Pyaar Nafrat or Kismat - Page 11 - SexBaba
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Pyaar Nafrat or Kismat

अपडेट 84

रिकैप........

जहाँ मनु ने दो कार को देखा मैं गेट के बहार मीन्स कोई अंदर हैं …और बहार आने वाला है सो मनु ने वन को थोड़ा पीछे करके पार्क करने को कहा …वन थोड़ा ..पीछे पार्क की …और कुछ hi देर में एक जाना पहचाना इंसान अंदर से बहार aaya..jise देखकर मनु चौंक गया …पैर तभी मनु के कंधे पे किसी ने हाथ रखा और जब मनु ने पीछे पलट कर देखा तोह ..एक बार फिर चौंक गया …..कोण थे यह दो इंसान जिसमे से एक को मनु मैं गेट पैर देखकर चूंकि ..और उसके कंधे पैर हाथ रखने वाला कोण था ?? …


अब आगे........

मनु हैरान था ..एक तरफ सामने खड़े इंसान को देखकर और …अचानक से जिसने उसके कंधे पैर हाथ रखा था …उससे तोह उसकी हैरानी और बढ़ चुकी थी ..क्युकी सामने खड़ा इंसान नीता मम का भाई था जो जैस्वाल से हाथ मिलकर वहां से निकल रहा था ….उसके हाथ मिलाने से एक मतलब तोह साफ़ था की हु आज पहली बार जैस्वाल से नहीं मिल रहा था …

उधर मनु ने जब पीछे देखा तोह उसका चौंकना भी अपनी जगह जैयाज़ था क्युकी वहां उसके पीछे हाथ रखने वाला इंसान एक लड़की थी …और कोई आम लड़की नहीं अग्गरवाल साब की बेटी ….जी हाँ यह सूरज अग्गरवाल की बेटी विरंदा थी …जिसने यहाँ उन तीनो को जैस्वाल पैर निगाह रखते हुए देख लिया था …जिसके बाद उसने आगे बढ़कर मनु को पहचान कर उसके कंधे पैर हाथ रखा था …

मनु पहली बार जब विरंदा से मिला था …तब उसने गौर किया था …की विरंदा कुछ अलग है …पैर क्युकी उसकी आमने सामने 1 ों 1 विरंदा से ज्यादा बात नहीं हुई पैर …कुछ तोह था विरंदा में अलग की मनु उसे महसूस कर सकता था ..भले hi वृंदा आगे में उससे बड़ी थी …पैर वृंदा नार्मल दिखने की कोशिश करती थी …पैर मनु उसके नार्मल चेहरे के पीछे देखने की कोशिश करके भी नहीं देख पता था …पैर उसका यहाँ होना शायद मनु ने सोचा नहीं था …सो उसका चौंकना अपनी जगह सही भी था …खैर वृंदा को देखकर मनु चूंकि जरूर पैर उसने ज्यादा रियेक्ट नहीं किया …

वृंदा “ hi तुमको देखा तोह hi करने चली आयी …”

मनु “ नीस 2 सी ु अगेन पैर आपका यहाँ होना आपकी बात जस्टिफिए करता नहीं है …सो प्लीज साफ़ कहिये मुझसे …”

वृंदा “हाँ तुम सही कह रहे हो ??? वैसे तोह मैं जैस्वाल के पीछे आयी thi..kyuki सुना है जैस्वाल कुछ अलग किसम का इंसान है जिसे गलत काम करने में ज्यादा मज़्ज़ा अत है …सो सोचा खुद hi इसकी तफ्तीश की जाये …सो मर मानव पैर मेरे सवाल अब भी वहीँ है ..आप यहाँ कैसे ??”

इस पैर मनु ने इशारा किया की हु यहाँ इन दोनों के साथ आया है क्युकी इनका परिवार जैस्वाल के कब्ज़े में है ..जिस पैर वृंदा हैरान थी ..की जैस्वाल जैसा बड़ा इंसान ऐसा कुछ कर सकता है …

तोह मनु ने उसे वन में बैठा लिया …तब तक नीता मम का भाई वहां से जा चूका था …और जैस्वाल भी उसके साथ निकल चूका था …मनु ने विरंदा को वन में रहने को कहा और अकेला 20 फ़ीट की बॉउंड्री फंड कर अंडर दाखिल हुआ .जहाँ ज्यादा सिक्योरिटी नहीं थी …शायद जैस्वाल को लग रहा था ..की उस जगह का पता किसी और को नहीं होगा सिवाय उसके …सो मनु अंदर जाकर उन दोनों की फॅमिली को ढूंढ़ने लगा …और कुछ देर बाद उसे हु लोग मिल भी चुके थे …मनु उन सबको लेकर जल्दी से बहार आने लगा ..पैर यह उसकी शायद सबसे बड़ी भूल थी ..की उसने बिना ज्यादा धयान दिए जैस्वाल को काम आँका था …जैस्वाल के उस farm-house से निकलते hi उसके सामने कुछ लोग हथियारों समेत सामने खड़े थे …जैसे उनको अंदाज़ा था की कोई उनको छुड़ाने की कोशिश में लगा हुआ है …गेट के बहार निकलते hi मनु और उसके पीछे उन दोनों आदमियों की फॅमिली थी …और सामने कई हथियार बंद लोग मनु के सामने थे …जिनको देखकर फॅमिली एक बार फिर से डर से भर चुकी थी …पैर मनु ने आगे बढ़कर उनसे लड़ना शुरू कर दिया था …हु दोनों आदमी भी उन से भीड़ चुके थे …पैर हथियारों के आगे उनकी कहाँ चलती …सो बेचारे लगे पीटने ….पैर मनु अकेले hi तीन के साथ लड़ रहा था …पैर सामने से बन्दे ज्यादा थे …सो उनमे से जो बन्दे खली बचे हुए थे …उन्होंने फॅमिली वालों को खींचना शुरू किया …पैर अचानक से सब कुछ बदल चूका था …क्युकी मनु अब अकेला नहीं लड़ रहा था …विरंदा भी मैदान में खुद चुकी थी ..उसके हर वार से बन्दे ज़मीन चाटने लगे थे …

और मनु भी अब फॅमिली वालों को बचने में जुट चूका था …मनु और उन आदमियों ने उनकी फॅमिली वालों को साफल्य वन में बैठा दिया था …उसके बाद मनु वापस आया और उसने वहां मुजूद बन्दों को कुत्ते की तरह धोना शुरू कर दिया …तब तक उन दोनों आदमियों ने उनके हथियार ले लिए थे …विरंदा भी कमाल की फाइटर थी …यहाँ अगर हु नहीं होती तोह शायद मनु अकेले बचने में थोड़ा परेशान होता पैर विरंदा ने सही टाइम रहते उनका बखूबी साथ दिया और …कुछ hi देर में सारे बन्दे ज़मीन पैर घटना के बल पड़े थे …उन्होंने हार मान ली थी ..वह सरे अब उन दोनों आदमियों के गन पॉइंट पैर थे …

मनु “ सुनो तुम में से एक आदमी यहाँ से अपनी फॅमिली को लेकर निकल जाओ क्युकी …आगे जो होने वाला है शायद तुम्हारी फॅमिली बर्दास्त न कर सके …” मनु के यह कहते hi ,,,आदमी 3 ने आदमी 2 को देखा और इशारा किया ..तोह हु वहां से वन लेकर निकल गया ..किसी सेफ जगह के लिए …

आदमी 3 “ बता बे तेरा बॉस कहाँ है ..इस टाइम ??”

जैस्वाल के आदमी “ जैस्वाल साब तोह अभी अपने दूसरे फार्म हाउस पैर होंगे क्यों ..??”

मनु ने उस आदमी के कान के पास जाकर कुछ कहा ..तोह हु आदमी गन पॉइंट पैर सभी को फार्म हाउस के अंदर ले गया …

मनु विरंदा से “ विरंदा जी देखो यहाँ सब ठीक है अगर आप जाना चाहें तोह यहाँ से जा सकती हैं ..क्युकी आगे जो होनेवाला है शायद आपको ाचा न लगे ..या आप मुझे बाद में ह्यूमैनिटी पैर कोई लम्बा सा भसन्ड दें …जो इस टाइम सुनने का मूड नहीं है मेरा ..”

विरंदा उसकी इस बात पैर हँसते हुए “ नीस जोके मानव जी आप भी गज़ब की आदमी हो …एक तरफ मुझे इनसबसे भीड़वा दिया और यह सोच भी लिया की मैं आपको जज भी करुँगी …अगर आपको ऐसा कुछ लग रहा है तोह ..भूल जाईये क्युकी अगर मुझे ऐसा कुछ लगता तोह मैं आपकी साइड से लड़ती hi नहीं ..खैर आगे करना क्या है..??”

मनु “ जस्ट वेट एंड वाच …ऐसे hi इन सबको छोड़ कर जा नहीं सकते इनका कुछ करना चाहिए पैर क्या करें इनका अन्य सुग्गेस्टिव ??”

विरंदा हँसते हुए “ करना क्या है …मुजरिम हैं यह लोग …जिनका काम लोगों को मरना या तंग करना है ..तोह ऐसे लोगों को छोड़ना कहीं से भी जैयाज़ नहीं है …बाकी सब आप पैर है..??”

मनु “ मीन्स िफ़ थे वाणीश सो पीपल don’t ु वोर्री अबाउट थम ???”

विरंदा “ शुड ी ?? वोर्री अबाउट थी सिक बास्टर्ड्स …अगर घर में कीड़े आते हैं तोह लेक्चर बाज़ी से ाचा है pest-control समझ रहे हैं न ..”

मनु “ मतलब यह टाइम pest-control करने का है ??”

विरंदा “ और नहीं तोह क्या …और उस जैस्वाल का क्या ..??उसे ऐसे तोह नहीं छोड़ सकते न ..”

मनु “ हाँ यह भी सही है अगर उसके एक farm-house में pest-control हो रहा है ..तोह लगे हाथों दूसरे farm-house को कवर कर लेते हैं ..आपकी क्या राइ है इस पैर ..??”

विरंदा “ राइ तोह नेक है …चलिए चलते हैं..”

मनु “ दो मिनट और बस काम होने hi वाला है ..” मनु के इतना कहते hi हु आदमी अंडर से तेज़ी से भागता हुआ बहार आया और उसके आते hi पुरे farm-house में एक जबरदस्त ब्लास्ट हो चूका था ..आदमी मनु के पास आकर तेज़ सांसे लेते हुए …” भाई जैसा आपने कहा था ..उनसबको हाथपैर बांधकर अंडर एक रूम में छोड़ दिया और बाद में गैस का पाइप निकल कर …उन्ही के लाइटर से काम कर दिया …कुछ hi देर में उनसभी का काम हो जायेगा …”

मनु ने एक तीखी नज़र उस पैर डाली …तोह उसने आगे कहा “ भाई समझ रहा हूँ साला एक भी इंसान वहां से छूटने वाला नहीं है क्युकी मुझे भी पता है अगर उनमे से कोई बचा तोह हम सभी फंसेंगे सो आप बेफिक्र रहो ..”

विरंदा “ क्या बात है वैरी नीस अब …?”

मनु “ अब क्या ??”

विरंदा “ अरे अब चलें यहाँ से ..”.

मनु “ हाँ पैर आप ..”

विरंदा “ ओह्ह्ह! के ों ..मैं भी तुम्हारे साथ चल रही हूँ …क्युकी इसमें ज्यादा मज़ा है ..मीटिंग से तोह बहुत ज्यादा …तोह क्या कहते हो चल सकती हूँ आपके ..साथ ”

मनु “ इंसान की पहचान उसके बुरे वक़्त में hi हुआ करती है ..जहाँ आमतौर पैर लोग ऐसे टाइम पैर साथ छोड़ कर बचना पसंद करते हैं …पैर आप सुच में अलग हैं …ऐसे टाइम में आपको मज़ा सूझ रहा है …तोह एक बात कहूंगा …अगर आपको छोटे इंसान से यानी मुझसे कोई प्रॉब्लम न हो तोह ???”

मनु की बात पूरी भी नहीं हुई थी की सामने वृंदा “ यार आप न …ाचा okay ! क्या हम दोस्त बन सकते हैं ??अगर हाँ तोह मिलाओ हाथ ..” इस पैर मनु ने हाथ मिला ..लिया

और विरंदा “ दोस्ती का पहला रूल है सुच तोह सुनलो …तुमसे झूंठ नहीं कहूँगी कुछ कहना है तुमसे पैर सही टाइम देखकर “ विरंदा का इशारा tha…unke साथ मौजूद हु तीसरा आदमी ..

मनु “ तोह जब चलना है तोह चलने कैसे ??”

आदमी “ भाई इसमें कोनसीबाड़ी बात है …उन लोगों की कार है न …उससे चलते हैं ??”जिस पैर मनु और विरंदा दोनों एग्री थे ..वह आदमी वहां से जाकर हु कार ले आया …और उसमे बैठने को कहा …मनु और विरंदा को ..

उधर farm-house में जैस्वाल आयाशी में लगा हुआ था …पेग पैर पेग चल रहे थे …उसके

जैस्वाल “ हु साली सोफ़िया भी जल्दी hi मेरे सामने होगी …उस साली रैंड को अचे से छोडूंगा …और उस साली उसकी चमची को भी नहीं बक्शने वाला …आज उन दोनों को छोड़कर अपने राहुल का बदला लूंगा …अरे मन कर देती ..मेरे राहुल को …ज्यादा से ज्यादा दो थपड जड़ देती मगर साली ने मेरे एकलौते बेटे को जान से मार दिया …साली एक बार सामने आ जा… कैसे भी इस बाप ने तेरा क्या हाल करना है ..तुझे बता देता …बहनकी लोदी ,,,साली मेरे बेटे को खा गयी …अरे राहुल क्यों मुझे छोड़ गया मेरे बचे …देख तेरे बाप का क्या हाल है …??”जैस्वाल नशे में अपने गुज़रे बेटे को याद कर रहा था …

आज उसे राहुल याद आ रहा था ..और इसी में उसका पेग पिने का तरीका बदल चूका था …जैस्वाल वहां बैठा वेट कर रहा था की उसके सामने राहुल की सेक्रेटरी उसके सामने आ चुकी थी …जो उससे कहने लगी ..

सेक्रेटरी “ सर बास कीजिये आपने बहुत पि ली है …ऐसे आपके पिने से राहुल सर वापस नहीं आने वाले ..वह जा चुके हैं …”

जैस्वाल “ कैसे भूल जॉन उसे ..अरे अगर उस सोफ़िया को मन करना था तोह मन कर देती ..ज्यादा से ज्यादा उसे सबके सामने दन्त देती ..उस पैर भी अगर दिक्कत थी ..तोह दो थप्पड़ लगा देती ..पैर इतने ुचे से मेरे राहुल को धकेल दिया ..उसने पता है ..कितने चीथड़े हुए मेरे राहुल के जिसे मैंने इतने प्यार से पला था …उसकी लाश को कन्धा देते हुए मुझपर क्या बिट्टी मैं जानता हूँ …अरे उसे तोह मुझे मरने के बाद कन्धा देना था …उल्टा जवान बेटे को कन्धा देना पड़ा मुझे …यह किस बाप के लिए ाचा है तुम बताओ मुझे ..पैर अब और नहीं बदला तोह लूँगा मैं उस सोफ़िया से यह मेरी ज़िन्दगी की आखिरी कसम है …मरने से पहले उस सोफ़िया को जिन्दा तोह चुदुँगा नहीं …”

उस सेक्रेटरी ने जैस्वाल को इतने गुस्से में कभी नहीं देखा था …पैर उसे जैस्वाल की चिंता थी …क्युकी उसका गुस्सा अपनी जगह जैयाज़ था किसे अपने जवान बेटे को मरने के बाद कन्धा देना ाचा लगेगा ..हाँ उसने आखिर तक राहुल को रोका था …और खुद सोफ़िया ने भी उसे रोका था ..पैर हुआ वही जो सोफ़िया ने किया …राहुल आज जिन्दा नहीं था …

और जैस्वाल गुस्से में सोफ़िया से बदला लेने पैर उतारू था …ऐसे में कई बार उसकी सेक्रेटरी ने राहुल के बारे में जैस्वाल से कहना चाहा पैर जैस्वाल शायद बदले में पागल हुआ पड़ा था …हु कुछ सुनने से पहले hi …उस सोफ़िया को गाली देने लगता था ..और उसके गुस्से के आगे कुछ कह पता हु उससे पहले hi कुछ लोग डंडान्ते हुए उसके farm-house में आ चुके थे …

हु लोग किसी के body-guard जैसे लग रहे थे उनके अंदर आने से जैस्वाल गुस्से से भर चूका था …

जैस्वाल “ कोण है बे यहाँ क्या कर रहे हो ??”

पीछे से एक आवाज़ आयी “ यह मेरे लोग हैं जिनको सिर्फ मेरा आर्डर सुनने की आदत है “ पीछे आवाज़ को सुनकर जैस्वाल देखने लगा तोह उनके पीछे से दो लडकियां चली आ रही थी …

जिनको देखकर सेक्रेटरी ने जैस्वाल को बताया यह सोफ़िया और उसकी साथ नेहा हैं …जिसे सुनकर जैस्वाल ने जेब से पिस्तौल निकल ली और तान दी सोफ़िया पैर ..

सोफ़िया “जेब में रख लो जैस्वाल यह खिलौना नहीं है ..चल गयी तोह खामखां तुम मारे जाओगे ??”

जैस्वाल “ पैर मरने से पहले हरामजादी तुझे ले कर मरूंगा ….यह जैस्वाल का वडा है …”

सोफ़िया “ तोह चला कर देख लो …”

जैस्वाल पिस्तौल चला पता उससे पहले hi उसके हाथ से पिस्तौल चीन ली सोफ़िया के body-guard ने ..जैस्वाल कुछ कर hi नहीं पाया ..

की पीछे से मनु और विरंदा भी आ चुके थे …

सोफ़िया “ हाँ तुम्हारी hi कमी बची थी …लो देखलो तमाशा …” सोफ़िया ने उसके बाद पिस्तौल निकल कर एक फायर किया जो जैस्वाल के जस्ट कान के पास से निकल चूका था ….जैस्वाल अपनी जगह से बिलकुल नहीं हिला ..न भागने की कोशिश की उसने ,,,जैसे मरने और मारने दोनों के लिए त्यार था ..

सोफ़िया “ जैस्वाल एक बात मरने से पहले अचे से समझ लो तुम्हारे बेटे को मैं जान कर नहीं मारा उसे कई बार मन किया था …की मुझसे दूर रहे पैर उसने सुना नहीं …मरना मेरा लास्ट ऑप्शन था …सो उसे मार दिया …अब तुम्हारी बारी है त्यार हो जाओ मरने के लिए …”

जैस्वाल “ मारना है तोह मार दे हराम जादि पैर मैं मरने से पहले तुझे ले कर मरूंगा यह ले ..”

जैस्वाल ने एक रिमोट निकल लिया था …

जैस्वाल “ यह टीवी का रिमोट नहीं है …मुझे पता था की आज नहीं कल तेरा मेरा आमना सामना होगा जरुर और उसमे शायद मेरे हाथ में हथियार न बचे पैर मैं इसके लिए भी त्यार हूँ अगर तुमने मुझे मारा तोह यह farm-house जिसमे मैंने अचे खासे तरीके से बूम लगा रखा है …उसका बटन दबाकर तुम सभी को साथ ले कर मरूंगा …अब मार मुझे …”

जैस्वाल के यह कहते hi उसके पीछे कड़ी राहुल की सेक्रेटरी बेहोश हो चुकी थी …विरंदा ने आगे बढ़कर उसे थमा और उसकी नब्ज़ चेक की और कहा ….

विरंदा “ यह प्रेग्नेंट है ..”और उसे होश में लेन में जुट गयी वृंदा …और कुछ देर पानी मारने के बाद हु होश में आ चुकी थी ..उसके होश में आते hi वृंदा ने उसे बताया की हु माँ बनने वाली है ..

जिसे सुनकर हु “ नहीं यह नहीं हो सकता मैंने राहुल सर को मन भी किया था …”

जैस्वाल “ किस बात के लिए मन किया था ??”

सेक्रेटरी “ सर ी म सॉरी मैंने आपसे छुपाया है ..यह बचा राहुल सर का है मेरे पेट में ..मैंने उनको मन भी किया था ..पैर उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी ..और अब सब आपके सामने है ..”हु यह कहकर रोने लगी..

जैस्वाल “ लगता है तुम भी इनसबके साथ मिल चुकी हो …मेरे मरे हुए बेटे पैर ऐसा इलज़ाम लगते तुमको शर्म नहीं आती ..??”

सेक्रेटरी “ नहीं सर मैं झूंठ नहीं कह रही हूँ यह बचा राहुल सर का hi है …अगर यकीं न आये तोह इसका टेस्ट करवा लीजिए ..अगर मैं गलत निकली तोह सोफ़िया के साथ मुझे भी गोली मार देना ..पैर इनसब में मेरे घर तोह टूट गया न …”

जैस्वाल “ अगर ऐसा है तोह टेस्ट करवा लेता हूँ अभी और यह बचा अगर राहुल का निकला तोह तुम चिंता मत करो इसके बाद मैं तुमको किसी चीज़ की जरूरत महसूस नहीं होने दूंगा ..इतना पैसा दूंगा टुनको की अगर तुम्हरे परिवार ने तुमको छोड़ भी दिया तोह तुमको किसी की आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा तुम आराम से अपनी ज़िन्दगी जी सकोगी ..”

जैस्वाल “ मुझे इस लड़की का टेस्ट करवाना है ..उसके बाद हम अपना काम देख लेंगे …और अगर टेस्ट फ़ैल हुआ तोह इस लड़की के साथ मैं भी मरने को त्यार हूँ ..तुमको कोई प्रॉब्लम “

सोफ़िया ने जैस्वाल को देखा “ no प्रॉब्लम हम अपना मेटर थोड़ी देर के लिए रूक देते हैं …”

जैस्वाल ने किसीको कॉल किया और कुछ hi देर में एक डॉक्टर वहां आचुका था जिसने उस लड़की का पैरेंटल टेस्ट किया और तेज़ी से रिपोर्ट लेन को कहा ..कोई हाफ ऑवर बाद रिपोर्ट जैस्वाल के मोबाइल पैर रिपोर्ट थी जिसमे कन्फर्म हो चूका था ..की हु बचा राहुल का hi है ..

जैस्वाल ख़ुशी से “ देखो मैं दादा बनने वाला हूँ …अरे राहुल देख तू मार्कर भी हमारे साथ है …ी मिस ु बीटा ..”

उस लड़की के सर पैर प्यार से हाथ रखते हुए “ सॉरी बीटा मुझे माफ़ करना …जिन हालातों में मैं हूँ वहां हर किसी को शक की नज़र से देखना मेरी मजबूरी है …तुम यहाँ से चली जाओ ..क्युकी शायद इस बचे के नसीब में उसके दादा का सुख नहीं लिखा है ..मैंने अपने लॉयर को कॉल कर दिया है …आजके बाद तुमको किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी ..तुम ख़ुशी से रहना ..मेरा आश्रीवाद तुम्हारे साथ है ..और हो सके तोह मुझे माफ़ कर देना ..”जैस्वाल उस लड़की के सर पैर हाथ रखकर और रहा था ..

मनु “ जब तुम्हारी ज़िन्दगी में तुम्हारा नया पोता या पोती आ रही है तोह तुम्हारा मरना या मरना क्या जरूरी है ..अरे चैन से उसकी परवरिश करो ..और दूसरों को भी चैन से रहने दो ..”

जैस्वाल “ नहीं अगर मैंने इस सोफ़िया को छोड़ दिया तोह राहुल मुझे कभी माफ़ नहीं करेगा ..”

मनु “ वह क्या बात है तुम मरने और मारने को त्यार हो ..पैर उस नन्ही जान का भी सोच लो जिसके आयने से पहले उसका बाप दुनिआ में नहीं है ..शायद इसके बाद तुम भी मर जाओगे ..और जब यह बचा ..पैदा होगा तोह पता है ..दुनिआ इसे क्या कहकर पुकारेगी …नाजायज़ …यह सुनकर उप्पेर से खुश होना की तुम्हारे पोते को दुनिआ दुत्कारे पैसा होने से इंसान की पहचान नहीं बदल जाती ..एक बार सोचना jarror..kyuki पैसा हर जगह इज़्ज़त दे जरूरी नहीं है ..बिना maa-baap के नाम के किसी इंसान की हालत क्या होती है किसी अनाथ से पूछना शायद हु तुमको सही मायने में बता सके ..”

मनु की बात सुनकर सोफ़िया के साथ नेहा दोनों अपने बचपन को याद करने लगी …जिसमे दुनिआ से उनको प्यार काम दुत्कार ज्यादा मिली थी ..उसके बाद वही सब सोफ़िया ने लोगों को लौटाया भी था ..जिस जिसने उसका उस टाइम मज़ाक उदय था ..उसे उप्पेर भेजकर ..पैर नेहा के सर पैर उसने हाथ रखकर उसे अपने साथ रख लिया था वर्ण नेहा शायद पता नहीं किस हाल में होती ..

नेहा भी मनु की बातें सुनकर मनु में खो सी गयी थी ..उसकी हर बात कितनी सुच थी उसे अचे से पता था …

जैस्वाल “ पैर राहुल क्या मुझे माफ़ करेगा अगर मैंने इसे छोड़ दिया तोह ???”

मनु “ तुम्हारी मर्ज़ी है …मारो या मारो ..उसके बाद अगर मर गए तोह उस बचे का क्या होगा एक बार किसी आम इंसान जैसे एहसास करके सोचना जवाब तुम्हारे सामने होगा ..बाकी माफ़ तोह तुम्हारा बीटा तब भी नहीं करेगा अगर उसके बचे को सही से उसका नाम न मिले और दुनिआ उसे पाप की पैदाइश कहे …”

जैस्वाल रिमोट फेंकते हुए “ नहीं कोई मेरे राहुल के बचे को पाप की पैदाइश नहीं कहेगा मैं …हर एक को खुद बताऊंगा की यह मेरा पोता है …”

मनु “ पैर उसके लिए तुमको इसके साथ जीना होगा ???”

जैस्वाल सोफ़िया से “ मुझे माफ़ करना मैं बेटे के गम में पागल हो गया था …पैर अब जीने के लिए मेरे पास नया सहारा है ..तुम्हारे साथ राहुल ने जो भी किया उसके लिए हो सके तोह मैं तुमसे माफ़ी मांगता हूँ ..पैर अगर तुम चाहो तोह मुझे जान से भी मार दो मैं उफ़ तक नहीं करूँगा पैर मेरे पोते और मेरी बहु को छोड़ दो यही एक गुज़ारिश है तुमसे …”

सोफ़िया सोच में गम थी ..उसने नेहा को देखा ..उसने भी सर हिलाकर इशारा किया ..तोह सोफ़िया ने कहा ..

सोफ़िया “ जाओ पहली बार सोफ़िया किसी को जीने का मौका दे रही है ..उस लड़की को लेकर यहां से निकल जाओ ..और कहीं जाकर चैन से अपने बुढ़ापे में अपने बच्चों के साथ रहना क्युकी आजके बाद तुमको इस शहर में देखा तोह तुमको जान से मार दूंगी बिना सोचे …अब दफा हो जाओ ..यहाँ से आज से यह farm-house मेरा है ..”

जैस्वाल “ मुझे मंजूर है मैं अभी जा रहा हूँ यह देश छोड़कर …तुम चैन से रहना ..मुझे अब तुमसे कोई शिकायत नहीं है …क्युकी तुमने मेरे बेटे को मुझसे चीन है तोह मैं तुमको शायद hi इस ज़िन्दगी में कभी माफ़ कर पौन पैर आज मुझे अपने वारिस के रूप में जो ख़ुशी मिली है उसके बदले में मैं यहाँ से हमेशा हमेशा के लिए जा रहा हूँ ..चलो बहु “ जैस्वाल वहां से उस लड़की के साथ निकल गया ..

मनु वहां से जाने को हुआ ..तोह सोफ़िया ने उसे रोका ..

सोफ़िया “ हे ु ..यह फार्म हाउस आज से तुम्हारा हुआ …क्युकी मुझे नेहा ने बताया कैसे तुमने उसे उन लोगों से बचाया ..सो मेरी तरफ से यह farm-house तुम्हारे नाम है ..”

मनु “ सॉरी मेमसाब मुझे जान बचने के बदले सौदे बाज़ी की आदत नहीं है ..अपनी भीख के लिए नया भिकारी दंड लेना ..” मनु के यह कहने से सोफ़िया और सामने से नेहा सब चौंक चुके थे ..ख़ास टूर पैर सोफ़िया जो सामने से मन करने पैर बुरी तरह से til-mila चुकी थी …

मनु नेहा के करीब आकर “ मैं तोह समझा था जान का कोई मोल नहीं हुआ करता पैर …आपकी जान तोह बड़ी सस्ती है जी ..जिसकी कीमत एक मामूली सा फार्म हाउस है ..खैर आप के सर पैर ऐसे कई फार्म हाउस कुर्बान ..जाइये आप भी सोचेंगे किस दिलदार से पला पड़ा था …आपकी जान फ्री …कोई फवौर नहीं लूंगा आपकी जान बचने का …” मनु इतना कहकर बहार निकल आया ..

सोफ़िया नेहा से “ यह अपने आप को समझता क्या है कई करोड़ का farm-house दे रही हूँ ..और हु मुझे hi निचा दिखा कर चला गया ..लेना है तोह ठीक वर्ण माय फुट ..” सोफ़िया पेअर पटक कर रह गयी ..

नेहा सोफ़िया से “ दीदी उनका कहना सही है ..उन्होंने बिना मुझे मेरी पहचान जाने मेरी जान बचाई थी ..पैर आपने उनकी म्हणता की कीमत लगा कर उनको छोटा साबित कर दिया है ..सॉरी दीदी यहाँ हु गलत नहीं हैं ..??”

सोफ़िया “ तुझे हुआ क्या है ..उस कल के इंसान के लिए अपनी दीदी से बेहाश कर रही है ..तुझे नहीं लगता तू उसकी साइड ले रही है …”

नेहा “ नहीं दीदी मैं आपकी साइड हूँ ..” पैर नेहा की ऊँगली मनु की तरफ पॉइंट कर रही थी ..

सोफ़िया “ यह कैसा मेरी साइड हुआ ..जबकि तेरी ऊँगली उसकी साइड है?????”

नेहा “ दीदी ऊँगली पैर मत जाओ भले hi ऊँगली उनकी तरफ है ..पैर मेरा दिल आपकी साइड है ..”

सोफ़िया “ हाँ गलती तोह मेरी hi है न …हु तोह हर बार सही है ..पैर एक बात समझ नहीं आ रही की तू उसे इतने रेस्पेक्ट से कैसे बोल रही है ??”

नेहा झेंपते हुए “ दीदी उन्होंने मेरी जान बचाई है …तोह काम से काम इतनी रेस्पेक्ट तोह बनती हैं ..उनकी ..”

नेहा मैं में “ जान बचाकर hi मुझे लूट लिया ..उन्होंने दीदी पहली बार किसी के सीने से लग कर इतना सुकून मिला है ..अब आपको कैसे कहूं …आपकी यह छोटी नेहा अब बड़ी हो गयी..”

सोफ़िया “ हाँ जैसे मैंने तोह तेरे लिए कभी कुछ किया hi नहीं है हैं न ..??”

नेहा कान पकड़ते हुए “ सॉरी दीदी “

सोफ़िया उसे गले लगा लेती है ..

वृंदा “ सॉरी मम उसका मूड थोड़ा ऑफ है ..आप फार्म हाउस उसके नाम करवा दो बाकी मैं उसे समझा लुंगी ??”

सोफ़िया “ तुम कोण हो उसकी ??”

वृंदा “ मैं सिर्फ उसकी दोस्त हूँ …”

सोफ़िया “ ok दोने नाउ वे अरे लीविंग ..”

सोफ़िया और नेहा चली गयी …जाते जाते दोनों ने मनु को देखा ..जहाँ सोफ़िया का देखना कुछ अलग सात है ..और नेहा का आप समझ गए होंगे ..बेचारी बेमानन से मनु को देखती हुई चली गयी …

उनके जाने के बाद वृंदा ने मनु को समझाया की हु यह farm-house ले ले और बाद में सोचे की उसे करना क्या है …

मनु ने पहली बार वृंदा के कहने पैर farm-house देखा तोह उसे एहसास हुआ की असली रईसी किसे कहते हैं …जैस्वाल ने ाचा खासा farm-house बनवाया था ..जिसमे हर चीज़ विदेशी और मेहगे से मॅहगी थी ..

मनु सोचने लगा की उसने यह फार्म हाउस लेकर क्या सही किया ???क्युकी किसी की जान बचने के बदले में कुछ लेने की उम्मीद करना उसकी आदत नहीं थी ..पैर वृंदा के ज़ोर देने पैर उसने ज्यादा बेहेष नहीं की ..

वृंदा ने उस आदमी को जो उनके साथ था ..उसे जाने को कहा ..वह उन्दोनो को अपना नंबर देकर चला गया …

उसके बाद उस आलिशान farm-house में मनु और वृंदा बचे थे …और वृंदा ने मनु से कहा

वृंदा “ दोस्ती का उस्सॉल है सुच बताना ..तोह कुछ कहना चाहती हूँ अपने दोस्त से ..”

मनु “ हाँ कहो न ..वैसे भी तुम जिस तरह से लड़ी हो उसे देखकर मैं आराम से कह सकता हूँ की तुम आम लड़की नहीं हो ??”

वृंदा ने उसके बाद जो कुछ मनु से कहा उसे सुनकर मनु सोच में पद चूका था …की उसने विरंदा से दोस्ती करके क्या सही फैसला लिया या नहीं ???
:हिंट:
 
अपडेट 85

रिकैप........

मनु “ हाँ कहो न ..वैसे भी तुम जिस तरह से लड़ी हो उसे देखकर मैं आराम से कह सकता हूँ की तुम आम लड़की नहीं हो ??”

वृंदा ने उसके बाद जो कुछ मनु से कहा उसे सुनकर मनु सोच में पद चूका था …की उसने विरंदा से दोस्ती करके क्या सही फैसला लिया या नहीं ???


अब आगे........

मनु हैरानी से विरंदा को देख रहा था …

मनु “ तोह यह सब सुच है की तुम …”

विरंदा “ हाँ एक दम सुच है …”

मनु “ तोह ठीक है हम दोस्त हुए ….पैर एक वादा करो तुम्हारा यह सब हमारी दोस्ती के बिच में नहीं आने वाला ….”

वृंदा “ हाँ मैं भी वादा करती हूँ चाहे जो भी हो …मेरी यह सुच तुम्हारी और मेरी दोस्ती के बिच नहीं आने वाला और अगर ऐसा कुछ भी हुआ तोह उस पैर तुम्हारी और मेरी दोस्ती हमेशा भरी पड़ेगी …सो don’t वोर्री … एंड नाउ ी म सो रेलिएवेद की हमारे बिच में कोई राज़ नहीं है …”

मनु “ ऐसा किसने कहा …कुछ राज़ हैं मेरे भी …जिसे सुनकर अगर तुम चाहो तोह अभी भी सोच लो क्युकी अभी टाइम है …मुझसे दोस्ती कहीं तुम्हें भरी न पद जाये …???”

विरंदा “ मतलब ..”

मनु “ मतलब यह विरंदा जी की हम उतने सीधे भी नहीं हैं जितना आप हमको समझ रही है …टाइम आने पैर जब लोग महँ बनने के चक्क्कर में लोगों को माफ कर देते हैं ..मैं लोगों को अपने हिसाब से माफ़ या साफ़ करता हूँ ..पहले समझ लो यह अचे से कहीं बाद में मुझे कहो की बताया नहीं था ..”

विरंदा “ ओह वाओ ! यह तोह और ाचा है …मुझे टाइम आने पैर लोगों को महँ बनने के चक्कर में माफ़ करने वाले बिलकुल पसंद नहीं …हु पहले हर वार सहते हैं …और उसपर सामने वाला जब आप पैर कोई रेहम नहीं करता तोह …आपसे वही इंसान रेहम की उम्मीद करे ..सारा सर कोरी बकवास है ..मुझे यह फ्रॉड से सख्त नफरत है …अरे भाई जो इंसान आपका गाला काटने पैर लगा हुआ है ..उसे उसी के जैसे ट्रीटमेंट देना चाहिए …उसमे ज़रा सब hi रेहम करना अपने लिए ..दुश्मन को नया चांस देने जैसा है ..सो वे अरे बोथ एग्री विथ शामे पेज …सो अब मैं तुमको दोस्त समझ सकती हूँ ??” विरंदा ने हाथ बढ़ाते हुए कहा …

मनु ने हाथ पकड़ कर्त हम लिया ..” अगर सोच मिलती है तोह दोस्ती तोह और घेरि होगी ..पैर धयान रहे …मैं एक आम इंसान हूँ और तुम भी आम …सॉरी तुम तोह आम भी नहीं हो सकती …क्युकी तुम तोह तेरी एक राजकुमारी …तुमको आम कहना तोह तुम्हारी शान में गुस्ताखी होगी ..जो यह लड़का नहीं कर सकता ..हहहह!”

विरंदा “ हाँ ले लो मज़े वैसे तुम्हारा सही है …जब चाहे जहाँ चाहे जा सकते हो …कलश मेरे लिए भी इतना आसान होता …”

मनु “ उसमे कोनसी बड़ी बात है ..वैसे मेरी लाइफ में पहली बार है जिसमे में अपनी फॅमिली से इतने दिन के लिए दूर हूँ …इससे पहले में एक बार कहीं चैंपियनशिप के लिए गया था पैर उसमे ज्यादा दिन नहीं थे ..पैर इस बार पूरा वीक के लिए यहाँ हूँ उसके बाद बैक 2 पवेलियन …और तुम्हारा कोनसा बुरा hai..tum तोह जब चाहो जहाँ चाहो जा सकती हो …और हु भी …सॉरी टॉप सीक्रेट है न “

विरंदा “ लाइफ में पहली बार किसी को अपने इतने करीब आने दिया है की उसे अपनी लाइफ का हु सुच बता दिया जिसे अपनी फॅमिली तक से नहीं डिसकस किया तोह ..इतस फाइन तुम तंग खिंच सकते हो ..तुमको अलोव है ..पैर मनु (मनु ने विरंदा को अपना पेट नाम बता दिया था ..)उतना सिंपल नहीं है बहार कहीं भी घूमना ..मेरे लिए ”…

मनु “ क्यों तुम थेइर एक राजकुमारी तुम्हारे लिए कोनसी बंदिश हैं ???..

विरंदा “ भले hi तुम्हारी नज़र मैं एक राजकुमारी हूँ पैर मेरे प्यारे दोस्त एक बात अचे से समझ लो हमारी ज़िन्दगी उतनी आसान भी नहीं है ??”

मनु “ पैर एक बात समझ नहीं आयी ??”

विरंदा “ और हु क्या भला ???”

मनु “ यही की तुम इतने पैसे वाली हो उसके बाद भी …तुम ….समझ रही हो न ??...”

विरंदा “ हाँ तुम सही कह रहे हो पैर उसमे मेरे पैसे वाले होने का क्या कसूर पैसा तोह मेरे फॅमिली का मेरा हो जरूरी तोह नहीं ..?? और हाँ एक पुराण मुहवारा है “don’t बुक जज बी इतस कवर …सो ज्यादा सोचो मत इस बारे में …और हाँ याद है न …”

मनु हँसते हुए “ हाँ याद है राजकुमारी साहिबा …टॉप सीक्रेट …हाहाहाहा”

विरंदा “ धत! तुम भी बड़े हु हो ….हीहीहीहीहीही”

मनु “ आदत दाल लो राजकुमारी जी हम तोह ऐसे hi हैं …हम बदलने वाले नहीं …”

विरंदा मनु को अपनी तरफ खींचते हुए “ मुझे भी ऐसे hi पसंद हो …कभी मत बदलना हमेशा ऐसे hi रहना …क्युकी ी लिखे थिस मनु मोरे थें ुर इतर साइड ..”

मनु “ अब चलने यहाँ से ..क्युकी और भी गम हैं दुनिआ में …आपकी इन नश्ली आँखों के अल्वा राजकुमारी साहिबा “

विरंदा “ ओह्ह!! हो तोह जनाब शायर बन गए हैं …पैर कोई बात नहीं चलो अभी टाइम ज्यादा हो रहा है …फिर कभी तुम्हारे इस शायर से मिल लेंगे …”

मनु और विरंदा वहां से चलने लगे …क्युकी मनु अब पैदल था और विरंदा ने कॉल करके कार मंगवा ली थी जिसे हु खुद ड्राइव कर रही थी …

विरंदा “ एक बात समझ नहीं आयी तुम वहां मेरे अलावा किसे देखकर चौंक गए थे ..”

मनु “ हु नए क तोह तुमको वहां सोचा नहीं था और सामने जैस्वाल के साथ मेरी मुँहबोली माँ के भाई थे जिनकी उम्मीद नहीं थी मुझे जिनको देखकर चौंक गया ..”

विरंदा “ मुँहबोली maa..matlab ”

मनु उसे नीता मम और यहाँ आने की साडी वजह बता देता है …जिसे सुनकर विरंदा कार को रोक देती है …

विरंदा “ अरे वह ! मनु तुम तोह बड़े किस्मत वाले हो …एक तरफ मैं हूँ जिसे पैदा होने के बाद से माँ का प्यार नसीब hi नहीं हुआ और एक तरफ तुम हो जिसके पास एक नहीं दो दो माँ हैं …”

मनु “ हाँ इसे किस्मत hi कह सकती हो ?? खैर अभी भी गुथी वहीँ है की आखिर नीता माँ के भाई वहां क्या कर रहे थे तुमको उनके बारे में कुछ पता है ..???”

विरंदा “ पता तोह सिर्फ इतना है ..की हु इंसान उतना सिद्ध नहीं है ..क्युकी उसके साथ हमारे पापा का पुराण बिज़नेस रिलेशन है ..पैर उसके काम थोड़े अलग किसम के हैं …और ऐसे में उसका तुम्हारी माँ को यहाँ अचानक से बुलाना थोड़ा नहीं बहुत अजीब है ..और उसका यहाँ आना उसको और ज्यादा सोचने के लिए मजबूर करता है …पैर कोई बात नहीं ..तुम मुझे 48 हरष दो मैं उसकी साड़ी कुंडली निकल लुंगी …अपने तरीके से तब तक तुम अपनी माँ को लेकर दिल्ली गुमा लो ..मैं कार भेज दूंगी जिससे तुमको कोई दिक्कत न हो ..”

मनु “ अरे कार की जरूरत नहीं है …रहने दो …”

विरंदा “ मनु साब हमसे दोस्ती की सजा तोह भुगतनी पड़ेगी ..हम आपकी एक नहीं सुनने वाली ..मानलो वर्ण राजकुमारी को ाचा नहीं लगेगा …हो सकता है राजकुमारी …अपने दोस्त से नाराज़ भी हो जाएँ ..”

मनु “ नहीं हम राजकुमारी को नाराज़ होने का मौका नहीं देने वाले ..तुम कार भेज दो ..वर्ण लोग क्या कहेंगे की राजकुमारी का दोस्त बस या टैक्सी में गम रहा है …हम समझ सकते हैं की इससे राजकुमारी को क्या दिक्कत होगी ..आउच! ” विरंदा ने मनु को धीरे से मुक्का मार दिया था ..

मनु “ हे राजकुमारी साहिबा अर्ज़ किया है …


"कातिल हैं आपकी निगाहें अदाएं …बड़ी सोख हैं ..

पैर दिल अपना भी जवान है ..हम भी थोड़े बेईमान हैं …”

मनु ने यह कहकर आंक मर दी जिससे विरंदा हांसे लगी ….सामने से पहली बार किसी ने विरंदा से इतना खुलकर बात की थी …उसे भी मनु का साथ ाचा लग रहा था …हु भी मनु की कंपनी अचे से एन्जॉय कर रही थी ..दोनों में दोस्ती ऐसी हो चली थी जैसे दोनों सालों से दोस्त हों …और ऐसे hi बातें करते हुए दोनों कार में मनु के होटल के बहार थे …

उसके बाद विरंदा और मनु थोड़ी देर में उसके होटल के बहार थे …विरंदा उसे छोड़ कर वहां से उसका नंबर लेकर चली गयी …और मनु भी होटल में चला गया ….जहाँ नया सिरदर्द त्यार था उसके लिए …

भटनागर सर वहां आ चुके थे और बेग के साथ रेडी थे वहां …

भटनागर सर “ मनु मेरा काम यहाँ का ख़तम हो चूका है और सॉरी कल रात ड्रिंक ज्यादा हो गयी थी ..उसके चलते वापस आने में देर हो गयी ..और अब मेरा जाने का टाइम आ चूका है ..तुम चल रहे हो साथ में???”

मनु “ नहीं सर कुछ काम अभी बाकी है उसे पूरा करके वापस आऊंगा ..आप आराम से जाईये मैं कुछ दिन बाद aaunga..mujhe कुछ और भी काम है …सो जस्ट टेक केयर ुर सेल्फ “ उसके बाद मनु ने भटनागर सर के पेअर छुए और उनको बहार टैक्सी तक see-off किया …

उसके बाद मनु चला गया …जस के रूम में जहाँ दोनों लेडीज थी ..

नीता मम “ जस इससे केहदो की हम तोह पागल हैं जिनको शॉपिंग के नाम पैर ठगा गया है “

मनु “ किसने ठग लिया मेरी सोनी माँ को ??”मनु जाकर नीता मम से लिपटने लगा ..पैर नीता मम ने उसे दूर करने की कोशिश की ..पैर मनु जैसे की कोई बचा करता है ..और ज्यादा लिपट गया ..लास्ट में नीता मम hi हार मान लेती हैं और मनु उनकी गॉड में लेट जाता है …नीता मम अपना माथा पिट लेती हैं ..जिसपर जस की हंसी छूट जाती है ..

नीता मम का गुस्स अब थोड़ा काम हो चूका tha…manu के सर पैर हाथ फेरते हुए …

नीता मम “ तू कहाँ चला गया था पता भी है ..हम दोनों वहां कितने अकेले थे ..अगर कुछ हो जाता तोह ??”

मनु प्यार से “ माँ किसकी हिम्मत मेरी दो दो शेरनियों से भीड़ जाये ..किसकी सहमत आयी है जो सामने से इन दो शेरनियों को कुछ कहे …और सॉरी माँ अगर जरूरी नहीं होता तोह जाता नहीं आपको ऐसे छोड़कर ?? वैसे जस को कहा था जाना जरूरी है …”

नीता मम “ पैर बीटा हम यहाँ सिर्फ तेरे सहारे हैं ..और किसी के साथ आना जाना मुझे ाचा नहीं लगता …”

मनु गॉड में लेते हुए नीता मम को थोड़ा निचे करके उनके गाल को चूमकर कहता है” सॉरी माँ आगे से नहीं होगा ..पैर जाने से एक फ़ायदा hi हुआ ..मां जी के बारे में कुछ नया पता चला मुझे “

नीता मम “ उनकी बात hi मत कर एक नंबर के झूंठे हैं हु ..कहते हैं कैंसर हुआ है और रातों को पार्टयों में मज़े लेते है …पता नहीं कैसे लोग हैं सगी बहिन से भी झूंठ कहते हैं ..पता नहीं क्या चल रहा है उनके दिमाग में ??”

मनु “ यही पता लगाना है …की उनके दिमाग में क्या है ??” मनु यह कहता हुआ गॉड से उठाकर बेथ गया उसके सीरियस होने से जस और नीता मम सोच में पद चुकी थी ..

जस “ क्या बात है ??? आप लगता है किसी सोच में हैं ..छोटी छोटी बातों पैर आपको सोचते देखा नहीं ..बात लगता है ज्यादा सीरियस है ???”

मनु जस को देखते हुए “ जस अभी कुछ कहना सही नहीं है …48 हरष बाद hi कुछ कह सकूंगा ..खैर यह सब छोड़ो और यह बताओ की क्या क्या लिया है ??”

जस “ क्या खाख लिया आपकी माँ का दिमाग आपके जाने के बाद hi ख़राब हो गया …जिसके बाद हु और मैं वापस आगये ..”

मनु “ तोह इसका मतलब यह तोह गज़ब हो गया ???”

नीता मम “ गज़ब कैसा गज़ब ???”

मनु प्यार से मुस्कुराते हुए “ गज़ब से काम थोड़ी है ..की दोनों अप्सराएं मॉल गयीं और वहां से शॉपिंग किये बिना आ गयीं ….हहहहह !”

नीता मम ने हलके हाथ से मनु को मारा …मनु वही हाथ पकड़ते हुए “ इन नाज़ुक कलाइयों को पाथेर पैर मत मारो माँ ..कहीं दर्द न हो जाये ..इनकी जगह यहाँ नहीं यहाँ है …” मनु ने नीता मम के हाथों को सीने से लगते हुए कहा .. जिस पैर नीता मम और जस हांसे बिना रह नहीं पाए ..

मनु “ कोई बात नहीं …ाचा जल्दी से त्यार हो जाओ ,,,आज सिर्फ हम होंगे और कोई नहीं …चलो रेडी हो जाओ ..”

जस “ लगता है आज फिर अकेले आना पड़ेगा ..???”

मनु जस के इस बात पैर ठीक उसके सामने जाकर प्यार से उसके हाथ थामकर उसे सीने पैर रखकर अपने दिल पैर लगा देता है ..

मनु “ इस दिल की धड़कन पे यकीं करो जिस में सिर्फ तुम दोनों की ख़ुशी छुपी हुई है …और अगर धड़कन से पता नहीं चलता तोह रहने दो …मैं hi पागल हूँ जो उम्मीद लगये बैठा था की …आज मैं भी शॉपिंग में हेल्प करूँगा तुम दोनों की ..पैर अब जाने दो…” मनु ने साद फेस बना लिया था …जिसे देखकर नीता मम ने कहा ..

नीता मम “ जस चलो रेडी हो जाते हैं वर्ण आज यह पका नया ड्रामा कर्जा ???”

मनु इस बात पैर हंसने लगता है ..और रूम से बहार आकर खुद रेडी होने चला जाता है ..

जस को चुप देखकर नीता मम “ जस देख लिया कितना बदमाश है ..पैर कितना चालक भी है ..खुद गुस्सा दिलाया और गुस्सा भी नहीं रहने दिया …चल रेडी हो जाते हैं …”

जस “ पैर अन्त्य आपने मॉल में जो हुआ उसे उनसे कहा क्यों नहीं ..???”

नीता मम “ जाने भी दे यह सब हम औरतों के लिए आम सी बात है …हमको ऐसे hi इस दुनिआ में जीना पड़ता है ..मेरी छोड़ अपनी बता तू कब बताने वाली है की ..तू उस पागल को चाहती है ?? बोल भी …और आज तोह उस पागल ने तुझे अपने दिल का पता भी बता दिया …और किस बात का इंतज़ार है …सोच ले टाइम सही है ..और सास भी त्यार है …अभी चुकी तोह सोचते रह जाना ..क्युकी अपना लड़का आजकल थोड़ा रोमांटिक होने लगा है …”

इस बात पैर जस शर्माने लगी उसकी नज़रें झुक चुकी थी ..

जस “ पता है अन्त्य उन्होंने जैसे hi मेरे हाथ को अपने सीने पैर रखा ..मेरी धड़कन खुद कितनी बाद गयी थी ..मैं तोह बस खो सी गयी थी …उनकी आँखों में ..पैर जैसे hi हु यहाँ से गए ,,,मेरा दिल बेचैन हो गया ..”

नीता मम “ आय हे और कितना अपनी चाहत को दबा कर रखेगी ..बता भी दे उसे ..कहीं ऐसा न हो की और कोई तेरे सामने hi उसे पर्पस कर दे और तू देखती रह जाये ..”

जस “ ऐसा नहीं होगा ..पैर ऐसा हुआ भी तोह मैं उनके हर फैसले की क़द्र करुँगी …पैर टाइम आने पैर अपने दिल का हाल बता दूंगी …की मैं उनको कितना चाहती हूँ …पैर अभी चलिए ..वर्ण फिर से आकर हम दोनों को फिर से कुछ कहेंगे “

नीता मम प्यार से जस के सर पैर हाथ फेरते हुए “ बीटा दुआ करुँगी की तुमको तुम्हारा प्यार मिले …क्युकी प्यार करने के साथ प्यार का मिलना भी जरूरी होता है ..वर्ण एक तरफ़ा प्यार सिर्फ दर्द के शिव कुछ नहीं देता ..सो उसपपरवाले से दुआ है की तुमको तुम्हारा प्यार मिले …और उस पागल को समझ आये की हु क्या मिस कर रहा है ..”

जस “ देखिए आप चाहे मुझे कुछ भी कहिये पैर एक रिक्वेस्ट है उनको पागल न कहिये ..मुझे ाचा नहीं लगता की कोई उनको कुछ कहे ..सो प्लीज मेरी रिक्वेस्ट है उनको कुछ न कहिये ..”

नीता मम “ आये है ! इतना प्यार ाचा …जस जी हम आपके उनको पागल नहीं कहेंगे ..सो अब ठीक है ..”

जस मुस्कुराते हुए “ हम्म! ाचा चलिए त्यार हो जाईये ..” जिसे सुनकर नीता मम दूर की तरफ बढ़ती हैं ..पैर दूर तक जाते हुए रुकक्कर “ उसको हमारे साथ जो हुआ है बताना नहीं क्युकी यह सही नहीं होगा ..प्लीज ..” और नीता मम वहां से चली गयी त्यार होने …जस सोच में पद चुकी थी …

कुछ hi देर में सब होटल की लॉबी में खड़े थे ..और जैसा विरंदा ने कहा था कार आ चुकी थी जिसमे बैठकर सब मॉल चल दिए थे …

जहाँ आकर मनु ने दोनों को उनके हिस्से की शॉपिंग करने को कहा और वहां बहार साफé में कॉफ़ी के लिए बेथ गया …और उसने अचानक से देखा कुछ लड़के अचानक से उस जगह घुस गए जहाँ सिर्फ लेडीज थी …

मनु को बड़ा अटपटा सा लगा की जहाँ सिर्फ लेडीज हैं वहां यह सब कर क्या रहें हैं???? मनु चुपचाप वहां जाकर देखने लगा क्युकी उसी जगह नीता मम और जस भी थी …

उसने देखा बहार से hi …क्युकी हु शोरूम टोटली गिलास का बना था …सो उसे बहार से hi दिख रहा था …और जो उसने देखा हु सन ज्यादा ाचा तोह बिलकुल hi नहीं था … उसने देखा वहां हु लोग नीता मम और जस से कुछ बात कर रहे थे …और बात करने के साथ उन्होंने नीता मम और जस का हाथ पकड़ रखा था …और दो लोगों ने नीता मम और जस को पकड़ रखा था …मनु को समझते देर नहीं लगी की कुछ गड़बड़ है ..क्युकी नीता मम और जस के चेहरे बता रहे थे की उनको यह सब कैसा फील हो रहा था …

मनु फ़ौरन अंडर गया ..और उसने नीता मम और जस से पूछा “ अन्य प्रॉब्लम ???”नीता मम और जस ने मनु को देखा लिया था …पैर चुप थीं दोनों …

वहां लेडीज की भीड़ जमा थी …पैर कोई कुछ कर नहीं रहा था …

हु आदमी जिसने नीता मम का हाथ पकड़ा हुआ था …नीता मम से “ देख कल भी कहा था …तू मुझे अछि लग रही है …अगर ज्यादा छू छान किट ओह यहीं सबके सामने तेरे खोपड़ी में गोली थोक दूंगा …”

नीता मम कुछ कहती उधर से दूसरा आदमी जिसने जस को पकड़ा हुआ था …हु जस से बोलै “ सुन देख भाई ने अपनी आइटम चुन ली है और मुझे तू पसंद है …देख तेरे लिए मैं कुछ भी करने को त्यार हूँ बस एक बार मेरी बन जा …तेरे साथ शादी करके मैं दुनिआ का सबसे खुश आदमी बन जाऊंगा ???”

मनु थोड़ा जोर से “ इस तेरे अन्य प्रॉब्लम ??”

नीता मम की आँखें झुक चुकी थी ,,पैर जस मनु को देखकर हिम्मत से भर चुकी थी …उसने गुस्से से उस आदमी को देखा और मनु से कहा ..” देखिये न हमको आपके जाने के बाद क्या क्या सहना पड़ा था अन्त्य ने मन किया था …की आपको न कहूं ..पैर देखिये न यह लोग मेरे और आंटी से कैसी बातें कर रहे हैं ??कुछ तोह कीजिये न ..??”

मनु “ क्या करूँ ???देख नहीं रही हो यह कितने सारे हैं और मैं अकेला नन्हा सा बचा हूँ …होटल में शेरनी कहा था ..इसीलिए कहा था की तुम मेरा बोलना झूंठ करवा दो ???”

जस “ आपको क्या लगता है यहाँ हमारी मर्ज़ी चल रही है ..और जैसे हमको इनके साथ बड़ा मज़्ज़ा आ रहा है ..मुझे आज बॉस से नहीं अपने दोस्त से हेल्प चाहिए ..मेरी नहीं तोह काम से काम आंटी का hi सोच लो ???”

