RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - Page 8 - SexBaba
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RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

थैंक्स फॉर कमेंटिंग...

अपडेट की तारीफ के लिए बोहोत बोहोत सुक्रिया...

अगर आप कहानी केबल सेक्स की बजह से पद रहे हैं तो छोड़ दीजिये और मुझे क्षमा कीजिये मई ज्यादा सेक्स नहीं लिख पाउँगा स्टोरी में बस थोड़ा बोहोत hi लिखूंगा...

आप एक अच्छे रीडर हैं लेकिन सभी स्टोरी सभी को पसंद नहीं आती मई जयादा सेक्स किसी भी हालत मई नहीं लिकब पाउँगा...

इसलिए दिल पर पत्थर रख कर कहना पद रहा है अगर आपको बिना सेक्स जे स्टोरी बढ़िया नहीं लग रही तो आप छोड़ सकते हैं....
 
अपडेट-40



mai...aur हाँ इस होटल को चलाओगे भी तुम hi बस....

तमिना di...lekin फर्क सिर्फ होगा की अब इस होटल का नाम बराल कर राजरानी होटल हो jayega...or एक महीने के अंदर ये होटल सहर का टॉप होटल होना चाहिए....

akki...ji आपका बोहोत बोहोत sukriya...ye होटल मैंने बोहोत म्हणत से खड़ा tha...aap लोग जैसा चाहेंगे वैसा hi होगा क्योंकि अब ये होटल आपका hi है...

ऐसे hi थोड़े बोहोत डिस्कशन के बाद होटल का पेपर वर्क हुआ और थोड़ा बोहोत खाना पीना कर के हम गाओं की और निकल गए...

फिर क्या था वहां जाकर ये सब बातें पापा को बताई तो उन्हें बोहोत hi ख़ुशी hui...hamare उस फैशले से....

तमिना di...ab हमारे पास एक होटल है तो मेरे हिसाब से अब हमें या तो वहीँ शिफ्ट हो जाना चाहिए या फिर मई वहां कोई और बंगला या फ्लैट लव लूँ...

papa...ye सब करने की कोई जरुरत नहीं है हम यहीं रहेंगे गाओं mai...mujhe सहर की आवो हवा पसंद नहीं...

Tamina...par पापा यहाँ हमारी जरुरत के हिसाब से सुबिधायें और घर नहीं है...

papa...vo तो hai...mai कल से hi यहाँ काम करवाना शुरू कर दूंगा और हम यहीं एक अच्छा सा घर बनाएँगे...

तमिना di...theek है जैसे आपकी मर्ज़ी...



अब्ब आगे..................

कुछ देर आराम के बाद शाम को फिर तमिना दी आ टपकी...

तमिना di...Raj चलो...

mai...hein...ab कहाँ जाना है...

तमिना di...mehnat कर लो थोड़ी बोहोत बॉडी सहोदय बना लो...

mai...subah तो थका hi दिया अपने

तमिना दी... ज्यादा बात न बनाओ और चुप चाप चलो...

अब कर भी क्या सकते हैं जाना hi था...

वही घिसी पीती एक्ससरसीसे करवाई जैसे की running,push यूपीएस, पुल्ल यूपीएस ेट्स ेट्स...

फिर शुरू हुआ असली खेल मतलब सूखे पेड़ काटकर उन्हें ठिकाने लगाने लगा...

बी गॉड इस काम मई बंद बज जाती है फुल बॉडी की फुल बॉडी वर्कआउट है एक तरह से....

रात के कोई करीब 8 बजे मुझे इस सब से छुट्टी मिली...

अस पर आल स्टोरीज एंड डेली लाइफ फिर हुआ खाना पीना लेकिन वहां चची दिखाई नहीं दे रही थी...

पूछने पर पता चला की तबियत खराब होने की बजह से वो आराम कर रही हैं....

खैर ये सब ख़तम हुआ तो सोने का कुछ ऐसा था की वहां मई कोई 2 रूम hi थे जिन्हे उसे मई लाया जा सकता था तो मई और पापा एक रूम मई थे और और बाकि के सभी एक रूम मई......

मुझे बोहोत जोर की नींद आ रही थी जो भी वर्कआउट हुआ उस वजह से....

पापा भी सो चुके थे...

मेरे को भी बोहोत जोर से नींद आ रही थी...

लेकिन तभी बजा फ़ोन और फ़ोन को बजने मई प्रिय का हाथ था...

मैंने फ़ोन कट कर दिया और रूम से बहार जाने लगा क्योंकि...

पापा की नींद न खुल जाये इसलिए मैंने बहार जाना बेहतर समझा और बहार पोहोंच गया...

थोड़ा इधर उधर देखा तो एक चारपाई कड़ी थी...

उसको बिछाया और प्रिय पे फ़ोन लगा दिया...

पहली वेल मई hi उसने फ़ोन उठा liya...or हुई सवालों की बौछार...

Priya...phone क्यों कटा? ...क्या तुम्हे थोड़ी बोहोत याद आती भी है की नहीं? ...मई हूँ hi कोण tumhari?...kata तो कटा फिर इतनी देर क्यों की ?

mai....are अरे बस एक साथ इतने सवाल थोड़ा साँस तो लेले...

priya...sans नहीं मुझे जवाब चाहिए...

mai...to सुनो तो सही...

priya....ab शुरू हो जाओ जल्दी से...

mai...papa थे पास मई और मई नहीं चाहता था उनको डिसट्रब हो....

priya...ab कहाँ हो तो फिर...

mai...apke दिल में

priya...ho gya...ab बताओ...

mai...bahar हूँ घर से बस तुम्हे निहार रहा हूँ...

priya...kaise...

मई...

मेरा महब्बूब का किसी चाँद से काम है,

ये अलग बात है की वो हमें दीखता नहीं है..

priya...achha ग.

mai...han ग

priya...to अब आप ये बताने की कृपा करेंगे की अपने आवाज़ जाने का ड्रामा क्यों किया और किया तो फिर तोड़ क्यों दिया...

mai...kitne सवाल करती हो यार तुम थोड़ी स बातें भी नहीं कर सकती बस जब देखो सवाल जवाब....

रानी didi...kon कर रहा है सवाल जवाब

मई तो बिलकुल चौंक गया की इस टीम रानी दीदी यहाँ कैसे...

फिर मैंने अपने आप को संभाला और पीछे की तरफ देखा तो पाया की रानी दीदी कड़ी हैं...

mai...didi आप यहाँ इस वक़्त...

रानी didi...kyon हो नहीं आना चाहिए था...

mai...are वो बात नहीं है मतलब इतनी रात मई भी आप नहीं सोई hein...ye कह रहा था...

rani...nind नहीं आ रही थी फिर तुझे बहार आते हुए देखा तो तमिना दी को बताकर इधर आ गयी...

mai...hmm

रानी didi...kis से बात कर रहा है...

mai...PRIYA से...

अब तक का जो सन हुआ उसमे रानी दीदी सवाल पूछते पूछते मेरा साथ चारपाई पर सेट भी हो चुकी thi....mere एक हाथ का तकिया बनाकर फ़ोन अपने हाथ मई लेकर स्पीकर कर दिया था....

मेरी धड़कने थोड़ी तेज़ चल रही थी लेकिन विश्वाश भी था की प्रिय कोई गलती नहीं करेगी...

अब तक उसे पता चल गया होगा की कोई पास आ गया hai...aur शायद ये भी की ये रानी दीदी हैं क्योंकि मई पहले hi कई बार उनको दीदी बुला चूका हूँ...

मेरी सोच को विराम दिया फ़ोन की रिंगटोन ने....

जो की तुरंत रानी दीदी ने पिक कर लिया और स्पीकर पर लगा दिया...

Priya...(thoda गुस्से mai)kahan गम हो गए अब बताओ भी....

मन mein...ye क्या है अब लगता है आज फसकर hi रहेगी...

mai...k.k..kya बताऊं...

Priya...bade भुल्लकड़ ho...ye बताओ की तुमने ड्रामा क्यों किया था...

mai...(thoda हदनडते हुए) को.. कोण सा ड्रामा...

Priya...are बुद्धू बही आवाज़ बाला...

अब जा कर मुझे सभी माज़रा समझ आ गया था और प्रिय की समझ दरी भी...

तभी रानी दीदी बोल पड़ी...

रानी didi...han बता ये तो मुझे भी जानना है...

Priya...Rani भी है क्या पास मई...

रानी didi...abhi अभी आयो हूँ....

Priya...han तो अब इसके कान पकड़ के कहो की इसने ये सब ड्रामा क्यों किया जल्दी बताये...

mai...batana hi पड़ेगा क्या...

दोनों एक sath...or नहीं तो क्या...

मई... अच्छा बताता हूँ...

mai...Rani दीदी शायद आप कुछ चीज़े पहली बार सुने और कुछ लोगों के चेहरे से नक़ाब भी उठ जायेगा...

mai...priya जैसा की तुम जानती hi हो की हमारे अपने hi हमारे दुश्मन हैं...

Rani...mtlb...

Priya...mtlb ये की जब राज हमारे यहाँ आया था तब इस्पे कुछ जानलेबा हमले हुए थे...

priya...jo की तुम्हारी बड़ी चची ने मेरी भुआ यानि तुम्हारी छोटी चची की मदद से कराये थे राज को मरने के लिए...

रानी didi...ye क्या कह रही हैं राज

Mai...sahi कह रही hai...wahan हमला तो हुआ था लेकिन उसमे हम बच थे...

रानी didi...mujhe क्यों नहीं बताया पहले...

Raj...aap फालतू मई परेशां होती इसलिए...

Priya...ab ये फालतू का ड्रामा छोडो और आगे की बात बताओ...

Raj...to जब कोई इंसान मेरे पर घर से बहार भी हमला करा सकता है तो उसके लिए घर मई रहकर किसी को हानि पहुँचाना कोई बड़ी बात नहीं हज...

Priya...ha ये तो है...

Raj...isliye मई चाहता था की कोई परफेक्ट प्लान बनाकर बहन से अलग निकला जाये या उन्हें निकला jaye...isliye मैंने आवाज़ जाने का ड्रामा किया ताकि कुछ वक्त मिल जाये और मेरी हालत देख कर घर पर लोगों का आना जाना लगा रहेगा इसलिए तब तक कोई खतरा नहीं था...

Priya...ye सब तो वैसे भी कर सकते थे इसमें अपने स्पीकर ऑफ करने की क्या जरुरत थी....

mai...kiya तो वैसे भी जा सकता था पर आवाज़ का इसलिए किया क्योंकि मुझे उम्मीद थी की एक न एक दिन बड़ी चची किसी न किसी बहाने ज़रूर कुछ ऐसा करेंगी जिस से मुझे एक मौका मिल जायेगा....

mai...or हुआ भी कुछा ऐसा hi उसदिन उन्होंने रानी दीदी से बदतमीज़ी कर के बोहोत बड़ी गलती कर di...lekin मैंने जितना किया उतना नहीं करना चाहता था मतलब उन्हें गर्दन से पकड़ के उठाना एंड आल...

mai...pta नहीं मुझे क्या हो गया था जब मैंने रानी दीदी की आँखों मई अंशू dekhe...aur फिर जो हुआ वो तो सभी को पता hi है....

