RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - Page 5 - SexBaba
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RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

सभी भाइयों को

हैप्पी

मेर्री क्रिसमस

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अपडेट-24


priya...yahi सच hai...isliye कह रही हूँ साबधान रहा करो...

mai...lekin क्यों मैंने उनका ऐसा क्या बिगाड़ा है की वो मुझे मरना चाहती हैं ...

priya...ye तो अभी मुझे भी नहीं पता लेकिन मई जल्द से जल्द इसका पता लगा lungi...akhir क्या बात है जो वो तुम्हे मारना चाहती हैं...

मई इस वक़्त बस यही सोच रहा था आखिर मैंने इन लोगों का बिगाड़ा hai...koi मुझसे नफरत करता है तो कोई जान से मरना चाहता है...


अब्ब आगे..........................

मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा था आखिर मैंने इन लोगों का बिगाड़ा क्या है जो ये लोग मुझसे इतनी नफरत करते हैं,

mai...mera सर फटा जा रहा है ये सोच सोच कर...

प्रिय ने अपना चारा मेरे चेहरे के सामने किया और कहा...

राज अब तुम इन सबका सामना करना hi होगा...

तुम्हे मेंटली और फिजिकली दोनों तरह से मजबूत बनाना होगा...

और अभी इस सब के बारे मई सोचना छोड़ दो

वो तो मई पता लगा लुंगी की ये मझरा क्या है और क्यों करते हैं ये लोग तुमसे नफरत...

और रही बात तुम्हारी चची की तो उसे तो बस अब सबक मिल के रहेगा...

बस तुम्हे मेरा साथ देना है और उसे तो कल hi सबक सीखना...

आखिर सभी ने समझ क्या रखा है अपने आप को .....

ये सब उसने मेरी आँखों मई देखते हुए कहा था जिस से मुझे बोहोत तसल्ली मिली...

उसकी आँखों मई देखने मई एक सुकून मिल रहा था अपनापन सा दिख रहा था , वैसे तो आँखें पड़ना मुझे आता नहीं पर उसकी आँखों मई एक अलग hi बात थी एक चमक थी , एक अपनापन था , एक प्यार था...

वो भी मेरी आँखों मई देख रही और मुझे अपनी आँखों मई इस तरह देखता पाकर ुस्कने कहा-

'' यूँ न देखो हमारी आँखों में,

हम खो जाएंगे तुम्हारी बाँहों में,

mai...wah तुम कब से शायरा हो गयी...

प्रिय... जब से तुमसे दूर हुए हैं,

इन्ही शायरियों के सहारे जी रहे हैं,

और वो मेरे और करीब aane...bilkul स्लो मोशन मई जैसा की इंडियन सेरिअल्स मई होता है...

अब आगे का सन तो सभी के दिमाग मई कुछ कुछ सेट हो रहा होगा ....

कुछ इस तरह

आँखों मई देखना और देखकर खो जाना आँखों मई देखते देखते पास आना और गरम गरम सांसों को मह्सुश करना और फिर सांसों के मिलना और मदहोश हो जाना और होठों का थर्राना और होठों का होठों से मिल जाना ...फिर किश चलते रहना जब तक साँस न फूल जाये...

लेकिन ऐसा कुछ नहीं hua...to अब जनतने हैं की क्या हुआ होगा...

हुआ कुछ ये था उसने मेरे सर पर एक छोटा सा किश किया और मुझसे अलग होकर जो दूध वो लायी थी उसे मुझे दिया.....

मैंने कहा मेरा मन नहीं hai...tum hi पि लो...

प्रिय... ( मासूमियत से) पि लो न

मैंने भी उसी लहज़े मई कहा '' मेरा मन नहीं है मुको नई पीना...

priya...man mein(aise तो ये नहीं मानेगा और अब इसे नींद आएगी नहीं , इसे क्या किसी को भी नहीं आएगी ये जब उसके अपने hi उसके दुश्मन हों, इसीलिए तो इसके दूध मई नींद की गोली मिलायी थी की जयादा न सोच और सन्ति से सो sake...lekin ये नहीं पि रहा ...अब क्या करूँ)

priya...pee लो न दूध...

mai...meko नई पीना....

प्रिय - gusse...itna नाटक क्यों क्र रहे ...पि लेना दूध...

mai...tumhe पता है तुम गुस्से मई बिलकुल बंदरिया लगती हो...

priya....mazak नहीं लो दूध पि लो...

mai...kaha एक सरत पर ....

priya...boliye हुज़ूर

mai...pahla तो मेको किश चाहिए...

priya...or दूसरा...

mai....tumko मेरे hi पास सोना hoga...mere को अकेला नहीं छोड़ने का

..

priya...achha ग ! (हकलाने की एक्टिंग करते hue)mele बच्चे को रात मई दाल लगता है...

mai...abki बार बच्चा बोलै तो दूध नहीं पिऊंगा...

priya...ohh बच्चा नॉलेज हो gya...ohh सोल्ली सोल्ली

priya...chalo अब जल्दी से दूध पियो और सो जाओ...

mai...glass हाथ मई लेते hue...kya सो जाओ और मेरा किश ??

प्रिय ...अरे बाबा पहले दूध तो पियो किश क्या और भी बोहोत कुछ मिल सकता है...

mai...matalb

priya...kuchh नहीं पहले तुम दूध पियो...

अब और कोई चारा नहीं था दूध पीना hi था तो मैंने पि लिया...

मैंने दूध पीलिया तो वेड की मुताबिक प्रिय मुझे किस करने आ रही थी...

वो अपने होठ मेरे होठों के करीब ला रही थी,

लेकिन उस वक्त मुझे बोहोत जो की आ रही थी,

मैंने उसे रोक लिया और कहा अरे रुको पहले मुझे आ रही है...

priya...kya आ रही...

mai...are वो...

प्रिय ...बोल भी (शायद वो समझ गयी thi)or इसीलिए मुस्कुरा रही थी...

mai...hath से कन्नी ऊपर करते हुए टॉयलेट का िश्रा किया...

प्रिय ...शर्माहट भी मुस्कान se...jayo...

ये वो मुस्कुराहट थी जो मेरे दिल को घ्याल कर गयी थी...

जब मई बाथरूम से बहार आया तो मैंने आते hi प्रिय को अपनी बाँहों मई कैद कर लिया ...

फिर एक प्यार भरा डीप किश हुआ जिसके बारे मई लिखना नहीं चाहता hai...kyonki इस स्टोरी मई रोमांस और सेक्स से ज्यादा शायद मिस्ट्रीज ( रहस्य ) होने वाली हैं...

उस किस के बाद हमने थोड़ी बोहोत प्यार भरी बातें और मुझे बोहोत जोर की नींद आने lagi...to मेरी तरफ से तो आज का दिन और रात ख़तम हुई...

अब आगे का अपडेट नैरेटर बताएगा क्योंकि राज को तो सुला दिया गया है...

राज तो सो गया था लेकिन घर मई अभी सभी लोग नहीं सोये थे क्योंकि एक तो प्रिय जगी हुई थी...

जो की सोच रही थी की अब आगे क्या किया कैसे राज को उसके दुश्मनो से बचाया जाये ,

वि राज को क्यों मरने चाहते हैं इसका भी कैसे पता लगाया जाये...

फिर उसने थोड़ी देर कुछ सोचा और कमरे के बंद दरवाज़े को खोला और लाइट ों रहने दी और बीएड पर आकर उसने राज के चेहरे को कई जगह चूमा और उसके सीने पर सर रख कर उस से बिलकुल सत्कार सो गयी

और एक आशा की नींद गायब थी...

अब जरा आशा के हाल चल ले लेते हैं....

वो इस वक़्त किसी से फ़ोन पर बात कर रही...

(वैसे तो लोगों की बातें सुन न गलत है फिर आधी अधूरी बातें सुन लेते हैं...)

Asha...kuchh उदास सी आवाज़ mai...bo बच गया...

उधर से********

Asha...Priya ने ...

उधर से***********

Asha...vo नाज़ुक दिखती है पर है nhi...aaj जाने उसने कितने hi आदमियों को तलवार से काट दिया...

मेरी तो ये समझ नहीं आ रहा ये ऐसी कैसे हो gyi...iski तो एक पूरी टीम hai...bohot खतरनाक बन गयी है...

जिसके साथ हमने राज मरने का प्लान बनाया था उसने बताया की प्रिय ने उसका बोहोत नुकसान किया है...

आखिर ये ऐसी कैसे हो gyi...jab से राज यहाँ आया hai...ye तो उसी से चुपकी हुई है...

उधर से**********?*?**************

Asha....nhi अब मेरे से कुछ नहीं hoga...mai अपनी hi भतीजी की नज़रों मई गिर चुकी हूँ...

उधर से**********************

Asha...ab तक तो उसने राज को कुछ नहीं बताया था लेकिन अब बता दिया होगा ...मेरे मई इतनी हिम्मत नहीं है की मई उसका सामना करूँ...

उदाहर से***************************

Asha...maine साफ़ साफ़ कह दिया मुख्य कुछ नहीं चाहिए और न मई अब तुम्हारे किसी भी प्लान मई शामिल हूँ....