मनु “दोने हो जायेगा दोस्त आपका आ चूका है …और कोई सेवा गरीब के लिए ???”

आदमी “ आए छूकर निकल यहाँ से हम कोई नार्मल आदमी नहीं हैं ??”

मनु “ हाँ जी आप तोह महापुरुष हैं जो औरतों से इज़्ज़त से बात करते हैं और कितनी इज़्ज़त से बात करते हैं दिख रहा है …जिनका आपने हाथ पकड़ा हुआ है हु मेरे साथ हैं …हाथ हटा लीजिये ..वर्ण मुझे मजबूरन कुछ करना होगा ..जो शायद आपको ाचा न लगे ??”

जिसने जस का हाथ पकड़ा था ..वह बोलै “ भाई यह तोह कोई गांडू है …जिसको सिर्फ बोल बचन करना आता है …जिसकी माँ का हाथ आपने पकड़ा हुआ है और साले का खून नहीं खोला …कैसा na-mard है यह ..हहहहह!” वहां खड़े सभी मनु और उन दोनों लेडीज को देखकर हंसने लगे …

नीता मम का सर निचे झुखा हुआ था …मनु वहां से बहार चला गया …कुछ बोले बिना ..

जिसपर वहां सभी थःके लगाने लगे …नीता मम के तोह आंसू निकलने लगे थे …क्युकी उनको मनु से यह उम्मीद नहीं थी …पैर जस गुस्से में “ आंटी आप हिम्मत मत हरो यह सब अभी बस कुछ देर के hi मेहमान हैं ..कुत्ते के हंसने से शेर की पावर काम नहीं हो जाती …उसकी एक धहद से कुत्ते कपड़ों में मुट्ठ दिया करते हैं ..वह बस आने वाले hi हैं …आप हिम्मत रखो मुझे उनपर पूरा भरोसा है …”

जस के कहते hi हु आदमी जिसने उसका हाथ पकड़ा हुआ था “ हहहहह! शेर और हु लगता है तुझे उस पैर कुछ कड़ा hi भरोसा है ..आजतक जहाँ हम गए हु इलाका हमारा हो गया …उसकी क्या औकात की हमसे पन्गा ले ..साले को मसलकर रख दूंगा …”

जस गुस्से में “ अगर तुमने ऐसा किया और अगर हु तुम जैसे कुत्तों से हार गए तोह यह मेरा वडा है …खुद तुझसे आगे बढ़कर शादी कर लुंगी …और बोल यह मंज़ूर है कुत्ते???”

आदमी “ सुच कह रही है न कहीं मुकर मत जाना वर्ण शादी तोह तुझसे करूँगा hi ..पैर अगर ऐसा है तोह मंज़ूर है ..मुझे कहो भाई क्या कहते हो …हम तोह मर्द हैं …एक गांडू से लड़के से हमको कैसा खतरा भला हहहहह!!”

नीता मम “ जस बीटा यह सब क्या कह रही है …तू ???? तू तोह उससे प्यार करती है न …पैर तू इसको शादी के लिए कह रही है …तुझे पता भी है तू क्या कर रही है …भला हु अकेला किस किस से लड़ेगा …सोचकर तोह देख एक बार ..मेरी बची इतना भरोसा ठीक नहीं है ..”

जस “ आंटी जिस से प्यार है ..उसपर भरोसा न हो तोह प्यार किस काम का ..और आपको पता nahi..per मेरा भरोसा कहता है ..वह जरूर आएंगे और जब आयंगे तब यहाँ यह सब शायद होश में न हों ..पैर इतना मेरा विशवास है ..वह जब आयंगे तब यहाँ का हाल बदल जाएगा ..इनको जो गुरूर है आपने मर्द होने का हु गुरूर आज शायद इनको ले डूबेगा ..आप देख लेना ..”

नीता मम सोच में थी …की जस का भरोसा और अकेला मनु यह सब कैसे कर पायेगा ..पैर शायद जस का भरोसा सोचा था ..उसे मनु पैर रति भर डाउट नहीं था …और वैसे हुआ भी ..

मनु वहां सबके सामने एक बार फिर आ चूका था …

उस आदमी से जिसने नीता मम का हाथ पकड़ा हुआ था उसके पास गया …पैर जस के पास से गुज़रते हुए उसने जस को एक आँख मार di..jisper जस मुस्कुरा उठी …

जस मैं में “ जिसको हरामजादे तुम na-mard कह रहे हो …हु तुम्हारे बाप से भी बड़ा मर्द है ..अभी थोड़ी देर में पता चल जाएगा ..

शोरूम के मैनेजर ने मनु के आते hi वहां पुलिस को कॉल कर दी थी … ताकि वहां कुछ होने से पहले कुछ रोका जा सके …पुलिस भी उधर से निकल चुकी थी …

नीता मम के सामने उस आदमी से मनु “ मैं सिर्फ …छोड़ न यार डायलाग बाज़ी में टाइम बेकार किया तोह मेरी इमेज बुरा मान जाएगी …पैर फिर भी कहूंगा ..वर्ण शायद तुम कहो की मौका नहीं दिया …सो हाथ छोड़ दो मेरी माँ का “

आदमी “ तुझ जैसे अकेले लड़के को लगता है की तू अकेला हमसे कहेगा और हम मान लेंगे ..जा नहीं छोड़ता तेरी माँ का हाथ जो कर सकता है कर ले …बल्कि आज तोह तेरी माँ मेरे साथ ….आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!!!!!” उसकी बात पूरी नहीं हो पायी थी की उसका हाथ मनु चापत से एक वार से उसके जिस्म से अलग कर चूका था ….

नीता मम के हाथों में अब तक उसका कटा हुआ हाथ फंसा हुआ था …

आह्ह्ह्हह!!! ुउउइइइइ ऊऊऊऊ!!! हाआआआ! यह चीखें वहां गूंज रही थी …और सारे आदमी जो वहां खड़े थे सदमे में जा चुके थे …की अचानक से इस अकेले लड़के ने उनके भाई का हाथ उसके जिस्म से अलग कर दिया था …

नीता मम अपने हाथ से उस कटे हुए हाथ को जिसको मनु उसकी खोनी के थोड़ा पास से काट चूका था ..उसे देखकर चिल्लाकर बेहोश हो चुकी थी …खून ज़मीन पैर पानी जैसे बह रहा था …

उस आदमी के हाथ पाँव कांपने लगे थे जिसने जस का हाथ पकड़ा हुआ था …उसके कंपते हुए पाँव देखकर उसकी ढीली पद चुकी पकड़ को टाइट करती हुई जस उससे बोली “ अरे थोड़ा टाइट पकड़ो न …मैं कहाँ भागी जा रही हूँ ..तुमको तोह यह na-mard लगे थे न ..अब्ब देखलो कोण शेर है और कोण कुत्ता ..हहहहह! तुमने खुद मौत को अपना एड्रेस दिया है अब हाथ पाँव कम्प रहे हैं …कुत्ते अगर इकठे होकर कहीं भोंकने लगे तोह हु इलाका उनका नहीं हो जाता ..शेर जहाँ खड़ा होता है वहां हर जगह उसी का राज़ होता है ..पैर पता नहीं तुम जैसे टुच्चे लोग यह कब समझेंगे ..पैर कोई बात नहीं …तुम ऐसे hi उनसे लड़कर दिखा दो मैंने तोह वडा किया है न ..अगर हु हरे तोह मैं तुमसे अपनी मर्ज़ी से शादी कर लुंगी ..”जस ने उससे धिक्कार भरी नज़र से देकते हुए कहा …

मनु वापस पलटा और सामने से एक आदमी उसकी तरफ गन ताने आ चूका था …पैर मनु शायद मूड में था …उसने आगे बढ़कर उसके कांपते हुए हाथों से गन ली और उसके बाद वहां खड़े उसके हर साथी के पैरों में गोली चला दी ..वहां ज़मीन पैर लोग बेचारगी की हालत में पड़े थे ..भीड़ बहार से देखने की कोशिश कर रही थी ,,,की हुआ क्या है ..और जो अंडर के कस्टमर थे हु तोह कुछ उस आदमी का हाथ काटने के बाद भाग चुके थे ..और जो बचे हुए थे ..वह अपनी जान बचने के लिए जहाँ तहँ चिप गए थे …

मनु उस गैंग को ज़मीन पैर लिटाने के बाद रुका नहीं उसने हर एक का हाथ काट दिया …और जहाँ उसका गुस्सा इससे रुका नहीं तोह हर एक का एक पाँव भी काट दिया …पैर जस वाले आदमी को उसने अभी तक छुआ तक नहीं था …उसे तोह मनु ने जैसे पूरी तरह से इग्नोर hi कर दिया था ..और शायद यही वजह भी थी …जिस वजह से उसकी स्पेशलय फटती भी हुई थी ..अपने इतने पुराने और लम्बे टाइम से रहे साथियों को जब ज़मीन पैर बिना हाथ और पेअर के उसने देखा तोह ..उसका कलेजा उसके मुँह तक आ चूका था …चीखें वहां जो दर्द में थे उसके मुँह से बिना रुके निकल रही थी …और उस चीखों भरे माहोल में बहुत से लोग जिंकेड िल कमज़ोर थे हु बेहोश हो चुके थे ..ऐसा मंज़र झेलने के लिए बहुत लोग त्यार नहीं थे …खून से उस शोरूम का वाइट मार्बल लाल हो चूका था …उस बड़े का तोह हाल सबसे बुरा था जिसका हाथ मनु ने नीता मम के हाथ पकड़ने के लिए सबसे पहले कटा था …नीता मम अभी तक फर्श पैर बेहोश थी …मनु जहाँ तहँ से खून से लथपथ हो चूका था ..उसने पीछे मुड़कर जस का हाथ थामे उस आदमी को एक नज़र देखा …मनु के उस नज़र का क्या असर था यह जस भी देखने लगी …उस आदमी का पंत में मुट्ठ निकल चूका था …मनु उठा ..और उसकी तरफ बढ़ने लगा …उसके हर बढ़ते कदम से उस आदमी की पकड़ जस के हाथों से हटने लगी थी …उसका कलेजा मुँह तक आ चूका था …मनु का हर कदम जो उसकी तरफ बढ़ रहा था …उसे अपने करीब मौत की आहात सुनाई दे रही थी …

हु आदमी न जाने कितनी बार पंत में मुट्ठ चूका था जस बखूबी देख रही थी …उस आदमी की हिम्मत कैसे टूट रही है …हु आदमी जिस भाई (भाई से मतलब यहाँ उसके सेज भाई से नहीं बल्कि भाई मतलब दादा या गुंडे से है सो कंफ्यूज मत होना ) के दम पैर हु गुंडा बना था ..उस भाई का कटा हुआ हाथ अभी तक नीता मम के हाथों में देख रहा था ..उसे सारे साथी ज़मीन पैर बिना हाथ पेअर के कैसे पड़े थे ..उसने सब देखा था ..और सबसे बड़ी बात मनु अभी टेक क शब्द तक नहीं बोलै था ..उसकी यह दरवानी चुप्पी और जाड उस आदमी की गांड फाड़ रही थी …मनु उसके सामने था ..उसकी आँखों में आखें डाले उसके अंदर झाँक रहा था ..उस आदमी के हाथों से अपने आप जस का हाथ छूट चूका था …

जस ने उसके हाथ को एक बार फिर उसके हाथ को पकड़ा और अपने हाथ को उसके हाथ में उसी तरह फंसा दिया …

जस “ अब कहाँ गयी तुम्हारी हु मनहूस सी हंसी जो मुझे और अन्त्य को उठाने के लिए निकल रही थी …इनको मर्द नहीं मान रहे थे न …अब कहाँ गयी तुम्हारी मर्दानगी जब यह तुम्हारे सामने तुम्हारी आँखों में आँखें डेल खड़े हैं ..इनकी माँ को और मुझे पकड़ोगे और उम्मीद करोगे की यह तुम्हारी यह मर्ज़ी मान लेंगे …ऐसे मर्द नहीं हैं यह …इनकी मर्दानगी इस बात से पता चलती है की तुम्हारे जैसे लोग कितनी बार इनके हाथ में हथियार देखकर मुत्ता करते हैं …साले हरमि तू मुझे अपनी बांयेगा …चल चल हवा आने दे …पंत में मुत्ने वाले की औकात नहीं की मेरे आस पास भी नज़र आ सके …चल निकल मदर छोड़ ..”

जस वहां उसे अछि खासी सुनकर नीता मम के पास चली गयी जहाँ हु बेहोश पड़ी थी ..जस उनके हाथ से कटे हुए हाथ को अलग करने में जुट गयी ..पैर उस हाथ का नीता मम के हाथ से निकलना थोड़ा मुश्किल हो रहा था क्युकी हु अंदर एक के माहोल में अकड़ चूका था …

मनु ने उसे देखा और वापस उस आदमी को देखा बेचारा डर में मारे भूल चूका था की …उसके पेअर सही सलामत हैं …और हु भाग सकता है ..डर भी अजीब चीज़ है …

मनु उससे कुछ बोलै नहीं उसके एक हाथ को काट देता है उस चापत से …और उसके गिरते hi ..

आदमी “ आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!!! मुझे क्यों मारा !! आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह! ??”

मनु “ सॉरी यार आदत से मजबूर हूँ वैसे भी ाचा नहीं लगता की तू अकेला गैंग में हाथ पेअर सेफ लिए रहे ..हॉस्पिटल में कंपनी के लिए उनके साथ तुझे भी जाना चाहिए न …आखिर तुझे भी तोह खुजली थीं ा ..अब दिखा मर्दानगी ..” और मनु ने रेहम न करते हुए उसके एक पेअर को भी काट डाला…

अंदर का मंजर देखकर बहार लोग बेहाल थे …उनको तोह ऐसा लग रहा था …की कोई टेररिस्ट अटैक हो चूका है …मनु चपत हाथ में लिए हुए वहीँ पड़े पानी से मुँह धोने लगा कपडे तोह खून में साणे हुए थे ..पैर उसने मुँह साफ़ किया …

पैर उसके मुँह साफ़ करते hi पुलिस वहां उसको गन पॉइंट पैर ले कर रोक लेती है ..

इंस्पेक्टर और उसकी टीम उस शोरूम में आ चुकी थी …उसके साथी बिना हाथ पेअर के लोग देख रहे थे …खून और उनके कटे हुए हाथ और पेअर देखकर उनमे से कई जो अभी शायद खाना खा कर आये होंगे उलटी करने लगे थे …उन्होंने बहुत से मर्डर देखे थे ..पैर मर्डर में इंसान मुर्दा पड़े इंसान को देखता है ..जो चिल्लाता नहीं है ..पैर यहाँ का सन दिल फाड़कर हिला देने वाला था ..क्युकी हु लोग जिनके हाथ पेअर कटे हुए थे ..वह अपने कटे हुए हाथों को अपने सबूत हाथों में लेकर चीक रहे थे ..जिसे देखकर किसी का भी दिल उस मंज़र को देखकर फट पड़े पुलिस वाले भी मनु को देखकर सेहम चुके थे ..क्युकी उसके हाथों की चपपट साफ़ बता रही थी की …उसी ने इन लोगों को ऐसे गाजर मोली जैसा कटा था …

इंस्पेक्टर “ ु अरे अंडर अरेस्ट …तुम को हमारे साथ चलना होगा …”

मनु जो मुँह धो चूका था …जस की तरफ देखता है ..जस सोच में गम थी ..की पुलिस अब शायद मन ऊके साथ क्या करेगी …

मनु उसे देखकर मुस्कुरा देता है ..

मनु इंस्पेक्टर से “ क्राइम क्या है मेरा ??”

इंस्पेक्टर “ इतने लोगों को तुमने जान से मरने की कोशिश की है …और जान से मरना तोह अलग बात है तुमने तोह इनके हाथ पेअर काट डेल और मुझसे पूछ रहे हो जुर्म क्या है ??”

मनु “ सवाल अब भी वहीँ है ??जुर्म क्या है मेरा ??”

इंस्पेक्टर “ लगता है तू कोई ढीढ बदमाश है जिसको कानून को हाथ में लेने का शॉक है …चल ठाणे तुझे वहां अचे से बताऊंगा की तेरा जुर्म क्या है ??”

मनु थोड़ा टाइट लहज़े “ इंस्पेक्टर सोच समझ कर बोलो गुंडों में और नार्मल लोगों में डिफरेंस नज़र नहीं आता तुमको …तुमको यह वर्दी क्या सिर्फ हॉर्न बजने या प्रेस करके पहनने के लिए दी है सर्कार ने ..”

इंस्पेक्टर “ अबे तू एक बार चल ठाणे तेरी जमकर खातिर करूँगा वहां समझाऊंगा की यह वर्दी सर्कार ने किस लिए दी है मुझे ??”

मनु “ िप्स में साफ़ क्लियर मेंशन है बिना जुर्म बातये तू मुझे यहाँ से हिला तक नहीं सकता है ..और भूले से भी यह मत सोचना की तू यह कानून की धमकी मुझे देगा और मैं तेरे साथ किसी फ़िल्मी हीरो की तरह यहाँ से ठाणे चलकर तेरे हाथों बेल्ट से मार खाऊंगा …यहीं यह हाल देख रहा है न …इनमे तू और तेरे साथी भी यही लेते होंगे …अगर मेरे साथ चलना है तोह जुर्म बोल मेरा ..”

इंस्पेक्टर बौखला चूका था ..इतनी भीड़ के सामने मनु ने उसको उल्टा जवाब देकर उसकी अछि किरकरी कर दी थी ..

इंस्पेक्टर “ तोह तूने इन लोगों को नहीं मारा ..यह तुझे जुर्म नहीं लगता???”

मनु “ तोह इसमें कोण सा जुर्म है …उनसब के हाथों में देख सबके साथ में हथियार थे ..मॉल में सिक्योरिटी में यह हथियार कहाँ से लाये …तब कहाँ था यह कानून ..मैंने जो किया है सही किया है …जा पहले जाकर खुद को अपडेट कर उसके बाद बात करना..”

इंस्पेक्टर “ तोह तू नहीं चलेगा …ठाणे …??”

मनु “ तेरी सूने में कोई दिक्कत है क्या ???ए सब सुनलो गन सिर्फ इसके पास hi है …अगर किसी ने मुझे हाथ भी लगाया तोह अगले पल अपने उस हाथ को ऐसे hi पकड़ोगे जैसे हु सब अपने कटे हाथ बटूर रहे हैं …सो हटो यहाँ से “

इंस्पेक्टर मनु पैर गन तन देता है ..

पीछे से भीड़ में से एक आवाज़ आती है “ रुक जाओ इंस्पेक्टर …”

भीड़ पीछे देखने लग जाती है …पीछे आते इंसान को देखकर इंस्पेक्टर और मनु दोनों चौंक चुके थे …पैर दोनों के चौंकने की apni-apni वजह थी …

कोण था यह इंसान जिसको देखकर मनु और इंस्पेक्टर दोनों साथ में रूककर उसे देखने लगे थे ???
:हिंट:
 
थैंक्स भाई ...आपको च लगा म्हणत वसूल हुई ...यही अपना सुच प्राइज है ...:रेस्पेक्ट:



नाउ बीआरओ ु टोल्ड me..that मनु नीड तो अवॉयड ब्रेक थे लॉ सो डिअर ी इन्क्लुडे ुर थिस पॉइंट ईंटो नेक्स्ट अपडेट ..ी होप ु गेट सटिस्फी व्हाई मनु नीड तो टेक हिज डिसिशन सो हार्ड ....प्लीज सी तहत एंड जस्ट तेल्ल में ..तहत ु लिखे आईटी और नॉट ...:बिगबॉस1:

और थैंक्स भाई ...आपने ाचा नाम दिया ी रियली लिखे आईटी ...लाइफ में यही तम्मना थी की कोई बाबा कहे ..यह आपने पूरी कर दी भाई ...पैर इतनी आगे नहीं है मेरी की मैं बाबा लागूं ..पैर कोई बात नहीं जो आपको ाचा लगे कह सकते है प्यार और रेस्पेक्ट के दायरे में ..आपका दिया नाम भी ...हमको स्वीकार या मंज़ूर है :perfect:..aapne जो प्यार दिया उसके लिए दिल से धन्यवाद भाई ...🙏

भाई जैसा की पहले भी कह चूका हूँ ..आपके स्मार्ट पॉइंट सुच में लाजवाब हैं ...आपने हर वह पॉइंट बखूबी पकड़ा जिसको मैंने हाईलाइट किया ...:तुम्बुप:

जैसे विरंदा का सीक्रेट और उसका मनु के साथ दोस्ती करना ..पैर इतने सारे पॉइंट को सिर्फ एक अपडेट में निबटना सही नहीं लगेगा ..उसके लिए थोड़ा सा अलग सोचा हुआ है ..जिसको आनेवाले अपडेट में क्लियर करूँगा ..और आपका अगला पॉइंट की मनु के इस तरह से सामने से लोगों को उड़ने से नीता मम पैर क्या असर होगा ..यह देखना दिलचस्प होगा ...पैर नीता मम का रिएक्शन थोड़ा इस अपडेट में और थोड़ा अगले अपडेट में आपके सामने होगा ..और उनके भाई का क्या सन है वह भी जल्द आपके सामने आने वाला है ...और रही मनु के उन गुंडों को किस्मत को लेकर जो आपने कहा सुच में सही था ...उनकी किस्मत सुच में बहुत अछि थी जो सामने से मनु जैसे इंसान से मज़्ज़े ले बैठे ...और उसके बाद उनका क्या हाल हुआ आपके सामने है ...:yikes::yes2:

भाई थैंक्स आपको ाचा लगा यह hi अपने लिए काफी है ..भाई और सजा का स्टाइल आपको ाचा लगा तोह उसके लिए थैंक्स भाई ...क्युकी 2 घंटे दिमाग खपा कर सन सोचा था ...ताकि कुछ नया दिखा सकूँ ..और आगे कुछ और सन आने वाले हैं उम्मीद है आपको अचे लगें ...:बियर2:

भाई थैंक्स आपको ाचा लगा यह hi अपने लिए काफी है ..और अब यहाँ भाई सोफ़िया है या कोई और यह भी आपको जल्दी hi पता चलने वाला है ..आपके प्यार और साथ के लिए भाई दिल से थैंक्स भाई...🙏🙏🙏

और भाई और , , , @राजठाकुर , भाई थैंक ु सो मच ..आपके इस प्यार के लिए दिल से आपको थैंक्स भाई ....🙏🙏

भाई सॉरी की आपको हर बार सस्पेंस का सामना करना पड़ता है ..पैर भाई यहाँ सस्पेंस छोड़ना आदत की मजबूरी है भाई ...सॉरी भाई ..पैर कहानी पैर इस सस्पेंस के चलते hi हर बार आपके लिए नया लिखने के लिए मौका भी मिलता है ...सो भाई आप भी इस सस्पेंस को एन्जॉय कीजिये ..पैर आपको भी दिल से थैंक्स ..🙏🙏

भाई थैंक्स आपको ाचा लगा यह hi बहुत है ..आपके और अपने हर प्यारे दोस्त के लिए hi तोह स्टोरी लिख रहा hun..jisme आपको कुछ नया और ाचा कंटेंट दे सकूँ ..और आपने जैसे कहा की मनु ने हर जगह झंडे गाड़ दिए हैं ...तोह भाई यह सब आपके प्यार की बदौलत hi मुमकिन हुआ है ...इसलिए आपको भी दिल से बहुत बहुत थैंक्स ...🙏🙏

प्रजी तुसी केन्डे तोह चंगा हो ..जिनी नेड़े बाँदा थे थाले पाया ...पैर रब hi दास्य ते नेड़े इ नया बाँदा कोनसी ..पैर जाड़ों तुसी कहन्दे 100% चंगा हो प्रजी ...चानू वि दिल वर्ग वादा वर्ग थैंक्स प्रजी ...:गुड:🙏🙏

एंड सॉरी बीआरओ ...टुडे ी don't गेट एनफ टाइम फॉर कम्पलीट अपडेट तहत ी अक्कपेक्टेड सो अपडेट विल पोस्ट टुमारो बीआरओ ...सो सॉरी अबाउट तहत ..बूत थैंक्स फॉर सपोर्टिंग उस ..डिअर बीआरओ ..:coffee1::thankyou:

थैंक्स फॉर रीडिंग & सपोर्टिंग उस ...डिअर one's दिल से आप सभी को धन्यवाद ,सुक्रिया की आपने इतना सपोर्ट किया जिसके चलते मुझ जैसे इंसान को भी लिखने का सोक पूरा करने का मौका मिला ..आप सभी का जिनका यहाँ नाम है और जिनका यहाँ नाम नहीं भी है ..उन सभी को इतना साथ देने और सपोर्ट करने के लिए दिल से थैंक्स ...:thankyou::thankyou::thank_you::thanks:🙏🙏🙏

आपका अपना


:thanks::thank_you:🙏🙏🙏🙏
 
अपडेट 86

रिकैप........



भीड़ पीछे देखने लग जाती है …पीछे आते इंसान को देखकर इंस्पेक्टर और मनु दोनों चौंक चुके थे …पैर दोनों के चौंकने की apni-apni वजह थी …

कोण था यह इंसान जिसको देखकर मनु और इंस्पेक्टर दोनों साथ में रूककर उसे देखने लगे थे ???


अब आगे........

मनु और उस इंस्पेक्टर ने देखा भीड़ को चीरता हुआ एक वर्दी में लम्बा छोड़ा और तगड़ा आदमी वहां आ रहा था ..उसके आस पास की सिक्योरिटी देखकर लग रहा था की हु अचे पोस्ट पैर hai..uski पुलिस की वर्दी और उसके साथ इतने body-guard देखकर मनु और हु इंस्पेक्टर चौंक चुके थे …मनु तोह उस बन्दे की आवाज़ से रुक गया था …वर्ण उसके हाथ की चपत बता रही थी ..की शायद इंस्पेक्टर का भी हु वही हाल करने वाला था जो शायद वहां पड़े गुंडों का हु कर चूका था ..

इंस्पेक्टर ने उस आदमी को जो की शायद 30 की आगे का होगा उसे देखकर एक टाइट सलूट मारा ..और सर बोलकर साइड हो गया ..

हु आदमी आगे बढ़कर मनु के पास आया और उसे साइड में ले गया ..

हु आदमी “ hi तुम hi शायद मनु हो …विरंदा मम ने मुझे भेजा है ,,,वजह तुमको पता है ,,क्युकी हु सामने से तुम्हारी हेल्प नहीं कर सकती तोह ..तोह उन्होंने मुझे कॉल किया है ताकि मैं तुम्हारी हेल्प कर सकूँ …उनके ड्राइवर ने शायद यहाँ का हाल देखकर उनको कॉल किया …और उन्होंने मुझे आर्डर दिया की. मैं खुद मामले को देखूं …सो बिना ज्यादा सोचे यहाँ क्या हुआ है बता दो मुझे …??”

मनु ने उसको एक नज़र उप्पेर से निचे तक देखा और वहां क्या हुआ था …उसे सब बता दिया ..जिसे सुनकर हु हैरत से भरकर मनु को उप्पेर से निचे तक देखने लगा …क्युकी इतने लोगों के हाथ पेअर काटने के बाद भी मनु को एक खर्च तक नहीं आयी थी ..जो शायद उसके लिए हैरत की बात थी …

हु आदमी “ बड़ी अजीब बात है तुमने अकेले इतने लोगों को अपाहिज बना दिया ..पैर तुमको कोई छू भी नहीं पाया …इसका मतलब तुम सुच में बहादुर इंसान हो ..वर्ण इतने लोग देखकर hi लोग या तोह भाग जाते है या पुलिस की हेल्प मांग ते है ..पैर तुम कुछ अलग टाइप के इंसान हो ..पैर ाचा है लाइफ में पहली बार तुम जैसा इंसान देखा जिसके अंदर हिम्मत और बहादुरी सही मायने में जिन्दा है ..वैरी नीस ..एंड ी पर्सनली अपरिसते ुर डेडिकेशन टुवर्ड तो ुर फॅमिली …”

मनु “ दुनिआ में जब मुसीबत आती है तोह …इंसान दो तरह की बातों में बात जाया करता है …पहले तरह के लोग हु होते हैं ..जो मुसीबत से बचने की कोशिश करते hain..per हु यह भूल जाते हैं की मुसीबत से बचना इसका हल नहीं है …मुसीबत से बचकर आप कुछ टाइम के लिए खुश जरूर हो सकते हैं ..पैर मुसीबत वापस दुगनी रफ़्तार से आपके सामने फिर आती है ..और तब आपके पास कोई चांस नहीं बचता ..और दूसरी तरह के लोग हु होते हैं जो मुसीबत में पड़ने पैर किसी और पैर देपेंद हो जाते हैं ..लिखे जैसा अभी आपने कहा की ऐसे में मोस्टली लोग पुलिस का वेट करते हैं ..पैर हु शायद यह भूल जाते हैं ,की पुलिस में भी लोग इंसान hi हैं ..बेशक हु अपनी तरफ से आपकी हेल्प के लिए हैं ..और तेज़ी से शायद हु आने की कोशिश भी करे पैर आजके टाइम में जहाँ ट्रैफिक से एक साइकिल तक निकालनी मुश्किल है वहां ..वह आप तक टाइम से पहुंचेंगे इसकी उम्मीद आप पैर है ..और सामने जब कोई आपका अपना परशानी में हो तोह आप सब कुछ पुलिस पैर छोड़ कर बेथ नहीं सकते …सोचिये की अगर उन गुंडों ने मेरी फॅमिली में किसी को हर्ट करने की कोशिश की होती toh..kya मुझे सिर्फ पुलिस का वेट करना सही था …हु टाइम एक्शन लेने का था …मैं उन दोनों तरह के लोगों में से नहीं हूँ ..जैसा मैं अभी आपको बताया ..मैं तीसरी तरह का इंसान हूँ ..मुसीबत पड़ने पैर जैसा एक्शन जरूरी होता है वैसा लेता हूँ ..और इसमें आपको जो भी लगे पैर मेरा डिसिशन आपके सामने है ..”

हु आदमी मनु की बात पैर सोचने को मज़बूर हो जाता है …पैर उसकी बात समझ कर स्माइल करके कहता है ..” हाँ मनु तुम सही हो …तुम्हारी बात में सही पॉइंट है ..फॅमिली को ऐसे हालत में फंसा देखकर इंसान कुछ न कुछ न करे यह भी सही नहीं है ..और यह भी सही है की पुलिस हर जगह टाइम पैर पूछे यह भी पॉसिबल नहीं है .. पैर तुमने कानून के सामने मुश्किल पैदा भी कर दी है ..उसका क्या ??”

मनु “ मुश्किल ??? लगता है …आप कोई फ़िल्मी बात कर रहे है ?? ाचा ठीक है …आपसे कुछ सवाल है मेरे शायद आप जैसे एडुकेटेड पर्सन के पास जवाब हो ??क्युकी ी बिलीव आपने जब आईपीएस क्लियर किया होगा तोह आपको क्राइम के बारे में सिखाया होगा hi ..कहिये क्या कहते हैं जवाब देंगे आप ???”

हु आदमी “ कैसे सवाल …ाचा पूछो कोशिश करूँगा ??”

मनु “ मेरा पहला सवाल …सोचकर सही से जवाब दीजियेगा …सवाल 1 ..आपको नहीं लगता की किसी मॉल में जहाँ इतने मेटल डिटेक्टर लगे हैं वहां यह गुंडे हथियार के साथ मॉल में आये हैं ?? क्या यह बिना किसी की मदद के पॉसिबल है ???”

हु आदमी उन लोगों को देखता है जिनके हथियार उनके सामने पड़े थे ..और पास में हु पिस्तौल भी थी जिससे मनु ने उसके पैरों पैर फायर किया था ..वहीँ ज़मीन पैर पड़ी थी ..उन सबको देखकर बोलै ..” हाँ तुम सही हो जहाँ इतना सब है उसके बाद भी यह सब खुल्ले में हथियारों के साथ थे यह एक बाड़ा ब्लंडर hai..ise मिस्टेक कहना सही नहीं है ..क्युकी हथियारों के साथ घूमना गैर कानूनी है ..इसमें सुच में चूक हुई है …”

मनु “ अगला सवाल ..क्या सब काम पुलिस पैर hi निर्भर रहना चाहिए ?? क्युकी अगर मैं पुलिस पैर निर्भर रहता यहाँ तोह पता नहीं यह गुंडे क्या से क्या कर गुज़रते ..??क्या इसमें मैं गलत हूँ ??”

हु आदमी “ हाँ तुम सही हो …जितनी देर में तुमने इनको जब इस हाल में पंहुचा दिया तोह मुमकिन है यह भी उतने टाइम में तुम्हारे फॅमिली के साथ क्या से क्या कर देते ..इसमें तुम्हारी गलती अगर कानून के नज़रिये से देखि जाये तोह ..है ..पैर इंसानियत के नाते और फॅमिली के नज़र से देखा जाये तोह तुम ने सही किया ..पैर ..” मनु ने उसे पूरा बोलने नहीं दिया …

मनु “ मेरा सबसे लास्ट और सबसे हम सवाल …कानून में सिर्फ इन जैसे गुंडे और गुनहगारों के लिए hi ह्यूमन राइट और मर्सी का राइट है ..उन इंसानो का क्या जिनके साथ इनके जैसे लोग इंसानियत की हदें पार करके जानवरों जैसा सलूक करते हैं ..क्या कानून में उनके जैसे लोगों के लिए दया जैसी चीज़ है या नहीं ..या कानून सिर्फ पैसे वालों की आगे लाचार है ?? जो मैंने इनके साथ किया ..सोचिये यहीं अगर इसका उल्टा अगर मेरे साथ हो जाता तब क्या इस कानून की नाकामयाबी नहीं होती ?? यह जो इंस्पेक्टर मुझे गुनेहगार बनाकर ठाणे ले जाने में लगा हुआ है ..क्या इसने एक बार भी यह सोचा की ..इसके मुझे पकड़ ने से आम जनता का कानून पैर से और ज्यादा भरोसा उठेगा ?? क्या इसने यह नहीं सोचा की अगर मैं यहाँ मर जाता तोह क्या यह इसके लिए शर्म की बात नहीं थी ??? क्या कानून सिर्फ गुंडों के दर्द के लिए है ?? बोलिये???? क्या आम जनता के मरने पैर इस कानून की कोई जवाबदारी नहीं है …कुछ लोग कहेंगे की मैंने इनके साथ गलत किया पैर क्या आप उन ज्ञान पेलने वालों से यह कह सकते हैं की अगर कानून इतना hi मजबूत है तोह यह गुंडे कानून के किस कमज़ोरी के हिस्से से जिन्दा और मज़बूत हैं ..क्या कानून की जवाब दरी नहीं बनती की कैसे कोई छोटा सा गुंडा पूरी गैंग लेकर मॉल में दिन धड़े लड़कियों और औरतों से जबरदस्ती करता है ..और क्या ऐसे लोगों को इतनी आसानी से यह कहकर माफ़ कर देना की यह तोह कानून का काम है सही है ???

क्युकी ऐसे लुगून को माफ़ करना उनको और बढ़ावा देना है जो आज दिन में किसी लेडीज का हाथ पकड़ रहा है कल को क्या हु किसी का रपे नहीं करेगा ?? सोच कर जवाब देना सर क्युकी क्रिमिनल फीकोलोग्य आपने मुझसे शायद बेहतर पढ़ी होगी ??? ”

हु आदमी मनु के इस सवाल पैर la-jawab हो चूका था ..उसको अचे से समझ आ रहा था की मनु ने क्या और क्यों किया था ..और उसके पास इस बात का सुच में कोई जवाब नहीं था की कानून क्यों यहाँ नाकामयाब हुआ ..क्युकी यह बात भी सही थी की हु सब मॉल में हथियारों के साथ थे ..और मनमानी कर रहे थे …पैर शायद उनको पता नहीं था ..की मनु जैसा कोई उनके सामने उनको इस तरह से जवाब दे सकता है .. कानून की कमजोरी का सबूत थे यह गुंडे और उनका गैंग ..

तभी एक हवलदार इंस्पेक्टर के कान में कुछ कहता है जिससे हु सोच में पद जाता है और हु उस आदमी के पास आकर उसे सब बताता है ..जिसे सुनकर हु मनु से कहता है ..

हु आदमी “ तुम सही थे बिना पोलिटिकल सपोर्ट के यह गुंडे नहीं पंप सकते यह यहाँ के मला “शम्स बेग़” के आदमी हैं ..जिसका बहुत साड़ी चीज़ों में हाथ है …”

मनु “ तोह ??मैं समझूँ किआ आप मुझे ठाणे ले जाने के लिए कह रहे हैं”

हु आदमी हँसते हुए “ शायद तुम यह भूल गए hi विरंदा मम ने मुझे तुम्हारी हेल्प के लिए भेजा है ..और मैं कोई आम आदमी नहीं हूँ डिअर मनु ी म ा ैप ऑफ़ थिस एरिया ..सो जस्ट वाच ..”

हु आदमी यह कहकर इंस्पेक्टर के तरफ गया और उसने उस इंस्पेक्टर के कुछ कहने से पहले उस इंस्पेक्टर की गन लेकर सारे गुंडों को शूट कर दिया …इंस्पेक्टर हैरान था …मनु भी उसे देख रहा था ..

हु आदमी गन वापस इंस्पेक्टर की तरफ फेंक देता है ..जिसे हु इंस्पेक्टर कैच कर लेता है ..

हु आदमी “ मेरा नाम है विक्रमजीत रघुवंशी, अब यह केस क्लोज हुआ …इंस्पेक्टर रिपोर्ट में लिख दो की गुंडे पुलिस एनकाउंटर में मारे गए “

ैप विक्रम मनु से “तोह मनु अब तोह कानून ने इन्साफ किया अब तोह आपको शिकायत नहीं है कानून से ??”

मनु “ मुझे क्या शिकायत होगी कानून से मेरा मतलब अब भी वही है …कानून अगर अपना काम सही से करे तोह शायद आम आदमी को यह सब करने की जरूरत hi न पड़े ..”

ैप “ हाँ तुम सही हो ..आगे से मैं खुद देहंगा की ..कानून यहाँ सही से लागो हो …जिससे आम जनता का भरोसा कानून पैर और मज़बूत हो ..नाकि टूटे ..वैसे तुम काफी हिम्मत वाले हो ..तुम पुलिस के लिए तरय क्यों नहीं करते ..पुलिस में तुम्हारे जैसे जांबाज़ की जरूरत भी पूरी हो जाएगी और तुम वक़्त पड़ने पैर कानून को बिना क्रिटिसिज़े किये कानून के दायरे में ऐसे लोगों को सही से कानून भी सीखा डोज ..एक बार सोचना इस बारे में ाचा चलता हूँ …वृंदा मम को भी बताना है की यहाँ सब सही है ..वैसे एक सलाह है किसी को बिना जाने ऐसे hi मत भीड़ जाया करो… हर जगह का ैप रघुवंशी नहीं होगा ..बाकी ुर आल्सो स्मार्ट पर्सन ..”

मनु “ ैप सर हर जगह आप नहीं होंगे पैर कानून थोड़ा तोह हमने भी पढ़ा है िप्स में राइट तो self-defense 96 तो 106 के हिसाब से हर जगह इंसान अपनी जान और फॅमिली की सलामती के लिए एक्शन ले सकता है ..सो जहाँ जरूरी होगा वहां एक्शन लिया जायेगा ..मुझे आप क्रिटिसिज़े कर सकते हैं ..पैर ी म नॉट रॉंग आल्सो यह आपको भी पता है ..”

ैप ने इस बात पैर मनु के कंधे पैर हाथ रखा और कहा “ इसलिए तोह कह रहा हूँ पुलिस में तरय करो क्युकी आवर फाॅर्स नीड पर्सन लिखे ु ..”

मनु “ थैंक्स सर पैर अभी स्टूडेंट हूँ पड़े पूरी होने में टाइम है ..लाइफ में प्लानिंग जैसा कुछ नहीं होता ..किस्मत जहाँ ले जाएगी मनु वहां होगा ..सो अभी कुछ भी कहना सही नहीं है …पैर आपकी हेल्प के लिए थैंक्स ..वर्ण यह साब तोह ठाणे के नाम पैर आड़े हुए थे ..” मनु ने इंस्पेक्टर को देखते हुए कहा ..

इंस्पेक्टर इस बात से जेहप सा गया ..बोलै “ सर हमारी क्या गलती यह hi गुंडों को मरने के बाद हमको भी मरने की बात करने लगा था ..बदले में हमको एक्शन लेना पड़ता ..”

ैप “ कूल डाउन अफसर यह लड़का अपनी जगह सहीह ै ..गलती तोह हुई है वर्ण यह गुंडे आज तक कानून की गिरफत से कैसे बचे हुए थे ..इनका back-ground चेक करो अचे से क्युकी ी म सूरे की यह इनका पहला काम नहीं है ..और अगर कोई जरूरी स्टेप लेना पड़े तोह लेट में क्नोव !! नाउ ी म लीविंग “

इंस्पेक्टर ैप को सलूट मार्कर उसे जाने देता है ..ैप वहां से जा चूका था इंस्पेक्टर ने लाशों को पोस्टमॉर्टेम के लिए भेजवा दिया था ..

इंस्पेक्टर मनु से “ यार तुम्हारी जांपेचान इतनी उप्पेर तक है पहले क्यों नहीं बताया ..??की ैप साब खुद तुम्हारे लिए यहाँ तक आ गए ??तुम चीज़ क्या हो ??”

मनु “ इंस्पेक्टर साब ..जान पहचान का तोह ऐसा है ..की जब टाइम पड़ता है तोह जानपहचान खुद एपनिया आप बता देती है ..और रही चीज़ की बात तोह मैं एक ऍम इंसान हूँ ..जिसके लिए दुनिआ में रहने के लिए रोज़ एक नयी जुंग त्यार रहती है ..और जीने के लिए और फॅमिली के लिए हरवक्त हमको त्यार रहना पड़ता है “

इंस्पेक्टर “ हाँ सही कह रहे हो ..तुम अगर आम इंसान हो तोह आम इंसान होना hi बड़ी बात है ..वैसे तुमने हमारा काम अचे से बड़वा दिया ..”

मनु “ हु कैसे ??”

इंस्पेक्टर “ अरे भाई अब ैप सर ने इन सालों की जनम कुंडली के लिए नहीं कहा है ?? भूल गए ..क्या ??”

मनु हँसते हुए “ तोह साब थोड़ा काम भी कर लो शायद किसी और का भला हो जाए “

इंस्पेक्टर “ हु तोह मैं देख लूंगा पैर तुम भी अपना ध्यान रखना ..क्युकी बेग़ थोड़ा सनकी किस्म का इंसान है ..उसे जब पता चलेगा की उसके गैंग को तुमने उड़वा दिया है हु चैन से नहीं बैठेगा ..”

मनु “ आप भी कमाल करते हो साब , आप कहो तोह उस मला बेग़ से डायरेक्ट hi बात कर लें ..”

इंस्पेक्टर “ यार तुम सुच में उस बेग़ से भी बड़े सनकी हो ..उसके गैंग को लुढकवा कर उसी से बात करने की बात कर रहे हो ..मानना पड़ेगा जिगर है तुम्हारे पास ..पैर इस जिगर के होने से hi सब सही नहीं होगा ..”

मनु “ कोई नहीं साब इस बेग़ को भी टाइम आने पैर देखा jayega..dua कीजिये उससे जल्दी मुलाकात हो ..क्युकी पीछे से उसने कुछ किया तोह उसके घर में सिर्फ एक फोटो होगी और हु फोटो उसके न रहने का खुद बयां होगी ..”

इंस्पेक्टर “ छोड़ो इस बात को ाचा चलो तुम्हारे सारे कपडे ख़राब हो गए हैं तुमको नए कपडे दिलवा देता हूँ ..वैसे तुम आदमी दिलचस्प हो ..कैन वे बेकमे फ्रेंड्स??”

मनु “ क्यों नहीं पैर सोच लीजिये आप को कही दोस्ती में बेग़ से कोई प्रॉब्लम न हो जाये ..हहहह!”

इंस्पेक्टर “ अगर ऐसा हुआ भी तोह तुम हो न उस बेग़ को फोटो बनाने के लिए क्यों सही है न …हहहहह!”

मनु और उस इंस्पेक्टर में दोस्ती होगयी थी ..इंस्पेक्टर ने मनु को नए कपडे दिलवाये ..कपड़ों के शोरूम में मनु के खून से साणे कपडे देखकर सेल्स गर्ल्स डर गयी thi..per जब मनु कपडे चेंज करके आया तोह वही सेल्स गर्ल्स उस पैर से निगाह हटाने में na-kaam साबित हो रही थी ..इंस्पेक्टर भी यह अचे से नोटिस कर रहा था उसने चुटकी लेते हुए कहा “क्या बात है ..यार तुम तोह हीरो जैसे हो लड़कियों किन ाज़ार तुमपर चिपक hi जाती है ..कमल है एक हम हैं जिसको लोग इग्नोर मर देते हैं “

मनु “ अरे साब जी आप कहाँ मज़े ले रहे हो आपकी पर्सनालिटी मुझसे भी अछि है बस हु क्या है न वर्दी के सामने लोग थोड़ा डर जाया करते हैं “

इंस्पेक्टर “ अरे यार साब जी नहीं मेरा नाम ..राकेश शर्मा है दोस्त हो तोह राकेश कह सकते हो ..और वर्दी से लोग डरते क्यों है आज तक समझ नहीं आया ..”

मनु “ वर्दी से लोग डरते इस लिए हैं क्युकी इनको समझ में नहीं आता की वर्दी में जो इंसान है हु आखिर में है कोण ??उसकी सोच वर्दी के पीछे से लोगों को नज़र नहीं आती ..समझ रहे हैं न ”मनु ने चुटकी लेते हुए कहा ..

राकेश “ देखो मनु मज़ाक रहा मज़ाक की जगह मेरी एक बात अचे से समझ लो बेग़ कुछ करे उससे पहले hi उससे थोक डालो क्युकी मैं नहीं चाहता मेरे नए दोस्त को कुछ भी हो …मैं कानून से बंधा हुआ हूँ पैर तुम नहीं …तुम जिस तरह से ैप साब से क्रिमिनल के साइंस पैर बात कर रहे थे उससे एक बात समझ आ चुकी है ..तुम इन लोगों की रिड को अचे से समझते हो …और जैसा की अंग्रेज़ी में मुहवारा है …अटैक इस थे मोस्ट बेस्ट डिफेन्स …सो मौका देखो और उसे सिद्ध hi उड़ा डालो बाकी मैं देख लूंगा .की तुमको कोई टच भी न करे …”

मनु हँसते हुए “ अरे इतना भी मत सोचिये ..अभी तोह आपने दोस्ती की है ..और अभी से इतना सोचने लगे छोड़िये भी उस बेग़ को चलिए चलते हैं ..क्युकी दुनिआ का सबसे ज्यादा टेंशन मुझे आगे मिलने वाला है ..”

राकेश “ और हु क्या भला .????”

मनु “ जाने दीजिये ाचा चलते हैं यहाँ से …” …

मनु ज्यादा नहीं बोलै क्युकी उसकी समझ में नहीं आ रहा था की राकेश उस मला को मनु को मरने को क्यों कह रहा था …मनु खुद समझने की कोशिश कर रहा था की …सामने से उसे अरेस्ट करने वाला इंस्पेक्टर अचानक से उससे दोस्ती क्यों करने लगा ??? ऐसे कुछ सवाल मनु को परेशां कर रहे थे ..

पैर अभी सबसे ज्यादा चिंता मनु को नीता मम किट hi …जो अभी तक होश में नहीं आयी थी ..और जिन्होंने मनु का हु रूप देखा था जिसको कभी जस ने देखा था उस मला और उसके बेटे की मौत के टाइम …

मनु वहां से निकलना चाहता था …सो उसने जल्दी से कुछ ड्रेसेस लिए नीता मम और जस के लिए ..पैर लिए अलग फ्लोर से …क्युकी निचे के फ्लोर पैर उसके चेहरे की दहसत अछि बन चुकी थी …मनु जल्दी से कुछ अचे और नई ड्रेसेस लेकर निचे आया ..जहाँ जस अभी तक नीता मम को होश में लेन की कोशिश में लगी हुई थी ..

मनु वहां गया और उसने उस टाइम नीता मम को अपने दोनों हाथों में उठाने की कोशिश की …पैर एक चीज़ज़ जो उसने देखि की नीता मम के हाथ से अभी तक हु कटा हुआ हाथ लटका हुआ था …मनु ने वापस नीता मम को ज़मीन पैर रखा और उस हाथ को कहतत कहतत करके तोड़ दिया और उसे नीता मम के हाथ से छूटा दिया …उस हाथ को जस ने बहुत हटने की कोशिश किट hi …पैर हटा नहीं पायी थी .पैर मनु ने कुछ hi सेकंड में उस हाथ को हटा दिया था …मनु उसके बाद वहां रुका नहीं सिद्ध पार्किंग में गया जहाँ वृंदा का ड्राइवर उसको देखकर डरा और सेहमा हुआ सा खड़ा था ..

मनु ने उनको समझया की यह सब उसने अपनी फॅमिली के लिए किया है ..तब जाकर हु बेचारा शांत हुआ …कार में मनु और जस में बात नहीं हुई …होटल आकर मनु ने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने को कहा ..नीता मम को जब डॉक्टर ने चेक किया तोह एक इंजेक्शन दिया और मनु को बताया की उनको काफी बड़ा शॉक लगा है …जिसकी वजह से हु बेहोश हो गयी हैं …और उनको नींद का इंजेक्शन दिया है जिससे उनको थोड़ा आराम मिलेगा और उनको कल सुबह hi होश आएगा …

मनु ने डॉक्टर को थैंक्स कहा और उसे पाय किया …डॉक्टर अब जा चूका था जस मनु के सामने कड़ी थी ..जो अब बोली “ मैं तुमको गलत नहीं कह सकती ..क्युकी तुमको गलत कहना hi मेरे बूते के बहार है ..मैं जानती हूँ कैसे एक अकेली लड़की को लोग देखते हैं ..पैर तुम्हरे होने का एहसास hi मेरे जैसी लड़की के लिए जीने का जरिया है ..सो चाहे तुम सही हो या नहीं मैं हर कदम तुम्हारे साथ तुम्हारी परछाई के जैसे हूँ ..बस मुझे कभी अपने से अलग मत करना वर्ण शायद hi मैं कभी जी पाऊँगी “ जस सीरियस हो चुकी थी ..

मनु ने देखा जस सेंटी हो रही है ..तोह मनु उसके पास गया और उसे गले लगा कर उसके सर पैर प्यार से हाथ फिर कर कहता है “ मुझे पता है तुम हर टाइम मेरे साथ हो और यह भी पता है ..की तुम शायद यह चीज़ भूल पाओ की तुम अकेली क्यों हुई ..पैर एक बात का दुःख मुझे ज़िन्दगी भर रहेगा ??”

जस सर उठाकर “ किस बात का दुक्ख???”

मनु “यही की तुमको हमेशा खुद को अकेला महसूस करने में ज्यादा मज़्ज़ा आता है ..तुमको कैसे यकीं दिलों की तुम इस ज़िन्दगी में अब अकेली नहीं हो …काम से काम मैं जब तक ज़िंदा हूँ तब ताकत ओह बिलकुल नहीं ..हाँ अगर मुझे कुछ हममपप!” मनु के आगे कुछ कहने से पहले hi जस ने उसके मुँह को हाथ से रोक दिया था …

जस “ ज्यादा फ़िल्मी बनने की जरूरत नहीं है ..तुम हमेशा ऐसे hi रहना ज़रा सब hi किसी के लिए बदलना मत ..हाँ यह मैं भी समझती हूँ की ज़िन्दगी हर किसी के हाथ में नहीं hai..per जितनी है उतने में मैं हर कदम तुम्हारे साथ हूँ ..सो ज्यादा डायलाग पेलने की ज़रूरत नहीं है ..पैर इन सब में तुम्हारा यह चेहरा अन्त्य के सामने ऐसे आएगा यह थोड़ा टेंशन की बात है ..और अन्त्य पता नहीं ..होश में आने के बाद कैसे रियेक्ट करेंगी ..कहीं फिलिमि तरह तुमको लेकर सेंटी होंगी या करंट सिचुएशन को एक्सेप्ट करेंगी यह देखा जरूरी है ..”

मनु “ाचा फिलिमि कोण बन रहा था यह मुझे भी अचे से पता है …वहां मॉल में कोण कह रहा था की अगर तुमने इनको यानी मुझको हरा दिया तोह तुम उस गुंडे से शादी कर लोगी …वह जी वह और फ़िल्मी मैं ..क्या गज़ब बात है …” मनु की बात सुनकर जस को हु सब याद आता है तोह मनु के सीने में मुँह छिपा लेती है ..

मनु “ वैसे एक बात समझ नहीं आयी ??”

जस हैरानी से “ हु क्या भला ??”

मनु “ यही की अगर मैं वहां हार जाता तोह तुमको उस गुंडे से शादी करनी पड़ती ..लगता है तुमको मुझपे भरोसा कुछ ज्यादा hi है ..??या हु गुंडा ज्यादा पसंद था ..हाहाहाहाहा!”

जस मनु की आँखों में देखते हुए “क्युकी मुझे तुम पैर अपनी जान से भी ज्यादा भरोसा है ..मुझे अचे से पता था की ..जीत तुम्हारी hi होगी ..और अगर तुम वहां हार जाते तोह मैं भी खुद को वहीँ ख़तम कर लेती ..पैर उस गुंडे के आगे नहीं झुकती ..हाँ यह बात और हैं बिना लाडे तोह मैं भी नाह इमरती कुछ कमीनो को जान से मरने के बाद hi मरती …तोह यह मत सोचो की वहां डाव पैर सिर्फ तुम थे ..डाव पैर मैं भी थी ..मेरा भरोसा था ..जो सिर्फ तुम पैर है ..और डाव पैर अकेले तुम्हारी जान hi नहीं मेरी जान भी लगी हुई थी ..क्युकी तुम कहते हो न शेरनी तोह शेरनी की कुत्ते के आगे हार मन ले ऐस आना कभी हुआ है न कभी होगा …शेरनी सिर्फ शेर की हुआ करती है ..किसी और की नहीं ..” मनु के अंदर तक झांकती हुई उन जस की आँखों ने और उसकी बातों के पीछे का दर्द समझ कर मनु ने जस को और कास कर सीने से लगा लिया ..इस बार उसके दिमाग में यह बात आयी की अगर वहां हु हार जाता तोह जस का क्या हाल होता यह सोचकर hi उसके जिस्म में सिरहन हो गयी थी ..कहीं न कहीं जस उसकी अछि दोस्त थी ..और मनु भी उसे दोस्त बहुत ाचा दोस्त मंटा था ..सो उसके मरने भर के ख्याल से hi उसे चिंता हो चुकी थी ..

पैर जस को कसने से जस को भी एहसास हो रहा था की मनु को उसकी सुच में कितनी परवाह है ..वह और ज्यादा चाहत में दुब गयी थी …उसकी चाहत मनु के सीने में सिमट कर उसकी बहाऊँ के irad-gird मख़मली एहसास से भर चुकी थी ..जिसकी गिरफत में जस का बहार आना बहुत मुश्किल था …जस भी मनु को और कस कर उसे अपनी चाहत का एहसास दिलाने में लगी थी ..उसके जिस्म की गर्मी से जस गरम होने लगी थी ..उसका ुँचुआ जवान जिस्म अपने प्यार की बाँहों में पिघलने लगा था ..उसकी सीने की धड़कन बढ़ने लगी थी ..उसकी चूचियां टाइट होने लगी थी ..जो टाइट होने के बाद मनु के सीने में चुबने लगीं थी …उसकी छूट में खलबली सी मचने लगी थी ..

पैर मनु उससे अलग हुआ और उसके माथे को चूमते हुए बोलै “ शेरनी ऐसे hi किसी के आगे हार नहीं मन करती ..और ज़िन्दगी के आगे भी नहीं ..किसी के लिए भी अपनी ज़िन्दगी को डाव पे मत लगाना क्युकी दुनिआ में चाहे मैं रहूं या न रहूं तुम्हारी ख़ुशी उस असामान्य से भी देखता रहूँगा ..तुम्हारी ख़ुशी मेरे लिए मेरी ख़ुशी जितनी जरूरी है ..सो जस्ट टेक केयर ऑफ़ ुरसेल्फ़ माय डिअर कॉज ुर प्रिस्लेस ईंटो थिस वर्ल्ड ..”

जस भी जैसे तैसे खुद को संभल लेती है ..खुद को काबू करने के बाद जस मनु से बात घुमा कर पूछती है ..” ाचा हु इंस्पेक्टर क्या कह रहा था ??”

मनु इस पैर थोड़ा संजीदा होते हुए उसे सब बता देता है जिसे सुनकर जस सोच में पद जाती है ..

