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रिकैप..
रजिनि ने मैं में कोई फैसला किया सामने से राजिंदर अपनी बाइक पैर घर ऑफिस से वापस लौटकर जा रहा था …उसने राजिंदर को देखा तोह रजिनि के चेहरे पैर एक शैतानी मुसकुराहट आ चुकी थी…
रजिनि “ अब मेरे बेटे का सपना जल्दी hi पूरा होकर rehegaa,,hahahahahahah!!!!!”..
अब आगे.....
मनु कॉल आते hi तेज़ी से अपनी बाइक पैर मॉल पहुंचा …उसने वहां अजय और उन लड़कियों को देखा …ऐसे टाइम में जहाँ उन लड़कियों को अपनी दोस्त की चिंता रही होगी …पैर फिर भी मनु को देखते hi तीनो के दिलों में एक साथ पहला जो ख्याल आया हु था ….” है कितना हैंडसम हुनक है …बिलकुल किसी हीरो जैसा काश यह मेरा हो जाये …???” पैर हीरो हर किसीको पसंद होता है …पैर किस्मत में किसी ख़ास के …पैर इस्तिमे मनु को अजय की चिंता थी …की कहीं अजय जल्दी बाज़ी में कोई हीरोगिरी न कर दे ..पैर अपने भैया की सोच से अलग अजय ने कोई ऐसी बचकानी हरकत नहीं की थी …
अजय अभी तक सोच रहा था की हीना की मदद में मनु का क्या हाथ है …पैर यह टाइम अभी इस बात का नहीं था ..अभी हीना का पता लगाना ज्यादा जरूरी था …
मनु ने आते hi साड़ी बात पता की …अजय और उन लड़कियों ने भी ज्यादा सवाल किये बिना मनु को सब बतादिया …
मनु “ किसी ने उसके भाई को कुछ बताया ??? या पुलिस को इन्फॉर्म किया या नहीं ???”
लड़की 1 “ हम तोह बस अभी तक सदमे से नहीं निकल प् रहे हैं की अचानक से हीना के साथ यह हुआ कैसे भला उसकी किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है ???”
मनु “ इस बात का पता तोह उसका भाई बेहतर बता सकता है ???”
मनु ने मास्टर को कॉल किया और उनसे कहा की शहीद का नंबर जल्द से जल्द उसे दे दिया जाये …मास्टर ने पूछा तोह मनु ने सब बता दिया तोह मास्टर ने इतना कहा “ पहले सब अचे से समझ लो उसके बाद hi कोई कदम लेना क्युकी मामला शहीद की बहिन का है और शहीद से पहले पता करो की बात क्या है??? क्युकी उसे बताना भी जरूरी है सो उसे बता दूंगा या तुम्हारे पास भेज दूंगा …सो तुम देख लेना और पुलिस को सबसे पहले इन्फॉर्म कार्डो क्युकी यह ज़रूरी है …” मास्टर ने और भी बहुत कुछ मनु को कहा ताकि मनु सही डिसिशन ले सके..
मास्टर ने शहीद को मनु से मिलने जल्द से जल्द मॉल में मिलने को कहा …और शहीद भी समझ गया की कोई बात तोह है जो अचानक से रॉकी ने उसे दो साल बाद मिलने बुलाया है वर्ण उसने कई बार मास्टर से रॉकी उर्फ़ मनु से मिलने को कहा था …पैर मनु के मन करने की वजह से शहीद उसे नहीं मिल पाया था …पैर आज अचानक से रॉकी का उसे मिलना मलतब कुछ तोह गड़बड़ है ??
शहीद भी अपने दिमाग में अनेक सवाल लिए मॉल आ रहा था …तब तक मनु ने हीना की सहेलियों से पुलिस को कॉल करके इन्फॉर्म करने को कह दिया था …क्युकी उस टाइम हु उसके साथ hi मौजूद थी …हु पुलिस को सिचुएशन बताने में बस्सी थी …तोह मनु ने अजय पैर फोकस किया …क्युकी उसका चेहरा बता रहा था …की उसके दिमाग में काफी सवाल होंगे …और क्युकी मनु अजय को अचे से समझता था …सो ऐसे में मनु नहीं चाहता था ..की अजय पुलिस के या शहीद के सामने रॉकी की जगह मनु का नाम ले या कोई बात बिना सोचे समझे कहे …क्युकी मनु हमेशा फॅमिली को इन सबसे दूर रखता आया था …और आज भी शायद दूर hi रखता ..पैर किस्मत के आगे किसीकी चलती है जो मनु की चलती ???क्युकी मनु के हीना को 2 साल पहले बचने के बाद से आज अजय और हीना का अचानक से मिलना किस्मत का खेल नहीं तोह क्या होगा ?? खैर..
अजय के कंधे पैर मनु ने हाथ रखा और एक साइड ले जाकर बोलै…” मैं जनता हूँ की यह सब तेरे लिए अजीब है ..पैर इतना भरोसा रखना की मैं गलत नहीं हूँ …और एक बात और यहाँ यह सब बात करने का टाइम नहीं है सो जैसा मैं कहूं सिर्फ उतना करना और रिएक्शन जितना काम हो सके उतना काम देना क्युकी मैं नहीं चाहता की किसी चीज़ को लेकर मुझे कालको गलत समझो …सो जो पूछना है घर पूछ लेना और तुम अब घर निकल जाओ क्युकी मैं नहीं चाहता की तुम इनसब में पदों अभी सो जो पूछना है घर पैर पूछ लेना ???”
अजय “ भैया मैं आपको गलत कभी नहीं समझ सकता और मुझे अचे से हीना ने बता दिया था …की आपने कैसे उनकी और उनके भाई की मदद किट hi…so आप टेंशन फ्री रहो मेरी तरफ से और मैं बस घर निकल रहा हूँ …टेक केयर एंड ी क्नोव ु विल सेव हीना …आफ्टरऑल हीरो सेव थे गर्ल …” अजय ने जाते हुए मुस्कुरा कर कहा ..उसकी बात पैर मनु भी थोड़ा मुस्कुरा पड़ा ..
अजय जा चूका था उसके जाते hi शहीद वहां आ चूका था …मनु ने तोह शहीद को देखते hi पहचान लिया पैर शहीद मनु को पहचान नहीं पाया क्युकी जब शहीद उसे मिला था तब मनु 16 साल का था आगे के साथ मनु की हाइट और बॉडी दोनों में 2 साल में काफी बदलाव आये थे सो ऐसे में शहीद उसे भला कैसे पहचान पता ..पैर मनु ने खुद आगे बढ़कर उसे बताया की हु hi रॉकी है और शहीद उसके गले मिला …और मनु ने भी उसे यहाँ क्यों बुलाया था ..सब बता दिया शहीद तोह सुनकर गिरने को हुआ की उसकी जान से प्यारी एक लौटी बहिन जिसके आलावा उसका दुनिआ में और कोई नहीं है उसका किडनैप हो चूका था …मनु ने शहीद को समझया की हु चिंता न करे और उसमे हु और पुलिस उसकी हेल्प करेगी उसकी …शहीद से मनु और कुछ बोल पता उसे पहले hi पुलिस आ चुकी थी …
और पुलिस ने अचे से सिचुएशन का पता किया …उन लड़कियों ने भी पुलिस को अचे से बता दिया …अब क्युकी मामला लड़की का दिन धड़े किडनैपिंग का था …और कहीं और से नहीं मॉल से सो पुलिस ने सबसे पहले रुख किया कक्तव रूम का जहाँ उन्होंने टाइम के साथ क्लिप को देखा मनु भी उनके साथ था शहीद को सहारा देने के नाम per..or क्युकी मास्टर ने ैप जोकि उनके अचे दोस्त थे उनको सब समझा दिया था …सो पुलिस ने भी अभी सिर्फ लड़की पैर फोकस किया …और कक्तव में दिख रहा था की …कोई 4 बन्दे थे ज्यादा आगे के नहीं और सभी ने फेस कवर किया हुआ था …बस पार्किंग से हीना के निकलते hi उसे wagon-r में खींच लिया था …और गाडी उसके बाद निकल चुकी थी …मनु ने भी रहत की सांस ली की उसके बाद की क्लिप को पुलिस ने चलाया नहीं क्युकी शायद उसमे अजय होता ??? क्युकी अजय ने मनु को बताया था की हु उस कार का पीछा कर चूका था ..पैर यह ाचा हुआ की उसमे पिलर के पीछे का हिस्सा कवर नहीं हुआ था वर्ण अजय का भागना और उसकी सहेलियों के साथ अजय का होना पुलिस को अजय से बात करने पैर मज़बूर करता …
पुलिस ने उसके बाद वहां के अस्स पास के हर हिस्से पैर वायरलेस से बता दिया की कार में 5 लोग है और एक लड़की है जिसका किडनैप हुआ है कार का कलर और हीना का डिस्क्रिप्शन हर चौकी में बता दिया गया ताकि हीना का जल्द से जल्द पता लग सके …पुलिस भी अपनी तरफ से हर कोशिश में लगी हुई थी …मनु को अजय ने कार का नंबर लेते hi हु पिक फॉरवर्ड कर दिया था …और जिसे मनु ने भी पुलिस को दे दिया था …पुलिस ने कहा भी था जिस तरह से उन्होंने हीना को दिन में और भीड़ बहरे जगह से किडनैप किया था उसमे चांस काम थे की ऐसा नंबर सही हो ..और वैसा हुआ भी था …पुलिस ने जब उस नंबर का रिकॉर्ड चेक किया था तोह उनको साफ़ पता चल रहा था की यह फ्रॉड नंबर या नकली नंबर था …अब मनु भी सोच में था …ऐसे में शहीद का हाल और पुलिस की कारवाही सिर्फ इस बात पैर निर्भर थी की हीना का कुछ पता चले ..और शहीद ने इस बात से भी इंकार कर दिया था …की उनका कोई दुश्मन हो …ऐसे में सोचना तोह लाज़मी था की बिना किसी दुश्मनी के कोई दिन में भीड़ भरे मॉल में से हीना को क्यों ?? किडनैप करेगा ??
ऐसे में पुलिस को एक टिप पास के ठाणे से मिली जो जवाब में कहा गया उसे वायरलेस पैर सुनकर वहां सभी को गुस्सा आ चूका था “ बात जो उन्होंने कही उनका कहना यह था की पिछले कुछ महीनो से लडकियां अचानक से किडनैप हो जाती थी …और उसके बाद उनका पता कहीं नहीं चलता था ..यह कोई अलग सा ग्रुप था जो लड़कियों को किडनैप करता था ..और हीना को मिलकर अब तक 48 लड़की इसका शिकार हो चुकी थी और किसी का कुछ पता नहीं लग पाया था …और इसको या तोह लड़कियों का रैकेट जिसे जिस्मफरोशी का नाम भी कह सकते हैं या कोई ह्यूमन बॉडी part या ह्यूमन ऑर्गन का ग्रुप या ह्यूमन ट्रैफिकिंग की तरह भी देखा जा सकता है ??? क्युकी यह पॉसिबल है हीना इन तीनो में से किसी के पास हो …
यह सुनकर शहीद का तोह क्या वहां हर किसी का दिल बेथ चूका था …शहीद पुलिस को बता चूका था की उसका हीना के अलावा दुनिआ में कोई नहीं hai..so ऐसे में पुलिस वाले भी तोह इंसान hi होते हैं उनको भी शहीद और हीना के लिए बुरा लग रहा था …हर कोई हीना की सलामती की दुआ मांग रहा था …कहते है मर्द रट नहीं पैर आज शहीद के आंसू देखकर किसी पहाड़ का दिल भी भर आता …ऐसे में पुलिस ने भी शहीद को घर जाने को कहा ताकि आगे हु भी हीना को ढूंढ सकें ..पैर ऐसे में शहीद अकेला घर जाता तोह उसका हाल और बुरा हो जाता क्युकी उसे शम्भालने को भी कोई चाहिए था …सो मनु सोच रहा था ..की हु क्या करे ? हु सोच hi रहा था की उसके दिमाग में एक ख्याल आया …और मनु शहीद को पुलिस के साथ छोड़कर एकांत में आया और उसने सुल्तान को कॉल किया …
सुल्तान ने उसका कॉल पिक किया “ और हीरो भाई आज कैसे याद कर लिया …?? अपने इस भाई को …???”
मनु “ भाई सॉरी आप गलत न समझना पैर आपसे अभी कुछ काम है …”
सुल्तान “ आज तोह कह दिया आगे से कभी यह मत कहना तुम जानते नहीं तुमने कितनी बार मेरे लिए कितना कुछ किया है ..और आज जब मेरी जरूरत पड़ी तोह मैं तुमको गलत समझूंगा ….इससे ाचा तोह भाई hi न मानते यार …???”
मनु “ सॉरी भाई …आप मुझसे सिकवा बाद में करलेना अभी सिचुएशन अलग है भाई और अभी हो सके तोह थोड़ी हेल्प चाहिए आपकी ???” सुल्तान भी समझ गया कोई मटर सीरियस है वर्ण मनु कुछ न कुछ कहता ज़रूर ..
उसके बाद मनु ने साडी बात हीना के किडनैप से लेकर शहीद की हालत तक कैसे hi उन्हें बता दिया …सुल्तान ने भी मनु को हेल्प करने को कहा क्युकी लड़की के कारोबार में उसका बड़ा नाम था …और ऐसे में अगर हीना का किडनैप किसी jaan-pehchan के इंसान का काम है तोह ..उसमे सुल्तान ने भी उसकी हेल्प का कहा …सुल्तान ने उसके बाद कॉल कट किया और अपने हर सोर्स से पता लगाने को कहा …
उधर मनु कॉल कट करके हटा hi था सामने से सुनील गुरु जी कार में मनु के सामने थे ..मनु उनके पास गया और पूछा क्या बात है …गुरु जी ने मनु को बताया की मास्टर ने hi उन्हें उसके पास भेजा था …ताकि मनु की हेल्प हो सके ..??
तोह ऐसे में मनु को शहीद की चिंता ज्यादा थी …सो मनु ने गुरु जी को शहीद को अपने साथ रखने को कहा ताकि हु फ्री मंद से हीना का पता लगा सके ..
