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अपडेट - 102 चंडीगढ़ का टूर-13 अमन चची का माहि से मिलान
जब माहि और सुमन वापस घर ए सविता से सेक्सी इंट्रो करने के बाद.
तो अमन कौर साज़ दहेज़ कर ड्राइंग रूम में बैठी उनका इंतज़ार कर रही थी.
दोनों अंदर ा कर बेथ गए .
सुमन ने सोचा के उसकी मम्मी माहि के साथ मिलान करने के लिए तड़प रही है तो में क्यों कबाब में हड्डी बनु.
ऐसा सोच कर वह उठ कर चली गई ये कह कर के में जाकर अपने कमरे में आराम करती हु.
उसके जाने के बाद माहि ने अमन को पकड़ कर अपने नजदीक बिठा लिया सोफे पर.
उसको चुम कर पूछा जान कितना याद किया तुम ने अपने यार को.
लगता तो नहीं के याद किया है.
उसके उभर दबा कर कहा, पहले तो बहुत चिपक टी थी mujhse,ab दूर बैठी हो.
अमन ने उसके हथियार को दबाते हुए kaha,yar थोड़ा देखकर hi चिपक सकती हु में तुम से.
रात को बताउंगी के कितना याद किया है.
अब ये जो में हार सिंगार कर रही हु, अपने यार माहि के लिए hi तो कर रही हु.
और drawing-room में कैसे नंगी होकर तुम्हारा औज़ार ले सकती हु अपनी गुलाबो में.
यहाँ तो बस हाथ hi फेर सकते हैं हम एक दूजे के गुप्तांगों पर.
माहि ने उसके मुम्मे दबाते हुए कहा, हमारी बाकि सब लड़किया तो जानती hi है हमारे प्यार के वारे में.
फिर इतनी दुरी क्यों अपने यार से.
हमारे घर की लड़कियों तो खुद हम दोनों को इकठे बिठा कर चली गई है अपने कमरों में.
उनसे क्यों डर्टी हो तुम.
अमन ने उसका औज़ार हिलाते हुए kaha,na hi वो लड़कियां डर्टी हैं मुझसे और न hi में डर्टी हु उनसे.
लेकिन कोई बाहर वाला भी तो जब मर्ज़ी ा सकता है यहाँ ड्राइंग रूम में.
रात को डिनर के बाद तो हमको नग्न होना hi है बैडरूम mein,to अब इतनी बेकरारी क्यों.
वो दोनों बात भी कर रहे थे और एक दूजे के गुप्तांगों से भी खेल रहे थे.
के तभी दूर बेल्ल बजी .
तो अमन चची के इशारा करने पर माहि उठ कर अपने कमरे में चला आया रूबी के पास.
और रूबी के साथ लेट गया.
जब रूबी के साथ उसका औज़ार लगा तो उसने पूछा क्यों अभी भी इतना सख्त है तुम्हारा हथियार, चची ने घास नहीं डाली क्या.
माहि ने कहा अभी drawing-room में जितना प्यार चची कर सकती थी ,कर लिया उसने .
पूरा प्यार रात को करेगी .
तभी माहि को हरप्रीत का मश्ग आया: hello डिअर क्या कर रहे हो .
माहि: तुम को hi याद कर रहा था.
बताओ जान कैसे यद् किया अपने यार को.
हरप्रीत: तुम को नहीं पता क्यों यद् करती है एक लड़की किसी लड़के को.
मेरे अंदर तो तुम ने मुझे मसल कर अग्ग लगा दी है अब पूछते हो के कैसे यद् किया.
मुझे पता लगा है के साथ में सविता को भी लेकर जा रहे हो सोलन.
तो उसकी हज़ारी में तुम कैसे बुझा पाओगे मेरी प्यास.
माहि: जैसे तुम प्यासी हो गई हो वैसे hi उसको भी प्यासी करेंगे पहले हम दोनों.
उसको थोड़ी झलक अपने प्यार की दिखा कर.
यकीं करो हम दोनों की प्यास देख कर उसको भी भरपूर प्यास लग जाएगी.
और वह खुद तुम से गुजारिश करेगी अपनी प्यास मुझसे मितवा ने में, सहायता करने के लिए.
तुम फ़िक्र मत करो तुम दोनों जब वापस अयोगी सोलन से तो बिलकुल भी प्यासी नहीं रहोगी.
तुम अनगिनत बार मेरा सांप ले चुकी होंगी अपने बिल्स में तब तक.
हरप्रीत: वो तो ठीक है यार लेकिन अगर सविता न माननी तुम्हारा औज़ार अपने बिल में लेने को.
और मेरा भेद खुल गया तुम्हारे साथ सेक्सी प्यार का उस पर ,तो मेरी बहुत बदनामी हो जाएगी.
देख लो तुम.
माहि: ऐसा हो hi नहीं सकता, अगर वह सोलन जाने को त्यार हो गयी है.
तो मेरा हथियार अपने अंदर लेने के लिए भी जरूर त्यार हो जाएगी.
एक बात और ,जब तक में उसको सेक्सी प्यार के लिए प्यासी नहीं कर दूंगा,
तब तक हम उस पर अपना सेक्सी प्यार ज़ाहिर नहीं करेंगे.
हरप्रीत: तब ठीक है.
जब तक तुम उसको ऐसे मसलने में कामयाब न हो जाओ, जैसे मुझे मसाला है. तब तक तुम, हम दोनों का प्यार उस से छुपा कर रखना.
माहि: यार इतना क्यों घबरा रही हो.
काम्य, रूबी और सुमन भी होंगी हमारे साथ.
