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- Dec 5, 2013
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लास्ट अपडेट
खालिदा : उउउउम मेरा आने वाला है फिर से दमांद जी आप भी आ जाओ न प्लस बाद मैं छोड़ लेना दोबारा मायआ मैं आ रही हूँ और मैंने उनको मुस्कुरा कर देखा और उनको बीएड पर उलटा लिटाया और पीछे से छोड़ने लगा
ाआअह maaaaaaaaaa पहली बार मैं हे जन्नत दिखा दी आप ने दमांद जी maaaaaaaaaa मैं आ रही होओओओओ मायआ मैं आआआआ रही हूँ
मई : मैं भी आ रहा हूँ मेरी जाआआं मैं भी आ रहा हूँ और हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और दोनों के हे जिस्म कम्पनी लगे
और मेरे धक्को की रफ़्तार इतनी तेज थी की झड़ने के बाद खालिदा किसी तड़पती कुटिया की तरह बीएड पर अधमरी हालत मैं गिर पड़ी.
अब आगे
खालिदा के बीएड पर गिरते hi मई भी बीएड पर लेट गया , कुछ देर आराम करने के बाद मई उठा तो देखा खालिदा बीएड पर वैसे hi पेट के बल लेती हुई है उसकी बड़ी गांड को देख के मेरे मान में उसके गांड मरने का ख्याल आया मई उठ क्र खालिदा के पास गया और उनकी बड़ी बड़ी गांड को हाथो में ले क्र सहलाने लगा

कुछ देर तक मई वैसे hi अपनी सास के गांड को सहलाता रहा जब उनको अहसास हुआ की मई क्या क्र रहा हु तो वो बोली.
खालिदा: अभी भी आपका मान नहीं भरा दमांद जी.
मई : क्या कृ सासु माँ आपकी ये बड़ी बड़ी गांड को देख क्र मेरा मान हो रहा है की मई अपना लुंड आपके गांड में दाल दू.
खालिदा: न बाबा न अब मई तुम्हे कुछ भी करने नहीं दूंगी एक तो पहले से hi मेरी हालत बहुत ख़राब है मई तो सोच रही थी की जिन्दा बच भी पाऊँगी गई की नहीं.
मई : माफ़ करना सासु अम्मी जो भी मई आपसे बेरहमी से किया लेकिन मैंने आपको वैसा hi बेरहमी वाला दृश्य देखते हुवे देखा इसलिए मुझे लगा की आपको वैसा hi चुदाई पसंद है.
खालिदा: मैंने अब तक ऐसा कभी सोचा न था लेकिन जब मैंने तुम्हारे लोक के वहसि पैन वाला दृशय देखा तो मैंने भी सोचा की ऐसे तो मैंने अपने जीवन भर हमेसा अपने सौहार के आगे टंगे फैला के लेट गयी और वो आये और दो धक्के मर क्र सो गए लेकिन आज जो तुम ने किया उसे मई अपने जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँगी सुक्रिया दमांद जी अपने मुझे वो सुख दिया जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी .
मई : आगे भी मई आपको वो सुख दूंगा सासु अम्मी पर इसके लिए आपको हमारे लोक आना होगा या फिर मुझे जीन लोक आना होगा लेकिन अब की बार जब भी मई आपसे मिलूंगा तब मई आपकी ये बड़ी बड़ी गांड जजूर मरूँग.
खालिदा : ऐसे सुख के लिए तो मई कही भी आ जायँगी दमांद जी और ये गांड भी मई आपको hi दूंगी तब तक मई आपके आदम लोक में कैसे गांड मरते है वो भी सिख लुंगी.
मई : ठीक है सासु अम्मी अब मई चलता हु आप भी आराम करे.
उसके बाद मई अपने कपडे पहन क्र नुसरत के रूम में आ गया और सो गया क्योकि अगले दिन हमे वापस भी जाना था.
अगली सुबह सभी फ्रेश हो क्र एक जगह बैठे हुवे थे नुसरत और उनकी अम्मी थोड़ी तकलीफ में थी, मेरे सामने बैठी हीना मुझे hi देख रही थी, फिर मई सब की तरफ देख क्र बोलना सुरु किया.
