My Complete Intentions - The Beginning - Page 8 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

My Complete Intentions - The Beginning

अपडेट:-36

सुबह मेरी आँख अलार्म के बजने से खुली, पास में किरण नहीं थी मई बे उठ के चली गयी होगी, मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में घुस गया और फिर जादू से रेडी हुआ और निचे आया और ब्रेकफास्ट के लिए बैठा hi था की फ़ोन बजा मेरा, इसलिए मैंने हाथ में उठाया हुआ टोस्ट निचे रखा और कॉल पिक किया.

मैं:- hello कोण?

राज:- राज बोल रहा हु मैं.

मैं:- हम्म्म, बोलो आज कैसे याद कर लिया अभी तो दिन hi हुए मेरे से अलग हुए.

राज:- एक जरूरी काम है क्या तुम अभी ऑफिस आ जाओगे.

मैं:- नहीं आ सकता क्युकी मैंने सब उलटे सीधे काम छोड़ दिए है और मैं अब स्कूल जा रहा हु, हां लेकिन बाद में टाइम मिला तो आ जाऊंगा.

राज:- एक कम सर को तुमसे मिलना है, मुँह मांगी कीमत मिलेगी और स्कूल की मैं देख लूंगा.

मैंने 30 सेकंड तक अपने दिमागी कीड़े दौड़ाये की क्या बात है? मुझसे hi क्यों मिलना है? लेकिन मेरी एक जगह जाके अटक गयी मुँह मांगी कीमत एंड ी लव मनी तो मैंने 30 सेकंड बाद hi बोलै.

मैं:- ोककक ों माय वे.

किरण:- अब क्या हुआ?

Main:-bol रहे है कम को मिलना है मुझसे.

किरण:- तो तुमने हां क्यों बोल दिया.

मैं:- पैसा किरण पैसा और इससे बड़ी चीज़ क्या हो सकती है. चलो मैं चलता हु ख्याल रखना अपना.

किरण:- हम्म्म ोकक वैसे भी मैं बहार जा रही हु कंपनी सेटअप करनी है न और मैंने एक डिसिशन ले लिया है.

मैं:- हां बोलो.

किरण:- हम लोग इतना कॅश नहीं रख सकते इसलिए मैंने तुम्हारा एक बिज़नेस अकाउंट खुलवाया है और उसमे तुम्हारे नाम से एक कंपनी रजिस्टर करके उस अकाउंट में सारा पैसा डलवा दिया बस इनकम टैक्स भरना पड़ेगा तुम्हे और वो मैं देख लुंगी कैसा पैसो को वाइट करना है.

मैं:- जो तुम्हे ठीक लगे वो करो बस मैं उसे कर पाउ पैसे...

इतना बोलके मैं वापिस अपने रूम में आया और यूनिफार्म उतर के एक ब्लैक शेडेड जीन्स और एक ब्लैक हुड डाला और निकल पड़ा सीबीआई हेडक्वार्टर, सुबह का टाइम था इसलिए थोड़ा ट्रैफिक था पर टाइम से पहुंच गया मैं.

मैंने बाइक पार्किंग में लगायी और अंदर आया तो लौड़े लोगो ने तलाशी ली मेरी और मैं जल्दी से लिफ्ट में आया और 401 मीटिंग रूम में पंहुचा तो वह राज एंड टीम और वो लौड़ा आशीष और दिल्ली का कम बैठे थे, बैठे बस राज और कम hi थे बाकी सब तो खड़े थे "पुअर एम्प्लाइज" :रोफ्लोल: लेकिन मैं जाके उनके सामने एक चेयर खींच के बैठ गया और टेबल पे राखी पानी की बोतल उठा के पानी पिया और फिर दो तीन लम्बी सांस ली और फिर उन सब की तरफ देखा तो वो सब लोग मुझे घर रहे थे लेकिन बोलै कोई कुछ नहीं और इसी बात का मैं फायदा उठा रहा था क्युकी मैं फ़िलहाल डिमांड में था.

मैं:- ऐसे क्या घूर रहे हो पहली बार हैंडसम लड़का देखा है क्या?

आशीष:- सर इसे बोलने की तमीज नहीं है क्या काम करेगा.

राज:- शट उप आशीष.

राज:- देखो खुशाल बहुत बड़ी प्रॉब्लम है और हम लीगल तरीके से कुछ नहीं कर सकते क्युकी ये बहुत बड़ा इशू बन जायेगा.

मैं:- देखो मुझे ये सब नहीं पता लीगल इललीगल इशू वगैरह सीधा मुद्दे की बात पे आओ.

राज:- देखो सीधी बात ये है की कम सर की बेटी किडनैप हो गयी है और तुम्हे उसे वापिस लाना है कैसे भी, बदले में मुँह मांगी कीमत मिलेगी तुम्हे.

मैं:- वो तो ठीक है पर तुम लोग भी तो ला सकते हो और हमारी पुलिस कहा है.

राज:- क्युकी वो इंडिया में किडनैप नहीं हुयी है, शी इस इन क्योटो सिटी इन जापान. और वह की पुलिस कुछ नहीं करेगी क्युकी वह एक लोकल किंगपिन टाइप का बाँदा है और वह की पुलिस उसकी जेब मैं है.

मैं:- व्हाट थे फ़क! सॉरी फॉर लैंग्वेज पर जब वो इंडिया का नहीं है और वह की पुलिस भी कुछ नहीं करेगी और वो कम की बेटी है तो गवर्नमेंट क्यों कोई एक्शन नहीं लेती.

कम:- बचे ऐसे hi गवर्नमेंट कोई फैसला नहीं ले लेती और मेरी कोई बेटी नहीं है ऐसा इंडियन रिकार्ड्स में है और अब मैं अपनी बेटी होने का दवा करता हु तो ओप्पोसिशन वाले सवाल उठाएंगे.

मैं:- फर्स्ट ऑफ़ आल don't कॉल में "बचा" अगर बचा लगता हु तो बुलाया hi क्यों और सेकंड थिंग तुम्हारी बेटी इम्पोर्टेन्ट है या ओप्पोसिशन.

कम:- तुम्हे सवाल जवाब करने के लिए नहीं बुलाया इस काम के मुँह मांगे पैसे मिलेंगे तुम्हे बोलो करोगे या नहीं.

मैं:- ोकक दोने लेकिन कुछ कंडीशंस है मेरी.

राज:- बोलो क्या कंडीशंस है तुम्हारी.

मैं:- देखो फर्स्ट ऑफ़ आल ी don't हैवे पासपोर्ट एंड वीज़ा और दूसरी बात मैं अकेला ये नहीं कर सकता और तीसरी बात मुझे परमिशन चाहिए की मैं जो चाहे जैसे चाहे कर सकू. और सबसे मैं बात मैं अंडरग्राउंड जाऊंगा तो वेपन्स वगैरह कहा, कब, और कैसे मिलेंगे और मैं मुँह मांगी कीमत तो लूंगा hi लेकिन मेरे वह का खर्चा भी तुम hi उठाओगे. और लास्ट एंड मैं बात आकर पर से सारे चार्ज हटा दिए जाए.

आशीष:- सर ये कल का लोंदा कुछ भी बोले जा रहा है और आप लोग मानते जा रहे हो. ये लड़का वह जाके क्या कर लेगा आप लोग मुझे भेजिए.

उसकी बात सुनके मुझे गुस्सा बहुत आया और मैं कुछ बोलने को हुआ लेकिन उससे पहले राज hi बोल पड़ा.

राज:- जिसे तुम का लड़का कह रहे हो न उसने हरयाणा, उप और दिल्ली में कुल मिलके 42 लोगो को मारा है बिना कोई सबूत छोड़े और मेरे हिसाब से इतने तो तुमने केस भी सोल्वे नहीं करे होंगे अपनी लाइफ में.

इसके बाद गांडू गांड सी सकल बांके शान्ति से खड़ा हो गया.

कम:- देखो मुझे तुम्हारी साड़ी शर्ते मंजूर है बस तुम मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो तीन दिन के अंदर और पासपोर्ट, वीज़ा, वेपन और सब सम्मान वह मेरा आदमी है वो तुम्हे प्रोवाइड करा देगा और वो तुम्हारा लोकल गाइड भी होगा. अब तुम तीन लोग जा सकते हो कोई भी एक तो तुम हो hi दो और चुन लो इस टीम से.

मैं:- इस मूर्खो की तौली से बस एक को चुनूंगा और वो है जॉन और तीसरा सख्स आकाश होगा मेरा दोस्त उसे उठा लो स्कूल से और उसके डाक्यूमेंट्स और कपडे पैक करो और यहाँ ले आओ, इतने मैं भी अपनी पैकिंग कस्र लू.

राज:- ोकक जाओ जब तुम वापिस आओगे तो तुम्हे तुम्हारी जरूरत का सब सामान और तुम्हारा आकाश उर्फ़ आकर भी मिल जायेगा.

मैं:- ोककक. और जॉन तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न मेरे साथ में.

जॉन:- नहीं बल्कि तुम्हारे साथ मजा आ जाता है.

मैं:- थें पैक योर बैग, ी विल बे बैक इन फ्यू हॉर्स.

और इतना बोलके मैं तेज़ी से निचे आया और पार्किंग से बाइक निकल के सीधा घर के तरफ दौड़ा दी, कुछ मिनट में घर पंहुचा और अपने रूम में जाके अपने 2 जोड़ी कपडे बैग में डाले और फिर निचे आके लंच किया और फिर किरण को कॉल किया.

किरण:- क्या हुआ?

मैं:- लिसेन मैं जापान जा रहा हु 4 दिन क्व लिए तो ख्याल रखना अपना.

किरण:- यु अचानक क्या हुआ? कोई प्रॉब्लम है क्या?

