अपडेट 51
मई कॉलेज के कैंटीन में जा क्र बैठ गया वह पर अभी कोई नहीं था क्यों की अभी क्लास चल रही थी.
मई मरते वक्त एक गुंडे से पूछा था की किसने मुझे मरने के लिए बोलै है तो उस ने बताया था की वो एक लड़की है और उस की भी आखे नीली है उसी ने हमे पैसे दिए थे तुम्हारे हाथ पेअर तोड़ने के लिए.
मई सोचे लगा कोण हो सकती है जो मुझे नुकसान पहुंचना चाहता है, मई जिन नीली आखो वाली को जनता हु उस में से एक नीलम है और दूसरी मिस है .
मिस से तो मेरी कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन कल मेरी नीलम के साथ जरूर मैंने पंजा लड़ाया था, तो क्या नीलम, है नीलम hi हो सकती है जो मुझ से अपनी हर का बदला लेने के लिए उन गुंडों को भेजा था, देखो है तो मेरी सगी बहन और यह दुसमन बन गयी है ,मई यही सब सोचते हुए बैठा था.
आधे घंटे बाद मेरे मोबाइल पर काव्य का फ़ोन आया तो मई उन्हें कैंटीन में आने को कहा .
वो दोनों तुरंत मेरे पास आयी और मुझे सही सलामत देख क्र बहुत खुस हुई और दोनों ने मुझे गले लगा लिया.
मई - तुम दोनों पागल हो क्या छोडो मुझे ये तुम्हारा घर नहीं कैंटीन है
फिर वो दोनों तुरंत अलग हो गयी, वो दोनों व्ही बैठ गई और उसके बाद दीपिका की एंट्री हुई जब वो मेरे पास आयी तब
मई - है दीपिका कैसी हो.
दीपिका को जब मैंने है बोलै तब वो थोड़ी अचंभित हुई फिर बाद में तुरंत रिप्लाई दिया.
दीपिका - है मई अच्छी हु और तुम ?
मई- मई भी ठीक हु आओ बैठो .
दीपिका भी हमारे पास सर झुका क्र बैठ गई, मैंने कुछ स्नीक और कॉफ़ी का आर्डर दिया.
मई अपने प्लान को अंजाम देने के लिए-
मई - दीपिका आप आज सैम को क्या क्र रही है.
दीपिका - जी कुक नहीं मई फ्री हु.
काव्य - पर दीपिका आज शाम को तो तुम कहि जाने वाली थी न .
दीपिका - वो वो जाने वाली थी मगर कैंसिल हो गया (झूट)
मई - तो क्या मेरे साथ घूमने चलो गई क्या आज शाम को.
दीपिका - ठीक है तुम एड्रेस बता देना मई पहुंच जाउंगी.
काव्य- मई भी चलुगी तुम्हारे साथ.
मई काव्य को आँख मर क्र - पर काव्य तुम्हे तो कविता के साथ मार्किट जाना था न.
काव्य- ओह्ह है मई तो भूल hi गयी थी, ठीक है मई कभी और चली जाउंगी.
उसके बाद दीपिका और मैंने नंबर एक दूसरे को दिया और मई घर के पास का एड्रेस भी दे दिया.
व्ही हमारे साइड में कुछ दुरी पर नीलम और उसकी गैंग बैठी हुई थी और अपने मोबाइल से उस गुंडे को कॉल क्र रही थी मगर वो फ़ोन नहीं उठा रहा था .
नीलम - खुस होते हुए लगता है यही मेरे सपनो का राजकुमार है जो मुझे बाबा में बताया था, उसने सब को हरा क्र ये साबित क्र दिया है.
गैंग की एक लड़की- रुको मई कॉल क्र के पूछती हु उनमे से एक मेरा पहचान का है.
जब उसने कॉल किया तब कॉल हॉस्पिटल के किसी कर्मचारी ने उठाया और बताया की जिसको आपने कॉल किया है वो बहुत hi सिरियस कंडीशन में है उनके हाथ और कमर की हड्डी टूटी हुई है आप इनके के जो भी लगते हो तो जल्दी से हॉस्पिटल अस जाइये, फिर कॉल कट हो गया .
गैंग की लड़की - है यार नीलम तुम सही कह रही हो उस ने सब गुंडों को बहुत मारा है, वो लोग सिरियस कंडीशन में हॉस्पिटल में है.
गैंग की दूसरी लड़की- लेकिन यार जब उसे पता चलेगा की इन गुंडों को तुम में भेजा था तब क्या होगा .
नीलम - मई उसे सब सच बता क्र माफ़ी मांग लुंगी.
इधर दीपिका मुझे चोरी छुपे देख रही थी जिसे hi हमारी नजरे मिलती वो शर्मा जाती.
