Romance Sex kahani - Ek Bhool 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Romance Sex kahani - Ek Bhool 2

hotaks

Administrator
Staff member
Joined
Dec 5, 2013
Messages
139,886
फ्रेंड्स आप सभी के लिए और अपने लिए भी लिखने जा रहा हु एक और नयी रोमांटिक story...Ummeed है मेरे पुराने की स्टोरीज की तरह ये स्टोरी भी आप सब को पसंद aayega...Aur मुझे वैसा hi साथ मिलेगा जैसे आज तक आप सभी ने दिया है.

मेंटालिटी, एक भूल, कसम और ख्वाहिशें के बाद ये मेरा फिफ्थ स्टोरी hai...Aur पूरी कोशिश करूँगा की आप सब को स्टोरी पसंद आये और कम्पलीट करने ki...Aaj तक सभी स्टोरी को कम्पलीट किया है और इससे भी कम्पलीट जरूर करूँगा.

नोट; 1) फ्रेंड्स इस स्टोरी में ट्रैजिक सीन्स ज्यादा है तो शायद आप सब कम्फर्टेबले ना फील kare...Agar आप को ट्रैजिक लव स्टोरीज पसंद नहीं है तो प्लीज आप स्किप कीजिये स्टोरी को.

2) अब्ब शायद hi मई पहले की तरह क्विक उपदटेस दे पाउ :(...अब्ब लाइफ में कुछ ज्यादा hi बिजी हो गया hun...Story स्टार्ट किया है तो स्टोरी को टाइम देने की पूरी कोशिश karunga...Updates 2, 3 दिन के गैप में aayenge...Aur कभी ज्यादा लेट हो गया तो 1 वीक tak...Isse ज्यादा डिले नहीं करूँगा.

अगर आप इस से कम्फर्टेबले है तो अपनी तरफ से बेस्ट स्टोरी लिखने का कोशिश करूँगा. :थैंक्यू:

थिस स्टोरी इस नॉट ा सीक्वल ऑफ़ एक भूल.
 
अपडेट 1

एक लड़का जो अभी तैयार हो कर कही बाहर निकलने hi वाला था की पीछे से आ रही आवाज सुन कर रुक जाता है.

कहा जा रहे हो भैया ऐसे सज धज के?

वो लड़का पीछे अपनी बहिन की तरफ ghuma...Aur मुस्कुराते हुए bola...Guess कर!!!

शायद किसी पार्टी में जा रहे है आप.

लड़का अपना सर पर हाथ मार kar..."Sirf पार्टी में जाते वक्त सूट नहीं पहनता हूँ."

तो क्या आप अब्ब आवारा गर्दी करते वक्त भी सूट पेहेन्ने लगे.

अरे नहीं.

तो फिर?

तेरी भाभी को प्रोपोज़ करने जा रहा हूँ.

लड़का दांत दिखा कर बोलै.

पापा को बताती hun...Rukiye अभी.

डरता हूँ क्या?

लड़का भी शान से बोलै.

Papa...Papa.

अपनी बहिन की आवाज और तेज होता देख...

रुक जा मेरी Maa...Marwayegi क्या?

लड़का का हालत एकदम से भीगी बिल्ली जैसा हो gaya...Uski बहिन भी अब्ब उससे देख हांसे जा रही थी.

आल थे बेस्ट भैया!!! :तुम्बुप:

थैंक यू :)

फिर वो लड़का चला गया अपने मंजिल की taraf...Yani की अपने प्यार का इजहार करने.

Hi कीर्ति.

एक पार्क में पहुँचते hi लड़के ने मुस्कुरा कर कहा.

कीर्ति:- क्यों बुलाया यहाँ मुझे?

कीर्ति की जवाब में कोई भाव नहीं था.

लड़का:- कुछ बात बताना tha...Bahut ख़ास.

कीर्ति:- बोलिये जल्दी.

लड़का अब्ब बिना कोई देर किये पॉकेट से एक रोज निकल कर कीर्ति की तरफ बढ़ा देता है.

लड़का:- खुद से और झूठ बोल नहीं saka...Naa चाहते हुए भी तुमसे आखिर प्यार कर hi baitha...Tumhare प्यार का असर ऐसा है की सुबह शाम तुम hi दिखती ho...Har वक्त तुम्हे hi दिल में रखने का मन करता hai...Tumhari एक झलक पाने के लिए दिल तरस जाता hai...Tumhe देख लेने के बाद hi सुकून मिलता है इस दिल को.

दिल में तो तुम पहले से hi ho...Mera अब्ब एक hi ख्वाहिश है की तुम्हे अपने पलकों पर बिठा कर rakhu...Hamesha हमेशा के लिए.

क्या मुझे जिंदगी भर के लिए तुम्हारा साथ मिलेगा?

लड़का की आवाज में प्यार hi प्यार था अपने कीर्ति के liye...Saath hi एक घबराहट भी.

कीर्ति वो रोज लेती है और लड़का के उम्मीद के उल्टा उस रोज को अपने संदल से कुचल देती है.

लड़का:- ये तुम?

कीर्ति:- श्रुति को जानते है आप?

लड़का:- हाँ.

लड़का ने डरते हुए kaha...Dar इस बात का था की कही कीर्ति कुछ गलत ना समझ ले.

कीर्ति:- और प्रीती.

लड़का:- Haan...Lekin तुम.

कीर्ति:- और कीर्ति.

लड़का:- Haan...Tum.

कीर्ति:- अब्ब श्रुति और प्रीती के बाद मेरा टर्न है ना?

कीर्ति गुस्से में दर्द के साथ बोली.

लड़का:- Nahi...Tum गलत समझ रही हो.

कीर्ति:- आप जान 6 की रात श्रुति के साथ कहा थे?

लड़का कुछ बोल नहीं पाया.

कीर्ति:- जान 8 की रात प्रीती के साथ?

लड़का कुछ बोलता उससे पहले.

कीर्ति:- फिर भी मई गलत hi समझ रही हूँ ना? इतना बेवकूफ समझ रहे है आप मुझे?

लड़का कुछ बोल नहीं पा रहा tha...Usse समझ में hi नहीं आ रहा था की कैसे कीर्ति को समझाए.

कित्ती:- बहुत प्यार करती थी aapse!!!Lekin aap...Aapne तो मेरा दिल hi तोड़ दिया. :(

जब मैंने आपको प्रोपोज़ किया और आपने मन कर दिया फिर भी मई आपके पीछे पड़ी rahi...Ye सोच कर की कभी तो आपका दिल मेरे लिए dhadkega...Aapko भी मुझसे प्यार हो जाएगा.

आज धड़का तो भी एक हवस के रूप में!!!

आपके बारे में सब गलत बोलते thhe...Lekin मई नहीं मानती thi...Hamesha आप में अच्छाई hi दीखता tha...Pyar करती थी naa...Pyar अँधा होता hai...Shayad इसी वजह से अंधी हो गयी थी.

आप सच में बदल gaye...Itna बदल गए की आप अब्ब मुझे भी हवस की नजर से देखने लगे.

माफ़ kijiye...Mai आपकी टाइप की नहीं.

कीर्ति रट हुए boli...Dil का दर्द अब्ब आँखों से बाहर आ रहा था उसकी.

लड़का:- मई तुम्हे समझा सकता hun...Please मेरी बात ध्यान से सुन्ना.

कीर्ति:- नहीं सुन्ना मुझे आपकी कोई baat...Aap एक धोखेबाज़ है.

इतना कह कर कीर्ति वो रोज उस लड़के की मुंह पर मार कर चली जाती है.

लड़का:- प्लीज मेरी बात सुनो.

लड़का भी कीर्ति के पीछे चल pada...Ek बार कीर्ति की कंधे पर हाथ रख कर उससे बुलाने की कोशिश किया तो.

कीर्ति:- छूना मत मुझे.

कीर्ति की आवाज इतना तेज था की वो लड़का भी दर gaya...Abb कीर्ति के गुस्सा और नफरत के सामने वो टिक नहीं पाया.

बस कीर्ति को अपनी जिंदगी से दूर जाता देख रोने laga...Aaj बहुत मजबूर था wo...Aankh इतना भर आया की सामने कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था.

सिर्फ कानो में कुछ सुनाई दे रहा तह "आप धोखेबाज़ hai...Hawas के पुजारी hai."...Bas यही बात उसको बार बार सुनाई दे रहा था.