उधर से*************************

उसने पता नहीं क्या कहा की आशा के चेहरे पर दर के भाव आ गए

और शायद कॉल भी कट हो गया था उधर से....

आशा चची भी चेहरे पर एक दिए अपने बिस्तर पर पहुँच गयी थी,

पर आज उनको नीड कहाँ , वो तो किसी छंद की तरह उनकी आँखों से कोशों दूर थी,

प्यास भी लगी थी इसलिए वो पानी पीने चली दी फ्रिज की तरफ और आशा ने जो सन देखा उसे धकार तो उसकी आंखें खुली और मुझ फटा रह गया....

उन्होंने अपने आप को संभाला और पानी पीकर अपने बिस्तर पर पहुंची...

उनको रात को नींद आयी या नहीं आयी जानने के लिए पड़ते रहिये RAJ-THE मिस्ट्री मन

तो बे कॉन्टिनोएड. ......
 
अपडेट-25


पर आज उनको नीड कहाँ , वो तो किसी छंद की तरह उनकी आँखों से कोशों दूर थी,

प्यास भी लगी थी इसलिए वो पानी पीने चली दी फ्रिज की तरफ और आशा ने जो सन देखा उसे धकार तो उसकी आंखें खुली और मुझ फटा रह गया....

उन्होंने अपने आप को संभाला और पानी पीकर अपने बिस्तर पर पहुंची...

उनको रात को नींद आयी या नहीं आयी जानने के लिए पड़ते रहिये RAJ-THE मिस्ट्री मन


अब्ब आगे....

अब्ब आप कहानी पद रहे हैं राज की जुबानी...

रात को बोहोत अच्छी नींद आयी और सुबह मई 11 बजे तक सोता रहा...

( राज को नहीं पता की उसके दूध मई नींद की गोलियां मिलायी गयी थी)

सो के जगा तो कमरे मई ko7i नहीं tha...pahle तो मई फ्रेश हुआ ...उसके बाद मैंने पूरी घर मई प्रिय को ढूंढा पर वो कहीं नहीं मिली...

फिर सोचा कॉल कर के देखता हूँ, उसपे कॉल की तो पता चला वो यहाँ है hi नहीं सहर गयी है...1.5 -2 घंटे मई वापस आएगी

उसने मुझे पूछा खाना खाया ...

mai...nhi यार ! तुम आ जाओ तभी खा लूंगा...

priya...chupchap खाना खा लो किचन से लेकर ज्यादा बातें न बनाओ...

mai...yaar तेरी पता नहीं चलती कब करा करे...

priya...isiliye कह रही हूँ चुपचाप खाना खा lo...barana पिटाई भी हो सकती है...

mai...tumhare हाथों तो मौत भी खूबसूरत लगेगी...

priya...serios आवाज़ mai...dekho आज तो ते मौत का नाम ले लिया , आज के बाद मेरे सामने ऐसा कुछ किया तो मई बब्बछत भी नहीं करुँगी तुमसे...

mai...mazar कर रहा tha...abhi तो मई कवर हूँ ...कोई गफ भी नहीं है...

priya...hmmm...aur हाँ उस आशा से दूर hi rahna...khana खाओ तो दो थाली लगाना और दोनों मई बराबर खाना रखना...

mai...itna भुक्कड़ न हूँ मई ...

priya...bhukkad की बात नहीं hai...jo लोग तुम्हे मरवाने की कोशिश कर सकते हैं ,

वो खाने मई भी जहर मिला सकते हैं ...इसलिए एक थाली पहले भूरा (ये प्रिय के घर का एक डॉग है) को खिलाना फिर तुम खाना...

mai...itni फ़िक्र क्यों करती हो meri...mai यहाँ से जाकर तुम्हारे बगैर रह नहीं पुंगा...

priya...khana खायो पहले ,आजकल ज्यादा बातें कर ने लगे हो...

mai...mere चेहरे पर मुस्कान आ gyi...EK सरत पर पूछो क्या...

priya...aaj कल तुम कुछ ज्यादा hi सैतान नहीं हो गए हो...

मई कुछ कहने वाला था की उधर से एक लम्बे किश की आवाज़ आयी...

mai...yaar तुम मेरी दिल की बात को कैसे समझ जाती हो...

priya...bas ऐसे hi अब खाना खाओ...

कॉल कट हुआ मई खाना लेने किचन मई गया अभी खाना रख hi रहा था की चची आ गयी...

मेरा दिल मई आग सी लग गयी उनको देखकर मैंने क्या बिगाड़ा था इसका जो मुझे मरना चाहती है...

लेकिन मैंने कुछ रियेक्ट नहीं किया एक प्लेट मई खाना निकल लिया था और दूसरी मई निकलने लगा....

मुझे कुछ बोलता न देख कर...

chachi....ye दो प्लेट मई खाना क्यों निकल रहा hai....or तू निकल hi क्यों रहा है... मेरे से कह देता मई दे देती...

mai...deehre पता nhi...pta नहीं खाने के साथ और क्या क्या निकल देती...

चची ने पता नहीं सुना की नहीं सुना पर मुझसे कहा '' चल तू हैट मई निकल के देती हूँ खाना तू यहाँ काम करने थोड़ी न आया है''

mai...ha सही कहा मई यहाँ काम करने नहीं आया मरने के लिए बुलाया हूँ ऐसा लग रहा है मुझे...

चची तो मेरे मुंह से ये सब सुनकर बिलकुल अचम्भे में रह gyi...aur उनकी गर्दन निचे हो gyi...chahare का रंग बदल गया...

(ये वो बाला सन था जो सेरिअल्स मई कुछ सुनने के बाद आदमी घूमने लगता है और उसका चेहरा ब्लैक एंड वाइट हो जाता है)

अब वो कुछ कहने वाली थी की मई वहां से निकल गया आखिर मुझे भूक लगी थी....

मैंने भूरा को खाना खिलाया जब सब कुछ सही लगा तो मैंने खाना खाया....

चची मेरे पास आ रही thi...or कुछ कहना छह रही थी ...मई वहां से निकल गया मेरा मूड खायब हो जाता है अब इनकी सकल देख कर....

मई अपने कमरे मई पहुँच गया वो मेरी पीछे पीछे आवाज़ देती आ रही थी लेकिन मैंने दरवाज़ा बंद किया उन्होंने कुछ आवाज़ दी और वहां से चले गयी....

मई भी बीएड पे पड़ते hi फिर से सो गया....

एक डेढ़ घंटे hi हुए होंगे पर नींद और चैन के दुसमन को ये पसंद नहीं आया (फ़ोन)

बाज़ गया और मेरी नींद के लोडे लगा दिए....

खैर मैंने फ़ोन उठाया तो प्रिय का था उसने गेट खोलने की कहा मैंने नींद मई खोला....

और फिर से बीएड पर पद गया...

priya...kitna सोता है आखिर अब भी नींद आ रही है....

मैंने उसे भी अपने साथ दाल लिया और बीएड पर सुला लिया...

अब तो और नींद आ रही hai...aur मैंने उसे अपने गले से लगा लिया...

जब किसी के लिए हमारे अंदर वाष्ण नहीं होती तो हमें छोटी छोटी बातों से hi बोहोत सुकून मिलता है...

वो भी पड़ी रही की तभी ये फिर से बाज़ा मेरा मन किया प्रिय के फ़ोन को hi फोड़ दूँ साला जब भी बजता है बुरी खवार hi सुनाता hai....ya फिर हमरे सुकून को ख़राब करता है....

जूली को कॉल था उस से कुछ बातें हुई प्रिय की और कट किया फिर प्रिय ने ऐसी बोहोत हरकतें की जिस से चची को गुस्सा आये...

और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे चची भी हम पर नज़र रख रही हैं मैंने ये प्रिय को भी बताया लेकिन उसने कहा रखने दो...

और मुझसे चची के सामने गले लग जाती पर मुझे चिपकी hi रही पुरे दिन...

रात के डिनर पे चची के सामने मेरे मन करने पर भी एक साथ खाना खाया ...मेरे से पहले खाना खाकर मेरे कंधे पर सर रख के बैठना...

मुझे बहुत अजीब लग रहा ये सब लेकिन उसने कहा करना तो पड़ेगा कैसा भी लगे....

रत हुई और सो गए उसने दरवाज़ा खुला रखा और मैंने कहा इसे तो बंद कार्डो लेकिन उसने नहीं क्या ...बीएस थोड़ा सा नुस्कुरा दी ....

फिर क्या हम एक दूसरे से लिपटे हुए hi सो gye...usne मुझे सुबह 5 बजे hi जगा दिया जो की मई अपने गाओं मई रोज़ hi जगता था....

फिर सुबह का वही प्रोग्राम गुड मॉर्निंग किश फ्रेश होना उसके बाद शुरू हुआ प्रिय का लेक्चर. ...

पईया ...देखो राज अब तुम्हे यहाँ से जाना है रहा तो मुझसे भी नहीं जायेगा तुम्हारे बिन लेकिन अभी तो रहना पड़ेगा....

