- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 36,468
अपडेट 77
तभी बाथरूम का दूर खुला और सुमन टॉवल को लपेट क्र अपने साइन के पास हाथो से पकडे हुए निकल रही थी और कुछ गुनगुना रही थी पे जैसे hi उसकी नजर मुझ पर पड़ी वो सब कुछ भूल गयी और भाई बोल क्र मेरे गले से लग गयी पर इस चक्कर में वो ये भूल गयी की जस्ट टॉवल की अपने हाथो से पकड़ा था वो निचे जमीं पर गिर गया है और उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना है वो ऐसे hi मेरे गले लगी हुई थी और ये बात तब मुझे पता चला जब मैंने उसके नंगे पीठ को छुआ, तब मैंने धीरे से सुमन के कण में खा
मई - दीदी भाई से मिलने की इतनी क्या खुसी थी की आपने अपना टॉवल hi छोड़ दिया.
सुमन - टॉवल .
तब जा के उसे यद् आया की वो नंगी hi अपने भाई के गले लगी हुई है और उसका टॉवल कहि गिर गया है तो वो ये नहीं सोच प् रही थी की इस सिचुएशन में वो क्या करे
तब मैंने hi जाकर टॉवल उठाया और उसके बदन पर लपेट दिया, इस बिच एक तक वो मुझे hi देख रही थी.
फिर मैंने उनसे खा की आप अपने कपडे पहन लव मई बाथरूम से फ्रेश हो क्र आता हु, फिर मई बाथरूम में घुस गया और गेट लॉक क्र दिया
मई सोचने लगा की मेरी बहन भी किसी से काम नहीं कितनी सुन्दर लग रही थी बिना कपड़ो के यही सब सोचते सोचते मई फ्रेश हुआ और बाथरूम से बहार निकला तब तक सुमन अपने कपडे पहन चुकी थी
सुमन : सॉरी भाई वो गलती से हुआ.
मई : कोई बात नहीं दीदी होता है , चलो साथ में नास्ता करते है.
फिर हम दोनों निचे आये और नास्ता के लिए दिंनिंग टेबल पर बैठ वह सब कुछ मेरे पसंद का बनाया गया था.
मई - वह माँ ये तो सब कुछ मेरे पसंद का बना हुआ है .
माँ - है बीटा मैंने और तुम्हारी चाचियों ने मिल क्र बनाया है खास तुम्हारे लिए.
सुमन : वह बीटा क्या आ गया तो बेटियों को भूल hi गयी भूलो मत हम बेतिया hi रहेंगी तुम्हारे पास ये तो कुछ दिनों का मेहमान.
मई - मेहमान से यद् आया माँ मैंने सुना है बेतिया पराया धन होती है और एक दिन उसे अपने माँ बाप का घर छोड़ क्र अपने ससुराल जाना पड़ता है.
माँ - है बीटा ये सही है बेतिया को तो एक दिन सधी क्र के अपने ससुराल जाना hi पड़ता है .
मई : अब बताओ कोण हुआ मेहमान अकप या मई , मेरा क्या है मुझे तो एक न एक दिन वापस यही hi आकर रहना है आप सोचो .
सुमन : मैंने भी सोच लिया है मई शादी hi नहीं करुँगी तब तो मई रह सकती हु न.
उसकी ये बात सुन क्र हम सब है पड़े तभी अर्चना चची ने खा
अर्चना - बीटा वह सब कैसे है सीता कैसी है उसका तो आखरी माह चल रहा होगा न.
मई : वह भी सभी ठीक है चची और बुआ भी ठीक है और ये उनका लास्ट माह भी चल रहा है देखना लड़का hi होगा.
मेरी इस बात से चची कही खो सी गयी कास सीता की तरह मई भी एक बेटे को जन्म देती और टाइगर की तरह मेरा भी बीटा होता मगर अब तो ये संभव hi नहीं है अब तो टाइगर के चाचा कुछ करते hi नहीं है .