क्युकी पुलिस भी शहीद को घर जाने को कह चुकी थी …सो मनु ने भी शहीद को गुरु जी के साथ जाने को कहा ..
शहीद “ रॉकी मेरे यार …यह सब क्या है …अगर मेरी हीना को कुछ हो गया तोह शायद मैं भी जिन्दा न रह सकूंगा …मुझे मेरी हीना से मिला दो …मुझे तुम पैर पूरा भरोसा है की तुम पक्का मुझे मेरी गुडिअ से मिला डोज …बोलो क्या तुम मुझे मेरी हीना से मिलवा डोज ???” शहीद ने रट हुए कहा ..
मनु “ शहीद भाई यह सब क्या है …आप तोह समझदार हैं पुलिस लगी हुई है और हम भी अपने हर तरह के जान पहचान में हीना का पता लगा रहे हैं हीना आप के पास होगी हर हाल में ..”
शहीद “ नहीं ऐसे नहीं पुलिस ने कहा मुझे याद है 48 लडकियां मिसिंग है सो ऐसे में हीना का क्या पता लगेगा मुझे पता है ….पैर मुझे तुमपर पूरा भरोसा है सो मुझे वडा करो …की हीना को तुम हर हाल में ले आओगे ???”
मनु शहीद की हालत अचे से समझ रहा था और ऐसे में शहीद से बहस करके हु टाइम नहीं बेकार करना चाहता था …क्युकी हीना को किडनैप हुए 1 ½ घटा हो चूका था ….
मनु बोलै “ ठिका है वडा रहा हीना शाम से पहले आपके पास होगी सही सलामत अभी आप गुरु जी के साथ जाओ ..और अपना ख्याल रखना …”
मनु ने शहीद को गुरु जी के साथ भेज दिया और सोचने लगा …मैं में “ यार वडा तोह कर दिया पैर जब पुलिस नहीं ढूंढ प् रही है तोह शाम तक कहाँ से ढूंढूंगा हीना को और शहीद भी कुछ अजीब है …भला मुझसे वडा क्यों मांग रहा था …यार मैं भी इंसान हूँ कोई सुपरमैन तोह नहीं …पैर अब बोल दिया सो बोल दिया अब हीना को ढूंढना ज्यादा जरूरी है ..”
मनु ने उसके बाद सुल्तान को कॉल किया तोह पता चला सुल्तान भी काम पैर लग चूका था …मनु ने हीना की प्रेजेंट पिक सुल्तान को फॉरवर्ड कर दी थी सुल्तान के हर बन्दे के साथ में हु पिक थी …जिसको अब सुल्तान का पूरा गैंग सरगर्मी से ढूंढ रहा था …और यह सब सुल्तान मनु को बता चूका था ..मनु ने उसके बाद कॉल कट की और सोचने लगे अब शुरुवात कहाँ से की जाए ..
ऐसे में उसे घर से कॉल आया …जो अजय का था ..मनु ने पिक किया …
मनु “ हाँ अजय बोल तू घर सही से पहुँच गया न ??”
अजय “ हाँ भैया …मैं सही हूँ पैर एक बात वहां आपसे कह नहीं पाया …उस टाइम दिमाग में नहीं आया .”
मनु “ हु क्या ???”
अजय “ भैया मैंने उस कार को अंडर से देखा था उसमे जो लोग थे हु त्रिनेड लग रहे थे लग रहा था कोई वजह है हीना को ले जाने की …???”
मनु “ यार अजय जेम्स बांड का काम बाद में कर लेना यह तोह पुलिस भी बता चुकी है …उसमे नया क्या है ???अभी प्रॉब्लम यह है की उनको ढूंढा कहाँ जाए ..”
अजय “ क्या भैया आप मुझे जेम्स बांड भी कहते हो और मुझे लल्लू भी समझते हो …उसका इंतज़ाम भी मैंने किया है ताकि आप बिना दिक्कत उनको ढूंढ सको ??”
मनु मुस्कुरा कर “ समझ गया मर बांड आपने यहाँ भी कुछ करामात की होगी सो …व्हाट ु दोने थिस टाइम मर बांड ???
अजय “ क्या भैया आप भी मलतब कोई मज़ा नहीं लेने देते ..खैर मैंने अपना मोबाइल लोकेशन ों करके उस कार के उप्पेर एक सामान रखने वाली ट्राली सी है उसमे फिक्स कर दिया है …सो प्ल्ज़ अपने मोबाइल से मेरे मोबाइल को बस फॉलो करलो और हीरोइन को हीरो की तरह बचा लो …वैसे लड़की सूंदर और स्मार्ट है ..”अजय ने उसके बाद बिना कुछ सुने कॉल कट करदी ..
मनु को अजय से बात करके एक नयी उम्मीद जाग चुकी थी की ..अब शायद हु हीना को बचा ले …ऐसे में मनु ने बाइक को लिया और रास्ते में सबसे पहले टैंक फुल करवा लिया ताकि बस फ्री मंद से हीना को ढूंढ सके …और उसके बाद मनु अपने मोबाइल पैर अजय के मोबाइल के लोकेशन को फॉलो करने लगा …
उधर हीना को होश आ चूका था …वह किसी खली गोड़ावण में खुद को पाती है …उसके हाथ बंधे हुए थे उसके पेअर भी बंधे हुए थे …उसके मुँह पैर भी कुछ बंधा हुआ था कुछ कपडा या रस्सी उसे समझ नहीं आया क्या …
हु 4 बन्दे जो उसको यहाँ लाये थे …हु भी अचे से नोटिस का चुके थे की हीना अब जाग चुकी है …पैर अभी तक उनमे से किसी ने हीना को टच नहीं किया था …हीना के होश में आते hi उनमे से एक ने हीना के मुँह से कपडा निकला और उसे पानी दिया ..
हीना ने डर के मारे पिया नहीं उसने कहा “ पि लो हमे पता है तुमको अभी पियास लगी होगी सो पानी पि लो जब तक हमारी बात मानोगी तब तक सेफ हो और बात नहीं मानी तोह …” उसने एक तरफ इशारा किया सो हीना डर गयी वहां देखकर …क्युकी वहां एक लाश थी किसी लड़की की जो पूरी नंगी पड़ी थी उसका हाल कुछ ऐसा था जैसे उसका ऑपरेशन किया गया हो या उसकी कोई सर्जरी की गयी हो …जो भी हुआ हो पैर लगता था …की जिसने भी किया था …उसे इस बात की कोई फ़िक्र नहीं थी की यह लड़की जिन्दा बचे या नहीं …
हीना उस लड़की के नंगे जिस्म और खुली आखें देखकर चीक उठी थी …पैर उन चारों को जैसे इसकी कोई परवाह hi नहीं थी …शायद उनके लिए अगला टारगेट हीना हो …
उनके चेहरे अभी ताकि जोकर मास्क से कवर थे सो सवाल hi नहीं था …की उनका असली चेहरा किसी को दीखता …
उनमे से एक जिसने हीना को पानी दिया था हु हीना से बोलै “ जानेमन तू डर मत यह तोह चलता रहता है ..पहले तोह सोचा था …किट ेरे भी ऑर्गन निकल कर ाचा पैसा बनालेंगे ..या तुझे बेच कर कुछ ाचा करेंगे …पैर टूट ओह इतनी चिकनी है की मेरा दिल फिसल गया है तुझपर ..और अब सोचता हूँ की एक बार तुझे चख लूँ और उसके बाअद आगे का सोचूंगा …हाहाहाहाहा!???”
हीना “ मैंने आपका क्या बिगाड़ा है मैंने तोह आजतक किसी से कुछ कहा भी नहीं देखिये मैं किसी और को चाहती हूँ आप उपपरवाले के नाम पैर मुझे छोड़ दें प्ल्ज़ आपने भी किसीको कभी प्यार किया होगा ..आपको उसका वास्ता ..?” हीना उसकी बात सुनकर अचे से समझ चुकी थी की आज फिर उसकी जान से ज्यादा इज़्ज़त पैर खतरा है …पैर तब तोह रॉकी ने बचा लिया था ..पैर आज तोह 4 दरिंदे हैं और रॉकी का यहाँ आना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन है क्युकी 2 साल से उसका पता आज तक नहीं चला था हीना को …
(अब आप कहोगे की शहीद जब मास्टर के पास काम करता है तोह मनु का पता क्यों?? नहीं चला अभी तक उसे तोह वजह साफ कर देता हूँ मनु नहीं चाहता था की …शहीद और हीना को उसका असली नाम और उसके बारे में या उसकी फॅमिली के बारे में पता चले …सो मास्टर को उसने इसके बारे में मन किया हुआ था की शहीद को हु रॉकी उर्फ़ मनु के बारे में ज्यादा कुछ बताएं …सो आगे आप समझदार हैं )..
हु जोकर मास्क वाला 1 “ अरे जानेमन प्यार की किसको पड़ी है बस तुम एक चांस दो उसके बाद तुम देखना तुमको हमसे भी प्यार हो जायेगा ???
हीना “ देखिये भाई जान मैं किसी और को अपने जिस्म अपनी रूह का मालिक मान चुकी हूँ सो आ पैसे गंदे अलफ़ाज़ न कहे ..यह मेरे प्यार की तोहीं है ..”
जोकर मास्क 2 “ अरे तू डर मत एक बार तू उसका मज़्ज़ा तोह लेकर देख ले कोनसा तेरे प्यार करने वाले को पता चलने वाला है एक बार से …उसके बाद टब hi आज़ाद हम भी आज़ाद और वैसे तोह यहाँ तेरे पास आलरेडी चार चॉइस हैं तू कहाँ रोज़ एक लैंड लेती होगी आज तेरा भी टेस्ट बदल जायेगा …सिर्फ एक चांस लेकर देख ..” उसकी बातों ने हीना को गुस्सा दिला दिया था पैर उसने शांति से कहा ..
हीना “ वह भाईजान आप सही हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप मुझे न जाने क्या क्या कह रहें हैं …आपको मुझे मरना हो तोह आपकी मर्ज़ी अगर उस लाश की तरह मेरे जिस्म के टुकड़े करने हैं तोह भी कोई बात नहीं मैं समझूंगी की मेरे इन भाइयों की शायद कोई जरूरत होगी ..पैर मुझे चुने की गलती न करना मैंने आज तक खुद भी खुदको हाथ सिर्फ अपने प्यार के सजने के लिए लगाया है मेरी रूह का मालिक भले hi दूर हो पैर मेरा भरोसा है हु आज नहीं तोह कल मुझे ज़रूर प्यार करेंगे …और नहीं भी किया तोह कोई परवाह नहीं मैं मर सकती हूँ पैर किसी और को अपने जिस्म को छूटे देखना मुझे बर्दास्त नहीं है …”
हु जोकर मास्क 1 “ चल जब तूने हमको भाई कह दिया है तोह अब वक़्त का तकाज़ा है की हम सब बहनचोद बन जाएँ …सो रानी तैयार हो जा ….लोडे के लिए क्युकी जैसे तेरी गर्मी और तेरा उजाला बदन है वैसे तोह हमने सिर्फ किसी फिल्म में hi देखा है …सो उसके लिए अगर हमे बहनचोद बनना भी पड़े तोह हु भी मंजूर है …हहहहहह!”
उसकी शैतानी हंसी सुनकर हीना समझ गयी की उसकी इज़्ज़त तोह यह कमीने छोड़ने वाले नहीं है …सो उसका दिल अपने मैं में उपपरवाले को याद करने लगा …”उपपरवाले अगर मैंने सुच में अपने रूह और जिस्म के मालिक को सुच में पूरी ईमानदारी से चाहा है तोह बस एक बार मुझे आखरी बार उसे देखना है …उसके बाद चाहे मैं मर जॉन मुझे परवाह नहीं …और मेरा मरना तोह आज तय हो चूका है क्युकी अगर इनमे से किसी ने भी मुझे चुने की कोशिश किट ओह उसके बाद मैं खुद को ख़तम कर लुंगी सो …उपपरवाले कहते हैं मरने वाले की आखिरी खाव्हिश तोह कोई भी पूरी करता है तोह मेरी आखरी खाव्हिश यही है की मेरी रूह का मिल्क एक बार मुझे देखना है …उन्हें मैं कैसे कहूं की मैं सिर्फ उन्ही की हूँ …मेरा सब कुछ सिर्फ उनके नाम है ??? या परवरदिगार उनको एक बार मुझसे मिला दो “
हीना अपने मैं में हर घडी दुआ कर रही थी …हु जोकर मास्क वाला बाँदा हीना के सामने बाद रहा था …उसके सामने हीना बेबस और लचर सी बैठी हुई थी ….गोड़ावण काफी बड़ा था …कोई ओल्ड फैक्ट्री में यह बंद पड़ने के बाद था ..गोड़ावण फैक्ट्री के बंद होने के बाद भी अछि कंडीशन में था …उस गोड़ावण में कई रस्ते थे और कुछ सामान भी पड़ा हुआ था …कुछ दिनों से इस ग्रुप का अड्डा था यह गोड़ावण जिसमे यह इन्होने नया लैपटॉप और काफी साड़ी मेडिकल का सामान रखा हुआ था …
हु जोकर मास्क वाला आगे बाद रहा था हीना का दिल कांप रहा था की तभी किसी लड़की की चीख सुनाई दी उनको ..
जोकर मास्क 3 “ अबे तुझे बोलै था न …उस लड़की का मुँह बंद कर देना पैर तुम साले सिर्फ छूट के बहुत ho…aaj उसका ऑर्गन ट्रांसफर होना था …साली चुद चुद कर किसी काम तोह रह नहीं गयी है सो सोचा …की उसके बॉडी part बेच कर कुछ कमाई हो जाये पैर साले तुमको तोह छूट के बहुत से फुर्सत नहीं …अब भुग्तू..”
जोकर मास्क 2” यार यह कोई पहली तोह है नहीं पहले तोह कितनी लड़किया हमने विदेशों में बेचीं हैं सो इस पैर दिल आ गया क्या कर सकते हैं ..और बॉस ने भी परमिशन दे दी थी एन्जॉय करने की सो तेरी गांड क्यों जल रही है साले ..???”