मैं:- हां यही समझ लो बाकी बाते आके बताऊंगा.

किरण:- अपना ध्यान रखना.

उसके बाद मैंने फ़ोन कट किया और बहार आया अपना बैग लेके, बाइक उठायी और निकल पड़ा

हेडक्वार्टर्स की तरफ, शाम की फ्लाइट थी लेकिन बहुत सी बाते डिसकस करनी थी अभी वह जाके कुछ कांटेक्ट एक्सचेंज करने थे और भी बहुत कुछ था करने को.

मैंने बाइक पार्किंग में लगाया ुर बिल्डिंग में एंटर किया तो इस बार कोई चेकिंग नहीं हुयी इसलिए सीधा लिफ्ट में आया और 4तह फ्लोर पे पंहुचा और फिर वह उस बुद्धि रिसेप्शनिस्ट से पूछा कहा पे है सब तो उसने बताया की 402 में.

मैं वह गया तो आकाश वही था लेकिन वो डरा हुआ था और मुझे देखते hi वो भाग के मेरे पास आया.

आकाश:- देख एक मुझे बचा ले मैं कुछ नहीं किया ये लोग मुझे स्कूल से उठा लाये. देख मैंने सब तेरे कहने पे किया था.

मैं:- अबे भसडक शांत हो जा मैंने hi उठवाया है तुझे.

आकाश:- तू भी इनमे मिला हुआ है क्या?

मैं:- शांत हो जा लौड़े और ध्यान से सुन हम जा रहे है जापान एक लोकल किंगपिन को टपकने और एक लड़की को बचने और इसके बदले में मिलेंगे हमे पैसे, अब और कोई सवाल.

आकाश:- नहीं बाद में पूछूंगा.

मैं:- हम्म ठीक है अब जल्दी से रेडी हो जा और भेनचोद तू आकर है और एक का लेफ्ट हैंड ऐसे डरेगा तो कैसे काम चलेगा, नाक कटवा दी बस.

आकाश:- राइट हैंड कोण?

मैं:- सब कुछ अभी जान लेगा क्या? जा जाके रेडी हो.

फिर आकाश अपना बैग लेके दुसरे रूम में चला गया और मैं राज और कम के पास जाके बैठ गया जो हमे hi देख रहे थे, वैसे इन्होने हमारी बात नहीं सुनी थी क्युकी मैं और आकाश काफी दूर थे इनसे.

राज:- वैसे तुम पायल को भी साथ लेके जा सकते थे शी इस बेटर.

मैं:- बूत नॉट बेस्ट और मुझे सीधी सधी लड़की नहीं चाहिए और आकाश उससे बहुत ज्यादा फ़ास्ट है और मुझे कंपनी भी तो चाहिए और आकाश से बेटर ऑप्शन नहीं है मेरे पास.

राज:- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. वैसे कितना लोगे इस काम के.

मैं:- ××× करोड़! सीधा आकउंट में और वो भी लीगली अब वो तुम लोगी पे है कैसे देते हो.

कम:- अमाउंट ज्यादा है पर हो जायेगा, बस मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो.

मैं:- वैसे आपकी क्या दुश्मनी है जापान में जो आपकी बेटी को उठा लिया उसने.

कम:- पता नहीं क्या बात है बस मेरे एक आदमी ने मुझे इन्फॉर्म किया था की उसी ने उठाया है और वो भी सबके सामने.

मैं:- हम्म्म, देख लूंगा उसे तो.

राज:- वैसे तुम मानोगे तो नहीं मेरी, पर एक बात कहूंगा की खून खराबा काम करना वह पे और अपना ध्यान रखना.

मैं:- खून खराबा तो होगा और बहुत होगा और मुझे वह रोकने वाला भी कोई नहीं पर उससे आपलोग को कोई मतलब नहीं होना चाहिए बस आपकी बेटी वापिस मिल जाएगी आपको.

कम:- हमे तुमसे यही उम्मीद है बीटा, अगर तुमने ये काम कर दिया तो पूरी जिंदगी तुम्हारा एहसान मंद रहूँगा और तुम्हे कोई भी मदद चाहिए होगी तो हमेसा हाज़िर रहूँगा.

मैं:- वो तो मैं ले hi लूंगा और अपनी बेटी की डिटेल आप डोज या वही मिलेगी.

कम:- सब कुछ वही पे मिलेगा, और दो घंटे बाद फ्लाइट है तुम्हारी.

मैं:- ोकक.

उसके बाद हमलोगो की नार्मल बाते हुयी और फिर जॉन और आकाश भी आ गए और हमारी फ्लाइट का टाइम भी होने वाला था इसलिए एयरपोर्ट को निकल गए हम सीबीआई वालो ने ड्राइवर भेजा था हमे छोड़ने के लिए, खैर हम उतरे और एयरपोर्ट में धकिल हुए और सब किरियाकर्म निपटा के बैठे.

और थोड़ी देर बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट हुयी और हम फ्लाइट में बैठे.

हम तीनो की सीट एक साथ थी मतलब रस्ते में बोर नहीं होऊंगा और जॉन भी बेशक उम्र में मुझसे बड़ा हो पर बाँदा मस्त है वो, अगर सीबीआई में न होता तो अपनी टीम में ले लेता में.

जल्दी hi फ्लाइट ताकोफ्फ हुयी और मैंने आकाश और जॉन से बेहद जरूरी बात बोली..

मैं:- देखो हम तीनो ज़िंदा वापिस आएंगे या नहीं या सुसस्फुल होंगे या नहीं इस बात का मुझे नहीं पता, अगर तुम दोनों में से किसी को प्रॉब्लम है तो अभी कूद जाओ प्लेन से अभी तो दिल्ली में hi है हम.

अब जॉन तो बस मुस्कुरा दिया लेकिन आकाश बावली गांड पागल हो गया.

आकाश:- भसडक अब याद आ रही है तुझे ये बात, अबे मरवाएगा क्या वह पे, भेनचोद किसने इसे लीडर बना दिया, भाई मैं नहीं जा रहा तुम्हारे साथ, प्लेन रुकवाओ भेनचोद तू मरवा देगा वह.

वो non-stop बोले जा रहा था और हम दोनों हसे जा रहे थे.

आकाश:- है लो बीटा है लो एक तो पहली बार प्लेन में बैठने से गांड फैट रही है और एक ये बोल रहा है की सायद hi ज़िंदा वापिस आये, बस आरती का क्या होगा मेरे बिना.

मैं:- अबे रो मत कुछ नहीं होगा तुज...

एयरहोस्टेस:- सर क्या आप लोग थोड़ा शांति से बैठेंगे बाकी पैसेंजर्स को दिक्कत हो रही है.

मैं:- सॉरी मिस ये नया है थोड़ा.

वो बस मुस्कुरा के चली गयी और हम भी शांति से बैठ गए अब जॉन तो मागज़ीने पढ़ने लगा और आकाश ने अपने आखो पे वो कला पत्ता डाला और सो गया और मैं बहार बदलो में देखता देखता कब आँख लगी पता hi नहीं लगा.

तो बे कॉन्टिनोएड ??
 
थैंक्स बरोथेर फॉर योर ब्यूटीफुल रिव्यु :हुग:

मुझे भी ऐसे लोग पसंद नहीं जो पैसो के लिए कुछ भी कर दे.

आशीष doesn't क्नोव अबाउट एक, उसके लिए वो 19 साल का एक लड़का है बस जिसे राज ने सर चाहड़ा रखा है :डी

उसकी डॉटर कालू कलूटी होगी :lol:

डायरेक्ट एक्शन नहीं होगा भिड़ु, एक तो नयी जगह नए लोग उप्पेर से एक को कुछ पता भी नहीं है, सो आईटी इस वैरी डिफिकल्ट फॉर थम, और एक करैक्टर आने वाला है जो स्ट्रांग होगा और लम्बा चलेगा :डी
 
अपडेट:-37

"अबे उठ न"

"अबे उठ ला लौड़े"

मेरे कानो में ऐसे प्यारे भरे मधुर सब्द गूंजे जिसके वजह से मेरी आँखे खुली और मेरे मुँह से भी कुछ फूल झाड़ गए.

मैं:- अबे गांडू क्यों चिल्ला रहा है, सोने तो दे ठीक से.

आकाश:- अबे फ्लाइट लैंड करने वाली है, और चोट लग जाती तो तुझे.

मैं:- चल तो थैंक्स बोल मुझे.

आकाश:- अबे पागल है क्या मैं क्यों थैंक्स बोलू, तू बोल मुझे.

मैं:- क्युकी बीटा अगर मैं उठता नहीं तो लैंडिंग के टाइम मुझे चोट लग जाती और मैं इन्जुरेड हो जाता तो तुम दोनों यहाँ सहीद हो जाते, चल अब थैंक्स बोल.

आकाश:- मेरा लौड़ा बोलेगा तुझे थैंक्स.

मैं:- कोई नहीं बीटा तुझसे थैंक्स बुलवा लूंगा इन तीन दिनों में.

आकाश:- देखते है.

जॉन:- तुम दोनों कितना लड़ते हो अगर ऐसे hi लड़ते रहे तो इस मिशन का क्या होगा.

मैं:- अरे जॉन भाई ये हमारा प्यार है और मिशन का भी देखते है क्या होता है.

फिर हम तीनो में से कोई कुछ नहीं बोलै और प्लेन भी लैंड हुआ और हम लोग बहार आये तो यहाँ अभी सुबह hi हुयी थी. टाइम डिफरेंस तो 3.5 घंटे का है पर कितने टाइम में हम पहुंचे ये सब मैंने कैलकुलेट नहीं किया क्युकी इससे मुझे कोई फायदा नहीं होता और बिना फायदे तो मैं मुठ न मारु ये तो फिर भी कैलकुलेशन थी.