जस “ आपने सही सोचा यह राकेश इंस्पेक्टर अचानक से इतना दोस्ती में कैसे आ गया?? और उसकी हु सलाह की उस मला को थोक दो कुछ अटपटी सी है …कोई इंसान ऐसे hi किसी को बिना जानपहचान के दोस्त नहीं बनाया करता उसके पीछे उसका मक़सद क्या है ..यह ज़रूर कोई बड़ा गेम है ..तुम अपना ख्याल रखना ..और उसपर ज्यादा बहोरसा मत करना क्युकी उसके बारे में हमको ज्यादा पता नहीं है सो बे करेफ़ुल ..”

मन ुसार हिलाकर हाँ का इशारा करता है ..की इतने में उसके मोबाइल पैर किसी का कॉल अत है जिसे हु बहार के रूम में सनटैन है ,,जस नीता मम के साथ थी …मनु बहार आकर मोबाइल पैर बात करता ..और कुछ देर बात करके कॉल कट जाती है ..

मनु वहां जस के पास जाकर उससे जरूरी काम से बहार जाने को कहता है ..और होटल स्टाफ को room-service से खाना भिजवा देता है और बहार निकल जाता है ..खाना रूम में अत है तोह जस कहती है उसने फ़ूड का आर्डर नहीं दिया तोह सर्विंग पर्सन उसे मनु का सिग्न दीखता है ..जिसे देखकर हु चुपचाप खाना ले लेती है ..खाने के साथ एक छोटा सा नोट (लत्तेर) भी था ..” मैं जानता हूँ कुछ hi दिन में माँ से तुम्हारा ाचा लगाव हो चूका है ..अभी हु होश में नहीं है पैर उसके लिए तुमको भूखा रहकर अपनी सेहत ख़राब करने की जरुरत नहीं है माँ को कल होश आएगा तब तक तुम्हारे लिए बिना तुम्हारी पसंद पूछे आर्डर दे दिया है ..उसके लिए सॉरी पैर इतना हक़ तोह तुमपर मेरा है hi की तुमको बिना पूछे खाने को कह सकूँ …अगर ाचा न लगे खाना तोह दूसरा आर्डर कर देना पैर खाना जरूर ..मैं जरूरी काम से बहार जा रहा हूँ अपना ख्याल रखना ..माँ का ख्याल रखने को इस लिए नहीं कह रहा हूँ क्युकी हु तोह तुम वैसे भी बिना कहे रखने hi वाली हो सो ..बिना भूले खाना खा लेना ..टेक केयर.. मनु”

इस नोट को पढ़कर जस बिना उसे चूमे रह नहीं पायी उसके मुँह से एक बात निकली

जस

“ पागल हैं वोह इस कदर की हक़ की बात किया करते हैं …

उनको क्या पता उनके नाम से hi हम तोह जिया करते हैं …”


जस ने जब खाना देखा तोह उसके मुँह पैर मुस्कराहट फेल चुकी थी उसी का हर फेवरेट डिश वहां खाने में थी ..जिसे देखकर उसके मुँह पैर अनजाने में और ख़ुशी की लहर दौड़ चुकी थी …

उधर मनु के इस कांड की हवा नेहा और सोफ़िया के कानो तक भी आ चुकी थी ..जहाँ सोफ़िया चैन से सुनकर बैठी थी की किसी ने मला शम्स बेग़ के गैंग को चिर फाड़ डाला hai..or उस बन्दे को जरा सिब hi खरोच नहीं आयी है ..और जिसका हुल्य जब उनको पता चला तोह सोफ़िया और नेहा समझ चुकी थी की यह काम किसी और का नहीं मनु का hi होगा ..वर्ण इस शहर में और किसी में शम्स बेग़ से सामने से भिड़ने की हिम्मत नहीं ..पैर शम्स बेग़ भी सोफ़िया की आगे मर बॉस के नाम से झुका रहता था …और जब से बताने वाले ने मनु का हुल्य बताया था …सोफ़िया तोह अपने में मस्त थी ..पैर नेहा टेंशन में आ चुकी थी ..पता नहीं उसको कैसे मनु से लगाव सा हो चूका था ..कहाँ बेचारी सोफ़िया की तरह मर्दून से नफरत किया करती थी ..और कहाँ दो मुलाकातों में नेहा अपनी उस ज़िद्द को मनु के आगे हार चुकी थी .. उसका दिमाग हर बार मनु को याद करने पैर मजबूर था ..हाँ दिमाग सही समझा आपने क्युकी उसके दिमाग में मनूकी तस्वीर बस चुकी थी ..जो जब तब रहकर उसके सामने आ जाती थी ..उस पर उसकी लाइफ में पहली बार यह सन उसने देखा था ..की सोफ़िया जिसके आगे अक्सर मर्द हार मान जाया करते थे …या सोफ़िया उनको जान से मारने में चूका नहीं करती थी ..वहीँ मनु ने न सिर्फ सोफ़िया के सामने न हार मानी और न उसके आगे कोई रेहम पेश किया ..सोफ़िया के गैलन पैर पद रहे हर थपड की गूंज उसके दिल पैर चाप चुकी थी …क्युकी सोफ़िया को हु बहिन जैसे चाहती thi..or सोफ़िया हु इंसान थी जिसको देखकर उसने जीना सीखा था …वहीँ सामने से सोफ़िया को कड़ी टक्कर देने वाले मनु को नेहा बुला नहीं प् रही थी ..और उसका जिस्म उसके काबू में नहीं था …जिसे अचे से सोफ़िया नोटिस कर रही थी …

उसकी सुबह की कॉफ़ी में पहली बार नेहा शुगर की जगह साल्ट दाल कर ले आयी थी ..और रिपोर्ट की डेरी में जगह जगह आदि टेढ़ी लाइन खींची थी जो अधूरी तस्कर जैसी थी ..क्युकी नेहा बेचारी कोई पेंटर तोह थी नहीं सो उल्टा सिद्ध मनु की तस्वीर बना देती थी …जिसे देखकर सोफ़िया सोच रही थी ..की नेहा को आखिर हुआ क्या है ???.

नेहा यह सब सुनकर बेचैन हो गयी थी ..उसने सोफ़िया को देखा ..सोफ़िया हाथों में पट्टी लिए …ड्रिंक कर रही थी ..

नेहा “ दीदी ..”

सोफ़िया बिना देखे ..” हम्म !”

नेहा “ दीदी सुनो न ..” नेहा सोफ़िया के पास आकर उसके हाथ से ड्रिंक का गिलास ले लेती है और उसे खुद पिलाने लगती है ..

सोफ़िया “ हाँ बोल न क्या बात है ..कुछ चाहिए क्या तुझे ??”

नेहा सोचते हुए “ दीदी वह !! दीदी वह !”

सोफ़िया नेहा को देखती है ..नेहा को देखकर सोफ़िया “ क्या बात है बोल न ..अब ऐसा कोण सा पहाड़ टूट गया जो तुझे मुझसे कहने के लिए सोचना पद रहा है ?? बता भी क्या बात है ??”

नेहा “ दीदी हु न आपको पता है बेग़ कैसा आदमी है कहीं हु उनको कुछ कर न दे …मुझे उनकी चिंता हो रही है …आप उस बेग़ को टाइट कर दो न प्लीज दीदी मेरे लिए …”

सोफ़िया की यह सुनते hi हंसी निकल गयी ..जिसे सुनकर नेहा सोचने लगी ..

सोफ़िया ने उसके गाल खींचकर कहा “ तुम एक नंबर की दुफर hi हो …तुमको क्या लगता है …एक आदमी जिसने इतने लोगों को लुढ़का दिया क्या बेग़ सामने से उससे पन्गा लेगा ..और चलो मान भी लो उसने पन्गा लिया भी ऐसे में क्या हु ज़िंदा बचेगा ..no नेवर हु ऐसा मर्द है जो एक बार सामने से भीड़ जाये तोह सामने वाले इंसान के हरने तक हु उसे जाने नहीं देगा ..उसकी आँखों में जो चमक है हु किसी लावा से भी तेज़ है ..दुआ करो की बेग़ सामने से उस वोल्केनो से पन्गा न ले वर्ण खुद हु बचेगा नहीं …और हाँ बेग़ को कुछ भी कहने से इसका दो साइड इफ़ेक्ट होगा ..एक तोह हमने अगर बेग़ को कुछ भी कहा तोह उसका बाकी सब पैर नेगेटिव असर होगा जो बिज़नेस के लिए सही नहीं है ..और सेकंड अगर हमने बेग़ को कुछ भी ऐसे में कहा तोह उस हीरो के लिए और ज्यादा टेंशन बढ़ेगी ..क्युकी हमारे कहने से बेग़ रखेगा जरूर पैर उसके बाद बिज़नेस में बैकस्टेप्पिंग शुरू होगी जो मुझे कहीं से सही नहीं लग रही .और वैसे भी एक बात बातो तुमको उसकी इतनी चिंता क्यों हो रही है भला …??”

नेहा “ दीदी हु अचे इंसान हैं और मैंने अपनी ज़िन्दगी में ऐसा बहादुर और नेकदिल इंसान नहीं देखा है और क्युकी मेरी जान बचाई है उन्होंने सो मुझे लगा आपसे एक बार कहकर देखती हूँ किआ आप उनको इनसब से दूर कर सको शायद ..पैर आपका कहना भी सही है ..”

सोफ़िया “ हाँ तेरी एक बात तोह टोटली सही है … की हु सच में दिलेर और बहादुर है, पैर तेरे उस नेकदिल हीरो ने देखा न क्या हाल किया …मेरे गालों का …अभी भी जब तब दर्द हो रहा है गळून में ..और हाथों का हाल तेरे सामने है ..और तुझको अभी भी उसकी चिंता है ..अरे हु तेरा हीरो अगर सामने से रोड रोलर से भी भिड़ेगा तोह उसका भी हाल ख़राब होगा …उसका फाइटिंग स्टाइल सुच में बड़ा यूनिक है ..मैंने बहुत लोगों से फाइट की है ..पैर लाइफ में पहली बार किसी से हारी हूँ ..उसके हर वार का जवाब पहली बार मेरे पास नहीं था ..पहली बार लाइफ में सोफ़िया किसी आदमी से हारी है ..पैर इतस वर्थ आईटी ..कॉज थे पर्सन हु वोन इस मोरे कपबले थें में ..एंड ी can’t जस्ट फॉरगॉटन हिम”

दोनों मनु के बारे मैं सोच रहीं थी …पैर सोच में मनु था ..वजह अलग अलग थी ..कोई उसके जान बचने से उसके बारे में सोच रहा तहत ओह कोई उससे हारकर उसके बारे में सोचने पैर मजबूर था ..पैर सोफ़िया का यह भरोसा देखकर नेहा भी अब चिंता से बहार आ चुकी थी ..की मनु को बेग़ शायद hi सामने से कुछ कर पाए …

उधर बेग़ इन सब से अनजान किसी जगह पैर एक एज्ड औरत के सामने था …उसको अभी तक अपने गैंग के बारे में खबर मिली नहीं थी …

औरत बेग़ के सामने थी उसके कातिलाना बदन को देखकर बेग़ एक कामिनी मुस्कान फेंक देता है ..और उसे पास आने का इशारा करता है …

बेग़ “ जानेमन पास आओ न ..अब दोर्री सही नहीं जाती तुमसे ..”

औरत उसके पास आ चुकी थी …उसके कपड़ों के उप्पेर से hi बेग़ ने उसकी बड़ी और लटकी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया था ..उस औरत के मुँह से निकलने वाली सिसकी बता रही थी की उसे भी मज़ा आरहा है …

औरत “ अह्ह्ह्ह! बस भी कीजिये शोहर साब यह किसी रंडी का जिस्म नहीं है यह आपकी बेगम का जिस्म है थोड़ा तोह रेहम कीजिये न .” हाँ यह औरत बेग़ की बेगम थी ..

बेग़ “ जानेमन तुम्हारा यह मस्त कातिल बदन आज भी उठना hi हसीं है जितना पहली बार देखा था ..आज भी तुम्हारा यह जिस्म बेग़ को अपनी तरफ खिंच hi लेता है आओ न …बेगम तुम भी मज़े लो न ..”

बेगम “ छोड़िये भी बचे हो जाने के बाद कसाव कहाँ बचा है जिस्म में जो आप कह रहें हैं मुझे सब समझ आ रहा है वैसे जनाब आपका आज क्या प्लान है ???”

बेग़ “ प्लान तोह बस अपनी बेगम को जी भर के प्यार करने का है ?? बाकी अगर तुम चाहो तोह आज आगे के साथ पीछे का दरवाज़ा भी खोला जा सकता है ??”

बेगम “ नहीं जनाब आप आगे से hi कर लो ..पीछे से नहीं मुझे डर लगता है पीछे से सुना है बहुत दर्द होता है ..पैर आपको तोह अपनी hi पड़ी है यह भी नहीं सोचते की मुझ गरीब का क्या हाल होगा पीछे के चक्कर में ???”

बेग़ इस बात पैर उसकी चुकी और ज़ोर से मसलने लगता है …जिसके बाद उसकी लटकी चूचियों में तिघटपणा आने लगता है ..

और साथ में बेग़ का एक हाथ उसकिचुत को मसलने लगता है ..बेगम का हाल अब बुरा हो चला था ..बेगम की छूट चुदाई के नाम पैर फुल चुकी थी ..और उसकी छूट ने अब चुदाई के लिए साँस लेना शुरू कर दिया था ..मतलब खुलकर सिकुड़ने लगी थी बेगम की छूट …

बेग़ ने बेगम का हिज़ाब उतार फेंका था ..अब यह बताने की जरूरत नहीं की दोनों अपने बैडरूम में थे ..यह आप खुद समझ सकते है ..सो बेग़ ने बेगम के ब्रा की तरफ हाथ बढ़ा कर उसे उसके जिस्म से अलग कर दिया था ..अब बेगम भी चुदाई के लिए रेडी थी …बेग़ की आदत थी की बेगम को अचे से गरम करके उसकी जी खोलकर चुदाई करता था ..उसे छूट चाटने जैसे काम पसंद नहीं थे ..पैर बेगम ने भी उसके लिए कभी जोर नहीं दिया था क्युकी उसके लिए जब बेग़ गांड मरने के लिए मान सकता तहत ओह बेगम भी छूट चटवाने के लिए मान जाती थी ..

बेग़ ने उसके बाद फुर्ती से अपने जिस्म से अपने कपडे उतार दिए जो बीएड के साइड में पड़े थे ..बेग़ उसके बाद बेगम की छूट को मसलकर उसे और गरम करने लगा ..उसका लोढ़ा भी खड़ा हो चूका था ..और बेगम की छूट भी भट्टी की तरह झुलसने लगी थी ..

बेग़ ने उसके बाद आगे बढ़कर बेगम के जिस्म से बाकी के कपडे जिस्म पंतय भी शामिल थी उसे उतार दिया और अपना लोढ़ा उसकी भेटि छूट पैर कई बार उप्पेर निचे रगड़ा जिससे हु चिकनहाट से लबालब भर चूका था …लोढ़ा छूट पैर सत्ता कर उसने जैसे hi झटका मार्कर अंदर डालना चाहा …ठीक उसी टाइम उसके दूर पैर किसी ने दस्तक दी …

बेग़ और बेगम दोनों ऐसे टाइम में जहाँ चुदाई जस्ट होने hi वाली थी वहां दोनों गुस्से से भर गए ..

पैर दरवाज़ा बर्बर बजता रहा …बेग़ और बेगम मैं में गालियां देने लगे उस दरवाज़े पीटने वाले को ..

बेग़ गुस्से से बेगम से “ बेगम कोण मादरचोद है जिसको अभी मौत आयी है ..साले ने ाचा खासा मूड बिगड़ दिया ..बस लोढ़ा छूट में जाने hi वाला था पता नहीं कोण माँ छुड़वाने आ गया ..कोई नहीं तुम अपने कपडे पहन लो मैं देखता हूँ कोण है ..”

बेगम भी झुंझलाते हुए जैसे तैसे उठी उसकी छूट पानी से लबालब भरी हुई थी चुदाई की जरूरत उसे बहुत थी ..पैर उसने बडबडते हुए कपडे पहन लिए बेग़ भी कपडे पहन चूका था उसने जब दरवाज़ा खोला तोह सामने उसका सबसे ख़ास बाँदा खड़ा था जिसे देखकर बेग़ अपना गुस्सा पि चूका था …

उस खास बन्दे को देखकर बेग़ समझ चूका था बात बहुत सीरियस है ..सो उसने उससे आने की वजह पूछी ..सबसे पहले उसने बिना बताये आने के लिए बेग़ से माफ़ी मांगी और उसके बाद उसने बेग़ को गैंग का हाल बता दिया …जिसे सुनकर बेग़ गुस्से से भर चूका था ..

बेग़ गुस्से से “ किसकी मौत आयी है जिसने शम्स बेग़ को ललकारा है पता लगाओ उसका ..”

हु बाँदा “ भाई यह काम पुलिस का एनकाउंटर है ..कह रहे है पुलिस ने थोक डाला उनको ..”

बेग़ “ नहीं बे ..पुलिस में इतना गुर्दा या कलेजा नहीं है ..और गैंग आज से नहीं है पुलिस अगर कुछ कर पाती तोह आज से पहले hi मैं जेल में होता यह काम किसी और का है ..पता लगाओ किसी मौत उसे बेग़ के सामने ले आयी है??”

बाँदा बेग़ को गुस्से में देखकर वहां से सर हिलाकर निकल चूका था …

उधर मनु उन दोनों आदमियों के सामने था ..जिनकी फॅमिली को उसने बचाया था ..जो बेग़ और मन ऊके कांड के बाद बिना कहे बेग़ पैर मनु के लिए नज़र रखे हुए थे …और उन्होंने hi मनु को कॉल करके वहां बुलाया था ..और जो कुछ उन्होंने मनु को कहा उसे सुनकर मनु थोड़ा संजीदा हो चूका था …हु कुछ कहता उससे पहले hi उसके मोबाइल पैर एक कॉल आने लगी जिसमे एक नाम कॉलर ईद शो कर रहा था …नाम था “विरंदा “

मनु सोचने लगा की वृंदा ने इस टाइम उसको कॉल क्यों किया ???और शम्स बेग़ के बारे में उनलोगों ने मनु को ऐसा क्या कहा ..की मनु को वहां उनके पास आकर सोचना पड़ा ..और विरंदा का यूँ अचानक कॉल उसने तोह 48 हरष का टाइम लिया था ..फिर अचानक से उसे कॉल करना ..ऐसे बहुत से सवाल थे मनु के दिमाग में इस टाइम ???? वह शम्स बेग़ के साथ या बेग़ मनु के साथ क्या करेगा ..और शम्स बेग़ क्या मनु का पता लगा पायेगा ???और अगर मनु का पता चला तोह उस ैप और राकेश इंस्पेक्टर का आगे कोई हेल्प मनु को मिलेगा या नहीं ??और क्या सोफ़िया और नेहा उसके हेल्प के लिए कुछ करेंगी या नहीं ऐसे कई सवाल इस टाइम खड़े हैं ??जिनका जवाब आने वाले वक़्त और किस्मत के hi हाथ है ….
:हिंट:
 




अपडेट 87


रिकैप........

मनु सोचने लगा की वृंदा ने इस टाइम उसको कॉल क्यों किया ???और शम्स बेग़ के बारे में उनलोगों ने मनु को ऐसा क्या कहा ..की मनु को वहां उनके पास आकर सोचना पड़ा ..और विरंदा का यूँ अचानक कॉल उसने तोह 48 हरष का टाइम लिया था ..फिर अचानक से उसे कॉल करना ..ऐसे बहुत से सवाल थे मनु के दिमाग में इस टाइम ???? वह शम्स बेग़ के साथ या बेग़ मनु के साथ क्या करेगा ..और शम्स बेग़ क्या मनु का पता लगा पायेगा ???और अगर मनु का पता चला तोह उस ैप और राकेश इंस्पेक्टर का आगे कोई हेल्प मनु को मिलेगा या नहीं ??और क्या सोफ़िया और नेहा उसके हेल्प के लिए कुछ करेंगी या नहीं ऐसे कई सवाल इस टाइम खड़े हैं ??जिनका जवाब आने वाले वक़्त और किस्मत के hi हाथ है ….

अब आगे........

मनु ने विरंदा के कॉल करने के बाद उसके यहाँ जाने का फैसला किया …और वहां से निकल गया उन लोगों से यह कहकर की हु हाल फिलहाल शम्स बेग़ का कुछ पता कर पाए तोह ज्यादा बेहतर होगा …उन्होंने भी इस बात पैर हाँ कहा …और मनु वहां से निकल कर वृंदा के घर के बहार आ चूका था …

वहां आकर उसने विरंदा को कॉल किया तोह उसने मनु को अंदर आने को कहा …सिक्योरिटी वाले ने इस बार ज्यादा पूछ ताछ नहीं की क्युकी अंदर से मनु के बारे में पहले hi बहार बता दिया गया था …मनु ने सिर्फ अपना नाम बताया और चेकिंग के बाद उसे अंदर भेज दिया गया …शाम ढलने hi वाली थी …

मनु का स्वागत किया विरंदा ने और उससे कहा “ सॉरी हु तुमको ऐसे बुलाना पड़ा पैर दादू ने मुझे कहा था की तुमको आज बुलाऊँ सो ऐसे बुलाना पड़ा …”

मनु “ कोई बात नहीं पैर पार्टी में hi तोह मिला था उनसे पैर अचानक से ऐसा क्या हुआ की उनको मुझे बुलाने की जरूरत पड़ी …???”

विरंदा कुछ कहती पीछे से सूर्यकांत वहां आ चुके थे कहते हुए की “ बीटा हु क्या है न इस बुड्ढे का मैं किया तुमसे मिलने का सो बुला लिया और पार्टी में उस दिन तुमको जल्दी जाना पड़ा सो इस वजह से टाइम भी नहीं दे paya…aao आओ न यहाँ तुम्हारा स्वागत है “

मनु ने आगे बढ़कर सूर्यकांत अग्गरवाल जी के पेअर छुए …और सूर्यकांत जी ने भी बड़े प्यार से उसके सर पैर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद दिया …और साथ में ले गए …विरंदा उनके लिए स्नैक्स के लिए बोलने चली गयी …

और दोनों स्टडी रूम में बैठे बात करने लगे …विरंदा भी उनके साथ आकर बेथ गयी …जहां सूर्यकांत जी मनु को अपने बारे में बताने लगे …मनु और विरंदा hi जानते थे की अभी के हालत में मनु किन मुसीबतों से झूझ रहा है …पैर उनसे अपने चेहरे पैर कोई टेंशन आने नहीं दी …बड़े जिन्दा दिली से हु दादू की बातों को सुनकर जवाब देता रहा …और विरंदा भी उसे देखकर समझ रही थी की मनु कैसे कुछ hi टाइम में उसके अपने दादू का लवली पोता बन चूका था ..सूर्यकांत जी की बातें ख़तम होने का नाम hi नहीं ले रही थी …पैर उनके बेटे यानी सूरज के आने के बाद उससे बिज़नेस के बारे में बात करने के लिए जाना पड़ा …सो अब वहां सिर्फ विरंदा और मनु hi बचे थे ..

विरंदा “ थैंक्स मनु दादू को कंपनी देने के लिए हम तोह दादू को कंपनी दे नहीं पाते ज्यादा ..पैर तुम्हारे साथ में दादू आजकल बहुत खुश रहने लगे हैं …थैंक फॉर बीइंग सो नीस ऑफ़ हिम ..”

मनु “ don’t गेट बे सो फॉर्मल दोस्ती में यह सब फॉर्मेलिटी ठीक नहीं है …उल्टा थैंक्स तो मुझे कहना चाहिए क्युकी अगर वहां तुमने हेल्प न बेहजी होती तोह पता नहीं …क्या होता ?? पैर दादू के लिए थैंक्स कभी मत कहना उनको सिर्फ थोड़ा टाइम चाहिए और कोई उनकी बात सुननेवाला ..और उनकी बात सुनने से उल्टा मेरा hi फ़ायदा होता है ..सो उसके लिए मुझे थैंक्स कहना चाहिए तुमको ..”

विरंदा “ दादू की बात से फ़ायदा कैसा फ़ायदा ??”

मनु मुस्कुराते हुए ..” लोग अक्सर बुजुर्गों को इग्नोर कर दिया करते हैं ..यह सोचकर की फालतू का टाइम बेकार होगा ..पैर ऐसा असल में सही नहीं है …हमारे हर बुजुर्ग जिसने अपने बचपन से बुढ़ापे तक का सफर किया है ..जिनका गायन और एक्सपीरियंस हर लिहाज़ में हमसे ज्यादा है ..उनकी हर बात बेवजह नहीं हुआ करती …और बुढ़ापे में उनको सिर्फ अपने बचूं से चाहिए तोह थोड़ा केयर और थोड़ा टाइम …करतोह उनको जैसे भी मिल hi जाती है पैर टाइम आजकल की बैग दौड़ की ज़िन्दगी में बड़ी बात है ..सो टाइम hi देने उनके लिए बहुत है ..और बदले में उनकी बातों और उनके एक्सपीरियंस से आपको हर बार नया रास्ता मिल जाया करता है मुस्किलो से लड़ने के लिए ..तुम सुच में लकी हो जिनके सर पैर दादा हैं ..वर्ण हम जैसे लोगों से पूछों जिनके पास बचपन से बुजुर्ग hi नहीं हैं ..पैर किस्मत ने मुझे एक नहीं do-do दादू दिए हैं ..सो ी म आल्सो लिटिल बिट ऑफ़ लकी …”

विरंदा “ हाँ तुम सही कह रहे हो ..बाघ दौड़ की ज़िन्दगी में हम दादू कोजादा टाइम नहीं दे पाते …पैर सुच में तुम में कुछ बात तोह है …जो हर कोई तुम्हारी तरफ खिंचा चला आता है …और थैंक्स की जरूरत नहीं ..अब दोस्ती की है तोह दोस्त का धयान तोह रखना hi होगा न वैसे ड्राइवर की जगह अगर तुम कॉल करते तोह मुझे ज्यादा ाचा लगता ..पैर कोई बात नहीं आगे से ऐसा कुछ भी हो तोह सोचने से ाचा मुझे याद कर लेना …”

मनु ने हाँ में सर हिलाया .. उधर सूर्यकान्त और सूरज अपनी बातों में लगे हुए थे ..

सूर्यकांत ने अचानक से सूरज से कहा “ सूरज बीटा एक बात कहना चाहता हूँ …अगर बुरा न मनो तोह ..”

सूरज “ पापा कैसी बात करते हैं ?? आपकी किसी बात का बुरा क्या मैं मान सकता हूँ ?? कहिये जो कहना है ..”

सूर्यकांत “ बीटा सुनकर तुमको शायद कुछ अटपटा लगे पैर …सोच समझ कर जवाब देना ..”

सूरज “ पापा कहिये भी क्या बात है …और मेरा रिएक्शन तोह बात पैर निर्भर करता है ..”

सूर्यकांत “ बीटा यह जो लड़का है ..मानव कैसा लगता है तुमको ???”

सूरज “ पापा लग्न कैसा है …बहुत hi ाचा लड़का है ..आजकल के लड़को से अलग काम और संस्कारों में परफेक्ट है ..उसपर उसका कलम नेचर सोने पैर सुहागा है ..पैर आप मुझसे यह सब क्यों पूछ रहे हैं??”

सूर्यकांत “ थैंक्स बीटा ..ाचा लगा जानकार की तुमको भी मानव पसंद है …”

सूरज “ पापा पैर अचानक से आपको उसके बारे में क्या सूझी ???”

सूर्यकांत “ बीटा ..एक बार सोचकर देखना अगर यह लड़का हमारी विरंदा के साथ तुम समझ रहे हो न ..मुझे तोह जोड़ी पसंद है ..”सूर्यकांत ने सूरज को हिंट देते हुए कहा ..

सूरज सोचते हुए ..” पापा आपने कहा तोह सही ..पैर आपने एक बात शायद नोटिस नहीं की ???”

सूर्यकांत “ हु क्या बीटा ??”

सूरज “ यही की विरंदा के आगे और उस लड़के के आगे में कितना डिफेंस है ..हमारी विरंदा उससे कई साल बड़ी है …ऐसे में क्या यह सब सोचना भी सही है ??”

सूर्यकांत “ बीटा यह बात मैंने सोच समझ कर hi कही है ..तुमने शायद नोटिस नहीं किया ??”

सूरज “ क्या नोटिस नहीं किया ??”

सूर्यकांत “ यही की विरंदा और उसकी केमिस्ट्री गज़ब की है …और दोनों में एक गज़ब का तामील है ..आगे तोह बीटा बस एक नंबर है …अगर साथी के साथ आपकी अंडरस्टैंडिंग सही hi तोह आगे से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है …और लड़का मुझे सुच में बहुत पसंद है ..सबसे बड़ी बात उसकी जड़ें ज़मीन से जुडी हैं ..जो आजभी अपनी पहचान छिपाने में लगे रहते हैं ..पैर यह लड़का सिंपल बात करता है …सबसे बड़ी बात उसे सामने वाले लोगों की परवाह है ..और विरंदा उसके साथ हमेशा खुश रहेगी …कमसे काम यह मेरा मन्ना है …बाकी तुम एक बार सोच लो ..और अगर ठीक समझो तोह विरंदा से बात केर लेना क्युकी आखिर में निबाहना तोह उसे hi है …और हु उसे किसतरह देखती है जरूरी यह है …वैसे मुझे लगता तोह यही है की विरंदा जो सामने से अक्सर मर्दों से बचा करती है ..वह उसके साथ ज्यादा खुश रहेगी ..बाकी तुम सोच लो ..”सूर्यकांत ने साफ़ साफ़ कह दिया था सूरज से की उसके दिल में क्या है …

सूरज यह सब सुनकर सोच में पद चूका था ..क्युकी यह भी सही था की विरंदा की आगे शादी की हो चुकी थी ..जहाँ मोस्टली लडकियां शादी या बॉयफ्रेंड के साथ बिजी हुआ करती थी ..वहीँ विरंदा को आजतक किसी लड़के के साथ न देखा न सुना गया था …पैर आजकल उसे मनु के साथ ैसिलय हँसते देखा जा सकता था ..जिसे देखकर सूर्यकांत ने सूरज से यह सब कहा था ..

सूरज मैं में “ पापा कह तोह सही रहे हैं लड़का है तोह बहुत ाचा ..ऐसा लड़का सामने से ढूंढने से भी शायद न मिले जिसमे कोई बुरी आदत न हो ..पैर क्या इतना hi काफी है ??? हो सकता हो की यह लड़का शायद अपना असली रूप यहाँ छिपा रहा हो ?? आखिर यह सब पैसा हमारे सामने या हमारे बाद विरंदा और उसके होनेवाली नयी फॅमिली का hi होगा ??? तोह क्या यह नहीं हो सकता हो की यह लड़का हमारे सामने संस्कारी होने का नाटक करता हो ?? या फिर यह सब उसका कोई प्लान हो जो सिर्फ ज़मीन और इस प्रॉपर्टी के लिए hi क्या गया हो ??? ऐसे hi बिना उसके बारे में जाने मैं अपनी बची का रिश्ता उससे नहीं कर सकता ..पैर पापा ने भी कुछ सोचकर hi कहा होगा ..उनकी पारखी आँखों से शायद hi कोई अपनेआप को छिपा पाए पैर यह भी तोह हो सकता है ..की यह लड़का जरूरत से भी ज्यादा चालक हो ???और पापा बुढ़ापे में धोखा खा गए हों ??? कोण जानता है किसके दिल में क्या छिपा है …वैसे भी विरंदा उससे बड़ी है ..पैर इतने बड़े और रिच फॅमिली में आगे कोण देखता है ??? अगर आज भी वृंदा अगर शादी के लिए हाँ करे तोह …लड़कों की लाइन लग जाएगी …पैर ऐसे में पापा का उस लड़के पैर ज़ोर देना क्या सही है ???मुझे कुछ भी फैसला लेने से पहले उस लड़के के बारे में पता लगाना पड़ेगा …???” सूरज का दिमाग एक बाप की तरह सोच रहा था …उसकी सोच में बिना मनु के बारे में जाने कुछ भी फैसला लेना सही नहीं था …

उधर विरंदा और मनु अब थोड़े सीरियस मटर पैर आ चुके थे ..

वृंदा “ तोह मनु जैसे की मैंने तुमसे 48हरष का टाइम माँगा था ..पैर मैंने उससे पहले hi पता लगा लिया hai..toh सुनो अपनी नीता माँ के भाई के बारे में ..” जिसके बाद वृंदा ने मनु को उनके बारे में सब बता दिया …जिसे सुनकर मनु सोचने पैर मज़बूर हो चूका था …मनु ने उसकी हर एक बात को और हर पॉइंट को बड़े hi ध्यान से सुना ..मनु ख़ामोशी से सुन रहा था ..वृंदा सब कुछ बात चुकी थी …

मनु चुप था …उसे अब भी सकहना पद रहा था की क्या को सागा भाई ऐसा भी हो सकता है ??? पैर फिर उसके दिमाग में अपने सेज चाचा का ध्यान आया जय चाँद का ध्यान आते hi ..उसका दिमाग नार्मल हो चूका था ..

विरंदा मनु को चुप देखकर “ क्या हुआ क्या सोच रहे हो ??”

मनु “ कुछ नहीं वैसे आज तुम सुच में बहुत ज्यादा हसीं लग रही हो ??? “

वृंदा “ तारीफ़ के लिए थैंक्स ..पैर तुमको क्या लगता है ?? उनका भाई मेरा मतलब है उनको तुम कुछ कहने वाले भी हो या नहीं ???”

मनु हँसते हुए “ उनको मारो गोली …आज तुम कसम से बहुत ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही हो …ी सी ु जस्ट लिखे ान एंजेल ..और आज मेरी नज़रें तुमसे हट hi नहीं रही ..क्या बात है कोई स्पेशल मेकअप किया है क्या ???”

तारीफ सुनकर विरंदा भी खुश हो चुकी थी …तारीफ सुन्ना लड़कियों को बहुत पसंद होता है ..और इंसान चाहे न चाहे उसे इग्नोर कर नहीं पता ..ऐसे hi विरंदा भी मनु की तारीफ से ख़ुशी से झूम उठी थी ..

विरंदा मुस्कुराते हुए शर्माकर” कोई स्पेशल नहीं है ..उल्टा मैं तोह make-up के नाम पैर गेनेराल्ल्य हल्का toch-up hi करती हूँ ..और घर पैर तोह हु भी नहीं …पैर तुमको अचानक से हुआ क्या …इससे पहले तोह तुमने कभी मुझे नोटिस भी नहीं किया ???”

मनु हलके से विरंदा के हाथ को थाम कर “ क्युकी आज तुमको इतने करीब से देखा तोह समझ में आया की तुम को नोटिस न करके मैंने सुच में बहुत बड़ा पाप किया है …जिसके लिए शायद कुदरत भी मुझे मुआफ न करे ..पैर देर आये दुरुस्त आये ..तुमको देखना hi अपने आप में चाँद का दीदार करने जैसा hai..main सुच में खुश किस्मत हूँ की तुमको इतने करीब से देख सकता हूँ …अगर इस चाँद की परमिशन है तोह मैं इस चाँद के हाथों को चुम सकता हूँ..??”

विरंदा मनु की हर बात पैर शर्म से पानी पानी हो चुकी थी ..उसके सामने से ऐसी तारीफ इतने कॉन्फिडेंस के साथ किसी ने भी नहीं की थी …मनु की हर बात उसे अपने लड़की होने के एहसास को याद दिला रही थी ..जो शायद काम के नाम पैर उसने भुला दिया था …

मनु के परमिशन मांगने से विरंदा ने कुछ देर सोचा और हलके से सर हिला दिया ..मनु ने हलके से विरंदा का उस हाथ को जिसको उसने अपने हाथ में लिया था ..उसे अपने होठों के पास लाकर ..उसने हलके से विरंदा की तरफ देखा तोह पाया विरंदा की आँखों में ज़माने भर की शर्मा हाय समिट आयी थी …मनु ने एक बार फिर से इशारे से चूमने के लिए पूछा तोह विरंदा ने भी पलके झुका कर इज़्ज़ज़त दे दी …मनु ने हलके से उसके नरम हाथों पैर अपने होंठ रख दिए …मनु के गरम होठों के छूटे hi …विरंदा अंदर से कांप चुकी थी …मनु की गरम सांसे उसके हाथों को छूटे हुए ..सीधा उसके जवान जिस्म को गरम करने में जुट चुकी थी …उसका जिस्म अपने नेचुरल वे में यह सब महसूस कर रहा था ..उसे यूँ मनु का अपने हाथों को चूमना बहुत hi ाचा एहसास महसूस हो रहा था …उसपर मनु का परमिशन मांगना उसे और स्पेशल फील करवा रहा था …की यह सब उसकी मर्ज़ी और रेस्पेक्ट को धयान में रखकर मनु कर रहा है ..वृंदा की मुस्कराहट देखकर कोई भी बता सकता था विरंदा कितनी खुश है …उसके गोर गाल लाल हो चुके थे शर्म से …उसके शर्मणे पे मनु ने उसके हाथ को प्यार से चूमा और चुकार उसके हाथ और फिर से अपने हाथ में थम लिया ..

विरंदा के जिस्म में अलग अलग तरह के ख्याल उठने लगे थे …वहीँ मनु को उसके हाथ थामे कोई वहां देख रहा था …जो बहुत अचे से विरंदा के चेहरे की शर्म और उसके हर एक्सप्रेशन को नोटिस कर रहा था …और इस तरह विरंदा का हाथ थामे देखकर उसका दिमाग सोच रहा था …की उसके पीछे से किसी ने आकर उसके कंधे पैर हाथ रखा …यह और कोई नहीं सूर्यकांत थे और हु देखने वाला सूरज था …

सूर्यकांत “ देख रहे हो न बीटा अपनी बेटी को कैसे शर्मा रही है ??? ऐसे कभी उसको देखा है ??? सोच लो लड़का ाचा है ..और हाँ एक बात और तुम यह मत सोचना की यह लड़का कोई पैसे के चक्कर में विरंदा को खुश रख रहा है या उसे पैसे की चाहत है …उसके काम को मैंने अचे से नोटिस किया है …हु आज नहीं तोह कल शायद हमसे भी ाचा एम्पायर बना ले और तब तुमको शायद मेरे इस फैसले पैर दोबारा सोचना पड़े तोह एक बार सोचना की अगर यह लड़का अभी हमारे साथ हमारा हिस्सा बन गया तोह आगे शायद और कोई उसे बुक नहीं करेगा और यह बिज़नेस का भी उसूल है सही टाइम पैर सही डिसिशन लेना …अभी वक़्त और किस्मत की दमाद है सोचना जरूर वर्ण सोचने के लिए टाइम शायद बचे न ..”

सूरज सामने वृंदा को खुश देखकर और अपने बाप की बात सुनकर समझ चूका था …की पैसे की चाहत रखकर मनु विरंदा को फंसा नहीं रहा है …पैर हर बाप के जैसे उसका दिमाग मने को त्यार नहीं था …पैर अपनी बेटी को खुश देखकर हु कहीं न कहीं खुश भी था …सो दोनों बाप बेटे वहां से बिना आवाज़ के चले गए …

अंदर मनु और विरंदा चुप चाप थे …विरंदा पहली बार मनु से शर्मा रही थी …उसको मनु का यूँ चूमना बहुत ाचा लगा था …विरंदा सोच में गम थी मनु के उस किश को अभी तक महसूस कर रही थी …

विरंदा को चुप देखकर मनु ने कहा “ क्या बात है नाराज़ हो क्या …देखो नाराज़ मत होना वर्ण मुझे मज़बूरन एक बार फिर चूमना पड़ेगा ..”

उसकी इस बात पैर न चाहते हुए भी वृंदा को एक बार फिर से चूमने का एहसास लेने का मैं हुआ …और विरंदा ने जान बूझकर मनु को बिना देखे कहा “ हाँ नाराज़ हूँ ऐसे कोई करता है भला..”

मनु ने एक बार फिर उसके हाथ को थमा और उसको देखते हुए किश करना चाहा …वृंदा मनु को देखते हुए महसूस कर रही थी …उसकी आखों में दुनिआ भर की शर्म सिमट चुकी थी …जिसे मनु महसूस कर सकता था …वृंदा अगर चाहती तोह वहां मन ऊके हाथों से हाथ हटा सकती थी या चूमने से रोक सकती थी ..पैर उसने ऐसा कुछ नहीं किया …मनु ने जब वृंदा को खुद को न रोकते देखा तोह एक बार फिर उसके हाथों को चुम लिया …वृंदा उस किश को एक बार फिर से महसूस करने लगी …मनु किश करके वापस हाथ को निचे रख देता है ..

वृंदा आँखें बंद किये उस किश को महसूस कर रही थी …कितना ाचा एहसास था वृंदा के लिए यह शायद उसको अभी तक अंदर से हिला रहा था …मनु उसे बड़े धयान से नोटिस कर रहा था …

वृंदा ने आँखें खोली तोह उसकी आँखों में लाली च चुकी थी …मनु ने वृंदा को देखा और कहा “ ाचा अगर आज इस चाँद से एक बात कहूं तोह चाँद क्या मेरी ितुं सी गुज़ारिश मानेगा ??”

वृंदा ने मनु को देखा और कहा “ बस भी करो इतनी सुन्दर भी नहीं हूँ क्यों मज़ाक कर रहे हो ???”

मनु “ चाँद को क्या पता की चाँद खुद में कितना हसीं है …ठीक वैसे hi तुमको क्या पता की यह चाँद खुद में कितना हसीं है …अगर यह चाँद इस नाचीज़ की फार्मिश मने तोह आज यह चाँद इस गरीब के साथ डेट पैर चल सकता है ???”

वृंदा अंदर से डेट का नाम सुनकर खुश हो चुकी थी ..पैर उप्पेर से बनते हुए कहा “ और मज़े उदा लो मेरे …डेट पैर चलना है तुमको ???और अगर मैं न कर दूँ तोह ???काम से काम आगे तोह देख लो मेरी मैं आगे में तुमसे बहुत बड़ी हूँ ??”

मनु मुस्कुराते हुए “ मज़े नहीं ले रहा हूँ …ी म दम्म सीरियस अगर तुम मन करना चाहो तोह तुम कर सकती हो …इतस ुर चॉइस एंड ी टोटली रेस्पेक्ट तहत ..पैर रही बात आगे की तोह !!! इतना कहना चाहूंगा ज़रूर की चाँद की उम्र कोण पूछता है भला …वैसे इस उस चाँद की न सही इस चाँद की आगे भी मेरी लिए कोई मायने नहीं रखती है ..सो बे कूल डिअर ..”

वृंदा खुश होते हुए “ अगर मैं फिर भी मन कर दूँ तोह क्या करोगे ??”

मनु साद सा फेस बनाकर “ मैं जनता हूँ की इस चाँद को पूरा हक़ है …मन करने का और अगर ऐसा हुआ तोह ..यह गरीब इंसान कर hi क्या सकता है …किसी और के साथ मजबूरन जाना पड़ेगा …बस “

वृंदा मनु को हलके से मरते हुए “ मतलब मैं अगर मन करुँगी तोह मुझे और कन्विंस करने के बजैये तुम किसी और के साथ डेट पैर चले जाओगे ??? हाउ मैं ु अरे ??”

मनु मुस्कुराकर “ और यह गरीब कर भी क्या सकता है ..अब चाँद की मर्ज़ी तोह माननी hi पड़ेगी न ..अब चाँद चाहे तोह मन कर सकता है ..और चाहे तोह हाँ कर सकता है ..हम तोह दोनों मैं hi चाँद की रेस्पेक्ट करते हैं …इससे ज्यादा और हम कर भी क्या सकते हैं ..??”

वृंदा “ मतलब तुम मुझे और मनाओगे नहीं …और किसी के साथ चले जाओगे ???”

मनु “ ी वांट तो जो ओनली विथ ु ..बूत ी आल्सो वांटेड तो ऑनेस्ट बे विथ ु …क्युकी आज मेरा बड़ा मैं है तुम्हारे साथ बहार जाने का ..पैर तुम अगर डेट पैर जाना नहीं चाहती तोह ऐसे hi चल लो ..हम बहार किसी और को डेट के लिए मन लेंगे .अब इतना तोह चाँद को भी इस गरीब की ीचा को देखना होगा वर्ण चाँद को कैसे पता चलेगा की हु क्या मिस कर रहा है ??”

वृंदा मनु को देखकर मैं में सोचती है “ यह तोह कन्फर्म है अगर यह बहार मेरे साथ गया और इसने बहार किसी और लड़की को एप्रोच किया तोह शायद hi कोई लड़की इसको मन्ना करेगी ..लड़की तोह लड़की कोई अन्त्य भी इसको मन नहीं करने वाली ..तोह बहार इसको चांस देने से ाचा है ..खुद hi मान जॉन ..वर्ण वहां भी मुझे hi अकेला रेहान पड़ेगा और यह तोह वहां भी मस्ती करेगा ..ईगो अपनी जगह और समझदारी अपनी जगह ..”

मनु वृंदा को सोचते हुए देखता है ..तोह कहता है “ कोई जबरदस्ती नहीं है अगर मैं नहीं है तोह इतस ुर कॉल ..ी म okay विथ आईटी ..”

वृंदा “ नहीं ऐसा कुछ नहीं है ..ी म रेडी तो डेट विथ ु …”

मनु ख़ुशी से उसके हाथ को लेकर चूमकर “ आज इस चाँद ने दिन बना दिया ..वर्ण खामखां किसी और का टाइम बिगड़ जाता ..हीहीहीह!”

वृंदा “ तोह चलने डिअर ???”

मनु “ यस डार्लिंग वे नीड तो जो “

वृंदा “ यह क्या मैंने डिअर कहा और तुम मुझे डार्लिंग कह रहे हो ???”

मनु “ अब डेट पैर डिअर कहना है ..तोह तुम कह सकती हो ..पैर हमको तोह चाँद को डार्लिंग hi कहना है …सो आदत दाल लो डार्लिंग “

वृंदा मनु की बात सुनकर मुस्कुरा उठी …और मनु ने उसे रेडी होने को कहा ..तोह हु वहां से रेडी होने चली गयी …

मनु मैं में “ वृंदा ने जैसे बताया है उस हिसाब से अब टाइम आ चूका है नीता माँ के भाई को सही से बताने का की उसने आखिर पन्गा किस्से लिया है ..उसको लगता है हु कुछ भी कर्ज और नीता माँ के साइड से कोई नहीं बोलेगा तोह यह उसकी सबसे बड़ी भूल है …आज के बाद नीता माँ के भाई और उसकी फॅमिली का ाचा टाइम शुरू हो चूका है …लोगों की लाइफ में टाइम ख़राब आता है ..पैर आजके बाद उसकी लाइफ में सपने भी अचे नहीं आने वाले ..क्युकी हर किसी को माफ़ करते रहना मुझे मंज़ूर नहीं ..सो रेडी हो जाओ मां …दुनिआ ने मां को तोह बहुत बुरा करते देखा होगा ..पैर आज से नया इतिहास लिखने वाला है ..सो बे रेडी मां ..ी म किंग ईंटो ुर लाइफ ..!”

उधर वृंदा अंदर रेडी होते हुए सोच रही थी …” मनु को अचानक से हुआ क्या …उसने अचानक से डेट पैर चलने को क्यों कहा मुझे ??? और अचानक से डेट का यह प्लान कुछ समझ नहीं आ रहा …पैर एक बात भी सुच है ..मेरी लाइफ में पहली बार किसी ने मुझे डेट के लिए मन लिया है ..वर्ण इतना ने कोशिश की पैर मैंने hi उनको मन कर दिया ..और यह भी सुच है मनु ने ईमानदारी से यह भी बता दिया की अगर मैंने मन किया तोह हु किसी और के साथ डाटेपेर चला जायेगा ..उफ्फ्फ! मैं भी क्या सोच रही हूँ ..???”

वृंदा खुद के ख्यालों को जातक देती hai…or एक ची ड्रेस पहन कर खुद को शीशे में देखती hai..or खुद के जिस्म को देखकर खुद पैर फक्र महसूस करती है ..उसे आज बहुत दिनों बाद एहसास हुआ था की हु भी एक लड़की है ..वर्ण हु तोह काम काज में भूल hi चुकी थी की हु एक लड़की भी है …उसका जिस्म उस रेड गाउन टाइप की ड्रेस में क़यामत ध रहा था ..ड्रेस स्लीवलेस और ज़मीं तक जाने वाली थी जिसके एक साइड में कट लगा हुआ था ..जो वृंदा के घुटनो के पास तक जाता था …जिसमे उसका कैसा हुआ एथलेटिक जिस्म गज़ब के उभर दिखा रहा था …उसके चूचियों की क्लीवेज देखकर किसी का भी दिल मचल जाये यह हाल था ..और उसकी काळा जैसे लम्बी और चिकनी गोरी टंगे जब हलके उस उसने ड्रेस को उठा कर देखा तोह खुद वृंदा को खुद पैर रसख हुआ …उसने आज मनु पैर जी भर कर बिजलियाँ गिराने की थान ली थी …

वृंदा रेडी होकर खुद को ऐसे देखकर खुद से शर्माने लगी थी …ऐसे hi हु मनु के सामने हलके make-up के साथ women’s स्पेशल अद्दितीओं परफ्यूम की बड़ी प्यारी मदहोश करने वाली महक के साथ मनु के सामने जब आयी तोह मनु उसे देखकर हैरान सा था …

वृंदा मनु की आँखों में खुद को ऐसे देखकर ख़ुशी से झूम उठी थी ..पैर तारीफ सुनने की चाहत में उसने मनु से कहा “ क्या हुआ अछि नहीं लग रही न ..मुझे पता था ..मैं ज्यादा सुन्दर नहीं हूँ तोह रहने देते हैं..”

मनु आगे बढ़कर उसके कमर में हाथ डालकर उसके बैलून की एक लत को जो उसके माथे पैर आ रही थी उसे हटते हुए बोलै “ चाँद ने आज क़त्ल करने की थान hi ली है ..और हमसे पूछा जा रहा है की सुन्दर कोण है ??? तुमको सुन्दर कहना मतलब सुंदरता का मज़ाक उड़ाना होगा …तुम तोह किसी पारी से काम नहीं लग रही हो ..कसम से आज अगर डेट का नहीं पूछता तोह मुझे भी नहीं पता चलता की मैं क्या मिस कर रहा हूँ सुच में ..एंड ओने मोरे थिंग “

वृंदा हैरत से देखते हुए “ हु क्या ??”

मनु उसके कान के पास जाकर हलके से सांस छोड़ता है जो वृंदा के स्लीवलेस ड्रेस होने की वजह से डायरेक्ट उसके नंगे कंधे पैर पड़ती है ..जिससे उसके जिस्म में हलचल होने लगती है ..और हु मचल उठती है ..उसकी आँखें एपनिया आप बंद हो चुकी थी ..

मनु “तुम सुच में बहुत हॉट लग रही हो ..एंड ी म फीलिंग सो लकी ..पैर डेट पैर जाते हुए सोचना पड़ेगा अब तोह ..??”

वृंदा आँखें बंद करके “ हु क्यों भला ??”

मनु “ क्युकी अब तोह हर मर्द तुमको hi देखेगा जो शायद अब मुझसे बर्दास्त नहीं होगा ..इसे जलन कहो तोह भी मुझे ऐतराज़ नहीं है ..”

वृंदा आँखें खोलकर मनु को उसकी आँखों में आखें दाल कर देखते हुए “ कोई जो भी समझे पैर मैं तोह तुम्हारे साथ हूँ न …तोह कोई क्या समझता है इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ..”

मनु ने अब वृंदा को छोड़ा और दोनों एक अचे मूड के साथ बहार डेट पैर चल दिए ..जहाँ बहुत कुछ होना था …

मनु और वृंदा एक नाईट क्लब में आ चुके थे जहाँ हर कोई जवान दिल और कपल के रूप में नचा रहा था जहाँ एक बड़ा सा आलीशान बार भी था …वृंदा और मनु के उस क्लब में आते hi लोगों की जो अभी होश में थे उनकी नज़रें दोनों पर टिक चुकी थी …

जहाँ हर लड़की मनु को प्यासी नज़रों से देख रही थी ..वहीँ मोस्ट ऑफ़ लड़के वृंदा के जिस्म के जायज़ लेने में जुटते थे ..उनकी नज़रें वृंदा के जिस्मको अचे से स्कैन करने में जुट चुकी थी ..मनु और वृंदा दूसरों को इग्नोर मारते हुए एक दूसरे का हाथ थामे वहां आकर एक जगह जहाँ रिफ्रेशमेंट और सर्विंग हुआ करती थी वहां आकर बेथ चुके थे …और वेटर उनके आगे रखे मेनू को देखते हुए आर्डर देने को कहता है ..

मनु “ सो डार्लिंग आप क्या लेंगी ??”

वृंदा आर्डर दे देती है ..क्युकी दोनों में से पिने वाला कोई नहीं था ..सो माइल्ड ड्रिंक और कुछ स्नैक्स का आर्डर दिया था वृंदा ने …की तभी मनु के मोबाइल पैर एक मस्सगे आ चूका था ..जिसको उसने देखा तोह उसमे किसी फॅमिली की पिक थी …मनु ने उसको बहुत धयान से देखा और …वापस मोबाइल को लॉक करके पॉकेट में दाल लिया ..और मनु ने अस्स पास अचे से नोटिस किया ..और उसके बाद वृंदा को जो उसके सामने लाउन्ज पैर बैठी थी …जो ल शेप का था मनु क्युकी उसके जस्ट सामने दूसरे लाउन्ज पैर था सो उठकर वृंदा के पास चला गया और उसके साथ बेथ गया …और दोनों डांस फ्लोर की तरफ देखने लगे ..जहाँ लोग बिंदास वे में डांस कर रहे थे …वहीँ पास में जो बार था वहां कुछ लड़के बैठे थे …जिनमे से एक जो काफी देर से वृंदा को देख रहा था ..अचानक से उठा और वृंदा के पास आकर बोलै ..” विथ ुर परमिशन मई ी डांस विथ ु ब्यूटीफुल मिस ?? “

वृंदा ने मनु को देखा तोह मनु ने कहा “ अब यह तोह आपकी मर्ज़ी है आप चाहें तोह डांस कर सकती हैं ??”

वृंदा उस लड़के से “ लिसेन मर मैं यहाँ डेट पैर इनके साथ आयी हूँ ..और इनको छोड़कर किसी और के साथ अगर मैं डांस करती हूँ तोह यह अकेले रह जेनेगे जो कहीं से भी सही नहीं है ..सो आईटी बेटर की मैं ऐसे hi ठीक हूँ ..” वृंदा ने साफल्य उसको मन कर दिया था …मनु उस लड़के को बड़े धयान से देख रहा था …जैसे की उस लड़के में कुछ देख रहा हो ..

हु लड़का वहां से नहीं गया शायद हार मानने को त्यार नहीं था ..उसने किसी को इशारा किया और कुछ लडकियां वहां आ गयीं ..जिनको उसने hi कहा ..

हु लड़का वृंदा से “ अब आपको शायद शिकायत न हो ..यह सब मेरी फ्रेंड्स हैं ..अगर आपको यह लगता है की आपके साथी अकेले रह जायँगे तोह इनमे से किसी के साथ भी हु डांस कर सकते हैं सो ..नाउ कैन ु डांस विथ में ??”

वृंदा कुछ कहती इससे पहले hi एक लड़की उस लड़के के पास आयी और उसके कान में कुछ कहने लगी ..मनु उस लड़की को भी उस लड़के की तरह बड़े धयान से देख रहा था ..

हु लड़का उस लड़की को वहां से जाने को कह रहा था …और हु लड़की थोड़ी देर और रहने को कह रही थी ..वह लड़का फिर उस लड़की को देख कर वहां कहीं बैठने का इशारा करता है ..और वृंदा को देखकर वापस कहता है ..” सो आपने जवाब नहीं दिया ..”

वृंदा मनु को देखकर मन करने hi वाली थी ..की मनु ने उसके हाथ पैर हाथ रख कर उसे डांस करने को कहा ..वृंदा बे मैं से जाने को हुई उस ादके के चहेरे पैर ख़ुशी साफ़ साफ़ देखि जा सकती थी ..पैर अचानक से जाती हुई वृंदा का हाथ मनु ने थाम लिया और उसके ऐसे हाथ थमने से जहाँ वृंदा खुश हो चुकी थी ..वहीँ हु लड़का अचानक से सोच में आ चूका था ..

मनु “ हे ु ! हाँ तुमने कहा था न की अगर मैं चहुँ तोह मैं भी किसी और के साथ डांस कर सकता हूँ ..सही कहा न मैंने ??”