फिर हम सब यही बात चित करते हुए नास्ता क्र रहे थे ,नास्ता करते समय मैंने एक बात नोट की की आराधना चची मुझे hi देख रही थी, मई भी उनकी तरफ देख क्र स्माइल क्र देता था पता नहीं उनके मन में क्या चल रहा है ओह no मई तो भूल hi गया था की ये सभी मेरी आखो को देख क्र सम्मोहित हो रही है, मुझे इनकी तरफ नजर झुका क्र बात करनी होगी.
माँ - क्या हुआ बीटा नास्ता अच्छा नहीं बना है क्या?
मई : नहीं माँ नास्ता तो बहुत hi टेस्टी बना है .
माँ - तो तू खा क्यों नहीं रहा है.
मई - खा तो रहा हु माँ.
माँ - बीटा क्या मई तुम्हे अपने हाथो से खिलौ वो क्या है न की 5 साल का था तू जब अपने बुआ के घर गया था तू तब से अपने बेटे को प्यार करने के लिए तरस गयी हु.
ये बोलते हुए माँ के आखो में आशु भी गए .
मई - है माँ क्यों नहीं लेकिन मेरी भी एक शर्त है की मई भी आपको अपने हाथो से खिलाऊंगा.
सुमन - तो भाई और माँ मैंने क्या बिगाड़ा है मई भी अपने भाई को खिलाऊंगी.
अर्चना और आराधना : तो हम लोगो ने क्या बिगाड़ा है हम भी अपने बेटे को खिलाएंगी.
फिर क्या था लग गए सभी लोग मुझे खिलने में और मई भी बिच बिच में उन्हें भी खिलता था मगर मई अकेला और वो सब, मेरा तो पूरा पेट hi भर गया था.
मई - बीएस बीएस मेरा हो गया और खिलाएंगी तो मेरा पेट hi फुट जाना है.
अर्चना चची : खा ले खा ले वह तेरी बुआ तुझे ऐसे नहीं खिलाती होगी.
मई अपने मन में सोचने लगा की अब आप लोगो को क्या बताऊ की मई वह रहता hi नहीं पता नहीं बुआ को उन लोगो ने क्या खा होगा.
इधर बुआ के घर में-----
जिस दिन मई गया था मई स दिन तो काव्य ने कह दिया की मई बहार अपने दोस्तों के साथ गया हु, पर जब दो दिन बाद भी नहीं लौटा और मेरे रूम में भी मेरा सामान बुआ को नहीं मिला तब बुआ ने समिति से पूछा.
बुआ - समिति क्या तुम्हे पता है ये टाइगर खा गया है.
समिति - ये सवाल आप अपनी बेटियों से पूछे तो बेहतर होगा भाभी.
ये बोल क्र समिति अपने रूम में चली गयी.
बुआ - ये क्या बोल रही थी समिति क्या मैंने उसे अपनी बेटियों से काम प्यार दिया है जो आज वो ऐसे बात क्र रही है, अभी जाकर पूछती हु.
फिर बुआ समिति के रूम में चली गयी
इधर समिति रूम में जाकर बीएड पर लेटकर मेरे hi तस्वीर की देख रही थी और जब बुआ रूम में आयी तो समिति ने मेरे तस्वीर को छुपा दिया जिसे बुआ ने देख लिया .
बुआ - अब मुझसे भी सब छुपाने लगी है तू .
समिति - आपने भी तो बहुत सी बाटे मुझसे छुपाई है .
बुआ - मैंने क्या छुपाया है तुझसे.
समिति- जाने दो भाभी , बोलिये कुछ काम था क्या.
बुआ - कुछ काम होगा तभी मई तुम्हारे पास आउंगी क्या, क्या मई ऐसे hi नहीं आ सकती , खैर छोड़ो ये बताओ ये किसी लड़के की तस्वीर है जिससे तुम प्यार करती हो सही खा न मैंने .
समिति ने है में सर हिला दिया.
बुआ - तो दिखो मुझे मई भी तो देखु कोण है वो लड़का जिसने मेरी समिति का दिल चुरा लिया है.
समिति - भाभी मई आपको सब बताउंगी लेकिन पहले आपको मेरे सवालो के जवाब देने होंगे वो भी सही सही क्यों की सच मुझे मालूम है बीएस मुझे आपके मुँह से सच सुन्ना है.
बुआ - पूछो क्या पूछना है.
समिति - आपके पेट में पल रहे बच्चे का बाप कोण है.......