मई : अब्बा हुरूर मेरे जाने के बाद आपको hi जिन लोक की बागडोर सम्हालनी है और कोई भी जरुरत पड़ने पर आप मुझे बुला सकते है.
फिर कुछ देर और इधर उधर की बाते करने के बाद हम ने जाने की इजाज़त मांगी .
खालिदा : (स्टेबेला से) बजी मेरी बच्चियों का ख्याल रखना वह आदम लोक में आप hi इनकी अम्मी रहेंगी.
स्टेबेला: ये भी कोई कहने की बात है खालिदा ये मेरी भी तो बच्चिया है बचपन से hi मई तीनो में कोई अंतर नहीं किया है न मई कभी करूंगी तुम बेफिक्र रहो वैसे भी वह मेरी बहन अमांडा भी रहती है हम वही रहेंगे .
मई : वैसे अब उनका नाम अमांडा नहीं अलका है.
कदर: दमांद जी फिर कब आओगे वापस जिन लोक .
मई : जब मुझे लगेगा की नाग लोक जाना है उस समय मई यहाँ वापस आऊंगा उसी समय हीना से भी निकाह करूँगा.
फिर हम वह से सीधे अपने लोक आ गए.
( ये व्ही दिन है जब शहीद केशव का पार्थिक सरीर उनके घर में लाया गया था.)
हम पहले अलका के पास गए क्योकि स्टेबेला और बाकियो को भी व्ही रखना था फ़िलहाल सुमन का भी पेट अब थोड़ा दिखने लगा था इसलिए उनको भी यही रखना था फिर उनको रम्भा के पास छोड़ना था ,
मैंने दरवाज़ा खुलवाया तो एक नौकर ने दरवाज़ा खोला वो मुझे पहचानता था इसलिए मैंने उसे अलका के बारे में पूछा तो उसने बताया की वो अपने कमरे में है ,मई तुरंत उनके रूम में गया तो देखा की वो अपने कपड़ो को सही से रख रही है जब उनको कुछ आहात हुई तब उसने मेरी तरफ देखा और तुरंत मेरे करीब आयी .
अलका: टाइगर तुम जीन लोक से कब आये .
मई : अभी hi आया हु और बहार चलिए आपके लिए भी सुप्रिसे है लेकिन ऐसे नहीं ऐसे.( उनकी आँखों को अपने हाथों से धक् दिया)
फिर उनको रूम से बहार लेकर आया और स्टेबेला के आगे खड़ा क्र दिया, फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी आँखों से हटा लिया.
स्टेबेला को देकते hi अलका के आँखों में आंसू आ गए और उसने स्टेबेला को अपने गले से लगा लिया.
अलका: स्टेबेला मेरी बहन कितने सालो बाद तुम्हे देख रही हु मेरी बहन जब से नील प्लेनेट का विनाश हुआ था तब के बाद आज तुम्हे देख रही हु.
स्टेबेला: मेरा भी कुछ ऐसा hi हॉल है दीदी.
दोनों सौतन काम बहने एक दूसरे के गले लग क्र आंसू बहा रही थी फिर कुछ देर बाद दोनों अलग हुई फिर अलका ने कहा.
अलका: ये तीनो कोण है स्टेबेला कितनी प्यारी बच्चिया है.
स्टेबेला: दीदी ये तीनो हमारे बेटे टाइगर की पत्निया है ये नुसरत और नीलोफर मेरे बड़े भाई की बेटी है और ये नरगिश है मेरी बेटी.
अलका: ओह.. मेरे हमारे बेटे ने तीन शादियां और क्र ली .ोूहः no मैं तो एक बात भूल hi गयी , टाइगर तुम्हे अभी hi तुम्हारे बुआ के घर जाना है.
मई : बुआ के घर पर क्यों?
अलका: ये तो तुम्हे वह जाने पर hi पता चलेगा.
सुमन: मई भी चलती हु टाइगर तुम्हारे साथ.
