Incest Porn Kahani - EK MAA - Page 5 - SexBaba
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Incest Porn Kahani - EK MAA

गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स कैसे हो सब

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बहुत बहुत धन्यवाद् आपका

पिछली कहानी बस सेक्स के लिए थी उसमे मैं खुद एक रिया का किरदार निभा रही थी और अपनी फैन्टिसिस पूरी क्र रही थी

ये कहानी अलग तरह से लिखी ह,

और सभी जब एक दूसरे से खुल जायेंगे तो आगे क्या क्या देखने को मिलेगा ये अपडेट में पता चल जायेगा

रूचि भी आएगी मैदान में जब सब मजे ले रही ह तो रूचि पीछे कैसे रहेगी

और उन दोनों भाइयो का रोले जल्दी hi वापस आएगा वो अपना किरदार निभा रहे ह कहा ह वही पैर
 
जब अंजलि राजेश के पास आई थी तब वो बस 16 की थी तब उसने अपनी जान बचाना hi सही समझा था और न hi उसे इतना ज्ञान था की वो ये सब सोच सके, लेकिन जब वो समझदार हुई तो उसने एक फैसला क्र लिया था अगर वो पैसे का इस्तेमाल करती तो अब से पहले पकड़ी जाती, आज उसके हालत बदल चुके हैं उसके पास तुषार ह जो किसी भी परिस्थिति को बदल सकता ह
 
सीमा को अपनी गलती का अहसास होगा अब उसका परिवार उसे सम्हालेगा

पुरे परिवार में रूचि hi ऐसी ह जिसे अंजलि दिल से प्यार करके अपनी कोक में रखा था, लेकिन उसमे अंजलि को धोका मिला, सीमा के टाइम उसे इतना ज्ञान नहीं था तुषार के लिए तो रपे था hi, दीपा और सच्चील कपिल उसने अडॉप्ट किये हैं,

चंडीगढ़ का नाम बस दिमाग में आ गया था मुझे उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, वैसे भी लेडीज को इतनी हिस्ट्री कहा पता होती ह श्री उसके लिए,

अंजलि को इन्सेस्ट से कोई ऐतराज नहीं ह उसे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती शायद उसके खुद के रिलेशन की वजह से
 
अंजलि छह क्र भी राजेश की मदद नहीं क्र सकती थी जैसे hi वो पैसे इस्तेमाल करती सुरेश को पता चल जाता अंजलि के बारे में और उस टाइम अंजलि इतनी मजबूत नहीं थी, और ये पहला केस चीन में हुआ था इंडिया में तो उस टाइम लोगो को जानकारी भी नहीं थी. जिस गाओं में लोगो के पास टीवी तक नहीं थे उन्हें ये जानकारी कैसे मिलती,

अंजलि और राजेश ऐसे गाओं में थे कहा शहर की जिंदगी बहुत दूर थी,

सुरेश को सीमा में अंजलि की छवि दिखाई देती थी उसे शक था इसलिए वो उसके नजदीक आया, अब शक और बढ़ गया ह
 
बहुत बहुत धन्यवाद् शुक्रिया मेहरबानी

इतना प्यार देने के लिए आप सब के कमैंट्स पढ़ क्र दिल ख़ुशी से उछलता रहता ह ,एक बार फिर से ठंकु

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अपडेट-32



एक दिन अंजलि ऑफिस गई सोनिया से मिलने जैसे hi वो सोनिया के ऑफिस पहुंची तो उसे अंदर से कुछ आवाज आई, जैसे कोई सिसकारियां भर रहा हो, अंजलि ने अंदर देखा तो सोनिया चेयर पैर झुकी हुई थी और पीछे से एक लड़का उसे छोड़ रहा था,

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अंजलि सुरप्रीसेड सी अंदर घुस गई, सोनिया ने अंजलि को देखा लेकिन उसने खुद को ठीक करने की कोशिश नहीं की, बस चुदती रही, और अंजलि को बैठने का इशारा किया,

अंजलि शर्माती हुई बैठ गई, कुछ देर छोड़ने के बाद लड़का झाड़ गया और शरमाते हुए कपड़ेपहेन क्र बहार चला गया,

अंजलि- सु ये क्या ह ये कोण था

सोनिया- ये मेरा भाई ह मां का लड़का

अंजलि- चोकते हुए क्या भाई लेकिन

सोनिया- तो क्या हुआ भाई तो चुदाई में कोई भाई बहन नहीं होता

अंजलि- लेकिन आप पापा को धोका दे रही हो

सोनिया- शरीर के सुख के लिए कुछ धोका नहीं होता और तुम्हारे पापा कंपनी की हर औरत को छोड़ते ह, ये जितनी भी बहार बैठी ह सब तुम्हारे पापा से चुद चुकी हैं

अंजलि के मन में ये बात घर क्र गई की चुदाई के लिए सब सही ह क्योकि उसका शरीर हमेशा चुदाई मांगता था,

अंजलि का धयान सुरेश की तरफ जाने लगा, आज कल सुरेश भी अंजलि के ज्यादा नजदीक रहने लगा, जब मौका मिलता सुरेश अंजलि को गॉड में बैठा लेता, सुरेश का खड़ा लुंड अंजलि की गांड में चुभता रहता, अंजलि भी गरम होती रहती, अपनी गांड उसके लुंड पैर रगड़ती रहती, कुछ hi टाइम में दोनों ने मर्यादा तोड़ दी, और एक दूसरे को चूमने भी लगे थे,

और ये चूमा छाती कुछ hi दिनों में बिस्टेर तक पहुंच गई, अंजलि सुरेश के सामने नंगी पड़ी हुई थी सुरेश भी नंगा खड़ा था, अंजलि शर्मा रही थी, लेकिन अंदर की हवस बस बोल रही थी की जल्दी चुद ले,

सुरेश को अंजलि से कोई प्यार नहीं था जो वो उसे प्रेमिका की तरह प्यार करता, सुरेश ने सीधा मुँह अंजलि की छूट पैर लगा दिया, अंजलि पहले भी छूट चुसवा चुकी थी लेकिन अपने hi बाप और एक मर्द से छूट चुसवाने में अलग hi आनद आ रहा था,


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फिर सुरेश ने अपना लुंड अंजलि के सामने क्र दिया, अंजलि पोर्न में बहुत बार लुंड चूसै देख चुकी थी, सोनिया को भी सुरेश का लुंड चूसते देखा था, तो अंजलि ने तुरंत सुरेश का लुंड मुट्ठी में पकड़ा और मुँह में भर लिया, उसने बस देखा था अनुभव नहीं था, वो लोल्लिपोप की तरह चूसने लगी,

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सुरेश और अंजलि दोनों को hi छूट की चुदाई की जल्दी थी, अंजलि के अंदर गर्मी बहुत थी और सुरेश को बस उसे छोड़ना था, सुरेश अंजलि के ऐरो के बिच आया और लुंड छूट पैर लगाया और एक जोर दर धक्का लगाया पहले hi धक्के में लुंड छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया,

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अंजलि के मुँह से एक जोर दर चीख निकल गई, धक्का इतना तेज था की अच्छे अच्छे औरतो की चीख निकल जाये ये तो बेचारी सील पैक थी, जिसके अंदर ड्रग्स और सेक्स की दवाइया देकर उसे सेक्स के लिए पागल क्र दिया गया था,

अंजलि पहले hi धक्के में बेहोश हो गई थी, लेकिन सुरेश रुका नहीं उसने एक और धक्का मारा, लुंड तो अंदर घुस गया लेकिन अंजलि को दर्द की वजह से होश आया लेकिन अगले hi पल वो फिर बेहोश हो गई, छूट से खून भेने लगा था, सुरेश के फेस पैर एक नफरत भरी मुस्कान थी, कुछ देर में अंजलि को होश आया तो वो रोने लगी पापा प्लस मत करो पापा बहुत दर्द हो रहा ह पापा मैं मर जाउंगी पापा प्लस मुझे छोड़ दो पापा,

लेकिन सुरेश के कानो तक कोई आवाज नहीं जार hi थी, उसने धक्के लगाने शुरू क्र दिए थे, और वो छोड़ता रहा जब तक झाड़ नहीं गया,


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उसने अपना रास अंजलि की छूट में दाल क्र उठा और बाथरूम में जाकर फ्रेश हुआ, इधर बेचारी अंजलि फिर बेहोश हो चुकी थी, वो बहार आया तो सोनिया कड़ी थी, उसने अंजलि की चीख सुन लिट् hi,

सोनिया- क्र दिया किला फतह

सुरेश- है साली दो बार बेहोश हो गई अभी भी बेहोश पड़ी ह

सोनिया- क्या आप पागल हो गए हो क्या, उससे कितना काम निकलवाना ह उसके दिल में सेक्स के लिए गलत फीलिंग्स क्यों भर दी, अब वो डरेगी चुड़ते हुए

