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- Dec 5, 2013
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नेक्स्ट डे मॉर्निंग में पटल लोक से आने के बाद थकन के कारन आज मई 8बजे तक सोया नीलम उठ चुकी थी और बाथरूम से पानी की आवाज आ रही थी सायद नीलम नहा रही थी कुछ देर बाद नीलम टॉवल लपेट क्र बाथरूम से निकली मई तो देकते hi खो गया क्या संगेमरमर की तरह तराशा हुआ बदन और बालो से झड़ते पानी मोतियों की तरह प्रतीत हो रहे थे कुल मिलकर नीलम अप्सरा से काम नहीं लग रही थी.
नीलम - ओह hello ऐसे क्या देख रहे हो.
मई होस में आते हुए - देख रहा हु तुम कितनी सुन्दर लग रही हो टॉवल निकलने पर और कितनी सुन्दर लगोगी, कास मई रात को hi सुहागरात मन लेता.
नीलम - मई तो तैयार hi थी मगर तुमने hi खा की अपनी सुहागरात स्पेशल तरीके से मनाएंगे.
मई - कास मैंने ऐसा न खा होता तो अपनी सुहागरात अभी तक चलती रहती .
नीलम - जो हो गया सो हो गया अब चलो उठो और फ्रेश हो क्र आ जाओ हमे घर भी जाना है.
मई - यार एक गुड मॉर्निंग किश तो दे दो .
नीलम - बहन वाली दू या पत्नी वाली .
मई - इस रोमांटिक माहौल में क्या मई अपनी बहन से किश लू नहीं पत्नी वाला चाहिए.
फिर नीलम ने अपने होठ मेरे होठो पर रखा और हमारी किश स्टार्ट हो गयी हम अभी किश में खोय हुए hi थे की गेट के पास किसी के होने की आहात हुई तब मैंने किश तोड़ क्र गेट की तरफ देखा तो वह पर सिद्धि कड़ी मुस्कुरा रही थी. उसे देख क्र नीलम भी शर्मा गयी.
सिद्धि - वो मई आप लोगो को चाय देने आयी थी मगर आप लोग तो कुछ और hi क्र रहे थे हीहीहीही.
नीलम - है ठीक है उस टेबल में रख दो और जाओ यह से.
मई - क्यों बेचारी को डट रही हो ऐसे भी वो भी जवान हो गयी थी है.
नीलम - तुम न लड़कियों की जवानी को नापना बंद क्र दो नहीं तो कभी लेने के देने न पद जाये.
मई - जो आज्ञा रानी साहिबा .
ये बोल क्र मई बिस्तर से उठा और बाथरूम में चला गया और नाहा धो क्र जब मई बहार आया तो नीलम वह पर नहीं थी मई भी तैयार हो क्र बहार आये तो देखा की एक सोफे पर मल्लिका और नीलम बैठे हुए बात क्र रहे थे और सिद्धि मल्लिका के बेटे के साथ खेल रही थी.
मई भी उन दोनों के सामने जाकर बैठ क्र बाटे करने लगा कुछ देर में नास्ता भी आ गया फिर हम सब ने नास्ता ख़तम किया और फिर कुछ देर बाद मई और नीलम को निकलना था तो नीलम ने इस लेडीज और बाकि लोगो को समझा दिया की मल्लिका अब से यही रहेंगी तो उन्हें कोई तकलीफ न हो मैंने भी मल्लिका को आते रहने का वादा किया फिर हम दोनों फार्म हाउस से पैदल निकले और कुछ दूर जाने के बाद उड़ते हुए चले गए अपने सहर की तरफ.
अपने सहर पहुंच क्र झा मैंने अपनी साइकिल पार्क की थी वह पर पहुंच क्र नीलम को समझाया की सदी की बात किसी को पता न चले और नार्मल hi रहे फिर वो वह से अपने घर की तरफ निकल गयी और मई अपने घर की तरफ निकल गया.