अलका: नहीं सुमन तुम नहीं जा सकती तुम्हारे पेट का उभर दिख रहा है और वह तुम्हारे फॅमिली के सभी लोग होंगे तो तुम्हारा जाना ठीक नहीं, तुम जाओ टाइगर जल्दी.
फिर मई उन्हें bye बोल क्र गायब हो क्र बुआ के घर के समीप hi वीरान जगह पे आया और नार्मल हो क्र बुआ के घर की तरफ चल दिया पर बुआ के घर के समीप जाते hi मुझे कुछ अनहोनी होनी की आशंका होने लगी , क्यों की बुआ के घर के दूर तक गाड़ियों की लाइन लगी हुई थी और लोगो का हुजूम लगा हुआ था आर्मी के भी लोग और उनकी गाड़िया भी दिखाई दे रही थी मई उन सब को चीरता हुआ आगे बढ़ने के लगा घर के समीप जाते hi मुझे मेरे दोनों चाचा दिखे , तभी उन दोनों की नजर भी मुझ पर पड़ी.
राजेंद्र: टाइगर बीटा कहा था तू जा अंदर जा तेरी बुआ और बहनो को सम्हाल सभी का रो रो के बुरा हल हो गया है .
ये सुनते hi मई घर के अंदर भगा अंदर जा क्र देखता हु की सामने किसी लाश को सफ़ेद कपडे से ढाका गया है सिर्फ उसका चेहरा hi दिखाई दे रहा है उनके श्रद्धांजलि के फूल (फ्लावर



) रखे हुवे है और उनके पास hi बुआ रो रही थी जिसे मेरी माँ और गीता बुआ भी रो क्र सांत्वना दे रही थी कविता, काव्य दोनों के पास मेरी बहने स्नेहा ,सुमन और ऋतू रूचि बैठ कर बैठ कर रो रही है समिति भी व्ही पास में hi बैठी हुई थी जिसे मेरी चची अर्चना संत करा रही थी ,फिर मैंने लाश के चेहरे की तरफ देखा तब मेरा भी दिल दहल गया क्योकि ये मेरे फूफा जी की लाश थी, मई भी व्ही जोर से फूफा जी बोल क्र रोने लगा जिस से सब का धयान भी मेरी तरफ हुआ और पहले बुआ मेरे पास रट हुवे आ क्र लिपट गयी उसके बाद फिर समिति काव्य कविता भी मेरे से लिपट कर रोने लगी साथ में मई भी उनसे लिपट कर रो रहा था .
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खालिदा : उउउउम मेरा आने वाला है फिर से दमांद जी आप भी आ जाओ न प्लस बाद मैं छोड़ लेना दोबारा मायआ मैं आ रही हूँ और मैंने उनको मुस्कुरा कर देखा और उनको बीएड पर उलटा लिटाया और पीछे से छोड़ने लगा
ाआअह maaaaaaaaaa पहली बार मैं हे जन्नत दिखा दी आप ने दमांद जी maaaaaaaaaa मैं आ रही होओओओओ मायआ मैं आआआआ रही हूँ
मई : मैं भी आ रहा हूँ मेरी जाआआं मैं भी आ रहा हूँ और हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और दोनों के हे जिस्म कम्पनी लगे
और मेरे धक्को की रफ़्तार इतनी तेज थी की झड़ने के बाद खालिदा किसी तड़पती कुटिया की तरह बीएड पर अधमरी हालत मैं गिर पड़ी.
अब आगे
खालिदा के बीएड पर गिरते hi मई भी बीएड पर लेट गया , कुछ देर आराम करने के बाद मई उठा तो देखा खालिदा बीएड पर वैसे hi पेट के बल लेती हुई है उसकी बड़ी गांड को देख के मेरे मान में उसके गांड मरने का ख्याल आया मई उठ क्र खालिदा के पास गया और उनकी बड़ी बड़ी गांड को हाथो में ले क्र सहलाने लगा

कुछ देर तक मई वैसे hi अपनी सास के गांड को सहलाता रहा जब उनको अहसास हुआ की मई क्या क्र रहा हु तो वो बोली.
