Incest The Tiger - Page 4 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 21

इधर मई कॉलेज से निकलने क्र बाद एक पार्क में गया और वाशरूम में जाकर स्कार्फ़ और t-shirt को निकल क्र फेका जो खून से साणे हुए थे .

मई फ्रेश हो क्र फिर से स्कूल वाली शर्ट पहन ली और एक बेंच प्रेस जाकर बैठ गया.

अभी कुछ hi देर मुझे बैठे हुए हुआ था की मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा.

मई - कविता तुम यह.

कविता - है मई तुमने क्या सोचा था तुम्हे कोई पहचान नहीं पायेगा लेकिन क्या करे तुम्हारी इन नीली आखो की वजह सी तुम पकड़े गए.

मई - मुझे किसने पकड़ा hai.(thoda डरते हुए)

कविता - मैंने और कोण होगा जो इन नीली आखो को पहचान paye.(romantic टन)

मई - ओह्ह तुम ने तो मुझे द्र hi दिया था.

कविता - डरा तो तुमने दिया था ,ये बताओ तुम कॉलेज कब आये और तुमने उन्हें इतनी बुरी तरह क्यों मारा,

अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता

मैंने एक नजर कविता की और देखा फिर बोलना सुरु किया.

मई- मई तो रस्ते से hi तुम्हारा पीछे पीछे आ रहा था और मैंने उन्हें इसलिए मारा क्यों की उनकी वजह से तुम्हारे चेहरे की मुस्कान गायब हो गयी थी.

कविता - अगर तुम्हे मेरी इतनी hi फ़िक्र है तो कह क्यों नहीं लेते.

मई - मई क्या कहु.

कविता - देखे मेरी आखो में तुम्हे क्या दीखता है.

मई मजे लेने के लिए खा मुझे तो तुम्हारे आखो में कुछ दिखाई नहीं दिया और न hi कोई कचरा है.

कविता- क्या तुम मेरे आखो में कचरा ढूंढ रहे थे ok तुम कुछ मत खो मई hi कह देती हु ( एक साँस में) टाइगर ी लव यू मैंने जब से तुम्हे देखा है तब से तुम से प्यार हो गया है .मई तुम्हारे बगैर जी नहीं सकती ी लव यू ी लव यू ी लव यू.

फिर जोर से साँस लेने लगी

मई उसे hi देखे जा रहा था कुछ देर फिर अचानक से जोर जोर से हसने लगा.

मुझे हस्ता देख क्र कविता का चेहरा ऐसा हो गया जैसे अभी रो देगी .

मैंने हसना बंद किया और कविता सी खा.

मई - ओह्ह हो अब रो मत देना ,मई तो इस लिए है रहा था की इस तरह भी कोई प्यार का ईशर करता है एक डैम बच्चियों में माफ़िक़ एक डैम एक hi साँस में मई तुम से प्यार करती हु ी लव यू ेट्स ेट्स ये क्या है.

कविता - अब तुम मेरे प्यार का मजाक उदा थे हो .

मई - no बेबी मई तो तुम्हे प्यार सीखा रहा हु.

ये बोल क्र मई उसे गले से लगा लिया.

उसने भी मुझे जोर से अपने बहो में भर लिया.

कुछ देर बाद हम अलग हुए .

मई - प्यार तो मई भी तुम से करता था वो भी बहुत पहले से लेकिन कभी कहने की हिम्मत नहीं हुई डरता था कही तुम बुरा न मन जाओ या कहि बुआ को पता चला तो क्या होगा ऊपर से रिश्ते में तुम बहन लगती हो और जब ये बात दुनिया वालो को पता चलेगा तो क्या होगा.

कविता - अब मई कुछ नहीं जानती माँ से मई बात क्र लुंगी दुनिया वालो को तुम सम्हाल लेना.

मई - बोलना आसान है बेबी, खैर वो सब बाद में सोचेंगे .

अब मेरी बातो को धयान से सुनो हम दोनों की लव स्टोरी के बारे में किसी को पर्स नहीं चलना चाचिये स्पेशली घर में तो और इस बात का द्यायन रखना समझी मेरी जणू .

कविता - समझा गयी मेरे जान लेकिन प्यार किया है तो छुपाना क्यों.

मई - फिर क्र दी न बच्चो वाली बात, मई अभी कद से और दिमाग से hi बड़ा हु लेकिन हु तो स्कूल का स्टूडेंट ,तुम तो कॉलेज में चली गयी हो और तुम्हारा आगे भी हो गया है लेकिन मेरी आगे नहीं हुआ है ये प्यार मोहबत करने के लिए.

जब तक मई कॉलेज में नहीं जाता तुम अपने आप को कण्ट्रोल में रखना.

कविता - मतलब तुम्हारे कॉलेज जाने के बाद hi हमर प्यार सुरु होगा अभी नहीं .

मई कैसे कण्ट्रोल करुँगी मुझसे नहीं होगा.

मई - जैसे अब तक करती आयी हो और थोड़ा बहुत तो चलता hi है .

अब चलो चलते है बहुत समय हो गया है.

कविता - नहीं रुको न अभी तो ठीक से प्यार भरी बाटे भी नहीं की है .

मई - अभी मैंने तुम्हे क्या समझाया है , मई ये सब अपने कॉलेज लाइफ में एन्जॉय करना चाहता हु तो अभी ये सब भूल जाओ.

फिर मई जाने के लिए खड़ा हुआ और कविता को भी चलने को कहा कविता बे मान से उठी और हम निकल गए घर की तरफ...

इधर स्कूल में मुझे क्लास रूम में न पाकर काव्य को बहुत hi गुस्सा आया क्योकि रेखा भी आज नहीं आयी थी.

काव्य - टाइगर तुम्हे मैंने कितना समझाया था की रेखा से दूर रहना लेकिन तुम ने मेरी बात नहीं मणि एक दिन hi तो हुआ था रेखा को तुम से मिले और आज hi तुम ने स्कूल बंक करके कहि घुरा रहे होंगे उस चुड़ैल को .

आज घर पहुंच क्र तुम्हे टाइगर से बकरा नहीं बनाया तो मेरा नाम भी काव्य नहीं.

जब हम घर पहुंचे तो बुआ ने पूछा तुम दोनों एक साथ कैसे तो कविता ने hi जवाब दिया.

कविता - वो माँ मई hi टाइगर को अपने साथ ले गयी थी वो कॉलेज में कुछ काम था.

बुआ - ठीक है चलो जाओ फ्रेश हो जाओ तब तक मई डिनर लगाती हु.

जब हम फ्रेश हो क्र आये उसी वक्त काव्य भी आगयी और आते मुझ पर चढ़ाई करते हुए कहने लगी.

काव्य - आज स्कूल क्यों नहीं आये, खा गए थे तुम, उस चुड़ैल रेखा के साथ थे न मैंने तुन्हे कल कितना समझाया फिर भी तुम ने मेरी बात नहीं मणि समझते क्या हो तुम अपने आप को ,बड़ा आया स्कूल बंक करके लड़की के साथ घूम रहा है.

कविता - बीएस क्र काव्य ये क्या बोले जा रही है तू और ये क्या तरीका है बात करने का.

काव्य - आप चुप दी आप नहीं जानती की आज ये स्कूल नहीं गया था और उस चुड़ैल रेखा के साथ घूम रहा था.

कविता - बीएस करो काव्य , टाइगर आज मेरे साथ गया था कॉलेज ,और तुम ने बिना जाने hi क्या क्या बोल दिया टाइगर की जगह अगर मई होती तो अब तक तुम्हारे गलो पर मेरे उंगलियों के नीसाण होते .

