Incest Story EK MAA PART-2 - Page 3 - SexBaba
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Incest Story EK MAA PART-2

अपडेट-14




निधि- तुम्हारी माँ तो दीपा जी ह न

ह्रदय- ये एक और राज मुझे पता चला ह की दीपा माँ मेरी रियल माँ नहीं ह,

निधि- फिर

ह्रदय- मेरी माँ का नाम रूचि ह और पिता तुषार

निधि- तुम्हे कैसे पता

ह्रदय- जब मैंने अपने पिता को ढूंढ़ने का फैसला किया तो मैंने घर में खोजना शुरू किया ताकि उनके बारे में कोई जानकरी मिल सके, तो मुझे माँ की दो ईद मिली एक दीपा के नाम से और दूसरी रूचि के नाम से,

निधि- तुम्हारी माँ का नाम दीपा ह न, फिर रूचि कैसे

ह्रदय- माँ ने बताया था की उनके डाक्यूमेंट्स में उनका नाम रूचि ह, इसलिए मेरी माँ का नाम रूचि hi लिखा गया ह, लेकिन अगर उनका नाम रूचि ह तो दीपा के नाम की ईद क्यों,

निधि- ये तो बड़ी विचित्र बात ह,

ह्रदय- है मैंने फिर दोनों ईद चेक कराइ तो पता चला रूचि नाम की ईद फेक ह, उनकी असली ईद दीपा की hi ह, और उन्होंने जहा भी अपनी ईद उसे की ह वो दीपा नाम वाली hi की ह, मतब वो रूचि नाम की ईद बस मुझे दिखने के लिए ह,

निधि- वो ऐसा क्यों करेंगी, ऐसी क्या मज़बूरी हो सकती ह,

ह्रदय- मैंने इंटरनेट पैर सब कुछ ढूंढा लेकिन कुछ नहीं मिला, लेकिन एक चीज हासिल हुई दीपा माँ की ईद जिसमे उनके पिता का नाम राजेश ह, लेकिन एड्रेस हिमाचल का ह तो खास जानकरी नहीं मिल पाई, और वो हिमाचल वाला घर किसी ान

तभी वह बाथरूम में रखा हुआ लैंडलाइन फ़ोन बज उठा जिससे ह्रदय चुप हो गया,

निधि ने हाथ आगे बढ़ा क्र फ़ोन उठाया,

निधि- hello

उधर से कुछ कहा गया,

निधि- है मैं शावर ले रही थी, इसलिए मोबाइल नहीं उठा पाई, बोलो क्या हुआ

उधर से कुछ कहा गया,

निधि- ओह्ह्ह लेकिन इतनी जल्दी कैसे

निधि ने उठने की कोशिश की लेकिन मुँह से दर्द भरी चीख निकल गई,

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

उधर कुछ कहा गया

निधि- कुछ नहीं मैं इस वक़्त आने की हालत में नहीं हु,

उधर से कुछ कहा गया

निधि- ठीक ह मैं भेजती हु किसी को

उधर से कुछ कहा गया

निधि- तुम एड्रेस मेरे मोबाइल पैर भेजो,

इतना बोल क्र निधि ने फ़ोन रख दिया

ह्रदय- क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या

निधि- है मेरे एक स्टाफ को हेल्प चाहिए, और मैं जा नहीं सकती

ह्रदय- मैं चला जाता हु

निधि- लेकिन मैं तुम्हे कोई काम कैसे बता सकती हु

ह्रदय- आप मेरी हेल्प क्र रही हैं मैं आपकी क्र देता हु,

निधि- तुम कितने अच्छे हो,

दोनों बाथटब से बहार निकले ह्रदय ने दोनों को टॉवल से पोछा फिर निधि को गॉड में उठा क्र रूम में लाया और बीएड पैर लिटा दिया,

निधि ने ह्रदय को एक एड्रेस दिया और अपनी कार की चाबी दी, और कुछ समझा दिया,

ह्रदय तुरंत गाड़ी लेकर निकल गया, और बताये हुए एड्रेस पैर पहुंच गया,

जब गाड़ी से उतरा तो सामने कड़ी थी वन्य,

ह्रदय- आप यहाँ

वन्य- मैं भी सरप्राइज हु आप यहाँ

ह्रदय- मुझे निधि जी ने भेजा ह

वन्य- वो मेरी बॉस हैं,

ह्रदय- व्हाट ा कोइंसिडेन्स, तो कल आप निधि जी से hi मिलने आई थी

वन्य- है जी

ह्रदय- कमल ह मैं भी उन्ही से मिलने आया था,

वन्य- कमल हो गया ये तो

ह्रदय- है, लेकिन आप ये रात में hi क्यों फस्ती हैं,

वन्य- प्रॉब्लम बता क्र नहीं आती,

ह्रदय- आप इतना सामान लेकर निकली hi क्यों, और टेक्सी वाला आपको यहाँ क्यों छोड़ गया, मंजिल तक क्यों नहीं पहुंचाया,

वन्य- मैं तो रूम देख रही थी, लेकिन कोई भी सही सस्ता रूम नहीं मिला यहाँ, तो इधर आ गई, टेक्सी वाला बोलै इस इलाके में अंदर नहीं जा सकता, ये खतरनाक ह, मैंने उसे बोलै मुझे वापस ले चले लेकिन वो भाग गया, मैंने ऑनलाइन काफी काबे बुक की लेकिन कोई भी इधर नहीं आया, फिर मुझे दर लगने लगा तो निधि मम को कॉल की,

ह्रदय- आपको सुबह से कोई होटल नहीं मिला

वन्य- मुझे काफी लम्बे समय तक रुकना ह तो सस्ता रूम ढूडन रही थी, लेकि आप यहाँ कैसे

ह्रदय- मैं निधि जी के साथ hi बैठा था, उनके पेअर में चोट थी वो चल नहीं प् रही थी तो मुझसे बोलै तो मैं आ गया, खैर आप चलिए मेरे साथ मैं कुछ करता हु, गाड़ी में बैठिये,

वन्य गाड़ी में बैठ गई, ह्रदय ने सामान गाड़ी में रखा और दिया को कॉल मिलाया,

ह्रदय की कॉल देख क्र दिया ख़ुशी से उछाल पड़ी,

दिया- hello आज तो आसमान मेरे उप्पेर hi न गिर जाये, आपने मुझे कॉल की,

ह्रदय- बस दोस्त की याद आई तो कर ली कॉल

दिया- ये तो मेरी खुशनसीबी ह,

ह्रदय- एक हेल्प चाहिए आपसे,

दिया- है है बोलो मुझे ख़ुशी होगी

ह्रदय- मेरी एक दोस्त ह उसे चंडीगढ़ में कोई सस्ता सा रूम चाहिए, कोई होटल में या रेंट पैर हो, या किसी गर्ल्स हॉस्टल में हो,

दिया- बस इतनी सी बात कहा ह तुम्हारी दोस्त

ह्रदय- मेरे साथ

Diya-aur आप कहा हैं,

ह्रदय- बस आपके घर से लगभग 2 कम दूर हु

दिया- क्या आप चंडीगढ़ में हैं

ह्रदय- है जी

दिया- और मुझे बताया भी नहीं

ह्रदय- आज hi आया हु

दिया- आप घर आ जाइये

ह्रदय- इस वक़्त नहीं फिर कभी आऊंगा,

दिया- ठीक ह मैं आ रही हु आप घर के बहार मिलिए,

ह्रदय- आप पैदल hi आ जाना गाड़ी ह मेरे पास

दिया- ok

दिया तुरंत उठी और जल्दी जल्दी से कपडे चेंज किये और बिना कुछ बताये घर से निकल गई,

वन्य- आपने अपनी दोस्त से हेल्प क्यों मांगी, निधि मम ने तो आपको जगह बताई होगी न कहा भेजना ह

ह्रदय- है बताई थी लेकिन उनकी बताई हुई जगह बहुत hi महंगी थी, और उसमे बहुत खर्चा हो जाना था, मैं आपको एक सस्ती और सेफ जगह का ाररेंग्मेंट करा दूंगा,

वन्य धीरे से मुस्कुरा दी,

ह्रदय की गाड़ी घर के बहार आ गई, ह्रदय ने खुद उतर क्र दिया के लिए पीछे का दरवाजा खोला,

दिया- ठंकु

दिया ने वन्य को देखा उसे देख क्र दिया को जलन सी हुई, इतनी खूबसूरत लड़की ह्रदय के बराबर में बैठी ह,

वन्य ने दिया पैर धयान दिया और पहेली hi नजर में उसकी जलन को पहचान गई, वो फिर से मुस्कुरा दी,

दिया- आप तो किसी से दोस्ती करते hi नहीं फिर इतनी जल्दी आपकी ये कोण सी दोस्त आ गई

ह्रदय- रात hi बानी हैं,

दिया- रात में

ह्रदय ने दिया को रात की घटना बताई,

दिया- ok,

फिर दिया ने एक दो कॉल्स की और किसी से बात की,

दिया- लो हो गया इंतजाम, ये बताओ किसी के यहाँ पेइंग गेस्ट बनोगी या हॉस्टल में रहोगी, हॉस्टल में रूल होंगे लेकिन यहाँ पेइंग गेस्ट में कोई रूल्स नहीं ह, बस लड़के घर नहीं ला सकती बाकि तुम कही भी घूमो,

वन्य- मैं लड़को से दूर hi रहती हु, और घूमना मुझे खास पसंद नहीं, फिर भी पेइंग गेस्ट ठीक रहेगा, कोई फॅमिली वाला आता ह तो साथ में रह सकता ह न

दिया- एक रात में दोस्ती क्र ली और बोलती ह लड़को से दूर रहती ह,

ये बात दिया ने धीरे से बोली लेकिन वन्य ने सुन ली,

दिया उन्हें एक एड्रेस पैर लेकर गई, अछहि जगह थी

दिया- ये मेरी एक क्लास मात का घर ह, यहाँ वो और उसके माँ डैड रहते हैं, उप्पेर का घर खली ह, ये यहाँ रह सकती ह, ज्यादा पैसे भी नहीं लेंगे,

दिया ने वन्य की मुलाकात करवा दी, वन्य को जगह पसंद आई,

वन्य- आप दोनों ने मेरी इतनी हेल्प ki,uske लिए ज्यादा तो नहीं लेकिन मैं आपको कॉफ़ी तो पीला hi सकती हु, खाएंगे तो हो नहीं बहार का,

दिया- ये भी बता दिया,

ह्रदय ने दिया की तरफ देखा, दिया ने नजरे घुमा ली,

ह्रदय- वन्य जी काफी टाइम हो गया ह, अब आपको आराम करना चाहिए,

वन्य- एक कॉफ़ी मेरी तरफ से प्लस

ह्रदय- ok चलिए,

दिया का मन नहीं था लेकिन वो ह्रदय को वन्य के साथ अकेले जाने नहीं देना चाहती थी, वो भी चुप चाप साथ में चल दी,

कुछ दूर hi एक साफé था जहा तीनो ने कॉफ़ी पि, वन्य की नजरे दिया और ह्रदय पैर hi थी, ह्रदय बहुत hi रिलैक्स था लेकिन दिया बहुत बैचैन थी, जिसे देख वन्य मुस्कुरा रही थी,

कुछ देर में वो वह से निकले तभी उन पैर दो लड़कियों की नजर पड़ी और जिनकी नजर पड़ी उन्हें देख क्र वही कड़ी हो गयी, और उन्हें देखते हुए दोनों के मुँह से एक hi बात निकली,

विर्जिनिटी खोलने का टाइम आ गया ह, ये तो मेरा होगा

दोनों ने एक दूसरे का मुँह देखा और सुर्प्रीस्ली देखने लगी,

नैना- काम्य पहले मैंने देखा

काम्य- दोनों ने साथ देखा, यार ऐसा मत क्र न जाने कैसे अपने आप को इतने सालो से सम्हाल क्र रखा ह, न जाने कितने लड़के मेरे साथ हुक उप करने को तैयार थे, मैं दूर रही लेकिन अब नहीं रुका जाता, इसे देख क्र ऐसा लग रहा ह जैसे मैं इसी के लिए आज तक बची हुई थी,

नैना- मेरा दिल यहाँ से हटने को hi नहीं क्र रहा, इसे देख क्र ऐसा लग रहा जैसे ये मेरे लिए और मैं इसके लिए hi बानी हु, अमेरिका में मेरी सब फ्रेंड्स न जाने कितनी बार मजे ले चुकी हैं, न जाने क्यों मुझे कोई पसंद hi नहीं आता था, लेकिन इसे देख क्र समझ आ गया क्यों पसंद नहीं आता था,

तू अपनी बहन के लिए त्याग नहीं क्र सकती,

काम्य- तेरे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हु, लेकिन इसे नहीं छोड़ सकती, प्लस मजबूर मत कर यार, प्लस प्लस प्लस

नैना- हम दोनों बहन ह न तो एक दूसरे की लिए कुछ भी कर सकती ह तो क्या दोनों इसे शेयर नहीं कर सकती,

काम्य- क्या शेयर लेकिन

नैना- अब हम दोनों एक hi इंसान को पसंद क्र रहे हैं उसके लिए हम तो अलग नहीं हो सकते न, दोनों को साथ रहना ह और उसे भी पाना ह तो शेयर hi ठीक ह,

काम्य- बात तो सही ह लेकिन, उसके साथ आलरेडी दो दो कामिनी घूम रही हैं, वो देख दिया और दूसरी कोई नै लड़की ह,

नैना- यार मुझे तो बस वो दिख रहा ह, पुरे अमेरिका में एक भी ऐसा नहीं मिला,

काम्य- चल बात करे क्या

नैना- इनके सामने नहीं बाद में मिलते हैं इससे,

काम्य- बाद में कहा ढूंढेंगे, दिया से दोस्ती भी ह तो इसी बहाने एक बार नाम तो पूछ hi लेंगे, फिर ढूंढ लेंगे,

नैना- चल फिर

नैना और काम्य उन तीनो के सामने पहुंच गए,

नैना- hi दिया कैसी हो इस टाइम यहाँ,

काम्य- अरे बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही हो क्या

दिया एक दम शर्मा सी गई,

ह्रदय- ऐसे किसी पैर गलत कमैंट्स नहीं करना चाहिए, हम दोस्त हैं,

काम्य- अच्छा अच्छा श्री

दिया- तुम लोग यहाँ

नैना- है इधर से निकल रहे थे, तो तुम दिखाई दे गई, हमारी मुलाकात नहीं करवाऊंगी

दिया- है है ये हैं मर. ह्रदय और ये ह मिस वन्य

वन्य खामोश कड़ी उन दोनों को देख रही थी,

ह्रदय- दिया जी मुझे निकलना होगा, कही जल्दी पहुंचना ह,

दिया- है है आप निकालिये,

ह्रदय- आपको घर ड्राप क्र दू,

काम्य और नैना ने उसकी गाड़ी का नंबर नोट क्र लिया और ओनर नाम चेक किया तो निधि कप्पोर के नाम से था,

काम्य- अब पता चल जायेगा ये कोण ह,

ह्रदय ने पहले वन्य को रूम में ड्राप किया फिर दिया को उसके घर ड्राप करके निधि के पास फार्महाउस पैर चला गया,

निधि घेरि नींद में सोइ हुई थी, ह्रदय उसी के पास लेट गया,

ह्रदय के दिमाग में के नाम घूम रहा था, अंजलि

हिमाचल का घर अंजलि के नाम पैर ह कोण ह ये अंजलि, क्या रिश्ता ह दीपा माँ का अंजलि से, क्या वो दीपा माँ की माँ ह या उनके पति की माँ ह, या मेरे माँ बाप का कोई रिश्ता ह उनसे, किसे पहले धुंडु, कहा धुंडु, कोण जिन्दा ह कोण नहीं ये भी नहीं पता, दीपा माँ मेरी माँ ह और वो सिंदूर लगाती हैं इससे ये अनुमान लगा था मेरे पिता जिन्दा हैं, लेकिन अब तो माँ भी मेरी कोई और ह तो कैसे पता चलेगा की वो दोनों जिन्दा ह भी या नहीं,

ह्रदय इन्ही खयालो में खोया हुआ सो गया,

वही वन्य फ़ोन पैर बात कर रही थी

वन्य- माँ रूम मिल गया ह,

फ़ोन पैर वर्षा थी,

वर्षा- कैसा रहा सब

वन्य- सब अच्छा रहा माँ, कल पूरी टीम यहाँ शिफ्ट हो रही ह, बचा हुआ काम यही पैर होगा, आप ाव्य को भी यही भेज दो, यहाँ रहेगी तो उसका मन बदल जायेगा, शायद वो सब से घुलना मिलना शुरू क्र दे, और शायद उसके झगडे भी कुक काम हो जाये,

वर्षा- सही बोल रही ह तू मैं उससे बात करती हु, रात की फ्लाइट से hi उसे भेजती हु मैं, तेरे साथ रहेगी और नए लोगो से मिलेगी तो उसे अच्छा लगेगा, और उसे सब कुछ दिखाना सबसे अच्छे से मिलवाना,

वन्य- आप चिंता मत करो माँ, मैं उसका ख्याल रखूंगी,

वर्षा- तू आज काफी खुश नजर लग रही ह,

वन्य- है माँ बस आज दिल खुश ह

वर्षा- क्या कहा तूने दिल, तेरा दिल कब से खुश होने लगा, तूने दिल से कब से सोचना शुरू क्र दिया मेरी रोबोट, 100 इंसानो का दिमाग रखने वाली, हमेषा दिमाग से hi सोहति थी, खुश भी दिमाग से hi होती थी आज दिल कैसे खुश हो गया,

वन्य- माँ आप भी क्या क्या बोलती हैं,

वर्षा- मैं माँ हु तेरी, मुझसे ज्यादा तुझे कोई नहीं समझ सकता, तेरे दिल में हलचल मतलब तेरे दिल में वो बस गया ह,

वर्षा- आप भी न बस कीजिये, मैं रख रही हु,

वन्य ने फ़ोन काट दिया,

वर्षा खुद से hi- बेटी तुझसे ज्यादा ख़ुशी मुझे ह, तू दिल से सोच रही ह, वर्ण मैंने तो तुझे रोबोट बना दिया था, तेरा पूरा बचपन चीन लिया था, उप्पेर वाले ने तुझे इतना दिमाग दिया और मैंने तुझसे तेरे जीने का हक़ चीन लिया, लेकिन तेरे जैसी बेटी पाकर मैं धन्य हो गई,

अगली सुबह जब सब उठे तो सबके दिल में बहुत कुछ बदल चुक्का था,

काम्य और नैना ह्रदय के सपने देखती देखती सोइ और उठते hi फिर से उसी के खयालो में खो गई, इधर दिया के दिल में अलग hi हलचल थी, वन्य के साथ ह्रदय की दोस्ती से उसका दिल बैचैन था, उसे एक दर सा होने लगा था, ये इशारा था की दिया ह्रदय को प्यार करने लगी ह,

वही वन्य पहेली बार अपने दिमाग की जगह दिल से सोच रही थी, उसे ह्रदय याद आ रहा था और दिया उसकी आँखे और बेचैनी याद आ रही थी,

शनाया रैना और आशना कॉलेज के लिए तैयार हुई बैठी थी दिया आज नहीं आई थी निचे,

शनाया- ये दिया कहा रह गई

सीमा- पता नहीं आज आई नहीं अब तक, रात कही गई थी शायद देर से आई होगी,

शनाया- गई थी कहा गई थी, मुझे बताये बिना कहा चली गई

शनाया तुरंत उठ क्र दिया के रूम में भागी तो देखा दिया अलसाई सी लेती हुई ह,

शनाया- दिया क्या हुआ तबियत ठीक ह न, तू अब तक उठी नहीं,

दिया- बस मन नहीं कर रहा आज उठने का

शनाया- तू कल रात कहा गई थी,

दिया- उससे मिलने

शनाया- उससे किस्से

दिया- ह्रदय से

शनाया- क्या वो यहाँ ह, तू अकेले उससे मिल आई, मुझे बताया नहीं,

दशनाया दिया पैर कूद पड़ी और उसे मस्ती में मरने लगी,

दिया- अरे रुक रुक रुक सुन तो सही

शनाया- कुछ नहीं सुन्ना मुझे, तू बहुत बुरी ह

दिया- सुन तो ले एक बार हुआ क्या

दिया ने सब बताया

शनाया- अब कहा ह वो मुझे मिलना ह,

दिया- मिल लेना

शनाया- तू उठ और कॉलेज के लिए तैयार हो जा वही से उसे किसी कॉफ़ी शॉप में बुला लेंगे

दिया- अलसाई सी उठी और तैयार होकर निचे आ गई,

चारो कॉलेज निकल गई, जहा उनके स्वागत के लिए कड़ी थी दृष्टि,

इधर ह्रदय उठा तो निधि बीएड पैर नंगी लेती हुई थी और ह्रदय को देख रही थी, ह्रदय मुस्कुराता हुआ उठा,

ह्रदय- आपने कपडे नहीं पहने

निधि- तुम्हारे पास रह क्र कपड़ो की जरुरत नहीं ह मुझे, कपडे शरीर पैर बोझ से लगते हैं,

ह्रदय- रात आप सो गई तो मैं बता नहीं पाया वन्य को मैंने दूसरी जगह रुकवा दिया ह, थोड़ी सस्ती ह और सेफ भी ह अकेली लड़की के हिसाब से,

निधि- उसे सस्ती जगह की जरुरत क्यों पद गई वो चाहे तो चंडीगढ़ के सबसे महंगे इलाके में रह सकती ह,

ह्रदय- उसके पास पैसो की कमी लग रही थी मुझे

निधि- हहहहह पैसो की कमी तुम्हे गलत फहमी हुई ह जान, उसे हर महीने 10 लाख रूपये मिलते हैं, उससे अलग उसके हर जगह आने जाने खाने पिने रहने हर चीज का खर्चा कंपनी देती ह, और वो जो काम कर रही ह उसकी इंचार्ज भी वही ह, तो उसके पास हमेषा करोडो रूपये रहते हैं,

ह्रदय- क्या लेकिन वो

निधि- वो सिंपल रहती ह न इसलिए तुम्हे गलतफहमी हुई होगी, खेर छोड़ो जो तुमने किया ठीक ह, आओ मेरे पास और मेरी मॉर्निंग को बेस्ट मॉर्निंग बना दो,

निधि ह्रदय से चिपक गई, ह्रदय ने भी उसे बहो में भर लिया, दोनों काफी देर लेते रहे, फिर निधि उठी उसकी छूट में अब भी दर्द था लेकिन वो हिम्मत करके उठ गई,

नाहा धो क्र रेडी हुई,

निधि- मेरा बदन बहुत टूट रहा ह, आज मैं पूरा दिन रेस्ट करुँगी, तुम्हारा क्या प्लान ह,

ह्रदय- प्लान तो कुछ नहीं ह कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करू कहा से शुरू करू, लेकिन एक जगह दिखाई दे रही ह, अगर आप हेल्प कर दे तो,

निधि- है है बोलो

ह्रदय- हमारा जो घर ह हमाचल में मुझे उसके ओनर के बारे में सब जानना ह, शायद वही से कुछ पता लग सके, क्योकि वो घर मेरी माँ के नाम नहीं ह, अगर मैं उसके मालिक को ढूंढ लू तो शायद कुछ पता चले,

निधि- ठीक ह मेरी हालत ठीक नहीं ह, लेकिन मैं तुम्हे एक एड्रेस दे रही हु इनके पास जाओ ये जरूर कोई रास्ता दिखाएंगे, इनकी हिमाचल में बहुत पहचान ह,

ह्रदय- ठंकु निधि जी

निधि- अब तो ये जी लगाना बंद क्र दो यार

ह्रदय- ok निधि

ह्रदय रेडी होकर वह से निकल गया,

निधि ने अशोक को कॉल लगाया

निधि- वो यहाँ से निकला ह **** लोकेशन की तरफ आपको अपना जो भी टेस्ट लेना ह ले सकते हो, फिर मुझे आगे की प्लानिंग करनी ह, अगर आप उसे पास करते ह तभी मैं आगे बढ़ूंगी

अशोक- ठीक ह तू ऑफिस आ जा हम दोनों उसे देखेंगे,

कुछ देर में निधि भी निकल गई,

दिया ने ह्रदय को कॉल किया,

दिया- कहा हो आप

ह्रदय- मैं तो बहार हु

दिया- अपनी लोकेशन बताओ

ह्रदय- क्यों क्या हुआ

दिया- बताओ तो सही हमे मिलना ह अभी

ह्रदय- काम से जा रहा हु आकर मिलता हु न

शनाया ने फ़ोन चीन लिया

शनाया- बता रहे हो या नहीं वर्ण मैं वही आकर लड़ने लगूंगी,

ह्रदय- हाहाहाःहाहा बिना लोकेशन बताये कैसे आओगी

शनाया- बताओ न प्लस

ह्रदय- अच्छा अच्छा मैं भेजता हु,

ह्रदय ने दिया के फ़ोन पैर अपनी लोकेशन भेज दी,

शनाया- हमारा वेट करो हम पहुंच रहे हैं,

चारो बहन कॉलेज में आकर वापस चल दी, दृष्टि जो कड़ी देख रही थी की वो क्लास की तरफ आएँगी तो उनसे बात करुँगी, उनको वापस जाता देख वो गुस्से में हाथ मरने लगी, और बिना सोचे उनके पीछे चल दी, उसने टेक्सी ली और चारो की गाड़ी के पीछे चल दी,

वही काम्य और नैना ह्रदय की तलाश में निकल गई गाड़ी वाले का एड्रेस देखने निधि के घर की तरफ, ह्रदय से मिलने के लिए सब अपना मकसद भूल बैठी थी,

इधर अनीता रिंकी रम्य और अन्य को लेकर चंडीगढ़ के स्टेशन पैर आ चुकी थी, और वह से टेक्सी लेकर अंजलि के दिए हुए एड्रेस की तरफ जाने की तैयारी क्र रही थी, टेक्सी में सामान रख क्र बैठ hi रहे थे की उनके पास आकर 10 गाड़िया रुकी, जिसे देख क्र वो दर गई,

गाड़ियों के दरवाजे खुले तो उसमे से तगड़े तगड़े पहलवान टाइप के गुंडे उतरे, एक लड़का सामने आया

लड़का- ये hi ह वो लड़किया जिन्होंने मेरे भाई पैर हाथ उठाया था

एक गुंडा- है नमन भाई ये दोनों hi लड़किया हैं,

नमन- और ये ह वो बुढ़िया जिसने तुम सबको मारा

गुंडा- नहीं भाई ये वो औरत नहीं ह,

अनीता को मामला बिगता दिखाई दिया, वो सबको लेकर टेक्सी में बैठी और गाड़ी भागने को बोलै, टेक्सी वाले ने तुरतं टेक्सी भगा दी, वो गुंडे तुरंत टेक्सी के पीछे लग गए,

गाड़िया पूरी रफ़्तार से बागी जा रही थी की तभी गुंडों की गाड़ी दो लड़कियों के इतने करीब से निकली की उनकी चीख सी निकल गई, वो अपनी गाड़ी के बहार कड़ी खुली हवा का मजा ले रही थी,

गाड़ी को इतनी से जाते देख

लड़की- ूय्ये देख क्र चला ले, पागल कही के, रेस लगा रहे हैं

दूसरी लड़की- ाव्य जल्दी से गाड़ी में बैठ, कुछ गड़बड़ ह

ये वन्य और ाव्य थी, ाव्य जो सुबह की पहेली फ्लाइट से चंडीगढ़ आ गई थी, वन्य उसे एयरपोर्ट से पिक करने आई थी,

ाव्य- क्या हुआ वन्य

वन्य- ाव्य उस टेक्सी में कोई जानकर था, और ये गाड़िया उस टेक्सी के पीछे लगी ह कुछ गड़बड़ ह,

दोनों बहन गाड़ी में बैठी ाव्य ने ड्राइविंग सम्हाली, और जो गाड़ी उसने भागे थी शायद कोई रेसर भी ऐसी रफ़्तार से गाड़ी न भगा सके

वन्य- तू इसे डोडा गाड़ी को बस

ाव्य- डोडा तो रही हु

वन्य- तू डोडा नहीं रही ह उदा रही ह, मुझे दर लग रहा ह

ाव्य- ाव्य के साथ बैठ क्र दर, ये गाड़िया मेरे हाथ का खिलौना ह, चिंता मत करो,

कुछ hi देर में ाव्य ने उन गुंडों की गाड़ी को पकड़ लिया और वर्तक करती हुई आगे जाने लगी, तब तक गुंडों की एक गाड़ी ने अनीता की टेक्सी को आगे जाकर रोक लिया और गाड़ी से उतर क्र उन्हें निचे उतरने लगे, तभी ाव्य और वन्य वह आ पहचुहि, और ाव्य ने हैंड बराक लगा क्र गाड़ी को ऐसे घुमाया जैसे वह कोई तूफ़ान आ गया हो,

गाड़ी की स्टंट देख क्र गुंडे भी शॉकेड हो गए, दोनों बहन गाड़ी से उतरी

ाव्य- ोये हाथ हटा उनसे वार्ना हाथ तोड़ दूंगी

गुंडे- अरे भाई ये देखो अब ये छमिया हमारे हाथ तोड़ेगी,

ाव्य ने बिना सोचे उछाल क्र उस गुंडे के मुँह पैर लात मरी, और अनीता का हाथ छुड़वाया,

वन्य- जल्दी से गाड़ी में बैठिये,

सब वन्य की गाड़ी की तरफ भागे लेकिन तब तक नानं के साथियो की गाड़ी ने सबकी घेर लिया,

अनीता- क्या चाहते हो तुम लोग,

नमन- ज्यादा कुछ नहीं आंटी तुम्हारी इन लड़कियों की वजह से मेरे भाई के हाथ पाओ टूटे हैं, बस अब ये उसकी सेवा करेंगी,

अनीता- तुम्हारे भाई ने hi बाटंजी की थी,

नमन- बतमीजी तो अब होगी, पकड़ लो सबको और इन दोनों को भी ले चलो बड़ी हेरोइन बन रही थी,

तभी एक गाड़ी और वह आ गई,

ए छोड़ो इन्हे वर्ण पुलिस वाले इतने डंडे मरेंगे

सबने उधर देखा तो काम्य और नैना कड़ी थी,

नमन- यार आज हो क्या रहा ह, ये सब अप्सराये कहा से आ रही हैं, दो दिन पहले चंडीगढ़ से hi गया था तब तो कोई सी न दिखी,

वन्य- शायद तू भूल गया उस रात तू सही सबक नहीं सिख पाया था,

नानं- ओहो ो तेरी की ये तो उस रात वाली छमिया ह, और वो पहलवान ह, उसे बुला ले उससे तो मिलने का सपना ह मेरा,

काम्य- तू यहाँ से जा रहा ह या पुलिस को बुलाऊ,

नमन- मैडम यहाँ का मुख्यमंत्री मेरी मेरे पापा का दोस्त ह, समझी

नैना- हम भी यहाँ के पूर्व मंत्री राज प्रताप की नातिन ह समझे, चले जाओ यहाँ से वर्ण ठीक नहीं होगा,

राज प्रताप का नाम सुनकर अनीता और रिंकी ने उन्हें देखा,

नमन- बुला ले जिसको बुलाना ह,

गुंडों ने उन्हें भी पकड़ लिया, और गाड़ी में बैठने लगे, तभी एक और गाड़ी वह आई

क्या हो रहा ह ये सब

सबने मुद क्र देखा तो फिर से चौंक गए,

गुंडे -भाई ये हो क्या रहा ह, इस चंडीगढ़ में लड़किया hi लड़किया ह क्या, वो भी इतनी खूबसूरत खूबसूरत

नानं- है यार मैं भी सोच रहा हु, इतनी साडी में से चेतना भी मुश्किल हो रहा ह, कोई नहीं सबके लिए मजे देंगी ये

शनाया- अरे ोोू चिलगोजो हमारे शहर में आकर में आकर हमे hi धमका रहे हो, अंजलि ग्रुप का राज चलता ह इस शहर में अगर चाहते हो सही सलामत रहो तो निकल जाओ यहाँ से,

अंजलि ग्रुप का नाम सुनकर अनीता रिंकी फिर से चौंक गए,

अनीता रिंकी से धीरे से- ये हो क्या रहा ह, ये सब साडी अपनी hi बछिया हैं, ये सब एक साथ यहाँ, सब की सब चंडीगढ़ में और वो भी खतरे में,