खालिदा: अभी भी आपका मान नहीं भरा दमांद जी.
मई : क्या कृ सासु माँ आपकी ये बड़ी बड़ी गांड को देख क्र मेरा मान हो रहा है की मई अपना लुंड आपके गांड में दाल दू.
खालिदा: न बाबा न अब मई तुम्हे कुछ भी करने नहीं दूंगी एक तो पहले से hi मेरी हालत बहुत ख़राब है मई तो सोच रही थी की जिन्दा बच भी पाऊँगी गई की नहीं.
मई : माफ़ करना सासु अम्मी जो भी मई आपसे बेरहमी से किया लेकिन मैंने आपको वैसा hi बेरहमी वाला दृश्य देखते हुवे देखा इसलिए मुझे लगा की आपको वैसा hi चुदाई पसंद है.
खालिदा: मैंने अब तक ऐसा कभी सोचा न था लेकिन जब मैंने तुम्हारे लोक के वहसि पैन वाला दृशय देखा तो मैंने भी सोचा की ऐसे तो मैंने अपने जीवन भर हमेसा अपने सौहार के आगे टंगे फैला के लेट गयी और वो आये और दो धक्के मर क्र सो गए लेकिन आज जो तुम ने किया उसे मई अपने जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँगी सुक्रिया दमांद जी अपने मुझे वो सुख दिया जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी .
मई : आगे भी मई आपको वो सुख दूंगा सासु अम्मी पर इसके लिए आपको हमारे लोक आना होगा या फिर मुझे जीन लोक आना होगा लेकिन अब की बार जब भी मई आपसे मिलूंगा तब मई आपकी ये बड़ी बड़ी गांड जजूर मरूँग.
खालिदा : ऐसे सुख के लिए तो मई कही भी आ जायँगी दमांद जी और ये गांड भी मई आपको hi दूंगी तब तक मई आपके आदम लोक में कैसे गांड मरते है वो भी सिख लुंगी.
मई : ठीक है सासु अम्मी अब मई चलता हु आप भी आराम करे.
उसके बाद मई अपने कपडे पहन क्र नुसरत के रूम में आ गया और सो गया क्योकि अगले दिन हमे वापस भी जाना था.
अगली सुबह सभी फ्रेश हो क्र एक जगह बैठे हुवे थे नुसरत और उनकी अम्मी थोड़ी तकलीफ में थी, मेरे सामने बैठी हीना मुझे hi देख रही थी, फिर मई सब की तरफ देख क्र बोलना सुरु किया.
मई : अब्बा हुरूर मेरे जाने के बाद आपको hi जिन लोक की बागडोर सम्हालनी है और कोई भी जरुरत पड़ने पर आप मुझे बुला सकते है.
फिर कुछ देर और इधर उधर की बाते करने के बाद हम ने जाने की इजाज़त मांगी .
खालिदा : (स्टेबेला से) बजी मेरी बच्चियों का ख्याल रखना वह आदम लोक में आप hi इनकी अम्मी रहेंगी.
स्टेबेला: ये भी कोई कहने की बात है खालिदा ये मेरी भी तो बच्चिया है बचपन से hi मई तीनो में कोई अंतर नहीं किया है न मई कभी करूंगी तुम बेफिक्र रहो वैसे भी वह मेरी बहन अमांडा भी रहती है हम वही रहेंगे .
मई : वैसे अब उनका नाम अमांडा नहीं अलका है.
कदर: दमांद जी फिर कब आओगे वापस जिन लोक .
मई : जब मुझे लगेगा की नाग लोक जाना है उस समय मई यहाँ वापस आऊंगा उसी समय हीना से भी निकाह करूँगा.
फिर हम वह से सीधे अपने लोक आ गए.
( ये व्ही दिन है जब शहीद केशव का पार्थिक सरीर उनके घर में लाया गया था.)