सुरेश- बस उसे देख क्र मुझे वो संजना और जयंत याद आ जाते हैं

सोनिया- अच्छा अच्छा शांत हो जाओ मैं देखती हु

फिर सोनिया अंदर आई और अंजलि की हालत देखि बेचारी खून से लतपथ बेहोश पड़ितहि, छूट फैट चुकी थी, सोनिया ने उसे उठाया उसके मुँह पैर पानी डाला, जैसे तैसे उसे होश आया, होश में आते hi वो दर्द से चीख उठी आह्ह्ह्हह माँ मर गई

सोनिया- बस बस अंजलि बस सब ठीक ह

अंजलि- सु बहुत दर्द हो रहा ह

सोनिया- एक मिनट्स रुक

सोनिया ने अंजलि को एक दवाई दी ये ड्रग्स थी, और एक इंजेक्शन लगा दिया जिससे अंजलि के अंदर फिर सेक्स की फिल्लिंग्स उठने लगे,

कुछ देर में अंजलि नार्मल सी हुई तो सोनिया उसे बाथरूम में ले गई और उसे साफ़ किया, फिर बीएड पैर लिटा दिया अंजलि रात तक सोती रही,

अगले दिन सुरेश ने अंजलि की गांड पैर हाथ फेरा तो अंजलि दर गई,


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लेकिन अंदर से शरीर सेक्स करने को बोल रहा था लेकिन अंजलि दर रही थी उस दर्द से,

अगले 4-5 दिन तक सोनिया अंजलि को ड्रग्स और उत्तेजक दवाई की हैवी दोस देती रही और समझती रही की पहेली बार में ऐसा होता ह अब नहीं होगा, 5 दिन बाद अंजलि अपने शरीर से हार गई, और उसने सुरेश के सामने खुद को सोप दिया, इस बार सोनिया उसके साथ थी, सोनिया ने बड़े प्यार से अंजलि को छुड़वाया, अपने हाथ से पकड़ क्र सुरेश का लुंड अंजलि की छूट में डलवाया,


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बहुत hi तरीके से चुदाई हुई, सुरेश ने अपना रास उसकी छूट में भर दिया,

इस बार अंजलि को मजा आया, अब तो रोज का काम हो गया, अंजलि रोज सुरेश से छोड़ने लगी, सोनिया और अंजलि एक साथ सुरेश से छोड़ने लगी,

अंजलि हमेशा खेती सु आपको बुरा नहीं लगता पापा आपके पति ह और आप मुझे उनसे छुड़वा रही हो

सोनिया- अंजलि परिवार में एकता बानी रहती ह इसमें क्या घिस जायेगा मेरा, तुझे तेरे पापा पसंद ह और मैं भी तो तीनो मिलकर मजा लेते हैं

ऐसे hi 1मंथ गुजर गया, अंजलि की मासिक नहीं आये उसने सोनिया को बताया तो वो बहुत खुश हुई

सोनिया- अंजलि तू बड़ी खुशकिस्मत ह तेरी कोख में तेरे hi पिता का बच्चा ह

अंजलि- लेकिन सु मैं तो अभी बहुत छोटी हु और बिना शादी के मैं कैसे ये करुँगी

सोनिया- अरे मैं भी प्रग्नेंट हु तो उस बच्चे को भी मैं अपना लुंगी तू बस मजे ले और बच्चा पैदा क्र

अंजलि- सच सु मैं पापा के बच्चे पैदा करुँगी हम दोनों एक साथ माँ बनेंगी

सोनिया- है मेरी जान है, आज ख़ुशी का दिन ह तेरे पापा को कुछ गिफ्ट देते हैं

अंजलि- है सु क्या गिफ्ट दे

सोनिया- ऐसा क्र तू अपने 20 %शेयर अपने पापा को दे दे

अंजलि- 20 hi क्यों सरे दे देती हु

सोनिया- नहीं बस 20 बाकि बाद में जब बच्चा हो जायेगा उसके बाद

अंजलि- ठीक ह

शाम को सोनिया ने अनिल शर्मा को बुला क्र बता दिया की अंजलि अपने 20% शेयर अपने पापा को देना चाहती ह

अनिल शर्मा को बड़ा झटका लगा, वो रोकना कहते थे लेकिन बात करने का मौका नहीं मिला, उन्हें मज़बूरी में वो करना पड़ा,

लेकिन 20 % शेयर भी डायरेक्ट नहीं हो सकते थे क्योकि अंजलि शादी के योग्य हुई थी तो उसमे 20 % शेयर का केयर टेकर बन गया था सुरेश जब वो अंजलि शादी के योग्य हो जाएगी तब वो पूरी तरह उसके नाम क्र सकती थी,

सुरेश बहुत खुश था उसने अंजलि को खूब छोड़ा उस दिन, सुरेश अब अंजलि को रोज छोड़ने लगा, अलग अलग पोजीशन में, 3 महीने बाद टेस्ट हुआ तो पता चला अंदर लड़की ह सोनिया और सुरेश और खुश हुए, लेकिन डॉ. ने उन्हें अंजलि को कोई भी दवाई देने से मन क्र दिया, क्योकि उसका शरीर तो बड़ा हो गया था लेकिन पूरा विकास नहीं हुआ था, और जो ड्रग्स और उत्तेजक दवाइया अंजलि को दी जा रही थी उसका असर बच्चे पैर पद सकता था, अंजलि की जान भी जा सकती थी, जो सुरेश के लिए गलत हो जाता वसीहत के हिसाब से उम्र से पहले अंजलि को कुछ हुआ तो साडी प्रॉपर्टी ट्रस्ट में चली जाएगी, इसलिए उन्होंने दवाइया बंद क्र दी, जिससे अंजलि को तकलीफ होने लगी, लेकिन उसका फायदा भी हुआ जब अंजलि के दिमाग से ड्रग्स और सेक्स का नशा उतरा तो उसका दिमाग तेज चलने लगा,

जो इंजेक्शन उसे जल्दी बड़ा करने के लिए दिए गए थे उनकी वजह से अंजलि का दिमाग भी उम्र से ज्यादा तेज चलने लगा था लेकिन ड्रग्स और सेक्स की दवाइयों की वजह से कुछ सोच नहीं पति थी, उसका पेट बड़ा होने लगा था, अब उसे समझ आने लगा था इतनी काम आगे में बच्चा कैसे पैदा क्र सकती ह, और बिना शादी के बच्चे कैसे करेगी उसका शरीर इतना विकसित कैसे हो गया, उसे घबराहट होने लगी,

इधर अनिल शर्मा ने सुमित को पहले hi अंजलि की जासूसी पैर लगा दया था, अनिल शर्मा को शक हो चूका था लेकिन कोई साबुत नहीं थे, वो अंजलि को बिना सबूत के कुछ समझाना नहीं चाहता था लेकिन उसे ये नहीं पता था बात इतनी आगे बढ़ चुकी ह, सुमित सुरेश और सोनिया का वफादार बनने का नाटक करता था वो सोनिया को छोड़ भी चुक्का था तो सोनिया उस पैर बड़ा विश्वास करने लगी थी, उसका किसी को नहीं पता था वो किसके लिए काम करता ह, सुमित काम के भने घर आता और अंजलि से भी दोस्ती करने लगा,

सुमित ने अनिल को बता दिया की अंजलि प्रेग्नेंट ह उसका पेट बहार दिखने लगा था, इधर अंजलि को कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था तो उसने सुमित पैर hi विश्वास करना ठीक समझ, अंजलि को सुमित ठीक लगा और उसने सुमित को साडी घटना बता दी, सब सुनकर सुमित का दिमाग घूम गया उसने अनिल शर्मा को सब बताया, इस सब में 7 महीने से ज्यादा गुजर चुके थे, अनिल शर्मा ने अंजलि से मुलाकात की और उसे सब समझाया, अब अंजलि को सब समझ आने लगा, लेकिन जब अंजलि अनिल के पास से वापस जा रही थी तो सोनिया ने उसे देख लिया,

सोनिया ने सुरेश को बताया

रात में दोनों बात क्र रे थे

सुरेश- अगर वो उस अनिल से मिली ह तो उसने उसे कुछ जरूर बताया होगा

सोनिया- मुझे भी यही दर लग रहा ह हमे जल्दी तो नहीं क्र दी इसे शादी के योग्य तो हो जाने देते

सुरेश- अब फरक नहीं पड़ता वैसे भी 1-1.5 महीने बाद बच्चा पैदा हो जायेगा तब इसे मर देंगे और साडी प्रॉपर्टी बच्चे के नाम आ जाएगी

