट की दोकान आ रही है ...... साली सब एक से बढ़कर एक मॉल लगती है .....

इनकी जवानी देख कर साला लैंड तो दर्द करने लगता है ....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ठकुराइन इतनी उम्र मैं इतनी जवान दिख रही है इसकी जवानी देख कर तो साला मेरा लैंड फनफना गया है

जब माँ hi इतनी बड़ी मॉल दिख रही है तो कोमल तो इसकी बेटी है

कोमल पुरे गाँव मैं सबसे जयादा खूबसूरत ऐसे hi नहीं है ......

दूर से आ रही कोमल आवर उसके माँ चची बहन को देख कर रिंकू टिंकू से बोलता है आवर अपना लैंड मसल रहा होता है


वही टिंकू तो बस कोमल को hi देख रहा होता है .........

साली कौन सी मलाई खा रही है जो दिन पर दिन इसकी जिस्म आवर भी गदरा रही है ......

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

इसको देख कर तो मुझे कोई आवर छूट दिखाओ hi नहीं देती है ...... कास ये मुझसे एक बार बोल दे

मेरी छूट मैं अपना लैंड दाल दो ..... साली को पटक पटक कर इसकी छूट फाड् दूंगा ..... टिंकू कोमल को देखता हुआ मन मैं सोचता है

वही कोमल अपनी माँ आवर बाँहों के साथ आगे निकल जाती है

डीई ये टिंकू आप को किसी कुत्ते की तरह क्यू घूरता रहता है ....... मैं जब भी आप के साथ आती हुईं उसे आप को घूरते हुए hi देखती हुईं ............ कुत्ता

गुड़िया चुप होकर चल .....

साथ चलती हुई नैना कोमल की कानो मैं बहुत hi धीरे से बोलती है जो कोमल नैना को चुप होने के लिए बोलती है जो नैना फिर कुछ नहीं बोलती है

साला कुत्ता है लार तो तप कयेगा hi ..... चलती हुई कोमल मन मैं सोचती है

वही टिंकू आवर रिंकू दोनों आगे जा रही कोमल आवर उसकी माँ बाँहों की दोनों तरफ हिलती हुई गांड देखने लगते है ....

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शाम होने पर अर्जुन की नानी फिर से दोकान मैं आ जाती है

ओह्ह मेरा बच्चा पूरा दिन दोकान पर बैठा रह गया जा मार्किट घूम कर आ मैं दोकान देखती हुईं ..... अर्जुन की नानी अर्जुन के गल्ल पर हाथ फेरती हुई मुस्कुरा कर बोलती

नानी मैं ....... अर्जुन क्या कर रहा है मार्किट नहीं जायेगा मत जा कुछ hi देर के लिए घर मैं तो जा घर मैं तेरी माँ अकेली है .....

अर्जुन के मन मैं ये ख्याल आते hi अर्जुन बोलते हुए रुक जाता है

नानी मैं अभी आया ...... अर्जुन बोलते हुए उठ कर घर मैं चला आता है

अर्जुन घर मैं आने के बाद सीधे अपने रूम मैं जाता है तो देखता है उसकी माँ रूम मैं नहीं है तो अर्जुन किचेन मैं चला जाता है अर्जुन जैसे hi किचेन के गेट पर आता है अर्जुन की नज़र अपनी माँ पर टिक जाती है आवर अर्जुन का पेअर निचे ज़मीन पर लग जाता है जो अर्जुन आह्हः करते हुए गेट को पकड़ लेता है लेकिन अर्जुन की नज़र अपनी माँ के ऊपर से हत्ता नहीं है अर्जुन आँखें फाडे अपनी माँ को देखता hi जा रहा होता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

माँ मार hi डालेगी क्या मुझे

अर्जुन जैसे hi किचेन के गेट पर आता है अर्जुन की नज़र सीधे अपनी माँ की गांड पर चली जाती है

जो इस वक़्त राखी देवी एक टाइट निघ्त्य पहन कर खाना बना रही होती है आवर उस नाईट मैं राखी देवी की टाइट गांड पीछे की तरफ निकली हुई होती है जिसको देख कर अर्जुन का लैंड मैं तूफान उठ जाता है आवर चलते हुए अर्जुन का पेअर ज़मीन से लग जाता है जो अर्जुन गिरते हुए गेट को पकड़ लेता है लेकिन अर्जुन की नज़र अपनी माँ की टाइट निकली हुई गांड से हटती नहीं है

अपनी माँ की टाइट उभरी हुई गांड देख कर तो अर्जुन के मन मैं उफान मच जाती है अर्जुन वह से बढ़ते हुए अपनी माँ के करीब आने लगता है

वही अर्जुन की आह्हः सुनते hi राखी देवी पलट कर अर्जुन को देखने लगती है जो राखी देवी अर्जुन की नज़र अपनी गांड पर पति है


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अर्जुन को अपनी तरफ आते हुए देख कर राखी देवी खाना बनाने लगती है

वही अर्जुन चलते हुए अपनी माँ के पीछे आ जाता है आवर बिलकुल अपनी माँ के गांड मैं अपना लैंड सताते हुए अपनी माँ को पकड़ लेता है

huiinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन का हाथ अपनी कमर पर पड़ते hi राखी देवी सिहर उठती है आवर राखी देवी अपनी पेअर थोड़ी आगे कर लेती है जो राखी देवी की गांड अर्जुन के लैंड से हैट जाती है लेकिन अर्जुन भी झट से आगे बढ़ते हुए अपना लैंड फिर से माँ की गांड मैं सत्ता देता है जो राखी देवी अर्जुन का टाइट लैंड अपनी गांड मैं महसूस करने लगती है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

राखी देवी सिसकती हुई आगे की पाटिया पकड़ लेती है

वही अर्जुन अपना लैंड माँ की गांड मैं दबाओ बनाने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


मा आप की जिस्म कितनी गर्म है ......

अर्जुन को जैसे hi अपनी माँ की जिस्म की गर्मी महसूस होती है अर्जुन बोल पड़ता है

वही राखी देवी अर्जुन की बात सुन कर मन hi मन सरमाती हुई थोड़ी मचल जाती है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

ार्जुननननननननन खा खा खाना बना

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी हिचकी लेती हुई बोलती है आवर अर्जुन का हाथ अपनी चुकी की तरफ बढ़ते हुए पा कर सिहर जाती है आवर घूम कर अर्जुन के साइन मैं समां जाती है

राखी देवी अर्जुन के बाँहों मैं आने के बाद अपनी सर अर्जुन के साइन मैं दबा देती है

माँ के बाँहों मैं आने से अर्जुन अपनी माँ की चुकी अपनी साइन पर महसूस होती है जिससे अर्जुन का लैंड Jen's मैं फनफना जाता है

अर्जुन अपना हाथ सीधे अपनी माँ की गांड पर रख देता है आवर राखी देवी की गांड दबा देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

किचेन मैं दोनों माँ बेटे की अह्हह्ह्ह्ह एक साथ निकल पड़ती है

क्यू की राखी देवी अपनी गांड दबती हुई अपनी छूट अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है जिससे अर्जुन को अपने लैंड मैं एक अलग hi अहसास होती है

अर्जुन मस्ती मैं सिसकते हुए अपना मुंह राखी देवी की गले पर रख कर चूमने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के गले को चूमने से राखी देवी फिर से पलट कर अपनी गांड अर्जुन के लैंड मैं सत्ता देती है आवर पटिये को पकड़ लेती है

राखी देवी पटिये को पकड़ कर थोड़ी झुक सी गयी होती है जो राखी देवी की फैली हुई गांड आवर भी फ़ैल गयी होती है

अर्जुन अपनी माँ की बड़ी गांड को देख कर बर्दाश्त नहीं कर पता है आवर बिना कुछ सोचे झट से अपने Jen's का चैन खोल कर लैंड निकल कर उतनी hi तेज़ी मैं अपनी माँ की निघ्त्य ऊपर उठा देता है आवर अपना लैंड राखी देवी की पेंटी के ऊपर से hi छूट मैं सत्ता देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन का लैंड अपनी छूट के ऊपर पति हुई राखी देवी मस्ती मैं सिसकियाँ लेने लगती है आवर राखी देवी पूरी तरह पटिये पर झुक जाती है


अपनी माँ की मस्ती भरी आवाज़ सुन कर अर्जुन अपना लैंड छूट ऊपर आवर भी तेज़ी से रगड़ने लगता ये कह सकते है अर्जुन अपनी माँ की छूट मैं धक्का मरने लगता है लेकिन अर्जुन का लैंड माँ की छूट मैं न जाकर बस ऊपर से hi छूट मैं रगड़ खा रही होती है

अर्जुन जब जब अपना लैंड आगे से पीछे कर रहा होता है राखी देवी ज़ोर ज़ोर से सिसक रही होती है

इस वक़्त किचेन मैं राखी देवी की बस सिसकियाँ hi गूंज रही होती है

अर्जुन अपना लैंड माँ की छूट मैं रगड़ते हुए अपनी माँ की पेंटी निचे करने लगता है

AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA


अचानक राखी देवी की एक अह्ह्ह्हह्हह किचेन मैं गूंज पड़ती है

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अपडेट ........ 116

अर्जुन जब जब अपना लैंड आगे से पीछे कर रहा होता है राखी देवी ज़ोर ज़ोर से सिसक रही होती है

इस वक़्त किचेन मैं राखी देवी की बस सिसकियाँ hi गूंज रही होती है

अर्जुन अपना लैंड माँ की छूट मैं रगड़ते हुए अपनी माँ की पेंटी निचे करने लगता है

AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA

अचानक राखी देवी की एक अह्ह्ह्हह्हह किचेन मैं गूंज पड़ती है

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अर्जुन का लैंड अभी राखी देवी की छूट मैं टाच hi होती है तभी राखी देवी चीखती हुई वही बैठ जाती है जो अर्जुन का लैंड फनफना कर राखी देवी के आगे खड़ा हो जाता है

लेकिन राखी देवी की नज़र इस वक़्त निचे हुई होती है जो राखी देवी की नज़र अर्जुन के लैंड पर नहीं पड़ती है

राखी देवी अपनी तेज़्ज़ चल रही सांसों को काबू करने के बाद जैसे hi अपनी नज़र ऊपर करती है अर्जुन का लैंड अपनी मुंह के सामने देख कर राखी देवी की थमी हुई सांसे फिर से तेज़्ज़ चलने लगती है

वही अर्जुन अपने लैंड को पकड़ कर राखी देवी की होंठों के करीब करने लगता है जिससे राखी देवी अपनी सर फिर से निचे कर लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का लैंड जब जब देखती हुई मुझे आवर भी बड़ा hi लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मेरी छूट मैं इतनी हलचल क्यू हो रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी अपनी छूट को रोक ले वर्ण अर्जुन का अजगर तेरी बंद पड़ी छोटी सो दिवार को गिरा देगा .... आवर तू बर्दास्त नहीं कर सकेगी .....

राखी अर्जुन तेरी जिस्म के लिए पागल हो चूका है उसे अब कोई फर्क नहीं पड़ता तू कहा किध जगह पर है उसे बस अपना अजगर तेरी छूट मैं डालना है

राखी मेरी मान तो अपनी इस जिस्म को अर्जुन के हवाले अब करदे .....

राखी अर्जुन तेरी सुखी जीवन को हरा भरा कर देगा

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnñnn

राखी देवी मन मैं सोच hi रही होती है तभी अर्जुन अपना सांप जैसा लैंड राखी देवी की मुंह मैं टाच कर देता है जो राखी देवी हुंण करती हुई अपनी दोनों होंठ को सत्ता लेती है

माँ प्लीज ..... अर्जुन बड़े प्यार से अपनी माँ की गल्ल पर हाथ फेरते हुए बोलता है

अर्जुन की बेचैनी भरी आवाज़ सुन कर राखी देवी अपनी नज़र उठा कर देखती है तो पति है अर्जुन थोड़ा बेचैन लग रहा है

अर्जुन की हालत देख कर राखी देवी समझ जाती है अर्जुन की हालत भी इस वक़्त मेरी तरह है

मुझे मेरी छूट परेशान कर रही है आवर मेटे बेटे को उसको लैंड

राखी देवी अपनी होंठ धीरे धीरे खोलने लगती है

अर्जुन का लैंड अभी भी राखी देवी की होंठ से सत्ता हुआ होता है जो अर्जुन का लैंड राखी देवी की मुंह मैं जाने लगता है


हूंणंन्न हुंनंन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

माँ की मुंह मैं लैंड जाते hi अर्जुन मस्ती मैं सिसक पड़ता है

वही राखी देवी अर्जुन का लैंड मुंह मैं लेते वक़्त अर्जुन के आगे की घाट को जीभ से टाच कर देता है जिससे अर्जुन मस्ती मैं सिसक पड़ता है आउट राखी देवी की सर को पकड़ कर दबाओ देता है जो अर्जुन का आधा लैंड राखी देवी की मुंह मैं चला जाता है

अर्जुन का आधा लैंड जाते hi राखी देवी हुंण करती हुई अर्जुन का लैंड मुंह मैं दबती हुई हाथ से पकड़ लेती है आउट अर्जुन की आँखों मैं देखने लगती है

अपनी माँ की आँखों मैं देख कर अर्जुन समझ जाता है उसकी माँ लैंड को आवर अंदर नहीं ले सकती है जो अर्जुन दबाओ देना बंद कर देता है आउट माँ की सर को पकड़ लेता है


राखी देवी अर्जुन का लैंड धीरे धीरे चूसने लगती है

Ahhhhhhhhhh माआआ Ahhhhhhhhhhh माँ Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaa Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh माआआआआ Ahhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन अपना लैंड अपनी माँ की गर्म मुंह मैं जयादा वक़्त तक सह नहीं पता है आवर कुछ hi वक़्त मैं अर्जुन अपनी गर्म गर्म लैंड का पानी माँ की मुंह मैं निकल देता है जो अर्जुन का सारा पानी राखी देवी की मुंह मैं गर्ल जाता है


