Incest Sex Kahani Kasoor - Page 15 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 126

अब तक

तरुण रावत_ बेटी तू रो मत मैं उसे छोडूंगा नहीं. पर बीटा तेरी माँ को कौन समझाए.

चांदनी_ पापा माँ को तो मैं समझा लूंगा. पर चिंता की बात ये है की माँ अभी उसके पास है. कही वो माँ के साथ भी वही सब न कर दे जो मेरे और प्रिय दीदी के साथ किया है.

अब तरुण को टेंशन होने लगी थी. इस लिए वो मंजू को फ़ोन करने लगता है. पर मंजू बुआ का फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा था.

अब आगे

वही चांदनी प्रिय और रजनी ठाकुर भी मंजू बुआ को फ़ोन कर के थक चुकी थी. पर उनमें से किसी का भी फ़ोन नहीं लग रहा था. चांदनी परेशां हो कर अपने पापा के पास जा कर कहती है.

चांदनी_ पापा माँ का फ़ोन नहीं लग रहा है. सायद माँ ने अपने फ़ोन को स्विच ऑफ कर दिया है.

तरुण रावत_ ok, तो अब क्या करे. मेरे ख्याल से मंजू ने नहीं बल्कि उस बहरूपिये ने उसका फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया है.

चांदनी _ पापा आप ठीक कह रहे हो. ये उसी कमीने का है. तो अब क्या करे.

तरुण रावत_ कुछ सोचने दो मुझे.

चांदनी_ पापा अगर माँ कल तक नहीं आयी तो हम नकुल के खिलाफ अपहरण का केस कर देंगे पुलिस में. तब उसे पता चलेगा.

तरुण रावत_ हाँ ये ठीक रहेगा. सेल हरामी को अपहरण और रपे के केस में पुलिस के हवाले कर देंगे. सड़ता रहेगा जेल में रपे और अपहरण के केस में.

रजनी ठाकुर_ तरुण लगता है. तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है. इस लिए तुम इस तरह बहकी बहकी बाते कर रहे हो. तुम भूल रहे हो मंजू उसे साथ है. और अभी मंजू को नकुल पर सबसे ज्यादा भरोसा है. अभी तो तुमसे सिर्फ नाराज़ हो कर गयी है. अगर तुमने ये बेहकुफ्फो वाला काम करने जा रहे हो. ऐसा ना हो की वो तुम्हारे hi खिलाफ गवाही दे दे. अगर ऐसे हुआ तो झूठे केस में तुम्ही अंदर हो जाओगे.

तरुण ने जब ये सुना तो उसको अपनी गलती का एहसा हुआ. और कुछ देर सोचता रहा. पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था. इसलिए तरुण रजनी ठाकुर से कहता है.

तरुण रावत_ अब तुम्ही बताओ रजनी क्या करू. सेल ने पता नहीं मंजू को क्या पट्टी पढ़ाई है की वो मेरी बात सुने को तैयार hi नहीं है. मैं तो कर रहा है जान से मार दूँ,

रजनी ठाकुर_ अभी तुम कुछ मत करो. तुम थोड़े दिन शांत रहो. जब मंजू का गुस्सा शांत होगा तो वो घर आ जाएगी. अगर वो नहीं भी आती तो मैं उसे मन कर घर ले आउंगी.

तरुण रावत_ ठीक है रजनी.

रजनी ठाकुर_ आप फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं खाने को कुछ लगाती हु.

तरुण रावत_ रजनी मुझे अभी भूख नहीं है. तुम चांदनी और प्रिय को खाना खिला दो. और हाँ तुम भी खा लेना. मुझे जब भूख लगेगी तो मैं उठ कर रख लूंगा.

रजनी ठाकुर_ ठीक है तरुण. बचो तुम जा कर फ्रेश हो लो. मैं खाना लगती हु.

फिर चांदनी और प्रिय ऊपर अपने रूम में फ्रेश होने चली गयी. तरुण भी अपने रूम में चला जाता है.

रूम में पहुंचने के बाद तरुण किसी को फ़ोन करता है. 2 रिंग में hi दूसरी तरफ वाले व्यक्ति ने फ़ोन उठा लेता है. जब उस व्यक्ति ने तरुण रावत का no. देखा तो उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी

व्यक्ति_ काम हुआ.

तरुण रावत_ नहीं रेशम काम नहीं हुआ. बल्कि उसने हम सब का hi बंद बजा कर मंजू को अपने साथ ले गया.

रेशमा ठाकुर_ सेल भड़वे तुझे एक छोटा सा काम नहीं हुआ. तुझे पता है न मंजू हम सब के लिए क्या मायने रखती है.

तरुण रावत_ हाँ पता है. वो हम सब के लिए सोने की खान है.

रेशमा ठाकुर_ तो हरामी के औलाद काम कैसे नहीं हु. चल बता वह पर क्या हुआ था. जो सारा काम बिगड़ गया.

उसके बाद तरुण ने उसे सब कुछ जैसा हुआ था सब बता दिया. जिसे सुन कर राहमा ठाकुर को बहुत गुस्सा आया. अगर तरुण उसके सामने होता तो उसे जान से मर देती. रेशमा ने अपने गुस्से को दबती हुई कहती है.

रेशमा ठाकुर_ तरुण मुझे नहीं पता था की तुम इतने बेवकूफ हो. जो मेरे बताने के बाद भी तुमने इतनी बड़ी गलती कर दी.

तरुण रावत_ सॉरी रेशमा गलती हो गयी. अब आप बताईये मुझे क्या करना चाहिए.

रेशमा ठाकुर_ फ़िलहाल तो कुछ मत करना नहीं तो अब तक के सरे किये कराये पर पानी फिर जायेगा.

तरुण रावत_ ठीक है. मैं कुछ नहीं करूँगा. रजनी ने भी यही कहा था.

रेशमा ठाकुर_ वो तुझे कही ज्यादा समझदार है. अब मेरे पास फ़ोन मत करना जरुरत पड़ने पर मैं खुद hi तुम्हे फ़ोन करुँगी.

इसी के साथ रेशमा ठाकुर ने फ़ोन रख दिया. फ़ोन कट ने के बाद तरुण फ्रेश होने बाथरूम में चला जाता है. वही रजनी दोनों के साथ मिल कर खाना कहती है. चांदनी खाना खाने में आनाकानी कर रही थी. पर रजनी और प्रिय के समझने पर वो खाना खाने को रेडी हो जाती है.

वही मैं नताशा से बात कर ने बाद उसे अपने साथ ले कर मंजू बुआ के पास चल आता हु. जब मैं कार के पास पहुँचता हु तो देखता हु की मंजू बुआ कार के पास नहीं थी. मुझे लगा की कही गॉर्डस ने बुआ को कुछ कह कर बहार तो नहीं निकल दिया.

इस लिए मैं उन्हें ढूढने के लिए गेट की तरफ चल देता हु. मेरे साथ नताशा भी आ रही थी. जब मैं गेट की तरफ कही रहा था की मुझे मंजू बुआ एक साइड कड़ी दिखाई दी. मैं नताशा के साथ उनकी तरफ चल दिया. मंजू बुआ के पास पहुंच कर मैंने बुआ से कहा.

नकुल_ बुआ आप यहाँ क्या कर रही हो. मैं ने तो आपको कार के पास रहने के लिए कहा था.

मंजू बुआ_ बीटा वो मैं वह खड़े खड़े बोर हो गयी थी. इस लिए सोचा थोड़ा घूम लू. इस लिए मैं इधर आ गयी. यहाँ का नज़र मेरे मैं को अच्छी लगी तो यही पर कड़ी हो कर देखा ने लगी.

नकुल_ ठीक है. चलो अंदर चलते है.

मंजू बुआ _ ok. ये कौन है. जो तेरे पीछे कड़ी है.

नकुल _ बुआ ये नताशा है. मैं इसी के बारे में आपसे बात कर रहा था. ये यही पर काम करती है. नताशा ये मेरी बुआ है.

नताशा_ नमस्ते आंटी.

मंजू बुआ_ नमस्ते बीटा.

नकुल_ बुआ चले अंदर.

मंजू बुआ_ चलो.

उसके बाद मैं बुआ को अपने साथ ले कर अंदर चल देता हु. नताशा मुझे और बुआ को रूम में छोड़ कर चली जाती है.

नकुल_ बुआ आप वाशरूम में जा कर फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं कुछ खाने के लिए आर्डर कर देता हु.

मंजू बुआ_ ok.

उसके बाद बुआ फ्रेश होने वाशरूम में चली जाती है. मैं खाने का आर्डर करने लगता हु. जब खाने का आर्डर कर के जैसे hi फ़ोन रखता हु तो बुआ वाशरूम से फ्रेश हो कर बहार आ जाती है. उसके बाद मैं भी फ्रेश होने वाशरूम में चला जाता.

जब मैं फ्रेश हो कर बहार आया तो देखा बुआ टेबल पर खाना लगा रही है. फिर हम दोनों ने खाना कहते है. खाने के बाद मैं बुआ से कहता हु.

नकुल_ बुआ आप बीएड पर सो जाईये. मैं यहाँ सोफे पर सो जाता हु.

मंजू बुआ_ नहीं तुम मेरे साथ बीएड पर hi सोओगे. समझा आया.

नकुल_ बुआ मुझे रात मैं हाथ पेअर चलने की आदत है. और गलती ऐ

मंजू बुआ_ ok मैं समझ गयी. तुम उसकी चिंता मत करो. मैं बुरा नहीं मानूगी. तुम जैसे चाहे सो लेना.

नकुल_ ok

अब मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था इस किये मैं बुआ के साथ hi बीएड पर सो गया.
 
अपडेट 127

अब तक

नकुल_ बुआ मुझे रात मैं हाथ पेअर चलने की आदत है. और गलती ऐ

मंजू बुआ_ ok मैं समझ गयी. तुम उसकी चिंता मत करो. मैं बुरा नहीं मानूगी. तुम जैसे चाहे सो लेना.

नकुल_ ok

अब मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था इस किये मैं बुआ के साथ hi बीएड पर सो गया.

अब आगे

लोकेशन दिल्ली.

प्लेस फ्रॉग क्लब बेसमेंट.

एक लड़की को बहुत hi बुरी तरह मारा जा रहा था. वो लड़की इस तरह मरे जाने के कर उसकी दर्द भरी आवाज़ रूम में गूंज रही थी. अगर कोई आम आदमी इस आवाज को सुन लेता तो वही खड़े खड़े मूट देता या अब तक उसके प्राण उसका शरीर छोड़ चूका होता. पर वह पर मौजूद हार इन्शान उसकी दर्द भरी आवाज़ सुन कर मज़े ले रहा था. वो मर कहते कहते बेहोश हो गयी. पर उस लड़की ने अपनी जुबान नहीं खोली.

जैसे hi लड़की बेहोश होती है. उस रूम का दूर ओपन होता है और एक आदमी अंदर आता है. उस आदमी को देख कर वह पर मौजूद हर सख्स अपना सर झुका लेता है.

आदमी _ लूसी इस लड़की ने अपनी जुबान खोला की नहीं अभी तक.

लूसी_ नहीं जॉकी. पता नहीं किसी मिटटी की बानी हुई है. इतना मार कहने के बाद भी इस साली के मुँह से चीख के इलावा कुछ नहीं निकलता.

जॉकी_ तुम्हे पता है न इसकी मुँह खोलना कितना जरुरी है. अगर इसने अपना मुँह नहीं खोला तो दिलावर हम में से किसी को नहीं छोड़ेगा. ये मात भूलना.

लूसी_ मुझे पता है. वो कितना जालिम और वैहसि है. मुझे समझ नहीं आ रहा की दिलावर ने इसके साथ वो सब करने के लिए मना क्यों किया है. जब की .....

जॉकी_ मैं भी इस बात को नहीं समझ पर रहा हु. चलो छोड़ ये सब बाते. इसका कोई तो कारन होगा hi. कोई ऐसी बात नोट किया इस लड़की में हम सबको पता जाना चाहिए.. जो इसमें खास हो.

लूसी_ हाँ. लड़की के चोट बहुत जल्दी भर जाते है. जैसे इसके साथ कुछ हुआ hi नहीं हो. जब की हम इसको कोई ट्रीटमेंट भी नहीं देते.

जॉकी_ ok. लूसी जब तक मैं न कहु तुम इस लड़की के साथ कुछ नहीं करोगी. समझ आया.

लूसी_ हम्म.

उसके बाद जॉकी वह से चला जाता है. वही लूसी उस लड़की को वही छोड़ कर उस रूम से चली जाती है. जॉकी अपने केबिन में जाने के बाद वो दिलावर को फ़ोन करता है.

जॉकी_ सर वो लड़की अपना मुँह नहीं खोल रही है. हमने उसके ऊपर सरे हाथ खंड प्रयोग कर लिए. पर उसे कोई फर्क hi नहीं पड़ता है. अपना उसके लिए मना किया है. नहीं तो अपनी जुबान अब तक खोल दी होती. अगर आप कहे तो

दिलावर_ nahiiiiiiiiii बिलकुल भी नहीं. तुम उसके बारे में नहीं जाते इस लिए तुम ने ये कह दिया. मालिक ने सिर्फ इस शरीर ज़ख्म देने के लिए कहा है. न की मानशिक. अगर उन्हें इस बात का पता चल गया तो वो तुम सब को नहीं छोड़ेगे. समझा आयी मेरी बात

जॉकी_ जी समझ गया. सर उस लड़की के ज़ख्म अपना आप भर जाते है. बिना कोई ट्रीटमेंट दिए hi. उस लड़की के शरीर पर एक भी निशान नहीं रहता है.

जिसे hi दिलावर ने सुना उसके भी होस उड़ जाते गए. वो जल्दी से जॉकी को कहता है.

दिलावर_ जॉकी मैं अपना एक खास आदमी तुम्हारे पास भेज रहा हु. तुम उस लड़की का ब्लड सैंपल निकल कर उस आदमी को दे देना.

जॉकी_ ठीक है सर.

उसके बाद दिलावर ने फ़ोन कट कर दिया. और अपने एक बहुत खास जिसका नाम आलिआ था. उसको ब्लड सैंपल लेन के लिए कहता है. जिस पर आलिआ दिलावर से पूछती है.

आलिआ_ ठीक है दिलावर. मैं चली जाती हु. पर क्या तुम मुझे ये बात बात आओगे.

दिलावर_ क्या?

आलिआ_ यही की तुम इस काम के लिए किसी को भी भेज सकते थे. फिर भी मुझे क्यों भेज रहे हो.

दिलावर_ आलिआ मेरी जान तुम ये समझा लो की जो तुम लेने जा रही हो. वो एक बहुत hi कीमती चीज है. अगर वो मेरे पास सही समलत आ गया तो. मुझे इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बनाने से कोई नहीं रोक सकता.

आलिआ_ ओह तो ये बात है. वैसे क्या चीज है वो. क्या तुम मुझे नहीं बताओगे.

दिलावर_ वो एक फार्मूला है. जो एक लड़की के ब्लड के अंदर है. उसीका ब्लड सैंपल लेने के लिए तुम्हे भेज रहा हु.

आलिआ_ फिर तुम सबसे बड़ी गलती करने जा रहे हो.

दिलावर_ तुम कहाँ क्या चाहती हो. जो भी कहाँ है साफ़ साफ़ कहो.

आलिआ_ ये की तुम्हे उस लड़की को यहाँ ले आना चाहिए.

दिलावर_ ऐसा नहीं कर सकता.

आलिआ_ क्यों नहीं कर सकते?

दिलावर_ सायद तुम ठीक कह रही हो. पर फिर भी मैं उसे यहाँ नहीं ला सकता. क्युकी अगर वो यहाँ या हमारे साथ रही तो हम दोनों की जान को खतरा हो सकता है.

आलिआ_ ok. फिर तुम उस लड़की के शरीर से अधिक मात्रा में ब्लड सैंपल निकल लो. ताकि हमें बार बारे उसक पास जाने की जरुरत न पड़े.

दिलावर_ हाँ. ये ठीक रहेगा. एक काम करना तुम खुद का कर उसका ब्लड निकल कर लाना.

आलिआ_ ठीक है. क्या मैं उस लड़की का नाम जान सकती हु.

दिलावर_ उसका नाम कनिका है. ये देखो उसकी फोटो.