सोनिया- लेकिन बच्चा किसका बताएंगे

सुरेश- बोल देंगे किसी नौकर के साथ मुँह कला क्र लिया

सोनिया- सही बोल रहे हो

ये सब बाते बहार कड़ी अंजलि सुन रही थी, उसका सर फटा जा रहा था, वो रोये जा रही थी, अपने रूम में आकर वो बस रोटी रही, अगले दिन सोनिया और सुरेश के जाते hi अंजलि घर से निकल क्र सुमित से मिली और सब कुछ बताया, उसने घर से भागने का फैसला क्र लिया था, अनिल शर्मा ने उसे प्रॉपर्टी की साडी जानकारी दी, अंजलि अपने सरे पप्पेर निकल लिए और अपने अकाउंट फ्रीज़ करवा दिए अनिल शर्मा से बोल क्र ताकि उसके अलावा कोई और उन्हें इस्तेमाल न क्र पाए, और सुमित और अनिल शर्मा दोनों ने ये धयान रखा कंपनी के प्रॉफिट से पैसे सही अकाउंट में जाते रहे, अंजलि को पता था सुरेश उसे मरेगा तो नहीं लेकिन कैद क्र सकता ह, और बच्चा पैदा होने के बाद मर देगा,

ये सब करने के बाद अंजलि पुलिस स्टेशन पहुंची, उसने साडी जानकारी इंस्पेक्टर को दी, इंस्पेक्टर ने अंजलि को बैठाया और बहार जाकर किसी को फ़ोन क्र दिया, और बहार hi इंतजार करने लगा तभी अंजलि को सुमित का कॉल आया की जल्दी से ठाणे से भागो इंस्पेक्टर ने सुरेश चोपड़ा को कॉल किया ह,

अंजलि तुरंत वह से भाग गई,7- 8 महीने की प्रेग्नेंट लड़की कहा भगति, और अंजलि को ठाणे आये 10 मिनट भी नहीं हुए थे सुरेश और उसके आदमी वह पहुंच गए जबकि घर और ऑफिस दोनों जगह से hi थाना 1 हरष की दुरी पैर था, तो इतनी जल्दी कैसे आ गए, क्या वो पहले से hi वह थे,

इधर अनिल शर्मा ने रस्ते से अंजलि को अपनी कार में बैठाया और उसे सिटी से बहार ले गया,

अंजलि- अंकल आप जाइये मैं यहाँ से निकल जाउंगी

अनिल- लेकिन बीटा तू अकेली कहा जाएगी

अंजलि- नहीं अंकल आप जाइये उन्होंने आपको मेरे साथ देख लिया तो आपको भी प्रॉब्लम होगी और आपका कंपनी में जुड़े रहना बहुत जरुरी ह वर्ण सब बर्बाद हो जायेगा

अनिल को अंजलि के सामने झुकना पड़ा उसने अंजलि को उतरा और कुछ पैसे दिए, अंजलि वह से रेलवे स्टेशन की तरफ चल दी, लेकिन सुरेश के आदमी उसे कुत्ते की तरह ढूंढ रहे थे, और वो उन्हें मिल hi गई, लेकिन अंजलि ने जल्दी से एक बस पकड़ ली जिससे वो वह से तो निकल गई, अंजलि अगले 15 दिन ऐसे hi इधर उधर भगति रही, कभी इस शहर कभी उस शहर, सुरेश के आदमी और पुलिस दोनों उसे ढूंढ रहे थे,

एक दिन अंजलि के सड़क के किनारे थकी हु बैठी थी, तो सुरेश के आदमी आ गए, अंजलि वह से भाग ली और एक नदी के किनारे भागने लगी तो सुरेश के आदमियों ने घेर लिया, अंजलि ने तो हार मन hi ली थी, उसने हिम्मत हर दी थी उसे लगा अब कुछ नहीं हो सकता, लेकिन तभी भगवान् का भेजा एक फरिश्ता वह आ गया जिसने उन सभी आदमियों को जान से मर दिया, और अंजलि कहा ह ये जानकरी उनके साथ hi नदी में बह गई, वो फरिश्ता था राजेश, जिसने आज अंजलि की जान बचाई, फिर दोनों ने एक दूसरे को अपनी आप बीती सुनाई,

राजेश ने अंजलि का साथ दिया और उसे अपने साथ ले गया फिर शुरू हुई इस अंजलि की कहानी उसके 6 बच्चो की कहानी,

सीमा पैदा हुई तो अंजलि के अंदर ड्रग्स और सेक्स मेडिसिन का जो असर था उस टाइम अंजलि बस सेक्स hi सेक्स में घुसी रहती थी, उसका प्रभाव सीमा पैर पड़ा, उसका दिमाग और बच्चो के मुकाबले थोड़ा स्लो था बचपन में, जवान होते होते उसके अंदर सेक्स बहुत ज्यादा बढ़ गया था, वही अंजलि के हार्मोन्स चेंज होने की वजह से उसे दूध बहुत आता था जिससे सरे बच्चो को अच्छे से पीला पति थी, तुषार के पैदा होने के 5 साल तक अंजलि को दूध आता रहा,

वही रूचि के जनम के टाइम वो बहुत खुश थी लेकिन जल्दी hi उसकी ख़ुशी अजय के धोके से दुःख चिंता में बदल गई बस सोचती रहती, जिसका परिणाम रूचि एक खुश मिजाज लड़की थी लेकिन जब सोचती थी तो बहुत घेरा सोचती थी,

लेकिन जब तुषार पैदा हुआ तो वो बस अंजलि के साथ हुए बलात्कार से हुआ था, जिसे अंजलि ने खुद नहीं चाहा था पैदा करना, इसलिए तुषार एक कमजोर सा पैदा हुआ, डॉ. ने तो मन hi क्र दिया की ये नहीं बचेगा, लेकिन जब वो पैदा हुआ तो अंजलि का प्यार उसके लिए इतना ज्यादा हो गया की वो उसे किसी भी कीमत पैर ठीक करना चाहती थी,

अंजलि ने थान लिया था ये hi बड़ा होकर मेरा बदला लेगा, अंजलि को दो लड़के और मिल गए थे लेकिन वो किसी और की अमानत थे अनजलि उन्हें खतरे में नहीं डालना चाहती थी, अंजलि तुषार को 5 साल तक अलग अलग जाह्गाह दिखती रही, बड़े बड़े डॉ. को दिखाया वेद हकीमो को दिखाया लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, फिर वो सुमित के जरिये उस डॉ. के पास गई जिसने सुरेश और सोनिया को दवाई दी थी अंजलि के हार्मोन्स बदलने के लिए, सुमित ने उस डॉ. के साथी डॉ. से सेटिंग की और अंजलि की मुलाकात करवाई,

पहले डॉ. ने मन क्र दिया लेकिन बहुत पैसे लेकर वो मान गया उसने अगले 7 साल तक तुषार को कुछ इंजेक्शन लगाए जिससे तुषार के शरीर में बदलाव होने लगे थे, और बदलाव भी बिलकुल अलग उसका शेयर भी बढ़ने लगा दिमाग भी और लुंड का आकर भी,

ये बहुत बड़ा रिस्क था जो अंजलि ने लिया था क्योकि इससे तुषार की जान भी जा सकती थी, लेकिन उसने बदले के लिए अपने बेटे की जान को खतरे में दाल दिया था,

ये ह अंजलि की कहानी उस सुरेश और सोनिया की कहानी,

अंजलि की बात सुनकर चारो बहन भाई की आंको में आंसू, गुस्सा नफरत साफ़ दिख रही थी, कुछ देर तक सब शांत थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था, किसी के पास शब्द hi नहीं थे, सबसे ज्यादा सीमा रो रही थी, बस रोये जा रही थी, तुषार और रूचि गुस्से में आग बबूला हो रहे थे, दीपा रो रही थी और अपनी माँ को देख रही थी,

अंजलि- मुझे माफ़ क्र देना टुशु मैंने तेरे साथ गलत किया था, तुझे अपने बदले के लिए उस आगे में hi इस्तेमाल किया जब तू खुद कुछ नहीं जनता था

तुषार अंजलि के पैरो में लेट गया- माँ आप दुनिया की सबसे महँ माँ हो, और मेरा जनम hi आपके लिए हुआ ह आपके बिना मेरा कोई अस्तित्व hi नहीं हो सकता, अगर आप ऐसा न करती तो शायद में बचता hi नहीं, आपके साथ वो सब हुआ माँ मैं मैं जान से मर दूंगा सबको मर दूंगा किसी को नहीं छोडूंगा,