जोकर मास्क 3” साले बॉस का कहना सिर्फ इतना था की जो हमको चाहिए उसके लिए बहार से किसी को उठाना है उनके स्लॉट में से नहीं पैर साले तुम सुनते कहाँ हो …ाचा अब इसका क्या करना है ???”
जोकर मास्क 1” मेरी मानो तोह इसको पहले इसको छोड़ लेते हैं उसके बाद सोचेंगे की करना क्या है ??”
हीना अंदर से कांप रही थी कुछ देर पहले उसने कह दिया था की उसकी जान ले लो पैर उसे अब समझ आया की यह सुच में कोई दरिंदे हैं जो पहले उसकी इज़्ज़त लूटने वाले है और उसके बाद उसके बॉडी part..
उसका दिल बाद दुआ कर रहा था की बस कैसे भी हु एक लास्ट बार रॉकी को देख ले ..
उधर कहीं किसी अज्ञान सी बिल्डिंग में कुछ लोग जमा थे …जिनके सामने एक औरत बहुत सुन्दर और हसीं सी बैठी थी जो किसी अँगरेज़ जैसे गोरी चिट्टी थी उसका गोरा तरशा हुआ जिस्म जो अपने आप में संगेमरमर को टक्कर देने को काफी था ..उसमे उसका ज़ालिम 36बी.26,36 का कातिलाना फिगर …जिसे देखकर कोई भी अपना सब कुछ हार जाये सिर्फ उसे चुने के लिए …पैर यहाँ उसके आगे 7 मजब्बूत्त कद काठी के लोग अपनी निगाह निचे किये बैठे थे ….
उसने एक से पूछा “ हम्म सो आपने कहा इस बार आपको डिलीवरी थोड़ी जल्दी चाहिए सो आपको डिलीवरी जल्दी मिल जाएगी मेरी सर से बात हो चुकी है बस अमाउंट ज्यादा लगेगा??”
उस आदमी ने निचे निगाह के साथ जवाब दिया “ मिस सोफ़िया ,,आप जैसा कहें मेरी औकात नहीं की सर को मन कर सकूँ या आपको कुछ कह सकूँ बस सर को इसके लिए मेरी साइड से थैंक्स कह देना आप ??”
जी हाँ उसका नाम था मिस सोफ़िया और उसके बॉस का असली नाम कोई नहीं जानता था जनता था तोह कोई सिर्फ मिस सोफ़िया को जो अपने बॉस मर बॉस के नाम से डील किया करती थी …और बॉस यह नाम हु था जो पिछले कुछ सालो में बहुत ज़ोर से उप्पेर आ रहा था काळा कामो के लिए …और उसका असली नाम और पता शयद hi कोई जानता हो पैर मिस सोफ़िया को हर कोई अचे से जानता था …क्युकी सोफ़िया को न जाने क्या मज़्ज़ा मिलता था हर मर्द को निचा दिखने में उसके जिस्म के चाहनेवाले बहुत थे पैर सोफ़िया की आँखों में कोई आँख डालकर कुछ कह सके ऐसी वहां लोगों में हिम्मत नहीं थी …क्युकी एक आदमी ने सोफ़िया को किसी पार्टी में ी लव ु कह दिया था उसके बाद मर बॉस के लोगों ने उस आदमी का हर हिस्सा उसके जीते जी काटवा डाला था …और उसके फॅमिली के हर मेंबर को जिन्दा जला दिया था …जिसने भी यह सुना उसका दिल कांप उठा था इस घटना के बाद उसके बाद हर हु मर्द जो मिस सोफ़िया के सामने होता हु सोफ़िया से नज़र झुककर बात करता क्युकी सोफ़िया थी hi इतनी हसीं की जो उसे देखता उसका दिल मचल जाता …पैर दिल के चलते लैंड के साथ हाथ पाँव भी जरूरी होते हैं सो आगे आप समझ चुके होंगे की सोफ़िया से सब क्यों डरते थे ..
और मर बॉस को कोई क्युकी जानता नहीं था सो उसका यह फिजियोलॉजिकल गेम उसको अलग से लोगों का दिल दहला देता था …
खैर उस मीटिंग के बाद सोफ़िया उठी और साड़ी रिपोर्ट उसने अकाउंटेंट को बॉस को देने को कहा ..और अपने घर चली गयी …
उधर …हीना को हु चरों डरा रहे थे की हीना खुद उनके साथ चुदाई के लिए हाँ केहड़े पैर हीना मानने को त्यार नहीं थी …उसने उन चारों को अचे से सुना दिया था …हु भी अब फ़्रस्ट्रेटेड हो चुके थे …
हीना “ आप कैसे भाई हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप बहिन के साथ ची …कैसे है आपके माँ बाप जिन्होंने आपको कैसी तालीम दी है …और बहिन के साथ मलतब आपकी अगर सगी बहिन होगी तोह भी आप यही कर्नेगे..??”
जोकर मास्क 2 “ बस बहुत हुआ बहिन की लोदी कितनी देर से मन रहे हैं तुझे पैर तू मानने को त्यार नहीं हमारे माँ बाप को गाली देती है और हमारी बहिन से अपनी बराबरी करती है …मादरचोद लड़की का क्या है कोई और होगी चुदाई के लिए पैर तू अब सिर्फ मारेगी और कुछ नहीं …लैंड सलामत तोह छूट बहुत हैं दुनिआ में ” उसने एक साइड से एक लम्बा सा चाक़ू उठा लिया ..और हीना की तरफ बढ़ने लगा …हीना की तरफ बढ़ते उसके कदम और हीना की धड़कने तेज़ी से बाद रही थी …
उसके साथी भी समझ चुके थे …किआ अब उसे समझने से कोई फरक पड़ने वाला नहीं ..पैर अज़्ज़ेब बात बचे हुए तीनो में से कोई उसे रुकने को नहीं बोलै ..
हु आगे बाद रहा था और हर पल बाद रही हीना की हर धड़कन सिर्फ एक hi नाम जप रही थी …और हु नाम था “”””रॉकी …रॉकी और सिर्फ रॉकी ..”” हीना अपने दिल में यही दुआ कर रही थी की बस अपने मरने से पहले एक बार ………..बस एक बार …..वह अपने रूह के मालिक रॉकी को देखले ..पैर उसका दिमाग भी उसे कह रहा था जिसने 2 साल से नहीं देखा हु आज कहाँ से उसे अचानक दिख जायेगा …उसका दिल इस ख्याल के आते hi बेथ सा गया था ……अजीब बात है न शहीद को याद नहीं किया जबकि शहीद का उसके शिव और कोई नहीं है ..पैर उस अनजान रॉकी को हरपाल याद कर रही थी हीना जिसे सिर्फ हु चाँद पल hi मिली थी …और हर बार जब हु रॉकी से मिली तोह रॉकी ने उसके लिए कुछ न कुछ किया …चाहे देहरादून में उन 3 लड़कों को मार्डन हो जिन्होंने हीना के साथ रपे करने की कोशिश की थी … उसके दिल में रॉकी का नाम की न मिटनेवाली श्याही से लिख दिया था किसीने …
पैर अब हर पल हु मास्क वाला बाँदा उसके पास जैसे आगे बाद रहा था वैसे वैसे उसका दिल रॉकी के आने की उम्मीद छोड़ रहा था …हु जोकर मस्क्वाला हाथ में लम्बा सा चाक़ू लिए हीना के सामने था उसके हाथ और पेअर अभी तक वैसे hi बंधे हुए थे …
हीना के सर के पास उसका चाक़ू लहरा रहा था हु हीना ने अपनी आँखें बंद कर ली डर से या दुआ में पता नहीं और उसके वार का इंतज़ार करने लगी …पैर कुछ सेकंड बिट जाने के बाद भी उसके उप्पेर वार नहीं हुआ …पैर उसके सर पैर कुछ गीला -गीला सा गिर रहा था हीना ने उसे देखने के लिए आँखें खोला तोह उसकी आँखों में ख़ुशी से आंसू आ चुके थे क्युकी उसके सर पैर पड़ने वाले वार को उसके रूह के मालिक रॉकी ने अपने हाथों के बिच में रोकक लिया था पैर हाथ में चाक़ू के घूमने के बाद लग जाने वाले कट के चलते उसका खून हीना के सर से होते हुए उसके चेहरे तक जा रहा था …
हीना ने तोह जीने की साड़ी उम्मीद hi छोड़ दी थी पैर जैसे ज़िन्दगी के पूरा न होने पैर मरना मुश्किल है वैसे hi किस्मत कब किसको कहाँ आपके सामने खड़ा करदे यह कहना मुश्किल है …ऐसे टाइम में जब उसकी दिल से खवाहिश थी की रॉकी उसके सामने हो तोह किस्मत ने उसके जान को बचने के लिए रॉकी को उसके सामने भेज दिया था और …रॉकी ने भी हीना को निराश नहीं किया बेशक उसके हाथ में चाक़ू लग चूका था …पैर मनु ने उसके बाद उस चाक़ू को तेज़ी से टर्न किया तोह हु उसक मास्क वाले के हाथ से शिल्प हो चूका था …
और मनु जैसे के लिए यह काफी था मनु ने …उसके बाद एक जोरदार किक उसे मारी तोह हु पीछे की और ज़ोर से गिरा अपने एक साथी को लेकर …उसके बाद मनु ने बचे हुए मास्क मन के पास जाने की कोशिश की ..
तोह उस मास्क मन ने मनु को किक मरने की कोशिश की पैर मनु ने एक सुमरसॉल्ट लेकर उसे बचाव किया …
अब मनु समझ चूका था की अजय का मतलब किस ट्रेनिंग से था …
हीना “ रॉकी इनमे से किसी को छोड़ना नहीं यह दरिंदे हैं इनका काम लड़कियों का रपे करना और ह्यूमन बॉडी part की तस्करी है यह इंसान नहीं है …सो इनको वही सजा देना जो देहरादून में आपने उनको दी थी ..”
मनु “ दोने ..”
उसके बाद मनु को उस मास्क मन ने किक किया फिर से पैर मनु ने इस बार थाईलैंड का किक बॉक्सिंग उसे किया …जिसमे कोहनी और घुटने का इस्तेमाल होता है …मनु ने उसके किक करते hi उसके घुटने पैर कोहनी से ज़ोर से वार किया …और उसका घुटना कडाककककककक!!!!! की आवाज़ के साथ टूट चूका था …
उसके गिरते hi दूसरा त्यार था …उसने हवा में किक और पूछ किया …मतलब यह भी फाइटर है …मनु ने उसके पसली को टारगेट करके एक ज़ोर दार पूछ मरना चाहा …
पैर हु पीछे जम्प लेकर बच गया …उठने में जो गिरे हुए थे ुमने से एक ने चाक़ू हीना के गले पैर लगा दिया …और वही ओल्ड डायलाग “ अगर तुमने हिलने की कोशिश की ….”
मनु “ तोह पता है तुम उसको नहीं छोड़ोगे जैसे इससे पहले तोह जैसे छोड़ने वाले hi थे ….और मैंने अब पीटने वाला हूँ यही न…??”
हीना “ नहीं भले hi मुझे कुछ भी हो जाये …”
मनु “ इनको मत छोड़ना यार यह कोई मूवी है क्या ??? वही घिसे पिटे डायलाग ाचा चलो कुछ नया तरय करते हैं …तुम को एक ऑफर देता हूँ तुम छर्रों में अकेला एक साथ लड़ते हैं जो जीता लड़की उसकी …क्या बोलते हो ???”
हीना अचे से समझ गयी मनु ने यहाँ जीतने के लिए उनको ुझा दिया है …चरों अपने अपने दिमाग में सोच रहे थे …की क्या यह सही है …
मनु “ ारे यार कुछ तोह सरम करो …तुम चार मैं अकेला और वही भी बिना हथियार के सालो इतने के बाद भी अगर डरते हो तोह सालो नसबन्दी करवा लो क्युकी तुमको मर्दानगी की नहीं चूड़ियों की ज़रुरत है …” मनु ने उनको भड़काने के लिए कहा …
उस आग में घी का काम किया हीना की हंसी ने …जो नसबंदी की बात सुनकर हंस रही थी ….
उन सबने एक साथ कहा “ हम तैयार हैं “”और सारे एक साथ मनु की तरफ दौड़ पड़े …
मनु भी उनके दुआदते hi उनकी तरफ भाग और उनके जस्ट पास आने से पहले एक सुमरसॉल्ट मारा और चारूं के उप्पेर से जम्प लेकर हीना के पास आ कर लैंड हुआ …
उस लास्ट बन्दे ने गुस्से में हु चाक़ू हीना के थोड़ा पास में फेंक दिया था ..शायद यही उसकी गलती थी …मनु ने उस चाक़ू को हाथ में लिया जिस सबसे पहले उसने हीना के हाथों को की रस्सी काट डाली …और वापस मुदा और जो सबसे पहले उसके सामने आया उसका सीना काट डाला …उसकी चीख निकली और हु उसके बाद ज़मीं पैर गिर चूका था …उसमे जान बाकी थी …
उसके बाद हुआ खेल शुरू मनु का मार काट का …मनु ने उसके बाद सामने आने वाले के हाथ को उसके जिस्म से अलग कर सिया …उसकी चीखें सुकर हीना भी कांप गयी …उसने पैरों की रस्सी खोलते हुए उसके काटते हुए हाथ से खून की धार भाहते हुए देखा तोह उसने भी नज़रें फेर ली …
मनु ने उसके बाद अगले के पेट को काट डाला …उसकी अंतड़ियाँ और कलेजा बहार को झूलने लगा था …उसके साती को यह देखकर मास्क में hi उलटी आ चुकी थी …और यही उसकी आँखों में उलटी गयी और मानु ने उसके दोनों पेअर काट डाले थे …उसकी हंसी अब चीखूँ में तब्दील हो चुकी थी …
कोई अस्स पास में होता तोह उसका दिल भी देहल जाता यह चीखें सुनकर …..उन चारूं को आज खुद महसूस हो रहा था की उन्होंने आज तक कैसे लड़कियों के जिस्मो के part सिर्फ बेचने के लिए इस्तेमाल किया था…
पैर आज एक मनु ने उनको उन्ही क एक चाक़ू से काट कर ऑपरेशन का सही मायने समझा डाला था …मनु ने उन्सबके गिरते hi हीना को देखा ….हीना मुँह फेरे कड़ी थी …उसे भी उनकी चीखें बर्दास्त नहीं हो रही थी …
मनु हीना से ..” बहार मेरी बाइक कड़ी है उसपर मेरा फ़ोन होगा शहीद को कॉल करो मैं कुछ देर में आता हूँ …”
हीना ने मनु की बात सुनी और आगे सिर्फ सर हिलाकर इशारा किया …और बहार निकल गयी …क्युकी मनु आगे क्या करने वाला था शायद उसे अंदाज़ा tha…jisme उसने भी यही माँगा था मनु से …
मनु “ चिल्लाना बंद करो यार बस बहुत hua….chup …” भला कटा हुआ और गांड फटा हुआ इंसान चुप होता है भला …कोई शांत नहीं हुआ …
मनु ने चारूं को समेटा एक साथ और आस पास के सामन में से कुछ बेकार सामन इकठा किया …और उसके बाद उसने वहां पास में पड़े हुए टेबल से सिगरेट लाइटर जो शायद उनमे से एक का रहा होगा …उठाया
मनु “ देखो मैं चाहता तोह एक वार में तुम सबको मार सकता था …पैर उसे उन मरनेवाले लोगों की आत्मा को सुकून नहीं मिलता क्युकी तुमने जैसा सलूक इंसान के साथ किया है वैसा सलूक तुम्हारे साथ भी होना चाहिए …तोह जिन्दा जलना hi तुम्हारे लिए सही है जब तुम जलते हुए चीखोगे तब जाकर उनके दिलों को सुकून मिलेगा जिनको तुमने इस पैसे के लालच में मार दिया है या मारने वाले थे …सो bye फॉरएवर….”