झड़ते हुए अर्जुन का पेअर डगमगा जाता है जिससे अर्जुन दो कदम पीछे होकर बैठ जाता है

वही राखी देवी झट से उठ कर कीचे से निकल जाती है आवर तेज़ी मैं बाथरूम मैं चली जाती है

राखी देवी बाथरूम मैं जाते hi अर्जुन का पानी थूकने को होती है लेकिन कुछ सोच कर रुक जाती है

राखी क्या कर रही है इतनी कीमती पानी को तू गटर मैं बहा देगी ..... राखी भूल मत ये तेते बेटे का पानी है तेरे बीटा का पानी मतलब तेरी पानी है

राखी क्यू की अर्जुन को जन्म तूने hi तो दिया है

राखी तू इस पानी को पि जा राखी ये पानी तेरी इस जिस्म को आवर निखार देगा ..... तभी तो अर्जुन तेरी निखरती हुई जवानी को देख कर तुझसे आवर भी जयादा प्यार करता रहेगा

राखी तू सोच क्यू रही है आखिर पहले भी तो इस पानी को पिता है न ..... पीकर देख तो सही किसका पानी अच्छा है तेरा या तेरे पति है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

राखी देवी सोचती हुई सारा पानी निगल जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी बड़ी hi कमुखता भरी आवाज़ भर्ती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

कितना टेस्टी है मेरे अर्जुन का पानी ..... Ahhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी मन मैं सोचती है आउट शहहह भर्ती हुई अपनी छूट को पकड़ लेती है जैसे राखी देवी को अपनी छूट मैं कुछ महसूस हुई हो

राखी देवी फिर अपनी मुंह धोती है आवर अपनी साड़ी ठीक करती हुई बाथरूम से बहार आ जाती है

राखी देवी बाथरूम से बहार आने पर किचन की तरफ देखने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

क्या अर्जुन किचन मैं hi है .... हे भगवद अर्जुन किचन से चला गया हो ..... अर्जुन किचन मैं हुआ तो वह फिर मुझपे टूट पड़ेगा आवर इस बार मैं भी खुद को रोक नहीं पसंगी ....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh .......... ये मेरी छूट ttttttttttttttt

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी किचन से थोड़ी दूर कड़ी मन मैं सोच रही होती है आवर राखी देवी की हाथ बार बार अपनी छूट को ऊपर से मसल रही होती है

राखी देवी को इस वक़्त अपनी छूट मैं बहुत खुजली महसूस हो रही होती है जो राखी देवी की हाथ अपनी छूट के ऊपर से हैट नहीं रही होती है

राखी देवी भी अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं लेने के लिए बेचैन हो रही होती है लेकिन इस वक़्त मैं राखी देवी को दर भी लग रही होती है

राखी देवी डर्टी हुई किचन के गेट पर साटन है आवर अंदर अर्जुन को देखने लगती है लेकिन अर्जुन किचन मैं नहीं दिखाई देता है

अर्जुन को किचन न देख कर राखी देवी थोड़ी रहत की साँस लेती है आवर किचन के अंदर आकर काम करने लगती है

वही अर्जुन अपने बीएड पर लेता हुआ होता है आवर अर्जुन का खम्बे की तरह खड़ा हुआ होता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मा की छूट कितनी टाइट थी माँ की छूट दीदी आवर आँचल माँ से भी छूट की बिल से भी छोटी बिल थी कैसे मेरा लैंड उनकी छोटी बिल मैं जाते जाते निकल गया माँ तो दर्द मैं निचे hi बैठ गयी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh माँ कितनी गोरी है उनकी Gaanddddddddddddddd

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीएड पर लेता हुआ अपनी माँ की जिस्म के बारे मैं hi सोच रहा होता है लेकिन अर्जुन को जैसे hi अपनी माँ की गांड आँखों के सामने साटन है अर्जुन सिसकता हुआ अपना लैंड पकड़ लेता है


जैसे माँ की गांड आँखों के सामने आने पर अर्जुन को अपने लैंड मैं दर्द महसूस हो गया हो ....

अर्जुन बीएड से उतर कर अपने लोअर पहनता है आवर शीशे के सामने खड़ा होकर अपने लैंड को लोअर के अंदर बैठने की कोशिश करने लगता है जो इस वक़्त अर्जुन का लैंड पूरी तरह खड़ा होकर लोअर मैं दिखाई दे रहा होता है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन अपना लैंड पकड़ कर अपनी माँ को याद करने लगता है .

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ाआउछहः आआआ ाआउछहः माआआआआ Ahhhhhhhhhhhhhhhh Huinnnnnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaàaaaaaaaa Aaaauchhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

इस वक़्त रूम मैं अंजलि बड़ी hi ज़ोर ज़ोर से सिसक रही होती है आवर नंगी लेती हुई बीएड पर अपनी गांड इधर उधर कर के मचल रही होती है लेकिन अंजलि की सिसकियाँ काम नहीं हो रही होती है

वही आँचल अंजलि की दोनों पेअर पकड़ी हुई अपनी मुंह अंजलि की छूट मैं लगाई हुई अंजलि की फूली हुई छूट को चाटती हुई कभी कभी अंजलि छूट को खिंच भी रही होती है

आँचल को अंजलि की छूट चाटने मैं बड़ी मज़ा आ रही होती है जो आँचल अंजलि की चीखे सुन कर भी नहीं छोड़ रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaa प्लीज

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaa

मुझे Aahhhhhhhhhhhhhh

Dardddddddddd

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआआआउछःठठ

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अंजलि की चीखे रूम मैं गूंज पड़ती है आउट अंजलि बीएड पर अपनी गांड उठा उठा कर अपनी छूट से पानी बहाने लगती है

अंजलि कुछ देर तक अपनी छूट से पानी निकलने के बाद बीएड पर बिलकुल संत पद जाती है

वही आँचल अंजलि की छूट से मुंह हटा कर वही बैठ कर कभी अंजलि की चेहरे को देख रही होती है तो कभी अंजलि की छूट से बहती हुई पानी को देख रही होती है जो अंजलि की छूट से पानी निकल कर अंजलि की गांड से होती हुई बीएड पर गिर रही होती है

अंजलि को संत देख कर आँचल मुस्कुराती हुई अंजलि के बगल मैं लेट जाती है आवर अंजलि की माथे पर हो रही पसीने को पोछने लगती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

वही आँचल को बगल मैं साइट हुए देख कर अंजलि माँ पुकारती हुई आँचल से लिपट जाती है

जैसे कोई छोटी बच्ची दर कर अपनी माँ से लिपर्ट जाती है

क्यू छूट मैं दर्द तो नहीं हो रही है मेरी गुड़िया को ..... आँचल मुस्कुराती हुई पूछती है

Maaaaaaaaaaaaaa

ओह ओह मेरी गुड़िया रानी सरमाती भी है मुझे आज पता चल रही है ....... आँचल बोलती हुई अंजलि की पीठ पर हाथ फेरने लगती है

माँ आप बहुत गन्दी हो ..... मुझे दर्द हो रही थी आवर आप मुझे छोड़ नहीं रही थी ........ अंजलि बहुत hi नरमी से बोलती है

वही अंजलि बच्ची जैसी आवाज़ सुन कर आँचल के चेहरे पर फिर से मुस्कान आ जाती है

क्यू मैंने क्या किया मैं तो बस चाट रही थी तुमने hi तो बोलै चाटने के लिए

हां मैंने थोड़ी जयादा चाट ली तेरी छूट इतनी मीठी hi लगी मुझे की मैं ....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आँचल बोलती हुई दूसरी हाथ की दो ऊँगली अंजलि की छूट मैं दाल देती है जो अंजलि उछाल पड़ती है आवर आँचल से दूर हैट जाती है

माँ आप गन्दी हो नहीं करना मुझे आप के साथ कुछ भी ...... अंजलि बीएड से उतर कर रूम से जाती हुई बोलती है


अरे सुन तो .... अर्जुन के साथ नहीं करना तुझे .... नहीं करनी मुझे ...... अंजलि बोलती हुई रूम से निकल जाती है

हे भगवन दो ऊँगली डालने पर भाग रही है तो फिर अर्जुन kaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

आँचल बोलती हुई कुछ सोच मैं पद जाती है आवर अपनी छूट पर हाथ रखती हुई आँखें बंद कर लेती है

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अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह diiiiiiiiiiiiiiii

अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह diiiiiiiiiiiiiiiiii

अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह Diiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

नैना बीएड पर नंगी लेती हुई बार बार अपनी गांड उठा उठा कर मचल रही होती है आवर अपनी छूट को देखने की कोशिश कर रही होती है लेकिन देख नहीं पता रही होती है


वही नैना के साथ लेती हुई कोमल नैना की उभर रही छोटी छोटी चुकी को चुस्ती हुई अपनी ऊँगली नैना की छोटी सी छूट को बिल मैं अंदर बहार कर रही होती है

Huinnnnnnnnnnnnn डीईई Ahhhhhhhhhhhhh diiiiiiiiii

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa


Diiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

नैना मचलती हुई उठ कर बैठ जाती है आवर फिर से कनपटी हुई बीएड पर गिर पड़ती है

नैना पेड़ पर गिरते hi कुछ वक़्त तक कनपटी रह जाती है नैना की चेहरे पसीने से भींग जाती है नैना हांफती हुई बिलकुल संत हो जाती है आउट ऊपर फिर कोमल की बाँहों मैं चली जाती है जो कोमल मुस्कुरा कर नैना को बाँहों मैं भर लेती है

क्या हुआ गुड़िया अच्छा नहीं लगा ..... नैना की बालों पर हाथ फ्री हुई कोमल पूछती है जो नैना कुछ नहीं बोलती है

डीई ओह सॉरी मुझसे बर्दास्त नहीं हुई ..... नैना बहुत प्यार से बोलती है ....

मेरी गुड़िया सॉरी किस लिए बिल रही है ..... कोमल पूछती है

ओह दी मैंने सु सु ..... हां हां हां हां हां

नैना की बात सुनते hi कोमल हसने लगती है

दी आप है क्यू रही है ....... कोमल हस्ती हुई देख कर नैना अनजान बनती हुई पूछती है आवर कोमल की बाँहों से निकल कर कोमल की चेहरे को देखने लगती है

अरे गुड़िया अभी जो तेरी छूट से निकला वह पिसाब नहीं कुछ आवर है देख तो ..... कोमल बोलती हुई उठ जाती है आवर नैना को देखने के लिए बोलती है

नैना उठ कर अपनी छूट को देखती है आवर छूट पे पानी को देख कर अपनी हाथ छूट पर रख देती है आवर सरमाती हुई अपनी नज़ारे निचे कर लेती है

गुड़िया क्या हुआ ..... नैना को अचानक सरमाती हुई देख कर कोमल पूछ लेती है .....

दी मुझे पता है ये क्या है ..... पहले भी मेरी इसमें से ये निकल चुकी है सोते वक़्त ... नैना सरमाती हुई बोलती है

ठीक है जा फ्रेश होजा हमेह शादी मैं भी जाना है दीदी कुछ देर मैं आने वाली होंगी ........

क्या आरती दीदी सच मैं आ रही है ..... नैना खुश होती हुई पूछती है

हां सुबह hi बोली वही आ रही है ....

ववववव मज़ा आएगा आरती दीदी के साथ

ok दीदी मैं तैयार हो जाती हुईं ..... नैना खुश होती हुई उठ कर बाथरूम मैं चली जाती है

वही कोमल बीएड पर लेट जाती है

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अर्जुन बाइक चलते हुए एक दोकान के पास बाइक रोक देता है आवर बाइक खड़ा कर के उस दोकान के पास चला जाता है


एक सिगरेट का डब्बा देना ..... अर्जुन के बोलने पर दोकान वाला अर्जुन को एक सिगरेट का पैकेट देता है जो अर्जुन सिगरेट का पैकेट लेकर एक सिगरेट निकल कर जला लेता है आवर सिगरेट पिटे हुए सामने के होटल को देखने लगता है

होटल को देखती हुए अर्जुन के चेहरे पर मुस्कान आ जाता है अर्जुन अभी होटल को देख कर खुश हो hi रहा होता है तभी उस होटल से एक लड़का आते हुए दिखाई देता है लड़के को देख कर अर्जुन आवर भी खुश हो जाता है

Rohitttttttttttttttttttttttt


अर्जुन उस लड़के को आवाज़ देता है अर्जुन की आवाज़ सुनते hi वही लड़का अर्जुन की ताएफ़ आने लगता है

वह मान गया है कोई I'd नहीं देनी होगी ..... तू पूरी रात रह सकता है ..... वह लड़का रोहित पास आकर बोलता है


अबे कौन है जो इतनी आसानी से मान गया ..... अर्जुन रोहित से बोलता है ......

वही चौमू है कॉलेज का ..... रोहित मुस्कुराते हुए बोलता जो अर्जुन भी मुस्कुरा पड़ता है

अर्जुन सिगरेट पिने के बाद बाइक स्टार्ट करता है आवर रोहित को बे बोलते हुए वह से चल पड़ता है

वही घर पर राखी देवी इस वक़्त दोकान पर बैठी हुई किसी सोच मैं डूबी हुई होती है

राखी क्या हुआ तेरी तबियत तो ठीक है न .... राखी देवी को परेशान देख कर राखी देवी की माँ पूछती है

म माँ मैं ठीक हुईं ..... व वास् वह मैं घर के बारे मैं सोच रही हुईं .... आप तो जानती है अंजलि बड़ी हो गयी है लेकिन उसका दिमाग बच्चे जैसा hi है .....

पता नहीं आँचल को वह कितना परेशान करती होगी .....

