- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 135,657
अपडेट .... 37
आदि की माँ को जब होश आती है तो आदि की माँ खुद को एक रूम मैं पति है आदि की माँ उठ कर बीएड पर बैठ जाती है
आदि की माँ उस रूम को चरों तरफ देखने लगाती है उस रूम के दीवारों पर सिर्फ नंगी नंगी लड़की आवर जयादा उम्र की औरतों की फोटो होती है उस रूम की दीवारों पर नंगी नंगी फोटो देख कर आदि की माँ शर्म से अपनी आँखें निचे कर लेती है
आदि की माँ को इतनी शर्म महसूस होने लगाती है की आदि की माँ अपनी आँखे भी उठा नहीं पति है
हे देवी माँ कैसी परीछा ले रही है माँ मेरी मदद कीजिये मेरे बेटे आदित्य से मुझे मिलवा दीजिये मैं अपने बेटे को लेकर अपने घर चली जाउंगी मेरी मदद कीजिये देवी माँ ..... आदि की माँ निचे सर किये hi मन मैं बिनती करती है
आदि की माँ सोच रही होती है तभी रूम का गेट खुलता है आवर एक आदमी अंदर आता है ........ गेट खुलने की आवाज़ सुन कर आदि की माँ गेट की तरफ देखती है तो एक आदमी खड़ा होता है उस आदमी के चहरे पर मास्क होता है जो उस आदमी का चेहरा दिख नहीं रहा होता है वह आदमी पहले गेट को बंद करता है आवर आदि की माँ की तरफ बढ़ने लगता है
आदमी को अपनी तरफ आते हुआ देख कर आदि की माँ की जिस्म मैं सनसनी सी मच जाती है आवर आदि की माँ फ़ोन पे उस आदमी के साथ हुई बातों को याद करने लगाती है की कैसे वह आदमी गन्दी बाते कर रहा था ये सोच कर आदि की माँ अपनी दोनों हाँथ से साड़ी को जिस्म पर पकड़ लेती है
वह आदि आकर बीएड पर बैठ जाता है आदि की माँ की बगल मैं आवर अपने हाँथ को धीरे धीरे आदि की माँ की जिस्म की तरफ लेकर जाने लगता है
आदमी के बगल मैं बैठने से hi आदि की माँ की जिस्म कैंप सी जाती है ऊपर से उस आदमी की हाँथ को अपनी जिस्म की तरफ आते देख कर आदि की माँ बीएड से थोड़ी आगे बढ़ जाती है
भगवन के लिए मेरे बेटे को मुझे लौटा दो मैं अपने बेटे से एक बार मिलना चाहती हुईं .... आदि की माँ रोटी हुई कहती है
आदि की माँ रोटी हुई कहती है मगर वह आदमी कुछ बोले hi अपना एक हाँथ आदि की माँ के कमर पर रख कर सहला देता है जो आदि की माँ सिसक पड़ती है आवर बीएड पर आवर भी पीछे की तरफ चली जाती है
जो मर्ज़ी करे मेरे साथ कर लेना मुझे आज तक मेरे पति के अलावा किसी ने नहीं छुआ है मगर मेरे बेटे से एक बार मिलवा दो मैं तुम्हारे सामने हाँथ जोड़ती हुई ....... आदि की माँ बोलती हुई हाँथ जुड़े देती है
मिलवा दूंगा उससे पहले तुम मेरा साथ दो मैं पहले तेरी इस मस्त जवानी का मज़ा लेना चाहता हुईं अगर तुझे तेरे पति के अलावा किसी ने नहीं छोड़ा है तो तेरी छूट मैं बहुत आग लगी होगी मैं तेरी छूट की आग मैं अपने लैंड को जलना चाहता हुईं
hhhhhhhhhh तेरी ये जवानी इतनी गर्म है तो तेरी छूट मैं कितनी गर्मी होगी ...... वह आदमी आदि की माँ को पीछे से पकड़ कर कहता है आवर आदि की माँ के गले को चूमने लगता है
अचानक पीछे से पकड़ने से आदि की माँ सिहर सी जाती है आवर आदि की माँ सिसक पड़ती है
वह आदमी आदि की माँ को पूरी तरह से अपने बाँहों मैं पकड़ लेता है आवर अपने दोनों हाथों से आदि की माँ की नरम मोलायम पेट को समझने लगता है
आदि की माँ उस आदमी से दूर भागने की कोशिश करती है मगर वह आदमी बहुत hi मज़बूती से पकड़ लेता है जो आदि की माँ दूर नहीं हो पति है
वही वह आदमी आदि की माँ को चूमते hi चला जाता है आवर आदि की माँ की पेट को हलाहट हुआ मसल भी रहा होता है
वह आदि आदि की माँ की पेट को मसलते हुआ अपना हाँथ जैसे hi चुकी के करीब लता है आदि की माँ पूरी ताकत से उछाल पड़ती है आवर बीएड से उतर जाती है जिससे वह आदमी बीएड पर गिर पड़ता है
