Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 183 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

Madam, पहले तो आपकी कहानी को पूरा एक साल हुआ है स्टार्ट कर के.... इसके लिए बहुत बहुत बधाई. जब आप कहानी लिखना शुरू करते है और आगे बढ़ते रहते है तो पता ही नहीं चलता समय का.... कुछ दिन पहले मैंने भी अपनी कहानी पे यही लिखा तो की मुझे भी अपनी कहानी की शुरू हुए एक साल हो गया है.
और जैसा आपने कहाँ आपने अब तक अपनी कहानी में 2.23 Lacs words इस्तेमाल किये है जो की कमाल की बात है... और साथ ही साथ १६ Lac views भी मिले है. शायद आपकी बात भी सही है की शायद उतने कमैंट्स नहीं मिले जितना आपने सोचा है (और आपकी बात भी सही है). जब आप इतनी मेहनत से कहानी लिखते है तो आपका सोचना भी सही है की पढ़ने वाले आपके उपदटेस में कमेंट कर के आपको और प्रोत्साहन करे. इसमें कोई दो राय नहीं है.
फिर भी आप समय निकाल कर कहानी को आगे बढ़ा रहे है जिसके लिए आपको बहुत बधाई. आशा है आप निराश नहीं है. एक बार फिर से आपकी कहानी के एक साल पूरे होने के लिए Hearty Congratulations!!!

Funlover


आपकी इस तारीफ़ के लिए दिल से धन्यवाद दोस्त।


आप जैसे पाठकों के प्यार और विश्वास ने इसे एक खूबसूरत कारवाँ बना दिया, और उनमे से एक आप है जो लगातार मुझे प्रोत्साहित करते रहे। न सिर्फ यह कहानी में बल्कि मेरी सभी कहानी में आप अवश्य उपलब्ध रहे और अपनी प्रतिक्रया देते रहे उन सभी कहानियों की तरफ से आपका दिल से शुक्रिया ऐडा करती हूँ। 2 लाख से अधिक शब्द, 400 पेज और 16.5 लाख से ज्यादा व्यूज, ये मेरे लिए महज़ आंकड़े नहीं, बल्कि आप जैसे पाठकों के स्नेह की अमूल्य पूँजी हैं।

आपकी शुभकामनाएँ और प्रोत्साहन ही मेरी असली ताकत हैं। दिल से आभार और बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙏

उम्मीद है यह कहानी यूँ ही आगे बढे और आपका प्यार हमेशा मेरी कहानियों पर बरसता रहेगा।
 
“जब इतना दिन नहीं चोदा तो अब इसको शादी के पहले नहीं चोदूँगा... इसके पति को चूत बिल्कुल कुंवारी मिलेगी।” परम ने मन ही मन फुसफुसाया।

फिर पिछली बार की तरह परम ने रेखा के स्तनों को दोनों हाथों में लिया, उन्हें जोर से दबाया, निप्पलों को चूसा और खींचा। उसने नीचे झुककर रेखा की चूत के होंठों को चबाया, जीभ से क्लिटोरिस को चाटा और धीरे से काट भी लिया। रेखा ने कमर ऊपर उठा ली।

“ओह्ह... परम... काट डालेगा क्या! आह्ह्ह... कब से तेरा इंतजार कर रही हूँ... आह्ह्ह राजा... आह्ह... तू जादूगर है... आह्ह... मार डाल... आज अपनी कसम तोड़ दे... मुझे अब बर्दाश्त नहीं होगा... चोद मुझे... फाड़ डाल मेरी चूत को... तू मेरा प्यारा है... मैं तेरी घरवाली हूँ... चोद मुझे...”
फनलवर की प्रस्तुति।

रेखा की कराह सुनकर बड़ी बहू जाग गई। उसने खुद को ढकने की कोशिश की। लेकिन परम ने चादर खींच ली और रेखा की चूत को चाटना जारी रखा। बड़ी बहू ने नीचे देखा और देखा कि परम ने चूत के होंठ चौड़े कर दिए हैं और चूत के अंदर गहरे लाल रंग का माल बहुत सेक्सी लग रहा था। उसने अपनी नजरें और नीचे झुकाईं और परम का थड़कता हुआ लंड देखकर उत्तेजित हो गई, जो पहले ही उसकी चूत और मुँह में ठूँस चुका था, लेकिन उसकी चूत फिर से उसे अंदर लेना चाहती थी।

