Pyar ki had paar- family loves forever - Page 3 - SexBaba
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Pyar ki had paar- family loves forever

अपडेट 13

रूचि : मेजोरिटी कर्रिएस लॉ, इस हिसाब से चलने में समझदारी है.

राहुल : तुम सब एक से बढ़कर एक हो तुमसे जितना मुश्किल ही होता है जब तुम सब साथ में होती हो.

फिर ऐसे ही बाटे चलती रही.......

अब आगी

राहुल तो कोनसी शॉप पे जाना है.

रूचि : भैया ये मॉल ाचा लग रही है.

इसी पर चलते है.

निशा : ये मॉल बेस्ट है और मैं ने पिछली बार एक ड्रेस सेलेक्ट करके रखा था.

पायल : निशा तो फ़ास्ट निकली ...

राहुल : ये दोनों ऐसे ही है मुझसे बोल रही थी की पड़े का सामान लेना है और ये ड्रेस देख रही है.

और हम उस शॉप में आ गए

ये शॉप भी बढ़िया थी.

जब भी यहाँ आव तो नए ड्रेस hi दिखाते है.

तभी तो मेरी बहाने हमेशा यही आने की ज़िद्द करती है.

और अंदर आके तीनो अलग अलग होकर शॉपिंग करने लगती है.

मगर इस मॉल में आते hi में अकेला पद जाता हु,

किउकी सब शॉपिंग में लग जाती है.

में

भी ीदार बोर हो रहा था तो सोचा टाइम पास करने के लिए लड़कियों को लाइन ही मर लू.

और में इधर उदार घूम कर लड़कियों को लाइन मारने लगा.

कुछ लड़की भी लाइन दे रही थी.

ऐसे टाइम पास करते हुए सबकी शॉपिंग करवा रहा था.

उनको शॉपिंग करनी थी तो मैं सबको शॉपिंग के लिए ले आया,

पर मेरी बहने भी दूसरी लड़कियों जैसी ही थी,

शॉप में आते ही मुझे भूल ही जाती है,

और शॉपिंग करने लगती है,.

ये झूट है.

मेरी बहन का मेरे लिए जो प्यार जो है इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.

लेकिन अभी तो में अकेला पद गया.

ऐसे अकेले घूमने की जगह मैं उनको मदद करने लगा.

कभी निशा & रूचि के पास जाता

कबि

पायल के पास जाता.

निशा & रूचि आज अलग अलग सेक्शन में अकेली शॉपिंग कर रही थी.

मुझे तो शामाज ही नहीं अत की कौन कब क्या करता है.

मगर में सोचा की कोई मेरे बारेमे नहीं सोचता मेरे लिए किसीने भी कपडे नहीं लिए होंगे...

फिर

ऐसे ही शॉपिंग ख़तम हो जाती है.

और में भर आ जाता हुए.

भर आते ही में कुछ देखता हु तो पूरी तरह शॉकेड हो जाता हुए.

कभी घबरा जाता हुए तो कभी मुझे बोहोत गुस्सा आने लगता है.

मुझे उसको देखकर कोई दिराशिए याद आने लगता है.

छोटा सा फ़्लैश बैक

औरत ( भागते हुए) : बीटा में तुझे कुछ नहीं होने दूगी और ना ही तेरी बहन को महादेव सब ठीक कर देंगे. ( ये बात वो औरत बोहोत दर्द के साथ बोलती है.)

अब मेरे बाद तुजे ही अपनी बहन का ख्याल रखना है.

अपनी बहन को कबि अकेला मत चूर्ण तू मेरी बात मानेगा ना ( वो औरत बोल रही थी और वो बचा बास अपनी माँ को देख रहा था).

तेरी माँ तुझसे और तेरी बहन से बोहोत प्यार करती है.

ये याद रखना.

में जिन्दा रहूगी या नहीं मुझे नहीं पता पर मेरा प्यार हमेशा आशीर्वाद के रूप में तुम दोनों के साथ रहेगा.

अपनी बहन को हमेशा प्यार करना किउकी तेरे बहनो का प्यार ही तेरी ताक़त और कमज़ोरी दोनों है.

तुझे ही अपनी बहन को हर बुरी शक्तियों से बचाना होगा..

और अगर तुझे कोई भी परेशानी हो तो महादेव और माता पारवती के पास जाना वो ....... और इसी के साथ उस औरत की बोहत दर्द भरी चीक नकटी है आआअह्हह्ह्ह्ह

आआह्ह्हह्ह्ह्ह.

( भाई ये छोटा सा फ्लैशबैक शामाज नहीं आया तो बता दू की ये अपडेट 1 का है जहा पर एक औरत अपने बचे से कुछ बोल रही थी.)

नाउ प्रेजेंट

जब राहुल शॉप से बहार निकलता है जो वोह देखता है.

( शामे वासा ही पर वह पर एक औरत के पीछे बोहोत सरे गुंडे जीप लेकर आ रहे थे.)

जब राहुल देखता है की

एक औरत अपने बचे को लेकर भाग रही है.

और उसके पीछे बोहोत सरे गुंडे को जीप में भागते हुए देखता है.

( उन गुंडों के पास मशीन गन और गन्स वगेरा थी.)

वो औरत भागते हुए रोड पार कर रही होती है.

तभी सामने एक ट्रक ा जाता है और वो औरत उस ट्रक को देखते ही घबरा जाती है.

जैसे भी वो ट्रक उस औरत को उड़ने वाला होता है.

अचानक से

राहुल के मुँह से बोहोत दर्द भरी चीक निकलती है.

राहुल : maaaaaaaaaaaaaa

और उसकी स्पीड बिजली ( लाइट) से भी तेज़्ज़ हो जाती है.

और राहुल उस ट्रक के बिच में आ जाता है और उस औरत को पकड़ कर गले लगा लेता है.

और वो ट्रक राहुल से ताकता जाता है.

जैसे ही वो ट्रक राहुल से टकराता है

तो

ट्रक पूरी तरह से टूट फुट कर एक हो जाता है.

ये सब

इतनी अचानक होता है की सब हैरान हो जाते है.

और राहुल की तीनो बहन तो बुरी तरह सॉकेड हो जाती है.

और पायल तो जैसे स्टेचू बन जाती है.

तभी

अचानक से एक रौशनी आ जाती है.

और ये रौशनी इतनी तेज़्ज़ होती है की वह पर खड़े किसी को कुछ नहीं दिखाई देता है.

सिवाए

राहुल की तीनो बहन को छोड़कर.

और रौशनी वह से गायब हो जाती है

और सामने एक शख्स और वो खतरनाक आवाज़ .

जिसे सुनकर सबकी रूह तक कप जाती है...........................

वह कत्ले आम मचा है जहा पर महाकाल खड़ा है जब ये शम्पायन होगा वही बचेगा जो अनंत होगा.....

उस शख्स का सरीर पूरी तरह ढाका हुआ होता है बस उसकी आखे ही दिखाई देती है.

और सारे गुंडों की तो वही बुरी तरह से फैट कर चार हो जाती है.

गुंडा 1 बोलता है..

गुंडा 1 : ये वही है.

ये वही है..

गुंडा 2 : अबे क्या वही वही है लगा रखा है.

बोलेगा भी की कोण है ये.

गुंडा 1 : ma......ha..............mahakaal.

वही

राहुल की तीनो बहन पागलो की तरह भाग कर राहुल के पास आ जाती है.

इस से बे खबर की वह महाकाल खड़ा है.

उनको तो बस अपना भाई राहुल ही दिखाई देता है.

तीनो राहुल की देख कर रो रही होती है..

वही.....

गुंडा 2 ( घबराते हुए) : तो क्या करू

वो एक है और हम 100 उसको कुत्ते की तरह मरेंगे...

गुंडा 2 : अगर हम भाग भी गई तो बॉस हमे मर देंगे..

गुंडा 4 : तू जनता है न हमारा बॉस कोण है..

और सब अपनी गन महाकाल की तरफ तान देते है.

महाकाल : काल से तो कोई बच सकता है मगर महाकाल se............hahahahhahhaha.....

और अचानक से

सारे गुंडे गोलिया महाकाल पर चला देते है.

तभी

महाकाल उन साड़ी गोलियों अपनी शक्ति से रओं लेता है

और वो साड़ी गोली उन गुंडों के तरफ फेक देता है.

वह पर बस उन गुंडों की आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह की आवाज़ आने लगती है.

और भर जो लोग ये सब देख रहे थे वो भाग कर सब अपने घरो में घुस जाते भाई. और पूरा रोड सुनसान हो जाता है.

और महाकाल एक गुंडे से जिसके पास मशीन गन होती है वो चीन लेता है.

ये देखते ही सारे गुंडे कुत्तो की तरह भागने लगते है.

बस वह एक डरावनी आवाज़ सुनाई देती है.

वह कत्ले आम मचा है जहा पर महाकाल खड़ा है जब ये शम्पायन होगा वही बचेगा जो अनंत होगा.....

हहहहहहहह

और महाकाल पूरी की पूरी मशीन गन उन भाग रहे गुंडों पर चला देता है..

वह पर बस गोलिया इधर से उधर पद रही होती है.

ये मंझार इतना खौफनाक था की लोग घर से भर देखने की हिम्मत भी नहीं कर प् रहे थे

मगर वह राहुल की तीनो बहन को तो जैसे कुछ पता ही नहीं था की यहाँ क्या हो रहा है

वो तो बस राहुल को देख कर रो रही थी.

और इससे के साथ सरे गुंडे कुत्तो की मौत मर जाते है.

फिर वह से एक तेज़्ज़ रौशनी आती है और महाकाल गायब हो जाता है..

और वह महाकाल के आने से पहले जैसा थी सब कुछ वैसा ही हो जाता है.

मतलब सब कुछ ठीक हो जाता है. जैसे वह कुछ हुआ ही न हो.

बस उस ट्रक और उन गुंडों की पड़ी हुए लाश ( डेड पर्सन) को चोर कर.

पायल राहुल को देखकर पागलो की तरह रोने लगती है.

और यही हाल रूचि & निशा का भी था. पर पायल से थोड़ा काम

पायल राहुल का सर ( हेड) अपने गॉड में रख लेती है.

और पायल राहुल से बोलती है.

पायल (रट हुए) : बेतु ( जब पायल दर्द में होती है और राहुल को ऐसी हालत में देखती है तब बोलती है. भले ही दोनों की आगे शामे हो) उत् जा क्या हो गया है तेरे को अगर तू नहीं उठता न तो में भी जी नहीं पाउगी .

बेतुउउउउउ उत्तत जाए.

सोनाली दीदी ( राहुल की बड़ी बहन) को क्या जवाब दूगी.

ये सब कैसे हो गया .

की में आपके बेटू को बचा नहीं सकीय मने अपना वादा थॉर दिया.

बेटू उत् जा.

बेतु उत् जा..

मेरी बात नहीं मने गए तू

यह देख

रूचि & निशा भी पागलो की तरह रोने लगती है और बोलती है.

रूचि : दीदी ये हमारे कारन हुआ है ना हम भैया को यहाँ लाते और न यह सब होता.

निशा : हां दीदी ये सब मेरे बजाये से हुआ है.

हम भैया को खो नहीं सकते .

अगर भैया को कुछ हो गया तो हम भी ज़िंदा नहीं रहेगा हम भी मर जाएगी किउकी हम सबकी जान तो बस भैया में बस्ती है.

रूचि : अगर ये सब सोनाली दीदी ने देख लिया तो वो जिन्दा लाश ( डेड पर्सन) बन जाएगी.

और यह सब हम नहीं देख पाएंगे.

भैया उत् जाओ न..

भैया उत् जाओ

और निशा भागते हुए थोड़ी दूर में पड़ी हुए गन को उतने जाती है.

पायल : बेतु उत् जा किउ तड़पा रहा ही मुझे

फिर बोलते हुए पायल अचानक से चुप हो जाती है..

रूचि : दीदी भैया को उठाओ न

भैया उत् किउ नहीं रहे है.

पायल : रूचि चुप हो जा मेरा बेतु अभी सो रहा है उसे परेशां मत कर नहीं तो तेरी पिटाई करुँगी..

बेतु तू अचे से सोना ( स्लीप) हां तेरी पायल तेरे पास है.

देख तेरी पायल तुजे कुछ नहीं होने देगी.

चाहे कुछ भी है जाए..

सो जा बेतु सो जा ु

और ऐसे ही पायल रोने लगती है.

वही

सरे लोग भर आए जाते है.

जैसे ही निशा गन को उठता कर अपने सर ( हेड ) पर रखती है..

एक आदमी भाग कर निशा से वो गन चीन लेता है.

और निशा उस आदमी से बोलती है

निशा : अंकल मेरे भाई को बचा लो उसको क्या हो गया है.

नहीं तो में अपने भाई के बिना नहीं जी पाउगी.

प्लीज अंकल बचो लो मेरे भाई को

और तेज़्ज़ तेज़ रोने लगती है और पायल की तरफ भागने लगती है

और पायल राहुल को देखते हुए बेहोश हो जाती है..

रूचि : दीदी अब आपको क्या हो गया

जो लोग ये मंज़र देख रहे थे उन लोगो के भी आखो में आशु आ जाते है. ( भाई बहन के प्यार को देख कर).

अब हम क्या करे दीदी भी हमें चोर कर चली गई...

अब हम क्या करे और तेज़्ज़ तेज़्ज़ रोने लगती है..

तभी एक आवाज़ आने लगती है जिससे सिर्फ तीनो बहन को ही सुनाई दे पति है.

( और वो आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि प्रेरणा की थी..

पहले तो यह प्यार देख कर प्रेरणा के भी आखो में आशु आ जाते है

फिर प्रेरणा बोलती है...........

अब एक और अपडेट के बाद चलेंगे सुनैना के पास बोहोत दिनों से मिले नहीं है सुनैना से देखे गए की वो क्या कर रही है..

और थोड़ा हैकिंग का भी मज़ा लगे......

एंड सॉरी फॉर डिले......
 
अपडेट 14

अब हम क्या करे और तेज़्ज़ तेज़्ज़ रोने लगती है..

तभी एक आवाज़ आने लगती है जिससे सिर्फ तीनो बहन को ही सुनाई दे पति है.

( और वो आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि प्रेरणा की थी..

पहले तो यह प्यार देख कर प्रेरणा के भी आखो में आशु आ जाते है

फिर प्रेरणा बोलती है...........

अब आगी..........

प्रेरणा नाम आखो से बोलती है..

प्रेरणा ( पायल से) : पायल तुम्हारा प्यार राहुल की कमज़ोरी नहीं ताक़त बनना चाहिए अगर तुम कमज़ोर पद गयी तो राहुल भी कमज़ोर पद जाएगा...

