Pyaar Nafrat or Kismat - Page 13 - SexBaba
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Pyaar Nafrat or Kismat

थैंक्स भाई आपको ाचा लगा यही बहुत है ...मिनट वसूल हुई भाई ...



भाई अगर मैं लीड के सामने अगर नार्मल से hi लोग होंगे तब मज़्ज़ा hi क्या रहा स्टोरी में ..हर बार हाथ पेअर से लड़ने वाले तोह आपको हर दूसरी स्टोरी में मिलजाते हैं ...पैर दिमाग लगाकर लड़नेवाले hi तोह मनु को दिमाग लगाकर मातुरे होने में हेल्प करेंगे भाई ..यही वजह है सुमन और जगन को लेकर मनु इतना सोच रहा है ...पैर आपको कुछ ाचा और नया कंटेंट दे पाया उसके लिए ख़ुशी है मुझे भी ..थैंक्स डिअर भाई .....

थैंक्स भाई आपको ाचा लगा यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है आखिर आपके hi लिए लिख रहा हूँ भाई ...थैंक ु भाई ...

भाई निशा और तन्नू सॉरी तन्नू नहीं है कन्नू ..भाई दोनों की एंट्री होगी भाई टाइम टाइम पैर निशा के बारे में बताता रहता हूँ कन्नू की एंट्री का कुछ अलग सोचा है ...उम्मीद है उसकी एंट्री जब होगी तब आपका मज़्ज़ा कई गुना बाद जायेगा ...उसको स्टोरी से दूर रखने की वजह है ..don't वोर्री भाई जब इनकी एंट्री होगी तब आपको सबसे पहले पता चलेगा ...पैर आपके एंथोसिएसं एंड स्पिरट को दिल से सलाम भाई ...थैंक्स फॉर बीइंग ऑलवेज सो ग्लोरियस ...

भाई थैंक ु सो मच यही वजह है की आपको स्मार्ट कहता हूँ ...आपने हर वह पॉइंट पैर सही जगह टारगेट किया जिसको मैंने बहुत सोच समझ कर लिखा था ...जगन की अंडरवर्ल्ड माफिया में एंट्री ..

राज का कॉन्फेशन मनु से सुमन को लेकर ..

मर बॉस का जगन के रियल फेस को जानना ...

सुमन को लेकर मनु की सोच ...

और सबसे बड़ी बात अजय और हीना का मिलना ...

यह सारे पॉइंट स्टोरी में बहुत सोच कर प्लांट किये थे ..जिसको आपने सही से गेट किया ...अब देखना है इनसब से मनु की लाइफ में क्या होगा ???



प्रिये अनमोल मित्र आपके प्यार के लिए सिर्फ इतना hi कहूंगा ...

"

ज़िन्दगी हर पल ख़ास नहीं होती,

फूलों की खुशबू हमेशा पास नहीं होती,

मिलना तो हमारे तक़दीर में लिखा था,


वर्ण इतनी प्यारी दोस्ती इत्तेफ़ाक़ नहीं होती.. "

भाई थैंक्स ..आपको पसंद आया यही काफी है भाई ..थैंक्स डिअर बीआरओ ...



थैंक ु सो मच डिअर बीआरओ ...

राजा ठाकुर , , भाई दिल से थैंक्स भाई ...आपको पसंस आया यही म्हणत की वसूली है ..थैंक्स डिअर ones's ...



थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ....
 
थैंक्स भाई आपने इतना टाइम दिया यह सबसे बड़ी बात है की आपने साइलेंट रीडर का टैग हटाकर एक्टिव रीडर की जगह ली और ...आपने मस्सगे किया यही असली मॉडल है मेरे लिए ..की अब स्लीएंट रीडर साइलेंट नहीं रहे ...आपको दिल से थैंक्स डिअर बीआरओ ...



भाई आपको ाचा कंटेंट देने के लिए सोचना ..बहुत सोचना पड़ता है भाई ..उसके बाद जाकर लिखता हूँ ताकि आपको सोचने के लिए मैं सोच सकूँ ...भाई इतना टाइम से लिख रहा हूँ ..आपने सुच में बहुत बार हौसला बड्या है ...यह आप सभी का प्यार hi तोह है जिसकी वजह से इतने अपडेट दे पाया ..वर्ण यहाँ अधूरी स्टोरी का अपना हिस्ट्री है ..कोई स्टोरी स्टार्ट करता है तोह कोई छोड़ देता है ...यह कहकर की व्यू नहीं मिल रहे लिखे नहीं आ रहे ...पैर इनसबसे क्या फर्क पड़ना चाहिए ????

यार आप शुरू तोह करो जहाँ लोगों को ाचा लगेगा या पसंद आएगा वहां रीडर्स ने राशन देना है ...अब आते हैं रिएक्शन पैर तोह डिअर भाई जैसा की सबको पता है यहाँ रिएक्शन फ्री है तब भी लोग सोच सोच कर रिएक्शन देते हैं जैसे घर ले जायँगे रिएक्शन यार ऑनलाइन है ..पैर रीडर की अपनी मर्ज़ी है ..जिसमे उनका जो मैं करता है रिएक्शन देते हैं ...

मुझे ड्रामा करने की आदत नहीं है ...सो जो भी रिएक्शन होता है चाहे reader's लिखे करें या इग्नोर मैं कोशिश करता हूँ अचे से ाचा लिखकर उनको नया कंटेंट दे सखुन ..बाकी रीडर की मर्ज़ी है हम को यह मर्ज़ी उनका रिएक्शन भी कुबूल है ...पैर मैं कभी भी रिएक्शन देने में कंजूसी नहीं करता ..क्युकी रिएक्शन मुझे घर नहीं ले जाना भाई ...सो जहाँ जो फील होता है रिएक्शन दे देता हूँ ...

आप सोच रहे होंगे यह सब आपसे क्यों कह रहा हूँ ..तोह भाई आप उन चुनिंदा इंसानो में से हैं जिनको रीडर कहते हुए ख़ुशी होती है जहाँ आपको ाचा लगता है आप क्लियर कह देते हो ..जहाँ कमी नज़र आती है वह भी क्लियर ..और सुग्गेस्टिव आपका अभी तक फुल ों रहा है ...आप hi नहीं यहाँ सभी रीडर गज़ब के हैं ...हर कोई सुप्पोर्टीवे हैं ...पैर जब बात रिएक्शन की आती है ..तोह कुछ प्यारे दोस्त थोड़े से कंजूस हो जाते हैं ....

गलत मत समझना शिकायत नहीं है ..खुलकर कह देता हूँ ...बाकी जो स्मार्ट हैं समझ जाते हैं ...

मेरा काम लिखना है लिखूंगा ...स्टोरी शुरू की है तोह एन्ड भी होगा हाँ बिच में कोई इंटरनेट या मेरी साइड के इंटरनेट पैर फाल्ट हुआ तब भी इन्फॉर्म कर hi देता हूँ ...

पैर आपके रेस्पेक्ट और प्यार भरे इन अनमोल वर्ड्स के लिए दिल से थैंक्स भाई ...

भाई आपने नोटिस कर लिया ..सुच में आपकी नज़र बहुत पारखी है ....

हाँ भाई कुछ दोस्तों ने कहा था इनमे कुछ ज्यादा hi लॉजिक दाल देते हो सेक्स भी जरूरत से ज्यादा होता है ..और अब तोह इन्सेस्ट भी डालने वाले हो ेट्स ...

सो भाई इसमें उन्ही दोस्तों के हिसाब से लिखा है ...जिसमे इमोशन और लॉजिक मिसिंग है ..जिसको आपकी नज़र ने अचे से नोटिस कर लिया ...सॉरी भाई अपनी तरफ से ईमानदारी से लिखा था ..पैर सोचो जब एक लिखने वाला hi सारे लॉजिक और इमोशन को हटा देगा तोह स्टोरी का यह अपडेट जैसा है वैसा hi पूरी स्टोरी का हाल होगा ..यहाँ मुझे गलत मत समझना पैर भाई स्टोरी पैर हर रीडर का हक़ समझता हूँ ..जब जिस दोस्त का जैसा सुग्गेस्टिव होता है उस अपडेट में वैसा एलिमेंट होता है ...जहाँ खुलकर अपने हिसाब से लिखता हूँ वहां न वर्ड देखता हूँ न अपडेट का साइज ..तब सिर्फ उस सन को उसी के इमोशन के हिसाब से लिखता हूँ ...पैर रीडर दोस्त भी हर स्टोरी पैर हक़ रखते हैं ..सो जहाँ उनको लगता है सुग्गेस्टिव देते हैं ...उसी हिसाब से लिख देता हूँ लास्ट में एक दोस्त ने कहा था वही इस बार किया ...जिसमे उन्ही के हिसाब से लिखा था ..स्टोरी थोड़ी लम्बी है सो सन के हिसाब से लिखता हूँ बाकी भाई ...हर बार कोशिश रहती है ...की कुछ नया ऐड कर सकूँ ..सो इस बार किया भी पैर इनसब के चक्कर में इमोशन गायब थे ..जो मैंने जानभूझकर नहीं किया ...पैर अब यह आप सब पैर है जैसा कहोगे लिख दूंगा ..आप सभी के हिसाब से या अपने तरीके से फैसला आप सभी का है ..भाई लिखना अपना शॉक है लिखता रहूंगा ..

इस बार आपका सुग्गेस्टिव क्या है भाई ..इसी तरह स्पीड से लिखूं या अपने हिसाब से लिखूं जो की आपको मिसिंग न लगे ...रिप्लाई जल्दी करना क्युकी आज या में अपडेट पोस्ट करनी है भाई ...



आपका
 
थैंक्स भाई ...की आपने सपोर्ट किया ...



भाई थैंक्स आपने इतना सपोर्ट किया स्टोरी अब जो आपने सुग्गेस्टिव दिया उस पैर अमल करूँगा ...

भाई सॉरी की कहकर लेट हुआ ...बहाना नहीं है यह क्युकी दो दिन पहले जब कहा था तब तीन दिन और 27 पेज लिखने के बाद अपडेट पोस्ट करना बाकी था ..तब मस ऑफिस कोर्रुप्त हो गया ...साला मूड बहुत खराब हुआ ..दो दिन से इस साले मस ऑफिस को लोड कर रहा हूँ पता नहीं क्या प्रॉब्लम है ..की साला मस ऑफिस 2019 प्रो प्लस वर्शन लोड hi नहीं हो रहा है ...अपडेट लिख भी लूँ पैर प्रॉब्लम यहाँ पोस्ट करने की है भाई ..जिसकी वजह से यह सब लेट हो रहा है ..

वैसे जहाँ भी रहूं जब कहता हूँ की आज अपडेट आएगी तब हर हाल में पोस्ट कर देता हूँ ..पैर इस बार के लिए सॉरी दोस्तों ..यहाँ साला मूड बहुत ख़राब है ...अभी भी इस मस ऑफिस को hi लोड कर रहा हूँ ..जैसे hi यह काम करता है ..अपडेट उसी दिन पोस्ट कर दूंगा ...सुच में यार मुझे ड्रामा करने की आदत नहीं है ..न छोड़ कर गया हूँ बस इस साले मस ऑफिस की वजह से थोड़ा रुका हूँ ...साला है भी छोटा सा नहीं 9.2 जब का है जिसको कमसे काम 18 बार लोड कर चूका हूँ पैर साला कई जगह इसकी सेटअप फाइल कर्रप्टेड है ...सो इतना टाइम लग रहा है ...आप में से जो सॉफ्टवेयर का नॉलेज रखते हैं समझ जायँगे ..की यह सब क्या है ..

खैर देरी के लिए अपने इस दोस्त को प्लीज गलत मत समझ न ...जल्द hi मिलते हैं दोस्तों नए अपडेट के साथ ..



आपका
 
अपडेट 94

रिकैप........

सूरज सोचने लगा था …पैर दोनों को यह पता नहीं था ..की उनकी बातें वृंदा ने बहार आते हुए सुनली thi..jo यह सुनकर हैरत में थी की मनु को उसके दादू और उसके पापा क्या समझ रहे थे ..उसके दिमाग में यह सब बातें क्या असर करने वाली थी …यह वृंदा को hi पता था ….पैर उसने यह सब सुनकर दोनों से कुछ नहीं कहा ..उल्टा अपने रूम में चली गयी वृंदा …


इधर मनु और जस नीता मम डीलर से मिलने जा रहे थे बिना यह जाने की आज डीलर से मिलने से साइट के साथ नया सरदर्द उनका इंतज़ार कर रहा था …जिसका पता तोह वक़्त और किस्मत को hi था ..


अब आगे........

वृंदा अपने मैं में “ दाद्दु और पापा क्या सोच रहे हैं ??? हु सोच भी कैसे सकते हैं मैं और मनु ???”

वृंदा का दिल उसे जवाब देता है “ क्यों नहीं सोच सकते ??? क्या कमी है मनु में ??”

दिमाग बोलै “ मुझसे छोटा है …और …”

दिल “ यह तोह कोई जवाब नहीं हुआ क्या इंदिरा गाँधी ने अपने से कई साल छोटे फ़िरोज़ जहांगीर घंडी से शादी नहीं की थी ??? या अपने से कई साल छोटे आदमी से लोग शादी नहीं करते ?? और कोई वजह बता क्यूंकि शादी में दोनों में से कोई भी छोटा या बड़ा हो मर्द मर्द hi रहता है और औरत औरत hi रहती है शादी में और यह बता जब तू एंटी वेल एडुकातातेड़ है बाकी लोगों से तुझे क्या लेना देना …वैसे भी औरत को मर्द की जरूरत होती है उसकी आगे या उम्र की नहीं.. ”

दिमाग “ पैर हु छोटा है ..”

दिल …” अपने दिमाग को अपने पास रख …छोटा है तोह क्या हु तेरी रेस्पेक्ट नहीं करता तुझे खुश नहीं रखता ???? जवाब दे ??..”

दिमाग “ हाँ सही है पैर है तोह छोटा hi …”

दिल …” फालतू की बातें मत कर आज तक तेरे सार्ड पद चुके दिल के चक्रवह्यु को किसी और मर्द ने पार किया क्या ???”

दिमाग “ नहीं आज तक जितना करीब मनु आया है उतना कोई नहीं आया मेरे …”

दिल …” जब इतना पता है की तेरे करीब आने में hi ईंटे लोग फ़ैल हो गए ..जबकि इस इंसान ने तेरे दिल और दिमाग में अपनी न मिटने वाली यादें दे दी ..तोह दिक्कत क्या है ..तुझे उसकी आगे का कोनसा अचार डालना है …”

दिमाग ..” पैर है तोह छोटा hi न …पापा भी इसी बात पैर आड़े हैं जोकि सही भी है”

दिल ..” तू न अपनी डिग्री वापस कर दे …”

दिमाग ..” हु क्यों भला ..???”

दिल …” क्युकी इतना विदेश में पड़ने के बाद भी तू जाहिल hi रही …”

दिमाग …” हु कैसे भला .????”

दिल ..” इतने साल इंग्लैंड में पड़ने के बाद जहाँ लोग उम्र को सिर्फ एक नंबर मानते हैं ..जहां खुद तेरी लेक्चरर मम ने अपने से 10 साल छोटे इंसान से शादी की वहां तू क्या फालतू के डिस्कशन में लगी हुई है …वैसे भी कहाँ लिखा है लड़के और लड़की की आगे में सिर्फ लड़की को छोटा रहना जरूरी है ??”

दिमाग ..” कहीं नहीं …”

दिल …” तोह तुझे दिक्कत क्या है ??? ाचा च लेक बात जा जवाब दे ???”

दिमाग “ किस बात का ??”

दिल …” जब मनु उस रात जब क्लब में था तब तुझे कैसा फील हो रहा था ???”

दिमाग “ हु रात मैं कभी भूक नहीं सकती हूँ …हु रात मैं पहली बार दिल और दिमाग दोनों से खुश थी ..”

दिल “ जब तू खुश रह सकती है उसके साथ ..जब भी मनु तुझे छूटा है तब उसे रोकती क्यों नहीं तू तब तुझे उसकी उम्र नज़र नहीं आती ??? या डेट पैर जाने के टाइम उसकी उम्र नज़र नहीं आयी थी ??? या जब क्लब में उसके साथ डांस कर रही थी तब उसकी उम्र नहीं नज़र आ रही थी तुझे ??? और सबसे बड़ी बात जब उसकी बाँहों में थी तब तेरा जिस्म तेरे कण्ट्रोल में क्यों नहीं था ..क्यों उसके हर एहसास से मचल रहा था तब उसकी उम्र नज़र नहीं आ रही थी ??? पहली बार किसी ने तेरे पैसे और तेरे इस सार्ड पड़े दिल पैर अपनी चाप छोड़ी है ..और तू उसकी उम्र देख रही है …लानत से दुब जा ..क्युकी टब hi जानती है की उम्र महज़ एक नंबर है उसके साथ घूमते हुए उसके साथ नाचते हुए तू कितनी खुश थी ..यह बात तेरे दिल और दिमाग दोनों को पता है ..दिमाग का काम है सही या गलत का जवाब देना …पैर दिल का कसूर है इसमें ???क्यों अपनी hi खुशियूं की दुश्मन बानी हुई है ..सोचकर देख दाद्दु ने क्या गलत कहा ???? यही कहा न की उसके जैसे लड़के के लिए कोई भी लड़की या बाप त्यार हो जायेगा ..जो साहिब hi है क्या कमी है मनु में ??? और उसका चार्म खुद तूने महसूस किया है सोचकर देख ..एक ladki(riya ) जिसका खुद का भाई यह कह रहा था की उसको लड़कों में इंटरेस्ट नहीं है उसको कुछ hi देर में मनु से लगाव कैसे हो गया ??? और जब उसको लगाव हुआ तब तुझको क्यों पहली बार जलन हुई ??? जवाब दे ??”

दिमाग “ बात तोह सही है उसका चार्म hi ऐसा है ..की मैं खुद भी डेट पैर जाने को त्यार हो गयी लाइफ में पहली बार …और जब उसके साथ नाच रही थी तब दुनिआ की सबसे बड़ी खुशनसीब मान रही थी खुद को …हाँ यह भी सुच है की रिया को मनु के साथ देखकर जलन हो रही थी मुझे ..और यह भी सही है की मैं पता नहीं क्यों मनु के पास खींची चली जाती हूँ ..”

दिल “ तोह प्रॉब्लम क्या है …?? सोच ले टाइम है अभी वर्ण मनु सोल्लगे गया तोह उसके पीछे पक्का लड़कियों ने कुछ न कुछ करना है ..तब अपने बाप जैसे सोचते रहना तेरे दाद्दु सही कह रहे हैं ..टाइम पैर लिया गया फैसला hi इंसान के लिए सही या गलत तय करता है ..बाकी सोचती रहना बाद में जब हु निकल जायेगा हाथ से तब ???”

वृंदा के दिल और दिमाग में जुंग छिड़ी हुई थी …मनु को लेकर जिस्म एक तरफ उसके दादू थे तोह दूसरी तरफ उसके पापा …साथ में उसका दिल और दिमाग भी लड़ रहे थे मनु को लेकर …अब देखना है इसमें जीत किसकी होती है …

जहाँ वृंदा अपने दिमाग और दिल से लड़ रही थी वहां मनु अपने साथ जस और नीता मम के साथ डीलर के साथ साइट देख रहा था …

डीलर आज पुरे मूड में था क्युकी बात उसने जस की थोड़ी पर्सनल ले ली थी …सो आज जस को हु अचे से ाचा साइट दिखा रहा था ..जस भी उसकी हर साइट को अपने बिज़नेस और पैसे के हिसाब से देख रही थी …साइट उसने कई दिखाई ..पैर कई साइट देखने के बाद एक अछि साइट पैर जाकर डीलर बोलै “ मम यह इस शहर की सबसे अछि और बेहतरीन साइट है जिसका दाम ोरों से ज्यादा है ..पैर आपके लिए यह परफेक्ट है …”

जस ने उस साइट को देखा और कहा “ साइट तोह ठीक है ..पैर इससे ज्यादा इसके पास की साइट ज्यादा सही लग रही है मुझे ..जिसमे हु लोग बैठे हैं जिसमे हु झोपडी सी पड़ी है..” जस ने पास की एक साइट की तरफ इशारा करके कहा ..

जस के इशारे से पता नहीं क्यों उस डीलर के पसीने छूटने लगे …क्युकी उस साइट पैर कुछ गुंडे टाइप के लोग थे ..और वहां कुछ झुग्गी टाइप का हिसाब किताब था …

जस “ हु साइट हमारे काम के लिए ज्यादा सही है उसका ओनर कोण है उससे बात करो …यह फाइनल कर दो …”

डीलर पसीने पूछते हुए ..” मैडम यह साइट भी मेरे hi पास है ..इसके मालिक जगन शर्मा हैं ..जो खुद इस साइट को खली नहीं करवा प् रहे हैं इन गुंडों से यह कमीने रोड के पास खाली जगह देखकर यहाँ कच्ची शराब का काम डाले हुए हैं पता नहीं सालो की क्या saath-ganth है पुलिस से जो पुलिस भी यहाँ इनसे यह जगह खली नहीं करवा प् रही है …वैसे तोह जगन साब बड़े आदमी हैं ..यह जगह हु जब चाहे खली करवा लेते पैर नहीं करवा पाए ..”

नीता मम और बाकी सब चौंक गए जगन का नाम सुनकर …उन्होंने जगन के बारे में और पूछा और कन्फर्म किया की यह जगन शर्मा वही नीता मम का भाई है या कोई और …जब यह कन्फर्म हो गया की यह जगन वही है नीता मम का भाई ..सो नीता मम ने उससे पूछा ..

नीता मम “ जगन साब यह जगह खली क्यों नहीं करवा पाए ??”

डीलर “ मैडम यह जगह जगन साब के नाम नहीं है ..यह जगह उनके किसी रिश्तेदार के नाम पैर है शायद मुझे इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है ..यह तोह उनके वकील को hi पता होगा ..वैसे उनके वकील को मैं जनता हूँ क्युकी हु मेरे पास में hi रहता है सो ..मुझे यह उसी ने बताया की उसके पिता और जगन के पिता की दोस्ती बहुत पुराणी है ..उसके पिता जगन के पिता के सारे काम देखते थे ..जो आजकल उम्र के चलते वकालत छोड़ चुके हैं ..घर पैर hi रहते हैं उनका लड़का जो मेरे घर के पास रहता है ..उसी से यह सब पता चला …”

जस “ इसका मतलब हु आपका दोस्त है ??”

डीलर हस्ते हुए “ मदन दोस्त कहना सही नहीं है ..पैर यह सब एक दोस्ती नहीं हो सकती मेरा काम और उसका काम एक सा है सो मिलना जुलना लगा रहता है ..जब जगन साब का यह प्लाट का काम मुझे मिला तोह मैंने उससे इन्क्वारी करने को बोलै सो उसने मुझे यह सब बताया ..वैसे हम दोस्त नहीं हैं पैर काम के सिलसिले में जान पहचान है बस..”

नीता मम ने जस के कान में कुछ कहा ..तोह जस ने डीलर से कहा “ क्या हम को उस वकील का एड्रेस दे सकते हो आप ??”

डीलर एड्रेस दे देता है ..और कहता है की हु उसके रिफरेन्स से मिले ताकि उसको कमीशन मिले कस्टमर का … वह सब हाँ कर देते हैं …और डीलर से एड्रेस लेकर वहां चले जाते हैं ..

कुछ देर बाद हु सभी वकील के घर के बहार खड़े थे …

मनु दुर्बल बजता है ..माकन ठीक थक hi था वकील का ..क्युकी दिल्ली में जगह काफी मॅहगी है सो ज्यादा बड़ा या छोटा कहना सही नहीं होगा ..पैर एक फॅमिली के हिसाब से माकन ठीक थक hi था …क्युकी माकन कुछ साल पहले hi शायद दुबारा से बना होगा सो अभी ाचा भी लग रहा था ..

