Incest The Tiger - Page 10 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 61

मई और नीलम दोनों नदी में कूद गए और हम दोनों तेजी से अंदर जाने लगे पानी में होते हुए भी हम दोनों को साँस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी और यह का नजारा भी बहुत hi सूंदर लग रहा था पानी में रहने वाले jiv,machhliya हमारे पास से हो क्र जा रही थी.

अभी हम इस मनोरम दृश्य में खोय हुए थे की कोई बड़ा सा जिव में हमें निगल लिया .

मई और नीलम उस बड़े से जिव के पेट में आ गए , मुझे लग रहा था की ये कोई बड़ा सा सर्प है जो हमे सीधे निगल गया है.

नीलम- ये हम खा आ गए भाई यह तो बहुत गर्मी है जो बर्दास्त नहीं हो रही जल्दी कुछ करो, छी कितनी बदबू भी है यह पर.

फिर मैंने अपने तलवार को यद् किया और तलवार मेरे हाथ में आ गयी और मई तलवार को नीची घुसा दिया मेरे ऐसा करने से उस जिव को दर्द हुआ और वो चाट पटाने लगा इस कारन हम झा खड़े थे वो जगह भी हिलने लगी मई जायदा देर न करते हुए झा से तलवार घुसाई थी व्ही से 360 डिग्री तलवार को घुमा दिया और वो जिव तो टुकड़ो में बात गया और हम भी बहार आ क्र रहत की साँस ली .

बहार आ क्र जब हमने उस जिव को देखा तो सच मच में वो एक बड़ा सा सर्प hi था जो अब तो टुकड़ो में होने के बाद तड़प रहा था और कुछ hi छदो में नस्ट हो गया और उसके स्थान पर एक देवी प्रकट हो गयी.

हम दोनों ने देवी को प्रणाम किया .

देवी- सदा खुस रो, हे मानव आज तुम ने मुझे उस डस्ट दानव पतलासुर से मुझे आजाद कराया है उस डस्ट दानव ने मुझे कैद क्र के अपनी माया जल से मुझे एक बड़े से सांप में बदल क्र अपनी द्वार की रक्छा के लिए रख दिया था जिस कारन मई कई वर्षो से अपनी मुक्ति की प्रतिक्छा में थी, जिसे तुम ने मेरे इस दानव रूपी सरीर को मर क्र मुझे मुक्त किया है इस के बदले मई तुम एक वरदान देती हु की आग तुम्हे जला नहीं सकती और पानी तुम्हे डूबा नहीं सकती.

ये बोल क्र देवी ने अपने हाथ ऊपर किया और उन के हाथो से एक रोशनी निकल क्र मुझ पर पड़ी.

देवी - और है मानव ये सकती तुम जिस जिस से विवाह करोगे उनके पास भी ये सकती चली जाएगी.

ये बोल क्र वो देवी गायब हो गयी फिर मई और नीलम दोनों आगे बढे और पटल लोक में पहुंच गए.

वह पहुंचने पर हमे कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था हम आगे चलने लगे और जैसे जैसे हम आगे बढ़ रहे थे तो रास्तो पर कई जगहों पर मनुस्यो के कंकाल तो कहि हाथ पेअर के हड्डियों के अवशेष हमे मिल रहे थे वह का वातारण बहुत hi अजीब था, कुछ और आगे जाने पर सादे गले मांस की बदबू आने लगी क्यों की उधर कई लोगे के आधे सरीर के man's को नोच क्र बाकि छोड़ दिया गया था जो साद क्र बदबू देने लगे थे .

नीलम - छी यहाँ पर मनुस्यो लव मर क्र खाया जाता है ऐसा लग रहा है और कितनी बदबू भी है .

मई - चलो आगे चले है कोण सा हमे यही रुकना है अपनी सकती लेनी है और चले जाना है .

नीलम - यह तुम्हे कोण सी सकती मिलेगी?

मई - यह मुझे तेजी से उड़ने की सकती मिलेगी जो पेगासस नमक उड़ने वाले घोड़े की सकती है जिसे पतलासुर ने कैद क्र के रखा है लेकिन उस ये सकती अभी तक प्राप्त नहीं हुई है.

नीलम - वाओ मतलब ये सकती मिलने के बाद तुम उड़ने लग जाओगे.

मई - है मेरी माँ अब आगे बढे.

कुछ दूर और चलने के बाद हम लोग रुक गए क्यों की व्ही पास की झाड़ियों से कुछ आवाज आ रही थी तो मई ने नीलम को पीछे किया और झाड़ियों के पर झाकने लगा .

झाड़ियों के पीछे मई क्या देखता हु तीन लोग जो दिखने में दानव जैसे लग रहे थे वो लोग एक लड़की के सरीर के मांस को काट काट क्र खा रहे थे ये दृसय देख क्र मुझे उलटी सी होने लगी थी मेरे पीछे नीलम भी आ गयी और उसने भी ये दृसय देख लिया और वो जोर से चिल्ला दी और उलटी करने लगी .

उसके चिल्लाने की आवाज सुन क्र उन दानवो ने हमारी तरफ देखा और धीरे धीरे हमारी तरफ बढ़ने लगे , मई नीलम को अपने पीछे रख क्र धीरे धीरे पीछे हटने लगा वो लोग अजीब सी आवाजे निकलते हुए ललचाई नजरो से हमे देखते हुए आगे बढ़ने लगे

तभी एक ने तेजी से दौड़ते हुए मेरी तरफ आने लगा वो मुझ तक पहुंच पता उस से पहले hi मैंने तेजी से अपनी तलवार उसके पेट के आर पर क्र दिया उसकी सैतानी आवाज रुक गयी तब मैंने अपनी तलवार उसके पेट से निकल ली और वो जमीं पर ढेर हो गया , तभी दूसरा दानव अपनी तलवार ले कर मेरे पास आये और मुझ पर वॉर किया जिसे मैंने रोक क्र वीक लत उसके पेट में मरी वो झुक गया और मैंने तेजी से उसका गाला धड़ से अलग क्र दिया जो तीसरा दानव था वो अपने साथियो को मरता देख क्र भाग गया .

यह पर एक बात ये थी की ये दानव नंगे थे सेल और उनका लुंड और अण्डो का साइज भी बड़ा था.

फिर हम दोनों आगे बढ़ गए क्यों की अब धीरे धीरे रत होने लगी थी और हमे कही सुरक्छित जगह भी देखना था रत गुजरने के लिए.
 
अपडेट 62

फिर हम दोनों आगे बढ़ गए क्यों की अब धीरे धीरे रत होने लगी थी और हमे कही सुरक्छित जगह भी देखना था रत गुजरने के लिए.

चलते चलते रात भी हो गयी थी और अब तो सरीर भी थक चूका था .

नीलम- भाई और खा तक जाना है, चलते चलते तो मेरे पैरो में दर्द होने लगे है .

मई - पहली बात सुन अब तो मुझे भाई बोलना छोड़ दे क्यों की अब तो हमारी शादी भी हो चुकी है और दूसरी बात जब तक कोई सुरक्छित जगह नहीं मिल जाती तब तक चलना hi पड़ेगा.

नीलम- नहीं मई तो भाई hi बोलूंगी क्यों की मेरे भैया hi बन गए मेरे सैया है है है है है है.

मई - अब हसना हो गया है तो चले .

अँधेरा हो गया था इस लिए हम ने आपने मोबाइल की टोर्च ों क्र लिया था कुछ दूर और जाने के बाद एक महल नुमा खंडहर नजर आया तो हम तेजी से वह पर पहुंचे जब हम अंदर दाखिल हुए तो क्या देखते है जगह जगह पर हड्डियों के ढांचे पड़े हुए थे और उन में से चूहे अंदर बहार हो रहे थे ऐसा लग रहा था की ये सब सैनिको के कंकाल है जिससे मरने पर इसी हालत में छोड़ दिया गया हो क्यों की उन कंकालों के सर पर मुकुट और गलो में आभूषण पड़े हुए थे .

हम उन हड्डियों के ढेर से होते हुए महल के अंदर आ गए सभी जगहों पर dhul,mitti पड़े हुए थे और मकड़ियों ने अपना जला भी बनाया हुआ था चूहे भी इधर उधर भाग रहे थे.

अब हमे कोई ऐसा कमरा ढूढ़ना था जिस में दरवाजा हो और पूरा बंद हो और हमे जायदा म्हणत करनी भी नहीं पड़ी वह एक बड़ा सा आलीशान कमरा मिल गया जिस में किंग साइज बीएड भी था मैंने कमरे को अच्छी तरह से चेक किया फिर दरवाजा को बंद क्र के कुण्डी लगा दी और बीएड को अच्छी तरह से साफ क्र के हम दोनों उस पर लेट गए सुरु में थोड़ी अड़चन जरूर हुई पर सरीर के थके होने के कारन जल्दी hi नींद आ गयी.

सुबह नीलम के नींद में बड़बड़ाने के कानन मेरी नींद खुली मई मोबाइल में टाइम देखा तो 10 बज रहे थे, नीलम नींद में ये बोल रही थी की टाइगर ी लव यू तुम मेरे हो और मई तुम से बहुत प्यार करती हु.