उन्होंने hi टिका लेना है सविता को, उसके ऊपर हाथ फेर कर उसकी प्यास जगा देनी है.
वैसे मुझे तो वह पहले से hi प्यासी लगती है.
थोड़े नखरे तो लड़कियां करती hi हैं.
देख लेना हमारे साथ 2 चार बार बाटें करने के बाद उसकी गीली हो जनि है.
और उसने मेरा औज़ार पकड़ लेना है.
सविता यहाँ से जाएगी तो नखरे करती हुई लेकिन आएगी हाथ में हथियार पकड़ कर.
हरप्रीत: ठीक है यार देखते है फिर कल स्वप्न रिसोर्ट में पहुँच कर.
Bye फॉर नाउ, तुम से बात करके गीली हो गई है मेरी.
रूबी ने माहि का पकड़ कर puchha,kis से इतनी लम्बी चाट किये जा रहे हो.
थोड़ा समय अपनी शरीकेहयात को भी दो.
माहि ने उसको एम्ब्रॉस करके अपना सांप उसके बिल के छेड़ पर लगा कर kaha,mera तो सब कुछ अपनी रूबी के लिए hi है.
वैसे में सुमन की सरप्राइज हरप्रीत से बाटें कर रहा था.
वो कह रही थी सविता अगर हमारे खेल में शामिल न हुई तो कहीं हॉस्टल में उसकी बदनामी न हो जाये.
मेने उसको कहा पहले उसको खेल में शामिल करके hi तुम्हारे साथ खुल कर खेल खेलेंगे.
और मेरी रूबी और काम्य hi काफी है उसको टिकने के लिए.
मुझे तो शायद ज्यादा मेहनत न hi करनी पड़े.
यही सब समझा के उसके दिल की हलचल दूर की है.
रूबी ने कहा उसकी हलचल तुम्हारी बातों से नहीं बल्कि तुम्हारा सांप बिल में लेकर दूर होगी.
वैसे अब तुम्हारे सांप की आदतें कुछ ज्यादा hi बिगड़ ने लगी है.
जहाँ मछली देखि वहीँ कांटा फेंक देता है yeh.ha है मज़ाक.
माहि: में जो कुछ भी करता हूँ अपनी रूबी की मर्ज़ी से hi करता हु.
अगर रूबी इस सब से खुश होगी तभी मुझे भी ये सब अच्छा लगेगा नहीं तो नहीं.
रूबी: यार इतना सीरियस होने की कोई बात nahi,meri ख़ुशी तो मेरे हुब्बी की ख़ुशी में hi है.
में तो अमन चची से हथियार को अंदर जकड कर रखने और रिलीज़ करने का हुनर भी, तुम्हे ज्यादा स्वाद देने के लिए hi सीख न चाहती हु.
एक बात और है, हरप्रीत अपने भाई के साथ काम्य की शादी की बात कर रही है.
वैसे उसका भाई कुलदीप भी हमारे जैसे खुले विचारों वाला hi है.
शायद कुलदीप, स्वप्न रिसोर्ट में भी ा जाये इंट्रो के लिए.
तुम क्या कहते हो.
माहि: रूबी यार इतनी डिटेल में बताने की क्या जरुरत है. अब हम दोनों तो 2 जिस्म मगर एक जान हैं.
यार तुम और काम्य कर लेना कुलदीप से इंट्रो.
फिर अगर तुम दोनों को ठीक लगेगा.
तो मम्मी और मधु मम से बात करके hi कोई फैसला करेंगे.
दोनों no आराम करने के बाद, डिनर किया.
डिनर के समय अमन चची दुल्हन की तरह सजी हुई थी.
सभी लड़कियों को पता था के अज्ज अमन चची ने माहि से सेक्सी मिलान करना है.
तो डिनर के बाद काम्य और सुमन उठ कर अपने कमरे में चली गई.
रूबी ने अमन चची को kaha,yar चची तुमने तो बहुत हैवी मेक उप की है अपने भतीजे से मिलान करने के लिए.
इतनी मेक उप तो मेने अपनी सुहागरात समय भी नहीं की थी.
चची ने कहा क्यों न करती मुझे तो अज्ज कितनी lambiiiiiiiiiiiii उडीक के बाद माहि का औज़ार नसीब होगा.
तुम्हारे साथ तो हर रोज लगा कर रखता है माहि अपना सांप.
मेरे बिल की तो बस अज्ज hi सैर करेगा इसका सांप.
या तुम्हारे यहाँ से जाने से पहले शायद एक बार और ले लू में माहि का हथियार अपने छेदों में.
इसीलिए ज्यादा तयारी की है मेने.
बहुत इंतज़ार किया है मेने माहि के सांप को अपने छेदों की सैर करवाने के लिए.
रूबी ने कहा ठीक है चची अब तुम ले जाओ अपने भतीजे को अपना साजन बना केर अपने बैडरूम में.
और करलो सेक्सी मिलान लेकिन ये मत भूलना के तुम को मुझे हथियार को रामप्यारी के अंदर कण्ट्रोल करने की विधि भी सीखनी है .
माहि के सांप को अपने छेदों की सैर करवाने के बाद.
चची ने कहा जब माहि के हथियार ने मेरे छेदों की सैर कम्पलीट कर्ली.
उसके बाद तुम ा जाना हमारे pass,lund को छूट में कण्ट्रोल करने का हुनर सीखने के लिए.
और ऐसा बोलकर चची अपने भतीजे को लेकर अपने बैडरूम में चली गयी.
और में रूबी कॉमन बाथरूम से उनके सेक्सी मिलान को देखने लगी.
अब कहानी अमन
चची की ज़ुबानी:

