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अब तक
सिग्न करने के बाद वकील ने मुझे कहाँ की आपकी साडी प्रॉपर्टी 2 वीक्स के अंदर आपके नाम ट्रांसफर हो जाएगी.
नकुल_ ठीक है वकील साहेब.
उसके बाद वो सब वह से चले जाते है. अब उस रूम में सिर्फ तीन लोग hi रहे गए थे मैं नताशा और रेशमा ठाकुर. उन लोग के जाते hi.
रेशमा ठाकुर _ नताशा तुम बहार जाओ. मुझे अपने बेटे से बात करनी है.
नताशा _ जी मालकिन.
उसके बाद नताशा रूम से चली जाती है. अब इस रूम में सिर्फ मैं और मेरी माँ रेशमा ठाकुर hi रहे गयी थी.
अब आगे
रेशमा ठाकुर मेरे पास आ कर जोर का थप्पड़ मरती है. और कहती है.
रेशमा ठाकुर_ सेल कुत्ते जब तुझे रजनी ने यहाँ आने के लिए कहा था तो क्यों नहीं आया.
नकुल _ माँ अभी मैं ने इतना hi कहा था की रूम का दूर ओपन होता है. जब मैं उस तरफ देखता हु तो महेन्दर खड़ा था. उस देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.
महेन्दर_ भाभी बताया कुछ िशने की ये यहाँ क्यों नहीं आना चाहता था.
रेशमा ठाकुर_ अभी नहीं. अभी तो मैं ने इससे पूछना hi सुरु किया था की तुम आ गए.
महेन्दर_ भाभी आपको पता है न इसके साथ पहले क्या किया जाता है.
रेशमा ठाकुर_ हाँ मुझे पता है. पर मैं इसे इस लिए नहीं मरना चाहती हु. क्युकी अभी इसे कुछ हो ना जाये.
महेन्दर_ भाभी इसे कुछ नहीं होने वाला. सायद आप भूल रही है की इसके साथ हमने क्या क्या किया है. और जब उस समय कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा.
रेशमा ठाकुर_ ठीक कह रहा है तू. मादरचोद को जब थप्पड़ मर तो चोट मुझे hi लगी. मेरा हाथ तो अभी तक दर्द कर रहा है.
महेन्दर_ भाभी इसे मैं देखता हु.
इतना कहने के बाद महेन्दर मेरी तरफ बढ़ गया. और जैसे hi मुझे मरने के लिए हाथ उठाया मैं ने एक जोर की लात उसके पैरो के बिच दे मरी. जिस कारन वो अपने लुंड और गोटी को पकड़ कर निचे बैठ गया. महेन्दर के मुँह से एक चीख तक नहीं निकली.
ये देख कर रेशमा ठाकुर की रूह तक काँप गयी. रेशम ठाकुर को यकीं hi नहीं हो रहा था की मैं महेन्दर को इस तरह मर सकता हु. मैं महेन्दर को वही छोड़ कर अपनी माँ रेशमा ठाकुर की तरफ बढ़ गया. मुझे अपनी तरफ आता देख.
रेशमा ठाकुर_ कौन हो तुम.
नकुल_ क्यों तुझे नहीं पता मैं कौन हु साली रैंड.
रेशमा ठाकुर_ कुत्ते तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे ऐसे बात करने की. तू मेरा बीटा नकुल नहीं हो सकता.
नकुल_ क्यों बे कुटिया तुझे ऐसा क्यों लागतक है की मैं नकुल नहीं हु.
रेशमा ठाकुर_ क्यों की मेरे बीटा नकुल कभी ऐसा नहीं कर सकता. चाहे हमने उसके साथ कितना hi बुरा किया हो.
नकुल_ तो ये बात है. चिंता मत कर मेरी रैंड तेरे साथ तो बहुत कुछ करूँगा. तुझे तो एक no की रंडी बनूँगा. तूने सोचा होगा की तू जब चाहे मुझे मरती रहेगी और मैं बस मर खता रहूँगा.
