Pyaar Nafrat or Kismat - Page 8 - SexBaba
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Pyaar Nafrat or Kismat

अपडेट 64

बचपन की यादें फाइनल अपडेट

मनु भी अपने उस रेस्टोरेंट ? में वापस आया और अपना सामान जो उसने डेस्क पैर छोड़ा था उठाया और फ्लाइट ✈ के लिए एयरपोर्ट्स को निकल गया…..

अब आगे ..........

मनु रात को hi घर पहुंचा जहाँ उसके भाई अजय और maa-baap ने उसका वेलकम किया और अजय ने तोह उसे गले hi लग आलिया उसकी ट्रॉफी को तोह अजय ऐसे पकडे हुए था जैसे उसके भाई मनु ने नहीं बल्कि उसी ने यह जीती हो ….सुमित्रा और राजिंदर भी बहुत कुश थे उसके परिवार में मनु ने नेशनल लेवल पैर जीत दर्ज़ किट hi इसमें उनके लिए यह बहुत ख़ुशी का मौका था …

राजिंदर ने उसकी ट्रॉफी देखकर कहा “ बीटा आज तुमने सर फक्र से ुचा कर दिया हम तोह सिर्फ कमाने में ज़िन्दगी बिता बैठे पैर तुमने यह जीत कर आज उस कमी को पूरा कर diya,yeh ट्रॉफी बेशक तुमने जीती है, पैर इसे देखकर लगता है की मैंने hi जीती है ,,,ाचा लगा इसे देखकर जो बाप ने मिस किया बेटे ने जीत लिया ,,बीटा मैं तोह न कभी खेल पाया न ढंग से पद पाया पैर तुम खूब खेलना और खूब दिल से पड़ना जो हम नहीं कर सके (सुमित्रा को देखकर ) हु सब तुम करना अब तुम्हे अपने और हमारे हिस्से के जवानी और बचपन को भी जीना है और खुदको और अजय को अचे से ाचा इंसान बनाना हम दोनों तुम्हारे साथ हैं, यह ट्रॉफी तुमको तुम्हारी जीत के साथ तुम्हें तुम्हारे गुरु की म्हणत भी हमेशा याद दिलाते रहेगी सो घमंड से ज्यादा इससे सिखलेना की तुम्हारी जीत अकेले तुम्हारी नहीं है उसमे हर किसी की म्हणत शामिल है …आगे बढ़ते रहो और सदा जीतते रहो “ राजिंदर ने मनु को उसकी जीत पैर बधाई के साथ उसके आनेवाले कल के लिए कहा …

सुमित्रा के तोह जैसे मुँह से कुछ निकल hi नहीं रहा था ,,,हु तोह बार बार बस मनु को अपने सीने से लगा लेती थी ….क्युकी उसके लिए तोह यह जीत अभी भी किसी सपने जैसा hi था …खैर इन्ही सब में रात बीत चुकी थी …

मनु अगले दिन मास्टर के सामने था …आज अजय घर पैर hi था ….मास्टर ने बड़े गरम जोशी से उसका स्वागत किया जिसमे सुनील गुरु जी भी शामिल थे ….मास्टर ने उसे गले से लगा कर बधाई दी और कहा “ बीटा तुमने आज मेरी हर ट्रेनिंग को वसूल करवा दिया जीत कर मैं बहुत खुश हूँ मनु बोलो तुम क्या चाहते हो ??...आज तुम जो भी कहोगे वही मैं तुम्हे दूंगा यह मेरा वडा है सो जो चाहो मांग लो …”

मनु “ मास्टर अगर बुरा न मने तोह कुछ कहना चाहता हूँ…”

मास्टर “ कहो न क्या कहना चाहते हो जो मांगोगे आज मैं तुम्हे देना चाहता hun…”master आज बहुत खुश थे …

मनु “ मास्टर आज तक मैंने आपको और गुरु जी को अकेले देखा है …पैर अब और नहीं अब सन्यास छोड़ने का टाइम आ चूका है ..”

मास्टर “ मतलब “

मनु “ मास्टर आप समझदार हैं मुझसे ज्यादा आप कब तक अकेले रहेंगे आपके साथ सुनील गुरु जी भी अकेले हैं क्या आप उनके लिए शादी नहीं कर सकते …क्युकी जब तक आप शादी नहीं करेंगे तब तक गुरु जी भी नहीं करेंगे क्युकी हु अप्पको अकेला नहीं छोड़ना चाहते क्या आप को नहीं पता उन्होंने आपके अकेले रहने के चलते खुद भी अब तक शादी नहीं की है ??”

मास्टर ने हैरानी से गुरु जी को देखा गुरु जी मनु की तरफ चुप रहने के लिए इशारा कर रहे थे …

मास्टर “ सुनील क्या यह सुच है ????तुम मेरे लिए अब तक शादी नहीं कर रहे हो ऐसा क्यों भला ???”

सुनील गुरु जी “ मालिक आप मेरे बचपन के दोस्त हैं और आपको मैंने अकेलेपन में देखा है तोह आपको भला अकेला छोड़कर घर कैसे बसा लूँ मालिक के साथ आप मेरे बचपन के दोस्त भी हैं …तोह आपको अकेला छोड़कर खुद खुशियां मानों कैसे हो सकता है ..”

मास्टर “ पैर सुनील मेरे बारे में तुम जानते हो तोह तुम भला कैसे मेरे पीछे अकेले रह सकते हो ??”

सुनील “ मालिक आप मेरे मालिक के साथ दोस्त भी हैं तोह आपको अकेला छोड़कर मैं खुद खुशियां मनौ यह कैसे हो सकता है …??”

मास्टर “पैर “

सुनील “ पैर कुछ नहीं आप जब तक अकेले रहोगे तब तक मैं अकेला hi रहूँगा यह मैंने कसम खाई है …” गुरु जी ने ात -लास्ट मान लिया …जिससे मास्टर सोच में पद गए ..

मनु ने देखा मास्टर सोच में गुमहिं तोह उसने कहा “ मास्टर आपने वडा किया था न की मैं कुछ भी मांग सकता हूँ तोह मैं चाहता हूँ आप और गुरु जी अब शादी कर लो वर्ण मैं समझूंगा मेरे मास्टर क़ानूस निकले …”

जेस्पर मास्टर और गुरु जी दोनों को हंसी आ gayi…master “ तोह मतलब तुमने अचे से सोचकर यह सब प्लान किया है ….और मैं समझ रहा था की तुम शायद कोई बाइक या कार मांगने वाले हो …खैर अब वडा किया है तोह पूरा करना होगा …पैर कोई जब सही मिलेगी तब कर लूंगा अब और कोई बहस नहीं पैर सुनील अब तुम शादी जल्द से करो वर्ण बाल और पाक जायेंगे ….हाहाहाहाहा!”

सुनील “ मालिक आपके बाद hi करूँगा वर्ण नहीं वर्ण पता लगा की आपने मुझे शादी में फंसा दिया और खुद फिरसे अकेले पद गए ???” गुरु जी ने डाउट से कहा जिस पैर मास्टर को हंसी आ गयी …

मास्टर “ अरे पहले सिर्फ तुम्थे अब यह भी है (मनु की तरफ इशारा करके )तुमसे मैं कुछ भी करके बच सकता हूँ पैर इससे कभी नहीं और इस बार इसका प्लान है मुझे और तुम्हे snyaas-mukt करना तोह सोचो की यह भला हम दोनों को ऐसे hi जाने देगा …नहीं न तोह तुम डाउट छोड़ दो …और शादी के लिए लड़की देखो अपने लिए मैं बाकी सब देख लूंगा..”

सुनील “ पैर मालिक आप “

मास्टर “ अरे कोई मिलेगी तोह मैं भी कर लूंगा …”

और ऐसे hi बातें होती रही ….और दिन बीतने लगे …. गुरु जी के लिए लड़की डुंडी गयी …और एक महीने बाद अर्चना गुरजी की लिए पसंद की गयी …गुरूजी और अर्चना ने जब आपस में बात की तोह दोनों hi एक दूसरे के हो चुके थे …सो फाइनली सुनील गुरु जी ने शादी कर ली थी जिसमे मनु और अजय ने खूब मज़े लिए ….इस जषनन में मनु और अजय ने खूब रंग जमाया दोनों भाई खूब नाचे …इसे मौके पैर मास्टर की भी मुलाकात एक विदेशी लड़की से हुई जिसका नाम कैरोलिना था जिससे मास्टर की आँखें चार हुई …क्युकी उसकी कई आदतें मास्टर की लेट वाइफ से काफी मिला करती थी …और न जाने उसे भी शायद मास्टर से कोनसा जुड़ाव महसूस हुआ …की सुनील गुरु जी के शादी के अगले महीने hi दोनों में बॉन्डिंग के चलते मास्टर की भी शादी हो चुकी थी…

टाइम बीतने लगा था …. दो साल बिट चुके थे …जिसमे गुरु जी और मास्टर ने खूब म्हणत की और दोनों के घर पैर एक बार फिर रौनक आ चुकी थी ….जहाँ उस घर में सिर्फ दोनों मर्द hi रहा करते थे वहां अब दोनों की वाइफ और छोटे नन्हे बचे भी हो चुके the….khete हैं न की जब इंसान खुश होता है तोह किस्मत भी मेहरबान हो जाती है …मास्टर और गुरु जी दोनों के घर पैर तीन बचे हो चुके थे ….अब आप कहोगे तीन कैसे ???तोह भाई जुड़वाँ सुना होगा न आपने …मास्टर के दो बचे हुए थे कैरोलिना से एक बीटा और एक बेटी …जिनका नाम अंकित और अंकिता रखा गया …और गुरु जी और अर्चना के घर एक लड़की हुई जिसका नाम पूजा रखा गया …तीनो बचे अब्दे स्वीट और प्यारे थे …क्युकी तीनो के बाप बचपन के दोस्त थे सो तीनो भी एक साथ कहला करते थे …कैरोलिना और अर्चना की भी अछि पता करती थी कैरोलिना नाम बेशक इंग्लिश लगता है ..पैर मास्टर से शादी के बाद हु पुरे इंडियन बन चुकी थी …अब जीन्स या पंत के बदले साडी या इंडियन ऑउटफिट में ज्यादा रहा करती thi…master ने उसे कभी किसी ड्रेस के लिए कुछ नहीं कहा पैर उसे अर्चना के साथ इंडियन ऑउटफिट में रहने में ज्यादा मज़ा आता था …

मनु दोनों के लिए बहुत खुश था …हु भी अब 18 साल का लड़का हो चूका था …मास्टर और गुरु जी के परिवार में भी मनु को ाचा प्यार मिलकर्ता था …और क्युकी दोनों की शादी की वजह मनु से किया वडा था ..तोह जबसे कैरोलिना और अर्चना को पता चला था ..तोह उसके लिए भी मनु किसी अपने की तरह था …मन ऊके साथ अजय भी 3 बच्चों के साथ एन्जॉय किया करता था …पैर अब ट्रेनिंग घर के बजाये मास्टर ने किसी और farm-house पैर कर दी थी ताकि बचे और फॅमिली दोनों की वजह से डिस्टर्बेंस न हो …पैर वीकेंड पैर मनु और अजय दोनों के फॅमिली और बच्चों के साथ एन्जॉय किया करते थे …

इन दो सालो में शबनम की शादी भी हो चुकी थी ..क्युकी शबनम मास्टर की शादी के बाद अकेली हो चुकी थी …सो उसने मास्टर के ंगो में अपना दिल दिमाग ज्यादा लगाना शुरू कर दिया सो …वहीँ उसकी मुलाकात इसरार अहमद से हुई जो शबनम को देखकर दिल हार चूका था …इसरार ाचा इंसान था जिसने जब खुद को शबनम के प्यार में पड़ता महसूस किया तोह उसने शबनम से साफ़ साफ़ निकाह के लिए कहा …जेस्पर शबनम ने अपने बारे में सब कुछ बता दिया …जेस्पर इसरार को सुनकर तगड़ा झटका लगा …हु दो दिन तक सदमे में रहा जेस्पर शबनम को लगा की इसरार अब शायद अपना इरादा बदल दे …पैर 3 दिन बाद इसरार घर से निकला शबनम से मिला और फिर निकाह के लिए कहा …पैर शबनम ने उसे साफ़ साफ़ मन कर दिया …की हु कोई अचे घर की लड़की देखे …पैर इसरार ने कहा की तुम भी अछि इंसान हो तुम्हे भी सर उठाकर जीने का हक़ है ..और वही हक़ तुम्हे मिलना चाहिए …जेस्पर शबनम को जैसे मन मांगी मुराद मिल चुकी थी ..उसने अपनी गुज़री ज़िन्दगी क्र बारे में पहले hi इसरार को बता दिया था ..(मास्टर को छोड़कर)

फिर भी इसरार उसे निकाह करना चाहता था …इससे उसे इसरार की मोहबत का पता भी चल रहा था …सो उसने भी रट हुए हाँ कह दिया और इसरार और शबनम का निकाह हुआ …पैर इसरार के घरवाले किसी रैंड को अपनी घर की बहु कैसे मान लेते …सो दोनों को घर से बेदखल कर दिया …पैर यहाँ मास्टर ने इसरार और शबनम का साथ दिया ….मास्टर ने इसरार को पूछा हु क्या कर सकता है इसरार को ड्राइविंग अछि आती थी तोह मास्टर ने उसे अपनी ऑफिस में ड्राइविंग पे लगा दिया …और जिस farm-house में शबनम मनु को दवाई और बॉडी लैंग्वेज पैर सिखाया करती थी वही farm-house दोनों को तोहफे में दे दिया …इसरार को शबनम ने मनु से भी मिलवाया और बताया की हु उसे बड़े लोगो के तौर तरीके सिखाती है …साथ में थोड़ा बॉडी लैंग्वेज पैर भी काम करवाती है …जेस्पर इसरार हैरान हुआ …पैर जब उसने देखा मनु को शबनम क्या सिखाती है …तोह उसे तब शबनम पैर बड़ा फक्र हुआ ….शबनम अभी तक जूस में मनु को हु दवाइयां देती थी जिसको मनु आराम से झेल लेता था …क्युकी अब उसकी बॉडी को उसकी हब्बित पद चुकी थी …यह बात सिर्फ शबनम और मास्टर को hi पता थी की उस जूस में मनु को दवाई मिलती है इसरार और मनु को इसके बारे में कुछ पता नहीं था..

खैर इसरार भी मनु के अचे नेचर से एफ्फेक्टेड था …हु भी मनु को पसंद करने लगा था …क्युकी उसके घर के आधे से ज्यादा काम उसके होते हुए या उसके पीछे से मनु hi देखकर्ता था ….और साथ में मनु का शांत नेचर जिसमे हु इस बात का ध्यान भी रखता था …की इसरार और शबनम को जब भी कोई जरूरत पड़े तोह उनकी हेल्प सही टाइम से हो ….उसके इस नेचर से इसरार और शबनम दोनों hi खुश थे …दोनों की ज़िन्दगी भी अछि चल रही थी …पैर घरवालों ने तोह जैसे इसरार से नाता hi तोड़ लिया था …हु शबनम के साथ खुश था ..पैर बचपन से जिनके साथ पला पड़ा हो उसको भला कैसे खुद से जुड़ा करता …हु फिर भी कभी कभी हिम्मत करके घर चला जाया करता पैर …घर में उसकी बहिन को छोड़कर सभी उसे रैंड का खसम कहकर बेज़्ज़त किया करते …तोह हु भी वापस घर आ जाया करता …

टाइम अपने हिसाब से बिट रहा था कल hi मनु का 18 व बर्थडे गया था ..और आज हु अजय को जस्ट ट्रेनिंग देकर हटा hi था …की एक कॉल आयी जिसके बाद उसने अजय को घर जाने को कहा और भागा … कॉल शबनम के पास से आयी थी …जिसमे इसरार का एक्सीडेंट होने की बात थी …मनु भगा भगा शबनम और इसरार को देखने हॉस्पिटल आया जहाँ इसरार बीएड पैर बेहोश पड़ा था …

उसे काफी छोटाइने आयी thi…uske पेअर में फ्रैक्चर था …सो उसे अभी नींद का इंजेक्शन दिया हुआ …था जिसके चलते हु सोया हुआ था …मनु आया उसने शबनम को काफी हिम्मत दी और मास्टर को भी भी इन्फॉर्म किया मास्टर के ंगो में काम करने और पुराणी मेंबर होने के नाते मास्टर के ंगो ने इसरार का सारा खर्चा उठा लिया …पैर इसरार मेंटली थोड़ा परेशान था …जिसमे मनु और शबनम ने उसे काफी हद तक निकला ….खैर कोई एक महीने बाद इसरार पूरी तरह से ठीक था …पैर न जाने क्यों कभी कभी बड़ा परेशान रहने लगा था …एक महीने में एक बार भी उसने शबनम को नहीं छुआ था …पैर शबनम ने इसे सोचा शायद इसरार की परेशानी समझकर उसे नज़रअंदाज़ कर दिया था ..

पैर इसरार में बहुत से बदलाव आ चुके थे …जिनको नज़रअंदाज़ करना शबनम के बुते से बहार था …जैसे रोज़ हसने और खुश रहनेवाला इसरार अब हसने से ज्यादा संजीदा और खामोश रहा …करता था … इन सब में अजीब बात यह थी की इसरार के एक्सीडेंट की खबर शबनम ने उसके घर दी तोह सिर्फ उसकी बहिन hi उसे देखने आयी …पैर उसके जाने के बाद से hi इसरार की ख़ामोशी का नक़ाब उतरने के बजाये और गहरा हो चला …

एक और महीना बीता तोह शबनम को थोड़ा डाउट हुआ की प्रॉब्लम क्या है इसरार की पहले हो सकता है …परेशान हो पैर अब क्या परेशानी है इसरार की ?? उसने सोचा ाचा मौका देखकर इसरार से बात करनी होगी,,,,

इसरार अपनी सोच मैं गम था शबनम ने उसके कंधे पैर हाथ रखा “ क्या बात है जनाब आप हमारे होते हुए सोच में गम हैं क्या हमसे कोई खता हुई क्या ???”शबनम ने बड़े hi शोख अंदाज़ में कहा इसरार से ..

इसरार अपनी सोच से बहार आकर झूटी मुस्कान के साथ “ नहीं ऐसी कोई बात नहीं है तुम बेकार मैं परेशान हो ??”

शबनम “ ाचा जनाब आने पुरे तीन महीने से अपनी बेगम को हाथ नहीं लगाया इसे क्या समझूँ मैं???”

इसरार इस बात पैर संजीदा होकर बोलै “ बेगम श्याद अब तुम्हारे मिया को हाथ न लगने की सजा मिली है ??”

शबनम “ मतलब “

इसरार “ बेगम तुमको अचे से पता है मेरे घरवाले तुमको लेकर मुझसे नाराज़ हैं और उस पैर मेरा एक्सीडेंट होना जेस्पर मेरी बहिन आयी उसने मुझे कहा की अगर हमारा कोई बचा हुआ तोह उसके बाद उनकी नाराज़गी शायद काम हो जाये पैर एक बात है जो मैंने तुमसे छुपाई है …???”

शबनम बड़े ध्यान से “ और हु क्या है जान सकती हूँ भला ??”

इसरार “यही की इस एक्सीडेंट के बाद शायद hi मैं कभी तुमको एक मर्द की तरह प्यार कर सकूंगा …”

शबनम “ मतलब”

इसरार ने इसके बाद सब कुछ शबनम को बता दिया की कैसे उसके सिर्फ तंग में hi नहीं बल्कि उसके लैंड और ाँद के अंदरूनी हिस्से बेकार हो चुके हैं जिनके चलते उसकी मर्दानगी ख़तम है और यह बात doctor’s ने उसे पहले hi बतादि थी पैर उसने इस बात पैर शबनम से बात करने का सोचा था जिसको सुनकर शबनम के ांसो निकल ने लगे हु बहुत रोई की उसके शोहर को कितना कुछ सहना पड़ा …पर इसरार ने उसे कुछ नहीं कहा जिस पैर इसरार ने शबनम से कहा “ यह सब मैं तुम्हें इसी लिए नहीं बताना चाहता था की तुम बेकार में रोटी रहो ??”

शबनम “ बेकार में आपको लगता है यह सब बेकार है आपने अकेले कितना कुछ सहा और मैं आंसू तक न बाहों यह कैसे सही होगा ???”

इसरार “ पैर प्रॉब्लम यहाँ शुरू नहीं होती प्रॉब्लम यहां से शुरू होती है …की घरवाले एक बचे की अस्स में बैठे हैं और मैं अब किसी काबिल नहीं रहा …कभी कभी सोचता हूँ की सुसाइड कर लूँ ताकि बाद में कोई तुमको ब्लैम न कर सके….”

शबनम “ ाचा जी आपने यह सोच लिया और मेरे बारे में ज़ारा सब hi नहीं सोचा की आपके जाने के बाद मैं कैसे जी सकुंगी …मैं तोह हूँ hi मनहूस जिसके चलते आपकी ज़िन्दगी भी बर्बाद हो गयी …पहले hi रंडी के नाम से बदनाम थी उसके बाद बेवा (विडो ) की तोहमत नहीं इससे ाचा तोह यह होगा की आपसे पहले मैं hi मर जॉन?”

इसरार “ ऐसा सोचना भी नहीं मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ यह मेरा दिल जानता है …और अगर तुम्हें कुछ हुआ तोह क्या मैं जी सकूंगा नहीं कभी नहीं …”

शबनम ने इस बात पैर इसरार को गले लगा लिया …इसरार “ पैर बेगम अभी तोह प्रॉब्लम बचे की है उसका क्या ..”

शबनम “ मुझे कुछ नहीं चाहिए मुझे बस तुम चाहिए …बस कोई मेरे साथ रहे न रहे बस तुम हमशा मेरे साथ रहना ..मुझे और कुछ नहीं चाहिए ..”

इसरार “ पैर बेगम बचा होता तोह मेरा परिवार तुमको अपना लेता जो मैं चाहता हूँ पैर अब मैं तुम्हे बचा तोह क्या एक मर्द का एहसास तक नहीं दे सकता ..उसका क्या ??”

शबनम “ एक औरत के लिए माँ बना उसके पुरे होने की निशानी है पैर बिना शोहर के उसके लिए दुनिआ का हर सुख बेकार है …क्या बचा hi सबकुछ है ???दुनिआ में कितने लोग हैं जिनके बचे नहीं होते क्या हु सब जीना छोड़ देते हैं नहीं न ..क्या हम बचा गॉड नहीं ले सकते ???”

इसरार “ मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है ..पैर मेरी फॅमिली इस बात को शायद कभी न मने की पहले उनकी मर्ज़ी के खिलाफ निकाह किया और उसके बाद बचा गॉड ले लिया …तुम खुद सोचो क्या यह सब हु सेह सकेंगे नहीं न …???”

शबनम भी इस बात पैर सोच में गम थी …क्युकी इसरार की बात तोह वाज़िब थी अपनी जगह पैर …उसने बहुत सोचा पैर उसे कोई सलूशन नहीं मिल पा रहा था …

इसरार ने उसे सोच में गम देखकर कहा “ जानता हूँ की बचा गॉड लेने से इसका हल नहीं निकलनेवाला है पैर इसका एक और हल है …जो तुम चाहो तोह हो सकता है …”

शबनम हैरानी से “ ऐसा कोनसा हल है अगर है तोह आपकी बेगम का वडा है की आपको खुश करने के लिए मैं सब करुँगी …” इसरार इस बात के hi जैसे इंतज़ार में था …हु बहुत खुश हुआ …

इसरार “ बेगम मैं बाप नहीं बन सकता पैर तुम तोह माँ बन सकती हो ..समझ रही हो न …??”

शबनम समझ तोह गयी थी “ आप कहना क्या चाहते हो मैं कुछ समझी नहीं ..”

इसरार “ देखो अगर तुम माँ बन सकती हो तोह साड़ी प्रॉब्लम का सलूशन निकल सकता है …”

शबनम “ पैर कैसे ..??”

इसरार “ देखो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है की बचा किसी और का भी हो तोह पैर अगर तुम माँ बानी तोह यह पक्का है की बचे के पैदा होने के बाद मेरे घरवाले तुमको ज़रूर अपना लेंगे …”

शबनम “ मतलब आपके होते हुए मुझे किसी और के साथ सोना होगा ..नहीं हरगिज़ नहीं मुझे यह मंज़ूर नहीं है …और आपने सोच भी कैसे लिया की बचे की चाहत में यह गुनाह में कर गुज़रूंगी …क्या आपके लिए आपके उस परिवार की खुसी hi सब कुछ है मेरी ख़ुशी का कोई मायने नहीं hai…or आपने यह बात सोची भी कहाँ से कोई मैं किसी के साथ भी सो कर बचा पैदा कर दूंगी …और आगे हु हमको ज़लील नहीं करेगा इसकी क्या गारंटी है की हु बाद मैं हमे बदनाम नहीं करेगा …??”

इसरार “ देखो पहली बात मैं चाहता हूँ तुमको एक मुक़ामाल फॅमिली देना उसके लिए बचा ज़रूरी है …और रही बात मेरे सोचने की तोह मैं अचे से जानता हूँ एक औरत को मर्द का प्यार क्या मायने रखता है …मैं खुदगर्ज़ नहीं हूँ की अपने लिए तुमको कैद करके रख दूँ …”

शबनम “ पैर ऐसा अगर हो भी गया तोह क्या हु हमदोनो के इस राज़ को राज़ रखेगा कोण भला खुद के बचे को ऐसे hi जाने देगा …नहीं मुझे नहीं लगता ऐसा कोई होगा …”

इसरार “ ऐसा नहीं है की मैंने इस बारे में सोचा नहीं है …मैंने इस बारे में बहुत सोचा और ऐसा एक शक्श है मेरी नज़र में जो हमको एक बचा भी दे सकता हो और बाद में भी हमारे इस राज़ को बरकार रखेगा …तुम उसे अचे से जानती हो ???”

शबनम हैरत से इसरार की बात सुन रही थी “ ऐसा कोण होगा जो इतने बड़े राज़ को बरकार रख सकेगा और हमे बचा भी देगा …???”

इसरार “ तुम उसे अचे से जानती हो और उसे पसंद भी करती हो …”

शबनम हैरान थी ..की कोण है जिसे शबनम भी पसंद करती थी “ कोण है हु पेहलियाँ न बुजाएँ इस बात पैर पहले hi काम धमाके कर दिए आपने मेरे साथ जो अभी भी कुछ बाकी है …??”

इसरार “ हु शकस है मनु …तुम्हारा चेला जिसे तुम सिखाती हो और कमसे काम मुझसे झूंठ न कहना की तुम उसे एक मर्द की हैसियत से पसंद नहीं करती क्युकी मैंने खुद तुम्हे उसमे खोते देखा है कई बार …यकीं मानो मुझे इस बात से कोई प्रॉब्लम नहीं है की तुम उसे पसंद करती हो …”

शबनम ने इस बात पैर अपना सर झुका लिया था …क्युकी सुच में मनु की तरफ हु आजकल बहुत अत्त्रक्ट हो रही थी …क्युकी यह बात सिर्फ मास्टर और शबनम को hi पता थी की मनु को कोनसी दवाइयां शबनम दे रही थी …और शबनम भी मनु को अपने किसी बनाये अचे मोन्यूमेंट की तरह देखा करती thi…or बार बार देखने के बाद मनु में उसे एक मुकमल मर्द नज़र आया करता था …जो खुद शबनम ने त्यार किया था ..अपनी सालो की एक्सपीरियंस से उसको बॉडी लैंग्वेज सीखना हो या मर्दानगी बढ़ाने की दवाई देना हो तोह यह भी सुच है की कोई अपने बनाये मोन्यूमेंट से कैसे प्यार न करे सो शबनम भी उसे देखकर खुश हुआ करती thi..or कभी कभी मनु को देखते हुए खो जाया करती थी …उसकी आँखों और दिमाग में दवाइयां देने के बाद हमेशा एक कंकाश चला करती थी की मनु पैर उसका क्या रिजल्ट आया होगा …सो ऐसे में hi इसरार ने उसे कई बार देखा था मनु को ऐसे देखते हुए …

शबनम निचे सर करके बोली “पैर हु तोह मेरा स्टूडेंट है और बहुत छोटा है …और क्या हु इसके लिए त्यार होगा ??और क्या …?” उसके इस बात को इसरार ने पकड़ लिया ..

इसरार “ अभी तोह तुमने क्या क्या नहीं कहा था की कोण होगा पैर मनु का नाम आते hi तुमने एक बार भी नहीं कहा की तुम्हे कोई ऑब्जेक्शन है ..बल्कि तुमने कहा की हु रेडी होगा ??”

इस पैर शबनम की जैसे चोरी पकड़ ली हो इसरार ने “ नहीं मेरा हु मतलब नहीं था ..”

इसरार “ जाने दो मैंने पहले hi कहा था मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है …मनु पे बल्कि मैं खुद ट्रस्ट करता हूँ …और जब बात तुम्हारी होगी तोह हु हेल्प ज़रूर करेगा ..मुझे दिल से यकीं है उसपर ..और रही बात उसके बचे होने की तोह तुम शायद भूल गयी हो हु मुझसे सिर्फ उम्र में hi छोटा है …पैर हु मुझे ज्यादा जवान मर्द है शरीर में भी दुगना है …तुम एक बार उसे बात कर लेना हु पक्का हाँ कहेगा …”

शबनम अब मनु को याद करने लगी मनु अब 18 साल का जवान मर्द था उसकी हाइट 6’ 3’’ हो चुकी थी …मज़बूत फुलड़ी शरीर ढोले शोले और मज़बूत 10 पैक एबीएस …हाँ भाई 10 पैक भी होते हैं …चेक कर लेना गूगल पैर और क्युकी जवानी अपना रंग दिखा रही थी तोह मनु का रंग भी जो बचपन से साफ़ (gehuan)tha पैर जवानी और अछि डाइट के चलते उसका कलर अब थोड़ा सा पिंकिश यानी थोड़ा अंग्रेज़ों जैसा हो चूका था …और पर्सनालिटी के क्या कहने बाँदा जहाँ से गुज़र जाता था …लड़के उसकी पर्सनालिटी को देखते और लड़कियां बस बर्फ मनु के जैसे होने ki….are उसके जैसे hi क्यों अपना छोरा किसी से काम है क्या उसी को बर्फ के रूप मैं माँगा करती thi…manu की पर्सनालिटी को इस बात से समझ लो की खुद शबनम भी उसे कहीं न कहीं पसंद करने लगी थी …जिसे कई बार इसरार ने खुद देखा था पैर उसे भी मनु पैर ट्रस्ट हो चूका था …सो हु शबनम की इस बात को इग्नोर करदेता था ….शबनम को इसरार की इस बात से की मनु से उसका बचा होगा सुनकर कहीं न कहीं उसके दिल में हलचल मचा दी थी …क्युकी मनु उसे लम्बे टाइम से जुड़ा हुआ था …और टाइम टाइम पैर इसरार और उसकी हेल्प भी किया करता था …सो कहीं न कहीं उसके लिए भी मनु का दिल अपनेपन से भरा हुआ …था ..और जबसे इसरार ने मनु से बचे के लिए कहा था तोह शबनम के दिल के साथ उसके दिमाग में भी हु सोच की दवाइयां क्या असर कर रही हैं मनु पैर ज़ोर मरने लगी थी …और उसका दिमाग न चाहते हुए भी कहीं न कहीं मनु के लैंड के साइज की कल्पनों में खो चूका था जिसका सिद्ध एस्सार उसकी छूट पैर होने लगा था …हु बार बार मनु की बॉडी और पर्सनालिटी के साथ उसके लैंड की कल्पना करती की मनु कैसे उसे छोडेगा और कैसे उसके कमसिन जिस्म को रौंदेगा …उसकी कल्पना का यह हाल था की उसकी 3 महीने से भुकी छूट पानी से भार कर चालक ने वाली थी ….इसरार ने शबनम को सोचते देखा तोह उसे हिलाकर सोच से बहार निकला ….

इसरार “ तुम ज्यादा न सोचो मैं जानता हूँ यह तुम्हारे लिए भी कितना मुश्किल है इसमें में तुम्हारे साथ हूँ “

जिस पैर शबनम खुद पैर शर्मिंदा सा फील करने लगी हु इसरार के सीने से लगी और बोली “ पैर मनु इसके लिए त्यार कैसे होगा ..”

इसरार “ पहले सोचा था खुद बात करूँगा पैर फिर सोचा तुमसे कहूंगा ..पैर अब यह लगता हैं हम दोनों को बात करनी चाहिए ताकि …हु ठीक से समझे हमारी प्रॉब्लम को ..किसी इंसान के लिए कितना मुश्किल है खुद की बेगम को किसी और के साथ सोने के लिए कहना यकीं मानो मैं जनता हूँ …सो प्ल्ज़ मुझसे नफरत न करना …”यह बात इसरार ने रट हुए कही थी अपने दोनों हाथ शबनम के सामने जोड़कर …

शबनम ने उसके हाथ रोक लिए उसके आंसू पूछे …और कहा “ आप अपना दिल छोटा न करें मैं खुद मनु से बात करुँगी ताकि मनु आपके सामने इंकार करे पैर मुझे इंकार न कर सके …क्युकी आप साथ में रहे तोह शायद मैं खुद को कमज़ोर महसूस करुँगी …पैर आप चाहें तोह मुझे साथ के कमरे में सुन सकते hain..taaki आपको यकीं रहे मुझपे …”

इसरार “ कैसी बात करती हो बेगम एक मर्द भला कैसे सुन सकेगा की उसकी बीवी किसी और मर्द के साथ नहीं मैं वहां मौजूद hi नहीं rahunga..tumko जो ठीक लगे सो कर लेना …” दोनों मैं बात चलती रही …

उधर मनु ने 2 साल में बहुत कुछ किया था …जैसा की आपको अचे से पता होगा की बाबा की ट्रेनिंग और भटनागर और अशोक की ट्रेनिंग मनु काफी लम्बे टाइम से ले रहा था …सो उसके पास काफी एक्सपीरियंस था …बिज़नेस का एक तरफ बाबा का कोर लेवल और दूसरी तरफ मॉडर्न बिज़नेस मंद का भटनागर और अशोक का बिज़नेस मैनेजमेंट पैर मनु सिर्फ पैसे से महरूम था …और जब उसने देहरादून में चैंपियनशिप जीती थी तोह उसने 50,000 भी जीते थे …जिसमे से मनु ने उसे बचे जिसने उसका पर्स मारा था उसके बाप को उस बचे के पड़े के लिए 25,000 दे दिए थे जिसपर उसके बाप ने बहुत दुआएं मनु को दी थी …और घर पैर जब बचे हुए 25,000 लेकर मनु आया तोह उसके पैसे उसकी maa-baap ने उसे hi खरच करने को कह दिया थे …जिसपर मनु ने उस पैसे से दमत अकाउंट खुलवाया था …और डेली ट्रेडिंग पैर मार्किट में पैसा लगाया था …ताकि कुछ ाचा प्रॉफिट मिल सके ….

शायद उस बाप और बाकी लोगो का प्यार hi था की मनु को एक बड़ा प्रॉफिट 6 महीने में मिला जिसमे उसने थोड़ा पैसा निकल कर जगह ली और एक छोटा सा डिस्ट्रीब्यूटरशिप ले लिया और उसका एक्सपीरियंस यहाँ काम कर चूका था …सो उसमे ाचा प्रॉफिट हुआ जिसके बाद मनु ने एक छोटा सा ढाबा लिया था …और बचे दोनों काम से उसका प्रॉफिट बाद रहा था …जिसपर उसने एक ाचा सा रेस्टोरेंट लिया …जिसके पीछे एक ख़ास वजह थी …

और हु वजह थी कुछ लोग जो उसे डिस्ट्रीब्यूशन के बिज़नेस में मिले थे …जो थे तोह ईमानदार पैर अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड के चलते उनको कोई भी काम देकर राज़ी नहीं था …क्युकी उनमे से ज्यादातर जेल से छूटे हुए कैदी थे …पैर उनके साथ एक वजह कमान थी …की कोई भी पहले से क्रिमिनल back-ground से नहीं था …हर कोई इस समाज के जुल्म का शिकार था …कोई मर्डर करके गया था …तोह कोई मारपीट में पैर वजह उन्सब्कि अपनी जगह सही थी ..जब तक हु जाइलो में थे तब तक ठीक था ..पैर जब बहार आये तोह उनका जीना पुलिस और बाकी criminal’s ने हराम कर रखा था …तोह मनु ने सोचा उनकी हेल्प की जाये ताकि हु लोग भी सर उठाकर जी सकें …मनु ने उन सभी को नया रेस्टोरेंट लेने के बाद उनको स्टाफ के टूर पैर वहां जॉब दे दी …जिसपर उन सभी की आँखें ख़ुशी से भर चुकी थी …की अब उनके पास भी काम होगा …

मनु ने उन सभी से कहा “ hi एवरीवन यह रेस्टोरेंट का नाम है “ Hell’s किचन “ इस नाम के पीछे की वजह है की हमने अपनी -अपनी लाइफ कहीं न कहीं हु नरक या जहन्नुम महसूस किया है …जिसके चलते हर किसी ने आपको एक क्रिमिनल या डेविल के तरह देखा होगा आप यहाँ भी डेविल होंगे पैर अंतर यह है की यहाँ आपको उस हेलल की गर्मी सिर्फ अपने खाने पैर निकालनी है ताकि लोग और आये ताकि आपकी और मेरी फॅमिली और ग्रो करे पैसे से भी और हर तरह से …इसके साथ hi यहाँ मौजूद हर इंसान आज से इस फॅमिली यानि hell’s किचन का हिस्सा है …”

जिसके बाद तालियां बजने लगी …सभी खुश थे जॉब पैर एम्प्लोयी को एम्प्लोयी समझने वाले की जगह फॅमिली मानेवाले बॉस को देखकर हु सब भी खुश थे जिनमे एडुकाते और ुनेदुकातेड़ सभी तरह के लोग थे …मनु का यह रेस्टोरेंट नाम के साथ काम में भी अलग सा था..

क्युकी उनके रेस्टोरेंट के नाम “ hell’s किचन “ के नाम के साथ स्टाफ का नाम devil’s रखा था मनु ने जिसको सभी के ड्रेस पैर साफ़ प्रिंट किया हुआ था ….जो अपने रेस्टोरेंट में काम करने के बाद आस पास के इलाके में भी काम करते थे एहि डेविल ड्रेस पहनकर जिसमे मनु ने सबसे पहले आस पास के रोड जहाँ भी घड़ा दिखा उसे भरवाने से लेकर आस पास घूमकर फेरी लगनेवाले को रात में फ्री खिलाना भी शामिल था …जिस पैर उसके पास का रेस्टोरेंट का मालिक बहुत हंसा था की पता नहीं कोण पागल है जिसने यह रेस्टोरेंट लिया है …पैर आस पास के खड़े को रोड पैर से हटने का फ़ायदा भी जल्द hi मिला रोड पैर जो गाढ़े होने से जैम लगता था हु ख़तम था …और डेविल टीम को सभी ने देखा था काम करते हुए …सो आस पास का हर इंसान मनु के रेस्टोरेंट में आने लगे थे ….और रात को फेरी वाले फ्री खाने के बदले दिन में हर तरह से “ Hell’s किचन “ का प्रमोशन पैम्फलेट बांटकर किया करते थे …जिससे उस आस पास के एरिया में उस रेस्टोरेंट का ाचा नाम हो चूका था .और जिसका स्टाफ और रेस्टोरेंट दोनों हर तरह से फायदे में चल रहा था …उस एरिया में बहुत सारा काम इन devil’s ने किया था और पब्लिक में भी यह रेस्टोरेंट अपने यूनिक नाम और वर्क के चलते दिन रात फेमस हो रहा था ….

और इनसब के पीछे था मनु का दिमाग जिसने हर चीज़ पैर ाचा काम किया था …समाज सेवा अपनी जगह हो रही थी …और रेस्टोरेंट अपनी जगह बिज़नेस में फेम हासिल कर रहा था …और वहां के devil’s भी अपने नाम और काम के चलते फेमस हो रहे थे …और इन सबके पीछे का दिमाग मनु का था ..इस डेविल टीम को मनु ने एक फॅमिली की तरह सपोर्ट किया था …हु मोस्टली रेस्टोरेंट के पैसे से कोई न कोई सोशल वर्क कर दिया करता था जिसके चलते ….उसकी इमेज वहां के लोगों में पॉजिटिव हो चली थी …अगर लड़का इलेक्शन में खड़ा होता तोह जीत जाता इसी से समझ जाओ आप सब…

मास्टर और गुरूजी के साथ मनु की फॅमिली भी खुश थी की मनु ने काम टाइम में बिना किसी और के हेल्प के बहुत कुछ आर्काइव किया था …

ऐसे hi मनु अपने रेस्टोरेंट को जा रहा था …की शबनम का कॉल आया उसने मनु को farm-house जो अब उसका परमानेंट घर था वहां बुलाया …मनु भी चला गया बिना यह जाने की आज सिकने को कुछ और भी मिल सकता है …

इसरार अपने कहे हुए बात के हिसाब से बहार चला गया था …शबनम सिर्फ अकेली थिग हर पैर उसने हल्का सा मेकअप किया हुआ था …

बेल्ल बजी उसने मनु को कीहोल से देखा मनु hi था उसने गेट ओपन किया और अंदर भुला लिया और गेट क्लोज कर दिया और मनु को लेकर सोफे पैर चलदी …जूस पिलाने के बाद जिसमे आज थोड़ा और तेज़ डोज़ था ….शबनम ने मनु को देखा मनु आज सुबह घर से सिर्फ एक पोलो ब्लू टी शर्ट और ब्लैक डेनिम जीन्स में निकला था उसे चहरे और बॉडी पैर दोनों काफी अचे जांच रहे थे …और उसका क्लैम नेचर देखकर शबनम भी उसे हसरत भरी नज़र से देख रही थी …..... :हिंट:
 
अपडेट 65

रिकैप..

बेल्ल बजी उसने मनु को कीहोल से देखा मनु hi था उसने गेट ओपन किया और अंदर भुला लिया और गेट क्लोज कर दिया और मनु को लेकर सोफे पैर चलदी …जूस पिलाने के बाद जिसमे आज थोड़ा और तेज़ डोज़ था ….शबनम ने मनु को देखा मनु आज सुबह घर से सिर्फ एक पोलो ब्लू टी शर्ट और ब्लैक डेनिम जीन्स में निकला था उसे चहरे और बॉडी पैर दोनों काफी अचे जांच रहे थे …और उसका क्लैम नेचर देखकर शबनम भी उसे हसरत भरी नज़र से देख रही थी ….....

अब आगे.....

शबनम ने आज बड़ी खूसबसुरत ड्रेस पहनी थी जैसे आज उसकी सुहागरात हो …मेहरून कलर का सूट पहना हुआ था उसने . उसके चेहरे की रउनक तोह जैसे अपने सुहागरात के लिए अलग hi थी ….मनु ने जब से जूस पिया था उसे कुछ अलग सा फील हो रहा था …क्युकी आज के जूस में शबनम ने ज्यादा पावर ऐड की थी…

मनु को थोड़ा पसीना आने लगा था …उसका लुंड आज अपने आप हार्ड हो रहा था ….उसे कुछ अलग सी फीलिंग आ रही थी ….थोड़ा गरम सा फील भी हो रहा था …शबनम आराम से मनु को देख रही थी …देखना कहना ठीक नहीं होगा यहाँ यह समझ लो देखने की जगह अचे से ताड़ रही थी शबनम …

शबनम “ मनु आज तक मैंने तुम्हे बहुत कुछ सिख्या है …कैसे लड़कियों और औरतों से बात करना और कैसे उसको ट्रीट करना सब कुछ सिख्या है …पैर एक बात नहीं सिखयी …जो मैं समझती हूँ की तुहैं सिखने की जरूरत है …” शबनम ने इशारे इशारे में कहा …मनु भी उसकी बात समझ रहा था की शबनम का इशारा क्या है और किस तरफ है …बचा नहीं रह गया था उसने भी सेक्स के रिप्रोडक्शन का chapter अचे से पद लिया था पैर प्रैक्टिकल नहीं किया था कभी ..

मनु “ आप क्या कहना चाहती हैं खुल कर कहिये “ मनु ने साफ़ कह दिया ..

शबनम “ देखो मनु अब तुम बचे तोह रह नहीं गए हो जो मेरी बातिओं का मतलब न समझो मेरा मतलब है औरत और मर्द के उसे रिश्ते से जो समाज में सेक्स का नाम रखता है जिसे लोग एक तबू की तरह देखते हैं..”

मनु “ हम्म्म सुन रहा हूँ आगे कहिये ???”

शबनम “ देखो मनु यह हु रिश्ता है जो किसी भी औरत को तुहरे बस में कर सकता है …आनेवाले टाइम में मोस्टली औरतें या लड़कियां तुमसे अत्त्रक्टेड होगी और चाहेंगी की तुम उनके साथ सेक्स करो …और तुमको यह भी पता होगा दुनिआ में बचे होना इसी की दें है …”

मनु “ तोह “

शबनम “ देखो मनु तुम जब छोटे थे तब तुमने कहा था की जो तुम्हारे खिलाफ होगा तुम उसे मार मार कर अधमरा कर डोज ..”

मनु “ हाँ याद है मुझे पैर तब मैं बचा था उस बात का यहाँ क्या लेना देना है ???”

शबनम “ देखो मनु आदमी को मरना तुम्हारे जजमेंट पैर है पैर किसी औरत को अचे से काबू करना है तोह सेक्स उसका बेटर ऑप्शन है …यहाँ तुम हर लड़की या औरत को जो तुम्हारे खिलाफ है उसे मार कर काबू नहीं कर सकते पैर अगर उसके साथ सेक्स करलो तोह उसे आसानी से काबू कर सकते हो ..”

मनु “ मतलब जैसे कोई जिग्गलो (मेल वेश्या या मेल प्रोस्टीटूटे )की तरह हर लड़की के साथ सेक्स करता फिरूं यही मतलब है न आपका ???”

शबनम “ नहीं तुम गलत सोच रहे हो मेरा मतलब है जो तुमसे अत्त्रक्ट हैं उनके साथ करो ताकि उनके दिल में तुम बस जाओ और हु तुम्हारी हर बात मैंने और तुम आगे बाद सको ..”

मनु “ मतलब तोह वही हुआ न अपनी मर्दानगी के दम पैर उनसे बात मानवों ताकि हु मुझसे दबकर रहें यही कहना चाहती हैं न आप ???” मनु ने थोड़ा सख्ती से कहा ..

शबनम “ नहीं मेरा हु मतलब नहीं है ..मेरा मतलब है की जो लगाव तुम किसी की जान बचाकर हासिल करते हो ठीक वैसा लगाव तुम किसी के साथ सेक्स करके भी हासिल कर सकते हो …”

मनु “ मतलब तोह वही हुआ न …किसी के साथ भी अपने मतलब के लिए सो जाओ ..”

शबनम “ मनु देखो तुम मुझे गलत समझ रहे हो …मेरा यह मतलब नहीं है की तुम सिर्फ अपने मतलब के लिए यह सब करो …इसका एक और पहलू भी है जो तुमने सोचा hi नहीं ..देखो अगर तुम किसी के साथ सेक्स करते हो तोह उसका दिल और रूह भी तुमसे जुड़ जाती है …और हु इंसान तुमसे एपनिया आप जुड़ जाता है …इसमें उसकी मर्ज़ी भी शामिल हो तोह बात hi अलग है मैं तुमसे जबरदस्ती करने को नहीं कह रही हूँ बस इतना कह रही हूँ की तुम यह देखो की जिसे तुम्हारी जरूरत हो तुम उसकी जरूरत पूरी कर रहे हो …सेक्स तोह सिर्फ नाम है तुम उसे एक मोरल सपोर्ट भी दे रहे हो की तुमको उसकी परवाह है …और तुम उसे दिल से चाहते हो …और अगर किसी की जरूरत के टाइम तुम उसके साथ रहो तोह उसके साथ तुम्हारा कनेक्शन आटोमेटिक तुमसे हो जायेगा ..”

मनु थोड़ा शांत हुआ यह सब सुनकर “ फिर भी सिर्फ सेक्स से यह सब करना सही नहीं है …क्या मैं को जिग्गलो हूँ नहीं न …तोह सिर्फ सेक्स hi रास्ता कैसे हो सकता है ???”

शबनम “ देखो मनु तुम अपनी जगह सही हो पैर तुमने कभी सोचा है …कितनी लड़कियां अपने सेक्स की भूक के चलते गलत रास्ते पैर आ जाती है …मतलब उनका पार्टनर (सेक्स पार्टनर) अगर गलत इंसान है तोह उनकी पूरी लाइफ स्पोइल हो जाती है …आजकल तुमने सुना होगा की लड़कियों का मंस बन जाया करता है उसके बाद कितनी लडकियां सुसाइड करलेती हैं …आये दिन यह न्यूज़ आती रहती हैं..”

मनु “ पैर उन सब का मुझसे क्या लेना देना ???”

शबनम “ कैसे लेना देना नहीं है क्या तुम इस सोशलिटी से अलग हो नहीं न …तोह अगर तुम किसी लड़की की नीड (सेक्स नीड ) पूरी करते हो तोह तुम गलत कैसे हुए …कमसे काम तुम उसका मंस लीक तोह नहीं कर रहे हो या उसके घर से कोई पैसे तोह नहीं मांग रहे हो …मैं सिर्फ इतना कह रही हूँ की अगर तुम्हारी तरफ कोई अत्त्रक्ट हो तोह तुम उसकी नीड का ध्यान रखो …उसी तरह यहाँ बहुत सी औरतें हैं जो अपने मैरिड लाइफ से खुश नहीं हैं जिनके हस्बैंड या तोह उनकी नीड पूरी नहीं कर पाते या किसी और कामो में उनको इग्नोर करदेते हैं एक औरत को सब बर्दास्त है पैर हु भूके पेट रह सकती है …बिना मेकअप और लक्ज़री के रह सकती है पैर अपने पार्टनर के इग्नोरेंस और सेक्सुअल इग्नोरेंस को बर्दास्त नहीं कर सकती ….तुम समझ रहे हो न ???”

मनु “ मतलब पहले लड़की उसके बाद औरत सभी के साथ सेक्स करना जायज़ है …और आप कहती हैं जिग्गलो नहीं है मेरा यह सब करना कैसे ???”

शबनम “ यह क्या जिग्गलो -जिग्गलो लगा रखा है मैं तुम्हे लाइफ का सबसे इम्पोर्टेन्ट chapter बता रहीं हूँ और तुम कुछ सुन्ना hi नहीं चाहते …” शबनम ने मनु को थोड़ा सख्ती से कहा ..

मनु “ जब काम जिग्गलो का हुआ तोह नाम समाज सेवा कैसे कह दूँ ??”मनु ने भी उसी लहज़े में कहा ..

शबनम “ मैं तुम्हे जिग्गलो बनने को नहीं कह रही हूँ सिर्फ female’s की नीड को सटिस्फीएड करने को कह रही हूँ जिग्गलो सेक्स सिर्फ पैसे के बदले में करता है पैर तुम किसी को उसकी मर्ज़ी और मोरल सपोर्ट के लिए सेक्स करोगे यह मतलब है मेरा …” शबनम ने भी एक सांस में कहा ..

मनु “ मतलब मोरल सपोर्ट के नाम पैर सेक्स सही है है न ??”

शबनम ने सर पैर हाथ मार्कर कहा “ तुम समझ क्यों नहीं रहे हो ???”

मनु “ इसमें समझने जैसे है hi क्या मैंने अपनी छोटी सी लाइफ में बहुत सा धोखा देखा है …जिसमे मैंने बहुत लोगों को अपने सामने अपने hi लिए धोखेबाज़ी करते देखा है …जिसमे लड़कियां और औरतें भी शामिल रही हैं जिनके धोखे के बाद मुझे औरत या लड़की के पास जाने से भी चीड़ हो चुकी है …”मनु की आखें लाल हो गयी थी अपनी पुरानी बातें याद करके जिसमे निशा और उसके चाचा की यादें शामिल थी ..

शबनम ने मनु की लाल आँखें देखि तोह उसे अचे से समझ आ चूका था की मनु ने कोई बहुत बड़ा धोखा देखा है उसे मास्टर ने सब बताया था …मनु के बारे में पैर मास्टर ने निशा के बारे में नहीं बताया था शबनम को क्युकी शुरू में मनु ने मास्टर को नहीं बताया था ..(ओल्ड अपडेट जिसमे जीकर किया था याद होगा) पैर मास्टर को भी बाद में पता चला था (डिटेक्टिव का अपडेट याद होगा जिसमे मंजू ने मन ऊके पीछे लगाया था निशा के लिए ) पैर मास्टर ने तब भी निशा के बारे में शबनम को कुछ नहीं बताया था …शबनम एक बार को तोह डर गयी मनु की आखों में गुस्सा देखकर पैर …उसके नार्मल होने का इंतज़ार किया …और जब थोड़ा नार्मल हुआ मनु तब फिर से कहा …

शबनम “ देखो मनु तुमने जो धोखे सही हु तोह ज़िन्दगी का हिस्सा हैं इंसान अपनी गलती और दुर्सून की गलती से बहुत कुछ सीखता है यह दुनिआ है यहाँ सब कुछ होता है …कुछ सबके सामने और कुछ सबसे छिपकर ..सेक्स ऐसी hi बात है जो करते तोह सब हैं पैर सामने से कोई मंटा नहीं है …और मैं नहीं चाहती की तुम अपने गुस्से और नफरत के चलते दुनिआ में कहीं भी पीछे रहो …थोड़ा ध्यान से समझो बातों को “

इस बात पैर मनु का गुस्सा भी थोड़ा शांत हो चूका था क्युकी शबनम ने उसे साफ़ समझा दिया था की लाइफ में गुस्सा और नफरत अपनी जगह है …पैर इनके चलते हु मनु को दुनिआ में पीछे नहीं रहने देना चाहती …

मनु अब ध्यान से उसकी बातों को सुन रहा था ..