मेने माहि के साथ किसिंग शुरू कर दी बैडरूम में जा कर.
माहि भी मुझे बहुत शिद्दत से

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चूमने लगा.
माहि ने कहा, चची अज्ज कुछ ज्यादा hi जोश लगता है तुम में.
मेने कहा अब तुमको क्या बताऊँ भतीजे कितना लंबाआआ इंतज़ार करना पड़ा है मुझे तुम्हारे मुस्सल से प्यार करने के लिए.
इंतज़ार जितना लम्बा हो जोश भी उतना hi ज्यादा होता है.
मुझे चूमने के बाद माहि मेरे मुम्मो से खेलने लगा.
मेरी निप्पल्स को बरी बरी से चूसने और

काटने लगा.
मेने भी अपने दोनों मुम्मे बरी बरी उसके मुँह में दाल कर बहुत शिद्दत से सूचक करवाए अपने भतीजे से.
माहि ने कहा चची तुमको सिर्फ लोडे को छूट में कण्ट्रोल करने का hi हुनर नहीं अट्टा.
बल्कि बाकि सेक्स स्टेप्स निभाने की विधि से भी तुम मर्द को अत्यंत आनंदित कर देती हो.
ऐसे बोलकर मेरे भतीजे ने और ज़ोर से मुझे मसल न शुरू कर diya,mera पेट चाटने लगा मुझे किसिंग करने लगा.
मुझ से भी रहा नहीं गया मेने राजे का लुंड पकड़ लिया और अपने भतीजे के लुंड से प्यार करने lagi,lode की मुठ मरने

लगी.
माहि भी मेरे मुम्मो से खेलने और पेट चाटने के बाद मेरी गुलाबो को प्यार से देखने लगा.
मेरे भतीजे ने कहा, चची कितनी प्यारी और चिकनी छूट है tumari,man करता है देखता hi राहु.
इतनी चिकनी और प्यारी कैसे लग रही है तुम्हारी रामप्यारी.
मेने कहा राजे में सुबह से hi म्हणत कर रही हु अपने गुप्तांगों को निखार ने की.
मेरे भतीजे ने कहा चची ये विधि भी तुम अपनी रूबी भतीजी को सीखा देना प्लीज.
मुझे बहुत मज़ा ा रहा है तुम्हारी

रामप्यारी से खेलने mein,mene खुद अपना फुड्डा अपने भतीजे के माउथ पर रगड़ न शुरू कर दिया.
मेने कहा, क्यों नहीं भतीजे में अपनी भतीजी को सब कुछ सीखा पढ़ा कर hi भेजूंगी यहाँ से.
इसमें मेरी भी गरज़ है.
अब अगर में तुम दोनों की अच्छे से सेवा करुँगी तभी तुम नेक्स्ट टाइम जलधि चंडीगढ़ आने का प्रोग्राम बनाओगे. और मेरे छेदों को सकूँ मिल सकेगा तुम्हारे लोडे से.
वैसे जैसे भी में अब तुम से सम्भोग कर रही हु ,ये सब पर किर्या मेरी भतीजी रूबी बाथरूम से देख hi रही है.
में तुम दोनों को यहाँ से पूरी ट्रेनिंग देकर और खुश करके hi भेजूंगी.
मेरे भतीजे ने अब मेरे फुद्दी और गांड दोनों को चेतना शुरू कर diya.Bahut प्यार से चाट रहा था मेरा भतीजा मेरे

अगले और पिछले दोनों छेदों को.
मेरे निचले दोनों छेदों के अच्छे से कहते जाने के कारन, में बहुत गर्म हो गयी और सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ रजिएए महीईईईई iiiiiiiiiiii राजेईईईई हीइइइइइइइ cccccçccccc जीईई.
और ऐसे करते हुए मेरे भोसड़े ने ढेर सारा छूट रास निकल दिया जिसको पीकर मेरा भतीजा बहुत खुश हुआ.
अब भतीजा भी काफी गरम हो गया था और उसने अपना लोढ़ा मेरे हाथ में पकड़ा

दिया.
में राजे के लुंड से प्यार करने lagi,usko विभिन्न तरीकों से चाटने लगी.
लोडे के सुपर को चूसने मसलने लगी.
लुंड को मुँह में लेकर सूचक करने लगी.
भतीजा भी धक्के लगा कर लोडे से अपनी

चची का मुँह छोड़ने लगा.
मेरे भतीजे ने गरम होकर मुझे पकड़ लिया और अपना लोढ़ा मेरे भोसड़े के छेड़ पर रखकर मेरी तरफ देखा.
मेरी स्माइल देखकर माहि ने धक्का मर कर अपना पूरा लुंड मेरे फुद्दी में दाल

दिया.
मेरी हलकी सी अहह निकल गयी चूँकि मेने काफी देर बाद लुंड लिया था अपने फुद्दी में और माहि का लोढ़ा भी बहुत बड़ा था.
थोड़ी देर बाद मुझे बहुत स्वाद आने लगा और में भी अपनी गांड हिला हिला कर माहि को तेज धक्के लगाने के लिए उकसाने लगी.
उसके बाद मेने भतीजे को नीचे लेटने का इशारा किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसका लोढ़ा अपने भोसड़े में दाल लिया.