जब आलिआ ने कनिका की तस्वीर देख हो तो देखती hi रहे गयी. उसने दिलावर से फ़ोन को आपने हाथ में जैसे hi लेती है. फ़ोन के स्क्रीन पर कनिका के साथ एक लड़की फोटो देख कर चौंक गयी. उस तस्वीर को देखते हुए दिलावर से पूछती है.

आलिआ _ दिलावर इस लड़की के साथ ये लड़का कौन है..

जब दिलावर ने उस लड़के को देख तो कुछ सोच कर कहता है.

दिलावर_ ये कनिका का बर्फ है. जहाँ तक मुझे खबर है. इस लड़के ने कनिका के साथ शादी भी कर लिया है. क्या तुम इस लड़के को जानती हो.

आलिआ_ नहीं इस लड़की कनिका के साथ देखा तो पूछ लिया. वैसे देखने में बहुत hi हैंडसम और हॉट है. क्या नाम है इसका.

दिलावर_ क्या बात है लगत है. तुम्हारा दिल आ गया है. इस लड़के पर. सायद मेरा पता कट गया अब तो.

आलिआ _ ऐसा नहीं है. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु. तुम छोड़ मैं चलती हु.

इतना कहने के बाद आलिआ दिलावर के पास से जाने लगाती है. तो दिलावर आलिआ का हाथ पकड़ कर अपनी और खींचता है. जिस कारन आलिआ दिलावर के सीने से लग जाती है. दिलावर अपनी बाँहों में कस्ते हुए.

दिलावर_ लगता है तुम नाराज़ हो गयी. मेरी बताओ से. माफ़ कर दो. तुम्हे पता है न मैं तुम्हारे बिना मैं एक पल भी नहीं रह सकता.

आलिआ_ फिर तुमने ऐसा क्यों कहा. की मैं तुम्हे भूल या छोड़ दूंगी.

दिलावर_ सॉरी जान. अब से ऐसी बात कभी नहीं कहूंगा जिसे तुम्हारा दिल दुखे. अच्छा सुना.

आलिआ_ हम्म.

दिलावर_ तुम्हे उस लड़के का नाम जाना था न. उसका नाम

आलिआ_ मुझे नहीं जाना उसका नाम. जिसके नाम के कारन तुम ने मेरे प्यार पर सक किया.

दिलावर_ सॉरी जान अब ऐसा कभी नहीं कहूंगा. अच्छा मेरी खातिर उसका नाम सुन लो. अगर तुम्हे मुझे प्यार है तो.

आलिआ_ ठीक है मैं सुन रही हु. पर आगे से ऐसा कभी मत कहना.

दिलावर_ ok. अच्छा सुनो उसका नाम नकुल कुशवाहा है. वो वर्ल्ड के टॉप बिज़नेस मन का बीटा है. पर उसके घर वाले उसके खिलाफ है. उसको जान से मरने की एक बार कोशिश भी की जा चुकी है. अब तो नाराज़ नहीं होना.

आलिआ_ अच्छा मुझे जाने दो. मैं निकलती हु ब्लड सैंपल लेने. और मैं तुम से कभी भी नाराज़ नहीं हो सकती.

इतना कहने के बाद आलिआ वह से निकल जाती है. पीछे रहा जाता है दिलावर जो आलिआ को ले कर सपने देखने लगता है.

लोकेशन देहरादून

प्लेस गुलशन खान हाउस

गुलशन खान अपनी बीवी जस्मिने के साथ बाते कर रहा था. आगे क्या करना है. तभी जेम्स अंदर आता है. जिसे देख कर दोनों के चेहरे पर रौनक आ जाती है.

जेम्स_ सर आपने मुझे याद किया था.

गुलशन खान_ हाँ. मुझे तुमसे एक काम था.

जेम्स_ ठीक है सर. कहिये क्या काम है मुझसे.

गुलशन खान _ जेम्स तुम ज़रीने पर अपनी नज़र रखो. मुझे उसकी हर पल की खबर चाहिए. अगर तुम्हे ये लगे की वो हम सब के लिए खतरा है. उसे उठा लो, पर उसे मरना मत. क्युकी मुझे उसकी अभी बहुत जरुरत है.

जेम्स_ ठीक है सर. मैं अपने खास आदमियों को उसके पीछे लगवा देता हु.

गुलशन खान_ ठीक है. अब तुम जाओ. वो कॉलेज से आने hi वाली होगी.

उसके बाद जेम्स वह से चला जाता है. जेम्स के जाने ठीक 5 मिनट बाद hi ज़रीने आ जाती है. जब ज़रीने घर के अंदर आती है तो उस समय गुलशन जस्मिने के साथ बातो में लगे हुए थे. ज़रीने को ऐसे आते देख हैरान हो जाते है. जस्मिने अपनी बात को रोक ज़रीने से कहती है.

जस्मिने _ बीटा तुम फ्रेश हो जाओ. मैं तुम्हारे लिए कुछ खाने के लिए ले आती हु.

ज़रीने_ ठीक है माँ. मुझे भी बहुत भूख लगी है.

इतना कहने के बाद ज़रीने अपनी रूम की तरफ चली जाती है. वही ज़रीने के जाने के बाद जस्मिने गुलशन को कहती है.

जस्मिने _ गुलशन अब इस बारे में बिलकुल बात नहीं करेंगे. मैं नहीं चाहती की इस बात की भनक ज़रीने को हो. अगर उसे हमारी बातो थोड़ी सी भी भनक लगा गयी न तो हमारे लिए बिलकुल भी अच्छी नहीं होगी.

गुलशन खान _ ठीक है. तुम उसे खाना दो. मैं किसी काम से बहार जा रहा हु.

उसके बाद गुलशन खान वह से चला जाता है. वही जस्मिने ज़रीने के लिए कुछ खाने के किये बनाने लगाती है.

फ्रेश होने के बाद ज़रीने निचे आ कर अपनी माँ जस्मिने के साथ खाना कहती है. खाने के बाद वो अपने रूम में जा कर आराम करने लगाती है.

वही दूसरी और ज्योति भी कुछ परेशां थी. क्युकी कुछ दिन से उसे बहुत hi अजीब अजीब से सपने आ रहे थे. वो इस लिए भी परेशां थी की एक तो नकुल चला गया. ऊपर से उसकी माँ और बहन भी बिना बताये यहाँ से चली जाती है. जिसे ले कर उसे बहुत चिंता हो रही थी. कही उसकी माँ और बहन के साथ कुछ बुरा ना हो जाए.

ज्योति अपने खयालो से बहार आती है. और वो नकुल के बारे में जाने के लिए उसके घर जाने की सोचती है. जहाँ वो रहा करता है. उसे पता था की कमल शर्मा की माँ और दोनों बहाने नकुल के साथ hi रहती थी. कल वह जाने के बारे में सोच कर ज्योति अपने बिस्तर आराम करने लगती है.

लोकेशन दिल्ली.

प्लेस फ्रॉग क्लब

लूसी फ्रॉग क्लब में पहुंच गयी थी. वो बार काउंटर पर जा कर वाइन का आर्डर देती है.

वेटर _ मिस ये लीजिये.

लूसी_ हम्म ( वाइन पिटे हुए) क्या तुम मुझे जॉकी के बारे में जाता सकते हो. वो कहाँ मिलेगा.

वेटर _ मुझे नहीं पता मिस.

लूसी वाइन पिने लगाती है. लूसी वाइन पिटे हुए चारो तरफ देखती है. वो वेटर एक आदमी को इशारा करता है. वो आदमी लूसी के पास आ कर.

आदमी_ कौन हो तुम. जॉकी के बारे में क्यों पूछ रही हो क्या काम है.

लूसी_ तुम जॉकी से जा कर कहो की रोजमेरी वो समझ जायेगा.

आदमी_ ठीक है वेट करो. तुम इस पर नज़र रखना अगर ये यहाँ से हिलने की भी कोशिश करे तो शूट कर देना.

फिर वो एडमिन वह से चला जाता है. ठीक 30 मिनट के बाद वो आदमी वापस आता है. और लूसी से कहता है.

आदमी_ मेरे साथ चलो.

लूसी अपनी सीट से उठ कर उस आदमी के पीछे चल देती है. कोई 15 मिनट के बाद वो एक केबिन में कड़ी थी. लूसी के ठीक सामने जॉकी अपनी चेयर पर बैठा हुआ था. वो आदमी लूसी को छोड़ने के बाद वह से चला जाता है.

लूसी_ मुझे दिलावर ने भेजा है. उस लड़की कनिका ब्लड सैंपल लेने के लिए.

जॉकी_ ok. ये रहा ब्लड सैंपल इस उठाओ और यहाँ से चलती बनो.

लूसी_ मैं ये सैंपल नहीं ले सकती. मैं खुद उस लड़की का ब्लड सैंपल लगी.

जॉकी_ तुम वहां नहीं जा सकती. वह सिर्फ दिलावर और मैं hi जा सकता हु और कोई नहीं. और वैसे भी इसमें क्या प्रॉब्लम है.

लूसी_ मुझे क्या पता ये ब्लड सैंपल उस लड़की कनिका के hi है. तुम किसी और का भी तो दे सकते हो. और तुम एक बार दिलावर से बात कर लो.

जॉकी_ ठीक है.

फिर जॉकी दिलावर को फ़ोन कर के उसे बात करता है. उसके बाद वो लूसी को अपने साथ ले कर कनिका के पस चला जाता है. जहाँ पर लूसी कनिका कुछ ब्लड सैंपल लेती है. ब्लड सैंपल लेने के बाद लूसी जॉकी से कहती है ,

लूसी_ जॉकी तुम्हे इसका बहुत hi अच्छी तरह ख्याल है. मैं नहीं चाहती की इसे कुछ भी हो. ये अब हम सब के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट है. सो बे केयरफुल.

जॉकी_ मैं तुम्हारी बात क्यों बनु. जब की दिलावर ने मुझे इस लड़की का अच्छी खातिर दरी के लिए कहा है. तुम कौन होती हो. मुझे पर हुकम जामने वाली.

लूसी_ ठीक है. तुम मेरी बात मत मानो. मैं यहाँ से जा रही हु. जो मैं में आये करना. और अगर तुझे मेरे बारे में जानना hi है तो तुम दिलावर से फ़ोन कर के पूछ लेना. और हाँ मैं ने जो भी तुमसे कहा है उसे दिलावर से जरूर कहना.

इतना कहने के बाद वो लूसी चली गयी. लूसी के जाने के बाद जॉकी ने दिलावर को फ़ोन कर के सब कुछ बता जो यहाँ पर हुआ था. जिसे सुन कर दिलावर ने भी वही कहा जो लूसी ने कहा था. पर जब जॉकी ने लूसी के बारे में पूछा तो उसे धमकका देता है. जॉकी कुछ नहीं कहता वो फ़ोन रख देता है.

वही लूसी यहाँ से निकलने के बाद वो किसी को मैसेज करती है. मैसेज करने के बाद लूसी ने अपना फ़ोन रस्ते में खुले एक गट्टर में फक देती है.
 
भाई आपके तीन पॉइंट्स का उत्तर आने वाले उपदटेस मिल जायेगा.

रहा आपका 4 पॉइंट. मैं ने उसको रोक दिया है. क्युकी अभी सही वक्त नहीं आया है. नकुल का उनसे मिलने का. क्युकी नकुल और राज परिवार का मिलना एक सुपरनैचरल इवेंट है.

आप सभी रीड को उसके लिए वेट करना होगा.

थैंक्स डिअर तो रीड माय स्टोरी

अपडेट दे दिया ह पेज no 276, 278

और हाँ

ये अपडेट कैसा लगा कमेंट कर के जरूर बताना

और हाँ

अगला अपडेट भी जल्द hi दूंगा.

सो

स्टे तूने विथ में
 
अपडेट 128

अब तक

इतना कहने के बाद वो लूसी चली गयी. लूसी के जाने के बाद जॉकी ने दिलावर को फ़ोन कर के सब कुछ बता जो यहाँ पर हुआ था. जिसे सुन कर दिलावर ने भी वही कहा जो लूसी ने कहा था. पर जब जॉकी ने लूसी के बारे में पूछा तो उसे धमकका देता है. जॉकी कुछ नहीं कहता वो फ़ोन रख देता है.

वही लूसी यहाँ से निकलने के बाद वो किसी को मैसेज करती है. मैसेज करने के बाद लूसी ने अपना फ़ोन रस्ते में खुले एक गट्टर में फक देती है.

अब आगे

सुबह जब मेरी आँख खुली तो मैं ने देखा की बुआ मेरे ऊपर अपनी एक तंग कर के सोई हुई थी. उनका साडी कमर तक आ गयी थी. जिस कारन बुआ निचे से पूरी तरह नंगी दिख रही थी. जब मैं ने ध्यान से देखा तो पाया की मेरा लुंड बुआ की छूट के अंदर एक इंच तक धसा हुआ था. मैं ये देख हैरान हुआ. क्युकी बुआ ने पंतय नहीं पहनी हुई थी इसका मतलब बुआ सोने से पहले अपनी पंतय निकल कर सोई थी. वही मैं भी सिर्फ एक लुंगी बांध कर hi सोया था. मैं ने भी अंडरवियर नहीं पहनी थी. अब आलम ये था की मैं आगे से पूरा नंगा था. और मेरा लुंड पूरी तरह से खड़ा था. मैं ने कोई हरकत नहीं की मैं चुपचाप सो गया. मैं नहीं चाहता था की मेरे बारे में कोई गलत ख्याल अभी के लिए लाये. मेरे हिलने के कारन उनकी भी नींद टूट जाती जो मैं इस प्रष्ठिति में नहीं चाहता था.

पर मेरे लुंड ने अपना काम आरम्भ कर दिया. वो रह रह कर ठुमके मरने लगा. जिस कारन बुआ के शरीर ने भी हरकत करने लगा. मैं ने अपने लुंड को बहुत रोके की कोशिश की पर मैं जितना रोकता वो उतनी hi तेज़ी से ठुमके मरने लगा था. अब आलम ये था की बुआ की छूट ने भी अपना रूप दिखा दिया. मेरा लुंड बुआ की छूट के पानी से खिला हो गया.

मैं अपनी अध् खुली आँखों से ये नज़र देख रहा था. पर अचानक hi बुआ ने जोर से अपनी छूट को निचे दबा दिया. और इस के साथ मेरा 3 इंच लुंड बुआ की छूट के अंदर चल गया. और बुआ के मुँह से एक चीक निकल गयी.

बुआ की आखें खुली गयी थी. जब बुआ ने मेरी तरफ देखा तो मैं सो रहा था. फिर बुआ ने अपनी हालत देखि तो हैरान हो गयी. क्युकी उन्होंने देखा तो पाया की मेरा लुंड उनकी छूट के अंदर है. फिर बुआ ने बड़ी hi सावधानी से बुआ लुंड पर से उठती है. ताकि मैं उठ न जाऊं.

बुआ बीएड से निचे उतर कर अपनी हालत ठीक करती है. और जब बुआ ने मेरी तरफ देख तो उनकी आँखे फटी की फटी रह गयी. क्युकी इतना बड़ा और मोटा लुंड कभी नहीं देखा था.

मंजू बुआ_ बाप रे इतना बड़ा और मोटा लुंड. हे भगवन जब भी मेरी चीख निकल गयी थी. अगर ये पूरा मेरे अंदर चला जाता तो मैं मरी hi जाती. अच्छा हुआ मेरी नींद खुल गयी. ये गाढ़ा नंगा क्यों सोया हुआ है.

मंजू बुआ कुछ सोच कर जब दुबारा मेरे तरफ देखा तो हैरानी से आँखे बहार आ गयी क्युकी मेरे लुंड के सुपडे पर खून लगा हुआ था. अब बुआ ने मुझे उठाने की जगह बाथरूम चली गयी. बुआ के जाने के बाद मैं भी उठ गया.

वही बुआ जब बाथरूम में जा कर अपनी छूट को देखा तो उनकी छूट से खून सना हुआ था. बुआ ने अपनी से पहले अपनी छूट को साफ़ किया. फिर टॉयलेट सीट पर बैठ कर पेशाब करने लगी. छूट पर पेशाब लगाने के कारन छूट में जलन होने लगी. बड़ी मुश्किल से बुआ ने पेशाब किया. उसकी बाद वो बाथ लेने के बाद वही कपडे दुबारा पहन लिए.