हु लड़का “ हाँ यार इनमे से किसी के साथ भी डांस एन्जॉय करलो …ी हैवे no प्रॉब्लम “

मनु ने एक नज़र उन सभी लड़कों को देखा ..जिनमे से कुछ होश में थी तोह कुछ शराब के नशे में झूम रहीं थी …पैर दोनों hi तरह की लड़कियां मनु को हसरत भरी नज़रूँ से देख रही थी …

मनु ने उनको देखकर कहा उस लड़के से “ सॉरी यार यह सब अछि हैं पैर जैसे मेरी डार्लिंग है वैसी बात इनमे नहीं है ??”मनु की इस बात पैर जहाँ वृंदा शर्माने लगी ..वहीँ हु लड़का वृंदा को उन्सब्से कपड़े करने लगा ..जिसमे मनु की बातों में कोई शक भी नहीं था वृंदा सुच में आज केहर ध रही थी …

हु लड़का “ हाँ तुम्हारी बात सही है आपकी डार्लिंग सुच में किसी शेज़ड़ी से काम नहीं है ..बूत ी जस्ट वांनै डांस that’s आईटी ..”

मनु “ इतस ok बूत अगर तुम चाहो तोह मैं भी एन्जॉय कर सकता हूँ अगर तुम्हारी गफ के साथ डांस करके अगर तुमको ok लगे तोह “ मनु ने उस लड़की की तरफ इशारा किया जिसको उस लड़के ने वहां बैठने को कहा था ..लड़की दूसरे लाउन्ज पैर बैठी थी जो डांस फ्लोर को देख रही थी ..जिसे उनकी बातिअन सुनाई नहीं दे सकती थी ..

उस लड़के ने लड़की की तरफ देखा जिसकी तरफ मनु ने इशारा किया tha…or उसको देखकर हु मनु की तरफ मुस्कुरा कर उसके पास आकर धीरे से बोलै “ हे बीआरओ हु मेरी गफ नहीं है शी इस माय लिटिल सीस ..उसकी साड़ी फ्रेंड्स यहाँ यह तुम्हारे सामने नशे में धुत्त हैं सो उसको थोड़ा उनकंफर्टबले फील हो रहा था ..सो उसको वहां बैठा दिया ..अगर उसको तुम्हारे साथ में डांस करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है तोह ी म okay विथ आईटी! आफ्टर आल ु एंड ी जस्ट नीड ा सिंपल डांस ..”

मनु “ सो अरे ु okay िफ़ ी डांस विथ ुर सीस ??”

लड़का “ यस बूत आईटी देपेंद तो हिज मूड शी इस सो मूडी एंड मोस्ट ऑफ़ आल शी मोस्टली इग्नोर बॉयज ..सो िफ़ शी एग्री सो ी हैवे no प्रॉब्लम ात आल ..” उस लड़के ने किसी चैलेंज के जैसे मनु को कहा ..

वृंदा ने उस लड़की को देखा जो मनु की आगे के अस्स पास hi थी ..जिसका हुस्न उम्र के हसीं पड़ाव पैर था ..जवानी उसके जिस्म को और कातिल बना रही थी …उसको देखकर वृंदा न चाहते हुए जलने लगी थी …

मनु ने वृंदा को देखा और उसकी जलन देखकर कहा “ इतस ok डिअर इतस जस्ट डांस आफ्टर आल ुर माय डार्लिंग ात आल ..सो don’t नीड पैनिक तो हेर ..क्युकी अभी उसने हाँ नहीं कहा है ”

लड़का “ और इसकी उम्मीद भी काम है की हु किसी को आसानी से हाँ कहे …हु तोह उसका आज बर्थडे है वर्ण हु तोह ऐसी जगह आती भी नहीं है …”

मनु “ सो चैलेंज एक्सेप्टेड आज आपकी सीस न केवल यहाँ हमारे साथ डांस करेगी ..बल्कि आज उनका बर्थडे भी सेलिब्रेट होगा ..पैर स्टाइल और मूड उनकी चॉइस है ..”

लड़का “ दोने ..”

वृंदा मुस्कुरा कर मनु को देखती है ..मनु उसको एक आंख मार देता है ..और वृंदा उस लड़के के साथ डांस करने लगती है ..डांस फ्लोर पैर दोनों आमने सामने फ्रीली डांस कर रहे थे ..

वहीँ मनु उस लड़की की तरफ बढ़ चूका था …पैर मनु आगे बढ़कर कुछ करता उससे पहले hi एक और लड़का उस लड़की की आगे पर्पस करने लगा ..और लड़की शायद उसे जानती होगी पैर उससे मन hi कर रही थी …मनु भी देखने लगा ..लड़का लड़की को पहले बातों से कन्विंस करने में लगा था ..पैर जब लड़की उसकी बातों में नहीं आयी तोह उसका दिमाग शायद कुछ फिर सा गया था ..और हु आगे बढ़ने को हुआ …हु लड़की भी सेहम चुकी थी ..पैर अचानक से मनु वहां उस लड़के और उस लड़की के बिच में आ गया ..

मनु उस लड़की से “ क्या जानू मैं थोड़ी देर के लिए कॉल पैर बात करने क्या गया तुम किसी और के साथ बस्सी हो गयीं …” मनु ने उस लड़की को लड़के की तरफ इशारा करते हुए कहा …लड़की भी समझ गयी की मनु यहाँ उस लड़के से बचने में उसकी हेल्प कर रहा है ..उसने सरसरी नगाह से मनु को उप्पेर से निचे देखा ..और मनु उसको काफी हैंडसम और अट्रैक्टिव लगा ..उसकी बॉडी उसकी पर्सनालिटी देखकर हु लड़की बिना इम्प्रेस हुए रह नहीं पायी …

उधर हु लड़का जो उस लड़की को कुछ करने वाला था ..मनु को सामने देखकर रुक चूका था ..क्युकी कहाँ मनु जैसा स्मार्ट लड़का जिसकी लम्बाई और चौड़ाई में उसके साइज में उस लड़के का साइज टोटल हाफ था ..और जब सामने बाँदा तगड़ा हो तब लोग अक्सर सोच समझ कर काम किया करते हैं …वैसे hi हु लड़का रुका हुआ था ..

लड़की ने एक नज़र उस लड़के को रुका हुआ और मनु को देखकर सोचते हुए पाया तोह उसने भी मनु का साथ देते हुए कहा “ कुछ नहीं डिअर आप कॉल पैर बिजी थे तोह सोचा ड्रिंक आर्डर कर दूँ पैर वेटर सुन hi नहीं रहा ..”

मनु ने पलट कर उस लड़के को देखा और कहा “ भाई वेटर साब हमारी जानू के लिए अछि सी ड्रिंक ले आईये …” हु लड़का इस बात पैर खुद की बजती होते देखकर गुस्से में लाल हो चूका था ..पैर सामने से उसने ज्यादा रियेक्ट नहीं किया ..और मनु से उसने कहा “ सॉरी मैं वेटर नहीं हूँ…” और उसने वेटर को आवाज़ लगाई ..और वेटर आ चूका था ..

मनु ने कुछ सॉफ्ट ड्रिंक आर्डर की ..और उस लड़की ने भी उसकी आर्डर पैर कोई रिएक्शन नहीं किया मीन्स उसे ड्रिंक्स लेने में को प्रॉब्लम नहीं थी …

वेटर वहां से आर्डर लेलर जाने लगा पैर रस्ते में हु लड़का वापस आ कर उसकी जेब में कुछ पैसे सरका देता है और उसको कोई पैकेट देकर कहता है की यह पैकेट उस लड़की के ड्रिंक में मिला होना चाहिए …वेटर मन करने कोहोता है तोह हु उस पैकेट में से कुछ पाउडर चख कर कहता है ..यार यह ज़हर नहीं है ..बस रिफ्रेशमेंट है …फिरभी तू न चाहे तोह किसी और से करवा लूंगा ..और उसकी जेब से पैसे लेने लगता है वेटर पैसे जाते देखकर उसके काम को करने के लिए मान जाता है …उसके हाथ में एक बार फिर हु लड़का पैकेट पकड़ा देता है ..अँधेरे में वेटर पैकेट देख नहीं पता क्युकी उस लड़के ने उस वेटर को इस बार पैकेट बदल कर दिया था ..पैर बहार की पैकेजिंग शामे थी ..पैर लड़का शैतानी हंसी के साथ मैं में सोचता है “ बहुत बार मन किया है न तूने मुझे आज यह ड्रिंक पीकर देख तुझे उसके बाद खुद कपडे उत्तर कर मेरे निचे लेटना होगा …बड़ा गुमान है न तुझे आज तेरी कमसिन छूट को छोड़ छोड़ कर भोसड़ा न बनाया तोह ..मैं कहे का आशिक़ ..बहिन की लोदी आज तेरी सुहाग रत है ..और वह लड़का थोड़ी देर में उसके ड्रिंक में भी में नशे का माल दाल दूंगा ..वह सो जायेगा और तेरे ड्रिंक में स्टॉन्ग दोसे है सेक्स पावर की तू उसके बाद मेरे निचे होगी …हाहाहाःहाहा!” लड़का वहां से निकल कर वेटर के आने का इंतज़ार करने लगता है ..

उधर मनु उस लड़की से बात कर रहा था …

मनु “ सॉरी आपको जानू कहना पड़ा ..आपको थोड़ा टेंशन में देखा तोह खुद को आपकी हेल्प करने से रोक नहीं पाया ..और आपके बर्फ की एक्टिंग करने के लिए मजबूर होना ..पड़ा ..सो सॉरी अबाउट तहत “ लड़की पैर मनु के सॉरी कहने से और ाचा इम्प्रैशन पड़ा …

लड़की “ सॉरी की जरूरत नहीं hai…ulta थैंक्स तोह आपको मुझे कहना चाहिए की आपने उस इडियट से मुझे बचाया ..कमीना बहुत दिनों से तंग कर रहा है …मुझे बार बार पर्पस करने लग जाता है ..मैं उसे कई बार मन कर चुकी हूँ ..पैर मंटा hi नहीं ..”

मनु “ चलो ाचा hi हुआ ..वर्ण आप जैसी पारी को जानू कहना पता नहीं हम जैसे को नसीब होता भी या नहीं ..पैर don’t ु वोर्री …जैसे hi आपको ठीक लगे या हु लड़का आपको और मुझे देखकर यहाँ से चला जायेगा आप मुझको यहाँ अपने पास दुबारा नहीं देखेंगी ..”

लड़की “ थैंक्स पैर अभी आपने कहा की मैं पारी जैसी हूँ ..और आप मुझे से इतनी जल्दी पीछा छुड़वाना चाहते हैं ..आपसे दुबारा मुलाकात हो या नहीं पैर आज तोह आप मेरे साथी हैं ..सो आज तोह एन्जॉय कर सकते हैं यहाँ ..”

मनु “ आपके जैसे हसीना के साथ के लिए तोह लोग पता नहीं क्या कर गुज़रे .मुझे आपने इस काबिल समझा यही काफी है …की आज की शाम आपके साथ इस टेबल पैर कुछ सॉफ्ट ड्रिंक hi पि सकूँ ..क्युकी आपके हुस्न के सामने हु ड्रिंक भी किसी पैमाने से काम नहीं है ..”

लड़की “ आप सुच में तारीफ बहुत अछि कर लेते हैं ..मैं उतनी तोह ख़ास नहीं हूँ …पैर आपका तोह अभी तक मुझे नाम भी नहीं पता ..बूत बी थे वे ी म रिया शर्मा “

मनु “ एंड ी म मानव सिंह , और आपके नाम के तरह आप भी बहुत खूबसूरत हैं ..और यह झूंठ नहीं है ..आपके आशिक़ का यहाँ होना इस बात का सबूत है …की मैं सही हूँ ..पैर जब तक मैं आपके साथ हूँ हु आपके आस पास भी नहीं आएगा सो बे कूल..”

रिया “ थैंक्स मानव आप भी बहुत अचे हैं ..पैर मैं आपको इतना भी नहीं जानती की आप पैर आँखें बंद करके भरोसा कर लूँ..”

मनु “ आपकी मर्ज़ी है रिया जी हम तोह आपके साथ हैं पैर आपको देखकर पता नहीं दिल क्यों कह रहा है की आज आपके लिए कोई ख़ास दिन है ??”

रिया इस बात पैर चौंक चुकी थी ..

रिया “ मतलब ..आप कहना क्या चाहते हो ??”

मनु “ एक मिनट क्या आपका हाथ देख सकता हूँ …अगर आपको कोई प्रॉब्लम नहीं है तोह ??”

रिया सोचते हुए अपना हाथ आगे बढ़ा देती है ..

मनु बड़े धयान से उसके हाथ को देखता है ..और कहता है “ रिया जी आप अपने माँ बाप की अकेले चाइल्ड नहीं हैं ..आपके आलावा उनका एक बीटा भी है जो शायद आपसे बड़ा है ???”

रिया हैरान हो चुकी थी मनु की बात सुनकर पैर उसने मनु से कहा “ उसमे कोनसी बड़ी बात है यह तोह मेरे सोशल मीडिया पैर भी लिखा होगा सो ??”

मनु “ आपके पापा से ज्यादा आपकी माँ की आप ज्यादा लाडली हैं यह तोह नहीं लिखा होगा न उसमे …जबकि लड़कियां तोह पापा की पारी होती हैं पैर आप मम्मी की पारी हैं ..??”

रिया हैरान थी यह सुच hi था की उसकी माँ की हु लाडली थी ..रिया “ यह आपको कैसे पता चला ??”

मनु “ आपके हाथों में सब लिखा है ..”

रिया “ ी don’t बिलीव इन थिस …अगर सुच में आपको आता है हाथ देखना तोह तेल्ल में समथिंग व्हिच इस नॉट ात सोशल मीडिया …और मुझे यकीं होना भी चाहिए ??”

मनु जो वेटर को कुछ इशारा करता है …और कुछ देर उसका हाथ देखने का ड्रामा कर रहा था की अचानक से मनु रिया को कहता है “ ठीक है …तोह अगर मैं सही हूँ तोह आज रिया नाम की इस पारी का बर्थडे है …और आप चाहें तोह इसको झूंठ बोल सकती हैं ???”

रिया हैरानी से “ तुम हो कोण क्या तुम कोई स्टॉकर हो ?? जो उसी की तरह मेरा पीछा कर रहे हो ??”

मनु “ रिलैक्स रिया ..ी म जस्ट नार्मल पर्सन ..मैं आपके साथ आज के शाम को एन्जॉय करके hi खुश हूँ ..मुझे आपके पीछे घूमने में कोई इंटरेस्ट नहीं है ..पैर अगर आप चाहो तोह बाँदा यह भी कर सकता है ..बूत ी रेस्पेक्ट girl’s प्राइवेसी सो ी don’t लिखे स्टॉकर सो आप अगर मैं गलत हूँ तोह मन कर दिजीये .पैर आपको हैरान देखकर लगता है की मैं सही हूँ ..और सॉरी आपका आज बर्थडे है और मैंने बिना पूछे केक का आर्डर दे दिया है ..सो आप बस केक काट दें ..उसके बाद मैं आपके सामने से और आपकी ज़िन्दगी से चला जुन्गा “

उसकी बात सुनकर रिया रिलैक्स हो चुकी थी ..उसे बहुत ख़ुशी थी की एक स्मार्ट लड़का उसके साथ उसके बर्थडे को सेलिब्रेट कर रहा है ..और सरप्राइज में बाँदा केक भी आर्डर कर चूका है ..पैर उसके आज के बाद न मिलने की बात उसके दिल पैर बड़े ज़ोर से लगी थी ..पैर अभी उसने ख़ुशी को एन्जॉय करने का सोचा था ..

मनु डांस फ्लोर की तरफ देखता है जहाँ सांग चेंज हो चूका था कोई तेज़ सांग पैर वृंदा और रिया का भाई नाच रहे थे …दोनों अचे डांसर की तरह हर बीट को एन्जॉय कर रहे थे …

रिया के लिए केक आ चूका था जिसमे कैंडल लगी हुई थी …रिया ख़ुशी से कैंडल ब्लो करती है और केक को काट देती है ..और मनु को खिलने को आगे बढ़ती है मनु हल्का से केक खता है और बाकी रिया को hi खिला देता है …मनु उसके बाद वेटर को वहां बुलाता है जिसको मनु केक ले जाने को कहता है ..इस पैर रिया मनु से पूछती है तोह मनु कहता है

मनु “ रिया तुम्हारा आज बर्थडे है बहार बहुत से लोग होंगे जिनको आज शायद एक टाइम का खाना भी नजीब नहीं होता ..यहाँ केक को एक दूसरे के मुँह पैर लगा कर सेलिब्रेशन के नाम पैर ड्रामा करके खाने की इंसल्ट करने से ाचा है की आज तुम्हारे नाम का यह केक किसी मासूम भूखे इंसान के पेट में जाकर उसकी भूख को शांत करे जिसके बाद हु तुमको दुआ देगा और तुम्हारे लिए भी केक मुँह पैर पोतने से ाचा hi होगा ..क्युकी मैं नहीं चाहता इतनी सूंदर पारी के चेहरे पैर केक लगा कर उसको ख़राब किया जाए “

मनु की बात सुनकर जहाँ रिया एक तरफ उसकी अछि सोच से इम्प्रेस हुई वहीँ खुद के चेहरे पैर केक पोतने के नाम पैर होनेवाले नाटक से भी उसको आज मुक्ति मिल चुकी थी ..

ड्रिंक्स वेटर ले आया था …अजीब बात है केक पहले आ गया पैर साला ड्रिंक लेट आयी मनु मुँह में बड़बड़ाने लगा tha…jisko सुनकर रिया की भी हंसी निकल चुकी थी …

अब यह ड्रिंक दोनों के सामने थे ..और आएगी इन ड्रिंक्स से होने क्या वाला था …उस लड़के का रिया के साथ प्लान पूरा होगा ..क्या मनु भी बेहोश होगा ..और क्या रिया का भाई उसको बचा पायेगा ..और वृंदा का क्या ..उसके पापा सूरज का दिमाग क्या मनु पैर यकीं करेगा या नहीं ..और मनु क्या करनेवाला है नीता मम के भाई के साथ और उसके दिमाग में क्या चल रहा है ..

इन सब सवालों का जवाब तोह किस्मत और वक़्त के हाथ है ..
:हिंट:
 
अपडेट 88 part 1


रिकैप........

अब यह ड्रिंक दोनों के सामने थे ..और आएगी इन ड्रिंक्स से होने क्या वाला था …उस लड़के का रिया के साथ प्लान पूरा होगा ..क्या मनु भी बेहोश होगा ..और क्या रिया का भाई उसको बचा पायेगा ..और वृंदा का क्या ..उसके पापा सूरज का दिमाग क्या मनु पैर यकीं करेगा या नहीं ..और मनु क्या करनेवाला है नीता मम के भाई के साथ और उसके दिमाग में क्या चल रहा है ..

इन सब सवालों का जवाब तोह किस्मत और वक़्त के हाथ है ..

अब आगे........

ड्रिंक्स मनु और रिया के सामने आ चुके थे …मनु और रिया ड्रिंक्स पैर धयान देते हैं …पैर दोनों आपस में बात करने में इतने बस्सी थे की अचानक से डांस फ्लोर से आने वाली लाइट और उस नाईट क्लब के अंदर की लौ लाइट में दोनों …आपस में लगे हुए थे की उनको पता भी नहीं चला की मनु की ड्रिंक में हु लड़का अपना पैकेट वहां मिला चूका था …और क्युकी ड्रिंक ब्लैक कलर की थी सो उसमे पाउडर भी आसानी से अब्सॉर्ब कर चूका था …और रिया का ड्रिंक ऑरेंज सोडा था …आगे आप स्मार्ट हैं …

रिया का ध्यान अब ड्रिंक्स पर पड़ा पैर तभी उसका भाई और वृंदा थक कर डांस फ्लोर से आ चुके थे …रिया का भाई वहां आया उसका पसीने से बुरा हाल था ..पैर वृंदा नार्मल hi थी …उसका वर्कआउट उसको स्टैमिना देता था ..पैर लड़का थका हुआ था …सो दोनों वहां मनु और रिया के पास ा चुके थे …मनु रिया के पास से हल्का सा वृंदा के पास खिसक चूका था क्युकी लाउन्ज पैर उसके एक साइड वृंदा और एक साइड रिया बैठी थी ..और रिया का भाई सामने के लाउन्ज पैर हांफ रहा था …

मनु वृंदा से “ सो डार्लिंग आपने एन्जॉय किया डांस ..??”

वृंदा “ हाँ पैर आप होते तोह ज्यादा मज़्ज़ा आता यह तोह थक गए बहुत जल्दी अभी तोह डांस में पेस आने शुरू हुआ था …?” वृंदा की इस बात पैर सब हंस पड़ते हैं रिया के भाई पैर क्युकी उसकी हालत अभी भी वैसे hi थी मतलब हांफना ..

रिया “ भाई इनसे मिलिए यह हैं मर मानव और यह बहुत hi टैलेंटेड हैं ..पता है इन्होने आज मेरे बर्थडे को बहुत स्पेशल बना दिया …पैर इनको हाथ देखने में सुच में बहुत नॉलेज है वर्ण इनको कैसे पता की आज मेरा बर्थडे है ..”

रिया की बात सुनकर मनु जहाँ मुस्कुरा उठा था .वहीँ उसका भाई और वृंदा दोनों समझ गए थे की मनु ने उसका चैलेंज पूरा कर दिया है ..

उसका भाई “ हाँ हैं तोह यह टैलेंटेड वर्ण मेरी बहिन ऐसे hi किसी के भी साथ नहीं बैठा करती ..क्यों सही कह रहा हूँ न सर ??” उसने मनु को देखते हुए कहा ..

मनु “ नॉट ात आल …अब यह हैं hi स्पेशल और उसपर इनका बर्थडे भी है ..सो हम तोह बस सेलिब्रेट hi कर सकते हैं …क्युकी लाइफ में चैलेंज hi तोह है यह सब ??” मनु ने नहले पैर देखला जड़ दिया था उसके भाई को समझ आ चूका था ..मनु का मतलब पैर रिया तोह इनसब से अनजान थी सो हु चिल थी …

मनु ने अब वृंदा को देखा और उसका हाथ थमा और उससे कहा “ डार्लिंग कैन नाउ मई ी प्लेअसुरे तो डांस विथ ु ???”

वृंदा मुस्कुरा कर डांस के लिए हाँ कहती है ..और दोनों डांस फ्लोर पैर चले जाते हैं …पैर पीछे छोड़ जाते हैं दोनों भाई और बहिन को …जहाँ पता नहीं क्यों रिया को मनु का यूँ जाना ाचा सं यही लगा था …वृंदा को हु जानती नहीं थी पैर मनु को किसी और के साथ देखकर उसे पता नहीं ऐसा क्यों लग रहा था की आज जो मनु ने उसे कहा था की आज की शाम उसके नाम है …पैर मनु तोह किसी और के साथ डांस करने लगा था …पैर यह भी सुच है लड़कियों में एक बिना बोलने वाली कम्पटीशन हुआ करती है …जिसमे एक लड़की अपने पार्टनर को दूसरे के साथ देखकर नार्मल नहीं फील करती है …सो बेचारी बिना मनु को जाने वृंदा के साथ देखकर लाइफ में पहली बार जलन फेस करने लगी थी ..उसका भाई थका मादा सा था सो सामने पड़ी मनु की सॉफ्ट ड्रिंक गटकने के लिए सोचता है ..पैर उसके मोबाइल पैर कॉल आ जाता है …जिसपर हु बात करने लगता है …और हु बात करते हुए रिया से कुछ पूछता है ..पैर रिया का धयान तोह डांस फ्लोर पैर था ..पैर हु उसे हिलाकर पूछता है ..तोह रिया होश में आकर उसकी बातों का जवाब देती है …जिसके बाद हु फिर से सामने देखने लग जाती है …

सामने डांस फ्लोर पैर मनु और वृंदा नार्मल आमने सामने डांस कर रहे थे ..रिया मनु के साथ वृंदा को देखकर पता नहीं क्यों पैर जल रही थी …वहीँ किसी ने रोमांटिक सांग की फरमाईश की ..सो मूड चेंज हो गया ..और सब कपल अपने पार्टनर के साथ चिपक कर डांस एन्जॉय करने लगे ..

मनु ने भी अब वृंदा को उसके कमर में हाथ दाल कर अपने से चिपका लिया था ..और वृंदा भी किसी बेल के जैसे मनु के जिस्म से बिलकुल चिपक कर डांस एन्जॉय कर रही थी …मनु का उसे पास आना बहुत सुख दे रहा था …दोनों इतने करीब थे की हवा भी बिच से नहीं निकल सकती थी …हवा भी अगर बिच से निकलने की कोशिश करती तोह शायद जिस्मो की गरमी से साइड से निकल जाती..

वृंदा के उभर उसकी ुनचुइ चूचियां मनु के सख्त मज़बूत चोदे साइन में धंसे हुई थी ..जिसके वजह से वृंदा न चाहते हुए भी गरम होने लगी थी …उसकी चूचियां सख्त होने लगी थी ..उधर मनु के हलबी लोडे ने भी हलके से सर उठाना शुरू कर दिया था …

उधर रिया का भाई सामने पड़ी मनु की ड्रिंक को जातक चूका था …उसकी साँसे अब नार्मल थी ..पैर उसके पीछे खड़ा हु लड़का अब ख़ुशी में नाच उठा था …क्युकी उसने मनु को वृंदा के साथ डांस करते हुए देख लिया था …और हु सामने रिया के भाई को बेहोशी वाली ड्रिंक पिटे देख चूका था ..मतलब उसे इंतज़ार था सिर्फ रिया के ड्रिंक पिने का क्युकी मनु और वृंदा तोह अपने में बिजी थे ..और उसका टारगेट सामने रिया थी ..और क्युकी बेहोशी की ड्रिंक उसके भाई ने आलरेडी ले ली थी ..

रिया भी मनु और वृंदा को ऐसे देखकर जलन में उस ड्रिंक को पि जाती है …मनु वृंदा के कमर में हाथ को थोड़ा सा उप्पर करके वृंदा को उप्पेर से और कास लेता है ..जिससे वृंदा का जिस्म और शहर उठता है ..क्युकी उसकी सख्त चूचियां अब और ज्यादा मनु से चिपक चुकी थी …मनु हलके से उसके कमर पैर हाथ फेरने लगता है ..वृंदा की जांघों पैर मनु के लोडे की हलकी सी दस्तक पूछ चुकी थी ..मनु का लोढ़ा हल्का सा hi खड़ा था ..पैर वृंदा के जिस्म में लोडे का एहसास बेहद अनोखा था ..वह समझ चुकी थी की उसकी जांघों में चुबने वाली चीज़ क्या है ??

उसके जिस्म ने भी नैचुरली रियेक्ट किया उसकी छूट ने अनजाने में पानी चुना शुरू कर दिया था ..वृंदा के बारे में एक चीज़ क्लियर करता चल रहा हूँ …वृंदा उन लड़कियों में से थी ..जिन लड़कियों को छूट में ऊँगली करने का शॉक नहीं था ..सो जब मनु का लोढ़ा उसकी जांघों में लगा तोह उसकी छूट में मचने वाली हलचल ने उसको मनु का और दीवाना बना दिया क्युकी मनु का हल्का सा खड़ा लोढ़ा भी उसके हिसाब से काफी बड़ा tha..so वृंदा भी दोनों हाथ फैलाकर मनु को बाँहों में कास चुकी थी ..उसकी आँखें बंद हो चुकी थी ..वह अनजान ख्यूं में खो चुकी थी…

मनु वृंदा के कानो में “ वृन्दु ..वृन्दु सुनो न “

वृंदा अपने ख्यालों से बहार आते हुए बंद आँखों से “ हम्म्म!”

मनु “ वृन्दु सुनो न “

वृंदा ने अब नोटिस किया मनु वृंदा को वृन्दु कह रहा है …उसे मनु का उसे वृन्दु कहना बहुत ाचा लगा उसने आखें बंद किया hi पूछा “ हम्म! क्या हुआ ..”

मनु” वृन्दु सोनो तोह सही”

वृंदा “ हाँ बोलो न सुन तोह रही हूँ “

मनु उसके कान के पास “ वृदृ म्यूजिक का मूड चेंज हो गया है ..”

वृंदा हैरत से आँखें खोलती है तोह देखती है सुच में उसे पता भी नहीं चला मगर डांस का मूड चेंज हो गया था सब आमने सामने तेज़ बीट पैर डांस कर रहे थे ..पैर हु और मनु hi आपस मैं चिपके हुए थे ..

वृंदा शर्मिंदा सी हो चुकी थी उसने मनु से शर्म के मारे अलग होना चाहा ..पैर मनु ने उसको और कस्ते हुए ..उसके नंगे कंधे पैर किश किया ..जिसके बाद न चाहते हुए भी वृंदा के मुँह से एक सिसकी निकल गयी ..

मनु उसके कान के पास “ don’t वोर्री डार्लिंग आज तुम मेरी डेट हो ..सो किसी और की परवाह मत करो जैसे चाहो वैसे रहो ..क्युकी मैं तुम्हारे साथ हूँ ..सो तुम सिर्फ एन्जॉय करो ..क्युकी मेरे लिए इनसब से ज्यादा जरूरी तुम्हारी ख़ुशी है ..”

मनु के यह कहने से वृंदा अंदर से बहुत खुश हुई ..वृंदा कुछ कहने को हुई पैर उसका मोबाइल बजने लगा tha..so न चाहते हुए भी उसे मनु से अलग होना पड़ा ..वह कॉल पैर बात करने साइड में जहाँ म्यूजिक थोड़ा काम था वहां चली गयी ..

मनु भी डांस फ्लोर से वापस लाउन्ज पैर आ चूका था …सामने रिया जो हु ड्रिंक पि चुकी थी …उस पैर सामने मनु को और वृंदा को चिपका देखकर थोड़ा थोड़ा असर होने लगा था …

उसका भाई वहीँ टेबल पैर लुढ़क चूका था ..मनु ने उसको हिलाया पैर हु उठा नहीं ..सो उसने रिया से पूछा ..

मनु “ रिया इसको क्या हुआ ??”

रिया “ भाई शायद ज्यादा hi थक गए होंगे सो उनकी आँख लग गयी ..”

मनु “ तोह अब तुम लोग घर कैसे जाओगे घर पैर लेट होंगे तुम लोग यह बता दिया है या नहीं ??”

रिया “ हाँ घर पैर सबको पता है मैं और भाई साथ हैं सो ..कोई प्रॉब्लम नहीं और वैसे भी आज मैंने घर पैर पहले hi कह दिया था की मैं आज शायद अपनी फ्रेंड के घर चली जाऊँगी ..पैर पता नहीं कहाँ गयीं सबकी सब ??? और भाई भी अब सो गएँ हैं ..अब मैं क्या करूँ और कैसे करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा है “

वृंदा आते हुए उसकी बात सुन चुकी थी …रिया से कहती है” don’t ु वोर्री यह हैं न यहाँ ..यह तुम दोनों की करेफुल्ली तुम्हारे बताये पते पैर छोड़ देंगे ??” जिसे सुनकर रिया फिर से खुश हो चुकी थी ..

मनु वृंदा से “ मैं मतलब ?? और हमारे आज के प्लान का क्या होगा ??”

वृंदा “ सॉरी मेरे कॉल आया था ऑफिस से अब तुमको तोह पता है ..पापा के और उधर ऑफिस से काम आ चूका है …सो मुझे अभी इसी वक़्त जाना पड़ेगा ..ी म सो सॉरी …पैर तुम इनका ख्याल रखना और क्युकी रिया यहाँ अकेली है सो उसकी हेल्प करना ..आज की कमी किसी और दिन पूरी करलेंगे ??”

मनु “ कोई बात नहीं काम सबसे पहले है ..अपना क्या है …हम तोह हैं hi हुस्न के कदरदान कोई बात नहीं ..तुम धयान से जाना मैं इन दोनों का ढाया रख लूंगा ..और हाँ आगे जब भी टाइम मिलेगा आज की ाधोरी प्लानिंग पूरी कर लेंगे ..बूत फर्स्ट मैं तुमको बहार तक see-off कर दूँ ..”

मनु उसके बाद रिया को बोलकर बहार वृंदा को छोड़ने चला जाता है ..वृंदा और मनु बहार पार्किंग में अकेले थे…

मनु ने अचानक से वृंदा को अपनी तरफ खींच लिया ..

मनु “ वृन्दु सुच में मुझे ऐसे hi किसी और के साथ छोड़ कर अपनी डेट अधूरा छोड़ना क्या जरूरी है ??”

वृंदा मनु से और कस्ते हुए “ जाना तोह मैं भी नहीं चाहती हूँ पैर जाना जरूरी है …वर्ण मेरी लाइफ की पहली डेट मैं खुद अधूरा छोड़ना नहीं चाहती हूँ ..तुमको कैसे बताऊँ की मैं भी कैसे जा रही हूँ “” मनु ने यह सुनकर समझा की वृंदा खुद काम के चलते जा रही है ..दुखी मैं से सो मनु ने माहौल हल्का करने के लिए उसके सर पैर बड़े प्यार से हाथ फेरा ..और उसके गाल पैर एक प्यारा भरा किश किया और उसके चेहरे को दोनों हाथों में थाम कर बोलै “ कोई बात नहीं वृन्दु तुम्हारा काम भी जरूरी है ..इसके लिए मैं नाराज़ नहीं हूँ ..काम तुम्हारा मुझे पहले भी था …सो मैं समझ सकता हूँ ..तुम बिना किसी टेंशन के जाओ मैं इस अधूरी डेट में भी तुम्हारे दिए हर खूबसूरत पल के साथ हर मीठी याद के साथ खुश हूँ …तुम भी इसे लेकर परेशान न हो ..हम क्या नहीं कर पाए यह सोचने से ाचा है हमने कितने अचे पल साथ में बिताये यह सोचकर देखना …यह जाने का दुक्खा वहीँ ख़तम हो जायेगा ..क्युकी तुम्हारी यह मुस्कुराती हुई जो छवि है यह एपनिया आप में hi मेरे लिए पूरी डेट है सो बे कूल डार्लिंग ..”

वृंदा मनु की इस बात पैर सुच में सोचने लगी की उसका आज का दिन कितना ाचा बिता था ..और उसने भी मुस्कुराते हुए मनु के गाल पैर किश कर di..uske मनु के गाल चूमने से उसकी लाली मेंगी और गाढ़ी लिपस्टिक मनु के गाल पैर लग गयी थी …जिसे उसने अपने पास पड़े टिश्यू से साफ़ किया .और उसे अलग होना चाहा ..पैर मनु ने बदले में वृंदा के गले पैर एक जबरदस्त किश कर दिया …जिससे न चाहते हुए भी वृंदा का जिस्म थिरक उठा ..उसके गले पैर चूमने से उसके जिस्म में मन ऊके गरम होठों से एक हलकी सी कंपकंपी छूट गयी ..और उसकी छूट ने कुछ बूँदें पानी की पंतय में बहा दी …

मनु अचे से उसकी गर्दन को चूमने के बाद वहां से हटा …और वृंदा भी तब तक कुछ पानी बहा चुकी थी उसकी आँखों में लाल डोरे खींच चुके थे …मनु की लग होने के बाद उसे होश आया ..और हु आज की इनसभी यादों को साथ लिए वहां से कार में बैठकर चली गयी …मनु का हु किश उसको जाते हुए मन ऊके बारे में सोचने पैर हर तरह से मजबूर कर रहा था ..

वहीँ पार्किंग में दो आँखें मनु और वृंदा पैर नज़र लगाए हुए थी …उन आँखोने के पीछे का शक्श किसी को कॉल करके कहता है “ सर मम यहाँ से निकल गयी …पैर लड़का यहीं है ..पैर सर मम को देखकर लगता है की हु जाना नहीं चाहती थी ..अब मैं यहाँ रुकूँ या जॉन ??”

उधर से आवाज़ आयी “ तुम अब घर चले जाओ जहाँ जाना होगा मैं इन्फॉर्म कर दूंगा “

सो हु शख्स वहां से कार में निकल गया …पैर ठीक उसी के पीछे कुछ और जोड़ी आँखें मनु को देख रही थी …जिन्होंने जब मनु को देखा तोह उनके मुँह से सिर्फ

इतना निकला “ तोह यह हीरो यहाँ है ..”

जिसके बाद उन्होंने किसी और को कॉल किया और उसके बाद हु सभी वहीँ पार्किंग में मनु पैर नज़र रखने लगे ..

मनु वहां से वापस क्लब में रिया के पास आ चूका था ..जहाँ हु लड़का फिर से रिया के सामने था ..

रिया “तुमको समझ नहीं आता मैं तुम में इंटरेस्टेड नहीं हूँ ..क्यों बार बार अपनी सदी सी सकल ले कर मेरे पास बेज़ात होने क्यों चले आते हो ..??”

हु लड़का “ क्युकी ी लव ु ..”

रिया “ तोह इस लव का अचार डालूं मैं ..तुम अपने रस्ते निकल जाओ वर्ण भाई को कहकर तुमको अचे से समझा दूंगी ..”

हु लड़का “ हाहाहा! तुमको क्या लगता है .तुम्हारा भाई इतनी जल्दी उठेगा ..नहीं डिअर आज की पूरी रात यह सिर्फ सोता रहेगा …और तुम आज रात के बाद सिर्फ मेरी और

मेरी hi hi जाओगी …तुम चाहो या न चाहो ..तुमको मेरा होना पड़ेगा ..” रिया उसकी बात सुनकर समझ चुकी थी की उसका भाई सो नहीं रहा बल्कि बेहोश है ..यह सोचकर hi उसकी हालत ख़राब होने लगी ..पैर उसकी दवाई भी अब रिया पैर असर कर रही थी …उसको बेहद गरमी लग रही थी …पैर ऐसे में उसको अपने भाई की चिंता भी होने लगी थी …हु भूल चुकी थी की मनु भी आने वाला होगा …जिसको वृंदा ने उसके साथ रहने को कहा था ..

उधर मनु ने जब सुना तोह हु समझ गया यह लड़का रिया के भाई को बेहोश करके रिया को कैसे अपना बनाना चाहता है ..सो उसने सीधे उस लड़के के गले पैर पीछे से हाथ रखा

मनु “ सो भाई तुम फिर आ गए तुम्हार बार क्यों भूल जाते हो की मैं भी अपनी डार्लिंग के साथ hi हूँ ..”

मनु को देखकर जहाँ रिया खुद को सेफ फील कर रही थी ..वहीँ हु लड़का जिसने मनु को वृंदा के साथ जाते हुए देखा था ..बुरी तरह से चौंक गया था …

हु लड़का “ पैर तुम तोह चले गए थे न …वापस कैसे आये ?? और तुम तोह किसी और लड़की के साथ थे न फिर तुमिसको डार्लिंग कैसे कह रहे हो??”

मनु कुछ कहता रिया सामने आकर उसके गाल पैर दो रसीद कर देती है …रिया “ तुझे कोई काम नहीं है यहाँ सिर्फ दुसरऊँ की ताका झांकी में hi लगा रहना ..यह

मेरे बर्फ हैं तुझे प्रॉब्लम क्या है ..वह किसीके साथ भी रहे ..हैं तोह मेरे बर्फ ..तू अपना काम कर ..और इतना तोह अचे से समझ ले की मैं इस जनम तोह क्या हर जनम में सिर्फ इनकी hi हूँ …” रिया की बात सुनकर मनु को देखने लगा हु लड़का ..

मनु ने उसके गले से हाथ हटाया और उसके कंधे पैर हाथ रखा और उसको बड़े प्यार से साइड ले गया ..

लड़का भी न चाहते हुए मनु के साथ वहां साइड में चला गया ..दोनों वाशरूम के बहार थे …जहाँ सन्नटा पसरा हुआ था …

मनु उस लड़के से “ यार सुन लिया न तुमने जब लड़की नहीं चाहती तोह क्यों उसे तंग कर रहे हो ..अचे खासे हो ..किसी और को देखो ..लाइफ बड़ी है दोस्त ..कहीं न कहीं कोई न कोई तुम्हारे लिए भी होगी hi ..क्यों बेकार में सारे एफर्ट उसी पैर बेकार कर रहे हो ..तुम से बात करने की वजह यही है दोस्त की तुम यह समझो जैसे हमको कोई पसंद नहीं आता तोह हम उसको इग्नोर कर देते हैं ..वैसे hi लडकियां भी जो समझ में नहीं आता उसे सामने से इग्नोर कर देती है ..ऐसे में उनके सामने फिर से बार बार बजती करवाने में लड़कों की साडी इज़्ज़त मिटी में मिल जाती है ..अब तुम्हारे हाथ में है तुम चाहो तोह बार बार अपनी बजती करवा कर अपनी और अपने घरवालों की बजैती करवाओ या कहीं और किसी लड़की का दिल इस एक्सपीरियंस से बेहतर वे में जीतो …फैसला तुम पर है ..लड़के हो यार थोड़ी तोह self-respect रखो …दुत्कारने पैर कुत्ता भी वापस आने में 100 बार सोचता है ..क्या तुम उस कुत्ते से भी गए गुज़ारे हो …नहीं यार क्यों अपने साथ हर लड़के की इज़्ज़त डाव पैर लगा रहे हो …छोड़ो उसे किसी और पैर तरय करना शायद उसको तुम्हारी कदर हो ..क्युकी प्यार में इज़ाज़त और म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग के साथ इज़्ज़त या रेस्पेक्ट बहुत जरूरी hai..jo तुम्हारे केस में यहाँ है नहीं …सो एक बार ठन्डे दिमाग से सोचना ..हर लड़के के लिए उसकी मर्दानगी इसमें है की हु लड़की से उसी तरह खुदकी इज़ाज़त करवाए जैसे लड़की उस लड़के से चाहती है ..सोचना एक बार दोस्त तुम आगे समझदार होंगे “

मनु ने उस लड़के को आइना दिखा दिया था ..वह लड़का मनु की कही हुई हर बात पैर सोचने पैर मजबूर था ..की क्या सुच में यह प्यार है ..और जब उसने याद किया तोह उसको अचे से याद आया की रिया ने हर बार सबके सामने उसकी कैसे इंसल्ट की थी …सो उसने एक फैसला लिया और मनु से कहा “ सॉरी दोस्त मैंने सुच में तुमको गलत समझा तुम्हारी हर बात में पॉइंट है ..उस लड़की ने हर जगह मुझे निचा दिखाया है ..और मेरी इज़्ज़त की कभी परवाह नहीं की …सो आज मैंने उसके ड्रिंक में सेक्स ड्रग डालकर उसके साथ बहुत गलत करना सोचा था ..पैर अब और नहीं आज अगर मैं उसके साथ यह सब कर भी लेता तोह भी होश में आने के बाद उसने मुझे पसंद तोह करना वैसे भी नहीं था सो ..भाई ी म सो सॉरी की मैंने ऐसे घटिया हरकत की ..और तुमको भी बहुत कुछ उल्टा सिद्ध कहा ..तुमने सुच में मेरी आँखें खोल दी है ..आज के बाद मैं इस बात का धयान रखूँगा की जिसको मैं चहुँ हु भी मेरी रेस्पेक्ट करे ..और सॉरी यह सब काम करने के लिए …तुमने आज एक बहुत बड़े पाप से मुझे बचा लिया …आज से तुम मेरे दोस्त हो यह मेरा नंबर है लाइफ में जब भी किस काम की जरूरत पड़े मुझे याद करना तुम्हारा यह दोस्त तुम्हारी हर तरह से मदद करेगा “

मनु ड्रग का सुनकर सोच में पद चूका था उसने उस लड़के से हाथ मिलाया पैर उसकी सोच वाली सूरत देखकर हु लड़का “ दोस्त सॉरी आज कैसे भी उस लड़की को रोक लेना क्युकी ड्रग बहुत स्ट्रांग है ..यह हु ड्रग है जिसको उनलड़कियों को दिया जाता है जिनको सेक्स वर्कर का काम करवाना होता है ..पैर यह काम दोसे में है ..और सॉरी इसका कोई एंटीडोट नहीं है ..पैर इसके लिए मुझे माफ़ कर देना दोस्त कहा है ..इस लिए तुमसे छिपा भी नहीं सकता .सो दोस्त उस लड़की को कैसे भी आज की रात रोक लो क्युकी हु कुछ hi देर में खुद कपडे उत्तर देगी और उसका जिस्म सेक्स के लिए तड़पेगा ..और अगर तुमने उसे रोका नहीं तोह हु बहार कहीं किसी कुत्ते से भी सेक्स कर लेगी ..मुझे माफ़ कर देना उसके भाई ने भी बेहोशी की दवा पि राखी है ..वह सुबह से पहले उठेगा नहीं ..सो अब तुमउसको सभाल लो ..”

मनु उसकी बात सुनकर समझ चूका था की हु कैसे प्लानिंग कर रहा है ..पैर क्युकी उसने सब कुछ मान लिया था ..और यह भी कहा था की लाइफ में आगे हु यह सब नहीं करेगा ..ऐसे में मनु उसको जहाँ ड्रग का नाम सुनकर उसे जान से मार देना चाहता था ..पैर उसके सब बताने के बाद और माफ़ी मांगे से सोच में पद चूका था ..क्युकी अभी उस लड़के से ज्यादा रिया और उसके भाई पैर ध्यान देने की जरूरत थी ..

सो मनु ने उस लड़के का नंबर लेकर उसको वहां से भेज दिया ..लड़का भी भरी मैं से आंसू बहता हुआ मनु से हाथ मिलकर चला गया ..उसके आंसू बता रहे थे की उसको अपने किये का दुःख है ..पैर मनु उसके बाद रिया और उसके भाई के पास आया ..जहाँ उसने नोटिस किया की रिया के पसीने छूटने लगे थे ..

मनु ने रिया से वहां से चलने को कहा ..रिया “ पैर भाई को ऐसे बेहोशी में घर लेकर कैसे जा सकती हंग हर मैं क्या और कैसे कहूँगी..???”

मनु कुछ सोचते हुए “ देखो रिया अब ऐसे में मैं तुमको अकेला कैसे छोड़ दूँ सुना न तुमने की तुम्हारे भाई को सुबह तक होश आने वाला नहीं है ..और ऐसे में मैं तुम्हारे को बेहोश भाई के साथ छोड़ दूँ यह मेरे लिए सबसे बड़ी na-kamyabi होगी सो एक काम करो अगर मुझ पैर यकीं हो तोह मेरे farm-house पैर चलो वहां तुम और तुम्हारा भाई रात भर रहना …जहाँ सुबह इसको होश आये तोह तुम दोनों साफल्य अपने घर चले जाना …या मैं खुद तुम दोनों को घर भेज दूंगा ..बाकी तुम जैसा भी फैसला लो मैं तुम्हारे साथ हूँ क्युकी तुम दोनों का धयान अभी रखने के लिए मैं हूँ तुम अकेली नहीं हूँ..” रिया सोचने लगी और मनु का कहना उसको सही लगा ..उसने देखा भी था की कैसे मनु उसकी सेफ्टी का ध्यान रख रहा था ..पैर कहीं न कहीं इस टाइम उसपर मनु का अट्रैक्शन भरी था ..उस पैर सेक्स ड्रग का असर होने लगा था …सो ज्यादा सोचने के बदले उसने मनु के farm-house पैर जाना पसंद किया…

सो मनु ने खुद अकेले hi राहुल को बचे जैसे अपने हाथों में उठा लिया ..रिया देख रही थी की उसका लम्बा छोड़ा भाई मनु के बजून में कैसे बचे जैसे पड़ा है ..और मनु बिना शिकन के उसे हाथों में लिए बहार आने लगा …पैर बहार आते टाइम bouncer’s ने उससे पूछा की यह ऐसे क्यों है ..इस पैर मनु ने कहा इसको हार्ड ड्रिंक की हैबिट नहीं है और हु उसको घर छोड़ देगा …bouncer’s ने भी इस बात पैर ज्यादा ध्यान नहीं दिया …मनु उसको लेकर रिया की तरफ देखता है

मनु रिया से “ देखो मैं अब बिना किसी कार के हूँ ..क्युकी कार तोह हु ले गयी अब क्या करना है ??”

रिया ने अपने भाई की जेब में से कार की के निकल और अनलॉक बोटों प्रेस किया और एक आवाज़ आयी ….”तुइईईई!!”

और के मनु को दिखते हुए कहा “ यह भाई की कार है ..पैर क्युकी मुझे ड्राइविंग नहीं आती है सो अब ..”

मनु “ दूर ओपन करो मैं ड्राइव करता हूँ …” रिया ने दूर ओपन करना चाहा पैर उससे हुआ नहीं

तोह मनु ने उसके भाई को दोनों हाथों से राइट साइड के कंधे पैर शिफ्ट कर दिया …रिया मनु की ताकत देखकर हैरान थी …उसका भाई को मनु किसी खिलोने के जैसे कंधे पैर टंगे हुए था ..उसने रिया के हाथ से के ली और खुद कार का दूर ओपन किया …और उसके भाई को अंडर लिटाकर पीछे की सीट बेल्ट उसके भाई को लगा कर साफल्य बैठा दिया और उसकी कार में पीछे नैक सुप्पोर्टर भी था सो मनु ने उसको पीछे से उसकी सपोर्ट के लिए उसको घुमाकर उसको सिद्ध बैठा दिया ..अब उसकी हवामे लटकने वाली गर्दन भी सेफ थी …रिया हैरानी से बस मनु को यह सब करते देख रही थी ..

हु लोग जो मनु पैर नज़र रखे हुए थे …जब से उन्होंने रिया के भाई को मन ऊके कंधे पैर बिना शिकन के देखा था ..वह कहीं न कहीं उसकी पावर को नोटिस कर चुके थे ..

उनमे से एक “ भाई सोच लो यह तोह पूरा ताकत की मिस्साल है ..जवान लड़का कंधे पैर लिए कितने आराम से गाड़ी खोल रहा है ..भाई पका इसने अकेले hi हमारे साथियों को लुढ़काया होगा …क्युकी यह बाँदा नार्मल नहीं लग रहा है ..मेरा सैलून का तज़ुर्बा कहता है ..यह बाँदा आम तोह बिलकुल नहीं है ..और जैसे इसने वहां खून खाचर मचाया यह कहीं से भी आम तोह क्या आम के पास भी नहीं है …खून देखने के लिए कलेजे की जरूरत होती है ..पैर अकेले इतने लोगों को लुढ़कने वाला और खुनी की नदी बहाने वाला इंसान उसको काम समझना बेग़ भाई के लिए सही नहीं है …मेरी मानो तोह यहीं से वापस हो लो ..वर्ण अगर इसने हमको देखा तोह हम हैं hi कितने ???”

उसकी बात सुनकर सब सोच में पद चुके थे ..क्युकी उनसब में हु hi पुराण जुर्म का कीड़ा था और उसकी बात इग्नोर करनेवाली थी नहीं ..क्युकी सबने अपने गैंग की लाशों का हश्र देखा था और बेग़ को यहाँ मन करना उनके लिए मुश्किल था ..सो तय यह हुआ की हु लोग बस मनु को फॉलो कर्नेगे ..और दुरी बनाकर रखेंगे …

मनु कार में ड्राइविंग सीट पैर बेथ चूका था …रिया मनु के साइड वाली सीट पैर बेथ चुकी थी ..बैठना पीछे चाहती थी …पैर मनु का अट्रैक्शन और ड्रग का असर खुद बा खुद आगे बेथ गयी …

मनु चुपचाप ड्राइव कर रहा था …रिया का गर्मी के मारे बुरा हाल था ..उसकी छूट में खलबली मची हुई थी …न चाहते हुए भी उसकी जवानी उसको मजबूर कर रही थी ..उसकी चुकी टाइट हो चुकी थीं …मनु रिया को अपनी जगहें बिछते हुए देख रहा tha..use भी पता था यह सब किस वजह से हो रहा है ..पैर देखकर अनदेखा करना hi उसने सही समझा …पैर रिया अब अपने होश खोने के करीब थी …पैर जैसे तैसे अपनी टांगों में छूट को दबा रही थी …मनु ने उसको एक तीखी नज़र से देखा और रेस को और तेज़्ज़ दबा दिया ..और गाडी तेज़ी से उसके farm-house की तरफ भगा देता है …

कार के पीछे हु लोग भी दूरी बनाकर लगे हुए थे …कुछ hi देर में मनु अपने farm-house पैर आ चूका था …मनु ने रिया के भाई को कार में से निकला और रिया को अंदर आने को कहा …farm-house में अंदर जाकर जब उसने अंधेरे को चीरती हुई लाइट रोशन किट ओह …रिया को एहसास हुई की farm-house कितना आलिशान है ..उसके हर चीज़ को उसने बड़े धयान से देखा …मनु उसके भाई को सोफे पैर लिटा कर बहार कार को अंदर करके मैं गेट लगाकर वापस आ चूका था …

मनु ने एक रूम में रिया के भाई को लिटाया और उसको आराम से बेडकवर से कवर करके सुला दिया …और एक और रूम को उसने रिया को दिखते हुए कहा की हु उस रूम में सो सकती है …

और मनु बहार जाकर ड्राइंग रूम में टीवी देखने लगा …टीवी देखते हुए मनु को एहसास हुआ की कोई उसे देख रहा है ..पीछे से तोह उसने पीछे मुड़कर देखा ..तोह पीछे रिया नशीली आँखों से मनु को देख रही थी …

मनु ने उससे कहा “ रिया सो जाओ रात बहुत हो चुकी है …फिर भी नींद न आये तोह टीवी तुम्हारे रूम में भी है ..”

रिया “ हु मुझे अकेले रहने का मैं नहीं है ..क्या मैं तुम्हारे साथ बेथ जॉन ??”

मनु उसे बैठने देता है …रात के टाइम में यह बताने की जरूरत नहीं टीवी पैर मोस्टली मातुरे कंटेंट आता है …मनु टीवी देख रहा था सामने इंग्लिश मूवी में एक जबरदस्त सन आ रहा था ..जिसको देखकर रिया के होठों पैर अपनेआप जीभ फिरनी शुरू हो चुकी थी ..

मनु चैनल बदल देता है ..शामे थोड़ी देर उस पैर ठीक रहा बाद में वहां भी स्मूचिंग और ग्रिप्पिंग चलने लगी ..मनु ने फिर चैनल बदला ..और शायद टीवी और किस्मत भी मूड में थे सो जहाँ चैनल लगता वहीँ कुछ न कुछ सेक्स पैर आ रहा था …साला न्यूज़ में भी क्राइम स्टोरी में सेक्स रिलेटेड टॉपिक hi चल रहा था …मनु रिया को देखकर चुपचाप नेशनल जियोग्राफिक चैनल लगा देता hai..jism एक शेर शेरी के उप्पेर चढ़ कर चुदाई कर रहा था …जिसमे शेरनी निचे बैठी थी ..और शेर उसके उप्पेर चढ़ कर लोढ़ा उसमे पेल रहा था …मनु के भी यह सन देखकर कानो से धुआं छूटने लगे थे क्युकी उसको पता था उसके बगल में एक जवान सुन्दर और कमसिन लड़की बैठी है …जो इस टाइम सेक्स ड्रग के नशे में छुड़ाने को बेक़रार है … मनु खुद को काबू करे या रिया को संभाले यह सन उसके दिमाग में चल रहा था ..टीवी पैर सेक्स सन देखने में कोई बड़ी बात नहीं है ..पैर साथ में हॉट और सेक्सी लड़की जोश में आप के साथ चुदाई के लिए त्यार हो तोह न चाहते हुए भी मनु एक्ससिटेड हो रहा था …उसका हलबी लोढ़ा सर उठा रहा था ..

रिया शेरनी की चुदाई देखकर और उसकी हुंकार सुनकर अचानक से मन ऊके पास से उठी और उसने मन ऊके होठों को चूमना शुरू कर दिया ..शायद उसके बास में उसका जिस्म नहीं था …सेक्स ड्रग उसपर हावी हो रहा था …

मनु भी रिया को चूमने लगता है ..और किश नहीं यह एक स्मूच था …रिया बेकाबू हो चुकी थी ..मनु को जहाँ तहँ बेतहशाह चुम रही थी ..और चूमते हुए बोल भी रही थी …

रिया “ ी लव ु ….मानव जबसे तुमको देखा है तुम मेरे दिल में समां चुके हो …ी लव ु …डिअर मानव “

और मुहहहह! पुछःह! पुछःह! के साथ मनु को चूमती जा रही थी …

मनु भी उसके साथ लगा हुआ था ..पैर अचानक से मनु ने उसको अपने से अलग किया और रिया उससे अलग होने को त्यार hi नहीं थी ..पैर मनु के खुद को उससे अलग करने से उसको देखने लगी ..

मनु “ रिया यह सही नहीं hai…tum को इस टाइम होश नहीं है …तुम अपने रूम में जाकर सो जाओ ”

रिया मनु के पास आते हुए “ मुझे सोना नहीं आज की रात जागना है …सोती तोह मैं बचपन से आयी hun…per आजकी रात मेरे बर्थडे पैर मुझे लड़की से औरत बन्दों …यही मेरा गिफ्ट होगा “

मनु “ रिया जैसा मैंने कहा इस टाइम तुम होश में नहीं हो तुम मुझे ठीक से जानती भी नहीं हो ..और क्या इनसब का तुम्हारी लाइफ में कोई असर नहीं होगा ??”

रिया “ मुझे इस टाइम तुम चाहिए और यह फैसला तुमको अचे से देखकर और तुम्हारी केयरिंग नेचर को देखकर hi लिया है मैंने ..पैर अगर तुमको यह मंजूर नहीं तोह मैं अपनी जान दे दूंगी “

मनु “ होश में आओ रिया तुमको ड्रग दिया गया है …एक तगड़ा सेक्स ड्रग और हु तुमको उसी लड़के ने दिया है ..जो वहां क्लब में मिला था …ताकि हु तुम्हारा रपे करके तुमको अपना बना सके …सो होश में आओ ??”