खैर दुर्बल बजने के बाद किसी लड़की ने दूर खोला …जो शायद वकील की बीवी होगी जिसकी आगे कोई 28 के आस पास होगी ..मतलब यह वकील के बेटे की बीवी होगी …

उनसब ने आने की वजह बताई तोह उसने उनको अंदर बैठाया …जिसके बाद हु सभी ड्राइंग रूम में बेथ गए ..वह लड़की उनके लिए चाय बनाने चली गयी …नीता मम का ध्यान सामने लगी फोटोज पैर gaya..jine शायद कुछ उस वकील के बाप के जवानी की फोटो भी थी …

जिनमे से एक फोटो को देखकर नीता मम का धयान उसी पैर रुक सा गया …नीता मम ने उठकर उस फोटो को देखा ..नीता मम उस फोटो को बड़े ध्यान से देख रही थी ..जिनमे दो लोग थे जो किसी जिगरी यार जैसे पोज़ में एक दूसरे के कमर से कमर लगा कर ोप्पसीते डायरेक्शन में खड़े थे …जो शायद उनके जवानी के दिनों की थी ..

नीता मम कड़ी होकर उस तस्वीर को ध्यान से देख रही थी ..की उसी टाइम एक एज्ड इंसान उस रूम में आया ..जिसने नीता मम को उस तस्वीर को देखते हुए पाया ..तोह नीता मम के पास खड़ा हो गया ..और बोलै

एज्ड इंसान “ बीटा यह तस्वीर मेरे सबसे अचे दोस्त की है …जो अब इस दुनिआ में नहीं है ..यह तस्वीर उसके और मेरे जवानी के दिनों की है ..वैसे तुम इसको ईंटे गौर से क्यों देख रही हो ??”

नीता मम को अभी तक उस इंसान ने देखा नहीं था ..जबकि नीता मम के चेहरे पैर आंसू आ चुके थे ..

नीता मम ने पलट कर उसे कहा “ लगता है आप को सिर्फ अपना दोस्त याद है ..जागु अंकल पैर उनकी बेटी और अपनी नीतू बिटिया को भूल गए ..” हु इंसान अपने चश्मे को साफ़ करके नीता मम के रट चेहरे को बड़े धयान से देखता है ..

तोह उसके भी आंसू निकलने लगते हैं ..क्युकी उसकी बूढी आँखें नीता मम को अचे से पहचान गयी थी ..

हु भी नीता मम को देखकर रोने लगता है “ नीतू बेटी कहाँ थी तू ?? तू तोह अपने जग्गू अंकल को भूल hi गयी …कहाँ थी बेतिया ..??”

नीता मम और जग्गू अंकल दोनों एक दूसरे के गले लगकर रो रहे थे …जिनका रोना सुनकर जग्गू अंकल की बहु भी किचन से बहार आ गयी थी ..

दोनों ऐसे hi अपने गुज़रे टाइम को याद करके रट रहे जब कुछ नार्मल हुए तोह बातचीत का सिलसिला चला ..

जागु “ बेटी कहाँ थी तू ..तुझे तेरी शादी पैर आखिरी बार देखा था ..उसके बाद आज देख रहा हूँ ..मैंने तोह सोचा था ..की पता नहीं तुझे देख भी पाउँगा या नहीं ??”

नीता मम “ अंकल आपको तोह पता है मेरी शादी आर्मी पर्सन से हुई थी ,,,जो अब इस दुनिआ में नहीं हैं …पैर अंकल उसके बाद जीने का hi मैं नहीं था …और उनके दुनिआ से जाने के बाद भैया ने भी मुझसे सारे नाते तोड़ लिए थे ..सो मेरे यहाँ दिल्ली में आने की वजह hi नहीं बची थी ..”

जागु अंकल यह सुनकर थोड़े सीरियस हो गए …बहुत दिनों के बाद मिले थे नीता मम से तोह कुछ देर हु लोग पुराने किस्से कहानियों में खोये रहे ..पैर जब जग्गू अंकल ने जस और मनु पैर ध्यान दिया तोह उनके बारे में पूछा ..

तोह नीता मम ने बड़ी शान से बताया की मनु उनका बीटा है ..और जस उनके लिए बेटी सामान ..सो जागु अंकल उनसे बड़े प्यार से मिले …

कुछ देर जान पहचान जब ख़तम हुई तब नीता मम ने जग्गू अंकल से पूछा “ अंकल यह साइट पैर भैया का क्या सन है …???”

जग्गू अंकल “ बीटा सन बस इतना है जो मुझे मेरे बेटे से पता चला है की वहां कुछ लोग बेस हुए हैं जिनको जगन हटा नहीं पाया है ???”

नीता मम “ पैर क्यों ??”

जग्गू अंकल चस्मा साफ़ करते हुए बोले “ नीतू बिटिया इसका मतलब तुमको अपने पिता की वसीयत के बारे में कुछ पता नहीं है ??”

नीता मम चौंकते हुए “ पापा की वसीयत भी है ??”

जग्गू अंकल समझ गए की नीता को कुछ पता नहीं है ..सो हु कुछ देर में आने को बोलकर गए और जब आये तोह उनके हाथ में एक फाइल थी जिसको उन्होंने नीता मम को दे दिया ..

जग्गू अंकल “ बीटा तुम्हारे पिता जो मेरे सबसे करीबी दोस्त थे उन्होंने मरने से पहले अपनी वसीयत की थी जिसके हिसाब से उनके सारे प्रॉपर्टी पैर तुम्हारा हक़ है …जिसको उन्होंने मेरे पास सेफ रखा था और कहा था जगन सही इंसान नहीं है …क्युकी उनकी मौत बड़े hi अज़्ज़ेब तरह से हुई थी …जिसके बाद मैंने तुम्हारा पता लगाकर तुमको वसीयत देने ला सोचा भी पैर तुम शादी के बाद आज मिली हो मुझे यह सब तुम्हारे नाम है …और क्युकी जगन को प्रॉपर्टी के नाम पैर तुम्हारे पापा ने कुछ नहीं दिया था सो ऐसे कई जगह हैं जिनपर जगन चाहकर भी केस नहीं कर सकता है सो यह जगहें किसी और के कब्ज़े में हैं …अब तुम अपनी अमानत सम्भालो नीतू बिटिया ..”

नीता मम के साथ सभी चौंक गए थे की यह सब नीता मम के नाम था यहाँ तक की जगन का घर जिसमे हु रहता था उसके साथ hi कई और शहरों में भी काफी बड़े प्लाट थे जो अब नीता मम के नाम थे …जिनको जगन हड़पना चाहता था ..

जगन के लिए यह सबसे बड़ा झटका होगा जिससे अनजान हु गोवा में पड़ा था …

नीता मम “ जागु अंकल यह सब मुझे पता hi नहीं था ..”

जग्गू “ बीटा तुमको पता न लगे इसी इंतज़ार में जगन ने कुछ किया होगा ..”

नीता मम अब सब समझ चुकी थी की शादी के बाद क्यों जगन और सुमन ने उनको लड़ झगड़कर घर से निकल दिया था …और क्यों आज तक उन्होंने क्यों नीता मम को दिल्ली आने नहीं दिया था क्युकी नीता मम के लिए दिल्ली में कोई बचा भी नहीं था सो उनका दिल्ली आना मुश्किल भी था …पैर अब हालत बदल चुके थे …नीता मम दिल्ली में अपनी जायदाद अचे से देख सकती थी …

जस “ सर यह सब जब अन्त्य के नाम है तोह इस पैर कानूनन हक़ अन्त्य का हुआ न ???”

जग्गू “ बीटा हक़ तोह हुआ पैर इसमें एक और पेच है जिसके हिसाब से नीता जब चाहे अपनी प्रॉपर्टी किसी के नाम कर सकती है ..और अगर नीता इस वसीयत के हिसाब से अगर 20 साल में अपना हक़ नहीं साबित करती तोह उस हाल में सब जगन के नाम अपने आप ट्रांसफर हो जायेगा …क्युकी इस बात को आलरेडी 19 साल हो चुके हैं सो अगर नीतू बिटिया चाहे तोह कोर्ट में अपना हक़ साबित कर दे …और यह सब उसी टाइम से नीतू बिटिया के नाम होगा ..”

जस नीता मम को देखकर बोली ..”इसका मतलब अब हु जगह हमको अन्त्य से खरीदनी पड़ेगी हैं न ..हाहाहाहाहा” इस पैर सभी हंसने लगे पैर नीता मम शांत थी ..

नीता मम “ जस बीटा जो मेरा है उसे तुमको या मनु को खरीदने की जरूरत नहीं है ..जो मेरा है हु अपनेआप मेरे बेटे का hi हुआ न ??? और बेटे को माँ की किसी चीज़ पैर हक़ होता hi है ..खरीदने की जरूरत नहीं है ..वह तोह वैसे भी मनु का hi हुआ न ..”

मनु “ नहीं माँ यह सब बिज़नेस का मामला है इसमें हु सब बाद में पहले यह देखना है की यह सब नाना जी ने जो आपके नाम किया है पहले उसपर आपका हक़ साबित हो जाये ..उसके बाद सोचेंगे करना क्या है ..वैसे अंकल जी यह सब माँ के नाम होने में कितना वक़्त लगेगा ??”

जग्गू अंकल “ बीटा यह सब होने में कोई दो दिन तोह लगेंगे hi क्युकी मेरा बीटा अभी कोर्ट में hi होगा सो उसको मैं बोल्डट हूँ आज hi अर्ज़ी लगा दे और सब कुछ सही रहा तोह कल नीता को कोर्ट में आकर अपना हक़ साबित करना होगा और यह सब कल hi नीता बेटी के नाम हो जायेगा ..”

मनु सोचते हुए “ तोह अंकल आप कॉल करके अर्ज़ी आज hi लगा दीजिये ..”

जग्गू अंकल उसके बाद अपने बेटे को बोलकर अर्ज़ी लगाने को बोल देते हैं क्युकी उनके नाम और बेटे के नाम से काम जल्दी हो न तय था ..सो मनु और नीता मम ,जस कुछ देर और जग्गू अंकल के यहाँ रुके और वहां से चले गए वापस यह कहकर की बाद में आएंगे ..पैर इसका जीकर जगन & फॅमिली से न किया जाये ..सो जग्गू अंकल ने भी इस पैर हामी भरी ..

मनु और बाकी सब अब घर वापस आ चुके थे जहाँ राज भी नशा उतरने के बाद आ चूका था ..शाम का टाइम था सो सबने खाना खाया और सो गए ..आज मनु ने रात को सुमन को अचे से छोड़ा क्युकी सुमन ने आज भी सबको नींद की गोली वाला दूध दे दिया था …सुमन की जी खोलकर चुदाई की मनु ने आज रात ..

मनु सुबह अपने टाइम से उठा और क्युकी आज जगन को आना था सो सुबह उठकर हु अपने वर्कआउट और ट्रेनिंग को पूरा करता है ..जब हु वापस आता है तब सभी पहले जैसे सोये हुए थे …

सो मनु कुछ सोचकर आज राज के रूम में जाकर उसे उठता है ..राज बड़ी मुश्किल से उठता है ..मनु को सामने देखकर बोलता है “ क्या हुआ इतने सुबह क्यों उठाया मुझे मनु क्या बात है ??”

मनु “ यहाँ नहीं बहार चलो कुछ बात करनी है …पहले फ्रेश हो जाओ बाद में निचे मिलना बात करते हैं”

राज फ्रेश होकर निचे आता है तोह मनु उसे साथ लेकर बहार आ जाता है एक पार्क में जहाँ सुबह लोग अपनी एक्सरसाइज में बस्सी थे ..

राज “ क्या बात है क्या बात करनी है ??”

मनु “ तुमको याद है न उस दिन पिटे टाइम तुमने क्या कहा था ??”

राज सर पकड़ते हुए ..” यार याद नहीं आ रहा उस दिन ज्यादा हो गयी थी ..तुम hi बता दो क्या कहा था मैंने ??”

मनु “ तुमने कहा था तुमको अपनी माँ यानी मामी से प्यार है..”

राज चुनते हुए “ सुच में ऐसा कहा था ..याद नहीं मुझे ??”

मनु “ तुमने यह भी कहा था की तुम उनको ..मेरा मतलब है की उनके साथ सेक्स करना चाहते हो ??”

राज को उस रात का सब याद था पैर उस टाइम नशे का ड्रामा करना चाहता था राज ..पैर मनु को खुलकर कहते हुए सुना तोह उसने कहा ..

राज “ यार कहा होगा नशे में इंसान पता नहीं क्या क्या कहता है ??”

मनु “ अगर ऐसा है तोह जाने दो मैंने सोचा था की इसमें तुम्हारी मदद कर दूँ पैर तुमको ड्रामा करना तोह रहने दो ..”

राज यह सुनकर चौंक जाता है …उसके इस चुदाई के बारे में मनु ने सामने से हेल्प करने को कहकर उसका दिमाग हिला दिया था ..क्युकी रिया और सुमन के साथ राज ने मनु की बॉन्डिंग देखि थी सो सोचने लगा अगर मनु उसकी हेल्प करे तोह सुमन की चुदाई सबसे आसान तरह से होगी उसके लिए ..

राज “ इसमें तुम मेरी हेल्प करोगे सुच में ?? तुमको बुरा नहीं लग रहा की मैं अपनी सगी माँ को hi सेक्स की नज़र से देख रहा हूँ ??”

मनु “ देखो तुम और तुम्हारी मम्मी जाने इसमें ..मेरे सोचने से क्या होगा ..जरूरत तुम्हारी है तोह तुम सिर्फ इतना बताओ की तुमको करना क्या है ?? मेरी सोच इस में कोई मायने नहीं रखती ..”

राज को अपना सपना पूरा होते हुए महसूस हो रहा था ..सो उसने ज्यादा नहीं सोचा क्युकी ऐसे काम में शायद hi कोई हेल्प करता है ..सो राज ने हाँ कर दी ..

मनु “ तोह आज त्यार रहना जब मैं कॉल करूँ तोह मेरे फार्म हाउस पैर आ जाना ..वहां तुम आज जी खोलकर मामी से चुदाई कर लेना ..वैसे क्या प्लान है आज का ??”

राज ख़ुशी से मनु के गले लग जाता है ..और कहता है “ यार तुम सुच में बहुत अचे दोस्त या भाई हो जिसने मेरी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा तोहफा दिया है ..आज मुझे कैसे शुक्रिया कहूं तुमको ??”

मनु “ शुक्रिया की जरूरत नहीं अचे से एन्जॉय करना ..बस काफी है …और त्यार रहना जब कॉल करूँ तब फार्म हाउस पैर आ जाना टाइम से ..और मामी के साथ एन्जॉय करना ok ”

राज “ हाँ जैसे कहोगे वैसा hi करूँगा बस एक बार मिल जाये बहुत है ..”

मनु “ एक hi बार कुछ करवा पाउँगा क्युकी शायद मुझे इसमें बहुत रिस्क लेना पड़ेगा सो दुबारा की उम्मीद तुम मुझसे मत लगाना “

राज “ यार एक hi बार काफी है …”

मनु “ तोह तय रहा जैसे hi कॉल करूँगा वहां आ जाना बाकी तुम जानो और मामी जाने “

राज “ थैंक्स डिअर मेरे प्यारे भाई ..”

मनु और राज वहां से वापस घर आये ..और अपने अपने रूम में चले गए ..तब तक सभी का नास्ता पानी हो चूका था …उसके बाद मनु ने जस के साथ नीता मम को साइट देखने के नाम पैर साथ लिया और जस को नीता मम के साथ कोर्ट भेज दिया …

और खुद गया हु अपने फार्म हाउस पैर ..जहाँ जाकर मनु ने उन दोनों आदमियों को कॉल किया और उनसे किसी उम्र दराज़ prostitute(desi भाषा में रंडी) का नंबर लिया और उसको वहां फार्म हाउस पैर बुला लिया …

जबतक हु रैंड आयी तब तक मनु ने उन डिटेक्टिव से जगन का पूछा तोह पता चला जगन कुछ घंटा में hi दिल्ली आने वाला है ..जोकि गोवा में था पैर बैंगलोर का बता कर आया था …मनु ने उन दोनों आदमियों को उसको किडनैप करके उनकी आँखों पैर पट्टी भांधकर वहां फार्म हाउस पैर लेन को कहा ..

जगन एयरपोर्ट से जैसे hi बहार आया ..तोह उसको टैक्सी बैठा लिया उन्दोनो ने उसके घर जाने के बजाये उसको बेहोशी की दवाई सुंघा कर जगन को पट्टी बांधकर उन्होंने जगन को फार्म हाउस पैर छोड़ दिया …

जहाँ मनु ने जगन को बांध दिया एक रूम में …और बहार आकर मनु ने उन्दोनो से पूछा ..

मनु “ देखो आजतक तुम दोनों ने बहुत साथ दिया है …आजके बाद तुमको मैं जॉब दे रहा हूँ क्युकी मैं यहाँ बिज़नेस सेटअप कर रहा हूँ तोह तुम दोनों उसमे काम कर सकते हो ..जैसे hi ब्रांच ूपेण होगी तुम दोनों काम करोगे उसमे …कोई प्रॉब्लम है तोह बता दो अभी …”

दोनों ने साफ़ कहा की दोनों को काम करना है और उनको कोई दिक्कत नहीं है …क्युकी दोनों बेचारे काम न मिलने से परेशान थे सो हाँ कर दी दोनों ने ..

उसके बाद मनु ने उनसे कहा “ देखो तुम्हारे से एक काम अभी है …”

आदमी 1 “ क्या काम है ??”

मनु “ काम सिंपल है तुम्हारे जीतनेय दोस्त गांडू मतलब गांड मरने के शौकीन हैं उनको यहाँ बुला लो …”

आदमी 2 “ यहाँ किसकी गांड फटने वाली है ??”

मनु “ वही जिसको तुम लेकर आये हो उसी की गांड का अचे से कचूमर बनाना बाकी है …”

आदमी 1 हस्ते हुए “ बड़ी अज़्ज़ेब बात है साब की आप लोगों को किडनैप करवा कर उनकी गांड मरवाते हो ??”

मनु “ मेरे साथ काम का एक hi रूल है जो है बिना सवाल किये काम करना ..वैसे भी उस इंसान ने मेरे दिल पैर चोट की है तोह सजा तोह उसको मिलेगी hi …”

आदमी 2 “ साब आप न बड़े मज़ेदार इंसान हो जो दिल की चोट पैर गांड का जवाब दे रहे हो ..ाचा है वैसे भी आपने काम दिया है इतना मदद किया है हमरे फॅमिली को सेफ किया है तोह हमारे लिए सवाल करना बेवजह है …वैसे आपको जितना जाना है उस हिसाब से इस इंसान ने पक्का कोई बड़ी गलती की होगी ..वजह नहीं पूछ रहा हूँ ..पैर बता सको तोह बता दो हमको भी की आखिर उसकी गांड का कसूर क्या है ??”

मनु “ उसका कसूर इतना है की उसने मेरी माँ को मरने का प्लान बनाया था ..इससे ज्यादा मत पूछना प्लीज …क्युकी मैं अपने साथियों से झूठ नहीं कहता हूँ ..सो बाकी तुम देखलो हेल्प करनी है या नहीं ??”

माँ को मरने की बात सुनकर दोनों आदमी गुस्से से भर गए ..माँ दुनिआ में सबको प्यारी होती है ..जिसकी है उसे भी जिसकी नहीं है उसे भी …और बात जब माँ की आती है तोह अचे से ाचा इंसान दूसरे की maa-behan करने में सोचता तक नहीं है ..सो यहां भी दोनों गुस्से से लाल हो गए ..दोनों के उप्पेर मनु का काफी एहसान था ..पैर बात यहाँ माँ की थी …दोनों के दिल में मनु के लिए रेस्पेक्ट थी ..सो दोनों ने इस काम के लिए हाँ कह दिया और दोनों ने अपने दोस्तों और दोस्तों के दोस्तों को कॉल करके 15 मिनट में hi काफी लोग जमा कर लिए वहां ..

कुल मिला कर वहां गांडू मतलब गांड के शौकीन लोगों की टोटल 25 की काउंट थी …इतने लोग देखकर दोनों आदमी सोचने लगे की कहीं जगन गांड मरने से मर hi न जाए …

मनु ने सोचते हुए देखा तोह कहा “ डरो नहीं गांड अचे से मारवणी है उसकी ..मरेगा नहीं पैर ज़िन्दगी भर तड़पेगा की उसकी गांड मरी किसने …वैसे तुम दोनों को देखा तोह नहीं न उसने ??”

आदमी1 “ देखा कैसे नहीं टैक्सी में अचे से देखा था उसने ..”

मनु “ कोई बात नहीं देख लूंगा सब ..वैसे भी गांड मरने के बाद सोचा जायेगा की उसका करना क्या है ??”

तब तक वहां हु रैंड आ चुकी थी ..उसके बेल्ल बजाते hi मनु ने उनसबको उपपरवाले फ्लोर पैर भेज दिया ..

और खुद दूर पैर आया ..वह रैंड शामे सुमन जैसे hi जिस्म की थी ..मनु को देखते hi बोली ..

रैंड “ ए हीरो तू छोड़ेगा मुझे ..आज तोह चंडी है मेरी ..चल आजा जल्दी से छोड़ मुझे “मनु से लिपटे हुए बोली..

मनु “ सॉरी पैर आपको किसी और के लिए बुलाया है ..आप सामने के रूम में जाओ वहां आकर मिलता हूँ आपसे ..

रैंड “ क्या यार कितना चिकना है रे तू ..अजा नए क राउंड तू hi ले ले ..तेरे जैसे चिकने के लिए डिस्काउंट भी दूंगी रे ..आ न बार तुझे जन्नत की सैर करवाती हूँ रे “

मनु सख्त लहज़े में “ जितना कह रहा हूँ उतना करो ..न उससे ज्यादा न काम ..पैसे की चिंता मत करना ..पैसे जीतनेय तुमने सोचे नहीं होंगे उतने दूंगा ..पैर मुँह बंद रखो ..अभी ..”

रैंड मैं मार्कर सामने के रूम में चली गयी…

मनु ने उसके जाते hi राज को कॉल किया …

मनु “ हाँ राज कहाँ हो ??”

राज “ बस अभी आ रहा हूँ …”

मनु “ अरे यार हवा में मत उड़ ..सुन तेरी हेल्प कर रहा हूँ …उसके लिए बस इतना कहूंगा की तू बस जितना कहूं उतना करना ..न उससे ज्यादा न उससे काम ..”

राज “ पैर मम्मी तोह घर पैर hi है ..फिर कैसे फार्म हाउस पैर होगा यह सब ??”

मनु “ हु सब मुझपर छोड़ दे न ..मैं देख लूंगा तू बस जब कॉल करूँ तब आ जाना ..”

राज “ ok दोने “ मनु कॉल कट कर देता है ..क्युकी उसको पता था की आज सुमन का प्रोग्राम है किटी पार्टी में जाने का ..

सो उसने सुमन को कॉल किया ..” hello ममी कहाँ हो ??”

सुमन “ तुम को तोह पता है आज किटी पार्टी में जाना है उसी लिए त्यार हो रही हूँ राजा ..वैसे तुम चाहो तोह बहार कहीं कुछ करते हैं ..”

मनु “ नहीं बहार ठीक नहीं है …रिश्ता हमारा बदनाम नहीं होना चाहिए मामी चाहे मैं और आप कितना भी चुदाई करते हैं ..पैर बहार कोई देखेगा और उसके बाद आज नहीं तोह कल बात होगी ..सो हु मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से आपको कोई भी बदनाम करे ..सो आप जब जाओ तोह एक मस्सगे कर देना ..क्युकी शाम को आपके आने के पहले शायद मां आ जाएँ तब आज रात तोह चुदाई होने से रही ..”

सुमन “ राजा तुम्हारे सामने तोह मैं कभी भी त्यार हूँ ..वैसे भी जगन से होना तोह कुछ है नहीं ..सो उसके बारे में सोचना क्या ..आपने नींद का दूध जिंदाबाद है न .रात को मिलूंगी मैं तुमसे ..”

मनु “ पैर आपकी फ़िक्र होगी मुझे सो जाने से पहले और आने से पहले बस एक मस्सगे कर देना ..”

सुमन “ ok राजा ..लव ु ..मुह्हह्हआ!”

