Pyaar Nafrat or Kismat - Page 12 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Pyaar Nafrat or Kismat

थैंक्स भाई ...

आपको ाचा लगा म्हणत वसूल हुई....

भाई जनता हूँ आपका क्या मीन्स है ...पैर भाई यहाँ आपके साथ और दोस्तों का ध्यान भी रखना पड़ता है ...

थैंक्स भाई ...

भाई थैंक्स ...कोशिश यही रहेगी की इंतज़ार लम्बा न हो आपका ..


राजा ठाकुर भाई आपके सपोर्ट और साथ के लिए दिल से थैंक्स ...सॉरी भाई पैर पता नहीं क्यों आपको सही से टैग नहीं कर पता आपका नाम एड्रेस बार में नहीं आ पता ...पैर आपको दिल से थैंक्स ...भाई

हाँ भाई खूनमखान हो गया ...अब क्या कर सकते है लड़का थोड़ा गुस्से में था ...

थैंक्स भाई ...आप सभी के लिए hi तोह लिख रहा हूँ ...हाँ मंटा हूँ काम में थोड़ा बस्सी रहता हूँ पैर कोशिश यही है रेगुलर उपदाए दे सकूँ ...

थैंक्स भाई ...जगन और सुमन का दिमाग लाने वाला भी खुद काम कहाँ है ??

भाई सबसे पहले तोह थैंक्स की आपको स्टोरी अछि लगी ...फिर आते हैं आपके सवाल पैर आपने कहा हीरो 1 हीरोइन 10 भाई आप ने पता नहीं खुद सोचा या किसी ने आपको शायद कन्फ्यूज्ड किया होगा ..या आपने खुद अंदाजा लगाया की इतनी साड़ी लड़कियां आपको कन्फ्यूज्ड कर रही हैं ..पैर सस्पेंस यहाँ कॉमन है भाई ...आप भी इसकी आदत दाल लो ..बाकी आपने सुग्गेस्टिव ाचा दिया ..देखते हैं क्या हो सकता है ...आपके कमेंट के लिए थैंक्स भाई ....

थैंक्स भाई ...आपको ाचा लगा यही काफी है ...

थैंक्स भाई ..आप सभी के लिए लिख रहा हूँ ..बस टाइम का पन्गा है ...बाकी अपडेट जितना बड़ा होता है ...उतना कोशिश करता हूँ की आपके वेट को पूरा वसूल करवा सकूँ ...


थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ...
 
थैंक्स भाई ...



सबसे पहले तोह अपने भाई का फिर से वेलकम ...प्यारे मित्र आपको यहाँ देखकर फिर ाचा लगा ..आपकी अपनी स्टोरी है ..जो ाचा लगे वह सब आपको hi समर्पित है ..प्रिये मित्र ...:रेस्पेक्ट:

हाँ जहाँ ाचा न लगे वह मेरी कमी होगी ..प्रिये मित्र पैर इतना जरूर कहूंगा पहली स्टोरी है मेरी सो स्टोरी में जहाँ लिखा है सब के सुझाव से hi प्रेरित होकर लिखा है ..हाँ पहले के लिखने में और अब के लिखने में आपको चेंज मिले सो मित्र इसको अन्यथा न लेना ..क्युकी परिवर्तन संसार का नियम है ...और जहाँ जो भाव था वहां वही भाव को पुरे एकाग्र चित से लिखा है ..पैर आपका यहाँ होना hi हमारे लिए मैडल सामान hai..aapka तहे दिल से धन्यवाद ..प्रिये मित्र ...:thankyou::bigboss1:

भाई बड़े दिन बाद आपको देखा ...सुच में बड़ा मिस किया था भाई आपको ...और हैं खता तोह खोला जरूरी था क्युकी मनु के पास टाइम थोड़ा काम है और जगन का chapter लम्बा करना भी बोर करदेगा सो ..जल्दी से जगन & सुमन को लाइन पैर लाना है ..बाकी भाई आपके सपोर्ट के लिए तहे दिल से बड़ा थैंक्स ...:yippi::thankyou:

भाई आपने पूछा की इन्सेस्ट का टैग दिया है तोह भाई ...आपको मैंने पहले भी कहा था ..प्लीज इसको गलत वे मैं मत लेना ..हर टैग सोचकर hi दिया है ...और इसको जस्टिफिए करना मेरा काम है ...भाई थोड़ा तोह यकीं रखो आपने इस दोस्त पैर ...:ाललक्लेअर:

खैर अब आपका दूसरा सवाल की सुमन को मनु पैर शक हुआ या नहीं ...तोह भाई आपने बिलकुल सही पॉइंट उठाया है ...इसका जवाब भाई इस अपडेट में देने का सोच था ..सो पहले जवाब देकर आपका और बाकी के दोस्तों का मज़्ज़ा ख़राब नहीं करूँगा ...बाकी आपके सुपूर्त और प्यार के लिए दिल से थैंक्स ...:hide1::thankyou:

, , , , , एंड भाई आप सभी को दिल से थैंक्स ...:थैंक्यू:

आप सभी के लिए लिख रहा हूँ ..इस बार थोड़ा सोचा हुआ है अलग से ..बाकी आपको इंतज़ार करवाना चाहता नहीं हूँ ..पैर काम के चलते थोड़ा लेट करना मज़बूरी है ...पैर अपनी तरफ से कोशिश यही करता हूँ की ..आपके इंतज़ार को भी बेकार न जाने दूँ ..सो आज रात को अपडेट पोस्ट होगी ..ठण्ड थोड़ी बढ़ गयी है ..पैर अपडेट थोड़ी गरम है ...सो मिलते हैं रात को अभी ज़रा अपडेट पैर hi काम कर लेता हूँ ..आज थोड़ा छुट्टी पैर हूँ सो आज आपके लिए लिखूंगा ...बाकी एक बार फिर से आप सभी को थैंक्स ...:थैंक्यू:

थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ....

योर्स
 
अपडेट 92 Part ा

रिकैप........

उधर सुमन जैसे तैसे खुद को सँभालते हुए बीएड की चद्दर बदल देती है ..और खुद बाथरूम में जाकर अचे से छूट और गांड की गरम पानी से अचे से सिकाई करती है …जब थोड़ा आराम मिलता है तोह नहाती है ..और अचे से मनु और अपने रास को साफ़ करती है …अचे से नहाने के बाद हु कपडे पहन कर चुपचाप थोड़ा सा मेकअप कर लेती है ताकि जब जगन आये तोह उसको लगे की उसी के इंतज़ार में सुमन सो गयी …और कपडे पहन कर pain-killer लेकर सो जाती है …..


सुबह के इंतज़ार में जहाँ नया तूफ़ान त्यार था सुमन और जगन की लाइफ में …जिसका पता सिर्फ किस्मत और वक़्त को hi है …….

अब आगे........

सुबह जब सब उठे तोह घर में सभी लेट थे सिर्फ मनु को छोड़ कर …क्युकी हु रात को नींद की गोली से बचा हुआ था …और जैसा उसका डेली टाइम फिक्स्ड हुआ करता था ..वैसे hi अपने टाइम से मनु उठा और बहार एक पार्क में उसने लगातार सुबह के 4.30ऍम तक उस पार्क के 10 चक्कर रनिंग (हाँ भाई रनिंग जॉगिंग नहीं) लगा कर पुरे किये …

सुबह का टाइम था ..लोग ऐसे में मोस्टली या तोह सोते हैं या जिनको शॉक होता है …फिटनेस का हु भी मोस्टली मेट्रो किट्स में 5.30ऍम के बाद hi आया करते हैं …अब क्यों शायद वजह हो शहर का लाइफ स्टाइल …

खैर मनु ने रनिंग कम्पलीट की और वहां से निकल गया ..क्युकी खुले पार्क में उसकी फाइट की ट्रेनिंग होती तोह वहां लोग भीड़ जमा करलेते या फिर मनु को शक की नज़र से देखते …जो मनु को मास्टर ने साफ़ साफ़ मन किया था ..मनु वहां से निकला और उसने जगन के घर के लॉन में अपनी ट्रेनिंग को पूरा किया और उसने पाया …

लोग अभी तक सोये हुए हैं घर में वजह तोह उसे भी समझ आ चुकी थी ..सो उसने भी फ्रेश होकर अपना बीएड पकड़ना ज्यादा सही समझा …क्युकी अगर हु जगा रहता तोह …सुबह सुमन को उस पैर शक हो सकता था ..जो यहाँ उसके हिसाब से सही नहीं था ..

सुमन थकन और पलंगतोड चुदाई से थकी मांडी सोई हुई थी ..अगर पैन किलर नहीं लेती रात को तोह शायद उसका हाल और बुरा हो सकता था ..जगन रात भर के बाद भी वापस नहीं आया था …खैर सुबह के 10.30ऍम बजे तब जाकर कहीं जस की नींद टूटी …उसने टाइम देखा तोह उसको बड़ी हैरत हुई की इतना लेट कैसे सोती रही …उसने फटाफट नीता मम को जगाया ..और बहार आकर देखा तोह …यहाँ सभी सोये hi हुए थे …

सो सुबह का नाश्ता जस ने hi बनाया सबके लिए नीता मम ने सबको जगाया …राज और रिया उठ चुके थे …तोह नीता मम गयी अपनी भाभी सुमन को जगाने ..सुमन को सोते देखकर नीता मम को सुमन का और जगन का प्लान याद आया ..तोह उनको गुस्सा तोह बहुत आया ..उनके दिल में तोह आया की सोती हुई सुमन का गाला दबा दे या उसको तकिये से दबाकर मार डेल ..पैर उन्होंने खुद पैर काबू रखा …और सुमन को जगा दिया …और उसको नास्ते के लिए आने को कहकर चली गयीं …

सुमन जाग तोह गयी ..पैर उसका जिस्म का हर हिस्सा आज दर्द के चपेट में था ..रात को मनु ने उसके हर हिस्से का हाल बदल दिया था …सुमन ने जैसे तैसे उठने की कोशिश की और फ्रेश हुई who..bathroom में हाथ दोहते हुए सुमन ने जब गलती से सीने पैर हाथ रखा तोह उसकी जान hi निकल गयी ..उसने कपडे हटा कर देखा तोह पाया चूचियां टोटल लाल और सूजी हुई थीं उसकी ..और सूजन तोह इतनी थी चूचियों पैर ऐसा लगता था जैसे की खून कभी भी निकल सकता है ..यही हाल उसकी गांड का भी था ..गांड पैर क्युकी चमड़ी चुकी से मोती होती है सो दर्द वहां भी था ..पैर चुकी के मुकाबले काम ..चूचियों का तोह यह हाल था की जब सुमन चल रही थी तब सूजन और दर्द से उसकी सिसकी निकल जाती थी ..और पॉटी करते हुए आज उसकी चीख hi निकल गयी थी ..पैर ऐसे में भी जब उसने रात की चुदाई को याद किया तोह उसके मुँह पैर मुस्कराहट आ गयी ..

सुमन ऐसे खुद को फील कर रही थी जैसे पहली बार सुहागरात के बाद को नयी दुल्हन करती है ..चुदाई और दर्द का मिलाजुला एहसास उसकी छूट और दिल में सनसना रहा था …

हु जैसे तैसे गरम पानी से नहीं ..जहाँ गरम पानी की सिकाई से उसको बहुत आराम मिला ..सो हु त्यार होकर बहार आयी ..सुमन ने नोटिस नहीं किया पैर उसकी चाल आज बदल चुकी थी ..बहार आज टेबल पैर राज और रिया बैठे थे फ्रेश होकर ..जस सबको नास्ता दे रही थी …

राज सुमन को देखता है हु अचे से नोटिस करता है की आज उसकी माँ की चाल बदली हुई है ..वह हैरत से भर जाता है ..की कल तोह जगन और सुमन कुछ और hi कह रहे थे की जगन सुमन को अचे से छोड़ नहीं पता है और सुमन प्यासी रह जाती है ..पैर रात में ऐसी कोनसी दवाई जगन ने ली जो की उसकी माँ आज सही से चल भी नहीं प् रही है…

राज मैं में “ पक्का पापा ने कल कुछ तगड़ा कांड किया है ..क्युकी बहार जाने वाली मम्मी है नहीं ..और बहार से कोई आया नहीं ..यहाँ मैं और मनु हैं ..और मनु तोह कल hi आया है उसके क्या किसी के बस में एक hi दिन में चुदाई करना इतना आसान नहीं है ..सो पक्का कल पापा hi टार्ज़न बने होंगे …जो आज माँ का हाल बदला हुआ है …और आज उसके चेहरे की चमक भी बता रही है की रात को मेरे बाप ने उसको अचे से खुश किया है ..सोच राज सोच ऐसे तोह छूट मिलने से रही ..अगर तेरा बाप ऐसे hi बुढ़ापे में चुदाई करता रहा तोह मम्मी तेरे निचे तोह आने से रही ..कुछ कर यार कब तब मुठ मर कर जियेगा “

रिया “ क्या बात है मम्मी आज तुम्हारा चेहरा कितना खिला हुआ है ..और तुम ऐसे क्यों चल रही हो??? सब ठीक तोह है न मम्मी …??” रिया ने पूछा था डबल मीनिंग में भी और सिंपल वे में भी ..

सुमन “ कुछ नहीं बीटा रात को सो गयी और सुबह जब उठी तोह …बाथरूम में नहाते हुए पेअर फिसल गया ..अब बुढ़ापे का शरीर है ..कमर और टंगे साथ नहीं देती ..कोई नाश कीच गयी होगी ..”

रिया मैं में “हाँ बनालो मम्मी बहाने यह क्यों नहीं कहती की रात भर पापा ने अचे से ऑइलिंग की है तुम्हारी ..जो सुबह तुम्हारा चेहरा साफ़ साफ़ बता रहा है ..और बाथरूम का बहाना तोह मैं भी बना चुकी हूँ अब बची नहीं हूँ मुझे भी समझ आता है की चुदाई के बाद चल बदल जाती है .. छुपाओ मुझे क्या ..तुम्हारी और पापा की लाइफ है …ाचा है जो इतने साल बाद भी तुमको पापा ऐसे प्यार करते हैं..”

रिया “ वैसे मम्मी पापा कहाँ हैं ..??सुबह से देखा नहीं उनको ..”

यह सवाल सुनकर सुमन की गांड अचे से फट गयी उसको भी अब ध्यान आया ..की जगन रात से आया नहीं है ..और उसने अगर यह कहा रिया से की जगन रात को डिनर के टाइम से hi गायब है और उसकी माँ किसी और से छोड़कर अपनी चाल बदलवा कर बैठी है तोह गड़बड़ हो जानी है ..क्युकी उसके बचे इतने भी बचे नहीं हैं जो उसकी बदली चाल का मतलब समझे नहीं.. और सुमन ने उस दिन रिया की बदली चाल देखा तोह उसके एक्सपीरियंस ने उससे कहा भी था ..की रिया बाथरूम में फिसल कर मोच से नहीं अचे से छोड़कर आयी है ..पैर यहाँ कुछ भी कहा उसने तोह गड़बड़ हो जानी है ..

सो सुमन यह सुनकर hi टेबल से उठी और अपने बैडरूम में गयी जहाँ उसने अपने मोबाइल को साइलेंट से हटाया जहाँ जगन का मस्सगे आ रहा था ..जो उसने पड़ा जिसमे यही लिखा था ..की रात में शायद हु काम से बहार रहेगा ..

इसको पढ़कर उसने जगन को कॉल किया तोह जगन ने उससे बात की और बताया की हु 2 घंटे बाद घर आएगा और उसको ुरगेंटली बैंगलोर जाना है काम से और हु दो दिन के बाद hi वापस आएगा ..

तोह सुमन ने जगन से कहा “ सुनो जब घर आओ और कोई पूछे की तुम कब गए थे रात को तोह कहना सुबह जल्दी गया था …समझ गए न ..”

जगन “ ऐसा क्यों कहूं सुमन ..बात क्या है ..???”

सुमन “ बात सिर्फ इतनी है ..की रात को तुम मुझे तड़पने के लिए अकेला छोड़ गए ..जबकि मैंने रात को hi सबको दूध में नींद की दवाई दे दी थी ..सुबह सब लेट उठे और जब मैं नाहा रही थी तोह बाथरूम में फिसल गयी जिसके वजह से दर्द हो गया और मेरी चाल में बदलाव देखकर तुम्हारी पारी ने मुझसे पूछा तोह मैंने उसको कहा भी की बाथरूम में फिसल गयी ..पैर तुम्हारी पारी मुझे शक की नज़र से देख रही थी ..समझ न “

जगन “ शक की नज़र से ..कैसा शक समझा नहीं ..”

सुमन “ तुम न निर्रे बुद्दू hi रहना ..रात को एक तोह अपनी बीवी को प्यासा छोड़ गए ..और अब दिमाग भी लगता है साथ में नहीं है तुम्हारा ..अरे एक औरत की चाल बदलने का मतलब भी मैं बताऊँ तुमको …तुम्हारी पारी सोच रही है की रात भर तुमने अपनी बीवी उसकी माँ यानि मुझे अचे से दिल खोलकर प्यार और चुदाई की है जिसके वजह से मेरी चाल बदल गयी है ..समझे या नहीं …??”

जगन “ पैर अगर मैं कहूं की मैं रात भर नहीं था तोह क्या हो जाना है ..”

सुमन “ होगा कुछ नहीं बस इतना होगा …की तुम्हारी पारी सोचेगी की उसका बाप उसकी माँ की चाल भी नहीं बदल पाया …रात भर अकेला छोड़ कर यहाँ वहां भटकता फिर रहा है ..और उसके दिमाग तुम्हार टार्ज़न होने की ग़लतफहमी दूर हो जाएगी ..और उसको यह भी पता चल जायेगा की ..उसका बाप कितना तगड़ा आदमी है जिसकी प्यासी बीवी अभी तक प्यासी है …देखो मेरे और तुम्हारे बिच में चाहे कितना भी दर्द हो ..बचो के लिए हरि तुम hi रहो ..यही सोच रही हूँ ..बाकी तुम जानो ..”

जगन “ सुमन तू कितनी अछि है कहाँ में hi पागल हूँ ..ाचा चल इस बार काम करके आता हूँ उसके बाद तेरी पलटोड की खवाहिश भी पूरा करूँगा …ाचा रखता हूँ ..कपडे निकल देना मेरे क्युकी आते hi निकलना है ..लव ु “

सुमन मैं में “ जगन तुम बस सपने hi देखते रहो पलंगतोड के जबकि रात में कोई तगड़ा मर्द तुम्हारे hi घर में तुम्हारे hi बीएड पैर तुम्हारी hi बीवी को अचे और जी खोलकर छोड़ भी गया ..सुबह से बदन दर्द से बेचैन है पैर उसकी चुदाई जब भी याद आती है ..यह दर्द भी उसके लिए सोचने पैर मज़बूर कर देता है ..चलो ाचा है तुम दो दिन बहार रहोगे यह तोह और ाचा है …काम से काम उस मर्द की चुदाई के बाद के दर्द को सहने के लिए और तुम्हारे लैंड को लेने के लिए मुझे भी टाइम मिल जायेगा ..पता नहीं कहाँ होगा हु ..जाने कैसा दीखता होगा who..kon होगा हु ..जो मुझे मेरे hi घर में छोड़ कर चला गया ..कमसे काम कुछ तोह बता जाता ताकि बाद में उससे मिलकर मैं मज़्ज़ा ले पाती ..जगन तुम्हारी ये बीवी अब किसी और की गुलाम है ..कहाँ हो मेरे राजा …” सुमन मनु के बारे सोचकर उसे याद कर रही थी ..

वहीँ मनु और बाकी सब टेबल पैर बैठे नास्ता कर रहे थे ..सुमन ने वहां मनु को याद किया और मनु को खांसी आ गयी …मन ऊके खांसते hi नीता मम ने बड़े प्यार से उसके कमर और सहलाया “ बीटा आराम से खा न ..कहाँ की जल्दी है …”

सामने से रिया मनु के लिए पानी लेकर उसके सामने आ गयी ..नीता मम और राज देख रहे थे ..पैर इसमें ज्यादा सोचने जैसा नहीं था …पैर अजीब तोह यह था की मनु को खांसते सुनकर अंदर से जस भी गिलास में पानी ले आयी थी फुर्ती से …

और रिया और जस ने एक साथ hi मनु के सामने गिलास रखा था …जिसे देखकर राज बोलै ..” क्या बात है मनु एक साथ दो गिलास अब यहाँ टेंशन यह है की मनु किसके गिलास से पानी लेगा ..” राज ने अनजाने में मनु को फंसा दिया था ..क्युकी अगर ऐसे में रिया के गिलास से पिता तोह जस को हर्ट होता ..और जस के गिलास से पिता तोह रिया मुँह फुला लेती ..अब जिसके घर हु थे उसके लिए रिया को नाराज़ करना भी ठीक नहीं था ..

उधर रिया और जस के साथ में मनु की केयर करने से रिया और जस में एक ुंकाः कम्पटीशन भी हो चूका था ..अब बॉल मनु के पल्ले में थी ..उसको चूसे करना था की हु किसको यहाँ तवज़ु देता है …

राज यह देखकर हंस रहा था ..नीता मम भी सोच में थी ..जबकि जस और रिया दोनों कभी एक दूसरे को तोह कभी मनु को देख रही थी ..की अब मनु किसका गिलास चुनता है …

मनु ने जब यह देखा तोह उसने नीता मम का खली गिलास लिया और चुपचाप रिया और जस दोनों के गिलास का पानी उसमे पलटा और पिने लगा …

राज “ ओह्ह! सहित आज कैट फाइट होते होते रह गयी …यार मनु यह तुमने सही नहीं किया इतना ाचा मौका मिला था दोनों लड़कियों में कोल्ड वॉर हो जाता …”

नीता मम “ राज तू पागल hai..kya दोनों बच्चियां समझदार हैं हु भला क्यों कोल्डवार करने lagin..yahan बस दोनों ने मनु को खासते देखा तोह पानी दे दिया ..तू कुछ भी बोलता है भूल मत रिया तेरी बहिन है ..”

रिया “ देखो न बुआ ..यह खांस रहे थे ..और भैया मुझे hi उल्टा सुना रहे है ..मैं भला जस से क्यों कोल्ड वॉर करुँगी ..वह तोह कितनी अछि है देखो अभी भी हम सभी के लिए म्हणत करके नाश्ता बना रही है ..उसको तोह किश करके थैंक्स कहने का मैं है ..पैर भैया तोह पता नहीं क्या क्या कह रहे हैं ??”

जस “ अन्त्य जी जिनको सिर्फ फिल्मे देखने की आदत होती है वही सोचते हैं की लडकियां काम दिमाग की होती हैं …कोल्डवार जैसे अचे वर्ड मर राज जो कह रहे हैं ..वह सब इनके फ़िल्मी दिमाग का भूत है ..जब मैंने सुना की यह खांस रहे हैं तोह मैं पानी ले आयी ..यह किसी के भी गिलास से पिटे मतलब तोह खांसी से आराम मिलने से था ..पैर उनको तोह यहाँ फ़िल्मी ज्ञान पेलना था ..” जस ने राज को अचे से सुना दिया ..था राज का मुँह भी यह सुनकर उत्तर गया था..

राज “ यार मुझे जो लगा सो कह दिया ..अब यहाँ सन hi ऐसा था ..सो जो लगा सो बोल दिया ..”

नीता मम “ पैर यह बोलने से पहले सोच लेना tha..samne तेरा छोटा भाई है ..और रिया तेरी छोटी बहिन hai…dono के बारे में कहने से पहले रिश्ते का ख्याल भी कर लेना था राज ..”

रिया नीता मम के मुँह से मनु को अपने लिए भाई सुनकर वहां से यह कहकर उठ गयी की उसको कोई काम याद आ गया है ..उसे मनु को अपना भाई सुन्ना बर्दास्त नहीं हुआ था …सो चुपचाप वहां से अपने रूम में आ गयी रिया ..

सुमन वहां आयी तोह रिया जा चुकी थी ..उसने पूछा रिया कहाँ है सो राज ने बता दिया उसको कोई काम है …पैर वहां कोई राज की उस बात के बारे में नहीं बोलै …

सुमन टेबल पैर आयी तब जस भी काम ख़तम कर चुकी थी ..

सुमन “ जसिका बीटा थैंक्स ..तुमने आज सभी के लिए नास्ता त्यार किया …उसके लिए थैंक्स बीटा ..सुच में तुम बहुत अछि लड़की हो ..”

जस “ इतस ok अन्त्य यहाँ सब लेट थे सो मैंने सोचा की कुछ काम कर लिया जाये ..और ाचा hi हुआ काम से काम मुझे भी घर में आप सब के लिए कुछ करने का मौका मिला ..इसमें थैंक्स की जरूरत नहीं है ..”