तभी एक और एक्सपेक्टेड चीज़ हुई जो की मई बोहोत देर से एक्सपेक्ट कर रहा था...

रानी दीदी का रोना और मेरे गले लग कर रोना...

वो बोहोत हो सॉफ्ट हेअरटेड हैं थोड़ी थोड़ी बातें उनके दिल पर लग जाती हैं इसीलिए पहले उनको ये सब नहीं बताया था....

रानी दीदी... (रट हुए...) इतना प्यार करता है तू mujhse...tujhe कुछ हो जाता तो मई कैसे rhati...kyon नहीं बताया पहले मुझे...

Priya...bas जो तुम अब कर रही हो isiliye...akeli होती तो रो रो कर बुरा हाल कर deti...ab राज तो है तुम्हे सँभालने के लिए...

Priya...achha बोहोत रात हो गयी है मई फ़ोन रक्ति hun...or तुम भाई बहन अपने गीले सिक्बे दूर कर के सो जाओ...

फ़ोन कट हो गया प्रिय का मुझे समझना और उसकी समझदारी का मुरीद तो मई पहले hi था आज और ज्यादा हो गया...

बस क्या कहूं बात को मेरे कहने से पहले hi समझ लेती है...

खैर उस बात को छोड़ते हैं गहन रानी दीदी ro-ro कर मेरे शर्ट को गिला कर चुकी थी...

और उन्होंने मुझे पकड़ रखा था....

मैंने उन्हें अपने से अलग किया और उनकी आँखों से अंशू साफ़ किये...

मई...

इन आँखों नूर अच्छा लगता है नीर नहीं,

इन होठों पर मुस्कान भाती है पीर नहीं।

रानी didi...bhai तू कब से शायर हो गया...

mai...aap रोज रोज ऐसे रोया करोगी तो मुझे दर्द तो होगा hi और मैंने सुना दिल का दर्द शायरियों मई बहार निकलता है...

mai...isliye आप रोया न करो ताकि मुझे दर्द न हो...

रानी didi...itta प्यार क्यों करता है...

mai...pyar करने की कोई बजह नहीं होती...

रानी didi...batein भू बड़ी बड़ी करने लग गया है...

mai...aisa कुछ नहीं है बीएस बस जो सच है वो सच है...

Rani...ek बात सच सच बताएगा....

mai...puchho कोण सी बात

Rani....aise नहीं मेरी कसम खा की तू सच सच बताएगा ....

mai...maine आज तक आपसे कुछ झूट बोलै है जो अब बोलूंगा...

Rani...vo बात नहीं है.. बात hi कुछ ऐसी है...

mai...aisi क्या बात है जो कसम की जरुआत पड़ेगी ...khair....apki कसम जो भी पूछोगी सच बताउगा...

फिर रानी दीदी ने जो पूछा उसे सुनकर मई कुछ कहने hi हालत मई नहीं tha...aaj उन्होंने मुझे फसा hi दिया था...

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
ी थिंक मेरा लास्ट वाला अपडेट ज्यादा बढ़िया नहीं था और ये मई रीडर या रेविएवस की वजह से नहीं कह रहा हूँ ऐसा मुझे लगता है...

थोड़ा सही से टीम न मिल पाने की बजह से मई ज्यादा बढ़िया नहीं लिख पाया इसलिए मई नेक्स्ट अपडेट को मई बढ़िया बनाने की कोशिश करूँगा..

कीप रीडिंग...

कीप सपोर्टिंग. ...
 
अपडेट-41



रानी didi...bhai तू कब से शायर हो गया...

mai...aap रोज रोज ऐसे रोया करोगी तो मुझे दर्द तो होगा hi और मैंने सुना दिल का दर्द शायरियों मई बहार निकलता है...

mai...isliye आप रोया न करो ताकि मुझे दर्द न हो...

रानी didi...itta प्यार क्यों करता है...

mai...pyar करने की कोई बजह नहीं होती...

रानी didi...batein भू बड़ी बड़ी करने लग गया है...

mai...aisa कुछ नहीं है बीएस बस जो सच है वो सच है...

Rani...ek बात सच सच बताएगा....

mai...puchho कोण सी बात

Rani....aise नहीं मेरी कसम खा की तू सच सच बताएगा ....

mai...maine आज तक आपसे कुछ झूट बोलै है जो अब बोलूंगा...

Rani...vo बात नहीं है.. बात hi कुछ ऐसी है...

mai...aisi क्या बात है जो कसम की जरुआत पड़ेगी ...khair....apki कसम जो भी पूछोगी सच बताउगा...

फिर रानी दीदी ने जो पूछा उसे सुनकर मई कुछ कहने hi हालत मई नहीं tha...aaj उन्होंने मुझे फसा hi दिया था...



अब्ब आगे....

जैसा की सभी reader's ने अनुमान लगाया है की रानी दीदी ने प्रिय के बारे मई hi पूछा hoga...ye अनुमान बिलकुल सही है....

मुझे रानी दीदी के इस बात से थोड़ा दर जरूर लगा था लेकिन फिर मैंने उन्हें सब कुछ सच सच बताने की थान ली...

जब इंसान सच का सामना करने को तैयार हो जाता है तो उसके अंडे एक अलग hi उमंग होती उसे किसी भी बात से दर नई लगता....

ऐसा hi मेरे साथ हुआ था क्योंकि मई रानी दीदी से झूठ नहीं बोलना चाहता था...

रानी दीदी... सच सच बता तेरा प्रिय के सटक क्या चक्कर है...

जब उन्होंने खुल के प्रिय के बारे में पूछ लिया तो मैंने भी थोड़ा सा ड्रामा करने की सोच ली...

mai...kya...mtlb मई समझा नहीं...

रानी didi...itna भोला न बन भाई

mai...batao भी आप किस बारे मई बात कर रही हो....

रानी didi...bta न प्लीज तंग न कर तेरा प्रिय के साथ रिस्ता क्या है...

मई.. जो आपका है...

रानी didi...(thoda सा स्टाइल mai)....meri तो दीदी है वो

मैंने आधा सुनते hi फाटक से कह दिया...

mai...meri भी...

लेकिन फिर उसके बाद अहसास हुआ की क्या गलती हुई और जल्दी जल्दी मई रानी दीदी ने फसा दिया tha...kuchh ठगा हुआ सा मह्सुश हो रहा था...

रानी didi...dekh भाई तू बेसक बताना न चाहे पर जिस तरह से तुम दोनों के हाव् भाव हैं न कोई भी कह सकता है की तुम दोनों लवर्स हो....

मैंने वहां कई बार देखा था की प्रिय बिना कहे hi तुम्हारी बातें समख जाती है....

और तुम्हारी इशारेबाजी तुम दोनों आँखों से hi बात कर लेते हो अब आपस मई इतनी अंडरस्टैंडिंग सभी मई तो हो नहीं सकती....

तुम मनो या न मनो पर तुम उससे और वो तुमसे प्यार तो जरूर करते हैं....

अब बताओ क्या मई गलत कह रही हूँ क्या तुम प्रिय से प्यार नहीं करते...

क्या प्रिय तुम से प्यार नहीं करती बताओ...

आज के रानी दीदी के रवैये से मई थोड़ा हैरान भी था क्योंकि वो आज बिलकुल खुलकर बात कर रही थी...

लेकिन उनकी बातों से कहीं भी ऐसा नहीं लग रहा था की वो नाराज़ हैं....

बल्कि ऐसा लग रहा था की वि बिलकुल खुश हैं....

रानी didi...kahan गम हो गया बता न की प्रिय से प्यार करता है की नहीं करता hai...tujhe मेरी कसम है तू सच सच बताएगा....

वैसे तो मई फैशला कर hi चूका था की मई सब कुछ सच सच बता दूंगा इसलिए अब मई उनकी ज्यादा खिचाई नहीं करना चाहता था....

mai....ale मेरी प्यारी दीदी इतनी गहराई से नोटिस करती हैं मुझे तो आज hi पता चला....

रानी didi....or नहीं तो क्या ऐसे hi अपने भाई से जुडी छोटी से छोटी चीज़ का ख्याल रखती हूँ...

रानी didi...ek मिनट एक minute...tu बात को पलट रहा ha...tune बताया नहीं की प्रिय को प्यार करता है की नहीं...

mai...are मई कहाँ बात को पलट रहा हूँ....

रानी didi...meri आँखों मई देखते हुए.. तो बता न

mai...ha ये सच है की प्रिय को प्यार करता हूँ....

रानी didi...or प्रिय..

मई... (शरमाते हुए ) वो है वो भी करती है....

रानी दीदी...........

mai...kya hua...apko अच्छा नहीं लगा क्या...

रानी didi....kaisi बात कर रहा है मुझे अच्छा क्यों नहीं लगेगा...

mai...vo आप कुछ बोली नहीं न इसलिए मुझे लगा आप को बुरा लगा हो शायद आप को प्रिय पसंद न हो....

रानी didi...aisa कुछ नहीं hai,merq भाई खुश तो मई भी khush...aur भाई कभी न कभी तो इंसान को किसी न किसी से प्यार होता hi है....

रानी didi...aur इस दौरान इंसान को गलत इंसान से भी प्यार हो जाता है वो बाद मई फिर उसे धोका देता है फिर दिल टूटता है....

बिच मई HI मई बोल पड़ा.....

Mai...nhi आप गलत समझ रही हैं प्रिय ऐसी नहीं है....

रानी didi...(apne सर को पिट ते हुए ) गलत मई नहीं तू समझ रहा है बुद्धू पहले पूरी बात तो सुन लेता....

रानी didi...mai कह रही थी की इंसान को पहला प्यार गलत इंसान से भी हो जाता hai...aur मुझे इस बात की ख़ुशी है की तुझे प्यार प्रिय से हुआ वो एक सुलझी हुई लड़की hai...uski आँखों मई मैंने देखा है बस तेरे लिए बेइंतिहा प्यार है....

रानी didi...han मुझे थोड़ा ढक जरूर होता अगर वो लड़की प्रिय के अलावा कोई और होती तो....

आज सच मई hi रानी दीदी बोहोत बड़ी बड़ी बात कर रही thi...nai थोड़ा शॉकेड भी था....

mai....ohh मेरी बहन अब बड़ी बड़ी बात करने लगी है....

रानी didi...or नहीं तो kya...ab मेरा भाई तो बड़े बड़े काम करने लगा है....

mai...chalo यार अब सोते हैं बोहोत रात हो गयी...

रानी दीदी ...हाँ कल से स्कूल भी जाना है...

फिर हम सोने लगते हैं लेकिन क्योंकि हम एक hi चारपाई पर सो रहे थे और जगह भी काम थी....