खैर हमने अपने बैग्स वगैरह कलेक्ट किये और बहार आये तो एक बाँदा 30-35 की उम्र का सकल से जपनेसे लग रहा था मध्यम हैघट का वो एक बैनर लेके खड़ा था जिसपे लिखा था "वेलकम मर. एक"

हम तीनो भी उसकी तरफ बढ़ गए और उसके सामने जाके खड़े हो गए तो वो बोलै.

वो:- हे गाइस हु अरे यू?

मैं:- हूज name's बैनर योर अरे होल्डिंग इन योर हैंड?

आकाश:- वाह तुझे इंग्लिश भी आती है.

मैं:- व्हाट थे फ़क! इंग्लिश भी आती है से क्या मतलब है भेनचोद में मेरे स्कूल का टोपर था.

वो:- ओह्ह्ह तो आप हो मर. एक , मुझे लगा कोई बड़ा आदमी भेजा होगा.

हम तीनो ने उसे घुरा क्युकी वो हिंदी बोल रहा था और वो हमारी मनोदशा समझ गया इसलिए दुबारा बोलै,

वो:- होई, मेरा नाम जैक है और मेरी माँ इंडियन थी और मुझे हिंदी आती है, चलो आप सब बहार एक कार कड़ी है उसमे बैठ जाओ.

मैं:- अरे सास तो ले ले भाई एक साथ कितना बोल गया और चल वैसे भी भूक लगी है मुझे.

जैक:- चलिए मेरे साथ.

उसके बाद हम तीनो उसके पीछे पीछे चलने लगे, अब जॉन तो ठहरा मातुरे बाँदा इसलिए वो शांत था और वो सायद इतर कन्ट्रीज में जा चूका हो पहले hi लेकिन हम दोनों ने भेनचोद पहली बार किसी दूसरी कंट्री की धरती पे पेअर रखा तो और हम दोनों अलग से hi एक्ससिटेड थी.

आकाश:- भाई माल तो एक नंबर है यहाँ पे देख न कितनी गोरी गोरी है, भेनचोद हमारा दूध भी कला पद जाए इनके सामने.

मैं:- अबे भसडक जापान में है इंग्लैंड में नहीं जो गोर देख रहा है, चुपचाप चल बजती न करा.

वो शांत हो गया लेकिन मैं में मेरे भी लड्डू फुट रहे थे ओर फिर एक दम दिमाग में आया की हम एक अंजनी जगह जान हथेली पे लेके आये है तो no मस्ती- मज़ाक नहीं तो उप्पेर की टिकट काटने मैं वक़्त नहीं लगेगा.

हम लोग बहार आये तो बहार एक ब्लैक मेरसेदेज़ कड़ी थी जिसके मिरर भी काले थे, अब जॉन जाके सीधा अपना बैग उस ड्राइवर को पकड़ाया और आगे वाली सीट पे बैठ गया और इस साइड का गेट खोल के आकाश बैठ गया और मैं घूम के उस साइड से घूम के दूर खोलने को हुआ तो मेरी गांड फटी क्युकी ब्लैक मिरर होने की वजह से मुझे मेरे ठीक पीछे एक बिल्डिंग के विंडो से एक चिनेसे टाइप बाँदा दिखा जो स्नाइपर टाँके खड़ा था, पर मैंने झटके से अपने एक्सप्रेशन चेंज किये और नार्मल होक एक बार जैक को देखा और चुपचाप कार में बैठ गया और कार मेरे बैठते hi निकल पड़ी अपनी मंज़िल की तरफ.

मैं उस स्नाइपर को देखके नार्मल इसलिए हो गया था क्युकी वो आया तो हमे मारने hi था लेकिन उसने हमे मारा नहीं अगर मारना होता तो पहले hi मार देता, पर फिर भी कई बाते और सवाल एक साथ मेरे दिमाग में घूम रहे थे और जिनके जवाब जाने जरूरी थे क्युकी मुझे ये जगह मेरी सोच से भी खतरनाक लग रही थी, जॉन एक्सपेरिएंस्ड था लेकिन आकाश उसे तो लड़ना भी नहीं आता अब इस बात का प्रेशर मुझपे आ रहा था.

आकाश के हिलने से मैं होश में आया तो देखा कार रुक चुकी थी. हम तीनो कार से उतरे तो ड्राइवर ने मुझे कार की के थमा दी और हमे हमारे बैग देके चला गया उसके बाद हम पार्किंग से बहार आये और होटल को देखा तो आकाश के आँखे खुली रह गयी.

आकाश:- भेनचोद ये होटल है या कुतुबमीनार.

मैं:- देख भसडक बजती न करा और चुपचाप चल.

मैंने ये बात थोड़ी ुचि टोन में कही थी जिससे वो चुप हो गया और उसके बाद हम अंदर एंटर हुए और हमने वह रिसेप्शन से अपने रूम्स के कार्ड लिए जो की तीनो के एक साथ hi थे 10तह फ्लोर पे. हम लिफ्ट में आये और सीधा अपने अपने रूम में जाके फ्रेश हुए. रूम एक दम विप थे पुरे सिटी का व्यू मिल रहा था वह से, बुढऊ ने कोई कंजूसी नहीं दिखाई वैसे तो.

हम तीनो फ्रेश होक नीच फ़ूड कोर्ट में गए और वह लंच किया और लंच करके उठे hi थे की जैक आ गया.

मैं:- तीनो रूम में मिलो मुझे.

उन तीनो ने मुंडी हिल्लायी उसके बाद मैं अपने रूम में जाके बैठा और 10 मिनट वो तीनो भी आये और उनके साथ एक आदमी और था जिसने दो बड़े बैग्स पकडे हुए थे उसने वो बैग्स टेबल पे रखे और चलता बना. और फिर मैंने उन तीनो को भी बैठने का इशारा किया जिससे वो तीनो भी मेरे सामने बैठ गए.

मैं:- तो सामान दिखाओ पहले बाकी बाते बाद में.

जैक ने पहला बैग खोला जिसमे एक एप्पल का लैपटॉप था जो ऑब्वियस सी बात है आकाश के लिए था लेकिन उसके साथ और भी बहुत सारे इक्विपमेंट्स थे जिसमे ट्रैकर, हेडसेट और भी कई सपयिन्ग और हैकिंग डिवाइस थे और उनमे से उसने तीन फ़ोन हम तीनो को दिए जो वह के लोकल फ़ोन थे अब हम खुद के पर्सनल फ़ोन उसे नहीं कर सकते थे यहाँ. उसके बाद आकाश ने उठ के अपना सामान उठाया और वही पे एक टेबल पे रखा और वापिस आके बैठ गया.

फिर जैक ने दूसरा बैग खोला जिसमे राखी चीज़ो को देख के मैं और जॉन तो नार्मल hi रहे लेकिन आकाश भाईसाहब की फट गयी.

आकाश:- ये ये इसमे तू गगनं हाई.

मैं:- तो क्या लौड़ा फेक मारेगा उन सबको, और ये बचो की तरह हर बात पे डरना बंद कर और अगर मेरे साथ काम नहीं करना तो अभी बोल दे वापिस भेज दूंगा. लेकिन अगली बार तूने ये नूब वाली हरकत की तो ये गोली सीधा तेरे माथे में घुस जाएगी. मेरे साथ काम करना है तो डेडली बनना पड़ेगा तुझे.

मैंने ये बात थोड़ा तेज़ और गुस्से में बोली थी इसलिए आकाश कुछ नहीं बोलै बस हाँ में मुंडी हिला दी और उसके बाद जॉन ने खड़े होक उसमे से एक बॉक्स निकला और उसमे से पार्ट्स निकल के अपनी स्नाइपर को जोड़ने लगा और मैंने भी तो आटोमेटिक पिस्टल्स उठायी और उन्हें लोड करि और ऐसा hi जॉन ने किया.

मैं:- तू भी ले ले एक.

आकाश:- नहीं नहीं मेरे बास्की नहीं है, मैं तो यही रहूँगा न.

मैं:- हां वैसे भी तू कोनसा हमारे साथ जायेगा तू तो यही से ऑपरेट करेगा लेकिन फिर भी एक रख ले.

और मैं एक गन उसको पकड़ा दी. उसके बाद जैक ने नाइफ दिया मुझे और फिर हमने वो सब सम्मान साइड में रखा और अब आया काम का टाइम.

मैं:- हाँ तो सुरु करे कैसे क्या हुआ क्यों हुआ और तुम्हारे मैडम का नाम, काम , डेली रूटीन किसी टूटते की तरह बोल दो.

जैक:- ma'am का नाम जानवी है और वो क्योटो के सीज़ यूनिवर्सिटी में पढ़ती है और वह पे एक लड़का है डेविड नाम का जो की पाब्लो (किंगपिन) का भाई है उसकी नज़र ma'am पे थी उसने कई बार ma'am के पास आने की तरय भी की लेकिन मैं हमेसा उसे रोक लेता था लेकिन एक दिन मैं नहीं बिच में आ पाया किसी कारन से तो उसने ma'am को उठवा लिया.

मैं:- और वो कारन क्या था? और तुम्हे कैसा पता की उसने उठवाया था.

जैक:- वो मेरी गर्लफ्रेंड ने बुलाया था इसलिए और मैंने वह की कक्तव फुटेज देखि थी जिसमे दो मसकमान उन्हें उठा के ले जा रहे थे और डेविड उसके पास hi था और ये बात मैंने पुलिस को भी बताई लेकिन उन्होंने इस्पे कोई एक्शन नहीं लिया.

मैं:- हम्म्म्म ाचा अब इसके बारे में बता दिया, अब थोड़ा पाब्लो भैया के बारे में भी बता दो.