तभी बाथरूम का दूर खुला और सुमन टॉवल को लपेट क्र अपने साइन के पास हाथो से पकडे हुए निकल रही थी और कुछ गुनगुना रही थी पे जैसे hi उसकी नजर मुझ पर पड़ी वो सब कुछ भूल गयी और भाई बोल क्र मेरे गले से लग गयी पर इस चक्कर में वो ये भूल गयी की जस्ट टॉवल की अपने हाथो से पकड़ा था वो निचे जमीं पर गिर गया है और उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना है वो ऐसे hi मेरे गले लगी हुई थी और ये बात तब मुझे पता चला जब मैंने उसके नंगे पीठ को छुआ, तब मैंने धीरे से सुमन के कण में खा
मई - दीदी भाई से मिलने की इतनी क्या खुसी थी की आपने अपना टॉवल hi छोड़ दिया.
सुमन - टॉवल .
तब जा के उसे यद् आया की वो नंगी hi अपने भाई के गले लगी हुई है और उसका टॉवल कहि गिर गया है तो वो ये नहीं सोच प् रही थी की इस सिचुएशन में वो क्या करे
तब मैंने hi जाकर टॉवल उठाया और उसके बदन पर लपेट दिया, इस बिच एक तक वो मुझे hi देख रही थी.
फिर मैंने उनसे खा की आप अपने कपडे पहन लव मई बाथरूम से फ्रेश हो क्र आता हु, फिर मई बाथरूम में घुस गया और गेट लॉक क्र दिया
मई सोचने लगा की मेरी बहन भी किसी से काम नहीं कितनी सुन्दर लग रही थी बिना कपड़ो के यही सब सोचते सोचते मई फ्रेश हुआ और बाथरूम से बहार निकला तब तक सुमन अपने कपडे पहन चुकी थी
सुमन : सॉरी भाई वो गलती से हुआ.
मई : कोई बात नहीं दीदी होता है , चलो साथ में नास्ता करते है.
फिर हम दोनों निचे आये और नास्ता के लिए दिंनिंग टेबल पर बैठ वह सब कुछ मेरे पसंद का बनाया गया था.
मई - वह माँ ये तो सब कुछ मेरे पसंद का बना हुआ है .
माँ - है बीटा मैंने और तुम्हारी चाचियों ने मिल क्र बनाया है खास तुम्हारे लिए.
सुमन : वह बीटा क्या आ गया तो बेटियों को भूल hi गयी भूलो मत हम बेतिया hi रहेंगी तुम्हारे पास ये तो कुछ दिनों का मेहमान.
मई - मेहमान से यद् आया माँ मैंने सुना है बेतिया पराया धन होती है और एक दिन उसे अपने माँ बाप का घर छोड़ क्र अपने ससुराल जाना पड़ता है.
माँ - है बीटा ये सही है बेतिया को तो एक दिन सधी क्र के अपने ससुराल जाना hi पड़ता है .
मई : अब बताओ कोण हुआ मेहमान अकप या मई , मेरा क्या है मुझे तो एक न एक दिन वापस यही hi आकर रहना है आप सोचो .
सुमन : मैंने भी सोच लिया है मई शादी hi नहीं करुँगी तब तो मई रह सकती हु न.
उसकी ये बात सुन क्र हम सब है पड़े तभी अर्चना चची ने खा
अर्चना - बीटा वह सब कैसे है सीता कैसी है उसका तो आखरी माह चल रहा होगा न.
मई : वह भी सभी ठीक है चची और बुआ भी ठीक है और ये उनका लास्ट माह भी चल रहा है देखना लड़का hi होगा.
मेरी इस बात से चची कही खो सी गयी कास सीता की तरह मई भी एक बेटे को जन्म देती और टाइगर की तरह मेरा भी बीटा होता मगर अब तो ये संभव hi नहीं है अब तो टाइगर के चाचा कुछ करते hi नहीं है .
फिर हम सब यही बात चित करते हुए नास्ता क्र रहे थे ,नास्ता करते समय मैंने एक बात नोट की की आराधना चची मुझे hi देख रही थी, मई भी उनकी तरफ देख क्र स्माइल क्र देता था पता नहीं उनके मन में क्या चल रहा है ओह no मई तो भूल hi गया था की ये सभी मेरी आखो को देख क्र सम्मोहित हो रही है, मुझे इनकी तरफ नजर झुका क्र बात करनी होगी.