उसके बाद वो लोग वापस क्लास की तरफ चली गयी और मई निकल गया घर की तरफ इन लोगो को बता दिया था की घर में इस बात का जिक्र भी न करे.
जब मई घर पंहुचा तो समिति ने जल्दी आने का कारन पूछा तब मैंने ऐसी hi कह दिया की तुम्हारे साथ कुछ वक्त बिताना था इस लिए आ गया.
समिति - ओह लेकिन भाभी भी घर पर है और no एंट्री का बोर्ड भी लगा है .
मई - कोई बात नहीं नेक्स्ट टाइम क्र लेंगे, अभी मई अपने रूम में आराम क्र लेता हु.
फिर मई रूम में आकर सो गया और शाम को hi उठा फिर रेडी हो क्र निचे आया तो देखा सभी हॉल में बैठ क्र टीवी शो देख रहे थे .
मई उनसे बहार घूमने जा रहा हु बोल क्र अपनी साइकिल से निकल गया और एक पार्क में आकर दीपिका को कॉल किया और एड्रेस बता क्र जल्दी आने को कहा.
15 मिनट्स बाद दीपिका अपनी कार में वह पर आ गयी .
मैंने उसे बैठने को कहा, हम जिस पार्क में गए थे वह शाम को भी चहल पहल रहती है इस लोग अपनी फॅमिली के साथ थे तो कोई अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बच्चे भी खेल रहे थे.
हम झा पर बैठे थे वो गार्डन की लास्ट की बेंच थी मई अपने प्लान के अनुसार दीपिका को जल्दी hi अपने प्यार के जल में फ़साना था और मुझे कविता ने बता दिया था की वो भी मुझे पहले से hi चाहती है तो मई तुरंत hi उसका हाथ को पकड़ क्र कहा-
मई - दीपिका ी लव यू जब से मैंने तुम्हे देखा है तब से मई तुम्हारा दीवाना हो गया हु और आज यही बात करने के लिए मैंने तुम्हे यह पर बुलाया है.
मुझे प्रोपोज़ करना तो आता नहीं था जो मेरे मन में आया बोल दिया अब आगे रिएक्शन का इंतजार था.
दीपिका भी सोच रही थी की ऐसे अचानक कैसे बोल दिया अब क्या जवाब दू है दीवानी तो मई भी हो गयी हु तो बोल hi देती हु.
दीपिका - ी लव यू तू मैंने भी तुम्हे पहली hi नजर में दिल दे लिया था उसके बाद जब तुमने मुझे किश किया तब तुम्हारी आखो ने मुझे और भी दीवानी बना दिया है.
मई तुरंत इधर उधर देखा और फिर मई दीपिका की और बढ़ने लगा दीपिका को भी सायद पता चल गया था की मई क्या चाहता हु तो वो भी मेरे पास आती गयी और अंत में हम दोनों के होठ आपस में जुड़ गए.
हम किश में हो से गए थे कोई दर नहीं कोई जल्दी नहीं बस दोनों एक दूसरे के होठो को बीएस चूसे जा रहे थे
जब हमें साँस लेने में दिक्कत महसूस हुई तब हम ने किश तोडा.
दीपिका की नजरे नीची थी, फिर उसने नजरे ऊपर क्र के मुझे देखा फिर वो तुरंत शर्मा क्र अपना चेहरा दूसरी तरफ क्र ली,
मई - चलो कहि और चलते है.
दीपिका- हम्म्म.
इधर गुंडों का लीडर सबसे बड़े गुंडा बदमाश मुन्ना भाई के पास जा पंहुचा .
गुंडों का लीडर- भाई हमारी मदद करो वो साला छोकरा मेरे पुरे आदमियों को मर दिया है मई अपनी जान बचा क्र भाग आया हु.
मुन्ना भाई - मुझे पूरी डिटेल में बताओ क्या हुआ है.
गुंडों का लीडर- भाई मैंने एक लोंदे की हाथ पेअर तोड़ने की सुपारी की थी वो कॉलेज का लोंदा है, लेकिन जब हम उसे मरने गए तो वो मेरे सभी आदमियों को बुरी तरीके से धोया मई बता नहीं सकता .
मुन्ना भाई- कोण है वो कैसा दीखता है.
गुंडों का लीडर - मई नाम तो नहीं जनता है पर उस लोंदे की आँखे नीली रंग की थी.
मुन्ना भाई - क्या
गुंडों का लीडर का कलर पकड़ते हुए
मुन्ना भाई - क्या बोलै फिर से बोल.
गुंडों का लीडर - भाई उस लोंदे की आँखे नीली रंग की है.....