साली रांड जयादा नखरे मत कर अपने बेटे से मिलना चाहती है तो मेरा साथ दे नहीं तो भूल जा अपने बेटे को ...... वह आदमी गुस्से मैं कहता है
आदि की माँ गेट के पास जाते जाते वही रुक जाती है आदि की माँ की दिल की धड़कन बहुत तेज़्ज़ चल रही होती है आवर आदि की माँ की आँखों मैं आंसू की बूंदें आ जाती है आदि की माँ अपने बेटे के लिए वही पर मूर्ति की तरह कड़ी रह जाती है
वह आदमी उठ कर आदि की माँ के करीब जाता है आवर आदि की माँ को फिर से पकड़ कर गले को चूमने लगता है
वह आदमी आदि की माँ को मुंह से चूमते हुआ आदि की माँ की गले पे राखी हुई आँचल को दांत से खिंच कर सरका देता है जिससे आदि की माँ की आँचल सार्क कर निचे गिर जाती है
आँचल सरकते hi आदि की माँ एक बार फिर से उस आदमी से दूर चली जाती है
आदि की माँ थोड़ी दूर होकर अपनी आँचल पकड़ कर कड़ी रह जाती है
आदि की माँ की पहाड़ की तरह उफनती हुई चुकी दिखने लगाती है
आदि की माँ की उम्र 35 से 40 के करीब होने के बाद भी उनकी जिस्म जवान लड़कियों की तरह होती है चुकी भी इतनी टाइट होती है की बलाउज मैं तानी हुई होती है जिसको देखते hi पकड़े बिना कोई भी खुद को रोक नहीं सकता है सामने चाहे बीटा hi क्यू न हो
आदि की माँ की पेट भी एकदम चिकनी होती है ऊपर से आदि की माँ की आनर की तरह गोल नाभि जिसमे शराब दाल कर पिने कर दिल करे आएसी दिख रही होती है
आदि की माँ की जिस्म को देख कर वह आदमी खुद को रोक नहीं पता है आवर वह आदमी इस बार आदि की माँ के आगे आ जाता है आवर आदि की माँ के सामने बैठ कर आदि की माँ की पेट पर हाँथ फेरने लगता है
ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह कसम से कहता हुईं तेरी जिस्म मेरी जान निकल रही है ह्ह्हह्ह्ह्ह क्या नरम है तेरी ये जिस्म hhhhhhhhhh तू मेरी बीवी होती तो अभी तक तेरी ये जिस्म इतनी गर्म नहीं होती मैं तुझे छोड़ छोड़ के तेरी इस मदमस्त जिस्म की साडी गर्मी निकल देता
तेरी जिसममें इतनी गर्मी है तो तेरी ये छूट तो जल रही होगी हहहहहहहजहहहहहहहह ..... वह आदमी आदि की माँ की पेट को मसलते हुआ अपना एक हाँथ आदि की माँ की छूट के ऊपर रख देता है आवर ह्ह्हह्ह्ह्ह करते हुआ हटा भी लेता है जिसे उस आदमी का हाँथ hi जल गया हो
छूट के ऊपर हाँथ रखने से hi आदि की माँ की जिस्म मैं सनसनी सी हो जाती है आवर आदि की माँ की दोनों पेअर कंपनी लगती है आदि की माँ की मुंह से गर्म गर्म शैशे निकलने लगती है आदि की अचानक सिसकते हुआ बैठ जाती है
हहहहह साली रैंड तू सच मैं बहुत गर्म औरत है चल आज मैं तेरी साडी गर्मी निकल देता हुईं ..... वह आदमी बोलता है आवर निचे बैठी हुई आदि की माँ को अपने बाँहों मैं उठा लेता है
आदि की माँ जिस्म अब आग की तरह जल रही होती है आदि की माँ की आँखों मैं भी एक मदहोशी सी छै हुई होती है आदि की माँ उस आदमी की बाँहों मैं पड़ी बस सिसक रही होती है
वह आदमी आदि की माँ की गर्दन को चूमते हुआ बीएड पर पटक देता है बीएड पर गिरते hi आदि की माँ शर्म से अपनी सर निचे कर लेती है जैसे आदि की माँ को आगे पता हो क्या होने वाला है जो आदि की माँ भी अब वही छह रही हो
वह आदमी अपना कुरता निकल कर बीएड पर एक पेअर रक्त hi है की कोई रूम मैं का गेट पीटने लगता है
कौन है मक छोड़ साला .... वह आदमी गली देते हुआ बोलता है आवर गेट खोलने के लिए चल देता है
वही आदि की माँ अपनी साड़ी को ठीक कर के अपनी जिस्म पर रख लेती है
कौन है बस क्या हुआ ..... वह आदमी के खुलते hi बोलता है
बॉस अड्डे पर छपा पड़ा है आवर सारा मॉल पुलिस ने पकड़ लिया है आवर हम्हारे एक आदमी ने यह के बारे मैं भी बता दिया है पुलिस यह भी किसी भी वक़्त आ सकती है हमेह यह से जाना चाहिए बॉस लगता है पुलिस यह भी आ गयी है ..... दूसरा आदमी बोल hi रहा होता है की पुलिस की साइरन की आवाज़े सुनाई दे देती है
