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सुबह अवि की नींद अलार्म बजने की आवाज़ से खुलती है. वो फ्रेश होकर वर्कआउट के लिए नीचे आ जाता है. वह पहले से hi सोनल मौजूद थी.
अवि: गम डीई.
सोनल: गम मेरी जान.
सोनल वर्कआउट छोड़कर से एक झप्पी देती है.
अवि: आप कब आयी.
सोनल: अभी कुछ देर पहले hi, म तो तुझे भी जगाने गयी thi,.lekin तू सोते हुए बहुत क्यूट लग रहा था तो मेने तुझे जगाना सही नहीं समझा.
सोनल वापस वर्कआउट करते हुए बोली. दोनों बाते करते हुए अपना वर्कआउट खत्म करते है. वर्कआउट करने के बाद वो किचन मई जाता है. असुसुअल रेनू काम मई लगी हुई थी और उसकी गांड थिरक रही थी. अवि पीछे से जाकर उस से चिपक जाता है.
अवि: गम माँ.
रेनू: गम मेरा प्यारा बीटा.
रेनू उसके गाल पर हाथ फेरते हुए कहती है
सब ब्रेकफास्ट के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे.
रिया: डैड मुझे नई कार चाहिए, मेरी बहुत पुराणी हो गयी है. मेरी सब फ्रेंड्स के पास नई मॉडल्स है.
रिया नास्ता करते हुए सुनील से कहती है.
सुनील: ok बीटा, जो तुम्हे अच्छी लगे वो ले लेना.
सुनील भी उसे मुस्कुराकर कहता है.
रिया: ओह माय स्वीट डैड, ी लव यू.
रिया उठकर उसे गले लगते हुए कहती है.
अवि: डैड मुझे भी हार्ले बाइक चाहिए.
अवि भी मोके पर चुका मारते हुए बोलै.
सुनील: क्यों तुझे अभी तो नई कार दिलाई थी.
अवि: डैड वो 2 साल पहले दिलाई थी.
सुनील: है तो अभी उसे hi चला.
सुनील उसे साफ़ मन कर देता है.
रेनू: दिला दीजिये न इसे भी, जब इसे दिला रहे हो.
रेनू अवि की साइड लेते हुए कहती है.
सुनील: तुम इसकी सिफारिश मत करो अब, पहले भी कार तुम्हारे कहने से hi दिलाई थी इस नालायक को. ये जब तक ऑफिस ज्वाइन नहीं करेगा तब तक इसे कुछ नहीं मिलेगा.
सुनील उसे सीधे सीधे कह देता है. जबकि अवि को गुस्सा आ रहा था. फिर वो सब धीरे धीरे ऑफिस निकल जाते है.
रेनू: अब तूने क्यों मुँह चढ़ा रखा है.
सबके जाने के बाद रेनू उसे कहती है.
अवि: माँ, डैड हमेशा उस चूचिये की बात मानते है और मेरी जैसी कोई वैल्यू hi नहीं है.
रेनू: ऐसी बात नहीं है बीटा, बस तेरे डैड चाहते है की तू भी ऑफिस ज्वाइन करले, ताकि उनकी थोड़ी हेल्प हो जाए.
रेनू उसके साथ hi सोफे पर बैठते हुए बोली. वो ज्यादातर ड्रेस hi पहना करती थी.
अवि: खैर छोडो ये सब, आप ये बताओ की आप अपना वादा कब पूरा कर रही हो.
अवि अपनी माँ की नंगी जांघ पर हाथ रखकर सहलाता हुआ बोलै.
रेनू: कोनसा वादा.
रेनू भी पेण्ट के ऊपर से अपने बेटे के लुंड को पकड़ते हुए बोली.
अवि: गांड मरवाने का.
रेनू: तू मेरी बेचारी गांड के पीछे क्यों पड़ा है.
रेनू उसकी ज़िप खोलते हुए बोली.
रेनू: तेरी गन तो हर वक़्त कड़ी hi रहती है.
रेनू उसका लुंड हाथ मई लेकर सहलाने लगती है.
अवि: बोलो न माँ, कब अपनी गांड का उद्घाटन करा रही हो मुझसे.
अवि अपना हाथ अपनी माँ की छूट पर पेंटी के ऊपर से hi रखते हुए बोलै.
रेनू: 2-3 दिन मई मेरे पीरियड स्टार्ट होने वाले है, तो आगे से तो no एंट्री बंद होगी तो तू अपनी एंट्री पीछे कर लेना.
रेनू उसके लुंड को मुठियाते हुए बोली. अवि को भी उसकी छूट से पानी रिस्ता महसूस होने लगा.
अवि: ok ठीक है, इतना आगे से काम चला लेते है.
अवि ये कहते हुए अपनी माँ के ऊपर झपट पड़ता है और उनके बीच एक वाइल्ड स्मूच होने लगता है. दोनों के हाथ एक दूसरे की बॉडी पर रेंगने लगे थे. अवि के हाथ अपनी माँ के बूब्स पर पहुँच चुके थे, वो अपनी माँ के बूब्स को ऊपर से hi दबाने लगा.
कभी रेनू ऊपर आती तो कभी अवि लेकिन दोनों मई से कोई हार मान ने को रेडी hi नहीं था. कुछ देर बाद अवि किश तोड़ता है और झट से अपनी माँ की ड्रेस उतार देता है, फिर वो अपने कपडे भी उतार देता है. कुछ देर बाद hi वो दोनों बिलकुल नंगे थे. रेनू काउच पर बिलकुल नंगी लेती हुई थी.
अब अवि तुरंत उसके बूब्स पर टूट पड़ता है. वो उसके बूब्स को अपने मुँह मई भरकर चूसने लगता है, उसका एक हाथ अपनी माँ की छूट पर जा चूका था. फिर वो अपनी दो ऊँगली उसकी छूट मई दाल देता है, रेनू की छूट खूब पानी बहा रही थी.
रेनू: आहहहहहहह बेटा.
अवि: अच्छा माँ, एक बात बताइये कभी डैड ने भी आपकी गांड मरने की कोसिस नहीं की.
अवि उसके बूब्स से मुँह हटते हुए कहता है और उसके निप्पल को सहलाने लगता है.
रेनू: अह्ह्ह्ह नहीं बीटा, तेरा डैड को अह्ह्ह्ह गांड बिलकुल पसंद नहीं है अह्ह्ह्ह वो तो बस छूट के भूखे आह्हःईष्ठ हैई.
रेनू सिसकारी भरते हुए बोली.
अवि: कमाल है ऐसी हॉट गांड वाली बीवी होते हुए भी उन्हें गांड मारना नहीं पसंद.
अवि कहता हुआ अपना मुँह अपनी माँ की छूट से लगा लेता है और उसे चाटने लगता है. वो अपनी जीभ को मानो उसकी छूट के अंदर उतार लेना चाहता था, फिर वो उसकी छूट के क्लीट को मुँह से पकड़ कर काटने चूसने लगा. रेनू तो जैसे स्वर्ग मई पहुँच गयी थी.
रेनू: अह्ह्हिश्ह्ह्ह ावईईई.
और ये कहते hi रेनू का शरीर इतने लगा, उसकी कमर हवा मई उठ गयी और वो जहर जहर अवि के मुँह पर hi झरने लगी.
अवि: अह्ह्ह्ह बेटा.
अवि उसकी छूट के पानी की एक एक बूँद को पी गया. उसकी छूट को अच्छी तरह से साफ़ करने के बाद अवि अपनी माँ के होंठो पर टूट पड़ता है. अब रेनू की छूट का पानी उन दोनों के मुँह मई घूमने लगा था. कुछ देर बार रेनू उसका लुंड पकड़ कर मुँह मई ले लेती है. रेनू उसके लुंड को पूरा अंदर लेने की कोसिस करती.
अवि के हाथ अब अपनी माँ के बालो पर आ गए थे, उसने उसके बालो को पकड़ा और उसके मुँह मई धक्के मारने लगा. रेनू के मुँह से gapp-gap की आवाज़े आने लगी. उसे जैसे सांस लेने मई भी प्रॉब्लम हो रही थी, लेकिन वो भी कहा हार मानने वाली थी, वो उसके लुंड को अपने होंटो से तिघ्टलय जकड लेती. फिर रेनू उसे काउच पर लेता देती है और उसके लुंड को फिरसे मुँह मई भर लेती है. करीब 20-25 बाद अवि का शरीर अकड़ने लगता है और वो अपनी माँ का सर पकड़ कर जोरदार स्ट्रोक उसके मुँह माओ hi लगाने लगता है. और कुछ hi धक्को के बाद उसका वीर्य रेनू के मुँह के अंदर गिरने लगता है. रेनू उसके सारे वेइया को चाट चाट कर साफ़ कर देती है. अब दोनों काउच पर पड़े हुए अपनी साँसे दुअरुस्त कर रहे होते है. लेकिन अवि का लुंड जैसे hi मुरझाया तभी फिरसे खड़ा हो गया. ये देख दोनों फिरसे एक दूसरे के होंठो का रास पीने लगते है. अब अवि अपनी माँ को नीचे लेटता है और उसकी टाँगे अपने काँधे पर रख लेता है. वो अपना लुंड अपनी माँ की छूट पर सेट करता है और एक करारा शॉट लगता है. उसका करीब आधे से ज्यादा लुंड रेनू की छूट की गहराई मई उतर जाता है. अवि अपना लुंड बहार खींचता है और फिर से एक धक्का लगता है. इस बार उसका पूरा लुंड रेनू की छूट के अंदर समां जाता है.
रेनू: आआह्ह्ह्ह ऐसा लगता है अह्ह्ह जैसे तेरा लुंड अह्ह्ह अंदर से चीरते हुए आगे अह्ह्ह्ह बढ़ रहा है.
रेनू आहें भर्ती हुई बोली. अब आर्यन उसकी टांगो को अपने कंधे पर रखकर धक्के लगाने लगता है.
कुछ देर इसी तरह से छोड़ने के बाद अवि नीचे लेत जाता है और रेनू उसके लुंड को अपनी छूट पर रखती हुई नीचे बैठने लगी है. उसके बाद वो उसके लुंड पर उछलने लगती है.
इस तरह से काफी देर छोड़ने के बाद रेनू थक जाती है. अवि ये देख उसे पकड़ता है और बिना लुंड निकले उसे आगे कर लेता है. अब रेनू जैसे पेरो के बल बैठी हुई थी, और अवि का लुंड उसकी छूट मई था. अवि भी इस तरह hi बैठा हुआ उसकी छूट मई लुंड पेलने लगता है.
रेनू तो मानो पागल सी हो उठी थी.
रेनू: आअह्ह्हींशहहह बीटा तू तो अमेजिंग आअह्ह्ह है, कहा से सीखी आहहह तूने ऐसी अस्सी पोसिशन्स, आअह्ह्ह म तो पागल हो रही हु, आह्हः तूने मुझे अपना आह्हः गुलाम बना लिया है.
रेनू बदहवासी मई चुड़ते हुए बोले जा रही थी. अब वो भी अपनी कमर को चलने लगी और अपनी गांड उसके लुंड पर मारने लगी. कुछ देर बाद अवि उसे आगे की और hi काउच पर गिरा देता है और उसी तरह से छोड़ने लगता है.
इस बीच रेनू दो बार झाड़ चुकी थी. अब अवि से और बरसस्त न हुआ.
अवि: आअह्ह्ह्ह माँ.
और वो अपनी माँ की छूट मई hi झरने लगा. एक एक बूँद अपनी माँ की छूट मई उतारने के बाद वो ऐसे hi रेनू के ऊपर लेत जाता है. अब दोनों बिलकुल पसीने से tar-batar हो चुके थे. दोनों अपनी साँसों को दुरुस्त करने लगते है.
रेनू: अवि तूने मुझे अपना गुलाम बना लिया है, अगर कोई मुझे कहे की मुझे सिर्फ एक लुंड चुनना होगा तो म अपने पति का न चुनकर तेरा लुंड चुनना पसंद करुँगी. म चाहूंगी की तू मुझे पूरी लाइफ ऐसे hi चोदे.
अवि: माँ आप भी कुछ काम नहीं हो, मेने बहुत लड़किया औरते छोड़ी है. लेकिन चुदाई के वक़्त जो साथ आप देती हो, जो मज़ा आप देती ho,wo कोई और नहीं कर पाती.
अवि अपनी माँ के गाल चूमता हुआ खड़ा हो जाता है. रेनू भी नंगी hi उठकर बेथ जाती है.
रेनू: आज तो तूने और ज्यादा टाइम लिया है, पूरे 50 मिंट. तू सचमे गधा है.
रेनू उसके लुंड को पकड़ कर कहती है.
अवि: माँ मेरा मन करता है म आपको हर वक़्त अपने लुंड पर चढ़ाये राखु.
अवि उसके बूब्स को सहलाता हुआ कहता है. उसका लुंड फिर से खड़ा होने लगता है.
रेनू: मुझे कोई प्रोब नहीं है, म तैयार हु और मुझे लगता है ये भी मुझे छोड़ने को हर वक़्त खड़ा hi रहता है.
रेनू उसके लुंड पर मारते हुए कहती है. तभी अवि का मोबाइल रिंग होता है. वो फ़ोन देखता है तो वो सोनल का था.
रेनू: अब किसका कॉल आ गया.
अवि: माँ दी का कॉल है.
अवि रिसीव करते हुए कहता है.
अवि: hello दी.
सोनल: hello मेरी jaan,kaha हो.
अवि: म तो घर पर hi हु.
सोनल: ok तो म चाहती हु की आज म अपने बर्फ के साथ डेट पर जाओ.
अवि: म आधे घंटे मई ऑफिस आता हु.
अवि स्माइल करते हुए कहता है.
सोनल: i'm वेटिंग माय लव.
रेनू: क्या कह रही थी वो.
कॉल काटने के बाद वो उस से पूछती है.
अवि: है वो दी को कही मीटिंग के लिए जाना है, तो मुझे साथ चलने के लिए बोलै है.
अवि अपने कपडे पहनते हुए बोलै.
रेनू: चल ठीक है तू जा, म भी नाहा लेती हु.
रेनू भी कपडे पहनती हुई बोली. अवि नाहा धोकर रेडी होता है और सोनल के ऑफिस आ जाता है. वो सोनल को कॉल लगता है.
अवि: म आपका बहार वेट कर रहा हु.
सोनल: ok म आती हु.
थोड़ी देर बाद सोना उसे आती हुई दिखती है.
वो तो जैसे उसकी खूबसूरती देख खो सा जाता है.
सोनल: ोये hello.
सोनल उसे ऐसे देखते हुए बोली.
अवि: haaa..ha दी.
सोनल: अगर मुझे अच्छे से घूर लिया हो तो चले.
अवि: है चलिए, कार मई तो बैठो.
सोनल: क्यों न आज हम टैक्सी से hi चले.
सोनल उसे कार से बहार आने का इशारा करते हुए बोली.
अवि: ok मुझे कोई प्रोब नहीं है.
तब वो दोनों एक कैब लेते है. सोनल कैब वाले को लोकेशन बताती है.
सोनल: तो घर पर क्या कर रहा था तू, सलग क्यों नहीं गया.
सोनल कार मई बेथ कर पूछती है.
अवि: दी सलग जाकर क्या करना है, वैसे भी मुझे बिज़नेस hi संभालना है.
वो सोनल के हाथ को अपने हाथ मई लेता हुआ बोलै.
सोनल: है मुझे पता है तू कितना बिज़नेस सँभालने वाला है, ऑफिस ज्वाइन करने से बचने के लिए hi तो तूने ब करने का बहाना बनाया है.
अवि: दी आप, bhaiyya,dad काम कर तो रहे हो.
Sonal:ha भाई अब तो वैसे भी घर रहने से तेरा फायदा hi है.
सोनल आँखे नाचते हुए कहती है.
अवि: मुझे लगता है किसी को जलन हो रही है.
सोनल: जले मेरी संदेल.
तभी कैब वाला एक जगह कार रोक देता है. अवि उसे पैसे दे देता है.
अवि: दी यहाँ कहा लंच करने की जगह है यर.
अवि आस पास देखता हुआ बोलै.
सोनल: तू चल तो सही.
सोनल उसे बांहो से पकड़ती हुई बोली. दोनों hi भाई बहिन को एक अलग hi ख़ुशी फील हो रही थी.
अवि: दी हम यहाँ क्या करने आये है.
अवि हार्ले का शोरूम देखकर बोलै.
सोनल: मेरी जान को कोई चीज़ पसंद आये, और वो उसे न मिले, ऐसा हो hi नहीं सकता.
सोनल उसे अंदर ले जाते हुए बोली जबकि अवि के चेहरे पर मुस्कराहट फ़ैल जाती है.
अवि: डीई वो मेने ऐसे hi बोलै था, डैड को तपने के लिए.
रेनू: hello, मेरा नाम सोनल मित्तल है. मेने कुछ देर पहले आपसे बात की थी.
सोनल वह के मैनेजर से हाथ मिलते हुए कहती है.
मैनेजर: ओह है.. है मेडम आइये. आपका आर्डर रेडी है.
वो दोनों ममनाएर के साथ जाते है.
मैनेजर: आप यहाँ बस यहाँ सिग्न कर दीजिये, बाकि का काम हमने कर लिया है.
मैनेजर अवि की और देखकर कहता है.
अवि: सोना रहने दो न, मुझे सच मई इसकी जरुरत नहीं है.
अवि के मुँह से सोना सुनकर सोनल तो जैसे बहुत खुश हो गयी थी.
सोनल: तो हार्ले डैविडसन फैट बॉय 114 तुझे पसंद नहीं है. ठीक है तो चलो चलते है.
सोनल उसकी हर एक पसंद- नापसंद के बारे मई जानती थी.
अवि: क्या फटबॉय 114, म सिग्न कर रहा हु.
अवि डॉक्यूमेंट पर सिग्न करता हुआ बोलै. फिर मैनेजर उन्हें बाइक की के थमा देता है.
अवि: वाओ दी यू थे बेस्ट डीई इन थे वर्ल्ड, सो सॉरी बेस्ट गफ इन थे वर्ल्ड.
अवि उसे गले लगाकर धीरे से कहता है. फिर अवि उसे स्टार्ट करता है और पीछे सोनल को बैठा कर बाइक दौड़ा लेता है. फिर वो दोनों एक रेस्टोरेंट जाते है. सोनल अपनी और उसकी फवौरीते डिश आर्डर कर देती है.
अवि: दी आप तो मेरे बारे मई हर एक छोटी से छोटी बात भी जानती हो.
अवि उसे देखते हुए कहता है.
सोनल: जिस से हम प्यार करते है, हमें उसकी हर एक चीज़ का ख्याल रखना होता है.
अवि: अब म समझा, आपने कार लाने के लिए क्यों मन किया था.
फिर वो दोनों यही रोमांटिक बातें करते हुए अपना लंच करते है. अवि बिल पाय करता है और फिर दोनों लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाते है. सोनल उस से बाइक पर चिपकी हुई बैठी थी.
शाम के वक़्त दोनों भाई बहिन घर पहुँच जाते है. घर मई सब मौजूद होते है सिवा अंकित के. रिया पुरे घर मई खुश होते हुए फिर रही थी, क्योंकि सुनील उसे नई कार दिला चूका था. वो सब लॉन मई बैठे हुए बात कर रहे थे की तभी अंकित भी आ जाता है.
अंकित: डैड आप तो सुबह इसे बाइक दिलाने के लिए मन कर रहे थे, और अब दिलवा भी दी.
अंकित बहार कड़ी बाइक को देख कर आ रहा था.
सुनील: नहीं तो, मेने कब दिलाई.
अंकित: लेकिन बहार नई बाइक कड़ी हुई है.
सोनल: वो बाइक मेने अवि को दिलवाई है.
सोनल ऊपर डूम से आते हुए कहती है.
सुनील: सोनल तुम और तुम्हारी माँ, तुम दोनों उसे क्यों बिगड़ने पर तुले हुए हो.
सोनल: डैड इसमें बिगड़ने वाली बात कहा से आयी, आपने भी तो रिया को नई कार दिलवाई है न. और वैसे भी मेने उसे बाइक अपनी साल्लेर्य के पेसो से दिलवाई है.
सुनील: बीटा ये बात नहीं है, वो दिन भर वैसे भी आवारा की तरह घूमता hi तो रहता है न. अगर वो ऑफिस ज्वाइन कर लेगा तो क्या फ़र्क़ पद जाएगा. फिर वो जो चाहे अपनी मर्ज़ी से ले ले.
सुनील अवि की और देखकर कहता है.
सोनल: डैड इसने आपसे बोलै तो है न की ब के बाद ज्वाइन करेगा, और फिर म और अंकित काम कर तो रहे है.
अवि सोनल को यु अपनी साइड लेता देख बहुत hi खुश हो रहा था.
सुनील: ठीक है भाई, जैसा तुम लोगो को अच्छा लगे वैसा करो.
रेनू: चलो अब ये सब बंद करो और आकर डिनर करलो.
रेनू की बात सुनकर सब डाइनिंग टेबल पर बेथ जाते है. रेनू डाइनिंग टेबल पर खाना सर्वे कर रही थी. उसने इस वक़्त भी एक ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमे उसके बड़े बड़े बूब्स फसे हुए थे. तभी अवि की नजर अपने बड़े भाई पर पड़ती है. अंकित चोरी चोरी रेनू के बूब्स को घूर रहा था. वो जब भी खाना सर्वे करने के लिए नीचे टेबल पर झुकती तो उसकी दोनों छतिया बहार आने को तैयार रहती. और अंकित उन्हें बड़ी hi कामुक निगाहो से देख रहा था.
सुबह अवि की नींद अलार्म बजने की आवाज़ से खुलती है. वो फ्रेश होकर वर्कआउट के लिए नीचे आ जाता है. वह पहले से hi सोनल मौजूद थी.
अवि: गम डीई.
सोनल: गम मेरी जान.
सोनल वर्कआउट छोड़कर से एक झप्पी देती है.
अवि: आप कब आयी.
सोनल: अभी कुछ देर पहले hi, म तो तुझे भी जगाने गयी thi,.lekin तू सोते हुए बहुत क्यूट लग रहा था तो मेने तुझे जगाना सही नहीं समझा.
सोनल वापस वर्कआउट करते हुए बोली. दोनों बाते करते हुए अपना वर्कआउट खत्म करते है. वर्कआउट करने के बाद वो किचन मई जाता है. असुसुअल रेनू काम मई लगी हुई थी और उसकी गांड थिरक रही थी. अवि पीछे से जाकर उस से चिपक जाता है.
अवि: गम माँ.
रेनू: गम मेरा प्यारा बीटा.
रेनू उसके गाल पर हाथ फेरते हुए कहती है
सब ब्रेकफास्ट के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे.
रिया: डैड मुझे नई कार चाहिए, मेरी बहुत पुराणी हो गयी है. मेरी सब फ्रेंड्स के पास नई मॉडल्स है.
रिया नास्ता करते हुए सुनील से कहती है.
सुनील: ok बीटा, जो तुम्हे अच्छी लगे वो ले लेना.
सुनील भी उसे मुस्कुराकर कहता है.
रिया: ओह माय स्वीट डैड, ी लव यू.
रिया उठकर उसे गले लगते हुए कहती है.
अवि: डैड मुझे भी हार्ले बाइक चाहिए.
अवि भी मोके पर चुका मारते हुए बोलै.
सुनील: क्यों तुझे अभी तो नई कार दिलाई थी.
अवि: डैड वो 2 साल पहले दिलाई थी.
सुनील: है तो अभी उसे hi चला.
सुनील उसे साफ़ मन कर देता है.
रेनू: दिला दीजिये न इसे भी, जब इसे दिला रहे हो.
रेनू अवि की साइड लेते हुए कहती है.
सुनील: तुम इसकी सिफारिश मत करो अब, पहले भी कार तुम्हारे कहने से hi दिलाई थी इस नालायक को. ये जब तक ऑफिस ज्वाइन नहीं करेगा तब तक इसे कुछ नहीं मिलेगा.
सुनील उसे सीधे सीधे कह देता है. जबकि अवि को गुस्सा आ रहा था. फिर वो सब धीरे धीरे ऑफिस निकल जाते है.
रेनू: अब तूने क्यों मुँह चढ़ा रखा है.
सबके जाने के बाद रेनू उसे कहती है.
अवि: माँ, डैड हमेशा उस चूचिये की बात मानते है और मेरी जैसी कोई वैल्यू hi नहीं है.
रेनू: ऐसी बात नहीं है बीटा, बस तेरे डैड चाहते है की तू भी ऑफिस ज्वाइन करले, ताकि उनकी थोड़ी हेल्प हो जाए.
रेनू उसके साथ hi सोफे पर बैठते हुए बोली. वो ज्यादातर ड्रेस hi पहना करती थी.
अवि: खैर छोडो ये सब, आप ये बताओ की आप अपना वादा कब पूरा कर रही हो.
अवि अपनी माँ की नंगी जांघ पर हाथ रखकर सहलाता हुआ बोलै.
रेनू: कोनसा वादा.
रेनू भी पेण्ट के ऊपर से अपने बेटे के लुंड को पकड़ते हुए बोली.
अवि: गांड मरवाने का.
रेनू: तू मेरी बेचारी गांड के पीछे क्यों पड़ा है.
रेनू उसकी ज़िप खोलते हुए बोली.
रेनू: तेरी गन तो हर वक़्त कड़ी hi रहती है.
रेनू उसका लुंड हाथ मई लेकर सहलाने लगती है.
अवि: बोलो न माँ, कब अपनी गांड का उद्घाटन करा रही हो मुझसे.
अवि अपना हाथ अपनी माँ की छूट पर पेंटी के ऊपर से hi रखते हुए बोलै.
रेनू: 2-3 दिन मई मेरे पीरियड स्टार्ट होने वाले है, तो आगे से तो no एंट्री बंद होगी तो तू अपनी एंट्री पीछे कर लेना.
रेनू उसके लुंड को मुठियाते हुए बोली. अवि को भी उसकी छूट से पानी रिस्ता महसूस होने लगा.
अवि: ok ठीक है, इतना आगे से काम चला लेते है.
अवि ये कहते हुए अपनी माँ के ऊपर झपट पड़ता है और उनके बीच एक वाइल्ड स्मूच होने लगता है. दोनों के हाथ एक दूसरे की बॉडी पर रेंगने लगे थे. अवि के हाथ अपनी माँ के बूब्स पर पहुँच चुके थे, वो अपनी माँ के बूब्स को ऊपर से hi दबाने लगा.
कभी रेनू ऊपर आती तो कभी अवि लेकिन दोनों मई से कोई हार मान ने को रेडी hi नहीं था. कुछ देर बाद अवि किश तोड़ता है और झट से अपनी माँ की ड्रेस उतार देता है, फिर वो अपने कपडे भी उतार देता है. कुछ देर बाद hi वो दोनों बिलकुल नंगे थे. रेनू काउच पर बिलकुल नंगी लेती हुई थी.
अब अवि तुरंत उसके बूब्स पर टूट पड़ता है. वो उसके बूब्स को अपने मुँह मई भरकर चूसने लगता है, उसका एक हाथ अपनी माँ की छूट पर जा चूका था. फिर वो अपनी दो ऊँगली उसकी छूट मई दाल देता है, रेनू की छूट खूब पानी बहा रही थी.
रेनू: आहहहहहहह बेटा.
अवि: अच्छा माँ, एक बात बताइये कभी डैड ने भी आपकी गांड मरने की कोसिस नहीं की.
अवि उसके बूब्स से मुँह हटते हुए कहता है और उसके निप्पल को सहलाने लगता है.
रेनू: अह्ह्ह्ह नहीं बीटा, तेरा डैड को अह्ह्ह्ह गांड बिलकुल पसंद नहीं है अह्ह्ह्ह वो तो बस छूट के भूखे आह्हःईष्ठ हैई.
रेनू सिसकारी भरते हुए बोली.
अवि: कमाल है ऐसी हॉट गांड वाली बीवी होते हुए भी उन्हें गांड मारना नहीं पसंद.
अवि कहता हुआ अपना मुँह अपनी माँ की छूट से लगा लेता है और उसे चाटने लगता है. वो अपनी जीभ को मानो उसकी छूट के अंदर उतार लेना चाहता था, फिर वो उसकी छूट के क्लीट को मुँह से पकड़ कर काटने चूसने लगा. रेनू तो जैसे स्वर्ग मई पहुँच गयी थी.
रेनू: अह्ह्हिश्ह्ह्ह ावईईई.
और ये कहते hi रेनू का शरीर इतने लगा, उसकी कमर हवा मई उठ गयी और वो जहर जहर अवि के मुँह पर hi झरने लगी.
अवि: अह्ह्ह्ह बेटा.
अवि उसकी छूट के पानी की एक एक बूँद को पी गया. उसकी छूट को अच्छी तरह से साफ़ करने के बाद अवि अपनी माँ के होंठो पर टूट पड़ता है. अब रेनू की छूट का पानी उन दोनों के मुँह मई घूमने लगा था. कुछ देर बार रेनू उसका लुंड पकड़ कर मुँह मई ले लेती है. रेनू उसके लुंड को पूरा अंदर लेने की कोसिस करती.
अवि के हाथ अब अपनी माँ के बालो पर आ गए थे, उसने उसके बालो को पकड़ा और उसके मुँह मई धक्के मारने लगा. रेनू के मुँह से gapp-gap की आवाज़े आने लगी. उसे जैसे सांस लेने मई भी प्रॉब्लम हो रही थी, लेकिन वो भी कहा हार मानने वाली थी, वो उसके लुंड को अपने होंटो से तिघ्टलय जकड लेती. फिर रेनू उसे काउच पर लेता देती है और उसके लुंड को फिरसे मुँह मई भर लेती है. करीब 20-25 बाद अवि का शरीर अकड़ने लगता है और वो अपनी माँ का सर पकड़ कर जोरदार स्ट्रोक उसके मुँह माओ hi लगाने लगता है. और कुछ hi धक्को के बाद उसका वीर्य रेनू के मुँह के अंदर गिरने लगता है. रेनू उसके सारे वेइया को चाट चाट कर साफ़ कर देती है. अब दोनों काउच पर पड़े हुए अपनी साँसे दुअरुस्त कर रहे होते है. लेकिन अवि का लुंड जैसे hi मुरझाया तभी फिरसे खड़ा हो गया. ये देख दोनों फिरसे एक दूसरे के होंठो का रास पीने लगते है. अब अवि अपनी माँ को नीचे लेटता है और उसकी टाँगे अपने काँधे पर रख लेता है. वो अपना लुंड अपनी माँ की छूट पर सेट करता है और एक करारा शॉट लगता है. उसका करीब आधे से ज्यादा लुंड रेनू की छूट की गहराई मई उतर जाता है. अवि अपना लुंड बहार खींचता है और फिर से एक धक्का लगता है. इस बार उसका पूरा लुंड रेनू की छूट के अंदर समां जाता है.
रेनू: आआह्ह्ह्ह ऐसा लगता है अह्ह्ह जैसे तेरा लुंड अह्ह्ह अंदर से चीरते हुए आगे अह्ह्ह्ह बढ़ रहा है.
रेनू आहें भर्ती हुई बोली. अब आर्यन उसकी टांगो को अपने कंधे पर रखकर धक्के लगाने लगता है.
कुछ देर इसी तरह से छोड़ने के बाद अवि नीचे लेत जाता है और रेनू उसके लुंड को अपनी छूट पर रखती हुई नीचे बैठने लगी है. उसके बाद वो उसके लुंड पर उछलने लगती है.
इस तरह से काफी देर छोड़ने के बाद रेनू थक जाती है. अवि ये देख उसे पकड़ता है और बिना लुंड निकले उसे आगे कर लेता है. अब रेनू जैसे पेरो के बल बैठी हुई थी, और अवि का लुंड उसकी छूट मई था. अवि भी इस तरह hi बैठा हुआ उसकी छूट मई लुंड पेलने लगता है.
रेनू तो मानो पागल सी हो उठी थी.
रेनू: आअह्ह्हींशहहह बीटा तू तो अमेजिंग आअह्ह्ह है, कहा से सीखी आहहह तूने ऐसी अस्सी पोसिशन्स, आअह्ह्ह म तो पागल हो रही हु, आह्हः तूने मुझे अपना आह्हः गुलाम बना लिया है.
रेनू बदहवासी मई चुड़ते हुए बोले जा रही थी. अब वो भी अपनी कमर को चलने लगी और अपनी गांड उसके लुंड पर मारने लगी. कुछ देर बाद अवि उसे आगे की और hi काउच पर गिरा देता है और उसी तरह से छोड़ने लगता है.
इस बीच रेनू दो बार झाड़ चुकी थी. अब अवि से और बरसस्त न हुआ.
अवि: आअह्ह्ह्ह माँ.
और वो अपनी माँ की छूट मई hi झरने लगा. एक एक बूँद अपनी माँ की छूट मई उतारने के बाद वो ऐसे hi रेनू के ऊपर लेत जाता है. अब दोनों बिलकुल पसीने से tar-batar हो चुके थे. दोनों अपनी साँसों को दुरुस्त करने लगते है.
रेनू: अवि तूने मुझे अपना गुलाम बना लिया है, अगर कोई मुझे कहे की मुझे सिर्फ एक लुंड चुनना होगा तो म अपने पति का न चुनकर तेरा लुंड चुनना पसंद करुँगी. म चाहूंगी की तू मुझे पूरी लाइफ ऐसे hi चोदे.
अवि: माँ आप भी कुछ काम नहीं हो, मेने बहुत लड़किया औरते छोड़ी है. लेकिन चुदाई के वक़्त जो साथ आप देती हो, जो मज़ा आप देती ho,wo कोई और नहीं कर पाती.
अवि अपनी माँ के गाल चूमता हुआ खड़ा हो जाता है. रेनू भी नंगी hi उठकर बेथ जाती है.
रेनू: आज तो तूने और ज्यादा टाइम लिया है, पूरे 50 मिंट. तू सचमे गधा है.
रेनू उसके लुंड को पकड़ कर कहती है.
अवि: माँ मेरा मन करता है म आपको हर वक़्त अपने लुंड पर चढ़ाये राखु.
अवि उसके बूब्स को सहलाता हुआ कहता है. उसका लुंड फिर से खड़ा होने लगता है.
रेनू: मुझे कोई प्रोब नहीं है, म तैयार हु और मुझे लगता है ये भी मुझे छोड़ने को हर वक़्त खड़ा hi रहता है.
रेनू उसके लुंड पर मारते हुए कहती है. तभी अवि का मोबाइल रिंग होता है. वो फ़ोन देखता है तो वो सोनल का था.
रेनू: अब किसका कॉल आ गया.
अवि: माँ दी का कॉल है.
अवि रिसीव करते हुए कहता है.
अवि: hello दी.
सोनल: hello मेरी jaan,kaha हो.
अवि: म तो घर पर hi हु.
सोनल: ok तो म चाहती हु की आज म अपने बर्फ के साथ डेट पर जाओ.
अवि: म आधे घंटे मई ऑफिस आता हु.
अवि स्माइल करते हुए कहता है.
सोनल: i'm वेटिंग माय लव.
रेनू: क्या कह रही थी वो.
कॉल काटने के बाद वो उस से पूछती है.
अवि: है वो दी को कही मीटिंग के लिए जाना है, तो मुझे साथ चलने के लिए बोलै है.
अवि अपने कपडे पहनते हुए बोलै.
रेनू: चल ठीक है तू जा, म भी नाहा लेती हु.
रेनू भी कपडे पहनती हुई बोली. अवि नाहा धोकर रेडी होता है और सोनल के ऑफिस आ जाता है. वो सोनल को कॉल लगता है.
अवि: म आपका बहार वेट कर रहा हु.
सोनल: ok म आती हु.
थोड़ी देर बाद सोना उसे आती हुई दिखती है.
वो तो जैसे उसकी खूबसूरती देख खो सा जाता है.
सोनल: ोये hello.
सोनल उसे ऐसे देखते हुए बोली.
अवि: haaa..ha दी.
सोनल: अगर मुझे अच्छे से घूर लिया हो तो चले.
अवि: है चलिए, कार मई तो बैठो.
सोनल: क्यों न आज हम टैक्सी से hi चले.
सोनल उसे कार से बहार आने का इशारा करते हुए बोली.
अवि: ok मुझे कोई प्रोब नहीं है.
तब वो दोनों एक कैब लेते है. सोनल कैब वाले को लोकेशन बताती है.
सोनल: तो घर पर क्या कर रहा था तू, सलग क्यों नहीं गया.
सोनल कार मई बेथ कर पूछती है.
अवि: दी सलग जाकर क्या करना है, वैसे भी मुझे बिज़नेस hi संभालना है.
वो सोनल के हाथ को अपने हाथ मई लेता हुआ बोलै.
सोनल: है मुझे पता है तू कितना बिज़नेस सँभालने वाला है, ऑफिस ज्वाइन करने से बचने के लिए hi तो तूने ब करने का बहाना बनाया है.
अवि: दी आप, bhaiyya,dad काम कर तो रहे हो.
Sonal:ha भाई अब तो वैसे भी घर रहने से तेरा फायदा hi है.
सोनल आँखे नाचते हुए कहती है.
अवि: मुझे लगता है किसी को जलन हो रही है.
सोनल: जले मेरी संदेल.
तभी कैब वाला एक जगह कार रोक देता है. अवि उसे पैसे दे देता है.
अवि: दी यहाँ कहा लंच करने की जगह है यर.
अवि आस पास देखता हुआ बोलै.
सोनल: तू चल तो सही.
सोनल उसे बांहो से पकड़ती हुई बोली. दोनों hi भाई बहिन को एक अलग hi ख़ुशी फील हो रही थी.