घर पहुंच क्र मैंने देखा की दरवाजा खुला हुआ है और जब मई अंदर गया तो देखा की वह पर सामान बिखरा हुआ है मैंने बरी बरी से सभी को आवाज लगाई सभी के कमरों में जाकर देखा मुझे कोई नहीं मिला मेरा दिल घबराने लगा मान में कुक अनहोनी की आशंका होने लगी
मई अभी सोच हु रहा था की टेलीफोन की घंटी बजी मैंने देर न करते हुए टेलीफोन रिसीव किया तो
मई - hello
मुन्ना भाई - hello मर टाइगर हमे तुम्हारे आने का hi इंतजार था तुम्हारी बुआ और बाकि के सभी लोग मेरे पास है .
मई - क्या चाहिए तुम लोगो को.
मुन्ना भाई - वह तुम तो सीधा काम की बात पर आ गए ी लिखे आईटी, मुझे तुम से हाउ काम hai.maine तुम्हारे मोबाइल नंबर पर एड्रेस सेंड क्र दिया है चुप चाप चले आप और जायदा होश्यारी दिखने की किसिस की तो यद् रहे तुम्हारी प्रेग्नेंट बुआ का मई यही ऑपरेशन मई यही पर क्र दूंगा और बाकि की लड़कियों को नीलम क्र दूंगा.
मई गुस्से से- देखो उनलोगो को कुछ भी नहीं होना चाहिए तुम्हे मुझसे काम है न तो मई आ रहा हु.
फिर मई मोबाइल पर दिए गए एड्रेस पर गया तो देखा की कोई पुराणी बंद पड़ी मिल जैसी लग रही थी.
मई छुप क्र देखने लगा मिल के बहार भी मुन्ना भाई जे आदमियों का पहरा लगा हुआ था, अब मेरे दूसरी सकती के इस्तमाल करने का समय आ गए था .
मई उड़ते हुए मिल के ऊपरी भाग में जा पंहुचा और वह से चारो तरफ देखा की खा पर कितने आदमी है , मुझे सब से पहले अपनी फॅमिली को प्रोटेक्ट करना था तो मई उड़ते हुए पालक झपकने से पहले hi गुंडों को उसके मुँह की दबा क्र उठा क्र दूर ले ले जा क्र उचाई से निचे छोड़ देता. मिल के बहार जितने भी गुंडे थे उन सब के साथ मैंने वैसा hi किया किसी को कुछ समझ नहीं आया की उनके साथ क्या हुआ एक आदमी जैसे hi दूसरी तरफ देखता दूसरा आदमी गायब हो जाता इस तरह मैंने मिल के बहार खड़े सभी आदमी को मर दिया फिर मई मिल के ऊपर पहुंच गया और अपनी फॅमिली के लोगो को ढूंढने लगा मिल के अंदर भी अच्छे खासे आदमियों की बरमार थी एक जगह पर मुझे मेरी फॅमिली के लोग मिल गए उनलोगो को एक कमरे में बंद क्र के रखा गया था मई चुप चाप वह पहुंच गया मुझे वह पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हुई क्यों की मिल की छत टूटी हुई थी .
मई वह से अंदर गया तो उनलोगो को सही सलामत देख क्र मुझे खुसी हुई और उन्हें भी मुझे वह पाकर रहत महसूस हुई तो मैंने उन्हें संत रहने को खा.
मई - आप लोगो को घबराने की कोई जरुरत नहीं है मई आ गया हु आप लोगो को मई एक एक क्र के बहार ले जाऊंगा
बुआ पहले आप चलिए .
फिर मैंने बुआ को गॉड में उठाया उन्हें समझ नहीं आ रहा था की मई क्या करने वाला हु ,मई बुआ को गॉड में ुहता क्र उस गया बुआ मुझे हैरानी से देख रही थी और उड़ते समय कास क्र मुझे पकड़ लिखे थी.
मई बुआ को घर में ले है क्र छोड़ा बुआ मुझसे कुछ पूछना चाहती थी.
मई - बुआ आपको जो भी पूछना है वो बाद में पूछ लेना अभी मुझे उन्हें भी बचाना है .