सुमन “ सुच में बीटा तुम बहुत अछि लड़की हो ..कसम से जिसके घर तुम्हारी शादी होगी हु इंसान तुमको सर आँखों पैर रखेगा देखा याद रखना मेरी बात ..”

जस यह सुनकर शर्माने लगती है ..और तिरछी नज़र से मनु को देखती है नीता मम उसको ऐसे देखते हुए देख लेती हैं ..

नीता मम “ हाँ भाभी जस कसम से बहुत अछि लड़की है कोई मुझसे पूछे तोह मैं उसको यकीं दिलाते हूँ की जस जहाँ भी जिससे भी शादी करेगी हु इंसान खुशनसीब होगा देख लेना ..”

जस यह सुनकर कुछ नहीं बोली बस आँखें निचे करके खाने लगी ..मनु यह सुनकर जस को देख रहा था ..जस भी चोरी से उसको देख रही थी …

मनु जस को देखकर मुस्कुराकर देखता और खेह्ता है ..” माँ आपने सही कहा हमारी जस सुच में बहुत अछि है ..और सबसे बड़ी बात उसके कदम बहुत लकी हैं ..जब से यह आयी है मैंने आज तक इसके किसी कदम को नहीं रोका ..बिज़नेस सारा यह खुद hi देखती है ..सुच कहूं तोह यह सब नाम जिसको लोग मेरी कामयाबी कहते हैं यह सब जस की दें है ..नाम बेशक मेरा है ..पैर इसमें काम सिर्फ और सिर्फ जस का है ..सुच कहूं तोह मालिक जस hi है उस रेस्टोरेंट की ..”

नीता मम ने बड़े प्यार से जस के सर पैर हाथ फेरा ..जस यह सब सुनकर अंदर से बहुत खुश थी ..कहाँ जस पहले यह सोच रही थी …की मनु उसको नोटिस नहीं करता पैर यहाँ मनु ने खुलकर सबके सामने उसको hi अपनी हर कामयाबी का क्रेडिट दे दिया था ..जोकि साहिब hi था ..क्युकी अगर कोई इंसान अगर दिल लगा कर काम करे और उसको लोग अनदेखा करे तोह उससे इंसान खुद में निचा फील करता है ..वहीँ अगर इंसान ाचा करे और उसको काम और कामयाबी के लिए थैंक्स या अप्प्रेसिअशन मिले तोह काम करने में उसका दिल और दिमाग दोनों डबल वे से साथ देता है ..इसे आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट समझ सकते हैं …जैसे जहाँ काम करनेवाले hi अगर काम पैर खुश नहीं हैं तोह प्रोडक्टिविटी पैर इसका असर गहरा असर पड़ता है ..एंड थे ोथेरहाणड शामे तरह की काम पैर hi अगर वर्कर्स को थोड़ा काम के लिए थोड़ा तारीफ मिले तोह वही वर्कर हर तरह से उसी प्रोडक्टिविटी को डबल तक कर देते हैं जोश में …

और मनु यह अचे से समझता था ..आखिर इतने साल बाबा और भटनागर सर के साथ उसने कोर बिज़नेस को जो सीखा था …यहाँ उसका मीन्स भी यही था की जस को अप्प्रेसियते करे ..पैर जस ने इसे मनु का नोटिस और उसका अटेंशन समझा …बेचारी जस यह समझ रही थी ..की मनु जस को और पसंद कर रहा है ..जबकि मनु उसको एक दोस्त एक अचे साथी जैसे समझता था …अब साथ रहते हैं तोह ..मनु जहाँ जस को दोस्त की तरह और एक अचे कम्पैनियन जैसे ट्रीट hi करेगा न ??

खैर वहां सभी जस को रेस्पेक्ट दे रहे थे ..और जैसे hi सबका नास्ता फिनिश हुआ ..वह सब अपने अपने रूम में चले गए …

जगन अपने टाइम से आया ..और आते hi अपना सामान लिया और निकल गया ..सुमन को यह बहुत गुस्सा दिलाने वाला था ..क्युकी कल से जगन ने सुमन को देखा तक नहीं …जबकि कल रात जहाँ सुमन उसके लिए सजी सवारी थी ..पैर जगन के न आने और मनु की चुदाई से सुमन और जगन के रिश्ते में एक अजीब सी दुरी सी आ गयी थी …जहाँ जगन अपने काम में बीवी को टाइम नहीं दे प् रहा था ..वहीँ सुमन अपने हस्बैंड के टाइम न देने से और रात को मनु की चुदाई से मनु की तरफ ज्यादा फोकस करने लगी थी ..वह सुख जो उसे जगन से नहीं मिला था ..वह एक रात में मनु उसे दे चूका था …सुमन अपने रूम में मनु को सोचकर लाइफ में पहली बार छूट से हाथ लगा कर अपनी छूट को ठंडा कर रही थी …

सुमन “ आठ! ओह्ह्ह! मेरे राजा ..तुम कोण हो कहाँ हो?? कैसे लगते होंगे …अह्ह्ह! काश एक बार फिर तुम मुझे अचे से छोड़ पाते ..देखो न यह छूट तुम्हारा बेसब्री से इंतज़ार कर रही है …एक बार फिर आ जाओ न ..प्लीज मेरे राजा …एक बार फिर मुझे कसकर तोड़ डालो …अचे से छोड़ डालो ..ईईईईई!”

सुमन सदी के उप्पेर से hi छूट के दाने को घिस रही थी …एक तोह सूजन और दूसरा कल से मिलने वाली कसक सुमन को कपड़ो के उप्पेर से hi मज़ा आने लगा था ..पैर कपड़ों से हाथ फंस रहा था सो सुमन ने साडी को उठा लिया और पेटीकोट को भी उप्पेर कर लिया और पंतय उत्तर दी …

मनु कल रात से सोच रहा था ..की सुमन आगे क्या करने वाली है सो ..वह सुमन को देखने बहार आया …और दबे पाँव सुमन के रूम की तरफ आया ..सुमन अपनी मदहोशी में रूम का दूर पूरा क्लोज नहीं किये हुए थी ..क्युकी उसका रूम और उप्पेर जाने वाले रस्ते के बिछे में एक दिवार थी और जब भी कोई उप्पेर से निचे आता तोह उसके कदमो की आहात से सुमन को पता चल जाता ..पैर यहाँ मनु दबे पाँव आया और उसने धीरे से थोड़े खुले दूर से देखा तोह पाया ..की सुमन छूट मसल रही है …यह देखकर उसके चेहरे पैर शैतानी स्माइल आ गयी ..क्युकी यह उसके लिए और ाचा था ..क्युकी सुमन अब छूट से खेल रही थी ..मीन्स कल रात का कांड उसने जगन को नहीं कहा और सुबह भी उसने यह बात सभी से छिपाई ..मीन्स सुमन इसको सीक्रेट रखना चाहती थी …और जैसे हु छूट मसल रही थी ..मतलब साफ़ था ..की सुमन को चुदाई पसंद आयी है मनु की ..या फिर सुमन एक गरम औरत है ..जिसको अचे से चुदाई की जरूरत है …मनु वहां देखकर किचन में चला जाता है ..पानी पिने के लिए …क्युकी मनु को ोरों की तरह मुठ मरने की आदत या मुठ मरने में कोई इंटरेस्ट नहीं था ..सो हु किचन में पानी पिने लगा ..क्युकी दिन का टाइम था सो लाइट जलने न जलने की जरूरत नहीं थी किचन में मनु ने तभी कोई परछाई को निचे आते हुए महसूस किया हु तोह ाचा था की मास्टर ने उसको ऐसे त्रिनेड किया था की ..वह हर चीज़ को बड़े गौर से नोटिस करता था ..वर्ण दबे पाँव आने वाली इस परछाई को हु देख नहीं पता ..

मनु ने देखा की हु परछाई मतलब हु इंसान चुपके से आया और सुमन के रूम के बहार उसके दूर से अंडर झाँकने लगा …मनु किचन में उसके आने से बिना आवाज़ किये खड़ा था उसने जब देखा की हु इंसान सुमन के रूम में झांक रहा है और उसका पूरा धयान अंदर है तोह मनु ने उसको धयान से देखा …

मनु को जबरदस्त झटका लगा उस इंसान को देखकर …क्युकी यह कोई और नहीं राज था ..जो सुमन को छूट मसलते हुए देख रहा था …मनु हैरत और परेशानी के साथ दिमाग के हर हिस्से से सोचने लगा की राज यह कर क्या रहा है ???

क्युकी सुमन अंदर क्या कर रही थी उसे अचे से पता था और राज ऐसे दबे पाँव आकर सुमन को चोरी से ऐसे क्यों देख रहा है ..और छूट में ऊँगली करती सुमन को देखकर भी राज वहां और जमा हुआ है ??? एक बेटे के लिए माँ को ऐसे देखना यह मनु की लाइफ में पहली बार था ..बेशक उसने सुमन को छोड़ा था ..पैर राज ???

यहाँ मनु अपनी सोच में उठ रहे सवालों से उभरा भी नहीं था की राज ने एक और धमाका मनु पैर कर दिया …सुमन को मुठ मरते देख राज भी बेचैन हो गया था उसने …सिद्ध अपने लैंड को अपने लोअर से बहार निकल कर मुठ मरना शुरू कर दिया था …मनु अब क्लेअर्ल्य समझ चूका था ..की राज की इंटेंशन सुमन के लिए क्या है ..अब अपनी माँ को देखकर मुठ मरने वाला कोई नोर्मल्ली चुदाई से hi देखेगा न ???

मनु समझ चूका था की राज अपनी माँ सुमन को लेकर सेक्सुअली फीलिंग रखता है …पैर माँ के लिए ऐसे फीलिंग रखना क्या सही है ????????

यह सवाल मनु को अब अचे से घेर चूका था …राज को अपनी सगी माँ को मुठ मरते हुए देखकर खुद मुठ मरते हुए देखकर मनु ने नोटिस नहीं किया ..पैर उसका लोढ़ा भी अब सर उठाने लगा था ..इन्सेस्ट वाली फीलिंग उसके लिए अजीब बहुत अजीब थी …उसके लिए यह दुनिआ का सबसे बड़ा क्राइम hi था …पैर बिना सोचे भी इसमें अज़्ज़ेब सी बात उसके समझ के परे थी ..की कोई बीटा माँ के लिए ऐसा सोच भी कैसे सकता है …मनु को अब राज पैर गुस्सा आने लगा था … मनु ने जैसे तैसे खुद पैर कण्ट्रोल किया और किचन में देखा यहाँ वहां …

उसे वहां राज को मरने के लिए नज़र नहीं आया ..उसका ध्यान नाइफ पैर गया पैर राज की किस्मत अछि थी ..की जगन कैग हर का किचन नाइफ बहुत छोटा था …सो मनु ने एक स्टील के कटोरी को किचन में गिरा दिया ..कटोरी गिरते hi राज तुरंत तेज़ी से खड़े लैंड को लोअर में करके उप्पेर भाग जाता है …

उद्धार सुमन का भी आवाज़ से मुठ मरना रुक जाता है …हु तुरंत एकपडे ठीक करती है अपने …यह तोह ाचा था ..की हु राजा …राजा का नाम लेकर मुठ मर रही थी …और राज ने राजा नाम सोचा की हु जगन को याद करके मुठ मर रही है वर्ण यहाँ गड़बड़ पक्का होनी थी …मनु बी राज के जाते hi फुर्ती से उप्पेर निकल गया ..जब तक सुमन किचन में आयी वहां उसको कटोरी दिखी …जिसको उठाते हुए …

सुमन “ उफ़! जगन से कितनी बार कहा था चाट पैर जॉलीवाला गेट लगवा लो पैर सुनते hi नहीं बिल्ली जब मैं करता है किचन का हाल बिगड़ने आ जाती है …पैर उपपरवाले का शुक्र है ..की बिल्ली hi थी वर्ण कोई और होता तोह गड़बड़ हो जानी थी ..घर में दो दो जवान लड़के हैं ..नीता है रिया और जस हैं मुझे अपने पैर कण्ट्रोल रखना चाहिए ..वर्ण उनके आगे मेरी इज़्ज़त क्या रह जाएगी ???”

सुमन वहां से कटोरी हटाकर वापस रूम में आती है ..और मान मारकर सोने की सोचती है ..क्युकी मुठ मरना अधूरा रह गया था उसका ..पैर उप्पेर राज के केस में ऐसा नहीं हुआ ..वह सुमन की प्यास और मुठ मरने को देखकर इतना गरम हुआ ..की उसने एक बार नहीं कई बार मुठ मारा और थकन से नींद के आगोश में चला गया …

उधर मनु सोच में गम था ..की आज उसने यह कैसा अजीब सन देखा था ..की एक बीटा अपनी माँ को नंगा देख रहा है मुठ मरते हुए ..और वहां से हटने के बजाये खुद hi मुठ मर रहा hai…raj और सुमन के बारे में सोचने लगा ..एक तरफ उसको सोचने भर से राज से नफरत हो रही थी उसकी गन्दी सोच पैर ..वहीँ यह सब सोचने से उसके लोडे का हाल थोड़ा बदल चूका था …पहली बार मनु चुदाई के लिए सोच रहा था ..अब क्युकी सुमन को सीधे से छोड़ना सही नहीं था ..सो उसका यहाँ ओने एंड ओनली ऑप्शन था …रिया …

मनु के दिमाग में रिया का ख्याल आया ..तोह उसने बहार देखा सबके रूम बंद थे मनु ने कीहोल से राज को देखा ..राज सोया हुआ था ..मनु ने उसके बाद जस और नीता मम को देखा ..वह दोनों में से जस काम कर रही थी ..जिसमे हु कई कॉल कर रही थी …जिसमे उसको टाइम लग्न था ..और नीता मम सो रही थी ..

मनु ने सोचा ..” कैसा अजीब घर है यहाँ लोग जागते काम हैं सोते ज्यादा हैं ..”

सो फाइनली मनु रिया के रूम को हलके से नॉक करता है क्युकी उसका रूम लॉक था अंदर से ..

रिया “ कोण है “

मनु धीरे से “ खोलो तोह सही “

रिया समझ जाती है ..की बहार मनु है ..वह तुरंत दूर खोलती है ..बहार यहाँ वहां देखती और मनु को अंदर खींच लेती है …रिया ने एक ढीली सी टी शर्ट और एक ढीला लोअर पहना हुआ था …क्युकी अंदर कुछ नहीं था …सो ढीले कपडे थे उसके ..

मनु के अंदर आते hi रिया दूर से hi मनु को लगा देती है ..और उसपर खुद जाती है ..मनु जो खुद अभी गरम था रिया को उसके कमर से पकड़ लेता है और उठाकर अपने से सत्ता लेता है ..रिया उसके उप्पेर लड़ जाती है ..अपनी दोनों जगहों से मनु के कमर को कास लेती है …

दोनों के मुँह लगातार स्मूच कर रहे थे …मनु जहाँ रिया के साथ चुदाई के मूड में आया था …वहीँ रिया अपनी लाइफ में दो बार मनु से छोड़कर चुदाई में और खुल चुकी थी …उसका तोह यह हाल था ..बेचारी जहाँ मनु को देखती वहां उसकी छूट कसकने और पानी छोड़ने लगती थी …चुदाई का नशा उसके लिए इस टाइम सर चढ़कर बोलने लगा था …उसमे आग में घी डालने का काम मनु का रिया के hi घर में रहना ..रिया के लिए हर दिन उसके हिसाब से गॉड गिफ्ट था जब तक मनु वहां है ..

रिया और मनु दोनों अपने अपने हिसाब से एक दूसरे को स्मूच करके एक दूसरे को और ज्यादा गरम करने में लगे हुए थे …

मनु ने रिया के गांड को निचे से उसको सपोर्ट देने के लिए थमा ..पैर उसके हाथ रिया की गांड को ज़ोर से भींचने लगे थे …जिससे रिया और गरम होने लगी थी …गांड पैर हाथ लगते hi मनु समझ चूका था रिया ने अंदर कुछ नहीं पहना है …

मनु किश तोड़ते हुए रिया के कान को चूमता है रिया एक सेक्सी सिसकी लेती है ..मनु उसके कान में “ अंडर कुछ नहीं पहना है क्या बात है ???”

रिया मनु के कान में” क्युकी मुझे घर में ऐसे hi रहना पसंद है ..और दूसरा की आप पक्का मुझे छोड़ने आओगे ऐसा मुझे यकीं था …अब रहा नहीं जाता छोड़िये न ..अपनी रिया को …”

मनु उसको लेकर बीएड पैर आता है ..पैर रिया ने बीएड पैर लेटने के बाद भी अपने पैरों को उसके कमर पैर लपेट रखा था … रिया के t-shirt में मनु हाथ दाल देता है और उसकी चुकी दबाने लगता है ..रिया भी उसका साथ देते हुए उस t-shirt को अपने जिस्म से अलग कर देती है …अब मनु उसकी चूचियों को दबाने के साथ साथ चूसने भी लगता है …

रिया मनु के चूसने और दबाने से बेचैन उसके सर में हाथ घूमने लगती है …मनु का एक हाथ फ्री था जिसको मनु ने निचे ले जाकर रिया के लोअर में दाल दिया और रिया की छूट को लकीर को एक ऊँगली से रगड़ने लगा ..

रिया के लिए यह चूसने रगड़े और दबाने के साथ छूट को हलके हलके मस्सगे का नया अनुभव था …रिया मन ऊके हर चीज़ को अचे से एन्जॉय कर रही थी …पैर मनु आज कुछ ज्यादा hi एक्ससिटेड था ..सो उसने हाथ फिरने के साथ रिया के लोअर को निचे सरका दिया ..क्युकी रिया के पेअर कैंची जैसे मनु के कमर पैर लिपटे हुए थे ..सो रिया ने अब खुद के पैरो को उसके कमर से हटा दिया …

मनु ने देर न करते हुए रिया के उस लोअर को पूरा उतार दिया …अब मनु के t-shirt को रिया ने उप्पेर करके उत्तर दिया ..मनु ने आज वेस्ट नहीं पहना था ..सो रिया ने मनु के निप्पल को अचे से चूसना शुरू कर दिया …

मनु अब मज़े में था रिया ने साथ में एक पेअर से मनु के निचे के कपडे मीन्स उसके अंडरवियर और लोअर को उतार दिया लोअर और अंडरवियर मनु के पैरों में था जिसको मनु ने निचे से पेअर उठाकर उतार दिया …

अब रिया के उप्पेर आ चूका था मनु ..रिया हैरान थी की चूमने और चूसने वाला मनु आज सिद्ध उसके उप्पेर कैसे ??

पैर मनु उसके उप्पेर आकर निचे सरका और रिया की छूट पैर उसने मुँह टिका दिया रिया ने एक सिसकी ली …सिसकी मज़े की थी ..रिया खुद भी समझ चुकी थी की अब यह सिसकियाँ ऐसे hi निकलने वाली हैं ..सो रिया ने खुद की t-shirt को अपने मुँह से बांध लिया …ताकि सिसकियाँ और उसकी चुदाई भरी आहें बहार रूम तक न जा सके …

मनु इनसब को अचे से देख रहा था ..पैर उसने छूट से एक सेकंड के लिए भी ..मुँह नहीं हटाया ..रिया की यह चीज़ सुच में सही थी ..क्युकी रिया की सिसकियाँ और आहें अब अपने चरम पैर थीं …

मनु उसकी छूट से बहते पानी को देखकर समझ चूका था की रिया चुदाई के लिए अब त्यार है ..मनु छूट से है चूका था ..क्युकी यहाँ टाइम ज्यादा लगता अगर हु रिया को झड़ने देता और फिर उसको गरम करता और उसके बाद लोढ़ा छूट में डालता तोह टाइम लगता ..सो अभी मनु ने उप्पेर आकर रिया की छूट से लोढ़ा अचे से उप्पेर निचे उसकी छूट के पानी में सां लिया ..ताकि चिकनाई अचे से बन सके …

मनु ने रिया की छूट पैर लोढ़ा लगाया और रिया को देखा ..रिया ने आगे बढ़ने का इशारा किया ..पैर मनु नहीं बढ़ा आगे ..रिया समझ गयी मनु क्यों नहीं बाद रहा है .??

उसने निचे हाथ ले जाकर मनु के लोडे को थमा और अपनी छूट के छेद में अचे से थुश दिया ..और मनु को आगे बढ़ने का इशारा किया ..मनु ने उसके इशारे को समझ और ताबड़ तोड़ चुदाई शुरू कर दी …

रिया का मुँह बंद होने के बाद भी ..उसके चूचियां और t-shirt से बंधे मुँह से आवाज़ें आ रही थी …

रिया..” हम्म्म्म!!! ह्म्मम्प्प्प्प!! हुम्म्म!! “ चूचियां आवाज़ कर रही थी मतलब …चूचियां जैसे hi हिलती मनु रिया की चूचियों पैर हलके से चपत लगा देता …

जिससे रिया को हल्का पैर दर्द एक मेथा सा दर्द होता …मनु ने रात को सुमन को दर्द देने वाली चुदाई किट hi जिसमे उसने सुमन की चूचियों और गांड पैर zor-zor से चांटे बजाये थे ..पैर यहाँ चपत से मतलब हलके से मार से था ..जिसमे रिया एक अलग एहसास में डूबी अचे से चुदाई एन्जॉय कर रही थी …

मनु के धक्के तेज़ थे ..पैर रिया उसके कमर को और जोर से दबाकर उसको और ज़ोर से करने को कह रही थी …इशारे से ..और मनु भी उसके बात में और ज़ोर से कमर चला रहा था …

रिया कोई 15 मिनट में hi पानी बहाने के कगार पैर आ चुकी थी …मनु भी समझ गया था की रिया का पानी किसी भी पल निकल सकता है ..सो उसने चुदाई और तेज़ कर दी …

और रिया मनु से अचानक से चिपक जाती है और खुड़बा -खुद झटकी कहने लगती है ..और पानी बहाने लगती है …मनु भी उसके पानी बहाने की वजह से रुक जाता है …

रिया कुछ सेकंड तक पानी बहती है और एक लम्बी सांस लेकर एक दिल चुने वाले प्यारे ढंग से मनु को देखती hai..dunia और ज़माने भर का प्यार छुपा था उस टाइम रिया की आँखों में मनु के लिए .. पैर मनु उस टाइम रिया की छूट पैर ध्यान रखे हुए था ..क्युकी उसका पूरा लोढ़ा छूट में गया हुआ था ..और उसके हलके चपत से भी गोरी चिति रिया के दूधिया जिस्म पैर लाल निशान आ चुके थे ..

उसकी गोरी चूचियां लाल टमाटर सी हो चुकी थीं ..मनु उसके गुलाबी निप्पल को देखकर मुँह में चूसने लगता है ..जिसके गरम एहसास से रिया का जिस्म कांप जाता है …पैर रिया उसको अपने से अलग कर देती है …और अपने बीएड पैर घूमकर घोड़ी बन जाती है …मनु समझ जाता है की रिया का मतलब क्या है ..मनु भी रिया चूस से बहते हुए पानी से लबा लैब लोडे को उसकी गांड में थुश देता है ..दो बार की चुदाई के बाद रिया का गांड का छेद थोड़ा खुल ज़रूर था ..पैर उसको गांड में लोढ़ा जाते hi हल्का दर्द हुआ ..पैर मुँह से आवाज़ t-shirt ने दबा ली उसकी ..मनु भी रुका नहीं एक बार गांड में लोढ़ा जाने के बाद उसने तूफानी पारी शुरू कर दी …

वैसे तोह रिया एक बार की चुदाई से hi थक चुकी थी ..पैर मनु के बारे में उसको अचे से पता था …की उसका पानी अभी निकल नहीं है सो हु गांड में लोढ़ा लेने को त्यार हुई थी ..अब चाहत कहो या प्यार पैर रिया अब मनु के लिए हर तरह से त्यार रहना चाहती थी ..

खैर मनु के चुदाई से रिया फिर गरम होने लगी थी ..और मनु भी गांड मारते हुए रिया की छूट को अचे से मसल रहा था ..ताकि रिया को और मज़्ज़ा आ सके …और वैसा हुआ भी रिया जब गरम हुई तोह रिया ने मनु का साथ देते हुए उसके हर ढके पैर उल्टा ढाका देना शुरू कर दिया ..जिसमे एक आवाज़ पैदा होने लगी दोनी की जांघ और गांड के टकराने से ..”थापपप! थापपप! पत्त्त्त! पाततततत!....”