रिंकी- है माँ ये तो प्रॉब्लम बहुत बड़ी हो गई ह,

अनीता ने कॉल मिलाने के लिए फ़ोन ुलिया तो गुंडों ने सबके फ़ोन चीन लिए,



शनाया और बाकि तीनो लकड़ियों को भी गुंडों ने पकड़ लिया, वह 50 से ज्यादा गुंडे थे, बस दिया ने एक काम क्र दिया था, तभी वह दृष्टि भी पहुंच गई और दूर hi उतर गई और सबको चुप क्र देखने लगी,
 
अपडेट-15



नमन- इन सबको गाड़ियों में डालो बांध क्र,

गुंडों ने सभी लड़कियों को बांध दिया,

नमन – पापा आ रहे हैं वो hi इन्हे सबक सिखाएंगे,

नमन ने अपने बाप को वीडियो कॉल मिला दिया

नमन- पापा मैंने उन्हें पकड़ लिया ह

उधर से- शाबास बीटा मैं अमन को लेकर आ रहा हु, उन्हें तू मेरे दिए हु अड्रेस पैर लेकर पहुंच वही इन्हे सबक सिखाएंगे इन्होने हमारे बेटे पैर हाथ उठाया,

नमन- ठीक ह पापा

नमन इतना hi बोल पाया था की उसकी एक गाड़ी हवा में उड़ती हुई पेड से जा टकराई, सब एक दम बोखला गए,

सबने उधर देखा तो एक बड़ी सी बालक क्लोर की गाड़ी जिसने इनकी गाड़ी को टक्कर मरी, और उस गाड़ी में निकल आया एक शेर जिसे देख क्र शनाया दिया आशना रैना और वन्य के फेस पैर ख़ुशी की लहार दौड़ गई, वही काम्य और नैना को सरप्राइज हुआ, अनीता और रिंकी भी चौक गई, लेकिन अन्य रम्य और ाव्य तीनो तो बस उसे देखती hi रह गई,


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दिया- ोये भूतनी के देख तेरा बाप यहाँ आ गया ह,

वन्य- अब दिखा अपनी मर्दानगी,

नमन का बाप- नमन क्या हुआ

नमन- पापा एक लड़का ह दो दिन पहले ये मुझसे भिड़ा था आज इसे ठिकाने लगा hi देता हु

नमन का बाप- ख़तम क्र उसे और लड़कियों को लेकर आ,

नमन- पापा आप लाइव फाइट देखो आपका बीटा कितना बड़ा हो गया ह,

नमन ने फ़ोन को सेट किया जिससे पूरी फाइट दिख सके,

गुंडे ह्रदय की तरफ बढे, लेकिन जिस रफ़्तार से गुंडा ह्रदय की तरफ डोडा था उससे दुगनी तफ्तार से उड़ता हुआ गाड़ी में आकर लगा, दूसरे की गार्डन पकड़ी और हवा में उछाला और एक लात मरी जैसे फुटबॉल में लात मरते हैं, वो दिशा गाड़ी के शीशे में जा लगा,


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ह्रदय की ताकत देख क्र हर कोई भोचक्का सा खड़ा था,

4 गुंडे ह्रदय की तरफ दौड़े, ह्रदय जरा सा भी विचलित नहीं हुआ सीधा चलता हुआ उनकी तरफ आया और हवा में उछाल क्र लात घुमाई और एक hi बार में चारो के मुँह से खून आने लगे थे, ह्रदय ने आगे बढ़ क्र एक गुंडे को अपने कंधे पैर उठाया और उसकीकमार की हड्डी तोड़ दी,


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अमन- भेनचोद क्या ह ये

उधर से फ़ोन पैर अमन का बाप चिल्ला रहा था- भाग बीटा वह से तुरंत भाग,

लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था,

अमन का बाप ड्राइवर से- जल्दी गाड़ी भगा सेल मेरा बीटा मारा जायेगा आज, गलत जगह पन्गा ले लिया ह उसने,

इधर ह्रदय ने अब तक 20 गुंडों को जमीन में सुला दिया था, बाकि गुण्डे आगे बढ़ने की जगह पीछे कदम हटा रहे थे,

दिया- क्यों बे दिखाओ न अपनी मर्दानगी,

बाकि बचे हुए गुंडे एक साथ ह्रदय पैर टूट पड़े और उसे निचे दबा लिया, सरे उसके उप्पेर चढ़ गए,

नमन- मार डालो उसे

तभी एक साथ इतनी साडी चीखे गुंजी और सरे गुंडे हवा में उड़ते हुए इधर उधर जाकर गिरे, किसी के मुँह से खून तो किसी का हाथ टूट गया किसी का पेअर, ह्रदय जिसे भी मर रहा था वो दुबारा नहीं उठ रहा था, गुंडों में भगदड़ मच गई,


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एक गुंडा- भाई भाग लो यहाँ से, ये इंसान नहीं ह, इंसान ऐसे नहीं मरते, अगर जान प्यारी ह तो भाग लो, इस भोसड़ी वाले नमन के चक्कर में अपनी जान मत गवाओ,

दूसरा गुंडा- सही बोल रहा ह भाई ये तो आफत ह आफत, किसी को मरते हुए इसके चेरे के एक्सप्रेशन तक नहीं बदल रहे, मतलब पूरी ताकत भी नहीं लगा रहा, ये दो चार को जान से मार देगा इसके हाट जोड़ो और जान बचा क्र भागो यहाँ से,

जो दो चार बचे थे वो हाथ जोड़ क्र बैठ गए,

हमे बकश दो, हमे माफ़ कर दो, हमे मत मारो,

ह्रदय- भाग जाओ यहाँ से

गुंडे- भाइयो भाग चलो यहाँ से बड़े भैया ने माफ़ क्र दिया हमे जान बचाओ और भागो

जो ठीक थक बचे थे उन्होंने बाकि सब को उठाया और गाड़ी में डाला और वह से पूरी रफ़्तार से निकल गए,

नमन अपनी गाड़ी की तरफ भगा, तो उसे फ़ोन पैर अपने बाप की आवाज आई,

नमन का बाप- बीटा उसके पेअर पकड़ ले अगर जिन्दा रहना चाहता ह तो, मैं तुझे खोना नहीं छठा मेरी बात मान ले जल्दी से उसके पेअर पकड़ ले, वो तुझे भागने नहीं देगा, माफ़ी मांगने में hi भलाई ह

नमन ने तुरंत ह्रदय के पेअर पकड़ लिए- मुझे माफ़ कर दो प्लस मुझे छोड़ दो, मुझसे गलती हो गई,

ह्रदय ने नमन को उठाया और उसकी गार्डन पकड़ ली,

ह्रदय- लड़कियों को तकलीफ देने वाले को मैं कभी माफ़ नहीं करता,

वन्य- ह्रदय छोड़ दो उसे ये नासमझ ह,

ह्रदय ने सबकी तरफ देखा फिर नमन को छोड़ दिया,

इधर ह्रदय नाम सुनकर अनीता और रिंकी की आँखे भर आई, वो एक तक ह्रदय को hi निहारे जा रही थी,

रिंकी- माँ ये बिलकुल वैसा hi ह

अनीता- है बेटी ये बिलकुल वैसा hi ह, वही रूप वही रंग वही ताकत वही नेचर,


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नमन वह से भाग गया,

ह्रदय ने सबको खोला,

सब ह्रदय के सामने कड़ी थी की तभी एक तबाही की तरह एक लड़की उन सबके सामने आई जब तक कोई कुछ समझ पता उसने घूम क्र ह्रदय का सर पकड़ा और अपने हॉट उसके होतो से जोड़ दिए, ये सब इतनी जल्दी हुआ की किसी को कुछ समझ नहीं आया, ह्रदय भी एक दम शॉकेड रह गया,


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ह्रदय ने उसे हटाया तो उस लड़की ने अपने होतो पैर हाथ फिराया और बोली- तुम सिर्फ मेरे हो सिर्फ दृष्टि के, और वह से सब लड़कियों की तरफ देख क्र मुस्कुराती हुई चल दी, हर कोई बस खड़ा देखता रह गया, खुद ह्रदय उसे देखता रह गया, उसके मुँह से बस एक वर्ड निकला- धड़कन

शनाया दिया आशना और रैना तो दृष्टि को जानती थी, वो गुस्से से लाल हो गई, गुस्सा तो काम्य और नैना को भी बहुत आ रहा था, वन्य की समझ में भी कुछ नहीं आया वो यहाँ खुद कंफ्यूज थी ये क्या हुआ,

बाकि आया रम्य और ाव्य का दिल तड़प उठा,

शनाया- तुमने उसे थपड क्यों नहीं मारा उसने तुमेह किश कैसे किया उसकी इतनी हिम्मत कैसे हो गई,

ह्रदय- ये सब इन बातो का समय नहीं ह, चलो यहाँ से

अनीता- तुम ठीक हो बीटा

ह्रदय- मैं बिलकुल ठीक हु मम आप सब ठीक ह न, आप सब एक साथ कैसे फास गई,

शनाया- लेकिन तुम यहाँ कैसे तुम तो हमे वह मिलने वाले थे

ह्रदय- दिया की वजह से, जब इन गुंडों ने तुम्हे पकड़ा तो दिया ने मुझे कॉल लगा दी और लोकेशन भेज दी थी,

सबने दिया को देखा और उसकी तारीफ करने लगे,

अनीता- ये लड़के हमारे पीछे यहाँ तक आ गए, इन्होने हमारी बच्चियों के साथ बतमीजी की तो इनकी पिटाई हो गई तो बदला लेने आये थे,

ह्रदय- अब ये दुबारा कभी नहीं आएंगे,

वही दूर एक गाड़ी कड़ी थी जिसमे अशोक और निधि बैठे सब देख रहे थे,

निधि- ये आपके गुंडे थे न

अशोक- नहीं मेरे तो आगे इंतजार क्र रहे हैं, और अच्छा हुआ मेरे वाले नहीं आये वो तो बस 20 थे और इन सबसे कमजोर hi थे, इसने तो इन 50 की माँ छोड़ दी उनकी तो गांड मार लेता ये,

निधि तूने बहुत सही परखा ह इसे ये hi क्र सकता ह, इसमें दम ह दम क्या बहुत ज्यादा दम ह,

निधि- तो मैं आगे का काम शुरू क्र दू

अशोक- है जल्दी शुरू क्र दे, मैं और नहीं रुक सकता

निधि- ठीक ह

दिया- प्रॉब्लम सोल्वे हो चुकी ह तो सब अपने अपने घर चलिए,

अन्य- हमारा टेक्सी वाला तो भाग गया हम कैसे जायेंगे,

वन्य – हम ड्राप क्र देंगे

अनीता- हम चार ह हम सब कैसे आएंगे गाड़ी में सामान भी ह

ह्रदय- मैं ड्राप क्र देता हु मेरे पास बड़ी गाड़ी ह और खली भी ह,

शनाया- लेकिन तुम

ह्रदय- आप सब घर जाइये, मैं शाम को मिलता हु

ह्रदय ने अनीता का सामान गाड़ी में रखा और उनको बैठा क्र चल दिया,

ह्रदय तो इन सब को लेकर निकल गया लेकिन वह लड़कियों में,

काम्य- ये लड़की कोण थी जो उसे किश कर गई,

आशना- हमारे कॉलेज में आई ह जबरदस्ती का पन्गा लेती रहती ह,

दिया- लेकिन वो यहाँ आई कैसे

नैना- उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था,

वन्य की हसी छूट गई,

दिया- तुम क्यों है रही हो

वन्य- ऐसे hi बस तुम सब अब घर जाओ वो लड़की भी चली गई और जिसे किश किया वो भी चला गया, ाव्य चल बैठ गाड़ी में,

ाव्य खामोश सी गाड़ी में बैठ गई,

शनाया- मैं इस दृष्टि को नहीं छोडूंगी, कॉलेज चलते हैं

दिया- अब क्या फायदा

शनाया- आज इससे पूछ hi लेते ह वो क्या चाहती ह क्यों इलाजः रही ह हमसे

काम्य- हम भी चलते हैं,

दिया- तुम लोग क्यों

काम्य- चार से भली 6 हम भी देख लेंगे हमारी दोस्तों को क्यों परेशां कर रही ह वो,

सभी ने गाड़ी कॉलेज की तरफ मोड़ दी, दृष्टि सीधे कॉलेज hi गई थी कुछ hi देर में ये 6 लड़किया भी कॉलेज में पहुंच गयी,

इधर अनीता ह्रदय के बराबर में बैठी थी, अन्य और रम्य बार बार ह्रदय को झक झक क्र देख रही थी, रिंकी भी बस ह्रदय को hi निहार रही थी,

अनीता- तुम यही रहते हो बीटा

ह्रदय- नहीं मम मैं हिमाचल में रहता हु यहाँ किसी काम से आया हु,

रिंकी- अकेले आये हो, या तुम्हारी माँ भी आई ह,

रिंकी की बात से ह्रदय एक दम चौंक गया, अनीता ने एक दम रिंकी को देखा, रिंकी को अहसास हुआ उसने क्या पूछ लिया

रिंकी- मेरा मतलब ह तुम्हारे माँ बाप फॅमिली साथ आये हैं, उनसे मिलने का अवसर मिल जाता तो कितना अच्छा होता, तुम्हारे जैसा बीटा जिसका हो उसके माँ बाप कितने अच्छे होंगे,

रिंकी की बात से ह्रदय उदास हो गया,

ह्रदय- मेरी माँ मेरे साथ रहती ह लेकिन वो हिमाचल में hi हैं, मैं अकेला hi आया हु मम

रिंकी- तुम हमे मम क्यों बोल रहे हो,

ह्रदय- मैं आपको जनता नहीं हु तो मम hi बोलूंगा न,

अनीता- मैं तुम्हारी दादी की उम्र की हु तो दादी बोल सकते हो,

रिंकी- मैं तुम्हारी माँ की उम्र की तो हूँगी hi, मुझे मौसी बोल सकते हो

रम्य और अन्य एक साथ बोल पड़ी- हमे दोस्त बोल सकते हो,

उन्हें दर लगा कही उनकी माँ और दादी उन्हें बहन न बना दे,

अब उन्हें क्या पता इस घर में बहन को hi सबसे पहले छोड़ा गया था,

ह्रदय उनके बताये हुए एड्रेस पैर पहुंच गया,

अनीता- बीटा अंदर आओ न

ह्रदय- दादी फिर कभी आऊंगा, अभी मुझे किसी से मिलने जाना ह, बहुत अर्जेंट ह,

अनीता- ठीक ह बीटा मैं तुम्हे नहीं रोकूंगी लेकिन इसे अपना hi घर समझना, जब दिल करे आ जाना,

ह्रदय- जी दादी

ह्रदय वह से निकल गया, और सीधे निधि के बताये हुए एड्रेस की तरफ चल दिया,

उधर कॉलेज में शनाया एंड टीम ने दृष्टि को घेर लिया, दृष्टि बेशर्मो की तरह कड़ी मुस्कुरा रही थी, उसकी आँखे एक दम लाल हो राखी थी, उसके फेस की मुस्कान और आँखे एक दूसरे से मैच नहीं क्र रही थी,

उसने उन्हें देख क्र अपने होतो पैर जीभ फिरै,

शनाया गुस्से में उसकी तरफ बढ़ी तो दिया ने उसका हाथ पकड़ क्र रोका

दिया- तुम क्या चाहती हो, क्यों हम सबके पीछे पड़ी हो हमेशा हमसे टकराने के बहाने ढूंढ़ती रहती हो, हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा ह,

दृष्टि- बिगाड़ा ह, बहुत कुछ बिगाड़ा ह,

शनाया- हम तो तुम्हे जानते भी नहीं, तुम हो कोण तुम्हारी अहमियत hi क्या ह जो हम तुम्हारा कुछ बिगड़ने जायेंगे,

दृष्टि- ये घमंड बस ये hi घमंड ह जिसने तुम सबको बर्बाद किया ह, इसी घमंड ने मेरा बिगाड़ा ह, और मैं कोण हु ये जानना जरुरी नहीं, लेकिन तुम लोग कोण हो तुम खुद को जानती हो, तुम्हे खुद के बारे में hi नहीं पता तुम लोग कोण हो,

दिया- क्या बकवास कर रही हो तुम,

आशना- इसका दिमाग ख़राब हो गया ह, चलो यहाँ से

दृष्टि- हाहाहा दिमाग तो तुम सबका ख़राब हो जायेगा जब अपना सच पता चलेगा,

काम्य- तुम कहना क्या चाहती हो

दृष्टि- तुम्हरी टैरिफ मैडम मैं तुम्हे नहीं जानती

काम्य- तुम्हारा लेवल नहीं ह हमे जाने के लेकिन तुम्हारी जानकरी के लिए बता दू, हम पूर्व मंत्री राज प्रताप की नातिन हैं,

दृष्टि- ोुःहूऊऊ हहहहहहह ये तो कमल hi हो गया, तुम लोग यहाँ भाई वह ये तो सोने पैर सुहागा हो गया, मैं तुम्हे hi मिलना चाहती थी,

दृष्टि की बात सुनकर सब चौंक गई,

नैना- हमसे तुम्हारा क्या मतलब

दृष्टि- मेरा कोई मतलब नहीं ह लेकिन इनका तुमसे और तुम्हारा इनसे तो ह न

दिया- तुम कहना क्या चाहती हो साफ़ साफ़ बोलो

शनाया- छोड़ दिया पता नहीं कहा कहा से आ जाते हैं, अंजलि ग्रुप का नाम सुनकर hi लोग हमे परेशां करने आ जाते हैं,

दृष्टि- हाहाहा अंजलि ग्रुप तुम दोनों का अंजलि ग्रुप से कोई वास्ता नहीं, है फिलहाल ये दोनों आशना और रैना कह सकती ह खुद को अंजलि ग्रुप की, और उससे पहले ये दोनों ( उसने काम्य और नैना की तरफ इशारा किया) खुद को इस कंपनी की बोल सकती ह, लेकिन तुम दोनों नहीं, तुम दोनों तो नाजायज हो

नाजायज शब्द सुनते hi वह कड़ी सभी लड़कियों का दिमाग सुन रह गया,

शनाया ने दृष्टि की तरफ हाथ ुहटया, दिया ने एक बार फिर रोक लिया,

शनाया- दिया छोड़ दे मुझे इसकी हिम्मत कैसे हुई हमारे बारे में ऐसा बोलने की, मैं आज इसे सबक सिख क्र रहूंगी, आज इसे इस कॉलेज से निकलवा कर रहूंगी,

दृष्टि- मैं जानती हु तुम मुझे यहाँ से निकलवा सकती हो, उससे पहले अपना सच जान तो लो,

नैना- तुम ये सब जो बोल रही हो उसका कोई सबूत ह या ऐसे hi हवा में तीर मर रही हो,

काम्य और नैना को दृष्टि की बातो में अपना सच जाने की आसा भी दिखाई दी, तो उन्होंने बात को आगे बढ़ने का सोचा

दृष्टि- सबूत सबके सबूत हैं, ये देखो सबसे पहले तो इनके दीर्थ सर्टिफिकेट, जिसमे इनके पिता का नाम तुषार ह,

रैना- है तो इसमें क्या नया ह हम सब जानते हैं,

दृष्टि- लेकिन माओ के नाम अलग अलग हैं, शनाया की माँ का नाम सीमा और दिया की माँ का नाम दीपा ह,

ये सुनकर सब चौंक गए,

दिया- ये क्या बकवास क्र रही हो

दृष्टि- सबूत तुम्हारे सामने हैं,

दोनों वो सर्टिफिकेट देखने लगी,

आशना- तो इससे ये वो नाज वो कैसे हो गई,

दृष्टि- सबसे खतरनाक बात तो ये ह डिअर तुषार सीमा और दीपा का भाई था,

अब ये और भी बड़ा धमाका क्र दिया था दृष्टि ने,

दृष्टि- 6 भाई बहन थे, सीमा दीपा रूचि कपिल सचिन और तुषार

एक बदचलन औरत के 6 बच्चे जिसे खुद hi नहीं पता था कोण किसका बच्चा ह, न जाने कहा कहा उसने मुँह कला किया, और उसके बच्चे भी वैसे hi निकले बदचलन, सीमा दीपा और रूचि की कभी शादी hi नहीं हुई, बस कपिल और सचिन की शादी हुई, उनकी ये दो औलादे हैं,

बाकि कहा से आई कसिए आई कोई नहीं जनता, किसी ने उनके पति के बारे में या उनके परिवार के बारे में सुना ह,

अंजलि ने सुरेश चोपड़ा को धोका देकर उसका सब कुछ हड़प लिया, और सुरेश चोपड़ा सहित उसके पुरे परिवार को मरवा दिया, सुरेश चोपड़ा के दो बेटे थे सोहन और कमल जिन्हे उस तुषार उस जल्लाद ने मार दिया, और उनकी बहन अलका का बलात्कार किया, और दूसरी बहन कहा चली गई किसी को पता नहीं,

अंजलि और तुषार हवन थे हवन, आज तुम सब सुरेश चोपड़ा की जायदाद के मालिक बन क्र बैठे हुए हो, वो जायदाद इन लड़कियों की ह, ये सोहन और कमल की बेतिया ह,

दृष्टि की बातो ने वह तूफ़ान ला दिया था, साडी लड़किया एक दम आँखे फाडे भोचकी सी बौखलाई सी उसे देख रही थी,

दृष्टि- सबूत चाहिए तो इसमें सब सबूत हैं, इस कंपनी के सबूत सुरेश चोपड़ा और उसके परिवार के सबूत, और अंजलि के नाजायज परिवार के सबूत, लेकिन वो अंजलि इतनी बड़ी कामिनी थी उसने अपने hi बेटे को मर दिया, और उसके सरे रिकॉर्ड मिटा दिए,

बचपन से उसका कोई रिकॉर्ड नहीं बनने दिया गया था, स्कूल से भी रिकॉर्ड ख़तम क्र दिए, न उसका कोई फोटो ह कही, न hi कोई रिकॉर्ड ह, कोई नहीं जनता वो दीखता कैसा था,

दृष्टि ने फाइल दिया के हाथ में दी

दृष्टि- खुद को ढूंढो पहले फिर मेरे बारे में बात करना,

दृष्टि वह से तेज तेज कदमो से चलती हुई निकल गई, और फ़ोन मिलाया

दृष्टि- दादी मैंने बम फोड़ दिया ह, सभी जगह तूफ़ान आ जायेगा,

जालिम दादी- शाबाश मेरी बच्ची तू वह से आज hi निकल आ, तुम दुबारा इन सबके सामने मत आना,

दृष्टि- मैं यहाँ से अपना रिकॉर्ड कहत्म करके जल्दी hi आती हु,

फ़ोन काटने के बाद

जालिम दादी- हहहहहह अंजलि अब तू और तेरा पूरा परिवार सामने आएगा, अब होगा खेल

शनाया दिया नैना और काम्य उस फाइल में घुस गई और सरे पप्पेर पलट पलट क्र जल्दी जल्दी पढ़ने लगी, उन चारो की hi आँखों में आंसू थे,

शनाया- ये नहीं हो सकता ऐसा नहीं हो सकता

दिया- सम्हाल अपने आप को

नैना- तुम्हारे परिवार ने हमारे परिवार को चीन लिया

रैना- अब तक हम अपने hi परिवार से अनजान हैं तुम्हारे परिवार के बारे में क्या बतायंगे,

काम्य- नैना चल यहाँ से

काम्य ने नैना का हाथ पकड़ा और गुस्से में रोटी हुई उसे ले गई,

रैना और आशना ने दिया और शनाया को गाड़ी में बैठाया और घर ले जाने लगी,

इधर अनीता ने ह्रदय के निकलते hi अंजलि को कॉल क्र दी और आज की हुई साडी घटना के बारे में बताया,

अंजलि- वो सब एक साथ थे,

अनीता- है दीदी सब एक साथ, दीदी मेरा दिल क्र रहा था सबकी बलैया ले लू, कितनी प्यारी बछिया हैं सभी, और ह्रदय वो तो कमल ह ऐसा लगा जैसे तुषार सामने आ गया हो

तभी अनीता को फ़ोन पैर पीछे से आवाज आई

वो बिलकुल वैसा hi ह आंटी

अनीता- दीपा दीदी दीपा वह ह आपके पास

अंजलि- है अनीता जी दीपा यही ह, और जल्दी hi मैं वह आ रही हु, आप कोई जल्दबाजी मत करना, वो जो कर रहे हैं करने दो,

अनीता- दीदी मैं आज बहुत खुश हु सबको एक साथ देख क्र बहुत सकूं मिला ह,

अंजलि- जल्दी hi सब ठीक होगा

दूसरी तरफ ह्रदय निधि के बताये हुए एड्रेस पैर पंहुचा, ये एक सरकारी ऑफिस था,

ह्रदय बताये हुए इंसान को ढूंढ़ता हुआ अंदर पहुंच गया,

ह्रदय- क्या मैं अंदर आ सकता हु सुनील जी

सुनील एक सरकारी अधिकारी ह, जिसके पास सभी सम्पतियो का ब्यौरा रहता ह, आज कल सब ऑनलाइन हो गया ह, लेकिन रिकॉर्ड केवल ये hi रखते हैं, इनकी जानकारी बहुत दूर दूर तक ह,

सुनील- आइये आइये आप मर. ह्रदय ह न

ह्रदय- जी

सुनील- निधि जी का फ़ोन आया था आप आएंगे, बताइये क्या सेवा कृ आपकी

ह्रदय- मुझे एक जानकरी चाहिए

सुनील- है है बोलिये

ह्रदय ने अपने हिमाचल वाले घर का एड्रेस दिया

ह्रदय- मुझे इस घर के ओनर के बारे में जानना ह, कोण ह कहा से ह

सुनील ने एड्रेस लिए और एक फ़ोन मिलाया

सुनील – hello सुबोध मैं बोल रहा हु सुनील चंडीगढ़ से, मैं तुम्हे एक एड्रेस भेज रहा हु मुझे इस घर के मालिक के बारे में साडी जानकारी चाहिए, जो जो पप्पेर इस घर में लगे हैं सब कुछ,

फ़ोन काटने के बाद

सुनील- ह्रदय जी बस थोड़ा सा टाइम लगेगा जल्दी hi सब पता चल जायेगा,

ह्रदय इंतजार करने लगा, कुछ देर बाद सुनील को संस आया

सुनील- है जी ह्रदय जी आ गई जानकारी, ये घर किसी अंजलि के नाम से ह अंजलि शर्मा वाइफ ऑफ़ राजेश, एड्रेस तो चंडीगढ़ का ह, और जहा का एड्रेस ह ये तो बहुत महंगा इलाका ह,

सुनील- रुको मैं पता करता हु इस एड्रेस के बारे में

सुनील ने अपना कंप्यूटर खोला और देखने लगा,

सुनील- ये बात,

Harday-kya हुआ सर

सुनील- ये एड्रेस तो अंजलि ग्रुप के ओनर्स का ह, मतलब अंजलि ग्रुप जिसके नाम पैर ह ये वही अंजलि हो सकती हैं जिसने तुम्हारा बताया हुआ घर खरीदा ह

ह्रदय अंजलि ग्रुप का नाम सुनकर चौंक गया, उसके दिमाग में बहुत साडी घटनाये एक साथ घूमने लगी,

ह्रदय- ये अंजलि ग्रुप के ओनर का घर किस नाम पैर ह,

सुनील- अंजलि के नाम पैर, लेकिन इसमें पति की जगह पिता का नाम लिखा, और

ह्रदय- और ?

सुनील- पिता का नाम चेंज करवाया हुआ ह अफेडेफिट लगा हुआ ह, पहले अंजलि के पिता का नाम सुरेश चोपड़ा था फिर 19 साल पहले चेंज करवा क्र अनिल शर्मा लिखवाया हुआ ह,

ह्रदय- इन अनिल शर्मा का पता चल सकता ह

सुनील ने अनिल शर्मा की जानकरी निकलने की कोशिश की लेकिन पता नहीं चला,

सुनील- वो एड्रेस भी निकल जायेगा, तुम मुझे अपना नंबर दे जाओ जैसे hi एड्रेस निकलता ह मैं तुम्हे भेज दूंगा,

ह्रदय- ठंकु सर वैरी वैरी ठंकु, बताइये क्या सेवा करू आपकी

सुनील- अरे आप क्यों कष्ट करते हैं, सेवा तो निधि जी कर देती हैं, आप चिंता मत कीजिये, मैं उनसे सेवा करवा लूंगा,

ह्रदय वह से निकल क्र बहार आ गया और गाड़ी में बैठ क्र अपने सर पैर हाथ रख क्र बैठ गया,

ह्रदय खुद से hi- मेरा अंजलि ग्रुप से क्या रिश्ता, शनाया दिया आशना रैना सीमा आंटी इन सब से मेरा क्या रिश्ता ह, ये सब क्या चक्कर ह,

चारो तरफ भूचाल आ चुक्का था, सब कुछ ास्ट व्यस्त हो चुक्का था, किसी का दिल घायल था तो कोई पूरी तरह टूट चुक्का था, दिया शनाया को कोई अपना नहीं दिख रहा था, चारो तरफ बस धोखा hi धोखा दिख रहा था, काम्य और नैना भी वैसी hi हालत में थी,

आशना और रैना को तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा था, क्या करे कैसे रियेक्ट करे, ये सब जो हुआ उसे कैसे सम्हाले,

ह्रदय को अपनी मंजिल की तरफ एक और रास्ता दिख रहा था,

रम्य और अन्य अपने hi खयालो में खो चुकी थी, वही हाल ाव्य का भी था, ाव्य तो एक दम खामोश सी हो गई थी, वन्य एक दम शांत थी, लेकिन कही खोई हुई थी, उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था,

वही सबसे बड़ा तूफ़ान लेन वाली दृष्टि, कॉलेज से निकल क्र रूम पैर आ गई और शीशे के सामने कड़ी होकर आंसुओ की नदी बहाये जा रही थी,

उसकी आँखे लाल थी, वो बस खुद को hi देखे जा रही थी, और गुस्से में सीसे में हाथ मार क्र शीशा तोड़ दिया, और बीएड पैर लेट क्र रोने लगी उसके हाथ से खून निकल रहा था लेकिन वो रोये जा रही थी,

ह्रदय अपने विचारो में खोया हुआ वापस फार्महाउस पैर आ गया, निधि पहले hi वह वापस आ चुकी थी,

निधि- मिल आये कुछ पता चला

ह्रदय- पता तो चला लेकिन और भी उलझ सा गया ह

निधि- क्यों क्या हुआ

ह्रदय- इस सब के तार अंजलि ग्रुप से जुड़े हुए हैं,

निधि- अंजलि ग्रुप से

ह्रदय- है लेकिन वह से जानकरी कैसे निकलू समझ नहीं आ रहा,

निधि- वह तो मैं भी मजबूर हु उस जगह मैं भी नहीं घुस सकती, थोड़ी बहुत जानकारी ह उनके बारे में वो बता सकती हु

ह्रदय- क्या जानती हो आप

निधि- मैं जो जानती हु वो बता रही हु उससे ज्यादा अगर जानना ह तो अपनी सुपर पावर का इस्तेमाल करो, और जानकारी निकल लो

ह्रदय- सुपर पावर

निधि ने ह्रदय के लुंड को मुट्ठी में भर लिया, इसका इस्तेमाल करो ये ह तुम्हारी सुपर पावर, उस घर में बहुत साडी औरते लड़किया हैं, अपना जादू चलाओ और जिस जिस को निचे लेट रहोगे वो तुम्हे साडी जानकरी देती रहेगी,

ह्रदय- नहीं ये क्या बोल रही हैं आप, मैं किसी लड़की का फायदा नहीं उठा सकता,

निधि- मैं फायदा उठाने को कहा बोल रही हु, मैं जानती हु तुम्हे देख क्र कोई भी लड़की तुम पैर दिल हरे बिना नहीं रह सकती, तुम्हे तो बस उनकी ख़ुशी पूरी करनी ह, तुम्हारी संशय तो उनकी खुशिओ में hi सुलझ जाएगी, और तुम आज उस जगह खड़े हो जहा तुम्हे अपनी hi पहचान ढूंढ़नी ह, तो ये उसूलो को एक तरफ रखो और अपनी मंजिल की तरफ धयान दो, तुम्हे लाइफ में बहुत कुछ करना h,khud को मजबूत करो, न जाने ऐसे कितने मोके आएंगे जब तुम्हे ऐसे फैसले लेने होंगे, तो खुद को तैयार करो अब तुम एक युद्ध में हो खुद को ढूंढ़ना भी एक युद्ध hi ह, और जो उस परिवार में हुआ ह वो किसी युद्ध से काम नहीं हुआ ह,

ह्रदय- ऐसा क्या हुआ ह उस परिवार में

निधि- साजिश हत्याएं प्रॉपर्टी पैर कब्ज़ा बहुत कुछ हुआ ह,


ह्रदय- मैं जानना चाहता हु,
 
अपडेट-16



निधि- मैं वही बता रही हु जो मैंने सुना ह,

ह्रदय उसके सामने बैठ गया,

निधि- ये घटना लगभग 19 साल पहले की ह, इस कंपनी को सुरेश चोपड़ा चलता था, उसके बारे में सुना ह बड़ा hi आयाश आदमी था, उसके 4 बच्चे थे, लेकिन कही से उसकी पहेली पत्नी की बेटी अंजलि वापस आ गई और अंजलि और उसके बेटे ने सुरेश चोपड़ा के पुरे परिवार को मार दिया और पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम कर ली, कुछ लोग ये भी कहते हैं की सुरेश ने अंजलि की माँ की प्रॉपर्टी चीन ली और उसे मार क्र दूसरी शादी क्र ली तो अंजलि ने बदला लिया,

सुरेश चोपड़ा के नाम काफी इल्लिगलेस धंधे थे, पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्र लिया था,

ह्रदय- बहुत ड्रामा ह उस घर में तो,

निधि- उसके बाद अंजलि के बच्चे कही गायब हो गए, बस कपिल सचिन और सीमा hi रहते ह वह, खुद अंजलि भी कहा चली गई किसी को नहीं पता,

अंजलि के परिवार की जानकारी इंटरनेट पैर भी नहीं मिलती, कोई फोटो तक नहीं मिलता वह,

ह्रदय सोच में दुब गया

ह्रदय- मतलब उनके बारे में जानने के लिए उनके बिच में घुसना hi होगा,

निधि- है घुसना तो होगा और अपने इस हतियार का इस्तेमाल करना मत भूलना, जब जब इससे वॉर करोगे तुम्हे सफलता जरूर मिलेगी,

ह्रदय को दीपा की एक बात याद आ गई, की तुझे इस खेल में भी माहिर बनना ह न जाने कहा किसके शामे इसका इस्तेमाल करना पड़े,

ह्रदय- है करूँगा जरूर करूँगा, मुझे सब कुछ जानना ह, चाहे कुछ भी हो जाये,

निधि को अब ह्रदय अपने काबू में आता दिखाई दे रहा था,

निधि ह्रदय की गॉड में बैठ गई और उससे लिपट गई, ह्रदय का मन बहुत व्याकुल था वो सही गलत कुछ समझ नहीं प् रहा था, उसे अपना अस्तित्व hi समझ में नहीं आ रहा था, और उसके पास सलाहकार जो मिला वो अपना फायदा ढूंढ रही थी,

शनाया दिया आशना और रैना घर पहुंची, दिमाग में बहुत से सवाल थे, कहा से शुरू करे समझ नहीं आ रहा था,

आशना- हमे पापा से बात करनी चाहिए,

दिया- नहीं तुम दोनों कुछ नहीं कहोगी, पहले हम पता तो कर ले दृष्टि जो कह रही ह, उसमे कितनी सचाई ह, उसने जो सबूत दिखाए हैं वो झूठे बनाये भी तो हो सकते हैं, और उसने हमारी सच्चाई बताई क्यों, इसमें उसका क्या फायदा वो ह कोण जिसे ये सब पता ह,

और उसे इस शहर में आये हुए hi कुछ दिन हुए हैं उसने आते hi हमसे पन्गा लिया और एक कहानी बना क्र हमे सुनाई, उसे ऐसा किया क्यों,

शनाया- मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा, मैं अकेले रहना चाहती हु, प्लस मुझे अकेला छोड़ दो,

शनाया अपने रूम में चली गई,

दिया वो फाइल लेकर अपने रूम में पहुंच गई,

दूसरी तरफ..