मुझे ये सुन क्र हसी भी आयी पता नहीं क्या सपना देख रही है ान तो हमारी शादी भी हो चुकी है पगली कहि की .

मई उसके मासूम चेहरे को देख क्र एक बार उसके होठो को चूमने ला मान किया तो मई जैसे hi उसके होठो को चूमा वो मेरा सर पकड़ क्र मेरे होठो को चूसने लगी थोड़े देर बाद मई उसे अलग किया और कहा.

मई - क्या क्र रही हो कोई सपना देख रही थी क्या .

नीलम - है बहुत hi सूंदर सपना देख रही थी की हम दोनों पार्क में घूम रहे है और मई तुम्हे साडी दुनिया के सामने प्रोपोज़ क्र रही हु और फिर किश क्र रही हु, मगर मेरा सपना सच कैसे हो गया मई तुम्हे सच में किश क्र रही थी.

मई - आए मममुझे क्या पता .

नीलम - कहि तुम मुझे सोया हुआ समझ क्र किश तो नहीं क्र रहे थे न.

मई - न्नन्न नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और चलो सुबह हो गयी है कल से कुछ खाये भी नहीं है .

नीलम - यह क्या मिलेगा खाने की यह तो सब उजड़ा हुआ पड़ा है .

मई - पहले उठो फिर बहार चल क्र देखते है.

फिर हम दोनों खंडहर नुमा महल से बहार निकले तो मैंने देखा की एक बड़ा सा ड्रैगन हवा में उड़ता हुआ मंडरा रहा है तो मई नीलम को लेकर छुप गया और जब वो चला गया तब हम बहार निकल आये

नीलम- वो क्या था ऐसा लग रहा था की वो उड़ने वाले ड्रैगन है.

मई - है ऐसा hi समझो लगता है वो हमे hi धुंध रहा है या फिर अपने भोजन की तलाश में यह आया हो .

रात में तो हमें पता hi नहीं चला पर सच में यह लड़ाई हुई होगी जिस में बहुत सरे सैनिको को मौत के घाट उतरे गया था .

महल के पीछे hi बहुत बड़ा बगीचा जैसा बना हुआ था और व्ही फलो के पेड़ भी थे और पिने के लिए पानी का भी इंतजाम किया गया था

हम लोग व्ही पर फ्रेश वगेरा हुए और निश्चिंत हो क्र फलो का आनंद लेने लगे और यही हमारे लिए बहुत बड़ी गलती साबित हुई क्यों की धीरे धीरे दानवो की सेना ने पुरे बगीचे को घेर लिया था.

जब उड़ने वाले ड्रैगन हमारे पास आकर रुका तब हमे पता चला की हम यह अकेले नहीं है .

तभी वह पर कुछ दानव हाथ में तलवार लेकर हमारे पास आये उनमे से एक उनका लीडर लग रहा था.

दानव- क्यों मानव क्या पृथ्वी लोक में तुम्हे जगह कम पद गयी थी जो तुम लोग यह पटल लोक में हमे दखल देने आ गए ,अब आ hi गए हो तो अच्छा किया क्यों की हम लोग खुद hi पृथ्वी लोक से यह मनुस्यो को लेकर उनका भोजन करते है.

मई - देखो तुम लोगो से मेरी कोई दुश्मनी नहीं है मई यह अपने एक काम से आया हु काम होते hi चुप चाप चला जाउगा इस लिए मई कहता हु मेरा रास्ता छोड़ो और चले जाओ यह से.

दानव - हाहाहा है चले जाये यह से हाहाहा, देखो मानव दुश्मनी तो तुम ने क्र hi ली है क्यों की तुम ने हमारी प्रजा को मारा है और ऊपर से चोरी छुपे यह पर आये हो तो चुप चाप हमारे साथ चलो वह महल में hi महाराज तुम्हारा फैसले करेंगे की क्या करना है.

मई - अगर ऐसी बात है तो मरने के लिए तुम भी तैयार हो जाओ.

दानव - मुझे मरोगे देखो इस पुरे बगीचे को हमारे सैनिको ने घेर लिया है अब तो तुम्हे मर क्र इस सुंदरी को अपने साथ ले जाकर पहले जी भर के छोडूंगा फिर पूरी सेना से छुडवाउंगा.

जाओ बे पकड़ लो उस सुंदरी को

बाकि कल

तब तक के लिए गुड नाईट
 
अपडेट 63

दानव - मुझे मरोगे देखो इस पुरे बगीचे को हमारे सैनिको ने घेर लिया है अब तो तुम्हे मर क्र इस सुंदरी को अपने साथ ले जाकर पहले जी भर के छोडूंगा फिर पूरी सेना से छुडवाउंगा.

जाओ बे पकड़ लो उस सुंदरी को

कुछ सैनिक मेरी तरफ बढ़ने लगे मैंने तुरंत अपने तलवार को यद् किया और तलवार मेरे हाथ में ा गया वो सैनिक मुझ पर प्रहार करने लगे मई इस के लिए तैयार था .

मई भी उनके हमले का जवाब देने के लिए अपनी तलवार से उनके प्रहार की रोका वर उनकी तलवार मेरे तलवार से तैरते hi दो टुकड़े हो गए वो लोग अभी कुछ क्र पते उस से पहले मैंने उनके सर धड़ से अलग क्र दिए.

ये देख क्र दानवो का लीडर खुद मुझ से लड़ने आया और उसका भी व्ही अंजाम हुआ उसकी भी तलवार टूट गयी.

ये देख क्र वो बोखला गया और अपनी सेना की आदेश दिया

लीडर - देख क्या रहे हो मारो इसे, जो भी इसे मरेगा उसे 1 हफ्ते तक मनुस्यो का मांस फ्री में खाने को दिया जायेगा.

फिर क्या था दानवो की पूरी सेना हमारी तरफ दौड़ने लगी मई नीलम का हाथ पकड़ क्र एक तरफ भागने लगा क्यों की मुझे मेरी कोई चिंता नहीं थी नीलम को कुछ नुकसान न पंहुचा दे इस लिए मई एक तरफ भगा रस्ते में आने वाले दानव सैनिको को मरते हुए मई आगे बढ़ रहा था और हम बगीचे से निकलने में कामयाब भी हो गए थे .

दानव सैनिक हमारे पीछे hi लगे थे फिर भी हम भाग hi रहे थे की अचानक वो उड़ने वाला ड्रैगन आया और नीलम को उठा क्र उड़ गया .

मई भी उसके पीछे पीछे भागता रहा और नीलम, नीलम चिल्ला रहा था , नीलम भी मुझे पुकार रही थी .

मई ऊपर देख क्र दौड़ते हुए अचानक घुटनो के बल गिर गया और नीलम को जोर से पुकारने लगा.

मेरे पीछे खड़े दानव और उनका लीडर जोर जोर से है रहे थे, कुछ देर बाद मई खड़ा हुआ और जब मई उनकी तरफ पलटा तो मेरी आखे गुस्से से डार्क ब्लू हो गयी थी .

मई जोर से चिल्लाया, मेरी आवाज सुन क्र एक बार तो पूरा दानव सेना की टुकड़ी दर hi गयी थी.

मई चिल्लाते हुए दानवो पर टूट पड़ा मई गुस्से से पागल हो गया था मई बीएस दानवो को मार रहा था बाकि किस को खा पर तलवार लग रही है मुझे कुछ नहीं मालूम चल रहा था मई बीएस सभी को गाजर मूली की तरह काट रहा था ,किसी के हाथ काट रहे थे तो किसी का सीना तो किसी का चेहरा जो भी मेरे सामने आ रहा था बीएस मई तलवार से मरता hi जा रहा था कुछ देर बाद जब सरे दानव सैनिक ढेर हो गए थे सिवाय उन के लीडर के वि व्ही खड़े हो क्र दर से कप रहा था.

मई उसके पास गया और पूछ की मेरी नीलम को खा ले गए है बता.

मेरा गुस्सा देख क्र दानवो का लीडर बोलै- वो उसे महल ले गए है हमारे महराज के पास.

मई - चल भाग जा यह से .

वो दानवो का लीडर वह से भागने लगा मई उसे इस लिए छोड़ा क्यों की मुझे महल का रास्ता नहीं पता था , मई उसका पीछा करते हुए जाना चाहता था , मैंने एक नजर निचे पड़े हुए सैनिको को देखा तो किसी के हाथ कटे हुए थे तो किसी का गाला कटा हुआ था तो किसी को और भी दूसरी जगहों पर कटा हुआ था कुछ मर गए थे तो कुछ घायल पड़े हुए थे.

मई उन लोगो को छोड़ क्र उस दानवो के लीडर के पीछे पीछे छुपते हुए जाने लगा.