मई - कोई बात नहीं कविता हो जाता है मिसुन्दरस्टण्डींग की वजह से , और वैसे भी मेरा आखरी साल है यह फिर मई अपने घर चला जाउगा तब तुम्हे कोई तकलीफ नहीं होगी मेरी वजह से.

ये बात बुआ ने सुन ली.

बुआ - क्यों जायेगा घर क्या प्रॉब्लम है बताना और किसे तकलीफ है मुझे बता बीटा.

कविता - मई बताती हु माँ और काव्य ने जो भी कुछ खा उसे बता देती है.

बुआ - (गुस्से में) काव्य माफ़ी मांग टाइगर से नहीं तो मुझ से बुरा कोई नहीं होगा.

काव्य सर झुका क्र सॉरी बोल क्र अपने रूम में चली गयी.

बुआ - बीटा काव्य की बातो का बुरा मत मन्ना उसी तरफ से मई तुम से माफ़ी मांगती हु.

मई - बुआ ये आप क्या क्र रही है मुझे कोई बुरा नहीं लगा आप माफ़ी मांग क्र मुझे सर्मिन्दा क्र रहे हो.

फिर हमने साथ में डिनर किया और मई निकल गए अपने अड्डे पे व्ही घाटी की और

रत के 12बजे कोई मेरे रूम में आया और मेरे होठो पे किश किया और बोलै हैप्पी बर्थडे माय जानू िलोवे यू मैंने भी खींच क्र उसके होठो से होठ लगा दिए हमारी किस तब टूटी जब हमारी ससे फूलने को हुई .

कविता - ओह्ह्ह मतलब तुम जग रहे थे .

मई - मुझे मालूम था हर बार की तरह इस बार भी यौम मुझे बर्थडे विश करने जरूर आओगी लेकिन इस बार कुछ न्य जो करना था आज मेरे 18 बर्थडे पे ये मेटि बेस्ट विशेष थी थैंक्स जाओ ये पल यादगार रहेगी

कविता - ऐसे hi आपका प्यार मुझे मिले मुझे और कुछ नहीं चाहिए.

मई - आज यही सो जाओ मेरा बहुत मम है तुम्हे बहो में लेकर सोउ

कविता - मेरे जानू की ये विश भी पूरी करुँगी लेकिन तुम भी अपनी बात पे कायम रहना एन्जॉय कॉलेज टाइम वाली ठीक है no मस्ती ok .

मई - ok मेरी जान .

और मई कविता को बहो में लेकर सो गया .

इधर काव्य के रूम में काव्य रट हुए.

काव्य,- ये मैंने क्या क्र दिया बिना जाने hi टाइगर के उल्टा सीधा सुना दिया . सायद मेरी बातो से नाराज भी hi गया हो मुझे hi कुछ करना होगा नहीं तो टाइगर मुझे कभी नहीं अपनाएगा ,मेरी बातो से उसको कितनी तकलीफ पहुंची होगी .

ये मैंने क्या क्र दिया हे भगवन कोई तो रास्ता दिखाई .

अरे है कल तो उसका बर्थडे है क्यों न मई उसके बर्थडे में hi उसे यादगार गिफ्ट दू .

है ये hi सही रहेगा

यही सोचते हुए वो सो गहि

नोट - जो लोग सुरु से मेरी स्टोरी पढ़ रहे है उनके लिए एक सवाल .

दीपिका कोण है?
 
लेट अपडेट के लिए सॉरी फ्रेंड्स

फॅमिली प्रॉब्लम हो गया था
 
अपडेट 22

अगले दिन मई और काव्य अपने स्कूल चले गए लेकिन कविता जब अपने कॉलेज पहुंची तो यह अलग hi माहौल था गेट के पास hi उसे दीपिका मिल गयी उसने बताया.

दीपिका- ा रे यार तू थोड़ा जल्दी नहीं आ सकती थी.

कविता - क्यों क्या हुआ.

दीपिका - पूछ मत यार जब मई कॉलेज आयी तो यह हर लड़का और लड़की मुझसे पूछ रहे थे की वो कोण था जो तुम लोगो की जान बचाई और मला और कमिश्नर के बेटो को मारा.

कविता- तो तूने क्या कहा वो भी बता दे.

दीपिका - मैंने भी कह दिया मई उसे नहीं जानती और मैंने पहली बार hi उसे देखा वो भी सिर्फ आखे, वो भी नीली आखे.

पुरे कॉलेज में सब की जुबान पर सिर्फ एक hi नाम है नीली आखो वाला.

है मई तो मर मिटी हु यार उस नीली आखो वाला पे ,कास मई दुबारा उसे से मिल पारी.

कविता- तू उस से मिल क्र क्या करेगी.

दीपिका - मई उस से मिल क्र उसे पूरी जिंदगी के लिए अपना बना लगी और उसकी आखो में hi खोई रहूंगी.

यह कविता को थोड़ी जलन हुई लेकिन जाहिर नहीं होने दिया.

बात को टालने के लिए

कविता - ज्यादा दिन में सपने माय देख दिन के सपने पुरे नहीं होते और अब चल नहीं तो लेक्चर मिस हो जायेगा.

दीपिका - ा रे सुन तो एक बात और है की उस लड़के की आखे शामे तो शामे मेरी बहन जैसी है डार्क ब्लू .

कविता- दुनिया में बहुत से लोगो ऐसे होते है और अब तू चल.

कविता से भी कुछ लड़कियों ने पूछा जो दीपिका से पूछा था.

फिर सब नार्मल hi रहा .

इधर स्कूल में हमे पता चला की दो दिन बाद स्कूल की तरफ से पिकनिक में जा रहे है.

काव्य ने भी सोच लिया था की वो उधर hi टाइगर को प्रोपोज़ करेगी.

काव्य रेखा से_

काव्य - क्यों रे कामिनी कल खा मर गयी थी.

रेखा- मम्मी के साथ मां जी के घर गयी थी यार और वह पर मेरे मां के बेटे ने मुझे प्रोपोज़ क्र दिया और मैंने भी एक्सेप्ट क्र लिया .

बहुत अचछा लड़का है यार और अचछे लडके बहुत कम hi मिलते है.

काव्य ( मन में ) चलो इस कामिनी ने पीछा तो छोड़ा टाइगर का, लेकिन कामिनी के कारन मई क्या कुछ नहीं बोल दिया टाइगर को ,कोई बात नहीं सॉरी बोल दूंगी उसको स्पेशल वाला.

रेखा - खा खो कलमुही ,देख मई तो कहती हु तू भी कोई मां - मसि के किसी लोंदे को फसा ले तेरी भी ऐश हो जाएगी.

काव्य- है यार सोच तो मई भी रही हु यार लेकिन वो मुझे भाव hi नहीं देता लेकिन मैंने भी सोच लिया है की अब आर या पर hi होगा.

फिर कुछ खास नहीं हुआ हम घर आये और मई डिनर क्र के मई निकल गया घाटी की तरफ वह पहुंच क्र कुछ उछाल कूद की और बैठ गया नाले के किनारे अभी मुझे बैठे कुछ hi देर हुआ था की झाड़ियों के अंदर से आवाज आ बचाओ कोई है ,नहीं छोड़ दो मुझे बचाओ,

ये आवाज किसी लड़की की थी जो मुझे जनि पहचानी सो लगी मई तुरंत उस और गया वह पहुंच क्र मई देखता हु एक लड़की को निचे सुलाया गया था उसके बदन पर कोई कपडा नहीं था और एक लड़का उसके हाथो को पकड़ा था लड़की रो रही और छूटने की कोसिस क्र रही थी एक लड़का जो अपने जीन्स निकल रहा था .

लड़के का चेहरा देख क्र मई पहचान गया ये तो व्ही लड़का है जिस के साथ बुआ गयी थी.