राखी देवी खुद को संभालती हुई बोलती है जो अपनी माँ की आवाज़ सुन कर थोड़ी हड़बड़ा गयी होती है

हां तो बेटी भी तो तेरी है न ..... वह तेरी जैसी hi तो है तूने भी तो उस उम्र मैं मुझे कितनी परेशान किया है .....

राखी देवी की माँ राखी देवी को घूरती हुई बोलती है जो राखी देवी अपनी माँ की बात सुन कर मुंह बना लेती है

राखी देवी अपनी माँ को घूरती हुई उठ कर घर के अंदर चली जाती है


राखी देवी घर के अनादर जैसे hi आती है वैसे राखी देवी को बाइक की हॉर्न सुनाई देती है जो राखी देवी घर के अंदर जाती हुई पलट कर पीछे देख पड़ती है जो राखी देवी की दिल की धड़कन ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगती है

राखी देवी बस कुछ सेकंड hi पीछे देखती है आवर सरमाती हुई जल्दी से अंदर चली जाती है आवर अपनी रूम मैं जाती हुई रूम लॉक कर देती है


राखी देवी गेट से चिपकी हुई होती है राखी देवी की सांसे ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है राखी देवी की आँखों मैं एक लग hi हचल दिख रही होती है

राखी देवी अपनी सांसों को काबू करती हुई वही गेट के निचे बैठ जाती है आवर अपनी आँखें बंद कर के बहार की तरफ कान लगा कर कर्मो की आहात सुनने की कोशिश करने लगती


माँ

हे भगवन जी अर्जुन जिस काम के लिए गया तहत वह न हुआ हो ..... प्लीज प्लीज भगवन जीई

अर्जुन की आवाज़ सुनते hi राखी देवी भगवन से मिन्नत करने लगती है

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अपडेट ......117

राखी देवी गेट से चिपकी हुई होती है राखी देवी की सांसे ज़ोर ज़ोर से चल रही होती है राखी देवी की आँखों मैं एक लग hi हचल दिख रही होती है

राखी देवी अपनी सांसों को काबू करती हुई वही गेट के निचे बैठ जाती है आवर अपनी आँखें बंद कर के बहार की तरफ कान लगा कर कर्मो की आहात सुनने की कोशिश करने लगती

माँ

हे भगवन जी अर्जुन जिस काम के लिए गया तहत वह न हुआ हो ..... प्लीज प्लीज भगवन जीई

अर्जुन की आवाज़ सुनते hi राखी देवी भगवन से मिन्नत करने लगती है

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माँ आप अंदर है क्या ....

राखी देवी गेट पर कड़ी भगवन से मिन्नत hi कर रही होती है तभी राखी देवी की कानो मैं अर्जुन की आवाज़ आ जाती है लेकिन राखी देवी कोई जवाब नहीं देती है

माँ मुझे भूख लगी है जल्दी खाना दे दो .... अर्जुन गेट पर खड़ा हुआ बोलता है

अर्जुन मुंह हाथ धो मैं निकल कर लती हुईं ..... राखी देवी गेट खोलती हुई बोलता है

माँ Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh


राखी देवी बोलती हुई गेट खोलती है तो देखती अर्जुन सामने की खड़ा है राखी जल्दी से जाने लगती है के अर्जुन माँ बोलता हुआ राखी देवी का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खिंच लेता है

अर्जुन का बाँहों मैं जाते hi राखी देवी की दिल की धड़कन बढ़ जाती है राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन से लिपट पड़ती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के साइन मैं जैसे hi राखी देवी की चुकी की निप्पल लगती है अर्जुन के जिस्म मैं एक झटका सा लगता है जिसका असर अर्जुन अपने लैंड मैं महसूस करते हुए एक अह्ह्ह्ह भर लेता है


अर्जुन इस वक़्त अपनी माँ की जिस्म मैं एक अलग hi गर्मी महसूस कर रहा होता है जिससे अर्जुन का लैंड फूल तो फूल खड़ा हो चूका होता है अर्जुन अपन हाथ अपनी माँ की पीठ पर रखते हुए सहला देता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnn

राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन के पीठ को पकड़ कर दबा देती है जिससे राखी देवी की नाख़ून अर्जुन के पीठ मैं चुभ जाती है

माँ आप इस उम्र मैं भी बहुत खूबसूरत हो आप की ये जिस्म की खुसबू Ahhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन मदहोश होते हुए बोलता है

वही अर्जुन की मदहोशी भरी आवाज़ सुन कर राखी देवी सरम से पानी पानी हो जाती है राखी देवी अपनी गले को अर्जुन के मुंह से थोड़ी दूर कर देती है लेकिन अर्जुन फिर से राखी देवी की गले को चुम लेता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन Ahhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के चूमने से राखी देवी मचलने लगती है आवर अर्जुन के बाँहों से दूर जाने की कोशिश करने लगती है लेकिन अर्जुन अपनी माँ को फिर से पकड़ लेता है आवर अपना हाथ निचे ले जाकर अपनी माँ की गांड को दबाते हुए अपने लैंड मैं दबा देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन का टाइट लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस करती हुई राखी देवी की छूट मैं चींटिया रंगने लगती है राखी देवी तड़पती हुई अर्जुन को फिर से पकड़ लेती है आवर अपनी छूट को अर्जुन के लैंड मैं खुद hi रगने लगती है

राखी देवी की जिस्म मैं इस वक़्त एक अलग hi गर्मी होने लगती है जो राखी देवी की आँखें बंद होने लगती है

राखी देवी अपनी मुंह अर्जुन के मुंह के सामने लेकर प्यासी नज़र से अर्जुन को देखने लगती है

वही अर्जुन भी अपनी माँ की नशीली आँखों को देखने लगती है

uuuinnnnnnnnnnnnnnnnnn


दोनों माँ बेटे एक दूसरे की आँखों मैं देखते हुए दोनों hi अपनी होंठ एक दूसरे की होंठ से सत्ता देते है आवर दोनों hi एक दूसरे की होंठों को चूमने लगते है

राखी देवी इतनी गर्म हो गयी होती है के वह अर्जुन का सर पकड़ कर चूमने लगती है

राखी देवी अर्जुन के होंठ को चूमती हुई अपनी अपनी छूट अर्जुन के लैंड पर रगड़ भी रही होती है

वही अपनी माँ की बेचैनी को देख अर्जुन मन मन मैं खुश हो जाता है अर्जुन भी अपना हाथ गांड से हटा कर ऊपर लता है आवर राखी देवी की चुकी को पकड़ लेता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

चुकी पर हाथ पड़ते hi राखी देवी किश तोड़ती हुई दूर हो जाती है आवर फिर से अर्जुन की आँखों मैं देखने लगती है

अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं जब देखता है तो पता है उसकी माँ की आँखों मैं मदहोशी के साथ उनकी आँखें थोड़ी नाम भी हो गयी होती है आवर उसकी माँ अपनी हाथ अपनी चुकी पर राखी हुई है


अपनी माँ की आँखों मैं देखते हुए अर्जुन समझ जाता है जोश मैं मैंने माँ की चुकी कुछ जयादा hi जोश मैं मसल दिया है जिससे माँ को दर्द हो रहा है

वहह्ह्ह्ह माँ की चुकी इतनी टाइट है

Ahhhhhhhhhhhhhh

माँ की चुकी इतनी टाइट है तो माँ की छूट कितनी टाइट होगी

अर्जुन के मन मैं ये ख्याल आते hi अर्जुन का लैंड आवर भी जोश मैं आ जाता है आवर अर्जुन राखी देवी के पास जाते हुए अपना हाथ फिर से माँ की चुकी पर रख देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

चुकी पर हाथ पड़ते hi राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई वही दिवार मैं चिपक जाती है

राखी देवी की जिस्म आग की चिंगारी की तरह तप रही होती है अर्जुन को अपने तरफ बढ़ते हुए देख कर राखी देवी निचे देखने लगती है

हूंणनननननन


अर्जुन राखी देवी के पास आता है आवर राखी देवी की दिख रही चिकनी नेवल पर हाथ रख देता है

राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन के हाथ पर अपनी हाथ रख देती है

अर्जुन अपना हाथ अपनी माँ की नावेल को सहलाते हुए ऊपर चुकी की तरफ लेकर जाने लगता है

अर्जुन अपना हाथ चुकी की तरफ लेकर जा रहा होता है आवर राखी देवी अर्जुन की आँखों मैं देखती हुई अपनी मदहोश भरी आँखों से देख रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का हाथ चुकी पर आते hi राखी देवी अपनी आँखें बंद करती हुई सिसक पड़ती है

अर्जुन पहले अपना हाथ अपनी माँ की चुकी पर रखता है आवर भी अपनी ऊँगली माँ की निपल पर टाच कर के सहला देता है

अर्जुन के निपल टाच करते hi राखी देवी तड़पती हुई लम्बी सांसे ले लेती है आवर उसी वक़्त अर्जुन का हाथ पकड़ कर अपनी hi चुकी पर दबा देती है

अर्जुन के चुकी दबाने से राखी देवी की सुखी हुई छूट मैं चींटिया रंगने लगती है जिससे राखी देवी अपनी दोनों मोती जांघ एक दूसरे मैं सत्ता कर छूट को दबाने लगती है

वही अर्जुन अपनी माँ की चुकी को ऊपर से सहलाते हुए धीरे धीरे मसल भी रहा होता है

माँ आप की चुकी एक जवान होती हुई लड़की की तरह है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन चुकी मसलते हुए बोलता है वही

अर्जुन की कमुख भरी आवाज़ सुन कर राखी देवी सरमाती हुई सिसक पड़ती है लेकिन बोलती कुछ नहीं है आवर नहीं अर्जुन का हाथ अपनी चुकी से हटती है

Ahhhhhhhhhhhh अर्जुन nnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी मदहोश होती हुई अपनी चुकी को आवर ऊपर उठा देती है जो राखी देवी की चुकी अर्जुन के मुंह मैं टाच हो जाती है अर्जुन भी अपना मुंह झट से अपनी माँ की चुकी मैं सताते हुए निपल को होंठ से पकड़ लेता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी मचलती हुई अर्जुन का सर पकड़ कर अपनी चुकी मैं दबा देती है

राखी देवी की जिस्म की गर्मी इतनी बढ़ गयी होती है के राखी देवी की चेहरे पर पसीने आने लगती है

वही अर्जुन अपनी की तड़प देख कर अपना हाथ निचे ले जाता है आवर नेवल पर हाथ फेरते हुए उस हाथ को साड़ी के अंदर दाल कर छूट पर रख देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन का हाथ अपनी छूट पे अहसास करती हुई राखी देवी मचल उठती है

राखी देवी मचलती हुई एक बार अपनी गांड उठा कर तड़प जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन को अभी कुछ hi देर हुआ होता है अपनी माँ की छूट पर हाथ रखे हुए की अर्जुन अह्हह्ह्ह्ह करता हुआ अपना हाथ छूट से हटा कर अपना हाथ निकल लेता है आवर थोड़ा पीछे हैट जाता है

अर्जुन पीछे हैट कर कभी अपने हाथ की ऊँगली को देखने लगता तो कभी अपनी माँ को देखने लगता है

वही अर्जुन की हरकत को देख कर राखी देवी हरैं होकर अर्जुन को देख रही होती है जो राखी देवी को समझ hi नहीं आ रही होती है अर्जुन इस तरह घर क्यू रहा है मैंने तो कुछ किया भी नहीं

माँ आप की फूलकुमारी गुस्से मैं आग उगल रही है देखिये मेरा हाथ hi जला दी ..... अर्जुन अपना हाथ अपनी माँ को दिखते हुए बोलता है जो अर्जुन के हाथ मैं छूट की पानी लगी हुई होती है

राखी देवी को पहले तो समझ नहीं आती है लेकिन राखी देवी की नज़र जैसे hi अर्जुन के ऊँगली पर जाती है अर्जुन की ऊँगली को देख कर राखी देवी की आँखें सरम से निचे हो जाती है आवर राखी देवी सरमाती हुई अर्जुन का हाथ निचे कर देती है


अपनी माँ को सरमते हुए देख कर अर्जुन के चेहरे पर मुस्कान आ जाता है

अर्जुन अपनी माँ के करीब फिर से चला जाता है

माँ आप कहो तो मैं आप की फुल कमरी की गुस्सा काम कर सकता हुईं .....