शबनम “ देखो मनु सेक्स मतलब सिर्फ सेक्स नहीं होता सेक्स …सेक्स का दूसरा मतलब है केयर जो आप अपने पार्टनर की करते हो सेक्स में और सेक्स के बाद ..सेक्स में दोनों की मर्ज़ी जरूरी है …और सेक्स के बाद बहुत से लोग अपने पार्टनर को छोड़कर या तोह चले जाते हैं या सो जाते हैं थकन से ..पैर सेक्स के बाद अगर आप अपने पार्टनर की केयर करो उसके हाथ थामकर अपनेपन का एहसास दिलाओ और हो सके तोह उसे थोड़ी बात करलो उसे अपनी केयर शो करो तोह यकीं मनो दुनिआ का सबसे मज़बूत बांड बन जाता है उन दोनों लोगो में जो दुनिआ के हर रिश्ते के बांड की तरह मज़बूत होता है …मैं तुम्हें सेक्स के बारे में इसलिए समझा रही हूँ की तुम अपने नफरत के चलते हर लड़की या औरत को अपने से दूर न कार्डो क्युकी औरत या लड़की को एक दोस्त एक साथी की जरूरत होती है …जो तुम्हें पूरी करनी है …तुम्हारी लाइफ शुरू हो रही है ..इसमें नफरत अपनी जगह है पैर नफरत के चलते तुम अपनी लाइफ स्पोइल नहीं कर सकते ठन्डे दिमाग से सोचो की लड़की को मरना और लड़की के साथ सेक्स किसका बांड ज्यादा स्ट्रांग होगा ??”

मनु “ जाहिर है सेकंड ओने (सेक्स बांड) पैर क्या किसी के साथ भी सेक्स करना क्या सही रहेगा क्या …आप तोह मैरिड के साथ भी कह रही हैं …क्या यह सही है ..”

शबनम “ मनु तुम बचे तोह रहे नहीं फिर सवाल बच्चों सा क्यों कर रहे हो ??”

मनु “ मतलब “

शबनम “ मतलब जब सिस्टम (लीगल सिस्टम ) ने लीगल वे में आज़दी दे दी है की दो लोग मातुरे हों और अगर अपनी मर्ज़ी से सेक्स करे तोह गलत नहीं है …तोह इसमें तुम गलत कैसे हुए ..??”

मनु “ मतलब किसी पैर भी चढ़ जॉन ?” मनु ने थोड़ा फ़्रस्ट्राटे होकर कहा पैर शबनम को इसपर हंसी आ गयी ..

शबनम “ अरे कैसे बात कर रहे हो मेरा मतलब है जो तुम्हे या जो तुमसे अत्त्रक्ट हों जिनकी जरूरत तुम्हें हो या जिनको तुम्हारी जरूरत हो उनके साथ उनकी मर्ज़ी से करो …हाँ अगर किसी को पता कर करो तोह और hi मज़ा समझे …”

मनु “ हाँ समझ गया मतलब लड़की हो या औरत सेक्स की जरूरत पूरी कर दूँ यही कहना चाहती हैं न पैर किसी के भी साथ सेक्स क्या यह सही है ??? मतलब सेक्सयुल डिजीज का खतरा नहीं होगा मुझे और अगर बचा हो गया तब ??”

शबनम हँसते हुए “ मैं जितना नादाँ समझ रही थी उतने नादाँ नहीं हो तुम ??..खैर जहाँ तुमको सेफ लगे वहां सेक्स बिना प्रोटेक्शन के भी मत करना क्युकी की किसी के माथे पैर नहीं लिखा होता है की क्या प्रॉब्लम है उसके अंदर …लड़की चाहे मैरिड हो या ुनमर्रिएद सेक्स बिना प्रोटेक्शन के किसी के साथ मत करना …क्युकी जब तक तुम्हारा पार्टनर सिर्फ तुम्हारे साथ सेक्स करे और जब तक यकीं न आजाये तुम्हे की कहीं और भी उसका कोई टांका नहीं है ..तब तक सेक्स अपनी सेफ्टी के साथ karna…or जहाँ तक बचे की बात है तोह हर लड़की या औरत आज के टाइम में एडवांस है जब तक हु खुद न चाहे खुद माँ नहीं बनेगी ..क्युकी उसे भी अपनी प्राइवेसी प्यारी होती है …पैर (कुछ सोचते हुए शबनम ने कहा ) जिसको माँ बनने की चाहत हो उसे माँ बना देना यह दुनिआ का सबसे बड़ा तोहफा है उस औरत के लिए क्युकी बहुत से रीज़न होंगे उसके जिनके चलते हु तुमसे बचा चाहे तोह ऐसे में किसी को मन मत करना और जो बचा चाहे तुम उसे बचा दे देना ..”

मनु “ मतलब फ्री फण्ड में बाप बन जॉन वह यह सही “

शबनम “ मैंने कहा न कोई अगर तुमसे बचा चाहे तोह तुम उसकी मदद कर रहे हो उसे बचा देकर और जो बचा चाहेगी हु खुद तोह बची होगी नहीं उसे अचे से पता होगा की बचे को कैसे हैंडल करना है सो तुम सिर्फ उसकी इच्छा पूरी कर देना ..तुम बाप जरूर बनोगे पैर जिम्मवारी तुम्हारी नहीं होगी “

मनु “ पैर बाप बनने के बाद जो फीलिंग आएगी उसका क्या ??”

शबनम “ ओह्होऊ लगता है पूरा सोचकर देख भी लिया है तुमने …हाहाहाहाहा!” शबनम ने मनु की खिचाई करते हुए कहा …

मनु थोड़ा झेंप सा गया …कुछ बोलै नहीं सिर्फ अपने पसीने पूछ रहा था उसे अभी भी गर्मी फील हो रही थी …उसके लिए यह टॉपिक उसे और गरम कर रहा था …उसका लैंड अगर सोफे पैर न बैठा होता तोह साफ़ साफ़ पता चल जाता ….मनु के लिए इसरार का न होना को अनोखी बात भी नहीं थी …क्युकी शबनम को हु उसकी शादी से पहले से जानता था …

शबनम ने मनु को काफी समझा दिया था …मनु भी काफी हद तक उसकी बातें समझ रहा था क्युकी बचपन से उसने बहुत कुछ सीखा था शबनम से सो उसकी हर बात हु मान hi लेता था या यह समझ लो शबनम अपनी बात मनवाना अचे से जानती थी ..

शबनम “ तोह तोह समझ गए न सेक्स से तुम सिर्फ अपनी hi नहीं किसी और की नीड भी पूरी करोगे ..जिसमे गलत और सही जैसा कुछ नहीं है अगर दोनों की मर्ज़ी शामिल हो तोह उपपरवाले ने दुनिआ में मर्द और औरत दोनों को एक दूसरे की ज़रुरत पूरी करने के लिए hi बनाया है …सो इसमें गलत कैसा ??? तुम समझ रहे हो न ??”

मनु “ हाँ समझ रहा हूँ पैर सेक्स सुना बहुत है पैर कभी किया नहीं सो मुझे क्या पता कैसे करना …खैर ाचा चलता हूँ टाइम बहुत हो चूका है …” मनु उठा और चलने के लिए त्यार होने लगा उसका लैंड अब पूरी तरह से खड़ा था …पैर यह सिर्फ मनु hi जनता था की हु खुद को कैसे कण्ट्रोल किये हुए है उसने जीन्स के लैंड वाले हिस्से पैर हाथ लगा रखा था की उसका लैंड न दिखे शबनम को ….

शबनम “ देखो मनु मैंने आजतक तुम्हें गैर नहीं समझा पैर मैं कुछ कहना चाहती हूँ तुमसे …”

मनु जाते हुए रुक चूका था और शबनम की बात मुड़कर सुनने लगा ..

शबनम “ देखो आजतक जो कुछ भी मैंने सीखा सब कुछ तुम्हे सीखा चुकी हूँ …पैर बदले में आजतक कुछ माँगा नहीं तुमसे मैंने कभी न कभी कोई उम्मीद की ???”

मनु “ हाँ मैं जनता हूँ पैर आप मुझसे अलग नहीं हैं जो मेरा है सब आपका है …अगर कोई जरूरत हो तोह आप बिना झिझक के कह सकती हैं मुझसे वडा करता हूँ जो भी बस में होगा मदद करूँगा …”मनु ने शबनम को भरोसा दिलाते हुए कहा …

शबनम “ तुमको याद है न मैंने तुमसे कहा था की अगर कोई तुमसे बचे की चाहत रखे तोह तुम उसे गलत न समझना उसकी ज़रूरत पूरी कर देना …याद है न “

मनु “ हाँ बिलकुल याद है अभी थोड़ी देर पहले hi तोह यह बात हुई है तोह उसका यहाँ क्या काम ???”

शबनम “ काम है बहुत गहरा तलूक है उसका इस बात से पैर तुम मुझे गलत न समझने का वडा करो तोह मैं कुछ कहूं ??”

मनु “ यह आपने सोच भी कैसे लिया की मैं आपको गलत समझ सकता हूँ आप मेरी गुरु है आप चाहें या न चाहें पैर मैं आपकी इज़्ज़त उतनी hi करता हूँ जितनी एक गुरु की करनी चाहिए तोह आपको गलत समझना इस लाइफ में पॉसिबल नहीं है मेरे लिए …सो आप बिना सोचे कह दें मैं वडा करता हूँ अगर पॉसिबल होगा तोह मदद जरूर करूँगा “ मनु ने बिना ज्यादा सोचे फ्लो में कह दिया ..

शबनम ने जब मनु का वडा सुना तोह बहुत खुश हुई क्युकी मास्टर से मनु ने वडा निब्बाना अचे से सीखा था …

शबनम “ मनु मुझे तुमसे बचा चाहिए “ शबनम ने भी बिना ज्यादा सोचे फ्लो में कह दिया …

यह बात सुनकर मनु को यकीं नहीं हुआ की शबनम ने कहा है यह उसे लगा शायद उसके कान बज रहे हैं उसने अपने कान में ऊँगली दाल कर साफ़ किया …

शबनम “ कान साफ़ हैं सही सुना तुमने मुझे तुमसे बचा चाहिए ..”

मनु को भी अब लगा उसने पहले सही सुना था “ पैर “

शबनम “ पैर कुछ नहीं अभी समझया था न जिसकी जरूरत हो उसकी मदद करना और मैं तोह तुम्हारे सबसे करीब हूँ क्या मेरी मदद नहीं करोगे ???”

मनु “ कोई और मदद होती तोह बिना सोचे करदेता सोचता भी नहीं पैर आप मेरी गुरु हैं और मैं आपकी इज़्ज़त करता हंट ओह यह सब कैसे और आपके हस्बैंड क्या उन्हें यह सब ाचा लगेगा जानकार की मैंने आपके साथ नहीं नहीं यह गलत है …” मनु ने साफ़ साफ़ इंकार कर दिया …

शबनम “ क्यों क्या मैं औरत नहीं हूँ अभी तोह वडा कर रहे थे की जो मदद होगी जरूर करूँगा …और अब साफ़ इंकार कर दिया ..यही इज़्ज़त करते हो तुम मेरी …यह भी नहीं सोचा की एक औरत को उसके मुँह पैर मन करना कैसा लगेगा ..”

मनु “ पैर आप मेरी गुरु है साथ में आपके हस्बैंड मुझे अचे से जानते है …यह उनके साथ चीट होगा नहीं यह सही नहीं है …उनके जैसे अचे इंसान के साथ और आपके साथ नहीं सही होगा और मैं hi क्यों भला कोई और क्यों नहीं ”

शबनम “ कोई और नहीं चाहिए मुझे जो मुझे बर्बाद कर दे पहले भी किसी और पैर यकीं किया था जिसने कोठे और रंडीखाने की जिन्नात बना दिया था …या तोह तुम या कोई और नहीं और इसरार के बारे में मत सोचो मैंने कहा न मैं हैंडल कर लुंगी उसे …”शबनम ने उसे सुचै बताते हुए कहा की कैसे हु रंडी बानी थी …उसके ांसो निकलने लगे थे ..

मनु से बर्दास्त नहीं हुआ उसने अपने लैंड से हाथ हत्या और सिद्ध शबनम को अपने सीने से लगा कर उसे रोने दिया …क्युकी उसे अभी मोरल सपोर्ट की जरूरत थी …इसमें हवस जैसे कोई फीलिंग मन ऊके दिल में नहीं थी शबनम के लिए हु उसकी इज़्ज़त एक गुरु की तरह करता था ..पैर आज शबनम ने अपने रंडी बनने और अपने साथ हुए धोके को बता कर मनु को अपने दर्द का एहसास करवा दिया था …

शबनम भी जब मनु के मज़बूत सीने से लगी तोह उसने दोनों हाथ उसके कमर के िरद गिर्द लपेट लिए …लपेट न इसलिए की मनु कहाँ पहाड़ सा मज़बूत बॉडी वाला बाँदा जिसकी बॉडी अब मस्कुलर बनचुकी थी और कहाँ शबनम जैसी कमसिन औरत जिसके हाथ मनु को पूरा कवर करने में छोटे पद रहे थे..

शबनम रोटी रही मनु उसके सर पैर हाथ फेरता हुआ सोचता रहा क्या क्या सहा होगा शबनम ने कोठे पैर …क्युकी उसने सुल्तान के पास देखा था ..की कैसे लड़कियां रंडी का काम करती थी ..पैर सुल्तान के मुकाबले दूसरे रात दिन वेहसियों जैसे रंडी की जान लेने पैर तुले रहते थे …और जहाँ रंडियां या तोह मार्कर सुकून पाती थी या बिमारी से मरने के बाद क्युकी उनकी जान की परवाह थी hi किसे लड़कियों की जगह एक जाती दूसरी आ जाती सो काम चलता रहता पैर सुल्तान के यहाँ कमसे काम उनकी मर्ज़ी तोह चलती थी सुल्तान बीमारी में किसी पैर दबाव नहीं डालता था …यह सब मनु ने खुद देखा था सो उसे शबनम की हालत और मेन्टल सिचुएशन जान्ने में देर न लगी …वहीँ शबनम भी न जाने क्यों मनु के सीने में खुद और ज्यादा ाचा महसूस कर रही थी इतना ाचा तोह उसने इसरार के साथ भी नहीं लगा था उसे हाँ यह बात सिर्फ शबनम को hi पता थी पता नहीं कोनसा अपनापन था मनु की बाँहों में उसे जो उसके खालीपन को भर रहा था जो शायद इसरार के आने से भी नहीं मिटा था उसका ….

शबनम का रोना अब बंद हो चूका था पैर न जाने किस एहसास ने उसे मनु के सीने से जोड़े हुए रखा था ….वह अभी भी मनु के सीने से लगी हुई thi…..manu भी उसका रोना और चुप होना देख चूका था पैर न जाने खुद की गुरु को कैसे अलग करदे उसके समझ से परे था …जहाँ शबनम का परफ्यूम जो शायद कोई लेडीज एडिशन स्पेशल होगा उसके होश बहकाने लगा था ….उसके लैंड ने एक अलग सी भागवत कर दी थी …लैंड न जाने क्यों आज एपनिया आप उफान पैर था मनु का ….

मनु ने खुद के बहकने के डर से शबनम को अपने से दूर किया ….शबनम की आखें अपने किसी प्यारे खिलोने को किसी ने उसे चीन लिया हो ऐसा चेहरा बन चूका था ….उसका चेहरा और दिल जो मनु के सीने से लगकर उसे महसूस हो रहा था अब फिर से बेचैन हो उठा था …

शबनम “ तोह मैं समझूँ तुम्हारी न है ?? तुम्हें भी अपनी गुरु की कोई चिंता नहीं है ”

मनु “ पैर आपके हस्बैंड भी तोह आपको बचा दे सकते हैं तोह फिर मैं hi क्यों ??”

शबनम “ नहीं दे सकता इसरार मुझे कोई बचा और तुम सिर्फ इसलिए क्युकी मुझे अपने बाद अगर किसी पैर भरोसा है तोह हु हो तुम …पैर तुमको सही और गलत की परवाह ज्यादा है शायद …कोई बात नहीं मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है …तुम जो चाहे करो तुम आज़ाद हो आज से मैं कभी किसी से कोई उम्मीद नहीं करुँगी आगे से …” शबनम ने मनु पैर इमोशनल डाव फेंका था ….ताकि मनु सही गलत से बहार आकर उसकी विश अचे से पूरी करे …उसने इसरार के हाल को भी मनु को बता दिया था ताकि मनु कैसे भी आगे बढे …

मनु “ पैर “

शबनम “ इसके बाद भी पैर तुम्हरे पैर का कोई मतलब नहीं है अगर तुम सही समझो तोह यह तुम्हारे गुरु की एक लौटी ख्वाहिश है की तुम उसे बचा दो और मैं तुम्हारे बचे को पैदा करूँ ताकि तुम्हारे हर अछि हब्बित उसमे हो …यह मेरी विश है चाहे तुम इसे गुरु दक्षिणा मान लो पैर इसमें अगर तुम्हारी मर्ज़ी नहीं है तोह कोई बात नहीं है मैं तुम्हें ज़बरदस्ती नहीं कर सकती इसके लिए …”शबनम ने मनु पैर गुरुदक्षिणा का आखिरी डाव चला ….

मनु पैर इसका क्या असर हुआ क्या नहीं यह वही जाने …मनु बोलै “पैर “

शबनम “ फिर पैर लगता है यह पैर नहीं रुकेगा तुम्हारा तुम जाओ यहाँ से “ शबनम अब गुस्से में आ चुकी थी …

मनु आगे बढ़ा और उसने शबनम के होटों पैर अपनी ऊँगली रख दी वैसे माना पड़ेगा मनु की ऊँगली अछि डाइट और पहलवानी के चलते काफी मज़बूत हो चुकी थी मज़बूत बोले तोह मोती शबनम की 3 ऊँगली और मनु की एक जैसे अपने ओल्ड हीरो धर्मेंद्र जी शोले वाले उनके जैसे मज़बूत हाथ थे मनु के … शबनम उसके ऊँगली रखने से हैरान थी पैर आज पहली बार मनु ने एक मर्द की तरह उसके साथ बर्ताव किया था …बिना उसके कुछ कहे पहली बार मनु ने अपनी मर्ज़ी उसपर चलायी थी ….

मनु ऊँगली रखकर बोलै “ सहस्स्स्सस्ठ! पैर से मेरा मतलब है मेरा की मेरा फर्स्ट टाइम है मैं इसमें नया हूँ कहीं कोई गलती हो गयी मुझसे तोह ????” मनु ने मासूमियत से कह दिया था की हु भी रेडी है …उसने भी सोच लिया था उसकी गुरु ने जब सब सोच hi लिया है तोह अब बचा hi क्या है …और उसपर गुरुदक्षिणा मतलब बचना बेकार है उसपर भी मनु ने पहले hi वडा कर दिया था की हु शबनम की जहां तक होगा हेल्प करेगा सो अब उसने भी सब हालत पैर छोड़ दिया था …इसका एक पहलू और भी था …शबनम की दवाई ने आज मन ऊके लैंड में दर्द करा देने जैसे हालत कर दिए थे अगर मनु की जगह कोई और होता तोह अब तक शबनम को कई बार छोड़ चूका होता …पैर लड़का वर्जिन है करता भी क्या उसपर सामने गुरु …समझदार होंगे तोह पॉइंट समझ गए होंगे ..

खैर शबनम ने जब यह सुना मनु रेडी है उसे यकीं नहीं हुआ …की खुश होये या रो दे ख़ुशी से ….पैर उसने मनु की ऊँगली को चूमकर अपनी ख़ुशी जताई …मनु उसके ऊँगली के चुमलेने से थोड़ा सा अलग महसूस करने लगा उसने ऊँगली हटा ली उसके चेहरे से …

शबनम ख़ुशी से उछली और मन ऊके सीने से फिर जा लगी …जैसे उसने छोड़ा तोह मनु कहीं अपना इरादा न बदलदे …फिर से

शबनम “ तुम चिंता न करो मैं हूँ न सब सीखा दूंगी मैंने आजतक जो भी तुम्हें सिख्या है …और आज जो तुमने हाँ कहा है इस बात के लिए इस एक बात ने तुम्हारी साड़ी गुरु दक्षिणा दे दी है मुझे तुम डरो नहीं आज तक जो भी सीखा है ..उससे ज्यादा इसमें तुम्हें खिलाडी बना दूंगी इसमें यह शबनम का वडा है और तुमको ऐसा खिलाडी बना दूंगी की जो लड़की या औरत एक बार तुम्हारे साथ बिस्तर पैर होगी या एक बार तुम्हारी बाहों में आ जाये उसके दिल और दिमाग पैर सिर्फ तुम और सिर्फ तुम होंगे यह शबनम का वडा है …” शबनम को तोह जैसे दुनिआ और जहां की खुशियां मिल चुकी थी जैसे …

मनु भी उसे सीने से लगाए उसके कमर को थाम चूका था …उसके हाथ शायद खुद उसके काबू में hi नहीं थे …जैसे hi शबनम के कमर को उसके छुआ शबनम को जैसे तेज़ सा झटका लगा …ऐसा नहीं था की मर्द का हाथ कभी उसके जिस्म को न छुआ हो पैर खुद के त्यार किये चेले जिसके लिए खुद उसने न जाने कबसे सपने सजा रखे थे …जिसके हाँ करने की बात उसे जैसे अभी भी यकीं नहीं हो रही थी …वहां मन ऊके हाथ उसके कमर को चुना मतलब उसके जिस्म को महसूस करना जैसे किसी और hi दुनिआ का इलम होने जैसा था …

शबनम “ चलो मेरे साथ मैं तुम्हें आज हर चीज़ सिखाऊंगी “ उसका इशारा बैडरूम की तरफ था …पैर अचानक hi मनु ने उसके कमर से उसे उठाकर दोनों हाथों में उठा लिया शबनम को जैसे यकीं नहीं हो रहा था …हाँ चाहे शेर पहली बार शिकार करे पैर शेर तोह शेर hi होता है न …मर्द चाहे चुदाई जनता हो या न जनता हो पैर औरत को हैंडल करना तोह उसका नेचुरल टैलेंट होता है …जो किसीको सिकने के बाद आता है …तोह किसी को बी बिरथ गॉड गिफ्टेड होता है ..

शबनम तोह शर्म से भूल चुकी थी की मनु उसका गुरु नहीं हु उसकी गुरु है …मनु उसे दोनों हाथों में किसी फूल की तरह उठाये बैडरूम तक ले जारहा था …और शबनम जैसे मनु से चिपके हुए उसके अपनेपन और केयर को महसूस कर रही थी उसकी नज़र मनु के चेहरे पैर थी …

मनु ने शबनम को बीएड पैर लिटा दिया …और खुद बीएड के उप्पेर बेथ गया …जैसे शबनम के आर्डर का वेट कर रहा हो??

शबनम बीएड के किनारे पैर बैठी और उसने मनु की आखों में देखा मनु उसकी आखों में hi देख रहा था …शबनम ने बीएड से उठते हुए देख लिया था मनु का लैंड खड़ा है और मनु को दर्द हो रहा है …जीन्स में पैर मनु कुछ कह नहीं रहा या कुछ कर नहीं रहा मतलब मनु को अचे से सेल्फ कण्ट्रोल है खुद पैर …

शबनम भी मनु की आँखों में खुद को देख रही थी …मनु की ाख़ून में खुद के लिए उसे ढेर सारा प्यार नज़र आ रहा था …उसका नेचर भी शबनम को अचे से पता था ….मनु की आँखों में शबनम जैसे खो चुकी थी ….

मनु “ तोह अब आगे क्या करना है कैसे करना है थोड़ा सीखा दे मुझे ताकि मैं आपको निराश न करूँ …”

शबनम भी नींद से जाएगी और बोली “ मैं अचे से जानती हूँ की दुनिआ में अगर कोई है जो मुझे निराश नहीं करेगा तोह एक लौटा इंसान है तुम ..जिसपर मुझे खुद से ज्यादा भरोसा है …”

मनु “ पैर आप किसी और की बीवी हैं ऐसे में मैं आपके साथ कैसे मेरा मतलब समझ रही हैं न आप..”

शबनम इस बात पैर कुछ बोली नहीं उठी और अपने बैडरूम के ड्रावर से कुछ निकलने लगी ..और थोड़ी देर बाद मनु के सामने थी …

शबनम “ मैं जानती हूँ मैं इसरार की बीवी हूँ पैर क्युकी अब तुम मुझे बचा डोज तोह मैं अपने बचे को बिना किसी रिश्ते के तुमसे नहीं ले सकती …यह लो और इस रिश्ते को एक नाम दे दो ..ताकि मेरा और तुम्हारा बचा नाजायज़ न हो हाँ दुनिआ के सामने में इसरार की बीवी रहूंगी पैर रहूंगी सिर्फ तुम्हारी और तुम्हारे शिव और किसी की नहीं …” शबनम ने हाथ आगे किया तोह उसमे सिन्दूर और मगलसूत्र था …

मनु हैरान सा उसे देख रहा था….

मनु बोलै “ मतलब आपको अचे से पता था की मेरी हाँ होगी इसका मतलब पहले से तैयारी कर राखी थी आपने …”

शबनम “ हाँ मैं जानती हूँ तुम मुझे मन नहीं करोगे कैसे भी पैर मैं इस रिश्ते को एक नाम देना चाहती हूँ क्युकी मैं इसरार की बीवी हूँ पैर इसके बाद मैं तुम्हारी रहूंगी हमेशा हमेशा के लिए यह तन और मैं के साथ दिल और मेरी रूह भी अब तुम्हारी कनीज़ होगी यह शबनम का वडा है तुमसे ..”

मनु ने सिन्दूर लिया और शबनम की मांग में भर दिया और मगलसूत्र उसके गले में पहना दिया …शबनम ने मनु के पेअर छुए इसके बाद मनु ने उसे पैरो से उठा लिया ..शबनम की ाहकहेन भर चुकी थी मनु ने उसके आंसू अपने हाथ से पूछ दिए …

शबनम “ मेरी रूह के मालिक हैं आज से आप इसरार दुनिआ के सामने मेरी शोहर होगा पैर आजके बाद शबनम पैर हक़ सिर्फ आपका होगा आज से यह शबनम आपकी कनीज़ है ..”

मनु “ जब आपने मुझे पति मान hi लिया है तोह प्ल्ज़ मुझे आप न कहें ..आदत नहीं है आपसे आप सुनने की ाचा नहीं लगता ”

शबनम ने इठलाते हुए मन ऊके सीने से लगते हुए कहा “ आदत दाल ले शोहर साहिब आपकी कनीज़ आज के बाद अपने शोहर को आप hi कहेगी ..कोई बात नहीं अभी आदत नहीं है तोह आगे पद जाएगी …”

मनु “ अब क्या करना है ??”

शबनम “ अब करना क्या है अपनी बीवी को एक मर्द का सुख दें ताकि मैं आपको बाप बनने का सुख दे सखुन ..और जल्दी से मेरी गॉड में आपके और मेरे प्यार की निशानी खेले ..”

मनु “ वही तोह मैंने देखा है ब्लू फिल्म्स में पैर कभी कुछ किया नहीं है तोह आप hi शुरू करे या आर्डर दें ताकि मैं कुछ कर सकूँ …”

शबनम “ पहले तोह अब मुझे आप …आप न कहें क्युकी अब मैं आपकी बीवी हूँ मुझे मेरे नाम से पुकरे और जाकर थोड़ा सा फ्रेश हो जाएँ ताकि आगे कुछ किया जा सके …”

इस पैर मनु ने कुछ नहीं कहा बहार वाले रूम में मनु गया और नाहा कर फ्रेश हुआ तब तक शबनम भी फ्रेश हो चुकी थी और जब मनु रूम में गया …तोह चौंक गया …

क्युकी रूम में एक सुहाग रात की फीलिंग आ रही थी …चारो तरफ लाइट और गुलाब की पहन्कडियां बीएड पैर सजी हुई थी ….और रूम में गुलाबी लाइट के साथ मस्त रूम फ्रेशनर के साथ थोड़ी परफ्यूम की महक भी आ रही थी मनु सिर्फ एक टॉवल में था …क्युकी उसके कपडे तोह उसने उतर दिए थे और एक वार्डरूम था जो उसने उप्पेर पहन रखा था जो मोस्टली स्टीम बाथ के टाइम लोग पहना करते थे …

बीएड पैर मैरून जोड़े में सिमटी हुई शबनम बैठी हुई थी अपने सर पैर घूँघट किये हुए …मनु उसके पास गया कमरे की महक और ऐसे एनवायरनमेंट में किसका दिल नहीं डोलेगा …मनु भी किसी डोर से खिंचा शबनम के पास जा रहा था …हु बीएड के पास आया उसने शबनम को देखा शबनम ने उसके सामने ढूढ़ का गिलास बड़ा दिया ….मनु तेरा पहलवान उसने एक सांस में ढूढ़ ख़तम किया और बड़ा शबनम के पास ..

उसने शबनम का सर का घूँघट हटाया और उसके चेहरे को देखकर कहा ..” आज लगता है कहीं कोई बिजली गिरने hi वाली है …लगता है यह बिजली कहीं किसी को घायल न करदे कहीं मुझपे गिरी तोह मेरी jaaa…”uske मुँह से वर्ड निकल भी नहीं पाया था की शबनम ने उसे रोक दिया …

शबनम “ ऐसा ज़ुल्म ना करें उपपरवाले से दुआ है की मेरी उम्र भी आपको लग जाये आप कैसी बात कर रहे हैं ..??”

मनु ने उसके हाथ को चुम लिया जिसपर शबनम के जिस्म में एक गज़ब के झटके लगे मनु के होटों की छुअन से ..

मनु “ अब आगे क्या करना है ??”

शबनम “ आपको सब पता है फिर भी अनजान बन रहे हैं यह सब नहीं चलने वाला …”

मनु “ देखो आप मेरी गुरु हो और आपने वडा किया है की इसमें भी मेरी गुरु बनोगी …और मैं भी चाहता हूँ की आप की मर्ज़ी और आपकी हर विश को पूरा करूँ…”

मनु की विश और मर्ज़ी की बात पैर शबनम को मनु पे बड़ा प्यार आया …उसे लगा जैसे पहली बार किसी ने उसके दिल पैर दस्तक दी है वर्ण आजतक किसी ने हु चाहती क्या है कभी पूछा hi नहीं था …पहली बार मनु ने उसकी विश पूंछकर उसे के दिल के साथ उसकी रूह तक पैर अपना हक़ बना लिया था …उसकी आखों में मनु के लिए आज दुनिआ भर का प्यार उतर आया था..

मनु ने उसका हाथ थमा …और आगे क्या करना है इशारे से पूंछा …जिसपर शबनम की जिस्म में अलग सी गर्माहट आ चुकी थी …

शबनम “ अब आप मेरे कपडे उतारें …”

मनु तोह जैसे सुनने के इंतज़ार में था उसने एक सेकंड नहीं लगाया …शबनम के जिस्म को बेपर्दा करने में उसने पहले उप्पेर के कपडे उत्तर दिए फिर निचे के कपडे शबनम अब सिर्फ ब्रा और पंतय में सिमटी हुई बैठी थी .. ब्रा और पंतय बड़े नई फैशन की थी …पिंक कलर था उनका जो शयद कुछ सिल्की सी थी …मनु ने जब उसके कपडे उतार दिए तोह मनु खड़ा हुआ बीएड से थोड़ा दूर होकर शबनम के बेदाग गोर मखमली जिस्म को देखने लगा ….

शबनम बेशक किसी टाइम की रंडी थी पैर आज अपने नए शोहर को ऐसे देखते हुए शर्म से सिमटी जा रही थी …सुच कहते हैं लोग औरत शर्म का गहना होती है …और जब प्यार करने वाली हो तोह प्यार का मज़ा किसी अचे से अचे नशे से भी नशीला होता है …

उसी नशे के कई जैम मनु दूर से ले रहा था अपनी आँखों से …पैर शबनम भी खुद पैर हैरान थी इतनी शर्म तोह उसे आजतक इसरार के साथ भी नहीं आयी थी ….जितनी आज मनु के सिर्फ देखने से उसे महसूस हो रही थी …उसकी छूट भी अपने रंग पैर आ चुकी थी रिसने लगी थी उसकी छूट …

शबनम “ ऐसे न देखिये मुझे शर्म आती है …”

मनु “ देखने दो न मुझे चाँद कैसा लगता है महसूस कर रहा हूँ अपनी आखों से …”

शबनम मनु की बात सुनकर ख़ुशी से और शर्म से पानी पानी हो चुकी थी और भी कहीं से पानी निकल रहा था …उसे खुद यकीं नहीं हो रहा था …की मनु के सिर्फ देखने से उसकी छूट पानी छोड़ने लगी thi..israar के चूमने और चाटने के बाद चुदाई के बाद हु सटिस्फी हो जाती थी …पैर मनु के सिर्फ देखने भर से उसकी छूट ने रंग बदल दिया था …शायद मनु के लिए उसके दिल में प्यार शुरू से था या मनु के लिए शबनम का अट्रैक्शन ,,,वजह जो भी हो पैर शबनम आज बहुत एन्जॉय कर रही thi…ki मनु अब उसका शोहर है …

शबनम ने मनु को टोका ..” बस देखने का hi इरादा है आपका ??”

मनु “ देखने दो न पहली बार देख रहा हूँ किसी हसीना को जिसपर अब मेरा हक़ है “

हक़ की बात सुनकर शबनम को ाचा लगा की मनु ने उसे अपना मान लिया है और उसपर आपने हक़ को मंटा है ..पैर शबनम से और साबरा नहीं हो रहा था…

शबनम “ देखिये मैं अब सिर्फ आपकी हूँ सिर्फ आपकी जैसे चाहे देख सकते हैं ..पैर अभी सिर्फ देखने का टाइम नहीं है …प्ल्ज़ आये न ..”

मनु भी आगे बड़ा ..” उसने शबनम का चेहरा अपने दोनों हाथों में पकड़ा उसकी आँखों में देखा और कहा “ मुझे आज तक हर किसी औरत और लड़की में धोखा hi नज़र आया है पैर आप पैर मुझे अपने से ज्यादा भरोसा है ..प्ल्ज़ कभी इसे टूटने मत देना ..वर्ण “शबनम ने फिर उसके मुँह पैर हाथ रख दिए ..

शबनम “ मेरे शोहर का भरोसा टूटने का मतलब होगा शबनम दुनिआ में नहीं रही …आप इस बात से बेफिक्र रहे की शबनम आपको कभी धोखा दे गई …मैंने आज आपने सब कुछ आपको मान लिया है …मेरी रूह के मालिक अब मुझे अपना प्यार दो ..”

मनु ने उसके होटों पैर अपने होठ रख दिए शबनम ने भी कोई ड्रामा न करते हुए उसके होठ अपने होंठ पैर महसूस किया और अपने मुँह को खोल दिया …मनु के लिए यह अलग एहसास था की उसके मुँह में शबनम की जीभ उसकी जीभ से लड़ रही थी …दोनों का सलीवा मिल चूका था शबनम और मनु दोनों हे इस किश को कब स्मूच में बदल चुके थे दोनों को hi पता नहीं था …मनु का लैंड अभी तक खड़ा था अंडर से टॉवल उसपर बड़ा सा वार्डरॉब जिसके चलते मनु का खड़ा लैंड दिख नहीं रहा था ..पैर जीन्स उतरने के बाद मनु का लैंड फ्री था …

शबनम ने मन ऊके होटों को अचे से चूसा मनु भी उसके अलग फ्लेवर की लिपस्टिक को अचे से चूस रहा था …. शबनम की छूट पानी के साथ अब उसकी पंतय भेजा चुकी थी …वहीँ मनु को खुद पता नहीं लगा की कब उसके हाथ शबनम की चूचियां थाम चुके थे ….शबनम ने मन ऊके हाथों पैर जोर देने के इशारे से उसे चूचियां दबाने को कहा ..और अपना पहलवान लग गया अचे से चुकी भींचने पैर …शबनम के लिए मज़ा दोहरा हो चूका था ….

मनु भी पहले धीरे और आराम से चुकी दबाता रहा पैर …थोड़ी देर में जब शबनम की चुकी टाइट हो गयी तोह मनु थोड़ा और ज़ोर से दबाने लगा ….अब भाई पहलवान आदमी हर जगह ज़ोर से काम ले लेता है …हुआ यहाँ भी कुछ ऐसा की शबनम का ब्रा का हुक टूट गया और उसकी ब्रा कब मन ऊके हाथ में लटक गयी शबनम और मनु को पता भी न चला …शबनम भी जैसे किसी और hi दुनिआ में जा चुकी थी मनु का यह स्मूच और गज़ब के साथ उसका चुकी दबाना तोह जैसे उसके होश उड़ा चूका था …उसकी आखें नशीली हो चुकी थी…

पैर जब हाथ में ब्रा लटका तोह मनु ने स्मूच toada..usne देखा ब्रा का हुक टूट चूका था और शबनम की चूचियां लाल हो चुकी थी ..जिनपर मनु की ताकत ने अपना रंग दिखाया था उनका रंग लाल करके …

शबनम की आखों में मनु ने देखा जिनमे लाल दूर आ चुके थे …मनु ने उसके कान में कहा …”सूर्य “

शबनम “ आप जो चाहे कर लें मैं उफ़ तक नहीं करुँगी पैर सॉरी कहकर जलील न करे ये ब्रा टूट गयी इसमें आपका क्या कसूर??”

मनु “ सॉरी ब्रा के लिए नहीं कह रहा हूँ उसके लिए कह रहा हूँ …” मनु ने इशारे से शबनम को उसकी चूचियों का रंग दिखाया ..जिसे देखकर शबनम शर्म से लाल हो गयी उसके हाथ से उसने खुद की नंगी चूचियों को ढाका और कहा “ इसमें सॉरी की क्या ज़रूरत है जब मैं आपकी बीवी हूँ तोह यह जिस्म भी आपका हुआ न ?? आप जैसे चाहे वैसे करे मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है मैं अब आपकी हूँ सिर्फ आपकी ..”

मनु ने इस बात पैर उसके चुकी से उसके हाथ को हत्या और उसकी चुकी पैर किश किया …शबनम उसके सर और उसके जिस्म के साथ बीएड पैर लेट टी चली गयी ….मनु कब किश करते हुए उसकी चुकी चूसने लगा उसे खुद पता नहीं चला ….और शबनम के हाथ मनु के सर पैर चले गए उसके बालों में घूमने लगे ….मनु भी एक चुकी को जितना हो सकता था ..उतना मुँह में लिए चूस रहा था …उसका लैंड काफी अकड़ चूका था …दोनों के जिस्मो में एक तूफ़ान सा चल रहा था ..पैर सबसे ज्यादा असर हो रहा था शबनम की बहती छूट पैर …उसका पानी बहना रुक hi नहीं रहा था …

शबनम को अचानक जबरदस्त ओर्गास्म हुआ और बहुत से झटके खाये उसके जिस्म ने मनु भी उसके झटके खाने से हैरान सा उसकी चूचियां छोड़कर बेथ गया शबनम की लाइफ में यह पहली बार था की सिर्फ चुकी चूसने से उसकी छूट ने पानी बहा दिया हो …

शबनम ने कुछ सेकंड लिए और कुछ देर में उसकी साँसे जब नार्मल हुई तोह उसने मनु को देखा जो उसे hi देख रहा था …शबनम को मनु पैर बहुत प्यार आया …उसने फिर से मनु को चुम लिया …

और कहा ..” देखिये आपको सब पता है और आपके चूमने से hi मेरा क्या हाल होगया है …फिर भी आप कहते हैं आप को पता नहीं क्या करना है …”

मनु “ जितना सीखा था उतना कर दिया उसके आगे नील बता सनता है सूचि में आपसे झूंठ नहीं कहता हूँ यकीं मानिये मेरा..”

शबनम “ आप पैर यकीं नहीं करुँगी तोह और किस पैर यकीं करुँगी ..ाचा ठीक है तोह सुनिए यह हैं ब्रैस्ट जिनको हिंदी में चुकी या ढूढ़ या गुब्बारे भी कहा जाता है ..जिनपर आपका कण्ट्रोल आपने देख hi लिया है ..”

मनु ने हाँ में सर हिलाया ..

शबनम इशारे se“or यह है वागिना जिसे हिंदी में छूट, योनि या बुर भी कहते है और बैक में होती है अनुस या बुट्टोक जिसे हिंदी में पिछवाड़ा या गांड भी कहते हैं …और आपके पास जो आगे men’s टूल है हु है पेनिस और हिंदी में लैंड लोढ़ा या मुसल जिसके छूट में मिलान के बाद आपके स्पर्म या आपके पानी से बचा होगा जो आप मेरी छूट में छोड़ोगे …छूट और लैंड के मिलान को कहते हैं चुदाई या सेक्स ”

मनु शांति से सुन रहा tha…usne गालियों में अचे से सुना था चुदाई यह हु …और जब बन्दे ने ब्लू फिल्म देखि हो तब बिलकुल अनजान हो थोड़ा अज़्ज़ेब नहीं लगता …

मनु ने शबनम को खींचा और एक जबरदस्त स्मूच किया जिसमे उसका हाथ अब शबनम की छूट पैर था …शबनम ने जब मनु का हाथ छूट पैर महसूस किया तोह उसकी एक बार ओर्गास्म दिला चुकी छूट फिर से गरम होने लगी …

मनु ने अपना स्मूच तोडा और बढ़ने लगा शबनम की छूट की तरफ जहाँ शबनम की आखें फिर से लाल होने लगी थी मनु को छूट पैर बढ़ता देखकर …उसने मनु को छूट पैर बढ़ने से रोका ..

शबनम “ नहीं यह सही नहीं है …उसे मत चूमिए यह जगह बहुत लोगों ने गन्दी की है …आप ऐसा जुल्म न करे प्ल्ज़ रुक जाईये …”

मनु “ हाँ जनता हूँ बहुतों ने बहुत कुछ किया होगा पैर आजके बाद तुम मेरी हो सिर्फ मेरी शबनम ..”

मनु के मुँह से आज पहली बार शबनम ने अपना नाम सुना था …और पहली बार उसने शबनम को अपना हक़ बता दिया था ..आप के बजैये तुम कहकर …उसके चेहरे पैर आंसू आ चले the…manu ने उसकी आखें चुकार कहा “ तुम आज से मेरी हो शबनम तुम्हारे चेहरे पैर मैं अब ख़ुशी देखना चाहता हूँ तुम्हारा जिस्म और रूह जब मेरी है तोह उसे चूमने में कैसा प्रॉब्लम आज मैं तुम्ह्पेर अपने प्यार की मोहर लग्न चाहता hun..kya मुझे यह हक़ नहीं है अपनी बीवी पैर ??”

शबनम रट हुए ख़ुशी से सिर्फ सर हिला पायी और मन ऊके उसके आंसू फिर से पूछ दिए …

शबनम “ जब आपने मुझे बीवी मान लिया है तोह मुझे क्या प्रॉब्लम होगी पैर एक दुःख जरूर रहेगा मुझे की अपने शोहर और अपनी रूह के मिल्क को अपना पाक जिस्म नहीं दे सकीय ..”

मनु ने उसके चेहरे से निकलनेवाले आंसू को चुकार कहा “ अब जो भी है मेरा है और जब तुमने मुझे रूह का मालिक मान hi लिया है तोह फिर सोचना कैसा जिस्म का क्या है आज है कल नहीं पैर रूह अगर साफ़ है तोह सब सही है ..अब इज़ाज़त है ”मनु ने आगे बढ़ने की इज़ाज़त मांगी शबनम से जिसे सुनकर एक बार फिर उसका दिल ख़ुशी से नाच उठा ..

शबनम ने मुँह से कुछ नहीं कहा पैर ..वह फिर से लेट गयी मनु उसकी छूट की तरफ बड़ा और उसने …शबनम की पंतय उतार दी …उसकी छूट क्लीन शवेद थी जैसे उसने सब पहले से प्लान कर रखा हो …बहुत सी लड़कियों की छूट का कलर अलग अलग रंग का होता है …पैर शबनम की छूट गोरी चिति और साफ़ लाल रंग की थी … उसके छूट के होंठ खुले हुए थे जो साफ़ कह रहे थे की शबनम ने वर्जिन नहीं है …और साथ में उसकी अछि चुदाई हो चुकी है …पैर मनु ने उसकी परवाह नहीं की उसने जब शबनम की छूट पैर अपने होठ रेक तोह शबनम के मुँह से अलग सी सिसकी निकली “”issssssssss ाःहाहा!”

मनु के हाथ उसकी चूचियों पैर थे …उसका फिगर तोह आपको पहले hi बता चूका हूँ पैर फिर से बता रहा हूँ ..

शबनम की हाइट कोई 5’ 9’’ के अस्स पास होगी …इसका मतलब अछि खशी लम्बी होगी …और उसका फिगर कोई 36डी , 28, 38 के अस्स पास होगा मतलब उसकी कमर किसी हसीं बल कहती मोड़ के जैसे थी …

मनु ने जबसे छूट को चूमा था शबनम बेचैन हो गयी थी मनु के लैंड की चाहत में पैर मनु तोह जैसे अपनी दुनिआ में था …शबनम से और शेहन नहीं हुआ उसके हाथ मनु के वार्डरॉब पैर गए उसने मन ऊके वार्डरॉब को खींचा और उसे उतारने की कोशिश की …

मनु भी उसके इशारे को समझ चूका था …उसने छूट को छोड़ा और शबनम ने फुर्ती दिखाई और बीएड से उठी और मनु का हाथ पकड़ लिया ..और कहा “ मेरी रूह के मिल्क ऐसा जुल्म न करे कनीज़ पैर यह एक बीवी का हक़ है की उसके शोहर के कपडे हु खुद उतारे ..” महल गरम था मनु ने कुछ नहीं कहा अपने हाथ हटा लिए और शबनम ने वार्डरॉब को उसके जिस्म से अलग किया ….

और सामने था मनु का गठीला पहलवानी और मज़बूत जिस्म …जिस पैर बॉडी बिल्डिंग और रफ़ ंद टफ ट्रेनिंग मास्टर की जिसने मनु को अचे से तराशा था उसमे गुरु जी की अछि डाइट ने उसे अचे से सींचा था …और बाकी रंगत जवानी ने उसे दी थी …मन ऊके मज़बूत जिस्म को देखकर शबनम मास्टर से उसकी तुलना करने लग गयी थी ….मास्टर के बाद उसने पहली बार ऐसा जिस्म देखा था …पैर मनु यहाँ मास्टर से बाज़ी मार चूका था …क्युकी मास्टर ने कभी मनु की ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं छोडी थी उसके चलते मनु का जिस्म की हथियार जैसा धार दार था …उसके हर एबीएस और मुस्कले और हर बॉडी कट्स को देखकर शबनम भी जैसे खो सी गयी थी …

मनु ने उसके आगे हाथ हिल्या पैर शबनम पैर कोई असर नहीं हुआ …तब मनु ने उसकी चुकी ज़ोर से दबा दी …उईईईईई! शबनम जैसे नींद से जाएगी …

उसने देर न लगाई और मनु के आखिरी कपडे उसके टॉवल को भी हटा दिया …जहाँ एक नया शॉक उसका इंतज़ार कर रहा था ….

हाँ शॉक पैर शॉक मिल रहे थे ….शबनम को उसे भी देखना था .की उसकी दवाई का क्या असर हुआ था मनु पैर …उसका लैंड देखकर शबनम के मुँह से सिर्फ इतना निकला ..”यह क्या सुच में है …”

मनु “हाँ सुच में है और अब तुम्हारा है देखलो और उसका हाथ पकड़ कर लैंड पैर रख दिया …” शबनम भी किसी जादू से उसके लैंड को छूटे हुए निचे बेथ कर देखने लगी जैसे यकीं नहीं हो रहा था उसे…

मनु का लैंड उसके लिए अजूबे से काम नहीं था …हाँ साइज कोई 9.5’ के पास होगा और मोटाई 7.5’ मान लो उसपर वर्जिन लैंड जिसने कभी मुठ भी न जेहला हो समझ जाओ ….खड़ा हुआ था तना हुआ लोहे jaisa..land भी खुद मनु की नाभि से ऊँचा था …गोरा चिटा लाल सुर्ख सुपाड़ी का लैंड …जिसे देखकर शबनम ने जैसे उसपर हाथ रखा तोह उसे बहुत गरम लगा बिलकुल ठोस हुलाबी लोढ़ा लुंड कहना शायद सही न हो …हुलाबी लोढ़ा सही वर्ड है …

शबनम ने उसका लैंड पकड़ा तोह उसकी छूट में चींटियां रंगने लगी …होने को होंगे इससे भी बड़े लुंड दुनिआ में पैर शबनम ने पहली बार ऐसा गोरा लैंड और ठोस लैंड देखा था …अपनी लाइफ इससे पहले बहुत से लैंड आये और छूट में घुसे और हिले और कंडोम में अपना पानी निकल कर चलते बने पैर शबनम ने आज पहली बार इतना लम्बा तगड़ा हुलाबी लोढ़ा देखा था …जिसे उसने खुद त्यार किया था …और इसे उसकी किस्मत hi कहलो की खुद किस्मत ने उसे यह हुलाबी लोढ़ा खुद दिया था उसी की छूट में भरने के लिए …

शबनम लागबहग अपनी hi दुनिआ में थी ….मनु का लैंड उसके हाथ में फड़फड़ा रहा था ….जिसके इतने लम्बे होने के बाद भी सीधे तने हुए देखकर हैरानी में डूबी शबनम उसके सुपडे पैर थोड़ी सी उसकी खाल खुलने के बाद उसने लैंड पैर आने वाली कुछ बोंडे देखकर इतनी एक्ससिटेड हुई की कुछ सोचने से पहले hi यह लैंड का सूपड़ा उसके मुँह में था …

जिसपर आप शबनम ने खुद के मुँह से उस पैर मोहर लगा दी थी …उसके लैंड के सुपडे को मुँह में लेते hi लैंड थोड़ा और फूल गया मुँह की गरमी से शबनम के मुँह में मनु को अलग एहसास दिला दिया tha…shabnam ने मन ऊके लैंड की खाल को जब पीछे खींचना चाहा तोह मन ऊके मुँह से एक सिसकी निकली आहाआआ! जिसका मतलब शबनम अचे से समझ गयी की मनु वर्जिन है और अब टाइम था उसकी विर्जिनिटी तोड़ने का …सो उसने मनु के लोडे पैर ढेर सारा थूक जो उसके मुँह से निकला था माला ….और मनु के लोडे को अपने एक हाथ से पकडे और उसे पकड़ कर अपने साथ ले कर बीएड की तरफ जाने लगी ….खुद बीएड पैर लेती पैर लोडे को नहीं छोड़ा था शबनम ने …

मनु बस शबनम के इशारे पैर उसके साथ था …शबनम ने अपने बीएड के पास से एक क्रीम ली और मनु के हुलाबी लोआडे पैर मॉल दी गोरा लोढ़ा लाल लाइट में क्रीम से चमक मार रहा था ….शबनम ने अब खुद की छूट पैर हु hi क्रीम माली जो किसी चिकनी जेली जैसे थी ….

शबनम मनु के लोडे को अभी तक अपने हाथ में पकडे थी जैसे अगर उसने लोआडे को छोड़ा तोह लोयडा कहीं भाग न जाए …

अब टाइम था छूट और लोडे के मिलान का बोले तोह चुदाई का ….

शबनम में मनु को देखा और कहा “ देखिये मैं आपकी हूँ पैर आका यह हुलाबी लैंड श्याद मैं ठीक से अभी न ले पौन पैर मेरा वडा है मैं आपका साथ हर तरह से दूंगी …आइए अपनी बीवी को अपना बना लीजिये …”

मनु का लैंड पकड़ा शबनम ने और अपनी छूट पैर लगा दिया लैंड बहुत बड़ा था मनु धीरे से शबनम की छूट में लैंड फिट कर देता है ….पैर यह कहना ज्यादा सही होगा मनु ने सिर्फ लैंड आगे बड्या था …जबकि उसे चिकना करने से लेकर छूट पैर सही छेद में लगाने का काम शबनम ने खुद किया था …

शबनम की छूट बेशक चूड़ी थी पैर यह लुल्ली नहीं था साला लैंड भी नहीं था यह तोह होलाबी लोढ़ा था …जो शायद कपडे के उप्पेर से अपनी सख्ती दिखाकर छेद करदे पैर यह तोह छूट थी …

शबनम जहाँ एक तरफ एक्ससिटेड थी की मनु उसका शोहर बन चूका है उसकी विर्जिनिटी शबनम के नाम होगी …पैर एक तरफ शबनम खुद में भी दर्री हुई थी की इतना बड़ा लैंड उसके अंदर का क्या हाल करेगा …??”

