Incest The Tiger - Page 8 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 47

लड़की - ा रे नहीं मई तो उसे जानती तक नहीं की वो कोण है खा रहता है बीएस हवा की तरह आता है और चला जाता है , है लेकिन उस ने मेरा दिल जरूर चुरा लिया है.

ये लड़की कोई और नहीं दीपिका थी और दूसरी लड़की नीलम थी.

नीलम जो दूसरी जगह हॉस्टल में हर क्र पढाई करती थी, इस साल ये यही अपने फॅमिली के पास वापस अस गयी है और अब इसी कॉलेज में एडमिशन लिया है .

ये झा भी जाती है अपनी गैंग ले क्र चलती है करते में ब्लैक बेल्ट है और जिस्मानी ताकत तो खून में है क्यों की है तो टाइगर की बहन.

दीपिका - तो नीलम मई चली अपने फ्रेंड के पास तुम अपनी गैंग के साथ देख लेना क्लास रूम और कॉलेज मई कैंटीन में मिलूंगी bye.

नीलम - गर्ल्स पता करो वो लड़का कोण था जिसने सब के सामने मेरी दीदी को किश किया मई उसे ऐसा मजा चखाउंगी की वो कभी किसी लड़की को किश नहीं क्र पायेगा.

इधर जब मई वापस आया तो वह पर सीनियर स्टूडेंट नहीं थे तब मई काव्य से पूछा की वो सब खा गए.

काव्य - पता नहीं वो लोग माफ़ी मांग क्र चले गए और ये तुम्हारा चस्मा भी दे दिया मुझे बहुत अजीब लगा खैर जाने दो चलो क्लास रूम भी देख लेते है .

तभी वह पर कुछ लड़के और लड़किया आगयी उस सभी ने मुझे और काव्य को hello बोल क्र हैंडशेक किया और अपना नाम भी बताया मनोज और उसकी बहन संध्या, विनोद और उसकी बहन रचना,

मनोज - हम लोग यही पास में रह क्र आपकी और सीनियर्स की बाटे सुन और देख भी रहे थे आपसे तो सीनियर्स भी डरने लगे है और अभी आपने जिस लड़की को किश किया वो भी कोई मामूली लड़की नहीं थी यह के सबसे बड़े बिज़नेस मन धनराज सेठ की बेटी है सच में आप कमल के हो भाई क्या हम फ्रेंड्स बन सकते है.

मई - फ्रेंड तो मई बना लू पर फ्रेंड शिप का मतलब भी पता है न आप लोगो को इस से पहले जो मेरे दोस्त थे वो सिर्फ नाम के hi थे , दोस्तों वाला कोई काम hi नहीं किया सालो ने.

विनोद - नहीं भाई ऐसा कभी नहीं होगा आजमा के देख लेना दोस्ती में हम जरुरत पड़ने पर अपनी जान भी लगा देंगे हम.

मई - ok फ्रेंड्स मेरा नाम टाइगर है और ये मेरी...

अभी मई इतना hi बोलै था की काव्य बोल पड़ी

काव्य - मई भी टाइगर की दोस्त हु मेरा नाम काव्य है .

फिर हम सभी क्लास रूम में आ गए ,

क्लास रूम सच में बेहद संदर था और बड़ा भी हम सभी एक साइड के थर्ड लाइन में जा क्र बैठ गए.

हम बैठ क्र इधर उधर की बात क्र रहे थे की उतने में नीलम और उसकी गैंग भी क्लास रूम में आ गयी मेरा उस तरफ धयान नहीं था मनोज ने मेरे कण में खा .

मनोज - भाई देख तो कितनी सुन्दर लड़की है यार कास ये मेरे से पैट जाये मई इस से सदी क्र के देवी की तरह पूजा करूँगा.

विनोद - सेल सोचना भी मत ये भी धनराज सेठ की बेटी है और बहुत hi गरम दिमाग की है सुना है बहुत से लड़को को बुरी तरह धोया है इस ने .

मनोज - फिर भी यार कोसिस करने में क्या जाता है पैट गयी तो सूंदर लड़की भी मिल जाएँगी और ससुर से पैसा भी मिल जायेगा.

मई - ठीक है बाद में कोसिस क्र लेना आज तो पहला दिन है अभी तो पूरा साल बाकि है.

काव्य धीरे से मेरे कण में

काव्य - तुम भी तो नहीं सोच रहे हो न उसे पटाने की .

मई - नहीं बाबा मई क्यों सोचु मेरे पास तो आलरेडी ब्यूटीफुल लड़की गर्लफ्रेंड है.

काव्य - सोचना भी मत नहीं तो टंगे तोड़ दूंगी.

संध्या- क्या खुसुर पुसुर क्र रहे हो तुम दोनों.

काव्य - कुछ नहीं यार मई तो टाइगर को कह रही थी की सूंदर लड़की देख क्र तुम्हारी नियत भी तो ख़राब नहीं हो रही.

हम अभी बात hi क्र रहे थे की एक प्रोफेसर क्लास में आये हम सभी ने गुड मॉर्निंग विश किया उन्होंने भी हमे रिप्लाई दिया.

प्रोफेसर - सो स्टूडेंट्स मेरा नाम अमितेश वर्मा है और मई तुम लोगो का इंग्लिश टीचर हु.

सो क्लास आज आप लोग बरी बरी से अपने नाम और परसेंट बताओगे ok.

फिर धीरे धीरे सब अपना नाम और कितने परसेंट मिले ये बताने लगे मेरी बरी भी आयी तब मैंने अपना नाम बताया

मई - माय नाम इस टाइगर एंड माय परसेंट इस 99.9.

तब पूरा क्लास मेरी तरफ देख रहा था.

प्रोफेसर - ओह तो तुम hi हो वो टोपर जिस के लिए आपको गवर्नमेंट की तरफ से आपको स्कूलरशिप मिला है

मई - जी सर.

प्रोफेसर - मई आसा करता हु की आप हमारे कॉलेज का नाम भी रोसन करेंगे.

फिर कुछ देर बाद नीलम की बरी आयी.

नीलम - माय नाम इस नीलम एंड माय परसेंट इस 99.9 .

प्रोफेसर - वाओ मेरे क्लास में दोनों टोपर बैठे हुए है जिन्होंने पुरे कंट्री में टॉप किया है वेल्डों .

मई भी अपने मन में सोच ओह तो यही है वो जिसे मेरे बराबर परसेंट मिले है.

ऐसे hi आगे के क्लास पूरा इंट्रोडक्शन में निकल गया .

फिर ब्रेक हुआ और हम लोग कैंटीन में आ गए .

यह पर पहले से hi कविता, दीपिका और उनकी फ्रेंड्स एक टेबल पर बैठ क्र बात क्र रहे थे.

जब कविता की नजर हम पर पड़ी तो उस ने हमे अपने पास बुलाया और हमारा परिचय कराया

कविता - इन से मिलो दीपिका और मेरर बाकि के फ्रेंड्स और दीपिका ये है टाइगर मेरे मां का बीटा है और ये है मेरी बहन काव्य.

दीपिका मेरी तरफ देख क्र मुस्कुरा रही थी मई भी दीपिका की तरफ देखा तो मुझे गेट के पास का किस्सा मेरे दिमाग में आया.

मई - सॉरी दीपिका जी वो जो गेट के पास हुआ उस के लिए वो सब मैंने सीनियर के कहने पे किया था.

दीपिका - कोई बात नहीं .

कविता - ओह्ह वो तुम थे जिसने दीपिका को गेट के पास सब के सामने किश किया था .