किउकी उसकी ताक़त सिर्फ उसकी बहन ही है...

और राहुल को कुछ नहीं हुआ है बस वो बेहोश है.

तभी पायल को होश आ जाता है और पायल प्रेरणा से बोलती है.

पायल ( प्रेरणा से ) : कोण हो तुम.

तभी

रूचि ( मैं में) : यमराज वाले भैया तो सुन्ना था ये यमराज वाली दीदी खा से आ गई.

लगता है हमारे देश की तरह यमलोक में भी वोमंस ने स्ट्राइक कर दी होगी..

जिससे यमराज वाले भैया को निकल कर यमराज वाली दीदी को जॉब पर रख लिया...

रूचि : दीदी मुझे लगता है यह यमराज वाली दीदी है जो हमारे भैया को लेजाने आई है.

निशा ( गिरगिराते हुए ) : यमराज वाली दीदी प्लीज हमारे भैया को चोर दो..

उनको मत ले जाओ....

प्रेरणा : में कोई यमराज वाली दीदी नहीं हु मेरी बहन मेरा नाम प्रेरणा है.

राहुल को ऐसे हालत देख पायल भी निशा & रूचि की बातो में आ जाती है.

और सोचती है शायद ये यमराज ही है जो लड़की का रूप धारण करके आया है.

पायल ( घबराते हुए ) : ko........kon प्रेरणा और तुम दिखाई किउ नहीं दे राहु ...

प्लीज मेरे राहुल की जिंदगी मत चाइनो...

हमारे राहुल को चोर दो...

प्रेरणा : वो सब में बाद में बताऊगी तुम पहले राहुल को घर ले जाओ.

और उसको कुछ नहीं हुआ है वो बस बेहोश है.

में भी राहुल को कुछ नहीं होने दूगी. किउकी राहुल मेरा ...........और प्रेरणा बोलते बोलते रुक जाती है.

फिर में घर पर सब बता दूगी ...

सब अपने आशु पाउच लो

और में कोई यमराज नहीं हु...

पायल : मेरे राहुल को कुछ होगा तो नहीं ना.

तुम सच बोल रही हो ना.

तुम यमराज नहीं हो न..

प्रेरणा : नहीं मेरी बहन. और में दिखाई किउ नहीं दे रही हु उसका भी एक कारन है वो सब में घर पर बता दूगी..

जल्दी करो और राहुल को घर लेकर जाओ.

रूचि ( मैं में) : कही ये हमको बेवक़ूफ़ तो नहीं बना रही.

इसको भी अपने भाई की बहन बना देती हु .

शायद भैया को चोर दे..

रूचि ( प्यार से) : यमराज वाली दीदी आपके भी भाई होंगे क्या आप अपने भाई को ऐसे हालत में देख सकती हो.

हमारे भाई को भी अपना भाई बना लो और हमारे भाई को चोर दो...

प्रेरणा ( मैं में) : लगता है ये लोग यहाँ के धरती लोग की कहाबत सच कर देगी की गांधी जी की योजना बहन बनके छोड़ना और कर भी क्या सकते है कामासुर ने वरदान ही ऐसा मांगा है

ठरकी साला नहीं यार ऐसा नहीं बोलना चाहिए जैसा भी है मगर है तो मेरा भाई न

मगर ये धरती लोक के लोग अपनी प्रेमिका के भाई को साला ही तो बोलते है.

तो मने अपने प्यार की तरफ से साला बोल दिया तो इसमें हर्ज़ ही क्या है.


ये धरती लोग आकर कैसे आपसबत ( गंदे वर्ड) का इस्तेमाल कर रही हु.

महादेव हमें माफ़ करना..

कही ये लड़की हमें राहुल का भाई न बना दे..

तभी अचानक से प्रेरणा बोलती है.

प्रेरणा : नहीं नहीं ये मेरा भाई नहीं है.

और सचमे में कोई यमराज नहीं हु.

और कुछ नहीं होगा राहुल को बस जल्दी घर जाओ

निशा ( प्रेरणा से) : पक्का न अप्प हमें बेवक़ूफ़ तो नहीं बना रही.

प्रेरणा (मैं में) : अब इनको कैसे शम्जाओ.

प्रेरणा : नहीं हम आपको बेवकूफ कैसे बना सकते है आप तो हमसे भी ज्यादा इंटेलीजेंट है.

अब जल्दी जाओ और कोई वहां ( टैक्सी ) लेकर आओ.

निशा : ठीक है में टैक्सी लेकर आती हु.

निशा & रूचि इंटेलगेंट नाम सुनकर खुस हो जय थी. और उसके आशु भी रुक जाए थे.

मगर पायल उसको तो जैसे कुछ फरक ही नहीं पद रहा थे वो तो बस राहुल को ही देख रही थी. और उसी में खोई हुए थी.

जो लोग ये बाटे ( टॉक) सुन रहे थे वो शामाज रहे थे की ये तीनो तो पागल हो गई है.

( किउकी उनको तो वो आवाज़ सुनाई नहीं दे रही थी और वैसे भी आवाज़ सुनाई देती भी तो उनकी और गांड फैट जाती किउकी महाकाल ने पहले से ही गांड फाड् राखी थी.

की ये महाकाल अचानक खा से आ गया)

तभी

वो औरत उत् जाती है जिसको राहुल ने बचाया था.

सबसे पहले उस औरत की नज़र राहुल पर जाती है.

फिर उसकी बहन पर जाती है.

फिर वो अपने बचे को देखती है जो ठीक होता है.

तभी

कोई आदमी ा जाता है और वो उस औरत से बोलता है.

आदमी ( उस औरत से) : तुम ठीक तो हो न.

पायल भी एक नज़र उस औरत पर डालती है.

वो औरत राहुल को देखकर कुछ बोलना चाहते है..

तभी निशा टैक्सी लेकर आ जाती है.

और तीनो मिलकर राहुल को टैक्सी में लिटा देती है.

और तीनो भी बैठने वाली होती है.

तभी

प्रेरणा बोलती है.

प्रेरणा : अरे बहनो अपना शॉपिंग बेग तो उठता लो

और रूचि सबका शॉपिंग बेग उठता लेती है.

और पायल राहुल का सर ( हेड) अपनी गॉड में रख लेती है.

और तीनो बहन भी राहुल के शरीर को अपनी गॉड में रख लेती है.

और टैक्सी घर की तरफ निकल जाती है..

रस्ते में

निशा ( मैं में) : ये यमराज वाली दीदी ने असा किउ कहा की ये मेरा भाई नहीं है कही ये मेरे भाई से ताका तो नहीं भरने वाली ( मतलब फ़साने तो नहीं वाली) क्या मेरे भाई की फैन फोल्लोविंग इतनी बाद गई है की अब भूतनी भी मेरे भाई को फ़साना चाहती है. ( इसको तो बाद में देखूँगी पहले मेरा भाई तो ठीक हो जाए.

रूचि : यमराज वाली दीदी आप दिखाई किउ नहीं देती और हम सब को आप कैसे जानती है.

निशा : हां यमराज वाली दीदी कही आप भूतनी तो नहीं है जो हमें खाने आए हो.

हमने सुन्ना है भूत भी दिखाई नहीं देते.

प्रेरणा : सब बता दूगी पहले घर पोहोच जाते है कही ये टैक्सी वाला तुम में पागल न शामाज ली..

टैक्सी वाला अचानक से घबरा जाता है और बोलता है.

टैक्सी वाला ( घबराते हुए ) : यमराज खा है यमराज

और टैक्सी अचानक से इधर उधर जाने लगती है.

मगर टैक्सी वाला उसको शामाल लेता है.

निशा : टैक्सी वाले अंकल ये यमराज वाली दीदी थोड़ी सरीफ है कुछ नहीं करेगी आप टैक्सी आगे बढ़ाओ.

टैक्सी वाला ( मैं में) : बस लगता है ये सब पागल है कहा से बैठा लिया इन्हे टैक्सी में जल्दी घर पंहुचा देता हु कही ये मुझे पागल न कर दे.

पायल तो कुछ बोल ही नहीं रही थी बस राहुल को ही देखे जा रही थी.

शायद उसके दिल में दर्द था की राहुल को कुछ हो न जाए भले ही प्रेरणा ने बोल दिया था की राहुल ठीक है.

और टैक्सी घर पोहोच जाती है.

और सब बहन राहुल को पकड़ कर घर में लेजाती है और रूम में लिटा देती है.

माला बुआ तो थी नहीं घर पर वो तो कल सुबह घर आएगी.

तीनो एक साथ बोलती है : अब बताओ.

प्रेरणा : क्या पूछना है पूछो

रूचि : आप दिखाई किउ नहीं देती.

प्रेरणा : प्रेरणा उनको सब बता देती है महादेव वाली बात

रूचि ( मैं में) : कही ये हमारे भाई को हमसे छीनने तो नहीं आई और महादेव भगवान् भी इनके साथ है.

हमने तो महादेव को कभी देखा नहीं कही ये हमें उल्लू ( बेवक़ूफ़ ) तो नहीं बना रही..

पायल : वो महाकाल ....................................... उससे हमारे भाई को तो कोई नुकशान नहीं होगा.

प्रेरणा : तुम ठीक बोल रही हो वो महाकाल ................................... उससे तुम्हारे भाई को कोई नुषान नहीं पोचेगा.

तीनो फिर शॉकेड हो जाती है. और बोलती है..

तीनो एक साथ : क्याआआआ.

पायल को अभी भी राहुल की टेंशन थी वो तो बस राहुल में ही खोई हुए थी इसलिए ज्यादा सवाल नहीं पूछ रही थी.

निशा ( मैं में ) : ये यमराज वाली दीदी तो शॉकेड पर शॉकेड दे रही है.

पायल : ये कैसे हो सकता है.

प्रेरणा : वो सब समय आने पर पता चल जाएगा किउकी में राहुल का पास्ट तो जानती हुए मगर फ्यूचर मुझे भी नहीं पता..

पायल : राहुल को कब तक होश आ जाएगा

प्रेरणा : सुबह तक.

पायल तुम दोनों जाओ में राहुल के पास रखती हु

रूचि (मान में) : ये पायल दीदी तो हमें यहाँ से भेज रही है. कुछ प्लान सोच रूचि कुछ सोच..

रूचि : पायल दीदी हम राहुल भैया को चोर कर नहीं जाएगी प्लीज दीदी.......

किउकी अब हमें देर भी लग रहा है किउकी माँ भी घर पर नहीं है.

पायल : ठीक है अगर तुम देर लगे तो यही आ कर सो ( स्लीप) जाना.

रूचि कुछ और भी बोलने वाली होती है

तभी

निशा बोलती है

निशा : ठीक है पायल दीदी.

और निशा रूचि को लेकर चली जाती है.

पायल भी राहुल के साथ लेट जाती है और राहुल के चेहरे को देकने लगती है.

पायल ( मैं में) : कितना मासूम लग रहा है राहुल का चेहरा मैं कर रहा है एक बार चुम लू

पता नहीं किउ इसको जिंदगी भर देखने का मैं करता है इसको पागलो की तरह किश करने का मैं करता है. क्या एक बार किश कर लू.

प्रेरणा ( पायल से) : हस्ते हुए इतना मैं कर रहा है तो चुम ले

पायल हरबराते हुए. बोलती है.

पायल : तुमने मेरी मैं की बात कैसे पता चली.

प्रेरणा : वो सब बाद में बताऊगी.

पायल ( प्रेरणा से) : मेरे साथ ऐसा किउ होता है की राहुल को थोड़ा सा भी दर्द में देखती हु तो मेरा दिल चीक उठता है में पागल होने लगती हु ऐसा लगता है की कही में राहुल को खो न दो और सोनाली दीदी के साथ तो इससे भी ज्यादा होता है.

की राहुल कही भी हो अगर वो दर्द में है तो पता चल जाता है.

प्रेरणा ( पायल से) : समय आने पर पता चल जाएगा..

चलो में दूसरी बहन (रूचि & निशा) से मिलकर आती हु कबसे बुला रही है.

और हां राहुल अभी बेहोश है तो जितनी किश करनी है कर लेना.

होश में आने के बाद नहीं कर पाउगी किउकी राहुल कबि ऐसा नहीं करेगा.

अभी मौके का फ़ायदा उठा लो.

और पायल थोड़ी शर्मा जाती है.

तभी फ़ोन बजने लगता है.

और पायल फ़ोन उठता लेती है.

पायल : hello

फ़ोन पर सोनाली होती है.

सोनाली : मेरे बेतु को क्या हुआ है मेरा दिल बोहोत घबरा रहा है कही मेरे बेतु को कुछ हो तो नहीं गया कितने सालो से मिली भी नहीं हु.

और मेरा फ़ोन किउ नहीं उठता रही थी कबसे फ़ोन कर रही हु.

पायल ( मैं में) : अब दीदी को क्या बताऊ कही दीदी को मने सच बता दिया तो पागल सी हो जाएगी और अभी रात में यहाँ पहोच जाएगी .. नहीं नहीं में कुछ नहीं बताऊगी दीदी को

कल या परसो उनसे मिल लगी.

जब पायल कुछ नहीं बोलती तो सोनाली और घबरा जाती है और बहोत दर्द के साथ आखो में आशु लिए बोलती है ( किउकी पायल ने पहले फ़ोन भी नहीं उठाया था)

सोनाली : पायल बता न क्या हुआ मेरे बेतु को मुझे पता है तू उसको कुछ नहीं होने देगी तू भी उससे उतना ही प्यार करती है जितना में

बता न बेतु ( राहुल) को क्या हुआ है.

तभी पायल सोनाली से बोलती है

पायल : कुछ नहीं दीदी राहुल ठीक है वो थोड़ा सा राहुल के sir(head) में दर्द था तो दवाई दी है वो खा कर सो गया है.

और में बाथरूम में थी इसलिए फ़ोन नहीं उठता पायी.

सोनाली : तू सच बोल रही है न और राहुल के पास ही सो जाना कही दुबारा से सर में दर्द न होने लगे.

पायल : ठीक है दीदी. और आप अपना ख्याल रखना.

और सोनाली फ़ोन रख देती है....

फिर

पायल थोड़ा सरमते हुए हल्का सा किश उसके होठ ( लिप्स) पर कर देती है.

और

कमज़ोरी ( ब्लड देने की बजसे) की बजसे पायल नींद की आगोश में चली जाती है.

वही

रूचि निशा से तुम मुझे लेकर किउ आ जाए मुझे भी राहुल भैया के साथ सोना था.