है न अजीब बात एक तरफ लम्बा लैंड भी चाहिए और दूसरी तरफ गांड भी फैट रही है …

मनु भी शायद बहुत एक्ससिटेड हो चूका था ….उसने भी थोड़ा ज़ोर लगाया और कुछ इंच शबनम की छूट में चला गया …

शबनम “””aaaaahhhhhhhhhh!!! मर गयी है आप जान से मारना चाहते है क्या ???” शबनम को बहुत दर्द हुआ ..

मनु “ सॉरी मैंने जान भूझकर नहीं किया बस हो गया ..” मनु ने मासूमियत से कहा उसका लैंड शबनम की छूट मैं बहुत टाइट फंसा हुआ था जैसे किसी ने मुठी में कास रखा हो …पैर लोढ़ा कहाँ सुनता है किसी की …लोढ़ा अंडर ठुमक रहा था …शबनम की जान सी निकल रही थी …ऐसे लग रहा था जैसे उसकी छूट में लोढ़ा नहीं कोई रोड गरम करके दाल दिया …हो …उसमे उसका अंदर से ठुमके लगाना शबनम को हर झटका छूट में फील हो रहा था ….

शबनम ने दोनों हाथ से मनु का चेहरा थम लिया ..” सुनिए मैंने कहा था न मैं आपका साथ दूंगी बस थोड़ा आराम से करें मैं कोई बहाना नहीं कर रही हूँ पैर थोड़ा दर्द हो रहा है ..” शबनम के आंसू इस बात का सबूत थे की उसका दर्द कितना रहा होगा ….

मनु उतना लैंड डेल उसकी चुकी चूसने लगा जेली वाली क्रीम और छूट का पानी अपना रंग दिखने लगा …मनु को थोड़ा सा लैंड हिलता महसूस हुआ उसने चुकी पिटे हुए लैंड थोड़ा सा आगे पीछे करना शुरू कर दिया ….

शबनम को दर्द तोह हो रहा था …पैर जाने कोण सी एक्ससिटेमेंट थी की न तोह मनु को निकलने को कह रही थी न रुकने को …मनु ने लैंड आगे पीछे करके थोड़ी सी छूट में जगह बना ली थी ….मनु उतने hi लैंड से चुदाई कर रहा था उसका आधा लोढ़ा अभी भी बहार था ….पैर शबनम के लिए उतना लोढ़ा भी जाने लेने लायक था एक तोह लम्बा टाइट और उसपर मोटाई यह तोह शायद उसकी छूट और उसका दिल hi जनता था की मनु का लोढ़ा कैसे ले रही थी हु …हु तोह मनु था जिसको अपने दिल और रूह से उसे अपना शोहर या पति मान लिया था उसने उसकी जगह एक बार को शायद इसरार भी होता तोह शबनम उसकी गांड पैर लात मारकर उसे खुद से अलग कर देती ….पैर मनु से न जाने कोनसा लगाव था शबनम को जो उसके दिए दर्द को भी शबनम एन्जॉय कर रही थी…

मनु “ ज्यादा दर्द हो रहा है तोह निकल लूँ तुम कहो तोह रहने देते है …” मनु ने लैंड को बहार खींचना चाहा …पैर शबनम ने उसे कमर पैर अपने दोनों पेअर लपेट लिए …और लैंड बहार नहीं निकलने दिया ..

शबनम “ अब चाहे दर्द हो या कुछ और पैर यह अब मेरा है जानती हूँ थोड़ा दर्द है पैर इस दर्द के लिए मुझे कुछ भी मंज़ूर है …आप मेरे दर्द की परवाह न करे बस आप एन्जॉय करे ..”शबनम की टंगे मनु के कमर से कैंची की तरह लगी हुई थी …मनु थोड़ा उठ चूका था …पैर शबनम भी उसके साथ हवा में थोड़ा सी गांड उप्पेर किये लटकी हुई थी…

मनु “ देखो बीवी तोह तुम मेरी और अगर दर्द का ख्याल नहीं किया तोह मरदगी की बात की ….सिर्फ दर्द देना मर्दानगी नहीं है दर्द से बचाना भी मर्दानगी है ..”

इस बात पैर शबनम ने उसके गले लग कर किश कर लिया …शबनम “ मैं जानती हूँ आपको मेरी परवाह है पैर पहली बार में दर्द होगा hi तोह आप इस दर्द को भूल जाएँ यह दर्द आपका दिया है तोह मुझे यह कुबूल है ..”

मनु फिर थोड़ा झुका और शबनम बीएड पैर लग चुकी थी मनु आधे लैंड से hi चुदाई करने लगा …

शबनम का दर्द अब सिस्कियों में बदल चूका था ….ीिस्स्सस्ष्हा!! ऐसे hi ाआव्व्व!!”

मनु को भी ाचा लगा की अब शबनम भी एन्जॉय कर रही है …पैर अभी तक भी मनु आधे लैंड से hi चुदाई कर रहा था ….की कोई 10 मिनट बाद शबनम का पानी छूट गया और उसने मनु को और कास लिया उसके मज़बूत सीने से लगी अपनी साँसे दुरुस्त करने लगी …

मनु बेचारा अभी तक पूरा लैंड नहीं दाल पाया था …पैर अपने ओर्गास्म में शबनम ने मनु को अपने उप्पेर कीचा ताकि और कसके अपने सीने से लगा सके ..पैर शायद उसकी यही भूल थी …मनु उस टाइम थोड़ा सा ुनबलने हुआ और शबनम पैर गीर पड़ा और क्या हुआ ….

एक चीख ‘’’’ीाआआआआ मार गयी ….उईईईईई! “

हाँ शबनम की छूट में मनु का हलबी लोढ़ा पूरा उसके जड़ तक पहुंच चूका था …उसकी छूट में जहाँ थोड़ी देर पहले ओर्गास्म का नशा चाय हुआ था ….वहीँ अब दर्दकी तीस उठ रही थी …

शबनम की छूट में मनु का हु हुलाबी लोढ़ा सिद्ध उसके बच्चेदानी के मुँह को छू रहा था ….शबनम को दर्द तोह बहुत हुआ क्युकी आधा लैंड और कहाँ पूरा लुंड अंदर आगे समझ दार हैं आप लोग …शबनम ने छूट को चुकार देखा कुछ गिला सा लगा उसे …उसने हाथ पास लेकर देखा तोह उसमे खून और क्रीम का मिक्सचर सात है …

उसने मनु के सामने किया हाथ ..और बोली “ देख लीजिये यह चूड़ी हुई छूट से भी आपने खून निकल दिया और मैं पागल सोच रही थी की आपको अपनी विर्जिनिटी नहीं दे पायी …देखिये खून निकल रहा है इसका मतलब समझ रहें है आप ..की कोई कुवारी लड़की जब इसे लेगी तोह शायद एक हफ्ते ठीक से चल न सके …”

मनु ने भी देखा पैर कहता क्या पैर उसे दुःख भी हुआ था की शबनम का हाल बुरा हो गया पैर शबनम ने उसे कहीं भी नहीं रोका …

थोड़ी देर बाद शबनम ने hi मनु को इशारा किया …और मनु ने उसके बाद जो झटके लगाए …

थप्प्प्प्प!!

थप्प्प्प्प!

मनु की जाँघे शबनम के गांड से टकरा कर आवाज़ पैदा कर रही थी …शबनम को भी अब दर्द के बाद जो मज़ा मिल रहा था …उसने उस दर्द को वसूल कर दिया था …

हर झटके के साथ शबनम का जिस्म उप्पेर होता और निचे आता उसकी चुकी हिलती देख कर कोई लगतार चलने वाली रेल महसूस हो रही थी …

शबनम भी अपने हाथों को मनु के कमर पैर फिर रही थी …कभी उसने हाथ मनु के चेहरे को छूटे तोह कभी कमर पैर ….

उसकी सिसकी हय्या!!! हायययययय आआह्ह्हआआ

हाय्य जान अप्प कामाललललल हो शबनम अब आपकी है सिर्फ आपकी और कोई छू तक नहीं सकता शबनम को मेरी रूह के मिल्क आपने आज मुझे अपना बना लिया hai……..hey मुझे संभु मैं आए रही हुन्न्न आआआहा!!!”

बोलते हुए शबनम करीब 3 या 4 बार झाड़ चुकी थी उसकी छूट से अब पानी के साथ पिशाब भी निकल चूका था …..मनु उसे सीने में देब्ये उसके ओर्गास्म रुकने का वेट कर रहा था …और जब उसका ओर्गास्म रुका

तोह मनु एक सेकंड नहीं रुका फिर से छूट में टाइट पड़े लैंड से झटके देने शुरू कर दिए शबनम ने उसे रुकने को भी नहीं कहा ….कहती भी कैसे अब पति था उसका …उसे बड़ी बात उसकी मर्दानगी और केयर की कायल हो चुकी थी शबनम ….उसे भी अचे से पता था की मनु का झड़ना भी अब जरूरी है …

पैर पिशाब के बाद हर झटके पैर आवाज़ बदल चुकी थी …

अब फच फच की आवाज़ आ रही थी मन ऊके हर झटके पैर ..

शबनम फिर से गरम हो चुकी थी …..मनु तोह रुकने का नाम hi नहीं ले रहा था ….एक सेकंड के काम टाइम में उसकी स्पीड कोई 3 झटके की हो चली थी ….शायद मनु भी अब झड़ने के करीब था ….और कोई 1 ½ घंटे की म्हणत के बाद आखिर उसका लावा शबनम की छूट में था ….और लावा इतना गरम और ज्यादा था की अपने बच्चेदानी के मुँह पैर पड़ते hi शबनम को भी फिर से झाड़ दिया ….

दोनों कुछ सेकंड तक आपस में चिपटे रहे …. मनु का पानी इतना ज्यादा था की छूट से बहार टपकने लगा था पैर मनु का लैंड अभी भी शबनम की छूट में ठूंसा हुआ था ….और दोनों की आखें इस लम्बी और थका देने वाली चुदाई के बाद बंद होती चली gayi…or दोनों नींद के आगोश में खो चुके थे …..
:हिंट:
 
अपडेट 66

रिकैप..

दोनों कुछ सेकंड तक आपस में चिपटे रहे …. मनु का पानी इतना ज्यादा था की छूट से बहार टपकने लगा था पैर मनु का लैंड अभी भी शबनम की छूट में ठूंसा हुआ था ….और दोनों की आखें इस लम्बी और थका देने वाली चुदाई के बाद बंद होती चली gayi…or दोनों नींद के आगोश में खो चुके थे …..

अब आगे.....

मनु और शबनम दोनों नींद की हसीं वादियों में गम थे ….शबनम मनु के उप्पेर सो रही थी ….मनु भी अचे से जनता था की शायद शबनम उसका वेट चुदाई के टाइम तोह जोश में सेह ले पैर चुदाई के बाद उसका वेट शबनम सेह नहीं पायेगी सो मनु सोने से पहले शबनम की छूट में लैंड डाले hi पलट कर उसे अपने उप्पेर ले कर लेट गया था ….

दोनों के जिस्म एक दूरसे से चिपके हुए थे उप्पेर से भी और निचे से भी मनु और शबनम का जाने क्या मैं था की न तोह छूट से लैंड निकला था और न hi छूट से लैंड निकले की खुद छूट वाली ने कोशिश की थी..

करती भी कैसे खुद इतनी बार झड़ी थी की खुद उसे याद भी नहीं था …की उसका कितना पानी आज उसके कुवे (well)se निकला था यह अपने आप में रिकॉर्ड था की उसके जवान होने के बाद कोई मर्द शायद hi उसके छूट के साथ उसके दिल के उस हिस्से तक पहुँच पाया था …जो आज मनु ने किया था उसके बाद शबनम कहीं न कहीं उसके लिए मनु को दिल से चाहने लगी थी …वर्ण कहाँ इसरार से सिर्फ बात हुई थी की मनु सिर्फ शबनम को बचा देगा …पैर शबनम अपनी खुद की फंतासी के चलते मनु से शादी जैसा कदम ले चुकी थी …उसके मैं में क्या. था यह सिर्फ शबनम hi जानती थी…

उधर मनु भी कहाँ लाइफ में आजतक हर लड़की और औरत में धोखे को निशा के चेहरे को याद करके बस दुरी बनता आया था ..पैर आज खुद की टीचर को गुरूदखिना के नाम पैर मन नहीं कर पाया …या शायद उसके मंद में कुछ और हो ?? बरहाल अभी दोनों अपनी मस्ती की थकान के साथ सोये हुए थे …

शबनम की छूट में अभी तक मनु का लैंड ठूंसा हुआ था …और सोने और आराम के बाद फिर से खड़ा हो चूका था …दोनों थकन के चलते सो तोह गए थे …पैर अब शबनम की आँख पिशाब के प्रेशर से खुली पैर …उसको खुद की छूट में मनु का टाइट लैंड फील हुआ ….उसे बहुत हैरानी हुई की इतनी धुआंधार चुदाई के बाद भी लैंड फिर से मुँह उठाये त्यार ठूंसा हुआ है उसकी छूट में …जहाँ अक्सर लैंड और छूट के पानी निकलने के बाद लैंड अक्सर पानी और सिकुड़ने के चलते छूट से बहार निकल आते हैं ..उसके उलट मनु का लैंड छूट न सिर्फ फंसा हुआ था …बल्कि छूट में फिर से खड़ा था …शबनम ने hi मनु को हु सब दवाइयां दी थी …जो मनु को आज आम मर्दों से थोड़ा अलग मर्द बनती थी …शबनम का दिल बहुत खुश था मनु की चुदाई के बाद से …उसे अब मनु पैर नाज़ भी था …की शबनम को जो सुख इसरार नहीं दे सकता हु उसे मनु से मिला है ..

उसने मनु को एक नज़र देखा …मनु अभी भी सोया हुआ था …उसके चेहरे की मासूमियत देखकर शबनम खुद को मनु को चूमने से नहीं रोक पायी ..उसने धीरे से मनु को किश किया …धीरे से इसलिए की कहीं मनु की नींद न टूट जाये …किश करने के बाद उसके मुँह से एपनिया आप निकल गया …”है देखो कैसे मिया जी हैं हमारे बदन तोड़ने के बाद भी कहीं चली न जॉन इसलिए पहले hi हमपर टाला लगये सो रहे हैं..” उसका इशारा मनु के लैंड की तरफ था …

शबनम ने प्यार से हाथ मनु के गाल पैर फेरा …मनु तोह जैसे पता नहीं कोनसे बाजार को बेचकर सो रहा था …जबकि ज़रा सी आहात पैर उठ जाना उसे मास्टर ने सिख्या था …पैर यहाँ न जाने कैसे सोया था उठ hi नहीं रहा ..शयद लाइफ का पहला ओर्गास्म जो उसके जोश में था उसका नशा हो …

शबनम भी पूरी कोशिश कर रही थी की मनु की नींद न टूटे पैर श्याद छूट की सूजन और मनु की अज़ाब गज़ब चुदाई ..के बाद उसकी छूट अंडर से थोड़ी चील भी गयी थी …उसके चलते उठने वाली तीसों ने और छूट की सूजन ने बुरा हाल करदेना था …पैर अभी तक उसने निचे देखा hi कहाँ था …

खैर शबनम ने सोचा मनु की नींद बिना टूटे उसके लैंड को छूट से निकल कर सुसु कर आएगी पैर जैसे hi उसने उठने की कोशिश की छूट में एक तेज़ तीस उठी जिसके चलते थोड़ी सी उठने वाली शबनम फिर से मनु पैर गिर पड़ी ुनबलने होकर …अपने उप्पेर वेट पड़ते hi मनु की आँखें खुल गयी ..

उसने देखा शबनम उस पैर गिरी है …उसने शबनम के सर पैर हाथ फेरा “ क्या हुआ सब ठीक है न ..”

शबनम शर्मा कर “ जी हाँ सब ठीक है पैर एक प्रॉब्लम है “

मनु “ क्या???..”

शबनम “मुझे बाथरूम जाना है…”

मनु “ तोह उसमे क्या प्रॉब्लम है …??”

शबनम ने निचे इशारा किया , मनु ने देखा उसका हलबी लोढ़ा शबनम की छूट में फिर से मुँह उठाये खड़ा है …उसे लगभग सब समझ आ चूका था …

मनु “ यह तोह बड़ी प्रॉब्लम है ….अब क्या किया जाये ???”

शबनम “ सब समझ रही हूँ आपकी शैतानी को …??”

मनु “ इस में शैतानी जैसा क्या है ..तुमको बाथरूम जाना है न तोह जाओ न मैंने कहा से रोक रखा है ???”

शबनम “ अगर जा पाती तोह चली न जाती ..एक तोह सब कुछ होने के बाद भी उसे (लोडे की तरफ इशारा करके ) निकला नहीं …मुझपर टेल की तरह लगा दिया जैसे मैं कहीं और चली न जॉन और कह रहे हैं मैंने कहा रोका है …”

मनु “ तोह फिर क्या करूँ ??”

शबनम “ देखिये मुझे बहुत ज़ोर से आयी है जाना है …मैं मन नहीं कर रही हूँ आपकी बीवी हूँ पैर अभी थोड़ा समझिए न प्ल्ज़ ..”

मनु “ देखो डाला तुमने था …तोह निकल भी सकती हो न तोह निकल दो …मैंने कहाँ रोका है ..”मनु मुँह बना कर झूठे गुस्से से बोलै जिसे शबनम अचे से समझ गयी थी..

शबनम थोड़ा मुस्कुरा कर “ हाँ मैंने hi डाला था …और मैं तोह कभी इसे खुद से जुड़ा न होने दूँ पैर अभी प्रॉब्लम है समझिये न …फिर से दाल देना अब तोह सिर्फ आपकी हूँ न ..”

मनु “ देखो मुझे नींद आ रही है तुमको जो करना है करो पैर मुझे थोड़ा सोने दो …”मनु ने साफ़ कह दिया …

शबनम को बड़ा अजीब लगा ..की मनु ने जैसे कोई परवाह hi नहीं की उसकी उसे सिर्फ नींद की पड़ी है …

खैर उसने फिर उठने की कोशिश की पैर उसके जिस्म ने साथ नहीं दिया लोडे और छूट में अगर पानी होता तोह निकल भी आता पैर अभी सब सूखा था और सुखी छूट में लैंड हिलना मतलब और दर्द …शबनम चाहकर भी कुछ नहीं कर प् रही थी …उसे मनु का बर्ताव बहुत अजीब लग रहा था ..की उसे अभी शबनम की कोई परवाह नहीं है …हु सोचने लगी …

तभी मनु ने शबनम को उठया उसकी टांगों को अपने कमर के िरद गिर्द फंसाया और एक हाथ शबनम की कमर पैर रखा और उसे खुद से लगा कर हवा में उठा लिया …शबनम भी अपनी सोच से बहार आ चुकी थी …मनु उसे लेकर खड़ा हो चूका था ..पैर इन सब में उसने लोडे को छूट से अलग नहीं होने दिया ..उसने शबनम को खुद से चिपकाये हुए बाथरूम की तरफ चल दिया शबनम हैरत से भर चुकी थी …उसके दोनों हाथ खुद को हवा में देखकर एपनिया आप मनु के दोनों कन्धों पैर आपने आप पहुँच चुके थे …ताकि खुद को संभल सके …मनु उसे लिए बाथरूम में आ चूका था …रस्ते में मन ऊके चलने से जब लैंड थोड़ा भी हिलता तोह शबनम की छूट में दर्द की तीस उठ जाती …तोह हु और जोर से मनु को कास लेती खुद में ..

खैर बाथरूम में आकर मनु ने बाथटब में गरम पानी का तप ओपन किया जिससे बाथटब में गरम पानी बहने लगा तब तक शबनम मनु को हैरानी से देख रही थी …

जब आधा टब भर गया तोह मनु शबनम को लेकर बाथटब में बेथ गया ..और जैसे hi गरम पानी दोनों के लैंड और छूट को छुआ तोह दोनों को थोड़ा अलग एहसास हुआ …मनु ने अभी तक शबनम की छूट से लोढ़ा नहीं निकला था ….

मनु “ मैं जनता हूँ तुम्हे लग रहा होगा की मुझे तुम्हारी परवाह नहीं है …पैर ऐसा नहीं है …”

शबनम का तोह जैसे मैं पद लिया था मनु ने पैर शबनम अभी तक हैरत में थी..

मनु “ देखो मैं अचे से जनता हूँ की तुमको कितना दर्द हुआ था चुदाई में …शयद अंदर से चील भी गया हो …तभी समझ गया था की सूजन और दर्द के चलते तुम शायद hi उठ पाओगी …तभी सोच लिया था की तुम्हारी देखभाल करूँगा …पैर सॉरी यह अंदर hi रह गया शायद मुझे भी दर्द हो रहा है …इसके चलते मैंने भी नहीं निकला और अब निकला तोह शायद तुम्हे दर्द होगा सो ऐसे hi फंसा रखा था इसमें …तुम चाहे कुछ भी कहो पैर मैं तुम्हे दर्द में तड़पता देखूं यह नहीं हो सकता …”

मनु की यह बात सुनकर शबनम ने खुद पैर दुनिआ भर की लानत डाली की जो इंसान खुद दर्द में भी होकर उसकी परवाह करता है …उसी पैर उसने शक किया ….शबनम की आँखें आंसू बहाने लगी …

शबनम रो रही थी ..”मुझे माफ़ कर दे मैंने सोचा जैसे और मर्द अपने जिस्म की आग ठंडी होते hi बस खुद को देखते हैं औरत की परवाह नहीं करते वैसे hi कहीं आपको भी मेरी कोई परवाह नहीं है …मुझे माफ़ कर दिज्ये मेरा यह लानत से भरा ख्याल कितना गलत है मैं अचे से समझ चुकी हूँ …मुझे माफ़ कर देना की मैंने अपने शोहर पैर शक किया …”

मनु “ यही बात मुझे अछि नहीं लगती जब देखो रोना अरे अभी प्रॉब्लम ख़तम कहाँ हुई है प्रॉब्लम तोह वहीँ की वहीँ है पैर पहले तुम अपना रोना करलो ….”

शबनम रट हुए हैरत से मनु को देखने लगी उसकी समझ में कुछ नहीं आया …

मनु “ नहीं पहले रो लो तब समझ में आ जायेगा …करलो “

शबनम मनु की इस बात पैर समझ पायी या नहीं पैर रट हुए हंस जरूर पड़ी …क्युकी मनु ने कहा hi कुछ इस अंदाज़ से था की रट हुए भी हंसी निकल जाये ..

जब हु हंसी तोह मनु ने उसे अपने सीने से फिर लगा लिया और उसके लैब अब मनु के लबों की जड़ में थे …दोनों में एक जबरदस्त स्मूच हुआ ….कुछ मिनट दोनों ने जमकर स्मूच का मज़्ज़ा लिया फिर शबनम ने hi तोडा …स्मूच को

शबनम “ बड़े चालक हैं आप …यहाँ मैं सुसु के लिए परेशान हूँ पैर आपको अपने मज़े की पड़ी है..”

इस बात पैर मनु कुछ बोलता उसे पहले उसके लोडे ने छूट में hi ठुमका लगा दिया जिसपर शबनम की छूट न चाहते हुए भी …पानी से बहरे टब में अपनी छूट का पानी बहा दिया …मतलब शबनम की छूट भी लोडे के साथ में गरम हो रही थी …

मनु “ देखो रोज़ hi तुम पिशाब करती हो …मैं रोक नहीं रहा हूँ पैर यहाँ अगर निकलने की कोशिश की तोह प्रॉब्लम हो सकती है …” मनु ने किसी अचे डॉक्टर की तरह कहा …

शबनम अचे से समझ चुकी थी मनु का प्लान क्या है …हु खुद भी एन्जॉय कर रही थी पैर अनजान बैंकर बोली “ ूहु! यह तोह बड़ी प्रॉब्लम है ..पैर अब करना क्या है …”

मनु “ एक प्लान है अगर तुम चाहो तोह कुछ हो सकता है ???”

शबनम “ जो भी करना है जल्दी करें मुझे बहुत ज़ोर से लगी है …प्ल्ज़ ”

मनु ने आगे कुछ नहीं कहा …गरम पानी ने ाचा काम किया था शबनम की छूट की सूजन में थोड़ा आराम मिला था …पैर लोडे के अंदर होने से अंदर का हाल शबनम hi जाने …

खैर मनु ने फिर से उसे लोडे को फंसाये उठा लिया जिसमे शबनम ने भी उसकी हेल्प की मनु उसे लिए अब चल दिया उस जॉइंट बाथरूम के शावर के सामने जिसपर शबनम मनु से बोली “ मुझे नहाने से पहले सुसु जाना है प्ल्ज़ ..”

मनु “ आज तुमको ऐसा सुसु आएगा की तुम हर रोज़ जब भी सुसु करोगी मुझे याद करोगी …”

शबनम कुछ कह पाती उसे पहले hi मनु ने शबनम को हवा में उसके दोनों पेअर अपनी कमर में कैंची की तरह फंसा लिए और उसकी कमर शावर की दिवार से लगा दी और ताबड़ तोड़ तूफानी झटके उसकी छूट में लगाने शुरू कर दिए …

शबनम “” आहाआअह!! मुझे ाआअह! सुसु जाना है प्ल्ज़ ाआहहाआ!”

मनु “ जानेमन सुसु का hi इंतज़ाम कर रहा हूँ ताकि सिर्फ तुम hi नहीं मैं भी कर सकूँ तुम जोर लगा कर करलो मैं टाइम आने पैर कर दूंगा यह लो “”मनु झटके देते हुए बोलै …

शबनम भले hi सुसु की बात कर रही थी पैर खुद उसका जिस्म मनु की हर हरकत पैर जवाब दे रहा tha…aisa उसके लाइफ में पहली बार था की उसकी बाथरूम में pishabrok-chudai हुई हो…

शबनम “ पैर अह्ह्ह्हह! ऐसे कैसे मैं सुसु कर सकती हुन्न्न एईईएईए आह्हाः! और हु भी आपके सामने आपके hi उप्पेर ” उसका इशारा था की जब हु सुसु करेगी तोह क्युकी लैंड छूट में है तोह लैंड भी सनेगा …

मनु “ क्यों नहीं कर सकती हो …जब मैं तुम्हे खुद से जुड़ा नहीं समझ रहा हूँ तोह तुम मुझे खुद से जुड़ा क्यों करने पैर तुली हुई हो ,,हर रोज़ अपनी लाइफ में तुमने सुसु अकेले किया है …आज साथ में करलो ..क्या मैं तुमसे जुड़ा हूँ??”

शबनम के दिल को मनु की यह बात छू गयी …या शायद छूट की गरमी रही हो …” ाहः! आपकी हूँ सिर्फ आपकी आपने सोच भी कैसे लिया की आपको अपने से जुड़ा होने का मैं सोच भी सकती हूँ …आपको जैसा लगे वैसा कीजिये पैर कमसे काम थोड़ी सरम तोह मुझमे छोड़ दीजिये ताकि काम से काम सुसु तोह कर sakun..aaeeii” मनु और शबनम की बात अपनी जगह चल रही थी …पैर मनु ने एक सेकंड भी चुदाई को दिमा नहीं किया था …

मनु “ सरम की जरूरत हमारे बिच में नहीं है …तुम मेरी हो यह अचे से तुमने मान लिया है और मुझे हक़ भी खुद दिया है …अपनी पूरी ज़िन्दगी अकेले hi मुता है न …आगे भी मुट्ठ लेना मैं रोक कहाँ रहा हूँ मैं तोह सिर्फ आज hi साथ दे रहा हूँ मुत्ने में ..और मेरी टेंशन ना लो चाहे मेरे लैंड पैर मुट्ट्लो पैर आज यह काम से काम अपना पानी निकले बगैर बहार नहीं निकलेगा …यह अचे से समझ लो …इसे ज़िद कहो या नशा पैर जो है सो है ..”

बार बार मनु के मुँह से मुट्ठ सुन सुनकर शबनम का हाल वही जाने पैर छूट और लोडे की इस लड़ाई में मज़्ज़ा दोनों भरपूर ले रहे थे शबनम को दोनों टाँगे हवा में मनु के कमर में फांसी thi…or शबनम की कमर दिवार से लगी थी …मनु के दोनों हाथ शबनम के गांड को अचे से पकडे धक्के पे ढाका दे रहे थे…

आह!! ाआईए !!! ूआछच्च!! शबनम की सिसकी बाद रही थी ….उधर मनु के तूफानी धक्के कब और तूफानी हो चले थे खुद मनु को भी नहीं पता चला था …

तभी एक आवाज़ आयी …”आहा! मुझे सम्भालो जी मैं गई ोोोाह्ह्ह्हह्ह!! आअह्ह्ह्ह! “ शबनम ने आखिर अपना ओर्गास्म पा लिया था ….

उसकी छूट में मनु रुका नहीं बल्कि और तेज़ धक्के लगाने लगा ….और ढ़ाके के साथ शबनम ने अपना ओर्गास्म की पीक को छू लिया …

आअह्ह्ह्ह!! इस आवाज़ के साथ शबनम की छूट से छूट के पानी के साथ पिशाब भी निकल आया जिससे अआपने स्क्वीरट वीडियोस में देखा भी hoga…shabnam के लिए सुच में नया एहसास था …यह मनु ने उसके मुट्ठ को खुद के लैंड पैर गिरते महसूस किया जिसमे उसे मुट्ठ के गरम पानी से और किक मिली …और

शबनम पूरा मुट्ठ भी नहीं पायी थी की …मनु ने फिर से ताबड़ तोड़ झटके दे दिए …शबनम की छूट अभी मुट्ठ बहा hi रही थी पैर मनु के फिर से चुदाई शुरू करने से उसका मुट्ठ रुक रुक कर गिरने लगा था ….यह मनु का किंकी सेक्स देखकर शबनम भी अपनी मस्ती में मस्त थी …

आवाज़ें अब फुच फुच की पुरे बाथरूम में गूंज रही थी…

शबनम के पेअर मनु ने खुद से अलग नहीं होने दिए थे …अब शबनम भी खुलकर मज़े ले रही थी …इस किंकी सेक्स का …उसके होंठ मनु के होंठों से मिले हुए थे …और छूट से रुक रुक कर सुसु निकलना अभी तक ज़ारी था…

की मनु को न जाने क्या सुझा की उसने शावर को ों कर दिया …जिसके बाद मन ऊके लैंड पे छूट का गरम पानी और उसपर शावर का ठंडा पानी एक अलग सा एहसास जगा रहे थे …शबनम भी मनु के साथ चुदाई के मज़े लेने में मस्त थी ….क्युकी घर पैर सिर्फ दो जाने थे …सो बाथरूम का दरवाज़ा लगे या न लगे …इसकी चिंता किसे थी…

दोनों की चुदाई में अपनी दुनिआ से दूर किसी और दुनिआ के मज़े ले रहे थे …की शबनम ने फिर से पानी बहा दिया …आअह्ह्ह्ह!!!! मैं फिर गयी “””शबनम ने कहा ..मनु ने और तेज़्ज़ी से झटके देने शुरू कर दिए …

शबनम ने फिर से छूट के पानी के साथ स्क्वरटिंग करदी …हिंदी में बोले तोह पिशाब कर दिया …

मनु रुका नहीं दोनों के भीगे जिस्मो पैर पानी की ठंडक और निचे गरम सुसु की गरमी अलग सा नशा चाहा गया था दोनों में कोई रुकने को त्यार hi नहीं था ….मनु क्युकी पहले झाड़ चूका था …इस बार आसानी से टाइम लगाने वाला था ….मनु ने शबनम को अब हवा से उतार दिया और छूट से लैंड निकल लिया शबनम की छूट से लोडे के निकलते hi आवाज़ आयी ‘’’’सशह्ह्हहवववव!! सुउसरुरुरुरूर!! एक मस्त सी सिटी बजने लगी …जो उसके पिशाब की आवाज़ थी …जो अभी तक मनु ने लैंड फंसा कर रोका हुआ था …

शबनम जबतक पूरा मुट्ठ पति मनु ने उसे किसी बर्तन या डॉल की तरह उठाया जैसे उसमे कोई वेट hi न हो …पैर यार वेट तोह था शबनम में होगा कोई 65 या 70 कग की अस पास पैर मनु जैसे सैंड को तोह अपने सामने उसका वेट जैसे लग hi नहीं रहा था …उसने शबनम को घुमाया और टॉयलेट सीट (वेस्टर्न टॉयलेट सीट) पैर झुका दिया और मुट्ठ रही शबनम की छूट में फिर से अपना हुलाबी लोयडा पेल दिया शबनम के मुँह से सिर्फ एक सिसकी hi निकल सकीय …मनु ने एक झटके में पूरा अंडर पेल दिया और शबनम को थोड़ा दर्द हुआ क्युकी अब लोढ़ा और अंदर तक जा रहा था …सो मनु और शबनम को भी और मज़्ज़ा मिल रहा था …

मनु ने लोढ़ा पेलने के बाद अपने तूफानी धक्कों को फिर से कंटिन्यू कर दिया उसकी हर झटके और हर ढके पैर शबनम की चीखे और सिसकी निकल रही थी पैर मनु लोडे के साथ एक हाथ से उसकी लेफ्ट चुकी को मसलकर उसके मज़े को और बाड़ा रहा था ..

ाःह!!! ाआईईईई! ऊह्ह्ह्ह!!!.

शबनम के मुँह से सिसकी निकलना जारी था ..पैर मनु ने उसकी सिसकी से और जोश भर दिया था …मनु पीछे से लोढ़ा पेल रहा था …पैर मनु ने अपने हाथ से जिस हाथ से चुकी भींच राखी थी उसी हाथ से शबनम के बाल पकडे जो अचे लम्बे और घने थे …उसके बाल पकड़ कर उसे और करीब खींच लिया अब मनु उसे किसी घोड़ी की तरह छोड़ रहा था …की शबनम का पानी फिर निकल गया …

मनु भी शायद अपने पीक पैर आने वाला था …उसने लोढ़ा पेलना नहीं रोका शबनम की हालत पानी निकलने से थोड़ी हलकी हुई थी …पैर मनु नहीं रुकनेवाला था उसे समझ आ चूका था की शायद मनु का भी होनेवाला है …सो उसने भी नहीं रोका मनु को मनु भी कोई 25 मिनट बाद ायःहा! करते हुए पानी शबनम की छूट में भरने लगा …दोनों थक चुके थे …मनु ने भी फाइनली अपना हुलाबी लोढ़ा शबनम की छूट से निकल लिया …साला लोढ़ा था या कोई रोड झड़ने के बाद भी सिद्ध तना हुआ खड़ा था …

मनु ने अपना लोढ़ा शबनम की छूट से खिंचा तोह एक पक!!! की आवाज़ के साथ लोयडा छूट की बंदिश से आज़ाद हो चूका tha..manu और शबनम ने अब फाइनली अलग होकर आराम लिया शबनम तुरंत टॉयलेट सीट पैर बैठी सुसु करने लगी पता नहीं कितना मुत्तेगी यह आज …

मनु बस उसे देख रहा था थकन में डूबा दिवार से हाथ लगाए किसी सांड की तरह अपने खड़े लोडे के साथ जो अब धीरे धीरे थोड़ा ढीला होना शुरू हो चूका था …शबनम भी उस लोडे को देख रही थी .क्युकी उसके मुँह से थोड़ा hi दूर था …मुत्ते हुए न जाने क्या सुझा शबनम ने उसे फिर से मुँह में चूसना शुरू कर दिया …मनु ने उसके मुँह से खींच कर निकला अपने लोडे को ..

मनु “ बस करो बहुत हुआ अब थोड़ा रुक जाओ ..”

शबनम से जैसे किसी ने उसकी फेवरेट चीज़ चिनली हो ऐसे हाल हो गया था उसका ..शबनम मुट्ठ कर उठी उसने देखा उसकी छूट पूरी सूज कर कुप्पा हो चुकी थी …मुत्ने में भी चीज़ हो रही थी उसे …अब जाकर उसकी समझ आया की मनु का मतलब क्या था ..उसने घूमकर हटने के लिए कोशिश किट ओह पेअर हिलने से hi जान सी निकलने लगी उसकी …

मनु ने उसकी हालात को देखा तोह उसे उठाकर बाथटब में गरम पानी ों करके ुकि छूट की सिकाई की ताकि उसे कुछ आराम मिले …मनु अपना काम कर रहा था …और शबनम सिर्फ उसे अपनी केयर करते देख रही थी …न जाने क्या चल रहा था ..उसके दिमाग में उस टाइम पैर उसकी आँखों में इस टाइम पानी था …जो भीगे होने से ज्यादा पता नहीं चल रहा था …मनु का उसके लिए केयर करना उसके दिल में मनु की कभी न मिटने वाली एक अमित चाप छोड़ चूका था …केयर जो शायद उसकी कभी किसी ने सही मायने में की hi नहीं थी …जब रंडी थी तब लोग सिर्फ चुदाई करते और अपने रस्ते हो लेते ..जैसे किसी को रंडी के जीने मरने की फ़िक्र hi न हो …उनको तोह सिर्फ अपने पैसे से ख़रीदे टाइम की चिंता होती …

इसरार से शादी के बाद भी इसरार चुदाई करता और साइड में होकर सो जाता …जैसे शबनम से उसका रिश्ता सिर्फ चुदाई का hi हो …ऐसा नहीं है की इसरार उसे प्यार नहीं करता था …पैर चुदाई में जब उसका पानी निकलता तोह हु बेचारा थकन से बोझिल होकर सो जाता ..उसमे उसकी गलती निकलने जैसा कुछ नहीं है …इंसान hi तोह है दिन भार का थका इंसान और करता भी क्या …यह सवाल सोच रहे होंगे न …सोच लो अछि बात है …पैर सेक्स का मतलब सिर्फ चुदाई तक नहीं होता सेक्स के बाद अगर हो सके तोह कभी अपने पार्टनर की केयर करके देखना कभी न टूटने वाला बांड बन जायेगा यह बात देखना कभी …

खैर मनु ने अपना काम किया उसके बाद शबनम का सर अपने सीने से लगा लिया ..

मनु “ कितनी बार कहना होगा और रोना नहीं फिर भी लगता है समझ नहीं आता ,,”

शबनम की रुलाई निकल गयी हु चिपक गयी मनु के सीने से नंगी hi और बोली “ बस आखिरी बार और रो लेने दो प्ल्ज़ आज पहली बार सही जगह और सही इंसान के सामने निकले हैं यह वर्ण आज तक उनके लिए बहे जिको इनकी परवाह hi नहीं thi..bas प्ल्ज़ अभी के लिए सॉरी ..”

मनु “ ठीक है पैर उसके बाद एक बार और नहीं चाहे तुम्हे ाचा लगे या बुरा पैर मैं तुम्हें और रट नहीं देखना चाहता हूँ ..सो थोड़ी मेरी बात की इज़्ज़त hi रखलो “ मनु ने उसके ांसो साफ करते हुए कहा ..

शबनम सिमट चुकी थी मन ऊके सीने में जैसे अब उसके लिए और कुछ बेमतलब था …न जाने दोनों के दिमाग में क्या चल रहा होगा ..

खैर कुछ देर बात शबनम जब नार्मल हुई तोह उसने मनु को अब वहां से चलने को कहा शबनम ने उठने की कोशिश की पैर मनु ने उसके उठने के बाद अपने हाथों में उठाया और उसे बैडरूम में ले गया …शबनम सिर्फ मनु को hi देख रही thi…manu का यूँ उसकी केयर करना उसे बहुत ाचा लग रहा था …मनु ने उसे थोड़ा आराम करने को कहा और चादर से धक् कर लिटा दिया और खुद कपडे पहनकर निकल गया खाना लेन …तब तक शबनम अपने आजतक की ज़िन्दगी में मनु की केयर और बाकि सभी लोग जो उसके लाइफ the..unko मनु से कपड़े कर रही थी …सभी ने कहीं न कहीं आजतक शबनम का उसे तोह किया था ..पैर आजतक मनु जितनी केयर नहीं की thi…shabnam कहीं न कहीं मनु से प्यार कर चुकी थी यह उसकी सोच थी ..

उधर इसरार घर से निकलने के बाद सोचने लगा “ क्या यह सही है की कोई और मेरी बीवी के साथ रात गुज़ारे ..क्या यह सही है की मैं किसी और के बचे को अपना नाम दूँ ..क्या यह सही है की मेरी बीवी को सारे मर्द के सुख कोई और दे और मैं बस सिर्फ तमाशा देकता रहूं ..” इसरार का दिल उसे कह रहा था ..

पैर इसरार का दिमाग “ चुप कर बे गांडू ..तेरी बीवी को किसी और के पास जाने को कहा किसने तूने …उसे बचे की छह में किसी और के निचे जाने को कहा किसने तूने …साले जिस बचे के लिए इतना सब कर रहा है …उसी इंसान को गाली दे रहा है ..सोच अगर तेरी बीवी ने तेरी गांड पैर लात मार्डी तोह क्या होगा ?? साले पहले तोह शायद तू दूसरी निकाह भी कर लेता …और मज़े से बचे भी कर लेता …पैर अब तेरे टूटे और मुरझाये लैंड और फूटी हुई ाँद के साथ तू क्या दूसरी निकाह कर payega…or क्या गारंटी है की तेरी नयी बीवी की छूट की आग उसे बहार मुँह नहीं मरने देगी ??साले गांडू हु भी तेरी इसी बहुम की तरह बहार मुँह मारेगी और तेरा नाम रोशन करेगी और क्या होगा अगर उस नयी बेगम को कोई और पसंद आ गया तोह क्या हु तेरे साथ रहेगी नहीं ?? साले तेरी गांड पे लात मार्के सीधी अपने नए यार के साथ निकल लेगी तब …

अपनी इज़्ज़त और मर्दानगी का ढोल पीटते रहना साले …जो हो रहा है सही हो रहा है ..काम से काम यहाँ तेरी बीवी बचे को पैदा करने के बाद तेरे साथ तोह है …शबनम पैर ऊगली उठाने से पहले खुद की मर्दानगी को तोलकर देख साले सब समझ आ जायेगा …कमसे काम तेरे घर बचा होगा तोह तेरी फॅमिली फिर से तुझे अपना लेगी …और सोचकर देख आज नहीं तोह कल जब शबनम को बचे के लिए टार्चर किया जायेगा ..तब क्या गारंटी है हु तुझे छोडेगी नहीं साले गांडू …दिल का क्या है तुझे भड़कायेगा ..पैर भेजा दिल से उप्पेर होता है उसकी सुन और आराम से रह वर्ण कहीं का नहीं रेहगा तू ..”इसरार के दिमाग ने उसे सुचै दिखा दी thi…ki इसरार को शबनम पैर ऊँगली उठाने से ज्यादा यह सोचना चाहिए की कमी शबनम की नहीं है उसकी है …उसकी कमी के चलते शबनम ने उसे छोड़ा नहीं बल्कि उसका साथ दिया …वर्ण कोई और होती तोह शायद किसी नए यार के साथ ुका मुँह काला करके निकल लेती …

इसरार के दिल और दिमाग की जुंग तोह अपनी जगह है पैर इसरार के लिए यह आसान बात नहीं थी की कोई और उसकी बीवी को चोदे …चाहे बहले hi शबनम पहले रांड रही हो पैर अब शबनम उसकी बीवी थी …उसकी जिम्मेदारी ..इसरार इस बात को दिमाग से निकल नहीं प् रहा था …की उसकी बीवी उसी की कमी के चलते अब और किसी की बाँहों में होगी ..उसके दिमाग में मनु और शबनम की चुदाई के सन घूम रहे थे …उसे खुद पैर गुस्सा आ रहा था …

इसरार ने एक थके से इंग्लिश की बोतल ली ….यार यह मत पूछना की बोतल किस चीज़ की ली अब गम में भरा इंसान पेप्सी या कोक तोह पिने नहीं वाला …अंगरेजी की बोतल बोले तोह दारु …खैर उसने ली और बोतल लिए अपने घर के पास क एक खुले खली प्लाट में आ गया …क्युकी वहां कहीं कहीं कुछ खाली प्लाट थे ..जीने घास उगी हुई थी …मनु और शबनम की चुदाई के सन को याद करते हुए इसरार ने बोत्तल मुँह से लगा ली ..

बाँदा पहले भी थोड़ा पि लेता था …यह नहीं कहूंगा दूध का धुला था इसरार पैर आज टाइम और ोक्सासिओं अलग था …खली पेट दारु ने पहले hi घूंट में किक दी उसे …उसे ज़ोर का धसका लगा ….अहहहछ ! कड़वी दारु गले को छेरतीहुई जिस्म में उतर चुकी थी …दिमाग और दिल की लड़ाई में हार इसरार की हो रही थी…

इसरार थोड़ी देर रुका …उसे थोड़ी देर बाद थोड़ा सुरूर होने लगा था …उसने फिर दारु मुँह से लगाई और पिने लगा कोई 3 पेग के बराबर दारु पि ली थी …उसने ..और उसके बाद सांस लिया …फिर मुँह से लगाई और पीना शुरू किया बाँदा हाफ खींच चूका था …और नशा भी उसके सर चढ़ने लगा था ….अब बाँदा पिता रहता था …तोह फिर भी होश में था …उठा और अपने घर की तरफ चलने लगा …उसका घर का मैं एंट्रेंस गेट बंद था उसने अपने के से जो उसके पास रहती थी …उसे गेट खोला और अंडर चल दिया …जहाँ farm-house के अंडर मनु की बाइक कड़ी थी …

जो इस बात का सबूत था की मनु अभी वहीँ है …इसरार अपने हाथ में बोतल लिए आगे बड़ा उसने अपनी के से मैं गेट ओपन किया और अंडर आकर लॉक किया …उस वक़्त उसके बैडरूम से शबनम की सिसकियाँ बहुत ज़ोर से और बहुत शोर से आ रही thi…uske कदम न चाहते हुए अपने बैडरूम की तरफ चल दिए …जैसे hi उसके कदम बैडरूम के करीब पूछे वहीँ उसके कानो में शबनम की आवाज़ पड़ी जो शायद उसके झड़ने के पास थी … उसकी सिसकी हय्या!!! हायययययय आआह्ह्हआआ

हाय्य जान अप्प कामाललललल हो शबनम अब आपकी है सिर्फ आपकी और कोई छू तक नहीं सकता शबनम को मेरी रूह के मिल्क आपने आज मुझे अपना बना लिया hai……..hey मुझे संभु मैं आए रही हुन्न्न आआआहा!!!”

यह सुनने के बाद इसरार की रही सही हिम्मत भी टूट गयी की हु अंदर झंकार डेक ले …पैर फिर भी नशे में दुबे इसरार ने शबनम और मनु को दरवाज़े से झांक कर देखा दोनों झाड़कर थक चुके थे मनु ने शबनम को अपने उप्पेर लेकर लिटा लिया था …दोनों सो चुके थे …इसरार से बर्दास्त करना मुश्किल हो चूका था ..यह मंज़र यह मंज़र उसी की रज़ामंदी से बना था पैर अभी यह सब देखना और शबनम के हु लफ्ज़ “ शबनम अब आपकी है सिर्फ आपकी और कोई छू तक नहीं सकता शबनम को मेरी रूह के मिल्क आपने आज मुझे अपना बना लिया है…”

इसरार के कानो में गूंज रहे थे …जो उसकी मर्दानगी पैर किसी हातूड़े जैसे पद रहे थे …पैर उसमे मनु या शबनम का करैक्टर को जज करना अभी उसके बस में न था …पैर खुद की बीवी को ऐसे देखना भी अलग सा एहसास था उसके लिए ….वह एक सेकंड भी नहीं रुका सिद्ध उप्पेर छत्त पैर गया और बची हुई बोतल की दारु अपने हलक में खली करने लगा …जब साड़ी दारु खाली हुई तोह नशा भी ज्यादा होने से सो चूका था इसरार …

उधर मनु भी खाना ले आया था …उनसे तीन आदमी का खाना लिया था …हु वापस आया उसने खाना किचन में रखा और दो प्लेट में सर्वे करके ले आया जहाँ शबनम अभी तक अपनी उस सोच में गम थी की मनु के अलावा उसकी केयर और किसने इस हद तक की है …पैर उसे मनु के शिव और कोई नाम याद नहीं aaya…per मनु ने तोह शायद अपने hi रिकॉर्ड को तोड़ने की थान ली थी ..

मनु “ बस बहुत हुआ सोचना अब टाइम खाने का है …”मनु ने शबनम को टोकते हुए कहा ..शबनम भी अपनी सोच से बहार आयी उसने देखा मनु उसके और अपने लिए खाना लाया है ..

शबनम बहुत खुश थी इसरार बिहषक उसे प्यार करता था …पैर आजतक खुद उसके लिए खाना लाना तोह दूर कभी उसे बहार लेकर तक नहीं गया था …पैर मनु उसके लिए न सिर्फ खाना लाया बल्कि अपने हाथ से खिलाया भी …

इसरार कितना सही है या नहीं यह तोह शबनम जाने पैर इसरार ने जब से शबनम से निकाह किया था उसकी लाइफ में शायद hi कोई ऐसा मौका मिला हो जिसमे उसे कभी ऐसा टाइम मिला हो जिसमे उसने यह सब सोचा हो ..उसे जब टाइम मिलता था तब या तोह घर की सफाई या घर का कोई काम उसकी जान को रो रहा होता था …तोह हु करता भी क्या ?? एक काम क़ाज़ी ड्राइवर जिसे मज़दूर कहना गलत नहीं होगा क्या करे कैसे करे ??इस सवाल के पीछे भागते हुए ज़िन्दगी लगा देता है ..और जब होश आता है ज़िन्दगी बहुत हद तक हाथ से निकल चुकी होती है ..जैसे अभी इसरार के हाथ से उसे निकलती हुई महसूस हो रही थी …इसरार को …

(यहाँ इसरार और शबनम या मनु के हर चीज़ को इसलिए बता रहा हूँ की किसी एक को सही या गलत कहना मेरे लिए सही नहीं है …जैसा कहा था की पूरी ईमानदारी से लिखूंगा सो सभी किरदारों का अपना पॉइंट ऑफ़ व्यू क्लेअर्ल्य लिख रहा हूँ जज किसे करना है और कितना करना है यह फैसला आप पैर छोड़ रहा हूँ ..इसरार हो शबनम हो या मनु सभी की लाइफ अपने अपने किस्मत से जुडी हुई है ..कोण कितना सही है कोण कितना गलत है आप जानो मैं सब कुछ पूरी ईमानदारी से आपके सामने रख रहा हूँ.)

खैर उधर शबनम और मनु ने खाना ख़तम किया मनु ने शबनम को बीएड से हिलने तक नहीं दिया बर्तन लेकर गया किचन में साफ़ किये और वहीँ रख दिया जहां से लिए the…or एक गिलास में ढूढ़ लिया और पहले खुद पिया और फिर से ढूढ़ किया शबनम के लिए …

शबनम आज खुदको किसी शहज़ादी जैसा ट्रीटमेंट मिलते देख ख़ुशी से मैं में झूम रही थी …मनु हाथ में ढूढ़ लिए उसके पास आया और उसने शबनम को ढूढ़ दिया पिने को और अपने पास से एक पैन किलर उसे दिया जो काफी हैवी दोसे था ..जो मनु ने खाना लेते हुए लिया था शबनम के दर्द के लिए …उसके बाद शबनम ने बिना कोई सवाल किये उस मेडिसिन को खाया ..और मनु को देखने लगी …

मनु “ ऐसे क्या देख रही हो??”

शबनम “ कुछ नहीं अपनी रूह के मालिक को देख रही हूँ ..”

मनु “ ाचा अब आराम करो जब उठोगी तब फ्रेश फील करोगी दर्द नहीं रहेगा और यह रहा बाकी का पैकेट ध्यान से ले लेना जब दर्द लगे तब अभी चलता हूँ अगर कोई भी बात हो तोह सोचना बाद में पहले कॉल कर देना ok”

शबनम जैसे नींद से जाएगी की मनु को अब जाना भी है …उसकी आखों में ना थी पैर उसे अचे से पता था ..की मनु को हु चाहकर भी नहीं रोक सकती …सो उसने ज्यादा कुछ नहीं कहा ..बस उसने मनु से कहा की “कल आप आ जाना कुछ बात करनी है …” टाइम भी कोई 4 पं बजने को आये थे ..

मनु ने भी “ ok “ कहा और चल दिया एक तूफ़ान शबनम के घर छोड़कर अगले तूफ़ान के लिए जो उसके लिए इंतज़ार कर रहा था ......
:हिंट:
 
अपडेट 67

रिकैप..