पुलिस की साइरन की आवाज़ सुन कर वह आदमी बिना आदि की माँ को देखे वह से निकल जाता है
कैसे भी कर के िनेह यह से निकल लेना वर्ण मैं तुझे जान से मार दूंगा ..... वह आदमी जाते हुआ कहता है आवर एक बार आदि की माँ को देख कर निकल जाता है
**********************************
दो पहर के 2 : 30 पं
अर्जुन की नींद पारी के रोने से खुल जाती है जो बीएड पर पारी रो रही होती है तो अर्जुन उठ कर पारी को गॉड मैं ले लेता है
हो हो क्या हुआ मेरी पारी रो क्यू रही है मेरी अच्छी पारी रट नहीं ओह ओह आजा मां के पास ..... अर्जुन पारी को गले लगते हुआ कहता है
अर्जुन पारी को लेकर रूम से निकल जाता है अर्जुन जब हॉल मैं जा रहा होता है तो किचेन से पूजा दीदी को आते हुआ देखता है
अर्जुन पारी को लेकर हॉल मैं चला जाता है
गुड़िया तुमने मां को उठा hi दिया न ..... पूजा दीदी हॉल मैं आकर बोलती है आवर टीवी को ों कर देती है
आज हम्हरे सहर के पुलिस ने कई जगह पर छपा मारा है आवर कई जगह से तरह तरह के हथियार बरामद हुआ है आवर एक बोतल मैं कई साडी महिलाएं मिली है
सप ने बताया के उस होटल मैं बहुत सी औरते भी धंधा करती है भी पकड़ी गयी है जब पुलिस ने उन सभी औरतों को होटल से पुलिस ने पकड़ा तो उनमें से एक औरत को बचने की एक औरत ने कोसिस किया जो सप ने उस औरत को भी हिरासत मैं ले लिया है उस औरत का नाम हमेह अभी पता तो नहीं चली है मगर वह औरत लखन पूरी की रहने वाली है आवर लखन पूरी की ठकुराइन भी है आगे जैसे जैसे हमेह पता चलेगा हम आप को साडी ख़बरें पहुंचते रहेंगे तब तक बने ने रहे हम्हरे साथ ..... टीवी पर रिपोर्टर इतना बोलता है आवर फिर अड़ आने लगता है वही
लखन पूरी का नाम सुनते hi पूजा आवर अर्जुन एक दूसरे को देखने लगते है पूजा दीदी की तो आँखे hi बड़ी हो जाती है
अर्जुन कही वह राखी माँ तो नहीं है ..... पूजा दीदी हैरान होती हुई बोलती है
अर्जुन कुछ बोले बिना hi पूजा दीदी के घर से निकल पड़ता है पूजा दीदी भी अर्जुन के साथ जाने को होती है मगर अर्जुन जाते हुआ पूजा दीदी को मन कर देता है आवर बाइक लेकर निकल पड़ता है
दो पहर के 3 :पं
पुलिस स्टेशन बहुत से औरते बैठी हुई होती है वही आदि की माँ भी बैठी हुई होती है आदि की माँ की आँखों से आंसू रुक नहीं रही होती है आवर आदि की माँ थोड़ी बहुत कनाप भी रही होती है
आदि की माँ ये सोच सोच कर आवर भी रो रही होती है की जब उनकी रिश्तेदार लोगों को पता चलेगा तो वह लोग क्या क्या बाटे करेंगे आदि की माँ इस बात को सोच कर आवर भी रो रही होती है
आदि की माँ इतने अच्छे से अपने ससुराल मैं रहती थी की आदि की माँ को बस अपने घर के लोगों के सामने hi अपनी चेहरा दिखती थी वर्ण जब को रिश्तेदार बड़े उम्र का मर्द घर मैं आते थे तो आदि को माँ घूँघट दाल कर उनके सामने जाती थी आदि की माँ इतनी संस्कारी औरत थी मगर आज आदि की माँ उन बदनाम औरतों के बिच बैठी हुई होती है आदि की माँ बेबसी से रोटी हुई सामने की तरफ देखती रहती है क्यू की कुछ दुरी पर राखी देवी एक पुलिस वाले से बात कर रही होती है
मेम आप समझ क्यू नहीं रही है वह औरत हमेह होटल की रूम से मिली है आवर वह उसी हालत मैं मिली थी जिस हालत मैं एक रंडी होती है हम उससे छोड़ नहीं सकते है वह एक रंडी है जो पैसों के लिए कही भी तंग खोल देती है .... पुलिस वाला राखी देवी की चुकी को घूरते हुआ कहता है
आप झूट बोल रहे है वह औरत मेरे घर के बगल की रहने वाली है आवर वह एक टीचर है वह मेरे साथ hi सहर आई थी आवर आज हमेह सहर hi रुकना था तो मैंने hi उसे होटल मैं रूम लेने को बोली थी आप उस औरत को क्यू बदनाम कर रहे हो फिर से अगर उस औरत को गली दिया तो अच्छा नहीं होगा ..... राखी देवी थोड़ी तेज़ आवाज़ मैं कहती है