अर्जुन अपनी माँ के गले पर मुंह रखते हुए कान मैं बोलता है

माआआआ

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी को कुछ न बोलते देख कर अर्जुन अपना हाथ नेवल पर फेरते हुए गेम को चुम लेता है जिससे राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई अपनी गले को दूसरी तरफ कर देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


राखी देवी के दूसरी तरफ घूमने से राखी देवी की बड़ी गांड अर्जुन के लैंड मैं टाच हो जाती है जिससे दोनों माँ बेटे की अह्ह्ह्हह्हह निकल जाती है

अर्जुन को अपने लैंड मैं थोड़ा दर्द महसूस हो जाता है

अर्जुन का लैंड जेन्स के अंदर फनफना कर बहार आने के लिए बेचैन होने लगता है जो अर्जुन अपना चैन खोल कर अपने लैंड को बहार निकल देता है आवर अर्जुन का एंड अपनी माँ की गांड पर रगने लगता है

Huinnnnnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अर्जुन का लैंड अपनी गांड पर अहसास करती हुई सिसकने लगती है

राखी देवी को पता नहीं क्या हो जाता है जो राखी देवी इस बार अपना गांड अर्जुन के लैंड पर रगड़ने लगती है जिससे अर्जुन का लैंड राखी देवी की साड़ी के ऊपर से hi गांड की दरार मैं समां जाता है अपनी माँ की गांड की दरार मैं लैंड जाते hi अर्जुन को एक अलग hi अहसास महसूस होने लगता है जो अर्जुन झट से अपनी माँ की कमर पकड़ कर अपनी माँ की गांड मैं अपना लैंड का दबाओ बनाने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaa आप बहुत गर्म औरत हो आप की जैसी औरत आवर कोई नहीं होगी इस दुनिया मैं

माआ आप की ये गांड मैं मुझे बहुत पागल कर देती है .. Ahhhhhhhhhhhhhhhhh


मा मैं आप की इस गांड मैं अपना लैंड दाल कर आप की इस गांड को फाड् दूंगा माआ

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन इतना बेचैन हो जाता है के वह अपनी माँ की साड़ी उठा कर पेंटी के ऊपर से अपना लैंड अपनी माँ की गांड मैं डालने लगता है जो अर्जुन का मोटा लैंड राखी देवी की छोटी सी गांड की बिल मैं नहीं जा पा रहा होता है

वही राखी अपनी गांड मैं थोड़ी थोड़ी दर्द महसूस करती हुई मचल रही होती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन अचानक माँ पुकारते हुए राखी देवी के ऊपर गिर पड़ता है वही राखी देवी भी हांफती हुई निचे लेट जाती है जो अर्जुन अपनी माँ के पीठ पर लेट जाता है

दोनों माँ बेटे ज़मीन पर पड़े हांफ रहे होते है

माँ आप सच मैं कमल की हो माँ आप की पूरी जिस्म hi आग से भरी हुई है ........ माँ मैं इस आग मैं आज रात जलना चाहता हुईं आप चलोगी न मेरे साथ ... अर्जुन हफ्ते हुए hi बोलता है

राखी देवी अर्जुन की आवाज़ सुन कर मन hi मन मुस्कुरा देती है ये सोच कर के को उनकी जिस्म इतनी पसंद आ गयी है

बीटा मैं कितनी गर्म हुईं तुम्हे पता भी नहीं है आज रात खुद पता कर लेना

अर्जुन मैं भी आवर इस आग मैं नहीं जलना चाहती ..... राखी देवी मन मैं सोचती है

राखी eeeeeeeeeeeeeeee

माँ naniiiiiiiiiiii अर्जुन को जैसे hi अपनी नानी की आवाज़ सुनाई देती है अर्जुन झट से उठा कर बोलता हुए रूम मैं चला जाता है

वही राखी देवी भी झट से कड़ी हो जाती है

हे भगवन अर्जुन ने मेरी पेंटीयिययीय Raakheeeeeeeeeeeeeeeee

राखी देवी को जैसे hi अपनी गांड पर थोड़ी गिला पर महसूस होती है मन मैं सोचती है तभी फिर से राखी देवी को अपनी माँ की आवाज़ सुनाई दे देती है

राखी देवी अपनी साड़ी ठीक करती हुई बहार की तरफ जाने लगती है जो चलते हुए राखी देवी को बहुत hi अजीब लग रही होती है

क्या हुआ जो माँ इतनी चीख रही है थोड़ी रुक नहीं सकती ..... राखी देवी मुंह बनती हुई मन मैं सोचती है आवर अपनी पेंटी को अपनी गांड से थोड़ी निचे कर देती है

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क्या हुए तू इधर क्यू आ गयी कितनी मस्ती कर रहे वह सब उस भाभी के साथ .....

Geetaaaaaaaaaaaaaa

वह लड़की गीता को हिलती हुई बोलती है


जो इस वक़्त गीता छत पर बैठी हुई खेतों की तरफ देख रही होती है आवर थोड़ी उदास भी होती है

प्रीति मैं उसके बिना नहीं रह सकती


मुझे अपने बाबू के साथ hi रहना है .....

माँ मुझे बाबू के साथ कभी नहीं रहने देंगी ...... गीता बोलती हुई थोड़ी सिसकने लगती है

गीता क्या बोल रही है यार वह तेरा भाई है कोई बहन अपने भाई के साथ जीवन भर कैसे रह सकती है ...... मुझे लगा था तू बस अर्जुन के साथ एक बार सेक्स करना चाहती थी ..... गीता की सिसकने की आवाज़ सुन कर प्रीति हैरान होती हुई बोलती है

प्रीति ये सच नहीं है मैं अपने बाबू के साथ जीवन भर रहना चाहती थी ... इस लिए तो मैंने कभी किसी लड़के को धयान से देखा भी नहीं ताकि कोई लड़का मुझे पसंद न आये ....
गीता सिसकती हुई hi बोलती है

लेकिन गीता तू अपने भाई से शादी कैसे करेगी ... चल तेरी माँ मान भी गयी तो तू अपने भाई की पत्नी बन कर कैसे जिह सकती है गाओं वाले क्या कहेंगे ..... तेरे खंडन की क्या इज़्ज़त रह जाएगी .... तेरी माँ गाँव मैं सर उठा कर कैसे जिह पाएंगी ....

गीता तेरी वजह से अंजलि की भी जीवन बर्बाद हो जाएगी .... गीता ये गलत है यार ...... प्रीति गीता को समजती हुई बोलती है

प्रीति मैं इस गाओं मैं नहीं रहूंगी मैं अपने बाबू को लेकर कही दूर चली जाउंगी जहा हम दोनों को कोई पहचानता न हो ..... गीता अपनी आँखों से आंसू पोछती हुई बोलती

गीता तू कही भी चली जा लेकिन एक न एक दिन सभी को पता चल hi जाएगी तू अर्जुन की बहन है .... क्यू की किस इंसान की तक़दीर कब कहा ले जाये कोई भी नहीं जनता ....

चल मैं मान गयी तू ऐसी जगह चली जाएगी जहा तुझे आवर अर्जुन को कोई भी न जनता हो ...... लेकिन गीता हमारे गाओं के लड़के बहार काम करने के लिए जाते है आवर सोच हम्हारे गाँव के लड़का कभी तेरे पास चले गए आवर उनेह पता चल गया तू अर्जुन की बीवी बन कर रह रही है तो गाओं मैं सभी बताएँगे hi .... फिर बात वही हो जाएगी

आवर गीता क्या अर्जुन तेरे साथ जाने के लिए राज़ी होगा ... मुझे तो नहीं लगता ... तूने hi बताया था न .... अर्जुन जितना तुझे प्यार करता है उतना hi प्यार तेरी ममी माँ आवर अंजल से करता है तो वह मुझे नहीं लगता तेरे साथ जायेगा ..... प्रीति बोलती है

प्रीति की बात सुन कर गीता की आँखों मैं फिर से आंसू आ जाती है क्यू की कही न कही प्रीति की बात सही भी होती है

गीता प्लीज मत रो यार .... गीता मेरी बात मानेगी तो तू अपने भाई से दूर भी नहीं जाएगी आवर सायद अपने भाई से शादी भी कर सकती है लेकिन तुझे गाओं वालों के लिए दूसरे लड़के से शादी तो करना hi पड़ेगा ........ प्रीति कुछ सोचती हुई बोलती

वही प्रीति की बात सुन कर गीता प्रीति को गुस्से से घूरने लगती है

प्रीति मैं शादी करुँगी तो अपने बाबू से नहीं तो किसी से नहीं करुँगी ..... तू जा यह से ...... गीता गुस्से मैं बोलती ......

चल ठीक है .... मैं चली जाती है लेकिन तू मेरी पूरी बात सुनती तो तेरी hi फायदा होती ..... अब तुझे hi अपने भाई के साथ नहीं रहना तो मैं क्या कर सकती हुईं

मेरी पूरी बात सुन लेती तो ... तू पूरी जीवन अपने बाबू के बाँहों मैं बिता देती आवर अपने बाबू के बाबू को दूध भी पिलाती रहती ......

प्रीति क्या सच मैं

प्रीति बोलती हुई जाने लगती है तभी गीता बोल पड़ती है आवर पिरीति को नाम आँखों से देखने लगती है .... वही प्रीति चलती हुई रुक जाती है

गीता मैं झूट नहीं बोल रही ..... लेकिन मेरी एक सरत भी है ... जो तू hi पूरा कर सकती है ..... गीता जिस दिन तूने मेरी सरत पूरा कर दिया उस दिन मैं तुझे बता दूंगी तुझे क्या करना है जो तू अर्जुन के साथ पूरी जीवन इज़्ज़त से बिता लेगी ..... प्रीति गीता के पास आती हुई बोलती है

वही प्रीति की बात सुन कर गीता सवाल भरी नज़र से प्रीति को घूरने लगती है .......

प्रीति क्या चाहिए...... तुझे जितना पैसे चाहिए बोल मैं दे दू

मुझे तेरा भाई चाहिए .... मेरा मतलब बस एक रात के लिए ..... गीता आगे बोलती उसके पहले hi प्रीति बोल पड़ती है

प्रीति की बात सुनते hi गीता की आँखें गुस्से से लाल हो जाती है आवर गीता गुस्से मैं कड़ी हो जाती है

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अपडेट ....... 118

मेरी पूरी बात सुन लेती तो ... तू पूरी जीवन अपने बाबू के बाँहों मैं बिता देती आवर अपने बाबू के बाबू को दूध भी पिलाती रहती ......

प्रीति क्या सच मैं

प्रीति बोलती हुई जाने लगती है तभी गीता बोल पड़ती है आवर पिरीति को नाम आँखों से देखने लगती है .... वही प्रीति चलती हुई रुक जाती है

गीता मैं झूट नहीं बोल रही ..... लेकिन मेरी एक सरत भी है ... जो तू hi पूरा कर सकती है ..... गीता जिस दिन तूने मेरी सरत पूरा कर दिया उस दिन मैं तुझे बता दूंगी तुझे क्या करना है जो तू अर्जुन के साथ पूरी जीवन इज़्ज़त से बिता लेगी ..... प्रीति गीता के पास आती हुई बोलती है

वही प्रीति की बात सुन कर गीता सवाल भरी नज़र से प्रीति को घूरने लगती है .......

प्रीति क्या चाहिए...... तुझे जितना पैसे चाहिए बोल मैं दे दू

मुझे तेरा भाई चाहिए .... मेरा मतलब बस एक रात के लिए ..... गीता आगे बोलती उसके पहले hi प्रीति बोल पड़ती है

प्रीति की बात सुनते hi गीता की आँखें गुस्से से लाल हो जाती है आवर गीता गुस्से मैं कड़ी हो जाती है

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गीता प्रीति के सामने कड़ी होकर प्रीति को गुस्से मैं घर रही होती है

गीता की आँखें भी गुस्से मैं लाल हो चुकी होती है

वही गीता को इतनी गुस्से मैं होते हुए देखने के बाद भी प्रीति के चेहरे पर कोई दर का भाव नहीं होती है बल्कि प्रीति के चेहरे पर इस वक़्त एक कातिलाना मुस्कान होती है जैसे प्रीति को पूरा यकीन हो के गीता गुस्से मैं होने के बाद भी उसे कुछ नहीं करेगी. ....... आवर सायद प्रीति सही भी होती है गीता प्रीति को गुस्से मैं देख तो रही होती है लेकिन प्रीति को कुछ बोल नहीं रही होती है


गीता मुझे पता है मेरी बात तुझे बहुत बुरा लगा है

गीता तू चाहे तो मेरे साथ कुछ भी कर सकती है तेरे सामने मेरी औकात कुछ भी नहीं है लेकिन मैं क्या करूँ जब से तूने अर्जुन के बारे मैं बताया है मेरे अंदर एक आग लगी हुई है जो अर्जुन के साथ सोने के बाद hi बुझेगी .... गीता तू मेरी सच्ची सहेली है इस लिए मैं तुझे बता कर अर्जुन के साथ करना चाहती हुईं

गीता मैं भी तुझे अपनी सच्ची दोस्त hi मन है इस लिए तुझे अपनी दिल की बात बता रही हुईं ..... गीता मैं तुझे दोस्त नहीं मानती तो मैं बिना तुझे कुछ बताया मैं अर्जुन के साथ सो जाती आवर अर्जुन भी मेरी जिस्म देख कर मुझे मन नहीं कर पता लेकिन मैं नहीं चाहती अर्जुन के वजह से हमारी दोस्ती टूट जाये

गीता सॉरी के मैंने ये सरत राखी अगर तू नहीं चाहेगी तो मैं अर्जुन के साथ कुछ नहीं करुँगी .... आवर मैं तुझे ये उपाय भी बता दूंगी तू अर्जुन के साथ कैसे जीवन भर रह सकती है ...... प्रीति इतना बोल कर चुप हो जाती है

गीता गीता सुन तो ...... प्रीति के बातें सुनने के बाद hi गीता कुछ बोले वह से जाने लगती है आवर प्रीति गीता को बुलाती रहती है लेकिन गीता पीछे देखे बिना hi चली जाती है

गीता इतनी जल्दी आ गयी ...... गीता को घर के अंदर आते हुए देख कर आँचल पूछती है वही गीता कोई जवाब दिए बिना hi अपनी रूम मैं चली जाती है आवर रूम लॉक कर देती है


गीता गीता क्या हुआ कुछ बोल क्यू नहीं है

माँ मुझे नींद आ रही है


....... आँचल रूम के बहार से गीता को पु करती हुई बोलती है वही गीता इतना hi बोल कर चुप हो जाती है

आँचल भी कुछ देर रूम के बहार कड़ी रहती है आवर फिर गीता के गेट न खोलने पर वह से किचेन मैं चली जाती है

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शाम के 6 : पं

अर्जुन इस वक़्त रूम मैं मायुश खड़ा बार बार किचेन की तरफ देख रहा होता है आवर अपने फ़ोन को देख रहा होता है

वही राखी देवी भी किचेन मैं इधर से उधर घूम रही होती है आवर वह भी बार बार किचेन के बहार देख रही होती है

राखी देवी की माथे पर पसीने की बून्द भी नज़र आ रही होती है जिससे पता चल रही होती है के राखी देवी इस वक़्त किसी बात को लेकर परेशां भी है

