- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 137,907
अपडेट 126
अब तक
तरुण रावत_ बेटी तू रो मत मैं उसे छोडूंगा नहीं. पर बीटा तेरी माँ को कौन समझाए.
चांदनी_ पापा माँ को तो मैं समझा लूंगा. पर चिंता की बात ये है की माँ अभी उसके पास है. कही वो माँ के साथ भी वही सब न कर दे जो मेरे और प्रिय दीदी के साथ किया है.
अब तरुण को टेंशन होने लगी थी. इस लिए वो मंजू को फ़ोन करने लगता है. पर मंजू बुआ का फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा था.
अब आगे
वही चांदनी प्रिय और रजनी ठाकुर भी मंजू बुआ को फ़ोन कर के थक चुकी थी. पर उनमें से किसी का भी फ़ोन नहीं लग रहा था. चांदनी परेशां हो कर अपने पापा के पास जा कर कहती है.
चांदनी_ पापा माँ का फ़ोन नहीं लग रहा है. सायद माँ ने अपने फ़ोन को स्विच ऑफ कर दिया है.
तरुण रावत_ ok, तो अब क्या करे. मेरे ख्याल से मंजू ने नहीं बल्कि उस बहरूपिये ने उसका फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया है.
चांदनी _ पापा आप ठीक कह रहे हो. ये उसी कमीने का है. तो अब क्या करे.
तरुण रावत_ कुछ सोचने दो मुझे.
चांदनी_ पापा अगर माँ कल तक नहीं आयी तो हम नकुल के खिलाफ अपहरण का केस कर देंगे पुलिस में. तब उसे पता चलेगा.
तरुण रावत_ हाँ ये ठीक रहेगा. सेल हरामी को अपहरण और रपे के केस में पुलिस के हवाले कर देंगे. सड़ता रहेगा जेल में रपे और अपहरण के केस में.
रजनी ठाकुर_ तरुण लगता है. तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है. इस लिए तुम इस तरह बहकी बहकी बाते कर रहे हो. तुम भूल रहे हो मंजू उसे साथ है. और अभी मंजू को नकुल पर सबसे ज्यादा भरोसा है. अभी तो तुमसे सिर्फ नाराज़ हो कर गयी है. अगर तुमने ये बेहकुफ्फो वाला काम करने जा रहे हो. ऐसा ना हो की वो तुम्हारे hi खिलाफ गवाही दे दे. अगर ऐसे हुआ तो झूठे केस में तुम्ही अंदर हो जाओगे.
तरुण ने जब ये सुना तो उसको अपनी गलती का एहसा हुआ. और कुछ देर सोचता रहा. पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था. इसलिए तरुण रजनी ठाकुर से कहता है.
तरुण रावत_ अब तुम्ही बताओ रजनी क्या करू. सेल ने पता नहीं मंजू को क्या पट्टी पढ़ाई है की वो मेरी बात सुने को तैयार hi नहीं है. मैं तो कर रहा है जान से मार दूँ,
रजनी ठाकुर_ अभी तुम कुछ मत करो. तुम थोड़े दिन शांत रहो. जब मंजू का गुस्सा शांत होगा तो वो घर आ जाएगी. अगर वो नहीं भी आती तो मैं उसे मन कर घर ले आउंगी.
तरुण रावत_ ठीक है रजनी.
रजनी ठाकुर_ आप फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं खाने को कुछ लगाती हु.
तरुण रावत_ रजनी मुझे अभी भूख नहीं है. तुम चांदनी और प्रिय को खाना खिला दो. और हाँ तुम भी खा लेना. मुझे जब भूख लगेगी तो मैं उठ कर रख लूंगा.
रजनी ठाकुर_ ठीक है तरुण. बचो तुम जा कर फ्रेश हो लो. मैं खाना लगती हु.
फिर चांदनी और प्रिय ऊपर अपने रूम में फ्रेश होने चली गयी. तरुण भी अपने रूम में चला जाता है.