मेने भतीजे के लुंड पर कूदना शुरू कर दिया.
मुझे बहुत मज़ा आने लगा और राजे के लोडे पर कूदने से, में एक बार फिर झाड़ गयी और मेरे भोसड़े ने बेतहाशा पानी निकल दिया.
अब मेने उठकर भतीजे को अपनी गांड के

दर्शन करवाए तो भतीजा समझ गया के उसकी चची अपनी गांड मरवाना चाहती है.
तो राजे ने देर न करते हुए मेरे फुद्दी से निकले हुए छूट रास से hi मेरी गांड लुब्रिकेट कर्ली.
और लोढ़ा मेरी गांड के छेड़ पर रख कर मेरी तरफ देखा.
मेरी सहमति पाकर राजे ने ज़ोर से धक्का मर कर अपना पूरा लोढ़ा मेरी गांड में दाल दिया.
गांड में भी मुझे राजे के लोडे का साइज बड़ा होने के कारन थोड़ा दर्द हुआ.
लेकिन जल्दी hi मुझे बहुत मज़ा आने लगा और अपने भतीजे को ज़ोर से धक्के लगाने के लिए कहा.
मेरा भतीजा ज़ोर से धक्के लगा कर

meri gand marne laga.
Uski tabadtod chudai se ,me maze ke satven aasaman par pahunch gai aur khud bhi gand hila hila kar apni gand marwane lagi.
Adhe ghante ki dhuan dhar chudai ke baad mere bhatije ke mussal ne hathiyar dal diye aur meri gand apne white taral padarth roopi pyar se bhar di.
Mere bhatije ne mere sabhi chhedon ko apne lund ka pyar dekar tript kar diya.
Aur sambhog ke baad hum chachi bhatija ek duje ki bahon mein let kar aram karne lage ,ek duje ko halke se chumne lage.
Raji ki friend Arushi sis ki ek poem,Aman ki zubani:
Nav वर्ष की एक रात...
प्यास बढ़ती गई,मैं उनसे लिपटती गई
कभी हुई मदहोश तो हुई कभी दासी
अंगों में सुरूर था तो ज़िस्म से थी प्यासी
हुआ जब स्पर्श होंठो से लेकर हाथों का
शुरू हुआ सिलसिला मदहोशी बातों का
कभी लब चूमे तो कभी स्तनों को आहह.
अंग अंग में नशा छाया
बिस्तर पर खोल जांघे सुलाया
जीभ डाल मधुघाट से रसपान किया
कड़क देख मचल गई
मुँह में चुस फिसल गई
आखिर खुले दरवाज़े में घुसे ऐसे
दर्द के मारे चीख निकल गई जैसे
होले होले रगड़ बढ़ीओर बढ़े झटके
उछल उछल मेरे भी स्तन खूब मटके
धीरे धीरे नशे में रात होती गई
प्यास बढ़ती गई मैं उनसे लिपटती गई
Isi samay meri bhatiji Rubi andar ayi.
Aur mujhse lode ko chut mein control karne ki vidhi puchhne lagi.
Mahi uth kar bathroom me chala gya.
Mene Rubi ki ek ungli apni gand mein dalva li aur uski finger ko jakad liya apni gand ke andar.
Rubi ne puchha chachi ye itni zor se kese jakad liya tum ne meri finger ko apni gand mein.
Mene kaha pehle Gym mein ja kar ya yog se pelvic muscles strong karne padte hai .
Aur fir gand ya chut mein kisi cheez ko hold karne ki practice karni padti hai.
Strong pelvic muscles se hi finger ya lund ko chut ya gand mein jab marzi jakad aur release kar sakte hai.
Kuchh criminal girls apne pelvic floor muscles ko itna strong bana leti thi puratan samay mein.
Ke veh kisi mard ke lund ko chut mein jakad kar hi uski hatya karne ki yogyata rakhti thi.
Aur aisi beautiful girls ka upyog bahut se Raje Maharaje apne virodhiyon ko qatal karne ke liye kiya karte the.
Aisi ladkiyon ko vishkanya ki tarah kisi dushman ko raste se hatane ke liye upyog kiya jata tha.
Ab me apni ek finger tumari gand mein dalti hu , tum apne muscles ki sahayata se meri finger ko jakad lo apni gand mein.
Rubi ne vese hi kiya jesa mene usko bola , lekin finger par uski jakad meri jakad jesi strong nahi thi.
Mene Rubi ko samjha diya ke jese gand mein finger lekar usko jakadne ki koshish karni hai aise hi chut mein lekar bhi kar sakte hai.
Agar tum apne dono chhedon mein finger dal kar, regular practice krogi to tumari jakad bhi lund par strong ho jayegi.
Tumare pelvic floor muscles strong ho jayenge.
Aur tum mere jese jab marzi lode ko jakad aur release kar sakogi apni chut ya gand mein.
Mene Rubi ko ,lode ko chut mein control karne ki vidhi achhe se samjha di.
Tabhi Mahi bathroom se bahar aya
Aur mujhse puchha,chachi maza aya apne bhatije se apne tinon chhedon mein lund dalva kar.
Mene kaha ji Raje tumari chachi ne
percent complete swad liya tum se apna bhosda marva kar aur isike sath ye update bhi
percent complete hoti hai.
Friends please like reply nd comments kro