जब दिल का दर्द संभल नहीं पाया तो वो उसी जगह पर गिर गया लाचार और मजबूर हो कर.

सारे अरमान सारे सपने एक hi पल में टूट gaye...Aaj फिर प्यार में वो हार gaya...Na जाने जिंदगी के और कितने इम्तेहान देना बाकी था उससे.

यार एक तुम hi तो ho...Jo मुझ पर भरोषा करती thi...Pyar करती thi...Pyar करना तुमसे hi सीखा hai...Aur आज जब तुम से प्यार हो गया तो तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho...Nahi मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया hai...Aur हवस नहीं सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे.

तुम्हारे बिना जी नहीं paaunga...Wapas आ जाओ yaar...Hamesha तुम्हे अपने दिल में बिठा कर रखूँगा.

एक मौका तो दो मुझे अपनी बात कहने kaa...Mera प्यार का एहसास कराने ka...Please...Only ओने चांस.

2 इयर्स लेटर
 
अपडेट 2

क्या हुआ यार? ऐसे अकेले क्यों बैठा है?

कैंटीन के एक कोने में बैठा राज को देख उसके दोस्त आकाश उसके पास जा कर बोलै.

राज को कुछ ना बोलता देख आकाश फिर बोलै.

आकाश:- सब खा कर जा चुके hain...Sirf तू hi बैठा है.

राज:- तो क्या करू? अब्ब मई बाकी लोगो की टाइम टेबल की हिसाब से चालू.

राज की बातों में इर्रिटेशन था.

आकाश:- मेरा वो मतलब नहीं tha...Time बहुत हो चूका hai...Next क्लास एनाटोमी का hai...Attend करने का प्लान नहीं है क्या?

आकाश की इस बात से राज का फ़्रस्ट्रेशन और भी बढ़ गया.

राज:- साला जिंदगी बेकार हो चूका hai...Ek तो कीर्ति का tension...Upar से ये पढाई.

अच्छी खासी जिंदगी की वाट लग चुकी है.

राज उदास हो कर क्लास की तरफ चलने लगा.

आकाश:- कीर्ति अभी तक नहीं मानी क्या?

राज:- अब्ब तो मेरी तरफ देखती भी नहीं है.

आकाश:- एक बार अच्छे से माफ़ी मांग ले यार उससे.

राज गुस्सा भरी नजर से आकाश को देखता है और फिर.

राज:- माफ़ी मांग मांग कर थक चूका hun...Kabhi एक मौका तो दे wo...Lekin नहीं.

भूल हो गयी yaar...Lekin सब सही करने का मौका hi नहीं milta...Thak चूका हूँ अब्ब तो इस प्यार के चक्कर से.

प्यार से hi नहीं अपने जिंदगी से hi थक चूका हूँ.

राज खुद को बहुत हारा हुआ महसूस करता है.

आकाश:- हिम्मत rakh...Sab कुछ सही हो जाएगा.

राज:- अब्ब हिम्मत hi नहीं है मुझमे.

एक नजर आकाश को देखने के बाद.

राज:- बहुत वक्त से जानता हूँ कीर्ति ko...School लेवल se...Mujhse 1 क्लास जूनियर thi...Kisi ना किसी extra-curicular एक्टिविटीज में मुलाकात हो hi जाता tha...Lekin उस वक्त कोई मतलब नहीं diya...Yaha तक की बात भी नहीं किया था.

और जब वो 11 में भी मेरे hi कॉलेज में थी तो मुलाकात बढ़ने लगी, बात चीत सुरु होने lagi...Aur उसमे भी जवानी के badlaaw...Dhire धीरे उसकी तरफ अत्त्रक्ट हो hi gaya...Aur ये अट्रैक्शन कब प्यार में बदल गया पता hi नहीं चला.

और जब रीलीज़ हुआ मुझे मेरे प्यार का तो तब तक बहुत देर हो चूका tha...Tab तक बहुत बड़ी भूल कर चूका tha...Aur वही भूल है जिसकी वजह से कीर्ति आज तक मुझसे नाराज है.

फिर दोनों क्लास में पहुँच जाते है.

आकाश सिर्फ राज की बात सुन्न रहा था और समझने की कोशिश कर रहा tha...Naye लेवल और नया कॉलेज tha...Aur दोस्ती भी nayi...Ek हफ्ते की dosti...Itne वक्त में भी राज और आकाश बहुत अच्छे दोस्त बन चुके थे.

राज:- मई वे के इन सर?

राज की इस बात पर प्रोफेसर अपना घडी देखते है और फिर राज और आकाश को घर कर.

प्रोफेसर:- यस के इन.

दोनों जा कर अपने सीट पर बैठ जाते hai...Fir सुरु होता है प्रोफेसर और स्टूडेंट्स के बिच सवाल जवाब का दौर.

जब राज का टर्न आता है तो वो कुछ जवाब नहीं दे पाटा है.

प्रोफेसर:- यू अरे ओने ऑफ़ थे मोस्ट तेर्रिब्ले स्टूडेंट ी हैवे एवर seen...Kam से काम पिछले लेक्टर्स का hi कुछ जवाब दे देते.

राज की हालत पर सभी स्टूडेंट्स हसने लगते hai...Kuch देर तो राज बर्दास्त करता रहा लेकिन जब ये उसका कण्ट्रोल से बाहर हुआ तो.

राज:- Hanso...Aur hanso...Yahi मौका hai...Khush होने ka...Khid का जिंदगी चाहे जैसा भी हो दुसरो पर हसने से hi तुम सब को ख़ुशी मिलता hai...Aur हंसो.

राज ने काफी गुस्से से kaha...Aur उतना hi गुस्सा उससे प्रोफेसर का भी झेलना पड़ा.

क्लास में साइलेंस मेन्टेन करने के लिए उन्होंने राज को क्लास से निकाल दिया.

राज का भी पढ़ने का मन नहीं था तो बिना कुछ पूछे वो भी क्लास से निकल गया.

जाते वक्त लास्ट रौ में बैठी कीर्ति पर एक नजर daala...Uske चेहरे में कोई भाव नहीं tha...Ye देख राज को एक बार फिर दिल में दर्द हुआ.

राज:- (इन हिज मंद) सच में कितना कठोर बन चुकी हो तुम? क्या इतना गलत हूँ मई?

यही सब सोच राज क्लास से बाहर निकल गया.

इन इवनिंग

सांझ में जब राज अपना सामान ले कर हॉस्टल पहुंचा तोह अपना रूम पार्टनर देख वो हैरान रह गया.

राज:- सुमित भैया आप?

हैरानी की hi तो बात tha...Jis सुमित भैया के बारे में वो जानता था वो तो बी. फार्मेसी के 2ंद ईयर में thhe...Lekin आज मब्ब्स के 1सत ईयर में उसके साथ उसके hi रूम पार्टनर के रूप में मिल रहे थे.

सुमित राज का उम्र के हिसाब से भैया tha...Rishta से nahi...Bachpann में दोनों एक hi गांव में रहते थे तो थोड़ा बहुत जान पहचान था.

सुमित:- अरे राज tu...Aa बैठ.

सामने की बीएड की तरफ इशारा कर सुमित ने कहा.

राज अभी भी सुमित को हैरानी से देख रहा था.

सुमित:- मन किया तो ज्वाइन कर लिया.

राज का हैरानी और भी बढ़ gaya...Man लगा तो करियर hi बदल liya...Log इतनी आसानी से अपने करियर के साथ कैसे खेल सकते हैं.

सुमित:- मई मानता हूँ की हमें लाइफ में स्ट्रैट फॉरवर्ड होना chahiye...Jindagi में सिर्फ आगे की बारे में सोचो.

और जिंदगी को अपने हिसाब से jiyo...Duniya जहां के बारे में सोच कर नहीं.

ठीक वैसा hi जब मन किया तो मब्ब्स ज्वाइन कर लिया बिना किसी बात की परवाह किये.

राज सुमित को समझने की कोशिश कर रहा था ये जान्ने के बावजूद भी की ये उसके बस की बात nahi...Sumit कब क्या कर जाए ये उसकी समझ से बाहर था.

[Friends abhi story ka plot aur character development kar raha hun...Abhi story apna main theme tragic romance aur thriller mein aana baaki hai...Thriller portion aate hi story ekdam se unexpected turn lega aur koshish karunga tragedy mein bhi aap sabko story mein engage karke rakh saku.]