ये तुम्हारी हवेली नहीं पुलिस स्टेशन है जयादा छिलाई तो तुझे भी उन सब के साथ बैठा दूंगा आवर तू मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकती है निकल यह से ..... पुलिस वाला कुर्सी से खड़ा होकर राखी देवी की आँखों मैं देखते हुआ कहता है
भड़वे भूल मत वह गाओं की ठकुराइन है आवर हमेशा hi रहेंगी मगर तू एक नौकर है आवर तेरे जैसे कितने नौकर इनके सामने सर झुका लेते है .... क्या बोल रहा है तू िनेह ..... राखी देवी थोड़ी दर कर पीछे की तरफ हो जाती है
तभी पीछे से एक आवाज़ आती है जो पुलिस वाला तो गुस्से से लाल हो जाता है मगर राखी दिया के चहरे पर जो अभी थोड़ी दर होती है वह चली जाती है आवर एक मुस्कान आ जाती है
राखी देवी जो अभी थोड़ी पीछे की तरफ हो गयी होती है अब राखी देवी बिना कोई दर के पुलिस वाले के सामने कड़ी हो जाती है
वही वह लड़का आकर राखी देवी के सामने खड़ा होकर राखी देवी का हाँथ पकड़ लेता है जिससे राखी देवी के चहरे पर आवर भी ख़ुशी आ जाती है आवर राखी देवी बस उस लड़के को देखने लगाती है
**********************************
गीता बीटा गुड़िया नहीं दिख रही है कहा है वह .... आँचल हॉल मैं आकर कहती है जो अभी गीता हॉल मैं टीवी देख रही होती है
ममी माँ गुड़िया सायद अपनी रूम मैं होगी ...... गीता कहती है
ठीक है बीटा मैं गुड़िया को देखती हुईं वह दिन भर रूम मैं है उसकी तबियत तो ठीक है न ...... अंचल कहती है आवर अंजलि की रूम की तरफ चल पड़ती है
वही गीता भी टीवी बंद कर के आँचल के पीछे चल पड़ती है
क्या हुआ आज मेरी नटखट गुड़िया इतनी उदास क्यू है ...... आँचल कहती है
आँचल अंजलि के रूम मैं जब जाती है तो देखती है अंजलि उदास होकर सोइ हुई होती है तो आँचल अंजलि की सर उठा कर अपनी जांघ पर रख लेती है

ममी माँ गुड़िया को सायद जोखम हो गया है अब तो इंजेक्शन देना पड़ेगा बिना इंजेक्शन के गुड़िया की जोखम ठीक hi नहीं होती है ...... गीता आँचल के पीछे बैठ कर बोलती है
ममी माँ दीदी झूट बोल रही है मुझे कोई जोखम वखम नहीं हुआ है ...... अंजलि आँचल की जांघ से झट से उठ कर बोल पड़ती है
अंजलि के हड़बड़ा कर उठ कर बोलना देख कर गीता आवर आँचल दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा पड़ती है
गीता मेरी गुड़िया को जोखम नहीं हुआ है समझी तू तो बस एहि चाहती रहती है मेरी गुड़िया को इंजेक्शन लग जाये क्यू की तू अच्छे से जानती है मेरी गुड़िया इंजेक्शन से कितनी डर्टी है
देख मेरी गुड़िया बिलकुल ठीक है ...... आँचल फिर से अंजलि को अपने गॉड मैं लेकर बोलती है
आप ठीक कह रही है ममी माँ दीदी बस मुझे इंजेक्शन दिलवाना चाहती है मैं कोई इंजेक्शन नहीं दिलवाने वाली हुईं कितना दर्द होती है दीदी को क्या पता इंजेक्शन लगवाने मैं ... अंजलि मुंह बना कर कहती है
हां मुझे पता है मैं भी इंजेक्शन नहीं लगवाती हुईं .... मेरी गुड़िया इतनी उदास क्यू है ..... आँचल कहती है
ममी माँ मुझे अर्जुन की चिंता हो रही है वह जब से गया है एक फ़ोन भी नहीं किया है ...... अंजलि कहती है
ओह मेरी गुड़िया इस लिए उदास है सायद अर्जुन को टाइम hi नहीं मिला हो फ़ोन करने का ..... गुड़िया अर्जुन ने फ़ोन नहीं किया तो तू खुद भी तो कर सकती है न मेरी बुद्धू गुड़िया ..... आँचल हस्ती हुई कहती है
ममी माँ मैं तो भूल hi गयी थी ी लव यू ममी माँ मुझे याद दिलाने के लिए ...... अंजलि खुश होकर कहती है आवर आँचल को किश कर देती है
ठीक है तू अर्जुन को फ़ोन लगा मैं कॉफ़ी लेकर आती हुईं ..... आँचल कहती है आवर उठ कर किचेन की तरफ चल पड़ती है