ये बोल क्र मई फिर उस गया और फिर काव्य और कविता को लेकर घर में छोड़ दिया और जब मई वापस आया तो देखा की एक आदमी समिति के सामने गन को तने खड़ा है मैंने तलवार को यद् किया और उड़ते हुए गया जिस हाथ से उसने गन तानी थी उस हाथ को hi काट दिया फिर वो चिल्ला पता उस से पहले उसकी गर्दन धड़ से अलग क्र दिया.
फिर मई समिति को लेकर घर में छोड़ दिया और वापस आ क्र मैं दूर से नार्मल पैदल hi वह पहुंच गया मुन्ना भाई को कुछ खबर hi नहीं हुई की उसके कई आदमी मरे जा चुके है और मेरी फॅमिली भी उनके सिकंजे से मुक्त है.
मई मुन्ना भाई के पास गया और पूछा की मुझे यह क्यों बुलाया है और मेरी फॅमिली को क्यों किडनैप किया गया है .
मुन्ना भाई - इतनी जल्दी भी क्या है अभी तो पूरा हिसाब मई तुम से लूंगा लेकिन कोई और भी है जिन्हे तुम से हिसाब चुकता करना है .
उसके बाद मुन्ना भाई ने दो फ़ोन कॉल्स किये और दोनों को मिल में आने की खा कुछ hi देर में वह पर पुलिस कमिश्नर और मला वह पर आ गए.
मुन्ना भाई - तो कमिश्नर साहब और मला जी मिलिये टाइगर से जिन्होंने आपके बेटो को मारा है.
कमिश्नर - क्या इसने मारा है लगता तो नहीं है .
मुन्ना भाई - कमिश्नर साहब इस लड़के की उम्र पे मत जाइये ये बहुत hi खतरनाक लड़का है .
मुन्ना भाई - पहले हम इस की फॅमिली को इसके आखो के सामने मरेंगे तब इसको पता चलेगा की अपनों को खोने का दर्द क्या होता है, लाओ रे इसकी फॅमिली को दो आदमी उस कमरे की तरफ गए झा उन लोगो ने मेरी फॅमिली को रखा था पर जैसे hi वो वह पहुंचे तो वो लोग देखते है की मेरी फॅमिली का कोई भी सदस्य वह पर नहीं है और उनके आदमी का हाथ और सर कटा हुआ है वो दोनों तुरंत hi मुन्ना भाई की बताते है.
आदमी- भाई वह पर कोई नहीं है उल्टा अपने आदमी का सर और हाथ कटा हुआ मिला है .
उनकी बात सुन क्र मई हसने लगा.
मई - क्यों मुन्ना भाई खा गयी मेरी फॅमिली जब तुम्हे मालूम है मई खतरनाक लड़का हु तो ये सब अच्छे से देखना चाहिए था न .
मला - मुन्ना देखते क्या हो मर दो सेल को.
मला अभी बीएस इतना hi बोल पाया था की ुकि गर्दन धड़ से अलग hi गयी थी, मई समझ गया था की अब कुछ ऐसा hi होने वाला है इस लिए मई पहले hi तैयार था और शुरुआत मैंने hi क्र दी मुन्ना भाई और कमिश्नर ने अपनी अपनी गन निकल क्र मुझ पर फायर क्र दी मई उड़ते हुए दूसरी तरफ आ गया तो उनके आदमियों ने भी फायर सुरु क्र दी मई उड़ते हुए सभी आदमियों को मरने लगा वह पर जितने भी आदमी थे वो सब के मन में आश्चर्य और दर की भावना आ गयी थी क्यों की मई उस उड़ क्र सभी को मर रहा था मुन्ना भाई के कुछ आदमियों ने मुझ पर ग्रेनेट भी फेके पे मेरी स्पीड जायदा hi थी मुझ वो लगती hi नहीं थी उल्टा उनके hi आदमी मर रहे थे कुछ hi देर में वह पर चीख पुकार मच गयी मौका देख क्र कमिश्नर मिल से बहार निकल गया और मुन्ना भाई भी दूर के पास पंहुचा क्र मिल में खतरनाक गैस की टैंक थे उस पर गोली चला क्र भाग निकला .