तो रानी दीदी ने मेरे हाथ का तकिया लगा के सो रही थी और उनका एक हाथ मेरी चेस्ट पर रखा हुआ था....

मुझे बोहोत सुकून सा महसूस हो रहा था...

कुछ hi देर मई बो तो सो गयी लेकिन मई अभी जगा हुआ सोच रहा था कितना समझती हैं ये मुझे...

चाँद की रौशनी मई उनका चेहरा बिलकुल चमक रहा था और हवा चलने की बजह से उनकी काली जुल्फें आकर आकर उनके चेहरे पे पहरा देने लग जाती हैं....

मई उनके मासूम चेहरे से जुल्फों को हटाता hun...chand की रौशनी मई वो बेहद hi खूसबसुरत लग रही थी... चेहरे पर एक पियरी सी मुस्कुराहट और एक सुकून था.....

उनकी मासूमियत को देख कर मई मन hi मन कसम खता हूँ.....

चाहे कुछ भी हो जाये मई इस चेहरे पर कभी गम नहीं आने dunga...besak मुझे अगर इस चेहरे की ख़ुशी देखने के लिए जान भी देनी पड़ी तो दे दूंगा....

की तभी रानी दीदी मुझसे लिपट जाती हैं....

और फिर मई भी उन्हें अपने साइन से लगाकर सो जाता हूँ....

जो सुकून मिल रहा था उसे मई शब्दों मई तो बयां नहीं कर सकता....

पता hi नहीं चला मई कब सो गया जब आंखें खुली तो तमिना दी सामने कड़ी थी....

Tamina...how sweet...tumhe देख कर लगता नहीं की भाई बहन हो...

अब तक रानी दीदी भी जाग चुकी थी...

Tamina...tum दोनों मई कितना प्यार hai...haye नज़र न लगे किसी ki...man तो नहीं कर रहा मेरा तुम दोनों को अलग करने का लेकिन करना पड़ेगा....

Tamina...jao फ्रेश हो जाओ और लग जाओ अपने काम पर...

फिर क्या tha...daily रूटीन फॉलो kiya...lekin यूँ इन लकड़ियों के साथ काम करने मई एक परेशानी आ रही thi....meri बॉडी जगह जगह से छील गयी थी...

ये बात मैंने तमिना दी को बताई तो उन्होंने कहा कर देनेगे इसका भी इंतजाम...

आज स्कूल जाना था तो हम पैदल hi निकल गए स्कूल के लिए....

यहाँ से स्कूल गाओं से ज्यादा पास पड़ता था...

बस कोई मुश्किल से 500 मीटर hi पैदल चलना होता है....

आज सचल बोहोत दिन बाद जा रहा था और लास्ट टीम जब गया था तब से लेकर अब तक बोहोत चेंज आ चूका था...

खैर घर से निकलने के कुछ देर बाद हम सचल पोहोंच गए....

रानी दीदी क्लास मई चली गयी लेकिन मई नहीं गया...

इसकी वजह ये थी की एक लड़का चिल्ला के किसी को बता रहा था की भाई लड़ाई हो गयी....

और वो उसे मार रहा है....

mai...man mein...sale काम से काम नाम तो बता देता कोण किसे मार मार रहा है... खैर वहीँ जेक देख लेता हूँ....

लेकिन मई जा रहा था उस से पहले hi कोई 4-5 लड़के हाथों मई बात हॉकी और स्टंप लेकर उधर पोहोंच गए....

मई भी जल्दी से उधर को रवाना हुआ.. .

वहां जाकर मैंने देखा की एक लड़का जिसकी पीठ मेरी तरफ है वो एक लड़के के गिरेबान को पकड़कर कान पे बजाए जा रहा है...

लेकिन तभी जो लड़के वहां भाग के गए थे उनमे से एक ने बात से उस लड़के की तंग पर मारा जो मार रहा था....

उसकी चीख निकल गयी और आवाज़ कुछ जनि पहचानी लगी....

लेकिन तभी एक लड़के ने आगे से जाकर उसके मुंह पर की किक मरी जिस से वो पीछे की तरफ हुआ और मेरे ऊपर आके गिर गया...

और जैसे hi मुझे उसका मुंह दिखा मई शॉक रह गया और गुस्सा इतनी जोर का आया की बस पूछो न....

तो बे कॉन्टिनोएड. .......

 
अपडेट-42



इसकी वजह ये थी की एक लड़का चिल्ला के किसी को बता रहा था की भाई लड़ाई हो गयी....

और वो उसे मार रहा है....

mai...man mein...sale काम से काम नाम तो बता देता कोण किसे मार मार रहा है... खैर वहीँ जेक देख लेता हूँ....

लेकिन मई जा रहा था उस से पहले hi कोई 4-5 लड़के हाथों मई बात हॉकी और स्टंप लेकर उधर पोहोंच गए....

मई भी जल्दी से उधर को रवाना हुआ.. .

वहां जाकर मैंने देखा की एक लड़का जिसकी पीठ मेरी तरफ है वो एक लड़के के गिरेबान को पकड़कर कान पे बजाए जा रहा है...

लेकिन तभी जो लड़के वहां भाग के गए थे उनमे से एक ने बात से उस लड़के की तंग पर मारा जो मार रहा था....

उसकी चीख निकल गयी और आवाज़ कुछ जनि पहचानी लगी....

लेकिन तभी एक लड़के ने आगे से जाकर उसके मुंह पर की किक मरी जिस से वो पीछे की तरफ हुआ और मेरे ऊपर आके गिर गया...

और जैसे hi मुझे उसका मुंह दिखा मई शॉक रह गया और गुस्सा इतनी जोर का आया की बस पूछो न....

अब आगे..........

ये कोई और नहीं मेरा दोस्त कालू tha...aur वो दोस्त hi क्या जो इस हालत मई भू अपने दोस्त का साथ न दे...

वो मेरे ऊपर आकर गिरा hi था की उनमे से एक लड़का आकर फिर से उसे हॉकी से मरने hi वाला hi था...

की मैंने उसकी हॉकी पकड़ ली....

ladka=L(1 तो 5)

L1...abe ोये कोण है तू...

L2...lagta है कोई नया एडमिशन पहले कभी देखा नहीं है इसे....

L3...dekh पहले दिन हीरो गिरी दिखने की कोशिश न कर और अपने काम से काम रख...

L2...abhi जा न raha...khurak मांग रहा दिख्खे...

mai...abe ो चपगंजु की औलाद ज्यादा बकचोदी न कटे,

कहीं ऐसा न हो की फिर कुछ दी हॉस्पिटल मई बितावे....

मैंने कालू को साइड मई बैठा दिया था अब तक....

L5...abe क्यों हिन्दीफिल्म की तरह बकचोदी काट रहे हो मारो बस

तभी एक लड़का हॉकी से मेरे पर हमला करने वाला होता है लेकिन इतने मई अपना बैग उतारकर उसके हॉकी वाले हाट मई मरता हूँ जिससे हॉकी गिर जाती है....

लेकिन उस मरचोद का कॉन्फिडेंस तो देखो फिर भी नहीं मन और मेरे मुंह पर मुक्का मरने चला था की मैंने बैग आगे कर दिया....

और उसके पेट मई एक लात मरी जिससे वो निचे की तरफ झुक गया...

तभी एक लड़का और भगा मेरी तरफ उसे देखते hi जो लड़का निचे की तरफ झुका हुआ था उसकी पीठ पर पेअर रखकर मैंने छलांग लगाकर बैग दूसरे लड़के के सर पर मारा ....

और सन कुछ ऐसा बना की वो दोनों hi लड़के मुंह के बल निचे पड़े थे....

अब दो लोगों की पिटाई के बाद एक ने और हिम्मत दिखाई और वो मुझे मरने के लिया आया लेकिन मैंने उसका गिरेबान पकड़कर उसके गाल पर जोरदार 4-5 थप्पड़ मरे की उसके 2-3 दन्त टूटकर निचे आ गए....

वहां पर ल1 और ल2 hi थे...

वो दोनों एक साथ मुझे मरने को आये तो मैंने एक की छाती पर किक मरी तो दूसरे के पंच मेरे मुंह तक पोहोच चूका था....

लेकिन ट्रेनिंग की बजह से मेरे रेफ्लेक्सेस तेज़ हो गए थे और अगिलिटी भी बाद गयी थी....

इसलिए पूछ लगने से पहले hi मैंने उसका पंच पका पकड़ लिया...

और उसका हाथ मरोड़कर नक् पे एक पंच जड़ दिया....

तभी हमेशा की तरह एक आवाज़ आती hai...kya हो रहा है यहाँ....

आवाज़ जनि पहचानी thi...or पीछे मुड़कर देखा तो प्रशांत sir(sabhi भूल चुके honge....math टीचर है हीरो का) खड़े थे...

Ps....are तो फसाद की जड़ ये भाई साहब हैं जो पहले दिन के बाद कभी सचल मई नहीं dikhe....or अब सचल आते hi पन्गा क्या बात है....

मई अभी इनकी बातें सुन रहा था की तभी मेरे सर के पीछे बोहोत तेज़ कोई चीज़ लगी पता नहीं क्या था...

मई पीछे मुड़ता उससे पहले तो मेरे ऊपर पता नहीं कितने लोगों ने हमला कर दिया...

कोई हॉकी से मार रहा था कोई सरिया से कोई चैन से कोई हॉकी से तो बात से जिसे कुछ न मिला उसने अपने हाथ पैरों से काम चलाया....

सर मई चोट लगने की बजह से बेहोशी सी छ गयी थी....

मई कुछ कर नहीं पा रहा था बस पड़ा हुआ मार खा रहा था....

पस... अरे कोण हो तुमलोग और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई स्कूल के अंदर आने की....

admi1...munh पे ऊँगली रख के... चुप रे बरना तेरे लिए सही न होगा

ps...tamiz नाम की चीज़ नहीं है क्या कोई

admi2....abe ो मास्टर हम पाली भैया के आदमी हैं और अबकी बार जुबान मुंह से बहार आ गयी न तो जुबान को काट के हाथ मई दे दूंगा भलाई इसी मई है की यहाँ से चला जा...

तभी एक आदमी मेरे सर के पास बैठता है और कहता है तेरी हिम्मत कैसे हुई छोटे मालिक को हाथ लगाने की....

और दो आदमियों ने मुझे उठाया

आदमी 1 इसे ऐसी सजा दो की फिर से कभी कोई ऐसी गलती करने की कोशिश न करे....

और उसने कोई 4-5 बार चाकू मेरे पेट मई घोंपा....

और फिर मुझे वहां पड़ा हुआ छोड़ गए...

मई बेहोश हो चूका था ये बात शायद रानी दीदी को भी पता चल गयी थी...

स्टोरी बी थर्ड पर्सन....

जब रानी को ये बात पैट चली तो उसके तो पैरों टेल जमीं hi खिशक गयी...