जब बुआ बहार आयी तो मुझे उठा हुआ देख कर बुआ ने मुझे कहा

मंजू बुआ_ बीटा तुम भी फ्रेश हो जाओ. फिर हम बहार खाने के लिए चलते है.

नकुल_ बुआ मैं ने खाने का आर्डर कर दिया है. 15 मिनट में hi आ जायेगा. जब तक मैं फ्रेश हो कर आता हु.

मंजू बुआ_ ठीक है.

उसके बाद मैं बाथरूम फ्रेश होने चला गया. वही मेरे जाने के बाद बुआ फिर से मेरे बारे में सोचने लगी. बुआ ये सोच कर परेशां हो रही थी. की मैं उनके बारे में क्या सोच रहा हूँगा. बुआ अपने hi सोच में डूबी हुई थी की उन्हें पता भी नहीं चला की मैं उनके पास खड़ा हो कर उन्हें hi देख रहा हु. बुआ का ध्यान तो तब टुटा जब दूर पे नॉक हुआ.

ध्यान टूटे hi उन्होंने पाया की मैं उनकी hi तरफ देख रहा हु. बुआ बिना कुछ कहने दूर की तरफ चली गयी. जब बुआ ने दूर ओपन किया तो उनके सामने नताशा खाना लिए कड़ी थी. बुआ नताशा को देख कर.

मंजू बुआ_ बीटा तुम खाना क्यों ले कर आयी. किसी वेटर के हाथो भेजवा दिया होता.

नताशा_ आंटी मैं ने सोचा की इसी बहाने आप लोगो से भी मिल लुंगी. इस लिए मैं ले कर आ गयी.

मंजू बुआ_ ये तुम ने ठीक किया. आओ अंदर. नकुल भी तुमसे मिल कर खुश होगा.

फिर बुआ नताशा के साथ अंदर आ जाती hi. बुआ और मैं एक सोफे पर बैठ गए वही नताशा खाना लगाने के बाद एक सिंगल सोफे पर बैठ गयी. हम सब मिल कर खाना खाने लगे. खाना खाने के बाद बुआ अपना हाथ धोने बाथरूम में चली गयी. बुआ के जाने के बाद नताशा ने मुझे कहा.

नताशा_ नकुल एयरपोर्ट से फ़ोन आया था.

नकुल_ क्या कहाँ उन्होंने.

नताशा _ यही की आपकी आज रात की फ्लाइट है.

नकुल_ ये तुम ने बहुत अच्छी न्यूज़ सुनाई. ठीक है. मैं आज रात को hi निकालता हु. पर एक दिक्कत है.

नताशा _ वो कौन सी.

नकुल_ बुआ की. मैं उन्हें यहाँ अकेला छोड़ कर नहीं जा सकता हु.

नताशा _ तो अब क्या करोगे.

नकुल _ मैं सोच रहा हु. की बुआ को मैं तुम्हारे घर रहने के लिए कह देता हु. वो मानेगी की तो नहीं पर मैं कैसे भी कर के मानना लूंगा.

नताशा _ ये ठीक रहेगा. मैं भी कोशिश करती हु.

अभी हम दोनों बाते hi कर रहे थे की बुआ हाथ धो कर आ गयी थी. और हमें चुप देख कर बुआ ने कहा.

मंजू बुआ_ क्या हुआ चुप क्यों हो गए.

नकुल_ बुआ आप पहले मेरे पास बैठिये.

फिर बुआ मेरे पास आ कर बैठ गयी. फिर मैं ने बुआ की तरफ देखते हुए कहा.

नकुल_ बुआ मुझे तीन दिन के लिए देहरादून जान padega.is लिए मैं चाहता हु की आप फूफा को माफ़ कर दे और अपने घर चली गए.

मेरे इतना कहतव hi मंजू बुआ बहुत गुस्से में आ गयी. पर खुद को शांत करते हुए कहती है.

मंजू बुआ_ देख नकुल तू देहरादून जा रहा है. वो ठीक है. पर मुझे वह जाने के लिए मत कह.

नकुल_ तो ठीक है मैं नहीं कहता आपको वह जाने के लिए. फिर आप मेरी एक बात माननी होगी.

मंजू बुआ_ ठीक है. बोल क्या करना होगा मुझे.

नकुल_ आप नताशा के साथ उसके घर पर रहना होगा. जब तक मैं वह से नहीं आ जाता. क्युकी मैं अभी आपको अपने साथ नहीं ले जा सकता हु.

मंजू बुआ_ ठीक है. मैं नताशा के साथ चली जाउंगी उनकी घर पर. पर तू जल्दी आ जाना.

नकुल _ ठीक है. आप नताशा के साथ उसके घर पर चली जाईये. मैं शाम को नताशा के घर पर hi आप से मिलता हु.

मंजू बुआ_ ठीक है.

उसके बाद मंजू बुआ नताशा के साथ चली गयी. वही मैं देहरादून जाने के लिए तयारी करने लगा.

लोकेशन. देहरादून

प्लेस _ कॉलेज.

सविता ज़रीने से मिलने के लिए कॉलेज आयी हुई थी. वो कॉलेज के गेट पर hi ज़रीने का वेट कर रही थी. पर ज़रीने तो नहीं आयी. पर ज्योति ने सविता को कॉलेज के गेट पर कड़ी देख कर अपनी कार रोक देती है. कार से बहार निकल कर.

ज्योति ठाकुर_ सविता आंटी आप यहाँ. किसी से मिलना था क्या.

सविता _ हाँ, वो ज़रीने का वेट कर रही थी.

ज्योति ठाकुर_ कुछ काम था क्या ज़रीने से.

सविता _ वो क्या है न कल ज़रीने मुझे घर पर मिलने आयी थी. तो मैं ने भी सोचा मैं भी उसे मिल लू.

ज्योति ठाकुर_ ये तो आपने अच्छा किया. आप यहाँ क्यों कड़ी है. ऐसा की जिए आप मेरे साथ कैंटीन में चलिए. वही पर हम उसका वेट करते है. ज़रीने भी सबसे पहले कैंटीन में hi आएगी.

सविता _ ठीक चलो.

फिर सविता ज्योति के साथ कॉलेज के अंदर चली जाती है. फिर कार पार्क करने के बाद दोनों कैंटीन की तरफ चल देती है. जब वो कैंटीन पहुंची तो देखा की ज़रीने अपनी एक फ्रेंड के साथ बैठी हुई बाते कर रही थी.

ज्योति ठाकुर_ देखा आंटी मैं ने कहा था न. वो कैंटीन में hi मिलती है.

सविता _ सच्चा हुआ जो तुम्हारे साथ कैंटीन में आ गयी. वरना मैं कॉलेज गेट पर hi उसका वेट करती रहती.

ज्योति_ आंटी चलिए मिलते है.

जब सविता और ज्योति ज़रीने की तरफ जा hi रही थी की ज़रीने ने सविता को अपनी तरफ आते देख लिया. तो ज़रीने ने सविता को कैंटीन से बहार चलने का इशारा लिया. जिस पर सविता ज़रीने की तरफ न जा कर कैंटीन की बहार की तरफ चल देती है. सविता के साथ ज्योति भी बहार की तरफ चल देती है.

5 मिनट बाद ज़रीने भी कैंटीन से बहार आ जाती है. जब बहार आती है तो देखती है की सविता के साथ ज्योति भी कड़ी थी. ज़रीने दोनों के पास आ कर कहती है.

ज़रीने_ नमस्ते आंटी.

सविता _ नमस्ते बीटा. मुझे तुमसे कुछ बात करना है. नकुल को ले कर.

ज़रीने _ आंटी मैं अभी आप से बात नहीं कर सकती. मैं आपको 1 घंटे बाद आपके घर पर hi मिलती हु.

सविता _ यहाँ क्या हुआ है. जो मुझे बात नहीं कर सकती. किसे दर रही हो.

ज़रीने _ आंटी अगर किसी ने मुझे आपके साथ बाते करते हुए देख लिया ना तो मेरा घर से निकलना बंद हो जायेगा. क्युकी पापा की आदमी हमेशा मुझ पर नज़र रखते है. इस लिए प्लीज आप यहाँ से चली जाईये.

सविता _ ठीक है. पर मिला जरूर.

ज़रीने _ ठीक है आंटी आप जाईये. मैं एक घंटे बाद आपसे मिलती हु.

उसके बाद सविता वह ाव चली जाती है. वही सविता के जाने के बाद ज्योति भी ज़रीने से कुछ पूछती है.

ज्योति ठाकुर_ क्या बात करनी है नकुल के बारे में, कही उसकी जान को तो खतरा नहीं है न,

ज़रीने _ ऐसा कुछ नहीं है. पर जो भी बात होगी वो सिर्फ मेरे और नकुल के दरमियान hi होगी. मैं किसी को कुछ नहीं बताने वाली. इसलिए तुम मुझे न पूछो तो hi बेहतर है.

ज्योति ठाकुर_ ज़रीने अगर तुम चाहो तो मुझे बता सकती हो. क्युकी नकुल मेरा भाई है.

ज़रीने _ फिर नहीं. तुम चाहे नकुल की कुछ भी लगती हो. मैं चलती हु.

इतना कहने के बाद ज़रीने ज्योति को वही छोड़ कर अपनी एक फ्रेंड के पास चली जाती है. फिर उसके पास से उसकी कार ले कर कॉलेज से निकल जाती है.

वही ज़रीने के जाने के बाद जेम्स के एक साथी जिसका नाम रॉकी था उस ने जेम्स को वह पर हुई साडी बात जो देखा वो सारा हाल जेम्स को बता देता है.

जेम्स_ ठीक है. अब ये बताओ ज़रीने किसी कार ले कर गयी हैं

रॉकी_ भाई वो अपनी एक फ्रेंड की कार ले कर गयी है.

जेम्स_ उसका कार का No क्या है.

रॉकी _ ######## ये no है. रेड कलर की टोयटा है.

जेम्स_ ok

फ़ोन रखने के बाद जेम्स अपना लैपटॉप ओपन करता है. उसके बाद ट्रैफिक कण्ट्रोल सिस्टम को हैक कर लेता है. उसे इस काम को करने में सिर्फ 5 मिनट लगे. उसकी मद्दत से जेम्स को पता चल जाता है. वो कहा जा रही है. वो अपनी बाइक ले कर निकल जाता है. जेम्स ने ट्रैफिक कण्ट्रोल सिस्टम को अपनी हाथ में बढे हुए एक डिवाइस कनेक्ट कर लेट है. जिसकी सहायता से वो ज़रीने को ट्रैफिक में जाम का सामान करना पड़ता है. जेम्स ज़रीने से पहले hi उसने नकुल के घर से कोई 500 मिटेर दूर ज़रीने का वेट करना लगता है. जैसे hi ज़रीने उस रस्ते से गुजरती है. उसकी कार पंचर हो जाती है.

ज़रीने कार से उतर कर पैदल hi नकुल के घर की तरफ जाने लगाती है. तभी एक वन आ कर उसके पास रूकती है. वन को अपने पस यूँ रुकते देख घबरा जाती है. पर जब तक कुछ समझती वन का दूर खिलता है. ज़रीने को अंदर खींच लेते है. वन वहां से चली जाती है. जेम्स भी उसके पीछे पीछे चल देता है.
 
अपडेट 129

अब तक

ज़रीने कार से उतर कर पैदल hi नकुल के घर की तरफ जाने लगाती है. तभी एक वन आ कर उसके पास रूकती है. वन को अपने पस यूँ रुकते देख घबरा जाती है. पर जब तक कुछ समझती वन का दूर खिलता है. ज़रीने को अंदर खींच लेते है. वन वहां से चली जाती है. जेम्स भी उसके पीछे पीछे चल देता है.

अब आगे

लोकेशन दिल्ली

मैं इस समय मार्किट के एक रेस्टोरेंट में बैठा किसी का वेट कर रहा था. जब तक मेरा आर्डर आता मैं अपने मोबाइल निकल कर किसी को फ़ोन करता हु. फ़ोन बाते करते हुए 5 मिनट hi हुए थे की मेरा आर्डर आ गया. मैं ने अपनी बात रोक दी. वेटर के जाने के बाद मैं ने फ़ोन के दूसरे साइड वाले को कुछ इंस्ट्रक्शन दिए. जैसे hi मैं ने फ़ोन रखा वैसे hi जिस से मिलना था वो आगयी.

नकुल _ hi कविता

कविता _ अब्सोलुतेल्य फाइन.

नकुल_ क्या लोगी.

कविता _ जो भी तुम चाहो.

नकुल_ ok. मैं एक कोल्ड कॉफ़ी एंड सैंडविच आर्डर कर दिया. लो मैं ने तुम्हारे लिए आर्डर कर दिया. अब बताओ क्या खबर है.

कविता _ सर उन लोगो को नया कन्साइनमेंट मिला है. इस बार 500 बटरफ्लाई का आर्डर है. जो इंडिया से बहार जा रहा है.

नकुल_ ok कब भेज रहे है. उन बटरफ्लाईज़ को.

कविता _ सर आज से तीन दिन बाद hi जायेगा.

नकुल _ गुड. अब मेरी बात ध्यान से सुनो.

अभी मैं कुछ कहने hi वाला था की कविता का आर्डर ले कर एक वेटर आ गया. वेटर को देख कर मैं रुक गया. वेटर ने आर्डर टेबल पर रख कर चला जाता है. मैं कविता को खाने के लिए इशारा करता हु. कविता सैंडविच ले कर खाने लगती है.

नकुल_ हाँ तो सुनो. तुम उन पर नज़र रखो. मैं 2 दिन के लिए देहरादून जा रहा हु. अगर कोई प्रॉब्लम होती है. तो तुम इस ########## no पर सिर्फ एक मैसेज कर देना. 5 मिनट में hi तुम्हारी मद्दत के लिए कोई आ जायेगा.

कविता _ ठीक है. आप देहरादून जा रहे है तो आप नीमल गर्ग और चांदनी शर्मा को भी लेते आना. उनके बिना मन नहीं लगता है.

नकुल_ क्या कविता तुम भी. इतना हॉट बाँदा है तो तुम्हारा ख्याल रखने के लिए.

कविता _ क्या नकुल तुम भी कहाँ उस छुट्टिया का नाम ले लिया.

नकुल_ कभी उसके सामने कह कर देखना. वैसे राजन कुमार क्यों नहीं आया.

कविता _ वो उन्ही लोगो के ग्रुप में है. और उन लोग ने अपनी बटरफ्लाई का ध्यान रखने का काम उसी छुट्टिया को दिया हुआ है. लगा होगा किसी एक के छूट में.

नकुल_ क्या बात है. तुम्हारा ज्ञान तो काफी अच्छा हो गया है. लगता है. मुझे फिर से तुमसे ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी.

कविता_ क्या नकुल तुम भी पता है न. मैं किन लोगो के साथ काम कर रही हु. अब तो आदत हो गयी है. सेल हरामी कभी भी सही से नहीं बोलते.

नकुल_ चल कोई नहीं वैसे भी तुम्हे इस ज्ञान की बहुत जरुरत थी. और तुम्हारा यही ज्ञान आगे चल कर तुम्हारे और मेरे लिए बात काम आने वाला है. वैसे उस दिलावर के बारे में कुछ पता चला.

कविता _ नहीं, पर इतना पता चला है की वो अभी दिल्ली में hi है. पर कहा है ये पता नहीं चला.

नकुल_ कोई नहीं आज नहीं तो कल पता चल hi जायेगा. फ़िलहाल तो तुम अपने इस काम पर ध्यान दो. मैं देदृदून से वापस आने के बाद इस दिलावर को भी देखता हु.

कविता _ ok.

बातो बातो में हम दोनों ने खाना खा लिया है. कुछ पता hi नहीं चला की कितना समय हुआ है. मैं टाइम देख तो 2:30 हो रहे थे. मुझे एक जगह वो जाना था. मैं पैसे बिलबुक में रख कर कविता के साथ बहार चल दिया.

जाने से पहले मुझे एक बात याद आ गयी. तो मैं कविता से कहा.

नकुल_ कविता तुम इस एड्रेस पर कल या आज hi चली जाना. मैं एक कार्ड पकड़ते हुए कहा.

कविता _ ok नकुल. मैं अभी चली जाती हु.

नकुल _ और हाँ वह जो भी हो उसे अपने साथ ले आ जाना.