मनु ने उसको जिन्दा जला डाला था और क्युकी उनमे से कोई भागने जैसे हाल में था नहीं …मनु ने उनको छीकते हुए सुना और वहां से निकल आया बहार जहाँ हीना कड़ी थी ….उसने शहीद से बात कर ली थी …
हीना ने मनु को मोबाइल दिया शहीद लाइन पैर था …”hello थैंक्स रॉकी हीना सलामत है तुमने एक बार फिर से मेरा भरोसा सही साबित कर दिया ….मुझे तुमपर जो भरोसा था हु तुमने सही साबित किया …मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ …तुमने एक और एहसान कर दिया हम पैर …” शहीद की बातों से लग रहा था शायद शहीद उधर से रॉब hi रहा हो ..हीना भी आंसू बहा रही थी …उसकी लाइफ में यह दूसरी बार था जब उसकी इज़्ज़त मनु ने बचाई थी …पैर जान बचने का मौका तीसरी बार था …खैर आपने पास्ट के अपडेट पड़े होंगे तोह याद होगा कैसे मनु ने हीना और शहीद का इलाज़ करवाया था …
मनु “ शहीद भाई बस करो यार हीना को घर भी लाना है …तोह आप यह सब फॉर्मेलिटी को भूल जाओ ताकि थोड़ा जल्दी हीना को आपके पास ला सकूँ ..” उसके बाद भी शहीद ने भी आगे ज्यादा कुछ नहीं कहा बस सिर्फ इतना कहा “ ध्यान से आना ..”
मनु ने कॉल कट किया …और अजय का हु मोबाइल उसने दूसरी जेब में से निकल कर चेक किया की कहीं रस्ते में हु टूट तोह नहीं गया था …मोबाइल सही था ….यह मोबाइल hi अजय के दिमाग से मनु को हीना के लिए यहाँ तक ले आया था मनु ने आते hi बहार उस कार को देखा था ..जिसमे उस कार के उप्पेर सामान लड़ने वाली ट्राली जो उसकी छत्त पैर लगी हुई थी उसमे से अजय का मोबाइल निकल लिया था …अजय ने साइलेंट करके मोबाइल वहां रखा था ….
मनु ने अब हीना को देखा उसके सूट में से दुपट्टा मिसिंग था तोह उसने कार में देखा पैर हु वहां भी नहीं था हीना को मनु जनता था …सो मनु ने ज्यादा कुछ न कहते हुए उसने हीना को अपना जैकेट दे दिया …
हीना ने चुपचाप जैकेट पहन लिया …एक बार फिर मनु का जैकेट उसके जिस्म पैर था …शाम का टाइम हो रहा था ..मनु ने हीना को पीछे बेठ्या और बाइक एक बार फिर डूडा दी …
मैं रोड के पास कुछ छोटी सी चाय की दूकान आयी तोह मनु ने बाइक वहां लगाई …क्युकी उसने कुछ खाया नहीं था …और हीना को देखकर भी उसे लग रहा था की उसने भी शायद कुछ खाया न हो …
मनु के बाइक रोकते hi हीना ने मनु को देखा ..मनु “ थोड़ी चाय चलेगी आपको???”
हीना ने सर हाँ में हिला दिया …मनु ने उस दूकान के मिल्क को चाय के लिए कहा …दूकान का मालिक एक अधेड़ उम्र का आदमी था उसकी अधेड़ उम्र की चिड़चिड़ी बीवी भी दूकान में उसके साथ रहती थी काम के लिए …
यह छोटी सी दूकान मैं रोड से अलग एक कच्चे से रस्ते से गुज़रते हुए पड़ती थी जिसका सबसे ज्यादा कमाई का टाइम पास में फैक्ट्री से आनेवाले वर्कर्स के शाम या लंच का होता था …पैर आज संडे था ..तोह दोनों मिया बीवी दूकान को खोलने की फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे थे …क्युकी उनका धयान तोह सामने चल रहे छोटे से लोकल कलर टीवी में था …जिसमे शायद कोई मूवी चल रही थी..
मनु ने दो चाय का आर्डर दिया तोह हु बुढ़िया हीना को देख रही thi…heena ने उस बुढ़िया से मुँह हाथ धोने को पूंछा तोह बुढ़िया ने सामने दुकान में वाशबेसिन का इशारा कर दिया हीना वहां गयी ..और हाथ धोने लगी …मनु ने मास्टर को जो उसने उस जोकर मास्क गैंग के साथ किया था हु सब बता दिया और वहां की कारवाही देखने के लिए कहा ,,,मास्टर ने भी इसमें अपने ैप फ्रेंड से बात करने को कहकर कॉल काट दिया …
तब तक चाय आ चुकी थी ..
हीना “ अन्त्य जी पानी नहीं आ रहा है ..???”
बुढ़िया “ अरे बीटा हु …..ाचा रुको मैं आती हूँ “”
उसके बाद हु बुढ़िया अन्त्य उठी और हीना के पास गयी तोह नल का तप जो निचे लगा था उसे ों कर दिया ..
हु बुढ़िया “ अरे बाबू तुम कितनी प्यारी हो …नज़र न लग जाये तुम्हे किसी की …” हु बुढ़िया हीना की नज़रें उतारने लगी .
तब तक बुड्ढे ने उस टीवी का वॉल्यूम तेज़ कर दिया …उस टीवी में “ग़दर: एक प्रेम कथा” सनी देओल की मूवी चल रही थी …
हीना ने पानी आने के बाद अपना मुँह धोना शुरू किया ….और उसके सर में मनु का गिरा खून जो सुख चूका था फिर से गीला होकर अपना रंग बहाने लगा …
उसके सर से खून लाल रंग में बह निकला जिसे देखकर हीना के साथ हु बुढ़िया भी हैरान थी …
उस पैर उस बुढ़िया ने हीना को डांटे हुए कहा “ अरे पगली सिन्दूर तोह मांग में सिर्फ अपने आदमी की लम्बी उम्र के लिए लगया जाता है …पैर लगता है तुझे तोह कुछ ज्यादा hi परवाह है अपने आदमी की देखो तोह कितना सिन्दूर लगा लिया है “”
उसी टाइम ग़दर मूवी का हु सन जिसमे सनी देओल हीरोइन अमीषा पटेल की जान बचने के लिए अपने खून से उसकी मांग भरकर कहता है …” लो अब यह हो गयी सीखनी …अब अगर इसकी तरफ किसीने नज़र उठाकर देखा भी तोह सोच लेना ….वाहे गुरु जी दी सूह …” यह सन टीवी पैर चल रहा था मनु ने भी हीना को देखा उसके मांग से होता हुआ मनु का खून आ रहा था …
हीना और मनु की नज़रें उस आईएनए से मिली जो उस वाशबेसिन के उप्पेर मुँह देखने को लगा था …मनु चाय पिटे हुए धसका लगने से खांसने लगा उसकी चाय उसके मुँह से बहार निकल आयी thi….heena उस बुढ़िया की बात से शर्माने लगी ..उधर मनु ग़दर के डायलाग सुनकर वहां खुद को पा रहा था …मनु ने अब हीना से नज़रें चुरा ली क्युकी हु नहीं चाहता था की हीना को उसके लिए बुरा लगे या हीना शर्मिंदा हो इस बात को लेकर .…
हीना ने मनु को नज़रें चुराते हुए देखा उसने भी हु ग़दर का डायलाग सुन लिया था …और उसे अपने मैं में वही फीलिंग आ भी रही थी …जहाँ हीरो हीरोइन के लिए उसकी मांग भर देता है और समाज में उसके जीने के लिए और इज़्ज़त के लिए उसे बीवी का दर्ज़ा देता है …
हीना का दिल उस बात को सुच मान रहा था की उपपरवाले ने मनु के हाथों उसकी मांग भरवा दी थी …उसके दिल में तोह एक hi हीरो था रॉकी उर्फ़ मनु जिसने उसे कई बार बचाया था …और आज उसके हथून अनजाने में hi सही हीना को हु ख़ुशी मिल गयी थी जिसका खवाब हीना ने बहुत पहले देखा था …अब सुच में हु खुद को मनु की बीवी मान रही थी ..उसका ध्यान आईने में था जिसमे सिर्फ मनु दिख रहा था ..
बुढ़िया ने हीना को हिल्या” अरे बीटा बस भी कर मानती हूँ तेरा आदमी दिखने में हीरो सा है पैर इसका मतलब यह नहीं तू उसके लिए इतना सिन्दूर पॉट ले बीटा थोड़ा भी काफी है मांग भरने को और उम्र लम्बी करने के लिए अब बीटा तेरा अपने आदमी को देखना अगर अब हो गया हो तोह पानी बंद कर दूँ ??आज कल की यह लकड़ियां भी कमल है अपने hi आदमी का मांग में सिन्दूर लिए भी उसे दूर से इस आयने से देख रही हैं ” बुढ़िया ने अपने में बडबडते हुए कहा ...
उसकी इस बात पैर हीना और मनु दोनों ने सुना था क्युकी हु बुढ़िया ने जोर से कहा था …मनु ने तोह मुँह घुमा hi रखा tha,,na सुनने का बहाना किया …पैर हीना तोह सरम से ज़मीं में गाड़ी जा रही थी ..उसी सुच में मनु की बीवी होने की फीलिंग आ रही थी …
हीना और मनु ने उसके बाद चाय पि और कुछ बिस्कुट भी लिए और मनु और हु दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे …मनु ने हीना से कहा ..यह सब अन्त्य की बात भूल जाओ …”यह सब फिल्मो में होता है ..जो हुआ उसमे न मेरी गलती है न आपकी और इन अन्त्य का क्या है …जो दिल में आया हु कह दिया आप परेशान न हों प्ल्ज़ ..आपको ऐसे देखना ाचा नहीं लगता ..”मनु ने तोह हीना को टेंशन से बहार लेन को कहा था पैर हीना को इसमें भी अपने लिए रॉकी की फिक्र दिखी …उसका दिल नाच रहा था …
खैर अब दोनों वहां से चलने के लिए त्यार हुए …मनु ने पैसे दिए और अपनी बाइक में किक मारी …हीना बाइक से उतरी और उस बुढ़िया के गले मिलकर आयी ..उस बुढ़िया ने भी हीना को अपने सीने से लगा लिया …जैसे उसकी सोई हुई ममता आज जाग गयी थी …
मनु ने पीछे देखा ..हीना आयी और बाइक पैर बेथ गयी …मनु ने अंदर सर झुकार कर दोनों से अलविदा कहा ..
बूढ़े और बुढ़िया दोनों एक साथ “ उपपरवाला तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …” दोनों ने एक साथ दुआ दी ..
जिसे सुनकर मनु ने अपना माथा पिट लिया …जिसे देखकर हीना कुछ नहीं बोली पैर दोनों बूढ़े और बुढ़िया को देखकर उसने फिर से रेस्पेक्ट से उनको देखा ..जैसे अब हु अपने पति के साथ आपने सुसराल जा रही थी ऐसी फीलिंग आ रही थी use…heena का दिल सुच में ख़ुशी से झूम रहा था …
उधर कुछ घंटे बिट जाने के बाद मर बॉस ने सोफ़िया को कॉल किया सोफ़िया ने कॉल पिक किया तोह उसके मुँह से एक hi बात निकली …”ओह! No सर “
सोफ़िया मैं में “ यह सब क्या है हमारे गैंग में यह चार लोग काफी टाइम से थे पैर आज इनका यूँ मर्डर कुछ तोह गड़बड़ है …इसका पता जल्द लगाना होगा …क्युकी बिज़नेस में बॉस को गुस्सा दिलाना सही नहीं है ..और यह तोह जोकर गैंग (जोकर मास्क गैंग को जोकर गैंग भी कहते hain)ke साथ हमारी भी बेज़्ज़ती है क्युकी जोकर गैंग हमारा ट्रेडमार्क है …सो कोण है जिसने बॉस के लोगों से पन्गा लिया है ???”…..सोफ़िया सोच में गम थी पैर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …पेरशान होकर चेंज करके स्विमसूट में आयी और वह अपने बंगला के स्विम पूल सेक्शन में जाकर स्ट्रेस फ्री होने के लिए उस में कूद गयी ..और स्विमिंग करने लगी .. .. :हिंट:
रिकैप..