यह पर मई आप लोगो को एक बात बताना चाहुगा दोस्तों की पटल लोक में कोई सूर्य :सनशाइन: नहीं था वो तो यह के राजा पतलासुर ने अपनी माया से पटल लोक में रोशनी करने के लिए बनाया था और वो भी सिर्फ 6 घंटे के लिए बाकि समय अँधेरा hi रहता था क्यों की दानवो का काम रात में hi होता था.

मई उस दानव का पीछा करते हुए उनके राजा के महल तक पहुंच गया तब तक अँधेरा हो चूका था.

वो दानव बड़े से गेट से महल के अंदर दाखिल हो गया .

मई उसके जाने के बाद महल में जाने का रास्ता ढूंढने लगा क्योकि महल ुचि दीवारों से घिरा हुआ था और दिवार के ऊपर भी सैनिको का पहरा था अगर मई ऐसे hi अंदर घुस गया तो नीलम की जान की खतरा भी हो सकता है इस लिए सबसे पहले मुझे नीलम को ढूँढना होगा उसके बाद वो उड़ने वाले घोड़े पेगासस की मूर्ति.

मई दूर से hi दिवार के चारो तरफ घूम क्र देख लिया मगर मुझे कहि से भी अंदर जाने का रास्ता नहीं मिला.

मई निराश हो गया था की कैसे मई अंदर जाऊ, मई एक पेड़ के पास छुप क्र बैठा था, तभी मुझे एक बॉस का पेड़ दिखा और मेरे दिमाग ने फॉर ान सोचा सुरु क्र दिया .

मैंने एक लम्बा सा बॉस काट लिया और उसे छील क्र साफ क्र लिया.

ये था मेरे अंदर जाने का सहारा मई बॉस के आखरी छोर को पकड़ लिया और दौड़ते हुए गया बॉस के सामने छोर को दीवार में फसाया और लगा दी छलांग .

मई दीवार के उस पर होते हुए वह बने घरो के चाट में पहुंच गया.

ये मेरे लिए अच्छा था क्यों की ऊपर मई चुप के जा सकता था और निचे क्या हो रहा है ये देख भी सकता था.

मई दानवो के घरो के ऊपर से होते हुए जा रहा था और ये भी देख रहा था की नीलम खाहि आस पास तो नहीं है.

मई चलते चलते रुक गया क्यों की मुझे कुछ ऐसा दिख गया था की मई सोचने पर मज़बूरी हो गया.
 
अपडेट 64

मई चलते चलते रुक गया क्यों की मुझे कुछ ऐसा दिख गया था की मई सोचने पर मज़बूरी हो गया.

क्योकि मैंने एक आँगन में तुलसी का पेड़ देखा और वह दिया भी जल रहा था और पूरा घर से लेकर आँगन तक साफ सुथरा था नहीं तो अभी मई जितने भी दानवो के घर को उनके छत से देखते हुए आ रहा था किसी का घर और आँगन इतना साफ नहीं था और न hi किसी के घर में तुलसी का पेड़ था.

मुझे थोड़ा अजीब लगा इसलिए मई उनके आँगन में छिपते हुए उतरा आँगन में तो कोई नहीं दिखा इस लिए मई खिड़की से उस घर में देखने का सोचा.

और फिर मैंने खिड़की दूध क्र अंदर देखा तो मई चौक गया क्यों की अंदर bha....an विष्णु की मूर्ति थी और एक आदमी और उसकी पत्नी और उसका बीटा साथ में पूजा पथ क्र रहे थे .

मई तो सोच में पद गया की ये कोण हो सकता है जो पटल लोक में दानवो के बिच रह क्र bha...an विष्णु की पूजा क्र रहा है .

तब मैंने सोचा की ये भले लोग लगते है इनसे मदद मांग सकता हु इस लिए मैंने उनकी पूजा के बाद उनके पास चला गया तो सबसे पहले उन्हों मुझे प्रसाद दिया फिर मैंने उनसे पूछा

मई - आप कोण है जो दानवो के लोक में विष्णु जी पूजा क्र रहे है.

भैरव- मेरा नाम भैरव है और मई यह के राजा पतलासुर का छोटा भाई हु , मई देवताओ की पूजा पथ करता हु इस लिए मेरे भाई ने मुझे महल से निकल दिया इस लिए मई यह आकर अपने परिवार के साथ यह पर रहने लगा.

लेकिन तुम कोण हो लगते तो मनुस्य हो पर यह पर अभी तक जीवित कैसे हो?

मई - है मई पृथ्वी लोक से hi आया हु और मई अपनी एक सकती लेने यह पर आया हु मगर ये दानव मेरे पीछे पद गए और मेरी बा.. पत्नी को उठा क्र ले आये है क्या आपको पता है की वो खा है.

भैरव - है मुझे भी अपने गुप्तचरों से पता चला है की किसी नारी को ड्रैगन ने उठा क्र महल में लाया है मगर पतलासुर भी उसका कुछ ाहित नहीं क्र पाए क्यों की जब पतलासुर ने उसे छूने की कोसिस की तब उसके मंगलसूत्र से एक तेज नुक्ला जिसने पतलासुर को पीछे धकेल दिया, तब पतलासुर को समझ आया की इस सुहागन लड़की के मंगलसूत्र में hi कोई ताकत है इस लिए उसने तुम्हारी पत्नी को बंधक बना क्र रखा हुआ है .

एक और बात पता चला है की तुम जिस पेगासस की सकती की पाने आये हो उसे तुम्हारे हासिल करने के बाद तुम्हे मार क्र तुमसे छीन लिया जायेगा क्यों की पेगासस की सकती की पतलासुर हासिल नहीं क्र सकता है उसे एक मनुष्य hi हासिल क्र सकता है .

मई - है मई भी व्ही सकती हासिल करने आया हु पर वो है कहा पर.

भैरव - पतलासुर ने उसे अपने राज दरबार के बीचो बिच रखा हुआ है.

मई - क्या आप मेरी मदद क्र सकते है मेरी पत्नी को ढूढ़ने में और पेगासस की सकती को पाने में .

मई - है मई मदद क्र सकता हु मगर मेरी भी एक सरत है की जब आप को अपनी पूरी सकती प्राप्त होगी तब आप पतलासुर का वध क्र के पटल लोक को उसके अत्याचार से मुक्ति दिलाना होगा.

मई -ठीक है और पतलासुर को तो मई अभी मई अपनी तलवार से दी टुकड़े क्र दूंगा.

भैरव - नहीं तुम उसे अभी नहीं मार सकते क्यों की उसके पास बहुत सी मायावी सकती है और तुम्हारे पास अभी सिर्फ ये तलवार और शारीरिक ताकत है.

अभी तुम्हे सिर्फ पेगासस की सकती को लेकर यह से चले जाना होगा बाद में जब पूरी सकती तुम्हे मिल जाये तब तुम उसे आसानी से हरा सकते हो.

मई - ठीक है मई वादा करता हु की मई पतलासुर को मर क्र hi डैम लूंगा.

भैरव- ठीक है फिर आइये अब भोजन क्र के विश्राम क्र लीजिये.

फिर हम ने साथ में भोजन किया भैरव भी एक दानव होते हुए भी शाकाहारी भोजन hi खता था , मैंने पेट भर के खाना खाया और फिर थोड़े देर सोने के लिए चला गया.

बाद में उसने बताया की कैसे पतलासुर ने उसके एक बेटे को मारा था इसी लिए उसने पतलासुर से बदला लेने की थान ली, लेकिन वो पतलासुर से लड़ाई नहीं क्र सकता था क्यों की पतलासुर के पास मायावी सक्तियो की कमी नहीं थी इस लिए वो किसी का इंतजार में था की कोई आये और पतलासुर का अंत करे और जब उसने सुना की पतलासुर के सैनिको को किसी मनुष्य ने मारा है तो वो जान गया की उसका इंतजार अब ख़त्म हो गया है. लेकिन मेरे पास अभी सक्तियो की कमी है ये भी वो जान गया .

जब मई सो क्र उठा तो अगले दिन की सुबह हो गयी थी आज यह पटल लोक में बड़ी मस्त नींद आयी थी भैरव ने सुबह की पूजा पथ क्र ली थी और वि मेरे रूम में आये.

भैरव - उठ गए जनाब

मई - जी

भैरव - मई अपने गुप्तचरों से पता करता हु की पतलासुर ने तुम्हारी पत्नी को कहा रखा है ,मई शाम को तुम से मिलता हु फिर आगे की योजना बनाएंगे तब तक तुम यही रो और है बहार मत निकलना ,कुछ भी जरुरत हो तो मेरी पत्नी से मांग लेना.

मई चलता हु .

भैरव के जाने के बाद कुछ देर और लेट गया.

उसके बाद मई रूम से बहार निकला बाथरूम जाने के लिए मगर मुझे यह के बारे में कुछ पता नहीं था इस लिए मई भैरव की पत्नी को ढूढ़ने लगा

जब मई भैरव की पत्नी को ढूढ़ते हुए उनके रूम में पंहुचा तो.....
 
अपडेट 65

जब मई भैरव की पत्नी को ढूढ़ते हुए उनके रूम में पंहुचा तो...