कविता अपने मन में ये टाइगर भी न कितनी बार कहा था की ाहको पर चस्मा लगा क्र रखा करो अब ये दीपिका को भी पता चल गया की यही नीली आखो वाला है ओह्ह्ह गॉड ये भी दीवानी हो गयी मेरे टाइगर की , इसे दूर रखना होगा दीपिका से .

कविता - ठीक है अब जाओ अपने फ्रेंड के साथ और ऐश करो .

हम लोग दूसरे टेबल पर जा क्र बैठ गए

इधर हमारे जाने के बाद

दीपिका - कविता मुझे तुम से अकेले में कुछ बात करनी है .

कविता - ठीक है बोलो क्या करनी है .

दीपिका - क्यों रे तू बता नहीं सकती थी की नीली आखो वाला लड़का तेरे घर में रहता है मई कब से इस से मिलना चाहती थी.

कविता - मुझे भी कहा पता था यार ये नीली आखो वाला लड़का मेरे hi घर में रहता है (झूट)
 
अपडेट 48

कविता - मुझे भी कहा पता था यार ये नीली आखो वाला लड़का मेरे hi घर में रहता है (झूट).

दीपिका- चल छोड़ कोई बात नहीं अब ये हमारे कॉलेज में hi आ गया है अब तो रोज मुलाकात होगी.

इधर हम लोग दूसरे टेबल पर बैठ गए और हमारे सामने के टेबल पर नीलम और उसकी गैंग बैठी हुई थी तभी एक लड़का वह पर आया देकने से तो सीनियर स्टूडेंट लग रहा था उसके हाथो में एक रेड रोज था वो आया और नीलम के सामने घुटनो पर बैठ क्र बोलै-

हम सब का धयान भी उस और चला गया.

दीपिका सर पकड़ क्र - अब ये लड़का भी गया काम.

कविता - क्यों क्या हुआ.

दीपिका - (नीलम की तरफ इसरा करते हुए) वो जो लड़की है न वो मेरी छोटी बहन है बहुत से लड़को को उस ने बुरी तरह मारा है करते में ब्लैक बेल्ट है अब या तो ये इस से पंजा लड़ाएगी या फाइट में हारने को बोलेगी.

लड़का- जब से मैंने तुम्हे देखा है मई तुम्हारा दीवाना हो गया हु मई तुम्हारे लिए सब कुछ करने को तैयार हु ये रोज ले क्र मेरा प्यार एक्सेप्ट क्र को.

नीलम - अभी मुझे देखे तुम्हे एक दिन भी नहीं हुआ है और तुम्हे मुझ से प्यार हो गया वाओ, ठीक है मई तुम्हारा प्यार एक्सेप्ट क्र लुंगी लेकिन तुम्हे मुझसे पंजा लड़ा क्र हराना होगा.

लड़का- बीएस इतनी सी बात मई तैयार हु मगर तुम्हारे नाजुक हाथो को कुछ हो गया तो .

नीलम - उस की फ़िक्र करने की कोई जरुरत नहीं वो मई देख लुंगी.

फिर क्या था हो गया पंजा लड़ाई, लड़का अपनी पूरी ताकत लगा रहा था फिर भी कुछ नहीं हो रहा था नीलम बीएस मुस्कुरा रही थी और उसकी गैंग नीलम नीलम बोल क्र आवाज क्र रही थी जिस कारन पूरी कैंटीन का धयान उन्ही के ऊपर आ गया था.

फिर नीलम ने धीरे धीरे ताकत लगते हुए लड़के के हाथ को जुकना सुरु क्र दिया अभी पूरा झुका बाकि था की इतने में एक और लड़के ने आकर पंजा लड़ा रहे लड़के के हाथो में अपने हाथ रहक क्र अपना ताकत लगा दिया अब सिचुएशन ये हो गयी की एक तरफ नीलम और दूसरे तरफ दो लड़के थे फिर भी नीलम मुस्कुरा रही थी .

कविता - ा रे यार अब तो तुम्हारी बहन हर जाएगी जाओ मदद करो यार .

दीपिका - उस की कोई जरुरत नहीं है क्यों की घर में जब मई दीदी और मेरे पापा एक तरफ होते थे और दूसरी तरफ नीलम अकेली फिर भी वो हम लोगो को हरा देती थी ये तो कुछ भी नहीं है.

इधर नीलम में दोनों लड़को के हाथो को झुकना सुरु क्र दिया और फिर दोनों के हाथो को निचे झुका दिया.

दोनों लड़के हर गए और पूरा कैंटीन उन दोनों लड़को पर हसने लगा .

नीलम - जाओ पहले माँ का दूध पि क्र आओ तब मुझ से मुकाबला करना और है किसी भी लड़की को प्रोपोज़ करने से पहले उस के बारे में जरूर जान लेना .

लड़के ने नीलम का हाथ पकड़ क्र - ये लड़की तुम्हे अपनी ताकत पर बहुत घमंड है न अभी उतरता हु मई.

अभी लड़के ने इतना hi कहा था की नीलम ने दूसरे हाथ से खींच कर एक थप्पड़ मारा की लड़के को दिन में टारे नजर आने लगे और वो गिर पड़ा .

तब दूसरे लड़के ने गिरे हुए लड़के को उठाया और और उसे लेकर चला गया .

नीलम - और कोई है जो अपने आप को मर्द कहता है जिसने अपने माँ का दूध पिया हो तो मुझसे हरा के दिखाए .

ये सब देख क्र कोई भी लड़का उठने को तैयार नहीं हुआ सब सर निचे क्र के बैठे थे पर मुझे ये बर्दास्त नहीं हुआ .

मई खड़ा हुआ और कहा की मई लड़ूंगा तुम से पंजा .

तभी नीलम की गैंग के एक लड़की ने उस के कण में कहा नीलम इसी लड़के ने आज तुम्हारी दीदी को किश किया था .

नीलम - अच्छा तो ये है वो आज इस की पूरी गर्मी निकलती हु.

नीलम - ठीक है आ जाओ और दिखा दो तुम कितना मर्द बनते हो और तुम्हारी माँ के दूध में ताकत है और है तुम हर गए तो तुम्हे हमेशा के लिए मेरी गुलामी करनी पड़ेगी.

मई - मुझे मंजूर है और अगर तुम हर गयी तो मुझे हमेसा तुम्हारी कलाइयों में चुडिया नजर आणि चाहिए .

नीलम - मुझे भी मंजूर है.

दीपिका - लगता है आज इस लड़की का घमंड जरूर टूटेगा.

कविता - है तुम्हारी बहन आज जरूर हर जाएगी.

इधर काव्य भी मुझे हौसला देते हुए कहा- उस लड़की को बता दो की मर्द किसे कहते है.

फिर एक टेबल पर दोनों आमने सामने बैठ गए .

दोस्तों मई बता दू की मई यह पर अपने गूगल पहने हुए था.

जब हमारे हाथ एक दूसरे से टकराये तो हम दोनों के सरीर में अजीब सी हलचल सो हुई .

हम दोनों के पंजे कस गए मुझे तो इस के हाथ बहुत hi नरम और मुलायम साइड लग रहा था पता नहीं कैसे ताकत आती होगी इन के हाथो में

काउंटिंग सुरु हुई.

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और हम दोनों ने ताकत लगाना सुरु क्र दिया सच में नीलम के हाथो में बहुत ताकत था मुझ पर hi भरी पद रहा था पर मई भी पूरा ताकत नहीं लगाया था मई देखना चाहता था की कितनी ताकत है इस के हाथो में .