उसके बाद मैं अपनी कार में बैठ कर निकल गया. वही मेरे जाने के बाद कविता भी वह से मेरे बातये हुए एड्रेस पर चली गयी.

लोकेशन देहरादून

प्लेस _ देदृदून फारेस्ट.

ज़रीने इस समय एक कुर्शी पर बंधी हुई थी. ज़रीने ने एक बार भागने की भी कोशिश की थी पर वो फिर से पकड़े गयी. ज़रीने चिलाते हुई उन लोगो को गालिया और अपने बाप की धमकी दे रही थी जिन लोगो ने उस पकड़ कर यहाँ ले आये थे. और उसे इस कुर्शी के साथ बांध दिया था. वो सब ज़रीने के इस तरह चीखने चिलाने से परेशां हो गए थे.

ज़रीने _ तुम सब ने अपनी जिंदगी की आखरी गलती कर दिया है. जो गुलशन खान की बेटी को यहाँ पकड़ के ले आये हो. अगर अपनी और अपने फॅमिली की भलाई चाहते हो तो मुझे यहाँ से जाने दो.

गुंड1 _ साली बहुत बोलती है. वो हीरा इसके मुँह पर पट्टी बांध नहीं तो मई कही इसी जान न ले लू.

हीरा_ अभी बांधता हु भाई.

इतना कहने के बाद हीरा ने ज़रीने के मुँह पर एक टेप ला कर लगा दिया. जिस कारन उसकी मुँह से आवाज आना बंद हो गया.

हीरा_ भाई ये माल है. खास के बार चखने को मिल जाता तो मज़ा आ जाता है.

गुंडा1 _ है तो पर क्या कर बॉस ने सिर्फ इस किडनैप करने के लिए कहा था.

हीरा_ वैसे बॉस रह कहा गए. अभी तो हमारे पीछे hi आ रहे थे.

गुंडा1 _ सायद किसी काम से जान पड़ा होगा. चल छोड़ इस तो बॉस hi देखेंगे. जब तक बॉस नहीं आते. हम सब उस आइटम का मज़ा लेते है. साली वो भी बहुत कड़क माल है.

हीरा_ भाई कुछ भी कहो. इसके के आगे वो कुछ भी नहीं है. खास एक बार इसकी चुकी को दबा पता. मज़ा hi आ जाता.

गुंडा1_ सेल बिलकुल चुप तेरी इस गन्दी बात से मेरा लुंड खड़ा हो गया है. कही गलती से इस पटक के छोड़ hi न दू. चल यहाँ से.

उसके बाद वो सब वह से दूसरे रूम की तरफ चल जाते है. वही ज़रीने परेशां और सोच में पद जाती है. क्युकी आज तक इस देदृदून में किसी की भी हिम्मत नहीं हुई थी उसे कोई हाथ लगा दे. पर यह तो वो सब मेरा hi रपे करना चाहते है. हो न हो जरूर ये मेरे बाप के hi आदमी होंगे. कही मेरे बाप को मुझ पर सक तो नहीं हो गया. इस किये उसने मुझ इन गुंडों से मेरा किडनैप कर वाला लिया. हो न हो जरूर यही बात होगी. हे भगवन तू जल्दी से नकुल को यहाँ भेज दे. ताकि वो मुझे इन सब से बचा ले.

वही जेम्स गुलशन खान क्व घर पर चला गया. वहां पर जाने से उसे पता चला की गुलशन खान किसी काम के शिलशाले में बहार गया हुआहै. वो शाम तक hi वापस आएगा. इस लिए वो वह से वापस चला जाता हैं अपने अड्डे पर.

वही दूसरी तरफ सुनीता शर्मा ज़रीने का वेट कर्कटे हुए 1 घंटे से ऊपर हो गया था. जब सुनीता शर्मा ने टाइम देख तो परेशां होने लगी. की ज़रीने अभी तक आयी क्यों नहीं. इस लिए सुनीता शर्मा ने ज़रीने को कॉल करती रिंग तो जा रही थी पर कोई फ़ोन नहीं उठा रहा था.

सुनीता शर्मा ने ज़रीने को कई बार फ़ोन करती है. पर रिस्पांस पहले के लिए जैसे hi आ रहा था. सुनीता शर्मा ने सोचा की सायद वो क्लास में होगी इस लिए वो फ़ोन पिक नहीं कर रही है. इस लिए सुनीता शर्मा ने ज़रीने को कॉलेज टाइम के बाद फ़ोन करने का सोचा कर अपने घर के काम में लग जाती है.

वही ज़रीने बहुत जाड दर गयी थी. क्युकी उसने एक लड़की के रोने और चिलाने की आवाज़ बगल वाले रूम से आ रही थी. ज़रीने दर के कारन उसकी हालत ख़राब हो गयी थी. उसे इस बात का बाद दर लग रहा था की कही उसके साथ भी उस लड़की की तरह न करे.

अभी ज़रीने सोच में hi थी की उसे कदमो की आवाज़ सुनाई देने लगी. पहले ज़रीने को आवाज़ धीरे सुनाई दे रही थी. पर कुछ सेकंड बाद hi आवाज़ तेज़ हो गयी. ज़रीने अब समझ गयी की उसके तरफ hi कोई आ रहा है. फिर उसे दर सताने लगा कही उसके साथ भी तो.

ज़रीने अपने आप को मजबूत करते हुए उस व्यक्ति का इंतज़ार करने लगाती है. जो ज़रीने की तरफ आ रहा था. 5 मिनट के बाद रूम के दूर पर दासक्त होती है. जब ज़रीने दूर की तरफ देखती है खुश हो जाती है. क्युकी दूर पर जेम्स खड़ा था. ज़रीने जेम्स को देख कर खुश होते हुए कहती है.

ज़रीने _ जेम्स जल्दी से मुझे यहाँ से निकालो. वो गुंडे कभी भी यहाँ आ सकते है.

जेम्स_ तुम चिंता मत करो. तुम्हे कुछ नहीं होगा. जब तक मैं यहाँ हु.

ज़रीने _ जेम्स तुम समझ नहीं रहे हो. वो बहुत सरे है. और तुम अकेले फिर तुम उनसे कैसे लड़ पाओगे.

अभी जसरीने जेम्स बात hi कर रही थी वो सरे गुंडे रूम के अंदर आ गए. जब ज़रीने ने देखा को वो सब आ गए है. तो ज़रीने कहती है.

ज़रीने _ जेम्स देखो वो तुम्हारे पीछे खड़े है.

जेम्स _ रिलैक्स ज़रीने, मैं देखता हु.

तभी हीरा आगे आ कर जेम्स को कहता है.

हीरा_ बॉस इस लड़की के साथ क्या करना है.

जेम्स _ फ़िलहाल तो कुछ नहीं. पर तुम इसका धयान रखना. इस थोड़ी सी भी खरोच नहीं आणि चाहिए.

हीरा_ ठीक है बॉस. मैं ध्यान रखूँगा.

जेम्स_ सेल वो रोबर्ट कहा रहे गया.

हीरा_ बॉस वो दूसरी वाली लड़की के साथ लगे हुए है. जब उन्हें आपको इधर आते देखा तो हम सब को आपके पास भेज दिया. और खुद वही रह गए उस लड़की के पास.

जेम्स_ साला कभी नहीं सुधरेगा. चल कोई नहीं तुम सब जाओ.

सरे गुंडे वह से चले जाते है. वही ज़रीने जेम्स और हीरा की बात को सुन कर हैरान हो जाती है. उसके बाप के एक कुत्ते ने उसे यहाँ पर ले कर आया है. और इस कुर्शी पर बांध कर रखा हुआ है. ज़रीने को बहुत गुस्सा आता है. पर अपने गुस्से को काबू करते हुए कहती है

ज़रीने _ जेम्स मैं ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है. जो मुझे यहाँ लेकर इस तरह बांध दिया है.

जेम्स_ मैं ने नहीं तुम्हारे बाप गुलशन खान का सब किया धरा है. मैं तो सिर्फ उसके हुक़्क़ुम का गुलाम हु. उसीने तुम्हे किडनैप करने के लिए कहा था. सो मैं ने तुम्हे उठा लिया.

ज़रीने ये सुन कर समझ जाती है. की उसके बाप को उस पर सक हो गया है इस लिए उसे यहाँ पर ले कर आ गया है.

लोकेशन - दिल्ली

प्लेस - नताशा हाउस

इस समय मैं नताशा के घर पर बैठा हुआ खाना खा रहा था. मंजू बुआ मेरे बगल में बैठी हुई खा रही थी.

मंजू बुआ_ नकुल कब निकलोगे.

नकुल_ 9 बजे बुआ. कैसा लग रहा है आपको यहाँ पर.

मंजू बुआ_ मुझे तो यहाँ आ कर ऐसा लगा रहा है मैं आपने hi घर पर हु. नताशा के फॅमिली ने मेरा बहुत ख्याल रखा है. मुझे महसूस hi नहीं होने दिया की अपने घर पर नहीं किसी और के घर पर हु. मैं तो इनका एहसान मंद हु जो इन सब ने मेरा इतना ख्याल रखा.

नताशा माँ_ क्या बहन जी आप भी कैसी बाते करती है. कोई बहन अपनी बहन पर एहसान करता है.

नताशा _ हाँ आंटी आप भी कैसी बाते करती है. जैसी मेरी माँ है, वैसी hi आप है. क्यों माँ मैं ने सही कहा न.

नताशा माँ_ बिलकुल ठीक बीटा. बहन जी मैं आपको इतनी जल्दी जाने नहीं देने वाली. आपको काम से काम 1 महीना तो रहना hi होगा.

नताशा _ माँ अपने तो मेरी मुँह की बात छीन ली. हाँ आंटी को हमारे साथ पुरे एक महीना रहना होगा.

मंजू बुआ_ बीटा फ़िलहाल तो मैं कुछ दिनों के लिए यहाँ हु hi. जब तक नकुल अपना काम कर के नहीं आता.

नकुल_ नताशा बुआ ठीक कह रही है.

नताशा _ पैट नकुल

नकुल _ नताशा मेरी बात को समझो. फ़िलहाल तो बुआ तुम्हारे hi घर पर है.

नताशा _ ठीक है.

इस तरह बातो बातो में हम सब ने खाना खा लिया. खाना खाने बाद मैं ने बुआ से कुछ देर बातें किया. उसके बाद मैं नताशा के साथ एयरपोर्ट निकल गया. बुआ भी सा था आना च रही थी पर मैं ने मन कर दिया. बड़ी मुश्किल से बुआ मणि और उन्होंने वहां पहुंच कर डेली फ़ोन करने को कहती है. मैं भी उनकी बात मान लेता हु,

एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद मैं नताशा से कहता हु.

नकुल_ नताशा तुम बुआ का ध्यान रखना जब तक मैं वापस नहीं आ जाता हु. और हाँ तुम एक विला खरीद लेना. क्युकी आने के बाद मैं वही पर रहने वाला हु.

नताशा _ ok, तुम अपना काम ख़त्म कर के जल्दी आ जाना.

नकुल _ ok. अब तुम घर जाओ. आंटी घर पर तुम्हारा इंतज़ार कर रही होगी.

उसके बाद मैं बोर्डिंग के लिए निकल जाता हु. मेरे जाने के बाद नताशा भी घर के लिए निकल जाती है.
 
अपडेट 130

अब तक

नकुल_ नताशा तुम बुआ का ध्यान रखना जब तक मैं वापस नहीं आ जाता हु. और हाँ तुम एक विला खरीद लेना. क्युकी आने के बाद मैं वही पर रहने वाला हु.

नताशा _ ok, तुम अपना काम ख़त्म कर के जल्दी आ जाना.

नकुल _ ok. अब तुम घर जाओ. आंटी घर पर तुम्हारा इंतज़ार कर रही होगी.

उसके बाद मैं बोर्डिंग के लिए निकल जाता हु. मेरे जाने के बाद नताशा भी घर के लिए निकल जाती है.

अब आगे

लोकेशन देहरादून

एक मस्त आलीशान घर में पार्टी चल रही थी. सभी मेहमान पार्टी का माज़ा ले रहे थे. वही दूसरी तरफ एक लड़कियों का ग्रुप मस्त दज स्टेज पर डांस कर रही थी. वही थोड़े दूर पर कुछ 4 लड़के बैठ कर वाइन पि रहे थे. और वो सब स्टेज पर डांस कर रही लड़कियों को ताड रहे थे.

जब उन लड़कियों का ग्रुप स्टेज से उतर कर खाने के लिए गया तो उनके पीछे पीछे वो लड़के भी चल दिए. सभी लड़कियों इस बात को नोटिस कर रही थी वो सब उसके पीछे पड़े हुए है. पर वो कुछ नहीं कहती. वो अपने में hi लगी रही. खाना खाने के बाद एक लड़की अपनी फ्रेंड से कहती है.

लड़की_ नीतू वाशरूम की धार है.

नीतू_ क्यों क्या हुआ?

लड़की _ साली बहुत तेज की लगी हुई है. जल्दी बता नहीं तो तेरा खून कर दूंगी.

नीतू _ साली भड़कती क्यों है. चल मैं तेरे साथ चलती हु.

लड़की2_ ोये छमक छालो मैं भी चलती हु. मुझे कैसे भूल गयी. पता है न हम सब साथ जाती है.

नीतू _ देख सोनिया क्या कह रही है. हम सब साथ जाती है. जब ये अपने बर्फ से छुड़ेगी तो हम सब साथ होगी.

सोनिया_ यार मैं कितनी बार कहा मेरे सामने ऐसी बाते मत किया करो.

नीतू _ हाँ पता है. चल जल्दी चल ऐसा न हो की कही तुम अपने जीन्स में hi कर दे. क्यों ऋतू सही कहा न.

ऋतू_ हाँ यार.

उसके बाद वो सब वाशरूम की तरफ चल देती है. वो लड़के भी इन तीनो के पीछे चल देते है. जब वो तीनो लड़कियां अकेली पड़ी तो एक लड़के ने कहा.

लड़का_ यार राहुल जब ये लड़कियां मूतने जाती है तो एक को साथ ले कर क्यों जाती है.

राहुल_ सायद अकेले दर लगता हो. यार विनोद जब ये मूतति है तो सीटी क्यों बजती है.

विनोद_ सिंपल है यार ताकि कोई आ कर इन देख सके की ये कैसे मूतति है.

ये सब बात उन लड़कियों के पीछे चलते हुए थोड़ी जोर से कहते है ताकि वो सुन सके. उन तीनो ने सुना भी पर कुछ नहीं कहा. हाड तो तब हो गयी. जब एक लड़के ने..

लड़का _ भाई राहुल मुझे तो ये पिंक ड्रेस वाली कुछ ज्यादा है मस्त माल लग रही है.

राहुल_ वो कैसे रमेश.

रमेश _ भाई देखो न इस की गांड कितनी बहार निकली हुई है. ऐसा लग रहा है ये रोज गांड मरवाती होगी.

विनोद _ क्या यार तू भी मुझे तो ये रेड ड्रेस वाली टॉप की रैंड लग रही है. देख साली की गांड और चुकी कितने बड़े बड़े है. मैं पक्का कह सकता हु ये काम से काम 4-5 बार अपनी छूट और गांड में लुंड लेती hi होगी.

राहुल_ यार रमेश इस रेड वाली का रेट तो पूछ की एक रात कितने लगी.

फिर भी उन लड़कियों ने कुछ नहीं कहा. क्युकी उन्हें पता था की ये किसी रहिए बाप की बिगड़ी हुई औलाद है. वो कैसे भी कर के अपने गुस्से को कण्ट्रोल करती है. पर कहते है न लातो के भूत बातो से नहीं मानते.

नीतू _ सोनिया रुक जा यार वो रहीस बाप की औलाद है.

सोनिया _ तो जो मैं में आया वो करेंगे. तू मेरा हाथ छोड़ मैं अभी बाटती हु इनको.

ऋतू _ सोनिया नीतू ठीक कह रही है. ये तुझे भी पता है. इनका तो कुछ नहीं होगा. पर हम सब का जीना हराम हो जायेगा.

सोनिया _ मैं इस लिए hi ऐसी पार्टी में नहीं जाती. पर तेरे और वो कामिनी के कहने पर मैं इस पार्टी में आ गयी. वो साली अपने बर्फ के साथ पता नहीं मरवा रही होगी.