गोली लगते hi एक जोर दार धमाका हुआ और पुरे मिल में आग लग गयी मई भी मौका प् क्र तेजी से मिल के बहार आ गया और मुन्ना भाई के पीछे लग गया
मुन्ना भाई मुझ पर गोली चलते हुए भाग रहा था और मई भी गोली से बचते हुए उसका पीछा क्र रहा था जब मुन्ना भाई की गोली ख़त्म हो गयी तो मैंने मुन्ना को पकड़ क्र उठा लिया और उड़ते हुए मिल के ऊपर ले आया उचाई भी बहुत जायदा थिओर उतने hi उचाई से मैंने मुन्ना को छोड़ दिया. मुन्ना जलती हुई मिल के ऊपर गिरा िर उसके गिरते hi एक और जोर दर धमाका हुआ जिसमे पूरा मिल के परखचचे उस गए
फिर मैंने ऊपर से hi देखें की कमिश्नर अपनी गाड़ी से भाग रहा है ,मैंने सोचा की अगर मैंने अभी इसे छोड़ दिया तो हो सकता है की बाद में ये फिर मुझे या मेरी फॅमिली की नुकसान पहुचाये इस से अच्छा है की अभी इसे ख़त्म क्र दो .
ये सोच क्र मई उड़ते हुए चले गया कमिश्नर के गाड़ी की तरफ और उस से आगे निकल क्र जा क्र रोड पर खड़ा हो गया कमिश्नर ने कुछ दुरी पर अपनी गाड़ी रोकी फिर फुल रेस देते हुए मेरी तरफ बढ़ गया मई भी तैयार हो गया और उड़ते हुए तलवार लेकर सीधा कमिश्नर के गले को निशाना बनाया जब उनकी गाड़ी मेरे पास आयी तब मेरी तलवार गाड़ी के शीशे के पर होते हुए कमिश्नर के गले के पर हो गया ,फिर मई वह से तुरंत निकल गया और कमिश्नर की गाड़ी एक पेड़ से टकरा गयी और धमाके के साथ उड़ गया.
फिर मई वह से उड़ते हुए अपने घर आ गए वह पर मुझे सभी के सवालों के जवाब देने होंगे.
नेक्स्ट डे मॉर्निंग में पटल लोक से आने के बाद थकन के कारन आज मई 8बजे तक सोया नीलम उठ चुकी थी और बाथरूम से पानी की आवाज आ रही थी सायद नीलम नहा रही थी कुछ देर बाद नीलम टॉवल लपेट क्र बाथरूम से निकली मई तो देकते hi खो गया क्या संगेमरमर की तरह तराशा हुआ बदन और बालो से झड़ते पानी मोतियों की तरह प्रतीत हो रहे थे कुल मिलकर नीलम अप्सरा से काम नहीं लग रही थी.
नीलम - ओह hello ऐसे क्या देख रहे हो.
मई होस में आते हुए - देख रहा हु तुम कितनी सुन्दर लग रही हो टॉवल निकलने पर और कितनी सुन्दर लगोगी, कास मई रात को hi सुहागरात मन लेता.
नीलम - मई तो तैयार hi थी मगर तुमने hi खा की अपनी सुहागरात स्पेशल तरीके से मनाएंगे.
मई - कास मैंने ऐसा न खा होता तो अपनी सुहागरात अभी तक चलती रहती .
नीलम - जो हो गया सो हो गया अब चलो उठो और फ्रेश हो क्र आ जाओ हमे घर भी जाना है.
मई - यार एक गुड मॉर्निंग किश तो दे दो .
नीलम - बहन वाली दू या पत्नी वाली .
मई - इस रोमांटिक माहौल में क्या मई अपनी बहन से किश लू नहीं पत्नी वाला चाहिए.
फिर नीलम ने अपने होठ मेरे होठो पर रखा और हमारी किश स्टार्ट हो गयी हम अभी किश में खोय हुए hi थे की गेट के पास किसी के होने की आहात हुई तब मैंने किश तोड़ क्र गेट की तरफ देखा तो वह पर सिद्धि कड़ी मुस्कुरा रही थी. उसे देख क्र नीलम भी शर्मा गयी.