Raji aapke pyar ki intzar mein
To be continued
जब माहि और सुमन वापस घर ए सविता से सेक्सी इंट्रो करने के बाद.
तो अमन कौर साज़ दहेज़ कर ड्राइंग रूम में बैठी उनका इंतज़ार कर रही थी.
दोनों अंदर ा कर बेथ गए .
सुमन ने सोचा के उसकी मम्मी माहि के साथ मिलान करने के लिए तड़प रही है तो में क्यों कबाब में हड्डी बनु.
ऐसा सोच कर वह उठ कर चली गई ये कह कर के में जाकर अपने कमरे में आराम करती हु.
उसके जाने के बाद माहि ने अमन को पकड़ कर अपने नजदीक बिठा लिया सोफे पर.
उसको चुम कर पूछा जान कितना याद किया तुम ने अपने यार को.
लगता तो नहीं के याद किया है.
उसके उभर दबा कर कहा, पहले तो बहुत चिपक टी थी mujhse,ab दूर बैठी हो.
अमन ने उसके हथियार को दबाते हुए kaha,yar थोड़ा देखकर hi चिपक सकती हु में तुम से.
रात को बताउंगी के कितना याद किया है.
अब ये जो में हार सिंगार कर रही हु, अपने यार माहि के लिए hi तो कर रही हु.
और drawing-room में कैसे नंगी होकर तुम्हारा औज़ार ले सकती हु अपनी गुलाबो में.
यहाँ तो बस हाथ hi फेर सकते हैं हम एक दूजे के गुप्तांगों पर.
माहि ने उसके मुम्मे दबाते हुए कहा, हमारी बाकि सब लड़किया तो जानती hi है हमारे प्यार के वारे में.
फिर इतनी दुरी क्यों अपने यार से.
हमारे घर की लड़कियों तो खुद हम दोनों को इकठे बिठा कर चली गई है अपने कमरों में.
उनसे क्यों डर्टी हो तुम.
अमन ने उसका औज़ार हिलाते हुए kaha,na hi वो लड़कियां डर्टी हैं मुझसे और न hi में डर्टी हु उनसे.
लेकिन कोई बाहर वाला भी तो जब मर्ज़ी ा सकता है यहाँ ड्राइंग रूम में.
रात को डिनर के बाद तो हमको नग्न होना hi है बैडरूम mein,to अब इतनी बेकरारी क्यों.
वो दोनों बात भी कर रहे थे और एक दूजे के गुप्तांगों से भी खेल रहे थे.
के तभी दूर बेल्ल बजी .
तो अमन चची के इशारा करने पर माहि उठ कर अपने कमरे में चला आया रूबी के पास.
और रूबी के साथ लेट गया.
जब रूबी के साथ उसका औज़ार लगा तो उसने पूछा क्यों अभी भी इतना सख्त है तुम्हारा हथियार, चची ने घास नहीं डाली क्या.
माहि ने कहा अभी drawing-room में जितना प्यार चची कर सकती थी ,कर लिया उसने .
पूरा प्यार रात को करेगी .
तभी माहि को हरप्रीत का मश्ग आया: hello डिअर क्या कर रहे हो .
माहि: तुम को hi याद कर रहा था.
बताओ जान कैसे यद् किया अपने यार को.
हरप्रीत: तुम को नहीं पता क्यों यद् करती है एक लड़की किसी लड़के को.
मेरे अंदर तो तुम ने मुझे मसल कर अग्ग लगा दी है अब पूछते हो के कैसे यद् किया.
मुझे पता लगा है के साथ में सविता को भी लेकर जा रहे हो सोलन.
तो उसकी हज़ारी में तुम कैसे बुझा पाओगे मेरी प्यास.
माहि: जैसे तुम प्यासी हो गई हो वैसे hi उसको भी प्यासी करेंगे पहले हम दोनों.
उसको थोड़ी झलक अपने प्यार की दिखा कर.
यकीं करो हम दोनों की प्यास देख कर उसको भी भरपूर प्यास लग जाएगी.
और वह खुद तुम से गुजारिश करेगी अपनी प्यास मुझसे मितवा ने में, सहायता करने के लिए.
तुम फ़िक्र मत करो तुम दोनों जब वापस अयोगी सोलन से तो बिलकुल भी प्यासी नहीं रहोगी.
तुम अनगिनत बार मेरा सांप ले चुकी होंगी अपने बिल्स में तब तक.
हरप्रीत: वो तो ठीक है यार लेकिन अगर सविता न माननी तुम्हारा औज़ार अपने बिल में लेने को.
और मेरा भेद खुल गया तुम्हारे साथ सेक्सी प्यार का उस पर ,तो मेरी बहुत बदनामी हो जाएगी.
देख लो तुम.
माहि: ऐसा हो hi नहीं सकता, अगर वह सोलन जाने को त्यार हो गयी है.
तो मेरा हथियार अपने अंदर लेने के लिए भी जरूर त्यार हो जाएगी.
एक बात और ,जब तक में उसको सेक्सी प्यार के लिए प्यासी नहीं कर दूंगा,
तब तक हम उस पर अपना सेक्सी प्यार ज़ाहिर नहीं करेंगे.
हरप्रीत: तब ठीक है.
जब तक तुम उसको ऐसे मसलने में कामयाब न हो जाओ, जैसे मुझे मसाला है. तब तक तुम, हम दोनों का प्यार उस से छुपा कर रखना.
माहि: यार इतना क्यों घबरा रही हो.
काम्य, रूबी और सुमन भी होंगी हमारे साथ.