रेशमा ठाकुर_ अब तो मुझे पूरा यकीं हो गया है. की तू मेरा बीटा नहीं है. तू जरूर किसी नीच की पैदाइस होगा. जरूर तेरी माँ रंडी होगी जब भी तू मुंहे रंडी कह रहा है.
चाआताआक्कक्क मैं के जोर का थप्पड़ रेशमा ठाकुर के गाला पर रसीद कर दिया.
नकुल_ साली कुटिया मेरी माँ को गली देती है. अब तक मैं तेरे साथ क्या करता हु.
मैं अपनी बेल्ट निकल hi रहा था जो मैं ने पहना हुआ था की महेन्दर पीछे से जोर की लात मए देता है. जिस कारन मैं रेशमा ठाकुर के ऊपर गिर जाता हु. रेशमा ठाकुर के ऊपर गिरने के कारन मुझे तो कुछ नहीं हुआ पर उसे चोट लग गयी.
मैं जल्दी से खड़ा होता हु. और जब पलट कर देखता हु तो महेन्दर कुछ ढूंढ रहा था. जो वो ढूंढ रहा था उसे वो चीज़ मिल गयी. जब मैं ने उसके हाथ मैं एक प्लास्टिक का डंडा देख तो मुझे हांसी आ गयी. मुझे उस डंडे को देख एक ख्याल आया.
महेन्दर डंडे को के कर मुझे मरने के लिया तेज़ी से दौड़ जैसे hi मेरे पास आ कर मुझे मरने के लिए डंडे को चला मैं निचे बैठ कर उसी पेट में जोर का घुसा मरता हु, महेन्दर डंडा छोर कर अपना पेट पकड़ कर निचे बैठ जाता है.
मैं जल्दी से एक रेशमा ठाकुर की सदी खींच कर महेन्दर को एक टेबल से बांध देता हु. मैंने ने महेन्दर को ऐसे बंधा हुआ था जैसे किसी लड़की को डोग्गिस्टीले छोड़ा जाता है. मैं ने महेन्दर को निचे से नंगा कर दिया था.
ये देख कर रेशमा ठाकुर भी दर गयी. कही मैं महेन्दर की गांड न मर लू. वही महेन्दर यही सोच कर चिल्लाये जा रहा था की मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो. मेरे साथ ऐसा मत करो.
जब की मैं ये सुन कर खुश हो रहा था. मैं ने वो डंडा उठाया जो महेन्दर की हाथ से गिर गया था जब मैं ने उसे मारा था. रेशमा ठाकुर ने जब मेरे हाथ में डंडा देखा तो वो समझा गयी. मैं डंडा से महेन्दर की गन्दा पर मरने लगा. मैं ने जब तक मारा जब तक उसकी गन्दा से खून की धार नहीं बहने लगा.
फिर मैं रेशमा ठाकुर की तरफ बढ़ गया जब मुझे अपनी तरफ बढ़ता देखा तो
रेशमा ठाकुर_ प्लीज नकुल भगवन के लिए मुझे मत मरना. मैं अब कभी भी तुम्हारे रस्ते में नहीं आउंगी.
नकुल_ ठीक है. मैं तुझे इस डंडे से नहीं मरूंगा. पर तुझे मेरी बात माननी होगा.
रेशमा ठाकुर_ मुझे मंजूर है. बोलो क्या करना है.
नकुल_ तो जल्दी से मेरे सामने नंगी हो जाओ. और नंगी होने के बाद उस सोफे को पकड़ कर झुक जाओ.
मेरी बात सुन कर रेशम ठाकुर सरे कपडे निकल कर सोफे को पकड़ कर झुक जाती है, जिस कारन रेशमा ठाकुर की छूट और गांड के छेड़ खुल कर सामने आ गए. जिसे देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया. फिलहाल तो मुझे रेशमा ठाकुर की छूट और गांड मरने का कोई शौख नहीं था, क्युकी मैं उसके साथ अभी कुछ और hI करने वाला था.
