अपडेट 21
इधर मई कॉलेज से निकलने क्र बाद एक पार्क में गया और वाशरूम में जाकर स्कार्फ़ और t-shirt को निकल क्र फेका जो खून से साणे हुए थे .
मई फ्रेश हो क्र फिर से स्कूल वाली शर्ट पहन ली और एक बेंच प्रेस जाकर बैठ गया.
अभी कुछ hi देर मुझे बैठे हुए हुआ था की मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा.
मई - कविता तुम यह.
कविता - है मई तुमने क्या सोचा था तुम्हे कोई पहचान नहीं पायेगा लेकिन क्या करे तुम्हारी इन नीली आखो की वजह सी तुम पकड़े गए.
मई - मुझे किसने पकड़ा hai.(thoda डरते हुए)
कविता - मैंने और कोण होगा जो इन नीली आखो को पहचान paye.(romantic टन)
मई - ओह्ह तुम ने तो मुझे द्र hi दिया था.
कविता - डरा तो तुमने दिया था ,ये बताओ तुम कॉलेज कब आये और तुमने उन्हें इतनी बुरी तरह क्यों मारा,
अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता
मैंने एक नजर कविता की और देखा फिर बोलना सुरु किया.
मई- मई तो रस्ते से hi तुम्हारा पीछे पीछे आ रहा था और मैंने उन्हें इसलिए मारा क्यों की उनकी वजह से तुम्हारे चेहरे की मुस्कान गायब हो गयी थी.
कविता - अगर तुम्हे मेरी इतनी hi फ़िक्र है तो कह क्यों नहीं लेते.
मई - मई क्या कहु.
कविता - देखे मेरी आखो में तुम्हे क्या दीखता है.
मई मजे लेने के लिए खा मुझे तो तुम्हारे आखो में कुछ दिखाई नहीं दिया और न hi कोई कचरा है.
कविता- क्या तुम मेरे आखो में कचरा ढूंढ रहे थे ok तुम कुछ मत खो मई hi कह देती हु ( एक साँस में) टाइगर ी लव यू मैंने जब से तुम्हे देखा है तब से तुम से प्यार हो गया है .मई तुम्हारे बगैर जी नहीं सकती ी लव यू ी लव यू ी लव यू.
फिर जोर से साँस लेने लगी
मई उसे hi देखे जा रहा था कुछ देर फिर अचानक से जोर जोर से हसने लगा.
मुझे हस्ता देख क्र कविता का चेहरा ऐसा हो गया जैसे अभी रो देगी .
मैंने हसना बंद किया और कविता सी खा.
मई - ओह्ह हो अब रो मत देना ,मई तो इस लिए है रहा था की इस तरह भी कोई प्यार का ईशर करता है एक डैम बच्चियों में माफ़िक़ एक डैम एक hi साँस में मई तुम से प्यार करती हु ी लव यू ेट्स ेट्स ये क्या है.
कविता - अब तुम मेरे प्यार का मजाक उदा थे हो .
मई - no बेबी मई तो तुम्हे प्यार सीखा रहा हु.
ये बोल क्र मई उसे गले से लगा लिया.
उसने भी मुझे जोर से अपने बहो में भर लिया.
कुछ देर बाद हम अलग हुए .
मई - प्यार तो मई भी तुम से करता था वो भी बहुत पहले से लेकिन कभी कहने की हिम्मत नहीं हुई डरता था कही तुम बुरा न मन जाओ या कहि बुआ को पता चला तो क्या होगा ऊपर से रिश्ते में तुम बहन लगती हो और जब ये बात दुनिया वालो को पता चलेगा तो क्या होगा.
कविता - अब मई कुछ नहीं जानती माँ से मई बात क्र लुंगी दुनिया वालो को तुम सम्हाल लेना.
मई - बोलना आसान है बेबी, खैर वो सब बाद में सोचेंगे .
अब मेरी बातो को धयान से सुनो हम दोनों की लव स्टोरी के बारे में किसी को पर्स नहीं चलना चाचिये स्पेशली घर में तो और इस बात का द्यायन रखना समझी मेरी जणू .
कविता - समझा गयी मेरे जान लेकिन प्यार किया है तो छुपाना क्यों.
मई - फिर क्र दी न बच्चो वाली बात, मई अभी कद से और दिमाग से hi बड़ा हु लेकिन हु तो स्कूल का स्टूडेंट ,तुम तो कॉलेज में चली गयी हो और तुम्हारा आगे भी हो गया है लेकिन मेरी आगे नहीं हुआ है ये प्यार मोहबत करने के लिए.
जब तक मई कॉलेज में नहीं जाता तुम अपने आप को कण्ट्रोल में रखना.
कविता - मतलब तुम्हारे कॉलेज जाने के बाद hi हमर प्यार सुरु होगा अभी नहीं .
मई कैसे कण्ट्रोल करुँगी मुझसे नहीं होगा.
मई - जैसे अब तक करती आयी हो और थोड़ा बहुत तो चलता hi है .
अब चलो चलते है बहुत समय हो गया है.
कविता - नहीं रुको न अभी तो ठीक से प्यार भरी बाटे भी नहीं की है .
मई - अभी मैंने तुम्हे क्या समझाया है , मई ये सब अपने कॉलेज लाइफ में एन्जॉय करना चाहता हु तो अभी ये सब भूल जाओ.
फिर मई जाने के लिए खड़ा हुआ और कविता को भी चलने को कहा कविता बे मान से उठी और हम निकल गए घर की तरफ...