रजिनि ने मैं में कोई फैसला किया सामने से राजिंदर अपनी बाइक पैर घर ऑफिस से वापस लौटकर जा रहा था …उसने राजिंदर को देखा तोह रजिनि के चेहरे पैर एक शैतानी मुसकुराहट आ चुकी थी…
रजिनि “ अब मेरे बेटे का सपना जल्दी hi पूरा होकर rehegaa,,hahahahahahah!!!!!”..
अब आगे.....
मनु कॉल आते hi तेज़ी से अपनी बाइक पैर मॉल पहुंचा …उसने वहां अजय और उन लड़कियों को देखा …ऐसे टाइम में जहाँ उन लड़कियों को अपनी दोस्त की चिंता रही होगी …पैर फिर भी मनु को देखते hi तीनो के दिलों में एक साथ पहला जो ख्याल आया हु था ….” है कितना हैंडसम हुनक है …बिलकुल किसी हीरो जैसा काश यह मेरा हो जाये …???” पैर हीरो हर किसीको पसंद होता है …पैर किस्मत में किसी ख़ास के …पैर इस्तिमे मनु को अजय की चिंता थी …की कहीं अजय जल्दी बाज़ी में कोई हीरोगिरी न कर दे ..पैर अपने भैया की सोच से अलग अजय ने कोई ऐसी बचकानी हरकत नहीं की थी …
अजय अभी तक सोच रहा था की हीना की मदद में मनु का क्या हाथ है …पैर यह टाइम अभी इस बात का नहीं था ..अभी हीना का पता लगाना ज्यादा जरूरी था …
मनु ने आते hi साड़ी बात पता की …अजय और उन लड़कियों ने भी ज्यादा सवाल किये बिना मनु को सब बतादिया …
मनु “ किसी ने उसके भाई को कुछ बताया ??? या पुलिस को इन्फॉर्म किया या नहीं ???”
लड़की 1 “ हम तोह बस अभी तक सदमे से नहीं निकल प् रहे हैं की अचानक से हीना के साथ यह हुआ कैसे भला उसकी किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है ???”
मनु “ इस बात का पता तोह उसका भाई बेहतर बता सकता है ???”
मनु ने मास्टर को कॉल किया और उनसे कहा की शहीद का नंबर जल्द से जल्द उसे दे दिया जाये …मास्टर ने पूछा तोह मनु ने सब बता दिया तोह मास्टर ने इतना कहा “ पहले सब अचे से समझ लो उसके बाद hi कोई कदम लेना क्युकी मामला शहीद की बहिन का है और शहीद से पहले पता करो की बात क्या है??? क्युकी उसे बताना भी जरूरी है सो उसे बता दूंगा या तुम्हारे पास भेज दूंगा …सो तुम देख लेना और पुलिस को सबसे पहले इन्फॉर्म कार्डो क्युकी यह ज़रूरी है …” मास्टर ने और भी बहुत कुछ मनु को कहा ताकि मनु सही डिसिशन ले सके..
मास्टर ने शहीद को मनु से मिलने जल्द से जल्द मॉल में मिलने को कहा …और शहीद भी समझ गया की कोई बात तोह है जो अचानक से रॉकी ने उसे दो साल बाद मिलने बुलाया है वर्ण उसने कई बार मास्टर से रॉकी उर्फ़ मनु से मिलने को कहा था …पैर मनु के मन करने की वजह से शहीद उसे नहीं मिल पाया था …पैर आज अचानक से रॉकी का उसे मिलना मलतब कुछ तोह गड़बड़ है ??
शहीद भी अपने दिमाग में अनेक सवाल लिए मॉल आ रहा था …तब तक मनु ने हीना की सहेलियों से पुलिस को कॉल करके इन्फॉर्म करने को कह दिया था …क्युकी उस टाइम हु उसके साथ hi मौजूद थी …हु पुलिस को सिचुएशन बताने में बस्सी थी …तोह मनु ने अजय पैर फोकस किया …क्युकी उसका चेहरा बता रहा था …की उसके दिमाग में काफी सवाल होंगे …और क्युकी मनु अजय को अचे से समझता था …सो ऐसे में मनु नहीं चाहता था ..की अजय पुलिस के या शहीद के सामने रॉकी की जगह मनु का नाम ले या कोई बात बिना सोचे समझे कहे …क्युकी मनु हमेशा फॅमिली को इन सबसे दूर रखता आया था …और आज भी शायद दूर hi रखता ..पैर किस्मत के आगे किसीकी चलती है जो मनु की चलती ???क्युकी मनु के हीना को 2 साल पहले बचने के बाद से आज अजय और हीना का अचानक से मिलना किस्मत का खेल नहीं तोह क्या होगा ?? खैर..
अजय के कंधे पैर मनु ने हाथ रखा और एक साइड ले जाकर बोलै…” मैं जनता हूँ की यह सब तेरे लिए अजीब है ..पैर इतना भरोसा रखना की मैं गलत नहीं हूँ …और एक बात और यहाँ यह सब बात करने का टाइम नहीं है सो जैसा मैं कहूं सिर्फ उतना करना और रिएक्शन जितना काम हो सके उतना काम देना क्युकी मैं नहीं चाहता की किसी चीज़ को लेकर मुझे कालको गलत समझो …सो जो पूछना है घर पूछ लेना और तुम अब घर निकल जाओ क्युकी मैं नहीं चाहता की तुम इनसब में पदों अभी सो जो पूछना है घर पैर पूछ लेना ???”
अजय “ भैया मैं आपको गलत कभी नहीं समझ सकता और मुझे अचे से हीना ने बता दिया था …की आपने कैसे उनकी और उनके भाई की मदद किट hi…so आप टेंशन फ्री रहो मेरी तरफ से और मैं बस घर निकल रहा हूँ …टेक केयर एंड ी क्नोव ु विल सेव हीना …आफ्टरऑल हीरो सेव थे गर्ल …” अजय ने जाते हुए मुस्कुरा कर कहा ..उसकी बात पैर मनु भी थोड़ा मुस्कुरा पड़ा ..
अजय जा चूका था उसके जाते hi शहीद वहां आ चूका था …मनु ने तोह शहीद को देखते hi पहचान लिया पैर शहीद मनु को पहचान नहीं पाया क्युकी जब शहीद उसे मिला था तब मनु 16 साल का था आगे के साथ मनु की हाइट और बॉडी दोनों में 2 साल में काफी बदलाव आये थे सो ऐसे में शहीद उसे भला कैसे पहचान पता ..पैर मनु ने खुद आगे बढ़कर उसे बताया की हु hi रॉकी है और शहीद उसके गले मिला …और मनु ने भी उसे यहाँ क्यों बुलाया था ..सब बता दिया शहीद तोह सुनकर गिरने को हुआ की उसकी जान से प्यारी एक लौटी बहिन जिसके आलावा उसका दुनिआ में और कोई नहीं है उसका किडनैप हो चूका था …मनु ने शहीद को समझया की हु चिंता न करे और उसमे हु और पुलिस उसकी हेल्प करेगी उसकी …शहीद से मनु और कुछ बोल पता उसे पहले hi पुलिस आ चुकी थी …
और पुलिस ने अचे से सिचुएशन का पता किया …उन लड़कियों ने भी पुलिस को अचे से बता दिया …अब क्युकी मामला लड़की का दिन धड़े किडनैपिंग का था …और कहीं और से नहीं मॉल से सो पुलिस ने सबसे पहले रुख किया कक्तव रूम का जहाँ उन्होंने टाइम के साथ क्लिप को देखा मनु भी उनके साथ था शहीद को सहारा देने के नाम per..or क्युकी मास्टर ने ैप जोकि उनके अचे दोस्त थे उनको सब समझा दिया था …सो पुलिस ने भी अभी सिर्फ लड़की पैर फोकस किया …और कक्तव में दिख रहा था की …कोई 4 बन्दे थे ज्यादा आगे के नहीं और सभी ने फेस कवर किया हुआ था …बस पार्किंग से हीना के निकलते hi उसे wagon-r में खींच लिया था …और गाडी उसके बाद निकल चुकी थी …मनु ने भी रहत की सांस ली की उसके बाद की क्लिप को पुलिस ने चलाया नहीं क्युकी शायद उसमे अजय होता ??? क्युकी अजय ने मनु को बताया था की हु उस कार का पीछा कर चूका था ..पैर यह ाचा हुआ की उसमे पिलर के पीछे का हिस्सा कवर नहीं हुआ था वर्ण अजय का भागना और उसकी सहेलियों के साथ अजय का होना पुलिस को अजय से बात करने पैर मज़बूर करता …
पुलिस ने उसके बाद वहां के अस्स पास के हर हिस्से पैर वायरलेस से बता दिया की कार में 5 लोग है और एक लड़की है जिसका किडनैप हुआ है कार का कलर और हीना का डिस्क्रिप्शन हर चौकी में बता दिया गया ताकि हीना का जल्द से जल्द पता लग सके …पुलिस भी अपनी तरफ से हर कोशिश में लगी हुई थी …मनु को अजय ने कार का नंबर लेते hi हु पिक फॉरवर्ड कर दिया था …और जिसे मनु ने भी पुलिस को दे दिया था …पुलिस ने कहा भी था जिस तरह से उन्होंने हीना को दिन में और भीड़ बहरे जगह से किडनैप किया था उसमे चांस काम थे की ऐसा नंबर सही हो ..और वैसा हुआ भी था …पुलिस ने जब उस नंबर का रिकॉर्ड चेक किया था तोह उनको साफ़ पता चल रहा था की यह फ्रॉड नंबर या नकली नंबर था …अब मनु भी सोच में था …ऐसे में शहीद का हाल और पुलिस की कारवाही सिर्फ इस बात पैर निर्भर थी की हीना का कुछ पता चले ..और शहीद ने इस बात से भी इंकार कर दिया था …की उनका कोई दुश्मन हो …ऐसे में सोचना तोह लाज़मी था की बिना किसी दुश्मनी के कोई दिन में भीड़ भरे मॉल में से हीना को क्यों ?? किडनैप करेगा ??
ऐसे में पुलिस को एक टिप पास के ठाणे से मिली जो जवाब में कहा गया उसे वायरलेस पैर सुनकर वहां सभी को गुस्सा आ चूका था “ बात जो उन्होंने कही उनका कहना यह था की पिछले कुछ महीनो से लडकियां अचानक से किडनैप हो जाती थी …और उसके बाद उनका पता कहीं नहीं चलता था ..यह कोई अलग सा ग्रुप था जो लड़कियों को किडनैप करता था ..और हीना को मिलकर अब तक 48 लड़की इसका शिकार हो चुकी थी और किसी का कुछ पता नहीं लग पाया था …और इसको या तोह लड़कियों का रैकेट जिसे जिस्मफरोशी का नाम भी कह सकते हैं या कोई ह्यूमन बॉडी part या ह्यूमन ऑर्गन का ग्रुप या ह्यूमन ट्रैफिकिंग की तरह भी देखा जा सकता है ??? क्युकी यह पॉसिबल है हीना इन तीनो में से किसी के पास हो …
यह सुनकर शहीद का तोह क्या वहां हर किसी का दिल बेथ चूका था …शहीद पुलिस को बता चूका था की उसका हीना के अलावा दुनिआ में कोई नहीं hai..so ऐसे में पुलिस वाले भी तोह इंसान hi होते हैं उनको भी शहीद और हीना के लिए बुरा लग रहा था …हर कोई हीना की सलामती की दुआ मांग रहा था …कहते है मर्द रट नहीं पैर आज शहीद के आंसू देखकर किसी पहाड़ का दिल भी भर आता …ऐसे में पुलिस ने भी शहीद को घर जाने को कहा ताकि आगे हु भी हीना को ढूंढ सकें ..पैर ऐसे में शहीद अकेला घर जाता तोह उसका हाल और बुरा हो जाता क्युकी उसे शम्भालने को भी कोई चाहिए था …सो मनु सोच रहा था ..की हु क्या करे ? हु सोच hi रहा था की उसके दिमाग में एक ख्याल आया …और मनु शहीद को पुलिस के साथ छोड़कर एकांत में आया और उसने सुल्तान को कॉल किया …
सुल्तान ने उसका कॉल पिक किया “ और हीरो भाई आज कैसे याद कर लिया …?? अपने इस भाई को …???”
मनु “ भाई सॉरी आप गलत न समझना पैर आपसे अभी कुछ काम है …”
सुल्तान “ आज तोह कह दिया आगे से कभी यह मत कहना तुम जानते नहीं तुमने कितनी बार मेरे लिए कितना कुछ किया है ..और आज जब मेरी जरूरत पड़ी तोह मैं तुमको गलत समझूंगा ….इससे ाचा तोह भाई hi न मानते यार …???”
मनु “ सॉरी भाई …आप मुझसे सिकवा बाद में करलेना अभी सिचुएशन अलग है भाई और अभी हो सके तोह थोड़ी हेल्प चाहिए आपकी ???” सुल्तान भी समझ गया कोई मटर सीरियस है वर्ण मनु कुछ न कुछ कहता ज़रूर ..
उसके बाद मनु ने साडी बात हीना के किडनैप से लेकर शहीद की हालत तक कैसे hi उन्हें बता दिया …सुल्तान ने भी मनु को हेल्प करने को कहा क्युकी लड़की के कारोबार में उसका बड़ा नाम था …और ऐसे में अगर हीना का किडनैप किसी jaan-pehchan के इंसान का काम है तोह ..उसमे सुल्तान ने भी उसकी हेल्प का कहा …सुल्तान ने उसके बाद कॉल कट किया और अपने हर सोर्स से पता लगाने को कहा …
उधर मनु कॉल कट करके हटा hi था सामने से सुनील गुरु जी कार में मनु के सामने थे ..मनु उनके पास गया और पूछा क्या बात है …गुरु जी ने मनु को बताया की मास्टर ने hi उन्हें उसके पास भेजा था …ताकि मनु की हेल्प हो सके ..??
तोह ऐसे में मनु को शहीद की चिंता ज्यादा थी …सो मनु ने गुरु जी को शहीद को अपने साथ रखने को कहा ताकि हु फ्री मंद से हीना का पता लगा सके ..