रूचि- मरना होगा सबको मरना होगा माँ आपके साथ जो हुआ उसके लिए उन्हें मरना होगा

अंजलि- शांत हो जाओ अगर मारना hi होता तो मैं अब तक इंतजार करती क्या, मैं भी मार सकती थी किसी से भी मरवा सकती थी, बहुत पैसा था मेरे पास, मेरे नाना ने मेरे नाम पैदा होते hi 100 क्रूर की फड़ करवाई हुई थी जो 18 की आगे में कपट जोकर मेरे अकाउंट में आ चुके हैं, दूसरे अकाउंट में कंपनी के प्रॉफिट में से 55% मेरे अकाउंट में आ जाता h,socho कितने पैसे होंगे,

लेकिन मोत तो आसान हो जाएगी उनके लिए उन्हें वही सजा मिलेगी जो मैंने झेली ह, मैंने यहाँ आकर सबसे कनेक्शन काट लिया बस सुमित से बात करती रही उसे यहाँ के ऑफिस को कण्ट्रोल करने का बोलै जिससे जब मुझे जरुरत हो तो वो आ सके, उसने ये बात अनिल शर्मा तक को नहीं बताई, उसी ने जब तुम्हे घर के सामने देखा सीमा तब बताया तुम वह जॉब करती हो,

और सुमित ने जो घर खरीदा ह वो मैंने खरीदा ह और उस अजय और यश की जमीन भी मैंने खरीदी ह, लेकिन अब वो अकाउंट एक्टिव हो चुक्का ह तो सुरेश चोपड़ा को पता चल चुक्का होगा मैं इस सिटी के आस पास हु, और उसे समझ आ चुक्का होगा की सीमा मेरी बेटी ह, क्योकि तुझमे मेरी झलक अलग hi दिखती ह, मैंने ये अकाउंट दूसरे सिटी में एक्टिव किया था फिर भी सुरेश चोपड़ा को मालूम पद hi जाएगा,

तुषार- लग जाने दो पता आप चिंता मत करो माँ आपको डरने की जरुरत नहीं ह

अंजलि- बीटा मैं डर्टी नहीं हु बस अभी टाइम नहीं आया था,

रूचि- माँ कैसा टाइम उस इंसान के लिए और कितना टाइम चाहिए था

अंजलि- उसके लिए नहीं बीटा तुम्हारे लिए, मैं चाहती थी तुम लोग अभी पढ़ लो अपनी लाइफ को थोड़ा अच्छे से जी लो, लेकिन ये सब जल्दी शुरू हो गया

दीपा- माँ अब हो गया ह तो हो जाने दो वो पढाई किस काम की जो हमारी माँ को इंसाफ दिलाने में देरी क्र दे

अंजलि- बीटा उससे पहले और बहुत दुश्मन ह जिन्हे सबक सीखना ह

तुषार- हम सबको सबक सिखाएंगे

अंजलि- तू क्यों चुप ह सीमा

सीमा ने अंजलि को बहो में भर लिया और रोने लगी, मुझे माफ़ क्र दो माँ मुझे माफ़ क्र दो मैंने बहुत बड़ा पाप किया ह मैंने आपका सर झुका दिया माँ मैं इतनी बड़ी गन्दगी हु आपकी लाइफ की मुझे तो मर जाना चाहिए था,

अंजलि- कैसी बात कर रही ह बीटा, तुझे पैदा करने के लिए मैं इतने दुश्मनो से भीड़ गई थी और तू मरने की बात क्र रही ह

सीमा- आपको नहीं पता माँ मैंने क्या किया ह मैंने में वो

दीपा- छोड़ सीमा भूल जा उस बात को आज तू सही रस्ते पैर आ जा

सीमा- कैसे भूल जाऊ कैसे भूल जाऊ मैं उस जलील इंसान के साथ एक बैडरूम में नंगी कड़ी थी उसका वो हाथ में लेकर, मुझे तो मर जाना चाहिए

सीमा की बात सुनते hi अंजलि की साँस सी hi रुक गई, उसे वो पल याद आ गए जब सुरेश का लुंड लेकर अंजलि बैठा करती थी, उसके दिल पैर बहुत जोर पड़ा, जिस इंसान से बचने के लिए उसने ये सब किया आज उसकी बेटी उसी इंसान के साथ ये सब

अनजालि की आँखों से आंसू भेने लगे,

रूचि- आप मत रो माँ

सीमा- माँ मुझे माफ़ क्र दो माँ

अंजलि- बीटा तेरे अंदर की गर्मी को देखते हुए मैंने तुझे तुषार के साथ जीने की परमिशन दे दी थी फिर भी तू ये सब

सीमा- माँ आप मुझे सजा दो जो चाहो सजा दो मैंने आपके और टुशु के साथ गलत किया ह

तुसाहर- मैंने तो आपको उस गलती के लिए माफ़ क्र दिया था लेकिन आपने माँ का दिल तोड़ दिया

अंजलि- तू मेरी बेटी ह और मुझे जान से भी प्यारी ह तुझे कैसे सजा दू, तेरी भी गलती नहीं ह मुझे तुम लोगो को पहले hi बता देना चाहिए था,

दीपा- आपकी गलती नहीं ह आप तो हमे उस सब से दूर रख रही थी,

अंजलि- लेकिन अब अगर तुम सब चाहते हो की हम एक रहे और दुश्मनो से बदला ले सके तो वडा करो कोई भी मुझे कुछ नहीं छुपायेगा हम लोग आपस में सब कुछ बता क्र रखेंगे तभी हम कुछ क्र सकते ह वर्ण ये परिवार बिखर जायेगा

सभी एक साथ बोले हम वडा करते हैं माँ हम कुछ नहीं छिपाएंगे, हम आपके आँख कान हाथ बनानेगे माँ, अबसे जैसा आप कहेंगी वैसा hi करेंगे,

सीमा- मैं अपनी गलती सुधरने के लिए जी जान लगा दूंगी

अंजलि- अब पहले ये मुगफली खा लो कब से इंतजार में पड़ी हुई हैं

सरे अंजलि से लिपट गए,

अंजलि- अभी हमे नहीं पता सुरेश चोपड़ा को क्या जेकरि ह, इसलिए तुषार तू दीपा और रूचि गाओं जाओगी,

तुषार- लेकिन हम आपको अकेले छोड़ क्र कैसे जायेंगे

अंजलि- तुझे वह बहुत काम करने हैं केवल सुरेश hi हमारा दुश्मन नहीं ह सजा बहुत लोगो को मिलनी ह

दीमा- माँ क्या कपिल और सचिन हमारे साथ नहीं आएंगे, उन्हें तो कुछ पता hi नहीं यहाँ क्या हो रहा ह

रूचि- वो दोनों माँ के पास अमानत हैं उन्हें इस लड़ाई में नहीं घुसना चाहती होंगी

अंजलि- वो दोनों उड़ दिन तक अमानत थे जब तक मेरा दूध नहीं पिया था, अब तुम सब मेरे बच्चे हो और कभी दिमाग में मत लाना तुममे से कोई भी अलग ह, तुम बस मेरे बचे हो और वो दोनों अपने काम पैर लगे हुए हैं, वो दोनों तुम लोगो की तरह इतने सवाल नहीं पूछते बस मैं जो खेती हु उसे जी माँ बोल क्र कर देते हैं,

और उनके हिस्से की जिम्मेदारी उन्हें मिली हुई ह

दीपा- देखा माँ का दिमाग घर में किसी को नहीं पता और वो दोनों किसी मिशन पैर लगे हुए हैं,

सीमा- वह क्या ह माँ

अंजलि- तुम वह से अलग सोचो तुम सबकी अपनी अपनी जिम्मेदारियां हैं

रूचि- माँ जल्दी से मुझे कुछ बताओ, क्या करना ह मुझे, मेरे अंदर खलबली हो रही ह कुछ करने की,

अंजलि- सबकी जिम्मेदारी कल सुबह दूंगी अभी सो जाओ

फिर सभी उसी बीएड पैर एक दूसरे से चिपक क्र लेट गए, बिच में अंजलि एक साइड रुचे दूसरी साइड तुषार, रुचे के पीछे सीमा और तुषार के पीछे दीपा,

दीपा ने अपनी चूचिया तुषार की कमर में दबा राखी थी, और आगे अंजलि की गरम जंगे तुषार के लुंड को दबा रही थी जिससे उसका लुंड खड़ा हो क्र अंजलि की जांघो को शेला रहा था, अंजलि मुस्कुरा दी,


तुषार के आगे भी पत्नी पीछे भी पत्नी वो तो ये सोच सोच क्र hi एक्सीटेंड हो रहा था, लेकिन कुछ करने का न तो मौका था न hi टाइम तो बस सपने देखते हुए सब सो गए,
 