हे भगवन अर्जुन अभी भी रूम मैं hi है .......... वह आज मुझे नहीं छोड़ने वाला

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

माँ नहीं आती तो अर्जुन दिन मैं hi मेरी जान निकल देता

राखी जान तो नहीं लेकिन आज रात तेरा बीटा तेरी इस हुस्न की खिली हुई गुलाब का सारा रास तो चूस hi लेगा ..... राखी तेरा बीटा कल तक तेरी इस जिस्म की साडी आग निकल देगा जिस आग मैं तू कई सल्ल से जल रही है

राखी अपने साथ अपने बेटे को भी आवर मत जला इस आग मैं .... राखी इस जिस्म की आग मैं जलना कैसा लगता है तू अच्छी तरह जानती है ...... राखी तुझे ये भी पता है अर्जुन तुझे आवर तेरी जिस्म को देख कर कैसे खुद पर काबू नहीं कर पता है


राखी आवर मत सोच आवर जिस तरह अपने पति के लिए पहली रात को तैयार होकर सुहागरात की सेज पर आई थी उस तरह आज अपने बेटे के लिए खुद को तैयार कर ले .. राखी उस रात तेरे पति ने खिली हुई जिस्म की गर्मी को निचोड़ लिया था ... आज रात तेरी ढलती हुई जवानी की बेपनाह गर्मी को अर्जुन निकल कर तेरी सुखी हुई छूट को हरा भरा कर देगा

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी किचेन मैं कड़ी अर्जुन को देखती हुई मन मैं सोच रही होती है आवर राखी देवी की हाथ खुद hi साड़ी के ऊपर से अपनी छूट के ऊपर चली जाती है अपनी छूट पर हाथ जाते hi राखी देवी को अपनी छूट मैं एक छनछनाहट सी महसूस होती है आवर राखी देवी कनपटी हुई दिवार मैं चिपक जाती है

राखी देवी की आँखों मैं इस वक़्त एक मदहोशी सी छ गयी होती है राखी देवी दिवार से चिपकी हुई अभी भी थोड़ी थोड़ी कैंप रही होती है आवर अपनी छूट के ऊपर राखी हुई हाथ को सहला रही होती है

Huinnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अपनी छूट पे हाथ सहलाती हुई मदहोशी मैं सिसक भी रही होती है


हूंणनननननन अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह huinnnnnnnnnnnnnn क्यू इतनी परेशां कर रही है

Ahhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhh

मुझसे जयादा तो तू बेचैन हो रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


तू मुझे दर्द मैं देखना चाहती है क्या Ahhhhhhhhhhhhhhhh माआआआ Ahhhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

देखा नहीं अर्जुन का कितना बड़ा है तेरी छोटी सी दिवार मैं जाते वक़्त तेरी दिवार को गिरा कर रख देगा राखी सच कहती हुईं आज रात अर्जुन तेरी इस बदन को ऐसे मसल कर तेरी जवानी का रास निकल देगा के तू कई दिन तक खुद को सभाल नहीं पायेगी

राखी अर्जुन का मोटा लैंड तेरी छूट की साडी आग को अपने पानी से बुझा देगा आवर तेरी दूध जैसी छोटी सी छूट की बिल को तेरी hi खून से रंग देगा

AAaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी मन मैं सोच रही होती आवर अपनी छूट को बड़ी hi बेहरमी से साड़ी के ऊपर से मसलती हुई सिसक भी रही होती है

राखी राखी Raakheeeeeeeeeeeeeeee

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अपनी छूट मसलने मैं लगी हुई होती है तभी राखी देवी की कानो मैं अपनी माँ की आवाज़ सुनाई देती है जो राखी देवी अपनी छूट से हाथ हटा कर अपनी साड़ी ठीक करती हुई रूम से निकल कर अपनी माँ की रूम मैं चली जाती है

क्या हुआ आप इतनी चिल्ला क्यू रही है ..... राखी देवी थोड़ी गुस्से मैं बोलती है जैसे राखी देवी को अपनी माँ को बोलना अच्छा नहीं लगा हो

अरे राखी तू कही जाने वाली थी न ... टाइम नहीं देख रही रात होने वाली है


जाना hi है तो जल्दी चली जा रात मैं कही जाना अच्छा नहीं होता है

राखी देवी की माँ राखी देवी को एक तक राखी देवी को घूरती हुई बोलती है जैसे राखी देवी की माँ राखी देवी की चेहरे को देख कर कुछ जानने की कोशिश कर रही हो

माँ वह आप अकेली कैसे राखी देवी की नज़र जैसे hi अपनी माँ की नज़र से मिलती है राखी देवी झट से घूम कर बीएड की दूसरी तरफ चली जाती है आवर बीएड पर पड़ी अपनी माँ की कुछ कपडे उठाने लगती है

मेरी फ़िक्र छोड़ मैं अब पहले से बेहतर हुईं .... तुहि बोल रही थी न वह तेरी कॉलेज की दोस्त है आवर काफी समय बाद इंडिया आई है आवर जल्द hi अमेरिका भी चली जाएगी .....

राखी पार्टी' ख़तम होने के बाद रात मैं मत आना .... हो सके तो अपनी उस दोस्त को साथ लेकर आना मैं भी तेरी दोस्त से मिल लुंगी .... कौन है वह लड़की उस वक़्त बहुत साडी लड़की तुझसे मिलने आया करती थी


राखी देवी की माँ बोलती है .... राखी देवी की नज़र चुराना राखी देवी की माँ को थोड़ी अजीब लगती है जो अपनी बेटी को आवर भी घर कर देख रही होती है

अरे अर्जुन आ बैठ मेरे पास .... राखी देख अर्जुन पहले से तैयार हो गया है आवर तू है की .... जा जल्दी से तैयार होजा .... मेरी फ़िक्र छोड़ तू घर के कामों मैं सिर्फ लगी रहती है .... Raakheeeeeeeeeee

राखी देवी जैसे hi अर्जुन का नाम सुनती है वह दूसरी तरफ घूम कर अपनी माँ के कपड़ों को अलमारी मैं रखने लगती है आवर अपनी माँ की बातों का कोई जवाब भी नहीं देती है राखी देवी को बोलते हुआ न सुन कर राखी देवी की माँ थोड़ी चिल्ला कर बोटी है जो राखी देवी पलट कर अपनी माँ को देखने लगती है लेकिन अर्जुन की तरफ देखती भी नहीं है

अब मुझे क्या देख रही है जा जल्दी से तैयार होजा .... राखी रुक ज़रा

राखी देवी रूम से जाने को होती है के राखी देवी की माँ बोल पड़ती है जो राखी देवी गेट पर hi रुक जाती है

वही राखी देवी की माँ बीएड से उतर कर अलमारी के पास चली जाती है

वही राखी देवी आवर अर्जुन दोनों भी अलमारी के तरफ देखने लगते है के वह अलमारी से क्या निकल रही है

राखी आज पार्टी मैं ये पहन कर जाना इस साड़ी मैं तू आवर भी खूबसूरत लगेगी ..... राखी देवी की माँ राखी देवी को एक थैला देती हुई बोलती है

वही राखी देवी बिना कुछ बोले वह थैला अपनी माँ से लेती है आवर रूम से चली जाती है

वही अर्जुन अपनी नानी के बीएड पर बैठा अपनी माँ को जाते हुए देख कर मन hi मन मुस्कुरा रहा होता है

राखी देवी रूम मैं आते hi रूम जल्दी से लॉक कर देती है आउट गेट मैं अपनी बड़ी गांड सत्ता कर अपनी आँखें बंद कर लेती है

राखी देवी की दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रही होती है राखी देवी की जिस्म रह रह कर कैंप रही होती है राखी देवी अपनी सांसों को काबू करने के बाद अपनी हाथ मैं ली हुई थैले मैं देखने लगती है आवर राखी देवी की नज़र जैसे hi थैले के अंदर जाती है राखी देवी की अभी रुकी हुई दिल की धड़कन फिर से ज़ोर ज़ोर से चलने लगती

माँ आप को क्या पता मैंने आप से झूट कहा है मुझे अपनी सहेली से मिलना

माँ मुझे किसी सहेली से नहीं मिलना है माँ आप भी चाहती है

माँ मुझे तो पूरी रात आप के नाती के साथ बीतने है जो घायल सेर की तरह आप की बेटी का सीकर करने के लिए बेचैन है


माँ आप का नाती आप की बेटी को आज रात नोच खायेगा माँ आप की बेटी को आप का नाती पूरी रात इतना रुलाएगा की आप देख भी नहीं पाओगी

माँ आप को पता है आप की बेटी की छूट मैं कितने समय से कुछ नहीं गया है आवर आप की बेटी की छूट कितनी टाइट हो चुकी है

माँ आप को ये भी पता है आप के नाती के पास कैसा मोटा लम्बा नाग है जो आप की बेटी की छोटी सी छूट की बिल मैं जाने के लिए बेचैन है

आप को कुछ नहीं पता है माँ

माँ आप की बेटी आज रात फिर से सुहागरात मानाने जा रही है आवर आप का नाती आप का दामाद बनने जा रहा है आवर आप हो के मुझे अपने लिए ली हुई ये शादी का जुड़ा मुझे दे रही हो

क्या आप भी चाहती है मैं अर्जुन के साथ पूरी रात सुहागरात मनाओ राखी देवी अपनी हाथ मैं ली हुई साड़ी को देखती हुई मन मैं सोचती है जो वह लाल साड़ी शादी का जुड़ा होती है

राखी देवी गेट पे कड़ी उस लाल जोड़े को दखती हुई मन hi मन अपनी माँ से बोल रही होती है आवर राखी देवी की छूट मैं थोड़ी थोड़ी जलन सी महसूस हो रही होती है

वही अर्जुन अपनी नानी के साथ बीएड पर बैठा हुआ होता

अर्जुन बीटा मैं बहुत खुश हुईं जो तूने अपनी माँ को मांफ कर दिया ....

अर्जुन बीटा एक माँ बाप अपने बच्चों के लिए कभी बुरा नहीं सोचते वह जो भी करते है अपने बच्चों के भलाई के लिए hi करते है

अर्जुन बीटा तेरी माँ ने तेरी नज़र मैं भले hi गलत किया था लेकिन मेरी नज़र मैं मेरी बेटी ने अच्छा किया


अर्जुन तू बचपन मैं बहुत बिगड़ गया था घर से पढ़ने के लिए निकलता था लेकिन स्कूल न जाकर नदी मैं नहाने भाग जाया करता था

अर्जुन तूने कभी सोचा है उस वक़्त तू नदी मैं नहाने जाया करता था तो तेरी माँ ये जान कर कितना दर जाती थी

अर्जुन तू राखी के लिए इतना प्यारा है की राखी ने तुझे इस दुनिया मैं लेन के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की

अर्जुन डॉ ने मन कर दिया तेरी माँ से आवर कोई बच्चा नहीं करना नहीं तो आप की जान को खतरा हो सकता है लेकिन वह पागल लड़की एक बेटे के लिए अपनी जान तक देने को तैयार हो गयी थी

अर्जुन जो माँ अपने बेटे को इस दुनिया मैं लेन के लिए अपनी जान भी दे देना चाहती थी वह अपने कलेजे की टुकड़े के साथ कुछ भी बुरा कर सकती है क्या

नहीं अर्जुन बीटा कभी नहीं

अर्जुन तेरी माँ अपने कलेजे पर पत्थर रख कर तुझे खुद से अलग किया

अर्जुन तेरी माँ तुझसे बहुत प्यार करती है तभी तो तुझे हॉस्टल मैं रहने के लिए भेज दिया ताकि तू अच्छे से पढ़ कर अच्छा इंसान बन जाये

अर्जुन बीटा अगर मेरी बात समझ गया है तो कभी अपनी माँ को दुःख नहीं देना

अर्जुन बीटा तेरी माँ कई सल्ल से बस एक गुमशुदगी की जवान जिह रही है लेकिन अब तेरी वजह से मेरी बेटी कई सल्ल के बाद अब खुश रहने लगती

अर्जुन बीटा अब आगे से अपनी माँ को हमेशा खुश रखना .... नैनीई

अर्जुन की नानी बोलती हुई थोड़ी सिसक सी जाती है जो अर्जुन पुकारता हुआ अपनी नानी से लिपट जाता है

नानी मैं माँ को हमेशा खुश रखूँगा आप की कसम .... अर्जुन अपनी नानी के बाँहों मैं लिप्त हुआ बोलता है

ठीक है देख तेरी माँ तैयार हुई की नहीं रात होने वाली है ..... अर्जुन की नानी बोलती है

अर्जुन अपनी नानी की रूम से निकल कर अपने रूम के पास आता है तो देखता है रूम अंदर से लॉक है जो अर्जुन गेट के पास hi खड़ा हो जाता है

माँ माँ माँ अर्जुन गेट पे खड़ा होकर अपनी माँ को आवाज़ देने लगता है

Ahhhhhhhhhhh

देख आ गया मेरा बीटा तेरी गर्मी संत करने वाला

Ahhhhhhhhhhhhhh

तू बहुत तंग करती है न मुझे Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरा अर्जुन तुझसे मेरा बदला लेगा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


अर्जुन बीटा ये तेरी माँ को बहुत दर्द दी है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा इस
नई गोदी छूट ने तेरी माँ की नींदें कई रात बर्बाद कर चुकी है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा ये निगोड़ी छूट तेरी माँ को बहुत सताती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh Huinnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन बीटा इसकी दी हुई हर चुभन को गईं गईं कर बदला लेना

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

क्यू परेशां कर रही है ...... एहि पे रोना चाहती है क्या

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बस थोड़ी सी सबर कर ले

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी इस वक़्त ब्रा पेंटी मैं सीसे के सामने कड़ी होकर कभी अपनी उठो हुई चुकी को दबा रही होती है तो कभी पेंटी के ऊपर से अपनी छूट को मसल रही होती है आवर खुद से hi बातें कर रही होती है

राखी देवी अपनी छूट को मसलती हुई सिसकियाँ भी ले रही होती है

Maaaaaaaaaaaaaa

देख अर्जुन ने मेरी मन की बातें सुन लिया

मेरा बीटा मेरे दिल का टुकड़ा जो है

चल आज तेरी साडी शिकायत मैं अपने अर्जुन से कहूँगी

मुइईईईई

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

.... राखी देवी बोलती हुई अपनी छूट को एक थप्पड़ मर देती है आवर मस्ती मैं अर्जुन का नाम लेती हुई सिसक पड़ती है जो बहार खड़ा अर्जुन अपनी माँ की मदहोशी भरी आवाज़ सुन लेता है

राखी देवी अपनी माँ की दी हुई साड़ी पहन कर सीसे के सामने कड़ी होकर खुद को देख देख कर सरमाती हुई अपनी छूट को मसलती हुई बातें कर रही होती है आवर मस्ती मैं hi अर्जुन का नाम ले कर सिसक पड़ी होती है

राखी देवी की मुंह से कमुखता भरी आवाज़ अर्जुन भी सुन लेता है

अंदर माँ क्या कर रही है ...