उन्होंने hi टिका लेना है सविता को, उसके ऊपर हाथ फेर कर उसकी प्यास जगा देनी है.
वैसे मुझे तो वह पहले से hi प्यासी लगती है.
थोड़े नखरे तो लड़कियां करती hi हैं.
देख लेना हमारे साथ 2 चार बार बाटें करने के बाद उसकी गीली हो जनि है.
और उसने मेरा औज़ार पकड़ लेना है.
सविता यहाँ से जाएगी तो नखरे करती हुई लेकिन आएगी हाथ में हथियार पकड़ कर.
हरप्रीत: ठीक है यार देखते है फिर कल स्वप्न रिसोर्ट में पहुँच कर.
Bye फॉर नाउ, तुम से बात करके गीली हो गई है मेरी.
रूबी ने माहि का पकड़ कर puchha,kis से इतनी लम्बी चाट किये जा रहे हो.
थोड़ा समय अपनी शरीकेहयात को भी दो.
माहि ने उसको एम्ब्रॉस करके अपना सांप उसके बिल के छेड़ पर लगा कर kaha,mera तो सब कुछ अपनी रूबी के लिए hi है.
वैसे में सुमन की सरप्राइज हरप्रीत से बाटें कर रहा था.
वो कह रही थी सविता अगर हमारे खेल में शामिल न हुई तो कहीं हॉस्टल में उसकी बदनामी न हो जाये.
मेने उसको कहा पहले उसको खेल में शामिल करके hi तुम्हारे साथ खुल कर खेल खेलेंगे.
और मेरी रूबी और काम्य hi काफी है उसको टिकने के लिए.
मुझे तो शायद ज्यादा मेहनत न hi करनी पड़े.
यही सब समझा के उसके दिल की हलचल दूर की है.
रूबी ने कहा उसकी हलचल तुम्हारी बातों से नहीं बल्कि तुम्हारा सांप बिल में लेकर दूर होगी.
वैसे अब तुम्हारे सांप की आदतें कुछ ज्यादा hi बिगड़ ने लगी है.
जहाँ मछली देखि वहीँ कांटा फेंक देता है yeh.ha है मज़ाक.
माहि: में जो कुछ भी करता हूँ अपनी रूबी की मर्ज़ी से hi करता हु.
अगर रूबी इस सब से खुश होगी तभी मुझे भी ये सब अच्छा लगेगा नहीं तो नहीं.
रूबी: यार इतना सीरियस होने की कोई बात nahi,meri ख़ुशी तो मेरे हुब्बी की ख़ुशी में hi है.
में तो अमन चची से हथियार को अंदर जकड कर रखने और रिलीज़ करने का हुनर भी, तुम्हे ज्यादा स्वाद देने के लिए hi सीख न चाहती हु.
एक बात और है, हरप्रीत अपने भाई के साथ काम्य की शादी की बात कर रही है.
वैसे उसका भाई कुलदीप भी हमारे जैसे खुले विचारों वाला hi है.
शायद कुलदीप, स्वप्न रिसोर्ट में भी ा जाये इंट्रो के लिए.
तुम क्या कहते हो.
माहि: रूबी यार इतनी डिटेल में बताने की क्या जरुरत है. अब हम दोनों तो 2 जिस्म मगर एक जान हैं.
यार तुम और काम्य कर लेना कुलदीप से इंट्रो.
फिर अगर तुम दोनों को ठीक लगेगा.
तो मम्मी और मधु मम से बात करके hi कोई फैसला करेंगे.
दोनों no आराम करने के बाद, डिनर किया.
डिनर के समय अमन चची दुल्हन की तरह सजी हुई थी.
सभी लड़कियों को पता था के अज्ज अमन चची ने माहि से सेक्सी मिलान करना है.
तो डिनर के बाद काम्य और सुमन उठ कर अपने कमरे में चली गई.
रूबी ने अमन चची को kaha,yar चची तुमने तो बहुत हैवी मेक उप की है अपने भतीजे से मिलान करने के लिए.
इतनी मेक उप तो मेने अपनी सुहागरात समय भी नहीं की थी.
चची ने कहा क्यों न करती मुझे तो अज्ज कितनी lambiiiiiiiiiiiii उडीक के बाद माहि का औज़ार नसीब होगा.
तुम्हारे साथ तो हर रोज लगा कर रखता है माहि अपना सांप.
मेरे बिल की तो बस अज्ज hi सैर करेगा इसका सांप.
या तुम्हारे यहाँ से जाने से पहले शायद एक बार और ले लू में माहि का हथियार अपने छेदों में.
इसीलिए ज्यादा तयारी की है मेने.
बहुत इंतज़ार किया है मेने माहि के सांप को अपने छेदों की सैर करवाने के लिए.
रूबी ने कहा ठीक है चची अब तुम ले जाओ अपने भतीजे को अपना साजन बना केर अपने बैडरूम में.
और करलो सेक्सी मिलान लेकिन ये मत भूलना के तुम को मुझे हथियार को रामप्यारी के अंदर कण्ट्रोल करने की विधि भी सीखनी है .
माहि के सांप को अपने छेदों की सैर करवाने के बाद.
चची ने कहा जब माहि के हथियार ने मेरे छेदों की सैर कम्पलीट कर्ली.
उसके बाद तुम ा जाना हमारे pass,lund को छूट में कण्ट्रोल करने का हुनर सीखने के लिए.
और ऐसा बोलकर चची अपने भतीजे को लेकर अपने बैडरूम में चली गयी.
और में रूबी कॉमन बाथरूम से उनके सेक्सी मिलान को देखने लगी.
अब कहानी अमन