दीपा- माँ हम ये सब क्यों क्र रहे हैं, सब बच्चो को इतना दूर क्यों रखा ह, इससे क्या हासिल होगा,

अंजलि- मैं पिछले 18 साल से तुषार अलका और रूचि को ढूंढ रही हु, अब वक़्त नजदीक ह जब वो मिल जायेंगे

दीपा- माँ मेरी तो हिम्मत अब जवाब देने लगी हैं, आप सबको एक साथ क्यों नहीं लती

अंजलि- वो खुद एक साथ आ जायेंगे,

दीपा- इतना बड़ा परिवार अलग अलग ह, हम सब एक साथ जीवन जी सकते थे, लेकिन आपकी मरी से सब अलग अलग जी रहे हैं,

अंजलि- तू नहीं समझेगी,

दीपा- तो समझाओ न, मैं बिना सवाल किये आज तक आपकी हर बात मानती आ रही हु लेकिन अब वो बड़ा हो चुक्का ह, उसके दिमाग में सवाल आने शुरू हो चुके होंगे, वो पूछता नहीं ह इसका मतलब ये नहीं ह की वो पता नहीं करेगा,

वो भोला ह उसके पास ताकत ह, हिम्मत ह, बिना सोचे हठी से भी लड़ लेगा, लेकिन दुनिया की चालाकी उसकी समझ में नहीं आती, वो उन चालाकियों से दूर रहा ह,

अंजलि- तो अब उसे वो सब सीखना होगा, दुनिया को अपने कदमी में झुकना सीखना होगा,

दीपा- कोण सिखाएगा उसे

अंजलि- उप्पेर वाले ने सब प्लान करके भेजा ह, कोई न कोई उसका गुरु जरूर बनेगा जो उसे दुनिया से लड़ने का ज्ञान भी देगा

दीपा- आप क्यों नहीं देती वो ज्ञान

अंजलि- जल्दी hi मैं उसे सारा ज्ञान दूंगी,

दीपा- आप किस उम्मीद पैर ये सब क्र रही हो, ऐसा क्या जानती ह आप जिसके बेस पैर आप आज तक अपनी खोज करती आ रही हैं,

अंजलि- समय आने पैर बता दूंगी,

दीपा- समय माँ और कितना समय

अंजलि- बेटी समय hi हमारी ताकत ह, हमे समय के हिसाब से चलना ह, समय हमारे हिसाब से नहीं चलेगा, और समय की ताकत बहुत ज्यादा होती ह,

दीपा- मुझे आपकी बाते समझ नहीं आ रही, मुझे चिंता हो रही ह, अगर ह्रदय अपना सच ढूंढ़ने चल पड़ा तो वो जल्दी hi सब ढूंढ लेगा,

अंजलि- ढूंढ़ने दे उसे, उसे खुद बहार निकलने दे अब, अपने कदम रखने दे, उसके उप्पेर बड़ी जिम्मेदारी आणि बाकि ह,

दीपा- जब आपको सब पता ह तो आप इन 18 साल से क्यों ढूंढ रही थी,

अंजलि- मैं अपना करम कर रही थी, और तू भी अपना करम कर रही थी, हमारे हाथ में बस करम करना ह, समय के सामने सब कमजोर हैं, इसलिए अपना करम करते जाओ, समय सब ठीक क्र देगा,

इधर शाम को शनाया के ह्रदय को कॉल किया,

शनाया- कहा हो तुम

ह्रदय- एक जानकर के घर पैर हु,

शनाया- मुझे तुमसे मिलान ह अभी,

ह्रदय- क्या हुआ

शनाया- बस मिलना ह, मैं **** रेस्टोरेंट में आ रही हु वही पैर आ जाओ

ह्रदय- लेकिन मैं

शनाया ने बिना जवाब सुने फ़ोन काट दिया,

ह्रदय- ये लड़की भी हमेशा अजीब hi मूड में रहती ह,

निधि- क्या हुआ ह्रदय

ह्रदय- कुछ नहीं शनाया का कॉल था, मिलना चाहती ह

निधि- तो जाओ न मिलो, और उससे कुछ जानने की कोशिश करो,

ह्रदय- वो मुझे क्यों बताएगी,

निधि- अपने चार्म का उसे करो और जो भी रास्ता सही लगे अपनाओ,

ह्रदय- क्या ऐसा हो सकता ह, कोई लड़की ऐसे hi सब बात मान जाती ह,

निधि- तुम सच में भोले हो, मैं पागलो की तरह तुम्हारे आगे पीछे घूम रही हु, वो सब तुम्हारा जादू hi तो ह, मेरे जैसी शादी शुदा औरत तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती ह, वो तो फिर भी एक जवान लड़की ह, वो तो पागल hi हो जाएगी,

ह्रदय ने घेरि साँस बहरी और खड़ा हो गया,

निधि- अरे वो गाड़ी कही लग गई क्या आगे से डैमेज हो राखी ह,

ह्रदय- अरे है श्री मैं उसके लिए माफ़ी चाहूंगा लेकिन कुछ गुंडों ने शनाया उसकी बहेनो और काफी लड़कियों को किडनेप करने की कोशिश कर रहे थे तो मैंने आपकी गाड़ी से उनकी गाड़ी में टक्कर मर दी, जिससे ये आगे से डैमेज हो गई,

निधि- कोई बात नहीं, पूरी भी तोड़ देते तो भी कोई प्रॉब्लम नहीं थी, तुम दूसरी गाड़ी ले जाओ,

ह्रदय निधि की दूसरी कार ले गया,

निधि ने अशोक को कॉल की,

अशोक- क्या हुआ

निधि- आपने हनी को शनाया के पीछे लगाया था न उसे बोलो उससे दूर रहे,

अशोक- वो दूर hi ह मैंने फ़िलहाल उसे कही भेजा हुआ ह, लेकिन हुआ क्या ह

निधि- मैंने ह्रदय को उसके करीब भेजने का सोचा ह हनी से वो काम नहीं होगा लेकिन ये एक बार में hi क्र देगा, और जब ये हमारी तरफ होगा तो अंजलि ग्रुप वाले भी हमारी तरफ हो hi जायेंगे,

अशोक- तू सोच समझ क्र रही ह न

निधि- है बिलकुल सोच क्र क्र रही हु,

अशोक- ठीक ह मैं हनी को दूर रखूँगा,

ह्रदय पहुंच गया शनाया के बताये हुए रेस्टोरेंट में, शनाया पहले से वह बैठी हुई उसका वेट कर रही थी, एक दम उदास

ह्रदय- hi

शनाया ने ह्रदय को देखा और बस एक फीकी सी मुस्कान दी,

ह्रदय- क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या, एक दम उदास लग रही हो, कुछ हुआ ह क्या

शनाया- तुम मेरे दोस्त हो न

ह्रदय- है मैं तुम्हारा दोस्त हु

शनाया- मेरे लिए कुछ कर सकते हो

ह्रदय- दोस्त के लिए कुछ भी कर सकता हु,

शनाया- तो आओ मेरे साथ

ह्रदय- कहा

शनाया- बस चलो मेरे साथ

ह्रदय बिना कुछ बोले उसके पीछे चल दिया, शनाया उसे अपने साथ गाड़ी में बैठा क्र चंडीगढ़ से बहार ले गई जहा काफी सुमसान इलाका था, बहुत hi काम लोग इधर आते थे,

शनाया गाड़ी से उतर के बहार कड़ी हो गई, ह्रदय भी उसके पीछे उतर क्र साथ में आ गया,

ह्रदय- क्या हुआ ह तुम इतनी परेशां क्यों हो,

शनाया ने ह्रदय की तरफ देखा उसकी आँखों में आंसू थे, ह्रदय ने शनाया के कंधे पैर हाथ रखा तो शनाया के सबर का बांध टूट गया और वो रट हुए ह्रदय से लिपट गई,

ह्रदय थोड़ा परेशां हो गया, उसे कभी रोटी हुई लड़की को शांत करने का अनुभव नहीं था, आज से पहले वो इस हालत में कभी आया hi नहीं था,

ह्रदय- शनाया शांत हो जाओ, क्या हुआ बात तो बताओ, अगर बात नहीं बताओगी तो मैं समझूंगा कैसे

शनाया ने ह्रदय की तरफ देखा और जो किया उससे ह्रदय पूरी तरह भोचक्का सा रह गया,

शनाया ने ह्रदय के होतो से अपने हॉट मिला दिए, और उसकी गार्डन में हाथ दाल क्र खुद से चिपका लिया, ह्रदय शॉकेड रह गया, उसे इस सब की उम्मीद नहीं थी,

लेकिन शनाया शायद कुछ ज्यादा hi सोच क्र आई थी, वो ह्रदय से पूरी तरह चिपक गई थी,

असल में शनाया पूरी तरह घबरा गई थी आज की घटनाओ से, पहले गुंडों का हुम्ला फिर दृष्टि का ह्रदय को किश करना उसके बाद दृष्टि ने जो सचाई बयां की उसके बाद शनाया का आत्मविस्वास पूरी तरह गिर गया था, उसके दिल में दर बैठ गया की उसका सब कुछ चीन रहा ह, उसके सब अपने उससे दूर हो जायेंगे, दृष्टि उससे सब कुछ चीन लेगी, और इसी दर में उसने ये फैसला ले लिया था, वो ह्रदय को बहुत पसंद करने लगी थी, और दृष्टि के किश करने से उसके अंदर की घबराहट उसे यहाँ ले आई थी,

ह्रदय ने शनाया को अलग किया,

शनाया की आँखों में अब भी आंसू थे,

ह्रदय- शनाया से सब

शनाया ने उसके होतो पैर उंगली रख दी,

शनाया- मुझे बोलने दो, मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगी हु, मैं तुम्हे खोना नहीं चाहती, जब से तुम मेरी जिंदगी में आये हो मेरा नजरिया hi बदल गया ह,

जब से तुम्हे देखा ह मेरा खुद पैर hi काबू नहीं रहा, मैं बहुत जीडी रही हु लेकिन सच खेती हु मैं बुरी नहीं हु, तुम जैसा कहोगे मैं वैसे बन जाउंगी, लेकिन मुझे खुद से दूर मत करना, मेरा सब कुछ चीन गया ह लेकिन मैं तुम्हे खोना नहीं छाती,

ह्रदय को शनाया की बातो ने और उसके रोने ने इतना कमजोर सा कर दिया की वो कोई फैसला ले hi नहीं पाया और ऐसे hi खड़ा रह गया,

उसके दिमाग में तम्मना की बाते घूम गई, की वो चारो बहन तुम पैर आकर्षित हैं,

दूसरी तरफ निधि की बात घूम गई की जिसको प्यार की जरुरत हो उसे प्यार दो, उसी से तुम्हारी जानकरी निकल आएगी,

इतना सब सोच क्र भी ह्रदय का दिल नहीं मान रहा था, उसे लग रहा था वो शनाया के साथ धोका कर रहा ह,

ह्रदय- शनाया मैं तुम्हारे प्यार की कदर करता हु, लेकिन मेरा लक्ष्य कुछ और ह मैं प्यार में नहीं बांध सकता,

शनाया- मैं तुम्हे कभी अपने प्यार में नहीं बांधूंगी

ह्रदय- मुझे जिंदगी में कुछ ऐसे फैसले लेने पद सकते हैं जो हमारे रिश्ते के लिए सही न हो ,

शनाया- मैं कभी तुम्हारे रस्ते में प्रॉब्लम नहीं बनूँगी, मुझे बस तुम्हारा प्यार चाहिए,

ह्रदय- एक बार और सोच लो हो सकता ह हमारी शादी न हो पाए

शनाया- मुझे फरक नहीं पड़ता मैं शादी के बंधन में नहीं बांधना चाहती, मैं तुम्हारे प्यार के सहारे साडी जिंदगी गुजर सकती हु,

(इस आगे में प्यार से बढ़ क्र कुछ समझ नहीं आता, लड़के लड़किया कोई भी वडा कर देते हैं बिना सोचे समझे,)

ह्रदय ने शनाया को गले से लगा लिया, शनाया ख़ुशी से ह्रदय से लिपट गई और फिर से अपने हॉट उसके होतो से मिला दिए, ह्रदय ने भी उसके होतो को अपने होतो में कैद क्र लिया,

दोनों बहन भाई एक दूसरे के रिश्ते अनजान, प्रेमी प्रेमिका की तरह किश में दुबे हुए थे,

ह्रदय के दिमाग में प्यार नहीं था वो बस शनाया की ख़ुशी पूरी करना चाहता था, और उसी में अपनी जानकारी निकलना चाहता था, लेकिन वो भोला भला ये नहीं सझता था की एक बार जो इस दाल दाल में घुस जाता ह दुबारा निकल नहीं पता,

शनाया ह्रदय के होतो में खो क्र अपनी साडी तकलीफ भूल बैठी थी, वो ह्रदय के पास अपना दुखड़ा दोने आई थी, उसे कोई अपना नजर नहीं आ रहा था तो वो ह्रदय के पास चली आई, और यहाँ आकर वो अलग की काम में लग गई थी,

दोनों का किश वाइल्ड होने लगा था, ह्रदय के हाथ शनाया की कमर से निचे होते हुए उसकी उभरी हुई गांड पैर पहुंच गए, शनाया सब कुछ भूल क्र पूरी तरह गरम हो चुकी थी, शनाया ने ह्रदय का हाथ पकड़ा और कार के अंदर ले गई और उस पैर जंगली बिल्ली की तरह टूट पड़ी,

शनाया को एक बड़ा दर्द मिला था आज लेकिन उससे बड़ी ख़ुशी मिल गाइट hi ह्रदय का प्यार पा कर, सच तो ये था दृष्टि से जीत क्र वो ख़ुशी मिली थी, दृष्टि ने ह्रदय को किश किया था, शनाया ने उसे हरा क्र ह्रदय को अपने करीब कर लिया था,

शनाया ने जल्दी जल्दी ह्रदय के कपडे उतरने शुरू क्र दिए

ह्रदय- शनाया ये जगह ठीक नहीं ह, ये सब बहुत जल्दी हो रहा ह,

शनाया- हम प्यार करते ह एक दूसरे से तो ये गलत नहीं ह, आज कल लोग बिना प्यार के भी ये सब कर रहे हैं, इसमें बुराई क्या ह

ह्रदय- बुराई इसमें नहीं ह, लेकिन आज हम एक दूसरे के करीब आये हैं और पहेली बार में hi ये सब, ऐसा न हो की हम बस इसी में खो जाये,

और पहला प्यार ऐसी जगह करना, वैसे भी मेरे साथ यहाँ नहीं क्र पाओगी,

शनाया- नहीं कर पाओगी क्यों नहीं कर पाऊँगी,

ह्रदय- मेरे हिसाब से तुम सील पैक हो और मेरे पास जो ह उसे पहेली बार में झेलना इम्पॉसिबल ह

शनाया ह्रदय की बात पैर शर्मा सी गई

शनाया- ऐसा क्या ह तुम्हारे पास दिखो मुझे मैं देखना चाहती हु,

ह्रदय- जब हम कही सेफ जगह होंगे तभी देख लेना

शनाया- नहीं मुझे अभी देखना ह

ह्रदय- समझो

शनाया- मुझे कुछ नहीं समझना दिखाओ मुझे

ह्रदय- ठीक ह तो देख लो, करो महेनत निकल लो बहार

शनाया शर्माती हुई ह्रदय को देखने लगी, उसने बोल तो दिया था लेकिनजब ह्रदय ने उस एही निकलने को बोलै तो उसके हाथ कंपनी लगे, लेकिन आज उस पैर एक जूनून सा चढ़ा हुआ था, उसने हिम्मत की और ह्रदय की जीन्स खोलने लगी थी,

जीन्स खोल क्र जैसे hi उसने उसमे हाथ दिया और शनाया के हाथ ह्रदय के लुंड के उप्पेर पहुंचे शनाया की तो साँस सी hi अटक गई, उसने ह्रदय को देखा जो उस ेदकः क्र मुस्कुरा रहा था,

शनाया- ऐसे मेरा मजाक मत लो, मुजमे बहुत हिम्मत ह, मैं डरने वाली चीज नहीं हु,

ह्रदय ने बस कंधे उप्पेर किया और मुस्कुराता रहा,

शनाया ने अंडरवियर निचे किया और ह्रदय का लुंड उछाल क्र समाने आ गया, जिसे देख क्र शनाया की आँखे फटी रह गई, मुँह खुला रह गया वो बस ह्रदय के लुंड को देखे जार hi थी, इतना मोटा और लम्बा उसने पोर्न में भी नहीं देखा था,

ह्रदय- क्या हुआ

शनाया- ये रियल ह न ये इतना बड़ा कैसे ऐसा किसी का नहीं होता,

ह्रदय- तुम इससे पहले कभी देखा ह

शनाया- रियल में तो नहीं देखा लेकिन पोर्न में बहुत देखा ह,

ह्रदय- फिर तो ठीक ह वह देख क्र काम हैरत होगी, अगर रियल में किसी का देखा होता तो ज्यादा हैरत होती,

शनाया- देखा नहीं ह लेकिन पढ़ा और सुना बहुत ह, इंडिया में एवरेज 5.5 या 6 इंच का होता ह लेकिन ये तो

ह्रदय- अब समझ आया की मैं क्यों मन कर रहा था ये जगह ठीक नहीं ह,

शनाया- समझ गई, लेकिन मैं इससे खेल तो सकती हु न

ह्रदय- तुम्हारा hi ह जैसे चाहो वैसे खेलो,

शनाया ने ह्रदय के लुंड को अपने कांपते हुए हाथो में भर लिया और उसकी गर्माहट और कड़क पैन से शनाया और गरम होती जार hi थी, उसका बहतु कुछ करने का मन कर रहा था लेकिन शर्म और हिम्मत की वजह से कुछ नहीं कर प् रही थी,

उसने आगे बढ़ने का फैसला किया और लुंड की तरफ झुकने लगी तभी उसका फ़ोन आज उठा, वोट क दम सीधी बैठ गई फ़ोन देखा तो दिया का फ़ोन था,

शनाया ने फ़ोन साइड में रख दिया और आंख बंद करके बैठ गई,

ह्रदय- क्या हुआ फ़ोन क्यों नहीं उठाया

शनाया- मेरा मन नहीं ह

ह्रदय- क्या हुआ दिया से झगड़ा हुआ ह क्या,

शनाया- नहीं उससे मेरा झगड़ा कभी नहीं हो सकता, वो जान ह मेरी

ह्रदय- फिर क्या हुआ ह,

शनाया- आज कुछ ऐसा हुआ ह जिससे हम दोनों का अस्तित्व hi हिला गया ह, और हम दोनों के पास इतने सवाल हैं की मैं सोच भी नहीं सकती, लेकिन मेरी हिम्मत उन जवाबो को ढूढ़ने की नहीं हो रही, दिया उन जवाबो को जाने बिना रुकेगी नहीं,

ह्रदय- ऐसा क्या हो गया, मुझे बताओ शायद मैं कुछ जवाब ढूंढ लौ

शनाया- नहीं तुम इसमें मत पदों,

तभी दिया का फिर से फ़ोन बजा

ह्रदय- उठा लो शायद कुछ इम्पोर्टेन्ट हो,

शनाया ने फ़ोन उठाया

शनाया- hello

दिया- कहा ह तू मैं कब से फ़ोन मिला रही हु, तू ठीक ह न, बिना बताये कहा निकल गई,

शनाया- मैं ठीक हु बस मन दुखी था उस घर में मेरा मन नहीं लग रहा था, वो घर मुझे कथन को दौड़ रह अतः तो बहार निकल आई,

दिया- मुझे अकेला छोड़ क्र, एक बार मेरे बारे में तो सोचती, मैं यहाँ अकेली हु कोई नहीं ह मेरा यहाँ और टब hi चली गई,

शनाया- बस बस मैं आ रही हु तू रो मत मैं आ रही हु, मुझसे गलती हो गई बहन मुझे तुझ अकेला नहीं छोड़ना चाहिए था,

शनाया ने फ़ोन कटा

शनाया- मुझे जाना होगा

ह्रदय- तुम मुझे बता सकती हो क्या हुआ ह, क्या चल रहा ह वह

शनाया- आराम से मिलकर बताउंगी, अभी मुझे दिया के पास जाना होगा, वो अकेली ह

शनाया ने गाड़ी स्टार्ट क्र दी, ह्रदय ने जीन्स उप्पेर क्र ली,

शनाया ने गाड़ी उसी रेस्टोरेंट के सामने रोकी जहा ह्रदय की गाड़ी कड़ी थी,

शनाया- ठंकु ह्रदय आज तुमने मेरी लाइफ के सबसे बुरे दिन को सबसे खास दिन बना दिया, लेकिन एक बात और ह जो मैं बताना चाहती हु

ह्रदय- है बोलो

शनाया- मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु लेकिन मैंजनती हु दिया भी तुमसे बहुत प्यार करती ह, मैंने उसकी आँखों में देखा ह, वो तुम्हारे लिए पागल ह,

ह्रदय- लेकिन

शनाया- वो मेरी बहन ह मुझे जान से प्यारी ह, मैं उसके लिए कुछ भी कर सकती हु, आज मैं बहुत सेल्फिश हो गाइट hi मुझे उसका भी ख्याल नहीं रहा, लेकिन अब मुझे अहसास हो रहा ह मैंने उसके साथ गलत कर दिया, मुझसे एक वडा कर सकते हो

ह्रदय- क्या

शनाया- उसे हूयमर बारे में मत बताना, और अगर वो तुमसे अपने प्यार कैझर करे तो उसे इंकार मत करना

ह्रदय- ये कैसे हो सकता ह, दोनों से

शनाया- अगर वो आगे बढ़ती ह तो मैं पीछे हैट जाउंगी, वैसे मुझे उसके साथ तुम्हारे प्यार को बाटने में कोई ऐतराज नहीं ह, लेकिन अगर उसे पसंद नहीं होगा तो मैं पीछे हैट जाउंगी,

इतना बोल क्र शनाया गाड़ी में बैठी और बहुत तेजी से निकल गई, ह्रदय बस उसे देखता रह गया,

ह्रदय खुद से hi- क्या ऐसा होता ह प्यार, एक बहन दूसरी बहन के लिए अपने प्यार का बलिदान तक दे सकती ह, या उसके साथ बात सकती ह, क्या मैं कभी प्यार को समझ पाउँगा,

ह्रदय वापस फार्महाउस पंहुचा, जैसे hi वो निधि के पास पंहुचा तो निधि को देख क्र चौंक गया, वो बिस्टेर पैर पड़ी थी शराब के नशे में धुत, बाल बिखरे हुए, कपडे ासत व्यस्त, आँखे लाल जैसे बहुत रोई हो,

ह्रदय घबरा गया

ह्रदय- निधि निधि क्या हुआ ये सब क्या ह

निधि नशे में बहकती हुई – तुम आ गए मेरी जान तुम कहा चले गए थे, तुम मुझसे दूर क्यों चले गए थे

ह्रदय- मैं तो यही हु कही नहीं गया,

निधि- तुम कही नहीं जाओगे न, उसकी तरह तुम तो मुझे छोड़ क्र नहीं जाओगे न, मैंइस बार मर जाउंगी, मैं नहीं सेह पाऊँगी, एक बार सेह गई इस बार नहीं सेह पाऊँगी, मुझे छोड़ क्र मत जाना,

ह्रदय- कोण चला गया तुम्हे छोड़ क्र किसकी बात कर रही हो,

निधि- वो चला गया

निधि रोने लगी, ह्रदय ने उसे गले से लगा लिया, निधि ह्रदय से चिपक गई,

निधि- मेरा बाबू तू आ गया देख तेरी निधि तेरे पास ह तू लोट आया, मेरी जान लोट आई,

निधि ह्रदय के हॉट चूमने लगी, ह्रदय को लगा शायद निधि अपने अतीत के किसी इंसान को बहुत याद कर रही ह, इसी लिए इतनी भावुक हो रही ह, नशे में उसे समझ नहीं आ रहा, की वो किसके साथ ह,

ह्रदय ने उसका दिल तोडना सही नहीं समझा और उसका सात देने लगा, जल्दी hi दोनों के कपडे उतर गए और ह्रदय निधि के उप्पेर आकर अपने बड़ा की गर्मी निधि के साथ बाटने लगा, दोनों के नंगे बदन एक दूसरे से रगड़ने लगे थे,

निधि ने ह्रदय के लुंड पकड़ा और पैनिक हूत पैर लगाया,

निधि- बाबू घुसा दो अपना लोढ़ा मेरी छूट में बहुत तदपि ह ये तुम्हरे लिए, बुझा लो अपनी प्यास मिटा दो मेरी गर्मी,

ह्रदय ने भी लुंड का दबाव बनाया और एक बार में hi काफी हिस्सा निधि की छूट में घुस गया, निधि की चीख निकल गई, नशे की हालत में थी तो झेल गई, ह्रदय ने ज्यादा दबाव नहीं डाला लेकिन निधि निचे से अपने गांड को उछलने लगी जैसे बोल रही हो पूरा घुसाओ,

ह्रदय ने कुछ देर तो उतने hi लुंड से कमर हिलाई लेकिन कुछ देर बार लुंड को अंदर घुसाने लगा, और पूरा लुंड कब निधि किछूट में घुस गया उसे भी पता नहीं चला, निधि की छूट नार्मल से कुछज्यादा hi चिकनी हो राखी थी, लुंड घुस तो गया लेकिन निधि की हालत ख़राब हो गाइट hi, उसकी आँखे फैट गाइट hi, उसने ह्रदय की कमर हाथ दाल क्र उसे कास क्र पकड़ लिया था सके नाखूनहारदाय की कमर में गड गए थे,

ह्रदय ने हलके हलके धक्के लगाए, जल्दी hi निधि नार्मल होने लगी थी, लुंड अंदर बहार होने लगा था लेकिनजब भी ह्रदय लुंड बहार खींचता तो निधि छूट भीउसके साथ hi खींची चली आती थी

कुछ hi देर में निधि झड़ने लगी, ह्रदय उसी पोजीशन में लगातार धक्के लगता रहा, दोनों किछुड़े लगभग 1 घंटे चली जिसमे निधि 3 बार झाड़ गई थी और ह्रदय ने भी अपना रास उसकी छूट में बाहर दिया था,

निधि ने ह्रदय को बहो में भर लिया और थक कर शांत लेट गई थी, और लेते लेते hi उसे नींद आ गई थी, ह्रदय ने भी उसे डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा, वो भी उसकिसीदे में लेट गया और आज की घटनाओ कोसोचने लगा, अपनी अगली मंजिल के बारे में सोचने लगा, शनाया दिया अंजलि ग्रुप से सब उसके दिमाग में घूम रहा था,

वही दूसरी तरफ

दृष्टि अपने बिस्टेर पैर पड़ी थी उसकी आँखों में नींद नहीं थी, उसकी आँखे लाल हो राखी थी,

दृष्टि सोच में- मैंने ऐसा क्यों किया किसी से बदला लेने के लिए मैं इतनी गिर गई मैंने एक अनजान लड़के को किश कर दिया, मैंने किश कैसे कर दिया क्यों कर दिया, वो था कोण वो चीज क्या थी उसने इतने गुंडों को अकेले hi हाट पेअर तोड़ क्र बहग दिया, इतनी ताकत किसी इंसान में नहीं हो सकती, क्या वो उन चारो के साथ ह, वो सब उसे कैसे जानती हैं, मुझे उसके बारे में पता करना होगा, अगर वो उनकी तरफ चला गया तो हमारी लड़ाई कमजोर पद जाएगी,

वो अकेला hi सबको तहस नहस कर सकता ह,

वही दृष्टि का दूसरा मन- दृष्टि दुनिया में उसके जैसा नहीं मिलेगा, दुश्मनी के चक्कर में उसे मत खो देना, उसके होतो का वो अहसास इतना सकूं, आज से पहले कभी नहीं मिला, जैसे hi उसके होतो को छुआ दुनिया की साडी तकलीफ एक पल में hi गायब हो गाइट hi, बदले से पहले खुद के बारे में सोच,


एक दम दृष्ति उठ क्र बैठ गई- नहीं ये मैं क्या सोचने लगी, मुझे उन सबको बर्बाद करना ह,
 
तुषार के गन सबके अंदर ह लेकिन सब बच्चे अपनी माओ के साथ रहे हैं तो माओ का असर कुछ ज्यादा hi ह,

दृष्टि का राज सामने आएगा जल्दी hi,

वर्षा पिछले part में भी सबसे ज्यादा क्लियर दिमाग से थी और इस में भी, वो बहुत आगे का सोच क्र करती ह,

अंजलि ने हर किसी को एक जिम्मेदारी दी ह क्या क्या दी ह वो आगे सामने आएगी
 
अपडेट- 17



सुबह निधि अलसाई सी उठी उसका पूरा बदन दुःख रहा था, उसने बीएड से उठने की कोशिश की तो छूट में भयानक दर्द हुआ, ahahhhhhhhhhhhhh

ह्रदय दौड़ क्र उसके पास आया

ह्रदय- क्या हुआ

निधि- दर्द हो रहा ह

ह्रदय- श्री रात तुमने ज्यादा पि राखी थी और बहुत जोश में थी तो पूरा अंदर ले गई, उसकी वजह से हो रहा होगा