ऋतू _ शांत यार चल तुझे वाशरूम जाना था न.

किसी तरह सोनिया को समझा कर वाशरूम की तरफ चल देती है. अभी दो कदम hi चले होंगे की एक लड़की उन तीनो के सामने आ कर खड़ा हो जाता है.

रामश_ क्या रेट है तुम तीनो का.

नीतू _ प्लीज हमें जाने दे.

रमेश _ देखो तुम दोनों जा सकते हो पर ये रेड वाली नहीं जा सकती जब तक अपना एक रात का रेट नहीं बताती.

बस इतना hi कहना था चट्टाअअक एक जोर का थापड़ रमेश के गाल पर पड़ता है. आवाज इतनी तेज थी की कुछ लोग इनकी तरफ देखने लगे.

सोनिया _ सेल रंडी की औलाद. रेट अपने माँ और बहन से जा कर पूछ. वो बताएगी कितने में चुदती है. मेरे ख्याल से साली को 500 भी मिल जाए तो बहुत है उनके लिए. चल हाट मेरे सामने से.

रमेश इतना सुने के बाद साइड हो जाता है. साइड होते hi वो तीनो आगे बढ़ जाते है. पर तभी एक आवाज़ आती है. जिसे सुन कर सोनिया पीछे मुद जाती है.

सोनिया _ वो कुत्ते अपने भड़वे दोस्तों को भी समझा दियो की दलाली अपनी माँ और बहनो का करे ना की दुसरो का.

राहुल ने जब देखा की कुछ लोग अब उनके तरफ hi आ रहे है तो वो अपनी दोस्तों को ले कर वह से निकल जाता है. वही सोनिया अपने फ्रेंड के साथ.

प्लेस - एयरपोर्ट

रात के 12:30 पर प्लेन देहरादून एयरपोर्ट पर लैंड करता है. मैं वह से एक टैक्सी ले कर घर के लिए निकल जाता हु. पर बिच रस्ते में hi टैक्सी ख़राब हो जाती है. टैक्सी वाले ने बहुत कोशिश किया पर टैक्सी ठीक नहीं हो पता है.

टैक्सी ड्राइवर _ सर आपको पैदल hi जाना पड़ेगा. क्युकी मेरी टैक्सी ठीक नहीं हो प् रही है. इस समय मैकेनिक भी नहीं मिल पायेगा. आप चाहे तो रात टैक्सी में hi बिता सकते है.

नकुल_ कोई nahi..main पैदल hi चला जाऊँगा. अगर रस्ते कोई लिफ्ट मिला तो में ले लूंगा.

टैक्सी ड्राइवर_ ok. सर.

नकुल_ ये लीजिये अपने पैसे.

टैक्सी ड्राइवर _ नहीं सर. मैं ये पैसे नहीं ले सकता. क्युकी पैसे मालिज़ल तक पहुंचने के लिए होते है, न की बिच रस्ते में उतरने के लिए.

नकुल_ बहुत hi अच्छी बात कही आपने. पर आप ये पैसे रख लीजिये. आपने फिर भी मुझे यहाँ तक पहुँच्या है. वैसे भी किसको पता था की बिच रस्ते में टैक्सी ख़राब हो जाएगी.

मेरे कहने पर टैक्सी ड्राइवर ने पैसे रख लिए. मैं ने अपना बैग अपने कंधे पर रखा और चल दिया.

मैं अपनी मस्ती में चलता जा रहा था. मुझे कोई दर नहीं था. मुझे कोई लूट लेगा. मैं बेखौफ रोड पर चल रहा था. मुझे नहीं पता था कितना आगे निकल आया हु. तभी कोई मेरे पीछे आ कर चिपक जाता है.

लड़की _ प्लीज मुझे इन गुंडों से बचा लो. ये मेरे इजात टूटना चाहते है.

मैं उस लड़की को अपने पीछे से हटाता हु. और अपने साइड करते हुए कहता हु.

नकुल_ आप शांत हो जाईये. आपको कुछ नहीं होगा. पहले आप ये बताईये आप इतनी रात को कहा से आ रही है.

लड़की _ मेरा नाम सोनिया है. मैं अपने फ्रेंड के साथ अपने के फ्रेंड के बड़े पार्टी में गयी थी. जब हम वह से वापस आ रहे थे तो हमारी कार ख़राब हो गयी. तो मेरी फ्रेंड ने अपनी पेरेंट्स को फ़ोन कर के बता दिया हमारी कार ख़राब हो गयी है. मेरी फ्रेंड की पेरेंट्स हमें वही रुकने को कहते हु कहा की वो हमें लेने आ रहे है. हम उनका वेट करने लगे. पर तभी ये गुंडे आ गए. हमारे साथ जबरजस्ती करने लगे. हम इन गुंडों को धक्का दे कर भागने लगे.

गुंडे भी हमारे पीछे भागे हमें पकड़ने के लिए. मेरी दो फ्रेंड को तो पकड़ लिया. पर उनके लीडर ने मुझे पकड़ के लिए कहा. वो मेरे पीछे आते hi होंगे.

नकुल_ हम्म आप शांत रहिये. आपको और आपके फ्रेंड को कुछ नहीं होने दूंगा.

अभी मैं सोनिया को शांत hi कर रहा था की वो गुंडे आ गए. आते hi एक गुंडे ने कहा.

ग1 _ ोये लड़की को हमारे हवाले कर के चलता बन.

नकुल_ जी ठीक है. आप आ कर इसे ले जाईये. मुझे इस कोई लेना देना नहीं.

ग1_ ोये जा उस लड़की ले कर आ.

सोनिया _ प्लीज मुझे इनके हवाले मत कीजिये.

नकुल_ मैं कोई पागल दिख रहा हु. जो अपनी जान किसी आंजने के लिए दू.

जैसे hi सोनिये भागने को हुई. मैं ने उसका हाथ पकड़ लिया. जब ग2 मेरे पास लेने आ तो मैं उसे रोक देता हु. ये देख कर पहले वाला कहता है. क्या हुआ.

नकुल_ भाई आप लो इस लड़की लगे hi. क्या मैं भी इस लड़की को..... अगर आप चाहे तो.

ग1_ नहीं तू चुपचाप इस हमारे हवाले कर.

नकुल_ भाई मैं ने पहली बार किसी लड़की की लूंगा. भाई भले ले मुझे सबसे लास्ट में छोड़ने देना.

ग3_ यार ले लेने दे. वैसे भी हम सब से छुड़ेगी hi. ये भी छोड़ लेगा तो क्या हो जाएगा.

ग1 _ चल ठीक है. पर मुझे भाई से पूछना पड़ेगा.

नकुल_ ठीक है भाई. भाई आप चलो मैं इसे पकड़ के लता हु.

ग1 _ क्यों सना बन रहा है. लड़की को ले कर भागना चाहत है.

नकुल_ क्या भाई. अगर मुझे भागना होता तो आपको देखते hi भाग जाता. मैं तो इस लिए कह रह था की भाई के सामने ....आप समझा रहे हो न.

ग1_ चल ठीक है. तू आगे चलेगा लड़की को ले कर हम तेरे पीछे समझा.

नकुल_ जी भाई.

उसके बाद मैं सोनिया को पकड़ के चल देता हु और वो गुंडे मेरे पीछे. सोनिया मुझे बहुत छूटने की कोशिश करती है. पर छूट नहीं पति. जिस कारन वो मुझे गालिया देने लगाती है. पर मैं उसकी गलियों को अनसुना कर के उसे खींचते हुए ले जाता हु.

कोई 15 मिनट के बाद मैं उस जगह पहुँचता हु जहाँ पर उसकी फ्रेंड और वो गुंडे थे. अपने साथियों के साथ मुझे और सोनियों को देखते हुए कहता है.

लीडर _ ोये इस लड़की के साथ ये लड़का कोण है.

ग1_ भाई ये भी इस लड़की को छोड़ना चाहत है. और इस ने लड़की को पकड़ कर हमें दिया है.

लीडर _ सेल तेरे डिंगा ख़राब है. जो इस अपने साथ ले आया. सेल कल को इसने पुलिस में कम्प्लेन कर दिया तो जनता है क्या हो सकता है हम सब के साथ.

नकुल_ ऐसा कुछ नहीं है भाई. ोये जा और अपने फ्रेंड के साथ चुपचाप कड़ी हो जा. जब तक मैं भाई से बात करता हु.

लीडर _ ोये ज्यादा सना समझा रहा है अपने आपको. चल भाग यहाँ से.

नकुल_ भाई क्या आप भी अगर मुझे ऐसा करना होतो मैं यहाँ आता. आप ऐसा सोच भी कैसे सकते है. और भाई थोड़ा प्यार और इजात से बात करो.

लीडर _ क्या कर लेगा सेल. भाग यहाँ से. कही ऐसा न no जान से मर दू.

नकुल_ क्या भाई आप मुझे जान से मरोगे. और मैं देखता रहूँगा.

लीडर _ ोये ये बकवास कर रहा है. और सेल तुम सब खड़े खड़े देख रहे हो. मारो सेल को.

लीडर की बात सुनते hi जो मेरे पीछे खड़े थे मुझे चारो तरफ से घेर लेते है. जैसे hi पीछे वाले ने मुझे पर लात मरता है. मैं साइड हो कर उसके गले पर अपनी कोणी का जोर दर प्रहार करता हु. वो सूखे पते की तरह निचे गिर जाता है. ये देख कर सामने वाला मुझ पर आगे बढ़ कर घुसे (मुक्के) लगा तर वॉर करने लगता है. मैं उसके प्रहार को रोकते हुए एक जोरदार पांच उस गुंडे के सीने के बीचो बिच मरता हो. जिस कारन उसकी दिल गति धीमी हो जाती है इसी के साथ मैं उस गुंडे का मुँह और नाक अपने हाथ से बंद कर देता हु. और वो भगवन को प्यार हो जाता है.

जब दो को मरते हुए देखा तो बाकि के दोनों पीछे हो जाते है. ये देख कर लीडर ने गुस्से में पागल हो जाता है. और वो अपने सभी मुझे मरने के लिए भेजता है. मैं ये देख कर मुस्कुराने लगता हु. मई जोर से चिल्लाते हुए रोको. वो जहाँ पर थे वही रुक जाते है.

नकुल_ क्या यार इन दोनों का हाल देखा ने के बाद भी बाकियों को मेरे पास मरने के लिए भेज रहे हो. अगर इतना hi दाम है तो इन्हे ना भेज कर खुद आजा. मैं भी तो देखु कितना दाम है तुझमे.

लीडर _ सेल बहुत छवि चढ़ गयी है तुझे. तू मुझे लड़ने के लिए कह रहा है. मैं लास्ट टाइम कह रहा हु. इन लड़कियों को छोड़ कर यहाँ से चलता बन.

नकुल_ अरे हाँ. अच्छा याद दिलाया. मैं तो भूल hi गया था. इन लड़कियों के भरे में. अब चल इन सब को जाने दे. इनके पेरेंट्स आने वाले hi होंगे.

लीडर _ अब समझा आया तू यहाँ इन लड़कियों को बचने आया था. सालो मुँह क्या देख रहे हो. मारो इसको वारं बॉस हम सब को मर देगा. अगर इन्हे नहीं ले कर गए तो.

और जैसे hi लीडर की ये बात सुनी सभी गुंडे मुझे मरने को दौड़ पड़े. और मैं भी दौड़ लगा दिया. मैं भी बचते हुए किसी मरने लगा. पर तभी एक गुंडे ने राइट हैंड पर चाकू से मरता है. मैं उस गुंडे को पीछे से पकड़ कर अपनी और खींचता हु. जैसे hi मेरे पास आता है उसका सर पकड़ कर घुमा देता है. और जो उसके हाथ चाकू था अपने हाथ में ले लेता हु.. और फिर सुरु हुआ मौत का नंगा नाच. 5 मिनट के अंदर लीडर को छोड़ कर सभी निचे मरे पड़े थे.. लीडर ने जब ये देखा तो अपनी जीप मैं बैठ कर नौ दो ग्याहर हो गया.

अब सिर्फ मैं और वो तीन लड़किया है वहां पर कड़ी थी. वो तीनो मुझे देख कर डरने लगी थी. खास कर सोनिया.

नकुल_ मुझे डरने की कोई जरुरत नहीं है. मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करुगा.

सोनिया _ तुम झूठ बोल रहे हो. मुझे पता है. तुम अब हम सब के साथ वही karoge,.jo ये लोग करने आये थे.

नकुल_ ऐसा कुछ नहीं है. मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करूँगा. तुम्हारे पेरेंट्स के आते hi मैं यहाँ से चला जाऊंगा,

नीतू _ ठीक है.

सोनिया _ क्या ठीक है. तुम अभी यहाँ से चले जाओ.

नकुल_ ok मैं यहाँ से चला जाता हु. पर मेरी बात ध्यान से सुनो. सब से पहले तुम पुलिस स्टेशन जा कर एक रिपोर्ट लिखवाना जिसमे लिखा लो की चार गुंडों ने तुम्हारी कार रोकवायी. और कार ले कर भाग गए. अब मैं चलता हु.

उसके बाद मैं वह से चल दिया. आगे जा कर रुक कर उन सब को छुप कर देखने लगा. ताकि कोई फिर से उन तीनो लो नुकसान ना पंहुचा दे. 10 मिनट के बाद एक कार आ कर रुकी वो सब उस में बैठ कर चले गए.

उसके बाद मैं भी अपने रस्ते हो गया. सुबह 4 बजे अपने घर पंहुचा गया. मुझे देख कर गार्ड ने गेट खोला. मैं अंदर चला गया. उसके बाद मैं ने घर का दूर बेल्ल बनायीं. ठोस देर बाद दूर ओपन हुआ. दूर सुनीता आंटी ने खोला था. मुझे सामने देख कर बहुत खुश हुई. और मुझे अपने गले लगा लिया. उसके बाद आंटी मुझे अंदर ले चली. मैं सुनीता आंटी से आराम करने को कह कर ऊपर अपने रूम चला गया.
 
अपडेट 131

अब तक

उसके बाद मैं भी अपने रस्ते हो गया. सुबह 4 बजे अपने घर पंहुचा गया. मुझे देख कर गार्ड ने गेट खोला. मैं अंदर चला गया. उसके बाद मैं ने घर का दूर बेल्ल बनायीं. ठोस देर बाद दूर ओपन हुआ. दूर सुनीता आंटी ने खोला था. मुझे सामने देख कर बहुत खुश हुई. और मुझे अपने गले लगा लिया. उसके बाद आंटी मुझे अंदर ले चली. मैं सुनीता आंटी से आराम करने को कह कर ऊपर अपने रूम चला गया.

अब आगे

8 बजे मेरी आँख खुली. मैं बाथरूम में जा कर फ्रेश हुआ. उसके बाद मैं कपडे पहन कर रेडी हो गया. जब टाइम देखा तो 8:40 हो रहे थे. मैं जल्दी से निचे चल दिया. जब सीढ़ियों से उतर रहा था तो दिंनिंग टेबल पर रानी और हीना बैठ कर ब्रेकफास्ट कर रही थी. जब रानी ने मुझे सीढ़ियों से उतरते देखा तो वो अपना ब्रेकफास्ट छोड़ कर कड़ी हो गयी. और मेरी तरफ दौड़ लगा दी. ये देख कर हीना हैरान हो गयी, आखिर रानी को क्या हुआ अपना ब्रेकफास्ट छोड़ ऊपर अपने रूम की तरफ दौड़ लगा दी.

हीना ने जब रानी की तरफ देखा तो मैं सीढ़ियों से निचे आ रहा था. मुझे यहाँ देख कर वो खुश हो गयी. उसने भी अपना ब्रेकफास्ट छोड़ कर मेरी तरफ भाग कर आने लगी. वही रानी उछाल कर अपने गले लग गयी और अपने दोनों पेअर मेरी कमर की तरफ कर के मुझे लपेट लिया. रानी ने मेरे मुँह पर किश की बरसत कर दी. मैं भी उसकी गलो पर किश किया.

नकुल_ बस कर मेरी गुड़िया. मुझे बहुत जोर की भूख लगी है.

रानी _ नहीं पहले मुझे ये बताओ आपने मुझे फ़ोन क्यों नहीं किया. मैं माँ से भी बहुत कहा की मुझे भैया से बात करनी है. पर वो मेरी सुनी नहीं रही थी. हर बार मुझे यही कहती की आपका no नहीं है.