हम पहले अलका के पास गए क्योकि स्टेबेला और बाकियो को भी व्ही रखना था फ़िलहाल सुमन का भी पेट अब थोड़ा दिखने लगा था इसलिए उनको भी यही रखना था फिर उनको रम्भा के पास छोड़ना था ,
मैंने दरवाज़ा खुलवाया तो एक नौकर ने दरवाज़ा खोला वो मुझे पहचानता था इसलिए मैंने उसे अलका के बारे में पूछा तो उसने बताया की वो अपने कमरे में है ,मई तुरंत उनके रूम में गया तो देखा की वो अपने कपड़ो को सही से रख रही है जब उनको कुछ आहात हुई तब उसने मेरी तरफ देखा और तुरंत मेरे करीब आयी .
अलका: टाइगर तुम जीन लोक से कब आये .
मई : अभी hi आया हु और बहार चलिए आपके लिए भी सुप्रिसे है लेकिन ऐसे नहीं ऐसे.( उनकी आँखों को अपने हाथों से धक् दिया)
फिर उनको रूम से बहार लेकर आया और स्टेबेला के आगे खड़ा क्र दिया, फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी आँखों से हटा लिया.
स्टेबेला को देकते hi अलका के आँखों में आंसू आ गए और उसने स्टेबेला को अपने गले से लगा लिया.
अलका: स्टेबेला मेरी बहन कितने सालो बाद तुम्हे देख रही हु मेरी बहन जब से नील प्लेनेट का विनाश हुआ था तब के बाद आज तुम्हे देख रही हु.
स्टेबेला: मेरा भी कुछ ऐसा hi हॉल है दीदी.
दोनों सौतन काम बहने एक दूसरे के गले लग क्र आंसू बहा रही थी फिर कुछ देर बाद दोनों अलग हुई फिर अलका ने कहा.
अलका: ये तीनो कोण है स्टेबेला कितनी प्यारी बच्चिया है.
स्टेबेला: दीदी ये तीनो हमारे बेटे टाइगर की पत्निया है ये नुसरत और नीलोफर मेरे बड़े भाई की बेटी है और ये नरगिश है मेरी बेटी.
अलका: ओह.. मेरे हमारे बेटे ने तीन शादियां और क्र ली .ोूहः no मैं तो एक बात भूल hi गयी , टाइगर तुम्हे अभी hi तुम्हारे बुआ के घर जाना है.
मई : बुआ के घर पर क्यों?
अलका: ये तो तुम्हे वह जाने पर hi पता चलेगा.
सुमन: मई भी चलती हु टाइगर तुम्हारे साथ.
अलका: नहीं सुमन तुम नहीं जा सकती तुम्हारे पेट का उभर दिख रहा है और वह तुम्हारे फॅमिली के सभी लोग होंगे तो तुम्हारा जाना ठीक नहीं, तुम जाओ टाइगर जल्दी.
फिर मई उन्हें bye बोल क्र गायब हो क्र बुआ के घर के समीप hi वीरान जगह पे आया और नार्मल हो क्र बुआ के घर की तरफ चल दिया पर बुआ के घर के समीप जाते hi मुझे कुछ अनहोनी होनी की आशंका होने लगी , क्यों की बुआ के घर के दूर तक गाड़ियों की लाइन लगी हुई थी और लोगो का हुजूम लगा हुआ था आर्मी के भी लोग और उनकी गाड़िया भी दिखाई दे रही थी मई उन सब को चीरता हुआ आगे बढ़ने के लगा घर के समीप जाते hi मुझे मेरे दोनों चाचा दिखे , तभी उन दोनों की नजर भी मुझ पर पड़ी.
राजेंद्र: टाइगर बीटा कहा था तू जा अंदर जा तेरी बुआ और बहनो को सम्हाल सभी का रो रो के बुरा हल हो गया है .
ये सुनते hi मई घर के अंदर भगा अंदर जा क्र देखता हु की सामने किसी लाश को सफ़ेद कपडे से ढाका गया है सिर्फ उसका चेहरा hi दिखाई दे रहा है उनके श्रद्धांजलि के फूल (फ्लावर