निशा ( रूचि से) : हम भाई के साथ तो कभी भी सो (स्लीप) कर सकते है. पहले इस यमराज वाली दीदी ( प्रेरणा) का कुछ करना पड़ेगा . कही ये हमारे भैया को फसा न ले. और हमसे भैया को न चीन ले.

रूचि : तू ठीक बोल रही है कुछ तो करना पड़ेगा इस यमराज वाली दीदी का.

चल पहले उनसे बात करते है.

रूचि प्रेरणा को बुलाती है मगर कोई नहीं अत.

निशा : ये यमराज वाली दीदी ( प्रेरणा) कहा गायब हो गई.

तभी

अचानक से

प्रेरणा आ जाती है.

प्रेरणा : बोलो कैसे याद किया तुमने.

निशा : देखो यमराज वाली दीदी.

तभी

प्रेरणा : ये यमराज वाली दीदी बोल न बंद कराए मेरा नाम प्रेरणा है.

रूचि : मगर हम तो आपको यमराज वाली दीदी ही बोलेगे.

निशा : देखो यमराज वाली दीदी साफ़ कहना सुखी रहना.

तुम हमारे भाई को हमसे चीन नहीं सकती तो तुम अपना ताका कही और भिड़ाओ और कोई और लड़का देखो.

वैसे भी भैया को फ़साने की लाइन में पायल दीदी भी है.

हम एक और को नहीं झेल सकते.

रूचि : है यमराज वाली दीदी मन की आपका प्यार बोहोत पुराण है. हमें ऐसा लगता है.

तभी प्रेरणा खुस हो जाती है और बोलती है.

प्रेरणा : बड़ी जल्दी शामाज में आ गया.

रूचि प्रेरणा से बोलती है

रूचि : पहले हमारी बात पूरी होने दो.

हां तो हम खा थे..

प्रेरणा : मेरे प्यार बोहोत पुराण है.

रूचि : है तो यमराज वाली दीदी आपका प्यार बोहोत पुराण है. हमें ऐसा लगता है.

मगर अब पुराण प्यार से के कुछ नहीं होता अब मेजोरिटी और एक्सपीरियंस का जमाना है

और अपने हमारा एक्सपीरियंस भी देख लिया होगा भले ही पायल दीदी का एक्सपीरियंस हमसे ज्यादा है.

इसलिए हम उसको कुछ नहीं बोलते मगर आपका एक्सपीरियंस हमसे काम है.

इस हिसाब से हमारा प्यार आपसे भी पुराण हुआ.

तो कोई दूसरे माल मेरा मतलब है की दूसरे लड़के पर डाका डालो.

और मुझे लगता है आप भूतनी हो तो भूत देखो हमारे भैया को देख कर अपनी आखे मत सेको.

ये बात रूचि एक सास में बोल देती है.

प्रेरणा ( मैं में) : मेरा से यह इतना ज्यादा चिर रही है. तब क्या होगा जब यह दीदी ( सुनैना) से मिलेगी

फिर तो यह बोलूगी

हमारी मांग पूरी करो,

हमारे भैया को वापस करो.

इस बात पर प्रेरणा हसने लगती है.

रूचि ( मैं में) : बोहोत ही अजीब है ये इतना सब कुछ बोल दिया फिर भी है रही है.

तभी

प्रेरणा बोलती है.

प्रेरणा : मेरी प्यारी सोटानो मेरा मतलब है की बहनो

तुम टेंशन मत लो

और पहले राहुल के पास जाओ.

निशा हरबराते हुआ.

निशा : यमराज वाली दीदी क्या हुआ भैया को.

प्रेरणा : कुछ नहीं हुआ बस तुम्हारी पायल दीदी तुम्हारे भाई को चुम रही है बेहोशी की हालत का फयदा उठता रही है.

दोनों रूचि & निशा शॉकेड हो जाती है.

और वो भागते हुए गेट के पास जाती है..................

सॉरी भाई फॉर डिले रात सर में दर्द होने लगा था तो दवाई खा कर सो गया था अगर उस हालत में अपडेट देता तो पड़ने में बिलकुल भी मज़ा नहीं अत

और इस खहनी का जो मने प्लाट त्यार किया है वो भी बिगड़ जाता.

ी होप आप शामाज सकते हो.
 
अपडेट 15

महा episode

( जब सुनैना अपने सांग के जरिये अपने प्यार का नाम जानती है.)

निशा हरबराते हुआ.


निशा : यमराज वाली दीदी क्या हुआ भैया को.

प्रेरणा : कुछ नहीं हुआ बस तुम्हारी पायल दीदी तुम्हारे भाई को चुम रही है बेहोशी की हालत का फयदा उठता रही है.

दोनों रूचि & निशा शॉकेड हो जाती है.

और वो भागते हुए गेट के पास जाती है..................

अब आगी

पायल राहुल के होठ को हल्का से चुम कर सो ( स्लीप) गई है.

तभी.

निशा रूचि से बोलती है.

निशा : देखो रूचि कैसे दीदी ( पायल ) ने हमारे भाई को चुम लिया

और हमें भर भेज दिया की हम भाई के होठ (लिप्स) को चुम सके मगर ये इतनी जल्दी कैसे सो गई.

रूचि : है निशा पायल दीदी तो बोहोत चालक निकली मौके का फयदा उतना तो कोई इनसे षिके

हमने तो गलती कर दी थी उस टाइम भैया के हाथ ( लिप्स) पर किश करके और भैया ने हमें डाट दिया.

हमें भी इस मौके का इंतज़ार करना चाहिए था.

निशा : देख रूचि दीदी सो गई है शायद थक गई होगी.

चलो हम भी जाकर मौके का फयदा उठता ले

रूचि : वैसे जब हमने भैया के होठ पर हलके से किश किया था तो ऐसा लग रहा था की कोई विक्कुम की तरह कोई हमें खींच रहा है.

आज जबरदस्त किश करेंगे.

निशा : कही दीदी उत् गई तो और राहुल भैया उत् गए तो.

रूचि : सुबह सुबह बोल अगर राहुल भैया उत् गए तो हमें हॉस्पिटल जाना होगा.

और वह पर भी भैया नहीं छोड़ेगे हमें.

और पायल दीदी को तो हम शम्बल ही लगे तुम बस पायल दीदी को देखना.

और ये मौका हम गवा नहीं सकते बाद में पता नहीं ये मौका मिले या न मिले.

निशा : तो चलो मेरी सेना ( सिपाही) हमला करो

रूचि शॉकेड होकर

रूचि : खा है सेना ( सिपाही )

निशा सर ( हेड) पर हाथ ( हैंड ) रखते हुए बोलती है

निशा : मने कहावत कही थी हम दोनों ट्विन्स है इतना तो शमझा कर.

और अगर पायल दीदी ने देख लिया तो बोल देंगे

गिरगिराते हुए.

निशा : पायल दीदी हमें देर लग रहा था तो जल्द बाज़ी में भैया को किश कर लिया.

रूचि : पायल दीदी इतनी बेवक़ूफ़ नहीं है.

और राहुल भैया के मामले में बिलकुल भी नहीं.

निशा : हां मगर हम पर इतना सक नहीं करेगी और इन सब बातो को चोर और किश पर कंसंट्रेशन कर.

रूचि : निशा पहले में इस रसीले होठ (लिप्स) को चुसू गई जब तक तू पायल दीदी को देख.

निशा : नहीं में एक मिनट तुझसे बड़ी हु न पहले में इस रसीले होठ ( लिप्स) को चुसोगी देख मेरे होठ कितने सुख गए है.

ऐसे ही दोनों लड़ने लगते है.

प्रेरणा : अरे इतना लड़ाई मत करो एक एक करके जो करना हो कर लो पायल सुबह तक नहीं उठेगी.

रूचि ( शरमाते हुए) : पहले आप जाओ हम दोनों को जो करना है कर लगे.

प्रेरणा : इतना सरमने की कोई जरूरत नहीं है में जा रही हु भलाई का तो जमाना ही नहीं है.

रूचि : यमराज वाली दीदी ने खा है की पायल दीदी नहीं उठेगी


तो अब झगड़ा मर कर आराम से किश कर लगे.

और पहले निशा राहुल के होठ( लिप्स) को किश करने लग जाती है

और पुरे होठ को पागलो की तरह चूसने लगती है.

तभी रूचि बोलती है

रूचि : निशा मेरे लिए कुछ चोर दे सारा रास तू ही पी जाएगी क्या.

तभी

निशा सरमते हुए राहुल की चोर देती है.

फिर

रूचि राहुल के होठ ( लिप्स) पर किश करने लगती है.

पुरे होठ पागलो की तरह पीने लगती है.

तभी राहुल के मुँह से बेहोशी में निकल जाता है.

राहुल : su.......sunainaaa

तभी दोनों शॉकेड हो जाती है और पुतला बन जाती है.

और दोना जल्दी से राहुल के साइड में सो जाती है

और कुछ समय से बाद

और निशा रूचि से बोलती है.

कही भैया जाग तो नहीं रहे थे.

निशा : अगर जाग रहे होते तो हम बिना तेल के साबुन बन जाते.

फिर

निशा रूचि से बोलती है.

निशा : रूचि ये क्या किया होठ ( लिप्स) काट लिए भैया को बाद में पता चल गया तो की ये निशान कैसे है.

रूचि : मुझे किश करते हुए इतना मज़ा आ रहा था की पता ही नहीं चला पुरे वैक्यूम क्लीनर की तरह लग रहे थे.

और रही होठ( लिप्स) काटने की बात तो वो पायल दीदी शामिल लेगी.

पायल दीदी सोचेगी की मने होठ कटे होंगे.

निशा : ठीक है और जल्दी सो जा कही कोई उत् न जाए.

और दोनों भी सो जाती है.

अगली सुबह.................

चलो चलते है सुनैना के पास.

जब सुनैना घर पोहोचति है तो बोहोत खुस्स होती है.

और सुनैना की माँ ( रिंकी) टीवी देख रही होती है.

और सुनैना भी माँ पे पास बैठ जाती है.

रिंकी : आ गई मेरी बेटी अभी तुझे ही याद कर रही थी.

सुनैना : है माँ वैसे पापा कब तक आएगी

रिंकी : आने वाले होंगे तू बता कुछ खाएगी

सुनैना : माँ अभी भूक नहीं है पापा के साथ डिनर टाइम पर खाऊगी.

और वही न्यूज़ पर अचानक से एक खबर आने लग जाती है.

महाकाल के बारे में

और वही आवाज़ न्यूज़ वाले सुन्ना रहे होते है.

और सुनैना उस न्यूज़ को देखते ही शॉकेड हो जाती है.

रिंकी (सुनैना की माँ) सुनैना को शॉकेड देखकर थोड़ा घबरा जाती है.

सुनैना : माँ ये मुझे कुछ जाना पचना लग रहा है.

शायद में इसको जानती हु.

रिंकी : बीटा तू मिली है क्या उससे कही इसने तुझे कुछ कर तो नहीं दिया.

सुना है दुनिया का सबसे टॉप फाइटर ( सुंग लू ली) को एक थपड में ख़तम कर दिया.

और यह वाली न्यूज़ देख काम से काम 100 गुंडों को ख़तम कर दिया एकेले ही और सुना है यह भी टॉप फाइटर थे.

और पुलिस को कोई साबुत भी नहीं मिला.

सब कुछ वैसा ही दिखा बस उन मरे हुए गुंडों को चोर कर.

सुनैना : मगर माँ यह फाइटर हमारे देश में क्या कर रहे है मुझे तो लगता है शायद कोई बरी शाजिस है इस में.

माँ : पता नहीं मगर तू इन सब से दूर रहेगी में नहीं चाहती की तुझे कुछ हो.

सुनैना : ठीक है माँ मगर यह घटना किस शहर की है.

माँ : सहर 3 की ( यहाँ हमारा हीरो रहता है.) घटना है.

( जहा हमारी मैं हीरोइन रहती है उसको शहर 2 कहुगा )

सुनैना : ाचा.

फिर

तभी सुरेश ( सुनैना के पापा) भी आ जाते है.

और तब तक रात के खाने का भी टाइम हो जाता है.

और रिंकी खाना बनाकर टेबल पर रख देती है.

और सुरेश भी फ्रेश होकर टेबल पर डिनर करने आ जाते है.

और तीनो माँ, डैड और सुनैना बात करने लग जाते है.

सुरेश ( सुनैना से) : बीटा तुम्हारा अड्मिशन हो गया होगा.

सुनैना : हां डैड और 45 डेज के बाद कॉलेज जाना है

रिंकी : बीटा कॉलेज तो ाचा है न

सुनैना : है माँ कॉलेज बोहोत ाचा है और उस कॉलेज में अड्मिशन के लिए लोग पागल भी है. ( यह बात उसने हस्ते हुए कही)

सुरेश : किउ ऐसी क्या बात है इस कॉलेज में जरा हमें भी तो पता चले.

सुनैना : वो मुझे भी नहीं पता मगर आपको एक बात बताती हु.

और सुनैना रोमा वाली बात बता देती है.

रिंकी : क्या सच में तूने पुरे कॉलेज का सर्वर हैक कर दिया.

तुमने ऐसे किउ किया मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी.

सुरेश : हां बीटा कॉलेज के कुछ रूल्स होते है जो सब स्टूडेंट को फॉलो करने चाहिए और अगर कोई तुम पकड़ लेता तो.

सुनैना : वो मुझे भी पता है डैड.

मगर मने उस लड़की रोमा के दिल में दर्द देखा है.

पता नहीं किउ वो उस कॉलेज में भी अड्मिशन करवाना चाहती थी.

वो तो में बाद में पूछ लगी.

और रही बात कॉलेज के रूल्स को थोर्ने की तो.

अगर किसी का दर्द काम करने के लिए कुछ रूल्स तोरने भी पड़े तो वो ाचा होता है किउकी फ्रेंड जरूर होता है.

इस रूल्स को तोरने से किसी का नुकशान नहीं हुआ.

और

उनके मार्क्स भी अचे थे और वो उस कॉलेज में अड्मिशन के काबिल भी थी.

और

रही बात मुझे पकड़ने की तो आपको भी पता है. की

यह हैकिंग और आईटी ( इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) मुझे अछि होई तो लगती और साथ यह मेरा जूनून ( पैशन) भी है.

और

वो स्टूडेंट ही क्या जो अपने जूनून के लिए कुछ कर न पाए. ( जैसे अमीर खान ने 3 इडियट में किया था)

और ऐसे मामूली लोग मुझ जैसे हैकर को पकड़ लगे तो मेरे जूनून का क्या फयदा.