मनु को यह आवाज़ और ज्यादा जोश दिला रही थी …रिया की छूट के दाने पैर मनु ने ऊँगली से तेज़ी से हाथ चलना शुरू कर दिया था …और उसके हाथ चलने से रिया का मज़्ज़ा डबल हो चूका था …

मनु ने कोई 15 मिनट उसकी अचे से गांड मारी …और छूट पैर हाथ तेज़ी से चलने से रिया भी ज्यादा देर तिकी न रह सकीय ..और उसका पानी निकल गया ….

मनु बेचारा खड़ा लोढ़ा लिए अभी भी बेचैन था …जबकि रिया पानी निकलने के बाद बीएड पैर सीधी गिर चुकी थी ..लोढ़ा उसके गिरने से उसकी गांड से बहार आ चूका था …रिया लेती हुई लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी …उसकी छूट से बहते पानी से उसके बीएड पैर हल्का हल्का दाग लग चूका था …

पैर अभी दाग की किसको पड़ी थी …रिया के कुछ देर नार्मल होने के बाद हु पलटी बीएड पैर मनु वैसे hi तना हुआ लोढ़ा लिए रिया को देख रहा था …

रिया को मनु का हाल देखकर और उसके ऐसे में भी रुकने पैर उसपर जी भर कर प्यार आया …शायद hi कोई इंसान होगा जो तना हुआ लोढ़ा लेकर भी नार्मल रहने की कोशिश करता होगा …सो रिया ने अपनी गांड के निचे तकिया लगा लिया और उप्पेर तने हुए लोडे के साथ आधे खड़े हुए मनु को देखा और उसका लोढ़ा अपन तरफ खींचा ..और सिद्ध उसने अपनी छूट पैर लगा लिया …

मनु ने अब रिया कैद वो पैरों को निचे रहने की बजाये उप्पेर उठा लिया और अपने कन्धों पैर रख लिया …

और लोढ़ा सिद्ध छूट में एक hi धक्के में उत्तर दिया ..लोढ़ा अब और अंदर तक जाने लगा था …रिया भी कुछ देर तक लोडे को अपने छूट के लास्ट हिस्से अपने गर्भ या कूख पैर महसूस कर रही थी … मनु अब स्लो धक्के मार रहा था ..स्लो पैर लम्बे ढ़ाके ..जिससे रिया जल्दी से गरम हो …

रिया भी उसके नए नए तरीके देखकर हैरान थी ..चुदाई में नया देखना अलग है महसूस करना अलग ..और यहाँ मनु रिया को अचे से गरम करके अपना पानी निकलना चाहता था …सो उसके लम्बे धक्कों से रिया भी जल्दी गरम होने लगी थी …मनु ने रिया के उठी हुई गांड को मसलना शुरू कर दिया ..जिससे रिया की सिसकियाँ निकलने लगी थी ……

मनु ने तभी रिया की गांड में हलके से एक ऊँगली सरका दी …रिया के लिए चुदाई और गांड में ऊँगली एक साथ पहली बार था …ोप्पेर से मनु की ऊँगली का साइज जैसा की पहले भी बता चूका हूँ ..काफी मोटा था …रिया को ऐसा लगा मनु ने कोई पतला सा लैंड उसकी गांड में घुसा दिया है …

मनु ने यह करते हुए अब ढकों में तेज़ी कर दी थी …रिया के तरफ से छूट एक तरफ से गांड दोनों छेद भरे हुए थे ..और दोनों जगह मनु hi लगा हुआ था …रिया मस्ती में आ चुकी थी …रिया ने खुद hi गांड को ज़ोर ज़ोर से हिलना और मनु के लोडे पैर मरना शुरू कर दिया था …..रिया इस दो तरफ़ा हमले को ज्यादा देर झेल नहीं पायी ..उसका पानी बहुत जल्दी निकल गया …यहाँ मनु का हाल बेहाल हो गया यह देखकर उसका खुद का सर पीटने का मैं किया …पैर तीन बार पानी निकलने के बाद रिया को छोड़ता तोह पका रिया का हाल बेहाल हो जाता ..सो मनु रिया को देखते हुए चुपचाप लेते गया तने लोडे के साथ …

रिया झड़ने के बाद जब मनु को देखती है तोह मुँह t-shirt खोल देती है ..उसका गोरा मुँह t-shirt के बांधने से लाल पद चूका था ..बांधने के निशाँ उसके चेहरे पैर साफ़ साफ़ दिख रहे थे …

रिया सिद्ध मनु की छाती पैर सर रखकर लेट जाती है ..मनु का लोढ़ा तना हुआ था ..पैर उसने रिया पैर जोर नहीं दिया ..रिया के सर पैर उसके बैलन में हाथ फिरने लगा मनु ..

रिया “ ी म सॉरी मैं आपके आगे आज टिक नहीं पायी ..मुझे माफ़ करदेना प्लीज ..पैर मैंने आपको रोका नहीं है ..आप चुदाई कर सकते हैं ..मैं आपको मन करना तोह दूर मन करने का सोच भी नहीं सकती हूँ ..सो आ पैसे क्यों लेट गए …??”

मनु “ कोई बात नहीं रिया जितना तुम साथ दे पायी उतना hi काफी है ..तुमसे अब चुदाई करूँगा तोह उसमे तुमको मज़्ज़ा काम दर्द ज्यादा मिलेगा ..जो मुझे गवारा नहीं है ..इसलिए रुका हूँ ..कोई बात नहीं ..मैंने भी कहा था न तुम मेरी जिम्मेदारी हो ..और तुमको दर्द देकर जिम्मेदारी कैसे पूरा करूँगा ..हाँ चुदाई में पहली बार दर्द होता है ..पैर इसका मतलब यह नहीं की हर बार अपने मज़े के लिए तुमो जानवरों जैसे दर्द hi देता रहूं ..तुम्हारी परवाह करना भी इस जिम्मेदारी में शामिल है ..”

रिया इस बात का मतलब समझकर मनु को चूमने से खुद को रोक नहीं पाती ..उसको आज मनु से और ज्यादा प्यार हो चला था …मनु भी उसके किश में उसकी चाहत महसूस करता है …और किश के बाद कहता है

मनु “ रिया मैं आज नहीं तोह कल यहाँ से चला जाऊंगा सो इतना भी मत आदत डालो meri..kyuki मैं चहुँ न चहुँ पैर जाना तोह है मुझे …”

रिया “ तोह चले जाना ..मैं भी यह अचे से जानती हूँ आपको जाना होगा ..मैं रोक नहीं रही हूँ ..बस आपको अपने अंदर महसूस कर रही हूँ …हर दिन हर पल ..इस दुनिआ में प्यार के नाम पे चुदाई तोह हर कोई करता है ..पैर आपके जैसे चुदाई में भी मेरे लिए फिक्र शायद hi कोई करे ..यही वजह है मैं आपके लिए हर तरह से पागल हूँ ..वैसे एक बात पूछूं सुच बताना प्लीज ..???”

मनु “ हाँ कहो न …क्या पूछना है ..??”

रिया “ आज की चुदाई में मैंने आपको कुछ अलग सा महसूस किया …इसकी वजह जान सकती हूँ..??”

मनु सोच में पद जाता है ..की उसको क्या कहे ..उसको राज के करतूत के बारे में कहे या नहीं ..

रिया उसको सोच में गम देखती है तोह कहती है “ मैं आपकी ज़िन्दगी में जितना हक़ रखती हूँ उस हिसाब से बता देना ..और अगर बताने लायक न लगे तोह भी कोई बात नहीं ..बस इतना समझलो मुझे आपकी फिक्र है ..”

मनु “ ऐसी बात नहीं है ..पैर तुम से कहूं या कहूं ..और अगर कहूं तोह कैसे ??? कुछ समझ नहीं आ रहा ..मेरी लाइफ में यह पहली बार है की समझ नहीं आ रहा की इस बात को किस्से शेयर करूँ या न करूँ …क्युकी सोचने भर से यह समझमे आने वाली चीज़ नहीं है …”

रिया “ आपकी मर्ज़ी है कहो या नहीं ..पैर इतना भी आपको समझना चाहिए की हर बात अंडर दबाने से प्रॉब्लम बढ़ती है ..और वैसे भी मेरे और आपके बिच में अब परदे जैसे बचा hi क्या है ??? बाकी आपकी मर्ज़ी ..”

मनु “ नहीं रिया तुम गलत मत समझो मुझे ..बात hi कुछ ऐसी है ..पहले एक वडा करो की तुम इस बात पैर मुझे गलत नहीं समझोगी …”

रिया “ वडा करने से क्या होगा ..जब रिया आपके नाम अपना सब कुछ कर चुकी है ..रिश्ते में आप मेरी सगी बुआ के बेटे हैं तब भी आपके पहलू में मैं नंगी हूँ जिस हालत में आज तक मेरी माँ भी मुझे शायद न देखे उस हालत में मैं आपके साथ हूँ ..अब भी कोई गुंजाईश है ???”

मनु सोचते हुए रिया को सीने से लगा लेता है और उसका माथा चूमता है …और कहता है ..

मनु “ रिया एक सागा बीटा क्या अपनी माँ के बारे में सोच सकता है ???”

रिया “ क्या कह रहे हैं सागा बीटा माँ के बारे में नहीं तोह क्या पडोसी के बारे में सोचेगा ????”

मनु “ नहीं ..मेरे मतलब हु नहीं था ..मेरा मतलब कोई सागा बीटा अपनी सगी माँ को चुदाई की नज़र से देखे तोह उसको क्या कहना चाहिए …???”

रिया “ सिंपल है ..दुनिआ में एक हिंदी गाली में उसे मादरचोद ..और इंग्लिश में उसको मोथेरफुकेर कहते हैं ..”

मनु “ तुमको यह गलत नहीं नज़र आता रिया की एक बीटा अपनी माँ को ऐसे गन्दी नज़र से देखे ..??”

मनु जहाँ अपने शहर में अलग नज़रिये से पला बढ़ा था ..उसको नेट के साथ बाकी सबकी नॉलेज थी ..नेट पैर भी इसका फोकस अपने काम और नॉलेज गेन करने पे रहता था ..उसने पोर्न देखि थी …सुनी thi..per अपनी लाइफ के झमेलों के चलते और हार्ड ट्रेनिंग के चलते हु इन्सेस्ट या सेक्स के बाकी वेज़ से कोसों दूर था ..

जबकि रिया मेट्रो सिटी में इनसबके साथ पाली बढ़ी थी ..जिसमे उसकी फ्रेंड्स और सोसाइटी में उसने इसके बारे में सुना और पढ़ा था ..उसकी कई फ्रेंड्स ने उसको इन्सेस्ट के बारे में बताया भी था ..और कई एक्साम्प्ले दिए भी थे जिसमे कई लड़के अपनी माँ के चक्कर में hi पद गए थे …और उनकी माँ भी एक टाइम के बाद अपने बेटों के साथ रिलेशनशिप में आ चुकी थी ..जिनमे से कई तोह ब्लैकमेल करके अपनी माँ को उसके बॉयफ्रेंड से चुड़ते हुए पकड़ कर चुदाई कर चुके थे तोह कई बाप के डर के नाम पैर ब्लैकमेल करके माँ छोड़ रहे थे …सो कुल मिला कर इन्सेस्ट रिया के लिए नया नहीं था …पैर रिया को यह भी नहीं पता था की मनु राज को देखकर hi इसके बारे में पूछ रहा था…

रिया “ देखिये ..आज के टाइम यह बड़ी आम सी बात है ..मैं कई लोगों को जानती हूँ जो अपनी माँ के लिए hi फीलिंग रखते हैं …और कई तोह आपके और मेरे जैसे जिस्मानी रिश्ते में भी हैं …दुनिआ ने मादरचोद ऐसे hi नहीं गाली kahi..hai कहीं न कहीं ऐसा होता होगा …आपको समझने से ाचा है सब दिखा देती हूँ “

रिया मनु को अपने मोबाइल में इन्सेस्ट के बारे में लिखे रियल आर्टिकल दिखती है कुछ लोग अपने अपने बारे में वीडियो बनाकर डालते है उनको भी दिखती है …कुछ वीडियो देखकर मनु हैरत में गम था ..

उसने रिया को देखा …और कहा “ यह सब क्या है दुनिआ में यह सब क्या उल्टा सिद्ध हो रहा है ?? लोगों को क्या बहार कमी है जो घर में hi ऐसे उलटे काम कर रहे हैं ???चलो मान लिया तुम्हारा मेरा रिश्ता सागा नहीं है ..पैर खून के रिश्ते में यह सब सोचन्ते हुए hi समझ नहीं आता यह सब लोग कर कैसे लेते हैं??”

रिया “ अब उनकी उनको पता होगी वैसे भी एक मर्द और औरत का रिश्ता सिर्फ जिस्मानी नहीं प्यार और केयर का होता है ..जहाँ एक औरत को यह सब मिलता है वहां जिस्म के रिश्ते और चाहत भी जाग जाती है ..और इसका एक साइड और है ??”

मनु “ हु क्या ??”

रिया “ बहार किसी के पास पता नहीं उसका क्या मैं होगा ..वह आपको केयर करेगा भी या नहीं ..और पता नहीं उसके आपको प्यार करने के पीछे कोई प्लान या ब्लैकमेलिंग का मिंडसेट तोह नहीं है …या उसको कोई बीमारी जैसे हिव या एड्स हो सकती है ..सब देखकर बहार जाने से ाचा है ..घर में hi कुछ लोग चुदाई कर लेते हैं जरूरत दोनों की होती है ..जब यह जरूरत पूरी नहीं हुआ करती तोह हस्बैंड वाइफ और बर्फ गफ के रिश्ते में दरार आ जाती है …इसी जरूरत के लिए फिर हु सब बहार तलाशना शुरू कर देते हैं ..यह हु आग है ..जिसमे अगर एक बार हाथ ताप लिया तोह उसकी तपिश बुले नहीं bulti…or जब यह तपिश मतलब चुदाई नहीं मिलती तोह अपने जिस्म की जरूरत के लिए लड़की या औरत मर्द या लड़का बहार मुँह मरते हैं और अपने घर ोे कहंदान का नाम मिटटी में मिला देते hain…rishte तब भी तार तार होते है किसी और की वजह से लोग में तलाक भी हो जाते है क्युकी चुदाई का चस्का hi ऐसा hai..ek अचे घर की औरत भी जिस्म की आग के आगे कभी कभी गैर मर्द के आगे टंगे खोल देती है और इनसबसे उसका परिवार तशके पाते जैसे टूट जाता है ..और वहीँ अगर उसकी जरूरत घर में hi पूरी हो जाये तोह अपने बेटे या भाई के ज़रिये .. मर्द और औरत दोनों के लिए जब यह काम घर की चारदीवारी में हो जाये तोह बहार किसी और के आगे रिस्क क्यों लेना ..यही वजह है आजकल का फैशन है यह इन्सेस्ट जिसमे माँ बीटा ..बहिन भाई …बाप बेटी आपस में hi चुदाई कर लेते हैं ..और कभी कभी तोह सब बीएड पैर एक दूसरे के सामने कर लेते हैं ..यह हु काम है जिसमे करनेवाले कर सब लेते हैं पैर सामने से कहता कोई नहीं है …क्युकी बात यहाँ घर की है ..सो बहार वाले भी जल्दी से शक नहीं कर पते ..यहाँ तोह कुछ जगह कसीं मैरिज भी होती हैं अब बहिन तोह बहिन है ..रिश्ता चाहे दूर का हो या पास का ..”

मनु रिया की बात सुनकर हैरत में आ चूका था ..और मोबाइल पैर चलरहे वीडियो और आर्टिकल बता रहे थे ..की यह सब आजकल कितना आम हो चला है ..

रिया “ पैर आपके दिमाग में यह सब आया कैसे ..आपने किसे देखा अपनी माँ के साथ ??”

मनु “ रिया तुमको मेरा यकीं तोह है न ??? मतलब यह बात तुम को कैसे कहूं??”

रिया “ आप तोह ऐसे कह रहे हैं जैसे की आपने राज भैया और मम्मी को चुदाई करते हुए देख लिया है ??हीहीहीहीहीहीही….” रिया ने मज़ाक में कहा था ..पैर उसको क्या पता यह सब मनु जो सामने से कह नहीं प् रहा था जो उसने मज़ाक में कहा था ..वह सब उसी के घर की दें है ..

मनु “ सॉरी रिया पैर जो तुमने कहा समझलो यही हो सकता है कभी भी …??”

रिया की हंसी रुक गयी यह सुनकर कहाँ रिया मनु को समझा रही थी ..और कहाँ उसी के घर में इन्सेस्ट का कीड़ा पैदा हो चूका था …रिया सोचने लगी उसकी मम्मी ऐसी लगती नहीं है और राज भी ऐसा सोच सकता है उसे यकीं नहीं हो रहा था ..और मनु को अचानक से क्या सूझी जो ऐसे बोल रहा है ..रिया ने मनु को अचे से देखा तोह पाया मनु कहीं से भी झूंठ नहीं कह रहा है ..और ऐसा इंसान जिसको इन्सेस्ट के बारे में पता नहीं झूंठ क्यों कहेगा ??”

रिया “ मुझे शुरू से जानना है क्या हुआ था ??”


तो बे कंटिन्यू विथ Part बी
 
अपडेट 92 Part बी



तो बे कंटिन्यू ऑफ़ Part ा..

मनु रिया को सोच में गम देखता है तोह उसको अपने सीने से लगा लेता है और सब कुछ बता देता है जो उसने किचन में देखा था ..इसमें उसने अपने और सुमन की चुदाई की बात गोल कर दी थी …


रिया यह सुनकर बोली “ भैया वैसे लगते तोह नहीं आज तक न उनको ऐसे देखा न सुना ….अचानक से यह सब आखिर यह सब हुआ कैसे ??”

मनु “ रिया बहार से तुमने इतना सब समझया पैर जब खुद पैर आयी तोह खुद तुमको यकीं नहीं हुआ की ऐसा कैसे ?? यहीं दुनिआ का नियम है आग में हाथ सेकना बहार वालों का काम है आग किसी और के घर की हो तोह …लोग मज़े से हाथ सकते हैं …जैसे थोड़ी देर पहले तुमने मुझे इतना सब लिबरल वे में आसानी से कह दिया की इन्सेस्ट तोह आम बात hai..per जब पता चला की यह आग बहार की नहीं तुम्हारे घर की है …तोह लास्ट में तुम भी सोच में पद गयी न ..यह सब जो भी है अब फैसला तुम पैर है तुम जो भी सही समझो मुझे बतादेना मैं तुम्हारे साथ हूँ..”

मनु रिया को अपने सीने में दबाये पड़ा था रिया की सुच में बोलती बंद हो चुकी थी राज के कांड पैर …

मनु “ रिया सॉरी तुमको यह सब बताना पड़ा ..अब तुम मनो या न मनो पैर अब मैं नीता माँ के साथ इस घर से जुड़ चूका हूँ ..बाद में पता चलने से ाचा है तुमको पहले से बता दूँ इसमें मेरे मीन्स इतना है एटलीस्ट बाद में जो भी हो उसको लेकर तुम शॉक न हो ..और फॅमिली को देख सको सही तरह से …बाकी जो भी तुम्हारा फैसला है मैं साथ हूँ …”

रिया सोच में गम यह भी भूल चुकी थी की मनु बेचारा अभी तक खड़ा लोढ़ा लिए पड़ा था …मनु का जहाँ रिया को सोच में देखकर मूड ऑफ हो चूका था ..वहीँ खड़ा लोढ़ा भी उसको तंग कर रहा था …

तभी रिया के दूर पैर किसी ने नॉक किया …जिससे रिया शॉक से बहार आयी उसने मनु और खुद को नंगा पाया …तोह डर गयी रिया ..

बहार से आवाज़ आयी “ रिया क्या कर रही है ???”

रिया तब तक बहाना सोच चुकी थी ..उसने मनु को देखा और उसको दूर के पास जाने को कहा …

मनु भी रिया की बात मानते हुए दूर के पास आ गया …

रिया ने मनु को उसके कपडे दिए और नंगे hi दूर खोला …पैर दूर के साइड में होकर बहार सर निकला ..उसका जिस्म दूर के पीछे था पूरा का पूरा नंगा …

रिया मुँह बहार करते हुए “ हाँ मम्मी बोलो ..क्या हुआ ??”

सुमन ने रिया को ऐसे अजीब तरह से सर बहार करते देखा तोह रिया को बड़े धयान से देखा “ रिया यह क्या तरीका है ??? तू ऐसे अजीब तरह से क्यों बात कर रही है ??? और तेरे चेहरे पैर यह लाल से निशान क्यों हैं ?? ऐसा लग रहा है जैसे की तेरा मुँह किसी ने बंधा हो ???? खोल दरवाज़ा मुझे अंदर आने दे …”

रिया धीरे से बोली “ मम्मी आप धीरे बोलो न हमारे घर में मेहमान हैं ..क्या सोचेंगे हु ?? और आप से ऐसे बात इसलिए कर रही हूँ क्युकी मैंने कोई कपडा नहीं पहना है …”

सुमन “ क्यों नहीं पहना है ??? कर क्या रही है तू बिना कपडे के ???”

अब रिया थी लड़की सो लडकियां यहाँ एक प्लस पॉइंट रखती हैं हु है लड़कों का उसकी माँ के साथ ताल मेल ..लड़कियां अपनी माँ से अपने जिस्म अपने पीरियड की बातें आराम से कर सकती हैं ..और माँ भी उनकी हेल्प करती हैं इसमें …जबकि लड़के इस चीज़ में बड़े बदनसीब होते हैं ..हाँ भाई बाद नसीब क्युकी एक लड़का कितना भी दर्द में हो या उसको झांटे कटनी हो ऐसे में हु अगर बाप से हेल्प मांगे तोह समझ लो घर में उसका दाना पानी बंद और इज़्ज़त की अचे से लग गयी …जहाँ लड़कियां छोटी से छोटी बात भी माँ से कह सकती है ..वहीँ लड़के की अगर लुल्ली भी ज़िप में फांसी तोह समझलो डॉक्टर के पास जाना पक्का तोह है hi उसपर ज़िन्दगी भर का उसी की फॅमिली में इसी चीज़ को लेकर मज़ाक बन जाता है …लड़कियों को अछि किस्मत के लिए बेस्ट ऑफ़ लक और लड़को को भाई इतना कहूंगा ..भाई हिम्मत रखो ..क्युकी मर्द का दर्द मर्द hi समझता है …शामे हेरे बॉयज …

खैर रिया सुमन से धीरे से “ मम्मी बिना कपडे के इसलिए हूँ की पीरियड शुरू हो सकते हैं सो पद के लिए तयारी कर रही थी बाथरूम में आपने उसी टाइम दूर बजा दिया मजबूरी में ऐसे आने पड़ा और क्युकी आपको पता है पीरियड में कभी कभी दर्द होता है और पेट में दर्द से तंग आकर मैंने अपना मुँह बांध लिया था यह निशान उसी के हैं ..”

सुमन चैन की सांस लेती है ..जबकि मनु को पीछे से मस्ती सूझती है हु रिया की छूट पैर लोढ़ा लगा देता है …सुमन कुछ बोलती है उससे पहले रिया की छूट में मनु लोढ़ा पेल देता है …और हलके हलके चुदाई करने लगता जिससे रिया के पेअर और जिस्म न चाहते हुए भी कम्पनी लगता है ..

रिया को हिलते देखकर सुमन “ ऐसे क्यों हिल रही है तू ???”

रिया चिढ़कर क्युकी चुदाई के टाइम उसको बात करनी पद रही थी ..”मम्मी आप का दिमाग आज है कहाँ मैं नंगी हूँ ..और निचे फर्श ठंडा है ..अंदर पंखा चल रहा है ठण्ड लग रही है ..और आपको यहाँ इन्क्वायरी की पड़ी है ..आपको काम क्या है हु कहो जल्दी से यह मत भूलो सामने के रूम में मेरी आगे का hi लड़का रह रहा है उसके सामने ऐसे कड़ी रहूं मैं …”

सुमन “ रिया तू ज्यादा नहीं बोलने लगी है हु लड़का तेरा भाई है …पैर तू कह सही रही है वैसे तेरी फ्रेंड का कॉल आया था बोल रही थी की तुझे उसके घर भेज दूँ उसने मस्सगे भी किया था ..पैर तू कॉल नहीं उठा रही थी …ाचा तू ज्यादा बड़बड़ मत कर और दरवाज़ा बंद कर ले मैं जा रही हूँ राज के साथ जाना ज़माना ख़राब है भाई साथ में रहेगा तोह ाचा है चल बंद कर दरवाज़ा …”

सुमन चली गयी बडबडते हुए “ पापा की पारी को माँ की हर बात बुरी लगती है देखो तोह कितनी सी लड़की मुझे समझा रही है …आजकल के बचे भी न ..”