अर्जुन को अपनी माँ की कमुखता भरी आवाज़ सुन कर जिस्म मैं एक अलग सी हलचल मच जाती है आवर अर्जुन अंदर जाने के लिए बेचैन होते हुए अपनी माँ को आवाज़ देने लगता है

वही अर्जुन बहार से बार बार राखी देवी को पुकार रहा होता है जो राखी देवी को समझते देर नहीं लगती है के अर्जुन ने उनकी आवाज़ सुन लिया है जो राखी देवी की दिल ज़ोर ज़ोर से मचलने लगती है आवर राखी देवी की आँखों मैं एक सरम सी नज़र आने लगती है

अर्जुन के बार बार पुकारने की आवाज़ सुन कर राखी देवी दर जाती है ये सोच कर के कही अर्जुन की आवाज़ सुन कर उनकी माँ रूम से बहार न आ जाये ..... राखी देवी को अपनी माँ की ख्याल आते hi राखी देवी जल्दी से आकर गेट को खोल देती है

Huinnnnnnnnnnnnnnnn


राखी देवी गेट खोलते hi अपनी हाथ अर्जुन के मुंह पर रख कर रूम मैं खिंच लेती है आवर गेट बंद करती हुई अर्जुन को गेट मैं सत्ता देती है

चुप होजा अर्जुन माँ बहार आ जाएगी .....

राखी देवी बहुत hi धीरे से दरी हुई आवाज़ मैं बोलती है जो अर्जुन अपनी माँ को देखता हुआ हां मैं सर हिला देता है

राखी देवी अर्जुन के हां मैं सर हिलते हुए देख कर अपनी हाथ अर्जुन के मुंह से हटा लेती है आवर अर्जुन के सामने hi कड़ी रह जाती है

राखी देवी अर्जुन को अपनी तरफ देखते हुए देख कर राखी देवी सरमाती हुई दूसरी तरफ देखने लगती है


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माँ आप की उम्र कितनी है .....

राखी देवी अर्जुन के सवाल को सुनते hi अर्जुन को देखने लगती है आवर अर्जुन की नज़र की पीछा करती हुई राखी देवी की आँखें सरम से लाल होने लगती है

राखी देवी बिना कुछ बोले अर्जुन से सरमाती हुई दूसरी तरफ घूम जाती है

अर्जुन अपनी माँ को सरमते हुए देख कर मन hi मन खुश हो जाता है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा चलते है न

राखी देवी दूसरी तरफ घूम कर कड़ी शर्मा रही होती है तभी अर्जुन पीछे से आकर राखी देवी को पकड़ लेता है

अर्जुन के अचानक पकड़ने से राखी देवी को अर्जुन का तना हुआ लैंड अपनी गांड पे महसूस होते hi राखी देवी की दिल की धड़कन बढ़ जाती है

राखी देवी थोड़ी घबरा भी जाती है के कही अर्जुन घर पर hi मुझे छोड़ न दे

क्यू की राखी देवी दिन मैं hi अर्जुन की तड़प देख चुकी होती है जो राखी देवी
सिसकियाँ लेती हुई बहुत hi धीरे से बोल पड़ती है जो अर्जुन भी सुन लेता है आवर अर्जुन अपनी माँ की बात समझ कर खुश भी हो जाता है के उसकी माँ होटल जाने के लिए तैयार है

कहा चलना है माँ ..... अर्जुन मन मैं मुस्कुराते हुए पूछता आवर अपनी कमर को आवर भी अपनी माँ की गांड मैं दबाओ बनाने लगता है जो राखी देवी की छूट मैं हलचल सी होने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा प्लीज चलते है न प्लीज अर्जुन .... इस बार राखी देवी अर्जुन से बड़े hi प्यार से बोलती है

अपनी माँ की दरी हुई आवाज़ सुन कर अर्जुन समझ जाता है उसकी माँ सायद अपनी माँ की वजह से दर रही है तभी होटल जाने को बोल रही है

माँ फिर बोलिये न कहा चलना है ...... Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अपना मुंह राखी देवी की गल्ल मैं सत्ता कर पूछता है जो राखी देवी अपनी आँखें बंद करती हुई सिसक पड़ती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa .......... मैं माँ से बोल देती हुईं


राखी देवी गेट के बहार कड़ी थोड़ी मुस्कुराती हुई बोलती है आवर चली जाती है

मैं भी आप की चीखे निकल कर रहूँगा ...... अर्जुन अपना लैंड सहलाते हुए मन मैं बोलता है

_______________________________________

वही इस वक़्त एक सड़क पर बहुत hi तेज़ी से एक आदमी गाड़ी चला रहा होता है

वह आदमी गाड़ी को तेज़्ज़ चलते हुए हॉर्न पे हॉर्न मार रहा होता है आवर आगे की गाड़ी उसे साइड दे रहे होते है उस आदमी का फ़ोन भी बार बार बज रहे होते है लेकिन वह आदमी फ़ोन नहीं उठा रहा होता है

बस कैसा हरामी इंसान है .... इतनी दुरी इतने काम समय मैं पूरी करने को बोल कर बार बार फ़ोन कर रहा है साला उसे इतना hi ज़रूरी था तो खुद नहीं चला जाता उस होटल मैं बस साला

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अचानक सड़क पर एक चीख उस आदमी की निकल पड़ती है

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अपडेट ..... 119

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

अर्जुनननननन

माआआआआ

अर्जुन बाइक चलते हुए अचानक ब्रेक लगा देता है

अचानक ब्रेक लगते hi राखी देवी खुद को संभल नहीं पति है आवर राखी देवी की इस वक़्त तानी हुई टाइट चुकी अर्जुन के पीठ मैं डाब जाती है जो राखी देवी बाइक पर बैठी हुई सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन को पकड़ लेती है



राखी देवी शर्माती हुई अर्जुन से अलग होती हुई अर्जुन के कमर पर चींटी काट देती है



कमर पे थोड़ा दर्द होते hi अर्जुन भी माँ पुकारता हुए उछाल पड़ता है

अर्जुन बाइक को वही रोक कर अपने कमर पे हाथ सहलाने लगता है तभी आगे से एक कुत्ता भोक्ता हुए भाग निकलता है जो राखी देवी की नज़र भी उस कुत्ते पे पद जाती है

अरे ये कुत्ता ... राखी देवी कुत्ते को भोकते हुए जाते देख कर मन मैं सोचती है

राखी देवी को ये भी अहसास हो जाती है अर्जुन ने उस कुत्ते को देख कर ब्रेक लगाया है जो मैंने कुछ आवर सोच कर अर्जुन को चींटी काट दिया

राखी देवी को ये अहसास होते है राखी देवी मन hi मन थोड़ी शर्मा भी जाती है

माँ मैंने क्या किया जो आप ने मुझे कान ...

अर्जुन आगे कुछ बोलता तभी राखी देवी अपना हाथ अर्जुन के हाथ पर रख देती है आवर वह भी अर्जुन के कमर को सहलाने लगती है जो अर्जुन आगे कुछ बोल भी नहीं पता है

वह मुझे लगा तुमने जान भुज कर ब्रेक लगया है ... दर्द हुआ क्या .... राखी देवी अपनी मुंह अर्जुन के कान के पास लेकर बड़े hi प्यार से बोलती है जो अर्जुन को अपनी माँ की आवाज़ मैं एक अलग hi अहसास महसूस होती है

Ahhhhhhhhhhhhhh

मैं जनता अगर इतना मज़ा आता तो मैं कई बार ऐसे ब्रेक लगा देता .... कितनी सख्त है आप की .... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है



वही अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी शर्माती हुई झट से अर्जुन से अलग हो जाती है



जो अभी भी अर्जुन के पीठ मैं अपनी तानी हुई टाइट चुकी दबाई हुई होती है

अर्जुन ननननननन

अर्जुन को शीशे मैं मुस्कुराते हुए देख कर राखी देवी सरम से पानी पानी हो जाती है आवर अपनी नज़र चुराती हुई एक बार फिर से अर्जुन के पीठ पर प्यार से मार देती है



माँ शर्माती हुई आवर भी कहर ध रही है ....





अपनी माँ को शरमाते हुए देख कर अर्जुन मन मैं सोचता है ..... आवर फिर से बाइक स्टार्ट कर देता है



राखी देवी इस बार अर्जुन से थोड़ी दूर बैठी हुई होती है ताकि उनकी बड़ी बड़ी चुकी अर्जुन के पीठ मैं न टाच हो लेकिन अर्जुन रस्ते मैं कभी कभी ब्रेक लगा hi रहा होता है जो राखी देवी की चुकी अर्जुन के पीठ मैं टाच हो रही होती है

अपनी माँ की गर्म तानी हुई टाइट चुकी को अहसास करते हुए अर्जुन का लैंड बार बार उठ खड़ा हो रहा होता है

वही राखी देवी को अब मज़ा आ रहा होता है जो राखी देवी अपनी चुकी को अर्जुन के पीठ से हटा नहीं रही होती

अर्जुन के पीठ मैं अपनी चुकी को दबाते हुए राखी देवी को एक अलग hi अहसास हो रही होती है जो राखी देवी उस अहसास हो अपनी छूट मैं महसूस कर रही होती है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह Aaaaaaaaaaa

हे भगवन क्या हो रही मेरी छूट मैं Ahhhhhhhhhhh

राखी देवी अपनी मुंह दूसरी तरफ कर के थोड़ी थोड़ी आहे भर रही होती आवर अपनी छूट मैं हो रही हलचल को बर्दास्त करती हुई मन सोचती है

माँ माँ

अर्जुन बाइक रोक कर अपनी माँ को आवाज़ देता है जो राखी देवी अपनी सोच से बहार आती हुई अर्जुन से अलग होकर बाइक से उतर जाती है

अर्जुन बीटा मुझे दर लग रहा है ... कोई हम दोनों को देख लेगा तो .... राखी देवी होटल के चरों तरफ देखती हुई दर कर बोलती है

माँ यह किसी को नहीं पता हम दोनों कौन है आप डरिये नहीं ...

माँ कोई जानने वाले भी हम दोनों को देख लेंगे तो वह एहि सोचेंगे किसी प्रॉब्लम के वजह से हम दोनों सायद होटल मैं आज रात रुक रहे है ... अर्जुन अपनी माँ को डरते हुए देख कर बोलता है

राखी देवी सच मैं थोड़ी दर रही होती है

राखी देवी अपनी साड़ी ठीक करती हुई पल्लू को अपने सर पे डालती है आवर अर्जुन के पीछे पीछे होटल मैं जाने लगती है

अर्जुन तू आवर इस होटल मैं ....

अर्जुन जैसे hi काउंटर पे जाता है एक लड़का अर्जुन को देख कर बड़ी hi हैरानी से बोलता है .....

क्यू मैं इस होटल मैं नहीं आ सकता क्या ... चल जल्दी से मुझे के दे जो मोहित ने रूम लिया है ...... अर्जुन उस लड़के को देख कर बोलता है

क्याआआआ .... अर्जुन की बात सुनते hi उस लड़के के मुंह खुला के खुला रह जाता है क्यू के मोहित ने जो रूम लिया होता है वह रूम बहुत hi हाई लेवल का होता है जो वह लड़का हैरान रह जाता है ये सुन कर के वह रूम अर्जुन ने बुक किया है आवर उससे भी बड़ा हैरान सामने औरत को देख कर होता है ...

क्यू के मोहित ने रूम बुक करते वक़्त कोई प्रूफ भी नहीं दिया होता है आवर ये लड़का पैसे की लालच मैं मोहित की बात भी मान गया होता है

अबे जयादा मत सोच . . आवर के दे ... अर्जुन उस लड़के को घूरते हुए बोलता है

लास्ट मंज़िल 57 रूम नंबर.... उधर से लिफ्ट है

वह लड़का भी कोई आवर बात न बोलते हुए के अर्जुन को दे देते हुए बोल पड़ता है

अर्जुन अपनी माँ को लेकर लिफ्ट मैं चला जाता है

साला अर्जुन कब से आंटी को छोड़ने .... ये तो लड़की से भी दूर रहता था ... आवर आज इतनी बड़ी आंटी को छोड़ने लेकर आया है

साला आंटी भी एटम बम फसाया है .... मन तो कर रहा है जाकर लिफ्ट मैं hi उस रंडी आंटी की गांड फाड् दूँ ....