मनु “ अपना धयान रखना क्युकी आपकी किटी पार्टी मैं लोग आज घायल होने वाले हैं …”

सुमन “ डिअर वहां सब लेडीज hi हैं सो यह तोह रहने दो ..बाकी मैं अब जा रही हूँ ok रात को मिलते हैं ..”

मनु “ bye तक केयर ममी “

उसके बाद सुमन का कॉल मनु ने कट कर दिया ..

मनु ने इसके बाद राकेश इंस्पेक्टर को कॉल किया ..

मनु “ hello कैसे हो इंस्पेक्टर साब आप??”

राकेश “ hi दोस्त बस ठीक हूँ काट रही है ज़िन्दगी ..वैसे तुम को इंस्पेक्टर कहने को मन किया था न …”

मनु “ दोस्त तुम इंस्पेक्टर हो तोह क्या हवलदार कहूं तुमको ??”

राकेश “ हाःहाहा! नीस वैरी नीस ओने ..खैर और बताओ कैसे याद किया ..मुझे “

मनु “ कुछ नहीं बस एक छोटो सा काम है अगर टाइम हो तोह ..??”

राकेश “ यार टाइम hi टाइम है ..वैसे भी आज चोरी का hi केस है जिसको sub-inspector देख hi रहा होगा ..सो तुम बताओ ..काम क्या है ??”

मनु ..” काम सिर्फ इतना है मेरी माँ और मेरी दोस्त इस वक़्त कोर्ट में हैं जिनको आज प्रॉपर्टी के सिलसिले में वहां काम है ..बस उनको थोड़ा हेल्प कर देना ..क्युकी सिर्फ दोनों लेडीज हैं ..और वैसे भी दोस्त के शिव मुझे गैरों पैर भरोसा नहीं होता…”

राकेश “ दोने दोस्त ..तुम्हारे जैसे इंसान के लिए मुझे दोस्त मन्ना hi मेरे लिए काफी है …खैर मैं देखता हूँ क्या कर सकता हूँ इसमें ..वैसे कोण से कोर्ट में हैं दोनों अभी ..”

मनु उसको कोर्ट का एड्रेस देता है ..और थैंक्स कहकर कॉल कट कर देता है ..

सामने के रूम में जाकर उस रैंड को अचे से समझता है की उसको करना क्या है ..रैंड नक्र न करे सो मनु उसको पहले hi पैसे दे देता है ..रैंड इतने पैसे देखकर तुरंत हाँ कर देती है ..मनु उसे सब अचे से समझा देता है की करना क्या है …

तब तक सुमन अपने किटी पार्टी में जाने का मस्सगे कर देती है ..उधर से राज भी मस्सगे करता है मनु को की सुमार जा रही है कहीं ..

मनु उसको उसी के रूम में रहने को कहता है …

अब मनु जगन के रूम में जाकर उसको देखता है ..जगन होश में आ चूका था पैर उसकी आँखें और मुँह बंधा हुआ था …क्युकी मनु ने उन दोनों आदमियों से कहकर जगन को उल्टा बंडवा रखा था ..कुछ इस तरह की जगन की गांड उप्पेर थी उसका मुँह और आँखें बंधी हुई थी ..नंगा जगन घोडा बना हुआ था …

मनु ने उसको देखा अचे से …जगन को देखकर उसके मुँह पैर एक मिस्ट्री से भरी स्माइल आ गयी ..इस मुस्कुराहट में बहुत कुछ छुपा हुआ था ..आज जगन के लिए …

खैर मनु ने उसको एक बार फिर से भेहोशी की दवा सुंघा दी जिससे जगन बेहोश हो गया …

मनु ने देखा और राज को वहां आने को कहा …राज भी आज अपनी माँ की छूट मरने के नाम से हवा में उड़ते हुए वहां आने को तैयार हो गया था …

मनु ने उप्पेर जाकर उन सभी को वहां अछि व्हिस्की सभी को दी ..और अचे से एन्जॉय करने को कहा ..ताकि सब मदहोशी में जगन का हाल बिगाड़ दें …फ्री की दारु देखकर उन सभी के चेहरे खिल गए थे ..सो बेथ गए पिने ..मनु ने उनको साफ़ कह दिया था ..की एक भी बाँदा आवाज़ नहीं कर्ज जब तक हु न कहे तब तक ..और जैसे hi उनका काम होगा उनको पैसे भी देगा …

पैसे का सुनकर सारे बहुत खुश हुए ..एक तरफ गांड …दूसरी तरफ फ्री की दारु ..तीसरी तरफ गांड और दारु के साथ पैसा भी ..सारे 25 बन्दे ख़ुशी से झूमने लगे पैर ..मनु ने साफ़ कह दिया उनको की दारु चाहे जैसे पियो पैर आवाज़ नहीं हो ..पैसा काम के बाद ..सभी ने इस पैर हाँ कहा..

क्युकी उन्दोनो आदमियों ने क्लियर बता दिया था की मनु का काम हर हाल में होना चाहिए सो 25 बन्दे भी त्यार थे इसके लिए सो सब co-operate कर रहे थे ..सभी अपने पिने में बिजी हूँ गए ..

मनु वहां से निचे आया …जहाँ हु रैंड थी उस रूम में आकर उसने एक बार फिर सब क्लियर समझा दिया ताकि कोई चूक न हो …

और थोड़ी hi देर में राज ने दस्तक दी ..मनु ने दूर ओपन किया ..

राज आते hi मनु के गले लग गया ..ख़ुशी के मारे ..

राज “ मेरे भाई तू सुच में सुपर है ..जो ऐसा मौका दे रहा है वैसे तूने मम्मी को इसके लिए राज़ी कैसे किया ??”

मनु “ क्या बोलै रज़्ज़ी ???”

राज “ और नहीं तोह क्या ??”

मनु “ राज तुम पगला गए हो मामी तोह क्या कोई भी औरत एक hi बार में अपने सेज बेटे की इस हरकत को शायद hi बर्दास्त कर सके ??”

राज हैरत से “ तोह फिर ??”

मनु “ फिर क्या क्युकी तुम्हारी हेल्प करने का सोचा था ..तोह हेल्प कर रहा हूँ सामने के रूम में मैंने मामी को नींद की गोली दे दी है ..तू जाकर आपने काम कर ले उसके बाद मुझे बता देना ½ घंटा बाद चेक कर लूंगा उनको ..की कहीं हु जाएगी तोह नहीं हैं ..उसके बाद उनको होश में आने से पहले तू यहाँ से निकल जाना …इतना hi कर सकता हूँ तेरे लिए ..”

राज सोचते हुए “ निकल जॉन से क्या मतलब है मनु …कहीं तू मेरे जाने के बाद मम्मी के साथ ऐसा वैसे करने का सोच तोह नहीं रहा है न ..भूल मत मम्मी है मेरी ..”

मनु “ वह राज क्या अचे टाइम पैर तुझे याद आया है की मम्मी है तेरी ..छूट उसी मम्मी की यहाँ लेने आया है ..तेरे लिए मैंने उनको यहाँ बुलाया ..और नींद में उनको सुला दिया ..तेरे उनकी चुदाई के बाद भी मुझे यह चेक करना है की कहीं उनको तुझपे शक न हो जाये ..अपने घर को ऐसे घिनोने काम के लिए दे रहा हूँ ..उसके बाद भी तू मुझे शक से देख रहा है ..वह राज क्या बात है ..अपनी मम्मी की चुदाई करने की सोच रखने वाला तू सही और तेरे इस घटिया काम में मदद करने वाला मैं गलत क्या सोच है भाई तेरी सलाम है तुझे ..कितना ाचा सिला दे रहा है तू मुझे ..थैंक ु राज ”

राज यह सुनकर शर्मिंदा हो गया ..बात सही भी थी की खुद अपनी माँ की चुदाई कर रहा है और मनु को शक की नज़र से देख रहा है राज ..जहाँ आज के टाइम में राज ने अपने साथियों से रूम के लिए कई लोगों के पेअर पड़ते हुए देखता था .वहां आज उसको खुद के फार्महाउस पैर मनु ने उसी की माँ को उसके निचे आने का उसका हु सपना जिसको हु शायद hi कभी पूरा कर पता ..उसको एक hi झटके में पूरा कर दिया था ..ऐसे में उसने मनु को शक से देखकर खुद की सोच उसके आगे रख दी थी …

पैर मनु ने उसको दो मिनट में hi सुच का आइना दिखा दिया था ..सो राज ने तुरंत अपने कान पकड़ लिए .साथ में कान छोड़कर जब उसको लगा हु ज्यादा गलत है तोह राज ने मनु के पेअर पकड़ लिए ..

राज के पेअर पकड़ते hi मनु बोलै “ देख राज अभी सोचने का टाइम नहीं है जितना सोचेगा टाइम बेकार होगा जो करना है रूम में कर ले ..और हाँ लाइट ऑफ रखकर करना क्युकी अगर गलती से भी मामी को होश आया भी तोह उनको पता न चले की उनके साथ तू है सो आगे देखले ..”

राज “ थैंक्स भाई तेरा यह एहसान नहीं बोलूंगा मैं कभी “

मनु “ एहसान भूले न भूले पैर कंडोम लाना तोह नहीं भुला न ..क्युकी बाद में उनको होश आया और तेरा पानी निचे मिला तोह राज बाबू तुम फंसो न फंसो मैं जरूर शक के दायरे में आ जाऊंगा मामी के .. “

राज “ नहीं यार भुला नहीं हूँ लाया हूँ एक नहीं पूरा पैकेट है ..ाचा जाता हूँ ..” राज अंदर के रूम में चला गया जहाँ अँधेरे में हु रैंड राज का hi वेट कर रही थी …

शायद इस राज की किस्मत कहो की हु रैंड जो जीन्स और टॉप मैं रहती थी ..आज साडी में आयी thi…kyuki सुमन भी साडी मोस्टली पहना करती थी ..सो यहाँ राज का शक करना मुश्किल था …

खैर क्युकी राज उसी रूम में कल नशे में रुका था सो ..अँधेरे में भी उसे बीएड का अंदाज़ा था ..सो अँधेरे में आँखें नार्मल होने तक रुका और जब आँखें नार्मल हुई तोह बीएड की तरफ बढ़ा ..

जहाँ रैंड को मनु ने अचे से समझाया हुआ था की उसको बस नीड की एक्टिंग करके चुदाई करवानी है …

राज बीएड के पास आया ..और उसने रैंड के पैरो को छुआ अपने हाथों से.. राज के ठन्डे हाथ लगते hi रैंड को महसूस हुआ की काम शुरू होने वाला है ..पैर उसका यह रोज़ का काम था ..सो उसे इसकी आदत थी …

खैर राज की सुमन की चुदाई के नाम से hi उसका लैंड झटके मार रहा था …उसका लैंड प्रेकम से लबालब भरा हुआ था …उसका अपनी सगी माँ को छोडने का सपना आज पूरा होने वाला था ..

ऐसे में राज से सबर नहीं हो रहा था …उसके हाथ और पाँव पहली चुदाई के नाम से hi कांप रहे थे …

ऐसे में राज ने टाइम की कमी की वजह से जल्दी से अपने कपडे उत्तर दिए ..क्युकी टाइम काम था ..सो राज अँधेरे में उस रैंड को सुमन सोचकर छू रहा था ..रैंड भी नींद में होने किआ ची एक्टिंग कर रही थी …

सो राज जल्दी से नंगा हुआ और उसने निचे पड़ी अपनी जीन्स में से कंडोम का पैकेट निकला और अँधेरे में टटोलते हुए उसको अपने 6.5 इंच के लैंड पैर लगा लिया ..और उस रैंड के उप्पेर आने लगा ..सुमन समझ कर ..

रैंड जरा भी हिली नहीं ..राज ने धीरे धीरे उसकी चूचियों को हलके हाथ से मसलना शुरू कर दिया ..राज का अंदर से मैं था की हु जोर जोर से मसाले पैर यह सोचकर की सुमन की नींद न खुल जाये ..सो उसने धीरे धीरे से hi अपने दिल को मन लिया ..

राज के कुछ देर चुकी मसलने के बाद उसका हाथ उस जगह जा पूछा जिस जगह की उसको आज सबसे ज्यादा ख्वाहिश थी …सुमन की छूट ..जिसके लिए उसने आज अपने कई रिश्ते लगभग तार तार कर hi दिए थे ..

रिश्ते एक माँ बेटे का ..एक भाई का ..एक भाई जिसके साथ उसे ख़ुशी और गम बांटनी चाहिए थी ..उसका भाई आज उसी की माँ को उसके निचे ले आया था …हाँ मनु ने आज सुमन को उसके निचे ले आया था ..राज की नज़र में ..

और हु माँ जिसने राज को पैदा किया और उसको पला पोषा उसी माँ को छोड़ना आज राज की सबसे बड़ी चाहत बानी हुई थी ..उसने एक बार भी रिश्ते का ख्याल नहीं किया ..सुमन और अपने रिश्ते का …जिस्म की गर्मी के आगे आज राज बाकी रिश्तून के एहसास को भुला चूका था …

जिस छूट से निकला था उसी छूट की चुदाई आज राज का मक़सद बन चुकी थी ..उसी मक़सद के लिए राज ने अपनी बुआ के मुंहबोले लड़के अपने भाई की हेल्प ली थी …और मनु ने भी राज को न सिर्फ सुमन की चुदाई का मौका दिया बल्कि उसे जगह भी दी एक फार्म हाउस वर्ण आज दिल्ली में बेहिसाब लड़के hi यह जगह की कमी के चलते अपने लैंड को टार्चर करते हैं क्युकी अगर उनकी गफ देने की विश भी करे तोह रूम नहीं है ..और अगर गलती से भी रूम मिला तोह उस रूम को देने वाला उस लड़के की गफ को फ्री फंड में छोड़ने की डिमांड कर देता है ..

डिमांड एक ऐसी डिमांड जिसमे बेचारी लड़की सिर्फ अपने प्रेमी से चाँद पल अपने और उसके लिए मांगती है ..पैर उसको क्या पता ..की उसके बर्फ के दोस्त उसी पैर चढ़ने की फ़िराक में हैं ..लड़की अपनी मर्ज़ी से करे तोह कितने हैं उसे फर्क नहीं पड़ता ..पैर जहाँ कई गफ और बर्फ अपने आने वाले फ्यूचर में शादी तक की प्लानिंग करते हैं वहां ऐसे दोस्त लड़की की इज़्ज़त को अपने मज़े के लिए तारतार कर देते हैं …

जिनमे से कई बार तोह लड़की के बर्फ तक को उसके दोस्त नहीं बताते की हु उसी रूम में या तोह रिकॉर्डिंग कर रहे हैं या अचानक से आकर दोनों को ब्लैकमेल करके ..चुदाई करना चाहते हैं ..अगर लड़की ऐसे में मन भी करे या रोके तोह बेचारी के हाथ में कुछ नहीं होता है …या तोह हु उन्सबके साथ चुदाई करे या ब्लैकमेल होकर अपनी और अपनी फॅमिली का नाम बर्बाद होने दे ..ऐसे में भी हु रूम वाले लड़के जो लड़की की चुदाई करते हैं ..उसे आसनी से जाने नहीं देते ..उसकी चुदाई का मंस बना कर वायरल कर देते हैं ..अब लड़की और उस लड़के के हु शादी के सपने तोह वहीँ टूट चुके होते हैं जब उस लड़की की चुदाई उसके साथी कर चुके होते हैं ..बची कुछ कसार यह मंस निकल देते हैं ..जिसको सब बड़े मज़े ले लेकर देखते हैं ..बिना यह सोचे की पता नहीं उस लड़की को ब्लैकमेल किया जा रहा है या नहीं …ऐसे मंस देखने वाले अपनी थ्योरी बड़े स्ट्रांग वे में कहते हैं “ यह चुदाई करवाने वाली कोनसी शरीफ लड़की है ??? उसने मज़्ज़ा लिया ..तोह कुछ नहीं अब हम देखकर भी मज़्ज़ा न लें ..” लड़की सोचती है उसके बर्फ ने उसके साथ देखा किया है जबकि उसके बर्फ के साथ भी धोखा hi होता है ..की उसके दोस्त कल तक जिसे भाभी भाभी कहते थे आज उसी भाभी को अपने लैंड के निचे लेन की फ़िराक में हैं …यहाँ लड़की और लड़के दोनों के साथ कई बार धोखा होता है ..जिसके बाद कई लड़कियां या तोह सुसाइड कर लेती हैं या कुछ जिस्मफरोशी करने लग जाती हैं क्युकी एक मंस उनकी लाइफ बदल चूका होता है ..और कुछ के घर वाले उस लड़की की शादी करवा देते हैं शहर बदलकर ..पैर मंस दोस्त मंस जब यह मंस उस लड़की का हस्बैंड देखता है तब उस लड़की को या तोह तलाक दे देता है या फिर उम्र भर उस लड़की को बोलने का मौका नहीं मिलता क्युकी यहाँ ज़िन्दगी दोनों की खराब होती है ऐसी लड़की की और उस बेगुनाह इंसान की भी जिसने उस लड़की से शादी किट hi उम्र भर जिसका साथ देने का वडा किया था ..ऐसे में हु बेचारे बिना वजह बलि का बकरा बन जाता है …यह सब होता है सिर्फ एक रूम की वजह से …

खैर बैक तो स्टोरी राज के हाथ कम्प रहे थे उस छूट को चुने के लिए जिससे कभी हु इस दुनिआ में आया था ..एक अज़्ज़ेब सी सिरहन उसके जेहन में हो रही थी ..सुमन को सोच कर हु रैंड की चुदाई करनेवाला था ..

सुमन जहाँ किटी पार्टी में थी वहां राज के हिसाब से सुमन वहां उसके निचे छोड़ने वाली थी …

राज ने हलके से उस रैंड की छूट को छुआ ..रैंड के जिस्म ने नार्मल फील किया उसका काम डेली का था ..सो उसे आदत पद चुकी थी ..

राज ने हलके हाथ से उस रैंड को छूट को साडी के उप्पेर से छुआ ..था ..यह सोचकर की यह सुमन की छूट है राज का लैंड झटकी खा रहा था ..

राज से अब साबरा नहीं हुआ ..वह चुकी पीना चाहता था किश करना चाहता था ..पैर रिस्क लेना अभी पॉसिबल नहीं था उसकी एक गलती सुमन को जगा सकती थी …

सो राज ने जल्दी से साडी उप्पेर की और रैंड की व् शेप पंतय को हल्का सा साइड किया और सुमन की अपनी माँ की छूट सोचकर उस रैंड की छूट में लैंड धीरे धीरे उत्तर दिया …

रैंड की छूट डेली चुदाई के चलते ढीली थी ..सो आसानी से राज का लैंड खपा गयी ..उसने जरा भी हाल्ने की कोशिश नहीं की राज ने छूट में लैंड को अब अंदर बहार करना शुरू किया ..

पहली बार चुदाई और हु भी राज के हिसाब से सुमन उसकी सगी माँ की चुदाई का सोच कर राज पागल सा होगया था …चुदाई का भूत छूट में लैंड जाने के बाद उसके सर चढ़ चूका था ..पहली बार छूट में लैंड डालने का मौका आज राज को नसीब हुआ था ..सो राज ने धीरे झटके लगाने की जगह बहुत तेज़ी से चुदाई करनी शुरू कर दी ..

क्युकी राज पहले से hi काफी गरम था ..और अपनी सगी माँ को छोड़ रहा है यह सोच सोच कर उसके लैंड का पहले से बुरा हाल tha…aise में राज अपनी पहली चुदाई में ज्यादा देर टिका नहीं रह सका …लगभग 15 मिनट में hi तेज़ी से चुदाई करता हुआ राज अपना पानी बहा देता है ..पैर राज ने तब भी उस रैंड के उप्पेर गिरने की कोशिश नहीं की …क्युकी मुठ मर मर कर उसे पानी बहाने का एक्सपीरियंस था ..सो ऐसे में हु जल्दी से अपने कपडे पहन लेता है ..उसका सुमन को छोड़ने का सपना पूरा हो चूका था ..सो उसने जल्दी से अपने कपडे पहने और उस रैंड के पंतय को ठीक किया और उसकी साडी को जो उप्पेर उठी थी उसे भी ठीक किया और बहार चला गया ..

जहाँ मनु उसे देखकर हैरत से टाइम देखता है …

मनु “ हो गया तुम्हारा सपना पूरा ..”

राज मनु के गले लग कर “ हाँ भाई तूने मेरा कभी न पूरा होनेवाला सपना पूरा कर दिया थैंक्स भाई ..तू सुच में सोचा भाई है ..आज से राज की लाइफ में तुझसे बढ़कर कोई नहीं भाई ..”

मनु “ बस बस वैसे मैंने तोह सोचा था टाइम लगेगा पैर तू तोह जल्दी आगया ..क्या हुआ ??”

राज “ कोई और होता तोह बहाना बना देता पैर तुझसे झूंठ नहीं कहूंगा यार लैंड सुबह से मम्मी की चुदाई के नाम से पागल था ज्यादा देर टिक नहीं पाया ..पैर जितना मिला उतना काफी है ..पैर दिल चाहता है काश एक बार मम्मी को पुलि हुई गांड और मार पता यार ..पैर कोई नहीं छूट मिली काफी है ..”

मनु यह सुनकर सोचने लगता है …कुछ सोचकर ..” तू मामी की गांड चाहता है न बस इतना hi न ???”

राज “ हाँ यार काश एक बार मिल जाये ?? वैसे जैसे तूने कहा था ज्यादा चिपटने की कोशिश नहीं की बस चुदाई की और आ गया ..”

मनु “ गुड जब तूने मेरी बात मणि है तोह तेरे लिए आज और अभी गांड का इंतज़ाम होगा राज ..पैर एक शर्त है ..”

राज “ यार मेरी गांड मत मांग लेना बाकी सब मंज़ूर है ..हाहाहाहा!”

मनु “ नहीं यार ऐसा नहीं है ..मुझे तेरी या किसी की गांड में कोई इंटरेस्ट नहीं है ..शर्त सिंपल है बस मामी की गांड के अलावा तू कुछ नहीं छुएगा ..न छूट न चुकी ..”

राज “ अगर मम्मी की गांड मिल रही है तोह यह भी मंज़ूर है ..पैर ऐसा क्यों भला ??”

मनु “ यार नींद की दवाई का असर पता नहीं कितना है ..उसे चेक करता हूँ ..क्युकी गांड मरना तेरा सपना है ऐसे में तूने कहीं और हाथ लगाया और मामी जग गयी तोह दोनों फंस सकते हैं यार यह भी सोच ले ..मज़्ज़ा सिर्फ तेरा है बाकी मैं तोह फ्री में लपेटा जाऊंगा न ??”

राज सोचते हुए “ हाँ यार सही कह रहा है तू …मज़्ज़ा सिर्फ मेरा है कितना रिस्क लिया है तूने ..ऐसे में मैं भी तुझपर कोई आंच नहीं आने दूंगा ..जो तू कहेगा वही करूँगा ..”

मनु “ गुड एक काम कर तू पिने का शौकीन है सो सामने के रूम में मैंने कुछ स्पेशल रखा है तेरे लिए ..तू कुछ देर पि ..क्युकी शायद उसके बाद तेरा टाइम भी बाद जायेगा ..पैर लिमिट में पीना …तब तक मैं तेरे लिए ममी को घुमा देता हूँ ताकि बस तू जाये और सिद्ध गांड मर ले ..पैर भूलना नहीं सिर्फ गांड मरना चुना नहीं ..नशे में गलती मत करना “

राज ख़ुशी से “ यार तू सुच में ग्रेट है ..पिने को भी लाया है ..मम्मी की चुदाई भी करवा दी ..अब गांड भी दिलवा रहा है ..पागल नहीं हूँ ..जो तूने कहा है वही करूँगा वडा करता हूँ …”

राज वहां से सामने के रूम में चला जाता है ..मनु राज के जाने के बाद राज के रूम के दूर को हलके से लॉक कर देता है और उस रैंड वाले रूम में जाता है …

लाइट ों करके उसे पूछता है “ उसे शक तोह नहीं हुआ न की तुम नींद में नहीं हो ???”