सुमन के जाते hi रिया ने जल्दी से दूर बंद किया क्युकी पीछे से मनु के लोडे से छूट में पानी निकलने लगा था …

रिया वहीँ घोड़ी सी बन गयी गेट पैर …मनु पीछे से छोड़ रहा था रिया को …

रिया पीछे मुड़कर “ देखा मेरी मम्मी कितनी अछि है मेरे भैया को साथ भेज रही है ..जो खुद अपनी माँ की लेने की सोच रहा है ..”

मनु “ रिया तुमने यह कैसे सोचा ??”

रिया “ सोचना क्या है …अब कोई अपना लैंड किसी के गेट पैर सिर्फ मथने के लिए हिलने वाला नहीं है ..और तुम पैर तोह अपनी जान से ज्यादा भरोसा है ..”

मनु “ इतना भी मत भरोसा करो इस गैर पैर कहीं तुमको घर से बेघर न कर दूँ ..”

रिया हँसते हुए ..” अगर रिया को घर या जायदाद की इतनी चिंता होती तोह तुमको कोरे कागज़ पैर सिग्न करके न देती ..वैसे भी तन मन और धन तोह तुमको पहले hi सौंप चुकी हूँ ..अब मुझे घर से बेघर करो या रोड पैर ले आओ मर्ज़ी तुम्हारी ..रिया को वहां भी कोई दिक्कत नहीं है …क्युकी मुझे पता है की तुम मुझे कमसे काम रोड पैर रहने नहीं डोज ..जिम्मेदारी हूँ मैं तुम्हारे हिसाब से याद है न ..”

मनु ने छोड़ते हुए रिया की चुकी पीछे से पकड़ ली ..” हाँ अचे से पता है जिम्मेदारी नहीं समझता तोह शायद तुम्हारे भाई का यह सब कांड तुमको मरते दम तक नहीं बताता …पैर बात अब भी वहीँ है तुम्हारा क्या फैसला है इस पैर ??”

रिया “ फैसला करना क्या है ..दोनों की अपनी लाइफ है दोनों कोई बचे तोह नहीं हैं ..जो करंगे उसका असर पुरे घर पैर पड़ना तय है …पैर इतना ज़रूर सोचा है ..की जब भय …सॉरी भाई की नज़र पैदा करने वाली माँ पैर ख़राब है तोह हो सकता है बहिन पैर भी हो जाये …सो पहले मैं उसकी सोच को सही तरह से देखना चाहती हूँ ..बाकी आप तोह हो hi साथ में और आप हो यही मेरे लिए काफी है ..”

रिया की बात सुनकर मनु कुछ बोलता उससे पहले hi रिया ने घोड़ी बने कीहोल के बहार देखा तोह मनु को रुकने को कहा ..मनु रुक गया ..

किसी के दूर खोलने की आवाज़ आयी और कोई निचे गया ..

रिया वहां से अलग हो चुकी थी ..मनु को बोली “ सॉरी अब आपको जाना होगा जस निचे गयी है हो सकता है हु वापसी में आपके रूम में आये काम के लिए सो ..सॉरी की आपको ऐसे भेजना पद रहा है ..आपसे ज्यादा मुझे बुरा लग रहा आपके लिए आज …”

मनु बेचारा आज खड़ा लोढ़ा लिए परेशान था …उसका पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था …

मनु को अब सुमन पैर गुस्सा आ रहा था की हु अगर नहीं आती तोह रिया के साथ हु अपना काम कर चूका होता ..पैर ऐसा हुआ नहीं …रिया अपने कपडे पहन कर निकल चुकी थी राज ..को सुमन ने जबरदस्र्ती उसके साथ भेज दिया था… राज भी सुमन के चक्कर में जाने के मूड में नहीं था ..पैर क्युकी उसको अपनी इमेज और अछि करनी थी अपनी माँ के करीब आने के लिए सो सुमन के कहने भर से चला गया ..जबकि रिया पहली बार लाइफ में अपने सेज भाई को साफ़ साफ़ अपनी सगी माँ को ताड़ते हुए देख रही थी ..मनु की बात पैर उसका रहा सहा डाउट भी उसका साफ़ हो चूका था ..क्युकी जाते टाइम रिया से ज्यादा राज सुमन पैर ध्यान दे रहा था उसकी नज़रें सुमन के जिस्म के कसवां पैर तिकी हुई थी …सुमन ने बेशक धयान नहीं दिया था राज पैर …..पैर आज रिया ने अचे से राज की नज़रों को नोटिस किया ..

पैर जैसे राज उसके साथ गया …मनु अब यहाँ अकेला मर्द बचा था ..मर्द भी हु जिसका पानी आज निकला नहीं था …राज और सुमन के कांड के बाद रिया से अधूरी चुदाई ..मतलब मनु की जगह कोई और होता तोह सिद्ध मुठ मरता पैर यहाँ मनु थोड़ा अलग था ..मुठ मरना मतलब लोडे को सजा देना ..जो उसके हिसाब से मर्द का सबसे बड़ा दर्द था ..और मनु यहाँ इस दर्द से बचता था …

खैर सुमन पैर उसका गुस्सा अभी बहुत tha..per रात में अँधेरे में चुदाई और दिन में सबके सामने चुदाई हु भी सुमन के साथ …यह ख्याल नार्मल लोग सोचते तोह शायद सोचते hi ख्याल से तौबा कर लेते ..पैर यहाँ मनु एक तरफ यहाँ आया hi सुमन और जगन से बदले के लिए था …और जब दुश्मन के घर में hi घुस गए तोह छूट मरने में क्या सोचना ..और वैसे भी छूट तोह कल रात से hi मनु को बुला रही थी ….पैर यहाँ मनु ने छूट को hi बुला लिया …

सो मनु ने फटाफट अपने लैपटॉप को ों किया और साइट ओपन की जिसमे उसने एक फेक ईद बनाई और उस साइट से उसने सुमन को मस्सगे किया …नंबर उसने रिया के मोबाइल से ले लिया था …जब हु रिया के माथे पैर उस दिन चूमकर गया था …

खैर मनु ने उस मस्सगे में उसने लिखा था “है डार्लिंग कैसी हो कल रात का याद है तुम्हारा राजा हूँ ..अगर रात में ाचा लगा तोह अपने चाट पैर बने स्टोर रूम में आ जाओ ..और हाँ आने से पहले आँखों पैर पति बांधकर आना …रात की ख़ुशी दिन में मिल सकती है ..बाकी मर्ज़ी तुम्हारी है ..आयी तोह ठीक वर्ण एक सपना समझ कर भूल जाना ..हाँ यह मत सोचना की रात में तुम्हारे बैडरूम में कैसे आया ..क्युकी जो बैडरूम में आ सकता है हु छत्त के स्टोररूम में तोह आराम से आ hi सकता है ..मस्सगे मिलने के 10 मिनट तक वेट करूँगा …आयी तुम तोह ठीक वर्ण आज के बाद तुमको तंग नहीं करूँगा ..क्युकी मुझे अचे से पता है की तुम घर पैर अकेली हो ..तुम्हारा राजा …”

मस्सगे भेज ने के बाद मनु ने अपने सबसे सिंपल पलाइन कपडे पहने ..सिंपल मीन्स वाइट plain(without डिज़ाइन और चेक्स ) शर्ट पहनी और एक पलाइन ब्लैक पेण्ट ..शूज ब्लैक और मास्क जो देहरादून में उसने लिए था अब तक उसके साथ hi थे सो उसको भी पहन लिया उसने क्युकी सुमन पैर भरोसा करना मतलब कुल्हाड़ी पे पेअर नहीं सर मरना ..सो मनु अपने हिसाब से रेडी हुआ और छत्त पैर गया ..यह स्टोर रूम उसने कल रात घर पैर बात करते टाइम देखा था …स्टोर रूम में सबसे बड़ी बात एक दम जगह सही थी ..दूर के सामने hi सामान की लेयर थी जिसके सामने से देखकर कोई है वहां या नहीं यह कहना मुश्किल था ..और अंडर की तरफ एक गद्दा जो शायद पुराण ुसेड होगा खड़ा किया हुआ था …और निचे कोई खाट लायक जगह होगी …अब स्टोर रूम में इतना सामान होने की वजह से और सामने से सामान होने के वजह से अंधरे जैसा फील होता था हाँ थोड़े बहुत उजाले को आप मन नहीं कर सकते दिन में चाहे कितना भी अँधेरा हो पैर दूर के निचे या साइड से और विंडो से थोड़ा बहुत उजाला आता hi है ..जिसको आप पूरा अँधेरा नहीं कह सकते सो मनु ने पहले hi मास्क पहना हुआ था ….

अब क्युकी मनु ऐसे में भी रिस्क लेना नहीं चाहता था सो उसके बिज़नेस मन वाले दिमाग ने सोचना शुरू किया उसके चेहरे पैर सोचते hi एक स्माइल आ गयी ..उसने अपने बैग से कुछ सामान लिया और निकल गया उप्पेर छत्त पैर स्टोर रूम में …

वहां मनु ने रजिनि के साथ जब चुदाई की थी ठु तब जो कैमरा उसे किये थे हु वहां फिक्स कर दिए और जगह को थोड़ा चुदाई के हिसाब से एडजस्ट किया और उस गद्दे को वहां बिछा दिया …और अपने साथ लाया सामान वहां अचे से फिट कर दिया और वेट करने लगा सुमन का …

सुमन निचे रूम में टीवी देख रही थी ..अपने वहां उसका मोबाइल उसी के पास पड़ा हुआ था जब मस्सगे आया मनु का तोह उसका चुदाई के लिए मैं मचल गया ..रात की चुदाई से hi हु मनु की फैन हो गयी थी ..और दिन में अचे से चुदाई का खुलकर मज़्ज़ा मिले तोह सुमन को क्या प्रॉब्लम और उसपर अपने hi घर में चुदाई मतलब बहार भी नहीं जाना ..सुमन फ़ौरन टीवी बंद कर देती है और चुदाई के लिए अचे से त्यार होती है ..

सुमन अपने बाथरूम में तेज़ी से नहाती है और अपनी छूट पैर अचे से पेर्फुमेद बॉडी आयल की मस्सगे करती hai..or अचे से परफ्यूम लगा कर त्यार होकर उप्पेर चली जाती है.. अब क्युकी घर में सिर्फ नीता और जस थे सो उनको हु बहार पड़ोस में जाने का बोल देती है ..और चुप चाप छत्त पैर चली जाती है ….

मनु वहां कोई 10 मिनट से वेट कर रहा था सुमन के आने की आहात हुई तोह उसने फुल फेस मास्क पहन लिया अपने कामर्स की रिकॉर्डिंग को शुरू कर दिया ..और दूर खोला …सुमन सामान एक नार्मल सी साडी में महकती हुई मुस्कुराते हुए कड़ी थी …

सुमन ने जी भर कर मनु को देखा उसका कद काठी जो रात में नहीं दिखा था अब उसने अचे से देखा ..

मनु का चेहरा बेशक कवर था पैर बॉडी को कपड़ों के बहार से hi देखकर उसका दिल खुश हो चूका था ..

मनु ने सुमन को देखा तोह समझ गया की यहाँ मुस्कुराते हुए सुमन चुदाई के लिए रेडी होकर आयी है …सो मनु ने सुमन को रास्ता दिया ..सुमन भी अंदर आयी तोह मनु ने दूर को बंद कर दिया ..और सुमन को गाड़े की तरफ चलने का इशारा किया …

सुमन की छूट ने तोह चुदाई के नाम से hi पानी बहाना शुरू कर दिया था ..और यहाँ जब से उसने मनु को देखा था ..उसकी गले से उसका कलर दिख रहा था ..शर्ट के उप्पेर से भी उसकी वेल बिल्ड दिख रही थी ..उसको देखकर सुमन की छूट तोह और गीली हो गयी थी …सुमन शरमाते हुए गद्दे को देखकर उसपर बेथ गयी ..

मनु सुमन के पास आकर खड़ा हो गया …

सुमन शरमाते हुए “ देखो राजा मैं आ गयी तुमने कहा था न 15 मिनट तोह मैं नाहा धोकर आयी हूँ ..सिर्फ तुम्हारे लिए ..”

मनु ने निचे उस गद्दे पैर बिना बोले सुमन को धीरे से लिटा दिया और उसके कपडे निकल दिए …सुमन ने भी उसको रोका नहीं ..सुमन मनु की हर हरकत को एन्जॉय कर रही थी…

मनु उसकी साडी को उप्पेर किया और उसके पेटीकोट को भी उप्पेर किया तोह हैरत में पद गया ,,,क्युकी चुदाई के लिए सुमन ने पंतय नहीं पहनी थी ….मनु ने सुमन को देखा तोह सुमन शर्माने लगी …

मनु ने ज्यादा देर न करते हुए सुमन की छूट पैर मुँह लगा दिया ..फेस मास्क याद है न ववे में रे मिस्त्रिओ जैसा …जिसमे आखें स्पाइडर मन जैसे कवर थीं पैर मुँह का होल खुला था ..सो उस होल से मनु उसकी छूट चाटने लगा ..सुमन मज़े में सिसकी भर्ती है ..”आह्ह्ह्ह! मेरे राजा यही तोह ज़िन्दगी में मिला नहीं जिसके लिए तुम मिले हो आह्ह्ह्हह! ऐसे hi ऊऊह्ह्ह!”

मनु छूट पैर मुँह लगा कर चुस्त रहा उसने उप्पेर हाथ ले जाकर सुमन के चूचियों को मसलना शुरू कर दिया सुमन को अब मज़्ज़ा डबल मिल रहा था ..

सुमन “ आह्हः! ओह्ह्ह्ह!! Iuiiiiiiiiii! ओफ्फफ्फ्फ़!! है राजा तुहरे हठहठ में सुच में जादू है ोुह्ह्ह्ह!”

सुमन चूचियां मसलवा रही थी ..मनु एक हाथ से चुकी और मुँह से छूट पैर लगा हुआ था …

सुमन मज़े के नशे में चूर थी …सुमन ने खुद hi अपना ब्लाउज खोल दिया था ..और शामे अंडर ब्रा नहीं थी …अब मनु ने उसकी चूचियां बदल बदल कर kas-kas कर दबाना शुरू कर दिया …

सुमन हवा में उड़ने लगी थी …सुमन के लिए फोरप्ले का मज़्ज़ा नशे से भरा हुआ था …

मनु ने सुमन को अचे से चूसा सुमन उसकी चूसै की आगे जल्दी से झड़ने वाली थी …सुमन के झड़ने का पता लगते hi मनु ने मुँह हटा लिया छूट से मुँह हट्टे hi सुमन नशे के आसमान से ज़मीन पैर आ चुकी थी …मनु को उसने देखा …और कहा “ क्या हुआ राजा ऐसे क्यों उठ गए ???”

मनु ने कुछ नहीं कहा …उठकर बहार की तरफ चलने लगा ..

सुमन “ क्या हुआ राजा मुझसे कोई गलती हुई क्या देखो तुमने मुझे बुलाया और मैं दौड़ी चली आयी ..अब तुम मुझे छोड़ लो न प्लीज …मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करने को त्यार हूँ रात जो तुमने चुदाई की उसके बाद सुमन तुम्हारी गुलाम बन गयी है ..दो बच्चों की माँ को भी तुमने अपना गुलाम बना लिया hai..or क्या चाहिए तुम्हें मुझे एक बार कहो तोह ..मुझे अपनी गुलाम को छोड़ो न देखो मैं इस जिस्म की आग में जल रही हूँ ..तुम जो कहोगे मैं करुँगी …अब बर्दास्त नहीं होता राजा आओ न प्लीज ..”

मनु बहार की साइड गया और कुछ ढूंढने लगा और जब वापस आया तोह उसके हाथ में stamp-paper थे ..

जो उसने सुमन के पास आकर उसको दे दिए ..

सुमन हैरत में “ इनका क्या करूँ राजा तुम क्या चाहते हो एक बार कहो तोह ???”

मनु ने जेब से पेन निकला और उसको दिया और सिग्न की जगह इशारा किया …सुमन समझ गयी की मनु क्या चाहता है …वैसे सुमन जैसी औरत मर भी जाती पैर कोरे कागज़ पैर सिग्न नहीं करती ..पैर चुदाई …..है रे चुदाई का नशा …दोस्तों …सुमन का दिमाग इस टाइम चुदाई में लगा हुआ था …सुमन को अधूरा तड़पना मनु के hi प्लान का हिस्सा था ..क्युकी चुदाई के बाद अगर मनु यह पेपर सुमन को देता तोह शायद सुमन होश में मन कर देती ..पैर छूट की आग और रात की चुदाई के आगे सुमन का दिमाग सुन्न हो चूका था …सो उसने बिना देर करते हुए उनपर सिग्न कर दिया और कागज़ वापस मनु को दे दिए …

मनु ने उन कागज़ और सुमन के सिग्न को अचे से देखा …

सुमन” राजा तुम्हारी एक चुदाई ने तुम्हारा दीवाना बना दिया है ..मेरे पास है hi क्या तुमको देने के लिए सिग्न तोह छोटी सी चीज़ है जान भी मांगते तोह सुमन अभी तुम्हारे लिए हु भी दे देती ..अब तोह अपनी गुलाम को छोड़ डालो देखो तड़प सही नहीं जाती ..आओ न “

मनु ने उन कागज़ को अचे से रखा ..और सुमन के पास वापस गया ..

सुमन “ राजा तुम सोच रहे होंगे मैं इतनी आसानी से सिग्न कर दिया सोचा होगा की मैं कोई ड्रामा करुँगी सो तुम गलत हो …मैं अपने इतने साल की ज़िन्दगी में पहली बार खुलकर चुदाई का मज़्ज़ा लिया है इससे पहले मेरी फ्रेंड्स जब कहती थी तोह मैं इंकार कर देती थी ..पैर पहली बार मैं hi तुमने सुमन को खरीद लिया है …तुम चाहे जो करो इस सिग्न का पैर अब अपनी सुमन को अचे से छोड़ दो ..”

मनु ने अब देर न करते हुए सुमन की छूट पैर एक बार फिर मुँह लगाना चाहा ..तोह सुमन ने उसको रोका और खड़े होकर अपने सारे कपडे उत्तर दिए ..और बोली “ मैं घर पैर निचे पड़ोस में जाने का बहाना करके आयी हूँ कपडे मुझे पता है तुम्हारी चुदाई के बाद पक्का वैसे नहीं रहने वाले सो इनको उत्तर देना ज्यादा सही है ..अब शुरू कर सकते हो तुम ..”

मनु ने उसके कपडे उतरते hi सुमन के होटों को चूमना शुरू कर दिया ..सुमन भी उसका साथ अचे से दे रही थी…

मनु ने उसको स्मूच करना शुरू कर दिया सुमन भी उसको एन्जॉय करने लगी ..मनु स्मूच करते हुए ..सुमन के चूचियों को कॉकस कर भिचने लगा …

जिससे सुमन का हाल बदल गया …सुमन को जहाँ मनु के चुकी भींचने से दर्द महसूस हो रहा था वहीँ ..उसको मज़्ज़ा भी आ रहा था …की मनु ने एक हाथ निचे ले जाकर सुमन की छूट की लकीर को घिसना शुरू कर दिया ..

सुमन का हाल मुँह में स्मूच से चुकी को भींचने से छूट को घिसने से समझ जाओ बस …क्या रहा होगा …एक इंसान सुमन को अचे से मज़्ज़ा दे रहा था ..सुमन भी खड़े खड़े मज़े के नशे में चूर थी ..

उसके हाथ मनु के सर पैर आ चुके थे ..पैर मनु ने उसके हाथों को अपने सर से हटा दिया ..सुमन ने नशे में कुछ नहीं कहा …

मनु ने अब सुमन को गद्दे पैर लिटा दिया ..और सुमन को देखने लगा …

सुमन ने शर्माने की कोई कोशिश भी नहीं की …उल्टा लेते हुए सुमन ने अपनी टंगे पूरी खोल ली ..सुमन की छूट साफ़ साफ़ दिख रही थी ..रात को मनु ने देखा नहीं ..पैर रिया की छूट और सुमन की छूट में जमीं आसमान का अंतर था …जहाँ रिया की छूट का कुँवारापन तोड़ने वाला मनु था ..वहीँ सुमन दो बच्चों जवान बच्चों की माँ थी ..सो छूट भी उस हिसाब से थी ..जहाँ रिया की छूट गोरी चिति और अंदर से लाल सुराख़ थी ..वहीँ सुमन की छूट हलकी सी रिया से काम गोरी थी ..और अंदर से वैसे hi लाल सुराख़ थी …जहाँ रिया की छूट कैद वो होंठ मनु के छोड़ने के बाद hi खुले थे ..वहीँ सुमन की छूट के होठों से उसकी खाल बहार एक पुट्ठी की तरह निकली हुई थी …मनु बड़े धयान से सुमन की छूट देख रहा था ..सुमन मनु के देखने से छूट में पानी महसूस कर सकती थी ..उसकी छूट में मनु के देखने से एक अलग सी संसंहत फेल रही थी …

मनु को देखते हुए सुमन दे देखा तोह कहा “ मेरे राजा …अब ऐसे कब तक देखते hi रहोगे ..आओ अब छोड़ो भी अपनी सुमन ममी को मेरे राजा मनु …”

मनु हैरत से भर गया …की सुमन को उस पैर शक कैसे हुआ ..

सुमन मुस्कुराकर बोली ..” तुम सोच रहे हो न की तुम मनु हो यह मैं कैसे जानती हूँ ..और जानती हूँ भी तोह तुमसे कुछ कहा क्यों नहीं यही न ..??”

मनु समझ चूका था अब इस मास्क का कोई फ़ायदा नहीं है सुमन की तेज़ी खोपड़ी के सामने इस मास्क का होना या न होना बेकार है तोह उसने मास्क हटा दिया …

सुमन को ज्यादा हैरत नहीं हुई .क्युकी हु पहले hi कह चुकी थी ..

मनु ..” पैर ममी आपको यह सब पता कैसे चला की मैं कल रात आपको ..और जब पता था तोह आप यहाँ आयी hi क्यों ????”

सुमन गद्दे से उठते हुए ..” क्युकी कल रात को इस घर के हर इंसान को मैंने खुद नींद की गोली देकर सुला दिया था ..बस तुम वहां नहीं थे ..और आज तक कोई ऐसा वाकया नहीं हुआ यहाँ तुम्हारे आने से पहले ..और तुम जबसे आये हो और जैसा तुम्हारा कद काठी है रात को hi मैंने चुदाई में महसूस कर लिया था की मुझे छोड़ने वाला मर्द कोई जवान और तगड़ा मर्द है ..”

मनु “ पैर घर में तब राज भी था …उस पैर शक क्यों नहीं गया आपका ??”

सुमन “ राज हाहहहहह! पागल हो गए हो क्या ..उसको मैंने खुद अपने हाथों से दूध पिलाया था नींद का सो उसके होने का सवाल hi नहीं होता ..और जगन रात को आया नहीं पैर तुम आ गए ..पैर जबसे तुमने मुझे छोड़ा है मैं तुम्हारी दीवानी हो गयी हूँ रात से हज़ारों बार सोच चुकी हूँ तुम्हारे बारे में ..की तुम कोण हो कहाँ होंगे और कैसे दिखते होंगे ??”

मनु “ मतलब आपको अभी तक मेरे बारे में शक नहीं था ..सो अब कैसे पता चला ..मुझ पैर hi शक करने की कोई ख़ास वजह ??”

सुमन मनु से लिपटते हुए “ रात को जैसे तुमने मुझे रोंडा उसके बाद तोह मैं तुम्हारी गुलाम hi बन गयी ..रात से सुबह तक कई बार सोचा ..पैर हर बार दर्द में भी तुमपे प्यार hi आया …वैसे सुबह तक अगर मैं चाहती तोह पुलिस कम्प्लेन कर देती ..पैर तुम्हारी गुलाम बन जाने के बाद सोचा कम्प्लेन करूँ तोह किस पैर ..जिसने जीने की नयी वजह देदी मुझे ..और वैसे भी मैं सुबह तक तुम पैर शक नहीं कर पायी थी ..पैर जब तुमने दिन में यहाँ मुझे बुलाया और जब मैंने तुम्हारी कद काठी देखि तोह समझ गयी की तुम मनु के शिव कोई और नहीं हो सकते …??”

मनु “ अगर मैं न होकर राज होता तोह …???”

सुमन “ पागल हो क्या ?? राज में तुम्हारे जैसे न तोह डेरिंग है और न तुम्हारे जैसे कद काठी ..तुम 6” फ़ीट के हो जबकि राज तुमसे बड़ा होने के बाद भी 5’ 9’’ का और तुम्हारे बॉडी को देखकर और राज को देखकर hi अंतर साफ़ पता चलता है ..सो तुम्हारे कद काठी को देखा तोह मैं पूरी तरह सूरे हो गयी की तुम मनु hi हो ..क्युकी कोई और मेरे घर में मेरे बचे बहार हैं कैसे जानेगा सो मैं बस अँधेरे में एक तीर छोड़ा की तुम मनु हो ..और तुमने मास्क हटा भी दिया ..समझे मनु राजा ..”