अर्जुन आवर राखी देवी को जाते हुए देख कर वह लड़के राखी देवी की गांड को घूरते हुए देख कर अपने हाथ लैंड पर रख कर लैंड मसल देता है

Ahhhhhhhhhh

साला अर्जुन नहीं होता तो मैं भूल जाता उस मोहित ने मुझे कितने पैसे दिए है ...... वह लड़का अपना लैंड मसलते हुए मन सोचता है

लिफ्ट मैं राखी देवी गेट के पास कड़ी होती है आवर अर्जुन ठीक राखी देवी के पीछे खड़ा होता है लिफ्ट स्टार्ट होते hi राखी देवी थोड़ी पीछे की तरफ चली आती है आवर राखी देवी की बड़ी गांड अर्जुन के लैंड मैं टाच हो जाती है

राखी देवी की बड़ी गांड अर्जुन के लैंड मैं टाच होते hi अर्जुन का लैंड जोश मैं खड़ा होने लगता है

राखी देवी आगे होने को होती है तभी अर्जुन राखी देवी की कमर को पकड़ कर बाँहों मैं भर लेता है

huinnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन के बाँहों मैं जाते hi राखी देवी अपनी आँखें बंद करती हुई सिसक पड़ती है

अर्जुन अपनी माँ को बाँहों मैं भरे हुए अपनी कमर को राखी देवी की बड़ी गांड मैं दबाओ बनाने लगता है

Ahhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा अह्ह्ह्हह्हह

राखी देवी सरमाती हुई अर्जुन से दूर होने की कोशिश करने लगती है लेकिन अर्जुन आवर भी अपनी माँ को बाँहों मैं भरते hi चला जा रहा होता है

माँ आप की ये जिस्म मुझे पागल कर देती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी को अर्जुन का लैंड जैसे hi अपनी गांड पे महसूस होती है राखी देवी की दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है आवर राखी देवी अपनी गांड इधर उधर करने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा प्लीज इधर नहीं

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन राखी देवी को बाँहों मैं भरे हुए गले को चूमने लगता है जो राखी देवी बेचैन होने लगती है आवर अर्जुन को लिफ्ट मैं कुछ न करने के मिन्नत नहीं करने लगती है

क्यू की अर्जुन की हरकत से राखी देवी की छूट मैं भी हलचल सी मचने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन राखी देवी को चूमते हुए अपना हाथ राखी देवी की चिकनी कमर पे फेरते हुए अपनी ऊँगली माँ की नेवल मैं दाल देते है जो राखी देवी अह्ह्ह भर्ती हुई लिफ्ट मैं hi घोड़ी बन जाती है

अपनी माँ को घोड़ी बनते हुए प् कर अर्जुन अपनी माँ की साड़ी ऊपर करने को होता है तभी लिफ्ट रुक जाती है आवर अर्जुन उसी झटके मैं अपनी माँ की साड़ी निचे कर देता है

वही राखी देवी भी झट से कड़ी होती हुई अपनी साड़ी ठीक करने लगती है

राखी देवी कड़ी होकर अपनी साड़ी को ठीक कर रही होती है तभी अर्जुन की नज़र अपनी माँ की चेहरे पे जाती है जो राखी देवी की आँखें बिलकुल लाल होती है आवर राखी देवी की माथे पे पसीना भी हो रही होती है

राखी देवी की नज़र जैसे hi अपने से मिलती है राखी देवी अपनी पल्लू को साइन पे डालती हुई अपनी नज़र निचे कर लेती है जो अपनी को सरमते हुए देख कर अर्जुन के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है

लिफ्ट से निकलने निकलने के बाद बस कुछ कदम चलने के बाद hi अर्जुन को रूम दिखाई दे देता है जो अर्जुन रूम खोल कर रूम मैं आ जाता है

वही राखी देवी अर्जुन के पीछे पीछे रूम मैं आ जाती है आवर राखी देवी रूम को लॉक कर देती है

राखी देवी रूम लॉक करने के बाद गेट पे hi कड़ी रह जाती है

वही अर्जुन बीएड पे बैठ कर अपनी माँ को देखने लगता है जो गेट के पास अभी भी सर निचे किये हुए कड़ी होती है

अर्जुन चलता हुए फिर से अपनी माँ के पास आ जाता है आवर राखी देवी के सामने खड़े होकर अपने एक हाथ ऊपर के के अपनी माँ की चेहरे को ऊपर करने लगता है

अर्जुन अपनी माँ की चेहरे को ऊपर करता है तो देखता है उसकी माँ की आँखों मैं एक अजीब सी नासा दिख रही होती है

राखी देवी जैसे hi अपनी नज़र उठा कर अर्जुन की तरफ देखती है राखी देवी की होंठ अपने आप hi एक दूसरे से खुल जाती है आवर राखी देवी अर्जुन की आँखों मैं देखती हुई अपनी नज़र निचे करती हुई अर्जुन के होंठ को देखने लगती है

अर्जुन अपनी माँ की गुलाबी होंठों को खुला देख कर अर्जुन धीरे धीरे अपना होंठ अपनी माँ की होंठों की करीब करने लगता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अभी अपनी माँ की होठों की करीब अपना होंठ कर hi रहा होता है के राखी देवी खुद hi अपनी होंठ अर्जुन के होंठ मैं सत्ता देती है आवर अर्जुन के होंठों को चूमने लगती है

अर्जुन भी अपनी माँ की गले को पकड़ कर किश करने लगता है

वही राखी देवी भी अर्जुन के सर को पकड़ कर अर्जुन के होंठों को चूसने लगती है

दोनों माँ बेटे एक दूसरे के होंठों को चूमते हुए बीएड के पास आ जाते है आवर राखी देवी किश करती हुई hi अर्जुन के ऊपर बीएड पर गिर पड़ती है लेकिन दोनों माँ बेटे की किश जारी रहती है

राखी देवी किश करती हुई अर्जुन के ऊपर hi बैठ गयी होती है जिससे राखी देवी की बड़ी गांड के निचे अर्जुन का मोटा लम्बा नाग फुंफकार मार रहा होता है राखी देवी की छोटी hi गुफा मैं जाने के लिए

राखी देवी अर्जुन के ऊपर लेती हुई अर्जुन को किश करती hi जा रही होती है वही अर्जुन भी अपनी की किश करते हुए अपना हाथ अपनी माँ के चिकनी कमर पर फेर रहा होता है आवर फिर अर्जुन अपनी माँ की चिकनी कमर को मसल देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी किश तोड़ती हुई अर्जुन के ऊपर बैठ कर एक लम्बी सिसकियाँ ले लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अर्जुन के ऊपर बैठी हुई के तभी राखी देवी को अपनी स

हूत के ऊपर अर्जुन का लैंड महसूस होता है जिससे राखी देवी की मैं भी एक मीठा चुभन महसूस होने लगती है जो राखी देवी अपनी गांड हिला कर अपनी छूट को अर्जुन के ऊपर रगड़ देती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaa

अपनी माँ की हरकत से अर्जुन के जिस्म भी गंगना जाता है जो अर्जुन अपना कमर उठाते हुए माँ पुकार देता है

अर्जुन का लैंड फूल हार्ड खड़ा हो चूका होता है जिससे

अर्जुन को अपने लैंड मैं दर्द सा महसूस होने लगता है अर्जुन झटके मैं अपनी माँ को बीएड पर लेता कर खुद राखी देवी के ऊपर आ जाता है आवर राखी देवी की दोनों हाथ को पकड़ कर राखी देवी के ऊपर गिर जाता है



अर्जुन राखी देवी के ऊपर लेता कर अपने मुंह राखी देवी की होंठ मैं टाच करने लगता है जिससे राखी देवी अपनी दोनों होंठों को खोलती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

राखी देवी आँखें तो बंद कर ली होती है लेकिन राखी देवी की धड़कन तेज़्ज़ हो गयी होती है जिससे राखी देवी की बड़ी बड़ी पहाड़ की तरह उठी हुई चुकी की निप्पल अर्जुन के साइन मैं चुभ रही होती है

अर्जुन के साइन मैं निप्पल टाच होने से राखी देवी की जिस्म सिहर उठती है जिससे राखी देवी अपनी बड़ी गांड उठा कर अर्जुन को बाँहों मैं भर लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

वही अर्जुन भी अपना मुंह राखी देवी की होंठों पे ना रखते हुए राखी देवी की निप्पल को मुंह मैं भर लेते है जो राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई बीएड पे मचल जाती है

राखी देवी की छूट मैं भी हलचल सी मच उठती है

क्यू के अर्जुन का लैंड भी अपनी माँ की छूट की गर्मी से खड़ा होकर माँ की छूट मैं जाने के लिए बेचैन हो चूका होता है

अर्जुन अपना कमर कमर आउट भी दबा कर अपना लैंड अपनी माँ की छूट मैं दबाने लगता है

अर्जुन का मोटा हार्ड लैंड अपनी छूट के ऊपर महसूस करती हुई राखी देवी की छूट गर्म होकर पानी छोड़ने लगती है

राखी देवी भी अपनी गांड उठा कर अपनी छूट अर्जुन के लैंड मैं दबाने लगती है

ऊपर से अर्जुन राखी देवी की निप्पल को बार बार होंठों से खिंच रहा होता है जिससे राखी देवी अपने बेटे की हरकत से बीएड पर सिसकियाँ लेती हुई मचल रही होती है

अर्जुन अपनी माँ की निप्पल को खींचते हुए अपना हाथ निचे लेकर जाता है आवर अपनी माँ की साड़ी मैं हाथ डालते हुए पेंटी के ऊपर से hi छूट पे हाथ रख देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रूम मैं दोनों माँ बेटे की आठ गूंज जाती है वही अर्जुन तो अपनी माँ से अलग hi हो गया होता है आवर कभी अपन हाथ तो कभी अपनी माँ को देख रहा होता है

वही राखी देवी अर्जुन की अह्ह्ह्ह सुन कर अपनी आँखें खोल कर अर्जुन को देख कर शर्माती हुई आँखें निचे कर लेती है


माँ आप की छूट है या कोई धधकती हुई आग की कुवा .... माँ बोलो न

अर्जुन अपन हाथ देखते हुए पूछता है आवर अपनी माँ की आँखों मैं देखने लगता है

वही इस बार राखी देवी भी अर्जुन के आँखों मैं पलके झपकाए देख रही होतीअ है

माँ मुझे इस कुवे मैं मुझे कूदने है

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन बोलता हुआ अपना हाथ फिर से साड़ी के ऊपर से hi राखी देवी की छूट पे रख देता है जिससे राखी देवी अर्जुन को देखती हुई अपनी मुंह खोल कर सिसकियाँ ले लेती है

खुद जाऊं न अर्जुन .... ये आग तुम्हारी माँ को बहुत जलती है ..... मैं इस आग से जल जल कर कही मरररररररत

Maaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी की आँखें भी अब लाल होने लगती है आवर राखी देवी मदहोशी मैं बोल रही होती है तभी अर्जुन माँ बोलते हुए अपना हाथ राखी देवी की मुंह पे रख देता है

मैं आप को इस आग मैं आवर जलने नहीं दूंगा माँ .... अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं देखता हुआ बोलता है

वही राखी देवी अर्जुन को देखती हुई बस थोड़ी से शर्माती हुई मुस्कुरा देती है


Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अपनी माँ को शरमाते हुए देख कर अर्जुन के मन मैं कुछ चलने लगता है जो अर्जुन झट से अपनी माँ की साड़ी को पकड़ कर खींचने लगता है जो राखी देवी बीएड पे घूमने लगती है आवर अर्जुन अपनी माँ की साड़ी निकल कर बीएड के निचे फेक देता है

वही राखी देवी अपनी दोनों हाथ को चुकी पे रख कर अपनी पहाड़ जैसी चुकी को छुपाने लगती है

अर्जुन अपनी माँ की आँखों मैं देख कर मन hi मन मुस्कुरा रहा होता है

राखी देवी अर्जुन को देख कर सरमाती हुई अपनी पलके निचे करती है तभी अर्जुन झट से अपनी माँ की पेटीकोट की नाडा पकड़ कर खिंच देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अपना हाथ पेटीकोट पकड़ने को होती है तब तक अर्जुन पेटीकोट को निकल देता है जो राखी देवी झट से बीएड पे बैठ कर अपनी दोनों पेअर सत्ता कर अपनी हाथ से चुकी को छुपा लेती है

माँ मुझे आप की उस कुवे को देखना है है ....