नकुल_ हाँ आंटी सही कह रही थी. आंटी के पास मेरा no नहीं था. अच्छा सुना मुझे बहुत भूख लगी है. खाना कहते हुए बात करते है न.

रानी _ हाँ ठीक है. मैं नहीं चाहती मेरे भैया भूखे रहे. चलो आज मैं अपने हाथ से खाना खिलाऊंगी.

नकुल _ ठीक है. मुझे भी मेरी गुड़िया के हाथ से खाना खा कर बहुत मज़ा आएगा.

हीना _ क्या सारा प्यार इस बंदरिया के लिए hi है. मेरे लिए नहीं.

नकुल_ कैसी बात करती हो हीना. मैं तो तुम सब से बहुत प्यार करता हु.

मैं आगे बढ़ कर हीना को अपने गले लगा लेता हु. उसके माथे पर किश करते हुए कहता हु.

नकुल_ कैसी हो.

हीना _ ठीक hi हु.

Nakul_thik hi हु का मतलब.

हीना _ तो क्या कहु. बहुत मस्त हु.

नकुल_ लगता है तुम भी मुझे नाराज़ हो.

हीना _ नाराज़ क्यों न हु. आपने वहां जाने के बाद एक बार भी हमें फ़ोन तक नहीं किया. ये नहीं सोच हम कैसे होंगे. पता है हम सब तुम्हे कितना याद करते थे. माँ तो रोज तुम्हे याद करती थी. ये रानी तो आपको याद कर के रोने भी लगाती थी.

नकुल_ सॉरी हीना तुम्हे पता तो है की मैं वहां क्यों गया था. पर आगे से ऐसा नहीं करूँगा. अब तो मुझे माफ़ कर दो.

हीना _ ठीक है. आज तो माफ़ कर देती हु. पर अगर फिर कभी ऐसा किया तो हम सब तुमसे बात hi नहीं करेगी. क्यों रानी मैं ने सही किया न.

रानी _ हाँ दीदी, आपने बिलकुल सही कहा अगर आगे से भैया ने ऐसा किया तो हम सब इन्हे माफ़ नहीं करेंगे.

अभी हम सब बाते hi कर रहे थे की सुनीता आंटी किचन से बहाए आ गयी. कब मुझे रानी और हीना से बाते करते हुए देखा तो

सुनीता _ बीटा नकुल उठ गए. चलो ब्रेकफास्ट कर लो. मैं अभी लगाती हु.

रानी_ माँ भैया मेरे साथ खाएंगे. आप मेरे हो प्लेट में भैया का खाना निकल तो.

सुनीता_ ठीक है. चलो तुम सब बैठो.

उसके बाद मैं रानी के बगल में बैठ गया. और हीना मेरे सामने वाली चेयर पर. रानी मुझे अपने हाथ से खाना खिलने लगी. और मैं ने भी अपने हाथ से रानी को खाना खिलने लगा. सुनीता आंटी भी हम दोनों इस तरह खाना खिलते हुए देख कर खुश होने लगी. जब मैं ने हीना के तरफ देखा तो उसके चेहरे पर मुस्कान थी.

सुनीता आंटी ने भी हमारे साथ बैठ कर खाना खाने लगी. खाना खाने के बाद हीना रानी को ले कर चली गयी. अब घर में सिर्फ मैं और सुनीता आंटी hi थी. मैं ने सुनीता आंटी से कहा.

नकुल_ आंटी मैं जरा कॉलेज से हो कर आता हु.

सुनीता _ ठीक है बीटा.

और मैं ने अपनी बाइक की के के कर चल दिया. वही आंटी किचन की तरफ चल दी. अभी मैं घर का दूर ओपन करने hi वाला था की आंटी की आवाज आयी.

सुनीता_ नकुल एक मिनट रुको.

नकुल_ क्या हुआ आंटी. ( मैं सुनीता आंटी की तरफ मुड़ते हुए कह)

सुनीता _ बीटा ज़रीने तुमसे मिलाने आयी थी. उसे तुमसे कनिका के बारे में बात करना था. जब मैं उसे पूछा क्या बात है तो उसने मुझे कहा की मैं सिर्फ नकुल hi बताउंग. मेरे पास तुम्हारा no नहीं था. इस लिए मैं तुम्हे बता नहीं पायी. पर मैं ने अनामिका और मीनाक्षी को मैसेज कर दिया था.

नकुल_ ok आंटी मैं कॉलेज जा रही रहा हु तो मैं उसे वही मिल लूंगा.

सुनीता _ ठीक है. और हाँ बीटा एक बात और बतानी थी.

नकुल_ क्या बात आंटी.

सुनीता _ नकुल कल मैं उसे मिलाने तुम्हारे कॉलेज गयी थी. मैं उसे वह मिली भी थी पर मेरी उसे बात नहीं हो पायी. क्युकी ज़रीने ने कहा की वो मुझे एक घंटे बाद घर पर मिलाने को कहा कर मुझे घर भेज दिया. मैं वह से घर चली आयी. मैं उसका घर पर इंतज़ार करती रही पर वो नहीं आयी. नकुल मुझे दर लग रहा है कही उसके साथ कुछ हो न गया हो.

नकुल_ आप चिंता मत कीजिये. मैं उसे कुछ नहीं होने दूंगा.

फिर मैं घर से अपनी बाइक ले कर निकल गया. पर कॉलेज न जा कर सीधे ज़रीने के घर पर. मुझे ज़रीने के घर पर पहुंचने में 20 मिनट लगे. गेट पर मुझे देखते hi गॉर्ड ने गेट खोल दिया. मैं ने अपनी बाइक से अंदर चल दिया. बाइक को घर के दूर के सामने खड़ा करने के बाद मैं ने घर के दूर के पास जा कर दुर्बल बजायी.

3 मिनट के बाद दूर ओपन हुआ. दूर किसी नौकर ने खोला था. मुझे देख कर मुझे कहता है.

नौकर_ जी कहिये किसे मिलना है.

नकुल_ मिस ज़रीने से. जा कर उनसे कहो की नकुल आया है.

नौकर _ ज़रीने मैडम बहार गयी हुई है.

नकुल_ ok कब तक आएगी.

नौकर _ जी 2 महीने बाद. जब वो आएगी मैं उनसे कह दूंगा.

नकुल_ ok. एक काम कीजिये आप जस्मिने जी से जा कर कहिये नकुल आया है.

नौकर _ वो यहाँ नहीं है.

बस क्या था इतना सुनते hi मैं एक दिया खींच कर उसकी गाल पर. बेचारा निचे गिरा पड़ा अपने गाल पर अपने हाथ रख कर सहला रहा था. मैं उसका कालर पकड़ कर उठाते हुए कहा.

नकुल_ क्यों साले तुझे पता है मैं कौन हु.

नौकर _ जी आप कोई भी हो मुझे इसे क्या मतलब है.

नकुल_ अब मेरी बात ध्यान से सुन. ऊपर जा अपने मैडम जस्मिने को बुला कर निचे ला. और हाँ अगर वो निचे नहीं आयी तो मैं तुझे जान से मर दूंगा. और इसके के साथ एक और रख दिया उसे गाल पर.

फिर क्या था भागते हुए अंदर चला गया. मैं उसके पीछे पीछे चलते हुए हाल मैं जा कर एक सोफे पर बैठ गया. जस्मिने के आने का वेट करने लगा. मुझे ज्यादा वेट नहीं करना पड़ा. जस्मिने मेरे पास आते हुए कहने लगी.

जस्मिने _ hi नकुल कैसे हो.

नकुल _ मैं तो ठीक हु. पर मुझे नहीं लगता मुझे यहब देख तुम ठीक होगी.

जस्मिने _ कैसी बात करते हो. मुझे बहुत अच्छा लगा तुम्हे यहाँ देख कर.

नकुल_ पर तुम्हारे इस नौकर की बातो से तो मुझे ऐसा नहीं लगता की तुम मुझे यहाँ देख कर ख़ुशी हुई हो.

जस्मिने_ वो क्या है न ये यहाँ पर नया है. इस लिए इस नहीं पता किस्से किस तरह बात करना चाहिए. जाने दो बेचारा गरीब है. अच्छा ये बताओ क्या लोगे. ठंठा या गरम.

नकुल_ फ़िलहाल तो मुझे इन में से कुछ भी नहीं चाहिए. तुम सिर्फ ज़रीने को बुला दो. मुझे उसे बात करनी है. और हाँ ये मत कहना की वो बहार गयी हुई है.

जस्मिने _ इसमें कहने की क्या बात है. ज़रीने दो महीने के लिए अपनी किसी सहेली के शादी में गयी हुई है. जब मैं पूछा दो महीने के लिए क्यों तो उसने कहाँ बस ऐसे hi घूमने का मैं कर रहा है.

नकुल_ एक बात मेरी कान खोल कर सुन लो. अगर ज़रीने यहाँ 1 घंटे के अंदर अंदर यहाँ नहीं आयी तो तुम अपनी और बेटी सोच लेना मैं तुम्हारे साथ क्या करूँगा. सिर्फ एक घंटे. चल जल्दी से अपने पति फ़ोन कर के यहाँ आने को कह. और अपने किसी नौकर को भेज के अपनी बेटी को घर बुलवा ले.

जस्मिने _ नकुल मैं सच कह रही हु. ज़रीने अपने सहेली के साथ गयी हुई है.

नकुल_ सायद मेरी बात तुझे समझ नहीं आयी.

ये बात मैं इस तरह गयी थी की जस्मिने की रूह तक कैंप गयी थी. इस लिए उसने सब से पहले अपने एक नौकर को बेटी को घर लाने के लिए भेज दिया. उसके बाद जस्मिने ने अपने पति को फ़ोन करती है. मैं जस्मिने से उसका फ़ोन लेता हु.

नकुल_ कैसे हो मर. गुलशन खान.

गुलशन खान_ नकुल तुम मेरे घर पर क्या कर रहे हो.

नकुल_ फ़िलहाल तो बैठा हुआ हु. अभी तक कुछ किया नहीं. पर अगर तुम मुझे यहाँ पर 30 मिनट के अंदर नहीं मिले तो .... मेरी बात समझे.

गुलशन खान _ देखो मेरी बीवी के साथ कुछ मत करना मैं आ रहा हु.

नकुल_ 30 मिनट

उसके बाद मैं ने फ़ोन कट कर दिया. और जस्मिने की तरफ देखते हुए कहा.

नकुल_ क्यों जाने मान सही कहाँ न मैंने तुम्हारे पति से. अच्छा एक काम करो एक मत सा कॉफ़ी बना कर लाओ. और हाँ तुम खुद बनाओगी.

फिर क्या था जस्मिने जल्दी से अपनी सीट से उठी और किचन की तरफ अपनी गांड मटकते हुए चली दी. अभी जस्मिने किचन के अंदर अपना पहल कदम hi रखा था की दुर्बल बज गयी. जैसे hi जस्मिने दूर की तरफ मुड़ी मैं उसे रोकते हुए कहा.

नकुल_ जस्मिने तुम अपने काम पर ध्यान do..door तुम्हारा कोई नौकर खोल देगा.

जस्मिने _ हम्म.

उसके बाद जस्मिने किचन के अंदर चली गयी. मैं ने एक नौकर को दूर ओपन करने के लिए कहा. और मैं जस्मिने के फ़ोन देखने लगा. मैं ने अभी जस्मिने का व्हाट्सप्प पर hi क्लिक किया था की मेरे कानो में बहुत hi मधुर आवाज़ पड़ी. जब मैं पीछे मुद कर देखा तो ये गुलशन खान और जस्मिने का प्यार सपुत्र जावेद खान था.

नकुल_ कैसे हो जावेद.

जावेद खान _ तुम यहाँ क्या कर रहे हो. तुम्हे अंदर किसने आने दिया.

नकुल_ ये बात तो अपने बाप से पूछना जो अभी आने वाला है. वही बताएगा तुझे मुझे किसने अंदर आने दिया. अगर ज्यादा hi जल्दी है तो अपनी माँ से पूछ ले जो किचन में मेरे लिए मस्त सा कॉफ़ी बना रही है.

जावेद खान _ सेल

अपनी इतना hi कहाँ था की वो निचे फ्लोर पर पड़ा हुआ था. क्युकी मैं उसे के जो कर थप्पड़ उसके गाल पर मारा था. आवाज इतनी तेज़ ठीक की जस्मिने किचन से बहार आ गयी. और अपने बेटे की हालत देख कर जैसे hi आने को हुए. मैं उसकी तरफ देखते हुए कहा.

नकुल _ जो काम दिया है. वो जा कर यहाँ आने की कॉसिश भी मत करना वर्ण अपने बेटे को जिन्दा नहीं देख पायेगी.

फिर क्या था वो किचन में चली गयी. और मैं जावेद की तरफ देखते हुए कहता हु.

नकुल_ मेरी बात ध्यान से सुन सेल रंडी के औलाद. जुबान संभल कर बात कर. अगर दुबारा अपना गुत्तर जैसा मुँह खोला न तो जिंदगी भर बोलने लायक नहीं रह पायेगा.

मैं उसे वही छोड़ कर सोफे पर आ कर बैठ गया. मैं दुबारा जस्मिने का फ़ोन उठा हु और ओपन करना छह तो वो लॉक को गया था. इस लिए मैं ने उसका बाद वही टेबल पर रखा दिया. और टीवी ों कर दिया. एक मस्त सा सांग लगा दिया.

जस्मिने मेरे ली कॉफ़ी ले आयी. मैं ने कॉफ़ी लेते हु और उसे बैठने के लिए कहता हु. जस्मिने चुपचाप एक तरफ सोफे पर बैठ जाती है. मैं कॉफ़ी का पीने लगा. अपनी दो तीन hi गोत पी थी. सामने देखते हुए कहता हु.

नकुल_ कॉफ़ी काफी ाचा बना लेती हो.

जस्मिने _ हम्म. तुमने मेरे बेटे को क्यों मारा था.

नकुल_ कुछ नहीं जाने मान वो क्या कहना उसे अपने बाप से बात करने का तरीका नहीं पता था. तो मैं उसे एक रख कर समझा दिया.

जस्मिने इतना सुने के बाद भी बिलकुल चुप बैठी हुई थी. उसे पता था की मैं उसके साथ क्या कर सकता हु. पर जावेद चुप न रहे सका. और उसे मरने के लिए जैसे hi मैं उठाने को हुआ. जस्मिने ने मुझे रोक लिया. मैंने भी उसे जाने दिया. क्युकी मुझे अभी ज़रीने से बात करनी थी.
 
अपडेट 132

अब तक

जस्मिने इतना सुने के बाद भी बिलकुल चुप बैठी हुई थी. उसे पता था की मैं उसके साथ क्या कर सकता हु. पर जावेद चुप न रहे सका. और उसे मरने के लिए जैसे hi मैं उठाने को हुआ. जस्मिने ने मुझे रोक लिया. मैंने भी उसे जाने दिया. क्युकी मुझे अभी ज़रीने से बात करनी थी.

अब आगे

जस्मिने _ नकुल प्लीज रुक जाओ. वो नादाँ है, उसे नहीं पता बड़ो या घर आये मेहमान से कैसी बात करनी चाहिए. मैं अपने बेटे के इस वहवर से जो तुम्हे तकलीफ हुई है उसके लिए मैं तुमसे माफ़ी मांगती हु.

नकुल_ ठीक है. इस बार तो माफ़ किया पर अगर इसने दुबारा अपना मुँह खोला तो इसके लिया अच्छा नहीं होगा.

जस्मिने _ ठीक है. ये ऐसा नहीं करेंगे. मैं तुम्हे विश्वास दिलाती हु.

नकुल_ ok. अब तुम अपना फ़ोन निकल लो अपने पति मेरी बात करवाओ. और हाँ अपने एक नौकर को भेज कर सबसे छोटी बेटी को यहाँ बुलवाओ. ध्यान रहे तुम्हारे पास सिर्फ 40 मिनट है.

जस्मिने _ ठीक है.

उसके बाद जस्मिने ने अपने नौकर को बुला कर उसे अपनी सबसे छोटी बेटी को यहाँ लेन लिए भेज दिया. फिर अपने पति को फ़ोन करने लिए अपना टेबल से उठती है. फ़ोन लेने के बाद अपने पति को फ़ोन मिला देती है. मुश्किल से अपनी 2ंद रिंग hi हुई थी की जस्मिने के पति गुलशन खाने फ़ोन रिसीव करता है.