अब तक
सिग्न करने के बाद वकील ने मुझे कहाँ की आपकी साडी प्रॉपर्टी 2 वीक्स के अंदर आपके नाम ट्रांसफर हो जाएगी.
नकुल_ ठीक है वकील साहेब.
उसके बाद वो सब वह से चले जाते है. अब उस रूम में सिर्फ तीन लोग hi रहे गए थे मैं नताशा और रेशमा ठाकुर. उन लोग के जाते hi.
रेशमा ठाकुर _ नताशा तुम बहार जाओ. मुझे अपने बेटे से बात करनी है.
नताशा _ जी मालकिन.
उसके बाद नताशा रूम से चली जाती है. अब इस रूम में सिर्फ मैं और मेरी माँ रेशमा ठाकुर hi रहे गयी थी.
अब आगे
रेशमा ठाकुर मेरे पास आ कर जोर का थप्पड़ मरती है. और कहती है.
रेशमा ठाकुर_ सेल कुत्ते जब तुझे रजनी ने यहाँ आने के लिए कहा था तो क्यों नहीं आया.
नकुल _ माँ अभी मैं ने इतना hi कहा था की रूम का दूर ओपन होता है. जब मैं उस तरफ देखता हु तो महेन्दर खड़ा था. उस देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.
महेन्दर_ भाभी बताया कुछ िशने की ये यहाँ क्यों नहीं आना चाहता था.
रेशमा ठाकुर_ अभी नहीं. अभी तो मैं ने इससे पूछना hi सुरु किया था की तुम आ गए.
महेन्दर_ भाभी आपको पता है न इसके साथ पहले क्या किया जाता है.
रेशमा ठाकुर_ हाँ मुझे पता है. पर मैं इसे इस लिए नहीं मरना चाहती हु. क्युकी अभी इसे कुछ हो ना जाये.
महेन्दर_ भाभी इसे कुछ नहीं होने वाला. सायद आप भूल रही है की इसके साथ हमने क्या क्या किया है. और जब उस समय कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा.
रेशमा ठाकुर_ ठीक कह रहा है तू. मादरचोद को जब थप्पड़ मर तो चोट मुझे hi लगी. मेरा हाथ तो अभी तक दर्द कर रहा है.
महेन्दर_ भाभी इसे मैं देखता हु.
इतना कहने के बाद महेन्दर मेरी तरफ बढ़ गया. और जैसे hi मुझे मरने के लिए हाथ उठाया मैं ने एक जोर की लात उसके पैरो के बिच दे मरी. जिस कारन वो अपने लुंड और गोटी को पकड़ कर निचे बैठ गया. महेन्दर के मुँह से एक चीख तक नहीं निकली.
ये देख कर रेशमा ठाकुर की रूह तक काँप गयी. रेशम ठाकुर को यकीं hi नहीं हो रहा था की मैं महेन्दर को इस तरह मर सकता हु. मैं महेन्दर को वही छोड़ कर अपनी माँ रेशमा ठाकुर की तरफ बढ़ गया. मुझे अपनी तरफ आता देख.
रेशमा ठाकुर_ कौन हो तुम.
नकुल_ क्यों तुझे नहीं पता मैं कौन हु साली रैंड.
रेशमा ठाकुर_ कुत्ते तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे ऐसे बात करने की. तू मेरा बीटा नकुल नहीं हो सकता.
नकुल_ क्यों बे कुटिया तुझे ऐसा क्यों लागतक है की मैं नकुल नहीं हु.
रेशमा ठाकुर_ क्यों की मेरे बीटा नकुल कभी ऐसा नहीं कर सकता. चाहे हमने उसके साथ कितना hi बुरा किया हो.
नकुल_ तो ये बात है. चिंता मत कर मेरी रैंड तेरे साथ तो बहुत कुछ करूँगा. तुझे तो एक no की रंडी बनूँगा. तूने सोचा होगा की तू जब चाहे मुझे मरती रहेगी और मैं बस मर खता रहूँगा.
