अपडेट 3
भाई अब्ब तो बस kar...Sab देख रहे है.
थोड़ा उनकंफर्टबले फील करते हुए आकाश ने कहा.
राज:- तो फिर?
आकाश:- अभी कीर्ति को घूरना बंद kar...Sab देख रहे है yaar...Kya सोचेंगे? तरह तरह की अफवाह फैलेंगे.
राज:- सोचने de...Mujhe क्या फर्क पड़ता hai...Logo के काम hi है sochna...Aur ये अफवाह nahi...Sach है की मई कीर्ति से प्यार करता हूँ.
आकाश:- लोगो का सोचने से फर्क नहीं padega...Lekin अगर कीर्ति बुरा मान गयी तो बहुत फर्क पड़ेगा.
आकाश का बस इतना hi कहना था की राज को कीर्ति का गुस्से से घूरना भी दिख गया.
राज को मज़बूरी में अपना नजर हटाना hi pada...Wo अब्ब उदासी से बुक को पेज टर्न करने लगता है.
कुछ देर में लेक्चर सुरु हो जाता hai...Kisi तरह राज अपना ध्यान लेक्चर पर देने की कोशिश करता hai...Lekin कर नहीं paata...Dimaag में सिर्फ एक hi बात घूम रहा tha...Aakhir कीर्ति को मनाये तो कैसे?
लेक्चर तो अपना फ्लो में चल hi रहा था की तभी कुछ ऐसा होता है जो सबको चौंका देता है.
"मई ी के इन सर?"
एक पल के लिए तो किसी को अपने कान पर विश्वाश नहीं hua...Gate की तरफ देखा तो एक लड़का था जो कुछ अलग hi दिख रहा था बाकी स्टूडेंट्स से.
थोड़ा लम्बा बाल, त्रिम्मेद बियर्ड और आँखों में ब्लू कलर्ड गॉगल्स, एक T-shirt जिसके ऊपर ओपन लाठर जैकेट, हाथों में एक बड़ा सा घडी और निचे ग्रुंजे जीन्स के साथ लाठर शूज.
ये लड़का कोई और नहीं बल्कि सुमित था.
सुमित को जैसे hi कुछ रीलीज़ हुआ उसने अपना गूगल उतार कर फिर पूछा.
सुमित:- मई ी के इन सर?
प्रोफेसर अपना घडी देखते hai...Sumit 20 मिनट लेट था.
प्रोफेसर:- यस के इन.
सुमित जैसे hi अपने सीट की तरफ जाने लगता है तब.
प्रोफ्फ:- लेकिन पहले ये बताओ तुम हो कौन?
प्रोफेसर की इस बात पर सभी क्लास हसने लगते है राज को छोड़ kar...Lekin सुमित को भी कुछ फर्क नहीं पड़ता.
सुमित:- नाम तो सुमित hai..Lekin सब स्टाइट फॉरवर्ड सुमित बोलते hain..Shortcut में SFS...Aur प्रोफेशन से मेडिकल Student...Issi बैच का और इसी क्लास का.
सुमित ने भी बिंदास जवाब दिया.
प्रोफ्फ:- स्टूडेंट हो? लेकिन आज से पहले तो कभी देखा नहीं क्लास में तुम्हे?
गुस्से से प्रोफेसर ने pucha...Pehle hi सुमित लेट था और ऊपर से उसके बात करने का तरीका. :माध:
सुमित:- वो इस लिए क्यों की मई आज फर्स्ट टाइम लेक्चर अटेंड करने आ रहा हूँ.
प्रोफ्फ:- क्या मई वजह जान सकता हूँ?
सुमित:- वजह कुछ खास नहीं hai...Lectures मुझे बोरिंग लगता hai...Isse बेहतर अपने रूम में बैठ कर पढ़ लू.
प्रोफ्फ:- तो कॉलेज में एडमिशन क्यों लिया?
प्रोफेसर का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था.
सुमित:- मब्ब्स की डिग्री के लिए.
प्रोफ्फ:- और नॉलेज?
सुमित:- वो सेल्फ स्टडी से.
प्रोफ्फ:- अच्छा देखता हूँ कितना नॉलेज है तुम्हारे पास सेल्फ स्टडी से.
फिर प्रोफेसर क्वेश्चन फायरिंग करने लगते hai...Aur शॉकिंगली सुमित सभी क़ुएस्तिओन्स का आंसर देता है बड़े आराम से. :डी
सभी स्टूडेंट्स का मुंह खुला का खुला रह जाता है समीर का आंसर और कॉन्फिडेंस देख.
थक हार कर.
प्रोफ्फ:- अगर इतना hi नॉलेज है तो आज लेक्चर क्यों ए?
सुमित:- हॉस्टल मई बोर हो रहा था akele...Iss लिए.
प्रोफेसर का हालत ऐसा हो गया था जैसे वो कभी भी रो देंगे.