रैंड “ क्या लड़का था एक दम पुश्ह्ह! जैसे hi मज़्ज़ा आने लगा उसका माल निकल गया ..साला कंडोम भी अपनी जेब में दाल कर ले गया ..नल्ला था एक दम नल्ला चुदाई उसके बस का काम नहीं है पता नहीं ऐसे लोंदे क्यों चुदाई के सपने देखते hain???main तोह वैसे hi पड़ी रही जैसा आपने कहा था …मुझे क्या साब ! अब मुझे क्या करना है .??आप कहो तोह कपडे उत्तारून??”

मनु “ नहीं उसकी जरूरत नहीं है यह लो पैसे तुम ाचा काम किया अब यहाँ से बिना आवाज़ के चलो ..”

रैंड “ साब आपने मेरी सोच से ज्यादा पैसे दिए हैं पता है यह पुरे महीने भर भी नहीं कमा पति थी मैं …चलती हूँ साब आगे से जरूरी हुआ तोह कॉल कर लेना ..यह रहा मेरा नंबर ..पर्सनल है …यह लो “

मनु ने ज्यादा बात न करते हुए उसका नंबर ले लिया और उसको चुप रहने का इशारा किया और उसको गेट के बहार छोड़ दिया और अंडर आया और उसने …जगन को चेक किया जो उस रैंड के बगल के रूम में पड़ा था …

मनु ने देखा जगन नंगा पड़ा था सो मनु ने उसको उठा कर रैंड वाले रूम में शिफ्ट किया और उसको बीएड पैर उल्टा लिटा दिया ..मनु ने जगन के पेट के निचे कई तकिये लगा दिए ताकि जगन कुत्ते वाले पोज़ में आ जाये …और उसके मुँह हाथ को अचे से चेक किया ..जगन के हाथ और मुँह अचे से बंधे हुए थे …उसके पैरों को मनु ने उस बीएड के किनारों से ाचे से खोल कर बांध दिया की जगन चाहे तोह भी हिल न पाए ..यहाँ मनु ने जगन के पेअर के साथ उसके घुटने भी बंधे the..aankhen तोह उसकी पहले से hi कवर थीं.. ताकि जगन कुछ भी न कर सके …

अब जब मनु ने जगन को बीएड से हाथ और पेअर बांध दिए और एक मिस्ट्री वाली स्माइल से जगन को देखा ..और उसने कस कस कर कई चांटे जगन को मारे चांटे पड़ते hi जगन होश में आ गया उसका नंगा जिस्म हलचल मचने लगा ..पैर हिल नहीं पाया ..न देख सकता थान ा हिल सकता था …और नंगा तोह था hi जगन ..ऐसे में जगन सिर्फ अपने लिए दुआ hi कर सकता था ..की उसके साथ कुछ गलत न हो ..

मनु ने उसके बाद रूम में अँधेरा किया और बहार जाकर राज के रूम का लॉक खोला राज वहां कई पेग चढ़ा चूका था ..सुरूर में था ..कहते हैं न फ्री की दारु मिले तोह इंसान बस पिने पैर ध्यान देता है ..वही हाल हुआ था राज का पैर जैसा उसने वडा किया था की लिमिट में पियेगा ..सो उसे पि ..पैर थोड़ा और थोड़ा और के चक्कर में राज हाफ टिका चूका था ..अब उसको सिर्फ इंतज़ार था सुमन की गांड मरने का ..

मनु ने जब देखा तोह उसे ाचा hi लगा क्युकी उसे पता था की राज जब पिने बैठेगा तब सिर्फ पियेगा और वैसा hi हुआ भी ..मनु भी चाहता था ..की राज नशे में इतना हो की उसे बस गांड मरने की पड़ी रहे ज्यादा दिमाग न लगाए राज …तभी तोह उसने राज को पूरी बोत्तल दी थी ..वर्ण हाफ या क्वार्टर hi दे देता ..

खैर राज होश में था पैर सुरूर में आ चूका था ..

मनु ने राज के कंधे पैर हाथ रखा और उसे कहा “ राज मैंने चेक कर लिया है ..तू आ आपने गांड मरने का काम पूरा कर ले ..पैर याद रखना की सिर्फ तुझे गांड मारनी है उसके अलावा कुछ नहीं करना है …न हाथ यहाँ लगाना है न वहां लगाना है ..जैसे पहले किया था अब भी वैसे hi चुपचाप कर लेना ..ok अब चल “

राज खड़े होते हुए मनु के गले लग कर “ भाई तूने आज राज को खरीद लिया है ..तूने आज मुझे सब दे दिया है राज तेरा हुआ भाई आज से ..बस गांड छोड़ कर मुझे जो चाहे ले लेना ..”

मनु “ मुझे तेरी गांड में कोई इंटरेस्ट नहीं है पैर तू अब देर मत कर वहां एक गांड तेरा इंतज़ार कर रही है “

राज उसके बाद कुछ नहीं बोलै और वहां उसी रूम में गया जहाँ कुछ देर पहले उसने रैंड को छोड़ा था ..उस बच्चारे को यह भी नहीं पता था जिस इन्सेस्ट की छह में राज अपनी माँ को छोड़ने का सपना पीला हुआ था उसी इन्सेस्ट के चलते उसी के सेज बाप की गांड उसी का बीटा लेने जा रहा था …बेचारा राज नशे में जिसे सुमन समझ कर पेलने आया था वहां सुमन नहीं जगन ूँढा पड़ा गांड मरवाने पड़ा था …

राज क्युकी नशे में था सो उसका लैंड भी सिद्ध तना हुआ था ..लैंड पहले hi एक बार पानी निकल चूका था .सो जल्दी झड़ने वाला था नहीं उसपर शराब का नशा ..ऐसे में जगन की गांड का क्या हाल होना था ..यह तोह जगन hi बता सकता था पैर जगन बेचारा मुँह बंधे आँखें बह्दे ..हाथ और घुटने के साथ पाँव बंधे अब राज के सामने गांड किये कुत्ते जैसा राज के रेहम और करम पैर था…

राज रूम में अँधेरे में आया और उसने फटाफट अपने कपडे उतार दिए ..और तेज़ी से लैंड पैर कंडोम चढ़ा लिया ..और अँधेरे में अंदाज़े से बीएड तक गया ..अब इसे जगन की बुरी किस्मत कहो ..राज का हाथ सबसे पहले लगा उसके बाप जगन की गांड पैर ..

गांड पैर हाथ लगते hi जगन ने गांड के छेद को सिकोड़ लिया पैर जैसे पोज़ में मनु ने उसे बंधा था उसमे गांड को कितना भी जगन सिकोड़ ले गांड पैर फरक ज्यादा नहीं पड़ना था …

जगन की गांड को राज ने कास कर भींचा …जगन अंदर से डर चूका था …राज ने नशे में झुकार गांड को सुंघा सुमन समझ कर ..पैर गांड से महक तोह आणि नहीं थी …उल्टा जगन का पाद और निकल गया राज के मुँह पर पैर नशे में दत्त राज सुमन समझ कर और एक्ससिटेड हो गया ..उसके लैंड ने यह सोचकर ठुमका लगाया …

और उसके बाद राज ने सिद्ध जगन की गांड पैर कंडोम चढ़े लैंड को सत्ता दिया …जगन समझ गया यह जो भी है उसका इरादा उसकी गांड लेने का है ..ऐसे में जगन ने बहुत कोशिश की …की कैसे भी गांड हिला सके हटा सके उस अनजान इंसान को पैर जगन हिल तक नहीं प् रहा था …

अपनी पूरी ज़िन्दगी में बेबसी जगन को पहली बार महसूस हो रही थी …पहले शॉक से सुमन से गांड मांगता था पैर सुमन मन कर देती थी …पैर आज जब खुद की गांड पैर बानी तोह जगन मैं में दुआ कर रहा था कैसे भी उसकी गांड बच जाये तोह हु ज़िन्दगी में कभी भी किसी की गांड को नहीं मरने का सोचेगा …पैर ऐसा हुआ नहीं …

राज ने सिद्ध गांड पैर लैंड लगते hi उसपर दबाव देना शुरू कर दिया और एक hi झटके में अपने सेज बाप की गांड में अपनी सगी माँ सोचकर मज़े में लैंड उत्तर दिया …

जगन की गांड का क्या हाल था यह इस बात से समझ सकते हैं की उसकी गांड से डॉटेड कंडोम और राज के लैंड के अंदर जाने से खून बहना शुरू हो गया था ..जगन की हालत सर कटी मुर्गी जैसे हो चुकी थी …पैर कर कुछ नहीं सकता था ..

राज अंदर लैंड डालने के बाद रुका नहीं ..क्युकी उसको मनु ने टाइम की कमी बताई थी ..सो जैसे hi जगन की गांड में लैंड डाला वैसे hi पिस्टन शुरू कर दिया ..निचे उसका सागा बाप जगन दर्द में दोहरा हो रहा था …

पैर राज अपने मज़े में जगन को दनादन छोड़ता रहा ..गांड का हाल बहुत खराब था जगन की गांड खून से सराबोर हो चुकी थी …

जिसमे डॉटेड कंडोम और राज का लैंड बेहिसाब दर्द दे रहा था जगन को …

उधर मनु मैं में “ राज बहुत शॉक था न इन्सेस्ट का अपनी माँ को छोड़ने वाले राज यही मेरा प्लान था की जगन की गांड का उद्धघाटन तेरे लैंड से हो …ाचा है जगन तेरे लिए यही सही क्युकी तेरा गन्दा दिमाग जब अपनी सगी बहिन को मरने का हो सकता है ..ऐसे में सजा भी तुझे तेरा सागा बेटे hi देगा ..यह दर्द ता उम्र तुझे याद रहेगा ..क्युकी इसकी वीडियो भी बन रही है नाईट विज़न में …सही है न मां जगन ..”

उधर राज ने ज़रा भी रेहम नहीं किया जगन पैर नॉनस्टॉप जगन की गांड में लैंड पेलने में कोई 25 मिनट बाद राज अपने कंडोम में खाली हो गया और वहां से अपने कपडे पहन कर बहार आ गया ..

जगन न जाने कितनी बार बेहोश हुआ होगा उसे तोह याद भी नहीं है पैर जब होश आया तब उसकी गांड खली थी जिसपर एक की ठंडी हवा उसको ठंडक दे रही थी …उसने चैन की सांस ली …

राज पसीने में लथपथ था म्हणत जोकि थे लड़के ने ..राज बहार आया तोह मनु के गले लग गया ..

राज “ भाई कैसे थैंक्स कहूं तुझे आज तूने दिन बना दिया भाई ..”

मनु “ अब तुम पानी बची हुई शराब को देखो मैं तब तक तुम्हारा किया धरा समेत ता हूँ और हाँ रूम से आवाज़ मत करना ..और एक बोतल टेबल के निचे रख दी है आराम से पीना और सो जाना ..बाकी मैं देख लूंगा ..”

राज “ लव ु भाई तू सुच में कितना ख्याल रखता है mera..acha अब चलता हूँ दारु बुला रही है ..”

राज उसके बाद रूम में गया और बाकी की दारु में लग गया ..मनु ने राज के रूम को बहार से लॉक कर दिया और ..उसके बाद मनु उप्पेर गया और उसने उनसब से कहा “ तोह त्यार हो जाओ जिस काम से आये हो हु करने के लिए पैर शर्त एक है ..कोई आवाज़ नहीं होगी और उस पैर जिसकी गांड मरने वाले हो उसपर कोई रेहम नहीं होगा …ध्यान रहे आवाज़ नहीं करनी है ..दारु आज बहुत मिलेगी पैर काम के बाद ”

उसके उन 25 लोगों को कहा बिना आवाज़ के निचे आने के लिए …

सब के सं निचे आये बिना आवाज़ के ..और उनसबको मनु ले गया

जहाँ उसने लाइट जलाई उस रूम की जिसमे जगन उल्टा गांड में खून लिए पड़ा था …सबके मुँह में पानी आ गया था ..सब समझ चुके थे गांड का ढक्कन आज और हाल hi में खुला है ..

पता नहीं इन लोगों को आदमी की गांड में क्या दीखता है ????खैर सबने लाइन लगाई और फिर हुई जगन की गांड की चुदाई ..

जिसमे से कई सैंड जैसे लैंड लिए थे कई नार्मल थे ..तोह कई गधे जैसे लैंड वाले थे ..सबने एक के बाद एक जगन की गांड का भुस निकल दिया …

जगन और जगन की गांड का हाल इसी बात से समझ लो कितनी बार जगन ने मुत्ता और न जाने कितनी बार जगन की गांड से टाटी निकल गयी पैर क्युकी हु सब भी हाफ नशे में थे सो मज़े मज़े में जगन का हु हाल किया की बस ….

एक जाता दुरसा आता ..और जो जाता पीछे लाइन में फिर नंगा लग जाता …25 लोग जब तक पहले का नंबर आता दूसरा फिर त्यार होता …यह समझ लो लाइन जगन की गांड के लिए hi लगी हुई थी …सबने जी भर कर जगन को छोड़ा …

ऐसा सिलसिला चला कोई 3 घंटे उसके बाद भी हु सब त्यार थे पैर मनु ने hi रोक दिया उनको ..मनु उनको उप्पेर ले गया ..और हर एक को उसने एक बोतल और कुछ पैसे दिए और जाने को कहा …

सब एक कोरी गांड साथ में फ्री की दारु और पैसे मिलने से बहुत खुश थे ..

उनमे से एक बोलै “ भाई आपको आगे से ऐसा कुछ काम हो तोह प्ल्ज़ हमको hi बुलाना ..लोग हमको गांडू कहते है ..दुत्कारते हैं पैर आप सुच में बहुत अचे हो ..फ्री में गांड दिलवाई दारु भी दी पैसे भी दिए ..चाहे जो भी हो ..पैसे दारू तोह मिल hi जाती है ..पैर आपने अभी तक हमको बेज़ज़्ज़त नहीं किया यही बहुत ाचा लगा आपका तरीका भले hi अजीब होगा पैर आपको जब भी काम पड़े उन दोनों को बोल देना हम आपके सामने त्यार होंगे ..भाई “

मनु ने उनसबको थैंक्स कहा और जाने को कहा ..उसके बाद उसने उन्सबके जाने के बाद राज का रूम खोला ..और उसको देखा …

राज बेचारा सो गया था टेबल पैर hi ..दारु की बोतल पूरी नहीं पि पाया था ..मनु ने उसको वैसे hi रहने दिया ..और रूम लॉक कर दिया राज का ..

और उसने उन्दोनो आदमियों को कॉल किया जिसके बाद हु वहाँ आये जिसके बाद तीनो ने मिलकर जगन को बेहोशी में ठीक से साफ़ किया और उसको जो उसके कपडे थे वापस पहना दिए …

जगन इतनी गांड मारी जाने की वजह से होश में नहीं आया था …ऐसे में उन दोनों आदमियों को मनु ने कहा की जगन को उसके घर के पास उसके सामान के साथ छोड़ दें एड्रेस मनु ने दे दिया था उनको…

उन दोनों ने जगन को साथ में लिया और जगन को उसी के घर के पास एक सुनसान कूड़े के कहते में दाल दिया सामान समेत और वहां से चुप चाप गायब हो गए …

जगन को जब होश आया तोह उसने खुद को कूड़े के ढेर में सामान समेत पाया …उसकी किस्मत कहो की उसकी काली पेण्ट थी वर्ण जैसे उसकी गांड मारी गयी थी ..उसका खून अभी तक निकल रहा था ..पैर जैसे तैसे जगन लंगड़ाता हुआ घर में सामान समेत गया …जहाँ सिर्फ रिया थी …जिसने उसे पूछा भी की क्या हुआ है तोह उसने मोच का बहाना बना दिया और अपने रूम जाकर बाथरूम गया ..जहाँ उसने देखा गांड से अभी तक खून निकल रहा था ..जगन बहुत रोया वहां बाथरूम में …बाथरूम में उसने गांड की अचे से गरम पानी से सिकाई की और दर्द की गोली लेकर सो गया …

उधर मनु जैसे थी बैठा था उसके पास राकेश के नंबर से एक कॉल आया ..जिसको सुनकर मनु की आँखें लाल हो गयी..

उसने सिर्फ इतना कहा “..मैं आ रहा हूँ ..” मनु के जबड़े भींच चुके थे और उसके हाथों में मुठी कस्ती चली गयी थी …

कॉल में ऐसा क्या था जिसको सुनकर मनु की आँखें लाल हो गयी थी ..और जगन इस गांड मरै के बाद क्या करेगा ..क्या हु इस बदनामी को किसी से कह पायेगा ..या कुछ करेगा ??? और ऐसा क्या हुआ था जिसे सुनकर मनु जैसे शांत रहनेवाला इंसान लाल आँखें कर चूका था ..इसका पता तोह सिर्फ वक़्त और किस्मत को hi होगा …..
:हिंट:
 
आपके प्यारे तने का भी बहुत सुकरिया भाई ..अपडेट पोस्ट कर दी है भाई ...नेक्स्ट अपडेट पैर आलरेडी लग चूका हूँ ...जल्दी पोस्ट करूँगा उसे भी ..इस बार लेट नहीं होगा भाई ...और सॉरी लेट होने के लिए ...बीमार और बस्सी दोनों था भाई ..पैर फिर भी सॉरी भाई ...हो सके तोह माफ़ करदेना भाई अपने इस दोस्त को ..

थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ...
 
थैंक्स भाई ....



सॉरी भाई ..कोई बहाना नहीं बनाऊगा भाई न आपसे झूंठ कहूंगा ...पैर भाई लाइफ इन दिनों सुच में बहुत बस्सी है ..पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों hi तरह से बहुत बस्सी हूँ ऑफिस मैं शिफ्ट इस कोरोना के वजह से और पर्सनल लाइफ में इतने लम्बे शिफ्ट के बाद थकन हाल बिगड़ देती हैं सो भाई न चाहते हुए भी काम और थकन के चलते स्टोरी का अपडेट लेट हो जाता है ..क्युकी टाइम सिर्फ लिमिटेड मिलता है सो जैसे hi टाइम मिलता है लिखने बेथ जाता हूँ ..यह hi सुचै है ..यहां लेट होने की वजह यही है .. यकीं मनो अभी भी लिख hi रहा हूँ ...

हाँ भाई जब इतने सवाल आपके लिए छोड़ता हूँ तोह सबके जवाब भी देना जरूरी है सो सबका हिसाब करवा दिया ...और लास्ट में क्या हुआ ..यह तोह आपके लिए सरप्राइज है भाई ...हाँ इतना ज़रूर कहूंगा ..बोर नहीं होने दूंगा डिअर भाई आपको...

थैंक्स भाई ..आपको ाचा लगा काफी है भाई ...आपने सिग्नेचर में स्टोरी ऐड की है ..भाई हो सके तोह उसमे स्टोरी का क्लिककब्ले लिंक या डायरेक्ट लिंक ऐड कर दो ताकि आपकी स्टोरी तक सिर्फ एक क्लिक में जाया जा सके भाई ....

थैंक्स भाई ..सवाल छोड़ जाना आदत की मजबूरी है ..पैर अगला अपडेट कल शाम को पोस्ट कर दूंगा भाई ...लस बार लेट नहीं करवाना आपको ..उम्मीद है इस बार का अपडेट भी आपको पसंद आये ...

थैंक्स भाई ..आपने सही कहा ...आपकी इनसबदो को ध्यान में रखूँगा परम प्रिये मित्र ..और राज को झटका मिलना जरूरी था ..सो दिया मनु ने और भाई अभी असली झटका तोह बाकी है ..वह मिलेगा जगन & फॅमिली को ...

प्यारे दोस्त आपने सही सवाल पिक किया.. जब 20 साल में प्रॉपर्टी जगन को मिलनी थी तब जगन ने वेट क्यों किया ..वैसे मैं सस्पेंस कभी काम नहीं करता पैर आपके लिए सिर्फ आपके लिए ...बता रहा हूँ भाई ...क्युकी जगन को वसीयत के बारे में पता hi नहीं होगा ...और अगर होगा भी तब भी इंसानी फितरत है काम जल्दी पूरा होने की छह रखना ...सो जगन ने इतना लम्बा प्लान किया ..क्युकी उसके हिसाब से नीता की प्रॉपर्टी को वह अपने बच्चों के थ्रू हथिया सके ..जबकि उसको यह तक नहीं पता की उसका खुद का कुछ है hi नहीं ..वसीयत के हिसाब से नीता मालिक है सबकी ...अब क्लियर हुआ भाई ...

हाँ भाई ममे के साथ बुरा हुआ ...मनु यहाँ खेल गया ..राज से hi काम करवा दिया मनु ने ..ग़ुस्सेस ाचा है आपका ..मामला आगे पता चलेगा भाई ...और वृंदा का dil-o-dimaag क्या फैसला लेगा यह तोह वक़्त hi जनता है ..



डिअर प्रजी तावनु चंगा लगाया सी ..ते सदा काम चंगा पाया सी ..जे सद्दे वादे प्र न चंगा लगाया सी तय काम चंगा होया सी ..ाव जे सुस्पेंस की वाट तुसी करते सी ...ओह्ह तोह प्रजी साडी ओल्ड हैबिट सी ...गाला उपदतता कला पोस्ट करता सी प्रजी ...
 
अपडेट 95 part 1

रिकैप........

कॉल में ऐसा क्या था जिसको सुनकर मनु की आँखें लाल हो गयी थी ..और जगन इस गांड मरै के बाद क्या करेगा ..क्या हु इस बदनामी को किसी से कह पायेगा ..या कुछ करेगा ??? और ऐसा क्या हुआ था जिसे सुनकर मनु जैसे शांत रहनेवाला इंसान लाल आँखें कर चूका था ..इसका पता तोह सिर्फ वक़्त और किस्मत को hi होगा …..

अब आगे........

मनु ने ऐसे में भी ठन्डे दिमाग से काम लिया उसने एक लम्बा साँस लिया और सोचने लगा क्या करना है ..जहाँ ऐसे में लोगों का दिमाग सुन्न पद जाता है वहां मनु सोच रहा था ..कैसे करना है और क्या करना सही है ..

मनु अपनी प्लानिंग और एक्सेक्यूटिव में लगा हुआ था ..उधर से अचानक मास्टर का कॉल आया ..मनु सोचने लगा मास्टर ने अचानक कैसे कॉल कर दिया ??

पैर उसने तुरंत कॉल पिक किया …

मनु “ hello मास्टर कैसे हैं आप …??और घर पैर सब कैसे हैं गुरु जी और बचे ठीक हैं ??”

मास्टर ने मनु की आवाज़ में कुछ महसूस किया ..पैर शांत तरह से कहा “ बेटे ठीक हूँ तुम दिल्ली से कब आ रहे हो ??? मनु बात क्या है ?? सुच कहना बीटा ..क्युकी तुम्हारा गुरु हूँ तुम्हारी आवाज़ बता रही है तुम नार्मल नहीं हो …बचपन से देखा है त्रिनेड किया है सुच कहना बीटा ..”

मनु “ मास्टर आपसे कभी झूंठ कह नहीं सकता हूँ ..बात यह है की यहाँ जस और नीता माँ के साथ मेरे एक इंस्पेक्टर दोस्त का किडनैप हो गया है ..उसका फ़ोन किसी को रस्ते पैर मिला था ..उसने उनको किडनैप करनेवाले को जाते देखा और लास्ट डायल नंबर जोकि मेरा था उसपर कॉल कर दिया है …सो अब बस यहाँ से निकल रहा हूँ मैं ..सोचा एक बार आपसे पूछ लूँ क्या आपकी कोई गाड़ी मिल सकती है यहाँ …???क्युकी कॉल हरयाणा से आया था …बस टैक्सी का रोग नहीं है यह…. सो कोई बाइक मिल जाये तोह आसानी होगी …”

मास्टर इस बात पैर मुस्कुराते हुए बोले ..” बीटा बाइक पैर स्टंट करते हुए जाओगे तोह ट्रैफिक पुलिस hi एक मिनट में साइड में लगा देगी ..तुमको ऐसे में बाइक नहीं कार की जरूरत है ..तुम टेंशन मत लो कार कुछ देर में hi तुम तक आ जाएगी ..साथ में ड्राइवर भी त्रिनेड है ..सो बस एड्रेस मस्सगे कर दो …मुझे पता है तुम अब बचे नहीं हो …न मैं कोई लम्बा सा बोरिंग लेक्चर देकर तुम्हारा टाइम वास्ते करूँगा ..क्युकी तुम और हम फाइटर हैं लड़ना hi हमरी पहचान है ..दिमाग तुम में ाचा खासा है ..ऐसे में यह नहीं कहूंगा की अपना ख्याल रखना क्युकी यह वडा आलरेडी तुम्हारी मम्मी ने ले रखा है ..मेरी गुरुदक्षिणा याद रखना काफी है …बन्दे जो भी हैं छोड़ना मत यह भी नहीं कहूंगा ..क्युकी मुझे पता है तुम लास्ट में करोगे वही ..जो उस टाइम ठीक होगा ..बस एक बात का ध्यान रखना मेरा एक दोस्त वहां हरयाणा में ैप है उससे एक बार मेरा नाम लेकर मिल लेना हु वहां देख लेगा ..क्युकी तुम्हारी सपोर्ट के लिए यह जरूरी है ..क्युकी उनको छोड़ने वाले तोह हो नहीं पैर ध्यान रखना शहर दूसरा है …ाचा रखता हूँ ok टेक केयर..”