सिद्धि - वो मई आप लोगो को चाय देने आयी थी मगर आप लोग तो कुछ और hi क्र रहे थे हीहीहीही.
नीलम - है ठीक है उस टेबल में रख दो और जाओ यह से.
मई - क्यों बेचारी को डट रही हो ऐसे भी वो भी जवान हो गयी थी है.
नीलम - तुम न लड़कियों की जवानी को नापना बंद क्र दो नहीं तो कभी लेने के देने न पद जाये.
मई - जो आज्ञा रानी साहिबा .
ये बोल क्र मई बिस्तर से उठा और बाथरूम में चला गया और नाहा धो क्र जब मई बहार आया तो नीलम वह पर नहीं थी मई भी तैयार हो क्र बहार आये तो देखा की एक सोफे पर मल्लिका और नीलम बैठे हुए बात क्र रहे थे और सिद्धि मल्लिका के बेटे के साथ खेल रही थी.
मई भी उन दोनों के सामने जाकर बैठ क्र बाटे करने लगा कुछ देर में नास्ता भी आ गया फिर हम सब ने नास्ता ख़तम किया और फिर कुछ देर बाद मई और नीलम को निकलना था तो नीलम ने इस लेडीज और बाकि लोगो को समझा दिया की मल्लिका अब से यही रहेंगी तो उन्हें कोई तकलीफ न हो मैंने भी मल्लिका को आते रहने का वादा किया फिर हम दोनों फार्म हाउस से पैदल निकले और कुछ दूर जाने के बाद उड़ते हुए चले गए अपने सहर की तरफ.
अपने सहर पहुंच क्र झा मैंने अपनी साइकिल पार्क की थी वह पर पहुंच क्र नीलम को समझाया की सदी की बात किसी को पता न चले और नार्मल hi रहे फिर वो वह से अपने घर की तरफ निकल गयी और मई अपने घर की तरफ निकल गया.
घर पहुंच क्र मैंने देखा की दरवाजा खुला हुआ है और जब मई अंदर गया तो देखा की वह पर सामान बिखरा हुआ है मैंने बरी बरी से सभी को आवाज लगाई सभी के कमरों में जाकर देखा मुझे कोई नहीं मिला मेरा दिल घबराने लगा मान में कुक अनहोनी की आशंका होने लगी
मई अभी सोच हु रहा था की टेलीफोन की घंटी बजी मैंने देर न करते हुए टेलीफोन रिसीव किया तो
मई - hello
मुन्ना भाई - hello मर टाइगर हमे तुम्हारे आने का hi इंतजार था तुम्हारी बुआ और बाकि के सभी लोग मेरे पास है .
मई - क्या चाहिए तुम लोगो को.
मुन्ना भाई - वह तुम तो सीधा काम की बात पर आ गए ी लिखे आईटी, मुझे तुम से हाउ काम hai.maine तुम्हारे मोबाइल नंबर पर एड्रेस सेंड क्र दिया है चुप चाप चले आप और जायदा होश्यारी दिखने की किसिस की तो यद् रहे तुम्हारी प्रेग्नेंट बुआ का मई यही ऑपरेशन मई यही पर क्र दूंगा और बाकि की लड़कियों को नीलम क्र दूंगा.
मई गुस्से से- देखो उनलोगो को कुछ भी नहीं होना चाहिए तुम्हे मुझसे काम है न तो मई आ रहा हु.
फिर मई मोबाइल पर दिए गए एड्रेस पर गया तो देखा की कोई पुराणी बंद पड़ी मिल जैसी लग रही थी.
मई छुप क्र देखने लगा मिल के बहार भी मुन्ना भाई जे आदमियों का पहरा लगा हुआ था, अब मेरे दूसरी सकती के इस्तमाल करने का समय आ गए था .