किउकी हु इस थे बॉस सुनें टेक

सुरेश ( सुनैना से) :

:यूरोक:

सुरेश ( रिंकी से) : मने खा था न मेरी बेटी जीनियस ही नहीं शमजदार भी भी है.

और वो ऐसा कोई काम नहीं करेगी जिससे दुसरो को नुकशान हो.

रिंकी ( सुनैना से) : मेरी प्यारी बेटी पर मुझे पूरा विश्वास है.

ऐसे ही डिनर ख़तम हो जाता है.

और सब अपने कमरे में चले जाते है.

और सुनैना कमरे में जाते ही बीएड पर लेक जाती है और

थोड़ी देर लॉकेट से बात करने लगती है.

सुनैना ( लॉकेट से) : सो मर. लवर सुना तुम्हारी प्यारी से सुनैना कितनी शमजदार है.

तुम भी मुझसे ज्यादा शमजदार होना होगा.

नहीं तो तुम भी हैक कर दूगी

फिर सोचते रहना की में इस लड़की से कैसे बच्चू.

वैसे तुम भी मेरी याद आती है की नहीं.

अगर आती है तो मेरा नाम पुकार कर दिखाओ नहीं तो में गुस्सा हो जोगी.

थोड़ी देर बाद

सुनैना गुस्से से बोलती है.

सुनैना ( लॉकेट से) : ाचा मुझे गुस्सा करोगे अब तो साथ में तुम अपना नाम भी बताना होगा. और नहीं बताया तो......

तभी

सुनैना को एक आवाज़ सुनाई देती है ( यह वही आवाज़ है जो राहुल ने नींद में अचानक से सुनैना बोलै था.

सुनैना

और

सुनैना खुसी के मारे उछाल ने लगती है.

और लॉकेट को तेज़्ज़ तेज़्ज़ चूमने लगती है.

और उस लॉकेट से बोलती है.

सुनैना ( लॉकेट से) : ी लव यू

ी लव यू

ी लव यू

ाचा तो मेरा गुस्सा भी तुमसे सहा नहीं जाता तो मैसे दूर किउ हो.

जल्दी मेरे पास आ जाओ.

और सुनैना नाचने लगती है .

और एक गण गन गन्ने लगती है.

प्यार प्यार प्यार

मैं प्रेम पुजारन

मुझे प्यार चाहिए

महादेव जैसे ही सुन्दर

मेरा यार चाहिए.

मैं प्रेम पुजारन

मुझे प्यार चाहिए

महादेव जैसे ही सुन्दर

मेरा यार चाहिए

रूप देखने को तेरा हर

दिन सूरज अत है.

बाहों मैं आने को

मेरा दिल चाहता है.

तू मेरा है हरपाल

यह इकरार चाहिए.

मैं प्रेम पुजारन

मुझे प्यार चाहिए

महादेव जैसा मुझ यार चाहिए.

तेरे लिए दूवये मांगी

मने महादेव से

दुनिया से क्या लेना मुझ को

क्या लेना जन्नत से

सामने मेरा मेरा

दिलदार चाहिए

मैं प्रेम पुजारन

मुझे प्यार चाहिए

महादेव जैसा ही सुन्दर

मेरा यार चाहिए.

लव ु तो रोहन

लव ु सो मच

अगर तुम

जब तक न ए

तो हैकिंग करुँगी बस .........

और सुनैना बोहोत खुस लग रही होती है की उस लॉकेट ने सुनैना का नाम लिया.

और जब उससे पता चल जाता है की

अचानक उसने भी किसी का नाम लिया है.

तो सोचने लगती है की यह रोहन कौन है.

कही रोहन ही तो मेरा प्यार नहीं...

किउकी अभी मने लॉकेट से नाम के लिए भी पूछा था.

और तेज़्ज़ तेज़्ज़ कूदने लगती है.

जिससे सुनकर सुनैना के माँ डैड भी घबरा जाती है की सुनैना को क्या हो गया.

और उसके कमरे की तरफ जाते है.


और सुनैना को देखकर शॉकेड हो जाते है.

और जैसे ही सुनैना अपने माँ और डैड को देखती है.

तो उन दोनों को भी पकड़ कर डांस करने लगती है.

और

तेज़्ज़ तेज़्ज़ बोलने लगती है.

माँ एंड मुझे मेरे प्यार का नाम पता चल गया.

और तेज़्ज़ तेज़्ज़ बोलने लगती है

रोहन , रोहन, रोहन

पूरी तरह से खोई हुए सुनैना रोहन के प्यार में,

तो कुछ समय के बाद सुनैना को अपनी गलती का एहसास हो जाता है की वो अपने माँ डैड के साथ डांस कर रही है.

और उसने अपने माँ एंड डैड क्या क्या बोल दिया.

और

सुनैना डांस रोक देती है.

और सुनैना के माँ एंड डैड तेज़्ज़ तेज़्ज़ हाफने लगते...

तभी सुनैना के माँ एंड डैड कुछ बोलते है.

जिसे सुनकर सुनैना पूरी तरह शॉकेड हो जाती है........

सुरेश ( रिंकी से) : ........................



 
बस अपना साथ बनाये रहिये और स्टोरी अछि लगे तो लिखे , वोट और कमेंट करते रहिये.........

एंड फिरसे थैंक्स फॉर सपोर्टिंग किउकी यह मेरी फर्स्ट स्टोरी है.

और मुझे ाचा लगा की आपको मेरी फर्स्ट स्टोरी अछि लगी.

किउकी इस स्टोरी से पहले में एक रीडर ही था.

और आप सबके सपोर्टिंग से में एक स्टोरी लिख पाया.

और वो आपकी अछि लगी में और कोसिस करुगा की इसको इमोशनल , ड्रामा, मज़ाक, मैजिक, प्यार, सेक्स , सस्पेंस ेट्स. और भी कुछ दाल सकू

जिससे स्टोरी पड़ने में आपको और मज़ा आए.

और भाई में इस स्टोरी में एक बात क्लियर कर दू की पायल , निशा, रूचि तीनो राहुल से प्यार करती है मगर राहुल को इस बात का कुछ भी नहीं पता है.

और आगे की स्टोरी जानने के लिए अपना साथ ऐसा ही बनाये रखिये.

 
अपडेट 16

सुनैना डांस रोक देती है.

और सुनैना के माँ एंड डैड तेज़्ज़ तेज़्ज़ हाफने लगते...


तभी सुनैना के माँ एंड डैड कुछ बोलते है.

जिसे सुनकर सुनैना पूरी तरह शॉकेड हो जाती है........


सुरेश ( रिंकी से) : ........................

अब आगी



सुरेश ( रिंकी से ) : प्रिये..

तभी रिंकी सुरेश को आँख दिखाने लगती है और सुनैना की तरफ इशारा करती है.

सुरेश मेरा मतलब है की.

सुरेश ( रिंकी से) : मुझे लगता है की अब इसने हमारा दामाद दंड लिया है.

और उसका नाम भी बता दिया है.

जल्द ही इसकी शादी करवानी होगी देखा नहीं कितनी खुस्स लग रही है. और साथ ही हमें भी नचा दिया.

रिंकी ( सुरेश से) : आप ठीक बोल रहे है. कैसे उछाल उछाल कर रोहन रोहन रोहन बोल रही थी.

लगता है बोहोत प्यार करती है हमारी बेटी रोहन से.

इस बार फिर सुनैना गलती से बोल देती है.

सुनैना : बोहोत प्यार करती हु अपनी जान से भी ज्यादा और अपनी रूह से भी ज्यादा

सुरेश ( सुनैना से) : बस बस और तारीफ नहीं सुन्नी हमें.

और सुनैना तो इतनी शर्माती है की बीएड में जाकर तकिये से अपना मुँह छुपा लेती है.

रिंकी : सुनैना अब सर्मना चोर और कल मिलवा देना रोहन से और में कुछ नहीं सुननूगी...

सुनैना ( मैं में) : खा से मिलवौ रोहन से में खुद भी नहीं जानती

सब इस लॉकेट ने किया है.

सुनैना लॉकेट की तरफ देखते हुए.

बोहोत मज़ा आ रहा है न हमें फसा कर अब देखो में क्या करती हुए.

( लॉकेट अगर बोल पता तो यह जरूर बोलता की इन लड़कियों के कितने नखरे होते है एक तो मदद भी करो फिर इनकी दुबारा बात भी सुनो )

और सुनैना के माँ डैड जाने लगते है

तभी सुनैना दोनों को आवाज़ लगाती है.

रिंकी : सुनैना बीटा अब हमसे नचा नहीं जाएगा में थक गई हु.

सुरेश : है बीटा बस अब सो जा और रोहन को हमसे फ़ोन करके मिलवा देना.

सुनैना ( आईज गोल गोल घूमते हुए) : माँ एंड डैड में रोहन के बारेमे कुछ नहीं जानती.

रिंकी और सुरेश शॉकेड होकर.

रिंकी और सुरेश एक साथ बोलते है : क्याआआआ

रिंकी : सुनैना बीटा हमें कोई प्रॉब्लम नहीं है रोहन से..

सुरेश : बीटा सुनैना

झूट मत बोलो अभी तुम बोल रही थी की में रोहन से प्यार करती हुए.

अब बोल रही हो की में रोहन को नहीं जानती.

बीटा हमें इस रिश्ते से कोई प्रॉब्लम नहीं है.

सुनैना ( उदास होकर नैक निचे करते हुए बोलती है. ) : जब पता होगा रोहन के बारेमे तभी तो बताऊगी.

रिंकी : फिर तुम रोहन का नाम किउ ला रही थी.

सुनैना : माँ आपको पता है. मुझे एक सपना अत है उस लड़के का जिससे मेरे सरीर में पता नहीं इतनी गर्मी कैसे आ जाती है.

मुझे अभी इस लॉकेट ने बताया की उस लड़के का नाम रोहन है.

फिर दोनों पूरी तरह शॉकेड हो जाते है.

सुरेश & रिंकी : क्याआ .

सुनैना : हां माँ डैड यह सब इस लॉकेट के बजसे हुआ है.

देखो कैसे चमक रहा है.

और शर्मा भी रहा है.

और रिंकी & सुरेश भी यह देखते है.

और फिर

वो लॉकेट चमक न बंद हो जाता है.

रिंकू : हमने पहली बार सुन रहे है की लॉकेट भी बात ( टॉक) करता है और शर्माता भी है. ( यह बात रिंकी ने हस्ते हुए बोलती है)

सुनैना : माँ इस लॉकेट को नार्मल मत शामाज न बोहोत ही चालू और तेज़्ज़ है ये

आपके सामने बस चमकता है और आपके जाने के बाद स्माइल करने लगता है.

सुरेश : सुनैना उस लड़के से जब तुम मिलोगी तो सबसे पहले हमे मिलाना.

रिंकी : और नहीं तो क्या बहोत परेशां किया है मेरी लाड़ली बेटी को उसकी अचे से खबर लगी...



सुनैना : ठीक है माँ और डैड सबसे पहले में आपको ही बताऊगी.

और अचे से खबर लेना मेरे प्यारे रोहन की.

( और उसको याद ा जाता है की फिर उसने क्या कहा)

तो सुनैना शर्माने लगती है.

सुरेश : बस बस अब ज्यादा शर्माने की जरुरत नहीं है.

और दोनों सुरेश & रिंकी अपने कमरे में चले जाते है.

सुरेश & रिंकी के रूम में.

रिंकी ( सुरेश से) : उस लॉकेट का राज़ क्या है अपने अभी तक बताया नहीं

जब अपने मुझे सुनैना को गॉड में दिया था. तब भी उसके गले में वो लॉकेट था.

सुरेश ( मैं में) : अब इसको क्या बताऊ की उस लॉकेट का क्या राज़ है. मुझे खुद नहीं पता की उस लॉकेट के अंदर क्या है.

मुझे खुद यह लॉकेट सुनैना के गले में दिखा था.

मने कोसिस भी बोहोत की उस लॉकेट को निकल ने की मगर निकल नहीं पाया.

रिंकी : खा खो गए.

सुरेश : अरे मने तो बस एक शॉप से ख़रीदा था उस लॉकेट को.

और शॉप वाले ने बोलै था की वो कबि कबि चमकता है.

और मने उसको सुनैना के गले में दाल दिया.

( झूट)

बाकि अब आप मुझसे कुछ नहीं पूछेगी.

और मुझे अब नींद आ रही है.

आप भी सो जाइये.

रिंकी कुछ और भी पूछना चाहती है मगर उससे पहले सुरेश सो जाता है.

मगर रिंकी को नींद ही नहीं आ रही थी.

बस वो उस लॉकेट के बारेमे ही सोच रही थी.

तभी रिंकी को प्यास लगती है और पानी लेने किचन में जाती है.

जब रिंकी किचन में जा रही होती है.

तो सुनैना के कमरे की लाइट अभी भी जल रही होती है.

रिंकी ( मैं में) : लगता है यह पागल हो गई है रोहन के प्यार में.

मेरी बची की मदद करना भगवान्

और रिंकी सुनैना के कमरे में जाने लगती है.

और जैसे ही वो उसके कमरे में पोहोचति है

तो हैरान हो जाती है.

रिंकी : सुनैना बेटी यह क्या कर रही है.

अभी तक सोइ ( स्लीप) किउ नहीं

सुनैना : माँ बस सो रही हु थोड़ा सा काम है वो करलु

रिंकी : वैसे तू यह कर क्या रही है.

सुनैना : कुछ नहीं माँ बस कुछ गैजेट्स बना रही हु.

मगर यह सब गैजेट्स तो बन गए.

बस यह तीन गैजेट्स नहीं बन रहे है.

शामाज नहीं आ रहा की कमी खा रह गई है.

रिंकी : वो सब बाद में सोच लियो बोहोत रात हो गई है.

जल्दी सो जा.

सुनैना : ठीक है माँ

पता नहीं किउ मुझे नींद नहीं आ रही.

आज आपके पास सो जाऊ.

रिंकी : मेरी प्यारी बेटी.

यह भी कोई पूछने की बात है.

ऐसा करती हुए

आज तेरे पास ही सो जाती हुए.

और रिंकी किचन से पानी ला कर सुनैना के पास ही लेट जाती है.

और सुनैना भी लेट जाती है.

सुनैना : माँ मुझे न आपके गॉड में सर ( हेड) रखकर सोने में बोहोत मज़ा अत है.

ऐसा लगता है. की मेरे दिल को सकें मिल रहा हो और जन्नत मिल गए हो.

रिंकी : मेरी प्यारी बेटी आजा अपना सर ( हेड) मेरी गॉड में रख दे और सो जा .

और रिंकी उत् जाती है और सुनैना का सर ( हेड) अपनी गॉड में रख लेती है.