वो तो बाद की बात है लेकिन अब तुमको ये तो पता चल चूका है की तुम्हारे अपने hi बोहोत से दुश्मन हैं तो तुन्हे इन सभी से सतर्क रहना होगा ...

अपने आप को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से मजबूत करना होगा... अपने आप को एक्टिव बनाओ और अपने चारो तरफ का ख्याल रखा करो , कहाँ क्या हो rha....ab तुम्हे स्ट्रांग बनाना hi hoga....aaj से hi तुम्हे अपना एक रुटीन बनाना होगा और रोज काम से काम एक डेढ़ घंटे ट्रेनिंग करनी होगी...

ताकि तुम्हारा सरीर मजबूत हो सके और तुम हर मुसीबत का सामना करना पड़े....

फिर उसने मुझे कुछ कपडे दिए और कहा ये लो इन्हे पहन जो और जॉगिंग के लिए जाना है ....

मैंने सोचा ये पता नहीं क्या क्या कराएगी मुझ से लेकिन वो सही बजी कह रही है की अब मुझे मजबूत बन बा पड़ेगा....

उसके बाद जॉगिंग पर गए ओह्ह सॉरी जॉगिंग कहा रेसिंग उसने तो आधे घंट फुल स्पीड मई दौड़ लगवाई....

रनिंग तो मेरा रोज का सा hi रुटीन था इसलिए कोई ज्यादा परेशानी हुई....

फिर उसने थोड़ा बोहोत जिम करने के लिए भी कहा वो भी किया.... उसके बाद घर आने के बाद मुझे कुछ फाइटिंग स्किल्स की वीडियोस दिखाई और कहा इनमे तुमने मास्टर कर लिया तो तुम्हे कोई नहीं रोक सकता....

अब इसकी प्रैक्टिस किया करना वहां जाकर रोज और तुम पुरे परफेक्ट हो जाओगे....

घर आये खाना पीना खाया आज इतनी कसरत करवाई प्रिय ने तो थोड़ा थक भी गया इसलिए मई सो गया....

शाम को जगा तो घर पर कोई नहीं दिखा मई भी फ्रेश हुआ और छत पर चला gya....wahan जाकर कालू (इसे शायद सब भूल गए होंगे ये राज का दोस्त है) बात की फिर थोड़ी देर बातें पापा से भी की और ईरफ़ोन लगा कर गाने सुन ने लगा....

मई छत पर बैठ कर गाने सुन रहा था ...की तभी किसी ने मेरे कान का एक एयरप्लग निकल देखा तो ये प्रिय थी....

मई जैसे बैठा था वो भी आकर मेरी गॉड मई बैठ गयी उसका सर मेरे दिल के करीब था....

..हम कुछ इस तरह बैठे थे....

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वो भी मेरे साथ hi गाने सुन ने lagi.....ab हम म्यूजिक सुन ने मई कहाँ इंटरेस्ट था उस के साथ ये पल फिर पता नहीं कब मिले मुझे इसलिए मैंने म्यूजिक बंद कर दिया और प्यार भरी बातें कर ने लगे....

अब हम तुम्हारे बगैर कैसे रहेंगे

दिल के इतने करीब होकर भी दूर रहेंगे...

अब एक पल भी जुदाई सही नहीं जाती,

अपने दिल की बात तुमसे कही नहीं जाती,

ये पल बहुत याद आया करेंगे,

जब भी हम अकेले रात बिताया करेंगे...

priya...bas करो यार हम अब हम रो जायेंगे,

अगर खुदा ने चाहा तो एक दिन तुम्हरे हो जायेंगे,

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे यहाँ हमरे अलावा भी कोई है ...

लेकिन मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिला क्योंकि मई प्रिय के साथ वक़्त बिताना था ,

और कल या परसों यहाँ से जाना भी था....

अब हमें जुदाई का दर सताने लगा था हमारा साथ भले hi 2 दिन का रहा हो लेकिन हम इन दिनों मई बहुत करीब आ गए थे....

यही सब सोचते सोचते हम एक दूसरे को कब किश करने लगे पता hi नहीं चला...

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हमरे किश के बीच मई hi चची वहां आ गयी....

उन्होंने प्रिय उठाया और उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा...

वो दूसरा थप्पड़ मरने को हाथ उठा रही थी और मई उन्हें रोकने को आगे बाद रहा था लेकिन प्रिय ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे लिया तभी उसके गाल पर एक और थप्पड़ पड़ा...

चची-: आखिर ये चल क्या रहा है priya...jab देखो इसके साथ चिपके रहना ...इसके साथ खाना इसके साथ peena....akhir अब तुम्हे किसी का कोई ख्याल है की नहीं जब देखो जहाँ देखो बस चिपक जाना शर्म नाम की भी कोई चीज़ इस दुनिया mai...or तो और रात को एक hi बीएड पर sona....chalo ये भी ठीक लेकिन बिलकुल चिपक कर sona...akhir चाहती क्या है तू ....शर्म कर थोड़ा कुछ तो लिहाज़ कर ...क्या शर्म बिलकुल बेच खायी है tune...aur अब यहाँ देखो इसकी गड मई बैठी और फिर ये सब ...छी क्या बिलकुल शर्म नहीं रही tujhe...jab से बात तेरे मम्मी पापा को पता चलेगी तो क्या hoga...kya सोचेंगे वो तेरे वेयर मई...

प्रिय ताली बजाते हुए उनके चारो और घूमने लगी...

प्रिय:- वहवहवह देखो तो सही कह कोण रहा है शर्म के बारे mai...dekhlo राज तुम्हारी चची कितनी शर्म दर इंसान hein...ye तो इतनी शरमदार हैं की इन्हे देखकर तो शर्म भी शर्मा जाये वह क्या बात है शर्म...

शर्म माय फुट शर्म तब कहाँ गयी थी तुम्हारी शर्म जब झूठा किडनैपिंग का नाटक kiya....chalo नाटक भी ठीक पर तुमने तो अपने बेटे सामान भतीजे को hi मर ने का प्लान बनाया tha...tab क्या तुम्हारी शर्म को कोई जुटी छुपार्ने ले गया था बोलो ....

लेकिन उसकी बातों से चची ऐसे संत पद गयी जैसे म्यूजिक सिस्टम पावर कट होने से....

अब उनसे कुछ कहते नहीं बन रहा था गर्मी के दिन थे तो चेहरे पर पसीना साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा tha...unhone तो कुछ कहा hi नहीं लेकि प्रिय शुरू हुई....

priya...bolo अब क्या हुआ कुछ बोलै नहीं जा रहा या तुम्हे कुछ बोलने मई शर्म आ रही hai...tumne इतना भी नहीं सोचा इसकी बहन का क्या होगा जो इसे hi अपना सब कुछ मानती hai...iske पापा का क्या hoga...or अब तुम्हे शर्म की पड़ी है...

प्रिय ने इतना कहा था की चची की आँखों से अंशू गिरने लग gye...aur वो जमीं पर hi घुटनो के बल बैठ के रोने लगी...

अरे तुम्हे रोना भी आता है मुझे नहीं पता था मुझे लगा बस तुम्हे लोगों को मरना आता है...

किसी को मरने से बुरा तो नहीं है प्यार करना मई इसे प्यार करती हूँ तो मुझे सरम आणि चाहिए और तुम इसे मरना चाहती हो इसका मैडल मिलना chahiye...wah क्या बात है....

मुझे तुम बस इतना बता दो आखिर क्यों मरना चाहती हो इसे क्या बिगाड़ा है इसने तुम्हारा....

(चिल्लाते हुए) बता अब क्यों चुप hai...kya मुंह मई जुबान नहीं रही क्या हो गया बोल मुझे तो सरम करनी चाहिए तुम्हे नहीं तुम इसको मार दो हैं ....और मेरे मम्मी पापा क्या सोचेंगे मेरे बारे मई ऐसा तो कुछ नहीं किया मैंने प्यार hi तो किया है...

और जब उनको तुम्हारी असलियत पता चलेगी की तुम अपने बेटे जैसे भतीजे को मरना चाहती तो क्या सोचेंगे वो....

बोल अब जवाब दे क्या हुआ....

मई-: प्रिय कुछ तो ख्याल करो भुआ हैं तुम्हारी वो ऐसे बात नहीं करते....

priya...hmm bhua...dekho तुम किसे मरना छह रही थी जिसे अब भी तुम्हारी फ़िक्र hai....mai तो ऐसा कभी न कर पति ...पर तुम्हे इन सबसे क्या farak...chhodo मई भी किसी समझा रही हूँ...

और मेरा हाथ पकड़कर नीचे जाने lagi...ki तभी चची आवाज़ देकर रओखती है ....

chachi...ruko...tumhe सच जान न है तो सुनो...

(अब कोई मन चाहा सच बता रहा हो तो कैसे जाया जाये सुन न hi पड़ेगा)

priya...dekho अगर इसमें थोड़ा भी झूट हुआ तो फिर मुझसे बुरा कोई न hoga...aur सच क्या है ये तो मई आज नहीं तो कल पता लगा hi लुंगी...