मनु ने मास्टर की कॉल के बाद सिद्ध मास्टर को एड्रेस मस्सगे किया उस फार्म हाउस का …कोई 15 से 20 मिनट बाद कार का हॉर्न बजा मनु ने बहार देखा तोह एक कार साथ में ड्राइवर थे मनु ने उस कार में राज को कुछ सोचकर डाला ..और खुद उसमे बैठा और चल दिया हरयाणा के लिए ..

रस्ते में मनु को कॉल आया ैप रघुवंशी का ..मनु ने कॉल पिक किया ..

ैप रघुवंशी “ hello यंग मन कहाँ हो ???”

मनु “ सर आपको अचे से पता होगा क्युकी पुलिस वाले बिना वजह कॉल किया नहीं करते ??”

ैप “ हम्म! नीस वैरी नीस यंग मन …तुम स्मार्ट भी हो …वैसे तुमको पता होगा इंस्पेक्टर राकेश का किडनैप हो गया है ..”

मनु “ हम्म पता है सर ..उसके साथ माँ और मेरी साथी भी किडनैप हुई हैं हु इस वक़्त कहाँ हैं आपको पता होगा hi ??”

ैप “ हाँ पता चल गया है लोकेशन वाइज चेक किया तोह लोकेशन हरयाणा पता लगी है ..वैसे तुम कहाँ हो ??”

मनु “ और कहाँ रस्ते में हूँ जा रहा हूँ ..क्यों क्या हुआ ??”

ैप “ देखो यंग मन बात थोड़ी सीरियस है ..जगह दूसरा स्टेट है ..जिसमे मैं ज्यादा कुछ कर नहीं सकता क्युकी इसके लिए स्पेशल परमिशन चाहिए जिसमे काफी टाइम लगेगा ..और बात यहाँ पुलिस की साख की भी है ..हमारे इंस्पेक्टर को किडनैप किया गया है ऐसे में सिद्ध हम कुछ नहीं कर सकते ..सो सोचा तुमसे पूछ लूँ ..”

मनु “ मुझ जैसे मामूली इंसान से आप जैसे बड़े अफसर का पूछना कुछ अजीब नहीं लगता सर ..बात सीधे पॉइंट की कीजिये ..प्ल्ज़…”

ैप “ तोह सुनो घुमा फिर कर नहीं कहूंगा वैसे तोह सर्विलांस से पता चल चूका है की राकेश और तुम्हारे साथी एक साथ किडनैप हुए थे ..सो सब सोचकर तुमको कॉल किया है ..क्युकी मुझे पता है तुम आसानी से बैठने वाले इंसान नहीं हो ..कुछ न कुछ तोह करोगे hi ..सो पहले तुमको कॉल किया है ..वैसे तुम्हारे लिए वहां मैं उस एरिया के ैप धामा से बात कर ली है हु तुमको पूरा सपोर्ट करेंगे ..क्युकी मामला हमारी फाॅर्स का है ऐसे में उनसे क्लियर कह देना क्या करना है …बाकी मैंने उनको कॉल कर दिया है ..बाकी तुम राकेश और अपने साथियों को सेफ ले आना ..बेस्ट ऑफ़ लक ..” ैप रघुवंशी ने यह कहकर कॉल कट कर दिया ..

ैप रघुवंशी ने जिस ैप धामा का नाम लिया था मास्टर ने भी उसी का जीकर किया था ..सो ऐसे में मनु को लगा की अब ैप धामा hi हरयाणा में उसका पहला पड़ाव है …

मनु कोई उस त्रिनेड ड्राइवर ने काम से काम टाइम में उस फार्म हाउस से हरयाणा पंहुचा दिया ..मनु को उसकी द्रिविंग अछि लगी ..उसने देखा भी कैसे हु ड्राइवर उसको शॉर्टकट से हरयाणा में काम से काम टाइम में ले आया था ..वर्ण अगर खुद ड्राइविंग करता तोह शायद अभी तक बॉर्डर के आस पास भी मुश्किल से पहुंच पता ..

खैर मनु ने देखा मास्टर और ैप रघुवंशी का एड्रेस शामे था जो उसके मोबाइल पैर दोनों ने भेजा हुआ था …

सो उसने ड्राइवर को दिखाया ..सो उसने कहा ..हरयाणा में जाकर देखते हैं ..

मनु और हु हरयाणा में जब दाखिल हुए तब कार में राज पीछे सोया हुआ था ..मनु ने वहां किसी से ैप धामा का एड्रेस पूछा ..तोह उसको उस इंसान ने रास्ता बता दिया …ड्राइवर ने उस रस्ते पैर तेज़ी से कार चलनी शुरू कर दी ..

एड्रेस ढूंढते हुए दोनों उस एरिया में आ चुके थे …पैर एड्रेस थोड़ा दूर था ऐसे में मनु ने उसे एरिया में रहने वाले मार्किट में पूछा वहां उसके एड्रेस को पूछने के टाइम एक जाना पहचाना इंसान दिखा ..मनु उसको ज्यादा धयान से देख नहीं पाया ..पैर उस इंसान ने एड्रेस सुना तोह आगे बाद कर मनु से पूछा ..” तुम यहाँ कैसे ??? और इस एड्रेस से तुमको क्या काम है ??”

मनु “ आपको पता है तोह प्ल्ज़ बता दो अभी हम थोड़ा जल्दी मैं हैं ..”

हु इंसान “ लगता है मर मानव मुझे आपने पहचाना नहीं ??”

मनु हैरत से देखता है ..” सॉरी पैर अभी मैं आपको पहचान भी नहीं पाउँगा ..दोस्त आप प्ल्ज़ एड्रेस बतादो बाद में फिर कभी मुलाकात होगी आपसे तब बात करेंगे ..”

हु इंसान “ ठीक है लगता है आप अभी परेशानी में हैं ..तोह चलिए आपको पहले एड्रेस दिखा दूँ उसके बाद आप याद कर लेना मुझे ….चलिए आइये मानव जी ”

हु इंसान कार में आगे बेथ गया ..उसने पीछे देखा राज नशे में तुन था कार में शराब की स्मेल थी जो साफ़ बता रही थी की राज ने पि राखी है ..पैर ड्राइवर ने फिर भी कार परफ्यूम ों कर रहा था पैर हु स्मेल तब भी थी कार में ..मनु कार में पीछे बेथ गया राज के पास ..राज को मनु ने पीछे वाली सीटबेल्ट से बैठा रखा था ताकि यहाँ वहां लुढ़कता न फायर ..

उस इंसान ने ड्राइवर को अचे से गाइड किया और हु कुछ hi देर में ैप धामा के घर आ चुके थे …

ैप धामा घर के बहार ड्रेस में रेडी होकर शायद ऑफिस निकल रहे थे ..उस इंसान को देखते hi बोले ..” अरे यशवीर तुझे दूध लेन भेजा था या दूध बनाने ..और टूट ओह पैदल था कार में यह किसके साथ आया है ..”

यशवीर “ पापा यह आप से मिलने आये हैं लगता है आपसे कोई काम होगा इनको ..”

मनु ने तब गौर से देखा यशवीर को तब उसको याद आया की यह तोह देहरादून में टूर्नामेंट में मिला था ..उसको तब से उसका चेहरा जाना पहचाना क्यों लगा रहा था अब समझ आ चूका था ..

मनु “ सॉरी यश आपको पहचान नहीं पाया ..आपने कहा था हरयाणा आऊं तोह आपसे मिलूं पैर किस्मत का खेल कहो पहली बार जब आना हुआ भी तब सिद्ध आपके घर hi ..वैसे मैं इतनी जल्दी भूलता नहीं ..पैर सॉरी थोड़ा सा टेंशन में था सो दिमाग से निकल गया ..”

यशवीर “ कोई बात नहीं मानव जी आप हमारे घर आये हैं हमारे मेहमान हुए ..कोई बात नहीं भुला हुआ याद भी तोह आगयाना …हाहाहाहा !!! “

ैप धामा “ यश तुम इनको जानते हो ??कैसे ??”

यशवीर “ पापा भूल गए देहरादून में मैं जब हरा था तब मैंने एक लड़के का जीकर किया था ..की उसने पहली बार दादा जी की ओल्ड तकनीक में मुझे हराया था ..यह वही हैं मानव सिंह इन्होने hi उस टाइम टूर्नामेंट जीता था ..”

ैप धामा “ वैरी नीस यंग मन मैं सुच में उस टाइम हैरत में था की पिता जी की ओल्ड तकनीक को तुम जैसे जवान ने कैसे हरा दिया ..पैर जब यश ने तुम्हारे कलम नेचर और अचे बर्ताव के बारे में बताया तोह सोचा था एक बार मिलना हो ..पैर टाइम नहीं मिला कभी ..वैसे तुम आज यहाँ कैसे ?? मेरा मतलब है यश से मिलने आये हो ??”

मनु शांत लहज़े में यशवीर को देखते हुए “ सॉरी सर यहाँ थोड़ा काम से अयाह उन ..और सॉरी यश भाई आपसे नहीं इस बार आपके पापा से काम है ..”

ैप धामा ने मनु को धयान से देखा और उसको तुरंत अंदर ले गए घर के जहाँ यशवीर उनके साथ चला गया ..

ैप धामा ने घर में अंदर जाते hi मनु से पूछा “ कहीं तुम वही मानव तोह नहीं जिसके लिए वीरेंदर (मनु के मास्टर ) और एक रघुवंशी ने कॉल किया था मुझे ..??” उनके आवाज़ में हैरत थी ..

मनु “ जी हाँ मैं वही हूँ ..” यह सुनकर ैप धामा मनु को उप्पेर से निचे तक देखने लगे ..उनको समझ नहीं आ रहा था ..की वीरेंदर प्रताप सिंघणीअ और ैप रघुवंशी ने क्या सोचकर इस काम उम्र के लड़के को वहां उनके पास बेह्जा है .???

खैर दोनों जहाँ अपनी बातें कर रहे थे ..वहीँ यशवीर उनको हैरानी से देख रहा था ..क्युकी उसे कुछ समझ नहीं आया था ..की मनु को उसके पापा से क्या काम है ??

मनु “ सो सर मास्टर ने आपको बोलै होगा आप मदद करेंगे ..पैर मेरा सिर्फ एक सवाल है कैसे ???”

ैप धामा अपनी सोच से बहार आते हुए ..” कैसे क्या बैकअप दूंगा तुमको …और कैसे करूँगा तुम्हारी हेल्प ..”

मनु “ सर मास्टर ने मुझे आपसे मिलने को कहा था ..और ैप रघुवंशी सर ने भी आपसे मिलने को कहा था ..सो मैं आपसे मिलने आया हूँ ..बस एक रिक्वेस्ट है ..आपसे ??”

ैप धामा “ हु क्या कहो साफ़ साफ़ ..”

मनु “ रिक्वेस्ट इतनी है की ..वहां जो भी होगा उसमे या तोह मैं मरू या हु पुलिस बिच में नहीं आणि चाहिए ..यही सबसे बड़ी हेल्प होगी ..”

ैप धामा “ लगता है कोई नशा करते हो तुम जो ऐसे में पुलिस को दूर रहने को कह रहे हो ..तीन लोग किडनैप हैं ऐसे में उनको कुछ हुआ तोह ??? और ऐसे में तुम पागल जैसे बात कर रहे हो बिना उस एरिया के बारे में जाने ..और तुमको अकेला भेजने वाले वीरेंदर और रघुवंशी भी बड़े अजीब इंसान हैं जो अकेले पागल को मेरे पास भेज दिया ..”

मनु “ सर न तोह मैं नशा करता हूँ न hi पागल हूँ ..सब सोच समझ कर कह रहा हूँ ..”

ैप धामा “ हु कैसे भला ??”

मनु “ क्युकी सिंगल जाने में रिस्क बहुत है ..पैर आपकी ड्रेस वाली फाॅर्स ले कर जाने में उससे ज्यादा रिस्क है ..जैसे hi हु किडनैपर वहां आपके फाॅर्स को देखेंगे उन तीनो को तब पक्का गन पॉइंट पैर लेकर निकल सकते हैं या उनको ों थे स्पॉट शूट कर देंगे ..सो ऐसे मैं सब सोच समझ कर hi कह रहा हूँ ..”

ैप धामा सोचते हुए “ बात तोह तुम्हारी ठीक है इनदिनों पोलिसवाले क्रिमिनल देखते hi पहचान जाते हैं ..पैर अकेले तुम कितनो से लड़ोगे और क्या तुम जिन्दा बचोगे और क्या किसी को बचाओगे ?? यह hi सोच रहा हूँ ..”

मनु हँसते हुए “ सर यह तोह तभी पता चलेगा न जब वहां जाऊंगा ..वैसे भी इंसान की ज़िन्दगी बहुत छोटी होती है ..खतरा तोह रोड पार करने से लेकर घर तक हर जगह है ..जान तोह आज नहीं कल सबकी जाने वाली है hi ..पैर किसी को सेफ करने में जाये तोह और ाचा है ..सो सर अगर आपको गलत न लगे तोह चले क्या ??”

ैप धामा हैरानी से मनु को देख रहे थे ..वहीँ उनका बीटा यशवीर भी मनु की बात सुनकर समझ चूका था ..की यहाँ मामला सीरियस है ..

ैप धामा “ वैसे इंस्पेक्टर राकेश तोह पुलिस का आदमी है उससे तुमको क्या काम ??”

मनु “ हु मेरा दोस्त है ..उसका किडनैप शायद मेरी वजह से hi हुआ है ..और वहां अकेला राकेश hi नहीं मेरी माँ और मेरी साथी का भी किडनैप हुआ है ..उन्दोनो की सिक्योरिटी के लिए hi राकेश को कोर्ट भेजा था ..पैर कोर्ट से लगता है किडनैप करना पार्क से ज्यादा सेफ है ..”

ैप धामा “ हम्म ! मतलब तुम्हारे सब आपने हैं ..तोह चलो चलते हैं बाकी बातें कार में कर लेंगे ..”

ैप धामा और मनु बहार जाने लगे तोह यशवीर ने कहा “ पापा मैं भी चलता हूँ साथ में शायद हेल्प हो जाये ??”

ैप और मनु दोनों एक साथ बोले “ नहीं …”

ैप धामा “ बीटा यश तुमने कहा था न यह लड़का तुम्हारे दादा जी की तकनीक में ाचा है जानते हो कैसे ???”

यशवीर “ कैसे पापा ???”

ैप धामा ..” क्युकी मेरा एक बड़ा जालिम दोस्त है जिसका यह स्टूडेंट है ..जो अपने आप में नुक्लेअर बम है ..और जब उसने इसको बिना सोचे भेजा है तोह तुम इतना समझ लो यह इतनी आसानी से कहीं हिलने वळून में से नहीं है ..तुम सिर्फ घर पैर रहो वही ठीक है ..”

ैप धामा मनु से “ वैसे इतना भी बता ही दो करने क्या वाले हो तुम ??? “

मनु मुस्कुराकर “ कुछ नहीं बस मिलना है उनसब से जिन्होंने यह काण्ड किया है ..” मनु की आँखों में एक अजीब सी चमक थी जिसे ैप धामा ने अपनी पारखी आँखों से बखूबी देख लिया ..

जहाँ यशवीर सोच में गम था उसकी शामे आगे का लड़का जिसने उसको टूर्नामेंट में हराया था आज उसी के घर में उसके शाक्त मिज़ाज़ पिता के सामने मरने की बात कर रहा है इतने आराम से ..और अजीब बात उसकी हर बात पैर उसके ैप पिता का पॉजिटिव रिस्पांस था ..

खैर मनु और ैप धामा बहार आये ..जिसके बाद ैप धामा की कार में मनु बेथ गया और मनु का ड्राइवर उनको फॉलो करने लगा था …

ैप धामा ने कुछ कॉल किये और उस जगह का सही लोकेशन और किडनैपर्स का सारा कच्चा चिता ैप धामा के सामने था …

ैप धामा “ हैं तोह सोनो मनु ,,, तुम जहाँ जा रहे हो वहां कुल मिलकर 25 या 30 लोग होंगे वहां एक बिल्डिंग है जो अंडर कंस्ट्रक्शन है जिसमे हु सभी किडनैपर्स हैं ..वहीँ सारे तुम्हारे लोग भी हैं …और सारे हथियारों समेत हैं ऐसे में बिना हथियार के जाना सही नहीं है ..मेरी मानो पुलिस बैकअप साथ ले जाओ ..वही सही है ..वैसे क्युकी डिपार्टमेंट का इंस्पेक्टर इसमें इन्वॉल्व है सो ऐसे में मैं सिर्फ तुम अकेले पैर hi नहीं देपेंद रह सकता सो ..मैंने आलरेडी बैकअप बुला लिया है ..वह सब आलरेडी साइट के पास हैं उनको बस आर्डर का इंतज़ार है ..वहां बाकी हम देख लेंगे …”

मनु “ हाँ बिलकुल आप देख लेना सर ..मैं सिर्फ अपने लोगों की सेफ्टी के लिए हूँ बाकी मुझे पुलिस और उनके बिच में आने का कोई शॉक नहीं है जैसा आप सही समझे …” इस पैर ैप धामा ने चैन की साँस ली hi थी पैर मनु बोलै ..

मनु “ सर इतनी सी रिक्वेस्ट है जहाँ भी आपकी फाॅर्स है उसको मेरे पहुँचाने के बाद बस 20 नहीं 15 मिनट काफी होगा ..हाँ तोह उनको 15 मिनट बाद भेज देना ..ताकि मैं अपने लोगों की सेफ कर सकूँ ..बस इतनी रिक्वेस्ट है ..उम्मीद है 15 मिनट का टाइम आप मुझे दे सकते हैं ..”

ैप धामा सोच में पद गए ..दो बड़े ख़ास लोगो ने मनु को उनके पास भेजा था ..सो उन्होंने बहुत हिसाब लगाया और सोचा फिर मनु को हाँ कह दिया ..

ैप धामा “ पैर हथियार बंद लोगों के सामने बिना हथियार के जाना सरासर बेवकूफी है मनु …काम से काम कुछ तोह ले जाओ …”

मनु मुस्कुराकर बोलै “ हाँ सर आपने सही कहा हथियार बंद लोगों के सामने बिना हथियार जाना सही नहीं है ..”

ैप धामा “ यह लो मेरी गन रख लो ..जरूरत पड़े तोह उसे करना बाकी मैं देख लूंगा ..”

मनु हैरत से “ पैर सर आपकी ऑफिसियल गन है इसमें आपको हर गोली का हिसाब देना पड़ेगा न ..”

ैप धामा मुस्कुराकर “ बेटे तुम मुझे समझ क्या रहे हो ??? एक तोह मैं ैप हूँ उसपर मैं तेरा जाट ..हमारी बुद्धि बीटा चलती बहुत तेज़ है ..ऐसे hi पुलिस में नहीं हूँ सालो से ..तुम रखो तोह बाकी मैं देख लूंगा ..वैसे उम्मीद है चलनी वीरेंदर ने चलनी सिखयी होगी ??”

मनु “ अब सर चलनी आती है या नहीं यह तोह टाइम पैर hi पता चलेगा सर ..वैसे थैंक्स फॉर कंसर्न पैर हथियार पुलिस का मेरे लिए सही नहीं है ..सो प्ल्ज़ सर ”

उसके बाद ैप धामा ने भी जोर नहीं दिया ..ड्राइवर जो ैप साब का था ..वह काफी उम्र दराज़ था ..ैप सर और मनु की बातें सुनकर मनु को डींगें मरने वाला समझ रहा था ..उसने सोचा फालतू में हीरोगिरी कर रहा है ..पैर कहते हैं न don’t जज बुक बी इतस कवर ..

खैर कुछ hi देर में हु सब वहां उस बिल्डिंग के पास आ चुके थे ..जहाँ पुलिस बैकअप उस बिल्डिंग से कुछ दूरी पैर छिपा हुआ था कोई 1000 मीटर के आस पास ..

मनु को ैप धामा के साथ सबने देखा …उनमे से एक ने ैप धामा को सारा कुछ बताया की कितने टोटल लोग हैं कोण कहाँ कहाँ हो सकता है हथियार उनकिड्नैपर्स के पिस्तौल एक47 टाइप के थे …जबकि वहां पुलिस के पास बोर 303 जिसको आम सा इंसान लोड करने में hi टाइम लगा देता है जबकि सामने से एक 47 कुछ hi सेकंड में पूरी मैगज़ीन खली कर देती है आटोमेटिक मोड पैर ..

मनु “ ैप सर 15 मिनट उसके बाद आप जिसको चाहे भेज सकते हैं …”

ैप धामा “ ok पहले देखलो कोण कहाँ है ??? वैसे इन किडनैपर्स का काम प्रोफेशनल तोह लग नहीं रहा क्युकी ऐसे इलाके में सिंगल अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में कोई नौसिखया hi किसी को किडनैप करके रकेहगा …वैसे मेरा एक्सपीरियंस कहता है बंधक टॉप फ्लोर पैर होंगे ..और क्युकी सामने से सारे गन से लोडेड हैं ऐसे में तुम 15 मिनट में इस 10 फ्लोर की बिल्डिंग में करोगे hi क्या ???15 मिनट तोह इसमें उप्पेर चढ़ने में hi लग जाने वाले हैं ..”

मनु “ लेटस सी सर वैसे कोई सलाह मेरे लिए ???”

ैप धामा “ सलाह क्या दूँ बस 15 मिनट जिन्दे बचे रहना काफी होगा …चाहो तोह वहां जाकर चिप जाना …”

मनु “ थैंक्स सर आपकी सलाह सुच में अछि है …वैसे क्या मुझे कोई रस्सी मिल सकती है ??”

ैप धामा वहां उन सबको रस्सी देने को कहते हैं ..पैर किस्मत की रस्सी सिर्फ 5 माले तक की थी प्लस उसका सफ़ीद मोटा चटक रंग जो नाब hi देखने वाला हो हवा में लटकी रस्सी को दूर से देख ले …ऐसे में मनु उस रस्सी को साथ ले जाने के लिए मन कर देता है ..

ैप धामा का ड्राइवर जो काफी देर से यह सब देख रहा था बिच में बोल पड़ा ..” अरे तुम तोह हीरो हो न ..तुम्हारे हिसाब से हु सारे तुम्हारे स्वागत में hi तोह खड़े हैं ..हथियार तोह हाथ में लिए बस टाइम पास कर रहे हैं न हु लोग पूरी पुलिस टीम यहाँ जान लगाने को लगी हुई है वहां तुम ैप साब से 15 मिनट ऐसे बोल रहे हो जैसे 15 मिनट सारा कुछ बदल डोज …अरे जाओ बचे कहीं और यह फ़िल्मी ड्रामा दिखाओ ..तुम अगर सुच में हीरो जैसे हो तोह चढ़ जाओ पाइप से और बचा लो सबको …हम पुलिस वाले तोह बस तुम्हारे जैसे बच्चों के आगे आम आदमी हैं ..हैं न ड्रामेबाज़ कहीं का ..” ड्राइवर ने अपना सारा गुबार निकल दिया था ..उसकी अकेले की hi सोच नहीं थी ..साड़ी टीम लगबघ यही सोच रही थी मनु के लिए ..खुद ैप धामा भी सूरे नहीं थे ..पैर रघुवंशी और मनु के मास्टर की बात की वजह से चुप थे ..