लड़की का चेहरा मई अभी तक देख नहीं पाया था.

(लड़का जो हाथो को पकड़ा tha-L1, सेकंड लड़का ल2)

मई - छोड़ दो उस लड़की ko,nhi तो बहुत बुरा अंजाम होगा तुम लोगो का .

मेरी आवाज अचानक सुन क्र दोनों तो पहले दर गए फिर बाद में सम्हाल गए

ल1- चल बे निकल यह से नहीं तो तेरी भी मर लेंगे .

ल2- अबे आने दे न हम लोगो के बाद वो भी निपटा लेगा हहआ..

तभी लड़की ने मुझे पुकारा टाइगर मुझे बचा लो प्लीज....

आवाज सुन क्र मैंने उसकी तरफ देख वो लड़की कोई और नहीं समिति बुआ थी.

समिति बुआ को इस हालत में देख क्र मेरा खून hi खोल उठा .

मई तेजी से उनकी और बढ़ा मुझे अपने पास असते देख ल1 ने गन निकल ली और ल2 थोड़ा पीछे हो गया मई ल2 के पास पंहुचा जो अंडरवियर में खड़ा थान एक लत खींच क्र उसके टैंगो के बिच मैं पॉइंट पे मारा वो दर्द से निचे बैठ गया वो सम्हाल पता उस से पहले मैंने एक किक उसके फुट बॉल जैसे सर को दे मारा उसकी गर्दन की हड्डी hi टूट गयी फिर मई पलट क्र ल2 की और बढ़ा

ल2- - रुक जाओ नहीं तो मई गोली चला दूंगा.

उसने गोली चला दी गोली को मई देख प् रहा था जो एक डैम स्लोमोशन में मेरी तरफ आरही थी गोली मुझे छूती उस से पहले मई साइड हो गया उसने दूसरी गोली चलाई वो भी वैसे hi निकली जैसे पहली गयी थी तब तक मई उसके पास पहुंच चूका था मई पहले उसके गन पकडे हुए हाथ को मारा गन दूर झाड़ियों में गिरा मई अभी गन की और देख रहा था की ल2 ने एक पंच मेरे फेस पे मारा लेकिन मुझे कुछ भी नहीं हुआ मई हिला भी नहीं मई उसकी तरफ देख मुस्कुराया और फिर मई एक पंच उसके चेहरे पे मारा वो नहीं गिर गया फिर क्या था बैठ गया उसके साइन पर लगा दिया पूंछो की झड़ी तब तक मरता रहा जब तक की वो बेहोस नहीं हो गया.

फिर मई उसको छोड़ समिति बुआ के पास गया वो अब तक वैसे hi बैठी रो रही थी .

मैंने उन्हें पुकारा तो वो मुझे देखते hi आकर मेरे गले से लग गयी और रोने लगी उसे ये भी होस नहीं था के वो किस हालत में है .

मैंने कुछ देर उन्हें रोने दिया फिर वो बोली -

समिति- ये सब मेरी वजह से हुआ है अगर तुम नहीं आते तो मई किसी को मुँह दिखने के काबिल नहीं रहती.

मैंने उसे संत करने के लिए उसकी पीठ पर हैट rkha,pith पर हाथ रखते hi मेरे सरीर में अजीब सी झुरझुरी हु फिर मेरे साइन के लेफ्ट और राइट में कुछ चुभन सी हुई इसका असर मेरे निचे वाले शेर पर हुआ .

मई अभी न्य न्य hi तो जवानी में कदम रखा था. मई समझ hi नहीं प् रहा था की क्या हो रहा है मेरे साथ .

मेरा हाथ जो समिति बुआ की पीठ पर था वो धीरे धीरे फिसलता हुआ उसकी कमर तक आ गया और मजने भी थोड़ा उत्तेजना में आकर बुआ को कमर से पकड़ क्र अपने से और सत्ता लिया मुझे भी होसे नहीं था की मई क्या क्र रहा हु.

मेरे साइन में जो अहसास हु उसे मैंने बुआ के कण में कह दिया.

मई (धीरे से)- बुआ मुझे कुछ चुभ रहा है .

समिति -और मुझे भी.

ये कह क्र बुआ सरमाती हुयी अपने कपडे उठाने लगी .

मुझे तो कुछ समझ नहीं आया की बुआ को क्या चुभा, यही सोचते हुए मई बुआ को देखा जो झाड़ियों में बिखरे हुए कपड़ो को समेत रही थी.

मैंने पहली बार किसी लड़की को बिना कपड़ो के देखा था उसकी थिरकती गांड जब चलती तो ऊपर नीचे होती और जब कपडे उठाने के लिए झुकती तो ाः पूरी गांड hi बहार निकल जाती और उसके परफेक्ट साइज के बूब्स थे.

बिच बिच में मुझे देख क्र शर्मा जाती फिर वो कपडा लेके झाड़ियों में चली गयी.

सरम तो मुझे भी आणि चाहिए थी लेकिन मई था की फटी हुई आखो से देख रहा था जैसे कोई अजूबा हो.

कुछ देर बाद वो कपडा पहन क्र बहार आयी , पहले मेरी तरफ देखा फिर उसकी नजर कुछ निचे गयी जिसे देख वो शर्मा गयी.

पहले तो मुझे समझ नहीं आया बाद में उसकी नजर का पीछा किया तो पता चला की मेरे पंथ में तम्बू बना था उसे hi देख क्र वो शर्मा रही थी.

मई उसे छुपाने के लिए के लिए पलट क्र आगे चला गया और व्ही नाले के किनारे बैठ गया वो भी मेरे पास एके बैठ गयी .

कुछ देर हम संत बैठे रहे फिर मैंने पूछा तो बुआ आप बताओ की ये सब कैसे हुआ.

कुछ देर बुआ संत रही फिर थोड़ी इमोशनल होकर बोलने सुरु किया

समिति - मई जब कॉलेज ज्वाइन किया तब मेरी दोस्ती वह के कुछ आईएस किस्म की लड़कियों से हो गयी वो लोग बॉयफ्रेंड कपड़ो की तरह बदलती थी जब मई उनसे पूछती तो वो कहती की सब बॉय को सिर्फ लड़कियों का जिस्म से hi प्यार होता है, सब सच्चे प्यार का दिखवा करते है .उन्हें लड़कियों से प्यार नहीं दोनों टैंगो के बिच का द्वार hi चाहिए हटा है.

मैंने भी कह दिया की मई ढूढूगी अपना सच्चा प्यार और इस चक्कर में मैंने 5-6 बॉयफ्रेंड बदल डेल लेकिन कोई सच्चा प्यार करने वाला नहीं मिला .

फिर मैंने सोचा भाड़ में जाये ये सच्चा प्यार मई भी मजे करती हु लेकिन लड़के जब मेरे बदन को टच करते hi जो फीलिंग आती थी वो मुझे अच्छा नहीं लगता था और मई सब कुछ भींच में hi छोड़ क्र आ जाती थी ,उन्ही लड़को ने मुझे बदला लेने के लिए 1लड़के को मुझे झूठे प्यार के जल में फ़साने के लिए कहा वो मुझसे सेक्स करता और फिर मेरा वीडियो बना क्र मुझे ब्लैक मेल करके सभी लड़को के साथ मिल क्र मेरी इज्जत की धजिया उड़ाते.

ये बोल क्र रोने लगी मैंने उन्हें संत कराया फिर वो बोली-

एक दिन मई उसके बुलाने पर उसके रूम में गयी और हम दोनों सेक्स करने के लिए राजी हो गए लेकिन जब उसने मुझे किश किया फिर मुझे व्ही फीलिंग आयी मई वह से भाग आयी .

लेकिन आज उसने मुझे फिर बुलाया और यह ले आये .