(भैरव की पत्नी मल्लिका)

तो मई क्या देखता हु की भैरव की पत्नी के बूब्स को कोई दानव दबा रहा है और भैरव की पत्नी उसे मन क्र रही है मगर विरोद बहुत काम था इस का फायदा उठाते हुए वो दानव कपडे के ऊपर से hi उसकी छूट मसलने लगा.

दानव - अह्ह्ह मेरी रानी क्या बूब्स है तेरे दबाने में मजा आ जाता है और ये तेरी रसीली छूट को भोगने का आनंद hi कुछ और है .

मल्लिका - कृपया छोड़ दीजिये हमे मैंने आप से उस दिन पहले hi कह दिया था की ये पहली और आखिरी बार hi होगा, और ये सब मई मज़बूरी में किया था, कृपा करे छोड़ दो कोई देख लेगा तो मई कहि की नहीं रहूंगी और आपको भी मेरे पति मर डालेंगे.

दानव - देखो मेरी रानी मई तो कहता हु की तुम रोज सम्भोग करो मेरे और भी मित्र तुम्हे भोगने को तैयार है बीएस तुम है कह दो फिर देखो तुम्हे हम मिल के स्वर्ग में पंहुचा देंगे और किसी भी चीज की कमी भी महसूस नहीं होगी.

मल्लिका - नहीं मई ऐसा कभी नहीं क्र सकती, मई अपने पति से बहुत प्रेम करती हु ये तो तन की आग के कारन hi मई बहक जाती hu,nhi तो मई ऐसी औरत नहीं हु और क्या तुमने और लोगो को भी मेरे बारे में बता दिया है ये तुम ने थिंक नहीं किया.

अचानक उस दानव की नजर मुझे पर पड़ी तो वो भैरव की पत्नी को छोड़ क्र मेरे तरफ hi देख रहा था .

दानव - वह मेरी जान आज तो तुम ने मुझे खुस क्र दिया छूट के साथ मनुष्य भोजन भी.

ये बोल क्र वो दानव मेरी तरफ बढ़ने लगे मैंने अपने हाथो को पीछे क्र के अपनी तलवार को यद् किया और जैसे hi वो मुझ पर झपटा मैंने तुरंत hi उसका सर धड़ से अलग क्र दिया .

वो दानव व्ही तड़प क्र मर गया फिर मैंने एक नजर मल्लिका की तरफ देखा तो नजरे नीची किये हुए थी मई वह से निकल क्र अपने रूम में आ गया .

मेरे जाने के बाद मल्लिका अपने मन में सींचे लगी की अगर इस ने मेरे पति को बता दिया तो वो मुझे भी मर डालेंगे अब मई क्या कृ, है मई उसे समझा क्र देखि हु और वैसे भी मनुष्य तो काम ले लोभी होते hi है एक बार इस भी खुस क्र दूंगी फिर इसकी जुबान भी बंद हो जाएगी .

ये सोच क्र वो मेरे रूम की तरफ आने लगी फिर वो मेरे पास नजर नीची किये हुए कड़ी हो गयी.

मल्लिका -देखिये अभी जो कुछ भी आपने देखा उसे मेरे पति को न बताये बीएस इतनी कृपा क्र दीजिये मुझ पर .

मई - क्यों न बताऊ आप ऐसे आदमी को धोखा दे रही है जो अपनी दानवी प्रवित्ति को छोड़ क्र इस्वर भक्ति में मन लगा रहा है और आपने परिवार को चाहता है ऐसे पति को धोखा दे रही हो क्या वो आपसे प्रेम नहीं करते .

मल्लिका - करते है बहुत प्रेम करते है मगर प्रेम से hi सब कुछ नहीं होता, आप जानना hi चाहते है न की मई क्यों पराये मर्द से मैंने सम्बन्ध बनाये तो सुनिए जब से पतलासुर ने हमारे बेटे को मारा है तब से ये उनसे बदला लेने के लिए कुछ न कुछ करते hi रहते है कभी भक्ति में दुब जाते है तो कभी पतलासुर के दुश्मनी करने वालो को ढूंढते रहते है, और तब से लेकर आज तक उसने मुझे छुआ तक नहीं है अब तुम हु बताओ इस सरीर की काम अग्नि को संत कैसे कृ.

मई - तो आप उनसे इस बात से अवगत तो करा hi सकती है.

मल्लिका - बोलै था एक बार नहीं कई बार बोलै था मगर उसने साफ कह दिया की जब तक मेरा बदला पूरा नहीं हो जाता तब तक मई चैन से नहीं बैठूंगा.

अब आप hi बताइये मई क्या कृ.

मई - आपके पास भी कोई चारा है मई समझ सकता हु आपकी मज़बूरी को मगर कोई ऐसा आदमी देखिये जी आपको बदनाम न करे आपकी मजबूरियों को देखते हुए आपको समझे.

मल्लिका - आप नहीं समझेंगे ोर्टो की मजबूरियों को जब काम अग्नि भड़कती है न तो कोई चारा नहु रहता ये सोचने का की बाद में क्या होगा.

मई - मई समझता हु मेरी भी बुआ प्यासी रहती थी तब मैंने hi उनकी काम अग्नि को संत किया था.

मल्लिका - क्या तुमने अपनी बुआ के साथ hi सम्बन्ध बनाये है.

मई - है मेरी भू मज़बूरी थी कही वो बहार किसी के साथ सम्बन्ध न बना ले इसलिए मैंने hi उन्हें संत क्र दिया और आप भी निश्चिंत रहे मई आपके पति को भी नहीं बताउगा, अब आप मुझे िस्नान घर खा है ये बता दीजिये मुझे िस्नान करना है.

मल्लिका - है आइये मेरे साथ .

फिर उसने मुझे एक कमरा दिखाया जय ये लोग नहाते थे .

मेरे पास और कपडे तो नहीं थे इस लिए मैंने पुरे कपडे उतर क्र नहाने लगा.

इधर बहार कड़ी मल्लिका सोच रही थी की कैसे मैंने अपने हु बुआ को संत किया, मई भी तो देखु जरा जिसने अपनी बुआ को संत किया उसका औजार कितना बड़ा है ये सोच क्र वो अपने पति का एक जोड़ा कपडे लेकर िस्नान घर में बने रोशनदान से मुझे देखने लगी और मेरा लुंड देखकर आहे भरने लगी और सोचने लगी की आये कितना बड़ा और मोटा लुंड है इस मनुष्य का दीवाना बना दिया है इसके लुंड ने है.

मैंने देख लिया था की वो मुझे रोसन दान से देख रही है और मेरे लुंड को देख क्र गरम हो गयी है , मैंने भी सोच लिया था की बहुत दिन हो गए है आज दानव की पत्नी को hi पटक के पेलता हु इसलिए मैंने भी अपने लुंड को उसकी तरफ क्र के सहला रहा था.

फिर कुछ देर बाद नहाना ख़तम क्र के मई जैसे hi अपने कपडे पहने की हुआ तो तुरंत hi मल्लिका िस्नान घर में घुस गयी .

मई दिखावे के लिए अपने लुंड को छुपाने लगा.

मल्लिका - रहने दीजिये यह तो ये सब आम बात है राज परिवार और उन से तलूक रखने वाले hi यह कपडे पहनते है बाकि के लोग तो निर्वस्त्र hi रहते है, ये मेरे पति के कपडे पहन लीजिये

ये बोल क्र वो मेरे लुंड को एक नजर मर क्र चली गयी
 
अपडेट 66

मल्लिका के जाने के बाद मई किसी तरह कपडे पहने और अपने रूम में आ गया.

मई व्ही बैठ क्र मल्लिका के बारे में सोचने लगा सुन्दर तो थी hi साथ में उसका भरा हुआ सरीर था और सबसे बड़ी बात तो ये थी की उनके बूब्स भी बड़े बड़े थे जो उन पर कमल के लगते थे मई सोचते सोचते hi गरम हो गया था मेरा लुंड भी जाग गया था जो कमर में लपेटे हुए कपड़ो में साफ पता चल रहा था.

मई अपनी सोच से बहार आया और मल्लिका की देखने के लिए उनके रूम की तरफ चला गया .

जब मई उनके रूम में पंहुचा तो क्या देखता हु की वो अपने पुरे कपडे उतर क्र लेती हुई है साइड में उसके 4साल का बीटा भी सोया हुआ है और मल्लिका अपने बूब्स को हलके हलके दबा रही है और एक हाथ से अपनी छूट को सहला रही है, उनके बूब्स से दूध टपक रहा था और छूट पानी छोड़ रही थी ये देख क्र मई और भी जयादा उत्तेजित हो गया, मल्लिका की आखे बंद थी इसलिए वो मुझे देख नहीं प् रही थी ,मई धीमे कदमो से मल्लिका के पास जा क्र खड़ा हो गया .

कुछ देर बाद उसने अपनी आँखे खोली तो मुझे अपने पास पाया.

एक पल के लिए थोड़ी सी घबराई फिर नार्मल हो गयी उसने अपने आप को ढकने का प्रयास तक नहीं किया ऐसे hi रही और मुझसे पूछा

मल्लिका - ाआआप यह, कुछ चाहिए क्या.