काव्य कविता और दीपिका और मेरे फ्रेंड मेरा नाम लेकर मेरे हौसला बढ़ा रहे थे और नीलम की गैंग नीलम का.

नीलम भी समझ गयी थी की मेरे पास भी ताकत है नीलम ने मेरा हाथ धीरे धीरे झुकना सुरु किया तब जो लोग मेरा हौसला बढ़ा रहे थे वो सब संत हो गए .

जब मेरा हाथ आधे से जायदा झुका तब मैंने अपनी ताकत लगाई और फिर धीरे मेरा हाथ ऊपर उठने लगा फिर से मेरे साइड के लोग टाइगर टाइगर चिल्लाने लगे.

मैंने नीलम से कहा तुम चाहो तो अपनी दोनों हाथ लगा सकती हो.

जब नीलम का हाथ झुकने लगा तब नीलम ने अपनी दोनों हाथो की ताकत लगा दी पर कोई फर्क नहीं पड़ा जो हाथ झुकता जा रहा था वो झुकता चला गया और अंत में हर नीलम की हुई.

नीलम पहली बार किसी से हर रही थी वो अपना हर पचा नहीं पाई और मुझे थप्पड़ मरना चाहा मगर मैंने बिच में hi उसका हाथ पकड़ा क्र चुम लिया और कहा की कल से इन सुने हाथो में चुडिया होनी चाहिए .

नीलम - तुम तो मई बाद में देखूंगी.

ये बोल क्र नीलम कैंटीन से बहार चली गयी .

इधर मई अपने टेबल पर वापस आ क्र बैठ गया मेरे फ्रेंड और काव्य कविता ने मुझे जीत के लिए बधाई दी.

विनोद मनोज से देख लिया न अब भी पटना चाहता है.

मनोज - न बाबा न उसे पटाने के लिए टाइगर hi सही है मुझ दिन में टारे देखने का कोई सोक नहीं है .

फिर बेल्ल बजी और हम फिर से क्लास रूम में आ गए नीलम और उस की गैंग वह पर नहीं थी .

फिर एक मम क्लास रूम में आयी जो बहुत hi खूबसूरत थी उसका फिगर भी मस्त था एक चीज उनमे खास थी की उन की आखें नीली थी.

इधर नीलम कैंटीन से बहार आ क्र उसकी गैंग की एक लड़की ने कहा नीलम उस लड़के ने तुम्हे कैसे हरा दिया आज तक तो किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी की वो ुम्हे हरा पाए.

नीलम - मुझे एक बाबा जी ने कहा था की जो लड़का तुम्हे हरा दे वो कोई मामूली लड़का नहीं होगा सर्व शक्तिमान होगा और व्ही तुम्हारा जीवन साथी होगा, इस लड़के ने मुझे हरा तो दिया है पर मई कैसे मन लू की ये व्ही लड़का है.

गैंग की लड़की - क्यों न हम उसका टेस्ट ले की ये व्ही है या कोई और .

दूसरी लड़की - मेरे पास एक आईडिया है क्यों न हम उसको गुंडों से पिटवाये अगर वो सक्तिसाली हुआ तो फिर गुंडों को मरेगा और नहीं हुआ तो तुम्हारा बदला भी पूरा हो जायेगा.

नीलम - है आईडिया तो बेस्ट है तो फिर चलो गुंडों को सुपारी देते है .

तो बे कॉन्टिनोएड
 
अपडेट 49

इधर नीलम और उसकी गैंग एक लोकल गुंडों के पास टाइगर के नाम की सुपारी देने पहुंचे जो गैंग की किसी लड़की के पहचान का था.

वो लोग पैसे दे क्र कल कॉलेज में मिलने को बोलै व्ही टाइगर कोण है ये बता दिया जायेगा ये बोल क्र वो लोग निकल गए .

उधर कॉलेज में मिस अलका जो अभी पढ़ने आयी थी उसकी खूबसूरती और अदाओ को देख क्र सब लड़के आहे भर थे .

मई भी मिस की खूबसूरती में थोड़ी देर क्र लिए खो गया था काव्य ने जब कोहनी से मारा तब जेक मुझे होस आया .

काव्य - दो गर्लफ्रेंड होते हुए भी तुम्हारी नजर अब मिस पर टिक गयी तुम सब लड़के एक जैसे hi होते हो तुम लोग क्या सोचते हो की तुम लोगो की पांचो उंगलिया गहि में हो.

मई - नहीं मेरी जान मई तो बीएस ऐसे hi देख रहा था तू दोनों बहनो के होते हुए भला मुझे कहि और देखने की क्या जरुरत.

फिर व्ही हुआ जो आज 1सत क्लास से होता आ रहा था कुल मिलकर आज सिर्फ इंट्रोडस में hi पूरा क्लासेज ख़तम हो गया फिर हम हमने अपने फ्रेंड्स से कल मिलने को बोल क्र विदा लिया और तीनो घर की और निकल पड़े .

रस्ते में कविता ने मुझे सख्त हिदायद दी की मई जायेगा से जायदा अपनी आखो को छुपा क्र राखु मेरे चर्चे अभी तक कॉलेज में मशहूर है. जब हम घर पहुंचे तब दरवाजा समिति ने खोला बुआ प्रेग्नेंट hi इस कारन वो थोड़ा रेस्ट क्र रही थी .

समिति - टाइगर काव्य कैसा रहा आज कॉलेज का 1सत डे .

काव्य - बस आज तो इंट्रोडक्शन में चला गया .

समिति - और किसी ने रैगिंग नहीं लिखे क्या तुम लोगो की .

काव्य - मेरी तो नहीं हुई पर टाइगर की जरूर हुई और सीनियर्स ने इसे जो भी फीमेल पहले गेट से अंदर आये उसे किश करने को कहा.

कविता - और इस महासय को मेरी hi फ्रेंड मिली थी किश करने के लिए वो तो अच्छा हुआ की वो पहले से टाइगर को जानती थी नहीं तो कोई और होता तो खींच के एक थप्पड़ जरूर लगा देती.

काव्य- और आज दीदी की फ्रेंड के सिस्टर का भी घमंड तोड़ दिए टाइगर.

समिति - तुम पढाई करने के लिए कॉलेज गए थे या ये सब करने.

मई - मई तो सिर्फ पढाई करने के लिए गया था ये तो सब अपने आप हो गया.

समिति - चलो ठीक है जाओ फ्रेश हो के आ जाओ मई डिनर लगाती हु.

डिनर करने के बाद मई थोड़ा रेस्ट लिया और सैम को उठ क्र पहुंच गया अपने अड्डे पे .

वह जा क्र मैंने शेर सिंह को यद् किया और मेरे hi अंदर से आवाज आयी .

शेर सिंह - अब क्या जानना चाहते हो.

मई - यही की वो नीली आँखों वाली नीलम और हमारे कॉलेज की मिस से मेरा कोई रिस्ता है या ये महज इत्तेफाक है की उनकी आखो का रंग नीला.

शेर सिंह - है है है है रिस्ता तो है दोनों से गहरा रिस्ता है, लेकिन मई तुम्हे अभी सिर्फ नीलम के बारे में hi बता सकता हु की वो तुम्हारी बहन है, अब तुम उसे सगी भी मन सकते हो या मां की बेटी भी क्यों की तुम्हारी माँ अमांडा के गर्भ में तुम दोनों एक साथ थे फिर एअर्थ में आने के बाद वो तुम्हारी ममी के गर्भ से पैदा हुई.

अपडेट जारी रहेगा
 
अपडेट 49 कंटिन्यू

ओह तो दीपिका और नीलम मेरे कंस मां की बेटी है और नीलम मेरी सगी बहन भी है तभी मई सोचु की इतनी ताकत खा से आयी उस के पास.