अपडेट-33






वही अमेरिका में अजय और यश दोनों बैठे बस अंजलि के बारे में hi सोच रहे थे,

यश- वो ऐसा कसिए क्र सकती ह उसकी इतनी हिम्मत कैसे हुई और इतने पैसे कसिए आये,

अजय- उसकी वजह से हम बेवकूफ बन गए

यश- लेकिन फिर भी पैसे तो अच्छे मिल गए

अजय- लेकिन जो इंसल्ट हुई ह उसका क्या गाओं में कभी वापस नहीं जा पाएंगे हम

यश- जाना भी कोण चाहता ह वह

अभी पीछे से यश की बेटी रिंकी एक छोटी सी निक्कर और टाइट टॉप पहने वह आ गई,


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क्या कहा पापा हम कभी गाओं नहीं जायेंगे,

यश- नहीं अब वह सब बेच दिया हमे

रिंकी- लेकिन अम्मा वो कहा ह

यश- वो वही ह गाओं में तेरी माँ भी वही ह

रिंकी- तो क्या हम अम्मा से नहीं मिलेंगे

यश- अब हम वह नहीं जायेंगे

रिंकी- मुझे जाना ह मैं अम्मा से मिलना चाहती हु

यश- बीटा हम नहीं जायेंगे

रिंकी- मैं जाउंगी तो जाउंगी आप मुझे नहीं रोक सकते, इतना बोल क्र रिंकी अपने रूम में चली गई,

यश- ये लड़की बिलकुल नहीं सुनती

अजय- ( जो अब तक बैठा छोटे छोटे कपड़ो में रिंकी की गांड और बूब्स को घूरे जा रहा था कुत्ते की तरह लार टपका रहा था) कोई बात नहीं भैया बच्ची ह, जीने दो उसे उसकी जिंदगी,

हमने भी तो खूब मजे किये थे

यश- लेकिन वो लड़की ह उसकी शादी भी करनी ह कुछ उल्टा सीधा क्र लिया तो क्या होगा

अजय- भैया आज के टाइम में और अमेरिका जैसी जगह पैर ये सब कोण सोचता ह यहाँ सब अपनी मर्जी से जीते हैं उसे भी जीने दीजिये

वही इंडिया में सोनिआ पहुंच चुकी थी अलका के पास,

अलका- माँ आप यहाँ का ऑफिस क्यों चलना चाहती हो क्या आपको मुझ पैर विश्वास नहीं ह

सोनिया- ऐसी बात नहीं ह बीटा बस मेरा दिल दिल्ली में नहीं लग रहा था इसलिए तेरे पास आ गई और यहाँ का काम भी देख लुंगी

अलका- यहाँ सुमित अंकल तो ह न फिर क्या टेंशन ह

सोनिया- तुझे तेरी माँ के साथ रहना अच्छा नहीं लगता क्या

अलका- ऐसी बात नहीं ह

सोनिया- असल में मैं हमारी दूसरी कंपनी की एक ब्रांच यहाँ खोलना छाती हु

अलका- अरे वह ये तो बढ़िया ह

सोनिया- तेरे साथ भी रह लुंगी और S.A कंपनी को भी बढ़ा लेंगे

अलका- आपने पापा से अलग क्यों खोली कंपनी माँ

सोनिया- बीटा J.S.S में बहुत से पार्टनर हो रखे ह और 55% शेयर तो कभी हाथ आते hi नहीं, तो हम लोगो को तरक्की भी करनी थी न

अलका- है माँ मैं भी ये पूछना चाहती थी ये 55% शेयर फ्रीज़ क्यों ह न उनका प्रॉफिट मिलता ह न hi हमारे काम आते हैं किसी अंजलि के नाम ह

सोनिया- तूने अभी ज्वाइन किया ह न तो पता चल जायेगा तू ये सब छोड़ और कल मुझे अपने स्टाफ से मिलवा और मेरे ऑफिस के लिए कुछ आईडिया सोच तेरे ऑफिस के सामने जो बिल्डिंग ह उसमे खोल लुंगी,

अलका- ठीक ह कल करवाउंगी अब सोते ह वर्ण देर से उठेंगे

अगली सुबह सबके लिए कुछ अलग लेकर आने वाली थी, जहा सोनिया अंजलि के शहर आ चुकी थी उसकी जानकारी लेने के लिए वही अंजलि और उसके बच्चे तैयार हो रहे थे अपनी नै लड़ाई के लिए, कोण किसको मात देता ह ये देखने वाली चीज थी,

अगले दिन सोनिया ने अलका की मदद से सामने की बिल्डिंग में एक ऑफिस रेंट पैर ले लिया और टीम लगा दी उसे तैयार करने में, S.A कंपनी के नाम से ये वही कंपनी थी जिसे सुरेश ने अलग से स्टार्ट किया था ताकि वो J.S.S से ज्यादा वह पैसा कमा सके,

सोनिया अलका के ऑफिस में उसके स्टाफ से मिलने लगी, सोनिया की नजर सीमा को ढूंढ रही थी, क्योकि सुरेश ने सोनिया को सीमा के बारे में बता क्र भेजा था, क्योकि सुरेश को शक हो चुक्का था सीमा अंजलि की hi बेटी ह, वो खुद आकर ये सब नहीं पूछ सकता था, क्योकि अभी बस शक था यकीन करना बाकि था,

सीमा आज भी ऑफिस नहीं आई थी,

सोनिया- सभी आये हुए हैं

अलका- है माँ सभी ह क्यों

सोनिया- नहीं वो बस पूछ रही थी कितने स्टाफ ह

अलका- सभी ह बस मेरी सेक्रेटरी आज कल गायब ह वोन hi आ रही

सोनिया- बताओ कमल का ऑफिस ह बॉस की सेक्रटरी hi ऑफिस नहीं आती

अलका- अरे ऐसी बात नहीं ह माँ वो बेचारी किसी प्रॉब्लम में फांसी ह आ जाएगी जल्दी hi

सोनिया- अच्छा ठीक ह उससे भी मिलवा देना

अलका- ठीक ह मिल लेना

इधर अंजलि घर का काम समेत रही थी तभी सीमा आई

सीमा- माँ अब मुझे क्या करना चाहिए ऑफिस जाना चाहिए या नहीं मेरा मन नहीं ह वह जाने का

अंजलि- मेरी इच्छा तो नहीं ह तुझे वह भेजने की लेकिन रात बहुत सोचने के बाद ये फैसला किया ह किट ु वह जा और ऐसे रियेक्ट क्र जैसे की तुम्हारी लाइफ में कुछ हुआ hi न हो, वह तेरी प्रोब्लेम्स के बारे में किसी को पता नहीं चलना चाहिए, अगर तू नहीं गई तो सुरेश चोपड़ा को यकीन हो जायेगा तू मेरी बेटी ह, बस तू फॅमिली के बारे में कुछ मत बताना और एड्रेस तो बिलकुल मत बताना, तेरे पीछे लोग भी लग सकते ह एड्रेस पता करने के लिए इसलिए जब भी घर पहुंचेगी तुषार को कॉल करेगी और वो तुझे अपने तरीके से लेकर आएगा,

सीमा- ठीक ह माँ,

सीमा रेडी होने चली गई, फिर दीपा आई माँ क्या करू मेरे लिए क्या इंस्ट्रक्शंस हैं

अंजलि- तुझे रजनी से नजदीकी बढ़ानी होगी,

दीपा- क्या क्यों उससे औरत से क्यों

अंजलि- उसे सबक नहीं सीखना क्या

दीपा- सीखना तो ह लेकिन नजदीकी क्यों

अंजलि- ताकि तू तुषार को उसके नजदीक ला सके, शाक्षी से प्यार करवा क्र रजनी उसे घर में नहीं घुसने देगी पागल

दीपा- लेकिन मैं कैसे करुँगी

अंजलि- युद्ध का पहला नियम यही ह बीटा, दुश्मन को भी न पता चले की तुम उसके दुश्मन हो, अगर ऐसे युद्ध जीतनेय ह तो दुश्मन के करीब रहना पड़ता ह

दीपा- ठीक ह माँ जैसा आप कहो, उस औरत को सबक सीखने के लिए मैं कुछ भी करुँगी

दीपा के जाने के बाद रूचि आई

रूचि- माँ मेरे लिए क्या आदेश ह

अंजलि- तू तो मेरी राजकुमारी ह तेरे लिए कोई आदेश नहीं ह तू बस खुश रह

रूचि- ये क्या बात हुई मैं hi अलग क्यों रहु इस लड़ाई से मेरा भी तो कोई कर्त्तव्य ह न

Anjali-tera ये कर्त्तव्य ह की तुझे तुषार का ख्याल रखना ह उसके उप्पेर बहुत बड़ी जिम्मेदारी आने वाली ह, सब कुछ उसे hi करना ह तो उसके साथ कोई ऐसा जरूर होना चाहिए जो उसे हर कद्दाम पैर रास्ता दिखा सके, वैसे तो हम सब ह hi पैर तू उसके पास साये की तरह होगी, क्योकि तेरा दिमाग चारो तरफ दौड़ता ह तू उसे समझ भी सकती ह और समझा भी सकती ह, और है सीमा पैर हमेशा अपनी नजरे बनाये रखा उसका ख्याल रखना वो हमेशा अलग तरह से सोचती ह