रूम में पहुंचने के बाद तरुण किसी को फ़ोन करता है. 2 रिंग में hi दूसरी तरफ वाले व्यक्ति ने फ़ोन उठा लेता है. जब उस व्यक्ति ने तरुण रावत का no. देखा तो उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी
व्यक्ति_ काम हुआ.
तरुण रावत_ नहीं रेशम काम नहीं हुआ. बल्कि उसने हम सब का hi बंद बजा कर मंजू को अपने साथ ले गया.
रेशमा ठाकुर_ सेल भड़वे तुझे एक छोटा सा काम नहीं हुआ. तुझे पता है न मंजू हम सब के लिए क्या मायने रखती है.
तरुण रावत_ हाँ पता है. वो हम सब के लिए सोने की खान है.
रेशमा ठाकुर_ तो हरामी के औलाद काम कैसे नहीं हु. चल बता वह पर क्या हुआ था. जो सारा काम बिगड़ गया.
उसके बाद तरुण ने उसे सब कुछ जैसा हुआ था सब बता दिया. जिसे सुन कर राहमा ठाकुर को बहुत गुस्सा आया. अगर तरुण उसके सामने होता तो उसे जान से मर देती. रेशमा ने अपने गुस्से को दबती हुई कहती है.
रेशमा ठाकुर_ तरुण मुझे नहीं पता था की तुम इतने बेवकूफ हो. जो मेरे बताने के बाद भी तुमने इतनी बड़ी गलती कर दी.
तरुण रावत_ सॉरी रेशमा गलती हो गयी. अब आप बताईये मुझे क्या करना चाहिए.
रेशमा ठाकुर_ फ़िलहाल तो कुछ मत करना नहीं तो अब तक के सरे किये कराये पर पानी फिर जायेगा.
तरुण रावत_ ठीक है. मैं कुछ नहीं करूँगा. रजनी ने भी यही कहा था.
रेशमा ठाकुर_ वो तुझे कही ज्यादा समझदार है. अब मेरे पास फ़ोन मत करना जरुरत पड़ने पर मैं खुद hi तुम्हे फ़ोन करुँगी.
इसी के साथ रेशमा ठाकुर ने फ़ोन रख दिया. फ़ोन कट ने के बाद तरुण फ्रेश होने बाथरूम में चला जाता है. वही रजनी दोनों के साथ मिल कर खाना कहती है. चांदनी खाना खाने में आनाकानी कर रही थी. पर रजनी और प्रिय के समझने पर वो खाना खाने को रेडी हो जाती है.
वही मैं नताशा से बात कर ने बाद उसे अपने साथ ले कर मंजू बुआ के पास चल आता हु. जब मैं कार के पास पहुँचता हु तो देखता हु की मंजू बुआ कार के पास नहीं थी. मुझे लगा की कही गॉर्डस ने बुआ को कुछ कह कर बहार तो नहीं निकल दिया.
इस लिए मैं उन्हें ढूढने के लिए गेट की तरफ चल देता हु. मेरे साथ नताशा भी आ रही थी. जब मैं गेट की तरफ कही रहा था की मुझे मंजू बुआ एक साइड कड़ी दिखाई दी. मैं नताशा के साथ उनकी तरफ चल दिया. मंजू बुआ के पास पहुंच कर मैंने बुआ से कहा.
नकुल_ बुआ आप यहाँ क्या कर रही हो. मैं ने तो आपको कार के पास रहने के लिए कहा था.
मंजू बुआ_ बीटा वो मैं वह खड़े खड़े बोर हो गयी थी. इस लिए सोचा थोड़ा घूम लू. इस लिए मैं इधर आ गयी. यहाँ का नज़र मेरे मैं को अच्छी लगी तो यही पर कड़ी हो कर देखा ने लगी.
नकुल_ ठीक है. चलो अंदर चलते है.
मंजू बुआ _ ok. ये कौन है. जो तेरे पीछे कड़ी है.