ये बोल क्र वो फिर रोने लगी .

मई - अब चुप भी हो जाओ बुआ सब ठीक तो हो गया है न, ओह्ह हो तुम लड़किया भी न कितनी रोटी हो .

समिति बुआ - (थोड़ा मुस्कुरा के) ये तो हमारा हथियार है .

मई भी है दिया और वो भी हसने लगी.

समिति- एक बात और तुम्हे पता है मुझे सच्चे प्यार वाली फीलिंग भी मिल गयी किसी के साथ .

मई - कोण है वो?

समिति - वो कोई और नहीं......
 
अपडेट 23

समिति- एक बात और तुम्हे पता है मुझे सच्चे प्यार वाली फीलिंग भी मिल गयी किसी के साथ .

मई - कोण है वो?

समिति - वो कोई और नहीं तुम हो .

मई - क्या मई.

समिति - है जो प्यार में फीलिंग होती है वो मैंने तुम में महसूस किया और जो तुमने मेरे बदन को छुआ तो ऐसा लगा की मई अपना पूरा ये जिस्म तुम्हारे हवाले क्र दू.

मई - मैंने आपके बदन को कब छुआ.

समिति- यद् करो जब मैंने तुम्हे गले से लगाया था तब नहीं छुआ था क्या और ये बताओ तुम्हे कैसा लगा था उस वक्त.

मई - जब आपने मुझे गले लगाया था तो में जिस्म में भी एक हलचल hi मच गयी थी बुआ.

ऐसा लग रहा था की किसी चीज ने मुझे मदहोस क्र दिया हो और मई क्या क्र रहा हु मुझे पता hi नहीं चला इसी कारन मैंने आपका कमर को पकड़ क्र और कस लिया था पर मुझे ये समझ नहीं आया की मुझे तो आप के ye(boobs की और इसरा) चुभे लेकिन आपको क्या चुभा.

समिति - पहले तो ये मुझे बुआ बोलना बंद करो ,अकेले में मुझे मेरे नाम से hi बुलाना और दूसरी बात क्या तुम्हे सच में मालूम नहीं है या भोले बनने का नाटक क्र रहे हो.

मई - सच में बुआ....

मुझे रोकते हुए

समिति - फिर बुआ बोलै.

मई- सॉरी! , क्या करू आदत हो गयी है.

सच में सससमिता मुझे कुछ भी नहीं मालूम मैंने तो अभी अभी जवानी की दहलीज पे कदम रखा है.

समिति- ये बताओ तुम ने कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या किसी को किश किया है.

मई - मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है (झूट).

यह तक की मेरा कोई बेस्ट फ्रेंड भी नहीं है तभी तो मई यह आता हु (सच).

और रही बात किश की तो मई दीदियो के माँ ,चची ,बुआ सभी के गलो को किश किया हु.

दोस्त नहीं है ये सुन के समिति को बहुत बुरा लगा.

वो सोचने लगी बेचारे का कोई दोस्त नहीं है इसने सालो से अकेला hi रहा है इसी लिए लगता है इसे कुछ भी मालूम नहीं है किश ,प्यार ,सेक्स क्या होता है ये सीखना पड़ेगा इसमें मेरा भी फायदा हो जायेगा.

मई - क्या सोच रही हो समिति .

समिति- यही सोच रही हु की तुम्हे कुछ नहीं आता तो तुम्हे आगे जाकर बहुत hi परेशानी हो सकती है.

मई - क्या परेशानी होगी .

समिति- ा रे इस साल तुम कॉलेज जाओगे वह अगर किसी को पता चला की तुम्हे कुछ नहीं आता तो सब लोग तुम्हारे भोंदू कहेंगे.

क्या तुम्हे कोई भोंदू कहेंगे तो तुम्हे अच्छा लगेगा .

मई - नहीं

समिति - तो मई तुम्हे सब बता और सीखा सकती हु ,क्या तुम सीखना चाहोगे.

मई - है समिति मई सीखूंगा.

समिति - तो उसके लिए मई जो बोलू और जैसे कहु करना पड़ेगा बोलो मंजूर है .

मई - मई वादा करता हु आप जो बोलोगे जैसे कहोगे मई करूँगा.

समिति - ठीक है बाकि बात मई बाद में बता dungi.chalo अब घर चलते है बहुत समय हो गया है

मई - लेकिन स समिति आपके कपडे तो कई जगह से फैट गयी है और गंदे भी हो गए है .

समिति - ओह है ये तो मैंने सोच hi नहीं था .भाभी ने अगर मुझे इस हालत में देख लिया तो 10 सवाल करेगी .

ओह माय गॉड अब क्या कृ

मई - टाइगर अभी जिन्दा है.

समिति- मतलब.

मई - मतलब मेरे रहते आप क्यों चिंता करती है.

ये लीजिये मेरा जैकेट इसे पहन लो और घर में क्या बोलना है इस कांड के बारे में ये आप hi जानो.

फिर हम घर पहुंचे दूर बुआ ने hi खोला .

बुआ - ये तुम दोनों एक साथ और समिति तुम ने टाइगर का जैकेट क्यों पहना है.

समिति - वो क्या है न भाभी मई अपने फ्रेंड के घर से आ रही की ये उधर से खेल क्र आ रहा था तो इसने मुझे अपने साइकिल पर बैठने को खा मई बैठ गयी लेकिन कुछ दूर चलने के बाद इसने मुझे गिरा दिया जिससे मेरे कपडे थोड़ी फैट गयी और गंदे भी हो गए तो मैंने इसके जैकेट मैग क्र पहन ली.

बुआ - कहि लगी तो नहीं न तुम दोनों को

मई- नहीं बुआ कहि नहीं लगी

काव्य जब साइकिल चलनी नहीं आती तो क्यों बैठाया बुआ को.

समिति - अब से इसे चलना मई hi सिखाऊंगी (टाइगर की तरफ देखते हुए किश :girlkiss:ka इसरा किया) क्यों सीखेगा न टाइगर.

मई - है समिति बूत सीखूंगा.

बुआ - चलो जाओ फ्रेश हो जाओ और कपडे भी चेंज क्र लेना गंदे हो गए होंगे.

फिर डिनर करने के बाद बुआ ने धीरे से मेरे कण में खा रत में सब के सो जाने के बाद मेरे रूम में आ जाना.

फिर वो अपने रूम में चली गयी और हम अपने.

मई सब के सोने दोने का इंतजार करने लगा तभी मेरे रूम के दूर पर दस्तक हुई तो मई गेट खोला देख तो कविता थी.

मई - कविका तुम इस वक्त यह क्या क्र रही हो.

कविता - पहले मुझे अंदर तो आने दो और दूर बंद क्र दो .

वो क्या है न तुम्हे देखने का बहुत मन क्र था इस लिए चली आयी.

मई - देख लिया न अब जाओ, अगर कोई आ गया और तुम्ही यह देख लिया तो क्या सोचेगा.

कविता - पहले मुझे गुड नाईट किश दो तभी मई यह से जाउंगी.

मैंने उसके गलो पर किश किया और उसे जाने के लिए कहा.

कविता- ये क्या था .

मई - किश और क्या.

कविता - मुझे गलो पर नहीं होठो पर चाहिए.

मई - देखो कविता मुझे सिर्फ गलो पर hi किश देना आता है लिप्स पर जब सिख जाउगा तब डुंडा पक्का.

कविता - सीखोगे मतलब तुम्हे लिप्स पर किश करना नहीं आता और तुम्हे सिखाएगा कोण .

मई - एक दोस्त है मेरा वो मुझे सब कुछ बताएगा भी और सिखाएगा भी, और जब मई परफेक्ट हो जाउगा तब मई खुद तुह्मे किश के साथ साथ बहुत कुछ करूँगा,

ये बोल क्र मई हलके से उसके लिप्स को चुम लिया.