चची ....राज मुझे माफ़ कर दो मैंने तुम्हारे साथ बोहोत गलत किया है....

मई कुछ नहीं बोलै तो आगे चची ने bola...vo सब मेरी नादानी थी जो मई कर बैठी तुम लोग मुझे जो सजा दवना चाहो दे सकते हो ...पर मुझे माफ़ कर दो...

priya....kitna ाशन है न माफ़ी मांगना ...एक बार सोच के देखो अगर तुम्हारे साथ कोई ऐसा करता तो तुम उसे माफ़ करती....

chachi...priya मुझे माफ़ कर दे मेरे से बोहोत बड़ी गलती हो gyi...ab मई ऐसा कभी नहीं करुँगी चाहे कुछ भी हो jaye...tum जो भी कहोगे बही करुँगी...

priya...vo तो देखते hein...to क्या बिगाड़ा है इसने तुम्हारा क्यों मरना चाहती हो राज को...

chachi...meri कोई दुश्मनी नहीं है मई बस लालच मई आ गयी थी मई अंधी हो gyi....bahak गयी थी मई....

priya...kaisa लालच पूरी बात सही से बताओ...

chachi...mai पैसों और जमीन के लालच मई आ गयी thi....SHANTI भाभी ने मुझे पैसों और जमीन का लालच दिया tha....aur जब मई वहां से यहाँ आयी थी तभी से प्लान बन रहा था...

मई बिलकुल सदमे मई था की पता नहीं ऐसा क्या है जो सभी लोग मेरेको मरना चाहते हैं....

mai...ha बस इन्ही की कमी रह गयी थी ..

प्रिय ....कैसा और क्या प्लान....

chachi...mai जब वहां आयी तो ये

तय हुआ की राज मुझे लेने आएगा और उसे किसी एक्सीडेंट मज मर देना है या उसकी मौत को एक्सीडेंट दिखा देना है....

और उसी प्लान के मुताबिक राज को यहाँ भेज गया खुदा न खस्ता हमें समय भी जल्दी hi मिल gya....kyonki घर पर कोई नहीं था और इस से हमरे प्लान को कहानी होगी...

और फिर किडनैपिंग का बहाना किया सब कुछ सही जा रहा था की तुमने राज को बचा लिया.....

लेकिन अब मेरा उन लोगों से कोई वास्ता नहीं मुझे माफ़ कर दो जो तुम कहोगी वो करुँगी बस जो भी हुआ उस के बारे मई किसी को नहीं बताना...

2425 वर्ड्स .....

आगे क्या हुआ जानने के लिए पड़ते रहिये राज थे मिटे मन

तो बे कॉन्टिनोएड. .........
 
थैंक्स फॉर इतना बड़ा रेबु.....

वैसे तो आपको पता hi है की मई प्रिय के साथ क्या करने वाल था...

इसलिए उसके साथ थोड़ा ज्यादा सन डाला था मैंने....

और रही बात इम्पोर्टेन्ट part होने की तो मेरे लिए तो सभी part इम्पोर्टेन्ट the...apne 2 part के बाद बिच के part को बेकार bataya....maire हिसाब से तो बढ़िया hi था...

आगे सुधर करने की कोशिश रहेगी...

आपके द्वारा जो पॉइंट्स पेश किये गए सभी बेहतरीन थे...

आशा है आगे भी आप ऐसे रिबास देते रहेंगे...
 
अपडेट-26


मई बिलकुल सदमे मई था की पता नहीं ऐसा क्या है जो सभी लोग मेरेको मरना चाहते हैं....

mai...ha बस इन्ही की कमी रह गयी थी ..

प्रिय ....कैसा और क्या प्लान....

chachi...mai जब वहां आयी तो ये

तय हुआ की राज मुझे लेने आएगा और उसे किसी एक्सीडेंट मज मर देना है या उसकी मौत को एक्सीडेंट दिखा देना है....

और उसी प्लान के मुताबिक राज को यहाँ भेज गया खुदा न खस्ता हमें समय भी जल्दी hi मिल gya....kyonki घर पर कोई नहीं था और इस से हमरे प्लान को कहानी होगी...

और फिर किडनैपिंग का बहाना किया सब कुछ सही जा रहा था की तुमने राज को बचा लिया.....

लेकिन अब मेरा उन लोगों से कोई रिश्ता है

अब्ब आगे......................

mai...agar पैसे hi चाहिए तो एक बार मांग कर देख लेती आप .... ये क्या बात हुई की पैसों के लिए बस इंसान को जान से मार दो...

chachi...mai तुम्हारे पेअर पकड़ती हूँ,

मुझे माफ़ कर दो मुझे अब कुछ नहीं चाहिए ....(रट हुए) मुझे बस माफ़ कार्डो.....

mai...kitna ाशन है माफ़ी mangna...galt का पता चल गया तो ....अरे अरे गलती कहाँ जुर्म का पता चल गया तो माफ़ कर दो, और न पता चले एक दिन उसे दुनिया से hi साफ़ कर दो....

मई ...वह क्या बात है ...माफ़ी कितना ाशन है न मांगना....

चची अपने घुटनो के बल बैयह कर रट हुए....

मुझसे बोहोत बड़ी गलती हो गयी मुझे मई अंधहि हो गयी thi....shanti की बातों ने मुझे पागल कर दिया था....

priya...kya तुम्हारे पास खुद का दिमाग नहीं है क्या जो उसने तुम्हे पागल कर दिया tha...khud भी कुछ करती हो या सब कुछ शांति के कहने पर hi करती ho...KYA जब भी तुमने शांति के कहने पर HI किया था...

chachi...(rote hue)...kab की बात कर रही हो मुझे याद नहीं आ रहा....

priya...yadastt थोड़ी कमज़ोर है अपने किये हुए कंदो को भूल जाती हो...

priya...jab मई राज के गाओं गयी थी तब की बात कर रही hun....ab कुछ याद आया...

ये सुनकर चची आँखों से और जोर से अंशू बहने लगे...

chachi...shanti को तुम्हारा राज के साथ रहना पसंद नहीं tha....usne तरह तरह की बातें मेरे दिमाग मई भरी thi...jise देखकर मुझे भी तुम दोनों का एक साथ रहना अच्छा नहीं laga....baki मैंने कुछ नहीं किया प्लान पूरा शांति का था...

priya...pahle कांड करने वाला मरता है फिर मरने वाला....

priya....mujhe अब तुम्हारी सकल से नफरत हो गयी है... गुस्सा आता है मन करता है और जलील करूँ tumhe...par तुमने जो किया है उसके लिए वो भी काम होगा...

प्रिय... मेरे और तुम्हारे बिच कोई रिस्ता था इसी बजह से तुम आज यहाँ हो वार्ना किसी जेल मई सरिया गईं रही होती...

priya...par तुम्हारे लिए कहाँ कोई अपना है बस पैसा hi hai...PAR मुझे नहीं लगता की वो शांति पैसे के लिए राज के पीछे पड़ी पड़ी है...

priya....jarur कोई और राज़ है उसके पीछे

.chachi...mujhe नहीं पता की क्या है मई तो बस पैसे के लिए कर रही thi...han पर एक दिन मैंने उसे किसी से बातें करते सुना था...

priya....kya क्या सुना फिर और किस से बातें कर रही थी कुछ पता है...

chachi...nhi मुझे नहीं पता किस से बातें कर रही थी और सुना भी थोड़ा बोहोत था....

priya...kya सुना था कुछ बताने का कास्ट करेंगी...

chachi....jyada कुछ नहीं बस ये सुना थी वो किसी से की वो हमारे लिए खतरा हो सकता hai...jald से जल्द उसे रस्ते से हटाना होगा....

priya...aur कुछ कभी सुना या देखा हो....

chachi...nhi और तो कुछ नहीं suna....mrmera विश्वाश करो मेरा इनसब मई कोई हाथ नहीं hai...mai बस उसके बहकाबे मई आ गयी thi....mujhe माफ़ कार्डो...

mai...gusse मई ....फिर माफ़ कर दो क्या तुमने एक भी बार सोचा था जब मुझे मर इ के लिए प्लान बनाया....

mai....priya चलो यहाँ से मेरे को गुस्सा आ रहा है इसकी सकल देख के...

mai....jisko अपना मन वही धोका दे रहा hai...mujhe नफरत होने लगी है अब इन रिश्तों से....

प्रिय भी कुछ नहीं कहती और हम वहां निचे आ जातेउँ हैं अपने कमरे मई ....

सन - CHANGE(BY थर्ड पर्सन)

एक आदमी घुटनो तक का कला सूट पहने हुए सर पर एक ब्लैक हैट लगाए हुए और हाथ मई एक सूटकेस लिए हुए एक गली मई चले जा रहा है....

जब वो थोड़ा आगे चलता है तो उसे वहां फाइट होते हुए नज़र आती hai....wahan कई रिंग बानी हुई हुई थी....