रेशमा ठाकुर_ अब तो मुझे पूरा यकीं हो गया है. की तू मेरा बीटा नहीं है. तू जरूर किसी नीच की पैदाइस होगा. जरूर तेरी माँ रंडी होगी जब भी तू मुंहे रंडी कह रहा है.
चाआताआक्कक्क मैं के जोर का थप्पड़ रेशमा ठाकुर के गाला पर रसीद कर दिया.
नकुल_ साली कुटिया मेरी माँ को गली देती है. अब तक मैं तेरे साथ क्या करता हु.
मैं अपनी बेल्ट निकल hi रहा था जो मैं ने पहना हुआ था की महेन्दर पीछे से जोर की लात मए देता है. जिस कारन मैं रेशमा ठाकुर के ऊपर गिर जाता हु. रेशमा ठाकुर के ऊपर गिरने के कारन मुझे तो कुछ नहीं हुआ पर उसे चोट लग गयी.
मैं जल्दी से खड़ा होता हु. और जब पलट कर देखता हु तो महेन्दर कुछ ढूंढ रहा था. जो वो ढूंढ रहा था उसे वो चीज़ मिल गयी. जब मैं ने उसके हाथ मैं एक प्लास्टिक का डंडा देख तो मुझे हांसी आ गयी. मुझे उस डंडे को देख एक ख्याल आया.
महेन्दर डंडे को के कर मुझे मरने के लिया तेज़ी से दौड़ जैसे hi मेरे पास आ कर मुझे मरने के लिए डंडे को चला मैं निचे बैठ कर उसी पेट में जोर का घुसा मरता हु, महेन्दर डंडा छोर कर अपना पेट पकड़ कर निचे बैठ जाता है.
मैं जल्दी से एक रेशमा ठाकुर की सदी खींच कर महेन्दर को एक टेबल से बांध देता हु. मैंने ने महेन्दर को ऐसे बंधा हुआ था जैसे किसी लड़की को डोग्गिस्टीले छोड़ा जाता है. मैं ने महेन्दर को निचे से नंगा कर दिया था.
ये देख कर रेशमा ठाकुर भी दर गयी. कही मैं महेन्दर की गांड न मर लू. वही महेन्दर यही सोच कर चिल्लाये जा रहा था की मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो. मेरे साथ ऐसा मत करो.
जब की मैं ये सुन कर खुश हो रहा था. मैं ने वो डंडा उठाया जो महेन्दर की हाथ से गिर गया था जब मैं ने उसे मारा था. रेशमा ठाकुर ने जब मेरे हाथ में डंडा देखा तो वो समझा गयी. मैं डंडा से महेन्दर की गन्दा पर मरने लगा. मैं ने जब तक मारा जब तक उसकी गन्दा से खून की धार नहीं बहने लगा.
फिर मैं रेशमा ठाकुर की तरफ बढ़ गया जब मुझे अपनी तरफ बढ़ता देखा तो
रेशमा ठाकुर_ प्लीज नकुल भगवन के लिए मुझे मत मरना. मैं अब कभी भी तुम्हारे रस्ते में नहीं आउंगी.
नकुल_ ठीक है. मैं तुझे इस डंडे से नहीं मरूंगा. पर तुझे मेरी बात माननी होगा.
रेशमा ठाकुर_ मुझे मंजूर है. बोलो क्या करना है.
नकुल_ तो जल्दी से मेरे सामने नंगी हो जाओ. और नंगी होने के बाद उस सोफे को पकड़ कर झुक जाओ.
मेरी बात सुन कर रेशम ठाकुर सरे कपडे निकल कर सोफे को पकड़ कर झुक जाती है, जिस कारन रेशमा ठाकुर की छूट और गांड के छेड़ खुल कर सामने आ गए. जिसे देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया. फिलहाल तो मुझे रेशमा ठाकुर की छूट और गांड मरने का कोई शौख नहीं था, क्युकी मैं उसके साथ अभी कुछ और hI करने वाला था.