रिया “ देखा इसका मतलब तुमने मेरी चॉइस को और पक्का और सही साबित कर दिया …की तुम केयरिंग और सुप्पोर्टीवे हो …अब बस मुझे मेरा बर्थडे गिफ्ट दे दो मुझे अपना लो …प्लीज “

मनु “ तुम ज़रा दिमाग से काम लो अभी तुम पैर सेक्स हावी है ..ऐसे में फैसला लेना बिलकुल सही नहीं है और यह क्या गिफ्ट लगा रखा है ..यह कोई टॉफ़ी है क्या …सोच समझ भी रही हो ..इसका आगे क्या अंजाम होगा ..क्युकी अक्सर तुम लड़कियां सेक्स के नशे में काम करके निकल जाती हो ..पैर जब होश आता है तब हम लड़के रपे के झूंटे इलज़ाम में जेल में होते हैं जहाँ तुम्हारे हर उस मज़े की कीमत हम लड़के चूकते है समाज में अपनी और अपने परिवार की बदनामी और काम और जान पहचान वालों में अपनी नगाह हमेशा के लिए नीची करवा कर सो …मुझे इससे दूर hi रखो..”

रिया चिढ़ते हुए “ देखो तुमको क्या मैं ऐसी लड़की लगती हूँ मैं नहीं मैं ऐसे घटिया लड़की नहीं हूँ …जो अपने मज़े के लिए तुम्हारी बदनामी करवाए …तुमको पहली बार देखते hi मुझे तुमसे प्यार हो चूका था ..यह सही है की इस टाइम मेरा जिस्म मेरे काबू में नहीं है ..पैर इसमें भी एक बात सुच है की तुम अगर मुझे नहीं अपनाओगे तोह मैं खुद को ख़तम कर लुंगी ..पैर किसी और के निचे नहीं लेटूंगी ..सो एक बार मेरे प्यार को अपना लो “

मनु “ पैर मैं प्यार से नफरत करता हूँ ..पैर मेरे बिज़नेस में लड़कियों से मिलाना जुलना भी शामिल है सो ऐसे में तुमको बुरा नहीं लगेगा जब तुम मुझे किसी और के साथ देखोगी …क्युकी मैं एक बार अपनी ज़िन्दगी में इसी प्यार के नाम पैर बहुत रोया हूँ तब से मुझे इस प्यार से नफरत हो चुकी है …हाँ दोस्ती के लिए त्यार हूँ …”

रिया “ मुझे तुम्हारा यह काम और लड़कियों से मिलना जुलना भी मंजूर है …मैं तुमपर कोई लेबल नहीं लगा रही हूँ अपने नाम का मैं सिर्फ तुमसे तुम्हारे दिल में थोड़ी जगह मांग रही हूँ …मुझे तुम बेशक अपने साथ मत रखना पैर आज के बाद रिया पैर मर्द के नाम पैर अगर किसी का हक़ होगा तोह हु मानव के नाम का होगा …तुम बहार किसी के साथ कुछ भी करो मुझे परवाह नहीं ..बस मुझे टाइम टाइम पैर अपने प्यार की बारिश में भीगते रहना ..इतना hi काफी है ..”

मनु “ पैर कब तक ?? आज नहीं तोह कल तुम्हारी शादी होगी तब क्या करोगी ??”

रिया “ यह रिया शर्मा का वडा है …आज के बाद रिया का जिस्म रिया की आत्मा और रिया का सब कुछ सिर्फ तुम्हारे नाम होगा …मर जाउंगी पैर शादी तोह दूर की बात है …किसी का नाम भी मेरे साथ जोड़ने की कोशिश की गयी तोह रिया खुद को उसी टाइम ख़तम कर लेगी ..”

मनु “ सोच लो अभी भी टाइम है …यह सब कहने और करने में बहुत आसान नहीं है …क्युकी अगर ऐसा कुछ हुआ तोह वापसी का रास्ता नहीं है …”

रिया आगे बढ़कर मनु की शर्ट को पकड़ कर उसको अपने पास खींचती है …और कहती है …

रिया “ सोचना और समझने में इंसान पूरी ज़िन्दगी लगा देता है ..पैर ज़िन्दगी हर पल मुट्ठी में फिसलने वाली रेट के जैसे काम होती रहती है ..मेरा फैसला बहुत सोच समझ कर लिया गया है ..जिसको अब तोड़ना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन है ..सो मेरे बालम अपना कहो क्या तुमको यह लड़की अछि नहीं लगी क्या …???”

मनु “ सोच लो सुबह जब तुम्हारा भाई उठेगा तब उसे क्या कहोगी ?? और अपने फॅमिली वालों को कैसे कहोगी ??”

रिया “ फैसला तोह अब मैं कर चुकी हूँ …तुम्हारे नाम यह ज़िंदगानी लिख दी है ..अब तुम चाहो जैसे मुझे पसंद करो या तोह अपनाओ या न अपनाओ ..पैर इतना समझ लो रिया आज से तुम्हारी hi है …चाहे बीवी मनो ,परमिका मनो ,या रखैल मनो ,,,मुझे किसी नाम से कोई लेना देना नहीं है मेरे लिए तुम ज़रूरी हो ,,,नाम नहीं ..सो मर्ज़ी अब तुम्हारी है ”

मनु इस पैर रिया को गॉड में उठा लेता है …और रिया उसको चूमने लगती है …

मनु उसको रिया के रूम में ले आता है …जहाँ मनु रिया को उस बीएड पैर लिटा देता है ..और रिया ऐसे में आँखें बंद करके मनु के अगले कदम का इंतज़ार करने लगती है …

पैर मनु कुछ करता नहीं ..सो आँखें खोलकर देखती है …तोह पाती है मनु ने उसके पास ड्रावर में से कुछ stamp-paper निकल लिए थे …

मनु “ रिया मैं एक बिजनेसमैन हूँ …बोलकर मुकर जाना लोगों की आदत होती है …बिज़नेस में बोलने वालों से ज्यादा लिखे को मानने वाले ज्यादा सेफ होते हैं …आज तुम प्यार का नाम ले रही हो ..सुबह जब होश आएगा तब यह प्यार कब रपे में बदलजाएगा …अचे से पता है मुझे …सो नाउ मेरे कदम से ज्यादा तुम्हारे नेक्स्ट कदम पैर मेरा फैसला है ..चॉइस इस your’s “

रिया मनु के हाथों से हु पेपर लेकर हर एक पैर सिग्न करके दे देती है ..और कहती है

रिया “ कुछ कामिनी लड़कियों की वजह से हर लड़की बदनाम हैं और शक की नज़र से देखि जाती हैं ..सो मैंने हर पेपर पैर सिग्न कर दिया है …अब आप चाहो जो भर दो इनपर ..ज्यादा से ज्यादा मेरी जायदाद hi ले लोगे अगर मैं बना तोह …पैर मेरा सब कुछ पहले से hi मैं आपके नाम कर चुकी हूँ ..सो कागज़ के टुकड़े पैर कुछ सिग्न अगर आपसे मुझे मिलवाते हैं तोह सौदा यह भी महंगा नहीं है …”

मनु उन stamp-paper को लेकर अचे से चेक करता है और उनको दूसरे कमरे में सेफ में रख देता है ..और वापस रिया के पास आता है

मनु “ सॉरी रिया ..यह सब सोचना पड़ता है क्युकी बात अकेले की नहीं फॅमिली भी हर इंसान के साथ जुडी होती है ..जिनपर इंसान के हर सही और गलत फैसले का असर होता है ..सो मुझे गलत मत समझना ..क्युकी तुम भी समझदार हो ..”

रिया “ अब तोह यकीं करलो जी हम पैर चाहे आप मनो या नमानो पैर हम तोह अब आपके hi हैं …”

मनु “ मेरी क्या अब तुम मेरी hi फॅमिली हो …भले hi अभी कोई रिश्ते का नाम नहीं है पैर आगे जैसे टाइम होगा सोचा जायेगा ..बूत ी लिखे ुर डेरिंग ..”

रिया इस बात पैर मनु को एक जबरदस्त स्मूच देती है …मनु भी उसको स्मूच करने लगता है ..

रिया मनु से ज्यादा एक्ससिटेड थी सो उसने जल्दी से अपने कपडे जिस्म से अलग करने शुरू कर दिए थे …

मनु ने तब भी स्मूच नहीं तोडा था …रिया अपने कपडे उतार चुकी थी बचे थे तोह सिर्फ उन्देर्गर्मेन्ट्स रिया ने अब खुदको मनु से अलग किया …मनु ने जब उसको देखा तोह पाया की रिया सुच में एक अनछुई लड़की थी जिसका जिस्म तराशा हुआ था उसका साइज 34-24-34 के अस्स पास था …मनु ने उसको देखा तोह रिया ने खुद को छिपाने की कोई कोशिश नहीं की तोह मनु ने आगे बढ़कर उसकी एक चुकी को अपने एक हाथ में थाम कर उसे मसलना शुरू कर दिया था …मनु ने उसकी सिल्वर कलर के पंतय में जहाँ उसकी छूट का पानी लगातार बह रहा था वहां अपने एक हाथ को लगा दिया …जिससे रिया और मचलने लगी ..

ससीईई!!! आअह्ह्ह! जैसे उसकी सिसकी निकलने लगी थी …मनु अपनी आदत के चलते बेरहमी से उसकी एक चुकी को लगातार मसल रहा था …रिया की छूट में उसका हाथ और काम कर रहा था …और उप्पेर से बिना रुके रिया के मुँह उसके गले पैर मनु किश कर रहा था …जिससे रिया अपना आप खोने hi लगी थी ….

मनु के तीन तरफ़ा हमले से रिया का हाल बेहाल था …पैर न तोह मनु हार मैंने को त्यार था और न hi रिया हार मानने के मूड में थी …

मनु का लोढ़ा भी अब अपने होश में आने लगा था …पैर उसने यह सब रोक कर रिया से अचानक अलग होकर पूछा “ रिया क्या तुम सुच में यही चाहती हो ???सोच लो अगर इससे आगे बढे तोह रुकना मुश्किल होगा अभी भी वक़्त है …आगे कहीं ऐसा न हो की बाद में कभी मेरे बारे में तुम जानो तोह पीछे हैट जाओ …तब शायद तुमको इस फैसले पैर पछतावा हो …सोच लो …”

रिया “ अब तोह दुनिआ की कोई ताकत रिया के dil-or दिमाग से आपको हटा नहीं सकती चाहे अब कुछ भी हो जाये रिया सिर्फ तुम्हारी है ..इस दिल और दिमाग के साथ अब इस जिस्म पैर भी अपनी मोहर लगा दो …ताकि रिया सही मायने में आपसे हमेशा हमेशा के लिए जुड़ जाये ..”

मनु “ सोच लो मेरा रिलेशन और भी लड़कियों से है रिश्ते की शुरुवात में सब क्लियर कर रहा हूँ ..और हो सकता है आगे भी बहुत सी लड़का मेरी लाइफ में आएं सो अभी भी वक़्त है …सोच लो “

रिया “ मैं अब आपकी हूँ सोचना नहीं है मैंने क्लब में उस लड़की को आपके साथ डांस करते हुए देखा था ..तब hi समझ गयी थी की आपके लिए पहली बार नहीं है ..और इसके लिए मुझे कोई पछतावा भी नहीं है …मुझे सिर्फ आपका साथ चाहिए और कुछ नहीं …आप जहाँ भी रहो ..खुश रहो ..मैं आपके किसी चीज़ में रोड़ा बनने वाली नहीं हूँ आप किसी के साथ भी कुछ भी करो ..प्यार बाटने से काम नहीं होता बढ़ता है सो बस मुझे भूलना मत यही एक रिक्वेस्ट है मेरी आपसे ..”

मनु “ तोह मेरी एक बात हमेशा याद रखना …तुम जैसे चाहो रहो ..आज के बाद तुम मेरी होगी ..तुम्हारी साड़ी जिम्मेदारी मैं देखूंगा अबसे ..तुम जब चाहोगी मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगा पैर ..बस एक रिक्वेस्ट मेरी है ..मुझे प्यार के नाम से सख्त नफरत है …बाकी हर तरह से मैं तुम्हारे साथ हूँ आगे जो भी होगा मैं उसमे तुम्हारे साथ हूँ पैर जब मुझे जरूरत होगी तब तुम मेरा साथ देना …बाकी प्यार का नाम कभी मत लेना …”

रिया “ मुझे मंजूर है …अब “

मनु रिया का इशारा समझ चूका था उसके हाथ और उसके होंठ फिर से काम पैर लग चुके थे रिया भी अब और हॉट हो गयी थी …उसने मनु को अपने उप्पेर खींचा और उसे लेकर बीएड पैर गिर गयी …

अब आलम यह था की रिया बीएड पैर मन ऊके निचे दबी हुई thi…or मनु उप्पेर से उसके उप्पेर एक हाथ से उसकी चुकी मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी छूट मसल रहा था …और किश …

किश का हाल तोह यह था की दोनों के मुँह एक दूसरे की सलीवा पहचान चुके थे …अब रिया ने मनु की शर्ट उत्तरनि चाही पैर मनु उसके उप्पेर था और वजन में उससे ज्यादा था सो रिया शर्ट उतरने में नाकाम हो रही थी ..मनु यह देखकर रिया के उप्पेर से उठकर बीएड के कहिनारे खड़ा हो चूका था …

रिया उसके उठते hi बीएड से तेज़ी से उठी और किश करते हुए उसने खुद मनु की शर्ट और अंडर की वेस्ट उत्तर दी और साथ में मनु की पेण्ट भी खोल दी ..उसने अभी तक मन ऊके जिस्म को देखा नहीं था …क्युकी मनु और रिया ने यह सब किश करते हुए किया था …

रिया के सामने अब मनु सिर्फ अंडरवियर (कच्चे ) में था …और सामने रिया भी ब्रा और पेंटी में थी रिया की छूट से बेहटा पानी उसकी छूट के सामने के साथ उसकी पूरी पंतय गीली कर चूका था …

मनु ने अब रिया को बीएड पैर धकेला और उसके सामने अब मनु बीएड के सामने खड़ा था …रिया ने अब पहली बार मनु की बॉडी को देखा …उसको पहले थोड़ा शक था की मनु शायद कोई गयम में जाता होगा ..पैर सामने जब उसने 10 पैक की बॉडी और लम्बा कद गठीले कंधे और मांशपेशियां देखि जिस्म मनु के छोड़ा मज़बूत बज़्ज़ो और छोड़ी पत्थर सी छाती देखि तोह रिया खुद को बीएड से उठने से रोक नहीं पायी ..

उसने उठकर मनु के जिस्म को देखकर उसको छुआ जैसे की उसको यकीं hi नहीं था ..की कवर बॉडी में मनु इतना कुछ छिपाये हुए है …उसने हर एक हिस्से को अचे से छुआ और उसको चूमा ..मनु भी रिया के इस तरीके को एन्जॉय कर रहा था …

रिया का मैं नहीं बहार रहा था …मनु को चूमने से चूमते हुए रिया मनु की निप्पल तक आ चुकी थी ..रिया ने जब मनु की निप्पल को देखा तोह उसने मनु की निप्पल को चूमना शुरू कर दिया ..जिससे मनु भी अजनाने नशे में दुब चूका था …मनु के कमर में एक झुरझुरी सी उठ गयी थी रिया के उसके निप्पल पैर किश करने से ..

मनु का लोढ़ा बी पूरा तन्न चूका था …अंडरवियर में लोढ़ा पूरा अंडरवियर को जिस्म से अलग किये हुए था क्युकी लास्टिक मनु के लोडे के तन्न जाने से उसकी पावर के आगे थोड़ी काम पावर दिखा प् रही थी …

मनु ने अब रिया को गॉड में उठा लिया …रिया भी उसकी खड़े होने की वजह से उसके जिस्म से चिपक कर कैंची जैसे उसके कमर से लपेट चुकी थी ..उसकी गांड से मनु का लोढ़ा छूट रहा था मनु का सारा पेट रिया की छूट के पानी से सं चूका था पैर इस टाइम इसकी परवाह किसको थी ..

मनु गॉड में लिए रिया को धीरे से बीएड पैर लिटा देता है ..और उसके हाथ रिया की कमर के पीछे जाकर उसके ब्रा को अलग कर चुके थे …रिया की लाल पद चुकी चूचियां मन ऊके आँखों के सामने थी ..मनु ने रिया को लिटा दिया था पैर रिया अभी तक कैंची की तरह मनु के कमर से लगी हुई थी …मनु ने उसकी चूचियों को जी बहार कर चूसा और कॉकस कर भींचा …रिया भी कई बार दर्द से बिलबिला चुकी थी ..पैर सेक्स उसके दिमाग पैर इतना हावी था …की उसको इसमें भी मज़ा आ रहा था …

मनु अब उसकी पंतय यार कुछ लोगों की रेकेस्ट थी कच्ची कहूं क्युकी उनको कच्ची ज्यादा किंकी लगता है ..

सो मनु अब रिया की कच्ची में हाथ दाल कर उसकी छूट को कसकर भींच देता है …रिया की छूट पानी बहा रही थी …रिया की छूट पैर एक भी बाल नहीं था …जो मनु आसानी से महसूस कर सकता था ..

मनु ने रिया की कच्ची को खींच कर उसे रिया की गांड से निचे सरका दिया और घुटने तक जाने के बाद कच्ची को मनु ने अपने पेअर से खींच कर उसको पूरा नंगा कर दिया था …

रिया भी अपने जिस्म की हर हलचल को महसूस कर रही थी …मनु उसकी चूचियां छोड़ कर उसकी गोरी अनछुई छूट की तरफ बढ़ा …मनु ने निचे जाते हुए भी उसके हर हिस्से को चूमना जारी रखा था ..उसकी छूट तक आकर मनु ने उसकी छूट को एक बार dekha…paani से लबाब भरी छूट खुल और सिकुड़ रही थी …उसकी छूट इतनी छोटी थी …की शायद hi खुद रिया की ऊँगली भी उसमे जा सके ..मतलब 100% वर्जिन थी रिया ..

मनु ने रिया से पूछा “ रिया यह तोह मतलब तुमने आज तक इसमें कुछ नहीं किया है ??”

रिया निचे छूट पैर मनु को देखते हुए “ देखलो सिर्फ अपनी लाइफ में पी करने लिए hi इसका उसे किया है ..आज तक मैंने इसको अपने लाइफ पार्टनर के लिए बचा रखा था …आज जब लाइफ पार्टनर सामने है यह उसकी है ..अब आप देखो उसको यह आपकी है..”

मनु सोचने लगा और बोलै “ रिया दर्द बहुत होगा “

रिया “ पैर इस दर्द के बाद आपकी मोहर लग जाएगी ..और वैसे भी हर लड़की को यह दर्द सहना hi पड़ता है …तोह आप का दिया हर दर्द मेरे लिए एक अनमोल गिफ्ट है ..आप मेरी परवाह मत करो बस मुझे अपनी बना लो “

मनु इस बात पैर रिया को बड़े प्यार से देखता है ..” रिया हर तरह से कोशिश करूँगा की तुमको दर्द काम हो ..पैर जब हो तब रुकने को कह देना मुझे …okay ??”

रिया हाँ में सर हिला देती है …और मनु छूट पैर एक बार उप्पेर से निचे झीभ फिर देता है …रिया का जिस्म गरम जीभ के पड़ते hi कांप जाता है ..उसकी लाइफ का छूट चटाई का पहला एहसास था ..जो उसको मनु से मिल रहा था ..और उसके लिए यह अनूठा एहसास था ..उसकी कमर अपने आप मचलने लगी थी ..

मनु भी जी जान से उसकी छूट चूस रहा था …बिना रुके उसकी छूट छत्ते हुए मनु ने 7 या 8 मिनट में hi रिया को झाड़ दिया था ..उसका पानी बहुत निकला tha..manu ने एक बांड उसका पानी वास्ते नहीं जाने दिया ..और उसकी छूट को चाट चाट कर साफ़ कर दिया था ..रिया की लाइफ का पहला ओर्गास्म था यह …मनु अब उठा और उसके होठों को चूमने लगा …

रिया को अब चुदाई की सख्त जरूरत थी …छूट अपने नए साथी के लिए फड़फड़ा रही थी ..उसके हाथ अपने आप मन ऊके लोडे पैर जा चुके थे ..और जैसे hi उसने लोढ़ा छुआ तोह उसके होश उड़द गए …

उसने मनु को रोका और उसके कच्चे को उत्तर दिया ..हैरत से उसकी आँखें फ़ैल चुकी थी …लोढ़ा गोरा होने के साथ मनु के जिस्म जैसा hi तगड़ा और कैसा हुआ था लोडे पैर नसें भी हरे से रंग में साफ़ साफ़ देखि जा सकती थी …उसके लोडे को देखकर रिया का मुँह खुला का खुला रह गया था ..मनु ने आगे बढ़ कर रिया के मुँह तक लोडे को लाया ताकि हु उसे मुँह में ले सके …

मनु ने उसके सर पैर हाथ रखकर उसको लोडे पैर हलके से दबा दिया ..रिया ने मनु को रोका और कहा “ सुनिए मैं अब आपकी हूँ आपकी हर विश को पूरा करना मेरा काम है ..पैर प्लीज यह सब मेरी लाइफ में पहली बार है थोड़ा देख तोह लेने दो इसको ..क्युकी अब यह मेरे है प्ल्ज़ न “

रिया के इस लहज़े से मनु रुक गया था …रिया किसी बचे जैसे लोडे को लाइट में चकते हुए देख रही थी ..कभी लोडे की खाल को पीछे करती तोह कभी उसके सुपडे को और करीब से देखती ..मनु उसको यह सब करते हुए देख रहा था ..रिया अपने हाथ में लोडे की गरम और ठोस पकड़ महसूस कर सकती थी ..

रिया इस बार जब सुपडे को पास से देखने के लिए आयी तोह उसने मनु के लोडे को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया ..पैर उसका चूसना किसी नौसिखये जैसा था ..कभी मनु के लोडे पैर दन्त लगते तोह कभी उसका हलक …पैर जितना भी हु चूस सकती थी उसने चूसा ..और जब थक गयी तोह उसने चूसना रोक दिया ..

मनु ने अब रिया को बीएड पैर लिटा दिया ..क्युकी उसका पहला टाइम था चुदाई का सो मनु ने एक तकिया रिया की गांड के निचे रखा …जिसके बाद छूट उप्पेर हो चुकी थी …

मनु “ रिया पैर मेरे पास इस टाइम कंडोम नहीं है “

रिया “ मुझे जरूरत भी नहीं है …आप उसको मारो गोली मुझे उसको हर हाल में अचे वे से महसूस करना है ..और वैसे भी मैं सिर्फ आपकी हूँ सो आपको आगे धयान रखना होगा किआ आप दुसरऊँ को प्रोटेक्शन से करें पैर मैं तोह बिना प्रोटेक्शन के करुँगी क्युकी यह एक बीवी का हक़ है “

मनु “ बहुत जल्दी बीवी बन रही हो ..तुमको नहीं लगता यह सेफ नहीं है तुम्हारे लिए ..”

रिया “ जो कहा सही कहा ..आप अपना काम कीजिये न ..प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं है मुझे और अगर कुछ

हुआ भी तोह हु मेरा जिम्मा होगा “

मनु “ हाँ देवी जी जैसे कुछ हुआ तोह मैं तुमको छोड़ कर भागने वाला हूँ …नहीं डिअर अब तुम मेरी जिम्मेरदारी हो अबसे सो जो होगा देखा जायेगा ..”

इस पैर रिया ने बड़े प्यार से मनु को देखा ..मनु लोडे को छूट पैर लगाने जा रहा था ..की रिया का हाथ खुद उसका लोढ़ा थम लेता है ..और रिया खुद उसको अपनी छूट पैर लगा लेती है …छूट इस टाइम भी बहुत गरम और पानी से लबालब भरी थी ..मनु ने हलके से सुपडे को अंदर धकेला ..

रिया को दर्द बहुत हुआ ..पैर उसने एक वर्ड नहीं निकला ..क्युकी बगल के रूम में उसका भाई बेहोश पड़ा था ..

मनु ने रिया को देखा और उससे इशारा किया की रुके या आगे बढे ..रिया ने आगे बढ़ने का इशारा किया मनु ने एक टाइट और करारा झटक दिया तोह लोढ़ा आधे से थोड़ा काम रिया की छूट में समां चूका था ..रिया की जान उसके हलक में आ चुकी थी …हु तोह छूट का पानी था वर्ण लोढ़ा छूट का हाल बिगाड़ देता ..मीन्स लुब्रिकेशन की वजह से मनु का लोढ़ा आधा जा चूका था ,,छूट की दीवारों से खून बहना शुरू हो चूका था ..मनु ने देखा रिया अपने दांतों में होठों को दबाये दर्द सेह रही thi..manu ने उसके होठों को चूमना शुरू किया और हलके से उसकी छूट में लोडे को घूमना सर्किल में शुरू किया ताकि छूट में जगह बन जाए …और वैसे हुआ भी ..मनु ने उसको होठों को एक स्मूच में लेकर एक और तेज़ झटक दिया और लोढ़ा अब रिया की छूट में पूरी तरह से उत्तर चूका था ..

रिया के आंसू रुक नहीं रहे थे ..छूट में बेइंतेहा दर्द हो रहा था रिया को ..और मुँह से होठों के मन ऊके होठों में होने की वजह से “ हम्म्म्प्पफहह हम्पपपपपमम! “ आवाज़ आ रही थी …

मनु ने जब रिया को चुप होते देखा तोह उसके प्यार से उसके माथे को चूमते हुए कहा “ सॉरी तुम्हारा दर्द मैं काम से काम करना चाहता था ..पैर अगर धीरे धीरे करता तोह ेके क इंच तुमको दर्द देता सो मजबूरन दो बार में करना पड़ा ..पैर अब तुमको दर्द नहीं होगा ..यह मोहर जो तुमने कही थी लगा दी है मैंने “ रिया की भीगी आँखों के आंसू पिटे हुए मनु ने कहा ..

रिया ने महसूस किया की मनु का लोढ़ा उसके पेट तक जा रहा है ..जिस छूट में ऊँगली तक नहीं किट hi रिया ने उसमे हलबी लोढ़ा फंसा हुआ था और लोढ़ा भी ऐसा जिसने शमनं जैसी छोड़ने वाली औरत की छूट से खून निकल दिया था …

पैर रिया को मनु का यूँ उसकी केयर करना बहुत ाचा लगा …रिया ने हलके से मनु से कहा …” आगे कुछ कीजिये न “

मनु “ क्या करुणा आगे बताओ जरा “

रिया “ जो आपको करना है ..इतना करने के बाद भी मुझसे पूछ रहे हो ??”

मनु “ देखो साफ़ साफ़ कहूंगा ..चुदाई में साफ़ साफ़ बात करना पसंद है मुझे तुम भी साथ दो तोह मज़्ज़ा और बाद जायगा ..क्या कहती हो??”

रिया “ तोह चुदाई शुरू कीजिये मेरी …मैं अब आपकी हूँ जो आपको पसंद होगा वही करुँगी “

मनु ने छूट में लोढ़ा हिलना शुरू किया ..रिया कसमसा गयी लोढ़ा हिलने से पैर उसने मनु को रोका नहीं ..मनु ने एक बार पूरा लोढ़ा निकल दिया छूट से …लोढ़ा निकलते hi रिया ने चैन की साँस ली ..पैर अगले hi पल मनु ने लोडे को दुगनी राफ्तेर से लोडे को अंदर ठूंस दिया ….

रिया सिसक कर रह गयी ..उसकी छूट में जलन हुई ..पैर मनु ने ऐसा कई बार किया लोढ़ा निकल कर छूट में फिर से ठूंस देना …जिससे रिया की छूट ने फिर से पानी बहाना शुरू कर दिया था …

उसके हाथ मनु के कन्धों पैर आ चुके थे ..उसको भी अब मज़्ज़ा आने लगा था पैर मनु लोढ़ा पूरी तरह से निकल कर उस फिर से अंदर कर रहा था ..रिया को दर्द काम महसूस हो रहा था …छूट ने जगह बना ली थी मनु के लोडे के हिसाब से ..

मनु ने अब छूट में लोढ़ा डाला और रुक गया ..रिया ने उसको देखा ..और कहा “ रुक क्यों गए आप ?? “

मनु “ तोह चुदाई शुरू करूँ डार्लिंग ??” रिया डार्लिंग सुनकर ख़ुशी से मनु को चूमने लगी थी ..

उसने कहा “ अब किसका इंतज़ार है ..अब मोहर लग चुकी है ..मैं आपकी हो चुकी हूँ ..अब रुकिए नहीं प्ल्ज़ चुदाई कीजिये न “

मनु ने उसकी बात मानते हुए अब लोडे को तूफानी राफ्तेर से चुदाई में झोंख दिया …छूट से बेहटा पानी और छूट में लोडे का अंदर बहार होना …अब रिया को असीम सुख दे रहा था ..उसको मज़ा आ रहा था ..उसने मनु को और कसना चाहा ..पैर मनु का जिस्म उसके हाथों में पूरा नहीं आ प् रहा था ..

पैर मानु की चुदाई से उसकी छूट से झाग उठने लगे थे और अब फच!!!! फच की आवाज़ आ रही थी ..

रिया का जिस्म मन ऊके हर ढ़ाके के साथ थिरक उठता था …रिया “ ऊऊफफफ !!! आह्ह्ह्ह ! “ करके चुदाई एन्जॉय कर रही थी ..पैर मनु ने अचानक उसके पैरों को उठा लिया और अपने कन्धों पैर रख लिया ..

जिससे छूट में लोढ़ा और अंदर तक जा रहा था ..जिससे पहले तोह रिया को हल्का सा दर्द हुआ ..पैर ढेरी धीरे उसको मज़्ज़ा आने लगा था ..

और हर झटके पैर मनु की जाँघे उसकी गैंग से टकरा कर पत्त्त्त! पट्ट!!! की आवाज़ पैदा करने लगी थी ..

रिया अब मज़े में कहने लगी थी ..” और जोर से करिये न ..और जोर से हाँ ऐसे hi …छोड़िये मुझे “

मनु भी और जोर से उसे छोड़ने में लगा हुआ था ..की 20 मींचे की चुदाई के बाद रिया अपना पानी बहाने को त्यार थी ..

रिया” आठ!!! मैं गयी जानू मुझे आह्हः! और जोर से छोड़ो प्ल्ज़ मुझे आज जो सुख मिला है हु जीवन में पहली बार मिला है ,मैं आज से आपकी गुलाम हूँ आह्हः!! और जोर से जानू “

मनु बिना रुके उसको छोड़ता रहा और रिया की छूट ने भलभला कर पानी बहाना शुरू कर दिया था

रिया “ उफ्फ्फ !!! आह्ह्ह्ह!!! हम्म्म्म!!! ुयी!!! माँ! मुझे सम्भालो जानू मैं ुध रही हूँ “ कहते हुए रिया का पानी निकल चूका था …पैर मनु रुका नहीं उसने और तेज़ झटके देने शुरू कर दिए

रिया का ओर्गास्म अब रुक चूका था ..उसकी छूट में अब जलन हो रही थी ..उसकी दर्द भरी सूरत देखकर मनु अपना लोढ़ा निकल लेता है …

रिया चौंक कर “ क्या हुआ आपका तोह नहीं हुआ फिर आपने क्यों निकला ??”

मनु “ क्युकी अब तुमको दर्द होगा सो थोड़ा रुक जाऊंगा ??”रिया को अपने लिए फ़िक्र करते देखकर मनु पैर बड़ा प्यार आया ..

उसने लोडे को देखा लोढ़ा सिद्ध तना हुआ मज़बूती के साथ कमेंट की तरह खड़ा था …

रिया को अपने पैर शर्म आयी की उसने मनु का साथ सही से नहीं दिया ..

मनु “ परेशां मत हो चाहो तोह मैं रुक सकता हूँ कोई बात नहीं ..तुम आराम कर लो थोड़ी देर ..”

रिया “ नहीं यह सही नहीं है पत्नी का काम होने पैर आ पैसे बेचैन रहेंगे तोह मुझे ाचा नहीं लगेगा “

मनु “ तोह एक काम करो घूम जाओ मैं दूसरा रास्ता देख लूंगा “

रिया हैरत से “ दूसरा रास्ता मतलब “

मनु ने उसकी गांड पैर हाथ फिरते हुए कहा “ यह है दूसरा रास्ता पैर इसमें तुमको फिर से एक बार

दर्द होगा ..अगर तुम चाहो तोह मैं रुक सकता हूँ फिर भी …”

रिया घूमते हुए “ नहीं आपको रुकने की जरूरत नहीं है मैं आपकी हूँ मेरे जिस्म के हर हिस्से पैर अब आपका हक़ है …सो आप अपना काम कीजिये ..मेरे दर्द की फिक्र मत कीजिये हु मेरी प्रॉब्लम है ..आपको जब तक चैन नहीं मिलेगा मुझे तब तक चैन नहीं मिलेगा …सो आप अपना दूसरा रास्ता देख लीजिये …पैर थोड़ा आराम से वर्ण मेरी जाना न निकल जाये कहीं आपके इस दूसरे रस्ते के चक्कर में ??”

मनु “ आराम से hi करूँगा पैर दर्द जितना होगा उसे कामकरने की कोशिश जरूर करूँगा “

मनु ने यह कहकर बीएड से उठा और किचन में जाकर आयल ले आया ..उसने आते हुए चेक किया की रिया का भाई जगा तोह नहीं है ..पैर हु बेचारा बेहोशी के आलम में बीएड पैर पड़ा था ..मनु ने आते हुए उसका रूम बहार से लॉक कर दिया …

और आयल लेकर रिया के पास आया ..रिया आयल देखकर समझ गयी आगे होना क्या है सो हिम्मत करके लेती हुई थी ..एक hi रात में उसकी छूट के साथ उसकी गांड का रास्ता खुलने वाला था …

मनु ने रिया की गांड में अचे से तेल भर दिया और अपने लोडे को भी अचे से तेल से पोट्ट लिया ..और रिया की गांड पैर लोडे को सताया और रिया को कहा “ थोड़ा संभालना मैं अंदर दाल रहा हूँ ..ढीला रखना वर्ण दर्द बहुत होगा “

रिया “ हु मैं देख लुंगी आप अपना काम कीजिये न प्ल्ज़ “ अंडर से रिया भी इस नए एक्सपीरियंस के लिए एक्सीटेंड थी ..पैर दर्द का डर उसको भी लग रहा था …उसने अपनी गांड को ढीला छोड़ा पैर गांड दर्द के नाम से ढीली पड़ने के बजैये टाइट हो रही थी ..पैर मनु ने वेट किया और उसकी गांड को ढीला पड़ते hi उसकी गांड में लोढ़ा सही से निशाना लगा कर ठूंस दिया ..

रिया “ आह्ह्ह्ह! माँ यह तोह आगे से भी दर्द नाक है …”

मनु “ बहार निकल लूँ या रहने दूँ “

रिया “ नहीं आप अपना काम कीजिये मैं आज हर तरह से आपकी होना चाहती हूँ ..जो करना है बिना मेरी

परवाह किये कीजिये आप ..”

मनु ने लोडे पैर और जोर दिया तोह लोढ़ा और गांड चिकनी होने की वजह से लोढ़ा गांड को चीरता हुआ ..आधा अंदर चला गया ..रिया के आंसू बहने लगे थे ..पैर उसने बड़ी मुश्किल से अपनी आवाज़ रोकी हुई थी …

लोडे को गांड ने मुठी में जैसे कस्ते हैं वैसे कैसा हुआ था मनु ने बचे हुए तेल को लोडे पैर टपका दिया ..और एक और झटके में लोडे को पूरा जड़ तक धंसा दिया ..रिया इस बार अपनी आवाज़ रोक नहीं पायी ..

रिया “ आह्हः! माँ ..मुझे जान से मार देंगे क्या ..ऐसे दो बार में hi जान निकल दी आपने तोह “

मनु “ बस हो गया ..दो बार में जितना दर्द होना था हो चूका अब मैदान फ़तेह है तुम्हारा यह रास्ता भी मोहर ले चूका है “

रिया “ प्लीज कुछ देर रुक जाईये न ..बहुत दर्द हो रहा है ..ऐसा लग रहा है की आपने कोई डंडा ठूंस दिया है “रिया को पता नहीं था की उसकी गांड से खून बह रहा है ..पैर मनु ने लोडे पैर हाथ लगते हुए देख लिया था ..पैर रिया डर न जाये इसलिए उसको नहीं बताया था …

मनु उसकी इस बात पैर उसके नंगी गर्दन चूमने लगता है …जिससे रिया को थोड़ी रहत मिलती है ..पैर मनु आगे उसकी चूचियां भी मसलने लगता है …जिससे रिया को थोड़ा आराम मिलता है मनु हलके हलके लोढ़ा हिलने लगता है जिससे जगह बन सके …

और जब उसको लगता है जगह बन गयी तोह रिया को साँस लेने नहीं देता मनु …उसकी तूफानी चुदाई से लोढ़ा सरपट अंदर बहार जा रहा था ..रिया ने भी सुना था ..की लड़के थोड़ी बहुत देर में झाड़ जाया करते हैं ..पैर उसकी दो बार झाड़ने के बाद भी मनु उसकी गांड का कचूमर निकल रहा था …

रिया को एक टाइम के बाद गांड की चुदाई में मज़्ज़ा आने लगा था …उसकी गांड अपने अपने मनु के हर

झटके पैर अपने आपन पीछे हो रही थी ..खून बहना अब रुक चूका था मॉटे और हलबी लोडे से छोड़ने का सुख अब रिया को पता चल रहा था …

रिया चुदाई से हवा में उड़ने जैसा महसूस कर रही थी की मनु ने अचनाक से अपने हाथ को उसके निचे ले जाकर उसकी छूट पैर दाने को सहलाना शुरू कर दिया जिससे रिया की छूट ने फिर से एक बार पानी बहा दिया था ..

रिया” आह्हः!!! जानू मैं गयी फिर से मुझे पकड़ो मैं गयी ुयी माँ “

रिया फिर एक बार झाड़ चुकी थी …मनु फिर एक बार खड़े लोडे को लेकर बहार निकल देता है उसकी

गांड से और लोढ़ा भी पुछठ!!! की आवाज़ के साथ बहार आ चूका था ..गांड का छेद किसी बड़े सिक्के के जैसे बड़ा हो चूका था …अब सिक्के का साइज मत पूछना ..सिक्का खुद सोच लो ..आप लोग

रिया कुछ देर सांसों को संभालती है और पलट जाती है …उसके आगे मनु का लोढ़ा वैसे hi मुँह उठाये खड़ा था …मनु ने उसको कपडे से साफ़ किया जिसपर रिया की गांड का माल और तेल के साथ खून भी लगा हुआ था मनु के लोडे को देखकर रिया फिर हैरत में पद चुकी थी ..

मनु “ तुम आराम कर लो आज के लिए बहुत है “

रिया “ नहीं आपका नहीं हुआ है जब तक आपका नहीं होगा मुझे चैन नहीं मिलेगा प्ल्ज़ आप करते रहिये “

मनु ने फिर लोडे को छूट पैर लगा दिया ..रिया की छूट के पानी में लोडे को हलके से लथपथ किया और फिर एक बार रिया को नॉनस्टॉप छोड़ने लगा मनु ..कोई 20 मिनट बाद मनु की नसून में उब्बल आ रहा था ..

इस बार मनु भी अपने चरम पैर था …रिया भी झड़ने वाली थी एक बार फिर से …

मनु “ मैं झड़ने वाला हूँ ..बता देना पानी बहार निकल दूंगा ताकि तुम सेफ रहो “

रिया “ आह्हः!!! नहीं मैं कितनी बार कहूं …मैं अब आपकी गुलाम हूँ यह मेरा हक़ है ..ज्यादा से ज्यादा क्या hoga…pregnant हो जाउंगी ..तोह कर दीजिये न मुझे प्रेग्नेंट ..बना द्जिये मुझे माँ ..मुझे आपका पानी अपने अंदर महसूस करना है .प्ल्ज़ न मेरा यह हक़ मुझसे मत चिंये अह्ह्ह्ह!! ओह्ह्ह!!”

मनु ने भी अब ज्यादा जिद नहीं की और अपना पानी रिया की छूट में भर दिया पानी निकलते टाइम और जोर से लोढ़ा थुश दिया था मनु ने पानी सिद्ध रिया की छूट के लास्ट पॉइंट में गिर रहा था जिसे लोग गर्भ कहते हैं …वहां पानी पड़ते hi रिया का पानी भी निकल गया …उस टाइम रिया ने मनु को अपने से और ज्यादा कास लिया था …

कुछ देर दोनों ने पानी बहाया उसके बाद मनु रिया की छूट से लोढ़ा निकल लेता है ..जिसके बाद छूट से दोनों का पानी बेहटा हुआ ..बेडशीट पैर गिरने लगता है ..मनु उठकर रिया को देखता है रिया आँखें बंद किये उस एहसास को महसूस कर रही थी ..मनु उठकर बाथरूम में गीज़र ोंन कर देता है …और वापस आकर रिया को गॉड में उठा लेता है ..

जिससे रिया चुअंक जाती है ..पैर उसके दोनों हाथों में होते हुए भी उसे कुछ कहती नहीं है ..

मनु उसे हाथों में लिए बाथरूम में आता है जहाँ वेस्टर्न टॉयलेट के साथ बाथटब भी था मनु उसमे रिया को बैठा देता है ..जिसके बाद खुद भी उसमे बेथ जाता है ..और पानी चला कर रिया की छूट को पानी से धोने लगता है ..गरम पानी पड़ते hi रिया की सिसकी निकल जाती है ..

मनु “ कोई बात नहीं अगर अभी सिकाई नहीं की तोह कल को सूज कर कुप्पा हो जाएगी जिससे चल भी नहीं पाओगी तुम .. सो मुझे मेरा काम करने दो “

मनु की अपने लिए केयर देखकर रिया ने कुछ नहीं कहा ..मनु उसकी छूट और गांड को अचे से सेक देता है गरम पानी से ..और उसके बाद उसको टब में hi अचे से बाथ निहाला देता है और खुद भी उसके साथ hi नाहा कर उसको फिर से गॉड में ले कर बीएड पैर लिटा देता है ..और बीएड के पास के ड्रावर से पैन किलर निकल कर उसको देता है ..जिसके बाद मनु रिया को उसके कपडे पहना देता है ..और उसे सोने को कहता है ..और कहता है हु बहार hi है अगर कोई जरूरत पड़े तोह उसको कॉल करदे रिया ..और रिया के मोबाइल से अपने नंबर पैर मिस कॉल करके उसका नंबर अपने मोबाइल पैर सेव कर लेता है ..

तो बे कंटिन्यू ...
 
अपडेट 88 part 2

कंटिन्यू part 2

रिया भी थकन और इतनी लम्बी चुदाई के बाद चैन से सो जाती है ..पैर मनु वहां से कपडे पहन कर एक पेन जेब में रखता है और एक कॉल करता है ..

सामने से नींद में आवाज़ आती है “ हाँ बोलो इतनी रात का टाइम hi माला तुमको कोण बोल रहे हो भूलना मत ैप रघुवंशी से बात हो रही है अगर बात काम की नहीं हुई तोह बीटा सोच लेना ..जितना मैं पब्लिक के लिए हूँ उससे ज्यादा मुझे फालतू के काम करने वळून से नफरत है “

मनु “ मैं मनु बोल रहा हूँ ैप साब मॉल में मुलाकात हुई थी आपसे याद है न आपको ??”

ैप की साडी नींद हवा हो चुकी थी ..उसने फुरण कहा “ हाँ बोलो इतनी रात को कैसे कॉल किया क्या फिर कोई कांड कर दिया है तुमने भाई ??”

मनु “ कांड हुआ नहीं ैप साब ..टाइम बहुत हुआ है सोचा आपको बता दूँ की मला साब ने मिलने के लिए बुलाया है ???”

ैप “ इतनी रात को …मुलाकात तुम फ़िक्र मत करो मैं अभी तुम्हारे साथ किसी को बेह्जता हूँ ..”

मनु “ उसकी जरूरत नहीं है सर मैं मिलने जा रहा हूँ सोचा आपको बता दूँ कहीं आप बाद में मुझे hi गलत समझ लें ??”

ैप हँसते हुए “ दिमाग इस रघुवंशी का सही जगह है दोस्त और दुश्मन का मुझे अचे से पता है जब तुमने मला बेग़ से मिलना तय कर hi लिया है तोह अब बेग़ के लिए दुआ करूँगा की हु साबुत मिले ..हाहाहा “

मनु “ हु तोह सामने वाले के तरीके पैर देपेंद करता है सर ..हमारा क्या है हम तोह आईएनए के जैसे हैं जैसी सूरत वैसी सीरत ..अब बेग़ से मिलने का टाइम हो रहा है चलता हूँ सॉरी आपकी नींद ख़राब की उसके लिए माफ़ कीजिएगा ाचा चलता हूँ आप सो जाइये सर ..”

ैप “ ठीक है समझ गया तुम मिल लो उससे मैं राकेश शर्मा को तुम्हारे काम के लिए बोलता हूँ ..उसका बेग़ से पुराण रिश्ता है ..सो जवान जिन्दा मिलना दोबारा से बात होगी ..तुमसे ok bye “ ैप ने कॉल कट कर दी थी ..

मनु वहां से रिया के भाई को एक बार फिर से चेक करता है ..वह अभी तक वैसे hi सोया हुआ या बेहोश था मनु इस बार उसके दूर को सही से लगा देता है ..पैर लॉक नहीं करता ..और बहार आकर ड्राइंग रूम में मोबाइल निकल कर एक पिक्चर जिसमे कोई फॅमिली थी उसे देखकर कहता है “ मां आज तेरी बेटी और बीटा मेरे हुए ..बेटी पैर आज अपना हक़ साबित कर दिया है ..टेंशन मत लेना जल्दी hi अगला नंबर ममी का होगा ..बे रेडी तो फेस में माय डिअर मां …..हाहाहाःहाहा“

मनु वहां से निकल कर बहार आ चूका था ..जहाँ बेग़ के हु लोग अभी तक मनु के फार्म हाउस पैर नज़र रख रहे थे ..मनु उनको क्लब से निकलने के बाद hi देखकर चौंकन्ना हो चूका था ..सो अभी हु उनकी कार के सामने था ..

सभी नींद में मस्ती से सोये हुए थे ..मनु ने उस कार के बोनेट पैर एक मुक्का भर कर मारा ..गाड़ी का बोनेट उस हिस्से से डेटेड हो चूका था ..आवाज़ से हु सब जाग चुके थे सामने मनु खड़ा था उनके बेखौफ जिसकी आँखों में कोई रिएक्शन नहीं था ..उसको देखकर एक बार को उन सभी की हालत पतली हो चुकी थी …

मनु ड्राइविंग सीट के पास बहार से hi बोलै “ हाँ तोह मला जी से मिलने का टाइम हो चूका है उनको जगाओ ..और कहो तुमने मुझे पकड़ लिया है ..एक बार कहता हूँ जितना कहा है उतना hi करना …डायलाग मरना अपनी आदत और फितरत नहीं है डायलाग हम लड़कियों पैर मारा करते हैं ..चलो अपने बॉस के पास ले चलो मुझे “

हु सब सोच में पद चुके थे ..की मनु आखिर सामने से यह जानते हुए की बेग़ उसको मरने के लिए दंड रहा है उसी के पास जाना चाहता hai…yeh तोह सरासर पागलपन है …पैर सामने से मनु की हिम्मत देखकर हु कुछ बोल नहीं प् रहे थे ..

मनु ने उनको सोच में गम देखा तोह कहा “ क्या हुआ एक अकेला लड़का बिना किसी हथियार के तुम्हारे सामने खड़ा हुआ और तुम सब सोच रहे हो ..क्या बात है ..लगता है दिल्ली में मेरा नाम हो चूका है ..ाचा है अब चलने ???”

मनु सामने से घूम कर ड्राइवर की सीट के बाजू में आ चूका था ..वहां एक आदमी बैठा था उसे देखकर बोलै “ सीट छोड़ मुझे यहाँ बैठना है पीछे जा और अपने बॉस को कॉल कर और जो बोलै है उसके आलावा एक शब्द यहाँ से वहां मत करना …आगे तुम समझ दार हो समझ चुके होंगे “ हु आदमी मनु की बात सुनकर और उसकी आखें देखकर बिना सेकंड किये बहार निकला और पीछे जाकर कॉल करने लगा ..जैसा मनु ने कहा था ठीक उतना hi उसने कहा …मनु आराम से आगे ड्राइवर के साथ बैठा बेग़ के सामने जा रहा था …

जहाँ ैप ने इस टाइम सोते हुए राकेश को कॉल किया और उसको मनु की हेल्प करने को कहा ..और उसको साथ में सब कुछ बताया ..राकेश की नीड भी हवा हो चुकी थी बेग़ और मनु का नाम सुनकर सिद्ध बाथरूम में घुसा और मुँह हाथ धोकर अपनी गाड़ी में तेज़ी से बेग़ के घर के बहार के लिए निकल चूका था …

उधर बेग़ ने जब सुना की उसके गैंग वालों को हु लड़का मिल गया है तोह उसका भी यही हाल था ..उसकी नीड भी फुर्र हो चुकी थी ..उठकर हु तेज़ी से बहार आकर मनु के आने का वेट करने लगा …उसका जवान लड़का जो अपने बाप का काम देखता था हु भी घर में मची हलचल से उठकर बहार आ चूका था जहाँ उसका बाप बनियान और पाजामे में बैठा हुआ था ..मनु के इंतज़ार में उसको भी वहां के लोग बता चुके थे …की यह सब क्या हो रहा है ..वह लड़का जिसने इतने मर्डर किये थे हु भी ..सुनकर सोच रहा था की ऐसा कोण है दिल्ली में जिसने बेग़ से सिद्ध पन्गा लिया है …

हथियार सज चुके थे वेट था तोह मनु के आने का और मनु बेग़ के घर में दाखिल हो चूका था ..उसका घर एक शांत एरिया में था जिसमे उसका हथियारों का काम भी देखा जाता था …मर बॉस का आदमी होने की वजह से बेग़ के लिए यह काम आम सा था …

मनु उस घर में गेट के सामने कार रुकने पैर बहार आता है ..सारे हथियार तान देते हैं उसे देखकर ..

बेग़ “ रुक जाओ ..पहले इसका नाम पूछो और वजह पूछो ..फिर लुढ़का दो इसको …”

मनु “ बहुत सुना था मला साहब के बारे में .पैर सामने से एक डरपोक इंसान को देखकर बड़ी

ख़ुशी हुई “ बेग़ की बजती सुनकर उसके सरे लोग भड़क चुके थे ..सबसे ज्यादा उसके लड़के को गुस्सा आ रहा था ..

बेग़ का लड़का “ ऐ लड़के खुको क्या बहुत बड़ी तोप समझता है जो मेरे अब्बू को डरपोक कह रहा है ..जिन्होंने इंसानो को बिच में से काट दिया है ??”

मनु “ धयान से खुद को देखो ..और एक बार मुझे देखो अकेला इंसान बिना किसी चीज़ के तुम्हारे सामने खड़ा है और तुम सभी सामने से हथियार तानकर साबित अपना डर कर रहे हो ..मेरी मानो यह काम छोड़ दो यह सब मर्दों का काम है …डर जिनके दिलो में होता है ..उनको मर्द नहीं कहा करते डिअर “

बेग़ का लड़का “ तुझे कुछ ज्यादा नहीं बोलना आता हमारे घर में अकेले खड़ा होकर खुद को क्या तुर्रमखां समझ रहा है तू ..???एक वार में तारा सर कलम कर दूंगा साले ??” हु आगे बढ़ने को होता है ..पैर बेग़ उसे रोक देता है ..

बेग़ “ रुक जाओ सब इसकी बात में सुच में दम है यह अकेला है यहाँ और निहथा भी है ..ऐ पहले इसको चेक कर लो फिर आगे भेजो इसे “

बेग़ के इतना कहते hi सब मनु को अचे से चेक करते हैं …मनु की जेब में सिवाय पेन के कुछ नहीं मिलता ..

बेग़ पेन देखकर हंसने लगता है …” अबे तू हमारे सामने आया भी तोह एक पेन लेकर ..गज़ब का कार्टून है यह लड़का हहहहहह!!“ बेग़ के हँसते hi सब हंसने लगे थे ..

मनु “ मला साब गोली से तेज़ होता है कलम की ताकत ..और आप उसी पैर हंस रहे हैं …ाचा है ..वैसे

भी सोचना तोह आपको चाहिए की एक कलम की ताकत किसी की कुर्सी कैसे हिला देती है …”

बेग़ का लड़का मनु के पास आते हुए “ साले हरामी अब अब्बू को तू सिखाएगा एक झाँठ भर की पेन की ताकत ..” उसने मनु पैर चाकू से वॉर करना चाहा बाकी सब उसको देख रहे थे हँसते हुए ..मनु ने जगह से हल्का सा हटकर उसके वॉर को खाली जाने दिया ..और बिजली की तेज़ी से घूमकर बेग़ के उस लड़के को जिसपर उसे बहुत गुमान था घमंड था उसके आँख के राइट वाले हिस्से के ठीक साइड में जिसको कनपट्टी भी कहा जाता है उसी में पेन आर पार कर दिया ..उसकी जान भेजे में पेन घुसते hi निकल चुकी थी ..

जिस माहोल में जहाँ कुछ देर पहले मनु पैर लोग हंस रहे थे वहां अब सभी की हंसी गायब हो चुकी थी …सब को एक साथ जैसे किसी ने यह उम्मीद भी नहीं की होगी एक साथ लकवा सा मार चूका था ..

उस लड़के के गिरने से पहले hi मनु उसके हाथ से चाक़ू संभल चूका था मनु उसी तेज़ी से बेग़ के गले पैर चाकू टिका चूका था ..सबके होश फाख्ता हो चुके थे …

खुद बेग़ भी समझ नहीं पा रहा था की ..अपने जवान बेटे की मौत पैर ांसो बहाये या मनु से अपना गाला बचाये …सबसे ज्यादा तोह उन लोगों की फटती हुई थी जो मनु को अपने साथ लाये थे …

मनु बेग़ से “ मला साब आपके लड़के को गाली नहीं देनी चाहिए थी …उसने गाली देकर इसको पर्सनल बना दिया है ..अब तक मैं सुनता आ रहा हूँ सर कलम कर डोज ..कलम कर डोज …अबे मज़ाक लगा रखा है क्या …मैं साफ़ और क्लियर इंसान हूँ तुम मुझे मरने आओगे तोह मैं अपना सर बचाऊंगा बाद में पहले तुम्हारे साथ हर उस बन्दे का सर उड़ाकर उसकी लाश भी काट डालूंगा की तुमको अगला पिछले जनम एक साथ लेने में सो बार सोचना पड़े …कलम कर्ज यह सल्ले हमारा सर जैसे इसके सर तोह लोहे के बने हैं और सुनलो बे हराम के पिल्लो एक भी इंसान इस घर से बहार निकला तोह इस लड़के को तोह आराम से मारा है हर एक की हालत मरने के बाद भी चैन लेने लायक नहीं होगी कफ़न नसीब सही से नहीं होगा ..और यह मत सोचना की अकेला हूँ तोह एक या दो को hi मार पाउँगा ..यह अचे से समझ लेना …जिसको जितना ढूंढूंगा उठना hi बेदर्दी से और तड़पा कर मरूंगा …समझ लो अचे से …”

मनु की बात सुनकर बेग़ का हाल बुरा हो चूका था …उसे अब अपनी जान की पद रही थी ..पैर सामने इतने लोगों में भी मनु ने जैसे उसके लड़के को मारा था उसे देखकर और मनु की बात सुनकर कई लोग पंत को गिला कर चुके थे ..डर उनके दिल में भर चूका था ..सभी ने उस लाशों को देखा था जिनको मॉल में मनु ने काटपीट कर मारा था …सबके कदम रुक चुके थे ..

पीछे से एक औरत हाथ में लम्बी सी दुनाली लिए वहां आ चुकी थी उसने बेग़ के लड़के को देखा तोह उसके मुँह से इतना निकला “ मेरे बेटे को किसने मारा है …??”मतलब यह बेग़ की बीवी थी …

उसने मनु को सामने बेग़ की गर्दन पैर चाकू रखे देखा तोह उसपर दुनाली तान दी और फायर किया …मनु ने उसके फायर करते hi बेग़ को हवा में उठाकर अपने सामने कर दिया दुनाली जटके से चलने की वजह से उस औरत को झटका लगा और दुनाली का फायर थोड़ा ुनबलने हुए पैर एक आवाज़ आयी “ है मार डाला बेगम मुझे तुमने “ गोली बेग़ के घुटने में लगी थी क्युकी मनु ने उसको अपने सामने कर दिया था बेग़ को हवा में उठाते हुए देखकर वहां उसके लोग देखकर मनु की ताकत पैर हैरान थे बेग़ जैसे कोई खिलौना हो ऐसे मनु ने उठा लिया था ..उसको जबकि बेग़ ाचा खासा तगड़ा बाँदा था …जिसका वेट शायद 80कग के अस्स पास होगा …

सामने से बेग़ को गोली लगा देखकर बेग़ की बेगम ने फिर से दुनाली उठा ली और एक बार फिर फायर किया मनु हल्का सा हटा और उसका यह फायर भी चूक गया था …

बेग़ ज़मीन पैर पड़ा था मनु ने उसको छोड़ दिया था ..