माँ - क्या हुआ बीटा नास्ता अच्छा नहीं बना है क्या?
मई : नहीं माँ नास्ता तो बहुत hi टेस्टी बना है .
माँ - तो तू खा क्यों नहीं रहा है.
मई - खा तो रहा हु माँ.
माँ - बीटा क्या मई तुम्हे अपने हाथो से खिलौ वो क्या है न की 5 साल का था तू जब अपने बुआ के घर गया था तू तब से अपने बेटे को प्यार करने के लिए तरस गयी हु.
ये बोलते हुए माँ के आखो में आशु भी गए .
मई - है माँ क्यों नहीं लेकिन मेरी भी एक शर्त है की मई भी आपको अपने हाथो से खिलाऊंगा.
सुमन - तो भाई और माँ मैंने क्या बिगाड़ा है मई भी अपने भाई को खिलाऊंगी.
अर्चना और आराधना : तो हम लोगो ने क्या बिगाड़ा है हम भी अपने बेटे को खिलाएंगी.
फिर क्या था लग गए सभी लोग मुझे खिलने में और मई भी बिच बिच में उन्हें भी खिलता था मगर मई अकेला और वो सब, मेरा तो पूरा पेट hi भर गया था.
मई - बीएस बीएस मेरा हो गया और खिलाएंगी तो मेरा पेट hi फुट जाना है.
अर्चना चची : खा ले खा ले वह तेरी बुआ तुझे ऐसे नहीं खिलाती होगी.
मई अपने मन में सोचने लगा की अब आप लोगो को क्या बताऊ की मई वह रहता hi नहीं पता नहीं बुआ को उन लोगो ने क्या खा होगा.
इधर बुआ के घर में-----
जिस दिन मई गया था मई स दिन तो काव्य ने कह दिया की मई बहार अपने दोस्तों के साथ गया हु, पर जब दो दिन बाद भी नहीं लौटा और मेरे रूम में भी मेरा सामान बुआ को नहीं मिला तब बुआ ने समिति से पूछा.
बुआ - समिति क्या तुम्हे पता है ये टाइगर खा गया है.
समिति - ये सवाल आप अपनी बेटियों से पूछे तो बेहतर होगा भाभी.
ये बोल क्र समिति अपने रूम में चली गयी.
बुआ - ये क्या बोल रही थी समिति क्या मैंने उसे अपनी बेटियों से काम प्यार दिया है जो आज वो ऐसे बात क्र रही है, अभी जाकर पूछती हु.
फिर बुआ समिति के रूम में चली गयी
इधर समिति रूम में जाकर बीएड पर लेटकर मेरे hi तस्वीर की देख रही थी और जब बुआ रूम में आयी तो समिति ने मेरे तस्वीर को छुपा दिया जिसे बुआ ने देख लिया .
बुआ - अब मुझसे भी सब छुपाने लगी है तू .
समिति - आपने भी तो बहुत सी बाटे मुझसे छुपाई है .
बुआ - मैंने क्या छुपाया है तुझसे.
समिति- जाने दो भाभी , बोलिये कुछ काम था क्या.
बुआ - कुछ काम होगा तभी मई तुम्हारे पास आउंगी क्या, क्या मई ऐसे hi नहीं आ सकती , खैर छोड़ो ये बताओ ये किसी लड़के की तस्वीर है जिससे तुम प्यार करती हो सही खा न मैंने .
समिति ने है में सर हिला दिया.
बुआ - तो दिखो मुझे मई भी तो देखु कोण है वो लड़का जिसने मेरी समिति का दिल चुरा लिया है.
समिति - भाभी मई आपको सब बताउंगी लेकिन पहले आपको मेरे सवालो के जवाब देने होंगे वो भी सही सही क्यों की सच मुझे मालूम है बीएस मुझे आपके मुँह से सच सुन्ना है.
बुआ - पूछो क्या पूछना है.
समिति - आपके पेट में पल रहे बच्चे का बाप कोण है.......