मनु ने बड़े प्यार से उस ड्राइवर के पास जाकर उससे कहा “ अंकल आप सही हैं ..आपने हीरो के नाम पैर ाचा कहा ..फ़िल्मी लाइफ नहीं है जनता हूँ ..पैर शायद आप नहीं जानते अंकल की यहाँ मेरी माँ और मेरा दोस्त कैदी हैं और यह सब करके दिखावा करने का मुझे कोई शॉक भी नहीं है …मुझे अचे से पता है जान सबकी कीमती है चाहे किसी की भी हो ..इसीलिए इस टीम को रोक रहा हूँ क्युकी सामने से न गोलियां रुकने वाली है और न आप लोग पैर उनका एडवांटेज सिर्फ इतना है की उनके पास नए हथियार हैं और यहाँ 303 रेफिले जिसको लोड करने में टाइम लगता है ..और टाइम यहाँ काम है बहुत काम ..आप समझदार हैं समझ गए होंगे ..वैसे भी यह सब फ़िल्मी ड्रामा होता है पाइप के सहारे किसी बिल्डिंग में घुसना …वर्ण असल बिल्डिंग में कोई पाइप इंसान का वजन झेल नहीं सकता ..सो आप सोचिये 15 मिनट तक तब तक मैं काम करता हूँ ..”

ड्राइवर के साथ सभी सोच में गम हो गए थे सामने से मौत के मुँह में जाने वाला मनु कितना बिखुओफ है …जिसको पुलिस की टीम की जान की फ़िक्र है ..पैर खुद बिल्डिंग में जा रहा है …

उधर अंदर राकेश और नीता जस सब आराम से बेखौफ बैठे थे …जबकि हु लोग उनको बांधना छह रहे थे …

राकेश “ यार पुलिस वाला हूँ जब तुमने किडनैप किया तोह हम में से कोई भगा क्या ??? नहीं न ..न अब कुछ कर रहे हैं सब आराम से बैठें हैं तुम्हारी आँखों के सामने तब भी बांधने पैर तुले हो ?? यार किडनैप करके पकड़े हुए इंसान को बांधना है कहाँ कोनसे किडनैपिंग स्टाइल में लिखा है ..यार तुम्हारे सामने बैठे हैं भाग नहीं सकते क्युकी तुम्हारे इतने लोग लगे हैं ऐसे में भाग कर जायेंगे भी कहाँ उप्पेर से 9 तह फ्लोर से खुदने वाले हालत तोह बिलकुल नहीं हैं ..आमा यार चाय hi पीला दो ..काफी होगा …”

राकेश की बातें सुनकर वहां किडनैपर हैरत मैं थे साथ में राकेश का तोह हु फिर भी समझ सकते थे की पुलिस वाला है बहादुर होगा त्रिनेड होगा पैर यहाँ न नीता मम और न जस ने डरने की कोशिश किट hi ..उल्टा चाय और कॉफ़ी की डिमांड कर दी थी ..ऐसे में किडनैपर समझ नहीं प् रहे थे की यह उन सबसे दर क्यों नहीं रहे हैं ???

जब उनसे डरना किसी के बस में नहीं हुआ तब हु लोग अपने हेड को बोलने चले गए ..तब एंट्री हुई उनके हेड और उसके बेटे की ..

उनका हेड एज्ड इंसान था कोई 65 आगे क्रॉस होगा पैर बूढ़ा तब भी काफी सख्त जान था ..उसको देखकर उम्र पता नहीं लगती थी …क्युकी शायद उसका काम उसको फिट रहने पैर मजबूर करता था ..ऐसे hi उसका बीटा जो 40 का होगा हु भी काफी सख्त जान था …

हु दोनों नीता राकेश और जस के सामने आये …राकेश को आते hi उसके बेटे ने एक थप्पड़ जड़ दिया …

राकेश हँसते हुए बोलै …” यार यह तोह होगया थोड़ा चाय भिजवा दो कोनसा तुमसे जायदाद मांगी है वैसे भी तुमने हमको यहाँ आसानी से छोड़ना नहीं है ..सो चाय तोह काम से काम पीला hi सकते हो ?? हहहहहहह!”

जस “ हाँ अंकल मुझे कॉफ़ी चलेगी ..और प्लीज मैं सिर्फ अचे ब्रांड की कॉफ़ी पीती हूँ ..सो क्वालिटी में no कोम्प्रोमाईज़ ..”

हेड का बीटा नीता मम से “ टब hi बोल दे तुझे कुछ कहना है तोह ..??”

नीता मम “ मुझे न चाय चाहिए न कॉफ़ी मुझे जूस चाहिए ..”

हु हेड का बीटा गुस्से में आते हुए बोलै “ हाँ बस मेरी जान और मेरी गांड बची है हु भी ले लो सालो ..तुम को किडनैप किया है तुम्हारे शहर से ीनता दूर हो ..इतनी सिक्योरिटी में गन के सामने हो सालो थोड़ी तोह शर्म करो तुम लोग दर क्यों नहीं रहे हो???”

राकेश “ डर हु भी तुम लोगों से ..छोड़ो यार वैसे एक चीज़ समझ नहीं आयी ki..na तोह हम ज्यादा पैसे वाले हैं और न हमारी यहाँ किसी से दुश्मनी है चलो मेरा तोह मैं मान भी लूँ पुलिस वाला हूँ तुम्हारे किसी आदमी को कभी ठोका होगा पैर यह दोनों बिना वजह …समझ नहीं आया कुछ ..की तुम चाहते क्या हो ..”

इस पैर हेड खुद बोलै …” बरखुरदार तुम पुलिस वाले सुच में बाल की खाल निकलना जानते हो …खैर यहाँ वजह तुम नहीं यह है (नीता मम की तरफ इशारा करके ..)..”

जिसपर जस और राकेश दोनों चौंक गए थे जबकि नीता मम शांत थी …जैसे उनको पता था ऐसा कुछ हो सकता है …

राकेश “ अन्त्य ने क्या किया है ??? जो उनको किडनैप किया है तुम लोगों ने ??”

हेड हँसते हुए “ इसका तोह बहुत बड़ा कसूर है ..इसमें मेरी बेटी का बरसों पूर्ण सपना तोड़ने की कोशिश की है ..हमको तोह पहली बार पता चला की मेरी बेटी सुमन और उसके पति जगन की साड़ी प्रॉपर्टी उनके नहीं इस नीता के नाम है तोह ऐसे में मैं एक बाप अपनी बेटी का हक़ कैसे जाने देता सो उठा लिया तुम सबको वहां कोर्ट से ..अब तुम मेरे रेहम और करम पैर हो और तुम सब यहाँ तब तक रहोगे जब तक नीता साड़ी प्रॉपर्टी सुमन और जगन के नाम नहीं करती ..”

नीता मम नार्मल वे में बोली ..” तुमको तोह मैंने देखते hi पहचान लिया था धीरेन तेवटिअ और तुम्हारे उस कमीने सपूत को कैसे भूल सकती हूँ मैं क्यों हिरेन तेवटिअ सही है न …खैर जो बिता सो बिता अभी मुझे और इंसबको जूस और चाय कॉफ़ी दो …और जायदाद लेलो ..“

धीरेन तेवटिअ हिरेन का बाप था एक काफी रसूख वाला इंसान जिसने जगन से सुमन की शादी सिर्फ उसकी प्रॉपर्टी के लिए करवाई थी ..पैर इतने साल सुमन और जगन साथ में एक दूसरे के साथ खुश थे ..पैर प्रॉपर्टी पैर हक़ उनका था नहीं और नहीं hi उनको यह पता था की प्रॉपर्टी कहाँ और कितनी है ऐसे में उन्होंने नीता को पहले अपने सामने आने और उसके प्रॉपर्टी पैर नौ या सबकुछ बचूं के नाम करवाने का सोचा था ..यही सोचकर सुमन को दिल्ली बुलाया गया था ..पैर इनकी बुरी किस्मत या नीता मम का ाचा वक़्त कहो ..उनके साथ मनु और जस दोनों आये थे ..जहाँ सुमन और जगन की असलियत जब नीता मम ने सुनी तब hi सोच लिया था की जगन और सुमन तोह क्या उनके घर के किसी इंसान को प्रॉपर्टी नहीं देंगी ..सो आगे मनु ने अपनी चल चली थी ..बाकी आपको पता है ..

खैर धीरेन नीता के मुँह से सुनकर खुश हुआ की नीता त्यार है ..उसने फ़ौरन सब लेन को कहा ..और कुछ hi देर में सब अपना अपना ड्रिंक पि रहे थे …

नीता मम का ड्रिंक ख़तम हुआ तोह ..धीरेन बोलै ..” हाँ तोह करो प्रॉपर्टी सुमन और जगन के नाम ..”

नीता मम “ जल्दी क्या है किडनैप किया है हम यहाँ हैं न ..भागे तोह नहीं हैं न ..तोह दिक्कत क्या है ?? शाम तक करवा लेना प्रॉपर्टी वैसे भी आज कोर्ट में मेरे नाम ट्रांसफर हुई है तोह ऐसे में दो एक दिन लगेंगे तब तक प्रॉपर्टी किसी और के नाम मैं चहुँ भी तोह कर नहीं सकती ..”

हिरेन “ पापा इंसबको टार्चर करते हैं यह सेल हमको पागल बना रहे हैं ..”

धीरेन “ हाँ टार्चर कर मर दे इनको बाद में जब सब कुछ ख़तम हो जाये तब जज के आगे यह बताना की नीता जैसे पढ़ी लिखी औरत ने सिग्न की बजाये अंगूठा क्यों लगाया ..अबे पागल यह हैं या नहीं पता नहीं पैर तू पक्का पगला गया है…. न तू उस दिन नीता के पति से उसकी शादी में उस दिन पन्गा लेता और न हु तुझे पिट पिट कर बेज़ज़्ज़त करता ..अबे तू बुद्धा हो गया है अकाल कब आएगी तुझे …तेरी वजह से यह नीता आज तक तुझे मुझे गिरी हुई नज़र से देखती है ..पैर तुझे इसका फर्क पड़ा कभी ..साला न लायक कहीं का ..”

हिरेन “ मुझे नीता के ऐसे देखने से कोई फर्क नहीं पड़ता पापा …यह तब भी मुझे पसंद थी आज भी पसंद है ..अगर सुमन का सपना नहीं होता बिच में तोह अब तक पक्का इसके साथ शादी कर लेता मैं…”

नीता “ हाँ जैसे तुझ जैसे कुत्ते को मैं पसंद कर लेती ??? हराम के पिल्लै ..तू तब भी नालायक था आज भी न लायक है …”

धीरेन “ नीता देखो गुस्से में कुछ नहीं रखा ..बस सिग्न कर दो सुमन और जगन को प्रॉपर्टी दे दो बाकी सब वैसे hi चलता रहेगा क्युकी तुम अब सिर्फ एक बेचारी विद्वा hi हो ..यह इंस्पेक्टर या यह लड़की तुमको बचने वाली नहीं है ..मेरी मानो आराम से सिग्न कर दो ..और चैन से जहाँ हो वहीँ रहो ..”

नीता “ बेचारी विधवा यही कहा न मुझे तुमने ..यही समझते भी होंगे की नीता तोह एक अकेली औरत है एक विधवा है तुम जैसे लोगों का कर भी क्या लेगी ??? यही सोचा भी होगा की मुझे किडनैप करोगे और थोड़ा डरोगे और मैं सिग्न करके सब तुम्हारे नाम कर दूंगी ..है न ??”

धीरेन हँसते हुए “ और तुम कर भी क्या सकती हो ??? यह तोह तुमको करना hi होगा …”

धीरेन की इस बात पैर हिरेन जोर से हँसता है उसके साथी भी हसने लगते हैं …

यह देखकर नीता डरने के बजाये मुस्कुराने लगती है …
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अपडेट 95 part 2

नेक्स्ट कंटिन्यू part 2

नीता “ तुम दोनों बाप -बेटे पहले भी बेवक़ूफ़ थे ..जो मुझे तब मेरे बहादुर पति के साथ अकेला समझते थे ..पैर मेरे पति ने इस हिरेन का क्या हाल किया था ..मेरी शादी में दुनिआ ने देखा था ..घुटनो पैर नहीं मेरे पति के पैरों में आ गिरा था यह हिरेन तुम्हारा पिल्ला अपनी जान की भीख मांग रहा था ..पैर आज जब मेरे पति इस दुनिआ में नहीं हैं तब मुझे तुमने एक बेचारी विधवा समझ लिया है सही है ..मैं हु नेक विधवा एक बहादुर पति की विधवा hi हूँ ..पैर बेचारी तोह हरगिज़ नहीं हूँ ..और भूले से भी मुझे बेचारी समझने की भूल न करना ..”

हिरेन गुस्से मैं “ वर्ण क्या कर लेगी तू ..और कर भी क्या सकती है तुझ जैसे एक विधवा औरत ..अगर दम है तोह अब तक कुछ किया क्यों नहीं रे तूने ..आयी बड़ी बेचारी न बोलने वाली ..जा जो कर सकती है कर के दिखा ..”

जहाँ यह दोनों नीता मम से उलझे हुए थे …राकेश हसने लगा ..और बोलै “ सो सॉरी आप लोगों को बिच में रोक रहा हूँ पैर चाय में थोड़ा मीठा काम है ..प्लीज थोड़ा चिन्नी मंगवा दो ..”

हिरेन राकेश से “ अबे तुम लोग किडनैप हुए हो किसी पिकनिक पैर नहीं आये हो ..सेल अब मुँह खोला तोह तू गया ..”

राकेश “ यार मर दो पैर चाय तोह अछि पीला दो कमसे काम ..वर्ण उप्पेर जाकर क्या कहूंगा की पिहकी चाय पीकर मारा हूँ …हहहहह! “

राकेश की इस बात पैर वहां हिरेन और धीरेन के सरे लोग मुँह दबाकर हसने लगते हैं ..

धीरेन नीता से “ एक बात बता तू और तेरे साथी इतने बेखौफ कैसे हो सकते हो ??? किडनैपिंग के बाद ?? तेरे पीछे किसकी ताकत है ??”

नीता हँसते हुए “ न यह नीता तब अकेली थी और न अब अकेली है ..जिसको तुम एक बेचारी अबला विधवा समझ रहे हो ..उसके शादी के टाइम एक बहादुर सोलिडेर था ..और अब उसका सबसे मज़बूत हथियार उसके साथ हमेशा रहता है ..जिसकी सोच और ताकत तुम जैसे बहुतों की सोच और समझ से बहार है ..जितना तुम सोच भी नहीं सकते उतना हु मेरे लिए कर देगा ..वह भी सिर्फ मेरी एक मुस्कराहट के लिए ..और शायद अब तक उसको पता भी लग चूका होगा की हम सब किडनैप हो चुके हैं ..वह चैन से बैठने वालो में से नहीं है …जब हु यहाँ आएगा तुम दोनों के साथ यह सब तुम्हारे चमचे तुम्हारे यह साथी शायद जिन्दा होते हुए खुद उससे मौत मांगोगे ..”

धीरेन “ इतनी बड़ी टॉप दिल्ली में है ??? हहहहहह! तोह छिपी कहाँ है हु क्या रिश्ता है उसका और तेरा लगता कोण है हु तेरा ??? क्या नाम है उसका ???यहाँ हरयाणा में इस अकेली बंद पड़ी बिल्डिंग में उसका आना न मुमकिन है ..तोह अपने सपने में रह देख लेंगे जो भी आएगा ..वह जिन्दा नहीं बचेगा इतने लोग हैं यहाँ कोई सरफिरा भी यहाँ आने से पहले 100 बार सोचेगा ..तोह तू भूल जा …की कोई तुझे या किसीको यहाँ बचने तोह दूर ढूंढने भी आ सकता है ..तुम लोगों का यहाँ से बचना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन है … हाहाहाःहाहा” धीरेन की इस बात पैर हिरेन और उसके साथी थःके लगाने लगते हैं ..

राकेश “ हाँ मुझे भी यही लगता था ..की ऐसा हो नहीं सकता है ..पैर तुमने शम्स बेग़ का नाम तोह सुना hi होगा न ??”

धीरेन “ शम्स बेग़ सुना है मला था जो ब्लास्ट में मारा गया …उसका यहाँ क्या काम है ???”

राकेश “ यह बात बहुत काम लोगों को पता है की हु ब्लास्ट में नहीं किसी इंसान के हाथों मारा गया था ..और उसकी गलती सिर्फ इतनी थी ..की उसके आदमियों ने यह (नीता की तरफ इशारा करके ) अन्त्य के साथ बदतमीज़ी की थी …उसने अकेले hi उसके काफी गैंग को काट डाला था …उसके बाद जब उसने इन अन्त्य को किडनैप करने का सोचा होगा तोह उसने खुद hi आगे बढ़कर शम्स बेग़ और उसके पुरे गैंग को न सिर्फ अकेले काट डाला बल्कि उसके बीवी और बेटे को खुद मेरी आँखों के सामने बिच में से काट डाला …और तुमने ऐसे इंसान से अनजाने में पन्गा ले लिया है ..लोग तोह गलती से ऊँगली या पेअर खुल्हाडी पैर मर देते हैं ..पैर तुम लोगों ने तोह खुद hi अपने लिए टाइम बम सेट कर दिया है अब देखना है की हु फटेगा कब ??? क्युकी हम को ज़रा सी आंच भी आयी तोह यह तोह क्लियर है हु तुमको पुरे होश ो हवास में काट देगा ..वह भी बीचों बिच से ..सो अब हंसो सरे हंसो ..”

राकेश के यह बातें सुनकर धीरेन और हिरेन जहाँ गुस्से में आ चुके थे वहीँ उनके साथी जो बेग़ के मरने और गैंग के काटने की छुटपुट बातें सुनते आ रहे थे ..उन सभी हवा कहीं न कहीं निकल चुकी थी ..क्युकी मॉल में दुनिआ भर के लोग थे और ऐसे में बातें न हो ऐसा तोह हो नहीं सकता ..सो बातें एक मुँह से निकल कर दूसरे कान फिर तीसरे कान से होते हुए बहुत फैली थी ..पैर ैप रघुवंशी और राकेश ने वहां मॉल का और बेग़ का काण्ड दबा दिया था सो ..बातें फैली मगर एक हिसाब से ..पैर राकेश के कहने भर से वहां सनसनी का माहोल बन चूका था ..

धीरेन और हिरेन के साथी हथियारों के साथ खड़े जरूर थे पैर अब उनके दिलो में एक खौफ था ..उस अनजान इंसान के लिए खौफ जिसको उन्होंने देखा तक नहीं था ..और जिसको देखा न हो उसका खौफ ज्यादा डरवाना होता है ..वैसे hi यहाँ कई लोग सोच में दुबे हुए थे ..

धीरेन “ ाचा बेग़ को मरने वाला इसको तुमको यहाँ एक सुनसान जगह पैर इस अकेली बंद बिल्डिंग में बचने आएगा ..और हम यहाँ हथियार के साथ उससे बस देखते रहेंगे ??? अबे छुपकर फालतू की बकवास मत कर झूंठ मुठ की कहानी मत सुना ..मुझे पता हैं तुम सब अंदर से डरे हुए हो ..तभी ऐसे मनगढंत कहानियां सुना रहे हो ताकि तुम को हम सीरियस लें ..पैर मुझे अचे से पता है कोई नहीं आनेवाला ..तू अपना मुँह बंद कर सेल पुलिस के चमचे ..”

राकेश “ मत मनो तुम्हारी मर्ज़ी पैर यहाँ इतने लोग हैं उनमे से किसी न किसी ने यह वाक्य सुना होगा उसको पूछना …मुझे क्या हम तोह यहाँ हैं hi न ..न तोह भाग रहे हैं न भागने की कोशिश कर रहे हैं तुम अपना काम जारी रखो ..पुलिस वाला हूँ जनता हूँ ..पुलिस के काम करने का एक तरीका होता है ..जिसमे मुज़रिमों पैर भी केस चलता है पकड़ा जाता है ..खुद मैं यहाँ हूँ पुलिस से जायदा मुझे भरोसा है ..की पुलिस एक बार यहाँ आये या न आये पैर हु जरूर आएगा और जब हु यहाँ होगा तब तुम में से हर एक मौत मांगेगा यह तय है ..बाकी तुम जानो ..वैसे चीनी नहीं मिली अभी तक ..यार चीनी मंगवा दो न ..”

धीरेन गुस्से से “ अबे कोई इसको चीनी दो यार ..इनका कोई सुपरहेरो आने वाला है ..देखेंगे उसको भी ??”

धीरेन के कहने से कोई एक जाकर राकेश को चीनी देता है …धीरेन बेशक राकेश की बातों को हलके में ले रहा था ..पैर उसके आदमी डर की दहशत में आ चुके थे ..वजह थी मॉल का इंसिडेंट …जिसमे लोगों की बातें …

खैर जहाँ धीरेन राकेश और नीता के साथ जस पैर मेन्टल प्रेशर बनाने की नाकाम कोशिश कर रहा था .वहीँ मनु उस बिल्डिंग के बहार उसके पिलर के पास आयद में आ चूका था ..जहाँ पुलिस टीम उसके बातों से उसको देख रही थी ..और सोच रही थी की अकेला इंसान आखिर कर क्या लेगा …क्युकी बिल्डिंग में घुसना या चढ़ना hi सबसे टेढ़ी बात थी ..जहाँ पुलिस मनु को एक पागल और बड़बोले जैसे ले रही थी ..जबकि मनु अपने में सीरियस था ..उसके पास टाइम बहुत लिमिटेड था ..जिसमे बर्बादी की कोई जगह नहीं थी ..15 मिनट जिसमे 2 मिनट वाले नोड्ले भी ढंग से नहीं बनते ..वहां मनु को 10 फ्लोर पैर सब कुछ करना था ..पैर कैसे???

मनु ने पिलर के साइड्स में देखा जहाँ अक्सर बिडिंग में छत्त बनने के बाद लोहे के सरिये निकले रह जाते हैं जिनको फिनिशिंग में काट कर बिडिंग को चमकाया जाता है ..वह सरिये वहां निकले हुए थे ..मनु ने उन सरियों को गौर से देखा जिनसे हु रस्सी जो बिडिंग में अक्सर लबोर वाले उन सरियों में या ऐसे hi उन जगहों पैर बंधा करते हैं क्युकी उनको बांस के उप्पर चढ़कर बिल्डिंग में फिनिशिंग का काम करना पड़ता है जैसे की प्लास्टर वगैरा …अब मनु ने उन राशन को देखा जो उसके लिए इस टाइम एक वरदान से काम नहीं थी ..मनु ने वहां पड़े ड्रमों को वहां लगाया और उन रसियों पैर लटक कर पहुंचा 1सत फ्लोर पैर जहाँ उसने देखा फ्लोर पैर पानी भरा हुआ था जिसमे सभी आदमियों के पाँव भीगे हुए थे ..मनु ने वहां साइड में पिलर में एक तार देखा जो लाइट फिटिंग के लिए लगाया गया होगा …जिसमे अभी लाइन शुरू नहीं हुई थी …उसने वहां पिलर के साइड में जाती हुई तार को खिंचा और उस फ्लोर के पानी में दाल दिया .. और फटाफट उसी पिलर के सहारे 2ंद उसके बाद सरे फ्लोर पैर जाते हुए मनु ने हर फ्लोर पैर वही तार उस बिल्डिंग के हर फ्लोर में दाल दी …और पहुंचा सबसे उपपरवाले फ्लोर पैर जहाँ चार बन्दे हाथों में गन लिए खड़े थे …

मनु ने ध्यान से साइड से चढ़कर वहां उनमे से एक के पीछे जाकर उसके सर पैर जोरदार मुक्का जड़ दिया …उसके सर पैर मनु के मुक्का मरते hi एक कड़क की आवाज़ आयी जिसके बाद हु आदमी जिसके सर पैर मनु ने मारा था हु वहीँ जमीन पैर दुनिआ छोड़ चूका था उसकी गर्दन टूट गयी थी ..मनु ने उसके गिरने से पहले hi उसके हाथों से उसकी एक-47 ले ली …

पैर क्युकी उसके सर पैर मनु ने मारा तोह आवाज़ हुई थी ..ऐसे में बाकी सबका ध्यान मनु पैर आ गया ..सो मनु ने वहां देर नहीं की उसकी ऊँगली ने वहां सबको उस गन से शांत कर दिया था …

निचे वाले फ्लोर से बन्दे फायर की आवाज़ सुनकर उप्पेर लपके पैर मनु को दूर पैर रहने का फ़ायदा हुआ ..उसने निचे आते हुए हर एक को ढेर कर डाला …और निचे फिर भी दो बन्दे चिप्पे हुए थे ..जिनको लग रहा था की अचानक से उप्पेर हुआ क्या ???