आदि की माँ को जब होश आती है तो आदि की माँ खुद को एक रूम मैं पति है आदि की माँ उठ कर बीएड पर बैठ जाती है
आदि की माँ उस रूम को चरों तरफ देखने लगाती है उस रूम के दीवारों पर सिर्फ नंगी नंगी लड़की आवर जयादा उम्र की औरतों की फोटो होती है उस रूम की दीवारों पर नंगी नंगी फोटो देख कर आदि की माँ शर्म से अपनी आँखें निचे कर लेती है
आदि की माँ को इतनी शर्म महसूस होने लगाती है की आदि की माँ अपनी आँखे भी उठा नहीं पति है
हे देवी माँ कैसी परीछा ले रही है माँ मेरी मदद कीजिये मेरे बेटे आदित्य से मुझे मिलवा दीजिये मैं अपने बेटे को लेकर अपने घर चली जाउंगी मेरी मदद कीजिये देवी माँ ..... आदि की माँ निचे सर किये hi मन मैं बिनती करती है
आदि की माँ सोच रही होती है तभी रूम का गेट खुलता है आवर एक आदमी अंदर आता है ........ गेट खुलने की आवाज़ सुन कर आदि की माँ गेट की तरफ देखती है तो एक आदमी खड़ा होता है उस आदमी के चहरे पर मास्क होता है जो उस आदमी का चेहरा दिख नहीं रहा होता है वह आदमी पहले गेट को बंद करता है आवर आदि की माँ की तरफ बढ़ने लगता है
आदमी को अपनी तरफ आते हुआ देख कर आदि की माँ की जिस्म मैं सनसनी सी मच जाती है आवर आदि की माँ फ़ोन पे उस आदमी के साथ हुई बातों को याद करने लगाती है की कैसे वह आदमी गन्दी बाते कर रहा था ये सोच कर आदि की माँ अपनी दोनों हाँथ से साड़ी को जिस्म पर पकड़ लेती है
वह आदि आकर बीएड पर बैठ जाता है आदि की माँ की बगल मैं आवर अपने हाँथ को धीरे धीरे आदि की माँ की जिस्म की तरफ लेकर जाने लगता है
आदमी के बगल मैं बैठने से hi आदि की माँ की जिस्म कैंप सी जाती है ऊपर से उस आदमी की हाँथ को अपनी जिस्म की तरफ आते देख कर आदि की माँ बीएड से थोड़ी आगे बढ़ जाती है
भगवन के लिए मेरे बेटे को मुझे लौटा दो मैं अपने बेटे से एक बार मिलना चाहती हुईं .... आदि की माँ रोटी हुई कहती है
आदि की माँ रोटी हुई कहती है मगर वह आदमी कुछ बोले hi अपना एक हाँथ आदि की माँ के कमर पर रख कर सहला देता है जो आदि की माँ सिसक पड़ती है आवर बीएड पर आवर भी पीछे की तरफ चली जाती है
जो मर्ज़ी करे मेरे साथ कर लेना मुझे आज तक मेरे पति के अलावा किसी ने नहीं छुआ है मगर मेरे बेटे से एक बार मिलवा दो मैं तुम्हारे सामने हाँथ जोड़ती हुई ....... आदि की माँ बोलती हुई हाँथ जुड़े देती है
मिलवा दूंगा उससे पहले तुम मेरा साथ दो मैं पहले तेरी इस मस्त जवानी का मज़ा लेना चाहता हुईं अगर तुझे तेरे पति के अलावा किसी ने नहीं छोड़ा है तो तेरी छूट मैं बहुत आग लगी होगी मैं तेरी छूट की आग मैं अपने लैंड को जलना चाहता हुईं
hhhhhhhhhh तेरी ये जवानी इतनी गर्म है तो तेरी छूट मैं कितनी गर्मी होगी ...... वह आदमी आदि की माँ को पीछे से पकड़ कर कहता है आवर आदि की माँ के गले को चूमने लगता है
अचानक पीछे से पकड़ने से आदि की माँ सिहर सी जाती है आवर आदि की माँ सिसक पड़ती है
वह आदमी आदि की माँ को पूरी तरह से अपने बाँहों मैं पकड़ लेता है आवर अपने दोनों हाथों से आदि की माँ की नरम मोलायम पेट को समझने लगता है
आदि की माँ उस आदमी से दूर भागने की कोशिश करती है मगर वह आदमी बहुत hi मज़बूती से पकड़ लेता है जो आदि की माँ दूर नहीं हो पति है
वही वह आदमी आदि की माँ को चूमते hi चला जाता है आवर आदि की माँ की पेट को हलाहट हुआ मसल भी रहा होता है
वह आदि आदि की माँ की पेट को मसलते हुआ अपना हाँथ जैसे hi चुकी के करीब लता है आदि की माँ पूरी ताकत से उछाल पड़ती है आवर बीएड से उतर जाती है जिससे वह आदमी बीएड पर गिर पड़ता है