शबनम जैसे नींद से जाएगी की मनु को अब जाना भी है …उसकी आखों में ना थी पैर उसे अचे से पता था ..की मनु को हु चाहकर भी नहीं रोक सकती …सो उसने ज्यादा कुछ नहीं कहा ..बस उसने मनु से कहा की “कल आप आ जाना कुछ बात करनी है …” टाइम भी कोई 4 पं बजने को आये थे ..



मनु ने भी “ ok “ कहा और चल दिया एक तूफ़ान शबनम के घर छोड़कर अगले तूफ़ान के लिए जो उसके लिए इंतज़ार कर रहा था ......


अब आगे.....

मनु वहां से निकला सोचा जब 5 पं बजने hi वाले हैं तोह अब रेस्टोरेंट जाकर तोह कुछ करना पॉसिबल नहीं है तोह चलो अब घर hi चलता हूँ …स्कूल मैं तोह वैसे भी कुछ दिन की छुट्टियां (हॉलिडे ) चल रही hain…manu ने बाइक घर की तरफ करने का सोचा hi था ki…uska मोबाइल बजा कॉल रेस्टोरेंट से था …वहां कोई पन्गा हो गया था …मनु ने खुद से कहा ..” लगता है पहले ऑफिस hi जाना होगा “

और बाइक घुमा दी उसने रेस्टोरेंट की तरफ …जहाँ नया पन्गा त्यार था ….पन्गा हुआ था …कुछ लड़कों की वजह से …कुछ लड़कियां खाने और एन्जॉयमेंट के लिए आयी थी …पैर कुछ लड़के उन्हें तंग कर रहे थे …पैर जब “devil’s टीम “ ने उन्हें बहार फेंका तोह उन लड़कुँ ने एक पूरी गैंग बुला ली लड़कियां काफी दरी हुई थी..

मनु ऑफिस आया और सब जाना …लड़कियां जिनमे से कुछ बुर्क़े में थिस तोह कुछ मॉडर्न ड्रेस में वहां बेचारी साड़ी दरी हुई …बैठी थी devil’s टीम ने उनको बचा तोह लिया था …पैर उनका डर काम नहीं कर प् रहे थे …मनु ने उन सबको कहा..” देखिये आप सब दर्रिये नहीं जो होगा देखा जायेगा बस आप सब आराम से रहे …प्ल्ज़ “और उनसे उनको कुछ लेडीज कस्टमर को और devil’s टीम से उनको सपोर्ट करने को कहा …

सभी लड़कियों को सपोर्ट करने लगे …लेडीज कस्टमर ने भी उन लकियूं को सेफ फील करने की पूरी कोसीहिश की ..मनु ने पूछा हुआ क्या था ….

तोह devil’s ने कक्तव देखा दिया …जिसमे कुछ लड़के कई लड़कियों से पहले कुछ इशारे बाज़ी कर रहे थे उसके बाद उन लड़कियों ने जब रियेक्ट किया तब उनमे से एक ने उनके साथ खींचा तानी की ..जिनमे से एक लड़की जो बुर्क़े में thi…uske साथ कुछ ज्यादा hi बदतमीज़ी हुई thi…or उसके बाद devil’s टीम ने जब यह सब देखा तोह उन लड़कियों की हेल्प की और उन सब लड़कुँ को बहार उठाकर फेंक दिया ….यार फेंकना मतलब …बहार कर दिया …

मनु ने जब देखा सिचुएशन बड़ी क्रिटिकल है …तोह उसने पूछा की पुलिस को कॉल क्यों ??? नहीं किया …तोह devil’s टीम ने कहा ..की लड़के बड़े घर के हैं उन्होंने तोह कॉल किया था …पैर जब पुलिस आयी तोह उन लड़को ने उनसे बात की तोह पुलिस भी वापस चली gayi…or उनके जाने के बाद उन्सब्ने रेस्टोरेंट के बहार डेरा दाल दिया …ताकि लड़कियां बहार आये तोह हु उनके साथ कुछ कर सकें …

मनु ने devil’s टीम के सबसे ज्यादा दिमाग वाले बन्दे जो मनु का सबसे करीबी था ..उससे पूछा जिसका नाम गुरबचन सिंह था जिसे लोग प्यार से गुरु भी कहते थे मनु उसे अपने से बड़े होने के नाते इज़्ज़त के साथ गुरु भाई बोलै करता था गुरु भाई जिनकी आगे 38 यरस थी और हाइट 6.4’’ पुरे पंजाबी अब आप सोचेंगे की इतनी आगे का बाँदा हाँ उनकी शादी हुई थी पैर वाइफ की मौत उनके बेटे के बिरथ के टाइम हो गयी थी …और बेटे को जब वहां के गुंडों ने किडनैप करने की कोशिश किट ओह गुरु भाई ने उनसबको जान से मार दिया था जिसके चलते उनको कुछ साल की सजा हुई थी बचे की देखभाल उनकी माँ करती thi…sath में वहां एक devil’s टीम में कुछ लड़कियां भी thi…jinme सबसे काबिल थी जस उर्फ़ जसिका गुरंग जिसका मंद हर चीज़ को बारीकी के साथ हैंडल अचे से करना जनता था …उसकी स्पेशिलिटी थी …सॉफ्टवेयर और पब्लिक हैंडलिंग …एक टाइम में जब उसे काम नहीं मिल रहा था …तोह बेचारी काम के चक्कर में घूमते हुए रोड पैर बेहोश हो गयी थी …तोह मनु और devil’s टीम ने रोड पैर काम करते हुए उसे देखा तहत ओह उसे अपने साथ रेस्टोरेंट में ले आये थे …जहाँ पहले उसे पेट भर कर खाने को दिया …जिसके बाद जस ने बताया की हु अब अकेली है ..दुनिआ में सिर्फ उसके फादर थे जिन्होंने उसे पद्य लिख्या और कुछ hi दिन पहले उनकी भी मौत हो चुकी है …और उसका घर उसके रिश्तेदारों ने हड़प लिया है …मनु ने जब यह सुना तोह उसे जैसे अपना पास्ट याद आगया जिसमे उसके सेज चाचा ने उसे मरवाने तक की कोशिश कर दी थी …पैर किस्मत और मास्टर जिनके चलते आज मनु जिन्दा और अचे हाल में था …जस की आगे और मनु की आगे लगभग शामे थी पैर एक लड़की और उसके बाद बिना माँ के उसकी परवरिश होना लड़की ने दुनिआ में खुद को अचे से तैयार किया tha…matlab उसे लोगों को अचे से हैंडल करना आता था …पैर जब मनु ने उसकी स्टोरी सुनी तोह मनु से रुका नहीं गया उसने जस को अपने सीने से लगा लिया …

वहां मुजूद हर कोई मनु को अचे से जनता था हर कोई आज यहाँ मनु के अचे बर्ताव और एहसानो के वजह से hi वहां था …जब मनु ने जस को अपने सीने से लगाया तोह न जाने जस ने क्यों कुछ रियेक्ट नहीं किया …पैर उसके दिल में मनु के खुद को सीने से लगाने के बाद पहली बार में लाइफ में अपनापन महसूस किया ..जहाँ आजतक उसने अपनी लाइफ में लोगून की आँखोने में हवस और खुद के लिए गंदापन जैसे ख्याल को पाया था ..वहीँ मनु ने जब उसे खुद के सीने से लगाया तोह पता नहीं क्यों खुद उसके हाथ अपनेआप मन ऊके बैक पैर चले गए और उसकी आँखोने से दो बांड ांसो चोरी से बह निकले जिनको उसने बिना किसी के देखे साफ़ भी कर लिया …मनु ने जस का पूरा खर्चा ुहाया और उसके लिए रेंट पैर पेइंग गेस्ट में जहाँ लड़कियां रहती थी उसका इंतजाम भी किया साथ hi उसकी पड़े भी शुरू करवाई जिसमे जब उसने सॉफ्टवेयर सिखने की विश की तोह उसका अचे इंस्टिट्यूट में एडमिशन भी करवाया …

पैर जब पहले जस मनु से मिली तोह बेहचरी को यकीं hi नहीं हुआ …की इतने बड़े रेस्टोरेंट और इतनी बड़ी devil’s टीम का ओनर शामे उसी की आगे ग्रुप का लड़का है …पैर जब गुरु भाई ने उसे बताया की कैसे जब हु जेल में थे मर्डर की सजा काट रहे थे …तोह मनु ने उनकी बस मरनेवाली माँ को बिना किसी जानपहचान के उनका ट्रीटमेंट करवाया ..बल्कि जब हु ठीक हुई तोह उनकी केयर का सारा खर्चा भी मनु ने उठाया …और जब गुरु भाई की सजा पूरी हुई और उन्होंने अपनी माँ की हेल्प के लिए उसको थैंक्स कहा तोह बदले में मनु ने थैंक्स से भी मन कर दिया ..और साथ में खुद गुरु भाई को भी वहीँ रेस्टोरेंट में जॉब दी साडी devil’s टीम उनको hi रिपोर्ट करती थी …इस बात ने जस का रहा सहा डर भी निकल दिया जस बड़ी hi खूबसूरत लड़की थी …गोरी चिति ..लम्बा कद 5.8’’ और ाचा फिगर 34बी,26,36 गोल बेदाग तराशा हुआ कुदरत का असीम नायब जिस्म ,,जिसे देखकर कोई भी दीवाना हो जाये जिसके चलते hi उसने अपनी लाइफ में बहुत लोगों की आँखोने में खुद को नंगा फील किया था …या खुद के लिए हवस महसूस की थी ..यह तोह लड़कियों का गॉड गिफ्टेड सेंस है ..की कोण उन्हें किस नज़र से देखरहा है …चाहे हु गुजर करे या नहीं उन्हें अचे से समझ आजाता है …पैर यहाँ devil’s टीम में आकर हर किसी ने उसकी हेल्प hi की स्टाफ की लड़कियों के साथ hi हु PG(paying गेस्ट ) में रेंट पैर रहती थी जहाँ हर कोई उसकी केयर करता था …क्युकी जस और मनु के अल्वा कुछ और hi थे वहां जो थोड़ी आगे के थे (थोड़ी आगे बोले तोह बिलो 20) मनु तेरा मिल्क पैर ओनर जैसा घमंत नहीं किया उसने कभी …

खैर वापस आते हैं …..तोह गुरु भाई और जस से मनु ने पूछा जो हुआ है उसपे उनकी क्या राइ है ???

गुरु भाई “ सिचुएशन लड़कियों के लिए सेफ नहीं है लड़के अचे रसूखदार फॅमिली से हैं लड़कियां जब तक अंदर हैं सेफ हैं …जैसे बहार गयी कुछ कहना मुश्किल होगा …??”

मनु “ जस तुम क्या कहती हो ???”

जस “ मुझे लगता है लड़कियों से ज्यादा पहले हमे उन लड़कुँ के बारे में सोचना चाहिए …??”

मनु “ साफ़ साफ़ कहो मीनिंग क्या है ???”

जस “ मैं जानती हूँ आप मेरा पॉइंट अचे से समझ रहे हैं …हु लड़के किस फॅमिली से हैं और उनका बैक ग्राउंड क्या है यह जाने बगैर लड़कियों को सेफ करना पॉसिबल नहीं है …क्युकी जब उन्होंने पुलिस को hi वापस कर दिया मतलब उनकी पावर या फॅमिली में कोई अचे पोस्ट पैर है ..जो उनकी सपोर्ट है ..और बिना दुश्मन की ताकत जाने किसी से भी भीड़ जाना सारा सर बेवकूफी है …मैं अचे से जानती हूँ की आपने भी ऐसा hi कुछ सोचा होगा ??”मनु की तरफ देखकर पूछा उसने..

मनु उसकी इस बात पैर मुस्कुरा उठा ..” तुम अचे से दिमाग पद लेती हो आजकल ाचा जब इतना अचे से सोच रखा है तो जाहिर है तुमने उनके हेड को भी अचे से फंड कर लिया होगा …सो प्ल्ज़ अब आगे जस का जादो चला भी दो …”

यह मनु ने जस से कहा क्युकी दोनों शामे आगे के थे सो थोड़ा मज़ाक भी हो जाता था …मनु ने जस के लिए जो भी किया था …जस उसके लिए मनु की बहुत इज़्ज़त करती थी …शुरू में सर कहती थी …पैर मनु ने उसे समझया की हु यहाँ जब तक चाहे काम करे और जब पड़े करनी हो तोह उसके ऑफिस में कर सकती है क्युकी मनु का ऑफिस साउंड प्रूफ था …जो उसने स्टाफ मीटिंग के चलते बनवाया था …ताकि जब स्टाफ कोई कुछ काम हु बिना किसी टेंशन के मनु से हेल्प मांग सके ..

मनु ने अपनी devil’s टीम को कहा था की सर न कहे हु उसे क्युकी यहाँ सब एक फॅमिली की तरह हैं …और क्युकी उसकी आगे और जस की आगे शामे थी तोह मनु ने उसे भी मन किया हुआ था की हु उसे सर न कहे …सर सुनकर उसके सर में दर्द होता है …जिस पैर जस बहुत हंसी भी थी …इसके बाद दोनों में अछि अंडरस्टैंडिंग बन चुकी थी …जिसके बाद जब मनु को उसकी रूममेट ने बताया की जस के पास कपडे ज्यादा नहीं हैं तोह मनु ने जस को ऑफिस टाइम hi ले जाकर अचे से शॉपिंग भी करवाई और ढेर सरे ड्रेसेस दिलाये ..जिसपर जस ने दिल से मनु को थैंक्स कहा था ….मनु अपना शामे थैंक्स की जरूरत नहीं है …बस तुम्हारी ख़ुशी जरूरी है …जिसपर जस को पहली बार लगा उसके फादर के बाद पहली बार है जिसको उसकी ख़ुशी की परवाह है ….

खैर यहाँ तक आपको इसलिए बताया की हर किरदार आपको अचे से पता हो की कोण है कहाँ से आया है ??

जस मुस्कुराकर बोली “ हाँ उनमे से एक hi है जो उनका हेड है जिसे मैंने ट्रैक कर लिया है …उसका नाम है “ जफर खान जिसके फादर यहाँ के मला हैं जिनका नाम है खालिद खान है …जिनका एक लौटा बीटा है यह और जिसकी हर चाहत की आगे हु अक्सर झुका करते हैं …बहुत hi बद्तमीज़ और कमीने किस्म का इंसान है जफर जो लड़की देखकर hi उसके लिए कुछ भी कर जाने की तमन्ना पाल लेता है …”

मनु ने आगे उसकी बात पूरी नहीं होने दी “ तोह आज उसकी तमन्हा भी डेक लेते हैं ….गुरु भाई प्ल्ज़ लड़कियों को संभल लेना उनकी अचे से केयर करना ताकि उनको सेफ फील हो मैं ज़रा बहार थोड़ी मुलाकात जफर से कर आता हूँ थैंक्स जस ु दीद सो मच नीस जॉब..! थिस इनफार्मेशन इस रियली ी नीड आईटी ”

जिसपर जस की मुस्कुराहट देखने लायक थी …उसके गाल गुलाबी हो चुके थे …पैर उसने थोड़ी फ़िक्र से मनु से कहा “ प्ल्ज़ टेक केयर ुर सेल्फ आल्सो “

जिसपर मनु ने सिर्फ “ी विल “ कहा …उसके बाद उन लड़कियों की देखभाल होने लगी …लड़का कोई 6 थी …

मनु बहार गया उसने देखा बहुत सारे लड़के करीब 25 या 30 लड़के होंगे वहां खड़े थे उनमे से एक लड़का था जिसका रंग कला सात है जो अकेला एक कार के बोनट पैर बैठा गांजा फूंक रहा था …शायद उसका रंग उस गंजे की hi दें था …मनु ने जब देखा उस लड़के को तोह उसकी समझ में अचे से आ गया की यही लड़का जफर खान है खालिद खान मला का बीटा ..

जफर ने बड़े स्टाइल से गंजे की सिगरेट फूंकते हुए मनु को देखा और अपने hi अंदाज़ में कहा “ ोये कितनी देर और लगेगी लड़कियां बहार भेज हु तोह अब्बू का हुकुम है की इस रेस्टोरेंट से दूर रहूं सो पुलिस को भी भेज दिया वर्ण अब तक यह सब तोड़ फोड़कर जमीं में मिला देता …चल चल से उन तीनो बुर्कानशी को मेरे हवाले करदे ताकि मैं यहाँ से निकलूं और तुम अपना काम देखो वर्ण अचे से समझ चुके होंगे मैं क्या कर सकता हूँ…??” जफर ने मनु को ढकी देते हुए कहा …मनु के पीछे पूरी devil’s टीम थी ..पैर ओनर मनु सामने था ..मनु शांति से जफर के पास आया ..ो कहा

मनु “ देखो भाई …उनलड़कियूं ने आपका क्या बिगाड़ा है जाने दो न आप तेरे बड़े आदमी कहाँ छोटे लोगों के मुँह लग रहे हैं आप जाने भी दीजिये न ..” मनु ने एक कोशिश करके देखा शायद जफर मान जाये …

जफर गंजे के नशे में दुब रहा था गुस्से से बोलै “ साले जितना कहा है उतना कर वर्ण दो मींचते में तेरा यह दो टेक का ढाबा जमीं पैर होगा लड़की भेज या मैं उठूं यहाँ से …” जफर ने ताव में कहा …जफर बेशक आमिर घर से था पैर एक नंबर का अयाश और गंजेड़ी टाइप का इंसान था जिसे न दीं से मतलब था और न hi दिन से साला सुबह उठते hi बस इंग्लिश शराब और लड़कियां यह उसके शॉक थे क्युकी माँ उसके पैदा होते hi किसी के साथ भाग गयी तोह बाप ने उसे बोल दिया था की तेरी माँ मर गयी है …अब अकेला था अपने बाप का वरिष्ठ उसके बाप ने निकाह और कर लिया था …जिससे उसे लड़कियां हुई पैर लड़का अकेला जफर hi था …तोह अकेला वरिष्ठ होने की वजह से अचे से बिगाड़ा हुआ था …उसकी हर फारमियेश बस हुकुम सामान होती थी जो बाप से ज्यादा उसके पैसे पैर पलने वाले चचे पूरा कर दिया करते थे …कई बार जेल जाने का टाइम आया था उसका इस आयेशी के चक्कर में पैर बाप जब खुद मला हो तोह आगे आप समझदार हैं …बाप भी शामे उसके जैसा hi था …आयेश पैर क्युकी पॉलिटिक्स में था तोह सामने से सरीफ इंसान का रोले करता था ..पैर जब सामने कोई नहीं होता तोह बाप और बीटा एक जैसे समझ लो …उसी की शह थी जिसके डम्पर आज जफर कूड़ा करता था ..और मौका मिलते hi किसी लड़की पैर अपना हक़ जाता देता था …पैर क्युकी उस एरिया में “Hell’s किचन” और devil’s टीम अपने काम से फेमस थी तोह उसके बाप ने भी वहां पैर कोई हो हल्ला मचने से मन किया था ..क्युकी वहां के अस्स पास के एरिया में मन ऊके रेस्टोरेंट का ाचा नाम और ाचा काम था …और उसका बाप मला नहीं चाहता था की ऐसी जगह पैर सामने से उसका लड़का अपने काम से उसके नाम पैर कोई दाग लगाए …इसी वजह से जब पुलिस आयी तोह खुद जफर ने पुलिस को भेज दिया …

मनु ने फिर से कहा “ देखो भाई आप कद में और रुतबे में यहाँ सबसे बड़े हो क्या लड़कियों को ऐसे सबके सामने जलील करना सही है एक बार अपने फादर के बारे में सोच लो आगे आपकी मर्ज़ी ???” मनु ने उसके बाप का नाम लेकर कोशिश की शायद जफर पैर उसका असर हो ..

जफर “ तुझे कहा न मेरे बाप को याद करना छोड़ उन तीनो बुर्कानशी को बहार भेज क्या हुस्न है उनका जब तीनो ने पानी पिने के लिए नक़ाब हटाया था तोह देखा था हाय क्या चेहरा था उनका और क्या रंग था …तू बस उनको बहार भेजदो देख तेरा ढाबा भी सलामत रहेगा और टब hi बस एक बार उनका राश चक लूँ फिर हु जहाँ चाहे मरे यहाँ अपने घर चाहे तो हराम से जा सकती हैं मुझे कुछ लेना देना नहीं है ..मेरा काम बस एक बार का है …तू चाहे तोह तू भी आजा …” उसने बड़ी बेशर्मी से मनु को भी शामिल करने को कहा …

मनु ने कहा “ भाई जाने दो न आप कहाँ और हु कहाँ आप चाहें तोह जब चाहे अचे से ाचा खा सकते हैं ..और अचे से ाचा पहन सकते हैं …पैर हु तोह सिर्फ मासूम लड़कियां हैं जिनके बारे में यह सोचना अछि बात नहीं है आप जाने दें प्ल्ज़ उन्हें …”

मनु ने शांति से कहा अंडर मजूद लड़कियां और पूरा स्टाफ सामने शीशे से देख रहा था ..जिसमे से बहार का साफ़ दीखता था पैर अंदर का नहीं मलतब टिंटेड मिरर था रेस्टोरेंट का …हु इसलिए ताकि मोस्ट ऑफ़ ज्यादातर अचे रेस्टोरेंट में मिरर का उसे होता है अचे एनवायरनमेंट के लिए ..हर कोई पुरे ध्यान से बहार देख रहा था …जहाँ मनु अकेला उनके ग्रुप में खड़ा था जफर के सामने जो बोनट पैर नशे में दत्त था …रेस्टोरेंट के गेट और अंदर पुरे में devil’s टीम थी …ताकि कोई अंदर न आ सके …..

वहां मुजूद हर devil’s टीम को सिर्फ मनु के इशारे का इंतज़ार था की बस मनु कोई इशारा दे और हु अपने रियल डेविल वाले रोले में आकर सबकी माँ छोड़ डेल क्युकी बिहषक जफर अपने बाप के नाम पैर खुद रहा था ..जिसके चमचे सिर्फ तोड़ फोड़ करना जानते थे …पैर devil’s टीम का तोह आपको अचे से पता hi होगा …उसमे एक से एक ाचा टॉप क्लास का बदमाश था जिनमे मर्डर करना तोह उनके लिए चाय पिने जैसा था …पैर क्युकी devil’s टीम के खड़े होने के पीछे और उनसबको फिर से नयी ज़िन्दगी देने के पहिचे मनु का दिमाग था …जो टाइम टाइम पैर उस रेस्टोरेंट के पैसे से स्टाफ की हेल्प करता रहता था …और अंडर से devil’s टीम सिर्फ मनु के इशारे का hi इंजतार कर रही थी …की मनु कोई इशारा दे और जफर के साथ मौजूद हर साक्ष की माँ छोड़कर उसकी गांड में थूककर सालों को अचे से मज़्ज़ा चखा sake…per मनु अभी तक शांत था …

मनु “ भाई जाने दो na…bechari लड़कियां है आप कहाँ और हु कहाँ ?? आप जाने दो न आप चाहो तोह आपके लिए स्पेशल बियर मंगवा देता हूँ पैर आप उन्हें जाने दो न ..”

जफर “ देख तू मुझे बहुत ाचा लगा …सिर्फ तेरी खातिर मैं यह कह रहा हूँ तू उनको बहार भेजदे बाकी मैं देख लूंगा न कोई पुलिस केस होगा तुझपे और न hi कही तेरा नाम आएगा तू आराम से अपना धंधा संभल न क्यों बेमतलब उनकी फ़िक्र कर रहा है तेरी कोनसी सगी वाली हैं …बस कुछ घंटा का काम है उसके बाद मैंने कोनसा निकाह करना है उनसे छोड़ दूंगा आज़ादी से जहाँ चाहे जा सकती hain…tu फ़िक्र न कर इसमें तेरा कहीं भी कैसा भी नाम नहीं आनेवाला …” जफर ने मनु को समजते हुए कहा ..

मनु ने जब देखा की जफर इतने पैर भी नहीं मान रहा है …मनु पलटा और रेस्टोरेंट के अंदर चला आया जहाँ हर कोई उसका चेहरा पड़ना छह रहा था …पैर मन ऊके चेहरे की मासूमियत और शांत लहज़े से उसके दिमाग में क्या चल रहा है …कुछ भी कहना मुश्किल था …हर कस्टमर और पूरा स्टाफ सोच में गम था की अब इन लड़कियों का क्या होगा ??? जफर क्या करेगा …बहार जफर ने जो कहा था ज़ोर से सुनते हुए कहा था ताकि लोगों को अचे से पता चल सके की हु चाहता क्या है …पुरे devil’s टीम के साथ सारे customer’s ने सुना था …अंडर सभी की हालात ख़राब थी हर कोई कहीं न कहीं उन मासूम लड़कियों को लेकर सोच में गम था की जाने इन मासूम लड़कियों को कैसे जफर अपनी हवस में नोच डालेगा ..क्युकी यह पहला काण्ड नहीं था पहले भी जफर के ऐसे hi तरीके के चलते बहुत सी लड़कियों ने अपनी ज़ज़्ज़त और आबरू गावै थी ..जिनमे से जब किसी ने पुलिस कम्प्लेनेड करने की कोशिश की तोह मला के रसूख के चलते पुलिस ने केस के लिए फिर तक लिखने से इंकार कर दिया …और जिसने कोर्ट में या मीडिया में जाने की कोशिश की उसे जफर के बाप ने गायब करवा दिया …तोह अंडर का हाल और उन मासूम लड़कियों के लिए हर कोई सोच में गम था …हर कोई मनु की तरफ एक उम्मीद से देखरहा था …क्युकी पहली बार किसी ने जफर से बात डायरेक्ट मने के बाजए कुछ बात करने की कोशिश की थी …है न अजीब बात इतने बाड़े थे वहां पैर खुद कुछ करने के बाजए एक 18 साल के लड़के को देख रहे थे …जैसे खुद का न कोई दिमाग था न हिम्मत …

चलो स्टाफ का समझलो की मनु ओनर है कोई प्रॉब्लम हु देखे और आगे कुछ कहे तोह ठीक पैर कस्टमर उनका क्या साले जफर जैसे लोग उनकी कमजोरी का नतीजा होते है …अगर पहली बार में hi लोग ऐसे टिंडे से लोगों को सही ट्रीटमेंट दे दें तोह साले आगे ऐसी फसल बड़े hi न …पैर सब का वही इजी डायलाग “ जांदे ऐसे लोगों के मुँह कोण लगे ??” इसी मेंटालिटी का रिजल्ट होते हैं सोसाइटी में जफर और खालिद खान मला जैसे लोग जो अपनी जीत पैर लोगों की ौरातून और बहनो की इज़्ज़त उछलने में कोई कसार नहीं छोड़ते ..बाप शार्फत से पीछे अपने गुंडून से उठवाता था ..तोह बीटा दिन धड़े बाप के नाम पैर लड़कियों और औरतों से सरे आम बदतमीज़ी करता था …अब आप कहोगे जब इतना सब हो रहा तहत ओह साले मला कैसे …पैसा दोस्त पैसा अपने पैसे और पावर के दम पैर साले लोगों को दर्रा धमका कर रखते थे …एक सामने से तोह एक पीछे से …साले थे दोनों बाप बेटे मादरचोद …और पब्लिक की इजी तू उसे पालिसी के नतीजे थे दोनों …इजी तू उसे बोले तोह आदि हो जाना ऐसे सांप जहाँ मिले उनका ट्रीटमेंट अगर सही से हो जाये तोह उतना hi ाचा है …वर्ण कब यह सांप ड्रैगन बन जाये सोचते रह जाओगे ..

खैर अंदर मौजूद हर शक्श उन बुर्केवाली लड़कियों को लेकर परेशां था …सबसे ज्यादा हालत भी उन्ही की ख़राब थी …हु बेचारी भी बड़ी उम्मीद से मनु को देख रही thi…ki शायद मनु को hi उनपर रेहम आ जाये और हु उन्हें जफर के हवाले न करे ?? ..पैर ऐसे हालात में मनु के अगले कदम पैर उनकी उम्मीद तिकी हुई थी …तीनो ने अपने घर पैर बता दिया था …की हु कैसे हालत में फांसी हुई hain…unke घरवाले क्युकी थोड़े दूर थे सो उनके घरूँ में एक तूफ़ान सा आ चूका था सभी अपने अपने कांटेक्ट में लगे पड़े थे की उन लड़कियों की कैसे भी हेल्प हो सके …तब तक उन लड़कियों पैर क्या बिट रही थी यह उनके आंसू बता रहे थे ….अब मनु को सब एक आस लिए देख रहे थे ..क्युकी मनु का अगला कदम उन लड़कियों की ज़िन्दगी में क्या होनेवाला है तय करने वाला था …और मनु के दिमाग में क्या चल रहा था यह तोह वही जनता tha…uska अगला कदम क्या होगा??????

इस बात पैर स्टाफ और वहां मौजूद हर इंसान सोच में गम था ……
:हिंट:
 
भाई बात यहाँ मोरल की थी hi नहीं आपने पूछा था तोह बता दिया की कोई एक पर्सन भी अगर इससे सही समझेगा या किसी और को समझा सकेगा तोह यह मोरल अपनी जगह मैंने उसके लिए लिखा था ...और बात रही ईगो की तोह भाई यहाँ का कोई भी रेगुलर फ्रेंड यह आपको खुद बता देगा की मैं ईगो जैसी चीज़ पैर खुद को दूर रख लेता हूँ ईगो और हमरा 36 का नहीं 66 का आंकड़ा hai...bhai एक बार खुद सोचना कोनसा राइटर चाहेगा की उसका रेगुलर रीडर दोस्त साइलेंट रीडर बन जाये या स्टोरी पैर ना आये उल्टा हम तोह चाहते हैं की हर साइलेंट रीडर भी रेगुलर रीडर की तरह रिएक्शन दे कहानी में कोई कमी लगे तोह खुलकर कहे पैर यहाँ कमी जो आपने कही मैंने भी मान ली सोचा था मोरल से किसी एक को भी सही पथ मिल सके तोह ाचा होगा पैर आपने तोह इस बात को hi ईगो समझ लिया भाई ...



नहीं भाई ऐसा नहीं है यह बात ईगो की कभी थी hi नहीं और मैंने कभी कोशिश की है कभी किसी भी रीडर को ऑफेंड फील हो वर्ण हर किसी को रिप्लाई नहीं देता ...पैर आप इस बात पैर भी ईगो या कुछ और ले आओगे तोह भाई अपने को हर रीडर से जुड़ना ाचा लगता है ..इसमें ईगो जैसा कुछ नहीं है ...इंसान हूँ जब जैसा फील करता हूँ वैसा लिखता हूँ ...अपने को तोह क्रिटिस्म की हब्बित है ...उसमे नया कुछ नहीं है ...पैर इसके चलते आप इसे ईगो न समझो कहानी आप सबके लिए लिख रहा हूँ ...



और यहाँ मैं थोड़ा ग्रीद्य हूँ अपने हर दोस्त को लेकर (मैं रीडर को दोस्त hi मंटा हूँ) मैं किसी को साइलेंट नहीं छोड़ना चाहता अचे से पदों और एन्जॉय करो भाई ...कहानी आप सब के लिए है ...जहाँ लगे मोरल बोर कर रहे हैं थोड़ा स्किप करदेना ..कहानी रियल लाइफ से इनसपिरे है तोह जब जो समझ में आता है लिख देता हूँ उसमे आपको अगर मोरल लगा तोह सॉरी भाई पैर . जब जैसी फीलिंग हो और वैसा न लिखूं तोह वह बेमानी होगा ...जो सही नहीं है ...

ी बिलीव आल्सो इन ु ...ु आल्सो गेट माय पॉइंट ...एंड ी आल्सो बिलीव तहत ुर मोरे स्मार्ट पर्सन थें ु शो ुर self...u आल्सो थिंक अबाउट माय साइड & आल्सो फील ईंटो पट ुर फ़ीट ईंटो माय शूज व्हेन ु कैन अंडरस्टैंड व्हाट वास् माय अडजेक्ट पॉइंट ों तहत टाइम..

कहानी पैर साथ बने रहना ...
 
अपडेट 68


रिकैप..

खैर अंदर मौजूद हर शक्श उन बुर्केवाली लड़कियों को लेकर परेशां था …सबसे ज्यादा हालत भी उन्ही की ख़राब थी …हु बेचारी भी बड़ी उम्मीद से मनु को देख रही thi…ki शायद मनु को hi उनपर रेहम आ जाये और हु उन्हें जफर के हवाले न करे ?? ..पैर ऐसे हालात में मनु के अगले कदम पैर उनकी उम्मीद तिकी हुई थी …तीनो ने अपने घर पैर बता दिया था …की हु कैसे हालत में फांसी हुई hain…unke घरवाले क्युकी थोड़े दूर थे सो उनके घरूँ में एक तूफ़ान सा आ चूका था सभी अपने अपने कांटेक्ट में लगे पड़े थे की उन लड़कियों की कैसे भी हेल्प हो सके …तब तक उन लड़कियों पैर क्या बिट रही थी यह उनके आंसू बता रहे थे ….अब मनु को सब एक आस लिए देख रहे थे ..क्युकी मनु का अगला कदम उन लड़कियों की ज़िन्दगी में क्या होनेवाला है तय करने वाला था …और मनु के दिमाग में क्या चल रहा था यह तोह वही जनता tha…uska अगला कदम क्या होगा??????


इस बात पैर स्टाफ और वहां मौजूद हर इंसान सोच में गम था ……

अब आगे.....

मनु का अगला कदम क्या होगा यह सवाल हर मौजूद शाक्ष के मैं में था …यह हु सवाल था जिसपर उन तीनो लड़कियों की किस्मत तिकी हुई थी …जहाँ तीनो के घरवाले अपने अपने हिस्से से हर मौजूदा कांटेक्ट से कोशिश कर रहे थे की उनकी किसी तरह से हेल्प हो सके पैर …हेल्प कब उनतक पहुंचेगी यह किसे पता उसे पहले जफर क्या इंतज़ार करेगा नहीं हु तोह किसी भूखे कुत्ते की तरह से बहार अपनी नज़ारे गड़ाए बैठा है …की लड़कियां बस बहार आये तोह हु उन्हें कैसे नोचे ….हर कोई अपने अपने हिस्से से चिंता में डूबा हुआ था …पैर सामने से किसी को कुछ कहने की हिम्मत नहीं थी …

क्युकी जफर खान से पन्गा मलतब उसके मला बाप खालिद खान से पन्गा …जिसका मतलब आज नहीं तोह कल उनके घर की लड़की या किसी अपने का गायब होना या क़त्ल हो जाना … तोह सामने से पन्गा लेने की हिम्मत किसी में नहीं थी …

लडकियां भी रो रोकर बुर्का भीगा चुकी थी …

मनु का चेहरा अब भी शांत था …गुरु भाई ने मनु को देखा और इशारे से पूंछा क्या करना है …

मनु ने बदले में कुछ इशारा किया …जिसे गुरु भाई ने अचे से समझ लिया …जिसपर किसी का धयान नहीं गया था सिवाए एक के जस जिसने लड़कियों के साथ होते हुए भी सारे मंज़र पैर नज़र तेज़ी के साथ बना राखी थी …उसने गुरु भाई और मनु के इशारे को शुरू से देखा था …और उसके तेज़ दिमाग में अभी बहुत कुछ चल रहा था ….

मनु और गुरु भाई में क्या इशारा हुआ था यह दोनों hi जाने ….पैर अब मनु अपनी जगह से हिला ….उसके कदम अब तीनो लड़कियों की तरफ थे ….सभी के दिल ज़ोरों से धड़क रहे थे की मनु करने क्या वाला है ….

Devil’s टीम भी सिर्फ मनु पैर नहीं बहार भी नज़र रखे हुए thi…manu तीनो के पास आया और तीनो का हाथ पकड़ा …

तीनो लडकियां रट हुए सोच में गम थी की कहीं मनु उन्हें जफर के सामने न छोड़ दे …पैर ऐसे में मनु अगर आपने धंधे के लिए यह कर भी दे तोह शायद पॉसिबल भी हो सकता है ..की जफर और खालिद के दबाव के चलते मनु ऐसा कर भी दे ….

मनु ने तीनो का हाथ थमा और साथ चलने को कहा …तीनो लडकियां अपने आपको बस मरने जैसे समझ चुकी थी उन्हें समझ आ चूका था …की शायद अब उनका बचाना मुश्किल है यहाँ से ..तीनो का कलेजा मनु के चुने भर से उनके मुँह तक आ चूका था …

सबसे पहले जस ने मनु को देखा बाँदा क्या सोच रहा है क्या करने वाला है उसे देखकर कहना कुछ पॉसिबल नहीं था …मनु ने भी तीनो का हाथ पकड़ा और साथ ले चलने लगा …लडकियां भी कहीं न कहीं समझ चुकी थी की उनकी जान अब उस जफर नाम के हैवान के reham-o-karam पैर है …तोह सिर्फ आंसू बहाने के अल्वा कुछ कर भी नहीं सकती थी …जस ने भी चिंता के साथ मनु को देखा मनु ने जस को देखा और हल्का सा मुस्कुराकर एक साइड की आंख दबा दी ..उधर गुरु भाई ने भी सामने से सर हिलाकर जस को विश्वास दिलाया …

मनु और गुरु भाई के इशारे से जस भी समझ चुकी थी की आगे कुछ होने वाला है …और कुछ बड़ा …पैर क्या और कैसे …यह देखना बाकी था ..

तीनो लडकियां रट hue…unme से एक बोली मनु से “ प्ल्ज़ हम उसके हवाले न करे यह सही नहीं है …हम भी इंसान है प्ल्ज़ उपपरवाले का खौफ खाएं आप भी ..”

मनु रुका और उसे देखा “ तोह मैं क्या करुणा आप hi बता दो ???”

लड़की गुस्से में “ यह आपको पूछते हुए शर्म नहीं आती ..आप कैसे मर्द हैं जो किसी गंदे इंसान की आगे झुक रहे hain…aise हमे ले जा रहे हैं जैसे हम कोई भेद या बकरी हैं हम भी इंसान हैं पैर लगता है उपपरवाले का खौफ नहीं है आपको???”

मनु “ यहाँ अकेला मैं hi मर्द नहीं हूँ क्या आपको लगता है अकेले सिर्फ मेरी गलती है …???”

लड़की 2 “ और नहीं तोह क्या आप अगर चाहे तोह हम यहाँ से निकल भी सकते हैं …”

मनु “ क्या आपको अभी भी मेरी गलती लग रही है यह क्या इसमें यहाँ मौजूद हर साक्ष गलत नहीं है …जिनकी कमज़ोरी के नाम पैर जफर जैसे लोग इंसानो को सिर्फ इस्तेमाल करने का सामान मानते hain???..kya इसमें मेरी गलती है …की यहाँ के हर इंसान ने जब जफर ने पहली गलती की थी या खालिद यहाँ के मला ने जब पहला गलत काम किया था ..तोह उनको मुहतोड़ जवाब नहीं दिया था …तब भी गलती मेरी थी na…jab पहली बार लोगों ने आवाज़ नहीं उठाई तब भी गलती मेरी थी न ??? इनकी कमजोरी तब थी जब खालिद या जफर ने पहली बार किसी लड़की या औरत के साथ गलत किया होगा पैर इन्होने जवाब नहीं दिया तब भी शायद मेरी गलती थी …है न और अगर यहाँ आपको बचने के लिए अगर मैं कुछ करता हूँ तोह भी गलती मेरी होगी है न ???

मनु की बात सुनकर वहां पैर मौजूद हर लोकल लोगों को अचे से समझ आ चूका था की जफर और खालिद उनकी hi गलती का नतीजा है …उन्होंने कभी कुछ किया hi नहीं उसके लिए ..क्युकी सबको अपनी जान प्यारी थी ..

लड़की1 “ आपने कहा की आप हमे बचा सकते हैं पैर कैसे ???”

मनु “ बचा तब सकता हूँ जब मुझे यह समझ में आये की अगर मैंने कोई कदम लिया तोह उसके बाद मेरे साथ यहाँ कोण कोण देगा ..???” मनु ने वहां लोगों के चेहरे में देखते हुए कहा ….

लड़कियों के बचने की बात पैर जैसे सभी लोग उम्मीद जो छोड़ चुके थे फिर से जमीं से उठकर मनु को उम्मीद से देख रहे थे …की भीड़ में से एक भूदि अन्त्य जी उठी और मनु के पास आयी …हाथ में छड़ी थी उनके …शायद ज्यादा आगे की वजह से चलने में दिक्कत होती होगी अन्त्य जी को चलने में ??

अन्त्य जी ने मनु के खंधे पैर हाथ रखा जो उनकी हाइट से काफी ऊँचा था …मनु के कंधे पैर हाथ रखकर अन्त्य जी ने मनु से कहा “ बीटा अगर एक % भी चांस है इन बचियूं के बचने का तोह प्ल्ज़ इन्हे बचाले मैं तेरे साथ हूँ हर तरह से अभी उनकी पूरी लाइफ पड़ी है जिसमे इन बच्चियों को बहुत कुछ देखना बाकी है …तू अगर इन्हे बचा सकता है तोह मैं तेरे साथ हूँ”

पीछे से अन्त्य के साथ आये अंकल बोले “ अरे पागल हो गयी है क्या अगर कल को कुछ हो गया तोह क्या होगा ??सोच ???” अंकल ने चिंता से कहा …

अन्त्य “ और क्या होगा जद्दा से ज्यादा मर hi तोह जाउंगी और कोण है जो मरता नहीं है सभी को आज नहीं तोह कल मरना hi तोह है अपनी ज़िन्दगी के मैंने 68 साल देख लिए हैं और बचा क्या है जीने के लिए …ज्यादा की चाहत hi इंसान को गलत को सही कहने पैर मज़बूर कर देती है …हमारे बचे के बचे भी आराम से विदेश में हैं और जीकर करना भी क्या है …मैंने अपनी ज़िन्दगी में बहुत कुछ देख लिया है …इस बचे ने बिलकुल सही कहा है …उन हरमजदून की पहली गलती पैर hi अगर हमारे जैसे लोगों ने उस टाइम उनको अचे से समझया होता तोह आज यह हरामजादे घरों के भार बचियूं का जीना हराम नहीं करते …तू बीटा जो कर मैं तेरे साथ हूँ …और सुनलो जी आप आदमी होकर इसके साथ नहीं दे सकते पैर इन बच्यूं के लिए गॉड के नाम पैर मैं साथ दूंगी …” अन्त्य ने अंकल की भी क्लास लगा दी थी …अन्त्य जी श्याद क्रिस्चियन थी उनके गले में क्रॉस दिख रहा था …

उस एक अन्त्य का साथ पाकर वहां सोच का माहोल अब जुंग के माहोल में बदल चूका था अन्त्य जी जो 68 साल अपनी आगे बता रही थी …उनके अकेले खड़े होने से हर लेडी अब मनु से यही कह रही थी …की हु कैसे भी करके उन लड़कियों को उन कमीनो से बचा ले …

उसके कुछ देर बाद hi आदमी भी मनु का साथ देने को कहने लगे तोह अब हर कोई मनु और उन लड़कियों के लिए त्यार था …

मनु ने सबको कहा “ देखिये मैं सिर्फ आपसे इतना साथ चाहता हूँ किआ आप जहाँ भी गलत होते देखे वहां रियेक्ट जरूर करे ताकि एक आपके रिएक्शन आपकी जिम्मेवारी ईमानदारी से पूरी हो साथ में आप गलत होने से किसी को रोक कर अपने इंसान होने का फ़र्ज़ पूरा कर सकें और इसमें आप अकेले नहीं है …जहाँ सिर्फ आपने अकेले कोशिश की वहां देखना आप लोग आपका साथ देंगे और आप अकेले नहीं होंगे वहां और सोसाइटी में अच्छी में आपका भी कंट्रीब्यूशन होगा ..क्युकी लोगों को सिर्फ एक आवाज़ का इंतज़ार होता है गलत के खिलाफ और जहाँ लोग डरते हैं वहां दुनिआ जानती है …की वहां इंसान नहीं रहते वहां ऐसे जफर और खालिद जैसे लोगों का hi राज़ होता है .. और आवाज़ खुद के लिए उठाना क्युकी आज कोई और है तोह कल कोई और होगा और टाइम का पहिया गोल है क्या पता आपने आज आवाज़ नहीं उठायी तोह कल को आपका hi नंबर हो तोह कब तक सहते रहोगे आवाज़ बुलंद करो जुल्म के खिलाफ ..”

एक जवान इंसान “ स्पीच अछि है ऐसे लग रहा है कोई फ़िल्मी सन है और तुम कोई हीरो जो विलन के सामने आखिरी लड़ाई लड़ने जा रहा है पैर हमारी गलती भी क्या है फॅमिली को सेफ रखना गलत है अगर हमने कुछ किया तोह कालको हु क्या हमें जिन्दा छोड़ेगा नहीं न तोह यह सब ड्रामा किस लिए ??? “

उस जवान से आदमी की बात सुनकर सब उसे धिक्कारने की नज़र से देखने लगे तब मनु ने उसे कहा “ फॅमिली किसी की नहीं है यहाँ कोण बिना फॅमिली का है यह लड़कियां भी किसी की फॅमिली से होंगी आज अगर इनको कुछ हुआ तोह क्या आप अपने बचो को जिनकी अभी आप दुहाई दे रहे हो उनसे कभी आँखें मिलकर सही और गलत की बात कर सकोगे ??? क्या गारंटी है जफर कालको आपकी वाइफ या बच्चों के साथ शामे नहीं करेगा यह एक बार अपनी फॅमिली को देखकर सोचना जरूर ??..” मनु ने उसके फॅमिली को देखकर कहा जिसमे उसकी वाइफ और दो छोटे बचे भी थे जिनमे एक लड़की और एक छोटा लड़का भी था …

जिसपर उस आदमी ने अपने बचूं को देखा और ऑंखें नीची कर ली ..उसकी वाइफ ने कहा …” भैया यह भले hi फॅमिली के नाम पैर पीछे हैट जाये पैर कालको हमारी भी बेटी बड़ी होगी और कालको जफर जैसा कोई उसके साथ ऐसा नकारे यह हमारी जिम्मेवारी है आप आगे बधू हम आपके साथ हैं …”

आदमी की रही सही हिम्मत भी जवाब दे गयी मनु ने तीनो लड़कियों का हाथ थामे हुआ था उसे छोड़ा और उस आदमी के खंधे पैर हाथ रखा और कहा “ देखो भाई यह आपको तय करना है आप सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखते हैं या नहीं मेरा मक़सद आपको आपकी फॅमिली की नज़र में निचा दिखाना नहीं है आप खुद सोचना क्या जफर जैसे लोगों को रोकना गलत है या नहीं मैं सिर्फ आपसे साथ मांग रहा हूँ ताकि आप सभी अपनी जिम्मेवारी समझे मुझे किसी को निचा दिखाकर क्या मिलेगा ?? यह लड़ाई जहाँ तक है मेरी है मैं खुद देख लूंगा बस आप कुछ कर नहीं सकते तोह दुसरऊँ की हिम्मत तोह मत तोडो जो आवाज़ लोग गलत के लिए उठा रहे हैं उनके साथ खड़े नहीं रह सकते तोह कमसे काम उनकी आवाज़ें तोह मत दबाओ …क्या सही है और क्या गलत है आप अचे से समझते हैं …आज बात आपकी फॅमिली से बहार की है पैर कालको उपपरवाला न करे की आपकी फॅमिली पैर बात आये तोह क्या होगा जब आप की तरह लोग सोचने लगेंगे और आप अकेले होंगे तब क्या होगा एक बार सोचना जरूर ..मैं दुआ करता हूँ ऐसा टाइम न आये की किसी को ऐसा टाइम देखने को मिले ..” मनु ने उस आदमी को उसके सोच के साथ छोड़ दिया उसका जवाब का भी वेट नहीं किया …उस आदमी का मुँह ज़मीं में गम था शायद जो मनु ने कहा था उसे सोचने में लगा हुआ हो …

मनु ने उस आदमी की लड़की जो शायद 10 साल की होगी उसके सर पैर प्यार से हाथ फेरा और वापस मुदा उन लड़कियों के पास जो शांति से सब देख रही थी ..

मनु ने वापस आकर उन लड़कियों का हाथ थमा और लड़कियों को लिए रेस्टोरेंट से बहार निकल आया …पीछे से सारे devil’s टीम के साथ सारे कस्टमर उसके पीछे बहार आ चुके थे …सभी देखना चाहते थे की अब आगे होगा क्या ????…मनु करने क्या वाला है …???

मनु उन तीनो लड़कियों का हाथ थामे जफर के सामने था …जफर के मुँह से तीनो लड़कियों को देखकर लार टपकने लगी थी …

जफर “ छोटे भाई तूने दिल खुश कर दिया आज एक बार तीनो का रास पि लूँ उसके बाद देखना मैं तेरे लिए खुद अचे से ाचा बिज़नेस लाकर दूंगा ..और तू चाहे तोह टब hi साथ में ज्वाइन कर ले ताकि तीनो का मज़्ज़ा हम साथ में ले सके उसके बाद यह जहाँ चाहे जा सकती हैं मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है …”

जफर की बात सुनकर हु लड़कियां घूमकर पीछे और मनु की तरफ देखने लगी क्युकी हु तीनो अभी तक बुर्क़े में थी तोह उनके फेस का इमोशन किसी को नहीं दिख रहा था …पैर यह साफ़ था की तीनो hi दरी हुई थी ..पैर कहीं न कहीं अंदर हुई बातों से तीनो उम्मीद लगये हुए थी की मनु शायद उनकी मदद करेगा …

पैर मनु अभी तक शांत था …उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया था ..जफर मुँह से लार टपकते हुए बोनट से जम्प केकर उतरा और बढ़ने लगा उन लड़कियों की तरह उसका हर कदम उन लड़कियों के लिए मौत के कदम सामान था तीनो के आंसू फिर से निकलने शुरू हो चुके थे …मनु अभी तक हाथ थामे हुए था उन सभी के सामने खड़ा था किसी पहाड़ जैसे …

जफर पास आया और उन लड़कियों को पास से सूंघते हुए बोलै …”जवानी का रास भरा हुआ है आज अचे से पयास भजेहेगी हीहीहीहीहीह! “ उसकी लाल आँखें गंजे के नशे से भरी हुई थी …उसकी शैतानी हंसी सुनकर लड़कियों का रोना और तेज़ हो गया …हर कोई जफर को धिक्कार की नज़र से देख रहा था …

मनु के पीछे कड़ी कई औरतों ने गुस्से से आग बबूला होकर जफर को देखकर साइड में थूक भी दिया था …यह इस बात का इशारा था …की उसे देखकर कितनी नफरत थी लोगों के दिल में जफर अपने नशे में मस्त उन लड़कयों को पास से किसी कुत्ते जैसे सूंघ रहा था और बस हीहीहीइ!! करके हंस रहा था …मनु अभी तक उन तीनो का हाथ थामे हुए था …तीनो का हाथ उसने एक हाथ में दो लड़कयों का हाथ पकड़ रकः था और अपने एक हाथ में एक लड़की का हाथ पकड़ रखा था …

जफर ख़ुशी से झूम रहा था …जैसे कोई बन्दर ख़ुशी से नाच रहा हो ऐसे …आप कहोगे क्या ड्रामा है अब जो है सो है …जफर होश में था hi कहाँ नशेड़ी था जफर सुबह से पता नहीं कितना नशा करे था उसपर गंजे का नशा आगे समझदार हैं आप लोग ..

जफर मनु से “ छोटे अब तू जा और उनको मेरे हवाले करदे या साथ में चल दोनों मिलकर जवानी का रास मिलकर पिएंगे …हहहहहह!”

मनु “ नहीं मैं ऐसे hi ठीक हूँ पैर मैं कुछ कहूं भाई अगर आपको गलत न लगे तोह ..??”

जफर “ अरे छोटे तू बोल तोह एक बार इन तीनो हसीनाओं के नाम पैर मैं कुछ भी कर लूँ और तू तोह इन्हे साथ लाया है तेरे लिए जफर कुछ भी करेगा तू मांग एक बार यह जफर का वड्डा है जो तू मांगेगा मैं तुझे दे दूंगा …???” जफर ने भी ताव में कहा इतने लोगों को सुनकर जैसे कुछ साबित करना चाहता हो …

मनु “ भाई एक वडा चाहता हूँ आपसे …अगर आपको कुबूल हो तोह ??”

जफर “ छोटे एक क्या दस वादे ले ले तूने तोह दिल खुश कर दिया है ..???”

मनु “ नहीं एक hi काफी है …”

जफर “ पागल है तू ाचा जो वडा है मांगले जो भी तू मांगेगा जफर बदले में देगा जरूर …और अगर नहीं दिया तोह मैं अपने बाप की औलाद नहीं ..???” नशे में जफर ने ज़ोर से सबको सुनते हुए कहा ..

पीछे से उसके चेले “ जफ्फार भाई …..जफर भाई ….यह जफर भाई …” जैसे नारे से लगाने लगे थे ..