निधि- क्या रात हमने सेक्स किया था

ह्रदय- मैं तुम्हारे साथ किया था लेकिन तुमने किसी और के साथ किया

निधि- क्या मतलब मैं कुछ समझी नहीं

ह्रदय- रात तुम किसी बाबू जणू को याद कर रही थी, शायद मुझमे अपने किसी अतीत के साथी को याद करके प्यार क्र रही थी,

निधि- क्या मैंने ऐसा किया, मुझे माफ़ करना, मैं नशे में बहक गई थी,

ह्रदय- क्या मैं जान सकता हु कोण था वो

निधि- क्या करोगे जान क्र

ह्रदय- हम दोस्त ह इतने करीब हैं, तुम मेरे बारे में सब जानती हो क्या मैं तुम्हारे बारे में नहीं जान सकता,

निधि- तुम्हारा अधिकार ह सब कुछ जानने का लेकिन वह बस तकलीफ hi तकलीफ ह, बहुत दर्द छुपा ह वह,

ह्रदय- तुम मेरे साथ वो दर्द बात सकती हो,

निधि- ये बहुत पुराणी बात ह, जब मैंने अपनी जवानी में कदम रखा hi था, सोच लो मैं आज ऐसी हु तो जवानी में तो और भी हॉट रही थी, बहुत से लड़के मेरे पीछे थे, लेकिन मुझे एक hi लड़का पसंद था, जिसके पीछे मैं दीवानी थी और इस कदर दीवानी थी की मुझे उसके अलावा कुछ सूझता hi नहीं था, हम दोनों एक दूसरे के लिए पागल थे,

ह्रदय- कहा गया वो

निधि- पिछले 19 साल से कोमा में ह,

ह्रदय- क्या कैसे

निधि- मेरे लिए, मेरे लिए वो एक शैतान से लड़ पड़ा, वो बेचारा एक साधारण सा इंसान और वो हैवान न जाने कितनी ताकत थी उसमे, उसने उसको इतना मारा की वो आज तक होश में नहीं आया ह,

इतना बोल क्र निधि रोने लगी, उसका रोना ह्रदय को अंदर तक झंजोड़ गया, उसने निधि को बहो में भर लिया

काफी देर रोने के बाद निधि शांत हुई,

ह्रदय- बहुत दुःख हुआ, तुम आज भी उसे प्यार करती हो

निधि- बहुत ज्यादा, अगर भगवान् मेरी जान के बदले उसे ठीक क्र दे तो मैं ख़ुशी से अपनी जान दे दू,

ह्रदय- कहा ह वो,

निधि- हॉस्पिटल में मर. अशोक कपूर का बड़ा बीटा रोहन,

ह्रदय- क्या लेकिन आप तो उनके छोटे बेटे की पत्नी हो,

निधि- है जब रोहन को कोमा में गया तो उससे पहले मैं प्रेग्नेंट हो गाइट hi, लेकिन समाज के सामने कैसे आती तब अशोक जी ने मेरी सहायता की, अपने छोटे बेटे से मेरी शादी करवा दी, हनी पैदा हुआ तो उसे बताया गया की उसकी माँ एक्सपिरे हो गई ह, जिससे रोहन का वरिष्ठ भी रहे और मुझ पैर कोई लांछन न आये,

ह्रदय- बहुत अच्छे इंसान ह अशोक जी तो

निधि- वो आज भी अपने बेटे को बचने की कोशिश कर रहे, पिछले 19 साल से इसी कोशिश में ह उस दिन को बदल सके,

ह्रदय- जो किस्मत में होता ह उसे कैसे बदल सकते हैं,

निधि- काश मैं कुछ कर पति

ह्रदय- मैं ऊपर वाले से प्राथना करूँगा सब ठीक हो जाये, रोहन जी ठीक हो जाये और तुम उनके साथ ख़ुशी से रह सको,

निधि- अब इतना कुछ हो गया ह मैं कभी उसके पास नहीं जा पाऊँगी,

ह्रदय- जो हुआ आपकी मज़बूरी थी, इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं ह,

निधि- काश मैं उस दिन को बदल पति

ह्रदय- अगर ऐसा हो सकता तो सबसे पहले मैं तुम्हारे साथ खड़ा होता,

निधि- क्या सच में तुम मेरे लिए ऐसा करते

ह्रदय- अगर ऐसा पॉसिबल हो सकता होता तो मैं किसी भी कीमत पैर ये सब करता,

निधि ह्रदय से लिपट गई,

निधि- तुम बहुत अच्छे हो ह्रदय,

ह्रदय- तुम भी बहुत अच्छी हो,

निधि- कल क्या हुआ कुछ पता चला शनाया से

ह्रदय- अभी तो नहीं लेकिन पता चल जायेगा, उसने मुझे परपोज़ किया कल,

निधि- क्या सच में ये तो बहुत ख़ुशी की बात ह

ह्रदय- तुम्हे जलन नहीं हो रही

निधि- मैं खुश हु, तुम मेरे सामने hi उसकी छोड़ोगे तब भी मुझे जलन नहीं होगी, मेरा प्यार बिलकुल अलग ह,

ह्रदय- तुम सच में बहुत अच्छी हो,

निधि ह्रदय से लिपटी हुई थी लेकिन उसके फेस पैर अजीब hi एक्सप्रेशन थे जो समझ से बहार थे, न ख़ुशी के थे, न hi कामयाबी के, अजीब सी चिंता के थे,

वही दूर एक जगह,

जालिम दादी- उसने कर दिया सेक्सी, उसने धमाका क्र दिया, अब उसके परिवार में धमाके होंगे, अब हर कोई अपने अपने सवाल जानने के लिए एक दूसरे को नोच खायेगे और जब उन्हें पता चलेगा कितनी गन्दगी भरी ह तो सोचो वो क्या करेंगे एक दूसरे को hi तबाह कर देंगे,

सेक्सी- तुमने hi उसे तैयार किया ह उसे वो कर hi देती, लेकिन वो अंजलि बहुत चालक ह, क्या वो सम्हल नहीं पायेगी ये सब

जालिम दादी- अब उसके पास वो नहीं ह जिसके दम पैर वो उछलती थी, और जिन जिन को उसने छुपा रखा ह वो सब सामने आ जायेंगे, अंजलि अब तक छुपी रही थी लेकिन अब उसे सबके सामने आना होगा तब मैं अपना वॉर करुँगी, सब पैर एक साथ वॉर करुँगी,

सेक्सी- अपने इस जानवर को भेजो न एक बार में hi सब तबाह कर आएगा,

जालिम दादी- बस जल्दी hi मेरा पला हु अजनवार वह जायेगा और तबाही मचाएगा, सबसे पहले मैं उस सीमा को ख़तम करवाउंगी,

सेक्सी- और वो दीपा उसका क्या मुझे वो चाहिए,

जालिम दादी- मिलेगी मिलेगी जब सब तबाह होगा तो वो भी निकल क्र आएगी, अंजलि ने उसे कहा भेजा ह आज तक उसका पता नहीं चल पाया ह, जिस दिन पता चला उसी दिन उसे ख़तम करवा दूंगी,

सेक्सी- मैं खुद मरूंगी उसे अपने हाथो से,

जालिम दादी- हहहहहह मर लेना मर लेना कोई नहीं बचेगा सब मरेंगे

दोनों जोर जोर से हसने लगी,

चंडीगढ़ में…

दिया- शनाया मैंने पूरी रात इस फाइल को देखा ह, इसमें कुछ सबूत सही हैं, जिनके रिकॉर्ड इंटरनेट से भी मिल गे हैं, बाकि सबके बारे में जानकरी निकालनी पड़ेगी,

शनाया- मैं इस सब में नहीं पांडा चाहती,

दिया- ये हमारे अस्तित्व का सवाल ह ये तो हमे जानना hi होगा,

शनाया- क्या हमारी माँ के नाजायज सम्बन्ध थे, थे हमारी दादी अंजलि जिसके नाम पैर इतना बड़ा एम्पायर ह, जिसके नाम पैर हम इतना उछलते थे वोट क बदचलन औरत थी,

दिया- नहीं ऐसा नहीं हो सकता, ये सब हमे गुमराह करने के लिए ह, अगर ऐसा होता तो यहाँ हमारी इतनी इज्जत न होती,

शनाया- तो हमे बताएगा कोण, और आज कल इज्जत पैसो से होती ह, जितना पैसा हमारे पास ह कोई हमारे सामने जबान नहीं खोलेगा,

दिया- ऐसा नहीं ह, लोग सामने कुछ नहीं कहते लेकिन पीछे तो बात करते hi, और इस बारे में शायद hi किसी को ठीक से जानकरी हो, ये सब 19 साल पहले हुआ था,

शनाया- मुझे अब किसी पैर ट्रस्ट नहीं ह,

दिया- हमे न बताने का कोई तो कारन रहा होगा, इतनी बड़ी घटना क्यों छुपाई गई, जब उनके बारे में कोई जनता hi नहीं था तो सही गलत किसे पता होगा, जरूर कोई बात ह जो हमसे छुपाई गई,

दूसरी तरफ नैना और काम्य अपने रूम में परेशां बैठी हुई थी,

नैना- ये सब क्या हुआ काम्य, एक दम से सब कुछ उथलपुथल हो गया,

काम्य- हमारे परिवार के साथ गलत हुआ ह, और शायद इसी लिए नाना जी ने हमारी माँ को यहाँ से दूर भेजा होगा ताकि हम जिन्दा रह सके,

नैना- लेकिन नाना तो मंत्री थे,

काम्य- और सुरेश चोपड़ा इतना पैसे वाले थे, जब उनके साथ ये सब हो सकता ह, तो हमारे साथ क्यों नहीं,

नैना- अब हम क्या करे, माँ से बात करे,

काम्य- माँ से बात की तो वो हमे कुछ करने hi नहीं देंगी, हम खुद उनसे जवाब मांगे गए,

ह्रदय के पास अनिल शर्मा का एड्रेस आ चुक्का था, वो निधि से बिना बाए अनिल शर्मा के पास निकल चुक्का था, रस्ते में उसे तम्मना की कॉल आई,

तम्मना- कैसे हो बेबी

ह्रदय- अच्छा हु आप कैसी ह तबियत कैसी ह

तम्मना- अब बिलकुल ठीक ह इसलिए तुमसे मिलने चंडीगढ़ आ गई हु,

ह्रदय- क्या आप चंडीगढ़ में हैं,

तम्मना- है स्टेशन पैर कड़ी हु, मिलने आ सकते हो क्या,

ह्रदय- ok आप वेट करो मैं आ रहा हु,

ह्रदय स्टेशन पंहुचा गाड़ी से, तम्मना उसे गाड़ी में देख क्र चौंक गई,

तम्मना- ये गाड़ी किसकी ह

ह्रदय- एक फ्रेंड की,

तम्मना- यहाँ आकर बड़ी जल्दी फ्रेंड्स बनाये,

गाड़ी में बैठते hi तम्मना ह्रदय पैर टूट पड़ी और किश की झड़ी लगा दी,

ह्रदय- इतना उतावला पैन

तम्मना- जब से तुमने मुझे छुआ ह मुझसे कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा ह,

ह्रदय- ये जगह ठीक नहीं ह

तम्मना – तो ठीक जगह लेकर चलो न फिर

ह्रदय- मैं किसी जरुरी काम से जा रहा था,

तम्मना- ऐसा क्या जरुरी काम ह जो सामने से आते हुई मेरे जैसी हॉट आइटम को छोड़ क्र जार हे हो,

ह्रदय- किसी से मिलना था

तम्मना – तो मेरी प्यास बुझा क्र चले जाना, फिर मैं मां के घर चली जाउंगी वह से मौका कब मिले,

ह्रदय तम्मना के सामने हार मान गया, और गाड़ी घुमा दी किसी सुमसान जगह की तरफ,

इधर तम्मना ने थोड़ा सा सुमसान जगह आते hi ह्रदय के लुंड को बहा रनिकल लिया और अपने हाथ से हिलने लगी,

ह्रदय- ये क्या कर रही हो आप कोई देख लेगा

तम्मना- देखने दो, मैं अपने खिलोने से खेल रही हु, कोई देखेगा तो समझ जायेगा जिसके सामने ऐसा खिलौना हो उसे कुछ और दिखाई hi नहीं देता

इतना बोल क्र तम्मना निचे झुक गई और लुंड को अपने मुँह में भर लिया, ह्रदय की आँखे बंद हो गई,

ह्रदय- गाड़ी तो चला लेने दो, एक्सीडेंट हो जायेगा,

तम्मना- आज अपना कण्ट्रोल दिखाओ कितना ह, इतने बड़े लुंड का मालिक कितना कण्ट्रोल क्र सकता ह

ह्रदय ने घेरि साँस भरी और गाड़ी चलने लगा,

तम्मना पुरे जोश में लुंड को चूसे जा रही थी, ह्रदय ने गाड़ी एक सुमसान जगह पैर लगा दी, और अपनी सीट पीछे करके आराम से लेट गया,

तम्मना ने ह्रदय को देखा

ह्रदय- अब दिखाओ अपना हुनर और मेरा कण्ट्रोल देखो,

तम्मना फिर से ह्रदय के लुंड को चूसने लगी, काफी देर चूसने के बाद भी ह्रदय पैर कोई असर नहीं हुआ, थक क्र तम्मना उठ गई

तम्मना- मैं समझ गई तुम्हारा कण्ट्रोल बहुत ज्यादा ह लेकिन अब मुझे मत तड़पाओ जल्दी से दाल दो इसे मेरे अंदर इसे देख देख क्र मेरी छूट रो रही ह,

ह्रदय ने गाड़ी की सीट को खोल दिया जिससे वो पूरा बीएड सा बन गया,

तम्मना- ये तो पूरा बीएड बन गया ह,

ह्रदय- है आज कल गाड़िया ऐसी hi आ रही हैं, पता नहीं कब किसका मन सेक्स का कर जाये तो ये सुविधा भी दे दी, हाहाहाहा

तम्मना तुरंत पीछे सीट पैर चली गई और खुद hi अपने कपडे उतरने लगी,

ह्रदय उसका उतावला पैन देख क्र मुस्कुरा रहा था, कुछ hi पालो में दोनों नंगे थे,

ह्रदय- यहाँ आयल नहीं ह आज तकलीफ होगी

तम्मना – तुमने इसे खोल दिया ह अब उतनी नहीं होगी,

ह्रदय तम्मना के पैरो के बिच में आ गया और लुंड को छूट पैर लगाया और एक जोर दर धक्का मारा जिससे लुंड छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया,

तम्मना- aahhhhhhhhhhhhh माँ फाड् दी भेनचोद aahhhhhhhhhhhhhhhhh

ह्रदय- अब पता चला न दर्द होगा, और आप गली भी देती हैं,

तम्मना- इतना दर्द डोज गली तो निकलेगी hi, और मुझे कोण कोण सी गली आती ह ये तो तुम जानते hi नहीं, टीचर हु इसका मतलब ये तोडना ह दुनिया का ज्ञान नहीं आएगा मुझे, आज कल सबस ेफेले गली hi सिखाता ह समाज,

ह्रदय ने आज बिना किसी रहम के धक्के लगाने शुरू क्र दिए थे, कुछ hi देर में तम्मना की छूट में लगभग पूरा लुंड घुस चुक्का था, और तम्मना की चीखे दूर दूर तक गूंजने लगी थी, गाड़ी दूर से hi हिलती हुई नजर आ रही थी, ह्रदय ने लगभग 45 मिनट्स तक तम्मना की जबरदस्त चुदाई की,

तम्मना के शरीर की एक एक अंग निचोड़ दिया था उसने,

तम्मना बेसुध सी पद गई,

तम्मना- ऐसा कोण करता ह जान hi निकल दी,

ह्रदय- तुमने hi कहा था अब इतना दर्द नहीं होगा तो सोचा मैं भी थोड़ा मजा ले लू

तम्मना- थोड़ा तुम्हारे थोड़े से मजे ने मेरी फाड़ क्र रख दी, अगर पुरे मजे लेते तो मैं तो जिन्दा hi न बचती,

ह्रदय- मुझे पता ह तुम झेल लोगी,

तम्मना- बड़ा पता ह तुम्हे, वैसे यहाँ आकर क्या क्या कर दिया, उन बहेनो में से किसी का खता खोला या नहीं,

ह्रदय- कैसी बाते करती हो तुम

तम्मना- अरे इसमें बुरा क्या ह, वो मजा लेना छाती ह तो मजा दे दो उन्हें भी

ह्रदय- अब तक तो कुछ नहीं हुआ बस शनाया ने मुझे परपोज़ किया ह

तम्मना- देखा मुझे पता था वो जरूर करेगी, जल्दी से खता खोल दो

ह्रदय- ये सब इतनी जल्दी

तम्मना- आज कल अगर लड़का चुदाई करने में देरी करता ह तो लड़की को लगता ह वो करने के लायक नहीं ह और वो कोई और ढूंढ लेती ह, इसलिए सबसे पहले खता खोल दो, और तुम्हे खुलवाने के बाद वो किसी और के पास जाने की सोचेगी भी नहीं,

ह्रदय- मुझे समझ नहीं आता कैसे करू

तम्मना- जैसे मेरे साथ किया ह,

ह्रदय- तुम तो खुद आई थी

तम्मना- वो भी आ जाएगी, बस एक बार उसके बदन पैर हाथ फिर दो फिर द्केहना कैसे तुम्हारे इस मुसल के निचे आती ह,

ह्रदय- अच्छा अच्छा देखता हु कैसे करूँगा

तम्मना- लेकिन जब खता खोलो तो मुझे जरूर बताना,

ह्रदय- किसी और का खता खुलवाने में आपको बड़ा इंट्रेस्ट ह,

तम्मना- मैं तो अपनी आँखों से देखना छाती हु जब तुम किसी का खता खोलोगे, मुझे जितना मजा करने में आता ह उतना hi मजा देखने में भी आता ह, दिखाओगे न मुझे,

ह्रदय- सोचना लेकिन पहले चलो यहाँ से कोई आ गया तो गड़बड़ हो जाएगी, मुझे भी देर हो रही ह,

दोनों ने कपडे पहने और ह्रदय ने गाड़ी डोडा दी, तम्मना को उसके मां के घर ड्राप किया, तम्मना ने गाड़ी से उतर क्र बिना किसी झिजक के ह्रदय के होतो को चुम लिया,

ह्रदय- ये

तम्मना- इस शहर में ये सब कॉमन ह किसी को फरक नहीं पड़ता,

ह्रदय- ठीक ह bye

तम्मना घर की तरफ मुड़ी तो लंगड़ा कर चलने लगी

ह्रदय- चल बड़ी मस्त लग रही ह, जैसे कोई घोड़ी चल रही हो

तम्मना- अच्छा बच्चू, तुमने hi की ह ऐसी हालत घोड़ी बना दिया मुझे, अगली बार घोड़ी की तरह hi दूंगी तब देखती हु कैसी सवारी करोगे,

दोनों हस्ते हुए अपनी अपनी मजिल को चल दिए,

ह्रदय के जाते hi तम्मना ने फ़ोन मिला दिया

तम्मना फ़ोन पैर,

तम्मना- माँ अब क्या करना ह मैंने आग तो लगा hi दी ह उसके अंदर लेकिन वो बहुत भोला ह, उसके साथ कुछ करते हुए तकलीफ हो रही ह,

दूसरी तरफ एक औरत- तकलीफ तू पागल हो गई ह कैसी तकलीफ उनकी वजह से हमे कितनी तकलीफ हुई तू जानती ह न,

तम्मना- जानती हु माँ

तम्मना की माँ- तो उसके अंदर आग भर दे, इतनी आग की वो औरत को देखते hi उस पैर जानवरो की तरह टूट पड़े, और उस घर की हर औरत उसके निचे आणि चाहिए,

तम्मना- माँ उसे इतनी आसानी से नहीं झेल सकती कोई औरत,

टी माँ- ये तो और भी अच्छी बात ह उसके साथ रह क्र फिर वो किसी और के पास जा भी नहीं पाएंगी जिंदगी बर्बाद,

तम्मना- ठीक ह माँ मैं चंडीगढ़ आ चुकी हु आज,

टी माँ- और वो भी कंपनी में घुस चुक्का ह वो तुझे साडी जानकरी देता रहेगा, मुझे उनकी एक एक खबर चाहिए,

तम्मना- ठीक ह माँ

इधर ह्रदय पंहुचा अनिल शर्मा के एड्रेस पैर, वह एक नौकर ने उसे बैठाया

ह्रदय- जी मुझे अनिल शर्मा जी से मिलना ह

नौकर- आप कोण ह, और क्यों मिलना चाहते हैं

ह्रदय- जी मुझे कुछ पूछना ह उनसे

नौकर- वो बताने की हालत में नहीं ह,

ह्रदय- मतलब

नौकर- 85 साल के बुजुर्ग हैं, ठीक से बात चित भी नहीं कर पते, बस आपने आखरी दिन गईं रहे हैं,

ह्रदय- ओह्ह्ह, उनका कोई परिवार वाला

नौकर- उन्होंने तो शादी hi नहीं की तो परिवार कहा से होगा

ह्रदय- शादी नहीं की लेकिन, अच्छा मैं उन्हें देख सकता हु,

नौकर ह्रदय को एक रूम में ले गया, जहा अनिल शर्मा बिस्टेर पैर लेते हुए थे,

नौकर- साहब ये लड़का आपसे मिलना चाहता ह,

अनिल शर्मा ने हलकी सी गार्डन उठाई और गौर से देखा फिर हाथ से बैठने का इशारा किया,

ह्रदय उसके करीब बैठ गया

ह्रदय- मैं आपसे कुछ जानने आया हु

अनिल शर्मा ने हाथ का इशारा किया ह्रदय चुप हो गया, नौकर ने अनिल शर्मा का चस्मा लगाया और उन्हें बीएड का सहारा देकर बैठा दिया,

अनिल शर्मा बड़े गोर से ह्रदय को देखने लगे,

ह्रदय- मुझे आपसे कुछ पूछना था,

अनिल शर्मा ने ह्रदय की तरफ इशारा किया, लेकिन ह्रदय को कुछ समझ नहीं आया,

नौकर- ये बोल रहे हैं की तुम अच्छे लग रहे हो,

ह्रदय- आप मुझे जानते हो,

अनिल शर्मा ने फिर इशारा किया

नौकर- तुम्हारे फेस किसी से मिलता ह शायद ये बता रहे हैं,

ह्रदय- मुझे अपने बारे में hi जानना ह, अपने माँ बाप को ढूंढ़ना ह, मुझे कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा

अनिल शर्मा ने नौकर को इशारा किया तो वो एक तस्वीर ले आया.

अनिल शर्मा ने वो तस्वीर ह्रदय को दी और इशारा किया,

नौकर- इस औरत को ढूडनो तुम्हारे जवाब मिल जायेंगे,

ह्रदय- कोण ह ये

नौकर- साहब की मुँह बोली बेटी अंजलि

ह्रदय गौर से तस्वीर को देखने लगा,

अनिल शर्मा ने फिर इशारा किया

नौकर- ये hi तुम्हे तुम्हारी मंजिल तक पहुचायेगी, इस पैर भरोसा रखना,

ह्रदय क्या क्या सोच क्र आया था लेकिन अंजलि की तस्वीर के अलावा ज्यादा जानकारी नहीं मिली, लेकिन ये कन्फर्म हो गया था अंजलि ग्रुप से hi उसका कोई कनेक्शन ह,

ह्रदय वह से वापस आ गया, अब उसका एक hi टारगेट था अंजलि के घर में जाना वही कुछ पता चल सकता ह,

निधि- कुछ परेशां से हो

ह्रदय- चीजे उलझ सी गई हैं, सब जगह से ये hi पता चल रहा ह की मेरा कोई कनेक्शन अंजलि ग्रुप से ह,

निधि- ये तो अच्छी बात ह

ह्रदय- अब मुझे नहीं पता मेरा क्या रिश्ता ह और शनाया मुझसे प्यार क्र बैठी ह, अगर हम दोनों का कोई रिश्ता निकला तो क्या होगा,

निधि- तो क्या होगा घर की बात घर में hi रहेगी

ह्रदय- ये गलत होगा

निधि- किस ज़माने में जी रहे हो तुम, आज कल कोण रिश्तो को देखता ह, आज कल तो लोग रिलेशन में hi शादी करने लगे हैं, लंदन में लोग अपनी hi माँ को छोड़ लेते हैं, स्टेप माँ को तो छोड़ना बहुत hi नार्मल ह,

अमेरिका में भाई बहन का सेक्स बहुत मशहूर ह, रशिया में कोई रिश्ता मायने नहीं रखता, इंडिया में बस चुप चुप क्र चल रहा ह, कजिन सिस्टर ब्रोटर तो शादी भी क्र ले रहे हैं आज कल, तुम फालतू में चिंता कर रहे हो, और जरुरी नहीं की कोई रिश्ता हो तुम्हारा आपस में,

ह्रदय सोच में दुब गया,

निधि- अच्छा मैं किसी काम से बहार जा रही हु रात में शायद नाब hi औ, रोहन के पास रहूंगी,

ह्रदय- है है जरूर उनके पास रहोगी तो मन को सकूं मिलेगा,

निधि- सकूं तो उसी दिन मिलेगा जिस दिन मैं उसकी हो जाउंगी,

निधि वह से निकल गई, तभी शनाया का फ़ोन आया,

शनाया- कहा हो

ह्रदय- दोस्त के घर पैर

शनाया- और कोण कोण ह वह

ह्रदय- फ़िलहाल तो अकेला हु

शनाया- मैं मिलने आ रही हु,

ह्रदय- कही बहार मिले

शनाया- नहीं मैं वही आ रही हु, एड्रेस भेजो,

ह्रदय को एड्रेस भेजना पड़ा,

कुछ hi देर में शनाया उसके पास पहुंच गई,

शनाया- तुम अशोक कपूर के फार्महाउस पैर क्या कर रहे हो,

ह्रदय- फिर कभी बताऊंगा, तुम बताओ यहाँ कैसे

शनाया- बस याद आ रही थी

शनाया ह्रदय के गले लग गई और सीधे होतो पैर टूट पड़ी,

ह्रदय- क्या इरादा ह

शनाया- मुझे हद से गुजरना ह, सब कुछ क्र लेना ह, मेरा दुनिया से भरोसा उठ चुक्का ह इसलिए मैं अपनी जिंदगी में सब कुछ कर लेना चाहती हु, शनाया ने अपने बेग में से शराब की बोतल निकली,

ह्रदय- ये क्या ह.

शनाया- मैंने कभी नशा नहीं किया लेकिन आज मैं सब कुछ करना छाती हु, मुझे रोको मत प्लस,

ह्रदय- मैं नहीं रोक रहा लेकिन

शनाया ने बोतल खोली और एक गिलास में शराब डाली और थोड़ा सा पानी मिला क्र एक घुट में पि गई, जिससे उसे जोर से खासी आई उसक अगला अंदर तक चिर गया,

ह्रदय ने उसकी कमर को शलया,

ह्रदय- मत करो शनाया ये ठीक नहीं ह,

शनाया- बस आज के लिए मत रोको,

शनाया ने एक और गिलास बनाया और पि गई,

ह्रदय परेशां उसे कुछ समझ नहीं आ रहा कैसे रोके,

शनाया ने तीसरा पेग भी पि लिया, अब उसे नहस होने लगा था, उसकी आँखे लाल हो चुकी थी, वो झूमती हु ह्रदय से लिअत गई और नाचने लगी,

शनाया- मैं आजाद हु जो चाहे क्र सकती हु, तुम मेरे प्रेमी हो मैं तुम्हारे साथ भी जो चाहे क्र सकती हु, तुम मेरे प्रेमी हो न,

ह्रदय- है है

शनाया- मेरा स्वीटू मेरा जणू आ जा मैं प्यार करुँगी अपने जणू से,

शनाया ने ह्रदय के होतो से अपने हॉट मिला दिए,

ह्रदय न चाहते हुए भी उसे किश कर रहा था, शनाया उसके कपडे उतरने लगी,

ह्रदय- रुक जाओ शनाया तुम नशे में हो

शनाया- हूयः किसने कहा मैं नशे में हु, मैं तो प्यार में हु, मुझे प्यार चाहिए, मुझे कोई प्यार नहीं करता मेरा कोई अपना नहीं ह, तुम मेरे अपने हो न, तुम मुझे प्यार करो,

ह्रदय- शनाया ये सब गलत हो जायेगा

शनाया- तुम भी मुझे प्यार नहीं करते, कोई मुझे प्यार नहीं करता कोई मेरा अपना नहीं ह, मैं अब जिन्दा नहीं रहूंगी, मैं मर जाउंगी,

ह्रदय मजबूर होगया- मैं करता हु प्यार

शनाया- मेरा बाबू आओ न करो न प्यार

शनाया ने तुरंत अपने कपडे उतर दिए और बिलकुल नंगी ह्रदय के सामने कड़ी हो गई, uuuffffffffffffffffff क्या बदन था, इतनी खूबसूरती एक एक अंग जैसे ट्रैश क्र लगाया गया हो, ह्रदय की नजरे शनाया के बदन पैर तिकी यह गई, वो छह क्र भी अपनी नजरे नहीं हटा प् रहा था,

तम्मना और निधि बहुत खहबसुरत थी लेकिन शनाया का बदन उन दोनों से hi गठीला था,

शनाया ह्रदय से लिपट गई, और ह्रदय के कपडे खोलने लगी,

उसे नंगा कर दिया जब उसका अंडरवियर उतरा तो लुंड फुंकार मरता हुआ उछाल क्र सामने आ गया,

शनाया- शैतान कही का कैसे उछाल रहा ह, मुझे देख क्र नखरे क्र रहा ह, आज तेरे नखरे ख़तम करुँगी, ह्रदय ये मुझे देख क्र खड़ा ह न,

ह्रदय बेचारा खामोश खड़ा था वो इस हालत को कैसे सम्हाले वही सोच रहा था, कहा उसे सेक्स के दौरान जानकरी निकालनी थी कहा अब वो खुद फसा हुआ था, लेकिन शनाया को इस हालत में रोकना भी सही नहीं था, वो काफी दुखी लग रही हटी, जो होगा देखा जायेगा यही सोच क्र ह्रदय ने आगे बढ़ने का फैसला किया,

शनाया ने लुंड को पकड़ा और किसी खिलोने की तरह खेलने लगी, ह्रदय आँखे बंद किये खड़ा रहा,

शनाया ने ह्रदय के लुंड को जीभ निकल क्र चाट लिया,

शनाया – बहुत टेस्टी ह दारू के साथ नमकीन लग रहा ह,

ह्रदय को शनाया की बात पैर हसी आ गई,

शनाया ने लुंड को एक थपड लगाया- हस्ता ह मुझ पैर हस्ता ह, तेरी गार्डन मरोड़ दूंगी,

शनाया ने लुंड को दोनों हाथो से मरोड़ना शुरू क्र दिया,

शनाया- बड़ा बत्तमीज ह ये तो देखो कितनी अकड़ ह इसमें,

ह्रदय- ये केवल प्यार से hi झुकता ह

शनाया- इसे भी मेरी तरह प्यार चाहिए, आ जा मेरे जणू मैं दूंगी तुझे प्यार बहुत प्यार दूंगी,

शनाया ने लुंड को मुँह में भर लिया और चूसने की कोशिश करने लगी लेकिन बेचारी को इसका कोई अनुभव नहीं था, और वैसे भी वो नशे में थी,

शनाया- बहुत मोटा ह ये, अब इसकी बहन को प्यार करो न,

ह्रदय चौंक गया- बहन

शनाया कड़ी हुई और अपनी छूट पैर ह्रदय का हाथ रखते हुए बोली ये ह न इसकी बहन,

ह्रदय शनाया की नादानी पैर है पड़ा,

ह्रदय- हम दोनों प्रेमी ह तो ये भी तो प्रेमी हुए न

शनाया- हे अच्छा ऐसा होता ह,

ह्रदय ने शनाया की छूट को अपनी उंगली से रगड़ा,

शनाया बीएड पैर लेट गई ह्रदय उसकी कुँअरि छोटी सिक् हूत को द्केहने लगा, ह्रदय को दर लग रहा था इतनी सिक् हूत में उसका लुंड कैसे घुसेगा,

लेकिन ह्रदय की शनाया की छूट इतनी प्यारी लग रही थी की उसका मुँह खुद hi उसकी छूट की तरफ बढ़ता चला गया, और उसने अपने हॉट शनाया की छूट पैर रख दिए, शनाया के मुँह से सिसकारियां फुट पड़ी,

Ahhhmmmmmmmmmmmmmm

ह्रदय में न जाने कहा से जोश बढ़ा उसने अपनी जीभ शनाया की छूट में घुसनी शुरू क्र दी, और कुछ hi पालो में शनाया झड़ने लगी, शराब का नशा और पहले सेक्स की खुमारी ऐसी थी की शनाया को पता hi नहीं चला वो झाड़ गई,