मई उड़ते हुए मिल के ऊपरी भाग में जा पंहुचा और वह से चारो तरफ देखा की खा पर कितने आदमी है , मुझे सब से पहले अपनी फॅमिली को प्रोटेक्ट करना था तो मई उड़ते हुए पालक झपकने से पहले hi गुंडों को उसके मुँह की दबा क्र उठा क्र दूर ले ले जा क्र उचाई से निचे छोड़ देता. मिल के बहार जितने भी गुंडे थे उन सब के साथ मैंने वैसा hi किया किसी को कुछ समझ नहीं आया की उनके साथ क्या हुआ एक आदमी जैसे hi दूसरी तरफ देखता दूसरा आदमी गायब हो जाता इस तरह मैंने मिल के बहार खड़े सभी आदमी को मर दिया फिर मई मिल के ऊपर पहुंच गया और अपनी फॅमिली के लोगो को ढूंढने लगा मिल के अंदर भी अच्छे खासे आदमियों की बरमार थी एक जगह पर मुझे मेरी फॅमिली के लोग मिल गए उनलोगो को एक कमरे में बंद क्र के रखा गया था मई चुप चाप वह पहुंच गया मुझे वह पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हुई क्यों की मिल की छत टूटी हुई थी .
मई वह से अंदर गया तो उनलोगो को सही सलामत देख क्र मुझे खुसी हुई और उन्हें भी मुझे वह पाकर रहत महसूस हुई तो मैंने उन्हें संत रहने को खा.
मई - आप लोगो को घबराने की कोई जरुरत नहीं है मई आ गया हु आप लोगो को मई एक एक क्र के बहार ले जाऊंगा
बुआ पहले आप चलिए .
फिर मैंने बुआ को गॉड में उठाया उन्हें समझ नहीं आ रहा था की मई क्या करने वाला हु ,मई बुआ को गॉड में ुहता क्र उस गया बुआ मुझे हैरानी से देख रही थी और उड़ते समय कास क्र मुझे पकड़ लिखे थी.
मई बुआ को घर में ले है क्र छोड़ा बुआ मुझसे कुछ पूछना चाहती थी.
मई - बुआ आपको जो भी पूछना है वो बाद में पूछ लेना अभी मुझे उन्हें भी बचाना है .
ये बोल क्र मई फिर उस गया और फिर काव्य और कविता को लेकर घर में छोड़ दिया और जब मई वापस आया तो देखा की एक आदमी समिति के सामने गन को तने खड़ा है मैंने तलवार को यद् किया और उड़ते हुए गया जिस हाथ से उसने गन तानी थी उस हाथ को hi काट दिया फिर वो चिल्ला पता उस से पहले उसकी गर्दन धड़ से अलग क्र दिया.
फिर मई समिति को लेकर घर में छोड़ दिया और वापस आ क्र मैं दूर से नार्मल पैदल hi वह पहुंच गया मुन्ना भाई को कुछ खबर hi नहीं हुई की उसके कई आदमी मरे जा चुके है और मेरी फॅमिली भी उनके सिकंजे से मुक्त है.
मई मुन्ना भाई के पास गया और पूछा की मुझे यह क्यों बुलाया है और मेरी फॅमिली को क्यों किडनैप किया गया है .
मुन्ना भाई - इतनी जल्दी भी क्या है अभी तो पूरा हिसाब मई तुम से लूंगा लेकिन कोई और भी है जिन्हे तुम से हिसाब चुकता करना है .
उसके बाद मुन्ना भाई ने दो फ़ोन कॉल्स किये और दोनों को मिल में आने की खा कुछ hi देर में वह पर पुलिस कमिश्नर और मला वह पर आ गए.
मुन्ना भाई - तो कमिश्नर साहब और मला जी मिलिये टाइगर से जिन्होंने आपके बेटो को मारा है.
कमिश्नर - क्या इसने मारा है लगता तो नहीं है .
मुन्ना भाई - कमिश्नर साहब इस लड़के की उम्र पे मत जाइये ये बहुत hi खतरनाक लड़का है .
मुन्ना भाई - पहले हम इस की फॅमिली को इसके आखो के सामने मरेंगे तब इसको पता चलेगा की अपनों को खोने का दर्द क्या होता है, लाओ रे इसकी फॅमिली को दो आदमी उस कमरे की तरफ गए झा उन लोगो ने मेरी फॅमिली को रखा था पर जैसे hi वो वह पहुंचे तो वो लोग देखते है की मेरी फॅमिली का कोई भी सदस्य वह पर नहीं है और उनके आदमी का हाथ और सर कटा हुआ है वो दोनों तुरंत hi मुन्ना भाई की बताते है.