मनु ने शांति से कहा “ भाई वडा आपने कर दिया है …की पूरा आप जरूर करेंगे …तोह वडा यह चाहिए मुझे की इन तीनो में से जो अपनी मर्ज़ी से आपके साथ जाना चाहे जा सकती है आप बिना जोर दिखाए बात चित करके इन्हे ले जा सकते हैं पैर अगर इनमे से कोई आपके साथ जाना न चाहे तोह आप जबरदस्ती नहीं करेंगे ..आप बातों से मन्ना सके है पैर ज़ोर से नहीं …बस यही मांगना है …मुझे उम्मीद है आप अपना वडा पूरा जरूर करेंगे …” मनु ने आराम और शांति से कहा …

जहाँ उसके चेले …जफर भाई के नारे लगा रहे थे ..जब उन्होंने सुना की मनु ने वेड में क्या मांग लिया है …साले सभी को सांप सूंघ गया एक साथ …कुछ सेकंड तक खुद जफर भी कोमा को चुकार चला आया ..बोले तोह सोचने पैर मज़बूर हो गया की मनु ने आखिर इतने लोगों के सामने यह कैसा वडा मांग लिया है …

उसका एक चेला बोलै ..” साले तुझे भाई ने वडा मांगने को क्या कहा तू साले कुछ भी मांग लेगा …तू खुद को समझता क्या है साले तेरी तोह मैं …” उसकी आवाज़ से पहले मनु ने एक हाथ से उसे रुकने को कहा ..

मनु “ मैंने सिर्फ वडा माँगा है क्युकी कोई लड़की भी उतनी आज़ाद है जितने तुम जैसे तुम कहीं भी किसी के साथ कुछ भी कर सकते हो वैसे hi हर लड़की की आज़ादी के अपने मायने होते हैं …अगर लड़की के साथ जबरदस्ती हो तोह उसमे तुम्हारी मर्दानगी क्या है …एक बात याद रखना ..

""तुम मर्द हो इतने की तुम्हारा यह खौफ हो ..


जहाँ से गुज़ारो तुम कोई लड़की हो वहां अगर तोह हु बेख़ौफ़ हो .. ""

मनु ने यह बात कही तोह पीछे से उसके सपोर्ट में किसी ने सिटी बजा दी …अब सभी के चेहरे जो मनु के पीछे थे ख़ुशी में तब्दील हो चुके थे क्युकी यहाँ मनु ने जफर को एक वडा में अचे से फंसा दिया था …और खुद जफर ने कहा था की अगर वडा पूरा नहीं हुआ तोह हु अपने बाप की औलाद नहीं …आगे समझ जाओ आप लोग ..

मनु के वडा और उसका रिएक्शन दो जगह एक साथ हुआ था …जहाँ जफर और उसके चेलों में मातम का सा महल था ..वहीँ मनु के सारे devil’s टीम और customer’s के चेहरे एक साथ खिल चुके थे …की मनु ने एक वार में अचे से जफर को फंसा दिया था …

जफर भी सोच में पड़ा हुआ था की अब करे तोह क्या करे ..क्युकी बात अब बाप पैर आ चुकी थी ..जफर को उस टाइम पैर गुस्सा आ रहा था ..जब उसने वडा के लिए अपने बाप का नाम लिया था …जफर अपने दोनों दांत पइसस रहा था …इसमें मनु की अगली बात ने गांड में मिर्ची झोखने जैसा काम किया ..

मनु “ भाई आप वडा तोड़ भी सकते हैं पैर इतने लोगों के सामने जफर भाई को कोई किसी और बाप का कहे यह अछि बात नहीं होगी और आपके साथी जिनके साथ आप रहते हैं आपको शक की निगाह से देखेंगे ..यह मुझे ाचा नहीं लगेगा ..” मनु बड़े hi शांत लहज़े में कहा …जैसे उसे सुच में जफर की चिंता है ..

मनु के चलूँ का नाम लेते hi जफर ने पीछे मुड़कर देखा ..सारे चेले सुत्त से खड़े थे …बोले तोह जफर को hi देख रहे थे …जफर भी सोचने लगा की “ साला अब करूँ तोह करूँ क्या ??”

उसका एक चेला जो शायद जफर का चमचा होगा ..” भाई आप कहाँ इसकी बात मान रहे हैं एक बार कहो तोह इसकी गांड फाड़ दूंगा मैं तोह कहता हूँ की ….” उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी की जफर ने अपना हाथ उठा कर उसे रोक दिया जैसे जफर भी समझ चूका था की उसके चेले भी जफर पैर कितना भरोसा करते हैं …

हु तीनो लड़कियां अब रोना बंद कर चुकी थी …मनु ने अभी तक उनका हाथ नहीं छोड़ा था …जफर नज़रें उठाये उन्हें देख रहा था …जैसे हाथ को आया और मुँह न लगा …

जफर ने मनु को देखा मनु ने जफर को दिखते हुए तीनो लड़कियों का हाथ छोड़ दिया और जफर को इशारा किया की “ आओ लगो काम पैर “..

उसकी इस हरकत पैर पीछे से फिर किसी ने ज़ोर से सिटी मार दी और यहु कहा ज़ोर से इस पैर जफर गैंग की गैंग में जैसे किसी ने तेज़ाब भर दिया हो ऐसी मिर्ची लगी सबको …खुद जफर भी दन्त पिचस्ता हुआ आगे चल दिया तरय करने …

जफर उन लड़कियों के पास आया तोह हु लडकियां क्युकी मुँह तोह उनके ढके हुए थे ..सो कहना मुश्किल था की उनका एक्सप्रेशन क्या है पैर मनु और जफर की बात जबसे उनके सामने हुई थी तब से उनका रोना बंद था क्युकी उन्हें भी अचे से समझ आ चूका था की मनु ने जफर को उसी के बातों में फंसा दिया है …सो तीनो में से किसी ने भागने की या वहां से हिलने की भी कोशिश नहीं की थी …

जफर पास आकर बोलै “ देखो अगर तुम चाहो तोह मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी कर सकता हूँ बस एक बार हाँ केहदो ..”

लड़की 1..” नहीं आप अपना काम देखें और हमे जाने दें हमारी जरूरत का ध्यान रखने वाले हमारे फॅमिली में बहुत हैं “

जफर ने दूसरी लड़की से “ देखो तुम चाहो तोह मैं तुम्हे कुछ भी दिला सकता हूँ कपडे अछि जेवेलरी या कोई नयी चीज़ जो भी तुम चाहो बस एक बार मेरे साथ चलो तुम्हारी साड़ी खाव्हिशें पूरी करूँगा यह वडा है मेरा..”

लड़की 2 “ नहीं हमे कुछ नहीं चाहिए आप हम प्ल्ज़ बक्श दे हमारी इज़्ज़त हमें बहुत प्यारी है …”

जफर ने अगली लड़की पैर तरय किया ..उसके चेले भी अब टेंशन में आ चुके थे ..वहीँ पीछे जफर की यह हालत देखकर customer’s के चहेरे पैर एक अलग सुकून था …जैसे जफर उन लड़कियों के आगे गिड़गिड़ा रहा था उसे देखकर मोस्टली फेसेस पैर ख़ुशी thi…per चेले अपने गुरु के यह हालत देखकर अचे से समझ चुके थे …की अगर उनका गुरु बिना अपने बाप के नाम के एक लड़की को मन तक नहीं सकता …भरे रोड पैर मनु ने जफर का तमाशा बना दिया था …और वेड के नाम पैर जफर भी फंसा हुआ लड़कियों को नए नए लालच दे रहा था ..पैर लड़कियां भी शायद मैं बना चुकी थी की आज जफर को अचे से निचा दिखाना है …

मनु सामने खड़ा तमाशा देख रहा था ..जफर के चेले मनु को गुस्से और नफरत के इमोशन से देख रहे the..manu अभी भी अपने उसी शांत लहज़े में खड़ा था ..

जफर “ देखो अगर तुम सब एक बार मेरे साथ चलो तोह मैं तुम तीनो को 20 लाख एक साथ दे दूंगा और चाहो तोह 25 लाख ले लो पैर हाँ केहदो ..” जफर सुच में गिड़गिड़ाने लगा था ..

उनमे से एक लड़की ने जफर से कहा “ हमारे लिए इज़्ज़त जान से भी ज्यादा है और आप हमें पैसे का लालच दे रहे हैं अगर इतना hi पैसा प्यारा है तोह एक बार खुद की माँ और बहनो को बेच क्यों नहीं देते ठु है आप की गन्दी सोच पैर …” उसने अपना नक़ाब थोड़ा सा साइड किया और जफर के मुँह पैर थूक दिया ..

जफर खुद पैर थूक पड़ते hi गुस्से से लाल पीला हो चूका था नशे में तोह था hi ..उसने गुस्से से मनु को देखा ..” देखले मैं हाथ नहीं लगाया है पैर जलील तोह तूने भरी दुनिआ के सामने मुझे अचे से करवा दिया है अब खुश है न तू हम्म्म!”

मनु “ भाई मैंने सिर्फ आपसे यही कहा था न की आप बात चित से इनको मानकर इनकी मर्ज़ी से जैसे चाहे वैसे करो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है लड़की हैं अपनी मर्ज़ी से जो करे पैर इसमें मेरी क्या गलती की आप एक लड़की को बातों से नहीं मनवा सकते इसमें कमी मरी कैसे हुई भला ..यह तोह आपकी hi कमी हुई न की आपकी बात एक लड़की तक न माने यहाँ तीन लड़की हैं पैर एक भी आपके साथ जाने को त्यार नहीं तोह उसमे मैं कैसे गलत हुआ ..क्या इसमें आपकी कमी नहीं है की एक भी आपके दिए लालच पैर त्यार नहीं है …”

इस बात पैर फिर सिटी बजादि मनु के पीछे से किसी ने ..इस बार जफर खुद hi बोलै …” अबे कोण है साले गांड पे आग लगा दूंगा मज़ाक चल रहा साला घडी घडी सिटी मार रहा है ..”

जफर ने अब मनु को देखा “ देख तूने वेड में ाचा जलील कर वाया पैर एक कमी तूने छोड़ दी वेड में ..”

अब सब लोग जफर को देख रहे थे जफर अपनी जेब से गंजे की सिगरेट निकल कर जलते हुए एक लम्बा काश लेता है और जिसके बाद उसकी आँखें जो थोड़ी देर पहले नार्मल होने लगी थी फिर लाल हो गयी …उसने हवा में धुंआ छोड़ा और मनु को देखकर अपनी बात पूरी की ..” और कमी यह की मैं भले hi न छू सकूँ पैर मेरे लड़के उनको आराम से छू सकते हैं मैं अगर यह मान जाती तोह सिर्फ एक अकेले मुझसे से चुदती पैर अब यह पूरा गैंग इनको छोड़ेगा ..हाहाहाःहाहा!” उसकी इस शैतानी हंसी के बाद तीनो लड़कियों समेत वहां हर इंसान सदमे में आ चूका था …वहीँ अब जहाँ मनु के साथी लोग सदमे में the…toh जैसे अब तक मुर्दा पड़े जफर गैंग में नयी जान आचुकी थी …

जफर गैंग के चेहरे खिलने लगे थे नयी लडकियां जिनकी इज़्ज़त अब उस पुरे गैंग के हवाले थी …उनसभी के मुँह से अब लार टपक रही थी और टपकती भी क्यों??? नहीं बॉस ने तरय किया पैर नहीं मिली और अगर मिलती भी तोह बॉस के सब कुछ करने के बाद पैर अब सब फ्रेश मिलना था तोह कैसे सबके मुँह से लार न टपकती ….

तीनो लडकियां अब एक बार फिर सदमे में थी..” पहले एक अब एक साथ अनेक कितने सारे नहीं यह सब हुआ hi क्यों ?? क्यों निकली आज हु सब अपने घर से ….”ऐसे सवालों से तीनो जूझ रही थी …

वह तीनो रोटी उससे पहले hi मनु जो बेथ गया था एक बार तेज़ी से उठा और तीनो के हाथ पकड़ कर उनके पास आकर बोलै “ तुमने आज बहुत कुछ सहा है बस थोड़ी देर और मुझपे भरोसा करना यह मेरा वडा है कोई तुम्हे छू तक नहीं पायेगा …” मनु ने जिस विशवास और हिम्मत से कहा था और जो उसकी आँखों में चमक थी उसे देखकर तीनो को जैसे सच में भरोसा हो चूका था की अब हु तीनो सेफ है ..

जफर अपनी गंजे की सिगरेट खींचता हुआ उसी बोनट पैर चढ़कर लेते गया और अपने चलूँ से बोलै …क्युकी मनु ने बिलकुल उन लड़कियों के पास में जाकर कहा था धीरे से जो सिर्फ उन लड़कियों और मनु को hi पता था …की मनु ने कहा क्या है …

जफर ..”मैं अपना काम कर चूका हूँ अब मैं यह सिगरेट पि रहा हूँ तब तक उन तीनो को उठालो और जो भी रस्ते में सामने से आये काटकर फेंक देना 30 लाख उसके होंगे जिसने उस लड़के का सर काट दिया (मनु की तरफ इशारा करके ) स्पेशल 30 लाख ..” सारे चेले ख़ुशी से नाचने लगे थे पहले लड़की और साथ में पैसा किसे बुरा लगता भला …

अब तोह जैसे हर कस्टमर जो मनु की साइड से ख़ुशी मन रहे थे उनको लगा जैसे उनके चलते मनु आज मर जायेगा हर कोई मैं में मनु के लिए दुआ मांगने लगा …पैर मनु अभी तक वैसे hi शांत था…

मनु ने जफर से मुस्कुराकर कहा “ क्या भाई लड़कियों को नहीं मन पाए तोह मेरे सर के hi पीछे पद गए ..क्या भाई यह मजाक ाचा नहीं है …”

जफर गुस्से से उठकर बोलै “ साले छोटे भाई जैसे समझा था तुझे पैर तूने तोह मेरे साथ hi गेम खेल दिया …तुझे अगर आज ज़िंदा छोड़ दिया तोह मैं शयद कभी चैन से रह नहीं पाउँगा …आज तेरी मौत के बाद hi मेरी रूह को सुकून मिलेगा ..”

मनु हँसते हुए “ मतलब भाई सूचि में आज मैं गया काम से यही न…???”

जफर “ लगता है खुद को कोई टॉप समझे बैठा है तू …साले रुक अभी….. ऐ सालो सुलो सारे मेरी सिगरेट ख़तम होने से पहले मुझे इसका सर चाहिए चाहे कुछ भी हो जाये यह बचना नहीं चाहिए …मैं ऑंखें बंद कर रहा हूँ मुझे इसके मरने से पहले इसकी छीकें सुन्नी है ..चलो काम पैर लग जाओ …” उसके बाद जफर बोनट पैर लेट गया मुँह में सिगरेट दये ऑंखें बंद किये …

एक साथ कई बन्दे मनु की तरफ भागे …मनु वहीँ खड़ा था आराम से …मनु के पीछे से devil’s टीम के लोग भी आगे बढ़ने को हुए तोह गुरु भाई ने सभी को रोक लिया उन्होंने सामने इशारा किया इशारा करने पैर ..devil’s टीम ने सामने देखा इशारा मनु के हाथ का था जो उन्हें रुकने के लिए था …सभी गुस्से का घूँट पीकर रुक गए …और हर कोई दुआ मांग रहा था की मनु को कुछ न हो …उनमे हु लडकियां भी शामिल थी ..तीनो ने अपनी आखें दुआ में बंद कर्ली थी या शायद मनु की मौत हु देखना नहीं चाहती थी …और सबसे ज्यादा खुश था अभी जफर जो सोच रहा था की अब मनु का सर उसके धड़ से अलग होगा …

उसकी आखें बंद थी पैर कान मनु की चीखें सुनने को बेचैन थे ..की तभी दो आवाज़ आयी एक के बाद एक …धामम!!! कदायकककक! और फिर एक और आवाज़ आयी दादाक!!! जिसके बाद जफर बोनट से जमीं पैर गिर चूका था …और जब जमीं से उठा तोह उसने देखा तोह उसका कलेजा मुँह को आ चूका था …

गंजे की सिगरेट कब उसके मुँह से निकल चुकी थी उसे खुद पता नहीं था ..पैर सामने जो सन था उसका एक चेला कार के निचे मुर्दा फंसा हुआ पड़ा था उसकी सर उसके खुद के पैरों में फंसा हुआ पड़ा था ..उसके मुँह से खून की एक लाभ लार टपक रही thi…uski मौत हो चुकी थी जिसका सबूत थी उसकी खुली आँखें ..

उसे बड़ा शॉक सा लगा उसने पीछे पलट कर देखा तोह सामने का सन और भयानक या खौफनाक था …उसके दो चेले जमीं पैर मरे पड़े थे एक के मुँह से शामे वैसे खून निकल रहा था …तोह एक की गार्डन पूरी तरह से 180 डिग्री के एंगल पैर थी बोले तोह भाई उसका मुँह पूरा पीछे से अपना पिछवाड़ा देख सकता था पैर देखता तब जब जिन्दा होता हु भी उप्पेर निकल चूका था …

जफर के जैसे वहां खड़ा हर चेला शामे रिएक्शन लिए मनु को देख रहा था …की मनु ने कुछ सेकंड में कैसे तीन लड़कयूँ के लिए तीन बन्दों को टपका दिया …और मनु अभी तक शांत था जैसे कोई बड़ी बात हुई hi नहीं है ..

उसके चेले आज तक मरने वाले देकते आये थे पैर आज कोई उनके सामने था जो मरने से ज्यादा मरने में यकीं रखता है ..और मरते मरते सिर्फ हाड़ियाँ तोड़कर किसी हीरो की तरह लेक्चर नहीं पेलता बल्कि जब पेलता है तोह उसके बाद कोई लेक्चर सुनने लायक बचता hi नहीं …

तीन चेलों की मौत से भायखला चूका जफर चिलाय “ अबे देख क्या रहे हो मारो सेल जो उसका सर जमीं चुना चाहिए …”जफर ने मनु को देखते हुए कहा …मनु बदले में मुस्कुराकर जफर के देखता रहा ..

गांड में आग लग गयी थी जफर की मनु की मुस्कराहट से पैर करता क्या …

सामने से दो बन्दे एक साथ दौड़े मनु को मरने के लिए हाथ में रोड थी एक के और दूसरा हाथ में लम्बा सा चाक़ू लिए था …दोनों गए थे मनु को मरने …

पैर मनु ने एक घूमकर चाक़ू वाले के मुँह पैर ज़ोर से घूमती हुई राउंड किक ज़ोर से जड़ दी उसका जबड़ा टूट चूका था …हु ज़मीं पैर गिरते hi बेहोश हो गया और उसके गिरते hi रोड वाले ने अपने हाथ से रोड फेंक दी …मनु ने रोड को फेंकते हुए उसे देखा ..पैर मनु ने आगे जम्प लिया और एक सुमरसॉल्ट लेकर उसके सर के पीछे एक ज़ोरदार घुटना झाड़ दिया हु हवा में hi गर्दन टूटने से उप्पेर निकल गया …उसके बाद तोह जैसे जफर गैंग की गांड hi फट चुकी थी कहाँ 25 से 30 लोग अकेले मनु को मरने आये थे ….और कहाँ मनु ने अकेले 5 को दुनिआ से रुखसत कर दिया था …

तीनो लडकियां पीछे स्टाफ के पास भाग चुकी थी उन्होंने भी नहीं सोचा था की मनु उस जफर से भी ज्यादा डेंजरस होगा और होता भी कैसे नहीं “ साइलेंट किलर “ ऐसे hi तोह नहीं कहते थे रिंग में मनु को …

जफर चिल्लाकर “ आबे तुझ में रेहम नाम की चीज़ है या नहीं तूने मेरे 5 आदमियूं को जान से मार दिया है …है क्या तू..??” उसकी इस बात से उसका डर साफ़ साफ झलक रहा था ..

मनु “ भाई भाई आप रेहम की बात तोह रहने hi दो यह सरे मेरी किश तोह लेने नहीं आये थे आपने कुछ देर पहले एक ऑफर दिया था की मेरा सर धड़ से अलग करने वाले को कुछ 30 लाख आप डोज तोह मैंने सिर्फ जवाब दिया है …इसमें में गलत कैसे भला ..” मनु ने जो लम्बा सा चाकू था ज़मीं पैर उसे उठाते हुए कहा …

चाकू देखकर सामने से जफर गैंग की हालत ख़राब हो चुकी थी जो इंसान बिना किसी हथियार के खाली हाथ से 5 लोगों को सेकण्ड्स में जान से मार डेल उसके हाथ में हथियार होगा तोह हु क्या नहीं करेगा …खुद जफर की भी गांड इस टाइम पूरी तरह से फटी हुई थी …

जफर “ तोह इसका मतलब तू किसी को भी जान से मार देगा …अरे जान लेना मज़ाक है क्या ???”

मनु हँसते हुए “ भाई यह मज़ाक तोह आपने शुरू किया है ..और मैं तोह सेल्फ डिफेंस में एक्शन ले रहा हूँ जोकि मेरा कानूनी हक़ है …यहाँ खड़ा कोई भी यह केहड़े की मैंने शुरू किया था …तोह जो आप कहोगे मैं मान जाऊंगा पैर मैं यहाँ से किसी को भी …” मनु ने बात अधूरी छोड़ दी पैर इसका मतलब साफ़ था की अब मनु शायद hi किसी को जिन्दा छोडे वहां ..

उसके साथी जहाँ 30 लाख के सपने देख रहे थे वही अब उनको उन्ही की जान के लाले पद चुके थे मनु ने पीछे इशारा किया …

अब devil’s टीम ने एक घेरा बना लिया जिसका मतलब था की अब कोई बहार नहीं जा सकता …वहीँ जब सारे customer’s ने देखा तोह उनकी हिम्मत फिर से लौट आयी थी …मार डालो उस कमीने जफर को ..???

ऐसे नारे गूंजने लगे उसके बाद मनु ने जो चाक़ू लिए था …सामने जो आया उसके हाथ गले और चेस्ट किसी चीज़ज़ की परवाह नहीं की उसने कुछ सेकण्ड्स में hi वहां लाशूँ का ढेर लगा दिया …अब जफर रो रहा था …क्युकी उसके साथी चेले बस सिर्फ गिनती में 5 hi बचे थे पैर मनु तो अभी भी शांति से आगे बाद रहा था

उसका एक चेला जो उसके पास खड़ा था …उसने उससे इशारे से कहा ..” अबे साले हमारे मरने के बाद चचाजान को कॉल करेगा साले कॉल कर बोल जफर की जान को खतरा है बुला चचाजान को यहाँ वर्ण सामने देख रहा है न यह लड़का नहीं कोई वहशी है जिसे जान और खून की कोई परवाह नहीं ..कॉल कर सेल ..”

उसके चेले ने देखा मनु उसके साथी को सेकण्ड्स में उसके सामने जाकर उसके हथून पैर चाक़ू चला रहा था उसके बाद पेट में चाक़ू घुमाया और उसके बाद थोड़ा झुका और उसके पैरो के पीछे उनके पिंडलियाँ काट डाली कोई दो सेकण्ड्स में यह सब उसने अपनी आखों से देखा और सामने से हु बाँदा खून भाते हुए मर चूका था …उसका खून उसके हातून से बहार उसके पैरो से बहार और सबसे बुरा उसका पेट का हाल हुआ था …बाँदा खुद का पेट काटने के बाद खुद hi अपनी अंतड़ियाँ गिरते देख रहा था …उसके हाथ रिफ्लेक्शन के चलते खुद की अंतड़ियाँ बटोर रहे थे कोई दो सेकंड के बाद खुली आँखें लिए मर चूका था …

जिसके बाद उसने एक सेकंड नहीं लगाया पता नहीं कितनी तेज़ी से उसने मश्ग ट्रांसफर किया की शायद उसके चाचा को पता नहीं क्या समझ आया क्या नहीं उतनी देर में एक और लाश बिच चुकी थी …

यह खुजफनक मज़ार देखकर सामने से जफर का सारा नशा उतार चूका था मनु के सिर्फ टीशर्ट पैर कुछ बांड खून लगा था बाकी का काम उसने बड़ी hi सफाई के साथ किया thaa…manu के चेहरे पैर अब भी वही मुस्कराहट थी जो उसने जफर को दी थी …जफर ने जबसे मनु का यह रूप देखा था और जब सामने से उसने अपने साथी को खुद की अंतड़ियाँ बटोरते देखा तोह उसका मुट्ठ बोले तोह पिशाब कई बार पेण्ट में निकल गया …क्युकी सामने का मंज़र hi इतना भयानक था …बचे और औरतें रेस्टोरेंट के अंदर थे जिको मनु के ऑफिस में भेजा जा चूका था ताकि चीखें न सुनाई दे किसी बचे या औरत को …और कई मर्द भी यह सब बर्दास्त नहीं कर प् रहे थे …कुछ ने तोह उलटी hi कर दी थी …अब जैसा जिसका दिल जैसी जिसका ताकत ….वैसा उसका रिएक्शन …

जमीं खून से सनी हुई थी दुसरऊँ की इज़्ज़त से खेलने वाला आज खुद के पिशाब में भीगा हुआ जमीं पैर पड़ा खुद की जान की भीख मांगने की हालत में जा पहुंचा था …

मनु रुका नहीं एक के बाद एक काट रहा था और क्युकी भागने का कोई मौका devil’s टीम ने उन्हें नहीं दिया …जो साला भागने की कोशिश करते तोह डेविल्स उसके बाप थे …थोक थोक कर वापस उसी सर्किल या घेरे में ले आते …

अब जफर का चेला और सिर्फ जफर hi बचे थे …दोनों ज़मीं पैर सिकुड़े हुए बैठे थे दोनों hi मनु को इतना खून खच्चर मचते हुए देखकर दहशत में कई बार अपनी अपनी पेंटों में मुट्ठ चुके थे …

मनु अब घुमा उसका मुँह अब जफर की तरफ था …जफर ने जब आते हुए मनु को देखा तोह शायद डर से हग्ग भी दिया होगा जफर ने क्युकी उसे मनु की उसी मुस्कराहट में खुद के लिए सामने से आती मौत नज़र आ रही थी ..

पैर उसके चेले भी शायद थोड़ी हिम्मत अछि बची थी ..” तू देख लेना तेरे को भाई के चचाजान नहीं छोड़ेंगे …हु आते hi तेरा सर काट देंगे …तू जिन्दा नहीं बचेगा देख लेना ” शायद इतनी hi हिम्मत थी उसमे उसके बाद हु भी रोने लगा …

मनु मुस्कराते हुए आगे बाद रहा था उसने भी मुस्कराते हुए कहा …” तोह ठीक है तुम्हारे चचाजान से भी मिल लेते हैं और देखते हैं ऐसे बहादुर भतीजे और हवस से भरे इंसान का चाचा कैसे तुम्हें बचने आता है …चलो वेट करते है पहले उन्ही से बात होगी उसके बाद देखते हैं तुम्हारा क्या करना है …”

मनु ने शांति से कहा ..और मनु वहां उनके सामने आ चूका था …मनु के लिए devil’s टीम ने चेयर लगा दी थी उसने थी उन दोनों के सामने चेयर डाली थी …और आराम से हाथ में वही लम्बा सा चाकू लिए जिससे उसने इतना सब किया था …उसे हिलटते हुए टाइम बिताने लगा था …उसके हाथ में हु चाक़ू देखकर न जाने कितनी मौते एक साथ जफर और उसके चेले ने देख ली थी ….और दोनों के हाल का तोह पूछो hi मत ना जाने कितनी बार दोनों ने पेण्ट में मुट्ठ दिया था …

मनु बोलै चेले से “ सोनो भाई जफर भाई के वालिद को भी ज़रा कॉल करके उनकी बहादुरी का वाक्य बता दो ज़रा उन्हें भी यहाँ बुला लो …”

चेले ने रिकॉर्ड टाइम में कॉल कर डाली और खालिद को यहाँ बुला लिया …कोई 20 मिनट बाद कुछ कार एक साथ वहां चली आयी जिनमे खालिद और उसका भाई यानी जफर का चचाजान साथ में आये थे ..मनु चेयर पैर दोनों के सामने था उसकी बैक बोले तोह उसकी पीठ उसके चाचा और खालिद के सामने थी …

जैसे hi कार वहां आयी तोह ऑफिस से भी लोग बहार चले आये थे जिनमे हु लडकियां (बुर्केवाली ) भी शामिल थी …देखने की बहार हो क्या रहा है बहार का मज़ार जिसने भी देखा मौत क्या है अचे से समझ आ चूका था …29 लाशें वहां पादि थी हर कोई कटा हुआ किसी की गार्डन टूटी हुई थी तोह किसी का पेट किसी का हाथ तोह किस का सर पीछे देख रहा था …जिसने देखा उसका दिल कांप गया यह देखकर ..बचे अभी बहार नहीं आये थे …पैर बड़े भी सदमे में थे …ऐसा सन तोह किसी ने किसी एक्शन फिल्म में भी नहीं सोचा होगा ..

मनु ने जब करूँ की आवाज़ सुनी तोह devil’s टीम को इशारा की की आने दो …सामने से जब जफर ने अपने बाप को और चचाजान को देखा तोह उसके आंसू निकल आये थे ..उसने सोचा शायद अब उसकी जान बच जाएगी …

उसका बाप और चाचा दोनों आगे बाद रहे थे उनके साथ भी बहुत सारे बन्दे थे पैर जैसे hi सर्किल टुटा तोह सर्किल में मुजूद लाशे देखकर उस गैंग की भी हवा सी निकल गयी इतने बुरी तरह से तोह उन्होंने भी किसी को नहीं मारा था खुली आखें लिए लाशें अपनी मौत का खुद बयां दे रही थी…

सर्किल में खालिद और उसका चाचा आगे बड़े रहे थे सामने से लाशे देखकर उनका भी दिल हिलने लगा था …जैसे hi दोनों मनु के पास आये मनु घुमा …और मनु को एक अलग शॉक सा मिला …

सामने से जफर के चचाजान ने भी शामे रिएक्शन दिया दोनों एक दूसरे को देखकर हैरत में थे …

सामने के सख्स ने कहा “ मनु तुम …”

मनु “ सुल्तान भाई आप यहाँ कैसे …???”

उसकी बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी की उन तीन लड़कियों में से दो बुर्क़े वाली लडकियां भागते हुए सुल्तान के सीने से जा लगी …दोनों ने अपना नक़ाब हटाया और सुल्तान से कहा “ भाईजान आप यहाँ …”

सुल्तान “ फरहीन और शाहीन तुम दोनों यहाँ कैसे ..???” दोनों लडकियां बाला की खूबसूरत थी पैर एक बात दोनों की शायद आपको हैरत से भर दे दोनों शामे तो शामे थी शायद दोनों जुड़वा थी …

इस बात से मनु हैरत में था …पैर शायद किस्मत आज शॉक देने के hi मूड में थी …पीछे से उस्मान अली भी चलता हुआ अपने गैंग के साथ आ रहा था …जिसे देखकर मनु और ज्यादा चौंक गया …उस्मान के आगे आते hi तीसरी बुर्क़े वाली भी उसकी तरफ डूडी अपना नक़ाब हटा कर …” भाई जान “

उस्मान “ सीमा तुम यहाँ कैसे ????” उसने अभी तक सामने खड़े मनु सुल्तान और खालिद को नहीं देखा था …

मनु हैरानी से तीनो लड़कयूँ और सुल्तान और उस्मान को देख रहा था ...की इन सबका आखिर कनेक्शन क्या है…
:हिंट:
 
अपडेट 69

रिकैप..

उस्मान “ सीमा तुम यहाँ कैसे ????” उसने अभी तक सामने खड़े मनु सुल्तान और खालिद को नहीं देखा था …

मनु हैरानी से तीनो लड़कयूँ और सुल्तान और उस्मान को देख रहा था ...की इन सबका आखिर कनेक्शन क्या है…


अब आगे.....

मनु तीनो लड़कियों को हैरानी दे देख रहा था …जो अभी तक सेहमी हुई थी पैर अचानक से तीनो सुल्तान और उस्मान के साथ उनके गले लगी हुई कड़ी थी …तीनो के बहते ांसो और बढ़ती साँसे यह अचे से बता रही थी की तीनो कहीं न कहीं कैसे अभी तक खुद को सभले हुए थी …वैसे अभी तक तीनो ने सुच में बहुत कुछ सहा था सो कहना गलत भी नहीं होगा की तीनो रोकर गलत कर रही हैं या सही ..

(आंसू बड़े बेदर्दी होते हैं इंसान के जब मौका मिलता है बस निकल जाते हैं चाहे बहुत ख़ुशी हो या गम इनका निकलना इस बात का सबूत है आप इंसान है न मर्द न औरत ांसो सिर्फ आंसू हैं …हाँ मर्द हो या औरत आंसू दोनों को रुला देते हैं जहाँ मर्द बेचारे चाहे सख्त हो या नरम सामने से नहीं रट पैर अकेले में जब रट हैं तोह ांसो भी खुद के आंसू बहा देता है …और औरत कहते हैं औरत बहुत मज़बूत भी होती हैं और बहुत कोमल भी …तोह हु भला आंसू से कैसे बच सकती हैं सामने से या पीछे कभी न कभी हर औरत या लड़की रोटी hi हैं …बस हर बार वजह अलग होती है कभी ख़ुशी के आंसू तोह कभी गम के पैर इन तीनो ने क्या कुछ नहीं सहा था बात सिर्फ उनतक hi नहीं थी …बात उनके फॅमिली तक किट hi …एक बची जो अपने फॅमिली में सभी की प्यारी होती है जिसकी ख़ुशी में हर कोई खुश होता है और जब गुस्से में हो तोह हर कोई उसे मानाने के जातां करते हैं …अगर एक दिन हु गलती से अगर घर से किसी काम से चली जाये तोह पूरा घर सुना हो जाता है …सोचकर देखना एक बार वही लड़की अगर जफर जैसे किसी दरिंदे के हाथ लग जाये तोह क्या होगा …क्या हु जिन्दा रह पायेगी या अगर बच भी गयी तोह क्या उस बात को कभी भूल सकेगी नहीं …हर रात दिन उसके दिल में उस बात को लेकर डर होगा …हु शायद hi कभी नार्मल लाइफ जी सकेगी ..पूरी ज़िन्दगी यह बात उसे कछोटी रेहगी की उस दिन हु अपने घर क्यों ??? नहीं रुकी ….और ऐसी बातें उसके दिमाग को हर पल टार्चर करती रहेगी अपनी पूरी लाइफ में शायद हो हु और किसी मर्द (गैर मर्द )पैर भरोसा कर सके ….जो लोग सिर्फ मज़े के लिए गलत काम करते हैं उनसभी को एक बार सोचना चाहिए यार लड़की समाज में सभी की इज़्ज़त होती है …तुम्हारे घर में भी कोई औरत है जिसे तुम माँ कहते हो या बहिन अगर सगी नहीं है तोह फॅमिली किसी की तोह होगी चाचा या मामू या और कोई सोचकर देखा जो तुम किसी के साथ कर रहे हो क्या वैसा उसके साथ हो क्या सुच में बर्दास्त कर सकोगे ??? इसका जवाब खुद आपके पास है …और ज्यादा नहीं कहूंगा क्युकी असली जजमेंट आपका है ….अगर कोई लड़की अपनी मर्ज़ी से आपके साथ है तोह बात अलग है …पैर अगर किसी ने न कहा तोह मतलब न है चाहे मर्द हो या औरत मतलब न ..)

खैर बैक तो स्टोरी …मनु ने उस्मान को नोटिस कर लिया था की उस्मान भी वहां आ चूका है …और साथ में सुल्तान ने भी उस्मान को देख लिया था …पैर तीनो से कोई कुछ नहीं बोल रहा था …क्युकी तीनो लडकियां अभी तक सदमे में थी …रट हुए बेचारी अब हिचकियाँ ले रही थी मनु ने इशारे से पानी मंगवाया ..और पानी जब उन तीनो लड़कयूँ ने पिया तोह कुछ नार्मल हुई ……

सुल्तान ..” फरहीन और शाहीन यह सब क्या है तुम यहाँ कैसे और यहाँ यह सब क्या है और जफर को किसने मारा और यह सब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है …???”

खालिद ..” सुल्तान पहले यह बता तू इन लड़कियों को कैसे जानता है …तू मेरा चचेरा भाई है और मैं जहाँ तक जानता हूँ हमारे तोह रिश्ते में यह बहिन हैं नहीं तोह यह तेरी बहिन कैसे हुई …???”

सुल्तान…” खालिद यह हैं फरहीन और शाहीन मेरी बेगम की चचेरी बहिन जैसे मैं तुम्हारा भाई हूँ और यह मुझे भाई hi मानती हैं सो मुझे भी यह बहिन जैसे अज़ीज़ हैं..” इस बात से वहां एक शक्श था जिसकी गांड रही सही फैट चुकी थी …

उस्मान भी सीमा को चुप करवा रहा था …उसने भी कहा “ सुल्तान जिसने भी यह मेरी सीमा को रुलाया है चाहे कोई भी हो उसका हाल दुनिआ में ाचा न कर दिया तोह …पहले भी एक बार एक बचा मुझसे किसी ने बच्या था जिसपर मेरी कोई गलत फेहमी हुई thi…per यह सीमा है जो सुमैला की फुफेरी बहिन है जो मेरे लिए एक बची जैसे है …और आज मैं तुम्हारी एक नहीं सुनुँगा …चाहे जो हो …उसने आज उस्मान को ललकारा है इस बची को रुलाकर अगर उसका सर नहीं कलम किया तोह उस्मान मेरा नाम नहीं …”

मनु “ उस्मान साहेब आप जिस बचे की बात कर रहे थे जो कुछ साल पहले आपके हाथ से बचा था जिसको आपने रोड पैर अचे दुआदय था ..वह बचा आज आपके सामने है हाँ हु मैं hi हूँ जिसके लिए मास्टर ने आपसे बात की थी न तब गुन्हेगार tha…or ना अब हूँ …तब आपने सुना नहीं था ..पैर इस बार खुद अपनी बहिन से पूछ सकते हैं कोण है असली गुन्हेगार ” मनु ने जफर की तरफ देखते हुए कहा जो मनु की चेयर के सामने अभी तक अपना मुट्ठ बहते हुए अपने घुटने पकडे बैठा था …

उस्मान भी हैरानी से मनु को देख रहा था क्युकी तबका रोड पैर भागनेवाला हु लड़का आज उसके शामे किसी पहाड़ जैसा खड़ा था ..जिसकी पर्सनालिटी अब बिलकुल बदल चुकी थी ..पहले कहाँ वो अपनी जान के लिए भाग रहा था पैर आज कहाँ लम्बा छोड़ा मर्द बनचुका था जिसके एक हाथ पैर hi खुद किसी की सांस रुक जाये..

पैर जफर बुरे हाल में था अब उसे अब पहले लग रहा था की जैसे hi उसका चचाजान (सुल्तान हस्सान पठान जोकि खालिद का चचेरा भाई था ) आकर बचा लेगा …पैर जब से सुल्तान आया था …उसकी तोह जान बचने के बजाये और निकलने को तैयार थी क्युकी जिस सुल्तान के दम पैर हु मनु से खुद को बचता हुआ समझ रहा था …उसी सुल्तान की बेगम सराह की चचेरी बहनो जिसको सुल्तान भी बहिन मंटा था उन्हें छेड़ा था और छेड़ना क्या होता है उनके साथ क्या नहीं किया था जफर ने …बात से लेकर रपे तक की हाल और अगर मनु शायद यहाँ नहीं होता तोह हु तोह उनका रपे अब तक कर भी चूका होता पैर मनु ने तोह न सिर्फ उसका घमंड तोड़ डाला बल्कि उसके हाथ में आती हुई तीनो लड़कियों को जफर का शिकार बनने से भी बचा लिया …..

अब मनु से ज्यादा उसकी गांड अब सुल्तान से फटती हुई थी क्युकी मनु ने तोह उसे बता दिया था की जफर वास्तव में कुछ नहीं है ..और अकेले hi उसके सारे साथी आज जन्नत नशीन हो चुके थे मन ऊके हथून पैर अब मनु चाहे उसे मरे या न मरे पैर सुल्तान …ना जाने कितनी गालियां खुद को जफर दे चूका था ..उसकी सौतेली माँ ने उसे कहा भी था “ जफर खुद की हवस को काबू करो वर्ण कोई दिन आएगा जिसमे तुम बहुत पछताओगे ..” क्युकी जफर ने घर में रहने वाली नौकरानी के साथ रपे करने की कोशिश की थी …पैर जब उसकी सौतेली माँ ने जब यह सब कहा तोह जफर ने उल्टा उसके गाल पैर hi तमचा जड़ दिया …” सुन हरामजादी तू मेरे बाप की बीवी है मेरी माँ नहीं और कभी बनने की कोशिश भी मत करना तेरी लड़कियों को नहीं छेड़ा था नौकर थी मज़े लेने चाहे तोह तुझे क्या प्रॉब्लम है …” तमाचा खाकर उसकी सौतेली माँ ने उस दिन के बाद से जफर से कुछ नहीं कहा अपनी बेटिओं को भी जफर से दूर कर दिया और घर पैर अपनी किसी रिश्तेदार को भी आने से मन कर दिया …क्युकी अब उसे जफर और उसके बाप दोनों के चेहरे पता चल चुके थे …सो हु सिर्फ अपनी बेटिओं पैर hi ध्यान देती थी …

उसके और न जाने कितनी लड़कियों की बद्दुआ शायद आज जफर को इस मुकाम पैर ले आयी थी की जफर खुद के मुट्ठ में डूबा हुआ शुकदा हुआ बैठा था …सामने उसका बाप था और हु चाचा जिसके दम पैर हु मनु को धमकी दे रहा था पैर …वक़्त का पहिया गोल है ..जफर की हालत उस बकरे जैसे थी जो बंधा हुआ कॅशे के आने की रह देख रहा था …पैर कॅशे कोण होगा इसका फैसला आना बाकी था अभी…

उस्मान आगे आया और मनु से बोलै “ सुन बे कोई गलत फेहमी न पालना मैं आज भी भुला नहीं हूँ उस दिन को ..पैर आज कोई बात नहीं सुंगा तेरी तुझे अगर मैं सजा न दी तोह मेरा नाम उस्मान नहीं..”

मनु… “ ज़माने में यही बात ,,उस इस दुनिआ की जुड़ा है सभी से …


आबरू की बचने वाले को मिलती है सजा यहाँ थोड़ी ज्यादा सभी से …”

सीमा “ भाईजान जिसके चलते हम तीनो अभी तक जिन्दा हैं आपके सामने उस फ़रिश्ते को hi आप मरने की बात कर रहे हो मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी …यह कोई गुंहेगार नहीं है बल्कि यह तोह हु सच्चे फ़रिश्ते हैं जिनकी वजह से आज हम तीनो की इज़्ज़त अभी तक सलामत है …” इस बात ने उस्मान को चौंका दिया साथ में शामे असर था सुल्तान पैर भी वहां आखिर हुआ क्या था …यह सब बताया फरहीन और शाहीन, सीमा ने उस्मान और सुलतान को..

खैर वहां सभी एक साथ खड़े थे और फरहीन और शाहीन के साथ सीमा ने उस्मान और सुल्तान को बताया की कैसे हु यहाँ अपनी बहिन से मिलने सरप्राइज विजिट पैर आने वाली थी ..पैर मॉल से अपनी बाज़ी के लिए गिफ्ट लेने के बाद जब खाने का मैं हुआ तोह हु सभी अपनी फ्रेंड्स के साथ यहाँ चली आयी और उसके बाद जब फरहीन ने अपना नक़ाब हटाकर पानी पिया तोह कैसे जफर ने उसके साथ बदतमीज़ी की और कैसे तीनो का नक़ाब उसने जबर्दस्ती हटाकर उनका चेहरा देखा और उसके बाद कैसे devil’s टीम ने उन तीनो को बच्या और जफर को रेस्टोरेंट से बहार निकल दिया …उसके बाद कैसे जफर ने पुलिस को अपने बाप के नाम पैर लौटा दिया और तीनो को कैसे कुछ घंटा रपे करने के लिए टार्चर kiya…or मनु ने कैसे उन तीनो की इज़्ज़त बचाई है सब हाल उस्मान, सुल्तान ,और खालिद सुन रहे थे …

वहां खड़े हर इंसान को अंदर तक हिला दिया था की कैसे इन तीनो मासूम लड़कियों ने क्या नहीं सहा है ..अब गांड जफर के hi नहीं उसके बाप खालिद की भी फट रही थी …क्युकी यहाँ जफर के चलते इतने लोग मर चुके थे …और यह तीनो लडकियां कोई मामूली नहीं थी …तीनो में से दो उसी सुल्तान से सीधे जुडी थी जिसके दम पैर यह सब जफर कर प्या था और एक उस्मान से जुडी थी जो पहले hi पोलिटिकल मर्डर करता है …और जिसने पहले hi कह दिया है की हु सर कलम कर देगा .. और जफर खालिद का एकलौता बीटा था …और अब उसकी जान खतरे में थी …क्युकी अगर सुल्तान से बचा तोह उस्मान जफर को नहीं छोड़ेगा पैर सुल्तान शायद कोई रेहम करे अपने चचेरे भाई पैर ???

यह सोचकर खालिद ने सुल्तान से कहा “ सुल्तान मैं जानता हूँ यहाँ जफर की गलती है मैं इसे इसके लिए खुद सजा दूंगा पैर इसकी जान लेना क्या सही है …???”

सीमा “ वाह अंकल क्या बात कही है आपने आपका बीटा सरे आम किसी लड़की की इज़्ज़त लूट ले पैर आप उसे गलती कहकर जान से मरने नहीं देंगे …क्या बात है …क्या यही बात आपकी खुद की बेटी ने की होती तोह आप सर उठाकर कह पाते की बेटी से गलती हो गयी…??”

शाहीन “ हाँ सही कह रही है सीमा …आपने समझ क्या रखा है लड़कियों को जैसे चाहे इस्तेमाल करो और जमा तोह ठीक नहीं तोह बस केहदो गलती हो गयी यही गलती हम लड़कियों को खुदखुशी (सुसाइड ) करने पैर मजबूर कर देती है ..पैर आपको इसकी क्या परवाह क्युकी हम तोह हैं गैर हमारे मरने से आपको क्या दिक्कत आपकी खुद की अगर बेटी हो तोह पता चले भी की इसका मतब है क्या ??

खालिद को अंडर से तोह गुस्सा आ रहा था पैर बाँदा पॉलिटिक्स में तहत ओह दिमाग भी था उसमे ऐसे भी हु अगर गुस्सा करता तोह बात एक लौटे बेटे की थी उसके …हु जानता था की गलती जफर की है पैर जबसे शाहीन फरहीन ने अपना नक़ाब हटाया था …खालिद भी यही सोच रहा tha…”Jaffar की गलती क्या है बची होंगी यह सुल्तान और उस्मान के नज़र में पैर यह तोह 17 या 18 साल की जवान हसीना हैं जिनका अगर मौका मिले तोह खालिद खुद रास पि डेल …पैर ऐसे में जहाँ बेटे की जान पैर बानी थी तोह ऐसे में हु इनकी बात को अचे से समझ रहा था ..की उसकी एक गलत बात और बाज़ी के साथ उसके बेटे और खुद उसकी जान के लाले पद जायेंगे ??

खालिद “ नहीं ऐसी बात नहीं है जफर सुच में बहुत जिम्मेदार है उसे कैसे पता होगा की तुम हमारी रिश्तेदार हो अगर ऐसा पता होता तोह क्या हु यह सब करता नहीं न …???” खालिद की इस बात से सुल्तान उस्मान समेत सीमा और शाहीन भी सोच में पद गयी …

फरहीन जो अब तक चुप थी …बोली “ तोह इसका मतलब क्युकी हम रिश्तेदार निकले तोह हमे कुछ नहीं करेगा पैर जब से कहाँ थी यह रिश्तेदारी जब उसने हमारे साथ क्या कुछ नहीं किया था तब कहाँ थे आप और आप सब जब इस अकेले मर्द ने सिर्फ हम तीनो की इज़्ज़त के लिए यहाँ लाशे बिछा दी ..इतना तोह शायद कोई अपना भी नहीं करेगा जब बात खुद की जान पैर आ जाये तब पैर इन्होने ( मनु की तरफ देखकर ) सिर्फ हमारी इज़्ज़त के लिए हमारा साथ दिया और खुद की जान भी डाव पैर लगा दी …आपको क्या लगता है क्या आपका जफर कितना शरीफ है और उसके साथ आपकी शराफत के किस्से भी हमने अचे से सुन लिए हैं तोह खुदा के लिए बस चुप रहे क्युकी बदतमीज़ी अपने से बड़ों के साथ हमारे घरवालों के उसूल नहीं हैं ..और जफर खुद के चलते इस हाल में है …ची थो है ऐसे बेटे के नाम पैर जो रह चलती लड़की की इज़्ज़त उछाल दे ..” उसकी बात के बाद खालिद को अचे से पता चल गया था की फरहीन जितनी काम बोलने वाली है उतना hi उसका दिमाग तेज़ है …और तेज़ दिमाग का सबूत था की जो लोग उसकी बात सुनकर सोच में पड़े थे हु सभी अब धिक्कार और लानत की नज़र से दोनों बाप बेटों को देख रहे थे…

खालिद “ देख सुल्तान तू तोह सुन देख आज से यह हिस्सा भी तेरे नाम है तू जैसे चाहे यहाँ धंधा कर पैर जफर को छोड़ दे …” सुल्तान से खालिद ने अपने बेटे के लिए कहा .सुल्तान से उसने इसलिए कहा क्युकी सुल्तान का काम आजकल पहले एरिया में ज्यादा टेंशन में चल रहा था ..और नए एरिया के लिए सुल्तान ने खालिद से कहा भी था ..

उस्मान “ ाचा तोह एरिया देने से तेरा यह पिल्ला बच जायेगा वह रे तू और यह तेरा कमीना पिल्ला और सुल्तान सुच में तुम सुल्तान hi हो न क्या यह झांट भर का एरिया तेरी बहिन की जान से बढ़कर है…???” उस्मान ने कॅशे वाली चपत निकल ते हुए कहा ..(butcher’s ब्लेड )
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सुल्तान “ मैंने कुछ नहीं कहा इसका मतलब यह नहीं है की मैंने हाँ कह दी है यह दोनों मेरी बहिन जैसे hi है और मैंने इनका बचपन देखा है तोह उस्मान तुमने मान कैसे लिया की मैं सिर्फ एरिया के लिए हाँ कर दूंगा ??”

खालिद “ तोह इसका मतलब तुम अपने भाई के बेटे के साथ उल्टा सिद्ध करोगे ??? मैं तुम्हारा भाई हूँ यह मत भूलना ..???” खालिद ने अपना भाई कार्ड खेल्दिया …

सुल्तान “ हु सब फरहीन और शाहीन के साथ गलत करने से पहले सोचना चाइये था …”

सुल्तान और उस्मान आगे बाद रहे थे जफर के पास खालिद अब अचे से समझ चूका था की जफर पैर उस्मान और सुल्तान नाम की दो धारी तलवार लटक चुकी है ..और शायद अब उसका नंबर भी आ सकता है …

मनु जब सुल्तान और उस्मान आगे बड़े तोह थोड़ा साइड हो चूका था …हु सुल्तान और उस्मान के लिए रास्ता दे रहा था …उसके हाथ में अभी तक हु लम्बा चाक़ू था …
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खालिद को लग रहा था की उसने अब कुछ नहीं किया तोह उसका बीटा तोह गया और साथ में शायद हु भी ..

उसने फुर्ती से अपने पंत के बैक से पिस्तौल निकल कर उसका निशाना उस्मान और सुल्तान पैर लगा दिया …

खालिद “ ख़बरदार जो तुमने एक भी कदम आगे बढ़ाया तोह मैं भूल जाऊंगा तुम मेरे भाई हो ??? यह कैसा इन्साफ है खुद तुम लड़कियों का धंधा करते हो पैर मेरे बेटे को मुजरिम बता रहे हो …अगर हु सहीह ै तोह यह भी सही है …??? जफर को देखकर चल उठ जा जब तक तेरा बाप जिन्दा है तुझे किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है …चाक अब तक बेथ रहेगा …??”

जफर को तोह मनो नयी ज़िन्दगी मिल चुकी थी सेकंड से काम टाइम में उठकर खड़ा हो गया उसका चेला भी उठ चूका था क्युकी अब उसे शायद hi कोई और मौका मिले यहाँ से बचने का …

चेला ..जफर से “ भाई जल्दी निकल लो यहाँ से यह कमीने हैं और ख़ास कर यह (मनु को देखकर) दरिंदा साले ने कितने भाई मार दिए और इसकी सूरत तोह देखो कैसे अभी तक मासूम लग रहा है साले अब तुझे पता लगेगा जब तेरे घर की ौरातून के साथ भाई और मैं और साथ में खालिद भाई मज़े लेंगे …तू बस देखता जा …” उसने अपने दिल की भड़ास निकल दी …मनु को देखते हुए भी डर रहा था हु पैर खालिद के हाथ में पिस्तौल देखकर तोह उसे लगा की अब तीनो बच गए ..