शनाया ह्रदय का सर अपनी छूट पैर दबाने लगी, आहहहहहहहह खा जाओ इस ेखा जाओ प्लस aahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh

ह्रदय कुछ करो बहुत खुजली हो रही ह वह, कुछ करो कुछ दाल दो इसमें बहुत तड़प रही ह ये कुछ करो न जल्दी

ह्रदय ने तुरंत आयल की बोतल उठाई और बहुत सा आयल अपने लुंड पर डाला फिर शनाया की छूट पैर डाला और लुंड को सेट करके धक्का लगाया, लुंड फिसल गया,

शनाया- ये उछाल क्यों रहा ह इसे रास्ता दिखाओ न

ह्रदय को शनाया के बचकाने पैन पैर हसी आ रही थी, कहा वो ऐटिटूड दिखने वाली लड़की जो हमेषा पैसो के घमंड में लोगो को छोटा समझती ह आज कैसे मासूम सी बानी हुई ह, ह्रदय को समझ आ गया था शनाया के अंदर बहुत hi नाजुक लड़की रहती ह,

ह्रदय ने फिर से लुंड सेट किया और धीरे से दबाव बनाया और शनाया की चीख निकल गई, पूरा फार्महाउस खली था वर्ण वह जॉब hi होता दर क्र भाग आता,

एक बार तो ह्रदय भी दर गया, लेकिन दो औरतो की चुदाई करके उसे समझ आ गया था ये होना hi था, शनाया को उनके मुकाबले दर्द ज्यादा होना hi था,

ह्रदय ने तुरंत शनाया की चूचियों को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा दूसरी चुकी को हाथ से मसलने लगा,

शनाया की आँखों से आंसू भेने लगे थे, उसका नाश एक hi झटके में ढीला पद गया था, लेकिन जैसे hi उसका दर्द हल्का हुआ नशा फिर हावी होने लगा,

ह्रदय ने बिना ज्यादा हिले डुले हल्का सा दबाव बनाया, लुंड थोड़ा सा अंदर खिसका जिससे शनाया को दर्द हुआ, ह्रदय ने बड़े प्यार से हलके हलके कमा रको हिलाया और लुंड को झटका दिया, हर झटके पैर शनाया मदहोश हो रही थी,

ह्रदय बहुत देर तक ऐसे hi करता रहा जिससे छूट में हलकी हलकी जगह बनती गई और लुंड धीरे धीरे अंदर घुसता जार है था, इसी बिच शनाया फिर से झड़ने लगी और झड़ने में वो अपनी कमर उचकने लगी जिससे लुंड अउ रनदर घुस गया, आधे से ज्यादा लुंड शनाया की छूट में घुस चुक्का था, शराब के नशे में वो ह्रदय के आधे लुंड को झेल गाइट hi, ह्रदय ने इससे आगे बढ़ने की कोशिश नहीं की, उसे पता था इससे ज्यादा शनाया नहीं झेल पायेगी,

ह्रदय लुंड को हल्का सा बहार खींचता और अंदर करता, लगभग 1 घंटे से ज्यादा ये चुदाई चली, शनाया 4 बार झाड़ गई लेकिन फिर भी संतुष्ट नहीं थी वो और छोड़ना चाहती थी,

ह्रदय भी नहीं झाड़ रहा था क्योकि वो खुल क्र अपना लुंड नहीं चला प् रहा था,

अब ह्रदय को प्रॉब्लम होनी शुरू हो गई थी एक hi पोजीशन में 1 घंटे से ज्यादा रह क्र चुदाई करना आसान नहीं था, ह्रदय ने इस खेल को ख़तम करने का सोचा और अपने धक्के तेज कर दिए, जिससे शनाया को तकलीफ होने लगी, लेकिन मजा भी दुगना हो गया था,

और मजे में शनाया फिर से झड़ने लगी, इस बार ह्रदय ने भी अपना पूरा फोकस झाड़न एमए लगाया और अपना लावा निकलने लगा, जैस एही ह्रदय झड़ने लगा उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूरा रास शनाया के पेट पैर खली क्र दिया,


शनाया मजे से उसके रास को अपने पेट पैर रगड़ने लगी,
 
बहुत बहुत धन्यवाद डिअर,

मैंने खुद भी नहीं सोचा था मैंइस तरह की स्टोरी लिखूंगी, मुझे सेक्स लिखन अपढ़्ना करना बहुत पसंद आता था, हर टाइम सेक्स hi घूमता था मंद में तो स्टोरी भी वैसी hi लिखी, जिसमे बस सक्स hi सेक्स हो,

लेकिन समझ आया कहानी केवल सेक्स पैर नहीं चलती, कहानी में कहानी होना जरुरी ह, इसलिए कुछ अलग लिखने का सोचा
 
अपडेट-18



शनाया पूरी तरह थक गई थी, उससे हिला भी नहीं जा रहा था, ह्रदय ने कुछ देर डिस्टर्ब नहीं किया वो अपने टंगे फैलाये आराम से लेती रही, उसकी छूट से खून निकल रहा था,

ह्रदय उसके करीब hi लेट गया, कुछ देर बाद शनाया ने आह्ह्ह्ह भरी उसने करवट ली जिससे उसकी छूट में दर्द हुआ तो उसकी खुमारी टूटी, उसने ह्रदय को देखा जो उसके पास hi लेता था,

ह्रदय- कैसा महसूस कर रही हो

शनाया- ख़ुशी सकूं जैसे आज दुनिया की साडी खुशिया मुझे मिल गई हो,

ह्रदय- आओ तुम्हे बाटरूम में ले चलता हु,

ह्रदय ने शनाया को उठाया और बाथरूम में ले गया, फिर उसे गरम पानी से साफ़ किया

और बाथटब में गर्म पानी भर क्र उसमे लिटा दिया और उसके पास hi बैठ गया,

शनाया की आँखों में अब भी नशा था, लेकिन अब वो काफी होश में थी,

ह्रदय- अब कुछ बताओगी हुआ क्या ह

शनाया- क्या बताऊ हमारी पूरी दुनिया hi उथल पुथल हो गई ह, सच जान क्र तुम भी मुझसे दूर हो जाओगे

ह्रदय- क्या हुआ मुझे बताओ, और ऐसा कभी नहीं होगा ये मेरा वडा ह,

शनाया- मुझे और दिया को अभी पता चला ह की हम दोनों नाजायज हैं, हमारी माये अलग हैं और पिता का नाम जिसका लिखा ह वो हमारे मां लगते हैं, हमारे रियल पिता का पता hi नहीं ह कोण ह,

शनाया की बात सुनकर ह्रदय को भी झटका लगा, जो कहानी उसकी थी वैसी hi कहानी शनाया और दिया की भी ह,

ह्रदय- लेकिन ये सब तुम्हे कैसे पता

शनाया- हमारे कॉलेज की एक लड़की ने सब बताया उसे न जाने हमसे क्या दुश्मनी ह, उसने बताया की हमारे घर की एक औरत अंजलि बदचल थी जिसके 6 बच्चे थे और न जाने किस किस की औलाद थे, वैसे hi उसके बच्चे निकले और हम न जाने किसकी औलाद हैं, मेरी माँ भी बदचलन hi ह शायद

ह्रदय- बस शनाया बस, चाहे कुछ भी हो जाये लेकिन एक माँ को कभी बदचलन मत बोलना, अगर तुम्हे पिता का नहीं पता इसका मतलब ये नहीं ह इसमें तुम्हारी माँ की hi गलती होगी, अगर वो गलत होती तो तुम्हे नहीं पलटी, वो समाज से लड़ क्र तुम्हे पाल रही हैं मतलब वो तुमसे प्यार करती हैं, गलती तुम्हारे पिता की भी तो हो सकती ह,

शनाया- उन्होंने हमे सच क्यों नहीं बताया

ह्रदय- शायद उन्हें दर हो की तुम बर्दास्त न कर पाओ,

शनाया- ये सब उस अंजलि की वजह से ह, जरूर उसकी किसी दुश्मनी रही होगी ये सब उसी की वजह से हो रहा ह, हमारा घर बर्बाद हो रहा ह,

शनाया रोने लगी,

ह्रदय ने शनाया को चुप करवाया,

ह्रदय- आओ तुम्हे घर छोड़ दू,

शनाया – मैं घर नहीं जाना चाहती,

ह्रदय- ऐसा नहीं करते कल हम दोनों मिलकर साडी जानकारी निकालेंगे,

शनाया- तुम मेरा साथ डोज

ह्रदय- जरूर दूंगा,

फिर ह्रदय शनाया को रूम में लाया और खुद उसे कपडे पहनाये,

शनाया- बहुत दर्द हो रहा ह,

ह्रदय- रस्ते में से पैन किलर ले लेंगे,

जब ये दोनों अपनी प्रेम लीला में बिजी थे, उधर निधि वन्य के साथ एक लैब में कड़ी थी,

निधि- वन्य ये तैयार ह

वन्य- जी मम ये बिलकुल तैयार ह, बस ये बताइये इसे तरय कोण करेगा,

निधि- जो इसे तरय करेगा मैं उसे hi तैयार कर रही हु,

वन्य- मम इसके अंदर से बहुत hi घातक किरणे निकलती हैं, कोई ऐसा होना चाहिए जो इन किरणों को झेल सके,

निधि- वो अकेला hi ह जो ये सब कर सकता ह,

वन्य के दिमाग में एक दम ह्रदय का नाम आ गया

वन्य- कही वो ह्रदय तो नहीं

निधि- है वही ह तुम जानती हो उसे

वन्य ने एक दम बात को घुमाया,

वन्य- है आपने भेजा था न उन्हें और एक बार उन्होंने मेरी जान बचाई थी,

निधि को लगा वन्य उन गुंडों की बात कर रही ह,

निधि- मैंने भी देखा कैसे उसने अकेले hi उन गुंडों को मार भगाया,

वन्य समझ गई निधि ह्रदय पैर नजर रखे हुए ह,

वन्य- लेकिन वो ये सब क्यों करेगा,

निधि- एक औरत चाहे तो कुछ भी करवा सकती ह, बस उसे अपना जलवा दिखाना पड़ता ह, खैर तुम ये सब छोड़ो और टेस्ट की तैयारी करो मैं जल्दी hi उसे यहाँ लेकर आउंगी,

निधि वह से निकल गई लेकिन वन्य एक दम से सर पकड़ क्र चेयर पैर बैठ गई,

वन्य- ये नहीं हो सकता मुझे कुछ करना होगा,

वन्य ने तुरंत ह्रदय को कॉल मिलाया, ह्रदय शनाया को लेकर उसके घर की तरफ निकला था,

ह्रदय- hello

वन्य- ह्रदय कहा हो तुम

ह्रदय- मैं कही जा रहा हु, क्या हुआ आप फिर किसी प्रॉब्लम ह क्या

वन्य- ऐसा hi समझ लो, मुझे अपनी लोकेशन बताओ मुझे अभी मिलना ह,

ह्रदय- मैं अंजलि मेंशन जा रहा हु,

वन्य- मैं तुम्हे वही मिलती हु घर के बहार आकर कॉल करती हु,

ह्रदय कंफ्यूज हो गया वन्य को उससे क्या काम हो सकता ह, इतना जरुरी की वो सुबह तक का भी वेट नहीं कर सकती,

ह्रदय शनाया को लेकर घर पंहुचा, काफी रात हो चुकी थी चारो तरफ सनता था, ह्रदय ने शनाया को सम्हाला और सहर देकर अंदर ले जाने लगा, दरवाजा खुला हुआ था जिस पैर ह्रदय और शनाया किसी ने भी धयान नहीं दिया, ह्रदय अंदर पंहुचा तो एक दम सनता था, ह्रदय ने शनाया को उसके रूम में लिटा दिया और धीरे से बहार आ गया,

कमल था किसी ने न रोका न कुछ पूछा वह कोई नहीं था, ह्रदय को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन वो दूसरी बार hi घर में आया था तो उसे यहाँ का कुछ पता नहीं था, लेकिन इतने बड़ी हवेली में कोई गार्ड नहीं ऐसा कैसे हो सकता ह, ह्रदय ने बहार आकर इधर उधर देखा लेकिन कोई नहीं दिखा,

ह्रदय वापस अंदर जाने को हुआ तो उसका फ़ोन बज गया, जो वन्य का था

ह्रदय- है वन्य जी

वन्य- मैं घर के बहार हु,

ह्रदय तुरंत बहार आ गया,

ह्रदय- क्या हुआ इतना अर्जेंट क्या बात ह

वन्य- मुझे तुमसे कुछ पूछना ह,

ह्रदय- पूछिए ऐसा क्या पूछना ह जिसके लिए आप यहाँ तक आ गई

वन्य- तुम्हारे और निधि के बिच में क्या ह

वन्य का सीधा सवाल ह्रदय को परेशां कर गया, वो सकपका गया,

वन्य- मैं तुम्हे कोई ब्लामे करने या तुम्हारी इनक्विरे करने नहीं आई हु, ये तुम्हरे और परिवार के भले के लिए ह,

ह्रदय- परिवार

वन्य- वो सब बाद में बताउंगी, पहले मेरी बात का जवाब दो

ह्रदय- वो मेरी दोस्त ह

वन्य- तुम्हारे बिच शारीरिक सम्बन्ध भी ह

ह्रदय ने सर झुका लिया

वन्य- इसमें घबराने की बात नहीं ह ये सब नार्मल ह लेकिन उस औरत के साथ नार्मल नहीं ह,

ह्रदय ने चौंक क्र वन्य को देखा,

ह्रदय- क्या मतलब

वन्य- तुम क्या जानते हो निधि के बारे में

ह्रदय- वो मर. अशोक कपूर के बेटे की बहु ह, अकेली रहती ह बहुत तकलीफ में ह

वन्य- सब झूट ह,

ह्रदय- मतलब

वन्य- मैं जो बताने जा रही हु उसे धयान से सुन्ना तब कुछ फैसला करना,

मर. अशोक कपूर की कोई बहु नहीं ह उनका एक hi बीटा ह रोहन जो पिछले 19 साल से कोमा में ह,

ह्रदय- है रोहन ह लेकिन उनका एक बीटा और ह रवि कपूर और उसकी पत्नी निधि और बेटी नित्य

वन्य- ये सब एक जाल ह, मैं ये नहीं जानती रवि कोण ह कहा ह लेकिन वो अशोक का बीटा नहीं ह, और निधि उसकी कोई बहु नहीं ह बल्कि उसकी पाली हुई रखैल ह जो उसके काम करती ह, एक वैश्य की तरह, बिज़नेस में जहा जहा जरुरत होती ह वो निधि का hi इस्तेमाल करता ह, और नित्य निधि की बेटी ह लेकिन कैसे ह ये कोई नहीं जनता,

अशोक ने निधि को अपनी बहु बनाया ह, और मेरे पास जो जानकरी ह उसके हिसाब से अशोक कपूर भी कपूर नहीं ह, उसका नाम कुछ और ह, 19 साल पहले वो अपनी पूरी प्रॉपर्टी बेच क्र यहाँ से चला गया था, उसके कुछ साल बाद वापस आया अशोक कपूर के नाम से और नए बेटे और बहु के साथ एक पोता और एक पोती के साथ,

ह्रदय- ये सब क्या बोल रही हो, तुम जानती हो कितना बड़ा इल्जाम लगा रही हो

वन्य- मैं जो भी बोलती हु सोच समझ क्र बोलती हु, निधि ने तुम्हारे साथ रिश्ता सोच समझ क्र बनाया ह, एक ऐसा काम ह जो सिर्फ तुम कर सकते हो, जिसे अशोक कपूर करवाना चाहता ह, उसमे जान भी जा सकती ह, इसलिए तुम्हे फसाया जा रहा ह,

ह्रदय- मैं तुम्हारी बातो पैर यकीन क्यों करू,

वन्य- मत करो लेकिन निधि पैर यकीन करने से पहले उसके बारे में जानकरी तो निकल सकते हो,

ह्रदय सोच में खड़ा रह गया, उसके उप्पेर तो पहाड़ सा टूट गया था जिसके सहारे वो यहाँ तक आया था अपने परिवार को ढूंढ़ने वो खुद विश्वास घाटी निकली, ह्रदय की समझ में ककुछ नहीं आ रहा था,

ह्रदय- तुम मुझे समझा रही हो और खुद उसके लिए काम करती हो, अगर वो लोग इतने गलत हैं तो तुम उनके लिए काम क्यों क्र रही,

वन्य- वो लोग कुछ ऐसा बना रहे हैं जिससे बहुत कुछ बदल सकता ह, वो गलत हाथो में न जाये इसलिए मैं उनके साथ जुडी हुई हु, और मैं बस अपनी माँ का आदेश मानती हु, उन्होंने जो बोलै मैं करती हु,

ह्रदय- ऐसा क्या बना रहे हैं,

तभी उन्हें किसी औरत की छिलने की आवाज आई, ह्रदय और वन्य एक दम चौकन्ने हो गए,

वन्य- ये आवाज शायद अंदर से आई ह,

ह्रदय तुरंत अंदर की तरफ चला, वन्य भी उसके पीछे हो ली,

वन्य- यहाँ गार्ड क्यों नहीं ह गेट खुला क्यों ह,

ह्रदय- मैं भी यही सोच रहा था,

वन्य- जरूर घर में हुम्ला हुआ ह, सावधानी से अंदर घुसना,

ह्रदय के चेरे के एक्सप्रेशन एक दम बदल गए, और वो बिना वन्य के बात सुने तेजी से दौड़ता हुआ अंदर घुस गया, चारो तरफ सनता था, तभी उसकी नजर उप्पेर पड़ी तो एक आदमी शनाया को ग़ासिथता हुआ ले जा रहा था, आदमी के चेरे पैर मास्क लगा हुआ था,

वो चीख भी शनाया की hi थी, ह्रदय तूअंत उसकी तरफ डोडा और उसके सामने जाकर खड़ा हो गया, ह्रदय उसकी तरफ लपका लेकिन उस आदमी ने ह्रदय को अपने कंधे पैर उठाया और दूर फेंक दिया, ह्रदय के साथ ऐसा होता देख वन्य और खुद ह्रदय शॉकेड रह गए,

वो आदमी शनाया को खींच क्र ले गया, ह्रदय और वन्य उसके पीछे पहुंचे तो देखा पूरा परिवार पीछे गार्डन में बंधा पड़ा ह, सरे गार्ड्स मरे पड़े हैं,

दिया- ह्रदय बचाओ,

सबकी नजर ह्रदय पैर पड़ी,

सचिन और कपिल अधमरे से हो रखे थे, रश्मि और आशना की हालत भी ख़राब थी, तीनो लकड़ियों को कोई खरोच नहीं thi,lekin उन्हें बांध रखा था, शनाया उसकी तो वैसे hi हालत ख़राब थी उससे खड़ा hi नहीं हुआ जा रहा था, और सबसे ज्यादा हालत सीमा की ख़राब थी,

वो मास्क वाला आदमी बिलकुल अकेला था, उस अकेले ने hi ये सब क्र दिया था,

ह्रदय उसकी तरफ बढ़ा तब तक उसने सीमा की गार्डन पकड़ी और उसे उठा लिया,

पीछे से ह्रदय ने एक लात उसे मरी, लेकिन उस पैर कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन उसने सीमा को दूर फेंका और ह्रदय की तरफ पलट गया,

दोनों आमने सामने खड़े थे, ह्रदय ने अपने फाइटिंग स्किल दिखते हुए उस पैर वॉर क्र दिए, ह्रदय लगातार उछाल क्र उसकी छाती में लात मार रहा था, उस आदमी का बैलेंस तो बिगड़ता लेकिन एक भी वॉर उसे निचे नहीं गिरा पाया था, तब तक वन्य ने दौड़ क्र सबको खोल दिया,

उस मास्क वाले आदमी ने ह्रदय पैर एक मुक्के का वॉर किया जो ह्रदय के सर पैर लगा जिससे ह्रदय दूर जाकर गिरा,

ये देख क्र वह खड़े सभी लोग हैरत में आ गए थे, खुद ह्रदय बहुत शॉकेड था, ये कैसे हो सकता ह, इतनी ताकत किसी के पास कैसे,

लेकिन अभी ये सोचने का वक़्त नहीं था, ह्रदय ने तुरंत पलट क्र उस पैर वॉर किया और इस बार गुस्से में पूरी ताकत लगा क्र वॉर किया जिससे वो आदमी दूर जाकर गिरा,

इधर वन्य ने सबसे पहले पुलिस को कॉल की और फिर वर्षा को कॉल क्र दी और यहाँ की जानकारी दी,

ह्रदय और उस आदमी की लड़ाई खतरनाक होती जा रही थी, ह्रदय के मुँह से खून निकल रहा था, उस आदमी की भी हालत ख़राब हो चुकी थी, लेकिन रुकने के लिए तैयार नहीं था,

दोनों के वॉर उस लेवल के थे अगर किसी हठी पैर भी हुम्ला करते तो उसे मार गिरते,

लेकिन दोनों की लड़ाई को रुकना पड़ा क्योकि पुलिस आ चुकी थी, पुलिस का सिरों सुन क्र उस आदमी ने ह्रदय को अपने कंधे पैर उठाया और दूर फेंका और सीमा की तरफ जाकर अपनी गार्डन पैर उंगली फिरते हुए उसे मरने का इशारा किया और दीवार कूद क्र भाग गया,

सब लोग घबराये से बैठे रह गए, दिया और वन्य ह्रदय के पास पहुंची, तब तक पुलिस अंदर आ चुकी थी, एम्बुलेंस बुलाई गई पुरे परिवार को हॉस्पिटल भिजवाया गया, सुबह होते होते पुरे शहर में हंगामा हो गया, अंजलि मेंशन में हुम्ला हुआ ह, ये खबर पुरे शहर में फ़ैल गई न्यूज़ अख़बार मीडिया सब जगह बस ये hi घूम रही थी,

ये खबर जैसे hi नंदनी को मिली वो बिना खुद की हालत देखे भाग ली, काम्य और नैना भी शॉकेड रह गई, वो दोनों नंदनी के पीछे निकल लिए, उधर अनीता और रिंकी को भी जानकरी मिल गई थी वो भी तुरंत घर की तरफ दौड़ पड़ी, वर्षा तो रात को hi चल दी थी,

सचिन कपिल और बाकि सब घर पैर आ चुके थे, उन्हें बाहरी छोटे थी तो, कुछ hi देर में घर भेज दिया था, पुलिस ने भी उनके बयां घर आकर लिख लिए थे, सचिन और कपिल ने इस लड़ाई में मीडिया और पुलिस से ह्रदय का नाम आने से रोक दिया,

सबको ये hi बताया गया की गार्ड्स उससे लड़ रहे थे, तबतक पुलिस आ गई,

वन्य लगातार ह्रदय के साथ थी, वो उससे बात करना चाहती थी लेकिन बात हो नहीं पाई,

सचिन ने ह्रदय और वन्य को वह से निकल जाने को कहा जिससे वो मीडिया के सामने न आये, वन्य तो तुरंत समझ गई लेकिन ह्रदय थोड़ा कंफ्यूज था उसे क्यों छुपाया जा रहा ह, ह्रदय फार्महाउस पैर आ चुक्का था, वन्य उसके साथ hi थी,

निधि फार्महाउस पैर नहीं थी,

वन्य- तुम दुखी क्यों हो रहे हो

ह्रदय- मैं दुखी नहीं हु, लेकिन चिंतित हु

वन्य- किस लिए

ह्रदय- तुमने जो बताया उस वजह से और आज जो हुआ, उस आदमी की ताकत देख क्र, इतनी ताकत मैंने आज से पहले कभी नहीं देखि, उस पैर मेरे वरो का कोई खास असर नहीं हो रहा था,

वन्य- तुम ज्यादा मत सोचो, सब ठीक हो जायेगा, बस निधि की सच्चाई जानने तक उसके कहने पैर कोई नया काम मत क्र देना,

ह्रदय- नहीं अब मुझसे कोई भी अपने हिसाब से काम नहीं करवा पायेगा, मेरी माँ ने मुझे किसी पैर शक करना नहीं सिखाया लेकिन इस दुनिया ने मुझे सीखा दिया, जो अपना दीखता ह जरुरी नहीं वो अपना हो, बिना परखे किसी पैर भरोसा नहीं करना चाहिए,

वन्य- तुम्हारे अंदर बहुत से सवाल हैं, उनके जवाब शायद जल्दी hi तुम्हे मिल जायेंगे

ह्रदय- तुम मेरे बारे में कुछ ज्यादा hi नहीं जानती, वैसे तुम मेरी इतनी चिंता कर रही हो, लेकिन पहेली मुलाकात में तुम झूट बोल क्र मेरे पास आई थी, तुमने कहा था तुम्हारे पास पैसे नहीं ह, लेकिन निधि ने बताया तुम्हारे पास तो हमेशा करोडो रुपए रहते हैं,

वन्य- शाबाश मैं अब तक सोच hi रही थी तुमने मुझे पर इतने जल्दी ट्रस्ट कैसे कर लिया, अच्छा ह तुम्हारे दिमाग में मेरे लिए भी सवाल हैं, लेकिन तुमने अबतक पूछा क्यों नहीं था,

ह्रदय- अब तक मेरे सोचने का तरीक अलग था लेकिन आज हर कोई मेरी नजरो में विश्वास पत्र नहीं ह,

वन्य- तुम्हे जल्दी hi तुम्हारे विश्वास पत्र मिल जायेंगे, तब तक तुम खुद को शांत रखो, और ये सब जो हुआ ह उससे सीखो दुनिया कैसी ह और इससे कैसे लड़ा जाता ह, और है जो औरत बिना किसी प्यार के तुम्हारे निचे सोने चली आती ह उसका कोई न कोई स्वार्थ होता ह,

तुम बहुत सूंदर स्मार्ट ताकतवर हो लेकिन फिर भी कोई भी औरत ऐसे hi किसी भी मर्द के निचे नहीं लेट जाती, या तो उसे प्यार ह या वो अपनी हवस मिटाना चाहती ह, या वो औरत उस मर्द को फसा रही ह,

ह्रदय के दिमाग में तम्मना भी घूम गई, वो भी तो उससे चुद रही ह उसका क्या स्वार्थ ह,

वन्य का फ़ोन बजने लगा,

वन्य- hello माँ

उधर से कुछ कहा गया,

वन्य- ठीक ह माँ मैं आ रही हु,

फ़ोन काटने के बाद

वन्य- ह्रदय मुझे जाना होगा, तुम सम्हाल क्र रहना,

वन्य तुरंत वह से निकल गई,

ह्रदय अपने खयालो में खो गया, कुछ देर बाद निधि भी आ गई थी,

निधि- ह्रदय तुम ठीक हो मैंने सुना अंजलि मेंशन में हुम्ला हुआ तुम भी वही थे,

ह्रदय की नजरे आज कुछ अलग थी लेकिन उसने खुद को कण्ट्रोल किया,

ह्रदय- है मैं शनाया को ड्राप करने गया था तब ये सब हुआ

निधि- ओह्ह्ह मैं तो बहुत घबरा गई थी, तुम ठीक हो न

ह्रदय- मैं ठीक हु, बस थक गया हु आराम करना चाहता हु,

ह्रदय जाकर लेट गया उसकी आँखों में नींद तो नहीं थी लेकिन वो कोई बात नहीं करना चाहता था, निधि को भी ह्रदय का बेहवे अजीब लगा लेकिन उसने सोचा शायद सच में थक गया होगा,

निधि उससे चिपक कर लेट गई,


अंजलि मेंशन में भीड़ लगी हुई थी, बहुत से लोग आये हुए थे बड़े बड़े लोग वह मौजूद थे, हर कोई बहुत से सवाल कर रहे थे, सचिन ने शांति बनाने के लिए सबको वापस भिजवा दिया,

पुलिस प्रोटेक्शन लग चुकी थी, तो सचिन ने किसी से भी मिलने से मन कर दिया,

घर में सचिन कपिल आशिमा रश्मि सीमा शनाया दिया रैना और आशना बैठे हुए थे, शनाया की हालत अब ठीक थी, सब एक दम खामोश घबराये हुए से बैठे थे, तभी अनीता रिंकी अन्य और रम्य वह पहुंच गए,

अनीता- सचिन क्या हुआ ये सब

सब खड़े हो गए,

सीमा- आंटी आप यहाँ,

शनाया दिया उन्हें वह देख क्र चौंक गई, क्योकि उनकी मुलाकात वह हुई थी जब गुंडों ने हुम्ला किया था,

अनीता- तुम सब ठीक हो न, किसने किया ये सब कुछ पता चला,

सचिन- सब ठीक हैं आंटी सब कण्ट्रोल में ह, लेकिन अब तक पता नहीं चल पाया वो था कोण,

सीमा- आप लोग यहाँ क्या कर रहे हैं और आप तो अमेरिका में थे, यहाँ क्यों आये, क्या माँ

अनीता- दीदी ने hi छानिद्गद भेजा था,

अन्य और रम्य भी कंफ्यूज थे लेकिन ख़ामोशी से बैठी रही,

तभी बोखलाती हुई नंदनी अंदर आई,

नंदनी- किसने किया ये, किसने किया

सीमा- नंदनी शांत हो जा, शांत हो जा सब ठीक ह, तू यहाँ क्यों आई,

नंदनी- मेरे अपनों को तकलीफ हो और मैं दूर रहूंगी ये कैसे सोच लिया तुमने,

तभी पीछे से आवाज आई- अपने ये हमारे अपने कैसे हो सकते हैं,

सबने उधर देखा तो काम्य और नैना खड़े थे,

नंदनी- तुम दोनों यहाँ

नैना- इन लोगो ने हमारे परिवार को बर्बाद कर दिया और माँ तुम इन्हे अपना बोल रही हो,

नंदनी- ये क्या बकवास कर रही हो,

दिया- नैना ये वक़्त इन बातो का नहीं ह,

काम्य- तुम लोग अपना सच जान क्र भी चुप रह सकती हो हम नहीं, तुम्हे दर होगा कही ये पैसा ऐशो आराम न चीन जाये, लेकिन हम सच जानकर hi रहेनेगे

सीमा- कैसा सच कैसा दर, दिया कैसा दर क्या हुआ ह

शनाया- कुछ नहीं माँ छोड़िये बाद में बात करेंगे,

सीमा- मेरी बेतिया मुझसे कुछ छुपा रही हैं, ये कब हुआ ये कैसे सीखा तुमने मैंने तो तुम्हे कुछ छुपाना नहीं सिखाया,

शनाया- आपसे hi सीखा माँ, आपने हमसे इतना बड़ा सच छिपाया और आप हमे hi,

सीमा- सच कैसा सच,

नैना- यही की ये दोनों नाजायज हैं,

नंदनी- नैणाआआआआ

नंदनी इतनी जोर से चिल्लाई की वह हर कोई कैंप उठा,

छिलने के साथ एक थप्पड़ भी नैना के गाल पैर आया,

काम्य- माँ आपने नैना पैर हाथ उठाया इन लोगो की वजह , आज तक आपने कभी हाथ नहीं उठाया था आज आपने

अनीता- बच्चो शांत हो जाओ ये सब बाते आराम से बैठ क्र कर लेना,

शनाया- ये हमारे घर की बाते हैं आप बिच में मत बोलिये

सीमा- शनाया ये क्या तमीज ह, बड़ो से ऐसे बात करते हैं क्या,

शनाया- माँ आप तमीज की बात कर रही हो, यहाँ हमारा अस्तित्व hi मिट रहा ह, आपने हमेषा हमसे झूट बोलै आप दिया की माँ नहीं हैं, और हम दोनों के पिता कोण ह ये तक हमे नहीं पता,

काम्य- तुम सबने मिलकर हमारे पिता सोहन और कमल चोपड़ा को मर क्र हमे अनाथ क्र दिया,

काम्य की बात सुनकर सब चौंक गए,

वर्षा - तुम सबके दिमाग में ये सब बकवास कहा से आई

सबने देखा वर्षा वन्य और ाव्य के साथ वह कड़ी थी,

दिया- तुम यहाँ

वन्य- दिया शांत हो जाओ, तुम सब शांत हो जाओ और बड़ो की बात सुनो,

सीमा दौड़ क्र वर्षा से लिपट गई,

सीमा- आप यहाँ

वर्षा- तुम सब पैर हुम्ला हुआ ह ये छोटी बात नहीं ह,

सीमा- ये बच्ची

वर्षा- ये वन्य ह और ये ाव्य

सीमा ने आगे बढ़ क्र उन्हें गले से लगा लिया,

वन्य ने सीमा के गले लगते hi धीरे से कहा, आप ठीक ह न छोटी माँ,

सीमा ने वन्य को देखा फिर वर्षा को तो वर्षा ने मुस्कुरा दिया, सीमा ने वन्य को फिर से गले लगा लिया,