जैक:- वो लोकल गुंडा है इस सिटी का लेकिन बहुत खतरनाक उसकी गैंग में ज्यादा लोग नहीं है, मुश्किल से 20 होंगे लेकिन सब खतरनाक है, वो गन्स से ज्यादा स्वोर्ड्स में बिलोंग करते है और वो इस वक़्त कहा है कहा नहीं ये किसी को नहीं पता.

मैं:- हम्म्म सोचा था उससे ज्यादा निकला खैर तुमने डेविड को फिर कभी देखा क्या उस दिन के बाद.

जैक:- नहीं उस दिन के बाद वो कही नहीं दिखा.

मैं:- ोकक तुम जाओ कोई चीज़ चाहिए होगी तो बुला लूंगा, इतने हमसे दूर रहना और मेरी बात को बिक्कुल भी मजाक में मत लेना नहीं तो मैं खुद नहीं जनता की मैं क्या करूँगा.

उसने बस हाँ में मुंडी हिल्लायी और निकल गया.

मैं:- हां तो जॉन सर आपका एक्सपीरियंस क्या कहता है.

जॉन:- ये जितना बता के गया है उससे एक दो कदम आगे hi होगा और किडनैपिंग का रीज़न भी कुछ अलग लगता है मुझे, ओर ये झूट क्यों बोलेगा.

मैं:- यही तो सोचने वाली बात है,

जॉन:- और एक चीज़ नोटिस की तुमने एयरपोर्ट पे कुछ स्निपर्स मौजूद थे.

मैं:- देखे थे मैंने और एक यही बात तो मुझे खाये जा रही है की उनको पता कैसे लगा हम आ चुके है.

जॉन:- और गौर करने वाली बात ये है की वो हमे मारने नहीं आये थे बस वो हमे देखने आये थे क्युकू मारना होता तो वो मार देते उनके पास मौका था.

मैं:- हम्म्म, मुझे तो इस जैक में भी खोट लग रहा है और अब मतलब साफ़ है की हम किसी पे भरोसा नहीं कर सकते. जो करना है हमे करना है और हमारे पास दिन भी सिर्फ 2.5 बचे है.

आकाश:- एक मिनट, एक मिनट मतलब इतना सब कुछ हो गया और मुझे भनक भी नहीं लगी और वो जो कुछ बता रहा था वो भी तुम दोनों को झूट लग रहा है. तो एक हिसाब से हम सब फास चुके है.

मैं:- कहना तो नहीं चाहता पर यही सच है, हम लोग अब वापिस भी नहीं जा सकते और इस जैक का भी कुछ नहीं कर सकते क्युकी इसको कुछ हुआ और उन्होंने जानवी को कुछ किया तो हम हार जायेंगे और मैं यहाँ हारने नहीं आया हु. सो बे रेडी बस 2.5 दिन बचा है उनकी तिमेलिने के अकॉर्डिंग.

आकाश:- ोकक बॉस तो अब क्या करना है.

मैं:- तू टेक एक्सपर्ट है न तो इन तीनो फ़ोन्स को चेक और इन गन्स को खोल के चेक कर कही इनमे तो कोई ट्रैकर या मिछ तो नहीं है एंड जॉन हेल्प हिम, इतने मैं चला कुछ पता करने इसलिए सबसे पहले एक गन चेक करके दो मुझे.

जॉन:- ोकक बॉस.

और जॉन ने तेज़ी से अपने हाथ चलाये और एक गन को कुछ सेकण्ड्स में ोुरा खोल के रख दिया और फिर उसे चेक करने के बाद मुझे वापिस उसे सेट करके दी, मैंने गन ली उसे लोड करके पंत में डाली और निचे चल दिया कार नहीं लेके जा सकता था क्युकू ये भी उनकी थी.

मैंने कमरे से निकलते hi फेस पे पोल्लुशण मास्क लगाया और होटल के पिछले गेट से बहार निकला और एक टैक्सी को हाथ देके रुकवाया और उसे कॉलेज का का नाम बताया और सीधा पंहुचा कॉलेज तो मस्त कॉलेज था एक दम बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स और मस्त मस्त लड़किया लेकिन मेरा ध्यान इन सब चीज़ो पे नहीं था इसलिए मैंने वह किसी ने प्रिंसिपल ऑफिस के बारे में पूछा और वह पंहुचा तो वह एक पेओन तो 10 मिनट वेट करने को बोलै. मैंने भी वेट किया और फिर अंदर गया तो एक ख़ूबसूरत सी टिपिकल जपनेसे लेडी बैठी थी.

शी:- हाउ मई ी हेल्प यू?

मैं:- ी नीड सम इनफार्मेशन अबाउट योर स्टूडेंट जानवी फ्रॉम इंडिया.

शी:- वे can't गिव गिव पर्सनल इनफार्मेशन तो एनीवन.

मैंने कुछ नहीं बोलै बस एक कार्ड उसकी टेबल पे रख दिया ये वही सीबीआई वाला कार्ड था जो मुझे पहले मिला था लेकिन राज ने दे दिया था मुझे यहाँ आते टाइम.

शी:- ओह्ह्ह्ह यू अरे ा गवर्नमेंट अफसर, बूत ी can't.

अब वो बोर कर रही थी इसलिए मैंने अपना तमंचा निकला और उसकी खोपड़ी पे रख दिया.

मैं:- ी ओनली आस्क ओने मोरे टाइम, गिव में इनफार्मेशन और टेक ा बुलेट.

शी:- ोकक, ोकक पूत योर गन डाउन अफसर.

उसके बाद उसने मुझे जानवी का एड्रेस दिया और भी बहुत कुछ बात पता चली जो किसी शॉक से काम नहीं थी मेरे लिए.

मैं वह से निकला और दो तीन स्टूडेंट से जानवी के बारे में पूछा तो पता चला की उन लोगो को कुछ नहीं पता है इस बारे में. और एक चीज़ मुझे खाये जा रही थी की पाब्लो जरूर कोई बड़ा गुंडा या किंगपिन हो लेकिन पुलिस क्यों दबती है उससे इसका बस एक hi रीज़न हो सकता है और वो यही की उसके उप्पेर किसी ऐसे का हाथ हो जिसकी पावर उससे भी ज्यादा हो, अब मेरे दिमाग में एक चीज़ क्लियर हो गयी थी की किसी से पन्गा नहीं लेना बस जानवी को निकलना है कैसे भी करके और यहाँ से निकल जाना है.

फ़िलहाल मैं एक कैब में बैठा था और उस प्रिंसिपल के द्वारा दिए गए जानवी के एड्रेस पे जा रहा था, थोड़ी देर बाद वह पंहुचा तो एक सिंगल स्टोरी फ्लैट था मतलब कम ने अपनी एकलौती बेटी को नार्मल जिंदगी दी है पर क्यों? खैर मैंने अपनी जेब से एक के निकली जो कोई भी लॉक खोल दे ये भी उन स्पाई ऑब्जेक्ट्स में से एक थी. मैं चुपचाप घर में घुसा और घर को अंदर से लॉक करके लाइट्स ों की और घर में सिर्फ एक रूम था एक हॉल था एक किचन बस यही था लेकिन घर की हालत बहुत बुरी थी मतलब हर चीज़ बिखरी हुयी थी और ऐसा देख के लग रहा था की किडनैपिंग यही हुयी और ऐसा है तो वो जैक झूटी कहानी क्यों सुना रहा था कही चुटिया तो नहीं समझ रहा हमे, लेकिन मुझे उसके घर पे एक दो चीज़ो के अलावा कुछ नहीं मिला कामका इसलिए मैं घर से बहार आया और कैब लेके वापिस होटल पंहुचा तो रात हो चुकी थी मतलब साफ़ था की आज का दिन भी गया और हम लौड़ा हिलाते रह गए.

खैर मैं पीछे से hi होटल में एंटर हुआ और चुपचाप अपने रूम में एंटर हुआ तो वो दोनों भी वही थे अभी.

जॉन:- ये जैक खेल रहा है हमारे साथ, इसके तीनो फ़ोन में एक ट्रांसमीटर था जो हमने निकल दिया है.

मैं:- और गन्स में.

जॉन:- नहीं उनमे कुछ नहीं है.

मैं:- मुझे भी कुछ शॉकिंग मिला है और ये भी पता लगा है की हमारे साथ गेम खेला जा रहा है बहुत बड़ा, एक गलत कदम और हमारी कबर जापान में खुद जाएगी.

आकाश:- तो अब क्या करे? मुझे नहीं मरना.

मैं:- don't पैनिक नूब, खेल वो लोग खेल रहे है पर सायद इस बार उन लोगो का सामना गलत इंसान से पद गया है, उनके खेल में उन्हें न फसा दिया तो मेरा नाम भी एक नहीं.

जॉन:- वैसे अब करना क्या है? क्युकी आज का दिन गया.

मैं:- आकाश ये है जानवी का नंबर इसकी कॉल डिटेल्स निकल और इसका फ़ोन लास्ट टाइम कहा बंद हुआ था और करंट लोकेशन मिल जाए तो और भी ाचा है.

इसके बाद आकाश अपने काम में लग गया और मैं और जॉन डिनर करने चले गए और वापिस उप्पेर आये तो आकाश ने एक शॉकिंग न्यूज़ दे दी.

तो बे कॉन्टिनोएड ??
 
देखो पाब्लो क्या है ये सिर्फ जैक ने एक को बताया है ये झूट है या सच ये किसी को नहीं पता और एक को हर्ष से दूर तो ओर दिया लेकिन ये जो काम है वो पर्सनल है तो एक जैसा hi कर सकता hi न

और कम ने अपनी बेटी को गरीबी में क्यों रखा वो तो वो जाने :डी

लेकिन अभी बहुत से ट्विस्ट बाकी है जो अनएक्सपेक्टेड है सबके लिए बस देखते जाओ :डी
 
अपडेट:-38

मैं:- अबे क्या हुआ? इतना खुस क्यों हो रहा है?