और वो भगति भगति ग्राउंड पहुंची अपने भाई की ऐसी हालत देखर उसकी भी हालत ख़राब हो गयी....

और वो भागते हुए राज के पास गयी उसका सर अपनी गॉड मई रखा उसकी आँखों से अंशू रुक नहीं रहे थे....

लेकिन फिर भी उसने आज हिम्मत से काम लिया...

Rani....rote हुए chikhkar....kis के पास फ़ोन हो तो दो ...

ps...beta मैंने फ़ोन कर दिया है एम्बुलेंस को....

Rani...mujhe फ़ोन तो दो....

फिर उन्होंने रानी को फ़ोन दिया उसने बोहोत hi जल्दी मई फ़ोन मिलाया....

रानी... hello hello दीदी

उधर se............ha कोण

Rani....vo वो राज पे किसी पे हमला कर दिया है...

उधर se..........Rani क्या हुआ किसने किया हमला

Rani....mujhe नहीं pta....aap जहाँ भी हो जल्दी आ जाओ प्लस

udhar...ha बीएस पोहोंचती हूँ ...

कोई 2 मं बाद हु एक गाडी आकर वहां रूकती है....

उसमे से तमिना निकलती है और जल्द से जल्द राज को गाड़ी मई रखा जाता है और तमिना रानी को चुप कराती है....

कुछ hi देर मई वो लोग हॉस्पिटल पोहोंच चुके थे....

डॉक्टर्स ने भी अपने नखरे दिखाए एडमिट न करने को लेकिन तमिना ने अपने ढंग मई उन्हें समझा दिया था....

कुछ घंटे के ट्रीटमेंट के बाद राज को होश आ गया....

सभी पोहोंच चुके थे उसके पास फिर वही फॅमिली ड्रामा हुआ....

शाम को कालू जब राज के पास पोहोंचा तो वो राज सॉरी बोलने लगा...

Kalu....sorry मेरु बजह से तेरी ये हालत हुई...

Raj...are वह बसड्क बड़ी जल्दी पराया कर दिया...

Kalu...aisi बात नहीं hai...lekin तूने तो मेरी लड़ाई अपने सर ले ली...

राज... वैसे लड़ाई हुई क्यों थी तेरी और ये लड़के थे कोण पहले कभी देखा नहीं इन्हे....

Kalu...ye लड़के पास के गाओं के हैं और एक लड़का Neelam(kalu की बहन) को परेशां कर रहा था कई दिन se...isiliye मई उसे समझा रहा था लेकिन उसने लौंडे बुला लिए लड़ने ko...mujhe नहीं पता था की उसकी पाली के भाई से दोस्ती है..

Raj...ooo गांडू मतलब तुझे पता होता तो तू उसे अपनी बहन को छेड़ लेने देता...

Kalu...mere कहने का वो मतलब नहीं है...

Raj...kuchh भी मतलब हो तूने सही kiya...or ये बता ये पाली कोण है....

Kalu...tujhe nhi pta...rehta kahan hai tu....pali apni वाइसी(grp of 22 villages) ka sabse bada criminal hai ....

Raj....aisa क्या...

तभी कमरे मई तमिना एंट्री मरती है...

Tamina...tum बस इसका ठिकाना बताओ इसे तो मई सुबह का सूरज नहीं देखने दूंगी...

Raj...cool डाउन दीदी और आइये मेरे पास बैठिये...

kalu...ye कोण स दीदी हैं मैंने पहले कभी देखा नहीं...

मई... ये तमिना दीदी हैं मेरी सबसे बड़ी बहन

kalu...ohh

उसने बस इतना hi कहा उसके चेहरे से तो लग रहा था उसके मन मई और भी सवाल हैं लेकिन उसने संत रहना hi मुनाशिब समझा...

तमिना didi...ho गयी बातें अब मुझे उसका पता बताओ मई उस इंसान की सांसें चलती हुई बर्दास्त नहीं कर सकती जिसने मेरे भाई को दर्द दिया है....

kalu...uska कोई पता ठिकाना नहीं है वो अंडर ग्राउंड है पता नहीं कब कहाँ रहता है कहाँ जाता है....

Raj...tamina दीदी उसे तो अब मरना पड़ेगा वो भी कुत्ते की मौत आप बस उसके बारे मई जानकारी इकठा करो कैसे भी करके...

तमिना di...hmm देखती हूँ....

कहानी राज की जुबानी

मैंने डॉक्टर्स को डिस्चार्ज करने के लिए बोलै लेकिन सभी घर बालों ने मन कर दिया की जब तक ठीक नहीं हो जाता डिस्चार्ज नहीं होगा....

फिर क्या था कटनी पड़ी रत हॉस्पिटल मई....

दवाई की बजह से नींद जल्दी hi आ गयी थी...

इसबीच रानी दीदी ने मुझसे कोई बात नहीं की थी शायद नाराज़ थी....

खैर सुबह नींद खुली सरीर मई ज्यादा दर्द तो नहीं था पर थोड़ा तो था...

मैंने इधर उधर देखा तो रानी दीदी को अपने बीएड के पास बैठा paya....baitha क्या मेरे हाथ को अपने अपने हाथ मई पकडे हर hi हो गयी थी बीएड पे सर रख के....

( ी ऍम नॉट गोइंग तो डेस्क्रिबे हेर स्लीपिंग ब्यूटी )

मैंने उनके सर पे हाथ के घुमाया तो अचानक hi उनकी नींद खुल गयी...

पहले तो हम कुछ देर आँखों मई देखते रहे पर दोनों मई से कोई कुछ नहीं बोलै और अचानक hi उनकी आँखों मई से अंशू बहने लगे....

जब मैंने अपने हाथ से अंशू साफ़ करने चाहे तो उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया....

mai....kya हुआ दीदी क्यों रो रही हो...

उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया...

mai...aap जानती हैं न आपकी आँखों मई अंशू नहीं देखे जाते मेरी आँखों से मुझे तकलीफ होती है आपको रोटा हुआ देखकर फिर भी रो रही हैं आप....

रानी didi.......bada आया तकलीफ बाला जब तेरे से मेरी आँखों मई अंशू नहीं देखे जाते तो क्यों बनता है अंशुयों की बजह....

mai.....mai सोचने लगा मैंने तो ऐसा कुछ भी कहा नहीं है जिससे इनको बुरा लगे...

mai.....mtlb

रानी didi.....gusse se.....kya जरुरत थी फालतू के झगडे मई पड़ने की...

अब संत रहने की बरी मेरी थी...

रानी didi...kya हुआ अब क्यों नहीं बोल रहा तुझे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता सोचा है तूने कभी...

(कुछ देर रुकने के बाद)

रानी didi....nhi सोचा होगा न पर अब सोच के देख नहीं जी सकती मई तेरे बिना....

और इसी के साथ मेरे साइन पर सर रखके रोने लगी उनका यूँ रोना देखकर मेरी भी आंखें नाम हो गयी और मैंने भी उन्हें यूँ hi साइन से लगाए रखा....

कुछ देर बाद मैंने अपने आप को संभाला और रानी दीदी को भी संत किया....

तभी कमरे मई पापा आ गए और उनके साथ पुलिस थी....

उन्होंने मेरा बयां लिया क्या कुछ हुआ मैंने उन्हें बताया....

और इसके साथ उन गुंडों के नाम पर फिर कर दी गयी....

हॉस्पिटल मई पड़े पड़े 24 घंटे हो गए थे मई बोर हो रहा था इसलिए फ़ोन मई गेम खेलने लगा....

तभी अचानक मेरे को प्रिय की याद आयी 1 दिन हो गया मेरे साथ हादसा हुए उसे पता भी चल चूका hoga.....lekin उसकी एक कॉल तक नहीं आयी मुझे वैसे तो कहती है मई तुमसे बोहोत प्यार करती हूँ और ये बो अब इतना की भी टीम नहीं की ये भी पूछ सकर की जिन्दा हुंया मर gya.....ab अगर उसका कॉल आएगा तो मई भी पिक karunga....sahi hi कहते हैं लोग बुरे समय मई कोई भी साथ नहीं रहता....

(वो कहते हैं न खली दिमाग सैतान का घर होता है ऐसा hi कुछ राज के साथ हो रहा था एयर अक्षर हम नाराज़ भी उससे hi होते हैं जिससे प्यार करते हैं या फिर प्यार की उम्मीद करते हैं)

मई बोहोत देर तक ऐसे hi सोचता रहता हूँ फिर कालू और उसकी बहन मिलने आये होते हैं....

उनसे बातें होती रहती हैं फिर दोपहर को चची भी आ गयी थी और सभी मेरे hi कमरे मई थे और T.V पे न्यूज़ लगा दिए kisine....(boring people's )

कुछ देर ालतु फालतू से न्यूज़ चले फिर एक ऐसी न्यूज़ आयी जिसे देखकर सब चोन गए....

(अब मेरे पे टीवी रिपोर्टर की नक़ल तो करि नहीं जाएगी इसलिए अपने तरीके से लिख hi हूँ)

खबर कुछ इसतरह की आ रही थी की....

*******इलाके के इस खतरनाक गुंडे की हुई हत्या...

इसकलए खिलाफ सैकड़ों मर्डर और रपे कैसे दर्ज़ hein....lekin आज तक पुलिस इसे हाथ भी नहीं लगा पायी.....

लेकिन पता नहीं किस फरिस्ते ने इसे कुत्ते की मौत मारा है और चुलबुल पांडेय बाला डीएलओगे सत्य कर दिखया hai....itte छेड़ किये हैं इस लाश मई की गिना भी नहीं जा रहा गई कितनी गोलियां मरी हैं इसके सरीर मई.....

अब इसखबर का इस स्टोरी से ताल्लुक ये है की ये बही गुंडा है जिसने कल राज पर चाकू से वार किया था....

वहां पे खड़े सभी लोगों के चेहरे पे ख़ुशी thi....iske मरने के बाद क्योंकि सभी को पता चल चूका था की इसिने मुझे मरने की कोशिश ki......aur वैसे भी 22स के लोग इससे बोहोत परेशां थे....

लेकिन मुझे इसका मर्डर देख कर जरा भी ख़ुशी नहीं हुई क्योंकि इसमे अपने हाथो से मरना चाहता था.....

लेकिन मई ये सोच रहा था की इसे इतनी बुरी तरह से मारा kisne....kon कर सकता है ऐसा......

तो बे कॉन्टिनोएड. .........

भाई लोग बोहोत दिन बाद अपडेट लिखा है पता नहीं सही से लिख पाया हूँ के नहीं इसलिए क्रिप्या अपनी रे जरूर दें ताकि कुछ कॉन्फिडेंस आये.....

आगे आपकी मर्ज़ी....
 
राज के पास ऐसी कोई पावर नहीं है की वो ये मह्सुश कर सके क्या होने वाला है क्या नहीं उसके वो अभी बीएस स्ट्रांग हो रहा है.....