शेर सिंह - है उसका भी रिस्ता नील से है तो शारीरिक बल तो होना लाजमी है और रही तुम्हारी मिस की बात तो उनका भी रिस्ता नील ग्रह से है लेकिन वो कोण है ये ुम्हे सही समय आने के बाद पता चल जायेगा, और कुछ पूछना है तुम्हे.

मई - नहीं बीएस इतना hi जानना था धन्यवाद !

फिर मेरे अंदर से शेर सिंह की आवाज आणि बंद हो गयी , मई वह पर बैठ क्र सोचने लगा की उसी कंस मां के कारन मई इतने साल से अपने परिवार से दूर हु इसका बदला तो मई ले क्र रहूँगा.

मई अपने मन में खा - मां तुम्हारा बुरा वक्त सुरु हो गया है और तुम तक पहुंचने की मेरी सीधी होगी दीपिका.

फिर मई घर आ गया और डिनर करने ले बाद पहले बुआ के रूम में गया उनके उभरे हुए पेट को सहलाते हुए बात किया और एक छोटा सा किश दे क्र मई समिति के पास गया और रूम का गेट बंद क्र सीधा उसके ऊपर कूद गया वो बिस्तर पर लेती हुई थी और मई उस के ऊपर था मई उसके बूब्स को दबाते हुए किश करने लगा समिति भी मेरा पूरा साथ दे रही थी फिर जब हमारी साँस फूलने को हुई तब जेक हम ने किश तोडा.

समिति - ऐसा भी कोई करता है क्या जी.

मई - मैंने क्या किया मई तो अपने बीवी से प्यार क्र रहा था.

समिति - बड़े आये बीवी से प्यार करने वाले, बीवी से कोई छुप छुप के प्यार नहीं करते.

मई - लेकिन छुप छुप के मिलने से मिलने का मजा तो आएगा.....

समिति - अब ये सांग गण बंद करो और ये बताओ की ऐसे कब तक हम दुनिया वालो से छुपाते रहेंगे.

मई - इसका सही समय नहीं आया है समिति समझा करो क्या तुम्हे मुझ पर भरोसा नहीं है.

समिति- तुम्हारे ऊपर तो अपने आप से भी जयादा भरोसा करती हु और मई तो ऐसे hi बोल रही थी मुझे कोई जल्दी नहीं है .

मई - चलो ठीक है अब मई चलता हु नहीं तो वो दोनों भी मुझे रूम में न पाकर ढूढ़ना सुरु न क्र दे .

फिर मई एक छोटा सा किश देकर और गुड नाईट बोल क्र निकल गया.

फिर पंहुचा कविता के पास जो पता नहीं क्या सोच रही थी.

मई - क्या सोच रही हो जानेमन.

कविता - कुछ नहीं बीएस तुम्हारे बारे में hi सोच रही थी की हम ने सन्ति से अकेले में कितने पल बिताये है .

मई - ये बात तो है मई तुम्हारे साथ अकेले में वक्त hi खा बिताये है, ठीक है मई प्रॉमिस करता हु की एक दिन कॉलेज न जेक हम दोनों कहि घूमने चलेंगे .

कविता - मई उस दिन का बे सबरी से इंतजार करुँगी.

फिर मई उस को भी किश क्र के और गुड नाईट बोल क्र निकल गया मेरी चुलबुल बेबी डॉल के पास जब मई उस के रूम में गया तो देखा की वो पेट के बल लेट क्र कुछ पढ़ रही थी उसको मेरे आने की आहात भी नहीं हुई, मई चुप चाप धीरे धीरे क्र के उसके पास गया और उसकी गांड में चिकोटी काट दी .

काव्य- ाआउछह कमीने ऐसा भी कोई करता है मई तुम्हे नहीं छोडूंगी.

ये बोल क्र जस्ट वो पलटी hi थी की मई उसके ऊपर चढ़ गया और उसके दोनों हाथो को पकड़ क्र दबा दिया वो हिल भी नहीं प् रही थी बीएस चटपटा रही थी.

काव्य - आअह्ह्ह कमीने छोड़ मेरा हाथ फिर तुम्हे बताती हु.

मई - छोड़ने के लिए तो नहीं पकड़ा है तुम्हारा हाथ .

फिर वो कुछ और बोल hi नहीं पाई क्यों की मैंने उसके होठो को hi बंद क्र दिया थे मतलब किश करना सुरु क्र दिया पहले तो नहीं मगर बाद में वो भी मेरे पूरा साथ देने लगी और हम किसिंग में खो से गए.

जब दोनों की साँस फूलने लगी तब जाकर किश तोडा काव्य जब तक अपनी साँस नार्मल क्र पति तब तक मई काव्य के रूम से निकल क्र अपने रूम में आ गया.

फिर कुछ देर तक लेते हुए सोचता रहा की क्या कृ फिर मोबाइल से स्नेहा दीदी को कॉल किया बहुत दिन हो गए थे उनसे बात किये हुए, दो तीन रिंग के बाद कॉल पिक किया उधर से दीदी की आवाज आयी

स्नेहा - क्यों भाई अब आयी अपनी बहन की यद्, इतने दिनों से एक कॉल भी नहीं किया और न हमे करने को बोलै है एक लौटा तू hi तो भाई है हमारा और तू है की बात भी नहीं करता.

मई - बीएस बीएस दीदी क्या बच्चे की जान hi लेट लोगी क्या थोड़ा साँस भी ले लो कितना डटगी.

स्नेहा - है है मई तो डाटती हु न इसी कारन तू एक फ़ोन भी नहीं करता .

ये बोल क्र दीदी रोने लगी ,सच hi तो था की मई hi किसी को फ़ोन पर बात करने से मना किया था , मैंने साफ कह दिया था की फ़ोन मई hi करूँगा आप लोग कोई मुझे फ़ोन मत करना, इसका भी एक कारन था की मुझे भी उन लोगो की यद् आती थी और मई कमजोर नहीं पड़ना चाहता था .

मई - सॉरी दीदी पहले आप ये रोना बंद करो नहीं तो मई फ़ोन रख दूंगा.

स्नेहा - है है कट क्र दे कॉल जब बात hi नहीं करनी होती तो लगता क्यों है.

मई - नहीं दीदी ऐसी कोई बात नहीं है पहले आप रोना बंद करो प्लीज आपको मेरी कसम.

दीदी ने रोना तो बंद क्र दिया पर सिसकने की आवाजे आ रही थी.

स्नेहा - चल सुना तू वह ठीक तो है और बाकि सब कैसे है.

मई - मई भी ठीक हु और बाकि सब भी ठीक है और घर पर सब कैसे है और मेरी बाकि की दोनों बहने खा है.

स्नेहा - घर में सब ठीक है बीएस दादी जी थोड़ा बीमार है अब बिस्तर से उठ नहीं पति और वो दोनों भी होंगे अपने रूम में क्यों बात करौ क्या उनलोगो से .

मई - नहीं दीदी उन लोगो से कभी और बात क्र लूंगा आप सुनाओ आप क्या क्र रही हो.

स्नेहा - मई कॉलेज नहीं जाती बीएस एग्जाम के दिन hi जाना होगा और अभी मई पापा के साथ ऑफिस जाती हु .

मई - क्यों कॉलेज रेगुलर क्यों नहीं जाती .

स्नेहा - बीएस ऐसे hi .

मई - ऐसे hi या कोई कारन है.

स्नेहा- ............

मई - बातों दीदी चुप क्यों हो गयी.