अर्जुन राखी देवी की कानों मैं बहुत hi धीरे से बोलता है

अर्जुन के कहने का मतलब राखी देवी समझते hi राखी देवी की जिस्म सिहर जाती है


राखी देवी शर्माती हुई एक नज़र अर्जुन को देख कर अपनी सर दूसरी तरफ घुमा लेती है

माँ को शरमाते हुए नज़ारे चुराते देख कर अर्जुन मन hi मन मुस्कुरा देता है आवर अपनी माँ के चिकनी पीठ को चूमने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन के चूमते hi राखी देवी अह्ह्ह भर्ती हुई बीएड पर लेट जाती है

wohhhhhhhhhhhh

अर्जुन की नज़र जैसे hi राखी देवी की छूट पर जाती है अर्जुन का मुंह खुला के खुला रह जाता है

क्यू के राखी देवी की छूट पेंटी मैं होने के बाद भी फूली हुई होती है आवर राखी देवी छूट की लकीर बिलकुल अर्जुन के आँखों के सामने दिखाई दे रही होती है जिसे देख कर अर्जुन का लैंड आवर भी उफान मरने लगता है

वही राखी देवी लेती हुई अपनी दोनों पहाड़ जैसी चुकी को छुपाने की कोशिश मैं अपनी छूट को छिपाना भूल गयी होती है अर्जुन को अपनी छूट को घूरते हुए देख कर राखी देवी की धड़कन तेज़ हो जाती है

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी अपनी चुकी को छोड़ कर छूट को छिपाने के लिए हाथ निचे करती है तभी अर्जुन अपना हाथ राखी देवी की छूट पर रख देता है जो राखी देवी अपनी माँ को
पुकारती हुई सिहर उठती है

वही अर्जुन राखी देवी की आँखों मैं देखते हुए पेंटी को निचे करने लगता है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन के पेंटी पकड़ते hi राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई अपनी हाथ अर्जुन के हाथ पे रख देती है ताकि अर्जुन पेंटी को निचे न करे लेकिन अर्जुन पेंटी को अच्छे से पकड़ चूका होता है आवर थोड़ी पेंटी निचे कर चूका होता है

राखी देवी जैसे hi लगता है अर्जुन को अब मेरी छूट नज़र आने वाली है राखी देवी अपनी आँखें बंद कर लेती है

Wawwwwwwwwwww Maaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन की नज़र अपनी माँ की फूली हुई चिकनी छूट पे नज़र जाते hi अर्जुन के आँखों मैं एक अजीब सा नासा छड़ जाता है है

अर्जुन अपनी माँ की बिना एक भी बल की चिकनी छूट देख कर पागल होते हुए बोल पड़ता है

अर्जुन को अपनी छूट देख कर हैरान होते हुए देख कर राखी देवी की दिल की धड़कन बहुत hi तेज़ी से चलने लगती है

राखी देवी आँखें बंद करि शर्माती हुई अपनी दोनों पेअर सत्ता कर अपनी छूट छुपाने की कोशिश करने लगती जिससे राखी देवी की फूली हुई छूट आवर ऊपर की तरफ उठ जाती है आवर राखी देवी की छूट की लकड़ी अर्जुन के आवर भी
दिखने लगती है

मा आप निचे से लेकर ऊपर तक बेमिसाल हो आप की हुसैन जैसी किसी की हुसैन नहीं होगी

माँ आप अभी खिलती हुई गुलाब की फुल जैसी लग रही है .... माँ आप आप की छह

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन छूट बोल भी नहीं पता है आवर अपना लैंड पकड़ लेता है जो Jen's के अंदर अर्जुन का लैंड दर्द करने लगता है

अर्जुन के दर्द भरी आवाज़ सुन कर राखी देवी भी उठ जाती है आवर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है जो इस वक़्त अर्जुन का हाथ अपने लैंड पे होता है

माँ मेरा लैंड दर्द कर रहा है Ahhhhhhhhhhhhhhhh

प्लीज कुछ कीजिये न

अर्जुन थोड़ा दर्द मैं बोलता है

वही अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी की हालत ख़राब होने लगती है

राखी देवी अपनी हाथ अर्जुन के लैंड के ऊपर राखी हुई तो होती है लेकिन अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी की हाथ कैंप रही होती है

राखी देवी इस वक़्त कभी अर्जुन को दर्द मैं देखती तो कभी अपने हाथ रखे हुए लैंड को देखती है जिससे राखी देवी की धड़कन बढ़ती hi जा रही होती है आवर राखी देवी की माथे पे पसीने भी आने लगती है

राखी देवी जयादा कुछ नहीं सोचती है आवर अर्जुन का Jen's का बटन खोल कर Jen's को निचे कर देती है

इस वक़्त राखी देवी की हाथ कैंप रही होती है राखी देवी किसी तरह अर्जुन का Jen's तो निचे कर चुकी होती है लेकिन अब राखी देवी की आँखों के सामने खुद के बेटे का लैंड आने वाला था जिसको राखी देवी कई बार देख तो चुकी होती है लेकिन इतने पास आवर करीब से नहीं देखि हुई होती है

राखी देवी अर्जुन का अंडरवियर पकड़ कर निचे करती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Maaaaaaaaaaaaaaaa

लैंड बार निकलते hi अर्जुन माँ पुकारते हुए राखी देवी की सर पकड़ लेता है जो अर्जुन का लैंड सीधे राखी देवी की होंठों से टाच हो जाता है जो राखी देवी हड़बड़ा कर अर्जुन से दूर हो जाती है

राखी देवी दूर होती हुई अपनी आँखें खोल देती है

हे भगवन ये लैंड मेरे बेटे का है ये किसी घोड़े का .... राखी देवी सोचती हुई अपनी छूट पे हाथ रख देती है जैसे अर्जुन का लैंड उछाल कर राखी देवी की छूट मैं चला जायेगा

माँ Ahhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन माँ पुकारते हुए राखी देवी के करीब आ जाता है आवर राखी देवी की चुकी को पकड़ कर दबाने लगता है जिससे राखी देवी सिसकियाँ लेती हुई बीएड पे लेट जाती है

अर्जुन अपनी माँ की चुकी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगता है जो राखी देवी बीएड पे सिसकियाँ लेती हुई मचलने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnn

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

betaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaa

Aaahhhhhhhhhhhhhhhh ार्जुउउउउउऊँणन्नन्नन्न अर्जुन राखी देवी की चुकी को दबाते हुए अपना लैंड भी माँ की छूट मैं डालने की कोशिश कर रहा होता है जो अर्जुन का लैंड छूट मैं न जाकर इधर उधर जा रहा होता है

वही राखी देवी अर्जुन के हरकत से गर्म होकर बीएड पे मचल रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Arjuuuuuuuuuuuuuuu

बीटा दाल दो न Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी मदहोशी मैं बोलती हुई अर्जुन का लैंड पकड़ कर अपनी छूट के पास रोक देती है

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं महसूस करती हुई राखी देवी बीएड पर मचल जाती है

अर्जुन अपनी माँ की चुकी मसल रहा होता है लेकिन जैसे hi अपनी माँ की मदहोशी भरी आवाज़ सुनता है वह उठ कर बैठ जाता है तो देखता है उसकी माँ की आँखें पूरी तरह लाल हो गयी होती है आवर वह अर्जुन के लैंड को देख रही होती है

माँ आप की छूट

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ...... अर्जुन

अर्जुन जब अपनी ऊँगली राखी देवी की छूट मैं डालते हुए बोल रहा होता है तभी राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है

हूंणननननन Arjunnnnnnnnnnnnnn Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुननननननन betaaaaaaaaaaaaaaaaaaa Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ तो लेती है लेकिन अर्जुन बार बार अपनी ऊँगली राखी देवी की छूट मैं डालते hi जा रहा होता है जिससे राखी देवी को अपनी छूट मैं अजीब सी चुभन हो रही होती है

राखी देवी मदहोशी मैं आँखें बंद की हुई सिसकियाँ लेने लगती है

वही अर्जुन अपनी माँ की फूली हुई छूट मैं ऊँगली करता hi जा रहा होता है आवर अर्जुन को अपनी माँ की छूट मैं ऊँगली डालते हुए बड़ा मज़ा भी आ रहा होता है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माआआआ huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn Arjunnnnnnnnnnnnnnn

मत कर बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बीटा इससे अच्छा अपना Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh सांप hi Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी छूट मैं दाल दे Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई बोलती है

अर्जुन की हरकत से राखी देवी की हालत ख़राब हो चुकी होती है राखी देवी रह रह कर अपनी गांड उठा उठा कर अर्जुन की ऊँगली अपनी छूट मैं ले रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन बीटा मेरी छूट जल रही है प्लीज कुछ करो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh प्लीज बीटा अपना लैंड मेरी छूट मैं दाल दो Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी अचानक बीएड से उठ कर बैठ जाती है आवर अर्जुन के बाँहों मैं जाकर बहुत hi पैर भरी मदहोशी मैं कनपटी हुई अर्जुन से बोलती है

वही अर्जुन की ऊँगली अभी भी राखी देवी की छूट मैं होती है आवर राखी देवी की छूट से निकल रही पानी मैं भींग चुकी होती है

अपनी माँ की तड़प देख कर अर्जुन को समझ आ जाता है उसकी माँ हद से जयादा गर्म हो गयी है जो अर्जुन के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है

माँ आप की छूट की बिल इतनी छोटी है मेरा लैंड उसमे कैसे जायेगा .... चला भी गया तो आप को बहुत दर्द होगा .....

अर्जुन राखी देवी को बाँहों मैं भरे हुए बोलता है

huinnnnnnnnnnnn

देखिये बस ऊँगली डालने से आप इतनी कहर रही है ....... अर्जुन राखी की छूट मैं फिर से ऊँगली डालते हुए बोलता है जो राखी देवी मदहोशी मैं सिसकारियां लेती हुई अर्जुन को पकड़ लेती है

Ahhhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा चला जायेगा Ahhhhhhhhhhhhh


तुम बस उसे दाल दो ..... फिर चाहे मेरी जान

मायआ ....... राखी देवी आगे कुछ बोलती उसके पहले hi अर्जुन माँ बोलते हुए राखी देवी को बीएड पर लेता देता है

माआआआ .... मैं दाल रहा हुईं ..... अर्जुन राखी देवी को देखते हुए बोलता है जो राखी देवी कुछ बोले बिना बस अर्जुन को देख रही होती है

अर्जुन अपनी माँ की लाल लाल आँखें देख कर अपना लैंड पकड़ता है आवर राखी देवी की छूट मैं सत्ता देता है

अर्जुन का लैंड पहले से खड़ा फुफकार मार रहा होता है आवर माँ की छूट मैं टाच होते hi छोटी सी छूट के गुफा मैं जाने के लिए बेचैन हो जाता है

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अपने लैंड को पकड़ कर माँ की छूट मैं टाच कर देता है जो राखी देवी थोड़ी डर्टी हुई अर्जुन के एक हाथ को पकड़ लेती है आवर अर्जुन का लैंड अपनी छूट मैं आवर दबाओ बनाने लगती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा डालो न Ahhhhhhhhhhhhhhhh

दाल दो बीटा Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अपनी माँ की बेचैनी को देखते हुए अपना लैंड माँ की छूट मैं डालने लगता है ज

Huinnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

अर्जुन का लैंड छूट मैं अभी बस थोड़ा hi जाता है के राखी देवी बीएड को पकड़ कर मचल जाती

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन अपना लैंड अपनी माँ की छूट मैं दाल कर माँ पुकारते हुए राखी देवी की ऊपर गिर पड़ता है

अर्जुन betaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी को जैसे hi अपनी छूट मैं अर्जुन का पानी महसूस होती है राखी देवी मुंह बनती हुई बोल पड़ती है

वही अर्जुन भी अपनी माँ की जिस्म पे गिरा हुआ हैरान परेशां होकर हांफ रहा होता है

अर्जुन को समझ नहीं आ रहा होता है के उसका पानी इतने जल्दी कैसे निकल गया जब के वह गीता दीदी आवर ममी माँ के साथ कितने वक़्त के बाद निकला था

अर्जुन अपनी माँ के जिस्म पे लेता थोड़ा मायुश हो जाता है

माँ सॉरी वह पता नहीं कैसे इतनी जल्दी .... अर्जुन मुंह बनाते हुए बोलता है

राखी देवी पहले तो थोड़ी परेशां होती है ये सोच कर के अर्जुन कुछ किये बिना hi ठंडा हो गया लेकिन जब राखी देवी अर्जुन की मायुशि भरी आवाज़ सुनती है तो राखी देवी अपनी चेहरे पर एक मुस्कान ला देती है

कोई बात नहीं अर्जुन .... पहली बार मैं ऐसा हो जाता है .....

माँ वह

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ..... अर्जुन बोलते हुए गेट की आवाज़ सुन कर रुक जाता है आवर राखी देवी की ऊपर से उठ जाता है

वही राखी देवी बीएड की चादर अपनी जिस्म पे दाल लेती है

अर्जुन टावल लपेट कर गेट खोलता है तो देखता है गेट पे एक लड़की कड़ी होती है जो उसके हाथ मैं एक डब्बा होता है

हैप्पी बर्थडे सर .... ये लीजिये आप का केक ..... वह लड़की केक देती हुई बोलती है जो अर्जुन थैंक्स बोलते हुए लड़की से केक ले लेता है

अर्जुन गेट बस थोड़ा hi खोल कर उस लड़की से केक ले लेता है आवर जल्दी से गेट बंद कर देता है

अर्जुन खाना क्यू मंगवाया हम खाना खा कर तो आये है .... अर्जुन के हाथ मैं केक का डब्बा देख कर राखी देवी को लगता है खाना है तो पूछती है

माँ खाना नहीं ये केक है .... आप को पता नहीं कुछ वक़्त मैं आप का बर्थडे है ....

अर्जुन बिना अपनी माँ की तरफ देखे हुए बोलता है

क्या आज 10 मार्च है ...... राखी देवी सोचती हुई बोलती है वही अर्जुन बस हां मैं सर हिला देता है

राखी देख तू अपना बर्थडे भूल गयी थी लेकिन इतने दिन दूर होने के बाद भी अर्जुन को तेरा बर्थडे याद है

राखी अर्जुन भले hi तुझसे दूर होकर तुझसे नफरत करता था लेकिन अर्जुन तुझसे प्यार भी बहुत करता है

राखी अर्जुन सायद तेरे बर्थडे दिन तेरी चिपकी हुई छूट की दिवार गिराने वाला था लेकिन अभी जो कुछ भी हुआ उसके वजह से अर्जुन सायद थोड़ा सर्मिन्दा महसूस करने लगा है तभी तेरी तरफ देख भी नहीं रहा है

राखी कही अर्जुन जल्दी झरने की वजह से अब पहले जैसा सेक्स तेरे साथ न कर पाए इस लिए राखी अब तुझे hi कुछ ऐसा करना होगा जिससे अर्जुन तेरी छूट की गर्मी भी मिलता दे आवर वह खुल के तेरी छूट मैं धक्का मार सके ......

मैं अपने बर्थडे पे खुद अपने बेटे को ऐसी गिफ्ट दूंगी के मेरा बीटा हमेशा के लिए मेरा दीवाना हो जायेगा .....

राखी देवी अपने मन मैं पता नहीं क्या सोचती हुई मुस्कुरा पड़ती है


दोस्तों पूरा सेक्स लिखने वाला था लेकिन बिच मैं मेरा फोन ख़राब हो गया था जो लिख नहीं पाया .... अगला अपडेट जल्द देने की कोशिश करूँगा.. जो राखी देवी आवर अर्जुन का सिर्फ सेक्स hi होगा :फाइव:
 
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