जिनमे कुछ मई लड़कियां लड़ियाँ फाइट कर रहे थे और कुछ मई लड़के लड़के और एक रिंग ऐसी भी थी जिसमे लड़के लड़ियाँ फाइट कर रहे थे....

वो आदमी चलता जा रहा और वहां के फाइटर बोहोत बूटी तरह से लड़ रहे the....vo एक दूसरे का खून बहाने से भी पीछे नहीं हैट रहे थे....

वो चलते चलते एक ऐसी जगह पंहुचा जहाँ बोहोत भीड़ हो रही thi....wahan किसी के नाम पर बोहोत ज्यादा बेट लगाई जा रही थी....

5 ों 1 मैच था लेकिन खाश बात ये थी की ये 1 लड़की आदमियों से लड़ने वाली थी...

खैर जो आदमी वहां आया था उसे उसमे कोई इंट्रेस्ट नहीं था वो तो बस अपने लिए आया था...

तो उसने एक नाम पूछा एक आदमी से तो उस आदमी ने बताया की ये बही तो है जिसपर बेट लगाई जा रही हैं...

ये आज 5 त्रिनेड आदमियों से अकेली लड़ेगी की तभी वहां जोर जोर से शोर होने लगता hai...TAMINA ! तमिना! तमिना!...

जब उस इंसान ने उधर की तरफ घूम कर देखा तो एक लड़की तेज़ी से रिंग की तरफ बढ़ी आ रही थी....

पिछ........
images-2.jpg


वो आयी और तेज़ी से रिंग मई पोहोंच गयी और उनलोगों को घूरकर देखने लगी....

तभी उसने कुछ इशारा किया और तो ऊपर जो स्टील केज थे वो धीरे धीरे निचे आ रहा tha...kuchh इस तरह का सन था...

tumblr-ofwai1ur-MN1vdm64to1-r1-250.gif


और स्टील केज के नीचे आने के बाद 5 फिघ्टर्स के चेहरे पर एक गहरी मुस्कान आ जाती है....

तो बे कॉन्टिनोएड. ....
 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग एंड सपोर्टिंग

अच्छा लगता है जब कोई स्टोरी से रिलेटेड पॉइंट्स आउट करता है...

आप स्टोरी पड़ते रहिये पता चल जायेगा चची झूट बोल रही है या सच...

:dazed::dazed:TAMINA के बारे मई आगे के अपडेट मई पता चल जाये आखिर क्या चीज़ है VO...:budhau:

बने रहिये एक तुच्छ राइटर की स्टोरी के साथ....
 
अपडेट-27

ये आज 5 त्रिनेड आदमियों से अकेली लड़ेगी की तभी वहां जोर जोर से शोर होने लगता hai...TAMINA ! तमिना! तमिना!...

जब उस इंसान ने उधर की तरफ घूम कर देखा तो एक लड़की तेज़ी से रिंग की तरफ बढ़ी आ रही थी....

पिछ........
images-2.jpg


वो आयी और तेज़ी से रिंग मई पोहोंच गयी और उनलोगों को घूरकर देखने लगी....

तभी उसने कुछ इशारा किया और तो ऊपर जो स्टील केज थे वो धीरे धीरे निचे आ रहा tha...kuchh इस तरह का सन था...

tumblr-ofwai1ur-MN1vdm64to1-r1-250.gif


और स्टील केज के नीचे आने के बाद 5 फिघ्टर्स के चेहरे पर एक गहरी मुस्कान आ जाती है....


अब्ब आगे.....

चारो तरफ शोर हो रहा था तमिना तमिना तमिना....

फिर कुछ देर ऐसे hi चलता रहता है और फाइट शुरू होने की वेल बजती है...

और वो पांचो फाइटर तमिना पर टूट पड़ते hein....vo एक साथ उस पर हमला कर रहे the....aur तमिना को लातों से मार रहे थे....

अब वहां एक डैम शांति छ गयी thi...lekin अब वो तमिना को एक एक कर के मार रहे थे

लेकिन तमिना फिर भी हैश रही थी....

जब वो लोग उसे मार रहे थे तो उसने 5 दिखाकर कुछ इशारा kiya...shyad वो इशारा 5 मं का ho...khair जो भी होगा आगे पता चल hi जायेगा....

(जो 5 फाइटर हैं वो फ1 से फ5 तक लिखे जायेंगे)

अब फ1 ने मरना छोड़कर फ2 ने मरना चालू kiya...or उसने तमिना पर ज्यादा तर सबमिशन मूव्स का इस्तेमाल किया जिससे की तमिना को बोहोत दर्द हुआ फिर भी पता नहीं क्यों वो कुछ भी अटैक नहीं कर रही थी केबल डिफेन्स कर रही थी...

ऐसे hi करके कोई करीब 4-5 मं तक वो पिट टी रही और उसको बोहोत छोटे भी आयी थी उसकी आँखों पर घाव हो गए थे जिसकी बजह से वो नीली पद गयी थी...

और अभी भी वो सभी उसे मार रहे थे और फ4 ने अपने हाट मई पूछ पहन के उसके पेट मई कोई 5-6 घुसे लगातार दिए जिसकी बजह से उसके मुंह से खून निकलने लगे...

और खून निकलने के साथ hi उसके चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान आ gyi...or तमिना ने ऊपर की तरफ उछाल कर फ4 के मुंह पर राइट कनी दे mara...jis से की उसके नीचे के दो दन्त टूट कर बहार आ गए...

और फ4 बोहोत जोर से चीखने लगा और उसके मुंह मई से खून का फुब्बारा चलने लगा की तभी फ5 ने तमिना पर अटैक किया लेकिन तमिना ने उस के बार से बचते हुए एक लात उसके प्राइवेट परतै मारी और वह फ5 दर्द के मरे चीखने लगा...

अब फिर से लोगों ने शोर स्टार्ट कर दोय था तमिना तमिना तमिना और अब तमिना उन फिघ्टर्स को बोहोत बुरी तरीके से मार रही ...

उसने फ5 को केज मई दे मारा और उसकी नाक को केज के वायर्स के बीच मई फसा कर रोप पर चढ़कर दिवे लगा दी जिसे उस फाइटर की नाल टूट गयी और बोहोत जोर से खून बहाने लगा और उसकी चीखे गुजने लगी क्योंकि अब सब शांत हो चुके थे....

खून बहाने की बजह से फ5 बेहोश हो गया tha....aur उसे निकल कर रिंग से बहार कर दिया गया लेकिन जब फ5 को बहार निकला जा रहा था तो बाकि फिघ्टर्स ने तमिना पर अटैक करना चाहा जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा...

जब फाइटर भाग कर आ रहे थे तो तमिना ने एक ड्राप किक लगाई जिस दो फिघ्टर्स गिर पड़े एक तो जिसके किक लगी थी वो और दूसरा जो उसके पीछे आ रहा था...

तमिना न देर न करते हुए जाल पर चढ़कर के कंदो स्टिक उतरी और फ1 और फ3 पर खाल उधेड़ देने बाला मुहाबरा सही साबित कर के दिया....

फिर घालय पड़े फ4 और फ2 ने तमिना पर अटैक करने की सोची लेकिन तमिना ने उनकी भी मार मार कर हालत बुरी करदी और फ4 को तो जवानी मई hi भूडपा diya...mtlb उसके ज्यादातर दन्त तोड़ दिए गए थे ....

फ2 जाल पर चढ़कर कुछ उतरने की कोशिश कर रहा था जो को तमिना ने देख लिया और उसके पैरों मई कंदो स्टिक से हमला किया जिस से की वो रिंग के ऊपर गिरे हुए कुछ इस तरह लटक गया की उसके टांगें ऊपर थी और सर नीचे की और....

फिर तमिना ने जाल पर से कुछ उतरा और उसे जहाँ फ2 लटका हुआ था वहां दाल दिया ये शायद कुछ नुकीली चीजें the...jise देखकर फ2 वहां से निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन जब तक वो निकलता तमिना ने ऊपर चढ़ाकर उसके छाती पर पैरों से छलांग लगा दी..

कुछ इस तरह...

giphy.gif


जिसे से की वो नुकीली चीजें फ2 के पीठ मई गड गयी थी और वो बोहोत बुरी तरह से चीखने लगा ...लेकिन तमिना यहीं नहीं रुकी और उसने जाल पर टंगे हैमर को उतरा और उसके हथेली पर पूरी ताकत से मारा जिसके उसकी हथेली का कचुम्बर निकल गया और वो वहीँ बेहोश हो गया और उसे भी रिंग से बहार का रास्ता दिखाया गया....

अब बचे थे फ1 और फ3 जिसमे से की तमिना ने फ1 पर शार्प शूटर सबमिशन लगा दिया था लेकिन तभी फ3 ने हैमर उठाकर तमिना को मरना चाहा लेकिन तमिना तेज़ी से वहां से हटी और वो हैमर फ1 की बैक मई जाकर लगा जिस से की उसकी वहीँ डेथ हो गयी....