क्युकी पुलिस भी शहीद को घर जाने को कह चुकी थी …सो मनु ने भी शहीद को गुरु जी के साथ जाने को कहा ..
शहीद “ रॉकी मेरे यार …यह सब क्या है …अगर मेरी हीना को कुछ हो गया तोह शायद मैं भी जिन्दा न रह सकूंगा …मुझे मेरी हीना से मिला दो …मुझे तुम पैर पूरा भरोसा है की तुम पक्का मुझे मेरी गुडिअ से मिला डोज …बोलो क्या तुम मुझे मेरी हीना से मिलवा डोज ???” शहीद ने रट हुए कहा ..
मनु “ शहीद भाई यह सब क्या है …आप तोह समझदार हैं पुलिस लगी हुई है और हम भी अपने हर तरह के जान पहचान में हीना का पता लगा रहे हैं हीना आप के पास होगी हर हाल में ..”
शहीद “ नहीं ऐसे नहीं पुलिस ने कहा मुझे याद है 48 लडकियां मिसिंग है सो ऐसे में हीना का क्या पता लगेगा मुझे पता है ….पैर मुझे तुमपर पूरा भरोसा है सो मुझे वडा करो …की हीना को तुम हर हाल में ले आओगे ???”
मनु शहीद की हालत अचे से समझ रहा था और ऐसे में शहीद से बहस करके हु टाइम नहीं बेकार करना चाहता था …क्युकी हीना को किडनैप हुए 1 ½ घटा हो चूका था ….
मनु बोलै “ ठिका है वडा रहा हीना शाम से पहले आपके पास होगी सही सलामत अभी आप गुरु जी के साथ जाओ ..और अपना ख्याल रखना …”
मनु ने शहीद को गुरु जी के साथ भेज दिया और सोचने लगा …मैं में “ यार वडा तोह कर दिया पैर जब पुलिस नहीं ढूंढ प् रही है तोह शाम तक कहाँ से ढूंढूंगा हीना को और शहीद भी कुछ अजीब है …भला मुझसे वडा क्यों मांग रहा था …यार मैं भी इंसान हूँ कोई सुपरमैन तोह नहीं …पैर अब बोल दिया सो बोल दिया अब हीना को ढूंढना ज्यादा जरूरी है ..”
मनु ने उसके बाद सुल्तान को कॉल किया तोह पता चला सुल्तान भी काम पैर लग चूका था …मनु ने हीना की प्रेजेंट पिक सुल्तान को फॉरवर्ड कर दी थी सुल्तान के हर बन्दे के साथ में हु पिक थी …जिसको अब सुल्तान का पूरा गैंग सरगर्मी से ढूंढ रहा था …और यह सब सुल्तान मनु को बता चूका था ..मनु ने उसके बाद कॉल कट की और सोचने लगे अब शुरुवात कहाँ से की जाए ..
ऐसे में उसे घर से कॉल आया …जो अजय का था ..मनु ने पिक किया …
मनु “ हाँ अजय बोल तू घर सही से पहुँच गया न ??”
अजय “ हाँ भैया …मैं सही हूँ पैर एक बात वहां आपसे कह नहीं पाया …उस टाइम दिमाग में नहीं आया .”
मनु “ हु क्या ???”
अजय “ भैया मैंने उस कार को अंडर से देखा था उसमे जो लोग थे हु त्रिनेड लग रहे थे लग रहा था कोई वजह है हीना को ले जाने की …???”
मनु “ यार अजय जेम्स बांड का काम बाद में कर लेना यह तोह पुलिस भी बता चुकी है …उसमे नया क्या है ???अभी प्रॉब्लम यह है की उनको ढूंढा कहाँ जाए ..”
अजय “ क्या भैया आप मुझे जेम्स बांड भी कहते हो और मुझे लल्लू भी समझते हो …उसका इंतज़ाम भी मैंने किया है ताकि आप बिना दिक्कत उनको ढूंढ सको ??”
मनु मुस्कुरा कर “ समझ गया मर बांड आपने यहाँ भी कुछ करामात की होगी सो …व्हाट ु दोने थिस टाइम मर बांड ???
अजय “ क्या भैया आप भी मलतब कोई मज़ा नहीं लेने देते ..खैर मैंने अपना मोबाइल लोकेशन ों करके उस कार के उप्पेर एक सामान रखने वाली ट्राली सी है उसमे फिक्स कर दिया है …सो प्ल्ज़ अपने मोबाइल से मेरे मोबाइल को बस फॉलो करलो और हीरोइन को हीरो की तरह बचा लो …वैसे लड़की सूंदर और स्मार्ट है ..”अजय ने उसके बाद बिना कुछ सुने कॉल कट करदी ..
मनु को अजय से बात करके एक नयी उम्मीद जाग चुकी थी की ..अब शायद हु हीना को बचा ले …ऐसे में मनु ने बाइक को लिया और रास्ते में सबसे पहले टैंक फुल करवा लिया ताकि बस फ्री मंद से हीना को ढूंढ सके …और उसके बाद मनु अपने मोबाइल पैर अजय के मोबाइल के लोकेशन को फॉलो करने लगा …
उधर हीना को होश आ चूका था …वह किसी खली गोड़ावण में खुद को पाती है …उसके हाथ बंधे हुए थे उसके पेअर भी बंधे हुए थे …उसके मुँह पैर भी कुछ बंधा हुआ था कुछ कपडा या रस्सी उसे समझ नहीं आया क्या …
हु 4 बन्दे जो उसको यहाँ लाये थे …हु भी अचे से नोटिस का चुके थे की हीना अब जाग चुकी है …पैर अभी तक उनमे से किसी ने हीना को टच नहीं किया था …हीना के होश में आते hi उनमे से एक ने हीना के मुँह से कपडा निकला और उसे पानी दिया ..
हीना ने डर के मारे पिया नहीं उसने कहा “ पि लो हमे पता है तुमको अभी पियास लगी होगी सो पानी पि लो जब तक हमारी बात मानोगी तब तक सेफ हो और बात नहीं मानी तोह …” उसने एक तरफ इशारा किया सो हीना डर गयी वहां देखकर …क्युकी वहां एक लाश थी किसी लड़की की जो पूरी नंगी पड़ी थी उसका हाल कुछ ऐसा था जैसे उसका ऑपरेशन किया गया हो या उसकी कोई सर्जरी की गयी हो …जो भी हुआ हो पैर लगता था …की जिसने भी किया था …उसे इस बात की कोई फ़िक्र नहीं थी की यह लड़की जिन्दा बचे या नहीं …
हीना उस लड़की के नंगे जिस्म और खुली आखें देखकर चीक उठी थी …पैर उन चारों को जैसे इसकी कोई परवाह hi नहीं थी …शायद उनके लिए अगला टारगेट हीना हो …
उनके चेहरे अभी ताकि जोकर मास्क से कवर थे सो सवाल hi नहीं था …की उनका असली चेहरा किसी को दीखता …
उनमे से एक जिसने हीना को पानी दिया था हु हीना से बोलै “ जानेमन तू डर मत यह तोह चलता रहता है ..पहले तोह सोचा था …किट ेरे भी ऑर्गन निकल कर ाचा पैसा बनालेंगे ..या तुझे बेच कर कुछ ाचा करेंगे …पैर टूट ओह इतनी चिकनी है की मेरा दिल फिसल गया है तुझपर ..और अब सोचता हूँ की एक बार तुझे चख लूँ और उसके बाअद आगे का सोचूंगा …हाहाहाहाहा!???”
हीना “ मैंने आपका क्या बिगाड़ा है मैंने तोह आजतक किसी से कुछ कहा भी नहीं देखिये मैं किसी और को चाहती हूँ आप उपपरवाले के नाम पैर मुझे छोड़ दें प्ल्ज़ आपने भी किसीको कभी प्यार किया होगा ..आपको उसका वास्ता ..?” हीना उसकी बात सुनकर अचे से समझ चुकी थी की आज फिर उसकी जान से ज्यादा इज़्ज़त पैर खतरा है …पैर तब तोह रॉकी ने बचा लिया था ..पैर आज तोह 4 दरिंदे हैं और रॉकी का यहाँ आना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन है क्युकी 2 साल से उसका पता आज तक नहीं चला था हीना को …
(अब आप कहोगे की शहीद जब मास्टर के पास काम करता है तोह मनु का पता क्यों?? नहीं चला अभी तक उसे तोह वजह साफ कर देता हूँ मनु नहीं चाहता था की …शहीद और हीना को उसका असली नाम और उसके बारे में या उसकी फॅमिली के बारे में पता चले …सो मास्टर को उसने इसके बारे में मन किया हुआ था की शहीद को हु रॉकी उर्फ़ मनु के बारे में ज्यादा कुछ बताएं …सो आगे आप समझदार हैं )..
हु जोकर मास्क वाला 1 “ अरे जानेमन प्यार की किसको पड़ी है बस तुम एक चांस दो उसके बाद तुम देखना तुमको हमसे भी प्यार हो जायेगा ???
हीना “ देखिये भाई जान मैं किसी और को अपने जिस्म अपनी रूह का मालिक मान चुकी हूँ सो आ पैसे गंदे अलफ़ाज़ न कहे ..यह मेरे प्यार की तोहीं है ..”
जोकर मास्क 2 “ अरे तू डर मत एक बार तू उसका मज़्ज़ा तोह लेकर देख ले कोनसा तेरे प्यार करने वाले को पता चलने वाला है एक बार से …उसके बाद टब hi आज़ाद हम भी आज़ाद और वैसे तोह यहाँ तेरे पास आलरेडी चार चॉइस हैं तू कहाँ रोज़ एक लैंड लेती होगी आज तेरा भी टेस्ट बदल जायेगा …सिर्फ एक चांस लेकर देख ..” उसकी बातों ने हीना को गुस्सा दिला दिया था पैर उसने शांति से कहा ..
हीना “ वह भाईजान आप सही हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप मुझे न जाने क्या क्या कह रहें हैं …आपको मुझे मरना हो तोह आपकी मर्ज़ी अगर उस लाश की तरह मेरे जिस्म के टुकड़े करने हैं तोह भी कोई बात नहीं मैं समझूंगी की मेरे इन भाइयों की शायद कोई जरूरत होगी ..पैर मुझे चुने की गलती न करना मैंने आज तक खुद भी खुदको हाथ सिर्फ अपने प्यार के सजने के लिए लगाया है मेरी रूह का मालिक भले hi दूर हो पैर मेरा भरोसा है हु आज नहीं तोह कल मुझे ज़रूर प्यार करेंगे …और नहीं भी किया तोह कोई परवाह नहीं मैं मर सकती हूँ पैर किसी और को अपने जिस्म को छूटे देखना मुझे बर्दास्त नहीं है …”
हु जोकर मास्क 1 “ चल जब तूने हमको भाई कह दिया है तोह अब वक़्त का तकाज़ा है की हम सब बहनचोद बन जाएँ …सो रानी तैयार हो जा ….लोडे के लिए क्युकी जैसे तेरी गर्मी और तेरा उजाला बदन है वैसे तोह हमने सिर्फ किसी फिल्म में hi देखा है …सो उसके लिए अगर हमे बहनचोद बनना भी पड़े तोह हु भी मंजूर है …हहहहहह!”
उसकी शैतानी हंसी सुनकर हीना समझ गयी की उसकी इज़्ज़त तोह यह कमीने छोड़ने वाले नहीं है …सो उसका दिल अपने मैं में उपपरवाले को याद करने लगा …”उपपरवाले अगर मैंने सुच में अपने रूह और जिस्म के मालिक को सुच में पूरी ईमानदारी से चाहा है तोह बस एक बार मुझे आखरी बार उसे देखना है …उसके बाद चाहे मैं मर जॉन मुझे परवाह नहीं …और मेरा मरना तोह आज तय हो चूका है क्युकी अगर इनमे से किसी ने भी मुझे चुने की कोशिश किट ओह उसके बाद मैं खुद को ख़तम कर लुंगी सो …उपपरवाले कहते हैं मरने वाले की आखिरी खाव्हिश तोह कोई भी पूरी करता है तोह मेरी आखरी खाव्हिश यही है की मेरी रूह का मिल्क एक बार मुझे देखना है …उन्हें मैं कैसे कहूं की मैं सिर्फ उन्ही की हूँ …मेरा सब कुछ सिर्फ उनके नाम है ??? या परवरदिगार उनको एक बार मुझसे मिला दो “
हीना अपने मैं में हर घडी दुआ कर रही थी …हु जोकर मास्क वाला बाँदा हीना के सामने बाद रहा था …उसके सामने हीना बेबस और लचर सी बैठी हुई थी ….गोड़ावण काफी बड़ा था …कोई ओल्ड फैक्ट्री में यह बंद पड़ने के बाद था ..गोड़ावण फैक्ट्री के बंद होने के बाद भी अछि कंडीशन में था …उस गोड़ावण में कई रस्ते थे और कुछ सामान भी पड़ा हुआ था …कुछ दिनों से इस ग्रुप का अड्डा था यह गोड़ावण जिसमे यह इन्होने नया लैपटॉप और काफी साड़ी मेडिकल का सामान रखा हुआ था …
हु जोकर मास्क वाला आगे बाद रहा था हीना का दिल कांप रहा था की तभी किसी लड़की की चीख सुनाई दी उनको ..
जोकर मास्क 3 “ अबे तुझे बोलै था न …उस लड़की का मुँह बंद कर देना पैर तुम साले सिर्फ छूट के बहुत ho…aaj उसका ऑर्गन ट्रांसफर होना था …साली चुद चुद कर किसी काम तोह रह नहीं गयी है सो सोचा …की उसके बॉडी part बेच कर कुछ कमाई हो जाये पैर साले तुमको तोह छूट के बहुत से फुर्सत नहीं …अब भुग्तू..”
जोकर मास्क 2” यार यह कोई पहली तोह है नहीं पहले तोह कितनी लड़किया हमने विदेशों में बेचीं हैं सो इस पैर दिल आ गया क्या कर सकते हैं ..और बॉस ने भी परमिशन दे दी थी एन्जॉय करने की सो तेरी गांड क्यों जल रही है साले ..???”