शनाया- यहाँ हमारी जिंदगी बर्बाद हो रही ह और आप पूरी दुनिया को प्यार लुटा रही हो माँ,

दिया- मुझे समझ नहीं आ रहा मैं आपको क्या कहु, माँ कहते हुए मेरी जबान मेरा साथ नहीं दे रही,

सीमा- बेटी मैं तेरी माँ हु तू ऐसा क्यों बोल रही ह

दिया- फिर मेरे बिरथ देर्तिफिकेटे पैर आपकी जगह दीपा नाम क्यों ह, और पिता का नाम

वन्य- दिया शांत हो जाओ, सब ठीक ह एक बार सबकी बात तो सुन लो,

दिया- क्या सुनु यही की हमारे पिता का कोई आता पता नहीं ह इसलिए इनके भाई ने हमे पिता का नाम दिया, तुषार आपके भाई हैं न, अगर आप हमारी माँ ह तो आपके भाई हमारे पिता कैसे हो सकते हैं,

तुषार नाम सुनकर वह कुछ और लोग भी हैरत में पद गए,

अन्य और रम्य एक दूसरे का मुँह देखने लगे, आवय की नजर सीधे वर्षा पैर गई,

अन्य- क्या नाम बताया तुषार

अनीता और रिंकी घबरा गई,

शनाया- है तुषार क्यों तुम्हारा भी कोई रिश्ता ह क्या,

रामय- हम दोनों के पिता का नाम भी तुषार ह

ाव्य- माँ ये सब क्या हो रहा ह,

वन्य- ाव्य मैं सब बता दूंगी

आवय- क्या बता डौगी, हमारे डैड का नाम भी तुषार ह न

अब बरी थी सभी लड़कियों के चोकने की,

दिया- तुम्हारे डैड कहा ह

रम्य- हमने कभी उन्हें नहीं देखा,

ाव्य- हमने भी उन्हें नहीं देखा

दिया- हमने भी नहीं देखा,

शनाया- क्योकि हमारी माँ की माँ ने यानि अंजलि ने अपने hi बेटे को मार दिया,

साडी लड़किया एक साथ- क्याआआ

सीमा- खामोश , एक दम खामोश हो जाओ तुम सब

शनाया- क्यों खामोश हो जाये, इस परिवार की गन्दगी सामने आ रही ह इसलिए हमे खामोश करना चाहती हो,

सीमा- बीटा तू सच नहीं जानती

दिया- तो बताओ न सच क्या ह, बहार वालो से हमे सच पता चल रहा ह, कोण ह ये अंजलि, कहा ह उनके सब बच्चे, कहा ह तुषार

तभी एक और आवाज गुंजी- कहा ह अंजलि मेरा क्या रिश्ता ह आप सब से, कोण हु मैं

सब उसे देख क्र चौंक गए, ये ह्रदय था, जो काफी देर से खड़ा था, वो सुबह सबके हल चल पूछने आया था, तो देखायः ड्रामा मचा हुआ ह,

ह्रदय- कोण हु मैं मेरे पिता कोण ह कहा ह, कहा ह तुषार

शनाया और दिया और बाकि लड़किया चौंक गई, ह्रदय के पिता का नाम भी तुषार ह,

वन्य- ह्रदय तुम शांत रो खुद को कण्ट्रोल करो

ह्रदय- अब नहीं होता कण्ट्रोल, जब किसी का अस्तित्व hi अँधेरे में हो तो वो खुद को कैसे कण्ट्रोल करे,

रम्य- हमे भी जवाब चाहिए क्यों मारा हमारे परिवार को,

घर में एक बार hi ुचि आवाजों में बाते होने लगी, सब बच्चो को समझने में लगे थे, लेकिन सब कुछ हाथ से निकल चुक्का था,

अनीता मन में- दीदी अब आ जाओ वर्ण सब तबाह हो जायेगा,

तभी एक आवाज गुंजी- क्या हो रहा ह ये सब,

उस रोबदार आवाज की तरफ सबने देखा तो सब चौंक गए,

सीमा- मायआ

सामने अंजलि कड़ी थी और उसके साथ थी दीपा,


ह्रदय- माँ और ये तो अंजलि ह,
 
अपडेट-19






अंजलि को देख क्र अनीता वर्षा सचिन कपिल और रिंकी के फेस पैर मुस्कराहट थी, नंदनी दौड़ती हुई अंजलि के पैरो में लेट गई, सीमा भी अंजलि की तरफ डोडी,

बाकि सब लड़किया और ह्रदय शॉकेड से खड़े थे,

ह्रदय दीपा के पास गया,

ह्रदय- माँ आप यहाँ

दीपा- तू यहाँ आ सकता ह मैं क्यों नहीं,

ह्रदय- मैं तो यहाँ

दीपा- मैं जानती हु तू यहाँ क्यों आया ह, तुझे मुझ पैर विश्वास नहीं रहा,

ह्रदय- माँ आप नाराज मत होना माँ

दीपा- मैं नाराज नहीं हु बीटा, मैं जानती हु एक दिन ऐसा जरूर होगा,

दिया- तो आप हैं अंजलि

काम्य- जिसने हमारे परिवार को तबाह क्र दिया,

शनाया- ये सब आपका hi किया ह, इतने लोगो की जिंदगी आपने hi बर्बाद की हुई ह,

सीमा- बस क्र शनाया वर्ण मैं भूल जाउंगी तू मेरी बेटी ह,

अंजलि ने सीमा को शांत रहने का इशारा किया,

अंजलि- सही कहा बेटी कारन तो मैं hi हु इस सब का, लेकिन तुम सब क्या हो, तुम सब में इतनी भी क़ाबलियत नहीं ह की खुद के बारे में सही जेकरि ढूंढ पाओ, दुसरो के सहारे चल रही हो,

जरा सा पैसा क्या देखा घमंड में चूर हो गए, तुम लोग खुद को hi नहीं ढूंढ पाए तो अपने पिता को क्या धुड़ोगे,

और तुम अंजलि ने ह्रदय की तरफ देखा,

हमेशा माँ के आँचल के निचे hi छुपे रहना ह तो किस काम की ये ताकत, दीपा ने कहा था तेरे अंदर 10 आदमियों का दिमाग ह, कहा ह वो दिमाग, क्या कर लिया तूने उस दिमाग से,

ह्रदय- दिमाग दुशमनो के साथ इस्तेमाल किया जाता ह अपनों के लिए नहीं, मेरी जिंदगी में बस मेरी माँ hi अपनी थी, उसकी कही बात hi मेरे लिए सबसे बड़ा सत्य थी, लेकिन जब पता चला मेरी माँ hi मुझसे झूट बोल रही ह तो मुझे बहार निकलना पड़ा, और जब से यहाँ आया हु ये जान गया हु, इस सब घटनाओ के सबसे मुख्या कड़ी आप hi हैं, ये पूरा परिवार और ये सब घटनाये आपके इर्द गिर्द hi घूम रही हैं,

और जहा तक मैं समझता हु, यहाँ कड़ी कोई भी माँ अपने बच्चे से झूट नहीं बोलना छाती क्योकि सबकी आँखों में अपने बच्चो के लिए प्यार दीखता ह, वो आप hi हैं जो इन सब से झूट बुलवा रही हैं,

और आपकी एक जासूस ये वन्य भी ह, जो डायरेक्ट या इंदिरेक्ट आपका hi आर्डर मान क्र मेरे पास आई ह, मुझ पैर नजर रखने या मुझे कुछ रह दिखने के लिए, और हम सभी के पिता का नाम तुषार ह जो की लापता हैं, शायद आपको भी नहीं पता वो कहा हैं, और सुरेश चोपड़ा जो इस कंपनी के मालिक थे आपके पिता थे, उन्होंने शायद आपकी माँ के साथ गलत किया या धोका दिया और दूसरी शादी कर ली, फिर आप वापस आई और आपने अपनी पूरी प्रॉपर्टी वापस हासिल की, और अनिल शर्मा जी को अपना पिता का अधिकार दिया,

दीपा ने गर्व से अपना सर उप्पेर किया, अंजलि ने भी मुस्कुरा कर उसे देखा,

अंजलि- काफी कुछ जानकारी निकल ली,

नैना- सुरेश चोपड़ा इनके पिता लेकिन उनके तो चार बच्चे थे,

ह्रदय- है जिसमे से एक हमारे सामने कड़ी हैं मैडम वर्षा जी,

काम्य- है ये hi तो हैं मैंने इनकी फोटो देखि थी वह,

ह्रदय- तुम दोनों जिस बात का इल्जाम लगा रही हो एक बार सोचो तो सही तुम्हारी माँ इनके पेअर छू रही ह, तुम्हारी जो बुआ लगती हैं वो इनके साथ कड़ी ह तो कहानी वो नहीं ह जो तुम सोच रही हो, कहानी उलझी हुई तो ह लेकिन हम सबकी समझ से बहार ह, अब तो अंजलि जी hi हमे बता सकती हैं की सच क्या ह, हम कोण ह और ये हमारी कोण हैं,

अंजलि- वह शाबाश बेटे शाबाश दीपा तूने इसे वैसा hi बनाया जैसा मैं चाहती थी,

दिया- ह्रदय तुम ये सब बोल रहे हो मैं मान लेती हु लेकिन मेरा क्या मेरी माँ कहा ह, मैं कोण हु,

दिया के इस सवाल से दीपा की आँखों में आंसू आ गए, दीपा आगे बढ़ना छाती थी लेकिन उसके कदम रुक गए उसने अंजलि की तरफ देखा जैसे परमिशन मांग रही हो, ये बात ह्रदय ने भी नोट क्र ली, उसने घेरि साँस भरी,

ह्रदय- जाओ अपनी माँ के गले लग जाओ

दिया- मेरी माँ कहा ह मेरी माँ कोण ह मेरी माँ

ह्रदय- वही जिसके लिए मैंने तुमसे कहा था, न जाने क्यों तुम्हारी बाते तुम्हारा बोलने का तरीका मुझे मेरी माँ की याद दिलाते ह, वो इसीलिए दिलाते था क्योकि तुम इन्ही की बेटी हो,

दीपा ने रट हुए ह्रदय की तरफ देखा,

ह्रदय- माँ मैं आप पैर कोई इल्जाम नहीं लगाऊंगा, मैं आपको जनता हु आप कभी कुछ गलत नहीं कर सकती, और जिस औरत ने अपनी बेटी को किसी और के पास छोड़ क्र किसी और के बेटे को पला हो वो त्याग की मूर्ति hi हो सकती ह, इसके पीछे जरूर कोई न कोई बड़ी वजह रही होगी,

दीपा एक दम दिया की तरफ भागी और उसे गले से लगा लिया,

दीपा- मेरी बच्ची

रम्य- माँ इन सबके बिच में हम कहा ह हम कोण हैं हमारा क्या कनेक्शन ह

अनीता- ये सब तुम्हे अंजलि दीदी hi बताएंगी,

ाव्य- माँ क्या हमारी माओ का भी कुछ लफड़ा ह, हम दोनों की माँ तो आप hi हो न,

ाव्य की बात से वर्षा का सर निचे हो गया,

ाव्य- ोू भेनचोद हमारे साथ भी लोचा ह,

वन्य- ाव्य तेरी गली देने की आदत इतनी गन्दी हो गई ह कही भी दे देती ह,

ाव्य- मुंबई की दें ह ये गली तो लेकिन अपुन के साथ इतना बड़ा गड़बड़ घोटाला हो गया,

वन्य- माँ हमारी माँ अलग हैं क्या,

वर्षा- अंजलि दीदी सब बता देंगी

ाव्य- दीदी ये आपकी माँ की उम्र की हैं,

ह्रदय- ये दोनों सुरेश चोपड़ा की बेटी हैं तो शायद इसी लिए बहन लगती हैं,

नैना- कोई बताएगा सच क्या ह, इतनी कहानिया सुनकर मेरा दिमाग ख़राब हो रहा ह,

अंजलि- हो hi जाता ह, तुम सब का सच इतना उलझा हुआ ह की जितना उसे खोजने की कोशिश करोगे उतना उलझ जाओगे, इसलिए आज तुम सबको मैं हम सब सच से रु बरु करा रही हु, उसके बाद तुम सबका फैसला होगा सही किया या गलत, अच्छा बुरा सब तू तय करना,

सबसे बड़ा सच ये ह की तुम सबकी माये अलग अलग हैं और पिता सबका एक hi ह,

ये बात सुनते hi सभी के मुँह खुले रह गए,

ाव्य – ये कैसे हो सकता ह,

अंजलि- ये हुआ ह, इस परिवार में हुआ ह,

दिया- लेकिन तुषार तो सीमा माँ के भाई लगते हैं,

शनाया- इतनी गन्दगी भरी हुई ह हमारे परिवार में, दृष्टि ने सही कहा था आप बदचलन ह, आपके 6 बच्चे किस किस की औलाद ह शायद आपको भी नहीं पता,

सचिन- शनाया बस अगर अब हमारी माँ के लिए कुछ बोलै तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा, हम दोनों भाइयो ने आज तक अपनी माँ से कोई सवाल नहीं किया कभी नहीं पूछा और तुम सब अभी से ऐसे ऐसे इल्जाम लगा रहे हो,

अंजलि- बस बीटा इन्हे नहीं पता सच क्या ह, वैसे भी हमारा सच हमारे लिए सही हो सत्ता ह जरुरी नहीं हर कोई उसे हमारी तरह hi सोचे, फिर भी मैं तुम्हे बता देती हु,

सभी अंजलि के सामने आ गए,

अंजलि- तुम सबकी आगे में लगभग 2 महीने का hi अंतर ह, तो कोई छोटा बड़ा नहीं ह, सभी लगभग उन्ही दो महीनो में पैदा हो गए थे, वो दो महीने इतने उतर चढाव वाले थे, सब कुछ उन्ही महीनो में हो गया था,

ये कहानी तब से शुरू हुई जब मेरे नाना के पिता जी चंडीगढ़ आये और उन्होंने यहाँ J.S.S कंपनी शुरू की, फिर मेरे नाना जी और फिर मेरी माँ संजना, बहुत hi खूबसूरत औरत थी वो, लेकिन उतनी hi भोली न कोई पैसे का घनाद न दिखावा, हर किसी पैर विश्वास कर लेती थी, तब उनकी जिंदगी में आया सुरेश चोपड़ा,

अंजलि ने सभी को कहानी सुननी शुरू क्र दी थी, कहानी में जैसे जैसे हालत बदल रहे थे, वैसे वैसे सभी के एक्सप्रेशन बदल रहे थे, और जब तुषार का जीकर आया तो सबके रोंगटे खड़े हो गए थे, किसी की आँखों में आंसू तो किसी की आँखों में गुस्सा था,

सभी बच्चे अनजालि के सामने फ्लोर पैर hi बैठ गए थे, अंजलि सबको कहानी सुना रही थी और साथ में सबूत भी दिखा रही थी, जब जब अंजलि तुषार के साथ किसी औरत के रिश्ते को बताती तो सबकी नजर उस औरत पैर चली जाती, और जब अनीता की बरी आई तो सभी हैरत में पद गए थे, उन्हें तो भाई बहन के रिश्ते भी हजम नहीं हो प् रहे थे, यहाँ दोनों माँ बेटी एक hi मर्द के साथ रिश्ता बना बैठी थी और उन्हें कोई ऐतराज नहीं था,

काफी देर तक अंजलि कहानी सुनती रही सभी बिना कुछ बोले बिना सवाल किये सब सुनते रहे,

कहानी का अंत आ रहा था,

अंजलि- और उस दिन तुषार ने सबका अंत करके सकील सुरेश और सोनिया को गिरफ्तार करवा दिया था,

फिर सब ठीक चलने लगा, समाज में तुम सब पैर उंगली न उठे इसलिए मैंने सबको अलग अलग रहने का सुझाव दिया, अलका तुषार के साथ hi रहना चाहती थी इसलिए वो गाओं में उसकी पत्नी बनकर चली गई, मैं दीपा और सीमा हिमाचल चली गई जहा मैंने एक कॉलेज खोल दिया था, J.S.S कॉलेज जिसमे ह्रदय पढ़ रहा था,

लेकिन एक तूफ़ान आना बाकि था, और उस तूफ़ान में मेरे तीनो बच्चे कही खो गए, मैं आज तक उन्हें ढूंढ रही हु, मैंने इस धरती के हर कोने में तलाश की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला, आज तक ये भी समझ नहीं आया उन्हें लेकर कोण गया, वो खुद गए या किसी ने अगवा किया,

फिर मुझे लगा दुश्मन ख़तम नहीं हुए हैं तो मैंने सबको अलग भेजने का फैसला किया, अनीता और रिंकी को अमेरिका भेजा, नंदनी भी अमेरिका चली गई,

वर्षा- मुंबई शिफ्ट हो गई,

दीपा ने ह्रदय को लिया और अपनी बेटी को सीमा को सौंप क्र हिमाचल में शिफ्ट हो गई दुनिया से चुप क्र, अपनी पहचान तक मिटा दी, ताकि ह्रदय को सेफ रखा जा सके,

अंजलि- ये ह तुम सबका सच,

अंजलि की कहानी सुनकर वह हर किसी की आँखों में आंसू थे, सरे बच्चे बिना पालक झपकाए अंजलि को देखे जा रहे थे,

अंजलि- तुम सबकी माये

सबसे बड़ी ह काम्य कोमल की बेटी फिर थी नैना नंदनी की बेटी, दोनों का जनम लगभग एक साथ hi हुआ था, क्योकि उनका सम्बन्ध भी एक hi दिन बना था,

फिर पैदा हुआ ह्रदय मेरी कोक से, और फिर अन्य अनीता जी की बेटी और रम्य रिंकी की बेटी एक hi दिन पैदा हुई, फिर वन्य वर्षा की बेटी और ाव्य अलका की बेटी पैदा हुई, फिर शनाया सीमा की बेटी और सबसे लास्ट में दिया दीपा की बेटी, ये सब एक साथ hi हुआ, उन्ही के बिच में रैना और आशना पैदा हुई,

सब कोई हैरत में बैठा हुआ था, किसी को भी ये सब बाते हजम नहीं हो रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे उनके निचे की जमीन खींच ली गई हो, किसी के पास शब्द नहीं थे क्या कहे, एक दम सनता चाय हुआ था,

सभी के दिमाग में इतना कुछ चल रहा था की पहले क्या कहे समझ hi नहीं आ रहा था,

दिया- आपने हमे एक साथ क्यों नहीं रखा, हम सबकी परवरिश एक साथ क्यों नहीं की,

दीपा- ताकि तुम पैर कोई खतरा न आये,

ाव्य- खतरा तो अकेले पैर भी आ सकता था, एक साथ होते तो कोई बचने वाला होता, अकेले तो कोई नहीं था,

अंजलि- तुम्हे अलग रखने का एक खास वजह थी, उस वजह को मैं भी नहीं समझ पाई आज तक लेकिन जिसने मुझे ये कहा था वो बहुत hi ज्ञानी गुरु थे,

शनाया- आपने एक गुरु बाबा के बहकावे में पुरे परिवार को अलग क्र दिया, ये भी नहीं सोचा हमारा क्या होगा,

अंजलि- तुम सभी पैर मेरी नजर हर समय बानी हुई थी, जब जब तुम्हे तकलीफ आई ह तुम्हारी सहायता के लिए मैं या मुझसे जुड़े लोग पहुंचते रहे हैं,

ाव्य- जब किसी को कुछ नहीं बताया गया था तो वन्य को इतना कुछ कैसे पता ह,

वर्षा- ये बचपन से hi कुछ एक्स्ट्रा ऑर्डनरी थी, इसका दिमाग कंप्यूटर से भी तेज था,

अंजलि- तुम सभी के अंदर तुम्हरी माँ और तुम्हारे पिता के गन ह, जैसे शनाया के अंदर सीमा की चंचलता जल्दबाजी में डिसिशन लेना, गुस्से में सही गलत न सोचना, वही तुषार की हिम्मत भावुकता मिली ह,

दिया को दीपा की समझदारी और तुषार की होश्यारी मिली, काम्य में कोमल का गुस्सा और ऐटिटूड आया और तुषार की बहादुरी, वही नैना नंदनी की तरह थोड़ी शांत ह, रम्य रिंकी की दूसरी कॉपी ह और आया में अनीता जी के गन तो ए लेकिन रिंकी ने उसे अलग hi रूप दे दिया, वही ाव्य में अलका का भोला पैन आया तो तुषार का रौद्र रूप भी आया, वैसे hi वन्य में वर्षा और तुषार दोनों के दिमाग की ताकत मिली, इसका दिमाग बहुत तेज था,

इसने एक साथ 2 -2 क्लास पढ़ी जिससे इसने 18 की आगे में hi एक भेतरीन स्केंटिस्ट बन गई, और एक ऐसे प्रोजेक्ट से जुड़ गई जिसे दुनिया में बदलाव आ सकता ह,

और ये ह्रदय इसके अंदर अपने पिता की ताकत बूढी और मेरी हिम्मत कूट कूट क्र भरी ह, ये तुषार का दूसरा hi रूप ह,

ह्रदय जो अब तक एक दम खामोश बैठा था उसने उप्पेर नजर उठाई, वह बैठी हर किसी लड़की की आँखों में कन्फूसिओं सवाल थे, लेकिन ह्रदय की आँखों में आंसू थे,

सीमा- तुम सब बहन भाई हो, तुम 10 बहेनो का एक अकेला भाई ह ह्रदय,

ये लाइन सुनते hi साडी लड़कियों का दिल जोर से धड़का, वो अपने प्रेम के सपने देख रही थी लेकिन ये तो रिश्ता hi बदल गया था, उन्हें साडी कहानी सुनकर अपने रिश्ते को सोच क्र घबराहट तो नहीं हुई लेकिन फिर भी जब रिश्ता बदलता ह तो बेचैनी तो होती hi ह,

वही शनाया अपना सर पकडे बैठी थी, क्योकि उसके दिमाग में एक बात घूम गई उसकी माँ ने तुषार के साथ खुद जाकर रिश्ता बनाया था वही शनाया ने भी सबसे पहले आगे बढ़ क्र पहल करके ह्रदय से रिश्ता बनाया ह,

सभी कुछ न कुछ पूछना चाहती थी, लेकिन ह्रदय उनके बिच से उठा और अंजलि के सामने जाकर बैठ गया, उसकी आँखों में आंसू और गुस्सा था,

ह्रदय- आपने पुरे जीवन त्याग hi किया ह, कभी अपने बच्चो के लिए तो कभी उनके बच्चो के लिए, खुद के बारे में कभी कुछ नहीं कर पाई, लेकिन अब बस अगर आपका बीटा इस धरती पैर ह तो मैं उन्हें ढूंढ लाऊंगा, उसके लिए चाहे मुझे इस धरती को तबाह करना पद जाये, वो आएंगे वो जरूर आएंगे, ह्रदय की बात सुनकर वन्य तुरंत उसके पास आ गई और ह्रदय के हाथ पैर हाथ रख दिया,

वन्य- आपका और मेरा रिश्ता बड़ा कॉम्प्लिकेटेड ह लेकिन मैं आपको माँ hi बोलूंगी, तो माँ मेरा भी आपसे वादा ह मैं हर कदम पैर ह्रदय के साथ कड़ी रहूंगी, और हम मिल क्र उन तीनो को ढूंढ लाएंगे, चाहे उसके लिए हमे समय की बंदिश को भी चीरना पद जाये,

दिया ने भी अपना हाथ उनके हाथ पैर रखा- तुम अकेले नहीं हो माँ आपके खून में एक जुनून ह, एक जींद ह, कभी हर न मैंने का पागल पैन ह तो वो पागल पैन हमारे अंदर भी ह, हम सब उन्हें ढूंढ लाएंगे,

वन्य और दिया की बात से वर्षा और दीपा की आँखों में आंसू आ आगये थे,

लेकिन बाकि लड़किया अभी भी वैसी hi बैठी थी,

शनाया और ह्रदय का रिश्ता बदल चुक्का था, लेकिन शनाया को ह्रदय दूर जाता हुआ लगा तो उसके दिमाग में सबसे पहले ह्रदय को करीब करने का ख्याल आया और वो भी उनके साथ आ गई,

शनाया- मैं जीडी हु लेकिन मेरी जींद हेमशा गलत नहीं होगी, इस बार मैं कुछ करके दिखाउंगी,

शनाया ने ह्रदय की तरफ देखा दोनों की नजरे मिली जिससे ह्रदय ने झिझकते हुए नजरे निचे कर ली, अंजलि का धयान ह्रदय की नजरो पैर गया,

अंजलि ने बाकि लड़कियों को देखा जो अभी तक अपनी hi जगह पैर बैठी थी,

वन्य ने ाव्य को आवाज लगाई, तो वो जैसे होश में आई हो और सबको देखा और उठ क्र भाग गई,

उसके बाद काम्य, रम्य अन्य भी उठ क्र चली गई, नैना वही बैठी रही,

सबकी माये उनके पीछे जाने लगी,

अंजलि- रुको उन्हें समय दो, उन्होंने जो सच जाना ह वो किसी को भी विचलित कर सकता ह, उन्हें परखने दो,

शनाया- अब हम सबको बता सकते हैं हम नाजायज नहीं हैं,

अंजलि- तुम्हे कोई नाजायज नहीं बोल सकता बेटी,

दिया- उस दृष्टि ने हमे बोलै

अंजलि- कोण ह ये दृष्टि और उसने क्या बताया तुम्हे

दिया ने दृष्टि की साडी बात बता दी,

अंजलि- मतलब कोई ह जो हमारे बारे में जनता ह, और तुम्हारा इस्तेमाल करने की कोशिश की गई ह, मेरी बात धयान से सुनो कोई भी ये जाहिर नहीं होने देगा की तुम्हे सच का पता चल चुक्का ह, जैसा चल रहा ह वैसा चलने दो, और ह्रदय तुम्हे इस घर से अब भी दूर रहना होगा, तुम्हे तुम्हारी खोज दूर रहकर hi करनी होगी, किसी को तुम्हारे बारे में जानकरी न मिले की तुम इस घर के बेटे हो,

दीपा को सब पहचानते हैं इसलिए दीपा को भी दूर जाना होगा, ह्रदय यही चंडीगढ़ में रहेगा लेकिन इस घर से दूर, यहाँ इन लड़कियों का दोस्त बन क्र hi आएगा जब भी आना होगा,

ह्रदय- अब ये सब किस लिए,

अंजलि- अब तक हमे दुश्मन का नहीं पता ह, तुझे अलग होकर hi उस दुश्मन को ढूंढ़ना होगा, और उससे भी जरुरी बात ये ह तुम सब को अलग रखने का कारन भी यही था, की जब तुम सब एक साथ होंगे तो एक खतरा तुम सब पैर मंडराएगा, आज तुम सब एक साथ हो, तो जरूर कोई खतरा भी आ hi रहा होगा

दीपा- माँ आप कभी कुछ क्लियर नहीं बताती, हमेशा अधूरा छोड़ देती हैं पूरा सच बताइये क्या बात ह,

अंजलि- तुषार अलका और रूचि को ढूढंती हुई मैं जगह जगह भटक रही थी तो मैं राजस्थान पहुंची वह मेरी मुलाकात राणा परिवार से हुई, उनसे मुझे एक गुरु जी का पता चला जिनसे मिलने के लिए मैं हिमालिया पैर गई वह गुरु जी से मुलाकात की, तब उन्होंने मुझे बतया की वो तीनो एक दिन हमे जरूर मिलेंगे लेकिन तब तक इन बच्चो को सुरक्षित रखना होगा, जब भी ये एक साथ होंगे एक खतरा इनकी तरफ आएगा, इन सबको दूर कर दो और जब तक इन्हे पास मत लाना जब तक नियति खुद इन्हे एक दूसरे के सामने न ले आये,

जब नियति खुद इन्हे सामने ले आएगी तब इन्हे सब सच बताना, और अपने बेटे को इतना बहादुर बनाना की वो किसी भी खतरे से टकरा सके, इसलिए मैंने ह्रदय की जिम्मेदारी दीपा को दी, और सबको अलग भेज दिया, और जैसा उन्होंने बताया नियति खुद इन्हे एक दूसरे के सामने ले आई,

सीमा- लेकिन उन्होंने खतरे के बारे में कुछ नहीं बताया और तुषार अलका रूचि के बारे में भी कुछ नहीं बताया, अगर उन्हें भविष्य पता था तो उनके बारे में भी पता होगा,

अंजलि- इस धरती पैर बहुत से ज्ञानी हैं जिन्हे सब पता होता ह लेकिन वो नियति के बिच में नहीं आते, जब भी कोई नियति के बिच में आता ह, तो संसार का नियम बदल जाता ह,

उन्होंने कहा था कुछ भी बदलने की कोशिश मत करना, जो भी बदलना होगा समय तुमसे खुद बदलवायेगा, बस तुम समय के साथ रहना, जहा भी समय की चल दिखे उसी तरफ बढ़ जाना,

बस तब से मैं उसी रस्ते पैर चली आ रही हु,

नंदनी- माँ अब सबसे दूर नहीं रहा जाता,

अंजलि- तुम सब अब दूर नहीं रहोगे, सब यही रहेंगे, बस ह्रदय के अलावा उसे अभी भी अपना अज्ञात वस् पूरा करना होगा,

ह्रदय- मैं करूँगा, लेकिन अब कोई भी खतरा आएगा पहले मुझसे तरायेगा,

वन्य - कल रात जो यहाँ आया था वो भी एक बड़ा खतरा था, जिसने ह्रदय को पूरी टक्कर दी थी, कही आप उसी खतरे की बात तो नहीं क्र रही माँ

अंजलि- इस बारे में मैं नहीं जानती, ये वही खतरा था या और भी खतरा आना बाकि ह, लेकिन तुम सबको सतर्क रहना होगा, और है सबसे पहले इस दृष्टि की कुंडली निकालो इसे इस घर के बारे में कुछ ाड़ीक hi जानकारी ह,

दिया- हम कॉलेज में से निकल लेंगे,

ह्रदय- माँ

ह्रदय के मुँह से माँ सुनते hi अंजलि की आँखे भर आई, बाकि सबकी आँखे भी ख़ुशी से भर आई,

अंजलि- है मेरे बच्चे

ह्रदय- इस अशोक कपूर का कोई कनेक्शन ह हमारे अतीत से

अंजलि- नहीं बीटा इसका हमसे कोई कनेक्शन नहीं ह,

वन्य ने ह्रदय को देखा, ह्रदय एक सोच में डूबा हुआ था,

सचिन और कपिल दोनों अंजलि के पास आकर बैठ गए,

अंजलि ने उनके सर पैर हाथ फिराया,

अंजलि- मेरे 6 बच्चे और सभी बहुत hi आज्ञाकारी और सबसे अच्छे निकले लेकिन तुम दोनों म्हणता की साडी लिमिट पर कर गए, मैं धन्य हो गई तुम दोनों जैसे बेटे पाकर,

जब से तुमने होश सम्हाला ह बिना सवाल किये बस अपनी माँ की हर बात को मानते आ रहे हो, मैंने बहुत तकलीफ दी ह न तुम दोनों को

सचिन- माँ आपने कभी हमे तकलीफ दी hi कहा ह, साडी तकलीफ तो वो अकेला hi झेल गया था हम तो बस बची कुछ छोटी मोती समश्याओ में hi उलझे रह गए,

रैना- पापा आप और माँ भाई बहन हैं, ये कैसा रिश्ता ह,

सचिन- ये हमारी जनम देने वाली उस औरत की वजह से हुआ ह, तू ये सब मत सोच जो हालत के हिसाब से सही था वही हम सबने किया,

वर्षा- माँ दीपा को दूर रहने की क्या जरुरत ह, अगर ह्रदय hi बहार रहे तो भी चलेगा, क्योकि यहाँ कोई नई जनता ह्रदय की माँ दीपा ह,

ह्रदय- निधि कपूर जानती ह, और वो हमले की जानकरी प् कर यहाँ तक जरूर आएगी,

वन्य- तुमने अपने बारे में काफी कुछ बताया ह उसे, वो आगे की जानकरी निकल सकती ह

ह्रदय- मैं सम्हाल लूंगा उसे, अब वो जानकरी देगी, किसी और से जानकारी निकल नहीं पायेगी, आज मुझे समझ आया ह की मुझे जीना कैसे हैं, क्या करना ह कैसे करना ह