ये ट्रेलर है आगे पिक्चर बनाऊगा .

अब तुम जाओ .

कविता सरमाती हुयी गुड नाईट बोल क्र निकल गयी

फिर मई सोचने लगा समिति में मुझे क्यों बुलाया है .

चलो चल क्र hi पता करते है.....
 
अपडेट 24

कविता सरमाती हुयी गुड नाईट बोल क्र निकल गयी

फिर मई सोचने लगा समिति में मुझे क्यों बुलाया है .

चलो चल क्र hi पता करते है.

मई समिति के रूम में गया दूर खुला hi हुआ था मई अंदर घुस गया.

समिति - दूर लॉक क्र दो.

मैंने दूर लॉक किया और बीएड के पास जाकर खड़ा हो गया.

समिति- खड़े क्यों हो बैठ जाओ.

मई बैठ गया और उसकी तरफ देखा तो वो कोई बुक पढ़ रही thi.mai उसके चेहरे की तरफ देखा.

उसने भी मेरी तरफ देखा और मेरी आखो में देखने लगी .

वो तो पलके झपकना भी भूल गयी थी.

थोड़ी देर बाद मेरे हिलने सी होस में आयी.

मई - खा खो गयी थी माडेम.

समिति- तुम्हारे इन नीली आखो में.

मुझे ऐसा लगता है की तुम्हारे आखो में कोई जादू है जो भी तुम्हारी इन आखो को देख ले वो तुम्हारी दीवानी हो जाएगी जैसे मई हो गयी हु.

तुम ये किसी दूसरी लड़की को जरूर तरय करना एक बार.

मई - अगर वो लड़की भी मेरी दीवानी हो गयी तो न बाबा न मई नहीं करूंगा.

समिति - हमेसा पागलो जैसे hi बाटे करता है लड़किया तेरी दीवानी होंगी तो तेरी तो ऐश हो जाएगी .

मई- वो कैसे भला.

समिति - मई क्या कृ इस लड़के का कुछ भी नहीं समझता.

देख लड़किया तेरी दीवानी होंगी तो तू जो भी छाए क्र सकता है उन के साथ, तू जो बोल वो करेगी, तेरे लिए कुछ भी क्र देगी इसी को तो कहते है दीवानी समझा.

मई - समझ गया करता हु किसी को तरय, ये सब छोड़िये आप ने मुझे रत में क्यों बुलाया ये बताओ, मुझे सोना भी है सुबह स्कूल जाना है .

समिति - देखो मई तुम्हारे आखो के चक्कर में सब बुल hi गयी थी तुम ने मुझे भी दीवानी बना दिया है .

आज मई तुम्हे किश करना सिखाऊंगी ठीक है.

मई - (कविता को सोचते हुए जो अभी ठोस देर पहले मुझे किश करने को बोल रही थी) है है सिखाओ न.

समिति- पहले मई तुम्हे किश करके बताउंगी फिर तुम करना.

फिर वो धीरे धीरे में पास आयी और मेरे होठो से होठ मिला क्र पहले ऊपर के होठो को चूसने लगी फिर निचे वाले होठो को.

मुझे तो बहुत hi मजा आ रहा था आगे और क्या होगा बीएस यही सोच रहा था.

थोड़ी देर बाद वो अलग हुए.

समिति- कैसे लगा .

मई - बहुत hi अच्छा लगा.

समिति- ये किश की पहली सीधी है.

मई - क्या इस में भी सीधी होती है .

समिति - है आगे आगे देखते जाओ.

अभी मैंने जो किया वो तुम करो और किश को फील भी करना.

मेरा फर्स्ट टाइम था तो थोड़ा हिचकिचाते हुए भी मई समिति के होतो को देखते हुए पास जा hi रहा था की समिति ने मेरे सर पकड़ा और खींच क्र मुझे किश करने लगी.

मई भी उसके होठो को चूसने लगा.

इस बार मुझे और भी मजा आ रहा tha.kya नरम और मुलायम होठ थे समिति के , कभी ऊपर तो खभी निचे, हमारी ससे फूलने लगी तब जेक हमने किश तोड़ो.

हम गहरी सास लेने लगे, वो फिर से मेरे आखो में देखने लगी, मई फिर से उसे होसे में लाया .

मई - खा खो जाती हो समिति .

समिति - तुम्हारे इन आखो में. मई सुच कहती हु तुम्हारी आखो में जरूर कुछ जादू है जिससे मई हमेसा खो जाती हु.

मई - आपका वहां होगा, आखो में भी कोई जादू होता है क्या.

समिति - ा रे मेरी जान प्यार पहले आखो से hi सुरु होता है और दिल में उतर जाता है.

अब तू जा नहीं तो मई आज hi सब कुछ क्र बैठूंगी.

फिर मई बिना कुछ बोले अपने रूम में आ गया और किश के बारे में सोचते हुए सो गया.

अगली सुबह मई स्कूल के लिए रेडी होकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया .

कविता और समिति मुझे देख क्र मुस्कुरा रही थी.

मई भी मुस्कुरा देता था.

समिति को देख क्र रत की बात यद् आयी की मेरे आखो में जादू है तरय तो करना hi है तो मैंने सोच इस नकचढ़ी पर तरय करता हु फिर मेरे आगे पीछे घूमे गई .

ये सोच क्र मई काव्य की तरफ देखा और उसने भी मेरी तरफ देखा अभी मुझे काव्य की तरफ देखते हुए 30 सेक्. भी नहीं हुए की किसी ने मेरे जगह पर चिमटी कटी मई मई चिल्लाया आउच .

बुआ - क्या हुआ बीटा.

समिति - सायद चींटी होगी .

मई - है है बुआ चींटी hi है .

समिति मेरे कण - तुम किसी और पर तरय करो घर की लड़कियों को तो छोड़ दो .

इधर काव्य तो मेरे देखने से होस hi खो बैठी थी मेरे चिल्लाने सी होस में आयी.

काव्य मन में - ये मुझे क्या हो गया था ऐसा क्यों लग रहा था की मई खींची चली जा रही हु टाइगर की तरफ लेकिन ये पागल तो कुछ समझता hi नहीं.

फिर हम स्कूल चलें गए. स्कूल में कुछ खास नहीं हुआ.

स्कूल से घर आकर डिनर क्र के मई निकल गया अपने अड्डे पे

लेकिन मुझे नहीं पता था आज वह कुछ अजीब होने वाला मेरे साथ.....
 
अपडेट 25

मई अपने आड़े पर पहुंच क्र नाले के किनारे बैठ गया और पानी में पतथर मर रहा था की अचानक आवाज आयी

टाइगर.....

टाइगर.....

टाइगर......

क्या तुम मुझे सुन प् रहे हो टाइगर.

मई थोड़ा दर गया और इधर उधर देखा कोई भी नहीं था, आवाज तो मेरे पास से hi आ रही थी.

मई कोण है सामने आ जाओ नहीं तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा.

फिर आवाज आयी मई तो तुम्हारे अंदर हु मुझे इधर उधर खा ढूंढ रहे हो.

क्या तुम मुझसे मिलना चाहोगे ,डरोगे तो नहीं न.

मई - है मिलना चाहता हु और मई डरूंगा क्यों .

दर तो लग रहा था की कोण हो सकता है ,

देख लेता हु जो होगा उसका बाद में सोचेंगे.

आवाज - हस्ते हुए ठीक है तो अपने कमर के ऊपर से नंगे हो मतलब कमर के ऊपर के जितने भी कपडे पहने है सब उतर दो.

मई - ऐसे कैसे उतर दू तुम क्या करने वाले तो और यह ठण्ड भी है.