प्रोफ्फ:- तुम्हे पता hi होगा एक्साम्स में क्वालीफाई करने के लिए अटेंडेंस भी चाहिए.
सुमित:- आज वो भी देख कर jaaunga...Jitna परसेंट अटेंडेंस की जरुरत है उसी हिसाब से कॉलेज आऊंगा.
प्रोफेसर को भी लगा की वो सुमित को और झेल नहीं पाएंगे.
प्रोफ्फ:- Ok जो तो योर seat...Already वे अरे लेट.
सुमित भी जा कर पढाई पर ध्यान देने लगता है.
लेक्चर फिर से चलने लगता है की तभी.
सुमित:- सर ी हैवे ा क्वेश्चन?
इतना कह कर सुमित क्वेश्चन पूछता hai...Question सुन कर प्रोफेसर भी चौंक जाते है.
प्रोफ्फ:- बीटा थोड़ा काम पढाई किया karo...Ye मब्ब्स लेवल का नहीं मद का hai...Agar फिर भी आंसर चाहिए तो मेरे ऑफिस में aao...Clear कर dunga...Yaha लेक्चर में टाइम वास्ते होगा.
फिर प्रोफेसर पढ़ाने लगते hai...Aur बाकी की क्लास आराम से कम्पलीट हो जाता है.
ऐसे hi 2, 3 लेक्टर्स भी ख़त्म हो जाता hai...Unn लेक्टर्स का प्रोफेसर भी सुमित के क्वेश्चन का शिकार हो जाते है.
ात लंच टाइम
कुछ स्टूडेंट्स कैंटीन की तरफ जाते है तो कुछ स्टूडेंट्स सुमित के पास आते है दोस्ती करने के liye...Unn में से कुछ लड़कियां भी थी.
जब दोस्ती करने वाले स्टूडेंट्स की लाइन ख़त्म होता है तो लास्ट में एक लड़की आती है.
लड़की:- Hello Sumit...I ऍम...
वो कुछ कहती उससे पहले hi.
सुमित:- Hi ब्यूटी क्वीन.
सुमित की इस बात पर कहने की अंदाज़ से वो लड़की गुस्सा हो जाती hai...Gusse में वो आगे चली जाती है.
थोड़ा आगे जा कर सुमित की तरफ मुड़ती है.
सुमित अभी भी उसी लड़की को देख रहा tha...Uski होंठो में मुस्कान था तो आँखों में ढेर सारा प्यार.
ये देख वो लड़की और भी गुस्से के साथ आगे बढ़ जाती है.
आज पुरे क्लास में सुमित गॉसिप मटेरियल tha...Sabhi उसी के बारे में बात कर रहे थे.
राज के अलावा सुमित सब को अजीब और यूनिक लग रहा tha...Raj जानता था की सुमित कब किसी को चौंका दे कुछ पता hi नहीं चलता.
राज अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में बैठा था.
मनीष:- यार Raj...Tu वो आशा को घर क्यों रहा था?
मनीष की बात से राज बुरी तरह चौंक जाता hai...Wo कुछ कहता इससे पहले hi.
रोहित:- अबे nahi...Wo आशा nahi...Kirti thi...Uske hi साइड में बैठी थी.
मनीष:- नहीं ये आशा को hi घर रहा था.
मनीष इतना कह कर रोहित को आँख मार देता है जो राज देख नहीं पाटा.
रोहित:- हाँ हाँ याद aaya...Ye आशा को hi घर रहा था.
मनीष:- वही to...Tu तो छुपा ृष्टं निकला यार राज.
रोहित:- आशा भाभी से बात करना padega...Bhai की सेटिंग जो करवानी है.
मनीष:- हाँ yaar...Chal चलते हैं.
राज:- अबे चुप.
जोर से राज बोलता hai...Aur गुस्से में भी.
राज:- देख रहा हूँ तब से फ़ालतू बकवास कर रहे हो तुम dono...Mai आशा को नहीं कीर्ति को देख रहा था.
ये कहते hi राज चुप हो जाता hai...Chori जो पकड़ा गया था. :डी
मनीष:- 2 दिन से मन कर रहा tha...Abb आया न लाइन में.
मनीष, आकाश और रोहित तीनो हसने लगता है.
राज:- अगर चिढ़ाना hi है तो कीर्ति की नाम jod...Mujhe भी अच्छा लगेगा.
ये कह कर राज भी साथ में हसने लगता hai...Dil के दर्द को तीनो से छुपा कर.
दूसरी तरफ...
आशा:- क्या बात है कीर्ति? राज तो तुझ पर पागल हो गया है...
आशा कुछ और बोलती उससे पहले hi.
कीर्ति:- नाम भी मत ले राज का.
बहुत गुस्सा और नफरत भरी आवाज में कीर्ति ने kaha...Fir आशा और हिम्मत जुटा नहीं पायी.