आप सब को मकर संक्रांति की बहुत बहुत शुभकामना.
 
अपडेट 3

भाई अब्ब तो बस kar...Sab देख रहे है.

थोड़ा उनकंफर्टबले फील करते हुए आकाश ने कहा.

राज:- तो फिर?

आकाश:- अभी कीर्ति को घूरना बंद kar...Sab देख रहे है yaar...Kya सोचेंगे? तरह तरह की अफवाह फैलेंगे.

राज:- सोचने de...Mujhe क्या फर्क पड़ता hai...Logo के काम hi है sochna...Aur ये अफवाह nahi...Sach है की मई कीर्ति से प्यार करता हूँ.

आकाश:- लोगो का सोचने से फर्क नहीं padega...Lekin अगर कीर्ति बुरा मान गयी तो बहुत फर्क पड़ेगा.

आकाश का बस इतना hi कहना था की राज को कीर्ति का गुस्से से घूरना भी दिख गया.

राज को मज़बूरी में अपना नजर हटाना hi pada...Wo अब्ब उदासी से बुक को पेज टर्न करने लगता है.

कुछ देर में लेक्चर सुरु हो जाता hai...Kisi तरह राज अपना ध्यान लेक्चर पर देने की कोशिश करता hai...Lekin कर नहीं paata...Dimaag में सिर्फ एक hi बात घूम रहा tha...Aakhir कीर्ति को मनाये तो कैसे?

लेक्चर तो अपना फ्लो में चल hi रहा था की तभी कुछ ऐसा होता है जो सबको चौंका देता है.

"मई ी के इन सर?"

एक पल के लिए तो किसी को अपने कान पर विश्वाश नहीं hua...Gate की तरफ देखा तो एक लड़का था जो कुछ अलग hi दिख रहा था बाकी स्टूडेंट्स से.

थोड़ा लम्बा बाल, त्रिम्मेद बियर्ड और आँखों में ब्लू कलर्ड गॉगल्स, एक T-shirt जिसके ऊपर ओपन लाठर जैकेट, हाथों में एक बड़ा सा घडी और निचे ग्रुंजे जीन्स के साथ लाठर शूज.

ये लड़का कोई और नहीं बल्कि सुमित था.

सुमित को जैसे hi कुछ रीलीज़ हुआ उसने अपना गूगल उतार कर फिर पूछा.

सुमित:- मई ी के इन सर?

प्रोफेसर अपना घडी देखते hai...Sumit 20 मिनट लेट था.

प्रोफेसर:- यस के इन.

सुमित जैसे hi अपने सीट की तरफ जाने लगता है तब.

प्रोफ्फ:- लेकिन पहले ये बताओ तुम हो कौन?

प्रोफेसर की इस बात पर सभी क्लास हसने लगते है राज को छोड़ kar...Lekin सुमित को भी कुछ फर्क नहीं पड़ता.

सुमित:- नाम तो सुमित hai..Lekin सब स्टाइट फॉरवर्ड सुमित बोलते hain..Shortcut में SFS...Aur प्रोफेशन से मेडिकल Student...Issi बैच का और इसी क्लास का.

सुमित ने भी बिंदास जवाब दिया.

प्रोफ्फ:- स्टूडेंट हो? लेकिन आज से पहले तो कभी देखा नहीं क्लास में तुम्हे?

गुस्से से प्रोफेसर ने pucha...Pehle hi सुमित लेट था और ऊपर से उसके बात करने का तरीका. :माध:

सुमित:- वो इस लिए क्यों की मई आज फर्स्ट टाइम लेक्चर अटेंड करने आ रहा हूँ.

प्रोफ्फ:- क्या मई वजह जान सकता हूँ?

सुमित:- वजह कुछ खास नहीं hai...Lectures मुझे बोरिंग लगता hai...Isse बेहतर अपने रूम में बैठ कर पढ़ लू.

प्रोफ्फ:- तो कॉलेज में एडमिशन क्यों लिया?

प्रोफेसर का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था.

सुमित:- मब्ब्स की डिग्री के लिए.

प्रोफ्फ:- और नॉलेज?

सुमित:- वो सेल्फ स्टडी से.

प्रोफ्फ:- अच्छा देखता हूँ कितना नॉलेज है तुम्हारे पास सेल्फ स्टडी से.

फिर प्रोफेसर क्वेश्चन फायरिंग करने लगते hai...Aur शॉकिंगली सुमित सभी क़ुएस्तिओन्स का आंसर देता है बड़े आराम से. :डी

सभी स्टूडेंट्स का मुंह खुला का खुला रह जाता है समीर का आंसर और कॉन्फिडेंस देख.

थक हार कर.

प्रोफ्फ:- अगर इतना hi नॉलेज है तो आज लेक्चर क्यों ए?

सुमित:- हॉस्टल मई बोर हो रहा था akele...Iss लिए.

प्रोफेसर का हालत ऐसा हो गया था जैसे वो कभी भी रो देंगे.

प्रोफ्फ:- तुम्हे पता hi होगा एक्साम्स में क्वालीफाई करने के लिए अटेंडेंस भी चाहिए.

सुमित:- आज वो भी देख कर jaaunga...Jitna परसेंट अटेंडेंस की जरुरत है उसी हिसाब से कॉलेज आऊंगा.

प्रोफेसर को भी लगा की वो सुमित को और झेल नहीं पाएंगे.

प्रोफ्फ:- Ok जो तो योर seat...Already वे अरे लेट.

सुमित भी जा कर पढाई पर ध्यान देने लगता है.

लेक्चर फिर से चलने लगता है की तभी.

सुमित:- सर ी हैवे ा क्वेश्चन?

इतना कह कर सुमित क्वेश्चन पूछता hai...Question सुन कर प्रोफेसर भी चौंक जाते है.

प्रोफ्फ:- बीटा थोड़ा काम पढाई किया karo...Ye मब्ब्स लेवल का नहीं मद का hai...Agar फिर भी आंसर चाहिए तो मेरे ऑफिस में aao...Clear कर dunga...Yaha लेक्चर में टाइम वास्ते होगा.

फिर प्रोफेसर पढ़ाने लगते hai...Aur बाकी की क्लास आराम से कम्पलीट हो जाता है.

ऐसे hi 2, 3 लेक्टर्स भी ख़त्म हो जाता hai...Unn लेक्टर्स का प्रोफेसर भी सुमित के क्वेश्चन का शिकार हो जाते है.

ात लंच टाइम

कुछ स्टूडेंट्स कैंटीन की तरफ जाते है तो कुछ स्टूडेंट्स सुमित के पास आते है दोस्ती करने के liye...Unn में से कुछ लड़कियां भी थी.

जब दोस्ती करने वाले स्टूडेंट्स की लाइन ख़त्म होता है तो लास्ट में एक लड़की आती है.

लड़की:- Hello Sumit...I ऍम...

वो कुछ कहती उससे पहले hi.

सुमित:- Hi ब्यूटी क्वीन.

सुमित की इस बात पर कहने की अंदाज़ से वो लड़की गुस्सा हो जाती hai...Gusse में वो आगे चली जाती है.

थोड़ा आगे जा कर सुमित की तरफ मुड़ती है.

सुमित अभी भी उसी लड़की को देख रहा tha...Uski होंठो में मुस्कान था तो आँखों में ढेर सारा प्यार.

ये देख वो लड़की और भी गुस्से के साथ आगे बढ़ जाती है.

आज पुरे क्लास में सुमित गॉसिप मटेरियल tha...Sabhi उसी के बारे में बात कर रहे थे.

राज के अलावा सुमित सब को अजीब और यूनिक लग रहा tha...Raj जानता था की सुमित कब किसी को चौंका दे कुछ पता hi नहीं चलता.

राज अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में बैठा था.

मनीष:- यार Raj...Tu वो आशा को घर क्यों रहा था?

मनीष की बात से राज बुरी तरह चौंक जाता hai...Wo कुछ कहता इससे पहले hi.

रोहित:- अबे nahi...Wo आशा nahi...Kirti thi...Uske hi साइड में बैठी थी.

मनीष:- नहीं ये आशा को hi घर रहा था.

मनीष इतना कह कर रोहित को आँख मार देता है जो राज देख नहीं पाटा.