आवाज - मुझे बहार निकलना है इस लिए तुम्हे अपने कपडे उतरने होंगे .

फिर मैंने अपने कपडे उतर दिए थोड़ी ठंडी लग रही थी .

कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ की मेरी पीठ पर कुछ हो रहा है .

मई समझ नहीं प् रहा था की क्या हो रहा है .फिर मुझे एक जोर का झटका लगा.

मई खड़ा था झटका लगने के कारन मई आगे खिसक क्र झुक क्र खड़ा हो गया.

अचानक मेरे पीछे से किसी शेर के दहाड़ने की आवाज आयी मई पलट क्र देखा तो एक नीले रंग का शेर मेरे सामने खड़ा था .

मैंने शेर तो देखे थे वो भी ज़ू में मगर नीले रंग का पहली बार देख रहा हु इस लिए मुझे दर भी लग था इतने पास शेर जो था .

फिर भी मई उस से पूछा कक कोण हो तू और मुझसे क्या चाहते हो.

शेर - पहले डरना बंद करो और मेरा नाम है शेर सिंह .

मई - क्या ! शेर सिंह तो मेरा भी नाम है .

शेर- पता है मुझे सब पता है और तुम मेरे hi रूप हो जो इंसानी जन्म लिया है .

मई - आप क्या बोल रहे है मेरे तो समझ से hi बहार है और तुम तो मेरे सामने खड़ा हो तो मई तुम्हारा इंसानी जन्म कैसे हुआ.

शेर - मई तो एक ाँस मात्रा hi हु मेरा अस्तित्व तुम से hi है .

ठीक है तो मई तुम्हे पहले अपने बारे में बताता हु फिर तुम्हारे बारे के बताऊंगा तब तुम समझ जाओगे.

नोट- यह पर एक छोटा फ़्लैश बैक होगा जो थर्ड पर्सन की जुबानी होगी.

यह से हजारो प्रकाश वर्ष दूर एक ग्रह है जिसका नाम नील ग्रह है.

(दोस्तों आप तो जानते hi है नील ग्रह कैसा है तो नहीं लिखूंगा.)

वह का मई सम्राट था इतना सक्तिसाली की कोई भी मुझे से टकराने की कोसिस नहीं करता था नील ग्रह hi नहीं बल्कि आस पास के जितने भी ग्रह के राजा थे सब मेरी जय जय कर करते थे .

व्ही एक डस्ट राजा भी था जो जिब्रान में प्लेनेट रहता था नाम भी जिब्रान hi था, वो बहुत hi खतरनाक था , सैतानी ताकतों का स्वामी था.

वो किसी को मरता नहीं था बल्कि पूरा का पूरा ग्रह hi नस्ट क्र देता था और किसी वो पता hi नहीं चलता की कैसे उनका ग्रह नस्ट हो गया क्योकि सब कुछ प्रक्रियिक तरीके से होता था की इस बात पर कोई धयान hi नहीं देता था.

ग्रहो के नस्ट करने के बदले सैतान उसकी जीवन को बढ़ता था.

लेकिन 4-5 सालो में 2-3 ग्रह नस्ट हो गए थे जिससे आस पास के ग्रहो के राजाओ ने सम्राट शेर सिंह को इस बात का पता लगाने को कहा.

शेर सिंह- ठीक है सम्राट होने के नाते मई इस बात की वजह पता करता हु.

शेर सिंह ने अपनी ताकत की सहायता से पता लगाया की ये काम जिब्रान का hi है .

फिर उसने जिब्रान ग्रह पर हमला क्र दिया ,

सैतानी ताकतों और सचाई की ताकतों में घमासान युद्ध हुआ लेकिन जीत सचाई की हुई और जिब्रान को कैद क्र लिया गया क्योकि उसे मारा नहीं जा सकता था ,सैतान ने उसे कई वर्ष जीने का वरदान दिया था इस लिए शेर सिंह ने उन्हें उसके hi ग्रह में कैद क्र दिया.

पर ज्यादा समय के लिए नहीं क्यों की सैतान ने उसे आजाद करा दिया था और ये बात शेर सिंह को मालूम नहीं हुआ.

सैतान ने जिब्रान को बताया की शेर सिंह की ताकत के रहते तुम उसका कुछ नहीं बिगड़ सकते इस लिए तुम्हे सब से पहले उसकी ताकत को hi पाना है और उसके लिए तुम्हे कुछ भी करना पड़े करो,

उसने कई अलग अलग जगहों से बहुत सी ताकत हासिल की है सबसे बड़ी ताकत है उसकी तलवार उसे पाने के बाद धीरे धीरे सभी ताकत तुम को हासिल हो जाएगी.

शेर सिंह को बहुत सालो बाद बाद पता चला की सैतान ने जिब्रान को आजाद करा दिया है और वो उसकी ताकत को किसी भी कीमत पर हासिल करना चाहता है .

इस बात की चर्चा उसने अपने राज गुरु से की और इस समस्या का कोई समाधान निकलने को खा.

बहुत hi सोच विचार करने के बाद राजगुरु ने शेर सिंह को बताया की तुम्हारी साडी सक्तियो को 9 भागो में बता जायेगा और तुम्हे यह मूर्ति के रूप में समाधी लेनी होगी और तुम्हारी आत्मा इस ग्रह की रकछा करेगी जब तक के तुम्हारा पुनर्जन्म न हो.

मूर्ति यह सचाई का प्रतिक बनेगी और यह के हर लोगो में चिन्ह के रूप में रहेगा.

लेकिन जैसे hi तुम्हारी आत्मा नए सरीर में प्रवेश करेगी इस ग्रह का सुरक्छा कवच टूट जायेगा, इस लिए तुम समय देख क्र hi नया सरीर धारण करना.

फिर शेर सिंह ने अपने सक्तियो के 9 हिस्से किये, सभी को किसी न किसी रूप में अलग अलग जगहों पर सुरक्छित रखा, और खुद मूर्ति के रूप में समाधी ले ली और उसकी आत्मा मूर्ति में रह कर ग्रह की रकछा करने लगी .

इधर जिब्रान को जब ये बात पता चला की शेर सिंह ने अपनी ताकत को कहि छुपा दिया है और खुद समाधी ले ली है तो वो उसके पुनर्जन्म की रह देखने लगा और ज्यादा से ज्यादा अत्याचार करने लगा ताकि शेर सिंह जल्दी hi फिर से जन्म ले क्यों की साडी सक्तियो के बारे में सिर्फ शेर सिंह hi जनता था

वो समय भी आ घ हजारो सालो बाद जिब्रान के अत्याचारों को देखते हुए शेर सिंह ने पुनर्जन्म ले लिया राजा सेज़ेन्डर के शासन कल में

तो बे कॉन्टिनोएड
 
अपडेट 26

वो समय भी आ घ हजारो सालो बाद जिब्रान के अत्याचारों को देखते हुए शेर सिंह ने पुनर्जन्म ले लिया राजा सेज़ेन्डर के शासन कल में.

इधर जिब्रान को भी सैतान ने बता दिया था की तुम्हारा काल ने जन्म लेने वाला है. सेज़ेन्डर के घर में .

जिब्रान - जन्म तो तब लेगा जब वो लोग रहेंगे.

मई वो पूरा नील ग्रह hi नस्ट क्र देता हु और फिर सैतानी सकती नील गृह पर छोड़ दी और धीरे धीरे नील ग्रह नस्ट होने लगा.

प्रेजेंट टाइम

शेर - ये थी मेरी कहानी और अब तुम अपने बारे में जान लो .

यह आओ मेरे पास और मेरे मस्तक पर हाथ रखो तुम्हे सब पता चल जायेगा.