और रही बात तलवार की तो वो भी फ्यूचर नहीं देख सकती जो हुआ अचानक हुआ पर राज के स्टोरंग होने की बजह से उसकी बॉडी मई बस चाकू के hi घाव हुए हैं बाकि सभी सही है....

ैप भी आ जायेगा.....

राज प्रिय के ऊपर शक नहीं कर रहा बस खली टीम मई आदमी के दिमाग में फालतू के बिचार तो आते hi रहते हैं.....

एक्साम्स तो ओवर हो गए हैं लेकिन एंट्रेंस एक्साम्स नहीं हुए हैं अभी बस उसी की वजह से अपडेट लेट आ रहे हैं....

कीप रीडिंग...

कीप कमेंटिंग...

कीप सपोर्टिंग....
 
अपडेट-43

कुछ देर ालतु फालतू से न्यूज़ चले फिर एक ऐसी न्यूज़ आयी जिसे देखकर सब चोन गए....

(अब मेरे पे टीवी रिपोर्टर की नक़ल तो करि नहीं जाएगी इसलिए अपने तरीके से लिख hi हूँ)

खबर कुछ इसतरह की आ रही थी की....

*******इलाके के इस खतरनाक गुंडे की हुई हत्या...

इसकलए खिलाफ सैकड़ों मर्डर और रपे कैसे दर्ज़ hein....lekin आज तक पुलिस इसे हाथ भी नहीं लगा पायी.....

लेकिन पता नहीं किस फरिस्ते ने इसे कुत्ते की मौत मारा है और चुलबुल पांडेय बाला डीएलओगे सत्य कर दिखया hai....itte छेड़ किये हैं इस लाश मई की गिना भी नहीं जा रहा गई कितनी गोलियां मरी हैं इसके सरीर मई.....

अब इसखबर का इस स्टोरी से ताल्लुक ये है की ये बही गुंडा है जिसने कल राज पर चाकू से वार किया था....

वहां पे खड़े सभी लोगों के चेहरे पे ख़ुशी thi....iske मरने के बाद क्योंकि सभी को पता चल चूका था की इसिने मुझे मरने की कोशिश ki......aur वैसे भी 22स के लोग इससे बोहोत परेशां थे....

लेकिन मुझे इसका मर्डर देख कर जरा भी ख़ुशी नहीं हुई क्योंकि इसमे अपने हाथो से मरना चाहता था.....

लेकिन मई ये सोच रहा था की इसे इतनी बुरी तरह से मारा kisne....kon कर सकता है ऐसा......

अब्ब आगे................

फिर थोड़ी देर यही उसी कांड के बारे में चर्चा चलती रहीं किसने किया क्यों किया जुलने भी किया बोहोत बढ़िया kiya....aur पता नहीं क्या क्या......

और अब हॉस्पिटल का सन कुछ ऐसा था की वहां छोटी चची और पापा थे रानी दीदी और तमिना दीदी को घर भेज दिया गया था.....

और नर्स खाना दे गयी ताकि वो दवाई देकर जा सके....

फिर उन्होंने मुझे खिचड़ी खाने को दी मई खाने वाला था की चची आ गयी....

मैंने खाने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया....

और खुद मेरे हाथ से स्पून लेकर उसपे खिचड़ी रख कर मेरे मुंह तरफ बड़ा दी....

लेकिन मैंने अपना मुंह मोड़ कर अपनी नाराज़गी जारी राखी....

मई.... जब आपको मेरी ख़ुशी पसंद hi नहीं क्यों कर रही हो नाटक... आप भी तो मरना चाहती थी न मुझे आज वही काम किसी और ने किया तो क्या हुआ....

स chachi....mai पहले भी तुमसे माफ़ी मांग चुकी हूँ और अब भी मांग रही हूँ राज मुझे माफ़ कर दो....

स chachi...mai बस बहकाबे मई आ गयी थी उस एक गलती की कितनी बड़ी सजा डोज...

स chachi....bohot दिन हो गए मुझे तुम्हारी नफरत सहते sahte....ab और नहीं बस.... राज मुझे माफ़ कर दो.....

mai.....haa मई तुम्हे माफ़ कर दूँ ताकि तुम फिर से मुझे मारने की कोशिश कर sko....nahi अब और नहीं....

mai....ab पता चला कैसा लगता है जब कोई किसी की नफरत को मह्सुश करता है ...

mai....tum तो बस 4 दिन मई hi घुटने तक गयी और वो भी बस एक आदमी की नफरत se....mujhe देखो कितनो सैलून से तुम सबकी नफरत शता आया hun....fir भी चुन तक नहीं की....

mai...suna था की लोग प्यार से बदल जाते हैं इसलिए मई हमेशा इसी उम्मीद मई था की एक दिन टी लोग भी बदल जाओगे....

mai....lekin मुझे क्या पता था की मई गलत लोगों से ुम्मिफ लगाए बैठा हूँ जिनलोगों से मई प्यार की आशा कर रहा था.... वो hi पीठ पीछे मुझे मरने की प्लानिंग कर रहे थे.....

mai.....aur तुम कहती हो की मई तुम्हे माफ़ कर dun...wah क्या बात है....

mai....taki तुम्हे और मौके मिल सकें मुझे मरने के haan....kya जरुरत है ये सब नाटक करने की यहीं मुझे मार दो न कोई है भी नहीं किसी को तुमपर शक भी नहीं होगा....

तभी मई इधर उधर देखने लगा तो मुझे टेबल पर चाकू रखा हुआ दिखा.....

मैंने वो चाकू उठाकर चची की तरफ बड़ा दिया.....

mai.....lo कहीं जाना भी नहीं है हथियार भी यहीं मिल गया...

चची ने पहले मेरी आँखों मई देखा एक पल के लिए....

फिर कांपते हुए हाथों से चाकू थाम लिया....

और मेरी आँखों मई hi देखते हुए थोड़ा आगे बड़ी और उन्होंने मुझपर चाकू से वार करने की बजाय अपने दाहिनी कलाई पर चाकू रख दिया.....

और वो लगातार मेरी आँखों मई देखे जा रही थी लेकिन अचानक उन्होंने अपनी तेज़ बंद कर ली और अपनी कलाई काटने hi वाली थी....

की मैंने उनका चाकू बाला हाथ पकड़ कर इसतरह से खींचा की उनको चोट न आये....

लेकिन इस दौरान वो आकर मेरे ऊपर गिर गयी अब सिचुएशन ऐसी थी की उनके दोनों हाथों की कोहनियां मेरी चेस्ट पर थी और जैसे hi उन्होंने अपना चेहरा ऊपर किया.....

उनकी सदी का पल्लू साइड हो जाने मि बजह से उनका क्लीवेज दिख रहा था....

और मुझे पता नहीं क्या हुआ मई उधर hi देखे जा रहा था....

लेकिन ज्यादा देर न देख स्का क्योंकि मेरे चेहरे पर आकर कुछ बुँदे गिरी....

जब मैंने चची के चेहरे की तरफ देखा तो वो रही थी.....

स chachi....kyon नहीं मर जाने दिया ऐसे रोज़ तड़पने से अच्छा है की एक hi मई एक hi दिन मर jaun....batao क्यों नहीं मरने diya.....ab नहीं सही जाती ये नफरत तुम्हारी.....

वो और पता नहीं क्या क्या कहती रही लेकिन मेरी नज़र फिर से उनके क्लीवेज पे टिक चुकी थी.....

जब शायद उनको इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने अपने पल्लू को ठीक करने की बजाय मेरे गले लग गयी....

और इसी के साथ कुछ नरम नरम सा अहसाह मेरी चेस्ट पे हुआ मुझे बड़ा मज़ा aaya....lekin मैंने कुछ रियेक्ट नहीं किया.....

chachi-(man मई) अब देखती हूँ कैसे बच पता hai....raj अब खाना खा लो तुम्हारी दवा का टीम हो रहा है.....

mai....mai खा लूंगा पहले आप अलग तो हो....

फिर चची मेरे ऊपर से उठ गयी और अपना पल्लू थोड़ा सही किया लेकिन उनकी क्लीवेज लाइन अब भी दिख रही थी....

फिर मई खाना खाने लगा लेकिन वो बहन से गयी नहीं और वहीँ बैठी रही....

मई खाना तो खा रहा था लेकिन मेरी नज़र बार बार उनके क्लीवेज पर चली जाती.....

लेकिन तभी नर्स आ गयी और खाना भी ख़तम हो चूका था.....

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नर्स- खाना खा लिया कि नहीं

चाची- हां खा लिया।

नर्स - तो आप बाहर चली जाओ मुझे घाव की ड्रेसिंग करनी है।

चाची बाहर चली चली जाती हैं।

फिर वो नर्स घाव को देखती है लेकिन घाव अब तक लगभग सही हो चुका था।

और वो जैसे ही घाव की हालत देखने को झुकती है उसका क्लीवेज दिखने लग जाता है। क्लीवेज क्या उसकी आधी से ज्यादा चूचीयां ही दिख रही थी।

एक तो चाची के क्लीवेज को देखकर लंड पहले से ही खड़ा था अब इस नर्स की चूचीयां देखकर तो लंड झटके मारने लग गया।

जिस पर की उसकी भी नजर चली गयी......

फिर वो झुकते हुए ही घाव की हाथ से पडताल करने लगी,,,,,,,पहले पहले उसने मेरे घाव के इर्द-गिर्द हाथ फिरा कर देखा फिर वो मेरे पेट पर हाथ फिराने लगी।

उसके ऐसे हाथ फिराने से मेरे शरीर में में हरकत होने लगी और मेरा हथियार बेकाबू होने लगा।।।।

जब तब तो हद ही हो गई जब वो कुछ सामान उठाने के लिए दूसरी तरफ झुकी और और उसकी चुचीयों का भार मेरे पेट पर आ गया।

बो कहते हैं ना कि पेंट को फाडकर बाहर आने बाली कंडीशन थी,,,,, तभी उस नर्स ने एकाएक अपना हाथ मेरे सख्त लौडे पर रख दिया।।।।।

उसके हाथ रखते ही शरीर में एक करंट सा लगा और मैंने उस नर्स के हाथ पर हाथ रख कर अपने लंड को मसल दिया,,,,,,,

उसने मेरा हाथ हटा दिया दिया और तेजी से बाहर की तरफ गई ,,,,,मेरी तो फट के 64 हो गई उसके बाहर जाते ही मुझे लगा शायद मैनं जल्दी कर दी हो सकता है उसे बुरा लग गया हो,,,,,,,

लेकिन जब वो अंदर आई तो उसने दरवाजा बंद कर दिया और जब वो पलटी तो उसके छहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी।

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वो तेजी से मेरे पास आई मैंने उसका नाम पूछना चाहा तो उसने कहा---रूपा। और बातें बाद में अभी कुछ नहीं।

इसके बाद उसने जो किया मैंनें कभी सोचा भी नही था कि ये सब इतनी जल्दी से होगा,,,,,,