रूचि- एक दम बोल पड़ी है निचे से सोचती ह ोूसरी श्री श्री

अंजलि- बदमाश हो गई ह तू ऐसे बोलते ह क्या

रूचि- हस्ती हुई वह से भाग गई

अंजलि- (मन में) बहुत शैतान हो गई ह इतनी बड़ी हो चुकी ह पैर हरकते बच्चो जैसी ह, सीमा और दीपा ने अपने लिए तुषार को चुन लिया ह, रूचि के मन में क्या ह ये कभी समझ नहीं आया कही उसे कोई लड़का पसंद तो नहीं, पता करना पड़ेगा,

सभी तैयार होकर आ गए सीमा ऑफिस के लिए निकल गई, दीपा और रूचि भी चले गए, तुषार और अंजलि घर पैर रुक गए, या यु कहु अंजलि ने तुषार को रोक लिया

सबके जाने के बाद

अंजलि- आप क्या खाएंगे

तुषार- आपको खाऊंगा

अंजलि- अच्छा जी मुझे खा लेना पहले खुश नाश्ता क्र लो

तुषार- नहीं नाश्ता महेनत करने के बाद करूँगा

अंजलि- नहीं नाश्ता अभी करना पड़ेगा

तुषार- तो ठीक ह दोनों एक साथ होंगे

तुषार ने अंजलि को किचन में hi अपनी बहो में भर लिया, और अंजलि की गांड को कास क्र दबा दिया,


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Uuuffffffffff क्या करते हो

तुषार- अपनी पत्नी को प्यार क्र रहा हु

अंजलि- ये कोनसा तरीका ह प्यार करने का

तुषार- मुझे तो यही तरीका आता ह

फिर तुषार ने अंजलि को दीवार से लगाया और उसके होतो को चूमने लगा, फिर अंजलि को पलटा और अपना हाथ अंजलि की चूचियों पैर लेजाकर उसे दबाने लगा, अंजलि सिसकारियां भरने लगी, सर्जरी का पल्लू निचे गिरा पड़ा था अंजलि की चुच्या एक छोटे से ब्लाउज में बहार झक रही थी, तुषार अंजलि की गार्डन चुम रहा था, अंजलि पूरी तरह गरम हो चुकी थी,


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अंजलि पलटी और जल्दी से तुषार के कपडे उतरने लगी, तुषार ने भी देरी न करते हुए अंजलि के कपडे उतर दिए, कुछ hi पालो में दोनों एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे, आज दोनों में से किसी की आँखों में जरा भी शर्म का अहसास नहीं था,

तुषार ने अंजलि को गोद में उठाया और उसके हॉट चूमने लगा, कुछ देर बाद दोनों अलग हुए तो अंजलि ने तुषार का लुंड पकड़ लिया और उसे हिलने लगी, फिर लुंड का टोपा अपने होतो पैर रगड़ने लगी,


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तुषार के मुँह से आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह निकलने लगी, फिर अंजलि ने तुषार का लुंड अपने मुँह में भर लिया और जितना हो सके अंदर तक ले जाकर चूसने लगी, अंजलि हमेशा तुषार पैर भरी पड़ती थी, या यु कहे की तुषार अंजलि के सामने अपना कण्ट्रोल खो बैठता था,

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अंजलि कुछ देर तक लुंड चुस्ती रही, फिर तुषार ने अंजलि को स्लैब पैर बैठाया और अपना मुँह अंजलि की छूट पैर लगा दिया, और उसकी छूट चूसने लगा,

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अंजलि अपना सर इधर उधर हिला रही थी वो पुरे मजे में आ चुकी थी, फिर तुषार ने अंजलि को स्लैब पैर hi झुकाया और अपना लुंड उसकी छूट पैर सेट किया और कंधे पकड़ क्र एक जोर दर धक्का लगा दिया,

लुंड एक बार में hi आधे से ज्यादा छूट में घुस गया, अंजलि के मुँह से दर्द भरी अह्ह्ह्ह निकल गई

आअह्हह्ह्ह्ह आराम से अभी इसकी पूरी तरह ाददात नहीं पड़ी ह,

तुषार- तो पद जाएगी ये आपके लिए hi ह रोज क्यों नहीं लेती तभी तो आद्दत पड़ेगी

अंजलि- रोज इसे मेरे अंदर घुसा क्र रखोगे तो बाकियो का क्या होगा, इतनी साडी सौतन बना राखी ह उनका ख्याल भी तो मुझे hi रखना पड़ेगा न

तुषार जोश में आ गया और लुंड बहार खींच क्र एक और धक्का मारा लुंड पूरा अंदर घुस गया इस बार और दर्द हुआ अंजलि को, अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह उउउउम्मम्मम्मम्म uuffffffffffff बहुत मोटा ह


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तुषार- आपने hi बनाया ह

अंजलि- इसीलिए मुझे खुश क्र रहा ह ये

तुषार- अब मैं नाश्ता करूँगा लगाओ प्लाट

अंजलि- ऐसे कैसे करोगे

तुषार- बस ऐसे hi करूँगा आप लगाओ

अंजलि- बहुत बिगड़ गए हो

तुषार- हहहहह जैसा भी हु आपका पति हु

अंजलि प्लाट लगाने लगी और तुषार पीछे से धक्के लगाने लगी, हर धक्के पैर अंजलि के हाथ से पलट गिर जाती थी, उसने जैसे तैसे करके प्लाट में खाना लगाया, फिर तुषार ने वो प्लाट अंजलि की कमर पैर रख ली,

तुषार- अब हिलना नहीं वर्ण खाना गर जायेगा

अंजलि- लेकिन आपके धक्के मुझे पूरा हिला देते हैं,

तुषार- थोड़े हलके धक्के लगाऊंगा, लेकिन हिलना नहीं

अंजलि ने मजबूती से स्लैब को मजबूती से पकड़ लिया, और तुषार हलके हलके धक्के लगाने लगा और पराठे खाने लगा, अंजलि और तुषार दोनों के लिए ये अनोखा अनुभव था, अंजलि तो सोच सोच क्र hi एक्सीटेंड हो रही थी, कुछ hi देर में अंजलि झड़ने लगी थी, उसका शरीर कपङे लगा था, तो तुषार ने परते को रोले किया और प्लाट साइड में रख दी और धक्के तेजी से मरने लगा, अंजलि झाड़ गई थी फिर तुषार ने अंजलि को सीधा खड़ा किया और एक पेअर स्लैब पैर रखा और छोड़ने लगा, दोनों ने लगभग 1 हरष तक चुदाई की अंजलि 3 बार झड़ी, तुषार ने इस बार भी अपना पूरा रास अंजलि की छूट में भर दिया,


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दोनों निढाल हो चुके थे और वही किचन में नंगे hi बैठ गए,

अंजलि- ठण्ड लग जाएगी

तुषार- जब तक आप मेरे पास ऐसे चिपके हुई हो ठण्ड कैसे लग सकती ह इतनी गरम हो आप

अंजलि- अच्छा जी जल मत जाना

तुषार- आपके प्यार के लिए जलने को भी तैयार हु

अंजलि- मेरी बाकि सोटानो को भी ऐसा hi बोलते हो

तुषार- बाकि कोई आपस ज्यादा महतवपूर्ण नहीं ह

अंजलि- ऐसा मत करना सबको उनके हिस्से का प्यार जरूर देना किसी के साथ नाइंसाफी न हो

तुषार- लेकिन दोनों बहेनो की शादी हो जाएगी तब क्या होगा

अंजलि- मुझे नहीं लगता वो दोनों शादी करेंगी

तुषार- फिर कैसे होगा ऐसे उन्हें बिना शादी के कैसे रखेंगे घर में लोग बाते बनाएंगे

अंजलि- मुझे लोगो की फ़िक्र नहीं ह

तुषार- मैं आपको कुछ बताना चाहता हु

अंजलि- है पहले कपडे फेनो मैं और रूम में चलो मैं ये सामान ठीक करके आती हु पूरा फैला दिया ह

तुषार कपडे पहन क्र रूम में चला गया अंजलि ने भी कपडे पहने और किचन साफ़ करके रूम में आई,

फिर तुषार ने अंजलि को सिटी में अलका से हुई मुलाकात और अनीता और यश के बिच के हालत और अनीता की बेटी के बारे में बताया,