थोड़े उदासी सी आवाज में

स्नेहा - नहीं भाई ऐसी कोई बात नहीं है तू जयादा सोचा मत क्र, चल अब सो जा रात बहुत हो गयी है.

मई - ठीक है दीदी गुड नाईट bye.

मैंने कॉल कट किया और सोचने लगा जरूर दीदी को कुछ परेशानी है और मुझे वो बताना नहीं चाहती चलो बाद में जाकर देख लूंगा फिर मई सो गया कल के बारे में अनजान की मेरे साथ क्या होगा.
 
अपडेट 50

अगली सुबह 5 बजे उठा और रेडी हो क्र बहार आया तो देखा काव्य भी रेडी हो क्र मेरा hi वेट क्र रही थी.

काव्य - आज तो इस शट में कमल लग रहे हो तुम्हारी बॉडी भी इस कपडे में जांच रही है लड़किया तो आज आहे भरेंगी लेकिन धयान रहे तुम उन पर जरा भी धयान नहीं डोज.

काव्य ने सच hi खा था धीरे धीरे मेरे बॉडी में कट्स आने सुरु हो गए थे और मेरा फेस भी और थोड़ा ग्लो करने लगा था.

फिर हम दोनों निकल गया रनिंग के लिए काव्य हमेशा hi घर से पार्क तक रनिंग करते हुए थक जाती थी और पार्क में पहुंच क्र सीधे बेंच पर बैठ जाती है लेकिन मई नहीं रुकता और फ़ास्ट रनिंग करते हुए 6-7 राउंड ग्राउंड के जरूर लगता आज भी मई वैसे hi रनिंग क्र रहा था की वह पर आयी हुई लड़कीओ मुझे देख क्र आहे भर रही थी ये काव्य बेंच पर बैठ क्र ये सब देख क्र खुस हो रही थी की क्यों की मई उन पर धयान नहीं दे रहा था पर कुछ लड़कियों ने जब मुझे गुड मॉर्निंग विश किया तब मैंने भी उन्हें िस्क्स जवाब दिया जिसे देख काव्य मुझे गुस्से से घूरने लगती और आखिर में जब मई काव्य के पास बैठ गया तो काव्य मेरे पीठ में दो मुक्के मर क्र बोलती

काव्य- क्या जरुरत थी उन से बात करने की मैंने तुम्हे पहले की कह दिया था न की दूसरी लड़कियों पर धयान मत देना.

मई - ा रे मई कहा उन से पहले बात की वो तो मुझे गुड मॉर्निंग इस किया तभी मैंने उन को रिप्लाई दिया और अगर मई ऐसा नहीं करता तो उन्हें लगता की मई ऐटिटूड दिखा रहा हु जो मुझे अच्छा नहीं लगता .

काव्य- चलो ठीक है लेकिन आगे से धयान देना की जयादा बात मत करना वो लड़की चालू किस्म की होंगी जो हैंडसम लड़को को देख क्र लार टपकती रहती है.

मई - चलो बाबा कॉलेज भी जाना है आज से एक मिशन को भी सुरु करना है.

काव्य- मिशन कैसा मिशन.

मई - तुम जानती हो न की मई अपने परिवार वालो को छोड़ क्र तुम लोगो के साथ क्यों रहता हु.

काव्य - है माँ ने बताया था की तुम्हारे मां जी तुम्हे मरना चाहते है क्यों की तुम्हारी माँ के कहने पर उन्होंने भी न चाहते हुए भी एक बेटे की चाहत के कारन तुम्हारी ममी को फिर से एक बेटी hi हुई, इस लिए वो तुम्हे भी मर क्र पुरे खंडन के दीपक को बुझा देना चाहते थे.

मई - है व्ही मां जो अपने परिवार सहित भाग गया था लेकिन वो अब मुझे मिल चूका है मई उन तक पहुंच क्र पहले उन को समझाऊंगा फिर भी वो बाज नहीं आये तो मई भी बदला लूंगा.

काव्य - इस काम में मेरी जो भी मदद चाहिए मई करने को तैयार हु.

मई - ठीक है लेकिन अभी मेरी मदद सिर्फ कविता hi क्र सकती है, लेकिन उसे समझाना होगा.

काव्य- चलो घर चलते है कॉलेज जाते हुए रस्ते में उसे भी समझा देना.

फिर हम घर आ गए और फ्रेश एंड क्लीन हो क्र ब्रेकफास्ट क्र के निकल गए कॉलेज की तरफ रस्ते में मैंने कविता को भी मां वाली बात बताई और कहा की मुझे तुम्हारी मदद चाहिए .

कविता- बोलो मई तुम्हारी हर तरह से मदद करने को तैयार हु.

मई - तो सुनो मई दीपिका के जरिये मां और उनके फॅमिली तक पहुंचना चाहता हु ,मई भी तो जणू की मुझे मरने के पीछे सिर्फ मां hi है या उनकी फॅमिली के लोगो ने भी उनका साथ दिया है इस लिए सबसे पहले मुझे दीपिका को झूठे प्यार के जल में फसा क्र मई उन तक पहुंच जाउगा.

कविता - दीपिका को फ़साना तो चुटकियो का काम है वो तो पहले से hi तुम पर फ़िदा है .

मई - वाओ मेरे पहला काम तो आसानी से हो जायेगा देखता हु जितनी जल्दी हो सके मई मां और उनके फॅमिली वालो से भी मिल लूंगा.

हम ऐसे hi जा रहे थे बाटे करते हुए अपने hi धुन में व्ही सड़क के किना नीलम की कार और गुंडों की गाड़ी कड़ी थी वो मेरी तरफ इसरा करते हुए

नीलम- वो देखो वो लड़का है जिसे मरना है जान से नहीं बल्कि उस के सिर्फ हाथ पेअर hi तोड़ने है और है उनके साथ जा रही उन लड़कियों को कुछ नहीं होना चाहिए समझ गए.

गुंडा- है है समझ गया आपका काम हो जायेगा.

फिर नीलम और उसकी गैंग निकल गए कॉलेज की तरफ और वो गुंडा अपने आदमियों को लेकर मेरी तरफ बढ़ने लगा उन गुंडों के पास हॉकी तो किसी के पास रोड तो कोई लकड़ी का मोटा डंडा रखा है तो कोई चैन चाकू , तलवार.

वो सभी हमारी तरफ तेजी से बढ़ रहे थे लेकिन हमारा धयान उस तरफ नहीं गया .

जब सभी गुंडे पास आकर हमारा रास्ता रोका तब हमें पता चला .

गुंडों को देख क्र कविता और काव्य दोनों मेरे पीछे आ क्र खड़ा हो गयी.

मई - क्या चाहिए तुम लोगो को हमारा रास्ता क्यों रोका है.

गुंडों का लीडर- हम लोगो को तो तुम से हाउ मतलब है और अगर तुम चाहते हो की हम इन लड़कियों को कुछ न करे तो भेज दो इन्हे.

मई - कविता और काव्य को जाने के लिए बोलै लेकिन वो मुझे अकेला तोड़ने को तैयार hi नहीं थी तब मैंने खा

मई - देखो तुम दोनों कॉलेज जाओ मई तुम्हे व्ही मिलूंगा और तुम दोनों तो जानती hi हो की ये लोग मेरा कुछ बिगड़ नहीं सकते.

दोनों- फिर भी हम तुम्हे अकेला छोड़ क्र नहीं जायेंगे.

मई - तुम दोनों को मेरी कसम तुम दोनों यह से चली जाओ.