रूपा ने आते ही मेरे पेंट का हुक खोल दिया और एक बार फिर अपने हाथ से मेरा लंड मसल दिया, ,,,,,

मेरे मुँह से एक छोटी सी आह निकल गई और इसी दौरान रूपा ने मेरा पेंट निकालने की कोशिश की तो मैंने भी थोड़ा उपर उठकर उसकी मदद की और रूपा ने पूरा पेंट उतारने की बजाय उसको घुटनो तक ही रहने दिया,,,,,,,

और अगले ही पल उसने अंडरवियर को भी नीचे कर दिया जिसकी बजह से लंड किसी इसप्रिंग की तरह बाहर निकला और 90 अंश का कोण बनाकर खडा हो गया,,,,,,,,,,,,

रूपा की नजर तो लंड से हट ही नहीं रही रही थी ।

रूपा,,,,,ओह माय गोड क्यय ये सच भे इतना बडा है।।।।।।और ये कहते ही उसने अपनी 3 उँगलीयां ऊपर से लेकर नीचे तक मेरे लण्ड पर फिरा दी।।।।

और फिर तुरंत ही उसने लण्ड को अपने मुठ्ठी में पकडना चाहा लेकिन मेरा लण्ड मोटा था वो उसकी मुठ्ठी में ना आ सका तो उसने लण्ड को दोपो हाथों से पकडकर सहला दिया,,,,,,,

मैं अपने अहसास हो बयां नही कर सकता मैं तो उस वक्त बिलकुल मदहोश हो गया था ।

उसने लण्ड को दोनो हाथों से पकड़कर अपने मुंह को लण्ड के पास ले गई ओर अपनी नाक को बिल्कुल लण्ड के सुपाडे पर रखकर एक सासं अंदर की तरफ ली और फिर बाहर ऐसा उसने कुछ 4-5 बार किया,,,,,,,,,,

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उसके बाद वॅो लण्ड की चमडी को पकड़कर उपर नीचे करने लगी और जैसे ही गुलाबी सुपाडा बाहर आता वो हाथ के अंगूठे को सुपाडे के इर्द-गिर्द और मुह पर रगड देती और इसमें जो मजा आता वो तो वस महसूस ही किया जा सकता।,,,,,,,,,

तभी रूपा धीरे-धीरे हाथो को तेजी देने लग जाती है और मेरा मजा भी दोगुना होने लग जाता है,,,,,,,,

लेकिन रूपा यहीं नही रुकती और जैसे ही सुपाडे से चमडी अलग होती तभी रूपा सुपाडे को अपने जीभ से चाट लेती और मेरे मुह सेअःक आआआआआहहहहहहह निकल जाती,,,,,,,,,,,

पर आज तो जैसे रूपा कामदेवी बनकर आई थी उसने अपने मुँह से बहुत सारा थूक मेरे लण्ड के ऊपर गिरा दिया,,,,,,,,

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उस थूक को तेल की तरह इस्तेमाल करते हुए रूपा ने थंक से ही मेरे लण्ड की मालिश कर दी तर और अपनी जीभ से सुपाडे को चाटते हुए उसने मेरा लण्ड मुहं में ले लिया।

लेकिन ऐसा करने से उसको तकलीफ हो रही थी पर मैं तो सातवे आसमान पर था अब तक वो ये सब मेरे फेड के पास खडे होकर कर रही य

थी,,,,,,,

लेकन अब वो मेरी टांगो के उपर आके बैठ गई और मेरी आंखो मे देखते हुए लण्ड को उपर से लेकर नीचे तक आइसक्रीम की तरह चाटने लगी ओर और एक हाथ से मेरे टट्टों के साथ भी खेल रही थी,,,,,,,,,,,,,

मैं-आआआआआहहहहहह रूपाआआ बहुत मजा आ रहा है एसे की करती रहो,,,,,,,,

लेकिन उसने एक बार फिर मेरा लण्ड मुहं में ले लिया और अपने हाथों से लण्ड पर हरकत करते हुए लण्ड को चूसने लगी,,,,,,,,,

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रूपा भी पूरी गरम हो गई थी क्योंकि उसकी चूत की गर्मी मुझे अपनी टांगों पर महसूस हो रही थी,,,,,

और तभी उसने अपनी चूचीयों को अपनी ड्रेस में से बाहर निकाल दिया,,,,,,,उसके लण्ड चूसने की बजह से चूचीयां एक लय में हिल रही थी,,,,,,

बस रूपा की लण्ड चुसाई चूत की गर्मी और चूचीयों के नृत्य से में चरम पर पहुंच गया और पता नहीं मुझे क्या हुआ मैने रूपा के सिर को पकडकर लण्ड पर दवा दिया,,,,,,,,

और अपनी कमर को नीचे उपर करके तेजी हे झटके लगाने लगा,,,,,,,,,,,

और कोई 15-16 झटकों के बाद भें रूपा के मूंह में झड गया,,,,,,,,,,

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*********************************

अभी मई मदहोशी मई hi था पहली बार जो झाड़ा था लेकिन तभी किसी ने जोर जोर से दरवाजा बजाना शुरू कर दिया.....

हम दोनों एक डैम मदहोशी से बहार आये....

और मैंने अपने अंडरवियर को पहना उसने भी अपने कपडे पहने......

और जब गेट खुला तो एक नयी मुसीबत सामने कड़ी थी.......

तो बे कॉन्टिनोएड. ........
 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग....

वो तो आगे आने वाले उपदटेस मई पता चल जायेगा की चची के माँ मई क्या चल रहा है......

राज के अल्वा कोई भी करैक्टर ऐसा बिलकुल नहीं आएगा जो रानी के साथ क्लोज हो जाये don't वोर्री......

भाई यार रेगुलर अपडेट न दे पाने के कई कारन हैं एक तो मेरा फ़ोन पुराण है ये साथ नहीं देता एक 2000 वर्ड्स का अपडेट लिखने मई भी 2 बार चार्ज करना पड़ता है
 
अपडेट-44


अभी मई मदहोशी मई hi था पहली बार जो झाड़ा था लेकिन तभी किसी ने जोर जोर से दरवाजा बजाना शुरू कर दिया.....

हम दोनों एक डैम मदहोशी से बहार आये....

और मैंने अपने अंडरवियर को पहना उसने भी अपने कपडे पहने......

और जब गेट खुला तो एक नयी मुसीबत सामने कड़ी थी.......



अब्ब आगे.....



हुआ यूँ की चची भागते हुए आयी की और आकर मेरे गले लग कर रोने लगी......

chachi....(rote hue)vo मार रहे हैं वो उन्हें मार देंगे

mai....kon किसे मार रहा है...

chachi....vo लोग बोहोत बुरे हैं वो मार रहे हैं....

मैंने उन्हें अपने से अलग किया और और पास मई रखे जग मई से उन्हें पानी दिया.....

mai....ab बताओ कोण किसे मार रहा है....

chachi....Raj कुछ गुंडे आये और तुम्हारे पापा को मार रहे हैं.....

ये बात सुनते hi मेरी आंखें लाल हो gyi....aur मैंने भागता हुआ बहार गया....

वहां पर भीड़ जमा थी जब मई वहां पोहोंचा तो कोई नहीं था लोगों से पूछने पर पता चला की वो लोग पापा को वन मई डालकर कहीं ले गए.....

लोगों ने जिस तरफ बताया की वन गयी है मई उसी तरफ बोहोत तेज़ी से भागने लगा.....

लेकिन तभी मुझे ख्याल आया की हॉस्पिटल पर चची अकेली रह गयी उन्हें भी खतरा हो सकता है.....

और जल्दबाज़ी मई मेरा फ़ोन भी हॉस्पिटल मई hi रह गया था....

मई उन्हें घर जाने के लिए कॉल भी नहीं कर सकता था.....

तो मैंने वहां रुकर एक आदमी से मोबाइल लिया और तमिना दी को कॉल किया....

tamina....hello

mai.....didi मई राज बोल रहा hun...aap जल्दी से चची को हॉस्पिटल से घर ले jao....or रानी दीदी को भी साथ ले jana....or दोनों को बिलकुल बजी अकेला नहीं छोड़ना....

Tamina....kyon ऐसा क्या हो गया और तुम कहाँ पर हो...

mai....vo सब मई बाद मई मिलकर बताता हूँ आप पहले चची को हॉस्पिटल से पिक करो और गाओं नहीं जाना होटल ले जाना उन्हें......

Tamina....kuchh तो बताओ तुम कहाँ हो ठीक तो न .....

मई ....ok bye

फिर मई उस इंसान का फ़ोन वापस क्र के फिर से आगे बढ़ता हूँ और भागते भागते ऐसी जगह पर पोहोंच जाता हूँ जहाँ से दो रस्ते जा रहे थे.....

अब मई उलझन मई पद गया था किस तरफ जॉन.....

तभी मुझे अपने हाथ पर वो टैटू नज़र आता है तो मई सोचता हूँ शायद इससे कुछ मदद मिल सके.....

तभी रूही और सीड सामने आ जाते हैं (इन्हे केवल मई hi देख सकता हूँ)

mai....kya तुम लोग मेरी कुछ मदद कर सकते हो....

sid....kaisi मदद...

mai...bas ये बता दो की वो लोग पापा को कहाँ ले गए हैं....

sid....ham ये नहीं बता सकते लेकिन आप खुद पता कर सकते हैं....

mai....dekho यार मेरा दिमाग पहले से hi टेंशन मई है और पहलेलियाँ न बुझाकर कुछ काम की बात बताओ.....

RUHI....to काम की बात ये है की तुम अपनी पावर्स का इतेमाल karo..m.

Mai....kon सी पावर मुझे तो कुछ पता hi नहीं है......

RUHI.....tumhare पास कई तरह की power's हैं उनमे से एक है जानवरो को अपने वश मई करना उनकी भाषा मई बात करना.....

mai....lekin मई इसे िस्टमक्ल कैसे करूँ....

SID....Jyada कुछ नहीं करना बस थोड़ा सा दिमाग को स्थिर करो और जिसे भी अपने पास बुलाना चाहो उसकी आवाज़ निकालो......

मैंने ऐसा किया लेकिन कुछ नहीं hua.......kyonki एक तो मई डीडेड नहीं कर प् रहा था किसे bulaun...aur पता नहीं क्या क्या ख्याल आ रगे थे दिमाग मई.....

RUHI....aise तो देर हो जाएगी तुम जिसे बुलाना चाहो बस उसी के बारे मई सोचो उसकी तस्वीर अपने दिमाग मई बनाने की कोशिश करो और फिर पूरी एकाग्रता से उसको आवाज़ दो.....

mai....(man मई) अब रात हो चली है ऐसे मई ऐसा कोण है जो मेरी मदद तेज़ी से कर ske...raat के नाम से मुझे उल्लू का ख्याल आया..... लेकिन फिर सोचा की उसकी तो स्पीड काम होती hai.....speed से ध्यान आया की इस काम मई को सबसे तेज़ BATS(chamgadad ) hi कर सकते हैं बकज़ ऑफ़ थेइर सुपर सोनिक speed.m....