नकुल _ बुआ ये नताशा है. मैं इसी के बारे में आपसे बात कर रहा था. ये यही पर काम करती है. नताशा ये मेरी बुआ है.
नताशा_ नमस्ते आंटी.
मंजू बुआ_ नमस्ते बीटा.
नकुल_ बुआ चले अंदर.
मंजू बुआ_ चलो.
उसके बाद मैं बुआ को अपने साथ ले कर अंदर चल देता हु. नताशा मुझे और बुआ को रूम में छोड़ कर चली जाती है.
नकुल_ बुआ आप वाशरूम में जा कर फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं कुछ खाने के लिए आर्डर कर देता हु.
मंजू बुआ_ ok.
उसके बाद बुआ फ्रेश होने वाशरूम में चली जाती है. मैं खाने का आर्डर करने लगता हु. जब खाने का आर्डर कर के जैसे hi फ़ोन रखता हु तो बुआ वाशरूम से फ्रेश हो कर बहार आ जाती है. उसके बाद मैं भी फ्रेश होने वाशरूम में चला जाता.
जब मैं फ्रेश हो कर बहार आया तो देखा बुआ टेबल पर खाना लगा रही है. फिर हम दोनों ने खाना कहते है. खाने के बाद मैं बुआ से कहता हु.
नकुल_ बुआ आप बीएड पर सो जाईये. मैं यहाँ सोफे पर सो जाता हु.
मंजू बुआ_ नहीं तुम मेरे साथ बीएड पर hi सोओगे. समझा आया.
नकुल_ बुआ मुझे रात मैं हाथ पेअर चलने की आदत है. और गलती ऐ
मंजू बुआ_ ok मैं समझ गयी. तुम उसकी चिंता मत करो. मैं बुरा नहीं मानूगी. तुम जैसे चाहे सो लेना.
नकुल_ ok
अब मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था इस किये मैं बुआ के साथ hi बीएड पर सो गया.
अब तक
तरुण रावत_ बेटी तू रो मत मैं उसे छोडूंगा नहीं. पर बीटा तेरी माँ को कौन समझाए.
चांदनी_ पापा माँ को तो मैं समझा लूंगा. पर चिंता की बात ये है की माँ अभी उसके पास है. कही वो माँ के साथ भी वही सब न कर दे जो मेरे और प्रिय दीदी के साथ किया है.
अब तरुण को टेंशन होने लगी थी. इस लिए वो मंजू को फ़ोन करने लगता है. पर मंजू बुआ का फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा था.
अब आगे
वही चांदनी प्रिय और रजनी ठाकुर भी मंजू बुआ को फ़ोन कर के थक चुकी थी. पर उनमें से किसी का भी फ़ोन नहीं लग रहा था. चांदनी परेशां हो कर अपने पापा के पास जा कर कहती है.
चांदनी_ पापा माँ का फ़ोन नहीं लग रहा है. सायद माँ ने अपने फ़ोन को स्विच ऑफ कर दिया है.
तरुण रावत_ ok, तो अब क्या करे. मेरे ख्याल से मंजू ने नहीं बल्कि उस बहरूपिये ने उसका फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया है.
चांदनी _ पापा आप ठीक कह रहे हो. ये उसी कमीने का है. तो अब क्या करे.
तरुण रावत_ कुछ सोचने दो मुझे.
चांदनी_ पापा अगर माँ कल तक नहीं आयी तो हम नकुल के खिलाफ अपहरण का केस कर देंगे पुलिस में. तब उसे पता चलेगा.
तरुण रावत_ हाँ ये ठीक रहेगा. सेल हरामी को अपहरण और रपे के केस में पुलिस के हवाले कर देंगे. सड़ता रहेगा जेल में रपे और अपहरण के केस में.