फिर न चाहते हुए भी उन्दोनो को मुझे छोड़ क्र जाना पड़ा जब वो लोग जायदा आगे निकल गयी तब मई अपने कदम पीछे करते हुए पीछे हटने लगा क्यों की मई नहीं चाहता था की कोई मुझे इन लोगो को मरते हुए देखे.

मई - अब बोलो क्या करना है.

गुंडों का लीडर - करना क्या है मारो सेल को .

उस गुंडे के इतना बोलते hi मई पीछे पलट और तेजी से भगा वो लोग मेरे से पीछे हो जाते थे इस लिए मई बिच बिच में रुक रुक क्र उन्हें चिढ़ाता था .

मई एक मैदानी इलाके में पंहुचा वह जाकर मई खड़ा हो गया गुंडे लोग भी मुझे दौड़ते हुए वह पर पहुंच गए सब गुंडे भी रुक क्र नार्मल होने के लिए जोर जोर से साँस लेने लगे .

मई - क्यों भाई लोग थक गए थोड़ा रेस्ट क्र लो फिर मर लेना.

उनमे से एक गुंडा तेरी तो बोलते हुए मुझे मरने के लिए हाथ में हॉकी ले क्र बा बढ़ा .

जब वो मुझे मरने के लिए हॉकी को मेरी तरफ किया तो मई उसके हाथो को पकड़ क्र झूल गया और जब वो निचे गिरा तब मई उसके हाथो को पकड़ क्र मोड़ दिया और उसके हाथ को तोड़ दिए .

किसी को कुछ समझ नहीं आया की क्या हुआ वो गुंडा जो मुझे मरने आया था वो जमीं में तड़प रहा था और चिल्ला के कराह रहा था उसकी कराहने की आवाज को सुन क्र एक पल के लिए तो सभी गुंडे भी दर गए.

गुंडों का लीडर- अबे देखते क्या तो सब के सब जाओ और मारो सेल को.

सभी गुंडे मेरी तरफ बढ़ने लगे मैंने जो गुंडा जमीं में पड़ा कराह रहा था उसकी टैंगो को पकड़ क्र घूमते हुए सभी गुंडों पर उछाल क्र फेक दिया .

और जमीं पर पड़ी हुई हॉकी उठाई और सुरु हो गया किसी के पीठ को तो किसी के हाथो को तो किसी के टैंगो को मरता गया और जिस के भी सर को मरता वो दुबारा उठ hi नहीं पता था .मैंने उन गुंडों को इतना मारा की वह सिर्फ दर्द से चिल्लाने की आवाजे hi आ रही थी .

वह पर हेर गुंडों का कुछ न कुछ टुटा फूटा था किसी की हाथ टूटी थी तो किसी का पेअर को तोड़ दिए था और जिस को भी सर में मारा था उसका तो सर hi पहात गया था लेकिन गुंडों का लीडर वह से भाग गया था.

फिर मई भी अपने कपडे में लगे धूल को झाड़ क्र निकल गया कॉलेज की तरफ .
 
अपडेट 51

मई कॉलेज के कैंटीन में जा क्र बैठ गया वह पर अभी कोई नहीं था क्यों की अभी क्लास चल रही थी.

मई मरते वक्त एक गुंडे से पूछा था की किसने मुझे मरने के लिए बोलै है तो उस ने बताया था की वो एक लड़की है और उस की भी आखे नीली है उसी ने हमे पैसे दिए थे तुम्हारे हाथ पेअर तोड़ने के लिए.

मई सोचे लगा कोण हो सकती है जो मुझे नुकसान पहुंचना चाहता है, मई जिन नीली आखो वाली को जनता हु उस में से एक नीलम है और दूसरी मिस है .

मिस से तो मेरी कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन कल मेरी नीलम के साथ जरूर मैंने पंजा लड़ाया था, तो क्या नीलम, है नीलम hi हो सकती है जो मुझ से अपनी हर का बदला लेने के लिए उन गुंडों को भेजा था, देखो है तो मेरी सगी बहन और यह दुसमन बन गयी है ,मई यही सब सोचते हुए बैठा था.

आधे घंटे बाद मेरे मोबाइल पर काव्य का फ़ोन आया तो मई उन्हें कैंटीन में आने को कहा .

वो दोनों तुरंत मेरे पास आयी और मुझे सही सलामत देख क्र बहुत खुस हुई और दोनों ने मुझे गले लगा लिया.

मई - तुम दोनों पागल हो क्या छोडो मुझे ये तुम्हारा घर नहीं कैंटीन है

फिर वो दोनों तुरंत अलग हो गयी, वो दोनों व्ही बैठ गई और उसके बाद दीपिका की एंट्री हुई जब वो मेरे पास आयी तब

मई - है दीपिका कैसी हो.

दीपिका को जब मैंने है बोलै तब वो थोड़ी अचंभित हुई फिर बाद में तुरंत रिप्लाई दिया.

दीपिका - है मई अच्छी हु और तुम ?

मई- मई भी ठीक हु आओ बैठो .

दीपिका भी हमारे पास सर झुका क्र बैठ गई, मैंने कुछ स्नीक और कॉफ़ी का आर्डर दिया.

मई अपने प्लान को अंजाम देने के लिए-

मई - दीपिका आप आज सैम को क्या क्र रही है.

दीपिका - जी कुक नहीं मई फ्री हु.

काव्य - पर दीपिका आज शाम को तो तुम कहि जाने वाली थी न .

दीपिका - वो वो जाने वाली थी मगर कैंसिल हो गया (झूट)

मई - तो क्या मेरे साथ घूमने चलो गई क्या आज शाम को.

दीपिका - ठीक है तुम एड्रेस बता देना मई पहुंच जाउंगी.

काव्य- मई भी चलुगी तुम्हारे साथ.

मई काव्य को आँख मर क्र - पर काव्य तुम्हे तो कविता के साथ मार्किट जाना था न.

काव्य- ओह्ह है मई तो भूल hi गयी थी, ठीक है मई कभी और चली जाउंगी.

उसके बाद दीपिका और मैंने नंबर एक दूसरे को दिया और मई घर के पास का एड्रेस भी दे दिया.

व्ही हमारे साइड में कुछ दुरी पर नीलम और उसकी गैंग बैठी हुई थी और अपने मोबाइल से उस गुंडे को कॉल क्र रही थी मगर वो फ़ोन नहीं उठा रहा था .

नीलम - खुस होते हुए लगता है यही मेरे सपनो का राजकुमार है जो मुझे बाबा में बताया था, उसने सब को हरा क्र ये साबित क्र दिया है.

गैंग की एक लड़की- रुको मई कॉल क्र के पूछती हु उनमे से एक मेरा पहचान का है.

जब उसने कॉल किया तब कॉल हॉस्पिटल के किसी कर्मचारी ने उठाया और बताया की जिसको आपने कॉल किया है वो बहुत hi सिरियस कंडीशन में है उनके हाथ और कमर की हड्डी टूटी हुई है आप इनके के जो भी लगते हो तो जल्दी से हॉस्पिटल अस जाइये, फिर कॉल कट हो गया .

गैंग की लड़की - है यार नीलम तुम सही कह रही हो उस ने सब गुंडों को बहुत मारा है, वो लोग सिरियस कंडीशन में हॉस्पिटल में है.

गैंग की दूसरी लड़की- लेकिन यार जब उसे पता चलेगा की इन गुंडों को तुम में भेजा था तब क्या होगा .

नीलम - मई उसे सब सच बता क्र माफ़ी मांग लुंगी.

इधर दीपिका मुझे चोरी छुपे देख रही थी जिसे hi हमारी नजरे मिलती वो शर्मा जाती.