और सुनैना बचो की तरह अपनी माँ की गॉड में सर रख कर सो जाती है.

सोते हुए सुनैना बोहोत ही प्यारी और छोटी से बची की तरह लग रही थी.

और रिंकी भी अपनी बेटी के सर ( हेड) में हाथ ( हैंड) रख कर कब सो जाती है पता ही नहीं चलता.

वही..

साहिल जब घर पोहोचता है तो देखता है. की उसके पापा घर पर ही है.

और कुछ परेशां लगते है.

साहिल अपने पापा को देखते ही शॉकेड हो जाता है.

और साहिल अपने पापा ( निशांत) से बोलता है.

साहिल ( निशांत से) : पापा आप तो भर गए थे इतनी जल्दी कैसे आ गए

निशांत ( साहिल से) : कुछ नहीं बीटा वो वह काम ख़तम हो गया था तो जल्दी आ गया.

साहिल : पापा आप कुछ परेशां लग रहे है.

निशांत : वो क्या है न बीटा थोड़ी ऑफिस की टेंशन है और कुछ नहीं.

साहिल : ठीक है पापा.

ऐसे ही 2 हफ्ता गुज़र जाता है और हर दिन साहिल देखता है की उसके पापा निशांत कुछ परेशां दिखाई देते है.

मगर साहिल कुछ पूछता है तो उसके पापा बस इधर उधर की बात करके ताल देते है.

और इसी दो हफ्ते में साहिल भी रोमा और सुनैना से थोड़ी बात कर लेता था.

और

तीनो में अछि दोस्ती हो गई थी.

मगर साहिल इस 2 हफ्ते में सुनैना की बातो, उसके स्टाइल और उसकी काबिलियत से बोहोत ज्यादा अट्रैक्टिव होने लगा था.

तभी

एक दिन साहिल के पापा ( निशांत) अपना ऑफिस का लंच ले जाना भूल जाते है.

तो साहिल की माँ

साहिल से बोलती है की बीटा आज तेरे पापा लंच ले जाना भूल जाए है तू जा कर ऑफिस लंच दिया.

तो साहिल अपनी माँ से बोलता है.

साहिल ( अपनी माँ से) : ठीक है माँ में अभी चला जाता हुए..

और साहिल चल देता है अपने पापा के ऑफिस

और जैसे ही साहिल अपने पापा के ऑफिस पोहोचता है

तो वह का नज़ारा देख कर शॉकेड हो जाता है.

सब लोग इधर से उदार भाग रहे होते है.

और कुछ लोग कंप्यूटर पर कुछ कर रहे होते है.

तभी

एक आदमी निशांत ( इंडिया की ख़ुफ़िया एजेंसी का चीफ) से बोलता है.

आदमी ( निशांत से) : सर हमारे कंप्यूटर किसी ने हैक कर दिया है और हमारे देश की साड़ी ख़ुफ़िया डिटेल कही और ट्रांफर हो रही है.

और अगर हमारे देश की साड़ी डिटेल किसी और के हाथ लग गई तो में बता नहीं सकता की..................................,.................

पुरे दुनिया में फूले हमारे ख़ुफ़िया एजेंट सब लोग के सामने आ गैंगे.

और

हमारे देश की सुरक्षा दो पर लग जाएगी.

और कुछ नई आतंकवादी भी हमारे देश में घुस जाएगे.

जो पता नहीं कितनो सालू से हमारे देश में घुसने का मौका ढूंढ रहे है.

हम क्या करे हमे शामाज में नहीं आ रहा.

निशांत ( आदमी से) : तो उस हैकर को पकड़ो

तभी आदमी 2 बोलता है.

आदमी 2 ( निशांत से) : सर हमारे देश के सबसे खतरनाक हैकर इस काम में लगे हुए है और उस हैकर को पकड़ने और यह जानने की भी कोसिस कर रहे है की किस जगह से यह हैकिंग हो रही है.

निशांत ( आदमी 2 से) : ठीक है मुझे जल्दी रिजल्ट चाहिए.

तभी आदमी 1 दुबारा निशांत के पास भागते हुए अत है और बोलता है.

आदमी 1 : सर इस हैकिंग को रोकने में सब लगे हुए है मगर कोई फयदा नहीं हो पा रहा है.

निशांत : अब हम क्या करे.

तभी

आदमी 3 भी भागता हुआ आ जाता है और निशांत से बोलता है.

आदमी 3 : सर हमारे कंप्यूटर की डिटेल फॉरवर्ड होनी शुरू ( स्टार्ट) हो गई है.

निशांत : एक काम करो कंप्यूटर बंद कर दो और सरे इंटरनेर वायर निकल दो.

तभी

आदमी 2 : सर इससे कोई फयदा नहीं होगा उस हैकर ने पता नहीं एक ऐसा प्रोटोकॉल बनाया है की हम कुछ भी कर ले कोई फयदा नहीं होगा.

किउकी अगर हमने कंप्यूटर बंद किया या इंटरनेट केबल निकली तो डिटेल और जल्दी फॉरवर्ड होना शुरू हो जाएगी.

शामाज में नहीं आ रहा क्या करे अगर यह डिटेल ट्रांफर हो गई तो इससे हमारा देश खतरे में पद सकता है.

आदमी 3 : यह हैकर बोहोत ही खतरनाक और शातिर है.

मने सुन्ना है कोई भी देश इस हैकिंग को तोर नहीं पाया.

और बोहोत सरे देश बर्बाद हो जाए.

और वह अभी आतंकवादी यो का कब्ज़ा है.

निशांत : अब हम क्या करे शामाज में नहीं आ रहा.

कैसे रोके इस हैकर को.........

लगता है अब हम कुछ नहीं कर सकते.

आदमी 1 : सर हमें लगता है यह किसी सदरान इंसान का काम नहीं हो सकता .

किउकी इस हैकिंग में हजारो प्रोटोकॉल लगे हुए है. और यह प्रोटोकॉल धीरे धीरे बढ़ते ही जा रहे है हर 1 सेक् में करीब 100 प्रोटोकॉल बढ़ते जा रहे है.

और अब तक हम इसके एक भी प्रोटोकॉल को तोड़ नहीं पाए है.

और ऐसा काम करना किसी भी इंसान के बस की बात नहीं है.

आदमी 2 : उसका दिमाग बोहोत ही ज्यादा एडवांस है. और ऐसा करना मुझे लगता है

की किसी भी इंसान के बस में नहीं है.

इस बार निशांत गुस्से में बोलता है.

निशांत ( गुस्से में) : तो क्या वो एलियन है और उसको हमारा hi देश मिला हैकिंग करने को . और उसका इस हैकिंग के पीछे क्या मोतिवे हो सकता है.

आदमी 2 : सर आप गुस्सा मत होइगे हमारे एक्सपर्ट पूरी कोसिस कर रहे है.

निशांत ( गुस्से में) : कोसिस से काम नहीं चलेगा. मुझे रिजल्ट चाहिए.

यह बात साहिल सुन रहा था.

तभी

साहिल को सुनैना का ख्याल आ जाता है.

फिर

वो सोचता है शायद सुनैना इतनी खतनाक हैकिंग नहीं रोक पायेगी

फिर

साहिल सोचता है एक तरय में क्या जाता है.

साहिल अपने पापा ( निशांत ) के पास जाता है

और साहिल के डैड की नज़र भी साहिल पर पड़ती है

निशांत ( साहिल से) : बीटा तुम यहाँ कैसे

साहिल : पापा आप लंच घर पर ही भूल जाए थे

निशांत : ठीक है बीटा भी तुम जाओ. अभी में कुछ परेशां हुए.

तभी साहिल अपने पापा से बोलता है.

साहिल ( निशांत से) : पापा शायद एक लड़की है जो इस हैकिंग को रोक सकती है.

मगर में भी विस्वास से नहीं बोल सकता.

निशांत : बीटा तुम इन सब में मत पदों

और यहाँ पे सबसे टॉप हैकर कुछ नहीं कर प् रहे तो वो मामूली लड़की क्या कर पायेगी.

साहिल सुनैना को मामूली लड़की सुनकर गुस्सा हो जाता है.

साहिल अचानक से गुस्से में बोलता है.

साहिल ( निशांत से) : पापा आप उसको मामूली लड़की मत शम्जो उसकी लड़की के सामने आपके हैकर भी कुछ नहीं है.

और

पापा देश प्रेम की भावना सबमे होती है .

कभी कवर हमारे देश के पर्सन भी ऐसा कोई काम कर जाते है.

जो काम करने में किसी भी देश के टॉप हैकर के बस में नहीं होता.

और

अगर कोई हमारे देश पर नज़र डालेगा तो क्या हम चुप रहेंगे.

उनको वही पर ख़तम नहीं कर देंगे.

अगर कोई हमारे देश से दूध मागेगा तो हम खीर देंगे ,

मगर किसी ने हमारे देश पर बुरी नज़र डाली तो चिर पहाड़ देगा.

निशांत : बीटा हमे पता है हमारे देश में कुछ लालची लोग को छोड़कर हर पर्सन में धरती माता के लिए कुछ करने का अबसर मिले तो वो अपनी जान पर भी खेल जाते है.

मुझे पता भाई लड़ाई सिर्फ सरीर से ही नहीं दीमक से भी लड़ी जाती है पर.

तभी

साहिल : पापा पर वर छोड़िये और यहाँ पर बैठे ( सर) हर टॉप हैकर कुछ नहीं कर प् रहे है तो उस लड़की से एक बार तरय करवाने में क्या जाता है.

क्या पता कुछ हो जाए.

निशांत : ठीक है बीटा तुम इतना बोल रहे हो तो .

जाओ जल्दी बुला लो उस लड़की को.

और साहिल जल्दी से सुनैना को कॉल करता है.

और एक एड्रेस मश्ग करके जल्दी यहाँ आने को बोलता है.

पहले तो सुनैना मन करती है .

मगर जल्द ही मन जाती है.

तभी

आदमी 3 ( निशांत से) : सर हम कुछ नहीं कर प् रहे है हमारे सिस्टम का 50 परसेंट डाटा ट्रांफर हो गया है.

निशांत ( गुस्से से) : तुम सब से एक काम सही से नहीं होता तो यहाँ क्या जगराते करने आए हो.

फिर

निशांत अपने गुस्से को काबू करने लगता है.

और दुबारा आदमी 3 से बोलता है.

निशांत : तुम अपनी कोसिस करते रहो.

आदमी 3 : ok सर

तभी कुछ टाइम बाद सुनैना आ जाती है और वह पर सब को देख कर शॉकेड हो जाती है.

साहिल सुनैना के पास जाता है और सुनैना को साड़ी बात बता देता है.

सुनैना ( साहिल से) : साहिल में तो बस छोटे मोठे सिस्टम को हैक करती हुए

इतने कर्तर्नाक सिस्टम को हैक में कैसे करुँगी यह मुझसे नहीं होगा.

तभी

निशांत : बीटा यह नहीं कर पाएगी.......

साहिल ( निशांत से) : पापा एक मिनट

साहिल ( सुनैना से) : एक तरय तो कर सकती हो.

अपने लिए नहीं तो देश के लिए....

सुनैना : ठीक है................

 
अनाउंसमेंट :अन्नोउंस:

सॉरी फ्रेंड्स आज अपडेट नहीं दे पाया किउकी अपडेट लिखने का टाइम ही नहीं मिला.

कुछ ज्यादा इम्पोर्टेन्ट काम था आज.

सो कल सुबह अपडेट लिख कर इवनिंग या नाईट 8 या 9 बजे तक मेगा अपडेट पोस्ट कर दुगा.

अगर अभी अपडेट चाहिए तो बता दो अपडेट लिखने और पोस्ट करते हुए अभी 2 बजे तक मिल जाएगा मगर अपडेट पड़ने में बिलकुल भी मज़ा नहीं आएगा

किउकी आपको पता है कोई भी अपडेट अगर फ्री मंद से लिखा जाता है तो इंटरेस्टिंग बनता है.

और अभी में बोहोत टायर्ड हु तो तो अपडेट में मज़ा नहीं आएगा.

यह आप पर निर्भर करता है की अपडेट आपको आज चाहिए या कल इवनिंग या नाईट तक.
 
अपडेट 17

साहिल ( निशांत से) : पापा एक मिनट

साहिल ( सुनैना से) : एक तरय तो कर सकती हो.

अपने लिए नहीं तो देश के लिए....

सुनैना : ठीक है................

अब ाजी.....

और सुनैना कंप्यूटर पर बैठ जाती है.

और अपना हाथ ( हैंड) इतनी तेज़्ज़ चलती है की वह पर बैठे हर साक्ष शॉकेड हो जाते है.

और सोचने लगते है की इतनी तेज़्ज़ हाथ ( हैंड) तो प्रोफेशनल भी नहीं चलते और ये कंप्यूटर पर हाथ ( हैंड) तो ऐसे चला रही है की जैसे यह यहाँ के बारेमे सब जानती हो.

इससे निशांत भी शॉकेड हो जाता है.

तभी

थोड़ी देर के बाद सुनैना बोलती है निशांत से

सुनैना ( निशांत से) : अंकल इस हैकर को हम पकड़ नहीं सकते यह बोहोत ही शातिर है किउकी इसके िप एड्रेस 220000 है.

वह खड़े सब लोग सॉकेड हो जाते है.

की जो चीज़ वो नहीं कर पाए वो इस लड़की ने 5 मिनट में िप एड्रेस बता दिया की 220000 है.

निशांत : बीटा हम इसको रोक कैसे सकते है.

वो बताओ

सुनैना : अंकल इस हैकिंग को रोका नहीं जा सकता और अगर मने पूरी कोसिस करके रोक भी दिया तो भी कोई फयदा नहीं होगा.

निशांत : किउ

सुनैना : वो फिर से और दुगनी तेज़ी से इसको हैक करके वो साड़ी डिटेल ले लेगा. और वैसे भी हमारा डाटा. 60 परसेंट तो जा चूका है.

निशांत : अब हम क्या करे.

सुनैना : में कुछ सोचती हुए.

निशांत : बीटा जल्दी सोचो नहीं तो हमारा सारा डाटा किसी और के पास चला जाएगा.

थोड़ी देर के बाद.

सुनैना : अंकल में अगर किसी को जान से ख़तम कर दू किउकी वो आतंकवादी हो तो.

कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना

निशांत शॉकेड होकर

निशांत : क्याआ

सुनैना : जल्दी बोलिये टाइम नहीं है.

निशांत : अगर वो आतंकवादी है तो मुझे बोलो में उसको सजा दुगा.

सुनैना : जल्दी बोलो टाइम नहीं है और आप उसको मार नहीं सकते.