उसे डर था कि रेखा की मौजूदगी में परम उसे चोदेगा नहीं। उसने देखा कि रेखा अपना शरीर ऊपर उठा रही थी और अचानक परम उठ खड़ा हुआ। उसने रेखा की टाँगें दोनों हाथों से पकड़ीं और उन्हें दूर धकेल दिया। उसने अपना लौड़ा रेखा की गांड पर टिकाया और लंड पर हाथ रखे बिना ही परम ने एक ज़ोर का धक्का दिया और लंड गांड के छेद में फिसल गया।

“साली की गांड बिल्कुल ढीली हो गई है... कितना गांड मारा है परम ने!” बड़ी बहू ने कहा और रेखा से पूछा,.

“कुतिया... इतना मोटा और लंबा लंड कैसे घुसा तेरी गांड में!”

बड़ी बहू ने अपनी चूत को सहलाया और बोली,

“मुझे तो लगता है... मेरी चूत में भी नहीं घुसेगा... कितना मोटा सुपारा है साले का...”

“आह्ह परम... जमकर मार... आह्ह्ह... और जोर से... जोर से... गांड और चूत में आग लग गई है... ओह्ह्ह्ह...” रेखा कराहती रही।

और बड़ी बहू ने देखा कि परम का लंबा लंड रेखा की गांड के अंदर गायब हो गया और वह यह देखकर आश्चर्यचकित हो गई कि कैसे 15 मिनट तक रेखा ने लंड के जोर को गांड में झेला। फिर रेखा ने उसे खींच लिया। रेखा ने अपने आप को आगे की ओर खींचा जिससे लंड उसकी गांड से बाहर आ गया।

परम रेखा के शरीर के ऊपर आ गया। उसने अपना लंड उसकी कमर और पेट पर रगड़ा, फिर स्तनों के बीच रखा और रेखा ने दोनों तरफ से दबाकर उसकी बोब्लो को चोदने में उसकी मदद की। कुछ मिनट तक बोब्लो को चोदने के बाद उसने अपना लौड़ा रेखा के मुँह में डाल दिया।

लेकिन रेखा के अंतरंग मुखमैथुन, चूसने और लंड को सहलाने के बावजूद उसका वीर्य नहीं निकला।
संपादिका मैत्री पटेल है।

आखिरकार रेखा ने उसे धक्का देकर दूर कर दिया। उसकी गांड अब थक सी गई थी। उसकी गांड में अब दम नहीं था कि परम के धक्कों को झेल सके। बड़ी बहू ने देखा तो रेखा की गांड परम के लंड की साइज की बन गई थी , बहुत बड़ा छेद बना दिया है इस नापाक ने मेरी ननंद का। बहुत बार गांड मारी है उसने मेरी फुल सी ननंद की।


*************************************************************..


जुड़े रहिये दोस्तों।


Funlover.
 
“क्या हो गया? आज रस नहीं पिलाओगे...?” रेखा ने परम के लंड को सहलाते हुए पूछा।

“मैं क्या करूँ रानी! निकल ही नहीं रहा...!” परम ने हाँफते हुए कहा।
निर्मात्री फनलवर है।

रेखा ने मुस्कुराते हुए बड़ी बहू की तरफ देखा और बोली,

“मुझे लगता है, इसको (लंड) को चूत के रस की जरूरत है।”

रेखा ने बड़ी बहू की निप्पल को सहलाते हुए कहा,

“देख... भाभी की चूत कितनी प्यासी है... बहुत भूखी है... चल राजा... भाभी को ठंडा कर दे। मेरा भैया इस रांड को चोद नहीं पाता...”

“चल भाभी... आपकी चूत दिखा मेरे यार को और उसके लंड से पानी गिरा दे। दीखता नहीं बेचारा... मेरा पति है अभी और उसके लंड से माल नहीं निकल रहा और मेरी गांड भी जवाब दे गई है। अब तेरा सहारा है... तेरी चूत दे मेरे इस प्यारे से लंड को...”