फिर मई शेर के मस्तक पर हाथ रखता हु और मुझे सब दिखाई देने लगता है की कैसे नील ग्रह नस्ट होने के कगार पर था और मेरे माता पिता ने मुझे यह पृथ्वी लोक में सीधे आरती माँ के गर्भ में भेजा और मई पैदा हुआ, और मैंने हाथ हटा लिया .

शेर- तो अब तुम जान hi गए होंगे की तुम कोण हो.

मई - मतलब मई तुम्हारा hi पुनर्जन्म हु और इंसानी दुनिया में पैदा हुआ हु.

ये बताओ नील ग्रह में क्या मेरे माता पिता भी नहीं रहे.

शेर - नील ग्रह में जीवन पूरी तरह नस्ट हो गया है वो आग का गोला बन गया था जो अब ठंडा हो गया है और सिर्फ बर्फ hi बर्फ है.

लेकिन तुम्हारे पिता में कुछ और hi सोच रख था उसने तुम लोगो को दूसरी दुनिया में भेजने के बाद तुम्हारी माताओ के दिमाग से सब कुछ हटा क्र उन्हें भी नील ग्रह नस्ट होने के कुछ hi छड़ पहले उन्हें भी अपने बच्चो के पास उसी दुनिया में भेज दिया.

मई - मतलब मेरी माँ और बहनो इसी दुनिया में है तो मई उन्हें ढूढूंगा कैसे.

शेर - है तुम्हारी माँ और बहन इसी दुनिया में है और बाकि माँ और बहन दूसरी दुनिया में और रही तुम्हे उन्हें ढूढने की बात तो वो लोग तुम्हे सही वक्त पर खुद hi मिल जायेंगे पर उन्हें कुछ यद् नहीं होगा.

मई - ठीक है जैसा आप कहे लेकिन वो जो सक्तियो को आपने छुपाया है वो खा पर है .

शेर- सक्तियो को तुम खुद hi ढूँढोगे कुछ तो तुम्हे आसानी से प्राप्त हो जाएगी और कुछ में तुम्हे म्हणत करनी पड़ेगी.

मई- तो मुझे कब से सक्तियो की खोज करनी होगी .

शेर - अभी उसके लिए समय नहीं आया है .तुम सिर्फ अभी तलवार की hi खोज kro,Jo तुम्हे यही से प्राप्त होगा उस से पहले तुम्हे अपनी बहन के साथ सम्भोग करना होगा क्यों की उसके अंदर की सकती भी तुम्हे मिलेगी तभी तुम तलवार को छू पाओगे.

मई - लेकिय मई कैसे अपनी बहन के साथ सम्भोग करूँगा ये पाप नहीं होगा.

शेर- हाहाहा (है क्र) ये इस दुनिया में पाप मन जाता होगा लेकिन हमारी दुनिया में यही सबसे पुण्य मन जाता है ,मैंने भी अपनी बहन से विवाह किया था और तुम मेरे hi वंसज में सी हो और तो और तुम्हारे माता पिता भी आपस में भाई बहन hi थे ये परंपरा तो हमारे नील ग्रह में सदियों से चली अस रही है तो तुम्हे भी इसका पालन करना होगा और वैसे भी कविता तो रिश्ते में तुम्हारी बहन hi है.

मई - आप कविता के बारे में कैसे जानते है और मई उससे प्यार करता हु .

शेर - तुम भूल रहे हो मई भी तुम्हारे सरीर में hi रहता हु और मई तो तुम्हारा रिस्ता hi बता रहा हु, तुम अपने बाकि के बहनो से भी प्यार करो .

मई - लेकिन क्या वो लोग तैयार होंगे .

शेर- तुम्हे तैयार करना होगा ,अपने प्यार के बल पे इस में तुम्हारी आखे तुम्हारी मदद करेगी क्यों की तुम्हारी आखो में सम्मोहन की सकती है जो भी देख वो बस तुम्हे पाना चाहे.

और जो तुम सिख रहे हो उसे जल्दी पूरा करो आगे तुम्हे इसकी बहुत जरुरत पड़ेगी .

बाकि मई समय आने पर तुमको बताउगा ..

फिर शेर वापस मेरे अंदर आ गया और टैटू बन गया .

मई जो भी अभी हुआ उसे कुछ देर बैठ सोचता रहा फिर घर की तरफ निकल गया .

घर पहुंच क्र मैंने थोड़ी देर पढाई की फिर डिनर के लिए आज्ञा.

डिनर करने के बाद आज फिर मुझे समिति ने अपने रूम में बुलाया था.

सब के सोने के बाद पहले कविता मेरे रूम में आयी अपना गुड नाईट किश लेने.

मई पहले सी hi तैयार था मैंने उसे ऐसा किश किया की वो कहने लगी

कविता- वह क्या किश किया तुम दुहरे दोस्त ने तो अचछा सिखाया है. मई भी तुम्हारा किश देख क्र सिख गए और क्या सिखाया है .

मई- अभी तो बस इतना hi सिखाया है .

उसके बाद वो चली गयी फिर मई भी निकल गया समिति के रूम में दूर लॉक किया और जेक बीएड पर बैठ गया .

आज समिति मेरा hi इंतजार क्र रही थी .

समिति - तो टाइगर आज कुछ न्य सीखना चाहोगे .

मई है में सर हिला दिया .

समिति- तो कल जो सीखा वह से सुरु करते है आज रत हमारे पास काफी टाइम है क्यों की कल संडे है.

मई - है वो तो है फिर मंडे से मई पिकनिक के लिए जा रहे है दो दिन के लिए .

समिति - ठीक है तो सुरु करो .

फिर मई समिति को किश करने लगा तभी और वो भी मेरा रिस्पांस देने लगी वो मेरे होठो को छोड़ने को तैयार नहीं थी और मई उसके.

हमारी सांसे जब उखाड़ने लगी तब हम अलग हुए .कुछ देर तक हम लम्बी लम्बी साँस लेते रहे नार्मल होने तक.

समिति - अब हम आगे बढ़ते है .

फिर समिति ने अपना टॉप उतर दिया , मैंने देखा की डिजाइनिंग ब्रा में कमल की लग रही थी फिर हाथ को पीछे ले जा क्र ब्रा भी उठा दिया.

मेरी तो आखे hi जैम गयी थी क्या बूब्स थे यार .

समिति- कैसे लगे मेरे बूब्स ुम्हे पसंद आयी.

मई कुछ नहीं बोलै बीएस देख hi रहा था , समिति ने मेरे हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पर रख दिया और बोली .

समिति - छू क्र फील करो उसके बाद हलके हलके दबाओ.

मैंने भी छू क्र देखा अह्ह्ह कितने सॉफ्ट और नरम थे मैंने उसे हलके से दबाया समिति की सिसकिया निकल गयी बूब्स के बिच में छोटा है अंगूर के डेन जैसे उसके निप्पल मन किया चूस लू .

समिति - इसे दोनों उंगलियों में ले क्र रगड़ो और फिर उसे अपने मुँह में ले क्र चुसो जैसे बचपन में अपनी माँ का निप्पल चूसा था.

मैंने वैसा hi किया उंगलियों से निप्पल को रगड़ा और फिर उसे मुँह में लेकर चूसा कभी लेफ्ट तो कभी राइट मुझे बहुत मजा आ रहा था मई बता नहीं सकता समिति मेरा सर को पकड़ क्र अपने बूब्स पर दबाने लगी और बोलने लगी.

समिति- ाः चुसो जोर से सीसस ाः और जोर से खा जाओ मेरे बूब्स को अह्हह्ह्ह्ह.

और समिति कुछ देर बाद कपट हुए संत हो गयी .

मई उसके बूब्स चूसने में खो hi गया था मैंने निप्पल को चूस क्र गुलाबी से लाल क्र दिया था.