अनीता- ये तो बहुत hi अच्छा ह शायद भगवान् भी हमारे साथ हैं,

तुषार- अब मुझे क्या करना चाहिए

अंजलि- आपको अलका से दोस्ती करनी होगी, उसके ऑफिस में घुसना होगा बस गलती से भी ये पता न चले आपका और हमारा कोई रिलेशन ह, उसके लिए आपको सिटी में रहना होगा ताकि अलका के ज्यादा नजदीक जा सको, और अनीता को शहर बुलाना मुश्किल नहीं होगा,

दीपा रजनी के पीछे लगेगी वो रजनी को आपके पास लाएगी,

तुषार- लेकिन मैं इन सबको कैसे सम्हालूँगा

अंजलि- बहुत आसानी से आपके अंदर एक नार्मल इंसाने से बहुत ज्यादा ताकत ह और दिमाग तो 4 आदमियों के बराबर ह वही ये जो निचे ह इसके टक्कर का हतियार तो पूरी दुनिया में hi 0.1% लोगो के पास हो सकता ह, तो आपको घबराने की जरुरत नहीं ह बस इन सब का इस्तेमाल करो, इस बॉडी को और मजबूत बनाओ, क्योकि अब जो लड़ाई शुरू होने जा रही ह उसमे आपकी तीनो चीजों की जरुरत होगी,

सुरेश चोपड़ा से लड़ने के लिए आपका दिमाग पूरी तरह चलना चाहिए और इस ताकत का इस्तेमाल तो होता hi रहेगा अब से और ये जो निचे वाला हतियार ह ये सभी दुश्मनो को झुकायेगा जब उनकी पत्निया इसके निचे झुकी होंगी

तुषार- लेकिन क्या वो गलत नहीं होगा मैं औरतो के साथ धोका नहीं करूँगा क्या

अंजलि- आपको बस इतना ख्याल रखना ह किसी भी औरत को जबरदस्ती नहीं करनी जो खुद आएगी उसी के साथ करना ह, जो खुद आ रही ह उसके साथ धोका कैसा, किसी भी लड़की से प्यार या शादी का वडा नहीं करना अगर आप पहले hi साफ़ क्र डोज तो वो आपके पास अपनी प्यास बुझाने आ रही ह तो उसके साथ धोका नहीं ह,

तीसरा किसी कुँअरि लड़की की जिंदगी बर्बाद मत करना अगर कोई तुमसे सच्चा प्यार करने लगे तो अलग हो जाना उसके साथ गलत मत करना

तुषार- समझ गया, लेकिन सिटी में कैसे रहूँगा

अंजलि- उसके लिए आपकी पढाई का बहुत नुकसान होगा

तुषार- फरक नहीं पड़ता

अंजलि- मुझे पड़ता ह लेकिन मजबूर हु

तुषार- ऐसा मत बोलो माँ हम सब आपको इंसाफ जरूर दिलवा क्र रहेंगे

अंजलि- सुरेश चोपड़ा को तो मैं जिस दिन चहु उसकी औकात दिखा सकती हु लेकिन फिर उस सोनिया और चोपड़ा को सबक नहीं सीखा पाऊँगी, पहले सोनिया को जलील करना ह उसे समझाना ह की बच्चो के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए, उसके बाद उस चोपड़ा को उसकी औकात दिखाउंगी

तुषार- सब को उनके हिस्से की सजा मिलेगी माँ सबको मिलेगी, अब से मैं वो बनूँगा जिससे यश अजय सुरेश और सोनिया जैसे लोग थार थार कापेंगे, आज से मैं अपने सरे सुख आराम सब कुछ त्याग करके बस इन सब को सबक सीखने को अपनी मंजिल बना क्र बस उसी पैर चलूँगा,

अंजलि की आँखों में आंसू थे दोनों माँ बेटे एक दूसरे से चिपक गए, तुषार ने अंजलि के होतो पैर अपने हॉट रख दिए, और जल्दी hi दोनों ने फिर एक जबरदस्त चुदाई की,

सीमा ऑफिस पहुंच चुकी थी, अलका ने पहुंचते hi पूछा क्या हुआ था इतने दिन कहा चली गई थी,

अंजलि- वो माँ की तबियत ठीक नहीं थी तो वह रुकना पड़ा

अलका- क्यों फॅमिली में और कोई नहीं ह क्या

सीमा- वो सब दूर रह क्र पढ़ते हैं

अलका- ok ok अब ठीक ह तुम्हारी माँ

सीमा- है जी अब ठीक ह

अलका- अच्छा मेरी माँ अपना ऑफिस खोल रही ह सामने बिल्डिंग में तो उन्हें कुछ हेल्प की जरुरत हो तो देख लेना

सीमा- जी मम

अलका- आओ तुम्हे माँ से मिलवाती हु

सीमा का दिल जोर से धड़कने लगा वो उस औरत से मिलने जार hi थी जिसने उसकी माँ की जिंदगी बर्बाद क्र दी थी, आज उसके सामने उसकी बॉस नहीं उसकी मौसी कड़ी थी, या बहन कड़ी थी पता नहीं, क्योकि सीमा अलका और अंजलि तीनो hi सुरेश चोपड़ा की hi बेटी थी,

अलका सीमा को सोनिया के पास लेकर पहुंच गई

अलका- माँ ये ह सीमा मेरी सेक्रेटरी आपको कुछ चाइये तो इसे बता देना ये अर्रेंगे क्र देगी

सीमा को देखते hi सोनिया की आँखों में चमक आ गई

सोनिया- सीमा कहा से हो

सीमा- थोड़ा घबराते हुए जी वो मैं यहाँ से दूर एक गाओं से हु

सोनिया- कोनसा गाओं

अलका- क्या माँ आप इससे काम बताओगी या इसकी हिस्ट्री निकालनी ह

सोनिया- अरे मैं तो ऐसे hi पूछ रही हु

सीमा- जी ***** गाओं से हु

सोनिया- बहुत दूर आना पड़ता ह जॉब के लिए फॅमिली में और कोई नहीं ह क्या

सीमा- मम फॅमिली गरीब ह भाई बहन छोटे हैं पढाई करते हैं तो अकेले पा नहीं कमा पते इसलिए मैं कोशिश करती हु उनकी हेल्प क्र सकू

सोनिया- गुड वैरी गुड तुम्हारी माँ नहीं करती जॉब

सीमा- नहीं मम वो पढ़ी लिखी नहीं ह गाओं की देहाती औरत ह बस घर hi सम्हाल पति हैं

अंजलि ने सीमा को सब अच्छे से समझा दिया था लेकिन फिर भी सीमा के अंदर एक दर था वो बड़ी मुश्किल से अपने दर को छुपा प् रही थी,

अलका- माँ आपका ये पूछताछ का ख़तम हो गया हो तो आगे का काम क्र ले

सोनिया- है है जरूर

सीमा समझ चुकी थी सोनिया जरूर कुछ जानना चाहती थी, सीमा को उम्मीद नहीं थी सोनिया आएगी अंजलि ने कहा था सुरेश चोपड़ा आ सकता ह,

उधर गाओं में …

पूरा गाओं राजेश के आगे पीछे था, जो गाओं वाले राजेश की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते थे, वो सब हाल चल पूछ रहे थे, पूरा गाओं इसी असमंजस में था ये सब हुआ कैसे,

आज राजेश सर उठा क्र चल रहा तह ागाओं में, उसने गाओं के एक गरीब किसान कलुवा को साडी जमीन बताई पैर दे दी, कलुवा राजेश के साथ मजदूरी करने जाता था, जमीन मिलने से कलुवा का भी भला हो गया, राजेश ने नौकरी करने का फैसला किया, वो अकेला इतनी जमीन पैर खेती नहीं क्र सकता था, न hi उसे खेती करने का ज्यादा अनुभव था, बचपन से hi मजदूरी करता आ रहा था वो,

वही अनीता- अम्मा रिंकी को यही बुलवा ले क्या, वह वो बिगड़ती जा रही ह

अम्मा- यहाँ कैसे बीटा यहाँ हम खुद किसी और के घर में रहते हैं अब और गाओं क्या कहेगा मेरा खुद मन नहीं करता अब यहाँ रुकने का, घर परिवार से होता ह और परिवार hi नहीं ह तो घर कैसा,

अनीता- सही बोल रही हो अम्मा अब हम दोनों अकेले रहते ह कोई हल चल पूछने वाला भी नहीं ह, अगर आपको सही लगे तो एक सलाह ह

अम्मा- है है बोल

अनीता- हम कब तक ऐसे किसी के अहसानो में पड़े रहेंगे क्यों न यहाँ से दूर अलग घर में रहे मैं जॉब क्र लुंगी दोनों माँ बेटी सुख से जीवन जियेंगे,