रोहित:- हाँ हाँ याद aaya...Ye आशा को hi घर रहा था.

मनीष:- वही to...Tu तो छुपा ृष्टं निकला यार राज.

रोहित:- आशा भाभी से बात करना padega...Bhai की सेटिंग जो करवानी है.

मनीष:- हाँ yaar...Chal चलते हैं.

राज:- अबे चुप.

जोर से राज बोलता hai...Aur गुस्से में भी.

राज:- देख रहा हूँ तब से फ़ालतू बकवास कर रहे हो तुम dono...Mai आशा को नहीं कीर्ति को देख रहा था.

ये कहते hi राज चुप हो जाता hai...Chori जो पकड़ा गया था. :डी

मनीष:- 2 दिन से मन कर रहा tha...Abb आया न लाइन में.

मनीष, आकाश और रोहित तीनो हसने लगता है.

राज:- अगर चिढ़ाना hi है तो कीर्ति की नाम jod...Mujhe भी अच्छा लगेगा.

ये कह कर राज भी साथ में हसने लगता hai...Dil के दर्द को तीनो से छुपा कर. :(

दूसरी तरफ...

आशा:- क्या बात है कीर्ति? राज तो तुझ पर पागल हो गया है...

आशा कुछ और बोलती उससे पहले hi.

कीर्ति:- नाम भी मत ले राज का.

बहुत गुस्सा और नफरत भरी आवाज में कीर्ति ने kaha...Fir आशा और हिम्मत जुटा नहीं पायी.
 
अपडेट 4

क्या बात है लड़के? आज कल तुझे भी इश्क़ वाली बीमारी हो गया hai...Kya कहते है वो diagnosis...Haan लोवेरिअ.

हँसते हुए पूछा सुमित ने.

राज:- छोड़िये ना भाई उस बात को.

ना खुस आवाज में राज ने कहा.

सुमित:- ऐसे कैसे छोड़ dun...Pyar हुआ है मेरे भाई ko...Majaak थोड़ी ना hai...Chal तेरा नैया पार लगा देता हूँ.

राज:- वो नहीं मानेगी.

राज का दिल का दर्द जुबान पर आ hi गया.

सुमित:- क्या लड़कियों की तरह रो रहा है? दो मिनट में बोल दाल साड़ी कहानी फिर देखता हूँ.

फिर राज अपना साड़ी कहानी सुमित को सुना देता है.

सुमित:- ऐसी चुतियापा करेगा तो उम्मीद कर भी कैसे सकता है.

क्या लगता है tujhe...Kirti आ कर तुझे बोलेगी.

"ी लव यू राज, तुम चाहे कुछ भी karo...Mai हमेशा तुमसे प्यार करती रहूंगी."

ये एक्सपेक्ट कर रहा है.

सुमित काफी गुस्से में bola...Jab अपना भड़ास निकला तो खुद सोचने लगा, "इतना गुस्सा तो वो पहले कभी हुआ hi nahi...To फिर आज इस छोटी बात पर."

फिर अपने मन में खुद को कहा.

सुमित:- "कीर्ति"

इतना सोचने हे बाद कुछ पल सुमित

राज को देखने लगा.

सुमित:- (इन हिज मंद) मुझे नहीं लगता इतनी जल्द तुम माफ़ कर paaogi...Kuch तो करना पड़ेगा.

राज:- मानता हूँ bhaiya...Bahut बड़ी भूल हुई hai...Lekin क्या एक मौका भी नहीं मिलेगा? कीर्ति भले hi मुझे माफ़ ना करे लेकिन कोई सजा तो de...Bhugatne के लिए तैयार hun...Lekin वो बात भी नहीं करती.

राज की दर्द और भी बढ़ता जा रहा था.

सुमित:- भरोषा rakh...Sab कुछ ठीक हो जाएगा.

सुमित भी अब्ब अपने अंदाज से उल्टा गंभीर आवाज में बोलै.

राज:- किस पर भरोषा करू? खुद par...Hajaar कोशिश कर चूका hun...Lekin कुछ नहीं कर पा रहा hun...Kabhi कभी तो लगता है दुनिया का सबसे बड़ा लूज़र मई hi hun...Kuch नहीं कर पा रहा हूँ.

और किस par...Kirti par...Abb तो हिम्मत टूटने लगा hai...Abb मई भी मानने पर मजबूर हो गया हूँ की कीर्ति मुझे कभी माफ़ नहीं करेगी.

और किस पर? ऊपरवाला par...Wo कभी मेरे नहीं sunenge...Galti hi मेरा hai...Shayad उन्हें भी लगता है की मेरा गलती माफ़ी लायक नहीं है.

राज की लाचारी उसकी बातों से झलक रहा था.

सुमित:- भरोषा रख राज.

अब्ब सुमित की आवाज में भी बदलाव आ रहा था.

राज:- कह दिया ना भगवन भी साथ नहीं है तो कैसे कुछ ठीक हो जाएगा वो भी भरोषा रखने से.

सुमित:- तू बहुत दूर की सोच रहा hai...Bhagwan को इतनी छोटी बात पर कौन पुकारता है? ऐसी छोटी बातों के लिए मई हूँ ना.

सुमित ने कॉन्फिडेंस के साथ kaha...Uski बात सुन कर राज भी हैरान रह गया.

राज:- ये छोटी बात है...

सुमित:- हाँ मेरे लिए.

सुमित की इस अंदाज़ पर राज को कभी गुस्सा आ रहा था तो कभी हैरानी.

राज:- आप मेरा मजाक उड़ा रहे है?

सुमित:- Nahi...Tum दोनों के प्यार को आसमान के सैर करने के लिए उड़ा रहा हूँ.

राज:- आपकी बातें मेरे समझ से बहार है.

सुमित:- तू बेफिक्र reh...Jald hi तुम दोनों को मिला दूंगा.

राज:- लेकिन कैसे?

सुमित:- मेरी बातें तेरे समझ में नहीं आता तो काम करने का तरीका क्या ख़ाक समझेगा?

इतना कह कर सुमित अपना हैडफ़ोन मोबाइल में लगा कर अपने कान में सेट करता है.

राज को कुछ देर से खुद की तरफ घूरता देख...

सुमित:- कह दिया naa...Jald तू सिंगल से मिंगले हो जाएगा.

राज को विश्वाश तो नहीं था लेकिन कही ना कही विश्वाश करने का दिल भी कर रहा tha...Kyuki सामने सुमित tha...Unpredictalbe एंड ुणिमागिनाब्ले.

राज:- लेकिन कब?

सुमित:- बहुत जल्द लेकिन पहले अपना तो जुगाड़ कर लू.

इस बार सुमित की होंठो में मुस्कान tha...Ek अनोखी muskaan...Jo राज के समझ से बाहर था.

Hello ब्यूटी क्वीन!!!

दांत दिखा कर सुमित ने उस लड़की को कहा.

सुमित की आवाज और बातें समझ कर वो लड़की अपने साइड में सुमित को देखती hai...Hairani और गुस्से से.

लड़की:- तुम?

सुमित:- हाँ माय ब्यूटी queen...Sumit...SFS...Full फॉर्म तो पता hi होगा.

लड़की:- लेकिन तुम यहाँ कैसे?

सुमित:- यहाँ सीट खली हो गया तो आ gaya...Socha तुम्हे कंपनी दे du...My ब्यूटी क्वीन.

लड़की:- ये ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन क्या लगा रखा है मेरा नाम....

सुमित:- मेघा.

मेघा:- तुम...

सुमित:- चौंक सकती ho...Lekin मुंह इतना भी मत खोलो की मच्चर घुस जाए.

मेघा इस बार कुछ नहीं kehti...Gusse में वो कुछ बोलने की हालत में नहीं थी.

सुमित:- क्लास के हर बेवकूफ का नाम पता hai...To फिर तुम्हारा नाम कैसे भूल सकता hun...Wo भी अपनी ब्यूटी क्वीन का.

मेघा:- तुम मुझे बार बार ब्यूटी क्वीन कहना बंद करो.

सुमित:- खुद से कैसे झूठ बोल सकता hun...Tum इतनी खूबसूरत हो की तुम्हे अग्ली क्वीन कहने का दिल नहीं कर रहा है.

मेघा अब्ब वह से उठ कर जाने लगती hai...Lekin उससे निराशा hi हाथ लगता hai...Aas पास के सभी सीट पैक था.