मई - वोओओओओ है मुझे थोड़ी भूक लगी थी तो मई आपको ढूढ़ते हुए यह चला आया, मगर यह तो आप कुछ और hi क्र रही थी.

मल्लिका - वो क्या है की मेरे स्तनों में दूध जायदा आता है और अब तो मेरा बीटा भी बड़ा हो रहा है तो दूध काम पिने लगा है इस कारन मई मुन्ने को दूध पिलाने के बाद बचा हुआ दूध निकल रही थी.

हुम्म्म एक बात बताइये क्या आपको दूध पीना अच्छा लगता है.

मई - (उनके बूब्स को घूरते हुए) है मुझे तो दूध बहुत hi जायदा पसंद है .

मल्लिका - तो एक काम करते है जिससे तुम्हारा भूक भी मिट जायेगा और मेरा काम भी हो जायेगा, यह मुन्ना सो रहा है चलो तुम्हारे कमरे में चलते है.

मई समझ गया वो क्या चाहती है,

फिर वो बिस्तर से उठ क्र मेरे आगे आगे चलने लगी मई उसके हिलते चौड़ी चूतड़ को देखने लगा क्या मस्त लचक थी उसके चूतड़ों में ,

जब हम मेरे रूम में पहुंचे तो उसने खा की जाओ और मुख्य द्वार बंद क्र दो , मई चला गया दरवाजे बंद करने मेरे आते तक वो मेरे बिस्तर पर लेती हुई थी और कुछ निप्पल्स पर लगा रही थी, तब मैंने पूछा की ये क्या लगा रही है आप अपने निप्पल पर.

मल्लिका - ये सहद है मई अपने मुन्ने को दूध सहद लगा क्र पिलाती थी तो सोचा तुम्हे भी वैसे hi पुलाव देखना तुम्हे बहुत मजा आएगा.

मई - है अब साबरा नहीं होता भूक भी बहुत लगी है.

मल्लिका - तो आजाओ न रोका किसने है .

उसके इतना बोलते hi मई टूट पड़ा उनके बूब्स पर और सहद लगे निप्पल मो मुँह में लेकर चूसना सुरु क्र दिया सहद की मिठास के साथ मल्लिका का दूध भी मेरे मुँह में आने लगा ,सहद के कारन दूध भी मीठा लगने लगा था,

कुछ देर एक निप्पल को चूसने के बाद दूसरे निप्पल को चूसने लगा मई पहली बार सहद लगे निप्पल को चूस रहा था और दूध भी पि रहा था और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था .

ऐसे hi कभी एक को तो कभी दूसरे निप्पल को चूसने लगा जिस कारन उनके बूब्स का दूध खली हो गया, फिर भी मई दबा दबा क्र बूब्स को निचोड़ रहा था .

जब तक टैंक का पूरा दूध खली तब जेक मई बूब्स से हटा और निचे की तरफ बढ़ा उसके पेट से होते हुए मई निचे की तरफ बढ़ा जब कमर से निचे जाने लगा तब मल्लिका ने मुझे रोके दिया.

मल्लिका - वह मत करो वो जगह गन्दी होती है .

मई - ऐसे कामो में कुछ गन्दा नहीं होता क्या आपकी छूट को अभी तक किसी ने चूसा नहीं है.

मल्लिका - क्या छूट को भी चूसा जाता है मुझे तो ये मालूम हु नहीं और न hi आज तक किसी ने मेरी छूट को चूसा है.

मई - हमारे पृथ्वी पर तो ये आम बात है, और इस में ोर्टो को बहुत मजा आता है आप भी देख लेना.

मल्लिका - अगर ऐसी बात है तो मई भी देखती हु की कितना मजा आता है, तो फिर सुरु करो.

उसके बाद मई मल्लिका के दोनों पैरो को फैल्या और पहले छूट पर ऊपर से निचे तक जुबान फिरै उतने में hi मल्लिका की माधोसी भरी आह निकल गयी, फिर मई लगातार उसकी छूट को चूसने लगा मल्लिका तो अपने छूट में मेरा सर को दबा क्र छूट की उठा उठा क्र मेक ले रही थी और उसके मुस से लगातार सिसकिया निकल रही थी.

मई पूरी सिद्दड़ के साथ मल्लिका की छूट को चूस रहा था मेरे लगन के आगे मल्लिका जायदा समय तक रह नहीं पायी और मेरे सर को अपनी छूट में जोर से दबा क्र झड़ने लगी उसकी छूट ने बहुत सारा पानी छोड़ा था सायद पगली बार छूट चूसै करने से कुछ जायदा hi एक्ससिटेड हो गयी थी, मई सारा पानी पि आज मैंने दानव औरत का पानी भी चख लिया था.

कुछ देर बाद मल्लिका ने मेरे सर छोड़ा और लम्बी लम्बी साँस लेते हुए रिलैक्स होने लगी, जब वो पूरी तरह नार्मल हुई तब उन्होंने कहा

मल्लिका - वह मानव क्या मजा दिया है तुमने ने आज मुझे मई तो दीवानी hi हो गयी तुम्हारी मुझे नहीं मालूम था की छूट को भी चूसा और छठा जाता है ऐसे भी यह के लोग तो बीएस छूट में लुंड लड़ क्र छोड़ना बीएस जानते है , चलो आओ और तुम भी क्र लो .

मई - अभी नहीं, आप भी तो मुझे मजा दो पहले .

मल्लिका - और वो कैसे?

मई - आप मेरे लुंड को मुँह में लेकर इसे थोड़ा गिला तो कीजिये.

मल्लिका - नहीं मानव हम ने अभी ऐसा नहीं किया है वो जगह गन्दी होती है.

मई - पहली बात तो ये है की मेरा नाम टाइगर और इन सब चीजों में गन्दा जैसा कुछ नहीं होता अगर मजा लेना और देना है तो गन्दा जैसा सब्द को अपने दिमाग से निकलना होगा.

मल्लिका- फिर भी ये मेरा पहली बार होगा.

मई - हर काम को पहली बार करने पर hi सीखते है और मेरे पास एक तरीका है जिस से आप को अच्छा लगेगा.

ये बोल क्र मैंने अपने लुंड पर hi सहद को बढ़िया तरीके से लगाया जब लुंड सहद से तर क्र दिया .

मई - लो अब तुम्हे गन्दा भी नहीं लगेगा और मजा भी आएगा.

( दोस्तों ये आईडिया मुझे मेरे एक दोस्त ने बताया था उसने भी अपनी गर्लफ्रेंड को सहद लगा क्र hi मनाया था लुंड चूसने के लिए.)

फिर थोड़ा हिचकिचाते हुए मल्लिका ने अपने जीभ से पहले लुंड के टोपे की छठा उसे अच्छा लगा तब वो लुंड के सामने हिस्से को मुँह में लेकर चूसना सुरु किया तब मेरे मुँह से आह निकल गयी तब मैंने उसके सर को पकड़ा और लुंड को धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा वो भी मेरे लुंड पर लगे सहद की मजे से चूस रही थी .

बिच बिच में मई और ऊपर से सहद को लुंड पर दाल रहा था अब तो ऐसा लग रहा था की वो पहली बार नहीं बल्कि लुंड चूसै में एक्सपर्ट हो.

मेरा लुंड अब पूरा गिला हो चूका था और तैयार भी हो चूका था इस लिए मैंने मल्लिका को रोका खुद लेट क्र मल्लिका को लुंड चूसने को कहा और मई खुद hi सहद लगा क्र उसकी छूट को चूसने लगा लिखे 69 पोजीशन .

थोड़े देर ऐसे hi चूसै के बाद मैंने मल्लिका की अपने ऊपर आने को कहा तो वो मेरा लुंड पकड़ क्र अपने छूट में टिका क्र धीरे धीरे बैठने लगी .

मल्लिका - आह कितना बड़ा है मैंने पहले कभी इतना बड़ा लुंड नहीं लिया है और न hi देखा था .

मई - तुम्हारी छूट भी कितनी तित है , अभी तक आप ने कितने लुंड लिए है जो बड़ा लुंड नहीं देखा और लिया .

मल्लिका - ओह्ह्ह्ह हम्म्म्म्म अभी तक्क तो तुम्हारे क्र के 4 hi हुए है 1 मेरे पति का और 2 यह से दानवो का .

मल्लिका तेजी से मेरे लुंड पर उछाल रही थी जब वो थोड़ी थक गयी तब मैंने निचे से ताबड़ तोड़ धक्के लगते हुए उसे छोड़ने लगा कुछ hi देर में hi वो कपट हुए झड़ने लगी फिर संत हो गयी जब वो नार्मल हुई तब मैंने उसे अपने ऊपर से निचे उतरा और पीठ के बल बिस्तर पर लिटाया और लुंड को छूट पर सेट क्र के एक जोर का झटका मारा की मेरा पूरा लुंड मल्लिका की छूट में चला गया.