जोकर मास्क 3” साले बॉस का कहना सिर्फ इतना था की जो हमको चाहिए उसके लिए बहार से किसी को उठाना है उनके स्लॉट में से नहीं पैर साले तुम सुनते कहाँ हो …ाचा अब इसका क्या करना है ???”
जोकर मास्क 1” मेरी मानो तोह इसको पहले इसको छोड़ लेते हैं उसके बाद सोचेंगे की करना क्या है ??”
हीना अंदर से कांप रही थी कुछ देर पहले उसने कह दिया था की उसकी जान ले लो पैर उसे अब समझ आया की यह सुच में कोई दरिंदे हैं जो पहले उसकी इज़्ज़त लूटने वाले है और उसके बाद उसके बॉडी part..
उसका दिल बाद दुआ कर रहा था की बस कैसे भी हु एक लास्ट बार रॉकी को देख ले ..
उधर कहीं किसी अज्ञान सी बिल्डिंग में कुछ लोग जमा थे …जिनके सामने एक औरत बहुत सुन्दर और हसीं सी बैठी थी जो किसी अँगरेज़ जैसे गोरी चिट्टी थी उसका गोरा तरशा हुआ जिस्म जो अपने आप में संगेमरमर को टक्कर देने को काफी था ..उसमे उसका ज़ालिम 36बी.26,36 का कातिलाना फिगर …जिसे देखकर कोई भी अपना सब कुछ हार जाये सिर्फ उसे चुने के लिए …पैर यहाँ उसके आगे 7 मजब्बूत्त कद काठी के लोग अपनी निगाह निचे किये बैठे थे ….
उसने एक से पूछा “ हम्म सो आपने कहा इस बार आपको डिलीवरी थोड़ी जल्दी चाहिए सो आपको डिलीवरी जल्दी मिल जाएगी मेरी सर से बात हो चुकी है बस अमाउंट ज्यादा लगेगा??”
उस आदमी ने निचे निगाह के साथ जवाब दिया “ मिस सोफ़िया ,,आप जैसा कहें मेरी औकात नहीं की सर को मन कर सकूँ या आपको कुछ कह सकूँ बस सर को इसके लिए मेरी साइड से थैंक्स कह देना आप ??”
जी हाँ उसका नाम था मिस सोफ़िया और उसके बॉस का असली नाम कोई नहीं जानता था जनता था तोह कोई सिर्फ मिस सोफ़िया को जो अपने बॉस मर बॉस के नाम से डील किया करती थी …और बॉस यह नाम हु था जो पिछले कुछ सालो में बहुत ज़ोर से उप्पेर आ रहा था काळा कामो के लिए …और उसका असली नाम और पता शयद hi कोई जानता हो पैर मिस सोफ़िया को हर कोई अचे से जानता था …क्युकी सोफ़िया को न जाने क्या मज़्ज़ा मिलता था हर मर्द को निचा दिखने में उसके जिस्म के चाहनेवाले बहुत थे पैर सोफ़िया की आँखों में कोई आँख डालकर कुछ कह सके ऐसी वहां लोगों में हिम्मत नहीं थी …क्युकी एक आदमी ने सोफ़िया को किसी पार्टी में ी लव ु कह दिया था उसके बाद मर बॉस के लोगों ने उस आदमी का हर हिस्सा उसके जीते जी काटवा डाला था …और उसके फॅमिली के हर मेंबर को जिन्दा जला दिया था …जिसने भी यह सुना उसका दिल कांप उठा था इस घटना के बाद उसके बाद हर हु मर्द जो मिस सोफ़िया के सामने होता हु सोफ़िया से नज़र झुककर बात करता क्युकी सोफ़िया थी hi इतनी हसीं की जो उसे देखता उसका दिल मचल जाता …पैर दिल के चलते लैंड के साथ हाथ पाँव भी जरूरी होते हैं सो आगे आप समझ चुके होंगे की सोफ़िया से सब क्यों डरते थे ..
और मर बॉस को कोई क्युकी जानता नहीं था सो उसका यह फिजियोलॉजिकल गेम उसको अलग से लोगों का दिल दहला देता था …
खैर उस मीटिंग के बाद सोफ़िया उठी और साड़ी रिपोर्ट उसने अकाउंटेंट को बॉस को देने को कहा ..और अपने घर चली गयी …
उधर …हीना को हु चरों डरा रहे थे की हीना खुद उनके साथ चुदाई के लिए हाँ केहड़े पैर हीना मानने को त्यार नहीं थी …उसने उन चारों को अचे से सुना दिया था …हु भी अब फ़्रस्ट्रेटेड हो चुके थे …
हीना “ आप कैसे भाई हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप बहिन के साथ ची …कैसे है आपके माँ बाप जिन्होंने आपको कैसी तालीम दी है …और बहिन के साथ मलतब आपकी अगर सगी बहिन होगी तोह भी आप यही कर्नेगे..??”
जोकर मास्क 2 “ बस बहुत हुआ बहिन की लोदी कितनी देर से मन रहे हैं तुझे पैर तू मानने को त्यार नहीं हमारे माँ बाप को गाली देती है और हमारी बहिन से अपनी बराबरी करती है …मादरचोद लड़की का क्या है कोई और होगी चुदाई के लिए पैर तू अब सिर्फ मारेगी और कुछ नहीं …लैंड सलामत तोह छूट बहुत हैं दुनिआ में ” उसने एक साइड से एक लम्बा सा चाक़ू उठा लिया ..और हीना की तरफ बढ़ने लगा …हीना की तरफ बढ़ते उसके कदम और हीना की धड़कने तेज़ी से बाद रही थी …
उसके साथी भी समझ चुके थे …किआ अब उसे समझने से कोई फरक पड़ने वाला नहीं ..पैर अज़्ज़ेब बात बचे हुए तीनो में से कोई उसे रुकने को नहीं बोलै ..
हु आगे बाद रहा था और हर पल बाद रही हीना की हर धड़कन सिर्फ एक hi नाम जप रही थी …और हु नाम था “”””रॉकी …रॉकी और सिर्फ रॉकी ..”” हीना अपने दिल में यही दुआ कर रही थी की बस अपने मरने से पहले एक बार ………..बस एक बार …..वह अपने रूह के मालिक रॉकी को देखले ..पैर उसका दिमाग भी उसे कह रहा था जिसने 2 साल से नहीं देखा हु आज कहाँ से उसे अचानक दिख जायेगा …उसका दिल इस ख्याल के आते hi बेथ सा गया था ……अजीब बात है न शहीद को याद नहीं किया जबकि शहीद का उसके शिव और कोई नहीं है ..पैर उस अनजान रॉकी को हरपाल याद कर रही थी हीना जिसे सिर्फ हु चाँद पल hi मिली थी …और हर बार जब हु रॉकी से मिली तोह रॉकी ने उसके लिए कुछ न कुछ किया …चाहे देहरादून में उन 3 लड़कों को मार्डन हो जिन्होंने हीना के साथ रपे करने की कोशिश की थी … उसके दिल में रॉकी का नाम की न मिटनेवाली श्याही से लिख दिया था किसीने …
पैर अब हर पल हु मास्क वाला बाँदा उसके पास जैसे आगे बाद रहा था वैसे वैसे उसका दिल रॉकी के आने की उम्मीद छोड़ रहा था …हु जोकर मस्क्वाला हाथ में लम्बा सा चाक़ू लिए हीना के सामने था उसके हाथ और पेअर अभी तक वैसे hi बंधे हुए थे …
हीना के सर के पास उसका चाक़ू लहरा रहा था हु हीना ने अपनी आँखें बंद कर ली डर से या दुआ में पता नहीं और उसके वार का इंतज़ार करने लगी …पैर कुछ सेकंड बिट जाने के बाद भी उसके उप्पेर वार नहीं हुआ …पैर उसके सर पैर कुछ गीला -गीला सा गिर रहा था हीना ने उसे देखने के लिए आँखें खोला तोह उसकी आँखों में ख़ुशी से आंसू आ चुके थे क्युकी उसके सर पैर पड़ने वाले वार को उसके रूह के मालिक रॉकी ने अपने हाथों के बिच में रोकक लिया था पैर हाथ में चाक़ू के घूमने के बाद लग जाने वाले कट के चलते उसका खून हीना के सर से होते हुए उसके चेहरे तक जा रहा था …
हीना ने तोह जीने की साड़ी उम्मीद hi छोड़ दी थी पैर जैसे ज़िन्दगी के पूरा न होने पैर मरना मुश्किल है वैसे hi किस्मत कब किसको कहाँ आपके सामने खड़ा करदे यह कहना मुश्किल है …ऐसे टाइम में जब उसकी दिल से खवाहिश थी की रॉकी उसके सामने हो तोह किस्मत ने उसके जान को बचने के लिए रॉकी को उसके सामने भेज दिया था और …रॉकी ने भी हीना को निराश नहीं किया बेशक उसके हाथ में चाक़ू लग चूका था …पैर मनु ने उसके बाद उस चाक़ू को तेज़ी से टर्न किया तोह हु उसक मास्क वाले के हाथ से शिल्प हो चूका था …
और मनु जैसे के लिए यह काफी था मनु ने …उसके बाद एक जोरदार किक उसे मारी तोह हु पीछे की और ज़ोर से गिरा अपने एक साथी को लेकर …उसके बाद मनु ने बचे हुए मास्क मन के पास जाने की कोशिश की ..
तोह उस मास्क मन ने मनु को किक मरने की कोशिश की पैर मनु ने एक सुमरसॉल्ट लेकर उसे बचाव किया …
अब मनु समझ चूका था की अजय का मतलब किस ट्रेनिंग से था …
हीना “ रॉकी इनमे से किसी को छोड़ना नहीं यह दरिंदे हैं इनका काम लड़कियों का रपे करना और ह्यूमन बॉडी part की तस्करी है यह इंसान नहीं है …सो इनको वही सजा देना जो देहरादून में आपने उनको दी थी ..”
मनु “ दोने ..”
उसके बाद मनु को उस मास्क मन ने किक किया फिर से पैर मनु ने इस बार थाईलैंड का किक बॉक्सिंग उसे किया …जिसमे कोहनी और घुटने का इस्तेमाल होता है …मनु ने उसके किक करते hi उसके घुटने पैर कोहनी से ज़ोर से वार किया …और उसका घुटना कडाककककककक!!!!! की आवाज़ के साथ टूट चूका था …
उसके गिरते hi दूसरा त्यार था …उसने हवा में किक और पूछ किया …मतलब यह भी फाइटर है …मनु ने उसके पसली को टारगेट करके एक ज़ोर दार पूछ मरना चाहा …
पैर हु पीछे जम्प लेकर बच गया …उठने में जो गिरे हुए थे ुमने से एक ने चाक़ू हीना के गले पैर लगा दिया …और वही ओल्ड डायलाग “ अगर तुमने हिलने की कोशिश की ….”
मनु “ तोह पता है तुम उसको नहीं छोड़ोगे जैसे इससे पहले तोह जैसे छोड़ने वाले hi थे ….और मैंने अब पीटने वाला हूँ यही न…??”
हीना “ नहीं भले hi मुझे कुछ भी हो जाये …”
मनु “ इनको मत छोड़ना यार यह कोई मूवी है क्या ??? वही घिसे पिटे डायलाग ाचा चलो कुछ नया तरय करते हैं …तुम को एक ऑफर देता हूँ तुम छर्रों में अकेला एक साथ लड़ते हैं जो जीता लड़की उसकी …क्या बोलते हो ???”
हीना अचे से समझ गयी मनु ने यहाँ जीतने के लिए उनको ुझा दिया है …चरों अपने अपने दिमाग में सोच रहे थे …की क्या यह सही है …
मनु “ ारे यार कुछ तोह सरम करो …तुम चार मैं अकेला और वही भी बिना हथियार के सालो इतने के बाद भी अगर डरते हो तोह सालो नसबन्दी करवा लो क्युकी तुमको मर्दानगी की नहीं चूड़ियों की ज़रुरत है …” मनु ने उनको भड़काने के लिए कहा …
उस आग में घी का काम किया हीना की हंसी ने …जो नसबंदी की बात सुनकर हंस रही थी ….
उन सबने एक साथ कहा “ हम तैयार हैं “”और सारे एक साथ मनु की तरफ दौड़ पड़े …
मनु भी उनके दुआदते hi उनकी तरफ भाग और उनके जस्ट पास आने से पहले एक सुमरसॉल्ट मारा और चारूं के उप्पेर से जम्प लेकर हीना के पास आ कर लैंड हुआ …
उस लास्ट बन्दे ने गुस्से में हु चाक़ू हीना के थोड़ा पास में फेंक दिया था ..शायद यही उसकी गलती थी …मनु ने उस चाक़ू को हाथ में लिया जिस सबसे पहले उसने हीना के हाथों को की रस्सी काट डाली …और वापस मुदा और जो सबसे पहले उसके सामने आया उसका सीना काट डाला …उसकी चीख निकली और हु उसके बाद ज़मीं पैर गिर चूका था …उसमे जान बाकी थी …
उसके बाद हुआ खेल शुरू मनु का मार काट का …मनु ने उसके बाद सामने आने वाले के हाथ को उसके जिस्म से अलग कर सिया …उसकी चीखें सुकर हीना भी कांप गयी …उसने पैरों की रस्सी खोलते हुए उसके काटते हुए हाथ से खून की धार भाहते हुए देखा तोह उसने भी नज़रें फेर ली …
मनु ने उसके बाद अगले के पेट को काट डाला …उसकी अंतड़ियाँ और कलेजा बहार को झूलने लगा था …उसके साती को यह देखकर मास्क में hi उलटी आ चुकी थी …और यही उसकी आँखों में उलटी गयी और मानु ने उसके दोनों पेअर काट डाले थे …उसकी हंसी अब चीखूँ में तब्दील हो चुकी थी …
कोई अस्स पास में होता तोह उसका दिल भी देहल जाता यह चीखें सुनकर …..उन चारूं को आज खुद महसूस हो रहा था की उन्होंने आज तक कैसे लड़कियों के जिस्मो के part सिर्फ बेचने के लिए इस्तेमाल किया था…
पैर आज एक मनु ने उनको उन्ही क एक चाक़ू से काट कर ऑपरेशन का सही मायने समझा डाला था …मनु ने उन्सबके गिरते hi हीना को देखा ….हीना मुँह फेरे कड़ी थी …उसे भी उनकी चीखें बर्दास्त नहीं हो रही थी …
मनु हीना से ..” बहार मेरी बाइक कड़ी है उसपर मेरा फ़ोन होगा शहीद को कॉल करो मैं कुछ देर में आता हूँ …”
हीना ने मनु की बात सुनी और आगे सिर्फ सर हिलाकर इशारा किया …और बहार निकल गयी …क्युकी मनु आगे क्या करने वाला था शायद उसे अंदाज़ा tha…jisme उसने भी यही माँगा था मनु से …
मनु “ चिल्लाना बंद करो यार बस बहुत hua….chup …” भला कटा हुआ और गांड फटा हुआ इंसान चुप होता है भला …कोई शांत नहीं हुआ …
मनु ने चारूं को समेटा एक साथ और आस पास के सामन में से कुछ बेकार सामन इकठा किया …और उसके बाद उसने वहां पास में पड़े हुए टेबल से सिगरेट लाइटर जो शायद उनमे से एक का रहा होगा …उठाया
मनु “ देखो मैं चाहता तोह एक वार में तुम सबको मार सकता था …पैर उसे उन मरनेवाले लोगों की आत्मा को सुकून नहीं मिलता क्युकी तुमने जैसा सलूक इंसान के साथ किया है वैसा सलूक तुम्हारे साथ भी होना चाहिए …तोह जिन्दा जलना hi तुम्हारे लिए सही है जब तुम जलते हुए चीखोगे तब जाकर उनके दिलों को सुकून मिलेगा जिनको तुमने इस पैसे के लालच में मार दिया है या मारने वाले थे …सो bye फॉरएवर….”