आदमी- भाई वह पर कोई नहीं है उल्टा अपने आदमी का सर और हाथ कटा हुआ मिला है .
उनकी बात सुन क्र मई हसने लगा.
मई - क्यों मुन्ना भाई खा गयी मेरी फॅमिली जब तुम्हे मालूम है मई खतरनाक लड़का हु तो ये सब अच्छे से देखना चाहिए था न .
मला - मुन्ना देखते क्या हो मर दो सेल को.
मला अभी बीएस इतना hi बोल पाया था की ुकि गर्दन धड़ से अलग hi गयी थी, मई समझ गया था की अब कुछ ऐसा hi होने वाला है इस लिए मई पहले hi तैयार था और शुरुआत मैंने hi क्र दी मुन्ना भाई और कमिश्नर ने अपनी अपनी गन निकल क्र मुझ पर फायर क्र दी मई उड़ते हुए दूसरी तरफ आ गया तो उनके आदमियों ने भी फायर सुरु क्र दी मई उड़ते हुए सभी आदमियों को मरने लगा वह पर जितने भी आदमी थे वो सब के मन में आश्चर्य और दर की भावना आ गयी थी क्यों की मई उस उड़ क्र सभी को मर रहा था मुन्ना भाई के कुछ आदमियों ने मुझ पर ग्रेनेट भी फेके पे मेरी स्पीड जायदा hi थी मुझ वो लगती hi नहीं थी उल्टा उनके hi आदमी मर रहे थे कुछ hi देर में वह पर चीख पुकार मच गयी मौका देख क्र कमिश्नर मिल से बहार निकल गया और मुन्ना भाई भी दूर के पास पंहुचा क्र मिल में खतरनाक गैस की टैंक थे उस पर गोली चला क्र भाग निकला .
गोली लगते hi एक जोर दार धमाका हुआ और पुरे मिल में आग लग गयी मई भी मौका प् क्र तेजी से मिल के बहार आ गया और मुन्ना भाई के पीछे लग गया
मुन्ना भाई मुझ पर गोली चलते हुए भाग रहा था और मई भी गोली से बचते हुए उसका पीछा क्र रहा था जब मुन्ना भाई की गोली ख़त्म हो गयी तो मैंने मुन्ना को पकड़ क्र उठा लिया और उड़ते हुए मिल के ऊपर ले आया उचाई भी बहुत जायदा थिओर उतने hi उचाई से मैंने मुन्ना को छोड़ दिया. मुन्ना जलती हुई मिल के ऊपर गिरा िर उसके गिरते hi एक और जोर दर धमाका हुआ जिसमे पूरा मिल के परखचचे उस गए
फिर मैंने ऊपर से hi देखें की कमिश्नर अपनी गाड़ी से भाग रहा है ,मैंने सोचा की अगर मैंने अभी इसे छोड़ दिया तो हो सकता है की बाद में ये फिर मुझे या मेरी फॅमिली की नुकसान पहुचाये इस से अच्छा है की अभी इसे ख़त्म क्र दो .
ये सोच क्र मई उड़ते हुए चले गया कमिश्नर के गाड़ी की तरफ और उस से आगे निकल क्र जा क्र रोड पर खड़ा हो गया कमिश्नर ने कुछ दुरी पर अपनी गाड़ी रोकी फिर फुल रेस देते हुए मेरी तरफ बढ़ गया मई भी तैयार हो गया और उड़ते हुए तलवार लेकर सीधा कमिश्नर के गले को निशाना बनाया जब उनकी गाड़ी मेरे पास आयी तब मेरी तलवार गाड़ी के शीशे के पर होते हुए कमिश्नर के गले के पर हो गया ,फिर मई वह से तुरंत निकल गया और कमिश्नर की गाड़ी एक पेड़ से टकरा गयी और धमाके के साथ उड़ गया.
फिर मई वह से उड़ते हुए अपने घर आ गए वह पर मुझे सभी के सवालों के जवाब देने होंगे.