निशांत ( हरबराते हुए) : ठीक है मगर इस डिटेल को बचा लो

सुनैना : मुझे यह साड़ी बुक्स चाहिए.

निशांत : इतनी साड़ी बुक्स इतनी जड़ी कहा से आए गई और टाइम भी नहीं है.

सुनैना : आपको कही जाने की जरुरत नहीं है.

यह साड़ी बुक्स आपके बने इस ऑफिस के ख़ुफ़िया रूम में मिल जाएगी.

फिर

सब एक डैम से सॉकेड हो जाते है.

निशांत : तुम कैसे पता उस ख़ुफ़िया रूम के बारेमे.

सुनैना : अंकल आप टाइम वास्ते कर रहे है. जल्दी जाओ देखो हमारा 70 परसेंट डाटा चला गया है.

निशांत की वैसे ही फटी हुए थी.

तभी निशांत एक अफसर को इशारा कर देता है. बुक्स लेन के लिए.

कुछ समय में वो अफसर उस बुक्स को लेकर आ जाता है.

और वो बुक्स सुनैना को दे देता है.

और सुनैना अपने गले में पड़े उस लॉकेट को पकड़ लती है. और बोलती है.

पलज़्ज़ज़ मेरी मदद करो .

हमें अपने धरती माता को इन हैकर से बचाना है.

और वो लॉकेट चमकने लगता है.

और सुनैना उन साड़ी बुक्स 10 मिनट में पद लेती है.

फिर

उन सबको एक बोहोत तेज़्ज़ झटका लगता है.

की कोई इतनी जल्दी 50 बुक्स कैसे पद सकता है.

और यह लॉकेट कैसे चमकने लगा.

फिर सुनैना का हाथ ( हैंड) कंप्यूटर पर बीजाति ( लाइट ) की तरह चलने लगता है.

और इतनी तेज़्ज़ हाथ ( हैंड) चलने से करीब 10 कीबोर्ड ख़राब हो जाते है.

फिर

सुनैना एक पेण्ड्रीवे उस कंप्यूटर में लगाती है.

और थोड़ी देर में सारा डाटा ट्रांफर हो जाता है.

निशांत ( सुनैना से) : यह क्या सारा डाटा तो ट्रांसफर हो गया.

तभी

आदमी 1 : सर मने खा था की इस हैकर को पकड़ पाना और रोक पाना पॉसिबल नहीं है.

निशात : अब हम क्या करे हमारे देश की डिटेल किसी और के पास चली गई.

अब हमारा देश खतरे में पद गया.

निशांत ( साहिल से) : मने बोलै था की यह लड़की यह नहीं कर पायेगी.

तभी

सुनैना तेज़्ज़ तेज़्ज़ हसने लगती है.

और ऑफिस के पुरे बिल्डिंग की लाइट एक मिनट के लिए चली जाती है.

और फिर लाइट आ जाती है.

और वो लॉकेट चमकना बंद हो जाता है.

और कंप्यूटर दुबारा स्टार्ट हो जाते है.

और सारा डाटा दुबारा से रिस्टोर होने लगता है.

निशांत : यह कैसे हुआ यहाँ कोई चमत्कार चल रहा है क्या.

फिर

सुनैना निशांत से वो बोलती है. जिससे सुनकर पूरा ऑफिस शॉकेड और सदमे में आ जाता है.

सुनैना ( निशांत से) : अंकल अगर दिल में कुछ कर गुज़ारना की आशा या चाहा हो तो कोई भी काम आपके जूनून के आगे नहीं आ सकता.

हमारे सरीर की एक एक बूँद हमारे देश की सुरक्षा में अपना योदान देती है.

और विश्वास ही एक आशा होती है जो हर पर्सन को बताती है की ु कैन दो आईटी नथिंग इस इम्पॉसिबल.

और रही बात इस सिस्टम को हैक किसने किया है तो वो इस दुनिया का कोई इंसान नहीं है.

और वो एक एलियन है.

ऐसा मुझे लगता है.

में उसका नाम तो नहीं जानती.

इतना जरूर बता सकती हुए की वो धरती लोक का नहीं है.

मगर धरती की कोई न कोई जगह पर जरूर है.

और जो भी डाटा ट्रांसफर हुआ है मने उसके साथ एक वायरस भी भेज दिया है. जिससे जिस भी पर्सन ने यह सब किया होगा उसको कुछ भी नहीं मिलेगा.

और वह पर एक तेज़्ज़ धमाका होगा.

और यह न्यूज़ से पता चल जाएगा की वो सिस्टम खा से हैक कुआ है.

और वह के सारे लोग ों थे स्पॉट डेड हो जाएगी.

और हमारे कंप्यूटर का डाटा अब सेव है.

और

इसको अब कोई भी हैक नहीं कर पाएगा.

मने ऐसा प्रोटोकॉल दाल दिया है इसमें.

और इस हैकिंग में आपके ऑफिस में से किसी का हाथ ( हैंड) है.

जिससे यह सब हो पाया.

और सुनैना साहिल के पास जाकर बोलती है

सुनैना ( साहिल से) : तुम्हारा डायलॉग बोहोत ाचा था.

अगर कोई हमसे दूध मागेगा तो हम खीर देंगे,

और अगर किसी ने हमारे देश पर नज़र डेली तो चिर पहाड़ देंगे.

में सिर्फ यह देखना चाहती थी की तुममे देश प्रेम की कितनी भावना है.

फिर सुनैना हस्ते हुए.

वैसे मने तुम्हारा डायलॉग पूरा कर दिया.

किउकी जिसने भी हमारे देश पर नज़र डाली थी उनकी चिर पहाड़ हो गए होगी.

सब लोग पूरी तरह शॉकेड हो कर यह सुन रहे थे.

और साहिल भी पूरी तरह सॉकेड था की यह कैसे हुआ.

तभी

निशांत ( सुनैना से) : ी ऍम प्राउड ऑफ़ यू बीटा

जो तुमने ऐसा कारनामा कर दिखाया जो कोई नहीं कर पाया.

साहिल ने सच ही कहा था. की

कभी कभी एक पर्सन भी ऐसा कारनामा कर दिखाता है.

जो कभी कवर हमारे टॉप हैकर भी नहीं कर पते.

मगर यह सब किया कैसे और तुम्हारा हाथ( हैंड) इतनी तेज़्ज़ तेज़्ज़ कैसे चला और इतने सारे कीबोर्ड्स ख़राब हो गए.

और इतनी साड़ी बुक्स बस कुछ मिनट में पद ली. और

तभी

सुनैना ( निशांत से) : मुझे भी नहीं पता यह सब मने कैसे किया बस मुझे यह पता है की अगर दिल में कुछ कर गुजरने की चाहा हो तो पूरी कायनात भी आपके इस कोसिस में अपना योगदान देती है.

फिर निशांत हस्ते हुए.

निशांत ( सुनैना से) : वैसे बेटी तुम्हारा नाम क्या है और तुम इस लंगूर ( साहिल) को कैसे जानती हो.

तभी

साहिल ( निशांत से) : पापा कमसे काम मेरी बजती तो मत करो.

फिर

सुनैना ( निशांत से) : अंकल मेरा नाम सुनैना है. और बाकि सब आप इस लंगूर ( साहिल) से पूछ लेना.

साहिल गुस्से में सुनैना को देखने लगता है.

तभी सुनैना दुबारा बोलती है.

सुनैना : मेरा मतलब है साहिल से पायल पूछ लेना की में इससे कैसे मिली.

फिर निशांत अपने कुछ लोगो से बात करने लग जाता है.

फिर निशांत सुनैना से बोलता है.

निशांत : बीटा सुनैना तुम कैसे पता चला उस ख़ुफ़िया कमरे के बारे में.

सुनैना : अंकल आपके ऑफिसर्स स्ट्रिक्ट नहीं है.

जब में आ रही थी तो मने निचे बैठे कुछ आदमी से बात करते हुए सुन्ना तो पता चल गया.

निशांत ( सारे ऑफिसर्स से) : शर्म आणि चाहिए तुम की इतनी ख़ुफ़िया कमरे की जानकारी के में तुम ऐसे खुले आम बात कर रहे थे.

फिर

दुबारा निशांत सुनैना से बोलता है.

निशांत ( सुनैना से) : बीटा तुम उस कमरे के बारेमे..

तभी

सुनैना बोलती है.

सुनैना : आप बे फ़िक्र रहिये अंकल में किसी को उस कमरे के बारे में नहीं बताऊगी.

फिर

कुछ देर बाद निशांत सुनैना से बोलता है.

निशांत ( सुनैना से) : बीटा हम चाहते है की तुम भी इस ख़ुफ़िया एजेंसी में काम करो. और देश की सुरक्षा में अपना योगदान दो.

सुनैना ( निशांत से) : अंकल मेरे मैं में भी देश प्रेम की भावना है मगर में इस ख़ुफ़िया एजेंसी में काम नहीं कर सकती.

इसके लिए मुझे माफ़ कर दो.

निशांत : ठीक है बीटा हम तुमको फाॅर्स नहीं करेंगे.

मगर है जब हमें तुम्हारी जरुरत पड़ेगी तो हमारी मदद तो जरूर करोगी न.

सुनैना : जरूर अंकल.

अब मुझे चलना चाहिए मेरी माँ मेरा इंतज़ार कर रही होगी.

निशांत : ok बीटा.

और सुनैना वह से निकल जाती है.

तभी पीछे से साहिल बोलता है सुनैना से

साहिल ( सुनैना से): में भी तुम्हारे साथ चलता हुए.

तभी

पीछे से निशांत साहिल से बोलता है.

निशांत : साहिल रुक और सुनैना को जाने दे मुझे तुज़से कुछ काम है.

और साहिल. रुख जाता है और उदास भी हो जाता है.

और सुनैना निकल जाती है.

इधर निशांत एक आदमी से बोलता है.

निशांत ( आदमी से) : तुम एक काम करो इस लड़की सुनैना की साड़ी डिटेल पता करो.

तभी साहिल पीछे से बोलता है.

साहिल ( निशांत से): पापा इसने कुछ नहीं किया है सुनैना इनोसेंट है.

फिर यह डिटेल किउ.

फिर साहिल के पापा जो बोलते है उसे सुनकर साहिल के तोते,( पैरेट), पंछी, कौए ( क्रो) सब ूद जाते है.

और शॉकेड और शर्म से लाल सब कुछ हो जाता है....,...................
 
अपडेट 18

फिर साहिल के पापा जो बोलते है उसे सुनकर साहिल के तोते,( पैरेट), पंछी, कौए ( क्रो) सब ूद जाते है.

और शॉकेड और शर्म से लाल सब कुछ हो जाता है....,...................

अब आगी.....

चलो चलते है हीरो के पास

अगली सुबह .........

5 बजे

जैसी ही राहुल की नींद खुलती है तो देखता है की उसकी तीनो बहन उससे चिपक कर सो ( स्लीप) कर रही है......

तीनो के लेग्स राहुल के ऊपर है और राहुल से चिपककर सो रही है.

और राहुल का लुंड निशा के छूट ( पुसी) के पास है.

यह देख कर राहुल शोकेड हो जाता है.

और धीरे से वह से निकल कर बहार जॉगिंग और अपनी एक्ससरसीसे के लिए निकल जाता है और करीब दो जानते के बाद आकर बाथरूम में चले जाता है.

तभी

उन तीनो की नींद भी खुल जाती है.

और तीनो एक दूसरे को देखने लगती है.

पायल ( दोनों से) : तुम दोनों यहाँ किउ आई और राहुल कहा है.

इस पर रूचि बोलती है.

रूचि : पायल दीदी हमें देर लग रहा था तो हम भी यहाँ आ गए.

पायल ( दोनों से) : ाचा ठीक है मगर राहुल खा है.

तभी

सामने से राहुल नहाकर भर आ जाता है.

राहुल ( तीनो से) : तुम तीनो यहाँ क्या कर रही हो. और में तो शॉपिंग.................

तभी

निशा बोलती है.

निशा : भैया हम शॉपिंग में गए थे आप उस औरत को बचने के लिए भागे और उस औरत को बचा लिया.

फिर आप बेहोश हो गए थे तो हम आपको घर ले आए.

राहुल : वो औरत कौन थी.

रूचि : कोई आदमी आ गया था शायद उसका हस्बैंड होगा वो उससे ले गया.

राहुल : तुम तीनो इस बीएड पर

पायल : वो तुम बेहोश थे तो हमे देर लग रहा था और माँ ( माला बुआ) भी घर में नहीं थी तो हम एक साथ सो गए.

राहुल : और पायल मेरे होठ ( लिप्स) पर यह कट कैसे गया.

इस बात पर तीनो एक दुसरो को देखते है.

तभी

रूचि : इसका तो मुझे नहीं पता इस बारे में शायद पायल दीदी को पता हो.

पायल ( मैं में) : कही मेरे किश के बजेसे तो नहीं कट गए पर मने तो बस चूमा था फिर यह होठ ( लिप्स) कट कैसे गया.

तभी

निशा : हां भैया हमें नहीं पता.

तभी

पायल : vo.......vo.....

रूचि मज़े लेते हुए.

रूचि : हां दीदी बोलो न.

पायल : वो जब तू बेहोश हुआ था न तो मुझसे गलती से मेरा हाथ ( हैंड) तेरे होठ पर लग गया जिससे तेरा होठ ( लिप्स) कट गया.

राहुल : और उस औरत के पीछे तो गुंडे पड़े थे न.

उनका क्या हुआ.

इस बात पर तीनो एक दूसरे को देखने लगती है.

तभी.

रूचि : भैया वह पर महाकाल आ गया था और उसने उस सब गुंडों की बोहोत पिटाई की.

राहुल : ाचा चलो तुम तीनो भी त्यार हो जाओ बुआ ( माला) भी आती होगी.

और मुझे भूक भी लगी है.

तीनो जल्दी से त्यार होने अपने अपने कमरे में चली जाती है.

तभी राहुल का फ़ोन बजने लगता है.

मैंने देखा कोई नए नंबर से कॉल आया था. मैंने कॉल रिसीव किआ.

मैं : hello

दूसरे तरफ से : hello राहुल

मैं : जी आप कौन

दूसरी तरफ से : मैं रानी

मैं : हड़बड़ाकर गया ....आंटी आप कैसे फ़ोन किआ.

रानी : वह बीटा तुमने आज इन्विते करना था आज डिनर के लिए.

मैं : डिनर पर किउ.

रानी : वह सोनम के पापा चाहते है की तुमसे मिले.

मैं : आंटी आज नहीं आ पाउगा किउकी अभी बुआ घर पर नहीं आयी है मैं आपसे कल ( टुमारो) डिनर पर आ जाउगा.