मेने माहि के साथ किसिंग शुरू कर दी बैडरूम में जा कर.
माहि भी मुझे बहुत शिद्दत से

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चूमने लगा.
माहि ने कहा, चची अज्ज कुछ ज्यादा hi जोश लगता है तुम में.
मेने कहा अब तुमको क्या बताऊँ भतीजे कितना लंबाआआ इंतज़ार करना पड़ा है मुझे तुम्हारे मुस्सल से प्यार करने के लिए.
इंतज़ार जितना लम्बा हो जोश भी उतना hi ज्यादा होता है.
मुझे चूमने के बाद माहि मेरे मुम्मो से खेलने लगा.
मेरी निप्पल्स को बरी बरी से चूसने और

काटने लगा.
मेने भी अपने दोनों मुम्मे बरी बरी उसके मुँह में दाल कर बहुत शिद्दत से सूचक करवाए अपने भतीजे से.
माहि ने कहा चची तुमको सिर्फ लोडे को छूट में कण्ट्रोल करने का hi हुनर नहीं अट्टा.
बल्कि बाकि सेक्स स्टेप्स निभाने की विधि से भी तुम मर्द को अत्यंत आनंदित कर देती हो.
ऐसे बोलकर मेरे भतीजे ने और ज़ोर से मुझे मसल न शुरू कर diya,mera पेट चाटने लगा मुझे किसिंग करने लगा.
मुझ से भी रहा नहीं गया मेने राजे का लुंड पकड़ लिया और अपने भतीजे के लुंड से प्यार करने lagi,lode की मुठ मरने

लगी.
माहि भी मेरे मुम्मो से खेलने और पेट चाटने के बाद मेरी गुलाबो को प्यार से देखने लगा.
मेरे भतीजे ने कहा, चची कितनी प्यारी और चिकनी छूट है tumari,man करता है देखता hi राहु.
इतनी चिकनी और प्यारी कैसे लग रही है तुम्हारी रामप्यारी.
मेने कहा राजे में सुबह से hi म्हणत कर रही हु अपने गुप्तांगों को निखार ने की.
मेरे भतीजे ने कहा चची ये विधि भी तुम अपनी रूबी भतीजी को सीखा देना प्लीज.
मुझे बहुत मज़ा ा रहा है तुम्हारी

रामप्यारी से खेलने mein,mene खुद अपना फुड्डा अपने भतीजे के माउथ पर रगड़ न शुरू कर दिया.
मेने कहा, क्यों नहीं भतीजे में अपनी भतीजी को सब कुछ सीखा पढ़ा कर hi भेजूंगी यहाँ से.
इसमें मेरी भी गरज़ है.
अब अगर में तुम दोनों की अच्छे से सेवा करुँगी तभी तुम नेक्स्ट टाइम जलधि चंडीगढ़ आने का प्रोग्राम बनाओगे. और मेरे छेदों को सकूँ मिल सकेगा तुम्हारे लोडे से.
वैसे जैसे भी में अब तुम से सम्भोग कर रही हु ,ये सब पर किर्या मेरी भतीजी रूबी बाथरूम से देख hi रही है.
में तुम दोनों को यहाँ से पूरी ट्रेनिंग देकर और खुश करके hi भेजूंगी.
मेरे भतीजे ने अब मेरे फुद्दी और गांड दोनों को चेतना शुरू कर diya.Bahut प्यार से चाट रहा था मेरा भतीजा मेरे

अगले और पिछले दोनों छेदों को.
मेरे निचले दोनों छेदों के अच्छे से कहते जाने के कारन, में बहुत गर्म हो गयी और सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ रजिएए महीईईईई iiiiiiiiiiii राजेईईईई हीइइइइइइइ cccccçccccc जीईई.
और ऐसे करते हुए मेरे भोसड़े ने ढेर सारा छूट रास निकल दिया जिसको पीकर मेरा भतीजा बहुत खुश हुआ.
अब भतीजा भी काफी गरम हो गया था और उसने अपना लोढ़ा मेरे हाथ में पकड़ा

दिया.
में राजे के लुंड से प्यार करने lagi,usko विभिन्न तरीकों से चाटने लगी.
लोडे के सुपर को चूसने मसलने लगी.
लुंड को मुँह में लेकर सूचक करने लगी.
भतीजा भी धक्के लगा कर लोडे से अपनी

चची का मुँह छोड़ने लगा.
मेरे भतीजे ने गरम होकर मुझे पकड़ लिया और अपना लोढ़ा मेरे भोसड़े के छेड़ पर रखकर मेरी तरफ देखा.
मेरी स्माइल देखकर माहि ने धक्का मर कर अपना पूरा लुंड मेरे फुद्दी में दाल

दिया.
मेरी हलकी सी अहह निकल गयी चूँकि मेने काफी देर बाद लुंड लिया था अपने फुद्दी में और माहि का लोढ़ा भी बहुत बड़ा था.
थोड़ी देर बाद मुझे बहुत स्वाद आने लगा और में भी अपनी गांड हिला हिला कर माहि को तेज धक्के लगाने के लिए उकसाने लगी.
उसके बाद मेने भतीजे को नीचे लेटने का इशारा किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसका लोढ़ा अपने भोसड़े में दाल लिया.