बेग़ की बेगम गुस्से में “ हरामी साले मेरे एक लौटे बेटे को मार दिया और मेरे hi हाथों मेरे शोहर को गोली मरवा दी …हरामी कुत्ते तुझे छोडूंगी नहीं …आजा आज तुझे बेग़ की बेगम जान से मार कर hi चैन लेगी आ साले दिखा मुझे अपनी ताकत …” हु सामने से दुनाली फेंक कर एक तलवार जो दिवार पैर लगी हुई thi..use खींच लेती है ..और मनु को ललकारती है ..

मनु बेग़ को देखता है ..और मुस्कुरा कर देखता है ..बेग़ का दिल कम्प चूका था मनु की इस मुस्कराहट से ..

मनु वापस पीछे आया और बेग़ के एक चमचे की आँख में आखें दाल कर बोलै “ तेरी तलवार दे और यहाँ जो हो रहा है अचे से देखना “ उसकी गांड फट चुकी थी ..इतने लोग सिर्फ तमाशा देख रहे थे ..

बेग़ मनु से “ मुझे पता है तू औरत पैर हाथ नहीं उतने वाला है ..तेरे को बचपन में सिखया होगा ..”

मनु बदले में मुस्कुरा देता है ..बेग़ उसकी मुस्कराहट देखकर सोच में पद जाता है ..

बेगम “ हरामी आ लड़ मुझसे देख कैसे बदला लुंगी तुझसे …आ हरामी सेल दिखा मुझे तुझ में कितनी ताकत है …”

मनु उसके आने का इंतज़ार करता है …और बेगम जैसे hi उस पैर वार करती है …मनु उसके वॉर को तलवार से रोक देता है और बेगम उसपर वार करती ठीक उससे पहले हवा में मनु एक ज़ोरदार वार करता है …

जिसके बाद बेगम तलवार लिए मनु को मरने आगे बढ़ती है ..पैर उसका जिस्म ठीक बीचों बिच से आधे हिस्से में काट कर गिर जाता है …

उसकी जिस्म के काटने से खून और अन्दर के सामान की हालत साफ़ साफ़ पता चल रही थी …उसका सर और

अंतड़ियाँ ज़मीन पैर भीकर चुके थे … बेगम दुनिआ छोड़ चुकी थी ..

बेग़ सामने पड़े अपने बेटे और बेगम को देखकर चिल्ला रहा था …उसके हर साथी का हाल भी बहुत ाचा नहीं कह सकते हैं आप …कई तोह बेगम के काटने से hi बेहोश हो चुके थे ….

मनु तलवार लेकर बेग़ के पास आकर “ किस जगह लिखा है की औरत मर्द को जान से मरना चाहे और मर्द उसे औरत समझ कर छोड़ दे .मैं वार करने वाले में फर्क नहीं देखा करता जो वार करके मुझे मारने की कोशिश करेगा उसमे चाहे हु कोई हो औरत या मर्द फर्क नहीं करूँगा ….और किस चीज़ की बात कर रहा था तू ..बचपन से मैंने बहुत कुछ सीखा है ..मैं माफ़ करना चाहता था ..पैर तेरी बेगम को ताकत देखनी थी ..हरामी कह रही thi..na मुझे देखले अचे से वैसे भी तुम्हारा पूरा खानदान आज तक लोगों के साथ कैसा बर्ताव करता आया है उसका सबूत तुम्हारे बेटे ने दे दिया था …यह कहकर की उसका बाप यानी तुमने लोगों को बिच में से कटा था ..सो बहार के लोगों को कैसा लगता होगा आज खुद महसूस करके देखलो अचे से …”

बेग़ रो रहा था “ मुझे माफ़ कर दो तुम अब मेरे खानदान में कोई नहीं बचा कफ़न देने के लिए ..मुझे माफ़ कर दो ..जैसे पृथवी राज चौहान ने गौरी को माफ़ किया था 17 बार तुम भी दरिया दिली दिखाओ और मुझे माफ़ कर दो ताकि मैं इनको कफ़न दफ़न कर सकूँ..” बेग़ ने रट हुए कहा ..

मनु “ हाँ तू बड़ा गौरी है और मैं बड़ा पृथवी राज चौहान जो तेरे लिए 17 बार की माफ़ी त्यार करूँ ..अबे पृथवी राज चौहान तोह मेरी समझ के बहार है जिसने इतनी बार गौरी को मौका दिया ..1 बार या 2 बार में हुम्ला होने पैर hi गौरी को निबटा देना चाहिए था …इतनी बार का आखिर में क्या सिला मिला दुनिआ को पता है 17 बार गौरी को माफ़ी मिलने के बाद जब 18 वि बार गौरी जीता तोह उसने उसी पृथवी राज चौहान को न सिर्फ कैद किया उल्टा उसको इज़्ज़त देने या छोड़ने के बजाये उसकी बीवी के साथ क्या बदसलूकी की और कैसे उस इंसान की hi आखें फोड़ दी जिसने उसको 17 बार छोड़ा था ..तू चाहता है मैं वही सब दोबारा शुरू karun..mere में 17 बार तुझे सामने पढ़कर तुझे माफ़ करने जितना साबरा नहीं है …अब खुद सोच ले क्या करना है “

बेग़ अंदर से कम्प चूका था उसका बैठे बैठे पिशाब निकल चूका था ..मनु की दरिंदगी उसने देख ली थी …

मनु “ ोये तू इधर आ …हाँ तू इधर आ ..”

हु बाँदा मनु के सामने डरा हुआ आ चूका था ..मनु “ सुन अंदर से हथियार लेकर आ सरे के सरे ??”

हु बाँदा “ कोण से हथियार ??”

मनु “ अबे तुम्हारे पास कोई बम वगैरा है या यूँ hi डॉन बने फिरते हो ??”

बाँदा “ है न बम भी एक नहीं बहुत से हैं कुछ तोह ऐसे हैं जिनसे आदमी के चितदे उड़ जाते हैं ..”

मनु..” हाँ बस वही बम ले आ …और हाँ 18 लेकर आना ..मैं यहीं हूँ ..”

हु बाँदा “ भाई तुम करने क्या वाले हो ??”

मनु उसको सख्ती से देखता है …तोह हु बिना कुछ कहे बम ले आता है …उसके मनु को बम्ब देते hi राकेश शर्मा वहां आ चूका था ..सामने बेग़ और उसका गैंग जिसके बिच में बेग़ ज़मीन पैर पड़ा था …और सामने उसका बीटा पेन ठूसा हुआ मारा पड़ा था …राकेश ने हलके से अंदर देखा तोह उसको उलटी होने को हुई …क्युकी बिच में से कटी हुई बेगम की लाश सामने पड़ी थी …जिसके अंज़र पंजेर बहार ज़मीन पर पड़े हुए थे ..

और सामने था उसके मनु हाथ में तलवार जिसपर खून लगा हुआ था …राकेश भी कुछ हद तक सोच में दुब गया था ..

राकेश “ मनु अब बेग़ को छोड़ दो इसकी जाने दो “ बेग़ ने राकेश की तरफ उम्मीद भरी नज़र से देखा जैसे की उसकी जान अब बच जाएगी ..

मनु ने राकेश को देखा …राकेश हंसा जोर से और बोलै “ तुमको क्या लगा था …मैं यह कहूंगा नहीं बिलकुल नहीं ..इसको और इसके हर साथी को आज जान से मार देना ..मादरचोदों ने मेरे फॅमिली को उजाड़ दिया था ..मेरे maa-baap को सरे आम कटा था ..इसी बेग़ में ..मेरे भाई को भी नहीं छोड़ा था …आज तक मैं हर तरह से इसको कानून के सहारे पकड़ने की टाक में था ..पैर आज तुमने हु काम किया है जिसके लिए मैं तुमको जितना कहूं उतना काम है दोस्त तुमको देखकर लगा hi था ..की तुम पक्का इससे भिड़ोगे ..यही उम्मीद थी की तुम जब भी इससे भीडो तब मैं तुम्हरे साथ इसको और इसके बेटे को जान से मार सकूँ ..पैर कोई बात नहीं मेरे हाथ से न सही तुम्हारे हाथ से सही ..पैर इसी से मैं खुश हूँ की इस मादरचोद की मौत मेरे आँखों के सामने हो रही है ..”

मनु “ कोई बात नहीं ..”

राकेश मनु के पास आकर उसके कान में कहता है “ इसके गैंग का क्या करना है ..इसका गैंग काफी बड़ा है सबको अगर जेल में डाला तोह बहुत से जवाब देने होंगे तब प्रॉब्लम होगी ..”

मनु मुस्कुराते हुए उसके कान में “ तोह बेग़ के साथ सभी को एक साथ जन्नत नस्सेब करवा देते हैं …”

राकेश हैरानी से मनु के कान में “ एक साथ इतना को क्या ऐसा हो सकता है ??”

मनु मुस्कुरा देता hai..or बेग़ के गैंग वालों से कहता है “ आज बहुत मौतें हो चुकी हैं पैर इसकेबाद bhi…tumko सबको एक शर्त पैर छोड़ सकता हूँ “

सभी एक साथ “ क्या भाई ??हमको सब मंजूर है ”

मनु “ शर्त बस इतनी है इस बेग़ के बेटे और इसकी बेगम की लाशों को उठाकर सभी साफ़ कर दो ..मैं तब तक बेग़ से बात करता हूँ तुम सभी को इसके बाद बेग़ का सारा माल कहाँ है हु भी तोह देना होगा न..”

जान के साथ बेग़ का माल भी मिलने वाला है यह सुनकर सभी एक साथ घर में लाशों को लेकर जगह साफ़ करने में जुट गए ..

मनु “ दोस्त इस मला को हाथ पाँव बढ़ दो ज़रा “ राकेश ने उसके हाथ पाँव बांध दिए .

बेग़ चिल्ला रहा था “ मुझे छोड़ दो मैं किसीको कुछ नहीं कहूंगा ..आगे की ज़िन्दगी चैन से गुज़ारूंगा “ पैर सब को जान और माल की पड़ी थी …

मनु ने बेग़ को मैं गेट के अंदर उठाकर फेंक दिया और उसका गेट लगा दिया …बेग़ चिल्ला रहा था ..मनु ने एक साथ उसी के 18 बम की पिन निकल दी और सारे बम उसने एक साथ अंडर फेंक दिए जिनको देखकर अंदर डर का माहोल पसर चूका था ..क्युकी यहाँ एक नहीं 18 बम फटने को त्यार थे ..

मनु राकेश को देखकर “ अब भी इंतज़ार है तुमको चलो भी यहाँ से बागो यार “

मनु के यह कहते hi राकेश और मनु एक साथ बेग़ के घर से बहार निकल चुके थे बम फट चूका था .और धमाका इतना ज़ोर दार था की बहार कड़ी राकेश की गाडी के शीशे भी टूट चुके थे ..उस घर में कोई नहीं बचा था ..राकेश हैरान सा मनु और उस बेग़ के जलते हुए घर को देख रहा था ..

मनु ने राकेश के कंधे पैर हाथ रखा और उससे कहा “ हैप्पी दिवाली “

जिसे सुनकर राकेश खुद को नहीं रोक पाया ..मनु के गले लग कर रोने लगा था राकेश मनु ने भी उसको रोका नहीं रोने दिया ..जब राकेश थोड़ा नार्मल सा हुआ तोह मनु ने उसे कहा की हु उसको farm-house छोड़ दे ..तोह राकेश भी वहां से निकल चूका था मनु को लेकर वहां से ..

दोनों कार में बाथ कर वहां से निकल रहे थे की मनु ने ैप को कॉल किया ..ैप रघुवंशी ने भी एक रिंग पैर hi कॉल पिक कर लिया ..जैसे की हु वेट कर रहा था मनु के कॉल का ..

ैप” हाँ मनु क्या हुआ ??? तुम तोह ठीक हो न ??”

मनु ने राकेश की तरफ देखा जो मनु को देख रहा था मुस्कुराते हुए ..मनु बोलै “ हाँ सर …मैं तोह ठीक हूँ ..पैर एक बहुत दुःख भरी खबर है मला शम्स बेग़ घर में ब्लास्ट की वजह से अब हमारे बिच में नहीं रहे …और साथ में उनके साथी भी ..उनके साथ जन्नत नशीन हो गए हैं ..”

ैप “हाहाहाहा ! मुझे पता hi था …ऐसा hi कुछ होगा पैर कोई बात नहीं ाचा hi हुआ है …उसको सामने से बहुत सी सपोर्ट मिली हुई थी ..हमको भी कानून को जवाब देना पड़ता है ..पैर तुमने ाचा hi किया जो उसको उसके गैंग के साथ लुढ़का दिया ..नीस वैरी नीस तुम अब आराम करो मैं देख लूंगा बाकी सब …ाचा hi हुआ ..कुछ गंदगी साफ़ हुई सेहर में से …हथियारों के मामले में बेग़ ने

हमारा जीना मुहाल कर रखा था ..बूत ुर तू गुड़ मनु …ी लिखे आईटी ..”

मनु “ थैंक्स सर मैंने कुछ नहीं किया सर हु सब एक ब्लास्ट था ..कहाँ मैं अकेला इंसान और कहाँ पूरा गैंग मैं भला अकेला क्या कर सकता हूँ ..??”

मनु की इस बात पैर राकेश की हंसी छूट गयी …उधर ैप भी हँसते हुए बोले “ हाँ ठीक है समझ गया ..don’t वोर्री एहि कहा जायेगा की बेग़ साब ब्लास्ट में चल बेस ..तुम आराम करो ..राकेश है न तुम्हारे साथ वहां ???

मनु “ हाँ सर ाचा अब रखता हूँ रात बहुत हो चुकी है ..नींद ख़राब करने के लिए माफ़ कीजिये गए ..सो जाइये सर ..”

ैप “ नींद अगर ऐसे ख़राब हो तोह रोज़ मंज़ूर है ..कानून जहाँ हमको कमज़ोर करता है वहां हमको बहुत सी पावर भी देता है ..और इसी पावर का कमल देखना तुम ..कल सब न्यूज़ में यही चाहने वाला है ..खैर थैंक ु सो मच ..अब तुम भी आराम करो मैं भी अब चैन से सो जाऊंगा ..क्युकी सुबह बेग़ साब के लिए प्रेस को भी जवाब देना है ..bye मनु “ ैप ने कॉल कट कर दी थी ..

मनु और राकेश उसके farm-house पैर आ चुके थे …मनु को छोड़ कर राकेश वहां से निकल गया ..

मनु अंदर आया और एक बार अचे से नहाया और कपडे चेंज करके ..बहार hi ड्राइंग रूम में सो गया ..जहाँ सुबह उसके इस काण्ड से हलचल के साथ बहुत कुछ होना था ..जिसका पता वक़्त और किस्मत को hi होगा .....:हिंट:

 
अपडेट 90

रिकैप........

यह सुनकर उन्होंने मनु पैर बहुत प्यार आया …और उन्होंने एक फैसला किया की अब हु मनु के कहने पैर hi कुछ करेंगी और जो भी कुछ करेगा उसके साथ हु भी उसी मज़बूती से कड़ी रहेंगी जैसे मनु उनके साथ बिना बोले खड़ा है ..उन्होंने मैं में एक कड़ा और मज़बूत फैसला ले लिया ..और अपने बहते हुए आँसू खुद पूंछे और ..एक सख्त फैसले के साथ वहां से आहिस्ता से जस के रूम का दूर सलीके से बंद करके वहां से निकल गयी ..




अब नीता मम यह सख्त फैसला और मनु का जगन के लिए सोच साथ में जस का साथ जगन के लिए क्या रंग लेन वाला था यह तोह वक़्त और किस्मत को hi पता है ……


अब आगे........

मनु और जस बातों में लगे हुए थे …

जस “ तोह क्या सोचा है जगन का ??

मनु “ सोचा तोह ाचा hi है वैसे तुम्हारा कोई सुग्गेस्टिव ??”

जस “ सुग्गेस्टिव तोह यही है की कुछ ऐसा हो की उस जगन को भी पता चले की उसका सोचना और अपनी बहिन को ऐसे मरना सही नहीं है ..ऐसा कुछ होना किये …पैर अभी तोह कोई चीज़ दिमाग में नहीं है जब होगा तब बता दूंगी “…

मनु “ हाँ सही है जब सोचो तब बता देना ..वैसे तुम्हारे उस डीलर का क्या हुआ ??...

जस “ होना क्या है दो दिन तोह इन्ही सब में लग गए उससे बात भी नहीं हुई …अब जब अन्त्य सही हैं ..तोह उससे भी बात करती हूँ और टाइम फिक्स करती हूँ …”

मनु “ तोह करो न जल्दी से क्युकी हमको भी वापस जाना है यहाँ का काम जितनी जल्दी हो उतना ाचा होगा” …

जस “ तोह ठीक है काम करती हूँ …

मनु और जस जहाँ अपने काम की डिसकस कर रहे थे ..वहीँ कहीं और एक इंसान अपने आप से लगा हुआ था …

सूरज “ देखा तू खुद को बड़ा चालक समझता है न …सोचा था ..बड़े घर की लड़की है आसानी से फंसा लेगा पैर देख …एक कॉल करके hi मैंने तुझे वृंदा से कैसे अलग कर दिया ???”

सूर्यकांत “ बीटा अभी भी टाइम है सोच ले मनु वैसा लड़का नहीं है ..कुछ तोह अपनी बेटी का भी ध्यान रख …उसकी उम्र निकल रही है …ऐसा लड़का शायद फिर न मिले …मुझे लड़का पसंद है …मेरी मान एक बार वृंदा से पूछ ले शायद उसे भी पसंद हो ???”

सूरज “ पापा जी मुझे पहले उसके बारे में तय करने दो …?? वैसे भी वृंदा का क्या है ..उसे तोह ाचा hi लगेगा न …हु तोह है hi मीठी मीठी बातें करने वाला ..अपनी एक लौटी लड़की को कैसे अनजान लड़के को सौंप दूँ ??”

सूर्यकांत “ बीटा सोच समझकर फैसला लेना क्युकी लड़का कहीं से भी गलत नहीं लगता है …जब वृंदा को यह सब पता चलेगा तोह ..सोचकर देखना उसे कैसा फील होगा की उसी का बाप उसके साथी को उससे अलग करने पैर लगा हुआ है..?? सोचा जरूर इस बारे में “

सूरज “ पापा आपको तोह मैं hi गलत लग रहा हूँ …आप भी समझो की बिना जाँच पड़ताल के ..कैसे उस लड़के को अपनी लड़की को सौंप दूँ ???”

सूर्यकांत “ बीटा तुझ से ज्यादा दुनिआ देखि है मैंने ..ऐसे लड़के के लिए लोग ढूंढ ढूंढ कर रिश्ते के लिए लाइन लगाया करते हैं ..उसे रिश्तों की कमी नहीं होगी …कहीं न कहीं हर बा पैसे लड़के की तलाश में लगे होते हैं की ..उनको उनकी लड़की के लिए ऐसा लड़का मिले जिसमे कोई कमी न हो …की लड़का शराब न पिता हो ..न उसमे लड़कीबाजी का कोई शॉक हो ..और यह लड़का मुझे सुच में हीरा लगता है …उस पैर बोनस मैं लड़के में संस्कार देख की लड़का अपने से बड़ों की कितनी इज़्ज़त करता है …अरे उसने तोह अपने बारे में कुछ भी नहीं छिपाया ..उसने तोह साफ़ साफ़ मुझे बता दिया की उसके पिता एक मज़दूर हैं ..और क्या चाहिए तुझे लड़के में ??? सोच इतना अगर तेरे नाना ने सोचा होता तोह आज तेरी माँ से मेरी शादी नहीं हुई होती और न तू पैदा हुआ होता ..और खुद को भूल गया तेरी शादी के टाइम अगर तेरे बीवी के मायके वाले अगर इतना सोचते तोह क्या तेरी शादी होती …नहीं न ..तोह सोच ..की लड़की सिर्फ तेरी hi नहीं है ..इतना सोचेगा तोह वृंदा की शादी हो गयी बस …”

सूरज “ पापा हु सब सहीह ै ..पैर मैं बिना उसके बारे में जाने अपनी वृंदा को नहीं कहूंगा “

सूर्यकांत चिढ़ते हुए “ तोह कर अपने मैं की ..रख अपनी बेटी को ..इस सोने के पिंजरे में देखूंगा कब तक तू अपनी बेटी की खुशियों पैर लगाम लगाएगा ..आज मैं हूँ कल नहीं रहूँगा तब रट रहना की पापा की बात मन ली होती तोह ाचा होता ..”

सूरज नरम पड़ते हुए “ पापा मैं कोनसा अपनी बेटी को दुखी करना चाहता हूँ ..मैं भी तोह बस उसकी ख़ुशी hi चाहता हूँ ..आज का रोना ाचा है ..बाद में रोने से ..सो इसलिए मुझे करने दो न ..”

सूर्यकांत “ तोह तू कर ले ..पैर याद रखना वृंदा कहीं ऐसे hi न रह जाये …क्युकी वृंदा की आगे निकल रही है ..और मनु की शुरू हो रही है ..लड़का अभी कॉलेज में जाएगा और क्या पता वहां किसी लड़की ने उसे पसंद कर लिया …तोह उसका बाप तेरे जितना सोचने वाला न हुआ ..तब टी ुसार पिटे ते हुए अपना jaach-padtaal का मंजीरा बजाते रहना ..एक बार वृंदा की तरफ भी देख ले कितनी खुश रहती है उसके साथ …बाकी तू बाप है …मेरा क्या है ??? मैं तेरा दादा जब लड़की कल को किसी गलत लड़के को पकड़ कर तेरे सामने आ जाये तब रट रहना ..”

सूरज “ ऐसा नहीं होगा मुझे अपनी बेटी पैर पूरा यकीं है …”

दोनों बाप बेटे लगे हुए the…vrinda के लिए सोचने में …

उधर मनु के घर पैर नया मटर त्यार था …

राजिंदर “ तोह अब मैं क्या करूँ ??”

सुमित्रा “ मतलब अब आपका भाई जैचंद उस माकन में रह रहा है ??”

राजिंदर “ हाँ ..पैर इसमें मैं क्या कर सकता हूँ ??”

सुमित्रा “ कर क्यों नहीं सकते ..क्या हु माकन हमने जैचंद या उसके फॅमिली के लिए लिया है ..क्या हमने उसका ज़िन्दगी भर का ठेका ले रखा है ???क्या हमारे अपने बचे नहीं हैं ??? और आप क्या नहीं कर सकते ..पहले उसने टाला तोड़कर अपनी सल्ली को माकन में घुसा दिया ..और अब खुद रहने लगा …क्या हमने घर उसके लिए लिया था …क्या हमारी कमाई सिर्फ उसकी ऐश के लिए है ..एक बार खुद सोचकर देखो मुझे देखो अपने बच्चों को देखो एक बार हमने आज ताका आपसे क्या माँगा है …पैसा आपने काम्य …पैर आजतक उस पैसे को क्या हम खर्च कर पाए नहीं न …अरे मैं बहार निकली काम के लिए ..आज तक इस परिवार के लिए कमा रही हूँ …और मेरे बचे भी देखो ..कैसे अपने हर शॉक को मार कर जी रहे हैं ..अपने बेटे से एक बार पूछना की कितनी म्हणत कर रहा है ..मेरे मनु को एक बार देखकर कह दो की उसने क्या कुछ नहीं किया ..इस परिवार के लिए ..जहां आज के बचे रात दिन अपने शॉक के लिए maa-baap की कमाई खर्च करने में लग जाते हैं वहीँ छोटी सी उम्र से मेरे बचे ने न सिर्फ हमको सहारा दिया बल्कि खुद के साथ इस घर की हर जरूरत के लिए दिन रात एक कर रहा है ..उसने न सिर्फ मुँहबोली बहिन को पढ़ाया बल्कि आज अपना अजय भी उसके चलते हर तरह से सही रस्ते पैर है ..आपने तोह सिर्फ काम्य पैर उसने तोह जीना सीखा दिया ..अपने बेटे से कुछ सिखये आप ..कब तक भाई के मोह में पड़े रोहगे ..अरे उस कमीने jai-chand को तोह सिर्फ भाई का पैसा दीखता है ..उसका परिवार नहीं …अब उसकी नियत उस माकन पैर गड चुकी है ..थोड़ा तोह कुछ करो वर्ण सोच लो मुझे मजबूरन मनु को कहना पड़ेगा हु अपने आप उस jai-chand को रस्ते पैर ले आएगा तब सोचते और समझते रहना ..”

राजिंदर सोच में पद गया की सुमित्रा की बात तोह सही है ..इन सालो में जैचंद ने किया hi क्या है ?? हर बार उसके चलते राजिंदर और उसके परिवार ने सिर्फ दुःख hi देखे थे ..और कितनी छोटी सी उम्र में मनु और सुमित्रा काम करने लगे थे ..जिस उम्र में बचे अपने बाप से साइकिल की ज़िद्द करते थे वहां मनु काम कर रहा था ..आज खुद के दम पैर राजिंदर के घर में मनु की अपनी बाइक थी ,,कार थी ..और जहाँ जाता था ..लोग उसको इज़्ज़त देते थे …समाज में मिस्साल थी राजिंदर की …की देखो राजिंदर के बचे कितने अचे हैं और इनका लड़का कैसे स्कूल में फर्स्ट आता है ..और साथ में बिज़नेस भी कर रहा है …

पैर सुमित्रा के मनु को कहने का सुनकर राजिंदर के कानो से धौं छूटने लगा था ..क्युकी उसे अभी तक रजिनि और अपना किस्सा याद था ..जिसमे मनु ने उसको बिना शर्मिंदा किये रजिनि को उससे दूर कर दिया था …पैर उसको यह पता नहीं था की ..रजिनि उससे दूर गयी क्यों ?? पैर अगर सुमित्रा ने जैचंद के लिए कुछ किया तोह फिर इसका असर राजिंदर और जैचंद दोनों की फॅमिली पैर पड़ना तय था …सो राजिंदर सोच में था ..

सुमित्रा “ क्या हुआ ..आप कुछ करोगे या ..मैं कहूं मनु को …क्युकी मैंने कहा तोह शायद आपको फिर कहने या सुनने का मौका न मिले …और वैसे भी सोचना क्या है ..कोनसा jai-chand इतना सिद्ध है जो आसानी से मान जायेगा ???”

राजिंदर “ मैं एक बार jai-chand से बात करता हूँ उसको माकन खली करने को कहता हूँ ..तुम मनु से कुछ मत कहना वर्ण ज़रा से माकन के पीछे दोनों परिवारों में दुश्मनी पैदा हो जाएगी ??”

सुमित्रा “ हाँ अभी तोह बड़ा प्यार है न …?? मेरे दोनों बचे रक्षा -बंधन पैर बहिन के नाम पैर सिर्फ पुष्पी से hi राखी बैंडवाते आये हैं …जबकि jai-chand की लड़की आज तक यहाँ राखी बांधने तक नहीं आयी …मैं कहती नहीं हूँ इसका मतलब यह नहीं है दीखता नहीं है ..मुझे ..पैर आपकी तरह भाई के प्यार में अंधी नहीं हूँ …सोच लो क्युकी अगर jai-chand कहने से मान जाये तोह ाचा ..वर्ण उसको रोड पैर न ला दिया तोह …आगे मुझे कुछ नहीं कहना …”सुमित्रा ने राजिंदर को अल्टीमेटम दे दिया था ..

अजय बहार दोनों की बात सुन रहा था ..और समझ रहा था की ..सुच hi कहा था उसकी माँ ने की उसके भाई और माँ अगर काम नहीं करते तोह आज यह घर में क्या हाल होता ..और उसके हर शॉक के लिए हु सिर्फ भाई को कहा करता था …और मनु भी अजय के हर शॉक के लिए मन नहीं करता था …अपने दम पैर hi रेस्टोरेंट चला रहा था ..उसका भाई ..और जहाँ सिख रहा था वहां कैसे लोग उसके भाई की इज़्ज़त करते थे देखा था उसने ..और साथ में आज देख भी लिया था की उसकी माँ भी कैसे अजय और मनु के हक़ के लिए पहली बार सख्त होकर राजिंदर को सुना रही थी …सुमित्रा को सख्त होते अजय ने पहली बार देखा था ..पैर साथ में उसे मनु का घर का धयान रखना का मतलब भी समझ आ चूका था ..jai-chand के लिए अजय के दिल में भी नफरत भर चुकी थी …

जैचंद यह हु नाम था ..जिसने आज तक भाई को सिर्फ थुगा hi था ..अजय भी सब समझने लगा था ..मनु तोह जैचंद को उसी दिन समझ गया था जब जैचंद ने उसका साथ नहीं दिया था ..वह भी जब …जब मनु की जान पैर बानी हुई थी ..तब जैचंद मनु को अकेला छोड़ गया था ..वैसे hi अब jai-chand के नाम से एक और इंसान नफरत से भरा हुआ था …अजय …

और इनसब से अनजान जैचंद अपनी शैतानी हंसी हंस रहा था ..उसका ससुर साथ में था ..क्या करें दो कमीनो की जोड़ी है ..साले साथ में hi रहा करते थे ..

जैचंद “ अब तोह ठीक है न ?? देख अब तोह हम अपने माकन में hain??ab तोह खुश हो जा…”

जैचंद की बीवी “ बहदवे खुस कैसे हो जॉन अभी तोह माकन में hi आये हैं ..माकन हमारे नाम तोह नहीं हुआ ..तोह इसमें ख़ुशी कैसी ??”

जैचंद” अरे पगली सोचकर देख …कमसे काम अब हमको किराये के माकन में तोह नहीं रहना है ..सोचकर देख ..अब किराये के पैसे से तू आराम से पारलर जा सकती है …और जो भी पैसा बचेगा हु तेरे hi तोह होगा न ..”

ससुर “ हाँ बेटी दामाद जी की बात सही है ..कुछ टाइम की बात है ..तुम लोग बेशर्मी से पड़े रहो मैं तब तक इस माकन के कागज़ बनवा लूंगा तब यह माकन कानूनन तुम्हारा होगा तब ऐश करना ऐश ..”

जैचंद की बीवी “ ओह्ह पापा और तुम सुच में बड़े शातिर हो मुझे माफ़ करना जी ,,,मैं तोह भूक hi गयी थी की अब हमारा अपना घर होगा और किराये के पैसे बचेंगे सो अलग ..अब मैं आराम से नए कपडे और गहने लुंगी ..तुम देखते रहना कैसे लुंगी मैं??”

जैचंद “ तू चाहे जो भी ले लगेगी तोह तू सिर्फ रानी hi ..जोकि तू है hi ..मेरे दिल की रानी …बस तू खुश रह यही मुझे ाचा लगता है “

इस बात पैर जैचंद की बीवी और उसका ससुर के साथ जैचंद तीनो मिलकर शैतानी हंसी हसने लगे …..

उधर एक बीएड पैर एक लड़की लेती हुई थी यह कोई और नहीं हीना thi..jiske हाथ में मनु की पिक थी ..पता नहीं अपनी किसी आर्टिस्ट से उसने मनु की यह स्केच बनवाई थी …जिस से शमो और सुबह हु बातें किया करती थी ..

अभी भी कर रही थी हीना “ आप कहाँ हैं …हर बार ज़िंदगानी जब मुझे तकलीफ में पति है खुदा आपको मेरे सामने बेहज देते हैं …क्या आपको तरस नहीं आता की ..हर बार आपकी यह चाहत की मारी जब भी आपको देखती है ..उसका दिल भी नहीं भर पता की आप फिर से मुझसे एक बार दूर हो जाते हैं ..देखो भाई जान ने कह दिया है की मैं आपसे निकाह कर सकती हूँ ..और जब भाईजान ने कह दिया तोह मेरे लिए फरमान तदबीर हो चूका है ..जिसके बाद हीना के हर अलफ़ाज़ में सिर्फ आप hain…uff ! अभी भी नहीं भूली हूँ हु देहरादून जहाँ आपने मुझे दरिंदों से हिफाज़त से बचाया ..और यहाँ भी जब मुझे लगा की मरने से पहले बस खुदा आपको मेरे सामने एक बार ला दें तोह आपको मैं देखकर मौत को गले लगा लूँ ..पैर किस्मत से आप आये भी और मुझे बचाया भी ..जहाँ मैं जीने की उम्मीद hi हार चुकी थी वहां आपने फिर एक बार अपनी इस दीवानी को जीने की एक नयी वजह दे दी …और पता है उस चाय की दुकान में जान हु फिल्म का सन चल रहा था …कैसे हीरो अपनी हीरोइन को मांग में खून भर कर बचा लेता है ..वैसे hi आपने इस मोहब्बत की मारी की मांग में अपने खून से अपना नाम लिख दिया ..और जब उस अम्मा ने कहा तोह आपकी हु मासूमियत जिस तरह से आपने मुझे देखा था ..आज भी दिल को हलके से गुदगुदा जाती है …खास हर रोज़ मैं आपके पहलू में होती ..आप क्यों नहीं मिलते मुझसे ??? क्या मेरी चाहत पैर आपको शक है ??या कोई और मिल गयी है आपको ??? नहीं नहीं ऐसा मत करना ..मुझे सब मंज़ूर है ..पैर सौतन नहीं ..बस एक बार फिर से आपको देख सकूँ ..आपसे बात कर सकूँ यही तमन्नाह है इस दीवानी की ..ी लव ु सो मच ,,,,मुहहहआ!!!” हीना ने उस स्केच को किश कर लिया …बहार से उसका भाई शहीद देख रहा था ..और सुन रहा था ..

यह रोज़ का सन था …शहीद भी अब हीना की चाहत को समझता था ..पैर उसके समझ में भी नहीं आ रहा था की रॉकी( मनु )आखिर क्यों नहीं आता उसके घर उससे मिलने ?? उसने कई बार मास्टर से भी पूछा था की रॉकी क्यों नहीं आता ..तोह उसको इतना पता चला की रॉकी अपने कामो में बिजी है …जिसे सुनकर शहीद भी समझ गया की रॉकी से आमने सामने मिलना hi सही होगा ..क्युकी घर पैर हीना की चाहत में रात दिन इज़ाफ़ा हो रहा था ..स्केच शहीद भी देख चूका था …और हीना की चाहत भी …सो अब उसको इंतज़ार था रॉकी से मिलने का …

उधर मनु इन सबसे अनजान नीता मम के रूम में जाता है ..जहाँ नीता मम सोच में गम थी ..पैर दूर नॉक होते hi खुद को नार्मल कर चुकी थी …

नीता मम “ हाँ बीटा क्या हुआ ??”

मनु “ कुछ नहीं माँ ..तोह कहिये क्या सेवा करनी है आज आपकी ?? क्युकी आजका दिन आपके नाम है ..”

नीता मम “ बीटा एक बात मानेगा न मेरी …”

मनु “ आप कहकर तोह देखो माँ “

नीता मम “ तोह बीटा एक काम कर जस के साथ मुझे आज भैया के घर ले चल ..उनसे एक बार बात कर लूँ फिर वापस चलते हैं ..”

मनु सोचते हुए “ तोह माँ फाइनली आपने सोच hi लिया मामाजी से मिलने का .पैर वहां यह मत बताना की आपको पता है ..की आप जानती हो की उनको कैंसर नहीं है ..”

नीता मम गुस्से को दबाते हुए “ हाँ नहीं कहूँगी ..जब उन्होंने कैंसर बोलै था ..और जैसा तूने कहा था पार्टी में वही सही था ..मुझे बेकार में रियेक्ट नहीं करना चाहिए ..जब उनको झूंठ बोलने की पड़ी है तोह ..हम क्यों सुच कहें?? सही है न “

मनु “ क्या बात है आप इतना जल्दी समझ गयी ाचा है …माँ चलो त्यार हो जाओ …अब मां जी के घर जाना है …”

नीता मम मनु को गले लगते हुए ..” हाँ बीटा तेरे मां कैग हर जाना hai,unko भी पता चले की उनकी छोटी बहिन अब बड़ी हो गयी है “ नीता मम की आँखें अपने भाई की करतूत याद करके अंगारे बरसा रही थी …

मनु की आँखों में भी एक चमक थी ..जो इस बात का सबूत था की जगन बाबू का ाचा टाइम आ रहा है ..

उधर मनु और नीता मम अपने अपने दिमाग में जगन के लिए फैसले ले रहे थे की अचानक से मनु का मोबाइल बजा …

मनु ने कॉल पिक किया ..कॉल था अजय का ..मनु ने ख़ुशी ख़ुशी उससे बात की ..और अजय ने भी आज जो घर पैर हुआ था सब बता दिया ..मनु ने हंसकर उसे प्यार से समझया …

मनु “ देख अजय ..तेरी और मेरी लाइफ उतनी आसान नहीं है ..पहले मुझे भी लगता था की हर रोज़ ..जब मैं एक मुसीबत से लड़कर आगे बढ़ता हूँ तब नयी मुसीबत त्यार होती है लड़ने के लिए …कभी कभी इस पैर गुस्सा भी आ जाया करता था ..पैर जब सामने तुम लोगों और साथ में इतना सपोर्ट देखता था तोह समझ जाता था …की लाइफ इसी का नाम है …जो लोग गलत कर रहे हैं यह उनका साइड है ..उसमे हम सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं की हु सही करें …क्युकी हम सिर्फ ाचा सोच सकते हैं …और ऐसा सिर्फ कहानियों में होता है की ..हीरो से इम्प्रेस होकर लोग अपनी गलती मान लेते हैं ..जबकि असल ज़िन्दगी में इंसान जो आपका बुरा करने के लिए सोच रहा है ..वह पुरे hosh-o-hawaas में अपना काम कर रहा है ..जिसको आप कितना भी समझा लो करना उसने वही है ..जो हु कर रहा है ..क्युकी जैसे किसी सांप की फितरत होती है …डँसना ..वैसे hi बुरे लोगों की फितरत होती है ..बुरा करना कोई एक या दो लोगों बदल जाते हैं ..क्युकी हु बदलना चाहते हैं जिनको सिर्फ एक मौके की तलाश होती है ..पैर कुछ लोग सिर्फ यही ज़िन्दगी चुनते हैं ..क्युकी जो उनकी सोच है हु उनपर हावी रहती है हर वक़्त …और अपना चाचा ठीक वैसा hi है …सो तूने मुझे बता दिया न ..तेरा काम ख़तम ..जब मम्मी को ठीक लगेगा तब कुछ करूँगा ..या जब लगेगा की अब कुछ करना है तब चाचा से सही तरह से बात होगी ..तू बस खुश रह ..बड़ों के काम में दिमाग मत खपा ..अपनी लाइफ एन्जॉय कर ..हम तोह बचपन से खुद से लड़ते रहे पैर तू मेरे भाई ..अपनी लाइफ अचे से एन्जॉय कर ..क्युकी तू सबसे छोटा है ..papa-or मम्मी को अपने काम करने दे ..और तू पड़े और मस्ती से जी ..बाकी जब कुछ चाहिए तब बता देना ..तेरा भाई हर कदम तेरे साथ है ..तू टेंशन न ले …और मस्त रह ..”

अजय “ ठीक है भैया ..जब आप कहते हैं तब सिर्फ अपने काम पैर hi ध्यान दूंगा ..पैर अपने कहा था की धयान रखूं सो सोचा आपको बता दूँ ..सो बता दिया …अब आगे आप सोचना की करना क्या है ???”

मनु “ अजय एक बात का धयान रहे न तूने मुझे कुछ कहा है ..और न मैंने कुछ सुना है ..क्युकी यहाँ मम्मी को जब लगेगा तब सोचा जायेगा ..तब तक उनको कुछ मत बताना किट ु मुझे बता चूका है ..वैसे तेरे स्विमिंग का क्या हाल है ??”

अजय “ भैया बस ठीक थक है ..पैर आप कब आ रहे हो ?? छुट्टियां ओवर होने वाली हैं भूलना मत “

मनु “ हाँ पता है ..सर जी आप सही कह रहे हैं ..जल्दी आऊंगा वहां ..बस कुछ दिन का काम है ..तू अपना ध्यान रखना और मास्टर और गुरूजी के पास भी जाते रहना …ok अब रखता हूँ अजय ..टेक केयर..”

मनु कॉल कट कर देता है ..और सोचने लगता है ..” यह चाचा ने नया ड्रामा त्यार कर दिया ..यह पता नहीं इस कमीने की दिक्कत क्या है ..न चैन से जीता है ..न जीने देता है …कोई नहीं चाचा टब hi पापा के राज़ में मैं की कर ले ..जिस दिन तेरा ाचा टाइम आएगा तुझसे भी मुलाकात होगी ..तब तक मज़े ले …”

नीता मम सोचते हुए मनु को देखकर “ क्या हुआ बीटा सब ठीक तोह है न ??”

मनु “ हाँ माँ सब ठीक है अजय का कॉल था याद दिला रहा है ..की छुट्टियां ओवर होने वाली हैं ..”

नीता मम “ हाँ यह लड़का भी न …देखो मुझे पतली बना दिया तुम दोनों ने कहाँ मैना अछि खासी कहती पीती इंसान थी ..और अब देखो मुझे …”

मनु “ क्या खरबि है ऐसे दिखने में .??? अछि तोह लग रही हो ..बल्कि मैं तोह कहता हु नेक दम ..सॉलिड एक अप्सरा जैसी लग रही हो आप …किसी मॉडल को भी आप टिप्स दे सकती हो …अब तोह …”

नीता मम “ जाने दे अचे से पता है मुझे कैसे मज़े ले रहा है …देखो तोह ज़रा …वैसे अब अछि लग रही हूँ ..मतलब पहले मेरे साइज को देखकर तुमको शर्म आती थी है न ??”

मनु गले लग जाता है ..और कहता है ..” ऐसा सोचना भी नहीं माँ, आपको डॉक्टर ने बताया nahi..per आपका जब टेस्ट हुआ था ..तब आपका वेट नार्मल से बहुत ज्यादा था ..तब आपको डॉक्टर ने बताया नहीं पैर आपके हार्ट को खतरा था ..और आपका बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल और आएगी आने वाले टाइम में शायद डायबिटीज जो की आपके फॅमिली back-ground में कॉमन hai..ho जानी तय थी …तब आपकी रिपोर्ट देखकर …hi हम दोनों ने तय किया की ..आपको चेंज की जरूरत है ..और आपको हंसकर लड़कर किया भी वर्ण आज आपको ..सॉरी माँ कह नहीं पाउँगा …मैं ….ी म सॉरी की हमने आपके साथ इतना जयादती की …पैर इसका मुझे रति भर अफ़सोस नहीं है ..की आप पतली हो या मोती मेरे लिए आपका ठीक होना आपके साइज से ज्यादा ज़रूरी है ..क्युकी …वे बोथ लव ु माँ ..”

नीता मम “ पगले मुझे बता भी सकते थे न ..अकेले hi इतना सब सहते रहे ..और मैं पागल कभी कभी गुस्से में लड़ भी जाती थी ..मुझे तोह पता भी नहीं है ..की तुम दोनों ने कैसे मुझे जीना सीखा दिया ..और हाँ यह सुच है की मुझे घुटनो में प्रॉब्लम होने लगी थी ..पैर तुम दोनों ने मुझे एक बार फिर नयी ज़िन्दगी दे दी …और यह भी सुच है की भले hi मैं गुस्सा करूँ या ..नाराज़ हो जॉन ..पैर मेरे बच्चों मेरे लिए तुम दोनों बेटे मेरे जीने का एक hi सहारा हो ..एंड ी आल्सो लव ु बोथ ..मुझे कभी छोड़ना मत बीटा ..”

मनु यह सुनकर और कास लेता है ..” ऐसा आपने सोचा भी कैसे माँ हम दोनों आपसे बेहद प्यार करते हैं ..छोड़ना तोह दूर एक बार हमसे पीछा छुड़ाकर तोह देखो …हम ऐसे hi माँ नहीं मानते आपको …जब तक हम हैं आप हमारी माँ हो …किस्मत से इंसान को माँ मिलती है ..मेरी और अजय की किस्मत है जो हम दोनों को एक नहीं दो माँ मिली हैं ..ऐसे में थोड़ा लालच तोह हम दोनों में है ..की हम एक भी माँ को अपने से अलग नहीं करने वाले ..सो don’t ु वोर्री …आपको हमको चाहो या न चाहो झेलना तोह पड़ेगा hi ..”

मनु के बाँहों में कसने से जहाँ नीता मम को उसका प्यार पता चल रहा था ..वहीँ मनु के कसने से अब साँस लेना टाइट हो गया था …पैर नीता मम ने उसको रोका नहीं ..

मनु ने जब सामने के मिरर में देखा तोह खुद hi नीता मम को छोड़ दिया ..नीता मम का चेहरा पूरा लाल हो चूका था …

मनु “ सॉरी माँ ..आपको दर्द हुआ पैर आपने कहा क्यों नहीं ??”

नीता मम “ बेटे क्युकी तुम दोनों को मेरा दर्द बिना कहे पता चल hi जाता है सो ..कहकर फ़ायदा hi क्या ..तुम इतना मत सोचो ..इतनी भी कमज़ोर नहीं है तुम्हारी यह माँ की तुम्हारे कसने से दम निकल जाये उसका ..सो don’t ु वोर्री बीटा ..पैर ाचा लगा जान कर की तुमको मेरी इतनी फ़िक्र है ..” नीता मम ने कहा तोह जगन और अभी दोनों के लिए था ..पैर मनु समझ नहीं पाया ..

खैर मनु वहां से बात करके निकल गया …क्युकी अब टाइम था ..जगन से मिलने का ….

और कुछ hi देर में सब जगन के घर के सामने थे अपने पुरे सामान के साथ …क्युकी होटल में रहकर जगन और सुमन को समझना या सही रस्ते पैर लाना मुश्किल था …सो सभी अपने अपने गुस्से को जैसे तैसे काम किये जगन के घर के सामने थे ..नीता मम दूर बेल्ल बजने से पहले एक बार पीछे मुड़कर मनु को देखती हैं …मनु उसके मैं की परेशानी समझ कर उनको हिम्मत देता है ..उनके कंधे पैर दोनों हाथ रख कर …और नीता मम को बेल्ल रिंग करने का इशारा करता है .. नीता मम भी आगे बढ़कर दूर बेल्ल का बोटों दबा देती हैं …

अंडर सभी थे जगन ..सुमन और राज ..क्युकी रिया रात भर के दर्द से उभरी नहीं थी सो हु अपने रूम में जेल लगा कर लेती हुई थी …

बेल्ल बजते hi दूर खुलता है सामने राज था जो …नीता मम को पहली बार देख रहा था ..पैर मनु को देखकर उसने आगे बढ़कर उससे hi hello किया ..

राज “ व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज मानव जी आप हमारे घर क्या बात है ..मैं तोह सोच रहा था ..आपसे कब मुलाकात होगी …पैर आप तोह घर hi आ गए ..चलो ाचा हुआ ..और कैसे आना हुआ ??”

राज के मनु को ऐसे ट्रीट करने से जस और नीता मम सोच में पद गयीं की यह मनु को कैसे जानता है ??? पैर सामने से दोनों ने नार्मल रखा खुद को ..

मनु ने भी राज को ग्रीट किया “ हम को शायद किस्मत यहाँ ले आयी हैं वर्ण मुझे क्या पता की जिस काम से दिल्ली आना होगा उसमे तुमसे फिर मुलाकात होगी ..वैसे भी लगता है ..आपका घर शायद छोटा होगा ??”

राज हैरानी से “ छोटा नहीं है घर ..पैर आपको ऐसा क्यों लगा ??”

मनु “ क्युकी घर के बहार से hi आप हमको निबटने वाले हैं न इसलिए ??”

राज “ उह सॉरी यार मैं तोह ख़ुशी में भूल hi गया ..आओ न अंडर ..”

राज के पीछे से सुमन “ क्या बात है राज किस्सेल आगा हुआ है ??? कोण है दूर पैर ???”जिस पैर राज तेज़ी से अंडर गया ..

मनु ने जस और नीता मम को देखा और कहा ..कल hi इससे मुलाकात हुई है ..सो ज्यादा मत सोचना जो पूछना हो अंडर अकेले में या मोबाइल पैर पूछ लेना …okay ??” दोनों समझ चुकी थी की मनु किसी प्लान के तहत काम पैर लग चूका है …

जहाँ जस फक्र से सोच रही थी की उनसके दिमाग में कोई आईडिया नहीं आया पैर मनु इनसे पहले hi मिल चूका है मांस मनु आलरेडी प्लान पैर अमल कर रहा है ..

और नीता मम मैं में “ बीटा राज तुम्हारे माँ बाप को तुम्हारी बुआ को मरने की साज़िश नहीं करनी थी ..अब मैं अकेली नहीं हूँ ..मेरा बीटा तुम्हारे पुरे परिवार को अब सही से समझा देगा …की नीता को अकेला समझना कितनी बड़ी भूल थी ..अरे एक बार मुँह खोलकर कहते प्रॉपर्टी तुम्हारे मुँह पैर मार देती ..पैर तुमने मेरे प्यार और भरोसे को ठेस पहुंचे है ..जिसका अब इन्साफ होगा ..और यह अकेली औरत अब अकेली नहीं है …उसके पीछे और आगे दुनिआ की सबसे बड़ी ताकत उसके दो सपूत हैं ..भले hi दोनों ने इस नीता की खूख से जनम नहीं लिया ..पैर उसके लिए यह बेटे तुम्हारे परिवार तोह क्या दुनिआ में किसी के सामने भी सबसे बड़ी ढल हैं …तू देख तेरी बुआ अब हर कदम अपने बेटे के साथ है ..क्युकी दुनिआ में माँ बेटों को जनम देती है ..पैर मेरे बेटों ने हर बार मेरी जान बचा कर मुझे नया जनम दिया है ..सो अब तुम्हारे को मेरा बीटा hi हैंडल करेगा ..चाहे हु सही करे या गलत यह नीता उसके साथ है …भैया आज से तुम्हारे परिवार का ाचा टाइम शुरू हो गया है …क्युकी एक विद्वा औरत के विशवास को उसी के भाई ने चला है ..अब तोह जुंग होगी …इतहास गवाह है ..महाभारत में जब एक विद्वा कुंती और उसके बेटों के साथ उसके अपने जेठ ने गलत किया तोह उसके बेटों ने महाभारत कर दी थी ..मेरे बेटे भी इतिहास बना देंगे तुम्हारे घमंड और कामिनी सोच का ..”

मनु नीता मम को घेरि सोच में देखता है तोह उनके दोनों कन्धों को पकड़ लेता है और धीरे से कान में कहता है “ माँ ज्यादा मत सोचो आपका बीटा आपकी ढल और आपका हथियार दोनों है …आप के बारे में सोचने भर से इनके सपने भी काळा हो जायेंगे ..पैर सिर्फ इतना बात मन्ना की आपको इनके बारे में कुछ पता नहीं है ..बाकी मैं देख लूंगा ..और भूलना मत की मां जी को कैंसर नहीं है ..आपको इसके बारे में पता नहीं है ..समझ रही हो न ??”

नीता मम में सर हिला दिया ..”हाँ बीटा जब तक तुम हो ..यह औरत अकेली नहीं है ..बस जो करना सोच समझ कर करना ..बाकी तुम जो भी करोगे मैं साथ हूँ उसमे ..गुस्सा तोह बहुत आता है अपने भाई के झूंठ पैर ..लेकिन जैसे तैसे खुद को संभल लुंगी ..बाकी तुम और जस है न साथ में ..सो देख लुंगी ..”पीछे से जस ने भी नीता मम को सपोर्ट करने के लिए हाथ से उनको पकड़ कर भरोसा दिलाया की हु भी उनके साथ है …

राज के जाने के बाद सुमन बहार आयी क्युकी राज ने बता दिया था ..की कल मनु से मिले थे और रात को उसने उनकी हेल्प किट hi ..पैर क्या हेल्प किट hi यह नहीं बताया …सो सुमन बहार आयी देखने के लिए मनु को…

सामने इतने लोग देखकर सुमन सोच में पद चुकी थी ..क्युकी नीता मम हु पहले वाली मोती और बहरी भरकम नहीं थी ..उनका सारा हाल और हुलिया बदला हुआ था ..एक सिल्क की साडी में उसका फिगर देखकर कोई भी उनको मॉडल से काम नहीं समझेगा …और उस पैर जस ने हल्का सा तोचुप किया था आने से पहले खुद का और नीता मम का और साथ में सभी ने सनग्लासेस लगा रखे थे ..तीनो को देखने से तीनो किसी टूरिस्ट से काम नहीं लग रहे थे …सुमन जहाँ मनु को धयान से देखने बस्सी थी ..क्युकी मनु किसी हैंडसम हुनक जैसे या किसी टॉप एक्टर जैसी पर्सनालिटी का मिल्क था ..उसपर उसका टोंड एथलेटिक बिल्ड बॉडी जिसको देखकर एक बार तोह सुमन भी घेरि सांस ले गयी ..वह मनु को ध्यान से देखने में खो सी गयी …

सुमन के मनु को घूरने से नीता मम को सुमन और जगन की मक्कारी याद आ गयी ..गुस्से से दिल जल उठा ..पैर सामने से ज्यादा एक्सप्रेशन न लेट हुए नीता मम ने सुमन को टोका ..

नीता मम “ भाभी क्या बात है ?? थोड़ा अपनी नानन्द को भी देख लो या मेरे बेटे को hi देखती रहोगी …”

सुमन ने यह सुनकर नीता मम को देखा ..पैर कहाँ हु गोलों मोलू नीता …और कहाँ यह फिट & फाइन मॉडल टाइप नीता .उसने सोच की कोई होगी जो भाभी कह रही है ..

नीता मम “ भाभी मैं नीता ..लगता है पहचाना नहीं आपने …मुझे ??”

सुमन “ क्या मज़ाक है तुम नीता कैसे हो सकती हो ..हमारी नीता तोह ..”

नीता मम “ हाँ आते की बोरी ..हुआ करती थी ..पैर अब फिट & एक्टिव हूँ ..ाचा नहीं लगा मेरे make-over आपको या पहले जैसे लगने के लिए गुब्बारे बांध कर आऊं ??”

सुमन ने नीता मम को धयान से देखा और पहचाना “अरे नीता दीदी तुम …सुच में तुम तोह किसी हीरोइन सी लग रही हो ..”

नीता मम “ हाँ मैं तोह पहले hi अछि थी ..अब देखो कैसे मेरी सगी भाभी hi मुझे पहचान नहीं प् रही हैं ?? है रे जुल्म करने वाले …”

सुमन “ बस बस दीदी कान पकड़ती हूँ जो तुमको पहचान नहीं पायी ..ाचा अंदर चलो तुम्हारे भैया अंडर hi हैं ..”

यह कहते हुए सब अंडर चले गए ..अंडर जगन नीता को झट से पेचान लेता है ..पैर नीता का अचानक से आना और जगन का आराम से टीवी देखना …यह सोचते hi उसके हाथ से कांच का गिलास छूट कर फर्श पैर टूट जाता है …और फर्श पैर कांच hi कांच फेल जाता है …

जगन “ अरे नीता तुम तोह बिलकुल बदल गयीं ..क्या बात है बचपन में जब तुम्हारी शादी नहीं हुई थी ठीक वैसी hi लग रही हो ??”

नीता “ हाँ भैया बदल तोह बहुत कुछ गया है ..और अब आपको आराम है आपकी बीमारी में ..मैंने तोह सोचा था किआ आप बीएड पैर hi होंगे पैर उपपरवाले का शुक्र है किआ आप चल फिर रहे हैं ..”

जगन यह सुनकर सकपका गया …उसके मुँह से आवाज़ नहीं निकली यह सुनकर ..सुमन ने जब देखा तोह मोर्चा संभल लिया ..

सुमन “ हु दीदी पहले से आपके भैया को थोड़ा आराम है ..तभी घूम फिर रहे हैं ..”

नीता मम ने नहले पैर दहला जड़ दिया “ बहुत किरपा है उस उपपरवाले की ..पैर एक बात समझ नहीं आयी ..”

सुमन “ हु क्या दीदी ..”

नीता मम “ भैया ने कहा था की उनको कैंसर है ..पैर भैया ने किम्मो थेरेपी नहीं ली अभी तक ..क्युकी अगर ली होती तोह भैया के बाल बचे नहीं होते उसकी वजह से ..लगता है भैया को अपनी जान की परवाह नहीं है ..”

नीता मम के इस बात पैर जगन और सुमन दोनों को जवाब नहीं सूझ रहा था ..क्युकी जवाब होता तोह देते न ..