रजनी ठाकुर_ तरुण लगता है. तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है. इस लिए तुम इस तरह बहकी बहकी बाते कर रहे हो. तुम भूल रहे हो मंजू उसे साथ है. और अभी मंजू को नकुल पर सबसे ज्यादा भरोसा है. अभी तो तुमसे सिर्फ नाराज़ हो कर गयी है. अगर तुमने ये बेहकुफ्फो वाला काम करने जा रहे हो. ऐसा ना हो की वो तुम्हारे hi खिलाफ गवाही दे दे. अगर ऐसे हुआ तो झूठे केस में तुम्ही अंदर हो जाओगे.
तरुण ने जब ये सुना तो उसको अपनी गलती का एहसा हुआ. और कुछ देर सोचता रहा. पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था. इसलिए तरुण रजनी ठाकुर से कहता है.
तरुण रावत_ अब तुम्ही बताओ रजनी क्या करू. सेल ने पता नहीं मंजू को क्या पट्टी पढ़ाई है की वो मेरी बात सुने को तैयार hi नहीं है. मैं तो कर रहा है जान से मार दूँ,
रजनी ठाकुर_ अभी तुम कुछ मत करो. तुम थोड़े दिन शांत रहो. जब मंजू का गुस्सा शांत होगा तो वो घर आ जाएगी. अगर वो नहीं भी आती तो मैं उसे मन कर घर ले आउंगी.
तरुण रावत_ ठीक है रजनी.
रजनी ठाकुर_ आप फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं खाने को कुछ लगाती हु.
तरुण रावत_ रजनी मुझे अभी भूख नहीं है. तुम चांदनी और प्रिय को खाना खिला दो. और हाँ तुम भी खा लेना. मुझे जब भूख लगेगी तो मैं उठ कर रख लूंगा.
रजनी ठाकुर_ ठीक है तरुण. बचो तुम जा कर फ्रेश हो लो. मैं खाना लगती हु.
फिर चांदनी और प्रिय ऊपर अपने रूम में फ्रेश होने चली गयी. तरुण भी अपने रूम में चला जाता है.
रूम में पहुंचने के बाद तरुण किसी को फ़ोन करता है. 2 रिंग में hi दूसरी तरफ वाले व्यक्ति ने फ़ोन उठा लेता है. जब उस व्यक्ति ने तरुण रावत का no. देखा तो उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी
व्यक्ति_ काम हुआ.
तरुण रावत_ नहीं रेशम काम नहीं हुआ. बल्कि उसने हम सब का hi बंद बजा कर मंजू को अपने साथ ले गया.
रेशमा ठाकुर_ सेल भड़वे तुझे एक छोटा सा काम नहीं हुआ. तुझे पता है न मंजू हम सब के लिए क्या मायने रखती है.
तरुण रावत_ हाँ पता है. वो हम सब के लिए सोने की खान है.
रेशमा ठाकुर_ तो हरामी के औलाद काम कैसे नहीं हु. चल बता वह पर क्या हुआ था. जो सारा काम बिगड़ गया.
उसके बाद तरुण ने उसे सब कुछ जैसा हुआ था सब बता दिया. जिसे सुन कर राहमा ठाकुर को बहुत गुस्सा आया. अगर तरुण उसके सामने होता तो उसे जान से मर देती. रेशमा ने अपने गुस्से को दबती हुई कहती है.
रेशमा ठाकुर_ तरुण मुझे नहीं पता था की तुम इतने बेवकूफ हो. जो मेरे बताने के बाद भी तुमने इतनी बड़ी गलती कर दी.
तरुण रावत_ सॉरी रेशमा गलती हो गयी. अब आप बताईये मुझे क्या करना चाहिए.
रेशमा ठाकुर_ फ़िलहाल तो कुछ मत करना नहीं तो अब तक के सरे किये कराये पर पानी फिर जायेगा.
तरुण रावत_ ठीक है. मैं कुछ नहीं करूँगा. रजनी ने भी यही कहा था.