मजबूरन उससे वही बैठना पड़ता hai...Ek नजर वो सुमित को देखती है जिसके होंठो में मुस्कान tha...Wohi अनोखी मुस्कान.

ये देख मेघा अपना मुंह गुस्से से दूसरी तरफ कर लेती है और सोचने लगती है.

"कितना घटिया है ये लड़का? अगली बार कुछ बोलै तो पक्का मुंह नोच लुंगी इसका."
 
अपडेट 5

मेघा इंतजार करती hi रही सुमित की मुंह नोचने ki...Lekin इस बार इंतजार का फल कड़वा निकला :D...Megha की सोच से उल्टा सुमित कुछ नहीं बोलै.

धीरे धीरे क्लास स्टार्ट हुआ और दोनों के बिच बातें बिलकुल hi बंद हो चूका tha...Iss बिच मेघा ने एक भी बार सुमित को नहीं देखा था.

ऐसे hi एक बार जब उसकी नजर सुमित पर पड़ा तोह देख कर वो हैरान रह gayi...Sumit मोबाइल में गेम खेल रहा tha...Lecture पर फोकस तो दूर दूर तक नहीं tha...Aur वो उस एंगल में बैठा था की प्रोफेसर का नजर मुश्किल से उस पर पड़ता.

मेघा बिना कुछ कहे अपनी नजर घुमा लेती है.

ऐसे hi 2ंद लेक्चर में जब उसकी नजर सुमित पर पड़ता है तब सुमित प्रोफेसर का स्केच बना रहा tha...Funny type...Ye देख मेघा को हंसी तो आती है लेकिन सुमित के सामने खुल कर हंसती नहीं.

नेक्स्ट लेक्चर में देखा तो सुमित सू रहा था.

मेघा :- (इन हेर मंद) कितना अजीब लड़का है ये?

इसी तरह कॉलेज तिम्र ख़त्म हो जाता hai...Har लेक्चर में सुमित कुछ ऐसा करता की मेघा की बैरानी बढ़ते hi जा रहा tha...Kisi बी लेक्चर में उसका पढ़ाई से दूर दूर तक का कोई रिश्ता नहीं था.

आफ्टर लास्ट लेक्चर

मेघा:- कॉलेज पढ़ाई के लिए आते है.

सुमित:- लेकिन मई सोने के liye...Aisi ठण्ड मौसम में एक में सोने की मजा hi कुछ और है.

हॉस्टल में ये कॉलेज वालो ने एक भी एक नहीं लगाया hai...To आ गया यही बोरा बिस्तर ले कर.

सुमित ने दांत दिखा कर कहा.

मेघा:- ऐसे दिन में कौन सोता है?

सुमित:- मुझ जैसे अल्ट्रा लीजेंड log...Raat...Raat भी कोई सोने की वक्त hai...Raat तो एक खूबसूरत पल hai...Khud से बी खुद को भुलाने का.

मेघा:- मतलब?

सुमित:- मतलब मूड पर देपेंद है ब्यूटी queen...Agar अच्छा मूड हुआ तो 3 बोतल वर्ण 2...इतना टल्ली हो जाओ की खुद को hi भुला do...Bhulaa दो अपने सारे ग़म को, तकलीफ को.

मेघा:- युक :yuck:...Aur तुम मुझसे फ़्लर्ट कर रहे हो.

सुमित:- नौपे माय ब्यूटी queen...Tumhe पता रहा हु.

मेघा:- और मई पैट jaungi...My फुट.

सुमित:- सामने सुमित है dear...Ye तुम्हे माय फुट से माय हार्ट बुलवा कर hi रहेगा.

मेघा कुछ नबी bolti...Bas बैग उठा कर घर जाने hi लगती है की.

मनीष:- अरे सुमित bhai...Abb कितने दिन बाद आप के दर्शन होगा?

सुमित मनीष के कंधे में हाथ रख.

सुमित:- अब्ब तो रोज दिखाई दूंगा tujhe...Vajah जो मिल गयी है कॉलेज आने की.

मेघा को देख मुस्कुराते हुए सुमित ने kaha...Megha भी गुस्से से सुमित को देख वह से चली गयी.

किरटीई

हिम्मत करके राज ने घर जा रही कीर्ति को रोकने की कोशिश ki...Lekin कीर्ति रुके बिना hi वह से चली gayi...Iss बार भी उसके चेहरे में कोई भाव नहीं था.

ये देख राज का दिल फिर से टूट गया.

राज तुझे स्मोकिंग से कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?

राज के डिनर कर के आने के बाद hi सुमित ने उससे pucha...Haath में एक सिगरेट था जो अभी उसने जलाया था.

राज:- नहीं hai...Mai भी ोक्सासिओनल स्मोकर hun...Lekin आप क्यों पूछ रहे है?

सुमित:- आज पीने का बहुत मन कर रहा hai...Ho सकता है रात भर पीटा राहु.

तू एक काम kar...Window खुला छोड़ कर सू jaana...Taaja हवा भी मिलेगा.

राज:- Hmm...Thik है.

सुमित फिर सिगरेट फूंकते हुए एक बुक उठा लेता hai...Ye देख राज.

राज:- भाई अभी तोह सिर्फ बेसिक hi स्टार्ट हुआ hai...Aur aap...Neuro एनाटोमी...

सुमित:- देख Raj...Mai हमेशा वक्त से आगे रहना चाहता hun...Issi लिए क्लास में आज जो पढाई हो रहा है वो बहुत पहले पढ़ चूका hun....Abb आगे की तयारी.

और मई रोज पढ़ने वाला स्टूडेंट nahi...Jab मूड करता है उस vakt...Jaise की aaj...Aaj सिगरेट और व्हिस्की के साथ पूरी रात पढ़ाई में बिता दूंगा.

इतना कह कर सुमित अपना पेग बनाने लगता है.

राज:- भाई आपने कीर्ति से बात किया?

सुमित:- तुझे पहले भी बता चूका hun...Mai वक्त से आगे रहता hun...Sahi वक्त से पहले hi तुझे मिंगले करवा dunga...Bas अभी मूड का वाट मत लगा.

फिर राज भी कुछ नहीं bolta...Aur कुछ देर अपने बुक और नोट्स देखने लगता है.

जब नींद आता है तो एक नजर सुमित को देखता hai...Jiske एक हाथ में व्हिस्की का गिलास था और दूसरे में cigarette...Aur नजर सामने बुक पर.

राज के सू जाने के काफी देर बाद सुमित राज को देखता है और मुस्कुराने लगता है.

अचानक से उससे पढ़ने का मन नहीं होता है और वो कुछ देर सिर्फ राज को hi देखता रहता hai...Kehte है ना खाली दिमाग शैतान ka...Sumit के दिमाग में भी कई तरह के ख्याल आता hai...Kabhi वो राज को देख हँसता तो कभी खुद से hi बातें कर के हंसने lagta...Upar से व्हिस्की का nasha...Usse कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था की वो कहा है और क्या कर रहा है.

बस वो तो अपने hi ख्याल में गुम्म था.
 
अपडेट 6

Hello ब्यूटी क्वीन. :डी

दांत दिखाते हुए सुमित मेघा के पास गया.

सुमित को देख मेघा का मूड एक बार फिर ऑफ हो gaya...Kaha सुमित को इतने दिनों से एब्सेंट देख वो छैन की सांस ले रही थी और आज भी सुमित से दूर बैठ वो सुकून महसूस कर रही thi...Lekin अब्ब.

सुमित भी मेघा के टेबल के hi अपोजिट चेयर में बैठ गया.

मेघा:- दूर रहो मुझसे.

सुमित:- दूर hi तो hun...Pure 1 मीटर की duri...Abb और कितना दूर?

सुमित की इस बात का मेघा कोई जवाब नहीं deti...Sumit को अवॉयड करने के लिए वो मोबाइल चलाने लगती hai...Lekin...

सुमित मेघा का मोबाइल छीन कर ऑफ कर के टेबल पर रख देता है.

मेघा सुमित को बहुत गुस्से में घर रही थी लेकिन Sumit...Usse क्या फर्क padta...Bindaas हो कर बोलै.

सुमित:- ये मोबाइल hi है सबका dushman...New जनरेशन को तबाह करने में कोई कसार नहीं छोड़ा है.