आकाश:- बात hi ऐसी है क्युकी कुछ जरूरी चीज़े पता लगी है मुझे.

मैं:- तो प्रभु बताने का कष्ट करिये.

आकाश:- तो सुनो पहली शॉकिंग बात ये है की जानवी की कॉल डिटेल्स में ज्यादा तर उसकी बाते डेविड से हुयी है और कोई छोटी- मोती कन्वर्सेशन भी नहीं एक एक, दो दो, घंटे की. और रोमांटिक टेक्स्ट है दोनों के जिनमे दोनों ने हमारी गवर्नमेंट के झूट से ज्यादा ी लव यू बोलै है.

जॉन:- तो इसका एक मतलब है की अगर वो दोनों रिलेशन में है तो डेविड जानवी को क्यों किडनैप करेगा.

मैं:- वेट ा मिनट, ी नीड साइलेंस.

मैंने कुछ देर दिमागी घोड़े दौड़ाये और फ़ौरन आकाश से बोलै.

Main:-aakash जल्दी से जानवी और डेविड का फ़ोन चेक कर की वो ों है या नहीं और ों है तो ट्रैक थम.

मेरे इतना बोलते hi आकाश की फिंगर कीबोर्ड पे बुलेट ट्रैन की तरह चलने लगी और मैं भी कमरे में इधर से उधर चक्कर काट रहा था.

आकाश:- गोत आईटी.

मैं:- व्हाट?

आकाश:- जानवी का फ़ोन ऑफ है लेकिन डेविड का फ़ोन स्टिल ों है और वो फ़िलहाल इसी सेहर की स्ट्रीट नंबर 18 में है और हाउस नंबर 6, पिछले एक घंटे से लोकेशन चेंज नहीं हुयी है.

मेरी नज़र ठीक रूम के ड्रेसिंग टेबल पे पड़ी जो मुझसे नहीं बल्कि हमसे भी कुछ फुट की दुरी पे था लेकिन स्ट्रेंज थिंग ते थी की उसकी फिनिशिंग में एक गोल काला धब्बा सा था जो मैंने पहले भी गौर किया था पर ध्यान नहीं दिया लेकिन अब मैं उसके ज्यादा पास था तो मेरे को वो जगह थोड़ी सी उभरी हुयी दिखी.

मैं उसके पास गया आउट उस चीज़ को खींच के बहार निकला और आकाश के सामने दाल दिया.

मैं:- बंद कर इसे.

आकाश ने उस चीज़ को अपने हाथ में लेके देखा और फिर अपने होठो पे ऊँगली रखके चुप रहने का इशारा किया और फिर उसे लैपटॉप से कनेक्ट करके कुछ करा और 2 मिनट बाद बोलै.

आकाश:- दोने.

जॉन:- ये क्या था?

आकाश:- ये एक जपनेसे मिछ है जो मैंने पहले सिर्फ एक इंटरव्यू में देखा था किसी के लेकिन इसकी कैपेसिटी बहुत ज्यादा होती है, ये हमारी साउंड को एक दम क्लियर करके सामने वाले तक पहुँचता है और रेंज तो पूछो hi मत.

मैं:- चुप भसडक.

मैं:- जॉन इसको साथ ले और chup-chap मतलब बिलकूप बिना किसी की नज़रो में आये ये होते छोड़ दो और ये फ़ोन भी बस लैपटॉप और गन उठाओ और निकलो यहाँ से.

जॉन:- पर कहा?

मैं:- यहाँ उस कॉलेज के पास एक दम लौ क्लास होटल है उसमे जाओ, पर ध्यान रहे किसी की नज़र में नहीं आना.

आकाश:- और तू कहा जा रहा है?

मैं:- डेविड से मिलने अब वो hi जानवी तक पंहुचा सकता है और हमारी बाते जिसने भी सुनी है वो भी डेविड तक पहुंचने की कोसिस करेंगे.

आकाश:- अब रुक और तेरा पर्सनल फ़ोन दे.

मैंने उसे सवालिया नज़रो से देखते हुए फ़ोन दिया तो उसने उसमे पता नहीं क्या डाला और फिर उसे ों करके मुझे थमा दिया और फिर एक एयरपोड भी दे दिया

मैं:- ये सब क्या है?

आकाश:- अब क्या सिर्फ बन्दूक के दम पे ढूंढ लेगा उसे ये एक अप्प इसमें लोकेशन दाल दी है अब तेरे को पूरा 3डी व्यू मिलेगा और ये तेरे को गाइड भी करेगा, मेरा बनाया हुआ अप्प है और दूसरी चीज़ ये एयरपोड कान में दाल ले इससे तू मुझसे कनेक्टेड रहेगा और तू अकेला जा रहा है लेकिन तेरे पास अस ा बैक उप मैं रहूँगा. पूरी स्ट्रीट 18 की लाइट, इंटरनेट, देवीकेस और कक्तव मेरे इशारो पे नाचेंगे, बेस्ट ऑफ़ लक.

मैं ये सब सुनके शॉक भी हुआ था क्युकी आकाश का दिमाग अभी बहुत तेज़ चल रहा था, लेकिन एक बात से मुझे खुसी हो रही थी की मेरे पास आकाश जैसा जीनियस है लेकिन ये वक़्त इन बातो का नहीं था इसलिए मैंने गन पंत में डाली और दो तीन मैग भी मुँह पे पोल्लुशण मास्क लगाया और छुपते हुए होटल के पिछले गेट से निकला, मुझे हाथ में फ़ोन पकड़ के चलने में दिक्कत हो रही थी क्युकी रास्ता नहीं पता था मुझे और ये फ़ोन में से एक लड़की बोले जा रही थी की ऐसे चलो यहाँ से चलो तुम्हारे सामने एक कार है लौड़ा लाशों. अब यहाँ से स्ट्रीट 18 कुछ 30 मिनट की दुरी पे थी लेकिन पैदल तो 1 घंटे से उप्पेर लग जाता इसलिए मैं थोड़ी से आगे आया और एक पतली गली में घुसा क्युकी ये फ़ोन शॉर्टकट बता रहा था मुझे लेकिन रस्ते में मुझे एक पतली गली में एक बाइक कड़ी दिखी जो की अकेली थी उस गली में और मेरी आँखों में चमक आ गयी मैं झट से उसपे बैठा और उसका हैंडल लॉक तोड़के प्लग फाड़ा और किक मार्के स्टार्ट की और भगा दी आगे की और अब एक अछि बात ये थी की इसके हैंडल में फ़ोन रखने का स्टैंड था.

अब मैं तेज़ी से जा रहा था बस रास्ता देखते हुए कुछ hi देर में स्ट्रीट 18 में घुसा और कोने पे hi बाइक कड़ी करि और पैदल निकल लिया.

आकाश:- एक क्या तू मुझे सुन पा रहा है?

एक:- ोू हां, सुन पा रहा हु.

आकाश:- ोककक, कक्तव ऑफ है अब उस स्ट्रीट के जल्दी से हाउस नंबर 6 में घुस जा जल्दी.

मैं भी भागा और झट से हाउस नंबर सिक्स के आएगी रुका लेकिन ये दूर भी लॉक था. मैं बेल्ल बजने को हुआ की आकाश बोल पड़ा.

आकाश:- बेल्ल न बजा आकाश के पास एक नंबर और शो हो रहा है.

मैं:- व्हाट थे फ़क! तुझे कैसे पता मैं बेल्ल बजने वाला हु और अंदर कैसे जाओ फिर.

आकाश:- पहली बात तू कक्तव कैमरा में दिख रहा है क्युकी इनका एक्सेस फ़िलहाल मेरे पास है और अंदर घुसने का एक रास्ता है तू ध्यान से देख गेट पे एक इलेक्ट्रिक लॉक लगा होगा.

मैं:- हां हां है.

फिर मैंने उसे कोड बताया और ठीक 69 सेकण्ड्स के बाद गेट अपने आप खुल गया.

मैं:- जीनियस है तू तो लोंदे.

इतना बोलके मैंने गन निकली और अंदर को हो गया लेकिन अंदर बिलकुल अँधेरा था इसलिए कुछ भी नहीं दिख रहा था.

मैं:- भेनचोद कुछ नहीं दिख रहा मुझे यहाँ पे.

लेकिन आकाश कुछ नहीं बोलै इसलिए मैंने जेब से फ़ोन निकला और उसकी फ़्लैश से धीरे धीरे आगे बढ़ा तो पता चल गया की निचे कोई नहीं है इसलिए उप्पेर गया और उप्पेर हॉल का नज़र देख के शॉक लगा क्युकी हाल के सोफे पे एक स्मार्ट सा जापानीज बाँदा बैठा हुआ था और उसके सामने दो लोग खड़े थे जिसमे से एक ने उसपे गन तान राखी थी लेकिन हाल में सिर्फ चाँद की रौशनी पद रही थी जो सीधा उस सोफे पे बैठे हुए शख्स पे थी.