रेशमा ठाकुर_ वो तुझे कही ज्यादा समझदार है. अब मेरे पास फ़ोन मत करना जरुरत पड़ने पर मैं खुद hi तुम्हे फ़ोन करुँगी.
इसी के साथ रेशमा ठाकुर ने फ़ोन रख दिया. फ़ोन कट ने के बाद तरुण फ्रेश होने बाथरूम में चला जाता है. वही रजनी दोनों के साथ मिल कर खाना कहती है. चांदनी खाना खाने में आनाकानी कर रही थी. पर रजनी और प्रिय के समझने पर वो खाना खाने को रेडी हो जाती है.
वही मैं नताशा से बात कर ने बाद उसे अपने साथ ले कर मंजू बुआ के पास चल आता हु. जब मैं कार के पास पहुँचता हु तो देखता हु की मंजू बुआ कार के पास नहीं थी. मुझे लगा की कही गॉर्डस ने बुआ को कुछ कह कर बहार तो नहीं निकल दिया.
इस लिए मैं उन्हें ढूढने के लिए गेट की तरफ चल देता हु. मेरे साथ नताशा भी आ रही थी. जब मैं गेट की तरफ कही रहा था की मुझे मंजू बुआ एक साइड कड़ी दिखाई दी. मैं नताशा के साथ उनकी तरफ चल दिया. मंजू बुआ के पास पहुंच कर मैंने बुआ से कहा.
नकुल_ बुआ आप यहाँ क्या कर रही हो. मैं ने तो आपको कार के पास रहने के लिए कहा था.
मंजू बुआ_ बीटा वो मैं वह खड़े खड़े बोर हो गयी थी. इस लिए सोचा थोड़ा घूम लू. इस लिए मैं इधर आ गयी. यहाँ का नज़र मेरे मैं को अच्छी लगी तो यही पर कड़ी हो कर देखा ने लगी.
नकुल_ ठीक है. चलो अंदर चलते है.
मंजू बुआ _ ok. ये कौन है. जो तेरे पीछे कड़ी है.
नकुल _ बुआ ये नताशा है. मैं इसी के बारे में आपसे बात कर रहा था. ये यही पर काम करती है. नताशा ये मेरी बुआ है.
नताशा_ नमस्ते आंटी.
मंजू बुआ_ नमस्ते बीटा.
नकुल_ बुआ चले अंदर.
मंजू बुआ_ चलो.
उसके बाद मैं बुआ को अपने साथ ले कर अंदर चल देता हु. नताशा मुझे और बुआ को रूम में छोड़ कर चली जाती है.
नकुल_ बुआ आप वाशरूम में जा कर फ्रेश हो जाईये. जब तक मैं कुछ खाने के लिए आर्डर कर देता हु.
मंजू बुआ_ ok.
उसके बाद बुआ फ्रेश होने वाशरूम में चली जाती है. मैं खाने का आर्डर करने लगता हु. जब खाने का आर्डर कर के जैसे hi फ़ोन रखता हु तो बुआ वाशरूम से फ्रेश हो कर बहार आ जाती है. उसके बाद मैं भी फ्रेश होने वाशरूम में चला जाता.
जब मैं फ्रेश हो कर बहार आया तो देखा बुआ टेबल पर खाना लगा रही है. फिर हम दोनों ने खाना कहते है. खाने के बाद मैं बुआ से कहता हु.
नकुल_ बुआ आप बीएड पर सो जाईये. मैं यहाँ सोफे पर सो जाता हु.
मंजू बुआ_ नहीं तुम मेरे साथ बीएड पर hi सोओगे. समझा आया.
नकुल_ बुआ मुझे रात मैं हाथ पेअर चलने की आदत है. और गलती ऐ
मंजू बुआ_ ok मैं समझ गयी. तुम उसकी चिंता मत करो. मैं बुरा नहीं मानूगी. तुम जैसे चाहे सो लेना.
नकुल_ ok
अब मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था इस किये मैं बुआ के साथ hi बीएड पर सो गया.