खालिद के अपने बन्दे भी अब एक्शन मोड में थे …सुल्तान और उस्मान भी अब समझ चुके थे की …खालिद किसी भी हद तक चला जायेगा …हु तोह वैसे भी जिस लाइन में थे उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी …मौत से सामना होना …पैर अगर इसमें सबसे ज्यादा कोई डर चूका था तोह हु थी …फरहीन , शाहीन और सीमा जिन्हे अब अफ़सोस हो रहा था की आज उनके चलते कितना katl-o-gaarat (katl-e-aam) हो चूका है …

जफर ने जैसे hi वहां से गुजरने लगा उसने शाहीन और सीमा का हाथ थमा ..” चलो सोचा था की तुमसे प्यार से मज़े लूंगा पैर शायद किस्मत को यह गवारा नहीं की तुमसे प्यार कर सकूँ मैं …कोई बात नहीं …अब्बू और मैं आज तुम्हे नहीं बक्शने वाले चलो अब हमारे साथ …..” उसने जबरदस्ती दोनों को अपने साथ घसीट लिया .

उसका चेला कहाँ से पीछे रहता उसने फरहीन का हाथ पकड़ कर उसे घसीटा …” चल हरामज़ादी तेरा मुँह बहुत चलता है न आज इसी मुँह में अपना लैंड दाल कर सो जाऊंगा …बड़ी गर्मी है न तुझमे खालिद भाई से जुबान चलतती है तू ..चल आज बताता हूँ की असली मर्द कैसा होता है …”

उस्मान और सुल्तान अचे से समझ रहे थे की बाज़ी अब उनके हाथ से जा रही है …क्युकी खालिद की गन अभी तक उनके उप्पेर थी …और हु अपना गुस्सा दबाये बस अपनी अपनी बहनो के साथ यह सब होते देख रहे थे …

उधर खालिद के गन पॉइंट के चलते उसके बन्दे एक्शन मोड में एक और काम बिना कहे कर चुके थे …और हु था खालिद और उस्मान के गैंग से हथियार ले लेना ..और क्युकी उनके बॉस hi जब गन पॉइंट पर थे तोह उनमे से किसी ने कोई आवाज़ किये बिना अपने हथियार उन्हें दे दिए …क्युकी अगर उनकी कोई हरकत होती तोह निशाना बनते सुल्तान और उस्मान …

उधर खालिद ने एक सेकंड के लिए अपने साथियों को देखा और देखा की उसके साथी उस्मान और सुल्तान के गैंग के हथियार ले चुके hain…isper खालिद हंसा ..

खालिद “ हाहाहा! सोचा था सुल्तान की तुझे टाइम आने पैर पीछे से किसी सुपारी किलर से मरवा दूंगा साले तेरे वजह से मैं और जफर छुपकर लड़कियों से मज़े लेते थे ..क्योकि तू तेरा दीं का ड्रामेबाज़ पैर सेल हम कोनसे बुरे हैं बस यह शॉक है अपना …की किसी कमसिन के साथ रात रंगीन करे ..और थोड़ी सी शराब हो तोह मज़्ज़ा hi और है …पैर सेल तेरे चलते बिज़नेस के साथ पर्सनल लाइफ में भी झूठा ड्रामा करना पड़ता था …पैर बस अब और नहीं आज तेरा काम और तेरा नाम ख़तम..”

सुल्तान “ ाचा तोह जनाब खुद के भाई को मरना चाहते हैं …मैंने कभी तुम्हारे काम में कोई दखल नहीं दिया तोह इसकी जरूरत क्या है …???”

खालिद “ जरूरत है साले तूने पता नहीं कोनसा तिलस्मी जादो किया है की मेरे मला होने के बाद भी लोग तेरे जैसे रंडीखाने ,और चकले के मालिक को ज्यादा पसंद करते hain…aaj सुच में बहुत हो चूका है ..?””

सुल्तान “ पैर इसमें फरहीन और शाहीन और सीमा क्या जुर्म है उनको तोह कमसे काम इसमें से बहार छोड़ दो ..मरना है न मुझे मार दो मैं उफ़ तक नहीं करूँगा पैर मेरी बहनो को छोड़ दो ..उस खुदा का खौफ खाओ ….”

खालिद ..” ऐसी जन्नत की हुर्रें अगर मिल जाएँ तोह जीने की या मरने की परवाह किसे है तुम बस अपने बारे में सोचो ..”

उसने पिस्तौल को एआईएम किया …

मनु “ हाँ मर दो वैसे भी इनको भी पता चलना चाइये की इस दुनिआ में भाई hi आपका सोचा दुश्मन है …दुनिआ में कितनी hi जुंग भाई के धोखे के चलते हुई हैं …ाचा है इनको भी सबक की जरुरत है ..”



“” धोखे की फितरत हो अगर तोह दुनिआ में किसी और का hi हिसाब क्या होगा ..


अगर जान लेने वाला अगर भाई खुद का ho,,toh शिकवा किसी और से क्या होगा …???””



मनु की आवाज़ सुनकर जफर जाते हुए रुक गया वापस मुदा और शाहीन और सीमा को लिए …वापस आकर अपने बाप खालिद से बोलै …” अब्बू कोई मरे या ना मरे इसको मत छोड़ना साले ने मुझे मारा नहीं पैर जिनने लायक भी नहीं छोड़ा मुझे मेरे हर बन्दे को इसने सिर्फ इस अकेले ने किसी दरिंदे जैसे मारा है …और इतनी बेदर्दी से मारा है की खुद शैतान भी एक बार सोचे की यह इंसान है यनही ..देखो आपके लख्ते जिगर का साले ने क्या हाल किया है (अपनी गीली पेण्ट पैर इशारा करके ) इतना तोह मैंने अपने बचपन में नहीं मुत्ता पैर इसने मुझे आज हु मंज़र दिखा दिया है की शायद कभी चैन से सो सकूँ क्युकी मेरे अज़ीज़ जैसे Jannat-nasheen हुए हैं वैसे शायद hi कोई हो …” उसकी इस बात पैर इस बात से जहाँ खालिद गुस्से में था …

पैर उस्मान और सुल्तान हैरत में थे पैर जफर की गीली पेण्ट देखकर शाहीन और सीमा समेत कई लोग थे जो मुस्कुरा पड़े थे …पैर जिसकी ऐसे में भ हंसी छूटे थी हु थी फरहीन ..जो चाहकर भी अपने को रोक नहीं पायी जफर के मुट्ठ से भरे पेण्ट को देखकर …

उसकी हंसी सुनकर बड़े तेज़ी से जफर की गांड में मिर्ची लगी …” अब्बू उदा दो साली को बहुत जलील हो चूका हूँ आप को मेरी कसम ..” खालिद को भी बुरा लगा था पैर हु चाहे जैसा भी था उसने आजतक जफर की कसम नहीं तोडी थी …

खालिद ने भी एआईएम किया फरहीन पैर …और इससे पहले हु कुछ कर पता बिजली की तेज़ी के साथ चला मनु का चाक़ू …….सहस्स्स्सस्शह्ह्ह्ह!

और बस एक आवाज़ हुई खचाक…! और सबकी आँखें खुली की खुली रह गयी …सभी शॉक में थे क्युकी फरहीन का हाथ जिस चेले ने पकड़ रखा था ….उसका हाथ उसकी कोहनी (एल्बो जॉइंट ) से कुछ इंच इनके से पूरा काट चूका था और कटा भी ऐसा की उसका हाथ अभी तक फरहीन के हाथ को जकड़े हुए था ….

फरहीन ने जब उसका कट्टा हाथ अपने हाथ पैर देखा उसे पहले हु कुछ कर पाती मनु ने उसे अपनी तरफ खींचा …हु अपना बैलेंस नहीं बना सकीय …जो जा लगी मनु के सीने से …मनु ने उस काटते हाथ को उसके हाथ से निकला …और फेंक दिया जफर के उप्पेर …जफर फिर से यह सब देखकर मुट्ठ ने के साथ हग्ग भी चूका था …सुनने में कितना अजीब लग रहा है की कोई पेण्ट में मुट्ठ दे पैर जिस पैर बिट रही होती है वही जनता है की उसकी असली हालत क्या है …

जफर ने हाथ देखकर क्या रियेक्ट किया पैर उसे पहले उसका चेला अपने काटते हुए हाथ को लिए भागता हुए ज़ोर ज़ोर से छिलने लगा …” हहआ आअह्ह्ह्हह मार दिया हहआ !! खालिद भईईई कहा मर्डर डालो साले को …आआअह्ह्ह्ह!

उसकी हालत सर काटते मुर्गे जैसे हो चुकी थी खुद खालिद भी हैरान था की मनु ने एक सेकंड में किसी का हाथ किसी बटर बोले तोह मक्खन जैसे काट डाला .. हु चेला ज्यादा खून बहने से बेहोश हो चूका था ..खालिद उसने अब एआईएम किया …

फरहीन पैर ..क्युकी हु मनु के सबसे करीब थी और क्युकी उसके हसने से जफर गुस्से में आ चूका था और बात जफर की कसम की थी …

फरहीन मनु के मज़बूत सीने से लगी हुई कड़ी थी .. मनु ने जब खालिद को एआईएम करते देखा तुरंत उसने फरहीन को अपने पीछे किया और …

गोली चल गए …..थाआनंनं! की आवाज़ हुई और साथ ……एक और आवाज़ आयी तंत्र!!!

फिर सब हैरान थे …की मनु गिरा क्यों नहीं …तोह यह तंत्र! की आवाज़ उसकी असली वजह थी …क्युकी मनु ने गोली को चाक़ू पैर ले लिया था ….अब आप इसे ट्रेनिंग कहो या मनु की किस्मत की खालिद की गोली भी उसे मार नहीं पायी और जा लगी उसी चाकू पैर …

खालिद ने फिर गोली चलने की कोशिश की पैर शायद आज उसकी किस्मत ख़राब कहो या मनु की अछि किस्मत पिस्तौल जैम हो चूका था और हु चल नहीं पाया …मनु उसके बाद नहीं रुका उसने एक जम्प लिया और जाकर लैंड किया खालिद के सामने …जो अपनी गन को ठीक करने की कोशिश कर रहा था …

मनु ने आराम से उसके हाथ से गन ले ली …और उसके गले पैर चाक़ू लगा दिया ..और एक इशारा किया ….जो था खालिद के गैंग से हथियार निचे रखने …का सभी सोच में गम थे की यह सब इतने काम टाइम में कैसे हुए …

मनु ने अगला इशारा किया गुरु भाई को जो समझ चुके थे आगे करना क्या है …

devil’s गैंग ने सारे हथियार लेने चाहे पैर गैंग हथियार देने में आनाकानी कर रहा था …मनु ने उस चाक़ू का नोक खालिद के गले पैर ज़ोर से दबा दिया ..

ाःहाहा!” यह आवाज़ थी खालिद की …

मनु ..” मला साहिब थोड़ा co-operate कीजिए आखिर आप जनता के सेवक है आपने तोह बहुत सेवा की होगी …आज थोड़ा मौका हमे भी दें ताकि हम भी आपकी अचे से khaatir-daari कर सकें …” उसकी यह बात सुनकर खालिद की रूह कांप चुकी thi…bete की तरह खालिद यानी बाप ने भी पेण्ट गीली कर दी थी ….

पिशाब बेहटा हुआ मनु के पास आने लगा …तोह मनु ने कहा “ ओह्ह्ह ! कोई बात नहीं हो जाता है ..मैं समझ रहा था की जफर भाई की कोई दिक्कत होगी …पैर आपने जब यह गिल्ला किया तोह समझ आ गया यह तोहफा भाई को आपकी दें है …पैर इतनी आगे में यह सब मला साहिब कोई अछि दवा लें …और प्लीज अपने चमचों से कह दें थोड़ा co-operate करे वर्ण आगे आप स्मार्ट हैं..”

उसकी दवा वाली बात पैर जहाँ सभी की हंसी छूट रही थी सबसे ज्यादा हंसी निकल रही थी फरहीन की जो अभी तक मनु के सीने में खुद को मेह्फूस महसूस कर रही थी …न जाने उसे क्या मिल गया था ..की उसकी नज़र मनु से हट hi नहीं रही थी …यही हाल शाहीन और सीमा का भी था …क्युकी यह सब उनके वजह से hi तोह हुआ था …सो तीनो मनु को बस जी भर कर देखे जा रही थी …तीनो ने आज तक किसी गैर मर्द को अपने पास तक न आने दिया पैर आज मनु ने न जाने कितने बार उनको छुआ था …और जिस तरह से उसने उनकी इज़्ज़त के लिए जुंग की थी कोई और शायद hi करता …तोह कहीं न कहीं तीनो उसे न चाहते हुए भी देख रही थी …

इन सब में सबसे ज्यादा हालत ख़राब थी किसी की तोह हु था जफर …पहले कहाँ जान बचती नज़र आ रही थी …पैर अब तोह उसके बाप की गर्दन पैर hi मनु नाम के पहाड़ ने चाक़ू रख दिया था …उसने जैसे hi खालिद को ऐसे देखा …उसने फ़ौरन शाहीन और सीमा का हाथ छोड़ दिया …

उधर खालिद की गैंग ने भी हथियार दाल दिए थे …और devil’s टीम ने सभी के हथियार ले लिए थे …

गुरु भाई ने मनु के पहले इशारे जो खालिद ने गैंग ने जब हथियार लिए थे तभी कर दिया था …की customer’s को अंडर ले जाओ और गुरु भाई ने हु तभी कर भी दिया था …

जफर रट हुए ..” भाई तू है कोण क्या बिगाड़ा है मैंने तेरा …पता नहीं कैसे मेरी अकाल और किस्मत ने धोखा दिया जो मैं यहाँ तेरे इस ढाबे में आ गया …और आज सिर्फ एक hi दिन में मेरे सारे दोस्त यहाँ जमीं पैर मरे हुए पड़े हैं ..तेरे चलते मैं तोह मुट्ठ hi रहा था …पैर तूने तोह मेरे बाप का भी मुट्ठ निकल दिया …काम से काम थोड़ा तोह रेहम कर हम दोनों पैर ..क्या तू इंसान भी है या नहीं …??”

जफर का रोना सुनकर वहां खड़े सभी के दिल अब सुकून में थे ..devil’s टीम अब तक सभी के हथियार ले कर सभी को उसके पॉइंट पैर ले चुकी थी …

जफर “ भाई तू इंसान hi है न कोई इंसान के चमड़ी (स्किन ) में छुपा कोई शैतान है …मेरे अब्बू और मुझे बक्श दे भाई हाथ जोड़ रहा हूँ तेरे..” जफर रट हुए गिड़गिड़ा रहा था ..उसकी हालत देखकर शायद किसी को भी तरस आ जाता …

मनु “ सूचि में जफर भाई आपको मैं इंसान नहीं लगता …चलो कोई बात नहीं पैर आप खुदको और आपने अब्बू को यहाँ से जिन्दा लेकर जाना कहते हैं तोह आपको एक काम करना होगा …और मैं दोनों को जिन्दा छोड़ दूंगा ..”

जफर रट हुए अपने अपने ांसो साफ़ करता है जल्दी से ..” कैसा काम देख भाई गांड भी अभी मांगेगा तोह हु भी तेरी पैर हम दोनों को छोड़ दे भाई ..???”

मनु “ क्या जफर भाई सबको आपने अपने जैसे समझा है ..खैर आपकी चीज़ आपको मुबारख मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ बस आप तीनो लड़कियों से बस दिल से माफ़ी मांग ले और उसके बाद आप दोनों आज़ाद …”

अब अँधा क्या चाहे दो आँखें सो जफर ने तीनो से बारी बारी माफ़ी मांग ली ..और तीनो लड़कियों के दिलोओं को बहुत सुकून मिला जफर को ऐसे गिड़गिड़ाते हुए देखकर …तीनो ने लानत भरी नज़र से जफर और खालिद को देखा ..और एक बार तीनो ने मनु को शुक्रिया की नज़र से मनु को देखा …तीनो कहीं न कहीं मनु की इस बात से दिल से बहुत खुश हुई थी की जिस जफर ने उनके साथ जैसे घटिया हरकत किट hi उसके बाद आज hi हु उनके पेअर पैर अपनी और अपने बाप की जान की भीख मांग रहा है …

जफर “ देख ले भाई मैंने माफ़ी मांग ली अब तोह मुझे और अब्बू को जाने दो ..अपना वडा याद है न …”

मनु “ हाँ जफर भाई याद है यह लीजिये मैं आप दोनों को छोड़ रहा हूँ …मैं आपको आज़ाद कर रहा हूँ ..” मनु ने खालिद के गले से चाक़ू हटा लिया .. खालिद और जफर ने सोचा चलो जब मनु ने छोड़ दिया तोह निकल लो यहाँ से ..

मनु से दो कदम आगे गए hi थे की मनु ने कुछ इशारा किया और सामने उस्मान और सुल्तान थे उनके …

जफर “ भाई यह तोह चीटिंग है …तुमने तोह ..”

मनु “ हाँ भाई जो कहा था सो किया भी अब मैं तोह छोड़ hi चूका हूँ पैर इसमें गलती आपकी है …अपने hi इतने दुश्मन पाल रखे हैं ..मैंने तोह छोड़ दिया पैर इनके आगे भला मैं क्या कर सकता हूँ ..ok bye ..मैं चलता हूँ ..” मनु ने इशारा किया गुरु भाई को तोह devil’s टीम ने हथियार अब सुल्तान और उस्मान के साथियों के दे दिए …

जफर “ यह सब ठीक नहीं है ..”

अब दोनों के आगे थे सुल्तान और उस्मान मनु जा रहा था साथ में तीनो लड़कियों को भी साथ में लेकर रेस्टोरेंट की तरफ बढ़ने लगा …

मनु “ सुल्तान भाई अब शायद आप समझ गए होंगे की करना क्या है …और एक रिक्वेस्ट है कोई रेहम मत करना क्युकी सांप से ज्यादा जहर संपोले में मिलता है भाई समझ कर अगर आप चुके तोह आपके यह भौ अगली बार नहीं चुकने वाले …और एक छोटी सी रिक्वेस्ट है आप दोनों से ..”

उस्मान “ हु भी फार्मा दिज्ये हुज़ूर ..”

मनु “ ज्यादा बड़ी नहीं है बस यह सब हो जाने के बाद प्लीज कचरा (गार्बेज )हटवा देना क्युकी इसे देखकर कालको मुझे कोई दिक्कत नहीं चाहिए बिज़नेस में …”

सुल्तान “ दोने ….अब तुम तीनो को लेकर अंडर जाओ …और बाकी हमपर छोड़ दो …”

…..

उसके बाद मनु तीनो को साथ लिए अपनी devil’s टीम के साथ अंदर आ गया ..जहाँ customer’s अभी तक दर्रे हुए थे ..

मनु ने जस को इशारे से कुछ कहा …जस ने फुरण तीनो को पानी दिया ..

मनु “ आप सभी का दिल से थैंक्स आपने जो साथ दिया उसके लिए …और आप सभी को अचे से पता है बहार क्या हुआ है और कैसे हुआ hai…per आपको डरने की जरूरत नहीं है …”

एक औरत “ ाचा तुमसे दरें नहीं इतना सब होने के बाद भी तुम यह सब कह कैसे सकते हो ..????”

मनु ..” आंटी जी एक बात पूछूं आपसे ..?????”

औरत “ हाँ पूछों …”

मनु ..” अगर कोई आपको जान से मरने आये तोह आप क्या उसको चाय कॉफ़ी देंगी ???”

औरत “ मतलब क्या है तुम्हारा ??? चाय कॉफ़ी मैं उसे जान से मार दूंगी …”

मनु “ बस मैंने भी वही किया hai…jab एक बॉर्डर पैर लड़ने वाला गलत नहीं ..एक सांप को कुचलने वाला गलत नहीं तोह मैंने क्या गलती की है …क्या मैंने किसी से कोई बदतमीज़ी की नहीं ???..आपको तोह खुश होना चाहिए की एक गंदे और कमीने मला से आप सभी का पीछा छूट गया ..पैर आपको यहाँ मेरी गलती लग रही है ..”

औरत “ मतलब तुम अपने को किसी आर्मी के जवान से कपड़े कर रहे हो …ऐसे hi उस मला ने यहाँ शुरुवात की थी उसके बाद तुम भी लोगों को परेशान करना …क्युकी जान लेने का हक़ उस उपपरवाले का है ..”

मनु “ अन्त्य जी मैंने कब कहा की यह हक़ किसी और का है यह हक़ तब भी उसी का था जब खालिद और जफर आपके साथी लोगों को मार कर गायब कर देते थे तब यह सब कहाँ था …मैंने सिर्फ इन तीन लड़कयूँ और खुद को बचाया है आपको जो समझना है आप समझ सकती हैं …हक़ उसी का है पैर हर जगह हु जहाँ हु खुद नहीं जा पता किसी न किसी को मदद का जरिया बनाकर भेज देता है यहाँ हु जरिया मैं था …सो आप अभी मुझे इस लिए इतना सब कह रही हैं क्युकी मैं जिन्दा हूँ पैर अगर मुझे कुछ हो जाता तोह उसके लिए आप किसको इस तरह कहती …क्या मेरी फॅमिली नहीं है ???…या किसी मासूम के लिए आवाज़ उठाना गुनाह है??? और एक बात बहार जाने से पहले यही पूछा था की आप सभी मेरे साथ हैं …तब आपने क्या कहा था ???”

औरत “ मुझे इस सब से कोई लेना देना नहीं मैं किसी पुलिस केस में नहीं पड़ना चाहती हूँ मुझे माफ़ करो मैं जा रही हूँ ..”

एक और औरत “ आप कैसी औरत हैं जो इस बचे को hi उल्टा सुना रही है ..आप होश में तोह हैं जिस लड़के ने खुद की जान पैर खेलकर एक नहीं तीन तीन लड़कियों के साथ अभी तक हम सबको सेफ रखा आप उसी को दोषी बना रही है …आपके औरत होने पैर भी लानत है …ठु है आप पैर …जो इसके जैसे फ़रिश्ते को भी आपने इतना सुना दिया …”

उसके बाद उस औरत ने किसी की न सुनी हु औरत “ देखो मुझे कुछ लेना देना नहीं है …मैं पुलिस को सब बता दूंगी की इसने कैसे इतने लोगों को जान से मार दिया है …”

इस बात के बाद हर इंसान बोले तोह कस्टमर ने उसे जैम कर बुरा भला कहा ..खुद जस और हु तीनो भी उस औरत की बातों से गुस्से में आ चुकी थी ..

फरहीन और सीमा के साथ जस भी भीड़ चुकी थी उस औरत के साथ ..

जस “ मतलब आपको सिर्फ पुलिस की चिंता है …”

सीमा “ अन्त्य जी क्या आपकी खुदकी बेटी अगर ऐसे हाल में होती तोह क्या आप तब भी ऐसा करती ??”

फरहीन “ जिस इंसान ने आप सभी के साथ हम को बचाया उसके बहादुरी का ाचा सिला दे रही हैं आप …”

औरत “ इंसान को जान से मरना गलत है जो इसने किया है उसके लिए सजा कानून देगा ..”

शाहीन “ आपका यह कानून तब कहाँ था जब उस जफर ने पुलिस को यही से लौटा दिया था …और जब हु हम तीनो के साथ रपे जैसे गन्दी हरकत करना चाहता था ..तब कहाँ था यह कानून …तब आपने खुद भी देखा था न …की कैसे इन्होने हमको बचा या tha…tab कोनसी दुनिआ में था आपका कानून जो जुर्म होते टाइम नहीं होता पैर सजा के नाम पैर सही करने वाले पैर भी सजा देने आ जाता है …अगर ऐसा है कानून तोह ऐसे लाख कानून ऐसे फ़रिश्ते जो किसी की जान और आबरू बच्ये उनपर कुर्बान ..”

औरत “ तुम चाहे जो भी केहदो पैर इन सबकी मौत की सजा कानून देगा ..”

जस “ आपका कोई अपना काट गया क्या बहार जो आप अचानक से इतना कानून कानून कर रही हैं …इतना कानून किसी बचे को भी पता होगा की किसी प्राइवेट प्रॉपर्टी पैर कोई हुम्ला करने वाले या रपे करनेवाले या जान से मरने वाले को सेल्फ- डिफेंस में अगर मरना भी पड़े तोह गलत नहीं है …तोह इन्होने कोनसा सेक्शन तोडा है कानून का ज़रा मैं भी तोह सुनू..”

औरत “ हु सब मुझे नहीं पता मैं बस जा रही हूँ यहाँ से और पुलिस को बताकर hi रहूंगी जिसे जो कहना है कह लो …जो सही है हु सही है …जान लेने का हक़ इंसान का नहीं है ..”

लोगों ने उसे सुनाया तोह मनु ने सबको रोक दिया …

मनु “ आप इनको जाने दे इनको जो ठीक लगता है यह कर सकती हैं यह आज़ाद हैं …प्लीज कोई न रोके इन्हे ..”

हु औरत उठी और बहार जाने लगी हर कोई उसे गुस्से से देख रहा था …जैसे hi हु पलटी अपने बेग के साथ जो उसने अपने कंधे पैर तंग लिया था …

एक आवाज़ उसके पीछे से आयी “ हम सब तुम्हारे साथ हैं ….हम सब तुम्हारे साथ हैं…”

उस औरत के कदम अपने आप रुक गए …उसने फ़ौरन पीछे मुड़कर देखा …

मनु अपने मोबाइल में यह वीडियो प्ले कर रहा था …जो उसने यहाँ से बहार निकलने से पहले बांयी थी ..ताकि टाइम पैर काम आ सके …

उस वीडियो में सबसे आगे वही औरत चीला चीला कर कह रही थी …”हम सब तुम्हारे साथ हैं …”

खुद को उस वीडियो में देखकर हु वापस आयी ..

औरत “ यह सब क्या है …और इससे होगा क्या …”हु डर चुकी thi…uski हवा गुल्ल हो चुकी थी वीडियो देखकर ..

मनु “ अन्त्य जी आप बहुत तेज़ दिमाग रखती हैं यह मैंने पहले hi सोचा था की जब कोई गड़बड़ होगी तोह कालको पुलिस केस भी हो सकता है ..और अगर मैं साबित नहीं कर पाया की मैंने जो किया है self-defense में किया है तब इसकी जरूरत होगी ..”

औरत “ मतलब” उसकी अंदर से अब गांड फट चुकी थी क्युकी मन्नू ने उसके सामने जो पॉइंट रखा था उसमे उसका फसना भी तय hi था ..

मनु “ मतलब यह इंसान कब रंग बदल जाये किसको पता मैंने तोह अपनों को सबसे ज्यादा जरुरत के टाइम धोखा देते हुए देखा है तोह आप कोनसा मेरी सगी हैं ..या कालको इनमे से कोई भी अपना मुँह खोल्दे मेरा भी परिवार है …यह रेस्टोरेंट का स्टाफ भी मेरी फॅमिली है …आप सभी को भी मैं फॅमिली hi समझा था …खैर यह वीडियो सिर्फ अपनी इस फॅमिली और बिज़नेस की सेफ्टी के लिए लिया था ताकि जब भी आप लोग मुँह खोलो तोह यह वीडियो दिखाकर मैं भी साबित करदूँ की यह सब मैंने आप सभी के मर्ज़ी और आप सबके दबाव में किया है मैंने सो यहाँ से बहार जिसने भी मुँह खोलने की कोशिश की …प्ल्ज़ सोच लेना मैं अकेला नहीं जाऊंगा आप सब भी मेरे साथ जायेंगे …सो या तोह साथ दो या मज़े लो मर्ज़ी आपकी है ..मैंने आज तक किसी मासूम पैर हाथ तक नहीं लगाया है सो मुझे इसके लिए मज़बूर भी मत करना ..आप लोग भी खुश रहो और मुझे भी जीने दो चैन से आगे आप स्मार्ट हैं जवाब मैं नहीं कोर्ट में मेरे लॉयर को आपको देना होगा …”

अब तोह उस औरत की hi नहीं हर इंसान की हवा गुल थी …करते भी क्या वैसे भी हाँ hi कर रहे थे और इसके बाद ना का तोह सवाल hi नहीं था …क्युकी अब उन सभी की जान उस वीडियो नाम के toote(parrot ) में कैद थी और ना का ऑप्शन मनु ने दिया hi नहीं था किसी को …

पैर इनसब में अपने तेज़्ज़ दिमाग से काम लिया जस ने न जाने कहाँ से उसके पास कोई stamp-paper था जिसपर वहां मजूद हर इंसान से उसने सिग्न ले लिए एक नौ ( No ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ) की तरह ताकि कल को बचा हुआ मुँह भी बंद रहे उनका …

यह सब हुआ hi था की अंदर कदम रखा सुल्तान और उस्मान ने जिनके कपड़ूँ पैर खून के छींटे यह बता रहे थे की जफर और खालिद का काम हमशा के लिए हो चूका है …

उनके कपड़ूँ का खून और उस्मान और सुल्तान को देखकर customer’s की हालत ख़राब हो gayi..kyuki दोनों जिस हाल में थे किसी की भी हालत पतली हो जाती …क्युकी खून के छींटें उनके सफ़ेद और आसमानी रंग (वाइट एंड स्काई ब्लू) कपड़ूँ पैर सामने से पड़ी थी …

सुल्तान “ ऐ सुनलो अगर बहार किसी ने मुँह खोला तोह अचे से समझ लेना जब हम इतने को मार सकते हैं उनके लिए कुछ और कोई मायने नहीं रखता …”

मनु “ भाई आप कैसी बात कर रहे हैं यह …हम सभी शरीफ हैं और मातुरे हैं सो यह सब बाते केहनी जरूरी नहीं है ..आप आराम से बैठें में आता हूँ जरा ..”

कस्टमर भी सुल्तान की बात सुनकर चले गए the…manu भी अपने ऑफिस के बाथरूम में गया और t-shirt चेंज करके मुँह हाथ दोहकर वापस ऑफिस में आया जहाँ उसने उस वीडियो को क्लाउड अकाउंट और मेल पैर दाल दिया सेफ्टी के लिए …

तभी गेट पैर नॉक हुआ …मनु ने पूछा कोण तोह यह फरहीन थी ..

फरहीन अंदर आयी …मनु ने पूछा की हु ठीक तोह है …बदले में फरहीन कुछ न बोली बस मनु के सीने से लग गयी …मनु ने भी ज्यादा कुछ नहीं कहा ..क्युकी उसे लगा की शायद फरहीन अभी तक शॉक में है …

फरहीन मन में“ अब सुकून मिला दिल को न जाने तुमने क्या किया है की एक hi दिन में मेरा खुद पैर काबू नहीं रहा ..जैसे तुमने हमारे लिए किया उसके बाद जफर को माफ़ी तक मंगवा दी ..और जैसे बहार एक साथ इतने लोगों को सिर्फ एक वीडियो के दम पैर काबू कर लिया कोनसी लड़की होगी जो तुम्हे न चाहे …आज से तुम मेरे दिल के बादशाह हो मेरे फ़रिश्ते मनु …ी लव ु ….”

मनु “ क्या तुमने कुछ कहा ???’’

फरहीन “ आपने कुछ सुना है क्या ????”

मनु “ नहीं मुझे लगा तुम कुछ कह रही हो शायद ाचा प्ल्ज़ अब आप आराम करे और अपने भाई को ज़रा देख लें …”

फरहीन अलग हुई मनु से और चली गयी जाते हुए तक उसकी निगाह में मनु था ..

उसके बाद मनु ने थोड़ा रिपोर्ट को देखा ..की फिर नॉक हुआ ..अब सीमा थी ..

शामे हु भी उसके गले आ लगी …मनु थोड़ा हैरान था ..पैर सोचा हो सकता है यह भी शॉक में हो ??

सीमा मनु के गले लगे हुए मैं में “ है मेरे हीरो क्या लड़ते हैं आप किसी एक्शन मूवी में भी नहीं देखा हमने तोह और क्या बॉडी है आपकी और है आपके बाल ..और आपका यह मासूम चेहरा कोई कैसे दीवानी न हो आपके लिए ..अरे आप तोह किसी फ़िल्मी हीरो से भी अछि पर्सनालिटी के मिल्क हैं और नकली हीरो से ज्यादा बहादुर सो .. ी लव ु मेरे हीरो ???”

मनु “ आपने कुछ कहा “

सीमा “ आपने सुन लिया क्या ???’’

मनु “ नहीं मुझे ऐसा लगा की आपने कुछ कहा है ….”””

सीमा “ आप न बड़े हु हैं है …” ..यह कहते हुए सीमा भाग गयी…

मनु बस सोचता hi रह गया ..की यह सब है क्या ..

फिर से रिपोर्ट में लग गया ..फिर नॉक हुआ ..

अब शाहीन थी …

शाहीन अंदर आयी ..मनु ने सोचा की शायद यह भी दोनों की तरह उसके गले लग कर थैंक्स कहने आयी है …

तोह मनु ने उसे देखकर बाँहें फैला दी …शाहीन कुछ समझी नहीं ..मनु ने पास आने का इशारा किया तोह शाहीन पास आयी और मनु ने उसे सीने से लगा लिया ..

शाहीन अंडर से बहुत खुश हुई की मनु ने उसे सीने से लग आलिया ..

शाहीन मैं में “ उफ़ क्या गरम लग रहा है …कितना मज़बूत सीना है इनका कितने अचे हैं और क्या नहीं किया इन्होने हमारे लिए ..मुझे उस उपपरवाले से कुछ नहीं चाहिए बस आप चाहिए मुझे …ी लव ु मैं सिर्फ आपकी होना चाहती हूँ बस यही दुआ है मेरी रब्ब से की मैं आपकी हो जॉन …ी लव ु..”

मनु ..” यह मुझे हो क्या रहा है ???”

शाहीन मनु से अलग हुई और हैरानी से मनु को देखने लगी ..

मनु “ सॉरी पता नहीं आज क्या हो रहा ऐसा लग रहा की कोई कुछ कह रहा है पैर आपने तोह कुछ नहीं कहा है है न ??”

शाहीन “ मैं जो कहा है अगर आपने सुन लिया तोह मतलब मेरी मांगी दुआ कुबूल होगी …”

मनु “ कैसे बात करती है आपकी दुआ कैसे कुबूल नहीं होगी मैं भी आपके लिए दिल से दुआ करूँगा की आपकी और आपकी दोनों साथियों की दुआ भी कुबूल हो जाये ,,”

शाहीन इस पैर बहुत खुश हुई एक बार फिर से मनु के सीने से लगी और तेज़ी से बहार चली गयी..

मनु भी अपना काम ख़तम करके बहार गया सुल्तान और उस्मान साथ बैठे थे उनके कपडे अब चेंज थे शायद कोई बाँदा उनके कपडे ले आया हो ??? तीनो सिर्फ अकेले थे क्युकी तीनो लडकियां जस और बाकी स्टाफ के साथ थी और सुल्तान और उस्मान के बन्दों के साथ बाकी की devil’s टीम बहार लाशूँ की सफाई में लगी हुई थी .. अंडर एक टेबल पैर सिर्फ सुल्तान और उस्मान थे अस्स पास कोई नहीं था ..सभी अपने अपने कामो में लगे हुए थे ..और यह तीनो hi सिर्फ खाली थे ..

खैर मनु दोनों के पास आया और तीनो अब साथ में थे ..

सुल्तान “ मनु तुमने पहले मेरी जान बचाई thi…or आज तुमने फिर से एक बार मेरी जान बचा ली फरहीन और शाहीन के चेहरे में तुम सुच में बहुत नेक दिल इंसान हो ..मैं सुच में उस उपपरवाले का शुक्रगुज़ार हूँ की मैं तुमसे mila…shukriya मेरे भाई ..”

मनु “ भाई भी कहते हैं और शुक्रिया भी लगता है आप भूल गए की ..दोनों साथ में नहीं ाचा जंचता है ..”

सुल्तान “ तुम बिलकुल नहीं बदले जैसे तब थे वैसे hi आज भी हो सुच में बहुत ख़ुशी हुई तुमसे दोबारा मिलके पैर एक बात कान खोलकर सुनलो सराह तुम्हारी भाभी ने पहले भी कई बार तुमको साथ लेन और दावत के लिए कहा था …और आज के केस के बाद हु मुझे कच्चा चब्बा जाएगी अगर तुम घर नहीं आये तोह …क्युकी उसे भी अब तक फरहीन और शाहीन के बारे में उनके घर से पता लग चूका होगा ..तोह मैं चाहता हूँ तुम एक बार हमको खिदमत का मौका दो मेरे भाई..”

मनु “ कैसी बात करते हैं आप सुल्तान भाई जब आप कहेंगे आपका यह भाई तैयार मिलेगा क्युकी बात यहाँ भाभी की है ..और मैं खुद भी देखना चाहता हूँ की जो इंसान मौत से नहीं डरता हु भाभी के कच्चे चबाने से कैसे डरता है ….हाहाहाहा ! सॉरी पैर मैं खुद को रोक नहीं पाया ..” इस बात पैर सुल्तान थोड़ा झेप सा गया पैर मनु और उस्मान दोनों hi साथ में हंस पड़े ..

उस्मान “ मुझे माफ़ करना मनु उस दिन के लिए …मैंने उस दिन सुच में तुम्हारे साथ ज़यादात्ती की थी …पैर जब तुमने जिस हिम्मत के साथ मुझसे आँख मिलकर कहा तोह मैं भी सोचने पैर मज़बूर हुआ की …अगर तुम नहीं तोह हु कोण है ..तब मुझे उस हरकत पैर अफ़सोस हुआ ..और मैंने पता किया तोह पता चला की कोई चिंटू नाम का लड़का था …पैर मैंने भी उसके बाद उसे पकड़ा और अचे से उसकी 14 लोगों से उसकी गांड लगातार 4 दिन तक मरवाई ताकि साला अगली बार किसी और औरत के साथ कोई गन्दी बात करने से पहले हज़ार बार सोचे ..पैर मुझे उस दिन से hi शर्मिंदगी हो चुकी थी की पता नहीं मैं तुमसे कैसे आँख मिला सकूंगा ..पैर आज तुमने सीमा को बचा कर मुझे ज़मीं में hi गाड़ दिया है और यह सब जो सीमा को तुमने बिना जाने किया और जो इंसान बिना किसी जान पहचान के मदद करे हु गलत कैसे हो सकता है ??..मुझे माफ़ कार्डो मनु ..प्ल्ज़ मैं सुच में तुम्हारा गुन्हेगार हूँ ..” उस्मान ने लगभग खड़े होकर सुल्तान के सामने मनु के आगे हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी ..

मनु ने उसे रोका और बिठया ..क्युकी उस्मान लगभग रोने जैसा हो चूका था …मनु ने उसे पानी पिलाया …

और कहा “ उस्मान भाई जो बिट गया हु बदला नहीं जा सकता ..मैंने आज तक उस बात पैर आपको जज नहीं किया क्युकी आपने जो किया हु शायद कोई भी इंसान करता ..उसके लिए मैं आपसे कोई शिकवा या गीला नहीं करता हूँ …पैर एक बात ज़रू कहूंगा अगर कभी ऐसी कोई बात हो जिसमे आपको ऐसा कुछ हो जाये तोह प्ल्ज़ पहले अगर पॉसिबल हो सके तोह सामनेवाले की बात भी सुन लेना क्युकी अक्सर गुन्हेगार से ज्यादा बेगुनाह ज्यादा फंसा करते hain..khair कोई बात नहीं आप से मुझे सुच में कोई शिकायत नहीं है ..और आप भी ऐसी बातिअन याद न करे जिससे आपको तकलीफ हो ..जो हुआ उसे भूल जाए..”

उस्मान “ कैसे भूल सकता हूँ मैंने क्या कुछ नहीं किया था उस दिन तुम्हे दौड़ा कर मरना चाहा और तुम कह रहे हो की भूल जॉन ..”

मनु ..” हाँ भूल जाओ क्युकी ऐसी बातें याद करने से सिवाय दुःख के कुछ हासिल नहीं होगा ज़िन्दगी चलने के लिए है रुकना ज़िन्दगी का नाम नहीं …फिर भी अगर आप चाहे तोह आप मेरी उस दिन की डूअड़ वसूल करा सकते हैं ???” मनु ने कहा तोह उस्मान उम्मीद से मनु को देखने लगा ..

उस्मान “ हाँ तुम कहो न एक बार मैं जो कर सकता हूँ जरूर करूँगा ..”

मनु “ ज्यादा कुछ नहीं बस आप भी भाभी के हाथ से थोड़ा ाचा खाना खिलवा देना ..मेरी दौड़ वसूल हो जाएगी …”

उस्मान “ बस इतने से हो जायेगा .???”

मनु “ ओह्ह! लगता है ज्यादा मांग लिया है …कोई बात नहीं आप चाहें तोह मन कर सकते है ..??”

उस्मान “ अरे कैसी बात करते हो जब सीमा के बात सुमैला को पता चलेगी तोह खुद तुम्हे बुलाने की ज़िद करेगी और तब अगर मैंने तुम्हे उसके सामने नहीं किया तोह मेरी खैर नहीं दुनिआ के सामने भले hi मैं शेर हूँ पैर उसके आगे यह शेर भी कब बिल्ली बन जाता है उसे भी नहीं पता …”

मनु “ तोह मतलब सुल्तान भाई अकेले नहीं हैं जो भाभी से डरते है आप भी शामे तो शामे डरते हैं भाभी से तब तोह और मज़्ज़ा आएगा दोनों भाभी लगता है सुच में तू मच हैं …”

सुल्तान “ हाँ बच्चू ले लो मज़े हर मैरिड आदमी का यही हाल है कुछ प्यार से डरते है बीवी की आगे तोह कुछ सुच में डरते हैं …तुम मज़े में हो जब तुम्हारा टाइम आएगा तब देख्नेगे तुम कितने शेर हो …???”

ऐसे hi हंसी का माहोल बन चूका था ..तीनो अचे से एन्जॉय कर रहे थे एक दूसरे की कंपनी को उस्मान भी अब मनु से अत्त्रक्टेड हो चूका था की सिर्फ दावत के नाम पैर hi उसने जान लेने वाले उस्मान को माफ़ कर दिया ..उसे खुद पैर बहुत गुस्सा था जबसे उसे पता चला था की मनु बेगुनाह है पैर मनु ने बड़े हलके में उसे माफ़ भी कर दिया और उस बाद के लिए उस्मान को निचा तक फील नहीं होने दिया ..वह कहीं न कहीं मनु के इस बर्ताव से खुश था ..

मनु “ भाई एक बात कहना चाहता हूँ अगर आप दोनों को बुरा न लगे तोह ..”

सुल्तान “ यार इतना सोचने की क्या ज़रूरत है बिंदास केहदो तुम भी हमसे अलग नहीं हो ..”

मनु “ मैंने आज के इंसिडेंट के बारे में सोचा तोह एक बात ने मुझे थोड़ा परेशां किया है …प्ल्ज़ थोड़ा गुजर करना ..”

उस्मान “ बात क्या है ..??”

मनु “ मेरा ख्याल है आपको कुछ दिन बाद अपनी तीनो बहनो को यहाँ से कहीं दूर भेज देना चाहिए ..”

सुल्तान “ पैर क्यों???”

मनु “ आप खुद समझदार हैं क्युकी आज आपने एक मला और उसके बेटे को मारा है और उसके लिए आज नहीं तोह कल कोई भी आप पैर ऊँगली उठएगा जरूर ..क्युकी यह लाज़मी है की हु सामने से वार न करके आपकी कमज़ोरी यानी आपकी फॅमिली में से किसी को टारगेट करे ..और क्युकी तीनो यंग है और पड़नेवाली हैं तोह ऐसे में उनका इजी टारगेट होगा आपकी बहिन ..वह इनको आसानी से टारगेट कर सकते हैं ..और मला कोई छोटा आदमी तोह होता नहीं है उसके कनेक्शन भी होंगे जो आज नहीं तोह कल पता लगा hi लेंगे की इसके पीछे आपका हाथ है सो एक बार इस बारे में सोचना जरूर..”

उस्मान और सुल्तान जो अब तक खुश थे अब सोचने लगे की बात तोह सही है आज नहीं तोह कल अगर ऐसा हुआ तोह क्या होगा …सुल्तान तोह पहले hi अपनी फॅमिली खो चूका था क्युकी सराह को भी हु दुनिआ से बचकर रखता था …सो उसे मनु की बात सही लगी क्युकी तीनो hi पड़ने वाली लडकियां थी सो यह पॉसिबल भी था की कोई उनको टारगेट करता ..

सुल्तान ..” जब तुम इतना सोच hi चुके हो तोह इसका हल (सलूशन ) भी तुमने आलरेडी सोचा hi होगा …क्युकी मैं तुम्हे अचे से समझता हूँ की तुम जब बात करते हो तोह सोचकर बात करते ho…so अब हल जो तुमने सोचा है हु भी बता hi दो …”

मनु “ इसका सिंपल सलूशन है आप तीनो को किसी और जगह पड़ने के लिए सेक्रेटली भेज दो ..ताकि वहां हु सेफ रहे और यहां तोह आप हैं hi न …”

उस्मान हैरानी से देख रहा था ..बेशक उम्र में मनु से बड़ा था पैर जिस तरह से मनु ने पहले से आने वाले खतरे को उनके सामने रखा और उसका पहले से hi सलूशन दिया उसे देखकर उस्मान भी मनु का फानन बन चूका था …

उस्मान “ यह सही है …थैंक्स मनु तुमने प्रॉब्लम भी पहले देखा दी और उसका सलूशन भी दे दिया सुच में तुम्हारा दिमाग सही चलता है …उस्मान आज से तुम्हारा फानन है ”

मनु “ पैर इसका असर भाभियों की दावत पैर नहीं पड़ना चाहिए मैं भी देखना चाहता हूँ इन दो मर्दों की लगाम किनके हाथों में है …हहहहह! “ माहोल फिर से खुश नुमा हो चूका था ..

उसके बाद सुल्तान और उस्मान तीनो लड़कियों को लिए साथ चले गए …तीनो मनु को देखती हुई bye कर रही थी …उनकी नज़रूँ में मनु के लिए एक अलग सी चाहत पैदा हो चुकी थी …रात घिर चुकी थी …

उनसब के जाने के बाद स्टाफ अपनी ड्रेस चेंज करने चला गया …मनु भी अपने ऑफिस में गया hi था की पीछे से जस उसके पीछे चली आयी ..

मनु “ जस लगता है आज घर नहीं जान तुम्हे …” मनु ने मुस्कुरा कर कहा ..

जस ने आगे बढ़कर मनु के गल्ल पैर किश कर दिया …उसके नरम होंठ और होटों की लाली देखकर किसी का भी दिल मचल जाये ..

मनु “ यह मेहबानी किस लिए जस मैडम लगता हैं आज हमारी किस्मत मेहरबान है …”

जस” यह छोटा सा ग्रटीटुडे है उन तीनो के लिए किसी लड़की की इज़्ज़त क्या होती है यह एक लड़की hi जानती है .यह उसके लिए है छोटा सा टोकन गिफ्ट ताकि आपको कोई कमी न हो ??? जस ने शरमाते हुए कहा ..

मनु “ और हु क्यों भला मुझे भला क्या कमी होने लगी …??”

जस “ आप न सूचि में बड़े वाले हो ??? जाओ मैं आपसे बात नहीं करती “ जस ने रूठते हुए कहा ..

मनु ..” ाचा बाबा यह लो कान पकड़ लिए अब तोह मान जाओ देखो तुम गुस्से बुल्कुल किसी गुडिअ से काम नहीं लगती क्युकी गुस्से में तुम लाल मिर्ची बन जाती हो ….हाहाहा!”

लाल मिर्ची हु नाम था जो सिर्फ मनु ने जसिका उर्फ़ जस को दिया था …जिसपर अक्सर जस गुस्से में आ जाती थी ..

मनु ने तोह छेड़ने के लिए लाल मिर्ची कहा था ..पैर आज जस सिसक रही थी …मनु को लगा आज शायद जस को बुरा लग गया..

मनु “ सॉरी जस मैं तोह सिर्फ तुम्हे छेद रहा था सॉरी अगर तुम्हे बुरा लगा हो तोह लो मैं फिर कान पकड़ लेता हूँ ..”

मनु ने कान को हाथ लगया hi था की जस ने उसके कान से हाथ हटा दिया ..और रट हुए मनु के सीने से लग गयी …और ज़ोर से रोने lagi…manu भी हैरान था की थोड़ी देर पहले शेरनी की तरह लड़ने वाली लड़की उसे लग कर रो रही है ..मनु ने प्यार से अपने सीने से लगये रखा और उसके सर पैर हाथ फिरने लगा …इसमें गलत समझ ने जैसा कुछ नहीं है मनु जस को दोस्त जैसे समझता था ..

जस रट हुए जब थोड़ी नार्मल हुई तोह मनु ने उसके ांसो पूछे अपने हाथ से …

मनु “ बस भी करो कहाँ मैं थोड़ी देर पहले तुमको शेरनी के तरह देखकर खुश था और कहाँ तुम रो रही हो …तुमको पता भी है की तुम्हारे आंसू मुझे कितना दुक्ख देते है इसी ाचा होता की खालिद की गोली hi मुझे माआ” उसके मुँह पैर जस ने हाथ रखकर रोक दिया था उसके आंसू देखकर मनु को बहुत बुरा लग रहा था …

जस “ देखो आप दुसरऊँ के बारे में सोचते हो अछि बात है पैर पता है मैं कितना डर गयी थी जब आपको अकेला इतने लोगों में लड़ते हुए देखा था …मैं हर पल उप्पेर वाले से दुआ कर रही थी आपकी सलामती की ..आप सभी के लिए सब कुछ है और मेरे लिए तोह दोस्त फॅमिली सब कुछ बस आप hi हैं तोह ऐसे में आपको कुछ नहीं यह नहीं हो सकता …मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगी …”जस ने कहा

मनु “ बस बस देखो मैं बिलकुल ठीक हूँ और अगर मुझे कुछ हो भी जाता तोह गुरु भाई और तुम्हारे फ्यूचर के लिए मैंने बहुत कुछ प्लान कर रखा है तुम ऐसे दिल मत छोटा करो क्युकी तुम्हारे ांसो पता नहीं क्यों?? मुझे दर्द देते हैं ..इसलिए अपने लिए न सही मेरे लिए प्लीज तुम कभी मत रोना ..ok “

जस “ ठीक है नहीं रोउंगी आगे कभी पैर एक प्रॉमिस करो आगे से अपना ख्याल रखोगे आप ..मैं आपको किसी की हेल्प करने से रोक नहीं हूँ बस खुद का ध्यान रखने को कह रही हूँ …और ख़ुशी की बात ऐसी है …दुनिआ में आपके शिव मेरा अपना कोई बचा hi नहीं है सो जब ताका आप हैं में हर हाल में खुश हूँ ..मुझे पैसे से ज्यादा आप चिहए ..यह बात अपने दिमाग में दाल लो ..” जस में मनु के कमर पैर हलके हाथ से चपत लगा दी ..

मनु “ठीक है पैर आज नहीं तोह कल शादी करोगी तब क्या मुझे दहेज़ में लेकर जाओगी …??hahaha”manu ने छेड़ते हुए कहा ..

जस “ नहीं तब भी आप साथ hi होंगे वर्ण शादी hi नहीं करुँगी ..”…मैं में “ आपके बिना यह आपकी दुल्हन शादी कैसे कर सकती है शादी में दुल्हन के साथ अगर दूल्हा hi न हो तोह शादी होगी कैसे bhala..aapne मुझे जो ज़िन्दगी दी है यह ज़िन्दगी बस आपकी अमानत है हाँ जसिका सिंह सिर्फ आपकी है बस आपकी ..ी लव ु मेरी जान ”

मनु “ तुमने कुछ कहा क्या जस ???“

जस जेहंपटे हुए ..” नहीं भला मैं क्या कहूँगी पैर आपने कुछ सुना क्या ???”

मनु “ पता नहीं आज हो क्या रहा है ..मुझे ऐसा लगता है शायद मैं कुछ सुन रहा हूँ पैर कुछ सुनाई नहीं देता लगता है …थकन का इफ़ेक्ट है ..”

जस मन में “ है मेरे जानू यह थकन का नहीं मेरी चाहत का इफ़ेक्ट है …सुच में उपपरवाला है ..वर्ण मेरे दिल की बात कैसे सुनाई देती इनको …ी लव ु मेरी जान …मेरी ज़िन्दगी के मालिक …ी लव ु सो मच ..”

मनु “ मुझे लगता है अब हमे घर चलना चाइये मुझ पैर थकन का असर हो रहा है पता नहीं फिर कुछ सुनाई दिया …चलो अब और हाँ मैं हर कदम तुम्हारे साथ हूँ बस मुझे मेरी लाल मिर्ची ज्यादा पसंद है रोने धोने वाली नहीं तुम शेरनी ज्यादा अछि लगती ho..per फिर भी जब खुद को अकेला पाओ तोह तुम्हारा यह दोस्त हमेशा तुम्हारे साथ है …याद रखना ok अब चलो ..”