मल्लिका की एक चीख निकली और उसने कहा

मल्लिका - आआह्ह्ह धीरे जालिम दर्द होता है.

फिर मैंने धीरे धीरे लुंड को अंदर बहार करना सुरु किया फिर अपनी स्पीड बढ़ने लगा

मल्लिका - है ऐसे hi जोरररर से मेरे राजा है है है और जोर से अह्ह्ह क्या मजा आ रहा है मई तो दिवानीई hi हो गयी मेरे तिगररररर.

मई - ये ले और ले आप की कहोगी की किसी मनुष्य ने जैम के छोड़ क्र मेरी छूट फाड् दी थी.

मई छोड़ते हुए कभी उसके बूब्स को दबाता तो कभी किश करते हुए छोड़ता जब मई उसे छोड़ने के लिए स्ट्रोक लगता तब उसके बूब्स उछलते हुए गोल घूमते थे मेरे अंडे उसके गांड के छेड़ ते टकराते थे .

मल्लिका - है और जोर से है मेरा होने वाला है ा हआ उम्म्म्म मई गईइइइइइ और मल्लिका फिर से झाड़ गयी.

कुछ देर में वो फिर से नार्मल हो गयी,

मल्लिका - क्या घोड़े जैसे छोड़ते हो और तुम्हारा अभी तक नहीं हुआ है मेरी तो हालत hi पतली हो गयी है तीन बार पानी निकल चूका है मेरा फिर भी मई तुम्हारा साथ दूंगी .

मई - अब मुझे घोडा बोल hi दिया है तब मई आप को घोड़ी बना क्र छोडूंगा.

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से लुंड दाल क्र छोड़ना सुरु किया, उसकी कमर को पकड़ क्र पीछे से शार्ट मरने लगा जब मई शार्ट मरता तब उसके गांड से टकराने के कारन थप थप की आवाज आती थी अब मुझे भी लगने लगा था की मेरा होने वाला है इसलिए मैंने भी टोपा तक लुंड को निकल क्र जोर दार वरहर करने लगा मेरे हर झटके से मल्लिका पूरा हिल जा रही थी.

मल्लिका - आह्हः धीरी हो मई मर्डर गयी ओह्ह्ह मा मेरी छुटत आज सच में फैट जाएगी ऐसा लगता है धीरे ओह्ह्ह माँ ाआअह.

फिर मई गईं जे 6 धक्के लगाए और मल्लिका की छूट में पानी की बौछार क्र दी मल्लिका भी पास्ट हो क्र बिस्तर पर गिर गयी और मई भी उस के ऊपर लुढ़क गया कुछ देर बाद मई थड़ा नार्मल हुआ और मेरा पूरा पानी निकल जाने के बाद मई मल्लिका के ऊपर से उठ क्र साइड में लेट गया .

आधे घंटे तक हम ऐसे hi लेते रहे फिर जब हमे मल्लिका के मुन्ने की रोने की आवाज आयी तक मल्लिका फ़ौरन उठ क्र अपने रूम की तरफ ऐसे hi भागी मई भी अपने आप को साफ क्र के लेट गया बिस्तर पर और सोचने लगा की मनुस्यो तक तो ठीक था आज एक दानव महिला जो भी छोड़ दिया वह टाइगर बेटे और कहा तक हयेगा पता नहीं.
 
अपडेट 67

आधे घंटे तक हम ऐसे hi लेते रहे फिर जब हमे मल्लिका के मुन्ने की रोने की आवाज आयी तक मल्लिका फ़ौरन उठ क्र अपने रूम की तरफ ऐसे hi भागी मई भी अपने आप को साफ क्र के लेट गया बिस्तर पर और सोचने लगा की मनुस्यो तक तो ठीक था आज एक दानव महिला जो भी छोड़ दिया वह टाइगर बेटे और कहा तक जायेगा पता नहीं.

कुछ देर बाद मल्लिका वापस aayi,tab उन्होंने कपडे पहन लिए थे.

मल्लिका - चलिए आप भी हाथ मुँह धो लीजिये मई भोजन लगा रही हु वो क्या है न मुन्ना भी भूख के कारन hi उठ गया था तो मैंने सोचा की हम साथ में hi भोजन क्र लेते है.

मई - ठीक है आप चलिए मई आता हु.

फिर हम ने साथ में भोजन किया और फिर कुछ खास काम तो था नहीं तो मई आराम करना hi उचित समझा मल्लिका भी अपना काम निपटा क्र मेरे रूम में आयी .

मई - और बताइये मल्लिका जी मजा आया की नहीं .

मल्लिका- है बहुत मजा आया आपके साथ इतना की आज तक मुझे कभी इतना आनंद नहीं मिला कास की तुम यही रहते तो कितना अच्छा होता.

मई - इसमें ऐसी कोण सी बड़ी बात है मई नहीं आ सकता तो आप तो आ सकती है पृथ्वी लोक में.

मल्लिका - है ये सही रहेगा और अब तो मई तुम्हारे आलावा किसी और से कभी सम्बन्ध नहीं बनाउंगी ये मेरा वादा है तुम से .

मई - तो इसी बात पे एक बार और हो जाये, क्या ख्याल है आपका.

मल्लिका - नेकी और पूछ पूछ और वैसे भी उनको आने में अभी समय है

फिर एक बार और मैंने जबरदस्त तरीके से मल्लिका की छूट मरी फिर मई सो गया और सीधे शाम को hi उठा तब तक भैरव भी आ गया था .

मई उठ क्र फ्रेश हुआ तब भैरव से बात हुई तो उन्होंने बताया की

भैरव - मैंने पता लगाया है की आपकी पत्नी को उन्होंने खा रखा है वो लोग उन्हें महल के विशेष कमरे में पूरी सुरक्छा के साथ रखा हुआ है और एक बात

यह पर भैरव मुझे बता रहा है की वह महल के दरबार में क्या हुआ मगर मई आप लोगो की सीधे व्ही राज दरबार hi लेट चलता हु.

दो सैनिक नीलम को पकड़ क्र पतलासुर के पास दरबार में लेकर आते है .

सैनिक - महराज की जय हो महराज ये लड़की पृथ्वी लोक से आये हुए उस मनुष्य के साथ आयी है.

पतलासुर नीलम को एक बार देखते hi मोहित को गए .

पतलासुर - सैनिको छोडो उसे इनकी नाजुक और गोरी कलाइयों को तुम लोगो ने पकड़ क्र लाल hi क्र दिया हम इस लड़की को अपनी पटरानी बनाएंगे

नीलम - डस्ट दानव मई एक शादीसुदा लड़की हु मेरी सधी हो चुकी है तो ये सपने देखना छोड़ दे .

पतलासुर - तुम से पूछ कोण रहा है मेरी जान मई तुम्हे अपनी पटरानी तो बना क्र hi रहूँगा चाहे जबरदस्ती hi क्यों न करनी पड़ेगी .

ये बोल क्र पतलासुर अपने सिंघासन से उठ क्र नीलम को छूना चाहा उसी समय नीलम ने अपने मंगलसूत्र को हाथ में लेकर कहा

नीलम - रुक जाओ पतलासुर अगर मैंने अपने पति के आलावा किसी और के बारे में सोचा नहीं है तो कोई पर पुरुष मुझे हाथ भी न लगा पाए .

फिर जैसे hi पतलासुर ने नीलम की बातो को अनसुना करते हुए नीलम को छूना चाहा तो 6 इंच की दुरी पर hi पतलासुर को झटका लगा और वो फिर दूर हो गया उसने दो बार और प्रयास किया लेकिन नतीजा व्ही हुआ , पतलासुर नीलम को छू भी नहीं पाया तब पतलासुर गुस्से में आकर जोर से चिल्लाया.

पतलासुर - कोई हमे बताएगा की हम इस लड़की को छू क्यों नहीं प् रहे है .

तब दरबार में बैठे दानवो के गुरु ने बताया की ये लड़की शादीसुदा होने के कारन इसके गले में पड़ा मंगलसूत्र में ताकत है जब तक इसका पति जिन्दा है तब तक आप इसे छू नहीं पायेगा है अगर इसका पति मर जाये तो मंगलसूत्र की ताकत भी ख़तम हो जाएगी.

पतलासुर - तो फिर ठीक है इसके पति को मरने के बाद hi मई तुम्हे अपनी दासी बताऊंगा ,संपत्ति जाओ और उस मनुष्य को ढूंढ क्र ख़त्म क्र दो और दसियो तुम लोग इसे लेजाकर विशेष कमरे में छोड़ दो और पूरी तरह इनकी हिफाजत करना

फिर दसियो ने नीलम को ले जा क्र विशेष कमरे में छोड़ दिया.

अब आते है वापस भैरव के पास जो मुझे महल में नीलम के साथ क्या हुआ वो बता रहा था.

मई - मेरी नीलम को अगर कुछ भी हुआ तो मई पतलासुर को जिन्दा नहीं छोडूंगा.

भैरव - उसे कुछ भी नहीं होगा जब तक आप सही सलामत है तब तक तो पतलासुर आपकी पत्नी को छू भी नहीं पायेगा.