मनु “ समझ गया ममी तुम जितनी लगती हो उससे ज्यादा चालक हो …गलती मेरी थी की मास्क हटाने में जल्दबाज़ी कर दी ..पैर ाचा है आगे से ऐसे उड़ते तीरों पैर रियेक्ट नहीं करूँगा ..ाचा सबक मिला है अपनी हॉट एंड सेक्सी गरम मामी से मुहहहआ! “ मनु ने सुमन को चुम लिया और उसकी छूट को एक हाथ से भींच दिया …

सुमन “ अह्ह्ह्ह! मनु अब देर मत करो …चुद तोह तुमसे रात hi चुकी हूँ ..पैर दिल तब से बेचैन है ..अब तोह तुम्हारा पता भी चल गया है ..तुम घर के hi हो यह सबसे ाचा है ..अब जब मैं करेगा तुम्हारी मामी तुम्हारे निचे टांगें खोल देगी ..तुमने ऐसा छोड़ा है इस उम्र में भी तुम्हरी चुदाई की गुलाम बन गयी हूँ ..जो चाहे करो पैर अब देर मत करो ..क्युकी तुम जल्दी से पानी नहीं निकलते और हो सकता है तब तक बचे आ जाएँ ..तोह देर मत करो अचे से छोड़ो अपनी सुमन को अपनी इस गुलाम को ..”

मनु यह सुनकर समझ चूका था बात तोह सही है ..क्युकी खड़ा लोढ़ा अभी तक जैसे तैसे उसने अपने पंत में दबा रखा था ..इतनी देर नोर्मल्ली इंसान का लोढ़ा खड़ा नहीं रहता पैर यहाँ शबनम की हु दवाई थी जिसके वजह से मनु बेचैन था …लोडे की वजह से ….

सुमन “ अब क्या सोच रहे हो नंगी औरत तुम्हारे सामने छोड़ने आयी है सोचते hi रहोगे या छोड़ोगे भी मुझे अब …देखो राजा बाबू अब रहा नहीं जा रहा कल से जो मीठा दर्द तुमने दिया है उसका आलम यह है की छूट तुम्हारे लैंड के लिए तड़प रही है ..अब सोचो मत करो ..”

सुमन ने कहते हुए मनु के शर्ट को खोलना शुरू कर दिया ..मनु भी उसको देख रहा था ..सुमन के चुकी को हलके हाथों से मनु मसल रहा था ..उसका लोढ़ा पंत में उसके अंडरवियर से भी बहार था …पैर पंत की ज़िप से भी उभार साफ़ साफ़ पता चल रहा था …

मनु को सुमन ने नंगा करना शुरू कर दिया और उसके पंत को शर्ट के बाद खोला …और हलबी लोढ़ा जो अंडरवियर से बहार था उसे देखते hi उसकी आँखें हैरत में पड़ी गयी हु निचे लोडे को पास से देखने लगी …उसने लोडे को अपने हाथ से चुकार देखा और कहा …” है यह सुच में असली है या कोई मज़ाक है ???”

मनु मुस्कुराते हुए “ममी बिल्किल असली है देख लो खुद hi …”

सुमन ने उसके अंडरवियर को झटके से उतार दिया मनु का लोढ़ा सुमन के आँखों के सामने था …सुमन के जस्ट मुँह के सामने खड़ा हुआ तना हुआ ..एक दम सिद्ध हल्का सा खुला सूपड़ा सुमन को मुँह चिड़ा रहा था …

सुमन हैरत से उसको देख रही थी मनु से बोली “ सुच में यह तोह पूरा लोहे जैसा है ..रात को तभी मैं कहूं मेरा दम कैसे सूखा दिया इसने देखो अभी भी मुझे मुँह चिढ़ा रहा है …पता नहीं कैसे रात को लिया था मैंने छूट में …पैर ाचा hi हुआ अगर इसको देख लेती तोह किसी भी कीमत पैर इसको लेती नहीं छूट में पैर अब देखो कैसे इसको को लेने के लिए अपने भांजे के सामने नंगी कड़ी हूँ …है यह तोह देखने में भी गोरा चिटा है …कहाँ मैं आजतक जगन के काले छुहारे से चुदती रही ..यह तोह लैंड नहीं लोढ़ा है …हु भी असली मर्द का ..”

मनु ने सुमन को लोडे की तारीफ करते हुए सुना पैर ज्यादा कुछ कहा नहीं ..पैर गोरा और साफ़ लोढ़ा देखकर सुमन के मुँह में पानी आ रहा था …

सुमन ने मनु को देखा और कहा “ राजा बाबू ..इसको चूमने का मैं कर रहा है ..”

मनु “ मामी आपके भांजे का है इतना कर hi सकती हो …”

सुमन “ लव ु राजा मेरे मर्द सुच में क्या लोढ़ा पाया है …तभी तुम्हारी गुलाम बन गयी ये उम्रदर्ज औरत ..”

सुमन ने लोडे को हलके से एक हाथ से पकड़ा और उसको हलके से दबाया ..लोडे ने कुछ बोंडे निकल दी पानी की …सुमन ने लोडे के पास मुँह ले जाकर उसको सुंघा ..उसको मरदाना खुशबू आयी ..सुमन ने उसके बाद हलके से मुँह खोला और लोडे के करीब जाकर उसके सुपडे को चूमा ..

चूमने से मनु को भी मज़्ज़ा आया ..पैर असली मज़ा सुमन को आया ..उसका मुँह अपने आपन चूमने के बाद खुला और उसने लोडे की खाल को पीछे किया ..जिससे लोडे का सूपड़ा पूरा खुल गया …अब सुमन ने देखा सूपड़ा पूरा गुलाबी था और उसको देखकर सुमन को अपने पैर कण्ट्रोल करना मुश्किल हो गया ..सो उसने आगे बढ़कर सुपडे को मुँह में लेना चाहा ..पैर साइज डिअर साइज यह जगन का लैंड नहीं मनु का हलबी लोढ़ा था …सो सुमन के मुँह में आधा hi जा सका …पैर सुमन उसको और अंदर लेने का लालच नहीं छोड़ प् रही थी ..

सुमन जहाँ लोडे को मुँह में ले रही थी निचे उसकी छूट भी लोडे के लिए सुमन को तंग कर रही थी ..छूट की पुकार एंटनी तेज़ थी की सुमन की छूट से पानी का लेसा छूटने लगा था …लिस लिसा पानी बांड बांड करके टपक रहा था सुमन की छूट से …

पैर सुमन का मुँह छूट से ज्यादा लालची था ..पैर छूट ने हार नहीं मानी और पानी का लेसा और ज्यादा निकलने लगा ..सुमन की छूट से …

मनु भी गरम मुँह में लोढ़ा दिए मज़े में था ..पैर चूसै उसको ज्यादा अछि नहीं लग रही थी सुमन की चूसै तोह शबनम की याद आ रही थी मनु को क्युकी शबनम का मुँह सुमन से ज्यादा खुलता था ..सुमन की आगे के हिसाब से शायद उसका मुँह काम खुलने लगा था या ..जगन के मुँह के हिसाब से hi उसका साइज था ..सो लोडे पैर कभी कभी सुमन के दांत लग जाते the…jisse मनु को हल्का सा दर्द और हल्का सा मज़्ज़ा मिलता था …क्युकी सुमन काम से काम दांत लगने की कोशिश में थी ..पैर मुँह का ज्यादा देर खोले रखना जब उसके बस में नहीं हुआ या छूट मुँह से जीत गयी तोह उसने मुँह से सुपडे को निकल दिया …और कड़ी हो गयी ..

मनु ने साफ़ साफ़ देखा सुमन की छूट से पानी का लिस लिस्सापन उसके खड़े होने से रुका नहीं बल्कि उसकी जांघों को और अपने जड़ में लेने लगा …

सुमन ने मनु को उसकी छूट से निकलते पानी को देखते हुए देखा तोह कहा “ ऐसे क्या देख रहे हो इंसान भले hi झूंठ कह देता होगा ..पैर उसका जिस्म नहीं और मेरा जिस्म भी अब तुम्हारा गुलाम है ..अब देर मत करो .”

मनु ने भी सुमन को पीछे गिरा दिया गद्दे पैर सुमन के गद्दे पैर गिरते hi गद्दे से धुल हवा में फ़ैल गयी ..जिससे सुमन खांसने लगी ..

सुमन “ राजा बाबू थोड़ा तोह रेहम खाओ कहीं भागी नहीं जा रही देखो गद्दा कितना गन्दा है पूरा जिस्म धुल से भर गया …अब नहाना पड़ेगा मुझे ..”

मनु उसके उप्पेर आते हुए “ मामी तोह नहाना मन कोण करता है मैं तोह कहता हूँ दोनों साथ में नहाएंगे ..और मज़्ज़ा आएगा ..”

सुमन “ तोह नाहा लेना अब तोह तुम्हारी गुलाम हूँ जैसे चाहे वैसे रखो मुझे कोई दिक्कत नहीं है ओर घर पैर और भी लोग हैं जिनमे तुम्हारी माँ भी है सो मेरे राजा जरा ध्यान से ..बाकी जब कहोगे वहां त्यार हूँ पैर बाकी सबसे बचकर ज़रा ..”

मनु ने सुमन की छूट पैर हलके से लोढ़ा फिरना शुरू कर दिया …सुमन “ आह्ह्ह्ह! ओह्ह्ह्ह!” ऐसे लग रहा है लोहे का रोड फिर रहे हो ओह्ह्ह! “

मनु ने छूट के पानी से लोडे को सराबोर कर लिया …और छूट के छेद पैर लगा दिया और सुमन को देखने लगा …

सुमन समझ गयी की मनु परमिशन मांग रहा है जो जगन ने कभी नहीं मांगी थी ..यह सोचते hi उसका दिल मनु पैर फ़िदा और ज्यादा हो चूका था ..

सुमन ने लोडे को छूट के छेद में और घुसा दिया …अब मनु ने सुमन की छूट में लोढ़ा पे हल्का सा झटका दिया तोह सूपड़ा उसकी छूट में चला गया …

सुमन को मज़्ज़ा आया ..तोह मनु ने हल्का सा निकला और एक hi बार में पूरा लोढ़ा सुमन की छूट में थुश दिया ..

सुमन “ है थोड़ा आराम से नहीं कर सकते थे ..मैं ठीक इसलिए लग रही हूँ क्युकी पैन किलर ली है वर्ण खड़े होने के भी हाल नहीं हैं मेरे ऐसे में तुम थोड़ा तोह आराम से कर सकते हो ??”

मनु “ आराम से करना आप जैसे गर्दै मामी को पसंद नहीं है वर्ण आप मेरे पास क्यों आती ??”

इस बात पैर सुमन के मुँह से जवाब नहीं निकल ..बात सही भी थी …जिस दर्द और मज़े के लिए सुमन आयी थी उसमे …रेहम नहीं था …प्यार भरी चुदाई से सुमन जैसी औरत को क्या नया मिलता सो ..तभी तोह टंगे खोले पड़ी थी अपने मुंहबोले भांजे की आगे ..

मनु “ मुझे मेरा काम करने दो मामी ..माज़ा न आये तोह कहना …बाकी एन्जॉय करो …”

सुमन “ अब तुम्हारी hi हूँ राजा जैसे चाहो छोड़ो मुझे कोई नक्र या कोई ड्रामा नहीं करुँगी …”

मनु ने लोडे को पूरा निकला और कई बार पूरा एक hi बार में निकल कर अंदर पैर जड़ तक दाल दिया ..

सुमन को दर्द तोह होता पैर मज़्ज़ा भी अनोखा था ..सो सिसकी भरकर चुप रही बोली नहीं कुछ …

मनु ने सुमन की छूट में जब जगह बना ली अचे से फिर हुई उसकी चुदाई …और ऐसी वैसी चुदाई नहीं तूफानी चुदाई …

मनु के हर ढके पैर सुमन की चुकी ..पूरी की पूरी उप्पेर जाती पैर तेज़ी की वजह से बिच में hi निचे आ जाती ..और सुमन उसके मुँह से तोह “ िसिसस्सश्ठ !!! आह्ह्ह्हह!!! ओह्ह्ह्हह्ह!! हायययय! “ जैसे वर्ड hi निकल रहे थे …

मनु ने सुमन को अभी तेज़ी से छोड़ना शुरू कर दिया था ..और सुमन भी मनु के सीने पैर प्यार से हाथ फिर रही थी …

मनु ने कोई 10 मिनट सुमन को ऐसे तेज़ी से छोड़ा तोह सुमन अपन पानी रोक नहीं पायी …

और उसका पानी भलभलाता हुआ निकल गया ..

सुमन “ ोुह्ह्हह्ह!! राजा !! मैं गईइइइइइइ हाययययय!!!”

करते हुए सुमन ने पानी निकल दिया ..सुमन का ओर्गास्म इतना तेज़ था की छूट से उसके पानी के साथ उसका पिशाब भी आ गया …उसको कुछ सेकंड लगे नार्मल होने में ..

सो मनु ने जैसे hi सुमन को नार्मल देखा उसको घुमा दिया और उसके गांड पैर गिला लोढ़ा लगा दिया …और गांड में ठूसना शुरू कर दिया …

सुमन को रात जैसा दर्द नहीं हुआ पैर सूजन से लोढ़ा गया तोह उसका मुँह खुल गया ..

सुमन “ राजा थोड़ा आराम से …रंडी नहीं हूँ मामी हूँ तुम्हारी थोड़ा आराम से …”

पैर मनु ने उसके बात को अनदेखा कर दिया और उसके बोलते hi सुमन की छोटी पकड़ ली और गांड मरते हुए उसको खींचने लगा …सुमन को सर के बाल खींचने से दर्द तोह होता पैर मनु को गुस्सा नहीं दिलाना चाहती थी सो चुप रही हु ..

मनु भी उसकी लगाम थामे चुदाई करता रहा …कोई 4 मिनट बाद सुमन वापस गरम होने लगी थी ..और मनु भी छोटी खींचते हुए बोर हो गया था सो उसने सुमन के उप्पेर थोड़ा सा झुक कर उसकी छूट को सहलाना शुरू कर दिया ..सुमन के लिए अब मज़्ज़ा दुगना था ..

सो 15 मिनट में hi छूट सहलाने से पानी निकल गया उसका …मनु ने अब उसके झड़ने पैर रुकने का वेट नहीं kiya..suman को तुरंत hi घुमा दिया और गाड़े पैर पड़ी सुमन को अपनी तरफ खींचा और उसके पेअर हवा में उठा दिया …सुमन की छूट में लोढ़ा सिद्ध एक बार में hi पूरा संसंते हुए घुसा दिया …

सुमन की पानी बहती छूट में जब लोढ़ा गया तोह सुमन चिहुंक उठी पैर उसने मनु को रोका नहीं ..

मनु ने अब सुमन के दोनों पैरों को एक दूसरे के अपोजिट खोलना शुरू कर दिया और सुमन की झंघे पकड़ ली ..

और दाना दान चुदाई करने लगा ..सुमन भी उसके स्टैमिना की फैन थी ..पैर यहाँ उसके साथ किसी खिलोने जैसे खेल रहा था मनु ..

और सुमन भी मनु के हर तरीके में उसका साथ hi दे रही थी ..सुमन की झांघे चीरने से उसकी छूट और खुल गयी थी …जिसमे लोढ़ा उसको मज़े से छोड़ रहा था …

सुमन की हालत आप ऐसे समझ सकते हैं की छूट में झाग उठ रहे थे चुदाई से …

मनु ने 5 मिनट सुमन को वैसे छोड़ा फिर उसके पैरों को अपने कंधे पैर रख लिया और पूरा लोढ़ा निकल कर एक hi बार में थुश दिया और सुमन के चुकी तक उसके घुटने छुआ दिया जिससे उसकी चुकी उसी के घुटनो से दबने लगी थी ..और लोढ़ा भी पूरा जड़ तक जा रहा था सुमन के ..मनु ने 15 मिनट सुमन को ऐसे hi छोड़ा ….

सुमन का पानी 2 बार निकल चूका था और अब मनु भी झड़ने के करीब था ..सो उसके धक्के और तेज़्ज़ हो चुके थे ….

मनु “ मामी पानी निकलने वाला है कहाँ निकलना है ???”

सुमन “ ोुह्ह्ह!! आह्हः!! अंदर hi निकलना !!! जब रत नहीं पूछा तोह अब क्यों पूछ रहे हो उईईईमए ??”

मनु धक्के देते हुए “ तब मैं अँधेरे में छोड़ रहा था धोखे से पैर अब आपकी मर्ज़ी से छोड़ रहा हूँ सो पूछना जरूरी है …पता लगा भांजे से आप पेट से हो जाओ …”

सुमन “ आह्हः!! तुम पानी सिर्फ और सिर्फ छूट में hi निकलना आह्ह्ह्ह!! क्युकी सुमन अब तुम्हारी है …और अगर होती हूँ पेट से तोह हु मेरी परेशानी है तुम बस अपना पानी अंदर hi निकलना ..क्युकी यह पानी यहाँ वहां वास्ते करने के लिए नहीं है …ओह्ह्ह्ह!! है!! जब भी छूट में पानी गिरता है तुम्हारा दिल को कितना सुकून मिलता है तुमको क्या पता ??”

मनु “ पैर ममे से क्या कहोगी ??”

सुमन “ जगन से क्या कहना ??? उसको कह दूंगी नशे में उसका hi काम है …फिर कर क्या लेगा हु मेरा ..”

मनु “ इसका मतलब अब भी ममे की निचे टंगे खोलनी है …तब मुझे माफ़ करो मामी …”

सुमन “ नहीं नहीं बहार मत निकलना ..इस ज़िन्दगी में अपने बच्चों के बाद तुम hi तोह अनमोल तोहफा हो जो कुदरत ने मुझे दिया है ..जगन से वैसे भी कुछ नहीं होता ..सो तुम उसकी टेंशन भी मत लेना ..जब कुछ ऐसा वैसा हुआ भी तोह जगन को मैं खुद देख लुंगी ..पैर तुम मुझे मत छोड़ना ..मैं मर जाउंगी तुम्हारे बिना ..”

मनु “ मेरे बिना या मेरी चुदाई के बिना ???”

सुमन बड़े प्यार से मनु को देखती है और उसको अपने उप्पेर खींचकर उसको एक जोरदार किश करती है और कहती है …” तुम सुच में मेरे लिए क्या हो इसी बात से समझलो की अपने बच्चों की उम्र से छोटे ..अपने बेटे से भी छोटे तुम्हारे निचे पड़ी चुद रही हूँ ..सो मुझ पैर शक मत करना ..सुमन तुम्हारी है सिर्फ तुम्हारी रहेगी अब इस छूट में जगन का लैंड नहीं जायेगा और वही होगा जो तुम कहोगे …और कुछ ???”

मनु “ सोच लो कहीं मैं कुछ कर दूँ या पेट फुला दूँ मामी का तब ..”

सुमन “ तोह फुला दो न कोण रोक रहा है पैर एक बात ध्यान रखना तुम मेरे साथ चुदाई करते हो ..यह बात किसी को पता नहीं लगनी चाहिए ..न जगन न बच्चों को समझ रहे हो न ??”

मनु “ मतलब माँ को बता दूँ हहहहहह!”

सुमन “ देखो मनु एक बात धायण से सुन्ना ..नीता एक औरत है और उसका जिस्म भी चुदाई के लिए रात को तड़पता होगा ..सो हु मेरी मजबूरी समझती जाएगी ..वह तोह बेचारी इतने सालों से विद्वा है ..जगन कमीने ने आज तक उसकी कोई खैर खबर नहीं ली ..आज भी उसके चेहरे पैर ख़ुशी सिर्फ तुम्हारी वजह से है ..सो तुम चाहो तोह उसको कह दो ..ज्यादा से ज्यादा क्या होगा हु मुझे गिरी नज़र से देखेगी ..पैर मैं जब उसके भाई के बारे में बताउंगी तब हु अपने भाई से नफरत करेगी नफरत क्युकी जगन है hi ऐसा …दीखता कुछ है और करता कुछ है और दिखता कुछ और hi है …”

मनु ने इस बात पैर अचे से गौर किया चुदती सुमन के चेहरे पैर यह कहते हुए नफरत साफ़ साफ़ दिख रही थी …सो मनु ने कुछ कहा नहीं ..बल्कि धीरे होती चुदाई जो उसने बातों की वजह से धीमी कर दी थी ..

एक बार फिर तेज़ करदी और सुमन का पानी निकल गया ..

सुमन “ आह्ह्ह्हह!!! राजा मैं आईईईई ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!! इउउउउउमाहा!!!!! शःह्ह्ह्हहशषशषश!”

मनु भी अपने चरम पैर था सो रुका नहीं उसका भी कुछ ढको में पानी निकल गया जो उसने छूट में लोढ़ा ठूंसकर निकला …सुमन की कूख में पानी चुऊररररर!! तूउर्ड्र्र! करते हुए पड़ा तोह सुमन का ओर्गास्म मल्टीप्ल ओर्गास्म में बदल गया ..सुमन पैर मनु लढा हुआ था पूरा पानी सुमन की कूख में उतार दिया था मनु ने …

सुमन के झड़ने पैर उसकी आँखें बंद होने लगी थी …मज़े से सो मनु जब नार्मल हुआ तोह सुमन पैर से उठा गया ..लोढ़ा उसका झड़ने के बाद भी ेरेक्ट था …सुमन ने मनु को बड़े प्यार से देखा और सीधी लेती सुमन ने मनु को अपने उप्पेर खींच लिया …मनु का लोढ़ा उसके पेट पैर लगा तोह उसने निचे हाथ से देखा तोह लोढ़ा अभी भी हल्का हल्का खड़ा था …

मनु ने सुमन को अपने उप्पेर खींच लिया और सुमन के सर को अपने सीने पैर रख लिया सुमन भी उसके चोदे सीने पैर सर रखकर उसकी बॉडी को देख रही थी ..सुमन के हाथ चलने लगे मनु की चट्टी पैर …

मनु “ मामी मज़ा आया या नहीं ??”

सुमन निचे लेते हुए hi “ इस उम्र में भी तुमने निचोड़ डाला मुझे और कह रहे हो मज़्ज़ा आया या नहीं ???”

मनु हँसते हुए “ तोह एक बात पूछूं मामे का क्या सन है ??”

सुमन “ जगन का सन बहुत खतरनाक है अभी के लिए बस इतना समझ लो इस घर में हम सब जगन के दिमाग के आगे उसके मोहरें हैं जिसको जब चाहे जहाँ चाहे जगन उसे कर सकता है …और नीता भी यहाँ अपनी मर्ज़ी से आयी नहीं है उसको जगन ने यहाँ लाया है ..अपने हिसाब से …”

मनु यह सुनकर समझ गया ..जगन से आराम से निपटना पड़ेगा ..

सो उसने बात घूमते हुए कहा सुमन की गांड को मसलते हुए ..” तोह मामी फिर कब छूट मिलेगी ??”

सुमन उठते हुए मनु की आँखों में आखें डालती हो और उसके चेहरे को दोनों हाथों से थम लेती है ..और कहती है “ तुम्हारी गुलाम हूँ जहाँ चाहो जैसे चाहो छोड़ लेना मन नहीं करुँगी ..पैर मेरे बचे भी हैं सो उनके और जगन से बचकर जहाँ चाहे जैसे चाहे छूट में अपना लोढ़ा थुश देना मन नहीं करुँगी ..क्युकी सुमन ने ज़िन्दगी में पहली बार अपने बारे में तुमको माँगा है कुदरत से ..जानती हूँ मेरी उम्र तुम्हारे से बहुत ज्यादा है ..पैर जैसे मेरी जरूरत है वैसे तुम्हारी जरूरत भी है सो मन नहीं करुँगी ..क्युकी मेरे ज़िन्दगी के मज़े में अब तुम मेरे मालिक हो …जगन के नाम की बीवी हूँ अब तोह पैर हक़ तोह तुम्हारा ऐडा करुँगी ..सो ज़रा ध्यान रखना अपने और मेरे दोनों के रिश्ते का …”

मनु ने देखा सुमन की आँखों में सचाई थी ..पैर आसानी से किसी पैर यकीं करना मनु की फितरत नहीं थी …क्युकी यहाँ जिस काम के लिए हु आया था ..वह उसके आस पास hi आ रहा था ..

सो मनु ने सुमन को स्मूच किया ..और खड़ा हुआ सुमन के साथ और उसने सुमन के कपडे झाड़ कर उसको दिए ..