साली रांड जयादा नखरे मत कर अपने बेटे से मिलना चाहती है तो मेरा साथ दे नहीं तो भूल जा अपने बेटे को ...... वह आदमी गुस्से मैं कहता है
आदि की माँ गेट के पास जाते जाते वही रुक जाती है आदि की माँ की दिल की धड़कन बहुत तेज़्ज़ चल रही होती है आवर आदि की माँ की आँखों मैं आंसू की बूंदें आ जाती है आदि की माँ अपने बेटे के लिए वही पर मूर्ति की तरह कड़ी रह जाती है
वह आदमी उठ कर आदि की माँ के करीब जाता है आवर आदि की माँ को फिर से पकड़ कर गले को चूमने लगता है
वह आदमी आदि की माँ को मुंह से चूमते हुआ आदि की माँ की गले पे राखी हुई आँचल को दांत से खिंच कर सरका देता है जिससे आदि की माँ की आँचल सार्क कर निचे गिर जाती है
आँचल सरकते hi आदि की माँ एक बार फिर से उस आदमी से दूर चली जाती है
आदि की माँ थोड़ी दूर होकर अपनी आँचल पकड़ कर कड़ी रह जाती है
आदि की माँ की पहाड़ की तरह उफनती हुई चुकी दिखने लगाती है
आदि की माँ की उम्र 35 से 40 के करीब होने के बाद भी उनकी जिस्म जवान लड़कियों की तरह होती है चुकी भी इतनी टाइट होती है की बलाउज मैं तानी हुई होती है जिसको देखते hi पकड़े बिना कोई भी खुद को रोक नहीं सकता है सामने चाहे बीटा hi क्यू न हो
आदि की माँ की पेट भी एकदम चिकनी होती है ऊपर से आदि की माँ की आनर की तरह गोल नाभि जिसमे शराब दाल कर पिने कर दिल करे आएसी दिख रही होती है
आदि की माँ की जिस्म को देख कर वह आदमी खुद को रोक नहीं पता है आवर वह आदमी इस बार आदि की माँ के आगे आ जाता है आवर आदि की माँ के सामने बैठ कर आदि की माँ की पेट पर हाँथ फेरने लगता है
ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह कसम से कहता हुईं तेरी जिस्म मेरी जान निकल रही है ह्ह्हह्ह्ह्ह क्या नरम है तेरी ये जिस्म hhhhhhhhhh तू मेरी बीवी होती तो अभी तक तेरी ये जिस्म इतनी गर्म नहीं होती मैं तुझे छोड़ छोड़ के तेरी इस मदमस्त जिस्म की साडी गर्मी निकल देता
तेरी जिसममें इतनी गर्मी है तो तेरी ये छूट तो जल रही होगी हहहहहहहजहहहहहहहह ..... वह आदमी आदि की माँ की पेट को मसलते हुआ अपना एक हाँथ आदि की माँ की छूट के ऊपर रख देता है आवर ह्ह्हह्ह्ह्ह करते हुआ हटा भी लेता है जिसे उस आदमी का हाँथ hi जल गया हो
छूट के ऊपर हाँथ रखने से hi आदि की माँ की जिस्म मैं सनसनी सी हो जाती है आवर आदि की माँ की दोनों पेअर कंपनी लगती है आदि की माँ की मुंह से गर्म गर्म शैशे निकलने लगती है आदि की अचानक सिसकते हुआ बैठ जाती है
हहहहह साली रैंड तू सच मैं बहुत गर्म औरत है चल आज मैं तेरी साडी गर्मी निकल देता हुईं ..... वह आदमी बोलता है आवर निचे बैठी हुई आदि की माँ को अपने बाँहों मैं उठा लेता है
आदि की माँ जिस्म अब आग की तरह जल रही होती है आदि की माँ की आँखों मैं भी एक मदहोशी सी छै हुई होती है आदि की माँ उस आदमी की बाँहों मैं पड़ी बस सिसक रही होती है
वह आदमी आदि की माँ की गर्दन को चूमते हुआ बीएड पर पटक देता है बीएड पर गिरते hi आदि की माँ शर्म से अपनी सर निचे कर लेती है जैसे आदि की माँ को आगे पता हो क्या होने वाला है जो आदि की माँ भी अब वही छह रही हो
वह आदमी अपना कुरता निकल कर बीएड पर एक पेअर रक्त hi है की कोई रूम मैं का गेट पीटने लगता है
कौन है मक छोड़ साला .... वह आदमी गली देते हुआ बोलता है आवर गेट खोलने के लिए चल देता है
वही आदि की माँ अपनी साड़ी को ठीक कर के अपनी जिस्म पर रख लेती है
कौन है बस क्या हुआ ..... वह आदमी के खुलते hi बोलता है
बॉस अड्डे पर छपा पड़ा है आवर सारा मॉल पुलिस ने पकड़ लिया है आवर हम्हारे एक आदमी ने यह के बारे मैं भी बता दिया है पुलिस यह भी किसी भी वक़्त आ सकती है हमेह यह से जाना चाहिए बॉस लगता है पुलिस यह भी आ गयी है ..... दूसरा आदमी बोल hi रहा होता है की पुलिस की साइरन की आवाज़े सुनाई दे देती है