रानी : ok बीटा रखती हुए मगर कल पक्का आ जाना.

मैं : ok आंटी

फिर मैंने फ़ोन कट कर दिया

मैं सोचने लगा है सोनम से मिलुंगा मैं मान मुस्कुराने लगा.

मैं ऐसा किउ कर रहा था वो मुझे खुद ही नहीं पता चला.

( भाई एक बात क्लियर कर दू अभी राहुल को सुनैना के बारेमे कुछ भी नहीं पता है. और राहुल को न अपनी शक्तियों के बारे में पता है. आगे आने वाले अपडेट में पता चलेगा.)

तभी मुझे याद आया अरे एड्रेस तोह लिया ही नहीं. मैंने फिरसे कॉल किया

मैं : hello आंटी

लड़की : सुरीली आवाज़ ......जी मैं सोनम

मैं वह सोनम जी मैं सिर्फ यह कहने के लिए फ़ोन किआ था की आद्रेस्स तोह लिया ही नहीं.

सोनम : कोई बात नहीं अब ले लीजिये.

मैं : जी बोलिये.

फिर मैंने एड्रेस ले लिया.

मैं : जी अंकल अब कैसे है.

सोनम : जी अब ठीक है.

मैं : चलो अब रखता हूँ

फिर मैंने कॉल रख दिए.

वही....

निशा & रूचि अपने कमरे में त्यार होने चली गई.

और दोनों त्यार हो रही थी की तभी वह वह प्रेरणा आ जाती है.

प्रेरणा : तो दोनों ने बोहोत मज़ा किआ रात में और पायल को भी फ़साने की सोच रही थी.

रूचि : यमराज वाली दीदी आप देख रही थी.

निशा ( मैं में) : कही ये भैया को न बता दे अगर बता दिया तो हमारा पोस्टमॉटम पक्का है.

प्रेरणा : और क्या वैसे अपने भैया के रसीली होठ ( लिप्स) चूसकर मज़ा तो बोहोत आया होगा.

निशा : है यमराज वाली दीदी बोहोत मज़ा आया.

तभी

निशा को पता चलता है की वो किस्से बोल रही है.

अचानक से बोलती है.

निशा : vo......vo....

प्रेरणा ( हस्ते हुए) : हआ बोलो क्याआ

रूचि ( शरमाते हुए) : यमराज वाली दीदी निशा तो बस ऐसे ही बोल रही है हमने तो बस एक हलकी सी किश की थी बस.

प्रेरणा : झूट मत बोलो तुम मुझसे कुछ नहीं छुपा सकती किउकी तुम पता है मैं कौन हुए.

रूचि ( मैं में) : यह कही हमें ब्लैकमेल तो नहीं करेगी अब.

प्रेरणा : मेरी प्यारी रूचि बहन टेंशन मत लो में तुम ब्लैकमेल नहीं करुँगी.

और मदद भी कर सकती हुए.

रूचि शॉकेड.

निशा शॉकेड

रूचि ( घबराते हुए) : तुमने मेरी मैं की बात कैसे जनि.

प्रेरणा : यू क्नोव हु ी ऍम ( यह इंग्लिश भी कैसे होती है धरती के लोक की...)

निशा ( मैं में) : यह तो मैं की भी बात पढ़ लेती है इसको तो बाद में देखूँगी अभी तो दोस्ती ही करनी पड़ेगी.

प्रेरणा : देख लेना बाद में मगर मुझे से दोस्ती करने में तुम्हारा फयदा है.

रिची ( बड़े प्यार से) : यमराज वाली दीदी वो तो ऐसे ही बोल रही है हम तो आपके दोस्त ही है.

निशा ( मैं में) : यमराज वाली दीदी से पूछो की सुनैना का क्या चक्कर है भैया सुनैना का नाम किउ ले रहे थे बेहोशी की हालत में बोलती तो ऐसे है की हमें सब पता है अब देखती हुए की ये सुनैना के बारे में कैसे बताती है.

निशा : यमराज वाली दीदी हमें एक बात करनी है.

प्रेरणा ( मुस्कुराते हुए ) : मुझे पता है तुम दीदी के बारे में पूछना चाहती हो.

रूचि : कौन दीदी

प्रेरणा : में सुनैना के बारेमे बोल रही हु. में उन्हें दीदी बोलती हु.

रूचि ( मैं में) : यह तो मेरे भैया को फसा रही थी वो काम था की अब इसकी दीदी भी आ गई.

अभी आए नहीं है तो भैया बेहोशी की हालत में भी उसका नाम ले रहे थे

जब आएगी तो लगता है धमाका मचा देगी.

कही मेरे भैया को हुसंसे चीन न ले.

और यह अब यमराज वाली दीदी बोलेगी मने तुम्हारी मैं की बात पद लिए.

इस बात पर प्रेरणा बोहोत जोर जोर से हसने लगती है.

प्रेरणा ( मैं में) : जैसे मेरे रोहन ने चाहा था यह वैसी ही है. ( राहुल के पुनर जनम का नाम रोहन था. )

प्रेरणा ( मुश्कुराते हुए) : एक बात बताऊ सुनैना दीदी की.

निशा : क्या

वो हमारे भाई को छीनकर ली जाएगी.

प्रेरणा : टेंशन मत लो वो तुम्हारे भैया को तुमसे नहीं छिनेगी.

रूचि & निशा बोलती है चलो बच गए.

फिर

प्रेरणा बोलती है.

प्रेरणा : बल्कि तुम्हारे भैया उसे फसा लगे देखा नींद में कैसे नाम ले रहे थे. ( यह बात प्रेरणा ने हस्ते हुए कही)

दोनों एक साथ : क्याआ

प्रेरणा ( मैं में) : अभी इनको सब कुछ बताने का टाइम नहीं आया है.

प्रेरणा ( दोनों से) : अरे में तो मज़ाक कर रही थी. तुम्हारे भैया अपनी बहनो के अलावा किसी से प्यार नहीं कर सकते चाहे कुछ भी हो जाये.

मतलब कुछ भी.

और प्रेरणा कुछ और भी बोलने वाली होती है.

तभी अचानक से रूचि बोलती है.

रूचि : तुम तो गई यमराज वाली दीदी किउकी तुम हमारी बहन नहीं हो और सुनैना भी नहीं..

और दोनों हसने लग जाती है.

हहहहहहहह

इस बात पर प्रेरणा भी हसने लग जाती है.

हहहहहहहहह

और दोनों हैरान हो जाते है.

फिर

प्रेरणा अपनी बात पूरा करती है.

प्रेरणा : मने सिर्फ इस धरती लोक की बात की थी.

की इस धरती लोक में मेरा रोहन अपनी बहनो को छोड़कर किसी से प्यार नहीं कर सकता और वो चाहे तो भी नहीं.

मगर में धरती लोक की नहीं हुए.

और दोनों रूचि & निशा का मुँह उतर जाता है.

निशा : आप सुनैना दीदी की एक बात बताने वाली थी न वो भी बता दीजिये कही हमारा फिरसे पोपट न बन जाये.

प्रेरणा : ज्यादा कुछ नहीं बताऊगी सुनैना दीदी के बारे में.

है एक बात जरूर बताऊगी की उनसे बचकर रहना किउकी अगर तुम नटखट और सेटन हो तो वो भी थोड़ी नटखट है और तुम्हारे लोक में क्या बोलते है उस चीज़ को हआ.

वो इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की भी बाप है.

थोड़ा बचकर रहना.

दोनों एक साथ : हां हां हम अपना प्लान बना लगे.

फिर ऐसे ही थोड़ी देर तीनो में बात होती है और प्रेरणा वह से चली जाती है.

फिर

रूचि ( निशा से) : निशा कुछ करना पड़ेगा

निशा : हां रूचि कोई प्लान बनाना पड़ेगा.

फिर दोनों ऐसे ही बात करते हुए निचे आ जाती है किउकी उनको स्कूल जो जाना था.

वही.....

राहुल के कमरे में

भाई आज अपडेट थोड़ा छोटा दिया है कल बड़ा या मेगा अपडेट देकर उसकी कसार भी पूरी कर दुगा.

बस अपना सपोर्ट और रिव्यु ऐसे ही देते रहिये.

और वोट और कमेंट करते रहिये
 
भाई में बोहोत कोसिस करता हुए की अपडेट बड़ा दे पाव इसके लिए सॉरी भाई.

किउकी बोहोत सरे काम पढ़ जाते है और ऑफिस में तो टाइम नहीं मिल पता.

फिर कहानी को सोचने और उसको लिखने और फिर टाइप करने में भी टाइम लग जाता है.

और यह बात मुझे पता है इसलिए मने अपडेट के निचे भी लिखा था की अपडेट छोटा है.

अगर अपडेट बड़ा करुगा तो रेगुलर अपडेट नहीं दे पाउगा.

इसलिए में कोसिस करता हु की रेगुलर अपडेट दू भले ही वो थोड़ा छोटा हो. और रेगुलर अपडेट बड़ा करने की पूरी कोसिस भी करता राहु जितना हो सके.

किउकी में भी कोई स्टोरी रीड करता हु तो किसी कबि कवर मुझे भी यह फील होता था की भले ही अपडेट थोड़ा छोटा हो पर रेगुलरली होना चाहिए इससे स्टोरी रिव्यु में रहती है.

और पड़ने में भी इंटरेस्ट बना रहता
 
उपडेट 19

मेगा अपडेट

निशा : हां रूचि कोई प्लान बनाना पड़ेगा.

फिर दोनों ऐसे ही बात करते हुए निचे आ जाती है किउकी उनको स्कूल जो जाना था.

वही.....

राहुल के कमरे में

अब ाजेईई.....

राहुल बोहोत खुस था की वो सोनम से मिलेगा.

तभी

पीछे से पायल त्यार होकर आती है

राहुल के कमरे में

पायल देखने में आज बोहोत खूबसूरत लग रही होती है

और आज पायल ने सलवार ( सूट) पहना होता है.

और उसमे बोहोत ही क्यूट & हॉट लग रही होती है......

राहुल पायल को देखने में ही खो जाता है....

राहुल को ऐसे घूरते देख पायल थोड़ा समजती है.

और

तभी

पायल को अपना फर्स्ट किश याद आ जाता है.

जब उसने राहुल के साथ किया था.

और शर्म से पानी पानी होने लगती है.

और पायल भी खो जाती है राहुल की नीली आखो में.

तभी

पीछे से

माला ( बुआ) आ जाती है.

और माला बुआ बोलती है.

माला बुआ : जल्दी से निचे आ जाओ निचे खाना रेडी है.

इससे के साथ दोनों हार्बर कर बोलते है.

माँ , बुआ आप कब आई

इस पर माला बुआ बोलती है.

माला बुआ ( दोनों से) : वो काम थोड़ा जल्दी ख़तम हो गया इसलिए जल्दी आ गई.

राहुल : बुआ वैसे आप गई खा थी अपने हमें बताया भी नहीं था की खा जा रही हो.

तभी

पायल बोलती है

पायल : हां माँ अपने बताया भी नहीं था.

माला बुआ : वो थोड़ा काम था न तो अपने फ्रेंड के पास. गई थी.

दोनों ाचा बोलते है.

और माला बुआ निचे चली जाती है.

फिर पायल राहुल से बोलती है.

पायल ( राहुल से) : राहुल वो लड़की है न जिसके पापा को हमने बचाया था न क्या नाम था उस लड़की का

हां सोनम

उसका आज बर्थडे है

में जब फॉर्म सबमिट कर रही थी तो मने

डेट ऑफ़ बिरथ देखी थी.

राहुल तो बोहोत खुस हो जाता है.

राहुल : पायल फिर तो हमे कुछ करना चाहिए. किउकी अभी वो अपने पापा के एक्सीडेंट से घुसृ है.

शायद बोहोत उदास हो.

पायल : हां मगर क्या

बेचारी लड़की तो बोहोत अछि है.

और उससे उसके पापा के दुःख से भी निकल न चाहिए.

राहुल : पायल एक काम करो उसको कॉफ़ी शॉप में बुलाओ.

बाकि में देख लगा

उसको कॉल कर लेना.

पायल : मगर मेरे पास तो नंबर नहीं है.

राहुल : अभी उसकी मम्मी का कॉल आया था आज डिनर के पास लिए पर मने काल (टुमारो ) के लिए बोल दिया था.

उस नंबर पर कॉल करके बात कर लो.

फिर में पायल को वो नंबर देता हुए जिस नंबर पर मुझे कॉल आया था.

पायल सोनम से कॉल करके उससे बात करने लगती है.

और मैं निचे आ जाता हु

और निचे एते हुए में भी एक कॉल करता हुए.

अपने दोस्तों ( राम ) को

राहुल : hello

राम : क्या बात है बड़ी जल्दी तुजे मेरी याद आ गई. ाचा बता तुझे कुछ काम था क्या.

राहुल : हां यार तुझे मेरा एक काम करना है.

फिर में राम को सारा प्लान बता देता हुए और ऐसे ही थोड़ी बात करके

फ़ोन कट कर देता हुए. और ब्रेक फ़ास्ट के लिए चेयर पर बैठ जाया हुए.

और तभी पायल आ जाती है.

और वो भी ब्रेकफास्ट करने लगती है.

तभी

माला बुआ : बीटा कॉलेज में अड्मिशन तो करवा लिया होगा.

तो कॉलेज कबसे जाना है.

तभी

पायल बोलती है.

पायल : हां माँ एडमिशन तो हो गया है.

और कॉलेज 45 डेज के बाद स्टार्ट होगा.

तभी

पायल राहुल से बोलती है.

पायल : राहुल 10 बजे के लिए बोलै है.

और मैं हां में गर्दन ( नैक) हिला देता हुए.

और चोरी देर बाद

निशा & रूचि स्कूल के लिए निकल जाती है.

और वही

महाकाल की न्यूज़ आने लगती है की

कैसे उसने उन गुंडों को मारा और जो सब वह हुआ बताने लगते है.

तभी

माला बुआ बोलती है.

माला बुआ : लगता है ये महाकाल बोहोत खतरनाक है तुम बचकर रहना ठीक है.

और पायल & राहुल हां में सर हिला देते है.

और ऐसे ही बात थोड़ी देर तक करते है.

और 10 बजने वाले होते है तो मैं और पायल बाइक में बैठ कर निकल जाते है कॉफ़ी शॉप की तरफ ....

आज भी पायल मेरे से चिपक कर बैठी हुए थी.

और

आज मने बोलने का सोच ही लिया

और बाइक पर ही पायल से बोलै

राहुल : पायल तू मुझसे इतना चिपक कर किउ बैठ टी है.