मनु ने उसको जिन्दा जला डाला था और क्युकी उनमे से कोई भागने जैसे हाल में था नहीं …मनु ने उनको छीकते हुए सुना और वहां से निकल आया बहार जहाँ हीना कड़ी थी ….उसने शहीद से बात कर ली थी …
हीना ने मनु को मोबाइल दिया शहीद लाइन पैर था …”hello थैंक्स रॉकी हीना सलामत है तुमने एक बार फिर से मेरा भरोसा सही साबित कर दिया ….मुझे तुमपर जो भरोसा था हु तुमने सही साबित किया …मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ …तुमने एक और एहसान कर दिया हम पैर …” शहीद की बातों से लग रहा था शायद शहीद उधर से रॉब hi रहा हो ..हीना भी आंसू बहा रही थी …उसकी लाइफ में यह दूसरी बार था जब उसकी इज़्ज़त मनु ने बचाई थी …पैर जान बचने का मौका तीसरी बार था …खैर आपने पास्ट के अपडेट पड़े होंगे तोह याद होगा कैसे मनु ने हीना और शहीद का इलाज़ करवाया था …
मनु “ शहीद भाई बस करो यार हीना को घर भी लाना है …तोह आप यह सब फॉर्मेलिटी को भूल जाओ ताकि थोड़ा जल्दी हीना को आपके पास ला सकूँ ..” उसके बाद भी शहीद ने भी आगे ज्यादा कुछ नहीं कहा बस सिर्फ इतना कहा “ ध्यान से आना ..”
मनु ने कॉल कट किया …और अजय का हु मोबाइल उसने दूसरी जेब में से निकल कर चेक किया की कहीं रस्ते में हु टूट तोह नहीं गया था …मोबाइल सही था ….यह मोबाइल hi अजय के दिमाग से मनु को हीना के लिए यहाँ तक ले आया था मनु ने आते hi बहार उस कार को देखा था ..जिसमे उस कार के उप्पेर सामान लड़ने वाली ट्राली जो उसकी छत्त पैर लगी हुई थी उसमे से अजय का मोबाइल निकल लिया था …अजय ने साइलेंट करके मोबाइल वहां रखा था ….
मनु ने अब हीना को देखा उसके सूट में से दुपट्टा मिसिंग था तोह उसने कार में देखा पैर हु वहां भी नहीं था हीना को मनु जनता था …सो मनु ने ज्यादा कुछ न कहते हुए उसने हीना को अपना जैकेट दे दिया …
हीना ने चुपचाप जैकेट पहन लिया …एक बार फिर मनु का जैकेट उसके जिस्म पैर था …शाम का टाइम हो रहा था ..मनु ने हीना को पीछे बेठ्या और बाइक एक बार फिर डूडा दी …
मैं रोड के पास कुछ छोटी सी चाय की दूकान आयी तोह मनु ने बाइक वहां लगाई …क्युकी उसने कुछ खाया नहीं था …और हीना को देखकर भी उसे लग रहा था की उसने भी शायद कुछ खाया न हो …
मनु के बाइक रोकते hi हीना ने मनु को देखा ..मनु “ थोड़ी चाय चलेगी आपको???”
हीना ने सर हाँ में हिला दिया …मनु ने उस दूकान के मिल्क को चाय के लिए कहा …दूकान का मालिक एक अधेड़ उम्र का आदमी था उसकी अधेड़ उम्र की चिड़चिड़ी बीवी भी दूकान में उसके साथ रहती थी काम के लिए …
यह छोटी सी दूकान मैं रोड से अलग एक कच्चे से रस्ते से गुज़रते हुए पड़ती थी जिसका सबसे ज्यादा कमाई का टाइम पास में फैक्ट्री से आनेवाले वर्कर्स के शाम या लंच का होता था …पैर आज संडे था ..तोह दोनों मिया बीवी दूकान को खोलने की फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे थे …क्युकी उनका धयान तोह सामने चल रहे छोटे से लोकल कलर टीवी में था …जिसमे शायद कोई मूवी चल रही थी..
मनु ने दो चाय का आर्डर दिया तोह हु बुढ़िया हीना को देख रही thi…heena ने उस बुढ़िया से मुँह हाथ धोने को पूंछा तोह बुढ़िया ने सामने दुकान में वाशबेसिन का इशारा कर दिया हीना वहां गयी ..और हाथ धोने लगी …मनु ने मास्टर को जो उसने उस जोकर मास्क गैंग के साथ किया था हु सब बता दिया और वहां की कारवाही देखने के लिए कहा ,,,मास्टर ने भी इसमें अपने ैप फ्रेंड से बात करने को कहकर कॉल काट दिया …
तब तक चाय आ चुकी थी ..
हीना “ अन्त्य जी पानी नहीं आ रहा है ..???”
बुढ़िया “ अरे बीटा हु …..ाचा रुको मैं आती हूँ “”
उसके बाद हु बुढ़िया अन्त्य उठी और हीना के पास गयी तोह नल का तप जो निचे लगा था उसे ों कर दिया ..
हु बुढ़िया “ अरे बाबू तुम कितनी प्यारी हो …नज़र न लग जाये तुम्हे किसी की …” हु बुढ़िया हीना की नज़रें उतारने लगी .
तब तक बुड्ढे ने उस टीवी का वॉल्यूम तेज़ कर दिया …उस टीवी में “ग़दर: एक प्रेम कथा” सनी देओल की मूवी चल रही थी …
हीना ने पानी आने के बाद अपना मुँह धोना शुरू किया ….और उसके सर में मनु का गिरा खून जो सुख चूका था फिर से गीला होकर अपना रंग बहाने लगा …
उसके सर से खून लाल रंग में बह निकला जिसे देखकर हीना के साथ हु बुढ़िया भी हैरान थी …
उस पैर उस बुढ़िया ने हीना को डांटे हुए कहा “ अरे पगली सिन्दूर तोह मांग में सिर्फ अपने आदमी की लम्बी उम्र के लिए लगया जाता है …पैर लगता है तुझे तोह कुछ ज्यादा hi परवाह है अपने आदमी की देखो तोह कितना सिन्दूर लगा लिया है “”
उसी टाइम ग़दर मूवी का हु सन जिसमे सनी देओल हीरोइन अमीषा पटेल की जान बचने के लिए अपने खून से उसकी मांग भरकर कहता है …” लो अब यह हो गयी सीखनी …अब अगर इसकी तरफ किसीने नज़र उठाकर देखा भी तोह सोच लेना ….वाहे गुरु जी दी सूह …” यह सन टीवी पैर चल रहा था मनु ने भी हीना को देखा उसके मांग से होता हुआ मनु का खून आ रहा था …
हीना और मनु की नज़रें उस आईएनए से मिली जो उस वाशबेसिन के उप्पेर मुँह देखने को लगा था …मनु चाय पिटे हुए धसका लगने से खांसने लगा उसकी चाय उसके मुँह से बहार निकल आयी thi….heena उस बुढ़िया की बात से शर्माने लगी ..उधर मनु ग़दर के डायलाग सुनकर वहां खुद को पा रहा था …मनु ने अब हीना से नज़रें चुरा ली क्युकी हु नहीं चाहता था की हीना को उसके लिए बुरा लगे या हीना शर्मिंदा हो इस बात को लेकर .…
हीना ने मनु को नज़रें चुराते हुए देखा उसने भी हु ग़दर का डायलाग सुन लिया था …और उसे अपने मैं में वही फीलिंग आ भी रही थी …जहाँ हीरो हीरोइन के लिए उसकी मांग भर देता है और समाज में उसके जीने के लिए और इज़्ज़त के लिए उसे बीवी का दर्ज़ा देता है …
हीना का दिल उस बात को सुच मान रहा था की उपपरवाले ने मनु के हाथों उसकी मांग भरवा दी थी …उसके दिल में तोह एक hi हीरो था रॉकी उर्फ़ मनु जिसने उसे कई बार बचाया था …और आज उसके हथून अनजाने में hi सही हीना को हु ख़ुशी मिल गयी थी जिसका खवाब हीना ने बहुत पहले देखा था …अब सुच में हु खुद को मनु की बीवी मान रही थी ..उसका ध्यान आईने में था जिसमे सिर्फ मनु दिख रहा था ..
बुढ़िया ने हीना को हिल्या” अरे बीटा बस भी कर मानती हूँ तेरा आदमी दिखने में हीरो सा है पैर इसका मतलब यह नहीं तू उसके लिए इतना सिन्दूर पॉट ले बीटा थोड़ा भी काफी है मांग भरने को और उम्र लम्बी करने के लिए अब बीटा तेरा अपने आदमी को देखना अगर अब हो गया हो तोह पानी बंद कर दूँ ??आज कल की यह लकड़ियां भी कमल है अपने hi आदमी का मांग में सिन्दूर लिए भी उसे दूर से इस आयने से देख रही हैं ” बुढ़िया ने अपने में बडबडते हुए कहा ...
उसकी इस बात पैर हीना और मनु दोनों ने सुना था क्युकी हु बुढ़िया ने जोर से कहा था …मनु ने तोह मुँह घुमा hi रखा tha,,na सुनने का बहाना किया …पैर हीना तोह सरम से ज़मीं में गाड़ी जा रही थी ..उसी सुच में मनु की बीवी होने की फीलिंग आ रही थी …
हीना और मनु ने उसके बाद चाय पि और कुछ बिस्कुट भी लिए और मनु और हु दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे …मनु ने हीना से कहा ..यह सब अन्त्य की बात भूल जाओ …”यह सब फिल्मो में होता है ..जो हुआ उसमे न मेरी गलती है न आपकी और इन अन्त्य का क्या है …जो दिल में आया हु कह दिया आप परेशान न हों प्ल्ज़ ..आपको ऐसे देखना ाचा नहीं लगता ..”मनु ने तोह हीना को टेंशन से बहार लेन को कहा था पैर हीना को इसमें भी अपने लिए रॉकी की फिक्र दिखी …उसका दिल नाच रहा था …
खैर अब दोनों वहां से चलने के लिए त्यार हुए …मनु ने पैसे दिए और अपनी बाइक में किक मारी …हीना बाइक से उतरी और उस बुढ़िया के गले मिलकर आयी ..उस बुढ़िया ने भी हीना को अपने सीने से लगा लिया …जैसे उसकी सोई हुई ममता आज जाग गयी थी …
मनु ने पीछे देखा ..हीना आयी और बाइक पैर बेथ गयी …मनु ने अंदर सर झुकार कर दोनों से अलविदा कहा ..
बूढ़े और बुढ़िया दोनों एक साथ “ उपपरवाला तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …” दोनों ने एक साथ दुआ दी ..
जिसे सुनकर मनु ने अपना माथा पिट लिया …जिसे देखकर हीना कुछ नहीं बोली पैर दोनों बूढ़े और बुढ़िया को देखकर उसने फिर से रेस्पेक्ट से उनको देखा ..जैसे अब हु अपने पति के साथ आपने सुसराल जा रही थी ऐसी फीलिंग आ रही थी use…heena का दिल सुच में ख़ुशी से झूम रहा था …
उधर कुछ घंटे बिट जाने के बाद मर बॉस ने सोफ़िया को कॉल किया सोफ़िया ने कॉल पिक किया तोह उसके मुँह से एक hi बात निकली …”ओह! No सर “
सोफ़िया मैं में “ यह सब क्या है हमारे गैंग में यह चार लोग काफी टाइम से थे पैर आज इनका यूँ मर्डर कुछ तोह गड़बड़ है …इसका पता जल्द लगाना होगा …क्युकी बिज़नेस में बॉस को गुस्सा दिलाना सही नहीं है ..और यह तोह जोकर गैंग (जोकर मास्क गैंग को जोकर गैंग भी कहते hain)ke साथ हमारी भी बेज़्ज़ती है क्युकी जोकर गैंग हमारा ट्रेडमार्क है …सो कोण है जिसने बॉस के लोगों से पन्गा लिया है ???”…..सोफ़िया सोच में गम थी पैर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …पेरशान होकर चेंज करके स्विमसूट में आयी और वह अपने बंगला के स्विम पूल सेक्शन में जाकर स्ट्रेस फ्री होने के लिए उस में कूद गयी ..और स्विमिंग करने लगी .. .. :हिंट: