Incest Modern family - Page 5 - SexBaba
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Incest Modern family

अपडेट 27

शाम के वक़्त सभी लॉन मई बैठे हुए थे सिवाए अवि और सोनल के.

सुनील: सोनल और अवि कहा रह गए.

सुनील रेनू से पूछता है.

रेनू: मेने कॉल किया था सोनल ko...lo वो दोनों आ गए..

अचानक रेनू की नजर बहार से आते हुए दोनों भाई बहिन पर पड़ती है.

अवि: क्या hua..koi ख़ास बात चल रही है क्या..

अवि उन सबको बैठे देख कहता है जबकि सोनल अपने रूम मई चली जाती है.

सुनील: कुछ नहीं बीटा बस अपनी फॅमिली के साथ टाइम स्पेंड कर रहे है.

सुनील रिया के कंधे पर हाथ रखकर, उसे अपनी और खींचते हुए कहता है. ये देख रेनू और अवि की नजरे टकरा जाती है. फिर कुछ देर बाद रेनू डिनर सर्वे कर देती है.

रेनू: आ जाओ बच्चो सब खाना खालो... डिनर लग गया है.

रिया: ok mom..ham आ रहे hai..wese भी बहुत भूख लगी है..

रिया ये कहते हुए अवि की और देखकर अपने होंटो पर जीभ फिरती है.

अवि: है तुझे तो भूख लगी hi hogi..sabse ज्यादा उछाल कूद भी तो तू hi करती है.

अवि भी रिया को देख कहता है.

रिया: है तेरा ध्यान तो मेरी उछाल कूद पर hi रहता है.

रेनू: उफ़ तुम दोनों भी न... चलो आकर खाना खा लो.

रेनू उनके बीच की बाते नहीं समझ पा रही थी, इसलिए तो वो उसे नोक झोक लग रही थी.

अवि: म दी को बुला कर लाता हु.. आप लोग स्टार्ट कीजिये..

अवि कहता हुआ ऊपर आ जाता है. वो देखता है की सोनल नाईट tshirt-lower पहने हुए मिरर के सामने बैठी है.

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अवि: बहुत खूबसूरत लग रही हो...

अवि उसे बॉल सवारते देख कहता है.

सोनल: थैंक्यू माय लव..

अवि: चलो खाना खाते है...

अवि बीएड पर बैठते हुए बोलै.

सोनल: ok चलते hai..ek मं रुको..

फिर वो सब डिनर टेबल पर थे.

सुनील: अंकित तुम आज ऑफिस क्यों नहीं आये...

सुनील खाते हुए बोलै, ये सुनकर एक पल के लिए अंकित और रेनू की नजरे आपस मई टकराती है. जबकि अवि के चेहरे पर स्माइल आ जाती है.

अंकित: वो डैड.. आज मेरी तबियत थोड़ी ख़राब थी इसलिए..

सुनील: ok..aur सोनल.. तुम्हारी कंपनी किसी चल रही है..

सुनील सोनल की और देख मुस्कुराता है.

सोनल: बहुत अच्छी चल रही है डैड..

सोनल अपना खाना खाते हुए बोलो..

सुनील: है भाई जब तुम इतनी म्हणत कर रही हो तो अच्छी तो चलेगी hi.

सुनील उसके बूब्स को घूरता हुआ बोलै. सोनल से शयद अब बर्दास्त नहीं हो रहा था.

सोनल: है... मेरा फिनिश हो गया..

सोनल कहती हुई वह से उठकर चली जाती है. अवि को पता hi नहीं था की क्या हुआ.

अवि: क्या हुआ.. आज आपने खाना बहुत जल्दी खा लिया.

अवि उसके रूम मई आता हुआ बोलै.

सोनल: अवि मुझे अब यहाँ नहीं रहना.. म अपना नया घर ले रही हु बस...

सोनल गुस्से से कहती है.

अवि: लेकिन यर हुआ क्या hai..tum इतने गुस्से मई क्यों हो..

अवि उसे काँधे से पकड़कर बोलै.

सोनल: सीरियसली अवि.. तुझे कुछ नहीं पता..

सोनल ने जैसे उसपर तंज़ कस्ते हुए कहा.

अवि: नहीं...

सोनल: कमाल है... डैड मुझे हर वक़्त गन्दी नजरो से घूरते रहते है और तू है की तुझे पता hi नहीं.

सोनल गुस्से से भड़कती है.

अवि: ok आप पहले शांत हो जाओ..

अवि उसका गुस्सा शांत करने की कोसिस करते हुए बोलै.

सोनल: तुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता अवि.. म तेरी बहिन होने के साथ साथ तेरी बीवी भी हु..

सोनल का गुस्सा काम होने का नाम hi नहीं ले रहा था. और अवि अच्छे से जानता था की सोनल का गुस्सा बहुत डेंजरस है.

अवि: दी आप मेरी ज़िन्दगी हो.. मेरी लाइफ आपके बिना कुछ भी नहीं है.. मुझे फ़र्क़ पड़ता है और बहुत ज्यादा पड़ता है. अगर कोई आपको गन्दी नजरो से घूरता है तो म उसे ज़िंदा गाड़ दू.. लेकिन दी ये हमारे डैड है.. हम इनके साथ लड़ तो नहीं सकते न.. लेकिन आप मुझपर भरोसा तो करो.. बहुत जल्द सब कुछ ठीक हो जायेगा ..आपको मुझ पर ट्रस्ट है न..

अवि सोनल के चेहरे को अपने हाथो मई लेकर बोलै.

सोनल: है ही..

अवि: तो बस आप रिलैक्स हो जाओ मेरी मोस्ट ब्यूटीफुल वाइफ.. और वैसे भी मुझे आपके गुस्से से बहुत ज्यादा दर लगता है.

अवि मुँह सा बनाकर कहता है, और सोनल की हसी छूट जाती है.

अवि: ऐसे hi.. आप ऐसे hi हस्ती रहा करो.. बहुत प्यारी लगती हो..

अवि उसके होंटो पर एक किश करता है.

सोनल: ok.. अब तू जा.. मेरी कल एक बहुत इम्प मीटिंग है.. मुझे उसकी तैयारी करनी है..

सोनल अपना लप्पी उठाते हुए बोली.

अवि: कमाल है यर.. आप तो मुझे अभी से hi भगा रही हो..

सोनल: है भगा रही हु और प्ल्ज़ न अवि.. तू मुझे आप मत बोलै कर.. मुझे अच्छा नहीं लगता..

सोनल उसे देख कहती है. तभी बहार कुछ गिरने की आवाज़ आती है, वो दोनों थोड़ा दर से जाते है. वो बहार आते है तो वह कोई नहीं होता, लेकिन उनके रूम के बहार रखा फ्लावर पॉट गिरा हुआ था.

सोनल: अवि मुझे लगता है कोई हमारी बात सुन रहा था..

सोनल अवि को देखते हुए बोली.

अवि: है.. लग तो ऐसा hi रहा है.. क्यों आपको दर लग रहा है..

अवि सोनल की और देख कहता है.

सोनल: मुझे क्यों दर लगेगा.. बल्कि ये तो अच्छा hi है हमारे लिए.. की हमें किसी को बताने की जरुरत hi न पड़े की हम मैरिड है..

सोनल स्माइल करते हुए बोली.

अवि: आप न सच मई क्रेजी हो..

सोनल: है हु.. लेकिन सिर्फ तेरे लिए..

अवि: चलो न फिर थोड़ा एन्जॉय करते है.

अवि उसे पकड़कर खुद से सताता है, तभी सोनल उस से अलग होती है और रूम मई घुसकर दूर लॉक कर लेती है.

सोनल: गद्नित माय लव..

सोनल हस्ते हुए बोली.

अवि: दी.. दूर ओपन करो.. ये अच्छी बात नहीं है..

सोनल: सुबह मिलती है हनी..

अवि का ये सुनके मूड ऑफ हो गया था.

अवि: मुझे लगता है दी से शादी करके मेरा यही हाल होने वाला है.

अवि अपने कमरे मई जाते हुए बोलै.

अवि: लेकिन हमारी बाते सुनी किसने hogi...khair पता चल hi जाएगा..

अवि कहता हुआ टीवी देखने लगता है.
 
अपडेट 28

सुबह म सोकर उठता हु और उठकर फ्रेश होने चला जाता हु. म नीचे गयम करने आता हु लेकिन मुझे सिर्फ वह अंकित hi दिखाई देता है. उसे देखकर मुझे कल रात की बात ध्यान आ जाती है.

अवि: यर कल कोण था जिसने हमारी बाते सुनी होगी??

अंकित: क्या हुआ क्या बड़बड़ा रहा है तू?

अंकित ने मुझे बड़बड़ाते देख कहता है.

अवि: कुछ नहीं bhaiyya..aur बताओ मम्मी के साथ केसा चल रहा है.

अंकित: कुछ मत पूछ मेरे भाई हमारी माँ तो बिलकुल बम hai..kitna भी छोड़ लो मन भरता hi नहीं है.

अवि: है ये बात तो है, माँ ने अपने आपको काफी मेन्टेन करके रखा हुआ है, उनकी छूट भी काफी टाइट है जैसे की किसी जवान लड़की की..

मेने एक्सरसाइज करते हुए कहा..

अंकित: यर तूने तो माँ के बारे मई बात छेड़कर मुझे फिरसे गरम कर दिया है, अब लगता है माँ की गांड का स्वाद फिरसे चकना hi पड़ेगा.

अंकित अपने लुंड को पकड़ते हुए कहता है और किचन की और चला जाता है.

अवि: गलती इसकी नहीं है मादरचोद बनने का अपना अलग hi मज़ा hai...aur अपनी hi बहिन का हस्बैंड बनना तो उससे भी ज्यादा मज़ेदार है... लेकिन हमारी बाते कल सुनी किसने होगी....

म सोचता हुआ बड़बड़ाया, खैर मेने अपना वर्कआउट किया और फिर हम सब डाइनिंग टेबल पर mile..meri सोना तो आज जल्दी hi निकल गयी थी.. हम सब नास्ता कर रहे थे, लेकिन रिया मुझे बार बार तिरछी निगाहो से देख रही थी. अब म समझ गया की हो न हो रिया ने हमारी बाते सुनी थी. म तो पहले से इन सबके लिए तैयार हो रहा था. नास्ते के बाद हम सब अपने अपने काम के लिए निकल गए.

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यहाँ फार्महाउस मई दोनों बाप बेटी अभी चुदाई करके अपनी साँसे दुरुस्त कर रहे थे.

रिया: हआ डैड आप तो मुझे अपनी रंडी की तरह छोड़ते हो, थोड़ा डैम सोनल के लिए भी बचा कर रखो..

रिया सुनील का मुरझाया हुआ लुंड पकड़ते हुए बोलती है.

सुनील: तू मेरी रांड बेटी hi तो है और रही बात सोनल की तो जिस दिन वो मेरे निचे आ गयी न तो उसका वो हाल करूँगा की वो मेरे निचे से निकलने की भीख मांगेंगी.

रिया: डैड मुझे लगता है आप सच बोल रहे थे की अवि और सोनल के बीच कुछ चल रहा है..

अचानक रिया कुछ सोचते हुए बोली.

सुनील: क्यों तुझे कुछ पता चला है क्या?

रिया: जब म कल रात अपने कमरे मई जा रही थी तो मेने सोनल और अवि को एक साथ बायत करते देखा. मुझे उनकी बात सही से सुनाई तो नहीं दी लेकिन अवि दी के बिलकुल पास खड़ा था और उनका हाथ पकडे हुए था.

सुनील: मेने तुझे पहले hi कहा था की उनके बीच कुछ चल रहा है, जिस बन्दे ने अपनी माँ और छोटी बहिन छोड़ दी है तो वो बड़ी बहिन को क्यों नहीं छोड़ सकता.

सुनील अपनी पेण्ट पहनते हुए बोलै.

रिया: है मुझे भी अब यकीन होने लगा है, लेकिन डैड एक और बात है..

रिया अपनी ब्रा पहनते हुए बोली..

सुनील: वो क्या है,,

रिया: डैड माँ को सिर्फ अवि hi नहीं छोड़ रहा है बल्कि अंकित भैय्या भी माँ को छोड़ते है..

रिया ने एकटक देखते हुए कहा.

सुनील: तुझे कैसे पता की अंकित भी रेनू की चुदाई करता है..

डैड थोड़ा हेरात से कहते है.

रिया: वो आज मेने सुबह उन्हें किचन मई माँ को छोड़ते देखा..

रिया कपडे पहनकर बैठती हुई बोली.

सुनील: अच्छा तो ये बात है, रेनू अपने दोनों बेटो के साथ चुदाई का मज़ा ले रही है.. साली को जब मेने टेंडर के लिए छोड़ने को बोलै तब तो बड़ी सावित्री बन रही थी. मतलब अब हमारा पूरा परिवार एक दूसरे को छोड़ने मई लगा हुआ है. तो फिर अब दर किस बात का है...

डैड ने रिया की और देखते हुए कहा जबकि रिया भी स्माइल करने लगी.

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अवि: मई ी के इन बॉस..

म कॉलेज के बाद सोनल दी के ऑफिस चला आया था.

सोनल: ओह्ह माय लव...

सोनल दी ख़ुशी से उछलती हुई मुझे हुग करती है.

अवि: आज आपने लंच के लिए कॉल नहीं किया तो म खुद hi चला आया..

मेने बैठते हुए कहा..

सोनल: सॉरी यर लेकिन म आज थोड़ा बिजी thi,,m खुद तुझे थोड़ी देर बाद कॉल करती.

सोनल दी फाइल बंद करते हुए बोली और फिर हम लंच करने चले आये..

सोनल: अवि तुझे पता लगा की हमारी बात किसने सुनी होगी.

दी लंच करते हुए बोली.

अवि: क्यों आपको दर लग रहा है क्या..

मेने आँख मारते हुए कहा..

सोनल: उन्न्नध्ह डरे मेरी juti..agar मुझे किसी का दर होता तो आज म मरस अवि न होती समझा...

डीई रॉब जमाते हुए बोली..

अवि: है वो तो मुझे पता hi है की आप मुझे लेकर किसी से नहीं डर्टी.. लेकिन मुझे नहीं लगता की किसी ने हमारी बात सुनी होगी अगर कोई सुन लेता तो अब तक तूफान आ चूका होता..

मेने दी की और देखते हुए कहा..

सोनल: तू क्यों फ़िक्र कर रहा है जो होगा म खुद निपट लुंगी तू टेंशन मत le,apna लंच फिनिश कर ले...

अवि: म क्यों टेंसन लूंगा यर..

तृणणगगगगगगग

सोनल: कंपनी से कॉल आ गया है...

सोनल मोबाइल नीलकलते हुए बोली..

सोनल: hello.....okk...theek है म आ रही हु..

सोनल: हनी चलो चलते है, मेरी एक पार्टी से मीटिंग है...

दी उठते हुए बोली...

अवि: यर आप इतना काम मत किया करो...

मेने उन्हें बहार आकर हाथ पकड़ते हुए कहा..

सोनल: क्या करू जब मेरा हुब्बी अभी कोई काम नहीं करता है इसलय मुझे तो करना पड़ेगा न...

डीई मेरे गालो पर किश करते हुए बोली.

अवि: क्या यार फिरसे गालो पर किश किया..

म थोड़ा नाटक करते हुए बोलै...

सोनल: ज्यादा लालच अच्छी बात नहीं है बीटा कभी गाल पर भी किश न मिले...

सोनल दी मुझे और छेड़ते हुए बोली.

सोनल: ठीक है अब इतना सदा सा मुँह मत bana..chal मई चलती hu...tu तो घर जायेगा न..

अवि: है घर hi जाऊंगा...

और म वह से निकल आया.
 
अपडेट 29

रात के वक़्त हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे. सुनील: सोनल बीटा जरा पानी उठा कर देना..



सुनील ने अपने सामने बैठी हुई सोनल से kaha..sonal ने पानी का गिलास उठा कर सुनील के सामने कर दिया. सुनील ने गिलास लेने के बहाने सोनल का हाथ पकड़ लिया. सोनल ने ये देखकर अपना हाथ झट से पीछे खींच लिया. अवि भी ये सब देख रहा था, उसे अपने डैड पर इस वक़्त बहुत गुस्सा आ रहा था. उसने सोनल की और देखा तो वो गुस्से मई लग रही थी. अवि और सोनल साथ बैठे थे जबकि उनके सामने Renu,Ankit और रियस बैठे हुए थे. जबकि सुनील उनके बीच मई बैठा हुआ था.

सुनील: और अवि किसी चल रही है तेरी पढाई..

अवि: ठीक चल रही है...

अवि ने बिना देखे hi जवाब दिया...

सुनील: अंकित तेरी तबियत तो ठीक है न...

सुनील ने अगला सवाल दागते हुए कहा.

अंकित: क्यों डैड मुझे क्या हुआ है..

सुनील: नहीं आजकल तू ज्यादा छुट्टी करने लगा है न इसलय, आज भी दोपहर मई जल्दी वापस आ गया था. लगता है आज कल तू अपनी माँ की सेवा कर रहा है..

सुनील ने एक कामिनी स्माइल के साथ कहा. ये सुनते hi रेनू और अंकित को झटका सा लगा. अवि और सोनल भी थोड़ा शॉक मई थे, शायद इसलय की उन्हें उम्मीद नहीं थी की सुनील सबके सामने इस तरह से बात करेगा. बस इस वक़्त रिया के चेहरे पर मुस्कराहट थी.

सुनील: कोई बात नहीं अपनी माँ की सेवा करना अच्छी बात है, पता नहीं मेरी बेतिया मेरी कब सेवा करेगी..

सुनील ने उन्हें चुप बैठा देखकर सोनल की और देखते हुए कहा. अब सोनल से और बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा tha..wo वह से उठी और लगी. उसे जाते देख सुनील ने उसकी गांड से अपना रगड़ते हुए उसका हाथ पकड़ लिया.

सुनील: कहा जा रही हो बीटा, कुछ बाते करते है..

ये सब देखकर सोनल के मनो तन बदन मई आग लग gayi,Avi भी सुनील की इस हरकत पर झल्ला उठा था.

सोनल: ड़ड़ड़ड़ म आपको आखिरी बार वारं कर रही हु, आज के बाद अगर अपने मुझे टच किया तो म भूल जाउंगी की आप मेरे डैड हो.

सोनल ने गुस्से से भरी लाल आँखों से देखा और उसका हाथ झटककर बोली और वह से चली गयी.

सुनील: मेने ऐसा क्या कर दिया यर जो ये इतना गुस्सा हो गयी है. क्या म अपनी बेटी का हाथ भी नहीं पकड़ सकता.

सुनील ने उन सबकी और देखते हुए कहा. वो अब अपने कमीनेपन पर पूरी तरह से उतर आया था.

ावी: डैड ये सब अब बहुत ज्यादा हो रहा है.

अवि ने भी गुस्से से देखते हुए कहा और वह से चला गया. उसके जाने के बाद रेनू और अंकित भी वह से चले गए..

रिया: डैड ये आपने क्या किया...

रिया अपने डैड की इस हरकत पर बोली..

सुनील: अरे मेरी जान अब बस बहुत हो गया.. जब अब हम सबको एक दूसरे के बारे मई पता hi चल गया है तो क्यों न अब सब खुल्लम खुला किया जाए...

रिया: डैड आपने सोनल डीई की गांड को ऐसे क्यों टच किया था, वैसे केसा लगा आपको अपनी बड़ी बेटी की गांड का स्पर्श..

सुनील: आह मुझे तो ऐसा लगा जैसा मेने किसी नरम गद्दे को छू लिया हो..

और सुनील स्माइल करने लगा..

यहाँ अवि सोनल के रूम मई आया तो उसने देखा की सोनल गुस्से से फुंकरति हुई इधर से उधर टहल रही थी.

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अवि: डीई प्ल्ज़्ज़ शांत हो jaao...itna गुस्सा मत किया करो आप..

मेने दी को काँधे से पकड़ते हुए कहा.

सोनल: देख अवि मेरा पहले से hi दिमाग ख़राब है तू मुझे दी बोलकर और गुस्सा मत दिला.

दी मेरे हाथो को झटकर मुझे ऊँगली दिखती हुए बोली.

अवि: ोकक माय लव सॉरी.. म भूल जाता हु...

मेने कान पकड़ते हुए कहा..

सोनल: है तू तो ये भी भूल गया होगा न की डैड ने अभी निचे मेरे साथ क्या किया.

दी की आँखे गुस्से से लाल हो रही थी.

अवि: यर आप किसी बाते कर रही हो.. आप क्या चाहती हो की म उन्हें मारु..

सोनल: मुझे नहीं पता, मुझे कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दे...

दी गुस्से से सर पकड़ते हुए बीएड पर बेथ गयी. म अच्छे से जनता था की सोनल दी को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है.

अवि: कमाल है यर अपने हस्बैंड की कोई इज़्ज़त hi नहीं है..

मेने मुँह सा बनता हुआ कहा, जिसे देख दी मुझे और जोरो से घूरने लगी.

अवि: लगता है आज म पीटने वाला hu..ok म चुप हो जाता हु..

म ये कहते हुए जाकर बीएड पर बेथ गया और दी का गुस्सा शांत होने का वेट करने लगा.

sonal:ye सब न तेरी वजह से hi हो रहा है, तूने hi इस घर को रंडी खाना बनाया हुआ है जिसकी वजह से hi वो मेरे साथ बदतमीज़ी करने पर आतुर हो गए..

सोनल दी मुझे ऊँगली दिखते हुए बोली, म भी बस चुपचाप उनकी बाते सुनता रहा. वर्ण मेरे गाल पर निशान छापते ज्यादा देर नहीं lagti..wese भी म कई बार सोनल के हाथ के थप्पड़ खा चूका था..

अवि: साला मुझे ऐसे लग रहा है की म वाइफ हु और दी मेरा हस्बैंड...

म खुद hi बड़बड़ाते हुए बोलै..

सोनल: जो कहंना है जोर से बोल..

दी फिर मुझ पर चिल्लाते हुए बोली...

सोनल: मुझे यहाँ रहना hi नहीं है....

सोनल दी नमे ये बोलकर किसी को कॉल लगाया..

सोनल: hello...ha म बोल रही hu...tumne जिस बंगलो के बारे मई मुझे बताया tha..kya वो अभी भी अविअलबले है...

सोनल: ok , मुझे कल वो देखना hai....theek है...

और दी ने कॉल कट करदी, अब मुज्झे लगा की अब ये सब ज्यादा हो रहा...

सोनल: अब तू बता तुझे मेरे साथ रहना है या यही इस घर मई...

सोनल मेरे सामने आकर बोली.

अवि: मुझे पता है डैड ने जो आपके साथ किया उसकी वजह से आप काफी गुस्सा हो लेकिन इसका ये सलूशन तो नहीं है...

मेने खड़े होते हुए बोलै...

सोनल: है इसका सलूशन तो ये है न की म इस बात को इग्नोर करदु और अपना रपे होने का वेट करू...

डीई ने मुझे हिक़ारत भरी नजरो से देखते हुए कहा.

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उनकी बात सुनकर मुझे न जाने क्यों इतना गुस्सा आया और मेने उनके गाल पर एक चांटा जड़ दिया. मुझे नहीं पता मेने कैसे ये सब किया. दी अपने गाल पर हाथ रखे मुझे देखती रही. उनके गोर गाल पर निशान पद चूका चूका था.

अवि: बोलने से पहले सोच लिया करो की आप क्या बोल रही हो..

सोनल: मुझे तेरा जवाब मिल गया hai..ab जा यहाँ से इस से पहले की म कुछ उल्टा सीधा करदु..

डीई मुझ पर चिल्लाते हुए बोली. मेने भी ज्यादा बहस करना ठीक नहीं समझा और वह से बहार निकल आया. अपने रूम मई आकर मेने अपना गुस्सा वह राखी चीज़ो पर उतारना शुरू कर दिया..

अवि: डैड आपको ये नहीं करना चाहिए tha..apki वजह से पहली बार मेने दी पर हाथ उठाया..

म बीएड पर बैठते हुए गुस्से से खुद से बोलै. कुछ देरर बाद मेरे दूर पर नॉक हुयी.

रेनू: म अंदर आ जाऊ बीटा...

अवि: mom..ab आपको भी पूछना पड़ेगा kya..aa जाइये..

माँ आकर मेरे पास बेथ गयी..

रेनू: क्या हुआ ये चीज़े क्यों ऐसी फैली हुयी है, सोनल के रूम मई गयी थी वो भी दरवाज़ा बंद किये हुए है..

माँ मेरा हाथ पकड़ते हुए बोली.

अवि: ये सब आपके हस्बैंड की वजह से है..

रेनू: मुझे पता है उन्होंने सोनल के साथ बदतमीज़ी की है, लेकिन उनके जैसे घटिया आदमी से और क्या उम्मीद राखी जा सकती hai...use तो बस छूट दिखाई देती है फिर वो चाहे उसकी माँ हो, बहिन हो या फिर बेटी..

रेनू: मुझे लगता है उन्हें मेरे और अंकित के बारे मई पता चल गया है इसलय वो इतने ढीट बन रहे थे..

अवि: है मुझे भी ऐसे hi लगता है..

रेनू: सोनल ठीक है..

अवि: नहीं वो ठीक नहीं है वो डैड की इस हरकत से बहुत हर्ट हुयी है...

रेनू: पता नहीं मेरी बच्ची इस जहन्नुम मई क्यों पैदा हो गयी..

माँ भी दी के लिए फिक्रमंद हो ररहि थी..

अवि: माँ डीई ये घर छोड़ने के लिए बोल रही है..

रेनू; क्याआ

माँ ये सुनते hi चौंक गयी..

रेनू: मतलब वो अपने डैड की हरकत की वजह से हमें छोड़ देगी, उसे क्या लगता है ये सब मेरे लिए बहुत आसान tha...shuru शुरू मई म भी यही सोचा करती थी लेकिन तुम बच्चो के हो जाने के बाद मुझे भी उनके रंग मई hi रंगना पड़ा...

माँ उदासी से बोली..

अवि: माँ आप फिक्र मत करो, म उन्हें मन लूंगा...

रेनू: मुझे पता hai..wese तेरे और सोनल के बीच कुछ है क्या...

माँ मेरी आँखों मई देखते हुए बोली.

अवि: माँ म आप पर भरोसा कर सकता हु न?

मेने माँ के हाथो को चूमकर कहा...

रेनू: तुझे पता है न म तुझसे और सोनल से कितना प्यार करती hu..tum दोनों मेरी जान हो...

अवि: म जानता हु माँ...

औरर मेने उन्हें शुरू से लेकर आखिर तक सब बात बता di...akhir उन्हें पता तो चलना hi था और मुझे माँ पर सबसे ज्यादा भरोसा था की वो हमारी बात जर्रोर समझेगी..

रेनू: क्या तुम दोनों ने शादी कर्ली...

माँ थोड़ा शॉक सी हो गयी थी...

अवि: माँ प्ल्ज़ धीरे बोलिये...

रेनू: अवि ये तुमने क्या किया beta..m मानती हु की तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो लेकिन तुम दोनों के रिश्ते को कोई भी एक्सेप्ट नहीं karega...ye दुनिया तुम दोनों को साथ नहीं रहने देंगी बीटा...

माँ की आँखों मई दर्द और फिक्रमंदी म साफ़ महसूस कर रहा था.

अवि: माँ हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता की कोई हमारा रिस्ता एक्सेप्ट करे या न kare..lekin आप तो हमें सपोर्ट करोगी न...

म उनके हाथो को अपने हाथो मई लेकर बैठा था...

रेनू: तुम दोनों मेरी जान हो, अगर पूरी दुनिया भी तुम्हारे खिलाफ हो गयी तब भी म तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगी...

माँ ने मेरे चेहरे को अपने हाथो मई लेते हुए कहा.

अवि: मुझे पता है माँ...

रेनू: अच्छा तो तुम्हारी सुहागरात किसी रही...

अब माँ मस्ती म मेरे लुंड को पेण्ट के ऊपर से पकड़ते हुए बोली..

अवि: माँ अभी तक हमने एक दूसरे को सही से किश भी नहीं किया है, हम दोनों अभी वक़्त लेना चाहते है...

मेने भी मैक्सी के ऊपर से hi माँ के बड़े बड़े बूब्स दबाते हुए कहा...

रेनू: सच मई तुम दोनों एक दूसरे से सच्चा प्यार करते हो वर्ण इस घर म रहते हुए सिर्फ दिल मई हवस hi जागती है आह्ह्ह्हह....

माँ अब मदहोश होने लगी थी, मेरा लुंड भी तन चूका था...

अवि: माँ अब आपको जाना चाहिए कही डैड न आ जाए, वर्ण मुझे आपके ऊपर चढ़ने मई ज्यादा देर नहीं लगेगी....

मेने उनके लिप पर किश करते हुए कहा...

रेनू: बीटा तेरे डैड तो अब इस घर को कोठा बनाने चाहते है, उन्होंने खुद मुझसे उनके रूम से जान को कहा है क्योंकि वो आज ररात रिया के साथ रहने वाले है आह्ह्ह्हह्ह्ह्हीीिस्सशःह्ह्ह्ह....

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अब मेने एक hi झटके मई माँ की मैक्सी उतार फेंकी और उनके ऊपर टूट पड़ा. उस रात मेने माँ को सुबह होने तक choda...aage से पीछे se...har एक पोजीशन मई...
 
अपडेट 30

मेरी देर सुबह आँख खुली तो म सोनल दी के रूम मई गया. मेने देखा तो वो अपने रूम मई नहीं थी. म नीचे आकर किचन मई माँ के पास गया. मेने उन्हें पीछे से हुड करके गाल पर एक किश किया.

अवि: गम माय स्वीट माँ..

माँ: गम माय सोन...

माँ ने मेरा गाल पुचकार कर कहा.

अवि: माँ आपने दी को देखा...

मेने माँ से पूछना सही समझा.

माँ: दी कोण??

माँ ने मेरी और तिरछी निगाहो से देखकर कहा..

अवि: सोनल दी और कौन माँ..

मेने माँ को देखते हुए कहा..

माँ: लेकिन मुझे तो किसी ने बताया था की अब तुम हस्बैंड वाइफ ho...to वो तेरी बहिन कहा रही अब..

माँ कमर पर हाथ रखकर स्माइल करते हुए बोली.

अवि: माँ प्ल्ज़ अब अब मेरी खीन्चणी बंद karo..plz बताओ न कहा है वो...

माँ: ओह्ह बड़ी फ़िक्र हो रही है अपनी वाइफ की..

माँ ने फिर से आँखे बड़ी करती हुई कहा..

अवि: क्यों नहीं होगी फ़िक्र आखिर वो मेरी वाइफ hai...bataiye न प्ल्ज़ आपने देखा है क्या उन्हें...

मेने भी माँ को जवाब देते हुए कहा..

माँ: वो सुबह hi निकल गयी ऑफिस के लिए...

माँ ने मुझसे कहा..

अवि: व्हाट??? इतनी सुबह सुबह क्यों निकल गयी wo..naasta किया था उन्होंने...

माँ: नहीं उसका मूड ऑफ tha,mene उससे बहुत कहा लेकिन वो निकल गयी..

अवि: यार इनका गुस्सा भी न...

मेने मोबाइल निकालते हुए कहा और वह से निकलने लगा. मेने दी को कितनी hi बहार कॉल की लेकिन उन्होंने रिसीव hi नहीं किया. खैर म फ्रेश होने चला गया. फ्रेश होने के बाद मई नीचे डाइनिंग टेबल पर आया. मेने देखा की आज डैड और रिया एक साथ बैठे थे और उनके सामने अंकित और माँ चुपचाप बैठे हुए थे..

माँ: ाज़ा बीटा हम तेरा hi वेट कर रहे है..

माँ ने मुझे देखते हुए कहा. म भी आकर माँ के पास बेथ गया.

डैड: सोनल कहा है भाई..

डैड ने हमारी और एक कामिनी मुस्कान के साथ कहा, मुझे डैड पर बहुत गुस्सा आया.

माँ: वो ऑफिस के लिए निकल गयी.. माँ ने अपना ब्रेकफास्ट लेते हुए कहा..

डैड: achhhaaa...bhai मुझे तो आज पहले मुँह मीठा करना है..

डैड ने रिया की और देखकर कहा..

रिया: डैड अभी नहीं..

रिया ने थोड़ा सरमते हुए कहा, जबकि अंकित उनकी बात समझने की कोसिस कर रहा था.

डैड: बीटा तुम्हारे डैड को अभी करना है...

डैड ने उसे अपनी और खींचते हुए कहा और रिया के होंठो पर अपने होंठ लगा लिए.

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ये देखकर अंकित के होश उड़ गए, म तो समझ hi चूका था की अब डैड मानने वाले नहीं है.

अंकित: अवि ये सब हो क्या रहा है..

अंकित डैड को रिया को स्मूच करते देख मुझसे धीरे से कहता है.

अवि: भाई सिमोले है रिया डैड से चुदाई कराती है...

मेने भी अंकित को सच्चाई बताते हुए कहा..

अंकित: क्या?

और आँखे बड़ी हो गयी.

अब डैड अपना एक हाथ रिया की शर्ट के अंदर दाल चुके the..wo कलगगे के लिए रेडी होकर आयी थी. माँ ये सब देखकर चुपचाप अपना नास्ता कर रही थी. अब मुज्झे पता नहीं क्या सुझा और मेने माँ को अपनी और खींचा और उन्हें स्मूच करने लगा. उनके गुलाबी होंठ पीने मई मुझेकाफी मज़ा आता था. अब अंकित बेचारा सोच रहा था की क्या करे.. माँ ने इस वक़्त एक ब्लू साड़ी पहनी हुई थी जिसमे उनके बड़े बूब्स उभर कर सामने आ रहे थे.

पहले माँ भी मेरे इस एक्शन पर चूंकि लेकिन फिर मेरा साथ देने लगी. जब डैड और रिया ने हमारी और देखा तो डैड ने झट से रिया की शर्ट उतार फेंकी और उसके बूब्स को दबाने लगे. अब मेने माँ को छोड़ा और खड़ा किया, अब मेने माँ की साड़ी पकड़ी और उतार फेंकी. अब माँ सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट मई hi थी. और मेने झट से उन्हें बिलकुल नंगी कर दिया और उनके बूब्स पर मुँह टिका दिया. माँ की भी ऐसी hi फंतासी थी तो वो भी पूरा आनंद ले रही थी. अब मेने माँ को पकड़ा और डाइनिंग टेबल पर लिटा दिया. अब मेने उनके बूब्स को अपने हाथो मई पकड़ा और उनके टिट्स को अपने दांतो से कुरेदना लगा. माँ बहुत hi ज्यादा गरम हो रही थी. तब मेने अपना एक हाथ माँ की छूट पर रख दिया और अपनी दो ऊँगली उनकी भट्टी की तरह जलती छूट मई घुसेड़ दी.

माँ: आअह्ह्ह्हीीिष्ठ्हहहहहह ावववईईईई...

माँ अपना सर पटकते हुए बोली. डैड और रिया हम दोनों को hi देख रही थे जबकि अंकित भी अपने लुंड को पकडे हुए हमें देख रहा था. अब डैड ने भी रिया के कपडे उतारने शुरू कर दिया. अब मेने अंकित की औरर इशारा किया और माँ की छूट पर अपना मुँह टिका दिया.

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अब शायद अंकित ने भी अपनी शर्म छोड़ी और माँ के बूब्स को अपने मुँह मई भर लिया. ये देखकर माँ के हाथ अंकित के सर पर गया. अब डैड ने रिया को टेबल पकड़ने को कहा और रिया टेबल पकड़कर घोड़ी बन गयी और डैड ने उसकी छूट पर अपना लुंड लगाया और एक hi झटके मई उतार दिया.

रिया: आह्ह्ह्हह्ह्ह्हदडडडडडडडडड...

रिया ने सिसकारियां निकलते हुए kaha...ab डैड ने उसकी कमर को पकड़ा और धक्के लगाने लगे..

अब मेने भी माँ की छूट पर अपना लुंड टिकाया और एक hi झटके मई उतार दिया.

माँ: aaaaaaahhhhhhhhhhkuuttttttteeeeeeeeee....

माँ को हल्का सा दर्द और मज़ा आया. अब मेने अपना लुंड दमदार तरह से माँ की छूट म चलने शुरू कर दिया. माँ की मिली जुली सिसकारी निकल रही थी. अब मेने अपना लुंड बहार निकला और माँ को झुकने को कहा और अपना लुंड फिरसे उनकी छूट मई उतर दिया. अब अंकित माँ के सामने आया और अपना लुंड मुँह के मुँह मई उतार दिया. माँ तो मानो जानत मई थी.


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उनके दो छेड़ू मई उनके दोनों बेटो का लुंड था. अंकित ने माँ के सर को पकड़कर ढ़ाके मर रहा था जबकि म माँ की कमर को पकड़कर पिस्टन की तरह लुंड पेल रहा था.

अब डैड ने रिया की पोजीशन को चेंज किया और उसे टेबल के सहारे खड़ा करके अपना लुंड रिया की छूट मई उतार दिया.


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रिया अपनी माँ को अपने भाइयो से चुड़ते देख काफी गरम थी. रिया hi नहीं सब काफी गरम थे क्योंकि उनका डैड भी उनकी बहिन को छोड़ रहा था. लेकिन रिया का मन भी दो लुंड लेने का कर रहा था.

बहुत देर बाद अंकित अपनी माँ के मुँह मई hi झाड़ गया. माँ की टाँगे दुखने लगी थी तब मेने उन्हें सोफे पर लिटा दिया और उन्हें छोड़ने लगा.

डैड: आह्हः मेरी रांड बेटी म झड़ने वाला हु...

और डैड रिया की छूट मई झाड़ gaye,,satth मि रिया भी झड़ने लड़ी.

अब माँ ने मुझे तिघ्टलय पकड़ा और झड़ने lagi...aur कुछ देर बाद मई भी झाड़ गया. अब हम सब अपनी सांसे दुरुस्त ककर रहे थे. माँ के होंटो पर अंकित का छुम लगा था जिसे माँ चाटकर साफ़ कर गयी.

डैड: क्यों रेनू केसा लगा अपने hi बेटो से छुड़वाकर...

डैड ने माँ की और देखते हुए कहा.

माँ: इतना मज़ा आता है न की बस पूछो hi mat..itna मज़ा तो मुझे कभी भी नहीं आया...

माँ इंदिरेक्ट्ली डैड की झंड करते हुए बोली.

मेने अंकित की और देखा तो वो रिया की गांड को घूर रहा था. जबकी रिया मेरे लुंड की और hi देख रही थी. तब मेने कुछ सोचा और रिया की और बढ़ गया. रिया सोफे पर बैठी हुई थी. मेने उसे पकड़ा और किश करने लगा. ये देख डैड एक बार शायद झिझक गए. जबकि माँ अपनी साड़ी पहनने लगी thi.mera लुंड भी अपनी औकात पर आ गया था. मेने रिया के बूब्स अपने हाथो मई लेकर उन्हें दबाने लगा. अब मेने उसे सोफे पर लेटाया और उसकी टाँगे खोली, मेने अपना लुंड रिया की छूट पर रखा. रिया की आँखे मेरे लुंड पर hi तिकी थी. अब मेने एक ढाका मारा और मेरा आधा लुंड सीधा रिया की छूट के अंदर घुस चूका था. अब मेने एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लुंड रिया की छूट के अंदर...

रिया; aahhhhhhhhhh पूउउउउउउररररररर नाहीइइइइइइ....

रिया की ाननखे पूरा लुंड अंदर जाते hi फ़ैल सी गयी.. मेने अंकित की और देखा तो वो अपना लुंड सेहला रहा था, मेने उसे आँखों से इशारा किया. लेकिन वो शायद रिया के साथ करने मई शर्म महसूस ककर रहा था. लेकिन फिर वो उठा हुए रिया के बूब्स पर अपना मुँह टिका दिया.

रिया: अह्ह्ह्ह bhaiiiyyyyyaaaaa,,,aaaaaappp भी बहनचूड़ बनन्ना चहहहःती हैईईई क्या..

रिया सिसकारियां भर्ती हुई बोली.

अंकित: हां मेरी बहिन म भी बस बनना चाहता हूँ...

अंकित ने उसकी आँखों मई देखकर कहा और फिरसे अपना मुँह फिर से उसके बूब्स पर टिका दिया. माँ अपनी साड़ी पहनकर हमें देखने लगी थी, जबककी डैड हमें hi देख रहे थे.. उन्हें समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे... तब डैड माँ की और बढे....

रेनू: सुरररययय सुनील लेकिन अब मेरा कुछ भी करने का मन नहीं है.

ये सुनते hi डैड की सुलग उठी. माँ के मुँह से ये सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी हुई. मेने रिया की छूट मई अपने लुंड का राकेट बना रखा था. तभी रिया का बदंन ऐठने लगा और वो झड़ने लगी. अब मेने रिया को उठता और नीचे म लेत गया. रिया समझ गयी और धीरे ढिर्रे मेरे लुंड पर बैठने lagi,tab मेने उसकी कमर को पकड़ा और एक ढाका मारा और मर्रा पूरा लुंड रिया की छूट के अंदर.

रिया: आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह थोड़ा तो सब्र्र करररररर....

अब वो मेरे लुंड पर उछलने लगी.

अवि: भाई बहुत देर से तुम अपनी बहिन की गांड को घूर रहे थे, घुसा डालो..

मेने अंकित को कहा और उसने रिया के पीछे आकर अपना लुंड उसकी गांड के मुँह पर टिकाया और एक धक्का मारा, उसका करीब आधा लुंड रिया की गांड के अंदर जा चूका था. और एक धक्का मारते hi उसका पूरा लुंड उसकी गांड के अंदर उतर चूका था. अब हम दोनों भाइयो ने अपनी बहिन के दोनों छेड़ो मई अपना लुंड उतार चुके थे.


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माँ मज़े मई हमें देख रही थी, उनका एक हाथ उनकी साड़ी के अंदर था. जबकि डैड अपना लुंड हाथ मई लेकर सेहला रहे थे. हम दोनों का लुंड रिया की छूट मई थप थप चल रहा था. कोई 20 मिंट बाद हम तीनो भाई बहिन साथ hi झड़ने लगे.

---------------

करीब 12 बजे म दी के ऑफिस मई gaya...tabhi मुझे दी की सेक्रेटरी नीतू मिल गयी.

नीतू: hello अवि सर केसो हो..

दी की सेक्रेटरी ने मुझे देख कर कहा.

अवि: म ठीक हु मिस neetu..ye बताओ दी ऑफिस मई है क्या...

नीतू: है है तो लेकिन आज वो बहुत गुस्से मई लग रही hai..aaz सबकी वाट लगी पड़ी है.

नीतू ने धीरे से कहा.

अवि: ok म देखता हु जाकर...

म उनके ऑफिस की और बढ़ते हुए बोलै.

नीतू: अभी कोऑर्डिनेटर मैनेजर अंदर है...

अवि: कोई बात नहीं ...

और मई दी के ऑफिस के गेट ओपन करके अंदर चला गया. मेने दी की और देखा तो वो उस बेचारे की वाट लगा रही थी.

सोनल: अब जाओ यहाँ से और प्रोजेक्ट पर ध्यान दो...

दी ने उसे जाने के लिए कहा.

अवि: उफ्फ्फ यर आप गुस्से मई कितनी प्यारी लगती हो....

मेने उनके सामने चेयर पर बैठते हुए कहा.

सोनल: कुछ काम है तो जल्दी बोल वर्ण जा यहाँ से, मुझे बहुत काम है...

डीई ने मेरी और देखे बिना hi कहा और एक फाइल को उठा कर चेक करने लगी.

अवि: हनी यर इतना गुस्सा करना ठीक नहीं hai...aapne सुबह ब्रेकफ़.......

सोनल: तू सिखाएगा मुझे की मुझे गुस्सा करना चाहिए या नहीं..

दी ने मेरी बात बीच मई hi काटते हुए मुझे घूरते हुए कहा...

अवि: म आपको कुछ नहीं सीखा रहा हु य्र्र,, आप मुझपे क्यों इतना गुस्सा हो रही हो...

अब मेने भी थोड़ा सख्ती से कहा, मुज्झे लगा की अब मुझे अपना हस्बैंड होने का रॉब दिखाना hi पड़ेगा.

सोनल: मुझे फ़र्क़ नहीं padta,wese भी मेने अपना घर ले लिया hai..tu रह अपने परिवार के साथ hi...

दी बोलते हुए वह से जाने लगी. अब मेने जाते हुए उनका हाथ पकड़ा.

अवि: तू आप कह रही हो की आपकी लाइफ मई मेरी कोई अहमियत नहीं है.

मेने खड़े होते हुए कहा...

सोनल: मेने ऐसा कुछ नहीं कहा है समझा तू...

डीई ने हाथ छुड़ाते हुए कहा.

अवि: तो फिर आप मुझसे ऐसा बेहवे क्यों कर रही हो, काम से काम ये तो बता दो की आप मुझसे क्यों गुस्सा हो...

सोनल: achha..tujhe नहीं पता म तुझसे क्यों गुस्सा हु...

डीई ने व्यंग करते हुए कहा..

अवि: मुझे नहीं पता, मेने तो ऐसी कोई गलती की भी नहीं है की आप मुझपर गुस्सा karo..aap hi बता दो...

सोनल: क्यूंकि तूने मेरे साथ घर छोड़ने से मन कर दिया tha...meri नहीं बल्कि तेरी ज़िन्दगी मई मेरी कोई अहमियत नहीं है...

दी में मुझे देखते हुए कहा..

अवि: आप फिरसे मुझे गुस्सा दिला रही ho...mene ऐसा कुछ नहीं कहा tha...aap मेरी ज़िन्दगी मई क्या अहमियत रखती हो अगर आप इसका अंदाज़ा घर छोड़ने से लगा रही हो तो अप्प गलत ho...theek है आप जहा मुझे चलने को कहोगी म चलने को तैयार हु....

मेने उनकी बात का जवाब देते हुए कहा.

अवि: म बस चाहता था की हमें थोड़ा और वक़्त मिल जाए.. और सिर्फ डैड की वजह से hi तो हम अपना घर नहीं छोड़ सकते na...kisi की वजह से अपना सब कुछ छोड़ देना कहा की अक्लमंदी hai...aur डैड क्या वो हमें घर छोड़कर साथ रहहते देख चुप bethenge...khair,theek है म जाकर अपनी पैकिंग करता हु...

मेने कहकर वह से जाने लगा...

अवि: और है प्ल्ज़्ज़ कुछ खा lijiyega..mujhe पता है आपने कुछ नहीं खाया है सुबह से....

म उन्हें कहते हुए वह से निकल गया... मेरे जाते hi दी चेयर पर धाम से बेथ गयी. वो सोच मई डूबी हुई थी तभी दूर पर नॉक होती है...

सोनल: अंदर आ जाओ...

अंदर आने वाली नीतू थी जिसके हाथ मई एक ब्रेकफास्ट ट्रे थी.

नीतू: वो अवि सर ने आपको देने के लिए कहा था...

नीतू डरते डरते बोली.

सोनल: ठीक है यही पर रखदो...

दी ने उसे कहा और वो वह से ट्रे रखने के बाद निकल गयी.

 
अपडेट 31

रिया: अह्ह्ह डैड आज तो मज़ा आ गया कसम से...

रिया दोपहर के बाद अपने डैड के ऑफिस मई बैठी हुई थी.

डैड: आह तुझे तो मज़ा आना hi था 2-2 लुंड जो अपनी छूट और गांड मई ले रखे थे.

डैड ने उसे देखते हुए कहा....

रिया: डैड आपको जलन हो रही है क्या...

रिया आँखे नाचते हुए बोली.

डैड: jalan...saali तेरी रांड माँ ने मुझे हाथ तक नहीं लगाने diya...aur अपने बेटो से उछाल उछाल कर चुद रही थी और एक तू है की मुझे छोड़ अपने भाइयो से छुड़वाने लगी....

डैड नाराज़गी से कहता है.

रिया: अच्छा तो आप इस वजह से नाराज़ हो...

डैड: है अगर ाअज़ के बाअद तूने मेरी इजाजत के बिना अवि से छुड़वाया न तो देख लेना तेरा क्या हाल करता hu..agar तुझे 2 लुंड लेने का इतना hi शोक है तो मुझे बोल.. म पुरे वर्कर्स तेरे ऊपर चढ़वा दूंगा लेकिन अभी अवि से मत छुड़वाना जब तक की म सोनल को नहीं छोड़ लेता.

डैड अपनी कॉफ़ी पीते हुए बोले...

रिया: ोकक डैड आप फ़िक्र मत करो म अवि से नहीं छुडवाउंगी..

लेकिन सुबह आपने ये सब क्यों किया tha..meri समझ मई तो कुछ नहीं आया...

रिया सुबह हुयी ग्रुप चुदाई के बारे मई कहती है..

सुनील: वो मेरा पप्लान है मेरी raand...m घर का माहौल ऐसा बना दूंगा की कुछ दिन बाद या तो सोनल खुद आकर छुडवायेगी या फिर अवि उसे खुद छुड़वाने के लिए मनाएगा...

सुनील स्माइल करते हुए बोलै..

सुनील: म अवि के अंदर इतनी हवस पैदा कर दूंगा की सोनल के लिए उसके मन मई जो इज़्ज़त और प्यार है वो सब खत्म हो jayega..aur वो सोनल को सिर्फ हवस मिटने वाली औरत के रूप मई dekhenga...m तो सोच रहा था की आज ये सब सोनल अपनी आँखों से देखेगी ताकि उसे ये पता चले की अवि सिर्फ छूट का भूखा है, लेकिन बुरी किस्मत आज वो जल्दी चली gayi..khair कोई बात नहीं किसी और दिन सही, और तू अवि को इतना तड़पा दे की वो सोनल के सामने hi तेरे ऊपर चढ़ने को तैयार rahe...samjhi...

डैड ने रिया की और देखकर कहा..

रिया: समझ गयी dad...apka प्लान ये है की सोनल के मन मई भी हवस की चिंगारी भड़कानी है और अवि से उसे दूर रखना है...

डैड: ha...phir देखना म उसे हर किसी के नीचे लिटा कर तेरी इच्छा पूरी करूँगा...

रिया: डैड अब तो भैय्या भी इनसब मई शामिल हो गए है क्यूना हम उन्हें भी अपनी तरफ करले....

डैड: हम्म सोचते है इस बारे मई कुछ.

-----------------

यहाँ म अपने रूम मई अपना सामान पैक कर रहा था.

अवि: मुझे पता है डीई ऐसा क्यों कर रही hai.unhe दर है की कही म उन्हें चीट न kardu...lekin ऐसा कभी नहीं हो sakta..unhe समझना चाहिए न... म ये सब इस वजह से कर रहा हु ताकि म समझ पाव की आखिर डैड करना क्या चाहते है. इतना तो समझ आ रहा है की वो चाहते है की इस घर मई किसी तरह की कोई पाबन्दी न rahe..taki वो जब चाहे तब सेक्स कर सके...

म पैकिंग करते करते खुद hi बड़बड़ाये जा रहा था..

अवि: एक min....kahi वो ये तो नहीं सोच रहे है की म सोनल डीई ko....nahi...ab म समझ रहा hu...ki वो क्या चाहते hai..aur वैसे भी सोनल दी का दिल काफी बड़ा है उन्होंने तो मुझे माँ या रिया के साथ कभी भी सेक्स करने से रोका hi nahi...aur म उन्हें किसी और के साथ देख सकते हु kya..nahi बिलकियल नहीं... पता नहीं वो ये सब कैसे बर्दास्त करती hogi..unka घर छोड़ने क्क डिसिशन सही भी है क्योंकि शायद अब ये घर उनके रहने लायक है hi नहीं...

म अपनी पैकिंग खत्म करने के बाद बीएड पर लेत गया...

अवि: खैर अब म उनके लिए खुद को बदलूंगा.. म उन्हें दिखाऊंगा की मेरी लाइफ मई उनसे अलावा और कुछ भी अहमियत नहीं रखता...

और म सोचते सोचते कब सो गया पता hi नहीं चला. जब मेरी आँख खुली तो मेने देखा की डीई मेरे सामने बैठी हुई मुझे बड़े प्यार से देख रही है. अब मुझे उनके चेहरे पर गुस्सा नहीं दिखाई नहीं दिया.

अवि: डीई आप कब आयी..

मेने उठते हुए कहा तो देखा की अँधेरा होने लगा था.

सोनल: बस अभी कुछ देर पहले hi आयी हु...

अवि: तो आप मुझे जगा देती न....

मेने उठते हुए कहा...

सोनल: तू सोते हुए बहुत क्यूट लग रहा था तो मेने तुझे उठाना सही नहीं समझा.

डीई ने मेरा गाल पर हाथ फेरते हुए कहा..

अवि: ok...ab तो आप मुझसे गुस्स्सा नहीं हो न..

मेने उनकी आंखों मई देखते हुए कहा...

सोनल: नहीं मेरी जान म तुझपे ज्यादा देर गुस्सा नहीं रह सकती...

ड्डी ने मेरा गाल चूमते हुए कहा...

अवि: आप गुस्सा हुआ भी मत karo..apka गुस्सा ज्यादा डेंजरस hai..khair मेने अपनी पैकिंग कर्ली hai..batao कब जाना है हमारे नए घर मई...

मेने उन्हें पैक्ड स्टफ दिखते हुए कहा.

सोनल: जब भी तू चाहे लेकिन एक बात सच bata..tujhe मेरी कसम है...

दी ने मेरा हाथ अपने सर पर रखते हुए कहा.

अवि: डीई प्ल्ज़ ाप्प मुझे अपनी कसम मत दिया करो वैसे भी म आपसे झूट नहीं बोलता हु...

सोनल: मुज्झे पता hai..aur ये भी पता है की तू कभी भी मेरी बात नहीं ताल सकता.. लेकिन ये बता की क्या तू ये घर छोड़कर जाना चाहता है..

डीई ने मेरी आँखों मई देखते हुए कहा..

अवि: डीई म आपके साथ कही भी जाने को तैय्यार हु लेकिन मेरा मन नहीं अपना घर छोड़कर जाने ko..kyonki इस घर से हमारी बहुत यादें जुडी हुई hai..hamne अपना पूरा बचपन यही पर guzara..hamri पूरी फॅमिली यही पर है, हम हर सिचुएशन मई साथ rahe..mujhe पता है की आपका मन यहाँ से काट चूका है डैड की वजह से लेकिन हमारी माँ भी तू यही है na...aur म चाहता हु की म डैड को भी सही रास्ते पर लाने की कोसिस करू... लेकिन फिर भी आप जैसा चाहोगी वैसा hi होगा...

मेने दी की आँखों मई देखते हुए कहा.

सोनल: ठीक है म यहाँ तेरे लिए रुकने को तैयार हु लेकिन तब तक जब तक की डैड अपनी हद मई रहते है अगर उन्होंने फिरसे मेरे साथ कोई बदतमीज़ी की तो म भूल जाउंगी की वो कोण है और तुरंत यहाँ से निकल जाउंगी.

अवि: ठीक है और वैसे भी अगर इस बार उन्होंने कोई बदतमीज़ी की तो आप नहीं म उनसे खुद निपटूंगा..

सोनल: ठीक है...

अवि: चलो खाना खाते है वैसे भी मुझे बहुत भूक लग रही है...

म वाशरूम की और जाते हुए बोलै..

सोनल: नहीं म अबसे डैड के साथ खाना नहीं खाउंगी और वो निचे hi बैठे है...

अवि: तो हम अपना खाना यही पर माँगा लेते ही...

सोनल: नहीं मुझे आज अपने हस्बैंड के साथ बहार खाना खाना है...

डीई ने बहुत ऐडा के साथ कहा और म मानो उन्हें देखता रह गया और उनके मुँह से हस्बैंड सुन्ना तो मानो मेरे कानो मई शहद सा घोल देता था..

अवि: ok माय ब्यूटीफुल वाइफ बस 5 मिंट दो म रेडी होकर आता हु..

मेने वाशरूम मई जाते हुए कहा...

सोनल: ok म भी फ्रेश होकर आती हु...

कुछ देर बाद म रेडी होकर दी के रूम मई गया तो वो भी बिलकुल रेडी थी. उन्होंने एक पिंक ड्रेस पहनी हुई थी जीएसमे बहुत हस्सें लग रही थी..

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सोनल: अगर मुझे घूर चूका हो तो चले..

दी ब्लश करते हुए बोली..

अवि: आप पर से नज़र hi नहीं हैट टी आप सचमे बहुत खूबसूरत हो...

मेने डीई के माथे को चूमते हुए कहा. और फिर हम नीचे जाने लगे. दिनिंग टेबल पर सब हमारा hi वेट कर रहे थे.

माँ: बीटा तुम दोनों कही जा रहे हो...

माँ ने हम दोनों को देखकर कहा..

अवि: जी माँ हम बहार जा रहे है खाना बहार hi खाएंगे...

मेने माँ की और देखकर कहा. ये सुनकर डैड की गांड सुलग उठी..

डैड; जब खाना यहाँ तैयार है तो बहार जाने की क्या जरुरत है..

दी उनकी बात अनसुना करके वह से बहार निकल गयी...

अवि: डैड आप यहाँ एन्जॉय कीजिये हमें बहार खाना है..

मेने माँ को किस्स्स किया और म भी निकल गया...

डैड: म बता रहा हु रिया इन दोनों के बीच कुछ चल रहा है, कही अवि सोनल को छोड़ता तो नहीं है...

डैड थोड़े गुस्से मई कहते है...

माँ: आपका दिमाग खराब हो चूका hai..sonal आप बाप बेटी जैसी नहीं hai..wo दोनों एक दूसरे के क्लोज है बचपन से hi .... अगर वो बाहर खाना खाने जा रहे है तो इसमें इतना सोचने वाली क्या बात है.

माँ उन्हें जवाब देती हुई खाना खाने लगी. यहाँ अंकित सोच रहा था की फिरसे सुबह जैसा कुछ होगा. लेकिन डैड गुस्से मई खाना खाकर अपने रूम मई चले गए.

डैड; देखा तूने वो कैसे मिया बीवी की तरह तैयार होकर बहार गए hai...kuch न कुछ तो इनके beech..tu देख लेना...

डैड रिया को आया देख कहते है...

रिया: है डैड मुझे भी अब यकीन होने लगा है की इनके बीच बहुत कुछ चल रहा है..

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अवि: ok तो आपने सच मई घर खरीद लिया था क्या...

मेने खाते हुए दी से पूछा.

सोनल: म झूट नहीं बोलती समझा.. मेने आया घर खरीद लिया hai...lagbhag सब डॉक्यूमेंट भी रेडी हो गए है... बस कल तू आकर उनपर सिग्न कर देना...

दी ने मुझे देखते हुआ कहा...

अवि: मेरे सिग्न किसलिए...

सोनल: क्योंकि मेने वो घर तेरे नाम पर लिया है...

दी ने फेफिक्री से खाते हुए कहा जबकि मुझे दी पर और ज्यादा प्यार आया...

अवि: पता है मेने सचमे कुछ अच्छे काम किये होंगे पिछले जनम मई तभी आप मुझे मिली ho..thanku मेरी लाइफ मई आने के लिए...

मेने दी के दोनों हाथो को पकड़ते हुए कहा..

सोनल: थैंक ु तो मेरी jaan..wese तेरा हाथ बहुत भरी hai..agar आज के बाद तूने मुझपे हाथ उठाया न तो देख लेना...

अचानक डीई को याद आता है और वो मुझे धमकी देते हुए बोली..

अवि: सूर्य यर.. मुझे उस वक़्त गुस्स्सा आ गया था...

सोनल: इतस ok..achha बता परसो संडे hai..ham क्या करेंगे पूरा दी...

दी ने सोचते हुए बोलै.

अवि; जो आप बोलो...

सोनल: ok तो हम उस दिन खूब एन्जॉय karenge,movie देखेंगे, घूमेंगे, ड्राइव पर जायँगे और शॉपिंग करेंगे...

दी ने खुश होते हुए कहा इस वक़्त वो एक मासूम बच्चे की तरह लग रही थी.

अवि: म सब काम करूँगा लेकिन आपके साथ शॉपिंग पर बिलकुल नहीं...

सोनल: क्यों मेरी शॉपिंग से तुझे क्या प्रॉब्लम है...

दी ने मुँह सा बनाते हुए कहा..

अवि: ok चलूँगा यर आप ऐसा मुँह मत बनाओ....

सोनल: हआ अब ठीक है...
 
अपडेट 32

नेक्स्ट सुबह म सोकर उठा और फ्रेश होने के बाद गयम की और जाने लगा.. मेने देखा की डैड के रूम मई डैड और रिया नंगे hi लिपटकर सो रहे है.

अवि: साला ठरकी..

अवि के मुँह से खुद बी खुद निकला और वो किचन मई गया.

अवि: गम माय स्वीट माँ...

मेने माँ को गले लगाकर और किश करते हुए कहा.

माँ: गम माय सोन...

माँ ने भी मुझे किश करते हुए कहा..

अवि: अपने सोनल डीई को देखा..

माँ: वो तो सुबह सुबह hi निकल gayi..wese तू फ़िक्र मत कर आज मेने उसे ब्रेकफास्ट करके भेजा है...

अवि: ok...wese आप कहा सोइ थी कल रात मई...

मेने डैड के रूम मई उन दोनों को सोते देख कर कहा..

माँ: म अंकित के रूम मई सोई thi..mere रूम मई तो तेरी छोटी बहिन ने कब्ज़ा कर लिया hai..m तेरे रूम मई सोना चाहती थी लेकिन तू बहार से रात लेट आया था...

माँ ब्रेकफास्ट बनाते हुए बोली.

अवि: है माँ हम बस घूमने चले गए थे वैसे भी डीई का यहाँ आने का मन नहीं tha..unhone तो अपना नया घर भी ले लिया hai..wo कल hi यहाँ से जाने वाली थी मेने उन्हें जबरदस्ती मनाया है..

मेने माँ को बताया .

माँ: क्या वो यहाँ से जाने वाली thi..hame छोड़कर.. काम से काम अपनी माँ के बारे मई तो सोच लेती.. मुझे पता ही वो ये सब क्यों कर रही है.. लेकिन काम से काम उसे हमसे बात तो करनी चाहिए थी.. म वो सब कुछ छोड़ देती जो उसे गलत लगता है...

माँ थोड़ा रुआंसी सी होकर बोली.

अवि: माँ आप साद मत होइए, वो आपकी वजह से hi यहाँ रुकी है लेकिन उन्होंने एक कंडीशन राखी ही की अगर आज के बाद डैड ने उनके साथ कोई बदतमीज़ी की तो वो भूल जायेगी की वो कोण है और वो यहाँ से चली जाएगी...

मेने माँ को काँधे से पकड़ते हुए कहा..

माँ: तेरे डैड तो शर्म लिहाज़ सब कुछ छोड़ चुके है.. उन्हें तो हवस के सिवा कुछ नजर hi नहीं आ रहा है...

माँ ने मुँह सा बनाते हुए कहा..

अवि: वैसे आपकी रात किसी kati..Ankit भैईया न पूरी रात आपको छोड़ा होगा...

मेने माँ की गांड पर हाथ मारते हुए कहा..

माँ: aaaaaaahhhhhhhhhh वो इंसान है तेरी तरह गधा nahi..usne मुझे 3 बार छोड़ा लगबहाग 2 हर तक और फिर हम सो गए....

अवि: आपके तो मज़े है खैर म अब गयम जाता hu..bye..

मेने माँ के बूब्स को बहुत जोर से मरोड़ते हुए कहा और वह से चला गया..

माँ: आह्ह्ह्हह कुटीऐई....

ब्रेकफास्ट के वक़्त हम सब डाइनिंग टेबल पर थे..

डैड: सोनल कहा है, उसे ब्रेकफास्ट नहीं करना करना है क्या...

डैड हमारी और देखते हुए बोले...

अवि; डैड आप अपने ब्रेकफास्ट करने पर ध्यान दीजिये, उन्हें जब करना है वो कर लेगी..

मुझे उनकी बात सुन थोड़ा गुस्सा आ गया था तो मेने उन्हें सख्त लहज़े मई कहा..

डैड: तुझे क्यों इतना गुस्सा आ रहा है, म अपनी बेटी के बारे मई पूछ रहा हु...

डैड कमीनेपन से कहते है..

अवि: अच्छा आपकी कोई बेटी भी hai..mujhe तो लगा था की आपके लिए इस दुनिया मई सभी एक hi तरह की औरत hai..phir चाहे वो आपकी माँ हो या बहिन हो या बेटी...

मेने अपनी बढास निकालते हुए कहा....

डैड: अछ्हा तुझे समझ आ गया तो फिर एक काम और करदे हमारे ग्रुप मई सोनल को भी ऐड करले.. म अपने आधे शेयर तेरे नाम कर दुननंग्ग्ग...

डैड ने कामिनी स्माइल के साथ कहा...

अवि: जबान संभल कर बात करिये वर्ण कही म यह न भूल जाऊ की आप मेरे डैड है...

मेने ब्रेकफास्ट के लिए रखा सामान पर गुस्से मई हाथ मारते हुए कहा...

डैड; अच्छा जी सोनल के लिए इतनी हमदर्दी, कल तो तू भी हमारे साथ चुदाई के पुरे मज़े ले रहा था.. जिसे कल तूने छोड़ा वो भी तो तेरी माँ और बहिन लगती है फिर जब उनके साथ हम सब चुदाई कर सकते है तो सोनल के साथ क्यों नहीं....

डैड मुझे गुस्सा दिलाये जा रहे थे...

अवि: है हमदर्दी है क्यूंकि म उनसे बेहद प्यार करता हु, और रही बात माँ और रिया की तो है ये मेरी माँ और बहिन है लेकिन इन सबमे इनकी मर्जजि hai..samjhe आप.. अगर आज के बाद आपने सोनल के बारे मई कुछ कहा न तो म भूल जाऊंगा की आप मेरे डैड हो...

म गुस्से से भुनभुनाता हुआ वह से चला गया....

डैड: तो ये बात है इसे अपनी hi बहिन से प्यार हो गया है.. मतलब की ये सिर्फ उसे अपने hi निचे रखना चाहता है..

मेरे जाने के बाद डैड रिया को देखकर कहते है...

माँ: थोड़ी तो शर्म karo..kyu अपनी hi बेटी के पीछे पड़े हो..

माँ ने डैड को गुस्से से देखते हुए बोलै..

डैड: तू चुप kar..teri शर्म कहा gayi..tu भी तो अपने दोनों बेटो से उछलउछल कर चुदवाती hai..agar म अपनी दोनों बेटी को छोड़ना चाहता हु तो क्या गलत है...

डैड माँ को गुस्से से देखते hai...aur माँ वह से उठ कर चली जाती है.

रिया: तो ये बात है ये दोनों एक दूसरे से प्यार करते है..

डैड: है मेने कहा था न की इनके बीच कुछ न कुछ चल रहा hai..ab देख म क्या करता हु इनके साथ...

डैड कुछ सोचते हुए बोलै...

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म बाइक को गुस्से से इधर से उधर घुमाये जा रहा था. फिर काफी देर बाद मेने बाइक को एक पार्क की और रोकी. मेने अपना मोबाइल निकला तो दी की 6 मिस्स्सेद कॉल थी.

अवि: अरे यर... अब ये फिरसे मुझजपर चिल्लायेगी...

मेने कहते हुए दी को कॉल की...

अवि: hello honeyy..sorry ववूऊ..

सोनल: तू कहा है इस वक़्त ये बता...

डीई ने मेरी बात बीच मई काट ते हुए कहा..

अवि: म कही नहीं यूँही घूम रहा था...

सोनल: ok तो फिर तू जल्दी से ऑफिस आ...

अवि: ok आता हु...

मेने कॉल कट की और वह से निकल गया...

कुछ देर बाद मई दी के ोफ्फुस मई पहुँच चूका था...

सोनल: क्या हुआ ऐसे मुँह क्यों लटकाया हुआ है तूने...

मुझे देखते hi दी ने कहा...

अवि: कुछ नहीं य्र्र बस ऐसे hi थोड़ा मूड ऑफ है..

मेने चेयर पर बैठते हुए कहा...

सोनल: मुझे पता है तेरा मूड ऑफ क्यों hai,jab तूने कल रकव नहीं की तू मेने माँ को कॉल की थी और उन्होंने मुझे बताया की घर पर क्या क्या हुआ है..

सोनल दी पीछे से मेरे गले मई हाथ डालते हुए बोली..

सोनल: तू अपना मूड खराब मत कर तूने अछ्हा किया उन्हें उनकी लिमिट दिखाकर...

दी ने मेरे गाल चूमते हुए कहा...

अवि: मेने हमारे बारे मई उन्हें बता दिया है की हम एक दूसरे से प्यार करते है और माँ को हमारी शादी के बारे मई भी बता दिया है मेने...

मेने डरते हुए कहा की कही दी गुस्सा न हो जाए..

सोनल: अच्छा किया तूने वैसे भी मुझे किसी से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता..

डीई मेरे सामने टेबल पर बैठते हुए कहा...

अवि: आप सुबह इतनी जल्दी क्यों निकल आती हो...

सोनल: इसलय की म नहीं चाहती की म घर मई किसी का भी सामना karu...wese रिया कहा सो रही है दो दिन se...wo मेरे पास भी नहीं सो रही hai..wese अछ्हा hi है..

अचानक दी ने मुझपर सवाल देगा..

अवि: वो डैड के पास सोती है...

सोनल: क्या...

दी ने थोड़ा हेरात से कहा....

सोनल: और माँ कहा सोती है...

अवि: एक दिन मेरे पास सोई थी और कल भैय्या के पास..

मेने शर्म से सर झुकाते हुए कहा...

सोनल: ओह्ह्ह तो सब अपने अलग अलग पार्टनर्स के साथ सो रहे hai...interesting...

दी उठती हु सामने चेयर पर बेथ जाती है...

अवि: अगर आपको बुरा लगता है तो म अब कभी माँ के सात...

सोनल: नहीं अवि मुझे माँ और तेरे रिश्ते से कोई प्रोब नहीं है जबतक की मुझे नहीं लगता की तू मेरी जगह किसी और को दे रहा hai...ha लेकिन आज के बाद म तुझे रिया के साथ भी बर्डसस्त नहीं कर paungui..mujhe तो यकीन hi नहीं आता की वो भी डैड का साथ खुलकर देती है...

डीई मुझे देखते हुए बोली..

अवि: ठीक है डीई म आपकी कसम खाता हु की म अब रिया के साथ ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा...

सोनल: मुज्झे यकीन है अपनी जान par,,oye एकक बात तो भूल hi gayi..tujhe आज पेपर्स सिग्न भी तो करने थे...

दी को याद आते hi वो किसी को कॉल करती है..



सोनल: hello हां पेपर्स लेकर मेरे ऑफिस ा जाइये.......
 
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