फ3 तो ये देखकर बिलकुल शॉक हो gya....lekin अभी तमिना ने उसकी हालत बोहोत बुरी कर दी तमिना उसके पीछे की तरफ थी और उसने पीछे से उसके घुटनो मई जोरदार लात मरी जिस स3 वो गिर गया और हैमर उसके हाथ मई से छूट गया तमिना ने बोहोत hi दरिंदगी दिखते हुए उसकी एक आँख पर हैमर का हैंडल मरकर उसकी आँखों मई अँधेरा कर दिया.....

उसकी चीख को बयां नहीं लिया जा सकता एक आंख तो तमिना ने बंद कर दी और दूसरी दर्द की बजह से बहार होने को थी....

इसी के साथ तमिना 5 ों 1 मैच जीत चुकी थी लेकिन ये मैच बिलकुल नहीं था यहाँ तो साफ़ साफ़ दरिंदगी दिखी कैसे पैसों के लिए बुरी तरह से माउथ का खेल खेला गया....

(आप कहानी थर्ड पर्सन की जुबानी पद रहे हैं..)

तमिना रिंग से बहार निकली तो जो आदमी उस से मिलने आया था उसने तमिना से मिलने की कोशिश की...

लेकिन उसे तमिना के और साथियोने ने रोक लिया और उसकी तलाशी ली और उससे कहा की अभी मैडम 30 मं बाद तुमसे मिलेंगी....

खैर ये 30 मं भी यही निकल gye...Tamina ने उस मौत के खेल से बोहोत पैसा कमाया था खैर कुछ देर बाद उसे वो लोग बुलाने आ गए और कहा पीछे पीछे चलो....

वो आदमी पीछे पीछे गया वो लोग उसे एक अँधेरे कमरे मई ले गए जयह एक कुर्सी पर तमिना बैठी थी....

उस आदमी ने तमिना ने विश किया लेकिन...

tamina....kaam.ki बात करो.....

admi....mera नाम दिलबर है और मुझे आपकी एक मदद चाहिए...

tamina....tumhara नाम जो भी हो यहाँ कोई मदद घर नहीं खुला है पैसे दो और काम करवाओ....

dilawar....apne बैग से 3 फोटो निकलते hue....isne मेरा बोहोत नुकसान किया hai...or इसे तुम्हे रस्ते से हटाना है....

(फोटो को तमिना को देते हुए)

और ये लीजिये एडवांस बाकि काम होने के बाद....

tamina....(bagair फोटो को देखे हुए hi)theek है तुम्हारा काम हो jayega...aur अब निकालो पुरे पैसों के साथ तैयार रहना....

फिर दिलावर वहां से निकल जाता और तमिना अपने लोगों से कहती है की देखो कोण है ये इसकी जानकारी निकालो कब कहाँ जाता है ...

तमिना के आदमी ने फोटो उठाये और देखे तो उनमे से वो एक को देखकर उसके चेहरे का रंग उड़ गया...

वो admi...madam एक बार इसे देख तो लो ...

tamina...uske फोटो को हाथ मई लेती hai....or जैसे hi उसकी नज़र प्रिय के फोटो पर पड़ती है वो पूरी तरह चौंक जाती है....

उसके चेहरे का रंग उड़ सा गया.....

तो बे कॉन्टिनोएड. ........
 
अपडेट-28

tamina....(bagair फोटो को देखे हुए hi)theek है तुम्हारा काम हो jayega...aur अब निकालो पुरे पैसों के साथ तैयार रहना....

फिर दिलावर वहां से निकल जाता और तमिना अपने लोगों से कहती है की देखो कोण है ये इसकी जानकारी निकालो कब कहाँ जाता है ...

तमिना के आदमी ने फोटो उठाये और देखे तो उनमे से वो एक को देखकर उसके चेहरे का रंग उड़ गया...

वो admi...madam एक बार इसे देख तो लो ...

tamina...uske फोटो को हाथ मई लेती hai....or जैसे hi उसकी नज़र प्रिय के फोटो पर पड़ती है वो पूरी तरह चौंक जाती है....

उसके चेहरे का रंग उड़ सा गया.....

अब्ब आगे......... ........... .

सन चेंज्ड....

प्रिय के घर का सन....

आगे की कहानी राज की जुबानी........

शाम का था और मई अपने कमरे मई KALU(raj का गाओं वाला दोस्त) से बात कर रहा था और स्कूल के बारे मई जानकारी ले रहा था की क्या हो रहा रहा है....

kalu...kuchh नहीं यार वो प्रशांत सर रानी दीदी को किसी न किसी बात पर परेशां करते रहते हैं....

(आप सब लोग अब तक प्रशांत सर को भूल गए होंगे तो मई बता देता हूँ की ये गाओं के स्कूल का मैथ टीचर है....)

कालू की बात सुनकर मुझे बोहोत जोर से गुस्सा aaya...man कर रहा था उसकी वहीँ जाकर बात लगयूं....

mai....uski तो वहीँ आकर माँ भहान एक करता हूँ साला जब देखो तब किसी न किसी मो तंग करते रहता है मदर

अभी इतना hi कहा था की प्रिय ने एंट्री मार दी कमरे मई ....

priya....bilkul बन्दर लग रहा है

एक तो मुझे गुस्सा आ रही थी ऊपर से वो मेरे मजे ले रही थी....

priya....itna गुस्सा कहे हो पूरा चेहरा लाल जो रहा है बिलकुल बन्दर लग रहे हो

mai....bas हो गया

priya...haste हुए सीरियस hokar...achha बताओ क्या हुआ...

mai....kuchh नहीं..

priya...are बाबा बताओ भी...

mai....na तुम है लो तुम्हे क्या कुछ भी हो...

प्रिय का मुंह सा बन गया और वो रोने को हुई...

तो मई हसने लगा

mai....ab देखो तुम भी बंदरिया सी लग रही हो...

जब प्रिय अहसास हुआ की मई उसके ले रहा हूँ तो उसने मेरे सीने पर कुछ पंच मरे...

mai...aaah ोुछ

priya....(mere गले लगते hue)...dard हुआ क्या...

mai...(uske सर को चूमते hue)or नहीं तो kya....tumare हाथ क्या किसी हतोड़े से काम हैं....

priya...chalo तैयार हो जाओ...

mai...mai तो हमेशा तैयार रहता तू hi नहीं देती...

priya...kiss लिए....

mai....kaise लेता तुमने दिए hi नहीं.....

प्रिय ....फिर से मुझे मुक्का मरते hue...tu नहीं सुधरेगा bandar...jab देखो तब बही सूझता है...

mai....main तैयार हूँ अब दो...

प्रिय ....सहर जाना है मैंने उसके लिए तैयार रहने को कहा....

mai....kahe...

priya...mammi पापा और बाकि सब आ रहे हैं तो उन्हें लेने जाना है.....

mai...ohh तो ऐसा बोलो न मुझे लगा किश का कह रही हो...

मई कुछ और कहता उस से पहले प्रिय मेरे गाल पर एक किश कर के वहां से बिजली की तेज़ी से निकल ली...

फिर मई भी तैयार हुआ सहर जाने को नीचे पहुंचा तो प्रिय मेरा hi वेट कर रही थी

...

खूबसूरत तो वो हमेशा hi लगता है इसलिए यहाँ उसके बारे मई कोई स्पेशल बात नहीं लिख रहा हूँ...

नीचे आया तो चची भी वहीँ थी और आग वो कुछ अलग लग रही थी खूबसूरत नहीं पर आंखें सूजी हुई होठ बिलकुल सूखे हुए चेहरा ृवंशा हो रहा था...

और ऐसा भी लग रहा था की उन्होंने कुछ खाया न हो लेकिन मैंने इस वाट पर ज्यादा ध्यान न देते हुए प्रिय से चलने को कहा ...

अस ऑलवेज बहार प्रिय की ब्लैक थार कड़ी हुई थी....

mai...lagta है काली चीहें कुछ ज्यादा hi पसंद हैं ...ब्लैक सूट ब्लैक थार ेट्स...

priya...muskurate hue...han बिलकुल सही ब्लैक की माय फवौरीते कलर...

mai....hmmm....lekin आज थार मई ड्राइव करूँगा...

priya...pahle कभी चलायी हैं..

mai...nhi...

priya...chalo कोई न ...

फिर उसने मुझे थार की कीस दी और और बैठने को कहा...

उसमे बैठ कर फिर उसने मुझे क्लच ,ब्रेक रेस एंड गियर ेट्स के बारे मई समझाया....

मैंने थार चालू की और आगे बड़ाई लेकिन जैसा पहली बार ज्यादा तर लोगों के साथ होता है वही मेरे साथ भी हुआ...

मैंने क्लच को एक साथ छोड़ दिया जिस से की गाड़ी झट के साथ बंद हो गयी... थोड़ी बोहोत कोशिश करने के बाद मई हलकी स्पीड मई चलने लगा ...लेकिन अब भी भी ढंग से न चलाई जा रही थी ....कैसे चलता पहली बार है ....

फिर थोड़ी दूर चलने के वाद प्रिय ने कहा ट्रैन का टीम हो रहा है जल्दी पहुंचना है...