और किसी को तबाह करता तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता? लेकिन लवर्स को.

क्या दिन होते थे वो जब प्यार की पंछी एक दूसरे का हाथ अपने हाथो में थामे इस खूबसूरत प्रकृति (नेचर) के सैर के लिए निकलते thhe...Din रात एक दूसरे से कभी ना बिछड़ने की कसमें खाते thhe...Alag hi शिद्दत होती थी उनकी प्यार में.

लेकिन आज kal...Aaj कल तो सिर्फ बाबू सोना hi चलता hai...Aur प्यार प्यार ना रह कर अलार्म क्लॉक बन चूका है.

गुड morning...Good afternoon...Good evening...Good night...Sirf टाइम hi अपडेट करते रहते है एक दूसरे se...Ye भी कोई प्यार हुआ?

मेघा:- किसने कह दिया की हम लवर है.

सुमित:- आज नहीं तोह कल बन jaayenge...Aur कभी कभी मई भविस्य (फ्यूचर) में भी जी लेता हूँ.

मेघा:- एक बात bataao...Tum मेरे hi पीछे क्यों पड़े हो?

सुमित:- ग़लतफहमी है tumhari...Mera पहला प्यार कीर्ति थी और तुम दूसरी.

ये कहते hi सुमित को अंदाजा हुआ की उसने जल्दबाज़ी में क्या कह दिया hai...Baat सँभालने के लिए उसने कहा.

सुमित:- लेकिन Kirti...Lekin राज उससे प्यार करता hai...Aur राज है भी emotional...Uska दिल तोडना नहीं चाहता हूँ.

फिर मेरी नजर पड़ा तुम par...Aur तुम्हारे साथ भी वही हुआ जो कीर्ति को देख हुआ tha...Love ात फर्स्ट Sight...Pehli नजर का प्यार.

और तुम भी सिंगल hi ho...To सोचा क्यों ना तुम पर तरय करू.

सुमित बिंदास हो कर bola...Usse कोई मतलब नहीं था की मेघा उसके बारे में क्या सोच रही है.

मेघा:- लव ात फर्स्ट sight...Kya बकवास hai...Tumhe देखते hi मुझे नफरत सा फील होने लगता hai...Irritate होती हूँ तुम्हे dekh...Tumhari बातें सुन कर.

सुमित:- अब्ब तुमसे प्यार हो gaya...Iss में मेरा क्या गलती? वैसे गलती मेरा भी नहीं hai...Mera हाइपोथैलेमस की है.

मेघा:- क्या मतलब?

सुमित:- जब तुम्हे पहली बार dekha...To मेरा हाइपोथैलेमस से ऑक्सीटोसिन (लव हॉर्मोन) बहुत मात्रा में nikla...Itna ज्यादा की तुमसे इश्क़ हो गया.

मेघा:- कुछ समझ में नहीं आया?

सुमित:- 1सत ईयर में हो...1 महीने भी नहीं hua...To ख़ाक samjhogi...Abhi 5 साल बाकी hai...Sab समझ jaaogi...Hypothalamus भी और मुझे भी :ब्लश:

मेघा:- मुझे कुछ भी नहीं समझना.

सुमित:- अब्ब मेरा गुस्सा बेचारा हाइपोथैलेमस पर क्यों निकाल रही ho...Agar उससे नहीं समझी तो एग्जाम में फ़ैल हो jaaogi...Fir डॉक्टर कैसे बनोगी?

मेघा:- इर्रिटेट करना बंद करो.

सुमित:- अच्छा अच्छा.

सुमित ने हँसते हुए कहा और कुछ hi पल में वो सच में चुप हो गया.

दोनों की बिच की चुप्पी को सुमित के मोबाइल में मैसेज का नोटिफिकेशन ने तोडा.

मैसेज चेक करने के बाद.

सुमित:- अच्छा ब्यूटी queen...Chalta hun...Apna ख्याल रखना.

जाने का मन तो नहीं tha...Lekin सीनियर्स का बुलावा आया hai...Daaru पार्टी के लिए.

सीनियर्स भी कमीने hai...Sirf लेना जानते hai...Dena nahi...Aaj पार्टी दे रहे है तो ये मौका नहीं छोड़ सकता.

सुमित जाने के लिए उठा hi था की.

मेघा:- तुम्हे नहीं लगता तुम गलत सांगत में जा रहे हो.

सुमित:- सही रास्ता दिखने वाली कोई है भी तो नहीं.

सुमित ने मुस्कुरा कर कहा और वह से चला gaya...Ek नजर मेघा की तरफ देखा भी नहीं.

ात नाईट

भाई संभल कर.

सुमित को संभालते हुए कहा राज ने.

सुमित:- में ठीक हूँ.

नशे की हालत में hi जवाब दिया सुमित ने और आ कर अपने बीएड पर गिर गया.

सुमित:- मजाक मत kar...Koi जरुरत नहीं है इसकी.

राज को अपनी तरफ प्लास्टिक लाता देख सुमित ने कहा.

सुमित:- आदत हो चूका है abb...Aaram से डाइजेस्ट कर लूंगा.

फिर सुमित अपने बीएड पर लेता hi रहा.

राज:- ये सब पी कर आखिर क्या होता है?

सुमित:- मजा आता है.

सुमित ने मुस्कुरा कर जवाब दिया.

फिर राज ने भी कुछ सवाल नहीं kiya...Wo अपने मोबाइल में बिजी हो गया.

सुमित भी अपने सोचो में गुम्म tha...Apne सोच में वो तीनो काल का सैर कर रहा था.

राज तभी अपना मोबाइल वही छोड़ बाहर रूम से बाहर चला जाता है.

सुमित के भी दिमाग में न जाने क्या आता है की वो राज का मोबाइल उठा लेता है.

राज के स्क्रीन में देख सुमित को हैरानी होता hai...Raj का मोबाइल में मैसेंजर खुला था और कीर्ति के साथ चाट जहा वो ब्लॉक्ड था.

सुमित:- (इन हिज मंद) इसका भी कुछ करना padega...Pehle मेघा के साथ बात बन जाए फिर तेरा भी देखता हूँ.
 
अपडेट 7

धीरे धीरे दिन बीतने laga...Vakt के साथ हर एक चीज बदल रहा था लेकिन 2 चीज में आज भी कोई बदलाव नहीं आया था.

एक राज का दर्द भरी duniya...Din भर अपने hi दर्द भरी यादो में डूबा रहता.

दूसरा सुमित और उसका charecter...Kisi को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Raj को भी अजीब तो बहुत लगता लेकिन उसने कभी पूछने की कोशिश hi नहीं kiya...Apne दर्द भरी दुनिया से बाहर निकलता तो hi पूछता.

इसी तरह 1सत सेम का एग्जाम कम्पलीट भी हो गया और रिजल्ट भी आ गया था.

सुमित:- ये क्या है राज?

राज का रिजल्ट देख सुमित का गुस्सा सातवें आसमान में था.

राज चुप hi रहा.

सुमित:- जस्ट पास हुआ है.

कुछ देर चुप रहने के बाद...

राज:- भाई आप को देख कर hi रिजल्ट ऐसा आया है.

सुमित:- क्या मतलब?

राज:- एग्जाम टाइम में आप भी नहीं पढ़ते thhe...To मुझे लगा एक्साम्स में इजी क्वेश्चन आएंगे और एग्जाम को ुँडेरेस्तिमाते कर दिया.

सुमित:- ये सबसे बड़ी बेवकूफी hai...Apna प्रिपरेशन दूसरों को देख कभी नहीं करना chahiye...Sabka पढ़ने का तरीका अलग होता hai...Koi लेट स्टार्ट करके भी कवर कर लेता है तो किसी को बहुत टाइम लगता है.

राज कुछ नहीं bola...Aur सुमित का शक भी यकीं में बदल गया.

सुमित:- वजह कुछ और है? सच बोल.

राज:- नहीं bhai...Mai सच कह रहा हूँ.

सुमित:- मेरे सर पर चुटिया लिखा नहीं है जो तू मुझे समझ रहा है.

राज कुछ देर चुप रहने के बाद...

राज:- भाई पढ़ने का मन hi नहीं karta...Din रात कीर्ति के बारे में hi सोचता hun...Aur ऊपर से ये dard...Kabhi ख़त्म hi नहीं hota...Sirf और सिर्फ वही याद आती hai...Padhne का मन hi नहीं करता.