रेखा ने कहा और उसने बड़ी बहू के दोनों हाथ पकड़ लिए।

बड़ी बहू ने खुद को रेखा और परम के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन परम ने उसकी कमर को मजबूती से पकड़ लिया और 4-5 जोरदार धक्के लगा दिए। लंड चूत के अंदर तक चला गया।

आखिरकार लंड और चूत दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते थे।

रेखा को खुशी हुई जब उसने देखा कि भाभी चुदाई का आनंद ले रही है और अपने कूल्हे हिलाकर जवाब देने लगी है।

“भाभी... मजा आ रहा है ना...?”

“हाँ रेखा... बहुत मस्त लंड है तेरे यार का... और बहुत प्यार से दम लगाकर चुदाई करता है... मजा आ गया... तेरे भैया ने कभी ऐसा नहीं चोदा... तू भी चुदवा ले... परम की रंडी बनने का भी एक अलग ही मजा है रेखा...”

“बस... भाभी... मुझे एक बार ससुराल से वापस आने दे... फिर तो रात-दिन परम को अपनी चूत के अंदर बंद करके रखूँगी... तब तक तुम और पूनम जितना चाहो परम के लंड का मजा ले लो...”

बड़ी बहू ने अपनी टाँगें ऊपर उठाईं और कूल्हे को झटका दिया।

“परम को बोल ना कि वो छोटी भाभी को भी चुदाई का मजा दे... तेरा छोटा भैया उसको रंडी बनाना चाहता है... अपने दोस्तों से चुदवाना चाहता है... साला खुद तो बीबी को खुश नहीं कर सकता...”

भाभी की चूत से अब फच-फच की आवाजें आने लगी थीं।

“ठीक है भाभी... कल छोटी भाभी को लेकर आना... उसे भी परम से चुदवा दूँगी। वैसे भाभी... तेरी चूत ने काफी रस छोड़ दिया है जो इतनी आवाजें कर रही है...” रेखा ने जवाब दिया।
कथाकार फनलवर है।

रेखा को क्या मालूम कि उसकी दोनों भाभी को खूब चोदा जा चुका है।

इस तरह बात करते-करते परम भाभी की चुदाई कर रहा था। आखिर भाभी भी थक गई और परम को अपने शरीर से हटाने लगी। और बोली,

“परम... अब मेरी चूत में ज्यादा रस नहीं बचा... तेरे लंड ने तो कमाल कर दिया है... मेरी चूत अब कल तक अपना चुतरस नहीं बना पाएगी... कितनी बार झड़ चुकी हूँ... अब छोड़ मुझे... मेरे माल की माँ-बहन एक कर दी इस नालायक प्यारा सा लंड ने...”

लेकिन परम ने भाभी के कंधों को जोर से पकड़कर खूब जोर-जोर से धक्का मारने लगा। उसे लगा कि उसका पानी निकलने वाला है। परम ने चुतरस वाला लंड बाहर निकाला और रेखा के मुंह में घुसेड़ कर धना-धन धक्का लगाने लगा।

परम ढीला हो गया। और थोड़ा रस रेखा के मुँह में गिराने के बाद लंड बाहर निकाला और भाभी के मुँह में पेल दिया।


******************************************************************..

बने रहिये दोस्तों।

Funlover.
 
फिर रेखा और बड़ी बहू दोनों ने परम के लंड को चूस-चूस कर ठंडा किया। बहू ने रेखा को यह नहीं बताया कि परम किरण और उसकी माँ दोनों को चोद चुका है।

“ओह... आज बहुत मजा आया...” बड़ी बहू ने कहा, “रेखा... पहले तूने और फिर इस लंड ने मेरी चूत को खुश कर दिया...” उसने परम के लंड को सहलाया और बोली, “मैं जब तक यहाँ हूँ, मुझे चोद... जितना हो सके... और तेरे में और तेरे इस लंड में जितनी ताकत है... मेरे छेदों पर ही निकालता रह...”

रेखा ने बड़ी बहू की निप्पल को बहुत जोर से खींचा और छोड़ दिया।
लेखिका फनलवर है।

“देखा ना भाभी... मैं कहती थी कि मेरे इस यार का लंड एक बार जिसकी चूत में गया... वह चूत उसकी हो जाती है... तेरे इस माल का सत्यानाश करने अब तू सामने से ही उसके लंड पर लटकेगी...”