गुलशन खान _ Hello जस्मिने.

जस्मिने _ गुलशन वो नकु.........

अभी इतना hi बोलै था की मैं ने फ़ोन ले लिए. मैं ने फ़ोन ले कर अपने कान पर लाया. उसे hello hello की आवाज आ रही थी.

नकुल_ hello hello करना बंद करो गुलशन.

गुलशन खान _ तू तू तुम मेरे घर क्या कर रहे हो.

नकुल_ क्या बात है गुलशन तुम ने तो मेरी ऐसे पहचान लिया, मानो घंटो फ़ोन पर बात होती हो हम दोनों की.

गुलशन खान_ मैं इस आवाज़ को कैसे भूल सकता हु. जिसने मेरी घर में घुस कर.......

नकुल_ बस बस मुझे उस पुराने वाक्य से कोई लेना देना नहीं है.

गुलशन _ तो फिर तुम मेरे घर क्या कर रहे हो.

नकुल_ मेरी बात ध्यान से सुन. अगर तुम यहाँ 30 मिनट के अंदर अंदर नहीं आया तो मैं तेरी बीवी और बेटियों ले साथ वो सब करूँगा जिसके बारे में तू ने कभी सोचा भी नहीं होगा.

गुलशन खान hello hello करता रहा पर मेरी आवाज़ उसे नहीं सुनाई दिया तो वो समझा गया की फ़ोन कट गया है. अब गुलशन खान को ये समझा नहीं आ रहा था की मैं दुबारा उसके घर क्यों आया हु. पर मेरी उस समय की बात को जैसे hi ध्यान आया तो वह से तुरंत hi अपनी कार में बैठ कर अपनी घर के लिए निकल गया.

वही मेरे फ़ोन रखने के बाद जब मैं जस्मिने की तरफ देखा तो उसके चेहरे का रंग पीला पद गया था. मैं समझा गया की मेरी और गुलशन खान की बातो को ले कर इसके होस उड़ गए है.

नकुल_ तो मरस जस्मिने मैं तुम से साफ़ साफ़ शब्दों में जो भी पूछता हु. उसका जवाब भी साफ़ साफ़ शब्दों होना चाहिए. अब मेरी बात ध्यान से सुनो. ज़रीने कहा है.

जैसे मेरी मुँह से जसरीने के बारे जस्मिने ने सुना वो हैरान हो गयी. उसे इस सवाल का कोई भी अंदाज़ा नहीं था की मैं यहाँ ज़रीने के बारे में जाने के लिए आया हुआ हु. अब जस्मिने को दर लेन लगा था. कही मैं उसके और उसके बेटियों के साथ कुछ गलत न कर दू. फिर जस्मिने अपने मैं को समझते हुए शांत करती है. मैं यहाँ जस्मिने के चेहरे के हर भाव को बड़े ध्यान से देख रहा था जो हर पल के साथ बदल रहे थे.

जस्मिने _ मुझे बस इतना hi पता है की ज़रीने अपनी किसी फ्रेंड की सिस्टर के साथ में गयी हुई है. और कब तक आएगी मुझे नहीं पता है.

नकुल_ मरस जस्मिने मैं जो पूछा है. उसका बिलकुल सही सही जवाब चाहिए. अगर अब झूठ बोलै न तो तुम्हारी सबसे छोटी बेटी के साथ मैं क्या करूँगा सायद तुम वो देख न सको. ज़रीने कहा है.

जस्मिने _ नकुल मैं सच कहा रही हु. मुझे जो कुछ भी पता था मैं ने तुम्हे बता दिया.

नकुल_ सायद तुम्हे अपनी बेटी से प्यार नहीं है. जो अभी झूठ बोल रही हो. वो मेरे सामने.

जस्मिने _ सच कहा रही हु. मैं अपनी बेटी ज़रीने की कसम खा कर कहती हु.

नकुल_ चलो मैं तुम्हारी बात सही मान ली. पर क्या तुम मुझे बताओगी. अपनी किस फ्रेंड के सिस्टर की शादी में गयी हुई है. मुझे उसकी पूरी डिटेल चाहिए.

जैसे hi मैं ये कहा. जस्मिने बुरी तरफ फस गयी. वो अब क्या करे. अभी वो कुछ कहने hi वाली थी की दुर्बल बजी. दुर्बल की आवाज़ सुनकर जैसे hi जस्मिने उठाने को हुई. मैं ने उसे वही बैठे रहने का इशारा किया और खुद अपनी सीट से खाद हो गया और जा कर दूर ओपन किया तो सामने रूबी खान कड़ी थी, जस्मिने की सबसे छोटी बेटी.

मैं उसे अंदर आने का रस्ते दिया. वो भागते हुए अंदर आ कर अपनी माँ के पास जा कर बैठ गयी. मैं ने दूर क्लोज किया और वापस अपनी सीट पर आ कर बैठ गया.

अपनी सीट पर बैठते hi मैं जस्मिने की तरफ देखा जो अपनी बेटी को अपनी बाँहों में समेटे हुए बैठी हुई थी. मैं एक बार रूबी की तरफ देखत हु. फिर जस्मिने की तरफ देखते हुए कहता हु.

नकुल_ क्या अब भी तुम मुझे नहीं बताओगी. की ज़रीने कहा पर है.

रूबी खान _ तुम्हे दीदी से क्या मतलब है. तुम जाओ यहाँ से नहीं तो पुलिस को फ़ोन कर दूंगी.

नकुल_ क्या जानेमन तुम ने अपनी बेटी को अभी तक मेरे बारे में नहीं बताया. मैं क्या क्या कर सकता हु.

जस्मिने _ नकुल देखो मेरी बेटी से दूर रहना. मैं ने तुम्हे सब कुछ बात दिया. जो भी मुझे पता है.

नकुल_ सायद तुम्हे मेरी बाते मजाक लग रही है. इसलिए तुम अभी तक अपना मुँह नहीं खोला है.

फिर मैं इसी के साथ अपनी सीट से खड़ा होता हु. और जैसे रूबी का हाथ पकड़ कर अपने पस खींच लेता हु. वैसे hi जस्मिने अपनी सीट से कड़ी हो कर मेरी तरफ बढ़ी पर मैं उसे अपने एक हाथ से रोकते हुए वापस जस्मिने को अपनी सीट पर उसके बाद मैं ने रूबी को अपनी पास बैठते हुए.

नकुल_ लास्ट टाइम पूछ रहा हु. ज़रीने कहाँ पर है.

जस्मिने _ मुझे नहीं पता ज़रीने कहा पर है. तुम मेरी बेटी को छोड़ दो.

नकुल_ मैं तुमसे कुछ नहीं पूछूंगा. अब जो भी कहोगी तुम अपने आप.

इसके के साथ मैं रूबी को अपनी गौड़ में बैठ लेता हु. उसके बाद मैं अपना एक हाथ उसकी स्तन पर तो दूसरा हाथ उसकी स्कर्ट अंदर उसकी छूट पर. मैं ने उसकी छूट अपने हाथ से रगड़ने लगता हु और दूसरे हाथ से स्तन को मसलने लगता हु. जिसे देख कर जस्मिने रट हुए कहती है.

जस्मिने _ नकुल प्लीज मेरी बेटी के साथ ऐसा मत करो. उसे छोड़ दो उसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है. मैं सच में ज़रीने के बारे में जो कुछ भी जानती थी मैं ने तुम्हे बता दिया है.

मैं रूबी की स्तन को कपडे के ऊपर से उसके निप्पल पकडे के जोर से मसल देता हु. जिस कारन रूबी के मुँह से आआ माआ आआ की आवाज़ निकल के पुरे घर में गूंज जाती है. रट हुए रूबी अपने माँ से कहती है.

रूबी खान _ माँ मुझे इसके हाथो से बचा लो.

नकुल_ जस्मिने सुना तुम्हारी बेटी क्या कह रही है. अभी तो सिर्फ मैं इस तुम्हारे सामने कपडे ऊपर से hi किया है. अगर अभी तुमने अपना मुँह नहीं खोला तो इस तुम्हारे सामने hi नंगी कर के छोड़ने लगाऊंगा. और तुम मेरा कुछ नहीं कर सकती.

जस्मिने _ देखो नकुल तुम ठीक नहीं कर रहे हो. मैं कहाँ न मुझे कुछ नहीं पता. और जो मुझे पता था मैं ने बता दिया.

नकुल_ ठीक है फिर.

फिर मैं ने अपना हाथ स्कर्ट के अंदर से निकल कर रूबी खान के शर्ट को पकड़ता हु. और जोर से खींच देता हु. जिस वजह से उसकी शर्ट के बटन टूट जाते है. और रूबी की रेड ब्रा में कैद स्तन सामने आ जाते है. जहाँ जस्मिने की मुँह से एक चीकू निकली वही दूसरी और जावेद खान खड़ा को कर मुझे पर हमला करता है. जिस बात की मुझे आकांक्षा थी.

पर हुआ इसका उल्टा hi. मुझे तो कुछ नहीं हुआ, पर जावेद खान निचे बेहोस पड़ा था. हुआ कुछ इस तरह जब मैं रूबी कपडे को पहाड़ तो जावेद खान एक वैसे उठा मुझे मरने के लिए दौड़ कर मेरे पास आया. जैसे hi मुझ पर उस वैसे से मेरे सर पर मरता है. मैं रूबी को अपनी गौड़ से उठा कर साइड कर देता हु. और एक हाथ से उस वैसे को पकड़ लेता हु. उसे छीन कर मैं जावेद के सर पर hi मर देता हु. जिस वजह से वो बेहोस हो जाता है. यही वजह थी जिस कारन जस्मिने ने जोर से चीखती है.

अभी जस्मिने कुछ बोलने hi वाली थी की दुर्बल बजने लगी. मैं ने जस्मिने को दूर खोलने के लिए कहा. जिस पर वो चुप चाप अपने जगह से कड़ी होती है. दूर की तरफ चल देती है. जस्मिने एक बार अपने बेटे की तरफ देखती है. और जैसे hi अपने बेटे ले पास बैठने को हुए मैं ने उसे जा कर दूर खोलने के लिया कहा. फिर वो जा कर दूर खोलती है. तो देखती है की दूर पर गुलशन खान खड़ा होता है.

जस्मिने गुलशन खान को देख कर उसके गले लग जाती है. और रट हुए कहती है.

जस्मिने _ गुलशन जावेद.

गुलशन खान _ क्या हुआ जावेद को.

जस्मिने _ जावेद बेहोस पड़ा हुआ है.

गुलशन खान_ क्या, पर कैसे?

फिर जस्मिने ने गुलशन खान को साडी बात दूर के पास hi रट हुए बताने लगी. जब गुलशन खान ने ये सब सुना तो गुस्से में अपने आदमियों को मुझे मरने के लिए भेजता है. पर सायद वो भूल गया था की मैं कौन हु और क्या कर सकता हु. जैसे hi उसके आदमी मेरी तरफ मुझे मरने के लिए बड़े. वो सब भी जावेद की तरह फ्लोर पर पड़े हुए थे पर बेहोस नहीं मुर्दा.

जब गुलशन खान ने अपनी आदमियों की लाश को देखा तो उसे अपनी गलती का एहसस होता है. फिर वो अपनी बीवी को साथ ले कर अंदर आता है. और एक तरफ सोफे पर बैठ जाता है. फिर मैं भी रूबी के पास बैठ जाता हु. और रूबी को अपनी गौड़ में बैठता हु. अपने दोनों हाथ को रूबी के स्तनों पर रख कर धीरे धीरे मसलते हुए जस्मिने और गुलशन खान की तरफ देखा ने लगता हु.

गुलशन खान_ नकुल मेरी को छोड़ दो. तुम्हे जो चाहिए मैं देने को तैयार हु.

नकुल_ ठीक है. तो मेरी बात ध्यान से सुन. ज़रीने को अगले 20 मिनट के अंदर अंदर यहाँ पर होना चाहिए. जहाँ वो कही पर भी हो. और हाँ उसके शरीर पे एक खरोच मुझे देखे दिया तो तेरी बेटी को तेरे सामने hi नंगा कर को छोड़ दूंगा.

गुलशन खान_ पर ज़रीने तो अपनी फ्रेंड की सिस्टर के शादी में गयी हुई है. वो इतने जल्दी कैसे आ सकती है.

नकुल_ तुझे मेरे चेहरे को देख कर क्या लगता है. अपनी सोच को अपनी बीवी की छूट दाल. मैं जो कहा है वो कर.

गुलशन खान _ मैं सच कहा रहा हु.

नकुल_ वो चूतिये अपने उस बाप को फ़ोन लगा. और कहा की ज़रीने को यहाँ ले कर आये. और ये मत समझाना की मुझे कुछ नहीं पता. चल जल्दी कर.

जब गुलशन खान ने मेरी बात सुनी तो उसकी गांड की साडी हवा hi निकल गयी. और एक बार अपनी बीवी जस्मिने की तरफ देखते हुए अपना फ़ोन निकलता है. और एक मैसेज करता है.

गुलशन खान _ वो आ रही है. अब तो मेरी बेटी छोड़ दो. और मेरे बेटे को हॉस्पिटल ले जाने दो. नहीं तो वो मर जायेगा.

नकुल_ ठीक है.

उसके बाद मैं रूबी को छोड़ दिया. और रूबी उठ कर अपनी माँ के पास चली जाती है. जस्मिने अपने बेटी को ले कर उसके रूम की तरफ चली जाती है. गुलशन खान अपने बेटे के पास चला जाता है. जैसे hi वो अपने बेटे को ले कर बहार जाने को होता है. मैं ने उसे रोक दिया और उसके बेटे को नौकर के दवारा हॉस्पिटल भेज देता हु.
 
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अब तक

उसके बाद मैं रूबी को छोड़ दिया. और रूबी उठ कर अपनी माँ के पास चली जाती है. जस्मिने अपने बेटी को ले कर उसके रूम की तरफ चली जाती है. गुलशन खान अपने बेटे के पास चला जाता है. जैसे hi वो अपने बेटे को ले कर बहार जाने को होता है. मैं ने उसे रोक दिया और उसके बेटे को नौकर के दवारा हॉस्पिटल भेज देता हु.

अब आगे

समय गुलशन खान मेरे सामने सोफे बैठा हुआ था. वो बस मेरी तरफ देख रहा था की मैं उसे कुछ कहु. उसके अंदर इतनी भी हिम्मत नहीं बची थी. अब मेरे सामने अपना मुँह खोल सके.

नकुल_ हाँ तो गुलशन खान जरा ये बताने का कष्ट करेंगे की ज़रीने अभी इस वक़्त कहा पर है. झूठ बोलने की कोशिश भी मत करना.

गुलशन खान _ देखो नकुल तुम्हे इसे कोई लेना देना नहीं है. की मेरी बेटी कहा और किस हालात में है. मैं उसका बाप हु मैं उसका भला बुरा सब समझाता हु. इस लिए तुम यहाँ से चुप चाप चले जाओ. अब तक तुम ने जो कुछ भी किया मैं उसे भूल जाऊंगा.

नकुल_ क्या बात है. अभी थोड़े देर पहले दर के मारे तुमने उसे यहाँ लेन के लिए किसी को मैसेज किया है. और जब मैं ने तुमसे ये पूछा की वो कहा है तो तुम मुझे ज्ञान देने लगे. क्या बात हैं

गुलशन खान_ अच्छा तो तुम्हे लगत है. की मैं ने वो मैसेज तुम्हारे लिए किया है. तुम ठीक सोच रहे हो. पर इसमें थोड़ा से करेक्शन कर देते है.

नकुल_ मैं कुछ समझा नहीं.

गुलशन खान _ इसमें समझने वाली क्या बात है. सायद तुम ये भूल रहे हो की तुम्हारे चाहने वाले भी यही रहते है. बस तुम थोड़ा सा वेट करो वो भी आते hi होंगे.

नकुल _ तो बात है. चलो कोई नहीं. तुम थोड़ा वेट करो अभी तुम्हारे पास फ़ोन आ जायेगा.