सुमित:- तो खाना खाना और सांस लेना भी बंद कर दे?

राज:- क्या?

सुमित:- वो तो नहीं भूलता.

राज:- वो कैसे भूल...

सुमित:- तो पढ़ना क्यों भूल जाता hai...Sahi वक्त पर सही काम करना chahiye...Abb बुढ़ापे में जा कर तो तू पढ़ेगा nahi...Pyar अपनी जगह और पढ़ाई अपनी jagah...Present का असर फ्यूचर पर पढ़ना नहीं चाहिए.

राज चुप hi रहा.

सुमित:- तू कह रहा tha...Mai भी नहीं पढता.

मई कोई पढ़ाई पर डिपेंडेंट नहीं hun...B. फार्म छोड़ मब्ब्स पढ़ रहा hun...Kal जरुरत पड़ा तो ये भी छोड़ दूंगा और कुछ भी कर के जी lunga...Itna हिम्मत है मुझ me...Bol है तुझ में?

और तू बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रहा tha...Doctor बनना तेरा सपना hai...Tu इतना डेडिकेटेड है उतना हार्ड वर्किंग hai...Tere पापा को इतना फख्र है तुझ par...Ye बातें बता रहा था.

अगर यही बात मई तेरे पापा को बता दूँ तो वो और भी फख्र महसूस karenge...Aakhir उनका बीटा इतना बड़ा आशिक़ है.

राज:- नहीं...

सुमित:- देख bhai...Pyar अपनी जगह पर सही hai...Tu कोशिश कर कीर्ति को मनाने ki...Hazaar कोशिश kar...Jab तक वो मान न jaaye...Ladta रह अपने प्यार के लिए.

Lekin...Baaki चीज भी तो जरुरी hai...Abhi पढ़ेगा नहीं तो क्या सिर्फ प्यार से hi जिंदगी काट जाएगी तेरी?

राज सिर्फ सुमित को hi देख रहा था.

सुमित:- मई वादा कर चउकस hun...Vakt आने से पहले hi तुझे कीर्ति से मिला dunga...Lekin तू...

सुमित कहते कहते रुक गया.

राज:- लेकिन कब? आप कुछ कर भी तो नहीं रहे है.

उदास आवाज में बोलै राज.

सुमित:- कर तो रहा हूँ koshish...Aise कैसे चुटकी बजाते ये सब हो jayega...Pehle मुझे कीर्ति से दोस्ती करना padega...Aur उससे विश्वाश दिलाना पड़ेगा की तेरा सच में कोई गलती नहीं है.

थोड़ा टाइम तो लगेगा hi.

राज:- लेकिन भाई प्लीज थोड़ा जल्दी kijiye...Abb और रहा नहीं जा रहा है.

सुमित:- Haan...Koshish karunga...Lekin तुझे बाकी की हर चीज में ध्यान देना hoga...Agar कभी मुझे शक भी हुआ तो तुझे मिंगले करवाने का प्लान कैंसिल.

राज ने डरते हुए हां कह diya...Wo जानता था की सुमित मजाक तो बिलकुल भी नहीं कर रहा hai...Abb उससे भी यही आखिरी रास्ता नजर आ रहा था.

सुमित:- देख bhai...Life में हजारो प्रॉब्लम आता hai...Iska ये मतलब नहीं की तू हार मान jaaye...Saamna करना पड़ता है.

मुझे देख तुझे क्या लगता है? इसका लाइफ कितना मस्त hai...Agar मेरा लाइफ और प्रॉब्लम पता चला तो पगला जाएगा.

फिर भी लड़ रहा हूँ इस उम्मीद से की कभी तो इस मुश्किल से बाहर निकलूंगा.

राज:- क्या है भाई आपका प्रॉब्लम?

सुमित:- वक्त आने पर बताऊंगा.

इस बार भी सुमित ने मुस्कुरा कर ताल दिया.

सुमित:- (इन हिज मंद) इसका जल्द hi कुछ करना padega...Kirti...Ye naam...Ajeeb सा जादू hai...Pehle कीर्ति से दोस्ती करता hun...Fir देखता हूँ राज के लिए क्या कर सकता हूँ? न जाने मेरा ये फैसला मुझे जिंदगी में किस मोड़ पर ले जाए.

सुमित यही सोच रहा था की उसके मोबाइल में एक फ़ोन aaya...Number अननोन था.

सुमित:- Hello.

Hi

दूसरी तरफ से जवाब आया और आवाज सुनते hi सुमित पहचान गया.

सुमित:- Hello ब्यूटी queen...Aaj तुम्हे मेरी याद कैसे आ गयी?

मेघा:- कैसे हो तुम? बीमार तो नहीं हो?

सुमित:- मुझे क्या होगा?

मेघा:- अचानक से कॉलेज आना बंद कर diya...Aur आते भी हो तो मुझसे कोई बात नहीं karte...Haan खुश तो हूँ लेकिन सोच रही थी की कही कुछ हो तो नहीं गया जो अचानक से इतना बदल गए? और ऊपर से रिजल्ट भी अच्छा नहीं aaya...5th position...Sab सोच रहे थे तुम टोपर हो.

सुमित:- रिजल्ट से याद aaya...Congrats मिस टोपर.

मेघा:- मई और टोपर? मई तो 3रद हूँ.

सुमित:- लड़कियों की बात कर रहा tha...Ladkon से मुझे क्या लेना देना?

मेघा:- तो लड़कियों से है?

सुमित:- नहीं सिर्फ तुम से.

मेघा:- फ्लिर्टिंग कुछ ज्यादा hi डायरेक्ट नहीं हो रहा है?

सुमित:- तुम भी अजीब ho...Flirting ना करू तो problem...Karu तो प्रॉब्लम?

मेघा:- वैसे तुम्हारा रिजल्ट इतना बुरा कैसे? मतलब तुम्हारा लेवल का तो नहीं है?

मेघा ने बात बदलने की कोशिश की.

सुमित:- ये क्या? रोमांटिक बातों के बिच में पढाई की बातें.

मेघा:- बताओ ना.

सुमित:- बताने के लिए ख़ास है hi kya...Exam के दो हफ्ते पहले से किताब को हाथ भी नहीं lagaya...Aur मई एग्जाम में टॉप करने के लिए पढता भी नहीं hun...Apni ख़ुशी के लिए अपनी मर्जी से.

और बाकी की students...Kuch म्हणत उनकी भी.

मेघा:- तुम्हे नहीं लगता अगर तुम पढाई में और भी सीरियस होंगे तो लाइफ में बहुत आगे तक जाओगे.

सुमित:- तुम्हे नहीं लगता हमारी जोड़ी दुनिया की बेस्ट जोड़ी बन सकती है.

मेघा:- फिर सुरु हो गए?

सुमित:- पहले तुम साथ तो do...Fir सुरु करेंगे हमारी लव स्टोरी.

मेघा:- बेकार बातें करना कोई तुमसे सीखें.

सुमित:- प्यार करना कोई मुझसे सीखे.

मेघा:- और इर्रिटेट किया तो फ़ोन रख दूंगी.

सुमित:- फ़ोन से तो अलग कर dogi...Lekin अपने दिल से? 2 हफ्ते कॉलेज क्या नहीं आया तुम इतना बेचैन हो गयी.

सोचो अगर हम नहीं mile...To बाकी के 50-60 साल तुम्हे इसी बेचैनी में बितानी पड़ेगी.

मेघा:- कोई बेचैनी नहीं hai...Tum पर तरस आ गया तो सोचा हाल चाल पूछ lu...Lekin तुम्हारी बकवास करने की बीमारी का कोई इलाज नहीं.

सुमित:- इलाज तो तुम अपने दिल की karo...Jo अब्ब तुम्हारा ना रह कर मेरा हो चूका है.

इस बार मेघा सच में फ़ोन काट देती है.

सुमित मोबाइल को टेबल में रख बीएड पर लेत जाता है.

राज:- आप प्यार करते है मेघा से?

इस सवाल का जवाब था सुमित का muskaan...Isse ज्यादा सुमित कुछ नहीं बोलै.
 
अपडेट 8

भाई आज के लिए बस इतना hi.

थका हुआ आवाज में राज ने कहा.

सुमित:- चक ठीक hai...Aaj इतना hi काफी है आज के लिए.