दोनों औरतें थक गई थीं, परम भी थक गया था। तीनों एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। परम दो मालों के बीच में था। दोनों ने एक-एक चुची उसकी छाती पर और एक-एक जाँघ उसके पैरों पर रख दी थी।

और वहाँ परम का कमरा, जो नीचे था

सेठजी कमरे में दाखिल हुए। अँधेरा था। उन्होंने लाइट जलाई और तुरंत अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। किरण के जवान, नग्न शरीर से उनकी नजरें हट ही नहीं रही थीं।

सेठजी अपने कमरे में सुंदरी और फिर छोटी बहू का इंतजार कर रहे थे। वे लगभग आधी रात को सोने चले गए थे और अब सुबह के तीन बज चुके थे। उनकी दोनों रखैलें चुदाई के लिए नहीं आईं। उन्होंने सोचा कि शायद सुंदरी अपने घर चली गई होगी और यह सोचकर उन्हें गुस्सा आ गया कि छोटी बहू अभी भी परम से चुद रही है।

इसलिए वे उठे और परम के कमरे में आ गए।

उन्होंने देखा कि एक तरफ पाँच छोटे लड़के सो रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी साली की इकलौती बेटी किरण नंगी सो रही है। उन्हें किरण के बगल में परम का पायजामा और कमीज़ पड़ा दिखाई दे रहा था। साफ था कि परम ने इस लड़की को भी चोदा है। परम का लंड किरण की दरार को भर चुका है।

सेठजी को आश्चर्य हुआ कि परम अपने कपड़े यहाँ छोड़कर कहाँ चला गया होगा! तभी उनकी नजर एक साड़ी पर पड़ी जो सेठजी ने रात के खाने के समय छोटी बहू के शरीर पर देखी थी।

सेठजी को यह सोचकर गुस्सा आ गया कि किरण की चुदाई करने के बाद परम छोटी बहू को चुदाई के लिए किसी दूसरे कमरे में ले गया है। लेकिन उसकी नजर जवान लड़की किरण की बिना बाल वाली, बहुत कमसिन, छोटी चूत पर पड़ी।

अपने जवानी के दिनों में सेठजी ने अपनी साली (किरण की माँ) के साथ छेड़खानी की थी, लेकिन उन्होंने उसे कभी नहीं चोदा। असल में सेठजी को किरण की माँ कभी पसंद नहीं थी क्योंकि उनका शरीर उन रंडियों की तरह आकर्षक नहीं था जिन्हें वह चोद रहे थे।
फनलवर का निर्माण।

उन्होंने किरण की ओर देखा और उसके माल को देखा। किरण नंग-धड़ंग लेग्स इधर-उधर कर लेती थी। नींद में उसकी छोटी लेकिन गोल-गोल, टाइट बोबले हर साँस के साथ ऊपर-नीचे हो रही थीं।

सेठजी किरण के पास आकर खड़े हो गए। किरण की चिकनी और नन्ही चूत देखकर सेठजी का लंड फड़फड़ाने लगा। वो सुंदरी और छोटी बहू दोनों को भूल गए।

सेठजी ने अपना धोती खोला। फिर गंजी बाहर निकला।

सेठजी ने फैसला किया कि अब जो भी हो, इस लड़की, जो उनकी छोटी साली की लड़की है, को चोदेंगे जरूर। सुंदरी की गदराई मस्त जवानी सेठजी को बहुत प्यारी थी और है, लेकिन पिछले दिनों पहले छोटी बहू, फिर कल शाम को महक और आज दिन में पूनम को चोदने के बाद सेठजी को कच्ची, जवान माल ज्यादा पसंद आने लगा था। वो पहले भी कोलकाता में छोटी बहू की नौकरानी की कमसिन लड़की को चोदकर कच्ची चूतों का मजा ले चुके थे।



*****************************************.


बस यही तक दोस्तों।

आगे की कहानी आपके कोमेंट्स आने के बाद तुरंत।



तब तक के लिए
Funlover की ओर से जय भारत।।

3993989

 
Back
Top