..पैर मनु बिना आवाज़ के निचे आ चूका था ..दोनों बन्दे एक एक पिलर के पीछे खड़े ..आपस में पूछ रहे थे की उप्पेर चल क्या रहा है ??

मनु कुछ नहीं बोलै ..ज़मीन पैर लेता हुआ वहां उस पिलर के पास आया ..और एक बाँदा जो बातें करने में लगा हुआ था ..उसके पीछे बिना आवाज़ के उसने एक-47 की नाली जो कटी होती है ..किसी नोकीले भल्ले जैसे होती है ..उस आदमी के गले के पीछे से मनु ने aar-par कर दी …हु बेचारा वहीँ शांत हो गया ..दूसरे ने उस मरे हुए आदमी से पूछा “ ोये क्या हुआ बोल क्यों नहीं रहा ???”

उसका बोलना hi उसकी सबसे बड़ी गलती थी ..मनु को उसके बोलने से पता चल गया की हु ठीक ठीक कहाँ है ..मनु उसके ठीक पीछे से गया ज़मीन पैर कला बाज़ी करते हुए …और उसको पीछे से पकड़ा और एक-47 की खून से सनी हुई उसी नल्ली को उस आदमी के मुँह को दबाते हुए उसके सर के पीछे से जोर दार वार से घुसा दिया जिसके बाद उसका भेजा उस छेद से बहार रिसकर आने लगा …

छत्त और 10तह फ्लोर साफ़ हो चुके थे ..पैर निचे वाले फ्लोर पैर क्युकी आवाज़ नहीं गयी थी ..सो हु सब बचे हुए थे …मनु ने निचे जाने का फैसला किया …क्युकी हर फ्लोर पैर मनु तार बिछा चूका था …पैर बिजली सिर्फ 9तह फ्लोर पैर hi थी …क्युकी बिल्डिंग ओपन हो hi नहीं पायी थी ..और शायद कांट्रेक्टर का मैं ऑफिस 9तह फ्लोर पैर हो ?? इस वजह से hi उस फ्लोर पैर मैं लाइन में बिजली थी ..पैर 9तह फ्लोर पैर जहाँ सभी नीता राकेश और जस के साथ धीरेन और हिरेन थे वहां एक अलग बात और थी …जो थी उस फ्लोर पैर ज़रा भी पानी नहीं था ..सो चाहे मनु वहां तार डेल या नहीं फर्क नहीं पड़ना था …

नहीं चाहता था सो उसने निचे जाने का फैसला किया …

उधर पुलिस टीम अपनी घडी में देख रही थी …की मनु कितनी देर में क्या करेगा क्युकी 9 मिनट आलरेडी ओवर हो चुके थे …अब 6 मिनट बचे थे उसके बाद पुलिस टीम ने अंदर जाना था …सो मनु भी वहां सब के साथ बात करने के लिए मैं बना चूका था …सो उसने अपने साथ आये ड्राइवर को कॉल किया और कुछ इंस्ट्रक्शन दिया …ड्राइवर सुच में कुछ अलग लेवल का था उसने सिर्फ दो बार ok कहा और सिद्ध काम पैर लग गया …

उधर उप्पेर और निचे धीरेन और हिरेन को क्या हुआ था कुछ पता नहीं था पैर …उनका ध्यान अब किसी नए इंसान की तरफ था …जिसको नीता और जस ,राकेश के थोड़ी देर बाद hi उठा लिया गया था …

जो कोई और नहीं सुमन थी धीरेन की बेटी ..जिसको फाइनली नीता के सिग्न के करने के लिए और सब क्लियर करने के लिए बुलाया था …

जो अभी ताका लग रूम में थी …पैर अब हु यहाँ सबके सामने आ चुकी थी …सुमन के आने से वहां सिर्फ नीता और जस ने सिर्फ हैरानी का नाटक किया …क्युकी दोनों कहीं न कहीं अंडर से समझती थी सुमन यहाँ हो सकती है आखिर यहाँ उसका सागा भाई और बाप थे सो ऐसे में उसका होना कोई बड़ी बात भी नहीं थी ,,,

सुमन के मुस्कुराते हुए वहां आने से नीता और जस ने उसको एक नफरत भरी नज़र से देखा …पैर उससे कहा कुछ नहीं…

सुमन हैरानी से मुस्कुराते हुए बोली …” मेरी प्यारी ननद को मुझे यहाँ देखकर कुछ कहने का मैं भी नहीं है ..क्या ज़माना आ गया है ..अरे भाई काम से काम गुस्सा hi दिखा दो …तोह यहाँ आना बेकार नहीं जायेगा …नीता और जस ..”

नीता मुस्कुराते हुए …” मेरे भाई की बीवी हो तुम और जब तुमने मुझे मरने का सोचा hi था तभी से तुमको मैंने अपने दिमाग से निकल दिया …क्युकी तुम्हारे बारे में सोचने का मेरे बेटे ने सोच रखा होगा ..वैसे उम्मीद है उसने अब तक तुमको कुछ किया नहीं है तोह पक्का उसने तुम्हारे लिए मरने से भी बुरा सोच रखा होगा …यही सोच कर हंसी आती है …की तुम्हारा होगा क्या ???”

सुमन यह सुनकर hi चिढ गयी ..उसको अब समझ में आया की मनु उसको इतना छोड़ने में क्यों लगा हुआ था …और जब नीता को उसके मौत और सुमन और जगन के प्लान के बारे में पता है ऐसे में मनु उसको सिर्फ छोड़कर छोड़ने वालों मैं से नहीं होगा …पक्का मनु ने कोई बड़ा प्लान बना रखा होगा ..पैर क्या ??? यह सोचकर hi सुमन की हवाइयां उड़ने लगी थी …

ऐसे में सुमन पैर नीता और जस का मुस्कुराना उसकी अचे से समझ में आ चूका था ..की जस क्यों किचन में स्पेशल नीता के नाम पैर आयी थी …पैर नीता और जस के हांसे से सुमन का दिल अंदर से जल रहा था …क्युकी अपने लाइफ में पहली बार सुमन ने जगन के अलावा किसी और से चुदाई की थी .और हु था मनु और कहीं न कहीं मनु की गुलामी उसने मंजूर कर ली थी ..पैर जब उसको पता चला की मनु उसके प्लान के बारे में जनता है तब उसको लगा …की मनु का उसके पास आना और उसको छोड़ना मनु के प्लान का hi हिस्सा है …ऐसे में उसे गुस्से से ज्यादा दुःख हो रहा था …जगन को धोखे से ज्यादा चुदाई में धोखे का दुःख …ऐसे में उसको मनु से कहीं न कहीं डर लगने लगा था …

ऐसे में मनु ने वहां एक नया काम कर दिया वहां एक-47 लिए कंधे पैर हु एक लाश जिसका भेजा बहार टपक रहा था ..उसे लिए वहां अंदर आने लगा …धीरेन और हिरेन के लोगून ने उस लाश में धननं बेहिसाब गोलियां फायर कर दी ….

यहाँ वहां सिर्फ गोलियों की आवाज़ों में मनु आगे बढ़ रहा था …उसके कदम रुक नहीं रहे थे …अब चाहे गन कोई भी हो उसने गोलियां तोह ख़तम होती हैं hi ..और जब सेमि आटोमेटिक हो या फुल्ली आटोमेटिक गन जिनमे सेकण्ड्स में पूरी मैगज़ीन खाली हो जाती है …सो ऐसे में मनु सिर्फ उसी टाइम का वेट कर रहा था …

धीरेन के कुल 17 लोग उस फ्लोर पैर थे …जिन्होंने एक साथ गन फायर कर के जो चुटिया पैंटी की थी …पैर मनु उस लाश के पीछे पूरा खून में नाहा चूका था सो …उसने उस लाश को हवा में उठाकर एक गन लोड कर रहे इंसान पैर फेंका …हु उस लाश के निचे डाब चूका था …

उसका सतही भी खून देखकर और उस लाश का भेजा निकलता देखकर उल्टियां करने लगा था …अब इंसान hi था बच्चारा ..ऐसे किसीकी मौत का हाल देखकर दिल कच्चा हो गया होगा उसका …साला हाथ में लम्बा सा तलवार लिए था …पैर ज़मीन पैर बैठा उल्टियां कर रहा था …

मनु ने वहां जो भी सामने देखा उसमे कुछ पीतल भर दिया …और आगे बढ़ने लगा ..जहाँ कुछ कदम के बाद हु उलटी कर रहा इंसान …उसको देखकर ढीला पद गया …

मनु ने उसकी आँखों में आँखें दाल कर देखा …और मनु की आखों में देखकर उस आदमी ने सामने से हाथ जोड़ लिए की मनु उसे न कुछ कहे ..मनु ने उसके कंधे पैर हाथ रखा ..और उसके पास पड़ी तलवार को उठा लिया …

मनु आगे बढ़ा उसका पूरा चेहरा और पुरे कपडे खून में साणे हुए थे जिसने भी उसको खून में नहाये देखा उसका कलेजा कांप गया था ..

पैर मनु ने जबसे तलवार हाथ में ली उसके बाद एक-47 से एक हाथ से फायर करने लगा और एक हाथ में तलवार से कटाई करने लगा ..वहां हाल बहुत ाचा नहीं था …गोलियों की आवाज़ें अंदर तक आ रही थी …

जिनको सुनकर राकेश हंसने लगा …धीरेन और हिरेन को देखकर बोलै …” तुम्हारे लिए यह गोलियों को आवाज़ें आती हुई मौत की आहात है …अब भी मत मानो की यहाँ कोई आ नहीं सकता …”

हिरेन “ साले तू हमको द्वारा रहा है ?? तुझे क्या लगता है ?? कोई भी तुमको लोगों को यहाँ से आराम से ले जा सकता है ?? अबे तुम्हारे किसीके हाथ में पड़ने से पहले hi तुमको मर देंगे हम ..तू हमसे ज्यादा अपनी जान की फ़िक्र कर ..”

राकेश “ यार सुच में तुमसे चुटिया इंसान नहीं देखा ..आगे में बड़े हो ..पैर हो एक नंबर के चुटिया hi ..सोचो जरा …एक बार जब हु यहाँ आया है हमको बचने के लिए …जब इंसान कुछ करता है तोह हर तरह से काउंटर करने का सोच कर hi कुछ काम करता है ..ऐसे में तुमने यह सोच कैसे लिया की जो भी हमको बचने आया होगा ..वह ये सोच कर नहीं आया होगा ..की तुम ऐसा कुछ कर सकते हो ??? यार फिल्में सबने देखि हैं की विलन क्या कर सकता है और हीरो को कहाँ कमज़ोर कर सकता है ..पैर जब तुम उसको देखोगे वहां तुम समझ जाओगे की हु कमज़ोर पड़ने वाला इंसान नहीं है ..उसकी सोच hi बहुत अलग है …जो इंसान बेग़ को खुद उसके घर में जाकर इस बात पैर काट आया की उसने इन अन्त्य और उसकी इस दोस्त को किडनैप करने का सोचा होगा ..तोह हु यहाँ आने से पहले क्या यह सोच कर नहीं आया होगा ??? ..सोचना एक बार हु क्या करेगा मुझे पता नहीं पैर तुम लोग तड़पोगे मरने से पहले यह तय है …(धीरेन को देखकर ) अंकल कैसा चुटिया बीटा पैदा किया है ..जिसमे अकाल hi नहीं है ..यह साला आज भी 1960 के विलन वाले दौर में जी रहा है ..इसको समझाओ ..वर्ण मारो मेरा क्या ..”

धीरेन यह सुनकर सोच में आ चूका था ..वहीँ मनु से छोड़ने वाली सुमन ने जब बेग़ की मौत की वजह जानी तोह साडी में से निचे निचे उसका मुट्ठ निकल गया ..क्युकी उसका और बेग़ का हाल शामे था …जहाँ मनु उसके सामने आया नहीं था ..पैर उसका हाल ख़राब हो चूका था ..सोच सोच कर hi की मनु उसके साथ करेगा क्या ???

उधर मनु के साथ वहां लग भाग सभी की गोलियां ख़तम हो चुकी थी ..सो अब वहां लड़ाई हाथ पैरों पैर आ चुकी थी …ऐसे में मनु ने किसी पैर कोई रेहम नहीं किया ..और तलवार का अचे से उसने इस्तेमाल किया …और किसी को उसने हाथ से कटा और किसी को पैरों से …यह उसने जान भूझकर किया क्युकी यहाँ उसको खौफ की जरूरत थी …सो वैसा हुआ भी कुछ निचे दर कर भाग गए ..और जो बचे हुए थे …उनको मनु ने काटना जारी रखा …

एक बाँदा जो थोड़ा ाचा फाइटर था उसने हाथ में तलवार लिए मनु पैर वार किया ..पैर मनु ने पीछे सुमरसॉल्ट लिया और उसका वार बचा लिया ..फिर से उस बन्दे ने मनु पैर आगे बढ़कर वार किया ..पैर मनु वहां से भी एक और पीछे सुमरसॉल्ट ले गया ..

मनु समझ चूका था की वहां यह इंसान नोर्मल्ली हैंडल नहीं होगा ..पैर उसके पास टाइम काम था ..क्युकी अब 1 मिनट hi बचा था …सो मनु ने एक सुमरसॉल्ट आगे लिया और उस बंद ेके ठीक पास आ चूका था .उसने सामने से एक वार किया ..जिसमे उस बन्दे ने उसको ब्लॉक करना चाहा ..क्युकी उसको लगा की हु वार उसके पेट पैर हो सकता है …पैर यह डबल साइड वॉर था …मनु ने पेट के उप्पेर वॉर न करके उसके सिद्ध सर पैर वॉर किया और उसको ठीक बीचों बिच से काट डाला …उस बन्दे का कुछ सेकंड में hi अंदर से पूरा का पूरा सामान ज़मीं पैर पानी जैसे बिखर चूका था …

उस एक बन्दे के मरने का असर वहां बचे हुए बाकी लोगों पैर मांटेल असर यह हुआ की हु सभी वहां से निचे वाले फ्लूरोन पैर भाग गए …सब छोड़ कर …

मनु ने उस बन्दे की लाश के एक साइड को पकड़ा और सिद्ध उसको सामने से उढ़ाकर अंडर वाले साइड में फेंक दिया ..अब इसे किस्मत कहो या कुछ और …की हु आधा कटा हुआ हिंसा ठीक सुमन के पैरों के सामने आ गिरा …

धीरेन और हिरेन यह कटा हुआ हिंसा देखकर कांप चुके थे …मनु का यूँ लाश फेंक ने से वहां धीरेन और हिरेन लगभग हार्ट अटैक वाले सदमे में आ चुके थे …जबकि सुमन का न जाने कितना मुट्ठ निकल गया था …

जस और नीता को वहां मुट्ठ की स्मेल से साफ़ पता चल रहा था की किसी ने मुट्ठ होगा ..पैर किसने तोह जस को बड़ी हैरत हुई की हिरेन जो ज्यादा जोशीला बना घूम रहा था ..उस लाश के आधे टुकड़े को देखकर उसकी पंत भी मुट्ठ में गीली हो चुकी थी …जस ने नीता को इशारा किया की देखो हिरेन ने पेण्ट में मुट्ठ रखा है ..ऐसे में नीता की हंसी भी निकल चुकी थी …

पैर हिरेन की हालत क्या होगी आप ऐसे समझ सकते हैं की वहां हिरेन का मुँह अभी भी हैरत से खुला हुआ था …की ऐसे बीचों बिच से कोई किसी इंसान तोह क्या जानवर को भी नहीं कटा करता है ..पैर उसका कलेजा और दिल दोनों एक साथ कांप रहे थे ..

जो निचे गए थे …और निचे जाने के बाद उनके साथी उप्पेर क्यों नहीं आये आप सोच रहे होंगे …पैर जो बिछे हुए इंसान निचे गए ..उनके जाने के बाद जब उनलोगों ने अपने साथियों को बताया की मनु कैसे उन इन्सानको को बिना रेहम के काट रहा है …तोह उन लोगों ने निचे रहना hi ज्यादा सेफ समझा ..उस टाइम के लिए …

उधर जैसे hi उस फ्लोर पैर जो बचे हुए जो धीरेन और हिरेन के साथ वहां उस मैं रूम जो शायद कांट्रेक्टर का ऑफिस होगा उसमे जब मनु खून से लेथ पथ भद्दा तोह उसके जिस्म से टपकते हुए खून और उसके हातून में तलवार देखकर उनकी रही सही हिम्मत भी टूट ..चुकी थी ..क्युकी मनु ने उस रूम में घुसते hi सामने पड़ने वाले इंसान को उसके कमर से काट डाला था ….और हु इंसान जिसमे थोड़ी जान बाकी होगी ….वह इंसान ज़मीन पैर पड़ा ..चिल्ला रहा था …हाययययय !!! करते हुए …

किसी इंसान को खुद अपने कटे हुए हिस्सेस को देखकर ख़ौफ़ज़दा होना क्या होता है ..उस रूम में सभी देख चुके थे …सो सामने से मौत को किसी जिस्म में इंसान का रूप अगर उस टाइम कोई सोच सकता होगा तोह वहां खड़े हर शक्श के दिमाग में उसका रूप सिर्फ एक hi का होगा …या जिसका सिर्फ एक hi नाम होगा …

मनु सिर्फ मनु …

नीता को इस बार हैरत नहीं हुई थी …जस भी देख चुकी थी यह सब एक बार अपने सिटी में जब मनु ने मला का कांड किया था ..और राकेश भी बेग़ के इंसिडेंट में मनु के साथ था ….और हु तेरा पुलिस वाला …पैर इस टाइम सबसे ज्यादा खुश भी वही था …मनु को देखकर वहां क्युकी इतनी देर से धीरेन और हिरेन को जिस खौफ और मेन्टल टार्चर से राकेश खेल रहा था ..उसका सही असर मनु के आने से हुआ था …

उस पैर सुमन ने जब मनु को ऐसे कॅशे वाले रूप में देखा तोह उसके मुँह से आवाज़ निकालनी बंद हो चुकी थी ..उसको ऐसा लगा रहा था ..यह मनु नहीं है कोई और है ..या यह सब सुच नहीं है ..क्युकी उसकी सोच तोह क्या सपने में भी उसने मनु को ऐसा नहीं सोचा था …एक कॅशे से भी खतरनाक …

खून में सना हुआ मनु जब उस रूम में दाखिल हुआ तोह धीरेन और हिरेन के कलेजे लगभग फटने जैसे हालत में आ चुके थे …

मनु वहां आया उसने दोनों को एक नज़र देखा …जिसमे दोनों बाप बेटे और सुमन उसको देखकर थारर थर्र्र कांप रहे थे …हिरेन के हाथ में जो पिस्तौल था ..वह डर से गिर्र चूका था …जिसको राकेश ने आगे बढ़कर उठा लिया …

मनु ने जब सुमन को वहां देखा तोह उसको देखकर हल्का सा मुस्कुरा पड़ा जिसको देखकर सुमन और दहशत की जड़ में चली गयी …

मनु ने जब धीरेन और हिरेन को डरा और सेहमा हुआ देखा तोह उनको लगभग इग्नोर कर दिया और उसने वहां हवा में लटक रही इलेक्ट्रिक वायरिंग में से 2 तार को खींचा और उसको तोड़ लिया और उसके बाद मनु ने उसको उस वायरिंग में जोड़ दिया जिसको उसने फ्लोर पैर बिछाया था …

उसमे मैं तारों को कनेक्ट किया तोह पुरे बिल्डिंग में से कुछ सेकंड में hi निचे से उप्पेर तक तड़पते हुए लोगों को पुलिस वालों ने देखा …जिनमे सभी गुंडे मुँह से झाग छोड़ ते हुए उप्पेर वाले से मिलने की टिकट ले चुके थे …

पुलिस वाले जो उस बिल्डिंग में 15 मिनट पुरे होने के बाद घुस रहे थे …सामने करंट लगने से मरते हुए लोगों को देखकर उनकी सांसियन और मुँह खुल चुके थे …जबकि कुछ गुंडे जिनके हाथ उनके हाटों में पड़ी गन्स के ट्रिग्गरपर थे …करंट लगने से उनसे अपने आप फायर हो चूका था …. सो पुलिस वाले वहां घुसने से पहले hi रुक चुके थे …मनु ने करंट की कुछ ताराओं से उप्पेर से निचे पुरे में कितने सरे लोगो को एक साथ मौत की बिसात पैर एक साथ बैठा दिया था ..खुद पुलिस टीम भी हैरानी से देख रही थी की 15 मिनट में जहाँ लोग सोच भी नहीं पाते ऐसे में …मनु ने 15 मिनट में वहां पूरी बिल्डिंग में मौत का नंगा नाच एक साथ दिखा दिया था ..पहली बार पुलिस टीम किसी ऐसे जगह पैर थी …जिसमे उन्होंने एक भी गोली नहीं चलाई थी ..पैर वहां लाशों का हाल देखकर किसी का भी हाल ख़राब हो सकता था …जो उप्पेर वाले फ्लोर पैर लाशों को जहाँ तहँ से कटा हुआ देखकर पुलिस टीम का हुआ भी …

उधर मनु अपने तारों का खेल होने के बाद वहां धीरेन और हिरेन के ठीक सामने खड़ा था ..उसने अपने मुँह से खून अपने हाथ से साफ़ किया और हाथ में इकठा हुए खून को हिरेन के मुँह पैर झटख दिया ..जिससे हिरेन का हाल और ख़राब हो गया ..क्युकी उसका मुँह खुला हुआ था ..और जब मनु ने अपना हाथ झटखा तब उसके हाथ का खून हिरेन के मुँह में चला गया ..और हिरेन का दिल इंसानी खून ने टेस्ट से hi कांपने लगा …हु वहीँ ज़मीन पैर बेथ गया उसको उलटी हो चुकी थी …जबकि उसका बाप डरा हुआ देख रहा था सामने मनु को जिसके एक हाथ में अभी भी तलवार थी ….खून से सना होने के बाद उसके कपडे उसके जिस्म से पूरी तरह चिपके हुए थे …मनु के जिस्म का हर हिस्सा उसकी म्हणत और वर्कआउट और जान निकलने वाली ट्रेनिंग का जीता जागता गवाह था …जिसको देखकर धीरेन सामने से मैं में यही दुआ कर रहा था की कहीं मनु उसको और उसके बेटे को काट न डेल …

पैर मनु ने धीरेन को देखा और उससे कहा ..” हाँ तोह कुछ सवाल पूछ सकता हूँ आपसे …??”

धीरेन डरते हुए हाँ में सर हिला देता है ..

मनु “ क्या आपको पता है प्रॉपर्टी अगर आप लोग यहाँ ले भी लेते तोह हु फिर वापस आ जाती ..???”