अब जिसने गन तान राखी थी मैंने उसकी ऊँगली की मूवमेंट देखि की उसकी एक ऊँगली ट्रिगर पे पहुंच चुकी है इसलिए मैं तेज़ी दिखते हुए उसके पास आके धक् दिया लेकिन बुलेट तो निकल चुकी थी और साउंड भी बहुत हुयी थी भेनचोद सीलेंसर भी नहीं रखते नूब लोग. खैर जिसको ढाका मारा वो तो सोफे पे गिरा उस डेविड के उप्पेर और जो साइड में खड़ा था वो तुरंत एक्टिव हुआ और मुझपे गन तांता उससे पहले मैंने उसकी रिब्स में एक पंच दिया, अब वो ठहरा पतला सा जपनेसे बाँदा वो एक मुक्के में hi पेट पकड़ के बैठ गया लेकिन इतने में दूसरा बाँदा खड़ा हुआ और मैंने गन निकल के सीधा उसकी खोपड़ी में गोली मार दी और जो निचे बैठा था पेट पकड़ के उसने गोली की आवाज़ से सर उप्पेर किया उससे पहले मैंने उसके माथे पे गन सत्ता दी. लेकिन मेरा ध्यान उस डेविड पे गया जिसकी चेस्ट में गोली लगी थी लेकिन वो स्टिल आखरी साँसे ले रहा था.

मैं:- हीयै, वेयर इस जानवी?

डेविड:- पाब्लो किदनपेड़ हेर.

मैं:- बूत पाब्लो इस योर बरोथेर.

डेविड:- no हे इस नॉट माय बरोथेर, इवन ी didn't सी हिम, नोबडी सॉ हिम बिकॉज़ हे ऑलवेज वेअर्स ा मास्क ों हिज फेस.

ये बाते वो बहुत अटक अटक के कर रहा था ऐसा लग रहा था की जैसे की अभी मर जायेगा.

मैं:- ोकक हैंग ों बडी, लास्ट क्वेश्चन, तेल्ल में समथिंग अबाउट जैक?

डेविड:- हे इस ा ब्लडी चेटर, हे हेल्प्स पाब्लो फॉर मनी एंड हे इस ......

और उसकी सुई अटक गयी मतलबा डेड, मैंने उसे बन्दे की तरफ रुक करा जो अभी भी मेरे गनपॉइंट पे था लेकिन जैसे hi मैं कुछ बोलने को हुआ इससे पहले आकाश चिल्लाया.

आकाश:- भाग वह से मेरे से एक्सेस वापिस ले लिया है गोवत ने और पुलिस भी बस पहुंच गयी है.

मैं:- ोककक.

मैं:- प्लीज तेल्ल में हु सेंत यू हेरे? ी ओनली काउंट 3.

मैं:- 3, 2,1 और मेरी गोली उसके सर में वो भी निचे गिरा और मैं सीधा भागता हुआ निचे आया और जिधर से आया था उससे उलटी साइड भागा, कुछ देर तक भागता रहा और फिर जब काफी दूर आ गया तो ेओ जगह रुक के सास ली और फिर टैक्सी पकड़ के सीधा उस लौ क्लास होटल पंहुचा जहा फ़िलहाल आकाश और जॉन थे.

मैंने गेट नॉक किया और जॉन ने गेट खोला और मैंने जाते hi बीएड पे लेट गया. थोड़ी साँसे नार्मल हुयी तो उठ के बैठा.

आकाश:- क्या पता लगा.

मैं:- जो मैंने सुना वो तुमने भी सुना है.

जॉन:- लेकिन आगे क्या करना है जितना सुलझने की सोचते है उतना उलझ रहे है.

मैं:- और यही हम गलती कर रहे है.

आकाश:- मतलब.

मैं:- मतलब ये की हमे जानवी तक पहुंचना है तो हमे इन लोगो के खेल में फसना हो गए जैसे ये लोग चाहते है वैसे hi करना होगा, बस हम इनके जरिये hi जानवी तक पहुंच सकते है.

जॉन:- पर इसमें बहुत ज्यादा रिस्क है क्युकी अगर दुश्मन जैसे चाहता है वैसे चले तो हम पकडे जाएंगे.

मैं:- बस यही तो चाहिए हमे पकडे जाना है बाकि का काम जो हमे पकड़ेगा उसके थ्रू हो जाएगा.

आकाश:- तू कहना क्या चाहता है? एक अनजान लड़की के लिए हम लोग अपनी जान खतरे में दाल दे जिसका ये भी नहीं पता की जिन्दा है या मुर्दा.

मैं:- पहली चीज़ वो जिन्दा है और दूसरी चीज़ लड़की के लिए नहीं पैसो के लिए और पैसो के लिए मैं इससे भी बड़ा रिस्क ले सकता हु.

आकाश:- अबे पागल है क्या पैसो के लिए जान दे देगा और तू यकीन के साथ कैसे कह सकता है की वो जिन्दा है.

मैं:- क्युकी वो मर चुकी होती तो ये लोग आज डेविड को मारने अपने आदमी नहीं भेजते, यहाँ बड़ा गेम चल रहा है और ये भी हो सकता हो की बात छोटी सी हो लेकिन हमने बड़ी बना दी हो.

आकाश:- तू कुछ भी कर हम तेरे साथ है.

मैं:- ोकक तो प्लान सुनो.

उसके बाद हमने प्लान डिसकस किया जो उन दोनों को पसंद नहीं आया पर मन्ना पड़ा उन्हें और फिर हम तीनो उसी कमरे में एडजस्ट करके सो गए क्युकी रात काफी हो चुकी थी कल जल्दी भी उठना था क्युकी कल दूसरा दिन स्टार्ट था और दूसरा दिन नए तूफ़ान लेके आने वाला था.


तो बे कॉन्टिनोएड 🙏🙏
 
वैसे मैं भी उसकी नेगेटिव साइड hi दिखने की कोसिस कर रहा हु और वो हीरो है ऐसा मैंने अभी तक नहीं बोलै है पर सब उसे हीरो मान रहे है उसमे मैं क्या करू :डेड:

पर जी की बात और है वो तो बेजान अपडेट की भी आत्मा निकल दे और फिर हम तो है hi नूब लेकिन वो सही पॉइंट पकड़ रही है जो मैं दिखाना छह रहा हु, एक अभी बुरा है लेकिन उसे हीरो बनाना मेरा काम है और वो आगे जाके बनेगा पर उसमे वक़्त है अभी :कूल:
 
थैंक्स नैना जी फॉर योर जानलेवा एंड ब्यूटीफुल रिव्यु :बाउ:

अभी फ़िलहाल एक खुद एक पहेली है जो उसके खुद की समझ के बहार है और जिसे बचपन से प्यार न मिला हो वो आगे जाके ऐसा hi बनता है, धोका chhal,kapat, दूसरो का उसे करना ये सब एक के बुरे काम है और कई बीमारिया भी है जो सायद hi ठीक हो पाए.

वैसे मैं दिखाना भी उसको फ़िलहाल के लिए बुरा hi चाहता हु क्युकी ाचा वो नहीं बन सकता फ़िलहाल और जब ाचा बनेगा तो उसके सॉलिड रेअसोंस भी सामने आएंगे आगे :डी
 
:थैंक्स: नैना जी :बाउ: फॉर योर ब्यूटीफुल रेविएवस

आपके सवालो के जवाब तो नहीं दूंगा क्युकी आगे खुद hi मिल जाएंगे और ना मिले तो बाँदा हाज़िर है :व्हाट2:

वैसे आपने स्टोरी के करैक्टर को सही पकड़ा है फ़िलहाल तो वो गाली खाने वाला hi है लेकिन जब उसे गाली पड़ती है तो दर्द यहाँ हमे होता है :क्राई:

खैर ी होप आगे सब सही हो जाए :डेड:
 
अपडेट:-39


सुबह 6 बजे मेरी आँख खुली तो वो दोनों तो घोड़े बेच के सोये हुए थे लेकिन मुझे टेंशन थी की अगर हम फ़ैल हुए तो मेरी बजती हो जाएगी वह पे, वो लौड़ा आशीष तो फुदकने लगेगा और पैसा भी गया हाथ से, चलो पैसा गया तो गया लेकिन मेरी ईगो सटिस्फीएड नहीं होगी और इसी दर और टेंशन से मेरी आँख जल्दी खुल गयी. मैंने उन दोनों को नहीं उठाया सोचा सोने देता हु वैसे भी आज के दिन के तो लगने वाले है, इसलिए मैं बाथरूम में घुसा फ्रेश हुआ नहाया धोया कपडे चेंज किये और फिर बहार आया क्युकी अब सिगग्रेटे चाहिए थी मुझे इसलिए उस होटल काम रंडीखाना ज्यादा से बहार आया और वह पास की एक शॉप से सिगग्रेटे लेके जलाई और एक दो काश लिए hi थे की किसीने मेरे कंधे पे हाथ रखा.

पहले तो मैं चौका की कोण है लेकिन मैं पीछे मुदा लेकिन उस बन्दे ने भी मेरी तरह पोल्लुशण मास्क लगा रखा था पर वो बॉडी से बिलकुल भी जपनेसे नहीं लग रहा था मतलब जानवर जैसी बॉडी 6 फ़ीट की हैघट. उसने आँखों से निचे देखने का इशारा किया और मैंने जैसे hi निचे देखा तो गांड फट गयी क्युकी उसने गन सत्ता राखी थी मेरे पेट से, अब मेरे हाथ में सिगग्रेटे थी और मेरा उसे फैकने का बिलकुल मैं नहीं था इसलिए मैंने जल्दी जल्दी 2 3 काश खींचे और फिर आँखों के इशारे से hi पूछा की "क्या चाहिए".

उसने भी राइट साइड इशारा किया जहा एक ब्लैक कार कड़ी थी अब मैं समझ गया ये मुझे बैठना चाहता है इसके अंदर और मुझे बैठना भी पड़ेगा नहीं तो मेरे पेट में इतनी बुलेट्स दाल देगा ये की समझ भी नहीं आएगा मुझे. इसलिए शान्ति से मैं आगे आगे चलने लगा और उसने पीछे से मेरी कमर पे गन सताते हुए चलने लगा.