इधर स्कूल में मुझे क्लास रूम में न पाकर काव्य को बहुत hi गुस्सा आया क्योकि रेखा भी आज नहीं आयी थी.
काव्य - टाइगर तुम्हे मैंने कितना समझाया था की रेखा से दूर रहना लेकिन तुम ने मेरी बात नहीं मणि एक दिन hi तो हुआ था रेखा को तुम से मिले और आज hi तुम ने स्कूल बंक करके कहि घुरा रहे होंगे उस चुड़ैल को .
आज घर पहुंच क्र तुम्हे टाइगर से बकरा नहीं बनाया तो मेरा नाम भी काव्य नहीं.
जब हम घर पहुंचे तो बुआ ने पूछा तुम दोनों एक साथ कैसे तो कविता ने hi जवाब दिया.
कविता - वो माँ मई hi टाइगर को अपने साथ ले गयी थी वो कॉलेज में कुछ काम था.
बुआ - ठीक है चलो जाओ फ्रेश हो जाओ तब तक मई डिनर लगाती हु.
जब हम फ्रेश हो क्र आये उसी वक्त काव्य भी आगयी और आते मुझ पर चढ़ाई करते हुए कहने लगी.
काव्य - आज स्कूल क्यों नहीं आये, खा गए थे तुम, उस चुड़ैल रेखा के साथ थे न मैंने तुन्हे कल कितना समझाया फिर भी तुम ने मेरी बात नहीं मणि समझते क्या हो तुम अपने आप को ,बड़ा आया स्कूल बंक करके लड़की के साथ घूम रहा है.
कविता - बीएस क्र काव्य ये क्या बोले जा रही है तू और ये क्या तरीका है बात करने का.
काव्य - आप चुप दी आप नहीं जानती की आज ये स्कूल नहीं गया था और उस चुड़ैल रेखा के साथ घूम रहा था.
कविता - बीएस करो काव्य , टाइगर आज मेरे साथ गया था कॉलेज ,और तुम ने बिना जाने hi क्या क्या बोल दिया टाइगर की जगह अगर मई होती तो अब तक तुम्हारे गलो पर मेरे उंगलियों के नीसाण होते .
मई - कोई बात नहीं कविता हो जाता है मिसुन्दरस्टण्डींग की वजह से , और वैसे भी मेरा आखरी साल है यह फिर मई अपने घर चला जाउगा तब तुम्हे कोई तकलीफ नहीं होगी मेरी वजह से.
ये बात बुआ ने सुन ली.
बुआ - क्यों जायेगा घर क्या प्रॉब्लम है बताना और किसे तकलीफ है मुझे बता बीटा.
कविता - मई बताती हु माँ और काव्य ने जो भी कुछ खा उसे बता देती है.
बुआ - (गुस्से में) काव्य माफ़ी मांग टाइगर से नहीं तो मुझ से बुरा कोई नहीं होगा.
काव्य सर झुका क्र सॉरी बोल क्र अपने रूम में चली गयी.
बुआ - बीटा काव्य की बातो का बुरा मत मन्ना उसी तरफ से मई तुम से माफ़ी मांगती हु.
मई - बुआ ये आप क्या क्र रही है मुझे कोई बुरा नहीं लगा आप माफ़ी मांग क्र मुझे सर्मिन्दा क्र रहे हो.
फिर हमने साथ में डिनर किया और मई निकल गए अपने अड्डे पे व्ही घाटी की और
रत के 12बजे कोई मेरे रूम में आया और मेरे होठो पे किश किया और बोलै हैप्पी बर्थडे माय जानू िलोवे यू मैंने भी खींच क्र उसके होठो से होठ लगा दिए हमारी किस तब टूटी जब हमारी ससे फूलने को हुई .
कविता - ओह्ह्ह मतलब तुम जग रहे थे .
मई - मुझे मालूम था हर बार की तरह इस बार भी यौम मुझे बर्थडे विश करने जरूर आओगी लेकिन इस बार कुछ न्य जो करना था आज मेरे 18 बर्थडे पे ये मेटि बेस्ट विशेष थी थैंक्स जाओ ये पल यादगार रहेगी
कविता - ऐसे hi आपका प्यार मुझे मिले मुझे और कुछ नहीं चाहिए.
मई - आज यही सो जाओ मेरा बहुत मम है तुम्हे बहो में लेकर सोउ
कविता - मेरे जानू की ये विश भी पूरी करुँगी लेकिन तुम भी अपनी बात पे कायम रहना एन्जॉय कॉलेज टाइम वाली ठीक है no मस्ती ok .
मई - ok मेरी जान .
और मई कविता को बहो में लेकर सो गया .
इधर काव्य के रूम में काव्य रट हुए.
काव्य,- ये मैंने क्या क्र दिया बिना जाने hi टाइगर के उल्टा सीधा सुना दिया . सायद मेरी बातो से नाराज भी hi गया हो मुझे hi कुछ करना होगा नहीं तो टाइगर मुझे कभी नहीं अपनाएगा ,मेरी बातो से उसको कितनी तकलीफ पहुंची होगी .
ये मैंने क्या क्र दिया हे भगवन कोई तो रास्ता दिखाई .
अरे है कल तो उसका बर्थडे है क्यों न मई उसके बर्थडे में hi उसे यादगार गिफ्ट दू .
है ये hi सही रहेगा
यही सोचते हुए वो सो गहि
नोट - जो लोग सुरु से मेरी स्टोरी पढ़ रहे है उनके लिए एक सवाल .
दीपिका कोण है?