मैंने कहा लो तो फिर chalao....uske वाद हूँ स्टेशन पहुंचे मेरे थार चलने के चक्कर मई हम लेट hi गए थे इसलिए वि लोग हमें वहीँ खड़े मिले....

(आप लोग इनके बारे मई शायद जानते न होंगे भूल चुके होंगे तो मई बता दूँ....

devraj...priya के पिता ग

charu....priya की माँ....

ओमप्रकशाह.. प्रिय के दादा g...chachi के पिता ग

राजवती ....प्रिय की दादी और ...चची की माता ग)

ये लोग कहीं गए थे इस वजह से घर पर नहीं थे आज वापस आएं हैं....

खैर मैंने सभी से पेअर छूकर प्रणाम किया और सभी ने मेरे को आशीर्वाद व्ही दिया...

फिर हम घर के लिए रवाना हुए इधर उधर की बातें हुई ...उन्होंने मेरे घर परिबार के बारे मई और पड़े के वारे मई थोड़ा बहुत पूछ की इतने देर मई हम घर पहुँच गए....

वहां पहुंचकर सभी ने चाचू की ऐसी हालत हालत के वारे मई पूछ तो उन्होंने तबियत ख़राब होने का बहन बताया...

devraj....koi दवा ली की नहीं....

चची ...ले ली है अब पहले से बगतर हूँ ....

फिर सभी अपने अपने कमरे मई आराम करने चले गए....

कुछ देर बाद डिनर लगा सभी बे एक पास बैठकर खाया तो मैंने खाने की बोहोत तारीफ की मुझे लगा शायद आंटी ने बनाया होगा प्रिय की मम्मी ने बनाया होगा लेकिन खाना प्रिय ने बनाया था तारीफ को सुनकर वो शर्माने लगी....

फिर थोड़ी बोहोत बातों के बाद सभी सोने चले गए ....

ये यहाँ की आखिर रात थी कल दोपहर को हमें यहाँ से निकलना था ...

तो बे कॉन्टिनोएड. ...
 
पहली बात की किसी के भी रिव्यु का बुरा नहीं मंटा ...

और अब आते हैं स्टोरी मई आपके द्वारा उठाये गए प्रश्नो पर...

फॅमिली का इंट्रोडक्शन क्यों दिया जब कोई रोले नहीं है to....JIS किसी का स्टोरी मई कोई रोले नहीं होता वो रोने के काम आता है...

और राइडर्स कहते हैं की हम भूल जातें हैं की पिछले अपडेट मई क्या HUA...ISLIYE उनके नाम और आने की जानकारी दी गयी है...

अपडेट छोटा था ये मंटा हूँ और उसके लिए आपसे छमा याचना....

ये अपडेट ज्यादातर अगले अपडेट को ध्यान मई रखते हुए लिखा गया है...

तमिना का राज और उसके फोटो देखने के एक्सप्रेशन के बारे मई अगले अपडेट मई पता चलेगा...

कीप रीडिंग

कीप कमेंटिंग...

कीप सपोर्टिंग
 
अपडेट-29


priya...kiss लिए....

mai....kaise लेता तुमने दिए hi नहीं.....

प्रिय ....फिर से मुझे मुक्का मरते hue...tu नहीं सुधरेगा bandar...jab देखो तब बही सूझता है...

mai....main तैयार हूँ अब दो...

प्रिय ....सहर जाना है मैंने उसके लिए तैयार रहने को कहा....

mai....kahe...

priya...mammi पापा और बाकि सब आ रहे हैं तो उन्हें लेने जाना है.....

mai...ohh तो ऐसा बोलो न मुझे लगा किश का कह रही हो...

मई कुछ और कहता उस से पहले प्रिय मेरे गाल पर एक किश कर के वहां से बिजली की तेज़ी से निकल ली...

फिर मई भी तैयार हुआ सहर जाने को नीचे पहुंचा तो प्रिय मेरा hi वेट कर रही थी

...

खूबसूरत तो वो हमेशा hi लगता है इसलिए यहाँ उसके बारे मई कोई स्पेशल बात नहीं लिख रहा हूँ...

नीचे आया तो चची भी वहीँ थी और आग वो कुछ अलग लग रही थी खूबसूरत नहीं पर आंखें सूजी हुई होठ बिलकुल सूखे हुए चेहरा ृवंशा हो रहा था...

और ऐसा भी लग रहा था की उन्होंने कुछ खाया न हो लेकिन मैंने इस वाट पर ज्यादा ध्यान न देते हुए प्रिय से चलने को कहा ...

अस ऑलवेज बहार प्रिय की ब्लैक थार कड़ी हुई थी....

mai...lagta है काली चीहें कुछ ज्यादा hi पसंद हैं ...ब्लैक सूट ब्लैक थार ेट्स...

priya...muskurate hue...han बिलकुल सही ब्लैक की माय फवौरीते कलर...

mai....hmmm....lekin आज थार मई ड्राइव करूँगा...

priya...pahle कभी चलायी हैं..

mai...nhi...

priya...chalo कोई न ...

फिर उसने मुझे थार की कीस दी और और बैठने को कहा...

उसमे बैठ कर फिर उसने मुझे क्लच ,ब्रेक रेस एंड गियर ेट्स के बारे मई समझाया....

मैंने थार चालू की और आगे बड़ाई लेकिन जैसा पहली बार ज्यादा तर लोगों के साथ होता है वही मेरे साथ भी हुआ...

मैंने क्लच को एक साथ छोड़ दिया जिस से की गाड़ी झट के साथ बंद हो गयी... थोड़ी बोहोत कोशिश करने के बाद मई हलकी स्पीड मई चलने लगा ...लेकिन अब भी भी ढंग से न चलाई जा रही थी ....कैसे चलता पहली बार है ....

फिर थोड़ी दूर चलने के वाद प्रिय ने कहा ट्रैन का टीम हो रहा है जल्दी पहुंचना है...

मैंने कहा लो तो फिर chalao....uske वाद हूँ स्टेशन पहुंचे मेरे थार चलने के चक्कर मई हम लेट hi गए थे इसलिए वि लोग हमें वहीँ खड़े मिले....

(आप लोग इनके बारे मई शायद जानते न होंगे भूल चुके होंगे तो मई बता दूँ....

devraj...priya के पिता ग

charu....priya की माँ....

ओमप्रकशाह.. प्रिय के दादा g...chachi के पिता ग

राजवती ....प्रिय की दादी और ...चची की माता ग)

ये लोग कहीं गए थे इस वजह से घर पर नहीं थे आज वापस आएं हैं....

खैर मैंने सभी से पेअर छूकर प्रणाम किया और सभी ने मेरे को आशीर्वाद व्ही दिया...

फिर हम घर के लिए रवाना हुए इधर उधर की बातें हुई ...उन्होंने मेरे घर परिबार के बारे मई और पड़े के वारे मई थोड़ा बहुत पूछ की इतने देर मई हम घर पहुँच गए....

वहां पहुंचकर सभी ने चाचू की ऐसी हालत हालत के वारे मई पूछ तो उन्होंने तबियत ख़राब होने का बहन बताया...

devraj....koi दवा ली की नहीं....

चची ...ले ली है अब पहले से बगतर हूँ ....

फिर सभी अपने अपने कमरे मई आराम करने चले गए....

कुछ देर बाद डिनर लगा सभी बे एक पास बैठकर खाया तो मैंने खाने की बोहोत तारीफ की मुझे लगा शायद आंटी ने बनाया होगा प्रिय की मम्मी ने बनाया होगा लेकिन खाना प्रिय ने बनाया था तारीफ को सुनकर वो शर्माने लगी....

फिर थोड़ी बोहोत बातों के बाद सभी सोने चले गए ....

ये यहाँ की आखिर रात थी कल दोपहर को हमें यहाँ से निकलना था ...

अब्ब आगे

अपडेट-29

अब्ब आगे............


नेक्स्ट मॉर्निंग....

प्रिय के जगाने से मेरी नींद खुली और उसने मुझे हाथ में कॉफ़ी थमा दी और कहा इसे पी कर जल्दी फ्रेश हो जाओ फिर हमें रनिंग के लिए जाना है...

मई सुस्ताते हुए उठा और कॉफ़ी की एक सिप li....or बुरा सा मुंह बनाने लगा....

priya...itta सदा सा मुंह क्यों बना रहे हो...

mai...coffee मीठी नहीं है....

priya...lagta है मई शुगर डालना भूल gyi...sugar लेके आती हूँ..

मैंने प्रिय का हाथ पकड़कर अपनर पास खिंच लिया और बोलै...

mai...yaar चीनी की क्या जरुरत है तुम्हारे होठों से मीठी कोई चीज है क्या इस दुनिया मई...

priya...ohh अब समझी तो किस लिए ड्रामे हो रहे हैं...

और इतना कहते hi उसने कप हो होठों से लगा कर एक सिप ली...

priya...or कितनी मीठी piyoge...bohot मीठी है ये...

mai...maine कहा तो था तुमसे मीठी कोई चीज़ नहीं है देखा न तुम्हारे होठों से लगते hi कॉफ़ी कितनी मीठी हो गयी...

priya...ab जल्दी ख़तम करो फिर एक्सरसाइज के लिए जाना है...