जब मैं ये कहा तो गुलशन खान हैरान हो गया. की मैं उसकी बात से दर क्यों नहीं. तो बात यह की घर से निकलने से पहले में अनामिका और माया की टीम को अपने घर के पास hi नज़र रखने के लिए कहा दिया था. मुझे पता था गुलशन खान ऐसा hi करेगा. वही जस्मिने अपनी बेटी को ले कर हमारे पास आ गयी और एक तरफ सोफे बैठ गयी अपने बेटी के साथ. अभी मैं उसे कुछ कहता की गुलशन खान का फ़ोन रिंग करने लगा.

नकुल_ फ़ोन उठाओ खान साहेब. आपके चाहने वाले का फ़ोन है.

मेरी बात सुन कर गुलशन खान ने अपना फ़ोन उठाया. उधर से जो बात सुनी. गुलशन खान का चेहरे का रंग hi बदल गया. सत्य hi उनके हाथ में जो फ़ोन था वो भी छूट कर निचे गिर गया.

नकुल_ क्या हुआ खान साहेब.

गुलशन खान _ नकुल प्लीज तुम कुछ मत करना मैं अभी ज़रीने को यहाँ बुलाता हु. बस तुम मुझे 20 मिनट्स का टाइम दो.

नकुल_ ठीक है. तुम्हारे पास 20 मिनट का टाइम है. पर जो गलती तुमने की है. उसकी पनिशमेंट जरूर मिलेगी.

गुलशन खान _ मुझे मंजूर है. पर तुम मेरी बेटी और बीवी के साथ कुछ मत करना.

नकुल_ ये तुम्हे पहले सोचना चाहिए था. अब तो सज्जा की बरी है. तो पनिशमेंट ये है की तुम्हारी बीवी या बेटी में से कोई आ कर मेरा लुंड चूसेगी. और हाँ अगर मुझे 10 मिनट के अंदर मेरा वीर्य निकल दिया तो मैं किसी को नहीं छोडूंगा. अब तुम देखा लो.

गुलशन खान _ प्लीज ऐसा मत करो.

नकुल_ सायद तुम ये चाहते हो की तुम्हारी बेटी और बीवी को तुम्हारे घर के नौकर चोदे. तो ठीक है. मैं अभी बुलाता हु.

जस्मिने _ नहीं नकुल तुम किसी को नहीं बुलाओगे. मैं तैयार हु.

रूबी खान_ नहीं माँ आप यही नहीं करेगी. मैं नहीं चाहती मेरी माँ ऐसा काम करे. नकुल मैं रेडी हु. तुम मेरी माँ को छोड़ दो.

नकुल_ ठीक है. आजाओ फिर तुम. मुझे इसे कोई फर्क नहीं पड़ता कौन कर रहा है.

जस्मिने _ मैं कहा न मैं करुँगी. तुम चुचाप यही बैठी रहो.

रूबी खान_ आप नहीं, मैं करुँगी.

जस्मिने _ कहा न मैं करुँगी.

दोनों माँ बेटी मैं मैं कर ृत्त लगा रही थी. मुझे उनकी मात सुनकर गुस्सा आने लगा. पर तभी मेरे मैं में के ख्याल आया.

नकुल_ चुप बिलकुल चुप. अगर अभी तुम दोनों ने आवाज़ निकली न तो तुम दोनों को छोड़ दूंगा.

जैसे hi मैं डोडो से कहा. बिलकुल चुप हो गयी. और दोनों मेरी तरफ देखने लगी. अभी जस्मिने आपने मुँह खोलने को हुई थी उसे घर कर देखा. मुझे अपनी तरफ इस तरह देखते hi अपना मुँह बंद कर लिया. मैं दोनों की तरफ देख कर कहा.

नकुल_ मेरी बात ध्यान से सुनो. तुम दोनों में से जो भी पहले यहाँ आ कर मेरे लुंड निकल कर अपने मुँह में ले लेलेगा. वही मेरे लुंड को चूसेगा.

जैसे hi मेरी बात ख़त्म हुई दोनों अपनी सीट से कड़ी हुई और मेरी तरफ लपकी. एक तरफ रूबी तो दूसरी तरफ जस्मिने. फिर जस्मिने ने मेरी पंत की चैन खोल दी तभी रूबी ने अपना हाथ अंदर दाल कर मेरा लुंड निकल लिया.

दोनों माँ और बेटी मेरा लुंड देख कर हैरान हो गयी. दोनों आँखें फाडे मेरा लुंड देख रही थी. जैसे hi रूबी ने मुँह आगे किया वैसे hi जस्मिने ने भी आगे बढ़ा दिया. नतीजा ये हुआ की दोनों का मुँह एक साथ मेरे लुंड के सूपड़ा आ गया.

नकुल_ क्या बात है. तुम dono.jeet गयी. इस लिए. पहले जस्मिने मेरे लुंड को चूसेगी. उसके बाद रूबी.

जस्मिने _ पर के कंडीशन है.

नकुल _ क्या?

जस्मिने _ अगर मैं ने तुम्हारा लुंड से वीर्य निकल दिया तो तुम मेरी बेटी के साथ कुछ नहीं करोगे.

नकुल _ ठीक है. तो सुरु हो जाओ. पाए ध्यान रहे अगर तुम ऐसा नहीं कर पायी तो मैं तुम्हारी बेटी को छुड़ाना होगा. बोलो क्या कहती हो अब.

जस्मिने _ मुझे मंजूर है.

नकुल _ तो लग जाओ अपने काम पर. तुम्हारे पास 10 मिनट्स है.

मेरे कहते hi जस्मिने मेरे लुंड को अपने मुँह में ले कर चूसने लगी. एक डैम मस्त चूस रही थी. जैसे चूस रही थी जैसे कोई आइस क्रीम चुस्त है. मैं तो मस्त हो गया था जस्मिने के चूसै को देख कर मुझे तो पता hi नहीं चला कब 15 मिनट हो गए.

मेरा ध्यान तो तब क्या जब मेरे फ़ोन पर एक मैसेज आया. मैं देखा तो 15 मिनट हो चुके थे. मैं जस्मिने के बाल पकड़ कर उसे अपने लुंड से हटाया.

जस्मिने _ क्या हुआ. मुझे क्यों रोका.

नकुल_ जानेमन 15 मिनट हो गए है. जब की तुम्हारे पास 10 मिनट का टाइम था. चल अब हो. मुझे तेरी बेटी को छोड़ना है.

जस्मिने _ नकुल प्लीज उसे जाने दो चाहे तो मेरे साथ कर लो.

नकुल _ तो चल जल्दी से घोड़ी बन जा.

मेरी बात सुनते hi जस्मिने सदी और पेटीकोट निकल दी और घोड़ी बन गयी. क्या लग रही थी पूछो hi मत. मैं ने उसकी पंतय को भी निकल दिया. अब मेरे सामने जस्मिने की छूट और ासशोले बिलकुल साफ़ दिखाई दे रहे थे. मैं ने अपना लुंड जस्मिने की छूट पर रख के जो का शॉट मरता हु. और मेरा 7 इंच लुंड अंदर चल गया.

जस्मिने _ आआ माँ मर गयी. आआई नकुल प्लीज निकालो मेरे अंदर से.

नकुल _ चुप कर साली. नौटंकी करना बंद कर समझी. तीन तीन बचे निकल दिए है. फिर भी ऐसे चीला रही जैसे पहले पर ले रही.

जस्मिने _ प्लीज नकुल?

नकुल_ क्यों बे सेल अपनी बीवी को सही से छोड़ता नहीं है क्या. जो इस तरह चिल्ला जैसे पहली बार ले रही हो. या तेरा मेरे से भी छोटा है.

मेरी बात सुना कर गुलशन खान ने अपना चेहरा निचे झुका लिया. सायद आज पहली बार गुलशन खान अपने आप को बेबस समझ रहा था. मैं जितना लुंड अंदर गया था उतने से hi जस्मिने की चुदाई करना लगा.

जस्मिने _ आ अम्मा आआ ऐसे hi करते रहो आआ आइईईईईई कक्कक्क्स मज़ा ाअरहा हाई. ऐसे hi अअअअअ माआ.

नकुल_ तू चिंता मत क्र मेरी जान. तू बस मज़े ले.

रूबी मेरी तरफ खा जाने वाली नज़रो से देख रही थी. अगर उसका बस चलता तो अभी मुझे जान से मर देती. मैं ने उसकी तरफ देखते हुए कहा.

नकुल_ क्यों जानेमन तुझे भी अपने माँ की तरह छुड़ाना है क्या जो इस तरह मेरी तरफ देख रही है.

रूबी खान _ चुपपपपप हो जाओ. एक शब्द भी अपने मुँह से मत निकलना.

नकुल_ देख साली देख तेरी बेटी के अंदर कितना आग है. साली निचे से तो पानी छोड़ रही है. मुँह से आग उगाल रही है.

मेरी बात को सुनते hi रूबी ने अपनी आँखे नीच कर की. मैं ये देख कर मुस्कुरा दिया. और जस्मिने से कहता हु.

नकुल_ देखा अपनी बेटी को. कैसे मेरी बात को सुन कर अपनी नज़ारे झुका ली.

जस्मिने _ नकुल मैं आआआए अअअअअ वालीईई हु. रुकना मात

जैसे hi मैं ये सुना एक तगड़ा शॉट लगता हु. इसी के साथ मेरा पूरा लुंड जस्मिने की छूट के अंदर चला. लुंड क जाते hi जस्मिने झरने के साथ साथ पेशाब कर दिया.

मैं ने अपना लुंड उसकी छूट से निकल कर एक तरफ हो गया. मेरे अलग होते hi जैस्मिन निचे गिर गयी. मैं ने रूबी को इशारा कर के अपने पास बुलाया. जैसे hi रूबी ने अपने कदम मेरी तरफ बढाती है. दुर्बल बजने लगती है.

नकुल_ रूबी जा कर दूर ओपन करो.

मेरी बात सुनते hi रूबी दौड़ती हुई दूर की तरफ चली गयी. जब दूर खोला तो देखा ज़रीने एक लड़की के साथ दूर पर कड़ी थी. ज़रीने को देख कर रूबी उसके गले लग कर रोने लगी. रट हुए रूबी ज़रीने से कहती है.

रूबी _ दीदी वो माँ.

ज़रीने _ क्या हुआ माँ को. तू इतना रो क्यों रही है. तुम पहले शांत हो जाओ.

रूबी _ दीदी नकुल ने माँ के साथ. आप अंदर चल कर खुद hi देखा लो.

ज़रीने रूबी के साथ अंदर आ गयी. जब हॉल में अपनी माँ जस्मिने को मेरा लुंड चूसते हुए देखा कर बहुत खुश होती है. और रूबी को अपने साथ ले कर मेरे पास आ कर बैठ जाती है. ज़रीने को देख कर खुश होता हु. जब मेरी नज़र अनामिका पर गयी. वो बहुत ज्यादा गुस्से में दिख रही थी.

नकुल_ क्या हुआ अनामिका इस तरह क्यों देख रही हो.

अनामिका _ तुम यहाँ इस के साथ रंगलिया मन रहे हो. वह तुम्हारी बीवी किस हालत में होगी इसकी तुम्हे कोई परवाह hi नहीं है.

नकुल_ ये सब छोडो मुझे ये बताओ. जेम्स किधर है.

अनामिका _ वो भाग गया.

नकुल _ कोई नहीं तुम घर जा कर सबको रेडी होने के लिए कहा दो. हम सब दिल्ली जा रहे है. मैं यहाँ का काम निपटा कर आ रहा हु.

अनामिका _ तुम सायद कनिका को भूल गए हो. या उसे प्यार hi नहीं करते हो. इस लिए तुम

नकुल_ बस एक शब्द और नहीं. जितना कहा है उतना करो. अब जाओ यहाँ से.

मेरे गुस्से को देख कर अनामिका वह से निकल गयी. अनामिका के जाने के बाद जस्मिने को दुबारा घोड़ी बना कर अपना लुंड उसको छूट में दाल कर छोड़ने लगा. छोड़ते हुए मैं ज़रीने की तरफ देखते हुए कहता हु.

नकुल_ हाँ तो ज़रीने तुम मुझे क्या बात करना छह रही थी. और तुम कहा पर थी जरा अपनी बहन को बताता दो.

ज़रीने _ रूबी तुम क्या लगता है. मैं कहा होगी.

रूबी _ मुझे क्या पता. माँ और पापा ने तो मुझे से यही कहा था आप अपने फ्रेंड की सिस्टर की शादी में गयी हुई हो.

ज़रीने _ रूबी ये सब झूठ है. माँ और पापा मुझे जान से मरना चाहते थे. ताकि मेरी साडी दौलत अपने नाम कर सके.

रूबी _ दीदी आप झूठ बोल रही हो. माँ ने मुझे कहा था की इस से प्यार करती हो. आप ये बुला रही हो कोई भी सगी माँ अपनी बेटी को जान से नहीं मर सकता है. और नहीं ऐसा कर सकती है. जैसे तुमने कहा है.

ज़रीने _ तुम ठीक कहा रही हो. कोई भी सगी माँ अपनी बेटी के साथ ऐसा नहीं कर सकती. पर मैं इनकी अपनी बेटी नहीं हु.

रूबी _ आपके कहने का क्या मतलब है. की ये आपकी माँ नहीं है.

ज़रीने_ हाँ ये मेरी माँ और पापा नहीं है. बलिकी ये मेरी चची और चाचा है. इन्होने मेरी माँ और पापा को जाने से मर दिया. यहाँ तक मेरे बड़े भाई को भी. मुझे अपने खास आदमी जेम्स के हाथो मुझे किडनैप भी करवाया. बिस्वास न हो तो पूछ लो अपनी माँ और बाप से.

रूबी _ माँ क्या दीदी सही कह रही है.

जस्मिने_ आआ अअअअअ नाहाही मैं होने वाली हु.

इसी के साथ जस्मिने जहर जाती है. और मैं भी दो तीन धक्को के बाद भर जाता हु. मैं अपना सारा पानी जस्मिने की छूट के अंदर निकलने के बाद अपना लुंड छूट से निकल कर सोफे पर बैठ जाता हु.

जब रूबी ने देखा को उसकी माँ बोलने की हालत में नहीं है तो उसने अपने बाप की तरफ देखा.

रूबी_ पापा दीदी क्या कहा रही है. आप को पता है.

गुलशन खान _ नहीं बीटा हम ऐसे क्यों करेंगे अपनी बेटी के साथ. ये इस लड़के के बहकावाये में आ कर हम पे झूठा इंजाम लगा रही है.

जस्मिने जो थोड़ा संभल गयी थी वो रूबी से कहती है.

जस्मिने _ रूबी बीटा तेरे पापा सही कह रहे है. भला हम अपने बेटी को क्यों मारेंगे.

नकुल_ सायद तुम दोनों अपनी बेटी और बेटे को जिन्दा नहीं देखा चाहते हो. इस लिए अब भी झूठ बोल रहे हो.

और जैसे hi रूबी की तरफ बढ़ा ने को हुआ. ज़रीने बिच में आ गयी. और हाथ जोड़ कर मुझे कहती हैं

ज़रीने _ प्लीज तुम रूबी के साथ कुछ मर करना. मैं इन लोगो की बेटी भले hi नहीं हु. पर मैं ने रूबी को अपनी बहन और इन्हे अपना माँ और बाप मना है. सो प्लीज लीव थम.

नकुल_ ठीक है. तुम कहती हो तो मैं इन सब को छोड़ता हु. अच्छा ये बताओ मुझे क्यों ढूंढ रही थी.

ज़रीने _ मैं तो तुम्हे इस लिए ढूंढ रही थी की मर. गुलशन खान जेम्स को जानते है. जेम्स उस हमले में शामिल था.

नकुल_ क्या? मैं इसे अभी जान से मर देता हु.

ज़रीने _ नकुल जाने दो वो भाग गया है. अब वो यहाँ कभी नहीं आएगा.

नकुल_ आज तो जाने दे राहु. अगर मेरे रस्ते में तुम कभी आये तो मैं तुम्हे जाने से मार दूंगा. ज़रीने चलो यहाँ से.

उसके बाद मैं ज़रीने को ले कर वह से निकल जाता हु. जब घर पंहुचा तो देखा सब हॉल में बैठे हुए मेरा इंतज़ार क्र रही थी. मैं ज़रीने को हीना के साथ उसके रूम में कपडे चेंज करने के लिए भेज देता है. फिर मैं सुमन अनामिका और माया के टीम के साथ बैठ कर बात करने लगता हु.
 
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