तभी

पायल मेरी बात पूरी होने से बोलता पहले बोलती है.

पायल : तुझे कुछ प्रॉब्लम है.

हां मुझे लगता है तुझे कुछ प्रॉब्लम है.

मैं तुमको ाची नहीं लगती.

जबी तो मुझ से दूर जाने की बात कर रहे हो.

मुझ से दूर जाना चाहते हो बोलो न.

राहुल ( मैं में) : बस यह क्या ड्रामा है मने तो बस इतना ही पूछा की मेरे से इतना चिपक कर किउ बैठी है.

भर लोग देखेंगे तो क्या कहेगे

मगर इसने तो इतना लम्बा छोरा भसान सुना दिया और खर्चा पानी लेकर मुझ पर चढ़ गई

पूरी सोनाली दीदी की तरह बनती चली जा रही है.

भगवान् बचा ले मुझे.........

और अगर मने और कुछ बोलै तो और कोई भसान सुना देगी इसलिए चुप रहने में ही ाचा ही

मगर अभी क्या बोलू.

पायल नाम आखो से.

पायल : बोलो न अब बोलते किउ नहीं.

राहुल : पायल vo........vo........vo...

पायल : बोल न राहुल बोल.

राहुल : वो तुम्हारे हाथ ( हैंड) में वो रिंग है न वो मुझे चूब रही थी इसलिए बोल रहा था.

की थोड़ा अपना हाथ ( हैंड) पीछे कर लो.

पायल खुस होकर

पायल : तो ऐसे बोलो न....

फिर हम कॉफ़ी शॉप पोहोच गए....

और मने देखा की सोनम कॉफ़ी शॉप के भर ही कड़ी थी.

और मुझे देखकर बोहोत खुस्स लग रही थी......

मैं में सुबह ही इस कॉफ़ी शॉप में एक टेबल बुक कर दिया था. और आज कॉफ़ी शॉप में बहोत काम ही लोग थे....

हम जाकर जहा मैंने टेबल बुक की थी वह पर बैठ गए.

मेरे एक तरफ पायल बैठ गयी और दूसरी तरफ सोनम थी.

और पायल ने वेटर को 3 कॉफ़ी का आर्डर दे दिया. मैं ने वेटर को इशारा कर दिया .

जो सुबह केक .का आर्डर दिया था वो लेन के लिए कहा. अपने दोस्त राम से बोलकर सारा प्लान कर दिया था.

मगर सोनम मुझे ही देखे जा रही थी.

पायल : सोनम बात कर अब चुप क्यों है .

अब तो तुम्हारे पापा भी ठीक है. तो थोड़ा खुस हो जाओ.

राहुल : हां सोनम तुम कुछ परेशां लग रही हो बोलो कोई बात है.

सोनम ( उदास होकर ) : कुछ नहीं

राहुल : मुझे नहीं लगता कुछ तो बात है क्या मेरी वजसे प्रॉब्लम है.

सोनम : नहीं नहीं

पायल : राहुल सोनम को तुमसे कुछ पूछना है मुझे फ़ोन पर बोल रही थी.

राहुल : क्या पूछना है ( क्या बात हो सकती है इसके पापा भी ठीक होंगे सुबह सोनम की मम्मी ने बताया था.)

सोनम : मैं बोलती हु.

पायल : हां पूछ ली कोई मदद की जरुरत है तो राहुल मदद कर देगा.

राहुल : हां पूछो न सोनम क्या पूछना है.

सोनम तेज़ी से सास लेते हुए और उसका दिल बोहोत तेज़ धारक रहा था.

सोनम : क्या तुम्हारी कोही .....

राहुल : क्या मेरी

कोई बुक्स चाहिए है क्या.

सोनम : क्या तुम्हारी कोही गफ है

पायल ( गुस्से में) : क्या पूछा तूने.

राहुल : पायल उसको अपनी बात तो पूरी करने दो.

राहुल ( सोनम से) : मेरी कोही गफ नहीं है.

सोनम : क्यों कबि कोई मिली नहीं

राहुल : मुझे गफ बनाने में कोही इंटरेस्ट नहीं है.

सोनम : ऐसा किउ कही खास वजा

राहुल ( मैं में) : यह पूछना क्या चाहती है. हम एक दूसरे को तो ठीक से जानते भी नहीं बस पहली बार कल देखा है वो भी इसके पापा के एक्सीडेंट में.

पायल ( मैं में) : यह कलमुही मेरे राहुल से पूछना क्या चाहती है.

और पायल गुस्से में सोनम को देख रही थी.

राहुल : पहले तुम बताओ की तुमने यह सवाल क्यों पूछ रही हो.

मेरी बात सुनकर पायल के फेस पे चमक आ गयी.

सोनम : मुझे तुम बोहोत अचे लगते हो

ी लव यू राहुल.

पायल बुरी तरह से शॉकेड

मैं भी शॉकेड.

चलो चलते है सुनैना के पास............

फिर साहिल के पापा जो बोलते है उसे सुनकर साहिल के तोते,( पैरेट), पंछी, कौए ( क्रो) सब ूद जाते है.

और शॉकेड और शर्म से लाल सब कुछ हो जाता है....,...................

निशांत ( मुश्कुराते हुए) : तुझे बोहोत पता है की वो इनोसेंट है. कही तुम उससे पसंद तो नहीं करने लगे.

बीटा में भी ख़ुफ़िया एजेंसी का चेइफ़ हुए साड़ी खबर रखता हु.

इस बात पर साहिल शर्माने लगता है.

और रही बात डिटेल की तो हमे पता तो होना चाहिए की यह खा रहती है और कौन है.

साहिल ( मैं में) : क्या में सच में सुनैना को पसंद करने लगा हुए .

मगर इतनी जल्दी कैसे......

और इसकी वो नीली आईज कितनी बड़ी है और खूबसूरत भी.

और इतनी इंटेलीजेंट है की पूछो मत

और हर प्रॉब्लम कितनी जल्दी सोल्वे कर देती है.

उसका दिल कितना साफ़ है और हर किसी की मदद करने को त्यार हो जाती है.

वो किसी और के लिए इतना कर सकती है तो अपनों के लिए कितना करेगी.

मेरे लिए कितना करेगी जब में उसको

अपने प्यार का इज़ार करुगा.

तभी

निशांत : साहिल खा खो गया.

साहिल हरबराते हुए.

साहिल : कुछ नहीं डैड.

तभी

पीछे से एक आदमी निशांत से बोलता है.

आदमी ( निशांत से) : सर अभी खबर आई है की देश 2 में बोहोत बड़ा धमाका हुआ है और पूरी बिल्डिंग कुछ मिनट में ही ख़तम हो गई.

न्यूज़ में बताया गया है की उसमे कारण 500 आतंकवादी थे पर उनके बॉस का कोई पता नहीं चल पाया है.

निशांत ( आदमी से) : ठीक है और पता लगाओ कोई और इनफार्मेशन मिले तो शायद ये वही है जिसने हमारे कंप्यूटर को हैक्ड किया था.

मुझे पूरी इनफार्मेशन चाहिए.

आदमी ( निशांत से) : ok सर में पूरी कोसिस करुगा और हमारे घुफिया लोग इस काम में लगे हुए है.

और वो आदमी अपने काम में लग जाता है

निशांत फिर साहिल से बोलता है की चल मुझे भी घर के लिए निकर न है.

थोड़ी देर रुख में भी तेरे साथ घर की तरफ चलता हुए.

और कुछ घाटे तक साहिल के पापा कुछ काम और बात करते है

तभी किसी का कॉल पर बाते करते है और उसके बाद निकल जाते है.

घर की तरफ.

रस्टी में

निशांत कार में बैठे हुए साहिल से पूछता है.

निशांत ( साहिल से) : बीटा मुझे बताओ उस सुनैना के बारे में सब कुछ.

फिर साहिल साड़ी बात अपने पापा को बता देता है की कैसे साहिल सुनैना से मिला.

कैसे उसने कॉलेज का सर्वर हैक करके रोमा की मदद की.

और कैसे ट्रैफिक सिग्नल हैक करके उन लड़को को हॉस्पिटल पोछय.

उसके पीछे के कारन ( बजाय) भी और रोमा के बारे में भी.

निशांत कुछ सोचने लगता है फिर साहिल से बोलता है.

नुशान्त ( साहिल से) : ठीक है बीटा अब तुम जाओ और घर भी आ गया है. हम बाद में बात करेंगे .

अभी मुझे कुछ काम है.

और साहिल अपने घर निकल जाता है

और अपने रूम में चला जाता है.

और अपने रूम में जाते ही साहिल बीएड पर लेट जाता है.

और सुनैना के बारे में सोचने लगता है.

साहिल ( मैं में) : क्या सच में मैं सुनैना को लिखे करने लगा हु. पापा ने ऐसा किउ कहा की में सुनैना की लिखे करता हुए.

जब पापा ने सुनैना को मामूली लड़की कहा जब मुझ इतना गुस्सा किउ आया.

में कल ही सुनैना को अपने प्यार का इज़ार करुगा.

और ऐसे ही साहिल सुनैना के बारे में सोचते हुए कब सो ( स्लीप) जाता है पता ही नहीं चलता.

वही........

एक शख्स अपनी चेयर पर बैठा होता है

तभी दूसरा शख्स भागते हुए अत है और उस बैठे हुए शख्स के पास अत है.

और वो शख्स 2 बहोत घबराया हुआ होता है.

शख्स 2 ( शख्स 1 से) : रोबर्ट सर गजब हो गया.

रोबर्ट : क्या हो गया और जो काम मने करने के लिए दिया उस काम का क्या हुआ.

घबराते हुए शख्स 2 बोलता है.

शख्स 2 : वही तो बताने में यहाँ आया हुए.

रोबर्ट : इतना घबरा किउ रहा है.

शख्स 2 : रोबर्ट सर जो हैकिंग बॉस ने की थी और उस हैकिंग में जो बॉस ने प्रोटोकॉल बनाये थे

किसी ने उससे तोर दिए और यही नहीं जहा से हमने हैकिंग की थी.

अचानक

उस बिल्डिंग में धमाका हुआ और हमारे सारे आदमी मरे गए.

रोबर्ट पूरी तरह से शॉकेड हो जाता है.

रोबर्ट : क्याआ.

शख्स 2 : हां सर में भी हैरान हुए की ऐसा कैसे हो सकता है.

एक ठंडी सास लेकर रोबॉट बोलता है.

रोबर्ट : देख पीटर तेरे को कोई गलत फेमि हुए होगी.

पीटर : रोबर्ट सर मुझे कोई गलत फेमि नहीं हुए है.

रोबर्ट गुस्से में

रोबर्ट : आबे साले तुजे पता है न वो हैकिंग बॉस ने की थी और उस हैकिंग को तो पूरी दुनिया का कोई भी देश नहीं तोर पाया.

तो इस देश में कौन आ गया

जिसने यह कारनामा कर दिया.

पीटर : मुझे पता नहीं.

वही पता लगाने की कोसिस कर रहा हुए.

तभी पीछे से एक और शख्स भागते हुए अत है.

शख्स रोबर्ट से बोलता है.

शख्स ( रोबर्ट से) : सर गज़ब हो गया.

सर गज़ब हो गया.

रोबर्ट : पता है मुझे बहनचोद दीमक मत खा और यह बता की उस औरत का क्या हुआ.

शख्स : सर आपको कैसे पता चला .

रोबर्ट ( शख्स से ) : अभी अभी पातेर ने बताया की किसी ने पहली बार हमारा हैकिंग प्रोटोकॉल थोड़ा है.

शख्स : क्याआआआ

बॉस का हैकिंग प्रोटोकॉल दुनिया का कोई भी देश नहीं तोर पाया.

रोबर्ट गुस्से में

रोबर्ट ( शख्स से ) : अबे तू किउ हैरान है यह बता की उस औरत का क्या हुआ.

रोबर्ट को गुस्से में देखकर उस शख्स की गांड पहात जाती है.

वो शख्स और ज्यादा घबरा जाता है.

शख्स ( डरते हुए ) : रोबर्ट सर वो....

रोबर्ट : अब बताएगा भी तुजे पता है अगर वो काम नहीं हुआ तो बॉस हमारी गांड फाड् देंगे और उसको खा फेकेंगे वो मुझे भी नहीं पता.

शख्स : रोबर्ट सर हम उस औरत को नहीं पकड़ पाए.

रोबर्ट गुस्से में

रोबर्ट ( शख्स से) : अब तेरी गांड में किसने डंडा दे दिया.

शख्स : सर वह को महाकाल आ गया था जिसने हमारे सारे आदमियों को ख़तम कर दिया.

रॉबर्ट कुछ सोचते हुए.

रोबर्ट : ये वही महाकाल है न जिसने सुंग ली लू को मारा था.

शख्स : हां सर ये वही महाकाल है.

रोबर्ट : सारे गुंडों को बोल दो और पता लगाओ उस महाकाल और उस हैकर के बारे में जिसने बॉस का प्रोटोकॉल तोर दिया और यह काम जल्दी होना चाहिए.

अगर बॉस को थोड़ा सा भी पता चला तो तुम पता है हमारे साथ क्या होगा.

रोबर्ट : पीटर तुम उस हैकर का पता लगाओ और महावीर तुम उस महाकाल का पता लगाओ.

सालो तुम दोनों राक्षस हो तुम्हारे पास इतने शक्तिया भी है उनको भी उसे कर लो.

उनको क्या गांड में डालो गए.

और दोनों महावीर और पीटर निकल जाते है और चल देते है इंडिया की तरफ.

वही

रोबर्ट : दुनिया का कोई इंसान नहीं बना जो हमारी हैकिंग तोर सके.

फिर कुछ सोचते हुए.

रोबर्ट : कही इसमें उस इंसान का हाथ ( हैंड) तो नहीं.

फिर रोबर्ट थोड़ा सा मुस्कुरा देता है.

और एक कॉल करता है.

रोबर्ट : hello राक्षस लीडर

फिर वो उससे कुछ बात करके फ़ोन कट कर देता है.

वही

सुनैना..............

भाई अपडेट बोहोत जल्दी टाइप किया है किउकी मेरे पास टाइम नहीं था तो स्पेलिंग नहीं चेक की.

और फीवर भी है.

इतने दिन से अपडेट नहीं दिया था तो आज मने मेगा अपडेट दे दिया शायद इससे उन सब अपडेट की कसार पूरी हो जाए.

अब सुबह होई देखूगा.

अपडेट अगर आपको ाचा लगे तो कमेंट में जरूर बताना.


लिखे , कमेंट और वोट करो अगर यह स्टोरी पसंद आए तो.

अपना रिव्यु जरूर देना.
 
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