अवि: दी हम यहाँ क्या करने आये है.
अवि हार्ले का शोरूम देखकर बोलै.
सोनल: मेरी जान को कोई चीज़ पसंद आये, और वो उसे न मिले, ऐसा हो hi नहीं सकता.
सोनल उसे अंदर ले जाते हुए बोली जबकि अवि के चेहरे पर मुस्कराहट फ़ैल जाती है.
अवि: डीई वो मेने ऐसे hi बोलै था, डैड को तपने के लिए.
रेनू: hello, मेरा नाम सोनल मित्तल है. मेने कुछ देर पहले आपसे बात की थी.
सोनल वह के मैनेजर से हाथ मिलते हुए कहती है.
मैनेजर: ओह है.. है मेडम आइये. आपका आर्डर रेडी है.
वो दोनों ममनाएर के साथ जाते है.
मैनेजर: आप यहाँ बस यहाँ सिग्न कर दीजिये, बाकि का काम हमने कर लिया है.
मैनेजर अवि की और देखकर कहता है.
अवि: सोना रहने दो न, मुझे सच मई इसकी जरुरत नहीं है.
अवि के मुँह से सोना सुनकर सोनल तो जैसे बहुत खुश हो गयी थी.
सोनल: तो हार्ले डैविडसन फैट बॉय 114 तुझे पसंद नहीं है. ठीक है तो चलो चलते है.
सोनल उसकी हर एक पसंद- नापसंद के बारे मई जानती थी.
अवि: क्या फटबॉय 114, म सिग्न कर रहा हु.
अवि डॉक्यूमेंट पर सिग्न करता हुआ बोलै. फिर मैनेजर उन्हें बाइक की के थमा देता है.
अवि: वाओ दी यू थे बेस्ट डीई इन थे वर्ल्ड, सो सॉरी बेस्ट गफ इन थे वर्ल्ड.
अवि उसे गले लगाकर धीरे से कहता है. फिर अवि उसे स्टार्ट करता है और पीछे सोनल को बैठा कर बाइक दौड़ा लेता है. फिर वो दोनों एक रेस्टोरेंट जाते है. सोनल अपनी और उसकी फवौरीते डिश आर्डर कर देती है.
अवि: दी आप तो मेरे बारे मई हर एक छोटी से छोटी बात भी जानती हो.
अवि उसे देखते हुए कहता है.
सोनल: जिस से हम प्यार करते है, हमें उसकी हर एक चीज़ का ख्याल रखना होता है.
अवि: अब म समझा, आपने कार लाने के लिए क्यों मन किया था.
फिर वो दोनों यही रोमांटिक बातें करते हुए अपना लंच करते है. अवि बिल पाय करता है और फिर दोनों लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाते है. सोनल उस से बाइक पर चिपकी हुई बैठी थी.
शाम के वक़्त दोनों भाई बहिन घर पहुँच जाते है. घर मई सब मौजूद होते है सिवा अंकित के. रिया पुरे घर मई खुश होते हुए फिर रही थी, क्योंकि सुनील उसे नई कार दिला चूका था. वो सब लॉन मई बैठे हुए बात कर रहे थे की तभी अंकित भी आ जाता है.
अंकित: डैड आप तो सुबह इसे बाइक दिलाने के लिए मन कर रहे थे, और अब दिलवा भी दी.
अंकित बहार कड़ी बाइक को देख कर आ रहा था.
सुनील: नहीं तो, मेने कब दिलाई.
अंकित: लेकिन बहार नई बाइक कड़ी हुई है.
सोनल: वो बाइक मेने अवि को दिलवाई है.
सोनल ऊपर डूम से आते हुए कहती है.
सुनील: सोनल तुम और तुम्हारी माँ, तुम दोनों उसे क्यों बिगड़ने पर तुले हुए हो.
सोनल: डैड इसमें बिगड़ने वाली बात कहा से आयी, आपने भी तो रिया को नई कार दिलवाई है न. और वैसे भी मेने उसे बाइक अपनी साल्लेर्य के पेसो से दिलवाई है.
सुनील: बीटा ये बात नहीं है, वो दिन भर वैसे भी आवारा की तरह घूमता hi तो रहता है न. अगर वो ऑफिस ज्वाइन कर लेगा तो क्या फ़र्क़ पद जाएगा. फिर वो जो चाहे अपनी मर्ज़ी से ले ले.
सुनील अवि की और देखकर कहता है.
सोनल: डैड इसने आपसे बोलै तो है न की ब के बाद ज्वाइन करेगा, और फिर म और अंकित काम कर तो रहे है.
अवि सोनल को यु अपनी साइड लेता देख बहुत hi खुश हो रहा था.
सुनील: ठीक है भाई, जैसा तुम लोगो को अच्छा लगे वैसा करो.
रेनू: चलो अब ये सब बंद करो और आकर डिनर करलो.
रेनू की बात सुनकर सब डाइनिंग टेबल पर बेथ जाते है. रेनू डाइनिंग टेबल पर खाना सर्वे कर रही थी. उसने इस वक़्त भी एक ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमे उसके बड़े बड़े बूब्स फसे हुए थे. तभी अवि की नजर अपने बड़े भाई पर पड़ती है. अंकित चोरी चोरी रेनू के बूब्स को घूर रहा था. वो जब भी खाना सर्वे करने के लिए नीचे टेबल पर झुकती तो उसकी दोनों छतिया बहार आने को तैयार रहती. और अंकित उन्हें बड़ी hi कामुक निगाहो से देख रहा था.