पुलिस की साइरन की आवाज़ सुन कर वह आदमी बिना आदि की माँ को देखे वह से निकल जाता है
कैसे भी कर के िनेह यह से निकल लेना वर्ण मैं तुझे जान से मार दूंगा ..... वह आदमी जाते हुआ कहता है आवर एक बार आदि की माँ को देख कर निकल जाता है
**********************************
दो पहर के 2 : 30 पं
अर्जुन की नींद पारी के रोने से खुल जाती है जो बीएड पर पारी रो रही होती है तो अर्जुन उठ कर पारी को गॉड मैं ले लेता है
हो हो क्या हुआ मेरी पारी रो क्यू रही है मेरी अच्छी पारी रट नहीं ओह ओह आजा मां के पास ..... अर्जुन पारी को गले लगते हुआ कहता है
अर्जुन पारी को लेकर रूम से निकल जाता है अर्जुन जब हॉल मैं जा रहा होता है तो किचेन से पूजा दीदी को आते हुआ देखता है
अर्जुन पारी को लेकर हॉल मैं चला जाता है
गुड़िया तुमने मां को उठा hi दिया न ..... पूजा दीदी हॉल मैं आकर बोलती है आवर टीवी को ों कर देती है
आज हम्हरे सहर के पुलिस ने कई जगह पर छपा मारा है आवर कई जगह से तरह तरह के हथियार बरामद हुआ है आवर एक बोतल मैं कई साडी महिलाएं मिली है
सप ने बताया के उस होटल मैं बहुत सी औरते भी धंधा करती है भी पकड़ी गयी है जब पुलिस ने उन सभी औरतों को होटल से पुलिस ने पकड़ा तो उनमें से एक औरत को बचने की एक औरत ने कोसिस किया जो सप ने उस औरत को भी हिरासत मैं ले लिया है उस औरत का नाम हमेह अभी पता तो नहीं चली है मगर वह औरत लखन पूरी की रहने वाली है आवर लखन पूरी की ठकुराइन भी है आगे जैसे जैसे हमेह पता चलेगा हम आप को साडी ख़बरें पहुंचते रहेंगे तब तक बने ने रहे हम्हरे साथ ..... टीवी पर रिपोर्टर इतना बोलता है आवर फिर अड़ आने लगता है वही
लखन पूरी का नाम सुनते hi पूजा आवर अर्जुन एक दूसरे को देखने लगते है पूजा दीदी की तो आँखे hi बड़ी हो जाती है
अर्जुन कही वह राखी माँ तो नहीं है ..... पूजा दीदी हैरान होती हुई बोलती है
अर्जुन कुछ बोले बिना hi पूजा दीदी के घर से निकल पड़ता है पूजा दीदी भी अर्जुन के साथ जाने को होती है मगर अर्जुन जाते हुआ पूजा दीदी को मन कर देता है आवर बाइक लेकर निकल पड़ता है
दो पहर के 3 :पं
पुलिस स्टेशन बहुत से औरते बैठी हुई होती है वही आदि की माँ भी बैठी हुई होती है आदि की माँ की आँखों से आंसू रुक नहीं रही होती है आवर आदि की माँ थोड़ी बहुत कनाप भी रही होती है
आदि की माँ ये सोच सोच कर आवर भी रो रही होती है की जब उनकी रिश्तेदार लोगों को पता चलेगा तो वह लोग क्या क्या बाटे करेंगे आदि की माँ इस बात को सोच कर आवर भी रो रही होती है
आदि की माँ इतने अच्छे से अपने ससुराल मैं रहती थी की आदि की माँ को बस अपने घर के लोगों के सामने hi अपनी चेहरा दिखती थी वर्ण जब को रिश्तेदार बड़े उम्र का मर्द घर मैं आते थे तो आदि को माँ घूँघट दाल कर उनके सामने जाती थी आदि की माँ इतनी संस्कारी औरत थी मगर आज आदि की माँ उन बदनाम औरतों के बिच बैठी हुई होती है आदि की माँ बेबसी से रोटी हुई सामने की तरफ देखती रहती है क्यू की कुछ दुरी पर राखी देवी एक पुलिस वाले से बात कर रही होती है
मेम आप समझ क्यू नहीं रही है वह औरत हमेह होटल की रूम से मिली है आवर वह उसी हालत मैं मिली थी जिस हालत मैं एक रंडी होती है हम उससे छोड़ नहीं सकते है वह एक रंडी है जो पैसों के लिए कही भी तंग खोल देती है .... पुलिस वाला राखी देवी की चुकी को घूरते हुआ कहता है
आप झूट बोल रहे है वह औरत मेरे घर के बगल की रहने वाली है आवर वह एक टीचर है वह मेरे साथ hi सहर आई थी आवर आज हमेह सहर hi रुकना था तो मैंने hi उसे होटल मैं रूम लेने को बोली थी आप उस औरत को क्यू बदनाम कर रहे हो फिर से अगर उस औरत को गली दिया तो अच्छा नहीं होगा ..... राखी देवी थोड़ी तेज़ आवाज़ मैं कहती है