अम्मा- बोल तो तू ठीक रही ह लेकिन टब hi तो यश के पास चली जाएगी

अनीता- अम्मा मैं वह नहीं जाना चाहती और उनके पास तो बिलकुल नहीं हम माँ बेटी की तरह रहेंगे न अगर रिंकी आई तो वो भी साथ रह लेगी,

अम्मा- जैसी तेरी मर्जी इस घर को छोड़ने का दिल नहीं ह पैर अब बोझ सा लगने लगा ह यहाँ रुकना

अनीता- आप रिंकी को कॉल करके देखो आपकी बात मन क्र आ जाये तो, तब तक मैं घर का इंतजाम करती हु

अनीता ने ऑनलाइन हाउस देखा रेंट पैर, इधर अम्मा ने रिंकी से बात की, रिंकी तो पहले hi तैयार बैठी थी आने को उसने अपना बेग लगाया और चल दी इंडिया,

तुषार चल दिया सिटी की तरफ, उसका टारगेट सीमा की केयर करना और अलका के आस पास होना था, वो सीमा के ऑफिस के सामने पंहुचा काफी देर तक सामने एक चाय की दुकान पैर बैठा रहा, आज बड़ी चहल पहल थी वह ऑफिस में से लोग बार बार सामने वाली बिल्डिंग में जा रहे थे, सीमा को भी उसे काफी बार इधर ुधा रजते देखा,

वही सोनिया – अलका बीटा ऑफिस के लिए कुछ स्टाफ भी रखना ह तेरे पास कुछ लड़के लड़किया हो तो इधर दे दे, जब तक मैं नए स्टाफ नहीं रख लेती

अलका- आप जूही को ले लो वैसे भी वो अब फ्री ह आपकी सेक्रेटरी बनजाएगी

सोनिया- तू सीमा को दे देना

अलका- माँ सीमा मेरी सेक्रेटरी ह और मुझे काफी ठीक लगती ह मेरे लिए आप जूही को ले लो बाकि मैं वचनस्य निकलती हु

सोनिया के पास कोई जवाब नहीं था, वो चुप हो गई

शाम को पूरा परिवार एक साथ था, तुषार ने अपना दिन भर का स्टेटस दे दिया, फिर सीमा ने बताया की आज सोनिया आई थी ऑफिस में मुहे काफी जानकारी लेने की कोशिश क्र रही थी, सीमा में ऑफिस की साडी घटना घर सुना दी,

अंजलि- तो वो आई ह, सुरेश को शक हो चुक्का ह तुझ पैर वो जरूर सोनिया के जरिये हमारी फॅमिली के पास पहुंचना चाहेगा, वो तुझे किसी भी कीमत पैर अपनी तरफ करना चाहेगा

सीमा- माँ मुझे दर लग रहा ह मेरी हिम्मत नहीं हो रही वह जाने की

अंजलि- जल्दी hi तू वह से निकल जाएगी कुछ दिन सम्हालना पड़ेगा तुषार को वह घुसना होगा,

सीमा- अलका ने सोनिया के ऑफिस के लिए वचनस्य निकली ह मैं बात करू क्या

अंजलि- नहीं तू कुछ नहीं करेगी वह तू तुषार को जानती भी नहीं होगी, ये अच्छा ह वह जॉब निकली ह तुषार तू कल hi इंटरव्यू के लिए जाना

दीपा- लेकिन इसकी पढाई तो उतनी ह नहीं

अंजलि- उसका इंतजाम कल तक हो जायेगा, तुषार कल सबके लिए मोबाइल खरीद, सबके पास अब मोबाइल होना चाहिए अब हम बड़े युद्ध की तैयारी में ह तो सुरक्षा पहले करनी ह, सबके no. स्पीड दिल पैर होने चाहिए, और सबसे बड़ी बात कोई भी अपने मोबाइल में खुद की फोटो नहीं लेगा न hi फॅमिली की फोटो होनी चाहिए, कोई भी सोशल मीडिया पैर कोई ईद नहीं बनाएगा कोई भी सोशल अप्प डाउनलोड नहीं करेगा, वो मोबाइल बस एक दूसरे को जानकारी देने और कुछ रिकॉर्ड करने के लिए ह समझ गए

सब एक साथ जी माँ समझ गए,

अंजलि- टुशु कल आपके लिए कुछ डाक्यूमेंट्स आ जायेंगे और उम्मीद ह अलका खुद तुम्हारा इंटरव्यू लेगी तो आपको नौकरी लग जाएगी

अंजलि ने दो बार तुषार को आप कहा था, सीमा तो बस बात सुन रही थी लेकिन दीपा और रूचि दोनों के कान खड़े हो गए, दोनों ने अंजलि की तरफ देखा, तुषार को भी ख्याल नहीं रहा अंजलि ने क्या कहा ह क्योकि उसे आप सुनने की आदत पद गई थी तो अजीब नहीं लगा, लेकिन अंजलि को अहसास हो गया की उसने गलत जगह गलत बात बोल दी,

रूचि- माँ आप

अंजलि- उह्ह्ह ुह्ह्ह्ह हहह खस्ने लगी

सीमा भाग क्र पानी ले, तभी राजेश आ गए,

रूचि- भाग क्र राजेश के गले लग गई पापा आपके बिना मन नहीं लग रहा था,

अंजलि- आप रात में क्यों आये

राजेश- अरे वो दुकान पैर चला गया था, इतने दिन बाद वह गया तो काम बहुत पड़ा था सारा करना पड़ा देर हो गई

अंजलि- लेकिन आप दुकान पैर क्यों गए आपको क्या जरुरत ह दुकान पैर काम करने की,

राजेश- अंजलि बहुत कुछ बदला ह लेकिन मैं तो वही राजेश हु तुमने मेरा सम्मान बढ़ा दिया मुझे बहुत गर्व ह तुम पैर लेकिन मेरी पहचान तो वही ह न.

तुषार- ये कैसी बात कर रहे हो पापा आप, सब कुछ आपका hi तो ह हम सब आपके hi तो ह

राजेश- है बीटा सब मेरे hi हो लेकिन मेरा जमीर मुझे गवाही नहीं देता वो सब लेने की

अंजलि- आप मेरे साथ ऐसा कैसे क्र सकते हैं ऐसे मोड़ पैर मुझे अकेला छोड़ रहे हैं

राजेश- नहीं अंजलि ऐसा कभी नहीं होगा मैं तुम्हे कभी नहीं छोड़ सकता,

अंजलि- फिर आप ऐसा मत कीजिये

राजेश- मुझे अच्छा नहीं लग रहा वो सब ले क्र मैंने कलवा को साडी जमीन बताई पैर दे दी वो हर साल पैसे तुम्हे भिजवा देगा,

अंजलि- मुझे पैसे नहीं चाहिए आप वो सरे पैसे गाओं में गरीबो को बात देना, मुझे बस आपका सम्मान चाहिए और आपका साथ

राजेश- मैं हमेशा तुम्हारे साथ हु

अंजलि- तो आपको एक जिम्मेदारी सम्हालनी पड़ेगी

राजेश- बता क्र देखो

अंजलि- उसके लिए आपको गाओं में रहना होगा और वह के हालातो को अपने काबू में करना होगा

राजेश- मैं समझा नहीं

अंजलि- सरे राज खुल चुके हैं सुरेश को पता चल चुक्का ह की मैं जिन्दा हु अब वो मुझे ढूंढ़ने वह जरूर आएगा , वह कोई हमारे बारे में जानकारी न दे दे ये आपको ख्याल रखना होगा, पुरे गाओं की मदद कीजिये सबको अपने तरफ कीजिये, और अगर कोई ढूंढ़ने आता ह तो गतल डायरेक्शन दे दो,

राजेश- ठीक ह लेकिन मैं बच्चो के बिना कैसे रहूँगा वह अकेला , अम्मा भी वह से जार hi ह

अंजलि- कहा जा रही ह

राजेश- अनीता जी बता रही थी की वो शहर में रहेंगी उनकी बेटी भी आ रही ह उन्होंने कहा ह की उनके बेटो या किसी गाओं वालो को पता न चले वो कहा रहते हैं

अंजलि को बड़ा दुःख हुआ अम्मा के बारे में सुनकर,

अंजलि- हम सब वह आते रहेंगे, वैसे भी यहाँ भी बहुत बदलाव करने हैं, युद्ध शुरू हो चुक्का ह, और हम सब को अपना अपना योगदान देना होगा

राजेश- ठीक ह जैसा तुम्हे ठीक लगता ह वैसा hi होगा कल चला जाऊंगा, अब कुछ खिला दो इतने दिन से अपने परिवार के साथ नहीं खाया ह



दीपा दौड़ क्र खाना क्र लाइ और सबने एक साथ खान आख्या,
 
वैरी गुड मॉर्निंग्स फ्रेंड्स

टेक कॉफ़ी विथ में

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