मई - तो आगे क्या करना है.

भैरव- हम आज रात में hi महल जायेंगे और आपकी पत्नी और पेगासस की सकती को भी लेकर आएंगे.

फिर रात में हम सब ने साथ में भोजन किया और महल जाने की तयारी करने लगे भैरव के 20 विश्वास पात्र सैनिक भी हमारे साथ थे मुझे भी दानवो के जैसा लगने के लिए वेशभूसा का इंतजाम किया गया था जिसे मई पहन क्र कोई मुझे कह नहीं सकता था की मई दानव नहीं हु .

हम लोग महल की तरफ निकल गए फिर एक जगह पर एक गुफा जैसा बना हुआ था हम लोग मसल ले कर गुफा के अंदर गए गए और कुछ देर चलने के बाद गुफा के आखरी छोर तक पहुंचे तो वह पर दीवार था और आगे का रास्ता बंद था तब भैरव आगे जाकर दीवार को हाथो से खिसकाया तो आगे का रास्ता बन गया ये सीधा महल में खुलता था

हम लोग सभी गुफा को पर क्र के एक कमरे में खड़े थे वह हम सभी ने योजना बनाई की महल में मौजूद सरे सैनिको को चुप चाप धीरे से मरते जायेंगे नहीं तो पूरी दानवी सेना जग जाएगी हमे पहले नीलम को बचाना था फिर बाद में पेगासस की सकती हासिल करनी थी .

फिर हम लोग धीरे से एक एक क्र के कमरे से बहार आये और छुपते हुए महल के अंदर के जितने भी सैनिक रस्ते में मिलते गए उनका मुँह दबा क्र मरते हुए आगे बढ़ने लगे .

हम लोग सैनिको को मरते हुए एक जगह पर पहुंचे वह पर महिला सैनिक थे तो भैरव के साथ आये हुए सैनिक आगे गए और उन महिला सैनिक से अंदर जाने के लिए पूछा तब उन्होंने महराज ने किसी को भी अंदर जाने से मन किया है ऐसा जवाब दिया तब उन लोगो ने महिला सैनिक को भी मुँह दबा क्र मर दिया तब मई अंदर गया तो देखा नीलम आराम से सो रही थी तब मई उसे हिलाते हुए कहा

मई - ो महारानी यह आराम से सो रही हो और मई तुम्हे बचने के लिए दिन रात एक क्र रहा हु.

नीलम - धीरे से आँखे खोली कुछ पल तो वो मुझे देखती रही फिर उठ क्र गले लग गयी और रोने लगी .

नीलम - मुझे यह से ले चलो मुझे यह नहीं रुकना है मई तुम्हारे बगैर कैसे बिताये है ये मई hi जानती हु .

फिर मैंने उसे संत कराये और कुछ सैनिक के साथ नीलम को भैरव के घर भेज दिया नीलम मुझे छोड़ क्र नहीं जाना चाहती थी तब मैंने अपनी कसम दे क्र उसे भेजा और कहा की जल्द hi मई सकती ले क्र आऊंगा यह खतरा हो सकता है इसलिए तुम चली जाओ.

इधर पता नहीं पलटासुर को कुछ आभास हुआ और वो उठ गया.
 
अपडेट 68

इधर पता नहीं पलटासुर को कुछ आभास हुआ और वो नींद से जाग गया.

पतलासुर तेजी से नीलम को रखे गए विशेष कमरे की तरफ जाने लगा जब वो वह पंहुचा तब उसने देखा की उसके सरे सैनिक मरे हुए है और कमरे में जाकर देखा तो नीलम भी वह नहीं थी .

तभी वो कुछ सोचा और तेजी से चलते हुए दरबार की तरफ जाने लगा .

इधर हम लोग दरबार में पहुंच चुके थे और पेगासस की मूर्ति के पास hi खड़े हो क्र देख रहे थे .

भैरव - यही है पेगासस नमक उड़ने वाले घोड़े की मूर्ति जब पतलासुर ने इसे कैद क्र लिया और इस से उड़ने की सकती मांगी तब पेगासस ने सकती देने से मना करते हुए मूर्ति में तापडिल हो gye,Tab से ये मूर्ति यही पर है पतलासुर को भी मालूम है की कोई नेक मनुष्य hi आकर इस सकती को हासिल करेगा तब वो उसे मर क्र इस सकती को प् लेगा .

अब देर मत करो टाइगर पेगासस के सर पर हाथ रखो सकती तुम्हारे अंदर आ जाएगी.

तभी वह पर पतलासुर आ गया .

पतलासुर - है है जल्दी करो उसके बाद मई तुम्हे मर क्र वो सकती हासिल करूँगा.

पतलासुर को देखते hi भैरव के साथ जो सैनिक आये थे उन्होंने पतलासुर पर हमला क्र दिया.

पतलासुर इसके लिए तैयार था उसने अपनी माया से तलवार ले आया और सभी सैनिको की मरता गया .

जब सरे सैनिक मरे गए तब

पतलासुर - बीएस इतने hi सैनिक खड़े किये थे मेरे खिलाफ सेल कमीने गद्दार , गद्दारो की फौज बनाएंगे ,बुला और कितने सरे है बुला गद्दार .

जब सरे सैनिक मरे गए तब मैंने अपनी तलवार लेकर आ गया पतलासुर के पास.

मई - मुझ से लड़ पतलासुर आ दिखा कितना डैम है तुझ में.

पतलासुर - ा रे तू तो अभी बच्चा है मुझ से युद्ध करेगा आ जा मानव .

फिर हम दोनों में युद्ध सुरु हो गया दोनों की तलवार आपस में टकराने लगी कभी वो मुझ पर भरी पड़ता तो कभी मई , जब हम दोनों की तलवारे आपस में टकराई थी तब वो अपनी तलवार का दबाव देते हुए मेरी तरफ झुकने लगा तब मैंने एक लत उसके पेट में मरी टी तो वो थोड़ा पीछे हुआ तब मैं ताकत से एक जोरदार प्रहार किया उसने अपना तलवार बिच में ला दिया तो उसकी तलवार दो टुकड़े हो गयी तब मैंने फिर से जोर दर प्रहार किया तब वो गायब हो गया मई इधर उधर देखा तो वो नहीं मिला .

भैरव - लगता है वो भाग गया होगा .

फिर मई पेगासस की मूर्ति के पास आया और उसके सर पर हाथ रखा तो मूर्ति एक घोड़े में बदल गयी और मेरे अंदर समां गयी तब मुझे थोड़ा झटका लगा और मेरे अंदर से एक तेज रोशनी निकलने लगी तभी अचानक वह पर पतलासुर आ गया मेरी पीठ उसकी तरफ थी, वो अपनी माया से तलवार लेकर मुझे निशाना बनाते हुए मेरी तरफ उछाल दिया ऐसा करते हुए भैरव ने उसे देख लिया और वो बिच में आ गया तलवार सीधा उसके पेट में घुस गयी तब मई पीछे पलट क्र देखा तो भैरव के पेट में तलवार घुसा है मैंने तलवार खींच कर निकल दिया तब तक पतलासुर ने माया से दूसरी तलवार का निशाना मेरी तरफ क्र के फेका इसके लिए मई तैयार मई फ़ौरन वह से भैरव को उठा क्र उड़ गया और तेजी से उसके घर की तरफ बढ़ गया.

पतलासुर ने सोचा भी नहीं था की सकती मिलने के बाद मई वह से भाग जाउगा क्यों की भैरव ने hi मुझे कहा था की तुम अभी पतलासुर का सामना नहीं क्र सकते जब तक की तुम्हारी पूरी सकती तुम्हे मिल नहीं जाती तब तक .

इस लिए मई वह से निकल क्र भैरव के घर आया तो वह पर भैरव की पत्नी मल्लिका भैरव को इस हालत में देख क्र रोने लगी .

भैरव - मई अब जायदा समय तक जीवित नहीं रह पाउँगा टाइगर तुम मेरी पत्नी और बेटे को लेकर निकल जाओ यह से और जब तुम पतलासुर का अंत करोगे तब मेरे बेटे को hi पटल लोक का राजा बनाना.

मल्लिका - नहीं स्वामी मई आप को छोड़ क्र कहि नहीं जोगी .

मल्लिका - तुम्हे यह से जाना होगा हुआरे बेटे के लिए .

ये बोल क्र भैरव ने अपने प्राण त्याग दिए.

इधर घर के बहार पतलासुर की सेना आ चुकी थी और वि लोग दरवाजा तोड़ने लगे तब नीलम ने मुन्ने की गॉड में उठाया और मई मल्लिका को किसी तरह उठा क्र नीलम और मल्लिका को लेकर उड़ गया .