पैर नीता मम ने क्लीन बोल्ड करते हुए कहा “ कोई बात नहीं अब भैया की बहिन आ चुकी है ..मैं अब खुद अपने भैया की किम्मो थेरेपी करवाउंगी ..क्युकी बाल से ज्यादा जान जरूरी है ..बीटा मनु कल hi इस शहर के अचे से अचे हॉस्पिटल में भैया के लिए अपॉइंटमेंट फिक्स करलो …अब भैया का धयान मैं रखूंगी ..”

जगन और सुमन के हाथ पाँव फूल चुके थे क्युकी अगर ऐसा होता तोह उनकी साड़ी बात खुल जाती हॉस्पिटल में टेस्ट होते hi पता चल जाता की कैंसर का नाम जगन झूंठ मुठ में ले रहा है..

सुमन हिम्मत करके “ दीदी अब आप आ गयी हो न ..अपने भैया को बाद में देखना पहले बच्चों से तोह मिल लो उसके बाद अपने भैया को ठीक कर लेना ..”

सुमन ने दोनों बच्चों को आवाज़ लगायी ..पैर रिया नहीं आयी ..बस राज आ गया …सामने

सुमन “ बीटा राज इनसे मिलो यह तुम्हारी नीता बुआ हैं ..पहचाना नहीं तुमने इनको ..”

राज हैरानी से “ओह्ह! माय गॉड सूचि में पैर मैं तोह आपकी ओल्ड पिक देखि थी जिसमे आप कुछ और hi लग रही thi..per आप तोह सामने से गज़ब का मेकओवर कर चुकी हैं बुआ ..” राज ने आगे बढ़ते हुए नीता मम के पेअर छूटे हुए कहा ..

नीता मम भी उसको प्यार से आशीर्वाद देते हुए “ हाँ बीटा यह तुम्हारी बुआ का हु रूप बदलने वाला मेरा बीटा जिम्मेदार है ..और यह है मेरा बीटा मनु जिससे तुम मिल चुके हो ..”

राज “ ओह्ह्ह वाओ मानव तुमने बताया क्यों नहीं की तुम बुआ के बेटे मेरा मतलब है मेरे भाई हो ??”

नीता मम “ बीटा यह ऐसा hi है ..अब इसने माथे पैर मेरा नाम तोह लगन यही रखा न ..की यह मेरा बीटा है ..जैसे तुमने अपनी माँ का नाम नहीं लिख रखा है ..”

नीता मम न चाहते हुए भी गुस्से से भरी हुई थी …सो जस ने आगे बढ़कर नीता मम को हलके से पकड़ लिया ..नीता मम थोड़ी नार्मल हुई ..

जहाँ राज के साथ सुमन और जगन हैरान थे की नीता क्या कह रही है ..और नीता का इतना बड़ा बीटा कहाँ से आया ..राज कूल था ..पैर सुमन और जगन सोच में दुबे हुए थे …

सुमन ने हिम्मत की “ दीदी आप थक गयी होंगी …आराम कीजिये ..राज दीदी और इंसबको रूम में ले जाओ ..”

राज “ मम्मी पैर नीता बुआ और मनु से तोह मिल लिया पैर यह कोण हैं ..”

नीता मम “ बीटा यह है जसिका गुरुंग उर्फ़ जस यह मनु की दोस्त हैं और उसके बिज़नेस में उसकी हेल्प करती है ..और मेरे लिए बेटी सामान है …”

राज “ नीस तो मीट ु मिस जस..”

जस “ सॉरी मर राज बूत प्लीज कॉल में जसिका ..क्युकी जस नाम मेरे जान्ने वाले hi कहा करते है ..और अभी आपसे मिले बस कुछ मिनट hi हुए हैं ..सो प्लीज िफ़ ु don’t मंद कॉल में जसिका …”

राज “ ok दोने जब आप मुझे जान लेने तब बता देना ..एनीवे आओ चलते हैं ..”

राज उनको लेकर घर के सारे रूम दिखने और समझने लगा की कोनसा रूम किसका है ..उप्पेर वाले फ्लोर पैर कुछ रूम थे जो खली थे …

आपको बताना भूल गया यह जगन का घर तवो फ्लोर का था जिसमे सबसे उप्पेर ओपन चाट थी ..उसके निचे वाले फ्लोर में 4 रूम थे ..और सबसे निचे वाले फ्लोर पैर 3 रूम इन्क्लूडिंग ड्राइंग रूम और किचन था ..और बेसमेंट में पार्किंग थी ..दिल्ली में इतना बड़ा घर भी बड़ी बात है और ऐसे अचे एरिया में होना मतलब रिच फॅमिली से बिलोंग करना …

खैर राज ने अपने और रिया के सामने के रूम में उनको तेरा दिया जिसमे ..राज के सामने वाले रूम में नीता मम और जस दोनों रूम शेयर करने वाले थे ..और मनु को स्प्रेअते रूम मिल गया था ..उस पैर किस्मत की सामने ठीक सामने रिया का रूम था ..जिसमे रिया अभी मनु के ख्यालों में खोयी हुई थी ..राज उस सबके सामान को रखवा कर ..जरूरत पड़ने पैर आवाज़ मरने को कहकर चला गया ..जस और नीता मम रूम में थे ..

जहाँ जस नीता मम को शांत रहने को कह रही थी …

जस” अन्त्य थोड़ा काबू रखो खुद को आपके बोलने से साफ़ पता चल रहा था ..की आप कितनी नाराज़ हैं ..जब मैं समझ गयी तोह आपके सेज भाई समझे नहीं होंगे क्या ..”

नीता मम “ सॉरी बीटा गुस्सा आ गया था ..पैर भैया को पता है मैं मुहफट्ट हूँ ..सो don’t ु वोर्री उनको चुप रहने से ज्यादा शक होगा ..बाकी मनु है न और तुम भी हो मुझे काबू करने के लिए ..सो चिल बीटा ..वैसे राज को तुमने जस कहने से क्यों रोका …”

जस “ आपको क्या लगता है गुस्सा आपको hi आता है …मुझे भी आता है ..पैर मेरे तरीका थोड़ा अलग है ..गुस्सा करने का “

नीता मम “ हाँ मनु की शेरनी जो थेइर तू …हहहहहह! “

जस मनु की शेरनी सुनकर शर्म से लाल हो गयी …

नीता मम जस को छेड़ते हुए “ आय है देखो तोह ज़रा शेरनी भी शर्म से लाल हो जाती हैं ..वैसे है तू लड़की कड़क …मेरे मनु की किस्मत खुल जानी है अगर तू उसके साथ होगी तोह मैं भी सोच से फ्री रहूंगी ..उसको बोल भी दे ..की तू उसको चाहती है ..”

जस “ अन्त्य आप भी न पल में बात बदल देती हो ..”

नीता मम और जस में अब छेड़खानी आम थी दोनों मनु को लेकर अचे से खिंचा तानी करती रहती थी …

उधर मनु आते hi काम पैर लग चूका था राज के रूम दिखाते टाइम hi उसने जगन के बैडरूम में एक छोटा सा स्पाई रिसीवर थ्रो कर दिया था …जो एक छोटे से कीड़े से भी छोटा था ..जो चिपका सिद्ध जगन के बीएड के पास वाले फ्लावर वास में जो आर्टिफीसियल था मीन्स उसको छेड़ने का सवाल hi नहीं होता ..और आते टाइम जगन के ड्राइंग रूम में भी मनु एक ऐसा hi रिसीवर फिट कर चूका था ..जो सिद्ध चिपका था सोफे के साइड वाले जॉइंट में सोफे का हु पॉइंट जिसमे कभी कभी कोई के या सिक्का गिर जाता है तोह ढूंढना मुश्किल होता है ..वहीँ पैर ..

अब मनु रूम बंद करके सुन रहा था ..की ड्राइंग रूम में क्या हो रहा है ..क्युकी जगन और सुमन वहीँ थे ..

जगन “ सुमन यह क्या हुआ नीता का तोह मैंने सोचा हुआ था ..की हु अकेली आएगी और कॉल करके hi आती है हर बार ..तोह इसबार कैसे बिना कॉल करे आ गयी ..और उसका बीटा कहाँ से पैदा हो गया जिसका मुझे पता नहीं है ..”

सुमन “ आप भी न ज्यादा सोच रहे हैं होगा कोई मुंहबोला …आप अपने प्लान पैर ध्यान दो कैसे भी नीता को यहाँ रोकना है ..और आगे साड़ी प्रॉपर्टी जैसे सोची थी वैसे hi लेनी है …”

जगन “ पैर सुमन अगर नीता अकेली होती तोह ज्यादा सही होता …पैर हु लड़का और उसकी दोस्त नार्मल से नहीं लग रहे ..और नीता अगर मुझे हॉस्पिटल ले गयी तब क्या होगा ..”

सुमन “ होगा क्या वहां आप एडमिट होंगे और अपनी शुगर के नाम पैर ..पैर नीता के सामने आप होंगे कैंसर के नाम पैर रिपोर्ट हम देख लेंगे ..आप इतना सोचो मत मैं हूँ न ..”

जगन “ पैर हु लड़का और लड़की के होते हुए नीता को स्लो पोसिओं करना आसान होगा क्या ??”

सुमन “ आप भी न खाना तोह मैंने बनाना है ..उसमे मैं किसके आगे क्या रखूंगी यह मेरे उप्पेर है ..आप बस बेफिक्र रहो ..”

जगन “ सुच में सुमन तुम न होती तोह शायद मैं अकेला क्या hi कर पता ..लव ु सुमन “

सुमन “ आप भी न ..अगर ज्यादा प्यार आ रहा है तोह रात को दिल खुश कर देना अपनी जान का …देखो मैं कैसे तड़प रही हूँ आपके लिए ..”

जगन ..” तू चिंता मत कर आज रात सेक्स टेबलेट लेकर रात भर तुझे सोने नहीं दूंगा ..तू बस मज़े लेती रहना ..और रात को अपने पति की पावर देखना बस ..”

सुमन “ हाँ देखूंगी ..वैसे अपनी शुगर का भी ध्यान रखना आप ..इसी के चले मैं प्यासी रह जाती हूँ पैर आप आज मुझ पैर रेहम मत करना …तोड़ कर रख देना अपनी सुमन को …जैसे शादी के टाइम तोड़ दिया था बीएड को वैसे hi आज मुझे सैर करनी है ..”

जगन “ हाँ दोने आज बिस्तर तोड़ दूंगा ..तू बस साथ देना ..”

मनु सब सुन चूका था ..उसने यह सुनकर जस को मस्सगे किया और अपने रूम आने को कहा ..जस मस्सगे देखते hi मनु के रूम में आ चुकी थी..

जस “ हाँ क्या हुआ ??”

मनु ने उसको बताया की जगन और सुमन का स्लो पाइजन का प्लान आज से hi अमल में आ सकता है …जिसको सुनकर जस भी टेश में आ चुकी थी …

जस “कमीने कहीं के अपनी hi बहिन की जान लेने पैर तुले hain…ab करना क्या है ??”

मनु “ अब सब तुम्हारे हाथ में है …”

जस “ मतलब “

मनु “ अब तुम्हारी किचन में एंट्री का टाइम है …अब तुम माँ और हमारे लिए खाना देखोगी ..और अगर सुमन ने पूछा तोह कहना की डाइट को लेकर डॉक्टर का कहना साफ़ है जिसको तुम देखती हो …समझ गयी न …”

जस “ हाँ अचे से समझ गयी ..”

मनु “ क्या समझी ..”

जस “ यही की अब एक सैलरी में मुझे घर की बाई वाले काम भी करने होंगे ..मुझे सैलरी में इन्क्रीमेंट चाहिए ..”

मनु “ तुमको मज़ाक लग रहा है ..पैर कोई बात नहीं तुम्हारी सैलरी भी तुम्हारे हाथ में hi है ..जितना चाहो खुद बढ़ा लेना मैं सिग्न कर दूंगा ..और कुछ ..”

जस “ अरे बुद्धू कहीं के ….तुम हर बात इतनी आसानी से क्यों मान जाते हो ..??”

मनु “ क्युकी पैसा तुम्हारे और माँ से बढ़कर नहीं है ..पैसा अगर गया तोह मैं कमा सकता हूँ ..पैर माँ और एक जान से प्यारी दोस्त को डाव पैर लगा कर मैं अमीर नहीं बनाना चाहता सो ..अब मर्ज़ी तुम्हारी है ..क्युकी बाई किसी को रख नहीं सकते क्युकी पता नहीं कब हु जगन के पैसे की आगे झुक जाये ..सो तुमसे कहना hi इसकी वजह है ..क्युकी माँ अगर किचन में गयी तोह सुमन …उनको किसी न किसी बहाने से बहार कर देगी ..सो अब तुम देखलो ..”

जस “ तोह बाई हाज़िर है साब ..कहिये क्या करना है ..तुम्हारे और अन्त्य के लिए बाई भी बनान मंज़ूर है ..”

मनु “ मेरी प्यारी शेरनी अगर मेरे साथ है तोह इस दुनिआ में जगन तोह क्या किसी से भी भीड़ सकता हूँ ..लव ु जस थैंक ु सो मच ..” मनु ने इमोशन में लव ु कह दिया जस को पैर जस को जैसे आज दुनिआ मिल चुकी थी …

उसके चेहरे किस ख़ुशी देखने वाली थी …उसको भी पता था की मनु ने उसको थैंक्स और दोस्ती के लहज़े में लव ु कहा है ..पैर इस खमभक्त दिल को लव ु में भी सिर्फ प्यार भरे सपने नज़र आते है ..जस भी ख़ुशी से पहली नहीं समां रही थी …मनु ने थैंक्स के लहज़े में एक और काम कर दिया ..

और हु था जस को गले लगाना ..जस जो लव ु …सुनकर hi जमीन पैर नहीं आयी थी ..उसे इस टाइम दुनिआ में और कुछ दिख hi नहीं रहा था ..मनु के सीने में सिमट कर उसको दोनों बहाऊँ में भर कर मनु की धड़कनो में हर पल खुद का नाम दंड रही थी जस …उसके लिए दुनिआ की सबसे सेफ जगह थी मनु की बहिन ..जिसमे सिमट कर जस खुद को सेफ महसूस किया करती थी …

मनु ने कुछ देर उसको गले लगा कर रखा और उसे अब अपने से अलग किया ..जस खुश थी ..और मनु ने उसको सब क्लेअर्ल्य सुनवा दिया ..क्युकी रिकॉर्डिंग सुनकर hi शायद जस को सही से समझाया जा सकता था …और वैसे हुआ भी जब उसने सुना की नीता मम को कैसे हु स्लो पाइजन करने वाले हैं सो हु समझ गयी की मनु क्यों उसको किचन में भेज रहा था ..मनु ने सिर्फ थोड़ी hi रिकॉर्डिंग सुनाई थी जस को चुदाई वाली बात आने से पहले रोक दी थी …पैर यह सब सुनकर जस भी गुस्से में आ चुकी थी …पैर मनु ने उसको बिना गुस्से के काम करने को कहा ..जस भी जैसे तैसे गुस्से पैर कण्ट्रोल करने को कहकर काम पैर लगने को कहकर चली गयी …

जस जब वापस आयी तोह नीता मम ने उससे पूछा की बात क्या है …तोह जस ने सिर्फ इतना कहा की मनु चाहता है आपकी डाइट का ध्यान मैं रखूं …जिसे सुनकर नीता मम ने ज्यादा कुछ नहीं कहा ..क्युकी होटल रूम में हु सुन चुकी थी की कैसे उनका भाई उनको मरना चाहता है ..और मनु का जस को डाइट के लिए कहना मीन्स यह सब सुच है …उनको और ज्यादा नफरत हो चुकी थी जगन और सुमन से ..पैर क्युकी मनु ने मन किया था ..सो गुस्से को ज्यादा ज़ाहिर नहीं किया और चुपचाप सो गयी ..जस भी अपने काम में लग गयी ..और उसने आज का रेस्टोरेंट का हिसाब गुरु भाई से लिया और डीलर से बात की और हु भी सो गयी …

इधर मनु ने जब देखा की आस पास लोग दिन में सो चुके हैं तब उसने सीधे रुख किया सामने के रूम का जिस्म रिया थी …और क्युकी रिया का रूम लॉक नहीं था ..सो उसने धीरे से रूम का दूर ओपन किया और घुस गया …और रूम में घुसते hi उसने रूम का दूर लॉक कर लिया …रिया हलकी नींद में थी क्युकी सुबह से बस लेती hi हुई thi..so मनु चुपचाप उसके बीएड के पास गया ..और प्यार से रिया के सर पैर हाथ फेरा …तोह रिया ने सोचा की मनु सपने में उसके पास आया है ..

सो रिया ने उसके हाथ को चूमकर कहा “ जानू आप आ गए देखो न मुझसे न उठते बन रहा है न चलते ..मैं कैसे खुद को सभालु …दर्द से ज्यादा आपकी याद ने जीना दुश्वार कर दिया है ..काश आप यहाँ होते तोह जी भर कर आपको चूमती …ी ..ीी ..मिस ु माय लव ..”

मनु उसके कान के पास “ यही हूँ जितना चाहो चुम लो …और अब भी दर्द है क्या ..??”

रिया नींद से जागते हुए ..आँखें मल्टी है …उसका दिल चिल्लाने का है …पैर मनु आगे बढ़कर उसके होठों को चुम लेता है ..वर्ण हु चिल्लाने hi वाली थी ..

और किश में रिया ने अपने सारे सिक्वे एक साथ मनु को कह दिए …उस किश में रिया का मनु के लिए प्यार और उसके लिए चाहत साफ़ साफ़ झलक रही thi…usne एक सेकंड भी मनु को अपने से अलग नहीं किया ..जिसका नाइटजा यह हुआ की किश के चलते रिया की साँसे उखाड़ने लगी …

मनु ने जब देखा रिया को सांस लेने में दिक्कत हो रही है ..तब उसी ने किश तोडा ..

मनु “ तुम पागल हो क्या ??थोड़ा तोह अपनी फ़िक्र करो …साँस तोह लो कमसे काम ..”

रिया “ आपको पता भी है यह सांसें भी मैंने आपके नाम लिख दी हैं …जिन पैर अब आपका हक़ है ..”

मनु शांत लहज़े में “ रिया इतना पागल भी मत बनो मैं और तुम दोनों hi जानते हैं की पता नहीं आगे इस रिश्ते का क्या ho??phir इतनी दीवानगी ठीक नहीं है ..हो सकता है बाद में नफरत करो तुम मुझसे …”

रिया “ हो hi नहीं सकता यह तोह इस जनम में …खुद आप भी मुझसे नफरत करने को कहोगे तब भी नहीं …खैर अभी आप मेरे घर में कैसे आये ??”

मनु “ तुमसे मिलने का दिल किया …तोह रहा नहीं गया ..सो चला आया ..”

रिया “ सूचि में ..यह तोह बहुत ाचा किया आपने ..पैर घर में सब हैं तोह आप आये कैसे ??”

मनु “ तुम्हारी नीता बुआ हैं न ,,,उनका बीटा हूँ मैं ??”

रिया “ यह तोह ाचा हुआ ..अब आपसे जब चयन मिल सकती हूँ ..आह्हः! “ रिया ने उठने की कोशिश की तोह दर्द हुआ जिससे उसकी आठ! निकल गयी ..

मनु “ थोड़ा तोह धयान रखो अपना ..चलो देखा न कैसे दर्द हो रहा है ..थोड़ा आराम से भी तोह उठ सकती थी न …” मनु ने रिया हलके से डांटते हुए कहा ..जिस पैर भी रिया को मनु की अपने लिए केयर देखकर प्यार hi आया ..

मनु उसके छूट और गांड को एक बार फिर चेक करता है …सूजन थी .उसमे तोह मनु रिया से मेडिसिन पूछकर उसकी छूट और गांड में हलके हलके हाथ से जेल लगा देता है ..जिससे रिया को आराम मिलता है ..मनु भी बड़े धयान से उसके सूजन को देखकर सोच रहा था ..सो बिना कुछ कहे रिया के बाथरूम में जाता है ..जहाँ गीज़र ों करके रिया के टॉवल को लेकर गरम पानी को नहाने के डिब्बे में ले आता है ..और बहार आकर उस पानी में टॉवल डूबा कर रिया की छूट और गांड की सिकाई करने लगता है ..जिससे रिया की सिसकी निकल जाती है ..जहाँ रिया बार बार मनु के हाथ लगने से गरम होने लगी थी …पैर मनु अपने काम में लगा हुआ था …क्युकी सूजन से छूट का हाल बर्गर बन जैसा हो चूका था ..और गैंग का छेद तो सूजन से बहुत छोटा दिख रहा था ..पैर गरम पानी और मनु के हाथों और अपने hi घर में नंगे होना ..रिया के लिए नया एक्ससिटेमेंट था जिसमे एक नया नशा या किक थी ..जवान रिया के दिल में तरह तरह के ख्याल आ रहे थे ..

मनु सिकाई करते हुए “ तोह रिया अब भी मुझसे नफरत नहीं करोगी की मैं तुम्हारी बुआ का लड़का हूँ मतलब तुम्हारा भाई लगा रिश्ते में ..”

रिया गांड की सिकाई करवाते हुए घूम कर सामने हो जाती है ..और मनु चुपचाप उसकी छूट की सिकाई करने लगता है ..रिया उसकी आँखों में आंखें दाल कर देखती है ..और कहती है ..

रिया “ मेरी ज़िन्दगी में अब मर्द का सिर्फ एक hi नाम है ..जो सिर्फ है मनु ..कोई भी फैसला अब मुझे आपसे प्यार करने से रोक नहीं सकता ..और किस रिश्ते की बात कर रहें हैं …आप ..मैं अचे से जानती हूँ बुआ को कोई बचा नहीं हुआ था आज तक ..मीन्स आप उनके मुँह बोले बेटे होंगे ..पैर उसमे रिश्ता भी आपका और मेरा दूर का हुआ ..सो सोचना कैसा …जब मेरी एक फ्रेंड नज़मा ने मुझे बताया की उसके यहाँ कजिन मैरिज आम है ..और साउथ में भी लोग मां और बुआ की बेटी या बेटों में मैरिज कर लेते हैं तोह यहाँ तोह आप सेज बेटे भी नहीं हैं बुआ के ..सो उसमे सोचना कैसा हुआ ..और वैसे भी इस दुनिआ में सारे लड़कों को भाई बना सकती हूँ पैर आपको नहीं ..सो नफरत जो आपने पहले कहा ..वह होना तोह पॉसिबल hi नहीं है ..क्युकी रिया आपसे सिर्फ प्यार और प्यार hi कर सकती है ..नफरत नहीं …अभी दर्द मैं हूँ ..और दर्द में इंसान दर्द देने वाले को कोसा करता है ..पैर आपको दर्द में भी देखने की तमन्ना थी ..सोचिएये जब दर्द में आपके लिए पल भर में उल्टा सोचने का ख्याल नहीं आया तब क्या मैं आपसे नफरत कर सकती हूँ नहीं ..इस जनम में तोह नहीं ..हाँ अगर मेरे सर पैर कोई चोट लगे और मैं याद दस्त भूल जॉन तोह भी शायद आपको देखकर आपसे फिर से प्यार कर बेठुंगी ..नफरत तोह दूर की बात है ..आप ज्यादा सोचिये मत जैसा चल रहा है चलाओ इसे ..”

मनु रिया की सोच सुनकर हैरान था ..पैर उसको भी रिया को दर्द में देखकर ाचा नहीं लग रहा था ..

मनु “ रिया ी म सॉरी की तुम इतने दर्द में हो ..पैर तब क्या होगा जब सामने से तुमको मुझे भाई कहने के लिए कहा जायेगा ??”

रिया “ ोूफू! आप भी न कितना सोचते हैं ..देखिये पहली बात आपकी और मेरी आगे शामे सी है तोह ऐसे में आप मेरा नाम लेना ,,,मैं आपको आप hi कहूँगी ..भाई कहने की ज़रूरत hi क्या है ..और रही घर वालों की बात ..सो उनकी सोच उनके साथ हमारी सोच हमारे साथ ..ज्यादा सोचूंगी तोह चैन से जी भी नहीं पाऊँगी ..आप भी ज्यादा मत सोचिये..”

मनु “तोह क्या करना चाहिए मुझे ??”

रिया “ सिर्फ प्यार बस प्यार कीजिये मुझ से और कुछ नहीं ..”

मनु “ पैर तुम अभी रिकवर कहाँ हुई हो ??”

रिया “ आपके हाथ लगने से ठीक हो गयी हूँ कुछ कजिये न मुझसे रहा नहीं जा रहा है ..”

मनु “ सोच लो दर्द होगा और सामने के रूम में माँ हैं और साथ के रूम में शायद तुम्हारा भाई भी होगा सूजन में चीख भी निकल सकती है …”

रिया ने पास में पड़े टॉवल को मुँह में ठूसते हुए कहा “ अब जो होगा आप मुझे ऐसे तड़पते हुए छोड़ कर मत जाइये न .प्लीज “

मनु “ तोह टॉवल को अचे से थुश लो और मुझे काम करने दो ..”

रिया ने टॉवल से मुँह बांध लिया ..मनु ने निचे से नंगी रिया के बचे हुए कपडे भी निकल दिए ..और खुद भी नंगा हुआ ..और रिया के ड्रेसिंग टेबल से hair-oil लेकर उसको अपने लोडे पर लगा लिया ..और रिया की छूट पैर निशाना लगा कर सिद्ध एक बार में hi उसके अंदर उतार दिया ..

रिया “ उम्मम्मम! अह्ह्ह्हह!! “ उसके मुँह से चीख निकली पैर टॉवल से मुँह में hi डाब कर रह गयी ..और मनु उसको दनादन छोड़ता रहा ..रिया उसके हर झटके पैर हिल जाती थी …

पैर मनु तेरा मनु उस ने तेज़ी से छोड़ना जारी रखा ..और साथ में रिया की चूचियों को एक बार फिर से कास कसकर भीचा …रिया मज़े में उफान रही थी …छूट और चुकी का मज़्ज़ा उसके सर चढ़कर बोलरहा था …

मनु ने और तेज़ी से उसकी चुदाई करनी शुरू कर दी ..रिया का मुँह अगर बंद नहीं होता टॉवल से तोह उसकी सिसकी और चीखें सुनकर पुरे घर को पता चल जाता की अंदर क्या चुदाई हो रही है ..रिया 15 मिनट लगा तार हलबी लोडे को झेलने के बाद पानी बहा चुकी थी ..बेचारी झेल नहीं पायी दर्द और लोडे के आगे हार मन लेती है …पानी निकलते hi रिया घूमकर घोड़ी बन चुकी थी ..

क्युकी उसे पता था मनु का पानी नहीं निकला होगा ..और उसका अगला शिकार उसकी गांड hi होगी ..सो बिना कहे हु घोड़ी बन गयी …मनु भी पास से हेयर आयल लगा कर एक बार फिर उसकी गांड में अपना लोढ़ा पेल देता है रिया सिसकी लेकर लोडे को अंदर ले लेती है ..

मनु पूरा लोढ़ा एक बार में hi उतार देता है ..और ताबड़तोड़ चुदाई करना शुरू कर देता है ..रिया घोड़ी बानी लोडे को गांड में आते जाते महसूस कर रही थी ..मनु ने एक जुल्म और किया ..रिया के लम्बे बैलून को पकड़ कर उसने एक लगाम थम ली …अब रिया सुच में किसी घोड़ी जैसे लग रही थी …

मनु बैलून को लेकर उसकी लगाम थामे उसको लगातार छोड़ रहा था …साथ में निचे से उसने अपने हाथ को ले जाकर छूट के दाने (क्लाइटोरिस ) को सहलाना शुरू कर दिया और रिया की मस्ती और बढ़ गयी ..यह तोह सुखरा है की रिया का बीएड लोहे का था वर्ण …चिर्र मिरर की आवाज़ से पता चल जाता रिया की चुदाई का ..पैर लोहे के बीएड पैर आवाज़ आ रही थी ..जो सिर्फ रिया की सिसकियों की थी …

रिया लगातार गांड चुदाई और छूट के सहलाने से एक बार फिर हथियार डालदेति है ..उसका पानी निकल चूका था …अब मनु रिया को रोक देता है ..

मनु “ रिया अब बहुत हुआ …तुम्हारी बात मान ली मैंने पैर अब करूँगा तोह दर्द और होगा ..तोह अब रहने दो ..”

रिया टॉवल हटा देती है और लोडे को पकड़ कर कहती है “ जब तक यह नहीं थकेगा मैं करती रहूंगी चाहे कुछ भी हो ..”

मनु “ सोच लो ..इतना ज़िद करना ठीक नहीं है ..”

रिया “ आप मेरी बात मानिये न मुझे अभी चुदाई की जरूरत है मुझे अचे से छोड़िये न प्लीज ..”

मनु “ ठीक है वैसे तुम ज़िद्दी बहुत हो ..”

रिया “ हाँ बचपन से हूँ ..पैर अभी मैं टॉवल लगा रही हूँ आप बस अचे से छोड़िये मुझे ..”रिया यह कहकर टॉवल लगा लेती है ..

मनु सिद्ध छूट पैर फिर से अटैक कर देता है ..और 20 मिनट की चुदाई के बाद अपना पानी छूट में बहा देता है …” रिया भी उसके साथ पानी बहा देती है ..दोनों पसीने पसीने हो चुके थे …दोनों ने इतनी म्हणत जो की थी ..

मनु बड़े प्यार से नंगा hi रिया को बाँहों में समां लेता है और उसके माथे पैर किश करता है …रिया भी मनु की बाँहों में सिमट जाती है ..

कुछ देर बाद मनु रिया से अलग होता है और उसे उठाकर बाथरूम में ले जाता है जहाँ अचे से गरम पानी से दोनों नहाते हैं और मनु उसको बीएड पैर ले जाकर उसकी छूट और गांड में एक बार फिर से जेल लगा देता है …रिया को कपडे पहना ने के बाद खुद बाथरूम में जाकर अचे से हाथ डोह कर अट्टा है और अपने कपडे पहन कर ..

रिया के माथे को चूमकर उसको सोने को कहता है और बहार देखकर साफल्य अपने रूम में आ जाता है ..

शाम को सब नोर्मल्ली उठते हैं …तोह शाम की चाय के टाइम जस निचे जाती है ..और तीनो के लिए चाय बनती है .उसके चाय बनाना कर रेडी करते टाइम …सुमन वहां आ जाती और हैरानी से देखती है उसे ..

सुमन “ बीटा मुझे कह देती चाय मैं बना देती ..तुम मेहमान हो काम करने की जरूरत नहीं है तुमको ..”

जस “ कोई बात नहीं अन्त्य नीता अन्त्य की डाइट के लिए मैं खुद काम करती हूँ सो मुझे हैबिट है ..आप टेंशन न लो मैं देख लुंगी ..अभी तोह चाय hi बनायीं है …रात को डिनर भी मुझे hi बनाना होगा सो आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है ..एंड सॉरी आपके किचन को बिना आपकी परमिशन के उसे किया ..”

सुमन के कानो से धुआं निकल चूका था ..क्युकी slow-poison करना नीता को यही उसका प्लान था ..पैर जस के किचन में रहने से प्लान फ़ैल होता महसूस हो रहा था उसको ..सो आखिरी कोशिश की उसने ..

सुमन “ बीटा कोई बात नहीं ..पैर हमारे यहाँ मेहमानो से काम नहीं करवाया करते यह ठीक नहीं लगता ..और वैसे भी मुझे आदत है ..तुम बिना वजह परेशां होंगी …”

जस “ नहीं अन्त्य इसमें परेशानी की कोई बात नहीं है ..वैसे भी मुझे यह काम करना hi है ..आप को अगर दिक्कत है तोह मैं अन्त्य से कह देती हूँ ..तब ज्यादा से ज्यादा हम होटल में रेह्न्गे क्युकी डाइट में लापरवाही नहीं कर सकते न उनके लिए …सो कोई बात nahi..aap टेंशन मत लो मैं अन्त्य से बात करती हूँ ..”

सुमन को लगा सुच में अगर नीता वहां से चली गयी तोह क्या होगा मीन्स उनके प्लान का ..एक तोह इतने दिन बाद बहाने से नीता उनके घर आयी थी ..और अगर होटल में गयी तोह राज और रिया से उसका बांड कैसे बनेगा ..और उसको slow-poison करना भी मुश्किल होगा ..सो ऐसे में न चाहते हुए भी सुमन ने जस को परमिशन देना सोचा ..

सुमन “ कोई बात नहीं बीटा नीता दीदी से कहने की जरूरत नहीं है तुम अपना काम कर लो मुझे किचन शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है …पैर जब टाइम मिले थोड़ी मेरी हेल्प भी कर देना ..वर्ण मेरी बेटी तोह किचन में कदम तक नहीं रखती ..”

जस “ हाँ जरूर अन्त्य ाचा चाय ठंडी हो जाएगी ..मैं चलती हूँ ..”

जस वहां से निकल गयी पीछे छोड़ गयी सोच में गम सुमन को की जस के किचन में आने से अब क्या उसका प्लान पूरा होगा या नहीं ..और होगा तोह कैसे ..पैर शाम को सुमन की ज़िन्दगी में भी एक तूफ़ान आना बाकी था …जिसका पता तोह अब वक़्त और किस्मत को hi होगा ….
:हिंट:
 
थैंक्स भाई ...

आज भाई का कमेंट देखा ..सुच में दिल छू लिया ...भाई आप ांसहान जैसे कड़े फैसले मत लेना ..हम आपको ऐसे तंग नहीं होने देंगे ...िफ़ ु लव में भाई ...सो ी आल्सो लव ु भाई (पैर भाई लव एक भाई की तरह है ) ..आपने ाचा लिखा उम्मीद करता हूँ आपकी शायरी हीना के लिए उसे करूँ तोह आपकी परमिशन होगी भाई ... भाई थैंक्स आपको भी ...

वैसे दिन बना दिया भाई ..आपने भाई ..

और थैंक्स भाई आपको भी ...ाचा मैं लिखता हूँ या नहीं ..पैर सुक्रिया आपको की आपने इस काबिल समझा अपने भाई को ...तहे दिल से सुक्रिया ...

भाई आपने पूछा की निशा जब गयी तोह 5 साल होने तक वापस नहीं आयी ..इसकी वजह मैंने वहां साफ़ साफ़ लिखी थी ..उसके नाना की बीमारी और क्युकी वजह कई थी वापस न आने की ...शायद आप स्टोरी में देख नहीं पाए या ..आपने शायद ध्यान नहीं दिया ..की निशा से मनु ने वडा लिया था ..की वह अपनी स्टडी पूरी करे ..और भी कई वजहें थी ..जैसे आये वापस तोह क्यों ?? जब उसकी फॅमिली में उसकी माँ hi उसके साथ नई ज़ीलैण्ड में है ..और चलो मान भी लिया की वह अपने पापा के लिए वापस आये तोह वहां मैंने उसका भी डिटेल में क्लियर किया था ..की निशा के फादर अशोक खुद वहां नई ज़ीलैण्ड जब तब चले जाते थे ..और क्युकी निशा की बेचैनी देखकर उसकी माँ ने मनु के पीछे जासूस लगा दिया था ..ताकि उसको मनु के बारे पता चलता रहे ...

सो भाई कैद कैसे हुआ ...आप ने सवाल पूछा उसका डिटेल रिप्लाई दे रहा हूँ ..इसको कैद कैसे डिफाइन करोगे आप ??? जबकि वह वहां स्टडी कर रही है ...उसका परिवार उसके साथ है तोह कैद कैसे हुआ ??? सोचना आप एक बार ...

अब आते हैं मनु और चिंटू पैर ...कभी कभी आँखों का देखा इंसान को अंदर तक तोड़ देता है ..जिससे आप प्यार करो वह कहीं और एक बार सोचना समझ जाओगे ...और क्यों किया और निशा को चिंटू hi क्यों ?? यह सवाल आप मातुरे दिमाग से सोच रहे हैं ..ठीक है पैर उस टाइम मनु को निशा के नाम उसके चिंटू की बाँहों में होने भर से hi प्यार से नफरत हो गयी ...जो उसका अपना पॉइंट ऑफ़ व्यू है ...और निशा के नाम को भी उसने इस अपडेट तक अपने दिमाग में आने तक नहीं दिया क्युकी उसको निशा को याद करके सिर्फ दर्द hi मिलता था ..और जब इंसान दर्द में होता है ..तब कभी कभी सामने पड़े टेल की चाभी भी नज़र नहीं आया करती ...उम्मीद है आप स्मार्ट हो समझ गए होंगे की निशा को मनु कैसे और क्यों देखता है ...

भाई जहाँ आप जो अपडेट रीड कर रहे हो वहां उसके सवाल कमेंट में होंगे ..प्ल्ज़ उनको भी ..पद लेना क्युकी जो आपने पूछा है सिर्फ आपके hi मंद में नहीं आया होगा ...सो कमेंट भी एक बार रीड कर लेना ...ओल्ड अपडेट में मुझे बार बार आपको समझने में प्रॉब्लम नहीं है ..पैर अभी के अपडेट और ओल्ड अपडेट का क्लेअरीफिकेशन मिक्स उप हो जायेगा ..जो अभी के लिए सही नहीं होगा ...बाकि

भाई जहाँ जो लिखा है सोचकर और डिटेल में लिखा है ..अब यह आप पैर है ..की आप उसको कैसे देखते हैं??? पता नहीं आपने कैसे अपडेट पढ़ा था ...खैर मैं यहाँ हर अपडेट में कुछ छोटे पैर आने वाले अपडेट के लिए पॉइंट देता रहता हूँ ताकि आगे की स्टोरी में आप कंफ्यूज न हो..

पैर यह आप पैर है की आप कितना रीड करते हैं और कितना स्किप करते हैं ...भाई इसे नाराज़गी मत समझना ..आपने पूछा था सो क्लियर कर रहा हूँ ...और प्लीज इसको डिसरेस्पेक्ट या ऑफेंड होकर मत लेना ..आपने डिटेल में पूछा था सो क्लियर करना जरूरी था ...क्युकी कुछ प्यारे दोस्त ऐसे hi रीड करते हैं स्टोरी को ..की जहाँ बोर लगा वहां स्किप कर दिया ...

पैर भाई खुद सोचना अपडेट मैं जब इतने बड़े दे रहा हूँ ..तोह कुछ सोच समझ कर hi दे रहा हूँ ..वर्ण छोटे अपडेट में तोह मेरा hi टाइम बचता है न ..पैर तब न लिखने में मज़्ज़ा आनेवाला है और न रीड करने में ..सो जितना लिखता हूँ ..सोच समझकर लिखता हूँ ...हाँ स्पेलिंग और auto-speace के चलते ...वर्ड थोड़े जुड़ से जाते हैं ..जो एक मेरी कमी है ..मंटा हूँ ..पैर भाई इतना आप भी एडजस्ट कर लेना ..क्युकी यहाँ थोड़ा एडजस्ट मैं कर लेता हूँ तोह थोड़ा आपसे एडजस्ट की उम्मीद रखता हूँ ...

अब आते हैं सोफ़िया के बारे में आपने पूछा उसका करैक्टर समझ नहीं आया ..सो भाई उसके बारे जितना बताया है काफी है ..उसका रोले का काम जब स्टार्ट होगा तब आप समझ लेना ..क्युकी सस्पेंस मैं बिगड़ना नहीं चाहता ...सिर्फ आपके लिए इतना डिटेल में क्लियर किया ..पैर अकेले आपके लिए बाकी दोस्तों का मज़्ज़ा बेकार नहीं कर सकता ...इतना समझ लो जब जहाँ जिसका काम होगा वह एक्टिव होगा ...यह सिर्फ आपके लिए स्पेशल टिप है ...

थैंक फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ....


योर्स
 
अपडेट 91

रिकैप........

जस वहां से निकल गयी पीछे छोड़ गयी सोच में गम सुमन को की जस के किचन में आने से अब क्या उसका प्लान पूरा होगा या नहीं ..और होगा तोह कैसे ..पैर शाम को सुमन की ज़िन्दगी में भी एक तूफ़ान आना बाकी था …जिसका पता तोह अब वक़्त और किस्मत को hi होगा …

अब आगे........

सुमन जस के बोलने से सोच में थी ..वहीँ जगन भी नीता के आने और उसके कैंसर वाले सवालों से टेंशन में था …

जगन बेचैनी में बैठा था ..सुमन आती है …

जगन सोच में गम था …सुमन के आने का उसे पता न chala..suman उसको सोच में गम देखकर बोली ..

सुमन “ क्या बात है किस सोच में गम हो ??”

जगन “ सुमन तुमको तोह पता है नीता आ चुकी है और उसके कैंसर वाले सवालों का मेरे पास कोई जवाब नहीं है ..”

सुमन मैं में “ जवाब तोह आपके क्या मेरे पास भी नहीं है ..पैर ऐसे हार तोह नहीं मान सकते न …अब प्रॉपर्टी भी तोह बिच में है …और यह सब हमारे और हमारे बच्चों के फ्यूचर का सवाल है ..”

जगन “ सुमन क्या होगा जब नीता को पता चलेगा की उसी का भाई उसको मरने पैर तुला हुआ है …??क्या यह सब सही है ?? “

सुमन “ आप न बेकार की बातों में दिमाग खपा रहे हैं ..अगर यहाँ आपकी बहिन की जगह मेरी खुद की सगी बहिन भी होती तोह अपने और बच्चों के फ्यूचर के लिए मैं उसके साथ भी यही करती …आप फालतू की टेंशन छोड़ दो …और आपने प्लान पैर ध्यान दो ..क्युकी अब पीछे हेट तोह आने वाले कल में हम रोड पैर आ जायेंगे ..”

जगन सोचते हुए “ हाँ बात तोह सहीह ै तुम्हारी ऐसी लाइफ जीने के बाद रोड पैर रहना अब मेरे तोह क्या हम में से किसी के बस की बात नहीं है ..चलो आगे देखते हैं क्या होता है ??”

सुमन उसका ध्यान बताने के लिए ..” होना क्या है रात को आपको मुझे अचे से खुश करना है …सो अभी से तयारी कर लो मुझे रात को अचे से और कसकर छोड़ना मुझे रात को कोई बहाना नहीं सुन्ना …की मेरा मान नहीं है या बहिन और बचे जाग jayenge….chahe तोह सेक्स पिल ले लेना ..पैर मुझे आज पलंग तोड़ चुदाई चाहिए ..समझ लो वर्ण आज मेरा मूड ख़राब हो जायेगा …”

जगन सुमन को अपने पास खींचते हुए उसकी चुकी दबाने लगता है ..” अरे मेरी रानी तेरे लिए तोह मैं खुद को भी गिरवी रख दूँ ..तेरा मूड ख़राब नहीं होगा ..आज रात को …तू टेंशन मत ले आज अचे से तेरी खुराक पूरी करूँगा …पैर आज अपनी गांड और छूट को अचे से साफ़ कर लेना और आयल से अचे से पॉट लेना ..डिनर के बाद मार्किट से लोढ़ा लम्बा करने की दवाई लेकर आज तुझे जैम कर छोडूंगा ..पैर ??”

सुमन “ हाँ जानती हूँ ..आज बहिन आयी है ..और बच्चों का क्या ..?? जानती हूँ आज सभी को अचे से नींद की दवाई दे दूंगी रात को दूध में ..तुम बस आकर मुझे खुश कर देना ..”

जगन “ तू टेंशन मत ले …आज यह समझ ले आज तेरी सुहागरात है …बाकी मैं देख लूंगा …”

जगन यह कहकर उसकी चुकी और जोर से दबाने लगता है ..सुमन भी उसका साथ देने लगती है …

सुमन को अचानक से होश आता है और हु उसको अपने से दूर कर देती है …जगन हैरान सा उसे देखता है ..

सुमन “ अभी रहने दो ..जानती हूँ की अभी आपका मूड बन जायेगा ..और श्याद मेरा भी ..पैर अभी आपका दो मिनट में काम हो जाना है ..और मैं इस आग में जलती रहूंगी उसका क्या ??? सो अभी आप आराम कर लो रात को अचे से पावर में आना और अपनी बीवी की प्यास और अपनी प्यास दोनों बुझा लेना ..” जगन भी बच्चारा मैं मर कर दूर हो जाता है ..

दोनों अपने बैडरूम में थे ..पैर दोनों को नहीं पता की उनके hi घर में दो आँखें उनको देख रही हैं …यह दो आँखें जवान हैं जिनमे जवानी और आने वाले कल के हसीं सपने हैं ..जवानी भी अजब है इंसान को हु सब करवा देती है ..जो इंसान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होता …आप सोच रहे हैं यह है कोण ???? जो जगन और सुमन को देख रहा है ??

जगन “ सुमन एक बात कहूं ..बुरा तोह नहीं मानेगी ..??”

सुमन “ हाँ कहो न ..”

जगन “ देख मैं अचे से समझता हूँ ..तेरी प्यास बुझना मेरे बस का नहीं रहा ..यह टब hi अचे से जानती है ..बिना दवाई के मेरे लोडे का पानी भी अब जल्दी निकल जाता है ..और तू प्यासी रह जाती है ..”

सुमन “ तोह ..”

जगन “ देख ..किसी भी हस्बैंड के लिए यह सबसे मुश्किल पड़ाव है जिसमे हु अपनी बीवी को उसकी जिस्मानी आग को पूरा न कर पाने में नाकाफी होता है ..मेरे लिए यह सबसे मरने जैसे पल होते हैं जिसमे मैं तेरे लिए छह कर भी कुछ नहीं कर पता हूँ ..मुझे इसके लिए माफ़ कर देना ..सुमन” जगन सुमन की आगे हाथ जोड़ लेता है …

सुमन उसके हाथ जोड़ते hi उसको रोकक देती है ..” यह कैसी बात कर रहे हो तुम ?? क्या इस जिस्म की आग को hi तुम सब कुछ मानते हो ??? अरे तुमने मुझे क्या नहीं दिया ..इतने साल हुए शादी को ..कभी मुझे दुखी या तंग नहीं किया ..न कभी मुझे कोई तना या मरना तोह दूर आज तक मुझपर एक ऊँगली तक नहीं उठाई ..और सबसे बड़ी बात ..तुमने तोह मुझे दो प्यारे प्यारे बचे दिए ..जिनको देखकर और सुनकर hi …जीने की नयी वजह मिल जाती है ..और तुम आज मुझसे माफ़ी मांग रहे हो?? क्या मुझे नहीं दीखता की तुमने क्या कुछ नहीं किया मेरे लिए ?? क्या जिस्म की जरूरत hi पूरी करना के पत्नी का धर्म है ??? अरे अगर आज तुम कमज़ोर हुए तोह क्या हुआ ..मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ ..और अगर तुम्हारी जगह यह सब मेरे साथ होता और चुदाई में मैं कमज़ोर पड़ी तोह क्या ..तुम मुझे ऐसे छोड़ देते ..नहीं न ..तोह माफ़ी क्यों मांग रहे हो ??”

जगन “ सॉरी सुमन मैं अब तुम्हारी ज़रूरत पूरी नहीं कर पता हूँ ..”

सुमन “ फिर वही बात ..तुम मेरे लिए सब कुछ तोह कर रहे हो ..मुझे अचे से पता है अगर मैं चुदाई में कमज़ोर पड़ती तोह तुम मुझे तब भी ऐसे hi प्यार करते ..वैसे hi मैं भी करती हूँ ..और क्या जरूरत पूरी नहीं की तुमने किस बात का दोष दूँ तुमको ?? यहाँ इस मेंगे शहर में जहाँ सेंकडो लोग रोड पैर सोते हैं वहां इतना बड़ा घर है जो हमारा है ..और बच्चों की हर ज़रूरत को तुमने कैसे पूरा किया है अचे से दिखता है ..की तुम कैसे अचे बाप हो ..और बच्चों का hi क्या खुद मेरे लिए क्या कमी है ..जिसके लिए तुमको दोष दूँ ..मान लिया तुम आज कमज़ोर हो ..अपनी बीमारी के चलते तोह क्या हुआ ??आगे है कल को मैं भी बुद्धि हो जाउंगी ..हमने शादी की है ..कोई टाइम पास नहीं ..हमारे दो जवान बचे हैं जिनकी खुद शादी की उम्र है ..मानती हूँ की हर पत्नी की चाहत होती है की उसका पति उसको हर तरह से प्यार करे पैर जरूरी तोह नहीं की हर एक की हर खाव्हिश पूरी हो ..सो तुम अपने दिमाग में इसके लिए ज़रा भी मत सोचो ..देखो मुझे आज तुमसे अचे से चुदाई चाहिए बस और माफ़ी मांगने का सोच भी तोह देख लेना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा ..”

जगन ..” पैर सुमन तुम चाहो तोह ..किसी और से भी जिस्मानी जरूरत पूरी कर सकती हो ??यकीं मनो थोड़ा बुरा लगेगा पैर तुम्हारी जरूरत के लिए मैं तुमको नहीं रखूंगा ..”

सुमन “ वाह जी वाह ..खुद सोच भी लिया और फैसला भी सुना दिया ..तुम न सुच में सठिया चुके हो …”

जगन “ देख सुमन मैं अचे से समझ ता हूँ तुझे बुरा लग रहा होगा पैर सुच तोह सुच है …पति हूँ तेरा तेरी हर ख़ुशी के लिए मरना भी पड़े तोह अफ़सोस नहीं है मुझे ..”

सुमन “ देखो जो तुम कह रहे हो हु नहीं होगा ..क्युकी यह सब करना मेरे लिए पॉसिबल नहीं है ..मैं अगर चाहती तोह यह सब कबका कर सकती थी ..पैर मुझे अपनी और परिवार की इज़्ज़त प्यारी है ..जिसको किसी गैर की आगे परोसना मेरे बस की बात नहीं है ..किटी पार्टी वाली तोह छिनाल हैं ..पैर मैं नहीं ..तुम ज्यादा मत सोचो ..मेरे लिए तुम्हारी एक चुदाई चाहे महीने में हो या साल में काफी है ..बीवी हूँ रखैल नहीं जो किसी के भी आगे टंगे खोल दूंगी ..इतनी इज़्ज़त तुमने मैं कमाई है ..जिस्म की गर्मी के चलते अगर दो मिनट की कमज़ोरी दिखाई तोह ज़िन्दगी भर मुँह नहीं दिखा पाएंगे हम ..और कैसे तब जी पंगे हम ..और कैसे होगी रिया और राज की शादी तब ..लोग थूकेंगे हम पैर …
तुम यह मत भूलो की औरत सिर्फ एक फॅमिली में शोपीस नहीं होती ..वह घर की इज़्ज़त होती है ..जिसके घर के काम में लिए कई फैसले गलत हो कोई बात नहीं ..पैर अगर उसका एक भी फैसला अगर उसके परिवार के लिए गलत होगा तोह ..परिवार टूटकर बिखर जायेगा ..क्युकी आदमी से ज्यादा औरत एक घर की इज़्ज़त हुआ करती है और यह ऐसे hi नहीं कहा जाता ..क्युकी हिस्ट्री से लेकर आजतक दुनिआ में जब भी एक औरत ने मर्यादा तोडी है तब उसका और उसके परिवार का सिर्फ बुरा hi हुआ है …सो यह फितूर दिमाग से निकल दो ..मेरे लिए तुम काफी हो चाहे जैसे भी हो बस तुम मेरे हो ..”

जगन यह सुनकर खुश हो चूका tha,,ki सुमन को अपनी और फॅमिली की इज़्ज़त की परवाह है ..पैर सुमन जगन को समझा चुकी थी ..पैर अंदर से उसी का जिस्म चुदाई की आग में जल रहा था …पैर हु अपने दिल को समझा रही थी की आज उसको भी जगन की चुदाई मिलेगी …और उसकी छूट भी ठंडी होगी आज रात ..पैर दो जवान आँखें और कान सुमन और जगन की साड़ी बातें सुन चुके थे ..और यह कान और आँखें थे राज के जो सुमन और जगन को देखने आया तोह उसने maa-baap की मस्ती में गम देखा जहाँ न चाहते हुए भी उसका जवान मैं अपनी माँ को अपने बाप के हाथों से चुकी मलते हुए और अपनी मर्दानगी पैर आंसू बहते हुए देख चूका और सुन चूका था …जहाँ राज अचे से अपनी माँ की गर्मी और बाप की कमी समझ चूका था साथ में हु यह भी समझ गया था की उसकी माँ कैसे अपने परिवार और इज़्ज़त के लिए अपनी गर्मी बर्दास्त कर रही थी …राज ने आज तक अपनी माँ सुमन को बस माँ की नज़र से देखा था ..पैर आज उसे माँ के अंदर एक औरत भी नज़र आ रही थी ..औरत जो प्यासी थी ..

उधर जस चाय ला चुकी थी और नीता मम को दे देती है नीता मम चाय लेती हैं और बची हुई चाय लेकर जस मनु के रूम में चली जाती है ….मनु सोया हुआ था चुदाई और थकन की वजह से ..

जस उसे उठाकर चाय देती है …मनु चाय काम पिता था सो चाय हु जस के कप में पलट देता है ..

जस “ यह क्या कर रहे हो ..??”

मनु “ चाय पलट रहा हूँ ..और क्या ??”

जस “ पैर ज्यादा चाय पीना मेरे लिए सही नहीं होगा ..”

मनु “ पि लो जस डिअर ज्यादा चाय से तुम काली नहीं पड़ोगी ..और अगर थोड़ी बहुत काली पद भी गयी तोह तुम और खूबसूरत हो जाओगी …”

जस शर्मा कर “ हाँ जी मैं काली हो जॉन और सुन्दर भी लागूं साथ में वह क्या बात है ..”

मनु “ यकीं मनो तुम बहुत सुन्दर हो ..अगर थोड़ी बहुत काली पड़ी भी तोह भी तुम हम लड़कों से तब भी सुन्दर hi लगने वाली हो ..कोई भी लड़का तुमको देखकर बिना नोटिस किये तब भी रहने वाला नहीं है ..”

जस मान में “ जिसको नोटिस करना है हु तोह करता नहीं है ोरों की चिटा है तुमको बहुत ..”

मनु “ चाय पि लो ठंडी हो रही है .”

दोनों चाय पिने लगते हैं …

मनु “ तोह चाय के साथ तुमने किचन में एंट्री ले hi ली वैसे ममी का क्या रिएक्शन है इस बारे में ..”

जस उसको सब बता देती है ..

मनु “ इसका मतलब मां ममी काम पैर लगने वाले हैं ..”

जस “ तुमने क्या प्लान किया है ..”

मनु हँसते हुए …” प्लान कैसा प्लान …”

जस हैरानी से ..” मतलब बिना सोचे तुम यहाँ अन्त्य की जान को जोखिम में डालने ले आये ..”

मनु “ मैंने कहा प्लान नहीं है इसका मतलब यह नहीं मैं कुछ करूँगा नहीं …दोनों में डिफरेंस है डिअर जस ..”

जस ..” डिफरेंस कैसा मैं समझी नहीं ..”

मनु ..” दुनिआ में दो तरह के लोग होते हैं …एक हु जो प्लान करते हैं और उसके पूरा होने के लिए जान लगा देते हैं ..और दूसरे जो प्लान को फ़ैल करने में लगे रहते हैं ..मैं दोनों में से कोई नहीं हूँ मैं तीसरा टाइप हूँ ..”

जस “ तीसरा मीन्स ..”

मनु “ आम टूर पैर लोग प्लान करते हैं ..और उसपर अमल करते हैं ..पैर कुछ स्मार्ट लोग काम करते हुए ..अपने टारगेट के हिसाब से अपने गोआल को सेट करके उसको टाइम आने पैर हिट करके अपनी प्रजेंस बता देते हैं …यह तीसरा टाइप है ..”

जस “ मीन्स तुम आलरेडी काम पैर हो …”

मनु जवाब में सिर्फ मुस्कुरा देता है ..जस उसकी मुस्कराहट को देखकर मैं में सोचती है ” जगन और सुमन सुच में तुम्हारी किस्मत पता किस मूड में होगी जब तुमने नीता अन्त्य के बारे में गलत सोचा …लोग तोह दिवाली पैर भी बम में आग लगा कर दूर भाग कर उसके फटने का इंतज़ार करते हैं …पैर मेरे मनु को उसकी माँ की जान लेने का प्लान करके तुमने खुद को टाइम बम पैर बैठा लिया है ..जिस इंसान ने सरे माल में इतने लोगों को जान से सिर्फ बोलने भर और चुने भर से hi उनकी जान मरने से भी बत्तर कर दी हु इंसान पता नहीं तुम्हारा क्या हाल करेगा ..तुम्हारे लिए बस यही कह सकती हूँ …एन्जॉय ुर लेफ्ट डेज ..”

मनु मैं में “ जगन मां तुमने सुबह दरवाज़े पैर माँ के साथ अपने लिए ..घर में काल और अचे टाइम का वेलकम किया है ..अब तुम को खुद नहीं पता लगेगा की चीज़ें कैसे तुम्हारे हाथ से निकल गयीं …तुम अब खुद अपनी बर्बादी का तमाशा देखना ..क्युकी माँ को मरने के लिए सोचकर तुमने अपना ाचा टाइम त्यार कर लिया है …”

मनु और जस दोनों अपने मैं में सोच में जगन और सुमन के लिए hi सोच रहे थे ..जहाँ दोनों चुप जरूर थे पैर इस छुपी में दोनों के दिमाग में सिर्फ एक hi नाम गूंज रहा था …जगन और सुमन ..