मनु “ मामी अब तुम जाओ जब मैं करे बता देना मैं देख लूंगा ..निचे आपका जाना जरूरी है मैं यहाँ सफाई करके आऊंगा ..आप निचे जाकर नाहा लेना ..अगर टाइम मिला तोह बाथरूम में ज्वाइन कर लूंगा क्या कहती हो ??”

सुमन “ जैसी तुम्हारी मर्ज़ी अगर दिल करे तोह आ जाना बाथरूम के दूर पैर तीन बार नॉक करना मैं वेट करतु हूँ ..निचे अगर बचे लेट आये तोह साथ में नाहा लेंगे …ठीहीहीहीही!”

सुमन कपडे पहन कर चली gayi…manu ने वहां से अपने हर सामान को लिया और वहां से उन कागज़ों को भी लेकर निकल गया निचे जिनपर सुमन ने सिग्न किया था …


निचे आया और अपने रूम में गया ..जस और नीता मम अपने रूम में hi थे ..और रिया और राज अभी तक नहीं आये थे ..मनु ने अपने उस सामान को साफल्य रखा और …कपडे चेंज करके अपने बीएड पैर सुमन और जगन के बारे में सोचने लगा …क्युकी सुमन ने उसको एक हिंट दी थी आज …अब आगे मनु ने जगन के हिसाब से सोचना शुरू कर दिया साथ में सुमन को भी अभी तक मनु शक से हटा नहीं पाया था … बाकी आसान यहाँ नज़र तोह मनु को भी नहीं आ रहा था …..मनु अब अपने दिमाग में एक नए प्लान के साथ रेडी था जिसमे जगन और सुमन के लिए ाचा तोह बिलकुल नहीं था ….क्युकी रिया और सुमन दोनों अब मन ऊके निचे आ चुकी थी .. अब आगे क्या होना है यह तोह वक़्त और किस्मत को hi पता होगा …….:हिंट:
 
थैंक्स भाई ...आपको पसंद आया म्हणत वसूल हुई ...



अब सबसे पहले तोह सॉरी भाई की आपको रिप्लाई नहीं दे पाया क्युकी थोड़ा उस टाइम बस्सी था प्रिय मित्र आपने हमे सज्जन कहा ...उसके लिए दिल से आपको धन्यवाद ...यह तोह आप जैसे सच्चे सज्जन की पहचान है ..जो आपने हमे सज्जन समझा ...मित्र यह तोह खुद सज्जन व्यक्ति की पेचान है जो एक सज्जन दूसरे इंसान को भी सज्जन सामान प्रेम और आदर प्रदान करता है ...सो मेरी नज़र में आप सम्मान योगय सज्जन हैं ....स्टोरी पैर आप रहे या नहीं यह आपका अपना मत है मित्र ..जब आपने हमे मित्र कहा तभी से हमने आपको मित्र मान भी लिया ..और आपने टाइम की बात की तोह मित्र विश्वाश रखना मित्र यह वह चीज़ है जिसको हम भी अचे से समझते हैं ...सो आपसे इस बारे में शिकायत नहीं कर सकता क्युकी खुद hi बस्सी चल रहा हूँ ...

पैर जब भी आपको टाइम मिले आप कहीं भी अपनी मजूदगी बता सकते हैं ...आपके यहाँ होने से सुच में आपके इस मित्र को बहुत ख़ुशी हुई ...उपपरवाले से प्रार्थना है आपको सवथ और प्रसन्ता के साथ ाचा भविषय और एकाग्र चित दें ...धन्यवाद मित्र ...

थैंक्स भाई ...

थैंक भाई ....

हाँ भाई आपने सही कहा दिमाग लगाती है और बहुत तगड़ा वह कैसे अगले अपडेट में आप समझ जाओगे भाई ..क्युकी सुमन ऐसे hi काम नहीं है ... बाकी आपके सपोर्ट और प्यार के लिए दिल से थैंक्स भाई ...

थैंक्स भाई ..पैर अभी इन्सेस्ट का सन जगन के यहाँ मनु को तंग कर रहा है ..उसने अभी इनको एक्सेप्ट नहीं किया है ...बाकी जगन के यहाँ ाचा तोह होने वाला नहीं है यह तय है ....

,, ...थैंक्स भाई ...

आपने सही कहा मैं खेल तोह यही है की मनु जगन & फॅमिली को नीता मम से दूर करे या उनको सेफ रखे ...और इसमें बन्दे ने अपना डाव आलरेडी चल दिया है ...बाकी देखना है क्या होता है ...??? पैर आपके प्यार और सपोर्ट के लिए दिल से थैंक्स ...

भाई सवाल ाचा है आपका की मनु को सुमन पैर भरोसा करना चाहिए या नहीं ???

वैसे आपका क्या कहना है ??? भाई

इस बारे में क्या सुमन पैर करना चाहिए मनु को भरोसा या नहीं ????

 
थैंक भाई आपको ाचा लगा यही असली तारीफ़ है भाई ....यही एक म्हणत की असल वसूली है भाई ...

की आपको पसंद आया ...यह लम्बा पैर पेचीदा अपडेट .....

आपको दिल से शुक्रिया भाई ...



पैर यहाँ भाई आज हम आज अपने और भाई लोगों की कमी महसूस हो रही है ...यह भाई लोग लगता है बस्सी हैं ..पैर कोई बात नहीं आपको मिस कर रहा हूँ भाई लोग ...जब भी टाइम मिले आ जाना स्टोरी पैर ....क्युकी आपके कमेंट को देखकर लिखने की नयी सोच मिलती है ..
 
थैंक्स भाई आपने इतना डिटेल में अपना व्यू दिया ...ाचा लगा देखकर की आप ाचा निगाह रखते हैं हर पॉइंट पैर आपके निगह रखने से हुको भी मज़्ज़ा आता है कुछ और ाचा लिखने का ...



आपने सही कहा की दिन में सुमन को थोक कर डेरिंग दिखाई ..पैर आपने शायद ध्यान दिया या नहीं की डेरिंग तोह उसकी बहुत पहले hi शुरू हो गयी थी ..जब उसने नीता मम और जस के साथ जगन के फॅमिली में पहला कदम रखा था ...आम टूर पैर लोग जान से मरने वाले से बचा करते हैं पैर यहाँ तोह डेरिंग आपने देखि hi की मनु न केवल खुद बल्कि जानते हुए की जगन & फॅमिली का असली टारगेट नीता है सबको साथ ले आया ...

बिना यह सोचे की यहाँ उसको या उसके साथ वळून को जगन & फॅमिली खाने में या सोते हुए hi लुढ़का दे ...

पैर जगन के hi घर में उसी के नाक के निचे मनु ने न सिर्फ उसकी पारी रिया को थोड़ा बल्कि सुमन पैर भी अपनी मोहर लगा दी ...

और जब आप इतना सोच रहे हैं तोह सोचिये मनु जो जान डाव पैर लगा कर वहां जस और नीता के साथ है ..उसने इस बारे में सोचा नहीं होगा ???

और सॉरी भाई आपने जब इन्सेस्ट का पूछा था तोह आलरेडी यह सब लिख चूका था ...सो अब इसे किस्मत कहो या वक़्त की टाइमिंग जब आपने पूछा तोह आलरेडी लिखा हुआ अपडेट पोस्ट कर दिया ...वैसे आपकी hi नहीं बहुत से लोगों के दिमाग में बहुत से सवाल होंगे स्टोरी के टैग देखकर ..की इतने टैग दिए हैं तोह स्टोरी में अभी तक आया क्यों नहीं ??

सो पहले hi स्टोरी शुरू करने से कहा था की जहाँ लिखूंगा पूरी ईमानदारी से लिखूंगा ..जिस करैक्टर का जब टाइम बनेगा वह साइलेंट नहीं रहेगा और जहाँ जो फीलिंग होगी उसको वैसा hi लिखने की कोशिश करूँगा ...



और आपके प्यार और सपोर्ट के लिए थैंक्स ...
 
थैंक्स भाई आपने खुलकर कहा ाचा लगा ...आपने सही कहा जगन और दिल्ली कुछ लम्बा hi हो रहा है ...पैर दो लाइन में यह सब ख़तम हो सकता है क्या ??? एक बहिन को उसी का सागा भाई मरने के लिए त्यार है ??

एक बीटा उसी बहिन को बचने के लिए डेरिंग के साथ जान हाथों में रखकर उसी के घर में उसी की जड़ों को तेज़ाब से भर रहा hai...or साथ में एक बीवी अपने पति से इतने साल बाद मुँह मोड रही है ...

एक बीटा उसी बीवी यानि अपनी माँ को देखकर हिल्ला रहा है ?? और यह सब एक दो लाइन में सिमट जाये भाई इतना इजी नहीं है ...मनु का दिल्ली आना और उसका जगन के यहाँ रहना एक बहुत बड़ा मेजर पॉइंट है ...

जो बहुत सोचकर लिखा है ..हाँ आपकी बात सही है एक हफ्ते की बात को पुरे महीने खींचने का मेरे भी कोई इरादा नहीं है ...सो बे कूल बीआरओ...

अब आते हैं आपके इन्सेस्ट वाले टॉपिक पैर ...

तोह भाई आपने कहा इन्सेस्ट स्टोरी नहीं है यह आपने टैग देखकर कहा या नहीं पता नहीं ..आम टूर पैर राइटर लिखने से पहले hi ज़ोन्स सोचकर उसी हिसाब से तय करता है ....की टैग क्या देना है और क्या नहीं ...यहाँ तोह अडुल्टेरी टैग इसलिए दिया था ..की सिर्फ इन्सेस्ट के नाम पैर hi बांधकर लिखना न पड़े ...लिखने में फ्रीडम हो सो अडुल्टेरी का टैग सोच समझ कर दिया था ...और अडुल्टेरी सेक्शन में क्या क्या होता है ..यह कहने की जरूरत नहीं है ...

मैंने कई जगह तोह इन्सेस्ट के नाम पैर अडुल्टेरी भी लिखा देखा है ...इन्सेस्ट का टैग बहुत से लोग सिर्फ आजकल धयान पाने के लिए देते हैं ..क्युकी सबसे ज्यादा इस टाइम इन्सेस्ट सेक्शन में hi ट्रैफिक है ...जबकि यहाँ ऐसा कुछ नहीं है ...कहने को तोह मोस्टली लोग कह देते हैं की मैं स्टोरी बंद कर रहा हूँ लिखे नहीं मिल रहे रिएक्शन नहीं मिल रहे इस लिए ...

पैर अपना हल जरा अलग है ..मुझे फालतू का ड्रामा करना नहीं ाचा लगता ..सो बे स्ट्रैट रहता हूँ ...कोई क्या कर रहा है इससे मुझे कुछ लेना नहीं है ...

आप इसमें मुझे गलत मत समझना ...भाई की आपको कोई नाराज़गी दिखा रहा हूँ या निचा दिखने के लिए कह रहा हूँ ...बुरा लगा हो तोह सॉरी भाई ...



पैर भाई आपने जिस प्यार और खुलेपन से कहा उसी खुलेपन से आपको बता रहा hun..ki जो स्टोरी के टैग हैं स्टोरी वही है ...बाकी आपने जो खुलकर कहा उसके लिए दिल से थैंक्स ...
 
थैंक्स भाई की आपने इतना प्यार और सपोर्ट किया ..उसके लिए दिल से आप सभी को थैंक्स ....



स्टोरी ने 200 पेज पुरे कर लिए हैं यह मेरी नहीं आप सभी का की जीत है ..क्युकी न आप सब इतना सपोर्ट करते ों न मेरे जैसे इंसान लिखने की कोशिश करता ...

सो इसमें मेरे से ज्यादा आप सब की जीत है यह आप सब की स्टोरी है इतना प्यार और साथ देने के लिए दिल से थैंक्स डिअर one's ...

अब सबसे बड़ा थैंक्स अपने भाई को की आपने इतना टाइम दिया और एक hi दिन में इतना सब पद भी लिया ...प्रिये मित्र सुच में आप जैसा मित्र मिलना इस दुनिआ में मुश्किल hi नहीं आशम्भव है ..आपकी तत्परता और प्यार देखकर सुच में दिल से आपको साधुवाद प्रिये मित्र ..की आपने इतना सब झेला ...:सॉरी:

माफ़ करना झेला इस लिए कह रहा हूँ क्युकी मैं जनता हूँ इतना लम्बा और कई जगह स्पेलिंग मिस्टेक के बावजूद आपने ज़रा सी भी शिकायत नहीं की आपके शब्द देखकर सुच में नया उत्शाह मिला लिखने का ..आपने इस स्लो पद चुकी स्टोरी के बावजूद इसको इतना टाइम और प्यार दिया उसके लिए आपका यह मित्र आपको दिल से ...तहे दिल से धन्यवाद करता है ...सुच में आप एक महँ और सज्जन वयक्ति हैं ...:रेस्पेक्ट:

यह किस तरह का साहित्य है यह तोह पता नहीं ..पैर जहाँ लगा की किसी एक को भी कुछ ाचा दे सकूँ जैसे ..पेअर चुना या इंसान के लिए विश्वाश का तराज़ू में ध्यान रखना ..या छोटा मोटा कोई भी चीज़ उसके हिसाब से लिख देता हूँ ...जिसमे कई बार लोग शिकायत भी करते हैं की अडल्ट्री सेक्शन में कहाँ ज्ञान पेल रहा हूँ या लॉजिक दे रहा हूँ ..पैर वह उनका नजरिया है ..स्टोरी के ज़रिये किसी भी एक इंसान का अगर थोड़ा भी हेल्प हुआ हो तोह ..मेरा लिखना पूरा सही मायने में हो जायेगा ..इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं रखता हूँ ..बाकी शिकायत का क्या है ??? कुछ भाई को पसंद आती है अपडेट तोह कुछ को नहीं ..मुझे किसी से इसकी शिकायत भी नहीं है ..हर इंसान का हर टाइम एक सा मूड नहीं होता ..जो आज उसके हिसाब से गलत है हो सकता है उसके हिसाब से कल सही हो ..सो बाकी प्यारे दोस्तों के सपोर्ट से लिखता रहता हूँ ...बाकी आप सुच में अनमोल हैं प्रिये मित्र ...🙏🙏🙏🙏🙏

क्युकी शायद hi किसी को पता हो की आपका रिव्यु hi पाने के लिए लोग आपको मस्सगे करते हैं देखा है मैंने भी ..पैर आपने एक पुकार पैर अपने इस मित्र को इतना मान दिया ..उसके लिए दिल से आपका धन्यवाद प्रिये मित्र ...ईश्वर से प्रार्थना है की आपको और प्रबल बनाये ...आपके जीवन में सब खुशियां aayen...ek सवसथ जीवन में आपको और आपके परिवार को ईशवर सुख और समृति दें ...क्युकी आपके जैसे मित्र मिलना किसी भी इंसान के लिए सुच में सौभाग्य की बात है ...:व्हॅप्पी:


आपका आपको एक बार फिर धन्यवाद करता है .....परम प्रिये मित्र ...:थैंक्स:🙏🙏🙏

और अनमोल हैं मेरे कुछ प्यारे और दोस्त भी जिन्होंने कई बार सुच में बहुत साथ और सपोर्ट दिया जब मैं परेशान हो जाता था ..की यार लिखूं या नहीं ...💎

जैसे अपने प्यारे , भाई जिन्होंने हर जगह साथ दिया ..दिल से आप सभी को थैंक्स ...डिअर one's इनमे और भी वह सब शामिल हैं जिनका नाम यहाँ नहीं है ...सॉरी भाई नाम बहुत हैं लिमिट तक ख़तम हो जायेगी वर्ड की पैर आप सभी को दिल से थैंक्स ...की आप सभी ने कभी अपडेट को पसंद किया तोह कभी सुग्गेस्टिव दिया ..तोह कभी क्रिटसीज़े किया ..हर एक को थैंक्स दिल से ...:थैंक्स:🙏

खास टूर पैर अपने
भाई को की इस पोल्ल में सबसे पहला पोल्ल उन्होंने hi किया ..और उनसे मैंने कहा भी था की उनका हाथ लकी है ...सिराज भाई अब तोह यकीं हो गया होगा आपको ..आपका आना नहीं हुआ पैर कोई बात नहीं आपको फिर भी दिल से थैंक्स भाई ..समझते हैं आपको जब टाइम मिलेगा आप आएंगे जरूर हम तब तक आपका बेसब्री से वेट करेंगे भाई ...🙏



भाई आपने बड़ा प्यारा सुग्गेस्टिव दिया ...दोने डिअर ...आपने जो कहा सही कहा ...हर करैक्टर का सेक्स सन जरूरत के हिसाब से काम या ज्यादा होगा ..थैंक्स बीआरओ .....👌👍

और सॉरी डिअर सोचा था आज अपडेट दूंगा पैर अभी लिखना बाकी है ..बहाना बनाने की आदत नहीं पैर काम से टूर पैर था ..अभी आया हूँ ..आते hi सोचा आपको इन्फॉर्म कर दूना अपडेट कल पोस्ट कर दूंगा ..क्युकी अभी थोड़ा थका हुआ हूँ ...बाकी दोस्तों कल मिलते हैं कुछ अचे के साथ ....🙏🙏

आप सभी को फिर से एक बार थैंक्स ...pyaar,sath और सपोर्ट के लिए :थैंक्स:



आपका
 
अपडेट 93



रिकैप........

निचे आया और अपने रूम में गया ..जस और नीता मम अपने रूम में hi थे ..और रिया और राज अभी तक नहीं आये थे ..मनु ने अपने उस सामान को साफल्य रखा और …कपडे चेंज करके अपने बीएड पैर सुमन और जगन के बारे में सोचने लगा …क्युकी सुमन ने उसको एक हिंट दी थी आज …अब आगे मनु ने जगन के हिसाब से सोचना शुरू कर दिया साथ में सुमन को भी अभी तक मनु शक से हटा नहीं पाया था … बाकी आसान यहाँ नज़र तोह मनु को भी नहीं आ रहा था …..मनु अब अपने दिमाग में एक नए प्लान के साथ रेडी था जिसमे जगन और सुमन के लिए ाचा तोह बिलकुल नहीं था ….क्युकी रिया और सुमन दोनों अब मन ऊके निचे आ चुकी थी .. अब आगे क्या होना है यह तोह वक़्त और किस्मत को hi पता होगा …….

अब आगे........

मनु वहां सोच में गम था की सुमन पैर यकीं करना चाइये या नहीं …क्युकी मनु समझ चूका था की सुमन का तेज़ दिमाग की औरत है जिसने सुमन ने बिना ज्यादा सोचे मनु को आसानी से पहचान लिया था नक़ाब के पीछे भी सो यहाँ मनु ने सोचा की सुमन पैर इतना आसानी से भरोसा करना पूरी तरह सही नहीं है …

मनु मैं में “ यह सुमन जरूरत से ज्यादा hi प्यार दिखा रही है ..जो माँ को मरना चाहती है इतनी आसानी से पके फल जैसे झूली में आ जाए इसका मतलब मनु डिअर बात इतनी आसान नहीं है ….लगता है सुमन को लाइन पैर लेन से पहले यहाँ हर किसी का पता करना होगा ..?? पैर कैसे यार अजय से सलाह लेनी चाहिए हु तेरा …टॉप जासूस ः! यह सही है …वैसे भी अजय से सलाह मिले या नहीं पैर उसकी याद आ रही ..पता नहीं ऐसा क्यों लग रहा है जैसे अजय मुझे याद कर रहा होगा ?? …मनु का अजय के बारे में अचानक सोचना या अजय को याद करना बेवजह नहीं था …जहाँ मनु अजय को याद कर रहा था ..

वहीँ दूर कहीं गोवा में एक रिसोर्ट पैर एक सीक्रेट मीटिंग थी जिसमे कुछ लोग आये हुए थे …मीटिंग इतनी सीक्रेट थी की बस एक छोटे से रिसोर्ट में चार लोग नार्मल कपड़ों में नार्मल वे में बात कर रहे थे …यहाँ हु फ़िल्मी बकवास नहीं है …की गन लेकर लोग गाड़ियों से उतार कर एक दूसरे की तलाशी ले रहे हैं ..कोई सिगार पि रहा तोह कोई रात में सनग्लास लगाए बिना वजह लुक दे रहा है …

यहाँ मीटिंग थी जो नोर्मल्ली सिंपल वे में हो रही थी ..ठीक उसी तरह जैसे एक बंद कमरे में बड़े बड़े राजनेता कभी बजट तोह कभी कानून बनाने के नाम पैर लोग के फ्यूचर को सेट कर देते हैं या उसी फ्यूचर में क्या होगा ये डीडे होता है ऐसे छोटे से कमरों में ऐसी मीटिंग्स में और यह मीटिंग भी कुछ ऐसी थी …

जिसमे चार टॉप लोग अलग अलग जगह से आये हुए थे …

एक बोलै “ हाँ तोह जगन अब क्या करना है …बेग़ तोह गया ..उसकी जगह काम करने के लिए नया बाँदा मिला कोई …वैसे भी तुमसे मैं बात hi क्यों कर रहा हूँ …तुम तोह मर बॉस के कॉल करने के बाद hi यहाँ आये हु भी कल hi तुमको मर बॉस ने अपनी पावर दिखाई वर्ण तुम जैसे छोटे लोगों को हम जैसे लोग देखते तक नहीं …क्यों फरहान ….हहहहहहह!”

फरहान “ हाँ सही कहा अंटोनी तुमने कहाँ हम और कहाँ यह कार्टून पता नहीं मर बॉस को इसमें दिखा भी क्या …देखो यह यहाँ मर बॉस के नाम पैर आया है …सोफ़िया क्यों नहीं आयी ??? मर बॉस को भी यही मिला ..देखो तोह भैंस किआ आंख यह कैसे पसीने छोड़ रहा है ..जैसे इसका रपे कर देंगे हम लोग ..अबे हमको मर्दों में इंटरेस्ट नहीं है बे …छूट से मज़्ज़ा गांड एक सजा …तू टेंशन मत ले हम जान लेते हैं गांड तेरी सेफ है ..जीते जी भी और मरने के बाद भी …हाहाहाः!”

जगन वहां पसीने पसीने हो रहा था …हाँ जगन जो अपने घर पैर बैंगलोर के लिए बोलकर आया था पैर रस्ते में hi उसको कॉल आया सो बैंगलोर से hi सिद्ध गोवा आना पड़ा उसे …क्युकी जिसका कॉल था उसको मन करना जगन के बस में नहीं था …

थोड़ा उस रात के बारे में जान लेते हैं जब जगन रात को नहीं आया था …जगन को कॉल आया था उसके ऑफिस से जगन रात में ऑफिस गया जहाँ उसको कोई नहीं मिला उसको बस वहां एक क्लिप मिली पेण्ड्रीवे में जिसमे क्लेअर्ल्य कहा हुआ था की जगन को पहले कल सुबह बैंगलोर जाना है जहाँ से उसको जो कहा जायेगा हु उसे करना होगा …क्युकी यह मर बॉस का आर्डर है ..और उसके सारे काम उसके बाद वर्ण उसका कोई पार्टनर उसके साथ नहीं देगा …जगन डर गया…. उसने रात को hi अपने हर पार्टनर कैग हर जा जाकर उनसे यह पूछा की कोई मर बॉस के नाम पैर उसका साथ देगा या नहीं …सबके मुँह और कान मर बॉस का नाम सुनते hi ढीले पद चुके थे ..उसका एक hi कहना था “ जान है तोह जहाँ है “ मर बॉस के पन्गा लेना उनके बस का नहीं था ..सो जगन भी होश खो चूका था रात भर कार में बैठा एक जगह सोचता रहा …की मर बॉस को उस जैसे छोटे इंसान में क्या दिलचलस्पी है पैर वजह उसके समझ में नहीं आयी ..सो सुबह जैसा कहा था वैसा जगन में किया ..पहले बेंगलोरे एयरपोर्ट पैर आया वहां से गोवा का टिकट उसको काउंटर पैर मिला जिससे हु गोवा आया जहाँ से उसको एक एड्रेस दिया और अब जगन इन सबके बिच में था …जहाँ पहली बार जगन डर रहा था अपनी जान के लिए …

इस मीटिंग में मर बॉस के वजह से लोग आये थे ..मर बॉस के नाम पैर अक्सर सोफ़िया आती थी ..पैर आज मर बॉस के नाम पैर जगन आया था …जिसका हाल देखकर अंटोनी और फरहान उसके साथ मज़े ले रहे थे …जबकि उनके साथ hi एक और इंसान शांत बैठा था …जो सिर्फ वहां जगन का होने की वजह तलाश रहा था …

जगन की फटती हुई थी …की तभी किसी ने नॉक किया तोह फरहान हँसते हुए दूर पैर गया और खोला उसने सामने जिसको देखा उसके बाद उसकी हंसी उसी की गांड में घुस गयी …

सामने सोफ़िया कड़ी थी दूर पैर उसके साथ उसका वही टॉम जहां body-guard वगैरा ..पैर इस बार नेहा साथ नहीं थी गोवा में …

सोफ़िया को देखते hi फरहान ने नज़र निचे कर ली ..और उसको सलाम किया और आने के लिए रास्ता दिया झुककर …सोफ़िया अंदर आयी और उसको देखते hi शामे रिएक्शन अंटोनी का था …उसकी हंसी भी गायब हो चुकी थी …और नज़रें निचे …तीसरा इंसान पहले जैसे hi शांत था ..