हम दोनों कार में पीछे की सीट पे बैठे और कार चल पड़ी. मैं चुपचाप बैठा हुआ अपने दिमाग के घोड़े दौड़ा रहा था और वो बाँदा मेरे को hi घूरे जा रहा था क्युकी मेरी आँखों में दर नाम की चीज़ नहीं थी और सच में मुझे दर नहीं लग रहा था क्युकी दर लगेगा भी क्युकी इनको मारना होता तो वही मार देते ऐसा उठके थोड़ी लाते और मैं तो खुद यही चाहता था कोई हमारे पास आये क्युकी हम अनजान देश में किसी ढूंढते एक कड़ी थी डेविड और वो भी ख़तम हो चूका था मतलब हम स्टार्टिंग में थे और कुछ तो करना hi था लेकिन सायद यही सुरुवात थी फिर से.

खैर कार के रुकने से मैं अपनी सोच से बहार आया और कार से बहार निकला तो हम एक सुनसान इलाके के फार्महाउस पे थे जो की ज्यादा बड़ा नहीं था लेकिन वह की सिक्योरिटी बहुत टाइट थी, आदमी ज्यादा नहीं थे टेक्निकल सिक्योरिटी बहुत टाइट थी यहाँ की मतलब हम जब अंदर गए तो वह के दरवाजे उस शख्स के आँखों के रेटिना स्कैन्स से खुल रहा था चारो तरफ बाउंड्री पे 10 फ़ीट की दिवार थी और उसपे 3 फ़ीट के इलेक्ट्रिक फंसे मतलब एक hi सिक्योरिटी गांड फाड़ थी यहाँ की.

हम अंदर हॉल में पहुंचे तो मैं तो शॉक हो गया सामने सोफे पे बैठे शख्स को देख के, मतलब गांड hi फैट गयी उसको ऐसा बैठा देखके और फिर वो जानवर भी मेरे पास से आगे चलते हुए उस शख्स के पास सोफे पे बैठा और जैसे hi उसने अपना पोल्लुशण मास्क हटाया तो भेनचोद बची कुछ भी शॉक से फट गयी, एक सेकंड को तो मुझे बिलीव hi नहीं हुआ की ये जानवर वो है इसलिए मैंने एक हाथ काटा और तब यकीन हुआ ये तो हकीकत है और ये हकीकत है तो मेरे पेअर जवाब दे गए और मैं वही घुटनो पे बैठ गया और वो जानवर मुझको देख के स्माइल कर रहा था लेकिन उसकी स्माइल भी मुझे चुभ रही थी किसी तीर की तरह.

मेरे घुटने तो जवाब दे hi गए थे लेकिन जैसे hi आँखों ने भी जवाब देना चाहा उससे पहले वो जानवर खड़ा हुआ और उसने मुझे निचे से उठके गले लगा लिया और मैंने भी उससे इतनी टाइट हुग कर लिया मानो अब तो छोडूंगा hi नहीं इसे.

××××××××××××××××××××××

मैं फार्महाउस से बहार निकला और एक बाइक कड़ी थी उसको स्टार्ट किया जिसकी के मुझे अंदर से दे दी थी और मैं निकल पड़ा आकाश और जॉन के पास, इस वक़्त मेरे फेस पे एक स्माइल एक संतोष था एक सटिस्फैक्शन था जैसे अब और कुछ नहीं चाहिए इस वक़्त कोई आके मुझे गोली भी मार दे तो भी ये स्माइल न मिटे लेकिन ये स्माइल आज कैयो की जिंदगी खा जाने वाली थी :ेविलौगह:

खैर मैं मैं उस सादे हुए होटल पंहुचा और रूम में गया तो आकाश और जॉन परेशां बैठे हुए थे, लेकिन मुझे देखते hi उन दोनों की परेशानी दो मिनट में दूर हो गयी और आकाश ने सवालो की बौछार लगा दी मुझपे.

आकाश:- कहा गायब हो गया था? हम कितने टेंशन में थे पता है ? तेरा फ़ोन भी ऑफ है तेरे को ट्रैक भी नहीं कर पा रहा था मैं ? बता के जाना चाहिए न.

मैं:- सांस ले ले मेरे बाप और सुन अपना सम्मान पैक करो अब मैं वापिस उसी होटल में जा रहा हु.

जॉन:- लेकिन कल जो हमने प्लान बनाया था उसका क्या? और तुम अकेले क्यों जा रहे हो?

मैं:- प्लान चेंज कर दिया मैंने.

आकाश:- ाचा तो नया प्लान बता और हमारा रोले भी बता.

मैं:- प्लान वलन बताने लायक नहीं है बस तुम्हे अपना काम करना है.

आकाश:- ाचा तो हमे अपना काम बता और तू गया कहा था जो दोपहर में आया है.

मैं:- तेरा रोले है तू चुपचाप यहाँ बैठा रहेगा तू कोई एक्शन नहीं लेगा जब तक हम यहाँ नहीं आ जाते या हमारी लोकेशन शो होना बंद न हो जाए.

आकाश:- व्हाट ये भी कोई काम है?

मैं:- ठीक है तो तू ये भी मत करियो बस बैठ ीे मुठ मारता रहियो यहाँ पे.

आकाश:- अबे गुस्सा क्यों होता है ठीक है कर लूंगा ये भी.

जॉन:- और मेरा क्या रोले है.

मैं:- तुम्हे लोकेशन मैं मैसेज कर दूंगा और वह कोई भी सेफ जगह धुंध के स्निप्पिंग करना बस याद रहे ब्लैक निंजा ऑउटफिट वाला कोई नहीं मरना चाहिए वैसे भी वो ज्यादा नहीं होंगे तो देख लेना तुम और मुझसे जुड़े रहना.

जॉन:- ोकक बॉस! टेक केयर.

मैंने जॉन और आकाश को दो तीन जरूरी बात और बताई और फिर भाग के भार आया और बाइक उठा के उस होटल पंहुचा और चुचाप अपने रूम में घुसा वैसे भी हमने यहाँ से चेकआउट नहीं किया था क्युकी हम बस यहाँ से गायब हुए थे वो भी चुपचाप.

रूम में घुसते hi मैं सोफे पे बैठा और अपना पर्सनल फ़ोन निकल के जैक के पास एक पिछ भेजी और अर्जेंट मिलने के लिए बोलै. अब जब तक कोई आता इतने मैंने व्हिस्की की बोतल और साथ में फ्राइड चिकन आर्डर कर दिया क्युकी अब कोई टेंशन नहीं थी भेनचोद जानवी बस मिल hi गयी थी 3 दिन की बजाय 2 दिन में मिल गयी थी.

थोड़ी देर में आर्डर आया और मैंने भी 2-3 पेग लिए hi थे की गेट पे नॉक हुआ मैं समझ गया की कोण है इसलिए मैं बैठे-2 hi चिल्लाया.

मैं:- के इन जैक!

और मेरे बोलते hi दूर खुला और जैक अंदर आया लेकिन आज इसके पहनावे में डिफरेंस था जब इसने हमे एयरपोर्ट से पिक किया तब ये नार्मल कपड़ो में था लेकिन अब ये 3-पीेछे सूट में एक दूँ बिजनेसमैन टाइप बाँदा लग रहा था और फिर उसके अंदर आते hi काम से काम 10 लोग और अंदर आये जिनके हाथो में गन्स थी और उन सभी ने आते hi वो गन मुझ पे तान दी और वो जैक मेरे सामने वाले सोफे पे बैठ गया लेकिन मेरे फेस पे बिलकुल भी दर नहीं था बल्कि एक स्माइल थी और ये स्माइल उन सब के दिल में एक दर जरूर पैदा कर रही थी. खैर हम में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था और मैं भी नार्मल बेहवे कर रहा था. मैंने 2 पेग बनाये और एक पेग जैक की तरफ सरका दिया जो उसने थम लिया और एक मैंने उठा लिया और चुस्की लेने लगा.

जैक:- दर नहीं लग रहा लड़के अपने सामने मौत देखके.

मैं:- भला मौत से कैसा दर वो तो एक दिन आणि hi है और रही बात अबकी तो मेरी मौत तेरे हाथो तो नहीं लिखी.

जैक:- वैसे तुझमे ये ऐटिटूड किस बात का है, ना वो तेरे दोस्त यहाँ है और ना hi तू अकेला हम 11 लोगो को मार सकता वो भी निहता.

Main:-tu मुझे नहीं मारेगा और मैं चहु तो तुम 11 लोगो को नहीं बल्कि इस पुरे होटल में 2000 से उप्पेर लोगो को एक साथ उदा सकता हु.

जैक:- सही कहा अभी नहीं मारूंगा लेकिन थोड़ी देर बाद जरूर मार दूंगा.

मैं:- हाहाहाहाहा, मुझे इंतज़ार रहेगा लेकिन उससे पहले काम की बात करले थोड़ी.

जैक:- हां तो बता जानवी कहा है?

मैं:- बता दूंगा लेकिन एक शर्त है.

जैक:- और वो क्या है?

मैं:- मुझे ***करोड़ िरस, देदे तेरे साथ जाके उसको लेके आऊंगा और जानवी भी तेरी.

जैक:- दोने! अब बता वो कहा है.

मैं:- अरे इतनी जल्दी भी क्या है, साथ में चलेंगे न.

जैक:- तो चलो.

मैं:- दिन के उजाला सुहाता नहीं मुझे, असली सीकर का मजा रात के अँधेरे में है.

जैक:- कोई नहीं रात तक इंतज़ार कर लेंगे.

मैं:- वैसे मेरा एक सवाल है तेरे से की तू कम का आदमी था तो तू कितने में बिका और इतनी एक्टिंग क्यों की सुरु में.