उसके बाद वो लोग वापस क्लास की तरफ चली गयी और मई निकल गया घर की तरफ इन लोगो को बता दिया था की घर में इस बात का जिक्र भी न करे.

जब मई घर पंहुचा तो समिति ने जल्दी आने का कारन पूछा तब मैंने ऐसी hi कह दिया की तुम्हारे साथ कुछ वक्त बिताना था इस लिए आ गया.

समिति - ओह लेकिन भाभी भी घर पर है और no एंट्री का बोर्ड भी लगा है .

मई - कोई बात नहीं नेक्स्ट टाइम क्र लेंगे, अभी मई अपने रूम में आराम क्र लेता हु.

फिर मई रूम में आकर सो गया और शाम को hi उठा फिर रेडी हो क्र निचे आया तो देखा सभी हॉल में बैठ क्र टीवी शो देख रहे थे .

मई उनसे बहार घूमने जा रहा हु बोल क्र अपनी साइकिल से निकल गया और एक पार्क में आकर दीपिका को कॉल किया और एड्रेस बता क्र जल्दी आने को कहा.

15 मिनट्स बाद दीपिका अपनी कार में वह पर आ गयी .

मैंने उसे बैठने को कहा, हम जिस पार्क में गए थे वह शाम को भी चहल पहल रहती है इस लोग अपनी फॅमिली के साथ थे तो कोई अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बच्चे भी खेल रहे थे.

हम झा पर बैठे थे वो गार्डन की लास्ट की बेंच थी मई अपने प्लान के अनुसार दीपिका को जल्दी hi अपने प्यार के जल में फ़साना था और मुझे कविता ने बता दिया था की वो भी मुझे पहले से hi चाहती है तो मई तुरंत hi उसका हाथ को पकड़ क्र कहा-

मई - दीपिका ी लव यू जब से मैंने तुम्हे देखा है तब से मई तुम्हारा दीवाना हो गया हु और आज यही बात करने के लिए मैंने तुम्हे यह पर बुलाया है.

मुझे प्रोपोज़ करना तो आता नहीं था जो मेरे मन में आया बोल दिया अब आगे रिएक्शन का इंतजार था.

दीपिका भी सोच रही थी की ऐसे अचानक कैसे बोल दिया अब क्या जवाब दू है दीवानी तो मई भी हो गयी हु तो बोल hi देती हु.

दीपिका - ी लव यू तू मैंने भी तुम्हे पहली hi नजर में दिल दे लिया था उसके बाद जब तुमने मुझे किश किया तब तुम्हारी आखो ने मुझे और भी दीवानी बना दिया है.

मई तुरंत इधर उधर देखा और फिर मई दीपिका की और बढ़ने लगा दीपिका को भी सायद पता चल गया था की मई क्या चाहता हु तो वो भी मेरे पास आती गयी और अंत में हम दोनों के होठ आपस में जुड़ गए.

हम किश में हो से गए थे कोई दर नहीं कोई जल्दी नहीं बस दोनों एक दूसरे के होठो को बीएस चूसे जा रहे थे

जब हमें साँस लेने में दिक्कत महसूस हुई तब हम ने किश तोडा.

दीपिका की नजरे नीची थी, फिर उसने नजरे ऊपर क्र के मुझे देखा फिर वो तुरंत शर्मा क्र अपना चेहरा दूसरी तरफ क्र ली,

मई - चलो कहि और चलते है.

दीपिका- हम्म्म.

इधर गुंडों का लीडर सबसे बड़े गुंडा बदमाश मुन्ना भाई के पास जा पंहुचा .

गुंडों का लीडर- भाई हमारी मदद करो वो साला छोकरा मेरे पुरे आदमियों को मर दिया है मई अपनी जान बचा क्र भाग आया हु.

मुन्ना भाई - मुझे पूरी डिटेल में बताओ क्या हुआ है.

गुंडों का लीडर- भाई मैंने एक लोंदे की हाथ पेअर तोड़ने की सुपारी की थी वो कॉलेज का लोंदा है, लेकिन जब हम उसे मरने गए तो वो मेरे सभी आदमियों को बुरी तरीके से धोया मई बता नहीं सकता .

मुन्ना भाई- कोण है वो कैसा दीखता है.

गुंडों का लीडर - मई नाम तो नहीं जनता है पर उस लोंदे की आँखे नीली रंग की थी.

मुन्ना भाई - क्या

गुंडों का लीडर का कलर पकड़ते हुए

मुन्ना भाई - क्या बोलै फिर से बोल.

गुंडों का लीडर - भाई उस लोंदे की आँखे नीली रंग की है.....
 
अपडेट 52

मुन्ना भाई - क्या बोलै फिर से बोल.

गुंडों का लीडर - भाई उस लोंदे की आँखे नीली रंग की है....

मुन्ना - है.. है .. है.. ाखि मिल hi गया वो नीली आखो वाला जिसने मेरे प्यारे भाई और मेरे आदमियों को मारा था.

गुंडों का लीडर जिसका नाम पकिया था.

मुन्ना- सुन पकिया तू मेरे आदमियों को भी साथ ले जा और उस लोंदे की पल पल की जमकारी जुटाओ वो क्या करता है खा से आता है किस से मिलता है उसके घर में कोण कोण है सब पता करो और मुझे जल्द से जल्द बताओ.

पकिया- जी भाई आपका काम हो जायेगा.

पकिया मुन्ना के आदमियों को लेकर निकल गया.

उधर मई और दीपिका भी पार्क से बहार आये तो मैंने उस से खा की वो अपने ड्राइवर को बोल दे की वो कार लेकर चला जाये आज मई तुम्हे साइकिल का मजा दिलवाता हु.

फिर दीपिका ने अपने ड्राइवर को भेज दिया और मैंने अपनी साइकिल निकल ली और दीपिका को अपने आगे बैठने को कहा फिर हम निकल गए घूमने .

साइकिल चलते हुए मई दीपिका के गलो को अपने गाल से रगड़ते हुए एक दो बार किश भी क्र देता था मई दीपिका को आधा सहर अपनी साइकिल पर बैठा क्र घुमाया रस्ते में हम ने पानी पूरी भी खाई फिर लास्ट में एक अच्छा साइड होटल देख क्र कैंडल लाइट डिनर भी करवाया.

खाने में सब उसके पसंद का hi आर्डर किया था और वो मुझे खिलाती मई उसे.

कुल मिलकर आज की शाम को यादगार बना दिया .

फिर मई उसे छोड़ने उसके घर तक गया वो रास्ता बताती गयी और हम चलते गए और फिर एक बड़े से बंगले के आगे मुझे रुकने को खा.

बहुत hi सूंदर बांग्ला बनाया था और सिक्योरिटी भी फुल थी ,होगी भी क्यों नहीं यह के सबसे बड़े डायमंड के बिज़नेस मन धनराज सेठ का जो घर था .

फिर हम एक दूसरे को किश किया और वेबए बोल क्र निकल गयी उसके जाने के बाद घर को अच्छी तरह से देखने लगा तो मैंने देख की ऊपर की खिड़की से कोई लड़की देख रही है मई उसे देखते हुए अपनी साइकिल मोड़ क्र निकल गया घर की तरफ.

मई सोचते हुए जा रहा था की दीपिका भी पैट गयी और मां का घर भी देख लिया अब अगला स्टेप क्या होगा यही सब सोचते हुए मई घर पंहुचा तो दरवाजा कविता ने खोला और मई अंदर आया, घर में बाकि सब अपने रूम में थे.

कविता - तुम फ्रेश हो जाओ मई खाना लगाती हु.

