दोनों भाइयों ने कभी अपनी चचेरी बहनों की चूत में जीभ नहीं डाली थी, लेकिन गुलाबो से मिले प्रशिक्षण के बाद अब वे अपनी चचेरी बहनों को अभूतपूर्व आनंद दे रहे थे। फनलवर की प्रस्तुति।
छोटा भाई बड़ी बहन (दीदी) की चूत चाट रहा था, जबकि मोटा भाई गुड्डी की चूत को चूस रहा था। दोनों ने अपनी-अपनी हिस्से की चूतों पर कब्जा जमा लिया था। उनकी जीभें चूत के होंठों, क्लिटोरिस और अंदर तक घुस रही थीं। दोनों बहनों की चूतें अब पूरी तरह गीली और चमकदार हो चुकी थीं।
“ओह भैया... ये पाप है... भाई-बहन में ऐसा नहीं होना चाहिए...” दीदी ने कराहते हुए कहा, लेकिन उसकी टाँगें खुद-ब-खुद और चौड़ी हो गईं।
छोटा भाई ने दीदी की जाँघों को और फैलाते हुए, चूत पर जोर से चाटते हुए बोला,
“चुप कर... तेरी माँ की चूत भी यहाँ चुसी जा सकती है। तू चुपचाप अपने पैर फैला और मुझे तेरी चूत के अंदर तक जाने दे... बाकी पाप को जाने दे तेरी माँ की गांड में। यहाँ इस घर में कोई पाप नहीं है। तेरे पास चूत है और हमारे पास लंड... लंड और चूत की लड़ाई तो हर घर में होती है... फिर ये पाप कैसे हुआ?”
बड़े भाई ने गुड्डी के पैरों को विपरीत दिशा में खींचते हुए उसकी चूत को और जोर से चूसना शुरू कर दिया। गुड्डी ने अपने कूल्हों को झटका दिया और जोर-जोर से कराह उठी,
“आह्ह्ह... ऊऊऊ... माँआआ... बहुत मजा आ रहा है... आह्ह्ह्ह... बहुत मस्ती... ओह्ह... मर जाऊँगी... पागल हो जाऊँगी... भैया... और चूसो... मेरी चूत चूसो...” रचयिता फनलवर है।
इस तरह दोनों भाइयों ने कल दोपहर को कार में गुलाबो के साथ हुई अपनी यौन मुठभेड़ को याद किया। उन्होंने 69 पोजीशन ले ली। उन्होंने लड़कियों से सीधे नहीं कहा कि लंड चूसो, लेकिन जब दोनों बहनों ने उनके तने हुए, फड़कते लंड को अपने मुँह के सामने देखा, तो कुछ झिझक के बाद उन्होंने लंड को चूमा और फिर लौड़े के ऊपरी हिस्से को चूसना शुरू कर दिया।
“दीदी... मुझे नहीं पता कि लंड चूसने में मुझे अच्छा लगेगा... मैं तो पूरा लंड खा जाऊँगी...” गुड्डी ने शरमाते हुए कहा।
गुड्डी की बात खत्म होने से पहले ही दीदी ने छोटे भाई का मोटा लंड मुंह में भर लिया। अब दोनों जोड़े ओरल सेक्स का आनंद ले रहे थे। कुछ देर बाद उन्होंने पोजीशन बदली और अपनी चचेरी बहनों की टाइट, गीली चूतों में लंड घुसा दिए।
“आप लोग बहनचोद बन गए हैं...” दीदी ने कराहते हुए कहा और अपने हिप्स ऊपर करके झटका दिया ताकि लंड पूरी तरह अंदर समा जाए।
“और तुम दोनों मादरचोद चुदासी बन गई हो...” बड़े भाई ने गुड्डी की चूत में धक्का मारते हुए कहा।
“लेकिन मैं मुफ्त में नहीं चोदूँगा... एक चुदाई का 10,000 रुपये दूँगा... ताकि तुम दोनों को याद रहे कि कभी रंडी बनकर तुम अपने भाइयों से चुदवाई थी...” बड़े भाई ने मुस्कुराते हुए कहा।
इस तरह दोनों भाइयों ने चचेरी बहनों के साथ खूब मजा लिया। चुदाई का दूसरा दौर खत्म होने के बाद दोनों लड़कियों को दोनों भाइयों का गरम वीर्य पिलाया गया। जैसा बड़े भाई ने कहा था, उन्होंने प्रत्येक को 20,000 रुपये का भुगतान किया और वादा लिया कि जब तक वे घर में रहेंगे, हर रात वे दोनों भाइयों के साथ रंडी की तरह काम करेंगी।
सुबह जब दोनों बहनें कमरे से बाहर गईं, तो किसी को अंदाज़ा नहीं हुआ कि एक ही रात में दोनों ने दो-दो लौड़े लेकर चचेरे भाइयों के साथ चुदाई का मजा लिया है और पैसे भी लिए हैं। उन्होंने असली वेश्या का अनुभव प्राप्त किया था। निर्मात्री फनलवर है।
अगली दो रातें भी दोनों जोड़ों ने बिना किसी हिचकिचाहट और प्रतिरोध के मजे किए। दूसरी और तीसरी रात लड़कियों ने लेस्बियन क्रिया का भी आनंद लिया और गांड भी चुदवाई। अब तक उन्होंने अपने पतियों के साथ सिर्फ मिशनरी पोजीशन में चुदाई ही की थी।
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Funlover.