फिर मई बट्स की तस्वीर अपने दिमाग मई सोचने laga....aur उनकी आवाज़ भी निकलने की कोशिश की तो तीन चार बात तरय करने पर मुझे अपने पास बोहोत से बट्स की आवाज़ सुनाई दी.....

जान मैंने आंखें खोली तो देखा चमगादड़ों का एक पूरा का पूरा झुण्ड मेरे सामने हवा मई खड़ा था....

mai...(bats की आवाज़ मई) देखो भाई लोग मेरे पापा का किसी ने किडनैप कर लिया है प्लीज आप लोग जल्द से जल्द उनका पता लगाने मई मेरी मदद करो.....

BATS....jo हुकुम सर्कार लेकिन आपको कोई ऐसी चीज़ देनी पड़ेगी जिससे हम उन्हें पहचान सकें.....

mai....aisi क्या चीज़ दूँ...

तभी मुझे याद आया की मेरे पर्स मई पापा की एक फोटो है...

मई.... (फोटो बट्स को दिखते हुए) क्या इससे काम बन जायेगा ......

bats.....ji जरूर अब हम चलते हैं हमें जल्द से जल्द आपको इनकी खवार लेकर दे देंगे......

और सभी बट्स कुछ ग्रुप्स बनाकर अलग अलग दिशाओं मई चले गए.....

SID.....agar तुम चाहो तो एक काम.

की बात बताऊँ......

mai.....ji हुज़ूर जरूर....

SID....is जंगल मई एक कला घोडा (हॉर्स) है जो की सैलून से किसी बजह से इस जंगल मई भटक रहा है.....

mai....to लुँडेर इसमें काम की क्या बात है....

Ruhi....oooo गलीच मानव वो कोई आम घोडा नहीं है अगर तुम उस घोड़े को अपने बस मई कर लो तो तुम्हारे पास एक तेज़ रफ़्तार बहन हो जायेगा जो की तुम्हे बोहोत काम आएगा.....

mai....lekin मुझे तो अभी पापा को ढूंढने जाना है....

Sid....vo बट्स गए हैं जान तो वो वापस नहीं आएंगे तब तक तुम आगे कुचज नहीं ार paoge....isse अच्छा है कुछ काम करो....

Ruhi....mujhe विश्वाश है की तुम उस घोड़े उन बट्स के आने से पहले अपने वश मई कर लो गए......

mai....chalo तो फिर देखते हैं क्या होता है वैसे वो मुझे मिलेगा कहाँ......

Sid.....bas सीधे इस जंगल मई जाओ और वो तुम्हारे स्वागत के लिए खड़ा होगा......

mai....swagat के लिए खड़ा होगा से क्या मतलब है तुम्हारा.....

sid.....jao तुम्हे पता चल जायेगा....

मैंने ज्यादा बकवास न करते हुए जंगल मई चला गया....

और जैसे hi मई कुछ दूर चला बोहोत जोर से आके कुछ चीज़ मेरे साइन मई लगी.....

और मई उड़ता हुआ एक पेड़ से जा टकराया.....

mai....behnchod कहाँ भेज दिया तभी मेरे मेरे सामने एक कला घोडा परकत हुआ और वो इस वक़्त अपनी पीछ्हे की दो टैंगो पर था और उसकी आगे की दो टंगे मेरे मुंह हो तोड़ने hi वाली थी की मैंने वहां से पलट कर अलग हो गया......

और मेरे पीछे जो पेड़ था वो अब जमीं से थोड़ा ऊपर से टूट चूका था...

mai....wah भोस्डिके इस सीड की तो गांड तोड़नी पड़ेगी बहनचोद ने पता नहीं कहाँ फसा दिया.....

mai....or साला कह रहा था की वो जंगल मई तुम्हारा स्वागत karega.....sahi मई आज तक ऐसा स्वागत कहीं न हुआ.......

तभी वो उसकी टांगें फिर से मेरी तरफ आ रही thi....lekin इस बार मैंने उसकी एक तंग मैंने हवा मई hi पकड़ ली लेकिन फिर बजी उसमे ताकत बोहोत थी जिस बजह से वो बस मेरे मुंह को तोड़ने hi वाला था.........

लेकिन तभी गेम पलट गया और अब वो घोडा निचे पड़ा था और मई ऊपर खड़ा हो रहा था.......

mai....apne कपडे झड़ते hue.....ab मज़ा आया न बसड्क बड़ा उछाल कूद कर रहा था अब बता कैसा लग रहा है......

तभी झोड़ा कुछ आवाज़ निकलने लगा जो की आप लोगों को मई अपनी भाषा मई बताता हूँ क्यों मई जानवरो की भाषा समझता हूँ

ghoda....akhirkaar किसी ने तो मुझे हराया और सैलून बाद मुझे मेरा मालिक मिल गया....

तो हुआ कुछ यौम था की जान वो मेरा मुंह तोड़ने वाला था न तब मैंने उसकी पीछे की टैंगो मई जोर से लात मर दी और वो चारो खाने चित्त्त जो गया....

मई... वह बसड्क कुछ देर पहले तो मुझे मरने को उतारू था और अब मालिक मालिक कर रहा है.....

mai....ja मई नहीं हूँ किसी का मालिक

और मई अपने आप को सँभालते हुए जंगल से बहार जी तरफ चल दिया....

मई कुछ दूर चला तो पता चला की वो घोडा भी मेरे साथ आ रहा है......

mai.....bsdk मेरे पास क्यों आ रहा है गांड मरने जा चला जा वापिस ......

और मई इतना कहकर जंगल से बहार चला गया......

और तभी वो चांगदों का झुण्ड मेरे सामने आ गया.....

और उन्होंने एक तीर की तरह शेप बनाकर मेरे आगे उड़ने lage...vo लोग मुझे रास्ता बता रहे थे और मई उनके पीछे भाग रहा था.....

लेकिन उनकी स्पीड कहीं ज्यादा थी और मई उनके पीछ्हे बहगते भागते कुछ hi देर मई थक गया.....

तभी मुझे कुछ तेज़ कदमो की ासाज़ मह्सुश हुई.....

और मैंने देखा की वो घोडा मेरे बराबर मई भाग रहा है.....

लेकिन मैंने उसे देखकर भी अनदेखा कर दिया.....

और भागते रहा...

Ruhi.....kyon बेफिज़ूल मई अपनी ताकत यूँ भागने मई बर्बाद कर रहे ho.....ho सकता है आगे तुम कोई लड़ई लड़नी पड़े तो बेहतर यही है की तुम इस घोड़े की सवारी कर के जाओ .....

Ruhi.....agar तुम घोड़े की सवारी करोगे तो चमगादड़ों का पीछा करने मई आसानी होगी......

मुझे भी उसकी बात सही lagi.....kyonki मई भागते भागते थक चूका था...

मैंने भागते भागते hi एक चट्टान के ऊपर से छलांग लगते हुए उस घोड़े की पीठ पर सवार हो गया.....

फिर मैंने उस घोड़े को समझाया की उन चमगाड़ो का पीछा करे और उस घोड़े की रैगिंग लेते वक़्त मुझे उसका नाम पता चला......

घोड़े का नाम..... तूफ़ान

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यूँ hi बात चित करते करते वो चांगदों का झुण्ड एक पुराणी सी हवेली के पास जा कर रुक गया.......

और चीज़ मुझे वहां दिखी उसे देखकर मुझे एक बार तो अपनी आँखों पर विश्वाश न हुआ......

तो मई और आगे बड़ा और हर बढ़ते कदम के साथ मेरा शक गहरा होता जा रहा था.....

आगे का नज़ारा देखकर तो शक हक़ीक़त मई बदल गया......

अब ये आगे का नज़ारा अगले अपडेट मई क्योंकि अपन को अभी 1.5 जब खर्च करना है लिखते रहा तो घटा पद जायेगा......☺☺☺☺☺

तो बे कॉन्टिनोएड. .....

 
अपडेट-45



मैंने भागते भागते hi एक चट्टान के ऊपर से छलांग लगते हुए उस घोड़े की पीठ पर सवार हो गया.....

फिर मैंने उस घोड़े को समझाया की उन चमगाड़ो का पीछा करे और उस घोड़े की रैगिंग लेते वक़्त मुझे उसका नाम पता चला......

घोड़े का नाम..... तूफ़ान

यूँ hi बात चित करते करते वो चांगदों का झुण्ड एक पुराणी सी हवेली के पास जा कर रुक गया.......

और चीज़ मुझे वहां दिखी उसे देखकर मुझे एक बार तो अपनी आँखों पर विश्वाश न हुआ......

तो मई और आगे बड़ा और हर बढ़ते कदम के साथ मेरा शक गहरा होता जा रहा था.....

आगे का नज़ारा देखकर तो शक हक़ीक़त मई बदल गया......

अब ये आगे का नज़ारा अगले अपडेट मई क्योंकि अपन को अभी 1.5 जब खर्च करना है लिखते रहा तो घटा पद जायेगा......☺☺☺☺☺



अब आगे.......



क्योंकि जब मई वहां पोहोंचा तो मिझे हवेली के हर hi एक ब्लैक थार दिखाई दी...

ब्लैक थार से लोगों की इमेजिनेशन सीधे सीधे एक 6 फ़ीट की गोरी chitti(dangerous आल्सो) लड़की पर चली जाती है....

मेरे साथ भी कुछ ऐसा hi हुआ जैसे hi मैंने ब्लैक थार देखि मुझे ऐसा लगने लगा की या तो प्रिय अंदर है या फिर आस पास hi है ....

लेकिन मई सूरे तब हुआ जब कुछ कदम आगे बड़ा क्योंकि जैसे जैसे मई चलते जा रहा था जमीं पर खून और लाशें बढ़ती जा रही थी.....

लेकिन एक शॉक ये भी था की पुलिस कुछ लोग उनमे पुलिस यूनिफार्म मई भी थे ......

मई आगे गया छुपते हुए तो जो वहां का सन था उसे देखके आँखें एक बार फिर अपनी आँखों पर विश्वाश न हुआ ....

क्योंकि वहां चार लोगों ने एक मास्क पहने हुए एक लड़की पर बन्दुक तान रखी थी....

वैसे पता नहीं चल रहा था लेकिन मई उसे देखकर पहचान गया था की ये प्रिय hi है.....

और विश्वाश इसलिए नहीं हुआ की क्योंकि उसे वो गन पॉइंट पर थी....

क्योंकि मुझे पता चल चूका था प्रिय क्या चीज़ है उसे कोई हाथ न लगा सकता लेकिन यहाँ वो गन पॉइंट पर......

मैंने इधर उधर नज़र घुमाई तो देखा की वहां पापा जो की शायद बेहोश थे भी थे और 2 पुलिस अफसर......

और एक आदमी कुर्सी पर बैठा हुआ था और उसके अगल बगल 6 आदमी हथियार लिए हुए खड़े थे.....