हम लोगो की उड़ते हुए जब पतलासुर ने देखा तो वो अपने ड्रैगन को हमारे पीछे, लगा दिया ड्रैगन अपने मुँह से आग छोड़ रहा था .हमे तो कोई प्रॉब्लम नहीं हो सकती है लेकिन मल्लिका और उसके बेटे को प्रॉब्लम हो सकती है इस लिए मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और हम लोग पृथ्वी लोक में जाने के लिए दरवाजे के पास पहुंच गए और हम लोग व्ही नदी के किनारे पहुंच गए जहा से हम पटल लोक में गए थे नदी के किनारे पहुंच क्र मैंने सभी को निचे उतरा तभी उस दरवाजा से ड्रैगन भी बहार निकल आया तो मई भी अपनी तलवार लेकर उड़ते हुए जाकर उस ड्रैगन के पीठ पर जाकर उसकी पीठ में तलवार घुसा दिया ड्रैगन तड़पता हुआ जमीं पर आ गिरा और मर गया .

फिर मई नीलम और मल्लिका के पास गया और नीलम से कहा .

मई - हम यह पर उसी दिन और समय पर hi पहुंचे है जिस समय हम पटल लोक में गए थेअब यह पर एक प्रॉब्लम और हो गयी की हम मल्लिका को रखेंगे कहा पर .

नीलम - मेरे पास इसका हल है हमारा एक फार्म हाउस है सहर से दूर एक गाओ के पास तो क्यों न हम मल्लिका जी को व्ही रखे.

.मई - है ये बेस्ट रहेगा चलो फिर निकलते है .

फिर मई उन लोगो को पकड़ क्र उड़ते हुए फार्म हाउस ले आया नीलम मुझे रास्ता बताती गयी .
 
अपडेट 69

जब हम लोग फार्म हाउस पहचे तो वह के गार्ड ने नीलम को सलाम कहते हुए गेट खोला ,हम अंदर गए तो एक लेडीज और एक लड़का, लड़की आये.

लेडीज - नमस्ते बिटिया बहुत दिनों बाद आना हुआ यह पर.

नीलम - है काकी वो क्या है न की समय hi नहीं मिलता यह आने का और इनसे. मिलो ये है मेरे पति टाइगर और ये है मल्लिका जी.

मल्लिका जी आज से यही रहेंगी तो आप एक रूम इनके लिए साफ क्र दीजिये और एक रूम हमारे लिए भी साफ क्र देना और है खाने का भी देख लीजियेगा.

लेडीज - जी बिटिया रानी मई अभी करवाती हु ये सिद्धि तुम खाने पिने का देखो और तू मोहन मेरे साथ चल कमरे की सफाई करनी है.

उसके बाद वो सभी अपने अपने काम में लग गए तब मई नीलम से पूछा.

मई - नीलम यह कोई तुम्हारे फॅमिली मेंबर्स में से तो नहीं आता जाता है न.

नीलम - नहीं यह का पता किसी को नहीं मालूम ये फार्म हाउस मुझे मेरे नाना जस्ट ने मेरे नाम पर किया था ये बात सिर्फ उन्हें और मुझे hi मालूम है.

उसके बाद कुछ देर में लेडीज और उसका बीटा आ गया .

लेडीज - बिटिया कमरे की सफाई हो गयी है आप लोग फ्रेश हो लो तब तक मई खाना भी बना लुंगी.

फिर हम लोगो ने एक रूम में गए वह पर मल्लिका को कहा की ये आपका रूम है और बाकि सब बाटे भी समझा दी क्यों की पटल लोक और पृथ्वी लोक के रहन सहन में बहुत अंतर था.

मल्लिका अभी संत hi थी क्यों की उन्हें अभी भी पति के मरने का सदमा जो लगा था .

फिर हम दोनों दूसरे कमरे में आ गए मल्लिका को उसके कमरे में छोड़ क्र.

मई - नीलम मई तुम्हे कुछ सचाई बताना चाहुगा अब तुम मेरी पत्नी भी हो और बहन भी तो तुम्हे सब चीजों का पता होना भी जरुरी है .

देखो बात ये है की मेरे और भी लड़कियों के साथ सम्बन्ध है उसमे मेरी बुआ उसकी ननद और उसकी फ्रेंड सीतल और अभी मल्लिका से भी हो गया है.

नीलम - ओह माय गॉड अभी से इतने लोगो के साथ सेक्स क्र चुके हो तुम , खैर मुझे इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है है मुझे मेरा प्यार मिलना चाहिए नहीं तो सबकी बंद बजा दूंगी और ये मई क्र सकती हु तुम जानते hi हो .

मई - और भी बाटे है सुनो मेरी बुआ प्रेग्नेंट भी है.

नीलम - वह मतलब की बच्चे भी पैदा होने वाले है , लगता है बहुत आगे जाओगे तुम .

मई - है और जैसे मैंने सकती पाने के लिए तुम से विवाह किया वैसे hi पहली सकती को पाने के लिए मैंने दो सदी और क्र चूका हु .

नीलम - मतलब की मई तीसरी हु पहली और दूसरी कोण है.

मई - समिति और सीतल .

नीलम - और भी कुछ बताना है तो वो भी बता दो .

मई - है मई दो लड़कियों से प्यार भी करता हु वो मेरे बुआ की बेतिया है काव्य और कविता.

नीलम - और .

मई - और और है मैंने तुम्हारे पिताजी तक पहुंचने के लिए दीपिका से प्यार का नाटक किया था लेकिन छोड़ो अब तुम मिल गयी हो तो दीपिका को छोड़ दूंगा क्यों की अब तुम्हारे जरिये hi तुम्हारे बाप तक पहुँचूँगा और पूछूंगा की क्यों दो परिवारों के बिच दुश्मनी पैदा की .

नीलम ने एक थप्पड़ मुझे लगा दिया मई अपने गाल की सहलाते हुए पूछा.

मई - अब मुझे थप्पड़ क्यों मारा ये भी बता दो.

नीलम - वो इस लिए की तुम मेरी दीदी को क्यों छोड़ने की बात क्र रहे हो जब इतने लोगो के साथ रिस्ता जोड़ hi लिए हो तो उस बिचारि ने क्या बिगाड़ा है , तुम्हे मालूम है वो तुम्हारे hi सपने देखती रहती है उसके जुबा पे बीएस तुम्हारा hi नाम होता है और जब उसे ये पता चलेगा की मैंने तुम्हे प् लिया है तो वो मुझे hi छोड़ने का कारन मानेगी और अपने आप को कुछ क्र लेगी .

मई -तो तुम क्या चाहती हो.

नीलम - देखो जब तुम इतना कुछ क्र चुके हो तो उसको भी अपना लो हम दोनों बहने मिल क्र तुम्हारी हेल्प करेंगी और एक बात तुम्हे हमारे पापा तक पंहुचा है तो तुम्हे दीदी को पटना होगा क्यों की वो hi पापा की सबसे जायदा लाड़ली है वो अगर मान गयी तो समझो तुम्हारा काम हो जायेगा, मुझे पापा जायदा प्यार दुलार नहीं करते मई तो अपनी मम्मी की लाड़ली हु और दीपिका दीदी 50-50 है.

मई - ओह no मतलब अब तुम्हारी दीदी को भी पतौ ठीक है वो भी क्र लेंगे दिखाओ तुम्हारी दीदी दिखती कैसे है और उसके बारे में पूरी डिटेल्स भी बता दो पटाने में परेशानी नहीं होगी.

जब नीलम ने अपने मोबाइल पर अपनी बड़ी दीदी की फोटो दिखाई तो मई उसे पहचान गया.

मई - इनसे तो मई मिल चूका हु पार्क में क्या नाम बताया था उम् है दिव्या तो क्या यही तुम्हारी बड़ी बहन है .

नीलम - है और तुम इस कब मिल गए ये तो अभी कुछ दिन hi हुए और मॉर्निंग वाक पर जाते हुए .

मई - है अभी कुछ दिन hi हुए है हमारी मुलाकात होती रहती है.

नीलम - अब मई समझ गयी की दीदी क्यों अब से रोज मॉर्निंग वाक पर जाती है और खुश रहती है समझो तुम्हारा काम जल्दी hi पूरा हो जायेगा क्यों की लगता है दीदी भी तुम्हे पसंद करती है.

मई - तुम्हे एक बात और बताऊ मेरी न आखो में जादू है जो भी देखती है दीवानी hi हो जाती है.

नीलम - वो तो है , मई भी तुम्हारी आखो में खो जाती हु .

अभी हम बात hi क्र रहे थे की सिद्धि हमे खाने के लिए बुलाने आ गयी हम दोनों बरी बरी से फ्रेश हुए और मल्लिका और उसके बेटे को लेकर खाने के लिए आ गए.

खाने के बाद हम लोगो ने आराम करने का फैसला किया क्यों की पटल लोक में तो रात को hi निकले थे यह तो अभी रात हो रही थी .

इधर बुआ के घर में मेरे नहीं रहने पर मुन्ना भाई ने सब को घर से उठवा लिया और अपने अड्डे पे ला लिया क्यों की उसे अपने भाई का बदला जो लेना था.

उधर मई बेफिक्र हो क्र नीलम को बहो में लेकर सो रहा था कल घर जाने पर hi पता चलेगा की क्या हुआ है.
 
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