अंजलि- मुझे भूक लगी ह कोई खाना तो खिलवा दो जब से आई हु बुलवाये hi जा रहे हो,

रश्मि और आशिमा तुरंत किचन की तरफ भागी,

अंजलि- दुनिया मुझे बदचलन बोलती ह लेकिन मैं ये मानती हु की अगर मुझसे कोई गलती हुई ह तो वो ये ह की मैं रश्मि और आशिमा को फैसला करने का हक़ नहीं दे पाई, उन्हें अधिकार था ये जानने का की वो अपने भइओ से प्यार करे या नहीं,

सचिन- आपको नहीं पता था उनके बारे में,

अंजलि- मुझे पता करना चाहिए था, मुझे सब जानकारी रखनी चाहिए थी,

बीटा कोई भी लड़ाई जानकरी के बिना नहीं लड़ी जा सकती,

दिया- जैसे दुश्मन ने हमारी जानकी ली हुई ह, इस दृष्टि के पास ये सब जानकारी कहा से आई, जिन बातो के बारे में आप या आपके दुश्मन hi जानते थे वो दृष्टि कैसे जानती ह,

अंजलि- इस दृष्टि को खोजो, सचिन तुरंत कॉलेज फ़ोन कर और इस दृष्टि का पता कर,

सचिन तुरंत फ़ोन की तरफ लपका,

अंजलि- तुम सब जाओ और उन बच्चियों को सम्हालो उन्हें जो प्यार माँ से नहीं मिला ह उन्हें वो प्यार दो, मुझे ह्रदय से कुछ बात करनी ह,

सबने तुरंत आदेश का पालन किया,

ह्रदय अंजलि के सामने बैठा रहा,

अंजलि- मैंने तुझे जनम दिया ह लेकि तेरा पालन पोषण नहीं कर पाई, तेरा कर्ज ह मुझ पैर

ह्रदय- मैं समझता हु

अंजलि- तुझे अब अपनी साडी जिम्मेदारियां समझनी होंगी, तू अकेला hi ह जो ये सब सही कर सकता ह, तेरे उप्पेर बहुत सी जिम्मेदारियां हैं, और सबसे पहेली ह सभी लड़कियों को एक साथ जोड़ क्र रखना, तेरे कर्तव्यों में से ये भी एक बड़ा कर्त्तव्य ह, तुझे जो रास्ता अपनाना पड़े तू इस्तेमाल कर,

इस घर में पारिवारिक सम्बन्ध बनाने से कोई ऐतराज नहीं ह, तुम सब उन्ही रिश्तो की पैदाइश हो, तू मेरे बेटे के साथ रिश्ता बनाने से पैदा हुआ ह, तो किसी रिश्ते का बोझ लेकर मत चलना, तेरे और शनाया के बिच जो भी रिश्ता बन चुक्का ह उससे परेशां मत होना,



ह्रदय ने चौंक क्र अंजलि को देखा,
 
अपडेट-20






अंजलि- आगे के रस्ते बहुत मुष्किल हैं, केवल अपने पिता को ढूंढ़ना hi तेरा लक्ष्य नहीं ह और भी जिम्मेदारियां ह जो समय आने पैर तेरे सामने आएँगी, बस तू अपनी खोज शुरू क्र दे, और अपनी बहेनो को साथ लेकर चलना, ये सब तेरी ताकत हैं,

ह्रदय- मुझे नहीं पता क्या सही ह क्या गलत लेकिन आप को देख क्र बस मन कहता ह आप hi सही हैं, आप जो खेती हैं कभी गलत नहीं हो सकता,

अंजलि- तू बस अपने दिमाग का पूरा इस्तेमाल कर, मैं अब बूढी हो चुकी हु तेरा साथ नहीं दे पाऊँगी, इसलिए अपनी बहेनो को अपनी ताकत बना और अपने पिता को ढूंढ ले आ,

ह्रदय- मैं ले आऊंगा माँ मैं ले आऊंगा, मैं अब इस परिवार को बिखरने नहीं दूंगा, चाहे उसके लिए मुझे खुद को भी कुर्बान करने पड़े,

अंजलि ने ह्रदय को अपने गले से लगा लिया, अंजलि के गले लगते hi ह्रदय के अंदर एक तूफ़ान जो उठा हुआ था एक दम शांत सा हो गया, इतना सकूं मिला जैसे शरीर से सारा बोझ उतर गया हो, इतनी शांति मिली उसके मन को,

तभी ाव्य तेज कदमो से चलती हुई आई,

वर्षा- रुक जा बेटी मेरी बात तो सुन,

ाव्य- मुझे कुछ नहीं सुन्ना, मैं यहाँ नहीं रहूंगी, मेरा दम घुट रहा ह यहाँ, आप चल रही हो या नहीं, खैर आप क्यों जाओगी मैं आपकी बेटी तोडना हु,

वर्षा- बेटी ऐसा मत बोल,

अंजलि ने वर्षा को इशारा कर दिया,

वर्षा- ठीक ह मैं चल रही हु तेरे साथ,

ाव्य ने अंजलि की तरफ देखा और वर्षा का हाथ पकड़ क्र बहार ले गई,

तभी पीछे से काम्य भी नैना और नंदनी का हाथ पकडे आ रही थी,

नंदनी की आँखों में आंसू थे अंजलि ने उसे अपनी आँखों से hi हिमत दी,

अन्य और रम्य बस कड़ी थी, उनके पीछे अनीता और रिंकी खड़े थे,

उनके मन में चल तो बहुत कुछ रहा था लेकिन उन्होंने रुकने का फैसला किया, रिंकी ने अंजलि को इशारा किया की वो समझा लेगी, इन सब में अन्य और रम्य के लिए ये रिश्ते सबसे आसान थे उनमे ढलने के लिए, उसका कारन था रिंकी की परवरिश उसने उन्हें अपने साथ रख क्र इतना तो बिगड़ दिया था जिससे उन्हें ऐसे किसी रिश्तो का फरक hi न पड़े,

वर्षा ने वन्य को पहले hi बहुत कुछ बता रखा था तो वो पहले से hi तैयार थी इस सब के लिए,

शनाया के लिए ये सब बड़ा अजीब था लेकिन वो ह्रदय के साथ रिश्ता बना क्र उस हद तक जुड़ चुकी थी जिसमे दुनिया की कोई भी ताकत कोई रिश्ता उसे अलग नहीं कर सकता था,

और दिया उसके अंदर इतनी समझदारी थी की उसने किसी भी रिश्ते से पहले अपनों को आगे रखा,

काम्य के अंदर बहुत कुछ टूट चुक्का था, उसकी माँ का क्रेक्टर उसे इस घर के रिश्तो से मतलब नहीं था क्योकि कोमल तुषार की बहन नहीं थी, लेकिन कोमल का चरित्र उसे इतना विचलित कर गया की वो खुद को सम्हाल hi नहीं प् रही थी, नैना चीजों को समझ तो रही थी लेकिन अपनी बहन को अकेला नहीं छोड़ सकती थी,

ाव्य सबसे ज्यादा बोखला गई थी, एक तो इन रिश्तो से दूसरा जिसे वो माँ मानती ह वो उसकी माँ नहीं और उसकी माँ लापता ह,

रश्मि ने अंजलि के लिया खाना लगा दिया,

सभी अंजलि के पास hi बैठ गए,

सचिन- माँ मैंने प्रिंसिपल को बोल दिया ह वो दृष्टि का पूरा रिकॉर्ड निकल क्र हमे भिजवा देंगे,

अंजलि- सही ह

सीमा- माँ ये बछिया चली गई हैं,

अंजलि- फ़िलहाल उन्हें समझाना आसान नहीं ह लेकिन अब ये उन्हें समझायेगा, ह्रदय इस परिवार को पूरा करेगा, ये इसकी जिम्मेदारी ह, और कैसे करना ह क्या करना ह सब ये देखेगा,

और जहा तुझे प्रॉब्लम होगी तेरी ये सभी माये तेरे साथ कड़ी हैं, हर कदम पैर तेरा सात देंगी,

तुम सभी बच्चे चाहे कुछ भी सोचना लेकिन किसी भी माँ को अलग मत समझना अगर तुम सब एक दूसरे की माओ को अपनी hi माँ जैसा समझोगे तो तुम्हे ये रिश्ते आसान लगाने लगेंगे,

ह्रदय- अब मुझे चलना चाहिए, रात होने वाली ह और मेरा यहाँ होना मतलब शक पैदा करना,

जाने के नाम पैर अंजलि का दिल दुखी हो गया,

अंजलि- अभी तो मैंने तुझे ठीक से देखा भी नहीं,

ह्रदय- अब तो आप रोज देखेंगी, मैं यही हु इसी शहर में,

ह्रदय अंजलि के गले लगा फिर दीपा के गले लग क्र बहार को चल दिया, वन्य तुरंत उसके पीछे गई,

वन्य- ह्रदय उससे जरा सम्हाल क्र रहना,

ह्रदय- सम्हालना तो अब उसे होगा मुझसे, लेकिन तुम उससे अब दूर हो सकती हो

वन्य- नहीं अभी नहीं अभी कुछ काम बाकि ह,

ह्रदय- मेरा भी कुछ बाकि ह उससे जरा हिसाब पूरा कर लू,

वन्य- मेरे लिए कोई काम हो तो बताना

तभी दिया भी वही आ गई,

ह्रदय- तुम इस परिवार के हर मैंम्बर से जुड़े लोगो रिश्तेदारों दोस्तों दुश्मनो, नजदीक का हो या दूर का हर इंसान की लिस्ट तैयार करो, और इस खोज की शुरुआत वही से होगा जहा इसका अंत हुआ था, माँ ने सब जगह खोजै शायद सही दुश्मन को नहीं ढूंढ पाई, हमे वो दुश्मन ढूंढ़ना होगा,

इतना बोल क्र ह्रदय वह से निकल गया,

दिया- तुम और भी कुछ जानती हो ह्रदय के बारे में, ऐसा कुछ जो हमे भी पता होना चाहिए,

वन्य- ऐसा कुछ नहीं ह

दिया- देखो वन्य हम सब भेने हैं, हमारी माओ ने ऐसा फैसला लिया था जो संसार में शायद कोई और न ले पाए, उन्हें हमारे पापा के साथ दूसरी औरतो के रिश्तो के बारे में जानकारी थी फिर भी वो उन्हें प्यार करती थी, पारिवारिक रिश्तो में गन्दगी थी फिर भी प्यार काम नहीं हुआ था, क्योकि उनमे एक दूसरे के लिए विश्वास और प्यार था, लेकिन हम सबके बिच ऐसा कोई रिश्ता नहीं ह,

हम सब बस नाम के लिए बहन हैं, वह तुषार पापा की वजह से अनजान औरते भी विश्वास पत्र बन गई थी, क्योकि अंजलि माँ ने सबको बंधे रखा था,

अगर हमे ह्रदय का साथ देना ह तो सबको एक विश्वास में बांधना होगा, और एक दूसरे पैर भरोसा करना होगा, हमारी माये अलग हो सकती हैं लेकिन संस्कार अलग नहीं है, हमे सबको एक साथ लाना होगा, और मुझे लगता ह ये जिम्मेदारी हमे उठानी होगी,

वन्य- तुम सही बोल रही हो, हम सबको एक होना होगा, उसके लिए विश्वास करना होगा,

दिया- तो विश्वास करने के लिए सबसे जरुरी ह ह्रदय के बारे हमे सब पता होना छाइये, वर्ण हम उसकी कोई मदद नहीं कर पाएंगे,

वन्य- हम्म्म तुम सही बोल रही हो, आओ मैं तुम्हे सब बताती हु,

इधर दृष्टि गायब हो चुकी थी, और जालिम दादी का भेजा हुआ जानवर अपने मिशन में फ़ैल होकर जालिम दादी के पास पंहुचा,

जालिम दादी का गुस्सा सातवे आसमान पैर था, नहीं नहीं नहीं इतनी प्लानिंग के बाद भी मैं फ़ैल नहीं हो सकती, अंजलि को अपनों को खोने का जखम झेलना hi होगा,

जालिम दादी- कोण था वो

जानवर- मुझे नहीं पता लेकिन बहुत ताकत थी उसमे,

नौकरानी जैसे हालत में कड़ी औरत मुस्कुरा रही थी,

जालिम दादी- तू है रही ह, तू मुझे जानती ह मैं जो चाहती हु करके hi दिखती हु

औरत- तुम कुछ नहीं क्र पाओगी हहहहह

वो आदमी उस औरत के पास गया और उसे मरने लगा,

ज़ालिम दादी- इसे मरने से क्या होगा जिसे मरने भेजा था उसे तो मर नहीं पाया तू,

आदमी- वो लड़का बिच में आ गया, वह उसे ह्रदय के नाम से पुकार रहे थे वो लोग

जालिम दादी- ह्रदय, कोण आ गया ये ह्रदय, अंजलि के परिवार में तो कोई लड़का नहीं था ये कहा से आ गया,

जालिम दादी ने दृष्टि को फ़ोन मिलाया,

जालिम दादी- दृष्टि तू वह से निकली या नहीं,

दृष्टि- दादी बस निकल रही हु, सारा काम हो चुक्का ह,

जालिम दादी- जल्दी से निकल, हमारा प्लान थोड़ा सा गड़बड़ हो गया ह, जिससे वो अंजलि वापस आने वाली होगी, तू वह से निकल वो वापस आते hi तेरे बारे में जानकारी निकल लेगी,

दृष्टि- नहीं निकल पायेगी, मैंने यहाँ सब साफ़ कर दिया ह,

जालिम दादी- ाचा इनके परिवार में कोई ह्रदय भी ह क्या,

दृष्टि ह्रदय का नाम सुनकर चौंक गई, उसे ह्रदय की वो फाइट और वो किश याद आ गया, उसकी उंगलिया खुद hi अपने होतो पैर चली गई,

दृष्टि- क्यों उसका क्या सीन ह

जालिम दादी- तू जानती ह क्या उसे, उसे हमारा प्लान फ़ैल क्र दिया ह, कोण ह वो अंजलि से उसका क्या रिश्ता

दृष्टि- उसकी बेतिया उससे प्यार वयर में पद गई हैं, उनका दोस्त ह बहार से यहाँ आया हुआ ह,

जालिम दादी- मतलब उनके परिवार का कोई रिश्ता नहीं ह, बहार से आया ह तो वापस भी चला जायेगा

दृष्टि- है

जालिम दादी- ठीक ह तू जल्दी से वापस आ फिर देखते हैं क्या करना ह,

फ़ोन काटने के बाद दृष्टि ह्रदय की सोच में दुब गई, उसके दिमाग में खलबली सी मच गई, उसे एक दर सा महसूस हुआ, उसकी चिंता ह्रदय को लेकर थी, वो अगर दादी के काम के बिच में आया तो दादी उसे नुक्सान पंहुचा सकती ह, दादी किसी पैर दया नहीं करती, कही ह्रदय को कुछ हो गया तो,

दृष्टि खुद से hi- तू इतना क्यों सोच रही ह, जो उनका साथ देगा उसके सात अच्छा नहीं होगा

लेकिन उसकी क्या गलती ह वो तो इंसानियत के तोर पैर सहायता कर रहा होगा,

मुझे उसकी इतनी फ़िक्र क्यों हो रही ह, मेरा उससे क्या मतलब, तू अपनी मंजिल की तरफ देख, तेरी मंजिल इन सब से कही उप्पेर ह,

इधर

ह्रदय गाड़ी चलता हुआ सोचता जा रहा था, आज उसके सामने जो हकीकत आई थी वो अब तक की जिंदगी की बिलकुल उलटी थी, सेक्स को लेकर जो घटनाये देश विदेश में सुनी जाती थी उसके परिवार ने तो उस सब में पीएचडी की हुई ह, और उसी रिश्ते की शुरुआत ह्रदय ने खुद hi कर दी शनाया के साथ रिश्ता बना कर,

वो खुद को कोस्टा जा रहा था, बस एक दिन और रुक जाता तो ये सब न होता, उसे सब सच पता चल जाता तो शनाया और उसके बिच कुछ नहीं होता,

जो हो गया उसे बदला तो जा नहीं सकता था, तो उसके दिमाग में दुश्मनो की लिस्ट बनने लगी, वो अपनी जिंदगी को रिवाइंड करने लगा, उसे सभी घटनाये याद आने लगी जो कुछ अलग हैट क्र थी,

जैसे पहाड़ो में महसूस करना की कोई उस पैर नजर रखे हुए था, तम्मना भी उसके दिमाग में घूम रही थी, अब तम्मना की हरकते भी उसे संदिग्ध लगने लगी थी, वो बार बार उसे शनाया दिया आशना और रैना से रिश्ता बनाने पैर जोर दे रही थी, निधि के बारे में तो उसे पता चल hi चुका था,

ह्रदय खुद से hi- वन्य ने कहा था कोई भी औरत ऐसे hi किसी मर्द के पास नहीं आएगी, तम्मना की शादी की उम्र हो चुकी ह फिर भी उसने शादी नहीं की, सूंदर ह टीचर हैं हर तरह से परफेक्ट ह फिर क्यों शादी नहीं की, और पूरी दुनिया में मेरे hi पास क्यों आई, कही निधि की तरह उनका भी कोई मकसद तो नहीं,

सबके बारे में पता करना पड़ेगा, लेकिन सबसे पहले इस निधि को थोड़ा सा सबक सीखना पड़ेगा,

ह्रदय फार्महाउस पैर पहुंच गया था निधि वह नहीं थी,

अंजलि मेन्शन में हुम्ला हुआ ह इस खबर ने पूरा शहर हिला दिया था, तो हर कोई खुद को सेफ करने में लगा था, क्योकि सबसे पहले इल्जाम बड़े लोगो की तरफ hi जाता ह,

निधि अशोक के पास थी

निधि- ये सब आपने तो नहीं करवाया

अशोक- नहीं मैं ये क्यों करूँगा, उनसे पन्गा क्यों लूंगा मैं, मुझे तो उनसे बहुत काम निकलने हैं,

निधि- फिर और कोण आ गया जिसमे इतना दम हो जो अंजलि मेन्शन में घुस क्र हुम्ला कर दे,

अशोक- कोई बहुत hi पहुंची hi चीज मालूम होता ह, इसके बारे जानकरी निकलवाओ किसी तरह से, हो सकता ह हमारे कुछ काम आ जाये,

निधि- ठीक ह देखती हु क्या पता चलता ह,

अशोक- वो लड़का तैयार हुआ या नहीं,

निधि- लगभग तैयार hi ह, आखरी देव मरना ह मुझे

अशोक- तो जल्दी क्र अपने इस बदन का पूरा इस्तेमाल कर,

निधि- आज तक इसी बदन का hi तो इस्तेमाल करती आई हु, कब तक निचोड़ोगे इसे, अब मुझमे कुछ नहीं बचा ह,

अशोक- औरत का बदन कभी खली नहीं होता, हर नए आदमी के लिए नया hi रहता ह, है जो इसे निचोड़ चुक्का हो उसके लिए मजा काम हो जाता ह, लेकिन औरत चाहे तो वो हमेशा सबके लिए नै बानी रह सकती ह, और अभी तू जवान ह अभी तो बहुत रास भरा पड़ा ह तुझमे,

निधि ने सर निचे क्र लिया, वो अशोक से आँखे नहीं मिला रही थी,

अशोक- चल अब जा और उसे जल्दी तैयार क्र, और दुबारा से नखरे मत दिखाना मुझे,

निधि वह से चुप निकला गई, और पूरी रफ़्तार से गाड़ी दौड़ती हुई जा रही थी, फार्महाउस पैर पहुंच गई गुस्से में दनदनाती हुई अंदर गई, उसने धयान hi नहीं दिया ह्रदय आ चुक्का ह, वो सीधे कमरे में गई और कपडे उतर क्र ठन्डे शावर के निचे कड़ी हो गई,

ह्रदय ने उसे जाते देखा उसकेपीछे गया तो उसकी हरकत से चौंक गया, ठण्ड के मौसम में इतने ठन्डे पानी में क्यों नाहा रही ह, ह्रदय उसके पीछे बाथरूम में चला गया, निधि ने पलट क्र देखा तो दोनों की नजर मिली,

निधि की आँखे लाल थी उसका बदन ठण्ड में कैंप रहा था, उसकी हालत ख़राब हो रही थी, ह्रदय के अंदर उसके लिए गुस्सा था लेकिन ह्रदय के अंदर की इंसानियत गुस्से पैर हावी हो गई और उससे निधि की हालत देखि नहीं गई, उसने शावर बंद किया और निधि को टॉवल में लपेटा और बहार ले आया,

निधि ठण्ड में कंपनी लगी थी, ह्रदय ने उसे कम्बल में लिटाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ तो ह्रदय ने अपने कपडे उतरे और निधि के साथ चिपक क्र लेट गया और अपने बदन की गर्मी उसे देने लगा,

निधि भी ह्रदय से चिपक गई थी, कुछ hi देर में बदन की गर्मी ने असर दिखाना शुरू क्र दिया, निधि को गर्माहट मिलने लगी और ह्रदय का लुंड खड़ा होने लगा, निधि की हैंड जैसे जैसे दूर हुई वो अपना बदन ह्रदय के बदन से रगड़ने लगी थी,

निधि के हाथ ह्रदय के बदन को सहलाने लगे थे, निधि ने हाथ निचे ले जाकर ह्रदय को लुंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और अपने हॉट ह्रदय के होतो से जोड़ दिए,

दोनों किश करने लगे ह्रदय का हाथ निधि की गांड को मसल रहा था और निधि ह्रदय के लुंड को शेला रही थी, निधि कम्बल के अंदर hi घूम गई और ह्रदय के लुंड के पास अपना मुँह ले गई, और उसे चाटने लगी,

ह्रदय की आँखे मजे में बंद हो गई थी, निधि अपने पुरे जोश के साथ ह्रदय के लुंड को चूसने लगी थी, उसके अंदर पूरी गर्मी आ गई थी, उसने कम्बल उतर फेंका और लुंड को चूसने लगी, ह्रदय बड़े गोर से निधि को देख रहा था,


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निधि के फेस पैर जो मासूमियत थी उसमे कही भी कोई चालाकी नजर नहीं आती थी, ह्रदय को कभी उसकी आँखों में साजिश दिखाई नहीं देती थी, ह्रदय बस उसे देखे जा रहा था,

निधि अब थकने लगी थी, ह्रदय ने निधि को लिटाया और उसके बदन को चूमने लगा, उसके होतो को फिर गार्डन को चूमता हुआ उसकी चूचियों पैर आया और उसकी एक गोल कड़क चूचियों का रास पैन करने लगा, फिर वो निचे उसके एक दम सपाट पेट को चूमता हुआ निचे पंहुचा,


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ह्रदय ने निधि की छूट को चूमना चाहा तो निधि ने रोक दिया,

ह्रदय ने निधि को देखा जैसे पूछ रहा हो क्यों,

निधि- ये जगह तुम्हारे लिए मुँह लगाने के लायक नहीं ह,

ह्रदय- मेरे हिसाब से तो इस जगह औरत को सबसे ज्यादा मजा आता चुसवाने में

निधि- आता ह लेकिन हर जगह मुँह लगाने लायक नहीं होती, और हर औरत इस लायक नहीं होती की उसे यहाँ मुँह लगाया जाये, तुम्हारे होतो की जगह मेरे होतो में हैं, मेरे बदन में सबसे पवित्र मेरे हॉट हैं,

निधि ने ह्रदय को अपने उप्पेर खींचा और होतो से हॉट मिला दिए, और उसका लुंड पकड़ क्र अपनी छूट पर लगाया, और खुद hi ह्रदय की कमर पकड़ क्र आगे धकेला, ह्रदय ने भी तुरंत एक जोरदार धक्का मारा, धक्का इतना जोरदार था की लुंड निधि की छूट को चीरता हुआ आधे से ज्यादा अंदर घुस गया,


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निधि की चीख निकल गई लेकिन वो ह्रदय के होतो में डाब क्र रह गई, ह्रदय रुका नहीं उसने लुंड बहार खींचा और दुबारा धक्का लगया और अगले कुछ धक्को में पूरा लुंड निधि की छूट में घुसा दिया,

निधि की आँखों से आंसू भी रहे थे, उसने अपना मुँह हटा क्र चीखना चाहा लेकिन ह्रदय ने उसे मौका नहीं दिया और धक्के लगाने लगा,


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निधि की हालत ख़राब हो चुकी थी, उसने इससे भी बुरी चुदाई झेली थी लेकिन इतने बड़े लुंड से कभी नहीं, निधि ने अपने आखे बंद की और चादर को कास क्र पकड़ लिया और दर्द को सहने लगी,

लेकिन उप्पेर वाले ने छूट को ऐसा बनाया ह उसमे कितना भी बड़ा लुंड घुस जाये छूट उसके हिसाब से एडजस्ट हो hi जाती ह, निधि की छूट भी कुछ देर में लुंड पैर एडजस्ट हो गई और अंदर की चिकनाहट ने की वजह से कुछ रहत हुई, और रहत मिलते hi निधि झड़ने लगी,

ह्रदय ने धक्के तेज कर दिए,


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जब निधि झाड़ गई तो ह्रदय ने उसे उठाया और कुटिया की तरह झुका दिया फिर पीछे से लुंड एक बार में hi घुसा दिया,

लुंड घुसते hi निधि मुँह के बल आगे गिर गई, ह्रदय ने तुरंत धक्के लगाने शुरू क्र दिए,


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निधि की छूट पूरी खुल चुकी थी, वो ह्रदय के हर धक्के को बर्दास्त क्र रही थी, लेकिन ह्रदय का खुमार काम होने की जगह बढ़ता hi जा रहा था, काफी देर ीासे छोड़ने के बाद ह्रदय ने निधि को अपनी गॉड में उठा लिया और अपने लुंड पैर बैठा क्र उछलने लगा,

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ये पोजीशन बहुत खतरनाक थी, निधि के लिए भी बिलकुल नै थी इसमें लुंड और अंदर तक जा रहा था, क्योकि निधि छह क्र भी अपना बॅलन्स नहीं बना प् रही थी, उसे दर्द बहुत हो रहा था लेकिन मजा भी आ रहा था, वो ह्रदय की आँखों में झाकने लगी,

एक औरत मर्द की आँखों में hi उसका मन पढ़ सकती ह, उप्पेर वाले ने औरत को ये खूबी दी ह, और निधि जैसी औरतो के पास तो कुछ ज्यादा hi होती ह जिन्होंने दुनिया के काफी मर्दो को इतने नजदीक से देखा हो,

निधि ह्रदय की आँखों में आये गुस्से को पहचान गई थी, निधि ने अपने आँखे बंद की जैसे उसे कुछ तकलीफ हुई हो,

ह्रदय ने फिर निधि को निचे उतरा और दीवार से लगा क्र पीछे से फिर लुंड घुसा दिया और जोर दर ढके लगाने लगा, निधि के दिमाग में बहुत कुछ एक साथ चलने लगा था जिससे उसके अंदर की एक्सिटमेंट एक दम से गायब हो गई थी,


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न ह्रदय को चुदाई में कोई इंट्रेस्ट आ रहा थान ा hi निधि को, लेकिन दोनों चुदाई किये जार हे थे, ह्रदय तो वैसे hi देर से झाड़ता था, आज तो उसका दिमाग वैसे hi हिला हुआ था तो वो बिलकुल नहीं झाड़ रहा था, वही निधि भी बस चूड़े जार hi थी, वो एक बार झाड़ क्र दुबारा नहीं जड़ रही थी,

ह्रदय ने कई पोजीशन बदली और हर पोजीशन में निधि को जबरदस्त तरीके से छोड़ता रहा,


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इससे पहले ह्रदय ने भी ऐसी चुदाई कभी नहीं की थी, निधि की छूट में दर्द होने लगा था, छूट अंदर से सूखने लगी थी, उसे जलन होने लगी थी, अब दर्द और बढ़ गया था, लेकिन वो ह्रदय को रोक नहीं रही थी, उसकी आँखों से आंसू बहे जा रहे थे, लेकिन उसने एक बार भी ह्रदय को रुकने को नहीं कहा,

दोनों को 1 घंटे से ज्यादा हो गया था, तो निधि को अहसास हुआ की ह्रदय को भी तकलीफ हो रही होगी तो उसने ह्रदय को खींच क्र बीएड पैर लेकर लेट गई और ह्रदय को अपने ऊपर किया और उसके होतो से अपने हॉट मिला दिए,

और इतना खतरनाक तरीके से ह्रदय के होतो को चूसने लगी की, ह्रदय का दिमाग हर बात को भूलने लगा, निधि उसकी जीभ को चूसने लगी थी, निधि एक बहुत hi ज्यादा एक्सपीरियंस औरत थी, उसने ह्रदय के दिमाग को शांत करना शुरू किया और जैसे hi दिमाग शांत होना शुरू हुआ ह्रदय की एक्ससिटेमेंट बढ़ने लगी, उसके धक्के की रफ़्तार काम हुई, अब धक्के तेज न होकर घेरे हो गए थे,


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किश का असर निधि पैर भी हो रहा था उसकी छूट भी फिर से गीली होने लगी थी, अब चुदाई पुरे शवाब पैर थी और इतनी लाबी चुदाई के बाद दोनों एक साथ झड़ने लगे थे, निधि ह्रदय को अपने सैंडर समां ले रहे थी, ह्रदय भी निधि के अंदर घुसा चला जा रहा था, और पूरा रास निधि की छूट में भर दिया,

निधि ने ह्रदय को बहो में भरा और अपने उप्पेर hi लिटाये हुए लेती रही, दोनों काफी देर तक ऐसे hi लेते रहे, दोनों बुरी तरह थक गए थे, ह्रदय को उसके गुस्से ने थका दिया था, निधि उसके सर पैर हाथ फिरती रही, ह्रदय को बड़ा सकूं मिल रहा था और उस सकूं में ह्रदय कब नींद की घेरे में चला गया उसे पता hi नहीं चला,

निधि की आँखों में नींद नहीं थी, आज उसे ह्रदय के अंदर बहुत बड़ा बदलाव दिखा था, लेकिन एक सॉफ्ट कार्नर भी था, जिसमे उसे केयर दिखी थी, लेकिन गुस्सा था,

निधि मन में- क्या ह्रदय को मेरे बारे में कुछ पता चला ह, या कुछ और बात ह, अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा, वो काम कैसे होगा, अगर वो काम नहीं हुआ तो क्या होगा, नहीं नहीं मुझे वो करना hi होगा, किसी भी कीमत पैर करना hi होगा, चाहे उसके लिए मुझे कोई भी रास्ता अपनाना पड़े,

वही दिया वन्य से ह्रदय के बारे में सब सुन रही थी,

दिया- क्या तुम्हारी बॉस के साथ उसका रिश्ता ची

वन्य- इसमें ची की क्या बात ह,

दिया- तुम्हे बुरा नहीं लगा, किसी औरत के साथ उसके सम्बन्ध ह

वन्य- हाहाहाहा तुमने शायद अंजलि माँ की बात धयान से नहीं सुनी,

दिया- कोनसी बात

वन्य- वो तुषार पापा की कॉपी ह उसके अंदर उनके hi सरे गन ह, मतलब सेक्स करने की छमता बी वैसी hi होगी, उसका शरीर देखा ह, मेरे हिसाब से उसकी सेक्स पावर भी बहुत टॉप लेवल की होगी,

दिया- तो क्या हुआ वो पूरी दुनिया को छोड़ता फिरेगा,

श्री मैंने गली दी,

वन्य- कोई बात नहीं बहेनो के बिच ये चलता ह, लेकिन हमे उसे उसके हिसाब से hi चलने देना होगा, माँ ने बताया था तुषार पापा को किसी भी माँ ने कभी रोका नहीं था, और इसी वजह से उन सबके बिच प्यार बना हुआ था, वो सब एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार थी, अगर वो रोकती तो शायद सब बदल जाता

दिया- ठीक ह परिवार में नहीं रोकेंगे लेकिन बहार वाली के लिए तो रोकना hi होगा

वन्य ने दिया को आँखे बड़ी करके देखा,

दिया- ऐसे क्या देख रही हो

वन्य- तुमने ह्रदय के साथ रिश्ता बनाने फैसला कर लिया ह,

दिया- मैंने ऐसा कब कहा

वन्य- तुमने कहा न परिवार में नहीं रोकेगी, मतलब तुम मानती हो की हमारा रिश्ता ह्रदय से बनेगा,

दिया ने शर्मा क्र नजर निचे कर ली,

दिया- तुम्हारा दिमाग सच में तेज चलता ह,

वन्य- ठंकु, हमारे बिच क्या होगा मुझे नहीं पता, लेकिन ये सच ह मैं ह्रदय को बहुत पसंद करती हु और तुम भी, मैं जब पहेली बार मिली थी तो तुम्हारी आँखों में उसके लिए प्यार देखा था, तभी समझ आ गया था, हमारे परिवार की हिस्ट्री जरूर रिपीट होगी,

दिया- लेकिन ये गलत होगा

वन्य- हमारे लिए गलत नहीं ह, हम इन रिश्तो को अच्छे से समझते हैं,

और रही बात बहार की तो माँ ने कहा था ह्रदय कोई साधारण इंसान नहीं ह, उसके साथ जो होगा या जो वो करेगा उसके पीछे कोई न कोई महतवपूर्ण वजह जरूर होगी, इसलिए उसके काम या रस्ते में बढ़ा न बनना बस उसके रस्ते क्लियर करते जाना जिससे उसे कही रुकना न पड़े,

दिया- मैं भी यही चाहती हु लेकिन एक लड़की कैसे अपने साथी का प्यार बात सकती ह,

वन्य- जैसे माँ बाप का पैर सभी बच्चो को बराबर hi मिलता ह, बच्चे प्यार काम ज्यादा कर सकते हैं लेकिन माँ बाप बराबर hi करते हैं, वैसे hi ह्रदय को ऐसा बनाना होगा जो वो सभी को बराबर प्यार दे सके,

दिया- अपनी बहेनो को भी तो समझाना होगा न,



वन्य- है मैं निकलती हु ाव्य को समझने की कोशिश करती हु,
 
अपडेट-21






रात सभी पैर भरी रही थी, हर किसी के दिमाग में हलचल थी, कोई अपने सच को हजम नहीं क्र प् रहा था, कोई आगे के रिश्तो को लेकर चिंता में था, किसी की प्लानिंग फ़ैल हो गई थी, तो कोई नए प्लान के लिए चिंता में था, सकूं किसी को नहीं था, खुद अंजलि भी चिंता में थी, वो सब कुछ एक विश्वास पैर करती तो आ रही थी, लेकिन बच्चे किस तरह से सोचेंगे ये चिंता भी उसके दिमाग में चल रही थी, अंजलि सीमा कपिल सचिन दीपा एक hi रूम में बैठे थे, अनीता और रिंकी आया और रम्य को समझा रही थी, रश्मि और आशिमा रैना और आशना को समझा रही थी,

नंदनी काम्य को समझने की कोशिश कर रही थी, लेकिन काम्य अपना रूम बंद करके बैठी थी, बड़ी मुश्किल से नैना उसके रूम में गई, नैन को खुद कुछ समझ में नहीं आ रहा था, वो काम्य को क्या समझती लेकिन नंदनी को सकूं था दोनों बहन साथ हैं,

रात में वन्य ाव्य के पास पहुंच गई थी, वन्य ने ाव्य को इस वक़्त कुछ समझाना सही नहीं समझा, बस उसके साथ लेट गई, दिया शनाया के पास पहुंची, दोनों बहन एक दूसरे के पास लेती थी, शनाया के फेस पैर एक अलग hi चिंता थी दिया ने बात करनी चाही लेकिन कर नहीं पाई,

अगली सुबह सब एक अलग hi तनाव के साथ उठे थे, सचिन कपिल तो ऑफिस चले गए थे, सीमा शनाया के पास बैठी थी, दीपा दिया के पास जाना चाहती थी लेकिन झिजक रही थी,

सीमा- तू ठीक ह बेटी

शनाया- है माँ मैं ठीक हु,

सीमा- तुझे अपनी माँ के बारे में जान कर बुरा लगा होगा न,

शनाया- शुरू में लगा था माँ लेकिन फिर समझ आ गया वो आगे hi ऐसी होती ह, मैं उसी आगे में हु, जब जवानी जोर मरती ह तो सही गलत अच्छा बुरा समझ नहीं आता, लेकिन अजीब लगा की अपने hi भाई के साथ,

सीमा- वो ऐसा hi था उससे ज्यादा खूबसूरत और परफेक्ट कोई था hi नहीं, तो दिल ने बस बोलै इससे भीतर कुछ कोई नहीं होगा, मुझसे गलती हुई ह लेकिन मेरा प्यार हमेशा तुषार के लिए रहा, जिससे मैं सही रस्ते पैर चली आई,

शनाया- माँ मुझे भी आपको कुछ बताना ह

सीमा- है बीटा बोल बिना झिजक के बोल, मुझे अपनी दोस्त समझ

शनाया- वो मैं और बस माँ मैं परेशां थी और बस

सीमा- लेकिन हुआ क्या

शनाया- वो मेरे और ह्रदय के बिच वो

सीमा- क्या तूने uuuffffffffff

शनाया- माँ गुस्सा मत करना बस मैं उसकी तरफ खुद को रोक नहीं पाई

सीमा- मैं गुस्सा क्यों करुँगी, मैं तो जानती थी तुषार मेरा भाई ह तब भी उसकी तरफ खुद को जाने से रोक नहीं पाई, तुझे तो पता भी नहीं था की ह्रदय तेरा भाई लगता ह, मुझे कोई ऐतराज नहीं ह, और ख़ुशी ह मेरी तरह परिवार में शरुआत तूने की ह,

शनाया- ोोू माँ यू अरे बेस्ट.