मेने भतीजे के लुंड पर कूदना शुरू कर दिया.
मुझे बहुत मज़ा आने लगा और राजे के लोडे पर कूदने से, में एक बार फिर झाड़ गयी और मेरे भोसड़े ने बेतहाशा पानी निकल दिया.
अब मेने उठकर भतीजे को अपनी गांड के

दर्शन करवाए तो भतीजा समझ गया के उसकी चची अपनी गांड मरवाना चाहती है.
तो राजे ने देर न करते हुए मेरे फुद्दी से निकले हुए छूट रास से hi मेरी गांड लुब्रिकेट कर्ली.
और लोढ़ा मेरी गांड के छेड़ पर रख कर मेरी तरफ देखा.
मेरी सहमति पाकर राजे ने ज़ोर से धक्का मर कर अपना पूरा लोढ़ा मेरी गांड में दाल दिया.
गांड में भी मुझे राजे के लोडे का साइज बड़ा होने के कारन थोड़ा दर्द हुआ.
लेकिन जल्दी hi मुझे बहुत मज़ा आने लगा और अपने भतीजे को ज़ोर से धक्के लगाने के लिए कहा.
मेरा भतीजा ज़ोर से धक्के लगा कर

meri gand marne laga.
Uski tabadtod chudai se ,me maze ke satven aasaman par pahunch gai aur khud bhi gand hila hila kar apni gand marwane lagi.
Adhe ghante ki dhuan dhar chudai ke baad mere bhatije ke mussal ne hathiyar dal diye aur meri gand apne white taral padarth roopi pyar se bhar di.
Mere bhatije ne mere sabhi chhedon ko apne lund ka pyar dekar tript kar diya.
Aur sambhog ke baad hum chachi bhatija ek duje ki bahon mein let kar aram karne lage ,ek duje ko halke se chumne lage.
Raji ki friend Arushi sis ki ek poem,Aman ki zubani:
Nav वर्ष की एक रात...
प्यास बढ़ती गई,मैं उनसे लिपटती गई
कभी हुई मदहोश तो हुई कभी दासी
अंगों में सुरूर था तो ज़िस्म से थी प्यासी
हुआ जब स्पर्श होंठो से लेकर हाथों का
शुरू हुआ सिलसिला मदहोशी बातों का
कभी लब चूमे तो कभी स्तनों को आहह.
अंग अंग में नशा छाया
बिस्तर पर खोल जांघे सुलाया
जीभ डाल मधुघाट से रसपान किया
कड़क देख मचल गई
मुँह में चुस फिसल गई
आखिर खुले दरवाज़े में घुसे ऐसे
दर्द के मारे चीख निकल गई जैसे
होले होले रगड़ बढ़ीओर बढ़े झटके
उछल उछल मेरे भी स्तन खूब मटके
धीरे धीरे नशे में रात होती गई
प्यास बढ़ती गई मैं उनसे लिपटती गई
Isi samay meri bhatiji Rubi andar ayi.
Aur mujhse lode ko chut mein control karne ki vidhi puchhne lagi.
Mahi uth kar bathroom me chala gya.
Mene Rubi ki ek ungli apni gand mein dalva li aur uski finger ko jakad liya apni gand ke andar.
Rubi ne puchha chachi ye itni zor se kese jakad liya tum ne meri finger ko apni gand mein.
Mene kaha pehle Gym mein ja kar ya yog se pelvic muscles strong karne padte hai .
Aur fir gand ya chut mein kisi cheez ko hold karne ki practice karni padti hai.
Strong pelvic muscles se hi finger ya lund ko chut ya gand mein jab marzi jakad aur release kar sakte hai.
Kuchh criminal girls apne pelvic floor muscles ko itna strong bana leti thi puratan samay mein.
Ke veh kisi mard ke lund ko chut mein jakad kar hi uski hatya karne ki yogyata rakhti thi.
Aur aisi beautiful girls ka upyog bahut se Raje Maharaje apne virodhiyon ko qatal karne ke liye kiya karte the.
Aisi ladkiyon ko vishkanya ki tarah kisi dushman ko raste se hatane ke liye upyog kiya jata tha.
Ab me apni ek finger tumari gand mein dalti hu , tum apne muscles ki sahayata se meri finger ko jakad lo apni gand mein.
Rubi ne vese hi kiya jesa mene usko bola , lekin finger par uski jakad meri jakad jesi strong nahi thi.
Mene Rubi ko samjha diya ke jese gand mein finger lekar usko jakadne ki koshish karni hai aise hi chut mein lekar bhi kar sakte hai.
Agar tum apne dono chhedon mein finger dal kar, regular practice krogi to tumari jakad bhi lund par strong ho jayegi.
Tumare pelvic floor muscles strong ho jayenge.
Aur tum mere jese jab marzi lode ko jakad aur release kar sakogi apni chut ya gand mein.
Mene Rubi ko ,lode ko chut mein control karne ki vidhi achhe se samjha di.
Tabhi Mahi bathroom se bahar aya
Aur mujhse puchha,chachi maza aya apne bhatije se apne tinon chhedon mein lund dalva kar.
Mene kaha ji Raje tumari chachi ne
Friends please like reply nd comments kro
Raji aapke pyar ki intzar mein
To be continued




















































