जस अंदर से बहुत खुश थी की मनु को उसके दिल की बात सुनाई दे रही थी …पैर जब से उनसे हर कदम साथ देने की बात की उसके गोर गाल किसी गुलाब के जैसे लाल हो चुके थे ..उसके सपने उसे सुच होते दिख रहे थे …

खैर दोनों अब रेस्टोरेंट से बहार आ चुके थे …सिक्योरिटी गार्ड ने रेस्टोरेंट बंद किया …क्युकी टाइम भी काफी हो चूका था …मनु और जस ने जब बहार आकर देखा तोह ऐसे लग रहा था की जैसे वहां कुछ हुआ hi न हो …क्युकी सुल्तान और उस्मान के बन्दे और devil’s टीम ने अचे से सफाई करवा दी थी की लग hi नहीं रहा था की वहां इतनी लाशीं गिरी हूँ ??

खैर मनु ने खुद जस को उसके पग में छोड़ा और अपने घर चला गया …एक तूफ़ान और कहीं जो अपना मुँह फाड़ने को त्यार था जिसका असर किसी और फॅमिली पैर पड़ना बाकी था …..:हिंट:
 
सॉरी आप सभी को इंतज़ार करवाया पैर सुच में यह मेरी वजह से नहीं है डिअर फ्रेंड्स इंटरनेट प्रॉब्लम चल रही है यहाँ कुछ ज्यादा hi इसलिए नेट जिस दिन से अपडेट दिया है उस दिन से नहीं aaya...so ज्यादा टाइम नहीं है पता नहीं फिर कब चला जाये ...पैर आप सभी को दिल से थैंक्स की आपको ाचा लगा अपडेट ...और इसके लिए सॉरी की इस बार सभी को रिप्लाई नहीं कर पाया प्रॉपर वे में ...प्ल्ज़ don't मंद तहत ...क्युकी जो अपडेट लिखी है अभी उसे पोस्ट करने में ध्यान है ......

बूत फ्रेंड्स विल अंडरस्टैंड ऑलवेज कॉज मुझे मेरे हर दोस्त पैर भरोसा है ...:रेस्पेक्ट:
 
अपडेट 70

रिकैप..

खैर मनु ने खुद जस को उसके पग में छोड़ा और अपने घर चला गया …एक तूफ़ान और कहीं जो अपना मुँह फाड़ने को त्यार था जिसका असर किसी और फॅमिली पैर पड़ना बाकी था …..

अब आगे.....

मनु घर गया और जाकर सो गया …अगले दिन की तयारी के साथ …पैर कहीं और एक तूफ़ान हु जो छोड़कर आया था ,उसकी आंच अब कुछ चिंगारी लिए सिमटी हुई थी अपने में …यह आंच किसी और के घर नहीं शबनम के घर में उठ रही thi…manu के जाने के कुछ घंटे बाद जहाँ मनु किसी और के लिए लड़ रहा था शबनम से इसरार नशे में लड़ रहा था ….

इसरार “ शबनम तुझसे मुझे यह उम्मीद नहीं थी …की तू इतनी आसानी से मान जियेगी और किसी के साथ सो जाएगी ??? “ इसरार ने गुस्से से कहा …

शबनम “ कोई बात नहीं आप खाना खालो …देखो ज्यादा देर न खाने से आपकी सेहत ख़राब हो जाएगी ??”

इसरार नहीं मन …उसके आँखों के सामने शबनम और मनु का चेहरा आ जा था …और शबनम की बातें अभी तक उसके दिमाग में गूंज रही थी ….की “ शबनम अब आपकी है सिर्फ आपकी और कोई छू तक नहीं सकता शबनम को मेरी रूह के मिल्क आपने आज मुझे अपना बना लिया है…”

मतलब इसरार सिर्फ नाम का शोहर है …उसका अपना कोई वज़ूद नहीं क्या हु हमेशा ऐसे hi शबनम को गैर की बहून में देखता रहेगा …क्या उसकी सिर्फ मर्दानगी चले जाने की यह सजा होगी की शबनम अब मनु को अपनी रूह का मालिक कहेगी ???? यह सवाल रह रह कर इसरार के जेहन में गूंज रहा था …और इसका कोई जवाब इसरार के पास नहीं था …

शबनम ने उसकी हर बात सुनी पैर ज्यादा कुछ कहा नहीं उसने इसरार को खाना खिलाया और सुला दिया क्युकी इसरार नशे में था सो शबनम ने भी उसे ज्यादा बात करना ठीक नहीं समझा ….और खुद भी खाना खाया और अपने दिन की मनु के साथ हुई चुदाई की मीठी याद में खो गयी….

अगला दिन हुआ इसरार उठा तोह दिन के 10 ऍम बज रहे थे …उसके सर में बहुत तेज़ दर्द था कल बिना कुछ खाये और बिना किसी सौदे या पानी के नेट पेग उसके सर का आज अचे से बंद बजा रहे थे …कल दिन में hi उसने कई बार उलटी भी कर दी थी छत्त …पैर ..

पैर कल की बातें अभी तक उसे दिमाग में हथोड़े जैसे पद रही थी ….उसने कल रात क्या किया उसे याद तक नहीं था …सो जैसे तैसे उठा और फ्रेश हुआ और ड्राइंग रूम में गया जहाँ हु किचन के पास लगने वाली डाइनिंग टेबल पैर अपना सर पकड़ कर बेथ गया …

शबनम किचन में काम कर रही थी …उसकी चाल आज बदल चुकी थी पेअर फैला कर चल रही थी …उसकी चाल चिल्ला चिल्ला कर बता रही थी की उसकी चुदाई किसी हुअलाबी लोडे ने खूब डिल आगा कर की है …

शबनम ने सुबह hi मनु की दी गोली (पैन किलर ) खा ली थी …क्युकी अगर नहीं कहती तोह शायद उसकी छूट का दर्द उसे बीएड से उठने नहीं देता ….तगड़ा लोढ़ा उसकी छूट को अंदर से कई जगह से चील चूका था …और मनु ने भी बिना रेहम किये कई बार छूट का रास निकल दिया था …सो यह तोह होना hi था …

इसरार सर दबाये बैठा था …की शबनम ने सामने नाश्ता प्लेट में सर्वे करके उसके आगे सरका दिया ….

इसरार ने जब प्लेट को देखा तोह उसे शबनम का ध्यान आया …और कल का सन एक बार फिर सामने तैर चूका था … उसने सर उठाकर सामने कड़ी शबनम को देखा ….

शबनम उसके सामने कड़ी थी …उसकी आँखें लाल थी शयद गुस्से में …इसरार ने उसे उप्पेर से निचे तक देखा ….उसका दिल मुँह से बहार आने को जैसे हुआ …एक बार को तोह लगा शायद कोई सपना है …उसने खुद को थपड हाथ पैर मार कर देखा ….तब उसे यकीं हुआ की जो हु देख रहा है …हु सुच hi है …

शबनम सामने कड़ी थी उसने लाल रंग का सूट डाला हुआ था …और उसी के साथ की चूड़ियां (बँगलेस ) भी मैचिंग थी …पैर इसमें ऐसा क्यात है जिसके चलते इसरार का दिल मुँह तक आ चूका था ….

आज शबनम ने अपनी मांग में सिन्दूर भर रखा था …और साथ में मंगलसूत्र भी बंधा हुआ था …

इसरार अब गुस्से में था …” शबनम यह सब क्या है और तुम भूल रही हो की तुम क्या हो ???”

शबनम “ नहीं भूली हूँ मैं क्या हूँ और कोण हूँ पैर लगता है आप भूल चुके हैं आप कोण हैं ??”

इसरार “ लगता है तुम पागल हो चुकी हो तुमने यह सब क्या सोचकर किया …तुमको नहीं पता यह सब हमारे में नहीं होता …??”

शबनम “ अचे से पता है की क्या होता है और क्या नहीं मैंने अचे से सोच समझकर यह सब किया है …”

इसरार “ इसका मतलब क्या है ज़रा जान सकता हूँ …”

शबनम “ आप नाश्ता करे आपको देर हो रही होगी ???”

इसरार ने गुस्से में नाशते की प्लेट को हाथ दिया ….फ़िल्मी ड्रामे की तरह प्लेट ज़मीं पैर गिरी ज़रूर पैर टूटी नहीं क्युकी गरिबुँ के यहाँ रोज़ के बर्तन स्टेनलेस स्टील के होते हैं ….क्युकी इसरार और शबनम को बेशक यह फार्महाउस और जॉब मास्टर की बदौलत मिला था पैर रोज़ की जॉब में जो मिलता उसमे हर रोज़ के लिए उसे करने के लिए स्टील ज्यादा सस्ता पड़ता है …

जहाँ पहले लाल आखें शबनम के अकेले थी पैर अब इसरार की आखें भी शामे हो चुकी थी …

इसरार “ तुम साबित क्या करना चाहती हो और किसी चाहती हो …मैं तुम्हारा शोहर हूँ …”

शबनम ने आगे जो कहा उसे सुनकर उबलता हुआ लावा इसरार के कानो में जैसे गिर चूका था …

शबनम “ मर इसरार अहमद अब मेरा सिर्फ एक hi शोहर ओह्ह्ह! सॉरी उनके यहाँ तोह पति कहते हैं न ….हाँ सिर्फ एक hi पति है मानव सिंह ….सो आप सिर्फ अपने काम से काम रखें तोह ज्यादा बेहतर होगा ???”

इसरार “ लगता है तुम पागल हो चुकी हो ….तुम यह भूल चुकी हो मैं तुम्हारा शोहर हूँ और तुम मेरी बीवी और इसमें मनु ओह्ह्ह! सॉरी मानव सिंह कहाँ से बिच में आ गया …बात तोह सिर्फ बचे की हुई थी और यह सब क्या है ??? लगता है की तुम्हारा असली चेहरा सामने आ गया …बेवफा कामिनी मकर बदजात ..”

शबनम “ मैं कुछ नहीं सुन्ना चाहती …जो मुझे कहना था कह दिया …आपको जो करना है आप कर सकते हैं ..पैर एक बात अचे से समझ लो की अब आपका सिर्फ नाम है …और अगर उसमे भी आपको दिक्कत है तोह…”

इसरार “ तोह क्या बदजात मक्कार साफ़ साफ़ कह दे किट ु बेवफा है …एक मैं hi पागल था जो एक रैंड से दिल लगा बैठा …जो उसे अपनी बीवी बनाया …मेरी hi किस्मत ख़राब है जो मैंने दो टेक की रैंड पैर …भरोसा किया …तू कामिनी मक्कार ऐसे क्या दे दिया उस कमीने ने तुझे एक बार में …चटकककक!!! आह्हः!“ इसरार की बात पूरी होने से पहले शबनम ने इसरार के मुँह पैर एक भन्नाते दर चांटा जड़ दिया था …और चांटा भी ऐसा की इसरार मर्द होने के बाद भी उसे झेल नहीं पाया और ज़मीं पैर जा गिरा ..उसके एक साइड के कान जिस साइड चांटा या झापड़ पड़ा था उस साइड का कान sssssssssssssssssssssuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn! की एक लम्बी सिटी उसके कान में बजा चूका था …

शबनम “ देख इसरार तूने मुझे रैंड कहा सुना मक्कार कहा सुना बेवफा कहा हु भी सुना बदजात और कामिनी कहा हु बिना कुछ कहे सुना पैर अगर तूने मेरे रूह के मालिक का नाम तूने गाली अगर अपनी गन्दी और मनहूस जबान से निकला तोह समझ लेना भूल जाउंगी की तू कभी मेरा शोहर था ..”

इसरार अब थोड़ा संभल चूका था और गाल सहलाते हुए “ तूने अपने शोहर पैर हाथ उठाया तू खुद को समझती क्या है तुझे और तेरे उस कमीने ……चटकककककक! आहहहा” शबनम ने फिर उसकी बात पूरी होने से पहले उसका दूसरा गाल सेक दिया …

शबनम “ इसरार तुझे कहा न मेरे रूह के मालिक मेरे पति के बारे में कुछ नहीं सुन सकती …अगर तू अब भी न समझे तोह …तेरी मर्ज़ी है …”

इसरार अब गुस्से में आ चूका था उसी की बीवी किसी और के नाम का सिन्दूर और मगलसूत्र पहन कर खुद को उसकी बीवी होने की बात कर रही थी …और साथ में इसरार जो की उसका शोहर था ..उसे hi पिट रही थी …उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …पैर झापड़ लग्न मतलब उसका गुस्सा बाद चूका था उसने आगे बढ़कर शबनम को मरने की कोशिश की …पैर शबनम ने उसके हाथ आने से पहले hi उसके लैंड और टूटे ांडून पैर एक ज़ोरदार लात मार्कर उसकी साँसे ढीली कर दी …अह्ह्ह्हह! करता हुआ इसरार जमीं पैर एक बार फिर पड़ा था …अपने लैंड और ाँद थामे हुए …

शबनम “ ख़बरदार जो मुझे चुने की कोशिश भी की तोह …तुझे क्या लगता है साड़ी दुनिआ में सिर्फ तेरे पास hi दिमाग है बाकी सब बेवक़ूफ़ हैं ???...क्यों यही सोचा था न तूने ..???”

इसरार “ आह तुम बड़ी बेगैरत हो शबनम …अपने शोहर पे हाथ उठा रही हो तुम्हे अचे से पता है ..की अब में शायद hi कभी बाप बन सकूँ तोह तुमने भी ाचा रास्ता और वक़्त चुना बेवफाई का …मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी …”इसरार ने आंसू बहते हुए कहा …

पैर शबनम तोह जैसे आज कसम लिए हुए थी की इसरार की कोई बात उसपर असर नहीं कर सकती ..

शबनम “ हो गया ड्रामा तोह उठकर काम पैर जा पैर आगे से लिमिट पार मत करना अपनी वर्ण तुम उसके जिम्मेदार खुद होंगे ??” शबनम ने गुस्से से वार्निंग देते हुए इसरार को कहा …

इसरार रट हुए ..” तुम कबसे इतनी बेदर्द हो गयी की तुम्हे किसी के आंसू नहीं दीखते …क्या एक बार भी तुम्हे याद नहीं की तुम मेरी बीवी हो ???” इसरार ने रट हुए कहा …

शबनम “ बंद कर यह ड्रामा मैं अचे से जानती हूँ यह सब सिर्फ तेरा ड्रामा है …????”

इसरार ..” शबनम भूल गयी तुम की तुमने और मैंने निकाह किया है तुम भूल सकती हो मैं नहीं पैर सिर्फ एक बार उसके साथ सोने से hi इतना बदलाव यह कैसे और क्यों सिर्फ यह समझ नहीं पाए रहा हूँ मैं..??”

शबनम “ मादरचोद अब ड्रामा बंद कर अचे से जानती हूँ तूने निकाह क्यों किया था और किसी और के पास क्यों भेजा मुझे और आज तू मुझपर hi ऊँगली उठा रहा है ..”

इसरार ..” वह! अब तुम अपने शोहर को गली भी डौगी …क्या यही तुम्हारा प्यार है …????”

शबनम “ किस प्यार की बात कर रहा है रे गांडू तू क्या समझता है ड्रामा सिर्फ तुझे hi आता है …कोई और सिर्फ चुटिया है जो तेरे इस कमीने और मादरचोद पाने को नहीं समझ सकता ???”

इसरार उसकी इस बात से हैरान होकर रट हुए से चुप होकर “ मतलब ..”

शबनम “ मतलब यह की तेरी असलियत मुझे शुरू से पता चल चुकी थी पैर मैंने खुद के वजह से कभी कुछ कहा नहीं पैर बस बहुत हुआ तू क्या है मुझे अचे से पता है और तेरी कामिनी सोच भी …”

इसरार ..” कैसी सोच अपनी बीवी को प्यार करना और उसके लिए ांसो बहाना क्या गलत है ???इसमें गली देने जैसा क्या है ..”

शबनम …” मादरचोद अब तोह ड्रामा बंद करदे ..”

इसरार …” कहना क्या चाहती हो तुम मेरे आंसू क्या झूठे हैं तुम्हे मेरा प्यार दीखता क्यों नहीं ..??”

शबनम “ जहाँ प्यार होता है दिखने की ज़रूरत नहीं पड़ती …पैर तू एक नंबर का मादरचोद है लगता है तू ऐसे नहीं मानने वाला ..???”

इसरार ..” तू कहना क्या चाहती हो ???”

शबनम ..” रुक अभी बता टी हुन्न तुझे ..”

इसरार हैरानी से देख रहा था ….शबनम ने अपने कपडे उतारने शुरू kiye…uske उस गज़ब के जिस्म को देखकर मुर्दा में भी जान आ जाये पैर इसरार नार्मल था …

शबनम ने अपने सूट को उतारा …उसके बाद अपनी लाल ब्रा को उतारा …ब्रा के उतारने से उसकी चूचियां हवा में झटका कहते हुए तन्न चुकी थी उसकी गोल और ठोस चुकी देखकर किसी कश्मीरी सेब की याद आ जाये उसके सिर्फ देखने भर से hi किसी का लैंड उफान पा जाये …पैर इसरार उसे हैरानी से देख रहा था …

शबनम यहीं नहीं रुकी उसने अपनी सलवार भी उतार फेंकी …उसकी नरम और साफ़ लम्बी जंघे देखकर किसी के मुँह में भी पानी आ जाये पैर इसरार सिर्फ उसे देख रहा था …

पैर शबनम ने अपनी लाल पंतय को भी उत्तार फेंका ..उसकी साफ़ और बिना बाल की छूट जिसके होंठ अभी तक सूजे हुए थे मनु की धमाकेदार चुदाई से…

खुल मिलकर शबनम को इस हाल में देखने के लिए कोई खून तक कर गुज़रता पैर उसका उसे ज़रा भी पछतावा नहीं होता क्युकी यह संगमरी बदन जिसकी चाहत न जाने कितने लोग करते होंगे पैर आज इसरार के सामने नंगा था पैर इसरार हैरान …

शबनम आगे बड़ी और उसने शामे अपने जैसे hi इसरार को नंगा कर डाला …इसरार सिर्फ हैरान और थोड़ा परेशान उसे देख रहा था …की शबनम आखिर चाहती क्या ???? है …पैर शबनम उसके आखिरी कपडे को उसके बदन से अलग करने तक नहीं रुकी …

इसरार भी शबनम जैसे नंगा हो चूका था …शबनम के इस जिस्म को देखकर मुर्दे के लैंड में भी जान आ जाये पैर इसरार का लैंड छुहारे जैसे छोटा ,सिकुड़ा हुआ और लटका हुआ था …उसपर तोह जैसे शबनम का कोई असर hi नहीं हुआ था ….

शबनम उसे नंगा करने के बाद किचन में गयी और कुछ देर में वापस आयी तोह उसके हाटों में एक लम्बी और मोती सी कोई चीज़ थी ..जैसे हु इसरार के सामने आयी तोह इसरार ने देखा शबनम के हाथ में एक लोकि थी जो शायद 16 इंच लम्बी और 8 इंच छोड़ी होगी …

शबनम ने उस लोकि को हाथ में लिया और इसरार को घुमाया और चेयर पैर झुका दिया …इसरार हैरानी में डूबा हुआ सिर्फ उसे देख रहा था …

शबनम ने अपने हाथ की लोकि को उसके झुकते hi उसकी गांड के पास ले जाकर उसके गांड के छेद पैर लगाया और हल्का सा पुश किया …इतनी मोती लोकि कोई शायद मुँह में भी ना ले सके …तोह सोचो इसरार की गांड में भला कैसे जा सकती thi…uski गांड फटनी पूरी तरह से तय थी …उसकी शायद चीखें निकल जायें …

पैर हैरत की बात इसरार को कोई फर्क नहीं पड़ा शबनम ने उसकी गांड में लोकि ठूंस दी पैर इसरार के मुँह से हलकी सी आवाज़ तक नहीं आयी …शबनम यहीं नहीं रुकी उसने सुखी लोकि को और पुश किया …इसरार ने कोई कोशिश नहीं की शबनम को रोकने की …शबनम ने धीरे धीरे पूरी लोकि उसकी गांड में ठूंस दी ..पैर इसरार ने पूरी लोकि गांड में जाने के बाद भी को आवाज़ नहीं की …जैसे लोकि नहीं कोई पानी भर दिया हो शबनम ने …

शबनम ने लोकि को कई बार अंदर बहार किया शबनम ने …पैर इसरार ने सिर्फ एक सिसकी ली …जैसे उसे दर्द नहीं मज़ा आ रहा हो ??? इस्स्स्सस्स्स्शह्ह्हह्ह्ह्ह आआअह्हह्ह्ह्हह!....

शबनम ने लोकि बहार निकल ली …और इसरार को सिद्ध किया …जो अभी तक लोकि के मज़े में चूर था …शबनम ने उसके घूमते hi एक ज़ोरदार झापड़ उसके गाल पैर जड़ दिया …चाताआकककक!!!.

शबनम ..” साले गांडू तू मुँह से कुछ भी बोलदे पैर गांड से झूंठ नहीं बोल सकता …एक बार खुद सोचकर देख इतनी लम्बी लोकि तेरी गांड में घुसी जो किसी आम इंसान के मुँह में भी ठिक्क से फिट नहीं हो सकती पैर तुझे उसके बाद भी दर्द की जगह मज़्ज़ा आ रहा है …और साले गांडू और कितना झुंट बोलेगा ..मैं तेरी असलियत आज से नहीं बहुत पहले से जानती थी ..समझा गांडू मादरचोद ..??”

झापड़ लगते hi और शबनम की बात सुनते hi इसरार के चेहरे का रंग बदल गया जैसे शबनम ने उसकी चोरी पकड़ ली हो …

इसरार “ मतलब तुम जानती थी तोह पहले कहा क्यों नहीं तुमने …???”

शबनम …” अब आया न लाइन पैर तोह सुन मैं शुरू से जानती थी तुझे और तेरे उस मादरचोद फॅमिली को अचे से हाँ सुनले कान खोलकर अचे से तेरी उस रैंड अम्मी जो तेरे चाचा से चुदती है ..मुझे सब पता है किट ु अपने बाप किन यही चाचा की औलाद hai…or तेरी हु बहिन भी तेरे चाचा की hi औलाद है बस तेरा नामर्द बाप कैसे गांडू बना और टब hi कैसे गांडू उसे देखकर बना सब पता है मुझे …बस तेरी बहिन को छोड़कर सब मादरचोद हैं तेरे उस मादरचोद रंडीखाने जैसे या चकले जैसे फॅमिली में ..और तुझे औरत से ज्यादा मर्दों में दिलचपी है यह भी पता है मुझे अचे से ….सुन रहा है न गांडू मादरचोद..”

इसरार हैरानी से …” तुम्हे यह सब कैसे …मेरा मतलब है किसने बताया और जब यह सब पता hi था तोह निकाह के लिए क्यों राज़ी हुई ???”

शबनम …” उसकी वजह थी मेरा गुज़रा वक़्त जिसमे में कभी रंडी थी ….और तुझे क्या लगा सिर्फ तू लालची है इसमें मेरा लालच भी शामिल था …”

इसरार “ कैसा लालच ???”

शबनम ..” लालच कैसे नहीं था …तूने सोचा तुझ जैसे गांडू को बीवी मिल जाएगी और कल को तुझे मालिक की वजह से ाचा काम भी मिल जायेगा …और इसके बाद जब तूने मुझे निकाह के लिए पूछा tha…tabhi मैंने तेरे अगले पिछले कारनामो के बारे में पता लगा लिया था …क्युकी मैं थेइर एक रंडी तोह मुझे तुझ जैसे से निकाह करना पड़ा …ताकि मैं भी घर और इज़्ज़त की ज़िन्दगी देख सकूँ …पैर तुझे निकाह के बाद बोनस में यह farm-house मालिक की वजह से मेरे नाम हो गया …और तेरा फ्यूचर अब सेट था ….पैर क्युकी तू तेरा गांडू …और अब तेरी नज़र पड़ी मनु पैर तू उसे मेरे ज़रिये पाना चाहता था …सो मनु के आगे मुझे कर दिया …बचे के नाम पैर …और तूने काम पैर जो कारनामे किये हु भी अचे से पता हैं मुझे कैसे तू माल गायब कर देता था …पैर मालिक ने कभी इस बात का ज़िकर तक नहीं किया न किसी को कहने दिया …पैर तूने तोह इसकी वजह से मालिक को hi लूटना शुरू कर दिया …क्यों सही हूँ न मैं ???? बोल मादरचोद????”

इसरार हैरानी से “ मतलब तुम सब जानती थी पैर अब तोह मैं मर्द भी नहीं रहा अब तोह तुम आज़ाद हो जो चाहे कह दो जैसे चाहो करलो ???”

शबनम एक और झापड़ जड़ देती है …” हरामजादे तू क्या समझता है झूंठे एक्सीडेंट का बहाना banakar…or डॉक्टर को पाटकर तू झूंठ बोलेगा तोह मैं मान लुंगी …एक खेल मैंने भी तेरे साथ खेला ..???”शबनम ने हँसते हुए कहा जिससे इसरार की गांड फट चुकी थी ..

इसरार “ कैसा खेल ???”

शबनम ..” वही खेल जो तूने डॉक्टर से कहा की तेरे लिए हु झूंठ बोले की तू अब मर्द नहीं रहा …हहहहहहह”

इसरार की गांड अंदर तक फट चुकी थी ..उसे शबनम की बातों से बहुत डर लग रहा था …की ना जाने शबनम ने क्या किया है उसके साथ …उसका पूरा चेहरा शबनम के हँसते hi पसीने में भीग चूका था ..

शबनम ..” पहली बात तेरी अम्मी ने मुझे अपनाने की बात तेरा झुंट था …क्युकी जो औरत खुद एक रैंड हो हु क्या दूसरी रैंड से कुछ कहेगी …तेरी बहिन सिर्फ तुझे देखने आयति थी …पैर तूने कहा की शायद बचे के वजह से तुझे और मुझे तेरी हु रैंड फॅमिली हमे अपना ले …और इसके लिए मुझे मनु के साथ सोना पड़ेगा …और आखिरी झूंठ की तू ना मर्द बन चूका है …????”

इसरार को तोह काटो तोह खून नहीं शबनम ने हर हु बात केहड़ी थी …जो इसरार ने सोची थी और प्लांट किट hi …पैर शबनम रुकी नहीं …

शबनम …” लास्ट बात में एक करेक्शन है …की तू गांडू ना मर्द नहीं अब मर्द hi नहीं है ???”

इसरार की गांड और दिल फटने को हो चुके थे …” मतलब”

शबनम “ मतलब यह की तूने डॉक्टर के पेअर पकडे सिर्फ झूंठ बोलने के लिए ..पैर मैं अपना डॉक्टर सिर्फ कुछ देर के लिए तेरी बेहोशी के टाइम छोड़ा और उसने तेरा ऑपरेशन किया और तेरी मर्दानगी तुझसे चीन ली …ताकि तेरा झूंठ अब पूरी तरह सुच बन सके .???”

इसरार ज़मीं पैर गिर चूका था उसका सदमे से बुरा हाल था …कहाँ उसने खवाब देखा था …की शबनम से निकाह के बाद हु मज़े में रहेगा …क्युकी मास्टर के चलते शबनम को घर और इसरार को जॉब मिल चुकी थी …और मज़े हु बहार कर hi लेता था …पैर जबसे उसने मनु को देखा था …और उसने शबनम को नोटिस किया था की शबनम भी मनु पैर अत्त्रक्टेड है सो उसने सोचा बचे के नाम पैर शबनम और मनु को मिलकर बाद में शबनम और मनु को ब्लैकमेल करके …मनु से मज़े ले सके …पहले गांड मरवाता मनु से और बाद में शायद मनु की मरता …पैर शबनम ने उसका झूंठ सुच में बदल दिया था सुच का ऑपरेशन करवा कर …उसकी मर्दानगी जोकि शायद थोड़ी बहुत hi हो ??? हु भी उसे चीन ली थी …पहले का गांडू इसरार अब परमानेंट गांडू बन चूका था …उसका दिल और उसका जिस्म डोनर ो रहे थे …हाँ हु ज़मीं पैर नंगा पड़ा आंसू बहा रहा था …

शबनम ..” अब समझा गांडू और मनु से खुद को कपड़े करने के बारे में सोचना भी नहीं …हु इंसान नहीं है …हीरा है हीरा …और तू तोह सही मायने में इंसान भी नहीं है …निकाह मेरा तुझसे अपने और तेरे लालच की वजह से किया था …पैर जब तूने मनु पैर और मास्टर पैर गलत नज़र डाली तभी से तुझे सबक सीखने का सोच लिया मैंने …पता है जिस मनु के पास तूने मुझे बचे के लिए भेजा उसने क्या किया जाना नहीं चाहेगा???”

इसरार क्या पूछता उसका तोह रट हुए बुरा हाल था …उसे गांडू कहने या सुनने का कोई गम नहीं tha…per गम था तोह सिर्फ अपना मर्दानगी जो शायद थोड़ी बहुत थी उसके चीन जाने का …

शबनम ..” मनु अगर चाहता तोह मुझे सिर्फ छोड़कर बचा पैदा कर सकता था ..और इसमें उसपर कोई बंदिश नहीं thi…who अगर इंकार भी करता रिश्ते से तोह भी मैं टंगे खोलकर उसके आगे पद jaati…per उसने जब मेरे गुज़रे कल का सुना तोह एक सेकंड भी नहीं लिया …और मुझे अपनी बीवी बना लिया …तोह कैसे न मैं उसकी इज़्ज़त करूँ ..जहाँ तूने आज तक मुझसे खाने को तक नहीं पूछा ..उसने न सिर्फ अपने हाथों से मुझे खिलाया बल्कि हरामी तेरे जैसे कुत्ते के लिए भी हु खाना ले आया …उसकी चुदाई से ज्यादा उसकी केयर जो शायद hi किसी ने मेरी इस पूरी ज़िन्दगी में की हो …उसकी दीवानी हूँ मैं मुझे कोई परवाह नहीं अब किसी की …मनु ने मुझे अपनी बीवी बनाया है यह जिस्म और यह रूह अब उसकी गुलाम है …तुझे समझ आये तोह ठीक वर्ण रास्ता तुझे पता है …तू चाहे जो कर इस घर में मुझे कोई ऐतराज़ नहीं पैर गलती से भी मुझे अपनी बेगम समझने की भूल न करना ..और अगर मेरे रूह के मालिक की शान में कुछ गलत कहा तोह एक सेकंड भी घर में मत रुकना …मैं तुझे बस इस लिए यहाँ रहने दे रही हूँ क्युकी जब मैंने तुझसे निकाह किया था …तोह मेरा भी लालच शामिल था ..उसमे सो या तोह यहाँ चुपचाप रह ..या चला जा मुझे तुझसे कुछ लेना देना नहीं है …और अगर जाता है तोह समझ ले अचे से …की तू अब एक गांडू है सिर्फ गांडू जो सिर्फ दीखता मर्द जैसा है …और निकाह अब तेरा होना पॉसिबल नहीं है क्युकी गांडू सिर्फ गांड मरने के लिए होते हैं निकाह के लिए नहीं …और अचे से सुनले शायद दुनिआ में कोई औरत होगी जिसने तीन तलाक दिया होगा …पैर आज मैं तुझे तलाक दे रही हूँ …तलाक़ ..talaaq..talaaq ….अब तेरी मर्ज़ी चाहे यहाँ रह या जा …दुनिआ की नज़र में मेरा शोहर रहना चाहे तोह रह यहाँ पैर अगर जाना चाहे तोह जा सकता है ..और अगर मनु या मालिक के साथ मुझे कुछ करने की कोशिश की तोह सुनले मैंने कुछ ऐसा इंतज़ाम किया है की हम तीनो में से किसी को अगर कोई खरोच भी आयी तोह पुलिस और कोर्ट और जेल तीनो में तेरी ज़िन्दगी बीत जाएगी पैर तेरा पीछा नहीं छूटेगा …सो या तोह यहाँ रह या जा ..मुझे अब तुझसे कोई मतलब नहीं …मनु मेरा शोहर मेरा पति है अब …चाहे हु अब सामने से मुझे बीवी न मान पाए …क्युकी मुझे पता है अगर मैंने कहा तोह शायद हु इसके लिए भी त्यार हो जाये ..पैर जो है उसी में मैं खुश हूँ …पैर आगे सब तुझ पैर है गांडू या तोह गांड मारा ..या गांड झक्क मर कर मारा क्युकी तेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है ..”

इसरार रट हुए सुन रहा था उसने सोचा “ अगर बहार जाता हंट ओह दुनिआ को आज नहीं तोह कल पता चल जायेगा की अब मैं मर्द नहीं सिर्फ गांडू hi बचा हूँ ..और ऐसे में शायद hi कुछ हो mera..??or निकाह तोह करना पॉसिबल hi नहीं रहा …क्युकी आज नहीं तोह कल जब बचा नहीं हुआ तोह हु भी गांड पैर लात मार्कर निकल जाएगी और गांड हिलना hi रह जाएगा मेरे पास ..अब बची शबनम यहाँ रहूँगा तोह कमसे काम नाम का तोह शोहर रहूँगा …हाँ भले hi तलाक़ उसने मुझे दे दिया है …पैर दुनिआ के सामने तोह मैं अभी तक इसका शोहर hi हूँ …बेशक बचा मनु का हो …पैर नाम तोह मेरा hi hoga…na और क्युकी अब मनु और मालिक के साथ शबनम को हाथ लगया तोह शबनम ने कुछ तोह किया होगा की मैं अंदर हो जाऊंगा ..क्युकी बिना कुछ किये तोह हु कुछ कहने से रही मतलब ..या तोह रुकूँ या जॉन …शबनम को मेरी कोई परवाह नहीं और होगी भी kyun???ab हु बीवी किसी और की है …और मैं तेरा एक गांडू कहाँ पहले मज़े में करता था …अब वही मज़ा ज़िन्दगी की सजा बन चूका है ??? बहार जाना और दुनिआ के सामने ज़लील होने से ाचा है यहीं कुत्ते जैसे पड़ा रहूं”

इसरार उठा शबनम को एक बार देखा ..और अपने कपडे समते और रूम की तरफ चला गया ..

शबनम को उसका जवाब मिल गया था की इसरार अब चुपचाप यहाँ रहेगा …और उसके और मनु की आगे कोई प्रॉब्लम नहीं होगी …क्युकी शबनम ने इसरार के लिए कोई ऑप्शन hi नहीं छोड़ा था …

खैर शबनम ने भी उस लोकि को डस्टबिन में डाला …और नाहने चली गयी …दोनों अब इस घर में अपनी -अपनी जगह एक दूसरे को समझा चुके थे ..अब आगे क्या होगा यह दोनों की किस्मत जाने ..

उधर मनु सोचकर सुबह जल्दी उठा और अजय को साथ लिए ट्रेनिंग पैर चल दिया …और दोनों ने साथ में मास्टर और गुरु जी के साथ में जमकर ट्रेनिंग की और मनु अपने घर जब आया तोह अजय की आवाज़ आयी उसे जो बहार सुरभि और सोनू जो शशि और श्रवण के बचूं के साथ खेल रहा था …अजय बेशक बड़ा हो रहा था …साथ में बचे भी बड़े हो रहे थे …पैर अजय कभी कभी कुछ मूड के चलते गुस्से में आ जाया करता था …

मनु ने सुना की बहार अजय और सोनू में किस बात पैर बहस हो रही थी …

सोनू “ भैया आप बड़े हो तोह कुछ भी करोगे यह सही नहीं है …यह बॉल यहाँ नहीं गिरी थी ..”

अजय “ सोनू मैं कह रहा हूँ न यह बॉल यहीं गिरी थी क्यों? सभी मैं गलत कह रहा हूँ..???”

सभी ..” सॉरी भैया मैं जब आप दोनों खेल रहे थे तोह मैं कहीं और देख रही थी …सो मैं नहीं जानती की बॉल कहाँ गिरी थी ..” सुरभि की इस बात से दोनों को समझ नहीं आया की अब क्या बोले पैर दोनों hi आड़े हुए थे …अपनी अपनी बात के लिए …

अंडर मनु सुन रहा था …यह सब हु यह सब सुनकर बहार आया …

अजय ‘’देखों न भैया यह बॉल यहाँ नहीं गिरी थी …पैर सोनू नहीं मान रहा है ..” अजय ने मनु को देखकर कहा ..

सोनू “ नहीं भैया यह बॉल यहाँ नहीं यहाँ गिरी थी …पैर अजय भैया अपनी बात मनवाने पैर लगे हैं जैसे छोटे की बात की कोई वैल्यू नहीं है ..?” सोनू ने शिकायत भरे लहज़े में कहा …

मनु “ सोनू सही कह रहा है अजय सोनू की बात सुनलो हु छोटा जरूर है पैर यहाँ सही है …”

इस बात से जहाँ सोनू ख़ुशी से झूमने लगा ..पैर अजय को गुस्सा आगया ..वह पेअर पटकता हुआ अंदर चला गया ..अब सुमित्रा तोह जॉब पैर जा चुकी थी तोह घर पैर बचे थे सिर्फ दोनों भाई …

अजय के अंदर जाते hi …सोनू को मनु ने कहा ..” देखो सोनू अजय तुमसे बड़ा है तुम दोनों साथ में रहते हो तोह दोनों एक दूसरे की बात की अगर इज़्ज़त करलोगे तोह बात नहीं बढ़ेगी ..और तुम दोनों भी खुश रहोगे पैर अगर दोनों हो एक बात पैर लड़ोगे तोह दोनों hi अकेले रह जाओगे जोकि सही नहीं है तोह अगर तुम कभी सही नाब hi रहो तोह भी कभी दोनों एक दूसरे की बातों को मानलेना क्युकी कभी कभी कुछ छोटी से बात आगे जाकर दिक्कत कर देती है …जैसे कभी सुरभि तुम्हारे लिए कर देती है की तुम्हारे गलत होने पैर भी हु तुम्हे hi सही कह देती है ताकि सिर्फ तुम खुश रहो वैसे hi कभी कभी तुम अजय को सही बोलकर खुश कर सकते हो …ताकि हु और तुम दोनों की ुन्देरस्टडिंग बानी रहे और तुम दोनों hi खेल का मज़्ज़ा ले सको …समझे न और यह लो चॉकलेट दोनों मिलकर खा लेना …”

सोनू “ भैया आपकी बात अचे से समझ गया हूँ अब आगे से यही करूँगा और चाहे अजय भैया गलत hi क्यों न हो पैर उनकी बात मान लूंगा …और चॉकलेट के लिए थैंक्स ुर थे बेस्ट भैया …लव ु ..” सोनू और सुरभि दोनों चॉकलेट के नाम पैर खुदने लगे थे …

मनु उन्हें ख़ुशी से खुदता देखा वापस घर में चला आया …जहाँ अजय मुँह फुलाए गुस्से में बैठा था …

मनु ..” अजय मेरे भाई लगता है मुझसे नाराज़ है ??”

अजय “…….” कुछ नहीं बोलै गुस्से में था …

मनु एक गिलास पानी लाया और अजय को दिया अजय गुस्से में जरूर था पर मनु की इज़्ज़त करता तहत ओह उसने कोई ड्रामा नहीं किया पानी आराम से पि लिया …

पानी पीकर अजय ने गिलास रखा तोह थोड़ा दिमाग शांत हुआ ..

अजय “ भैया यह आपने सही नहीं किया आपने सोनू की बात मान ली और उसकी साइड ली और मुझे उसके सामने गलत साबित कर दिया यह सब आपने क्यों किया भैया…???”

मनु ने अजय के सर पैर प्यार से हाथ फेरा और उसे कहा ..” अजय मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ पैर इसका मतलब यह नहीं है की तुझे दुनिआ में पीछे रह जाने दूँ ??”

अजय हैरानी से “ भैया आपकी बात कुछ समझ नहीं आयी इसमें पीछे रह जाने जैसा क्या है ???और दुनिआ का इससे क्या लेना देना है भला मेरे समझ में नहीं आरहा है ..???”

मनु “ देख अजय ध्यान से समझ तू मुझसे छोटा hai…or सोनू तुझसे छोटा है …अगर तू उसके आज मुँह लगेगा तोह कालको हु तेरे मुँह लगेगा जिसमे एक प्रॉब्लम है..”

अजय “ क्या प्रॉब्लम होगी भला ज्यादा होगा तोह एक लगा दूंगा उसे ..”

मनु “ यही प्रॉब्लम है …देख जब आप अपने से छोटे के मुँह लगते हो या उसके साथी बन जाते हो तोह हु आपकी इज़्ज़त नहीं करते ..कुछ लोग आजकल अपने से छोटे उम्र के लोगों के साथ दारु पिटे है …इसका मतलब समझता है तू …???”

अजय “ क्या भैया कहाँ की बात आप कहाँ ले गए दारु से हमारा क्या लेना देना ..???”

मनु “ लेना देना है अजय …अभी जो तुम कर रहे थे शामे है अपने से छोटे के मुँह लग्न मतलब उसे अपने बराबर का दर्ज़ा देना …इसका एक प्लस और नेगेटिव पॉइंट दोनों है …प्लस यह की जो बात आप किसी को उसके नज़दीक जाकर कह सकते है …वैसे नहीं …और नेगेटिव पॉइंट यह की हु आपके बराबर का हो जाता है तोह कालको उसका बर्ताव क्या होगा किसे पता ??? कालको मानलो तुम्हारा और सोनू का जगदा हुआ तोह ज़ाहिर है तुम जीत जाओगे पैर एक बात सोचना क्या छोटे से लड़ने में तुम्हारी इज़्ज़त रेहगी ??? और क्या उसका एक भी हाथ जो शायद गलती से hi सही अगर तुम्हे लगा तुम बर्दास्त कर सकोगे ??? नहीं न तोह अपने से छोटे को बर्बर का दर्ज़ा देने से पहले सोऊ या हज़ार बार सोचना क्युकी बड़े से भड़ने में शान है पैर छोटे से भिड़ने में शान उस छोटे की बन जाती है …सो आगे तुम समझदार हो ??’’ मनु ने अजय को समझते हुए कहा ..

अजय “ पैर भैया आपने भी तोह उसकी साइड लिए ऐसे में आपने भी तोह उसे बड़ा बना दिया क्या हु सही है ??”

मनु “ तुम लगता है कुछ और hi सोचते हो …पागल मैं उसकी साइड इस लिए ली क्युकी अगर हु तुमसे भीड़ जाता तोह उसमे गलती कोई भी तुम्हारी निकलता क्युकी तुम बड़े हो उसे सब छोटा कहकर इग्नोर कर देते सो ..ऐसे में फांसता कोण सिर्फ तुम और तुम यहीं नहीं रुकते आगे बी जब भी टाइम मिलता सोनू इसी बात को लेकर तुम्हे निचा दीखता या अपने छोटे होने का फ़ायदा लेकर तुम्हारे लिए परेशानी का सबब बनता सो बे स्मार्ट लाइफ में हर जगह जो करना है करो पैर सोचकर और समझकर क्युकी दुनिआ ऐसे लोगों से भरी पड़ी है जो आपके अचे कामो के लिए भले hi आपको नोटिस न करे पैर आपके ज़रा सा गलत होने पैर क्रिटिसिज़े करने का मौका नहीं छोड़ने वाले …सो बे स्मार्ट ..” मनु ने अजय को समझते हुए कहा ..

अजय भी अब मनु की बात समझ चूका था …क्युकी मनु तेरा उसका role-model सो जो मनु कहता उसका गहरा असर अजय पैर पड़ता था ..और इस छोटी सी बात को भी मनु ने उसे आने वाले कल के लिए समझया था …की चोटों से प्यार और दुरी को मेन्टेन करना भी उतना जरूरी है जितना ..उनके करीब रहना और टाइम पैर साथ देना …

अजय” भैया ुर तू गुड आपने मुझे सही में अछि बात सीखा दी …मैं कहाँ इसे ज़रा सी बात सोच रहा था …पैर अब आपका पॉइंट मेरी समझ में आ चूका है ..लव ु भैया “ अजय मनु के सीने से लग चूका था …

जहाँ दोनों भाई एक दूसरे के साथ ख़ुशी में थे वहीँ कोई और भी था जो टेंशन में था …जिसकी नींदे उडी हुई thi…or उड़ती भी कैसे नहीं ….तीन तीन बेटी होने के बाद भी उसकी बेटे की तमन्ना पूरी नहीं हुई थी …

हु थी रजिनि यादव हाँ याद आ चूका होगा …वही जिसने अभी तक बेटे की चाहत दिल में दबा राखी थी …

और कुछ सालों में अनिल यादव अपने हस्बैंड से अचे से चुदाई करवाई भी थी पैर न जाने क्या होता …कुछ hi महीने में उसका अपने आप hi बचा गिर जाता (बोले तोह अपने आप एबॉर्शन ) और ऐसे उसके साथ सालों से हो चूका था …

और अनिल की आदत जिसके चलते चुदाई का मैं भी नहीं होता था रजिनि का आदत अनिल ki…na नहाने की आदत जिसके चलते रजिनि शायद उसके करीब भी नहीं रहना चाहती थी …पैर उसके लड़के की चाहत उसे टंगे खोलने और अनिल के निचे लेटने को मज़बूर कर देती … पैर उसके बाद भी उसके कई बार बचा गिर जाने से हु परेशान थी …

ऐसे में उसके गांव की कोई पुराणी जान पहचान की सहेली मिली जिसका नाम था जाया यादव नहीं इसका रजिनि से कोई रिश्ता नहीं है बस बस सुर्नामे शामे है तोह कन्फूसिओं मत पलना आप लोग ..

जाया अब उसी शहर में आ चुकी थी और उसने एक हॉस्पिटल में अस नर्स ज्वाइन कर लिया था ..और जब रजिनि अपने chech-up के सिलसिले में वहां गयी तोह अपने बचपन की सहेली को देखकर बड़ी खुश हुई …जाया ने भी शामे रिस्पांस दिया ..कुछ देर दोनों ने बात की तोह जाया ने पूछा हु यहाँ क्या कर रही है …तोह रजिनि ने भी उसे अब तक की साड़ी बात बतादि ..कैसे उसके बेटे की चाहत में तीन लड़की हो चुकी थी …और साथ में अब लगातार सिर्फ एबॉर्शन हो रहे थे …तोह हु यहां ट्रीटमेंट के लिए आयी है …उसकी बात सुनकर जाया सोच में पद चुकी थी …

जाया “ रजिनि बार बार एबॉर्शन होना कोई मज़ाक बात नहीं है …इसमें कितनी ब्लीडिंग होती है तुझे पता है न ….???”

रजिनि “ देख अगर मैं मर भी गयी तोह गम नहीं पैर मुझे अपनी गॉड में एक बेटे की चाहत है उसे बस देख लूँ उसके बाद डम्ब hi निकल जाये तोह कोई परवाह नहीं मुझे ???”

जाया “ लगता है तू बेटे की चाहत में अंधी हो चुकी है तू भूल चुकी है किट ु भी खुद एक औरत है ??”

रजिनि “ देख मुझे बचपन से चाहत थी की मुझे बीटा हो पैर हु पूरी नहीं हुई मैं कोई पागल नहीं हूँ मैं अपनी हर बेटी से प्यार करती हूँ अछि परवरिश दे रही हूँ …पैर मेरी चाहत क्या गलत है …तू मुझे जज कैसे कर सकती है भला मैं अपने तन से खून बहकर अपना बेटे की चाहत के लिए चाहे जो करूँ उसमे गलत जैसा क्या है ???”

जाया “ पैर इतने बचे और इस टाइम में क्या सही है ???”

रजिनि” देख तू मुझे सही और गलत का ज्ञान न दे …मैं क्या गलत कर रही हूँ जब हर लड़की सरकारी खर्चे पैर मुफ्त पद रही है और सर्कार hi उसके आगे के लिए सोच रही है तोह उसमे सोचने जैसा क्या है अब बचा बीटा तोह जैसे hi हुआ हु तोह उसे भी अछि परवरिश देंगे …उसमे सही या गलत कैसे हुआ ???”

जाया “ वाह अगर सभी तेरे जैसे सोचने लगे तोह चल गयी दुनिआ तूने सोचा है सर्कार के पास पैसा आता कहाँ से है टैक्स जो लोग देते हैं उनके पैसे से …और जिसको सर्कार खर्च करती है जरूरत मंदों पैर …पैर जिनको सुच में जरूरत है उनतक जाने की जगह तेरे जैसे सोचवाले बिच में आ जाते हैं और पैसे की कोई एहमियत नहीं रह जाती क्युकी अगर तेरी सोच ऐसी है तोह तेरे जैसे दिमाग ोरों के भी होंगे …पैर तुझे इस बात से क्या की कितनी लड़कियां अछि परवरिश पाने के लिए आज भी सोचती है और ना जाने कितनी तोह स्कूल तक का मुँह आज भी नहीं देख पाती पैर तुझे इससे क्या …बस बचे जानवरो की तरह पैदा करो और छोड़ दो सरकार के भरोसे जैसे बचा पैदा करके तुमने खुद पैर नहीं सरकार पैर एहसान किया है …वह रे तू और तेरी सोच …”

रजिनि” देख ज्यादा ज्ञान न दे बचे के लिए हेल्प नहीं कर सकती तोह भासन तोह कमसे काम मत दे ???”

जाया “ नहीं यार यह बात अकेले तेरी नहीं है बल्कि तेरी जैसे सोच बहोत है लोगों के दिमाग में जिनको फ्री एजुकेशन चाहिए ,,फ्री में सोल्लगे में एडमिशन चाहिए और फ्री बिजली चाहिए पानी चाहिए …और जॉब भी चाहिए …टैक्स में रिबेट भी चाहिए …पैर बचे पैदा करने हैं लगातार …और टैक्स भरना नहीं है पैर पलना है टैक्स पयेर्स के पैसे पैर …हर सुविधा तुमको चाहिए पैर …कुछ हेल्प सर्कार की करनी नहीं जॉब चाहिए पैर आबादी पैर कानून नहीं सोच अगर सभी को जॉब चाहिए तोह उसके लिए जॉब होनी भी चाहिए न या नहीं ..पैर तुम्हे इससे क्या पहले से तीन पैदा कर ली अब और की चाहत है सही है ?? “ जाया पढ़ी लिखी थी उसने अचे से बातों से hi रजिनि को चील डाला था ..

रजिनि के मुँह पैर तोह यह बात तमाचे जैसे लगी …उसे गुस्सा आ चूका था ..”

रजिनि “ मैं चलती हूँ मैंने सोचा था किसी बचपन की सहेली के साथ थोड़ा ख़ुशी और दर्द बाँट लुंगी पैर कोई बात नहीं मुझसे गलती हो गयी सिस्टर मेरी दोस्त शायद ड्यूटी पैर है “ रजिनि बोलकर उठी और चलने को हुई..

जाया ने रजिनि का हाथ थामकर बैठा दिया ..” सॉरी यार मुझे लगा था तुझे मान लुंगी पैर लगता है तू मर भी जैगी पैर बीटा तुझे हर हाल में चाहिए है ना??”

रजिनि रट हुए “ यह मेरी आखिरी खवाहिश है की मेरा बीटा हो …पैर यह हुआ नहीं ..पैर मैं सुच कहती हूँ मैंने इसका असर अपनी किसी बेटी पैर नहीं पड़ने दिया …पैर कोई बात नहीं शायद मेरी किस्मत है …”

जाया ने उसके आंसू पूछे और कहा “ बस बहुत हुआ मैं तेरी बात समझ गयी एक काम कर तू रूम नंबर 205 में जाकर मेरा नाम ले और अपने टेस्ट करवा ले डॉक्टर से में तेरे बेहल्फ़ पैर बात कर लुंगी …और कुछ सैंपल लेने होंगे शायद तू नहीं जानती …की किस्मत पैर हमशा नहीं बैठे रहना चाहिए …क्युकी किस्मत भी किसी की बिना कुछ किये सुनती नहीं hai…agar सब ठीक हुआ तोह तेरा बेटे का सपना जरूर पूरा हो जायेगा ..तू देखना तेरे गॉड में भी बीटा खेलेगा ..”

रजिनि रट हुए “ सुच में ऐसा हो सकेगा मेरा भी बीटा होगा ????”

जाया “ हाँ पैर उसके लिए कुछ टेस्ट करवाने होंगे और अकेले तेरे hi नहीं तेरे पति के भी …”

रजिनि “ बेटे के लिए तू जो चाहे जैसे चाहे टेस्ट करवा ले “

जाया “ देख एक काम करना अपने हस्बैंड का स्पर्म भी ले आना ताकि अगर उसमे कमी हो तोह उसे भी चेक किया जा सके ???”

रजिनि “ देख अगर कमी उनकी निकली तोह हु आदमी है आसानी से नहीं मानने वाले क्युकी हु इसे अपनी मर्दानगी पैर ले जायेंगे सो एक काम कर सकती है ???”

जाया “ हाँ बोल न “

रजिनि “ मैं चोरी से उनका सैंपल ले आउंगी तू बस उसे चेक करवा लेना ..”

जाया “ मज़ाक लगा रखा है क्या स्पर्म है कोई ब्लड नहीं जो निकला और सब टेस्ट करवा लिया ???”

रजिनि “ मतलब “

जाया “ मतलब यह की स्पर्म लेते hi उसे ठन्डे में रखना होता है ताकि उसका काउंट सही से हो सके …क्या ऐसा कर सकती है तू …??”

रजिनि “ हु सब मुझपर छोड़ दे मैं सब देख लुंगी बस आगे तू देख लेना ाचा मैं चलती हूँ ok ??”