सीमा- बस उस पैर अपना प्यार रखना अधिकार ज़माने की कोशिश मत करना, प्यार देगी तो हमेषा प्यार मिलेगा अधिकार जमायेगी तो शायद वो दूर हो जाये,

शनाया- पहले ऐसा नहीं सोचा था लेकिन आप सबकी कहानी सुन क्र समझ आ गया, मुझे क्या करना ह

दोनों माँ बेटी गले लग गई,

इधर दीपा दिया के सामने बैठी थी, दोनों एक दूसरे से बात करने में झिजक रही थी,

दीपा- मुझे माफ़ कर दे बेटी मैं तुझे तेरे हिस्से का प्यार नहीं दे पाई

दिया- जब ह्रदय मुझे मिला था तो मैंने उससे दोस्ती करने को कहा था, तब उसने बोलै था की मेरा बात करने का तरीका मेरी आवाज उसे उसकी माँ जैसी लगती ह, उसने बस इसी बात पैर मुझसे दोस्ती क्र ली थी, मतलब वो आपसे किस हद तक प्यार और इज्जत करता ह ये सोचना भी मुश्किल ह, आपने उसे किस लेवल का प्यार दिया होगा ये भी मैं अंदाजा hi लगा सकती हु,

जो औरत दूसरे के बच्चे को इतना प्यार दे सकती ह तो अपनी बेटी को कितना देती मैं समझ सकती हु, और जो हुआ हमारे भले के लिए hi हुआ ह, और सीमा माँ ने मुझे बहुत प्यार दिया ह, शनाया और मुझे कभी अहसास hi नहीं होने दिया हमारी माँ अलग अलग हैं, तो मेरे पास अपनों की कमी नहीं थी, मेरे पास बस थोड़ी तकलीफ ह लेकिन आपसे शिकायत नहीं ह,

दीपा ने दिया को गले से लगा लिया,

वही फार्महाउस पैर ह्रदय उठा देखा निधि से नंगी चिपकी हुई ह, ह्रदय को रात का याद आया, उसके अंदर फिर एक गुस्सा उभर आया, वो गुस्से में निधि को घूरता रहा,

ह्रदय मन में- कितनी कामिनी ह ये औरत अंदर से, मैंने इतनी बुरी तरह से छोड़ा इसे और इसने उफ़ तक नहीं की, और चेरे पैर कितना भोला पैन कितनी मासूमियत ह,

इसे बताऊंगा की मुझे इसके बारे में मुझे सब पता ह, फिर इससे दूर चला जाऊंगा,

नहीं अभी नहीं देखु तो सही ये किस लेवल तक जा सकती ह, और करना क्या चाहती ह ये, लेकिन सजा तो इसे मिलेगी जरूर मिलेगी, इसे चुदाई का खेल खेलना आता ह न मैं इसके सामने hi खेल खेलूंगा अब,

ह्रदय उठा और बाथरूम चला गया, आहात होने पैर निधि की दर्द से कराहती हुई उठी,

निधि की आँखों में एक सुना पैन सा था, वो बैठी हुई देखती रही उससे हिला भी नहीं जा रहा था, ह्रदय बाथरूम से बहार आया, उसने निधि को देखा फिर अपने कपडे पहने और खुद को नार्मल करता हुआ उसके पास आ गया,

ह्रदय- कैसी हो अब, रात के लिए श्री रात मैं बहुत ज्यादा एक्सीटेंड हो गया था,

निधि- कोई बात नहीं, मैं समझ सकती हु,

ह्रदय- कुछ लौ क्या तुम्हारे लिए,

निधि- नहीं कुछ नहीं, मुझे तुमसे कुछ बात करनी ह,

ह्रदय- है है जरूर करेंगे पहले तुम फ्रेश तो हो जाओ,

निधि लंगड़ाती हुई उठी और बाथरूम में चली गई, ह्रदय किचन में गया और नाश्ते के लिए बनाना लगा, कुछ देर में दोनों साथ में बैठे थे,

ह्रदय- ये लीजिये मेरे हाथ का पोहा खाइये

निधि ने मुस्कुराते हुए खाना शुरू क्र दिया,

निधि- ह्रदय मैं तुम्हे कुछ बताना चाहती हु, ये बहुत जरुरी ह,

ह्रदय- है है जरूर

निधि बोलने hi वाली थी की उसका फ़ोन बजने लगा, निधि ने देखा तो उसकी बेटी नित्य का फ़ोन था,

निधि- hello नित्य

उधर से कुछ कहा गया

निधि- क्या हुआ कैसे तुम कहा हो, मैं आ रही हु,

निधि ने फ़ोन कटा और तुरंत उठने की कोशिश की लेकिन वही गिर पड़ी, दर्द की वजह से

ह्रदय ने उसे सम्हाला

ह्रदय- क्या हुआ

निधि- मेरी बेटी उसका एक्सीडेंट हुआ ह, मुझे वह पहुंचना ह

ह्रदय- आराम से मैं लेकर चलता हु चलिए,

निधि- ठंकु जल्दी चलो

ह्रदय ने निधि को गॉड में उठाया और कार में बैठा क्र चल दिया,

निधि- ह्रदय जल्दी चलो प्लस,

ह्रदय- है हम बस पहुंचने वाले हैं, आप घबराइए नहीं

निधि- इस पूरी दुनिया में अगर कोई ह मेरा तो मेरी बेटी ह, वो मेरी जान ह उसे खरोच भी आती ह तो मेरी जान निकल जाती ह, मैं बस उसी के लिए इस दुनिया में हु, तुम्हारे अलावा बस वही ह जिसके साथ मैं रहना छाती हु या रहती हु,

ह्रदय के दिमाग में खलबली सी मच गई और एक मुस्कान उसके फेस पैर आ गई थी, उसने गाड़ी भागे और निधि की बताई हुई जगा पैर पहुंच गया,

वह देखा तो एक बहुत hi खूबसूरत लड़की कुछ दोस्तों के साथ बैठी हुई थी उसकी गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ था हलकी फुलकी छोटे आई थी, निधि दौड़ क्र नित्य के पास पहुंची,

निधि- कैसी ह बेटी तू ठीक ह तुझे कही लगी तो नहीं हॉस्पिटल चल जल्दी से,

नित्य- माँ मैं ठीक हु, बस ये गाड़ी टूट गई, और

निधि- टूट जाने दे गाड़ी को,

नित्य- लेकिन वो लड़के अब हमे जाने नहीं दे रहे,

निधि ने उधर देखा तो कुछ लड़के गाड़ी लेकर खड़े थे, ये वही थे जिनकी गाड़ी से नित्य की गाड़ी की टक्कर हुई थी,

निधि- तुमने मेरी बेटी की गाड़ी को टक्कर मरी मैं तुम लोगो को छोडूंगी नहीं,

लड़के- ोू मैडम थोड़ा सबर क्र लो, पहले यहाँ क्या हुआ वो सुन लो, ये लोग इतनी रफ़्तार से गाड़ी भगाये ला रहे थे, फुल वॉल्यूम में म्यूजिक चला क्र ड्रिंक करते हुए आ रहे थे, और सीधे हमारी गाड़ी में टक्कर मरी,

निधि ने नित्य को देखा फिर उसके दोस्तों को देखा जिसमे 4 लड़के थे चारो नशे में लग रहे थे, उन्हें छोटे भी लगी थी, नित्य के अलावा एक लड़की और थी,

निधि- तुम्हारा जो नुकसान हुआ ह वो मैं भर दूंगी, अब निकलो यहाँ से

लड़के- मैडम जी नुकसान की भरपाई न होने की हमारे, और पैसो की अकड़ किसी और को दिखाना,

निधि- क्या छाते हो पुलिस को बुलाना चाहते हो तो बुला लो,

लड़के- पुलिस क्या करेगी, हमारा हिसाब तो ये सब करेंगे

निधि- क्या छाइये तुम्हे

लड़के- इन्होने हमारी गाड़ी ठोकी तो हमें इनकी गाड़ी तोड़ दी, इन लोंडो ने हमे गली दी तो हमने इनकी माँ छोड़ दी, हाथ पाओ तोड़ दिए भोसड़ीवाले के, लेकिन हम सब अपनी सेटिंग को छोड़ने जा रहे थे, लेकिन इनकी वजह से हम यहाँ फास गए तो अब हमारी सेटिंग वह से चली गई, और हमारी चुदाई अधूरी रह गई, तो अब ये दोनों लोंड़िया हमारे इस नुक्सान की भरपाई करेंगी,

निधि- जबान सम्हाल क्र बोलो वर्ण

लड़के- हम जबान से बात करते hi न ह, हम तो हाथ से बन्दूक से या लुंड से बात करे हैं, तुझे भी भरपाई करनी ह तो आजा हम 6 लोग हैं दो के हिस्से एक एक आ जावेगी,

ह्रदय अब तक गाड़ी के पास खड़ा सब सुन रहा था, आज वो निधि की ज्यादा हेल्प करने के मूड था नहीं, और वैसे भी गलती नित्य और उसके दोस्तों की थी, तो बोलना सही भी नहीं था लेकिन अब बात बतमीजी और औरत के सम्मान की आ गई थी, जहा नारी के सम्मान की बात हो वह ह्रदय कहा रुक सकता था,

ह्रदय ने उस लड़के की गार्डन पकड़ी – अगर जबान पैर कण्ट्रोल नहीं ह तो बोल मत वर्ण बोलने लायक नहीं रहेगा,

लड़का- ो पहलवान हैट जा सामने से वर्ण यही दफना देंगे,

ह्रदय ने उसे उठाया और गाड़ी में दे मारा,

उसके दोस्त तुरंत आगे आये, तो ह्रदय ने घूम क्र एक लात मरी जिससे दो लड़के जमीन चाटने लगे,

दो लड़को ने हॉकी निकल क्र ह्रदय की तरफ भागे, ह्रदय ने एक का हाथ पकड़ा और हॉकी चीन क्र फेंक दी और उसी के हाथ से उसके गाल पैर थप्पड़ मरने लगा, दूसरा लड़का जो भगा आ रहा था वो वही रुक गया, ह्रदय ने पहले वाले को साइड में फेंका और दूसरे के पास गया और एक hi थप्पड़ में निचे लुटा दिया,

आखरी वाला दूर खड़ा देख रहा था,

ह्रदय- है भाई आज न

लड़का- नहीं नहीं भाई मैं यही ठीक हु,

ह्रदय- ये तो शाम से पहले उठने वाले ह नहीं अब तू hi बता दे क्या नुकसान हुआ ह तुम लोगो का हम पैसे दे देंगे,

लड़का- भैया साडी भरपाई हो गई,

Harday-nhi भाई हम किसी का अहसान नहीं रखते,

निधि ने नोटों की गद्दी निकली और उस लड़के को दे दी,

उस लड़के ने अपने दोस्तों को गाड़ी में डाला और वह से भाग गया,

नित्य आँखे फाडे उसे देख रही थी, नित्य की दोस्त नशे में झूमती हुई ह्रदय के पास आई और उससे लिपट गई,

नित्य फ्रेंड- वाओ यू अरे सुपर हीरो, ी लव यू हैंडसम हुनक, के विथ में,

उसने ह्रदय के होतो पैर किश करना चाहा तो ह्रदय ने उसे पकड़ा और खुद से दूर कर दिया,

ह्रदय ने उसके दोस्तों को आवाज लगाई

ह्रदय- ोये भाई लोगो सम्हालो अपनी बहन को, शायद होश खो बैठी थी,

नित्य ने दौड़ क्र अपनी फ्रेंड को सम्हाला,

निधि नित्य को देखा क्र रोने जैसी हालत में हो राखी थी,

निधि- नित्य चल यहाँ से

नित्य- माँ मेरे फ्रेंड्स

निधि- इन्हे तू फ्रेंड्स बोलती ह, मैंने तुझे इसी लिए आजादी दी थी की तू ये सब करती फायर,

नित्य- माँ इसमें क्या बुराई ह, सब अपने दोस्तों के साथ घूमने जाते हैं,

ह्रदय- ये सब यहाँ से चलकर बात कर सकते हैं न,

निधि ने नित्य को गाड़ी में बैठाया और नित्य के दोस्त अपनी टूटी हुई गाड़ी को लेकर उनके पीछे चल दिए,

निधि- तू ऐसे दोस्तों के साथ रहती ह

नित्य- आपके पास तो टाइम ह नहीं मैं कहा जाऊ, आप तो बिना बताये चली गई की फार्महाउस पैर रुकोगी, महीने के 20 दिन तो आप फार्महाउस पैर होती हो, या ऑफिस में मुझसे मिलने तक का टाइम नहीं ह आपके पास,

निधि- मैं सब कुछ तेरे लिए hi क्र रही हु

नित्य- क्या करोगी इतने पैसे कमा क्र, इतना पैसा तो ह हमारे पास, बेटी को प्यार नहीं दे सकती पैसे देकर क्या करोगी,

निधि चुप हो गई ह्रदय का धयान नित्य पैर hi था, उसे देख क्र साफ़ पता चल रहा था की वो जवानी में कदम रख क्र बिगड़ने तरफ जा रही ह,

ह्रदय मन में- जब माँ ऐसी होगी तो बेटी को तो ऐसा होना hi था, माँ खुद तो न जाने कहा कहा चुद रही ह बेटी को ज्ञान दे रही ह,

ह्रदय- नित्य अपनी माँ की बात सुनो और दोस्त थोड़ा सम्हाल क्र चुनो,

निधि- मैं भी वही बोल रही हु, तुझे रोक नहीं रही हु बस बोल रही हु की दोस्त सही से चुन

नित्य- आप कोण हैं,

निधि- ये मेरी फ्रेंड का बीटा ह,

नित्य- आप मेरी hi आगे के हैं आपके भी तो दोस्त होंगे

ह्रदय- मैं दोस्त सोच समझ क्र चुनता हु,

नित्य ने ह्रदय पैर घेरि नजर डाली,

ह्रदय नित्य और निधि को उनके घर ड्राप करके निकल गया, उसने वन्य और दिया को कॉल किया और मिलने को कहा,

वही अंजलि के पास सचिन का कॉल आया और उसने बताया की दृष्टि के नाम से सरे रिकॉर्ड गायब हैं, ऐसा लग रहा ह जैसे इस नाम का कोई यहाँ पढता hi नहीं था,

अंजलि- कॉलेज में से ऐसे कैसे गायब हो सकते हैं, जरूर मॅनॅग्मेंट में से कोई मिला हुआ ह,

सचिन- मैं पता करता हु,

अंजलि- कोण हो सकती ह ये लड़की, इसके बारे में पता करना hi होगा ये hi हमे हमारी मंजिल तक पंहुचा सकती ह,

इधर ह्रदय वन्य दिया एक कॉफ़ी शॉप में बैठे थे,

वन्य- तुमने निधि को कुछ बात की ह क्या

ह्रदय- अभी नहीं,

दिया- क्यों नहीं की,

ह्रदय- पहले उसे थोड़ा हिसाब चुकाना होगा,

दिया- हिसाब के चक्कर में मजे मत लेने लग जाना

वन्य ने दिया को कोहनी मरी,

ह्रदय- उसे छोड़ो ये बताओ तुम लोगो ने लिस्ट बनाई क्या,

वन्य- है बनाई ह

ह्रदय- तो शुरू करो क्या क्या ह कोण कोण हैं,

वन्य- पहले सबसे बड़े दुश्मन के बारे में बात कर लेते हैं, जो थे सुरेश चोपड़ा और उसका परिवार,

सोहन और कमल दोनों मर चुके थे, सुरेश चोपड़ा सोनिया और शकील को जेल हो गई थी, जहा उनका एनकाउंटर क्र दिया गया,

दिया- लेकिन सबसे खास बात ये ह की उस एनकाउंटर से जुड़ा कोई भी इंसाने जिन्दा नहीं ह,

ह्रदय- ये बड़ी विचित्र बात ह,

वन्य- लेकिन तीनो की बॉडी को सबके सामने जलाया गया था,

ह्रदय- ok आगे बढ़ो

दिया- दीपा माँ से जुडी कुछ घटनाओ पैर मैंने फोकस किया, जहा उनकी माँ रजनी थी जिसको दीपा माँ ने सबक सिखाया था, तो रजनी भी मर गई थी जिसे दीपा माँ ने hi मारा, लेकिन उनकी दो बेतिया थी नेहा और शाक्षी,

शाक्षी तुषार पापा से प्यार करती थी, रजनी के मरने के बाद वो दोनों बहनो ने क्या किया इसकी कोई जानकरी नहीं ह, और किसी ने उन पैर धयान भी नहीं दिया था, क्योकि वो अपनी माँ के खिलाफ थी,

ह्रदय- हम अपनों से कितने भी नाराज या खिलाफ हो लेकिन जब कोई अपनों को दर्द देता ह तो खून का असर हो hi जाता ह, उन्हें लिस्ट में रखो मैं खुद जाऊंगा उनके बारे में जानकारी निकलने,

वन्य- एक मैनेजर था जिसने सीमा माँ के साथ बतमीजी की थी सुरेश चोपड़ा का खास था, उसे अंजलि माँ ने नौकरी से निकल दिया था,

ह्रदय- छिछोरा टाइप ह ये लेकिन फिर भी देखना पड़ेगा,

दिया- रश्मि और आशिमा ममी की माँ, यानि राजेश दादा जी की बहन कामिनी वो भी तो उनकी शादी के खिलाफ थी, वो यहाँ से चली गई थी,

वन्य- वो भाई बहन के रिश्तो को लेकर काफी नाराज थी,

ह्रदय- हम्म्म्म इनके बारे में मैंने सुना था, ये बहुत सेल्फिश टाइप की हैं, धोका देने में माहिर हैं, इनकी कुंडली निकालो, मामियो से इनके पुरे परिवार का ब्यौरा निकालो,

दिया- हम करेंगे कैसे,

ह्रदय- हम अलग अलग टीम बनाएंगे, और एक साथ सभी जगह खोज बीन करेंगे,

ये भी हो सकता ह इनमे से कुछ आपस में मिले हो, अगर सब पैर एक साथ निगरानी की जाएगी तो आसानी होगी,

वन्य- उसके लिए हमे सभी बहनो का साथ चाहिए, क्योकि मैं यहाँ से नहीं निकल सकती, मुझे मेरे प्रोजेक्ट पैर निगरानी रखनी ह, ये गलत हाथ में न चला जाये,

दिया- ये प्रोजेक्ट ह क्या

वन्य- ये अभी नहीं बता सकती, वक़्त आने पैर बताउंगी, स्किन्स के कुछ नियम ह उनके खिलाफ नहीं जा सकती,

ह्रदय- कोई बात नहीं, पहले सबको एक जुट करते हैं,

दिया- कैसे

ह्रदय- मैं दिया वन्य और शनाया एक साथ हैं, शनाया और तुम (दिया) आशना और रैना को समझा सकती हो तुम लोग साथ रहे हो, और वो मुझे ज्यादा गुस्से में भी नहीं लगी थी,

नैना भी वह बैठी थी तो मुझे लग रहा हु उसे भी साथ लाना मुश्किल नहीं ह, है काम्य के बारे में सोचना पड़ेगा, रम्य और अन्य भी वही थी तो मुझे लग रहा ह उन्हें भी अपनी तरफ कर सकते हैं, लेकिन ाव्य मुझे टेढ़ी खीर लग रही ह,

वन्य- वो ह भी उसे समझाना इतना आसान नहीं ह, उसके अंदर बहुत भावुकता ह, जो चीज दिल में घर जाती ह निकलना मुश्किल ह,

ह्रदय- अलका माँ भी कुछ ऐसी hi थी, देखते हैं क्या कर सकते हैं, लेकिन सबसे पहले नैना अन्य और रम्य को अपनी तरफ करते हैं,

दिया- तुम hi करो, तुम्हारे समझने से शायद मान जाये,

ह्रदय- हम्म्म ठीक ह मैं आज नैना से मिलता हु,

तीनो वह से निकले और अपनी अपनी गाड़ी में बैठने लगी थी ऐसा लगा जैसे एक जोर का भूकंप आया हो, और जहा वो बैठे थे वो रेस्टोरेंट की रूफ गिर गई, सड़को में दरारे आ गई,

एक दम हाहाकार मच गया, चारो तरफ चीख पुकार मच गई, तीनो शॉकेड से खड़े रह गए, बस 1 मिनट पहले वो वही बैठे थे, अगर 1 मिनट की देर होती तो वो तीनो वही मर चुके होते,

लेकिन ये सोचने की जगह वो तीनो लोगो की मदद के लिए दौड़े, ये बहुत hi बड़ा भूकंप था, इससे पहले इतना बड़ा भूकंप इस शहर में कभी नहीं आया था, शहर में हंगामा मच गया, तुरंत सर्कार की तरफ से मदद पहुंचने लगी,

ह्रदय अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करके निचे दबे लोगो को निकलने की कोशिश कर रहा था, वह मीडिया भी आ चुकी थी, वन्य ने तुरंत दिया का हाथ पकड़ा और वह से ले गई,

दिया- क्या हुआ तुम मुझे यहाँ क्यों ले आई, हमे मदद करनी ह

वन्य- यहाँ मीडिया आ चुकी ह सब कुछ लाइव रिकॉर्ड हो रहा ह, अगर हम दोनों ह्रदय के साथ कैमरा में आ गए तो पुरे देश के न्यूज़ में साथ दिख रहे होंगे और जो लोग नहीं जानते की ह्रदय से हमारा या हम दोनों का आपस में कोई रिष्ता ह वो भी समझ जायेंगे

दिया- लेकिन यहाँ लोग फसे हैं

वन्य- इसलिए ह्रदय को वह से नहीं हटाया वो सम्हाल लेगा तुम चलो यहाँ से

दिया और वन्य वह से निकल गए,

इधर ह्रदय बड़े बड़े पथरो को हटा रहा था, जिसके लिए पुलिस जस्ब बुलवा रही थी उन्हें ह्रदय अकेला hi हटा रहा था, ये देख क्र वह हर कोई हैरत में था, चीफ मिनिस्टर भी वह पहुंच चुके थे, और ह्रदय को उन्होंने पहचान लिया था, ये सब न्यूज़ पैर भी दिखाया जा रहा था,

बहुत लोग न्यूज़ देख रहे थे, जिसमे जालिम दादी भी थी, उसने तुरंत दृष्टि को कॉल लगाई,

दृष्टि- है दादी

जालिम दादी- न्यूज़ देख और बता क्या ये hi वो लड़का ह जिसके बारे में तू बता रही थी,

दृष्टि ने तुरंत न्यूज़ देखि और सामने ह्रदय को देखा बड़े बड़े पाथेर हटते हुए,

दृष्टि- जी दादी ये वही ह

जालिम दादी- ह्म्म्मम्म बहुत ताकत लगती ह इसमें, अगर ये उस अंजलि की तरफ आ गया तो हमे प्रॉब्लम हो सकती ह, इसके बारे में साडी जानकारी निकल मैं अपने आदमी भी भेज रही हु, अगर ये खतरा लगे तो इसे ख़तम करो,

दृष्टि की साँस सी hi अटक गई थी, उसके मुँह से एक भी शब्द नहीं निकला था,

जालिम दादी- सुन रही ह न

दृष्टि- है दादी सुन रही हु

जालिम दादी- जल्दी करना होगा ये सब

दृष्टि- ठीक ह दादी

वही निधि अशोक और नित्य भी न्यूज़ देख रही थी,

अशोक- इस लड़के में बहुत दम ह, इसी की ताकत हमारे लिए वरदान ह,

नित्य- गजब की ताकत ह इसके अंदर दादा जी,

अशोक- है बेटी बहुत समय बाद ऐसी ताकत देखि ह,

नित्य- आप किसी को जानते ह जिसमे इतनी ताकत हो, मैंने तो आज तक किसी को नहीं देखा,

अशोक- बेटी तेरे जनम से पहले देखि थी,

निधि बड़े गोर से ह्रदय को देख रही थी, और नित्य की नजर भी उसी पैर तिकी हुई थी,

जब पूरी सर्कार वह लग गई तो ह्रदय वह से हैट गया फार्म हाउस पैर आ गया, उसके पास तम्मना की कॉल आई

तम्मना- तुम ठीक हो न तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं, मैंने न्यूज़ में देखा जो हादसा हुआ तुम वही थे

ह्रदय- है मैं उधर hi था,

तम्मना- मेरा दिल घबरा रहा ह, मुझे मिलना ह तुमसे

ह्रदय- शाम को मिलता हु,

इधर न्यूज़ पैर पूरा दिन ह्रदय को hi दिखाए जा रहे थे, वो हादसा और ह्रदय की हिम्मत म्हणत और ताकत के hi चर्चे हो रहे थे, जिसे ह्रदय की सभी बहेनो ने देखा,

रम्य- ये चीज क्या ह,

अन्य- माँ बता रही थी हमारे पापा में भी ऐसी hi ताकत थी,

रामय- ये हमारा स्टेप बरोथेर लगा न,

अन्य- है

रामय- स्टेप बरोथेर से दोस्ती रखने में तो कोई ऐतराज नहीं ह,

अन्य- अमेरिका में तो रियल बरोथेर से भी कोई ऐतराज नहीं ह,

रामय- हमे सबके साथ जुड़े रहना चाहिए, ये सब एक दूसरे की बहन के बच्चे हैं, लेकिन हम तो बिलकुल अलग हैं, एक तरह से अंजलि जी के दुश्मनो की बहु बेटी के बच्चे हैं हमे तो ये दूर कर देंगे,

अन्य- ऐसे कैसे कर देंगे, वैसे भी अंजलि माँ ऐसी नहीं ह, वो सबका ख्याल रखती ह, देखा नहीं था अनीता दादी के साथ कितनी क्लोज ह वो,

रामय- ओहो अंजलि माँ अपनी सगी माँ को तो दादी बोल रही ह

अन्य- उनके लिए माँ निकल hi नहीं रहा,

रम्य- निकल जायेगा, लेकिन ये कितना रोमेंटिक फील दे रहा ह, अनीता दादी और रिंकी माँ दोनों एक hi दिन हमारे पापा के साथ मजे ले गई और तू मेरी बहन भी लगती ह और बुआ भी, हहहहहए

अन्य- मजाक मत ले कामिनी

रम्य- यार मेरे तो एक्सिटमेंट से रोंगटे खड़े हो रहे हैं,

अन्य- तू इतना hi सोच रही ह, मैं ये सोच क्र हैरान हु, 10 – 10 औरते एक hi आदमी को प्यार करती थी और सभी को एक दूसरे के बारे में पता होने के बाद भी कोई ऐतराज नहीं था,

रम्य- कमल तो ये था इन सबको सम्हालने के लिए हमारे पिता जी कहते क्या थे, आज कल एक को भी सम्हालना लड़को के बास्की नहीं ह वो 10 – 10 को सम्हाल रहे थे और बिच बिच में बहार की भी पेल दी, हहहहहहए

अन्य- तेरे दिमाग में हमेशा गन्दगी hi आती ह

रामय- उसका कारन भी हमारे घर वाले हैं, हमारी माँ एक नंबर की आयाश थी, पापा न मिलते तो क्या क्या करती पता नहीं, और माँ बेटी एक hi आदमी से चुद रही थी तो उनकी औलाद मेरे जैसी न होती तो कैसी होती, शुक्र ह अब तक कुँअरि हु वर्ण मुझे तो कब का चुद जाना छाइये था,

अन्य- ये सब छोड़ अब हमे क्या करना,

रम्य- देखते हैं ये सब लोग हमे साथ लेकर चलते हैं या नहीं,

अन्य- हमारी भी तो जिम्मेदारी ह अपने पापा को ढूंढ़ना

रम्य- अगर ये लोग हमे साथ लेकर नहीं चलते तो हम खुद चल देंगे उन्हें ढूंढ़ने,

अन्य- क्या हमे खुद बात करनी चाहिए उन सबसे



रम्य- इंतजार करते हैं सब हमारी तरह hi सोच रहे होंगे,
 
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