जैक:- वेल इसका जवाब भी जानवी मिलने के बाद hi दूंगा तुझे.

मैं:- हम्म्म, चल तो इस डील के नाम.

और इतना बोलके हमने चियर्स किया और एक एक सांस में पेग खली कर दिए. अब बस रात का इंतज़ार था और रात तक इस जैक ने मुझे अपने प्लान सुना सुना के पका दिया, ऐसे करेंगे, वैसे करेंगे. खैर हमारा इंतज़ार पूरा हुआ मतलब रात हुयी पहले तो मैंने और जैक ने साथ में डिनर किया और डिनर करके मैंने अपनी ास्सास्सिन वाला हुड पहना और दो गन पंत में डाली और फुल रेडी होक हम सब निचे आये तो मैं गेट पे hi 3 कार कड़ी थी लेकिन मैं और जैक बिच वाली में बैठे.

जैक अपने बन्दों को समझा रहा था इतने में मैंने नज़र बचा के जॉन को लोकेशन मैसेज कर दी और उसको कॉल पे कनेक्ट करके ब्लूटूथ कान में ठूस लिया.

जॉन:- साउंड आ रही है बॉस.

मैं:- ोककक.

और फिर जैक भी कार में बैठा और मैंने उसे लोकेशन बताई जो की एक बंद पड़ी कंस्ट्रक्शन साइट की थी और लोकेशन पता लगते hi तीनो गाड़िया फुल स्पीड में दौड़ पड़ी, कुछ मिनट्स की ड्राइव के बाद हमारी कार एक बंद पड़ी बिल्डिंग के आगे रुकी.

जॉन:- ी कैन सी यू बॉस.

मैं:- होल्ड.

जैक:- क्या बोल रहे हो?

मैं:- हम लोग 12 है चलो लेटस जो.

मैंने अपनी दोनों गन निकल के लोड की और बिल्डिंग में घुस गए, मेरे साथ जैक चल रहा था और हमारे पीछे उसके 12 बॉडी गॉर्डस जिनकी बॉडी को गार्ड भगवन कर रहे थे, मतलब मरियल बॉडीगार्ड थे साले के.

Main:-14th फ्लोर.

जॉन:- गोत आईटी.

जैक:- 14तह फ्लोर तुम्हे कैसे पता की वो 14तह फ्लोर पे है.

मैं:- क्युकी मैंने दिन में आके देखा था की उसे कहा रखा गया है, अब चले.

और उसके बाद हम एक लिफ्ट में आये और वो लिफ्ट बिलकुल खुली थी चारो साइड से मतलब साफ़ है बहुत पुराणी लिफ्ट खैर हम 14तह फ्लोर पे पहुंचे और मैंने लीवर पुल्ल किया जिससे लिफ्ट रुकी और हम 14तह फ्लोर पे आये यहाँ बहुत अँधेरा था मतलब साफ़ नहीं दिख रहा था कुछ लेकिन हम आगे बढे और एक हॉल टाइप एरिया में आये तो जैक और जैक के बन्दे एक जगह रुक गए क्युकी सामने एक कुर्सी पे जानवी बंधी हुयी थी और उसके सर के उप्पेर एक लैंप लटक रहा था जिसमे सिर्फ उसका hi फेस दिख रहा था और कुछ नहीं और उसको देख के hi जॉन रुक गया और उसके साथ उसके 3 बन्दे भी क्युकी उनके बाकी बन्दे स्टैर्स से आ रहे थे और 14 फ्लोर की स्टैर्स चढ़ना इतना आसान नहीं है.

मैंने उन चारो को वही खड़ा छोड़ा और जानवी की तरफ बढ़ गया और मेरे को देख के जैक भी बढ़ने को हुआ लेकिन उसके बढ़ते कदम अपने आप रुक गए क्युकी मेरे जानवी के पास पहुंचते hi लाइट्स ों हो गयी और सामने का नज़ारा कुछ और था क्युकी जहा बाकी के फ्लोर्स खण्डार जैसे थे वही ये फ्लोर पूरा लुक्सुरिओउस था जहा जानवी को बांध रखा था वह पे उसके ठीक बगल में सोफे रखा था और उसके आगे कांच की टेबल मैं जाके सोफे पे बैठ गया और एक हाथ लेफ्ट साइड करके जानवी के हाथ की रस्सी खोल दी और रस्सी खुलते hi जानवी कड़ी हुयी और मेरे बगल में आके बैठ गयी. ये सब चीज़ जैक मुँह फाड़े देख रहा था.

मैं:- क्या हुआ जैक उर्फ़ पाब्लो, हहहहहह!

मेरी हसी और मेरी आवाज़ से वो होश में आया और उसके तीन बन्दों ने आके मेरे सर पे गन तान दी.

Pablo/jack:- तू इतना बेवकूफ कैसे हो सकता है अकेला आ गया अलनी मौत को साथ लेके और साथ में इस ख़ज़ाने की चब्बी को भी ले आया.

मैं कुछ नहीं बोलै बस मुस्कुरा रहा था क्युकी मुझे उनकी गन्स से बिलकुल भी दर नहीं लग रहा था और यही बात उस पाब्लो को गुस्सा दिला रही थी.

पाब्लो:- मुझे तेरे से जानना तो बहुत कुछ है लेकिन मेरे पास वक़्त नहीं है और इसलिए मार दो इसे.

और उसके चिल्लाने पे वो तीनो कुछ कर पाते उससे पहले मेरे पीछे की साइड से दो नाइफ आये बहुत तेज़ स्पीड से और लेफ्ट और राइट वाले बन्दों के बिलकुल गले में घुस गए और वो पीछे को गिरे और वो बिच वाला तो शॉक में चला गया था और वापिस आता उससे पहले मैंने बैठे बैठे उसके घुटने पे लात मारी जिससे वो मुझ पे गिरा और गिरते hi मैंने उसका गाला पकड़ा और उसकी चेस्ट ठीक मेरे गन के उप्पेर थी और मैंने भी कोई बकचोदी न करते हुए ट्रिगर दबा दिया, बुलेट इतनी पास से घुसी थी की वो उसकी बैक से होती हुयी बहार निकल गयी और ऐसा होने पे एक टेक्स खून की धार मेरे उप्पेर गिरने लगी लेकिन मुझे कोई फरक नहीं पड़ता खून से तो क्यों की ये तो पसंद की चीज़ है मेरे, खैर मैंने उसकी बॉडी को ढाका दिया और इस वक़्त पाब्लो के फेस पे दर था लेकिन अगले hi पल उसका दर गायब हो गया क्युकी उसके बचे हुए 7 बन्दे भी अंदर आ गए लेकिन मैं तो अभी भी बैठा है रहा था.

Pablo/jack:- पागल हो गया है क्या जो है रहा है या मौत देखके पागल हो गया है.

मैं:- मुझे इतनी आसान और जल्दी मौत नहीं मिलेगी क्युकी मैं बहुत बुरा इंसान हु तेरे से भी ज्यादा बुरा और तेरे ये 7 कुत्ते मुझे मारेंगे.

पाब्लो:- हां मारेंगे फिर.......

वो आगे कुछ बोलता उससे पहले मैं hi बोल पड़ा जोर से.

मैं:- फायर!

और इतना बोलते hi ठीक 4 सेकंड में वो 7 बन्दे एक साथ लुढ़क गए जिनमे 4 की खोपड़ी में बुलेट्स थी और 3 के गलो में नाइफ घुस हुआ था.

मैं:- जैक, आकाश को लेके आ जा.

और मैंने कॉल डिसकनेक्ट करके ब्लूटूथ निकला और फिर वो खून से सन्नी हूडि, वैसे इस हूडि पे बहुत से लोगो का खून लगा है और ये खून की प्यासी लगती है मुझे. खैर जैक उर्फ़ पाब्लो शॉक में hi खड़ा था इतने में हमारे पीछे से ब्लैक निंजा ऑउटफिट में वो जानवर टाइप बॉडी वाला लड़का बहार आया और जैसे hi उसने मास्क हटाया पाब्लो दर से दो कदम पीछे हो गया.

मैं:- क्या हुआ बीटा तू तो गेम खेल रहा था, अभी तो एक सरप्राइज और है तेरे लिए.

वो अभी भी शॉक में hi था की दो लोग और निकल के आये जिनको देखके तो वो और ज्यादा दर गया और मैं उन दोनों को देख के मुस्कुरा दिया और तभी आकाश और जैक भी वह आ गए और वो दोनों भी उन दो शख्स को देख के शॉक हो गए लेकिन jack/pablo अब संभल चूका था और वो अपना कुत्ता दिमाग दौड़ते हुए वो बोलै.

Jack/pablo:- एक खुद को बहुत बड़ा हीरो समझता है न, दम है तो 1व्1 फाइट लड़ ले अगर तू जीता तो मेरे साथ जो मर्ज़ी करियो और अगर मैं जीता तो मुझे कोई नहीं रोकेगा.

जानवर:- no एक!

मैं:- मंजूर है, लेकिन एक बात क्लियर कर दू तुझे की "मैं हीरो नहीं हु"

तो बे कॉन्टिनोएड 🙏🙏

 
थैंक्स नैना जी :शाय: फॉर योर ब्यूटीफुल रिव्यु

कहा से जाता आखरी यात्रा पे पहले तो वो पुलिस स्टेशन गया और फिर दो दिन तक उसे बेहोश रखा गया :डेड:

वो तो है hi मारने वाले से बड़ा बचने वाला होता है :डोरे: लेकिन समाज मैं कई ऐसे लोग भी है जिन्हे मारना hi पड़ता है :डी नहीं तो स्टोरी कैसे बनेगी

वेट रहेगा जो के क़ुएस्तिओन्स का :नर्वस:
 
Back
Top