आदमी खड़ा हुआ पाइप पिटे हुए bola....aaj पता नहीं कितने चूतिये एक साथ मरने आ गए.....

admi....papa की तरफ जाते hue....ye देखो बसड्के हमारी शिकायत करने चला था वो भी पुलिस से हाँ मन पहले डैम था तेरे में लेकिन अब दिन नहीं बसड्क पहले बच गया लेकिन आज कोई नहीं तेरे साथ मरना hi पड़ेगा.......

ये सुनते hi वहां खड़े उसके सभी साथ हसने लगे.......

admi....or ये झांट भर के पुलिस बाले आ हमें रोकने aagye....vaise भोसड़ीवाले आये क्यों थे yahan....apni बहन की शादी.....

उन्दोनो पुलिस वालों पर भी गन तान रखी थी.....

एक पुलिस वाला उनमे से मुझे ऐसा लगा की कहीं देखा हुआ है......

मैंने अपना दिमाग पर जोर लगाया थे पता चला ये तो वही है जिसकी फॅमिली को पहले जंगल मई बचाया था......

Acp....mara जायेगा तू ज्यादा देर की नहीं है तेरी जिंदगी हमारा बैकअप आता hi होगा और फिर तुम सबलोग जेल मई सड़ोगे.....

admi.....vaise तू यहाँ आया क्यों था बसड्क

जो दूसरा पुलिस वाला था वो बोलै.....

P......kuchh नहीं बस इसको पता चल गया की तुमलोगो ने यहाँ लड़कियां कैद रखी हैं स्मगलिंग के liye...bas इसीलिए चल दिए.....

मुझे उसके बात करने के तरीके से लगा कुछ गड़बड़ है.....

आदमी.......

Acp.....teri ये हसी कुछ देर की .

admi....vo सुना है न ैप ''घर का भेदी लंका ढाये'' और फिर हसने लगा

और उसके साथ साथ जो दूसरा पुलिस वाला भी हसने लगा.....

उसके ऊपर से गुंडों ने वंडूक हटा दी और वो खड़े होकर उस आदमी से गले मिला....

Acp....SAIF इतना बड़ा धोका वो भी मेरे sath.....mai टंगे जिन्दा नहीं छोडूंगा....

तभी उसने ैप के मुंह पर पंच जड़ दिता....

Saif....beta पहले तू तो बच ja...kyonki तू खुद तो कुछ कर नहीं सकता और तेरा बैकअप

Saif....unko मैंने गलत लोकेशन देकर गुमराह करता हूँ.....

और उसने तभी किसी को फ़ोन किया और उन्हें सहर के कारखाने मई जाने को कह दिया......

Saif....so ैप सर योर बैकप्लान इस टोटली फुकेद उप.....

admi......saif ये जो काळा कपड़ों मई है ये भी तुम्हारी टीम से है क्या....

Saif....nhi बीजू भाई ये हमारे साथ नहीं है .....

Biju....to फिर इसकी क्या दुश्मनी है मेरे से....

Saif....bhai इसी से पूछ लेते हैं....

फिर दोनों प्रिय के पास पोहोच गए....

और एक आदमी को उसका मास्क उतरने का आर्डर दिया.....

लेकिन मई ये नहीं चाहता था की प्रिय का चेहरा सभी के सामने आये न hi वो चाहती होगी....

और वहां इस टीम कोई 25-30 आदमी मौजूद थे थे जो मुझे दिखरहे थे.....

मई ऐसे hi सभी के सामने नहीं जा सकता था बैसक मेरे पास पावर्स थी पर अभी कोई कवच नहीं था गोली तो मुझे भी लगती ये बात अलग है की मरता नहीं.....

तो मैंने प्लान बनाया....

और चांगदों की आवाज़ मई चांगदों मई कुछ समझाया जो की मेरे साथ hi मदद थे.....

और जैसी hi एक आदमी ने प्रिय का मास्क उतरने के लिया अपना हाथ आगे किया मैंने बोहोत जोर से चिल्लाया और जैसे hi सभी ने मेरी तरफ देखा उनसब पर चांगदों ने हमला दिया और सभी के सभी इधर उधर गिरते पड़ते दौड़े......

मेरा इतना करना hi काफी था की प्रिय संभल गया और no आदमी उसका मास्क उतरने वाला था उसके हाथों को टैंगो मई फसकर तोड़ दिया.....

और उसकी बोहोत जोर की चीख निकली....

लेकिन अब तो मौत आ चुकी थी आ जितना के प्रिय पर गन तानी थी सभी को पता भी नहीं चला कब नरक पोहोंच गए.....

अब चमगादड़ों का काम ख़तम हुआ तो मई आगे पोहोच गया .....

और मुझे वहां देखते hi प्रिय ने एक गन मेरी तरफ दे दी एक खुद ले ली....

और जितने भी लोग फर्स्ट फ्लोर पर मौजूद थे उनसबको शूट कर दिया....

एक तो वो चमगादड़ों के हमले से hi न संभल पाए ऊपर से प्रिय की शूटिंग गज़ब बस उनका टिकट काट गया था नरक का.....

सो अब बस निचे कुछ लोग 12 लोग बचे थे....

8 गुंडे बीजू और सैफ.....

बाकि को भी शूट करने पर प्रिय बलि गन से गोलियां ख़तम हो गयी....

और मैंने देखा तो चल gya....lekin मेरा निशाना चूक गया...

लेकिन दूसरी बार मई लग गया और फिर मैंने और को भी टपकना चाहा लेकिन गोलियां ख़तम.....

वो बीजू और सैफ कहीं जाकर छुप गए थे.....

प्रिय ने भी कवर ले लिया था क्योंकि हमारी गोली ख़तम हो गयी थी.....

और मैंने भी एक छुप गया और लोग बचे थे अब 9.....

वो लोग धुआं धार फायरिंग कर रहे थे....

मैंने और प्रिय बराबर मई छिपे थे दो पिलर के पीछे और मुझे उसने कुछ आँखों से इशारा किया तो मैंने देखा हमारे बीचों बिच एक पिस्तौल पड़ी थी.....

तो मैंने अपनी गन को उस पिस्तौल मई मारा जीसबजह से वो गन प्रिय की तरफ चली गयी... वो मैंने उसकी तरफ इसलिए दी क्योंकि मेरा निशाना परफेक्ट नहीं था और प्रिय के निशाने पे कोई शक नहीं था.....

उसके हाथ मई पिस्तौल आते hi उसने थक थक थक 3 को टपका दिया और उस पिस्तौल की भी गोलियां ख़तम.....

अब बचे थे 4 गुंडे, सैफ और बीजू लेकिन उनको ये नहीं पता था की हमारी गोलियां ख़तम हो गयी हैं.....

Biju....dekho तुम 2 हो और हम 6 या तो शांति से बहार निकल आओ बरना इस ैप और SURYA(Papa का नाम) को टपका dunga....or कोई शनपट्टी नहीं

mai...(dhire से) गेम ओवर करें

Priya....let's जो

ये तो हमें भी पता था की वो हमें निकलते hi शूट नहीं karnege...u क्नोव क्यूरोसिटी तो क्नोव हु वे अरे? व्हाई थे अरे फुकेद बी उस?

और हम बहार चले गए.....

Saif.....ye गन्स फैक दो हाथ ऊपर और कोई शनपट्टी nhi....warna इस ैप के bheje(brain) मई पीतल भेज दूंगा....

उसका डायलाग सुनके मुझे हसी आ gyi....lekin हमने खली गन्स फैक दी....

और इतने मई hi उसने दो गुंडों को इशारा kiya....vo लोग हमारी तरफ बड़े गन्स लेके.....

और जैसे hi वो हमसे कोई 10 फ़ीट डोरी पर होंगे.....

मई...1 दूरी बची 8 फ़ीट

प्रिय....2 दूरी बची 6 फ़ीट

मई.....3 दूरी 4 फ़ीट

और हमने थोड़ा एक कदम पीछे लेके मैंने और प्रिय ने एक साथ स्पीयर दिया दोनों को और फिर दोनों की गन्स लेके बाकि को प्रिय ने एक को शूट कर दिया....

लेकिन मेरी बलि मई गोली hi नहीं थी.....

mai....madarjaat बसड्क गरीब एक भी गन मई पूरी गोली नहीं है.....

लेकिन तब तक उसे भी प्रिय ने टपका दिया....

तबतक मई पलकझपकते hi सैफ के पास पोहोंच गया....

और एक लात उसके पेट मई मरी तो उसकी गन दूर जेक गिर और तभी मैंने उसके मुंह पर पंच की बरसात कर दी... उसकी नाक तोड़ दी मरचोद की.....

तभी एक गोली चली जो की बीजू के हाथ मई lagi....or उसके हाथ मई से रिमोट टाइप कुछ गिरा.....

mai....sir मई क्यों न मरी...

Priya....bcz फिर ये बटन दवा सकता था....

mai....mtlb

Acp....isne जहाँ वो लड़कियां कैद काट रखी हैं वहां बम लगा रखा.....

mai....oooo अब समझा

Priya....ha सर मई मरने से कोई फायदा नहीं था एक तो लड़कियों की जान को खतरा और फिर ये तो सिर्फ रक छोटा सा पियादा है..... पुलिस इसके मैं माफिया को ढूंढना padega.......TO इसका जिन्दा रहना जरुरी है.......

हम अभी बात कर रहे थे और सैफ गन की तरफ बाद रहा था जिसको की मैंने देख लिया.....

मई उसके साथ थोड़ा खेलना छह रहा था लेकिन तब तक उसकी खोपड़ी खुल चुकी थी.....

Priya....sala पुलिस के नाम पर dhabba....there इस no एयर फॉर थी टेर्रोरिस्ट्स.....

और बीजू को मैंने पकड़ कर उसकी हालत बुरी कर दी थी.....

Priya....Acp साहब इन अपने लोगों को फ़ोन करके यहाँ बुला लीजिये इससे साडी जानकरी लो और उनलड़कियों को इसके खिलाफ गवाही दिलवाकर उनके घर सही सलामत भेज दिया जाये......

Acp....lekin तुम यहाँ कैसे और तुम हो कोण....

प्रिय ने अपना कोई बैच उन्हें दिखा diya.....isse ज्यादा जानकारी सेहत के लिए हानिकारक है .....

Acp....thanks अगेन बीटा...

mai....koi नहीं अंकल मई तो यहाँ अपने काम से आया था...

Acp....apna काम मतलब

mai...inlogon ने मेरे पापा को किडनैप काट लिया था.....

तब तक ैप की टीम भी वहां आ गयी और उन्होंने बीजू को पकड़ लिया....

और मैंने जेक पापा के चेहरे से कला कपडा खोला......

और जैसे hi उनका चेहरा सामने आया तो ैप के मुंह से कुछ ऐसा निकला जिसे सुनकर मई और प्रिय दोनों की शॉकेड हो गए.....

तो बे कॉन्टिनोएड. .......
 
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