उसके बाद हम ने रनिंग और थोड़ी बोहोत फाइटिंग टेक्निक्स सिखाई मुझे प्रिय ने...

फिर हम घर आ gaye....ghar पे तैयारियां चालू थी क्यों आज चची को वापस जो जाना था ...

घर आने के बाद नास्ता हुआ मई नहाया और इधर उधर घूमने लगा लेकिन घर आने के बाद प्रिय तो जैसे गायब hi हो गयी थी....

मुझे एक तरफ घर जाने की ख़ुशी थी और दूसरी तरफ प्रिय से दूर जाने का गम भी पता नहीं हम कितने दिनों के बाद मिलेंगे और कब मिलेंगे...

फिर मैंने यही सोचा की खुदा ने चाहा तो बोहोत hi जल्द मिलेंगे...

अभी मई सोच hi रहा था की रानी दीदी का फ़ोन आ गया ...

मई कुछ कह पता उस से पहले hi उधर से रानी di...raj ...राज

मैंने कुछ न बोलै थोड़े मज़े लेने की सोच रहा tha....lekin रानी दीदी घबराई हुई लग रही रही....

mai...kya हुआ दीदी इतनी घबराई हुई क्यों हो...

rani...bhai तो कहाँ है ...और कब आ रहा है...

mai...filhal तो घर hi hun...bas 2 घंटे बाद निकलने hi बाला हूँ...

mai...aap इतनी घबराई हुई क्यों हो ...कुछ हुआ है क्या...

रानी didi...nhu हुआ तो कुछ नहीं hai...kuchh अच्छा सा फील नहीं हो rha..ajeeb अजीब से ख्याल आ रहे हैं....

रानी दीदी ( रट हुए) भाई तू जल्दी आजा मुझे तेरी बोहोत याद आ रही है...

mai...aa रहा हूँ दीदी बस कल आ jaunga...aap रोया न karo...barna मुजगे भी रोना आ जायेगा...

रानी didi...bhai अपना ख्याल rakhna...mujhe तेरी बोहोत याद रही hai...ab बात नहीं कर पाऊँगी...

और ये कहकर hi उन्होंने फ़ोन काट दिया ....मई बजी सोचने लगा की इन्हे क्या hua...kuchh तो जरूर है जो ये मुझसे छिपा रही हैं....

की तभी किसी ने आके मुझे पीछे से पकड़ liya....yahan और कोण आ सकता है ये प्रिय hi थी...

लेकिन उसने मुझे पीछे से बोहोत hi कास के पकड़ रखा था और कुछ हरकत भी नहीं कर रही थी...

mai....kya हुआ जान ....

उसने कुछ नहीं कहा..

mai...batao तो यार क्या हुआ जो इतना कास के पकड़ रखा है...

उसने मुझे और कास के पकड़ लिया और मुझे ऐसा फील हुआ की वो रो रही hai...fir मैंने उसके हाथों की पदक से आज़ाद होते hue...use अपने सामने लाया तो देखा वो सच मई रो रही है है....

मई इस लड़की को आज तक नहीं समझ पाया कभी मासूम कभी खूंखार कभी सरारती और अब देखो आँखों मई से मोठे मोठे अंशू बहाये जा रही है...

और सामने आते hi बो फिर से मेरे गले लग गयी और उसके अंशुयों का अहसाह मुझे मेरी गीली होती हुई शर्ट से हुआ....

priya...(rote हुए) यार तुम जा रहे हो आज...

mai...to इसमें रोने की क्या बात है...

priya...mai न रह पाऊँगी अब तुम्हारे बगैर...

mai....aise न कहो अगर मुझे कुछ हो गया फिर क्या करोगे...

priya...(rote हुए मुझे अलग होकर) चटक चटक दो बोहोत तेज़ थप्पड़ मरे मेरे कण के नीचे और फिर से मेरे सीने ले लग कर रोने लगी...

mai...yaar से सही है तुम्हारा मारो भी खुद hi और फिर अंशू भी खुद hi बहाओ...

priya....(thoda सँभालते हुए) अगर ऐसे काम करोगे तो और भी पद सकते hein...kisi को भी तुमसे पहले मुझसे होकर गुज़ारना होगा...

mai....oh बस मरने मरने की बातें बोहोत hui...(abhi मई इतना hi कहा था की)

प्रिय ने मुझे बीएड पर गिरा diya...mere तो कुछ समझ न आया की क्या hua....kuchh समझ पता उस से पहले hi उसने मुझे किश करना स्टार्ट कर दिया...

फिर तो मई भी सबकुछ भूलकर उसे किश करने लगा ....कोई 10 मं के बाद वो मेरे से अलग हुई ... और मेरे दिल के ऊपर अपने कानो को रख कर मेरी धड़कने सुनने lagi...jo की किश करने के बाद सांसें फूलने की बजह से तेज़ तेज़ चल रही थी...

मई ....अब क्या हो गया...

priya...kuchh nhi...bas मुझे अच्छा लग रहा hai...bohot तेज़ धड़क रहा है तुम्हारा दिल...

मई....

ढकता है दिल मेरा तो वजह तुम हो,

चलती हैं सांसें मेरी तो वजह तुम हो,

हम तो बोहोत अकेले थे दुनिया मई,

अगर जिन्दा हैं तो वजह तुम हो,

priya...wah क्या बात है...

mai...ab ऐसे hi रहने का इरादा है क्या

प्रिय ...है ...मई तुम्हे फील करना चाहती हूँ तुम्हरे प्यार को फील करना चाहती hun...yaar तुम चले जाओगे तो बोहोत याद आएगी फिर यही पल मेरे कुछ काम आएंगे फॉर वो मेरे सीने पर सर रख के आंखें बंद कर के लेती थी और मई उसके बालों मई उँगलियाँ चला रहा था...

कोई 30 मं तक हम एक दूसरे से लिपटे पड़े रहे एक मदहोशी सी छ गयी थी मुझ पर...

mai...yun न दो इतना प्यार हमें, की हम जा hi न पाएं ,

जिस प्यार के लिए तड़पे बरसों अब मिला क्या पता अब हम तुम्हारे बगैर रह hi न पाएं,

की तभी किसी के कदमो की आहत होती है जिस से की हम दोनों अलग हो गए ...ये प्रिय की माँ थी जो की प्रिय को बुलाने आयो तजि की जाना नहीं है kya...train का टीम होने वाला है...

खैर थोड़े बोहोत फॅमिली ड्रामा के बाद हम वहां से एक गाड़ी मई निकल पड़े....

स्टेशन तक छोड़ने के लिए प्रिय और उसके पापा बजी साथ थे...

इधर उस

धार की बातें करते हुए हम जा रहे थे की तभी प्रिय को एक फ़ोन आता है ....

उसपे बात करने के बाद उसके एक्सप्रेशन बड़े hi शॉक वाले थे ....

मई क्या हुआ priya...abhi इतना hi खा था की प्रिय के पापा ने बोहोत जोर से ब्रेक मारी...

मैंने बहार देखा तो पता चला एक गाड़ी सामने कड़ी थी और आगे कुछ समझ पता की तभी हमारी गाड़ी को चारो तरफ से और गाड़ियों ने घेर लिया...

और हमारी गली के टायर्स पर गोलियां दाग कर उनका काम तमाम कर दिया लेकिन इतने देर मई प्रिय ने भी कहीं से गन निकल ली और उन्हें लोड कर के एक मुझे दे diya...or खुद ने काउंटर अटैक शुरू कर दिया...

प्रिय के पापा नीचे को झुक गए थे मुझे लगा दर के बजह सीखीं ऐसा नहीं था उन्होंने एक गन निकल और वो भी फायर करने लगे....

लेकिन एक तो बहार की संख्या ज्यादा थी और हम गाड़ी मई बैठकर कुछ ज्यादा कर नहीं पा रहे थे....

पहले गाड़ी मई से hi फायर किये लेकिन कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ फिर प्रिय ने पीछे एक बॉक्स निकला जिसमे कुछ हथियार और बॉम्ब्स थे हथियार तो हमने अपने साथ ले लिए और प्रिय ने सभी को बॉम्ब्स दे दिए चची को छोड़कर जिनको की सीट की बिच मई बिठा दिया था....

फिर हमने वो बॉम्ब्स एक साथ उनलोगों की तरफ फेंके और वहां से चट्टानों की और जल्दी से जाकर छुप गए और वो लोग smoke(dhuein) मई भी फायर कर रहे the...jisme की एक गोली मेरे कंधे को छूटे हुए निकली...

खैर उसके बाद चट्टानों की आड़ लेकर उनपर हमला करते रहे और उनके बोहोत सरे लोगों को ऊपर का रास्ता दिखा दिया....

लेकिन अब हमारी गोलियां ख़तम होने को थी बस कुछ hi बची थी....

तभी प्रिय को कुछ दिखा और उसके मुंह से सिर्फ इतना निकला ''ओह सहित'' ये यहाँ कैसे....

तो बे कॉन्टिनोएड. ........
 
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