उधर सुमन की चुकी भींचने और अपनी माँ की सेक्स की ज़रूरत देखकर राज आज बेचैन था ..उसने कई बार न चाहते हुए भी सुमन के नाम का मुठ मारा …और उसके पानी निकलने की हालत आज कुछ यह थी की राज ..के हर ख्याल में आज सुमन hi घूम रही थी ..राज आज सुमन को अपने ख्यालों में नए नए पोज़ में महसूस कर रहा था ..दुनिआ की सबसे सुन्दर औरत आज उसे सुमन महसूस हो रही थी …बेचारा कई बार मुठ मरने के चलते नीड में गम हो चूका था …उसका आज न चाहते हुए भी मैं था की कैसे उसका बाप उसकी माँ को छोड़ता है यह देखे ..जबकि मैं में उसके यह बात अछि नहीं लग रही थी ..की हु अपने maa-baap की पर्सनल लाइफ में इंटरफेरे करे या तक झांक करे …इसी उधड़ बन में सो चूका था राज …

उधर शाम का टाइम हुआ ..तोह सुमन और जस आमने सामने थे …किचन में …दोनों ने खाना बनाया ..और सर्वे किया ..जगन जस को किचन में देखकर हैरान हुआ पैर सुमन ने इशारे से उसे चुप करवा दिया …

जगन भी चुपचाप कहने लगा …खाने की टेबल पैर घर के सभी लोग मौजूद थे ..राज रिया और जगन और मनु , नीता मम …राज आज जहाँ चोरी से सुमन को ताड़ रहा था ..वहीँ रिया की नज़रें सिर्फ मनु पैर तिकी हुई थीं …और नीता मम कभी मनु तोह कभी जगन को देख रही थी ..एक तरफ नीता मम के सामने जहाँ जगन था ..जो अपनी सगी बहिन को सिर्फ प्रॉपर्टी के लालच में जान से मरने पैर तुला था ..वहीँ ठीक उसी के सामने मनु था ..जिसका नीता मम से सिर्फ प्यार का नाता था ..खून का भी नहीं …जो नीता मम को माँ कहता था …और जो बिना नीता मम के जाने लगा हुआ था की जगन से कैसे हु नीता मम को बचाए ..

यही वजह थी की नीता मम कभी अपने भाई तोह अभी अपने बेटे मनु को एक दूसरे से कपड़े करने में लगी हुई thi…nita मम के लिए दुनिआ के सबसे मुश्किल पल थे यह की उनके ठीक सामने दो लोग थे जिनमे से एक उन्ही के खून का प्यासा था और एक बिना उनको बताये उन्ही की जान के लिए हर तरह से त्यार था ..उन्ही के भाई और उसके परिवार से भिड़ने के लिए ..

नीता मम तोह बहुत पहले hi अपनी साइड चुन चुकी थी …पैर सामने से जगन को देखकर उनको अपना और जगन के साथ बताया हुआ हर पल नज़र आ रहा था ..जो इस टाइम बड़ा दुःख दे रहा था …

रिया का तोह टेबल पैर आना hi मनु के लिए था ..उसको अब पहले से आराम था ..पैर लंगड़ाना उसकी एक्टिंग जरूरी थी ..वर्ण सबको जवाब क्या देती हु …उसके dil-o-dimaag पैर मनु हावी हो चूका था …हु तोह शुक्र है आज राज का धयान किचन में सुमन पैर लगा हुआ था ..वर्ण राज जो उसके बगल में बैठा हुआ था ..उसके लिए नोटिस करना सबसे ज्यादा इजी था की रिया की नज़रें कहाँ हैं ???

राज आज बेचारा अपनी माँ के हुस्न के जाल में ऐसा फंसा था की उसे जस नज़र hi नहीं आ रही थी ..जबकि जस को देखते hi राज का भी दिल मचल गया था ..उसके दिल में मनु से थोड़ी जलन हुई भी थी ..की कल हु वृंदा के साथ और आज जस के साथ …मनु के साथ हर रोज़ कोई न कोई हसीना hi होती thi..or हसीना भी हु जो राज के मुँह से लार टपका देती थी ..ऐसा नहीं था की राज कोई बदसूरत था ..पैर बेचारा अभी तक सिंगल था ..उसने कई बार तरय किया लड़कियों पैर …पैर उसकी किस्मत कहो की अब तक सिंगल था …हु क्यों यह उसकी किस्मत hi जाने …

जगन जी भी टेबल पैर hi थे ..पैर नीता के सामने कैंसर का झूंठ पकडे जाने के बाद से जगन सामने से थोड़ा उनकंफर्टबले था ..नीता से क्युकी उसको अब डर था की कहीं नीता ने उसको हॉस्पिटल ले जाकर टेस्ट करवा लिए तोह उसका हाल जो होगा सो होगा ..पैर नीता अगर चली गयी तोह प्लान का क्या होगा ??? सो जगन वहां चुपचाप अपनी प्लेट में hi देख रहा था …

मनु बेचारा रिया को कई बार खुद को देखते हुए देखकर टेंशन में आ चूका था ..क्युकी यहाँ अकेला तोह था नहीं ..और रिया को ऐसे देखते हुए अगर किसी ने नोटिस कर लिया तोह …उसका प्लान फ़ैल हो जाना था ..सो हु भी चुपचाप ..प्लेट में देख रहा था …

किचन में जस और सुमन ताज़्ज़े ताज़्ज़े फ्लूक (पतली फूली हुई रोटी) बना कर सर्वे कर रहे थे ..

जगन अचानक बोलै मनु से “ हाँ तोह यंग मन तुम क्या करते हो ??” उसके बोलते hi सब मनु को देखने लगे ..

मनु “ मां जी मैं एक स्टूडेंट हूँ ..”

जगन “ पैर एक स्टूडेंट तोह तुम लगते नहीं हो ..”

नीता मम “ भैया यह तोह यही कहता है ..जबकि यह एक ाचा बिजनेसमैन भी है …और एक अछि कंपनी में काम भी करता है ..और इसका अपना एक रेस्टोरेंट भी है ..”

जगन हैरानी से मनु से “ इस आगे में इतना सब …मतलब तुम्हारी आगे में तोह इंसान पढ़ hi ले वही काफी है इतना सब कैसे करते हो ..”

मनु नीता मम को देखते हुए “ माँ के प्यार और आशीर्वाद से सब हो जाता है ..मैनेज करना इतना मुश्किल भी नहीं है …जितना लोग समझते हैं ..काम की आदत जैसे आप डालते हैं वैसी हो जाती है ..”

जगन “ सुच में तुम इतने आगे इतना सब करते हो ..बड़ी हैरत है …वर्ण रिया भी अभी स्टूडेंट है और राज सोल्लगे में है ..पैर तुम तोह सुच में इन दोनों से बहुत आगे हो ..”

रिया जहाँ मनु के बारे में सुनकर ख़ुशी से फुल्ल रही थी ..वहीँ नीता मम को अंदर से गुस्सा आ चूका था ..पैर अपने को नार्मल करते हुए बोली “ भैया इस पैर है मत daalo..mera बीटा ऐसा वैसा नहीं है …जो है जैसा है बस मेरे लिए इतना काफी है की मुझसे बहुत प्यार करता है ..”

यह बात जगन के मुँह पैर एक बड़ा सा थप्पड़ था …जो नीता मम ने प्यार के नाम पैर जगन को ज़ोर से मारा था ..नीता मम और जगन दोनों को पता था प्यार का मतलब यहाँ क्या है ..नीता मम भले hi दिखा रही थी की उनको पता नहीं है ..पैर अंदर से सुलग रही थी हु जगन और सुमन से …

जगन ने बात बदलते हुए मनु से कहा “ ाचा यंग मन क्या नाम है तुम्हारे रेस्टोरेंट का ..??”

मनु “ मां जी माँ तोह वैसे hi बड़ा समझती हैं ..उसको इतना बड़ा भी नहीं है ..वैसे उसका नाम है “Hell’s किचन” ….”

जगन रिया और राज के साथ सुमन सब एक साथ हैरानी से “ क्या Hell’s किचन “

मनु चौंकते हुए ..” क्या हुआ इतना अजीब नाम है क्या ..”

सुमन भी रोटी सेकना छोड़कर वहां आ चुकी थी …जगन हैरानी से मनु को देख रहा था ..

मनु को जगन और उसका परिवार अजूबे जैसे देख रहा था ..

मनु “ क्या हुआ मामाजी मैंने कोई इतना बकवास नाम रख दिया जो आप सब ऐसे हैरानी से देख रहे हैं मुझे ..”इस बात से जस भी बहार आ चुकी थी हु और नीता मम भी हैरान थी ..की ऐसा कोनसा नाम ले लिया मनु ने जो जगन एंड फॅमिली हैरानी में डूबी है ..

जगन “ मतलब तुम “Hell’s किचन” के ओने एंड ओनली ओनर हो ..”

मनु सर हिला देता है …

जगन “ तुमको शायद खुद नहीं पता की तुम्हारा यह रेस्टोरेंट अपने आप में क्या है ..??”

मनु “ रेस्टोरेंट बस रेस्टोरेंट है ..और क्या होगा भला ..”

रिया अपने मोबाइल में यूट्यूब प्ले कर देती है ..जिसमे लोग मन ऊके रेस्टोरेंट की तारीफों के पुल्ल बांधने में लगे हुए ..थे …

रिया “ आपको पता भी है आपके इस एक रेस्टोरेंट से बाकी के रेस्टोरेंट के लिए भी मिसाल कायम हो चुकी है ..आपके उस अकेले रेस्टोरेंट का यूट्यूब चैनल पैर कितना फोल्लोवेर है ..और लोग आपके नाम को दुआएं दिया करते हैं ..आपको तोह शायद यह भी नहीं पता की …आपके इस एक रेस्टोरेंट की भूखों को रात को खिलने की आदत के चलते कितने रेस्टॉरेंटों ने आपकी देखा देखि लोगों को खाना देना शुरू कर दिया है ..और आप इतनी आसानी से कह रहे हैं ..की आपको पता नहीं है ..यहाँ दिल्ली में hell’s किचन की मिसाल दी जाती हैं ..आप उसके मालिक हैं और आपको पता नहीं है ..”

मनु जस को देखता है जो वहां यह सब देखकर मुस्कुरा रही होती है ..मनु समझ जाता है ..इंटरनेट पैर यह सब जस का hi काम है ..

मनु जगन से “ सॉरी मामाजी मैं तोह बस अपने काम से भूखों को सिर्फ पेट भरने के लिए खाना देता हूँ ..मुझे ाचा लगता है की कोई गरीब इंसान अचे से खा सके ..और चैन से जी सके ..उनसभी की दुआएं हैं की आज काम ठीक थक चल रहा है ..बाकी यह यूट्यूब चैनल और इतना सब जस का काम है मुझे इसके बारे में सुच में आज hi पता चला है ..मैं बेशक वहां नाम का मालिक हूँ ..पैर वहां हम सब एक फॅमिली हैं जिसमे न कोई छोटा है न कोई बड़ा ..क्युकी खेल हो या बिज़नेस सब जगह काम साड़ी टीम का होता है जो जीत दिला देता है ..कप्तान का काम सिर्फ रिप्रेजेंट करना या ट्रॉफी कलेक्ट करना hi होता है टीम के नाम पैर ..सो यहाँ भी वैसे hi है ..अब यह सब क्रेडिट मेरा नहीं जस का है …”

रिया जस से “ आपको पता है आपके हर वीडियो को हम और हमारी फॅमिली देखते हैं ..और हम सभी भी आपके सब्सक्राइबर हैं “

जस “ थैंक यू आपके सपोर्ट के लिए …वैसे हम इतने भी खास नहीं ..”

जगन “ बीटा ऐसे मत कहो ..जो लंगर सिर्फ गुर्दवारे तक hi हुआ करते थे उसको तुमने एक अचे स्केल पे ला दिया है ..तुम लोगों के वालंटियर वर्क के वजह से और भी लोग अब ऐसे काम कर रहे हैं ..अब चाहे हु पब्लिसिटी के लिए हो या ..रेस की वजह से पैर रोडों पैर फिकने वाला खाना आज भूकों के पेट में जा रहा है ..यह क्या मिसाल से काम है ..”

मनु “ बस बस मामाजी आपने तोह कहाँ से कहाँ बात ला दी ..छोड़िये इन सबको खाना खाइये न ठंडा हो रहा है ..”

नीता मम “ सुच में मुझे नाज़ है अपने बेटे और अपनी इस गुडिअ जस पैर जो इतने अचे काम करने के बाद भी इतने आसानी से कह देते हो ..की नार्मल काम है ..”

राज “ हाँ बुआ है तोह मुझसे छोटा पैर इसके काम की आगे मुझ जैसे कितने छोटे हो जाते हैं इसके आगे ..” राज की इस बात पैर नीता मम और जस जहाँ मनु को रेस्पेक्ट की नज़र से देख रहीं थी ..वहीँ जगन और सुमन के साथ भी उसको रेस्पेक्ट की नज़र से देख रहे थे या नहीं …पता नहीं ???

पैर रिया यह सब जानकार मनु से और इम्प्रेस थी यह क्लियर था ..क्युकी टेबल के निचे से उसके पेअर मनु को अचे से तंग कर रहे थे …पैर मनु चुपचाप खाने में लगा हुआ था ..



यहां आप सोच रहे होंगे जगन और फॅमिली अछि है तोह डिअर reader’s एक बात आपके लिए जैसे बिना पढ़े बुक के कवर से जज करना मुश्किल है की बुक अछि है या बुरी ..मीन्स हर इंसान का अपना एक टास्ते होता है …किसी को मीठा खाने में पसनद है तोह कोई नमकीन खता है ..उसी तरह कुछ लोग बैलेंस या एक राइट क्वांटिटी में मीठा और नमकीन कहते हैं …अगर उनके टास्ते से थोड़ा भी इधर उधर हो तोह उनको खाना पसंद नहीं आता ..उसी तरह यहाँ बिना किसी को जाने आप किसी को जज नहीं कर सकते …जैसे जगन सुमन जहाँ अभी मनु को रेस्पेक्ट की नज़र से देख रहे हैं इसका मतलब यह नहीं है की हु सही है ..अपनी बहिन को मरने वाला सही कैसे हो सकता है ???? यह फैसला आप पैर है जगन सुमन को पसंद करो या हेट यह आपके सामने है …

वहीँ मनु इनसब के बाद डिनर स्पीड से ख़तम करता है क्युकी निचे से रिया के पेअर ज्यादा चलने लगे थे …

मनु वहां से अपना डिनर लेकर हैट गया …उसके बाद में नीता मम और रिया जगन भी अपना अपना डिनर लेकर उठ चुके थे …अब टेबल पैर आये जस और सुमन …राज जानबूझ कर धीरे धीरे डिनर कर रहा था ..वजह आपको पता है बाँदा आज सुमन को घूरने में रिकॉर्ड बनाने में लगा हुआ था …

जस और सुमन ने चुपचाप अपना अपना डिनर फिनिश किया और अपने अपने रूम में चली गयी ..राज भी उनके साथ चला गया …

अब जगन कोई आधे घंटा के बाद वहां से निकला मेडिकल शॉप के लिए ..और उसके पीछे hi मनु निकला बहार अपने घर को कॉल करने के लिए …

सुमन वहां किचन में गयी और उसने सबके लिए …नींद वाला दूध का इंतज़ाम किया …और बारी बारी से सबको दिया …जस और नीता मम को उसने उनके साथ hi बैठकर पिलाया ..जस और नीता सुमन को शक की नज़र से देख रहे थे ..पैर सामने से उसको मन नहीं कर पाए और दोनों ने मजबूरन दूध पि लिया …

रिया को भी सुमन ने दूध पीला दिया अपने हाथों से ..रिया भी सुमन के सामने दूध पि चुकी थी ..मनु क्युकी वहां था नहीं ..सो सुमन ने उसके टेबल पैर धक् कर रख दिया दूध को ..

राज के रूम में सबसे लास्ट में गयी जहाँ राज अभी जगा हुआ था ..राज बड़े ध्यान से आज सुमन को देख रहा था ..उसे पता था की आज सुमन दूध में नींद की दवाई डालकर लायी है ..और सुमन और जगन का चुदाई का प्लान है आज ..वह चाहते और न चाहते देखना चाहता था चुदाई को आज ..

सुमन “ क्या हुआ बीटा आज इतने लेट तक सोये नहीं ..”

राज “ मम्मी आज आपके बारे में सोच रहा हूँ ..की आप कितना काम करती ho..jabki हम ऐसे hi पड़े रहते हैं ..देखो बुआ का लड़का कितना छोटा है और कितना काम करता है …”

सुमन “ बीटा दिल छोटा नहीं करते अपनी अपनी किस्मत की बात है ..वह लड़का तुमसे छोटा है ..पैर शायद उसके लाइफ में ऐसा कुछ होगा की उसने अपनी लाइफ को ऐसे प्लान किया होगा ..तुम इसको लेकर ज्यादा मत सोचो ..मेरे लिए यही बहुत है की तू आज काम से काम अपनी माँ की म्हणत के बारे में सोच रहा है ..मेरे लाल “

राज उठकर सुमन के गले लग जाता है ..इस हुग में जहाँ सुमन नार्मल बेटे वाला हुग महसूस कर रही थी ..वहीँ राज न चाहते हुए भी आज सुमन को एक औरत ..एक प्यासी औरत के जैसे महसूस कर रहा था ..दोनों माँ बेटे के हुग में डिफरेंस था …

सुमन “ आज मेरे प्यारे बचे को मैं अपने हाथ से दूध पिलाऊंगी …”

राज मैं में “ आज तोह माँ यह दूध नहीं अपना दूध पीला दो अपने जवान बेटे को ..पैर मैं जनता हूँ की आज यह दूध मुझे कैसे रात को सुलाकर तुमको अधूरी चुदाई देने वाला है अचे से पता है मुझे”

सुमन राज को अपने हाथों से बड़े प्यार से दूध पीला देती है ..राज बिना मैं के भी पि जाता है ..क्युकी उसे पता था की आज उसके हाथ में कुछ नहीं है …और जल्दबाज़ी भी ठीक नहीं है …

अब उस घर में सिर्फ सुमन जाएगी थी ..जो जगन के लिए त्यार हो रही थी …सुमन अचे से नहाती है ..और अपने छूट के और बगल के बालों को साफ़ करती है …और अचे से परफ्यूम को छूट और अपने अंडरवियर और ब्रा पैर लगाती है ..जैसे उसकी सुहागरात हो आज ..और एक बड़ी सेक्सी सी निघ्त्य पहन कर लेट जाती है लाइट ऑफ़ करके ..की जगन बस आये और जैम कर उसको रॉंड डाले उसकी छूट और उसकी जिस्म की प्यास को आज अचे से भुझे दे ..

उधर जगन जैसे hi मेडिकल शॉप पैर आया तोह उसने सारा सामान लिया ..पैर अचानक से उसका मोबाइल बजा ..

जिसपर उसके ऑफिस से कॉल थी ..सो मैं न होते हुए भी उसको ऑफिस में जाना पड़ा …पैर जाने से पहले उसने एक मस्सगे सुमन को कर दिया की उसको लेट होगा ..पैर उसकी किस्मत शायद आज उसी की लेने पैर तुली थी ..की जगन का मस्सगे जब फ़्लैश हुआ तब सुमन त्यार हो रही थी ..और सुमन ने आज की रात डिस्टर्ब न हो इसलिए मोबाइल को साइलेंट कर दिया था ..

उधर मनु जब घर में वापस कॉल करके आया तब पुरे घर में एक अजीब सा सन्नटा पसरा हुआ था ..

मनु सोच में पद गया मैं में सोचा उसने “ यार कहने को यह दिल्ली है मेट्रो सिटी है ..पैर साला यहाँ तोह लोग 10 पं से पहले hi सो गए ..बड़ा अजीब है ..जबकि मैंने तोह सुना था की यह शहर वाले तोह रात भर जागते हैं ..खैर अपने को क्या ..चलो मनु बीटा ..सोने ..”

मनु उप्पेर आया तोह उसने देखा जस और नीता मम भी सो चुके थे ..उसने सामने राज और रिया के कीहोल से देखा ..वह दोनों की विकेट भी गिर चुकी थी…

सो अपने रूम में आया और जैसे hi उसने दूध को देखा तोह उसने चेक किया दूध ठंडा हो चूका था ..अब रात में उसने सोचा की ठंडा दूध का क्या करे ..पैर फिर झक मार कर उठा और दूध को लेकर हु किचन में गया और उसे गरम करने लगा ..पैर साला किस्मत ने उसकी फिरकी भी ले ली ..जैसे hi उसने दूध को बर्तन में गरम करने के लिए पलटा ..तोह दूध साला फैट गया ….

मनु मैं में “ लगता है आज दूध किस्मत में hi नहीं है ..चलो ाचा हुआ ..साला गरम करना नहीं पड़ा ..चलो मनु बीटा सोने …”

मनु वहां से निकला hi था की उसके सामने से एक चूहा गुज़ारा तेज़ी से और पता नहीं कहाँ से एक बिल्ली उसके पीछे दौड़ी और सामने के रूम दोनों घुस गए ..जहाँ अँधेरा था ..जो जगन और सुमन का बैडरूम था …

मनु भी दोनों को देखते हुए वहां चला गया ताकि उनको बता सके की छुआ और बिल्ली वहां उनके रूम में आये हैं …

पैर मनु जैसे hi जगन के बैडरूम के मैं दूर पैर आया साले छुआ और बिल्ली दोनों उजाले में भागते हुए वापस आ गए ..

मनु ने सोचा अब क्या उनको जगा कर कहे ..फिर सोचा रहने देना चाहिए उसने चुपचाप दूर बंद करने का सोचा …

पैर जैसे hi उसने दूर बंद करना चाहा ..एक आवाज़ ने उसको रोक लिया …आवाज़ सुमन की थी जो चुदाई के लिए पागल हुई पड़ी थी …चुदाई के लिए सुमन त्यार थी ..पैर मनु को उसने जगन समझ लिया था …अब कुछ भाई यहाँ यह कहेंगे ..बीवी को जगन और मनु में डिफरेंस नहीं पता क्या ???

तोह वजह दो थीं वहां एक थी डिम लाइट जोकि जगन के घर में मोस्टली सोने के टाइम कर दी जाती थी ..और सेकंड वजह थी …की जगन और सुमन का प्लान जोकि सुबह hi बना था ..जिसमे दोनों ने अपने अपने साइड से तयारी कर ली थी ..की कोई उनको डिस्टर्ब न करे …और मनु का वहां होना सुमन और मनु की किस्मत थी …

खुद मनु ने भी वहां जाने का सोचा नहीं था ..और सुमन को भी नहीं पता था की हु अंधेरे में जगन से नहीं मनु से बात कर रही है ..सो क्लियर हो गया आप लोगों को ??”

आवाज़ आयी तोह मनु सानन रह गया ..

आवाज़ में चुदाई का नशा साफ़ साफ़ पता चल रहा था ..

आवाज़ “ इस्सस आठ ! आओ न अब और किस्स्स्स का इंतज़ार है ..आओ और अपनी रानी के तन की प्यास बुझा दो जानेमन …तुम्हारी रानी प्यासी है ….ीीिस्स्सह्ह्ह आह्ह्ह्ह! आओ भी …“

मनु आवाज़ से समझ चूका था ..की यह आवाज़ सुमन की है ..जो उसको जगन समझ रही है ..और शायद आगे सुमन को पटना पड़ेगा जिसके बाद पता नहीं सुमन मने या न mane..or पता नहीं उसको पटाने में भी कितना टाइम लगे ..और टाइम उसके पास भी नहीं था ..हफ्ते भर में हु दिल्ली से वापस जाने के चक्कर में था ..रिया पैर मोहर लगा चूका था ..और अब बारी थी रिया की माँ सुमन पैर मोहर लगाने की …

और किस्मत से आज उसको मौका मिल भी गया था ..हाँ किस्मत hi थी वर्ण कहाँ सोने जा रहा था ..और कहाँ सुमन सेक्सी आवाज़ से मनु को जगन समझ रही थी …

मनु ने तुरंत फैसला लिया और अँधेरे में अंदर आ गया …और दूर को बंद कर दिया उसने …क्युकी दिन में सारे रूम को राज ने दिखा hi दिया था ..सो अब उसको सिर्फ बीएड तक जाना था …

मनु आगे बढ़ रहा था …उधर सुमन की सिसकी तेज़ हो रही थी जैसे सुमन छूट को रगड़ रही हो ..

मनु ने महसूस किया की ..बीएड की अस पास कपडे पड़े थे मतलब बीएड पैर सुमन बिकुल नंगी होगी ??

शायद उससे इंतज़ार बर्दास्त नहीं हो रहा हो या टाइम बचने में लगी हो ..जो भी हो ..मतलब अब मनु के लिए रास्ता साफ़ था …

मनु तुरंत बीएड तक आया और उसका शक सही साबित हुआ ..बीएड पैर उसके हाथ सीधे लगे सुमन की जंघाओं से …

मनु ने हलके से हाथ फेरा तोह उसको एक हाथ छूट पैर हिलता महसूस हुआ ..सुमन छूट सेहला रही थी …

मनु ने उसके हाथ को छूट से हटा दिया और छूट पैर अँधेरे में hi मुँह लगा दिया …सुमन ख़ुशी से उछाल पड़ी..

सुमन “ आह्हः! क्या बात है जी ..आज तोह तुम सुच में मुझे नयी ख़ुशी दे रहे हो ..आह्ह्ह्ह! क्या बात है छूट तोह चेतना तुमको पसंद नहीं था ..मुझे hi आह्ह्ह्ह! लोढ़ा चुसवा कर बेचैन छोड़ देते थे …अह्ह्ह्ह! पैर आज तोह लगता है सेक्स की दवाई ने तुमको भी पागल कर दिया है ..अह्ह्ह्ह! क्या बात है ाचा है अह्ह्ह्हह! ऐसे hi अह्ह्ह्ह! ऐसे hi चुसो ..मेरे लिए उईईईईई! ..तुम अबसे हर संडे के संडे दवाई लेना ..तब मैं भी आराम से अपने अरमान पुरे कर लुंगी ..”

मनु कुछ नहीं बोलै ..पैर सुमन के हाथ उसके सर पैर कास चुके थे ..क्युकी जगन गांजा नहीं था ..सो उसको शक नहीं हुआ ..या यूँ कहो चुदाई के आग में सुमन ने महसूस नहीं किया …

मनु रुका नहीं ..चुस्त रहा सुमन की रसीली छूट को जबतक …जबतक की उसका पानी नहीं निकल गया…

सुमन भी भरी बैठी थी सो मनु को भी ज्यादा टाइम नहीं लगा ..उसके पानी निकलने में …पानी निकलते टाइम सुमन “ आह्ह्ह्हह!! ुउउइइइइइइ मा हायययय मुझे सम्भालो जगन आह्ह्ह्हह्ह!!! मैं ूढः रही हुण्णनं!” कहते हुए झाड़ गयी …

मनु रुका नहीं उसकी छूट को छोड़ा भी नहीं मनु ने मनु उसकी छूट से निकले पानी को साफ़ कर चूका था …और एक बार फिर से सुमन की छूट को गरम करने में लगा हुआ था …

सुमन 5 मिनट में hi फिर से गरम हो चुकी थी …

सुमन मनु के सर को सहलाते हुए “ आह्ह्ह्ह! क्या बात है जगन ..मैं तोह आज तक इस बात से अनजान थी की तुम छूट चटाई के इतने बड़े माहिर खिलाडी हो ..अह्ह्ह्ह! क्या बात है ..अब और सहा नहीं जा रहा जगन अब मुझे जल्दी से छोड़ डालो न ाआईईई! मा!!!“

मनु समझ चूका था की टाइम आ चूका है ..सो उसने छूट छत्ते हुए hi अपना लोअर और अंडरवियर निचे उत्तर दिया ..जो बीएड के साइड में गिर चूका था …

मनु ने सुमन की छूट पैर एक ज़ोरदार किश किया और उसकी गांड को अपने एक हाथ से दबाने लगा …

सुमन “ आह्ह्ह्ह! क्या कर रहे हो ..आज तक यह ताकत कहाँ राखी थी जगन ..जहाँ दोनों हाथ से भी तुम मेरी गांड भींच नहीं पाते थे आज एक हाथ से hi इतना ज़ोर से भींच रहे हो कहाँ से आयी इतनी ताकत …जगन ,,” मनु अभी तक कुछ नहीं बोलै था …क्युकी उसे पता था बोलै तोह गया काम से ..

मनु चुपचाप उसकी एक हाथ से गांड दबा रहा था ..और सुमन भी मज़े से मसलवा रही थी …उसे लग रहा था यह सब सेक्स पिल का कमाल है पैर कमाल सेक्स पिल का नहीं किस्मत का था ..जिसने आज जगन को दूसरे काम पैर और मनु को सुमन के काम पैर लगा दिया था …

मनु ने जल्दी से अपनी वेस्ट उतरनी चाही ..और हाथ बदलकर गांड भींचते हुए उतार भी दी …सुमन को पता भी नहीं चला की उसके सामने वाले ने हाथ क्यों चेंज किया ..

नंगा होने के बाद …मनु ने देर न लगते हुए सुमन की छूट पैर हलके से अपना हलबी लोढ़ा फेरा ताकि छूट में आराम से लोढ़ा पेला जा सके …

छूट पैर लोढ़ा लगते hi सुमन बोली “ आह जगन तुम अभी तक हाथ फिर रहे हो ..अब तोह लैंड पेल दो ..छूट मेरी लैंड मांग रही है …कसम से आज सुच में सुहागरात से भी ाचा फील करवा रहे हो तुम …”

सुमन मनु के लोडे को जब जगन का हाथ बोली तोह मनु समझ गया की ..जगन का लैंड कितना बड़ा होगा ??

सो मनु ने पास में हाथ फिर्या बीएड पैर उसके हाथ में अँधेरे में बेडशीट आ गयी ..जिसको उसने सुमन के मुँह में दे दिया क्युकी उसका लोढ़ा सुमन को रुलाने वाला है …यह क्लियर था …

सुमन मुँह में बेडशीट आते hi “ आह लगता है आज कुछ स्पेशल करने वाले हो ..हाँ समझ गयी इंग्लिश मूवी जैसे मुझे मुँह में इसको रखना होगा तब तुम बेदर्दी से मुझको छोड़ोगे …आह्हः! ाचा है आज कसम से जगन साड़ी कसार निकल देना …बहुत तदपि हूँ सुबह से ..मैं तोह कहती हूँ की इसी से हाथ बांध दो क्युकी घर में सब नीड की गोली में सोये पड़े हैं …आज मेरी चीखें निकले भी तोह भी मुझपर रेहम मत करना …आज ऐसी चुदाई करो की मैं सुबह कड़ी भी न हो पौन …आज मेरी सुहागरात याद दिला दो मुझे ..प्लीज जगन ..”

मनु ने इस आईडिया को बेकार जाने नहीं दिया ..चुपचाप उसने बेडशीट से सुमन के हाथों को बांध दिया और उसके मुँह में बची हुई बेडशीट थुश दी ..पेअर खुले hi छोड़ दिए सुमन के …

मनु उसके बाद अपने लोडे पे एक बार थूक लगता है ..और सुमन की बहती हुई छूट पैर लगा देता है ..और एक hi बार में करारा झटका देता और एक hi बार में बिना रेहम किये सुमन की छूट में अपना हलबी लोढ़ा पूरा का पूरा उत्तर देता है …जिससे सुमन की हालत थोड़ी hi सही बिगड़ जाती है उसके छूट का साइज जगन के हिसाब से था ..पैर उसकी छूट में मनु का लोढ़ा था अब …जहाँ यह नहीं कहूंगा बेहोश हो गयी यार दो जवान बच्चों की हटती कटती माँ थी सुमन ..सो झूठ मुठ कहना की बेहोश हो गयी झूंठ होगा …पैर हाँ सुमन का हाल बेहाल हुआ जरूर ….

और सुमन यह भी समझ चुकी थी की यह लोढ़ा जगन का नहीं है ..क्युकी मनु का लोढ़ा hi जगन के हाथ जैसा होगा ऐसा सुमन कह रही थी …

सुमन चटपटा रही थी …दर्द के मारे पैर मनु से उसने खुदको बांधने को खुद hi कहा था …उसी की फंतासी खुद सुमन पैर भारी पद चुकी थी …मनु ने छूट में लोढ़ा पेहलते hi उसकी छूट से थोड़ा hi सही खून निकल दिया था …

सुमन दर्द से छटपटाने के अलावा क्या कर सकती थी …मनु रुका नहीं उसने उसी टाइम सुमन को रोंदना शुरू कर दिया …सुमन का हाल क्या होगा यह इस बात से समझ लो की उसके मुँह से बस …ह्ह्ह्हम्मम्मपपपप!!! उम्मम्मम्म! की आवाज़ें आ रही थी …जो मज़े की तोह हरगिज़ नहीं थीं …

मनु लोडे को लगातार कई बार पूरा खींचकर पूरा निकल देता और एक hi झटके में पूरा वापस उतार भी देता..

सुमन के आंसू निकल रहे थे ..और उसका यह हाल था की मनु के लोढ़ा बहार निकलते hi उसको एक पल के लिए सांस आता ..और अगले hi पल लोढ़ा अंदर छूट में जाते hi उसको छूट चीरती महसूस होती …

पैर थोड़ी hi देर में लोडे में छूट को अपने हिसाब से छोड़ा कर दिया था ..अब मनु ने बिना रुके छूट में किसी घोड़े से भी तेज़ी से लोडे को अंदर बहार करना शुरू कर दिया …

और सुमन भी न चाहते हुए …किसी गैर मर्द के निचे दर्द में बिलबिलाती हुई चुद रही थी ..उसके हाथ अगर बंधे नहीं होते तोह एक सेकंड भी मनु को अपने उप्पेर न रहने देती ..

उसकी टंगे खुली थी ..पैर मनु के ज़ोर के आगे उसकी खुली टंगे बेकार थीं …मनु बिना रुके सुमन को बेदर्दी से लगातार छोड़ रहा था …और कोई 5 मिनट बाद न चाहते हुए भी सुमन के जिस्म ने लोडे और छूट की जुंग में सुमन को हरा दिया ..उसका दर्द अब मज़े में बदल चूका था …

हु मज़्ज़ा जो आज तक जगन से उसे मिला नहीं था अब ..मनु के हलबी लोडे से मिल रहा था ….उसकी जंघे उठने लगी थीं …

मनु समझ चूका था अब सुमन को मज़्ज़ा आ रहा है …उसने एक दोनों हाथों से उसकी चूचियों को बे दर्दी से मसलना शुरू कर दिया था ..

सुमन के लिए छूट के साथ चुकी पैर किसी के मज़बूत हाथों से मसलना महसूस होते hi उसका मज़्ज़ा दुगना हो चूका था ….अभी तक उसको यह भी नहीं पता था ..की उसको छोड़ कोण रहा है…???

मनु ने अब सुमन की टाँगे अपने कंधे पैर उठा ली …और लोढ़ा एक hi बार में खींचकर फिर से पेल दिया …लोढ़ा अब छूट में और अंदर तक जाने लगा था ..सुमन को थोड़ा और दर्द हुआ ..पैर यह दर्द थोड़ी hi देर में मज़े में बदल गया …

मनु भी बेदर्दी से छोड़ते हुए सुमन की टांगों को कंधे पैर रखे तूफानी तेज़ी से छोड़ रहा था ..और सुमन “ छ्पपपपपममम! उम्मम्मम! Uuiiiiiiiii..hiiiiiiii की सिसकियाँ ले रही थी …”

मनु भी समझ रहा था सुमन को भरपूर मज़ा आ रहा है ..पैर तभी मनु ने ज़ोर से सुमन की चूचियों पैर ताबड़तोड़ चांटे बजने शुरू कर दिए …

सुमन के चूचियों पैर मार पड़ते hi उसका न चाहते हुए भी पिशाब निकल गया …

मनु भी बीएड के गिला होते hi समझ गया की सुमन मुट्ठ चुकी hai…per न तोह उसने मरना काम किया न चुदाई में कमी या धीरापन किया …

बल्कि और ज़ोर से छोड़ने लगा …मनु सुमन को ..गुस्से में क्युकी उसको महसूस हो रहा था की …नीता मम को यही लोग मरने वाले थे ..उसका गुस्सा इसी बात को लेकर था सुमन और जगन पैर ..

मनु ने अँधेरे में भी मारते हुए ..छूट और चुकी का हाल बिगाड़ दिया था …चूचियाणं लाल पड़ी भी होंगी तोह अंधरे में न सुमन को पता चला और न hi मनु को …

मनु ने जी बहार के चूचियों पैर चांटे बजाने के बाद मरना रोक दिया ….सुमन ने मनु के मर के रुकते hi …चैन की सांस ली …

पैर मनु ने अचानक hi उसके पैरों को जो उसके कंधे पैर थे उनको लेकर छोड़ते हुए झुकना शुरू कर दिया उसके झुकने से सुमन का हाल बेहाल होगा ..बेचारी सांस भी नहीं ले पायी थी ..की मनु ने उसके पैरों को उसके माथे तक पूछा दिया था …

इतनी देर की चुदाई और दर्द की आगे सुमन और बर्दास्त नहीं कर पायी …उसका पानी माथे पैर खुद के पेअर लगते hi निकल गया ..और इतने दिन का रुका पानी अकेला नहीं निकला साथ में सुमन का और पानी मतलब उसका पिशाब भी निकल गया …

मनु को अपने लोडे पैर गरम पानी महसूस हुआ तोह समझ गया की सुमन पानी के साथ मुट्ठ चुकी है..

सुमन ने आज तक ऐसी चुदाई नहीं किट hi जिसमे इतना तोड़ मरोड़ की जाए ..दर्द के मारे छूट जल रही थी उसकी ..क्युकी मुट्ठ उसकी काटी फटती और चिल्ली छूट से जब निकल रहा था ..तोह उसको बेहिसाब जलन हो रही थी …

मनु समझ गया ..की सिर्फ गुस्से से काम नहीं लिया जा सकता ..सो उसने अपने कंधे से सुमन के पेअर उतार दिए ..और बची हुई बेडशीट से सुमन की छूट को साफ़ किया ..और फिर से सुमन की छूट चाटने लगा …

सुमन के लिए पहली बार था की चुदाई के बाद उसकी छूट छाती हो किसी ने ..उसका जिस्म अब मनु के हर तरह से काबू में था …चाहे सुमन चाहे न चाहे ..पैर उसके लिए यह चुदाई सुच में दर्द देने वाली और असल मायने में पलंग तोड़ थी ..

जैसा उसने मनु को आते hi कहा था …ठीक वैसे hi बिना रेहम के मनु ने उसको बेरहमी से छोड़ा था ..कहाँ जगन का लैंड और कहाँ मनु का तूफानी हलबी लोढ़ा जहाँ जगन 15 मिनट मुश्किल से छोड़ पता था ..वहीँ मनु ने बिना रुके सुमन को 25 मिनट से भी ज्यादा छोड़ा था …

सुमन मनु की चुदाई में दर्द महसूस कर रही थी ..पैर यह भी सुच था की यह चुदाई उसके दिमाग में चाप चुकी थी ..कहीं न कहीं उसको आज जवान मर्द की पावर पता चली थी …

मनु के चाटने से सुमन एक बार फिर पानी बहाने लगी थी …मनु समझ चूका था सुमन भरपूर गरम हो चुकी है …

तोह मनु ने दो बच्चों की गर्दै हुई माँ को किसी खिलोने जैसे अपनी तरफ खींचा और उसको घुमा दिया ..

सुमन समझ गयी की अब उसकी घोड़ी बनकर चुदाई होने वाली है ..सो उसने अब ज्यादा नाटक नहीं किया चुपचाप मनु के इशारे पैर नाचते हुए घोड़ी या कुटिया जो भी कहो बन गयी …

क्युकी अब ढोंग करके फ़ायदा भी क्या ..जब छूट चाहे एक बार चूड़े या दो बार …सो मनु ने जब सुमन को घुमाया तोह सुमन ने कोई ड्रामा या आवाज़ किये बिना आराम से उसके हर इशारे को फॉलो किया हु भी चुपचाप …

मनु ने सुमन के घूमते hi अपने लोडे पैर थूक लगाया …और सुमन की छूट पैर फिरने लगा ..सुमन को मनु की हर हरकत मज़्ज़ा दे रही थी …मनु ने थूक और सुमन के पानी से अपने लोडे को अचे से तर कर लिया ..और अंधरे में उसने एक बार सुमन की गांड पैर थूका ..

गरमा ग्राम थूक गांड पैर पड़ते hi सुमन ने सोचा की शायद अँधेरे में गलती से थूक दिया होगा ..तोह मनु ने उसके पीछे हाथ ले जाकर अपने थूक को अँधेरे में hi सुमन की गांड पैर माला ..

सुमन चिहुंक उठी गांड पैर हाथ लगते hi ..पैर उसने सोचा शायद अंधेर में छूट और गांड में यह बाँदा कन्फ्यूज्ड है ..पैर मनु ने अचे से उसकी गांड पैर थूक मॉल दिया …सुमन अँधेरे में भी यहाँ वहां हिलकर उसको छूट और गांड में डिफरेंस बताने की कोशिश कर रही थी ..पैर मुँह बंद था उसका और हाथ बंधे थे सुमन के सो करती भी क्या ????.......बेचारी सिवाय गांड हिलने के ..

मनु ने उसकी गांड पैर लोडे को उसके छेद पैर लगाया ..अब सुमन समझ चुकी थी …की यह बाँदा अँधेरे में गलती से नहीं सोच समझ कर उसकी गांड मरना चाहता है …

सुमन की गांड …हु गांड जो आज तक जगन से बची हुई थी ..आज जिसको जगन के लाख मानने के बाद सुमन ने सोचा था की आज जगन का हौसला बढ़ाने के लिए अगर जगन चाहेगा तोह हु गांड मरवाने के लिए भी राज़ी होगी ..पैर आज उसकी गांड मनु के सामने थी …छूट का हाल देखकर उसकी गांड फ़ाति नहीं सिकुड़ चुकी थी ….छेद जितना हो सकता था ..उसने उतना टाइट कर लिया था ..इस डर से की अगर यह हुअलाबी लोढ़ा अगर उसके दो बच्चों के बाद भी मुट्ठ निकल सकता है ..तोह गांड से क्या नहीं निकलेगा ..

सुमन भरपूर कोशिश में थी की उसकी गांड मनु न मारे …सुमन का चुदाई का बहुत गांड मरने के नाम से उत्तर चूका था ..पैर उसको मनु को काम आंकना hi उसकी सबसे बड़ी भूल थी ..मनु ने फुरण समझते hi उसकी छूट में पीछे से लोढ़ा पेल दिया ..

सुमन एक बार फिर बिना रुके चुद रही थी ..पैर मनु लगातार सुमन के गांड न मरने देने से नाराज़ उसकी गांड पैर ताबड़तोड़ चांटे बज़्ज़ा कर अपना गुस्सा निकल रहा था ..सुमन हर चांटे पैर घोड़ी जैसे बिदक रही थी …

पैर मज़्ज़ा आने से सुमन इंकार भी नहीं कर सकती थी …मनु ने कई बार उसकी गांड पैर चांटे बजाये उसकी मार मार कर गांड लाल कर दी …कई जगह से शायद सुमन का खून भी निकल आया हो ..पैर मनु ने यहाँ कोई रेहम नहीं किया ..साथ में उसकी गांड पैर चांटे बजाते हुए थूकता भी रहा ..

अब मनु ने चान्तर ok दिए और अपना लोढ़ा बहार निकला …सुमन डर गयी की कहीं फिर से गांड मरने के चक्कर में मनु न लग जाए ..पैर मनु ने यहाँ दिमाग से काम लिया.. और फिर से जड़ तक लोढ़ा पेल दिया …

सुमन खुद पैर सोचने लगी बेकार में सोच रही थी …मनु ने ऐसा कई बार किया ..सुमन भी सोचने लगी ..यह गांड पैर शायद गलती से गया होगा ..पैर इस बार मनु ने लोढ़ा जैसे hi निकला सुमन को गांड टाइट करने का टाइम और सोचने का मौका नहीं दिया अँधेरे मैं भी उसने गांड को छूट के नाम पैर चीरा हुआ था …

सो सिद्ध निशाना लगा कर एक hi बार में लोढ़ा सुमन की गांड में आधे से ज्यादा थुश दिया …सुमन के मुँह में अगर हु बेडशीट नहीं होती तोह इस वक़्त उसकी चीखें सुनकर दूसरी गली के लोग भी जाग जाते ..

पैर यहाँ बस सुमन ..”अह्हह्ह्ह्हह्हह्म्मम्म्प्पफहहहहह! “ करके रह गयी उसके गांड से खून निकल आया था ..क्युकी थूक था तेल nahi..dard तोह मनु को भी हुआ थोड़ा पैर गुस्से में उसे गांड फाड़ने की सूझ रही थी …

सुमन की आखें भीग चुकी थी …ांसो बिना रुके बह रहे थे …पैर मनु ने तुरंत hi लोडे को हिलना शुरू कर दिया ..सुमन ने बहुत गांड के छेद को कसने की कोशिश की ..पैर गांड में जब कोई हलबी लोढ़ा पड़ा हो तोह छेद कहाँ कुछ कर पता ..सुमन की सांसें तेज़ हो चली थी ..पैर मनु ने यहाँ भी कोई रेहम नहीं किया ….

और थोड़ा अंदर बहार करना शुरू कर दिया ..साथ में निचे से चूचियां वैसे hi जानवरों जैसे भींचने लगा …सुमन को चूचियां दबाने से दर्द हुआ ..

चूचियों के दर्द की आगे गांड का दर्द जब काम पड़ने लगा तोह उसने गांड दिल्ली छोड़ दी ..वहीँ मनु ने बिना रुके दो तीन झटके दिए और पूरा लोढ़ा जड़ तक सुमन की गांड में उतार दिया …

सुमन अगर कमज़ोर जिस्म की होती तोह होश में नहीं बेहोश हो चुकी होती ..पैर यहाँ सिर्फ रोने के कर कुछ नहीं पा रही थी …उसने कई बार पेअर सीधे करने भी चाहे पैर मनु ने उसकी कमर को कास लिया ..मनु की ताकत की आगे सुमन की ताकत काम पद गयी थी …

सो मनु ने महसूस किया की सुमन की गांड में से गरम पानी सा उसके लोडे पैर लग रहा है ..मनु समझ गया ..गांड से खून निकला होगा ..सो ..उसने अब बिना रुके गांड मारनी शुरू कर दी सुमन का हाल क्या होगा ?? सोच सकते हो …चुदाई में दर्द भी होता है यह सुन्ना तोह उसने था ..पैर आज सुहागरात के बाद यह सुहागरात के बराबर hi थी उसके लिए ..जिसमे छूट और गांड दोनों पैर मनु अपनी मोहर लगा चूका था ..वह भी सुमन के hi खून से..

मनु के गांड लगातार मरने से थोड़ी देर तोह सुमन दर्द में बेचैन थी ..पैर कुछ देर में hi उसके जिस्म ने फिर एक बार मनु का साथ देना शुरू कर दिया …

मनु भी आगे हाथ ले जाकर सुमन की छूट में उसके दाने को मसलने लगा ..सुमन अब दर्द से ज्यादा मज़े में थी ..उसके आगे और पीछे दोनों जगह से hi उसको मज़्ज़ा मिल रहा था …सुमन के अंदर ख्याल आया ..” दर्द तोह बहुत हुआ सुमन ..पैर ऐसा मज़्ज़ा तोह आज तक नहीं आया …अब जो होगा सो होगा अब चुदाई का खुलकर मज़्ज़ा ले …तोड़ दे आज सारे बंधनो को और जी इस चुदाई के मज़े में जो आज तक जगन से नहीं हुआ ..आज इस बन्दे न तुझे मज़े के सागर में ले जाकर सैर करवा दी है …जो भी है ..यह पैर है जानदार मर्द मेरा पानी निकलने के बाद भी इसने गांड में भी लोढ़ा दाल दिया और दनादन छोड़ रहा है …यह सुच में इंसान है या घोडा ??” सुमन सोच में गम अचे से चुद रही थी …

उसके मुँह से अब कपडा निकल चूका था ..पैर हु चीखी nahi..balki उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी ..

सुमन “ आठ!! ओह्ह्ह! हाय्य!! ऐसे hi …आह्हः!! और जोर से …छोड़ो राजा ऐसे hi छोड़ो अपनी घोड़ी को …”

मनु यह सुनकर समझ चूका था ..की सुमन के मुँह से कपडा निकल चूका है ..और अब कपडे की जरूरत भी नहीं थी उसे ..क्युकी अब गांड और छूट दोनों में लोढ़ा आराम से अपनी मोहर लगा चूका है …

सो मनु ने और जोर से झटके लगाने शुरू कर दिए …

सुमन “ ाअय्य्यी माँ …है उफ्फ्फ! है मेरे शेर कहाँ थे तुम ..आज टारे दिखा दिए तुमने …मुझे पैर आज तुमने इस सुमन को अपना गुलामममम!! आह्ह्ह्ह! बना लिया हाय्यय! कितना बेदर्दी से छोड़ा मुझे …पैर ऐसी hi चुदाई चाहिए थी मुझे की मैं ऐसे बिसरतोड चुदाई करवाऊं …है क्या छोड़ते हो ???”

मनु लगा तार उसकी गांड और छूट मसलता रहा …अब सुमन का पानी एक बार फिर निकलने को त्यार था ..

सुमन “ है राजा …सम्भालो मुझे आह्ह्ह्ह! लू मैं आईईईई ..उईईईईई माँ आआ! सीसीइसशह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह! “ करते हुए सुमन एक बार फिर झाड़ चुकी थी …

सुमन के लिए सुच में सुहागरात hi थी इतना पानी उसका महीनो में भी नहीं निकल था जितना आज निकला था …

मनु ने उसके तुरंत बाद जैसे hi सुमन नार्मल सी हुई ..उसको पलट दिया …

सुमन “ ोूछहः! आयी माँ इंसान हो या कोई सैंड हो …आराम से छोड़ो न राजा ..अब कहाँ भागी जा रही हूँ ..और ऐसी चुदाई के बाद तुमसे भागना तोह मेरे बस में hi नहीं है ..क्या छोड़ते हो तुम ..सुमन तुम्हारी फैन हो gayi…per राजा ..छोड़ो पैर थोड़ा आराम से …”

मनु ने उसकी एक न सुनी ..उसकी गीली छूट में फिर से खड़ा लोढ़ा ठूंस दिया और लगा बिना रुके पेलने …

सुमन “ हययययय!!! आह्ह्ह्हह!! ऊऊह्ह्ह्ह ! क्या ताकत है रज्ज्ज्जाआँ!! आअह्ह्ह्ह! इतना मेरे पनीईई! उईईई मायआ! निकलने के बाद भी अभी तक डटे हो मैदाननननन मैंन हययययय ..क्या हो तुम ऊह्ह्हह्ह है ”

मनु ने जवाब नहीं दिया पैर यह रिया की तरह मनु की चुदाई की फैन हो चुकी थी …

मनु ने लगातार छोड़ते हुए सुमन को पागल सा कर दिया था …उसको फिर से कुछ याद आया ..तोह उसने फिर उसके पेअर कंधे पैर चढ़ा लिए ..और उसको पूरा बंद सा कर दिया …

सुमन “ आयी माँ …जान hi लोगे क्या थोड़ा आराम से कर लो चुदाई अगर योग नहीं करती मैं तोह पक्का तुम आज मेरी कोई न कोई हड्डी पक्का तोड़ hi डालते …ऊऊफफफ हाय्यय! ” सुमन ने मनु को बता दिया था ..की उसको इसमें भी मज़्ज़ा आ रहा है ..

सो मनु ने वैसे hi सुमन को कोई 20 मिनट और लगातार छोड़ा …और सुमन की छूट में अपना पानी निकल दिया …

मनु क्युकी दिन में चुदाई एक बार कर चूका था सो इतना देर कर गया ..और छूट में पानी निकलते hi सुमन भी एक बार फिर से झाड़ गयी …

सुमन “ आह्ह्ह्ह!! मा लो मैं aayiiiiiiiiiiII!! ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ ! “

मनु ने सुमन के चूचियों के मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया ….सुमन बांचे हाथों से hi उसके सर को सहलाने लगी ..

कुछ देर में जब सुमन का तूफ़ान उत्तर चूका था ..तब उसने मनु से कहा “ मेरे राजा ..मेरे गुमनाम मालिक मुझे काम से काम अपना नाम तोह बता दो ..की मैं जब तुमको इस चुदाई के लिए याद करूँ या दुबारा तुमसे ऐसे hi छोड़ना चहुँ तोह कैसे तुमसे milun..kuch तोह बता दो मुझे अपने बारे में ..”

मनु मैं में “ अगर इसको अभी बता दिया तोह कल पक्का यह कोई न कोई ड्रामा करके मुझे किसी न किसी इलज़ाम में पक्का बदनाम करेगी ..अभी यह राजा कह रही है ..पैर सुबह यह खुद यह पाक साफ़ बजेगी और मुझे बदनाम करेगी …तोह क्या करूँ..” मनु कुछ सोचता है और चुपचाप अपने कपडे बटोरता है ..क्युकी जगह शामे थी सो अँधेरे में तालतोल कर अपने कपडे लेता है ..और बिना आवाज़ किये वहां से निकल जाता है …

चुपचाप सुमन को उसके नए चुदाई के सपनो के साथ ..सुमन को कुछ देर बाद में महसूस होता है की हु इंसान जो उसको घोड़े या कुटिया से भी बुरी तरह छोड़कर रुका है ..अब हु वहां नहीं है ..सो हु जैसे तैसे बहार आकर देखने के लिए उठती है पैर दर्द के मारे बीएड पैर गिर जाती है …फिर बहुत हिम्मत और दर्द को सहते हुए हु मैं लाइट स्विच तक जाती है जो मैं दूर के पास था ..उसको ों करती है ..और पाती है वहां कोई नहीं है ..उसकी निगाह बीएड पैर जाती है तोह उसका मुँह खुला का खुला रह जाता है ..

क्युकी जगह जगह सुमन का मुट्ठ और उसका खून वहां बेडपर लगा हुआ था कई जगह तोह सुमन की tatti(potty) भी लगी हुई थी ..सुमन अपनी छूट पैर हलके से हाथ लगाती है ..तोह चुदाई के बाद का दर्द उसको महसूस होता है …हु मुस्कुरा कर खुद से कहती है “ है मांगी तोह सुहागरात मैंने जगन से ..पैर यहाँ तोह कोई और hi सुहागरात मनाकर सुमन को अपना गुलाम बनाकर चला गया ..जगन साब अब तोह छूट क्या गांड में भी आप अपना छुईमुई सा लैंड दाल दो ..पैर अब तोह सुमन को चुदाई तोह उस अनजान घोड़े की hi याद रहेगी …है क्या छोड़ा है रे मेरे राजा तूने ..सुमन आज से तेरी गुलाम हुई …जब चाहे जहाँ चाहे पेल देना सुमन सिर्फ अपने हर छेद को तेरे लिए हर तरह से त्यार करके बैठी मिलेगी ..लव ु राजा …मुह्हह्हआ!” सुमन अपने आप से hi रात में बात कर रही थी …और मनु की चुदाई को याद करके मुस्कुरा रही थी ..

खैर जैसे hi मनु वहां से निकला सिद्ध अपने रूम में hi आकर रुका ..क्युकी सब नींद की गोली के आसार में सोये थे ..सो जैसे तैसे किचन में जाकर उसने अपने कपडे पहने और अपने रूम में गया और अचे से नहाया ..और उसके बाद कपडे चेंज किये ..और रिया के रूम में जाकर उसने रिया को जो जेल हु लाया था ..वह अचे से अपने लोडे पैर लगा लिया …क्युकी गांड गुस्से में मरने के चक्कर में उसका लोढ़ा भी दर्द कर रहा था ..तब तोह जोश था ..सो ज्यादा पता नहीं चला ..पैर अब हल्का हल्का चीज़ उसको लोडे में लग रही थी ..सो मनु ने जेल लगाया और रिया के माथे को एक बार चूमा और अपने रूम में जाकर सो गया …

उधर सुमन जैसे तैसे खुद को सँभालते हुए बीएड की चद्दर बदल देती है ..और खुद बाथरूम में जाकर अचे से छूट और गांड की गरम पानी से अचे से सिकाई करती है …जब थोड़ा आराम मिलता है तोह नहाती है ..और अचे से मनु और अपने रास को साफ़ करती है …अचे से नहाने के बाद हु कपडे पहन कर चुपचाप थोड़ा सा मेकअप कर लेती है ताकि जब जगन आये तोह उसको लगे की उसी के इंतज़ार में सुमन सो गयी …और कपडे पहन कर pain-killer लेकर सो जाती है …..

सुबह के इंतज़ार में जहाँ नया तूफ़ान त्यार था सुमन और जगन की लाइफ में …जिसका पता सिर्फ किस्मत और वक़्त को hi है …….
:हिंट:
 
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