समिति - बीएस भी करो मेरे बूब्स को hi उखड डोज क्या.

फिर मई उसके बूब्स के ऊपर से हटा .

समिति - अब तुम खड़े हो जाओ तुम ने मुझे मज़ा दिया है अब मई तुम्हे दूंगी, क्या तुम तैयार हो मज़े के लिए.

मैंने सिर्फ है में सर हिला दिया.

समिति- तो चलो अपना पैंठ उतरो .

मई क्या मई क्यों पैंठ उतारू वो भी आप के सामने .

समिति- देखो इसमें सर्मना कैसा और सरम तो लड़कियों को आती है ,मज़े लेने है तो ये तो करना hi पड़ेगा.

फिर भी मई चुप चाप खड़ा रहा.

समिति- लगता है ये भी मुझे hi करना होगा.

फिर समिति मेरे पास आयी और घुटनो के बल खड़े हो क्र मेरी पैंठ के हुक निकलने लगी और फिर पैंठ निचे क्र दिया.

समिति- अंडरवियर में तो बड़ा hi तम्बू लग रहा है.

फिर अंडरवियर को जैसे hi उतरा उसने अपने खुले मुँह पे हाथ रख लिया और थोड़ा पीछे हो गयी .

मई क्या हुआ तुम पीछे क्यों हट गयी और अपने मुँह पे हाथ क्यों रख लिया .

समिति- ये क्या है इतना बड़ा और मोटा

क्या किसी का हो सकता है .

मई - मेरा तो इतना hi बड़ा है मैंने थोड़ी न किसी और का देखा है लेकिन तुम जैसे बोल रही हो इस के हिसाब से तुम ने बहुत से लुंड देखे है .

समिति- है देखे है मेरे 2-3 बॉयफ्रेंड के ुका तो इस से आधा hi था और पोर्न मूवी में भी देखा है उनका लम्बा रहता है लेकिन मोटा नहीं.

मई - जो भी है मेरा यही है तुम hi जानो अब क्या करना है.

फिर कुछ देर बाद समिति ने हाथ आगे बढ़ा क्र मेरा लुंड पकड़ा ,लुंड को पकड़ते hi लुंड ने ठुंकी मरी फिर उसको आगे पीछे करने लगी .लुंड तो उसकी मुट्ठी में भी नहीं आ रहा था.

समिति - मेरे ख्याल से तुम्हारा लुंड 8इंच लम्बा और 3 इंच से जयादा मोटा hi होगा और ये बता तूने अभी तक इसके साथ कुछ किया hi नहीं है क्या.

मई - नहीं किया है कुछ भी मई तो सिर्फ इस से सुसु hi करता हु और क्या करूंगा.

समिति - ा रे मेरे बोले सनम कभी मुट्ठी नहीं मरी क्या या इंग्लिश में क्या कहते है है हैंड जॉब वगैरा कुछ नहीं किया क्या.

मई - ये सब क्या होता है मुझे कुछ नहीं पता मैंने कभी नहीं किया ये सब .

समिति - है पता तो चल रहा है और मई तुम्हे बताउंगी की ये सब क्या होता है.

तो बे कॉन्टिनोएड.....
 
अपडेट 27

मई - ये सब क्या होता है मुझे कुछ नहीं पता मैंने कभी नहीं किया ये सब .

समिति - है पता तो चल रहा है और मई तुम्हे बताउंगी की ये सब क्या होता है.

देखो मई जो अभी क्र रही हु न ये जो तुम्हारा लुंड को हिला रही हु उसे मुठ मरना या हैंड जॉब कहते है और अब मई तुम्हे ब्लो जॉब दूंगी .

ये कह क्र समिति ने मेरे लुंड को मुँह में लेकर चूसना सुरु क्र दिया.

मई बता नहीं सकता मुझे कितना अच्छा लग रहा था.

समिति पूरा मन लगा क्र मेरा लुंड चूस रही थी किसी माहिर खिलाडी की तरह, मई तो आनंद के सागर में गोते लगा रहा tha.fir उसने मेरे लुंड को मुँह से निकला और खा.

समिति- अब माउथ फूकिंग बताती हु,

अपने लुंड को मेरे मुँह में दाल क्र लुंड को मुँह के अंदर बहार करना , लेकिन पूरा मत डालना तुम्हारा लुंड बड़ा है, मई जितना कहु उतना hi डालना,

चलो ान डालो.

मई अपना लुंड पकड़ क्र उसके मुँह में धीरे धीरे दाल रहा था अभी आधा hi डाला था की समिति ने रुकने का इसरा किया और खुद hi मेरे कमर को पकड़ क्र आगे पीछे करने लगी मई भी समझ गया मुझे क्या करना है फिर मई hi आगे पीछे करने लगा, मुझे भी बहुत मजा आ रहा था , मुझे बहुत hi उत्तेजना महसूस हो रही थी मई समिति का सर पकड़ लिया और तेजी से लुंड अंदर बहार करना लगा लुंड बहुत hi तित लग रहा था जैसे और जायदा फूल गया ho,Mai अब समिति की कोई परवाह नहीं क्र रहा, सही बात तो ये था की मुझे कोई होस hi नहीं था मई बीएस उसके मुँह में लुंड को अंदर बहार क्र रहा था मई उसके सर को कस क्र पकड़ लिया और कुछ और धक्को के बाद मई उसके मुँह में एक जोर का ढाका मारा मेरा पुरे लुंड समिति के मुँह में घुसा दी और ऐसा लगा की मेरे पुरे सरीर की जान निकल रही हो.

मेरे लुंड सी एक के बाद एक 7-8 पिचकारी निकली जो सीधा समिति के गले के निचे चली गयी कुछ देर बाद समिति ने जोर से मुझे पीछे धकेला और खुद खासते हुए जोर जोर से लम्बी लम्बी साँस लेने लगी.

जब कुछ नार्मल हुए तो,

समिति- मुझे मरने का इरादा था क्या , मैंने तुम्हे पहले hi खा था पूरा मत डालना और धीरे धीरे hi करना लेकिन तुम ने तो मेरी जान hi निकल दी हे भगवन आप hi बचाना ऐसे लोगो से

मई - सॉरी समिति एक्ससिटेमेंट की वजह से हो गया दुबारा नहीं होगा प्रॉमिस.

समिति - चलो कोई बात नहीं तुम्हारा भी फर्स्ट टाइम था और मेरा भी it's ok.

मई क्या तुम्हारा भी फर्स्ट टाइम tha,kya तुम ने अपने बॉयफ्रेंड का नहीं किया.

समिति - ोये मेरे बोले सनम मई क्या तुम्हे ऐसी वैसी लगती हु क्या मन की मैंने कई बॉयफ्रेंड बनाये है पर तुम्हे बताया था न की मेरे बॉडी को छूटे hi मेरी साडी फीलिंग चली जाती थी लिए मई अभी तक पूरी तरह वर्जिन हु समझे .

अब तो मई तुम्हारी विर्जिनिटी लुंगी और तुम मेरी.

मई - मतलब.

समिति - ओह्ह क्या कृ मई इस लड़के का ताकत तो भरपूर है मगर दिमाग जीरो है.

मोबाइल है न तेरे पास उसमे पोर्न मूवी सर्च करना और सब देख और सिख लेना नेक्स्ट टाइम काम आएगा.

चल अब जा बहुत टाइम हो गया है.

लास्ट और फाइनल काम तेरे पिकनिक से आने के बाद करेंग.

फिर मई अपने कपडे पहन क्र अपने रूम में आ गया और थकन के कारन सो गया.
 
सॉरी फ्रेंड छोटा अपडेट के लिए मई थोड़ा बिजी hu:smile:😄
 
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