ये तुम्हारी हवेली नहीं पुलिस स्टेशन है जयादा छिलाई तो तुझे भी उन सब के साथ बैठा दूंगा आवर तू मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकती है निकल यह से ..... पुलिस वाला कुर्सी से खड़ा होकर राखी देवी की आँखों मैं देखते हुआ कहता है
भड़वे भूल मत वह गाओं की ठकुराइन है आवर हमेशा hi रहेंगी मगर तू एक नौकर है आवर तेरे जैसे कितने नौकर इनके सामने सर झुका लेते है .... क्या बोल रहा है तू िनेह ..... राखी देवी थोड़ी दर कर पीछे की तरफ हो जाती है
तभी पीछे से एक आवाज़ आती है जो पुलिस वाला तो गुस्से से लाल हो जाता है मगर राखी दिया के चहरे पर जो अभी थोड़ी दर होती है वह चली जाती है आवर एक मुस्कान आ जाती है
राखी देवी जो अभी थोड़ी पीछे की तरफ हो गयी होती है अब राखी देवी बिना कोई दर के पुलिस वाले के सामने कड़ी हो जाती है
वही वह लड़का आकर राखी देवी के सामने खड़ा होकर राखी देवी का हाँथ पकड़ लेता है जिससे राखी देवी के चहरे पर आवर भी ख़ुशी आ जाती है आवर राखी देवी बस उस लड़के को देखने लगाती है
**********************************
गीता बीटा गुड़िया नहीं दिख रही है कहा है वह .... आँचल हॉल मैं आकर कहती है जो अभी गीता हॉल मैं टीवी देख रही होती है
ममी माँ गुड़िया सायद अपनी रूम मैं होगी ...... गीता कहती है
ठीक है बीटा मैं गुड़िया को देखती हुईं वह दिन भर रूम मैं है उसकी तबियत तो ठीक है न ...... अंचल कहती है आवर अंजलि की रूम की तरफ चल पड़ती है
वही गीता भी टीवी बंद कर के आँचल के पीछे चल पड़ती है
क्या हुआ आज मेरी नटखट गुड़िया इतनी उदास क्यू है ...... आँचल कहती है
आँचल अंजलि के रूम मैं जब जाती है तो देखती है अंजलि उदास होकर सोइ हुई होती है तो आँचल अंजलि की सर उठा कर अपनी जांघ पर रख लेती है

ममी माँ गुड़िया को सायद जोखम हो गया है अब तो इंजेक्शन देना पड़ेगा बिना इंजेक्शन के गुड़िया की जोखम ठीक hi नहीं होती है ...... गीता आँचल के पीछे बैठ कर बोलती है
ममी माँ दीदी झूट बोल रही है मुझे कोई जोखम वखम नहीं हुआ है ...... अंजलि आँचल की जांघ से झट से उठ कर बोल पड़ती है
अंजलि के हड़बड़ा कर उठ कर बोलना देख कर गीता आवर आँचल दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा पड़ती है
गीता मेरी गुड़िया को जोखम नहीं हुआ है समझी तू तो बस एहि चाहती रहती है मेरी गुड़िया को इंजेक्शन लग जाये क्यू की तू अच्छे से जानती है मेरी गुड़िया इंजेक्शन से कितनी डर्टी है
देख मेरी गुड़िया बिलकुल ठीक है ...... आँचल फिर से अंजलि को अपने गॉड मैं लेकर बोलती है
आप ठीक कह रही है ममी माँ दीदी बस मुझे इंजेक्शन दिलवाना चाहती है मैं कोई इंजेक्शन नहीं दिलवाने वाली हुईं कितना दर्द होती है दीदी को क्या पता इंजेक्शन लगवाने मैं ... अंजलि मुंह बना कर कहती है
हां मुझे पता है मैं भी इंजेक्शन नहीं लगवाती हुईं .... मेरी गुड़िया इतनी उदास क्यू है ..... आँचल कहती है
ममी माँ मुझे अर्जुन की चिंता हो रही है वह जब से गया है एक फ़ोन भी नहीं किया है ...... अंजलि कहती है
ओह मेरी गुड़िया इस लिए उदास है सायद अर्जुन को टाइम hi नहीं मिला हो फ़ोन करने का ..... गुड़िया अर्जुन ने फ़ोन नहीं किया तो तू खुद भी तो कर सकती है न मेरी बुद्धू गुड़िया ..... आँचल हस्ती हुई कहती है
ममी माँ मैं तो भूल hi गयी थी ी लव यू ममी माँ मुझे याद दिलाने के लिए ...... अंजलि खुश होकर कहती है आवर आँचल को किश कर देती है
ठीक है तू अर्जुन को फ़ोन लगा मैं कॉफ़ी लेकर आती हुईं ..... आँचल कहती है आवर उठ कर किचेन की तरफ चल पड़ती है