रजिनि ने उसके बाद अपने सारे टेस्ट करवाए और स्पर्म के लिए टाइम ले लिया जो था अगले दो दिन बाद ..रजिनि ने उसके बाद टेस्ट रात से पहले वाले रात को दो बोतल शराब मंगवाई और अनिल को धुत्त होने तक पिलाई …ताकि उसे कोई होश न रहे …

और जब अनिल अपने होश खोने के करीब आया तोह उसने उसका स्पर्म एक छोटे से शीशी में निकल लिया और उसे फ्रिज में रख दिया और नेक्स्ट डे उसका सैंपल अनिल के जाने के बाद वहां कलेक्ट करवा दिया ….अब सिर्फ रिपोर्ट आणि बाकि थी …..
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अपडेट 71

रिकैप..

और जब अनिल अपने होश खोने के करीब आया तोह उसने उसका स्पर्म एक छोटे से शीशी में निकल लिया और उसे फ्रिज में रख दिया और नेक्स्ट डे उसका सैंपल अनिल के जाने के बाद वहां कलेक्ट करवा दिया ….अब सिर्फ रिपोर्ट आणि बाकि थी …..

अब आगे.....

राजिंदर सुमित्रा आज किसी बात पैर आज बहुत परेशान थे मनु अपने स्कूल और बाकी के काम काज से लौटा तोह उसके घर में कुछ अलग सी ख़ामोशी छायी हुई थी …कहते हैं इंसान जब खुश होता है तोह ass-pass का माहौल एपनिया आप बता देता है की ख़ुशी का माहोल है …कुछ ऐसा hi हाल किसी टेंशन का भी होता है जिसमे जाने आंजने अपनी मुजोड़गी का पता अपने आप चल hi जाता है ….

कुछ ऐसा hi हाल था मनु के घर का आज ,,,उसके दिमाग में भी इस टेंशन ने अपनी मजूदगी दर्ज़ करदी थी …

मनु ने देखा उसके maa-baap किसी बात को लेकर टेंशन में हैं …उसने अपने maa-baap से इसको लेकर बात करने की सोची …पैर बिना कुछ जाने बात करना पॉसिबल भी नहीं था …सो उसने रुख किया अपने जेम्स बांड का …

मनु..” अजय यह सब क्या है आज इतना संन्नाटा क्यों है घर में …???”

अजय “ भैया आपको नहीं पता कुछ घंटून से माहोल गरम है ???”

मनु मुस्कुराया “ तोह मर . जेम्स बांड आपकी रिसर्च हुई न हो ऐसा हो नहीं सकता सो तेल्ल में थे व्होले स्टोरी …”

अजय “ क्या भैया आप भी मुझे कहाँ जेम्स बांड कह रहे हैं …पैर हाँ कुछ पता किया है मैंने अपने सोर्सेज से ????”

मनु “ ओह्ह्ह! आपके सोर्सेज से क्या पता लगा बांड साहब..”

अजय ने जो बताया उसे मनु का दिमाग भी एक बार को सन्न रह गया …बात hi कुछ ऐसी थी …राजिंदर का भाई जैचंद उसने राजिंदर के लिए माकन लो उसने म्हणत की गाढ़ी कमाई से अपने परिवार के लिए लिया था …उसमे जैचंद ने उसका टाला तोड़कर अपनी शादी की हुई साली को घुसा दिया था और इस बात को कई महीने हो चुके थे …और क्युकी राजिंदर और सुमित्रा के साथ मनु और अजय अपने इस घर में बस्सी थे सो उन्हें पता भी नहीं लगा की उनके चाचा ने बिना सामने आये नया काण्ड कर दिया है …

और जब इसका पता सुमित्रा को लगा तोह उसने राजिंदर को बताया क्युकी सुमित्रा को कोई उस माकन के पास रहने वाला कोई पडोसी औरत मिली थी जो सुमित्रा को जानती थी …उस टाइम सुमित्रा भी सुनकर सन्न रह गयी की उसके देवर ने सामने से नहीं साली के इस्तेमाल से उनके मकान पैर नया डाव चल दिया है …हु उस पड़ोसन के सामने ज्यादा नहीं बोली क्युकी बात फॅमिली किट hi …पैर जब हु लौटी तोह इस बात को उसने राजिंदर से पूछा राजिंदर का भी शामे रिएक्शन था उसे भी इसके बारे में कुछ पता नहीं था …सो दोनों में इस बात को लेकर बहुत बहस हुई …

राजिंदर ने जब इसके बारे में जैचंद से पूछा तोह उसका जवाब और अजीब था “ राजिंदर देख इसकी नयी शादी हुई है ..और इसके घरवाले बहु को रखने को लेकर आये दिन जाहगदे से तंग आ चुके थे सो miya-biwi को परिवार से अलग कर दिया और बेचारी कहाँ जाती सो मैंने उसे तेरे माकन में पनाह दे दी …क्या इसमें मैंने गलत किया …???”

राजिंदर “ मैंने माकन अपने परिवार के लिए लिया है या तेरे ड्रामे झेलने के लिए …तेरी साली थी …तू उसे अपने घर में ले जा सकता था …पैर तूने उसे मेरे घर में और हु भी ताला तोड़कर घुसा दिया ….अबे घर सुमित्रा के नाम है …तेरे बाप के नाम नहीं मैंने तेरा या तेरे परिवार या तेरे सुसराल वालों का ठेका नहीं ले रखा है ….मुझे दो दिन में मेरा घर खली चाहिए वर्ण ाचा नहीं होगा …???”

जैचंद “ देख मुझे पता है गलत बात है पैर हु पेट से है (प्रेग्नेंट है ) ऐसे में उसे घर से बहार करना मतलब उपपरवाले को बुरा लगेगा तू खुद सोच क्या ऐसे में हु कहाँ डर डर भटकेगी ???”

राजिंदर “ अबे जब बास्की नहीं है तोह बचा पैदा करने को किसने कहा है …तू जाने तेरी साली अगर दो दिन में घर खाली नहीं हुआ …तोह मैं किसी और तरीके से घर खली करवा लूंगा …साला जिसे देखो ड्रामा मचा रखा है …पहले भाई को पालो उसके बाद उसकी साली को नहीं बहुत हुआ …मेरा अपना परिवार है मैं फालतू कर ड्रामा नहीं सुनुँगा मुझे घर दो दिन में खली चाहिए …और सुनले कान खोलकर घर मेरा है ताला तोड़कर तूने बहुत बड़ी गलती की है …”

यह बात राजिंदर और जय चाँद में हुई थी और राजिंदर ने यह सब सुमित्रा को बता दिया था …और जिसके बाद सुमित्रा और राजिंदर में काफी तनातनी हुई इस बात को लेकर की प्रेग्नेंट लड़की को बहार निकलना है या नहीं राजिंदर इस बार रेहम के मूड में नहीं था …पैर सुमित्रा थेइर aurat……or औरत को इस बात से बहुत फरक पड़ता है की दूसरी औरत किस हाल में है …और बात जब माँ बनने की हो तोह इस बात पैर हर औरत दूसरी औरत का साथ देती है…

तोह इस टाइम दोनों में टेंशन का माहोल था राजिंदर बहार करना चाहता था …और सुमित्रा की सोच जैचंद की साली के साथ थी ….दोनों अपने दिमाग पैर इसी बात को लेकर आध चुके थे …

अजय ने यह सब मनु को बता दिया ….

मनु ने एक लम्बी सांस ली और सोचते हुए अजय से कहा “ यह सब लम्बा जाने वाला है …” और बाथरूम में चला गया …और अजय को छोड़ गया इस बात से लड़ने के लिए …अजय भी मनु के मुँह से यह सुनकर सोच में पद गया था …क्युकी मनु बेवजह कुछ कहता नहीं है और उसका role-model कुछ केहड़े और हु उसे सुनकर सोचे नहीं ऐसा हो नहीं सकता …

खैर आने वाले दिनों में वही हुआ …सुमित्रा ने राजिंदर को इस बात पैर मन्ना लिया की जैचंद की साली अपने बचे के पैदा होने तक वहीँ रहे …क्युकी माकन सुमित्रा के नाम था और राजिंदर किसी और को लेकर अपने घर में टेंशन नहीं चाहता था सो उसने भी फाइनली मान लिया सुमित्रा की बात को …अब इस बात से आगे क्या होगा यह तोह किस्मत और वक़्त hi जाने ..

खैर बात आयी गयी हो चुकी थी उधर अजय भी अपने भाई की देखा देखि अपने को स्ट्रांग बनाने में लगा हुआ था …और कहते हैं सांगत का असर तोह होता hi है ..और अजय भी मनु को देखते हुए और उसके बर्ताव से हर बात पैर सीखते हुए बाद रहा था …चाहे फिजिकली ट्रेनिंग हो या मेन्टल ेंदुराने हर चीज़ में अजय अपने role-model अपने भाई मनु को अचे से फॉलो कर रहा था अजय… उसने अब मैडिटेशन भी करना शुरू कर दिया था …और इसका उसे ाचा फ़ायदा भी हुआ …और इसके लिए उसने मनु को त्यार कर लिया था …क्युकी अजय के पास तोह टाइम की कमी नहीं थी क्युकी मनु और उसके maa-baap अपने रात दिन एक कर रहे थे सो …हु जब भी अपनी ट्रेनिंग से और स्टडी से फ्री होता अपने को ध्यान में लगा लेता …जिससे उसका फोकस अब और ाचा होने लगा …बेशक हु मनु और मास्टर , गुरु जी से सीखता था …पैर ध्यान में उसने मनु को अपना चेला बना लिया था …मनु ने शुरू में तोह अजय के दिल को रखने के लिए ध्यान या मैडिटेशन किया …पैर उसका उसे भी फ़ायदा हुआ ओर उसने भी कंटिन्यू कर लिया ध्यान …पैर अंतर दोनों भाइयों में सिर्फ एक था …जहाँ अजय दिन में करता …तोह मनु अपने बस्सी लाइफ के बाद रात में शांति से खुली छत्त पैर ध्यान लगता …

मनु जहाँ शांत और फोकस्ड था वहीँ अजय थोड़ा चंचल और वाइब्रेंट था …उसकी सोच खुलकर जीने में थी …और जीता भी क्यों नहीं …जहाँ उसके लिए सपोर्ट में maa-baap और एक फुल ों केयरिंग भाई था …तोह उसे कमी क्यात hi …पैर एक कमी थी जो शायद आप सभी भी समझ सकते होंगे …राजिंदर और सुमित्रा का जॉब और दोनों भाइयों का स्कूल टाइम शामे था …पैर उसके बाद अजय अकेला hi रह जाता था …पहले तोह उसके साथ पुष्पीं थी स्टडी के लिए पैर हु भी अब दिल्ली में थी …तोह अजय आजकल कुछ खेलों के लिए स्पोर्ट्स क्लब में चला जाता था …और कुछ टाइम वहां बिताकर उसके बात जब भी कभी थोड़ा टाइम बचता या क्लब बंद होता तोह शॉपिंग मॉल चला जाता …यही उसका टाइम पास था …

अजय भी अपने भाई की तरह ाचा फाइटर बनने में लगा हुआ था ..उसकी बॉडी भी अब परफेक्ट थी …क्युकी मास्टर और गुरु जी ट्रेनिंग में कोई रेहम नहीं करते थे …और उसके बाद गुरु जी का डाइट चार्ट और उनकी यूनिक हर्ब्स फर्क पड़ना तोह लाज़मी था …जहाँ पहले अजय थोड़ा सवाल और पतला दुबला हुआ करता था …अब हु भी साफ़ रंग का चार्मिंग लड़का था …हाँ लड़का इसलिए क्युकी मनु अब 18 साल का था और अजय और उसकी आगे में 5 साल का डिफरेंस था …सो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं 14 साल में लड़का नहीं कहूं तोह क्या कहूं पैर ..अजय अपने साथ के लड़कुँ से ज्यादा लम्बा और तगड़ा था देखने में अपनी आगे से थोड़ा बड़ा लगता tha…kyuki भरा हुआ शरीर और वेल बिल्ड बॉडी जिसे देखकर लगता था शायद 16 या 17 साल का हो ajay…jahan उसके साथ के लड़के सिर्फ वीडियो गेम और टीवी के दुश्मन थे वहीँ अजय टीवी पैर सिर्फ कार्टून का दीवाना था …यार कार्टून बोले तोह टॉम & जररी नहीं अजय का शॉक अलग था उसे जापानीज एनीमेशन का शॉक था जिसमे ाचा खासा एक्शन हुआ करता है ..सो अजय जब भी टाइम मिलता उसे देखा करता पैर जब से मनु को उसने फॉलो करना शुरू किया था उसका शॉक भी आउटसाइड एक्टिविटीज में बढ़ने लगा था जैसे स्पोर्ट्स और घूमना फिरना …

खैर आज क्युकी अजय स्पोर्ट्स क्लब बंद था सो उसने मॉल जाने का सोचा …और मॉल चला गया … उसने वहां आज काफी एन्जॉय किया …उसने जब अचे से घूम लिया तोह उसे कुछ भूः लगी तोह उसने साफé का रुख किया जहाँ उसका चार्ट उसे आज चीट डे बता रहा था …सो उसने भी आज अपने लिए चॉकलेट शेक आर्डर किया …और क्युकी सेल्फ सर्विस थी तोह उसे लेकर एक खाली टेबल पैर चला गया ..उसके ठीक पीछे कुछ लड़कयूँ का गोप था ..जिसमे मोस्टली लडकियां 18 साल की होंगी ..उसने देखा और अपने शेक को एन्जॉय करना शुरू किया ..पैर कुछ बात उसके अनदेखे करने के बाद भी उसके कानो तक आ रही थी …साड़ी लडकियां एक लड़की को छेद रहीं थी.. उसने उस लड़की को देखा बाला की सूंदर थी …उसका गोरा रंग और सांचे में ढला हुआ जिस्म ..कोई एक नज़र देखे तोह उसे पलट कर दुबारा ज़रूर देखे उसे …उसकी साड़ी फ्रेंड्स उसे छेड़ने में लगी हुई थी ..

लड़की 1” आहे है देखो ज़रा लाडो को कैसे उसका नाम सुनते hi सरमने लगती है …”

लड़की 2 “ अरे ज्यादा तंग ना करो मैडम को कहीं बुरा ना मान जाये …”

लड़की 3.” ाचा एक बात तोह बता तू उसे पहली बार मिली और तूने उसे अपनी पहली किश भी दे दी …लगता है सुच में कोई हीरो hi होगा हु ”

लड़की 2..” अरे हीरो नहीं होता तोह अपनी यार को ऐसे लूट लेता भला हाहा! “

लड़की 1 “ देखो तोह जरा लूटने वाली कैसे उसके हसीं सप्नूं में डूबी हुई है …ज़रा ….., है काश कोई ऐसा हमको भी लूट ले और हम भी खुद लूट जाएँ मगर कमब्खत कोई हमे लूटना hi नहीं चाहता ..”

हु लड़की इनकी बातें सुनकर कभी खुश होती तोह कभी शर्मा जाती उसके गालों की लाली यह बता रही थी …की उसे यह सब सुनकर कितना ाचा लग रहा है ..पैर काफी देर से हु यह सब सुन रही थी …

हु लड़की बोली ..” अब बस भी करो मैंने सिर्फ दोस्ती की खातिर तुम सबको बताया पैर तुमने तोह मेरा hi मज़ाक बना दिया ..”

लड़की 1 “ जानेमन इसमें मज़ाक जैसा क्या है खुद सोच तूने जिस हीरो को किश किया जिसने तेरी जान बचाई और बदले में तुमसे कुछ चाहा भी नहीं ऐसा लड़का अगर मुझे मिले तोह मैं उसे उसी टाइम लेकर गायब हो जॉन और किसी को पता भी न लगने दूँ ..”

लड़की 2 “ हाँ यार आज का टाइम देख न अगर कोई ज़मीं से हमारा hi पेन उठाकर दे तोह बदले में हाथ चुने को सोचता है …पैर अगले ने बिना कुछ सोचे तुम्हारे और तुम्हारे भाई की ज़िन्दगी सावर दी और बदले में कुछ चाहा भी नहीं ऐसा लड़का अगर मिले तोह सोचना सिर्फ बेवकूफी है ..उसे तोह फुरण अपना बना लो ..क्युकी दुनिआ में अचे लड़कों की सुच में बहुत कमी है …”

लड़की 3 “ हाँ यार अब पीछे hi देख ले क्या हैंडसम लड़का है चॉकलेट शेक पि रहा है पैर अफ़सोस छोटा है ..पैर अगर थोड़ा और बड़ा होता तोह कसम से इसे लेकर भाग जाती ..” इस बात पैर सभी हंसने लगी और हँसते हुए मुड़कर अजय पैर धयान दिया …

अजय ने जब उस लड़की की बात सुनी तोह उसको खांसी लग गयी …सुनकर ..अब अजय ने भी पलट कर देखा तोह सभी लड़कियां उसे देख रही थी अजय का मुँह चॉकलेट शेक में थोड़ा सन्न गया था …

अब अजय तोह अजय था …हु मनु तोह था नहीं …अजय ने उनको हँसते हुए देखा तोह एक सांस में अपना शेक फिनिश किया और उनके सामने चला गया …

और उस लड़की को बोलै ..” ऑफर ाचा है ..आप मुझे लेकर भागना चाहती हैं पैर सॉरी मुझे आप पसंद नहीं… हाँ अगर कोई और चाहे तोह सोच सकता हूँ …सो बेटर लक नेक्स्ट टाइम अन्त्य जी ..”

अजय ने सभी के सामने उसे अन्त्य कहकर उसकी अचे से बजती कर दी थी ..अजय की बात पैर साड़ी लडकियां उस लड़की पैर हसने लगी थी …

हु लड़की “ है बचे तुमने कैसे सोच लिया मैं तुम्हे लेकर सुच में भागने वाली हूँ ..”

अजय “ सॉरी पैर मैं आपके साथ जाने वाला भी नहीं हूँ अगर आपको इतना hi बुरा लग रहा है तोह आपने मुझे टारगेट करके कहा hi क्यों..??”

हु लड़की अजय की बात पैर सकपका गयी क्युकी अजय सही था हु तोह सिर्फ अपने में बस्सी था …पैर उस लड़की ने hi उसे प्रोवोके किया था ..और जब अजय ने झंड की तोह चीड़ गयी…

अजय “ सॉरी लेडीज मैं इंसान गलत नहीं पैर मौका गलत है ..आपकी सहेली सामने से कहती तोह ाचा लगता पैर इसने इंदिरेक्ट वे में आपकी कन्वर्सेशन में मुह्जे ग्रसित लिया सो रिप्लाई देना तोह बनता है …पैर एक बात सुच कहता हूँ आप सभी किसी परियूं से काम नहीं काश में सुच में बड़ा होता तोह शायद ???”

उसकी मीठी तरीफून का असर अचे से हुआ जहाँ थोड़ी देर पहले उसे लड़कियां कोई घमंडी समझ रही थी …पैर जब अजय ने पारी कहाँ तोह सभी खुद को सुच में पारी समझने लगी थी …तारीफ सुन्ना किसे पसंद नहीं होता और लडकियां भी इससे अलग नहीं है …और कोई स्मार्ट लड़का अगर पारी केहड़े तोह बस …

अजय कोई सभी लड़कियों ने उसके बाद अपने साथ ज्वाइन होने को कहा …और अजय भी ज्वाइन हो चूका था उनके साथ ..सभी लडकियां अजय को अचे से ट्रीट कर रहीं थी …बस एक लड़की को छोड़कर उसने जबसे अजय को देखा था …हु अजय को गौर से नोटिस कर रही थी …और अजय ने भी उसे नोटिस करते हुए देख लिया था …

यह हु hi लड़की थी …जिसको कुछ देर पहले यह सब तैसे कर रही थी ..वह जैसे अजय में कुछ ढूंढ रही थी …और ढूंढती भी कैसे नहीं अजय था तोह मनु का सागा भाई तोह फेस और फीचर थोड़ा तोह मनु से मिलना उसका जेनेटिक हक़ है …बोले तोह भाई है थोड़ा तोह भाई जैसा लगेगा hi …

अजय ने आखिर पूछ hi लिया उसे “ सॉरी तो से बूत आपको काफी देर से नोटिस कर रहा हूँ आप मुझे काफी देर से देख रहीं हैं सब ठीक तोह है न …???”

हु लड़की इस बात से थोड़ी सकपका चुकी थी क्युकी अजय ने जैसे उसका दिमाग hi पद लिया था …

हु लड़की “ नहीं ऐसी कोई बात नहीं है …आप मुझे गलत न समझे मुझे लगा आपका फेस मेरे बहुत करीबी से मिलता है …”

लड़की 1 “ अरे बस भी कर लाडो इसे तोह छोड़ दे अब यह मत कहना …की इसकी शकल तेरे उस हीरो से मिलती है ..”

हु लड़की “ नहीं ऐसी बात नहीं है तुम लोग बैठो मैं ज़रा वाश रूम से होकर आयी …” हु उठी और वाश रूम चली गयी ..”

अजय “ लगता है आपकी फ्रेंड मेरी बात का बुरा मान गयी हैं सॉरी आपके जैसे परियूं को अगर बुरा लगा हो तोह ..”

लड़की 2 “ अरे ऐसे बात नहीं है हु हमसे थोड़ी अलग है …बेचारी ने अपनी लाइफ में बहुत कुछ सहा है …उसके maa-baap चल बेस और उसे बचपन से दिल में छेद था ..और उसका सिर्फ एक भाई है जिसको किसी जगह चोट लग gayi…per कहते हैं उसके घर देर है अंधेर नहीं ऐसा hi कुछ हुआ ..किसी ने उसके भाई के साथ उसका ट्रीटमेंट भी करवाया और उसके आनेवाले फ्यूचर के लिए उसकी हेल्प की …और हमारी फ्रेंड उसे दिल दे बैठी …अब बेचारी रात दिन बस उसके सपने में hi खोई रहती है..”

लड़की 1 उस लड़की 2 से“ अरे यार तू hi सोच अगर कोई बदले में तुमसे कुछ न चाहे और सिर्फ तुम्हारी परवाह करे तोह कोई कैसे न तुमसे प्यार करे क्यों मैं सही हूँ न??? “ लड़की 3 से पूछा

लड़की 3 “ हाँ सही है अब आज के ज़माने में ऐसा मिलता hi कोण है जिसे बिना वजह आपकी हेल्प करे और बदले में कुछ न ले या कोई उम्मीद न रखे और अगर लड़की हो तोह लोगों की नियत तोह सबको पता hi है ??” अजय को देखते हुए कहा उसने ..

अजय उसकी बात सुनकर अपनी जगह से उठा और उसके सामने हीरो के पोज़ में “ जिन्हे सिर्फ आपकी परवाह होती है हु सिर्फ आपकी ख़ुशी चाहते हैं ..पैर जो लोग बदले में कुछ चाहते हैं उनकी नियत भी उनकी आँखें बयां करदेती हैं जैसे अभी आपकी आखें बयां कर रही हैं ki,,,aap आप ??”

लड़की 3 “आप क्या ..कहो न कहते क्यों नहीं ??”

अजय ने उसका हाथ थम लिया ..उसकी आँखों में देखते हुए “ किआ आप मुझे सुच में लेकर भागना चाहती हैं ..पैर है रे मेरी बाली उम्र काश में थोड़ा बड़ा होता तोह आपको क्या आप सभी को लेकर भाग जाता क्युकी ऐसी परियां सिर्फ किसी किस्मत वाले के पास hi रह सकती हैं और हु किस्मतवाला अगर में हूँ तोह बात hi क्या…” अजय ने जिस अंदाज़ से यह बात कही थी सभी लड़कियों कैग ाल शर्म से लाल हो चुके थे ..

अजय से कहीं न कहीं सभी लडकियां इम्प्रेस थी ..क्युकी कहाँ कोई बोरिंग बातें और कहाँ अजय का हीरो एक्ट …

अजय कुछ और बातें कर रहा था पैर पास में किसी बचे ने बर्गर फेंका तोह हु जा लगा अजय के फेस पैर खैर बचे के फॅमिली ने उसके लिए सभी से सॉरी भी कहा ….अजय ने बात ज्यादा नहीं बड़ाई और बचे के को देखकर ज्यादा कुछ नहीं बस “ इतस ok कह दिया “….और क्युकी बर्गर बचे का तहत ओह जाहिर है टोमेटो सॉस ज्यादा था …सो अजय का एक साइड का गाल (चीक) लाल सॉस में सन्न चूका था …अजय ने उसे धोने के लिए बाथरूम का रुख किया उसका धयान अभी तक उसी बचे पैर था …सो अनजाने में उसकी टक्कर किसी से हुई …उसने देखा की यह तोह हु hi लड़की है …जो उस ग्रुप के साथ थी …जो बाथरूम से लौट रही थी ….उसने देखा उसके अजय के टकराने से कोई कागज़ जैसा जमीं पैर गिर चूका है …

अजय ने तेज़ी से उसे उठाया तोह पाया की यह कोई पिक थी जिसमे एक लड़का था …जब अजय ने उसे धयान से देखा तोह उसके मैं में एक आवाज़ आयी …” भैया “

हाँ यह पिक मनु की hi थी कोई 2 साल पहले की …अजय ने उसे धयान से देखा और उसे लड़की को देखा उसकी समझ में नहीं आया की यह सब है क्या ???

खैर तस्वीर भले hi उसके डिअर भैया किट hi पैर थी तोह उस लड़की की …अजय ने उस लड़की को दे दी …और लड़की ने जैसे hi उस तस्वीर को लिया तोह उसे किसी बहुत किमिति चीज़ की तरह अपने सीने से लगा लिया जिससे अजय और सोच में पद गया … अजय से रहा नहीं जा रहा था की यह माज़रा क्या है …और उस लड़की ने भी तस्वीर को अपने सीने से लगाकर अजय को थैंक्स कहा और वापस मुद गयी …

अजय “ एक्सक्यूज़ में ज़रा सुनिए “ वह लड़की रुक गयी….

अजय “ देखिये जाणतणा हूँ यह बात पूछना ठीक नहीं पैर क्या सिर्फ इतना जान सकता हूँ की यह तस्वीर है किसीकी जिसे आपने ज़मीं से उठने के बाद किसी किमिति चीज़ की तरह अपने सीने से लगा लिया आपका और इनका रिश्ता क्या है ???”

हु लड़की कुछ सोचते हुए “ देखिये मैं हर किसी अजनबी से बात नहीं करती पैर पता नहीं क्यों ??? आप को देखकर मुझे उन्ही का एहसास होता है ..इसलिए आपको सुच बता देती हूँ …यह तस्वीर मेरी रूह के मालिक रॉकी की है यह हु फ़रिश्ते हैं जिनके वजह से इस दुनिआ में मरने को मजबूर होनेवाले मैं और मेरे भाई की जान भी बचाई और उसके साथ मुझे भी नयी ज़िन्दगी दी उसके साथ hi हम दोनों इस बेरहम दुनिआ में जीने के लिए हर हु चीज़ मोहय्या करवा दी जिसके शहर हम चैन और सुकून से जी सके और बदले में उन्होंने हमसे थैंक्स तक नहीं लिया …अब ऐसा इंसान को फरिश्ता न कहूं तोह क्या कहूं …आप खुद hi सोचना क्या कोई ऐसा बिना किसी रिश्ते के करता है क्या नहीं न …जहाँ कोई रिश्तेदार भी अपनों को तनहा करदेता है वहां इन्होने एक बार नहीं कई बार मुझे ज़िन्दगी दी है …तू कैसे न मैं उनकी इज़्ज़त करूँ ..क्या मैं गलत हूँ ..???” उस लड़की की आँखें भर आयी थी पुराणी बातें याद करके …

और अजय भी हैरान था ...की उसका भाई कितना ाचा इंसान है जिसने न जाने कब कैसे इनकी मदद की और न जाने कैसे उनको जीने के लिए ाचा फ्यूचर जिसकी बात हु लड़की कर रही थी …पैर हु तोह मनु है फिर यह लड़की रॉकी नाम क्यों ले रही है ..और अगर भैया ने उसे रॉकी नाम बताया है तोह शायद उसकी कोई वजह हो तोह मैं और पता लगाने की कोशिश करता हूँ ..???

अजय के दिमाग में काफी सवाल थे …की हु उस लड़की से और बात करे और अपने भैया के बारे में और जान सके ..

हु लड़की “ आप मुझे गलत मत समझना पैर आपका चेहरा इनसे बहुत मिलता hai…shayad यही वजह है की मैं आपको इतनी देर से देख रही थी …पता नहीं क्यों??? आपको देखकर मुझे उनकी याद आ रही थी …प्ल्ज़ मुझे आपको उस तरह देखने के लिए गलत मत समझना ..”

अजय मैं में “ चेहरा तोह मिलेगा hi ..एक hi maa-baap के बचे हैं और हु मेरे बड़े भैया हैं तोह चेहरा तोह मिलेगा hi न …और अगर मेरा नहीं मिलेगा तोह क्या पडोसी का मिलेगा ?? “

अजय अपने दिमाग में बहुत से सवालों से जूझ रहा था ..पैर उस लड़की से सिर्फ इतना पूछ पाया “ आपका नाम अगर पूछ सकता हूँ अगर आपको बुरा न लगे तोह ??”

हु लड़की उसकी बात पैर मुस्कुरा कर बोली “ हाँ क्यों नहीं मेरा नाम है हीना ..और आपका नाम ??”

अजय “ माय नाम इस बांड जेम्स बांड “ अजय ने एक आंख दबा दी ..और बाथरूम की और चल दिया अपना गाल साफ़ करने ..वह लड़की उसकी बात पैर मुस्कुराती हुई वापस अपनी सेहलियों के पास आ गयी …

अजय बाथरूम में अपना चेहरा साफ़ करते हुए सोच रहा था ..” यह सब फंदा क्या है …और भैया का पूर्ण पिक इस लड़की के पास कर क्या रहा है …और रॉकी नाम यह क्या मिस्ट्री है …और भैया ने इसकी और उसके भाई की मदद कब और कैसे की लगता है मैं जेम्स बांड बनु या नहीं पैर भैया कोई सुपरहेरो जरूर बैंकर रहेंगे ..और हु लड़की उनको “ रूह का मालिक “ क्यूँ कह रही थी लगता है और पता करना होगा चलो देखते है और क्या पता चलता है ???”

अजय जब बहार आया तोह उसने देखा की बहार हु लड़कियों का ग्रुप जिस टेबल पैर था वहां अब नहीं था और जब उसने पता किया तोह पता चला की कोई उनमे से किसी को कोई भी जनता नहीं था ..अजय ने जब वहां सर्च किया तोह उसने देखा की सबसे निचे के फ्लोर पैर हु सब जा रही थी ..और अजय अभी 4 फ्लोर पैर था क्युकी हु साफé 4 फ्लोर पैर था अजय ने तेज़ी से कदम बढ़ए और निचे आया और ढूंढने लगा …

और उनसभी को ढूंढते हुए जब पार्किंग में आया तोह देखा हु सभी लडकियां एक साथ टेंशन में डूबी हुई थी और सामने से एक wagon-r में हीना को कुछ लड़के जबरदस्ती लेकर जा रहे थे ..अजय ने उसी टाइम अपने मोबाइल से उस गाडी का नंबर का पिक ले लिया और उन लड़कियों से पूछा की बात क्या है … लड़कियों ने बताया की यह लड़के शयद साफé से hi हीना के पीछे लगे हुए थे और पार्किंग में से क्युकी उनके किसी ऑटो के मिलने में आसानी होती सो हु सब यहाँ आयी पैर कुछ लड़के उनके सामने hi हीना को जबरदस्ती उठा ले गए …

अजय उनकी बात सुनकर तेज़ी से उसे बोलकर भागा की यहाँ से हिलना मत और भाग कर रोड के पास आ चूका था उसने देखा हु wagon-r अभी कुछ दुरी पैर रेड लाइट में अटकी हुई है सो अजय ने डूअड़ कर उसके पास पूछने की कोशिश की और देखा उसके अंदर कोई 4 लड़के थे और हीना शायद बेहोश थी …और हीना सीट पैर लेती हुई थी हु लड़के अपने में मस्त थे अजय ने देखा की उसमे कैसे हु हीना को बचा सकता है पैर उसके समझ में कुछ नहीं आया सो हु वापस आया और उन लड़कियों से फ़ोन माँगा और किसी को कॉल किया ..

उधर आज शबनम ने मनु को अपने पास बुलाया था …अब इसरार और शबनम का रिश्ता भी सिर्फ नाम का रह चूका था …क्युकी शबनम ने उसके दिमाग और लम्बी चाल को एक बार में मात दे डाली थी …और उसको ऐसे अपने हाथ में फंस्या था की इसरार अगर शबनम को छोड़कर अगर जाता तोह उसमे नुक्सान इसरार का hi tha..kyuki अब हु मनु का कुछ कर नहीं सकता था और शबनम नाम की तलवार उसके उप्पेर लटक रही थी …और हु अगर शबनम को छोड़कर जाता भी तोह जाता कहाँ अपने घर जाता तोह नए निकाह का दबाव पड़ता और हु तेरा अब na-mard सो ऐसे में हु निकाह करता भी कैसे और गलती से अगर निकाह हो भी गया तोह जब नयी बीवी को चुदाई न मिले तोह हु किसी और के साथ आराम से निकल जाती सो उसमे भी फिर इसरार का नाम hi ख़राब होता सो इसरार ने अब हालत से समझौता कर लिया था …याय उन कहो तोह मनु और शबनम का रिश्ता अब उसने भी मान hi लिया था …भले hi शबनम ने उसे 3 तलाक दे दिया था …पैर दुनिआ के सामने हु उसकी बेगम थी ..अब चाहे बचा मनु का हो या किसी और का …उसे अब इसका कोई फर्क नहीं पड़ना था …

खैर मनु जैसे hi आया …शबनम ने उसे हु जूस दिया …मनु ने भी एक सांस में खींच डाला जूस को और …गिलास साइड में फेंका और शबनम को खचकर अपनी गॉड में बैठा लिया …

शबनम भी किसी बेल की तरह उसे चिपकती चली गयी…

मनु “ हाँ तोह जान सकता हूँ आपने किस लिए मुझे बुलाया ??”

शबनम उसके मुँह पैर ऊँगली रखते हुए “ आप नहीं तुम कहो मैं आपकी बीवी हूँ और बीवी को तुम कहते हैं मेरे पतिदेव”

मनु ने उसके गोल गांड को भींच दिया …शबनम सिसक उठी …मनु उसके सिसकी सुनकर तोह जैसे उसकी फुल्ली हुई गांड का दुश्मन hi बन चूका था .. उसने कसकर उसकी गांड को मसला …

शबनम “ इस्स्स्सह्ह्हह्ह!! आह्ह्ह्हह!! आप सभी मर्द न जाने क्यों इसी के पीछे पड़े रहते हैं जबकि आगे तोह कुआँ है पैर आपको तोह पिछवाड़े की पड़ी रहती है ???...है देखो न आप कैसे जालिम बैंकर उनको लाल करने पैर तुले हैं थोड़ा तोह रेहम कीजीएयना ”

मनु “ ऐसे कैसे रेहम कर लूँ इनपर जब से हु दिन गया है जब भी इन्हे देखता हूँ बस इन्हे दबाने का मैं करता है …न जाने क्यों और अगर ऐसे hi रेहम कर लिया तोह मेरा क्या होगा ???”

शबनम “ तोह मन थोड़े hi कर रही हूँ …बीवी हूँ आपकी हक़ है आपका पैर थोड़ा आराम से करलो वार्ना बाद में दर्द होगा बैठने में ???”

मनु “ तब तोह और ाचा है जब मैं कहीं और रहूँगा तब तुमको यह दर्द मेरी याद दिलाता रहेगा सो पहले तोह सिर्फ गांड दबा रहा था अब तोह यह ढूढ़ की टंकी भी दबाऊंगा आखिर हक़ है मेरा …???”

मनु ने उसके बाद गांड से हाथ हटाकर चुकी पैर लगा डेल …और कास कसकर उन्हें जमकर भींचा ..शबनम ने भी हर सिसकी मनु के नाम कर दी …

shhhhhhhhhhhh!!!! आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!!!!...

मनु ने आज उसकी चुकी पैर कोई रेहम नहीं किया और शबनम ने भी हक़ की बात मनु के मुँह से सुनकर उसे फिर टोका नहीं मनु जिस तरह उसे बहाव में ले चला शबनम उसी बहाव में चल दी …

मनु को आज शबनम ने वैसा hi डोज़ दिया था जो उस दिन दिया था …मनु पैर इसका असर क्या होगा यह बाद की बात है पैर शबनम की गांड लाल कर चूका था मनु और चुकी दबाने से हु भी लाल हो चुकी थी …और उसकी निप्पल अब टैंकर कड़ी थी ….मनु ने गॉड में hi शबनम को लिए उसके कपडे उतरने चाहे ..पैर शबनम का सूट जो आज उसने पिंक कलर का पहना था उत्तर नहीं पाया …आज मनु और शबनम दोनों hi वाइल्ड मूड में थे ….मनु ने शबनम की आँखों में कुछ सेकंड के थे देखा …शबनम ने भी सर हिला दिया …

उसके बाद मनु ने उसके गले से सूट को खींचा ……chaaarrrrrrrrrrr!!!!

की आवाज़ के साथ शबनम का सूट फट चूका था …पैर मनु और शबनम को इसकी कोई परवाह नहीं थी ….

आज शबनम ने भी कुछ नॉटी सोचा होगा …क्युकी शबनम ने आज अंदर ब्रा नहीं डाली थी …उसकी गोरी और ठोस चुकी मनु के जमकर दबाने से लाल सुराख़ हो चुकी थी …मनु ने जब चुकी देखि …तोह उसे फिर रहा नहीं गया …

मनु ने उसकी चुकी के निप्पल को अपने ऊँगली से छुआ तोह शबनम कांप सी गयी क्युकी इस टाइम उसकी निप्पल और चुकी बड़ी सेंसिटिव हो चुकी thi..manu ने जब शबनम को कंपते हुए देखा तोह उसके सर को अपने तरफ घुमा कर एक स्मूच लिया ….शबनम ने भी उसका जमकर साथ दिया …मनु के हाथ उसकी चुकी को दबा रहे थे …और कभी अंगूठे और ऊँगली से मनु उसकी निप्पल खिंच लेता तोह शबनम का हाल और गरम हो जाता …उसकी लाइफ में यह वाइल्ड सेक्स पहली बार था …

मनु ने और शबनम अपनी मस्ती में मस्त थे यह जाने बिना की कोई और भी वहां हो सकता है …हाँ इसरार आज काम के जड़ी ख़तम होने के बाद घर लौट आया था …बहार मनु की बाइक उसने देखि तोह समझ गया मनु अंडर है …और अब शबनम और उसमे बीवी और शोहर का रिश्ता सिर्फ नाम का hi बचा था …शबनम और इसरार अब अलग अलग कमरे में सोते थे …इसरार ने अपनी चाबी से मैं गेट ओपन किया और अपने रूम में दूर बंद करके लेट गया …

पैर शबनम की सिसकियाँ उसके कानो में पद रही थी …और उसकी बेचैनी भी बाद रही थी …उसने कई बार सोचा की हु सो जाये पैर ऐसे गरम माहोल में नींद किसीको कैसे आ सकती है भला ??? सो कई बार सोचने के बाद इसरार ने बहार देखने का फैसला लिया …

उसके बहार आते hi मनु ने शबनम का सूट फाड़ दिया था और कसकर शबनम की चुकी दबा रहा था …इसरार ने शबनम को मज़े मरते हुए देखा …शबनम भी मज़े से मनु की गॉड में उसके साथ कभी स्मूच करती तोह कभी चुकी दबाने का मज़्ज़ा लेती …इसरार बस एक पिलर के पीछे छुपा हुआ शबनम और मनु को मज़े मरते हुए देख रहा था ….

मनु ने शबनम का सलवार पकड़ा और चट्ट्ट्ट! की आवाज़ के साथ उसका नाडा तोड़ डाला ….शबनम की सलवार अब ढीली हो चुकी थी …

मनु उसके बाद उसे कीचकर निकल देता है और यहाँ भी अजीब बात शबनम ने पंतय नहीं पहनी थी …मनु का दिल उछलने लगा था ….क्युकी शबनम की छूट गर्मी से गिल्ली हुई पड़ी थी …

मनु अपनी एक ऊँगली उनकी छूट की लकीर से घुमाकर उसपर लगे पानी को अपनी ऊँगली पैर मॉल लेता है …उसकी ऊँगली पूरी सन्न चुकी होती है उस पानी में शबनम की आँखों के सामने हु उस ऊँगली को कर देता है …

शबनम जैसे hi उसकी ऊँगली में अपना पानी लगा देखती है …उस ऊँगली को अपने लाल होटों में दबा लेती है …और ऐसे चुस्ती है जैसे कोई ice-cream हो ..मनु उसकी इस हरकत को एन्जॉय कर रहा था …क्युकी अभी तक शबनम उसकी गॉड में बैठी थी …

अब शबनम ने आगे बढ़ने के लिए मनु का शर्ट उतार दिया और मनु के खुले चोदे सीने को ध्यान से देखा …उसका दिल मचल उठा …तोह उसने मन ऊके निप्पल पैर किश किया मनु अन्दर तक कांप गया …उसके लाइफ में यह पहली बार था …

शबनम ने देखा मनु को मज़्ज़ा आ रहा है तोह उसने मनु के निप्पल को चूसना शुरू कर दिया …

मनु भी आँखें बंद किये बस मज़े ले रहा था …निप्पल का असर उसके हलबी लोडे पैर पद रहा था …उसका लोढ़ा खड़ा हो चूका था …शबनम की गांड के साइड में चुबने भी लगा था …शबनम ने अब मनु का पेण्ट उतारना चाहा मनु ने भी गांड उठा कर उसका साथ दिया ….

शबनम ने पेण्ट और अंडरवियर को एक साथ उसके शरीर से अलग कर दिया …अब शबनम के सामने उसका फेवरेट औज़ार था …जिसे देखकर उसकी आँखें ख़ुशी से झूम रही थी ….

यही हाल था इसरार का जो हैरानी में डब्बा हुआ मनु के हुलाबी लोडे को देख रहा था साफ़ चिकना लम्बा तगड़ा और गोरा लैंड …ऐसा लैंड उसने आज तक नहीं देखा था …हाँ उसने आज तक जिस भी लोडे से गांड मरवाई थी हर लैंड या तोह काला या छोटा होता ,,,पैर मनु का लैंड उसके आज तक वाले सभी लन्दन के मुकाबले बड़ा मोटा साफ़ और गोरा था …इसरार के मुँह में भी शबनम की तरह पानी आ चूका था …

शबनम ने मनु के लोडे को मुँह में ले लिया था …पैर इसरार उसे देखकर बस लार टपका रहा था …उसका जिस्म भी अब गरम हो रहा था चुदाई के नाम पैर …मनु ने अब शबनम को अपने उप्पेर से हथया और किसी खिलोने जैसे शबनम को उठाया और …उसकी छूट को अपने मुँह पैर लग आलिया खड़े होकर शबनम भी मनु के होंठों की छुअन से मज़े में आ चुकी थी मनु के सर पैर उसके हाथ चले गए …मनु ने शबनम के दोनों जंघाओं को अपने मज़बूत कांधूं पैर रख लिया था …शबनम के पेअर हवा में मन ऊके कमर पैर लटक रहे थे पैर मनु अपने काम पैर लगा हुआ था शबनम और मनु को देखकर इसरार भी गरम हो रहा था …

मनु ने कुछ देर शबनम की छूट चूसी और उसके बाद शबनम को निचे उतारा और उसे बैडरूम की तरफ हाथों में लिए चल दिया …इसरार भी अपनी जगह से हिला और पीछे पीछे चल दिया बैडरूम के बहार गेट पास से अंडर देखने लगा …

मनु ने शबनम को बीएड पैर फेंक दिया …शबनम ने कोई परवाह नहीं की ..मनु ने शबनम के जांघों को अपने पास खींचा और उसकी छूट पैर अपना लोढ़ा उप्पर निचे किया …शबनम की हालत किसी मछली की तरह हो चुकी थी …जिसे पानी की तलाश हो …

मनु फिर भी आराम से उसके छूट के पानी को अपने लोडे पैर मॉल रहा था ….शबनम ने अब गेट की तरफ देखा उसे इसरार साफ नज़र आ रहा था …क्युकी मनु का मुँह शबनम के सामने था और शबनम का मुँह गेट की तरफ तोह मनु की बैक को इसरार देख पा रहा था ….

शबनम ने देखा इसरार के मुँह से मनु के लोडे को देखकर लार टपक रही है सो …शबनम ने मनु थोड़ा साइड में किया और इस तरह से लेट गयी की अब इसरार मनु और शबनम की चुदाई आराम से देख सके …शबनम ने इसरार को इशारा किया ..की गेट और बंद कर दे ताकि मनु का धयान उस तक न जा सके ?

इसरार ने ठीक वैसा hi किया …उसने सिर्फ थोड़ा सा गेट खोले रखा ताकि …हु दोनों की चुदाई को देख सके …शबनम भी आज कुछ ज्यादा hi एक्सीटेंड थी क्युकी उसका नया पति उसके पुराने शोहर के सामने उस छोड़ने वाला था …इस बात ने शबनम को नए मज़े से भर दिया था …आज उसका नया हस्बैंड उसके गांडू ex-husband के सामने कैसे छोड़ेगा यह सोचकर hi उसकी छूट ने अपना पानी बहा दिया था …

मनु ने अब लोडे को शबनम के हाथ में दिया शबनम ने हैरानी से देखा मनु ने सर हिला या ..

शबनम समझ गयी की मनु चाहता है की मनु जब चोदे तोह शबनम की छूट में लोढ़ा खुद शबनम सेट करे…

उसे इस बात से इतनी ख़ुशी हुई की शबनम ने उठकर एक बार मनु के लोडे की खाल को पीछे किया और सुपाड़ी पैर किश कर दिया और लेटकर अपनी छूट के छेद पैर सेट किया लोडे को …

मनु ने आगे बढ़ने के लिए इशारे से पूछा शबनम ने इशारे से हाँ kaha…manu ने तीन जोरदार झटकन में शबनम की छूट में उतार दिया लोढ़ा ..शबनम का चेहरा लाल होगया .. दर्द के मारे पैर उसने मनु को रोका नहीं …

पैर इससे गरम हो चुके इसरार ने आस पास देखा तोह उसे क्रिकेट का बात नज़र आया तोह उसने उसका पकड़ने वाला हिस्सा जिससे हाथी बी कहते है उसे सूखा hi अपनी गांड में दाल लिया …सुखी हाथी जाने से गांड में जलन हुई जिससे उसकी हालत बहुत ख़राब हुई पैर सामने का नज़ारा इतना गरम था ,,,की उसकी जलन कब मज़े में बदल गयी उसे खुद पता नहीं चला …शबनम ने उसे बात के हाथी को गांड में लेते हुए देख लिया था …और सुच कहो तोह शबनम को एक अलग सी किक मिल रही थी आज छोड़ने में …मनु बिना रुके उसे छोड़ रहा था …शबनम कई बार झाड़ चुकी थी …पैर मनु आज रुकने के मूड में नहीं था …

और बहार इसरार भी बात के साथ गांड में हठी लिए बस्सी था …इसरार मनु की चुदाई और उसका स्टैमिना देखकर हैरान था …

शबनम को कोई 2 घंटे रोंदने के बाद मनु ने उसकी छूट में आपने लोढ़ा एक ज़ोर के झटके के साथ अन्दर तक ठूंस दिया …और अपना पानी उसकी कोख में बहने लगा …शबनम का हाल बुरा हो चूका था कई बार झड़ने से …पैर मनु का लावे जैसा गरम पानी उसकी कोख में गिरा तोह उसका पानी एक बार फिर छूट गया …

मनु ने आखिरी बांड तक उसकी छूट में उत्तर दी थी …इसरार भी थक कर चला गया था …अपने रूम में ..

मनु का लोढ़ा अभी तक तना हुआ था मनु ने लोढ़ा शबनम के मुँह के पास लगाया …शबनम ने किसी अचे ओबेडिएंट लेडी की तरह उसके लोडे को मुँह में लिया और चूसना शुरू क्या …

मनु का लोढ़ा अब पूरा तन्न चूका था मनु ने शबनम के मुँह से निकला..

शबनम को देखा और उसकी गांड को मसला ..शबनम “ नहीं मेरी जान …मेरे पति देव मैं आपकी हूँ पैर आज वहां नहीं प्ल्ज़ हु कुवारी है …और बहुत दर्द होगा ..मैं मन नहीं कर रही हूँ क्युकी मेरा सब कुछ तोह आपका hi है चाहे जब आप चाहें तब सही पैर …” हु कुछ कह पाती इससे पहले hi मनु ने उसे घुमा दिया और उसकी गांड पैर लोढ़ा रगड़ने लगा …

शबनम ने भी सोचा …बीवी है अब हु मनु की सो चाहे जो हो हु हर तरह से उसका साथ degi…per दर्द जो होने वाला था …हु सोचकर शबनम ने आखें बंद कर ली …

मनु ने लोढ़ा उसके गांड के छेद पैर लगाया hi था …और शबनम भी आँखें बंद किये …बस किसी भी पल लोडे को गांड के अंदर आने को सोच hi रही थी …की अचानक मनु का मोबाइल बजने लगा …मनु शबनम के उप्पेर से उतारा और बहार जहाँ कपडे पड़े थे वहां जाकर अपना मोबाइल देखता है कॉल पिक करता है ..उधर से जो सनटैन है उसे सुनकर बस इतना कहता है गुस्से में ..” बस आ रहा हूँ”

मनु अंदर आता है शबनम हैरान सी उसे देखती है ..मनु अब कपडे पहन चूका था ..पैर शबनम ने सोचा मनु बुरा मान गया है ..

शबनम “ सुनिए मैं तैयार हूँ आप जो चाहें करे जैसे चाहें करे मैं नहीं रुकेंगी मैं आपकी बीवी हूँ …आ पैसे नाराज़ न हो प्ल्ज़..”

मनु ने पास आकर उसके होटों को चूमा और उसके माथे को चूमकर बोलै “ तुम गलत समझ रही हो मुझे इस बात का गुस्सा नहीं है ..तुम फ़िक्र न करो प्रॉब्लम कहीं और है ..अभी जा रहा हूँ अर्जेंट है ..तुम बस अपना ख्याल रखना …लव ु …और हाँ फिर कह रहा हूँ नाराज़ तुमसे नहीं हूँ ..सो टेंशन मत लेना ..जाना जरूरी है ..और यह लो तुम्हारे लिए लाया था कुछ सूट हैं सोचा था तुमको सरप्राइज दूंगा और देखलेना अगर अचे न लगे तोह चेंज करवा लेना इनपर एड्रेस है शॉप का.... ाचा लेट हो रहा है बाद में आऊंगा ”

शबनम को मनु ने जो सूट दिए थे सुनकर hi मनु पैर और प्यार आ गया था ...क्युकी गिफ्ट किसे पसंद नहीं और शबनम की लाइफ में अब कोई था जो उसकी परवाह भी करता था और उसे गिफ्ट भी दे सकता था ...पैर उसके अंदर का डर अब शांत था की मनु नाराज़ नहीं है ..शबनम ने चैन की साँस ली की मनु उसे नाराज़ नहीं है …पैर उसने सोचा की बात क्या है खैर मनु ने आने पैर उसने पूछने का सोचा ..और मनु के होटों पैर लम्बा सा स्मूच देखकर उसने अपना प्यार मनु को बात दिया …

मनु ने जाते हुए उस क्रिकेट बात को देखा जो गेट के बहार था जिसकी हाथी पैर इसरार की गांड की टाटी लगी हुई थी …मनु ने ध्यान से उसे देखा पैर उसका टाइम इस बात पैर सोचने से ज्यादा कहीं और बस्सी था …उसने भी सोचा बाद में देखता हूँ ..

उधर आज रजिनि और अनिल की रिपोर्ट आ चुकी थी …जिसमे प्रॉब्लम अनिल के स्पर्म काउंट की थी ..रजिनि को जब जाया ने बताया तोह रजिनि का दिल बेथ सा गया …जाया ने उसे समझया भी की ो सकता है उसका और अनिल का क्ष और य क्रोमोसोम्स का प्रॉब्लम हो पैर रजिनि तब तक फ़ोन काट चुकी थी …रजिनि को अनिल पैर बहुत गुस्सा आया ..उसके आंसू निकलने लगे थे ..यह सोचकर की आजतक अनिल की वजह से उसका बेटे का सपना पूरा नहीं हो रहा था …

रजिनि ने मैं में कोई फैसला किया सामने से राजिंदर अपनी बाइक पैर घर ऑफिस से वापस लौटकर जा रहा था …उसने राजिंदर को देखा तोह रजिनि के चेहरे पैर एक शैतानी मुसकुराहट आ चुकी थी…

रजिनि “ अब मेरे बेटे का सपना जल्दी hi पूरा होकर rehegaa,,hahahahahahah!!!!!”..
:हिंट:
 
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