जगन सोच में गम की यह लड़की कोण हैं और इसके आने से यह दोनों क्यों चुप हो गए …???

सोफ़िया “ तोह जेंटलमैन आपको पता है मर बॉस ने यह मीटिंग हमारे एक डीलर के मरे जाने की वजह से राखी है ..बेग़ ब्लास्ट में मारा गया ..सो अब उसका काम मर बॉस ने इसको (जगन) देने का सोचा है ..”

जगन “ मैडम पैर मैं तोह बहुत छोटा आदमी हूँ ..और आप सब तोह बड़े लोग हैं तोह मैं कैसे और पता नहीं आप लोग मुझसे करवाने क्या वाले हैं ??”

सोफ़िया “ जगन तू जितना एक्टिंग करना था कर चूका मर बॉस और मुझे तेरे इस रोने वाले चेहरे के पीछे सब दीखता है ड्रामा दुनिआ के आगे तू करता है ..पैर हमको तेरे बारे में सब पता है किट ु कैसे सामने से लोगों के आगे अचे इंसान का ड्रामा करता है और बाद में काम निकल जाने पैर तू कैसे उन्ही लोगों का माल हड़प लेता है ..सो ड्रामा बंद कर “

जगन नार्मल होकर “ तोह जब आप सब जानती हो तोह करना क्या है ??और इसमें मेरा प्रॉफिट क्या होगा ??”

जगन के नार्मल होते hi अंटोनी और फरहान सोच में पद गए ..की यह डरने का जगन ड्रामा कर रहा था इतने देर से ..

सोफ़िया “ मर बॉस से प्रॉफिट मांगना जगन तेरे बस का नहीं है …तेरा काम बस हथियारों की डिलीवरी देखना है क्युकी तेरा दिल्ली में सेंट्रल पॉइंट है ..मार्किट और डिस्ट्रीब्यूशन वैसे सो मर बॉस ने तुझको चुना है ..काम कर पैसे ले जा ..इससे ज्यादा सोचना भी मत मर बॉस का नाम hi काफी है …क्युकी इससे ज्यादा तेरी औकात नहीं है ..मर बॉस को थैंक ु बोल की तू इतने बड़े लोगों में बैठा है …यह छोटे मोठे लोग नहीं हैं यह हैं अंटोनी लुका यह साउथ देखते हैं …और यह हैं फरहान कुरैशी जो इंडिया और बांग्लादेश पाकिस्तान नेपाल का काम देखते हैं ..और यह लास्ट में जो इंसान हैं यह हैं विक्रम जोशी …जो पुरे ुक और यूरोप के साथ हर जगह का जहाँ हमारी जरूरत है वहां देखते हैं ..यह एक बड़ा सिंडिकेट है जिसमे तेरे लिए होना hi बड़ी बात है ..जो जितना कहा जाये उतना कर ..पैसे तेरी औकात से ज्यादा मिलेंगे साथ में मर बॉस का नाम भी जिसके निचे कोई छोटा या बड़ा इंसान तुझे छू भी नहीं पायेगा …सो काम कर हिस्सा सोचना दिल्ली के छोटे लोग में यहाँ सोचा तोह एक छेद तेरे जिस्म और कर दिया जायेगा और नया बाँदा काम करेगा ..सो चॉइस इस उर्स ..”

जगन की सिटी पित्ती गम हो चुकी थी ..उसने सोचा और हाँ कर दी जगन के हाँ करने से विक्रम जोशी ने उसको एक तीखी नज़र से देखा …

सोफ़िया “ वैरी गुड लाइफ में सोचने से ज्यादा करना चिहिए जगन सो मैं चलती हूँ यहाँ दो दिन एन्जॉय करके वापस काम पैर लग जाना ..ok bye जेंटलमेंस ..”

सोफ़िया वहां से चली गयी उसके जाते hi सब चले गए जगन को छोड़ कर जगन को उसी रिसोर्ट में रुकना था दो दिन ..सबके रूम खली करते hi जगन रूम कर दूर क्लोज करता है ..तोह उसके चेहरे पैर एक कामिनी स्माइल थी …

जगन वहां अपने में खुश था की उसको अब बॉस के नाम के साथ काम करना है …जिस्म फ़ायदा उसी का था …

उधर अजय कहीं किसी स्पोर्ट्स क्लब से बहार आ रहा था …तोह अचानक उसकी नज़र हीना पैर पड़ी हीना अपने काम से जा रही थी …उसके हाथ में कुछ बैग्स थे शायद हीना कोई शॉपिंग या सब्ज़ी लेने जा रही होगी ..

अजय ने हीना को देखा तोह उसका चेहरा अजय को याद था साथ में मनु की सलाह भी की हु इनसब से दूर रहे …पैर अपने अजय बाबू थोड़े जासूस किसम के इंसान थे ..सो लग गए हीना के पीछे पीछे ..

हीना जहाँ जहाँ अजय वहां वहां …अजय हेना को बिना बात फॉलो कर रहा था इस उम्मीद में की हीना का पता मनु को बताएगा ..पैर बेचारे अजय को पता नहीं की मनु उसका पूरा एड्रेस जनता था ..पैर जानभूझकर hi वहां जाता नहीं था …क्युकी वजह थी उसका नाम जी हाँ रॉकी नाम और उसके साथ की कहानी जो शहीद और हीना जानते थे ..पैर हु यह नहीं जानते थे की रॉकी और मनु दोनों एक हैं …और शायद यही वजह थी की मनु हीना और शहीद से थोड़ा नहीं ज्यादा दुरी बनाकर रखता था …ताकि यह सब उसके घरवालों को पता न चले …

पैर आज अजय किसी और hi फिराक में था ..हीना का पीछा मनु की बाइक पैर कर रहा था …अजय ….

अजय जो रोज़ पैदल आया करता था पैर आज पता नहीं क्यों मनु की बाइक ले आया था …इसको को कहते हैं शायद किस्मत न हु आज बाइक लता और न hi आज हीना उसे नज़र आती और न hi हु हीना के पीछे लगता ..उसके पते के लिए …

सो अब हीना के पीछे अजय सनग्लास लगाए हीरो जैसे पीछा कर रहा था ..हीना थी भी ऐसी की शायद एक बार कोई उसे देख ले और दिल हार जाये ..पैर यहाँ अजय खुद के लिए नहीं मनु के लिए जस्सोसि कर रहा था …

अजय ने हीना को एक शॉप में जाते हुए देखा और हु बाइक एक पोल के साथ में रोड के किनारे लगा कर रुक गया और हीना का वेट करने लगा …

हीना उस शॉप से कुछ सामान ले आयी पैर अजय ने ध्यान नहीं दिया क्युकी पीछे से कुछ ठेले वाले आपस में लड़ रहे थे तोह अजय का धयान वहां था ..पैर हीना ने जब शोर सुना तोह उसका ध्यान अजय पैर तोह गया नहीं पैर बाइक उसने एक नज़र में पहचान ली जिसपर आगे एक फायर टाइप विनाइल व्रैप बाइक पैर लगी हुई थी जिसको उसने आगे और पीछे से अचे से देखा था क्युकी मनु ने जब उसको इसी बाइक पैर उस दिन बच्या था तब उसने यह विनाइल (प्लास्टिक वार्प) अचे से देखा था जो उसके दिमाग में अचे से छापा हुआ था …सो हीना अजय के पास आयी और बाइक को देखने लगी ..

अजय हैरान सा हीना को देख रहा था ..की कैसे अजय को न देखकर सिर्फ बाइक को देख रही थी …हीना ..

हीना ने जब अचे से देखा और उसको यकीं हो गया की यह रॉकी की बाइक है सो उसने अजय से कहा “ सर यह बाइक तोह किसी और की है ..जिनकी बाइक है हु रॉकी कहाँ हैं??”

अजय हैरान की उसको पहचाना तक नहीं हीना ने ..” हाँ यह बाइक मेरी नहीं है काम से ले आया ..पैर है रे किस्मत की हीना जी ने पहचाना तक नहीं ..यह उम्मीद नहीं थी हमे हीना जी से ??”

हीना हैरानी से अजय को देखती है और उसको पहचानने की कोशिश करती है पैर उसको सनग्लास और अजय से ज्यादा मुलाकात न होने से याद नहीं था की यह है कोण ???

अजय “ हीना जी भूल गयी क्या आपकी फ्रेंड्स मॉल और आपका किडनैप मैं अजय हूँ जिससे आपने उस दिन बात किट hi मॉल में ??”

हीना “ हाँ याद आया पैर तुम तोह बहुत छोटे हो लाइसेंस भी नहीं होगा तुम्हारा तोह ऐसे रॉकी की बाइक लेकर घूम रहे हो ??कहीं गिर वीर गयी तोह??”

अजय “ हाँ आपको मुझसे ज्यादा बाइक की चिंता है ..क्या बात है ..वैसे मैं रोज़ नहीं चलता पैर आज काम था सो ले आया और आप कैसी हैं उसदिन आप सही टाइम से घर आ गयी थीं न ??”

हीना “ हाँ मैं ठीक हूँ खुदा ने फरिस्ते की नेमत से नवाज़ा था उस दिन जो वक़्त रहते फरिस्ते ने बचा लिए मुझे …खैर मेरी बात छोडो अपना बताओ कैसे हो लिटिल मास्टर ??”

अजय “ कमल है लिटिल जोड़ना जरूरी था क्या ?मास्टर hi कह देती ??”

हीना हँसते हुए..” नहीं तुम अभी लड़कियों का पीछा करने में लिटिल hi हो …कोई नया काम करो अजय वैसे रॉकी हैं कहाँ जब बाइक है तोह हु भी होंगे यहीं कहीं …” हीना की नज़रें रॉकी को दंड रही थीं …

अजय अचे से देखता है ..” हु यहाँ नहीं हैं कहीं और गए हैं काम से अपनी कहो ..वैसे तुम चाहो तोह उनसे कह सकता हूँ की तुम उनके बारे में पूछ रही थी …”

हीना के लिए तोह ख़ुशी का ठिकाना नहीं था ..” सुच में तुम उनको इतना जानते हो …??”

अजय “ हीना जी जनता हूँ मैं छोटा हूँ आपसे ..पैर यूँ रोड पैर बात करना ठीक नहीं ..मेरे बारे में तोह कोई क्या कहेगा पैर आपके बारे में कोई उल्टा सोचे ाचा नहीं लगेगा ..सो अगर आप बुरा न मने तोह कहीं और बात कर सकते हैं इस बारे में ..”

हीना ने अजय की बात सुनी और यहाँ वहां देखा जहाँ फालतू के लोग हीना को और अजय को hi गुर रहे थे …साला पता नहीं इतना फालतू टाइम आता कहाँ से है घूरने वालों के पास ???

खैर हीना भी रॉकी के बारे में जाना चाहती थी ..सो उसने जय को देखा और कहा “ बाइक चला लोगे न मुझे बैठकर ..गिरा मत देना प्लीज …”

अजय “ आप भी न बैठो वर्ण पक्का गिरा दूंगा …चलिए यहाँ से …”

हीना और अजय वहां से निकल कर किसी साफé में बैठे थे …जहाँ अजय ने कॉफ़ी आर्डर कर दी थी …

हीना से उसने कहा की हु रॉकी को जनता है और हु रॉकी को कहेगा की रॉकी को हीना याद कर रही थी …

हीना सेंटी हो गयी यह सुनकर उसने रिक्वेस्ट की अजय से की एक बार रॉकी की आवाज़ सुना दे ..अजय समझ नहीं प् रहा था की हीना को उसके भाई में इतना इंटरेस्ट क्यों है ???

सो उसने हीना से पूछा की रॉकी को हु जानती कैसे है ..उसके बाद हीना ने किसी और को न बताने की बात कहकर सारा तामझाम अपना और मनु का अजय को बता दिया ..जिसमे से हीना ने उन तीनो लड़को को लुढ़कने की बात गुल कर di..kyuki अजय इतना भी उसके जान पहचान का नहीं था ..पैर भाई थे सो उसका चेहरा थोड़ा अपने भाई से मिलता था ….

अजय समझ चूका था की उसके भाई ने कैसे हीना और उसके भाई की मदद की है हु भी बिना किसी लालच के ..सो उसके दिल में भाई के लिए और मान सम्मान बढ़ गया था …उसका रोले मॉडल था मनु पैर आज उसके रोले मॉडल की अच्छी और बिना लालच के अनजान इंसान की मदद भी सामने आ चुकी थी ..पैर रॉकी नाम उसके समझ से बहार था ..और जैसे मनु ने उसको मन भी किया था इस बारे में बात करने से सो उसने ज्यादा नहीं सोचा …क्युकी उसको लगा की उसका भाई मनु शायद नहीं चाहता की हीना और उसका भाई उसको पैसे वापस करें …सो अजय भी नार्मल वे में बात करने लगा हीना से …

अजय का यह सब जान कर बड़ा मन था मनु से बात करने का ,,,और यह वही टाइम था जहाँ मनु भी अजय से बात करने उसकी जासूसी के बारे में सोच रहा था ..

अजय ने हीना से थोड़ा कॉल करने का बोलै और मनु को कॉल किया ..

मनु “ हाँ अजय उम्र बड़ी लम्बी है तेरी कसम से सोच रहा था की तू कहाँ होगा क्या कर रहा होगा ?? और तेरा कॉल आ गया “

अजय “ भैया ठीक हूँ और सही जगह हूँ आप कैसे हो ???”

मनु “ सब ठीक है और बता मज़े में है न ..”

अजय हीना को देखते हुए “ हाँ मज़े में हूँ ..एक सुन्दर सी लड़की के साथ हूँ …साफé में और आप …”

मनु हँसते हुए “ हाँ यही सोच रहा था की तू पता नहीं कोनसी टेंशन में होगा पैर टूट ओह मुझे hi टेंशन दे दे …अरे यार तेरी लाइफ है ..खुली आज़ादी मम्मी पापा और मैंने तुझे दी है पैर भाई थोड़ा पहले अपनी पड़े पैर ध्यान दे ..ुमार पड़ी है लड़कियों से मिलने की बाकी …तुझे क्या लगा यह सब लेक्चर दूंगा???? नहीं अजय क्युकी मुझे पता है की तू मेरे प्यारा भाई है जो करेगा सोच समझ कर करेगा …मेरी तरफ से तुझे आज़ादी है ..पैर मेरे भाई एक ध्यान रखना मर्ज़ी अकेले तेरी hi नहीं उसकी भी ज़रूरी है… किसी लड़की को कभी किसी मोड़ पैर धोखा मत देना …इतनी रिक्वेस्ट है ..क्युकी हर बार तुझे आर्डर तोह नहीं दे सकता न ..क्यों की तू अब उतना बचा भी नहीं है …” मनु ने अजय को गफ के साथ सोचकर कहा …साथ में हिदायत भी दी …

अजय “ भैया आप ज़िन्दगी में सिर्फ आर्डर hi देने मुझे आपका आर्डर hi ाचा लगता है ..बड़े भाई हो आप मेरे रिक्वेस्ट करना आपका मुझे गवारा नहीं है ..ऐसे लगता है जब आप मुझे रिक्वेस्ट कर रहे हैं ..तोह मैं आपकी इंसल्ट कर रहा हूँ आप सिर्फ आर्डर देते हुए hi अचे लगते हैं …सो वही कीजिये ..और वासी भी मैं किसी अपनी दोस्त के साथ नहीं हूँ बल्कि आपकी दोस्त के साथ हूँ …समझे भैया तोह सोचना अब आपको है …..ठीहीहीहीहीह!”

मनु “ मेरी दोस्त ??? मेरी कोनसी दोस्त है वहां जहाँ तक सवाल है मेरी एक hi दोस्त है जस जो मेरे साथ है ..तोह तू किसकी बात कर रहा है अजय ???”

अजय “ है कोई जिसको सिर्फ आप hi नज़र आते हो …आपकी बाइक नज़र आती है …उसपर बैठा आपका भाई भी नज़र नहीं आता उसे ??”

मनु “ अजय देख मेरे भाई मेरे मर बांड जसस तू है मैं नहीं सो पहेली मत भुझे ..है कोण मेरी दोस्त जिसको मैं भी नहीं जनता ..???और सबसे बड़ी बात तेरे साथ क्या कर रही है हु ??”…

अजय “ हीना को जानते हो न आप …वही है मेरे साथ रस्ते में मिले थे ..आपकी बाइक देखते hi पहचान गयी ..मुझसे रॉकी के बारे में पूछ रही थी …तब मैंने कहा बाइक मेरी नहीं है ..यह मैंने काम से ली है ..और डरिये नहीं उसको नहीं बताया की मैं आपका भाई हूँ ..क्युकी मुझे याद था जो उस दिन आपने कहा था ..”

मनु मुस्कुराते हुए ..” तोह हमारे अजय बाबू अपने से बड़ी लड़कियों में इंटरेस्टेड हैं ..ाचा है बहुत ाचा है …पैर जरा धयान से रॉकी और मनु एक हैं उसको मत बताना …दोनों बहिन भाई बहुत नेक दिल हैं ..उनको मेरे बारे में पता चला तोह दोनों पैसे और मदद के बारे में सोच कर तुझपर जोर देंगे की तू घर का पता बताये ..और मैं मदद के नाम पैर यह सब चीज़ें करके उनको बेमतलब टेंशन नहीं देना चाहता ..आलरेडी दोनों ने बहुत कुछ सहा है ..सो तुझे जो पूछना होगा मुझसे पूछ लेना ..क्युकी तू तेरा जसस अब तक हीना से पता नहीं क्या क्या उगलवा चूका होगा ..हहहह!”

अजय “ हाँ हीना बहुत दिमाग वाली लड़की है ..उसने मुझे बहुत कुछ बताया पैर अभी भी मुझे ऐसा लगरहा है की उसने पूरी बात नहीं बताई ..सो don’t वोर्री भैया आप अभी के लिए सेफ हैं ..वैसे हु आपसे बात करना चाहती है ..क्या कहूं ??”

मनु “ अगर जरूरी है तोह करवा देना ..पैर मेरा नंबर उसको मत देना यार ..पहले hi लाइफ में बहुत टेंशन है ..बाकी तू देखले अगर बात करनी है तोह करवा दे …काम से काम उसका हाल चल hi पूछ लूंगा ..”

अजय “ हाल चल पूछ लेना नंबर और नाम का मैं ध्यान रखूँगा ..आप बे फ़िक्र रहो वैसे क्या टेंशन है लाइफ में आपकी ??”

मनु “ बात सिर्फ काम से hi करने लगा है …नीस वैरी नीस ..ठीक है ..मुझे किसी पैर डाउट है ..तोह क्या करूँ??”

अजय “ सिंपल है उसकी हिस्ट्री और प्रेजेंट को देखो डाउट क्लियर समझ गए न ???”

मनु “ समझ तोह बहुत पहले hi गया था ..पैर यह सब मुझे भी पता है ..पैर सवाल है हाउ ???कैसे ??”

अजय “ भैया जब काम टेड़ा होता है तब इंसान को भी टेड़ा hi बनना चाहिए ..जब किसी पैर नज़र रखना हो तोह उसके लिए प्रोफेशनल को हिरे करो और उसपर भी नज़र रखने के लिए किसी और को लगा दो ताकि डबल क्रासिंग से बचा जा सके ..”

मनु “ वैरी नीस यही सोच रहा था …बूत तूने कहा तोह सूरे हो गया ..चल रखता हूँ अपना ध्यान रखना ..ज्यादा हीना के साथ मत रहना क्युकी हो सकता है वही तुझे फॉलो करे मेरे लिए ..सो बेटर वाच आउट अजय ..एंड bye डिअर “

मनु ने कॉल कट कर दी …क्युकी जैसा हु सोच रहा था वैसा hi अजय ने उसको जवाब दिया सो मनु प्लान करने लगा की किसे और कैसे काम पैर लगाए जिससे सुमन और जगन का पता चल सके ..सो उसने कुछ कॉल किये और एक डिटेक्टिव को सुमन और जगन के पुरे back-ground के बारे में जाने के लिए लगा diya..or एक और डिटेक्टिव को उस डिटेक्टिव के पीछे लगा दिया जो उसको फॉलो करे पैर साथ में उन्दोनो ामियों को जिनकी फॅमिली उसने बचाई थी उनको इनदोनो के पीछे लगा दिया ताकि अगर यह डिटेक्टिव मनु को चीट करैं तोह उनके धोखे से बचा जा सके …

उधर हीना के चेहरे की ख़ुशी देखकर अजय में मनु से बात करने का सोचा ..सो उसने मनु के नंबर से भय नाम डिलीट किया और उसपर रॉकी लिख दिया ..और मनु से हीना की बात करा दी जिसमे मनु ने गेनेराल्ल्य हीना से उसका और शहीद का हाल चल पूछा ..वहां मनु को पता चला की शहीद की शादी तय हो चुकी है ..सो मनु ने उसको कॉंग्रट्स किया …हीना से गेनेराल्ल्य बात करने के बाद मनु ने कॉल कट कर दी ..

अजय भी वहां से हीना को उसके घर के थोड़े पास छोड़ कर चला गया …यह धयान से देखकर की हीना कहीं उसको फॉलो तोह नहीं कर रही पैर ऐसा हुआ नहीं …न हीना ने अजय को अपना घर दिखाया और न hi अजय ने उसको उसके घर छोड़ा ..

उधर मनु सोच में गम था सो जस आयी और उसने आई और उसने मनु से साथ चलने को कहा क्युकी डीलर ने जगह ढिकाने के लिए कहा था ..सो मनु और जस साथ जाने को त्यार हो गए मनु ने नीता मम को बताया की उसको बहार जाना है ..तोह नीता मम ने भी बोर होने का कहा तोह मनु ने उनको भी साथ ले जाता है …

डीलर उनको कई साइट दिखता है ..जिसमे से कोई भी साइट जस को अछि नहीं लगती सो जस डीलर से कहती है …

जस” आपकी एक भी साइट हमारे रेस्टोरेंट के लिए सही नहीं लग रही है ..क्या आपके पास कोई ढंग की साइट नहीं है जो मैं रोड के अस्स पास हो जिससे आने जाने वाले रेस्टोरेंट में आये और हमारा बिज़नेस भी सही से रन करे ..या फिर किसी अछि लोकैलिटी में कोई अछि साइट हो जहाँ हम अपना काम शुरू कर सके एटलीस्ट रोड पैर न हो पैर मैं रोड के पास या मैं मार्किट के पास हो तभी तोह कस्टमर का आना पॉसिबल है ..पैर आप तोह बे मतलब की साइट दिखा रहे हैं ..कोई अछि साइट है तोह बताये वर्ण हमे कोई और डीलर देखना होगा ..”

डीलर “ मम आप को अचे से अछि साइट दिखाई है पैर आपको कोई अछि hi नहीं लग रही इसमें मेरी तोह गलती नहीं है पैर कोई बात नहीं साइट अभी भी बहुत हैं आप टेंशन मत लीजिये मैं आपको और कई साइट दिखता हूँ चलिए ..”

डीलर अपने साथ सबको दिखा रहा था ..उसकी नज़र में जस hi मालिक थी …बाकी मनु और नीता मम ने सब जस पैर hi छोड़ा हुआ था ..क्युकी यहाँ डीलर उसी को जनता था …

अब डीलर ने कई और साइट दिखाई इसी में दिन ढल गया ..पैर साइट जस को अछि नहीं लगी …सो नेक्स्ट डे के लिए डीलर ने उनको आने को कहा …

और सब दिन भर साइट देखकर आ चुके थे …जस वहां से आने के बाद फ्रेश हुई और किचन में खाने के लिए चली गयी …रिया और राज भी आ चुके थे नीता मम अपने रूम में फ्रेश होने गयी ..तोह मनु तेज़ी से नाहा धोकर आ चूका था ..मनु अपने रूम में बैठा हुआ कल के लिए प्लान कर रहा था ..

की उसके दूर पैर नॉक किया ..जब दूर खोला तोह रिया थी ..रिया ने आस पास देखा और उसके साथ अंदर आ गयी ..