मई - नहीं उसकी कोई जरुरत नहीं है मई बहार से hi खाना खा के आया हु.

कविता- वह एक hi दिन में प्रोपोज़ और डेटिंग दोनों बहुत फ़ास्ट नहीं जा रहे हो .

मई - अभी तुम ने देखा hi कहा है, आगे आगे देखो क्या होता है.

कविता - चलो ठीक है देख lenge,abhi जाओ सो जाओ सुबह कॉलेज भी जाना है.

फिर मई अपने रूम में आकर सो गया .

सुबह व्ही रूटीन के अनुसार मई और काव्य निकल गए रनिंग करते हुए पार्क की तरफ.

दिनों दिन मेरे बॉडी में कट्स बढ़ते जा रहे थे मसल्स भी अब नजर आने लगे थे जो लड़किया पार्क में आती थी उन सब की नजर मुझ पर hi होती थी जिसे देख क्र काव्य को जलन भी होती थी .

जिस कारन वो हमेशा से hi मुझ से छिपकति रहती थी.

फिर हम घर आये और फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट क्र के निकल गए कॉलेज के लिए
 
सॉरी फॉर स्माल अपडेट क्या कृ थोड़ा बिजी हु
 
अपडेट 53

जब हम कॉलेज पहुंचे तो वह पर दीपिका पहले से hi पहुंच चुकी थी.

हम सभी ने एक दूसरे को hi hello किया . उसके बाद अपने अपने क्लास रूम की तरफ चले गए व्ही रस्ते में हमे मनोज एंड विनोद और उनकी सिस्टर भी मिल गयी तो हम साथ में जाकर बैठ गए.

वो लोग मुझ से पूछ रहे थे की कल क्लास में क्यों नहीं आया तो मैंने भी कह दिया की कुछ काम था इसलिए नहीं आ सका .

फिर कुछ देर बाद नीलम और उसकी गैंग भी आ गयी और साइड की बेंचेस पर जाकर बैठ गई मगर जाते हुए भी उसने एक नजर मेरी तरफ देखा जरूर था.

और वो अपनी सहित पर बैठ क्र मुझे hi देखे जा रही थी, जब मैंने उसकी तरफ देखा तो उसे मेरी तरफ देखते हुए पाकर उसने तो नहीं मगर मैंने अपना चेहरा दूसरी तरफ क्र दिया.

मई मन hi मन सोचने लगा की ये लड़की मुझे ऐसे क्यों देख रही है. कहि फिर से मुझे मरवाना तो नहीं चाहती है इस बार अगर इस ने कुछ ऐसा वैसा किया तो मई ये नहीं सोचूंगा की ये लड़की है.

गैंग की एक लड़की - क्या हुआ नीलम तुम कब से लड़को को ताड़ने लगी हो .

नीलम- तो क्या मई अपने होने वाले महबूब की तरफ भी न देखु.

लड़की- पर मैंने तो कल उसे तुम्हारी दीदी दीपिका के साथ देखा था दोनों प्रेमी प्रेमिकाओ की तरह साइकिल में घूम रहे थे और है रस्ते में हम जहा पानी पूरी खा रहे थे ,वह पर भी दोनों ने पानी पूरी खाई और एक दूसरे को खिलाया भी.

नीलम - तूने किसी और की देखा hoga,kyo की उस दिन जब मैंने दीदी से पूछा था तब उसने खा था की वो उसे नहीं जानती है.

लड़की - देख नीलम मई अपनी माँ की कसम कहती हु की मई उन्ही दोनों को देखा है और रही बात दीदी की तो सायद उसने तुम से झूट कहा होगा क्योकि कोई भी अनजान लड़का आकर मुझे किश क्र दे तो मई तुरंत उसके कण के नोचे दो चार लगा देती मगर तुम्हारी दीदी में ऐसा कुछ भी नहीं किया बल्कि उसको तो कोई फर्क hi नहीं पड़ा , अब तुम hi सोचो.

इधर प्रोफेसर भी अस गए थे पढ़ने के लिए मगर नीलम अपनी सोचो में गम थी , दीदी ने मुझे बताया नहीं और टाइगर से मई प्यार करती हु वो मेरा फिर दीदी कब मिली टाइगर से और कब से चल रहा है ,क्या दीदी ने मुझ से झूट कहा की वो टाइगर को नहीं जानती ये सभी सवालों के जवाब सिर्फ दीदी hi दे सकती है और मई भी उसे ये बता दूंगी की मई भी टाइगर से प्यार करती हु फिर सायद दीदी पीछे हैट जाये.

2-3 क्लास के बाद ब्रेक हो गया तो हम सब कैंटीन में जाकर बैठ गए,

आज विनोद में सब को समोसे और कॉफ़ी पिलाई, कविता और दीपिका ने भी आकर हमे ज्वाइन किया .

दीपिका - टाइगर आओ तुम किसी से मिलाना है.

मई दीपिका के साथ चला गया और नीलम &गैंग जिस टेबल पर बैठे थे वह जाकर रुका.

दीपिका- टाइगर ये है मेरी छोटी बहन नीलम और नीलम ये है टाइगर .

मैंने और नीलम जब हाथ मिलाया तो दोनों के सरीर में अजीब सा अहसास हुआ जिसे मई तो समझ गया लेकिन नीलम नहीं समझ पाई की ये अहसास हम दोनों के बहुत करीबी होने के कारन हुआ है.

नीलम - दीदी मुझे आपसे कुछ बात करनी है घर पर आकर मिलना मई घर जा रही हु.

ये बोल क्र वो अपनी चेअर से उठ क्र चली गयी.

मई और दीपिका भी वापस अस क्र अनपे ग्रुप के साथ बैठ गए ,कुछ देर इधर उधर की बाटे की फिर वापस क्लास रूम में आगये.

कुछ hi देर के बाद पुरे क्लास की नजरे दरवाजे पर टिक गयी क्यों की आज मिस अलका ब्लैक कलर की सदी में थी जो की उन पर बहुत hi जांच रही thi,aisa लग रहा था की जैसे हिरा निकल रहा हो कोयले की खान से, मेरी तो नजरे इन पर hi जैम गयी थी , वो कब क्लास के अंदर आयी और लैब पढ़ना स्टार्ट किया पता hi नहीं चला.

जब मिस अलका ने मुझे अपने आप को घूरता पाकर पेन के ढकन से मुझे मारा तब जाकर मेरा धयान टुटा.

मिस - मर टाइगर पढाई में धयान दो मुझे तो रोज देख लोगे.

मिस की इस बात पर पूरा क्लास हसने लगा और मई थोड़ा सर्मिन्दा हो गया.

फिर कुछ खास नहीं हुआ और छुट्टी हो गयी.

हम घर के लिए निकले तो काव्य ने बात छेड़ दी

काव्य - दीदी ये प्यार का नाटक करने के बहाने कुछ जायदा hi मेक नै क्र रहा है उस दीपिका के साथ.

कविता - है मुझे भी कुछ ऐसे hi लगता है.

मई - नहीं मेरी माओ ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा तुम दोनों सोच रही हो, मई तो उसे सिर्फ ये दिखा चाहता हु की मई सच में उस से प्यार करता हु और मई अपने मकसद के लिए कुछ भी करने की तैयार हु.

फिर हम घर आ गए और डिनर विनर करने के बाद मई अपने अड्डे पे जा पंहुचा और आगे के बारे में सोचने लगा की आगे क्या करना है.

तभी मेरे अंदर से शेर सिंह की आवाज आयी.

शेर सिंह - तुम्हे दूसरी सकती पाने का समय आ गया है .
 
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