धीरेन हैरानी से “ ऐसे कैसे ??? “

मनु सुमन को देखते हुए “ क्युकी तुम तोह तेरे नालायक ..अब क्युकी जायदाद तुमने करवानी चाही होगी ..अपनी बेटी या उसके बच्चों के नाम ..ऐसे में राज जो की अभी मेरे कब्ज़े में है उसके सर को ऐसे hi दो सेकंड में उदा देता फिर झख मार कर तुम वापस करते न …अब तुम कहोगे यह सब बाद में देखा जायेगा ..तोह बाद का सन नहीं है ..यहाँ अगर राज नहीं होता मेरे पास तोह तुम्हारे पुरे खानदान को मैं दुनिआ के किसी भी कोने से ढूंढ कर उसको जिन्दा जला देता ..सो अभी तुम जिन्दा इस लिए हो की मेरे सब लोग सेफ नज़र आ रहे हैं ..वर्ण मुझे डायलाग बाज़ी से सख्त नफरत है ..तोह मेरी नफरत कैसी है यह तुमने देख लिया होगा सैंपल के लिए …”

सुमन “ मेरे राज कहाँ है ..मनु मुझे कोई प्रॉपर्टी नहीं चाहिए मुझे मेरा राज दे दो ..प्ल्ज़ मुझे कुछ नहीं चाहिए …उसको कुछ नहीं होना चाहिए …उसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ?? जो तुम उसको मरना चाहते हो …”

मनु “ बिगाड़ा तोह मेरी माँ ने भी नहीं था जिनको तोह अभी तक पता भी नहीं था की उनकी पूरी प्रॉपर्टी पैर तुम लोग अपने सपने के लिए उन्ही को प्यार से मरने के चक्कर में हो ..पैर अगर तुम्हारा हु सही है तोह यह भी सही है ..राज को एक आखिरी बार देख लो उसके बाद नहीं होगा राज जिन्दा …” मनु ने अपने मोबाइल से कॉल किया उस ड्राइवर को जिसने बेहोश पड़े राज को दूर खोलकर दिखा दिया …सुमन ने बिल्डिंग से निचे देखा तोह 9तह फ्लोर से क्या घंटा समझ आता उसे ..पैर मनु ने अपने मोबाइल से उसकी वीडियो कॉल करके दिखाया तोह सुमन मनु के पैरों में गिर गयी …राज के लिए …

धीरेन “ तू कहाँ पगला रही है सुमन राज को कुछ नहीं होगा …हम हैं न …और अगर कुछ हुआ भी तोह कोनसा राज अकेला तेरा बचा है अभी रिया भी है उसके नाम कर देना ..और अगर उसको कुछ हुआ तोह हिरेन के बचे हैं न ..तू फ़िक्र मत कर …कुछ नहीं होगा राज को ..”

मनु सुमन से “ देख लो यह तुम्हारे सेज बाप और भाई हैं जिनको सिर्फ प्रॉपर्टी दिख रही है चाहे तुम मारो या तुम्हारा बीटा इनको सिर्फ प्रॉपर्टी से मतलब है ..अब तुम डीडे कर लो ली बीटा चाहिए या बाप और भाई …बाकी चॉइस का टाइम लिमिटेड है …बीटा या बाप भाई …सिर्फ एक बार और पूछूंगा …सोच लो …”

नीता “ बीटा क्या सुच में मार देगा राज को ..उससे ाचा तोह इन दोनों कमीने बाप बेटे को मार दे ..इन्होने जीना हराम कर रखा है ….बहुत सैलून से मेरा…”

मनु सुमन को देखकर “ चॉइस टाइम इस ओवर …फैसला माँ ने कर दिया ..अब राज जिन्दा बचेगा …राज को छोड़ रहा हूँ ….क्युकी माँ ने कहा है ..पैर बाप और भाई को आखिरी बार देख लो ….”

सुमन हक्की बक्की सी मनु का मुँह तकती रह गयी …

राकेश “ यार थोड़ा दूर मरना इनको यहाँ पहले hi काफी खून बहा दिया है तुमने …सो थोड़ा आराम से मरना …”

मनु “ क्यों कानून की दुहाई नहीं डोज आज …??की इनको पकड़ लो जेल में डालो …???”

राकेश मुस्कुराते हुए…” कुत्ते की दम सीधी करने और बार बार मौके देने से ाचा है एक बार का काम तमाम ..तुम्हारा तरीका सही है …न दुश्मन न दुश्मन की टेंशन ..मारो सालो को बहुत पकाया है इन दोनों ने …सालो को तुम्हारे नाम से बहुत डराया ..कहते थे बुलाओ तुम्हारे सुपरहेरो को देख लेंगे …पैर अब देखो सालों की फटी पड़ी है …”

मनु ने उसके बाद कुछ नहीं कहा न सुना दोनों धीरेन और हिरेन को उसने ठीक गले से काट डाला …दोनों के सर सीधे सुमन के पैरों में पड़े हुए थे …

पैर सुमन को उनके मरने का अब उतना दुःख नहीं था ..क्युकी राज उसका बीटा जिसको डाव पैर लगाने को हु त्यार थे …सो सुमन का मोह अब राज से ज्यादा था …क्युकी जो आज राज को डाव पैर लगा सकते हैं ..कल को क्या हु उसको डाव पैर नहीं लगयेन्गे …सो सुमन ने ज्यादा मातम नहीं मनाया ..पैर दुक्खा तोह tha…sage बाप और भाई के जाने का ..पैर उतना नहीं जितना शायद राज का होता सुमन को …अपनी अपनी सोच है आप और मैं क्या कर सकते हैं ???

पुलिस टीम ठीक उसी टाइम आ चुकी थी …दोनों धीरेन और हिरेन के कटे हुए सर देखकर पुलिस वाले समझ गए मैं लोगों को लुढ़का दिया मनु ने …और उसको खून में नहाये देखकर वहां पुलिस टीम हैरत में थी ..क्युकी एक अकेले इंसान ने 10 फ्लोर पैर उप्पेर से निचे तक सारे लोगों को 15 मिनट की अस पास निबटा दिया था ….

राकेश ने देखा ैप धामा पीछे टीम के साथ आ रहे हैं …उनको देखते hi राकेश ने एक कड़क सलूट किया …

ैप धामा “ इंस्पेक्टर र ु ok ???? “

राकेश “ यस सर बैकअप इस ईंटो ों राइट टाइम ..एंड जस्टिस इस क्लेअर्ल्य सर्वे …(हाँ सर बैकअप टाइम पैर था और इन्साफ सही तरह से हुआ ..)”

ैप धामा ने जब मनु को खून में लथपथ हाथ में तलवार लिए देखा तोह उनको एक बार तोह यकीं नहीं हुआ की यह हु hi नार्मल सा लड़का है …जिसको उन्होंने अपने दोस्तों के कहने पैर यहाँ लिया था ..उसने यहाँ हवा का रुख hi बदल दिया था …एक सिंगल गोली नहीं चली थी वहां पुलिस की साइड से ..पैर वहां उनका हश्र बता रहा था की मनु ने कैसे उनको कटा होगा ??? यह सोच कर की अकेले मनु ने वहां हाल बेहाल किया होगा ..ैप धामा को किसी एक्शन मूवी की याद आ गयी …

हु मनु के पास गए जो अब पुलिस टीम के आने के बाद उसने पानी लेकर मुँह डोह रहा था …

ैप धामा “ सो यंग मन तुमने जो कहा कर hi दिया ..पैर बीटा कानून को ऐसे तोड़ने की जरूरत थी क्या ???” पूछा तोह ैप ने मनु से था ..पैर जवाब मिला राकेश से ..

राकेश..” सॉरी सर आप का एरिया है आप अफसर हैं ..मैं आपको क्रिटिसिज़े नहीं कर सकता पैर सर मनु ने यहाँ जरा सी चूक की होती तोह यहाँ यह खून हम सब का होता सो सर कभी कभी कानून से आगे जाकर hi कानून को बचाया जा सकता है ..वैसे भी कानून इंसानो के लिए है ..ऐसे हैवानो के लिए नहीं जो अपने hi देहवते की जान डाव पैर लगाने को तैयार थे …पूछ लीजिये इनकी बेटी और बहिन से …”राकेश ने सुमन की तरफ इशारा कर दिया …

ैप धामा ने सुमन को भी अरेस्ट करना चाहा ..तोह नीता मम ने उसको छुड़वा दिया …मनु शांत था …उसका खून से भरा और हाथों में तलवार से देखकर कई पुलिस वाले अब मनु को सीरियसली ले रहे थे …कई जो आपस में शर्त लगते थे …या जो आज हार गए थे आपस में पैसे ले दे रहे थे …

नीता मम ने सुमन को संभाला क्युकी उसको अभी तक दहशत के मारे बोलै नहीं जा रहा था …क्युकी हु मनु जिसकी चुदाई से सुमन उसकी गुलाम थी …आज उसी मनु ने उसकी आँखों के सामने उसके बाप और भाई के सर उदा दिए थे …

ैप धामा और राकेश ने वहां से सबको निकला साफल्य जहाँ निचे मनु के ड्राइवर ने राज को सुलाया हुआ था …

सुमन को मनु ने इशारा किया कार का सो हु चुपचाप कार में चली गयी और राज को देखकर उसके सर पैर हाथ फेरते हुए रोने लगी …राज इस टाइम बेहोशी में था जो मनु ने ड्राइवर को कहा हुआ था …

मनु ने अपने खून से साणे कपडे उत्तर दिए थे ….और एक पुलिस वाले ने उसको अपने ढीले कपडे दे दिए थे …जिनको मनु ने पहन लिया था …राकेश ने उसके खून से साणे हुए कपड़ों को वहीँ जला दिया था ..क्युकी हु चांस लेना नहीं चाहता था …

नीता मम और जस बस दूर से मनु को देख रहे थे ..दोनों को आज फिर मनु ने बचा लिया था …सुमन कार से उत्तर कर नीता के पास आयी और उसके पैरों में गिर गयी थी ..

सुमन “ दीदी मुझे माफ़ कार्डो आज पहली बार मुझे पता चला मेरी असली दुलत तोह मेरे बचे हैं और कुछ नहीं मुझे कुछ नहीं चाहिए आज राज के कुछ देर ऐसे में होने भर से मेरा लालच हवा हो गया ..दीदी आपका पैसा आपको मुबारख मुझे कुछ नहीं चाइये …मुझे मेरी गलतियों के लिए हो सके तोह माफ़ कर देना …”

नीता..” नहीं तुम फ़िक्र मत करो मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है ..तुम तोह बहार की औरत थी पैर भाई टफ मेरा सागा था ..उसने hi मरने की कोशिश की वही से यह सब शुरू हुआ …मुझे सुच में न तब प्रॉपर्टी की जरूरत थी और न आ भाई पैर अब बात यहाँ मान की है तोह प्रॉपर्टी मैं चौंगी नहीं पैर घर और ऑफिस भाभी तुम्हारा और भैया का hi होगा ..यह मेरा फैसला है ..मेरे लिए इस प्रॉपर्टी की वैल्यू बस इतनी है की अब इस प्रॉपर्टी पैर मेरे शेर बेटे अपने बिज़नेस करेंगे ..जो मैंने फाइनल कर लिया है ..तुमसे मुझे अब शिकायत नहीं है ..भाभी ..हाँ दुक्खा है की मेरे चलते तुम्हारे सर से बाप और भाई का से आठ गया …” सुमन इस पैर रोने लगी ..

सुमन रट हुए “ दीदी अब जब गलत सोचा था तोह गलत होना भी था सो हो गया राज को बिच में लेन से मेरा बाप और भाई का लाड भी वहीँ ख़तम हो गया ..बस अब आप माफ़ कर दो मुझे ??प्ल्ज़ “

कहते हुए सुमन हिचकियाँ लेते हुए रोने लगी ..जिसपर नीता और जस ने उसको संभाला ..

खैर यहाँ औरतें अपने में लगी हुई थी वहीँ पुलिस टीम ने बाकी लोकल पुलिस को कॉल करके वहां फॉर्मेलिटी पूरी करने को कहा था ..जिसके बाद मनु के साथ उस कार में राकेश, जस ,नीता मम ,सुमन और राज बैठे हुए थे …जिसके बाद ड्राइवर सिद्ध दिल्ली की तरफ चल दिया था ….क्युकी कार सुव टाइप की थी सो सभी आराम से बैठे थे …ड्राइवर अपने हिसाब से चला रहा था कार में सब शांत थे …

उधर मनु के जाते hi वहां ैप धामा के पास ैप रघुवंशी का कॉल आया ..जिसको जब ैप धामा ने सब बताया तोह उन्होंने सिर्फ मुस्कुरा कर इतना कहा की “ चलो ाचा हुआ सब सेफ रहे ..वैसे अब तुमको मेरे फैसले पैर शायद शक हो??”

ैप धामा “ हाँ ऐसा इंसान पहली बार देखा जिसके हाथों में तलवार और साथ में दिमाग के चलने की रफ़्तार एक सी है …सुच में यह किसी अलग युग का इंसान लगता है ..जिसने पल भर में 10 माले के सरे गुन्हेगारों को भून कर रख दिया …”

ैप रघुवंशी “ हाहाहा! देख लो मैं तोह देख चूका था तभी उसको खुद आगे बढ़कर वहां बेह्जा ताकि राकेश और बाकी सब सेफ रहे ..खैर थैंक्स उसकी हेल्प के लिए …”

ैप धामा ..” यार रघुवंशी काम से काम हेल्प वाला तना तोह मत hi दे …क्युकी पुलिस टीम पहली बार बहार कड़ी देखि मैंने उस लड़के ने अकेले सब कर दिया लास्ट में हम सिर्फ लाशों का हिसाब कर रहे थे ..तोह तना मत मार यार प्लीज …”

ैप रघुवंशी “ हाहाहाहा! Ok चल रखता हूँ bye टेक केयर …”

ैप धामा ने मोबाइल पैर कॉल कट की hi थी की उधर से मनु के मास्टर की कॉल आ गयी ..

मास्टर “ हाँ क्या रहा वहां मनु ने पक्का कुछ न कुछ किया होगा वहां भी ??”

ैप धामा “ यार वीरेंदर तू सही था तेरा चेला ..सुच में बहुत काबिल है तूने एक हेरे को तरहसे है ..उसका चेहरा hi तेरे बेटे से मिलता hai..per असल में हु जीता जगता हथियार है ..जिसको अचे से पता है कब कहाँ कैसे चलना है …आज के बाद यह सन मेरी लाइफ में शायद hi कभी भूलने लायक होगा ..ाचा रखता हूँ तुझसे घर पैर बात करूँगा यहाँ लाशों का हिसाब भी करना है ..”

मास्टर “ कर ले हिसाब मनु को मैंने त्रिनेड किया है जहाँ उसको मरने का फैसला लेना होता है वहां सिर्फ लोग लाशें hi गिनते हैं ..चल ठीक है bye टेक केयर …यशवीर को मेरा प्यार देना ..”

मास्टर के कॉल कट ते hi ैप धामा अपने ऑफिस निकल गए वहां टीम छोड़ कर …

जहाँ मनु और बाकी सब दिल्ली वापस जा रहे थे ..वहां जगन अपनी गांड के मरे जाने से रट हुए सो गया था …पैर रिया वहां बाथरूम में उल्टियां कर रही थी … :हिंट:
 
थैंक्स आपको ाचा लगा यही बहुत है भाई ..



भाई अब क्या होगा यह तोह भाई आपको सबसे पहले पता चलेगा भाई नेक्स्ट अपडेट में ...:रेस्पेक्ट:

भाई सुपर स्मार्ट जो सवाल मैं हर अपडेट में छोड़ता हूँ उनको आप अचे से गेट करते हैं ...नीस वैरी नीस बीआरओ...

आपका हर सवाल का जवाब होगा नेक्स्ट अपडेट में ..क्युकी सस्पेंस को ऐसे बेकार करना अछि बात नहीं है भाई ...

अब रिया उलटी क्यों कर रही है ...उसपर एक्सपेरिमेंट का असर हुआ या नहीं यह तोह आपको नेक्स्ट अपडेट में hi पता चलेगा भाई ..

और रही जगन की बात तोह ...जगन और सुमन उनका कुछ तोह करेगा मनु ...और रही नीता जस और राकेश की किडनैप की बात आपने बिलकुल सही और सटीक पॉइंट लिया है ..मैं खुद यही सोच रहा था ..की अब तक किसी ने भी इस पॉइंट को क्यों नहीं उठाया ???

पैर थैंक्स तो ु ....की आपने यह पॉइंट पिचकूप किया ...इस रिप्लाई भी दूंगा इस अपडेट में है ...उम्मीद है सभी को जब उसके बारे में पता चलेगा तब सभी का रिएक्शन देखने लायक होगा ...

पैर सुच में आप सुपर स्मार्ट हो भाई ...थैंक्स फॉर बीइंग सो पिकय ...बीआरओ इतस ुर चार्म डिअर बीआरओ ..तहत मैक्स ु स्मार्ट ..:रेस्पेक्ट:

भाई ...थैंक्स आपने इस तांडव को पसंद किया यह hi मेरा सोचा प्राइज है ..भाई ...इस बार एक्शन में कॉमेडी का ट्रीटमेंट देने का पहले hi सोचा हुआ था ...क्युकी किसी का किडनैप करना और उसको टार्चर करना उसके बाद हीरो की एंट्री सबने देखि है हर बार वही खून करबा ..और बेवजह के डायलाग का बोरिंग ट्रीटमेंट तोह हर किसी ने उसे किया hi हुआ है ..ओल्ड मूवीज हो या नई मूवीज यहाँ सब यही बोरिंग चीज़ें जेहलते आये हैं सो सोचा इस बार हीरो के बन्दों से बाद साइड वालों की गांड फाड़ी जाये ..कुछ नया तरय किया जाये ..आखिर आपका भी हक़ है नया ...कंटेंट पाने का सो ..भाई यह तांडव रच डाला ..जिसमे हीरो की एंट्री बाद में हुई पैर उसके नाम से राकेश ने जगन के सेल और ससुर की अचे से गांड फाड़ डाली थी ...:हिंतहिंट:

सुमन को लाइन पर लाना जरूरी था ..क्युकी किसी पेड़ की ग्रोथ उसके रूट्स में होती है न की उसकी डालियों में जगन के फॅमिली में कण्ट्रोल सुमन के हाथ में है ..सो उसका मुट्ठ निकलना जरूरी था ...सो निकवा दिया ...

बाकी जगन के पिछवाड़े का ढक्कन किसने खोला यह राज़ जब खुलेगा तब यकीं मनो मज़्ज़ा और आएगा ...पर्दा जगन का भी उठाएगा भाई ...और रिया का भी इस अपडेट में पता चलेगा भाई ....:तैसे3:

और भाई छोड़ कर कहीं नहीं गया हूँ ..आप शायद न्यूज़ देखते तोह समझ जाते भाई ...पूरा नर्सिंग स्टाफ और बहुत से मेडिकल स्टाफ स्ट्राइक पैर हैं ...भाई उसके वजह से भी काम का लोड बहुत ज्यादा है ...भाई ..उसपर यह कोरोना की मार ..बात पैसे की नहीं भाई ..बात यहाँ लोगों की जान की है जिसके चलते काम अपने लिमिट से ज्यादा बहुत ज्यादा करना पड़ता है ...उसपर शिफ्ट के साथियों का ऐसे में जान भूझकर छुट्टी पैर चले जाना ..भाई आगे आप समझ सकते हो क्यों 48हरष की शिफ्ट हो जाती होगी ...वैसे यह सब कहना मैं ाविओड़ करता हूँ ..पैर पता नहीं क्यों आज कह दिया आप सब से ..की शायद आप अब समझ सको की भाई मैं इतना लेट अपडेट क्यों देता हूँ भाई ...देरी से अपडेट देने के लिए सॉरी भाई ...पैर यकीं मानो काम के चलते देरी हो जाती है ...मैं खुद अपडेट टाइम से रेगुलर पोस्ट करना चाहता हूँ यार ..पैर कर नहीं पता ...यही वजह है ...भाई ..इसके लिए सॉरी ..पैर दोस्त गलत मैं भी नहीं ....थक जाता हूँ लम्बे लम्बे शिफ्ट के बाद ..:सॉरी:

प्रिये अनमोल मित्र सब आपके कारन कमलों का प्रवाह है ..मित्र आपके शालीन प्रवाह और धैर्य के लिए सादर नमन प्रिये मित्र ...🙏🙏🙏

अगला अपडेट कल या परसों शाम को पोस्ट कर दूंगा ...भाई क्युकी आज थकन ज्यादा है सो आज लिख नहीं पाउँगा ...सो कल पूरा होगा तोह कल hi पोस्ट कर दूंगा नेक्स्ट अपडेट ...

थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ..
 


थैंक्स की आप सबने इतने साबरा के साथ वेट किया ...सॉरी वेडनेसडे को अपडेट देने का कहा था पैर ..दे नहीं पाया ..झूंठ नहीं कह रहा हूँ पैर काम बहुत है ...सुबह से शाम तक पपे किट में रहना आप समझ सकते हो क्या हाल हो जाता है ???

यही वजह है रोज़ ऑनलाइन आपको रिप्लाई नहीं दे पता हूँ ..क्युकी मोबाइल तक से दूर रहना पड़ता है ..और कई कई दिन घर जाने का टाइम hi नहीं लग पता है ...सो लिखने में थोड़ा डिले होता है ...

और दोस्तों जहाँ आप सबके लिए लोखड़ौन है ...वहां हमारे लिए रात दिन बस्सी वर्क है ....मुझे खुद बुरा लगता है टाइम देकर और ज्यादा डिले करना ...

पैर क्या करूँ पैर यह भी सुच है की " थे पथ ऑफ़ लाइफ इस नॉट ऑलवेज स्मूथ ..there's no-ones कनेव तहत व्हाट विल बे अहेड और व्हिच डिफीकल्टीज हिडन ों व्हिच कार्नर "

सो लिख रहा हूँ ...और कोशिश है एक ाचा और मेगा अपडेट देने की ....

सॉरी डिअर आपको बोर करने के लिए ...क्या करूँ पहली स्टोरी है ..जहाँ जो लगता है लिख दिया करता हूँ ..पैर आगे उपदटेस में आप देखना बहुत कुछ चेंज हुआ है ...और उम्मीद है वहां आपको बोरियत नहीं होगी ...

और जैसे आप सब प्यारे दोस्तों ने सुग्गेस्टिव दिए उनको देखकर मैंने भी आगे लिमिट से लिखना शुरू कर दिया ..और ाचा लगता है जब कोई इम्प्रूव करने को कहता है ...आगे भी जहाँ कमी लगे फील फ्री तो डिसकस विथ उस ...थैंक्स

थैंक्स भाई आपकी फ़िक्र के लिए दिल से थैंक्स भाई ...शायद आप सब की दुआ hi हैं जो अभी तक ज़िंदा हूँ इतनी मौतों में भी ..और बे सेफ ु & ुर फॅमिली डिअर भाई ...

जल्दी hi मेगा अपडेट के साथ मुलाकात होगी ...डिअर बडी ..

बस भाई आपका प्यार है जो अभी तक ठीक हैं और बाकियों को भी ठीक करने में लगे हैं ...थैंक्स 4 आस्किंग डिअर & प्ल्ज़ टेक केयर डिअर बीआरओ ...

सॉरी भाई डिले के लिए पैर आपकी नाराज़गी भी सर आँखों पैर भाई ...लेट हुआ है पैर जल्दी hi एक मेगा अपडेट के साथ मिलूंगा डिअर बीआरओ ...



और प्यारे दोस्तों ...आप सभी के लिए दिल से दुआ करता हूँ की आप सभी जहाँ भी हैं सही हैं और सेफ हैं ..प्ल्ज़ जितना हो सके उतना केयर करो ...और प्ल्ज़ बे सेफ क्युकी हम आलरेडी देख रहे हैं की यह स्ट्रेन कितना हैवी और डेंजर हैं ..और प्ल्ज़ इसको हलके में मत लो ..जितना हो सके उतना काम से काम बहार निकालो या भीड़ में कमसे काम जाओ ...जुलाई तक थोड़ा क्रिटिकल टाइम है ... पैर आप सभी स्मार्ट हैं ...सो माय बेस्ट विशेष तो आल ऑफ़ माय dear-ones & प्ल्ज़ बे सेफ ु एंड ुर फमलीएस आल्सो.. एंड ठोस हु लूज़ तेरे love-ones सो सॉरी फॉर ुर लोस्स एंड ी प्रे तहत गॉड मई ठोस सोल्स रेस्ट इन पीसेस...🙏🙏
 
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