राज:- जिस रफ़्तार से हम जा रहे है उससे तोह 2 दिन में कवर कर लूंगा अभी तक का छूटा हुआ कोर्स.

सुमित:- रेविसे करते rehna...Aur इस बार मेरा नाम ख़राब मत karna...Mera भाई और रूममेट है तू.

राज:- कोशिश तो यही है bhai...Aap भी अपना इस भाई का ख्याल रखिये.

बुक और कॉपी को साइड में रखने के बाद राज bola...Sumit भी उसका इशारा समझ कर हँसते हुए कह्तः है.

सुमित:- हाँ तेरा hi काम पर लगा हुआ hun...Kirti से दोस्ती कर लिया hai...Dhire धीरे सब ठीक कर दूंगा.

राज:- बस कीर्ति को एक बार मुझसे बात करने के लिए मन lijiye...Baaki मई सब देख लूंगा.

राज की आवाज में एक उम्मीद था.

सुमित:- फ़िक्र मत kar...Sab कुछ ठीक कर dunga...Vaada किया है tujhse...Niraash नहीं करूँगा.

आज तक सिर्फ खुद से किया हुआ वादा hi अधूरा रहा है दूसरों को किया हुआ नहीं.

सुमित की इस बात में एक गहरा मतलब था जो राज के समझ में बिलकुल भी नहीं आया.

राज:- एक बात पूछना tha...Aap इस वेकेशन में घर क्यों नहीं गए? बाकी सब तो चले gaye...Mai भी जाता लेकिन रेविसिओं करना था जो घर में पॉसिबल नहीं है.

सुमित:- मई दूसरों को फॉलो नहीं karta...Aur जाने की कोई वजह भी नहीं है.

लोग घर जाते है अपनों के साथ टाइम स्पेंड करके खुश होने, फ्रेश hone...Lekin मेरा duniya...Mera दुनिया तो इस में है.

(सुमित अपने हाथ का सिगरेट और दारु की बोतल की और इशारा करते hue)...Yahi है मेरा दुनिया और यही है मेरी khushi...Iske अलावा और कुछ नहीं.

राज:- बहका इस में क्या ख़ुशी?

सुमित:- तू समझ नहीं sakta...Khud को भुला कर नशे में डूबा रहने का मजा hi कुछ और hai...Apni तरह से जिंदगी जीने का सुकून मिलता है.

राज:- मुझे भी लगता है की मुझे भी ये सब सुरु कर देना चाहिए.

सुमित:- मुझसे बुरा कोई नहीं hoga...Bahut पिटेगा अगर मैंने तेरे हाथ में दारु का बोतल भी देखा तो.

राज:- लेकिन आप?

सुमित:- मेरा बात कुछ और है.

राज:- इतना पर्सनल?

सुमित:- पर्सनल तो नहीं hai...Bas सही वक्त नहीं है.

राज अब्ब कुछ नहीं bolta...Ghadi में एक नजर डालने के बाद ोाता चला की रात के 10:00 पं बज रहा hai...Aur वो सोने की कोशिश करने लगता है.

दूसरी तरफ Sumit...Ye तो वक्त था उसका खुद को नशे के हवाले करने ka...Dekhte hi देखते वो पूरी तरह नशे में डूब गया.

तभी उसके मोबाइल में फ़ोन आता hai...Call मेघा का था.

सुमित:- हेल्ल्लूऊओ

मेघा:- Hello सुमित.

मेघा की आवाज में एक दर tha...Wo इतना दरी हुई थी की वो सुमित का आवाज और हालत भी समझ नहीं सकीय.

सुमित:- हाँ बोलो माय ब्यूटी queennnnn...Aaj इतनी रात को याद कैसे कियाए?

मेघा:- आज वेकेशन में घर जा रही thi...Night बस se...Lekin खाने के टाइम में होटल से बस मिस हो gaya...Aur वो लास्ट बस था आज ka...Abhi अकेली हूँ और बहुत दर लग रहा hai...Iss वक्त सिर्फ तुम hi याद आये.

फिर सुमित एड्रेस नोट कर लेता है.

मेघा:- इतनीई जल्दीई.

हैरानी में मेघा boli...Baat हैरानी का hi था...30 मिनट में hi सुमित वह पहुँच गया tha...Wo भी 40 कम दूर.

सुमित:- तुम्हारे लिए कुछ भी ब्यूटी क्विंणन.

इस बार मेघा की हैरानी का कोई सीमा नहीं tha...Iss बार उसने सुमित की आवाज पहचान लिया था.

मेघा:- पागक हो tum...Itni नशे में इतना तेज कोई बाइक चलता है क्या? वो भी इतनी रात ko...Agar कुछ हो जाता तो.

हेलमेट उतार कर.

सुमित:- (विथ स्माइल) मेरा इतना fikr...Accident से नहीं लेकिन तुम्हारी इतनी प्यार देख कही सच में ना मर जाऊं.

मेघा:- मजाक लग रहा है तुम्हे.

मेघा गुस्से में काफी तेज आवाज में बोली.

सुमित भी नशे की हालत में खुद अपने होंठ पर ऊँगली रख देता hai...Aur फिर मेघा की तरफ देखता hai...Megha अभी भी सुमित को गुस्से से घर रही थी.

सुमित:- फ़िक्र नॉट माय ब्यूटी queennn...Jitna भी टल्ली क्यों ना हो jaau...Apne बॉडी पर पूरा कण्ट्रोल होता hai...Ye 2 रुपैया की दारू की इतनी औकात नहीं की मुझे कण्ट्रोल कर सके.

मेघा कुछ नहीं बोलती.

फिर सुमित को कही जाता देख.

मेघा:- अब्ब कहा जा रहे हो?

सुमित:- होटल mein...Nimbu पानी peene...Daaru का नशा उतारना है.

मेघा:- अब्ब कहा गया कण्ट्रोल.

सुमित:- जिस्म पर तो अभी भी कण्ट्रोल hai...Haawa की रफ़्तार में बाइक चला सकता हूँ अभी bhi...Lekin अपने बोली पर कण्ट्रोल नहीं.

कब क्या बक दूंगा कुछ पता hi नहीं chalega...Agar कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो तुम नाराज हो जाओगी और अभी तक का सारा म्हणत bekaar...Abhi तो तुम्हे लगभग पता चूका हूँ अब्ब फिर से म्हणत नहीं कर सकता.

सुमित जो बोल रहा था वही कर रहा tha...Usse खुद अभी पता नहीं था की उसने क्या कहा है मेघा se...Megha भी बस उससे घूरती है.

सुमित 10 मिनट में वापस आ जाता है.

सुमित:- पहले ये bataao...Tumhara घर कितना दूर है.

मेघा:- अराउंड 150 कम दूर.

फिर मेघा अपना गांव का एड्रेस सुमित को बताती है.

मेघा की बात सुनते hi सुमित का हालत ख़राब हो जाता hai...Itna दूर और वो भी कच्ची रास्ता से.

सुमित:- (इन हिज मंद) कोई बात nahi...Pyar में ये सब चलता है.

फिर सुमित मेघा को बाइक में पीछे बिठा कर चल पड़ता है मेघा की गांव की और.

[Friends abhi Story ka plot develop kar raha hun to Update thoda short hi post kar raha hun...Jaise jaise story aage badhega update ka length bhi badhta jaayega.

Update aur story mein alcohol aur smoking ka promotion nahi kar raha hun...Jitna ho sake inn cheejon se dur hi rehna behtar hai...Jo hume sirf nukshaan hi pahuchata hai personally, mentally, socially, economically aur health outcome se bhi...As a writer maine aaj tak kabhi try nahi kiya hai aur shayad hi kabhi karunga...Bas story ke character ke condition aur plot ko dikhane ke liye ye sab likhna pad raha hai.]
 
थैंक्स कामदेव भाई फॉर ीपुर सपोर्ट एंड review...Aisa जुल्म करने का सोचिये भी मत bhai...Sumit कब हंगामा करेगा मुझे भी पता nahi...Mere लिए भी वो ूनप्रेडिक्टेबले है :(...हंगामा करेगा तो जरूर लेकिन कब ये मुझे भी पता nahi...Abhi के कुछ उपदटेस में तो बिलकुल भी nahi...Aur इस चक्कर में आपके रिव्यु आना बंद हो जाएगा :beee:...Saath बने रहिये भाई.
 
Back
Top