रिया “ आप सही थे ..भैया सुच में मम्मी पैर गलत नज़र रखे हुए हैं ..और पता है मम्मी पैर hi नहीं मेरी फ्रेंड कैग हर क्या हुआ पता है आपको ??”

मनु “ क्या हुआ वहां ???”

रिया “ वहां मेरी फ्रेंड जो मेरी आगे की हैं भैया वहां उसकी माँ को भी गन्दी नज़र से देख रहा था “

मनु “ ऐसा क्या देखा तुमने ???”

रिया “ मैं और मेरी फ्रेंड टीवी देख रही थी ..और उसकी मम्मी सामने बैठी थी तोह भैया उनके चुकी को घर रहा था ..साथ में जब आने का टाइम हुआ तोह उसकी मम्मी को देखकर एपनिया आगे लैंड को मसल रहा था …आप पूरी तरह सही थे …”

मनु “ तोह फिर …”

रिया “ क्या तोह फिर ..कुछ करना होगा वर्ण भैया कहीं कुछ कर न दे …उसका दिमाग सिर्फ चुकी छूट पैर लगा हुआ है आजकल ..”

मनु “ तुम क्या चाहती हो ??? कल तोह इन्सेस्ट पैर ाचा खासा लेक्चर दे रही थी आज परेशानी है उसी इन्सेस्ट से …”

रिया “ बात परेशानी की नहीं hai….bhaiya थोड़ा ज्यादा कर रहा है ..घर पैर तोह चलो हम हैं थोड़ा बहुत देखना एडजस्ट हो जाता है पैर बहार किसी को देखर लैंड मसलना सही है क्या ??? भैया का यह सब किसी ने देख लिया तोह क्या इमेज रहेगी बहार हमारी ??”

मनु “ साफ़ साफ़ कहो क्या चाहती हो तुम ??”

रिया “ भय को देखकर मुझे उस टाइम एक्ससिटेमेंट हो रहा था ..पैर अब समझ में आ रहा है ..घर और बहार में अंतर है …पैर घर में अगर मम्मी और उसकी अपनी मर्ज़ी से कुछ होता है तोह बात अलग है दोनों मातुरे हैं ..पैर बहार भाई भूखे कुत्ते जैसे करेगा तोह सही नहीं है …समझ रहे हो न आप???”

मनु “ मुझे तोह अभी तक तुम्हारे इन्सेस्ट का कांसेप्ट समझ नहीं आया ..उसमे तुम चाहती क्या हो यह समझना और मुश्किल है …समझ नहीं आ रहा है की तुमको अपने भाई के किस बात से प्रॉब्लम है ..उसके बहार मज़े लेने से या घर में तुम्हारी मम्मी से लेने से..???”

रिया “ मैं थोड़ी अभी कन्फ्यूज्ड हूँ …आपकी जगह कोई और होता तोह बहाना बनदेति की यह सब गलत है ..पैर आपसे झूंठ नहीं कहूँगी ..भैया के और मम्मी के बारे में सोचने से मुझे किक मिल रही है ..एक किंकी सा फील आ रहा है ..पैर बहार भैया बेकाबू होकर जो कर रहा है हु सही नहीं है ..सो उसको लाइन पैर लाना होगा …”

मनु “ मतलब “

रिया “ पता नहीं समझ खुद नहीं प् रही हूँ ..अभी के लिए आप इतना समझ लो की ..भाई को इन्सेस्ट से दूर रहना hi सही लग रहा है ..”

मनु “ फिर सोचा क्या है ??”

रिया मनु से लिपट गयी उसके सीने पे सर रखकर उसके छाती को सहलाते हुए “ आप हो न आप कुछ न कुछ कर लोगे ..मुझे पता है ..बस भैया को सही रस्ते पैर ले आओ ..क्युकी यह सही नहीं लग रहा है ..प्लीज कुछ करो न आप ..की भैया के सर से यह गन्दा भूत उत्तर जाये ..”

मनु “ यह ाचा है जब मन करे इन्सेस्ट को सही बता दो ..और जब मैं करे मुझे इन्समे फंसा दो की राज को सही रस्ते पैर ले आओ ..जैसे राज मेरे कहने भर से लाइन पैर आ जाएगा ..”

रिया “ मुझे पता है आप यह सब कर लोगे ..सो मुझे आप पैर भरोसा है .बदले में आप जो चाहो मैं आपको दूंगी ..प्रॉमिस “

मनु “ सोच लो कहीं मुकर गयी तोह ..”

रिया “ जब सब कुछ तोह आपके नाम कर hi चुकी हूँ उसके बाद सोचना कैसा ..एक लड़की के लिए इज़्ज़त से बढ़कर कुछ नहीं होता …अपना तन मन सब तोह आपके नाम कर hi चुकी हूँ ..बस आप यह कर दो न प्लीज मेरी खातिर ..” रिया ने मासूम चेहरा बनाकर मनु को देखते हुए कहा ..

मनु “ तुम लड़कियों की यह स्पेशल ट्रिक है ..जब भी कहीं फासो तोह मासूम बनो और आसानी से कह दो मेरी खातिर प्लीज ..वैसे मैं इनसब से दूर रहता हूँ पैर क्युकी तुमने भरोसा किया है तोह हो जायेगा ..बदले में मुझे तुमसे कुछ भी नहीं चाहिए क्युकी तुमसे कुछ मांगकर अगर मदद की तोह मदद करने का क्या फ़ायदा ..बदले की छह रखकर मदद करने से मदद नहीं सौदा होता है ..तुम चैन से रहो यही काफी है ..क्युकी तुम अब मेरी जिम्मेवारी हो …”

रिया “ ी लव ु सो मच आज आपने साबित कर दिया की रिया ने आपको चुनकर कोई गलती नहीं की ..आप चिंता मत करो ..जब भी भैया लाइन पैर आएंगे उस दिन आपकी रिया आपको खुश कर देगी .प्रॉमिस “ रिया ने मनु को स्मूच करते हुए कहा ..

मनु स्मूच के बाद “ मतलब तब तक अगर मैं किया तोह सूखा रहना पड़ेगा ..डिअर ???”

रिया “ ऐसा मैंने कब कहा ..मैं तोह अब आपकी हूँ ..जैसे चाहे मुझे प्यार करिये मन नहीं है ..बस उस दिन कुछ स्पेशल होगा ..यह प्रॉमिस किया है ..”

मनु “ मतलब आज रात को मैं हुआ तोह ??”

रिया “ मैंने कहा न ..मैं आपकी हूँ और आप मेरे जब मैं करे दूर पैर नॉक करना और एक छोटा सा कागज़ निचे सरका देना दूर के साथ रिया भी ओपन हो जाएगी आपके लिए ..”

मनु मैं में “ यार आज रात रिया तुम आराम करो आज रात तोह जैसे मुझे लग रहा है तुम्हारी माँ का चुदाई का भूत तुमपर भरी पड़ने वाला है …”

मनु ने रिया को अभी थकन का बोलकर वापस भेज दिया …रिया के जाते hi निचे से आवाज़ आयी डिनर की …

निचे सभी डिनर के लिए आ चुके थे …फ्रेश होकर ..

नीता मम और मनु साथ में बैठे थे ..जबकि राज किचन के सामने सुमन को ताड़ने के लिए बैठा था मनु के साइड में रिया बैठी थी सुमन और जस खाना परोस रहे थे ..खाना परोसने के बाद सुमन और जस भी बेथ गए …

सुमन मनु के और राज के ठीक सामने थी ..वहीँ जस नीता मम के सामने थी ..सबने आज आराम से खाना कहाया जिसमे रिया और सुमन मनु को प्यासी नज़रों से देख रही थी ..वहीँ जस भी मनु को देख रही थी …नीता मम अपने हाथों से कभी जस तोह कभी मनु को खिला रही थी ..वहीँ जस और मनु भी नीता मम को खिला रहे थे …

उनको देखकर राज भी सुमन को खिलने लगा जिसे देखकर रिया मैं में “ यह तोह अपना करम कर रहे है ..जबकि भैया का साफ़ दिख रहा है चांस मर रहे हैं ..देखो खिला मुँह में रहे हैं और देख चुकी रहे हैं मम्मी की ..कितना बदल गया भाई मेरे कुछ hi दिन में ाचा है मुझे पैर नज़र नहीं राखी वर्ण जान से मर देती या तोह खुदको या भाई को ..क्युकी अब रिया सिर्फ मेरे मनु की है ..और किसी की गन्दी नज़र भी अब रिया को गवारा नहीं है ..”

इन्ही सब में सभी का खाना हो गया …सब खाने के बाद अपने अपने रूम में गए जहाँ सुमन ने सभी को दूध दिया अपना नहीं यार वही पिने वाला…

सबको दूध पीला दिया सुमन ने लास्ट में मनु के रूम में दूध लेकर आयी ..सुमन

अपने हाथ में दूध लिए सेक्सी अदा से उसने मनु को देखा ..

मनु “ क्या बात है मामी गज़ब केहर ध रही हो ..दूध मतलब सुलाने आयी हो ??”

सुमन “ सुलाना तोह सबको था सो सुला दिया ..अब तुम और मैं जागेंगे पूरी रात …समझ गए न ..”

मनु “ समझ गया मामी …की मामी को गर्मी छड़ी है ..चलो आज आपके hi रूम में आता हूँ …”

मनु के कहने से दूध सुमन ने मनु को दिया यह कहकर की इसमें नींद की गोली नहीं है बाकी सबके में थी ..तोह हु निचे उसका वेट कर रही है ..

मनु ने उसके जाने का वेट किया और साथ में स्पाई कैमरा ले गया अपने साथ ..क्युकी सुमन पैर भरोसा उसको अभी तक नहीं था …

मनु ने सुमन को निचे रूम में जाते hi एक अछि सी निघ्त्य पहन कर आने को कहा ..

सुमन अंदर गयी निघ्त्य पहनने तब तक मनु ने एक ची जगह कैमरा सेट कर दिया और जब सुमन आयी तोह पूरी रात सुमन को जमकर छोड़ा …मनु ने सुमन का हाल सुबह तक खड़े होने लायक भी नहीं था ..मनु ने उसकी गांड को मार मर कर सज़ा दिया था ..छूट का छेद भी छोड़ा कर दिया था ..

सुबह होने से पहले hi मनु अपने रूम में गया ..उसका भी थकन के मारे बुरा हाल था ..पैर सुबह जब उसका रेगुलर आलराम बजा तोह उसने अपनी एक्सरसाइज ट्रेनिंग को थकन के बाद भी टूटने नहीं दिया…

सुबह सब करने के बाद मनु वापस आया और थकन के मारे सो गया ..सुबह सब 11.ऍम तक उठे ..सब ने ब्रेकफास्ट किया सुमन अपने रूम से बहार तक नहीं आयी थी उसने नास्ता भी वहीँ किया था …रिया उसको नाश्ता देने गयी थी …नाश्ता आज जस और नीता मम दोनों ने बनाया था जिसमे रिया ने उनकी हेल्प की थी ..

खैर अब क्युकी बात यहाँ रिया के साथ साथ मनु के फायदे की थी …आप सोच रहे होंगे फ़ायदा कैसा आगे समझ जाओगे आप …

राज से मनु ने आज बात की “ hello भाई कैसे हैं आप ??”

राज “ बस भाई ठीक हूँ वैसे इतना बड़ा भी नहीं हूँ की फॉर्मल होना पड़े राज कह सकते हो तुम मुझे “

मनु “ तोह राज कुछ अपने बारे में बताओ क्या करते हो ..??”

राज “ पता तोह है तुमको एक सोल्लगे स्टूडेंट हूँ इससे ज्यादा क्या करूँगा ???”

मनु “ मतलब सोल्लगे स्टूडेंट हो तुम …स्मार्ट और हैंडसम भी हो तोह जाहिर है गफ भी कई होंगी तुम्हारी हैं न राज ??” मनु ने राज की दहकती राग पैर हाथ रख दिया था ..

राज “ कहाँ यार आजकल इतना भी आसान नहीं है आजकल की लड़कियां स्कूल में hi बुक हो जाती हैं और बाकी की जो बचती हैं उनको पैसेवाले ले उड़ते हैं तोह भला ऐसे में हम जैसे तोह सिंगल hi होंगे न “

मनु हैरत से “ क्या ीनता स्मार्ट लड़का और अकाउंट खली बहुत न इंसाफ़ी है …वैसे मैंने तोह सोचा था की तुम्हारी तोह कमसे काम 3 होंगी यहाँ तोह अपना भाई सिंगल है …बहुत दुःख की बात है यह तोह “

राज “ अब हर किसी की किस्मत तुम्हारी जैसी अछि नहीं होती न …कहाँ क्लब वाली हु लड़की तुम्हारे साथ थी और कहाँ तुम्हारे साथ जस जैसी हसीना तुम तोह हसीनाओं में घिरे रहते हो ..मेरे बारे में पूछकर क्यों दिल जला रहे हो यार ??”

मनु “ क्युकी हम भाई हैं मेरा भाई यहाँ सिंगल है यह मेरे लिए टेंसिओंकि बात है ..और तुम उल्टा मुझि पैर टोंट मर रहे हो ??? सही है भाई कहाँ मैंने तोह सोचा था भाई की हेल्प करूँगा पैर तुम तोह उल्टा मुझि पैर ताने मरने लगे ..सही है ाचा चलता हूँ ..” मनु वापस जाने को मुदा तोह राज ने उसका हाथ पकड़ लिया ..

राज “ सॉरी यार सोचा नहीं था की तुम मेरी इसमें मदद करोगे ..मैंने तोह सोचा था सिंगल सुनकर मज़े loge…mera मज़ाक बनोगे पैर तुम मेरी मदद करने का सोच रहे हो और मैं पागल तुमको गलत समझ रहा हूँ …सॉरी मनु मुझे माफ़ करना भाई ..”

मनु “ माफ़ी की बात नहीं है पैर भाई हो तोह काम से काम भाई पे यकीं कर hi सकते हो ??खैर यहाँ बात करना ाचा नहीं है चलो बहार चलते हैं वहां खुलकर बात करेंगे “

मनु ने राज को लिया और एक बार में गया …वहां राज को उसने व्हिस्की ऑफर की राज ने कहा की तुम भी पियो तोह मनु ने बता दिया की आज डाइट में पि नहीं सकता पैर कंपनी के लिए उसने सॉफ्ट ड्रिंक आर्डर कर दी …

कुछ ड्रिंक जाने के बाद राज बहकने लगा था ..तब मनु ने उससे पूछा ..

मनु “ तोह राज किस तरह की लड़कियों में इंटरेस्ट रखते हो तुम बतादो ताकि उसमे हेल्प कर सकूँ उसमे ..”

राज “ लड़की का क्या है न मनु हीछ्हः! हाँ लड़की का क्या न मनु लड़कियां आजकल हम जैसे लड़को से पता नहीं करती और पैट जाती हैं तोह नखरे करती हैं …देती नहीं हैं यार ..उससे ाचा तोह अंत्यान हैं जिनको पटाओ छोड़ो और मज़्ज़ा लो ..न शादी का झंझट न चुदाई में नौटंकी करती है उल्टा खुलकर चुदाई करती हैं अचे से “

मनु “ मतलब राज साब को अंत्यान पसंद हैं ..तोह पक्का कोई न कोई चॉइस भी होगी hi ..अब ज़रा हु भी बता दो ..”

राज “ चॉइस क्या यार बस खुलकर चुदाई करवा ले इतना काफी है …मुझे छूट से मतलब है चॉइस का ड्रामा अपने को चाहिए नहीं ..”

मनु “ तोह अभी तक कितनी छोड़ी राज साब ने ???”

राज हसंते हुए टल्ली हुआ पड़ा था उन हाथ हिला कर कहा “ अपने नसीब में no छूट no अन्त्य no लड़की ..बस तड़पना लिखा है …”

मनु राज को सँभालते हुए …” कैसी बात करते हो यार राज तुम कितने अचे हो स्मार्ट हो कोई न कोई तुमको मिलेगी hi ..वैसे तुमने चॉइस अभी भी नहीं बताई ??”

राज पूरी बोतल पि चूका था लास्ट पेग ले रहा था उसके दिमाग में अब सोचने की ताकत नहीं थी …

राज “ मनु यार तू बहुत ाचा है ..आजतक किसी ने राज के बारे में सोचा hi नहीं देख मेरे बाप को भी मेरी पड़ी नहीं है न पैसा देता है न कुछ मदद करता है उसको तोह बस बेटी नज़र आती है ऐसा बाप दुनिआ में किसी बेटे को न मिले पैर मेरी मम्मी मुह्हह्हआआ! मेरी मम्मी कितनी अछि है कितना प्यार करती है मुझे मेरे उस कमीने बाप से हर बार मुझे बचती है पैसे भी देती है ..पैर है रे मेरी किस्मत मुझे मेरी माँ से hi प्यार हो गया ..जनता हूँ सही नहीं है पैर अब तोह हो गया ..अब क्या करूँ मैं इसमें ??? देख तू मेरा भाई है न तूने पूछा था न चॉइस तोह चॉइस सिर्फ एक है मेरे लिए हु है मेरी प्यारी राजदुलारी माँ सुमन जिसके लिए मैं सीना फाड़ सकता हूँ अपना …पैर तू किसीको कहना नहीं की मैं अपनी hi माँ पैर मर मिटा हूँ दुनिआ क्या कहेगी मेरा कमीना बाप मुझे मार देगा …अब तू hi बता क्या करूँ ..घुट रहा हूँ इस प्यार में …मर रहा हूँ til-til करके मेरे भाई ..तुझे मेरी कसम किसी से कहना नहीं ..”

मनु राज को सँभालते हुए “ हाँ नहीं कहूंगा राज ..वैसे यह सब कब हुआ की तू अपनी hi माँ के बारे में ऐसे गलत सोचने लगा ??”

राज होश में नहीं था “ यार एक दिन की बात है मैंने गलती से अपने बाप और माँ को देख लिया उसी दिन से सुमन मेरे dilo-dimaag में चाप गयी ..आज तक मैंने उसको पाने की कोशिश नहीं की ..जानता हूँ गलत है ..पैर क्या करूँ यार समझ में नहीं आता ..तू तोह समझदार है तू hi बता मैं क्या करूँ क्युकी सुमन को देखकर मैं पागल हो रहा हूँ ..डर लगता है की कहीं मर न जॉन ..आज रिया की सहेली की माँ में भी सुमन मेरी माँ नज़र आ रही थी मुझे …मैं क्या करूँ …तू hi बता ..”

मनु “ तुम चाहते क्या हो मामी से ??”

राज “ छाना क्या है …यार बस मम्मी को छोड़ सकूँ ऐसा कुछ हो जाये …उसको कसकर छोड़ू ..वह भी मुझे प्यार से छोड़ने दे यही चाहता हूँ …तू मदद कर न इसमें कुछ ..”

मनु “ इसमें मैं क्या मदद करूँ ???”

राज “ देख तेरा इम्प्रैशन सभी में बहुत सॉलिड है फिर तू तेरा स्मार्ट बाँदा जिसके लिए चुटकी का काम है कुछ ऐसा जादू कर की मेरी मम्मी मुझे छोड़ने दे ..”

मनु सोचते हुए “ देखो राज अभी तुम होश में नहीं हो ..बादमे बात करेंगे ..क्युकी शायद तुमको सुबह तक याद भी न रहे की तुमने रात को क्या बात की थी..”

राज “ मेरे भाई राज बोतल पीकर भी होश में रहता है ..तू बता हेल्प करेगा या नहीं ..”

मनु “ राज कह रहा हूँ न जब उत्तर जाएगी तब बात करेंगे चलो टाइम हो रहा है ..घर चलते हैं “

राज “ नहीं यार दिन में पीकर घर जाना सही नहीं है तेरे फार्म हाउस में छोड़ दे मुझे वहां सो जाऊंगा तू अपना काम देख लेना ..”

मनु को भी यही सही लगा अभी के लिए …सो उसने farm-house ले जाकर राज को रूम में सुला दिया ..और वापस आया जहाँ जस और नीता मम रेडी थे आज डीलर के पास जाने के लिए …

घर में आते hi सुमन ने पूछा राज कहाँ है ..तोह मनु ने उसको बताया की हु अपने किसी फ्रेंड के घर गया है शाम तक आएगा ..तोह सुमन ने भी ज्यादा कुछ नहीं कहा क्युकी राज को उसके बाप के रहते बहार रहने को मिलता नहीं था सो सुमन ने सोचा ाचा है राज को चैन की सांस मिलेगी ..

उधर सूरज और सूर्यकांत आपस में लगे हुए थे ..

सूयरकान्त “ तोह सूरज तूने क्या सोचा वृंदा के बारे में ?? मानव को लेकर ??”

सूरज “ पापा इतना आसान है क्या जो इतनी आसानी से उसको अपना दामाद बनल उन ..उस पैर हु अभी स्टूडेंट है 12तह में है …आप सोच भी कैसे सकते हैं यह सब ??”

सूर्यकांत “ सोच तोह तू नहीं रहा है लड़की हमारी सोल्लगे hi नहीं post-graduation बी ख़तम कर चुकी है और अभी तक उसकी शादी नहीं हुई कितना लेट करना चाहता है तू ???”

सूरज “ पापा आपको नहीं लगता आप ज्यादा सोच रहे हो 12वि का लड़का है ..इतना आसान है उसको शादी के लिए कहना ??”

सूर्यकांत “ सोचना पद रहा है ..क्युकी सोच तू नहीं रहा है ..suraj…waise भी मैंने कोनसा सीधा शादी के लिए कहा है ..अभी रोका कर दे उसके बाद थोड़े टाइम के बाद सगाई कर देना ..जब दोनों बच्चों को सही लगेगा तब शादी कर देना …इसमें मानव की पड़े भी हो जाएगी ..और एक बार रिश्ता बन गया तब …न तेरी टेंशन रहेगी न मेरी ..रिश्ते में आने के बाद टेंशन फिर वृंदा और मानव की होगी ..सो तू सोच मत अब फैसला ले की तुझे लड़की की शादी करनी है या नहीं ..???”

सूरज “ मुझे टाइम चाहिए वैसे bhi..mujhe लड़का पसंद नहीं है ..”

सूर्यकांत खड़ा होकर सूरज का कान खींच लेता है ..” क्या कमी है मानव में तू बता मैं खुद मन कर दूंगा फिर तू जिससे कहेगा मैं उसी से अपनी पोती की शादी करवा दूंगा ..बता क्या कमी है उसमे बोल “

सूरज को कान खींचने से ज्यादा दर्द इस बात पैर हुआ की उसका बाप मनु पैर अदा हुआ है ..

पैर सूरज जोकि अभी तक मनु की कमी पता नहीं लगा पाया था कहता भी तोह क्या सो कुछ नहीं बोलै …

सूर्यकांत ने सूरज का कान छोड़ दिया और बड़े प्यार से उसके सर पैर हाथ रखकर कहा “ देख बीटा तेरे बाप ने बहुत दुनिआ देखि है तू ज्यादा सोचेगा तोह अपनी बची ऐसे hi रह जाएगी क्युकी मैं अचे से जानता हूँ अपनी पोती को जिसको हर लड़के में कमी नज़र आती है पहली बार उसको कोई लड़का ाचा लगा है ऐसे में तू पुराणी फिल्मो के विलन बाप जैसा काम मत कर देख जो तू चाहता है वही मैं चाहता हूँ अपनी पोती की ख़ुशी ..जो सिर्फ मानव के साथ नज़र आती है मुझे ..बाकी तू सोच ले ऐसे लड़के रुका नहीं करते कई बार तुझे समझा चूका हूँ ..लड़का है सोल्लगे में जायेगा तब वहां कोई और बाप तेरे जैसा सोचेगा नहीं की मजदूर का बीटा है ..क्या करता है ..लड़की का हाथ उसके हाथ में दे देगा तब तू अपना यह दिमाग पीटते रहना क्युकी तब लोस्स तेरा hi नहीं हमारी बची का होगा ..सो सोच मगर जल्दी “

सूरज सोचने लगा था …पैर दोनों को यह पता नहीं था ..की उनकी बातें वृंदा ने बहार आते हुए सुनली thi..jo यह सुनकर हैरत में थी की मनु को उसके दादू और उसके पापा क्या समझ रहे थे ..उसके दिमाग में यह सब बातें क्या असर करने वाली थी …यह वृंदा को hi पता था ….पैर उसने यह सब सुनकर दोनों से कुछ नहीं कहा ..उल्टा अपने रूम में चली गयी वृंदा …

इधर मनु और जस नीता मम डीलर से मिलने जा रहे थे बिना यह जाने की आज डीलर से मिलने से साइट के साथ नया सरदर्द उनका इंतज़ार कर रहा था …जिसका पता तोह वक़्त और किस्मत को hi था ..
:हिंट:
 
Back
Top